सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की महिलाओं को सीधा लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने 'नारी समृद्धि योजना' और 'नारी शक्ति स्वरोजगार योजना' की शुरुआत की है। इन योजनाओं के जरिए महिलाओं को बचत पर बेहतर लाभ और कारोबार शुरू करने के लिए सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
बचत करने वाली महिलाओं को फायदा
'नारी समृद्धि योजना' के तहत महिलाएं सहकारी बैंकों में अपनी जमा राशि सुरक्षित रख सकेंगी। सरकार का दावा है कि सामान्य खातों की तुलना में महिलाओं को बेहतर रिटर्न दिया जाएगा। इसका उद्देश्य महिलाओं में बचत की आदत को बढ़ावा देना और उन्हें आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। यह योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए लाभकारी मानी जा रही है, जो छोटी-छोटी बचत के जरिए भविष्य को सुरक्षित बनाना चाहती हैं।
स्वरोजगार के लिए सस्ता ऋण
वहीं 'नारी शक्ति स्वरोजगार योजना' के तहत महिला उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और विस्तार करने के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण दिया जाएगा। सहकारी बैंक महिलाओं को कम ब्याज पर लोन उपलब्ध कराएंगे, जिससे वे छोटे व्यवसाय, घरेलू उद्योग और अन्य रोजगार गतिविधियां शुरू कर सकेंगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे बड़ी संख्या में महिलाएं आत्मनिर्भर बनेंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मंत्री ने किया शुभारंभ
राज्य के सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने 15 मई को इन दोनों योजनाओं का औपचारिक शुभारंभ किया था। इसके बाद सहकारी बैंकों को योजनाओं को लागू करने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी कर दिए गए हैं। विभाग का कहना है कि भविष्य में इन योजनाओं का दायरा और बढ़ाया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।
कैसे मिलेगा लाभ?
योजनाओं का लाभ लेने की इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी जिला केंद्रीय सहकारी बैंक या सहकारी बैंक शाखा में संपर्क कर सकती हैं। आवेदन प्रक्रिया और ऋण संबंधी जानकारी बैंक शाखाओं और विभाग की आधिकारिक व्यवस्था के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

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