1. मुख्यमंत्री कलाकार पेंशन योजना
राज्य सरकार ने जीवनभर कला को समर्पित करने वाले बुजुर्ग, उपेक्षित और आर्थिक रूप से कमजोर कलाकारों के लिए हर महीने ₹3000 पेंशन देने का फैसला किया हैं। अब तक 10 जिलों के 85 कलाकारों का चयन किया गया है। आवेदन प्रक्रिया अगस्त 2025 से चल रही है। इस पहल से कला के क्षेत्र में योगदान देने वाले बुजुर्ग कलाकारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
2. मुख्यमंत्री गुरु-शिष्य परंपरा योजना
इस योजना का मुख्य उद्देश्य लुप्त होती पारंपरिक कलाओं को संरक्षित करना है। इसमें अनुभवी कलाकार गुरु बनेंगे और युवा शिष्य उनसे लोक कला, संगीत, नृत्य और वादन का प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अब तक इस योजना में 233 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनकी समीक्षा की जा रही है। यह पहल पारंपरिक कलाओं को जीवित रखने और नई पीढ़ी तक पहुँचाने में मदद करेगी।
3. अटल कला भवन निर्माण योजना
सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए राज्य के सभी जिलों में 620 सीटों वाले अटल कला भवन बनाए जा रहे हैं। सारण, गया, पूर्णिया, सहरसा, बेगूसराय, मुंगेर और दरभंगा में भवन बनकर तैयार हैं, जबकि अन्य जिलों में निर्माण कार्य जारी है। इन भवनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रदर्शनी और प्रशिक्षण कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी।
4. छठ महापर्व को अंतरराष्ट्रीय पहचान
बिहार का प्रमुख त्योहार छठ महापर्व अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाने की ओर बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने इसे यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में शामिल कराने के लिए केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय से अनुरोध किया है। इससे न केवल त्योहार की वैश्विक पहचान बढ़ेगी, बल्कि पर्यटन और स्थानीय कला को भी बढ़ावा मिलेगा।

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