बिहार सरकार का बड़ा फैसला: सरकारी स्कूलों में फर्जीवाड़ा होगा खत्म

पटना। बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों में हो रहे फर्जीवाड़े को रोकने के लिए एक अहम फैसला लिया है। खासकर दोहरे नामांकन की समस्या, जिसके जरिए कुछ छात्र निजी और सरकारी दोनों विद्यालयों में नाम दर्ज कराकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेते थे, अब सरकार के निशाने पर है। शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई होगी और दोहरा नामांकन पाए जाने पर सरकारी स्कूल से नाम काट दिया जाएगा।

पिछले वर्ष सरकार ने इस तरह के 5 लाख 27 हजार से अधिक छात्रों को चिन्हित कर उनके नामांकन रद्द किए थे। हालांकि, यह समस्या बार-बार सामने न आए, इसके लिए अब स्थायी समाधान की ओर कदम बढ़ाया गया है। इसके तहत राज्य के निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले लगभग 20 लाख बच्चों का आधार सीडिंग अनिवार्य किया गया है।

निजी विद्यालयों में जनवरी-फरवरी से आधार सीडिंग

शिक्षा विभाग की योजना के अनुसार जनवरी-फरवरी से राज्य के सभी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में आधार सीडिंग की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके लिए विशेष कैंप लगाए जाएंगे, जिसमें निजी स्कूलों को भी पूरा सहयोग करना होगा। आधार सीडिंग के जरिए एक मजबूत डाटा बैंक तैयार किया जाएगा, जिससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि कौन छात्र किस विद्यालय में पढ़ रहा है। सरकार का मानना है कि जब सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के छात्रों का डाटा एक ही पोर्टल पर उपलब्ध होगा, तो दोहरे नामांकन पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।

सरकारी स्कूलों में भी तेजी से हो रहा आधार सीडिंग

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के अनुसार राज्य के सरकारी विद्यालयों में नामांकित करीब 1.76 करोड़ छात्रों का आधार सीडिंग कराया जा रहा है। इनमें से लगभग 90 प्रतिशत बच्चों का आधार सीडिंग पूरा हो चुका है, जबकि शेष 10 प्रतिशत का काम जनवरी तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस पूरी प्रक्रिया की विभागीय स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है।

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