यूपी में हाई स्पीड कॉरिडोर को मंजूरी, इन जिलों की बल्ले बल्ले!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। केंद्र सरकार ने अयोध्या और वाराणसी को जोड़ने वाले हाई स्पीड एक्सेस कंट्रोल कॉरिडोर को मंजूरी देकर धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास को नई गति देने का संकेत दिया है। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि कई जिलों की आर्थिक तस्वीर भी बदलने की उम्मीद है।

अब आधे समय में तय होगा सफर

फिलहाल वाराणसी से अयोध्या की यात्रा में लोगों को 4 से 5 घंटे तक का समय लग जाता है। नए सिक्स लेन हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण के बाद यह सफर करीब 2 घंटे में पूरा हो सकेगा। सड़क की कुल दूरी भी लगभग 50 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ड्रोन सर्वे के आधार पर मार्ग की रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे जमीन अधिग्रहण और निर्माण कार्य अधिक सुचारु ढंग से हो सकेगा।

रामपुर हलवारा बनेगा जीरो पॉइंट

इस कॉरिडोर की शुरुआत अयोध्या के रामपुर हलवारा क्षेत्र से होगी, जिसे जीरो पॉइंट के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां से यह मार्ग मयाबाजार ब्लॉक के बबुआपुर और वंदनपुर होते हुए अंबेडकरनगर जिले में प्रवेश करेगा। रास्ते में कई कस्बे और ग्रामीण इलाके सीधे इस हाई स्पीड रोड से जुड़ेंगे, जिससे स्थानीय आवागमन भी बेहतर होगा।

धार्मिक और एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी का लाभ

यह कॉरिडोर केवल अयोध्या और वाराणसी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि काशी, अयोध्या और चित्रकूट को एक मजबूत धार्मिक सर्किट में बांध देगा। वाराणसी से आने वाले श्रद्धालु सीधे अयोध्या में दशरथ समाधि क्षेत्र के पास प्रवेश कर सकेंगे। इसके अलावा यह मार्ग आगे चलकर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे और प्रयागराज–चित्रकूट मार्ग से भी जुड़ेगा, जिससे प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

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