अधिकारियों की तैयारी और समयसीमा
केंद्र सरकार ने 28 अक्टूबर 2025 को आठवें वेतन आयोग को मंजूरी दी। रिटायर्ड जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई इस आयोग की अध्यक्ष हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, यानी रिपोर्ट मई 2027 तक तैयार हो सकती है। इसके बाद सरकार की मंजूरी और नोटिफिकेशन प्रक्रिया में और समय लग सकता है। पिछले अनुभव के आधार पर, वेतन आयोग की सिफारिशें प्रभावी होने से पहले पीछे की तारीख से लागू की जाती हैं, जैसे सातवें आयोग में भी 1 जनवरी 2016 से एरियर दिया गया था।
कर्मचारी यूनियनों की मांग
नेशनल काउंसिल-जेसीएम के स्टाफ साइड सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने कहा है कि प्रोसेस में समय लगेगा, लेकिन वेतन बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू होनी चाहिए। उनका यह भी कहना है कि पिछला बकाया पीछे से दिया जाना चाहिए। नए वेतन आयोग के लागू होने से करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को लाभ मिलेगा।
वित्तीय प्रभाव और सैलरी में बढ़ोतरी
सातवें वेतन आयोग के समय वित्तीय प्रभाव लगभग 1.02 लाख करोड़ रुपये था। आठवें आयोग में यह बढ़कर 2.4 से 3.2 लाख करोड़ रुपये तक होने की संभावना है। सैलरी की बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी, जो अभी तय नहीं किया गया है। जानकारों का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.5 से 3.0 के बीच हो सकता है, जिससे बेसिक पे में 20-35% तक की बढ़ोतरी संभव है।
कब मिलेगी पूरी जानकारी?
सरकार ने अभी तक एरियर की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पूरी स्थिति 2026-27 के बजट और आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट के आने के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर जनवरी 2026 से शुरू होने वाले एरियर प्रोसेस और नई सैलरी पर बनी हुई है।

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