गांव के बच्चों के लिए खुशखबरी: यूपी सरकार ने दी बड़ी सौगात!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं और छात्रों को डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में सशक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। राज्य में ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पहल का उद्देश्य यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के छात्र भी शहरों पर निर्भर हुए बिना UPSC, बैंकिंग, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकें।

सरकार ने नेशनल बुक ट्रस्ट को प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें खरीदने का आदेश दे दिया है, वहीं डिजिटल उपकरणों और कंप्यूटर की खरीद के लिए जेम पोर्टल का इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार ने इस योजना के लिए प्रति डिजिटल लाइब्रेरी 4 लाख रुपये उपलब्ध कराए हैं, जिसमें ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री, क्विज, कंप्यूटर, प्रिंटर और हाई-स्पीड इंटरनेट जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

मुख्य बिंदु:

लक्ष्य: ग्रामीण छात्रों को आधुनिक शिक्षा के संसाधन उपलब्ध कराना और शहरों पर निर्भरता कम करना।

सुविधाएं: ई-बुक्स, डिजिटल कंटेंट, वीडियो लेक्चर, ऑडियो सामग्री, क्विज, कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट और आरामदायक फर्नीचर।

प्रशासन: लाइब्रेरी का प्रबंधन ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव करेंगे, जबकि सहायक अधिकारी निगरानी करेंगे।

वित्तीय सहायता: सरकार की ओर से प्रति लाइब्रेरी ₹4 लाख का बजट।

कार्यान्वयन: राज्य के सभी जिलों में चरणबद्ध तरीके से लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी; प्रथम चरण में कई जिलों में कवायद शुरू हो चुकी है।

इस योजना के लागू होने के बाद लगभग 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जाएंगी। यह न केवल छात्रों को पढ़ाई में मदद करेगी बल्कि उन्हें डिजिटल साक्षरता की दिशा में भी मजबूत करेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि इस पहल से ग्रामीण छात्रों को न सिर्फ आधुनिक अध्ययन सामग्री मिलेगी बल्कि उन्हें करियर और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए एक मजबूत मंच भी मिलेगा।

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