1. अमेरिका: वैश्विक सैन्य महाशक्ति
अमेरिका की सेना दुनिया भर में अपनी पकड़ और तकनीकी क्षमताओं के कारण नंबर एक है। अमेरिका के पास लगभग 13 लाख सक्रिय सैनिक, अत्याधुनिक लड़ाकू विमान F-35, स्टील्थ बॉम्बर B-2 और B-21, एडवांस ड्रोन और विश्वभर में 800 से अधिक सैन्य ठिकाने हैं। इसका सालाना रक्षा बजट 877 अरब डॉलर है। अमेरिका की सेना सिर्फ जमीन तक सीमित नहीं, बल्कि समुद्र, आकाश, अंतरिक्ष और साइबर क्षेत्र में भी मजबूत है।
2. रूस: परमाणु शक्ति और मिसाइल पावर
आर्थिक चुनौतियों के बावजूद रूस अपनी परमाणु क्षमताओं और एडवांस मिसाइल सिस्टम (जैसे S-400, S-500 और हाइपरसोनिक मिसाइल एवांगार्ड, जिरकोन) की वजह से दूसरे नंबर पर है। रूस की सेना में 10 लाख सक्रिय सैनिक हैं और इसका रक्षा बजट 100 अरब डॉलर है। रूस की यह ताकत उसे वैश्विक स्तर पर रणनीतिक रूप से मजबूती देती है।
3. चीन: बड़ी सक्रिय सेना और नौसेना में दबदबा
चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी दुनिया की सबसे बड़ी सक्रिय सेना है, जिसमें 20 लाख सैनिक शामिल हैं। चीन का सालाना रक्षा बजट 350 अरब डॉलर है। इसकी नौसेना जहाजों की संख्या में विश्व में सबसे आगे है। इसके अलावा चीन ने ड्रोन, साइबर युद्ध और अंतरिक्ष तकनीक में भी महत्वपूर्ण निवेश किया है, जिससे यह तीसरे नंबर पर है।
4. भारत: बहुआयामी शक्ति और रणनीतिक संतुलन
भारत 2025 में चौथे स्थान पर है। भारतीय सेना में 14.5 लाख सक्रिय सैनिक हैं और सालाना रक्षा बजट लगभग 80 अरब डॉलर है। भारत की ताकत इसके भौगोलिक विविधता के अनुसार लड़ने की क्षमता, परमाणु हथियार और स्वदेशी मिसाइल सिस्टम में निहित है। एयरक्राफ्ट कैरियर, आधुनिक फाइटर जेट और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भारत की स्थिति को और मजबूत बनाते हैं। चाहे हिमालय की ऊंचाइयां हों या रेगिस्तान और समुद्री सीमाएं, भारत की सेना हर परिस्थिति में सक्षम है।
5. दक्षिण कोरिया: तकनीकी निवेश और रणनीतिक मजबूती
दक्षिण कोरिया इस सूची में पांचवें स्थान पर है। उत्तर कोरिया के साथ लगातार तनाव ने इसे अपनी सेना को अत्याधुनिक बनाने के लिए प्रेरित किया। मिसाइल डिफेंस सिस्टम, हाई-टेक हथियार और अमेरिका के साथ रणनीतिक साझेदारी इसकी ताकत को कई गुना बढ़ाते हैं।
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