पैरों में कंपन होना इस बीमारी के हैं संकेत, जानें कारण

हेल्थ डेस्क: साइंस की बात करें तो जैसे जैसे इंसान को उम्र बढ़ता जाता हैं उनके पैरों में कंपन आने की समस्या उत्पन हो जाती हैं। लोग इस समस्या को एक नॉर्मल समय समझकर नजरअंदाज कर देते हैं जो उनके लिए कभी कभी खतरनाक साबित होता हैं। आज इसी संदर्भ में जानने की कोशिश करेंगे उस बीमारी के बारे में जिस बीमारी की बजह से पैरों में कंपन की समस्या होती हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से की पैरों में कंपन होना इस बीमारी के हैं संकेत। 

न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर, अगर किसी व्यक्ति के पैसों में कंपन होने की समस्या होती हैं तो ये संकेत न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर बीमारी के हो सकते हैं। इस बीमारी के कारण पैरों में कंपन के साथ साथ दर्द और झनझनाहट की समस्या होती हैं। साथ ही साथ इससे इंसान का नींद बाधित होता हैं और उसे बेचैनी महसूस होती हैं। अगर किसी व्यक्ति को ऐसी समस्या होती हैं तो उसे भूलकर भी नजरअंदाज ना करें। इससे इंसान शारीरिक और मानसिक रूप से अस्वस्थ हो जाता हैं। 

न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर होने के कारण, इंसान के शरीर में न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर की समस्या पोषक तत्वीं की कमी के कारण उत्पन होता हैं। अगर किसी व्यक्ति के शरीर में कैल्शियम के साथ साथ विटामिन बी12 की कमी होती हैं तो वो व्यक्ति न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर बीमारी के शिकार हो सकता हैं। इसलिए हर व्यक्ति को इसके बारे में सही जानकारी होनी चाहिए ताकि लोग अपने आप का ख्याल रख सकें और खुद को इस बीमारी से बचा सके।

न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर के उपचार, अगर किसी व्यक्ति को न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर की समस्या होती हैं तो उसे सबसे पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। साथ ही साथ पौष्टिक तत्वों से भरपूर आहार का सेवन करना चाहिए। इतना ही नहीं अगर कोई व्यक्ति न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर की समस्या से ग्रसित हैं तो उसे रोजाना व्यायाम करना चाहिए। सुबह के समय मॉर्निंग वॉक करना चाहिए। इससे न्यूरोलॉजिकल डिसऑडर की समस्या धीरे धीरे कम हो जाती हैं और इंसान के पैरों में कंपन होना ख़त्म हो जाता हैं। इस उपाय को अपना कर आप इस बीमारी से बच सकते हैं और अपने शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बना सकते हैं। 

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