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बिहार के 26 जिलों में आज बिगड़ेगा मौसम, गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश का अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय बना हुआ है। राज्य के कुछ हिस्सों में धूप और उमस का असर है, तो कई इलाकों में बारिश हो रही है। इस बीच मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 26 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, इन जिलों में हवा की रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में रहेगा अलर्ट

पटना, अरवल, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा, गयाजी, औरंगाबाद, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, बक्सर, भोजपुर, रोहतास और कैमूर में मौसम खराब रहने की संभावना है। इनमें सीवान, बक्सर और औरंगाबाद में बारिश की गतिविधियां अधिक तेज हो सकती हैं।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से बढ़ी चिंता

बारिश के बीच गंगा समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की परेशानी बढ़ गई है। गंडक और सोन जैसी नदियों के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार 26 से 29 अगस्त के बीच बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 28 अगस्त को उत्तर बिहार, दक्षिण बिहार और सीमांचल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के साथ बिजली गिरने की चेतावनी है। 29 अगस्त को भी कई जिलों में येलो अलर्ट रहने की संभावना है।

रोज खाएं 1 मुट्ठी भुना चना, शरीर को मिलेंगे 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। भुना चना स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, आयरन, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में भुना चना डाइट में शामिल करने से सेहत को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।

1. पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

भुने चने में अच्छी मात्रा में फाइबर होता है, जो पाचन को बेहतर रखने और कब्ज की समस्या से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

2. लंबे समय तक पेट भरा रखे

प्रोटीन और फाइबर की वजह से चना खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है।

3. शरीर को मिलेगी एनर्जी

भुना चना प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। इसे नाश्ते या शाम के समय खाने से शरीर को ऊर्जा मिल सकती है।

4. हड्डियों के लिए उपयोगी

चना में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं।

5. मांसपेशियों के लिए मददगार

इसमें मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों के निर्माण और उनकी सामान्य मरम्मत में मदद करता है। इसलिए शारीरिक गतिविधि करने वालों के लिए भी यह एक अच्छा स्नैक हो सकता है।

6. ब्लड शुगर प्रबंधन में सहायक

फाइबर और प्रोटीन युक्त होने के कारण चना भोजन के बाद रक्त शर्करा के तेजी से बढ़ने को कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, डायबिटीज वाले लोगों को अपनी कुल डाइट का ध्यान रखना जरूरी है।

7. वजन नियंत्रित करने में मदद

कम मात्रा में भुना चना खाने से पेट देर तक भरा रह सकता है। ऐसे में अनहेल्दी स्नैक्स की जगह इसे शामिल करना वजन प्रबंधन में मददगार हो सकता है।

बिहार के 38 जिलों के छात्रों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया खास तोहफा

पटना। बिहार के स्कूली छात्रों के लिए सरकार ने डिजिटल शिक्षा की दिशा में बड़ी पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को ‘बिहार विद्या साथी’ ऐप लॉन्च किया। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए विद्यार्थियों को घर बैठे पढ़ाई, मार्गदर्शन और अपनी शंकाओं का समाधान मिल सकेगा।

शुरुआती चरण में राज्य के सभी 38 जिलों के 700 सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल विद्यालयों को इससे जोड़ा गया है। इससे करीब 3 लाख विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

24 घंटे मिलेगी शिक्षकों की मदद

ऐप की खासियत यह है कि विद्यार्थियों को 24 घंटे लाइव शिक्षकों से जुड़ने की सुविधा मिलेगी। छात्र अपनी पसंद के शिक्षक से वन-टू-वन बातचीत कर पढ़ाई से जुड़े सवाल पूछ सकेंगे। प्लेटफॉर्म पर करीब 75 हजार शिक्षक शैक्षणिक सहयोग देंगे।

जेईई-नीट की तैयारी में भी मदद

कक्षा 9वीं और 10वीं के सभी विषयों के साथ 11वीं और 12वीं के विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए डिजिटल स्टडी मटेरियल उपलब्ध कराया जाएगा। इसमें बिहार बोर्ड की पढ़ाई के अलावा जेईई और नीट की तैयारी से जुड़ी सामग्री भी शामिल होगी।

AI से आसान होंगे कठिन विषय

ऐप में एआई आधारित सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। इससे विद्यार्थियों को मुश्किल विषयों और कॉन्सेप्ट को समझने में मदद मिलेगी। सरकार की योजना आगे इस सुविधा का विस्तार अन्य विद्यालयों तक करने की है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, 4 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में गीले कचरे के बेहतर निस्तारण और उससे ऊर्जा तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार ने फिलहाल मुजफ्फरपुर, गयाजी, भागलपुर और बिहारशरीफ में कम्प्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सरकारी जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है।

इन प्लांटों में नगर निकायों से निकलने वाले गीले और जैविक कचरे का इस्तेमाल किया जाएगा। कचरे के प्रसंस्करण से सीबीजी तैयार होगी, जिससे एक तरफ शहरों में कचरा प्रबंधन बेहतर होगा, वहीं दूसरी ओर कचरे से ऊर्जा बनाने को बढ़ावा मिलेगा।

25 साल तक कंपनियां करेंगी संचालन

योजना के तहत तेल एवं गैस कंपनियों के साथ 25 वर्षों का समझौता किया जाएगा। नगर निकाय प्लांट के लिए जमीन, अलग किया हुआ जैविक कचरा और संपर्क मार्ग उपलब्ध कराएंगे। पानी, बिजली, सीवेज और जल निकासी जैसी जरूरी सुविधाएं भी स्थानीय निकाय उपलब्ध कराएंगे।

वहीं प्लांट लगाने और उसके संचालन में होने वाला खर्च संबंधित तेल एवं गैस कंपनियां उठाएंगी। प्लांट से तैयार गैस और अन्य उत्पादों की बिक्री एवं उपयोग की जिम्मेदारी भी कंपनी की होगी।

25 साल बाद नगर निकायों को मिलेगा अधिकार

समझौते की अवधि पूरी होने के बाद प्लांट का संचालन और रखरखाव नगर निकायों के अधिकार में आ जाएगा। इसके साथ ही प्लांट से होने वाली आय पर भी स्थानीय निकायों का अधिकार होगा।

सरकार की इस पहल से शहरों में गीले कचरे के निस्तारण की समस्या कम होने की उम्मीद है। साथ ही कचरे को ऊर्जा और आर्थिक संसाधन में बदलकर वेस्ट-टू-वेल्थ की अवधारणा को बढ़ावा मिलेगा।

सरकारी स्कूलों के लिए बड़ी खुशखबरी, यूपी में 3126 विद्यालयों के भवन होंगे दुरुस्त और नए

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश के 2243 प्राथमिक परिषदीय विद्यालयों और 883 उच्च प्राथमिक विद्यालयों के पुराने व जर्जर भवनों की जगह अब नए भवन तैयार किए जाएंगे। समग्र शिक्षा अभियान के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इसके लिए बजट को मंजूरी दी गई है। इससे हजारों बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलने की उम्मीद है।

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए अलग बजट

योजना के तहत एक प्राथमिक विद्यालय के भवन के पुनर्निर्माण के लिए 15.36 लाख रुपये की धनराशि निर्धारित की गई है। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालय के भवन के निर्माण पर 29.44 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। परियोजना के लिए स्वीकृत राशि की आधी धनराशि संबंधित जिलों को पहले ही उपलब्ध कराई जा चुकी है। 

प्राथमिक विद्यालयों के लिए 172.26 करोड़ रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालयों के लिए 129.97 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह धनराशि शिक्षा मंत्रालय के प्रोजेक्ट अप्रूवल बोर्ड से स्वीकृत परियोजना के तहत दी गई है।

जर्जर भवनों की जगह बनेगी नई इमारत

जिन विद्यालयों के भवन बेहद खराब स्थिति में हैं और उन्हें ध्वस्त करना जरूरी है, वहां पुराने ढांचे को हटाकर उसी परिसर में नया भवन बनाया जाएगा। इस संबंध में समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

नए भवनों के निर्माण के लिए डिजाइन भी तय कर दी गई है। इससे निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने में मदद मिलेगी। विभाग की कोशिश है कि विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित और उपयोगी कक्ष उपलब्ध कराए जा सकें।

बच्चों को मिलेगा बेहतर पढ़ाई का माहौल

सरकारी स्कूलों की आधारभूत सुविधाओं का सीधे असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ता है। पुराने और जर्जर भवनों के कारण कई जगह शिक्षण कार्य प्रभावित होता है। नए भवन बनने के बाद बच्चों को बेहतर कक्ष, सुरक्षित परिसर और पढ़ाई के लिए अधिक अनुकूल वातावरण मिल सकेगा।

शरीर में Vitamin D और B12 की कमी? ये 7 संकेत दिखें तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। विटामिन D और B12 शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं। विटामिन D हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभाता है, जबकि B12 लाल रक्त कोशिकाओं और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इनकी कमी होने पर शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है। हालांकि ये लक्षण दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी दिखाई दे सकते हैं।

1. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त नींद लेने के बावजूद हर समय थकान या कमजोरी महसूस होना विटामिन B12 की कमी से जुड़ा हो सकता है। विटामिन D की कमी में भी मांसपेशियों में कमजोरी महसूस हो सकती है।

2. हड्डियों और मांसपेशियों में दर्द

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों में कमजोरी या शरीर में सामान्य दर्द की शिकायत हो सकती है।

3. हाथ-पैर में झनझनाहट या सुन्नपन

B12 की कमी नसों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास हो सकता है।

4. ध्यान लगाने में परेशानी

B12 की कमी कुछ लोगों में याददाश्त, ध्यान और सोचने-समझने की क्षमता पर असर डाल सकती है। काम के दौरान एकाग्रता बनाए रखने में परेशानी भी महसूस हो सकती है।

5. त्वचा का पीला पड़ना

विटामिन B12 की गंभीर कमी से एनीमिया हो सकता है, जिसके कारण त्वचा पीली या फीकी दिखाई दे सकती है। लगातार ऐसा होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

6. मूड में बदलाव

B12 की कमी के दौरान कुछ लोगों में चिड़चिड़ापन, उदासी या मूड में बदलाव जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

7. बार-बार बीमार महसूस करना

विटामिन D शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में संक्रमण या कमजोरी की शिकायत अधिक महसूस हो सकती है।

कमी का पता कैसे चलेगा?

सिर्फ लक्षणों के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि शरीर में Vitamin D या B12 की कमी है। डॉक्टर की सलाह से Vitamin D और Vitamin B12 की ब्लड जांच कराई जा सकती है। रिपोर्ट के आधार पर ही सप्लीमेंट या दवा की जरूरत तय करनी चाहिए।

शुक्र का तुला राशि में प्रवेश, 4 राशियों के अच्छे दिन शुरू, हर क्षेत्र में मिलेगा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को सुख-सुविधा, प्रेम, धन, कला और भौतिक समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। सितंबर की शुरुआत में शुक्र राशि परिवर्तन करने जा रहे हैं। 2 सितंबर को शुक्र अपनी ही राशि तुला में प्रवेश करेंगे और 3 अक्टूबर तक इसी राशि में रहेंगे। अपनी स्वराशि में शुक्र का गोचर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर आर्थिक मामलों में लाभ लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध भी मधुर हो सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है और आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार करने वालों को नई डील या प्रोजेक्ट मिल सकता है। यात्रा से भी लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को शुक्र के इस गोचर से धन और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में निवेश या विस्तार के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए शुक्र का तुला में गोचर आर्थिक स्थिति मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। अचानक कोई आर्थिक लाभ मिल सकता है या पुराना पैसा वापस मिलने की संभावना है। नौकरी में बदलाव की सोच रहे लोगों को बेहतर अवसर मिल सकता है। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सिम कार्ड को लेकर नए नियम लागू

नई दिल्ली। मोबाइल सिम कार्ड को लेकर सरकार ने नया नियम लागू कर दिया है। 24 अगस्त 2026 से देश के ज्यादातर हिस्सों में एक व्यक्ति के नाम पर अधिकतम 9 मोबाइल कनेक्शन की सीमा लागू है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ क्षेत्रों में यह सीमा 6 कनेक्शन की है। इसका मकसद फर्जी सिम और उनके जरिए होने वाले साइबर अपराध पर रोक लगाना है।

अगर आपके नाम पर कोई ऐसा मोबाइल नंबर चल रहा है जिसे आपने कभी लिया ही नहीं है, तो इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। ऐसे नंबर का इस्तेमाल ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड या अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में किया जा सकता है। जांच के दौरान शुरुआती रिकॉर्ड में नंबर आपके नाम से जुड़ा दिखाई दे सकता है।

ऐसे चेक करें अपने नाम के SIM

अपने नाम पर कितने मोबाइल कनेक्शन एक्टिव हैं, इसकी जानकारी सरकार की Sanchar Saathi सेवा में उपलब्ध TAFCOP सुविधा से ली जा सकती है। मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन करने के बाद आपके नाम पर जारी कनेक्शनों की सूची दिखाई देती है। अगर इसमें कोई अनजान नंबर मिले तो उसे वहीं से रिपोर्ट किया जा सकता है।

फर्जी SIM मिले तो तुरंत करें यह काम

अगर आपके नाम पर कोई अनजान SIM दिखाई दे तो सबसे पहले उसे TAFCOP के जरिए रिपोर्ट करें। साथ ही, जिस नंबर का इस्तेमाल अब नहीं करते, उसे भी बंद करा दें। इससे आपके नाम पर अनावश्यक मोबाइल कनेक्शन कम होंगे और भविष्य में नया SIM लेने में परेशानी नहीं होगी।

सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को Digital Intelligence Platform (DIP) के जरिए ऐसे कनेक्शनों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। तय सीमा पूरी होने के बाद नया मोबाइल कनेक्शन जारी नहीं किया जाएगा। इसलिए अपने नाम पर चल रहे सभी SIM की समय-समय पर जांच करना बेहद जरूरी है।

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! तेल मिल लगाने पर सरकार देगी 9.90 लाख रुपये

पटना। बिहार के लोगों के लिए कारोबार शुरू करने का शानदार मौका है। राज्य सरकार अब खेती के साथ-साथ कृषि उत्पादों के प्रसंस्करण को भी बढ़ावा दे रही है। इसी के तहत तेल निकालने और प्रसंस्करण की नई इकाई स्थापित करने वालों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता दी जाएगी। पात्र आवेदकों को परियोजना लागत का 33 प्रतिशत या अधिकतम 9.90 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है।

15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त से शुरू हो चुकी है। इच्छुक लोग 15 सितंबर तक डीबीटी पोर्टल या बिहार कृषि ऐप के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह पहल राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन के तहत संचालित की जा रही है, जिसका उद्देश्य राज्य में तेल प्रसंस्करण को बढ़ावा देना है।

किन्हें मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ सरकारी या निजी उद्यम, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ/वीसीपी), पंजीकृत स्टार्टअप और सहकारी समितियां उठा सकती हैं। हालांकि, अनुदान केवल नई 10 टन क्षमता वाली तेल प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने पर मिलेगा। एफपीओ के लिए कम से कम दो साल से पंजीकृत और सक्रिय होना जरूरी है। इसके अलावा परियोजना की लागत में आवेदक को कम से कम 15 प्रतिशत अपना अंशदान लगाना होगा।

इन खर्चों पर नहीं मिलेगा अनुदान

योजना के तहत भूमि खरीद या उससे जुड़े खर्च, बिजली, श्रमिकों के वेतन और अन्य संचालन संबंधी खर्चों को अनुदान में शामिल नहीं किया जाएगा। सरकार की इस पहल से राज्य में तिलहन की प्रोसेसिंग बढ़ने के साथ किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और छोटे कारोबार के नए अवसर भी तैयार हो सकते हैं।

बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जमीन रजिस्ट्री होगी और आसान!

पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार पेपरलेस निबंधन व्यवस्था को बेहतर बनाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए दस्तावेजनवीस यानी डीड राइटरों को भी डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। इस संबंध में मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन मंत्री मदन सहनी और दस्तावेजनवीस संघ के प्रतिनिधियों के बीच बैठक हुई। इसमें पेपरलेस रजिस्ट्री से जुड़ी कई समस्याओं को दूर करने पर सहमति बनी।

डिजिटल हस्ताक्षर और यूजर आईडी की सुविधा

नई व्यवस्था में दस्तावेजनवीसों के लिए डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। विभाग की ओर से उन्हें यूजर आईडी भी उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही, सॉफ्टवेयर में एकपक्षीय निबंधन की सुविधा विकसित करने और दस्तावेजनवीसों को आवश्यक प्रशिक्षण देने का फैसला लिया गया है। रजिस्ट्री के दौरान संपत्ति का नजरी नक्शा और पक्षकार के हस्ताक्षर ऑनलाइन अपलोड किए जा सकेंगे। भूमि और संपत्ति से जुड़ी जानकारी हिंदी में दर्ज करने की सुविधा भी सॉफ्टवेयर में उपलब्ध कराने की तैयारी है।

सेवा शुल्क घटकर 500 रुपये होगा

डीड राइटरों और सेवा प्रदाताओं के लिए एक और राहत भरा फैसला लिया गया है। स्कोर के तहत ली जाने वाली सेवा शुल्क की राशि 1000 रुपये से घटाकर 500 रुपये करने पर सहमति बनी है। इससे रजिस्ट्री कराने वाले लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

ई-स्टाम्प के लिए खुलेगा वॉलेट अकाउंट

सेवा प्रदाताओं के लिए ई-स्टाम्प की क्रेडिट सीमा खरीदने और राशि के लेन-देन के लिए वॉलेट अकाउंट की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा तकनीकी सहायता, लाइसेंस और सेवा प्रदाताओं के उत्तराधिकारियों को अनुकंपा के आधार पर लाइसेंस देने जैसे मुद्दों पर भी व्यवस्था बनाने की बात कही गई है।

सरकार की इन तैयारियों से बिहार में रजिस्ट्री प्रक्रिया के अधिक डिजिटल, पारदर्शी और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। खासकर पेपरलेस निबंधन को गति मिलने से लोगों को दस्तावेज तैयार कराने और रजिस्ट्री कराने में पहले के मुकाबले कम परेशानी हो सकती है।

1 सितंबर से शुरू होगा वृद्धि योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग

राशिफल। सितंबर की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से खास मानी जा रही है। 1 सितंबर 2026 को वृद्धि योग रात 11:37 बजे तक रहेगा, इसके बाद ध्रुव योग बन जाएगा। इसी दिन गुरु और शनि की विशेष स्थिति से नवपंचम योग भी बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए नौकरी, कारोबार, धन और करियर के लिहाज से शुभ हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए समय काफी अनुकूल रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने और अधिकारियों से सहयोग प्राप्त होने के योग बन सकते हैं। कारोबारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते भी खुल सकते हैं। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है। पुराने प्रोजेक्ट दोबारा शुरू करने और कामकाज में नई संभावनाएं मिलने के योग हैं। कारोबार में लाभ के साथ बचत बढ़ाने के अवसर भी बन सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक और करियर के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं। नौकरी तलाश रहे लोगों को बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी समय सकारात्मक रह सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ मान-सम्मान भी बढ़ सकता है। कारोबार में नए ग्राहक या प्रोजेक्ट फायदा पहुंचा सकते हैं। अचानक धन लाभ के अवसर भी बन सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए भी यह समय प्रगति वाला रह सकता है। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और आमदनी बढ़ने की संभावना है। लंबे समय से अधूरे काम पूरे हो सकते हैं। सही सलाह और सोच-समझकर लिए गए फैसले भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

यूपी में महिला कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी, मातृत्व अवकाश के नियमों में बदलाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने मातृत्व अवकाश को लेकर लागू दो साल के अंतराल की अनिवार्यता को खत्म कर दिया है। कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश लेने में महिला कर्मचारियों को पहले जैसी परेशानी नहीं होगी।

अब दो साल का अंतर जरूरी नहीं

पहले नियम के मुताबिक, दूसरी बार मातृत्व अवकाश तभी मिल सकता था, जब पहले बच्चे के लिए लिए गए अवकाश की समाप्ति के बाद कम से कम दो साल का अंतर पूरा हो चुका हो। इस शर्त के कारण कम अंतराल में दूसरी संतान होने पर कई महिला कर्मचारियों को अवकाश लेने में दिक्कत आती थी। अब सरकार ने इस शर्त को समाप्त करने का फैसला किया है। यानी पात्र महिला कर्मचारी को केवल दो साल का अंतर पूरा नहीं होने के आधार पर मातृत्व अवकाश से वंचित नहीं किया जा सकेगा।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद बदला नियम

मातृत्व अवकाश के दो साल के अंतर से जुड़े मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में याचिका दाखिल की गई थी। अदालत ने माना था कि यदि महिला कर्मचारी सेवा नियमों के तहत दूसरी संतान के लिए मातृत्व अवकाश की पात्र है तो सिर्फ दो साल का अंतर नहीं होने के आधार पर उसका आवेदन खारिज नहीं किया जा सकता। इसके बाद राज्य सरकार ने संबंधित नियम में बदलाव करने का निर्णय लिया है।

दो बार मिल सकता है 180 दिन का अवकाश

नियमों के अनुसार महिला सरकारी कर्मचारी को पूरे सेवाकाल में अधिकतम दो बार 180-180 दिनों का मातृत्व अवकाश मिल सकता है। इसमें गोद ली गई संतान के मामले भी शामिल हैं। नए बदलाव से पात्र महिला कर्मचारियों को इस सुविधा का लाभ लेने में पहले के मुकाबले अधिक आसानी होगी।

केंद्र सरकार का फैसला, आम लोगों के लिए आई 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर में प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने बाजार में प्याज की उपलब्धता बढ़ाने और कीमतों पर नियंत्रण रखने के लिए बड़ा कदम उठाया है। महाराष्ट्र के नासिक से बड़े शहरों तक रेलवे के जरिए भारी मात्रा में प्याज भेजा जा रहा है। इसके लिए खास ‘कांदा एक्सप्रेस’ का इस्तेमाल किया जा रहा है।

पांच बड़े शहरों में पहुंचेगा प्याज

सरकार के अनुसार शुरुआती चरण में चेन्नई, मदुरै, दिल्ली, एर्नाकुलम और गुवाहाटी जैसे प्रमुख उपभोक्ता केंद्रों तक प्याज पहुंचाया जाएगा। जरूरत के मुताबिक बाद में दूसरे शहरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है। प्याज की आपूर्ति थोक और खुदरा दोनों बाजारों में की जाएगी। खास बात यह है कि खुदरा बाजार में सरकारी एजेंसियों NCCF और NAFED के माध्यम से प्याज करीब 35 रुपये प्रति किलो की दर पर उपलब्ध कराने की योजना है। इससे महंगे प्याज से राहत मिलने की उम्मीद है।

कीमतों में आया बड़ा उछाल

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 24 अगस्त को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 43.53 रुपये प्रति किलो पहुंच गई थी। पिछले साल इसी अवधि में यह लगभग 27.37 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली, चेन्नई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में भी प्याज के दाम काफी बढ़े हैं। सरकार कीमतों और बाजार की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि जहां जरूरत होगी, वहां बफर स्टॉक जारी कर बाजार में सप्लाई बढ़ाई जाएगी।

1.21 लाख टन का बफर स्टॉक

केंद्र सरकार के पास चालू वर्ष के लिए करीब 1.21 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक मौजूद है। इसका इस्तेमाल बाजार में आपूर्ति कम होने या कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की स्थिति में किया जाता है। सरकार का कहना है कि घरेलू मांग पूरी करने के लिए प्याज की उपलब्धता फिलहाल संतोषजनक है।

कांदा एक्सप्रेस का बढ़ा दायरा

बड़े पैमाने पर प्याज की ढुलाई के लिए कांदा एक्सप्रेस की शुरुआत 2024-25 में की गई थी। उस दौरान 14 रेलवे रेक के जरिए करीब 12 हजार टन प्याज पांच शहरों तक पहुंचाया गया था। अब इस व्यवस्था का विस्तार करते हुए 2025-26 में 86 रेक के जरिए करीब 88 हजार टन प्याज 16 प्रमुख शहरों तक भेजा जा रहा है।

केंद्र सरकार का सख्त फैसला, सभी कर्मचारियों के लिए लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) की व्यापारिक बागवानी और कोल्ड स्टोरेज योजनाओं में मिलने वाली सब्सिडी के नियमों को और सख्त कर दिया है। नए नियमों के तहत कई ऐसी श्रेणियों को योजना के लाभ से बाहर कर दिया गया है, जिनके पास पहले सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की पात्रता थी।

सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि योजना से बाहर

संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्ति, मंत्री, सांसद, विधायक, मेयर और जिला पंचायत अध्यक्ष अब NHB की संबंधित योजनाओं के तहत सब्सिडी नहीं ले सकेंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के मंत्रालयों व विभागों में कार्यरत अधिकारी-कर्मचारियों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है। 10 हजार रुपये या उससे अधिक मासिक पेंशन पाने वाले सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारियों को भी अब सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा।

परिवार के सदस्य को मिल सकता है लाभ

हालांकि, नए नियमों में अयोग्य श्रेणी में आने वाले लोगों के परिवार के सदस्यों के लिए कुछ गुंजाइश रखी गई है। यदि परिवार का सदस्य संशोधित पारिवारिक परिभाषा के तहत पात्र है, तो उसे योजना के तहत एक बार सहायता मिल सकती है। इसके साथ ही सरकार ने एक परिवार को मिलने वाली सब्सिडी पर भी स्पष्ट सीमा तय कर दी है। परिवार के सिर्फ एक सदस्य को योजना का लाभ मिलेगा। किसी एक सदस्य द्वारा प्राप्त सब्सिडी को पूरे परिवार की सहायता माना जाएगा।

दोबारा सब्सिडी लेना होगा मुश्किल

अगर परिवार के किसी सदस्य को पहले ही योजना के तहत आर्थिक सहायता मिल चुकी है, तो भविष्य में उसी परिवार का दूसरा सदस्य इस लाभ के लिए पात्र नहीं होगा। यह नियम व्यक्तिगत लाभ के अलावा हिंदू अविभाजित परिवार, साझेदारी, प्रोप्राइटरशिप फर्म या कंपनी के निदेशक के माध्यम से लिए गए लाभ पर भी लागू होगा।

क्यों बदले गए नियम?

NHB ने 21 अगस्त को संशोधित दिशा-निर्देश जारी किए हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। बोर्ड के अनुसार, इन बदलावों का उद्देश्य सरकारी आर्थिक सहायता का सही तरीके से वितरण करना, एक ही परिवार या लाभार्थी को बार-बार सब्सिडी मिलने की संभावना रोकना और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना है।

रोज मुट्ठीभर मखाना और सेहत दमदार! पुरुषों को मिलेंगे ये 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। मखाना सिर्फ स्वादिष्ट स्नैक ही नहीं, बल्कि पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ भी है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करने से पुरुषों की ओवरऑल हेल्थ को फायदा मिल सकता है।

1. शरीर को मिलती है ऊर्जा

मखाने में कार्बोहाइड्रेट और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। इसे शाम के समय हेल्दी स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है।

2. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

मखाने में मौजूद प्रोटीन और जरूरी मिनरल्स मांसपेशियों की सामान्य कार्यप्रणाली में योगदान देते हैं। नियमित व्यायाम करने वाले पुरुष इसे अपनी संतुलित डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

3. दिल की सेहत का रखे ख्याल

मखाना आमतौर पर कम वसा वाला खाद्य पदार्थ है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प हो सकता है।

4. पाचन को बनाए बेहतर

इसमें फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। पर्याप्त पानी के साथ फाइबर युक्त आहार कब्ज जैसी समस्या से बचाव में सहायक हो सकता है।

5. वजन नियंत्रित करने में मदद

मखाना अपेक्षाकृत हल्का और पेट भरने वाला स्नैक है। तले-भुने या ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स की जगह इसे लेने से कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

6. हड्डियों के लिए उपयोगी

मखाने में कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी हैं। हालांकि केवल मखाने पर निर्भर रहने के बजाय पूरी डाइट संतुलित रखना जरूरी है।

7. एंटीऑक्सीडेंट गुणों से भरपूर

मखाने में ऐसे यौगिक पाए जाते हैं जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं।

पानी-पानी होगा यूपी! कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी, स्कूलों पर भी असर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। कई इलाकों में तेज बारिश के चलते जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बनने लगे हैं। मौसम विभाग ने मंगलवार को सोनभद्र, वाराणसी समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है। मौसम को देखते हुए सोनभद्र और वाराणसी में कक्षा आठ तक के स्कूलों को बंद रखने का फैसला लिया गया है।

कई इलाकों में जमकर बरसे बादल

सोमवार को कानपुर के दक्षिणी हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई। कुछ इलाकों में 20 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि कैंट क्षेत्र में करीब 17 मिमी बारिश दर्ज हुई। हालांकि शहर के मध्य और उत्तरी हिस्सों में बारिश हल्की रही और कई जगह सिर्फ बूंदाबांदी हुई। लगातार बादल छाए रहने से तापमान में भी गिरावट आई। कानपुर में अधिकतम तापमान 32.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिली।

नदियों का बढ़ा जलस्तर

भारी बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। कुछ शहरों और निचले इलाकों में नदी का पानी पहुंचने से बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। जलभराव के कारण लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का असर अभी बना हुआ है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई है।

गुरुवार तक बारिश का दौर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक रुक-रुककर बारिश जारी रह सकती है। गुरुवार तक कई क्षेत्रों में छिटपुट बारिश होने की संभावना है। हालांकि बारिश के बीच उमस भरी गर्मी भी लोगों को परेशान कर सकती है।

सोनभद्र और वाराणसी में स्कूल बंद

भारी बारिश की चेतावनी को देखते हुए सोनभद्र और वाराणसी में 25 अगस्त को कक्षा आठ तक के सभी स्कूल बंद रखने का आदेश दिया गया है। प्रशासन ने यह कदम बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है। अधिकारियों ने स्कूलों को आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि भारी बारिश और जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक यात्रा से बचें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

यूपी में महिलाओं के लिए खुशखबरी, आई 1 नई भर्ती! पढ़ें डिटेल्स

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए रोजगार से जुड़ी अच्छी खबर है। कुशीनगर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका के 214 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

11 सितंबर तक करें आवेदन

इस भर्ती का नोटिफिकेशन 19 अगस्त 2026 को जारी किया गया था। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 की रात 12 बजे तक अपना आवेदन जमा कर सकती हैं। आवेदन के लिए निर्धारित भर्ती पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा।

214 पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के तहत कुशीनगर जिले में आंगनबाड़ी सहायिका के कुल 214 पद भरे जाएंगे। भर्ती का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी, कुशीनगर की ओर से किया जा रहा है। यह पद उत्तर प्रदेश के बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत आते हैं।

महिलाओं के लिए अच्छा मौका

आंगनबाड़ी सहायिका के पदों पर भर्ती के लिए केवल पात्र महिला उम्मीदवार ही आवेदन कर सकती हैं। ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर काम करने की इच्छा रखने वाली महिलाओं के लिए यह रोजगार पाने का अच्छा अवसर है।

आवेदन से पहले जरूरी जानकारी

उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती की पात्रता, आयु सीमा, जरूरी दस्तावेज और अन्य शर्तों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में ध्यान से देख लेना चाहिए। आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते फॉर्म भरना बेहतर रहेगा।

कल से बुध का प्रभाव तेज, 4 राशियों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी, चमकेगा भाग्य

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा और तर्क का कारक ग्रह माना जाता है। जब बुध की स्थिति मजबूत होती है तो इन क्षेत्रों से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की मान्यता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, 26 अगस्त से बुध का प्रभाव कुछ राशियों पर खास तौर पर शुभ रह सकता है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, धन और करियर से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिलने की संभावना है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का बढ़ता प्रभाव लाभकारी रह सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को नए ग्राहक और प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

2. कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए यह समय आपके लिए खास हो सकता है। नौकरी में तरक्की या बदलाव से जुड़ी खुशखबरी मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। धन संबंधी फैसलों में भी फायदा हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध का प्रभाव करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। कार्यस्थल पर आपकी बातों और फैसलों को महत्व मिल सकता है। व्यापार में रुका हुआ काम आगे बढ़ सकता है और आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को भी बुध के प्रभाव से लाभ मिलने की उम्मीद है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नई डील या साझेदारी का मौका मिल सकता है। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण काम भी पूरा होने की संभावना है।

लिवर में सूजन का खतरा? शरीर के ये 5 लक्षण दिखें तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने, पोषक तत्वों को प्रोसेस करने और मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने जैसे कई जरूरी काम करता है। लिवर में सूजन कई कारणों से हो सकती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण काफी हल्के हो सकते हैं। इसलिए शरीर में लगातार होने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द या भारीपन

लिवर में सूजन होने पर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द, दबाव या भारीपन महसूस हो सकता है। अगर यह परेशानी लगातार बनी रहे तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

2. लगातार थकान और कमजोरी

बिना ज्यादा मेहनत किए थकान महसूस होना भी लिवर से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। पर्याप्त आराम के बाद भी कमजोरी बनी रहे तो इसे नजरअंदाज न करें।

3. भूख कम लगना और जी मिचलाना

लिवर की समस्या होने पर भूख कम हो सकती है। कुछ लोगों को खाना खाने के बाद जी मिचलाने या उल्टी जैसा महसूस होने की शिकायत भी हो सकती है।

4. आंखों और त्वचा का पीला पड़ना

आंखों की सफेदी या त्वचा का पीला होना पीलिया का संकेत हो सकता है। यह लिवर या पित्त से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकता है और ऐसे लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

5. पेट या पैरों में सूजन

लिवर की गंभीर बीमारी में शरीर में तरल पदार्थ जमा होने के कारण पेट या पैरों में सूजन दिखाई दे सकती है। अचानक ऐसी समस्या होने पर डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई एक लक्षण होने का मतलब यह जरूरी नहीं कि लिवर में सूजन ही है। कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन लक्षण लगातार बने रहें, बढ़ रहे हों या पीलिया जैसी समस्या नजर आए तो डॉक्टर से सलाह लेकर लिवर फंक्शन टेस्ट और जरूरी जांच कराना बेहतर है।

UPSC भर्ती 2026: 80 पदों पर निकली भर्ती, 11 सितंबर तक करें आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में Assistant Provident Fund Commissioner (APFC) के 80 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार तय समय सीमा में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

22 अगस्त से शुरू हुए आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 22 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 11 सितंबर 2026 शाम 6 बजे तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन UPSC के ऑनलाइन भर्ती आवेदन पोर्टल के माध्यम से किया जाएगा।

80 पदों पर होगी नियुक्ति

इस भर्ती अभियान के तहत APFC के कुल 80 पद भरे जाएंगे। नियुक्ति कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में होगी, जो श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत आता है। भर्ती से संबंधित विज्ञापन संख्या Special Advertisement No. 52/2026 है।

ऐसे होगा चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन सीधे इंटरव्यू के आधार पर नहीं होगा। भर्ती प्रक्रिया में पहले Recruitment Test (RT) आयोजित किया जाएगा। इसमें प्रदर्शन के आधार पर चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन आयोग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया और मानकों के आधार पर होगा।

नौकरी से जुड़ी जानकारी

APFC पद पर चयनित उम्मीदवारों की सेवा मुख्यालय नई दिल्ली से जुड़ी होगी और पद पर All India Service Liability लागू होगी। यानी सेवा की जरूरत के अनुसार देश में अन्य स्थानों पर भी तैनाती हो सकती है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शुल्क और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक भर्ती नोटिस में जरूर जांच लेनी चाहिए।

मंगल के नक्षत्र में प्रवेश करेंगे शुक्र! 4 राशियों का शुरू होगा गोल्डन टाइम, धन लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिष गणना के अनुसार 25 अगस्त 2026 को दोपहर 12:55 बजे शुक्र देव चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 11 सितंबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। चित्रा नक्षत्र का संबंध मंगल ग्रह से माना जाता है। ऐसे में शुक्र का यह नक्षत्र परिवर्तन कुछ राशि के जातकों के लिए करियर, कारोबार, धन और रिश्तों के लिहाज से शुभ संकेत दे सकता है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं, जिन्हें इस दौरान अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र ही हैं, इसलिए यह नक्षत्र परिवर्तन आपके लिए खास रह सकता है। अटके हुए काम धीरे-धीरे गति पकड़ सकते हैं और कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। साझेदारी से जुड़े कामों में फायदा मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी माहौल बेहतर होगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से राहत देने वाला हो सकता है। कहीं अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। आमदनी बढ़ाने के नए साधन मिल सकते हैं और बचत पर भी ध्यान रहेगा। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए संपर्क और लाभकारी सौदे सामने आ सकते हैं। आपकी बातचीत का प्रभाव भी लोगों पर पड़ेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह परिवर्तन विशेष लाभकारी माना जा सकता है, क्योंकि आपकी राशि के स्वामी भी शुक्र हैं। इस दौरान आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में निखार आएगा। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कला, फैशन, मीडिया, डिजाइन और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को नए प्रोजेक्ट या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के करियर के लिए यह अवधि सकारात्मक रह सकती है। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी बढ़ने के साथ पदोन्नति या वेतन में सुधार की खबर मिल सकती है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से महत्वपूर्ण काम पूरे होंगे। कारोबारी वर्ग को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। इस दौरान वाहन, इलेक्ट्रॉनिक सामान या किसी महंगी वस्तु की खरीद की योजना पूरी होने के योग बन सकते हैं।

बिहार के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! हर जिले में लगेगा रोजगार मेला

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि अगले वर्ष से राज्य के सभी जिलों में स्थानीय स्तर पर रोजगार मेले आयोजित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी के लिए पटना या दूसरे शहरों का रुख करने की परेशानी से राहत देना है।

20 हजार से ज्यादा युवाओं को मिली नौकरी

पटना के ज्ञान भवन में आयोजित पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर में बड़ी संख्या में निजी कंपनियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान 20,226 युवाओं का अलग-अलग पदों के लिए चयन किया गया। चयनित युवाओं को उनकी योग्यता के अनुसार करीब 15 हजार से 60 हजार रुपये तक मासिक वेतन वाली नौकरियों के अवसर मिले।

विदेश में नौकरी के लिए भी तैयारी

सरकार विदेशों में रोजगार की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए जिला नियोजन कार्यालयों में प्री-डिपार्चर ओरिएंटेशन ट्रेनिंग सेंटर का विस्तार कर रही है। जल्द ही राज्य के बाकी जिलों में भी यह सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी है।

पटना में बनेगा वर्ल्ड ट्रेड सेंटर

मुख्यमंत्री ने कहा कि रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए पटना में वर्ल्ड ट्रेड सेंटर बनाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को उनके घर के आसपास ही रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने युवाओं से कौशल विकास पर लगातार ध्यान देने की अपील की। सरकार का मानना है कि स्थानीय स्तर पर रोजगार मेले शुरू होने से युवाओं को नौकरी के लिए बाहर जाने की मजबूरी कम होगी और बिहार में ही रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।

बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी, हर महीने ₹1000 दे रही सरकार

पटना। बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए सरकार की मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना आर्थिक सहारा देने वाली महत्वपूर्ण योजना है। इसके तहत पात्र 12वीं पास या स्नातक बेरोजगार युवक-युवतियों को दो साल तक हर महीने 1,000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक मदद देना और उन्हें रोजगार के लिए तैयार करना है।

कौन ले सकता है लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक बिहार का स्थायी निवासी और बेरोजगार होना चाहिए। उसके पास सरकारी या निजी नौकरी नहीं होनी चाहिए और न ही वह स्वरोजगार कर रहा हो। इसके अलावा आवेदक किसी अन्य सरकारी भत्ते, छात्रवृत्ति या शिक्षा ऋण जैसी सुविधा का लाभ नहीं ले रहा हो।

ऐसे करें आवेदन

युवाओं को सबसे पहले योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर पंजीकरण करना होगा। रजिस्ट्रेशन के दौरान नाम, आधार, मोबाइल और ई-मेल जैसी जानकारी दर्ज कर OTP के जरिए प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके बाद प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करके SHA (स्वयं सहायता भत्ता) का आवेदन फॉर्म भरना होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद आवेदक को निर्धारित समय के भीतर जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (DRCC) जाकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा।

इन दस्तावेजों की जरूरत

आवेदन के लिए 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, शैक्षणिक प्रमाण-पत्र, बिहार का आवासीय प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा बैंक पासबुक की प्रति जैसे दस्तावेज जरूरी होंगे।

ट्रेनिंग भी जरूरी

योजना का लाभ लेने वाले युवाओं को भाषा संवाद और बेसिक कंप्यूटर की ट्रेनिंग लेना अनिवार्य है। ट्रेनिंग पूरी होने का प्रमाण-पत्र जमा नहीं करने पर अंतिम पांच महीनों की सहायता राशि रोकी जा सकती है। वहीं, रोजगार मिलने के बाद भत्ता बंद कर दिया जाता है। इस योजना के जरिए सरकार का प्रयास है कि बेरोजगार युवाओं को नौकरी की तलाश के दौरान आर्थिक मदद के साथ जरूरी कौशल भी मिल सके।

लिवर खराब होने पर शरीर के इन हिस्सों में होता है दर्द, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह पाचन, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और कई जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं में अहम भूमिका निभाता है। लिवर में सूजन या किसी बीमारी के कारण कुछ लोगों को शरीर के खास हिस्सों में दर्द या असहजता महसूस हो सकती है। हालांकि, सिर्फ दर्द के आधार पर लिवर की बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

1. पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में दर्द

लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। लिवर में सूजन या उसका आकार बढ़ने पर इस हिस्से में दर्द, भारीपन या दबाव जैसा महसूस हो सकता है। लगातार या बार-बार होने वाली ऐसी परेशानी को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. दाहिने कंधे तक पहुंच सकता है दर्द

कुछ मामलों में लिवर या उसके आसपास की समस्या से होने वाला दर्द दाहिने कंधे तक महसूस हो सकता है। इसे referred pain कहा जाता है। हालांकि, कंधे के दर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

3. पीठ में भी हो सकती है परेशानी

लिवर से जुड़ी कुछ स्थितियों में पेट के ऊपरी हिस्से के साथ पीठ में भी असहजता या दर्द महसूस हो सकता है। यदि इसके साथ पेट में सूजन, कमजोरी या त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ना जैसे लक्षण हों तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

4. पेट फूलना और भारीपन

लिवर की गंभीर बीमारी में पेट में तरल पदार्थ जमा होने की स्थिति यानी एसाइटिस हो सकती है। इससे पेट फूलने, भारीपन और खिंचाव जैसी परेशानी महसूस हो सकती है।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

यदि पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में दर्द लगातार बना रहता है, बढ़ रहा है या इसके साथ पीलिया, तेज कमजोरी, उल्टी, पेट में ज्यादा सूजन अथवा भ्रम जैसी समस्या हो, तो जल्द डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय पर जांच से लिवर की समस्या का कारण पता लगाकर उचित उपचार शुरू किया जा सकता है।

बुधादित्य राजयोग का शुरू हुआ दमदार असर! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा पैसा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति को काफी शुभ माना जाता है। 22 अगस्त 2026 को बुध के सिंह राशि में प्रवेश के बाद सूर्य और बुध एक ही राशि में आ गए हैं, जिससे बुधादित्य राजयोग बना है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह संयोग बुद्धि, संवाद, नेतृत्व, करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है।

अगस्त के अंतिम सप्ताह यानी 24 से 31 अगस्त के दौरान इस योग का प्रभाव विशेष रूप से चर्चा में है। हालांकि ज्योतिष में किसी योग का फल व्यक्ति की जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। इस अवधि में 5 राशियों के लिए करियर, कारोबार और धन से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर बनने के संकेत बताए जा रहे हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग करियर और कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर ला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने और अपनी योग्यता दिखाने का मौका मिल सकता है। लंबे समय से किसी पदोन्नति या नई जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे जातकों को सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग व्यापार और आर्थिक मामलों में खास लाभ देने वाला माना जा रहा है। कारोबारी लोगों को नई डील मिल सकती है और पहले से चल रहे काम में विस्तार की संभावना बन सकती है। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा। रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। 

सिंह राशि

बुधादित्य राजयोग सिंह राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष महत्व रखता है। नौकरी और व्यवसाय में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिसका फायदा कार्यक्षेत्र में मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह ग्रह संयोग आर्थिक उन्नति और कारोबार में सफलता के संकेत दे रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। सरकारी कामकाज से जुड़े लोगों को भी लाभ मिल सकता है। कारोबारियों के लिए नई योजना शुरू करने या व्यापार का विस्तार करने का समय अनुकूल रह सकता है। परिवार के सहयोग से कोई महत्वपूर्ण आर्थिक फैसला भी लिया जा सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुधादित्य राजयोग का प्रभाव धन और पारिवारिक सुख के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। आर्थिक लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं और आय-व्यय में संतुलन बनाने में सफलता मिलेगी। नौकरी और कारोबार में आपकी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने के संकेत हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा हो सकता है।

CM सम्राट ने किया साफ, बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विद्यार्थियों को मिलने वाले 4 लाख रुपये तक के शिक्षा ऋण की सुविधा जारी रहेगी।

छात्रों को नहीं करनी होगी चिंता

मुख्यमंत्री ने अपने एक्स हैंडल के जरिए कहा कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को लेकर विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी तरह का भ्रम नहीं रखना चाहिए। उच्च शिक्षा के लिए मिलने वाली 4 लाख रुपये तक की ऋण सुविधा पहले की तरह जारी रहेगी। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद करना है, ताकि पैसों की कमी के कारण उनकी पढ़ाई बाधित न हो।

उच्च शिक्षा के लिए मिलती है मदद

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए पात्र विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों के लिए शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इससे कॉलेज और संस्थान की फीस समेत पढ़ाई से जुड़े अन्य जरूरी खर्चों को पूरा करने में मदद मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार युवाओं की शिक्षा और उनके बेहतर भविष्य को लेकर प्रतिबद्ध है। सरकार की कोशिश है कि आर्थिक परेशानी किसी छात्र के उच्च शिक्षा हासिल करने के रास्ते में बाधा न बने।

अभिभावकों की भी दूर होगी चिंता

योजना में बदलाव की खबरों के बाद कई छात्र और अभिभावक असमंजस में थे। मुख्यमंत्री के स्पष्टीकरण के बाद अब उन्हें राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से साफ किया गया है कि 4 लाख रुपये तक के स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड लोन की सुविधा आगे भी उपलब्ध रहेगी। इस फैसले से उच्च शिक्षा का सपना देख रहे उन विद्यार्थियों को विशेष राहत मिलेगी, जिन्हें आर्थिक कारणों से पढ़ाई जारी रखने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।

शरीर में दिखें ये 4 बदलाव तो हो जाएं सावधान! बढ़ रहा हो सकता है ब्लड शुगर

राशिफल। ब्लड शुगर बढ़ना यानी हाई ब्लड ग्लूकोज कई बार शुरुआत में साफ तौर पर पता नहीं चलता। शरीर में धीरे-धीरे होने वाले कुछ बदलाव इस ओर संकेत कर सकते हैं। हालांकि, इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर डायबिटीज की पुष्टि नहीं की जा सकती। ब्लड शुगर की जांच ही सही स्थिति बताती है।

1. बार-बार लग सकती है तेज प्यास

अगर सामान्य से ज्यादा प्यास लग रही है और पानी पीने के बाद भी बार-बार पानी पीने की जरूरत महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर से ज्यादा मात्रा में पानी बाहर निकाल सकता है, जिससे प्यास बढ़ सकती है।

2. बार-बार पेशाब आना

ब्लड शुगर बढ़ने पर किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसके कारण पेशाब ज्यादा आने की समस्या हो सकती है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी एक संकेत हो सकता है।

3. अचानक थकान और कमजोरी

पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस होना भी ब्लड शुगर से जुड़ा हो सकता है। जब शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो व्यक्ति को सुस्ती और कमजोरी महसूस हो सकती है।

4. नजर धुंधली होना

ब्लड शुगर में उतार-चढ़ाव होने पर कुछ लोगों को अस्थायी रूप से धुंधला दिखाई दे सकता है। अगर ऐसा बार-बार हो रहा है या अचानक नजर में बदलाव महसूस हो, तो इसे हल्के में न लें और चिकित्सकीय सलाह लें।

भारत में एयरपोर्ट पर बदलेगा पुराना नियम! 1 सितंबर से लागू होगी नई व्यवस्था

नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर जल्द एक अहम बदलाव होने जा रहा है। 1 सितंबर 2026 से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों से भारत से बाहर जाने वाले यात्रियों के फिजिकल बोर्डिंग पास पर इमिग्रेशन काउंटर की मुहर नहीं लगाई जाएगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य इमिग्रेशन प्रक्रिया को तेज करना और एयरपोर्ट पर यात्रियों की भीड़ व इंतजार का समय कम करना है।

डिजिटल बोर्डिंग पास भी होगा मान्य

नई व्यवस्था में यात्री अपने मोबाइल फोन में मौजूद डिजिटल बोर्डिंग पास इमिग्रेशन अधिकारी को दिखा सकेंगे। हालांकि, फिजिकल बोर्डिंग पास रखने वाले यात्रियों को उसे साथ रखने की अनुमति रहेगी। फर्क सिर्फ इतना होगा कि अब उस पर इमिग्रेशन की रबर स्टैंप नहीं लगाई जाएगी।

क्यों लिया गया यह फैसला?

अधिकारियों की समीक्षा में सामने आया कि बोर्डिंग पास पर स्टैंप लगाने की प्रक्रिया से इमिग्रेशन काउंटर पर काम की गति प्रभावित होती थी। इसके अलावा स्याही की मुहर कई बार बोर्डिंग पास पर मौजूद बारकोड को धुंधला या ढक देती थी, जिससे आगे स्कैनिंग के दौरान परेशानी हो सकती थी। नई व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होगी और यात्रियों की आवाजाही ज्यादा सुचारु होने की उम्मीद है।

एयरपोर्ट को दिए गए निर्देश

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट ऑपरेटरों, एयरलाइंस और संबंधित सुरक्षा कर्मियों को आवश्यक बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। चेक-इन और इमिग्रेशन से जुड़े कर्मचारियों को भी नई प्रक्रिया के अनुसार तैयार किया जा रहा है।

पासपोर्ट स्टैंप को लेकर भी तैयारी

बोर्डिंग पास की स्टैंपिंग खत्म करने के साथ ही भारतीय यात्रियों के पासपोर्ट पर एंट्री और एग्जिट की भौतिक मुहर को भविष्य में कम या समाप्त करने की दिशा में भी काम चल रहा है। इसके लिए अलग स्तर पर पायलट व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है।

यूपी में राशन कार्डधारकों के लिए खुशखबरी! अब डिजिटल सिस्टम से मिलेगा राशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल लगातार बढ़ाया जा रहा है। सार्वजनिक वितरण प्रणाली यानी PDS में लाभार्थियों की पहचान से लेकर राशन की उपलब्धता और वितरण तक का रिकॉर्ड ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है। इससे व्यवस्था की निगरानी आसान होने के साथ गड़बड़ियों पर रोक लगाने में भी मदद मिल रही है।

ऑनलाइन दर्ज हो रहा राशन का पूरा रिकॉर्ड

अब राशन की दुकानों पर उपलब्ध स्टॉक और लाभार्थियों को किए गए वितरण की जानकारी डिजिटल सिस्टम में दर्ज होती है। इससे संबंधित अधिकारी ऑनलाइन व्यवस्था के जरिए दुकानों की गतिविधियों पर नजर रख सकते हैं। किसी तरह की अनियमितता सामने आने पर कार्रवाई करना भी पहले के मुकाबले आसान हुआ है।

ई-केवाईसी से अपडेट हो रहा रिकॉर्ड

राशन कार्डधारकों के रिकॉर्ड को दुरुस्त रखने के लिए ई-केवाईसी की प्रक्रिया भी जारी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक करीब 93.5 प्रतिशत राशन कार्डों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इसका उद्देश्य पात्र परिवारों की पहचान को अधिक सटीक बनाना और गलत तरीके से योजना का लाभ लेने की संभावना कम करना है।

आधार से जुड़ी व्यवस्था भी मजबूत

पीडीएस में आधार आधारित पहचान को भी मजबूत किया गया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार करीब 99.99 प्रतिशत आधार फीडिंग और 99.98 प्रतिशत आधार प्रमाणीकरण का स्तर हासिल किया जा चुका है। इससे राशन लेते समय लाभार्थी की पहचान सुनिश्चित करने में मदद मिलती है।

पात्र लोगों तक पहुंचेगा उनका हक

डिजिटल रिकॉर्ड, ई-केवाईसी और आधार प्रमाणीकरण जैसी व्यवस्थाओं का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचे। ऑनलाइन निगरानी बढ़ने से राशन दुकानों के स्टॉक और वितरण में पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

यूपी में महिलाओं को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दिया रक्षाबंधन का गिफ्ट!

लखनऊ। रक्षाबंधन के मौके पर उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले वर्षों की व्यवस्था को जारी रखते हुए इस बार भी माताओं, बहनों और बेटियों के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की घोषणा की है। इससे त्योहार पर मायके या रिश्तेदारों के घर जाने वाली महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

27 अगस्त की रात से शुरू होगी सुविधा

मुफ्त बस यात्रा की सुविधा 27 अगस्त की मध्यरात्रि से शुरू होकर 28 अगस्त की आधी रात तक लागू रहेगी। इस दौरान पात्र महिला यात्री उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में बिना किराया दिए यात्रा कर सकेंगी।

एक सहयोगी भी कर सकेगा मुफ्त सफर

इस सुविधा की खास बात यह है कि महिला यात्री के साथ सफर करने वाले एक सहयोगी को भी निःशुल्क यात्रा का लाभ मिलेगा। इससे विशेष रूप से उन महिलाओं को सुविधा होगी जिन्हें त्योहार के दौरान परिवार के किसी सदस्य के साथ यात्रा करनी है।

त्योहार पर घर पहुंचना होगा आसान

रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके और परिवार के दूसरे सदस्यों से मिलने के लिए यात्रा करती हैं। ऐसे में मुफ्त बस सेवा से उनके यात्रा खर्च में बचत होगी और त्योहार पर घर पहुंचना भी आसान हो सकेगा। सरकार की ओर से परिवहन व्यवस्था को सुचारु रखने पर भी जोर दिया गया है, ताकि रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों को बसों की उपलब्धता और सफर में परेशानी न हो। महिलाओं के लिए यह सुविधा त्योहार के मौके पर सरकार की ओर से बड़ी सौगात मानी जा रही है।

यूपी में किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही 50% अनुदान

न्यूज डेस्क। यूपी के अयोध्या और आसपास के तराई क्षेत्र के किसानों के लिए मखाना की खेती कमाई बढ़ाने का नया विकल्प बन सकती है। जलभराव वाले इलाकों में मखाना उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की ओर से मखाना विकास योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत पात्र किसानों को खेती की लागत पर 50 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है।

एक हेक्टेयर पर मिलेगा लाभ

योजना के तहत एक हेक्टेयर तालाब में मखाना की खेती करने वाले किसानों को निर्धारित लागत का आधा तक अनुदान दिया जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और किसान 31 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से किसानों को मखाना की उन्नत खेती, फसल प्रबंधन और तकनीकी जानकारी भी दी जाएगी।

तालाब नहीं है तो भी रास्ता मौजूद

मखाना उत्पादन के लिए पानी की जरूरत होती है। जिन किसानों के पास तालाब नहीं है, वे खेत तालाब योजना के जरिए अपने खेत में तालाब बनवा सकते हैं। इसके लिए भूमि संरक्षण विभाग की योजना के तहत अधिकतम 52,500 रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। इस तरह किसानों को तालाब तैयार कराने और मखाना उत्पादन दोनों चरणों में सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकता है।

इच्छुक किसान करें सकते हैं आवेदन

इच्छुक किसानों को समय सीमा के भीतर संबंधित पोर्टल पर पंजीकरण और आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी संबंधित विभाग से प्राप्त की जा सकती है। सरकार का उद्देश्य मखाना उत्पादन का विस्तार कर किसानों को पारंपरिक खेती के साथ अतिरिक्त आमदनी का विकल्प उपलब्ध कराना है।

मंगलवार का दिन रहेगा खास! बनेंगे 2 शुभ योग, 5 राशियों पर बरसेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष के लिहाज से मंगलवार का दिन कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से 2 शुभ योग बनने के कारण कई जातकों को करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। कुछ लोगों के लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने के संकेत हैं। आर्थिक रूप से दिन अनुकूल रह सकता है और रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना बन सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुभ योग आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकते हैं। आय बढ़ाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नई डील या प्रोजेक्ट मिलने से फायदा होने के योग हैं। परिवार का सहयोग भी मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन तरक्की के नए अवसर ला सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। कारोबार में निवेश या विस्तार से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने पर लाभ मिल सकता है। धन से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह दिन करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में पद या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। कारोबारियों को नए ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिल सकता है। अचानक कोई आर्थिक लाभ मिलने से बजट मजबूत हो सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को मंगलवार के शुभ योग का अच्छा लाभ मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी का समाधान निकल सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है और पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

बिहार में ये सड़क होगी 6-लेन चौड़ी, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी सड़क परियोजना पर काम शुरू होने वाला है। रामदयालु नगर से चांदनी चौक के बीच करीब 4.50 किलोमीटर लंबी सड़क को 6-लेन में विकसित किया जाएगा। करीब 44.76 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

जाम से मिलेगी बड़ी राहत

रामदयालु नगर और चांदनी चौक के बीच दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है। सड़क के चौड़ीकरण के बाद इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पहले की तुलना में ज्यादा सुगम हो सकेगी। इससे लगातार लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने के साथ यात्रा में लगने वाला समय और ईंधन भी बच सकता है।

काम शुरू होने का रास्ता साफ

परियोजना से जुड़ी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से भी आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र जारी किया जा चुका है। ऐसे में अब सड़क चौड़ीकरण और उन्नयन का काम शुरू करने में बड़ी बाधा नहीं रह गई है।

व्यापार को भी मिलेगा फायदा

सड़क के बेहतर होने से आसपास के इलाकों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। स्थानीय दुकानदारों और कारोबारियों को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। बेहतर यातायात व्यवस्था से लोगों की आवाजाही बढ़ेगी और शहर के विकास को गति मिल सकती है।

दुर्घटनाओं में कमी की उम्मीद

सड़क को आधुनिक और चौड़ा किए जाने से वाहनों का आवागमन अधिक व्यवस्थित होने की संभावना है। इससे ट्रैफिक दबाव कम होने के साथ सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद जताई जा रही है। परियोजना को मुजफ्फरपुर के शहरी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

बिहार में बनेगा 336KM लंबा एक्सप्रेस-वे, 13 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और बड़ी योजना सामने आई है। बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 336 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे विकसित करने की तैयारी है। प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, जिससे लंबी दूरी की यात्रा तेज और सुगम होने की उम्मीद है।

13 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे

प्रस्तावित बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेस-वे बिहार के बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर से होकर गुजरने की योजना है। इससे इन जिलों के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने के साथ व्यापार और परिवहन को भी गति मिलने की उम्मीद है।

कई बड़े एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा

इस परियोजना की खास बात इसका दूसरे प्रमुख एक्सप्रेस-वे से जुड़ाव है। बक्सर के पास इसके पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से कनेक्ट होने की योजना है। इसके अलावा इसे रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे और अन्य प्रमुख मार्गों से भी जोड़ने की तैयारी है। इससे बिहार के कई हिस्सों को दूसरे राज्यों के बड़े सड़क नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

सफर के साथ उद्योगों को बढ़ावा

एक्सप्रेस-वे के निर्माण से दक्षिण बिहार में आवागमन तेज होने के साथ उद्योग, कारोबार और लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़क नेटवर्क से कृषि उत्पादों और दूसरे सामान को बाजार तक पहुंचाने में भी समय कम लग सकता है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे को आधुनिक मानकों के अनुसार विकसित करने की योजना है। इस पर वाहनों की गति करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक रखने का लक्ष्य बताया जा रहा है। एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था होने के कारण वाहन निर्धारित इंटरचेंज और रैंप से ही एक्सप्रेस-वे पर प्रवेश या निकास कर सकेंगे।

अभी शुरुआती चरण में परियोजना

यह परियोजना फिलहाल शुरुआती चरण में है। आगे विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR), भूमि और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण से जुड़ी स्थिति स्पष्ट होगी। अगर योजना तय समय के अनुसार आगे बढ़ती है, तो बक्सर से भागलपुर तक दक्षिण बिहार के बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

बिहार में बन रहा फोरलेन पुल, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क और पुलों का नेटवर्क मजबूत करने की दिशा में लगातार काम हो रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर में विक्रमशिला सेतु के समानांतर बन रहा फोरलेन पुल आने वाले समय में यातायात के साथ पर्यटन के लिहाज से भी खास हो सकता है। करीब 995 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

4.445 किलोमीटर लंबा होगा पुल

प्रस्तावित फोरलेन पुल की लंबाई लगभग 4.445 किलोमीटर होगी। इसे 40 पिलरों का सहारा दिया जाएगा। बरारी की ओर 23 और नवगछिया की तरफ 17 पिलर बनाए जा रहे हैं। पिलरों के बीच करीब 100 से 110 मीटर की दूरी रखी जाएगी। पुल के निर्माण से भागलपुर और आसपास के इलाकों में आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

रात में बदलेगा पुल का नजारा

इस पुल को केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं रखने की योजना है। इसकी खूबसूरती बढ़ाने के लिए थीम आधारित लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह होगी कि समय के अनुसार रोशनी का रंग और दिशा बदलती रहेगी। पुल के आसपास लोगों के रुकने और तस्वीरें लेने के लिए भी स्थान विकसित किए जाने की योजना है।

पर्यटन स्थल की भी तैयारी

सेतु के नजदीक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय से जुड़ा एक म्यूजियम विकसित करने की योजना भी बताई गई है। इससे यह क्षेत्र लोगों के लिए जानकारी और मनोरंजन दोनों का केंद्र बन सकता है। भविष्य में यहां पिकनिक और सेल्फी स्पॉट के रूप में भी विकास की संभावना है।

सुरक्षा पर भी रहेगा जोर

पुल की निगरानी के लिए हाई-डेफिनिशन कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। नदी के बीच पिलर निर्माण का काम जलस्तर और सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद भागलपुर को बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के साथ एक नया आकर्षण मिलने की उम्मीद है।

बिहार में मानसून का कहर! 24 जिलों में बारिश और तेज हवा का डबल अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने राज्य के 24 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है। कुछ जिलों में ऑरेंज तो कई जगहों पर येलो अलर्ट दिया गया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है।

इन जिलों में जारी हुआ अलर्ट

पटना, नालंदा, शेखपुरा, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, भागलपुर, कैमूर, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद,  रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका में येलो अलर्ट है।

कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश

मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक बिहार में बारिश का दौर रुक-रुककर जारी रह सकता है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण और गया में अपेक्षाकृत ज्यादा बारिश होने की आशंका है। कई इलाकों में बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं और बिजली चमकने की स्थिति बन सकती है।

नदियों के बढ़ते जलस्तर से भी चिंता

लगातार बारिश के बीच राज्य की कई नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। गंगा समेत अन्य नदियों के किनारे रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। तटीय और दियारा क्षेत्रों में प्रशासन की ओर से भी सतर्कता बरती जा रही है।

25 और 26 अगस्त को भी मौसम रहेगा सक्रिय

मौसम विभाग ने 25 अगस्त को भी कई जिलों में बारिश और तेज हवा को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके बाद 26 अगस्त को भी कुछ हिस्सों में येलो अलर्ट रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने तथा बिजली चमकने के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यूपी में बारिश का तांडव! कई जिलों में गरज के साथ बरसेंगे बादल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून का असर एक बार फिर अलग-अलग हिस्सों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में एक जैसी बारिश नहीं होगी। जहां लखनऊ और अवध के अधिकतर इलाकों में अगले दो दिनों के दौरान बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है, वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश और तराई क्षेत्र के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

पश्चिमी यूपी और तराई में बारिश के आसार

मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के मुताबिक मानसूनी द्रोणी अब हिमालय की तराई की ओर बढ़ रही है। इसके साथ ही निम्न दबाव क्षेत्र अमृतसर, नजीबाबाद और हरदोई से होते हुए झारखंड और बंगाल की खाड़ी की ओर बना हुआ है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

प्रयागराज, सोनभद्र, मीरजापुर, वाराणसी और संत रविदास नगर समेत आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के आसार जताए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में भी 24 अगस्त की सुबह तक कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा मध्य क्षेत्र में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला कुछ समय तक बना रह सकता है। हालांकि मंगलवार से भारी बारिश वाले जिलों की संख्या घटने की संभावना है।

आगे कम हो सकता है बारिश का असर

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश में पछुआ हवाओं की सक्रियता बढ़ सकती है। इसके चलते प्रभावी बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है। खासकर पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश में फिलहाल व्यापक बारिश के आसार कम बताए जा रहे हैं। ऐसे में अगले दो दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज अलग-अलग रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश तो कहीं बादल और उमस का असर देखने को मिल सकता है।