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यूपी में महिलाओं के लिए बंपर भर्ती, 12वीं पास के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। महराजगंज जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और सहायिका के 305 पदों पर भर्ती निकाली गई है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार इच्छुक और योग्य महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

1 सितंबर तक कर सकेंगी आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 1 सितंबर 2026 की रात 12 बजे तक आवेदन कर सकती हैं। आवेदन निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

सिर्फ महिलाओं को मिलेगा मौका

भर्ती में केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकती हैं। उम्मीदवार का संबंधित ग्राम सभा या वार्ड की निवासी होना जरूरी है। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता पद के अनुसार निर्धारित नियमों के मुताबिक होगी। 12वीं पास महिलाओं के लिए यह भर्ती खास अवसर मानी जा रही है।

305 पदों पर होगी नियुक्ति

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 305 रिक्तियां भरी जाएंगी। इनमें आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री और आंगनबाड़ी सहायिका के पद शामिल हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू नहीं होगा, बल्कि मेरिट के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

आवेदन से पहले नियम देखें

उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, स्थानीय निवास और अन्य जरूरी शर्तों की जांच कर लें। गलत या अधूरी जानकारी के साथ किया गया आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

यूपी-बिहार के बीच बनेगा नया ग्रीनफील्ड हाईवे, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। यूपी और बिहार के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए गाजीपुर-बलिया-मांझी घाट नेशनल हाईवे परियोजना अहम साबित हो सकती है। इस ग्रीनफील्ड हाईवे के बनने के बाद वाराणसी से छपरा का सफर पहले के मुकाबले काफी आसान और तेज होने की उम्मीद है। अभी जहां इस यात्रा में करीब साढ़े पांच घंटे लगते हैं, वहीं हाईवे तैयार होने के बाद समय घटकर करीब 3 घंटे रह सकता है।

इस परियोजना का मुख्य हिस्सा गाजीपुर से बिहार के सारण जिले के सहबलपुर तक प्रस्तावित है। आगे इसे छपरा से जोड़ा जाएगा। वहीं भरौली गोलंबर से बनने वाला लिंक रोड बक्सर को भी इस नेटवर्क से जोड़ेगा। इससे गाजीपुर, बलिया, बक्सर और छपरा के बीच आवागमन बेहतर होगा।

कई शहरों को मिलेगा फायदा

नए हाईवे से सिर्फ यूपी और बिहार के सीमावर्ती इलाकों को ही फायदा नहीं होगा। वाराणसी, जौनपुर, आजमगढ़ और मऊ जैसे पूर्वांचल के शहरों से बिहार की ओर जाने वाले लोगों के लिए भी कनेक्टिविटी आसान होने की उम्मीद है। बलिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे तक पहुंच बेहतर होने से लखनऊ और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिल सकती है।

व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा

बेहतर सड़क नेटवर्क का असर कारोबार पर भी पड़ सकता है। माल ढुलाई तेज होने से व्यापारियों को फायदा मिलेगा और परिवहन लागत व समय में कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और बिहार के पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

आपको बता दें की यह हाईवे पूर्वांचल और बिहार के बीच एक महत्वपूर्ण सड़क गलियारा बन सकता है। वाराणसी-छपरा यात्रा का समय कम होने के साथ बक्सर, छपरा और पटना की कनेक्टिविटी भी पहले से बेहतर होने की उम्मीद है।

यूपी में इन कर्मचारियों को खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नगरीय निकायों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वेतन भुगतान समेत जरूरी खर्चों को लेकर निकायों के सामने आने वाले आर्थिक संकट को कम करने के लिए प्रदेश सरकार ने बड़ी धनराशि जारी की है। राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों को कुल 1200 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं।

762 निकायों को अलग-अलग राशि जारी

नगरीय निकाय निदेशालय की ओर से सभी निकायों को धनराशि के इस्तेमाल को लेकर दिशा-निर्देश भी भेजे गए हैं। उपलब्ध कराई गई राशि का वितरण निकायों की श्रेणी के अनुसार किया गया है।

17 नगर निगमों को 531 करोड़ रुपये

200 नगर पालिका परिषदों को 427 करोड़ रुपये

545 नगर पंचायतों को 242 करोड़ रुपये

इस तरह कुल 1200 करोड़ रुपये की राशि प्रदेश के नगरीय निकायों तक पहुंचाई गई है।

वेतन भुगतान में नहीं आएगी परेशानी

इस फैसले से नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों को सबसे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। कई बार निकायों की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वेतन और दूसरे जरूरी खर्चों को लेकर परेशानी सामने आती है। सरकार की ओर से उपलब्ध कराई गई राशि से निकायों को अपने नियमित खर्च पूरे करने में सहूलियत होगी। खासतौर पर वेतन और अन्य स्थापना व्यय के भुगतान की व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

ई-वेतन पोर्टल से होगा भुगतान

सरकार ने धनराशि के इस्तेमाल में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए भी जरूरी निर्देश दिए हैं। वेतन और अन्य अधिष्ठान व्यय के लिए ई-वेतन पोर्टल का इस्तेमाल अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा निकायों को यह भी बताना होगा कि बैंक खातों से कितनी राशि निकाली गई और उसका इस्तेमाल किस काम में किया गया। खर्च की गई धनराशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र भी निदेशालय को उपलब्ध कराना होगा।

जरूरत के हिसाब से ही पैसा निकालने का निर्देश

सरकार ने निकायों को निर्देश दिया है कि बैंक खातों से पूरी राशि एक साथ निकालने के बजाय आवश्यकता के अनुसार ही धनराशि निकाली जाए। जारी रकम का खर्च पंचम राज्य वित्त आयोग की निर्धारित शर्तों के अनुरूप किया जाना होगा। इससे सरकारी धन के सही इस्तेमाल और वित्तीय अनुशासन को बनाए रखने में मदद मिलेगी।

नई नगर पंचायतों को भी अब मिलेगा बड़ा फायदा

जिन क्षेत्रों में नई नगर पंचायतों का गठन हुआ है, वहां भी इस धनराशि का उपयोग जरूरी व्यवस्थाएं तैयार करने में किया जा सकेगा। इनमें कार्यालय की स्थापना, कर्मचारियों से संबंधित प्रारंभिक व्यवस्थाएं और अन्य बुनियादी जरूरतें शामिल हैं। नई नगरीय इकाइयों में सफाई और स्वच्छता, पेयजल व्यवस्था जैसे जरूरी कार्यों को भी प्राथमिकता दी जाएगी।

योगी सरकार ने खोला पिटारा, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, 600 करोड़ रुपये मंजूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के लिए औद्योगिक विकास के मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। चित्रकूट में विकसित किए जा रहे रक्षा औद्योगिक गलियारे को अब एक बड़े निवेश की सौगात मिलने जा रही है। देश की प्रमुख रक्षा कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) यहां अत्याधुनिक रक्षा उपकरणों के निर्माण के लिए इकाई स्थापित करने की तैयारी में है।

कंपनी ने इस परियोजना के लिए करीब 600 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश का प्रस्ताव रखा है। इससे चित्रकूट के साथ-साथ पूरे बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में बनेगी अत्याधुनिक रक्षा इकाई

प्रस्तावित परियोजना के तहत चित्रकूट में रडार और एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़े रक्षा उत्पादों के निर्माण की सुविधा विकसित की जाएगी। परियोजना के शुरुआती चरण में करीब 562.5 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जबकि आने वाली रक्षा परियोजनाओं को ध्यान में रखते हुए कुल निवेश को 600 करोड़ रुपये से अधिक तक ले जाने की योजना है।

क्यूआरएसएम और रडार सिस्टम का होगा निर्माण

बीईएल की प्रस्तावित इकाई में कई महत्वपूर्ण रक्षा परियोजनाओं के लिए उत्पादन सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इनमें क्यूआरएसएम, एयर डिफेंस सिस्टम और नेक्स्ट जेनरेशन रडार सिस्टम जैसी तकनीकें शामिल हैं। इसके अलावा यहां अलग से एमआरओ यानी मेंटीनेंस, रिपेयर एंड ओवरहाल सुविधा विकसित करने की भी योजना है। इससे रक्षा उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत से जुड़ी गतिविधियां भी इसी क्षेत्र में संचालित की जा सकेंगी।

निवेश प्रस्ताव को मिली अहम मंजूरी

चित्रकूट में बीईएल के निवेश को लेकर मंगलवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में महत्वपूर्ण फैसला लिया गया। मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता वाली उच्चस्तरीय अधिकार प्राप्त समिति ने कंपनी को निवेश के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट (LoC) दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। हालांकि परियोजना को अंतिम रूप देने के लिए इसे अब राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए रखा जाएगा। कैबिनेट की स्वीकृति के बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

बीईएल को मिल चुकी है जमीन

चित्रकूट के रक्षा औद्योगिक गलियारे में बीईएल को पहले ही करीब 75 हेक्टेयर भूमि आवंटित की जा चुकी है। ऐसे में प्रस्तावित निवेश को जमीन पर उतारने के लिए जरूरी आधारभूत तैयारी पहले से मौजूद है। रक्षा क्षेत्र में इतनी बड़ी परियोजना आने से चित्रकूट की औद्योगिक पहचान को नई मजबूती मिल सकती है। साथ ही स्थानीय स्तर पर कारोबार, परिवहन, निर्माण और अन्य सहायक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

यूपी के गांवों के लिए आई खुशखबरी! ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी सुविधा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर राहत भरी खबर है। अब गांवों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर हृदयाघात यानी हार्ट अटैक की आशंका वाले मरीजों को शुरुआती उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का फोकस ऐसे मरीजों को गोल्डन ऑवर में इलाज देने और जरूरत पड़ने पर उन्हें विशेषज्ञ केंद्र तक जल्द पहुंचाने पर है।

464 स्वास्थ्यकर्मियों को दिया गया प्रशिक्षण

हृदय रोगियों को समय पर प्राथमिक उपचार देने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़े स्तर पर तैयारी शुरू की है। पहले चरण में प्रदेश के 75 जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों से जुड़े 464 स्वास्थ्यकर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। इसका उद्देश्य हार्ट अटैक के लक्षण सामने आने पर मरीज की तत्काल जांच और जरूरी उपचार शुरू करना है, ताकि गंभीर स्थिति से बचाया जा सके।

गोल्डन ऑवर में इलाज पर जोर

हार्ट अटैक के मामले में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मरीज को समय पर उपचार मिले और रेफरल की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। स्वास्थ्य विभाग अब गोल्डन ऑवर में मिलने वाली चिकित्सा सुविधा की नियमित निगरानी करेगा।

डायलिसिस की सुविधा भी होगी मजबूत

प्रदेश में किडनी से जुड़ी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए जिला अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। जिन सरकारी अस्पतालों में पहले से डायलिसिस की व्यवस्था है, वहां जरूरत के अनुसार बेड की संख्या बढ़ाई जाएगी। वहीं जिन जिला अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां डायलिसिस यूनिट शुरू करने की दिशा में काम किया जाएगा।

यहां डेंगू-मलेरिया को लेकर भी बड़ी तैयारी

बारिश के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को पहले से तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। दवाओं, ऑक्सीजन, एंबुलेंस, जरूरी चिकित्सा सामग्री और अतिरिक्त बेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।

अस्पतालों में डॉक्टरों की मौजूदगी पर सख्ती

स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने अस्पतालों में चिकित्सकों की समय पर उपस्थिति सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। जिला अस्पतालों में रात्रिकालीन निरीक्षण नियमित रूप से करने और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी में फ्री राशन पर एक्शन, राशनकार्ड धारकों के लिए बड़ा अपडेट

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन योजना का गलत तरीके से लाभ लेने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई तेज हो गई है। चित्रकूटधाम मंडल के चार जिलों में जांच के दौरान बड़ी संख्या में ऐसे राशन कार्ड धारक सामने आए हैं, जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा नहीं करते हैं।

शासन की ओर से कराई गई जांच में कुल 47,886 अपात्र राशन कार्ड धारकों की पहचान की गई है। इनमें वाहन मालिक, निर्धारित सीमा से अधिक आय वाले परिवार और बड़े कारोबारी भी शामिल हैं। संबंधित जिलों को सूची भेजकर सत्यापन के बाद अपात्र कार्ड निरस्त करने के निर्देश दिए गए हैं।

28 हजार से ज्यादा कार्ड रद्द

शासन के निर्देश के बाद मंडल के चारों जिलों में राशन कार्डों के सत्यापन और निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अब तक 28,586 राशन कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। यह चिन्हित अपात्र कार्डों का करीब 59.69 प्रतिशत है। हालांकि सभी जिलों में कार्रवाई की रफ्तार एक जैसी नहीं है। कहीं बड़ी संख्या में कार्ड निरस्त किए गए हैं तो कहीं सत्यापन और कार्रवाई की प्रक्रिया काफी धीमी चल रही है।

बांदा में सबसे ज्यादा कार्रवाई

मंडल में अपात्र राशन कार्डों पर कार्रवाई के मामले में बांदा आगे है। जिले में 14,439 अपात्र कार्ड चिन्हित किए गए थे। इनमें से अब तक 12,425 कार्ड निरस्त किए जा चुके हैं। वहीं हमीरपुर में करीब 66.90 प्रतिशत और महोबा में लगभग 67.72 प्रतिशत चिन्हित कार्डों पर कार्रवाई पूरी हो चुकी है।

चित्रकूट में कार्रवाई बेहद धीमी

चित्रकूट जिले में कार्रवाई की रफ्तार सबसे धीमी बताई जा रही है। शासन की ओर से जिले को 9,507 अपात्र राशन कार्ड धारकों की सूची उपलब्ध कराई गई थी, लेकिन अब तक केवल 76 कार्ड निरस्त किए गए हैं। इतनी कम संख्या में कार्रवाई होने के कारण जिले में सत्यापन प्रक्रिया की गति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। अब प्रशासन के सामने चिन्हित सभी मामलों की जांच पूरी कर पात्र और अपात्र लोगों की स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है।

कार से लेकर बड़े कारोबार तक वालों के नाम

जांच में ऐसे लोगों के नाम भी सामने आए हैं, जो सरकारी योजना के लिए तय आर्थिक और संपत्ति संबंधी मानकों के अनुरूप पात्र नहीं हैं। सूची में चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों के साथ ऐसे कारोबारी भी शामिल हैं, जिनका वार्षिक GST टर्नओवर 25 लाख रुपये से अधिक है। इसके अलावा कंपनी के निदेशक, पांच एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि वाले और निर्धारित संपत्ति सीमा से अधिक संसाधन रखने वाले लोगों को भी अपात्र सूची में शामिल किया गया है।

गलत तरीके से लाभ लेने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई

सरकार की मुफ्त राशन योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराना है। ऐसे में अपात्र लोगों के योजना का लाभ लेने से वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी सहायता पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसी वजह से शासन स्तर पर राशन कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जांच के बाद जो लोग पात्रता मानकों को पूरा नहीं करते, उनके राशन कार्ड नियमानुसार निरस्त किए जाएं।

खुशखबरी का ऐलान! यूपी में एकसाथ 4 बड़ी भर्ती, करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई अवसर सामने आए हैं। अलग-अलग सरकारी विभागों में चार बड़ी भर्तियों के जरिए 1600 से अधिक पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें प्राचार्य, वैज्ञानिक सहायक, लैब सहायक, विभिन्न अन्य पदों के साथ पशुधन प्रसार अधिकारी के पद शामिल हैं।

इन भर्तियों में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और आवेदन की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यान से देखना चाहिए।

1. प्राचार्य के 111 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से प्राचार्य के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती में कुल 111 पद हैं। इनमें 89 पद सहशिक्षा महाविद्यालयों और 22 पद महिला महाविद्यालयों के लिए बताए गए हैं। भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत होने वाली इस नियुक्ति में चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-14 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। भर्ती में पात्रता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, परीक्षा पैटर्न, पाठ्यक्रम और चयन प्रक्रिया से संबंधित विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में दी गई है।

2. वैज्ञानिक सहायक और लैब असिस्टेंट के 208 पद

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से वैज्ञानिक सहायक और लैब असिस्टेंट के पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के माध्यम से 208 पद भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 17 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

3. UPPSC की 47 पदों वाली भर्ती

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने भी वर्ष 2026 के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती का नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 47 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू होकर 3 सितंबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में शामिल होने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों की जांच जरूर करनी चाहिए।

4. पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पद

यूपी में सबसे ज्यादा पदों वाली भर्ती पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर है। UPSSSC ने इस भर्ती के तहत 1,251 पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 9 सितंबर 2026 से शुरू होंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 29 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों की आयु सीमा 21 से 40 वर्ष रखी गई है। इस भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता मानदंड पूरा करना होगा।

यूपी में छात्रों के लिए खुशखबरी! कक्षा 9 से 12 तक की स्कॉलरशिप शुरू, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले छात्रों के लिए छात्रवृत्ति से जुड़ी अहम खबर है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए यूपी स्कॉलरशिप आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। पात्र छात्र 11 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक स्कॉलरशिप पोर्टल scholarship.up.gov.in के माध्यम से किया जाएगा।

नए और पुराने छात्रों के लिए अलग तारीख

कक्षा 10 और 12 के ऐसे विद्यार्थी जो पहले से छात्रवृत्ति प्राप्त कर रहे हैं, उनके लिए नवीनीकरण आवेदन की प्रक्रिया 11 से 25 अगस्त 2026 तक चलेगी। वहीं कक्षा 9 और 11 के नए छात्रों के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 21 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म भरने के बाद जहां जरूरी हो, उसकी हार्ड कॉपी भी संबंधित स्कूल में जमा करनी होगी। केवल ऑनलाइन आवेदन कर देना पर्याप्त नहीं माना जाएगा।

इन वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ

यूपी स्कॉलरशिप योजना के तहत पात्र सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ दिया जाता है। आवेदन के दौरान छात्रों को अपनी शैक्षणिक और बैंक संबंधी जानकारी सही तरीके से भरनी होगी।

जनवरी तक मिल सकती है छात्रवृत्ति

नवीनीकरण वाले छात्रों की छात्रवृत्ति राशि 25 से 31 अक्टूबर 2026 के बीच भेजे जाने की उम्मीद है। वहीं पहली बार आवेदन करने वाले छात्रों के लिए भुगतान 25 से 31 जनवरी 2027 के बीच किया जा सकता है। कक्षा 12 के बाद ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, डिप्लोमा और ITI जैसे कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए दशमोत्तर छात्रवृत्ति की अलग प्रक्रिया होगी। इनके आवेदन 15 सितंबर 2026 से शुरू होंगे।

बैंक और आधार की जानकारी रखें सही

छात्रवृत्ति की रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसलिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बैंक खाता उनके नाम पर हो और आधार से लिंक हो। बैंक डिटेल में गलती होने पर भुगतान में परेशानी आ सकती है। छात्र आवेदन करने से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना फॉर्म भर दें।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में आई 1 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC ने पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 1251 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया सितंबर में शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर आयोग की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक अच्छा अवसर हो सकती है।

1251 पदों पर होगी भर्ती

UPSSSC की ओर से जारी भर्ती के तहत पशुधन प्रसार अधिकारी (Livestock Extension Officer) के कुल 1251 पद भरे जाएंगे। ये पद पशुपालन निदेशालय के अंतर्गत आते हैं। भर्ती से संबंधित विज्ञापन संख्या 17-परीक्षा/2026 है। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश में की जाएगी।

9 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए 29 सितंबर 2026 तक का समय दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार न करें। अंतिम दिनों में वेबसाइट पर अधिक ट्रैफिक होने के कारण आवेदन करने में परेशानी हो सकती है।

40 साल तक के उम्मीदवार कर सकते हैं आवेदन

भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिल सकती है। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को जरूर जांच लें।

ऐसे करें ऑनलाइन के द्वारा आवेदन की प्रक्रिया पूरी 

अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए सबसे पहले UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां भर्ती से संबंधित लिंक पर जाकर ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। आवेदन के दौरान उम्मीदवार को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी विवरण भरने होंगे। इसके बाद मांगे गए दस्तावेज अपलोड कर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यूपी में जल्द खुलेंगे शिक्षक भर्ती के रास्ते, युवाओं के लिए आई बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों, महाविद्यालयों और बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में खाली पड़े शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया को गति देने की तैयारी की जा रही है। भर्ती से जुड़ी अर्हता संबंधी विसंगतियों को दूर करने के लिए शासन स्तर पर अधिकारियों के बीच मंथन शुरू हो गया है।

दरअसल, प्रदेश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों के काफी पद खाली हैं। इन रिक्तियों को भरने के लिए संबंधित संस्थानों की ओर से उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अधियाचन ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। हालांकि, कुछ पदों की शैक्षणिक योग्यता और पात्रता को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण आयोग ने कई अधियाचन संबंधित विभागों को वापस कर दिए हैं। अब इन खामियों को दूर कर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की कवायद हो रही है।

शासन ने बुलाई अहम बैठक

अर्हता से जुड़ी समस्याओं और शिक्षा विभाग से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए शासन ने बैठक बुलाई है। इसमें बेसिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अधिकारी भी शामिल होंगे। बैठक में अधियाचन से जुड़ी विसंगतियों की पहचान कर उनके समाधान की दिशा तय किए जाने की उम्मीद है।

प्रधानाचार्य के 2647 पदों पर भी अड़चन

एडेड माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2647 पदों पर भर्ती प्रस्तावित है। इन पदों की अर्हता को लेकर स्पष्टता नहीं होने के कारण आयोग ने संबंधित अधियाचन वापस कर दिए हैं। अब पात्रता संबंधी बिंदुओं को स्पष्ट करने के बाद इन रिक्तियों को दोबारा भेजने की तैयारी की जा सकती है। इसके अलावा बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों और एडेड माध्यमिक विद्यालयों से संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों में भी शिक्षकों की भर्ती प्रस्तावित है।

असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पद भी शामिल

उच्च शिक्षा विभाग से जुड़े महाविद्यालयों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली हैं। इनमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 2107 पदों का अधियाचन अर्हता संबंधी विसंगतियों के चलते वापस किया गया है। बैठक में इन पदों के लिए पात्रता से जुड़े मुद्दों को भी सुलझाने पर चर्चा होने की संभावना है।

भर्ती का रास्ता साफ करने की कोशिश

शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सरकार अब भर्ती प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने पर जोर दे रही है। यदि बैठक में अर्हता संबंधी सभी बिंदुओं पर सहमति बनती है और संशोधित अधियाचन जल्द आयोग को मिलते हैं, तो विभिन्न विभागों में रिक्त शिक्षक पदों पर चयन प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो सकता है।

यूपी के 6 शहरों में अग्निवीरों की भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए भारतीय सेना में शामिल होने का शानदार मौका आने वाला है। प्रदेश में तीसरी अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए राज्य के छह शहरों को चुना गया है। भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत 17 अगस्त 2026 से मेरठ में होगी और अलग-अलग चरणों में चलने वाली यह भर्ती रैली 14 अप्रैल 2027 तक जारी रहेगी।

बड़ी संख्या में युवाओं के भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की संभावना को देखते हुए राज्य सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने सोमवार को लोक भवन में अधिकारियों और सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित जिलों के प्रशासन को निर्देश दिए कि भर्ती स्थलों पर अभ्यर्थियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।

छह शहरों में आयोजित होगी भर्ती रैली

उत्तर प्रदेश में अग्निवीर भर्ती रैली का आयोजन मेरठ, बरेली, लखनऊ, वाराणसी, आगरा और अयोध्या में किया जाएगा। अलग-अलग शहरों में भर्ती की तारीखें निर्धारित की गई हैं। सरकार का अनुमान है कि भर्ती रैलियों में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच सकते हैं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन को पहले से सभी जरूरी इंतजाम करने के निर्देश दिए गए हैं।

भर्ती रैली का पूरा कार्यक्रम

मेरठ: 17 अगस्त से 9 सितंबर 2026

बरेली: 14 सितंबर से 30 सितंबर 2026

लखनऊ: 11 जनवरी से 28 जनवरी 2027

वाराणसी: 2 फरवरी से 27 फरवरी 2027

आगरा: 4 मार्च से 24 मार्च 2027

अयोध्या: 29 मार्च से 14 अप्रैल 2027

अभ्यर्थियों के लिए सुविधाओं पर सरकार का फोकस

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भर्ती स्थलों पर पहुंचने वाले उम्मीदवारों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं पहले से तैयार रहें। इनमें आवागमन, ठहरने की व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा प्रमुख हैं। इसके अलावा बड़ी भीड़ को देखते हुए यातायात और भीड़ प्रबंधन की भी प्रभावी व्यवस्था करने को कहा गया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि भर्ती स्थल पर किसी तरह की अव्यवस्था पैदा न हो।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, गरीब परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरी इलाकों में रहने वाले गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। योजना के तहत प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में 73,184 नए आवासों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।

नए आवासों को स्वीकृति मिलने के बाद प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के लाभार्थी आधारित व्यक्तिगत आवास निर्माण यानी बीएलसी घटक के तहत प्रदेश में स्वीकृत मकानों की कुल संख्या 4,88,526 तक पहुंच जाएगी। सरकार का जोर जरूरतमंद परिवारों को समय पर आवास उपलब्ध कराने के साथ-साथ निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने पर है।

137 नगरीय निकायों में बनेंगे नए आवास

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत स्वीकृत नए मकान प्रदेश के 137 नगरीय निकायों में बनाए जाएंगे। इससे शहरी क्षेत्रों में रहने वाले ऐसे परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है और जो आवास की जरूरत पूरी करने के लिए सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक

इन आवासीय परियोजनाओं को मंजूरी प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 की राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति की बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। बैठक में स्वीकृत परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की समय-सीमा और गुणवत्ता जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि जिन परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है, उनका काम तय समय के अनुसार आगे बढ़ाया जाए।

निर्माण में देरी बर्दाश्त नहीं

मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवास निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं की नियमित निगरानी की जाए। साथ ही समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो।

यूपी में पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पदों पर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशुपालन निदेशालय के तहत पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में जाने का मौका मिलेगा।

मुख्य परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 29 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन से जुड़ी फीस के समायोजन और किसी गलती में सुधार के लिए 6 अक्टूबर तक का समय दिया जाएगा।

PET-2025 के स्कोर से होगी शॉर्टलिस्टिंग

पशुधन प्रसार अधिकारी की मुख्य परीक्षा में सभी उम्मीदवार सीधे शामिल नहीं हो सकेंगे। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET)-2025 के सामान्यीकृत यानी नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर निर्धारित मेरिट के जरिए किया जाएगा। 

दो घंटे में देने होंगे 100 सवालों के जवाब

मुख्य लिखित परीक्षा का पैटर्न भी आयोग की ओर से बताया गया है। परीक्षा में अभ्यर्थियों को 2 घंटे में 100 प्रश्न हल करने होंगे। प्रत्येक प्रश्न का मूल्यांकन उसके निर्धारित अंकों के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा में गलत उत्तर देने पर एक चौथाई अंक की निगेटिव मार्किंग भी होगी।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे भर्ती की निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। ऑनलाइन फॉर्म भरते समय व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और अन्य जरूरी जानकारियां सावधानी से दर्ज करनी होंगी।

यूपी सरकार का फैसला, 16 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने अवकाश यात्रा सुविधा (LTC) से जुड़े नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत अब कर्मचारियों को एलटीसी का लाभ लेने के लिए न्यूनतम 15 दिन के अर्जित अवकाश का इस्तेमाल करना अनिवार्य नहीं होगा। इसके साथ ही एलटीसी के दौरान स्वीकृत अर्जित अवकाश में से अधिकतम 10 दिन के अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी दी गई है।

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 16.35 लाख राज्य कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। वित्त विभाग ने वेतन समिति-2016 की सिफारिशों पर विचार के लिए गठित मुख्य सचिव की अध्यक्षता वाली समिति की अनुशंसाओं के आधार पर इस संबंध में आदेश जारी किया है।

15 दिन की छुट्टी लेने की बाध्यता खत्म

पहले एलटीसी का इस्तेमाल करने के लिए कर्मचारियों के सामने एक महत्वपूर्ण शर्त थी। उन्हें अवकाश यात्रा सुविधा का लाभ लेने के लिए कम से कम 15 दिन के अर्जित अवकाश का उपयोग करना पड़ता था। इस अनिवार्यता के कारण कई कर्मचारियों के लिए एलटीसी का लाभ लेना मुश्किल हो जाता था।

अब सरकार ने इस शर्त को समाप्त कर दिया है। यानी कर्मचारी को केवल एलटीसी का लाभ लेने के लिए 15 दिन का अर्जित अवकाश खर्च करने की जरूरत नहीं होगी। इससे कर्मचारियों को अपनी छुट्टियों का इस्तेमाल अपनी जरूरत के अनुसार करने में ज्यादा सुविधा मिलेगी।

10 दिन के अवकाश का हो सकेगा नकदीकरण

सरकार ने एलटीसी से जुड़ा दूसरा बड़ा बदलाव अवकाश नकदीकरण को लेकर किया है। नई व्यवस्था के तहत एलटीसी के लिए स्वीकृत अर्जित अवकाश में से अधिकतम 10 दिन का नकदीकरण किया जा सकेगा। इसका मतलब है कि पात्र कर्मचारी एलटीसी के दौरान स्वीकृत छुट्टियों में निर्धारित सीमा तक अवकाश का नकद लाभ भी प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा उन कर्मचारियों के लिए खास तौर पर फायदेमंद हो सकती है, जो यात्रा के साथ अपनी छुट्टियों के आर्थिक लाभ का भी इस्तेमाल करना चाहते हैं।

पहले क्या थी व्यवस्था?

पुराने नियमों के मुताबिक एलटीसी का लाभ उठाने के लिए कर्मचारी को न्यूनतम 15 दिन का अर्जित अवकाश लेना जरूरी था। इसके अलावा एलटीसी के तहत अवकाश नकदीकरण की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब दोनों स्तरों पर बदलाव किया गया है। एक तरफ 15 दिन के अर्जित अवकाश के इस्तेमाल की बाध्यता हटा दी गई है, वहीं दूसरी तरफ अधिकतम 10 दिन के अर्जित अवकाश के नकदीकरण का प्रावधान किया गया है।

यूपी में नई OTS योजना लागू, शहरवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में लंबे समय से संपत्ति कर का बकाया रखने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने पुराने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकाये के निपटारे के लिए एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS लागू करने का फैसला किया है। इस योजना का उद्देश्य पुराने कर विवादों और लंबित बकाये को आसान तरीके से निपटाना है।

सरकार की यह योजना प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में लागू की जाएगी। इसमें नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के अंतर्गत आने वाले पात्र बकायेदार करदाता शामिल होंगे। योजना से एक ओर लोगों को अपना पुराना बकाया चुकाने का आसान विकल्प मिलेगा, वहीं नगर निकायों की राजस्व वसूली भी बेहतर होने की उम्मीद है।

15 अगस्त से शुरू होगी योजना

उत्तर प्रदेश सरकार की OTS योजना 15 अगस्त 2026 से 15 दिसंबर 2026 तक चलेगी। यानी बकायेदारों के पास अपने पुराने कर का निपटारा करने के लिए करीब चार महीने का समय रहेगा। सरकार ने संबंधित नगरीय निकायों को योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। खासतौर पर योजना शुरू होने के शुरुआती दिनों में प्रचार-प्रसार पर जोर दिया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें।

तीन किस्तों में जमा कर सकेंगे बकाया

योजना में बकायेदार करदाताओं के लिए भुगतान की सुविधा को आसान बनाया गया है। पात्र व्यक्ति अपना लंबित संपत्ति कर अधिकतम तीन किस्तों में जमा कर सकता है। नियम के अनुसार योजना शुरू होने के पहले 30 दिनों के भीतर कुल बकाये की एक-तिहाई रकम जमा करनी होगी। इसके बाद बाकी राशि को अगले दो महीनों में दो किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाएगी।

भुगतान का तरीका

पहली किस्त: कुल बकाये का एक-तिहाई हिस्सा, शुरुआती 30 दिनों में

दूसरी किस्त: बची राशि का एक हिस्सा अगले महीने

तीसरी किस्त: शेष बकाया अगले महीने

कुल भुगतान अवधि: अधिकतम तीन महीने

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, गाय पालने वालों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गो संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ ग्रामीण परिवारों की आमदनी बढ़ाने और महिलाओं को रोजगार से जोड़ने की दिशा में सरकार एक नई पहल को विस्तार देने की तैयारी कर रही है। बुलंदशहर में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किए गए गोमूत्र डेयरी मॉडल को अब प्रदेश के दूसरे हिस्सों में भी आजमाने की योजना बनाई जा रही है।

इस मॉडल का उद्देश्य गोमूत्र को केवल अपशिष्ट के तौर पर देखने के बजाय उसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था और जैविक खेती से जोड़ना है। इसके तहत गांवों में संग्रहण केंद्र बनाए जा रहे हैं, जहां पशुपालकों से गोमूत्र खरीदा जा रहा है। इससे गाय पालने वाले परिवारों को अतिरिक्त आमदनी का जरिया मिल सकता है।

10 रुपये प्रति लीटर की दर से हो रही खरीद

बुलंदशहर में चल रहे पायलट प्रोजेक्ट के तहत गोमूत्र को करीब 10 रुपये प्रति लीटर की दर से खरीदा जा रहा है। इसके लिए गांवों में निर्धारित स्थानों पर संग्रहण केंद्र बनाए गए हैं। यहां एकत्र किए गए गोमूत्र को आगे प्रसंस्करण के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

15 गांवों से शुरू हुआ मॉडल

बुलंदशहर की स्याना तहसील के नरसैना गांव में एफपीओ के माध्यम से यह प्रयोग शुरू किया गया है। आसपास के करीब 15 गांवों को इस पहल से जोड़ा गया है। गोमूत्र के संग्रहण के लिए करीब 200 लीटर क्षमता वाले टैंक लगाए गए हैं। मौजूदा व्यवस्था के तहत इन केंद्रों पर प्रतिदिन लगभग 500 लीटर गोमूत्र एकत्र किया जा रहा है।

करीब 300 महिलाएं इससे जुड़ीं

इस परियोजना में करीब 300 महिलाओं को जोड़े जाने की बात सामने आई है। महिलाओं की भागीदारी को इस योजना का अहम हिस्सा माना जा रहा है। गांवों में गोमूत्र संग्रह करने में मदद करने वाली महिलाओं को प्रति लीटर 2 रुपये कमीशन देने की व्यवस्था की गई है।

गोमूत्र से तैयार किए जा रहे कृषि उत्पाद

एफपीओ द्वारा संग्रहित गोमूत्र को सीधे बाजार में भेजने के बजाय उससे कृषि उपयोग के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इसमें विभिन्न जड़ी-बूटियों आदि को मिलाकर कीट नियंत्रक और फसलों की उत्पादकता बढ़ाने में इस्तेमाल होने वाले उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं।

20 रुपये प्रति लीटर तक कीमत बढ़ाने की योजना

गोसेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता के अनुसार, भविष्य में गोमूत्र की खरीद कीमत को बढ़ाकर 20 रुपये प्रति लीटर तक ले जाने का प्रयास किया जाएगा। यदि यह व्यवस्था बड़े स्तर पर सफल होती है तो पशुपालकों के लिए गोमूत्र से अतिरिक्त आय का रास्ता खुल सकता है।

यूपी में महिलाओं को बड़ी खुशखबरी! 12वीं पास के लिए सीधी भर्ती, बिना परीक्षा नौकरी का मौका

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी के क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इटावा जिले में बाल विकास विभाग की ओर से आंगनवाड़ी कार्यकत्री के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 102 पदों को भरा जाएगा।

खास बात यह है कि भर्ती में केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकती हैं। चयन प्रक्रिया सीधी भर्ती के आधार पर होगी और यह पद मानदेय आधारित हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

102 आंगनवाड़ी कार्यकत्री पदों पर भर्ती

इटावा में जारी भर्ती अभियान के तहत आंगनवाड़ी कार्यकत्री के कुल 102 पद भरे जाने हैं। ये नियुक्तियां जिले के अलग-अलग बाल विकास परियोजनाओं के अंतर्गत की जाएंगी। भर्ती का उद्देश्य ग्रामीण और स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था को मजबूत करना है। चयनित महिलाओं को संबंधित क्षेत्र में आंगनवाड़ी कार्यकत्री के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी।

सिर्फ महिलाएं कर सकती हैं आवेदन

इस भर्ती की सबसे अहम बात यह है कि इसके लिए केवल महिला उम्मीदवार पात्र हैं। यानी पुरुष अभ्यर्थी इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन नहीं कर सकते। 12वीं पास महिलाओं के लिए यह स्थानीय स्तर पर काम करने का अच्छा अवसर हो सकता है। हालांकि आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में दी गई सभी पात्रता शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

7 अगस्त से शुरू हुआ आवेदन

इटावा आंगनवाड़ी भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 30 अगस्त 2026 की मध्यरात्रि निर्धारित की गई है। अंतिम समय में वेबसाइट पर अधिक लोड या तकनीकी समस्या से बचने के लिए उम्मीदवारों को समय रहते फॉर्म जमा करने की सलाह दी जाती है।

कहां से करें ऑनलाइन आवेदन?

इच्छुक महिला उम्मीदवारों को आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती के आधिकारिक पोर्टल upanganwadibharti.in पर जाना होगा। ऑनलाइन आवेदन करते समय उम्मीदवारों को मांगी गई जानकारी और आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से उपलब्ध कराने होंगे।

यूपी सरकार का फैसला, नागरिकों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से संपत्ति कर जमा नहीं करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने नगरीय निकायों में जमा पुराने गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकाये को निपटाने के लिए एकमुश्त समाधान योजना यानी OTS लागू करने का फैसला किया है। इस योजना का दायरा प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों तक रहेगा।

सरकार के इस कदम से बड़े बकायेदारों को अपना पुराना कर चुकाने का अवसर मिलेगा। वहीं, नगरीय निकायों को लंबे समय से अटके राजस्व की वसूली में मदद मिलने की उम्मीद है। योजना के तहत प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतें शामिल होंगी।

15 अगस्त से शुरू होगी योजना

नगर विकास मंत्री एके शर्मा के निर्देश पर तैयार की गई OTS योजना को 15 अगस्त से 15 दिसंबर 2026 तक लागू किया जाएगा। यानी पात्र करदाताओं के पास अपने लंबित संपत्ति कर का समाधान करने के लिए करीब चार महीने का समय रहेगा। योजना की शुरुआत में नगर निकायों को संबंधित करदाताओं तक इसकी जानकारी पहुंचाने और व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए 15 अगस्त से 14 सितंबर के बीच विशेष जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

तीन किस्तों में भी जमा कर सकेंगे बकाया

सरकार ने करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए पूरी रकम एक साथ जमा करने की अनिवार्यता नहीं रखी है। पात्र व्यक्ति अपने बकाये का भुगतान अधिकतम तीन किस्तों में कर सकता है। योजना शुरू होने के पहले 30 दिनों के भीतर कुल बकाये की एक-तिहाई रकम जमा करनी होगी। इसके बाद बची हुई दो-तिहाई राशि को अगले दो महीनों में दो मासिक किस्तों के जरिए चुकाने का विकल्प दिया गया है। इस तरह योजना के तहत तय पूरी राशि का भुगतान अधिकतम तीन महीने में पूरा करना होगा।

पुराने विवादों को निपटाने में भी मिलेगी मदद

सरकार का मानना है कि लंबे समय से लंबित संपत्ति कर के कारण कई मामलों में विवाद और वसूली की प्रक्रिया अटकी रहती है। OTS के जरिए ऐसे पुराने मामलों को व्यवस्थित तरीके से निपटाने का रास्ता आसान हो सकता है। योजना का एक उद्देश्य न्यायालयों में चल रहे कर संबंधी विवादों को कम करना और करदाताओं को पुराने बकाये से बाहर निकलने का व्यावहारिक विकल्प देना भी है।

यूपी में बनेंगे 18 प्रीमियम बस स्टेशन, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बस से सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में सुविधाएं और बेहतर होने वाली हैं। राज्य में परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में तैयार करने की योजना के तहत 18 स्थानों पर प्रीमियम बस स्टेशन विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं को निजी निवेश के जरिए जमीन पर उतारने की तैयारी है।

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने इस योजना के दूसरे चरण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू की है। प्रस्तावित बस स्टेशनों को आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। साथ ही इनके परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी पर्याप्त जगह उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बस अड्डे भविष्य में शहरों के प्रमुख ट्रांजिट और कारोबारी केंद्रों के तौर पर उभर सकते हैं।

18 शहरों को मिलेगा आधुनिक बस अड्डे का लाभ

योजना में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के 18 स्थानों को शामिल किया गया है। इनमें अकबरपुर, अमेठी, बदायूं, भिनगा, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, गोला, सिधौली, माती, उन्नाव, हैदरगढ़, नहटौर, सराय अकिल, बादशाहपुर, तरवा, पीलीभीत और निचलौल शामिल हैं।

निजी निवेश से तैयार होगा नया इंफ्रास्ट्रक्चर

इन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर विकसित करने की योजना है। यानी सरकारी परिवहन व्यवस्था के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी होगी। अधिकारियों के अनुसार, 18 प्रस्तावित परियोजनाओं में 1,100 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आकर्षित होने की संभावना है।

बस स्टेशन के साथ मिलेगा कारोबार का स्पेस

नई योजना की खास बात यह है कि बस स्टेशन को केवल यात्रियों के चढ़ने-उतरने की जगह नहीं बनाया जाएगा। परिसर में जरूरत के मुताबिक दुकानें, खाने-पीने के आउटलेट, होटल, कार्यालय और मनोरंजन से जुड़ी सुविधाओं के लिए कमर्शियल स्पेस विकसित किया जा सकता है। इससे यात्रियों को एक ही जगह पर कई जरूरी सुविधाएं मिल सकेंगी।

10 अगस्त तक टेंडर जमा करने का मौका

इन परियोजनाओं के लिए निविदा जमा करने की निर्धारित अंतिम तारीख 10 अगस्त 2026 दोपहर 2 बजे है। इच्छुक निवेशक टेंडर से संबंधित नियम, शर्तें और अन्य विवरण उत्तर प्रदेश परिवहन निगम तथा राज्य के ई-टेंडर पोर्टल पर देख सकते हैं।

युवाओं के लिए खुशखबरी! योगी सरकार दे रही 5 लाख रुपये, इन युवाओं को मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अपना कारोबार शुरू करने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राज्य सरकार की युवा उद्यमी योजना आर्थिक मदद का जरिया बन सकती है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए शुरुआती पूंजी उपलब्ध कराना है। पात्र युवाओं को योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त और गारंटी-मुक्त ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान बताया गया है।

5 लाख रुपये तक ब्याज-मुक्त लोन

योजना के तहत पात्र युवाओं को परियोजना की जरूरत के अनुसार वित्तीय सहायता दी जाती है। निर्धारित सीमा तक की परियोजनाओं के लिए ब्याज-मुक्त ऋण का प्रावधान है। इससे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं पर शुरुआती दौर में ब्याज का अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। लोन को गारंटी-मुक्त रखने की व्यवस्था भी युवाओं के लिए राहत देने वाली है। यानी बैंक से वित्तीय सहायता लेते समय सामान्य तौर पर संपत्ति को गिरवी रखने जैसी बाध्यता नहीं होगी।

मार्जिन मनी की भी सुविधा

युवा उद्यमी योजना में सिर्फ ऋण की सुविधा ही नहीं, बल्कि शुरुआती पूंजी के बोझ को कम करने के लिए मार्जिन मनी अनुदान का भी प्रावधान है। परियोजना की लागत के आधार पर निर्धारित सहायता युवाओं को कारोबार स्थापित करने में मदद कर सकती है। इसके अलावा योजना के तहत लाभार्थियों को व्यवसाय से संबंधित जरूरी कौशल विकसित करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा सकता है।

21 से 40 वर्ष के युवा कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके साथ ही कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है। आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से कौशल प्रशिक्षण से संबंधित प्रमाण पत्र भी होना चाहिए। इसके अलावा बैंक या किसी वित्तीय संस्था का डिफॉल्टर व्यक्ति इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा।

युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ना है उद्देश्य

युवा उद्यमी योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना रोजगार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। ब्याज-मुक्त ऋण, गारंटी से राहत, मार्जिन मनी सहायता और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं नए कारोबार की शुरुआत में मददगार साबित हो सकती हैं।