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लखनऊ : यूपी के 8 वक्तियों को मिला पद्म सम्मान, देखें लिस्ट

लखनऊ : गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने पद्म सम्मान पाने वालों वक्तियों की पूरी लिस्ट जारी की हैं। इसमें उत्तर प्रदेश के 8 व्यक्ति शामिल हैं, जिन्हे सरकार के द्वारा पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया जायेगा।

खबर के अनुसार उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को भी पद्म विभूषण सम्मान से सम्मानित किया जायेगा। मुलायम सिंह यादव उत्तर प्रदेश के तीन बार मुख्यमंत्री रहें हैं। हालांकि मुलायम सिंह यादव को (मरणोपरांत) 'पद्म विभूषण' से अलंकृत किया जाएगा।

बता दें की उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पद्म सम्मान पाने वाली सभी हस्तियों को बधाई दी हैं और कहा है की "आज प्रतिष्ठित 'पद्म पुरस्कार' से सम्मानित होने वाली उ.प्र. की सभी 08 विभूतियों का हृदय से अभिनंदन करता हूँ।

यूपी के 8 वक्तियों को मिला पद्म सम्मान, देखें लिस्ट?

पद्म विभूषण : मुलायम सिंह यादव (मरणोपरांत)

पद्म श्री पाने वालों की लिस्ट।

दिलशाद हुसैन- कला

मनोरंजन साहू- मेडिसिन

ऋत्विक सान्याल- कला

राधाचरण गुप्ता- साहित्य और शिक्षा

उमा शंकर पांडेय- सामाजिक कार्य

विश्वनाथ प्रसाद तिवारी- साहित्य और शिक्षा

अरविंद कुमार- साइंस और इंजीनियरिंग

गणत्रंत दिवस पर बिहार के 19 पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित, यहां देखें लिस्ट

न्यूज डेस्क: गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभर के कुल 668 पुलिस कर्मियों को सम्मानित किया जायेगा। इसमें 19 पुलिसकर्मी बिहार के हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इन पुलिसकर्मियों को सम्मानित करने के लिए दिशा निर्देश जारी कर दिया गया हैं। 

खबर के अनुसार इन पुलिस कर्मियों को राष्ट्रपति के साथ साथ प्रधानमंत्री के द्वारा सम्मानित किया जायेगा। बिहार से दो पुलिस कर्मी को राष्ट्रपति पुलिस मेडल जबकि 17 पुलिसकर्मियों को प्रधानमंत्री पुलिस मेडल से सम्मानित किया जायेगा। 

बता दें की विनय कुमार शर्मा, एसडीपीओ नीम चौक बेतिया गया को राष्ट्रपति पुलिस मेडल दिया जायेगा। जबकि पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर रैंक के आर्थिक अपराध इकाई के विनय कृष्णन को भी राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया जायेगा। 

इन पुलिस कर्मियों को मिलेगा प्रधानमंत्री पुलिस मेडल।

विनय कुमार आईजी हेड क्वार्टर पटना, 

आलमनाथ भईया हवलदार किशनगंज, 

अक्षयबार नाथ पांडे कॉन्स्टेबल

हवलदार बॉस ऐंड, 

हवलदार पंच रतन प्रसाद गोंड, 

हवलदार सिकंदर कुमार,

हवलदार सतेंदर कुमार,

सीआईडी में प्रस्थापित संजय कुमार, 

सीआईडी में सिपाही मुख्तार अली, 

सीआईडी में पदस्थापित जमादार देवेंद्र कुमार, 

सीआईडी में पदस्थापित सिपाही धनंजय कुमार, 

सीआईडी में पदस्थापित जमादार संतोष कुमार, 

एससीआरबी में स्थापित सिपाही आलोक कुमार, 

किशनगंज में पदस्थापित सिपाही बैजनाथ कुमार, 

एटीएस में पदस्थापित जमादार संजय कुमार शेखर, 

अवधेश कुमार सिंह हवलदार बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 4 डुमरांव, 

Republic Day : गणतंत्र दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये खास शायरियां

Republic Day : हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता हैं। इस दिन भारत का संविधान लागू हुआ था। 26 जनवरी 1950 को भारत के पहले राष्‍ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने झंडा फहराया था और भारत को पूर्ण गणतंत्र की घोषित किया था

गणतंत्र दिवस के अवसर पर देशभर में झंडा फहराया जाता हैं और लोग धूम-धाम से इस पर्व को सेलिब्रेट करते हैं। वहीं आज के इस डिजिटल दुनिया में लोग अपने दोस्तों और परिवारों को गणतंत्र दिवस के मौके पर संदेस के रूप में खास शायरियां भी भेजते हैं। 

गणतंत्र दिवस के मौके पर अपनों को भेजें ये खास शायरियां?

1 .देश भक्तो की बलिदान से, स्वतंत्रा हुए है हम,

कोई पूछे कोन हो, तो गर्व से कहेंगे भारतीय है हम। 

2 .मेरे देश का आज जो सम्मान है, वो मेरे देश के वीरों के नाम है,

जिन्होंने झुकने न दिया उस तिरंगे को। उन वीरों को मेरा सलाम है।

3 .भारत ही है मेरी जाति, भारत ही है मेरा धर्म,

धरती पर मैं जब जब आऊं, यहीं हो मेरा जन्म। 

4 .ना पूछो ज़माने से कि क्या हमारी कहानी है,

हमारी पहचान तो बस इतनी है कि हम सब हिंदुस्तानी हैं।

New Delhi: 26 जनवरी की परेड देखने के लिए टिकट करें बुक

New Delhi: 26 जनवरी यानि की गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड देखना चाहते हैं तो आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों माध्यम से टिकट बुक कर सकते हैं और 26 जनवरी के मौके पर रिपब्लिक डे परेड राजपथ पर जा कर देख सकते हैं।

खबर के अनुसार ऑफलाइन के द्वारा टिकटों की बिक्री सेना भवन, शास्त्री भवन, जंतर मंतर और प्रगति मैदान में होगी। आप यहां जा कर रिपब्लिक डे परेड की टिकट ले सकते हैं। टिकट की कीमत 20 रुपये, 100 रुपये और 500 रुपये निर्धारित किया गया हैं।

वहीं ऑनलाइन के द्वारा भी आप खुद से टिकट बुक कर सकते हैं। ऑनलाइन टिकट बुक करने के लिए आपको रक्षा मंत्रालय के वेब पोर्टल www.amantran.gov.in पर विजिट करना होगा। यहां से आप रिपब्लिक डे परेड की टिकट ले सकते हैं। 

आपको बता दें की गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर भव्य परेड आयोजित की जाएगी। जिसमे भारत की सेना परेड करेगी। साथ ही साथ भारत की अलग-अलग राज्यों की सांस्कृतिक और सैन्य विरासत के प्रदर्शन किये जाएंगे।

गणतंत्र दिवस पर जानें भारत के वायुवीरों की ताकत

नई दिल्ली : देश की राजधानी नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस की तैयारी तेजी के साथ चल रही हैं। गणतंत्र दिवस के मौके पर इस दिन राजपथ पर भारत के तीनों सेनाओं की ताकत देखने को मिलेगी। खास कर भारतीय वायु सेना राफेल के साथ अपनी ताकत दिखाएगी।

गणतंत्र दिवस पर जानें भारत के वायुवीरों की ताकत?

1 .भारत की वायु सेना दुनिया की चौथी सबसे बड़ी और ताकतवर वायुसेना हैं।

2 .भारतीय वायु सेना के पास राफेल, सुखोई-30, मिराज-2000, जगुआर, तेजस समेत कई बेहतरीन फाइटर जेट्स मौजूद हैं। 

3 .बता दें की भारतीय वायु सेना के पास एमआई-35, एमआई-17, चिनूक, अपाचे, हॉवर्ड और डकोटा कई हेलीकॉप्टर मौजूद हैं।

4 .भारतीय वायुसेना के पास 31 लड़ाकू जेट स्क्वॉड्रन मौजूद हैं है। बता दें की प्रत्येक स्क्वाड्रन में 18 लड़ाकू विमान होते हैं। 

5 .भारतीय वायु सेना दुनिया की सबसे तेज ब्रह्मोस मिसाइल से भी लैस हैं। इसे सुखोई विमान से चलाया जा सकता हैं।

6 .भारतीय वायु सेना के पास सुखोई-30 के 12, जगुआर के 6, मिग-21 के 4, मिराज-2000 के 3, मिग-29 के 3, एलसीए के दो और राफेल के दो स्क्वाड्रन हैं।

Republic Day 2023 : जानिए गणतंत्र दिवस से जुड़े वो 5 रोचक बातें

नई दिल्ली : हर साल 26 जनवरी के दिन गणतंत्र दिवस मनाया जाता हैं। क्यों की 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू किया गया था। हर साल इस दिन को गणतंत्र दिवस के रूप में सेलिब्रेट किया जाता है। इसलिए सभी व्यक्ति को गणतंत्र दिवस से जुड़े वो 5 रोचक बातें आवश्य जननी चाहिए। 

जानिए गणतंत्र दिवस से जुड़े वो 5 रोचक बातें?

1 .गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति को 21 तोपों की सलामी दी जाती हैं। बता दें की 21 तोपों की सलामी भारतीय सेना की 7 तोपों से दी जाती है जिन्हें ’25 पाउंडर्स’ कहा जाता है। 

2 .26 जनवरी 1950 को आयोजित पहली परेड में अतिथि के रूप में इंडोनेशिया के राष्ट्रपति डॉ. सुकर्णो को आमंत्रित किया गया था। 

3 .आपको बता दें की संविधान की मूल प्रति को हिंदी और इंग्लिश में प्रेम बिहारी नारायण रायजादा ने लिखा था। इसे लिखने में छह महीने का समय लगा था। 

4 .26 जनवरी को ही भारत को संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया गया था और डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के तौर पर शपथ लिया था।

5 .26 जनवरी यानि की गणतंत्र दिवस के दिन ही वीर चक्र, महावीर चक्र, परमवीर चक्र, कीर्ति चक्र और अशोक चक्र दिए जाते हैं।

Republic Day: 1950 से लेकर अब तक कौन-कौन से मेहमान बनें शान

नई दिल्ली : भारत में गणतंत्र दिवस के अवसर पर हर साल कोई ना कोई मेहमान भारत आते हैं और 26 जनवरी की शान बनते हैं। इस साल 26 जनवरी 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्त्र के राष्ट्रपति को गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बनने का निमंत्रण दिया हैं।

हालांकि 2021 और 2022 में कोरोना महामारी के कारण किसी भी मेहमान को नहीं बुलाया गया थें। लेकिन इस साल भारत सरकार ने 26 जनवरी यानि के गणतंत्र दिवस के अवसर पर मिस्त्र के राष्ट्रपति को निमंत्रण दिया हैं। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे 1950 से लेकर अब तक भारत आये मेहमानों के बारे में। 

1950 से लेकर अब तक कौन-कौन से मेहमान बनें शान?

साल 1950:   राष्ट्रपति सुकर्णो (इंडोनेशिया)                                                            

साल 1951:   राजा त्रिभुवन बीर बिक्रम शाह  (नेपाल)                                              

साल 1952:   कोई आमंत्रण नहीं    

साल 1953:   कोई आमंत्रण नहीं    

साल 1954:   जिग्मे दोरजी वांगचुक  (भूटान)                                                            

साल 1955:   गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मुहम्मद  (पाकिस्तान)                              

साल 1956:   राजकोष के कुलपति आरए बटलर  (यूनाइटेड किंगडम), मुख्य न्यायाधीश कोटारो तनाका  (जापान)                                            

साल 1957:   रक्षा मंत्री जॉर्जिया झुकोव (सोवियत संघ)                                            

साल 1958:   मार्शल ये जियानिंग (चीन)                                                                  

साल 1959:   एडिनबर्घ के ड्यूक प्रिंस फिलिप (यूनाइटेड किंगडम)                                    

साल 1960:   अध्यक्ष क्लीमेंट वोरोशिलोव (सोवियत संघ)                                                

साल 1961:   महारानी एलिजाबेथ द्वितीय (यूनाइटेड किंगडम)                                            

साल 1962:   प्रधानमंत्री विग्गो कंम्पमन्न  (डेनमार्क)                                                  

साल 1963:   राजा नोरोडोम सिहानोक (कंबोडिया)    

साल 1964:   रक्षा स्टाफ के चीफ लॉर्ड लुईस माउंटबैटन (यूनाइटेड किंगडम)    

साल 1965:   खाद्य और कृषि मंत्री राणा अब्दुल हमीद  (पाकिस्तान)  

साल 1966:   कोई आमंत्रण नहीं  

साल 1967:   राजा मोहम्मद जहीर शाह (अफगानिस्तान)    

साल 1968:   अध्यक्ष अलेक्सी कोसिगिन (सोवियत संघ), राष्ट्रपति जोसीप ब्रोज टिटो (यूगोस्लाविया)    

साल 1969:   प्रधानमंत्री टोडोर झिव्कोव (बुल्गारिया)      

साल 1970:   किंग बौदौइन (बेल्जियम)    

साल 1971:   राष्ट्रपति जूलियस न्येरे (तंजानिया)    

साल 1972:   प्रधानमंत्री सीईवोसगुर रामगुलाम (मॉरीशस)    

साल 1973:   राष्ट्रपति मोबूतु सेसे सेको (जैरे)  

साल 1974:   राष्ट्रपति जोसीप ब्रोज़ टिटो (यूगोस्लाविया), प्रधानमंत्री सिरिमावो बंडरानाइक (श्रीलंका)    

साल 1975:   राष्ट्रपति केनेथ कौंडा (जाम्बिया)    

साल 1976:   प्रधानमंत्री जाक शिराक (फ्रांस)    

साल 1977:   प्रथम सचिव एडवर्ड गिरेक (पोलैंड)

साल 1978:   राष्ट्रपति पैट्रिक हिलेरी (आयरलैंड)    

साल 1979:   प्रधानमंत्री मैल्कम फ्रेजर (ऑस्ट्रेलिया)    

साल 1980:   राष्ट्रपति वैलेरी गिस्कर्ड डी एस्टाइंग (फ्रांस)    

साल 1981:   राष्ट्रपति जोस लोपेज पोर्टिलो (मेक्सिको)    

साल 1982:   किंग जुआन कार्लोस आई (स्पेन)    

साल 1983:   राष्ट्रपति शेहू शागरी (नाइजीरिया)    

साल 1984:   किंग जिग्मे सिंग्ये वांगचुक (भूटान)    

साल 1985:   राष्ट्रपति राउल अल्फोन्सिन (अर्जेंटीना)    

साल 1986:   प्रधानमंत्री एंड्रियास पैपांड्रेउ (ग्रीस)  

साल 1987:   राष्ट्रपति एलन गार्सिया (पेरू)    

साल 1988:   राष्ट्रपति जेण् आरण् जयवर्धने (श्रीलंका)    

साल 1989:   जनरल सचिव गुयेन वान लिन (वियतनाम)    

साल 1990:   प्रधानमंत्री अनिरुद्ध जुग्नथ (मॉरीशस)      

साल 1991:   राष्ट्रपति ममून अब्दुल गयूम (मालदीव)    

साल 1992:   राष्ट्रपति मारियो सोरेस (पुर्तगाल)    

साल 1993:   प्रधानमंत्री जॉन मेजर (यूनाइटेड किंगडम)    

साल 1994:   प्रधानमंत्री गोह चोक टोंग (सिंगापुर)    

साल 1995:   राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला (दक्षिण अफ्रीका)    

साल 1996:   राष्ट्रपति डॉ. फर्नांडो हेनरीक कार्डोसो (ब्राजील)      

साल 1997:   प्रधानमंत्री बासदेव पांडे (त्रिनिदाद एंड टोबैगो)    

साल 1998:   राष्ट्रपति जैक शिराक (फ्रांस)    

साल 1999:   राजा बिरेंद्र बीर बिक्रम शाह देव (नेपाल)    

साल 2000:   राष्ट्रपति ओलेजगुन ओबासांजो (नाइजीरिया)    

साल 2001:   राष्ट्रपति अब्देलजीज बुटीफिला  (अल्जीरिया)    

साल 2002:   राष्ट्रपति कसम उतेम (मॉरीशस)    

साल 2003:   राष्ट्रपति मोहम्मद खटामी (ईरान)    

साल 2004:   राष्ट्रपति लुइज इनासिओ लुला दा सिल्वा (ब्राजील)    

साल 2005:   किंग जिग्मे सिंग्ये वांगचुक (भूटान)    

साल 2006:   किंग अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज अल सऊद (सऊदी अरब)    

साल 2007:   राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (रूस)    

साल 2008:   राष्ट्रपति निकोलस सरकोजी  (फ्रांस)    

साल 2009:   राष्ट्रपति नूरसुल्तान नजरबायेव  (कजाखस्तान)    

साल 2010:   राष्ट्रपति ली मयूंग बाक (दक्षिण कोरिया)    

साल 2011:   राष्ट्रपति सुसिलो बांम्बांग युधोयोनो (इंडोनेशिया)    

साल 2012:   प्रधानमंत्री यिंगलुक शिनावात्रा (थाईलैंड)      

साल 2013:   राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक (भूटान)      

साल 2014:   प्रधान मंत्री शिन्जो आबे (जापान)      

साल 2015:   राष्ट्रपति बराक ओबामा (संयुक्त राज्य अमेरिका)    

साल 2016:   राष्ट्रपति फ्रेंकोइस होलैंड (फ्रांस)    

साल 2017:   क्राउन प्रिंस शेख मोहम्मद बिन जायेद अल नाहयान (संयुक्त अरब अमीरात)  

साल 2018: सभी आसियान देशों के नेता। 

साल 2019: दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सायरिल रामाफोसा

साल 2020: ब्राजिल के राष्ट्रपति जायर बोलसोनारो

साल 2021:  कोई शामिल नहीं  .

साल 2022: कोई शामिल नहीं।