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बिहार में बनेगा 6-लेन सड़क: इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पटना रिंग रोड परियोजना के तहत कन्हौली से शेरपुर के बीच छह लेन सड़क के निर्माण की तैयारी तेज हो गई है। यह प्रोजेक्ट न केवल राजधानी की ट्रैफिक समस्या को कम करेगा, बल्कि आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी को भी बेहतर बनाएगा।

मानसून के बाद शुरू होगा निर्माण

फिलहाल इस परियोजना की टेंडर प्रक्रिया चल रही है। उम्मीद है कि एजेंसी का चयन जल्द पूरा हो जाएगा, जिसके बाद जमीन अधिग्रहण का काम शुरू होगा। अधिकारियों के अनुसार, यह प्रक्रिया पूरी होते ही मानसून के बाद, यानी सितंबर-अक्टूबर के आसपास निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है।

9 किलोमीटर लंबी बनेगी सड़क

इस परियोजना के तहत कन्हौली से शेरपुर तक लगभग 9 किलोमीटर लंबी छह लेन सड़क बनाई जाएगी। यह सड़क पटना रिंग रोड का अहम हिस्सा होगी, जिसका मकसद शहर के अंदर वाहनों के दबाव को कम करना है।

777 करोड़ की लागत से होगा निर्माण

इस सड़क परियोजना की अनुमानित लागत करीब 777 करोड़ रुपये रखी गई है। इस खर्च को केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। पहले फंडिंग को लेकर कुछ दिक्कतें थीं, लेकिन अब दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद परियोजना को हरी झंडी मिल गई है।

बेहतर कनेक्टिविटी का मिलेगा फायदा

यह सड़क कई अहम क्षेत्रों को जोड़ने का काम करेगी। खासतौर पर सारण और वैशाली जैसे जिलों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। इसके अलावा यह सड़क प्रमुख पुलों और मार्गों से भी जुड़ेगी, जिससे आरा, बक्सर और गया जैसे शहरों तक यात्रा आसान हो जाएगी।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, इस हफ्ते 5 राशियों पर होगी धनवर्षा

राशिफल। इस सप्ताह ग्रहों की चाल कुछ खास संकेत दे रही है। ज्योतिष के अनुसार, कुछ राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है। करियर, धन और पारिवारिक जीवन हर क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में, जिनके लिए यह सप्ताह किसी सुनहरे अवसर से कम नहीं है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह सप्ताह आर्थिक रूप से मजबूत साबित हो सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं और नई आय के स्रोत भी खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास से भरा रहेगा। व्यापार में लाभ होने के संकेत हैं और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी, जिससे नए अवसर सामने आएंगे।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह सप्ताह योजनाओं को अमल में लाने का है। मेहनत का फल मिलने लगेगा और निवेश से अच्छा लाभ हो सकता है। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को इस सप्ताह अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह सप्ताह तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। बिजनेस में विस्तार के योग हैं और नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर लाभदायक साबित होंगी।

भारत का बड़ा कदम: चीन के खिलाफ जांच, ड्रैगन की बढ़ी बेचैनी

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर जारी तनाव और बदलते आर्थिक समीकरणों के बीच भारत ने एक अहम कदम उठाया है, जिसका सीधा असर चीन के व्यापार पर पड़ सकता है। भारत ने हाल ही में चीन से आयात होने वाले एक प्रमुख केमिकल पर एंटी-डंपिंग जांच शुरू की है।

क्या है पूरा मामला?

यह जांच एथिल क्लोरोफॉर्मेट नामक केमिकल के आयात को लेकर शुरू की गई है। यह एक महत्वपूर्ण ऑर्गेनिक इंटरमीडिएट है, जिसका उपयोग दवा और एग्रोकेमिकल उद्योग में बड़े पैमाने पर किया जाता है। घरेलू कंपनियों का आरोप है कि चीन से यह उत्पाद बेहद कम कीमत पर भारत में बेचा जा रहा है, जिससे स्थानीय निर्माताओं को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

किसने शुरू की जांच?

इस मामले की जांच Directorate General of Trade Remedies द्वारा की जा रही है, जो भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय के तहत काम करता है। यह कदम घरेलू उद्योग की शिकायत के बाद उठाया गया, जिसमें सस्ते आयात के कारण नुकसान की बात कही गई थी।

घरेलू उद्योग की चिंता

भारत में केमिकल सेक्टर की कंपनियों का कहना है कि सस्ते आयात के कारण उनकी प्रतिस्पर्धा क्षमता कमजोर हो रही है। लागत अधिक होने के कारण वे बाजार में टिक नहीं पा रहे, जिससे उत्पादन और रोजगार दोनों प्रभावित हो सकते हैं। इसी वजह से उन्होंने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की थी, जिसके बाद यह जांच शुरू हुई।

डंपिंग क्या होती है?

डंपिंग का मतलब होता है किसी उत्पाद को उसके सामान्य मूल्य से कम कीमत पर दूसरे देश में बेचना। ऐसा अक्सर बाजार पर कब्जा करने के लिए किया जाता है। अगर जांच में यह साबित हो जाता है कि डंपिंग हो रही है, तो सरकार ऐसे उत्पादों पर अतिरिक्त शुल्क लगा सकती है।

क्या हो सकता है आगे?

यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो चीन से आने वाले इस केमिकल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई जा सकती है। इससे एक तरफ घरेलू उद्योग को राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर आयात महंगा हो जाएगा। हालांकि इसका असर उन उद्योगों पर भी पड़ सकता है, जो इस केमिकल पर निर्भर हैं, जैसे दवा और कृषि रसायन कंपनियां।

पहले भी उठाए गए हैं ऐसे कदम

यह पहला मौका नहीं है जब भारत ने सस्ते आयात के खिलाफ कदम उठाया हो। इससे पहले भी स्टील जैसे सेक्टर में आयात शुल्क लगाकर घरेलू उद्योग को बचाने की कोशिश की जा चुकी है।

राज्यसभा में NDA का जलवा! 140 पार पहुंचा आंकड़ा, BJP ने रचा इतिहास

नई दिल्ली। 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद भारतीय राजनीति में यह धारणा बनी थी कि भारतीय जनता पार्टी को इस बार पहले जैसी मजबूती नहीं मिल पाई है। सीटों में गिरावट के कारण यह भी कहा गया कि पार्टी को अब सहयोगियों पर ज्यादा निर्भर रहना पड़ेगा और सरकार चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। लेकिन बीते महीनों में जो सियासी तस्वीर उभरकर सामने आई है, उसने इन तमाम आशंकाओं को काफी हद तक गलत साबित कर दिया है।

लोकसभा के बाद राज्यसभा में भी मजबूती

हाल के राज्यसभा चुनावों और रिक्त सीटों पर हुए बदलावों ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन को बड़ी बढ़त दिलाई है। 250 सदस्यों वाले उच्च सदन में एनडीए पहली बार 141 सीटों पर पहुंच गया है, यह अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। खास बात यह है कि हाल ही में खाली हुई सीटों में से बड़ी संख्या में जीत दर्ज कर गठबंधन ने अपनी स्थिति और मजबूत कर ली है।

बीजेपी ने पार किया नया आंकड़ा

इस पूरे समीकरण में भारतीय जनता पार्टी की भूमिका सबसे अहम रही है। पार्टी के राज्यसभा में सदस्यों की संख्या पहली बार 100 के पार पहुंच गई है। निर्वाचित और मनोनीत सदस्यों को मिलाकर यह आंकड़ा और भी मजबूत स्थिति दर्शाता है। यह भाजपा के लिए एक प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों तरह की जीत है।

सहयोगी दलों का भी योगदान

एनडीए की ताकत सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं है। इसके सहयोगी दल भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जनता दल (यूनाइटेड), AIADMK, तेलुगु देशम पार्टी और महाराष्ट्र की क्षेत्रीय पार्टियों के सांसदों ने मिलकर इस संख्या को मजबूत किया है। यही गठबंधन की असली ताकत है, जो इसे राष्ट्रीय स्तर पर बढ़त दिला रही है।

विपक्ष की घटती ताकत

दूसरी ओर विपक्षी खेमे की स्थिति पहले की तुलना में कमजोर नजर आ रही है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस अभी भी विपक्ष की प्रमुख पार्टी बनी हुई है, लेकिन उसकी संख्या सत्ताधारी दल के मुकाबले काफी कम है। अन्य दलों की सीटों में भी कमी आई है, जिससे विपक्ष की सामूहिक ताकत प्रभावित हुई है।

कानून पास कराने में आसानी

राज्यसभा में संख्या बढ़ने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब सरकार के लिए विधेयकों को पारित कराना पहले की तुलना में आसान हो जाएगा। पहले जहां कई बार उच्च सदन में अड़चनें आती थीं, अब वहां रास्ता काफी हद तक साफ दिख रहा है। इससे सरकार की नीतियों को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी।

2029 की राजनीति पर असर

राज्यसभा में बढ़ती ताकत यह संकेत देती है कि आने वाले वर्षों में भी एनडीए का प्रभाव बना रह सकता है। भले ही लोकसभा में संख्या पहले से थोड़ी कम हो, लेकिन उच्च सदन में मजबूत स्थिति सियासी संतुलन को पूरी तरह बदल सकती है। यही वजह है कि 2029 की राजनीति के लिहाज से भी इसे एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।

शनि-राहु-केतु का बड़ा गोचर! 5 राशियों के लिए शुरू होगा स्वर्णिम काल

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 23 मार्च से ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। शनि, राहु और केतु अपने नक्षत्र परिवर्तन करने वाले हैं, जिसका असर सभी राशियों पर पड़ेगा। हालांकि 5 राशियों के लिए यह समय बेहद खास और “स्वर्णिम काल” की शुरुआत माना जा रहा है। 

इस दौरान करियर, धन और जीवन के कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। शनि को कर्मफल का दाता कहा जाता है, वहीं राहु और केतु अचानक बदलाव और नई परिस्थितियां पैदा करते हैं। ऐसे में इन तीनों ग्रहों का एक साथ परिवर्तन जीवन में बड़े मोड़ ला सकता है।

1. मेष राशि

23 मार्च के बाद मेष राशि वालों के लिए करियर में नए मौके खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बिजनेस करने वालों को मुनाफा बढ़ने के संकेत हैं। रुके हुए काम पूरे होंगे और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं। अचानक धन लाभ या निवेश से फायदा मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और रिश्तों में मिठास बढ़ेगी। यह समय नई संपत्ति खरीदने के लिए भी अनुकूल माना जा रहा है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए 23 मार्च के बाद का समय सफलता दिलाने वाला हो सकता है। करियर में उन्नति, समाज में मान-सम्मान और नई पहचान मिलने के योग बन रहे हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे और आत्मबल मजबूत रहेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और प्रगति लेकर आएगा। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ मिलेगा। साझेदारी के कामों में सफलता मिलेगी और वैवाहिक जीवन में सुधार देखने को मिलेगा। पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह गोचर बेहद शुभ संकेत दे रहा है। शनि का सकारात्मक प्रभाव मेहनत का पूरा फल दिलाएगा। करियर में स्थिरता आएगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और जीवन में राहत महसूस होगी।

थायराइड का काल हैं ये 3 देशी चीजें, जड़ से खत्म करने में मददगार!

हेल्थ डेस्क। आजकल खराब लाइफस्टाइल, तनाव और अनियमित खानपान के कारण थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी शरीर के मेटाबॉलिज्म को प्रभावित करती है, जिससे वजन बढ़ना, थकान, बाल झड़ना और हार्मोनल असंतुलन जैसी दिक्कतें सामने आती हैं। ऐसे में लोग दवाइयों के साथ-साथ प्राकृतिक उपायों की भी तलाश करते हैं। आयुर्वेद और घरेलू नुस्खों में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं, जो थायराइड को संतुलित करने में सहायक मानी जाती हैं।

1. साबुत धनिया का पानी

साबुत धनिया थायराइड के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के हार्मोन संतुलन को सुधारने में मदद करते हैं। इसे तैयार करने के लिए एक चम्मच साबुत धनिया को रातभर पानी में भिगो दें। सुबह इस पानी को उबालकर छान लें और खाली पेट सेवन करें। नियमित रूप से इसका उपयोग करने से थायराइड के लक्षणों में सुधार देखा जा सकता है।

2. तुलसी और एलोवेरा का रस

तुलसी को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है, वहीं एलोवेरा शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है। इन दोनों का मिश्रण थायराइड के मरीजों के लिए लाभकारी माना जाता है। दो चम्मच तुलसी के पत्तों का रस और दो चम्मच ताजा एलोवेरा जूस मिलाकर रोजाना सेवन करने से हार्मोन बैलेंस बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

3. लौकी का जूस

लौकी का जूस शरीर को ठंडक देने और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सहायक होता है। थायराइड के मरीजों के लिए इसे सुबह खाली पेट पीना फायदेमंद माना जाता है। ताजी लौकी का जूस नियमित रूप से लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बेहतर होता है और थायराइड के लक्षणों में कमी आ सकती है।

ध्यान रखने वाली बातें

हालांकि ये घरेलू उपाय लाभकारी हो सकते हैं, लेकिन इन्हें इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। थायराइड एक हार्मोनल समस्या है, इसलिए डॉक्टर की सलाह और नियमित जांच बहुत जरूरी है। इन नुस्खों को अपनाने से पहले विशेषज्ञ से परामर्श करना बेहतर रहता है।

सोना-चांदी धड़ाम! कीमतों में तेज गिरावट से बाजार में हलचल

नई दिल्ली। गुरुवार को सर्राफा बाजार में सोना और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे निवेशकों और खरीदारों के बीच हलचल मच गई। बाजार खुलते ही दोनों कीमती धातुओं के दाम तेजी से नीचे आए और कुछ ही घंटों में भारी गिरावट दर्ज की गई। खासकर एमसीएक्स पर चांदी में तेज टूट देखने को मिली, वहीं सोना भी पीछे नहीं रहा और इसके भाव में भी उल्लेखनीय कमी आई।

सोना की कीमत

एमसीएक्स पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना गिरावट के साथ खुला और कुछ ही समय में यह लगभग ₹1,51,700 प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया। शुरुआती दो घंटों में ही सोने में करीब ₹1,300 से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। सुबह करीब 11 बजे सोना लगभग ₹971 की कमजोरी के साथ ₹1,52,054 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार करता नजर आया।

चांदी की कीमत

वहीं चांदी में और भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। मई डिलीवरी वाली चांदी एक समय ₹5,111 प्रति किलो तक टूटकर ₹2,43,083 पर आ गई। सुबह 11 बजे तक यह करीब ₹4,700 की गिरावट के साथ ₹2,43,494 प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी।

इंटरनेशनल मार्केट में भी दबाव

घरेलू बाजार के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी की कीमतों में कमजोरी रही। स्पॉट गोल्ड करीब 3.2% गिरकर $4,844.20 प्रति औंस पर पहुंच गया, जो पिछले एक महीने का निचला स्तर है। जबकि स्पॉट सिल्वर में 4.2% की गिरावट आई और यह $75.93 प्रति औंस पर आ गई।

घर में कितने LPG सिलेंडर रखना सुरक्षित? कब माना जाता है गलत

नई दिल्ली। हाल के दिनों में देश के कई हिस्सों में LPG गैस सिलेंडर की कमी की खबरें सामने आई हैं। अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई चेन की समस्याओं के कारण कई लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा। ऐसे में कुछ लोग घबराकर अतिरिक्त सिलेंडर घर में जमा करने लगे हैं। लेकिन क्या ऐसा करना सही है? और कितने सिलेंडर रखना सुरक्षित और कानूनी माना जाता है, यह समझना बेहद जरूरी है।

घर में कितने सिलेंडर रखना सही है?

सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन के तहत एक तय सीमा होती है। आमतौर पर एक उपभोक्ता को दो सिलेंडर रखने की अनुमति होती है, एक इस्तेमाल के लिए और दूसरा बैकअप के रूप में। यह व्यवस्था इसलिए बनाई गई है ताकि जरूरत के समय गैस की उपलब्धता बनी रहे, लेकिन अनावश्यक स्टॉकिंग न हो।

कब माना जाता है गलत?

अगर कोई व्यक्ति दो से अधिक भरे हुए सिलेंडर घर में जमा कर लेता है, तो यह नियमों के खिलाफ माना जा सकता है। खासकर निम्न स्थितियों में मामला गंभीर हो जाता है:

एक साथ कई सिलेंडर जमा करना, 

बार-बार बुकिंग करके स्टॉक बनाना

घरेलू सिलेंडर का इस्तेमाल व्यावसायिक कामों में करना

ज्यादा कीमत पर सिलेंडर बेचने की कोशिश करना

ऐसे मामलों को जमाखोरी या गैस के गलत उपयोग की श्रेणी में रखा जाता है।

क्या हो सकती है कार्रवाई?

नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसमें अतिरिक्त सिलेंडर जब्त किए जा सकते हैं, कानूनी केस दर्ज हो सकता है, और गंभीर मामलों में जेल व जुर्माना भी लग सकता है। इसलिए नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।

सुरक्षा के लिहाज से सीमा?

गैस सिलेंडर ज्वलनशील होते हैं, इसलिए ज्यादा संख्या में इन्हें घर में रखना सुरक्षा के लिहाज से भी जोखिम भरा हो सकता है। सीमित संख्या में सिलेंडर रखने से दुर्घटनाओं की संभावना कम होती है।

क्या करें और क्या न करें?

जरूरत के अनुसार ही सिलेंडर रखें, घबराकर बार-बार बुकिंग करने से बचें, घरेलू गैस का उपयोग केवल घर में ही करें, सिलेंडर को सुरक्षित और हवादार जगह पर रखें, किसी भी तरह की अवैध बिक्री से दूर रहें। 

ओल्ड पेंशन स्कीम vs न्यू पेंशन स्कीम: क्या है बड़ा फर्क? 8वें वेतन आयोग में चर्चा

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाओं के बीच एक बार फिर पुरानी पेंशन योजना (OPS) और नई पेंशन योजना (NPS) सुर्खियों में हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच यह बहस लगातार जारी है कि आखिर कौन सी योजना ज्यादा सुरक्षित और फायदेमंद है। दोनों ही योजनाओं का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सहारा देना है, लेकिन इनके काम करने का तरीका पूरी तरह अलग है। कई कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग कर रहे हैं। 

गारंटी बनाम बाजार आधारित प्रणाली

सबसे बड़ा अंतर पेंशन की गारंटी को लेकर है।

पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के बाद कर्मचारी को एक तय पेंशन मिलती है, जो आमतौर पर अंतिम वेतन का लगभग 50% होती है। इससे भविष्य की आय को लेकर कोई अनिश्चितता नहीं रहती।

वहीं नई पेंशन योजना पूरी तरह बाजार आधारित है। इसमें मिलने वाली पेंशन इस बात पर निर्भर करती है कि निवेश पर कितना रिटर्न मिला। यानी इसमें निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं होती।

योगदान का फर्क

पुरानी पेंशन योजना (OPS) में कर्मचारियों को अपने वेतन से पेंशन के लिए कोई योगदान नहीं देना पड़ता था। पूरा खर्च सरकार उठाती थी।

इसके विपरीत NPS में कर्मचारी को अपनी सैलरी का एक हिस्सा (आमतौर पर 10%) जमा करना होता है, जबकि सरकार भी इसमें योगदान देती है। इस तरह यह एक योगदान आधारित योजना बन जाती है।

महंगाई से जुड़ी राहत

पुरानी पेंशन योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि इसमें महंगाई के अनुसार पेंशन बढ़ती रहती है। हर कुछ समय बाद महंगाई राहत (DR) जुड़ने से पेंशनर्स की आय में बढ़ोतरी होती रहती है।

नई पेंशन योजना में ऐसा कोई सीधा प्रावधान नहीं है। पेंशन की वृद्धि बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, न कि महंगाई दर पर।

टैक्स और निकासी नियम

OPS में मिलने वाली पेंशन आमतौर पर पूरी तरह टैक्स-फ्री मानी जाती है, जिससे रिटायरमेंट के बाद आय पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ता।

NPS में रिटायरमेंट के समय एक हिस्सा टैक्स-फ्री निकाला जा सकता है, लेकिन शेष राशि को एन्युइटी में निवेश करना होता है, जिससे मिलने वाली पेंशन पर टैक्स लग सकता है।

अन्य सुविधाएं

पुरानी पेंशन योजना के तहत कर्मचारियों को जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) जैसी सुविधाएं भी मिलती थीं, जो अतिरिक्त बचत का विकल्प देती थीं। नई पेंशन योजना में ऐसी सुविधा नहीं होती, क्योंकि यह एक अलग निवेश आधारित ढांचा है।

वर्तमान स्थिति

फिलहाल केंद्र सरकार ने देशभर में पुरानी पेंशन योजना को दोबारा लागू करने का कोई संकेत नहीं दिया है। हालांकि कुछ राज्यों ने अपने स्तर पर इसे वापस लागू किया है।

पेंशनर्स की 5 अहम मांगें: 8वें वेतन आयोग से क्यों बढ़ी उम्मीदें?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चा शुरू होते ही देशभर के लाखों पेंशनर्स और केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें एक बार फिर जाग उठी हैं। हर वेतन आयोग न सिर्फ कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बदलाव लाता है, बल्कि पेंशनर्स के जीवन स्तर को भी सीधे प्रभावित करता है। इस बार भी विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने पेंशनर्स के हितों को ध्यान में रखते हुए कई महत्वपूर्ण मांगें सामने रखी हैं, जिन पर आयोग के निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।

पुरानी पेंशन योजना की बहाली सबसे बड़ी मांग

पेंशनर्स की सबसे प्रमुख मांग पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की है। उनका मानना है कि नई पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) में निश्चित पेंशन की गारंटी नहीं है, जिससे भविष्य की आर्थिक सुरक्षा कमजोर होती है। OPS में रिटायरमेंट के बाद स्थिर आय मिलती थी, जो बुजुर्गों के लिए अधिक सुरक्षित मानी जाती है।

कम्यूटेशन अवधि घटाने की मांग

वर्तमान व्यवस्था में यदि कोई पेंशनर अपनी पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त लेता है, तो उसकी मूल पेंशन बहाल होने में 15 साल का समय लगता है। पेंशनर्स चाहते हैं कि इस अवधि को घटाकर 11 या 12 साल किया जाए, ताकि उन्हें जल्दी पूरी पेंशन का लाभ मिल सके।

हर 5 साल में पेंशन बढ़ोतरी

बढ़ती महंगाई और उम्र के साथ बढ़ते खर्चों को देखते हुए पेंशनर्स ने मांग की है कि उनकी पेंशन में हर पांच साल में कम से कम 5% की वृद्धि सुनिश्चित की जाए। इससे उन्हें आर्थिक रूप से अधिक स्थिरता मिल सकेगी और जीवन स्तर बेहतर बना रहेगा।

फिटमेंट फैक्टर में सुधार

फिटमेंट फैक्टर वह आधार है, जिसके जरिए पेंशन और वेतन को संशोधित किया जाता है। पेंशनर्स की मांग है कि इसे कम से कम 3.0 किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो न्यूनतम पेंशन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है, जिससे लाखों पेंशनर्स को सीधा फायदा होगा।

मेडिकल सुविधाओं में बड़ा सुधार

नॉन-CGHS क्षेत्रों में रहने वाले पेंशनर्स के लिए फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 प्रति माह करने और कैशलेस स्वास्थ्य सेवाओं की मांग रखी गई है। 

शरीर का पूरा कचरा बाहर फेंक देंगे ये 3 पत्ते, पेट होगा चमकदार

हेल्थ डेस्क। आजकल की अनियमित दिनचर्या, जंक फूड और बढ़ते तनाव का सीधा असर हमारे पाचन तंत्र पर पड़ता है। पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, अपच, कब्ज और भारीपन आम होती जा रही हैं। ऐसे में लोग प्राकृतिक और आसान घरेलू उपायों की तलाश में रहते हैं। कुछ खास पत्ते ऐसे हैं, जिन्हें रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल कर आप अपने पेट को साफ और स्वस्थ रख सकते हैं।

नीम के पत्ते: शरीर की सफाई में मददगार

नीम के पत्ते अपने औषधीय गुणों के लिए जाने जाते हैं। इनमें एंटीबैक्टीरियल और एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं। सीमित मात्रा में नीम का सेवन पेट को साफ रखने और खून को शुद्ध करने में सहायक हो सकता है।

तुलसी के पत्ते: पाचन को दें मजबूती

तुलसी के पत्ते पेट के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और गैस, एसिडिटी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करते हैं। साथ ही, यह इम्युनिटी बढ़ाने में भी कारगर है।

पुदीना के पत्ते: ठंडक और राहत

पुदीना पेट को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन को दुरुस्त रखने में मदद करता है। यह भूख बढ़ाने, गैस कम करने और पेट के भारीपन को दूर करने में उपयोगी है।

कैसे करें सेवन

इन पत्तों को आप सुबह खाली पेट चबा सकते हैं या फिर इनकी चटनी बनाकर भोजन के साथ ले सकते हैं। इसके अलावा, पुदीना और तुलसी का पानी भी एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

5 मिनट में तैयार करें अमरुद की चटनी, स्वाद भी जबरदस्त, सेहत भी मस्त

हेल्थ डेस्क। आज के दौर में जहां लोग अपनी सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं, वहीं घरेलू और पारंपरिक रेसिपी फिर से लोकप्रिय हो रही हैं। ऐसी ही एक आसान और पौष्टिक रेसिपी है अमरुद की चटनी। स्वाद में लाजवाब और सेहत के लिए फायदेमंद यह चटनी कुछ ही मिनटों में तैयार हो जाती है।

अमरुद विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) को मजबूत बनाने में मदद करता है। खासकर मौसम बदलने के समय इसे आहार में शामिल करना बेहद लाभकारी माना जाता है।

कैसे बनाएं अमरुद की चटनी

अमरुद की चटनी बनाना बेहद आसान है। इसके लिए आपको चाहिए ताजे अमरुद, हरी मिर्च, हरा धनिया, अदरक, नींबू का रस और स्वादानुसार नमक। सभी सामग्री को अच्छे से धोकर मिक्सर में पीस लें। चाहें तो इसमें थोड़ा भुना जीरा भी डाल सकते हैं, जिससे स्वाद और बढ़ जाता है।

सेहत के लिए क्यों है फायदेमंद

यह चटनी न सिर्फ पाचन को दुरुस्त करती है, बल्कि शरीर को अंदर से मजबूत भी बनाती है। अमरुद में मौजूद फाइबर पेट को साफ रखने में मदद करता है, वहीं विटामिन C सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचाव करता है।

हर खाने के साथ परफेक्ट

अमरुद की चटनी को आप पराठे, दाल-चावल या स्नैक्स के साथ आसानी से खा सकते हैं। इसका खट्टा-मीठा स्वाद खाने का मजा दोगुना कर देता है। कम समय में बनने वाली यह हेल्दी चटनी आपके रोजमर्रा के भोजन में स्वाद और पोषण दोनों जोड़ सकती है। ऐसे में इसे अपनी डाइट में जरूर शामिल करें और स्वस्थ जीवन की ओर एक कदम बढ़ाएं।

NEXT गियर में भारत: 6th जनरेशन फाइटर जेट बनाने की बड़ी तैयारी

नई दिल्ली। दुनिया तेजी से बदल रही है और युद्ध का स्वरूप भी अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़ चुका है। आज लड़ाई सिर्फ जमीन या आसमान में नहीं, बल्कि डेटा, तकनीक और अदृश्य (स्टेल्थ) क्षमताओं के दम पर लड़ी जा रही है। ऐसे में भारत भी अपनी रक्षा रणनीति को नए स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहा है।

हाल ही में संसद की रक्षा संबंधी समिति ने भारत को 6वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान विकसित करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने की सलाह दी है। इस समिति की अध्यक्षता राधा मोहन सिंह कर रहे हैं। यह सिफारिश भारत को भविष्य के युद्धों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा संकेत मानी जा रही है।

क्या होगा 6th जनरेशन फाइटर जेट?

6वीं पीढ़ी का फाइटर जेट सिर्फ एक विमान नहीं, बल्कि एक “फ्लाइंग कमांड सेंटर” होगा। इसमें दुश्मन के रडार से पूरी तरह बचने की क्षमता होगी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के जरिए खुद निर्णय लेने की ताकत, ड्रोन के झुंड को कंट्रोल करने की क्षमता, लेजर हथियारों और एडवांस सेंसर से लैस सिस्टम। यह तकनीक युद्ध के पूरे खेल को बदल सकती है।

समिति की बड़ी सिफारिशें

संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कई अहम सुझाव दिए हैं। 

भारत को तुरंत 6G फाइटर जेट प्रोग्राम पर काम शुरू करना चाहिए

पारंपरिक और आधुनिक दोनों तरह की युद्ध क्षमता को साथ लेकर चलना होगा

वायुसेना की भूमिका अब अंतरिक्ष के नजदीकी क्षेत्र (Near-Space) तक बढ़ानी होगी

यह साफ संकेत है कि आने वाला समय “हाइब्रिड वॉरफेयर” का होगा।

5th Gen से 6th Gen की चुनौती

भारत पहले से ही AMCA जैसे 5वीं पीढ़ी के फाइटर जेट प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। लेकिन 6th जनरेशन तक पहुंचना आसान नहीं है। इसके लिए जरूरत होगी एडवांस इंजन (Adaptive Cycle Engine), क्वांटम सेंसर, हाई-लेवल एआई और डेटा प्रोसेसिंग सिस्टम, संभव है कि भारत को इस दिशा में फ्रांस या अमेरिका जैसे देशों के साथ सहयोग करना पड़े।

चीन से मुकाबले की तैयारी

चीन पहले ही 6वीं पीढ़ी की तकनीक और स्पेस वॉरफेयर पर भारी निवेश कर रहा है। ऐसे में भारत के लिए यह कदम केवल तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि रणनीतिक जरूरत भी बन गया है।

भारत की ताकत क्या है?

भारत की आईटी और सॉफ्टवेयर क्षमता 6th जनरेशन फाइटर जेट के विकास में बड़ा रोल निभा सकती है। क्योंकि यह जेट एक “उड़ता हुआ सुपरकंप्यूटर” होगा, जिसमें डेटा और नेटवर्किंग सबसे अहम होंगे। 

बिहार के स्कूलों में शुरू होगी कंप्यूटर क्लास, छात्रों को मिलेगा नया भविष्य

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र, यानी 1 अप्रैल से कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा दी जाएगी। इस पहल को राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक अहम कदम माना जा रहा है, जो छात्रों को डिजिटल युग के लिए तैयार करेगा।

इस योजना को लागू करने की जिम्मेदारी SCERT ने संभाली है और इसके लिए जिलों में पाठ्यपुस्तकों की आपूर्ति भी शुरू हो चुकी है।

डिजिटल शिक्षा की ओर बड़ा कदम

अब तक सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर शिक्षा सीमित थी, जिससे कई छात्र तकनीकी ज्ञान से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था के लागू होने से अब छात्रों को शुरुआती स्तर से ही डिजिटल ज्ञान मिलेगा। यह कदम खास तौर पर उन बच्चों के लिए महत्वपूर्ण है, जो संसाधनों की कमी के कारण कंप्यूटर सीखने से दूर रह जाते थे।

सिलेबस में क्या खास होगा

छात्रों को सिखाया जाएगा: कंप्यूटर के बुनियादी भाग और उनका उपयोग, ऑपरेटिंग सिस्टम और यूजर इंटरफेस, मल्टीटास्किंग की समझ, साइबर अपराध से बचाव के तरीके, क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीक। इससे बच्चे न केवल तकनीक को समझेंगे, बल्कि उसे सुरक्षित और सही तरीके से इस्तेमाल करना भी सीखेंगे।

शिक्षकों को दिए गए खास निर्देश

इस नई व्यवस्था को सफल बनाने के लिए NCERT ने शिक्षकों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि वे पहले छात्रों की बुनियादी समझ मजबूत करें, ताकि वे नए विषयों को आसानी से समझ सकें। इससे पढ़ाई को ज्यादा प्रभावी और आसान बनाया जा सकेगा।

रट्टा नहीं, अब प्रैक्टिकल पढ़ाई पर जोर

सरकार का फोकस अब पारंपरिक रट्टा प्रणाली से हटकर व्यावहारिक और छात्र-केंद्रित शिक्षा पर है। कंप्यूटर क्लास के जरिए बच्चों को हाथों-हाथ सीखने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी समझ बेहतर होगी।

भविष्य के लिए क्यों जरूरी है यह बदलाव

आज के समय में डिजिटल ज्ञान हर क्षेत्र में जरूरी हो गया है। कंप्यूटर शिक्षा की शुरुआती जानकारी बच्चों को आगे चलकर पढ़ाई, नौकरी और अन्य क्षेत्रों में मदद करेगी। यह पहल सरकारी स्कूलों के छात्रों को भी निजी स्कूलों के बच्चों के बराबर लाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

यूपी में बनेगी 101KM लंबी सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में बाराबंकी से बहराइच के बीच आधुनिक फोरलेन हाईवे बनाने को मंजूरी मिल गई है। यह परियोजना प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाली मानी जा रही है।

101 किलोमीटर का हाई-स्पीड कॉरिडोर

इस योजना के तहत करीब 101 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग-927 को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। यह सड़क फिलहाल संकरी और भीड़भाड़ वाली है, जिससे यात्रियों को काफी परेशानी होती है। नई सड़क बनने के बाद सफर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगा।

लागत और निर्माण

इस परियोजना पर लगभग 6,900 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत आएगी। इसमें सड़क निर्माण के साथ-साथ भूमि अधिग्रहण और पुनर्वास कार्य भी शामिल हैं। सरकार का लक्ष्य है कि यह प्रोजेक्ट तय समय में पूरा हो और लोगों को जल्द लाभ मिले।

किन जिलों को होगा फायदा?

इस हाईवे का सबसे ज्यादा फायदा बाराबंकी और बहराइच जिलों के लोगों को मिलेगा। इसके अलावा आसपास के कई क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

सफर होगा आसान और तेज

नई फोरलेन सड़क बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा, ट्रैफिक जाम की समस्या से राहत मिलेगी, सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है। यह सड़क भारत-नेपाल सीमा तक पहुंच को भी आसान बनाएगी। इससे सीमा पार व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जो क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए फायदेमंद साबित होगा।

कल बनेगा सर्वार्थ सिद्धि योग: 5 राशियों को मिलेगा धन, दौलत और खुशियां

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कल का दिन बेहद शुभ और खास रहने वाला है, क्योंकि इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। यह योग उन दुर्लभ संयोगों में से एक माना जाता है, जो जीवन में सफलता, धन लाभ और सकारात्मक बदलाव के संकेत देता है। इस खास योग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक लाभ लेकर आ सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है और नए निवेश के मौके मिल सकते हैं। करियर में भी तरक्की के संकेत हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय स्थिरता और समृद्धि का रहेगा। व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। धन से जुड़ी योजनाएं सफल हो सकती हैं।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह योग करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। नई नौकरी या प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आएगा। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह योग बड़े फैसलों का समय है। व्यापार में विस्तार और नए प्रोजेक्ट की शुरुआत हो सकती है। परिवार और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

बिहार में युवाओं को खुशखबरी! सरकार खोलने जा रही है नौकरियों का पिटारा

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ी उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। नीतीश कुमार की सरकार ने राज्य में बड़े पैमाने पर नौकरी और रोजगार के अवसर पैदा करने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी रणनीति और सख्त कर दी है।

सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक करोड़ नौकरी और रोजगार उपलब्ध कराने का लक्ष्य तय किया है, जिसे पूरा करने के लिए अब हर स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।

‘निश्चय-3’ के तहत बड़ा लक्ष्य

राज्य सरकार “निश्चय-3” योजना के तहत दोगुना रोजगार और दोगुनी आय के लक्ष्य पर काम कर रही है। इस योजना के जरिए युवाओं को नौकरी देने के साथ-साथ स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

हर विभाग पर सख्त निगरानी

रोजगार सृजन की रफ्तार बढ़ाने के लिए नियोजन, प्रशिक्षण और कौशल विकास विभाग ने सभी सरकारी विभागों को सख्त निर्देश दिए हैं। अब हर विभाग को यह बताना होगा कि उसने अब तक कितनी नौकरियां और रोजगार के अवसर पैदा किए हैं।

हर महीने देनी होगी रिपोर्ट

सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी विभाग हर महीने रोजगार से जुड़ी अद्यतन जानकारी उपलब्ध कराएं। यह डेटा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए दर्ज किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों सुनिश्चित होंगी।

किस तरह का डेटा देना होगा?

विभागों को विस्तृत जानकारी देनी होगी, जिसमें शामिल होगा स्थायी सरकारी नौकरियां (ग्रुप A, B, C), संविदा और आउटसोर्सिंग पद, अलग-अलग वर्गों (SC, ST, EWS, सामान्य) का विवरण। इससे यह साफ होगा कि रोजगार का लाभ किस वर्ग तक कितना पहुंच रहा है।

युवाओं के लिए क्या है इसके मायने?

इस पहल का सीधा फायदा राज्य के युवाओं को मिलेगा। इससे सरकारी नौकरियों के अवसर बढ़ेंगे, निजी और स्वरोजगार के भी विकल्प खुलेंगे साथ ही रोजगार प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।

इंजीनियर्स इंडिया लिमिटेड में 59 पदों पर भर्ती, 20 मार्च से आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए बड़ी खबर है। Engineers India Limited (EIL) ने मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के जरिए कुल 59 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

यह भर्ती मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) पद के लिए है, जिसमें विभिन्न इंजीनियरिंग शाखाओं के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं: केमिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, सिविल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग।

आवेदन की तारीखें

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 मार्च 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 13 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

इस भर्ती में चयन GATE 2026 के स्कोर के आधार पर किया जाएगा। यानि उम्मीदवारों को GATE में अच्छे अंक लाने होंगे, तभी वे चयन प्रक्रिया में आगे बढ़ पाएंगे।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में इंजीनियरिंग की डिग्री (B.E./B.Tech) होना अनिवार्य है। डिग्री मान्यता प्राप्त संस्थान से होनी चाहिए।

आरक्षण का लाभ

सरकारी नियमों के अनुसार SC, ST, OBC (NCL), EWS और PwD वर्ग के उम्मीदवारों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें EIL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भरना होगा।

ईरान vs इजरायल: किस देश के पास है ज्यादा खतरनाक मिसाइलें?

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और इजरायल की सैन्य ताकत पर दुनिया की नजर है। खासतौर पर मिसाइल क्षमता के मामले में दोनों देश बेहद मजबूत हैं, लेकिन उनकी रणनीति और तकनीक एक-दूसरे से काफी अलग है। जहां एक तरफ ईरान के पास बड़ी संख्या में मिसाइलें हैं, वहीं दूसरी ओर इजरायल सटीकता और अत्याधुनिक रक्षा प्रणाली में आगे है।

ईरान: संख्या और नई तकनीक की ताकत

ईरान ने अपनी मिसाइल रणनीति “संख्या और दबाव” पर आधारित रखी है। उसके पास हजारों मिसाइलों का बड़ा भंडार है, जिससे वह दुश्मन को एक साथ कई हमलों से घेर सकता है।

Fattah-1 (फत्ताह-1): यह ईरान की हाइपरसोनिक मिसाइल मानी जाती है, जिसकी गति मैक 5 से ज्यादा बताई जाती है। यह हवा में दिशा बदल सकती है, जिससे इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।

Khorramshahr-4 (खोर्रमशहर-4): करीब 2000 किलोमीटर तक मार करने वाली यह मिसाइल भारी विस्फोटक ले जाने में सक्षम है।

Sejjil (सेजिल): सॉलिड फ्यूल पर आधारित यह बैलिस्टिक मिसाइल तेजी से लॉन्च की जा सकती है, जिससे दुश्मन को प्रतिक्रिया का कम समय मिलता है।

कुल ताकत: ईरान के पास 3000 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें होने का अनुमान है, जो इसे क्षेत्र का सबसे बड़ा मिसाइल भंडार बनाती हैं।

इजरायल: सटीक हमला और मजबूत रक्षा कवच

इजरायल की ताकत उसकी तकनीक और डिफेंस सिस्टम में छिपी है। वह कम मिसाइलों के बावजूद बेहद सटीक और रणनीतिक हमले करने में सक्षम है।

Jericho-3 (जेरिको-3): इसकी रेंज 4800 से 6500 किलोमीटर तक मानी जाती है, जिससे यह पूरे मध्य पूर्व और उससे आगे तक हमला कर सकता है। ये अपने साथ परमाणु हथियार ले जा सकता है।

Arrow-3 (एरो-3): यह एक उन्नत मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जो अंतरिक्ष के करीब जाकर दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों को नष्ट कर सकता है।

Iron Dome (आयरन डोम) और David’s Sling (डेविड स्लिंग): ये सिस्टम छोटी और मध्यम दूरी की मिसाइलों को 90% से ज्यादा सटीकता के साथ रोकने के लिए जाने जाते हैं।

कौन ज्यादा खतरनाक?

अगर संख्या और लगातार हमले की क्षमता देखें, तो मिसाइल तकनीक में ईरान बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। लेकिन तकनीक, सटीकता और रक्षा प्रणाली के मामले में इजरायल कहीं ज्यादा मजबूत है। अंत में कहा जा सकता है कि दोनों देशों की ताकत अलग-अलग है, और किसी भी संभावित टकराव में नतीजा सिर्फ मिसाइलों की संख्या नहीं, बल्कि रणनीति और तकनीक पर भी निर्भर करता हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, हवाई यात्रियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। भारत में तेजी से बढ़ते हवाई यात्रा सेक्टर के बीच केंद्र सरकार ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। ताजा रिपोर्ट के अनुसार Directorate General of Civil Aviation (DGCA) और Ministry of Civil Aviation ने यात्रियों की सुविधा, पारदर्शिता और बेहतर अनुभव के लिए नए निर्देश जारी किए हैं।

फ्लाइट में सीट अलॉटमेंट को लेकर बड़ा बदलाव

नई व्यवस्था के तहत अब हर फ्लाइट में कम से कम 60% सीटें फ्री अलॉट की जाएंगी। इसका मतलब है कि यात्रियों को सीट चुनने के लिए अतिरिक्त शुल्क देने की जरूरत कम पड़ेगी और सभी को समान सुविधा मिल सकेगी। साथ ही, एक ही पीएनआर पर यात्रा कर रहे यात्रियों को एक साथ बैठाने पर भी जोर दिया गया है, जिससे परिवार या समूह में यात्रा करना आसान होगा।

यात्रियों के लिए और भी सुविधाएं

सरकार ने यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए कई नई सुविधाओं पर जोर दिया है:

स्पोर्ट्स उपकरण और म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट्स को ले जाने की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाया जाएगा। 

पालतू जानवरों के साथ यात्रा के लिए एयरलाइंस को स्पष्ट नियम बनाने होंगे। 

फ्लाइट देरी, रद्द होने या बोर्डिंग से इनकार की स्थिति में यात्री अधिकारों का सख्ती से पालन किया जाएगा। 

हर जगह दिखेंगे यात्री अधिकार

अब एयरलाइंस को यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रियों के अधिकार उनकी वेबसाइट, मोबाइल ऐप, बुकिंग प्लेटफॉर्म और एयरपोर्ट काउंटर पर साफ-साफ दिखाई दें। इसके अलावा, अलग-अलग क्षेत्रीय भाषाओं में भी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि हर यात्री अपने अधिकारों को आसानी से समझ सके।

एयरपोर्ट्स पर बढ़ती सुविधाएं

सरकार पहले से ही यात्रियों के लिए कई सुविधाएं शुरू कर चुकी है, जैसे किफायती भोजन के लिए “उड़ान यात्री कैफे” पढ़ने के लिए “फ्लाईब्ररी”, एयरपोर्ट्स पर मुफ्त वाई-फाई। ये पहलें दिखाती हैं कि सरकार हवाई यात्रा को अधिक आरामदायक और सुलभ बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

तेजी से बढ़ रहा एविएशन सेक्टर

भारत में हर दिन लाखों यात्री हवाई यात्रा कर रहे हैं, जो इस सेक्टर की तेजी से बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। सरकार का लक्ष्य इस विकास को बनाए रखते हुए यात्रियों को बेहतर और पारदर्शी सेवाएं देना है। देश आज दुनिया के प्रमुख घरेलू विमानन बाजारों में शामिल हो चुका है।

चैत्र नवरात्रि 2026 की शुरुआत, पहले दिन इन 5 राशियों पर बरसेगी माता रानी की कृपा

धर्म डेस्क। आज से चैत्र नवरात्रि की पावन शुरुआत हो चुकी है। नौ दिनों तक चलने वाला यह पर्व माता दुर्गा के नौ रूपों की उपासना का विशेष समय होता है। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा की जाती है, जिन्हें शक्ति और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है।

इस साल नवरात्रि का पहला दिन खास ज्योतिषीय संयोग लेकर आया है, जिसका असर कुछ राशियों पर विशेष रूप से शुभ रहने वाला है। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में, जिन पर आज माता रानी की कृपा बरस सकती है। 

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए नवरात्रि का पहला दिन नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आया है। आज आपके रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में खुशहाली रहेगी और कोई शुभ समाचार मिलने के योग हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को आज मान-सम्मान और सफलता मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। कोई नई जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के संकेत हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आज का दिन संतुलन और खुशियों से भरा रहेगा। रिश्तों में मिठास बढ़ेगी और दांपत्य जीवन सुखद रहेगा। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आया है। व्यापार और नौकरी में लाभ के योग बन रहे हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां दूर हो सकती हैं और मन में सकारात्मकता बनी रहेगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: आंगनबाड़ी में बच्चों को मिलेगी स्पेशल रेसिपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों, गर्भवती और धात्री महिलाओं के पोषण स्तर को सुधारने के लिए एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल से रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार की नई व्यवस्था लागू की जाएगी। खास बात यह है कि इस पहल के साथ उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां इस तरह की व्यवस्था बड़े स्तर पर लागू होगी।

सरकार ने वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (FRS) लागू करने का फैसला लिया है। अब पुष्टाहार का वितरण केवल इसी डिजिटल प्रणाली के माध्यम से मान्य होगा, जिससे गड़बड़ी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी।

अलग-अलग वर्गों को अलग पोषण

नई व्यवस्था में विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों और महिलाओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग रेसिपी तैयार की गई हैं।

6 माह से 1 वर्ष तक के बच्चे: आटा-बेसन का हलवा

1 से 3 वर्ष तक के बच्चे: मीठा हलवा

3 से 6 वर्ष तक के बच्चे: आटा-बेसन बर्फी और दलिया-मूंग-सोया खिचड़ी

गर्भवती और धात्री महिलाएं: बर्फी और पौष्टिक खिचड़ी

इन रेसिपीज में कैलोरी और प्रोटीन के साथ-साथ कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे संतुलित पोषण सुनिश्चित हो सके।

कुपोषित बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

सरकार ने अतिकुपोषित बच्चों के लिए भी विशेष आहार की व्यवस्था की है। “बाल संजीवनी” जैसे पोषण कार्यक्रम के तहत उन्हें अतिरिक्त पौष्टिक भोजन दिया जाएगा, जिससे उनके स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हो सके। इस योजना के तहत आहार तैयार करने और पहुंचाने की जिम्मेदारी Uttar Pradesh State Rural Livelihood Mission को दी गई है। जहां यह व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी, वहां NAFED के माध्यम से आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

सरकार के द्वारा 301 करोड़ रुपये का फंड मंजूर

इस नई व्यवस्था को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार ने 301.19 करोड़ रुपये का वायबिलिटी गैप फंड (VGF) मंजूर किया है। इसका उद्देश्य उत्पादन इकाइयों को आर्थिक सहयोग देना है, ताकि वे बिना किसी दबाव के गुणवत्तापूर्ण पोषण आहार तैयार कर सकें। यह योजना केवल भोजन वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कुपोषण को कम करना और बच्चों व महिलाओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

बिहार में नई व्यवस्था लागू, जन शिकायतों की 72 घंटे में शुरू होगी कार्रवाई

पटना। बिहार सरकार ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब राज्य में दर्ज होने वाली हर शिकायत पर संबंधित विभाग को 72 घंटे के भीतर कार्रवाई शुरू करनी होगी। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को जल्द राहत देना और प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

सख्त निगरानी के लिए विशेष पोर्टल

सरकार ने इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए मुख्य सचिव कार्यालय के तहत एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के जरिए हर शिकायत की स्थिति पर नजर रखी जाएगी। कब शिकायत दर्ज हुई, उस पर क्या कार्रवाई की गई और अभी कितना काम बाकी है। यह डिजिटल निगरानी प्रणाली सुनिश्चित करेगी कि किसी भी शिकायत को नजरअंदाज न किया जाए और समय पर उसका समाधान हो।

विभागों को स्पष्ट निर्देश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे शिकायतों को प्राथमिकता दें। इसके तहत हर सोमवार और शुक्रवार को आम लोगों की शिकायतें सुनी जाएंगी। वरिष्ठ अधिकारियों को खुद लोगों की समस्याएं सुननी होंगी और उनके समाधान के लिए जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। साथ ही विभागों को अपने स्तर पर शिकायतों की नियमित समीक्षा और निगरानी करनी होगी।

जिलों की भी तय होगी जवाबदेही

नई व्यवस्था के तहत जिलों को भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। उन्हें शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी और इसकी रिपोर्ट नियमित रूप से भेजनी होगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ेगी और कामकाज में सुधार आएगा।

सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा

इस पहल की खास बात यह है कि अब आम लोग सीधे मुख्य सचिव कार्यालय में भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे। वे ऑनलाइन माध्यम के अलावा व्यक्तिगत रूप से भी अपनी समस्या रख सकते हैं। साथ ही, विभागों को यह भी बताना होगा कि शिकायत पहले आई थी या नहीं और उस पर अब तक क्या कार्रवाई हुई है। इससे लंबित मामलों को ट्रैक करना आसान होगा।

पारदर्शिता और तेजी पर जोर दिया जायेगा

सरकार की इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य शिकायत निवारण प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। अक्सर देखा जाता था कि शिकायतों के समाधान में देरी होती थी, लेकिन अब तय समयसीमा के कारण यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

बंगाल में किसकी बनेगी सरकार? सर्वे ने बढ़ाई ममता बनर्जी की चिंता

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। Election Commission of India द्वारा दो चरणों में चुनाव कराने की घोषणा के बाद सभी प्रमुख दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बीच सामने आए एक ओपिनियन पोल ने राज्य की राजनीति को और दिलचस्प बना दिया है।

कड़ी टक्कर का संकेत

IANS-Matrize ओपिनयन पोल के अनुसार, इस बार मुकाबला बेहद करीबी रहने वाला है। सत्तारूढ़ TMC और बीजेपी के बीच वोट प्रतिशत का अंतर काफी कम बताया जा रहा है। यही वजह है कि चुनाव परिणाम को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।

ओपिनियन पोल में अनुमान जताया गया है कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी को लगभग 43 से 45 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जबकि बीजेपी गठबंधन 41 से 43 प्रतिशत वोट हासिल कर सकता है। कांग्रेस, वाम दल और अन्य पार्टियों को अपेक्षाकृत कम वोट मिलने का अनुमान है।

सीटों का गणित क्या कहता है

294 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 147 है। सर्वे के मुताबिक, ममता बनर्जी की पार्टी को 155 से 170 सीटें मिल सकती हैं, जो बहुमत से ज्यादा है। वहीं बीजेपी गठबंधन के खाते में 100 से 115 सीटें आने का अनुमान लगाया गया है। इससे संकेत मिलता है कि बीजेपी अपनी स्थिति पहले से बेहतर कर सकती है, लेकिन सत्ता तक पहुंचने के लिए उसे अभी और मजबूती की जरूरत होगी।

पिछले चुनाव से क्या बदला

अगर पिछले चुनाव से तुलना करें तो तस्वीर में कुछ बदलाव जरूर दिखता है। बीजेपी के वोट प्रतिशत में बढ़ोतरी का अनुमान है, जबकि टीएमसी के वोट शेयर में हल्की गिरावट हो सकती है। इसके बावजूद टीएमसी अभी भी बढ़त बनाए हुए नजर आ रही है।

क्या बदल सकता है समीकरण

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अभी चुनाव में समय है और जमीनी मुद्दे, उम्मीदवारों का चयन और प्रचार अभियान अंतिम नतीजों को प्रभावित कर सकते हैं। छोटे दलों और गठबंधनों की भूमिका भी कई सीटों पर निर्णायक हो सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, देशभर के किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई बैठक में कपास किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए बड़ा फैसला लिया गया है। इस फैसले के तहत सरकार ने कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के लिए 1,718.56 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष मूल्य समर्थन मिल सकेगा।

क्या है इस फैसले का उद्देश्य

सरकार का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कपास किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सके। कई बार बाजार में कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे चली जाती हैं, जिससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे समय में यह फंड किसानों के लिए सुरक्षा कवच का काम करेगा।

कपास उत्पादन में भारत की स्थिति

भारत दुनिया के प्रमुख कपास उत्पादक देशों में से एक है। 2023-24 के सीजन में कपास की खेती बड़े पैमाने पर की गई है और उत्पादन भी काफी अधिक रहने का अनुमान है। यह वैश्विक उत्पादन का लगभग एक चौथाई हिस्सा है, जो देश की कृषि अर्थव्यवस्था में कपास की अहम भूमिका को दर्शाता है।

MSP से किसानों को कैसे मिलेगा फायदा

सरकार कृषि लागत एवं मूल्य आयोग की सिफारिशों के आधार पर कपास का न्यूनतम समर्थन मूल्य तय करती है। जब बाजार में कीमतें इससे नीचे जाती हैं, तब सरकार की एजेंसी किसानों से तय कीमत पर कपास खरीदती है। इससे किसानों को मजबूरी में अपनी फसल सस्ते में बेचने की जरूरत नहीं पड़ती।

Cotton Corporation of India की भूमिका क्या है?

Cotton Corporation of India को इस पूरी प्रक्रिया के लिए केंद्रीय एजेंसी बनाया गया है। यह संस्था किसानों से उचित गुणवत्ता वाली कपास की खरीद बिना किसी मात्रा सीमा के करती है। सरकार ने देश के प्रमुख कपास उत्पादक राज्यों में मजबूत खरीद व्यवस्था भी तैयार की है। कई जिलों में सैकड़ों खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी हो और उन्हें समय पर भुगतान मिल सके।

केंद्र सरकार के फैसले का लाखों किसानों को मिलेगा लाभ

कपास केवल एक फसल ही नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है। लाखों किसान इसकी खेती से जुड़े हैं, वहीं वस्त्र उद्योग, व्यापार और प्रोसेसिंग सेक्टर में भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलता है। इसलिए सरकार के फैसले से लाखों लोगों को लाभ मिलेगा।

आज बन रहे 4 शक्तिशाली योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण एक साथ चार शक्तिशाली योग बन रहे हैं, जो कई राशियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। इन योगों में शुक्ल योग, सर्वार्थ सिद्धि योग, चतुर्ग्रही योग और गजकेसरी योग शामिल हैं।

इन शुभ संयोगों के कारण कुछ राशियों के लिए आज का दिन बेहद फलदायी और अवसरों से भरा रहने वाला है। आइए जानते हैं इन योगों का महत्व और किन राशियों को मिलेगा खास लाभ।

इन 4 योगों का महत्व

शुक्ल योग: यह योग नई शुरुआत, शुभ कार्यों और धार्मिक गतिविधियों के लिए बेहद अच्छा माना जाता है। इस योग में किए गए कार्य लंबे समय तक सफलता देते हैं।

सर्वार्थ सिद्धि योग: यह योग सफलता और समृद्धि का प्रतीक है। इस दौरान किए गए कामों में बाधाएं कम आती हैं और सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

चतुर्ग्रही योग: जब एक ही राशि में चार ग्रहों की युति होती है, तो इसे चतुर्ग्रही योग कहा जाता है। आज शनि, सूर्य, शुक्र और चंद्रमा की युति से यह योग बन रहा है, जो बड़े बदलाव का संकेत देता है।

गजकेसरी योग: यह योग बुद्धि, सम्मान और आर्थिक मजबूती से जुड़ा होता है। इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान और सफलता मिलती है।

इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

1. मेष राशि: मेष राशि वालों के लिए आज का दिन नई शुरुआत का संकेत लेकर आया है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. मिथुन राशि: मिथुन राशि के जातकों को आज भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। शिक्षा, करियर और व्यापार से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। गजकेसरी योग का प्रभाव आपको सामाजिक प्रतिष्ठा दिला सकता है।

3. सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए यह समय उन्नति और सम्मान का है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं।

4. कुंभ राशि: कुंभ राशि में चतुर्ग्रही योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका सबसे ज्यादा प्रभाव पड़ेगा। जीवन में बड़े बदलाव आ सकते हैं। करियर में उछाल, नए मौके और आर्थिक लाभ के संकेत हैं।

यूपी वाले सावधान! आज 20 जिले में आंधी-तूफान, अलर्ट जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब मौसम सुहाना होने के साथ-साथ चुनौतीपूर्ण भी हो गया है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में आंधी, बारिश और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बदलाव की वजह एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से 19 से 22 मार्च के बीच पूरे प्रदेश में मौसम अस्थिर रहेगा। कई जगहों पर तेज हवाएं, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है, वहीं कुछ इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

इन जिलों में ज्यादा असर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में मौसम का असर सबसे पहले देखने को मिलेगा। गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़, बुलंदशहर, बिजनौर, बदायूं, बरेली और संभल जैसे जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी दी गई है। इसके बाद यह सिस्टम धीरे-धीरे पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा, जिससे राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में भी मौसम बदलेगा।

लखनऊ में भी बदलेगा मौसम

लखनऊ में शाम से ही बादलों की आवाजाही बढ़ने की संभावना है। अगले दिन तेज हवाओं के साथ बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा, जिससे लोगों को सावधान रहने की जरूरत है।

कब तक रहेगा असर

मौसम विभाग के अनुसार, 21 और 22 मार्च तक बादल छाए रहेंगे और हल्की बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद 23 मार्च से मौसम धीरे-धीरे साफ होने लगेगा। ऐसे मौसम में कुछ सावधानियां बरतना जरूरी है। तेज आंधी के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें, बिजली गिरने के समय पेड़ों या खंभों के नीचे न खड़े हों, वाहन चलाते समय सावधानी रखें, मौसम से जुड़े अपडेट पर नजर बनाए रखें।