HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

रविवार को बनेंगे 2 शुभ योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में लाभ!

राशिफल। 16 अगस्त 2026, रविवार को ज्योतिषीय गणना के अनुसार साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। पंचांग संबंधी गणनाओं में इस दिन साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का उल्लेख मिलता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसे शुभ संयोग में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ती है। इसका सबसे अच्छा प्रभाव मेष, सिंह, धनु और तुला राशि के जातकों पर पड़ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए रविवार का दिन करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए काम शुरू करने का मौका मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह शुभ संयोग भाग्य का साथ दिला सकता है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के अवसर मिलेंगे। किसी पुराने काम में सफलता मिलने से आर्थिक लाभ हो सकता है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को करियर में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नई नौकरी या व्यापार से जुड़ा कोई प्रस्ताव सामने आ सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और नए संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं।

भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार में बंपर उछाल

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। 7 अगस्त 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.136 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, करीब चार महीने बाद भारत का फॉरेक्स रिजर्व एक बार फिर 700 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है।

चार महीने बाद फिर 700 अरब डॉलर के पार

इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 703.308 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इसके बाद वैश्विक परिस्थितियों और मध्य पूर्व में तनाव के बीच इसमें गिरावट देखने को मिली थी। अब एक बार फिर इसमें तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा भंडार में हुई यह बढ़ोतरी देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान और आयात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।

विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी बढ़ोतरी

RBI के आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में भी अच्छी वृद्धि हुई है। सप्ताह के दौरान FCA 9.9946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गया। इसमें अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, येन और पाउंड जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनका मूल्य डॉलर में आंका जाता है।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट

जहां विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी आई, वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान गोल्ड रिजर्व करीब 3.995 अरब डॉलर घटकर 108.738 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 79 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.745 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 

वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व पोजिशन 116 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.894 अरब डॉलर हो गई। कुल मिलाकर, विदेशी मुद्रा भंडार का दोबारा 700 अरब डॉलर के पार पहुंचना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, नागरिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि रक्षाबंधन से राज्यभर में 5 हजार महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी के साथ तैनात किया जाएगा। ये महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेजों के आसपास गश्त करेंगी और छात्राओं की सुरक्षा पर नजर रखेंगी।

स्कूल-कॉलेज के आसपास बढ़ेगी सुरक्षा

सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। शिक्षण संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ने से छेड़खानी और मनचलों की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। छात्राएं बिना डर के स्कूल और कॉलेज आ-जा सकें, इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है।

5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सरकार ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी रोडमैप बताया। सरकार का लक्ष्य नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है। बाहर रहकर कारोबार कर रहे बिहार के उद्योगपतियों से भी राज्य लौटकर निवेश करने की अपील की गई है।

5 नई चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी

किसानों और रोजगार से जुड़ी एक और बड़ी घोषणा की गई। राज्य में फिलहाल 10 चीनी मिलें संचालित होने की बात कही गई है। वहीं अगले छह महीनों में 5 और चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी है। इससे गन्ना किसानों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

यूपी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! मछली पालन के लिए 24 अगस्त तक करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत लाभ लेने के लिए मत्स्य विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र लोग 24 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

छह परियोजनाओं के लिए खुले आवेदन

मत्स्य विभाग के अनुसार इस बार योजना के तहत छह अलग-अलग परियोजनाओं के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इनमें बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण, मध्यम आकार की रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) इकाइयां, रियरिंग यूनिट और महिलाओं के लिए बैकयार्ड RAS यूनिट शामिल हैं। 

इसके अलावा जलाशयों में 65 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय और पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए 500 आजीविका एवं पोषण सहायता इकाइयों का प्रावधान भी किया गया है।

पोर्टल पर मिलेगी पूरी जानकारी

योजना से जुड़ी परियोजनाओं की लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। जिला स्तर पर भी मत्स्य पालकों और अन्य पात्र लोगों को आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

मत्स्य विभाग ने सभी जिलों में योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। आवेदन करने वाले लोगों को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जरूरी दस्तावेजों के साथ समय रहते ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें।

आवेदन के लिए वेबसाइट: http://fisheries.up.gov.in

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, देशभर के युवाओं के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को अहम बताते हुए उन्हें नई तकनीक और बेहतर शिक्षा के अवसर देने पर जोर दिया।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

पीएम मोदी ने ऐलान किया कि आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महंगी निजी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

पीएम मोदी ने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर Gen Z और आने वाली युवा पीढ़ी को नई सोच, तकनीकी कौशल और सकारात्मक ऊर्जा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। इन घोषणाओं को युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के भविष्य के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।

योगी सरकार का फैसला, यूपीवासियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्षों से गृहकर के बकाये में फंसे लाखों भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। योगी सरकार की ओर से प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की जा रही है। योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2026 से होगी और इसका लाभ 15 दिसंबर 2026 तक उठाया जा सकेगा।

मूल बकाया जमा करने पर ब्याज माफ

ओटीएस के तहत पात्र भवन स्वामियों को लंबित मूल गृहकर, जलकर और सीवरकर जमा करना होगा। मूल राशि जमा करने पर उससे जुड़े ब्याज और सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। योजना का लाभ 1 अप्रैल 2026 तक के बकाये पर लिया जा सकेगा।

आवासीय से लेकर व्यावसायिक तक

इस योजना के दायरे में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां शामिल हैं। व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा सरकारी विभाग, स्वायत्तशासी संस्थाएं और सार्वजनिक उपक्रम भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

किस्तों में भुगतान की सुविधा

सरकार ने बकाया चुकाने वालों को किस्तों की सुविधा भी दी है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। इसके बाद बाकी राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि पूरा मूल बकाया तीन महीने के भीतर चुकाना जरूरी होगा।

ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकेगा। संबंधित नगरीय निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे। आवेदन मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य पुराने बकायेदारों को राहत देने के साथ-साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी बढ़ाना है। 15 अगस्त से 14 सितंबर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति में होने वाला बदलाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। आने वाला समय कुछ जातकों के लिए आर्थिक रूप से बेहद शुभ रहने वाला है। इन राशियों के लोगों को धन लाभ के साथ-साथ करियर और कारोबार में भी तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से अटके हुए काम पूरे होने और आय के नए स्रोत बनने के योग बन सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में लाभ देने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन का अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को किसी नई डील से फायदा मिलने के संकेत हैं। धन से जुड़ी योजनाओं में सफलता मिल सकती है और परिवार में भी खुशहाली का माहौल रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है। अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने पर फायदा हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे हैं तो अच्छे अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आने वाला समय धन और करियर के लिहाज से शुभ हो सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी में तरक्की या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से भी आर्थिक सहयोग मिल सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, राशन कार्ड धारकों के लिए 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने नई डिजिटल सुविधा की शुरुआत की है। अब सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं और चावल खरीदने के लिए डिजिटल रुपये यानी CBDC का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले चंडीगढ़ से की गई है। 14 अगस्त 2026 से शुरू हुई इस सुविधा को राशन वितरण प्रणाली में तकनीक के नए इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में खाद्य सब्सिडी की राशि भेजी जाएगी। राशन की दुकान पर पहुंचने के बाद लाभार्थी QR कोड स्कैन कर डिजिटल रुपये से भुगतान करेगा और इसके बदले निर्धारित मात्रा में अनाज ले सकेगा। चंडीगढ़ में 55 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस सुविधा से जोड़ा गया है। इसके लिए 542 सरकारी राशन दुकानों को डिजिटल सिस्टम से कनेक्ट किया गया है।

सिर्फ राशन खरीदने में इस्तेमाल होगी रकम

डिजिटल वॉलेट में मिलने वाली सब्सिडी की राशि का इस्तेमाल किसी दूसरी चीज की खरीदारी में नहीं किया जा सकेगा। यह रकम केवल निर्धारित खाद्य सामग्री खरीदने के लिए इस्तेमाल होगी। इससे सरकार को सब्सिडी के सही इस्तेमाल की निगरानी करने में मदद मिलेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

इस्तेमाल नहीं किया तो वापस होगी राशि

इस व्यवस्था में एक खास नियम भी रखा गया है। अगर लाभार्थी एक महीने के अंदर डिजिटल वॉलेट में मिली सब्सिडी की पूरी राशि का इस्तेमाल नहीं करता है, तो बची हुई रकम अपने आप सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। इससे लेनदेन की डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

चंडीगढ़ से शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहने पर भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी डिजिटल राशन व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। इससे सरकारी सब्सिडी को सही लाभार्थी तक पहुंचाने और राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिला प्रमोशन!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नायब तहसीलदारों को बड़ी खुशखबरी दी है। राजस्व परिषद की ओर से जारी आदेश के तहत प्रदेश के 332 नायब तहसीलदारों को प्रमोशन देकर तहसीलदार बनाया गया है। इस फैसले के बाद इन अधिकारियों को नए पद के साथ बेहतर वेतनमान का लाभ भी मिलेगा।

लेवल-10 के तहत मिलेगा वेतन

प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों का वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार तय किया जाएगा। इसके तहत उन्हें 56,100 रुपये से लेकर 1,77,500 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा। इसके अलावा पद के अनुसार मिलने वाले अन्य सरकारी लाभ भी दिए जाएंगे।

DPC की बैठक में मिली मंजूरी

इन प्रमोशन को लेकर 6 और 7 अगस्त को विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक हुई थी। बैठक में 332 नायब तहसीलदारों के प्रमोशन को मंजूरी दी गई। इसके बाद राजस्व परिषद ने प्रमोशन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के अलग-अलग जिलों में की गई है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, गोरखपुर, मेरठ और अयोध्या जैसे जिले शामिल हैं।

दो साल का होगा प्रोबेशन पीरियड

प्रमोशन के बाद सभी नवप्रोन्नत तहसीलदारों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें निर्धारित विभागीय परीक्षा भी पास करनी होगी। साथ ही उनके कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। प्रोबेशन अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने और जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद उन्हें नियमानुसार स्थायी किया जाएगा। वहीं, यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियमों के तहत उसे वापस नायब तहसीलदार के पद पर भेजा जा सकता है।

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, बदल सकती है पेंशन की गणना

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। पेंशनर और कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि आयोग के Terms of Reference (ToR) में पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।

पुराने पेंशनर्स को लेकर उठी मांग

पेंशनर संगठनों की सबसे बड़ी चिंता उन केंद्रीय कर्मचारियों को लेकर है, जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं। संगठनों का कहना है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का ToR में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, ताकि भविष्य में पेंशन संशोधन को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। उनका कहना है कि पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन को आयोग के अधिकार क्षेत्र में साफ तौर पर दर्ज किया जाना जरूरी है।

पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी?

फिलहाल यह तय नहीं है कि 8वें वेतन आयोग के बाद पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम पेंशन और नई पेंशन राशि को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी इन्हें अंतिम नहीं माना जा सकता। आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सरकार के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स थे। इसमें रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं।

रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी तस्वीर

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट आने की संभावित समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। फिलहाल पेंशनर्स के लिए सबसे अहम मांग यही है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन संशोधन के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। हालांकि, पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और नई गणना किस आधार पर होगी, इसका अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर! स्मार्ट मीटर को लेकर नया आदेश

पटना। बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा निर्देश दिया है। ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने को कहा है। मंत्रालय का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।

नेटवर्क वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर जरूरी

केंद्र के निर्देश के मुताबिक जिन इलाकों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां बिजली उपभोक्ताओं को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की जानी है। यह व्यवस्था प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर लागू हो सकती है।

मोबाइल से देख सकेंगे बिजली की खपत

स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की निगरानी करने में आसानी होगी। इससे वे यह समझ सकेंगे कि किस समय और कितनी बिजली खर्च हो रही है। खपत का पता चलने पर उपभोक्ता जरूरत के अनुसार बिजली इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकेंगे।

बिजली कंपनियों को भी होगा फायदा

स्मार्ट मीटर से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सटीक मीटरिंग और बेहतर निगरानी से बिलिंग व्यवस्था में सुधार होगा और बिजली वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बिहार में 92 लाख घरों में लग चुका मीटर

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 2.11 करोड़ बताई गई है। इनमें से लगभग 92 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने राज्य से बाकी उपभोक्ताओं तक भी अभियान को तेजी से पहुंचाने को कहा है।

खुशखबरी की घोषणा, यूपी में फिर आई 1 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने कृषि विभाग में जूनियर इंजीनियर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 134 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

17 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में केवल वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जो PET-2025 में शामिल हुए हैं और मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। भर्ती कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत अवर अभियंता (कृषि) यानी Junior Engineer (Agriculture) पद के लिए है।

134 पदों पर होगा चयन

UPSSSC की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार इस भर्ती में कुल 134 रिक्तियां हैं। चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से निर्धारित मुख्य परीक्षा से संबंधित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।

ऐसे करें आवेदन

आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद संबंधित भर्ती के ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन शुल्क की प्रक्रिया पूरी करने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, जानें पूरी डिटेल्स!

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन चुनाव की तारीख को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि पहले पंचायतों का परिसीमन पूरा किया जाएगा और इसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में इस साल पंचायत चुनाव होने की संभावना कम मानी जा रही है।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए पंचायत चुनाव 2027 के जुलाई-अगस्त से पहले होने की संभावना कम है। परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। इसी के अनुसार पंचायतों की सीमाओं और जनसंख्या से जुड़े बदलाव तय किए जाएंगे।

GIS मैपिंग का काम पूरा होने की ओर

फिलहाल पंचायतों की GIS मैपिंग और जरूरी आंकड़ों को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों की सीमाओं और राजस्व ग्रामों की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। नक्शों में मौजूद गलतियों और सीमाओं से जुड़ी कमियों को भी ठीक किया जाएगा। इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर पंचायतों की नई सीमाएं निर्धारित करने के साथ आरक्षण से जुड़े आंकड़ों को भी तैयार किया जाएगा।

बढ़ सकती है मुखिया की सीटों की संख्या

परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या में बदलाव होने की संभावना है। इसी वजह से मुखिया की सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है। मौजूदा अनुमान के अनुसार मुखिया की कुल सीटें करीब 13 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम संख्या परिसीमन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

चुनाव लड़ने वालों ने शुरू की तैयारी

चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने गांवों में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी धीरे-धीरे तेज हो रहा है। जो लोग मुखिया या पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें मतदाता सूची में नाम, पहचान पत्र, उम्र का प्रमाण, निवास प्रमाण-पत्र, फोटो और शपथ-पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। आरक्षित सीट होने की स्थिति में संबंधित जाति प्रमाण-पत्र भी जरूरी होगा।

कल से सूर्य का प्रभाव तेज, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में होगा लाभ!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व और करियर का कारक माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति मजबूत होती है तो कई राशियों के जातकों को कार्यक्षेत्र और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कल से सूर्य का प्रभाव तेज होने से 4 राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

2. सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा सकता है। कामकाज में आपकी पहचान बढ़ सकती है और अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने के साथ धन संबंधी मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों को करियर के क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में बदलाव या प्रमोशन की संभावना बन सकती है। व्यापार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। आय बढ़ाने के नए साधन भी सामने आ सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव भाग्य को मजबूत करने वाला हो सकता है। नौकरी और कारोबार में सफलता के अवसर मिलेंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है और लंबे समय से अटके किसी काम के पूरा होने की संभावना बन सकती है।

किडनी फेल होने से पहले देता है ये 6 संकेत, न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के साथ कई जरूरी काम करती है। किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने पर शुरुआत में लक्षण बहुत सामान्य हो सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कुछ बदलाव ऐसे हैं जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।

1. बार-बार पेशाब आना या बदलाव होना

किडनी की समस्या में पेशाब करने की आदत में बदलाव आ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब की मात्रा में असामान्य बदलाव या पेशाब में झाग दिखाई देना कुछ मामलों में चेतावनी का संकेत हो सकता है।

2. पैरों और चेहरे पर सूजन

किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकालती है। इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में पानी जमा हो सकता है, जिससे खासकर पैरों, टखनों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है।

3. लगातार थकान और कमजोरी

किडनी की बीमारी बढ़ने पर लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। किडनी की खराब कार्यक्षमता के कारण शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने और एनीमिया जैसी समस्या से भी थकान बढ़ सकती है।

4. भूख कम लगना और मतली

किडनी की कार्यक्षमता काफी प्रभावित होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ बढ़ सकते हैं। इसके साथ भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

5. त्वचा में खुजली और रूखापन

किडनी की बीमारी बढ़ने पर कुछ लोगों में त्वचा रूखी होने के साथ लगातार खुजली की समस्या भी हो सकती है। हालांकि खुजली के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसे अकेले किडनी फेलियर का संकेत नहीं माना जा सकता।

6. सांस फूलना या नींद में परेशानी

किडनी की गंभीर समस्या में शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने से सांस फूलने की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को रात में नींद आने में परेशानी या बेचैनी भी महसूस हो सकती है।

भारत ने कर दिया खेल, रूस खुश, अमेरिका की उड़ी नींद!

नई दिल्ली। भारत की कच्चे तेल की खरीद को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एक नई आर्थिक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 में भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 52 फीसदी पहुंच गई। यानी भारत ने जुलाई में अपनी कुल तेल जरूरत का आधे से ज्यादा हिस्सा रूस से खरीदा। जून में यह हिस्सेदारी करीब 48.6 फीसदी थी।

यह आंकड़ा ऐसे समय आया है जब रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद भारत ने सस्ता रूसी तेल खरीदना जारी रखा है।

तेजी से बदला तेल आयात

भारत की तेल खरीद में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव हुआ है। 2022 में भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी थी। 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 30 फीसदी हुई और जुलाई 2026 में 52 फीसदी के आसपास पहुंच गई। इसके उलट सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी देशों से भारत की तेल खरीद का हिस्सा घटा है। 2022 में इन देशों की संयुक्त हिस्सेदारी 55 फीसदी से अधिक थी, जो अब 30 फीसदी से नीचे आ गई है।

सस्ता तेल बना बड़ी वजह

रूस से भारत की बढ़ती तेल खरीद के पीछे कीमत एक अहम कारण मानी जा रही है। रूस से मिलने वाला कच्चा तेल कई मौकों पर दूसरे स्रोतों की तुलना में प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध रहा है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सस्ती खरीद से आयात बिल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों से जुड़ी अनिश्चितताओं ने भी भारत की तेल खरीद रणनीति को प्रभावित किया है।

अमेरिका की आपत्ति क्यों?

रूस से भारत की बढ़ती तेल खरीद अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका रूस की ऊर्जा आय को कम करने के लिए उस पर दबाव बनाए हुए है। इसी बीच रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क या अन्य आर्थिक कार्रवाई की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है।

40+ पुरुषों के लिए सुपरफूड हैं ये 4 बीज, सेहत रहेगी दमदार

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर को पहले की तुलना में ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत होती है। खासकर 40 की उम्र के बाद पुरुषों को अपनी डाइट पर विशेष ध्यान देना चाहिए। रोजमर्रा के खाने में कुछ पौष्टिक बीज शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इनमें प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं।

1. अलसी के बीज

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड, फाइबर और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। अलसी को पीसकर दही, सलाद या दलिया में मिलाकर खाया जा सकता है।

2. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज प्रोटीन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे पोषक तत्वों के अच्छे स्रोत हैं। 40+ पुरुषों के लिए ये रोजाना की डाइट में पौष्टिक विकल्प हो सकते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में स्नैक के तौर पर भी लिया जा सकता है।

3. चिया सीड्स

चिया सीड्स में फाइबर, ओमेगा-3 और कुछ जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। इन्हें पानी या दूध में भिगोकर या दही के साथ लिया जा सकता है।

4. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई, हेल्दी फैट और कई खनिज पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इनका सेवन शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है। इन्हें सलाद, पोहा या अन्य खाद्य पदार्थों में मिलाया जा सकता है।

युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! यूपी में वेटनरी फार्मासिस्ट के 1308 पदों पर निकली भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। UPSSSC ने वेटनरी फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा के लिए भर्ती नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 1308 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन में सुधार करने की अंतिम तारीख 12 अक्टूबर 2026 रखी गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास PET-2025 का स्कोरकार्ड होना जरूरी है। उम्मीदवार का 10वीं और 12वीं पास होना भी अनिवार्य है। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास मान्य संस्थान से वेटनरी फार्मेसी में निर्धारित अवधि का डिप्लोमा होना चाहिए। उम्मीदवार को देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा का ज्ञान भी होना जरूरी है।

उम्र सीमा कितनी है?

आवेदन के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी।

आवेदन का शुल्क

इस भर्ती में सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए ₹25 का रजिस्ट्रेशन शुल्क निर्धारित किया गया है। आवेदन और शुल्क भुगतान से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

युवाओं को मौका

1308 पदों वाली यह भर्ती उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छा अवसर है। उम्मीदवार आवेदन शुरू होने के बाद UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

योगी सरकार का तोहफा! 10 लाख छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले लाखों बच्चों और निजी स्कूलों के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। योगी सरकार की ओर से करीब 10 लाख विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में ₹1,200-₹1,200 भेजने और करीब 3 लाख निजी स्कूल शिक्षकों व उनके आश्रितों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने की तैयारी की जा रही है।

बच्चों के अभिभावकों को DBT से मिलेगी राशि

परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 10 लाख ऐसे विद्यार्थियों को जल्द आर्थिक सहायता देने की तैयारी है, जिन्हें अभी तक योजना का लाभ नहीं मिल पाया है। यह रकम DBT के जरिए सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में भेजी जाएगी।

इस राशि का इस्तेमाल बच्चों के लिए स्कूल ड्रेस, जूते-मोजे और जरूरी शैक्षणिक सामग्री खरीदने में किया जा सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक मदद मिलने के बाद बच्चे निर्धारित यूनिफॉर्म में स्कूल पहुंचें। प्रदेश में पहले ही करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों को DBT के माध्यम से सहायता दी जा चुकी है। अब नए दाखिले और बाकी पात्र विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया जा रहा है।

3 लाख निजी स्कूल शिक्षकों को कैशलेस इलाज की तैयारी

सरकार निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए भी बड़ी पहल कर रही है। करीब 35 हजार निजी स्कूलों में कार्यरत 3 लाख शिक्षकों और उनके आश्रितों को शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की तैयारी है। योजना लागू होने के बाद पात्र शिक्षक और उनके परिवार के आश्रित सदस्य सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित नियमों के तहत कैशलेस इलाज करा सकेंगे। 

इसके लिए शिक्षकों का डाटा और जरूरी दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया पर काम किया जा रहा है। इन दोनों पहलों से एक तरफ स्कूली बच्चों के परिवारों को पढ़ाई से जुड़ी जरूरी सामग्री खरीदने में मदद मिलेगी, वहीं निजी स्कूल शिक्षकों और उनके परिवारों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिलने की उम्मीद है।

बिहार में बकरीपालकों को खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

पटना। बिहार में बकरीपालन से जुड़े लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार अब बकरीपालन को सिर्फ पारंपरिक काम तक सीमित रखने के बजाय इसे संगठित और लाभकारी ग्रामीण व्यवसाय बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी कड़ी में पशुपालन निदेशालय और गोट ट्रस्ट के बीच गैर-वित्तीय समझौता हुआ है।

इस समझौते के तहत बकरीपालकों को वैज्ञानिक तरीके से पालन, पशु स्वास्थ्य, बेहतर प्रबंधन और प्रशिक्षण की सुविधा देने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य बकरीपालकों की उत्पादकता बढ़ाने के साथ उनकी आमदनी में भी सुधार करना है।

बकरी के दूध को मिलेगा बाजार

सरकार बकरी के दूध को भी संगठित बाजार से जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके लिए अलग-अलग प्रखंडों में बकरीपालकों की सहकारी समितियां बनाई जा रही हैं। योजना के तहत मौजूदा दूध संग्रहण व्यवस्था के जरिए बकरी का दूध इकट्ठा करने और गुणवत्ता के अनुसार उसका प्रसंस्करण व पैकेजिंग करने पर काम होगा। आगे चलकर इसे सुधा ब्रांड के माध्यम से बाजार तक पहुंचाने की योजना है। इसके साथ बकरीपालकों के लिए अलग सहकारी संघ बनाने की दिशा में भी पहल की जा रही है।

गांव स्तर पर मिलेगा प्रशिक्षण

समझौते के बाद बकरीपालकों को गांव स्तर पर तकनीकी सहयोग देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पशुओं के टीकाकरण, रोग नियंत्रण, कृमिनाशक दवा, बेहतर पोषण, प्रजनन प्रबंधन और स्वच्छ तरीके से दूध उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य ऐसी व्यवस्था तैयार करना है, जिसमें बकरीपालकों को अपने उत्पा के लिए बाजार तलाशने की परेशानी न हो और वे उत्पादन व गुणवत्ता पर ध्यान देकर अपनी आय बढ़ा सकें।

बिहार में अब ऑनलाइन होगी जमीन की रजिस्ट्री, रैयतों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। 17 अगस्त 2026 से पेपरलेस निबंधन व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों का निबंधन इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से ई-आरएस के जरिए किया जाएगा। इससे कागजी कार्रवाई कम होने के साथ लोगों को निबंधन कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

ऑनलाइन अपलोड होंगे दस्तावेज

नई व्यवस्था के तहत जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले पक्षकारों को जरूरी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने होंगे। संपत्ति का विवरण, नजरी नक्शा, पक्षकारों और गवाहों की तस्वीर भी डिजिटल माध्यम से जमा की जाएगी। पहचान की पुष्टि के लिए आधार ई-केवाईसी और सहमति आधारित आधार प्रमाणीकरण की व्यवस्था होगी। दस्तावेज को अंतिम रूप देने से पहले पक्षकार और गवाह डिजिटल तरीके से ई-साइन भी करेंगे।

रजिस्ट्री होते ही मोबाइल पर मिलेगी कॉपी

दस्तावेज के निबंधन के बाद उसकी पीडीएफ फाइल का लिंक संबंधित व्यक्ति के पंजीकृत मोबाइल नंबर या ई-मेल पर भेज दिया जाएगा। इसके साथ निबंधित दस्तावेज की प्रिंटेड कॉपी भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को दस्तावेज की कॉपी लेने के लिए अलग से कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

डाटा रहेगा सुरक्षित

नई व्यवस्था में निबंधित दस्तावेजों का डिजिटल रिकॉर्ड राज्य के डाटा सेंटर में सुरक्षित रखा जाएगा। इससे कागजी दस्तावेज के खोने, फटने या खराब होने की समस्या से राहत मिलेगी। जरूरत पड़ने पर भविष्य में दस्तावेज की ई-प्रमाणित प्रति भी निकाली जा सकेगी।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

पेपरलेस व्यवस्था का उद्देश्य जमीन की रजिस्ट्री को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और आसान बनाना है। डिजिटल सत्यापन और ई-साइन की व्यवस्था से फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल की संभावना कम होने की उम्मीद है। विभाग का मानना है कि तकनीक के इस्तेमाल से निबंधन कार्यालयों की कार्यप्रणाली भी अधिक तेज और व्यवस्थित होगी।

नई व्यवस्था लागू होने से बिहार में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले के मुकाबले ज्यादा डिजिटल और सुविधाजनक होने की उम्मीद है। हालांकि, शुरुआती दौर में लोगों और दस्तावेज लेखकों को नई प्रणाली समझने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

योगी सरकार की बड़ी तैयारी, यूपी की महिलाओं के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए योगी सरकार बड़ी राहत की तैयारी में है। राज्य में महिलाओं को ₹50,000 तक की आर्थिक सहायता देने के प्रस्ताव पर सरकार के स्तर पर मंथन चल रहा है। हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि यह रकम सीधे महिलाओं के बैंक खाते में भेजी जाएगी या अलग-अलग योजनाओं के जरिए इसका लाभ पहुंचाया जाएगा।

तीन विकल्पों पर विचार

सरकार के सामने पहला विकल्प पात्र महिलाओं के खातों में सीधे ₹50 हजार भेजने का है। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास से जुड़ी नई योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सहायता देने पर भी विचार हो रहा है। तीसरे विकल्प के तहत पहले से चल रही महिला कल्याण योजनाओं का दायरा बढ़ाया जा सकता है।

मौजूदा योजनाओं का बढ़ सकता है लाभ

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बेटियों के लिए पहले से कई योजनाएं चल रही हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए चरणबद्ध आर्थिक सहायता दी जाती है। वहीं निराश्रित महिला पेंशन योजना के जरिए जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक सहारा दिया जाता है।

इसके अलावा रानी लक्ष्मीबाई महिला एवं बाल सम्मान कोष के तहत गंभीर हिंसा और एसिड अटैक की पीड़िताओं को इलाज व पुनर्वास के लिए मदद दी जाती है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना और स्वयं सहायता समूहों के जरिए भी महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करने की कोशिश की जा रही है।

स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

सरकार महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए स्वयं सहायता समूह और लखपति दीदी जैसी पहलों को बढ़ावा दे रही है। ऐसे में प्रस्तावित ₹50 हजार की सहायता को महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशिक्षण या स्वरोजगार से जोड़ने की संभावना भी बनी हुई है।

फिलहाल ₹50 हजार की सहायता को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है। सरकार की ओर से घोषणा और पात्रता संबंधी नियम जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि किन महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और राशि किस माध्यम से दी जाएगी।

अंडा-चिकन से भी ज्यादा प्रोटीन! डाइट में शामिल करें ये 5 सुपरफूड, शरीर रहेगा ताकतवर

हेल्थ डेस्क। प्रोटीन शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह मांसपेशियों की मरम्मत, हड्डियों और त्वचा के स्वास्थ्य के साथ-साथ शरीर की कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। आमतौर पर प्रोटीन के लिए अंडा और चिकन को सबसे अच्छा विकल्प माना जाता है, लेकिन कई पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।

1. सोयाबीन

सोयाबीन प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थों में शामिल है। इसमें अच्छी मात्रा में प्रोटीन के साथ फाइबर और कई अन्य पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। इसे सब्जी, सोया चंक्स या टोफू के रूप में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

2. मूंगफली

मूंगफली स्वादिष्ट होने के साथ प्रोटीन और स्वस्थ वसा का अच्छा स्रोत है। इसे नाश्ते में सीमित मात्रा में खाया जा सकता है। मूंगफली का सेवन करते समय नमक और तेल की अधिक मात्रा से बचना बेहतर है।

3. मसूर और अन्य दालें

दालें भारतीय भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और इनमें प्रोटीन के साथ फाइबर भी मिलता है। मसूर, मूंग, अरहर और उड़द जैसी दालों को रोजाना भोजन में शामिल किया जा सकता है। अनाज और दाल को साथ खाने से भोजन की प्रोटीन गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।

4. राजमा

राजमा प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें सब्जी बनाकर खाया जा सकता है। यह लंबे समय तक पेट भरा रखने में भी मदद कर सकता है। इसमें आयरन भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है

5. कद्दू के बीज

कद्दू के बीजों में प्रोटीन के साथ स्वस्थ वसा और कई खनिज पाए जाते हैं। इन्हें सलाद, ओट्स या दही में थोड़ी मात्रा में मिलाकर खाया जा सकता है। हालांकि, इनमें कैलोरी भी अधिक होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

बिहार की हर पंचायत में खुलेंगे केंद्र, गांव-गांव के लोगों को मिलेगी खुशखबरी!

पटना। बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार अब सभी 8053 पंचायतों में आधार सेवा केंद्र शुरू करने की तैयारी कर रही है। इन केंद्रों के शुरू होने के बाद ग्रामीणों को आधार बनवाने और उसमें सुधार कराने के लिए प्रखंड या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

पंचायती राज विभाग और CSC के बीच होगा करार

पंचायत स्तर पर इन केंद्रों को संचालित करने के लिए पंचायती राज विभाग और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच जल्द समझौता होने की तैयारी है। योजना के तहत पंचायत सरकार भवनों में कंप्यूटर और जरूरी उपकरण उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी पंचायती राज विभाग की होगी। वहीं, केंद्रों के संचालन के लिए कर्मचारियों की तैनाती और सेवा उपलब्ध कराने का काम CSC की ओर से किया जाएगा। आधार सेवा के लिए CSC को UIDAI से लाइसेंस मिलने की प्रक्रिया भी अंतिम चरण में बताई जा रही है।

एक ही जगह मिलेंगी 64 तरह की सुविधाएं

इन पंचायत स्तरीय केंद्रों का दायरा सिर्फ आधार सेवा तक सीमित नहीं रहेगा। यहां ग्रामीणों को करीब 64 तरह की सरकारी और नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराने की योजना है। इनमें जाति, आय, निवास, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़ी सेवाएं भी शामिल हैं। इसके अलावा राजस्व एवं भूमि सुधार से संबंधित काम जैसे दाखिल-खारिज के लिए आवेदन, एलपीसी, जमाबंदी की जानकारी और ऑनलाइन लगान भुगतान जैसी सुविधाएं भी मिल सकेंगी।

सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान

पंचायत स्तर पर केंद्र शुरू होने के बाद ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े काम के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। छात्रवृत्ति, मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना, राशन कार्ड में संशोधन और पेंशन से संबंधित कार्य भी इन केंद्रों के माध्यम से किए जा सकेंगे। इसके अलावा पैन कार्ड, बिजली-पानी के बिल का भुगतान, बैंकिंग, बीमा और टिकट बुकिंग जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

नया आधार बनवाने के लिए 75 रुपये शुल्क

पंचायत सरकार भवन में नया आधार बनवाने के लिए 75 रुपये का निर्धारित शुल्क रखा गया है। सरकार की ओर से तय शुल्क से ज्यादा रकम लेने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। पासपोर्ट, बैंकिंग और यूटिलिटी बिल जैसी अन्य सेवाओं के लिए भी निर्धारित दरों के अनुसार ही शुल्क लेने की व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त पैसे की वसूली और अनियमितता पर रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

यूपी में प्राइवेट स्कूल टीचर्स को बड़ी खुशखबरी! सरकार के फैसले से लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। योगी सरकार अब प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की तैयारी कर रही है। इस योजना के दायरे में शिक्षक के साथ उनके आश्रित परिवार के सदस्य भी शामिल होंगे। सरकार ने इसके लिए प्रदेश के करीब 35 हजार निजी स्कूलों का डाटा जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

शिक्षकों को मिलेगा कैशलेस इलाज का लाभ

अभी तक सरकारी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल रहा है। अब इसी तरह की सुविधा निजी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों तक पहुंचाने की तैयारी है। योजना लागू होने के बाद पात्र शिक्षक और उनके आश्रित परिवार के सदस्य सूचीबद्ध अस्पतालों में बिना तत्काल भुगतान के इलाज करा सकेंगे।

एक शिक्षक परिवार को सालभर में अधिकतम 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलने का प्रावधान बताया गया है। इससे गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में निजी स्कूल के शिक्षकों को बड़ी आर्थिक राहत मिल सकती है।

35 हजार स्कूलों से मांगा गया डाटा

इस योजना को आगे बढ़ाने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का विवरण जुटाने के निर्देश दिए हैं। सभी जिलों में संबंधित प्रोफार्मा भेजा जा चुका है। स्कूलों के माध्यम से शिक्षकों का पंजीकरण कराया जाएगा, ताकि पात्र लोगों का डाटा तैयार किया जा सके।

पोर्टल पर होगा शिक्षक का रजिस्ट्रेशन

कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए बनाए गए पोर्टल पर शिक्षकों को अपना पंजीकरण कराना होगा। आवेदन के दौरान शिक्षक को अपना और अपने आश्रितों का विवरण आधार कार्ड में दर्ज जानकारी के अनुसार भरना होगा।

आवेदन जमा होने के बाद इसकी जांच की प्रक्रिया भी तय की गई है। सबसे पहले आवेदन स्कूल के प्रधानाध्यापक के पास सत्यापन के लिए जाएगा। इसके बाद इसे संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के स्तर पर भेजा जाएगा। अंतिम स्वीकृति जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से दी जाएगी।

शनिवार को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, होगी तरक्की

राशिफल। 15 अगस्त 2026, शनिवार का दिन ज्योतिष और धार्मिक दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन एक साथ शिव योग, सिद्ध योग और रवि योग का संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार शिव योग सुबह करीब 7:07 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा और अगले दिन सुबह तक प्रभावी रहेगा। वहीं रवि योग भी इस दिन बन रहा है।

ज्योतिषीय मान्यताओं में शिव योग को शुभ कार्यों, सिद्ध योग को कार्यों में सफलता और रवि योग को आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा एवं उपलब्धियों से जोड़कर देखा जाता है। ऐसे में शनिवार का यह संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

5 राशियों के लिए रहेगा खास दिन

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शनिवार का दिन नई शुरुआत के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटका कोई काम दोबारा गति पकड़ सकता है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। आय के नए रास्ते खुलने या किसी पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिलेगा। कारोबार करने वालों को भी नई डील या संपर्क से लाभ मिल सकता है।

3. सिंह राशि

शनिवार का दिन सिंह राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला रह सकता है। कामकाज में आपकी नेतृत्व क्षमता सामने आएगी। अधिकारियों या वरिष्ठ लोगों से सहयोग मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने का कोई महत्वपूर्ण मौका भी सामने आ सकता है। 15 अगस्त को चंद्रमा सिंह राशि में रहने की बात पंचांग स्रोतों में दी गई है।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह योग मेहनत का फल दिलाने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ पद या प्रतिष्ठा में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा हो सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए शनिवार का दिन भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। प्रतियोगी परीक्षा या करियर से जुड़े प्रयासों में सफलता की संभावना बढ़ेगी। धन संबंधी मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

खुशखबरी का ऐलान! यूपी में आई टीचर की भर्ती, युवाओं के लिए मौका

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बांदा स्थित अटल आवासीय विद्यालय में गेस्ट फैकल्टी टीचर के पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 8 पदों को भरा जाएगा। योग्य अभ्यर्थियों से ऑफलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 22 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

8 पदों पर होगी नियुक्ति

अटल आवासीय विद्यालय बांदा की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार, गेस्ट फैकल्टी टीचर के कुल 8 पदों पर उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती संविदा के आधार पर होगी। चयनित अभ्यर्थियों को संबंधित विषय में विद्यार्थियों को पढ़ाने की जिम्मेदारी दी जाएगी।

कितनी मिलेगी सैलरी?

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार करीब 34,125 रुपये से 35,750 रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिया जाएगा। अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित वेतन और अन्य शर्तों की जानकारी आवेदन से पहले आधिकारिक विज्ञापन में जरूर देखनी चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

गेस्ट फैकल्टी टीचर पद के लिए अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ और बीएड कम से कम 50 प्रतिशत अंकों के साथ होना चाहिए। इसके अलावा निर्धारित पात्रता के तहत इंटीग्रेटेड पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स या चार वर्षीय इंटीग्रेटेड डिग्री वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

उम्र की सीमा कितनी है?

भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवार की अधिकतम उम्र 50 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है। आयु की गणना और छूट से जुड़ी शर्तों के लिए आधिकारिक भर्ती विज्ञापन देखना जरूरी है।

ऑफलाइन करना होगा आवेदन

इस भर्ती की सबसे अहम बात यह है कि उम्मीदवारों को ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। अभ्यर्थी अटल आवासीय विद्यालय बांदा की आधिकारिक वेबसाइट से भर्ती से जुड़ा विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया देख सकते हैं। आवेदन पत्र को निर्धारित तरीके से भरकर जरूरी दस्तावेजों के साथ तय समय सीमा के भीतर जमा करना होगा।