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खुशखबरी पर खुशखबरी! यूपी में 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला इकाई ने अकाउंटेंट और MIS असिस्टेंट के कुल 20 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन होगी और फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 है।

10-10 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत अकाउंटेंट के 10 और MIS असिस्टेंट के 10 पद भरे जाएंगे। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थी कम से कम 12वीं पास हों और उन्हें हिंदी पढ़ने-लिखने के साथ सामान्य गणित की अच्छी समझ होनी चाहिए।

आवेदन के लिए नहीं लगेगी फीस

इन पदों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन अपने संबंधित क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) या ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई में जमा कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती सिद्धार्थनगर जिले के मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन में की जाएगी।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा चयन

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन से जांच लेनी चाहिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 निर्धारित है। ऐसे में योग्य उम्मीदवार समय रहते ऑफलाइन फॉर्म जमा कर दें, ताकि इस भर्ती के अवसर से चूकना न पड़े।

इस मामले में चीन नंबर-1, भारत नंबर-2, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों का इस कीमती धातु के प्रति आकर्षण बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की छड़ और सिक्कों में निवेश की मांग में सालाना गिरावट के बाद भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इस सूची में चीन पहले स्थान पर है। सितंबर तिमाही में वैश्विक मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत रही।

सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में गिरावट

सितंबर तिमाही में भारत में सोने की छड़ और सिक्कों की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर 55 टन हो गई। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सोने पर आयात शुल्क बढ़ने और कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी होने को इसकी प्रमुख वजहों में गिना गया है।

कुल निवेश में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने का कुल निवेश पिछली तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर लगभग 60 टन रहा। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़ा। इसकी मांग जून तिमाही के 3.6 टन से बढ़कर सितंबर तिमाही में 5.3 टन पहुंच गई।

डिजिटल गोल्ड का बढ़ रहा चलन

डिजिटल गोल्ड में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 2026 के पहले नौ महीनों में इसकी मांग सालाना आधार पर 76 प्रतिशत बढ़कर 16.3 टन हो गई। कम रकम से निवेश शुरू करने और आसानी से खरीदारी की सुविधा को इसके बढ़ते चलन की वजह माना जा रहा है।

दरअसल, सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में सालाना गिरावट के बावजूद भारत में गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि निवेशक सोने में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग तरीकों को अपना रहे हैं।

6 नवंबर को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष में इस योग को धन, सुख-सुविधा, बुद्धि और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। खासतौर पर 5 राशियों के जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहने की संभावना जताई जा रही है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग रिश्तों और साझेदारी के मामलों में सकारात्मक रह सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में भी नए संपर्क बनने और लाभ के अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल रहने की संभावना है।

4. तुला राशि

यह राजयोग तुला राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए इसे विशेष माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक योजनाओं में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय कामकाज और आर्थिक स्थिति के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश या व्यावसायिक प्रयासों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

खुशखबरी का नया ऐलान! बिहार में 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट के लिए बंपर भर्ती

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिला नियोजनालय की ओर से 4 नवंबर 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला सुबह 10 बजे गन्नीपुर स्थित जिला नियोजनालय परिसर में लगेगा। इसमें निजी कंपनी केके एंटरप्राइजेज की ओर से कुल 50 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को गुजरात में काम करने का अवसर मिलेगा।

10वीं पास से ग्रेजुएट तक कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती में पार्ट्स प्रोडक्शन, पार्ट्स चेकिंग और पार्ट्स असेंबल जैसे पद शामिल हैं। आवेदन करने वाले युवाओं की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आईटीआई, ग्रेजुएशन या डिप्लोमा रखी गई है। चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 17,000 से 25,000 रुपये तक वेतन मिल सकता है। इसके साथ पीएफ, ईएसआईसी, इंश्योरेंस, बस, कैंटीन, यूनिफॉर्म और जूते जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

ये दस्तावेज लेकर पहुंचें

रोजगार मेले में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपने साथ अपडेटेड बायोडाटा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंकपत्र और दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो जरूर रखें। सभी दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी साथ ले जाना बेहतर रहेगा।

NCS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

इस रोजगार मेले में भाग लेने के लिए NCS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिन युवाओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे जिला नियोजनालय, गन्नीपुर में जाकर या NCS की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक अभ्यर्थी समय पर पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खबर, सभी 38 जिलों में शुरू होगा जांच अभियान

पटना। बिहार में फैटी लिवर की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। ‘स्वस्थ लिवर-स्वस्थ बिहार’ कार्यक्रम के तहत सभी 38 जिलों में लोगों की जांच और बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस पहल में दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) का तकनीकी सहयोग भी लिया जाएगा।

26 लाख लोगों की होगी जांच

योजना के अनुसार, अगले 18 महीनों में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को पहले से चल रहे गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को अपने आसपास ही जांच की सुविधा मिल सके। इस काम में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और जीविका दीदियां भी सहयोग करेंगी। 

स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

अभियान के लिए करीब 150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, लैब तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों सहित लगभग 25 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बीमारी की शुरुआती पहचान और मरीजों को जरूरी सलाह व उपचार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

अभियान की होगी नियमित निगरानी

कार्यक्रम की प्रगति पर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को तय समय में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों को नियमित जांच कराने, संतुलित भोजन अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने पर भी रहेगा।

फैटी लिवर की समय रहते पहचान होने से आगे चलकर होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में यह अभियान बिहार में बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

8वें वेतन आयोग को 1 साल पूरे, कर्मचारियों के लिए खुशखबरी कब आएगी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और 3 नवंबर 2026 को इसे एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान आयोग के सदस्यों ने कई शहरों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें कर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से उनकी मांगों व सुझावों को समझा है। अब सभी की नजर आयोग की रिपोर्ट और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी है।

कब पेश होगी आयोग की रिपोर्ट?

आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं। इसके लिए 3 मई 2027 की समयसीमा निर्धारित बताई गई है। यानी रिपोर्ट आने से पहले अभी कुछ महीने का इंतजार करना होगा। इसके बाद केंद्र सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी और आगे लागू करने पर फैसला लेगी।

कितना काम पूरा हुआ है?

आयोग की ओर से 2 अक्टूबर को साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उस समय तक करीब 61 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। साथ ही निर्धारित बैठकों में से लगभग 80 प्रतिशत बैठकें आयोजित की जा चुकी थीं। आयोग की पिछली बैठकें 22 और 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुई थीं।

फिटमेंट फैक्टर पर सबकी नजर

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा मूल वेतन से नया बेसिक वेतन तय किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। इस बार कर्मचारी संगठन 3 से अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ अनुमान इसे 1.9 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताते हैं। हालांकि, आठवें वेतन आयोग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सिफारिश जारी नहीं की है।

रेलवे कर्मचारियों ने भी रखीं मांगें

ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, भत्तों और प्रमोशन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। संगठन ने महिला लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर की समस्याओं पर भी ध्यान देने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारियों को आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। फिटमेंट फैक्टर और वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इसका पता आयोग की सिफारिशें आने और सरकार के फैसले के बाद ही चलेगा।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! POWERGRID में 319 इंजीनियर पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का अच्छा अवसर है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) ने वर्ष 2026 के लिए इंजीनियर ट्रेनी के 319 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में B.Sc, B.Tech या B.E की डिग्री होनी चाहिए। अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

POWERGRID में चयनित इंजीनियर ट्रेनी को हर महीने 40,000 रुपये से लेकर 1,40,000 रुपये तक का वेतनमान मिल सकता है। यह भर्ती इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छा अवसर है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

योग्य उम्मीदवार POWERGRID की आधिकारिक वेबसाइट powergrid.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ लें और योग्यता, आयु सीमा तथा चयन प्रक्रिया से जुड़ी शर्तों की पुष्टि कर लें।

आवेदन की अंतिम तारीख 18 नवंबर 2026 है, इसलिए इच्छुक उम्मीदवार समय रहते अपना फॉर्म भर दें।

यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नई वेतन दरें लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों के तहत आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके मासिक पारिश्रमिक की नई दरें तय करते हुए शासनादेश जारी किया है। नई व्यवस्था 2 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इससे प्रदेश के करीब 2.72 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

चार श्रेणियों में तय हुआ पारिश्रमिक

सरकार ने कर्मचारियों को चार वर्गों में बांटकर भुगतान की दरें निर्धारित की हैं। इसके तहत श्रेणी-1 को 39,000 रुपये, श्रेणी-2 को 21,947 रुपये, श्रेणी-3 को 19,446 रुपये और श्रेणी-4 को 17,646 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

नवंबर में मिलेगा सितंबर का एरियर

नई दरें सितंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों को उस महीने का बकाया भुगतान भी दिया जाएगा। यह एरियर नवंबर में अक्टूबर के वेतन के साथ मिलने की जानकारी दी गई है। जिन कर्मचारियों को पहले से नई निर्धारित दरों से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है, उनके भुगतान में कटौती नहीं की जाएगी।

EPF और ESI की कटौती का नियम

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी के हिस्से से EPF के लिए 12 प्रतिशत और ESI के लिए 0.75 प्रतिशत की कटौती होगी। वहीं, नियोक्ता की ओर से EPF का 12 प्रतिशत और ESI का 3.25 प्रतिशत अंशदान जमा कराया जाएगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, कटौती के बाद श्रेणी-2 के कर्मचारियों को 19,148 रुपये, श्रेणी-3 को 16,966 रुपये और श्रेणी-4 को 15,396 रुपये मिलेंगे।

अतिरिक्त खर्च विभाग उठाएंगे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि GST, सर्विस चार्ज और आउटसोर्स सेवा निगम का एक प्रतिशत सेंटेज चार्ज कर्मचारियों के पारिश्रमिक से नहीं काटा जाएगा। इन खर्चों की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी विभागों की होगी। इसके लिए विभागों को अपने बजट में जरूरी धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यूपी में शुरू होगा नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। चित्रकूट धाम को बेहतर सड़क सुविधा देने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि निर्माण के लिए कंपनी का चयन भी कर लिया गया है और इसी महीने काम शुरू कराने की तैयारी है।

15 किमी से ज्यादा लंबा एक्सप्रेसवे

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी। इसे छह लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस परियोजना को पूरा कराएगा। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत किया जाएगा।

निर्माण के लिए कंपनी का हुआ चयन

इस परियोजना के निर्माण के लिए चार कंपनियों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। तकनीकी जांच के बाद दो कंपनियां योग्य पाई गईं। इसके बाद 3 नवंबर को वित्तीय बोलियां खोली गईं, जिसमें सबसे कम बोली लगाने वाली एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को चुना गया।

चित्रकूट और बुंदेलखंड को मिलेगा फायदा

नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद चित्रकूट धाम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए प्रदेश के दूसरे हिस्सों तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

रोजगार और कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क संपर्क से बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। खासकर रक्षा और औद्योगिक गलियारों तक पहुंच आसान होने से निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

यूपी के 8 जिलों में बनेंगे 10 नए पुल, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के आठ जिलों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए 10 नए छोटे-बड़े पुलों का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 116.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योगी सरकार ने पुलों के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ बजट की पहली किस्त भी जारी कर दी है।

इन जिलों में बनेंगे बड़े पुल

लोक निर्माण विभाग की योजना के तहत बलरामपुर, प्रतापगढ़, महोबा, फतेहपुर और पीलीभीत में नदियों पर पांच बड़े पुल बनाए जाएंगे।

बलरामपुर: हरिहरगंज-तलिया बनकटवा मार्ग पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 10.55 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

प्रतापगढ़: पूरे गोसाईं-सरूआ मार्ग पर सई नदी में 20.44 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनेगा।

महोबा: कबरई-रिवई मार्ग पर चंद्रावल नदी पर 23.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

फतेहपुर: खूटा-गढ़ी संपर्क मार्ग पर रिंद नदी में 22.93 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनेगा।

पीलीभीत: शीतलपुर-फागुनीहाई मार्ग पर खन्नौत नदी में पुराने संकरे पुल के पास नया पुल बनाया जाएगा। इस पर 21.31 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

पांच छोटे पुलों का भी होगा निर्माण

बड़े पुलों के साथ पांच छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। इनमें अमेठी के जामो ब्लॉक में नौडाह और आदिलपुर गांव को जोड़ने के लिए पुल बनेगा। फतेहपुर में जोनिहा-धारूपुर संपर्क मार्ग पर नहर के ऊपर पुल तैयार किया जाएगा। वहीं, अंबेडकर नगर के मोतनापुर गांव में नाले पर पुल बनेगा। देवरिया में विशुनपुरा बाजार से सुराजी टोला के बीच बरसाती नाले पर पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण होगा। पीलीभीत में दिलावरपुर-चंदौल मार्ग पर आरसीसी पुल बनाया जाएगा।

हजारों लोगों को मिलेगा फायदा

इन पुलों के तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। बरसात के मौसम में नदियों और नालों के कारण रास्ता बाधित होने की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

खुशखबरी का महाधमाका! यूपी में 1 बड़ी भर्ती शुरू, आज से आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) समेत विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 1156 पद भरे जाएंगे। योग्य उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1156 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती में जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) और अन्य तकनीकी पद शामिल हैं। अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित योग्यता और वेतनमान भी अलग हो सकते हैं। उम्मीदवारों को पद के अनुसार आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़कर ही आवेदन करना चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

उम्मीदवार के पास संबंधित पद के अनुसार मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या निर्धारित तकनीकी योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी का UPSSSC PET 2025 में शामिल होना और आयोग द्वारा जारी स्कोरकार्ड होना जरूरी है। आयु सीमा पद के अनुसार न्यूनतम 18 या 21 वर्ष से शुरू होकर अधिकतम 40 वर्ष तक निर्धारित है। आरक्षित वर्गों को उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

जूनियर इंजीनियर और कुछ अन्य लेवल-6 पदों के लिए वेतनमान ₹35,400 से ₹1,12,400 तक बताया गया है। अन्य पदों का वेतन संबंधित पे लेवल के अनुसार अलग होगा। इसके अतिरिक्त नियमानुसार भत्ते भी मिल सकते हैं।

आवेदन शुल्क कितना है?

सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और एससी-एसटी सहित सभी वर्गों के लिए आवेदन शुल्क ₹25 बताया गया है। इसके अलावा ₹25 ऑनलाइन प्रोसेसिंग शुल्क भी निर्धारित है। मुख्य परीक्षा के लिए चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा शुल्क अलग से देना पड़ सकता है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट https://upsssc.gov.in/ पर जाकर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन देखें। पात्रता की पुष्टि करने के बाद ऑनलाइन आवेदन भरें और निर्धारित शुल्क जमा करके प्रक्रिया पूरी करें।

आवेदन की तारीख

आवेदन की प्रक्रिया शुरू: 3 नवंबर 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 25 नवंबर 2026

रोजाना सेब खाने से शरीर को मिलते हैं 10 फायदे, बीमारियां रहेंगी दूर!

हेल्थ डेस्क। सेब एक ऐसा फल है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। रोजाना संतुलित आहार के साथ एक सेब खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं सेब खाने के 10 बड़े फायदे।

1. पाचन को रखता है बेहतर

सेब में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसे छिलके समेत खाने से फाइबर की अच्छी मात्रा मिलती है और कब्ज की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

सेब में मौजूद घुलनशील फाइबर, खासकर पेक्टिन, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। संतुलित खानपान के साथ इसका सेवन दिल की सेहत के लिए अच्छा विकल्प है।

3. वजन नियंत्रित करने में मददगार

सेब में फाइबर और पानी की मात्रा अच्छी होती है। इसे खाने से पेट देर तक भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को कम करने में मदद मिलती है।

4. शरीर को देता है एंटीऑक्सीडेंट

सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। खासकर सेब के छिलके में कई लाभकारी पौधों के यौगिक पाए जाते हैं।

5. इम्यूनिटी को मिलता है सहारा

सेब में विटामिन सी समेत कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में योगदान देते हैं। हालांकि, मजबूत इम्यूनिटी के लिए विविध और संतुलित आहार जरूरी है।

6. ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक

सेब में फाइबर होता है, जो कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को प्रभावित कर सकता है। साबुत सेब खाना, उसका जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

7. आंतों की सेहत के लिए अच्छा

सेब का फाइबर आंतों की नियमित गतिविधि को बनाए रखने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रखने और आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया को पोषण देने में सहायता मिल सकती है।

8. शरीर को रखता है हाइड्रेटेड

सेब में पानी की अच्छी मात्रा होती है। इसे खाने से शरीर को कुछ अतिरिक्त तरल मिलता है, हालांकि पानी पीने की जरूरत को सेब पूरा नहीं कर सकता।

9. त्वचा की सेहत में योगदान

सेब में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं। लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए पर्याप्त नींद, पानी, संतुलित भोजन और धूप से सुरक्षा भी जरूरी है।

10. रोजमर्रा की ऊर्जा के लिए अच्छा विकल्प

सेब में प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। इसे नाश्ते या दो भोजन के बीच खाने से पौष्टिक स्नैक का विकल्प मिल सकता है।

बिहार में 11 हजार से ज्यादा पदों पर होगी भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की कमी दूर करने के लिए बड़े पैमाने पर भर्ती की तैयारी चल रही है। इस प्रस्तावित बहाली के तहत 11 हजार से अधिक पदों को भरा जाएगा। भर्ती प्रक्रिया राज्य स्वास्थ्य समिति के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है।

नवंबर के आखिरी सप्ताह में जारी हो सकता है विज्ञापन

इस भर्ती के लिए नवंबर 2026 के अंतिम सप्ताह तक आधिकारिक विज्ञापन जारी करने की तैयारी है। हालांकि, आवेदन शुरू होने की निश्चित तारीख अभी सामने नहीं आई है। अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आधिकारिक नोटिफिकेशन का इंतजार करें और उससे पहले किसी तारीख को अंतिम न मानें।

स्टाफ नर्स से लेकर अकाउंटेंट तक के पद

प्रस्तावित भर्ती में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई पद शामिल किए जाने की तैयारी है। इनमें प्रमुख रूप से: स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, मैनेजर, अकाउंटेंट, कुल रिक्तियां 11 हजार से अधिक बताई जा रही हैं। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग हो सकती हैं।

योग्यता-आयु सीमा की जानकारी कब मिलेगी?

उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया का विस्तृत विवरण आधिकारिक विज्ञापन में जारी किया जाएगा। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पद की पात्रता की जांच करना जरूरी होगा।

भर्ती से स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा फायदा

बिहार के अस्पतालों और स्वास्थ्य संस्थानों में कर्मचारियों की कमी दूर करना इस भर्ती का प्रमुख उद्देश्य है। नई नियुक्तियों से स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन में मदद मिल सकती है और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग मिलेगा।

कहां देखें भर्ती की जानकारी?

उम्मीदवार बिहार राज्य स्वास्थ्य समिति की आधिकारिक वेबसाइट https://shs.bihar.gov.in/ पर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन और आवेदन की जानकारी देख सकते हैं।

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी! अब घर बैठे मिलेगा नया बिजली कनेक्शन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। अगर आप नया मकान बनवा रहे हैं या अपने पुराने घर में पहली बार बिजली कनेक्शन लेना चाहते हैं, तो अब इसके लिए बिजली विभाग के कार्यालयों में बार-बार जाने की जरूरत नहीं है। उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई है। इसके तहत उपभोक्ता झटपट पोर्टल के माध्यम से घर बैठे नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आधार कार्ड से करें ऑनलाइन आवेदन

नया बिजली कनेक्शन लेने के इच्छुक लोगों को सबसे पहले UPPCL के झटपट पोर्टल पर जाना होगा। यहां ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार कार्ड की सहायता से भी आवेदन करने की सुविधा दी गई है। इससे उपभोक्ताओं को आवेदन के लिए विभागीय कार्यालयों के चक्कर लगाने और अपना समय खर्च करने से राहत मिल सकती है। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट jhatpatportal.uppcl.org पर जाना होगा। वहां मांगी गई जानकारी भरकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन जमा किया जा सकता है।

क्या है झटपट पोर्टल की सुविधा?

झटपट पोर्टल उत्तर प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन के लिए शुरू की गई ऑनलाइन व्यवस्था है। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को डिजिटल माध्यम से आवेदन की सुविधा देना है, ताकि उन्हें छोटी-छोटी प्रक्रियाओं के लिए बिजली विभाग के दफ्तरों पर निर्भर न रहना पड़े। खासतौर पर नए घर बनवाने वाले लोगों और उन परिवारों के लिए यह सुविधा उपयोगी है, जिन्हें पहली बार बिजली कनेक्शन की आवश्यकता है।

बिजली की समस्या होने पर यहां करें संपर्क

अगर नए कनेक्शन के आवेदन या बिजली से जुड़ी किसी अन्य समस्या को लेकर जानकारी चाहिए, तो उपभोक्ता बिजली विभाग की हेल्पलाइन 1912 पर संपर्क कर सकते हैं। इस तरह ऑनलाइन आवेदन की सुविधा से उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को काफी सहूलियत मिल सकती है। अब नए कनेक्शन के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया घर बैठे पूरी करने का विकल्प उपलब्ध है।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, जानें पूरी खबर

न्यूज डेस्क। बिहार में पंचायत आम चुनाव 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले राज्य की पंचायतों का परिसीमन करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इसके तहत यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन-सा गांव और टोला किस पंचायत के दायरे में आएगा। खास बात यह है कि इस बार पंचायतों की नई सीमाएं तय करने के लिए राजस्व ग्राम के सरकारी नक्शों को आधार बनाया जाएगा।

सरकारी नक्शों से तय होगी पंचायतों की सीमा

परिसीमन के दौरान राजस्व विभाग के रिकॉर्ड में उपलब्ध गांवों के नक्शों का इस्तेमाल किया जाएगा। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर पंचायतों की नई चौहद्दी का प्रारूप तैयार होगा। प्रशासन का उद्देश्य है कि गांवों और टोलों की वास्तविक स्थिति के अनुसार सीमाएं निर्धारित की जाएं।

जमीन पर जाकर होगा सीमाओं का सत्यापन

इस प्रक्रिया में सिर्फ सरकारी कागजातों पर निर्भरता नहीं रहेगी। नक्शे तैयार होने के बाद राजस्व विभाग के अमीन संबंधित गांवों और इलाकों में जाकर सीमाओं की जांच करेंगे। सरकारी नक्शे और वास्तविक स्थिति में अंतर मिलने पर उसकी दोबारा जांच कर आवश्यक सुधार किया जाएगा।

पोर्टल पर अपलोड होंगे नए नक्शे और दस्तावेज

सत्यापन और जरूरी संशोधन के बाद पंचायतों की नई सीमाओं का प्रारूप तैयार किया जाएगा। इसके बाद संबंधित नक्शे और दस्तावेज निर्धारित पोर्टल पर अपलोड किए जाएंगे। बीडीओ को इन रिकॉर्ड की जांच करने और उनकी वास्तविक स्थिति से पुष्टि करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पंचायत चुनाव से पहले क्यों जरूरी है परिसीमन?

पंचायत परिसीमन के जरिए यह स्पष्ट होता है कि कौन-सा गांव या टोला किस पंचायत में शामिल रहेगा। इसका असर पंचायतों की चुनावी व्यवस्था पर भी पड़ता है। सीमाओं में गलती होने से मतदाताओं और स्थानीय प्रतिनिधियों को परेशानी हो सकती है। इसलिए चुनाव से पहले इस प्रक्रिया को सही तरीके से पूरा करना जरूरी है।

अधिकारियों को दिए गए तेजी से काम पूरा करने के निर्देश

छपरा में जिला पदाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने परिसीमन की तैयारियों को लेकर अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इसमें सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अंचलाधिकारी (CO) भी शामिल हुए। डीएम ने परिसीमन से संबंधित कार्यों को गंभीरता से पूरा करने और नक्शों की सही तरीके से जांच करने का निर्देश दिया।

बिहार में बनेगा फोरलेन रेल ब्रिज, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए एक बड़ी परियोजना पर काम करने की तैयारी चल रही है। इसके तहत कोइलवर में सोन नदी पर फोरलेन रेल ब्रिज बनाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट को रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है। इसके पूरा होने से बिहार के कई इलाकों में ट्रेनों की आवाजाही आसान होने के साथ रेल परिचालन की क्षमता भी बढ़ेगी।

3500 करोड़ रुपये से तैयार होगी परियोजना

इस महत्वाकांक्षी रेल परियोजना पर करीब 3500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। डीडीयू से झाझा तक लगभग 400 किलोमीटर के रेल नेटवर्क को छह चरणों में विकसित करने की योजना बनाई गई है। फंड की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू होगी और निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा।

कोइलवर में बनेगा फोरलेन रेल पुल

परियोजना के पहले चरण में डीडीयू से दानापुर के बीच करीब 203 किलोमीटर रेलखंड पर काम होना है। इसी योजना के तहत कोइलवर में सोन नदी पर चार रेल लाइनों वाला नया पुल बनाया जाएगा। इसके साथ दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख और पुनारख-किऊल रेलखंडों पर तीसरी और चौथी लाइन बिछाने की योजना भी शामिल है।

अलग-अलग चरणों में पूरा होगा काम

इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। जानकारी के मुताबिक, पुनारख-बाढ़-बख्तियारपुर रेलखंड का काम जुलाई 2029 तक पूरा करने की योजना है। वहीं, बख्तियारपुर-फतुहा खंड को 2030 तक और डीडीयू-दानापुर, पुनारख-किऊल तथा किऊल-झाझा समेत अन्य हिस्सों को 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

यात्रियों को क्या होगा फायदा?

फिलहाल व्यस्त रेलखंडों पर ट्रेनों का दबाव अधिक रहने के कारण कई बार गाड़ियों को रास्ते में रोकना पड़ता है। नई रेल लाइनें और सोन नदी पर बनने वाला पुल तैयार होने के बाद ट्रेनों के परिचालन के लिए अतिरिक्त रास्ते उपलब्ध होंगे। इससे ट्रेनों की आवाजाही सुचारु बनाने और भविष्य में यात्री व मालगाड़ियों की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।

केतु, गुरु और मंगल की त्रिकोणीय युति, 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, नवंबर 2026 में एक खास ग्रह संयोग बनने जा रहा है। सिंह राशि में गुरु, केतु और मंगल की युति से त्रिग्रही योग का निर्माण होगा। दरअसल, गुरु पहले ही सिंह राशि में प्रवेश कर चुके हैं और केतु यहां पहले से मौजूद हैं। वहीं 12 नवंबर को मंगल भी सिंह राशि में गोचर करेंगे। तीनों ग्रहों का यह संयोग 4 दिसंबर तक प्रभावी रहेगा।

कब बनेगी गुरु, केतु और मंगल की युति?

पंचांग के अनुसार, 31 अक्टूबर 2026 को गुरु ने सिंह राशि में प्रवेश किया। इसके बाद 12 नवंबर को मंगल भी इसी राशि में पहुंचेंगे। सिंह राशि में केतु पहले से विराजमान हैं। ऐसे में तीनों ग्रह एक ही राशि में आ जाएंगे। यह संयोग 4 दिसंबर तक रहेगा। इसके बाद 5 दिसंबर को केतु राशि परिवर्तन करेंगे।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय शुभ संकेत लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने के योग हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रह सकता है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह ग्रह संयोग आर्थिक रूप से फायदेमंद माना जा रहा है। आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। व्यापारियों को नए सौदे से लाभ हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। नौकरी में तरक्की और नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को मुनाफा बढ़ाने के मौके मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं। पुराने विवादों और परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में अच्छा रह सकता है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। साझेदारी से जुड़े कामों में लाभ होने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा और विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। जमीन और मकान से जुड़े फैसलों में भी प्रगति के संकेत हैं।

5. सिंह राशि

सिंह राशि में ही तीनों ग्रहों की युति बनने जा रही है। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। कारोबारियों को नई योजनाओं पर काम करने और व्यापार बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, जल्दबाजी में बड़े आर्थिक फैसले लेने से बचना बेहतर रहेगा। 

केंद्र सरकार की शानदार योजना, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना काफी फायदेमंद साबित हो रही है। अगर आप भी खेतों की सिंचाई के लिए डीजल या बिजली पर हर महीने मोटी रकम खर्च करते हैं, तो यह योजना आपके लिए राहत लेकर आ सकती है। इसके तहत किसानों को सौर ऊर्जा से चलने वाले पंप लगाने के लिए सरकारी सहायता दी जाती है। इससे सिंचाई का खर्च कम करने के साथ बिजली की बचत भी की जा सकती है।

सोलर पंप से हर साल होगी बचत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस योजना के फायदे बताते हुए कहा है कि देश के 30 लाख से अधिक किसान सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं। उनके अनुसार, सोलर पंप के इस्तेमाल से किसान सालाना करीब 1 लाख रुपये तक की बचत कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक बचत किसान के सिंचाई खर्च और पंप के इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।

सोलर पंप पर कितनी मिलेगी सब्सिडी?

पीएम कुसुम योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर पंप लगाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य सहायता ढांचे के अनुसार: केंद्र सरकार की ओर से 30 प्रतिशत तक सब्सिडी। जबकि राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 प्रतिशत सहायता। किसान को लगभग 40 प्रतिशत राशि स्वयं या बैंक ऋण के माध्यम से जुटानी होती है। कुछ विशेष राज्यों और क्षेत्रों में सब्सिडी का अनुपात अलग हो सकता है। इसलिए आवेदन से पहले अपने राज्य की योजना और निर्धारित शर्तों की जानकारी जरूर लें।

बंजर जमीन से भी कर सकते हैं कमाई

इस योजना का फायदा सिर्फ सिंचाई तक सीमित नहीं है। किसान अपनी अनुपयोगी या खेती के लिए कम उपयुक्त जमीन पर 500 किलोवाट से 2 मेगावाट तक का सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने के विकल्प का लाभ भी ले सकते हैं। इससे बिजली उत्पादन करके ग्रिड को बिजली बेचने और अतिरिक्त आमदनी का रास्ता खुल सकता है। इसके लिए निर्धारित नियमों और बिजली खरीद समझौते की शर्तें लागू होंगी।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

इस योजना के लिए पात्र किसान आवेदन कर सकते हैं। कुछ घटकों के तहत अपनी या लीज पर ली गई जमीन की व्यवस्था भी स्वीकार की जाती है। आवेदन की प्रक्रिया राज्य सरकार, संबंधित बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से पूरी की जा सकती है।

पीएम कुसुम योजना में आवेदन कैसे करें?

योजना की जानकारी और आवेदन के लिए किसान आधिकारिक वेबसाइट https://pmkusum.mnre.gov.in/ पर जा सकते हैं। यहां योजना के अलग-अलग घटकों, पात्रता और आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले अपने राज्य में उपलब्ध विकल्प और सब्सिडी की शर्तें जरूर जांच लें।

केंद्र सरकार की 2 धांसू योजनाएं, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। महंगाई के इस दौर में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देना हर किसी के लिए जरूरी है। खासकर ऐसी स्थिति में जब परिवार के कमाने वाले सदस्य के साथ कोई अनहोनी हो जाए या दुर्घटना के कारण काम करना मुश्किल हो जाए। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार दो बीमा योजनाएं चला रही है, जिनमें कम प्रीमियम देकर बीमा सुरक्षा प्राप्त की जा सकती है। 

इन योजनाओं के नाम प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना और प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना हैं। इन दोनों योजनाओं की खासियत यह है कि आम नागरिक भी कम खर्च में इनसे जुड़ सकते हैं। हालांकि, आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि कौन-सी योजना किस परिस्थिति में आर्थिक सहायता देती है।

1 .परिवार को आर्थिक सहारा देती है जीवन ज्योति बीमा योजना

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना उन लोगों के लिए उपयोगी है, जो अपनी मृत्यु की स्थिति में परिवार के लिए आर्थिक सहायता सुनिश्चित करना चाहते हैं। इसके तहत पात्र बीमाधारक की मृत्यु होने पर नामांकित व्यक्ति को 2 लाख रुपये का बीमा भुगतान मिल सकता है।

इस योजना में 18 से 50 वर्ष की आयु के पात्र व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। इसके लिए सालाना 436 रुपये का प्रीमियम निर्धारित है। यानी कम खर्च में परिवार के लिए जीवन बीमा सुरक्षा ली जा सकती है। योजना में शामिल होने के लिए बैंक या डाकघर के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है।

2 .दुर्घटना के समय मददगार है सुरक्षा बीमा योजना

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटनाओं से होने वाले नुकसान के लिए आर्थिक सुरक्षा देती है। इसमें 18 से 70 वर्ष की आयु के पात्र व्यक्ति शामिल हो सकते हैं और सालाना प्रीमियम केवल 20 रुपये है।

योजना के नियमों के अनुसार, दुर्घटना में मृत्यु या निर्धारित पूर्ण विकलांगता होने पर 2 लाख रुपये और निर्धारित आंशिक विकलांगता होने पर 1 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। इस तरह किसी गंभीर दुर्घटना की स्थिति में यह योजना परिवार को आर्थिक सहारा देने में मदद कर सकती है।

सिर्फ प्रीमियम नहीं, दोनों योजनाओं का अंतर भी समझें

दोनों योजनाओं का सालाना प्रीमियम जोड़ने पर कुल रकम 456 रुपये होती है। लेकिन इनके लाभ अलग-अलग हैं। जीवन ज्योति बीमा योजना मृत्यु की स्थिति में कवर देती है, जबकि सुरक्षा बीमा योजना केवल निर्धारित दुर्घटना संबंधी परिस्थितियों में लागू होती है। पात्रता और योजना के नियम पूरे होने पर व्यक्ति दोनों योजनाओं का लाभ ले सकता है।

योजना में शामिल होने के लिए बैंक या डाकघर में पात्र बचत खाता होना चाहिए। आवेदन करते समय नामांकित व्यक्ति का विवरण सही भरें और खाते में प्रीमियम कटने के लिए पर्याप्त राशि रखें। ध्यान रहे कि बीमा का लाभ संबंधित योजना की शर्तों के अनुसार ही मिलेगा। इसलिए आवेदन से पहले अपने बैंक या डाकघर से पूरी जानकारी जरूर प्राप्त करें।

सोने-चांदी के भाव में धड़ाम से गिरावट! ग्राहकों की हुई बल्ले-बल्ले, खरीदारी का सुनहरा मौका

नई दिल्ली। सोना और चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 3 नवंबर 2026 को बाजार से अहम खबर सामने आई है। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। ऐसे में त्योहारों के दौरान गहने खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की नजरें अब बाजार के ताजा भाव पर टिकी हैं। हालांकि, कीमतों में आगे क्या बदलाव होगा, यह बाजार की चाल पर निर्भर करेगा।

सोने-चांदी की कीमतों में कितनी गिरावट?

मंगलवार सुबह मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोना करीब 0.90 फीसदी की गिरावट के साथ 1,38,926 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। वहीं, चांदी में लगभग 2.33 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई और इसका भाव 1,79,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर खुला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव दिखाई दिया। COMEX पर सोना 3,956.90 डॉलर प्रति औंस और चांदी 50.425 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर कारोबार करती दिखाई दी। ध्यान दें कि ये बाजार के अलग-अलग समय के भाव हैं, इसलिए दिन के दौरान इनमें बदलाव हो सकता है।

दिल्ली से चेन्नई तक सोने के ताजा भाव

दिल्ली: 24 कैरेट ₹13,953, 22 कैरेट ₹12,791 और 18 कैरेट ₹10,469 प्रति ग्राम।

मुंबई: 24 कैरेट ₹13,938, 22 कैरेट ₹12,776 और 18 कैरेट ₹10,454 प्रति ग्राम।

कोलकाता: 24 कैरेट ₹13,938, 22 कैरेट ₹12,776 और 18 कैरेट ₹10,454 प्रति ग्राम।

चेन्नई: 24 कैरेट ₹13,938, 22 कैरेट ₹12,776 और 18 कैरेट ₹10,456 प्रति ग्राम।

बेंगलुरु: 24 कैरेट ₹13,938, 22 कैरेट ₹12,776 और 18 कैरेट ₹10,454 प्रति ग्राम।

हैदराबाद: 24 कैरेट ₹13,938, 22 कैरेट ₹12,776 और 18 कैरेट ₹10,454 प्रति ग्राम।

अहमदाबाद: 24 कैरेट ₹13,943, 22 कैरेट ₹12,781 और 18 कैरेट ₹10,459 प्रति ग्राम।

प्रमुख शहरों में चांदी का भाव

दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद और चेन्नई में चांदी का खुदरा भाव करीब 1,99,900 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है। वहीं, MCX पर कारोबार का शुरुआती भाव इससे अलग रहा। दोनों दरों में अंतर बाजार और कीमत तय करने के तरीके के कारण हो सकता है।

अगर आप सोना या चांदी खरीदने जा रहे हैं, तो केवल गिरावट देखकर फैसला न लें। खरीदारी के समय शुद्धता, मेकिंग चार्ज, जीएसटी और अंतिम बिल की जांच जरूर करें। बाजार में कीमतें तेजी से बदल सकती हैं, इसलिए भुगतान करने से पहले ताजा रेट की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

4 नवंबर को बनेगा ब्रह्म योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग!

राशिफल। 4 नवंबर 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन ब्रह्म योग का शुभ संयोग बन रहा है, जो नई योजनाओं, सकारात्मक प्रयासों और शुभ कार्यों के लिए अच्छा माना जाता है। पंचांग के अनुसार ब्रह्म योग सुबह करीब 8:01 बजे तक रहेगा। इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में और गुरु भी सिंह राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर कुछ राशियों के लिए धन, करियर और कारोबार के मामले में अच्छे संकेत मिल सकते हैं।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए दिन आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय के नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी या कारोबार में कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद भी बन सकती है। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और निवेश के मौके मिल सकते हैं। हालांकि कोई भी बड़ा आर्थिक फैसला सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

3. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ने का मौका दे सकता है। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को भी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए करियर और कारोबार के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। नौकरी में आपके काम की सराहना हो सकती है। व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और परिवार में कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

यूपी सरकार का फैसला, इन कर्मियों को 1 बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में साक्षर भारत योजना के तहत काम कर चुके साक्षरता कर्मियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से मानदेय का इंतजार कर रहे जिला और ब्लॉक समन्वयकों के साथ प्रेरकों को अब उनका बकाया भुगतान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए प्रदेश के 64 जिलों के लिए करीब 397.19 करोड़ रुपये की धनराशि आवंटित की है।

यह भुगतान उन कर्मियों से संबंधित है, जिन्होंने 31 मार्च 2018 तक साक्षर भारत योजना के अंतर्गत अपनी सेवाएं दी थीं। योजना के तहत गांवों और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को साक्षर बनाने का काम किया गया था। लंबे समय से मानदेय लंबित होने के कारण संबंधित कर्मचारी भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे थे।

किसे कितना मिलेगा मानदेय?

राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, योजना में काम करने वाले प्रेरकों को 2,000 रुपये प्रतिमाह की दर से मानदेय दिया जाएगा। वहीं, जिला और ब्लॉक समन्वयकों के लिए यह दर 6,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित की गई है। संबंधित कर्मियों का कुल बकाया उनकी कार्य अवधि और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर तय किया जाएगा।

भुगतान से पहले होगी दस्तावेजों की जांच

सरकार ने भुगतान की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सत्यापन को जरूरी किया है। संबंधित जिलों में कर्मचारियों की उपस्थिति, उनके द्वारा किए गए कार्य और उपलब्ध दस्तावेजों की जांच की जाएगी। जिला स्तर पर मौजूद ऑडिट रिपोर्ट और अन्य अभिलेखों के आधार पर प्रत्येक कर्मचारी की बकाया राशि निर्धारित होगी। जांच पूरी होने के बाद पात्र कर्मियों के बैंक खातों में सीधे भुगतान किया जाएगा। 

जिलों को समयसीमा में प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश

बेसिक शिक्षा विभाग ने संबंधित जिलों को आवंटित धनराशि का उपयोग 31 दिसंबर तक करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा, पांच जनवरी तक खर्च का पूरा विवरण और उपयोगिता प्रमाणपत्र निदेशालय को भेजना होगा। इससे भुगतान की प्रक्रिया को तय समयसीमा में पूरा करने की तैयारी है।

8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारियों की 6 बड़ी मांगें, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग से रेलवे कर्मचारियों को काफी उम्मीदें हैं। कर्मचारी चाहते हैं कि उनकी बढ़ती जिम्मेदारियों, कठिन ड्यूटी और काम के दौरान होने वाले जोखिम को देखते हुए वेतन और भत्तों में सुधार किया जाए। इसी सिलसिले में ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं।

AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने 30 अक्टूबर 2026 को संगठन से जुड़े प्रतिनिधियों को पत्र भेजकर आयोग के साथ हुई बैठक की जानकारी दी। बैठक में आयोग की अध्यक्ष रंजना प्रकाश देसाई के सामने रेलवे कर्मचारियों की समस्याएं और उनकी मांगें रखी गईं।

रेलवे कर्मचारियों की 6 प्रमुख मांगें

1. वेतन में बढ़ोतरी: AIRF का कहना है कि रेलवे में नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ कर्मचारियों की जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। इसलिए उनकी योग्यता और काम के अनुरूप बेहतर वेतन मिलना चाहिए।

2. जोखिम और कठिनाई भत्ता: पटरियों, ट्रेनों और तकनीकी व्यवस्थाओं में काम करने वाले कर्मचारियों को कई तरह के खतरों का सामना करना पड़ता है। संगठन ने ऐसे कर्मचारियों के लिए जोखिम, कठिनाई और विशेष भत्ते की मांग की है। पहाड़ी क्षेत्रों में तैनात कर्मियों के लिए पहाड़ी भत्ता देने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

3. ट्रैक मेंटेनर्स को बेहतर सुविधाएं: ट्रैक मेंटेनर्स को मौसम की कठिन परिस्थितियों में रेलवे लाइन की सुरक्षा करनी पड़ती है। AIRF चाहता है कि उनके वेतन और सुविधाओं में सुधार हो और उन्हें अन्य तकनीकी कर्मचारियों के समान उचित मिले।

4. महिला कर्मचारियों की सुविधाएं: महिला लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर्स की ड्यूटी से जुड़ी परेशानियों को भी आयोग के सामने उठाया गया है। संगठन ने उनके लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

5. वेतन स्तरों का विलय: AIRF ने कुछ बीच के वेतन स्तरों को मिलाने का सुझाव दिया है। संगठन के मुताबिक, इससे वेतन में असमानता कम करने और कर्मचारियों के लिए प्रमोशन के अवसर बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

6. पद और जिम्मेदारी के अनुसार भत्ते: संगठन चाहता है कि अलग-अलग विभागों में काम की प्रकृति और जोखिम को ध्यान में रखकर भत्ते तय किए जाएं। लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर, ट्रैक मेंटेनर्स और तकनीकी कर्मचारियों के लिए उचित जोखिम व ड्रेस भत्ते की मांग की गई है।

कर्मचारियों को आयोग से क्या उम्मीद?

रेलवे कर्मचारी चाहते हैं कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में उनकी मेहनत और काम की कठिन परिस्थितियों को उचित स्थान मिले। हालांकि, AIRF की ये मांगें फिलहाल प्रस्ताव हैं। इन पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 63% DA से बढ़ेगी ग्रेच्युटी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) में 3 फीसदी की बढ़ोतरी का असर अब रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी पर भी पड़ सकता है। DA को 60 फीसदी से बढ़ाकर 63 फीसदी किए जाने के बाद कर्मचारियों की आखिरी सैलरी के साथ ग्रेच्युटी की गणना में भी बदलाव होगा। 

यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी गई है। इससे करीब 48.54 लाख कर्मचारी और 68.71 लाख पेंशनर्स लाभान्वित होंगे। दरअसल, ग्रेच्युटी की रकम कर्मचारी की अंतिम बेसिक सैलरी, महंगाई भत्ते और कुल योग्य सेवा अवधि के आधार पर तय होती है। ऐसे में DA बढ़ने से रिटायरमेंट के समय मिलने वाली एकमुश्त रकम भी बढ़ सकती है।

80 हजार रुपये बेसिक सैलरी पर कितना फायदा?

मान लीजिए किसी कर्मचारी की अंतिम बेसिक सैलरी 80,000 रुपये है और उसने 33 साल की सेवा पूरी की है। 60 फीसदी DA के हिसाब से उसकी बेसिक सैलरी और DA मिलाकर कुल रकम 1,28,000 रुपये होती है। इस आधार पर ग्रेच्युटी करीब 21.12 लाख रुपये बनती है।

वहीं, DA बढ़कर 63 फीसदी होने पर महंगाई भत्ता 50,400 रुपये हो जाएगा। इससे कुल वेतन 1,30,400 रुपये हो जाएगा और ग्रेच्युटी बढ़कर करीब 21.52 लाख रुपये पहुंच सकती है। यानी इस उदाहरण में कर्मचारी को लगभग 39,600 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।

सभी कर्मचारियों को नहीं मिलेगा समान फायदा

हालांकि, DA में बढ़ोतरी का लाभ हर कर्मचारी को एक जैसा नहीं मिलेगा। इसका फायदा उसकी सैलरी, नौकरी की अवधि और ग्रेच्युटी की अधिकतम निर्धारित सीमा पर निर्भर करेगा। जिन कर्मचारियों की ग्रेच्युटी पहले ही 25 लाख रुपये की सीमा तक पहुंच चुकी है, उन्हें अतिरिक्त बढ़ोतरी का लाभ नहीं मिल सकता।

इस तरह DA में 3 फीसदी की बढ़ोतरी केवल मासिक वेतन और पेंशन से ही नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आर्थिक सुरक्षा के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

बिहार के लोगों को खुशखबरी! 4 नए एक्सप्रेस-वे से जुड़ेंगे कई जिले!

पटना। बिहार में सड़क और परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में कई बड़ी परियोजनाओं पर काम आगे बढ़ाने की तैयारी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर राज्य की चार प्रमुख सड़क और पुल परियोजनाओं को जल्द मंजूरी देने का अनुरोध किया। इन योजनाओं पर करीब 49,751 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इनकी कुल लंबाई लगभग 330 किलोमीटर बताई गई है।

पटना से पूर्णिया तक सफर होगा आसान

प्रस्तावित परियोजनाओं में पटना-पूर्णिया फोरलेन सड़क प्रमुख है। करीब 31,987 करोड़ रुपये की इस योजना से सात जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा सरिस्ताबाद-दीदारगंज और अनीसाबाद-दीदारगंज के बीच सिक्सलेन एलिवेटेड रोड और सर्विस रोड बनाने की भी योजना है। इससे राजधानी पटना में यातायात का दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।

इन सड़क परियोजनाओं पर भी नजर

मुख्यमंत्री ने गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेस-वे को अधिसूचित करने और रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे के काम को आगे बढ़ाने का मुद्दा भी उठाया। गोरखपुर-सिलीगुड़ी मार्ग से उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को लाभ मिलने की उम्मीद है। वहीं, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड हाईवे परियोजना की अनुमानित लागत 7,331.40 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अलावा एनएच-727एए के तहत करीब 1,976.77 करोड़ रुपये की परियोजना बेतिया को उत्तर प्रदेश से जोड़ने में मदद करेगी। मुजफ्फरपुर-बरौनी एनएच-122 के फोरलेन चौड़ीकरण में तेजी लाने की मांग भी की गई है।

केंद्र की मंजूरी का इंतजार

राज्य सरकार की ओर से छह राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की डीपीआर भी केंद्र को भेजी गई है। इनकी अनुमानित लागत 13,015 करोड़ रुपये है। इनमें विक्रमशिला पुल का पहुंच पथ और मशरख-चकिया-भिट्ठामोड़ फोरलेन चौड़ीकरण शामिल हैं। अब इन योजनाओं को तकनीकी, वित्तीय और अंतिम केंद्रीय मंजूरी मिलने का इंतजार है। मंजूरी मिलने के बाद बिहार के कई जिलों में आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिल सकती है।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! यूपी में 10वीं पास से ग्रेजुएट तक के लिए सीधी भर्ती

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए दिवाली से पहले रोजगार पाने का अच्छा अवसर सामने आया है। वाराणसी में तीन दिवसीय मेगा रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इसमें 10वीं पास से लेकर आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट तक के अभ्यर्थी हिस्सा ले सकेंगे। इस मेले में करीब 40 कंपनियों के शामिल होने की संभावना है, जो अलग-अलग पदों के लिए युवाओं का चयन करेंगी।

तीन दिनों तक तीन अलग-अलग जगहों पर लगेगा मेला

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय की ओर से आयोजित इस रोजगार मेले की शुरुआत 3 नवंबर 2026 से होगी। पहले दिन जगतपुर इंटर कॉलेज, जगतपुर में अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। 4 नवंबर को क्रेडेंस इंटरनेशनल स्कूल, उमरहा बाजार में रोजगार मेला लगेगा। वहीं, 5 नवंबर को क्वींस इंटरमीडिएट कॉलेज, लहुराबीर में अंतिम चरण का आयोजन होगा।

12 हजार से 35 हजार रुपये तक सैलरी

इस रोजगार मेले में चयनित उम्मीदवारों को उनकी योग्यता और संबंधित पद के अनुसार नौकरी दी जाएगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, वेतन 12,000 रुपये से लेकर 35,000 रुपये प्रतिमाह तक हो सकता है। अभ्यर्थियों को कंपनियों के प्रतिनिधियों से सीधे बातचीत करने और इंटरव्यू देने का मौका मिलेगा। रोजगार मेले में सुबह 10 बजे से पहुंचा जा सकता है।

साथ लेकर जाएं ये जरूरी दस्तावेज

रोजगार मेले में शामिल होने वाले युवाओं को अपना अपडेटेड बायोडाटा, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो और शैक्षणिक प्रमाणपत्र साथ रखने चाहिए। इसमें 10वीं-12वीं की मार्कशीट के अलावा आईटीआई, डिप्लोमा, ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के प्रमाणपत्र भी शामिल कर सकते हैं।

इस तरह वाराणसी के युवाओं के साथ आसपास के क्षेत्रों के बेरोजगार अभ्यर्थियों के लिए भी अलग-अलग कंपनियों में नौकरी पाने का अवसर है। उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार निर्धारित तारीख और स्थान पर पहुंचकर चयन प्रक्रिया में हिस्सा ले सकते हैं।

यूपी सरकार ने दी सौगात! 1.89 करोड़ लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों उज्ज्वला योजना लाभार्थियों के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत 1.89 करोड़ से अधिक परिवारों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर का लाभ देने जा रही है। इस पहल से त्योहार के दौरान गरीब और जरूरतमंद परिवारों को रसोई के खर्च में राहत मिलेगी।

इस योजना के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लखनऊ स्थित लोकभवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों के आधार प्रमाणित बैंक खातों में करीब 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित करेंगे। इसके साथ ही कुछ लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से चेक भी दिए जाएंगे।

करोड़ों परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार की इस पहल का उद्देश्य उज्ज्वला योजना से जुड़े परिवारों को रसोई गैस की सुविधा उपलब्ध कराना और त्योहार के समय आर्थिक सहायता देना है। सब्सिडी की रकम सीधे बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे लाभार्थियों को इसका फायदा मिल सकेगा।

कार्यक्रम में कई मंत्री रहेंगे मौजूद

इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, खाद्य एवं रसद तथा नागरिक आपूर्ति मंत्री मनोज पाण्डेय और राज्य मंत्री सतीश चन्द्र शर्मा समेत कई अतिथि शामिल होंगे। दरअसल, दीपावली से पहले उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल से 1.89 करोड़ से अधिक उज्ज्वला परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है। लाभार्थियों के लिए यह त्योहार के मौके पर रसोई के बजट को संभालने में मददगार साबित हो सकता है।