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बिहार में स्कूल बंद: अगले 3 दिन नहीं लगेंगी कक्षाएं, जारी हुआ नया आदेश

पटना। बिहार के स्कूली बच्चों के लिए अक्टूबर की शुरुआत में लगातार तीन दिनों की छुट्टी रहने वाली है। 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर 2026 तक स्कूलों में कक्षाएं नहीं होंगी। इस दौरान गांधी जयंती, जिउतिया पर्व और रविवार का अवकाश रहेगा। लंबे वीकेंड से विद्यार्थियों के साथ शिक्षकों और अभिभावकों को भी राहत मिलेगी।

2 अक्टूबर को गांधी जयंती की छुट्टी

2 अक्टूबर, शुक्रवार को महात्मा गांधी की जयंती है। देशभर में इस दिन राष्ट्रीय अवकाश रहता है। बिहार के स्कूलों में भी गांधी जयंती के अवसर पर शैक्षणिक कार्य बंद रहेंगे। इस दिन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को याद किया जाता है और विभिन्न जगहों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

3 अक्टूबर को जिउतिया की छुट्टी

3 अक्टूबर, शनिवार को जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जिउतिया पर्व मनाया जाएगा। बिहार में इस त्योहार का खास महत्व है। इस अवसर पर महिलाओं द्वारा संतान की लंबी उम्र और सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखा जाता है।

4 अक्टूबर को रविवार की रहेगी छुट्टी

तीसरे दिन यानी 4 अक्टूबर को रविवार होने के कारण स्कूलों में साप्ताहिक अवकाश रहेगा। इस तरह 2, 3 और 4 अक्टूबर को लगातार तीन दिन स्कूल बंद रहेंगे।

5 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी कक्षाएं

तीन दिन की छुट्टी खत्म होने के बाद 5 अक्टूबर, सोमवार से सरकारी स्कूल अपने निर्धारित समय के अनुसार दोबारा खुलेंगे। विद्यार्थियों को छुट्टी के बाद नियमित रूप से स्कूल जाना होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग के 5 ताजा अपडेट

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर अक्टूबर की शुरुआत में गतिविधियां तेज हैं। आयोग की ओर से देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों के साथ बातचीत की जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों की नजर अब बैठकों, सुझावों और आने वाली सिफारिशों पर है।

1. अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई का दौरा

आयोग का अगला अहम कार्यक्रम 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु में है। इसके बाद 22-23 अक्टूबर को मुंबई में बैठकें होंगी। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर दोनों दौरों से संबंधित नोटिस जारी किए गए हैं।

2. मुंबई बैठक के लिए 10 तक मौका

मुंबई में 22 और 23 अक्टूबर को होने वाली बैठक के लिए संबंधित संगठनों से मिलने के आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 रखी गई है। आयोग ने इसके लिए आधिकारिक अपॉइंटमेंट लिंक भी उपलब्ध कराया है।

3. आयोग को 18 महीने में देनी है रिपोर्ट

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। केंद्र सरकार के मुताबिक आयोग को अपनी सिफारिशें गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर देनी हैं। यानी आयोग के पास रिपोर्ट तैयार करने के लिए तय समयसीमा है।

4. फिटमेंट फैक्टर पर अभी कोई अंतिम आंकड़ा नहीं

फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक पे को लेकर कर्मचारी संगठनों की ओर से अलग-अलग मांगें सामने आती रही हैं। लेकिन अभी तक सरकार या 8वें वेतन आयोग ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर या ₹69,000 न्यूनतम बेसिक पे को अंतिम रूप से मंजूर नहीं किया है। इसलिए इन आंकड़ों को फिलहाल मांग/प्रस्ताव के रूप में ही देखना चाहिए।

5. 1 जनवरी 2026 से प्रभाव को लेकर क्या है स्थिति?

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग के संदर्भ में कहा है कि पिछले वेतन आयोगों की तरह इसकी सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना जा रहा है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि नई सैलरी या पेंशन की राशि अभी तय हो चुकी है। वास्तविक वेतन संशोधन आयोग की सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

सैलरी और पेंशन को लेकर अभी क्या तय नहीं हुआ?

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर, नई न्यूनतम बेसिक सैलरी और अंतिम पेंशन वृद्धि का आधिकारिक आंकड़ा सामने नहीं आया है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे ₹69,000 बेसिक पे, 3.833 फिटमेंट फैक्टर या किसी निश्चित वेतन बढ़ोतरी के दावों को सरकारी फैसला मानना सही नहीं होगा।

अभी आयोग की प्रक्रिया में बैठकें, सुझाव और आंकड़ों का संकलन महत्वपूर्ण चरण हैं। आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों के बाद ही कर्मचारियों और पेंशनर्स की वास्तविक वेतन-पेंशन तस्वीर स्पष्ट होगी।

डायबिटीज होने के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज यानी मधुमेह आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। यह ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है। कई बार शुरुआत में इसके लक्षण इतने सामान्य होते हैं कि लोग उन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। यही वजह है कि कुछ लोगों को लंबे समय तक डायबिटीज होने की जानकारी नहीं मिल पाती।

हालांकि, शरीर में होने वाले कुछ बदलाव हाई ब्लड शुगर की ओर इशारा कर सकते हैं। अगर ये लक्षण लगातार बने रहें, तो केवल अनुमान लगाने के बजाय ब्लड शुगर की जांच और डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

1. बार-बार पेशाब आना

डायबिटीज में ब्लड शुगर बढ़ने पर शरीर अतिरिक्त ग्लूकोज को पेशाब के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करता है। इसकी वजह से व्यक्ति को सामान्य से अधिक बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना भी एक संकेत हो सकता है।

2. बहुत ज्यादा प्यास लगना

बार-बार पेशाब जाने के कारण शरीर में पानी की कमी हो सकती है। ऐसे में व्यक्ति को बार-बार या सामान्य से ज्यादा प्यास महसूस हो सकती है। अगर पर्याप्त पानी पीने के बावजूद लगातार अत्यधिक प्यास लग रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. बिना वजह वजन कम होना

खाने-पीने में कोई खास बदलाव न होने के बावजूद अगर वजन लगातार कम हो रहा है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। अनियंत्रित डायबिटीज भी उनमें से एक है। जब शरीर ग्लूकोज का सही तरीके से इस्तेमाल नहीं कर पाता, तो वह ऊर्जा के लिए दूसरे स्रोतों का इस्तेमाल करने लगता है, जिससे वजन घट सकता है।

4. हर समय थकान महसूस होना

लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना भी हाई ब्लड शुगर से जुड़ा हो सकता है। शरीर में मौजूद ग्लूकोज ऊर्जा का प्रमुख स्रोत है, लेकिन इंसुलिन की समस्या होने पर ग्लूकोज का इस्तेमाल ठीक से नहीं हो पाता। इसके कारण व्यक्ति को पर्याप्त आराम के बाद भी सुस्ती या थकान महसूस हो सकती है।

5. धुंधला दिखाई देना

ब्लड शुगर का स्तर बढ़ने पर आंखों के लेंस में अस्थायी बदलाव हो सकते हैं, जिससे नजर धुंधली लग सकती है। कुछ लोगों में शुगर नियंत्रित होने पर यह समस्या बेहतर हो सकती है, लेकिन अचानक या लगातार नजर धुंधली होना कई अन्य कारणों से भी हो सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में आंखों की जांच कराना जरूरी है।

केंद्र सरकार का बड़ा आदेश! ब्याज दरों पर लिया अहम फैसला, करोड़ों लोगों पर होगा असर

नई दिल्ली। छोटी-छोटी बचत के जरिए भविष्य को सुरक्षित करने वाले करोड़ों लोगों के लिए अक्टूबर का महीना एक अहम खबर लेकर आया है। सरकार ने फिलहाल छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में किसी तरह का बदलाव नहीं किया है। यानी जिन लोगों का पैसा PPF, सुकन्या समृद्धि योजना, NSC या डाकघर की दूसरी बचत योजनाओं में लगा है, उन्हें फिलहाल पहले वाली दर के हिसाब से ही ब्याज मिलता रहेगा।

वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों से जुड़े विभाग ने अक्टूबर से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए इन योजनाओं की नई ब्याज दरें जारी कर दी हैं। इस बार सरकार ने दरों को बढ़ाने या घटाने के बजाय उन्हें मौजूदा स्तर पर बनाए रखने का फैसला किया है।

तीन महीने तक नहीं बदलेगी ब्याज दर

सरकार का यह फैसला 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसका मतलब है कि इस दौरान छोटी बचत योजनाओं में मिलने वाला ब्याज पिछली तिमाही जैसा ही रहेगा। निवेशकों के लिए इसका सबसे बड़ा मतलब यह है कि उन्हें अचानक कम ब्याज मिलने जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, नई रकम निवेश करने वालों को भी इसी अवधि में लागू दरों के अनुसार रिटर्न मिलेगा।

कौन सी स्कीम पर कितना ब्याज?

सुकन्या समृद्धि योजना: 8.2 फीसदी

सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम: 8.2 फीसदी

नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC): 7.7 फीसदी

किसान विकास पत्र (KVP): 7.5 फीसदी

5 साल की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट: 7.5 फीसदी

पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम: 7.4 फीसदी

पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): 7.1 फीसदी

5 साल की पोस्ट ऑफिस आरडी: 6.7 फीसदी

इन दरों के आधार पर निवेशकों को अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर की तिमाही में ब्याज मिलेगा।

अक्टूबर में बनेंगे 5 राजयोग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। अक्टूबर का महीना ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। इस महीने ग्रहों की चाल में कई महत्वपूर्ण बदलाव होंगे, जिसके चलते त्रिग्रही योग, बुधादित्य योग, लक्ष्मी नारायण योग और मालव्य योग जैसे शुभ संयोग बनेंगे। इसके अलावा महीने के अंत में गुरु का सिंह राशि में प्रवेश भी कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जाएगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से पड़ सकता है और उन्हें धन लाभ, करियर में तरक्की तथा नए अवसर मिल सकते हैं।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. मेष राशि

अक्टूबर में बनने वाले इन शुभ योगों का मेष राशि के जातकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति मजबूत होने की संभावना है। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम भी गति पकड़ सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए बुध से बनने वाले योग विशेष महत्व रख सकते हैं। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के मौके प्राप्त हो सकते हैं। बातचीत और संपर्कों के माध्यम से कोई महत्वपूर्ण काम बन सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

3. सिंह राशि

गुरु का सिंह राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के योग बन सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए शुक्र से जुड़े शुभ योगों का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। सुख-सुविधाओं में वृद्धि और भौतिक संसाधनों पर खर्च के योग बन सकते हैं। व्यापार और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को फायदा हो सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का राशि परिवर्तन महत्वपूर्ण माना जा सकता है। भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद रहेगी और कामकाज में तरक्की के अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी, व्यापार और शिक्षा से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति भी पहले की तुलना में बेहतर हो सकती है।

बिहार के इन परिवारों को बड़ी राहत! सरकार भेजेगी 7-7 हजार रुपये

पटना। बिहार में बाढ़ से प्रभावित परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने बाढ़ पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता देने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पश्चिम चंपारण के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेते हुए अधिकारियों को प्रभावित परिवारों के बैंक खातों में 7-7 हजार रुपये की सहायता राशि भेजने के निर्देश दिए हैं।

9 अक्टूबर को DBT से भेजने की तैयारी

मिली जानकारी के मुताबिक, राहत राशि 9 अक्टूबर को डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए लाभार्थियों के खातों में भेजे जाने की तैयारी है। यानी दुर्गापूजा से पहले प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद मिलने की उम्मीद है। इससे पहले भी राज्य सरकार की ओर से 8,27,472 बाढ़ प्रभावित परिवारों को करीब 579.23 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है।

राहत शिविर में सीएम ने परोसा खाना

मुख्यमंत्री ने पश्चिम चंपारण के बैरिया प्रखंड में राहत शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां रह रहे लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली और सामुदायिक रसोई में खुद लोगों को भोजन परोसा। इसके बाद अधिकारियों के साथ बैठक कर राहत कार्यों की समीक्षा की गई।

राहत शिविर और राशन की व्यवस्था

सरकार ने निर्देश दिया है कि जब तक बाढ़ की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, प्रभावित इलाकों में सामुदायिक रसोई चलती रहें। जरूरतमंद लोगों को सूखा राशन और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।

बाढ़ के स्थायी समाधान पर भी काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नेपाल की तराई से आने वाले पानी के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। स्थायी समाधान की दिशा में कोसी और महानंदा नदी का वैज्ञानिक सर्वे कराया जा रहा है। सरकार का कहना है कि पानी घटने के साथ कई इलाकों में हालात जल्द सामान्य होने की उम्मीद है।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में 10वीं, ग्रेजुएट, डिप्लोमा वालों के लिए बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने खेल निदेशालय में विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 108 पद भरे जाएंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग निर्धारित की गई है।

इन पदों पर होगी भर्ती

भर्ती में ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच और लाइफगार्ड समेत कई पद शामिल हैं। असिस्टेंट कोच के पदों पर विभिन्न खेलों के लिए नियुक्तियां की जाएंगी। पद के अनुसार 10वीं, डिप्लोमा या स्नातक योग्यता वाले उम्मीदवारों के लिए अवसर उपलब्ध हो सकते हैं।

14 अक्टूबर से आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 4 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के जरिए ऑनलाइन किया जाएगा।

PET-2025 स्कोर जरूरी

यह भर्ती Sports Directorate Main Examination (PET-2025)/22 के तहत होगी और इसका विज्ञापन संख्या 22-परीक्षा/2026 है। मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों को उनके PET-2025 के नॉर्मलाइज्ड स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद लिखित परीक्षा के जरिए चयन प्रक्रिया पूरी होगी।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन पढ़ें

अलग-अलग पदों के लिए योग्यता, आयु सीमा, शुल्क और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले UPSSSC की वेबसाइट पर जारी आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें और अपनी पात्रता जांचने के बाद ही फॉर्म भरें।

किडनी खराब होने से पहले शरीर देता है ये 5 संकेत! समय रहते पहचानें

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। यह खून से अपशिष्ट पदार्थ और अतिरिक्त पानी बाहर निकालने के साथ शरीर में तरल पदार्थ और कई जरूरी तत्वों का संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। किडनी की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में कुछ बदलाव नजर आ सकते हैं। हालांकि, शुरुआती किडनी बीमारी में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण भी नहीं दिखते। ऐसे में नियमित जांच खास तौर पर जोखिम वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण है।

1. पैरों और चेहरे पर सूजन

किडनी ठीक तरह से काम न करने पर शरीर में अतिरिक्त पानी और नमक जमा हो सकता है। इससे पैरों, टखनों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है।

2. पेशाब में बदलाव

पेशाब की मात्रा या बार-बार पेशाब आने के तरीके में बदलाव किडनी से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। पेशाब में झाग या खून दिखाई देना भी जांच की वजह हो सकता है।

3. लगातार थकान और कमजोरी

किडनी की बीमारी बढ़ने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा हो सकते हैं। इसके साथ व्यक्ति को लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

4. भूख कम लगना और मतली

किडनी की कार्यक्षमता गंभीर रूप से प्रभावित होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ बढ़ सकते हैं। ऐसी स्थिति में भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसी शिकायत हो सकती है।

5. सांस फूलना या नींद में परेशानी

शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने या किडनी की बीमारी से जुड़ी अन्य समस्याओं के कारण सांस फूलना और नींद में परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई लक्षण दिखने का मतलब यह नहीं है कि किडनी खराब हो रही है, क्योंकि इनके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। लेकिन लगातार सूजन, पेशाब में खून, सांस लेने में गंभीर परेशानी या तेजी से बिगड़ती तबीयत को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार ब्लड टेस्ट, यूरिन टेस्ट और किडनी की जांच की सलाह दे सकते हैं।

यूपी में बिजली ग्राहकों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगी बिल में राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अक्टूबर का महीना राहत लेकर आया है। इस महीने बिजली बिल में 5.24 फीसदी की कमी देखने को मिल सकती हैं। यूपी पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने अक्टूबर के लिए फ्यूल एंड पावर परचेज एडजस्टमेंट सरचार्ज यानी FPPAS को -5.24 फीसदी तय किया है।

करीब 425 करोड़ रुपये की बचत

इस कटौती का सीधा फायदा बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। अनुमान के मुताबिक अक्टूबर में इस राहत से उपभोक्ताओं की कुल करीब 424.45 करोड़ रुपये की बचत होगी। यह फैसला जुलाई में बिजली खरीद और वितरण की लागत के आधार पर लिया गया है।

जुलाई में UPPCL ने करीब 16,407.07 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी थी। इसकी औसत खरीद लागत ₹4.69 प्रति यूनिट रही, जो स्वीकृत ₹4.94 प्रति यूनिट से कम थी। इसी अंतर के चलते अक्टूबर के लिए नकारात्मक FPPAS तय हुआ।

लगातार चौथे महीने मिली राहत

खास बात यह है कि अक्टूबर लगातार चौथा महीना है, जब FPPAS के जरिए उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आई है। इससे पहले जुलाई में 4.43 फीसदी, अगस्त में 2.92 फीसदी और सितंबर में 7.93 फीसदी की राहत दी गई थी।

UPPCL के अनुसार यह व्यवस्था निर्धारित नियामकीय नियमों के तहत लागू की जाती है। ऐसे में अक्टूबर के बिजली बिल में उपभोक्ताओं को इस कटौती का सीधा लाभ देखने को मिलेगा।

केंद्र सरकार की भर गई झोली, GST कलेक्शन में 14.7% उछाल

नई दिल्ली। देश में जीएसटी से होने वाली कमाई में सितंबर महीने के दौरान जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक सितंबर में कुल ₹2,03,521 करोड़ का GST कलेक्शन हुआ, जो पिछले साल इसी महीने के मुकाबले 14.7 फीसदी अधिक है। वहीं वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही यानी अप्रैल से सितंबर के दौरान कुल GST संग्रह ₹12,46,278 करोड़ रहा।

नेट GST रेवेन्यू भी बढ़ा

सितंबर के आंकड़ों में CGST से ₹37,762 करोड़, SGST से ₹45,363 करोड़ और IGST से ₹1,20,396 करोड़ का संग्रह हुआ। इस दौरान नेट GST रेवेन्यू सालाना आधार पर 18.1 फीसदी बढ़कर करीब ₹1,76,520 करोड़ रहा। वहीं, रिफंड की बात करें तो सितंबर में पिछले साल की तुलना में इसमें करीब 3 फीसदी की कमी दर्ज की गई। इससे नेट राजस्व में बढ़ोतरी को भी सहारा मिला।

महाराष्ट्र सबसे आगे, यूपी की बढ़ी कमाई

राज्यों में सितंबर के दौरान महाराष्ट्र सबसे आगे रहा। यहां GST कलेक्शन ₹29,986 करोड़ रहा, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 15 फीसदी ज्यादा है। इसके बाद कर्नाटक में ₹13,884 करोड़ और गुजरात में ₹12,222 करोड़ का संग्रह हुआ। उत्तर प्रदेश में भी GST कलेक्शन में अच्छी वृद्धि दर्ज की गई। राज्य का संग्रह करीब 18 फीसदी बढ़कर ₹8,882 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले साल सितंबर में यह ₹7,516 करोड़ था।

इन राज्यों में दर्ज हुई गिरावट

जहां कई राज्यों में GST संग्रह बढ़ा, वहीं कुछ राज्यों में कमी भी देखने को मिली। सिक्किम में कलेक्शन 51 फीसदी घटकर ₹194 करोड़ रहा। जम्मू-कश्मीर में 29 फीसदी, उत्तराखंड में 23 फीसदी और हिमाचल प्रदेश में 21 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। तमिलनाडु में भी GST राजस्व करीब 5 फीसदी कम हुआ।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में एकसाथ 2 नई भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने अलग-अलग विभागों में कुल 520 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया का ऐलान किया है। इनमें युवा कल्याण विभाग के 412 पद और खेल विभाग से जुड़े 108 पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तारीखों में ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .युवा कल्याण विभाग में 412 पद

UPSSSC ने विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026 के तहत क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में कुल 412 पद शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 6 नवंबर 2026 तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

2 .खेल विभाग में 108 पदों पर भर्ती

दूसरी भर्ती के तहत विभिन्न खेल पदों पर 108 रिक्तियां भरी जाएंगी। इसमें ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच (स्विमिंग), असिस्टेंट कोच (क्रिकेट) समेत कई पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। आवेदन केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर देखें

दोनों भर्तियों में पद के अनुसार योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना चाहिए। निर्धारित तारीख के बाद आवेदन का मौका नहीं मिलेगा।

सूर्य-शनि का प्रतियुति योग, 3 राशियों की चमकेगी किस्मत! धन और करियर में लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार अक्टूबर की शुरुआत में सूर्य और शनि की विशेष स्थिति बनने जा रही है। 4 अक्टूबर 2026 को शाम 5 बजकर 56 मिनट पर कन्या राशि में स्थित सूर्य और मीन राशि में वक्री शनि एक-दूसरे के ठीक सामने होंगे। दोनों ग्रहों की यह 180 डिग्री की स्थिति प्रतियुति या समसप्तक योग के नाम से जानी जाती है।

आपको बता दें की ज्योतिषीय मान्यता है कि इस योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। खास तौर पर कुछ राशियों के लिए यह समय कामकाज और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत दे सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर से जुड़े मामलों में उपयोगी मानी जा सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ने की संभावना बन सकती है।

कन्या राशि

सूर्य के कन्या राशि में होने से इस राशि के जातकों के लिए समय महत्वपूर्ण रह सकता है। नौकरी या कारोबार से जुड़े फैसलों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए प्रतियुति योग मेहनत का परिणाम मिलने का संकेत दे सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक स्थिति बन सकती है।

यूपी से चलेगी नई अमृत भारत एक्सप्रेस, 19 शहरों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के यात्रियों के लिए रेलवे की ओर से बड़ी खुशखबरी है। चरलापल्ली (हैदराबाद) और गोरखपुर के बीच चलने वाली विशेष ट्रेन को अब नियमित अमृत भारत एक्सप्रेस के रूप में संचालित किया जाएगा। ट्रेन को नए नंबर 22075/22076 के साथ साप्ताहिक सेवा में शामिल किया गया है। इससे यूपी के साथ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तेलंगाना के यात्रियों को भी सीधा फायदा मिलेगा।

2 अक्टूबर से शुरू होगी सेवा

ट्रेन नंबर 22075 चरलापल्ली-गोरखपुर अमृत भारत एक्सप्रेस प्रत्येक शुक्रवार को रात 9:45 बजे चरलापल्ली से रवाना होगी और तीसरे दिन सुबह 6:25 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इसकी नियमित सेवा 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 22076 गोरखपुर-चरलापल्ली प्रत्येक रविवार को सुबह 8:30 बजे गोरखपुर से चलेगी और अगले दिन शाम 5 बजे चरलापल्ली पहुंचेगी। यह सेवा 4 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी।

इन प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी ट्रेन

इस अमृत भारत एक्सप्रेस का ठहराव काजीपेट, पेड्डापल्ली, मंचिरयाल, बल्हारशाह, चंद्रपुर, नागपुर, बैतूल, इटारसी, भोपाल, बीना, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी, उरई, पुखरायां, कानपुर सेंट्रल, ऐशबाग, लखनऊ सिटी, गोमती नगर, बाराबंकी और गोंडा जैसे स्टेशनों पर होगा।

ट्रेन में स्लीपर और जनरल क्लास के कोच उपलब्ध रहेंगे। यात्रियों को यात्रा से पहले समय और ठहराव की जानकारी रेलवे की आधिकारिक व्यवस्था से जांच लेने की सलाह दी गई है। सहायता के लिए रेल मदद हेल्पलाइन 139 पर संपर्क किया जा सकता है।

यूपी-मुंबई यात्रियों के लिए खुशखबरी! एक और स्पेशल ट्रेन का ऐलान

न्यूज डेस्क। त्योहारों के मौसम में यूपी और मुंबई के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। पूजा, दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे ने मऊ और लोकमान्य तिलक टर्मिनल के बीच फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। ट्रेन के संचालन से यूपी के साथ-साथ मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी।

दो दिन चलेगी स्पेशल ट्रेन

रेलवे के अनुसार ट्रेन नंबर 01123/01124 मऊ-लोकमान्य तिलक टर्मिनल-मऊ स्पेशल सप्ताह में दो दिन संचालित होगी। मुंबई से मऊ जाने वाली ट्रेन का संचालन 11 अक्टूबर 2026 से शुरू होगा, जबकि मऊ से वापसी की सेवा 13 अक्टूबर 2026 से शुरू की जाएगी।

ट्रेन नंबर 01123 लोकमान्य तिलक टर्मिनल से दोपहर 12:15 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 9:30 बजे मऊ जंक्शन पहुंचेगी। यह सेवा 11 अक्टूबर से 20 नवंबर के बीच निर्धारित दिनों में चलेगी और कुल 12 फेरे लगाएगी।

वापसी में ट्रेन नंबर 01124 मऊ से सुबह 4:15 बजे रवाना होगी और अगले दिन शाम 4:45 बजे लोकमान्य तिलक टर्मिनल पहुंचेगी। यह सेवा 13 अक्टूबर से 22 नवंबर 2026 तक निर्धारित दिनों में संचालित होगी और इसके भी 12 फेरे होंगे।

22 स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

स्पेशल ट्रेन दोनों दिशाओं में कुल 22 स्टेशनों पर रुकेगी। इनमें ठाणे, कल्याण, इगतपुरी, नासिक रोड, जलगांव, भुसावल, खंडवा, इटारसी, पिपरिया, नरसिंहपुर, मदनमहल, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, वाराणसी, जौनपुर, शाहगंज, खोरासन रोड, आजमगढ़ और मुहम्मदाबाद शामिल हैं।

22 कोच के साथ चलेगी ट्रेन

यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए ट्रेन में कुल 22 कोच लगाए जाएंगे। इनमें 11 स्लीपर, 5 जनरल, 4 थर्ड एसी और 2 एसएलआर कोच शामिल होंगे। ट्रेन में फर्स्ट एसी और सेकेंड एसी की सुविधा उपलब्ध नहीं होगी।

खुशखबरी से खिले चेहरे! यूपी में युवाओं के लिए 3 नई भर्ती, आवेदन का मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई अवसर सामने आए हैं। सैनिक स्कूल मैनपुरी, यूपीएसएसएससी और सीएमओ गाजियाबाद की ओर से अलग-अलग पदों पर भर्ती निकाली गई है। इनमें शिक्षक, काउंसलर, पशुधन विभाग के फार्मासिस्ट और मेडिकल ऑफिसर के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

1. सैनिक स्कूल मैनपुरी में 2 पद

सैनिक स्कूल मैनपुरी ने भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके तहत टीजीटी इंग्लिश और काउंसलर के कुल 2 पदों पर भर्ती की जाएगी। योग्य अभ्यर्थी निर्धारित आवेदन फॉर्म के जरिए ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 है। आवेदन फॉर्म और विस्तृत जानकारी स्कूल की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

2. पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट के 1,308 पद

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशु चिकित्सा फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा (PET-2025)/18 के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती के तहत पशुपालन विभाग में 1,308 पद भरे जाएंगे। आवेदन के लिए अभ्यर्थी का PET-2025 में शामिल होना और वैध स्कोर कार्ड होना जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

3. सीएमओ गाजियाबाद में मेडिकल ऑफिसर भर्ती

गाजियाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय की ओर से मेडिकल ऑफिसर के 30 पदों पर भर्ती का अवसर दिया गया है। इस भर्ती के लिए 15 अक्टूबर 2026 को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। पात्र उम्मीदवार निर्धारित तारीख पर जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचकर चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी के लिए सीएमओ गाजियाबाद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन देखना जरूरी है।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें

तीनों भर्तियों की योग्यता, आयु सीमा, वेतन, जरूरी दस्तावेज और चयन प्रक्रिया अलग-अलग हो सकती है। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी भर्ती नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। गलत या अधूरी जानकारी के साथ आवेदन करने से परेशानी हो सकती है।

मखाना है सेहत का खजाना! रोज खाने से मिल सकते हैं ये 5 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। मखाना भारतीय खान-पान में लंबे समय से इस्तेमाल किया जाता रहा है। इसे हल्का और पौष्टिक स्नैक माना जाता है। इसमें प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। भुना हुआ मखाना शाम के स्नैक के तौर पर आसानी से डाइट में शामिल किया जा सकता है। आइए जानते हैं इसके 5 संभावित फायदे।

1. वजन मैनेज करने में मददगार

मखाने में फाइबर पाया जाता है, जिससे पेट कुछ समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है। ऐसे में बार-बार स्नैकिंग और अनावश्यक खाने से बचने में मदद मिल सकती है। हालांकि, वजन घटाने के लिए पूरी डाइट और शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है।

2. दिल की सेहत के लिए उपयोगी

मखाना कम वसा वाला स्नैक हो सकता है, खासकर जब इसे बिना ज्यादा घी या तेल के भूनकर खाया जाए। संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर इसे दिल की सेहत के लिए बेहतर स्नैक विकल्प माना जा सकता है।

3. पाचन के लिए फायदेमंद

मखाने में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के लिए उपयोगी होता है। पर्याप्त पानी के साथ फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकता है।

4. ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद

मखाना कार्बोहाइड्रेट का स्रोत है, लेकिन इसे प्रोटीन या अन्य फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों के साथ संतुलित मात्रा में खाने से भोजन को ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है। डायबिटीज वाले लोगों को इसकी मात्रा और तैयारी के तरीके को लेकर डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह लेनी चाहिए।

5. शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं

मखाने में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसलिए इसे रोजाना की डाइट में सीमित मात्रा में शामिल करना पौष्टिक स्नैक का विकल्प हो सकता है।

नसों में ब्लॉकेज के 5 बड़े संकेत! शरीर पहले ही देने लगता है चेतावनी

हेल्थ डेस्क। शरीर में रक्त का प्रवाह सही तरीके से बना रहना बेहद जरूरी है। जब धमनियों में प्लाक जमा होने या किसी अन्य कारण से रक्त का रास्ता संकरा होने लगता है, तो शरीर कुछ संकेत दे सकता है। इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। हालांकि, हर लक्षण का कारण ब्लॉकेज ही हो, यह जरूरी नहीं है।

1. सीने में दर्द या दबाव

सीने में बार-बार दर्द, भारीपन, दबाव या जकड़न महसूस होना हृदय की धमनियों में रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

2. चलते समय पैरों में दर्द

पैरों की धमनियों में रक्त प्रवाह कम होने पर कुछ लोगों को चलने या सीढ़ियां चढ़ने के दौरान पिंडलियों या पैरों में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस हो सकता है। आराम करने के बाद यह परेशानी कम हो सकती है।

3. सांस फूलना और असामान्य थकान

बिना ज्यादा मेहनत के सांस फूलना या रोजमर्रा के कामों में असामान्य थकान महसूस होना भी ध्यान देने वाला संकेत है। इसके कई कारण हो सकते हैं, इसलिए लगातार समस्या रहने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

4. हाथ-पैर में सुन्नपन या कमजोरी

शरीर के किसी हिस्से में अचानक कमजोरी, सुन्नपन या संवेदना कम होना गंभीर संकेत हो सकता है। खासकर अगर इसके साथ बोलने में परेशानी, चेहरे का एक हिस्सा टेढ़ा होना या देखने में दिक्कत हो, तो तुरंत आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

5. त्वचा का रंग या तापमान बदलना

पैरों या हाथों में रक्त का प्रवाह कम होने पर संबंधित अंग ठंडा पड़ सकता है या त्वचा के रंग में बदलाव दिखाई दे सकता है। पैरों में घाव का देर से भरना भी रक्त संचार की समस्या से जुड़ा हो सकता है।

समय पर जांच है जरूरी

नसों में ब्लॉकेज का पता केवल लक्षणों से नहीं लगाया जा सकता। डॉक्टर जरूरत के अनुसार रक्त जांच, ECG, अल्ट्रासाउंड/डॉप्लर या अन्य जांच की सलाह दे सकते हैं। सीने में तेज दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी या अचानक कमजोरी जैसे लक्षण सामने आएं तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

चंद्र-शुक्र की युति से चमकेगा भाग्य! 4 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ेगा धन

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 11 अक्टूबर 2026 को चंद्रमा और शुक्र की युति बनने वाली है। ज्योतिष में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, धन, कला और भौतिक समृद्धि से जुड़ा ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रहों की युति से कलात्मक योग बनने की मान्यता है। इसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

वृषभ राशि

चंद्र-शुक्र की युति वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर ला सकती है। नौकरीपेशा लोगों को काम में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार करने वालों को लाभ के नए रास्ते मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में उपयोगी रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आय के अतिरिक्त साधन मिलने के योग बन सकते हैं। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव विशेष माना जाता है। इस युति के दौरान धन से जुड़े मामलों में सुधार के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी और कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए चंद्र-शुक्र की युति सुख-सुविधाओं और आर्थिक स्थिति के लिहाज से अनुकूल मानी जा रही है। परिवार में खुशहाली बढ़ सकती है और किसी पुराने निवेश या रुके हुए आर्थिक मामले से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

केंद्रीय कर्मचारियों को एक नहीं दो खुशखबरी! दशहरे से पहले हो सकता है बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ ही केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर महंगाई भत्ते और बोनस से जुड़े फैसलों पर है। 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच DA में बढ़ोतरी और दिवाली बोनस को लेकर भी अपडेट सामने आया है। कर्मचारियों के लिए दोनों मामलों में फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

पहली खुशखबरी: DA में 3 फीसदी बढ़ोतरी

जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते की गणना जनवरी से जून तक के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर की जाती है। जून 2026 का इंडेक्स 151.9 दर्ज होने के बाद दिए गए गणित के मुताबिक DA की दर 63.78 फीसदी आती है।

मौजूदा DA 60 फीसदी है। इस हिसाब से प्रस्तावित बढ़ोतरी 3 प्रतिशत की बनती है और DA 63 फीसदी हो सकता है। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से प्रभावी मानी जा रही है। हालांकि, अंतिम भुगतान के लिए केंद्र सरकार की आधिकारिक मंजूरी और आदेश जरूरी होगा।

तीन महीने का एरियर भी संभव

अगर सरकार 63 फीसदी DA को मंजूरी देती है और इसे 1 जुलाई से लागू किया जाता है, तो जुलाई, अगस्त और सितंबर का अंतर कर्मचारियों को एरियर के तौर पर मिल सकता है। अक्टूबर की सैलरी के साथ इसका भुगतान होने की स्थिति में कर्मचारियों को त्योहारी सीजन में अतिरिक्त रकम मिल सकती है।

दूसरी खुशखबरी: बोनस पर भी नजर

DA के साथ दिवाली बोनस को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने सरकार से जल्द प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है। कुछ संगठनों ने वित्त मंत्रालय को पत्र भेजकर बोनस की घोषणा समय पर करने और बोनस की वेज सीलिंग में संशोधन करने की मांग रखी है।

खास तौर पर रेलवे, डाक और डिफेंस से जुड़े उत्पादकता आधारित बोनस पाने वाले कर्मचारियों के लिए वेज सीलिंग में बदलाव अहम हो सकता है। हालांकि, बोनस की राशि और नियमों पर अंतिम फैसला सरकार की ओर से जारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

दशहरे से पहले फैसले का इंतजार

केंद्रीय कर्मचारियों के बीच उम्मीद है कि त्योहारी सीजन में DA और बोनस से जुड़े फैसले जल्द सामने आ सकते हैं। फिलहाल DA बढ़ोतरी और बोनस से जुड़ी मांगें अलग-अलग प्रक्रियाओं में हैं, इसलिए अंतिम रकम और भुगतान की तारीख आधिकारिक घोषणा के बाद ही निश्चित होगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर! ₹18 हजार से ₹72 हजार तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजरें प्रस्तावित बदलावों पर टिकी हैं। इसी बीच भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) की ओर से तैयार किए गए एक ड्राफ्ट में कर्मचारियों के वेतन में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा गया है। इसमें न्यूनतम बेसिक पे को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹72,000 करने की सिफारिश की गई है।

4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग

BPMS के प्रस्ताव में 4.0 फिटमेंट फैक्टर रखने की मांग की गई है। मौजूदा 7वें वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 रहा था। प्रस्ताव के मुताबिक अगर 4.0 फैक्टर स्वीकार होता है तो Level-1 की एंट्री बेसिक पे ₹72,000 हो सकती है।

6% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव

ड्राफ्ट में वार्षिक वेतन वृद्धि को भी बढ़ाने की मांग की गई है। इसमें मौजूदा 3% की जगह 6% सालाना इंक्रीमेंट का प्रस्ताव है। यानी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी हर साल पहले की तुलना में अधिक गति से बढ़ाने का सुझाव दिया गया है।

कई पे-लेवल मर्ज करने का सुझाव

BPMS ने पे-मैट्रिक्स में कुछ लेवल को मिलाने का प्रस्ताव भी रखा है। इसमें Level 2 और 3, Level 4 और 5 तथा Level 9 और 10 को मर्ज करने का सुझाव शामिल है। संगठन का कहना है कि इससे वेतन संरचना में मौजूद कुछ विसंगतियों को दूर करने में मदद मिल सकती है।

Level 1 से 18 तक प्रस्तावित बढ़ोतरी

ड्राफ्ट के अनुसार Level-1 की एंट्री बेसिक पे ₹72,000 प्रस्तावित है। वहीं Level-6 के लिए ₹1,41,600, Level-7 के लिए ₹1,79,600 और Level-10 के लिए ₹2,24,400 का प्रस्ताव दिया गया है। सबसे ऊंचे Level-18 पर प्रस्तावित बेसिक पे ₹10 लाख तक बताई गई है।

अभी अंतिम फैसला नहीं, ये सिर्फ प्रस्ताव

यहां सबसे जरूरी बात यह है कि ₹72,000 की बेसिक सैलरी या 4.0 फिटमेंट फैक्टर अभी सरकारी मंजूरी प्राप्त वेतनमान नहीं है। ये BPMS की ओर से दिया गया प्रस्तावित ड्राफ्ट है। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया, उसकी सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही तय होगी।

LPG ग्राहकों को झटका! सिलेंडर के दाम बढ़े, आज से नई कीमतें लागू

नई दिल्ली। त्योहारी और फेस्टिव सीजन शुरू होने से पहले कारोबारियों के लिए LPG से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलो वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की है। नई कीमतें आज रात से प्रभावी हो गई हैं। कमर्शियल सिलेंडर अब 62.50 रुपये महंगा हो गया है।

दिल्ली में 2810 रुपये हुआ कमर्शियल सिलेंडर

कीमत बढ़ने के बाद राजधानी दिल्ली में 19 किलो के कमर्शियल LPG सिलेंडर का नया रेट 2810 रुपये हो गया है। इससे पहले सितंबर में भी इसकी कीमत में 9.50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी। लगातार बढ़ती कीमतों का सीधा असर उन कारोबारियों पर पड़ेगा, जो खाना पकाने के लिए बड़े पैमाने पर कमर्शियल गैस का इस्तेमाल करते हैं।

होटल-ढाबों से लेकर कैटरिंग तक बढ़ेगा खर्च

कमर्शियल LPG महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, मिठाई की दुकान, बेकरी और कैटरिंग कारोबार की लागत बढ़ सकती है। खासतौर पर शादी-पार्टी और बड़े आयोजनों में भोजन तैयार करने का बजट पहले के मुकाबले ज्यादा हो सकता है। कारोबारियों को बढ़े खर्च को कीमतों में शामिल करने या अपने मुनाफे का मार्जिन कम करने में से किसी एक विकल्प पर विचार करना पड़ सकता है।

खाने-पीने की कीमतों पर पड़ सकता है असर

गैस की लागत बढ़ने से खाद्य कारोबार से जुड़ी सेवाओं पर भी दबाव बढ़ सकता है। रेस्टोरेंट और कैटरिंग सेवाओं की लागत बढ़ने पर इसका कुछ असर ग्राहकों की जेब पर पड़ने की संभावना है। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव कारोबारियों की लागत और बाजार की स्थिति पर निर्भर करेगा।

घरेलू LPG सिलेंडर के दाम स्थिर

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी के बावजूद घरेलू LPG ग्राहकों के लिए फिलहाल राहत है। 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। दिल्ली में इसकी कीमत 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये है।

हंस राजयोग का शुभ प्रभाव, 5 राशियों के लिए सुनहरा समय! बढ़ेगा धन और मान-सम्मान

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार देवगुरु बृहस्पति पूरे महीने अपनी उच्च राशि कर्क में स्थित रहेंगे। बृहस्पति की इस स्थिति से हंस राजयोग बनने की मान्यता है। ज्योतिष में इसे ज्ञान, सम्मान, आर्थिक उन्नति और सकारात्मक अवसरों से जोड़कर देखा जाता है। इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए हंस राजयोग आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर ला सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ मान-सम्मान बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि में बृहस्पति के उच्च स्थिति में होने से इस राशि के जातकों को करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना मानी जाती है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आमदनी से जुड़े मामलों में सुधार के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में पहचान मिलने और व्यापारियों को नए अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने और अटके हुए काम आगे बढ़ने के संकेत माने जा रहे हैं। शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव हो सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक प्रगति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं और पेशेवर क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार के विभागों में बंपर भर्ती, सरकारी नौकरी का मौका

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे 12वीं पास युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने कंबाइंड हायर सेकेंडरी लेवल (CHSL) परीक्षा 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कार्यालयों में करीब 2,536 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

इन पदों पर होगी भर्ती

SSC CHSL के तहत लोअर डिविजन क्लर्क (LDC)/जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट (JSA), डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO) और DEO ग्रेड-A के पद शामिल हैं। रिक्तियों की संख्या फिलहाल संभावित है और इसमें बदलाव हो सकता है।

12वीं पास कर सकते हैं आवेदन

आपको बता दें की इन पदों के लिए किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं या समकक्ष परीक्षा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों की पोस्टिंग केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और कार्यालयों में देशभर में हो सकती है।

7 अक्टूबर तक आवेदन का मौका

आवेदन की प्रक्रिया 7 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 रात 11 बजे तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं। परीक्षा शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 8 अक्टूबर 2026 रखी गई है। आवेदन SSC की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से ऑनलाइन किया जा सकता है।

उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना में अपनी पात्रता, पद से जुड़ी शर्तें और अन्य जरूरी निर्देश जरूर देख लेने चाहिए।

बिहार में बनेंगे 2 नए बाईपास! इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, आसान होगा सफर

मुंगेर। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में एक और कदम उठाया गया है। मुंगेर जिले में दो नए बाईपास सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है। दोनों परियोजनाओं पर कुल 203.53 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इन सड़कों के बनने से संबंधित इलाकों में आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।

तारापुर बाईपास पर 115.90 करोड़ खर्च

पहली परियोजना के तहत तारापुर बाईपास पथ का निर्माण किया जाएगा। करीब 7 किलोमीटर लंबी सड़क के लिए 115.90 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह मार्ग क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

दूसरे बाईपास के लिए 87.63 करोड़

दूसरी परियोजना के तहत रनगांव-भागलपुरा पथ से धौनी वाया विसय बाईपास का निर्माण होगा। इसके लिए सरकार ने 87.63 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इस सड़क के तैयार होने के बाद आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन का नया मार्ग मिलेगा।

दोनों सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिलने से मुंगेर में सड़क नेटवर्क को विस्तार मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से स्वीकृति के बाद अब परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके निर्माण से लोगों का असर आसान हो जायेगा।

बिहार में सेविका-सहायिका के लिए खुशखबरी, जल्द मिलेगा मानदेय!

पटना। बिहार की आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के लिए राहत की खबर सामने आई है। मानदेय भुगतान को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए 477 करोड़ रुपये की राशि अग्रिम रूप से स्वीकृत की है। यह राशि आकस्मिकता निधि से मंजूर की गई है। इसके बाद बकाया मानदेय के भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।

अगस्त तक का मानदेय होगा जारी

स्वीकृत राशि से आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाओं के अगस्त तक के मानदेय का भुगतान किया जाएगा। लंबे समय से भुगतान का इंतजार कर रहे कर्मियों के लिए यह फैसला राहत देने वाला माना जा रहा है। राशि उपलब्ध होने के बाद विभागीय स्तर पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

कार्यालय कर्मियों के मानदेय की भी व्यवस्था

वहीं, 477 करोड़ रुपये की स्वीकृति में केवल आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका ही शामिल नहीं हैं। आईसीडीएस निदेशालय और इससे जुड़े कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों के नवंबर तक के मानदेय के भुगतान के लिए भी इसी राशि से व्यवस्था की गई है।

सरकार की ओर से राशि को मंजूरी मिलने के बाद अब संबंधित विभाग भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। मानदेय जारी होने से आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं के साथ-साथ आईसीडीएस से जुड़े अन्य कर्मियों को भी आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

बिहार में सरकारी जमीन पर बड़ा एक्शन! फर्जी जमाबंदी होगी रद्द, सरकार ने कसा शिकंजा

पटना। बिहार में सरकारी और सार्वजनिक जमीन से जुड़ी जमाबंदियों की अब नए सिरे से जांच होगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। जमाबंदी सुधार अभियान 31 अक्टूबर तक चलाया जाएगा।

दस्तावेजों की होगी गहन जांच

विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि गैरमजरूआ आम-खास, खासमहाल, सरकार में निहित बकाश्त, भू-हदबंदी की अतिरिक्त भूमि, कैसर-ए-हिन्द, सैरात समेत अन्य सरकारी जमीन पर यदि किसी व्यक्ति के नाम जमाबंदी दर्ज है तो उसके आधार की जांच की जाए।

जांच के दौरान खतियान, सरकारी भूमि पंजी, बंदोबस्ती या पट्टा आदेश, अर्जन से जुड़े रिकॉर्ड और पुराने राजस्व व न्यायालयीय आदेशों को देखा जाएगा। इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि संबंधित जमीन पर जमाबंदी किस आधार पर दर्ज हुई।

सुनवाई के बाद ही होगी जमाबंदी रद्द

विभाग ने स्पष्ट किया है कि सिर्फ जमीन की श्रेणी या बकाश्त की प्रविष्टि देखकर किसी जमाबंदी को अपने आप अवैध नहीं माना जाएगा। यदि किसी व्यक्ति के पास वैध बंदोबस्ती, पट्टा या अन्य कानूनी अधिकार का दावा है तो उसकी भी जांच होगी।

जांच में जमाबंदी नियमों के विपरीत पाए जाने पर अंचल अधिकारी साक्ष्यों के साथ प्रस्ताव अपर समाहर्ता को भेजेंगे। संबंधित पक्ष को अपना पक्ष और दस्तावेज रखने का अवसर देने के बाद ही जमाबंदी रद्द करने की कार्रवाई होगी।

आपको बता दें की विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसी जमाबंदियों को सामान्य ऑनलाइन सुधार प्रक्रिया से सीधे हटाया नहीं जाएगा। सक्षम प्राधिकारी के आदेश और लागू न्यायालयीय निर्देशों के अनुसार ही रिकॉर्ड में बदलाव किया जाएगा।

सम्राट कैबिनेट के 30 बड़े फैसले: बिहारवासियों के लिए खुशखबरी

पटना। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में 30 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। फैसलों में हरित ऊर्जा, बिजली, सड़क, कानून-व्यवस्था, आवास और पोषण से जुड़े कई अहम मुद्दे शामिल रहे।

संग्रहालयों में 35 पदों पर नियुक्ति

राज्य के संग्रहालयों में 35 पदों को अस्थायी तौर पर भरने की अनुमति दी गई है। नियमित नियुक्ति होने तक इन पदों पर संविदा या निविदा के माध्यम से नियुक्ति की जा सकेगी।

कानून-व्यवस्था के लिए नए वाहन

कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 30 नए वाटर कैनन और 8 अन्य वाहनों की खरीद को मंजूरी दी गई है। इसके लिए कुल 62.52 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

हजारों घरों तक पहुंचेगी ग्रिड बिजली

कैमूर और रोहतास के 177 गांवों में 21,644 घरों को बिजली ग्रिड से जोड़ने की योजना के लिए लागत में संशोधन किया गया। परियोजना की राशि 117.80 करोड़ से बढ़ाकर 361.86 करोड़ रुपये की गई है।

हरित हाइड्रोजन नीति को मिली मंजूरी

राज्य में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बिहार हरित हाइड्रोजन नीति-2026 के ड्राफ्ट को स्वीकृति दी गई। सरकार का फोकस इस क्षेत्र में निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने पर रहेगा।

सड़कों और आवास परियोजनाओं पर बड़ा फैसला

मुंगेर में करीब 7 किलोमीटर सड़क के निर्माण/पुनर्निर्माण के लिए 115.90 करोड़ रुपये की संशोधित मंजूरी मिली। वहीं रनगांव-भागलपुरा पथ से बिराय तक सड़क के लिए 87.63 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

पटना के बहादुरपुर सेक्टर-6 की जर्जर आवासीय कॉलोनी के पुनर्विकास के लिए NBCC के साथ समझौते को मंजूरी मिली। सेक्टर-5 में आवास बोर्ड की 8.5 एकड़ जमीन पर स्व-वित्तपोषित परियोजना विकसित करने का भी फैसला हुआ है।

इसके अलावा वजन-माप व्यवस्था से संबंधित नई नियमावलियों को मंजूरी दी गई। पोषण कार्यक्रम के तहत खाद्य उत्पादों की आपूर्ति से जुड़े प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति जताई। बैठक में कुल 30 एजेंडों पर फैसला लिया गया।