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यूपी सरकार का बड़ा फैसला, स्कूलों की छुट्टियां बढ़ीं, बच्चों को राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और हीट वेव को देखते हुए योगी सरकार ने बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्य के सरकारी और मान्यता प्राप्त स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि बढ़ा दी गई है। अब विद्यार्थियों के लिए स्कूल 25 जून 2026 से नियमित रूप से खुलेंगे।

सरकार के इस निर्णय से गर्मी से परेशान छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली है। इससे पहले स्कूलों को 16 जून से खोलने की तैयारी थी, लेकिन लगातार बढ़ते तापमान और लू की स्थिति को देखते हुए छुट्टियां आगे बढ़ाने का फैसला लिया गया।

24 जून तक बंद रहेंगे स्कूल

बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रण वाले और मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ग्रीष्मकालीन अवकाश अब 24 जून तक जारी रहेगा। इसके बाद 25 जून से छात्र-छात्राओं के लिए नियमित पढ़ाई शुरू होगी। सरकार का उद्देश्य है कि बच्चे सुरक्षित वातावरण में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत कर सकें।

22 जून से शिक्षकों को संभालनी होगी जिम्मेदारी

जहां छात्रों को 25 जून से स्कूल आना होगा, वहीं शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को पहले ही विद्यालय पहुंचना होगा। निर्देश के अनुसार शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी 22 जून से 24 जून तक स्कूलों में उपस्थित रहेंगे। इस दौरान नए सत्र की तैयारियां पूरी की जाएंगी।

बच्चों की सुरक्षा और बेहतर पढ़ाई पर फोकस

योगी सरकार का कहना है कि गर्मी और लू की स्थिति में बच्चों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। छुट्टियां बढ़ाने का फैसला पिछले वर्षों के अनुभवों को देखते हुए लिया गया है, जब अत्यधिक गर्मी के कारण अलग-अलग जिलों में स्थानीय स्तर पर अवकाश बढ़ाना पड़ा था। नई व्यवस्था से पूरे प्रदेश में स्कूल खुलने और छुट्टियों को लेकर एक समान व्यवस्था बनेगी। इससे छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों को भी स्पष्ट शैक्षणिक योजना मिल सकेगी।

योगी सरकार ने खोला खजाना, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के विकास को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जिले को 570 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 101 विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई है। इन योजनाओं का उद्देश्य जिले में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करना और लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।

उन्नाव सदर क्षेत्र को मिली बड़ी परियोजनाएं

उन्नाव सदर में कई बड़ी योजनाओं को शामिल किया गया है। इनमें शहीद गुलाब सिंह लोधी प्रशिक्षण विद्यालय की क्षमता बढ़ाने के लिए करीब 224 करोड़ रुपये की लागत से आवासीय और गैर-आवासीय भवनों का निर्माण शामिल है। इसके अलावा मंधना-गंगा बैराज-शुक्लागंज-पुरवा-मोहनलालगंज मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 75 करोड़ रुपये से अधिक की योजना भी शामिल है।

भगवंतनगर क्षेत्र को भी बड़ी सौगात

भगवंतनगर में विकास कार्यों के तहत बीघापुर स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (ITI) में आधुनिक कार्यशाला और प्रशिक्षण कक्ष बनाए जाएंगे। इस परियोजना की लागत करीब 4 करोड़ रुपये है। वहीं नगर पंचायत अचलगंज में करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से कल्याण मंडपम का निर्माण किया जाएगा।

नई परियोजनाओं का होगा शिलान्यास

उन्नाव सदर क्षेत्र में कई नए कार्यों की शुरुआत भी होगी। इनमें धाना से जंगेश्वर होते हुए पावा मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए करीब 26 करोड़ रुपये और चांदपुर में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय के निर्माण के लिए करीब 24 करोड़ रुपये की योजना शामिल है। इसके अलावा नगर पालिका परिषद गंगाघाट में कार्यालय भवन निर्माण पर भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाएंगे।

भगवंतनगर क्षेत्र में बिहार-सरेनी-चैनपुर-भगवंतनगर मार्ग के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए करीब 28 करोड़ रुपये की परियोजना रखी गई है। वहीं बक्सर स्थित मां चंद्रिका देवी मंदिर क्षेत्र में बाईपास निर्माण भी कराया जाएगा।

युवाओं और आम लोगों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार का कहना है कि इन परियोजनाओं से जिले में सुविधाएं बढ़ेंगी और विकास की रफ्तार तेज होगी। बेहतर सड़कें, शिक्षा व्यवस्था और रोजगार से जुड़े अवसरों के कारण स्थानीय लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। इन योजनाओं के जरिए उन्नाव को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने और जिले को विकास के नए रास्ते पर आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।

भारत-रूस के बीच बड़ी सैन्‍य डील, चीन-पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को मजबूत करने वाला एक अहम समझौता चर्चा में है। दोनों देशों के बीच हुए रेसिप्रोकल एक्सचेंज ऑफ लॉजिस्टिक एग्रीमेंट (RELOS) को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। कुछ जगहों पर इसे बड़े सैन्य गठबंधन के रूप में बताया गया, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार यह मुख्य रूप से सैन्य जरूरतों में सहयोग और लॉजिस्टिक सपोर्ट से जुड़ा समझौता है।

क्या है RELOS समझौता?

RELOS यानी Reciprocal Exchange of Logistics Agreement एक ऐसा समझौता है जिसके तहत दो देश सैन्य लॉजिस्टिक सहयोग करते हैं। इसके अंतर्गत सेना को जरूरी सुविधाएं जैसे: ईंधन की व्यवस्था, भोजन और पानी, मरम्मत और रखरखाव, मेडिकल सहायता, परिवहन सुविधा, संचार और भंडारण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलती है। इसके अलावा सैन्य अभ्यास, संयुक्त प्रशिक्षण और आपदा राहत जैसे अभियानों में भी दोनों देशों के बीच तालमेल आसान हो जाता है।

भारत पहले भी कर चुका है ऐसे समझौते

भारत ने इससे पहले भी कई देशों के साथ ऐसे लॉजिस्टिक समझौते किए हैं। इनमें अमेरिका, फ्रांस, जापान, ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर और अन्य देशों के साथ हुए समझौते शामिल हैं। भारत और अमेरिका के बीच हुए LEMOA (Logistics Exchange Memorandum of Agreement) के तहत भी इसी तरह की सैन्य सुविधाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था है। इन समझौतों का मकसद सैन्य संचालन को आसान बनाना होता है, न कि दूसरे देश को सैन्य अड्डा उपलब्ध कराना।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह डील?

भारत और रूस लंबे समय से रक्षा साझेदार रहे हैं। दोनों देशों के बीच हथियारों, तकनीक और सैन्य सहयोग का लंबा इतिहास रहा है। RELOS समझौते से दोनों देशों की सेनाओं के बीच समन्वय बढ़ सकता है। खासकर समुद्री क्षेत्र, सैन्य अभ्यास और दूरदराज इलाकों में ऑपरेशन के दौरान यह सहयोग उपयोगी साबित हो सकता है। इस समझौते में एक खास पहलू यह भी बताया जा रहा है कि भारतीय सैन्य कर्मियों के लिए रूस के आर्कटिक क्षेत्र की सैन्य सुविधाओं तक पहुंच के अवसर बढ़ सकते हैं।

CM सम्राट का ऐलान! बिहार की महिलाओं के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन और मकान खरीदने की सोच रहे लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने जमीन की सरकारी कीमत यानी न्यूनतम पंजीकृत मूल्य (MVR) में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले का असर जमीन खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री शुल्क और किसानों को मिलने वाले मुआवजे पर पड़ेगा।

आपको बता दें की बिहार सरकार के इस फैसले में सबसे खास बात महिलाओं के लिए दी जाने वाली रजिस्ट्री छूट को बढ़ाना है। अब महिलाओं के नाम पर जमीन या मकान की रजिस्ट्री कराने वालों को पहले से ज्यादा आर्थिक लाभ मिलेगा।

महिलाओं के लिए रजिस्ट्री में बढ़ी छूट

सरकार ने महिला संपत्ति मालिकों को बढ़ावा देने के लिए रजिस्ट्री शुल्क में राहत बढ़ाई है। पहले महिलाओं के नाम पर जमीन या मकान खरीदने पर स्टांप शुल्क में 0.3 प्रतिशत की छूट मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 0.4 प्रतिशत कर दिया गया है। 

इसके साथ ही निबंधन शुल्क में 0.1 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। यानी महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने पर कुल मिलाकर करीब 0.5 प्रतिशत तक की बचत हो सकती है। इसका फायदा उन लोगों को मिलेगा जो अपनी मां, पत्नी, बेटी या बहन के नाम पर संपत्ति खरीदने की योजना बना रहे हैं।

किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

MVR बढ़ने का सबसे बड़ा असर भूमि अधिग्रहण के मुआवजे पर देखने को मिलेगा। जब सरकार सड़क, रेलवे, एयरपोर्ट या किसी अन्य बड़ी परियोजना के लिए जमीन लेती है तो मुआवजे की गणना सरकारी दरों के आधार पर होती है। सरकारी दर बढ़ने से किसानों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलने की संभावना है। 

इससे भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को आर्थिक लाभ मिलेगा। इसके अलावा सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि अब जमीन की सरकारी कीमत में हर साल 5 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी। वहीं हर तीन साल में पूरे राज्य में जमीन की दरों की समीक्षा भी की जाएगी।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बढ़ी सरकारी दर

नई व्यवस्था के अनुसार ग्रामीण इलाकों में जमीन की सरकारी दर को करीब 1.6 गुना तक बढ़ाया गया है। वहीं शहरी और शहर से जुड़े क्षेत्रों में MVR को दोगुना तक किया गया है। इस बदलाव के बाद जमीन की रजिस्ट्री नए सरकारी रेट के आधार पर होगी।

8वें वेतन आयोग: 4200 ग्रेड-पे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर बढ़ोतरी संभव?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासतौर पर 4200 ग्रेड-पे यानी 7वें वेतन आयोग के पे लेवल-6 में आने वाले कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है।

मौजूदा समय में 7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-6 कर्मचारियों की शुरुआती बेसिक सैलरी 35,400 रुपये है। अनुमान लगाया जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इस वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर तय करेगा नई सैलरी

8वें वेतन आयोग में कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं हुआ है, लेकिन अलग-अलग संभावनाओं के आधार पर सैलरी का अनुमान लगाया जा रहा है।

1 .अगर फिटमेंट फैक्टर 1.92 रखा जाता है तो 4200 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग 67,968 रुपये तक पहुंच सकती है। यानी मौजूदा बेसिक पे की तुलना में करीब 32,568 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है। 

2 .वहीं अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 तय होता है तो बेसिक सैलरी लगभग 80,712 रुपये हो सकती है। इस स्थिति में करीब 45,312 रुपये तक का इजाफा अनुमानित है।

3 .अगर फिटमेंट फैक्टर 2.86 तक जाता है तो 4200 ग्रेड-पे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी करीब 1,01,244 रुपये तक पहुंचने का अनुमान है।

इसके अलावा कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.0 से 3.10 फिटमेंट फैक्टर की मांग की जा रही है। अगर यह लागू होता है तो बेसिक सैलरी 1.07 लाख रुपये से अधिक हो सकती है।

ग्रॉस सैलरी में भी होगा बड़ा असर

कर्मचारियों की कुल कमाई केवल बेसिक पे से तय नहीं होती है। इसमें महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) समेत कई भत्ते शामिल होते हैं। अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.28 के आसपास तय होता है तो अनुमान के अनुसार 4200 ग्रेड-पे कर्मचारी की बेसिक सैलरी करीब 80,712 रुपये हो सकती है और सभी भत्तों को जोड़ने के बाद ग्रॉस सैलरी लगभग 1.19 लाख रुपये प्रति माह तक पहुंच सकती है।

एरियर को लेकर भी कर्मचारियों की नजर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों को एरियर मिलने की भी उम्मीद है। क्योंकि आयोग की प्रक्रिया पूरी होने और अंतिम फैसला आने में समय लग सकता है, ऐसे में लागू तारीख और वास्तविक भुगतान के बीच की अवधि का बकाया भुगतान महत्वपूर्ण होगा। हालांकि नई सैलरी और एरियर की अंतिम तस्वीर सरकार द्वारा फिटमेंट फैक्टर और आयोग की सिफारिशों को मंजूरी देने के बाद ही साफ होगी।

खुशखबरी का खुला पिटारा, बिहार BPSC ने निकाली 1 नई भर्ती, नोटिश जारी

पटना। बिहार के युवाओं और शिक्षण क्षेत्र से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने प्रोफेसर पदों पर भर्ती के लिए नई अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

BPSC की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, कुल 13 प्रोफेसर पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसमें प्रोफेसर (Physics) और प्रोफेसर (Chemistry) के पद शामिल हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार तय समय सीमा के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की तारीख और जरूरी जानकारी

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 30 जून 2026 तक का समय रहेगा। अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करने के लिए बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

योग्यता क्या चाहिए?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में Ph.D डिग्री होना जरूरी है। इसके अलावा उम्मीदवार के पास Physics या Chemistry विषय में स्नातक या परास्नातक स्तर पर First Class या इसके समकक्ष योग्यता होनी चाहिए।

आयु सीमा

प्रोफेसर पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र सीमा 32 वर्ष से 65 वर्ष तक निर्धारित की गई है। आयु की गणना भर्ती नियमों के अनुसार की जाएगी।

वेतन कितना मिलेगा?

BPSC प्रोफेसर भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन दिया जाएगा। नोटिफिकेशन के अनुसार, प्रोफेसर पद पर नियुक्त उम्मीदवारों को करीब 1,44,200 रुपये प्रति माह तक वेतन मिल सकता है।

आवेदन कैसे करें?

योग्य उम्मीदवार BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से पढ़ लेनी चाहिए।

20 जून को बन रहे 2 बड़े राजयोग! 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, तरक्की के मिलेंगे नए अवसर

राशिफल। ज्योतिष गणना के अनुसार 20 जून का दिन कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। ग्रहों की चाल और गोचर की स्थिति के कारण इस समय केंद्र त्रिकोण राजयोग और गजलक्ष्मी राजयोग जैसे शुभ योगों का निर्माण माना जा रहा है। इसके साथ ही मंगल ग्रह के राशि परिवर्तन से भी कई राशियों के जीवन में ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता के नए रास्ते खुलने के संकेत मिल रहे हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उत्साह और प्रगति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए राजयोग का प्रभाव लाभकारी माना जा रहा है। नौकरी में पदोन्नति या नई उपलब्धि मिलने की संभावना बन सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। निवेश और धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार करने वालों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार और व्यक्तिगत जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए 20 जून के बाद सफलता के नए मौके बन सकते हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग हैं। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के संकेत मिल सकते हैं। धन लाभ के साथ-साथ आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, इन परिवारों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब और बेघर परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत आवास निर्माण और लाभार्थियों को सहायता देने के लिए बड़ी राशि जारी करने की मंजूरी दी है। इस फैसले से राज्य के कई शहरों में चल रही आवास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार की ओर से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए इस योजना के तहत कुल 74.94 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च करने की स्वीकृति दी गई है। इस धनराशि का इस्तेमाल जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने और अधूरे आवास कार्यों को पूरा करने में किया जाएगा।

केंद्र और राज्य सरकार मिलकर देगी राशि

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के लिए केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली राशि के साथ बिहार सरकार ने भी अपना अंशदान जारी किया है। दोनों सरकारों की हिस्सेदारी को मिलाकर यह बड़ा बजट तैयार किया गया है, जिससे योजना को तेजी से लागू किया जा सकेगा। इस राशि के माध्यम से नगर निकायों और संबंधित एजेंसियों को आवास निर्माण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

गरीब परिवारों को पक्के घर का लाभ

इस योजना का मुख्य उद्देश्य शहरों में रहने वाले उन परिवारों को आवास उपलब्ध कराना है, जिनके पास अपना पक्का घर नहीं है। सरकार की सहायता से पात्र लाभार्थी अपना मकान बना सकेंगे या निर्माणाधीन घरों को पूरा कर सकेंगे। बिहार के विभिन्न नगर क्षेत्रों में कई आवास परियोजनाएं पहले से चल रही हैं। नई राशि मिलने के बाद इन परियोजनाओं में तेजी आने की संभावना है।

लाभार्थियों को समय पर सहायता

सरकार का प्रयास है कि आवास योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और निर्माण कार्य समय पर पूरा हो। इसके लिए नगर निकायों और कार्यान्वयन एजेंसियों को राशि के सही उपयोग और निगरानी की जिम्मेदारी दी गई है। इस फैसले से शहरी गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पक्के घर का सपना देख रहे हजारों परिवारों को योजना के माध्यम से आर्थिक मदद मिल सकती है।

बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर अपडेट, आ सकती है परेशानी

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर शिक्षा विभाग ने तैयारी तेज कर दी है। विभाग आने वाले समय में बड़े स्तर पर शिक्षकों के ट्रांसफर और पदस्थापन की प्रक्रिया शुरू करने की योजना बना रहा है। लेकिन इससे पहले शिक्षकों के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपना प्रोफाइल अपडेट करना अनिवार्य कर दिया गया है।

शिक्षा विभाग की समीक्षा में सामने आया है कि कई जिलों में शिक्षक प्रोफाइल अपडेट की रफ्तार काफी धीमी है। खासकर पूर्वी बिहार, कोसी और सीमांचल क्षेत्र के 12 जिलों में बड़ी संख्या में शिक्षक अभी तक अपना रिकॉर्ड पूरा अपडेट नहीं कर पाए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, इन जिलों में करीब 1.47 लाख से अधिक शिक्षकों में से लगभग 52 प्रतिशत शिक्षकों ने ही प्रोफाइल अपडेट किया है। वहीं करीब 48 प्रतिशत शिक्षक अभी भी इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर सके हैं।

प्रोफाइल अपडेट नहीं किया तो ट्रांसफर में परेशानी

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया में उन्हीं शिक्षकों को शामिल किया जाएगा जिनका ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर पूरा प्रोफाइल अपडेट रहेगा। इसमें व्यक्तिगत जानकारी, सेवा संबंधी विवरण और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सही तरीके से दर्ज होना जरूरी है।

पूरे बिहार में भी बड़ी संख्या बाकी

अगर पूरे राज्य की बात करें तो बिहार में कुल करीब 5.81 लाख शिक्षकों का डेटा अपडेट किया जाना है। इनमें से लगभग 3.08 लाख शिक्षकों का प्रोफाइल ही अब तक अपडेट हो पाया है। यानी अभी भी बड़ी संख्या में शिक्षक इस प्रक्रिया को पूरा नहीं कर पाए हैं। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू होने से पहले सभी शिक्षकों का रिकॉर्ड ऑनलाइन सिस्टम में पूरी तरह अपडेट हो जाए, ताकि स्थानांतरण में पारदर्शिता बनी रहे और किसी तरह की तकनीकी समस्या न आए।

आवासीय प्रमाण पत्र बड़ी चुनौती

कई शिक्षकों का कहना है कि प्रोफाइल अपडेट में सबसे ज्यादा परेशानी आवासीय प्रमाण पत्र को लेकर आ रही है। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर वर्तमान और स्थायी पते की पुष्टि के लिए नया आवासीय प्रमाण पत्र मांगा जा रहा है। लेकिन अंचल स्तर पर प्रमाण पत्र बनने में देरी के कारण शिक्षक समय पर अपना प्रोफाइल पूरा नहीं कर पा रहे हैं। इसके अलावा गर्मी की छुट्टियों के दौरान कई शिक्षक अपने कार्यस्थल से बाहर रहने के कारण भी अपडेट प्रक्रिया प्रभावित हुई है।

शिक्षकों के लिए जरूरी सलाह

शिक्षकों को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर लॉगिन कर अपना प्रोफाइल जांच लें। अगर कोई जानकारी अधूरी है या दस्तावेज अपलोड नहीं हुए हैं तो उसे समय रहते पूरा कर लें, ताकि भविष्य में ट्रांसफर प्रक्रिया के दौरान किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

LPG सिलेंडर पर बड़ी खुशखबरी: देशवासियों को राहत, संकट दूर

नई दिल्ली। देश में एलपीजी सिलेंडर और ईंधन सप्लाई को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। अंतरराष्ट्रीय हालात में सुधार के बाद भारत के लिए गैस और तेल की आपूर्ति को लेकर चिंता कम होने की उम्मीद जताई जा रही है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते से दोबारा ऊर्जा आपूर्ति शुरू होने से भारत को बड़ा फायदा मिलने की संभावना है।

पिछले कुछ समय से वैश्विक तनाव के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई थी, जिसका असर कई देशों के साथ भारत पर भी पड़ा। खासतौर पर एलपीजी आयात में कमी आने से घरेलू और व्यावसायिक गैस आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया था।

भारत के लिए रवाना हुए LPG भरा टैंकर

रिपोर्टों के अनुसार, स्थिति सामान्य होने के बाद भारत की ओर करीब 40 एलपीजी टैंकर रवाना किए गए हैं। इन जहाजों में घरेलू जरूरतों के लिए गैस लाई जा रही है। इन टैंकरों के पहुंचने के बाद तेल कंपनियों के पास एलपीजी भंडार बढ़ाने में मदद मिलेगी और बाजार में सप्लाई बेहतर हो सकती है।

युद्ध के असर से प्रभावित हुई थी सप्लाई

अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण समुद्री रास्तों से ऊर्जा की आवाजाही प्रभावित हुई थी। इसका सीधा असर तेल और गैस के आयात पर पड़ा। ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार, एलपीजी आयात में पहले की तुलना में काफी गिरावट दर्ज की गई थी, जिसके कारण स्टॉक बनाए रखने का दबाव बढ़ गया था।

कीमतों पर भी पड़ सकता है असर

सप्लाई व्यवस्था बेहतर होने के बाद ईंधन बाजार में स्थिरता आने की उम्मीद जताई जा रही है। अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य होती है तो भविष्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी कीमतों पर भी इसका असर दिखाई दे सकता है। हालांकि कीमतों में बदलाव कई अंतरराष्ट्रीय और घरेलू कारकों पर निर्भर करता है।

आम लोगों को मिल सकती है राहत

एलपीजी सिलेंडर आम घरों की जरूरत से जुड़ा हुआ है। गैस की पर्याप्त उपलब्धता रहने से उपभोक्ताओं को सप्लाई संबंधी परेशानियों से राहत मिल सकती है। इसके अलावा छोटे कारोबार, होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक क्षेत्रों को भी गैस आपूर्ति बेहतर होने का फायदा मिल सकता है।

रोज सुबह खाएं अंकुरित मूंग! शरीर में दिखेंगे 7 बड़े बदलाव, जानें फायदे

हेल्थ डेस्क। स्वस्थ रहने के लिए खान-पान का सही होना बेहद जरूरी है। रोजमर्रा की जिंदगी में कुछ छोटी-छोटी आदतें शरीर को लंबे समय तक फिट रखने में मदद कर सकती हैं। ऐसी ही एक हेल्दी आदत है सुबह के समय अंकुरित मूंग का सेवन करना।

अंकुरित मूंग को पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और कई जरूरी प्रक्रियाओं में मदद कर सकते हैं। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ का असर व्यक्ति की सेहत और खान-पान की आदतों पर निर्भर करता है।

1. पाचन तंत्र को मिल सकती है मजबूती

अंकुरित मूंग में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। सुबह इसका सेवन करने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है और कब्ज जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

2. शरीर को मिलेगी प्राकृतिक ऊर्जा

मूंग में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सुबह नाश्ते में अंकुरित मूंग खाने से दिनभर एक्टिव रहने में सहायता मिल सकती है।

3. वजन नियंत्रित करने में मददगार

अंकुरित मूंग में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

4. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

मूंग में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। नियमित संतुलित आहार के साथ इसका सेवन शरीर को जरूरी पोषण दे सकता है।

5. इम्यूनिटी को सपोर्ट कर सकता है

अंकुरित मूंग में मौजूद विटामिन और मिनरल्स शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

अंकुरित मूंग में पाए जाने वाले पोषक तत्व त्वचा और बालों के स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी हो सकते हैं। संतुलित डाइट का हिस्सा बनने पर यह शरीर को अंदर से पोषण देने में मदद कर सकता है।

7. ब्लड शुगर मैनेजमेंट में सहायक

फाइबर युक्त भोजन शरीर में शुगर के अवशोषण की गति को प्रभावित कर सकता है। इसलिए अंकुरित मूंग को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

यूपी में बेटियों के लिए खुशखबरी! सरकार दे रही बड़ा तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बेटियों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में बड़ा सहारा बन रही है। इस योजना के जरिए सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी परिवार को बेटी की शादी में मुश्किलों का सामना न करना पड़े।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में चल रही इस योजना का लाभ अलग-अलग वर्गों के पात्र परिवारों को दिया जा रहा है। इसमें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, ओबीसी, सामान्य और अल्पसंख्यक समुदाय के जरूरतमंद परिवार शामिल हैं।

9 साल में लाखों बेटियों की शादी में मदद

सरकारी आंकड़ों के अनुसार पिछले नौ वर्षों में इस योजना के तहत प्रदेश में 5 लाख 54 हजार से ज्यादा गरीब बेटियों के विवाह कराए जा चुके हैं। वहीं ओबीसी वर्ग के भी बड़ी संख्या में परिवारों को इसका लाभ मिला है। पिछले नौ वर्षों में इस वर्ग के 1 लाख 80 हजार से अधिक जोड़ों की शादी योजना के तहत कराई गई है।

शादी के लिए सरकार दे रही 1 लाख रुपये

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सरकार अब प्रत्येक जोड़े पर करीब 1 लाख रुपये खर्च कर रही है। 60 हजार रुपये सीधे दुल्हन के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं। 25 हजार रुपये तक का घरेलू सामान और उपहार दिए जाते हैं। 15 हजार रुपये विवाह कार्यक्रम की व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। इससे गरीब परिवारों पर शादी का आर्थिक बोझ कम हो रहा है।

प्रदेश में कौन ले सकता है इस योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार को सरकार द्वारा तय पात्रता मानकों को पूरा करना होता है। पात्र परिवार आवेदन के बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर योजना से जुड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना यूपी में जरूरतमंद परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण सरकारी पहल बनकर सामने आई है, जिससे हजारों बेटियों के विवाह में सहायता मिल रही है।

बिहार सरकार का फैसला, सरकारी कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले अव्यवहृत उपार्जित अवकाश (Earned Leave-EL) के बदले नकद भुगतान की सीमा को लेकर स्थिति साफ कर दी है। अब सरकारी सेवकों को रिटायरमेंट के समय अधिकतम 300 दिनों के ईएल के बराबर नकद भुगतान का लाभ मिल सकेगा।

300 ईएल तक मिलेगा नकद भुगतान

सरकार के नए प्रावधान के अनुसार अगर किसी कर्मचारी के खाते में रिटायरमेंट के समय 300 दिन या उससे कम उपार्जित अवकाश बचा है, तो उसे उतने दिनों के मूल वेतन के आधार पर भुगतान किया जाएगा। वहीं अगर किसी कर्मचारी के पास 300 दिन से ज्यादा ईएल जमा है, तो भी भुगतान की अधिकतम सीमा 300 दिन तक ही रहेगी।

वित्त विभाग ने दूर किया भ्रम

अव्यवहृत ईएल के बदले मिलने वाले नकद भुगतान को लेकर अलग-अलग विभागों में लंबे समय से असमंजस की स्थिति थी। अब वित्त विभाग ने आदेश जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि सभी पात्र मामलों में 300 ईएल तक का लाभ दिया जाएगा। यह व्यवस्था 1 अप्रैल 2005 से प्रभावी मानी जाएगी।

पहले सिर्फ 180 ईएल तक था लाभ

पहले कई परिस्थितियों में सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को अधिकतम 180 दिनों के ईएल के बराबर ही नकद भुगतान मिल रहा था। यह नियम पुराने प्रावधानों के आधार पर लागू था, जिसके कारण स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति, अनिवार्य सेवानिवृत्ति और अन्य मामलों में कर्मचारियों को सीमित लाभ मिलता था। बाद में नियमों में बदलाव करते हुए इसकी सीमा को बढ़ाया गया और अब अधिकतम 300 दिन तक भुगतान का प्रावधान लागू किया गया है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

इस सुविधा का लाभ कई प्रकार की सेवानिवृत्ति में मिलेगा। इनमें शामिल हैं:

सामान्य यानी वार्धक्य सेवानिवृत्ति लेने वाले कर्मचारी

स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने वाले सरकारी सेवक

अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मामले

बाह्य सेवा या प्रतिनियुक्ति के दौरान रिटायर होने वाले कर्मचारी

स्वास्थ्य कारणों से सेवा छोड़ने वाले कर्मचारी

हालांकि नियमों के अनुसार कुछ शर्तों को पूरा करना जरूरी होगा।

शनिवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग! 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। 20 जून 2026 (शनिवार) को दो खास योग बनने जा रहे हैं, जिन्हें ज्योतिष में शुभ माना जाता है। इस दिन वज्र योग दोपहर 12:48 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा।

मान्यता है कि सिद्धि योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है, वहीं वज्र योग को दृढ़ संकल्प और मेहनत से जुड़े परिणामों का संकेत माना जाता है। इन योगों के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए करियर, धन और नए अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनिवार का दिन सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होने और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए ये दोनों योग सफलता के नए रास्ते खोल सकते हैं। नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आपकी योजनाओं को समर्थन मिल सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ने के संकेत हैं। धन से जुड़े मामलों में भी लाभ की स्थिति बन सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शनिवार का समय शुभ रह सकता है। लंबे समय से चल रही परेशानियों में कमी आने और नए अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। निवेश या आर्थिक फैसलों में भी लाभ मिलने की संभावना है।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों पर शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है। शनिवार को बन रहे योग आपके लिए नई उम्मीद लेकर आ सकते हैं। नौकरी में तरक्की, व्यापार में विस्तार और आय के नए साधन मिलने के संकेत हैं। पुराने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

PM मोदी का बड़ा ऐलान! भारत-फ्रांस मिलकर लॉन्च करेंगे ‘तृष्णा’ सैटेलाइट, अंतरिक्ष में नई उड़ान

नई दिल्ली। भारत और फ्रांस के बीच अंतरिक्ष सहयोग को लेकर एक बड़ा कदम सामने आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा की है कि दोनों देश मिलकर अगले साल ‘तृष्णा’ सैटेलाइट मिशन लॉन्च करेंगे। इस मिशन का उद्देश्य धरती के संसाधनों की बेहतर निगरानी करना और जल व खाद्य सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद करना है।

पीएम मोदी ने फ्रांस दौरे के दौरान पेरिस में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए इस परियोजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भारत और फ्रांस की साझेदारी लगातार नए क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है और अंतरिक्ष सहयोग इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।

जल और खाद्य सुरक्षा में मदद करेगा मिशन

‘तृष्णा’ सैटेलाइट मिशन को पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की निगरानी के लिए अहम माना जा रहा है। इसके जरिए धरती पर पानी की उपलब्धता, खेती से जुड़ी जानकारी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को समझने में सहायता मिल सकती है। इस मिशन से वैज्ञानिकों को बेहतर डेटा मिलने की उम्मीद है, जिससे भविष्य की योजनाएं बनाने में मदद मिलेगी।

भारत-फ्रांस साझेदारी को नई मजबूती

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और फ्रांस के रिश्ते केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि भरोसे और तकनीकी सहयोग पर आधारित हैं। दोनों देशों के बीच अंतरिक्ष, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में लगातार सहयोग बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि एआई समिट और तकनीकी कार्यक्रमों ने भी दोनों देशों के बीच साझेदारी को और मजबूत किया है।

भारत की बढ़ती तकनीकी ताकत

पीएम मोदी ने भारत की डीप-टेक और डिजिटल क्षमताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल के तकनीकी आयोजनों में भारतीय स्टार्टअप्स की भागीदारी ने दुनिया के सामने देश की क्षमता को दिखाया है।

अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की नई पहचान

‘तृष्णा’ सैटेलाइट मिशन भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इससे न केवल वैज्ञानिक अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और संसाधन प्रबंधन में भी मदद मिलने की उम्मीद है। भारत और फ्रांस की यह संयुक्त पहल आने वाले समय में अंतरिक्ष क्षेत्र में दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा दे सकती है।

केंद्र सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी! EPF जमा पर मिलेगा 8.25% ब्याज

नई दिल्ली। देश के करोड़ों कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) पर वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले का फायदा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े 7 करोड़ से ज्यादा सदस्यों को मिलेगा। नई ब्याज दर लागू होने के बाद कर्मचारियों के पीएफ खातों में जमा राशि पर बेहतर रिटर्न मिलेगा, जिससे उनकी रिटायरमेंट सेविंग को मजबूती मिलेगी।

EPF खातों में जल्द जुड़ सकता है ब्याज

EPF पर ब्याज दर को लेकर फैसला सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज (CBT) की ओर से लिया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी के लिए वित्त मंत्रालय भेजा गया, जहां से इसे स्वीकृति मिल गई है। अब EPFO की ओर से खातों में ब्याज जोड़ने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। माना जा रहा है कि जल्द ही कर्मचारियों के पीएफ खाते में ब्याज की राशि दिखाई दे सकती है।

लगातार तीसरे साल 8.25% ब्याज दर

EPF खाताधारकों के लिए राहत की बात यह है कि ब्याज दर में इस बार कोई कटौती नहीं की गई है। EPFO ने लगातार तीसरे साल 8.25 प्रतिशत ब्याज दर को बनाए रखा है। इससे कर्मचारियों को अपनी भविष्य निधि पर स्थिर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। पीएफ में जमा रकम नौकरीपेशा लोगों के लिए रिटायरमेंट के समय बड़ी आर्थिक सहायता बनती है।

7 करोड़ से अधिक सदस्यों को लाभ

EPFO देश के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा संगठनों में से एक है। इसके तहत करोड़ों कर्मचारी हर महीने अपनी सैलरी का एक हिस्सा भविष्य निधि खाते में जमा करते हैं। सरकार के इस फैसले से निजी और सरकारी क्षेत्र के कई कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। ब्याज जुड़ने से लंबे समय में पीएफ खाते की कुल जमा राशि बढ़ेगी।

EPFO सेवाओं में भी होगा बदलाव

EPFO डिजिटल सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में भी काम कर रहा है। भविष्य में सदस्यों को पीएफ से जुड़ी सुविधाएं ज्यादा तेज और सरल तरीके से मिल सकेंगी। नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य दावों के निपटारे, खाते की जानकारी और निकासी प्रक्रिया को ज्यादा सुविधाजनक बनाना है।

बिहार के इन 13 जिलों के SP बदले, जानें किसे मिली कहां जिम्मेदारी

पटना। बिहार में पुलिस प्रशासन को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार के गृह विभाग ने कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों (SP) का तबादला कर नई जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इस बदलाव के तहत 13 जिलों के एसपी बदले गए हैं, जबकि पटना समेत कई बड़े शहरों के पुलिस अधिकारियों का भी स्थानांतरण किया गया है।

पश्चिम चंपारण, पूर्णिया और बांका में नई तैनाती

पश्चिम चंपारण जिले की जिम्मेदारी कुमार गौतम कुमार को दी गई है। इससे पहले वह बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में कमांडेंट के पद पर तैनात थे।

शौर्य सुमन को पूर्णिया का एसएसपी बनाया गया है। इससे पहले वह पश्चिम चंपारण के एसपी के पद पर कार्यरत थे।

बांका जिले में अमितेश कुमार को नया एसपी बनाया गया है। वह इससे पहले विशेष शाखा सुरक्षा में एसपी के पद पर तैनात थे।

जहानाबाद, सहरसा और वैशाली में भी बदलाव

जहानाबाद जिले में कोटा किरण कुमार को एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं जहानाबाद के पूर्व एसपी अपराजित को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में नई जिम्मेदारी मिली है।

सहरसा के एसपी हिमांशु का तबादला शेखपुरा किया गया है। वहीं शेखपुरा के एसपी बलिराम चौधरी को विशेष शाखा भेजा गया है।

वैशाली जिले में शुभांक मिश्रा को नया एसपी बनाया गया है। इससे पहले वह शिवहर के एसपी थे। वहीं वैशाली के पुराने एसपी विक्रम सिहाग को सहरसा की कमान सौंपी गई है।

कैमूर, खगड़िया और बगहा में भी नए एसपी

कटिहार के एसपी शिखर चौधरी को कैमूर का नया एसपी बनाया गया है। वहीं कैमूर के एसपी हरिमोहन शुक्ला को बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में कमांडेंट की जिम्मेदारी दी गई है।

बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस में तैनात राजेश कुमार को बगहा का एसपी बनाया गया है। जबकि बगहा के एसपी रामानंद कौशल को अपराध अनुसंधान विभाग भेजा गया है।

खगड़िया के एसपी भानू प्रताप सिंह को नई जिम्मेदारी मिली है और उन्हें खगड़िया जिले का एसपी बनाया गया है।

पटना में भी हुआ बड़ा बदलाव

पटना सिटी एसपी पश्चिमी रहे भानू प्रताप सिंह का तबादला खगड़िया किया गया है। उनकी जगह संकेत कुमार को जिम्मेदारी दी गई है।

पटना सिटी एसपी पूर्वी परिचय कुमार को कटिहार का एसपी बनाया गया है। उनकी जगह शैलजा को तैनात किया गया है।

पटना सिटी एसपी मध्य के पद पर ममता कल्याणी को नियुक्त किया गया है।

कई अन्य अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी

गया जिले में सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी के पदों पर भी बदलाव किया गया है। पटना सदर के एसडीपीओ अभिनव को गया का सिटी एसपी बनाया गया है, जबकि दिव्यांजली जायसवाल को गया ग्रामीण एसपी की जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा दरभंगा ग्रामीण एसपी, भागलपुर सिटी एसपी समेत कई पदों पर भी नए अधिकारियों की नियुक्ति की गई है।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान! फ्री राशन योजना को लेकर आई खुशखबरी

नई दिल्ली। भारत में चल रही मुफ्त राशन योजना को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार अब यह सुनिश्चित करने में जुटी है कि योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं लोगों तक पहुंचे जो वास्तव में इसके हकदार हैं। इसी कड़ी में राशन कार्ड की सूची की जांच की गई और बड़ी संख्या में अपात्र लोगों के नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई है।

8.51 करोड़ नामों की हुई पहचान

खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय की जांच में देशभर में करीब 8.51 करोड़ ऐसे लाभार्थियों की पहचान की गई, जो सरकारी नियमों के अनुसार मुफ्त राशन योजना के लिए पात्र नहीं पाए गए। इनमें गलत जानकारी के आधार पर जुड़े नाम, मृत व्यक्तियों के नाम और ऐसे लोग शामिल थे जो पात्रता नियमों को पूरा नहीं करते थे। सरकार ने इन नामों की सूची राज्यों को भेजी ताकि स्थानीय स्तर पर सत्यापन कर उचित कार्रवाई की जा सके।

2.21 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए

राज्यों द्वारा की गई जांच के बाद अब तक करीब 2.21 करोड़ अपात्र लाभार्थियों के नाम राशन सूची से हटाए जा चुके हैं। सरकार का कहना है कि इस कदम से राशन वितरण प्रणाली में सुधार होगा और फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों पर रोक लगेगी।

3 करोड़ नए परिवारों को मिलेगा मौका

अपात्र लोगों के नाम हटने के बाद अब करीब 3 करोड़ नए पात्र लोगों को राशन कार्ड जारी किए जाने की संभावना जताई जा रही है। इससे उन गरीब और जरूरतमंद परिवारों को फायदा मिल सकता है, जो पात्र होने के बावजूद अभी तक सरकारी राशन योजना से नहीं जुड़ पाए थे।

अभी कितने लोग ले रहे हैं राशन का लाभ?

मौजूदा समय में देशभर में लगभग 79 करोड़ लोग सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत राशन योजना का फायदा उठा रहे हैं। सरकार का लक्ष्य करीब 80 करोड़ पात्र लोगों तक मुफ्त राशन सुविधा पहुंचाना है।

डिजिटल सिस्टम से बढ़ी निगरानी, लोगों को राहत

सरकार ने राशन व्यवस्था को डिजिटल बनाने पर जोर दिया है। ऑनलाइन रिकॉर्ड, आधार आधारित सत्यापन और डेटा जांच जैसे कदमों से अपात्र लाभार्थियों की पहचान करना आसान हुआ है। इससे सरकारी अनाज सही परिवारों तक पहुंचाने में मदद मिल रही है।

राशन कार्ड वालों के लिए जरूरी बात, करें आवेदन 

अगर कोई परिवार राशन योजना की पात्रता पूरी करता है लेकिन अभी तक उसका नाम राशन सूची में शामिल नहीं है, तो आने वाले समय में उसे मौका मिल सकता है। नए राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया राज्य सरकारों और स्थानीय विभागों के माध्यम से आगे बढ़ाई जाएगी।

पानी-पानी होगा बिहार! आज 14 जिलों में बारिश के आसार

पटना। बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है। अब मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए ताजा पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके अनुसार 19 जून को बिहार के कई जिलों में तेज बारिश, मेघगर्जन, वज्रपात और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

19 जून को कई जिलों में बारिश

शुक्रवार को राज्य के अधिकतर हिस्सों में आसमान में बादल छाए रहने की संभावना है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में कुछ गिरावट आने की उम्मीद है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। मौसम विभाग ने लोगों को वज्रपात के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने बेगूसराय, लखीसराय, समस्तीपुर और मुंगेर में भारी बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। साथ ही हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है। इसके अलावा बांका, भागलपुर, गया, जहानाबाद, जमुई, खगड़िया, नालंदा, नवादा, पटना और शेखपुरा में भी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवाओं की संभावना है।

अगले कुछ दिनों तक जारी रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के सात दिवसीय पूर्वानुमान के अनुसार 20 जून से 24 जून तक बिहार के कई हिस्सों में बारिश, बादल गरजने और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है। खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। मानसून की बढ़ती गतिविधियों के कारण आने वाले दिनों में तापमान में धीरे-धीरे कमी आ सकती है और लोगों को गर्मी से और राहत मिलने की उम्मीद है।

बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों के लिए जरूरी सलाह

बारिश और वज्रपात के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचें। तेज हवा के समय पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखें। मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।

यूपी के स्कूलों में लागू होगी नई व्यवस्था, छात्रों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। आने वाले समय में छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग, रोबोटिक्स और डिजिटल तकनीक जैसी नई स्किल्स से भी जोड़ा जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है, ताकि वे बच्चों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से शिक्षा दे सकें।

राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण देने की योजना बनाई है। इसके तहत 900 शिक्षकों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के माध्यम से डिजिटल लिटरेसी, कंप्यूटेशनल थिंकिंग, कोडिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग दी जाएगी।

900 शिक्षकों को मिलेगा आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण

इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों को नई तकनीकों की बेहतर समझ देना है, ताकि वे स्कूलों में छात्रों को इन विषयों से आसानी से परिचित करा सकें। ट्रेनिंग के दौरान शिक्षकों को सिर्फ थ्योरी नहीं बल्कि AI, कोडिंग और रोबोटिक्स के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी भी दी जाएगी। इस कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा विभाग के 750 शिक्षक, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के 140 प्रवक्ता और SCERT की अलग-अलग इकाइयों के 10 प्रवक्ता शामिल होंगे।

पहले भी हजारों शिक्षकों को दी जा चुकी है ट्रेनिंग

SCERT की ओर से तैयार किए गए विशेष मॉड्यूल के जरिए उच्च प्राथमिक विद्यालयों के विज्ञान विषय के करीब 45 हजार शिक्षकों का क्षमता विकास किया जा चुका है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 में IIT कानपुर की मदद से 756 शिक्षकों को तकनीकी प्रशिक्षण दिया गया था। अब नए चरण में 900 और शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद स्कूलों में तकनीकी शिक्षा को और मजबूत तरीके से लागू करने में मदद मिलेगी।

छात्रों को मिलेगा भविष्य की पढ़ाई का अनुभव

AI और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें आज दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में स्कूल स्तर से ही छात्रों को इन क्षेत्रों की जानकारी देना उन्हें भविष्य की नौकरियों और नए अवसरों के लिए तैयार कर सकता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रों में समस्या समाधान की क्षमता, तार्किक सोच और डिजिटल समझ को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बिहार के इस शहर में जमीन खरीदना महंगा, नए सर्किल रेट लागू

पटना। बिहार की राजधानी पटना में जमीन और प्रॉपर्टी खरीदने वालों के लिए बड़ी खबर है। शहर में नए सर्किल रेट लागू कर दिए गए हैं, जिसके बाद अब जमीन की खरीदारी पहले के मुकाबले ज्यादा महंगी हो जाएगी। नए रेट लागू होने से जमीन की सरकारी कीमतों में बड़ा बदलाव आया है, जिसका सीधा असर रजिस्ट्री शुल्क और फ्लैट की कीमतों पर भी देखने को मिलेगा।

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों में जमीन का न्यूनतम मूल्य करीब 1.6 गुना तक बढ़ाया गया है, जबकि शहरी क्षेत्रों में सर्किल रेट में लगभग दोगुनी बढ़ोतरी की गई है। इसका मतलब है कि अब जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए खरीदारों को पहले से ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी।

राजधानी के प्रमुख इलाकों में जमीन के दाम बढ़े

पटना के पॉश और व्यावसायिक क्षेत्रों में जमीन की सरकारी कीमतों में सबसे ज्यादा बदलाव हुआ है। फ्रेजर रोड जैसे प्रमुख इलाके में जमीन का सर्किल रेट काफी बढ़ गया है। यहां पहले जमीन की कीमत लगभग 21 लाख से 40 लाख रुपये प्रति डिसमिल के बीच थी, जो अब बढ़कर 42 लाख से 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल तक पहुंच गई है।

बोरिंग रोड और बेली रोड में भी बढ़े रेट

पटना के दूसरे बड़े इलाकों में भी जमीन के नए सरकारी मूल्य बढ़ा दिए गए हैं। बोरिंग रोड में जमीन की कीमत अब लगभग 41 लाख से 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल तक पहुंच गई है। वहीं नेहरू पथ यानी बेली रोड इलाके में नया सर्किल रेट करीब 38 लाख से 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल तय किया गया है। इसके अलावा आशियाना रोड में जमीन का मूल्य बढ़कर 35.50 लाख से 60 लाख रुपये प्रति डिसमिल और अशोक राजपथ इलाके में 40 लाख से 80 लाख रुपये प्रति डिसमिल तक पहुंच गया है।

खरीदारों की जेब पर पड़ेगा असर

सर्किल रेट बढ़ने का असर सिर्फ जमीन खरीदने तक सीमित नहीं रहेगा। अब प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री के समय लगने वाली राशि भी बढ़ जाएगी। इसके साथ ही जमीन की बढ़ी हुई सरकारी कीमतों का प्रभाव नए बनने वाले फ्लैटों और मकानों की कीमतों पर भी पड़ सकता है।

पटना में जमीन की गणना के लिए एक कट्ठा में करीब 3.12 डिसमिल जमीन मानी जाती है और इसका क्षेत्रफल लगभग 1320 वर्ग फीट होता है। ऐसे में नई दरों के बाद बड़े प्लॉट खरीदने वालों को पहले की तुलना में काफी अधिक खर्च करना पड़ सकता है। नई सर्किल रेट व्यवस्था से सरकार को राजस्व बढ़ने की उम्मीद है, वहीं प्रॉपर्टी बाजार में खरीदारों के लिए अब बजट बनाकर निवेश करना ज्यादा जरूरी हो गया है।

बिहार में लगेगी बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां? 6 शहरों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में नई फैक्ट्रियां लगाने की तैयारी तेज हो गई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (BIADA) की ओर से 30 नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना के लिए जमीन आवंटित की गई है। इससे राज्य में निवेश बढ़ने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की उम्मीद है।

इन परियोजनाओं के लिए कुल 26.59 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है। प्रस्तावित फैक्ट्रियों में खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, फार्मास्युटिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों से जुड़ी इकाइयां शामिल होंगी।

627 करोड़ रुपये से अधिक का होगा निवेश

इन नई औद्योगिक परियोजनाओं में करीब 627.83 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। उद्योग विभाग के अनुमान के अनुसार, इन फैक्ट्रियों के शुरू होने के बाद लगभग 3329 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि नए उद्योगों की स्थापना से बिहार की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और राज्य में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

इन शहरों में लग सकती हैं फैक्ट्रियां

नई औद्योगिक इकाइयों की स्थापना बिहार के कई प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में की जाएगी। इनमें सिकंदरपुर, मरंगा, डुमरिया, हाजीपुर, बिहटा, मुजफ्फरपुर जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को शामिल किया गया है। इन इलाकों में उद्योग लगने से आसपास के क्षेत्रों में भी व्यापारिक गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है।

किन क्षेत्रों में होंगी नई कंपनियां?

स्वीकृत परियोजनाओं में कई तरह के उद्योग शामिल हैं। इनमें कपड़ा निर्माण, डेयरी, खाद्य उत्पाद, पैकेजिंग और अन्य मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की इकाइयां शामिल हैं। कुछ प्रमुख स्वीकृत कंपनियों में क्रिएटिव गारमेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मिल्कवेल डेयरी प्राइवेट लिमिटेड, कासमोजिंग फूडलैब्स प्राइवेट लिमिटेड, एमवीएस पैकेजिंग प्राइवेट लिमिटेड और निश्चय पोलीफैब प्राइवेट लिमिटेड जैसी इकाइयां शामिल हैं।

निवेशकों को मिल रही सुविधाएं

BIADA के माध्यम से निवेशकों को औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। सरकार की ओर से बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, कनेक्टिविटी और नीतिगत सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि उद्योगों की स्थापना तेजी से हो सके। इन परियोजनाओं से सिर्फ निवेश नहीं बढ़ेगा, बल्कि युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के नए रास्ते भी मिलेंगे।

शनि का महासंयोग! 5 राशियों के लिए आर्थिक और करियर में उन्नति के संकेत

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि का प्रभाव व्यक्ति को मेहनत, धैर्य और अनुशासन के जरिए सफलता दिलाने वाला माना जाता है। जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है तो कई राशियों के जीवन में करियर, धन और कामकाज से जुड़े सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बताई जाती है। आने वाले समय में कुछ राशियों के लिए शनि का प्रभाव शुभ संकेत लेकर आ सकता है। इन जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम, नए अवसर और आर्थिक मामलों में सुधार के योग बन सकते हैं।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए कल शनि का प्रभाव करियर के क्षेत्र में नए अवसर ला सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों और योजनाओं से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे स्थिरता आने के संकेत हैं।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल मिलने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी में बदलाव या बेहतर अवसर की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में सुधार और बचत बढ़ाने के मौके बन सकते हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को शनि के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में पहचान मिल सकती है। आपकी योजनाएं और मेहनत सफलता की ओर ले जा सकती हैं। व्यापार में विस्तार के नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल होने के संकेत हैं।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव बदलाव और प्रगति लेकर आ सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। धन कमाने के नए साधन मिल सकते हैं। निवेश और आर्थिक फैसलों में समझदारी से फायदा हो सकता है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि पर शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है। इस राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में सफलता, व्यापार में सुधार और नई योजनाओं में प्रगति के योग बन सकते हैं। धैर्य और मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के संकेत हैं।

बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी, तबादले की गाइडलाइन जारी

पटना। बिहार के विश्वविद्यालयों और अंगीभूत महाविद्यालयों में काम कर रहे शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी कर दी गई है। अब तबादले की प्रक्रिया पहले की तरह कभी भी नहीं होगी, बल्कि इसे एक तय समय और नियमों के अनुसार पूरा किया जाएगा।

राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव की ओर से सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को इस संबंध में दिशा-निर्देश भेजे गए हैं। इसमें स्पष्ट कहा गया है कि शिक्षकों के तबादले की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से और निर्धारित नियमों के अनुसार पूरी की जाए।

साल में केवल जून महीने में होगा तबादला

नई व्यवस्था के अनुसार विश्वविद्यालय और कॉलेजों में शिक्षकों का ट्रांसफर अब वर्ष में सिर्फ एक बार किया जाएगा। इसके लिए जून महीने को निर्धारित किया गया है। यानी शिक्षकों का स्थानांतरण नियमित प्रक्रिया नहीं होगी, बल्कि हर साल एक तय अवधि में ही इस पर फैसला लिया जाएगा। इससे शिक्षकों और संस्थानों दोनों को पहले से योजना बनाने में सुविधा होगी।

कॉलेजों की जरूरत के अनुसार तैनाती

नई गाइडलाइन में संस्थानों की आवश्यकता को भी प्राथमिकता दी गई है। शिक्षकों के तबादले के दौरान विद्यार्थियों की संख्या, विषयों की जरूरत और शिक्षण व्यवस्था को ध्यान में रखा जाएगा। इससे कोशिश की जाएगी कि जिन कॉलेजों में शिक्षकों की कमी है, वहां बेहतर तरीके से तैनाती की जा सके और पढ़ाई का स्तर प्रभावित न हो।

नियमों के तहत जारी होगी अधिसूचना

शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़ी सभी अधिसूचनाएं तय कानूनी प्रावधानों के तहत जारी की जाएंगी। विश्वविद्यालयों को निर्देश दिया गया है कि हर निर्णय नियमों के अनुसार लिया जाए और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखी जाए।

गर्मी की छुट्टियों में पूरी होगी प्रक्रिया

शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया गर्मी की छुट्टियों के दौरान पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो और नए सत्र में शिक्षकों की व्यवस्था पहले से तैयार रहे। सरकार ने यह भी कहा है कि स्थानांतरण के कारण किसी भी कॉलेज या विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों पर नकारात्मक असर नहीं पड़ना चाहिए।

विशेष स्थिति में लेनी होगी अनुमति

अगर जून महीने के अलावा किसी शिक्षक का तबादला किसी खास परिस्थिति में करना जरूरी होता है, तो इसके लिए कुलाधिपति कार्यालय से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। नई गाइडलाइन का उद्देश्य शिक्षकों के तबादले को व्यवस्थित बनाना और विश्वविद्यालयों में बेहतर शैक्षणिक माहौल बनाए रखना है।

केंद्र सरकार ने दी सौगात: इन कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल शुरू की है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को आर्थिक प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य देश में नए रोजगार पैदा करना, युवाओं को नौकरी के अवसर उपलब्ध कराना और औपचारिक रोजगार व्यवस्था को मजबूत बनाना है।

श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से इस योजना की सफलता को लेकर राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के खाते में प्रोत्साहन राशि भेजेंगे। योजना के तहत करीब 2,400 करोड़ रुपये की राशि वितरित की जाएगी, जिससे 15 लाख से अधिक नए रोजगारों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

क्या है पीएम-वीबीआरवाई योजना?

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना एक रोजगार आधारित प्रोत्साहन योजना है। इसके तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को सहायता दी जाती है और नए कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को भी प्रोत्साहन राशि दी जाती है।

योजना के अनुसार पात्र कर्मचारियों को एक महीने के वेतन के बराबर सहायता दी जाती है, जिसकी अधिकतम सीमा 15,000 रुपये तक है। वहीं, अतिरिक्त कर्मचारियों को नियुक्त करने वाले नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी हर महीने 3,000 रुपये तक का लाभ दिया जाता है।

रोजगार बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि पीएम-वीबीआरवाई योजना से युवाओं को रोजगार से जोड़ने में मदद मिलेगी। साथ ही कंपनियों को अधिक लोगों को नौकरी देने के लिए प्रोत्साहन मिलेगा। यह योजना रोजगार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने और देश में औपचारिक रोजगार के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

योगी सरकार का बड़ा एलान, 3 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ और कानपुर के बीच रैपिड रेल चलाने की घोषणा की है। इस परियोजना से लखनऊ, उन्नाव और कानपुर के लोगों को तेज और आसान सफर की सुविधा मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परियोजना को दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल मॉडल की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इससे उन्नाव की कनेक्टिविटी बढ़ेगी और क्षेत्र के विकास को नई गति मिलने की संभावना है।

30 मिनट में पूरा होगा लखनऊ-कानपुर सफर

प्रस्तावित रैपिड रेल को करीब 160 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलाने की योजना है। इसके शुरू होने के बाद लखनऊ से कानपुर की दूरी लगभग 30 मिनट में तय की जा सकेगी। वहीं उन्नाव से कानपुर का सफर करीब 10 मिनट और उन्नाव से लखनऊ की यात्रा भी काफी कम समय में पूरी हो सकेगी। इससे रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्नाव को मिलेगा बड़ा फायदा

रैपिड रेल परियोजना में उन्नाव को भी शामिल किया गया है। पहले उन्नाव में स्टॉपेज की मांग उठाई गई थी, जिसे मंजूरी मिल गई है। इससे उन्नाव के लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और शहर में निवेश, रोजगार और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास का विस्तार लखनऊ से होते हुए उन्नाव और फिर कानपुर तक पहुंचेगा।

तय हुआ रैपिड रेल का रूट

रैपिड ट्रेन का प्रस्तावित मार्ग अमौसी एयरपोर्ट से शुरू होकर बनी, उन्नाव, जैतीपुर, अजगैन और मगरवारा होते हुए गंगा बैराज तक जाएगा। इसके साथ ही भविष्य में इसे लखनऊ और कानपुर के मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की भी योजना बनाई जा रही है। इससे यात्रियों को अलग-अलग परिवहन साधनों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

आर्थिक विकास को रफ्तार

लखनऊ और कानपुर उत्तर प्रदेश के बड़े आर्थिक केंद्र हैं। दोनों शहरों के बीच तेज परिवहन सुविधा मिलने से रोजगार, व्यापार और उद्योगों को फायदा मिलने की उम्मीद है। रैपिड रेल परियोजना से सिर्फ यात्रा आसान नहीं होगी, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के विकास को भी नई दिशा मिल सकती है।

20 से 30 जून तक शुभ योग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे लाभ के संकेत

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। जून के आखिरी दिनों यानी 20 से 30 जून के बीच कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रहने के संकेत बताए जा रहे हैं। इस दौरान मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने, आर्थिक स्थिति में सुधार और नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है।

1. मेष राशि

20 से 30 जून का समय मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और प्रगति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या योजनाओं में लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सुधार के अवसर बन सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि नए अवसर लेकर आ सकती है। नौकरी में बदलाव या तरक्की की कोशिश कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होने और धन संबंधी मामलों में मजबूती आने के योग बन सकते हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए 20 से 30 जून के बीच मेहनत का फल मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति बेहतर करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं। नई जिम्मेदारियां आपके लिए आगे बढ़ने का रास्ता खोल सकती हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव वाला हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। व्यापार करने वालों को लाभ मिलने की संभावना है। परिवार और आर्थिक मामलों में भी संतुलन बना रहेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि सफलता के नए रास्ते खोल सकती है। नौकरी में प्रगति, सम्मान और नए अवसर मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सुधार हो सकता है और भविष्य के लिए बनाई गई योजनाएं फायदा दे सकती हैं। मेहनत और धैर्य से अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।