HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! जमीन के नीचे मिला खनिजों का भंडार

पटना। बिहार अब केवल बालू और छोटे खनिजों के खनन तक सीमित नहीं रहेगा। राज्य में मौजूद बड़े खनिज संसाधनों को जमीन से निकालने और उनका व्यावसायिक उपयोग बढ़ाने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार ने केंद्र से मिले बड़े खनिज ब्लॉकों की नीलामी का कार्यक्रम तैयार कर लिया है।

जमुई और बांका में खनिजों का खजाना

पहले चरण में जमुई और बांका के दो खनिज ब्लॉक ई-नीलामी के लिए रखे जाएंगे। जमुई के मजोस-भंटा क्षेत्र में मैग्नेटाइट की संभावनाएं हैं, जबकि बांका के पिंडारा ब्लॉक में कॉपर, लेड और जिंक के भंडार को लेकर उम्मीद है। इन खनिजों के दोहन से बिहार में खनिज आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

10 सितंबर से शुरू होगी नीलामी प्रक्रिया

दोनों ब्लॉकों के लिए नीलामी प्रक्रिया 10 सितंबर से शुरू होगी। इसी दिन टेंडर दस्तावेज जारी किए जाएंगे और इच्छुक कंपनियां स्थल भ्रमण के लिए पंजीकरण करा सकेंगी। 30 सितंबर को प्री-बिड मीटिंग और स्थल भ्रमण होगा। कंपनियों को 21 अक्टूबर तक तकनीकी और वित्तीय बोली जमा करनी होगी, जबकि 12 नवंबर को ई-नीलामी प्रस्तावित है।

निवेशकों को मिलेगी सरकारी मदद

सरकार खनन शुरू करने से पहले होने वाली प्रक्रियाओं को आसान बनाने पर भी काम कर रही है। सफल बोलीदाताओं को वन क्षेत्र, पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्रों, जमीन और जरूरी आधारभूत सुविधाओं से संबंधित प्रक्रियाओं में विभागीय सहयोग दिया जाएगा।

मैग्नेटाइट से लौह और स्टील उद्योग को कच्चा माल मिल सकता है। वहीं कॉपर बिजली और दूसरे उद्योगों में, लेड बैटरी समेत कई औद्योगिक कार्यों में और जिंक मुख्य रूप से स्टील को जंग से बचाने में उपयोग होता है। ऐसे में इन खनिज ब्लॉकों की नीलामी बिहार के लिए सिर्फ खनन नहीं, बल्कि निवेश, उद्योग और रोजगार के नए अवसरों की शुरुआत भी साबित हो सकती है।

सुबह मेथी का पानी पीने के 6 बड़े फायदे, सेहत को मिलेंगे कई फायदे

हेल्थ डेस्क। भारतीय घरों में मेथी के दानों का इस्तेमाल लंबे समय से खाने के साथ-साथ घरेलू नुस्खों में भी किया जाता रहा है। कई लोग रातभर मेथी के दाने पानी में भिगोकर सुबह उस पानी का सेवन करते हैं। मेथी में फाइबर और कई सक्रिय पौधीय यौगिक पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में इसके सेवन का संबंध ब्लड शुगर और ब्लड लिपिड को बेहतर करने से देखा गया है, हालांकि इसके प्रभाव को लेकर अभी और बेहतर शोध की जरूरत है।

1. ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद

मेथी के दानों में घुलनशील फाइबर पाया जाता है, जो कार्बोहाइड्रेट के पाचन और ग्लूकोज के अवशोषण को धीमा कर सकता है। इसी वजह से कुछ शोधों में मेथी के सेवन से ब्लड शुगर पर सकारात्मक प्रभाव देखा गया है। हालांकि डायबिटीज की दवा लेने वाले लोगों को इसे दवा का विकल्प नहीं मानना चाहिए।

2. पाचन के लिए फायदेमंद

मेथी में मौजूद फाइबर आंतों की गतिविधियों को सामान्य रखने में मदद कर सकता है। इससे पाचन प्रक्रिया को सपोर्ट मिल सकता है और पेट से जुड़ी कुछ सामान्य परेशानियों में राहत महसूस हो सकती है।

3. पेट साफ रखने में मदद

फाइबर की मौजूदगी के कारण मेथी आंतों की नियमितता बनाए रखने में सहायक हो सकती है। सुबह मेथी का पानी पीने के साथ पर्याप्त पानी और संतुलित आहार लेना भी जरूरी है।

4. कोलेस्ट्रॉल पर सकारात्मक असर

कुछ मानव अध्ययनों और समीक्षाओं में मेथी के सेवन से कोलेस्ट्रॉल और अन्य ब्लड लिपिड में सुधार के संकेत मिले हैं। हालांकि हर व्यक्ति में इसका असर समान हो, यह जरूरी नहीं है।

5. वजन मैनेजमेंट में सहायक हो सकता है

मेथी में मौजूद फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में कुछ मदद मिल सकती है। लेकिन सिर्फ मेथी का पानी पीने से वजन कम होने की गारंटी नहीं है। इसके लिए संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।

6. इसके सेवन से शरीर को पोषक तत्वों का सपोर्ट

मेथी के बीजों में फाइबर के साथ विभिन्न पौधीय यौगिक और एंटीऑक्सीडेंट गुण वाले घटक पाए जाते हैं। इसलिए इसे संतुलित खान-पान का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि मेथी के पानी को किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है।

यूपी में जमीन खरीद रहे हैं तो पहले जान लें ये 5 बातें, खतौनी से लेकर रजिस्ट्री तक ऐसे बचें बड़े नुकसान से

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदना किसी के लिए भी बड़ा आर्थिक फैसला होता है। कई लोग कीमत और लोकेशन देखकर जमीन पसंद कर लेते हैं और कागजात की जांच बाद में करने की सोचते हैं। यही जल्दबाजी आगे चलकर परेशानी का कारण बन सकती है। जमीन खरीदने से पहले मालिकाना हक, राजस्व रिकॉर्ड और रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेजों की अच्छी तरह पड़ताल करना बेहद जरूरी है।

यूपी में संपत्ति की रजिस्ट्री को लेकर भी व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं। रजिस्ट्री से पहले जमीन के रिकॉर्ड में दर्ज मालिक के नाम का मिलान किए जाने पर जोर है। ऐसे में खरीदारों के लिए दस्तावेजों की जांच और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

1. सबसे पहले खतौनी और खसरा देखें

जमीन खरीदने से पहले यह जरूर पता करें कि राजस्व रिकॉर्ड में जमीन किसके नाम दर्ज है। खतौनी और खसरा में दर्ज विवरण को विक्रेता द्वारा दिखाए गए कागजात से मिलाएं। खास तौर पर जमीन का खाता नंबर, गाटा संख्या, रकबा और मालिक का नाम ठीक से जांचें। अगर विक्रेता का नाम रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता है तो बिना पूरी कानूनी जांच के सौदा आगे बढ़ाना जोखिम भरा हो सकता है।

2. जमीन का पुराना रिकॉर्ड भी खंगालें

सिर्फ मौजूदा मालिक का नाम देखकर जमीन न खरीदें। यह भी पता करें कि जमीन पहले किसके नाम थी और वर्तमान मालिक को यह संपत्ति कैसे मिली। पुराने बैनामे, विरासत, बंटवारे या अन्य संबंधित दस्तावेजों की जांच करें। खासतौर पर पैतृक या विरासत में मिली जमीन में यह देखना जरूरी है कि सभी संबंधित हिस्सेदारों के अधिकार स्पष्ट हैं या नहीं। किसी पुराने विवाद की जानकारी मिले तो दस्तावेजों की कानूनी जांच कराना बेहतर है।

3. जमीन पर कोई कर्ज या कानूनी विवाद तो नहीं?

जमीन खरीदने से पहले यह भी पता करें कि संपत्ति किसी बैंक के कर्ज, अदालत के विवाद, कुर्की या किसी अन्य कानूनी अड़चन में तो नहीं है। केवल यह देखकर संतुष्ट न हों कि जमीन पर कोई व्यक्ति कब्जे में है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि केवल किसी जमीन पर कब्जा होना अपने आप में मालिकाना हक साबित नहीं करता, वैध दस्तावेज और कानूनी स्वामित्व महत्वपूर्ण हैं।

4. जमीन की कीमत के साथ सरकारी दर भी जांचें

जमीन की वास्तविक कीमत तय करने से पहले इलाके की सरकारी दर यानी सर्किल रेट की जानकारी जरूर लें। इससे आपको सौदे की कीमत का बेहतर अंदाजा मिलेगा और रजिस्ट्री के दौरान लगने वाले खर्चों की भी योजना बनाई जा सकेगी। विक्रेता द्वारा बताई गई कीमत को ही अंतिम मानने के बजाय आसपास की जमीनों की कीमत और उपलब्ध सरकारी रिकॉर्ड की भी जानकारी लेना समझदारी है।

5. रजिस्ट्री के बाद भी जरूरी काम पूरा करें

बैनामा या सेल डीड पर हस्ताक्षर और रजिस्ट्री के बाद प्रक्रिया खत्म नहीं होती। खरीदार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि संपत्ति से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज हो। यूपी में रजिस्ट्री और नामांतरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन व्यवस्था से जोड़ने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। इसके अलावा रजिस्ट्री की मूल प्रति, भुगतान से जुड़े प्रमाण और जमीन के अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित रखें।

27 अगस्त का दिन रहेगा खास, शोभन योग से इन 4 राशियों को मिलेगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 27 अगस्त 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए खास रह सकता है। इस दिन बनने वाला शोभन योग शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है। मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से व्यक्ति के कामों में सकारात्मकता आती है और रुके हुए कार्य आगे बढ़ सकते हैं। नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों में भी अच्छे संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

27 अगस्त का दिन मेष राशि के लोगों के लिए उत्साह और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार करने वालों के लिए भी नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। धन से जुड़ा कोई रुका हुआ काम आगे बढ़ने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शोभन योग आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ तरक्की के अवसर भी बन सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और धन के लिहाज से अच्छा रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की उम्मीद है। व्यापार में नई डील या किसी नए प्रोजेक्ट से फायदा मिल सकता है। निवेश से जुड़े फैसले लेते समय हालांकि जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों को 27 अगस्त को भाग्य का साथ मिल सकता है। कामकाज में सफलता मिलने के साथ आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। किसी यात्रा या नए संपर्क के जरिए भविष्य में लाभ का रास्ता खुल सकता है।

यूपी सरकार का फैसला, 50 लाख बुनकरों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हथकरघा से जुड़े लोगों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश में बुनकरों को संगठित करने और उनके कारोबार को मजबूत बनाने के लिए नए हैंडलूम क्लस्टर तैयार किए जाएंगे। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में क्लस्टर स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता देने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई।

सरकार की मुख्यमंत्री हथकरघा बुनकर समृद्धि योजना के तहत अगले पांच साल में 150 हैंडलूम क्लस्टर विकसित किए जाने हैं। एक क्लस्टर के लिए जरूरत के मुताबिक अधिकतम 2.5 करोड़ रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी। इस पहल का मकसद बुनकरों को उत्पादन से लेकर बिक्री तक बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

ऐसे तैयार होंगे बुनकरों के क्लस्टर

इस योजना में कम से कम 25 बुनकरों को एक साथ जोड़कर उनका समूह बनाया जाएगा। समूह को फर्म के रूप में पंजीकृत कराया जाएगा, जिसके बाद उसे योजना का लाभ मिल सकेगा। बुनकरों को उनके काम से जुड़ा प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और तैयार माल की बिक्री के लिए बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। इससे छोटे स्तर पर काम करने वाले बुनकरों को अपने कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

1000 एकड़ में विकसित होगा टेक्सटाइल पार्क

हथकरघा क्षेत्र के साथ-साथ प्रदेश के टेक्सटाइल सेक्टर को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। हरदोई में करीब 1,000 एकड़ जमीन पर पीएम मित्र मेगा वस्त्र पार्क विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में जरूरी सुविधाएं तैयार करने के लिए 1,950 करोड़ रुपये खर्च करने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट से मंजूरी मिली है।

पार्क में उद्योगों के लिए सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के अलावा पेयजल, ठोस कचरा प्रबंधन, बॉयलर, श्रमिक आवास, वेयरहाउस और स्किल डेवलपमेंट सेंटर जैसी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। मास्टर डेवलपर के चयन की प्रक्रिया फिलहाल जारी है। सरकार के अनुसार, पार्क में निवेश को लेकर 50 से ज्यादा प्रस्ताव भी सामने आ चुके हैं। इससे आने वाले समय में प्रदेश में टेक्सटाइल उद्योग के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

यूपी के 25 लाख युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! योगी सरकार देगी मुफ्त टैबलेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चयनित कंपनियों को खरीद आदेश जारी करने का फैसला लिया गया।

25 लाख युवाओं को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत पात्र युवाओं को टैबलेट बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष में करीब 2,374.60 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। टैबलेट का लाभ उच्च शिक्षा, डिप्लोमा और कौशल विकास जैसे विभिन्न पाठ्यक्रमों में पढ़ाई या प्रशिक्षण ले रहे पात्र युवाओं को मिलेगा।

पढ़ाई के साथ रोजगार में भी मदद

सरकार का मकसद युवाओं को सिर्फ डिजिटल डिवाइस देना नहीं, बल्कि उन्हें पढ़ाई और करियर के लिए तकनीकी संसाधनों से जोड़ना है। टैबलेट के जरिए छात्र ऑनलाइन पढ़ाई, प्रशिक्षण और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी आसानी से हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तलाशने में भी डिजिटल सुविधा मददगार हो सकती है।

युवाओं को डिजिटल रूप से मजबूत करने की कोशिश

आज के दौर में शिक्षा और रोजगार के लिए डिजिटल संसाधनों की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 25 लाख युवाओं को टैबलेट उपलब्ध कराने का फैसला उन्हें तकनीक के साथ जोड़ने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे खासकर उन छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पढ़ाई और कौशल विकास के लिए डिजिटल डिवाइस की जरूरत है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, हर श्रमिकों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के श्रमिकों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य दशा नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था का उद्देश्य श्रमिकों को सुरक्षित कार्यस्थल के साथ बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

1. हर श्रमिक को मिलेगा नियुक्ति पत्र

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारियों और श्रमिकों को नियुक्ति पत्र देना जरूरी होगा। इससे नौकरी की शर्तों और रोजगार से जुड़े अधिकारों का लिखित रिकॉर्ड उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा हर साल नियोक्ता के खर्च पर श्रमिकों का मुफ्त स्वास्थ्य परीक्षण कराने का प्रावधान किया गया है।

2. कार्यस्थल पर जरूरी सुविधाएं अनिवार्य

श्रमिकों के लिए कार्यस्थल पर पीने का पानी, शौचालय, स्नानघर, आराम करने की जगह, कैंटीन और प्राथमिक उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध करानी होंगी। काम के घंटे और विश्राम का समय भी निर्धारित नियमों के अनुसार तय किया जाएगा।

3. महिलाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

महिला कर्मचारियों को उनकी सहमति से रात की शिफ्ट समेत विभिन्न प्रतिष्ठानों में काम करने की अनुमति होगी। हालांकि नियोक्ता को निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य रहेगा।

4. दुर्घटना होने पर तुरंत देनी होगी जानकारी

कार्यस्थल पर गंभीर हादसा या किसी तरह का व्यावसायिक खतरा सामने आने पर संबंधित अधिकारी को सूचना देना जरूरी होगा। नियोक्ता को जोखिम की पहचान, सुरक्षा उपकरण और दुर्घटनाओं से बचाव के उपाय सुनिश्चित करने होंगे।

5. नियोक्ताओं के पंजीकरण की प्रक्रिया आसान

नियोक्ताओं के लिए अलग-अलग रजिस्ट्रेशन के बजाय एकल पंजीकरण की व्यवस्था की गई है। ठेका और अंतरराज्यीय प्रवासी श्रमिकों समेत कुछ श्रेणियों के लिए एकीकृत लाइसेंस का प्रावधान होगा। इसके अलावा कई प्रक्रियाओं को ऑनलाइन किया जाएगा। पंजीकरण, रिकॉर्ड और रिटर्न दाखिल करने के साथ साइट प्लान और भवन से जुड़े कुछ अनुमोदनों के लिए भी डिजिटल सुविधा उपलब्ध होगी।

योगी या अखिलेश? यूपी में किसकी बनेगी सरकार, ताजा सर्वे ने चौंकाया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सियासी सरगर्मी लगातार बढ़ रही है। चुनाव में अभी समय है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), समाजवादी पार्टी (सपा) और दूसरे राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ता पक्ष जहां एक बार फिर सरकार बनाने का दावा कर रहा है, वहीं विपक्ष भाजपा को सत्ता से हटाने की रणनीति पर काम कर रहा है। इसी बीच वोट वाइब' ने यूपी के लोगों के सामने कुछ प्रश्न रखकर अपना सर्वे किया है।

सर्वे में लोगों से उनकी पसंद, मुख्यमंत्री पद के दावेदार और 2027 के चुनाव में संभावित वोटिंग को लेकर सवाल पूछे गए। आंकड़ों में भाजपा गठबंधन फिलहाल सपा गठबंधन से आगे दिखाई दे रहा है, हालांकि दोनों के बीच अंतर बहुत बड़ा नहीं है।

ज्यादातर मतदाताओं ने तय कर लिया मन

सर्वे में जब लोगों से पूछा गया कि क्या उन्होंने आगामी चुनाव में अपना वोट तय कर लिया है, तो करीब 64.4 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनका फैसला पूरी तरह हो चुका है। वहीं 19 प्रतिशत मतदाताओं ने बताया कि उन्होंने अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया है। करीब 8.7 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उन्होंने फिलहाल किसी के पक्ष में फैसला नहीं किया है। वहीं लगभग 8 प्रतिशत मतदाता ऐसे रहे जिन्होंने इस सवाल पर अपनी राय जाहिर करने से इनकार किया।

मुख्यमंत्री की पसंद में योगी आगे

मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर सर्वे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सबसे आगे नजर आए। करीब 43.4 प्रतिशत लोगों ने उन्हें अगली सरकार में मुख्यमंत्री के तौर पर देखना पसंद किया। वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को 35.5 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला। इस तरह दोनों प्रमुख चेहरों के बीच लगभग 8 प्रतिशत का अंतर दिखाई देता है।

बहुजन समाज पार्टी की मायावती को करीब 5.9 प्रतिशत लोगों ने मुख्यमंत्री पद के लिए पसंद किया। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पक्ष में करीब 3 प्रतिशत लोग दिखाई दिए। लगभग 6 प्रतिशत लोगों ने अन्य विकल्प चुना, जबकि 6.3 प्रतिशत मतदाता इस सवाल पर कुछ स्पष्ट नहीं बता सके।

वोट शेयर में भी भाजपा गठबंधन आगे

सर्वे के मुताबिक 2027 के चुनाव में संभावित वोट शेयर के मामले में भी भाजपा गठबंधन बढ़त बनाए हुए है। आंकड़ों में भाजपा गठबंधन को 41.8 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान लगाया गया है। इसके मुकाबले सपा गठबंधन का संभावित वोट शेयर 38.7 प्रतिशत बताया गया है। यानी दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच करीब 3.1 प्रतिशत का अंतर नजर आ रहा है।

वहीं बसपा के खाते में 5.2 प्रतिशत वोट शेयर का अनुमान है। अन्य क्षेत्रीय दलों और निर्दलीय उम्मीदवारों को मिलाकर करीब 4 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना जताई गई है। करीब 10.3 प्रतिशत मतदाता अभी अनिर्णीत बताए गए हैं या उन्होंने अपनी पसंद स्पष्ट नहीं की।

अभी लंबा है चुनावी सफर

हालांकि यह सर्वे चुनाव से काफी पहले की स्थिति को दर्शाता है। 2027 के विधानसभा चुनाव तक राजनीतिक समीकरण कई बार बदल सकते हैं। गठबंधन, उम्मीदवारों का चयन, स्थानीय मुद्दे और चुनावी अभियान मतदाताओं के रुख पर असर डाल सकते हैं।

फिलहाल सर्वे के आंकड़े यह संकेत जरूर दे रहे हैं कि यूपी में मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। मुख्यमंत्री की पसंद में योगी आदित्यनाथ आगे हैं, जबकि अखिलेश यादव भी मजबूत चुनौती पेश करते नजर आ रहे हैं। वोट शेयर के आंकड़ों में भी भाजपा गठबंधन को बढ़त मिली है, लेकिन दोनों प्रमुख गठबंधनों के बीच अंतर इतना बड़ा नहीं है कि विपक्ष की संभावनाओं को पूरी तरह खारिज किया जा सके।

8th Pay Commission: वेतन, पेंशन और भत्तों को लेकर बड़ा अपडेट?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। आयोग ने देश के अलग-अलग शहरों में कर्मचारी और पेंशनभोगी संगठनों के साथ बैठक करने का कार्यक्रम तय किया है। इन बैठकों में संगठन वेतन, पेंशन, भत्तों और सेवा से जुड़े मुद्दों को आयोग के सामने रख सकेंगे।

इन शहरों में होंगी बैठकें

आयोग के कार्यक्रम के अनुसार जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर को चर्चा होगी। इसके बाद पुडुचेरी में 9 सितंबर और चेन्नई में 7-8 सितंबर को बैठकें प्रस्तावित हैं। वहीं चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर के बीच स्टेकहोल्डर्स के साथ बातचीत होगी। इन बैठकों को इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की मांगों को आयोग सीधे सुन सकेगा। इसके आधार पर आगे सिफारिशें तैयार करने में मदद मिलेगी।

इन बातों पर भी नजर

8वें वेतन आयोग के सामने केवल कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने का मुद्दा नहीं होगा। आयोग को सरकार की आर्थिक स्थिति, राजकोष पर पड़ने वाला अतिरिक्त खर्च और विकास योजनाओं के लिए उपलब्ध संसाधनों को भी ध्यान में रखना होगा। इसके अलावा पेंशन पर पड़ने वाले वित्तीय बोझ और राज्यों पर संभावित असर का भी आकलन किया जा सकता है। केंद्र के वेतन ढांचे में बदलाव होने पर कई राज्यों में भी इसी तरह के संशोधन की मांग उठती है।

निजी क्षेत्र से भी होगी तुलना

सरकारी कर्मचारियों के वेतन और सुविधाओं को बेहतर तरीके से तय करने के लिए आयोग सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों और निजी क्षेत्र में मिलने वाले वेतन व सुविधाओं को भी ध्यान में रख सकता है। मकसद ऐसा संतुलित वेतन ढांचा तैयार करना है, जिससे कर्मचारियों के हितों के साथ सरकार की वित्तीय क्षमता का भी ध्यान रखा जा सके।

फिलहाल इन बैठकों से कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अपनी मांगें आयोग तक पहुंचाने का मौका मिलेगा। हालांकि वेतन, पेंशन और भत्तों में वास्तविक बदलाव कितना होगा, इसका पता आयोग की अंतिम सिफारिशें आने के बाद ही चलेगा।

यूपी की हर ग्राम पंचायत को तोहफा, सरकार ने दी 2 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ग्राम पंचायतों और आम लोगों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट बैठक में जन सेवा केंद्र (CSC) 4.0 परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। नई व्यवस्था का उद्देश्य लोगों को घर के नजदीक ही सुरक्षित, पारदर्शी और समयबद्ध डिजिटल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

हर ग्राम पंचायत में खुलेंगे कम से कम 2 केंद्र

नई व्यवस्था के तहत ग्रामीण इलाकों में हर ग्राम पंचायत में कम से कम दो जन सेवा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। वहीं शहरी क्षेत्रों में प्रत्येक 10 हजार की आबादी पर एक केंद्र की व्यवस्था होगी। इन केंद्रों के जरिए लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। फिलहाल जन सेवा केंद्रों के माध्यम से 54 विभागों की 359 सरकारी सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जा रही हैं।

डिजिटल सेवाओं को मिलेगी नई रफ्तार

परियोजना के तहत प्रत्येक जिले में दो जिला सेवा प्रदाताओं का चयन प्रतिस्पर्धात्मक ई-निविदा के जरिए किया जाएगा। ये एजेंसियां जिले में डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने और केंद्रों के संचालन की व्यवस्था संभालेंगी। हर ग्राम सचिवालय में पंचायत सहायक के माध्यम से जन सेवा केंद्र संचालित किया जाएगा। साथ ही लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए पोर्टल और जिला स्तर पर हेल्प डेस्क की व्यवस्था भी होगी।

तीन साल की होगी परियोजना

सीएससी-4.0 परियोजना को पीपीपी मॉडल पर लागू किया जाएगा और इसकी शुरुआती अवधि तीन वर्ष रखी गई है। जरूरत पड़ने पर इसे अधिकतम दो साल तक आगे बढ़ाया जा सकता है।

योगी सरकार के 8 बड़े फैसले, यूपीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में रखे गए 27 प्रस्तावों में से 24 को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर महिलाओं, युवाओं, डॉक्टरों, बुजुर्गों और यात्रियों समेत कई वर्गों पर पड़ेगा।

1. बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना के तहत उन्हें परिवहन निगम की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने को मंजूरी मिली है। पात्रता के लिए आधार या वोटर आईडी का इस्तेमाल किया जा सकेगा।

2. गंगा एक्सप्रेसवे पहुंचेगा हरिद्वार

गंगा एक्सप्रेसवे को बिजनौर से हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर करीब 10,761 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे प्रयागराज और हरिद्वार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

3. इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ा

एमबीबीएस और बीडीएस इंटर्न के लिए भी बड़ा फैसला हुआ है। सरकारी मेडिकल कॉलेजों और चिकित्सा संस्थानों में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों का मासिक स्टाइपेंड 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है।

4. एडीओ पंचायत की सीधी भर्ती

सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पदों को लेकर भी बदलाव किया गया है। अब 50 प्रतिशत पद सीधी भर्ती के जरिए भरे जाएंगे। इससे युवाओं के लिए सरकारी नौकरी के नए अवसर खुलेंगे।

5. बुजुर्ग माता-पिता के अधिकार मजबूत

जो बच्चे अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करते या उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं, उनके खिलाफ सख्त प्रावधान किए गए हैं। नए नियमों के तहत जरूरत पड़ने पर माता-पिता ऐसे बच्चों को अपनी संपत्ति से बेदखल करने की प्रक्रिया अपना सकेंगे।

6. 250 इलेक्ट्रिक बसें होंगी शामिल

यूपी रोडवेज के बेड़े में 250 नई एसी इलेक्ट्रिक बसें शामिल करने की तैयारी है। इसके लिए करीब 400 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे यात्रियों को बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

7. सुल्तानपुर में बनेगा औद्योगिक क्लस्टर

सुल्तानपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के पास इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर विकसित करने को मंजूरी दी गई है। परियोजना की अनुमानित लागत 272.25 करोड़ रुपये है।

8. नौ जिलों में बढ़ेगा औद्योगिक निवेश

कैबिनेट ने 11 औद्योगिक परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कंफर्ट जारी करने को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से नौ जिलों में करीब 5,504 करोड़ रुपये के निवेश का रास्ता साफ होगा।

यूपी सरकार का फैसला, बुजुर्ग मां-बाप के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुजुर्ग माता-पिता के अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में वरिष्ठ नागरिकों से जुड़े नियमों में बदलाव के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इसका मकसद बुजुर्गों को सम्मानजनक जीवन और उनकी संपत्ति पर अधिकार की सुरक्षा देना है।

देखभाल नहीं करने वाले बच्चों पर शिकंजा

नए प्रावधानों के तहत अगर कोई संतान अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल नहीं करती या उनके साथ दुर्व्यवहार करती है, तो माता-पिता अपनी संपत्ति से उन्हें बेदखल करने की प्रक्रिया अपना सकेंगे। यानी संपत्ति पर अधिकार को लेकर बुजुर्गों को पहले के मुकाबले ज्यादा कानूनी सुरक्षा मिल सकेगी।

सरकार द्वारा नियमों में किया गया संशोधन

सरकार ने ‘उत्तर प्रदेश माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण नियमावली-2014’ में संशोधन का फैसला किया है। इसके तहत नियम 22 में नए प्रावधान जोड़े जाएंगे। कैबिनेट की मंजूरी के बाद इन बदलावों को लागू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बुजुर्गों के सम्मान और अधिकारों पर जोर

सरकार का उद्देश्य ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को राहत देना है, जिन्हें अपनी ही संतान से उपेक्षा या प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। नए नियमों से बुजुर्ग माता-पिता को अपनी संपत्ति और सम्मान की रक्षा के लिए मजबूत आधार मिलने की उम्मीद है।

यह फैसला खास तौर पर उन वरिष्ठ नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो उम्र के इस पड़ाव पर अपने बच्चों से देखभाल और सम्मान की उम्मीद रखते हैं। सरकार के इस कदम से उनके अधिकारों को और मजबूती मिलने की संभावना है।

CM सम्राट का तोहफा, बिहार की बेटियों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

पटना। रक्षाबंधन के मौके पर बिहार की बेटियों और बहनों के लिए सरकार ने कई अहम पहल शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के मुताबिक इन योजनाओं का उद्देश्य बेटियों की सुरक्षा बढ़ाने के साथ उनकी शिक्षा और आत्मनिर्भरता को भी मजबूत करना है।

1. पुलिस दीदी को मिलेंगे 4700 दोपहिया वाहन

स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस दीदी यानी अभया ब्रिगेड को मजबूत किया जाएगा। इसके लिए 4,700 स्कूटर और मोटरसाइकिल उपलब्ध कराई जाएंगी। इन वाहनों के जरिए छात्राओं की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

2. 1000 छात्राओं को पीएचडी फेलोशिप

उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने वाली बेटियों के लिए मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप शुरू की जाएगी। इसके तहत करीब 1,000 पात्र छात्राओं को चार वर्षों तक हर महीने 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे शोध कर रही छात्राओं को पढ़ाई और रिसर्च से जुड़े खर्चों में मदद मिलने की उम्मीद है।

3. बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज

बेटियों को कारोबार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए 'बिहार की बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना' भी शुरू की जाएगी। इसके तहत योग्य बेटियों को स्टार्टअप के लिए 50 हजार से 2 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। सरकार की इन पहलों का फोकस बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक आत्मनिर्भरता पर है। ऐसे में रक्षाबंधन पर घोषित ये योजनाएं बिहार की छात्राओं और युवा महिलाओं के लिए अहम मानी जा रही हैं।

यूपी में 7,968 करोड़ से बनेगा एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क । उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को मंजूरी दे दी गई है। इस परियोजना पर करीब 7,968.30 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

बुंदेलखंड को मिलेगा बड़ा फायदा

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण से बुंदेलखंड क्षेत्र में आवागमन की सुविधा बेहतर होने की उम्मीद है। खासतौर पर बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) क्षेत्र, डिफेंस कॉरिडोर और झांसी के आसपास के प्रमुख इलाकों को इसका लाभ मिलेगा। नया एक्सप्रेसवे इन क्षेत्रों को प्रदेश और देश के दूसरे हिस्सों से तेज और सुगम सड़क संपर्क उपलब्ध कराने में मदद करेगा।

राज्य सरकार उठाएगी पूरा खर्च

इस परियोजना की एक खास बात यह है कि निर्माण पर आने वाला पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। इसमें केंद्र सरकार से किसी तरह की वित्तीय हिस्सेदारी प्रस्तावित नहीं है।

उद्योग और रोजगार को भी बढ़ावा

बेहतर सड़क नेटवर्क से बुंदेलखंड के औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच आसान होगी। इससे निवेशकों के लिए परिवहन सुविधाएं बेहतर होने के साथ माल की आवाजाही भी तेज हो सकती है। लंबे समय में इसका असर क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों पर भी पड़ने की उम्मीद है।

सरकार के इस फैसले को बुंदेलखंड के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे बनने के बाद झांसी और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

गुरु की चाल बदलेगी 4 राशियों की तकदीर, कल से शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, शिक्षा, विवाह, संतान और सौभाग्य का कारक माना जाता है। गुरु की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। कल से गुरु की चाल में बदलाव के कारण कुछ राशियों के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है। इन जातकों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव आर्थिक मामलों में शुभ रह सकता है। आमदनी बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के सौदे मिल सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए गुरु की चाल करियर के लिहाज से लाभदायक हो सकती है। नौकरी में पद और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। जो लोग लंबे समय से नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें अच्छा मौका मिल सकता है। व्यापारियों के लिए नए संपर्क फायदे का सौदा साबित हो सकते हैं। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातकों को भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का शुभ प्रभाव भाग्य को मजबूत कर सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और आय के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना भी है। परिवार के साथ यात्रा या किसी शुभ कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

4. धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु की अनुकूल स्थिति इनके लिए विशेष महत्व रखती है। आने वाले समय में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार में विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है। आर्थिक रूप से भी समय बेहतर रहने की संभावना है।

CM सम्राट का ऐलान, बिहार में अंतरजातीय विवाह करने वालों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। बिहार में अंतरजातीय विवाह करने वाले पात्र दंपतियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आर्थिक सहायता बढ़ाने का ऐलान किया है। नई घोषणा के मुताबिक, SC-ST वर्ग की महिला के अंतरजातीय विवाह करने पर राज्य सरकार 2.5 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।

पहले कितनी मिलती थी सहायता?

अब तक बिहार सरकार की ओर से अंतरजातीय विवाह के लिए एक लाख रुपये की सहायता दिए जाने की व्यवस्था थी। इसके अलावा केंद्र की ओर से भी आर्थिक मदद का प्रावधान बताया गया है। राज्य सरकार द्वारा अपनी सहायता राशि बढ़ाए जाने से पात्र दंपतियों को पहले के मुकाबले ज्यादा आर्थिक सहयोग मिलेगा।

क्यों लिया गया फैसला?

सरकार का उद्देश्य अंतरजातीय विवाह को प्रोत्साहित करने के साथ सामाजिक भेदभाव को कम करना है। इस कदम को महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शादी के बाद मिलने वाली आर्थिक सहायता नए दंपतियों को शुरुआती दौर में आर्थिक सहारा दे सकती है।

आवेदन कैसे होगा?

घोषणा के बाद अब लोगों को आधिकारिक दिशा-निर्देश का इंतजार है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि 2.5 लाख रुपये की सहायता के लिए आवेदन कहां करना होगा, कौन-कौन से दस्तावेज लगेंगे और पात्रता की पूरी शर्तें क्या होंगी। इसलिए अभी इसे आर्थिक सहायता बढ़ाने की घोषणा के तौर पर देखा जाना चाहिए। सरकार की आधिकारिक गाइडलाइन जारी होने के बाद आवेदन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया स्पष्ट होगी।

27 से 31 अगस्त तक बनेंगे शुभ योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार अगस्त के आखिरी दिनों में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ राशियों के लिए अनुकूल रह सकती है। 27 से 31 अगस्त के बीच बनने वाले शुभ योगों का असर करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। इस अवधि में पांच राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह अवधि नई शुरुआत के लिहाज से अच्छी रह सकती है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में कोई नया सौदा लाभ दे सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। परिवार में भी सुखद माहौल बना रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में समय अनुकूल रह सकता है। आय के नए साधन मिलने के साथ बचत बढ़ाने का मौका मिलेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों को पुराने संपर्कों से फायदा होने के योग हैं।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को इस दौरान करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा रहेगा। किसी महत्वपूर्ण काम में परिवार या मित्रों का सहयोग मिल सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए 27 से 31 अगस्त का समय भाग्य का साथ देने वाला हो सकता है। अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरी और कारोबार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और अचानक कोई लाभ भी मिल सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ रह सकती है। करियर में सफलता के साथ नए अवसर सामने आ सकते हैं। व्यापार में विस्तार की योजना बन सकती है। यात्रा से लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में कोई शुभ समाचार मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

बिहार में राशन कार्ड वालों के लिए बड़ी खबर! नए नियम लागू

पटना। बिहार के राशन कार्डधारकों के लिए जरूरी खबर है। राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और अपात्र लाभार्थियों की पहचान के लिए नए दिशा-निर्देश लागू किए जा रहे हैं। इसके तहत लगातार 6 महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों की समीक्षा की जाएगी।

हर महीने होगी राशन कार्ड की जांच

बिहार में हर महीने 21 तारीख को ऐसे राशन कार्डों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद अगले महीने की पहली तारीख से लगातार छह महीने तक राशन नहीं लेने वाले कार्डों को सिस्टम में निष्क्रिय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। हालांकि कार्ड निष्क्रिय होने का मतलब यह नहीं है कि लाभार्थी हमेशा के लिए राशन सुविधा से बाहर हो जाएगा।

दोबारा चालू कराने का मिलेगा मौका

निष्क्रिय किए गए राशन कार्ड को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके दोबारा सक्रिय कराया जा सकेगा। इसके लिए लाभार्थियों को ई-केवाईसी करानी होगी। निष्क्रिय कार्ड से जुड़े लोगों को ई-केवाईसी के लिए तीन महीने का समय देने का प्रावधान है। अगर इस अवधि में जरूरी प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो राशन सुविधा पर रोक लग सकती है।

एक से ज्यादा राशन कार्ड में नाम तो जांच

सरकार ऐसे मामलों की भी जांच करेगी, जहां किसी व्यक्ति का नाम एक से अधिक राशन कार्ड में दर्ज है। आधार के जरिए रिकॉर्ड का मिलान कर ऐसे मामलों की पहचान की जाएगी। पात्र पाए जाने पर नाम सही राशन कार्ड में रखा जाएगा, जबकि अपात्र होने पर नाम हटाया जा सकता है। संबंधित परिवारों को इसकी जानकारी एसएमएस के जरिए देने की व्यवस्था भी की जाएगी।

बिहार के राशन कार्डधारक क्या कर सकते हैं?

अगर आपका राशन कार्ड लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुआ है या ई-केवाईसी बाकी है, तो समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करा लेना बेहतर होगा। इससे राशन सुविधा में किसी तरह की परेशानी से बचा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य राशन कार्ड के रिकॉर्ड को अपडेट रखना और वास्तविक लाभार्थियों तक सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ पहुंचाना है।

45+ पुरुषों के लिए ये 5 चीजें कमाल, सेहत और ताकत बनाए रखने में मददगार

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मांसपेशियों और हड्डियों की मजबूती, ऊर्जा और मेटाबॉलिज्म में बदलाव आने लगते हैं। खासकर 45 की उम्र के बाद पुरुषों के लिए संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि पहले से ज्यादा जरूरी हो जाती है। रोजमर्रा के भोजन में कुछ पौष्टिक चीजों को शामिल करने से शरीर को जरूरी प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल मिल सकते हैं।

1. अंडा

अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है और इसमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। 45+ उम्र में पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद कर सकता है। उबला अंडा या कम तेल में बना अंडा नाश्ते का अच्छा विकल्प हो सकता है।

2. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट जैसे नट्स में स्वस्थ वसा, प्रोटीन, फाइबर और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट होते हैं। सीमित मात्रा में इनका सेवन रोजाना डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन्हें स्नैक के तौर पर खाना आसान भी है।

3. हरी सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों का साग और दूसरी हरी सब्जियां विटामिन, मिनरल और फाइबर देती हैं। नियमित रूप से अलग-अलग रंग की सब्जियां खाने से डाइट ज्यादा संतुलित बनती है।

4. दाल और चना

दाल, चना, राजमा और अन्य फलियां प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। ये पेट को लंबे समय तक भरा रखने में मदद कर सकते हैं और रोजाना की प्रोटीन जरूरत पूरी करने में योगदान देते हैं।

5. फल

सेब, अमरूद, संतरा, पपीता और मौसमी फल विटामिन, फाइबर और अन्य पोषक तत्व प्रदान करते हैं। जूस की जगह साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है, क्योंकि इससे फाइबर भी मिलता है।

बिहार में किसानों के लिए बड़ा फैसला, 1 सितंबर से 19 जिलों में लागू

पटना। बिहार के किसानों के लिए खाद खरीद को लेकर अहम बदलाव होने जा रहा है। राज्य सरकार उर्वरक की बिक्री और वितरण व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाने के लिए FSAS यानी Fertilizer Sale Application System लागू करने की तैयारी कर रही है। दूसरे चरण में इसे 1 सितंबर 2026 से 19 जिलों में शुरू किया जाएगा।

इन 19 जिलों में लागू होगा FSAS

नई व्यवस्था के दूसरे चरण में पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सारण, सिवान, गोपालगंज, सहरसा, सुपौल, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, अररिया और भागलपुर को शामिल किया गया है। इससे इन जिलों के किसानों की खाद खरीद प्रक्रिया डिजिटल सिस्टम से जुड़ जाएगी।

खाद खरीद में बढ़ेगी पारदर्शिता

FSAS को IFMS और AgriStack से जोड़कर उर्वरक बिक्री की प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की तैयारी है। इसका उद्देश्य खाद की बिक्री पर बेहतर निगरानी रखना और किसानों तक उर्वरक की उपलब्धता को अधिक प्रभावी बनाना है।

विक्रेताओं को भी दिया जाएगा प्रशिक्षण

नई व्यवस्था लागू करने से पहले अधिकारियों, कर्मचारियों और खाद विक्रेताओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। 25 अगस्त से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ट्रेनिंग शुरू करने की योजना है। जिलों में मास्टर ट्रेनर भी तैयार किए जाएंगे, जो आगे संबंधित लोगों को सिस्टम की जानकारी देंगे।

हेल्प डेस्क और POS मशीनें होंगी अपडेट

किसानों और दुकानदारों को तकनीकी दिक्कत न हो, इसके लिए हेल्प डेस्क और कंट्रोल रूम बनाने का निर्देश दिया गया है। खाद दुकानों पर इस्तेमाल होने वाली POS मशीनों को भी नई व्यवस्था के अनुसार अपडेट कराया जाएगा। इसके अलावा फार्मर रजिष्टर को पूरा करने और जरूरी डिजिटल रिकॉर्ड अपडेट रखने पर भी जोर दिया गया है।

सरकार के इस कदम से किसानों को क्या फायदा?

नई डिजिटल व्यवस्था से खाद बिक्री की निगरानी बेहतर होने और वितरण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। इससे उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से संभालने में मदद मिल सकती है।

बिहार में फिर बिगड़ेगा मौसम, इन 24 जिलों में आंधी-बारिश की संभावना, जारी हुआ अलर्ट

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। 26 से 31 अगस्त के बीच राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवा और बारिश की स्थिति बन सकती है। मौसम विभाग ने अलग-अलग दिनों में कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

26 से 31 अगस्त तक इन हिस्सों में रहेगा असर

26 अगस्त को राज्य के पश्चिमी, दक्षिणी और मध्य हिस्सों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान चंपारण क्षेत्र, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, पटना, गया, औरंगाबाद, नवादा, नालंदा और जहानाबाद समेत कई जिलों में गरज के साथ बारिश और तेज हवा चल सकती है। इसके अलावा अरवल, रोहतास, कैमूर, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, बेगूसराय और खगड़िया में भी मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

27 अगस्त को मौसम का असर उत्तर बिहार के कुछ और इलाकों तक पहुंच सकता है। सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर भी अलर्ट वाले क्षेत्रों में शामिल रहेंगे। इसके साथ ही पश्चिमी चंपारण से लेकर भागलपुर और दक्षिणी जिलों तक कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। हालांकि सीमांचल के सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में इस दिन कोई चेतावनी नहीं बताई गई है।

28 अगस्त को मौसम का ज्यादा असर उत्तर-पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी बिहार में देखने को मिल सकता है। सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार के साथ खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, जमुई और बांका में येलो अलर्ट रहेगा।

29 अगस्त को अलर्ट का फोकस मुख्य रूप से पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल औरंगाबाद समेत दक्षिणी और पूर्वी क्षेत्रों पर रहेगा। बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, जमुई, बांका और कटिहार में भी मौसम खराब होने की आशंका है।

30 अगस्त को बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास और औरंगाबाद से लेकर पटना, गया, नवादा और नालंदा तक कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। दक्षिण-मध्य बिहार के साथ बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी आंधी-बारिश की संभावना रहेगी।

31 अगस्त को भी राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण के साथ बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास में अलर्ट है। वहीं पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय और खगड़िया में भी गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है।

खुशखबरी की घोषणा, बिहार में आई 259 पदों पर बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSFC) ने 259 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। भर्ती प्रक्रिया बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) के माध्यम से पूरी की जाएगी।

इन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के तहत अकाउंटेंट, लोअर ग्रेड क्लर्क, असिस्टेंट मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोलर समेत कुल पांच तरह के पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। चयन के लिए लिखित परीक्षा के आधार पर पैनल तैयार किया जाएगा, जिसकी वैधता एक वर्ष तक रहेगी।

25 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 25 अगस्त 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, आवेदन शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख 25 सितंबर 2026 है। उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया के लिए BCECEB की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in पर जाना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थी को आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

ऐसे होगा चयन

BSFC भर्ती में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार होने वाले पैनल से किया जाएगा। भर्ती से जुड़ी परीक्षा की तारीख और अन्य जरूरी जानकारी बोर्ड की ओर से आगे जारी की जाएगी। आवेदन या भर्ती प्रक्रिया से संबंधित किसी परेशानी के लिए अभ्यर्थी हेल्पडेस्क से संपर्क कर सकते हैं। हेल्पडेस्क ईमेल helpdesk.bceceboard@bihar.gov.in और फोन नंबर 0612-2220230 दिया गया है।

पेट में बनती है गैस तो करें ये 4 काम, जल्द मिलेगी राहत

हेल्थ डेस्क। पेट में गैस बनना एक आम समस्या है। गलत खानपान, जल्दी-जल्दी खाना, ज्यादा तला-भुना भोजन और लंबे समय तक बैठे रहने से गैस, पेट फूलना या भारीपन महसूस हो सकता है। कुछ आसान आदतों को अपनाकर इस परेशानी को कम करने में मदद मिल सकती है।

1. खाना धीरे-धीरे खाएं

भोजन को अच्छी तरह चबाकर और आराम से खाने की आदत डालें। जल्दी खाने से ज्यादा हवा पेट में जा सकती है, जिससे गैस और पेट फूलने की समस्या बढ़ सकती है।

2. खाने के बाद थोड़ी देर टहलें

भोजन के तुरंत बाद लेटने के बजाय कुछ देर हल्की वॉक करें। इससे पाचन प्रक्रिया को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है और पेट में भारीपन भी कम हो सकता है।

3. गैस बढ़ाने वाली चीजें कम करें

अगर कुछ खाद्य पदार्थ खाने के बाद आपको बार-बार गैस होती है तो उनका सेवन कम करें। बहुत ज्यादा तला-भुना, मसालेदार भोजन और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स से भी दूरी रखना बेहतर है।

4. पर्याप्त पानी पिएं

दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना पाचन के लिए जरूरी है। साथ ही भोजन में फाइबर की मात्रा संतुलित रखें और रोजाना शारीरिक गतिविधि को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, छात्राओं के लिए 2 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और छात्राओं के लिए कॉलेज तक पहुंचना आसान बनाने के उद्देश्य से रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना लागू की गई है। इसके तहत मेधावी छात्राओं को स्कूटी के साथ पेट्रोल और कई जरूरी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

मेधावी छात्राओं को मिलेगी स्कूटी

योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक पास करने वाली छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके लिए राज्य विश्वविद्यालय, निजी विश्वविद्यालय और उनसे संबद्ध पात्र कॉलेजों से छात्राओं का विवरण लिया जा रहा है। स्कूटी के पैकेज में चार लीटर पेट्रोल, पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज भी शामिल रहेंगी। यानी छात्राओं को स्कूटी मिलने के साथ शुरुआती खर्च का भी ध्यान रखा जाएगा।

इन छात्राओं को भी मिलेगा लाभ

योजना में सामान्य वर्ग की मेधावी छात्राओं के साथ बलिदानी परिवारों, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को भी विशेष लाभ दिया जाएगा। इन श्रेणियों में निर्धारित मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक वाली छात्राओं को भी पात्रता में शामिल करने का प्रावधान है। योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। साथ ही परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

जिले में समारोह के जरिए वितरण

पात्र छात्राओं की सूची विश्वविद्यालयों की ओर से तैयार की जाएगी। इसके बाद जिलाधिकारी स्तर पर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी। हर जिले में समारोह आयोजित कर वितरण कराने की योजना है। हालांकि, अंतिम चयन शासन स्तर पर किया जाएगा। सरकार की इस योजना से एक ओर छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर कॉलेज और विश्वविद्यालय तक आने-जाने में उनकी परेशानी भी कम हो सकती है।

यूपी सरकार का नया आदेश, सभी विद्यालयों में होगा लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पीएमश्री विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नई पहल शुरू की गई है। अब इन स्कूलों में विद्यार्थियों को रोजाना दो दैनिक समाचार पत्र पढ़ने के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य बच्चों को किताबों से आगे बढ़ाकर देश-दुनिया की घटनाओं से जोड़ना और उनकी पढ़ने-समझने की क्षमता को मजबूत करना है।

प्रदेश में कुल 1565 पीएमश्री विद्यालय हैं। समग्र शिक्षा परियोजना कार्यालय ने सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर स्कूलों में प्रतिदिन दो अखबार उपलब्ध कराने को कहा है।

अखबार पढ़ने से बढ़ेगा सामान्य ज्ञान

समाचार पत्र पढ़ने से बच्चों को देश-दुनिया में होने वाली घटनाओं की जानकारी मिलेगी। इसके साथ ही उनकी भाषा, शब्दावली और पठन क्षमता में सुधार होने की उम्मीद है। बच्चे नए शब्द सीखने के साथ अपने विचारों को बेहतर तरीके से व्यक्त करना भी सीख सकेंगे।

स्कूलों की लाइब्रेरी में बच्चों की उम्र और कक्षा के अनुसार बालोपयोगी एवं मनोरंजक पत्रिकाएं भी रखी जाएंगी। इससे विद्यार्थियों में सवाल पूछने, विषयों को समझने और स्वतंत्र रूप से सोचने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

अखबार और लाइब्रेरी के लिए बजट

सरकार ने प्रत्येक पीएमश्री विद्यालय को अखबार की व्यवस्था के लिए 10 महीने तक हर महीने 500 रुपये, यानी कुल 5 हजार रुपये देने का प्रावधान किया है। वहीं पुस्तकालय को बेहतर बनाने के लिए प्रति विद्यालय 20 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

अखबार और पुस्तकालय से जुड़ी व्यवस्थाओं के लिए कुल 3.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इस राशि से स्कूलों में जरूरी फर्नीचर और अन्य सुविधाएं विकसित की जा सकेंगी। सरकार की इस पहल से विद्यालयों में बच्चों के बीच पढ़ने की आदत और रीडिंग कल्चर को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यूपी के लिए बड़ी खुशखबरी, 4,104 करोड़ रुपये के निवेश को मिली हरी झंडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में 4,104.82 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है। सोमवार को मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में आठ बड़ी परियोजनाओं के लिए लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने की स्वीकृति दी गई।

इन निवेश परियोजनाओं से प्रदेश में विनिर्माण, सीमेंट, फार्मा, खाद्य प्रसंस्करण, डेयरी और सौर ऊर्जा जैसे कई क्षेत्रों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। साथ ही अलग-अलग जिलों में औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

इन जिलों में होगा बड़ा निवेश

मंजूर परियोजनाओं में गोरखपुर में एपीएल अपोलो ट्यूब्स की 320 करोड़ रुपये, अमरोहा में टेरेस्ट्रियल फूड प्रोसेसर्स की 277.30 करोड़ और ललितपुर में अल्ट्राटेक सीमेंट की 738 करोड़ रुपये की परियोजना शामिल है।

इसके अलावा गौतमबुद्धनगर, बुलंदशहर, हाथरस, बागपत और मथुरा में भी बड़ी औद्योगिक परियोजनाएं स्थापित होंगी। इनमें सबसे बड़ा निवेश एल्पेक्स सोलर की मथुरा परियोजना में 992.38 करोड़ रुपये का है।

रोजगार को भी मिलेगी रफ्तार

इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने के बाद प्रदेश में औद्योगिक ढांचा मजबूत होने के साथ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य निवेश परियोजनाओं को तेजी से लागू कराना और पात्र कंपनियों को नीति के अनुसार जरूरी प्रोत्साहन उपलब्ध कराना है।

भारत के लिए रूस से आई खुशखबरी, दोनों देशों के बीच हुआ बड़ा ऐलान!

नई दिल्ली। भारत के लिए रूस से फर्टिलाइजर सप्लाई को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। रूस ने भारत को आने वाले समय में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है। इस खबर का असर शेयर बाजार में भी देखने को मिला और फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई।

फर्टिलाइजर कंपनियों के शेयरों में उछाल

रूस से आई खबर के बाद Fertilizers and Chemicals Travancore Ltd के शेयरों में करीब 17 फीसदी तक तेजी देखने को मिली। कंपनी का शेयर कारोबार के दौरान 918.75 रुपये के इंट्रा-डे स्तर तक पहुंच गया। इसके अलावा मद्रास फर्टिलाइजर्स के शेयर करीब 10.70 फीसदी चढ़े। राष्ट्रीय केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स में लगभग 7.5 फीसदी की तेजी रही। वहीं, पारादीप फॉस्फेट्स और नेशनल फर्टिलाइजर्स के शेयरों में भी करीब 7 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।

रूस से ज्यादा खाद मिलने की उम्मीद

यह घटनाक्रम भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात के बाद सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, बातचीत के दौरान रूस की ओर से भारत को अतिरिक्त फर्टिलाइजर सप्लाई करने पर सहमति जताई गई। भारत में कृषि क्षेत्र के लिए उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता महत्वपूर्ण है। ऐसे में रूस से सप्लाई बढ़ने की खबर किसानों और उर्वरक क्षेत्र के लिए सकारात्मक मानी जा रही है।

किसानों को क्या होगा फायदा?

रूस से भारत को फर्टिलाइजर की सप्लाई बढ़ने की खबर किसानों के लिए भी राहत देने वाली मानी जा रही है। उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता रहने से किसानों को बुवाई और फसल के दौरान खाद के लिए ज्यादा परेशानी नहीं उठानी पड़ेगी। बाजार में सप्लाई बेहतर होने पर खाद की कमी और कालाबाजारी पर भी लगाम लगने की उम्मीद है।