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ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग में बढ़ेगी बंपर सैलरी

राशिफल। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी चर्चा चल रही है। खासकर ग्रुप-D (पे लेवल-1) कर्मचारियों की सैलरी में संभावित भारी बढ़ोतरी ने उम्मीदें बढ़ा दी हैं। वर्तमान में जहां इन कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 है, वहीं नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद इसमें कई गुना बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है।

8वें वेतन आयोग में कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

वेतन आयोग के तहत सबसे बड़ा बदलाव फिटमेंट फैक्टर में देखने को मिल सकता है। इसी आधार पर नई सैलरी तय की जाती है। यदि फिटमेंट फैक्टर 1.83 से 2.00 के बीच रहता है, तो सैलरी लगभग ₹32,000 से ₹36,000 तक पहुंच सकती है। मध्यम अनुमान यानी 2.28 से 2.86 के बीच फिटमेंट फैक्टर होने पर वेतन ₹41,000 से ₹51,480 तक हो सकता है। कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार अगर फिटमेंट फैक्टर 3.83 से 4.0 तक जाता है, तो ग्रुप-D कर्मचारियों की सैलरी ₹69,000 से ₹72,000 तक पहुंचने का अनुमान है।

भत्तों में भी होगा बड़ा बदलाव

नई सैलरी के साथ ही कई भत्तों में भी संशोधन की संभावना है। HRA (मकान किराया भत्ता): बेसिक सैलरी बढ़ने के कारण HRA भी बढ़ेगा और शहरों के हिसाब से इसमें सुधार किया जाएगा।

DA (महंगाई भत्ता) मर्जर: मौजूदा महंगाई भत्ते को बेसिक पे में शामिल करने की मांग की जा रही है, जिसके बाद DA को नए सिरे से शुरू किया जाएगा।

वार्षिक वेतन वृद्धि: कर्मचारी संगठनों के द्वारा 3% की जगह 6% वेतन वृद्धि की मांग की जा रही हैं।

कब लागू हो सकता है नया वेतन आयोग?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने में लगभग 18 महीने का समय लग सकता है। ऐसे में कर्मचारियों को वास्तविक बढ़ी हुई सैलरी और एरियर 2027 के आसपास मिलने की उम्मीद है।

बिहार में बदलेगा मौसम: 12 जिलों में आंधी-पानी और वज्रपात का अलर्ट

पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। राज्य में लगातार बदलते मौसम के बीच 19 मई को तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्र में मौसम ज्यादा सक्रिय रह सकता है।

पिछले कुछ दिनों से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में कभी तेज धूप तो कभी अचानक बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। इसी क्रम में एक बार फिर मौसम के बिगड़ने की चेतावनी जारी की गई है। साथ ही लोगों से सावधानी बरतने की अपील की गई हैं।

19 मई को तेज हवा और वज्रपात का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार 19 मई को कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक रह सकती है, जबकि कुछ स्थानों पर यह 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। दिनभर आसमान में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और दोपहर या शाम के समय अचानक तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

किन जिलों में सबसे ज्यादा असर?

मौसम विभाग ने उत्तर बिहार और सीमांचल के कई जिलों को अलर्ट पर रखा है। इनमें प्रमुख रूप से किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, सहरसा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण शामिल हैं। इन इलाकों में तेज हवा, मेघगर्जन और वज्रपात की संभावना अधिक बताई गई है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है।

48 घंटे तक रह सकता है असर

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले दो दिनों तक यानी लगभग 48 घंटे तक बिहार के कई हिस्सों में मौसम अस्थिर बना रह सकता है। कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं। बारिश के कारण कुछ जगहों पर तापमान में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है, लेकिन उमस से राहत पूरी तरह मिलने की संभावना कम है।

मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज आंधी को देखते हुए लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि:

खराब मौसम में खुले स्थानों से दूर रहें

पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों

सुरक्षित पक्के मकानों में शरण लें

तेज हवा के दौरान झुग्गी और टिन शेड से दूरी बनाए रखें। 

ग्रहों के राजकुमार बुध देंगे साथ, 4 राशियों के खुलेंगे सफलता के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, संवाद और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब भी बुध की स्थिति अनुकूल होती है, तो इसका असर कई राशियों के जीवन में सकारात्मक रूप से दिखाई देता है। आने वाले समय में बुध का शुभ प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष लाभकारी साबित हो सकता है। इस अवधि में करियर, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं, इसलिए इस समय इन जातकों पर विशेष कृपा रहने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा। व्यापार में नए सौदे और संपर्क लाभकारी साबित होंगे। विद्यार्थियों के लिए यह समय एकाग्रता और सफलता लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे और नौकरी में पदोन्नति के योग बन सकते हैं। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी और नए प्रोजेक्ट शुरू करने का अवसर मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव में कमी आएगी।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुध का यह प्रभाव आर्थिक दृष्टि से मजबूत स्थिति बना सकता है। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में तरक्की का रास्ता खोलेंगी। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क बन सकता है।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय करियर और योजनाओं के लिहाज से बेहद सकारात्मक रह सकता है। नए अवसर मिलेंगे और रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। व्यापार में लाभ की स्थिति बनेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। मित्रों और सहयोगियों का सहयोग मिलेगा, जिससे बड़े लक्ष्य पूरे हो सकते हैं।

यूपी के 'ग्राम प्रधानों' को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने शुरू की नई तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में हो रही देरी के बीच ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की तैयारी कर रही है। पंचायत चुनाव समय पर न होने की स्थिति में यह कदम ग्रामीण प्रशासन को सुचारु रूप से चलाने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पंचायती राज विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, जिसमें वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों को ही प्रशासक समिति के जरिए जिम्मेदारी सौंपने की बात कही गई है। अगर इस प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी मिलती है, तो 26 मई के बाद भी ग्राम प्रधान और अन्य पंचायत प्रतिनिधि अपनी भूमिका निभाते रहेंगे।

पंचायत चुनाव में हो सकती है देरी

राज्य में पंचायत चुनावों को लेकर इस बार कई नई प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। खासतौर पर ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया जा रहा है। आयोग को ट्रिपल टेस्ट के आधार पर आरक्षण संबंधी रिपोर्ट तैयार करनी होगी। माना जा रहा है कि इस प्रक्रिया में समय लग सकता है, जिसके कारण पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव 2027 के बाद कराए जाने की संभावना जताई जा रही है।

पहली बार लागू होगा ट्रिपल टेस्ट

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों में पहली बार ट्रिपल टेस्ट के आधार पर ओबीसी आरक्षण तय किया जाएगा। इससे पहले वर्ष 2021 के पंचायत चुनावों में रैपिड सर्वे के आधार पर आरक्षण लागू किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब सरकार समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग गठित कर रही है, जो प्रदेशभर में जातीय और सामाजिक आंकड़ों का अध्ययन करेगा। आयोग का कार्यकाल छह महीने तय किया गया है और इसके अध्यक्ष के रूप में हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश की नियुक्ति की संभावना है।

पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा फायदा

यदि प्रशासक समिति के प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो हजारों ग्राम प्रधानों, ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को राहत मिलेगी। कार्यकाल बढ़ने से पंचायतों में विकास कार्यों की निरंतरता बनी रह सकेगी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सरकार पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना चाहती है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्रों में उनका प्रभाव काफी अहम माना जाता है।

भाग्य देगा साथ, 20 से 30 मई के बीच 5 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। 20 से 30 मई के बीच ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकते हैं। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ राशियों को करियर, धन, परिवार और कारोबार में अच्छे अवसर मिलने के संकेत हैं। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में, जिन्हें इस दौरान विशेष लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने के संकेत हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नई डील फायदेमंद साबित हो सकती है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह अवधि तरक्की के नए रास्ते खोल सकती है। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिलने के योग हैं। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और पुराने तनाव कम हो सकते हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल दिलाने वाला साबित हो सकता है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और नए लोगों से संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। स्वास्थ्य में सुधार और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों को इस दौरान करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। किसी बड़े काम में सफलता मिलने के संकेत हैं। निवेश से लाभ हो सकता है और परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभकारी साबित हो सकती है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए 20 से 30 मई का समय काफी सकारात्मक माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार दोनों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और मित्रों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक लाभ के भी मजबूत संकेत हैं।

भारत के मिसाइल पर मिसाइल टेस्ट से डरा पाक, चीन भी सन्न!

नई दिल्ली। भारत की बढ़ती सैन्य और मिसाइल क्षमता को लेकर पाकिस्तान में चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है। हाल ही में बंगाल की खाड़ी में भारत की ओर से किए गए मिसाइल परीक्षणों के बाद पाकिस्तान के रणनीतिक मामलों से जुड़े थिंक टैंक ने अपनी सरकार को सतर्क रहने की सलाह दी है। पाकिस्तान का मानना है कि भारत तेजी से अपनी आधुनिक मिसाइल और रक्षा क्षमता को मजबूत कर रहा है, जिसका असर पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की रणनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है।

भारत के मिसाइल कार्यक्रम पर बढ़ी नजर

पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित रणनीतिक अध्ययन संस्थान ने भारत के हालिया मिसाइल परीक्षणों को लेकर चिंता जताई है। थिंक टैंक का कहना है कि भारत लगातार लंबी दूरी की मिसाइलों, समुद्र आधारित परमाणु क्षमता और आधुनिक हथियार प्रणालियों पर तेजी से काम कर रहा है। विशेष रूप से अग्नि-5 और पनडुब्बी से दागी जाने वाली मिसाइल प्रणालियों को लेकर पाकिस्तान चिंतित है।

भारत का क्या है रुख?

भारत लंबे समय से यह स्पष्ट करता रहा है कि उसकी रक्षा नीति 'विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता' पर आधारित है। भारत का कहना है कि मिसाइल परीक्षण और आधुनिक सैन्य तकनीक का विकास देश की सुरक्षा जरूरतों का हिस्सा है। रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार भारत अपनी सीमाओं और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आधुनिक रक्षा प्रणाली विकसित कर रहा है, ताकि किसी भी संभावित खतरे का प्रभावी जवाब दिया जा सके।

अहम परीक्षण क्षेत्र

पिछले कुछ वर्षों में बंगाल की खाड़ी भारत के लिए प्रमुख मिसाइल परीक्षण क्षेत्र के रूप में उभरी है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में मौजूद परीक्षण सुविधाओं के कारण यहां कई उन्नत मिसाइलों का परीक्षण किया गया है। भारत ने हाल के वर्षों में अग्नि श्रृंखला, ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल, हाइपरसोनिक तकनीक और लंबी दूरी की एंटी-शिप मिसाइलों पर तेजी से काम किया है।

चीन भी रख रहा नजर

भारत की बढ़ती रक्षा क्षमता पर चीन भी लगातार नजर बनाए हुए है। हिंद महासागर और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत की सक्रियता और आधुनिक सैन्य तैयारी को क्षेत्रीय शक्ति संतुलन के नजरिए से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की अगुवाई में भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कई उन्नत रक्षा परियोजनाओं पर काम किया है। सरकार का फोकस आत्मनिर्भर रक्षा प्रणाली और आधुनिक तकनीक के विकास पर है।

CM सम्राट चौधरी का बड़ा फैसला, बिहार में अब नई व्यवस्था लागू

पटना। बिहार सरकार ने आम लोगों की समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब लोगों को छोटी-बड़ी शिकायतों के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर राज्यभर की पंचायतों में विशेष 'सहयोग शिविर' लगाए जाएंगे, जहां लोगों की शिकायतें सीधे दर्ज की जाएंगी और तय समय सीमा में उनका समाधान किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासन को गांव तक पहुंचाना और लोगों की समस्याओं का तेजी से निपटारा करना है। रोस्टर के अनुसार अलग-अलग पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे ताकि हर क्षेत्र के लोगों को इसका लाभ मिल सके। लोग हेल्पलाइन नंबर 1100 पर फोन करके यह जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे कि उनके क्षेत्र की पंचायत में शिविर कब लगेगा।

पंचायतों में लगेंगे सहयोग शिविर

नई व्यवस्था के तहत हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को अलग-अलग पंचायतों में शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे और लोगों की समस्याएं सुनेंगे। राज्य सरकार ने सभी मंत्रियों को भी अपने प्रभार वाले जिलों में शिविरों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री स्वयं भी कुछ पंचायतों में जाकर व्यवस्था का जायजा लेंगे और लोगों से सीधे संवाद करेंगे।

ऑन स्पॉट दर्ज होगी शिकायत

शिविरों में आने वाले लोगों की शिकायतें मौके पर ही दर्ज की जाएंगी। इसके लिए पहले से कर्मचारियों की तैनाती की जाएगी, जो आवेदन लेकर उनका पंजीकरण सहयोग समाधान पोर्टल पर करेंगे। सरकार ने निर्देश दिया है कि दर्ज की गई शिकायतों का समाधान 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। समाधान होने के बाद संबंधित व्यक्ति को लिखित जानकारी भी दी जाएगी।

19 विभागों के अधिकारी रहेंगे मौजूद

इन शिविरों में कई महत्वपूर्ण विभागों के काउंटर लगाए जाएंगे, ताकि लोगों को एक ही जगह पर अलग-अलग सेवाएं मिल सकें।

राशन कार्ड, पेंशन और आवास योजनाओं से जुड़ी समस्याएं। 

जमीन विवाद, दाखिल-खारिज और सीमांकन के मामले। 

जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदन। 

बिजली, सड़क, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की शिकायतें। 

इसके अलावा लोग सरकार की योजनाओं को लेकर सुझाव और शिकायत भी दे सकेंगे।

8वें वेतन आयोग: सैलरी-पेंशन और DA को लेकर बड़ी खुशखबरी

राशिफल। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आयोग की महत्वपूर्ण बैठकों का दौर शुरू हो चुका है, जिससे लाखों कर्मचारियों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। देशभर के सरकारी कर्मचारी अब नई सैलरी संरचना, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन सुधार और महंगाई भत्ते (DA) को लेकर होने वाले फैसलों पर नजर बनाए हुए हैं।

हैदराबाद में शुरू हुई अहम बैठकें

8वें वेतन आयोग की अध्यक्ष जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई में आयोग की टीम हैदराबाद में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स एसोसिएशनों के प्रतिनिधियों से चर्चा कर रही है। इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों, सुझावों और मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों पर विस्तार से विचार किया जा रहा है। हैदराबाद के बाद विशाखापत्तनम, श्रीनगर और लेह में भी परामर्श बैठकें प्रस्तावित हैं।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग तेज

इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है। कई कर्मचारी संगठन इसे 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग कर रहे हैं। यदि इस मांग पर सहमति बनती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों की कुल मासिक आय पर सीधा असर पड़ेगा।

न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग

कर्मचारी यूनियनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी को मौजूदा 18 हजार रुपये से बढ़ाकर 69 हजार रुपये करने की मांग रखी है। इसके साथ ही सालाना वेतन वृद्धि दर को भी बढ़ाने का प्रस्ताव दिया गया है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और घरेलू खर्चों को देखते हुए वेतन संरचना में बड़ा बदलाव जरूरी हो गया है।

पेंशन और DA मर्जर पर भी चर्चा

बैठकों में पेंशन सुधार और महंगाई भत्ते को बेसिक सैलरी में शामिल करने के मुद्दे पर भी चर्चा हो रही है। कई संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने और पेंशन समानता की मांग भी उठाई है। पेंशनर्स का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच पेंशन में सुधार बेहद जरूरी हो गया है।

मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी

आयोग ने सुझाव और मांग पत्र जमा करने की अंतिम तारीख बढ़ाकर 31 मई 2026 कर दी है। इससे कर्मचारी संगठनों को अपनी बात विस्तार से रखने का अतिरिक्त समय मिल गया है। वहीं, आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होगी। इसके बाद सरकार तय करेगी कि सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितना बदलाव किया जाएगा।

योगी सरकार की बड़ी पहल, दिव्यांगजनों को 5% आरक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने दिव्यांगजनों और विशेष जरूरत वाले लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी अल्पकालीन कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें आरक्षित करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

हर प्रशिक्षण बैच में मिलेगा आरक्षण

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत चलने वाले सभी शॉर्ट टर्म स्किल ट्रेनिंग कार्यक्रमों में अब प्रत्येक बैच में दिव्यांगजनों के लिए 5 प्रतिशत सीटें अनिवार्य रूप से आरक्षित रहेंगी। सरकार का मानना है कि इससे दिव्यांग युवाओं को प्रशिक्षण प्राप्त करने और रोजगार पाने में आसानी होगी।

एसिड अटैक को विशेष प्राथमिकता

सरकार ने एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत एसिड अटैक पीड़ितों को दिव्यांग श्रेणी में शामिल किया गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों में उन्हें प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए गए हैं। यदि कोई पात्र महिला प्रशिक्षण लेना चाहती है, तो उसका पंजीकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

जिलों में दिए गए विशेष निर्देश

मिशन निदेशक की ओर से सभी जिलों की जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में बनने वाले प्रशिक्षण बैचों में आरक्षित सीटों पर पात्र लाभार्थियों का चयन सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही महिला कल्याण विभाग और बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं की सूची तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद महिलाओं को योजना का लाभ मिल सके।

आत्मनिर्भर बनाने पर भी जोर

राज्य सरकार लगातार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने पर जोर दे रही है। सरकार का उद्देश्य है कि विशेष जरूरत वाले लोग भी प्रशिक्षण लेकर रोजगार प्राप्त कर सकें और सम्मान के साथ आत्मनिर्भर जीवन जी सकें। यह पहल केवल रोजगार तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम है।

यूपी में किसानों को खुशखबरी, प्रति हेक्टेयर 5 बोरी डीएपी, 7 बोरी यूरिया!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए उर्वरक वितरण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब किसानों को उनकी जमीन के रिकॉर्ड के आधार पर खाद उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराना और कालाबाजारी पर रोक लगाना है।

नई व्यवस्था के तहत प्रति हेक्टेयर अधिकतम पांच बोरी डीएपी और सात बोरी यूरिया देने का प्रावधान किया गया है। कृषि विभाग ने सभी जिलों में इस संबंध में निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने से छोटे और मध्यम किसानों को सबसे ज्यादा फायदा मिलने की उम्मीद है।

फार्मर आईडी के आधार पर मिलेगा खाद

कृषि विभाग के अनुसार अब किसानों को उर्वरक खरीदते समय किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी दिखानी होगी। इसी के आधार पर उनकी जमीन का रिकॉर्ड देखा जाएगा और उसी हिसाब से खाद का वितरण किया जाएगा।  हालांकि जिन किसानों के पास अभी फार्मर आईडी उपलब्ध नहीं है, उन्हें भी जमीन संबंधी दस्तावेजों के आधार पर उर्वरक उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद किसानों तक सही मात्रा में खाद पहुंच सकेगी और फर्जी खरीद पर रोक लगेगी।

पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है उर्वरक

कृषि विभाग का दावा है कि खरीफ सीजन को देखते हुए प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। विभाग के अनुसार इस समय लाखों टन यूरिया, डीएपी, एनपीके और अन्य उर्वरक का स्टॉक मौजूद है। सरकार का कहना है कि केंद्र से लगातार उर्वरक की आपूर्ति की जा रही है ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

कालाबाजारी रोकने पर जोर

हर साल खेती के मौसम में खाद की कालाबाजारी और कृत्रिम कमी की शिकायतें सामने आती हैं। इसे रोकने के लिए सरकार ने जिलों में निगरानी समितियां बनाने के निर्देश दिए हैं। ये समितियां उर्वरक बिक्री केंद्रों पर नजर रखेंगी और यह सुनिश्चित करेंगी कि किसानों को तय मात्रा में ही खाद मिले।

संतुलित उपयोग की अपील

कृषि विभाग ने किसानों से जरूरत के अनुसार और कृषि वैज्ञानिकों की सलाह के मुताबिक उर्वरकों का संतुलित इस्तेमाल करने की अपील की है। विभाग का कहना है कि अधिक मात्रा में खाद का उपयोग फसलों और मिट्टी दोनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

भारत नहीं बदलेगा फैसला, रूसी तेल की खरीद जारी रहेगी

नई दिल्ली। वैश्विक दबाव और अमेरिका की सख्ती के बावजूद भारत ने साफ संकेत दे दिए हैं कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के अनुसार ही फैसले लेगा। अमेरिका द्वारा रूसी तेल खरीद पर दी गई अस्थायी छूट की अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत ने रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का रुख स्पष्ट कर दिया है। सरकार का कहना है कि देश की ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक जरूरतें सर्वोच्च प्राथमिकता हैं।

भारत का स्पष्ट संदेश

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि रूस से तेल खरीदने का फैसला पूरी तरह भारत की जरूरतों और व्यावसायिक हितों पर आधारित है। सरकार ने संकेत दिया है कि बाहरी दबाव के आधार पर ऊर्जा नीति में बदलाव नहीं किया जाएगा। भारत लंबे समय से यह कहता रहा है कि वह अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति और घरेलू जरूरतों को देखते हुए तेल आयात करता है। अब सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के स्पष्ट बयान के बाद यह रुख और मजबूत होकर सामने आया है।

रूस सबसे बड़ा तेल आपूर्तिकर्ता

यूक्रेन युद्ध के बाद रूस ने भारत को रियायती दरों पर कच्चा तेल उपलब्ध कराया, जिसके बाद भारत ने बड़े पैमाने पर रूसी तेल खरीदना शुरू किया। कुछ ही समय में भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी तेजी से बढ़ गई। सस्ते तेल की वजह से भारत को आयात लागत कम करने में मदद मिली और घरेलू बाजार में ईंधन आपूर्ति बनाए रखना आसान हुआ।

अमेरिका लगातार बना रहा दबाव

अमेरिका लगातार रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर दबाव बना रहा है। उसका तर्क है कि रूस तेल निर्यात से मिलने वाले पैसे का इस्तेमाल युद्ध संबंधी गतिविधियों में कर रहा है। हालांकि भारत ने हमेशा संतुलित रुख अपनाते हुए अपनी ऊर्जा जरूरतों को प्राथमिकता दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती वैश्विक अनिश्चितता के बीच भारत किसी एक स्रोत पर निर्भरता कम करते हुए सस्ते विकल्प तलाशने की रणनीति अपना रहा है।

पश्चिम एशिया संकट से बढ़ी चिंता

पश्चिम एशिया में जारी तनाव और तेल आपूर्ति पर असर के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है। इसी वजह से भारत जैसे बड़े आयातक देशों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ा है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से देश में पेट्रोल और डीजल की लागत भी बढ़ रही है। तेल कंपनियों का कहना है कि उन्हें ईंधन बिक्री में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

भारत की प्राथमिकता ऊर्जा सुरक्षा

सरकार का मानना है कि दुनिया में चल रहे भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है। ऐसे में सस्ते और स्थिर आपूर्ति वाले विकल्पों को बनाए रखना देश की आर्थिक जरूरतों के लिए जरूरी माना जा रहा है।

यूपी सरकार का फैसला, जमीन मालिकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन मालिकों और निवेशकों को बड़ी राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 80 में संशोधन से जुड़े अध्यादेश को मंजूरी दे दी गई है। सरकार के इस फैसले से कृषि भूमि को गैर कृषि उपयोग में बदलने की प्रक्रिया पहले की तुलना में काफी सरल हो जाएगी।

दोहरी प्रक्रिया से मिलेगी राहत

अब तक कृषि भूमि को आवासीय या व्यावसायिक उपयोग में बदलने के लिए लोगों को कई प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजरना पड़ता था। अलग-अलग स्तरों पर अनुमति लेने के कारण समय और धन दोनों की अधिक खपत होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह दोहरी प्रक्रिया समाप्त हो जाएगी, जिससे जमीन मालिकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

पहले भी आया था प्रस्ताव

सरकार इससे पहले भी इस बदलाव से संबंधित प्रस्ताव को मंजूरी दे चुकी थी, लेकिन उसे विधानमंडल में पेश नहीं किया जा सका था। इसी कारण कैबिनेट बैठक में इसे दोबारा स्वीकृति दी गई है, ताकि प्रक्रिया को जल्द लागू किया जा सके।

विकास परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा

विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले से राज्य में आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को गति मिलेगी। भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया आसान होने से निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को भी फायदा पहुंच सकता है।

किसानों और जमीन मालिकों के लिए राहत

नई व्यवस्था से उन किसानों और जमीन मालिकों को भी लाभ होगा, जो अपनी कृषि भूमि का उपयोग अन्य जरूरतों के लिए करना चाहते हैं। लंबे समय तक चलने वाली प्रशासनिक बाधाओं से राहत मिलने के बाद लोग कम समय में अपनी जमीन से जुड़े फैसले ले सकेंगे।

सरकार का उद्देश्य भूमि उपयोग परिवर्तन की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। माना जा रहा है कि इससे अनावश्यक देरी और कागजी कार्रवाई में कमी आएगी, जिससे आम लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में लगेगा 2400 मेगावाट का नया पावर प्रोजेक्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार ने ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रयागराज स्थित मेजा तापीय परियोजना के विस्तार को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के तहत प्रदेश में 2400 मेगावाट क्षमता की नई तापीय बिजली परियोजना स्थापित की जाएगी, जिससे आने वाले वर्षों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

मेजा परियोजना में लगेंगी तीन नई यूनिटें

सरकार ने मेजा तापीय परियोजना में 800-800 मेगावाट की तीन नई यूनिटें लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह परियोजना एनटीपीसी और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के संयुक्त सहयोग से विकसित की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस परियोजना पर लगभग 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। मौजूदा समय में मेजा में 1320 मेगावाट क्षमता का सुपर क्रिटिकल पावर प्लांट संचालित हो रहा है। अब नई यूनिटों के जुड़ने से प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता में बड़ा इजाफा होगा।

पांच वर्षों में मिलने लगेगी बिजली

ऊर्जा विभाग के अनुसार, नई यूनिटों से अगले पांच वर्षों में बिजली उत्पादन शुरू होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य भविष्य की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से ही बिजली उत्पादन क्षमता को मजबूत करना है।

मिर्जापुर में बनेगा ट्रांसमिशन नेटवर्क

कैबिनेट ने बिजली उत्पादन के साथ-साथ ट्रांसमिशन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी बड़ा फैसला लिया है। मिर्जापुर में 765/400 केवी क्षमता का नया पूलिंग उपकेंद्र और पारेषण लाइनें बनाई जाएंगी। इस परियोजना पर करीब 2799 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें उपकेंद्र निर्माण और नई ट्रांसमिशन लाइनों के विकास का कार्य शामिल होगा। इससे विभिन्न बिजली परियोजनाओं से उत्पादित ऊर्जा को बेहतर तरीके से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाया जा सकेगा।

उद्योग और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि नई बिजली परियोजनाओं से प्रदेश में उद्योगों और निवेश को नई गति मिलेगी। पर्याप्त और निर्बाध बिजली उपलब्ध होने से औद्योगिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

प्रदेशवासियों को मिलेगी बेहतर बिजली

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने दावा किया कि इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद लोगों को सस्ती और बिना कटौती वाली बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। पिछले कुछ वर्षों में प्रदेश की बिजली उत्पादन क्षमता लगातार बढ़ाई गई है और सरकार अब भविष्य की जरूरतों के अनुसार बड़े निवेश कर रही है।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: पेंशन नियमों में बड़ा बदलाव, अब किस्तों में निकाल सकेंगे पैसा

नई दिल्ली। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) से जुड़े कर्मचारियों और निवेशकों के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। पेंशन फंड नियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) ने रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले पैसों की निकासी प्रक्रिया में अहम बदलाव किया है। अब एनपीएस सब्सक्राइबर एकमुश्त रकम निकालने के बजाय किस्तों में भी पैसा निकाल सकेंगे।

सरकार और पीएफआरडीए का मानना है कि इस नई व्यवस्था से रिटायरमेंट के बाद लोगों को नियमित आय का बेहतर विकल्प मिलेगा और उनकी बचत लंबे समय तक सुरक्षित रह सकेगी। इस बदलाव से रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी। नियमित अंतराल पर पैसा मिलने से खर्चों का बेहतर प्रबंधन किया जा सकेगा और बुजुर्गों को वित्तीय स्थिरता बनाए रखने में मदद मिलेगी।

85 साल की उम्र तक मिल सकेगा पैसा

नई व्यवस्था के तहत एनपीएस सदस्य अपनी बची हुई रकम को 85 वर्ष की उम्र तक चरणबद्ध तरीके से निकाल सकेंगे। सब्सक्राइबर अपनी जरूरत के अनुसार मासिक, त्रैमासिक या वार्षिक निकासी का विकल्प चुन सकते हैं। इससे रिटायरमेंट के बाद एक साथ बड़ी रकम खर्च होने का खतरा कम होगा और लोगों को नियमित नकदी प्रवाह मिलता रहेगा।

आरआईएस योजना से मिलेगा लाभ

पीएफआरडीए ने हाल ही में सेवानिवृत्त आय योजना (RIS) शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य रिटायरमेंट के बाद आर्थिक स्थिरता बनाए रखना और पेंशन फंड को लंबे समय तक उपयोगी बनाए रखना है। नई व्यवस्था म्यूचुअल फंड के सिस्टमेटिक विड्रॉल प्लान (SWP) की तरह काम करेगी, जिसमें निवेशक जरूरत के अनुसार समय-समय पर पैसा निकाल सकता है।

पहले क्या था नियम?

अब तक एनपीएस सब्सक्राइबर रिटायरमेंट के समय अपने कुल फंड का 60 प्रतिशत तक हिस्सा टैक्स फ्री एकमुश्त निकाल सकते थे। जबकि कम से कम 40 प्रतिशत राशि से पेंशन योजना खरीदना जरूरी था। लेकिन अब नए विकल्प के तहत सब्सक्राइबर चाहें तो अपने एकमुश्त हिस्से को धीरे-धीरे किस्तों में भी निकाल सकेंगे।

दो तरीकों से होगी निकासी

पीएफआरडीए ने निकासी के लिए दो विकल्प दिए हैं। पहले विकल्प में सिस्टम सदस्य की उम्र और चुनी गई अवधि के आधार पर हर महीने मिलने वाली राशि तय करेगा। दूसरे विकल्प में कुल फंड को बराबर हिस्सों में बांटकर निर्धारित समय तक भुगतान किया जाएगा। इससे सब्सक्राइबर अपनी जरूरत और भविष्य की योजना के अनुसार विकल्प चुन सकेंगे।

सुपर खुशखबरी, बिहार में 2473 फार्मासिस्ट पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। राज्य में फार्मासिस्ट के 2473 रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया अब तेज हो गई है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने हाई कोर्ट की सख्ती और स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है।

आपत्ति दर्ज कराने का मौका

आयोग ने दस्तावेज सत्यापन में शामिल उम्मीदवारों को अपनी जानकारी जांचने और त्रुटि होने पर आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है। अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर 19 मई से 24 मई तक ऑनलाइन आपत्ति दर्ज करा सकेंगे।

उम्मीदवार आवेदन संख्या, मोबाइल नंबर और जन्म तिथि की मदद से लॉग इन कर अपने नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग और प्राप्तांक जैसी जानकारी की जांच कर सकते हैं। यदि किसी प्रकार की गलती मिलती है तो उसे सुधारने के लिए ऑनलाइन आपत्ति दर्ज की जा सकेगी।

हाई कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी तेजी

यह भर्ती प्रक्रिया पटना हाई कोर्ट में लंबित एक अवमानना मामले के बाद तेज हुई है। स्वास्थ्य विभाग ने आयोग से चयन प्रक्रिया जल्द पूरी करने और अनुशंसित अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने का आग्रह किया था। इसके बाद आयोग ने लंबित प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए आपत्ति दर्ज कराने की तारीख घोषित की है।

पहले हो चुका है दस्तावेज सत्यापन

बीटीएससी द्वारा इसी वर्ष फरवरी महीने में दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की गई थी। हालांकि उसके बाद लंबे समय तक आगे की कार्रवाई नहीं होने से अभ्यर्थियों में चिंता बढ़ रही थी। अब आयोग की ओर से नई प्रक्रिया शुरू होने के बाद उम्मीदवारों को जल्द नियुक्ति की उम्मीद जगी है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से मिलेगी सुविधा

अभ्यर्थी अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए ओटीपी के माध्यम से लॉग इन कर सकेंगे। इसके बाद 'Raise Objection' विकल्प के जरिए किसी भी त्रुटि के संबंध में अपनी आपत्ति दर्ज कर पाएंगे। इससे पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और आसान बनाने का प्रयास किया गया है।

आज बड़ा मंगल दिखाएगा असर: 5 राशियों को धन और सफलता का साथ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक माना जाता है। जब मंगल शुभ स्थिति में होता है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलते हैं। आज का बड़ा मंगल कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ लेकर आया है। ग्रहों की अनुकूल चाल से करियर, व्यापार, धन और पारिवारिक जीवन में अच्छे संकेत मिल रहे हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापार में नई योजनाएं लाभ दिला सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में बड़ा फायदा दे सकती है। धन लाभ के संकेत हैं और निवेश से जुड़े फैसले सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर मंगल का विशेष प्रभाव रहने वाला है। आज आत्मविश्वास बढ़ेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में लाभ के योग हैं और नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बीतेगा और मानसिक तनाव में कमी आएगी।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। शिक्षा, नौकरी और व्यवसाय से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक रूप से लाभ के संकेत हैं और किसी पुराने निवेश से फायदा हो सकता है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित हो सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का बड़ा मंगल आर्थिक मजबूती और सफलता के संकेत दे रहा है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग मिलेगा और भविष्य की योजनाओं में सफलता मिल सकती है। स्वास्थ्य भी सामान्य रहेगा।

पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिर बढ़ी, आज से नई दरें लागू

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। लगातार पांचवें दिन ईंधन के दाम बढ़ने से आम जनता की चिंता बढ़ गई है। तेल कंपनियों ने नई दरें लागू करते हुए पेट्रोल के दाम में 87 पैसे और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की है। नई कीमतें मंगलवार से लागू हो गई हैं।

दिल्ली में नई कीमतें लागू

ताजा बढ़ोतरी के बाद राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत बढ़कर 98.64 रुपये प्रति लीटर पहुंच गई है, जबकि डीजल अब 91.58 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। इससे पहले शुक्रवार को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब तीन-तीन रुपये की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी।

पश्चिम एशिया तनाव का असर

विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी युद्ध और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का सीधा असर भारतीय बाजार पर पड़ रहा है। कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर बढ़ी अनिश्चितता के कारण तेल कंपनियों की लागत बढ़ गई है, जिसका असर अब उपभोक्ताओं पर दिखाई दे रहा है।

खाने-पीने की चीजें भी हो सकती हैं महंगी

ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सिर्फ वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा। माल ढुलाई महंगी होने से सब्जियां, फल, दूध और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं के दाम भी बढ़ सकते हैं। ट्रांसपोर्ट लागत बढ़ने का असर बाजार में लगभग हर क्षेत्र पर पड़ने की संभावना है।

इस बढ़ोत्तरी का आम लोगों की जेब पर बोझ

इस बढ़ोतरी से सबसे ज्यादा असर दैनिक यात्रा करने वालों, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। निजी वाहन चलाने वालों का मासिक खर्च बढ़ेगा, वहीं सार्वजनिक परिवहन किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। जानकार मान रहे हैं कि फिलहाल ईंधन कीमतों में राहत मिलने के आसार कम दिखाई दे रहे हैं। तेल कंपनियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिनों में कीमतों में और बदलाव संभव है।

केंद्र सरकार का फैसला: देशभर के 18 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्रालय ने देशभर के 18 शहरों में वाटर मेट्रो ट्रांसपोर्ट सिस्टम शुरू करने की योजना पर काम तेज कर दिया है। सरकार का उद्देश्य जलमार्गों का बेहतर उपयोग कर शहरों में यातायात दबाव कम करना और लोगों को तेज, सस्ती तथा सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराना है।

पहले चरण में इन शहरों को मिलेगी सुविधा

सरकार पहले चरण में श्रीनगर, पटना, वाराणसी, अयोध्या और प्रयागराज जैसे शहरों में वाटर मेट्रो सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इसके बाद दूसरे चरण में असम के तेजपुर और डिब्रूगढ़ में भी इस परियोजना का विस्तार किया जाएगा। इन शहरों का चयन वहां उपलब्ध जलमार्गों और यातायात की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

कोच्चि मॉडल की सफलता से मिली प्रेरणा

सरकार ने यह फैसला कोच्चि वाटर मेट्रो की सफलता के बाद लिया है। कोच्चि में वाटर मेट्रो ने लोगों को तेज और सुविधाजनक परिवहन विकल्प दिया है, जिससे सड़क यातायात का दबाव कम हुआ है। अब इसी मॉडल को देश के अन्य शहरों में लागू करने की योजना बनाई जा रही है।

कम लागत में बेहतर परिवहन व्यवस्था

केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने बताया कि वाटर मेट्रो सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें पारंपरिक मेट्रो या सड़क परियोजनाओं की तुलना में कम लागत आती है। चूंकि इसमें मौजूदा जलमार्गों का उपयोग किया जाता है, इसलिए जमीन अधिग्रहण और भारी निर्माण की जरूरत कम पड़ती है। इसके अलावा, संचालन खर्च भी अपेक्षाकृत कम होता है, जिससे यह प्रणाली आर्थिक और पर्यावरण दोनों दृष्टि से लाभकारी मानी जा रही है।

शहरों में ट्रैफिक कम करने में मदद

सरकार का मानना है कि वाटर मेट्रो सेवा शुरू होने से बड़े शहरों में सड़क पर वाहनों का दबाव कम होगा। इससे प्रदूषण में कमी आने के साथ-साथ यात्रा समय भी घटेगा। यह परियोजना विशेष रूप से उन शहरों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है, जहां नदियां और जलमार्ग पहले से मौजूद हैं।

व्यवहारिकता अध्ययन लगभग पूरा

भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण ने इस परियोजना की व्यवहारिकता जांचने की जिम्मेदारी कोच्चि मेट्रो रेल लिमिटेड को सौंपी थी। अब तक 18 में से 17 शहरों की प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार हो चुकी है, जबकि लक्षद्वीप की रिपोर्ट अभी लंबित है। इन अध्ययनों में यात्रियों की संभावित संख्या, आर्थिक लाभ, परिवहन नेटवर्क से जुड़ाव और संचालन व्यवस्था जैसे पहलुओं का आकलन किया गया है।

यूपी में जमीन रजिस्ट्री को लेकर बड़ी खबर, लागू होगी नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वाले लोगों के लिए राहतभरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब ऐसी नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है, जिससे सर्वर डाउन होने की समस्या के कारण रजिस्ट्री कार्य प्रभावित न हो। सरकार का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और तकनीकी रूप से अधिक मजबूत बनाना है।

सर्वर डाउन की परेशानी से मिलेगी राहत

अक्सर निबंधन कार्यालयों में सर्वर संबंधी तकनीकी दिक्कतों के कारण लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार रजिस्ट्री का काम बीच में रुक जाता है, जिससे आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। अब सरकार इस समस्या का स्थायी समाधान निकालने की दिशा में काम कर रही है।

मध्य प्रदेश मॉडल का होगा अध्ययन

स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने इस मामले में मध्य प्रदेश की व्यवस्था का अध्ययन शुरू किया है। सोमवार को दोनों राज्यों के अधिकारियों के बीच बैठक हुई, जिसमें वहां की डिजिटल प्रणाली और तकनीकी प्रबंधन पर चर्चा की गई। सरकार का मानना है कि मध्य प्रदेश में लागू तकनीकी व्यवस्था काफी प्रभावी है, जहां सर्वर डाउन जैसी स्थिति बहुत कम देखने को मिलती है। इसी मॉडल को समझने के लिए उत्तर प्रदेश से आईटी विशेषज्ञ अधिकारियों की एक टीम जल्द मध्य प्रदेश भेजी जाएगी।

आईटी टीम तैयार करेगी रिपोर्ट

विभाग के अनुसार, तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मध्य प्रदेश की ऑनलाइन रजिस्ट्री प्रणाली, सर्वर प्रबंधन और डिजिटल संचालन का विस्तृत अध्ययन करेगी। इसके बाद एक रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

लोगों को मिलेगा तेज अनुभव

नई व्यवस्था लागू होने के बाद उम्मीद की जा रही है कि रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से अधिक सुगम हो जाएगी। लोगों को लंबी कतारों और तकनीकी बाधाओं का सामना कम करना पड़ेगा। इससे समय की बचत होगी और काम भी तेजी से पूरा हो सकेगा।

स्टांप व्यवस्था पर भी चर्चा

बैठक में स्टांप व्यवस्था से जुड़े कई मुद्दों पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि मध्य प्रदेश में कम मूल्य के भौतिक स्टांप ही उपयोग किए जाते हैं और वहां स्टांप विक्रेताओं को अधिक कमीशन मिलने से लोगों को तय कीमत पर स्टांप आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA को लेकर नई अपडेट?

नई दिल्ली। देश में लगातार बढ़ रही महंगाई के बीच केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर अब जुलाई 2026 में होने वाली महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी पर टिकी हुई है। रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम लोगों का बजट बिगाड़ दिया है, ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार इस बार DA में अच्छी बढ़ोतरी कर राहत दे सकती है।

बढ़ती महंगाई ने बढ़ाई चिंता

पिछले कुछ महीनों में दूध, सब्जियां, पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट खर्च भी बढ़ा है, जिसका असर बाजार में बिकने वाले लगभग हर सामान पर दिखाई दे रहा है। महंगाई का असर सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग और नौकरीपेशा लोगों पर पड़ रहा है। इसी वजह से कर्मचारी संगठन लगातार सरकार से DA बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

जनवरी 2026 में हुआ था बढ़ोतरी

इस साल जनवरी 2026 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ता और महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद DA बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया था। इस फैसले का लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनर्स को मिला था।

CPI-IW आंकड़ों पर निर्भर करता है DA

विशेषज्ञों के अनुसार, महंगाई भत्ता पूरी तरह उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) पर आधारित होता है। इसमें रोजमर्रा की वस्तुओं जैसे खाद्य सामग्री, ईंधन और जरूरी सेवाओं की कीमतों को शामिल किया जाता है। यदि आने वाले महीनों में महंगाई दर ऊंची बनी रहती है, तो जुलाई 2026 में DA बढ़ने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

आर्थिक जानकारों का कहना है कि सरकार DA बढ़ोतरी का फैसला लेते समय सिर्फ कुछ वस्तुओं की कीमतों को नहीं, बल्कि पूरे आर्थिक माहौल और महंगाई के रुझान को ध्यान में रखेगी। अगर महंगाई लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती है, तो कर्मचारियों को अगले DA संशोधन में अच्छी बढ़ोतरी मिल सकती है।

बिहार में आई डबल खुशखबरी: युवाओं के लिए 2 बड़ी भर्ती का मौका

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत वाली खबर सामने आई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने दो अलग-अलग पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इन भर्तियों के जरिए तकनीकी और सुरक्षा क्षेत्र में युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर मिलेगा।

1 .असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) पदों पर भर्ती

बीपीएसएससी ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इस भर्ती के तहत कुल 22 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए डिप्लोमा पास उम्मीदवार आवेदन कर सकेंगे। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू होगी और 21 जून 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती अच्छा अवसर मानी जा रही है।

2 .हवलदार इंस्ट्रक्टर भर्ती से भी मिलेगा मौका

इसके अलावा बीपीएसएससी ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू की है। इस भर्ती में 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 1 जून 2026 तक आवेदन किए जा सकेंगे। यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास मानी जा रही है जो पुलिस विभाग में शामिल होकर सरकारी सेवा करना चाहते हैं।

आवेदन से पहले रखें ध्यान

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें। आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, चयन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी सही तरीके से जांचने के बाद ही आवेदन करें।

20 मई को बनेगा नवपंचम योग, 5 राशियों की चमक सकती है किस्मत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में नवपंचम योग को बेहद शुभ और लाभकारी माना जाता है। जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम संबंध बनाते हैं, तब यह योग बनता है। 20 मई को बनने वाला नवपंचम योग कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का असर करियर, धन, परिवार और सामाजिक जीवन पर देखने को मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए नवपंचम योग शुभ संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का सहयोग भी मिलेगा। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से सराहना मिल सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह योग तरक्की और नए अवसर लेकर आ सकता है। शिक्षा और करियर के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में फायदा दिला सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है और मानसिक तनाव कम होगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए 20 मई का दिन काफी लाभदायक माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से चल रही परेशानियों में राहत मिल सकती है। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है और परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर नवपंचम योग का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। नौकरी और व्यवसाय में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक मामलों में लाभ के योग हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक रूप से भी राहत महसूस होगी।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह योग करियर और धन के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलेगा और नए कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलेगा। भविष्य की योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।

बिहार में घर बनाना हुआ महंगा, बालू-सीमेंट के बढ़े दाम से बढ़ी चिंता

पटना। बिहार में अपना घर बनाने का सपना देख रहे लोगों के लिए मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में भवन निर्माण सामग्री की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। खासकर बालू, सीमेंट और एल्युमीनियम के दाम बढ़ने से मकान निर्माण की लागत पर बड़ा असर पड़ा है। इसका सबसे ज्यादा दबाव मध्यम वर्गीय परिवारों पर दिखाई दे रहा है।

बालू की कीमतों में बड़ा उछाल

मानसून से पहले बालू की मांग तेजी से बढ़ गई है। हर साल 15 जून से 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक लगती है, जिसके कारण बाजार में पहले से ही कीमतें बढ़ने लगी हैं। कुछ सप्ताह पहले तक जो एक ट्रैक्टर बालू 5 हजार से 5,500 रुपये में मिल रहा था, उसकी कीमत अब 7 हजार से 8 हजार रुपये तक पहुंच गई है। कई इलाकों में इससे भी ज्यादा दाम वसूले जा रहे हैं। 

सीमेंट भी हुआ महंगा

पिछले कुछ महीनों में सीमेंट की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कारोबारियों के अनुसार मार्च और अप्रैल के दौरान सीमेंट की प्रति बोरी कीमत में 40 से 50 रुपये तक का इजाफा हुआ था। हालांकि कुछ जगहों पर अब कीमतों में थोड़ी स्थिरता देखने को मिल रही है, लेकिन पहले हुई बढ़ोतरी का असर अब भी निर्माण लागत पर साफ दिखाई दे रहा है।

एल्युमीनियम के दामों ने वृद्धि

एल्युमीनियम की कीमतों में पिछले एक साल के दौरान बड़ी तेजी देखने को मिली है। बाजार से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सप्लाई प्रभावित होने और आयात लागत बढ़ने के कारण स्थानीय बाजार में भी दाम बढ़े हैं। इसका असर खिड़की, दरवाजे, फ्रेम और अन्य फिटिंग सामग्री पर पड़ रहा है। घर निर्माण में इस्तेमाल होने वाली इन वस्तुओं के महंगे होने से कुल खर्च काफी बढ़ गया है।

मध्यम वर्गीय परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित

निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों का कहना है कि सीमित बजट में घर बनाने की योजना कर रहे मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए हालात सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गए हैं। पहले से तय बजट अब काफी कम पड़ रहा है और कई लोग निर्माण कार्य टालने पर मजबूर हो रहे हैं।

मर्दों के लिए जरूरी हैं ये 5 विटामिन, ड्राईफ्रूट्स से करें पूरी कमी

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव का असर पुरुषों की सेहत पर तेजी से दिखाई दे रहा है। कमजोरी, थकान, तनाव और शरीर में ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं अब आम होती जा रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि शरीर को स्वस्थ और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए पुरुषों को कुछ जरूरी विटामिन नियमित रूप से मिलने चाहिए। अच्छी बात यह है कि कई ड्राईफ्रूट्स इन जरूरी पोषक तत्वों की कमी को पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

1. विटामिन B12

विटामिन B12 शरीर में ऊर्जा बनाए रखने और नसों को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से कमजोरी, थकान और याददाश्त से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।

2. विटामिन D

पुरुषों में हड्डियों की मजबूती और मांसपेशियों के अच्छे विकास के लिए विटामिन D बेहद जरूरी माना जाता है। इसकी कमी से शरीर में दर्द और कमजोरी महसूस हो सकती है।

3. विटामिन E

विटामिन E शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने और त्वचा व बालों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसे पुरुषों की ऊर्जा और फिटनेस के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। बादाम और सूरजमुखी के बीज विटामिन E के अच्छे स्रोत माने जाते हैं।

4. विटामिन C

शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रखने के लिए विटामिन C जरूरी होता है। यह शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करता है। किशमिश और सूखे खजूर शरीर को ऊर्जा देने के साथ कई जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करते हैं।

5. विटामिन B6

विटामिन B6 शरीर में हार्मोन संतुलन और दिमागी स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है। यह तनाव कम करने और शरीर को सक्रिय बनाए रखने में भी सहायक माना जाता है। अखरोट और पिस्ता में ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो दिमाग और शरीर दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं।

भाग्य देगा साथ, मंगल की शुभ चाल से 5 राशियों को होगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता का कारक माना जाता है। जब मंगल की स्थिति शुभ होती है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। आने वाला दिन भी कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है। ग्रहों की चाल संकेत दे रही है कि 5 राशियों को धन, करियर, परिवार और कार्यक्षेत्र में लाभ मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल की शुभ स्थिति आत्मविश्वास और ऊर्जा लेकर आएगी। नौकरी और व्यापार में रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन सफलता और सम्मान दिलाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात लाभकारी साबित हो सकती है। धन लाभ के भी योग बन रहे हैं।

3. वृश्चिक राशि

मंगल वृश्चिक राशि का स्वामी माना जाता है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। नए अवसर मिल सकते हैं और करियर में प्रगति देखने को मिल सकती है। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। व्यापार और नौकरी में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी पुराने काम में सफलता मिलने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए मंगल की शुभ चाल आर्थिक मजबूती का संकेत दे रही है। निवेश और कार्यक्षेत्र से जुड़े फैसले लाभकारी हो सकते हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा और भविष्य की योजनाओं में सफलता मिलने के योग हैं।

सीएम योगी के 5 बड़े फैसले: प्रदेशवासियों के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी देकर प्रदेशवासियों को बड़ी सौगात दी है। राजधानी लखनऊ में आयोजित बैठक में कुल 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगी, जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, मेट्रो और पंचायत चुनाव जैसे बड़े मुद्दे शामिल रहे। सरकार के इन फैसलों को विकास और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

वेटनरी छात्रों को बड़ी राहत

सरकार ने पशु चिकित्सा के छात्रों के हित में भी बड़ा फैसला लिया है। बीवीएससी एंड एएच के छात्रों का इंटर्नशिप भत्ता बढ़ाकर 12 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। पहले यह राशि 8 हजार रुपये थी। इस फैसले से प्रदेश के हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें पढ़ाई तथा प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार का मानना है कि इससे पशु चिकित्सा क्षेत्र में युवाओं का उत्साह बढ़ेगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा निवेश

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में नए मल्टी स्पेशियलिटी इमरजेंसी अस्पताल और नए ओपीडी ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दी है। करीब 855 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना से प्रदेश के मरीजों को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। इसके अलावा प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार का रास्ता भी साफ हो गया है।

ओबीसी आरक्षण पर बड़ा फैसला

कैबिनेट बैठक का सबसे चर्चित निर्णय पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण तय करने के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन को लेकर रहा। यह आयोग पंचायत चुनावों में पिछड़ा वर्ग के आरक्षण का अध्ययन करेगा और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इस फैसले से आरक्षण को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है।

बिजली व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

ऊर्जा क्षेत्र में मिर्जापुर में बड़े बिजली उपकेंद्र और नई बिजली लाइनों के निर्माण को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना पर लगभग 2800 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है। इससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लखनऊ और आगरा मेट्रो को मिली रफ्तार

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास के तहत लखनऊ मेट्रो के चारबाग से बसंतकुंज कॉरिडोर परियोजना को मंजूरी दी गई है। वहीं आगरा मेट्रो परियोजना के दूसरे कॉरिडोर के लिए भी भूमि हस्तांतरण को हरी झंडी दी गई। इन परियोजनाओं से शहरी परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी और लोगों को बेहतर यात्रा सुविधा मिलेगी। साथ ही ट्रैफिक दबाव कम करने में भी मदद मिलेगी।

बिहार में लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई शुरू, मचा हड़कंप

पटना। बिहार सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। आम लोगों की शिकायतों और लंबित मामलों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच अब सरकार ने लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू कर दी है। 

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश के बाद विभागों में कामकाज की निगरानी तेज कर दी गई है और तय समय सीमा में काम पूरा नहीं करने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इसी अभियान के तहत मुजफ्फरपुर में पहली बड़ी कार्रवाई देखने को मिली, जहां कुढनी के राजस्व अधिकारी धर्मेंद्र कुमार को कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

सरकार का साफ संदेश-लापरवाही बर्दाश्त नहीं

भूमि सुधार एवं राजस्व मंत्री दिलीप जायसवाल ने स्पष्ट कहा है कि अब जनता से जुड़े मामलों में देरी करने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ा जाएगा। विभाग को लगातार मिल रही शिकायतों और भ्रष्टाचार के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है।

लंबित मामलों को जल्द निपटाने का दबाव

पिछले कुछ महीनों में हड़ताल और प्रशासनिक कारणों से जमीन और राजस्व से जुड़े कई मामलों का निपटारा नहीं हो सका। अब सरकार ने अधिकारियों और कर्मचारियों को साफ निर्देश दिया है कि लंबित फाइलों को प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पूरा किया जाए। सरकार का कहना है कि जनता को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और हर काम तय समय में पूरा हो। इसके लिए विभागीय स्तर पर लगातार समीक्षा भी की जा रही है।

30 दिन में निपटानी होगी फाइल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पहले ही साफ कर चुके हैं कि जनता से जुड़े किसी भी मामले को 30 दिनों के भीतर निपटाना अनिवार्य होगा। यदि तय समय सीमा के बाद भी फाइल लंबित रहती है, तो संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने शिकायतों के समाधान के लिए सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 भी शुरू किया है, ताकि लोग सीधे अपनी शिकायत दर्ज करा सकें और उसकी निगरानी हो सके।

कोर्ट से जुड़े मामलों पर भी सख्ती

राज्य सरकार ने न्यायालय से जुड़े मामलों में भी तेजी लाने का फैसला किया है। ऐसे मामलों में अधिकारियों को अलग-अलग चरणों में नोटिस भेजे जाएंगे और समय पर कार्रवाई नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।

सरकार का उद्देश्य साफ है कि बिहार में सरकारी व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाया जाए। अधिकारियों की जवाबदेही तय होने से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में और भी विभागों में इसी तरह की सख्ती देखने को मिल सकती है।