HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

रूस-भारत-चीन मिले, तो डॉलर का वर्चस्व होगा खत्म

नई दिल्ली। दुनिया की बदलती भू-राजनीति के बीच BRICS और SCO जैसे मंच एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। साल 2026 में भारत में होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें रूस, भारत और चीन के शीर्ष नेताओं के एक साथ आने की संभावना है। यह त्रिकोण वैश्विक शक्ति संतुलन को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।

RIC का महत्व और बहुध्रुवीय दुनिया

रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में बदलाव के बीच RIC का एक साथ आना सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं है। यह एक बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था की ओर इशारा करता है, जहां शक्ति केवल एक देश या समूह तक सीमित नहीं रहती।

डॉलर वर्चस्व पर असर की चर्चा

BRICS के भीतर स्थानीय मुद्राओं में व्यापार, वैकल्पिक भुगतान प्रणाली और आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देने की पहलें तेज हो रही हैं। इससे वैश्विक स्तर पर डॉलर के वर्चस्व को चुनौती मिलने की चर्चा भी बढ़ी है। हालांकि यह प्रक्रिया लंबी और जटिल है, लेकिन इसके संकेत स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।

अमेरिका के लिए नई चुनौती

RIC और BRICS की सक्रियता से अमेरिका के सामने नई रणनीतिक चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। खासकर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अमेरिका की नीतियों पर इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि भारत पूरी तरह किसी एक खेमे में जाने के बजाय संतुलन बनाए हुए है।

अमेरिका की कार्रवाई से बढ़ी मुश्किलें: ईरान के हालात हुए कठिन

न्यूज डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान और अमेरिका के बीच टकराव अब आर्थिक मोर्चे पर भी गहराता जा रहा है। खासतौर पर तेल आपूर्ति को लेकर बनी स्थिति ने ईरान के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अमेरिका की नाकेबंदी अब केवल सैन्य रणनीति तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह ईरान पर आर्थिक दबाव बनाने का बड़ा हथियार बन गई है। 

अगर हालात जल्द नहीं सुधरे, तो ईरान को तेल उत्पादन कम करने या अन्य कठिन फैसले लेने पड़ सकते हैं। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल सप्लाई बाधित होने के बाद वैश्विक स्तर पर तेल निर्यात प्रभावित हुआ है। पहले ईरान की ओर से इस मार्ग पर रोक लगी और फिर अमेरिकी नाकेबंदी ने हालात को और मुश्किल बना दिए।

स्टोरेज की कमी से बढ़ी परेशानी

तेल निर्यात ठप होने के कारण ईरान के पास उत्पादन तो जारी है, लेकिन उसे स्टोर करने की जगह कम पड़ने लगी है। हालात ऐसे बन गए हैं कि तेल भंडारण क्षमता तेजी से भरती जा रही है और जल्द ही पूरी तरह खत्म होने का खतरा है।

पुराने टैंकर का सहारा

इस संकट से निपटने के लिए ईरान ने एक अस्थायी उपाय अपनाया है। 30 साल पुराना टैंकर 'नशा' को फिर से समुद्र में उतारा गया है, जिसे अब फ्लोटिंग स्टोरेज के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। यह कदम दर्शाता है कि स्थिति कितनी गंभीर हो चुकी है।

खार्ग द्वीप पर बढ़ता दबाव

खार्ग द्वीप ईरान के तेल उत्पादन और निर्यात का प्रमुख केंद्र है। यहां देश के 90% से अधिक कच्चे तेल का उत्पादन होता है। लेकिन अब इसकी स्टोरेज क्षमता लगभग भरने की कगार पर पहुंच गई है, जिससे संकट और गहरा सकता है।

उत्पादन रोकना भी मुश्किल

ईरान के सामने सबसे बड़ी दुविधा यह है कि वह तेल उत्पादन अचानक बंद नहीं कर सकता। ऐसा करने से तेल कुओं को स्थायी नुकसान हो सकता है। वहीं निर्यात रुकने से देश को आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, सभी स्कूलों के लिए नई गाइडलाईन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती भीषण गर्मी और हीटवेव के खतरे को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी स्कूलों के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इस एडवाइजरी का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सुरक्षित रखना और पढ़ाई के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित करना है।

स्कूल बने सुरक्षा के केंद्र

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस गर्मी में स्कूल केवल शिक्षा का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा का प्रमुख केंद्र भी होंगे। इसी के तहत विद्यालयों में हीटवेव से बचाव के उपाय, समयबद्ध गतिविधियां और स्वास्थ्य संबंधी निर्देश लागू किए गए हैं।

मध्याह्न भोजन की बढ़ी भूमिका

मध्याह्न भोजन योजना को इस बार विशेष महत्व दिया गया है। सरकार ने इसे केवल भोजन योजना तक सीमित न रखकर बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत माध्यम बनाने पर जोर दिया है। इससे बच्चों को गर्मी के दुष्प्रभाव से बचाने में मदद मिलेगी।

दवाओं और स्वास्थ्य सुविधाओं की व्यवस्था

स्कूलों में ओआरएस, ग्लूकोज, इलेक्ट्रोलाइट्स और प्राथमिक उपचार किट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। छोटे बच्चों के लिए आयरन की गोलियां भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। शिक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि जरूरत के समय बच्चों को सही देखभाल और दवाएं मिलें।

हीटवेव से बचाव के जरूरी भी निर्देश जारी 

सरकार ने बच्चों और अभिभावकों के लिए कुछ अहम सावधानियां भी जारी की हैं. 

दोपहर 12 से 3 बजे के बीच धूप में बाहर निकलने से बचें

पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें

हल्के और सूती कपड़े पहनें

सिर को ढककर रखें

अधिक शारीरिक गतिविधियों से बचें

कमजोरी या चक्कर आने पर तुरंत आराम करें और इलाज लें। 

स्कूलों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे परिसर में छायादार स्थान और स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

रूस से भारत को दी बड़ी खुशखबरी: चौथा S-400 सिस्टम रवाना, बढ़ेगी सुरक्षा ताकत

नई दिल्ली। भारत की रक्षा तैयारियों को लेकर एक अहम खबर सामने आई है। रूस से बहुप्रतीक्षित चौथा S-400 एयर डिफेंस सिस्टम भारत के लिए रवाना हो चुका है, जिसके मई के मध्य तक देश पहुंचने की उम्मीद है। यह कदम भारत की वायु सुरक्षा को और मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

राजस्थान सेक्टर में होगी तैनाती

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस सिस्टम को भारतीय वायुसेना द्वारा राजस्थान सेक्टर में तैनात किया जा सकता है। इससे पश्चिमी सीमा पर हवाई सुरक्षा को और मजबूत किया जाएगा। इससे पहले तीन S-400 सिस्टम पहले ही देश में सक्रिय हो चुके हैं।

ऑपरेशन सिंदूर में दिखी ताकत

हाल के अभियानों में इस उन्नत प्रणाली की क्षमता सामने आ चुकी है। S-400 की लंबी दूरी की मारक क्षमता और आधुनिक रडार तकनीक दुश्मन के विमानों और अन्य हवाई खतरों को दूर से ही निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसने भारत की रक्षा रणनीति में एक नई मजबूती जोड़ी है।

पांचवां सिस्टम भी जल्द

रिपोर्ट्स के अनुसार, पांचवां S-400 सिस्टम भी इस वर्ष नवंबर तक भारत पहुंच सकता है। इसके बाद देश का एयर डिफेंस नेटवर्क और अधिक मजबूत हो जाएगा, जिससे एक बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच तैयार होगा।

चीन-पाकिस्तान पर असर

इस आधुनिक सिस्टम की तैनाती से चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसी देशों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक माना जा रहा है। S-400 की लंबी रेंज और सटीकता इसे क्षेत्र में एक गेम-चेंजर बनाती है।

अतिरिक्त सुरक्षा कवच की तैयारी

S-400 जैसे महत्वपूर्ण सिस्टम की सुरक्षा के लिए भारत अन्य आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम भी खरीदने की योजना बना रहा है, ताकि ड्रोन और अन्य नए खतरों से भी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

भारत की बढ़ती ताकत: रक्षा खर्च में टॉप-5 देशों में शामिल

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते सुरक्षा तनाव के बीच भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा मुकाम हासिल किया है। ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारत अब दुनिया का पांचवां सबसे बड़ा सैन्य खर्च करने वाला देश बन गया है। यह उपलब्धि देश की बढ़ती रणनीतिक प्राथमिकताओं और सुरक्षा जरूरतों को दर्शाती है।

रक्षा बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी

Stockholm International Peace Research Institute की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने अपने रक्षा बजट में करीब 8.9 प्रतिशत की वृद्धि की है। वर्ष 2025 में भारत का कुल सैन्य व्यय लगभग 92.1 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जिससे वह वैश्विक सूची में पांचवें स्थान पर आ गया।

वैश्विक सैन्य खर्च ने बनाया रिकॉर्ड

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में सैन्य खर्च पिछले वर्ष बढ़कर करीब 2.89 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का सबसे अधिक स्तर है। इसमें भारत सहित कई देशों ने अपनी सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बजट में वृद्धि की है।

इन चार देशों से पीछे भारत

वैश्विक रैंकिंग में संयुक्त राज्य अमेरिका पहले स्थान पर है, जबकि चीन दूसरे, रूस तीसरे और जर्मनी चौथे स्थान पर हैं। भारत पांचवें स्थान पर पहुंचकर शीर्ष देशों की सूची में मजबूती से शामिल हो गया है। इन पांच देशों का संयुक्त खर्च वैश्विक सैन्य व्यय का बड़ा हिस्सा बनाता है, जो उनकी सामरिक ताकत को दर्शाता है।

क्षेत्रीय तनाव का असर

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि दक्षिण एशिया में हालिया घटनाओं ने रक्षा खर्च बढ़ाने में भूमिका निभाई है। भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सीमित लेकिन तीव्र संघर्ष के बाद दोनों देशों ने अपनी सैन्य क्षमताओं को मजबूत करने पर जोर दिया है।

एशिया और यूरोप में तेजी

रिपोर्ट के अनुसार एशिया और ओशिनिया क्षेत्र में सैन्य खर्च में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं यूरोप में भी रक्षा बजट में तेजी से इजाफा हुआ है, जिससे वैश्विक स्तर पर सुरक्षा चिंताओं का अंदाजा लगाया जा सकता है।

बुध-सूर्य की युति का असर: इन 5 राशियों के लिए खुशखबरी, चमकेगा भाग्य

राशिफल। 30 अप्रैल 2026 को ज्योतिषीय दृष्टि से एक बेहद खास संयोग बनने जा रहा है। इस दिन मेष राशि में सूर्य और बुध की युति से शक्तिशाली बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। बुध का सुबह 6:55 बजे मेष राशि में प्रवेश इस योग को और प्रभावशाली बना देगा। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार यह योग विशेष रूप से करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि में ही यह युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों को सबसे अधिक फायदा मिल सकता है। नौकरी में तरक्की, नए अवसर और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, ऐसे में यह योग इनके लिए खास रहेगा। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी, व्यापार में लाभ होगा और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।

सिंह राशि:

सूर्य के प्रभाव से सिंह राशि के लोगों को नेतृत्व क्षमता में वृद्धि का लाभ मिलेगा। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक रूप से भी स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

कन्या राशि:

कन्या राशि पर बुध का सकारात्मक प्रभाव रहेगा। निवेश से लाभ मिल सकता है और कार्यक्षेत्र में सराहना मिलेगी। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और जीवन में स्थिरता आएगी।

धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर में सफलता मिलने के योग हैं। साथ ही आय में वृद्धि के अवसर भी बन सकते हैं।

केंद्र सरकार ने दी जानकारी: देशवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई पूरी तरह नियंत्रण में है और आम लोगों को किसी भी तरह की घबराहट में खरीदारी करने की जरूरत नहीं है।

1 .ईंधन की सप्लाई पूरी तरह सामान्य

सरकार के अनुसार मौजूदा परिस्थितियों के बावजूद देश में एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100% आपूर्ति जारी है। खासतौर पर घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि किसी भी परिवार को गैस की कमी का सामना न करना पड़े।

2 .जरूरी सेक्टर को प्राथमिकता

कमर्शियल एलपीजी की सप्लाई को भी संतुलित तरीके से वितरित किया जा रहा है। इसमें अस्पताल, शिक्षा संस्थान, फार्मा, स्टील, ऑटोमोबाइल और कृषि जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे जरूरी सेवाएं प्रभावित न हों।

3 .छोटे सिलेंडर की सप्लाई बढ़ाई

प्रवासी मजदूरों और जरूरतमंद वर्ग को ध्यान में रखते हुए 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ा दी गई है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें कम मात्रा में गैस की जरूरत होती है।

4 .पीएनजी को दिया जा रहा बढ़ावा

पीएनजी गैस के उपयोग को बढ़ाने के लिए भी सरकार सक्रिय है। लाखों नए कनेक्शन जारी किए जा चुके हैं, जिससे एलपीजी पर निर्भरता कम हो रही है। कई उपभोक्ताओं ने पीएनजी अपनाकर एलपीजी कनेक्शन भी वापस कर दिए हैं।

5 .सप्लाई बनाए रखने के लिए उठाए गए कदम

सरकार ने ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए कई रणनीतिक फैसले लिए हैं। रिफाइनरी उत्पादन बढ़ाया गया, गैस बुकिंग का अंतराल शहरों और गांवों में बढ़ाया गया, एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध कराए गए।

सीएम योगी का एलान: यूपी में होगी 1 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है। योगी आदित्यनाथ ने इस वर्ष राज्य में करीब 1 लाख पुलिस कर्मियों की भर्ती करने का ऐलान किया है। यह कदम न केवल युवाओं को नौकरी देने की दिशा में अहम है, बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने की कोशिश भी है।

भर्ती अभियान को मिलेगा बड़ा विस्तार

इस व्यापक भर्ती प्रक्रिया को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के माध्यम से पूरा किया जाएगा। इसमें सिविल पुलिस, उपनिरीक्षक (SI) और अन्य कई श्रेणियों के पद शामिल होंगे। हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने पुलिस दूरसंचार विभाग के 936 चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे।

सुरक्षा बलों को मजबूत करने पर जोर

प्रदेश सरकार लगातार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए काम कर रही है। इससे पहले होमगार्ड विभाग में भी हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। इससे साफ है कि सरकार हर स्तर पर सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाने पर ध्यान दे रही है।

प्रशिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि पहले राज्य में पुलिस प्रशिक्षण की क्षमता सीमित थी, लेकिन अब इसमें बड़ा सुधार हुआ है। जहां पहले केवल कुछ हजार जवानों को ही प्रशिक्षण मिल पाता था, वहीं अब बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी राज्य के भीतर ही ट्रेनिंग ले रहे हैं। इससे अन्य राज्यों पर निर्भरता खत्म हो गई है।

कानून-व्यवस्था से जुड़ा विकास

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मजबूत कानून-व्यवस्था किसी भी राज्य के विकास की नींव होती है। बेहतर सुरक्षा माहौल के कारण ही आज निवेशक उत्तर प्रदेश में रुचि दिखा रहे हैं। पुलिस की सक्रिय भूमिका से प्रदेश आर्थिक रूप से भी आगे बढ़ रहा है।

खेल कोटे से भर्ती को बढ़ावा

राज्य सरकार ने खिलाड़ियों को भी पुलिस बल में शामिल करने की पहल की है। 500 से अधिक खिलाड़ियों को पुलिस में शामिल किया जा चुका है, जिससे बल की क्षमता और प्रदर्शन में सुधार देखने को मिला है।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

यह भर्ती अभियान उन युवाओं के लिए खास मौका है, जो सरकारी नौकरी के साथ देश और समाज की सेवा करना चाहते हैं। बड़ी संख्या में पद होने के कारण प्रतियोगिता के बावजूद चयन के अवसर भी अधिक होंगे।

यूपी में 3 नई बिजली इकाइयां: प्रदेशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य में जल्द ही नई बिजली उत्पादन इकाइयां स्थापित की जाएंगी, जिससे आने वाले वर्षों में बिजली संकट से राहत मिलने की उम्मीद है।

ऊर्जा टास्क फोर्स से मंजूरी मिलने के बाद अब इस प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा। अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना पर काम शुरू होगा।

2400 मेगावाट उत्पादन की तैयारी

ऊर्जा टास्क फोर्स उत्तर प्रदेश की बैठक में 800-800 मेगावाट की तीन नई यूनिट लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इन तीनों इकाइयों से कुल 2400 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा, जो राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाएगा।

मेजा प्रोजेक्ट का होगा विस्तार

यह नई परियोजना मेजा में स्थापित की जाएगी, जहां पहले से ही एक बड़ा थर्मल पावर प्लांट संचालित है। यहां पर पहले से 1320 मेगावाट क्षमता का प्लांट कार्यरत है, जिसे अब और विस्तारित किया जाएगा।

NTPC और राज्य सरकार मिलकर करेंगे काम

इन नई इकाइयों को NTPC Limited और उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के सहयोग से स्थापित किया जाएगा। यह साझेदारी राज्य के ऊर्जा क्षेत्र को और मजबूत बनाएगी।

इस परियोजना के लिए 33 हजार करोड़ रुपये का निवेश

इस परियोजना पर करीब 33 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह निवेश न केवल बिजली उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, इन यूनिटों से करीब पांच वर्षों में बिजली उत्पादन शुरू हो जाएगा। इससे प्रदेशवासियों को स्थिर और पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।

यूपी में डाटा ऑपरेटर की बंपर भर्ती, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राज्य के विभिन्न जिलों और ब्लॉकों में कामकाज को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में भर्तियां निकाली गई हैं। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 1249 पदों को भरा जाएगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में मुख्य रूप से तीन तरह के पद शामिल हैं:

डाटा एंट्री ऑपरेटर (जिला स्तर - MIS सहायक)

डाटा एंट्री ऑपरेटर (ब्लॉक स्तर)

अकाउंट सहायक (ब्लॉक स्तर)

सबसे ज्यादा पद अकाउंट सहायक के लिए हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि वित्तीय कार्यों को मजबूत करने पर खास जोर दिया जा रहा है।

पदों का विवरण और अंतिम तिथियां

जिला स्तर डाटा एंट्री ऑपरेटर: 188 पद (अंतिम तिथि - 6 मई)

ब्लॉक स्तर डाटा एंट्री ऑपरेटर: 235 पद (अंतिम तिथि - 7 मई)

ब्लॉक स्तर अकाउंट सहायक: 826 पद (अंतिम तिथि - 5 मई)

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार सेवायोजन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय जरूरी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से भरना अनिवार्य होगा। चयनित उम्मीदवार सीधे सरकारी कर्मचारी नहीं होंगे, बल्कि सेवा प्रदाता एजेंसी के माध्यम से नियुक्त किए जाएंगे। पदों की संख्या आवश्यकता के अनुसार घटाई या बढ़ाई जा सकती है।

खुशखबरी का मौका: यूपी में 2 पदों पर नई जॉब, आवेदन प्रक्रिया शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर सामने आया है। राज्य में दो अलग-अलग भर्तियों के जरिए सैकड़ों पदों पर नियुक्ति की तैयारी की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों के लिए यह मौका करियर बनाने का बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है।

1 .कोऑपरेटिव सेक्टर में भी निकली भर्ती

U.P. Co-operative Institutional Service Board के तहत भी विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती में बैंकिंग और तकनीकी सेवाओं से जुड़े कई पद शामिल हैं, जैसे- मैनेजर, जूनियर मैनेजर, असिस्टेंट/कैशियर, स्टेनोग्राफर, टाइपिस्ट, जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट इंजीनियर, अकाउंटेंट और क्लर्क। यह सभी पद उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंकों और संस्थानों में भरे जाएंगे।

आवेदन शुरू: 25 अप्रैल 2026

अंतिम तिथि: 15 मई 2026

2 .वन रक्षक और वन्य जीव रक्षक भर्ती

Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने वन रक्षक (Forest Guard) और वन्य जीव रक्षक (Wildlife Guard) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती स्थायी (परमानेंट) पदों के लिए की जा रही है, जिससे चयनित अभ्यर्थियों को लंबे समय तक नौकरी की सुरक्षा मिलेगी।

कुल पद: 708

शैक्षिक योग्यता: 10+2 (इंटरमीडिएट)

वेतनमान: ₹19,900 से ₹63,200 (लेवल-2)

आवेदन शुरू: 30 जून 2026

अंतिम तिथि: 20 जुलाई 2026

आवेदन कैसे करें?

दोनों भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवार संबंधित आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा।

सर्वार्थ सिद्धि योग का असर: इन 5 राशियों के लिए खुशखबरी, बनेंगे मालामाल

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में कुछ योग ऐसे माने जाते हैं जो जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। उन्हीं में से एक है सर्वार्थ सिद्धि योग, जो अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इस योग के बनने से कार्यों में सफलता, धन लाभ और भाग्य का साथ मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इस बार बन रहा यह योग खास तौर पर 5 राशियों के लिए बेहद लाभकारी संकेत दे रहा है।

सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व

इस योग के दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है। नई शुरुआत, निवेश, व्यापार विस्तार और महत्वपूर्ण निर्णय लेने के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है। कई लोगों के लिए यह आर्थिक उन्नति और करियर ग्रोथ का अवसर बन सकता है।

इन 5 राशियों के लिए शुभ संकेत

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई ऊर्जा लेकर आएगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन रहे हैं। लंबे समय से रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और निवेश के लिए समय अनुकूल रहेगा।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। नौकरी में तरक्की, नई जिम्मेदारियां और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। छात्रों के लिए भी यह समय सफलता दिलाने वाला हो सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में सम्मान मिलेगा और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है। आर्थिक रूप से भी स्थिति बेहतर होने की संभावना है।

5. धनु राशि

धनु राशि के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आएगा। यात्रा के योग बन सकते हैं और नए अवसर प्राप्त होंगे। व्यापार और नौकरी दोनों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

भारत के लिए खुशखबरी: रूस का बड़ा ऑफर, चीन चिंतित!

नई दिल्ली। भारत की सामरिक शक्ति को मजबूती देने वाली एक अहम खबर सामने आ रही है। रूस ने एक बार फिर भारत को उन्नत मिसाइल प्रणालियों की पेशकश की है, जिससे देश की नौसैनिक और वायु सुरक्षा क्षमता और मजबूत हो सकती है। इस संभावित सहयोग को क्षेत्रीय संतुलन के नजरिए से भी काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पनडुब्बियों के लिए आधुनिक क्रूज मिसाइल का ऑफर

रिपोर्ट्स के मुताबिक, रूस ने भारत को कैलिबर-पीएल क्रूज मिसाइल देने का प्रस्ताव दोहराया है। यह मिसाइल पनडुब्बियों से लॉन्च की जा सकती है और लंबी दूरी तक सटीक वार करने में सक्षम है। माना जा रहा है कि भारतीय नौसेना इसे अपनी सिंधुघोष श्रेणी की पनडुब्बियों में शामिल करने पर विचार कर सकती है।

इस मिसाइल की खासियत इसकी करीब 1500 किलोमीटर तक की मारक क्षमता और टॉरपीडो ट्यूब के जरिए लॉन्च होने की तकनीक है, जो इसे बेहद घातक बनाती है।

एयर-टू-एयर मिसाइल डील की भी चर्चा

इसके अलावा भारत और रूस के बीच एक और बड़े रक्षा सौदे की चर्चा है, जिसमें R-37M अल्ट्रा-लॉन्ग-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलें शामिल हो सकती हैं। बताया जा रहा है कि इन मिसाइलों की रेंज काफी लंबी है और ये दुश्मन के विमानों को दूर से ही निशाना बना सकती हैं।

यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है, तो इससे भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा होगा और हवाई सुरक्षा पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी।

क्षेत्रीय संतुलन पर असर

एशिया में बढ़ती सैन्य गतिविधियों के बीच यह संभावित सहयोग काफी अहम माना जा रहा है। खासकर चीन और पाकिस्तान के बीच बढ़ते रक्षा तालमेल को देखते हुए भारत की यह तैयारी रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। जानकारों का मानना है कि इन उन्नत मिसाइलों के शामिल होने से भारत की रक्षा क्षमता और संतुलन बनाए रखने की स्थिति और मजबूत होगी।

केंद्र सरकार ने दी राहत: किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 से पहले राहत भरी खबर आई है। भारत सरकार ने साफ कर दिया है कि इस बार न तो खाद की कमी होगी और न ही कीमतों में बढ़ोतरी की जाएगी। इससे किसानों को बुवाई के समय आर्थिक दबाव से राहत मिलेगी।

खाद का भरपूर स्टॉक तैयार

सरकार ने इस सीजन के लिए खाद की उपलब्धता को लेकर पहले से ही मजबूत तैयारी कर ली है। अनुमान के मुताबिक, खरीफ के दौरान देश में बड़ी मात्रा में उर्वरकों की जरूरत होती है, लेकिन इस बार आधे से ज्यादा स्टॉक पहले से मौजूद है। यह स्थिति सामान्य वर्षों की तुलना में बेहतर मानी जा रही है, जिससे बाजार में किसी तरह की किल्लत की आशंका कम हो गई है।

कीमतों में नहीं होगा बदलाव

अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद के दाम बढ़ने के बावजूद सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। यूरिया की कीमत पहले जैसी ही रहेगी, डीएपी और अन्य उर्वरकों के दाम भी स्थिर रखे जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बढ़ती वैश्विक कीमतों का बोझ किसानों पर नहीं डाला जाएगा, बल्कि इसे खुद वहन किया जाएगा।

उत्पादन और आयात दोनों पर जोर

देश में खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने घरेलू उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ जरूरत के अनुसार आयात भी किया है। इससे सप्लाई चेन मजबूत बनी हुई है और किसानों को समय पर खाद मिलने की उम्मीद है।

खरीफ फसलों के लिए बड़ी राहत

खरीफ सीजन में धान, मक्का, दालें और तिलहन जैसी फसलों की बुवाई होती है। ऐसे में खाद की पर्याप्त उपलब्धता और स्थिर कीमतें किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होंगी। इससे खेती की लागत नियंत्रित रहेगी और उत्पादन पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

पानी-पानी होगा बिहार! सभी जिलों में तेज बारिश के आसार

पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। जहां कुछ दिन पहले तक लोग भीषण गर्मी और लू से परेशान थे, वहीं अब आसमान में छाए बादलों और ठंडी हवाओं ने राहत पहुंचाई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के सभी जिलों के लिए अलर्ट जारी करते हुए बारिश और आंधी-तूफान की संभावना जताई है।

पटना समेत कई जिलों में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार, पटना सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके साथ ही कुछ जगहों पर बिजली गिरने और तेज हवा चलने की भी चेतावनी दी गई है। इस बदलाव का सीधा असर तापमान पर पड़ेगा और दिन-रात दोनों में गिरावट दर्ज की जाएगी।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट

राज्य के कई जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सिवान, सारण, वैशाली और समस्तीपुर में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहां तेज बारिश और आंधी की आशंका ज्यादा है।

येलो अलर्ट वाले जिले

इसके अलावा पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, भागलपुर, बक्सर, नालंदा, रोहतास, गया, नवादा और बांका समेत कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है, जहां हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना है।

तापमान में गिरावट

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। हाल ही में कई जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया था, लेकिन अब इसमें कमी आने के संकेत हैं।

सावधानी बरतने की जरूरत

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से दूर रहें और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए सतर्क रहें। तेज हवा के दौरान पेड़ों या कमजोर संरचनाओं के पास खड़े होने से बचना चाहिए।

कल से बुध का जादू शुरू: 4 राशियों की किस्मत चमकेगी, तरक्की के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में बदलाव का सीधा असर मानव जीवन पर पड़ता है। कल से बुध ग्रह की स्थिति में बदलाव होने जा रहा है, जिसे बुद्धि, वाणी, व्यापार और करियर का कारक माना जाता है। इस परिवर्तन का प्रभाव खास तौर पर चार राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है। इन राशियों के जातकों को करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय उन्नति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में भी लाभ के योग बन रहे हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए इस गोचर का सबसे अधिक प्रभाव इसी राशि पर पड़ेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश से फायदा होने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे बड़े फैसले लेने में आसानी होगी।

कन्या राशि:

कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से काफी लाभकारी रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संकेत हैं। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक और मुनाफा मिलने के योग बन रहे हैं।

मकर राशि:

मकर राशि के जातकों को इस दौरान सामाजिक सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत भी हैं।

केंद्र सरकार के निर्देश: कर्मचारियों की सैलरी में होगी तगड़ी बढ़ोतरी!

नई दिल्ली। देश के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने वेतन बढ़ोतरी की प्रक्रिया को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। वित्त मंत्रालय ने सभी सरकारी बैंकों को निर्देश दिया है कि वे 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते को लेकर कर्मचारी यूनियनों के साथ जल्द बातचीत शुरू करें और इसे तय समयसीमा के भीतर पूरा करें।

एक साल में पूरा होगा वेतन समझौता

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बार वेतन समझौते की प्रक्रिया 12 महीनों के भीतर पूरी की जानी चाहिए। इससे पहले कई बार बातचीत लंबी खिंच जाती थी, जिससे कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ मिलने में देरी होती थी। अब सरकार इस देरी को खत्म करना चाहती है।

अगले साल मिल सकता है फायदा

जानकारों के मुताबिक, अगर बातचीत समय पर पूरी हो जाती है, तो बैंक कर्मचारियों की नई सैलरी अगले वेतन संशोधन चक्र के तहत लागू हो सकती है। आमतौर पर हर पांच साल में वेतन संशोधन किया जाता है और अगला संशोधन 1 नवंबर 2027 से लागू होने की संभावना है।

कैसे तय होता है वेतन समझौता

वेतन समझौते की प्रक्रिया में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और कर्मचारी यूनियनें आपसी बातचीत के जरिए नई सैलरी संरचना तय करती हैं। इसमें बेसिक सैलरी, भत्ते और अन्य सुविधाओं पर सहमति बनाई जाती है।

देरी से बचने की कोशिश

सरकार ने इस बार यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि सिर्फ समझौता ही समय पर न हो, बल्कि उससे जुड़े नियम और बदलाव भी तय समय पर लागू किए जाएं। इससे कर्मचारियों को उनका लाभ बिना देरी के मिल सकेगा।

सुपर खुशखबरी! भारत के हाथ लगा तेल का बड़ा खजाना

नई दिल्ली। भारत के ऊर्जा क्षेत्र से एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। देश की प्रमुख सरकारी कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड ने अफ्रीका के लीबिया में तेल और गैस का नया भंडार खोज निकाला है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है।

रेगिस्तान में मिला 'काला सोना'

यह खोज लीबिया के गदामेस बेसिन क्षेत्र में हुई है, जो तेल और गैस के भंडार के लिए जाना जाता है। कंपनी ने यहां एक विशेष क्षेत्र में ड्रिलिंग के दौरान नए भंडार का पता लगाया। इस परियोजना में भारत की एक और बड़ी कंपनी भी साझेदारी कर रही है।

छठे कुएं ने दिलाई बड़ी सफलता

इस पूरे प्रोजेक्ट के तहत कई खोजी कुओं की खुदाई की जा रही थी। पहले भी कुछ कुओं में तेल और गैस के संकेत मिल चुके थे, लेकिन हाल ही में किए गए छठे कुएं की ड्रिलिंग ने एक नए बड़े भंडार का खुलासा कर दिया है। शुरुआती परीक्षणों में सफलता मिलने के बाद इसे महत्वपूर्ण खोज माना गया है।

भारत के लिए क्यों है अहम

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में विदेशों में इस तरह की खोज देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कम किया जा सकेगा।

ऊर्जा सुरक्षा को मिलेगा मजबूती

विदेशों में तेल और गैस के भंडार मिलने से भारत को दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। साथ ही, भारतीय कंपनियों की वैश्विक पहचान भी मजबूत होगी और देश आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ेगा।

रोज खाएं 1 लहसुन: सिर्फ 15 दिन में दिखेगा असर, बढ़ेगी स्टैमिना

हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली और भागदौड़ भरे जीवन में लोग प्राकृतिक तरीकों से अपनी सेहत बेहतर बनाने के उपाय तलाश रहे हैं। इसी कड़ी में लहसुन को एक प्रभावी घरेलू सुपरफूड माना जाता है। आयुर्वेद और आधुनिक शोध दोनों में लहसुन के कई स्वास्थ्य लाभ बताए गए हैं। यदि रोजाना सीमित मात्रा में लहसुन का सेवन किया जाए, तो कुछ ही दिनों में शरीर पर सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

पोषक तत्वों का खजाना: लहसुन में एलिसिन, सल्फर यौगिक, विटामिन B6, विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। ये तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और ऊर्जा स्तर को बनाए रखने में मदद करते हैं।

1 .स्टैमिना और ऊर्जा में सुधार

नियमित रूप से लहसुन खाने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है, जिससे ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है। इससे थकान कम महसूस होती है और स्टैमिना में सुधार हो सकता है।

2 .दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

लहसुन को हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। यह खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हो सकता है, जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा घटता है।

3 .इम्युनिटी बढ़ाने में भी सहायक

लहसुन में मौजूद एंटीबैक्टीरियल और एंटीवायरल गुण शरीर को संक्रमण से लड़ने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं से बचाव संभव है।

4 .पाचन तंत्र में भी करेगा सुधार

लहसुन पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में भी मदद करता है। यह गैस और अपच जैसी समस्याओं को कम कर सकता है और आंतों को स्वस्थ बनाए रखता है।

सेवन में बरतें सावधानी

लहसुन का सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए। अधिक मात्रा में सेवन करने से पेट में जलन या अन्य समस्याएं हो सकती हैं। खाली पेट कच्चा लहसुन खाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर रहता है, खासकर यदि किसी को पहले से कोई स्वास्थ्य समस्या हो।

यूपी में बदलेगा मौसम: कई जिलों में आंधी-बारिश के आसार

लखनऊ। भीषण गर्मी और लू से जूझ रहे उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अब राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 28 अप्रैल से प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। जहां कई जिलों में आंधी और बारिश के आसार हैं, वहीं कुछ इलाकों में गर्मी का असर अभी भी बना रह सकता है।

कई जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने के संकेत हैं। सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, रामपुर, बुलंदशहर, बदायूं, आगरा, मथुरा, कानपुर और लखनऊ समेत कई शहरों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इससे लंबे समय से पड़ रही झुलसाने वाली गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

तेज हवाओं का भी असर

प्रदेश के कई हिस्सों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। खासकर अलीगढ़, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, झांसी और ललितपुर जैसे जिलों में झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान है। इससे तापमान में गिरावट आएगी, लेकिन तेज हवाएं नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

बिजली गिरने का खतरा

बारिश के साथ कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, अलीगढ़, आगरा और आसपास के इलाकों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

2 मई तक जारी रहेगा असर

मौसम विभाग के अनुसार 29 और 30 अप्रैल को बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। 2 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिलेगी।

बिहार के 11 शहरों में टाउनशिप, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार सरकार ने शहरी विकास को नई रफ्तार देने के लिए राजधानी पटना सहित 11 शहरों में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार की है। इस योजना की खास बात यह है कि इसमें किसानों और जमीन मालिकों के हितों को प्राथमिकता दी गई है। सरकार ने साफ किया है कि किसी भी व्यक्ति को भूमिहीन नहीं किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया सहमति के आधार पर आगे बढ़ेगी।

जमीन मालिक बनेंगे भागीदार

इस परियोजना में जमीन मालिकों को सिर्फ मुआवजा नहीं, बल्कि साझेदारी दी जाएगी। लैंड पूलिंग मॉडल के तहत उन्हें टाउनशिप में शेयर होल्डर बनाया जाएगा। विकास के बाद कम से कम 55 प्रतिशत जमीन वापस उन्हें दी जाएगी, जिससे उनकी संपत्ति का मूल्य कई गुना बढ़ सकता है।

जमीन की कीमत में बड़ा उछाल

सरकार का दावा है कि टाउनशिप विकसित होने के बाद जमीन की कीमत 10 से 20 गुना तक बढ़ सकती है। खासकर पटना के आसपास के क्षेत्रों में यह बढ़ोतरी और ज्यादा हो सकती है। ऐसे में जमीन मालिकों को लंबे समय में बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

जमीन न देने पर भी मिलेगा लाभ

जो किसान लैंड पूलिंग के तहत अपनी जमीन नहीं देना चाहते, उनके लिए सरकार ने विकल्प रखा है। ऐसे मामलों में जमीन बाजार दर से अधिक कीमत पर खरीदी जाएगी। साथ ही, उन्हें टीडीआर (ट्रांसफर ऑफ डेवलपमेंट राइट्स) का लाभ भी दिया जाएगा, जिससे वे दूसरी जगह अधिक निर्माण का अधिकार हासिल कर सकते हैं या इसे बेच सकते हैं।

अक्टूबर-नवंबर तक आएगा ड्राफ्ट प्लान

सरकार इस साल अक्टूबर-नवंबर तक टाउनशिप का विस्तृत प्रारूप नक्शे और खाता-खेसरा के साथ जारी करेगी। इसके बाद लोगों से आपत्तियां और सुझाव मांगे जाएंगे, और सहमति बनने के बाद ही आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।

जमीन खरीद-बिक्री पर अस्थायी रोक

चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है, ताकि बिचौलियों द्वारा किसानों से सस्ती जमीन खरीदने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके। जैसे-जैसे किसान सहमति देंगे, यह रोक हटाई जाती जाएगी।

खुशखबरी पर खुशखबरी: बिहार में 3 बड़ी भर्तियां शुरू, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

पटना। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बिहार से बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में अलग-अलग विभागों द्वारा तीन महत्वपूर्ण भर्तियां शुरू की गई हैं, जिनमें हजारों पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। योग्य उम्मीदवार तय समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .BTSC में इंस्ट्रक्टर के 726 पद

Bihar Technical Service Commission ने इंस्ट्रक्टर के 726 पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए एक बेहतरीन अवसर मानी जा रही है।

योग्यता: ग्रेजुएट, डिप्लोमा या आईटीआई

आयु सीमा: 18 से 37 वर्ष

वेतन: करीब ₹34,800 प्रतिमाह

आवेदन की तिथि: 15 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026

2 .लैबोरेटरी असिस्टेंट के 1091 पद

BTSC ने ही लैबोरेटरी असिस्टेंट के 1091 पदों पर भी भर्ती निकाली है। इस भर्ती के जरिए बड़ी संख्या में तकनीकी योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा।

योग्यता: बी.टेक/बी.ई या डिप्लोमा

आवेदन शुरू: 6 अप्रैल 2026

अंतिम तिथि: 6 मई 2026

3 .पटना हाईकोर्ट में टेक्निकल असिस्टेंट भर्ती

Patna High Court ने टेक्निकल असिस्टेंट (ग्रुप-C) के 53 पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती आईटी और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवारों के लिए खास अवसर लेकर आई है।

वेतनमान: ₹29,200 से ₹92,300 (लेवल-5)

योग्यता: BCA / ITI / डिप्लोमा (कंप्यूटर/इलेक्ट्रॉनिक्स) + 1 वर्ष का अनुभव

आयु सीमा: 18 से 37 वर्ष (आरक्षण अनुसार छूट)

आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026

ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य

तीनों भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर समय रहते आवेदन पूरा कर लें, ताकि अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सके।

यूपी को मिलेगा नया एक्सप्रेस-वे, 12 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एक बार फिर इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में बड़ा कदम उठाते हुए 'एक्सप्रेसवे प्रदेश' की अपनी पहचान को और मजबूत करने जा रहा है। 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेसवे अब राज्य को समर्पित किया जा रहा है, जो पश्चिमी और पूर्वी यूपी को तेज और निर्बाध कनेक्टिविटी से जोड़ देगा।

12 जिलों को सीधा लाभ

यह एक्सप्रेसवे मेरठ से प्रयागराज तक फैला हुआ है और रास्ते में कई महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ता है। मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों को इससे सीधा फायदा मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में व्यापार, परिवहन और निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

यात्रा समय में बड़ी कमी

अब तक मेरठ से प्रयागराज तक का सफर 10 से 12 घंटे का होता था, लेकिन इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह समय घटकर लगभग 6 घंटे रह जाएगा। इससे न केवल यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि माल ढुलाई भी तेज और सस्ती होगी।

आधुनिक और विस्तार योग्य सड़क

गंगा एक्सप्रेसवे को फिलहाल 6-लेन के रूप में तैयार किया गया है, लेकिन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे 8-लेन तक विस्तारित करने की योजना भी रखी गई है। इससे आने वाले वर्षों में बढ़ते ट्रैफिक को आसानी से संभाला जा सकेगा।

राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मिलेगा बल

इस परियोजना की एक खास विशेषता शाहजहांपुर में बनी 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी है। आपात स्थिति में यहां वायुसेना के लड़ाकू विमान उतर सकेंगे, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह एक्सप्रेसवे और भी महत्वपूर्ण हो जाता है।

आर्थिक विकास का नया कॉरिडोर

गंगा एक्सप्रेसवे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक कॉरिडोर है। इसके किनारे औद्योगिक और लॉजिस्टिक हब विकसित किए जाएंगे, जिससे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा और उद्योगों को भी नई गति मिलेगी।

मजबूत होगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क

यह एक्सप्रेसवे राज्य के अन्य प्रमुख कॉरिडोर जैसे आगरा-लखनऊ और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे से जुड़कर एक मजबूत हाई-स्पीड नेटवर्क तैयार करेगा। भविष्य में इसे हरिद्वार तक बढ़ाने की योजना भी है, जिससे उत्तर भारत में कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।

कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: 8वां वेतन आयोग ला सकता है 6 बड़े फायदे, बढ़ेगी आमदनी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के संभावित 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों में उम्मीदें बढ़ गई हैं। माना जा रहा है कि यह आयोग वेतन संरचना में बड़े बदलाव के साथ कई नई सुविधाएं भी लेकर आ सकता है, जिससे कर्मचारियों की आय और जीवन स्तर में सुधार होगा।

1. बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा

8वें वेतन आयोग से सबसे बड़ी उम्मीद बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी को लेकर है। फिटमेंट फैक्टर में बदलाव के साथ कर्मचारियों की न्यूनतम और अधिकतम सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

2. फिटमेंट फैक्टर में सुधार

वर्तमान फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर अधिक आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे कुल वेतन में सीधा उछाल आएगा और कर्मचारियों को अधिक आर्थिक लाभ मिलेगा।

3. महंगाई भत्ते (DA) में नई व्यवस्था

संभावना है कि महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़ने की व्यवस्था लागू की जाए। इससे कर्मचारियों की कुल सैलरी और रिटायरमेंट लाभ दोनों में वृद्धि होगी।

4. भत्तों में बढ़ोतरी

हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों में भी संशोधन की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई के बीच अतिरिक्त राहत मिल सकती है।

5. पेंशन और रिटायरमेंट लाभ में सुधार

पेंशन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में बदलाव किए जा सकते हैं। ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने और रिटायरमेंट लाभों को अधिक सुरक्षित बनाने पर भी विचार हो सकता है।

6. प्रमोशन और करियर ग्रोथ के अवसर

नए वेतन आयोग में प्रमोशन प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की संभावना है। इससे कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति और बेहतर करियर ग्रोथ मिल सकेगी।

यूपी में ग्राम प्रधानों की मांग तेज: कार्यकाल बढ़ाने के लिए CM योगी से गुहार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त होने वाला है। ऐसे में राज्य भर के ग्राम प्रधानों ने अपने कार्यकाल को बढ़ाने की मांग तेज कर दी है। उनका कहना है कि कार्यकाल खत्म होने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों को प्रशासक नियुक्त करने की पुरानी व्यवस्था को इस बार लागू न किया जाए।

प्रशासक व्यवस्था पर उठे सवाल

ग्राम प्रधानों ने कोरोना काल का हवाला देते हुए कहा कि उस समय चुनाव संभव नहीं होने पर सरकारी अधिकारियों को पंचायतों का प्रशासक बनाया गया था। हालांकि, उस दौरान कई जगह वित्तीय अनियमितताओं और ग्रामीण समस्याओं की अनदेखी के आरोप सामने आए थे। इसी अनुभव के आधार पर प्रधानों ने इस बार वैसी व्यवस्था से बचने की मांग की है।

बैठक में लिया गया अहम निर्णय

इस मुद्दे को लेकर बैरिया ब्लॉक परिसर में ग्राम प्रधानों की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सरकार से कार्यकाल बढ़ाने की औपचारिक मांग की जाएगी। साथ ही, जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता अपनाने की चेतावनी भी दी गई।

अन्य राज्यों का दिया उदाहरण

ग्राम प्रधानों ने अपनी मांग को मजबूत करने के लिए उत्तराखंड, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों का उदाहरण दिया, जहां विशेष परिस्थितियों में पंचायतों का कार्यकाल बढ़ाया गया है। उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का फैसला लिया जाना चाहिए।

ग्रामीण विकास पर पड़ सकता है असर

प्रधानों का तर्क है कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों को पंचायतों का कार्यभार सौंपा जाता है, तो जमीनी स्तर पर विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। स्थानीय प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में ग्रामीण समस्याओं के समाधान में देरी हो सकती है।

अब राज्य सरकार के सामने यह चुनौती है कि वह चुनाव समय पर कराए या फिर कार्यकाल बढ़ाने पर विचार करे। दोनों ही विकल्पों के अपने-अपने प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव हो सकते हैं।

CM सम्राट का बड़ा प्लान: बिहारवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने 11 सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना तैयार की है। इस महत्वाकांक्षी पहल को लेकर सरकार ने साफ किया है कि विकास के साथ-साथ किसानों के हितों की पूरी सुरक्षा की जाएगी। योजना का उद्देश्य आधुनिक शहरों का निर्माण करना ही नहीं, बल्कि जमीन मालिकों को भी इसका साझेदार बनाना है।

किसानों को मिलेगा सीधा फायदा

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जिन किसानों की जमीन टाउनशिप क्षेत्र में आएगी, वे इस विकास के हिस्सेदार होंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी जमीन मालिक को भूमिहीन नहीं किया जाएगा। विकास के बाद लगभग 55 प्रतिशत जमीन किसानों को वापस दी जाएगी, जिससे उनकी संपत्ति का मूल्य और बढ़ेगा।

जमीन न देने पर मिलेगा ज्यादा मुआवजा

जो किसान अपनी जमीन इस परियोजना के लिए नहीं देना चाहेंगे, उनके लिए भी सरकार ने विकल्प रखा है। ऐसे मामलों में जमीन को बाजार मूल्य से चार गुना अधिक कीमत पर खरीदा जाएगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान से बचाने की कोशिश की गई है।

बिचौलियों पर रोक, किसानों की सुरक्षा

टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बिचौलिया किसानों से सस्ती कीमत पर जमीन न खरीद सके। योजना पूरी होने के बाद जब क्षेत्र विकसित हो जाएगा, तब जमीन मालिक बेहतर कीमत पर अपनी संपत्ति का उपयोग या बिक्री कर सकेंगे।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे टाउनशिप

प्रस्तावित टाउनशिप में सड़क, बिजली, ड्रेनेज और सीवर जैसी बुनियादी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।

22% क्षेत्र सड़क और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए। 

5% क्षेत्र पार्क, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के लिए। 

3% भूमि कमजोर वर्ग के आवास के लिए। 

15% भूमि विकास लागत की पूर्ति के लिए आरक्षित। 

इससे ये टाउनशिप आधुनिक और संतुलित विकास का उदाहरण बनेंगी।

पारदर्शी प्रक्रिया और जनभागीदारी

सरकार ने योजना को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का दावा किया है। खाता-खेसरा के साथ ड्राफ्ट प्लान अक्टूबर-नवंबर तक जारी किया जाएगा, जिसके बाद लोगों से आपत्तियां और सुझाव लिए जाएंगे। जमीन मालिकों की सहमति के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

यूपी में कर्मचारियों-पेंशनरों को खुशखबरी, जल्द मिलेगा DA और एरियर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी और पेंशनर महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा DA को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की घोषणा किए जाने के बावजूद राज्य में अभी तक इस पर अंतिम फैसला नहीं हो पाया है। ऐसे में कर्मचारियों के बीच नाराजगी बढ़ती जा रही है।

12 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित

प्रदेश में करीब 8 लाख नियमित कर्मचारी और लगभग 4 लाख पेंशनर हैं, जो इस फैसले से सीधे तौर पर प्रभावित होंगे। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, राजस्व और अन्य विभागों के कर्मचारी शामिल हैं। DA में बढ़ोतरी होने पर इन सभी के वेतन और पेंशन में सीधा इजाफा होगा।

चार महीने से अटका फैसला

केंद्र सरकार ने जनवरी 2026 से DA बढ़ाने का निर्णय लागू कर दिया था, लेकिन उत्तर प्रदेश में चार महीने बीत जाने के बाद भी यह बढ़ोतरी लागू नहीं हो सकी है। आमतौर पर राज्य सरकारें केंद्र के फैसले के बाद ही समान वृद्धि लागू करती हैं, लेकिन इस बार प्रक्रिया में देरी देखने को मिल रही है।

कर्मचारियों में बढ़ रहा असंतोष

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई लगातार बढ़ रही है, जिससे आम जीवन प्रभावित हो रहा है। ऐसे में DA बढ़ोतरी से मिलने वाली राहत जरूरी हो गई है। कई संगठनों ने सरकार से जल्द निर्णय लेने की मांग की है और चेतावनी दी है कि देरी होने पर आंदोलन भी किया जा सकता है।

एरियर मिलने की भी संभावना

यदि सरकार DA बढ़ोतरी को लागू करती है, तो संभावना है कि कर्मचारियों और पेंशनरों को पिछली अवधि का एरियर भी दिया जाए। इससे एकमुश्त आर्थिक राहत मिल सकती है।