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शुक्र का चित्रा नक्षत्र में गोचर, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के बनेंगे योग

राशिफल। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, धन, प्रेम, कला और वैभव का कारक माना जाता है। 25 अगस्त 2026 को शुक्र चित्रा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुक्र के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शुक्र का चित्रा नक्षत्र में गोचर आर्थिक मामलों में लाभकारी हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को भी किसी अच्छे सौदे से फायदा होने के संकेत हैं। धन कमाने के नए रास्ते खुल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि शुक्र की प्रिय राशियों में मानी जाती है। इस गोचर से आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है। निवेश से लाभ मिल सकता है और रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति रहेगी और जीवन में सुख-सुविधाओं का विस्तार हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र का नक्षत्र परिवर्तन करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को ग्राहकों और नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष लाभदायक साबित हो सकता है। आय में बढ़ोतरी के साथ धन बचाने के अवसर मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। प्रेम संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए शुक्र का चित्रा नक्षत्र में प्रवेश नए अवसर लेकर आ सकता है। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। अचानक आर्थिक लाभ के भी योग बन रहे हैं।

शनि देव बदलेंगे चाल! रेवती नक्षत्र में प्रवेश से 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक माना जाता है। 20 अगस्त 2026 को शनि देव रेवती नक्षत्र के चरण में प्रवेश करेंगे। शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है। खासतौर पर 5 राशियों के लिए यह समय करियर, धन और सफलता के लिहाज से शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शनि का यह परिवर्तन आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ पद और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के योग बन सकते हैं। पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। मेहनत के दम पर रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने वाला हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को किसी बड़े सौदे से फायदा होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भविष्य के लिए बचत करने का मौका मिलेगा।

मिथुन राशि

शनि का नक्षत्र परिवर्तन मिथुन राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। यात्रा या किसी नए संपर्क के जरिए लाभ के अवसर बनेंगे।

तुला राशि

तुला राशि वालों को शनि देव की कृपा से आर्थिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में विस्तार की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल रह सकता है। धन से जुड़ा कोई पुराना मामला भी आपके पक्ष में आ सकता है।

मकर राशि

मकर राशि शनि की प्रिय राशियों में मानी जाती है। ऐसे में रेवती नक्षत्र में शनि का प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। करियर में स्थिरता आएगी और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। आमदनी बढ़ सकती है और आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। नौकरी और कारोबार दोनों में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान, यूपी में आई 1 नई भर्ती, नोटिश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने चिकित्सा शिक्षा विभाग में प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के कुल 1156 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है।

इस भर्ती में प्रोफेसर के 44 पद और असिस्टेंट प्रोफेसर के 1112 पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 सितंबर तक करें आवेदन

UPPSC की इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तारीख 1 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन और OTR के आधार पर होगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

1156 पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग में अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें प्रोफेसर के 44 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 1112 पद हैं। ये पद ग्रुप-ए, राजपत्रित श्रेणी के हैं।

ऐसे करें आवेदन

अभ्यर्थी सबसे पहले UPPSC की वेबसाइट पर जाकर OTR प्रक्रिया पूरी करें। इसके बाद संबंधित भर्ती के आवेदन लिंक पर जाकर जरूरी जानकारी भरें, दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित शुल्क जमा कर आवेदन सबमिट करें। आवेदन पूरा होने के बाद उसका प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखना बेहतर रहेगा।

Bank of Baroda में बंपर भर्ती का ऐलान, LBO पदों के लिए आवेदन शुरू

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda ने Local Bank Officer (LBO) के 2,482 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

18 अगस्त से शुरू हुए आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 18 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

2,482 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के जरिए Local Bank Officer के कुल 2,482 पद भरे जाएंगे। नियुक्ति अलग-अलग राज्यों में राज्यवार आधार पर होगी। पद JMG/S-I स्तर के हैं, इसलिए बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह अच्छा अवसर माना जा सकता है।

21 से 30 वर्ष आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तों की जानकारी उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में जरूर देखनी चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवारों को Bank of Baroda की आधिकारिक भर्ती वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के दौरान व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से दर्ज करने होंगे। फॉर्म जमा करने से पहले सभी जानकारियों को अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।

इन लोगों को भूलकर भी नहीं खाना चाहिए बैंगन! सेहत पर पड़ सकता है बुरा असर

हेल्थ डेस्क। बैंगन भारतीय रसोई में पसंद की जाने वाली सब्जियों में शामिल है। इसमें फाइबर और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति के लिए इसका सेवन एक जैसा उपयुक्त नहीं होता। कुछ लोगों को बैंगन खाने के बाद एलर्जी, पाचन संबंधी परेशानी या दूसरी दिक्कतें हो सकती हैं। इसलिए कुछ स्थितियों में इसे खाने से पहले सावधानी जरूरी है।

1. एलर्जी की समस्या वाले लोग

जिन लोगों को बैंगन खाने के बाद खुजली, त्वचा पर लाल चकत्ते, सूजन या सांस लेने में परेशानी जैसी एलर्जी की शिकायत होती है, उन्हें इससे बचना चाहिए। ऐसे लक्षण नजर आने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

2. संवेदनशील पाचन तंत्र वाले लोग

कुछ लोगों को बैंगन खाने के बाद गैस, पेट फूलना या अपच जैसी परेशानी हो सकती है। अगर बार-बार ऐसा होता है तो बैंगन की मात्रा कम करने या कुछ समय के लिए इसे भोजन से हटाने पर विशेषज्ञ की सलाह ली जा सकती है।

3. जिन लोगों को खास खाद्य पदार्थों से संवेदनशीलता है

बैंगन नाइटशेड परिवार की सब्जियों में शामिल है। कुछ लोगों को इस समूह की सब्जियों से व्यक्तिगत संवेदनशीलता हो सकती है। ऐसे लोगों को अपने शरीर की प्रतिक्रिया पर ध्यान देना चाहिए और परेशानी होने पर विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

4. ऑपरेशन या विशेष डाइट वाले लोग

जिन लोगों को किसी बीमारी, सर्जरी या इलाज के दौरान डॉक्टर ने विशेष डाइट बताई है, उन्हें अपनी मर्जी से बैंगन समेत किसी भी खाद्य पदार्थ को अधिक मात्रा में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह को प्राथमिकता देना बेहतर है।

बैंगन सभी के लिए नुकसानदायक नहीं

यह समझना जरूरी है कि बैंगन सामान्य तौर पर स्वस्थ लोगों के लिए संतुलित आहार का हिस्सा हो सकता है। समस्या मुख्य रूप से एलर्जी, व्यक्तिगत संवेदनशीलता या किसी विशेष चिकित्सकीय स्थिति में हो सकती है। इसलिए बिना वजह बैंगन को पूरी तरह छोड़ने की जरूरत नहीं है।

हड्डियां होंगी लोहे जैसी मजबूत! डाइट में शामिल करें ये 5 चीजें, कमजोरी होगी दूर

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखना बेहद जरूरी हो जाता है। शरीर में कैल्शियम, विटामिन डी, प्रोटीन और दूसरे जरूरी पोषक तत्वों की कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं। ऐसे में संतुलित डाइट काफी मददगार हो सकती है। रोजमर्रा के भोजन में कुछ पौष्टिक चीजों को शामिल करके हड्डियों की सेहत को बेहतर रखा जा सकता है।

1. दूध और दही

दूध और दही कैल्शियम के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इनमें मौजूद प्रोटीन भी शरीर के लिए उपयोगी है। रोजाना उचित मात्रा में दूध या दही का सेवन हड्डियों को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

2. रागी

रागी में कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है। इसे रोटी, डोसा या दलिया के रूप में भोजन में शामिल किया जा सकता है। नियमित संतुलित आहार का हिस्सा बनाने से हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

3. तिल

तिल में कैल्शियम और अन्य खनिज पाए जाते हैं। इसे चटनी, लड्डू या सलाद में थोड़ी मात्रा में शामिल किया जा सकता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में सेवन करने के बजाय संतुलित मात्रा रखना बेहतर है।

4. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियों में कैल्शियम, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करना हड्डियों के साथ पूरे शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है।

5. बादाम

बादाम में कैल्शियम, मैग्नीशियम और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में बादाम खाना संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। इसे भिगोकर या सामान्य रूप से खाया जा सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, SIM को लेकर नियम हुआ सख्त

नई दिल्ली। मोबाइल कनेक्शन के बढ़ते दुरुपयोग और फर्जी सिम के जरिए होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के लिए दूरसंचार विभाग ने नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। नए निर्देशों के तहत एक व्यक्ति के नाम पर तय सीमा से ज्यादा सिम कार्ड होने पर अतिरिक्त कनेक्शन को बंद किया जा सकता है।

एक व्यक्ति रख सकता है अधिकतम 9 SIM

दूरसंचार विभाग के मौजूदा नियमों के अनुसार, सामान्य क्षेत्रों में एक व्यक्ति अपने नाम पर अधिकतम 9 सिम कार्ड रख सकता है। वहीं जम्मू-कश्मीर, असम और पूर्वोत्तर के कुछ इलाकों में यह सीमा 6 सिम है। अगर किसी व्यक्ति के नाम पर तय संख्या से ज्यादा कनेक्शन पाए जाते हैं, तो अतिरिक्त सिम की पहचान कर उन्हें ब्लॉक करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।

23 अगस्त से बढ़ेगी निगरानी

इसके लिए दूरसंचार विभाग टेलीकॉम कंपनियों को डिजिटल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म (DIP) के जरिए जानकारी उपलब्ध कराएगा। 23 अगस्त 2026 से कंपनियां इस डेटा का इस्तेमाल अतिरिक्त सिम की पहचान और नए कनेक्शन जारी करने में सावधानी के लिए करेंगी। इसके बाद किसी व्यक्ति के नाम पर सीमा से अधिक सिम पाए जाने पर तय सीमा के बाद जारी कनेक्शनों पर कार्रवाई की जा सकती है।

नवंबर से रियल टाइम जांच

सरकार ने टेलीकॉम कंपनियों को इस व्यवस्था को आगे चलकर रियल टाइम में लागू करने का निर्देश दिया है। 30 नवंबर 2026 तक सिस्टम को इस तरह तैयार करने का लक्ष्य है कि नया सिम जारी करते समय ही यह जांच हो सके कि आवेदक के नाम पर पहले से कितने मोबाइल कनेक्शन मौजूद हैं।

फर्जी सिम पर लगेगी लगाम

सरकार का मुख्य उद्देश्य ऐसे मोबाइल कनेक्शनों पर नियंत्रण करना है जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी और दूसरे गैरकानूनी कामों में किया जाता है। किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर सिम लेकर उसका गलत इस्तेमाल किए जाने के मामलों को रोकने में यह व्यवस्था मददगार हो सकती है।

इसके साथ ही सरकार CNAP यानी Calling Name Presentation जैसी सुविधा पर भी काम कर रही है। इसके जरिए कुछ परिस्थितियों में कॉल आने पर नंबर के साथ संबंधित ग्राहक का KYC रिकॉर्ड वाला नाम दिखाई देने की सुविधा मिल सकती है। इससे अनजान कॉल की पहचान में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार के गरीब परिवारों को खुशखबरी, मिलेंगे पक्के घर! 11 लाख से ज्यादा मकानों को मंजूरी

पटना। बिहार के गरीब परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पटना पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि राज्य में जरूरतमंद परिवारों के लिए 11 लाख से अधिक पक्के मकानों को मंजूरी दी गई है। केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब परिवार पक्के घर से वंचित न रहे।

लाखों परिवारों का पूरा होगा घर का सपना

शिवराज सिंह चौहान के मुताबिक, बिहार में स्वीकृत इन मकानों से बड़ी संख्या में गरीब परिवारों को अपना स्थायी आशियाना मिल सकेगा। पक्का मकान केवल रहने की जगह नहीं, बल्कि परिवारों के लिए सुरक्षा और सम्मान से भी जुड़ा है। सरकार की इस पहल से लंबे समय से घर की उम्मीद लगाए परिवारों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

फसल खराब होने पर किसानों को सहारा

केंद्रीय मंत्री ने बिहार के किसानों के लिए फसल बीमा योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अब फसल को नुकसान होने की स्थिति में पात्र किसानों को बीमा योजना के तहत आर्थिक सहायता मिल सकेगी। प्राकृतिक आपदा या अन्य वजहों से फसल खराब होने पर यह योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का काम कर सकती है।

मसूर किसानों को भी मिलेगा फायदा

बिहार में पीएम-आशा योजना के तहत मसूर की खरीद किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसका उद्देश्य किसानों को उनकी उपज के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने में मदद करना है। इससे मसूर की खेती करने वाले किसानों को अपनी फसल बेचने में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

21 से 27 अगस्त तक बरसेगी खुशियां! 5 राशियों को मिलेगा धन लाभ, करियर में भी तरक्की

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 21 से 27 अगस्त के बीच ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकती है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और करियर से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिलने के संकेत हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए यह समय शुभ रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता हासिल हो सकती है। कारोबार करने वालों को नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ धन लाभ के योग बन सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए 21 से 27 अगस्त के बीच करियर के लिहाज से अच्छा समय रह सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत भी सामने आ सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। नौकरी में प्रमोशन या बेहतर अवसर की उम्मीद बन सकती है। कारोबार में निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं, हालांकि बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। परिवार में भी खुशी का माहौल बना रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह आर्थिक रूप से राहत देने वाला हो सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नए ग्राहक जुड़ सकते हैं और किसी महत्वपूर्ण सौदे से फायदा होने के योग बनेंगे।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सफलता मिल सकती है। आमदनी बढ़ाने का अवसर मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। प्रतियोगी परीक्षा या करियर से जुड़े प्रयासों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

बिहार में ये सड़क होगा फोरलेन, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार के उत्तर हिस्से में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक करीब 82.58 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार ने करीब 3,591 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

सफर होगा तेज और सुरक्षित

फोरलेन बनने के बाद मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और सोनबरसा के बीच आवागमन पहले से आसान होने की उम्मीद है। सड़क को 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे की डिजाइन गति के अनुसार तैयार किया जाएगा। परियोजना में 7 बड़े पुल, 3 रेलवे ओवरब्रिज और 2 बड़े फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे। इनमें बागमती नदी पर बनने वाला करीब 340 मीटर लंबा पुल भी शामिल है।

नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी

यह सड़क सोनबरसा के भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र को मुजफ्फरपुर से जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगी। फोरलेन बनने से रास्ते में आने वाले प्रमुख बाजारों में जाम की समस्या कम होने और मालवाहक वाहनों की आवाजाही तेज होने की उम्मीद है।

व्यापार और पर्यटन को मिलेगा फायदा

बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों और अन्य सामान की आवाजाही आसान होगी। साथ ही सीतामढ़ी के पुनौरा धाम और मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी सुविधाजनक हो सकती है। इससे व्यापार, रोजगार और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बिहार में 2 नहर प्रणालियों का होगा कायाकल्प, इन जिलों के किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा देने के लिए दो प्रमुख नहर प्रणालियों के पुनर्स्थापन को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत नहरों की मरम्मत, सुधार और जल प्रवाह को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा। पूरी परियोजना पर 66.18 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे अररिया, पूर्णिया और कटिहार जिले के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

जानकीनगर नहर से 6 हजार हेक्टेयर खेतों को लाभ

जानकीनगर शाखा नहर और इससे जुड़ी नहरों के सुधार के बाद करीब 6 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा बेहतर होगी। इसका फायदा अररिया जिले के नरपतगंज, भरगामा, फारबिसगंज और रानीगंज प्रखंड के किसानों को मिलेगा। नहरों में पानी का प्रवाह बेहतर होने से किसानों को खेतों की सिंचाई के लिए राहत मिलेगी।

पूर्णिया और कटिहार के किसानों को भी फायदा

दूसरी नहर प्रणाली के पुनर्स्थापन से करीब 7,065 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य है। पूर्णिया के जलालगढ़, कसबा, डगरुआ, पूर्णिया पूर्व और केनगर प्रखंड के किसानों को इसका लाभ मिलेगा। वहीं कटिहार के कोढ़ा, मनसाही, हसनगंज और कटिहार प्रखंड भी योजना से जुड़ेंगे।

करीब 13 हजार हेक्टेयर में बढ़ेगी सिंचाई क्षमता

नहरों की मरम्मत और व्यवस्था बेहतर होने के बाद कुल मिलाकर करीब 13 हजार हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा मजबूत होने की उम्मीद है। इससे किसानों को पानी की उपलब्धता में आसानी होगी और खेती पर निर्भर परिवारों को फायदा मिल सकता है। साथ ही कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

बिहार में मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना को मंजूरी, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार के किसानों के लिए सिंचाई से जुड़ी बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सरकार ने मुख्यमंत्री निजी नलकूप योजना के तहत नए नलकूप लगाने की मंजूरी दे दी है। इससे खेतों तक सिंचाई की सुविधा पहुंचाने और किसानों की पानी पर निर्भरता कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

11 हजार नए नलकूप लगाए जाएंगे

सात निश्चय-2 के तहत इस योजना में 11 हजार नए निजी नलकूप लगाए जाएंगे। इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 83.60 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। योजना के तहत नए नलकूप स्थापित होने से खेती के लिए पानी की उपलब्धता बेहतर हो सकती है।

2.30 लाख हेक्टेयर जमीन को फायदा

पहले से स्वीकृत 35 हजार नलकूपों को भी शामिल करने पर राज्य में कुल 46 हजार निजी नलकूप लगाए जाने की योजना है। सरकार के मुताबिक, इससे करीब 2.30 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।

किसानों को क्या होगा फायदा?

निजी नलकूपों की संख्या बढ़ने से किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए बारिश पर कम निर्भर रहना पड़ेगा। समय पर पानी उपलब्ध होने से किसान अपनी फसलों की जरूरत के अनुसार सिंचाई कर सकेंगे। इसका असर कृषि उत्पादन और खेती की लागत पर भी पड़ सकता है।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करना और किसानों को खेती के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। 46 हजार नलकूपों की योजना पूरी होने पर बिहार के लाखों किसान परिवारों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए खुशखबरी! SBI में 9124 क्लर्क पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने जूनियर एसोसिएट यानी क्लर्क के 9,124 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

31 अगस्त तक कर सकेंगे आवेदन

SBI Clerk Recruitment 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 तय की गई है। उम्मीदवारों को सलाह है कि आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

9124 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के तहत जूनियर एसोसिएट (Customer Support & Sales) के कुल 9,124 पद भरे जाएंगे। इनमें 7,680 नियमित पद और 1,444 बैकलॉग पद शामिल हैं। भर्ती देश के 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए होगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र 1 अप्रैल 2026 को 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिलेगी। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता से जुड़ी शर्तें आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार लागू होंगी।

कितनी है आवेदन फीस?

सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 750 रुपये रखा गया है। वहीं SC, ST, PwBD, XS और DXS श्रेणी के उम्मीदवारों से आवेदन शुल्क नहीं लिया जाएगा।

ऐसे करें आवेदन

योग्य उम्मीदवार SBI की आधिकारिक वेबसाइट के Careers/Current Openings सेक्शन में जाकर भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़ें और ऑनलाइन आवेदन लिंक के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन से पहले अपनी पात्रता, जरूरी दस्तावेज और परीक्षा से जुड़े निर्देशों को ध्यान से जांचना जरूरी है।

बिहार के 13 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, लोगों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। बक्सर से भागलपुर तक करीब 336 किलोमीटर लंबा 6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना को मंजूरी मिली है। इसके बनने से दक्षिण बिहार के कई जिलों के बीच सफर आसान और तेज होने की उम्मीद है।

13 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर से होकर गुजरेगा। बक्सर में इसका जुड़ाव पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से होने की योजना है। इससे उत्तर प्रदेश की ओर से आने वाले वाहनों को पटना के रास्ते जाने की जरूरत कम पड़ सकती है।

सफर घटकर 4-5 घंटे होने की उम्मीद

फिलहाल बक्सर से भागलपुर पहुंचने में लंबा समय लग सकता है। नया एक्सप्रेस-वे बनने के बाद यह सफर करीब 4 से 5 घंटे में पूरा होने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे एक्सेस कंट्रोल्ड होगा, इसलिए बीच रास्ते से वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। निर्धारित एंट्री और एग्जिट प्वाइंट से ही आवाजाही की व्यवस्था रहेगी।

उद्योग और रोजगार को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का फायदा केवल यात्रियों को ही नहीं, बल्कि व्यापार और उद्योग को भी मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेस-वे के आसपास इंडस्ट्रियल हब, इकोनॉमिक जोन और लॉजिस्टिक्स सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

दरअसल, बक्सर से भागलपुर तक बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे बिहार के कई जिलों की कनेक्टिविटी को नई दिशा दे सकता है। निर्माण पूरा होने के बाद दक्षिण बिहार में आवागमन के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

बिहार में फिर बदलेगा मौसम का मिजाज, सभी जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ अलग-अलग जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता के कारण बारिश का दौर जारी रह सकता है।

कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश

अगले 24 घंटे के दौरान खासकर उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कुछ हिस्सों में मेघ गर्जन और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश के साथ उमस भी करेगी परेशान

बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में बारिश के बावजूद प्रदेश में उमस का असर बना रह सकता है। बीते 24 घंटे में भी कई स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। नालंदा के हिलसा में 78.6 मिमी बारिश हुई, जबकि पटना के खुसरूपुर में 18.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

शुक्रवार को अररिया, पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण और किशनगंज में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए चेतावनी जारी की गई है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

24 अगस्त तक बना रहेगा बारिश का दौर

मौसम विभाग के अनुसार मानसून ट्रफ के प्रभाव से बिहार के अलग-अलग हिस्सों में छिटपुट बारिश की गतिविधियां जारी रहेंगी। 24 अगस्त तक प्रदेश में मानसून के असर से बारिश का दौर बने रहने की संभावना है। हालांकि हर जिले में बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं होगी। कहीं हल्की फुहारें पड़ सकती हैं तो कुछ इलाकों में तेज बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब 3% ब्याज पर मिलेगा कृषि ऋण

पटना। बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। खेती-किसानी के लिए कर्ज लेने वाले किसानों पर ब्याज का बोझ कम करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार, कृषि विभाग और नाबार्ड के सहयोग से पात्र किसानों को महज 3 प्रतिशत ब्याज दर पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

इस पहल के तहत बिहार सरकार अपनी ओर से भी ब्याज में अतिरिक्त राहत देगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने इस योजना के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। योजना को लागू करने की जिम्मेदारी नाबार्ड को राज्य एजेंसी के तौर पर दी गई है।

3 लाख रुपये तक के ऋण पर मिलेगा लाभ

योजना का फायदा तीन लाख रुपये तक के फसल ऋण, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अल्पावधि कृषि उत्पादन ऋण पर मिल सकेगा। यदि किसी किसान ने तीन लाख रुपये से अधिक का कर्ज लिया है, तो ब्याज अनुदान की गणना अधिकतम तीन लाख रुपये की राशि तक ही की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को साहूकारों या महंगे कर्ज पर निर्भर होने के बजाय बैंकिंग व्यवस्था से आसानी से कृषि ऋण लेने के लिए प्रोत्साहित करना है।

समय पर कर्ज चुकाने वालों को फायदा

इस योजना का लाभ उन्हीं पात्र किसानों को मिलेगा, जो निर्धारित समय के भीतर अपना ऋण चुका देंगे। समय पर भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज में मिलने वाली राहत का सीधा फायदा मिलेगा। इससे किसानों को कम लागत पर खेती के लिए पूंजी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

खेती की लागत घटाने में मिलेगी मदद

कम ब्याज पर ऋण मिलने से किसान बीज, खाद, सिंचाई, कीटनाशक और अन्य कृषि जरूरतों पर समय रहते खर्च कर सकेंगे। इससे खेती के काम में पैसों की कमी के कारण आने वाली परेशानियां कम हो सकती हैं। सरकार का मानना है कि सस्ता संस्थागत कृषि ऋण मिलने से किसानों की उत्पादन क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। साथ ही खेती से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिलने और किसानों की आय को बेहतर करने में भी इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।

बैंकों के जरिए मिलेगा कृषि ऋण

इस योजना के दायरे में वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंक से लिए गए पात्र कृषि ऋण शामिल होंगे। यानी किसानों को योजना का लाभ बैंकिंग चैनल के माध्यम से मिलेगा। राज्य सरकार का यह कदम कृषि ऋण को किसानों के लिए अधिक किफायती बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शुक्र बदलेंगे इन 4 राशियों का भाग्य! कल से शुरू होगा खुशियों और तरक्की का दौर

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, धन, प्रेम, सौंदर्य, वैभव और भौतिक समृद्धि का कारक माना जाता है। जब शुक्र की स्थिति अनुकूल होती है, तो व्यक्ति के जीवन में आर्थिक लाभ के साथ रिश्तों और करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कल से शुक्र के प्रभाव में बदलाव का असर कुछ राशियों के लिए खास शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। आमदनी बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को भी किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति और मजबूत होगी।

2. मिथुन राशि

शुक्र का प्रभाव मिथुन राशि वालों के लिए करियर और धन के मामले में सकारात्मक रह सकता है। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की तारीफ हो सकती है और किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहक या कारोबार विस्तार का मौका मिल सकता है। परिवार में भी सुखद माहौल रहेगा। अचानक मिलने वाली कोई अच्छी खबर आपकी खुशी बढ़ा सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र ही हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर शुक्र के प्रभाव को विशेष माना जाता है। आने वाले समय में आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कामकाज में बेहतर परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ आय के अतिरिक्त स्रोत भी सामने आ सकते हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और अविवाहित लोगों के लिए विवाह से जुड़ी बातचीत आगे बढ़ सकती है।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शुक्र का प्रभाव धन और करियर से जुड़े मामलों में फायदा दे सकता है। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि की उम्मीद मजबूत हो सकती है। व्यवसाय में निवेश का लाभ मिलने के संकेत हैं, हालांकि किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और लंबे समय से चली आ रही किसी आर्थिक परेशानी से राहत मिल सकती है।

यूपी के 3.53 लाख रसोइयों को बड़ी खुशखबरी, तैयारी शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए मिड डे मील तैयार करने वाले रसोइयों को जल्द आर्थिक राहत मिल सकती है। प्रदेश में करीब 3.53 लाख रसोइयों के मासिक मानदेय में बढ़ोतरी किए जाने की तैयारी की चर्चा है। बताया जा रहा है कि मानदेय में करीब 1000 रुपये तक की वृद्धि संभव है। हालांकि, इस संबंध में अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

लंबे समय से बढ़ोतरी की मांग

परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को मिलने वाले मिड डे मील की व्यवस्था में रसोइयों की अहम भूमिका है। वे रोजाना भोजन तैयार करने से लेकर कई जरूरी जिम्मेदारियां संभालते हैं। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग उठती रही है। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में बढ़ोतरी के बाद रसोइयों की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं।

पहले 1000 रुपये था मानदेय

रसोइयों के मानदेय में पिछले वर्षों में कई बार बदलाव किया गया है। पहले उन्हें 1000 रुपये प्रति माह मिलते थे। वर्ष 2019 में इसे बढ़ाकर 1500 रुपये किया गया, जबकि 2022 में मानदेय बढ़कर 2000 रुपये मासिक हो गया। अब एक बार फिर इसमें वृद्धि की संभावना जताई जा रही है।

3.53 लाख रसोइयों को मिल सकता है फायदा

प्रदेश के करीब 1.32 लाख परिषदीय विद्यालयों में लगभग 1.46 करोड़ विद्यार्थियों को मिड डे मील उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में मानदेय बढ़ने पर राज्यभर के 3.53 लाख रसोइयों को सीधा आर्थिक लाभ मिल सकता है। मौजूदा व्यवस्था में 2000 रुपये मासिक मानदेय के अलावा यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और ग्लव्स के लिए 400 रुपये दिए जाते हैं। फिलहाल मानदेय में बढ़ोतरी को लेकर अंतिम फैसला सरकार की ओर से होना बाकी है।

यूपी में चकबंदी में बड़ा बदलाव, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चकबंदी प्रक्रिया के दौरान किसानों और जमीन मालिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था लागू की गई है। चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सार्वजनिक उपयोग के नाम पर किसानों की जमीन में अनावश्यक कटौती न की जाए। इससे चकबंदी के दौरान जमीन को लेकर होने वाली परेशानियों में कमी आने की उम्मीद है।

3 फीसदी से ज्यादा जमीन काटने पर लेनी होगी मंजूरी

नई व्यवस्था के तहत किसी गांव में सार्वजनिक प्रयोजन के लिए तीन प्रतिशत से अधिक भूमि की कटौती करनी हो तो पहले चकबंदी आयुक्त की अनुमति लेना जरूरी होगा। बिना मंजूरी के अतिरिक्त भूमि लेने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि विकास कार्यों या सार्वजनिक उपयोग के नाम पर किसानों की जरूरत से ज्यादा जमीन न ली जाए।

विशेष परिस्थिति में ही बदलेगी चकबंदी योजना

चकबंदी योजना में बदलाव या उसके प्रत्यावर्तन को लेकर भी सख्ती की गई है। अब ऐसी प्रक्रिया केवल अपरिहार्य परिस्थितियों में ही अपनाई जाएगी। इसके लिए जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ प्रस्ताव चकबंदी आयुक्त के पास भेजना होगा। आयुक्त की पूर्व अनुमति मिलने के बाद ही योजना में बदलाव से जुड़ा आदेश जारी किया जा सकेगा।

किसानों की जमीन पर रहेगी विशेष नजर

अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि चकबंदी की पूरी प्रक्रिया में कृषकों के हितों का ध्यान रखा जाए। सार्वजनिक कार्यों के लिए जमीन की आवश्यकता होने पर भी सामान्य स्थिति में तीन प्रतिशत से ज्यादा भूमि की कटौती नहीं की जाएगी। अगर किसी गांव में इससे अधिक जमीन लेना जरूरी हो, तो उसका कारण स्पष्ट करते हुए प्रस्ताव भेजना होगा।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

सरकार ने चकबंदी अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा है। नियमों की अनदेखी, बिना अनुमति जमीन में अतिरिक्त कटौती या अनावश्यक रूप से प्रक्रिया में बदलाव पाए जाने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

बिहार सरकार के 6 बड़े फैसले, नागरिकों के लिए आई खुशखबरी!

पटना। बिहार में विकास की रफ्तार बढ़ाने के लिए राज्य सरकार ने एक साथ कई अहम फैसलों पर मुहर लगाई है। कैबिनेट की मंजूरी से सड़क कनेक्टिविटी मजबूत करने, खेतों तक सिंचाई पहुंचाने, गांवों में भंडारण सुविधा बढ़ाने और नई तकनीक को बढ़ावा देने की तैयारी है। इन फैसलों का असर आम लोगों के साथ किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों पर भी देखने को मिल सकता है।

1 .बक्सर-भागलपुर के बीच बनेगा नया एक्सप्रेसवे

राज्य सरकार ने बक्सर से भागलपुर के बीच करीब 336 किलोमीटर लंबे 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की योजना को मंजूरी दी है। यह कॉरिडोर कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरेगा। नियंत्रित प्रवेश वाली इस सड़क से लंबी दूरी के सफर में समय बचने और प्रमुख शहरों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। परियोजना को PPP मॉडल पर विकसित करने की योजना है।

2 .खेतों की सिंचाई के लिए लगेंगे 11 हजार नलकूप

किसानों के लिए भी कैबिनेट का फैसला अहम है। वर्ष 2026-27 में 11 हजार निजी नलकूप लगाने की योजना को मंजूरी मिली है। इसके लिए 305.60 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसका उद्देश्य किसानों को सिंचाई के लिए भरोसेमंद जल स्रोत उपलब्ध कराना है, जिससे खेती पर मौसम की निर्भरता कुछ कम हो सके।

3 .नरपतगंज की नहरों का भी होगा कायाकल्प

सिंचाई नेटवर्क को मजबूत करने के लिए नरपतगंज क्षेत्र की जानकीनगर शाखा नहर और इससे जुड़ी नहरों को भी दुरुस्त किया जाएगा। इस परियोजना के लिए 30.35 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। काम पूरा होने के बाद संबंधित इलाकों में सिंचाई व्यवस्था बेहतर होने की उम्मीद है।

4 .किसानों के लिए बनेंगे नए गोदाम

कृषि उपज को सुरक्षित रखने की सुविधा बढ़ाने के लिए राज्य में 48,200 मीट्रिक टन नई भंडारण क्षमता तैयार करने की योजना है। अलग-अलग क्षमता वाले गोदाम बनाए जाएंगे और 52 समितियों के लिए करीब 34.95 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इससे किसानों को फसल रखने के लिए बेहतर स्थानीय सुविधा मिलने की उम्मीद है।

5 .बिहार में AI पर बढ़ेगा फोकस

सरकार अब आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ाने की तैयारी में है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े कामों को आगे बढ़ाने के लिए टायो AI इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के बीच समझौते को मंजूरी दी गई है। इससे तकनीकी प्रशिक्षण, नवाचार और रोजगार के नए अवसर तैयार करने पर जोर रहेगा।

6 .कटिहार में सुधरेंगी नहरें

कटिहार जिले की सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कई नहरों और उप-वितरणियों की मरम्मत एवं पुनर्स्थापना की जाएगी। इस काम के लिए करीब 35.82 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। नहरों की स्थिति बेहतर होने से सिंचाई का पानी खेतों तक पहुंचाने में आसानी होगी।

बिहार में बनेगा 6-लेन एक्सप्रेस-वे, 8 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ी योजना को मंजूरी दी है। बक्सर से भागलपुर के बीच 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। करीब 336 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर के तैयार होने से कई जिलों के बीच आवागमन तेज होने के साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत

इस एक्सप्रेसवे को एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना पर लगभग 3700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे PPP मॉडल के तहत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से विकसित करने की योजना है।

8 घंटे का सफर हो सकता है 4 घंटे का

वर्तमान में बक्सर से भागलपुर पहुंचने में लंबा समय लगता है। नया एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 8 घंटे से घटकर 4 घंटे तक आने की उम्मीद है। छह लेन की सड़क और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था के कारण सफर अधिक सुगम और तेज हो सकता है।

इन जिलों को मिलेगा फायदा

इस परियोजना से बिहार के बक्सर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर और भागलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। मोकामा क्षेत्र को भी इस कॉरिडोर से फायदा मिलने की संभावना है।

दिल्ली-NCR तक आसान होगा रास्ता

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को आगे उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इससे बिहार से पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली-NCR तक सड़क संपर्क और बेहतर हो सकता है। भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक से भी इसे जोड़ने की संभावना बताई गई है।

यूपी में बनेगा लिंक एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक्सप्रेसवे नेटवर्क को आपस में जोड़ने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच नया लिंक कॉरिडोर विकसित करने जा रही है। इस परियोजना पर 8,500 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके तैयार होने के बाद दिल्ली-NCR से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

यमुना और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच बनेगा सीधा रास्ता

प्रस्तावित लिंक एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे के सेक्टर-21 के आसपास से शुरू होकर बुलंदशहर के स्याना क्षेत्र के पास गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इसे शुरुआती तौर पर 6 लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे के रूप में तैयार किया जाएगा। भविष्य में इसे 8 लेन तक बढ़ाने की गुंजाइश रखी जाएगी।

कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इस कॉरिडोर के बनने से गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा दिल्ली-NCR से मेरठ, हापुड़, अमरोहा, संभल, शाहजहांपुर, हरदोई और प्रयागराज समेत कई क्षेत्रों तक पहुंच बेहतर हो सकती है।

56 गांवों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित मार्ग करीब 56 गांवों से होकर गुजरने की योजना है। इनमें गौतमबुद्ध नगर के 8 और बुलंदशहर के 48 गांव शामिल बताए गए हैं। परियोजना के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया अलग-अलग हिस्सों में चल रही है।

दो चरणों में होगा निर्माण

आपको बता दें की इस परियोजना को दो हिस्सों में विकसित करने की योजना है। पहले चरण में ग्रेटर नोएडा के भाईपुर ब्राह्मणन से बिचौला तक करीब 24 किलोमीटर का हिस्सा और दूसरे चरण में बिचौला से बहनपुर तक लगभग 50 किलोमीटर का हिस्सा तैयार किया जाएगा।

निर्माण के दौरान कई अंडरपास, छोटे-बड़े पुल, फ्लाईओवर और रेलवे ओवरब्रिज भी बनाए जाएंगे। इससे स्थानीय यातायात और एक्सप्रेसवे के बीच सुरक्षित कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। यह लिंक एक्सप्रेसवे यूपी के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ दिल्ली-NCR, पश्चिमी यूपी और पूर्वी यूपी के बीच यात्रा को तेज करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, 4 जिलों के किसानों को खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में किसानों को फसल के लिए सही समय पर पानी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सिंचाई परियोजनाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है। सरकार के मुताबिक इस साल नई और पूरी हो चुकी परियोजनाओं से करीब 96,250 हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता विकसित हुई है। इसका सीधा फायदा महराजगंज, कन्नौज, उन्नाव और ललितपुर के करीब 40 हजार किसानों को मिलने की उम्मीद है।

96 हजार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन को मिलेगा पानी

विभाग के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में पूरी हुई योजनाओं से 39,250 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ी। वहीं मध्य गंगा द्वितीय चरण की परियोजना में चंदौसी शाखा से जुड़े अधूरे हिस्सों को पूरा किए जाने के बाद 57 हजार हेक्टेयर क्षमता और जुड़ी। इस तरह कुल वृद्धि 96,250 हेक्टेयर तक पहुंच गई। इसका उद्देश्य किसानों को फसल की जरूरत के मुताबिक समय पर नहरों और सिंचाई प्रणालियों से पानी उपलब्ध कराना है।

2026-27 के लिए 2380 करोड़ से ज्यादा मंजूर

सिंचाई विभाग की नई और पहले से चल रही परियोजनाओं के लिए चालू वित्तीय वर्ष में 2,380.69 करोड़ रुपये की पहली किस्त स्वीकृत की गई है। कुल 1,070 कार्यों के लिए जारी इस राशि में से 576.41 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। सरकार ने अधिकारियों को परियोजनाओं में तेजी के साथ गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।

बाढ़ से बचाव की परियोजनाओं पर भी जोर

सिर्फ सिंचाई ही नहीं, बल्कि बाढ़ से सुरक्षा के लिए भी इस साल 1,009.99 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी गई है। विभाग की ओर से 244 बाढ़ परियोजनाएं पूरी किए जाने की जानकारी दी गई है। सरकार का जोर तय मानकों के अनुसार निर्माण कराने पर है।

इन इलाकों में पूरी हुईं प्रमुख योजनाएं

विभाग के मुताबिक महराजगंज में रोहिन बैराज, कन्नौज के तालग्राम और जलालाबाद क्षेत्र की नई नहर परियोजना, उन्नाव क्षेत्र में चौधरी चरण सिंह डलमऊ 'बी' पंप नहर प्रणाली की क्षमता बहाली और ललितपुर में कचनौंदा बांध से जुड़े शेष कार्य पूरे किए गए हैं।

इन परियोजनाओं के चालू होने से संबंधित इलाकों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने और किसानों को खेती के समय पानी की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य अब बाकी परियोजनाओं को भी तय समय में पूरा कर किसानों तक इसका लाभ पहुंचाना है।

8वें वेतन आयोग पर नया अपडेट, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। आयोग अब अलग-अलग शहरों में कर्मचारियों, यूनियनों और अन्य हितधारकों से बातचीत करेगा। इन बैठकों का उद्देश्य वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुझावों को समझना है। इससे करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स प्रभावित हो सकते हैं।

इन शहरों में होगी बैठक

आयोग की ओर से जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर, चेन्नई में 7 और 8 सितंबर तथा पुडुचेरी में 9 सितंबर को परामर्श कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। वहीं चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर के बीच कर्मचारी संगठनों के साथ बातचीत होनी है। इसके अलावा आयोग मुंबई में सेंट्रल रेलवे से जुड़े कर्मचारियों के कामकाज और उनकी परिस्थितियों को भी करीब से समझने के लिए दौरा करेगा। मुंबई दौरे की तारीख अभी तय नहीं की गई है।

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर

कर्मचारियों के बीच इस समय सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने 7वें वेतन आयोग में लागू 2.57 के मुकाबले इसे बढ़ाने की मांग रखी है। कुछ प्रस्तावों में इसे 3.83 तक करने की मांग भी सामने आई है। अगर फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी होती है तो केंद्रीय कर्मचारियों के मूल वेतन में भी उल्लेखनीय बदलाव हो सकता है। हालांकि अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिश और केंद्र सरकार के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

पेंशन और ग्रेच्युटी पर भी उम्मीद

8वें वेतन आयोग में पेंशन संशोधन को लेकर भी कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें टिकी हैं। कुछ कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम पेंशन बढ़ाने और रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी की सीमा में इजाफा करने की मांग रखी है। ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 75 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। हालांकि, पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और ग्रेच्युटी में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इसे लेकर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

सुझावों के बाद तय होगी तस्वीर

आयोग अलग-अलग वर्गों से मिलने वाले सुझावों और मांगों का अध्ययन करने के बाद अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इसके बाद सरकार उन सिफारिशों पर निर्णय लेगी। ऐसे में फिलहाल कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ी खबर यही है कि 8वें वेतन आयोग की परामर्श प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, जिससे वेतन और पेंशन में संभावित बदलाव को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं।

केंद्र सरकार ने लिए 5 अहम फैसले, देशवासियों के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में रेल और सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए पांच बड़ी परियोजनाओं को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति की बैठक में चार रेल परियोजनाओं और बिहार की एक महत्वपूर्ण हाईवे परियोजना को हरी झंडी मिली। इन सभी योजनाओं पर कुल करीब 13,041 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

चार रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी

सरकार ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में रेल नेटवर्क को मजबूत करने के लिए करीब 9,450 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें खड़गपुर-भद्रक, भद्रक-हरिदासपुर, गुम्मिडिपुंडी-गुडुर और कटक-पारादीप रेल मार्गों पर नई लाइनें बिछाने और मल्टीट्रैकिंग का काम शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से व्यस्त रेल रूट पर ट्रेनों की आवाजाही की क्षमता बढ़ेगी। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

बिहार के लिए भी बड़ी खुशखबरी

कैबिनेट ने बिहार में NH-22 के मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा सेक्शन को चार लेन में विकसित करने की मंजूरी दी है। करीब 82.578 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह सड़क मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा और भारत-नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी को बेहतर करेगी। इससे मुजफ्फरपुर, रुन्नीसैदपुर, डुमरा, भुतही और सोनबरसा जैसे इलाकों में यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।

सफर होगा तेज और सुरक्षित

नया फोरलेन कॉरिडोर 100 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार को ध्यान में रखकर तैयार किया जाएगा। सड़क पर अनियंत्रित कट नहीं होने से यातायात व्यवस्था बेहतर और यात्रा अधिक सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी। इस परियोजना में बागमती नदी पर करीब 340 मीटर लंबा पुल, सात बड़े पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर भी बनाए जाएंगे।

व्यापार और पर्यटन को फायदा

मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी-सोनबरसा मार्ग के बेहतर होने से किसानों और कारोबारियों के लिए सामान को बाजार और लॉजिस्टिक्स केंद्रों तक पहुंचाना आसान हो सकता है। भारत-नेपाल सीमा के पास व्यापारिक गतिविधियों को भी इससे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा सीतामढ़ी के जानकी पुनौरा धाम और बौद्ध सर्किट जैसे धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होगी। यानी केंद्र के इन फैसलों से जहां रेल यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी, वहीं बिहार में सड़क, व्यापार, पर्यटन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

बिहार सरकार का फैसला, किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

पटना। बिहार के किसानों के लिए सरकार ने खरीफ फसलों की सिंचाई को लेकर राहत भरा कदम उठाया है। डीजल पंपसेट से खेतों की सिंचाई करने वाले किसानों को डीजल पर अनुदान दिया जाएगा। इससे महंगे डीजल के कारण बढ़ने वाला खेती का खर्च कुछ कम करने में मदद मिलेगी।

पहली खुशखबरी: हर सिंचाई पर मिलेगा अनुदान

सरकार की योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़, प्रति सिंचाई 750 रुपये की दर से डीजल अनुदान दिया जाएगा। धान के बिचड़े और जूट की फसल के लिए अधिकतम दो सिंचाई पर कुल 1,500 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता मिल सकती है। वहीं धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों जैसे दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियों, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई पर 2,250 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रावधान है।

दूसरी खुशखबरी: 8 एकड़ तक मिलेगा लाभ

एक किसान को अधिकतम 8 एकड़ भूमि के लिए डीजल अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ परिवार के केवल एक सदस्य को मिलेगा। खास बात यह है कि रैयत के साथ-साथ दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसान भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके इसका लाभ ले सकते हैं। रैयत किसानों को आवेदन के दौरान लगान रसीद देनी होगी। वहीं गैर-रैयत किसानों की खेती की पुष्टि संबंधित पंचायत प्रतिनिधि और कृषि समन्वयक के माध्यम से की जाएगी।

तीसरी खुशखबरी: आवेदन के लिए डिजिटल व्यवस्था

अनुदान पाने के लिए किसानों को डीजल खरीदने की डिजिटल पावती सुरक्षित रखनी होगी। डीजल अधिकृत पेट्रोल पंप से ही खरीदा जाना चाहिए। पावती पर किसान की पहचान से जुड़ी जानकारी के साथ अंगूठे का निशान भी जरूरी होगा। इसके अलावा सिंचाई की जियो-टैगिंग वाली तस्वीर अपलोड करनी होगी। कृषि समन्वयक की ओर से यह जांच भी की जाएगी कि डीजल का इस्तेमाल वास्तव में खेत की सिंचाई में हुआ है।

इस योजना के तहत 30 अक्टूबर तक की खरीद मान्य

योजना के तहत 30 अक्टूबर 2026 तक सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा। किसान एक बार में एक ही पटवन के लिए आवेदन कर सकेंगे। राज्य के बाहर स्थित पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल पर अनुदान नहीं मिलेगा।

इस योजना से खासकर उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो बारिश की कमी या समय पर पानी नहीं मिलने की स्थिति में डीजल पंपसेट से फसलों की सिंचाई करते हैं। इससे खरीफ सीजन में सिंचाई का खर्च घटाने और फसल बचाने में किसानों को मदद मिल सकती है।

युवाओं के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी, बिहार में रोजगार का महाकुंभ शुरू

पटना। बिहार के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राजधानी पटना के ज्ञान भवन में पांच दिवसीय मेगा जॉब फेयर-2026 शुरू हो गया है। युवा, रोजगार एवं कौशल विकास विभाग की ओर से आयोजित इस रोजगार मेले में देश की कई बड़ी कंपनियां युवाओं को नौकरी के मौके दे रही हैं। मेला 23 अगस्त तक चलेगा।

पहले ही दिन 2972 युवाओं का चयन

रोजगार मेले के पहले दिन करीब 4500 अभ्यर्थियों ने हिस्सा लिया। इनमें से 2972 युवाओं का अलग-अलग कंपनियों में चयन हुआ। इससे रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं में उत्साह बढ़ा है।

100+ कंपनियां दे रहीं हैं नौकरी

मेले में बैंकिंग, बीमा, फाइनेंस, रिटेल और अन्य क्षेत्रों की 100 से अधिक कंपनियां शामिल हुई हैं। इनके जरिए 20 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। मेले में टाटा ट्रेंट, क्रोमा, वी-मार्ट, डी-मार्ट, सैमसंग और फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियां युवाओं की भर्ती कर रही हैं।

विदेश में नौकरी का भी मौका

बिहार के युवाओं के लिए खास बात यह है कि रोजगार मेले में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नौकरी के अवसर भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कुछ कंपनियों के माध्यम से खाड़ी देशों में रिटेल, रियल एस्टेट और अन्य क्षेत्रों में करीब एक हजार नौकरियों के अवसर बताए गए हैं।

सरकार का बड़ा लक्ष्य

विभाग के अनुसार युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगातार रोजगार मेले और मेगा जॉब कैंप आयोजित किए जा रहे हैं। नवंबर से अब तक एक लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ने का दावा किया गया है। युवाओं के पंजीकरण के लिए डीईटी पोर्टल भी तैयार किया गया है। इस पर अब तक 1.20 लाख से ज्यादा युवा रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं। भविष्य में ऑफलाइन के साथ ऑनलाइन जॉब फेयर आयोजित करने की भी तैयारी है।