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बिहार में बिगड़ेगा मौसम, 10 जिलों में आंधी-पानी के आसार

पटना। बिहार में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की गतिविधियां देखने को मिली हैं। मौसम विभाग ने आने वाले घंटों में भी कई इलाकों में खराब मौसम बने रहने की संभावना जताई है। खासकर पूर्वी बिहार, कोसी, सीमांचल और मिथिला क्षेत्र में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

10 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

पटना स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के 10 जिलों में आंधी, बारिश और ठनका को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। जिन जिलों में चेतावनी जारी की गई है उनमें अररिया, कटिहार, किशनगंज, भागलपुर, खगड़िया, पूर्णिया, मधेपुरा, मुंगेर, सहरसा और सुपौल शामिल हैं। मौसम विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना जताई गई है।

वज्रपात का भी खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई इलाकों में आकाशीय बिजली गिर सकती है। लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में न रहने और सुरक्षित जगहों पर रहने की अपील की गई है। किसानों और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

गया और नवादा में अलर्ट

राज्य के गया और नवादा जिलों में भी मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। गया जिले के कई प्रखंडों में मेघगर्जन, तेज हवा और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। इसी तरह नवादा जिले के कई क्षेत्रों में भी शाम तक मौसम बिगड़ने के संकेत दिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कई जिलों में हुई तेज बारिश

पिछले 24 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। पूर्णिया जिले के डगरुआ क्षेत्र में सबसे अधिक 135.2 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। कटिहार, किशनगंज, मधेपुरा और अररिया सहित कई इलाकों में तेज बारिश और आंधी का असर देखने को मिला। इसके अलावा सुपौल, बांका, मधुबनी, समस्तीपुर, सहरसा, खगड़िया, बेगूसराय और भागलपुर सहित कई जिलों में भी मौसम का असर दिखाई दिया।

यूपी में बिजली कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 16 जिलों में छुट्टियां रद्द!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए बिजली विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम ने कई जिलों में बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। विभाग का उद्देश्य बढ़ती बिजली मांग के दौरान उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।

31 जुलाई तक रद्द रहेंगी छुट्टियां

बिजली विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के अंतर्गत आने वाले 19 जिलों में कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई हैं। इतना ही नहीं, जो कर्मचारी पहले से अवकाश पर थे, उन्हें भी वापस ड्यूटी पर लौटने के निर्देश दिए गए हैं।

भीषण गर्मी के कारण फैसला

प्रदेश में इस समय तेज गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की खपत में भारी बढ़ोतरी हो रही है। कई जिलों में तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच चुका है। ऐसे में बिजली विभाग किसी भी तरह की लापरवाही से बचना चाहता है ताकि लोगों को बिजली कटौती की समस्या का सामना न करना पड़े।

इन जिलों में लागू हुआ आदेश

विभाग की ओर से जिन जिलों में छुट्टियां रद्द की गई हैं, उनमें लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, बहराइच, रायबरेली, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, अमेठी, बरेली, शाहजहांपुर, बदायूं और पीलीभीत शामिल हैं। इन सभी जिलों के मुख्य अभियंताओं को निर्देश जारी कर कर्मचारियों की छुट्टियां तत्काल समाप्त करने को कहा गया है। 

जरूरी होने पर ही मिलेगी छुट्टी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी या अधिकारी को विशेष परिस्थितियों में छुट्टी की आवश्यकता होगी, तो उसे निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा। उपखंड अधिकारी स्तर से लेकर अभियंताओं तक के अवकाश आवेदन अधिशासी अभियंता और मुख्य अभियंता के माध्यम से उच्च स्तर पर भेजे जाएंगे। अंतिम मंजूरी मिलने के बाद ही अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।

बिना सूचना छुट्टी पर गए तो होगी कार्रवाई

बिजली विभाग ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति या सूचना के अवकाश पर जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का कहना है कि गर्मी के इस दौर में बिजली आपूर्ति बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

मध्यांचल विद्युत वितरण निगम का कहना है कि प्रदेश में लगातार बढ़ रही बिजली मांग को देखते हुए फील्ड स्तर पर कर्मचारियों की मौजूदगी जरूरी है। ट्रांसफॉर्मर खराब होने, लाइन फॉल्ट या ओवरलोडिंग जैसी समस्याओं का तुरंत समाधान करने के लिए कर्मचारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।

बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 16 जिलों में बनेगा आधुनिक बस स्टैंड

पटना। बिहार सरकार ने राज्य की परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार अब कई जिलों में अत्याधुनिक बस स्टैंड बनाने जा रही है। यह परियोजना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत विकसित की जाएगी, जिससे बस अड्डों की तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

16 जिलों में शुरू होगा पहला चरण

सरकार ने पहले चरण में 16 जिलों का चयन किया है, जहां आधुनिक बस स्टैंड का निर्माण कराया जाएगा। पटना समेत 9 प्रमंडलीय जिलों को छोड़कर अन्य जिलों में यह योजना लागू की जाएगी। आने वाले समय में बाकी जिलों को भी इस परियोजना से जोड़ा जा सकता है।

छह मंजिला इमारत में मिलेगा सुविधा

नए बस स्टैंड को जी प्लस फाइव यानी छह मंजिला भवन के रूप में विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य बस अड्डों को केवल यात्रियों के रुकने की जगह नहीं, बल्कि एक आधुनिक ट्रांजिट सेंटर के रूप में तैयार करना है। यहां यात्रियों को एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन जैसी सुविधाएं देने की योजना बनाई गई है।

एयर कंडीशंड वेटिंग हॉल की सुविधा

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बस स्टैंड के दो फ्लोर पूरी तरह एयर कंडीशंड वेटिंग हॉल के रूप में बनाए जाएंगे। यहां आरामदायक बैठने की व्यवस्था होगी, ताकि यात्रियों को लंबे इंतजार के दौरान परेशानी न हो। इसके अलावा महिलाओं, बुजुर्गों और परिवार के साथ यात्रा करने वाले लोगों के लिए अलग आराम कक्ष भी बनाए जाएंगे।

मेडिकल और एम्बुलेंस सुविधा भी

सरकार ने बस स्टैंड परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी है। यहां मेडिकल इमरजेंसी के लिए डॉक्टरों की टीम और एम्बुलेंस की व्यवस्था की जाएगी। किसी यात्री की तबीयत खराब होने पर उसे मुफ्त में अस्पताल पहुंचाने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की योजना है।

सुरक्षा और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान

नई परियोजना के तहत बस स्टैंड में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। सीसीटीवी निगरानी, साफ-सफाई, डिजिटल सूचना प्रणाली और आधुनिक टिकटिंग व्यवस्था जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। इससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल मिलेगा।

बिहार सरकार का सख्त कदम, फर्जी रजिस्ट्री पर कड़ी निगरानी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में जमीन से जुड़े फर्जीवाड़े और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद अब सरकार ने फर्जी रजिस्ट्री, गलत दाखिल-खारिज और सरकारी जमीनों की अवैध खरीद-बिक्री पर सख्त निगरानी शुरू करने का फैसला किया है। इसके लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) के अधीन एक विशेष सेल का गठन किया गया है, जो जमीन से जुड़े संदिग्ध मामलों की जांच करेगा।

जमीन माफियाओं पर शिकंजा

सरकार के इस फैसले के बाद जमीन माफियाओं, बिचौलियों और फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है। लंबे समय से राज्य के कई जिलों में फर्जी जमाबंदी, अवैध रजिस्ट्री और गलत तरीके से दाखिल-खारिज कराने की शिकायतें सामने आ रही थीं। अब सरकार इन मामलों में सीधे जांच और कार्रवाई करने की तैयारी में है।

अब विशेष सेल करेगी निगरानी

नई व्यवस्था के तहत गठित विशेष सेल में DSP, इंस्पेक्टर, SI और ASI स्तर के अधिकारियों को शामिल किया गया है। यह टीम केवल शिकायत दर्ज करने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि मौके पर जांच, दस्तावेजों की पड़ताल, छापेमारी और कानूनी कार्रवाई भी करेगी। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़े और भ्रष्टाचार पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सके।

अंचल कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर नजर

राज्य में लंबे समय से यह शिकायत रही है कि जमीन की रजिस्ट्री, म्यूटेशन, रसीद कटाने और दाखिल-खारिज जैसे कार्यों के लिए लोगों को रिश्वत देनी पड़ती है। कई जगहों पर बिचौलियों का नेटवर्क सक्रिय होने की बात भी सामने आती रही है। सरकार का दावा है कि नई निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद ऐसे मामलों में कमी आएगी और भ्रष्ट अधिकारियों एवं कर्मचारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

तकनीकी जांच से होगी निगरानी मजबूत

यह विशेष सेल आर्थिक अपराध इकाई के अधीन काम करेगा, जो पहले से बड़े आर्थिक अपराधों और घोटालों की जांच के लिए जानी जाती है। ऐसे में जमीन से जुड़े मामलों में भी डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि इससे फर्जी दस्तावेज तैयार करने वाले गिरोहों का खुलासा आसानी से हो सकेगा और जमीन कब्जाने वाले नेटवर्क पर भी प्रभावी कार्रवाई की जा सकेगी।

यूपी सरकार का ऐलान, 12 लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलेगा फायदा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐलान किया है। सरकार के इस फैसले से करीब 12 लाख लोगों को सीधा फायदा मिलेगा, जिनमें लगभग 8 लाख कर्मचारी और 4 लाख पेंशनर्स शामिल हैं। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अब 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो गया है।

1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया डीए

वित्त विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, महंगाई भत्ते की नई दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। यानी कर्मचारियों और पेंशनर्स को जनवरी से बढ़े हुए डीए का लाभ मिलेगा। सरकार के इस निर्णय को बढ़ती महंगाई के बीच बड़ी राहत के रूप में देखा जा रहा है।

मई के वेतन से मिलेगा फायदा

सरकारी कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए का लाभ मई 2026 के वेतन से मिलना शुरू होगा। यानी मई की सैलरी 60 प्रतिशत महंगाई भत्ते के साथ जारी की जाएगी। इससे कर्मचारियों की मासिक आय में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

रिटायर्ड कर्मचारियों को नकद राहत

सरकार ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को राहत देते हुए कहा है कि जिन कर्मचारियों की सेवा आदेश जारी होने से पहले समाप्त हो चुकी है या जो 1 जनवरी 2026 से आदेश जारी होने तक रिटायर हो चुके हैं, उन्हें एरियर की पूरी राशि नकद दी जाएगी। इसके अलावा अगले छह महीनों में रिटायर होने वाले कर्मचारियों को भी नकद भुगतान का लाभ मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

यह फैसला प्रदेश के नियमित राज्य कर्मचारियों, सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों, प्राविधिक शिक्षण संस्थाओं, शहरी निकायों के कर्मचारियों, कार्य प्रभारित कर्मचारियों और यूजीसी वेतनमान पर कार्यरत कर्मियों पर लागू होगा। महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव के बीच राज्य सरकार का यह फैसला कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत भरा माना जा रहा है।

यूपी में महिलाओं के लिए बड़ी भर्ती, इंटर पास को मौका

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने के लिए लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में कासगंज जिले में महिलाओं के लिए विशेष रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है, जहां रोडवेज में संविदा परिचालक के पदों पर भर्ती की जाएगी। यह पहल महिला सशक्तिकरण और सम्मान को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

30 मई को लगेगा रोजगार मेला

कासगंज बस स्टैंड परिसर में 30 मई को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इस मेले में योग्य महिला अभ्यर्थियों का चयन संविदा परिचालक (कंडक्टर) पद के लिए किया जाएगा। इच्छुक महिलाएं और युवतियां सीधे मेले में पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में भाग ले सकेंगी।

इन्हे मिलेगी प्राथमिकता

भर्ती प्रक्रिया में उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, एनसीसी, एनएसएस और स्काउट-गाइड से जुड़े अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे प्रशिक्षित और अनुशासित युवतियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

जरूरी योग्यता क्या है?

संविदा परिचालक पद के लिए आवेदन करने वाली महिला अभ्यर्थी का इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है। इसके साथ ही कंप्यूटर का CCC प्रमाण पत्र भी अनिवार्य रखा गया है।

आयु सीमा भी तय

इस भर्ती में 18 वर्ष से 40 वर्ष तक की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की महिलाओं को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

महिलाओं के लिए अच्छा अवसर

जो महिलाएं नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह रोजगार मेला एक अच्छा मौका साबित हो सकता है। खासकर ग्रामीण और छोटे शहरों की युवतियों को इससे सरकारी व्यवस्था में काम करने का अवसर मिलेगा।

बुध का वृषभ राशि में उदय: इन 4 राशियों के लिए खुशियों भरा समय शुरू

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार और तर्क क्षमता का कारक माना जाता है। जब भी बुध अपनी स्थिति बदलते हैं या उदय होते हैं, तो उसका प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलता है। इस बार 23 मई 2026 को रात 08:01 बजे बुध ग्रह वृषभ राशि में उदय होने जा रहे हैं। 

ज्योतिषियों के अनुसार यह बदलाव कई लोगों के जीवन में सकारात्मक परिणाम ला सकता है, खासकर व्यापार, नौकरी और आर्थिक मामलों में। बुध का वृषभ राशि में उदय कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। इन राशियों को करियर में तरक्की, आर्थिक मजबूती और नई सफलताएं मिलने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

बुध ग्रह मिथुन राशि के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए इस उदय का सबसे अधिक लाभ मिथुन राशि वालों को मिल सकता है। नौकरी में नए अवसर मिलने की संभावना है और व्यापार में भी अच्छा लाभ हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध का उदय करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में निवेश से लाभ होने की संभावना है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और प्रभावशाली लोगों से संपर्क मजबूत होंगे।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से काफी अच्छा माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों को बुध उदय से व्यापार और करियर दोनों में फायदा मिलने की संभावना है। नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

BRO GREF Recruitment 2026: 899 पदों पर भर्ती शुरू

न्यूज डेस्क। सीमा सड़क संगठन (BRO) ने वर्ष 2026 के लिए बड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF) में विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर कुल 899 रिक्तियां निकाली गई हैं। इस भर्ती के जरिए देशभर के युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का बड़ा अवसर मिलने जा रहा है।

899 पदों पर होगी भर्ती

BRO भर्ती 2026 के तहत ड्राफ्ट्समैन, हिंदी टाइपिस्ट, स्टोर कीपर टेक्निकल, ऑपरेटर कम्युनिकेशन, ऑपरेटर एक्सकेवेटिंग मशीनरी और इलेक्ट्रिशियन सहित कुल छह ट्रेडों में नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें पूर्व सैनिकों और दिव्यांग श्रेणी के लिए भी आरक्षित सीटें शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

इच्छुक उम्मीदवार 21 मई 2026 से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 4 जुलाई 2026 तय की गई है। इस भर्ती में आवेदन केवल ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर डाक के जरिए GREF सेंटर, पुणे भेजना होगा।

वेतन और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार वेतन और भत्ते दिए जाएंगे। ड्राफ्ट्समैन पद के लिए पे बैंड-1 के तहत वेतनमान ₹5200-20200 के साथ ₹2800 ग्रेड पे मिलेगा। अन्य पदों के लिए ₹1900 ग्रेड पे निर्धारित किया गया है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), परिवहन भत्ता, कठिन क्षेत्र भत्ता और जोखिम भत्ता जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी दी जाएंगी।

चयन प्रक्रिया क्या?

BRO भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के जरिए किया जाएगा। इसमें लिखित परीक्षा, फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET), ट्रेड टेस्ट, मेडिकल जांच और दस्तावेज सत्यापन शामिल होंगे। जो उम्मीदवार सभी चरण सफलतापूर्वक पास करेंगे, उन्हें अंतिम नियुक्ति दी जाएगी।

कहां भेजना होगा आवेदन?

उम्मीदवारों को अपना आवेदन पत्र इस पते पर भेजना होगा: Commandant, GREF Centre, Dighi Camp, Pune - 411015, सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि किसी अन्य माध्यम से भेजे गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, 7 जिलों को जोड़ेगी ये सड़क!

पटना। बिहार के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी आ रही हैं। भारत-नेपाल सीमा के पास बन रही महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सरकार के अनुसार, यह 554 किलोमीटर लंबी सड़क जून 2026 तक पूरी तरह तैयार कर ली जाएगी, जिससे सीमावर्ती इलाकों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

सात जिलों से होकर गुजरेगी यह अहम सड़क

यह सड़क बिहार के सात जिलों पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज से होकर गुजर रही है। इस परियोजना का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्रों में बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना और लोगों की आवाजाही को आसान बनाना है।

554 किलोमीटर में से अधिकांश काम पूरा

परियोजना की कुल लंबाई 554 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 538 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल 16 किलोमीटर का काम शेष है, जिसे तेजी से पूरा करने के प्रयास किए जा रहे हैं। पूर्वी चंपारण और किशनगंज जिलों में कुछ हिस्सों का निर्माण अभी बाकी है।

हजारों करोड़ रुपये से तैयार हो रही सड़क

इस बड़ी परियोजना पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने मिलकर भारी निवेश किया है। केंद्र सरकार की ओर से लगभग 4000 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं, जबकि बिहार सरकार ने भूमि अधिग्रहण सहित 2800 करोड़ रुपये से अधिक की राशि लगाई है। यह निवेश क्षेत्र के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

7 मीटर चौड़ी सड़क से सुगम होगा सफर

यह सड़क लगभग 7 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है, जिससे वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई में से अधिकांश हिस्सा इस परियोजना के तहत कवर किया जा रहा है, जबकि बाकी हिस्सा पहले से मौजूद राष्ट्रीय राजमार्गों के रूप में विकसित है।

यूपी में कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, डीए 2% बढ़ा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत देते हुए महंगाई भत्ते (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का फैसला किया है। यह कदम बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ा फायदा

सरकार के इस निर्णय से प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों, शिक्षकों और रिटायर्ड पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि से उनकी मासिक आय में बढ़ोतरी होगी, जिससे रोजमर्रा के खर्चों को संभालना थोड़ा आसान हो जाएगा।

1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया डीए

सरकारी घोषणा के अनुसार, बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को इस तारीख से एरियर (बकाया राशि) का लाभ भी मिल सकता है, जिसे आने वाले समय में उनके खातों में जारी किया जा सकता है।

कितनी बढ़ेगी सैलरी?

महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी से कर्मचारियों की सैलरी पर भी असर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की मूल सैलरी 50,000 रुपये है, तो उसे हर महीने लगभग 1,000 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं। सालाना आधार पर यह बढ़ोतरी करीब 12,000 रुपये या उससे अधिक हो सकती है।

पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ

इस फैसले का लाभ सिर्फ कार्यरत कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पेंशनर्स को भी इसका फायदा मिलेगा। उनकी मासिक पेंशन में भी वृद्धि होगी, जिससे बुजुर्गों को महंगाई के दबाव से कुछ राहत मिलेगी।

भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड में 56 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) ने वर्ष 2026 के लिए एक महत्वपूर्ण भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर और प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के कुल 56 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। यह अवसर उन युवाओं के लिए खास है जो इंजीनियरिंग क्षेत्र में सरकारी और प्रतिष्ठित संगठन के साथ अपने करियर की शुरुआत करना चाहते हैं।

कुल 56 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती प्रक्रिया में कुल 56 रिक्तियां निकाली गई हैं, जिनमें फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर (FOE) के 25 पद और प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के 31 पद शामिल हैं। ये सभी पद भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के होमलैंड सिक्योरिटी और स्मार्ट सिटी बिजनेस यूनिट (HLS & SCB), बेंगलुरु कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत आते हैं।

आवेदन प्रक्रिया और तिथियां

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 20 मई 2026 से आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 8 जून 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल BEL की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास बीई, बीटेक या बीएससी (इंजीनियरिंग/संबंधित विषय) की डिग्री होना आवश्यक है। यह सुनिश्चित किया गया है कि चयन तकनीकी रूप से सक्षम और योग्य उम्मीदवारों का ही हो।

वेतन और सुविधाएं

फील्ड ऑपरेशन इंजीनियर पद पर चयनित उम्मीदवारों को पहले वर्ष में लगभग ₹60,000 प्रति माह का वेतन मिलेगा, जो हर वर्ष ₹5,000 की वृद्धि के साथ बढ़ता जाएगा। इसके अलावा उन्हें मेडिकल इंश्योरेंस, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाओं के लिए सालाना ₹20,000 का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। 

वहीं प्रोजेक्ट इंजीनियर-I के पद पर शुरुआती वेतन लगभग ₹40,000 प्रति माह रहेगा, जिसमें हर वर्ष ₹5,000 की वृद्धि होगी। इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को सालाना ₹12,000 तक के अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे।

बिहार सरकार का बड़ा प्लान, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना।  बिहार सरकार ने राज्य के किसानों के लिए एक बड़ी और दूरगामी योजना तैयार की है, जिसका उद्देश्य गन्ने की खेती को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। इस योजना के तहत सरकार पंचायत स्तर तक पहुंचकर किसानों को आधुनिक खेती की तकनीकों से जोड़ने की तैयारी कर रही है।

पंचायत स्तर तक पहुंचेगा गन्ना विकास अभियान

सरकारी योजना के अनुसार राज्य की करीब 8 हजार पंचायतों और 45 हजार गांवों में विशेष जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में कृषि विभाग की टीमें सीधे किसानों से संवाद करेंगी और उन्हें गन्ने की खेती के फायदे, संभावनाएं और आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगी।

आधुनिक तकनीक पर रहेगा खास जोर

इन कार्यशालाओं में कृषि विशेषज्ञ, विभागीय अधिकारी और चीनी मिलों से जुड़े प्रतिनिधि किसानों को प्रशिक्षण देंगे। इसमें उन्नत बीज का उपयोग, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, जैविक खाद का महत्व, कीट प्रबंधन और आधुनिक कृषि उपकरणों के इस्तेमाल जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।

चीनी के साथ गुड़ उत्पादन को भी बढ़ावा

यह योजना केवल चीनी उत्पादन तक सीमित नहीं है। जिन क्षेत्रों में चीनी मिलें उपलब्ध नहीं हैं, वहां किसानों को गुड़ उत्पादन और गन्ना बीज तैयार करने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इससे किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

पहले चरण में चुनिंदा क्षेत्रों पर फोकस

शुरुआती चरण में उन इलाकों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां पहले से गन्ने की खेती होती रही है या जहां इसकी अच्छी संभावना मौजूद है। सरकार का उद्देश्य उन किसानों को दोबारा इस फसल से जोड़ना है, जिन्होंने बढ़ती लागत और तकनीकी जानकारी की कमी के कारण खेती छोड़ दी थी।

कई विभागों की संयुक्त भागीदारी

इस अभियान में केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि सहकारिता, जल संसाधन, पंचायती राज, पर्यावरण और राजस्व विभाग की भी भागीदारी होगी। किसानों को एक ही मंच पर विभिन्न सरकारी योजनाओं, सब्सिडी, बीज उपलब्धता और सिंचाई सुविधाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी।

खरीफ सीजन से पहले शुरुआत

रिपोर्ट के अनुसार, खरीफ सीजन शुरू होने से पहले ही यह कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा। इसमें प्रगतिशील किसानों के अनुभव भी साझा किए जाएंगे ताकि अन्य किसान प्रेरित हो सकें और आधुनिक खेती की ओर कदम बढ़ा सकें।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, ट्रैक्टर पर 5 लाख तक सब्सिडी

न्यूज डेस्क। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और बढ़ते डीजल खर्च से राहत दिलाने की दिशा में हरियाणा सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य सरकार अब किसानों को इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर खरीदने पर 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने की योजना पर काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य खेती को आधुनिक बनाना और किसानों की लागत को कम करना है।

इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर को बढ़ावा देने की योजना

सरकार चाहती है कि खेती में इलेक्ट्रिक तकनीक का उपयोग बढ़े, जिससे डीजल पर निर्भरता कम हो सके। इसी को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर निर्माता कंपनियों के साथ बातचीत की जा रही है, ताकि राज्य में ही उनके उत्पादन संयंत्र स्थापित किए जा सकें। इससे ट्रैक्टर की कीमत कम होगी और किसानों को स्थानीय स्तर पर आसानी से उपकरण उपलब्ध हो सकेंगे।

ट्रैक्टर का प्रदर्शन और क्षमता

हाल ही में एक 45 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर का डेमो भी दिखाया गया, जिसमें इस ट्रैक्टर ने खेत की जुताई और रोटावेटर जैसे भारी काम सफलतापूर्वक किए। इससे किसानों के बीच जो यह आशंका थी कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भारी काम नहीं कर पाएंगे, वह काफी हद तक दूर हुई है।

कीमत और सब्सिडी का गणित

जानकारी के अनुसार, 45 हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की शुरुआती कीमत लगभग 15 लाख रुपये है। सरकार कंपनियों के साथ बातचीत कर इसकी कीमत को करीब 13 लाख रुपये तक लाने की कोशिश कर रही है। इसके बाद किसानों को 5 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिलेगी, जिससे वास्तविक लागत घटकर लगभग 8 लाख रुपये रह जाएगी।

पर्यावरण और आर्थिक लाभ

यह योजना न केवल किसानों के लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी, बल्कि पर्यावरण के लिए भी लाभकारी होगी। इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर के उपयोग से डीजल की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। साथ ही किसान अपने घर पर ही ट्रैक्टर की बैटरी चार्ज कर सकेंगे, जिससे ईंधन की चिंता भी खत्म हो जाएगी।

आंतों की सफाई के 4 जबरदस्त उपाय, सालों पुराना जिद्दी मल भी होगा बाहर

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, गलत खानपान और कम पानी पीने की आदतों के कारण कब्ज और पाचन संबंधी समस्याएं आम हो गई हैं। जब आंतों में लंबे समय तक गंदगी जमा रहती है, तो यह शरीर की कई समस्याओं का कारण बन सकती है। ऐसे में कुछ आसान और प्राकृतिक उपाय अपनाकर पाचन तंत्र को बेहतर बनाया जा सकता है।

1.त्रिफला का सेवन

आयुर्वेद में त्रिफला को पाचन तंत्र के लिए बहुत लाभकारी माना गया है। रात को सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ त्रिफला चूर्ण लेने से आंतों की गहराई से सफाई होती है और पुरानी कब्ज की समस्या में राहत मिलती है।

2 . ईसबगोल की भूसी

ईसबगोल को प्राकृतिक फाइबर का बेहतरीन स्रोत माना जाता है, जो आंतों की सफाई में मदद करता है। रात को सोने से पहले एक गिलास गुनगुने पानी या दूध में 1-2 चम्मच ईसबगोल मिलाकर लेने से यह पेट में फूल जाता है और जमा गंदगी को बाहर निकालने में सहायता करता है। यह कब्ज की समस्या में काफी उपयोगी माना जाता है।

3. अलसी के बीज

अलसी के बीज फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। सुबह खाली पेट भुनी हुई अलसी का सेवन और गुनगुने पानी के साथ इसका उपयोग आंतों की कार्यक्षमता को सुधारता है और पेट को हल्का महसूस कराता है।

4. एलोवेरा या व्हीटग्रास जूस

एलोवेरा और गेहूं के ज्वारे का रस शरीर को अंदर से डिटॉक्स करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट सीमित मात्रा में इसका सेवन करने से आंतों में जमा विषैले तत्व बाहर निकलने में सहायता मिलती है और पाचन तंत्र शांत और सक्रिय रहता है।

सम्राट कैबिनेट का बड़ा ऐलान: बिहार के इन जिलों की लगी लॉटरी

पटना। बिहार सरकार ने अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और पर्यटन को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गया से बैंकॉक के बीच सीधी अंतरराष्ट्रीय हवाई सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले को राज्य के पर्यटन और आर्थिक विकास के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

गया-बैंकॉक सीधी उड़ान को मंजूरी

कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि गया जी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के बीच नॉन-स्टॉप अंतरराष्ट्रीय उड़ान सेवा शुरू की जाएगी। इस सेवा के संचालन के लिए IndiGo Airlines का चयन किया गया है। प्रारंभिक चरण में यह उड़ान सप्ताह में दो दिन संचालित होगी।

बैठक में गया स्थित एकीकृत मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) में जल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 428 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले जलाशय निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इससे औद्योगिक इकाइयों को लंबे समय तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

इन जिलों को भी लगी लॉटरी

इसके अलावा कैमूर में पावर प्लांट परियोजना, सहरसा में आउटडोर स्टेडियम और अरवल तथा औरंगाबाद में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण को भी स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए कई एकड़ भूमि खेल विभाग को हस्तांतरित की जाएगी।

स्वास्थ्य और रोजगार क्षेत्र में बड़ा निवेश

ग्रामीण स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए केंद्र से प्राप्त अनुदान के तहत बिहार आकस्मिकता कोष से लगभग 747 करोड़ रुपये की अग्रिम स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग नए स्वास्थ्य उपकेंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के उन्नयन और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के विकास में किया जाएगा। सरकार ने माना है कि इन प्रयासों से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर होगी और रोजगार के नए अवसर भी उत्पन्न होंगे।

बिहार में गरजेगा बुलडोजर, अवैध कब्जा हटाने के आदेश

पटना। बिहार में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अब पूरे राज्य में नेशनल हाईवे (NH) के किनारे बने अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक अतिक्रमणों पर बुलडोजर चलाने की तैयारी शुरू हो गई है। इस कार्रवाई को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि तय समय सीमा के बाद सख्त कदम उठाए जाएंगे।

20 दिन में हटाना होगा अवैध कब्जा

मुख्य सचिव के निर्देश के अनुसार, एनएच के किनारे बने सभी अवैध ढांचे और कब्जों को 20 दिनों के भीतर हटाने का आदेश दिया गया है। अगर निर्धारित समय में लोग खुद अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो जिला प्रशासन और हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स मिलकर उन्हें हटाने की कार्रवाई करेगी।

नए निर्माण पर पूरी तरह रोक

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि अब राष्ट्रीय राजमार्गों के 'राइट ऑफ वे' क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल या व्यावसायिक निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी नए निर्माण से पहले संबंधित विभाग एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग या एनएच से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा।

सड़क सुरक्षा को लेकर कदम

सरकार के इस फैसले के पीछे मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को कम करना है। हाल ही में देश के कुछ राज्यों में हाईवे पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण के कारण गंभीर सड़क हादसे हुए थे, जिनमें कई लोगों की जान चली गई थी। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद अब सभी राज्यों को हाईवे सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने को कहा गया है।

अवैध पार्किंग पर भी सख्ती

नई नीति के तहत अब पूरे बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर भारी और व्यावसायिक वाहनों की अवैध पार्किंग पूरी तरह प्रतिबंधित कर दी गई है। वाहन केवल निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जा सकेंगे। नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

होटल और ढाबा संचालकों के लिए नए नियम

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन ढाबों या होटलों का प्रवेश सीधे हाईवे से जुड़ा है, उन्हें अब अपने खर्च पर वैकल्पिक सर्विस रोड या एंट्री-एग्जिट मार्ग बनाना होगा। ऐसा न करने पर उनके खिलाफ नेशनल हाईवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

चंद्रमा-बृहस्पति-शुक्र की दुर्लभ युति, 4 राशियों की बदलेगी किस्मत! बनेंगे धन के योग

राशिफल। 20 और 21 मई की शाम पश्चिमी आकाश में एक बेहद सुंदर खगोलीय दृश्य देखने को मिल रहा है, जहां चंद्रमा (अर्धचंद्र), बृहस्पति और शुक्र एक साथ बेहद करीब दिखाई दे रहे हैं। यह दुर्लभ संयोग आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए एक खास मौका है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार प्रभाव

ज्योतिष के अनुसार इस प्रकार की युति को बेहद शुभ माना जाता है। चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतीक है, बृहस्पति ज्ञान और भाग्य का, जबकि शुक्र प्रेम, सुख और धन का प्रतिनिधित्व करता है। इन तीनों का एक साथ आना कई राशियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. कर्क राशि: चंद्रमा की कृपा से इस राशि के जातकों को मानसिक शांति, पारिवारिक सुख और करियर में स्थिरता मिल सकती है।

2. वृषभ राशि: शुक्र की मजबूत स्थिति के कारण इस राशि के जातक को धन लाभ, नए अवसर और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

3. तुला राशि: शुक्र से प्रभावित इस राशि के जातक को प्रेम संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा और कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है।

4. धनु राशि: बृहस्पति की कृपा से इस राशि के जातक को शिक्षा, करियर और भाग्य में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

Gold-Silver Price: सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट

नई दिल्ली। आज सुबह सर्राफा और वायदा बाजार में सोना-चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है, जिससे निवेशकों और खरीदारों में हलचल मच गई है। शुरुआती कारोबार में दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे फिसल गए।

सोने की कीमत में गिरावट

सुबह लगभग 9:50 बजे तक सोने के दामों में करीब 360 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट दर्ज की गई। वहीं एमसीएक्स (MCX) पर सुबह 10 बजे 10 ग्राम सोने की कीमत लगभग 1,59,402 रुपये पर कारोबार कर रही थी, जिसमें करीब 600 रुपये प्रति 10 ग्राम की गिरावट देखी गई।

इस दौरान सोने ने दिन में अब तक का:

लो लेवल: 1,59,319 रुपये प्रति 10 ग्राम

हाई लेवल: 1,59,992 रुपये प्रति 10 ग्राम

चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट

चांदी के दामों में भी आज तेज गिरावट दर्ज की गई। सुबह के कारोबार में चांदी करीब 1,700 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। एमसीएक्स पर सुबह 10 बजे चांदी की कीमत लगभग 2,71,275 रुपये प्रति किलो रही, जिसमें करीब 2,990 रुपये प्रति किलो की गिरावट देखने को मिली।

चांदी ने दिन के दौरान:

लो लेवल: 2,70,752 रुपये प्रति किलो

हाई लेवल: 2,73,196 रुपये प्रति किलो

बाजार में क्यों आई गिरावट?

जानकारों के अनुसार, वैश्विक बाजारों में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की मुनाफावसूली के कारण सोना-चांदी की कीमतों पर दबाव देखा जा रहा है। हालांकि, घरेलू मांग और अंतरराष्ट्रीय संकेतों के आधार पर आगे कीमतों में बदलाव संभव है।

UPSC CDS-II भर्ती 2026: 451 पदों के लिए आवेदन शुरू, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने Combined Defence Services Examination (CDS-II) 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना में अधिकारियों की नियुक्ति के लिए कुल 451 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। यह अवसर देशभर के उन युवाओं के लिए खास माना जा रहा है जो भारतीय रक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं।

451 पदों पर होगी भर्ती

इस परीक्षा के माध्यम से विभिन्न रक्षा अकादमियों में चयन किया जाएगा, जिनमें शामिल हैं इंडियन मिलिट्री अकादमी (IMA), इंडियन नेवल अकादमी (INA), एयर फोर्स अकादमी (AFA), ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई। इन सभी कोर्सों में कुल मिलाकर 451 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी।

योग्यता और चयन प्रक्रिया

इस परीक्षा में शामिल होने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी है (पद के अनुसार अलग-अलग योग्यता लागू हो सकती है)। चयन प्रक्रिया तीन चरणों में होगी लिखित परीक्षा, SSB इंटरव्यू (इंटेलिजेंस और पर्सनैलिटी टेस्ट), मेडिकल परीक्षण

परीक्षा की तिथि और परिणाम

CDS-II परीक्षा 13 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। वहीं लिखित परीक्षा का परिणाम अक्टूबर 2026 में आने की संभावना है।

ट्रेनिंग के दौरान मिलेगा स्टाइपेंड

चयनित उम्मीदवारों को ट्रेनिंग के दौरान ₹56,100 प्रतिमाह का स्टाइपेंड दिया जाएगा, जो लेवल-10 पे स्केल के अनुसार शुरुआती वेतन के रूप में भी माना जाता है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

आवेदन शुरू: 20 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 09 जून 2026

यूपी में 2200+ पदों पर बंपर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने Combined Lower Subordinate Services भर्ती 2026 के तहत 2285 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती को राज्य में युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर माना जा रहा है।

2285 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2285 रिक्त पदों को भरा जाएगा। ये पद अलग-अलग 11 विभागों में भरे जाएंगे। सरकार का उद्देश्य प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करना और खाली पदों को समय पर भरना है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Bachelor’s Degree) होना जरूरी है। इसके अलावा LLB डिग्री धारक भी आवेदन कर सकते हैं। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए (निर्धारित तिथि के अनुसार)।

आवेदन शुल्क बहुत कम

इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए केवल 25 रुपये रखा गया है, जो इसे बेहद किफायती बनाता है।

वेतनमान भी आकर्षक

चयनित उम्मीदवारों को पोस्ट के अनुसार लेवल-4 से लेकर लेवल-6 तक का वेतनमान मिलेगा। इसमें लगभग ₹25,500 से ₹1,12,400 तक सैलरी शामिल है।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा के बाद मेरिट के अनुसार उम्मीदवारों का अंतिम चयन किया जाएगा।

आवेदन तिथि

आवेदन शुरू होने की तिथि: 29 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 18 जून 2026

शुल्क संशोधन की अंतिम तिथि: 25 जून 2026

रोज खाएं घी में भुना मखाना, शरीर को मिलेंगे 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। आज के समय में लोग सेहतमंद रहने के लिए प्राकृतिक और पौष्टिक आहार की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। ऐसे में घी में भुना मखाना एक ऐसा सुपरफूड माना जाता है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। आयुर्वेद में भी मखाना को पौष्टिक और ऊर्जा देने वाला आहार बताया गया है। अगर इसे घी में हल्का भूनकर खाया जाए, तो इसके फायदे और भी बढ़ जाते हैं।

मखाना क्यों है खास?

मखाना में प्रोटीन, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। घी के साथ इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करता है।

घी में भुना मखाना खाने के 7 बड़े फायदे

1. वजन नियंत्रित करने में मददगार: घी में भुना मखाना कम कैलोरी वाला स्नैक है, जो लंबे समय तक पेट भरा रखता है और वजन घटाने में मदद करता है।

2. दिल को रखे स्वस्थ: इसमें मौजूद पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।

3. हड्डियों को बनाए मजबूत: मखाना कैल्शियम से भरपूर होता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में सहायक है।

4. पाचन तंत्र को सुधारे: इसमें मौजूद फाइबर कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है।

5. ऊर्जा का अच्छा स्रोत: घी और मखाना मिलकर शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करते हैं, जिससे थकान कम महसूस होती है।

6. त्वचा को बनाए चमकदार: एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को डिटॉक्स करते हैं और उसे स्वस्थ व चमकदार बनाते हैं।

7. तनाव कम करने में सहायक: मखाना में मौजूद पोषक तत्व मानसिक तनाव को कम करने और दिमाग को शांत रखने में मदद करते हैं।

भद्र राजयोग से चमकेगा भाग्य: 4 राशियों को धन और सफलता के संकेत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है। जब कोई ग्रह अपनी ही राशि में प्रवेश करता है तो कई शुभ योगों का निर्माण होता है। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण योग है भद्र राजयोग, जो 29 मई को बनने जा रहा है। इस दिन बुध ग्रह मिथुन राशि में, यानी अपनी ही स्वराशि में प्रवेश करेंगे, जिससे यह शक्तिशाली योग बनेगा।

क्या है भद्र राजयोग?

भद्र राजयोग को बुध ग्रह से जुड़ा एक अत्यंत शुभ योग माना जाता है। जब बुध ग्रह अपनी उच्च या स्वराशि में स्थित होकर मजबूत अवस्था में होते हैं, तो यह योग बनता है। बुध को बुद्धि, व्यापार, वाणी, तर्कशक्ति और संचार का कारक माना जाता है। इसलिए यह योग व्यक्ति के जीवन में ज्ञान, समझदारी और आर्थिक उन्नति के नए द्वार खोलता है।

भद्र राजयोग का प्रभाव

इस योग के बनने से कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। खासकर वे लोग जो व्यापार, लेखन, मीडिया, शिक्षा और संचार से जुड़े हैं, उन्हें विशेष लाभ मिल सकता है। निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आती है।

किन 4 राशियों को मिलेगा लाभ?

1. मिथुन राशि: बुध के अपनी ही राशि में आने से मिथुन राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा। करियर में नई ऊंचाइयाँ मिल सकती हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

2. कन्या राशि: इस राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यापार में लाभ के अवसर बढ़ेंगे और मान-सम्मान भी मिलेगा।

3. तुला राशि: तुला राशि वालों के लिए यह समय नई योजनाओं और प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने का है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है।

4. कुंभ राशि: कुंभ राशि के लिए यह योग करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि लेकर आ सकता है। नए संपर्क भविष्य में बड़े लाभ का कारण बन सकते हैं।

बिहार सरकार के 3 बड़े फैसले, जमीन लेने वालों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े विवाद और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए डिजिटल सिस्टम और पोर्टल की शुरुआत के साथ अब जमीन की रजिस्ट्री प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएगी। सरकार का दावा है कि इस पहल से जमीन माफिया और जालसाजों पर सख्त लगाम लगेगी और आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

इस नए सिस्टम से रियल एस्टेट सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी। जमीन का रिकॉर्ड साफ और ऑनलाइन होने से संपत्ति खरीद-बिक्री में भरोसा बढ़ेगा। साथ ही बैंक भी आसानी से प्रॉपर्टी वेरिफिकेशन कर सकेंगे, जिससे होम लोन और अन्य लोन प्रक्रिया सरल हो जाएगी। इससे राज्य में निवेश और विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

1 .जमीन रजिस्ट्री में आएगी पूरी पारदर्शिता

सरकार द्वारा शुरू किए गए नए पोर्टल का मुख्य उद्देश्य जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाना है। अब निबंधन और राजस्व विभाग के रिकॉर्ड को आपस में जोड़ दिया गया है। इससे फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री करना लगभग नामुमकिन हो जाएगा। पहले जहां एक ही जमीन को कई लोगों को बेचने जैसे मामले सामने आते थे, अब ऐसी धोखाधड़ी पर रोक लगने की उम्मीद है।

2 .एक क्लिक में मिलेगा जमीन का पूरा रिकॉर्ड

नए सिस्टम की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अब किसी भी जमीन की पूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होगी। कोई भी व्यक्ति खाता, खेसरा, जमाबंदी नंबर या डीड नंबर डालकर जमीन का पूरा रिकॉर्ड देख सकेगा। इसमें यह भी जानकारी मिलेगी कि जमीन का असली मालिक कौन है, वह पैतृक है या खरीदी हुई है और क्या उस पर कोई विवाद या केस चल रहा है। इससे खरीदार को पहले ही सचेत होने का मौका मिलेगा और गलत सौदे से बचा जा सकेगा।

3 .रजिस्ट्री के समय होगी तुरंत होगी जांच

नए डिजिटल सिस्टम के तहत रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव किया गया है। अब जैसे ही कोई व्यक्ति जमीन की रजिस्ट्री के लिए आवेदन करेगा, संबंधित अधिकारी ऑनलाइन डेटाबेस के जरिए सभी रिकॉर्ड की जांच करेंगे। अगर किसी तरह की गड़बड़ी या दोहरे दावे की स्थिति पाई जाती है, तो सिस्टम अपने आप उस रजिस्ट्री को रोक देगा। इसके साथ ही आधार वेरिफिकेशन और बायोमेट्रिक पहचान को भी अनिवार्य किया जा रहा है, जिससे फर्जी पहचान के जरिए रजिस्ट्री की संभावना खत्म हो सके।

सावधान रहें! यूपी के 23 जिलों में भीषण हीट वेव की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी की है। खासकर 23 जिलों में स्थिति गंभीर मानी जा रही है, जहां तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

23 जिलों में हीट वेव का अलर्ट

21 मई के लिए मौसम विभाग ने बांदा सहित 23 जिलों में हीट वेव और वार्म नाइट का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में मिर्जापुर, संतरविदास नगर, प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट, फतेहपुर, बांदा, कानपुर, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी, ललितपुर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, एटा, हाथरस, मथुरा और अलीगढ़ शामिल हैं।

रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में रेड अलर्ट भी जारी किया है, जहां अगले तीन दिनों तक अत्यधिक गर्मी और उष्ण रात्रि की स्थिति बनी रह सकती है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले: सोनभद्र, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, रायबरेली, कन्नौज, फर्रुखाबाद, गौतमबुद्ध नगर, बागपत, गाजियाबाद आदि जिले में भीषण गर्मी का ऑरेंज अलर्ट हैं।

येलो अलर्ट वाले जिले: गाजीपुर, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर, बुलंदशहर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर सहित कई अन्य जिले। 

लोगों से सावधानी बरतने की अपील

मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे दोपहर के समय बाहर निकलने से बचें, पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और हल्के कपड़ों का उपयोग करें। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, सभी जान लें!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आ रही है। मौजूदा वित्तीय वर्ष में भी बिजली दरों में बढ़ोतरी की संभावना बेहद कम मानी जा रही है। यदि यही स्थिति बनी रहती है तो यह लगातार सातवां वर्ष होगा जब प्रदेश में बिजली की दरें यथावत रहेंगी। साथ ही, उपभोक्ताओं पर स्मार्ट मीटर के खर्च का अतिरिक्त बोझ डाले जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

आयोग की बैठक में हुई अहम चर्चा

बुधवार को विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार की अध्यक्षता में राज्य सलाहकार समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में पावर कारपोरेशन द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तुत वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में उपभोक्ता परिषद ने दावा किया कि बिजली कंपनियों के पास करीब 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस मौजूद है, ऐसे में बिजली दरों में वृद्धि के बजाय कमी की जानी चाहिए।

उपभोक्ता परिषद का बड़ा दावा

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बैठक में कहा कि जब कंपनियों के पास भारी सरप्लस मौजूद है, तो बिजली दरें बढ़ाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इस सरप्लस का समायोजन किया जाए तो बिजली दरों में या तो एकमुश्त लगभग 45 प्रतिशत की कमी की जा सकती है या फिर अगले पांच वर्षों तक हर साल करीब 8 प्रतिशत की राहत दी जा सकती है।

24 घंटे बिजली आपूर्ति की मांग

बैठक में रोस्टर व्यवस्था समाप्त करने की मांग भी उठाई गई। उपभोक्ता परिषद ने प्रदेशभर में 24 घंटे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील की। उनका कहना था कि जब उपभोक्ता लगातार बिल चुका रहे हैं, तो उन्हें पूरी और स्थिर बिजली आपूर्ति मिलनी चाहिए।

स्मार्ट मीटर पर विवाद

बैठक में स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को लेकर भी गंभीर सवाल उठे। उपभोक्ता परिषद ने कहा कि इस योजना का लगभग 3,838 करोड़ रुपये का खर्च उपभोक्ताओं पर डालना अनुचित है। उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार की गाइडलाइन के अनुसार स्मार्ट मीटर योजना उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ के बिना लागू होनी चाहिए, लेकिन लागत में बढ़ोतरी के कारण उपभोक्ताओं पर भारी आर्थिक दबाव बढ़ सकता है।

बिहार में बनेगा 1 नया बाईपास, 6 जिलों को बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के पालीगंज क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुधारने और लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या को खत्म करने के लिए एक नए बाईपास के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया गया है। यह बाईपास धरहरा से फतेहपुर के बीच बनाया जाएगा, जिससे पूरे इलाके की सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

जाम से परेशान पालीगंज को मिलेगी राहत

पालीगंज बाजार क्षेत्र में हर दिन सुबह से लेकर देर शाम तक भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। बिहटा, किंजर, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, सासाराम और भोजपुर जैसे जिलों से आने-जाने वाले हजारों वाहन इसी मार्ग से गुजरते हैं, जिससे सड़क पर लगातार दबाव बना रहता है। ट्रकों, बसों और अन्य भारी वाहनों की आवाजाही के कारण हालात अक्सर और भी गंभीर हो जाते हैं।

नया बाईपास कैसे बदलेगा यातायात का पूरा ढांचा

प्रस्तावित बाईपास के निर्माण के बाद बिहटा की ओर से आने वाले वाहनों को पालीगंज बाजार में प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं होगी। ये वाहन सीधे एसएच-69 (SH-69) पर पहुंच सकेंगे। इससे बाजार क्षेत्र में वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा और यातायात सुचारू रूप से चल सकेगा। प्रशासन का मानना है कि यह बाईपास न केवल जाम की समस्या को कम करेगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संभावना भी घटाएगा।

दूसरे बाईपास से मजबूत हो जाएगी पूरी कनेक्टिविटी

गौरतलब है कि पालीगंज क्षेत्र में पहले से ही एक बाईपास मौजूद है। अब दूसरा बाईपास बनने के बाद पूरे क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी और भी मजबूत हो जाएगी। इससे लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को सीधा मार्ग मिलेगा, जिससे समय की बचत के साथ-साथ ईंधन की खपत भी कम होगी।

इस नए प्रस्तावित बाईपास से कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस प्रस्तावित बाईपास का लाभ सिर्फ पालीगंज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका फायदा कई जिलों को मिलेगा। इसमें किंजर, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, सासाराम और भोजपुर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों से गुजरने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्टरों के लिए यह मार्ग काफी सुविधाजनक साबित होगा।

22 मई को बनेगा वृद्धि योग: 5 राशियों को धन और करियर में बड़ा लाभ

राशिफल। 22 मई को आकाशीय ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में एक शुभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में “वृद्धि योग” कहा जाता है। इस योग को प्रगति, समृद्धि और सकारात्मक बदलाव का प्रतीक माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिन किए गए प्रयासों का फल कई गुना बढ़कर मिलता है और जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में तरक्की के अवसर बढ़ते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, वृद्धि योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग तरीके से पड़ता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं वे 5 राशियाँ जिन पर इस योग का सकारात्मक असर देखने को मिल सकता है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत होने का संकेत दे रहा है। रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है और निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। कार्यस्थल पर भी आपकी मेहनत की सराहना होगी।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए वृद्धि योग करियर में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी बदलने या पदोन्नति की संभावना बन सकती है। पारिवारिक जीवन में भी संतुलन और शांति बनी रहेगी।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह योग व्यवसाय और शिक्षा दोनों में सफलता का संकेत दे रहा है। लंबे समय से चल रही किसी योजना को गति मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। नए कॉन्ट्रैक्ट, साझेदारी और कार्यक्षेत्र में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि के लिए वृद्धि योग करियर ग्रोथ और आर्थिक मजबूती का संकेत दे रहा है। मेहनत का पूरा फल मिलने के योग हैं। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिल सकता है, जिससे आगे बढ़ने के रास्ते खुलेंगे।