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भारत के लिए बड़ी खुशखबरी! तेजस विमानों के लिए अमेरिका से मिले 4 इंजन

नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी तेजस लड़ाकू विमानों के कार्यक्रम को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। अमेरिकी कंपनी GE एयरोस्पेस ने सितंबर 2026 में तेजस के लिए चार F404-IN20 इंजन भारत को सौंपे हैं। कंपनी ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और भारतीय वायु सेना के साथ साझेदारी को महत्वपूर्ण बताया है।

अगस्त में भी भेजे गए थे 3 इंजन

इससे पहले GE एयरोस्पेस ने अगस्त 2026 में HAL को तीन F404-IN20 इंजन दिए थे। ये इंजन तेजस LCA कार्यक्रम के लिए जरूरी हैं। कंपनी का कहना है कि वह विमानों की जरूरत के मुताबिक इंजन की आपूर्ति पर काम कर रही है।

सप्लाई में देरी बनी चुनौती

तेजस Mk1A विमानों के उत्पादन और डिलीवरी में इंजन की उपलब्धता अहम मुद्दा रही है। HAL के पूर्व चेयरमैन डीके सुनील ने अप्रैल में कहा था कि GE ने 2026 की दूसरी छमाही में 20 इंजन देने का भरोसा जताया है। उन्होंने यह भी बताया था कि कंपनी ने तय समय में आपूर्ति बढ़ाने के संकेत दिए हैं।

तेजस की डिलीवरी इंजन पर निर्भर

HAL के अनुसार, तेजस विमानों के निर्माण के लिए उसकी उत्पादन लाइन तैयार है, लेकिन विमानों की डिलीवरी इंजन मिलने पर निर्भर करती है। ऐसे में चार इंजनों की नई खेप आपूर्ति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। हालांकि, इससे तेजस Mk1A विमानों की डिलीवरी में कितनी तेजी आएगी, यह आगे होने वाली इंजन आपूर्ति पर निर्भर करेगा।

यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने दी 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में किसानों से मक्का, बाजरा और ज्वार खरीदने की तैयारी की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिए हैं कि फसल बेचने वाले किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान किया जाए। सरकारी खरीद के लिए प्रदेश में कुल 455 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे।

फसलों के लिए तय हुआ MSP

सरकार ने बाजरा का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,900 रुपये प्रति क्विंटल, मक्का का 2,410 रुपये और ज्वार का 4,023 से 4,073 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। मालदांडी ज्वार का भाव 4,073 रुपये और हाइब्रिड ज्वार का 4,023 रुपये प्रति क्विंटल रहेगा।

खरीद का लक्ष्य और केंद्र

बाजरा खरीदने के लिए 300 केंद्र, मक्का के लिए 75 और ज्वार के लिए 80 केंद्र निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने 2.20 लाख मीट्रिक टन बाजरा, 15 हजार मीट्रिक टन मक्का और 50 हजार मीट्रिक टन ज्वार खरीदने का लक्ष्य रखा है। बाजरा की खरीद 33 जिलों और मक्का की खरीद 25 जिलों में प्रस्तावित है। ज्वार के लिए जारी सूची में 13 जिले शामिल हैं; जिलों की संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी की पुष्टि जरूरी है।

आधार से जुड़े खाते में आएगा पैसा

भुगतान सीधे किसानों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजा जाएगा। खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए क्रय केंद्रों पर ई-पॉप डिवाइस से बायोमीट्रिक सत्यापन किया जाएगा। किसी समस्या पर किसान टोल फ्री नंबर 18001800150 पर संपर्क कर सकते हैं।

31 दिसंबर तक होगी इन फसलों की खरीद

सरकारी खरीद की अवधि 31 दिसंबर 2026 तक निर्धारित की गई है। किसानों को सलाह है कि उपज लेकर केंद्र पहुंचने से पहले पंजीकरण और सत्यापन से जुड़ी आवश्यक जानकारी हासिल कर लें, ताकि खरीद और भुगतान में परेशानी न हो।

LPG सिलेंडर को लेकर बड़ी खुशखबरी, सरकार ने किया ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए राहत की खबर है। योगी सरकार ने होली और दीपावली के मौके पर मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल देने की योजना को आगे जारी रखने की मंजूरी दे दी है। कैबिनेट के इस फैसले से पात्र गरीब परिवारों को साल में दो बार रसोई गैस की सुविधा मिलेगी।

दो चरणों में मिलेगा मुफ्त सिलेंडर

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री मनोज पांडेय ने बताया कि योजना के तहत पहला मुफ्त रिफिल अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच दीपावली के अवसर पर दिया जाएगा। दूसरा रिफिल जनवरी से मार्च 2027 के बीच होली पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस योजना के लिए सरकार ने 2,142 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया है।

इन लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

योजना का लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े पात्र परिवारों को ही मिलेगा। इसके लिए लाभार्थी का बैंक खाता आधार से लिंक होना और आधार प्रमाणीकरण पूरा होना जरूरी है। इसलिए लाभार्थियों को अपने बैंक खाते और आधार से संबंधित जानकारी सही रखनी चाहिए।

महिलाओं को धुएं से राहत देने की कोशिश

योगी सरकार पिछले वित्तीय वर्षों में भी उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को होली और दीपावली पर दो मुफ्त सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराती रही है। अब चालू वित्तीय वर्ष में भी इस व्यवस्था को जारी रखने का फैसला किया गया है।

सरकार का उद्देश्य गरीब परिवारों पर रसोई गैस के खर्च का बोझ कम करना और स्वच्छ ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। इससे महिलाओं और बच्चों को लकड़ी या अन्य पारंपरिक ईंधन के धुएं से होने वाले नुकसान से बचाने में भी मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का फैसला, आंगनबाड़ी वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के लिए अहम फैसला लिया है। अब उन्हें साल में दो के बजाय तीन साड़ियां दी जाएंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में तीसरी साड़ी देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।

3.80 लाख से ज्यादा महिलाओं को मिलेगा लाभ

इस फैसले से प्रदेश की कुल 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को फायदा पहुंचेगा। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना के मुताबिक, राज्य में 1,90,145 आंगनबाड़ी केंद्र स्वीकृत हैं। प्रत्येक केंद्र के लिए एक कार्यकत्री और एक सहायिका का पद मंजूर है।

तीसरी साड़ी का खर्च उठाएगी सरकार

फिलहाल केंद्र और राज्य की 60:40 की हिस्सेदारी वाली योजना के तहत हर साल दो साड़ियां उपलब्ध कराई जाती हैं। अब अतिरिक्त यानी तीसरी साड़ी का पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। इसके लिए प्रति साड़ी 500 रुपये तय किए गए हैं। इस व्यवस्था पर सरकार करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

काम के दौरान मिलेगी राहत

आंगनबाड़ी कर्मियों को ड्यूटी के समय तय वेशभूषा पहननी होती है। रोजाना इस्तेमाल, साड़ी धोने, मौसम की परेशानी या कपड़ा अचानक गंदा अथवा खराब हो जाने जैसी स्थितियों में अतिरिक्त साड़ी उपयोगी होगी। सरकार के इस फैसले से उन्हें काम के दौरान कपड़ों को लेकर कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

बच्चों और महिलाओं तक सेवाएं

प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए छह महीने से छह साल तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को अनुपूरक पोषण उपलब्ध कराया जाता है। आकांक्षात्मक जिलों में 14 से 18 वर्ष की किशोरियों को भी यह सुविधा दी जाती है। इन योजनाओं को लोगों तक पहुंचाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! यूपी के 18 शहरों में शुरू होगी 1725 एसी इलेक्ट्रिक बसों की सेवा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में 18 शहरों में 1,725 वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसें चलाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इससे शहरों में यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा देने और प्रदूषण कम करने की दिशा में मदद मिलने की उम्मीद है।

हर बस की खरीद पर मिलेगा सरकारी अनुदान

इस योजना के तहत बसों का संचालन निजी ऑपरेटरों के माध्यम से कराया जाएगा। सरकार ने इसके लिए ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल चुना है। इसमें बसों की खरीद और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी कंपनियों की होगी, जबकि यात्रियों का किराया सरकार तय करेगी। 

12 मीटर लंबी बस खरीदने पर प्रति बस 40 लाख रुपये और 9 मीटर लंबी बस पर 35 लाख रुपये का सरकारी अनुदान दिया जाएगा। बसों के व्यावसायिक संचालन की शुरुआत से 12 साल के लिए अनुबंध किया जाएगा।

चार्जिंग से लेकर रखरखाव तक जिम्मेदारी

निजी ऑपरेटर बसों की खरीद के साथ चार्जिंग उपकरणों की व्यवस्था, चालक और तकनीकी कर्मचारियों की तैनाती तथा बसों के नियमित रखरखाव का काम भी करेंगे। डिपो बनाने के लिए संबंधित नगर निगमों और नोएडा प्राधिकरण की ओर से जरूरत के अनुसार निशुल्क जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

इन 18 शहरों में चलेंगी बसें

योजना में आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा को शामिल किया गया है। नोएडा के साथ जेवर क्षेत्र भी इस योजना का हिस्सा होगा।

फिलहाल प्रदेश के 15 नगर निगमों में 743 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। नई योजना के जरिए नगरीय परिवहन का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। इससे यात्रियों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।

शनिवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग, 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा!

राशिफल। शनिवार, 10 अक्टूबर को ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ योगों को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से खास चर्चा है। शनिदेव को न्याय, कर्म और अनुशासन का कारक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पूजा-पाठ और अच्छे कर्मों पर ध्यान देने से जीवन में सकारात्मकता आती है। ज्योतिषीय अनुमान के मुताबिक, मेष, सिंह, कुंभ और मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन कुछ मामलों में अनुकूल रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों को कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके किसी काम को पूरा करने की दिशा में प्रयास सफल हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना लाभकारी रहेगा। शनिवार को धैर्य बनाए रखना आपके लिए खास रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को योजनाओं पर ध्यान देने की जरूरत होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

3. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनिवार आत्ममंथन और योजनाओं को व्यवस्थित करने का दिन हो सकता है। परिवार का सहयोग मिल सकता है और पुराने कामों में प्रगति की उम्मीद रहेगी। किसी भी बड़े निवेश या आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचें।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए कामकाज और व्यक्तिगत जीवन में संतुलन बनाए रखने का समय है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है। रिश्तों में बातचीत और समझदारी से काम लेने पर स्थितियां बेहतर हो सकती हैं। आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना उपयोगी रहेगा।

खुशखबरी की आ गई घड़ी! बिहार में 3 नई भर्ती शुरू, तुरंत करें अप्लाई

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए तीन भर्तियों से जुड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने साइंटिफिक असिस्टेंट, मत्स्य प्रसार पदाधिकारी और भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीखों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. साइंटिफिक असिस्टेंट के 6 पद

BTSC ने विज्ञापन संख्या 30/2026 के तहत साइंटिफिक असिस्टेंट के 6 पदों पर भर्ती निकाली है। इसके लिए उम्मीदवार के पास रसायन विज्ञान में बीएससी या बीफार्म की डिग्री के साथ दवाओं की जांच और विश्लेषण में एक साल का अनुभव होना चाहिए। आयु सीमा श्रेणी के अनुसार 21 से 37-42 वर्ष तक निर्धारित है। योग्य उम्मीदवार 24 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

2. मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पद

बिहार के मत्स्य विभाग में मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। यह भर्ती डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के अंतर्गत की जा रही है। ऑनलाइन आवेदन की अवधि 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है।

3. भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी के पद

BTSC ने बिहार पशु चिकित्सा सेवा के मूल संवर्ग में भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी और समकक्ष पदों पर नियमित नियुक्ति के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं।

कहां करें आवेदन?

तीनों भर्तियों के लिए उम्मीदवार बिहार तकनीकी सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जा सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़कर शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर जांच लें।

खुशखबरी का डबल धमाका! यूपी में एकसाथ 2 बड़ी भर्ती, आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती से जुड़ी दो नई जानकारियां सामने आई हैं। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने युवा कल्याण विभाग और खेल से जुड़े पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया की घोषणा की है। दोनों भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किए जा सकेंगे।

1. युवा कल्याण विभाग में 412 पदों पर भर्ती

UPSSSC ने विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026 के तहत क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के कुल 412 पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होकर 6 नवंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पात्रता और मुख्य परीक्षा से जुड़ी शर्तों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में देखना जरूरी है।

2. खेल विभाग के विभिन्न पदों पर 108 वैकेंसी

आयोग ने दूसरी भर्ती के तहत विभिन्न पदों पर 108 रिक्तियों की घोषणा की है। इनमें ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच (स्विमिंग), असिस्टेंट कोच (क्रिकेट) सहित अन्य पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 14 अक्टूबर 2026 से 4 नवंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों को आवेदन के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

आवेदन से पहले जरूर जांचें जरूरी शर्तें

दोनों भर्तियों में पदों, पात्रता और चयन प्रक्रिया के नियम अलग हो सकते हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।

यूपी सरकार का फैसला, जेवर एयरपोर्ट अब नरेन्द्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर रखने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट ने एयरपोर्ट का नाम ‘नरेंद्र मोदी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा जेवर’ रखने का प्रस्ताव पारित किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत के दौरान इसकी जानकारी दी।

पीएम मोदी के 25 साल के सार्वजनिक नेतृत्व पर प्रस्ताव

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सरकार प्रमुख के रूप में 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर मंत्रिपरिषद ने अभिनंदन प्रस्ताव भी पारित किया है। सात अक्टूबर को उनकी इस यात्रा के 25 वर्ष पूरे हुए। सीएम योगी ने उनके नेतृत्व, जनसेवा और जनकल्याण से जुड़े कार्यों की सराहना की।

यूपी को विमानन केंद्र बनाने पर जोर

मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री के प्रयासों से उत्तर प्रदेश में विमानन क्षेत्र का विस्तार हो रहा है। जेवर एयरपोर्ट को प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण परियोजना माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि इससे उत्तर प्रदेश को बड़े विमानन केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में मदद मिलेगी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री का उत्तर प्रदेश से विशेष जुड़ाव रहा है। काशी से उनके संबंध और प्रदेश के विकास में उनकी भूमिका का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए गौरव का विषय बताया।

कमल की तरह खिलेंगे 5 राशियों के भाग्य, मां लक्ष्मी की कृपा से होंगे धनलाभ

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 10 से 16 अक्टूबर के साप्ताहिक राशिफल में वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए अनुकूल अवसरों के संकेत बताए गए हैं। आइए जानते हैं इन राशियों के लिए क्या खास हो सकता है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कामकाज में बनाई गई योजनाओं से लाभ मिलने की उम्मीद रहेगी। हालांकि, पैसों से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर होगा।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए करियर और कारोबार में सकारात्मक अवसर सामने आ सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार का सहयोग मिल सकता है। किसी नए काम की शुरुआत करने से पहले उसकी पूरी जानकारी जरूर लें।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कारोबार में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना फायदेमंद रहेगा।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए कामकाज में सहयोग और नई संभावनाओं के संकेत हैं। अपनी सूझबूझ और मेहनत से रुके हुए कामों को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

5. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में बातचीत और समझदारी से लिए गए फैसले लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का भी अवसर मिल सकता है।

योगी सरकार में यूपी को बड़ी सौगात! 36 से 85 हुए मेडिकल कॉलेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई अहम आंकड़े साझा किए हैं। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में इलाज की सुविधाओं को बढ़ाने और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा देने की दिशा में काम किया गया है।

मेडिकल कॉलेज और MBBS सीटों में बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री के मुताबिक, वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में 36 मेडिकल कॉलेज थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 85 हो गई है। इसी अवधि में एमबीबीएस की सीटें भी 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो चुकी हैं। इससे मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए अवसर बढ़े हैं। साथ ही, प्रदेश में चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में भी मदद मिली है।

10 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा

सीएम योगी ने बताया कि आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत प्रदेश के 10 करोड़ से अधिक लोग कवर हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य पात्र परिवारों को गंभीर बीमारियों के इलाज के भारी खर्च से राहत देना है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलाव को प्रदेश के विकास से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का जोर लोगों को बेहतर उपचार उपलब्ध कराने और स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार करने पर है। मेडिकल कॉलेजों और एमबीबीएस सीटों में हुई बढ़ोतरी को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया है।

खुशखबरी की बहार! राजस्थान में 2 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

जयपुर। राजस्थान में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दो भर्तियों से जुड़ा अपडेट सामने आया है। राजस्थान हाई कोर्ट में जूनियर अकाउंटेंट के 8 पदों पर भर्ती निकाली गई है, वहीं स्थानीय स्वशासन विभाग में सफाई कर्मचारी के 24,752 पदों पर आवेदन का मौका है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तारीखों के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

1. राजस्थान हाई कोर्ट में जूनियर अकाउंटेंट भर्ती

राजस्थान हाई कोर्ट की एग्जाम सेल ने जूनियर अकाउंटेंट के 8 पदों के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 14 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

इच्छुक उम्मीदवार राजस्थान हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट hcraj.nic.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता और जरूरी निर्देशों की जांच कर लेनी चाहिए।

2. सफाई कर्मचारी के 24,752 पदों पर भर्ती

राजस्थान के स्थानीय स्वशासन विभाग ने सफाई कर्मचारी के 24,752 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाकर अब 13 अक्टूबर 2026 कर दी गई है।

इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले विभाग की आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवेदन संबंधी शर्तों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।

आवेदन से पहले ध्यान दें

दोनों भर्तियों में पदों की संख्या और आवेदन की अंतिम तारीख अलग-अलग है। इसलिए उम्मीदवार संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध नोटिफिकेशन पढ़कर ही आवेदन करें और अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना प्रक्रिया पूरी करने की कोशिश करें।

अंजीर खाने के 5 बड़े फायदे, सेहत को मिलते हैं ये गजब के लाभ

हेल्थ डेस्क। अंजीर एक ऐसा फल है, जिसे ताजा और सूखे दोनों रूपों में खाया जाता है। इसमें फाइबर, पोटैशियम, कैल्शियम और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित डाइट में अंजीर को शामिल करने से पाचन बेहतर रखने से लेकर हड्डियों की सेहत तक में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं अंजीर खाने के 5 बड़े फायदे।

1. कब्ज की समस्या में मददगार

अंजीर में अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो मल को नरम बनाने और पेट साफ रखने में मदद कर सकता है। नियमित और सीमित मात्रा में अंजीर खाने से कब्ज की समस्या में राहत मिल सकती है। इसके साथ पर्याप्त पानी पीना भी जरूरी है।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

अंजीर में मौजूद पोटैशियम शरीर में सोडियम के संतुलन और सामान्य रक्तचाप बनाए रखने में मदद करता है। फाइबर भी स्वस्थ खानपान का अहम हिस्सा है। हालांकि, केवल अंजीर खाने से दिल की बीमारियों से बचाव की गारंटी नहीं मिलती।

3. हड्डियों को मिल सकता है सहारा

अंजीर में कैल्शियम जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए जरूरी हैं। खासकर सूखे अंजीर में इन पोषक तत्वों की मात्रा उपयोगी हो सकती है। फिर भी हड्डियों को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।

4. शरीर को देता है ऊर्जा

सूखे अंजीर में प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। इसे नाश्ते या दिन के बीच हल्के स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है। हालांकि, सूखे अंजीर में कैलोरी और शर्करा की मात्रा अधिक होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखें।

5. पेट भरा रखने में मदद

अंजीर में मौजूद फाइबर पेट को कुछ समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इससे बार-बार भूख लगने पर नियंत्रण रखने में सहायता मिल सकती है। लेकिन वजन नियंत्रित रखने के लिए कुल कैलोरी, खानपान और व्यायाम पर ध्यान देना जरूरी है।

एड्स होने के 4 बड़े कारण, जानिए HIV संक्रमण के 5 संकेत

हेल्थ डेस्क। HIV संक्रमण एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है, जिसके बारे में सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। HIV शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करता है। यदि इसका समय पर पता न चले और इलाज न मिले, तो संक्रमण आगे चलकर एड्स (AIDS) की स्थिति तक पहुंच सकता है। हालांकि, HIV पॉजिटिव होने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को एड्स हो ही जाएगा। सही इलाज से HIV को नियंत्रित रखा जा सकता है।

HIV संक्रमण के 4 बड़े कारण

1. असुरक्षित यौन संबंध: HIV संक्रमित व्यक्ति के साथ बिना कंडोम यौन संबंध बनाने से संक्रमण का खतरा हो सकता है।

2. संक्रमित सुई या इस्तेमाल: एक ही सुई या सिरिंज का इस्तेमाल कई लोगों द्वारा करने से HIV फैल सकता है, यदि उसमें संक्रमित खून मौजूद हो।

3. संक्रमित खून चढ़ना: HIV संक्रमित खून चढ़ाने से संक्रमण हो सकता है। जांच और सुरक्षा की उचित व्यवस्था होने पर यह जोखिम काफी कम किया जा सकता है।

4. मां से बच्चे में संक्रमण: HIV संक्रमित मां से गर्भावस्था के दौरान फैल सकता है। उचित इलाज से इस जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

HIV संक्रमण के 5 संभावित संकेत

1. बुखार और थकान: संक्रमण के शुरुआती चरण में कुछ लोगों को बुखार, कमजोरी और थकान महसूस हो सकती है।

2. गले में खराश: शुरुआती संक्रमण के दौरान गले में दर्द या खराश जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

3. त्वचा पर चकत्ते: कुछ लोगों की त्वचा पर लाल चकत्ते या दाने हो सकते हैं।

4. गर्दन या बगल में गांठें: लिम्फ नोड्स में सूजन आ सकती है, खासकर गर्दन और बगल के आसपास।

5. रात में पसीना या वजन घटना: कुछ मामलों में रात में अधिक पसीना आना और बिना स्पष्ट कारण वजन कम होना देखा जा सकता है, खासकर बीमारी बढ़ने पर।

जांच और इलाज है जरूरी

HIV के ये लक्षण दूसरी बीमारियों में भी हो सकते हैं और कई संक्रमित लोगों में शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखते। इसलिए केवल लक्षणों से HIV संक्रमण की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसकी जानकारी के लिए HIV जांच कराना जरूरी है। यदि हाल ही में संक्रमण का संभावित खतरा हुआ है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, जानें पूरी डिटेल

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर नई जानकारी सामने आई है। सरकार के जवाब के अनुसार, परिसीमन, आरक्षण तय करने और ट्रिपल टेस्ट की प्रक्रिया पूरी होने में लगने वाले समय के कारण निर्धारित समय पर चुनाव कराना मुश्किल नजर आ रहा है। इस मामले में पटना हाई कोर्ट में 5 अक्टूबर को सुनवाई हुई थी। अब अगली सुनवाई 26 नवंबर को होगी।

राज्य की पंचायतों और ग्राम कचहरियों का मौजूदा कार्यकाल दिसंबर 2026 के मध्य से जनवरी 2027 के पहले सप्ताह के बीच समाप्त हो रहा है। ऐसे में चुनाव की तैयारियां समय पर पूरी करना चुनौती बन गया है। फिलहाल चुनाव की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। आगे की तस्वीर हाई कोर्ट में होने वाली सुनवाई और परिसीमन व आरक्षण संबंधी प्रक्रियाओं की प्रगति पर निर्भर करेगी।

ईबीसी आरक्षण के लिए चल रही तैयारी

आगामी पंचायत चुनाव में अति पिछड़ा वर्ग (ईबीसी) को आरक्षण देने के लिए सरकार ने एएन सिन्हा सामाजिक अध्ययन संस्थान को अध्ययन की जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है। विशेषज्ञ पंचायतों में जाकर ईबीसी की सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिति का आकलन करेंगे। इसके आधार पर आरक्षण और प्रतिनिधित्व को लेकर रिपोर्ट तैयार होगी।

ट्रिपल टेस्ट के तहत पिछड़ेपन का अध्ययन, स्थानीय निकायों में आरक्षण का अनुपात तय करना और कुल आरक्षण की निर्धारित सीमा का पालन सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी प्रक्रिया के पूरा होने के बाद आरक्षण पर निर्णय आगे बढ़ सकेगा।

कार्डियक अरेस्ट क्या है? जानिए इसके 5 बड़े संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। आजकल दिल से जुड़ी बीमारियों के बीच कार्डियक अरेस्ट का खतरा भी चिंता का विषय है। कार्डियक अरेस्ट एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें दिल अचानक खून पंप करना बंद कर देता है। इससे शरीर और दिमाग तक खून और ऑक्सीजन पहुंचना रुक जाता है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा हो सकता है। इसलिए इसके संभावित संकेतों को समझना बेहद जरूरी है।

क्या होता है कार्डियक अरेस्ट?

कार्डियक अरेस्ट में दिल की विद्युत गतिविधि बिगड़ने के कारण दिल की धड़कन अचानक प्रभावी रूप से बंद हो सकती है। यह हार्ट अटैक से अलग है। हार्ट अटैक में आमतौर पर दिल तक खून पहुंचाने वाली नस में रुकावट होती है, जबकि कार्डियक अरेस्ट में दिल खून पंप करना बंद कर देता है। हार्ट अटैक कभी-कभी कार्डियक अरेस्ट का कारण भी बन सकता है।

कार्डियक अरेस्ट के 5 बड़े संकेत

1. अचानक बेहोश हो जाना

कार्डियक अरेस्ट के दौरान व्यक्ति अचानक गिर सकता है या बेहोश हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि दिमाग तक खून की आपूर्ति रुक जाती है। अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए और प्रतिक्रिया न दे, तो इसे गंभीरता से लें।

2. सांस सामान्य न रहना

कार्डियक अरेस्ट में व्यक्ति की सांस रुक सकती है या वह असामान्य तरीके से हांफ सकता है। कभी-कभी सांस लेने जैसी आवाजें आती हैं, लेकिन यह सामान्य सांस नहीं होती। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन मदद की जरूरत होती है।

3. अचानक प्रतिक्रिया देना बंद करना

यदि कोई व्यक्ति आवाज देने या कंधे पर हल्का थपथपाने पर भी प्रतिक्रिया नहीं देता, तो यह कार्डियक अरेस्ट का संकेत हो सकता है। खासकर जब व्यक्ति अचानक गिरा हो और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा हो, तो देर करना खतरनाक हो सकता है।

4. सीने में दर्द या दबाव

कुछ लोगों में कार्डियक अरेस्ट से पहले सीने में दर्द, जकड़न या दबाव महसूस हो सकता है। इसके साथ बेचैनी, पसीना या सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। हालांकि, कार्डियक अरेस्ट हमेशा पहले से स्पष्ट चेतावनी देकर नहीं आता।

5. तेज धड़कन, चक्कर या सांस फूलना

कुछ मामलों में दिल की धड़कन अचानक बहुत तेज या अनियमित हो सकती है। चक्कर आना, अचानक कमजोरी महसूस होना या सांस फूलना भी गंभीर हृदय समस्या के संकेत हो सकते हैं। ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें।

कार्डियक अरेस्ट होने पर क्या करें?

अगर कोई व्यक्ति अचानक बेहोश हो जाए, प्रतिक्रिया न दे और सामान्य रूप से सांस न ले रहा हो, तो तुरंत स्थानीय आपातकालीन सेवा को फोन करें। भारत में एंबुलेंस के लिए 112 पर संपर्क किया जा सकता है। मदद आने तक सीने के बीचोंबीच तेज और लगातार दबाव देकर सीपीआर शुरू करें। यदि ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर (AED) उपलब्ध हो, तो उसके निर्देशों का पालन करें।

नवरात्रि से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, मां दुर्गा के आशीर्वाद से होंगे वारे-न्यारे

राशिफल। 11 अक्टूबर से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। नौ दिनों तक चलने वाले इस पावन पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस नवरात्रि में कुछ राशियों के जातकों को करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं उन 4 राशियों के बारे में, जिनके लिए यह समय शुभ माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए नवरात्रि का समय करियर के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने या पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से किसी काम में मेहनत कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनाए रखने के अवसर मिल सकते हैं।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए नवरात्रि नई उम्मीदें लेकर आ सकती है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को दूर करने की दिशा में प्रयास सफल हो सकते हैं। रिश्तों में मधुरता बढ़ने और परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलने की संभावना है। किसी महत्वपूर्ण काम को पूरा करने के लिए यह समय प्रेरणा दे सकता है।

3. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए नवरात्रि के दौरान कामकाज में आ रही रुकावटों से राहत मिलने की उम्मीद की जा सकती है। नौकरी और कारोबार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। जो लोग लंबे समय से अपने करियर में आगे बढ़ने का प्रयास कर रहे हैं, उन्हें मेहनत का लाभ मिल सकता है। धैर्य और समझदारी से लिए गए फैसले उपयोगी रहेंगे।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह नवरात्रि आर्थिक मामलों में नए अवसरों के संकेत दे सकती है। आय बढ़ाने के लिए नए रास्तों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। संपत्ति या किसी बड़े निवेश से जुड़े फैसले लेते समय अच्छी तरह जांच-पड़ताल करना जरूरी रहेगा। जल्दबाजी से बचकर आगे बढ़ना फायदेमंद हो सकता है।

नसों में खून जमने के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। शरीर की नसों में खून का थक्का जमना एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है। इसे मेडिकल भाषा में ब्लड क्लॉट या थ्रोम्बोसिस कहा जाता है। यह समस्या अक्सर पैरों की गहरी नसों में देखने को मिलती है। यदि थक्का टूटकर फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो स्थिति जानलेवा हो सकती है। लंबे समय तक बैठे रहना, सर्जरी के बाद कम चलना-फिरना और कुछ बीमारियां इसका जोखिम बढ़ा सकती हैं। ऐसे में शरीर में दिखने वाले संकेतों को पहचानना जरूरी है।

1. एक पैर या हाथ में सूजन

नस में खून का थक्का बनने पर प्रभावित हिस्से में सूजन आ सकती है। खासकर यदि एक पैर में अचानक सूजन हो और दूसरा सामान्य रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. दर्द या खिंचाव महसूस होना

थक्का बनने पर पैर में दर्द, ऐंठन या भारीपन महसूस हो सकता है। यह दर्द चलते समय या खड़े होने पर अधिक महसूस हो सकता है। हालांकि, हर तरह का दर्द ब्लड क्लॉट का संकेत नहीं होता।

3. त्वचा का लाल या गर्म होना

प्रभावित जगह की त्वचा लाल पड़ सकती है या सामान्य से ज्यादा गर्म महसूस हो सकती है। यदि इसके साथ दर्द और सूजन भी हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच कराएं।

4. त्वचा के रंग में बदलाव

खून का प्रवाह प्रभावित होने पर त्वचा का रंग सामान्य से अलग दिख सकता है। प्रभावित हिस्सा लाल, नीला या गहरा नजर आ सकता है। ऐसा बदलाव दिखाई देने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

5. अचानक सांस फूलना या सीने में दर्द

यदि खून का थक्का फेफड़ों तक पहुंच जाए, तो अचानक सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, तेज धड़कन या खांसी में खून आने जैसे लक्षण हो सकते हैं। यह मेडिकल इमरजेंसी है। ऐसी स्थिति में तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

हाल ही में सर्जरी कराने वाले, लंबे समय तक बिस्तर पर रहने वाले, लंबी यात्रा में लगातार बैठे रहने वाले और पहले ब्लड क्लॉट की समस्या झेल चुके लोगों में जोखिम बढ़ सकता है। कुछ अन्य बीमारियां और दवाएं भी जोखिम को प्रभावित कर सकती हैं।

ध्यान रखें की इन लक्षणों के आधार पर खुद से बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। यदि एक पैर में अचानक सूजन, दर्द या गर्माहट हो, तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं। सांस फूलने या सीने में अचानक दर्द होने पर आपातकालीन सहायता लें। समय पर पहचान और इलाज गंभीर जटिलताओं से बचाने में मदद कर सकते हैं।

बिहार में बन रहा 3 NH प्रोजेक्ट्स, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए तीन राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इनमें परसरमा-अररिया NH-327E, उमगांव-भेजा NH और भेजा-बकौर NH शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूरा होने से मधुबनी, दरभंगा, सुपौल और अररिया के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

परसरमा-अररिया NH-327E

करीब 102 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर लगभग 1,548 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल सुपौल और अररिया के 53 गांवों में करीब 163 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है। निर्माण इस साल के अंत तक शुरू होने की संभावना है और इसे 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

उमगांव-भेजा NH

करीब 88.65 किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर लगभग 1,224 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना का करीब 20 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। इसे एक जुलाई 2027 तक पूरा करने की समयसीमा निर्धारित है, लेकिन काम की धीमी रफ्तार के कारण समयसीमा बढ़ सकती है। सड़क बनने से मधुबनी और दरभंगा के बीच सफर आसान होने की उम्मीद है।

भेजा-बकौर NH

करीब 13.3 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की लागत लगभग 1,103 करोड़ रुपये बताई गई है। इसका करीब 95 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसे 31 मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। इसके तैयार होने से मधुबनी और सुपौल के बीच सड़क संपर्क बेहतर हो सकेगा।

तीनों परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर बिहार और सीमांचल के बीच आवाजाही को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को भी फायदा मिल सकता है।

बिहार सरकार का फैसला, 30 हजार परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रहने वाले हजारों भूमिहीन परिवारों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ऐसे परिवारों को रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ‘अभियान बसेरा-2’ के तहत 20 नवंबर को करीब 30 हजार पात्र परिवारों को वास भूमि का बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र देने की योजना है। इस पहल की जिम्मेदारी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग संभाल रहा है। योजना के तहत पात्र परिवारों को 3 से 5 डिसमिल जमीन दी जाएगी, जिस पर वे अपना आवास बना सकेंगे।

क्या है अभियान बसेरा-2 का उद्देश्य?

इस अभियान का मुख्य लक्ष्य उन योग्य परिवारों को आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराना है, जिनके पास रहने के लिए अपनी भूमि नहीं है। सरकार चाहती है कि तय मानकों के अनुसार पात्र पाए गए किसी भी परिवार को जमीन का प्रमाण-पत्र मिलने से वंचित न रहना पड़े। इसी उद्देश्य से योजना की प्रगति की समीक्षा मुख्यालय स्तर पर हर सप्ताह की जाएगी।

जिलाधिकारियों को तैयारी पूरी करने का निर्देश

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के समाहर्ताओं को पत्र भेजकर जरूरी तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि अभियान के तहत पहले सर्वे किए जा चुके और अभी तक लंबित पात्र परिवारों की सूची की जांच अंचलाधिकारियों के माध्यम से कराई जाए।

यदि कोई नया परिवार योजना की शर्तों के अनुसार पात्र पाया जाता है, तो उसकी जानकारी अभियान बसेरा पोर्टल पर दर्ज की जानी है। इसके साथ ही जमीन के बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र तैयार करने और संबंधित अधिकारियों के हस्ताक्षर की प्रक्रिया 6 नवंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

अब तक 93 हजार से अधिक परिवारों को मिला लाभ

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अभियान बसेरा-2 के तहत अब तक 93,916 लाभार्थियों को फायदा मिल चुका है। इनमें 15 अगस्त 2026 को चलाए गए विशेष अभियान के दौरान प्रमाण-पत्र पाने वाले 30,085 पात्र भूमिहीन परिवार भी शामिल हैं।

यदि 20 नवंबर को प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत 30 हजार और परिवारों को प्रमाण-पत्र मिलते हैं, तो लाभार्थियों की कुल संख्या बढ़कर करीब 1.24 लाख हो सकती है। इस योजना से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अपना घर बनाने के लिए जमीन की जरूरत है।

पुरुषों की सेहत के 5 बड़े दुश्मन, नंबर-1 पर हृदय रोग; जानिए कैसे करें बचाव

हेल्थ डेस्क। पुरुष अक्सर नौकरी, कारोबार और परिवार की जिम्मेदारियों के बीच अपनी सेहत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाते। गलत खान-पान, धूम्रपान, शारीरिक गतिविधि की कमी और नियमित स्वास्थ्य जांच न कराने जैसी आदतें आगे चलकर गंभीर बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती हैं। हृदय रोग से लेकर कैंसर, स्ट्रोक, फेफड़ों की बीमारी और डायबिटीज तक कई ऐसी स्वास्थ्य समस्याएं हैं, जिनका समय पर पता लगना बेहद जरूरी है।

पुरुषों की जान की दुश्मन हैं ये 5 गंभीर बीमारियां

1. हृदय रोग:

हृदय रोग दुनिया भर में मौत के प्रमुख कारणों में शामिल है। इसमें दिल की धमनियों में रुकावट और हार्ट अटैक जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हाई ब्लड प्रेशर, बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान, मोटापा और असंतुलित खान-पान इसके जोखिम को बढ़ाते हैं। कई बार बीमारी के शुरुआती चरण में स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाई देते।

बचाव: नियमित व्यायाम करें, संतुलित भोजन लें, तंबाकू से दूर रहें और ब्लड प्रेशर व कोलेस्ट्रॉल की जांच कराते रहें। सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलने और ठंडा पसीना आने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

2. कैंसर

कैंसर कई प्रकार का होता है और शरीर के अलग-अलग अंगों को प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में फेफड़ों, प्रोस्टेट और कोलोरेक्टल यानी बड़ी आंत से जुड़े कैंसर महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चिंताएं हैं। तंबाकू का सेवन फेफड़ों समेत कई प्रकार के कैंसर का जोखिम बढ़ाता है। वहीं, प्रोस्टेट कैंसर का खतरा आम तौर पर उम्र बढ़ने के साथ बढ़ता है।

बचाव: तंबाकू से पूरी तरह बचें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और अपनी उम्र तथा व्यक्तिगत जोखिम के अनुसार डॉक्टर से स्क्रीनिंग के बारे में सलाह लें। लगातार खांसी, बिना वजह वजन घटना, मल त्याग में बदलाव या पेशाब संबंधी परेशानी होने पर चिकित्सकीय जांच कराएं।

3. स्ट्रोक:

स्ट्रोक तब होता है, जब मस्तिष्क के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या रक्तस्राव होने लगता है। हाई ब्लड प्रेशर इसका एक प्रमुख जोखिम कारक है। इसके अलावा डायबिटीज, धूम्रपान और कुछ हृदय रोग भी खतरा बढ़ा सकते हैं।

बचाव: ब्लड प्रेशर नियंत्रित रखें, नियमित व्यायाम करें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं लें। अचानक चेहरा टेढ़ा होने, एक हाथ में कमजोरी आने या बोलने में परेशानी होने पर तुरंत आपातकालीन सहायता लें। ऐसे लक्षणों में देरी करना खतरनाक हो सकता है।

4. सीओपीडी:

क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) फेफड़ों की दीर्घकालिक बीमारी है, जिसमें सांस लेने में परेशानी हो सकती है। धूम्रपान इसका प्रमुख जोखिम कारक है। लंबे समय तक धूल, धुएं और वायु प्रदूषण के संपर्क में रहने से भी जोखिम बढ़ सकता है। लगातार खांसी, बलगम बनना और थोड़ी मेहनत में सांस फूलना इसके संभावित लक्षण हैं।

बचाव: बीड़ी, सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों से दूर रहें। धूल और धुएं से बचाव करें तथा लगातार सांस संबंधी परेशानी होने पर डॉक्टर से संपर्क करें। समय पर जांच से बीमारी को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

5. डायबिटीज:

टाइप-2 डायबिटीज में शरीर रक्त में शुगर के स्तर को ठीक से नियंत्रित नहीं कर पाता। लंबे समय तक शुगर बढ़ी रहने से हृदय, किडनी, आंखों और नसों को नुकसान पहुंच सकता है। कुछ पुरुषों में यह यौन स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याओं का जोखिम भी बढ़ा सकती है। ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना और थकान इसके संभावित संकेत हैं, हालांकि कई लोगों में शुरुआती लक्षण नहीं दिखते।

बचाव: संतुलित आहार लें, नियमित शारीरिक गतिविधि बनाए रखें और वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करें। जोखिम होने पर डॉक्टर की सलाह से ब्लड शुगर की जांच कराएं। यदि डायबिटीज है, तो दवाओं और नियमित जांच के जरिए शुगर को नियंत्रित रखना जरूरी है।

शुक्र-मंगल केंद्र दृष्टि योग से चमकेगी किस्मत! 4 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र और मंगल की स्थिति को प्रेम, आकर्षण, ऊर्जा, साहस और भौतिक सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है। जब इन दोनों ग्रहों के बीच केंद्र दृष्टि संबंध बनता है, तो इसे ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। मान्यता है कि इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, नए अवसर और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग कामकाज में सक्रियता और आत्मविश्वास बढ़ाने का संकेत माना जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है, जबकि कारोबार करने वाले लोग नई योजनाओं पर विचार कर सकते हैं। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना फायदेमंद रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए शुक्र से जुड़े ज्योतिषीय योग को इस राशि के लिए खास माना जाता है। मान्यता के अनुसार, जातकों का ध्यान आर्थिक स्थिति सुधारने, सुख-सुविधाओं और पारिवारिक संबंधों पर रह सकता है। निवेश या बड़ी खरीदारी से पहले सोच-विचार करना जरूरी होगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता साबित करने के मौके मिल सकते हैं। किसी पुराने काम में प्रगति होने या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। व्यक्तिगत संबंधों में बातचीत और संयम बनाए रखने से परिस्थितियां बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

4. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी भी शुक्र हैं। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, यह योग इस राशि के जातकों के लिए रचनात्मक कार्यों, साझेदारी और सामाजिक संपर्कों के लिहाज से अनुकूल माना जा सकता है। नए लोगों से मुलाकात या किसी योजना पर सहयोग मिलने की संभावना हो सकती है।

खुशखबरी का नया ऐलान! यूपी में 74 पदों पर भर्ती, अक्टूबर से आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (DRRMLIMS) में विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 74 रिक्त पदों को भरा जाना है। इसमें स्टेनोग्राफर, रिसेप्शनिस्ट, प्रोग्रामर, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर और हॉस्पिटल अटेंडेंट ग्रेड-II जैसे पद शामिल हैं। ऐसे में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों के लिए सरकारी संस्थान में नौकरी पाने का अवसर हो सकता है।

अलग-अलग योग्यता वाले कर सकेंगे आवेदन

इस भर्ती में पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए 10वीं पास उम्मीदवार पात्र हो सकते हैं, जबकि अन्य पदों पर ग्रेजुएशन, बीटेक या बीई, एमएससी और पीजी डिप्लोमा जैसी योग्यता मांगी जा सकती है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे जिस पद के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उसकी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में ध्यान से पढ़ें।

परीक्षा के आधार पर होगा चयन

चयन प्रक्रिया में स्क्रीनिंग परीक्षा और मुख्य कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) शामिल होने की जानकारी दी गई है। स्टेनोग्राफर पद के लिए स्किल टेस्ट भी आयोजित किया जा सकता है। परीक्षा का पैटर्न, पाठ्यक्रम, न्यूनतम योग्यता और अन्य नियम संबंधित पद की अधिसूचना के अनुसार होंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन के साथ-साथ परीक्षा की तैयारी पर भी ध्यान देना चाहिए।

आधिकारिक वेबसाइट से मिलेगी पूरी जानकारी

इच्छुक उम्मीदवार डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट www.drrmlims.ac.in पर जाकर भर्ती का नोटिफिकेशन देख सकते हैं। आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और फॉर्म में दी गई जानकारी सावधानी से भरें। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय, आवेदन लिंक सक्रिय होने और निर्धारित कार्यक्रम की पुष्टि के बाद समय रहते प्रक्रिया पूरी करना बेहतर रहेगा।

योगी सरकार का बड़ा कदम, यूपी की बेटियों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में छात्राओं के स्वास्थ्य और मासिक धर्म स्वच्छता को लेकर स्कूलों में जागरूकता बढ़ाने की पहल की जा रही है। योगी सरकार का उद्देश्य है कि मासिक धर्म के कारण बेटियों की पढ़ाई और आत्मविश्वास प्रभावित न हो। इसके लिए प्रदेश के हजारों विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम और जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

68 हजार से अधिक स्कूलों में बने एमएचएम क्लब

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, प्रदेश के 68,358 विद्यालयों में मासिक धर्म स्वास्थ्य प्रबंधन (एमएचएम) क्लब गठित किए गए हैं। वहीं, 66,045 स्कूलों में पैड बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। इसके अलावा, 63,633 विद्यालयों में विद्यार्थियों के लिए जागरूकता सत्र आयोजित हुए हैं और 63,928 स्कूलों में शिक्षकों को इस विषय पर जानकारी दी गई है।

मास्टर ट्रेनर्स को दिया गया प्रशिक्षण

विद्यालयों में इन गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। राज्य परियोजना कार्यालय में अगस्त में 209 मास्टर ट्रेनर्स की कार्यशालाएं हुईं, जबकि सितंबर में 450 मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण पूरा किया गया। इससे स्कूलों में मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जानकारी पहुंचाने में मदद मिलेगी।

पढ़ाई के साथ स्वास्थ्य जागरूकता पर जोर

स्कूलों में मीना मंच की गतिविधियों के तहत मासिक धर्म स्वच्छता पर सत्र आयोजित किए जाएंगे। किशोर-किशोरियों के लिए तैयार गतिविधि पुस्तिका ‘प्रगति के पंख’ के जरिए भी इस विषय पर जागरूकता बढ़ाने की योजना है।

प्रदेश के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के अनुसार, सरकार स्कूलों में ऐसा माहौल तैयार करना चाहती है, जहां छात्राएं स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी जरूरतों पर सहजता से बात कर सकें और उनकी शिक्षा में कोई बाधा न आए।

लंग्स कैंसर होने के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके लक्षण शुरुआती दौर में सामान्य खांसी या सांस से जुड़ी परेशानी जैसे दिखाई दे सकते हैं। यही वजह है कि कई लोग इन्हें मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, हर खांसी या सांस की तकलीफ कैंसर का संकेत नहीं होती, लेकिन लक्षण लंबे समय तक बने रहें या बढ़ने लगें तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। आइए जानते हैं फेफड़ों के कैंसर से जुड़े पांच अहम संकेत।

1. लंबे समय तक खांसी रहना

अगर खांसी कई हफ्तों तक बनी रहती है, लगातार बढ़ रही है या पहले से मौजूद खांसी के तरीके में बदलाव आ गया है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। खासकर धूम्रपान करने वालों को ऐसे बदलावों पर ध्यान देना चाहिए। लगातार खांसी के पीछे संक्रमण या दूसरी समस्याएं भी हो सकती हैं, इसलिए सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

2. खांसी के साथ खून आना

खांसते समय बलगम में खून दिखाई देना फेफड़ों से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है। इसकी वजह कैंसर के अलावा संक्रमण या अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। फिर भी, खांसी के साथ खून आने पर जल्द से जल्द चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

3. सांस लेने में परेशानी होना

पहले आसानी से किए जाने वाले कामों के दौरान सांस फूलना, लगातार सांस लेने में दिक्कत होना या सीने में घरघराहट महसूस होना भी जांच की वजह हो सकता है। फेफड़ों के कैंसर के अलावा अस्थमा, संक्रमण और हृदय संबंधी समस्याएं भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकती हैं। यदि सांस लेने में अचानक या गंभीर परेशानी हो, तो आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।

4. सीने में लगातार दर्द रहना

सीने में ऐसा दर्द जो लगातार बना रहे, गहरी सांस लेने, खांसने या हंसने पर बढ़ जाए, उसे अनदेखा नहीं करना चाहिए। फेफड़ों की बीमारी सहित कई स्थितियों में ऐसा हो सकता है। यदि दर्द नया, लगातार या बढ़ता हुआ है, तो डॉक्टर से परामर्श लें। अचानक तेज सीने का दर्द, खासकर सांस फूलने या पसीना आने के साथ, आपातकालीन स्थिति हो सकती है।

5. बिना वजह वजन कम होना और थकान

बिना डाइट या व्यायाम में बदलाव किए वजन तेजी से घटना, लगातार थकान रहना या भूख कम लगना कई गंभीर बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। कुछ मामलों में ये फेफड़ों के कैंसर के साथ भी दिखाई देते हैं। यदि ऐसे लक्षण लगातार बने रहें, तो चिकित्सकीय जांच कराना उचित है।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहना चाहिए?

धूम्रपान फेफड़ों के कैंसर का प्रमुख जोखिम कारक है। इसके अलावा दूसरे के धुएं के संपर्क, वायु प्रदूषण, रेडॉन गैस और कुछ कार्यस्थलों पर मौजूद हानिकारक पदार्थों के संपर्क से भी जोखिम बढ़ सकता है। हालांकि, धूम्रपान न करने वाले लोगों को भी फेफड़ों का कैंसर हो सकता है।

समय पर जांच क्यों जरूरी है?

इन पांच लक्षणों का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को कैंसर ही है। बीमारी की पुष्टि के लिए डॉक्टर जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच, इमेजिंग टेस्ट और अन्य परीक्षण करा सकते हैं। शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करने से समस्या की पहचान और उचित इलाज की दिशा में समय रहते कदम उठाया जा सकता है।

IIT (BHU) में निकली नई भर्ती, युवाओं के लिए खुशखबरी; 8 पदों पर आवेदन का मौका

वाराणसी। सरकारी संस्थान में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी यानी IIT (BHU) ने विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 8 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में प्रोजेक्ट अटेंडेंट, प्रोजेक्ट असिस्टेंट, जूनियर रिसर्च फेलो (JRF), रिसर्च एसोसिएट-I और सीनियर प्रोजेक्ट साइंटिस्ट सहित विभिन्न पद शामिल हैं। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक विज्ञापन पढ़ना जरूरी है।

आवेदन की तारीख और वेतन

उपलब्ध भर्ती विवरण के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 29 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार ₹18,000 से ₹1,45,000 प्रति माह तक वेतन और नियमानुसार HRA मिल सकता है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

यह भर्ती वाराणसी स्थित IIT (BHU) के लिए है। उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट iitbhu.ac.in पर जाकर भर्ती से संबंधित विज्ञापन और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

आवेदन करने से पहले पदवार योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, जरूरी दस्तावेज और वेतन संबंधी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से जरूर करें। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा।

बिहार की ये सड़क होगी फोरलेन, सर्वे शुरू, इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में खगड़िया से पूर्णिया के बीच एनएच-31 को फोरलेन बनाने की योजना आगे बढ़ रही है। इस परियोजना की शुरुआती तकनीकी प्रक्रिया के तहत सड़क का आधुनिक मशीनों से सर्वे शुरू किया गया है। इससे कोसी और सीमांचल के लोगों को भविष्य में बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।

डीजीपीएस मशीन से हो रही जांच

खगड़िया से पूर्णिया तक, नवगछिया के रास्ते, सड़क की मौजूदा स्थिति का आकलन किया जा रहा है। दिल्ली और कोलकाता से आई तकनीकी टीमें डीजीपीएस मशीन की मदद से सड़क की ऊंचाई, जमीनी स्तर, घुमाव और अन्य जरूरी बिंदुओं के आंकड़े जुटा रही हैं। इस जानकारी के आधार पर फोरलेन सड़क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी।

इन इलाकों को मिल सकता है फायदा

एनएच-31 के चौड़ीकरण से खगड़िया, बिहपुर, नवगछिया और पूर्णिया के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने पर जाम की समस्या कम हो सकती है और यात्रियों के साथ मालवाहक वाहनों को भी सहूलियत मिल सकती है। यह मार्ग कोसी और सीमांचल को पूर्वोत्तर भारत से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाता है।

सर्वे के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

फिलहाल परियोजना सर्वे और तकनीकी आकलन के चरण में है। सर्वे के नतीजों के आधार पर आगे की योजना और निर्माण से जुड़े कदम तय किए जाएंगे। इसलिए सड़क निर्माण शुरू होने और पूरा होने की तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।