निर्देश के मुताबिक किसी गांव में चकबंदी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वहां तैनात संबंधित चकबंदी अधिकारियों का अधिकार क्षेत्र समाप्त माना जाएगा। इसके बाद चकबंदी से जुड़े मामलों में आपत्तियां स्वीकार नहीं की जाएंगी। लंबित प्रकरणों को भी नियमानुसार निस्तारित मानते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तहसील प्रशासन को सौंपे जाएंगे रिकॉर्ड
चकबंदी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद संबंधित गांव के सभी अभिलेख बिना देरी के तहसील प्रशासन को उपलब्ध कराने होंगे। इसके साथ ही अभिलेखों में हुए अंतिम संशोधनों और आदेशों की प्रमाणित सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
इन सूचियों को अभिलेखागार, चकबंदी कार्यालय और संबंधित तहसील में भेजा जाएगा, ताकि रिकॉर्ड सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से उपलब्ध रह सकें।
यदि किसी गांव से जुड़े किसी आदेश को निरस्त कराने का मामला सामने आता है तो उसे तत्काल सक्षम अधिकारी के समक्ष भेजना होगा। नए निर्देशों से चकबंदी के बाद रिकॉर्ड प्रबंधन और लंबित मामलों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करने पर जोर दिया गया है।





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