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बिहार में खत्म होगी शराबबंदी? क्या करेंगे CM सम्राट चौधरी

पटना। बिहार में शराबबंदी कानून एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। नई सरकार के गठन के बाद इस मुद्दे पर सत्ता पक्ष के भीतर से ही सवाल उठने लगे हैं, जिससे यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राज्य में इस नीति की समीक्षा या बदलाव संभव है।

सरकार के अंदर से उठने लगी आवाज

सत्ताधारी गठबंधन में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायक माधव आनंद ने शराबबंदी कानून को लेकर गंभीर पुनर्विचार की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इस कानून का असर जमीन पर उम्मीद के मुताबिक नहीं दिख रहा है, इसलिए इसकी समीक्षा जरूरी हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि वे पहले भी इस मुद्दे को विधानसभा में उठा चुके हैं और आगे भी इसे मजबूती से रखते रहेंगे।

मुख्यमंत्री पर टिकी नजरें

माधव आनंद ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से उम्मीद जताई है कि नई सरकार इस मुद्दे पर व्यावहारिक सोच के साथ फैसला लेगी। उनके मुताबिक, बिहार जैसे राज्य में पूरी तरह शराबबंदी लागू करना कई तरह की चुनौतियां पैदा कर रहा है, जिन पर गंभीर चर्चा होनी चाहिए।

राजस्व और व्यवस्था पर सवाल

शराबबंदी को लेकर दो तरह की राय सामने आ रही है। एक पक्ष इसे सामाजिक सुधार की दिशा में कदम मानता है, जबकि दूसरा पक्ष इसे आर्थिक नुकसान और अवैध कारोबार बढ़ने की वजह बता रहा है। विपक्ष के साथ-साथ कुछ सहयोगी दलों के बयान से यह मुद्दा और गर्म हो गया है।

हालांकि इस बयान के बाद राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि यह विधायक का निजी विचार है। पार्टी का आधिकारिक रुख अभी भी शराबबंदी के समर्थन में ही है और फिलहाल नीति में बदलाव की कोई औपचारिक चर्चा नहीं है।

शुक्र के शुभ प्रभाव से चमकेंगी ये 5 राशियां, खुलेंगे धन और प्रेम के नए रास्ते

ज्योतिष डेस्क। शुक्र ग्रह को वैदिक ज्योतिष में धन, वैभव, प्रेम और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। इस शुक्रवार को शुक्र का शुभ प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वृषभ, तुला, मिथुन, सिंह और मकर राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, आर्थिक सुधार और प्रेम संबंधों में मधुरता के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत संकेत दे रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। प्रेम संबंधों में स्थिरता आएगी और पारिवारिक जीवन में शांति बनी रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि पर शुक्र का विशेष प्रभाव होने से यह समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है। करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं, नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। रिश्तों में समझ और सामंजस्य बढ़ेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं और नए संपर्कों से फायदा मिलेगा। प्रेम जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं और मानसिक तनाव में कमी आएगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह समय आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं और पुराने निवेश से फायदा होने की संभावना है। साथ ही मान-सम्मान में वृद्धि और संबंधों में सुधार के योग बन रहे हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय स्थिरता और प्रगति लेकर आ सकता है। करियर में धीरे-धीरे सुधार होगा और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में खुशहाली रहेगी और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे।

खुशखबरी का धमाका! बिहार में 48 पदों पर नई भर्ती, करें आवेदन

पटना। पटना उच्च न्यायालय ने वर्ष 2026 में एक नई भर्ती अधिसूचना जारी की है, जिसके तहत कंप्यूटर ऑपरेटर सह टाइपिस्ट (ग्रुप-सी) के कुल 48 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक अच्छा अवसर है जो स्नातक हैं और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

भर्ती का पूरा विवरण

इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन मांगे जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 16 मई 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी पटना हाईकोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

पदों की जानकारी

संस्था का नाम: पटना उच्च न्यायालय

पद का नाम: कंप्यूटर ऑपरेटर सह टाइपिस्ट (ग्रुप-सी)

कुल पद: 48

वेतनमान: लेवल-4 (₹25,500 से ₹81,100 तक) + अन्य सरकारी भत्ते

योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। आवेदन केवल ऑनलाइन मोड में ही स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें ताकि किसी भी प्रकार की गलती से बचा जा सके।

महत्वपूर्ण तारीखें

आवेदन शुरू होने की तिथि: 17 अप्रैल 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 16 मई 2026

आधिकारिक वेबसाइट: https://patnahighcourt.gov.in/

यूपी में इन 'कर्मचारियों' को बड़ी राहत, सरकार ने बढ़ाई सहायता राशि

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों के लिए एक अहम फैसला लेते हुए आर्थिक सहायता में बढ़ोतरी की है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक अब ड्यूटी के दौरान किसी भी दुर्घटना या सेवा से जुड़े हादसे में कर्मचारी की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को अंतिम संस्कार के लिए तुरंत 20 हजार रुपये दिए जाएंगे। इस कदम को कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।

मदद की रकम में बड़ा बदलाव

पहले इस तरह की स्थिति में परिजनों को सिर्फ 5 हजार रुपये की सहायता मिलती थी। वह राशि भी बाद में समायोजित कर ली जाती थी। नई व्यवस्था में इसे चार गुना बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया गया है, जिसे अब सीधे निगम की ओर से दिया जाएगा, ताकि परिवार को तुरंत आर्थिक सहारा मिल सके।

सभी श्रेणियों के कर्मचारियों को लाभ

परिवहन विभाग की नई व्यवस्था में यह साफ किया गया है कि योजना का लाभ किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। नियमित कर्मचारी हों, संविदा पर काम करने वाले हों या आउटसोर्सिंग के तहत तैनात कार्मिक, सभी इस सहायता के दायरे में आएंगे।

यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के तहत फैसला

यह प्रावधान यात्री राहत एवं सुरक्षा योजना के अंतर्गत लागू किया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि दुर्घटना की स्थिति में कर्मचारियों के परिवार को तुरंत आर्थिक सहायता मिल सके और उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कर्मचारियों के लिए संवेदनशीलता और जिम्मेदारी वाला कदम

सरकार का यह निर्णय कर्मचारियों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है। परिवहन विभाग में काम करने वाले कर्मचारी रोजाना जोखिम उठाकर यात्रियों को सेवा देते हैं, ऐसे में उनके परिवारों को सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया गया है।

बिहार में सबसे ताकतवर 'सम्राट चौधरी', ताकत जान चौंक जाएंगे

पटना। बिहार की नई राजनीतिक तस्वीर में सबसे बड़ा बदलाव मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उभार के रूप में देखा जा रहा है। सत्ता की बागडोर संभालने के बाद उन्हें राज्य के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना जाने लगा है। उनके पास न सिर्फ मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी है, बल्कि प्रशासनिक नियंत्रण भी हैं।

आपको बता दें की मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पदभार संभालते हुए अपने पास कुल 29 विभाग रखे हैं. इनमें गृह, सामान्य प्रशासन, वित्त, स्वास्थ्य, उद्योग, नगर विकास एवं आवास, विधि, और राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे बेहद महत्वपूर्ण विभाग शामिल हैं.

बड़े विभागों की कमान

उनके पास गृह, वित्त, सामान्य प्रशासन, स्वास्थ्य, उद्योग, नगर विकास एवं आवास, विधि और राजस्व एवं भूमि सुधार जैसे अहम विभागों की जिम्मेदारी और शक्तियां है। ये विभाग सीधे तौर पर राज्य के प्रशासन और विकास की दिशा तय करते हैं।

शक्ति के साथ बढ़ी अपेक्षाएं

राजनीतिक हलकों में यह भी माना जा रहा है कि इतनी बड़ी जिम्मेदारियां मिलने के बाद उनके सामने चुनौतियां भी उतनी ही बढ़ गई हैं। जनता और राजनीतिक दोनों स्तरों पर उनके कामकाज की लगातार निगरानी होगी।

बिहार में सम्राट चौधरी का उभार

बिहार की राजनीति में सम्राट चौधरी का उभार एक नए दौर की शुरुआत माना जा रहा है। वे अब सिर्फ सत्ता के केंद्र में नहीं हैं, बल्कि राज्य की राजनीति के सबसे प्रभावशाली चेहरों में शामिल हो चुके हैं। आने वाला समय यह तय करेगा कि वे इस ताकत को कितनी प्रभावी प्रशासनिक सफलता में बदल पाते हैं।

IVF प्रेग्नेंसी कितनी सेफ, और कितना आता है खर्च? पूरी जानकारी

हेल्थ डेस्क। आज के समय में इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) निःसंतान दंपतियों के लिए एक महत्वपूर्ण मेडिकल विकल्प बन चुका है। बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र में शादी और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं के कारण IVF की मांग तेजी से बढ़ रही है। लेकिन लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि IVF प्रेग्नेंसी कितनी सुरक्षित है और इसमें कितना खर्च आता है।

IVF क्या है?

IVF एक ऐसी चिकित्सा प्रक्रिया है जिसमें महिला के अंडाणु और पुरुष के शुक्राणु को शरीर के बाहर लैब में मिलाया जाता है। निषेचन के बाद बने भ्रूण को महिला के गर्भाशय में स्थापित किया जाता है, जिससे गर्भधारण संभव होता है।

IVF कितना सुरक्षित है?

डॉक्टरों के अनुसार IVF आज के समय में काफी सुरक्षित तकनीक मानी जाती है, लेकिन यह पूरी तरह बिना जोखिम वाली प्रक्रिया नहीं है। सामान्यतः अधिकांश महिलाओं में यह प्रक्रिया सफल और सुरक्षित रहती है, खासकर जब इसे अनुभवी विशेषज्ञों की देखरेख में किया जाए।

हालांकि, कुछ मामलों में हल्के साइड इफेक्ट्स देखे जा सकते हैं, जैसे हार्मोनल बदलाव, पेट में हल्का दर्द या ओवरी स्टिमुलेशन से जुड़ी परेशानी। गंभीर जटिलताएं बहुत कम मामलों में ही सामने आती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सही जांच और सही उम्र में इलाज कराने से IVF की सफलता दर बेहतर होती है।

सफलता दर कितनी होती है?

IVF की सफलता उम्र, स्वास्थ्य स्थिति और मेडिकल हिस्ट्री पर निर्भर करती है। 35 वर्ष से कम उम्र की महिलाओं में सफलता दर अपेक्षाकृत अधिक होती है, जबकि उम्र बढ़ने के साथ यह घट सकती है। डॉक्टर आमतौर पर एक से अधिक प्रयास की सलाह भी देते हैं।

IVF का खर्च कितना आता है?

भारत में IVF ट्रीटमेंट की लागत अलग-अलग शहरों और क्लिनिक पर निर्भर करती है। सामान्य तौर पर एक IVF साइकिल का खर्च लगभग ₹1.2 लाख से ₹2.5 लाख तक हो सकता है। कुछ मामलों में दवाइयों, टेस्ट और अतिरिक्त प्रक्रियाओं के कारण यह खर्च और बढ़ सकता है। अगर एक से अधिक साइकिल की जरूरत पड़े तो कुल खर्च भी बढ़ जाता है।

किन बातों का रखें ध्यान?

डॉक्टर सलाह देते हैं कि IVF कराने से पहले पूरी मेडिकल जांच करानी चाहिए और किसी अनुभवी फर्टिलिटी विशेषज्ञ से ही इलाज लेना चाहिए। साथ ही मानसिक रूप से तैयार रहना भी बहुत जरूरी है क्योंकि यह प्रक्रिया समय और धैर्य दोनों मांगती है।

फुल एक्शन में CM सम्राट, अफसरों की लगाई क्लास, दिए सख्त निर्देश

पटना। बिहार की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पूरी तरह सक्रिय मोड में नजर आ रहे हैं। पदभार ग्रहण करने के बाद से ही उन्होंने प्रशासनिक कामकाज की रफ्तार तेज कर दी है और लगातार बैठकों के जरिए सरकारी विभागों की कार्यप्रणाली की समीक्षा कर रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने लगातार दूसरे दिन सचिवालय पहुंचकर शीर्ष अधिकारियों के साथ अहम बैठक की।

विकास कार्यों में तेजी लाने पर जोर

मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के प्रधान सचिवों के साथ बैठक कर साफ संदेश दिया कि विकास योजनाओं को अब धीमी गति से नहीं चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े कामों में देरी किसी भी हाल में स्वीकार नहीं होगी और हर विभाग को समयबद्ध तरीके से लक्ष्य पूरा करना होगा। इसके साथ ही भ्रष्टाचार के मामलों पर भी कठोर रुख अपनाने के निर्देश दिए गए।

फाइल संस्कृति पर CM की नाराजगी

बैठक में सम्राट चौधरी ने अफसरों को स्पष्ट कहा कि केवल कागजी कार्रवाई और फाइलें आगे बढ़ाने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन का फोकस समस्याओं के वास्तविक समाधान पर होना चाहिए। खासकर जमीन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देकर जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

विभागीय प्रजेंटेशन और निरीक्षण

नगर विकास विभाग की ओर से योजनाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसे मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुना। इसके बाद उन्होंने सचिवालय परिसर का भी निरीक्षण किया और वहां की व्यवस्थाओं को परखा। यह कदम प्रशासनिक सिस्टम पर उनकी सक्रिय निगरानी को दर्शाता है।

व्यस्त दिन में कई अहम कार्यक्रम

मुख्यमंत्री का दिन केवल बैठकों तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने पटना स्थित जेपी की प्रतिमा पर जाकर श्रद्धांजलि भी दी। इसके बाद वे पटना साहिब गुरुद्वारे पहुंचे और मत्था टेका। इससे पहले अपने आवास पर उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों और आम लोगों से मुलाकात की, जहां बड़ी संख्या में लोग उनसे मिलने पहुंचे।

सरकार की शुरुआती दिशा साफ

शुरुआती दिनों के फैसले और सक्रियता से यह संकेत मिल रहा है कि नई सरकार प्रशासनिक व्यवस्था में तेजी और अनुशासन पर विशेष ध्यान दे रही है। लगातार मॉनिटरिंग और सख्त निर्देशों से यह साफ है कि सरकार कामकाज की शैली को ज्यादा परिणामोन्मुख बनाना चाहती है।

सरकार से दूरी क्यों बनाई? निशांत कुमार का बयान आया सामने, सियासी चर्चाएं तेज

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही यह कयास तेज हो गए थे कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार भी सक्रिय राजनीति में बड़ा कदम रख सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में यह तक चर्चा थी कि उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी, यहां तक कि उपमुख्यमंत्री जैसा बड़ा पद भी मिल सकता है। लेकिन जब नई कैबिनेट का गठन हुआ तो उनका नाम उसमें शामिल नहीं था, जिससे कई तरह की अटकलें शुरू हो गईं।

अंतिम समय में क्यों बदला फैसला?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार गठन की प्रक्रिया के दौरान निशांत कुमार के नाम को लेकर चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन अंतिम सूची में उनका नाम नहीं आया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी विजय कुमार सिन्हा को दी गई। इसी बदलाव ने राजनीतिक हलकों में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर ऐसा क्यों हुआ और क्या इसके पीछे कोई रणनीतिक कारण था।

खुद को तैयार करने की रणनीति

निशांत कुमार फिलहाल तुरंत सत्ता की राजनीति में उतरने के बजाय धीरे-धीरे अपनी राजनीतिक जमीन तैयार करना चाहते हैं। उनका फोकस संगठनात्मक गतिविधियों और जनता से सीधे जुड़ाव पर है। माना जा रहा है कि वे पहले अपनी छवि और पकड़ मजबूत करना चाहते हैं, उसके बाद ही कोई बड़ा पद स्वीकार करेंगे।

पार्टी में भूमिका को लेकर चर्चा

पार्टी के भीतर यह राय भी सामने आ रही है कि निशांत कुमार को आगे लाकर संगठन में सक्रिय भूमिका दी जाए। हालांकि इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। यही कारण है कि उनके भविष्य की भूमिका को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सफाई

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मीडिया में चल रही कई बातें सिर्फ अनुमान हैं और पार्टी स्तर पर ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई थी। इससे यह संकेत मिला कि फिलहाल इस विषय में कई बातें केवल चर्चाओं तक सीमित हैं।

रूस के Su-57 स्टील्थ जेट की वैश्विक मांग बढ़ी, भारत की नजरें भी इस पर टिकीं?

न्यूज डेस्क। रूस का पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर जेट Su-57E अंतरराष्ट्रीय रक्षा बाजार में तेजी से आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार इस एडवांस फाइटर जेट के लिए कई देशों ने रुचि दिखाई है और कुछ के साथ निर्यात समझौते भी हो चुके हैं। रूस की रक्षा निर्यात एजेंसी ने संकेत दिया है कि Su-57E को लेकर दुनिया के कई देशों में मांग लगातार बढ़ रही है, हालांकि आधिकारिक रूप से खरीदारों के नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।

निर्यात में तेजी, बढ़ता ग्लोबल इंटरेस्ट

रूस के रक्षा निर्यात संगठन रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के मुताबिक Su-57E को लेकर कई देशों में बातचीत चल रही है और कुछ मामलों में अनुबंध भी किए जा चुके हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह लड़ाकू विमान अब वैश्विक बाजार में अपनी मजबूत पकड़ बनाने की ओर बढ़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन से बढ़ेगी पहुंच

रूस इस फाइटर जेट को मलेशिया के कुआलालंपुर में होने वाली अंतरराष्ट्रीय रक्षा प्रदर्शनी में पेश करने जा रहा है। इस कदम का उद्देश्य एशिया और मध्य पूर्व के संभावित खरीदार देशों का ध्यान आकर्षित करना माना जा रहा है।

वैश्विक स्तर पर उपयोग और डील्स

रिपोर्ट्स के अनुसार अल्जीरिया जैसे देशों में यह विमान सेवा में शामिल हो चुका है। वहीं कुछ अन्य देशों की भी इसमें दिलचस्पी बढ़ रही है। मध्य पूर्व और एशिया के कुछ देश रूस के इस फाइटर जेट को अपने रक्षा बेड़े में शामिल करने पर विचार कर रहे हैं।

भारत की संभावित भूमिका

भारत और रूस के बीच Su-57 को लेकर चर्चा काफी समय से चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत को लाइसेंस प्रोडक्शन और तकनीकी साझेदारी का प्रस्ताव दिया गया है। कुछ स्तरों पर यह बातचीत आगे बढ़ने की भी खबरें हैं। इसके अलावा संयुक्त उत्पादन और तकनीक साझा करने की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है। यदि यह सहयोग आगे बढ़ता है तो भारत को पांचवीं पीढ़ी की स्टील्थ तकनीक तक सीधी पहुंच मिल सकती है।

शनि का शक्तिशाली असर: 5 राशियों की किस्मत पलटेगी, बन सकते हैं बड़े लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि ग्रह का प्रभाव एक बार फिर सक्रिय माना जा रहा है, जिसका असर सभी राशियों पर दिखाई देगा। शनि को कर्म, न्याय और अनुशासन का ग्रह माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में उसके कर्मों के आधार पर परिणाम देता है। इस बार शनि के प्रभाव से 5 राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं, जिससे उनके जीवन में बड़े बदलाव और लाभ की संभावनाएं बन रही हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। निवेश से भी फायदा होने की संभावना है, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। नौकरी में पदोन्नति, नई जिम्मेदारियां और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ने के योग बन रहे हैं। मेहनत का उचित परिणाम मिलने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। मानसिक तनाव में भी कमी आने की संभावना है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि पर शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है, इसलिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण है। करियर में बड़े बदलाव, नई शुरुआत और आर्थिक सुधार के संकेत मिल रहे हैं। रुकी हुई योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा हो सकता है। कार्यस्थल पर सफलता, आय में वृद्धि और जिम्मेदारियों के साथ मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है। मेहनत का अच्छा फल मिलने के योग बन रहे हैं।

कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले: DA में 5% की बढ़ोतरी, एरियर का भी ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी देकर बड़ी राहत दी है। यह फायदा खासतौर पर उन कर्मचारियों को मिलेगा जो छठवें वेतनमान के तहत वेतन प्राप्त कर रहे हैं। लंबे समय से डीए में संशोधन का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए वित्त विभाग ने अब आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।

DA में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी

सरकार के नए फैसले के अनुसार महंगाई भत्ते में 5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। पहले यह दर 252% थी, जो अब बढ़कर 257% हो गई है। इस बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा और उनकी 'टेक होम सैलरी' में मामूली लेकिन महत्वपूर्ण इजाफा देखने को मिलेगा। यह संशोधित दर अप्रैल 2026 के वेतन से लागू मानी जाएगी, जिसका भुगतान मई 2026 में किया जाएगा।

कब से लागू होगा नया लाभ?

सरकारी आदेश के मुताबिक यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को केवल वर्तमान वेतन ही नहीं, बल्कि पिछले महीनों का लाभ भी मिलेगा।

एरियर का भुगतान भी तय

सरकार ने इस फैसले के साथ एरियर भुगतान की प्रक्रिया भी स्पष्ट कर दी है। 1 जुलाई 2025 से 31 मार्च 2026 तक की अवधि का एरियर कर्मचारियों को दिया जाएगा। इस कुल बकाया राशि का भुगतान एक साथ नहीं किया जाएगा, बल्कि इसे 6 बराबर किस्तों में बांटा गया है। यह किस्तें मई से अक्टूबर 2026 तक हर महीने वेतन के साथ कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएंगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, नए पे स्ट्रक्चर से बढ़ेगी इनकम

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर अहम अपडेट सामने आ रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने 1 जनवरी 2026 से लागू होने वाले नए वेतन ढांचे को लेकर सरकार को अपना मांग पत्र सौंप दिया है। इसमें सैलरी स्ट्रक्चर में बड़े बदलाव और कई सुधारों की सिफारिश की गई है।

न्यूनतम वेतन में भारी बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) ने न्यूनतम मूल वेतन को ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 करने की मांग की है।

फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव

नए वेतन ढांचे में फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। अभी यह 7वें वेतन आयोग में 2.57 है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर सीधा असर पड़ेगा और कुल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

सालाना इंक्रीमेंट में बदलाव

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि वार्षिक वेतन वृद्धि को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% किया जाए। इससे कर्मचारियों की सैलरी हर साल तेजी से बढ़ सकती है और उनकी आय में स्थिर सुधार देखने को मिल सकता है।

HRA और पे लेवल में संशोधन

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को ‘X’ श्रेणी के शहरों में बढ़ाकर 40% करने की सिफारिश की गई है। इसके साथ ही वेतन संरचना को सरल बनाने के लिए कई पे लेवल्स के विलय का प्रस्ताव भी रखा गया है, जैसे लेवल 2 और 3 को एक साथ मिलाना।

आयोग की मौजूदा स्थिति और गतिविधियां

जानकारी के अनुसार, 8वें वेतन आयोग ने अपनी प्रक्रिया को तेज कर दिया है। आयोग की टीम आने वाले दिनों में विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों के साथ बैठकें करने वाली है, जिनमें देहरादून और दिल्ली प्रमुख हैं।

लागू होने की संभावना और आगे की प्रक्रिया

प्रस्ताव के अनुसार नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से लागू किया जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों को एरियर का भी लाभ मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि अंतिम निर्णय सरकार की मंजूरी और आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

यूपी में वार्डन, लेखाकार, शिक्षक की भर्ती, 27 तक आवेदन

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती अभियान के तहत वार्डन, लेखाकार और अंशकालिक शिक्षक सहित कुल 57 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती का विवरण

इस भर्ती में विभिन्न शैक्षणिक और प्रशासनिक पद शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अनुबंध के आधार पर की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। उपलब्ध पद, वार्डन, लेखाकार, अंशकालिक शिक्षक का है। कुल पदों की संख्या 57 निर्धारित की गई है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित क्षेत्र में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। बीए / बीएससी / बीकॉम, बीएड (शिक्षक पद के लिए वांछनीय), कंप्यूटर का ज्ञान अनिवार्य। इसके साथ ही संबंधित कार्य अनुभव रखने वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आयु सीमा

न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, अधिकतम आयु: 50 वर्ष, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु में छूट प्रदान की जा सकती है।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार लगभग ₹9,075 से ₹25,621.75 प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

अंतिम तिथि: 27 अप्रैल 2026

आधिकारिक वेबसाइट: samagrashikshaup.in

गुरु-चंद्र की शुभ युति से चमकेगा भाग्य, 5 राशियों पर बरसेगा धन और सौभाग्य

राशिफल। 22 अप्रैल को एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है, जब गुरु और चंद्रमा की युति से गजकेसरी योग का प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है, जो व्यक्ति के जीवन में बुद्धि, धन, मान-सम्मान और सफलता में वृद्धि करता है। गुरु की राशि में चंद्रमा की उपस्थिति इस योग को और अधिक प्रभावशाली बना देती है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि होने के साथ मानसिक शांति भी बनी रहेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह योग आर्थिक लाभ का संकेत माना जा रहा है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है तथा व्यापार में नए अवसर प्राप्त होने की संभावना है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को करियर में महत्वपूर्ण सफलता मिल सकती है। नौकरी में पदोन्नति और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ने के योग बन रहे हैं।

धनु राशि

गुरु के प्रभाव से धनु राशि पर विशेष कृपा रहेगी। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और विदेश संबंधी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रह सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है।

भारत आ सकते हैं रूसी राष्ट्रपति पुतिन, देखते रह जाएंगे ट्रंप!

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के एक बार फिर भारत दौरे की संभावना ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में चर्चा तेज कर दी है। माना जा रहा है कि वे आगामी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ सकते हैं। हालांकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस संभावित दौरे को भारत-रूस संबंधों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

ब्रिक्स सम्मेलन पर दुनिया की नजर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन आने वाले महीनों में हो सकता है, जिसमें भारत मेजबानी कर सकता है। इस मंच पर रूस, भारत, चीन, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ अब कई नए देश भी जुड़ चुके हैं। संगठन के विस्तार के बाद इसका प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति दोनों पर बढ़ गया है।

भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी

अगर राष्ट्रपति पुतिन इस सम्मेलन में शामिल होते हैं, तो यह भारत और रूस के बीच रणनीतिक साझेदारी को और गहरा कर सकता है। दोनों देशों के बीच लंबे समय से रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मजबूत सहयोग रहा है। यह दौरा इन क्षेत्रों में नए समझौतों और सहयोग के रास्ते खोल सकता है।

वैश्विक समीकरणों में बदलाव के

ब्रिक्स के विस्तार के बाद उभरती अर्थव्यवस्थाओं की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि पुतिन भारत आते हैं, तो यह पश्चिमी देशों के प्रभाव के बीच एक नया संतुलन दर्शा सकता है। इससे वैश्विक शक्ति संरचना में बदलाव के संकेत भी मिलते हैं।

ऊर्जा और रक्षा सहयोग पर फोकस

भारत और रूस के बीच ऊर्जा आपूर्ति और रक्षा उपकरणों का सहयोग पहले से ही मजबूत है। ऐसे में इस संभावित दौरे के दौरान इन क्षेत्रों में और अधिक साझेदारी बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। यह दोनों देशों के आर्थिक और रणनीतिक हितों को और मजबूती दे सकता है।

बालों की हर समस्या का हल 'रीठा'! झड़ना, रूसी और रूखेपन से राहत

हेल्थ डेस्क। रीठा एक प्राकृतिक हर्ब है जिसे आयुर्वेद में बालों की देखभाल के लिए बहुत प्रभावी माना गया है। इसमें कोई हार्श केमिकल नहीं होता, इसलिए यह बालों और स्कैल्प दोनों के लिए सुरक्षित माना जाता है। आइए इसके फायदे विस्तार से समझते हैं। 

1. बालों का झड़ना रोकने में बेहद असरदार

रीठा बालों की जड़ों को गहराई से साफ करता है और स्कैल्प में जमा गंदगी, तेल और डेड स्किन को हटाता है। जब स्कैल्प साफ होता है तो बालों की जड़ें मजबूत होती हैं। कमजोर जड़ों की वजह से जो हेयर फॉल होता है, वह धीरे-धीरे कम होने लगता है।

2. डैंड्रफ और खुजली से राहत

रीठा में प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो स्कैल्प पर मौजूद फंगस और बैक्टीरिया को खत्म करने में मदद करते हैं। यही फंगस अक्सर डैंड्रफ और खुजली का कारण बनता है। रीठा का इस्तेमाल स्कैल्प को साफ और ठंडक देता है, जिससे रूसी धीरे-धीरे कम होने लगती है और सिर की खुजली से राहत मिलती है।

3. बालों को नैचुरल चमक देता है

केमिकल शैम्पू बालों की नेचुरल ऑयल लेयर को हटा देते हैं, जिससे बाल रूखे और बेजान दिखने लगते हैं। रीठा बालों को बिना नुकसान पहुंचाए साफ करता है और उनके प्राकृतिक तेल को बनाए रखता है। इसी वजह से बाल ज्यादा चमकदार, मुलायम और हेल्दी नजर आते हैं।

4. स्कैल्प को डीप क्लीनिंग और बैलेंस करता है

रीठा स्कैल्प से अतिरिक्त ऑयल, धूल और पसीने की परत को हटाकर उसे पूरी तरह साफ करता है। यह स्कैल्प के pH बैलेंस को भी ठीक रखने में मदद करता है। जब स्कैल्प बैलेंस में रहता है तो बालों की ग्रोथ बेहतर होती है और नए बाल आने की संभावना भी बढ़ती है।

5. बालों की ग्रोथ को नेचुरल तरीके से बढ़ाता है

रीठा बालों की जड़ों को मजबूत करके ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे हेयर फॉलिकल्स एक्टिव होते हैं और नए बाल उगने की प्रक्रिया तेज हो सकती है। जो लोग पतले और कम घने बालों की समस्या से परेशान हैं, उनके लिए रीठा एक अच्छा प्राकृतिक विकल्प हो सकता है।

RBI JE Recruitment 2026: 11 पदों पर भर्ती, 16 अप्रैल से आवेदन शुरू

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जूनियर इंजीनियर (Civil और Electrical) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 11 पदों को भरा जाएगा। योग्य उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती उन इंजीनियरिंग उम्मीदवारों के लिए एक अच्छा अवसर है जो देश के शीर्ष बैंकिंग संस्थान में स्थायी नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

पदों का विवरण

इस भर्ती में कुल 11 पद शामिल हैं, जिनका वितरण इस प्रकार है:

जूनियर इंजीनियर (सिविल): 7 पद

जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल): 4 पद

आवेदन तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 06 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

योग्यता मानदंड

उम्मीदवारों के पास निम्न में से कोई एक योग्यता होना आवश्यक है: संबंधित इंजीनियरिंग शाखा में 3 वर्षीय डिप्लोमा (कम से कम 65% अंक, आरक्षित वर्ग को छूट) या संबंधित क्षेत्र में B.E./B.Tech डिग्री (न्यूनतम 55% अंक, आरक्षित वर्ग को छूट), इसके साथ कुछ पदों के लिए पोस्ट-योग्यता अनुभव भी आवश्यक हो सकता है।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए न्यूनतम आयु: 20 वर्ष, अधिकतम आयु: 30 वर्ष निर्धारित किया गया हैं। (आयु की गणना 01 अप्रैल 2026 के आधार पर की जाएगी)

वेतन और लाभ

चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान मिलेगा। शुरुआती बेसिक पे लगभग ₹47,700 प्रतिमाह होगा, जो 7वें वेतन आयोग के अनुसार विभिन्न चरणों में बढ़ता जाएगा। इसके साथ अन्य भत्ते और लाभ भी दिए जाएंगे, जिससे कुल सैलरी काफी बेहतर हो जाती है।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in के जरिए किया जाएगा। किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

LIC Recruitment 2026: 180 पदों के लिए करें आवेदन

नई दिल्ली। LIC Housing Finance Limited (LIC HFL) ने वर्ष 2026 के लिए बड़ी भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत जूनियर असिस्टेंट के कुल 180 पदों को भरा जाएगा। योग्य उम्मीदवार कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन युवाओं के लिए एक अच्छा अवसर माना जा रहा है जो बैंकिंग और फाइनेंस सेक्टर में करियर बनाना चाहते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन कर लें ताकि किसी भी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

पदों का विवरण

संगठन का नाम: LIC Housing Finance Ltd. (LIC HFL)

पद का नाम: Junior Assistant

कुल पद: 180

योग्यता मानदंड

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduate) की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही न्यूनतम 55% अंक अनिवार्य रखे गए हैं।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन LIC HFL की आधिकारिक वेबसाइट lichousing.com के माध्यम से किया जाएगा। किसी अन्य माध्यम से आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मंगल-शनि का प्रभावशाली संयोग, 5 राशियों के लिए बन रहे शुभ योग और अवसर

राशिफल। 19 और 20 अप्रैल के बीच आकाशीय स्थिति में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना होने जा रही है, जब मंगल और शनि एकदम सटीक युति में आएंगे। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार यह संयोग अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है, जो कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव और नए अवसरों का संकेत देता है।

मंगल को साहस, ऊर्जा और पराक्रम का प्रतीक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन और परिणाम देने वाले ग्रह हैं। इन दोनों ग्रहों की युति कभी-कभी चुनौतियां उत्पन्न करती है, तो कभी यह जीवन में प्रगति और सफलता के नए रास्ते भी खोलती है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति और नए अवसरों का संकेत दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति मिल सकती है।

वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल माना जा रहा है। निवेश से लाभ मिलने और पुराने विवादों के समाप्त होने की संभावना है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

मकर राशि:

मकर राशि, जिसका स्वामी शनि है, के लिए यह युति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। कार्यक्षेत्र में बड़ी प्रगति और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत हैं। मेहनत का पूरा परिणाम मिलने की संभावना है।

कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह संयोग नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के योग हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है।

कन्या राशि:

कन्या राशि के लिए यह समय कार्यस्थल पर पहचान मजबूत करने और आर्थिक स्थिरता बढ़ाने वाला हो सकता है। योजनाबद्ध तरीके से किए गए कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत, इसी महीने बढ़ सकता DA

नई दिल्ली। अप्रैल 2026 में केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) और एरियर को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट सामने आने की संभावना है। लंबे समय से जिस फैसले का इंतजार किया जा रहा था, उस पर जल्द ही सरकार की ओर से घोषणा हो सकती है। हालांकि अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बढ़ोतरी लगभग तय मानी जा रही है।

DA में कितनी बढ़ोतरी संभव?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र सरकार कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 2% से 3% तक की बढ़ोतरी कर सकती है। इसके बाद DA 58% से बढ़कर लगभग 60% तक पहुंच सकता है। यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा रही है, यानी कर्मचारियों को इसका लाभ उसी तारीख से मिलेगा।

एरियर का भी मिलेगा फायदा

DA में देरी से घोषणा होने की वजह से कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है। यदि वृद्धि जनवरी 2026 से लागू मानी जाती है, तो कर्मचारियों को जनवरी, फरवरी, मार्च और अप्रैल 2026 तक का एरियर एक साथ मिल सकता है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त अच्छी-खासी राशि मिलने की संभावना है।

सैलरी पर कितना असर पड़ेगा?

DA बढ़ने से कर्मचारियों की मासिक आय में भी इजाफा होगा। न्यूनतम वेतन (₹18,000) पर करीब ₹360 प्रति माह की बढ़ोतरी हो सकती है जबकि उच्च वेतनमान वाले कर्मचारियों को ₹7,000 से अधिक तक का फायदा मिल सकता है। इससे पेंशनर्स की पेंशन में भी समान अनुपात में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

देरी पर कर्मचारियों में नाराजगी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कर्मचारियों के कुछ संगठनों ने DA घोषणा में देरी को लेकर असंतोष जताया है। कई संगठनों ने 16 अप्रैल को विरोध प्रदर्शन की भी बात कही है, क्योंकि सामान्यतः सरकार मार्च में DA संशोधन की घोषणा करती रही है।

IMD ने जारी किया अलर्ट, इन 13 राज्यों में आंधी बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली। देश में भीषण गर्मी के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 13 राज्यों में आंधी और बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में तेज हवाएं, गरज-चमक और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। 

इस दौरान हवा की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और विभिन्न चक्रवाती परिसंचरण प्रणालियों के सक्रिय होने के कारण देखने को मिल रहा है। 

किन-किन राज्यों में अलर्ट?

IMD के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 16 और 17 अप्रैल को देश के कई राज्यों में मौसम खराब रह सकता है।

16 अप्रैल को अलर्ट वाले राज्य: जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, सिक्किम, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा।

17 अप्रैल को अलर्ट वाले राज्य: उत्तराखंड और पंजाब। इन राज्यों में तेज बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की भी चेतावनी दी गई है।

पहाड़ी राज्यों में खास सतर्कता

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम ज्यादा गंभीर रहने की आशंका है। यहां तेज हवाओं के साथ बारिश से भूस्खलन और सड़क बाधित होने जैसी समस्याएं भी उत्पन्न हो सकती हैं। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत पर असर

पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में भी भारी बारिश और आंधी की संभावना जताई गई है। वहीं पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी गरज-चमक के साथ मौसम बिगड़ सकता है।

उत्तर भारत में मौसम का हाल

दिल्ली-एनसीआर में फिलहाल गर्मी का असर जारी रहेगा, लेकिन आने वाले दिनों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन रही है। धूल भरी हवाएं भी लोगों को परेशान कर सकती हैं। उत्तर प्रदेश और बिहार में फिलहाल बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है, लेकिन तापमान में बढ़ोतरी से गर्मी तेज हो गई है। कई जिलों में लू जैसे हालात बन सकते हैं।

दक्षिण और मध्य भारत में भी बदलाव

मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों, कर्नाटक और तमिलनाडु में भी चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम अस्थिर रहने की संभावना है। यहां कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

अमेरिका पीछे, चीन आगे! भारत के एक्सपोर्ट-इंपोर्ट में बड़ा बदलाव

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापारिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव सामने आया है, जहां चीन ने एक बार फिर भारत के सबसे बड़े व्यापारिक साझेदार का स्थान हासिल कर लिया है। ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का सबसे अधिक व्यापार चीन के साथ हुआ है, जिससे अमेरिका दूसरे स्थान पर खिसक गया है।

चार साल बाद चीन की वापसी

पिछले कुछ वर्षों तक अमेरिका भारत का प्रमुख व्यापारिक साझेदार बना हुआ था, लेकिन इस बार स्थिति बदल गई है। द्विपक्षीय व्यापार में तेज वृद्धि के चलते चीन ने फिर से शीर्ष स्थान हासिल कर लिया है। इससे पहले भी चीन कई बार इस सूची में पहले स्थान पर रह चुका है।

व्यापार 151 अरब डॉलर के पार

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत और चीन के बीच कुल व्यापार लगभग 151 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह दर्शाता है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, खासकर आयात-निर्यात के क्षेत्र में।

बढ़ता व्यापार घाटा बना चुनौती

जहां व्यापार का कुल आंकड़ा बढ़ा है, वहीं भारत के लिए चिंता का कारण व्यापार घाटे में वृद्धि है। चीन से भारत का आयात तेजी से बढ़ा है, जबकि निर्यात अपेक्षाकृत कम रहा है। इसके कारण व्यापार घाटा 112 अरब डॉलर से अधिक हो गया है, जो नीति निर्माताओं के लिए एक अहम मुद्दा है।

निर्यात-आयात में असंतुलन

भारत से चीन को भेजे जाने वाले सामान में वृद्धि तो हुई है, लेकिन चीन से आने वाले उत्पादों की मात्रा कहीं अधिक है। भारत का निर्यात बढ़कर करीब 19 अरब डॉलर के आसपास पहुंचा, जबकि चीन से आयात 130 अरब डॉलर से अधिक हो गया। इस असंतुलन ने दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों की तस्वीर को स्पष्ट कर दिया है।

अमेरिका के साथ व्यापार की स्थिति

अमेरिका के साथ भारत का व्यापार भी बढ़ा है, लेकिन उसकी रफ्तार चीन की तुलना में धीमी रही। निर्यात में मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि आयात में वृद्धि दर्ज की गई। इसी वजह से अमेरिका अब दूसरे स्थान पर आ गया है।

केंद्र सरकार की बड़ी घोषणा: इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। देशभर में नौकरीपेशा लोगों के लिए पीएफ एक सुरक्षित बचत विकल्प माना जाता है और अब इस पर मिलने वाले ब्याज को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 के लिए घोषित ब्याज राशि जल्द ही खातों में ट्रांसफर की जा सकती है।

8.25% की दर से मिलेगा ब्याज

सरकार द्वारा इस बार EPFO खातों पर 8.25 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की घोषणा पहले ही की जा चुकी है। यह दर पिछले कुछ वर्षों में मिलने वाले रिटर्न के मुकाबले बेहतर मानी जा रही है। इससे करोड़ों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो हर महीने अपनी सैलरी से भविष्य निधि में योगदान करते हैं।

करोड़ों खाताधारकों को मिलेगा लाभ

देश में EPFO के 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य हैं, जिनके लिए यह ब्याज राशि एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। अनुमान के अनुसार यह राशि जून के अंत तक या उसके आसपास खातों में ट्रांसफर की जा सकती है। हालांकि अंतिम क्रेडिटिंग प्रक्रिया EPFO के आधिकारिक शेड्यूल पर निर्भर करेगी।

कितनी राशि मिल सकती है? उदाहरण से समझें

पीएफ पर मिलने वाला ब्याज आपके कुल बैलेंस पर निर्भर करता है। जितना अधिक जमा, उतना अधिक लाभ।

यदि किसी खाते में लगभग ₹4 लाख जमा हैं, तो 8.25% की दर से सालाना करीब ₹33,000 से ₹34,000 तक ब्याज मिल सकता है। वहीं, ₹5 लाख के बैलेंस पर यह राशि लगभग ₹41,000 से अधिक हो सकती है। जबकि ₹10 लाख या उससे ज्यादा बैलेंस वाले खाताधारकों को ₹82,500 या उससे अधिक का ब्याज मिलने की संभावना है।

कल शुक्र देगा विशेष ऊर्जा, 5 राशियों पर बरसेगा भाग्य और सफलता

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कल का दिन शुक्र ग्रह के विशेष प्रभाव से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शुक्र को सुख, समृद्धि, प्रेम, सौंदर्य और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में इसकी अनुकूल स्थिति कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकती है। कल का दिन विशेष रूप से 5 राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है, जिनके लिए करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में अच्छे परिणाम मिलने के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। रुका हुआ धन मिलने के योग बन रहे हैं और कार्यक्षेत्र में स्थिरता देखने को मिल सकती है। प्रेम संबंधों में भी मधुरता बढ़ेगी और पारिवारिक जीवन में सामंजस्य रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय नए अवसरों की शुरुआत का संकेत दे रहा है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के योग हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है और महत्वपूर्ण लोगों से संपर्क लाभकारी सिद्ध हो सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए संवाद और संपर्क का क्षेत्र मजबूत होगा। नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर प्रगति के संकेत हैं। किसी नए प्रोजेक्ट या कार्य की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह समय आत्मविश्वास और रचनात्मकता में वृद्धि का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मान-सम्मान में बढ़ोतरी संभव है। हालांकि अहंकार से बचने की सलाह दी जाती है।

मीन राशि

मीन राशि के लिए यह समय मानसिक शांति और भावनात्मक संतुलन लेकर आ सकता है। प्रेम जीवन में सुधार के योग बन रहे हैं और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। आध्यात्मिक रुचियों में भी वृद्धि हो सकती है।

नए CM सम्राट चौधरी का बड़ा एक्शन, प्रशासन में हलचल तेज

पटना। बिहार में नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के बाद सम्राट चौधरी ने तुरंत ही प्रशासनिक सक्रियता दिखाते हुए राज्य की कार्यप्रणाली को गति देने के संकेत दिए। शपथ ग्रहण के कुछ ही समय बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर सरकार की प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया और कामकाज में तेजी लाने के निर्देश दिए।

अफसरों के साथ पहली बैठक में ही सख्त संदेश

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिवालय में आयोजित बैठक के दौरान अधिकारियों से कहा कि सरकार की योजनाओं को समय पर और प्रभावी तरीके से लागू करना सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य है। उन्होंने साफ किया कि प्रशासन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि जनता से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई होनी चाहिए और फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की प्रवृत्ति को खत्म करना जरूरी है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में जीरो टॉलरेंस नीति को पूरी मजबूती के साथ लागू किया जाएगा और किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके अनुसार, प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेह बनाना सरकार की प्राथमिकता है ताकि जनता का भरोसा और मजबूत हो सके।

विकास योजनाओं की रफ्तार पर जोर

मुख्यमंत्री ने राज्य में चल रही विकास योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन परियोजनाओं को तेज गति से पूरा करना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग अपनी प्रगति रिपोर्ट तैयार करें और नियमित समीक्षा के लिए तैयार रहें। उन्होंने यह भी कहा कि योजनाओं का सही समय पर निष्पादन ही जनता तक उसका वास्तविक लाभ पहुंचा सकता है।

भारत टॉप 5 अर्थव्यवस्थाओं से बाहर? लेकिन ग्रोथ की रफ्तार बरकरार

नई दिल्ली। वैश्विक अर्थव्यवस्था की रैंकिंग में भारत को लेकर इस समय चर्चा तेज है। हालिया अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के आंकड़ों के अनुसार भारत अब दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था की जगह छठे स्थान पर आ गया है। हालांकि यह बदलाव केवल एक रैंकिंग का नहीं, बल्कि वैश्विक मुद्रा बाजार और डॉलर के उतार-चढ़ाव का भी नतीजा है।

मजबूत ग्रोथ के बावजूद रैंकिंग में बदलाव

भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से बढ़ रही है और नॉमिनल जीडीपी में करीब 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसके बावजूद वैश्विक रैंकिंग में एक पायदान की गिरावट देखने को मिली है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह विरोधाभास आर्थिक कमजोरी का संकेत नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा प्रभाव का परिणाम है।

डॉलर में बदलती तस्वीर

वैश्विक स्तर पर सभी देशों की अर्थव्यवस्था की तुलना अमेरिकी डॉलर में की जाती है। ऐसे में भारतीय रुपये की डॉलर के मुकाबले कमजोरी का सीधा असर भारत की रैंकिंग पर पड़ा है। वर्ष 2024 में जहां एक डॉलर की कीमत लगभग 84.6 रुपये थी, वहीं 2025 में यह बढ़कर करीब 88.5 रुपये तक पहुंच गई। इस बदलाव ने भारत की डॉलर में गणना की गई जीडीपी को अपेक्षाकृत कम दिखाया।

मुद्रा विनिमय प्रभाव

भले ही भारत की जीडीपी रुपये में तेजी से बढ़ी हो, लेकिन जब इसे डॉलर में बदला गया तो रुपये की गिरावट ने इस वृद्धि का असर कम कर दिया। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी अर्थव्यवस्था की आय स्थानीय मुद्रा में बढ़ती है, लेकिन उसकी मुद्रा कमजोर हो जाती है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसका आकार अपेक्षाकृत छोटा दिखाई देता है। यही स्थिति भारत के साथ भी देखने को मिली।

वैश्विक प्रतिस्पर्धा में बदलाव

IMF के आंकड़ों के अनुसार, यूनाइटेड किंगडम ने भारत से आगे निकलकर पांचवे स्थान की जगह ले ली है, जबकि जापान और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं शीर्ष पर बनी हुई हैं। यह वैश्विक आर्थिक प्रतिस्पर्धा में लगातार हो रहे बदलावों को दर्शाता है, जहां मुद्रा, विकास दर और वैश्विक व्यापार का सीधा प्रभाव रैंकिंग पर पड़ता है।

यूपी में प्रवासी श्रमिकों के लिए खुशखबरी, 5 किलो मुफ्त LPG सिलेंडर का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रवासी श्रमिकों और असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने ऐसे श्रमिकों को 5 किलो का मुफ्त एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराने की योजना शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों तक रसोई गैस की आसान पहुंच सुनिश्चित करना और उनकी आर्थिक मदद करना है।

मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

मुख्य सचिव एसपी गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने राज्य में घरेलू गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने और किसी भी तरह की कालाबाजारी या जमाखोरी पर सख्त नजर रखने के निर्देश दिए।

प्रवासी श्रमिकों के लिए विशेष योजना

सरकार ने निर्देश दिया है कि औद्योगिक क्षेत्रों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों की पहचान की जाए। इसके बाद विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें 5 किलो का फ्री एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। यह कदम उन श्रमिकों के लिए राहत माना जा रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से आते हैं।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि गैस आपूर्ति व्यवस्था में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को सख्त निगरानी रखने और जमाखोरी या अवैध बिक्री पर तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

पीएनजी कनेक्शन को बढ़ावा

मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि जिन इलाकों और बहुमंजिला इमारतों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) पहुंच चुकी है, वहां लोगों को इसके उपयोग के लिए प्रेरित किया जाए। इससे पारंपरिक सिलेंडर पर निर्भरता कम होगी और गैस आपूर्ति अधिक व्यवस्थित हो सकेगी।