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लाल-लाल अनार है सेहत का खजाना! जानें रोज खाने के 5 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। अनार स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर फल है। इसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाकर नियमित रूप से खाया जा सकता है। आइए जानते हैं अनार खाने के 5 बड़े फायदे।

1. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद कर सकते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए अच्छा माना जाता है।

2. पाचन को रखे बेहतर

अनार में फाइबर भी पाया जाता है। पर्याप्त फाइबर का सेवन पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकता है। अनार के दानों को सीधे खाना जूस की तुलना में ज्यादा फाइबर देता है।

3. शरीर को मिलते हैं पोषक तत्व

अनार में विटामिन सी, विटामिन के, फोलेट और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर के सामान्य कामकाज और प्रतिरक्षा तंत्र को सपोर्ट करने में भूमिका निभाते हैं।

4. त्वचा के लिए हो सकता है लाभकारी

अनार में मौजूद पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट कोशिकाओं को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से इसे त्वचा की सेहत के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

5. शरीर को एंटीऑक्सीडेंट सपोर्ट

अनार के दानों में कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से निपटने में मदद करते हैं और समग्र स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

रविवार को बनेगा 'प्रीति योग', 4 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, होगी तरक्की

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रविवार को प्रीति योग का निर्माण होने जा रहा है। प्रीति योग को शुभ योगों में गिना जाता है और माना जाता है कि इसका प्रभाव रिश्तों, कार्यों में सफलता और सकारात्मक ऊर्जा पर पड़ता है। ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में बेहतर परिणाम देने वाला हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए प्रीति योग शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबारियों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में फायदा मिल सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क भविष्य में लाभ का कारण बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। किसी पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए प्रीति योग करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को अच्छा सौदा मिल सकता है। परिवार और समाज में मान-सम्मान बढ़ने की भी संभावना है।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में उछाल, जानकर होंगे खुश!

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार दूसरे सप्ताह बड़ा इजाफा हुआ है। 14 अगस्त को समाप्त सप्ताह में फॉरेक्स रिजर्व 9.905 अरब डॉलर बढ़कर 716.907 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले 7 अगस्त वाले सप्ताह में भी रिजर्व में 14.136 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई थी।

विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी बढ़ोतरी

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार, ताजा सप्ताह में फॉरेन करेंसी एसेट्स यानी FCA में 7.225 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इसके बाद इनकी कुल वैल्यू 581.851 अरब डॉलर हो गई। इसमें डॉलर के अलावा यूरो, येन और पाउंड जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं।

सोने के भंडार ने भी दिया साथ

भारत के गोल्ड रिजर्व में भी अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई। सप्ताह के दौरान इसकी वैल्यू 2.679 अरब डॉलर बढ़कर 111.417 अरब डॉलर पहुंच गई। यानी विदेशी मुद्रा संपत्तियों के साथ सोने के बढ़ते मूल्य ने भी कुल रिजर्व को मजबूत करने में योगदान दिया। वहीं, भारत के स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में मामूली गिरावट आई और यह 18.740 अरब डॉलर रह गया। IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन 5 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.899 अरब डॉलर हो गई।

देश के लिए क्यों अहम है फॉरेक्स रिजर्व?

विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की आर्थिक मजबूती के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत को कच्चे तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान और कई जरूरी वस्तुओं के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की आवश्यकता होती है। ऐसे में पर्याप्त रिजर्व होने से बाहरी भुगतान को संभालने में मदद मिलती है।

इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर की मांग बढ़ने पर रुपये पर दबाव आता है। ऐसी स्थिति में आरबीआई जरूरत के मुताबिक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर बाजार में स्थिरता बनाए रखने की कोशिश कर सकता है।

यूपी में चीनी को लेकर सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। त्योहारी सीजन से पहले चीनी की बढ़ती कीमतों और जमाखोरी को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और किसी भी स्तर पर कृत्रिम कमी पैदा न होने पाए।

30 दिन से ज्यादा स्टॉक पर रोक

सरकार ने कारोबारियों के लिए चीनी के भंडारण को लेकर सख्ती बढ़ाई है। निर्देश के मुताबिक, किसी कारोबारी को लंबे समय तक चीनी जमा करके रखने की अनुमति नहीं होगी। वहीं, 400 टन से अधिक स्टॉक रखने वाले डीलरों पर कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर एस्मा के तहत भी सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

बढ़ी कीमतों पर सरकार की नजर

हाल के दिनों में खुदरा बाजार में चीनी के दाम तेजी से बढ़े हैं। कुछ जगहों पर कीमत 65 से 70 रुपये किलो तक पहुंचने की बात सामने आई है। त्योहारी सीजन में मांग बढ़ने की संभावना को देखते हुए सरकार आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने में जुटी है।

केंद्र भी बढ़ाएगा बाजार में सप्लाई

चीनी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार ने शुल्क-मुक्त आयात का रास्ता भी खोला है। करीब 10 लाख टन चीनी के आयात से घरेलू बाजार में आपूर्ति बढ़ाने की तैयारी है। इसके अलावा चीनी मिलों में उपलब्ध स्टॉक की जांच भी की जाएगी।

नई पेराई शुरू होने तक खास निगरानी

अक्टूबर से गन्ने की नई पेराई शुरू होने की उम्मीद है। ऐसे में तब तक बाजार में पर्याप्त चीनी उपलब्ध रखना सरकार की प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान मांग बढ़ने के कारण अगले कुछ महीने कीमतों के लिहाज से महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार का मकसद साफ है कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर लगाम लगाकर बाजार में चीनी की नियमित आपूर्ति बनाए रखी जाए, ताकि त्योहारी मौसम में आम लोगों पर महंगी चीनी का अतिरिक्त बोझ न पड़े।

बिहार में सस्ता होगा बालू? खुलेंगे नए घाट, 15 अक्टूबर के बाद शुरू होगी नीलामी

पटना। बिहार में बालू की उपलब्धता बढ़ाने और निर्माण कार्यों को रफ्तार देने के लिए सरकार ने नई तैयारी शुरू कर दी है। खान एवं भूतत्व विभाग अब राज्य में नए संभावित बालू घाटों की पहचान करेगा। इसके लिए जिलों के अधिकारियों को स्थान चिह्नित करने का निर्देश दिया गया है। माना जा रहा है कि नए घाट खुलने से बाजार में बालू की आपूर्ति बढ़ सकती है।

सर्वे के बाद तय होंगे नए घाट

नए घाटों की पहचान के बाद संबंधित क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण किया जाएगा। इसके बाद जियो सर्वे के जरिए वहां उपलब्ध बालू की मात्रा का आकलन होगा। रिपोर्ट के आधार पर जिला सर्वेक्षण रिपोर्ट में आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। सरकार करीब 8 से 10 फीसदी नए संभावित घाट चिह्नित करने की तैयारी में है।

हर जगह नहीं हो सकेगा खनन

सरकार ने नए बालू घाट तय करने में पर्यावरण और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही है। नदी के कटाव वाले संवेदनशील इलाकों, आबादी के बेहद करीब के क्षेत्रों और ऐसे स्थानों को खनन से बाहर रखा जाएगा, जहां लोगों या संपत्ति को नुकसान का खतरा हो।

अवैध खनन पर भी कसेगा शिकंजा

नए घाटों के साथ निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी है। बालू भंडारण स्थलों की जियो-फेंसिंग और परिवहन करने वाले वाहनों की GPS से निगरानी की जाएगी। इससे अवैध खनन और बालू की चोरी पर नियंत्रण लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

15 अक्टूबर के बाद नीलामी की तैयारी

विभाग के अनुसार 15 अक्टूबर के बाद बालू घाटों को फिर से खोलने और नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। नए घाट शामिल होने से बालू की उपलब्धता बढ़ सकती है। इसका फायदा निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों और कारोबारियों को मिलने की उम्मीद है।

सरकार का उद्देश्य बालू की आपूर्ति बढ़ाने के साथ अवैध खनन पर रोक लगाना और राजस्व में वृद्धि करना भी है। हालांकि, बालू की कीमत वास्तव में कितनी कम होगी, यह नई नीलामी और बाजार में आपूर्ति बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।

मंगल-शनि का महासंयोग, इन 4 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले! धन के साथ मान-सम्मान भी बढ़ेगा

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 1 सितंबर 2026 से मंगल और शनि 90 डिग्री के कोण पर स्थित होंगे। दोनों ग्रहों की यह स्थिति केंद्र योग का निर्माण करेगी। मंगल को साहस और ऊर्जा का कारक माना जाता है, जबकि शनि मेहनत, अनुशासन और कर्म से जुड़े ग्रह हैं। ऐसे में इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ रह सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। कारोबारियों को नए सौदे या संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ रुके हुए काम भी आगे बढ़ सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को मंगल-शनि के प्रभाव से मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारी और प्रभाव बढ़ सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के योग हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए मंगल-शनि का प्रभाव मेहनत के साथ सफलता दिलाने वाला माना जा सकता है। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। करियर में नई दिशा मिल सकती है और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ने की भी संभावना है।

यूपी में आंगनबाड़ी वर्कर के 223 पदों पर भर्ती, महिलाओं के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बनने की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। झांसी जिले में 223 आंगनबाड़ी वर्कर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इच्छुक और योग्य महिला अभ्यर्थी निर्धारित ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 7 सितंबर 2026 रखी गई है।

सिर्फ महिलाएं कर सकती हैं आवेदन

इस भर्ती में केवल महिला उम्मीदवारों को आवेदन का मौका मिलेगा। अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना जरूरी है। आयु सीमा 18 से 35 वर्ष रखी गई है और उम्र की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर होगी। एक और महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदन करने वाली महिला संबंधित पद के वार्ड या ग्रामसभा की स्थायी निवासी होनी चाहिए।

12वीं के अंकों से बनेगी मेरिट

भर्ती की खास बात यह है कि चयन के लिए अलग से लिखित परीक्षा नहीं कराई जाएगी। उम्मीदवारों के 12वीं कक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर मेरिट सूची तैयार की जाएगी। ऐसे में अच्छे शैक्षणिक अंक रखने वाली अभ्यर्थियों के चयन की संभावना अधिक रहेगी।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन के दौरान अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी भरने के साथ जरूरी दस्तावेजों की स्कैन कॉपी भी अपलोड करनी होगी। फॉर्म जमा करने से पहले सभी विवरण अच्छी तरह जांचना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी देने पर आवेदन में परेशानी आ सकती है। आवेदन पूरा होने के बाद उसका प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखना भी बेहतर रहेगा।

अंतिम तारीख का न करें इंतजार

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे आवेदन की अंतिम तारीख 7 सितंबर तक इंतजार करने के बजाय समय रहते फॉर्म भर दें। आवेदन से पहले आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में अपनी पात्रता, स्थानीय निवासी की शर्त और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें। यह भर्ती झांसी जिले की महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर लेकर आई है।

बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! पेपरलेस रजिस्ट्री शुरू, जमीन के दस्तावेज अब होंगे ऑनलाइन

पटना। बिहार में जमीन की रजिस्ट्री को आधुनिक बनाने की दिशा में नई पेपरलेस व्यवस्था लागू कर दी गई है। अब जमीन की खरीद-बिक्री के दौरान कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी और रजिस्ट्री की प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी। हालांकि, नई व्यवस्था शुरू होने के बाद कुछ रजिस्ट्री कार्यालयों में कामकाज प्रभावित होने की खबर भी सामने आई है।

अब ऑनलाइन जमा होंगे दस्तावेज

नई व्यवस्था के तहत जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पीडीएफ कॉपी ऑनलाइन अपलोड करनी होगी। खरीदार और विक्रेता की पहचान भी डिजिटल तरीके से सत्यापित की जाएगी। इसके बाद ई-केवाईसी और डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए रजिस्ट्री की आगे की प्रक्रिया पूरी होगी। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए जमीन रजिस्ट्री को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाना है।

कई जगह कामकाज प्रभावित

नई प्रणाली लागू होने के बाद कुछ इलाकों में लोगों को शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कुछ रजिस्ट्री कार्यालयों में आवेदकों की संख्या कम हुई है, जबकि कुछ स्थानों पर दस्तावेज लेखक और स्टांप विक्रेता नई व्यवस्था के विरोध में काम से दूर रहे हैं। इसका असर जमीन की खरीद-बिक्री के साथ-साथ रजिस्ट्री से मिलने वाले सरकारी राजस्व पर भी पड़ने की बात कही जा रही है।

आगे आसान हो सकती है रजिस्ट्री

पेपरलेस सिस्टम का उद्देश्य लंबे समय में रजिस्ट्री प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाना है। यदि तकनीकी दिक्कतों को दूर कर लोगों को जरूरी सहायता दी जाती है, तो आने वाले समय में जमीन की रजिस्ट्री अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी हो सकती है।

बिहार में इन कर्मचारियों का होगा तबादला, रोटेशन नीति लागू

पटना। बिहार के नगर निकायों में लंबे समय से एक ही जिम्मेदारी संभाल रहे कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में अब बदलाव किया जाएगा। नगर विकास एवं आवास विभाग ने रोटेशन व्यवस्था लागू करते हुए सभी नगर निकायों को जरूरी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

इस फैसले के तहत ऐसे कर्मचारियों की पहचान की जाएगी, जो लगातार तीन साल से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार पर काम कर रहे हैं। उन्हें दूसरी जिम्मेदारी या अलग कार्य सौंपा जाएगा।

क्यों लिया गया फैसला?

विभाग का मानना है कि किसी कर्मचारी को लंबे समय तक एक ही जिम्मेदारी देने से कार्यालयी व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। इसलिए कर्मचारियों के कार्यों में समय-समय पर बदलाव जरूरी है। नई व्यवस्था का उद्देश्य कामकाज में पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर प्रशासन को बढ़ावा देना है।

इनपर लागू होगा नियम

नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों में तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही डेस्क या प्रभार संभाल रहे कर्मचारियों को इस रोटेशन के दायरे में रखा गया है। संबंधित अधिकारियों को ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर उनकी जिम्मेदारी बदलने को कहा गया है।

एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट

नगर विकास एवं आवास विभाग ने सभी संबंधित निकायों को निर्देश दिया है कि आदेश पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए। रोटेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद एक सप्ताह के भीतर विभाग को रिपोर्ट भेजनी होगी। सरकार के इस कदम से नगर निकाय कार्यालयों में जिम्मेदारियों का नए सिरे से बंटवारा होने की उम्मीद है। साथ ही लंबे समय से एक ही पद या डेस्क पर काम कर रहे कर्मचारियों के कार्यक्षेत्र में भी बदलाव देखने को मिलेगा।

सूर्य देव होंगे मेहरबान! 5 राशियों के खुलेंगे भाग्य के दरवाजे, अटके काम होंगे पूरे

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व और सफलता का कारक माना जाता है। इस समय सूर्य सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं, जो उनकी अपनी राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कामकाज में नई ऊर्जा आएगी और कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। करियर में सुधार के साथ रुका हुआ पैसा मिलने के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय सकारात्मक रह सकता है।

सिंह राशि

सूर्य अपनी ही राशि सिंह में हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव विशेष माना जा रहा है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सूर्य का यह प्रभाव करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने के अवसर बन सकते हैं। पुराने काम पूरे होने से मानसिक राहत भी मिल सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। कारोबार में साझेदारी से फायदा हो सकता है और विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। करियर में नए अवसर मिलने की संभावना भी है।

यूपी के सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने, डिजिटल पढ़ाई को मजबूत करने और नए विद्यालयों के विकास पर 1871 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होगी।

972 स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट क्लास

योजना के तहत करीब 972 राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास तैयार की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीक आधारित शिक्षा का अवसर मिलेगा।

स्कूलों का होगा विस्तार

प्रदेश के 31 जूनियर हाईस्कूल और कंपोजिट विद्यालयों को हाईस्कूल स्तर तक विकसित किया जाएगा। वहीं चार राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर तक बढ़ाने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूलों पर निर्भरता कम होगी। चित्रकूट, गाजियाबाद, ललितपुर समेत कई जिलों के विद्यालयों को इस विस्तार योजना में शामिल किया गया है। सीतापुर, संभल, मीरजापुर, हरदोई, श्रावस्ती और गोंडा जैसे जिलों में भी स्कूलों के विकास पर जोर रहेगा।

एआई और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

सरकार स्कूलों में सिर्फ स्मार्ट क्लास तक सीमित नहीं रहना चाहती। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को कौशल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण देने की योजना है। शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक और नए तरीके से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डिजिटल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।

प्राइमरी स्कूलों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं

प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के साथ दूसरी जरूरी सुविधाओं को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में तकनीकी संसाधन मजबूत किए जाएंगे। एससीईआरटी की ओर से शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर करने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।

बिहार के अफसरों के लिए नया नियम लागू! सम्राट सरकार ने तय की नई व्यवस्था, जानें पूरी बात

पटना। बिहार में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश में सांसदों और विधायकों के साथ अधिकारियों के व्यवहार और संवाद को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

फोन आया तो करना होगा जवाब

नए निर्देश के मुताबिक, किसी सांसद या विधायक का फोन आने पर अधिकारी को उसे रिसीव करने की कोशिश करनी होगी। यदि किसी जरूरी कार्य में व्यस्त होने के कारण कॉल नहीं उठ पाता है, तो अधिकारी को काम पूरा होते ही खुद वापस फोन करना होगा। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद को बेहतर और तेज बनाना है।

पत्र मिलने पर देनी होगी जानकारी

सांसद या विधायक की ओर से किसी मामले को लेकर पत्र भेजे जाने पर भी अधिकारियों को सक्रियता दिखानी होगी। पत्र प्राप्त होने की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधि को दी जाएगी। इसके बाद मामले में क्या कार्रवाई हुई और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी जानकारी निर्धारित समय के भीतर लिखित रूप में देनी होगी।

दफ्तर पहुंचने पर प्रोटोकॉल का ध्यान

यदि कोई सांसद या विधायक किसी काम से अधिकारी के कार्यालय पहुंचता है तो उसके पद के अनुरूप सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इन अधिकारियों को करना होगा पालन

ये निर्देश पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों पर भी लागू होंगे। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस कदम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय कायम करना है, ताकि जनता से जुड़े मामलों पर समय पर सुनवाई और कार्रवाई हो सके।

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के उन बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, जो पोस्टपेड कनेक्शन से प्रीपेड मीटर की ओर जा रहे हैं। पुराने बिजली बिल का बकाया अब एक साथ चुकाने की मजबूरी नहीं होगी। उपभोक्ताओं को उनकी बकाया राशि के हिसाब से किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। बिहार विद्युत नियामक आयोग ने बकाया वसूली को लेकर नई समयसीमा तय की है।

बकाये के हिसाब से मिलेगा समय

नई व्यवस्था में 10 हजार रुपये तक के पुराने बकाये को चुकाने के लिए 12 महीने का समय मिलेगा। वहीं 10 हजार से ज्यादा और 15 हजार रुपये से कम बकाया होने पर 18 महीने में भुगतान किया जा सकेगा। 15 हजार रुपये से अधिक की राशि के लिए उपभोक्ताओं को 24 महीने तक का समय दिया जाएगा।

बिजली कंपनियों से जुड़ेगी व्यवस्था

आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों को किस्तों की व्यवस्था को बिलिंग सिस्टम और स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जोड़ने का निर्देश दिया है। इससे उपभोक्ता अपने पुराने बकाये और जमा की गई रकम का रिकॉर्ड देख सकेंगे।

एकमुश्त भुगतान का दबाव होगा कम

पहले पुराने बकाये को लेकर उपभोक्ताओं के बीच काफी असमंजस रहता था। बड़ी राशि जमा होने पर एक साथ भुगतान करना मुश्किल हो जाता था। अब किस्तों की सुविधा मिलने से उपभोक्ता अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बकाया चुका सकेंगे।

इस फैसले से खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके ऊपर लंबे समय से बिजली बिल की राशि जमा है। नई व्यवस्था से बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी स्पष्ट होगी और उपभोक्ताओं पर अचानक पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।

बिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। शनिवार को 28 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि इनमें 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।

इन 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

जिन जिलों में भारी बारिश का खतरा बताया गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास समेत 10 जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है। इसके अलावा 18 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

अगले सात दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले सात दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पटना समेत दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी जगह बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी। कहीं थोड़े समय में तेज बारिश हो सकती है, तो कुछ इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश होने की संभावना है।

तापमान में आएगी गिरावट

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी कमी आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। पटना में भी मौसम करवट लेता रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। राजधानी में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आकाशीय बिजली से रहें सावधान

बारिश के साथ कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, छात्राओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या कम करने के लिए सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने की तैयारी की है। योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक पूरा करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। इससे छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ उनकी उच्च शिक्षा जारी रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगा लाभ

योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके अलावा शहीद परिवारों की मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को सामान्य मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी पात्रता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। इसमें राज्य और निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ संबंधित राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की छात्राएं भी शामिल होंगी।

विशेष श्रेणी की छात्राओं को भी मौका

शहीद परिवारों से जुड़ी छात्राओं के लिए अलग प्रावधान रखा गया है। वहीं, निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली दिव्यांग छात्राओं को स्कूटी के साथ आवश्यक रेट्रोफिटेड स्टेबलाइजर किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। निराश्रित श्रेणी में ऐसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी हो और परिवार में उनके भरण-पोषण का कोई अन्य साधन न हो। इसके लिए परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।

कैसे होगा छात्राओं का चयन?

पोर्टल शुरू होने के बाद विश्वविद्यालयों को पात्र छात्राओं की सूची तैयार कर संबंधित जिलाधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। इसके बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को अधिकृत वेंडर के माध्यम से स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

सरकार ने स्कूटी के पैकेज में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाओं को भी शामिल किया है। इसमें पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क वाला हेलमेट, चार लीटर पेट्रोल और जरूरी एसेसरीज शामिल होंगी। हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, यूपी समेत 7 राज्यों में लागू

राशिफल। राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था को अब और राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी है।

पायलट प्रोजेक्ट के सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डिजिटल रुपये से मिलेगी खाद्य सब्सिडी

नई व्यवस्था में खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खाते में भेजने के बजाय पात्र लाभार्थी के डिजिटल रुपये वॉलेट में ट्रांसफर की जा सकती है। यह राशि खास तौर पर खाद्यान्न खरीदने के लिए निर्धारित होगी। इससे सरकार को यह पता लगाने में आसानी होगी कि सब्सिडी का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। साथ ही राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और लीकेज को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्मार्टफोन और मोबाइल वालों को सुविधा

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लाभार्थी राशन दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। वहीं, सामान्य मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए ओटीपी आधारित वाउचर की व्यवस्था की जा सकती है। दुकानदार के सिस्टम में ओटीपी दर्ज होते ही निर्धारित भुगतान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

इस नई व्यवस्था से फर्जी एंट्री पर लगेगी रोक

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत लेनदेन की डिजिटल ट्रैकिंग होगी। सब्सिडी और खाद्यान्न खरीद की प्रक्रिया रिकॉर्ड होने से फर्जी राशन वितरण या पिछली तारीख में गलत एंट्री करने जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है। अगर किसी लाभार्थी का डिजिटल वाउचर तय समय में इस्तेमाल नहीं होता है, तो राशि वापस सरकारी खाते में लौटने की व्यवस्था भी रखी जा सकती है।

8th Pay Commission: रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों की नजर भी अब सरकार के अगले कदम पर है। दरअसल, कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की ओर से मांग की जा रही है कि वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों को भी शामिल किया जाए। अगर सरकार इस मांग पर सहमति देती है, तो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन के पुनर्निर्धारण का रास्ता खुल सकता है।

पेंशनर संगठनों ने उठाई मांग

पेंशनर और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नए वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। रिटायर कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाना जरूरी है। संगठनों की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन को नए सिरे से तय करना शामिल है। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में इस्तेमाल कुछ शब्दों को बदलने की मांग भी की जा रही है।

क्या पुराने पेंशनरों की पेंशन बढ़ सकती है?

अगर सरकार 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव करती है और पुराने पेंशनरों को इसके दायरे में शामिल करती है, तो उनकी पेंशन के पुनरीक्षण का रास्ता बन सकता है। इससे रिटायर कर्मचारियों को संभावित रूप से राहत मिल सकती है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी या सभी पुराने पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा।

पहले भी बदले जा चुके हैं नियम

पिछले वेतन आयोगों के उदाहरण बताते हैं कि सरकार जरूरत के अनुसार उनके दायरे और नियमों में बदलाव कर चुकी है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग के ToR में भी भविष्य में संशोधन की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। फिलहाल पेंशनभोगियों की नजर सरकार और वेतन आयोग के साथ होने वाली आगामी चर्चाओं पर है। अगर पुराने पेंशनरों को आयोग के दायरे में शामिल करने का फैसला होता है, तो यह लाखों रिटायर कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

सूर्य का शुक्र के नक्षत्र में गोचर, इन 4 राशियों के खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, धन, प्रेम और भौतिक सुखों से जुड़े ग्रह हैं। 31 अगस्त 2026, सोमवार को सुबह 4:04 बजे सूर्य मघा नक्षत्र से निकलकर शुक्र के पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य यहां 13 सितंबर 2026 तक रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना मानी जा रही है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में लाभकारी रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं और लंबे समय से अटके किसी काम में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी नए संपर्कों से फायदा हो सकता है।

2. सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के लिए खास माना जा सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने या किसी महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास भी सफल हो सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और सूर्य का शुक्र के नक्षत्र में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है। करियर में नई संभावनाएं मिल सकती हैं। कारोबारियों को नए सौदे या साझेदारी से लाभ मिल सकता है। परिवार में भी माहौल बेहतर रहने की उम्मीद है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ बढ़ाने वाला माना जा सकता है। शिक्षा, नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कामों में भी सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

यूपी में EV खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! योगी सरकार देगी पैसा, जानें किसे मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से सब्सिडी का इंतजार कर रहे पात्र वाहन मालिकों को अब भुगतान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

रुकी हुई सब्सिडी का मिलेगा लाभ

सरकार की ओर से स्वीकृत यह रकम परिवहन विभाग के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी के लिए रखे गए प्रावधान से खर्च की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जिनकी सब्सिडी पिछले वर्ष से कुछ जिलों में लंबित थी।

दरअसल, निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कुछ स्थानों पर पिछले साल दिसंबर से सब्सिडी की प्रक्रिया अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई थी। अब नई राशि स्वीकृत होने के बाद लंबित मामलों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

किन लोगों को मिल सकता है फायदा?

सब्सिडी का लाभ सरकार की निर्धारित पात्रता और नियमों के तहत आने वाले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को मिलेगा। जिन लोगों ने पात्र अवधि में ईवी खरीदी है और जिनका सब्सिडी दावा लंबित है, उन्हें स्वीकृत बजट से राहत मिलने की संभावना है।

ईवी को बढ़ावा देने पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है। सब्सिडी जैसी आर्थिक सहायता से लोगों के लिए ईवी खरीदना आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। यानी जिन ईवी खरीदारों की सब्सिडी अटकी हुई थी, उनके लिए 50 करोड़ रुपये की मंजूरी बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि वास्तविक भुगतान संबंधित पात्रता, दस्तावेज और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

भीगी किशमिश है सेहत का खजाना! रोज सुबह खाने से मिल सकते हैं ये 6 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। किशमिश सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला ड्राई फ्रूट नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। कुछ लोग किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं। हालांकि, भीगी किशमिश के फायदे अलग से साबित करने वाले पर्याप्त अध्ययन नहीं हैं, लेकिन किशमिश को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

किशमिश में मौजूद फाइबर आंतों की सामान्य गतिविधि को बेहतर रखने में मदद करता है। पर्याप्त फाइबर कब्ज की समस्या से बचाव में उपयोगी होता है।

2. शरीर को देती है ऊर्जा

किशमिश में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सुबह सीमित मात्रा में इसका सेवन दिन की शुरुआत के लिए अच्छा स्नैक हो सकता है।

3. पोटैशियम का अच्छा स्रोत

किशमिश में पोटैशियम पाया जाता है। यह मिनरल शरीर में मांसपेशियों के सामान्य कामकाज, नर्व सिग्नल और फ्लूइड बैलेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

किशमिश में पॉलीफेनॉल और दूसरे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में भूमिका निभा सकते हैं।

5. डाइट में फाइबर बढ़ाने का तरीका

अगर रोजाना के भोजन में पर्याप्त फल और फाइबर शामिल नहीं हो पा रहा है तो थोड़ी मात्रा में किशमिश एक आसान विकल्प हो सकती है। एक सामान्य सर्विंग में भी फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स मिलते हैं।

6. आयरन समेत कई पोषक तत्व मिलते हैं

किशमिश में आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। इसलिए इसे सीमित मात्रा में संतुलित आहार का हिस्सा बनाना पोषक तत्वों की विविधता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

यूपी में बनेगी 1000 बंदियों वाली हाईटेक जेल, जानें पूरी डिटेल्स

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जेल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यहां अब 1000 बंदियों की क्षमता वाला नया जेल भवन बनाया जाएगा। इसके निर्माण से जुड़ी जमीन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में आ रही अड़चनें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।

62 एकड़ जमीन पर बनेगा नया जेल परिसर

प्रस्तावित जेल भवन का निर्माण बलिया-गड़वार मार्ग के किनारे ग्राम नरायनपाली, खड़ीचा और घोसवटी में कराया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 62 एकड़ भूमि की जरूरत है, जिसमें से 57 एकड़ जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है। बाकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी किए जाने की तैयारी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

नया जेल भवन सामान्य जेलों से अलग आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया जाएगा। निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बंदियों की सुरक्षा, निगरानी और जेल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं भी परिसर में शामिल की जाएंगी।

पीडब्ल्यूडी को मिली निर्माण की जिम्मेदारी

नए जेल भवन के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दी गई है। जमीन से जुड़ी प्रमुख बाधाएं दूर होने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

नए जेल के तैयार होने के बाद जिले में बंदियों को रखने की क्षमता बढ़ेगी और जेल प्रशासन को आधुनिक सुविधाओं के साथ काम करने का बेहतर ढांचा मिलेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।

यूपी सरकार का फैसला, किसानों और मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना चला रही है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र और मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि पैसों की कमी उनकी पढ़ाई में रुकावट न बने। अब इस योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी उन विद्यार्थियों को मिल सकता है, जिनके माता-पिता पंजीकृत किसान या खेतिहर मजदूर हैं। छात्र का नियमित रूप से पढ़ाई करना और मेधावी होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 12वीं में कम से कम 70 प्रतिशत अंक और दूसरे बोर्ड के छात्रों के लिए 85 प्रतिशत अंक की शर्त बताई गई है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्नातक में निर्धारित अंक होना जरूरी है।

आवेदन के लिए दस्तावेज?

योजना का लाभ लेने के लिए छात्र के पास उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, किसान या खेतिहर होने का प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए।

कैसे करना होगा आवेदन?

इस छात्रवृत्ति के लिए फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है। पात्र विद्यार्थी अपने स्कूल, कॉलेज या संबंधित संस्थान से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद संस्थान के प्राचार्य और नोडल अधिकारी से इसका सत्यापन कराया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य किसान और मजदूर परिवारों के होनहार बच्चों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक परेशानियों के कारण अपनी शिक्षा बीच में न छोड़ें।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! ट्रांसफर को लेकर नया नियम हुआ लागू

पटना। बिहार में शिक्षकों के अंतर-जिला तबादले को लेकर नया प्रावधान चर्चा में है। इसके तहत एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक को नए जिला कैडर में पुरानी वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा। यानी नए जिले में उनकी सेवा की गणना नई नियुक्ति के आधार पर की जाएगी।

पुरानी वरिष्ठता पर पड़ेगा असर

इस नियम का सबसे बड़ा असर उन शिक्षकों पर पड़ सकता है, जिन्होंने कई वर्षों तक एक ही जिले में सेवा की है। जिला बदलने के बाद उनकी पिछली सेवा अवधि नई वरिष्ठता सूची में उसी तरह प्रभावी नहीं होगी। ऐसे में लंबे अनुभव वाले शिक्षक भी नए जिले के अपेक्षाकृत कम अनुभवी शिक्षकों से नीचे आ सकते हैं।

प्रमोशन में हो सकती है देरी

नई वरिष्ठता व्यवस्था का सीधा असर पदोन्नति पर भी पड़ सकता है। नए जिले में ज्वाइनिंग की तारीख को आधार मानने पर शिक्षक को प्रधानाध्यापक या अन्य उच्च पदों के लिए वरिष्ठता हासिल करने में अधिक समय लग सकता है। सर्विस बुक और विभागीय रिकॉर्ड में भी नई पोस्टिंग से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

वरिष्ठ शिक्षक बन सकते हैं जूनियर

मान लीजिए किसी शिक्षक ने पुराने जिले में 12-15 साल की नौकरी पूरी की है। अगर वह दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो वहां उसकी वरिष्ठता स्थानीय कैडर की सेवा के आधार पर तय हो सकती है। ऐसी स्थिति में कम अनुभव वाले शिक्षक भी उससे ऊपर हो सकते हैं।

पांच साल तक दोबारा ट्रांसफर की पाबंदी

अंतर-जिला ट्रांसफर लेने वाले शिक्षकों के लिए पांच साल की लॉक-इन अवधि भी अहम है। यानी एक बार नए जिले में स्थानांतरण के बाद लंबे समय तक दोबारा जिला बदलने का विकल्प नहीं मिलेगा। इसलिए ट्रांसफर का फैसला लेने से पहले शिक्षकों को वरिष्ठता और भविष्य की पदोन्नति पर पड़ने वाले असर को समझना जरूरी होगा।

इस सन्दर्भ के पीछे विभाग का क्या है तर्क?

शिक्षा विभाग की व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य जिला कैडर में पहले से काम कर रहे शिक्षकों की वरिष्ठता और प्रमोशन के अधिकार को सुरक्षित रखना बताया जा रहा है। यदि बाहर से आने वाले शिक्षकों को तुरंत पुरानी वरिष्ठता दे दी जाए, तो स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बिहार के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला ट्रांसफर अब सिर्फ घर के करीब पहुंचने का विकल्प नहीं रह गया है। तबादले से पहले वरिष्ठता, प्रमोशन और लॉक-इन अवधि जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

यूपी सरकार का फैसला, 3.16 लाख विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले सत्र में तकनीकी या प्रक्रियागत दिक्कतों के कारण छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए 3,16,057 पात्र विद्यार्थियों को सरकार ने एक और अवसर देने का फैसला किया है। इसके लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 1 सितंबर 2026 से दोबारा खोला जाएगा।

1 सितंबर से कर सकेंगे आवेदन

जिन विद्यार्थियों की पात्रता पूरी थी, लेकिन किसी तकनीकी समस्या या प्रक्रिया में कमी के कारण उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी, वे दोबारा आवेदन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसे पात्र छात्रों को योजना के लाभ से बाहर नहीं रहने देना है। वंचित विद्यार्थियों में 31,836 सरकारी संस्थानों, 37,795 सहायता प्राप्त संस्थानों और 2,46,426 निजी संस्थानों के छात्र शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं।

इस तारीख के बीच आएगी रकम

सरकार के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच भेजी जाएगी। भुगतान PFMS के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।

कई वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ

इस फैसले का फायदा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को मिल सकता है। पोर्टल दोबारा खुलने से उन छात्रों को अपनी गलती सुधारने और आवेदन पूरा करने का मौका मिलेगा, जो पिछले सत्र में लाभ लेने से रह गए थे।

प्रदेश सरकार का क्या है मकसद?

समाज कल्याण विभाग का कहना है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक परेशानी या तकनीकी खामी के कारण नहीं रुकनी चाहिए। सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था से पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस फैसले से उन 3.16 लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पात्र होने के बावजूद पिछले सत्र में छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया था।

शनि देव रहेंगे मेहरबान, इन 5 राशियों को धन और करियर में मिलेगा फायदा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन और मेहनत का कारक माना जाता है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन शनि की अनुकूल स्थिति कुछ राशियों के जातकों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और कामकाज में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। इस बार मेष, वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए शनिवार का दिन खास माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला फायदा दे सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनिवार धन से जुड़े मामलों में राहत लेकर आ सकता है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मेहनत से किए गए काम की तारीफ भी हो सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि शनि देव से जुड़ी राशि मानी जाती है, इसलिए शनिवार का दिन इनके लिए विशेष रह सकता है। कार्यक्षेत्र में लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत मिल सकते हैं। धन के मामले में भी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को शनिवार को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। करियर में प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं। कारोबारियों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ बचत पर भी ध्यान देने का मौका मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए सरकार ने शिक्षा ऋण को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सरकार के मुताबिक बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कटौती नहीं की गई है, बल्कि छात्रों के लिए आर्थिक मदद के विकल्प बढ़ाए गए हैं। नई व्यवस्था में शिक्षा ऋण के लिए राज्य वित्त निगम के साथ बैंकिंग व्यवस्था और पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को भी जोड़ा गया है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से 2 लाख तक मदद

नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिल सकेगा। इसके बाद 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की जरूरत होने पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता लेने का विकल्प रहेगा।

पीएम विद्यालक्ष्मी से 10 लाख तक ऋण

उच्च शिक्षा के लिए बड़ी रकम की जरूरत वाले विद्यार्थियों के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल भी महत्वपूर्ण विकल्प होगा। पात्र छात्र इस व्यवस्था के जरिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे महंगी उच्च शिक्षा की फीस और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा ऋण का बजट भी बढ़ा

सरकार ने बताया कि शिक्षा ऋण के लिए इस साल बजट में कमी नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 886 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति थी, जबकि 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यानी पिछले साल की तुलना में 64 करोड़ रुपये अधिक राशि स्वीकृत हुई है।

छात्रों को मिलेगा ज्यादा विकल्प

सरकार का कहना है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को बैंकों और पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल से जोड़ने का मकसद विद्यार्थियों के सामने वित्तीय सहायता के ज्यादा रास्ते उपलब्ध कराना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर में लंबे समय से संकरी और खराब सड़क से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। दामोदरपुर-फरदो रोड को एनएच-22 बाइपास से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण की तैयारी शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग ने इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

पहले होगा सड़क का सर्वे

पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने विभागीय सचिव को सड़क का सर्वे कराने और उसके आधार पर डीपीआर तैयार करने को कहा है। सर्वे में सड़क की मौजूदा स्थिति, यातायात का दबाव और भविष्य में आवश्यक चौड़ाई का आकलन किया जाएगा।

10 फीट सड़क पर बढ़ा ट्रैफिक

फिलहाल इस मार्ग की चौड़ाई करीब 10 फीट है। बाइपास से जुड़ने के बाद यहां वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर जाम की स्थिति बन जाती है। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दामोदरपुर-फरदो पुल से एनएच-22 तक करीब 2 से 3 किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने की जरूरत है। डीपीआर तैयार होने के बाद आगे की निर्माण प्रक्रिया तय होगी।

कई इलाकों को होगा फायदा

सड़क बेहतर होने के बाद ब्रह्मपुरा, बैरिया और लक्ष्मी चौक की तरफ से आने वाले वाहन आसानी से बाइपास के रास्ते एनएच-22 तक पहुंच सकेंगे। इससे भगवानपुर, गोबरसही और डुमरी चौक जैसे प्रमुख इलाकों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। सड़क के चौड़ीकरण से आवागमन आसान होने के साथ जाम की समस्या में भी कमी आ सकती है। फिलहाल लोगों की नजर सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद शुरू होने वाली अगली प्रक्रिया पर है।