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यूपी की दहलीज पर आया मानसून, इस दिन से शुरू होगा बारिश का दौर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर सामने आई है। मानसून अब प्रदेश की सीमा तक पहुंच चुका है और जल्द ही यूपी में दस्तक देने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 28 जून के आसपास राज्य में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है।

पिछले कुछ दिनों से मानसून आगे बढ़ने के बजाय एक ही जगह पर ठहरा हुआ है, जिसकी वजह से पूर्वांचल के कई जिलों में गर्मी का असर लगातार बना हुआ है। वाराणसी समेत कई इलाकों में लोग बारिश का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल उन्हें गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है।

पूर्वांचल में गर्मी का असर जारी

मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है। बांदा, प्रयागराज, वाराणसी, गाजीपुर, गोरखपुर, बलिया और बहराइच जैसे जिलों में गर्म हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच गया है।

किसानों को बारिश का इंतजार

मानसून में देरी का असर खेती पर भी पड़ रहा है। खरीफ फसलों की बुआई के लिए किसान अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश शुरू होने के बाद कृषि गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में परिस्थितियां मानसून के लिए अनुकूल बन रही हैं। अगले कुछ दिनों में इसके प्रदेश में आगे बढ़ने की संभावना है।

बारिश से मिलेगी गर्मी से राहत

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जून से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मानसून सक्रिय होने के बाद तापमान में गिरावट आने के साथ लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। फिलहाल प्रदेशवासियों की नजरें आसमान पर टिकी हुई हैं। लोग अब मानसून की पहली अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, जिससे गर्मी कम होने के साथ खेती और जनजीवन को भी राहत मिलेगी।

यूपी में ग्राम प्रधानों के लिए बदले नियम, नए निर्देश लागू

अमेठी। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल बढ़ने के बाद अब शासन ने उनके काम करने के तरीके को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम प्रधान पहले की तरह अपनी मुहर से सभी काम नहीं करा सकेंगे।

नई गाइडलाइन के अनुसार ग्राम पंचायतों में होने वाले कार्यों पर अब प्रशासक की मुहर लगेगी। हालांकि गांव के जरूरी छोटे काम जैसे हैंडपंप की मरम्मत, स्ट्रीट लाइट ठीक कराना जैसे कार्य कराए जा सकेंगे, लेकिन इसके लिए भी नियमों के तहत प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इन कामों के लिए तैयार की गई पत्रावली को संबंधित अधिकारियों के पास भेजकर अनुमति लेनी होगी। वहीं सड़क निर्माण, नाली निर्माण और अन्य बड़े विकास कार्यों के लिए जिलाधिकारी की मंजूरी जरूरी होगी।

पहले से चल रहे काम रहेंगे जारी

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जो विकास कार्य पहले से निर्माणाधीन हैं, उन्हें रोकने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे कार्यों को जारी रखा जा सकता है। वहीं ग्राम पंचायत की खुली बैठकों में पास हुए प्रस्तावों पर भी नियमों के अनुसार काम कराया जाएगा। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म होने के बाद बढ़ाए जाने से पंचायतों में विकास कार्यों को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। नई गाइडलाइन आने के बाद अब पंचायतों में रुके हुए काम दोबारा शुरू हो सकेंगे।

पंचायतों में बढ़ेगी निगरानी

नई व्यवस्था का उद्देश्य ग्राम पंचायतों के कामों में पारदर्शिता लाना और विकास कार्यों को नियमों के अनुसार कराना है। अब किसी भी बड़े काम को शुरू करने से पहले अधिकारियों की मंजूरी लेनी होगी। इस बदलाव से ग्राम प्रधानों की भूमिका पहले जैसी नहीं रहेगी। अब विकास कार्यों में प्रशासक और प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी ज्यादा होगी, जिससे पंचायत स्तर पर होने वाले कार्यों की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से चलेगी।

बिहार में बनेगा तिरुपति बालाजी मंदिर, सरकार ने दी जमीन

पटना। बिहार में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने पटना जिले के मोकामा में तिरुपति बालाजी मंदिर के निर्माण का रास्ता साफ कर दिया है। इसके लिए मोकामा खास मौजा की करीब 10.11 एकड़ जमीन को तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् (टीटीडी) को 99 साल की लीज पर देने की मंजूरी दी गई है।

सरकार ने यह जमीन महज एक रुपये के टोकन मूल्य पर उपलब्ध कराने का फैसला लिया है। मंदिर निर्माण के साथ-साथ यहां श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं, धार्मिक गतिविधियां और पर्यटन से जुड़ी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी।

मोकामा को मिलेगी नई पहचान

गंगा नदी के किनारे बसा मोकामा पहले से ही ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व रखता है। यह क्षेत्र प्राचीन अंग, मगध और मिथिला संस्कृति के संपर्क क्षेत्र के रूप में जाना जाता है। पास के सिमरिया घाट पर लगने वाले धार्मिक आयोजनों के कारण भी यहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। तिरुपति बालाजी मंदिर बनने के बाद मोकामा में धार्मिक यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। इससे होटल, परिवहन, छोटे व्यापार और स्थानीय रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि टीटीडी के सहयोग से बनने वाला यह मंदिर सिर्फ धार्मिक स्थल नहीं होगा, बल्कि क्षेत्र के विकास का नया केंद्र भी बन सकता है। बेहतर सड़क, यात्री सुविधाएं और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को भी गति मिलने की संभावना है। मोकामा में बनने वाला यह मंदिर बिहार के धार्मिक पर्यटन नक्शे पर एक नई पहचान जोड़ सकता है और आने वाले समय में यह क्षेत्र श्रद्धालुओं के लिए एक महत्वपूर्ण गंतव्य बन सकता है।

Indian Navy Recruitment 2026: ऑफिसर बनने का शानदार मौका, 275 पदों पर होगी भर्ती

नई दिल्ली। भारतीय नौसेना में अधिकारी बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। इंडियन नेवी ने शॉर्ट सर्विस कमीशन (SSC) ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए जून 2027 (AT 27) कोर्स के लिए योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इस भर्ती में पुरुष और महिला दोनों अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। नौसेना की ओर से कुल 275 ऑफिसर पदों को भरा जाएगा।

25 जून से शुरू होंगे आवेदन

इंडियन नेवी SSC ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 जून 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 27 जुलाई 2026 तक का समय रहेगा। आवेदन प्रक्रिया भारतीय नौसेना की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।

इन शाखाओं में मिलेगा मौका

इस भर्ती के तहत नौसेना की कई महत्वपूर्ण शाखाओं में अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इनमें एग्जीक्यूटिव, पायलट, नेवल आर्मामेंट, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल, नेवल कंस्ट्रक्टर समेत कई कैडर शामिल हैं। उम्मीदवार अपनी योग्यता और रुचि के अनुसार संबंधित शाखा के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ट्रेनिंग कहां होगी?

चयनित उम्मीदवारों को भारतीय नौसेना अकादमी (INA), एझिमाला, केरल में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को नौसेना में अधिकारी पद पर नियुक्ति मिलेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों का अविवाहित होना जरूरी है। साथ ही संबंधित पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता पूरी करनी होगी। स्नातक डिग्री वाले योग्य उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती की मुख्य जानकारी:

विभाग: भारतीय नौसेना

भर्ती: SSC ऑफिसर भर्ती 2026

पदों की संख्या: 275

आवेदन शुरू: 25 जून 2026

अंतिम तारीख: 27 जुलाई 2026

आवेदन माध्यम: ऑनलाइन

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी, 100 पदों पर सीधी नियुक्ति

बक्सर।बिहार के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का शानदार अवसर सामने आया है। बक्सर जिला नियोजनालय की ओर से एक दिवसीय रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें 100 पदों पर सीधी नियुक्ति की जाएगी। यह जॉब कैंप युवाओं को नौकरी पाने का सीधा मौका देगा।

30 जून को रोजगार शिविर

बक्सर के आईटीआई फील्ड स्थित जिला नियोजनालय परिसर में 30 जून को रोजगार शिविर आयोजित होगा। शिविर का समय सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक रखा गया है। इच्छुक अभ्यर्थी तय समय पर पहुंचकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकते हैं।

इन पदों पर होगी भर्ती

रोजगार मेले में कंपनी की ओर से कुल 100 पदों को भरा जाएगा। इसमें 50 पद प्रोडक्शन हेल्पर और 50 पद पैकिंग हेल्पर के लिए हैं। योग्य उम्मीदवारों का चयन मौके पर ही किया जाएगा।

18 हजार रुपये तक मिलेगा वेतन

चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 16 हजार से 18 हजार रुपये तक इन-हैंड सैलरी दी जाएगी। इसके अलावा अतिरिक्त समय काम करने पर ओवरटाइम भुगतान की सुविधा भी मिलेगी। कंपनी की ओर से कर्मचारियों को भोजन की सुविधा, साप्ताहिक छुट्टी और ईएसआईसी, पीएफ, ग्रेच्युटी व बोनस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

8वीं, 10वीं और ITI पास कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम योग्यता 8वीं, 10वीं या आईटीआई पास रखी गई है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की उम्र 18 से 42 साल के बीच होनी चाहिए।

रोजगार मेले में शामिल होने के लिए जरूरी है रजिस्ट्रेशन

जो युवा इस मौके का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें जिला नियोजनालय में पहले से निबंधन कराना होगा। रोजगार शिविर में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को अपने जरूरी दस्तावेजों के साथ पहुंचना होगा। यह रोजगार मेला बिहार के युवाओं के लिए नौकरी पाने का एक अच्छा अवसर साबित हो सकता है।

बिहार में बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के लिए सड़क कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य के पहले ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को केंद्र सरकार से मंजूरी मिल गई है। नेशनल एक्सप्रेसवे-9 (NE-9) के नाम से बनने वाली यह सड़क बिहार के अंदर ही पूरी तरह विकसित की जाएगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद राज्य के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है।

यह एक्सप्रेसवे हाजीपुर से शुरू होकर पूर्णिया तक जाएगा। करीब 247 से 282 किलोमीटर लंबे इस 6 लेन एक्सप्रेसवे के निर्माण में 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। सरकार ने इसे हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल (HAM) के तहत बनाने की योजना तैयार की है।

6 जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बिहार के छह जिलों से होकर गुजरेगा। इसमें वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा और पूर्णिया शामिल हैं। इस परियोजना से खासकर कोसी और सीमांचल क्षेत्र को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। एक्सप्रेसवे का शुरुआती बिंदु वैशाली जिले के हाजीपुर क्षेत्र में होगा, जबकि इसका अंतिम छोर पूर्णिया के डगरुआ इलाके में ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर से जुड़ेगा।

पटना से पूर्णिया की दूरी होगी कम

इस एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यात्रा का समय काफी घट जाएगा। अभी सड़क मार्ग से पटना से पूर्णिया पहुंचने में कई घंटे लगते हैं, लेकिन नई तेज रफ्तार सड़क बनने के बाद यह सफर करीब 3 घंटे के आसपास पूरा होने की संभावना है। इस सड़क पर वाहन 120 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकेंगे।

तीन चरणों में पूरा होगा निर्माण

पहले चरण में हाजीपुर से समस्तीपुर तक सड़क का निर्माण किया जाएगा। दूसरे चरण में समस्तीपुर से सहरसा तक काम होगा, जिसमें कोसी नदी पर कई पुल भी बनाए जाएंगे। तीसरे चरण में सहरसा से पूर्णिया तक एक्सप्रेसवे तैयार किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में बड़े पुल, छोटे पुल, रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास बनाए जाएंगे।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की तैयारी शुरू कर दी गई है। छह जिलों के कई प्रखंडों और गांवों की जमीन इस परियोजना के लिए ली जाएगी। प्रशासन की ओर से जमीन की जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।

यूपी में बंपर भर्ती का ऐलान! 4 जिलों के युवाओं के लिए आई बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। राज्य के चार जिलों में अलग-अलग विभागों की ओर से कई पदों पर भर्ती निकाली गई है। इन भर्तियों में शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग और अन्य सरकारी सेवाओं से जुड़े पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

चित्रकूट में शिक्षक और गैर-शिक्षक पदों पर भर्ती

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय चित्रकूट की ओर से भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। यहां शिक्षक और गैर-शिक्षक पदों के लिए कुल 45 पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इन पदों के लिए स्नातक, परास्नातक, बीसीए, एमसीए, बीकॉम और 8वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

मथुरा जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन पद

मथुरा जिला अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के एक पद के लिए भर्ती निकाली गई है। इसके लिए बीएमएलटी, बीएमएलएस, डीएमएलटी या डीएमएलएस योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है और आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 7 जुलाई 2026 है।

फर्रुखाबाद में मेडिकल क्षेत्र में मौका

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय फर्रुखाबाद ने स्वास्थ्य विभाग में भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत जनरल फिजिशियन, मेडिकल ऑफिसर और ईएमओ जैसे पदों को भरा जाएगा। इन पदों के लिए एमबीबीएस योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 है, जबकि वॉक-इन इंटरव्यू 7 जुलाई 2026 को आयोजित किया जाएगा।

गाजीपुर में 57 पदों पर भर्ती

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय गाजीपुर की ओर से अर्बन आशा पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में कुल 57 पदों को भरा जाएगा। 10वीं पास उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तारीख 3 जुलाई 2026 तय की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया और अन्य जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखनी होगी।

27 जून को बनेगा साध्य योग, इन 4 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति समय-समय पर कई शुभ योगों का निर्माण करती है। ऐसा ही एक शुभ योग 27 जून को बनने जा रहा है, जिसे साध्य योग कहा जा रहा है। मान्यता है कि इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है और जीवन के कई क्षेत्रों में नए अवसर मिल सकते हैं।

साध्य योग के दौरान किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। इस समय मेहनत, योजना और सही फैसले लेने वालों को अच्छे परिणाम मिलने के संकेत माने जाते हैं। आइए जानते हैं किन 4 राशियों के लिए यह योग शुभ साबित हो सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए साध्य योग नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में तरक्की के नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय लाभदायक रह सकता है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। परिवार में खुशहाली बढ़ सकती है और धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए साध्य योग आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। निवेश या नई योजनाओं से जुड़े फैसलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। सामाजिक सम्मान भी बढ़ सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग शुभ समाचार ला सकता है। मेहनत का फल मिलने के योग बन सकते हैं। रिश्तों में मजबूती आएगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होने की संभावना है। नए अवसर जीवन में बदलाव ला सकते हैं।

यूपी ने 6.18 लाख परिवारों को मिलेगा पक्का घर, सरकार ने दी मंजूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण के तहत केंद्र सरकार ने यूपी में 6,18,482 नए पक्के मकानों को मंजूरी दे दी है। इस फैसले से उन परिवारों को फायदा मिलेगा, जो अब तक कच्चे घरों में रहकर जीवन गुजार रहे थे।

लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस योजना से जुड़ा अनुमोदन पत्र सौंपा। बैठक में ग्रामीण आवास के साथ-साथ किसानों से जुड़े अहम मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

ग्रामीण परिवारों का बदलेगा जीवन

केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और मजबूत घर उपलब्ध कराया जाए। यूपी के लिए स्वीकृत इन मकानों के बनने से लाखों लोगों को बारिश, ठंड और गर्मी में कच्चे घरों की परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है।

2024-29 के चरण में बनेंगे 2 करोड़ घर

सरकार ने पीएम आवास योजना-ग्रामीण के नए चरण की शुरुआत वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक के लिए की है। इस अवधि में देशभर में 2 करोड़ अतिरिक्त पक्के मकान बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उत्तर प्रदेश को मिली यह मंजूरी इसी बड़े अभियान का हिस्सा है।

पात्र परिवारों की पहचान पूरी

ग्रामीण क्षेत्रों में लाभार्थियों की पहचान के लिए सर्वे का काम पूरा किया जा चुका है। सर्वे के आधार पर ऐसे परिवारों को चिन्हित किया गया है, जो आवास योजना के लिए योग्य हैं। अब इन्हीं पात्र लोगों को चरणबद्ध तरीके से घरों की स्वीकृति दी जाएगी।

किसानों को भी मिली राहत

बैठक में किसानों के हित से जुड़ा एक और बड़ा फैसला सामने आया। रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं, चना और मसूर जैसी फसलों की एमएसपी पर खरीद अवधि बढ़ाने को मंजूरी दी गई है। इससे किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। केंद्र के इस फैसले से जहां एक तरफ ग्रामीण परिवारों के अपने पक्के घर का सपना पूरा होने की उम्मीद बढ़ी है, वहीं किसानों को भी खरीद प्रक्रिया में राहत मिलने जा रही है।

पानी-पानी होगा बिहार: आज से आंधी-बारिश का दौर शुरू

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज अब बदलने लगा है। राज्य में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय हो रहा है, जिसके चलते कई जिलों में बारिश और तेज हवा की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग अलर्ट जारी किया है। कुछ जगहों पर राहत की बारिश होगी, तो कुछ इलाकों में अभी गर्मी और उमस लोगों को परेशान कर सकती है।

सीमांचल में तेज बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर-पूर्वी बिहार के कुछ जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में भारी बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। साथ ही बिजली गिरने को लेकर भी लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दक्षिण बिहार में अभी गर्मी से राहत नहीं

दूसरी ओर राज्य के दक्षिणी हिस्सों में मौसम पूरी तरह नहीं बदला है। कई जिलों में गर्म हवाओं और उमस का असर बना रहेगा। पटना, बक्सर, भोजपुर, गया, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर समेत कई जिलों में गर्मी का प्रभाव देखने को मिल सकता है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी बादल बनने और गरज के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है।

एक ही राज्य में दो तरह का मौसम क्यों?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बिहार के उत्तरी हिस्सों में नमी वाली हवाओं का प्रभाव ज्यादा है, जिससे बादल बन रहे हैं और बारिश की स्थिति तैयार हो रही है। वहीं दक्षिण बिहार में अभी गर्म और सूखी हवाएं सक्रिय हैं, जिसके कारण वहां तापमान और उमस ज्यादा महसूस हो रही है। यही वजह है कि राज्य के अलग-अलग इलाकों में मौसम का अलग असर दिखाई दे रहा है।

आने वाले दिनों में बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की सक्रियता और बढ़ेगी। इससे दक्षिण बिहार के जिलों में भी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। मानसून की बारिश किसानों के लिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि खरीफ फसलों की बुवाई के लिए पर्याप्त बारिश जरूरी होती है।

नवपंचम राजयोग का असर शुरू, 4 राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की और धन के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की विशेष स्थिति कई बार शुभ योगों का निर्माण करती है, जिसका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिलता है। 25 जून को निर्जला एकादशी के दिन शुक्र और शनि की विशेष स्थिति से नवपंचम राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह योग कुछ राशि वालों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है और आय के नए साधन बनने की संभावना बताई जा रही है। निवेश या धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं।

2. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए नवपंचम राजयोग को शुभ माना जा रहा है। इस दौरान करियर में प्रगति के मौके मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ सम्मान मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों और योजनाओं से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है और आर्थिक परेशानियां कम होने के संकेत मिल सकते हैं।

3. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला माना जा रहा है। शनि से जुड़ी राशि होने के कारण इस योग का प्रभाव इनके लिए खास बताया जा रहा है। नौकरी में स्थिरता, पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि और कार्यक्षेत्र में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना जताई जा रही है।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए भी यह राजयोग शुभ संकेत दे सकता है। करियर में नए रास्ते खुल सकते हैं और योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार आने के साथ-साथ धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। नौकरी बदलने या नए काम की शुरुआत करने वालों के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है।

CM योगी का बड़ा ऐलान: यूपी में सभी किसानों के आएंगे अच्छे दिन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों को आर्थिक मजबूती देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। खेती के लिए जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने और किसानों को आसानी से ऋण दिलाने के उद्देश्य से सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और फसली ऋण वितरण के नए लक्ष्य तय किए हैं।

चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में 25 लाख नए किसान क्रेडिट कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही करीब 58.90 लाख पुराने केसीसी का नवीनीकरण भी कराया जाएगा, ताकि किसानों को लगातार कृषि कार्यों के लिए आर्थिक सहायता मिलती रहे।

खरीफ सीजन में किसानों को मिलेगा बड़ा ऋण लक्ष्य

सरकार ने खरीफ फसलों के लिए किसानों को 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक का फसली ऋण उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए कृषि विभाग और बैंकिंग संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल बनाकर अभियान चलाने की तैयारी है। फसली ऋण का इस्तेमाल किसान बीज, खाद, कीटनाशक और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करने के लिए कर सकेंगे। इससे किसानों को खेती की लागत संभालने में मदद मिलेगी।

पिछले साल लक्ष्य पूरा करने में आई थी कमी

कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार खरीफ 2025 के दौरान प्रदेश के किसानों को 53 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का फसली ऋण दिया गया था। यह उस समय तय लक्ष्य का लगभग 71 प्रतिशत रहा था। पिछले अनुभव को देखते हुए इस बार सरकार ने ऋण वितरण की प्रक्रिया को तेज करने और ज्यादा किसानों तक लाभ पहुंचाने की रणनीति बनाई है।

सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने कृषि विभाग और बैंकों के अधिकारियों को मिलकर काम करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिलों में ऋण वितरण की समीक्षा की जाएगी और पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड से जोड़ने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि जरूरतमंद और पात्र किसानों को समय पर बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिल सके।

किसानों को KCC से जोड़ने पर जोर

किसान क्रेडिट कार्ड योजना के जरिए किसान कम ब्याज दर पर कृषि जरूरतों के लिए ऋण प्राप्त कर सकते हैं। प्रदेश में अब तक लाखों किसानों को इस योजना से जोड़ा जा चुका है। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र किसान केसीसी का लाभ उठा सकें। इसके लिए नए कार्ड जारी करने के साथ पुराने कार्डों को अपडेट करने का अभियान भी चलाया जाएगा।

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री का बदला नियम, नए सर्किल रेट पर रजिस्ट्री शुरू

पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री करने वालों के लिए बड़ा बदलाव लागू हो गया है। अब राज्य में जमीन की रजिस्ट्री नए सर्किल रेट के आधार पर की जा रही है। नई दरें लागू होने के बाद बाढ़ स्थित अवर निबंधन कार्यालय में भी नए नियम के अनुसार निबंधन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

निबंधन विभाग की ओर से जमीन के मूल्यांकन में बदलाव किया गया है, जिसके बाद शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नई दरें तय की गई हैं। अधिकारियों के अनुसार, नई व्यवस्था के तहत अब सभी रजिस्ट्री कार्य नई निर्धारित दरों के हिसाब से पूरे किए जा रहे हैं।

शहरी इलाकों में दोगुना हुआ सर्किल रेट

सरकार की नई अधिसूचना के मुताबिक शहरी क्षेत्रों में जमीन का सर्किल रेट पहले की तुलना में बढ़ाया गया है। वहीं ग्रामीण इलाकों में भी जमीन की सरकारी कीमत में वृद्धि की गई है। इसका सीधा असर जमीन की रजिस्ट्री के खर्च पर पड़ेगा। नई दर लागू होने के बाद बाढ़ निबंधन कार्यालय में पहले ही दिन करीब 20 जमीनों की रजिस्ट्री नई कीमतों के अनुसार पूरी की गई।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन, बढ़ेगी पारदर्शिता

अधिकारियों ने बताया कि जमीन निबंधन की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इससे काम में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी आसानी से मिल सकेगी। लोगों को आवेदन, दस्तावेज और भुगतान प्रक्रिया में भी पहले की तुलना में अधिक सुविधा मिलने की उम्मीद है।

हेल्प डेस्क से लेकर बैंक सुविधा तक उपलब्ध

लोगों की सहायता के लिए कार्यालय में 'मे आई हेल्प यू' काउंटर बनाया गया है। यहां आने वाले लोगों को रजिस्ट्री और अन्य प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी दी जाती है। इसके अलावा परिसर में बैंक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे चालान और भुगतान के लिए लोगों को बाहर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

यूपी में रिटायर शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सेवानिवृत्त शिक्षकों और प्रधानाचार्यों के लिए राहत भरा कदम उठाया है। अब राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों से रिटायर होने वाले शिक्षकों को पेंशन, जीपीएफ और ग्रेच्युटी जैसे भुगतान के लिए बार-बार जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

सरकार ने इन सभी देयकों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों से लंबित मामलों की पूरी जानकारी मांगी गई है, ताकि भुगतान में देरी की समस्या को दूर किया जा सके।

सेवानिवृत्त शिक्षकों के मामलों की मांगी गई रिपोर्ट

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों और क्षेत्रीय अधिकारियों से रिटायर शिक्षकों के भुगतान से जुड़े मामलों का विवरण मांगा है। अधिकारियों को यह बताना होगा कि कितने मामलों का निपटारा हो चुका है और कितने अभी लंबित हैं। खास तौर पर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में सेवानिवृत्त हुए प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को मिलने वाले पेंशन, जीपीएफ और ग्रेच्युटी भुगतान की स्थिति की जानकारी तय प्रारूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।

समय पर मिलेगी पेंशन और अन्य सुविधाएं

अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के सभी भुगतान समय पर पूरे किए जाएं। सरकार का उद्देश्य है कि रिटायरमेंट के बाद शिक्षकों को आर्थिक मामलों के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भी जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं और जिलों से रिपोर्ट मांगी गई है।

शिक्षकों को मिलेगा सीधा फायदा

इस पहल से उन शिक्षकों को सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा, जो रिटायरमेंट के बाद अपने पेंशन और अन्य लाभों के लिए लंबे समय से प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। विभाग की निगरानी बढ़ने से भुगतान प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके अधिकारों का लाभ बिना देरी और आसानी से मिल सके।

NTPC Recruitment 2026: असिस्टेंट केमिस्ट के 40 पदों पर आवेदन शुरू

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। भारत सरकार की कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड (NTPC Limited) ने असिस्टेंट केमिस्ट ट्रेनी (Assistant Chemist Trainee) पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के तहत कुल 40 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

10 जुलाई 2026 तक कर सकेंगे आवेदन

NTPC Assistant Chemist Trainee Recruitment 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए NTPC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 10 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इसके बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

NTPC में निकली 40 पदों पर वैकेंसी

इस भर्ती अभियान के माध्यम से Assistant Chemist Trainee (ACT) के कुल 40 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। हालांकि, पदों की संख्या संगठन की जरूरत के अनुसार बदली भी जा सकती है। यह भर्ती NTPC Limited द्वारा जारी की गई है, जो भारत सरकार के अधीन काम करने वाली प्रमुख ऊर्जा कंपनियों में शामिल है।

इतनी मिलेगी सैलरी

चयनित उम्मीदवारों को E0 ग्रेड के तहत नियुक्त किया जाएगा। इस पद के लिए वेतनमान 30,000 रुपये से 1,20,000 रुपये तक निर्धारित किया गया है। शुरुआती बेसिक पे 30,000 रुपये होगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

Assistant Chemist Trainee पद के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में M.Sc की डिग्री होना जरूरी है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई योग्यता और अन्य शर्तों को ध्यान से जांचना होगा।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवार NTPC की करियर वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य जानकारी सही तरीके से भरनी होगी।

बिहार में बनेंगे 34 नए छात्रावास, 14 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने जनजातीय और अत्यंत कमजोर जनजातीय समुदाय के विद्यार्थियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। राज्य में अब 34 नए आवासीय छात्रावास बनाए जाएंगे। इन छात्रावासों के निर्माण और संचालन के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 101 करोड़ रुपये से अधिक की योजना को मंजूरी दी है।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य उन छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है, जो दूरदराज और सुविधाओं से वंचित इलाकों में रहते हैं। छात्रावासों में रहने, खाने और पढ़ाई की जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा में सुधार हो सके।

14 जिलों में तैयार होंगे नए छात्रावास

सरकार की योजना के तहत राज्य के 14 जिलों में कुल 34 आवासीय छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। इनमें से 19 छात्रावास धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के तहत बनाए जाएंगे, जबकि 15 छात्रावास पीएम-जनमन योजना के अंतर्गत तैयार होंगे।

धरती आबा अभियान के तहत पश्चिम चंपारण, कटिहार, बांका, भागलपुर, जमुई, कैमूर, रोहतास और पूर्णिया में छात्रावास बनाए जाएंगे। वहीं पीएम-जनमन योजना के तहत कैमूर, किशनगंज, कटिहार, मधेपुरा, भागलपुर और पूर्णिया जिलों को शामिल किया गया है।

100 छात्रों की क्षमता वाले होंगे छात्रावास

इन आवासीय छात्रावासों में करीब 100-100 विद्यार्थियों के रहने की व्यवस्था होगी। यहां 15 से 18 वर्ष की उम्र के छात्रों को सुरक्षित माहौल, भोजन, आवास और पढ़ाई से जुड़ी सुविधाएं मिलेंगी। सरकार इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की व्यवस्था की तर्ज पर करने की तैयारी में है।

कमजोर जनजातीय समुदायों को मिलेगा लाभ

पीएम-जनमन योजना के तहत बनने वाले छात्रावासों से उन समुदायों के बच्चों को फायदा मिलेगा, जिनके लिए शिक्षा तक पहुंच अभी भी चुनौती बनी हुई है। इनमें असुर, बिरहोर, बिरजिया, हिल खड़िया, माल पहाड़िया, सौरिया पहाड़िया, महली और सवर जैसी जनजातियां शामिल हैं।

राशन वितरण में आएगी तेजी! बिहार सरकार ने शुरू की नई तैयारी

पटना। बिहार में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। राज्य सरकार ने राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और लोगों तक समय पर अनाज पहुंचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। इसके तहत राज्य की हजारों पीडीएस दुकानों की स्थिति की समीक्षा की जा रही है और खाली पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।

4000 PDS दुकानों में नियुक्ति की तैयारी

राज्य में करीब 4000 पीडीएस दुकानों में रिक्तियां मौजूद हैं। सरकार ने इन दुकानों के लिए जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी करने को कहा है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दुकानदारों का चयन नियमों के अनुसार और पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि योग्य लोगों को जिम्मेदारी मिल सके।

राशन वितरण में लापरवाही पर एक्शन

सरकार ने साफ कर दिया है कि गरीब लाभार्थियों के राशन में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अगर किसी दुकान से कम तौल, अनियमित वितरण, कालाबाजारी या समय पर राशन नहीं देने जैसी शिकायत मिलती है तो संबंधित दुकानदार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

सभी पात्र लोगों तक पहुंचेगा अनाज

खाद्य विभाग ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि हर पात्र लाभार्थी को तय समय पर सही मात्रा में और अच्छी गुणवत्ता वाला खाद्यान्न मिले। सरकार का फोकस है कि राशन वितरण व्यवस्था में किसी भी स्तर पर कमी न रहे और लोगों को सरकारी योजना का पूरा लाभ मिल सके।

55 हजार से अधिक दुकानों की निगरानी

राज्य की सभी पीडीएस दुकानों की सक्रियता और कामकाज की समीक्षा की जा रही है। जिलों के अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने और व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष अभियान चलाकर दुकानों की जांच की जाएगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता को समय रहते पकड़ा जा सके।

राशन कार्ड से जुड़े मामलों पर भी फोकस

बैठक में नए राशन कार्ड बनाने के लंबित आवेदनों और संदिग्ध कार्डों की जांच पर भी चर्चा हुई। सरकार ने निर्देश दिया है कि पात्र लोगों के आवेदन जल्द निपटाए जाएं, वहीं गलत या अपात्र लाभार्थियों की पहचान कर नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान! ग्रामीण परिवारों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, मिलेगा नया फायदा

पटना। बिहार के ग्रामीण परिवारों के लिए सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव करते हुए नई बिहार राज्य ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद के गठन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार योजनाओं को और बेहतर तरीके से लागू करना है।

पुरानी परिषद की जगह बनेगी नई व्यवस्था

मंत्रिमंडल ने पहले से चल रही बिहार ग्रामीण रोजगार गारंटी परिषद को समाप्त कर नई परिषद के गठन का फैसला लिया है। यह नई परिषद विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी विकसित भारत-जी राम जी योजना, बिहार-2026 के अनुसार काम करेगी। इस परिषद की जिम्मेदारी योजना के संचालन से जुड़े मामलों पर सरकार को सुझाव देना और इसके बेहतर क्रियान्वयन में सहयोग करना होगी।

ग्रामीण परिवारों को 125 दिनों का रोजगार 

नई योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक मजदूरी रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। इससे गांवों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को आय का स्थायी साधन मिल सकेगा और रोजगार के लिए पलायन को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

योजनाओं की निगरानी होगी मजबूत

नई परिषद योजना की निगरानी व्यवस्था और शिकायत निवारण प्रणाली की समीक्षा करेगी। इससे यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जाएगी कि योजनाओं का लाभ सही लोगों तक पहुंचे और काम में पारदर्शिता बनी रहे। ग्रामीण स्तर पर आने वाली समस्याओं को समय पर पहचानकर उनका समाधान करने पर भी जोर दिया जाएगा।

फैसलों में तेजी लाने की तैयारी

सरकार ने योजना के तहत तकनीकी और प्रशासनिक मंजूरी देने की प्रक्रिया को भी आसान बनाने की दिशा में कदम उठाया है। अधिकारों के विकेंद्रीकरण से स्थानीय स्तर पर फैसले जल्दी लिए जा सकेंगे, जिससे विकास कार्यों को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

बिहार में शुरू होगी AI क्रांति, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ने की तैयारी कर रहा है। राज्य सरकार ने बिहार को एआई आधारित तकनीक का केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए दुनिया की बड़ी टेक कंपनियों के साथ मिलकर काम करने की योजना बनाई गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

बड़ी टेक कंपनियों के साथ होगा समझौता

बिहार सरकार सूचना प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई साझेदारी करने जा रही है। इसके तहत गूगल क्लाउड इंडिया, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सर्वम और को-रोवर जैसी तकनीकी कंपनियों के साथ समझौता किया जाएगा। इन कंपनियों की मदद से राज्य में एआई से जुड़ा मजबूत सिस्टम तैयार करने की योजना है, जिससे सरकारी कामकाज को ज्यादा तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा सके।

खेती से लेकर स्वास्थ्य तक AI का इस्तेमाल

सरकार एआई तकनीक का उपयोग कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में करने की तैयारी कर रही है। इसमें कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, यातायात व्यवस्था, पर्यटन, वित्तीय सेवाएं और नागरिक सुविधाएं शामिल हैं। एआई आधारित समाधान आने से किसानों को बेहतर जानकारी, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सरकारी योजनाओं के संचालन में तेजी आने की उम्मीद है।

छात्रों और युवाओं को मिलेगा फायदा

बिहार सरकार की योजना केवल तकनीक लाने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को इसके लिए तैयार करने पर भी जोर दिया जाएगा। इंजीनियरिंग कॉलेज, पॉलिटेक्निक संस्थान और मेडिकल कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए एआई से जुड़े पाठ्यक्रम विकसित किए जाएंगे। साथ ही शिक्षकों और प्रशिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक की ट्रेनिंग दी जाएगी।

कर्मचारियों को भी मिलेगा प्रशिक्षण

नई व्यवस्था के तहत सरकारी अधिकारियों और तकनीकी कर्मचारियों को एआई के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। इससे प्रशासनिक कामों में डिजिटल तकनीक का बेहतर उपयोग हो सकेगा। सरकार का उद्देश्य है कि एआई के जरिए योजनाओं की निगरानी, डेटा प्रबंधन और जनता तक सेवाओं की पहुंच को आसान बनाया जाए।

स्टार्टअप और रोजगार के नए अवसर

एआई हब बनने से बिहार में स्टार्टअप को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नई तकनीक पर काम करने वाले युवाओं और कंपनियों को बेहतर अवसर मिल सकते हैं। सरकार का मानना है कि इससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। स्थानीय प्रतिभाओं को भी तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

स्थानीय भाषा और शोध पर भी रहेगा फोकस

बिहार में एआई से जुड़े शोध को बढ़ावा देने के लिए भारतीय भाषाओं और स्थानीय बोलियों पर भी काम किया जाएगा। इससे तकनीक को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा डेटा सुरक्षा, क्लाउड सिस्टम और डिजिटल ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

केंद्र सरकार की बड़ा फैसला: 1 जुलाई से देशभर में होगा लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और आजीविका को मजबूत करने के लिए एक नई पहल शुरू करने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 1 जुलाई 2026 से 'विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण)' यानी वीबी-जी राम जी कानून लागू करने की तैयारी है।

गांव-गांव तक पहुंचेगी नई व्यवस्था

नई योजना को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए सरकार फील्ड स्तर पर विशेष अधिकारियों की तैनाती करेगी। ये अधिकारी राज्यों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर काम करेंगे। इनका मुख्य काम योजना की प्रगति को समझना, स्थानीय जरूरतों की जानकारी जुटाना और किसी भी तरह की समस्या आने पर उसका समाधान निकालने में मदद करना होगा।

एरिया ऑफिसर निभाएंगे भूमिका

सरकार की योजना के अनुसार एरिया ऑफिसर ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जमीनी स्थिति का आकलन करेंगे। वे स्थानीय अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ समन्वय बनाकर यह सुनिश्चित करेंगे कि योजना का लाभ सही लोगों तक पहुंचे। इसके अलावा ये अधिकारी बेहतर कामकाज के तरीकों को साझा करने, प्रशिक्षण में सहयोग देने और योजना से जुड़े बदलावों को लागू करने में मदद करेंगे।

कई राज्यों ने शुरू कर ली तैयारी

वीबी-जी राम जी कानून को लागू करने के लिए कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है। कुछ राज्यों ने इसके लिए बजट का प्रावधान भी कर लिया है, जबकि कई जगहों पर योजनाओं को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। सरकार का लक्ष्य है कि देशभर में इस नई व्यवस्था को एक समान तरीके से लागू किया जाए।

तकनीक के जरिए बेहतर निगरानी

नई व्यवस्था में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा। इससे योजनाओं की निगरानी आसान होगी और काम की गुणवत्ता को बेहतर तरीके से देखा जा सकेगा। तकनीक आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ाने और लाभार्थियों तक सुविधाएं पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2047 के विकसित भारत विजन से जुड़ी पहल

वीबी-जी राम जी कानून को ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि रोजगार योजनाओं को केवल अस्थायी सहायता तक सीमित न रखकर उन्हें गांवों की लंबी अवधि की प्रगति से जोड़ा जाए।

सिर्फ रोजगार नहीं, गांवों के विकास का मिशन

इस योजना को ग्रामीण विकास के बड़े लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है। इसके तहत रोजगार के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं, जल संरक्षण, पर्यावरण अनुकूल कार्यों और टिकाऊ विकास पर जोर दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मिलने वाला रोजगार लोगों की आय बढ़ाने के साथ-साथ गांवों की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करे।

शनि के प्रभाव से खुलेंगे भाग्य: 4 राशियों के ग्रह दोष होंगे दूर

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि ग्रह को कर्म, न्याय और अनुशासन का कारक माना जाता है। जब शनि की स्थिति किसी राशि के लिए अनुकूल होती है तो जीवन में स्थिरता, मेहनत का फल और सफलता के अवसर बढ़ने की मान्यता रहती है। वहीं शनि के शुभ प्रभाव से कई तरह की परेशानियां कम होने और रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत मिलते हैं।

1. मकर राशि

मकर राशि के स्वामी ग्रह शनि माने जाते हैं। ऐसे में शनि का अनुकूल प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए विशेष लाभकारी हो सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने, कार्यों में सफलता मिलने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं। मेहनत करने वालों को अच्छे परिणाम मिलने की संभावना रहती है।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि पर भी शनि का स्वामित्व होता है। शनि की शुभ स्थिति से इस राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे होने की उम्मीद बन सकती है। मानसिक तनाव कम होने और आत्मविश्वास बढ़ने के योग बन सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के लिए शनि को शुभ प्रभाव देने वाला ग्रह माना जाता है। शनि की कृपा से इस राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने और कार्यक्षेत्र में तरक्की के अवसर मिलने की संभावना रहती है। पुराने विवादों या परेशानियों से राहत मिलने के संकेत भी मिल सकते हैं।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव मेहनत और धैर्य का फल देने वाला माना जाता है। इस समय योजनाओं में सफलता, आर्थिक मामलों में सुधार और जीवन में स्थिरता आने के संकेत मिल सकते हैं। शनि के प्रभाव से नकारात्मक परिस्थितियों में कमी आने की मान्यता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, SC-OBC छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने छात्रवृत्ति योजनाओं से जुड़ी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक अहम फैसला लिया है। 

अब प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने वाले छात्रों को डोमिसाइल यानी मूल निवास प्रमाण पत्र जमा करने की अनिवार्यता नहीं होगी। सरकार के इस कदम से उन लाखों विद्यार्थियों को राहत मिलेगी, जो पढ़ाई के लिए अपने राज्य या जिले से बाहर रहते हैं और दस्तावेजों की वजह से स्कॉलरशिप आवेदन में परेशानी का सामना करते थे।

मूल निवास प्रमाण पत्र की शर्त क्यों हटाई गई?

पहले SC और OBC स्कॉलरशिप के लिए डोमिसाइल सर्टिफिकेट जरूरी दस्तावेजों में शामिल था। कई छात्रों को दूसरे राज्य में पढ़ाई करने के दौरान यह प्रमाण पत्र बनवाने में काफी दिक्कत होती थी। छात्रों को आवेदन प्रक्रिया के बीच अपने गृह जिले जाना पड़ता था, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। सरकार ने इसी समस्या को देखते हुए दस्तावेजों की प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है।

करोड़ों छात्रों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस बदलाव का फायदा देशभर के बड़ी संख्या में SC और OBC वर्ग के छात्रों को मिलने की उम्मीद है। उच्च शिक्षा में पढ़ने वाले लाखों विद्यार्थी इन योजनाओं का लाभ लेते हैं। इन छात्रवृत्ति योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है, ताकि पैसे की कमी के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित न हो।

कौन-कौन सी स्कॉलरशिप योजनाएं हैं शामिल?

सरकार की ओर से SC और OBC छात्रों के लिए अलग-अलग स्तर पर छात्रवृत्ति योजनाएं चलाई जाती हैं।

SC प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप: यह योजना मुख्य रूप से 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए होती है। इसके तहत पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता दी जाती है।

SC पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप: 10वीं के बाद उच्च शिक्षा, स्नातक, परास्नातक और शोध स्तर तक पढ़ाई करने वाले छात्रों को इसका लाभ मिलता है।

OBC छात्रवृत्ति योजना: OBC वर्ग के छात्रों के लिए भी प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक सहायता योजनाएं संचालित की जाती हैं।

SETU डिजिटल प्लेटफॉर्म से आवेदन होगा आसान

दस्तावेजों की राहत के साथ सरकार ने डिजिटल सुविधा को भी बढ़ावा दिया है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने SETU नाम का डिजिटल प्लेटफॉर्म शुरू किया है। इससे छात्रों को अलग-अलग जगह आवेदन करने की जरूरत कम होगी। स्कॉलरशिप आवेदन, जानकारी और स्टेटस से जुड़ी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है।

LPG सिलेंडर को लेकर बड़ी खुशखबरी, लोगों की टेंशन दूर

नई दिल्ली। देश में LPG और ऊर्जा सप्लाई को लेकर एक अच्छी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया में हालात सुधरने के बाद भारत के लिए तेल और गैस की सप्लाई धीरे-धीरे सामान्य होने लगी है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जहाजों की आवाजाही फिर शुरू होने से LPG और LNG की आपूर्ति को लेकर चिंता कम हुई है।

भारत के लिए यह समुद्री रास्ता बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि खाड़ी देशों से आने वाली बड़ी मात्रा में ऊर्जा सामग्री इसी मार्ग से होकर गुजरती है। ऐसे में होर्मुज का खुलना भारत के ऊर्जा बाजार के लिए राहत की खबर माना जा रहा है।

होर्मुज से गुजरने लगे भारत आने वाले जहाज

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत से जुड़े कई जहाज अब इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पार कर चुके हैं। इनमें LPG और LNG ले जाने वाले जहाजों की संख्या भी काफी है। कुछ जहाज भारतीय बंदरगाहों तक पहुंच चुके हैं, जबकि कुछ रास्ते में हैं। इसके अलावा कई अन्य जहाज अभी भी फारस की खाड़ी क्षेत्र में अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। इनमें ईंधन, खाद और अन्य जरूरी सामान लेकर जाने वाले जहाज शामिल हैं।

LPG सप्लाई को मिलेगी मजबूती

भारत LPG और LNG की जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है। घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई और उद्योगों के लिए जरूरी गैस की उपलब्धता में इन देशों की अहम भूमिका है। होर्मुज मार्ग में किसी भी तरह की रुकावट का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार पर पड़ता है। अब जहाजों की आवाजाही बढ़ने से सप्लाई चेन मजबूत होने की उम्मीद है।

बाजार पर क्या होगा असर?

ऊर्जा सप्लाई सामान्य होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्थिरता आने की संभावना है। LPG, पेट्रोलियम उत्पादों और गैस की कीमतों पर कई वैश्विक कारणों का असर पड़ता है, लेकिन सप्लाई में सुधार से दबाव कम हो सकता है। हालांकि LPG सिलेंडर की कीमतों में बदलाव सरकार की नीतियों, अंतरराष्ट्रीय कीमतों और अन्य आर्थिक परिस्थितियों पर भी निर्भर करेगा।

भारत के लिए राहत भरा संकेत

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और समुद्री मार्ग खुलने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है। आने वाले दिनों में अगर जहाजों की आवाजाही सामान्य बनी रहती है तो LPG और अन्य ऊर्जा उत्पादों की सप्लाई व्यवस्था और बेहतर हो सकती है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! इन्हे मिला पुरानी पेंशन का लाभ

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पेंशन से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने कुछ खास कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) का लाभ देने का फैसला किया है। यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए राहत लेकर आया है, जो अनुकंपा नियुक्ति के कारण नई पेंशन योजना (NPS) के दायरे में चले गए थे।

सरकार के पेंशन एवं पेंशनभोगी कल्याण विभाग (DoPPW) की ओर से जारी नए निर्देशों के बाद अब पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था में शामिल होने का मौका मिलेगा।

आवेदन की तारीख के आधार पर तय होगी पात्रता

पहले पेंशन लाभ के लिए कर्मचारी की नियुक्ति की तारीख को मुख्य आधार माना जाता था। नए नियम के तहत अनुकंपा नियुक्ति वाले मामलों में अब आवेदन की तारीख को महत्व दिया जाएगा। अगर किसी कर्मचारी के परिवार ने 31 दिसंबर 2003 तक अनुकंपा नौकरी के लिए आवेदन किया था और वह उस समय नियमों के अनुसार योग्य था, तो उसे पुरानी पेंशन योजना का लाभ मिल सकता है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिलेगा जिनका आवेदन समय पर हो गया था, लेकिन विभागीय प्रक्रिया या अन्य कारणों से नियुक्ति बाद में हुई।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

यह सुविधा मुख्य रूप से उन कर्मचारियों को मिलेगी जिन्हें अनुकंपा आधार पर सरकारी नौकरी मिली थी। अनुकंपा नियुक्ति आमतौर पर तब दी जाती है जब किसी सरकारी कर्मचारी की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो जाती है या वह स्वास्थ्य कारणों से सेवा जारी नहीं रख पाता। ऐसे मामलों में परिवार को आर्थिक सहायता देने के लिए नौकरी दी जाती है। अब पेंशन नियमों में बदलाव से लंबे समय से परेशान कई कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

NPS से OPS में आने का मिलेगा मौका

नई व्यवस्था के बाद पात्र कर्मचारी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से हटकर पुरानी पेंशन व्यवस्था के तहत आ सकेंगे। इससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन सुरक्षा को लेकर अधिक भरोसा मिलेगा। कई कर्मचारी संगठन लंबे समय से मांग कर रहे थे कि जिन मामलों में देरी कर्मचारियों की वजह से नहीं हुई, उन्हें पुरानी पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। सरकार के इस कदम को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।

कल बन रहे हैं 3 शक्तिशाली योग, इन 4 राशियों की बदल सकती है किस्मत

राशिफल। ज्योतिष गणना के अनुसार 26 जून 2026 का दिन कई शुभ संयोग लेकर आ रहा है। इस दिन पंचांग में तीन खास योगों का निर्माण हो रहा है, जिनका प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। सिद्ध योग, साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग जैसे शुभ योगों को ज्योतिष में कार्यों की सफलता, उन्नति और नए अवसरों के लिए अनुकूल माना जाता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई योजनाओं और काम में सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। धन से जुड़े फैसलों में सफलता मिल सकती है। परिवार और करियर से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने के योग बन सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की और सम्मान लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और सफलता के रास्ते खुल सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह शुभ योग नए अवसर लेकर आ सकता है। शिक्षा, नौकरी या व्यापार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने से कई काम आसान हो सकते हैं।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान: इस जमीन को लेकर नई व्यवस्था

पटना। बिहार सरकार ने खास महाल जमीन को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। राजधानी पटना समेत राज्य के कई जिलों में मौजूद इन सरकारी भूखंडों पर लंबे समय से लोग लीज के आधार पर रह रहे हैं। अब सरकार इन जमीनों के भविष्य को लेकर नई नीति बनाने जा रही है, जिससे हजारों परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है।

15 अगस्त के बाद शुरू होगी प्रक्रिया

भूमि सुधार एवं राजस्व विभाग के मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने बताया कि खास महाल जमीन के मामले में सरकार जल्द ही आगे की कार्रवाई शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि 15 अगस्त के बाद पहले चरण में खास महाल जमीन के होल्डरों के साथ बैठक की जाएगी। इसमें लोगों की राय ली जाएगी और उनकी समस्याओं को समझने के बाद आगे की नीति तैयार होगी।

करीब 4,200 एकड़ खास महाल जमीन

राज्य में खास महाल जमीन का क्षेत्रफल लगभग 4,193 एकड़ बताया जाता है। यह जमीन बिहार के करीब 12 जिलों में फैली हुई है। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा राजधानी पटना में है, जहां लगभग 137 एकड़ खास महाल भूमि मौजूद है।

फ्री होल्ड का मिल सकता है विकल्प

मौजूदा व्यवस्था में लीजधारक जमीन को बेचने, ट्रांसफर करने या निर्माण करने के लिए सरकार की अनुमति लेने के लिए बाध्य होते हैं। नई नीति बनने के बाद सरकार इस बात पर विचार कर सकती है कि किन नियमों और शुल्क के आधार पर इन जमीनों को फ्री होल्ड किया जा सकता है। अगर सरकार कोई नई व्यवस्था लागू करती है तो इससे लंबे समय से जमीन पर रह रहे लोगों को स्थायी अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो सकता है।

यूपी में बनेंगी नई सड़कें, चौड़ीकरण से मजबूत होगा कनेक्टिविटी नेटवर्क

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जिले में बेहतर सड़क कनेक्टिविटी के लिए औद्योगिक लॉजिस्टिक योजना के तहत नई सड़कों के निर्माण और पुराने मार्गों के चौड़ीकरण की योजना को मंजूरी मिल गई है।

इस परियोजना पर करीब 15.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे चांदपुर, नगीना और नजीबाबाद क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क मजबूत होगा। इसका सीधा फायदा उद्योगों, किसानों और स्थानीय व्यापारियों को मिलने की उम्मीद है।

7.85 किलोमीटर निर्माण

योजना के तहत जिले में कुल 7.85 किलोमीटर लंबी सड़कों पर काम किया जाएगा। इसमें नई सड़क बनाने के साथ कुछ प्रमुख मार्गों को चौड़ा भी किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य उद्योगों तक बेहतर पहुंच बनाना है, ताकि कच्चे माल की आवाजाही और तैयार उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में आसानी हो सके।

चांदपुर में सड़क होगी फोर लेन

चांदपुर क्षेत्र में चांगीपुर स्थित बिन्दल पेपर मिल्स तक जाने वाले मार्ग को सिंगल लेन से फोर लेन में बदला जाएगा। गोहावर चौक, केमरी शफुद्दीन रोड से चांदपुर पॉलिटेक्निक तक करीब 2.3 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण का कार्य होगा। इस परियोजना पर लगभग 4.30 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस क्षेत्र में पेपर उद्योग के बड़े निवेश को देखते हुए सड़क सुधार को काफी अहम माना जा रहा है।

नगीना में काष्ठ उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

नगीना क्षेत्र में भी सड़क निर्माण की योजना बनाई गई है। ग्राम औरंगजेबपुर-मोहम्मदाबाद-हरेवली रोड पर रामलीला तिराहा से बेनीपुर गांव तक करीब 5 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जाएगी। इस सड़क के निर्माण पर करीब 10 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बेहतर सड़क सुविधा मिलने से नगीना के काष्ठ कला उद्योग को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

नजीबाबाद में बनेगी नई कनेक्टिविटी रोड

नजीबाबाद तहसील के साहनपुरा क्षेत्र में भी नई सड़क का निर्माण किया जाएगा। गाटा संख्या 546 से विलेज कनेक्टिविटी रोड तक करीब 0.55 किलोमीटर सड़क बनाई जाएगी। इस परियोजना की लागत लगभग 1.10 करोड़ रुपये बताई गई है।

663 करोड़ रुपये के निवेश को मिलेगा सहारा

इन सड़कों के निर्माण का असर जिले में हो रहे औद्योगिक निवेश पर भी पड़ेगा। अधिकारियों के अनुसार, इन परियोजनाओं से करीब 663.7 करोड़ रुपये के औद्योगिक निवेश को बेहतर आधारभूत सुविधा मिलेगी। सड़कें मजबूत होने से फैक्ट्रियों तक पहुंच आसान होगी और उद्योगों के संचालन में तेजी आएगी।