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संसद में खुलासा: SC-ST और OBC समाज से कितने IAS-IPS अधिकारी, जानें ताजा आंकड़ा

नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित सिविल सेवाओं में चयनित अधिकारियों की जाति-वार स्थिति को लेकर संसद में आंकड़े पेश किए गए हैं। पर्सनल, पब्लिक ग्रीवांस और पेंशन मंत्री (इंडिपेंडेंट चार्ज) डॉ. जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में लिखित जवाब में बताया कि पिछले पांच वर्षों (2020-2024) में OBC, SC और ST वर्ग के उम्मीदवारों का UPSC सिविल सेवा परीक्षा के जरिए चयन कैसा रहा।

आरक्षित वर्गों की नियुक्ति का विवरण

पिछले पांच सालों में (UPSC-परीक्षा 2020 से 2024 तक) विभिन्न सेवाओं में डायरेक्ट भर्ती के जरिए OBC, SC और ST कैटेगरी के उम्मीदवारों को निम्न संख्या में नियुक्त किया गया:

IAS: OBC – 245, SC – 135, ST – 67

IPS: OBC – 255, SC – 141, ST – 71

IFS: OBC – 231, SC – 95, ST – 48

तीनों सेवाओं में कुल मिलाकर OBC से 731, SC से 371 और ST से 186 उम्मीदवारों को नियुक्ति मिली।

पदों में कमी और वैंकेंसी की स्थिति

UPSC 2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार इस साल कुल 933 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जबकि 2025 में 979 और 2024 में 1,056 पदों के लिए भर्ती हुई थी। पिछले तीन सालों में पदों की संख्या में गिरावट देखी गई है। 

01 जनवरी 2025 तक की स्थिति के अनुसार, विभिन्न सेवाओं में खाली पद इस प्रकार हैं:

IAS: 1,300 वैंकेंसीज, मंजूर पद 6,877

IPS: 505 वैंकेंसीज, मंजूर पद 5,099

IFS: 1,029 वैंकेंसीज, मंजूर पद 3,193

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि IAS और IFS में सबसे अधिक पद खाली हैं, जबकि IPS में वैंकेंसी कम है।

महाशिवरात्रि पर करें 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, हर मनोकामना होगी पूरी!

धर्म डेस्क। महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का अत्यंत पवित्र त्योहार है, जो भगवान शिव की आराधना के लिए मनाया जाता है। इस दिन विशेष रूप से 12 ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। ये 12 शिव मंदिर शिव की सर्वोच्च शक्ति और ब्रह्मांडीय ऊर्जा का प्रतीक हैं। इनके दर्शन से न केवल पापों का नाश होता है, बल्कि जीवन में समृद्धि, शांति और आशीर्वाद की प्राप्ति भी होती है।

प्रमुख 12 ज्योतिर्लिंग और उनके स्थान

1 .सोमनाथ: यह ज्योतिर्लिंग प्रभास पाटन, गिर सोमनाथ, गुजरात में स्थित है। सोमनाथ मंदिर भगवान शिव की भव्यता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है।

2 .मल्लिकार्जुन: आंध्र प्रदेश के श्रीशैलम में स्थित यह मंदिर शक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र है।

3 .महाकालेश्वर: मध्य प्रदेश के उज्जैन में स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग काल, मृत्यु और मोक्ष के देवता के रूप में शिव का स्वरूप दर्शाता है।

4 .ओंकारेश्वर: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित यह ज्योतिर्लिंग नर्मदा नदी के किनारे अपनी अनूठी भव्यता के लिए प्रसिद्ध है।

5 .केदारनाथ: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में स्थित यह मंदिर हिमालय की गोद में बसा है और श्रद्धालुओं के लिए कठिन तपस्या और भक्ति का प्रतीक है।

6 .भीमाशंकर: महाराष्ट्र के पुणे जिले में स्थित भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग प्राकृतिक सुंदरता और शक्ति का अद्भुत संगम है।

7 .काशी विश्वनाथ: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित यह मंदिर भगवान शिव के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है।

8 .त्र्यम्बकेश्वर: महाराष्ट्र के नासिक जिले में स्थित यह ज्योतिर्लिंग मानसिक शांति और आध्यात्मिक विकास का केंद्र माना जाता है।

9 .वैद्यनाथ: झारखंड के देवघर में स्थित यह मंदिर रोगों और कष्टों से मुक्ति दिलाने के लिए प्रसिद्ध है।

10 .नागेश्वर: गुजरात के द्वारका में स्थित यह ज्योतिर्लिंग समुद्र के किनारे शिव की अनंत शक्ति का प्रतीक है।

11 .रामेश्वरम: तमिलनाडु के रामेश्वरम में स्थित यह मंदिर समुद्र और भक्ति के संगम का प्रतीक है।

12 .घृष्णेश्वर: महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के एलोरा में स्थित यह ज्योतिर्लिंग अपने ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

महाशिवरात्रि पर 12 ज्योतिर्लिंग का महत्व

महाशिवरात्रि के दिन इन ज्योतिर्लिंगों का दर्शन करने से भक्तों को पापों से मुक्ति, मनोकामना पूर्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त होती है। यह पर्व भक्ति, साधना और शिव प्रेम का सर्वोच्च अवसर प्रदान करता है। भक्त इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, धतूरा और बेलपत्र चढ़ाते हैं। ऐसा करने से जीवन में शांति, समृद्धि और सुख-शांति का अनुभव होता है।

महाशिवरात्रि पर करें शिव के 5 नामों का जाप, हर इच्छा होगी पूरी!

धर्म डेस्क। महाशिवरात्रि हिन्दू धर्म का अत्यंत पवित्र त्योहार है, जिसे भगवान शिव की आराधना के लिए समर्पित किया गया है। इस दिन विशेष रूप से शिव के पांच कल्याणकारी नामों का जाप करना अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। इन नामों का उच्चारण न केवल आध्यात्मिक लाभ देता है, बल्कि मानसिक शांति, सुरक्षा और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करता है।

भगवान शिव के पांच प्रमुख नाम

1 .महादेव

इसका अर्थ है ‘देवताओं के देव’। यह नाम शिव की सर्वोच्च सत्ता और ब्रह्मांड पर उनके आधिपत्य को दर्शाता है। महादेव का जाप करने से जीवन में नेतृत्व, साहस और दिव्यता की अनुभूति होती है।

2 .शंभू

‘शंभू’ का अर्थ है आनंद या मंगल। यह नाम शिव के शांत और सुखद स्वरूप का प्रतीक है। शंभू का जाप करने से मानसिक संतुलन, आनंद और सुख प्राप्त होता है।

3 .रुद्र

रुद्र शिव का शक्तिशाली और संहारक रूप है। यह नाम बुराइयों और नकारात्मक शक्तियों का नाश करता है। रुद्र का उच्चारण भक्तों को सुरक्षा और भयमुक्त जीवन का अनुभव कराता है।

4 .पशुपति

इसका अर्थ है ‘समस्त जीवों के स्वामी’। पशुपति का जाप करने से मानसिक शांति मिलती है और पशुवत प्रवृत्तियों से मुक्ति की प्राप्ति होती है। यह नाम करुणा और सर्वजीव संरक्षण की भावना को बढ़ाता है।

5 .महेश्वर

महेश्वर नाम शिव की महानता और अनंत शक्ति का परिचायक है। इसका उच्चारण जीवन में स्थिरता, साहस और आंतरिक शक्ति प्रदान करता है।

पंचअक्षरी मंत्र: "ॐ नमः शिवाय"

इन पांच नामों के साथ, भक्त “ॐ नमः शिवाय” का जाप भी कर सकते हैं। यह पंचअक्षरी मंत्र सरल होने के साथ अत्यंत प्रभावशाली है। नियमित रूप से इसका उच्चारण करने से मन की उलझन दूर होती है और सभी सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

महाशिवरात्रि का अवसर

इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान शिव की आराधना, व्रत और उपवास के साथ इन पांच नामों का जाप करना अत्यंत शुभ माना जाता है। यह न केवल आध्यात्मिक लाभ प्रदान करता है, बल्कि इच्छाओं की पूर्ति, मन की शांति और समग्र कल्याण की दिशा में भी मदद करता है।

AI का तूफान! अगले 18 महीनों में कई नौकरियां हो सकती हैं गायब?

नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर दुनिया भर में बहस तेज है। इसी बीच Microsoft के एआई प्रमुख Mustafa Suleyman ने एक बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि अगले 12 से 18 महीनों में कंप्यूटर आधारित अधिकांश “व्हाइट-कॉलर” नौकरियों के काम का बड़ा हिस्सा ऑटोमेट हो सकता है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब टेक कंपनियां एआई पर भारी निवेश कर रही हैं और पारंपरिक कार्यप्रणालियां तेजी से बदल रही हैं।

‘प्रोफेशनल-ग्रेड AGI’ की ओर दौड़

सुलेमान के अनुसार, माइक्रोसॉफ्ट अब हम AGI विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य ऐसे एआई सिस्टम तैयार करना है जो वकील, अकाउंटेंट, मार्केटिंग विशेषज्ञ या प्रोजेक्ट मैनेजर जैसे पेशेवरों के नियमित और विश्लेषणात्मक कार्यों को संभाल सकें।

फाइनेंशियल टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने संकेत दिया कि दस्तावेज़ तैयार करना, डेटा विश्लेषण, प्रोजेक्ट समन्वय और रिपोर्टिंग जैसे कार्य जल्द ही एआई के जिम्मे हो सकते हैं। उनका तर्क है कि अगर काम मुख्यतः कंप्यूटर स्क्रीन के सामने बैठकर होता है, तो एआई उसे तेज, सस्ता और अधिक कुशल तरीके से कर सकता है।

टेक इंडस्ट्री में छंटनी और पुनर्गठन

एआई की ओर बढ़ते कदमों के बीच कई बड़ी कंपनियां अपने ढांचे में बदलाव कर रही हैं। Oracle Corporation ने एआई डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने के लिए हजारों नौकरियों में कटौती की योजना बनाई है। जबकि Amazon ने भी एआई-आधारित पुनर्गठन के तहत बड़े पैमाने पर कर्मचारियों को हटाने की घोषणा की है।

भारत के लिए खतरा या अवसर?

जहां विकसित देशों में नौकरियों के जाने की आशंका गहराती दिख रही है, वहीं भारत के लिए यह दोधारी तलवार साबित हो सकती है। PwC India की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2035 तक एआई भारतीय अर्थव्यवस्था में लगभग 550 बिलियन डॉलर का योगदान दे सकता है। भारत जैसे देश के लिए, जहां आईटी और सेवा क्षेत्र में बड़ी कार्यशक्ति है, एआई एक चुनौती भी है और वैश्विक नेतृत्व का अवसर भी।

कौन-सी नौकरियां ज्यादा प्रभावित होंगी?

विशेषज्ञों के अनुसार, वे पेशे ज्यादा प्रभावित हो सकते हैं जिनमें दोहराए जाने वाले विश्लेषणात्मक कार्य, डेटा प्रोसेसिंग, दस्तावेज़ ड्राफ्टिंग, बेसिक कोडिंग या रिपोर्टिंग शामिल हैं। हालांकि, रचनात्मकता, रणनीतिक सोच, भावनात्मक बुद्धिमत्ता और जटिल निर्णय-निर्माण जैसे कौशल अभी भी मानवीय बढ़त बनाए रखते हैं।

खुशखबरी की घोषणा, बिहार में 92 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bihar Technical Service Commission (BTSC) ने डेयरी क्षेत्र में 92 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 13 फरवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 13 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत निम्न पद भरे जाएंगे:

डेयरी फील्ड ऑफिसर

डेयरी टेक्निकल ऑफिसर

कुल रिक्तियों की संख्या 92 है। यह नियुक्ति विज्ञापन संख्या 01/2026 के अंतर्गत की जा रही है।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास डेयरी टेक्नोलॉजी में बी.टेक या बी.एससी की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा IDD (DT/DH) के साथ कम से कम दो वर्ष का अनुभव भी आवश्यक है। यह भर्ती डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में तकनीकी दक्षता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए अच्छा अवसर मानी जा रही है।

आयु सीमा

आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को राज्य सरकार के नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को 9,300 से 34,800 रुपये प्रतिमाह वेतनमान के साथ 4,200 रुपये ग्रेड पे (लेवल-6) दिया जाएगा। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते भी लागू होंगे।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.btsc.bihar.gov.in या भर्ती पोर्टल https://btsc.pariksha.nic.in/ पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।

PM मोदी के 4 बड़े फैसले, महिलाओं व किसानों को खुशखबरी

नई दिल्ली। पीएम मोदी ने ‘सेवा तीर्थ’ से कई अहम नीतिगत फैसलों की घोषणा कर महिला सशक्तिकरण, किसान हित और नवाचार को नई दिशा देने का संकेत दिया है। इन निर्णयों में सबसे अधिक चर्चा “लखपति दीदी” अभियान के विस्तार और नई सामाजिक सुरक्षा पहल को लेकर हो रही है। सरकार का दावा है कि ये कदम आत्मनिर्भर भारत की गति को और तेज करेंगे।

1 .देशभर के महिलाओं के लिए बड़ा लक्ष्य: 6 करोड़ लखपति दीदी

सरकार पहले ही 3 करोड़ “लखपति दीदी” का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर चुकी है। अब इसे दोगुना कर मार्च 2029 तक 6 करोड़ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का नया लक्ष्य तय किया गया है। लखपति दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आय एक लाख रुपये या उससे अधिक वार्षिक स्तर तक पहुंचाना है। नया लक्ष्य न केवल संख्या में वृद्धि दर्शाता है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करने का संकेत भी देता है। इससे स्वरोजगार, लघु उद्योग और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2 .PM RAHAT स्कीम: हर नागरिक के लिए सुरक्षा कवच

सरकार ने “PM RAHAT” नामक नई पहल को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत सड़क दुर्घटना या अन्य आपात स्थितियों में घायल लोगों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि समय पर इलाज के अभाव में किसी की जान न जाए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम आपात चिकित्सा व्यवस्था को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाएगा।

3 .किसानों के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा निवेश

कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड की राशि 1 लाख करोड़ से बढ़ाकर 2 लाख करोड़ रुपये कर दी गई है। इस निर्णय से भंडारण, कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग यूनिट और ग्रामीण कृषि ढांचे को मजबूती मिलने की संभावना है। सरकार का लक्ष्य है कि कृषि मूल्य श्रृंखला को आधुनिक बनाया जाए, ताकि किसानों को बेहतर कीमत और बाजार तक सीधी पहुंच मिल सके।

4 .स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0

नवाचार और तकनीकी विकास को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0 की शुरुआत को मंजूरी दी गई है। यह फंड विशेष रूप से डीप टेक, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, शुरुआती चरण के स्टार्टअप और ब्रेकथ्रू तकनीकों पर केंद्रित होगा। इससे भारत के इनोवेशन इकोसिस्टम को मजबूती मिलने की उम्मीद है और युवाओं को नए अवसर मिल सकते हैं।

100 साल बाद महाशिवरात्रि पर दुर्लभ संयोग: 3 राशियों के लिए तरक्की और समृद्धि के द्वार खुलेंगे

राशिफल। 15 फरवरी को पड़ने वाली महाशिवरात्रि इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत विशेष मानी जा रही है। मान्यता है कि लगभग एक सदी बाद इस पावन तिथि पर सूर्य, शुक्र और बुध की युति बन रही है। ज्योतिषाचार्य पंडित नंदकिशोर मुद्गल के अनुसार इस दिन लक्ष्मी नारायण योग, बुध आदित्य योग और शुक्रादित्य योग का संयुक्त प्रभाव भी रहेगा, जो इसे और अधिक शुभ बना रहा है।

धार्मिक आस्था के अनुसार महाशिवरात्रि का दिन भगवान शिव की आराधना के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। इस बार ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण कुछ राशियों के लिए यह दिन तरक्की, धन लाभ और जीवन में सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। विशेष रूप से मेष, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह संयोग लाभकारी बताया जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह महाशिवरात्रि नई शुरुआत का संकेत दे सकती है। सूर्य और बुध की युति से करियर में निर्णय क्षमता मजबूत होगी। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए नए अनुबंध और लाभदायक सौदे होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। पारिवारिक जीवन में भी तालमेल बेहतर रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह दुर्लभ संयोग आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। शुक्र और बुध के प्रभाव से धन संचय के अवसर बढ़ सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। जो लोग शिक्षा, लेखन, बैंकिंग या प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े हैं, उन्हें विशेष सफलता मिल सकती है। पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य की दृष्टि से भी समय अनुकूल रहने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय साहस और उपलब्धि का हो सकता है। सूर्य का प्रभाव नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगा। लंबे समय से चल रही बाधाएं दूर हो सकती हैं। भूमि, संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार विस्तार की योजना सफल हो सकती है। आध्यात्मिक झुकाव बढ़ेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने शिक्षकों, विशेषकर महिला शिक्षिकाओं के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने विधान परिषद में घोषणा की कि 730 दिनों के शिशु देखभाल अवकाश (सीसीएल) को लेकर विभाग ने मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर ली है। अगले 15 दिनों के भीतर इससे संबंधित औपचारिक आदेश जारी कर दिया जाएगा।

यह घोषणा उस समय की गई जब मंत्री प्रो. संजय कुमार सिंह और डा. नवल किशोर यादव के अल्पसूचित प्रश्नों का उत्तर दे रहे थे। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार महिला शिक्षकों के अधिकारों और सुविधाओं को लेकर गंभीर है और नई व्यवस्था से पारदर्शिता तथा स्पष्ट दिशा-निर्देश सुनिश्चित होंगे।

शिशु देखभाल अवकाश पर स्पष्ट नियम

अब तक 730 दिनों के सीसीएल को लेकर कई स्तरों पर भ्रम की स्थिति बनी रहती थी। अलग-अलग स्कूलों में इसकी व्याख्या और प्रक्रिया भिन्न हो सकती थी, जिससे शिक्षिकाओं को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ता था।

नई एसओपी के लागू होने के बाद: अवकाश लेने की प्रक्रिया स्पष्ट होगी, स्वीकृति और अवधि को लेकर भ्रम कम होगा, प्रशासनिक स्तर पर पारदर्शिता बढ़ेगी, शिक्षिकाओं के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा होगी। यह कदम विशेष रूप से उन शिक्षिकाओं के लिए राहत लेकर आएगा, जिन्हें बच्चों की देखभाल और नौकरी के बीच संतुलन बनाने में कठिनाई होती है।

मातृत्व अवकाश में बड़ा बदलाव

सरकार ने मातृत्व अवकाश से जुड़ी वेतन व्यवस्था में भी सुधार किया है। पहले की व्यवस्था में शिक्षिकाओं को मातृत्व अवकाश के दौरान नियमित मासिक वेतन नहीं मिलता था। जब वे स्कूल लौटती थीं, तब एकमुश्त वेतन का भुगतान किया जाता था। अब इस प्रक्रिया में बदलाव करते हुए यह सुनिश्चित किया गया है कि मातृत्व अवकाश के दौरान हर माह वेतन का नियमित भुगतान होगा। विभाग इस संबंध में पहले ही अलग एसओपी जारी कर चुका है।

छुट्टी प्रबंधन में पारदर्शिता

सरकार ने छुट्टियों के प्रबंधन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इससे यह सुनिश्चित होगा कि अवकाश आवेदन, स्वीकृति और वेतन भुगतान की प्रक्रिया सुव्यवस्थित और समयबद्ध हो। यह पहल केवल प्रशासनिक सुधार नहीं है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक ठोस कदम है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 15 फरवरी से लागू, लोगों को खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राजमार्ग उपयोगकर्ताओं को बड़ी राहत देते हुए टोल वसूली के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। भारत सरकार ने ‘राष्ट्रीय राजमार्ग शुल्क (दर निर्धारण एवं वसूली) नियम, 2008’ में संशोधन को मंजूरी दी है, जिसके तहत अधूरे एक्सप्रेसवे पर अब पूरा टोल नहीं लिया जाएगा। यह निर्णय 15 फरवरी 2026 से लागू होगा और देशभर के करोड़ों वाहन चालकों को सीधे तौर पर प्रभावित करेगा।

क्या बदला है नियम में?

अब तक व्यवस्था यह थी कि एक्सप्रेसवे पर यात्रा करने के लिए सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग की तुलना में लगभग 25% अधिक शुल्क देना पड़ता था। इसका कारण बेहतर सड़क गुणवत्ता, नियंत्रित प्रवेश-निकास, उच्च सुरक्षा मानक और तेज रफ्तार की सुविधा है। लेकिन समस्या तब पैदा होती थी जब कोई एक्सप्रेसवे पूरी तरह तैयार नहीं होता था।

नए संशोधन के अनुसार: यदि एक्सप्रेसवे अपनी पूर्ण लंबाई में चालू नहीं है, या केवल आंशिक रूप से जनता के लिए खोला गया है, तो उस स्थिति में एक्सप्रेसवे की प्रीमियम दर लागू नहीं होगी। ऐसे खंडों पर टोल दर सामान्य राष्ट्रीय राजमार्ग से भी कम तय की जा सकती है। सरकार का तर्क है कि जब सुविधा अधूरी है, तो शुल्क भी उसी अनुपात में होना चाहिए।

कब तक मिलेगी यह राहत?

सरकारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन 15 फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। हालांकि यह व्यवस्था स्थायी नहीं है। यह छूट निम्न में से जो पहले हो, तब तक लागू रहेगी। संशोधन लागू होने की तारीख से एक वर्ष तक या संबंधित एक्सप्रेसवे के पूरी तरह चालू होने तक। जैसे ही परियोजना 100% पूर्ण हो जाएगी, टोल दरें फिर से सामान्य एक्सप्रेसवे दरों के अनुसार लागू हो जाएंगी।

आम यात्रियों को क्या लाभ?

इस फैसले का सबसे अधिक फायदा उन लोगों को होगा जो निर्माणाधीन रूटों पर नियमित सफर करते हैं, जैसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे। कई बार यात्रियों को जाम, अधूरे पुल, डायवर्जन और सीमित लेन जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन भुगतान पूरा करना पड़ता था।

अब नए नियम के बाद: “जितना उपयोग, उतना भुगतान” का सिद्धांत लागू होगा। अधूरी सुविधा के बदले प्रीमियम शुल्क नहीं देना पड़ेगा, यात्रियों में विश्वास और संतुष्टि बढ़ेगी, एक्सप्रेसवे के खुले हिस्सों का उपयोग भी बढ़ सकता है

महाशिवरात्रि पर सर्वार्थ सिद्धि योग: 4 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

राशिफल। इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व अत्यंत विशेष संयोग लेकर आ रहा है। ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है, जिसे अत्यंत शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए जप, तप, दान, पूजन और नए कार्यों की शुरुआत से सफलता की संभावनाएं कई गुना बढ़ जाती हैं। इस दिन यह योग दोपहर 01:49 PM से शुरू होकर अगले दिन सुबह 06:59 AM तक रहेगा। 

सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व

पंचांग के अनुसार जब वार और नक्षत्र का विशेष मेल बनता है, तब सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण होता है। ‘सर्वार्थ’ अर्थात सभी कार्य और ‘सिद्धि’ यानी सफलता। यानी इस योग में आरंभ किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है। महाशिवरात्रि जैसे आध्यात्मिक पर्व पर इसका बनना और भी मंगलकारी माना जा रहा है।

इन 4 राशियों को विशेष लाभ

वृषभ राशि

करियर और व्यापार में नई संभावनाएं खुल सकती हैं। अटके हुए कार्य पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा।

सिंह राशि

आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और सम्मान प्राप्त होगा।

वृश्चिक राशि

निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलेगी।

मीन राशि

धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शुभ परिणाम मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है।

क्या करें इस दिन

महाशिवरात्रि पर प्रातः स्नान के बाद भगवान शिव का जलाभिषेक करें। “ॐ नमः शिवाय” मंत्र का जाप करें और अपनी क्षमता अनुसार दान-पुण्य करें। रात्रि जागरण और शिव चालीसा का पाठ भी शुभ फलदायी माना गया है।

बिहार में महिला शिक्षकों के लिए बड़ी खबर: गृह जिले में पोस्टिंग?

पटना। बिहार में महिला शिक्षकों की पोस्टिंग को लेकर चर्चा जोर पकड़ रही है। शुक्रवार, 13 फरवरी 2026 को बिहार विधान परिषद के बजट सत्र में यह मामला प्रमुख रूप से उठाया गया। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने सदन में महिला शिक्षकों को हो रही परेशानियों को सामने रखा और जोर देकर कहा कि उनकी पोस्टिंग उनके गृह जिले में होनी चाहिए।

राबड़ी देवी की चिंता

सदन में राबड़ी देवी ने कहा कि कई महिला शिक्षक एक जिले से दूसरे जिले में स्थानांतरित हो जाती हैं, जिससे उन्हें आने-जाने और घर संभालने में कठिनाई होती है। उन्होंने कहा, "महिला शिक्षक केवल पढ़ाती नहीं हैं, बल्कि वे बाल-बच्चा संभालती हैं और घर भी देखती हैं। इसलिए उन्हें उनके अपने जिले में पोस्ट करना चाहिए।"

इस कदम से महिला शिक्षकों को काम और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी और उनकी पेशेवर जिंदगी भी सहज होगी।

मंत्री ने जताई सहमति

सदन में मौजूद बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने राबड़ी देवी की मांग पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और इसे विचार के लिए ग्रहण किया गया है। उन्होंने संकेत दिया कि महिला शिक्षकों के गृह जिले में पोस्टिंग के लिए जल्द ही आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

क्यों जरूरी है यह कदम

महिला शिक्षकों की पोस्टिंग उनके गृह जिले के बाहर होने से कई समस्याएं सामने आती हैं। लंबी दूरी तय करने में समय और ऊर्जा खर्च होती है। परिवार और बच्चों की देखभाल में कठिनाई होती है। काम और निजी जीवन में संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। गृह जिले में पोस्टिंग से ये समस्याएं काफी हद तक कम हो सकती हैं, और शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ेगा। अगर यह लागू हुआ तो बिहार की महिला शिक्षकों के लिए यह एक बड़ी राहत और सुविधा साबित होगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग से बंपर एरियर का मौका

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग को आधिकारिक तौर पर गठित कर दिया है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों के वेतन और भत्तों की समीक्षा अब औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है, और इससे लाखों लोगों को एरियर मिलने की संभावना है।

8वें वेतन आयोग का गठन

सरकार ने नवंबर 2025 में अधिसूचना जारी करके आयोग का गठन किया। यह 7वें वेतन आयोग के लगभग दस साल बाद आया है। इस बार भी आयोग का काम केंद्रीय कर्मचारियों, रक्षा कर्मियों, पेंशनभोगियों और ऑल इंडिया सर्विसेज के अधिकारियों के वेतन ढांचे पर सुझाव देना है।

एरियर कब तक मिलेगा?

सरकार के संकेत हैं कि आयोग की सिफारिशें जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं, लेकिन व्यावहारिक तौर पर इसे लागू करना 2027 तक हो सकता है। इसका सीधा असर यह होगा कि पुरानी और नई सैलरी के बीच का अंतर एकमुश्त एरियर के रूप में कर्मचारियों को मिलेगा। अनुमान है कि यह राशि लाखों रुपये तक हो सकती है, खासकर लेवल-1 और लेवल-4 के कर्मचारियों के लिए।

संभावित वेतन वृद्धि

आकलन के मुताबिक, इस आयोग में फिटमेंट फैक्टर लगभग 2.57 रखा जा सकता है। इससे सैलरी में 30% से 50% तक की वृद्धि संभव है। ध्यान रहे, ये आंकड़े संभावित हैं और अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

अनुमानित एरियर:

लेवल-1: 3.6 लाख – 5.65 लाख

लेवल-2: 3.98 लाख – 6.25 लाख

लेवल-4: 5.1 लाख – 8.01 लाख

एरियर की गणना कैसे होगी?

एरियर की गणना काफी सीधे तरीके से की जाएगी। पुरानी और नई बेसिक सैलरी के बीच अंतर निकाला जाएगा। इस अंतर को लागू होने तक के महीनों से गुणा किया जाएगा। महंगाई भत्ते (DA) का भी असर इसमें जोड़ा जाएगा, क्योंकि DA नई बेसिक सैलरी पर आधारित होता है। इस तरह कर्मचारियों को केवल मूल वेतन का अंतर ही नहीं, बल्कि DA का अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा।

बिहार में छत पर खेती पर सरकार दे रही 75% तक सब्सिडी

पटना। बिहार के शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए एक अच्छी खबर है। अब घर की छत पर ही ताजी और जैविक सब्जियां उगाना संभव हो गया है। बिहार सरकार ने शहरी निवासियों के लिए रूफटॉप गार्डनिंग योजना शुरू की है, जिसके तहत सरकार 75% तक की सब्सिडी दे रही है।

क्या है योजना?

रूफटॉप गार्डनिंग योजना का मकसद शहरों में हरियाली बढ़ाना और लोगों को घर पर ताजी सब्जियां उगाने का मौका देना है। इस योजना से घर का खर्च भी कुछ हद तक कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा। इसके जरिए लोग अपनी छत को एक छोटा खेत बना सकते हैं, जहां वे सब्जियां, छोटे फल और सजावटी पौधे उगा सकते हैं।

कितनी है सब्सिडी?

एक रूफटॉप गार्डनिंग यूनिट की कुल लागत लगभग ₹60,000 है। सरकार इस पर 75% यानी ₹45,000 तक की सब्सिडी दे रही है। शेष राशि लाभार्थी को खुद खर्च करनी होगी। इस यूनिट में फार्मिंग बेड, मिट्टी, खाद, बीज और जरूरी संरचना शामिल है, ताकि छत पर सुरक्षित और सही तरीके से खेती की जा सके।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए आपके पास अपना घर या फ्लैट होना चाहिए। छत पर कम से कम 300 वर्ग फीट खाली जगह हो। छत मजबूत और सुरक्षित हो ताकि फार्मिंग बेड का वजन संभाल सके।

किन शहरों में है योजना लागू?

फिलहाल योजना बिहार के कुछ चुनिंदा शहरों में ही लागू है। पटना, भागलपुर, गया, मुजफ्फरपुर। आगे चलकर इसे और शहरों में भी बढ़ाया जा सकता है।

इस योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

अगर आप इस योजना का लाभ लेना चाहते हैं तो बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल horticulture.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान छत की जानकारी और जरूरी दस्तावेज देने होंगे।

बिहार में ANM-GNM भर्ती को लेकर बड़ी खबर, सरकार ने दी खुशखबरी

पटना। बिहार में नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार ने एएनएम और जीएनएम परीक्षाओं को नियमित करने का फैसला किया है। यह घोषणा बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने की। उन्होंने बताया कि लंबे समय से लंबित परीक्षाओं को अब पटरी पर लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है।

सरकार ने माना कि पिछले तीन वर्षों से एएनएम और जीएनएम परीक्षाएं स्थगित रही हैं, जिससे हजारों छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित हुआ। जदयू विधायक मनजीत सिंह के सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि अब परीक्षा कैलेंडर को नियमित बनाने पर जोर दिया जाएगा और सभी प्रक्रियाओं को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संचालित किया जाएगा।

मार्च–अप्रैल में होगी परीक्षा

मंत्री के अनुसार सत्र 2023-24 की परीक्षा मार्च–अप्रैल में आयोजित की जाएगी। इसके लिए संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी किए जा चुके हैं। सरकार ने आश्वासन दिया कि भविष्य में परीक्षाओं का नियमित शेड्यूल रहेगा और परिणाम समय पर घोषित किए जाएंगे।

50 हजार से अधिक छात्रों को राहत

राज्य में एएनएम और जीएनएम पाठ्यक्रम से जुड़े लगभग 50 हजार छात्र-छात्राएं इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। लंबे समय से छात्रों और छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा कराने की मांग की जा रही थी। अब परीक्षा की तिथि तय होने से उन्हें बड़ी राहत मिली है।

दरअसल बिहार सरकार के इस कदम से नर्सिंग शिक्षा में स्थिरता आएगी और विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा स्पष्ट होने का अवसर मिलेगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि शेष लंबित सत्रों की परीक्षाएं भी जल्द आयोजित की जाएंगी।

14 फरवरी को राजयोग में शुक्र: 5 राशियों पर प्रेम की बारिश

राशिफल। 14 फरवरी, जिसे प्यार और रोमांस का दिन माना जाता है, इस वर्ष खास बन सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन शुक्र ग्रह का राजयोग बन रहा है, जो प्रेम, आकर्षण और संबंधों में मधुरता लाने वाला है। विशेष रूप से पांच राशियों के लिए यह दिन प्रेम के अवसरों और रिश्तों में खुशियों की बारिश लेकर आएगा।

कर्क राशि:

कर्क राशि के जातकों के लिए 14 फरवरी बेहद रोमांटिक रहने वाला है। पुराने रिश्तों में मिठास लौटेगी और सिंगल लोगों को प्यार के नए अवसर मिल सकते हैं।

तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए यह दिन आकर्षण और सामाजिक मिलन का है। नए संबंध बनाने का अवसर मिलेगा और प्रेम में सामंजस्य बढ़ेगा।

धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का यह योग रोमांटिक योजनाओं और डेट्स के लिए अनुकूल रहेगा। प्रेम में उत्साह और ऊर्जा का संचार होगा।

कुम्भ राशि:

कुम्भ राशि के लिए यह समय विशेष रूप से भावनात्मक जुड़ाव और प्यार की गहराई बढ़ाने वाला है। पुराने मतभेद दूर होंगे और आपसी समझ में वृद्धि होगी।

मीन राशि:

मीन राशि वालों के लिए यह दिन प्रेम और स्नेह के नए अवसर लेकर आएगा। साथी के साथ आपसी संबंध और मजबूत होंगे और नए रोमांटिक अनुभव संभव हैं।

हर समस्या दूर होगी: महाशिवरात्रि पर 5 मंत्रों का जाप करना न भूलें

धर्म डेस्क। महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह दिन भगवान शिव की उपासना और आशीर्वाद प्राप्त करने का विशेष अवसर है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन कुछ विशेष मंत्रों का जाप करने से जीवन की समस्याओं, मानसिक तनाव और बाधाओं से मुक्ति मिलती है। इस साल 15 फरवरी 2026 को महाशिवरात्रि पड़ रही हैं।

1. पंचाक्षरी मंत्र 

(ॐ नमः शिवाय)

यह सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र माना जाता है। नियमित जाप करने से मन को स्थिरता और शांति मिलती है, और आध्यात्मिक उन्नति होती है।

2. महामृत्युंजय मंत्र 

(ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥ )

इस मंत्र का जाप स्वास्थ्य, लंबी आयु और जीवन में सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसे उच्चारण करने से रोग-व्याधियों से मुक्ति और सकारात्मक ऊर्जा मिलती है।

3. रुद्र गायत्री मंत्र 

(ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥)

यह मंत्र ज्ञान और बुद्धि को बढ़ाने में सहायक है। विद्यार्थियों और कार्यक्षेत्र में निर्णय लेने वाले लोगों के लिए यह मंत्र अत्यंत लाभकारी माना जाता है।

4. शिव ध्यान मंत्र 

(करचरण कृतं वाक्कायजं कर्मजं वा। श्रवणनयनजं वा मानसं वापराधं।। )

यह मंत्र मानसिक और शारीरिक शुद्धि का प्रतीक है। जाप करने से व्यक्ति के जाने-अनजाने हुए पापों का क्षमा याचना होती है और आत्मा की शांति मिलती है।

5. रुद्र मंत्र 

(ॐ नमो भगवते रुद्राये)

यह मंत्र शिव जी की कृपा और ऊर्जा प्राप्त करने के लिए अत्यंत प्रभावशाली है। इसे ध्यान और श्रद्धा के साथ उच्चारित करने से जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

यूपी सरकार ने दी खुशखबरी, 3 जिलों में बनेंगे नए एयरपोर्ट

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश सरकार अब सड़क नेटवर्क के साथ-साथ हवाई कनेक्टिविटी पर भी तेज़ी से काम कर रही है। योगी सरकार का अगला लक्ष्य राज्य को ‘एयरपोर्ट प्रदेश’ बनाना है। हालिया बजट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के विस्तार के लिए व्यापक योजनाएं और वित्तीय प्रावधान किए गए हैं।

इन जिलों में नए एयरपोर्ट

योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश के ललितपुर, झांसी और लखीमपुर खीरी में नए हवाई अड्डों के निर्माण की घोषणा की गई है। इन परियोजनाओं के लिए इसी वर्ष सर्वे कार्य शुरू होने की तैयारी है। ताकि यहां से एयरपोर्ट का संचालन किया जा सके।

लखनऊ एयरपोर्ट का भी विस्तार

राजधानी लखनऊ स्थित चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (अमौसी एयरपोर्ट) के विस्तार में भी राज्य सरकार सहयोग करेगी। यह हवाई अड्डा पीपीपी मॉडल पर संचालित हो रहा है। यूरोप और अमेरिका के लिए सीधी उड़ानें शुरू करने के उद्देश्य से रनवे विस्तार आवश्यक माना गया है।

अन्य एयरपोर्टों का भी होगा विस्तार

सरकार ने श्रावस्ती, मुरादाबाद और अलीगढ़ एयरपोर्ट के विस्तार की भी योजना बनाई है। इससे क्षेत्रीय हवाई सेवाओं को मजबूती मिलेगी और पर्यटन तथा उद्योग को बढ़ावा मिलेगा।

बजट में 2,111 करोड़ रुपये का प्रावधान

राज्य बजट में नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए 2,111 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जबकि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (जेवर) के लिए 750 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इसके अलावा राज्य की हवाई पट्टियों के निर्माण, विस्तार और सुदृढ़ीकरण के लिए 1,100 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। कुल 1,965 करोड़ रुपये नागरिक उड्डयन परियोजनाओं में पूंजीगत व्यय के रूप में रखे गए हैं।

भारत रूस से खरीदेगा 288 मिसाइलें, पाकिस्तान के लिए तबाही!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा संबंधों में एक बार फिर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। फरवरी 2026 में सामने आई खबरों के अनुसार, भारत ने रूस से 288 S-400 एयर डिफेंस मिसाइलें खरीदने के लिए स्वीकृति प्राप्त कर ली है। यह सौदा भारतीय सशस्त्र सेनाओं की लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा क्षमता को और मजबूत करेगा।

S-400 डील की खास बातें

रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की मंजूरी के तहत यह सौदा 10,000 करोड़ रुपये का होगा। मिसाइलों की रेंज 40 किलोमीटर से लेकर 400 किलोमीटर तक है। इसके तहत 120 कम रेंज वाली और 168 लंबी रेंज वाली मिसाइलें शामिल होंगी। इस सौदे की खरीदारी फास्ट ट्रैक प्रक्रिया (FTP) के जरिए जल्द पूरी की जाएगी।

पहले से प्रभावी रही S-400 मिसाइलें

S-400 मिसाइलों ने भारत के ऑपरेशन सिंदूर में भी अहम भूमिका निभाई थी। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तानी फाइटर जेट, अर्ली वॉर्निंग एयरक्राफ्ट और कॉम्बैट ड्रोन को सफलतापूर्वक नाकाम किया था। रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में तैनात उसके निगरानी विमान को 314 किलोमीटर दूर से मार गिराया गया, जिससे पाकिस्तानी सेना को अपने विमानों को अफगानिस्तान और ईरान की सीमा पर स्थित एयरबेस में शिफ्ट करना पड़ा।

पाकिस्तान के रडार सिस्टम पर असर

S-400 एयर डिफेंस सिस्टम ने पाकिस्तान के अहम रडार सिस्टम को गंभीर नुकसान पहुंचाया। लाहौर, रावलपिंडी, सियालकोट और पासरूर में तैनात रडार उपकरण प्रभावहीन हो गए, जिससे पाकिस्तानी वायु सेना को मई 2025 में कोई जवाब देने की स्थिति नहीं मिली।

नई मिसाइल खरीद के रणनीतिक महत्व

288 नई मिसाइलों की खरीद से भारत की हवाई सुरक्षा क्षमता और भी मजबूत होगी। लंबी दूरी वाली मिसाइलें देश की सीमा पर किसी भी प्रकार के हवाई खतरे का प्रभावी जवाब देने में सक्षम होंगी। यह सौदा भारत की एयर डिफेंस स्ट्रेटेजी और पड़ोसी देशों के लिए सुरक्षा संतुलन बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएगा।

Tata Sierra का बाज़ार में तहलका! पहले महीने में ही बंपर बिक्री

नई दिल्ली। टाटा मोटर्स की नई मिडसाइज एसयूवी Tata Sierra ने भारतीय ऑटो मार्केट में जबरदस्त हलचल मचा दी है। साल 2026 के पहले महीने में ही इस एसयूवी की डिलीवरी शुरू होते ही ग्राहक शोरूम में उमड़ पड़े, और नतीजतन पहले ही महीने में 7003 यूनिट्स डिलीवर कर दी गईं।

बुकिंग का क्रेज

Tata Sierra का क्रेज इतनी तेजी से बढ़ा कि बुकिंग शुरू होने के पहले दिन 70 हजार से अधिक यूनिट्स बुक हो गईं थी। ग्राहकों को इसकी डिलीवरी के लिए 15 दिन से लेकर 4 महीने तक इंतजार करना पड़ रहा है। इस तरह का उत्साह और मांग यह साफ दिखाती है कि मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में टाटा मोटर्स ने नया रिकॉर्ड स्थापित कर दिया है।

कीमत और कलर ऑप्शन

Tata Sierra के पेट्रोल वेरिएंट की एक्स-शोरूम कीमत 11.49 लाख रुपये से 20.99 लाख रुपये तक है, जबकि डीजल वेरिएंट की कीमत 12.99 लाख रुपये से 21.29 लाख रुपये तक जाती है। इस एसयूवी को ग्राहक कूर्ग क्लाउड्स (सिल्वर), बंगाल रॉग (रेड), मुन्नार मिस्ट (ग्रीन-ग्रे), प्रिस्टाइन वाइट, प्योर ग्रे और अंडमान एडवेंचर (येलो) सहित 6 आकर्षक रंगों में खरीद सकते हैं।

प्रतिस्पर्धा और बाजार स्थिति

Tata Sierra अब मिडसाइज एसयूवी सेगमेंट में हुंडई क्रेटा, मारुति सुजुकी विक्टोरिया, किआ सेल्टॉस, टोयोटा हाइराइडर, मारुति ग्रैंड विटारा और स्कोडा कुशाक जैसी लोकप्रिय कारों को चुनौती दे रही है। अपने डिजाइन, फीचर्स और कीमत के संतुलन के कारण यह एसयूवी ग्राहकों में तेज़ी से लोकप्रिय हो रही है।

यूपी सरकार की बड़ी घोषणा, इन महिलाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने अपने दसवें बजट में महिलाओं के कल्याण और सशक्तिकरण को केंद्र में रखते हुए कई अहम घोषणाएँ की हैं। इस बजट का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाना है, ताकि वे अपने जीवन में अधिक स्वतंत्र और सुरक्षित महसूस कर सकें।

बुजुर्ग महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा

बजट में सबसे बड़ी घोषणा 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा देने की रही। यह योजना अब तक की अस्थायी रक्षाबंधन सुविधा को स्थायी रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सरकार ने इस योजना को शुरू करने के लिए एक लाख रुपये की टोकन राशि बजट में रखी है, जो योजना की औपचारिक शुरुआत का प्रतीक है। 

आर्थिक सशक्तिकरण के लिए नई पहलें

महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण पर भी बजट में खास ध्यान दिया गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग के बजट को बढ़ाकर 18,620 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो पिछले साल की तुलना में 11 प्रतिशत अधिक है। इसके तहत नई योजनाओं की शुरुआत की जा रही है:

उप्र महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना: स्वयं सहायता समूहों और महिलाओं को उद्यमिता की दिशा में बढ़ावा देने के लिए 151.04 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

श्रमजीवी महिला छात्रावास: छह शहरों अयोध्या, बरेली, अलीगढ़, मिर्जापुर, सहारनपुर और मुरादाबाद में 500-500 बेड के सुरक्षित और सस्ते महिला छात्रावास बनाए जाएंगे। इस योजना के लिए 80 करोड़ रुपये रखे गए हैं। इससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक रहने की सुविधा मिलेगी।

महिला उद्यमी उत्पाद विपणन योजना: महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों की बिक्री बढ़ाने के लिए विशेष मार्ट खोले जाएंगे, जहां स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं के उत्पाद बेचे जा सकेंगे। इसके लिए 100 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

यूपी में बदलेगा मौसम, 17-18 फरवरी को बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मौसम शुष्क बना हुआ है। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में हवा की रफ्तार 20-30 किमी प्रति घंटे तक बनी रही, जिससे कोहरा छंट गया है। तराई वाले क्षेत्रों में सुबह और शाम हल्का कोहरा बना रहता है, जबकि बाकी इलाकों में साफ आसमान और तेज धूप खिल रही है। कुल मिलाकर, फिलहाल मौसम सामान्य और सुहावना बना हुआ है।

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश

मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, 16 फरवरी को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो प्रदेश के मौसम पर असर डाल सकता है। इसके प्रभाव से 17 और 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। इस दौरान पूर्वी इलाकों में मौसम सामान्य रहेगा, लेकिन पश्चिमी हिस्सों में आंशिक रूप से बारिश देखी जा सकती है।

लखनऊ का मौसम

राजधानी लखनऊ में मौसम सामान्य बना हुआ है। सुबह और रात को हल्की ठंडक रहती है, जबकि दिन में तेज धूप खिलने के कारण मौसम सुहावना बनता है। गुरुवार को अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 2 डिग्री अधिक है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी लखनऊ में साफ आसमान रहेगा और तापमान लगभग इसी स्तर पर बनेगा।

बांदा सबसे गर्म जिला

प्रदेश के विभिन्न जिलों में गुरुवार को बांदा सबसे गर्म रहा। वहां अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। यह तापमान सामान्य से कुछ अधिक रहा।

वैज्ञानिकों की राय

मौसम वैज्ञानिक डॉ. अतुल सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ का असर मुख्य रूप से हिमालय क्षेत्र में दिखेगा। इसके कारण उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में 17 और 18 फरवरी को गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। इसके अलावा, प्रदेश के अन्य हिस्सों में मौसम सामान्य और धूप खिली रहेगी।

युवाओं को खुशखबरी! बिहार में 203 पदों पर भर्ती शुरू

पटना। बिहार सरकार ने पंचायत राज विभाग के तहत 203 पदों पर भर्ती की घोषणा कर दी है। यह मौका विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए है जो प्रशासनिक क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं। इस भर्ती के माध्यम से District Audit Officer (Level-7) और Senior Audit Officer (Level-6) के पद भरे जाएंगे।

पदों का विवरण

इस भर्ती के तहत कुल 203 पदों पर नियुक्ति होगी, जिनमें:

District Audit Officer (Level-7): 38 पद

Senior Audit Officer (Level-6): 165 पद

योग्यता और पात्रता

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का शैक्षणिक मानदंड Graduate या Post Graduate होना अनिवार्य है। उम्मीदवारों की योग्यता और अनुभव के आधार पर चयन किया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए बिहार पंचायत राज विभाग की आधिकारिक वेबसाइट https://state.bihar.gov.in/biharprd पर जाना होगा। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आवेदन करने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और पात्रता मानदंड अच्छे से पढ़ लें।

अंतिम तिथि

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 10 मार्च 2026 है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे समय रहते आवेदन कर लें ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

नौकरी करने का स्थान: बिहार।

बिहार में बड़ा अभियान: सरकारी जमीन से हटेगा अवैध कब्जा

पटना। बिहार सरकार ने सरकारी भूमि की सुरक्षा और संरक्षण को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। कैडेस्ट्रल सर्वे में दर्ज ऐसी जमीनें, जिन पर विधिसम्मत बंदोबस्ती नहीं हुई है लेकिन वे निजी कब्जे में हैं, उन्हें मुक्त कराने के लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं।

सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई कार्रवाई

यह सख्ती हाल ही में Supreme Court of India की टिप्पणी के बाद और बढ़ गई है। एसएलपी (सी) संख्या 4337/2025, विनोद गांधी बनाम डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, मदुरई मामले में 22 जनवरी 2026 को अदालत ने अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए थे। इसी संदर्भ में मुख्य सचिव के निर्देश पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जिलाधिकारियों को त्वरित और ठोस कार्रवाई करने को कहा है।

विधिसम्मत प्रक्रिया से होगी जमीन की रिकवरी

प्रधान सचिव सीके अनिल ने निर्देश दिया है कि अवैध कब्जों की पहचान कर नियमानुसार वाद दायर किए जाएं और प्राथमिकता के आधार पर सरकारी जमीन को मुक्त कराया जाए। जिला प्रशासन को नियमित निगरानी और प्रगति रिपोर्ट देने की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि अभियान की पारदर्शिता और प्रभावशीलता बनी रहे।

उपमुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश

उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा है कि सरकारी जमीन राज्य की अमूल्य संपत्ति है और उस पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों को चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जवाबदेही तय की जाएगी।

लैंड बैंक निर्माण की तैयारी

सरकार का उद्देश्य केवल अतिक्रमण हटाना नहीं, बल्कि अंचलवार सरकारी जमीन को सुरक्षित कर “लैंड बैंक” तैयार करना भी है। इससे औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराई जा सकेगी।

8वें वेतन आयोग: 20, 30, 40 हजार कमानें वालों की नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन में हर कुछ साल बाद होने वाली बढ़ोतरी को तय करने के लिए वेतन आयोग का अहम योगदान होता है। 7वें वेतन आयोग ने पिछले दौर में न्यूनतम वेतन को ₹7,000 से बढ़ाकर ₹18,000 किया था। इसका आधार था फिटमेंट फैक्टर, जो नए वेतन की गणना में इस्तेमाल किया जाता है। अब चर्चा है कि 8वें वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन को और कितना बढ़ाएगा।

फिटमेंट फैक्टर क्या है?

फिटमेंट फैक्टर, कर्मचारियों की मौजूदा बेसिक सैलरी को नए स्तर पर ले जाने का गुणांक होता है। सरल शब्दों में: नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्टर

7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। 8वें वेतन आयोग में फिलहाल तीन अनुमानित विकल्प चर्चा में हैं: 1.92, 2.08 और 2.86। अगर सबसे बड़ा अनुमान 2.86 लागू होता है, तो न्यूनतम वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक पहुंच सकता है।

8वें वेतन आयोग में वेतन अनुमान

Level 2: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹19,900 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹38,208 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹41,392 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹56,914

Level 3: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹21,700 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹41,664 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹45,136 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹62,062

Level 4: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹25,500 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹48,960 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹53,040 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹72,930

Level 5: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹29,200 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹56,064 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹60,736 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹83,512

Level 6: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹35,400 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹67,968 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹73,632 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹1,01,244

Level 7: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹44,900 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹86,208 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹93,392 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹1,28,414

Level 8: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे ₹47,600 | 1.92 फिटमेंट फैक्टर ₹91,392 | 2.08 फिटमेंट फैक्टर ₹99,008 | 2.86 फिटमेंट फैक्टर ₹1,36,136

स्वाद भी और सेहत भी! गुड़ की चाय से करें दिन की शुरुआत

हेल्थ डेस्क। आजकल लोग सेहत को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गए हैं। छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके भी बड़ा फर्क लाया जा सकता है। ऐसी ही एक आसान और असरदार आदत है, सुबह की चाय में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल। गुड़ न सिर्फ चाय का स्वाद बढ़ाता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई मायनों में फायदेमंद माना जाता है।

प्राकृतिक मिठास का बेहतर विकल्प

गुड़, चीनी की तुलना में कम प्रोसेस्ड होता है और इसमें आयरन, कैल्शियम, पोटैशियम जैसे कुछ खनिज तत्व मौजूद रहते हैं। सुबह की चाय में गुड़ मिलाने से आपको मीठा स्वाद भी मिलता है और थोड़ी पोषणात्मक बढ़त भी।

पाचन में मददगार

पारंपरिक तौर पर गुड़ को पाचन सुधारने वाला माना जाता है। गुड़ की चाय गैस, अपच और भारीपन की समस्या को कम करने में सहायक हो सकती है, खासकर सर्दियों में यह और भी लाभकारी मानी जाती है।

इम्युनिटी करें बूस्ट

गुड़ में मौजूद सूक्ष्म पोषक तत्व और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। अदरक या तुलसी के साथ गुड़ की चाय पीने से इसका असर और बढ़ सकता है।

ऊर्जा का अच्छा स्रोत

सुबह उठते ही शरीर को ऊर्जा की जरूरत होती है। गुड़ प्राकृतिक शर्करा का स्रोत है, जो तुरंत ऊर्जा देने में मदद कर सकता है। इससे दिन की शुरुआत तरोताजा महसूस होती है।

डिटॉक्स में सहायक

माना जाता है कि गुड़ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है और खून को साफ रखने में सहायक हो सकता है। नियमित रूप से सीमित मात्रा में गुड़ की चाय पीना एक हेल्दी आदत बन सकती है।

आज सोने-चांदी में जबरदस्त तेजी, बाजार में लौटी रौनक

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच आज निवेशकों को राहत मिली है। गुरुवार को भारी गिरावट झेलने के बाद सोना और चांदी दोनों में तेज़ उछाल दर्ज किया गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी Multi Commodity Exchange (MCX) पर शुरुआती कारोबार में चांदी 6,000 रुपये से अधिक उछली, जबकि सोना 2,000 रुपये से ज्यादा महंगा हो गया।

MCX पर चांदी की जबरदस्त तेजी

5 मार्च डिलीवरी वाली चांदी पिछले सत्र में 2,36,435 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी। आज यह 2,39,626 रुपये पर खुली और शुरुआती कारोबार में 6,400 रुपये से ज्यादा की छलांग लगाते हुए 2,42,866 रुपये तक पहुंच गई। सुबह लगभग 9:50 बजे यह करीब 5,700 रुपये की बढ़त के साथ 2,42,200 रुपये के आसपास कारोबार करती दिखी।

गौरतलब है कि इससे पहले के सत्र में चांदी करीब 10 प्रतिशत यानी लगभग 26,000 रुपये टूट गई थी। ऐसे में आज की रिकवरी को तकनीकी सुधार और मजबूत खरीदारी का संकेत माना जा रहा है।

आज सोने में भी मजबूती

2 अप्रैल डिलीवरी वाला सोना पिछले सत्र में 1,52,836 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। आज यह 1,53,750 रुपये पर खुला और शुरुआती कारोबार में 2,000 रुपये से ज्यादा चढ़कर 1,54,837 रुपये तक पहुंच गया। सुबह 10 बजे के आसपास यह करीब 1,54,725 रुपये पर ट्रेड कर रहा था, जो लगभग 1.24 प्रतिशत की तेजी दर्शाता है।

बीते कारोबारी दिन सोने में भी 4 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई थी। ऐसे में आज की तेजी निवेशकों के लिए राहत लेकर आई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

वैश्विक बाजारों में भी कीमती धातुओं में सुधार देखने को मिला। स्पॉट गोल्ड करीब 1 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,966 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। पिछले सत्र में यह 5,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया था।

इसी तरह स्पॉट सिल्वर में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई और यह लगभग 76 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह उछाल घरेलू कीमतों को भी सहारा दे रहा है।

यूपी में OBC छात्रों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में बजट सत्र के दौरान पिछड़ा वर्ग (OBC) छात्रों की छात्रवृत्ति का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच निवेश और रोजगार को लेकर तीखी बहस देखने को मिली, लेकिन इसी चर्चा के बीच ओबीसी विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण आश्वासन भी सामने आया।

सभी OBC छात्रों को छात्रवृत्ति

पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि कोई भी पात्र ओबीसी छात्र-छात्रा छात्रवृत्ति से वंचित न रहे। उनका कहना था कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है। छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए पर्याप्त बजट उपलब्ध कराया जाएगा।

बजट में उल्लेखनीय वृद्धि

मंत्री ने जानकारी दी कि पूर्ववर्ती सरकार के समय विभाग का बजट लगभग 1286 करोड़ रुपये था, जबकि वर्तमान सरकार में इसे बढ़ाकर करीब 3500 करोड़ रुपये कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल वित्तीय प्राथमिकता को दर्शाती है, बल्कि यह भी संकेत देती है कि सरकार पिछड़े वर्ग के छात्रों की शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए गंभीर है।

38 लाख छात्रों को लाभ देने का लक्ष्य

सरकार ने इस वर्ष लगभग 38 लाख छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। यदि यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा होता है, तो यह राज्य में उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में नामांकन को बढ़ावा देने में सहायक साबित हो सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह सहायता शिक्षा जारी रखने का मजबूत आधार बनती है।

शिक्षा के माध्यम से सामाजिक सशक्तिकरण

ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षिक सशक्तिकरण का माध्यम भी है। इससे न केवल ड्रॉपआउट दर में कमी आ सकती है, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी मिल सकते हैं। सरकार की यह पहल राज्य में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि घोषित लक्ष्यों को किस हद तक समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाता है।