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यूपी में जमीन मालिकों के लिए बड़ा अपडेट, बड़ा अभियान शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जमीन और मकान से जुड़े फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने एक बड़ा और सख्त अभियान शुरू कर दिया है। इस नई व्यवस्था के तहत अब हर भवन और भूखंड के मालिक को अनिवार्य रूप से केवाईसी (KYC) करानी होगी।

क्यों जरूरी हुआ यह अभियान?

पिछले कई वर्षों से लखनऊ विकास प्राधिकरण में संपत्ति से जुड़े फर्जीवाड़े, अधूरे रिकॉर्ड, गायब फाइलें और गलत दस्तावेजों के आधार पर खरीद-फरोख्त के मामले सामने आते रहे हैं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब प्राधिकरण ने सभी संपत्तियों का एक प्रमाणित और डिजिटल डेटाबेस बनाने का फैसला किया है।

हर संपत्ति के लिए KYC अनिवार्य

नई व्यवस्था के अनुसार, एलडीए से जुड़ी सभी आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों के मालिकों को KYC कराना जरूरी होगा। इसके तहत निम्न जानकारी ली जाएगी आधार कार्ड और पहचान दस्तावेज, मोबाइल नंबर और पता, संपत्ति से संबंधित रजिस्ट्री विवरण, स्वामित्व की स्थिति। इस प्रक्रिया के बाद हर संपत्ति को डिजिटल रिकॉर्ड से जोड़ा जाएगा, जिससे भविष्य में किसी भी जानकारी को आसानी से सत्यापित किया जा सकेगा।

घर-घर जाकर होगा सत्यापन

एलडीए ने इस अभियान को तेजी से लागू करने के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। जिन लोगों के संपर्क विवरण उपलब्ध हैं, उन्हें मैसेज के जरिए सूचना भेजी जा रही है। इसके अलावा प्राधिकरण की टीमें घर-घर जाकर दस्तावेजों की जांच और सत्यापन भी करेंगी, ताकि कोई भी जानकारी अधूरी या गलत न रहे।

डिजिटल रिकॉर्ड से खत्म होंगे विवाद

KYC प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी संपत्तियों का एक डिजिटल और अपडेटेड रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इससे: डुप्लीकेट मालिकाना हक की समस्या कम होगी, फर्जी रजिस्ट्री पर रोक लगेगी, ट्रांसफर और नामांतरण प्रक्रिया आसान होगी, पुरानी और गायब फाइलों का रिकॉर्ड भी दोबारा तैयार होगा।  एलडीए इस KYC अभियान को भविष्य में संपत्ति से जुड़ी सभी सेवाओं जैसे नामांतरण, नक्शा पास कराने और ट्रांसफर प्रक्रिया से जोड़ने की भी तैयारी कर रहा है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकों के लिए 6 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने आम जनता को सरकारी योजनाओं और शिकायत निवारण की बेहतर सुविधा देने के लिए पंचायत स्तर पर आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविर’ को और अधिक प्रभावी बनाने का बड़ा निर्णय लिया है। इस नई व्यवस्था के तहत शिविरों को न सिर्फ अधिक पारदर्शी बनाया जाएगा, बल्कि लोगों को तेज और सरल सेवा उपलब्ध कराने पर भी जोर रहेगा।

1. आवेदन लिखने की समस्या होगी खत्म

अब सहयोग शिविर में आने वाले लोगों के लिए आवेदन लिखने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए क्लर्कों की नियुक्ति की जाएगी, ताकि जिन लोगों को आवेदन लिखने में कठिनाई होती है, वे आसानी से अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। इसके साथ ही प्री-प्रिंटेड फॉर्म भी उपलब्ध होंगे, जिनमें केवल जरूरी जानकारी भरकर आवेदन जमा किया जा सकेगा।

2. तुरंत ऑनलाइन पावती और डिजिटल प्रक्रिया

शिविर में जमा किए गए आवेदनों को मौके पर ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाएगा और तुरंत पावती (रसीद) भी दी जाएगी। इससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और तेज हो जाएगी और लोगों को अपने आवेदन की स्थिति आसानी से पता चल सकेगी।

3. लंबित मामलों का पहले से निपटारा

सरकार ने निर्देश दिया है कि शिविर से पहले ही संबंधित पंचायतों के लंबित मामलों की समीक्षा की जाए। इसके लिए जिलाधिकारी से लेकर अंचल अधिकारी तक सभी स्तर पर कार्रवाई तेज करने को कहा गया है, ताकि शिविर में अधिक से अधिक मामलों का समाधान किया जा सके।

4. 30 दिन में समाधान अनिवार्य

अब किसी भी आवेदन का निपटारा अधिकतम 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य कर दिया गया है। समय सीमा का पालन न करने पर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई, यहां तक कि निलंबन तक की व्यवस्था की जाएगी। इससे प्रशासनिक जवाबदेही और तेज होगी।

5. सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी

अब सहयोग शिविर केवल शिकायत निवारण तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि यह सरकारी योजनाओं के प्रचार और जागरूकता का केंद्र भी बनेंगे। यहां विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए जाएंगे, जहां लोगों को योजनाओं की पूरी जानकारी दी जाएगी। कृषि, पशुपालन, राजस्व, भूमि सुधार और अन्य विभागों की सेवाएं एक ही जगह उपलब्ध होंगी।

6. बेहतर सुविधाएं और डिजिटल व्यवस्था

शिविर स्थलों पर अब बेहतर सुविधाओं का ध्यान रखा जाएगा। गर्मी को देखते हुए पेयजल, बैठने की व्यवस्था और अस्थायी मजबूत शिविर बनाए जाएंगे। साथ ही इंटरनेट, लैपटॉप और प्रिंटर जैसी डिजिटल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे पूरा काम ऑनलाइन और तेज गति से हो सके।

यूपी में ग्राम प्रधानों को मिली सुपर पावर, गांवों में नया सिस्टम लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों के लिए एक बड़ी और अहम राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने फैसला लिया है कि आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों में प्रशासक की जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों को ही सौंपी जाएगी। इस निर्णय के बाद प्रदेश की 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था ग्राम प्रधानों के हाथों में रहेगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है, जिसके बाद पंचायती राज विभाग जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी करेगा।

ग्राम प्रधान ही बनेंगे प्रशासक

सरकार के इस फैसले के अनुसार, अब ग्राम पंचायतों में किसी बाहरी अधिकारी की जगह मौजूदा ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। इससे पहले यह जिम्मेदारी आमतौर पर एडीओ पंचायत या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों को दी जाती रही है। यह पहली बार है जब प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में ग्राम प्रधानों को सीधे प्रशासक की भूमिका दी जा रही है।

57,000 से अधिक पंचायतों में लागू

प्रदेश की लगभग 57,694 ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। जिन ग्राम पंचायतों का पांच साल का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है, वहां अब नई निर्वाचित इकाई बनने तक ग्राम प्रधान ही प्रशासनिक कामकाज संभालेंगे। इस निर्णय से पंचायत स्तर पर कामकाज में निरंतरता बनी रहने की उम्मीद है।

पंचायत चुनाव में देरी की वजह क्या है?

पंचायत चुनाव समय पर न हो पाने की प्रमुख वजह पिछड़ा वर्ग आरक्षण आयोग के गठन में देरी बताई जा रही है। हालांकि सरकार ने हाल ही में आयोग के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है, लेकिन वोटर लिस्ट के अद्यतन और अन्य प्रक्रियाओं में समय लगने के कारण चुनाव तुरंत संभव नहीं हो पाए हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए सरकार ने यह अंतरिम व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

प्रशासनिक कामकाज पर असर नहीं पड़ेगा

इस निर्णय से पंचायतों में विकास कार्यों के रुकने की आशंका काफी हद तक कम हो गई है। ग्राम प्रधानों का मानना है कि जब प्रशासनिक जिम्मेदारी उनके पास होगी तो योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक तेजी और पारदर्शिता से हो सकेगा। स्थानीय लोगों को भी उम्मीद है कि इससे पंचायत स्तर पर कामकाज अधिक सुचारू रहेगा।

29 मई को बनेगा 2-2 राजयोग: इन 4 राशियों की खुल जाएगी किस्मत

राशिफल। 29 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन एक नहीं बल्कि दो शक्तिशाली राजयोग बन रहे हैं, जिनका प्रभाव कई राशियों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। ग्रहों की स्थिति ऐसी बन रही है कि धन, बुद्धि और समृद्धि से जुड़े योग एक साथ सक्रिय होंगे।

इस खास दिन बुद्धि के कारक ग्रह बुध अपनी स्वराशि मिथुन में प्रवेश करेंगे, जिससे भद्र राजयोग का निर्माण होगा। इसके साथ ही पहले से मिथुन राशि में मौजूद शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण योग भी बनेगा। इन दोनों योगों का मिलन कई लोगों के लिए भाग्य के द्वार खोल सकता है।

इन 4 राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि में ही यह योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा, करियर में नई संभावनाएं मिलेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी भी बुध हैं, इसलिए इस योग का सकारात्मक प्रभाव इन पर भी पड़ेगा। नौकरी और व्यवसाय में तरक्की के संकेत हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग धन लाभ और नए अवसर लेकर आ सकता है। पार्टनरशिप और व्यापार में फायदा मिलने की संभावना है।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय करियर ग्रोथ और मान-सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। नए प्रोजेक्ट और सफलता के अवसर मिल सकते हैं।

केंद्र सरकार ने दी जानकारी, देशभर के किसानों को बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए खरीफ सीजन 2026 से पहले एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने जानकारी दी है कि आगामी खरीफ सत्र के लिए उर्वरकों की उपलब्धता पर्याप्त है और मांग को पूरा करने के लिए मजबूत भंडार मौजूद है। सरकार के अनुसार, देश में न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ा है बल्कि आयात के जरिए भी आपूर्ति को संतुलित रखा गया है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब खरीफ फसलों की बुवाई जून के मध्य से शुरू होने वाली है, और किसानों को समय पर खाद की उपलब्धता की चिंता रहती है। सरकार ने उर्वरक सब्सिडी के लिए भारी बजट प्रावधान किया है, जिससे किसानों पर आर्थिक बोझ कम हो सके। इसके साथ ही यूरिया और डीएपी जैसे उर्वरकों की कीमतें भी नियंत्रित रखी गई हैं।

उर्वरकों का भंडार स्थिति में सुधार

केंद्र सरकार के उर्वरक विभाग के अनुसार, देश में उर्वरकों की कुल स्थिति फिलहाल संतोषजनक बनी हुई है। अधिकारियों ने बताया कि खरीफ 2026 के लिए लगभग 390 लाख टन उर्वरक की आवश्यकता का अनुमान लगाया गया है, जबकि वर्तमान में करीब 200 लाख टन से अधिक का भंडार पहले से उपलब्ध है। यह आंकड़ा कुल अनुमानित मांग का 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है, जो सामान्य स्थिति से बेहतर माना जा रहा है। आमतौर पर यह स्तर करीब एक-तिहाई होता है।

घरेलू उत्पादन और आयात दोनों में बढ़ोतरी

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उर्वरक आपूर्ति को मजबूत बनाने में घरेलू उत्पादन की बड़ी भूमिका रही है। अब तक करीब 95 लाख टन उर्वरक घरेलू स्तर पर तैयार किया गया है, जबकि लगभग 22 लाख टन का आयात किया गया है। इसके अलावा, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों की आपूर्ति भी पहले से सुनिश्चित कर ली गई है, जिससे खरीफ सीजन में किसी तरह की कमी की संभावना कम हो जाती है।

खाद के उत्पादन क्षमता में लगातार वृद्धि

पिछले कुछ वर्षों में देश में उर्वरक उत्पादन क्षमता में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2021 में जहां कुल उत्पादन लगभग 433 लाख टन था, वहीं 2025 तक यह बढ़कर 524 लाख टन से अधिक हो गया है। इसी तरह यूरिया उत्पादन में भी उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, जो अब 300 लाख टन से अधिक पहुंच चुका है। इससे देश की आयात पर निर्भरता कुछ हद तक कम हुई है, हालांकि मांग को पूरा करने के लिए अब भी कुछ मात्रा में आयात जरूरी रहता है।

किसानों के लिए स्थिर आपूर्ति का आश्वासन

सरकार का कहना है कि खरीफ सीजन में मांग सबसे अधिक होती है, लेकिन इस बार पर्याप्त तैयारी के कारण किसी बड़े संकट की संभावना नहीं है। तैयार उर्वरकों और कच्चे माल की नियमित निगरानी से आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखा जाएगा। किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने के लिए सरकार की प्राथमिकता है कि वितरण प्रणाली में किसी तरह की बाधा न आए।

यूपी में 'जूनियर इंजीनियर' समेत 47 पदों पर भर्ती, करें आवेदन,

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS), लखनऊ ने विभिन्न तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। 

इस भर्ती के तहत कुल 47 रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिनमें जूनियर इंजीनियर, तकनीशियन और अन्य ग्रुप बी व सी के पद शामिल हैं। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए खास है जो इंजीनियरिंग, डिप्लोमा या स्नातक योग्यता रखते हैं और सरकारी संस्थान में स्थिर करियर बनाना चाहते हैं।

भर्ती की मुख्य जानकारी

SGPGIMS लखनऊ द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्तियां बैकलॉग पदों के अंतर्गत की जा रही हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

संस्थान का नाम: संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, लखनऊ

कुल पद: 47

पदों का प्रकार: ग्रुप बी और ग्रुप सी (तकनीकी अधिकारी, जूनियर इंजीनियर, तकनीशियन, परफ्यूजनिस्ट आदि)

वेतन स्तर: लेवल 5, 6 और 7 (पद के अनुसार)

आवेदन की तिथियां

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 मई 2026 से शुरू होगी और 09 जून 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लें, ताकि तकनीकी समस्याओं से बचा जा सके।

आवेदन की प्रक्रिया

उम्मीदवार केवल ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें SGPGIMS की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेजों और जानकारी को सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा।

आधिकारिक वेबसाइट: https://www.sgpgims.org.in

यूपी में निराश्रित महिलाओं को खुशखबरी, खाते में पहुंचेगी पेंशन की राशि

मेरठ। उत्तर प्रदेश में निराश्रित और विधवा महिलाओं के लिए सरकार की पेंशन योजना लगातार बड़ा सहारा बनती जा रही है। मेरठ जिले की हजारों महिलाओं के लिए अब राहत की खबर सामने आई है। पिछले कई महीनों से पेंशन की राशि का इंतजार कर रहीं महिलाओं के खातों में अगले महीने करोड़ों रुपये की धनराशि भेजी जाएगी।

लगातार बढ़ रही लाभार्थियों की संख्या

मेरठ जिले में इस योजना का दायरा तेजी से बढ़ा है। पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में इस बार हजारों नई महिलाओं को योजना से जोड़ा गया है। सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं को आर्थिक सहायता देना है जो पति की मृत्यु के बाद या अन्य कारणों से आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में जीवन यापन कर रही हैं। आंकड़ों के अनुसार पहले जहां योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या करीब 64 हजार थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 73 हजार तक पहुंच गई है।

हर तीन माह में आर्थिक सहायता

निराश्रित महिला पेंशन योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि हर तीन महीने में तीन हजार रुपये की किस्त के रूप में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार का मानना है कि यह सहायता महिलाओं के दैनिक खर्च, दवा, बच्चों की जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों में मददगार साबित हो रही है।

ऑनलाइन व्यवस्था से बढ़ी पारदर्शिता

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब महिलाएं बिना ज्यादा भागदौड़ के आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने के बाद भुगतान में पारदर्शिता आई है और फर्जीवाड़े की संभावना भी कम हुई है। प्रशासन की ओर से गांवों और शहरों में जागरूकता अभियान भी चलाए जा रहे हैं ताकि पात्र महिलाएं योजना का लाभ लेने से वंचित न रहें।

महिलाओं के लिए सहारा बन रही योजना

महंगाई और बढ़ते खर्चों के दौर में यह योजना हजारों महिलाओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। जिन महिलाओं के पास आय का कोई स्थायी साधन नहीं है, उनके लिए यह पेंशन आत्मनिर्भरता का माध्यम बन रही है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा और दूरदर्शी फैसला लिया है। अब प्रदेश में तकनीकी प्रशिक्षण केवल पारंपरिक ट्रेड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि युवाओं को नई और आधुनिक तकनीकों से भी जोड़ा जाएगा।

इसी उद्देश्य से राज्य सरकार रोबोटिक्स, सीएनसी मशीनिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी), कंप्यूटर तकनीक और अन्य न्यू एज स्किल्स पर विशेष ध्यान दे रही है। इसके जरिए युवाओं को आधुनिक उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा, जिससे रोजगार के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।

आईटीआई संस्थानों का होगा आधुनिकीकरण

प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम शुरू कर दिया है। वर्तमान में सरकारी आईटीआई संस्थानों में करीब 1.29 लाख और निजी आईटीआई में लगभग 2.77 लाख से अधिक छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। इन युवाओं को बेहतर तकनीकी माहौल उपलब्ध कराने के लिए टाटा टेक्नोलॉजी के सहयोग से राज्य के 150 आईटीआई संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है।

स्किल डेवलपमेंट के लिए 1000 करोड़ प्रवधान

राज्य सरकार ने कौशल विकास मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए स्टेट स्किल डेवलपमेंट फंड में 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इस धनराशि का उपयोग युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण देने, आधुनिक तकनीकी पाठ्यक्रम शुरू करने और प्रशिक्षण केंद्रों को बेहतर बनाने में किया जाएगा।

स्कूल स्तर से ही तकनीकी शिक्षा पर जोर

प्रदेश सरकार 'प्रोजेक्ट प्रवीण' के माध्यम से इंटर कॉलेज स्तर के विद्यार्थियों को भी तकनीकी शिक्षा से जोड़ रही है। इसका उद्देश्य छात्रों को शुरुआती स्तर से ही व्यावहारिक और तकनीकी ज्ञान देना है, ताकि पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें रोजगार पाने में कठिनाई न हो। नई व्यवस्था के तहत सामान्य शिक्षा के साथ-साथ स्किल आधारित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे छात्रों में आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और वे आधुनिक रोजगार बाजार की मांग के अनुसार खुद को तैयार कर सकेंगे।

हर जिले में होगी स्किल मैपिंग

सरकार ने रोजगार और प्रशिक्षण को स्थानीय जरूरतों से जोड़ने की भी योजना बनाई है। इसके तहत प्रत्येक जिले में वहां के उद्योगों और रोजगार की संभावनाओं का सर्वे कराया जाएगा। उसी आधार पर प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि युवाओं को वही कौशल सिखाया जाए जिसकी स्थानीय स्तर पर सबसे अधिक मांग है।

रोजगर मेलों होंगे प्रभावी

प्रशिक्षित युवाओं को सीधे कंपनियों और उद्योगों से जोड़ने के लिए रोजगार मेलों की व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। सरकार चाहती है कि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को नौकरी पाने के लिए अधिक भटकना न पड़े और उन्हें सीधे रोजगार के अवसर मिल सकें।

प्रदोष व्रत पर चमकेगी किस्मत: 4 राशियों को धन और सुख का योग

राशिफल। ज्येष्ठ माह का गुरु प्रदोष व्रत इस बार बेहद खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार, ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 28 मई 2026 को सुबह 7 बजकर 56 मिनट पर शुरू होगी और 29 मई 2026 को सुबह 9 बजकर 50 मिनट पर समाप्त होगी। गुरुवार के दिन पड़ने के कारण इसे गुरु प्रदोष व्रत कहा जाएगा। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक इस बार का प्रदोष व्रत चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने वाला है।

मेष राशि

इस राशि के जातकों के लिए यह प्रदोष व्रत आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में धन लाभ के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। शिव पूजा करने से आत्मविश्वास बढ़ेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

वृषभ राशि

इस राशि वालों के लिए यह समय सफलता और तरक्की लेकर आ सकता है। करियर में नई संभावनाएं बनेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। यदि किसी निवेश की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल रह सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। भगवान शिव की कृपा से अटके हुए काम पूरे होने के योग हैं।

सिंह राशि

इस राशि के जातकों को इस प्रदोष व्रत पर विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार में उन्नति के नए रास्ते खुल सकते हैं। आय में वृद्धि होने की संभावना है और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियों से राहत मिल सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। शिव आराधना से सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

धनु राशि

इस राशि वालों के लिए गुरु प्रदोष व्रत बेहद शुभ माना जा रहा है। देवगुरु बृहस्पति की कृपा से भाग्य का साथ मिलेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई उपलब्धि मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ और नए संपर्क बनने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहेगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, अब हर ब्लॉक में लगेगी साप्ताहिक चौपाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के प्रत्येक विकास खंड स्तर पर साप्ताहिक चौपाल आयोजित करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में लोगों की शिकायतों को स्थानीय स्तर पर सुनकर उनका तेजी से निस्तारण करना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता जनता को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से न्याय दिलाना है। उन्होंने कहा कि केवल कागजी कार्रवाई पूरी करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।

चौपाल में सुनी जाएंगी आम लोगों की समस्याएं

सरकार की इस नई व्यवस्था के तहत हर सप्ताह ब्लॉक स्तर पर चौपाल लगाई जाएगी, जहां राजस्व विवाद, घरेलू हिंसा, अवैध वसूली, जमीन से जुड़े मामले और स्थानीय स्तर पर दर्ज न हो पाने वाली पुलिस शिकायतों को प्राथमिकता से सुना जाएगा। साथ ही सरकारी योजनाओं से वंचित पात्र लोगों की पहचान कर उन्हें लाभ दिलाने की प्रक्रिया भी यहीं से शुरू होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन चौपालों के संचालन के लिए जल्द ही विस्तृत एसओपी जारी की जाएगी। प्रत्येक आवेदन की निगरानी की जाएगी और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाएगा। खास बात यह है कि जनपद स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी चौपाल में अनिवार्य रहेगी, ताकि मौके पर ही फैसले लिए जा सकें।

आईजीआरएस और हेल्पलाइन शिकायतों पर सख्ती

बैठक में मुख्यमंत्री ने आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों को लेकर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी शिकायत को हल्के में न लिया जाए। सिर्फ औपचारिक जवाब देकर मामलों को बंद करने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए।

तूफानी रफ्तार से बढ़ रहा मानसून, 18 राज्यों में आंधी-बारिश का अटैक

नई दिल्ली। देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। एक तरफ आज से नौतपा की शुरुआत हो चुकी है, जिससे कई राज्यों में भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है, वहीं दूसरी ओर दक्षिण-पश्चिम मानसून भी तेज रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। 

अभी कहा है मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 2 से 3 दिनों के दौरान मानसून दक्षिण और पूर्वी हिस्सों में तेजी से आगे बढ़ सकता है। केरल, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पूर्वोत्तर भारत में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में गर्मी और बारिश दोनों का असर देखने को मिलेगा।

दिल्ली में लू और बूंदाबांदी साथ-साथ

राजधानी दिल्ली में अगले तीन दिनों तक भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। दिन में तेज गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, जबकि शाम के समय कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। मौसम विभाग ने 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की चेतावनी भी दी है। 26 और 27 मई को भी गर्मी का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।

यूपी में लू के बीच बारिश की संभावना

उत्तर प्रदेश में मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिलेगा। लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, मेरठ और गोरखपुर समेत कई शहरों में तेज गर्मी और धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 मई को भीषण लू का अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि 25 से 29 मई के बीच कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश भी हो सकती है।

बिहार में उमस और बारिश का असर

बिहार में मौसम लगातार करवट ले रहा है। पटना, गया, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार और दरभंगा समेत कई जिलों में उमस भरी गर्मी के साथ बारिश का असर भी देखने को मिल सकता है। 25 से 28 मई के बीच कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश होने का अनुमान है। कुछ इलाकों में तेज आंधी भी चल सकती है।

देश के पहाड़ी राज्यों में भी बदलेगा मौसम

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना रह सकता है। देहरादून, नैनीताल, शिमला, कुल्लू और कांगड़ा जैसे इलाकों में बारिश, तेज हवाएं और कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

राजस्थान में गर्मी का कहर, हल्की बारिश भी

राजस्थान में गर्मी अपने चरम पर पहुंच चुकी है। जयपुर, जैसलमेर, बीकानेर और जोधपुर में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया है। मौसम विभाग ने 25 से 30 मई तक लू का अलर्ट जारी किया है। हालांकि इस दौरान कुछ इलाकों में धूलभरी आंधी और हल्की बारिश भी राहत दे सकती है।

झारखंड और पंजाब में भी गरज-चमक का अलर्ट

झारखंड में रांची, धनबाद और जमशेदपुर समेत कई इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है। वहीं पंजाब में अगले कुछ दिनों तक भीषण लू जारी रहने का अनुमान है। 28 मई के बाद मौसम बदल सकता है और बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं।

जम्मू-कश्मीर में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

जम्मू-कश्मीर में 25 से 30 मई के बीच मौसम बदलने के संकेत हैं। श्रीनगर, जम्मू और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ हिस्सों में गर्मी का असर भी बना रह सकता है।।

मृगशिरा नक्षत्र में बदलेगी किस्मत, 6 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 25 मई 2026 को बुध ग्रह मृगशिरा नक्षत्र में प्रवेश करने जा रहे हैं। मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह माना जाता है। बुध को बुद्धि, व्यापार, संवाद और करियर का कारक ग्रह कहा जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा और साहस का प्रतीक है। ऐसे में इन दोनों ग्रहों का प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुध का यह गोचर आर्थिक मामलों में फायदेमंद साबित हो सकता है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है। लंबे समय से चल रही परेशानियां कम होंगी और मानसिक शांति महसूस होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष शुभ माना जा रहा है क्योंकि बुध इनके स्वामी ग्रह हैं। करियर में नई पहचान मिल सकती है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दे सकती हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों को इस दौरान कार्यक्षेत्र में सम्मान मिल सकता है। रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। विदेश से जुड़े कामों में भी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ और नए संपर्क बनने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और आत्मविश्वास मजबूत होगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए बुध का गोचर बेहद लाभकारी माना जा रहा है। धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिलेगा। छात्रों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा।

यूपी सरकार का ऐलान, चुनाव तक ग्राम प्रधान ही रहेंगे प्रशासक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य में पंचायत चुनाव होने तक मौजूदा ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में काम करते रहेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पंचायती राज विभाग के इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक आदेश भी जारी कर दिया जाएगा।

आपको बता दें की प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 25 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में पंचायतों के संचालन को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी, लेकिन अब सरकार के फैसले के बाद ग्राम पंचायतों का कामकाज पहले की तरह चलता रहेगा।

पहली बार बनेगी प्रशासक समिति

उत्तर प्रदेश में पहली बार ग्राम पंचायतों में प्रशासक समिति बनाए जाने की तैयारी की गई है। सरकार का उद्देश्य पंचायतों के विकास कार्यों और प्रशासनिक व्यवस्था को बिना रुकावट जारी रखना है। इसके तहत मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही पंचायतों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। राज्य की करीब 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में यह व्यवस्था लागू होगी। पंचायतों में विकास योजनाओं, साफ-सफाई, सड़क निर्माण और अन्य स्थानीय कार्यों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।

विधानसभा चुनाव के बाद होंगे पंचायत चुनाव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनाव के बाद कराए जाने की संभावना है। इसी वजह से सरकार ने अंतरिम व्यवस्था के तौर पर प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने का फैसला लिया है। पंचायत चुनाव को लेकर लंबे समय से अटकलें चल रही थीं, लेकिन सरकार के इस निर्णय के बाद तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। इससे पंचायत स्तर पर प्रशासनिक कामकाज में किसी तरह की रुकावट नहीं आएगी।

ग्राम पंचायतों में जारी रहेंगे विकास कार्य

सरकार का मानना है कि यदि पंचायतों में प्रशासनिक व्यवस्था खाली छोड़ दी जाती, तो विकास योजनाओं और जनहित के काम प्रभावित हो सकते थे। इसलिए यह फैसला लिया गया है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का संचालन लगातार जारी रहे। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस फैसले को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले समय में पंचायतों की भूमिका और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को लेकर नई व्यवस्था भी तय की जा सकती है।

बिहार के लिए खुशखबरी: CBSE ने मैथिली को दी मान्यता, सम्राट का पीएम मोदी को धन्यवाद

पटना। बिहार और मिथिला क्षेत्र के लोगों के लिए गर्व की खबर सामने आई है। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने मैथिली भाषा को कक्षा 1 से लेकर 10वीं तक मातृभाषा विषय के रूप में मान्यता दे दी है। अब आने वाले शैक्षणिक सत्र 2026-27 से सीबीएसई से जुड़े स्कूलों में छात्र मैथिली भाषा की पढ़ाई कर सकेंगे। इस फैसले को मिथिला की संस्कृति, भाषा और परंपरा के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

मातृभाषा में पढ़ाई को मिलेगा बढ़ावा

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत बच्चों को शुरुआती शिक्षा मातृभाषा में देने पर जोर दिया जा रहा है। इसी दिशा में यह फैसला लिया गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चे अपनी भाषा में पढ़ाई करते हैं तो उनकी समझ और सीखने की क्षमता बेहतर होती है। 

मैथिली को पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने से अब लाखों छात्रों को अपनी भाषा में पढ़ने का मौका मिलेगा। मैथिली भाषा लंबे समय से अपनी समृद्ध साहित्यिक परंपरा और सांस्कृतिक पहचान के लिए जानी जाती है। ऐसे में यह फैसला भाषा के संरक्षण और नई पीढ़ी तक इसे पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा।

सम्राट चौधरी ने जताई खुशी

केंद्र के इस फैसले पर सीएम सम्राट चौधरी ने खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मैथिली को शिक्षा व्यवस्था में स्थान मिलना मिथिला की सांस्कृतिक पहचान को नई मजबूती देगा। साथ ही भारतीय भाषाओं को सम्मान देने की दिशा में यह बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि इससे आने वाले समय में मैथिली भाषा और साहित्य को भी नई पहचान मिलेगी और युवा पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ी रहेगी।

शिक्षा मंत्रालय ने दी जानकारी

केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत क्षेत्रीय और मातृभाषाओं को बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में मैथिली को भी कक्षा 1 से माध्यमिक स्तर तक पढ़ाने की मंजूरी दी गई है। इस फैसले के बाद मिथिला क्षेत्र में खुशी का माहौल है। साहित्यकारों, शिक्षकों और छात्रों ने इसे भाषा और संस्कृति के सम्मान से जोड़कर देखा है। माना जा रहा है कि इससे मैथिली भाषा का प्रचार-प्रसार और अधिक बढ़ेगा।

यूपी के 50 जिलों में लू, 15 जिलों में आंधी-बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा है और गर्म हवाओं ने लोगों का जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मौसम विभाग ने राज्य के करीब 50 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है, जबकि पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में लू का सबसे ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, वाराणसी, कानपुर नगर, लखनऊ, आगरा, झांसी, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, अलीगढ़ और आसपास के कई जिलों में गर्म हवाओं का असर अधिक रहेगा। इन क्षेत्रों में लोगों को दोपहर के समय विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इसके अलावा रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिलने वाली है। लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या और आसपास के जिलों में गर्म रातों का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग का कहना है कि रात का तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

पूर्वी यूपी में आंधी और बारिश की संभावना

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ जिलों में मौसम बदलने के संकेत भी मिले हैं। गोरखपुर, देवरिया, बस्ती, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बलिया और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और धूल भरी आंधी चल सकती है। बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है, इसलिए लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले तीन दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह

डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर में धूप से बचने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत बताई गई है। तेज धूप में लंबे समय तक रहने से हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ सकता है।

पूर्णिमा के पावन दिन इन 4 राशियों पर बरसेगी कृपा, धन-लाभ के संकेत

राशिफल। ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा इस वर्ष 30 मई 2026 को मनाई जाएगी। हिंदू धर्म में अधिक मास को बेहद पवित्र और पुण्यदायी माना गया है। खास बात यह है कि अधिक मास की पूर्णिमा हर तीन साल में एक बार आती है, इसलिए इस दिन किए गए पूजा-पाठ, दान और धार्मिक कार्यों का विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन स्नान-दान और भगवान विष्णु व चंद्र देव की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा का आगमन होता है।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार की पूर्णिमा कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रही है। माना जा रहा है कि ग्रह-नक्षत्रों के विशेष संयोग से चार राशियों को धन, करियर और पारिवारिक जीवन में लाभ मिलने की संभावना है।

इन 4 राशियों को होगा विशेष लाभ

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह पूर्णिमा आर्थिक मामलों में शुभ साबित हो सकती है। रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को धन लाभ और निवेश में फायदा मिलने की संभावना है। लंबे समय से चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं। मानसिक तनाव में राहत मिलेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय सफलता दिलाने वाला माना जा रहा है। करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। सामाजिक सम्मान बढ़ सकता है और परिवार का सहयोग मिलेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों पर पूर्णिमा का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और घर में सुख-शांति बनी रहेगी।

बिहार में चल रही 4 बड़ी भर्तियां, युवाओं को मौका, करें आवेदन

पटना। बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर सामने आया है। राज्य में इस समय चार बड़ी भर्तियां चल रही हैं, जिनमें पुलिस विभाग से लेकर प्रशासनिक सेवाओं तक हजारों पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। खास बात यह है कि इन भर्तियों में 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और तकनीकी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह समय बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

तकनीकी सहायक अवर निरीक्षक के पदों पर भर्ती

Bihar Police Subordinate Services Commission ने तकनीकी शाखा में सहायक अवर निरीक्षक (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती के तहत कुल 22 पदों को भरा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 21 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित चरण शामिल होंगे। तकनीकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अच्छा अवसर माना जा रहा है।

फूड एनालिस्ट भर्ती में विज्ञान वर्ग के छात्रों को मौका

Bihar Technical Service Commission ने फूड एनालिस्ट के 11 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए बीएससी, एमएससी और पीएचडी तक की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 19 जून 2026 निर्धारित की गई है। खाद्य सुरक्षा और लैब परीक्षण से जुड़े इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को सरकारी स्वास्थ्य और खाद्य विभाग में काम करने का अवसर मिलेगा। विज्ञान विषय से पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर आवेदन

बिहार पुलिस में नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए भी बड़ी खबर है। Bihar Police Subordinate Services Commission ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 1 जून 2026 तक चलेगी। शारीरिक दक्षता और लिखित परीक्षा के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। पुलिस सेवा में करियर बनाने वाले युवाओं के बीच इस भर्ती को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 1230 पद

Bihar Public Service Commission की 72वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा भी युवाओं के लिए बड़ा अवसर लेकर आई है। इस परीक्षा के माध्यम से राज्य के विभिन्न विभागों में नियुक्तियां की जाएंगी। इस भर्ती के लिए किसी भी विषय से स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 7 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और 31 मई 2026 तक चलेगी। प्रशासनिक सेवाओं में जाने का सपना देखने वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सबसे बड़ी भर्ती मानी जा रही है।

कच्चा या पक्का? जानिए कौन सा आम सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद

हेल्थ डेस्क। गर्मी का मौसम आते ही बाजारों में आम की मिठास छा जाती है। फलों का राजा कहलाने वाला आम स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी बड़ा स्रोत माना जाता है। कुछ लोग कच्चा आम खाना पसंद करते हैं, तो कुछ पके आम के दीवाने होते हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि आखिर सेहत के लिए कच्चा आम ज्यादा फायदेमंद है या पक्का आम?

कच्चा आम क्यों माना जाता है खास?

कच्चे आम में विटामिन-C भरपूर मात्रा में पाया जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है। गर्मियों में लू और डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए कच्चे आम का पना काफी लाभकारी माना जाता है। कच्चा आम शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसके अलावा यह पाचन को बेहतर बनाने और गैस-अपच जैसी समस्याओं को कम करने में भी सहायक माना जाता है।

कच्चे आम के फायदे

लू से बचाने में मददगार

विटामिन-C का अच्छा स्रोत

पाचन सुधारने में सहायक

शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद

गर्मी में थकान कम करने में उपयोगी

पक्का आम भी पोषण से भरपूर

पके आम में विटामिन-A, फाइबर और प्राकृतिक शुगर अच्छी मात्रा में होती है। यह आंखों की रोशनी, त्वचा और ऊर्जा के लिए फायदेमंद माना जाता है। पका आम शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है और स्वाद के कारण बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी को पसंद आता है। विशेषज्ञ बताते हैं कि सीमित मात्रा में पका आम खाने से शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से बचाने में मदद करते हैं।

पके आम के फायदे

शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है

आंखों और त्वचा के लिए लाभकारी

फाइबर से पाचन बेहतर होता है

शरीर को जरूरी विटामिन मिलते हैं

मूड और भूख बढ़ाने में मददगार

आखिर कौन सा आम ज्यादा बेहतर?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह पूरी तरह व्यक्ति की जरूरत और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करता है। यदि गर्मी से बचाव, शरीर को ठंडक और विटामिन-C चाहिए तो कच्चा आम बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं ऊर्जा, स्वाद और पोषण के लिए पका आम फायदेमंद माना जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि दोनों का सेवन संतुलित मात्रा में किया जाए। जरूरत से ज्यादा किसी भी चीज का सेवन शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, अब सभी स्कूलों में अनिवार्य होगी नई व्यवस्था

बक्सर। बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा विभाग के केंद्रीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर लिखना अनिवार्य किया जा रहा है। 

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य छात्रों, अभिभावकों और आम लोगों को सीधे शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देना है ताकि स्कूलों में होने वाली अनियमितताओं पर तुरंत कार्रवाई हो सके। इस कदम से बिचौलिया व्यवस्था पर भी रोक लगेगी और शिक्षा प्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी।

31 मई तक पूरा करना होगा काम

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार सभी प्रारंभिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों को 31 मई 2026 तक स्कूल की दीवारों पर हेल्पलाइन नंबर अंकित करना होगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समय सीमा के बाद निरीक्षण के दौरान जिन स्कूलों में यह व्यवस्था नहीं मिलेगी, वहां संबंधित प्रधानाध्यापक और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

स्कूलों में बड़े अक्षरों में लिखे जाएंगे नंबर

सरकार ने निर्देश दिया है कि टोल-फ्री नंबर 14417 और 18003454417 को स्कूल परिसर के मुख्य द्वार या किसी प्रमुख स्थान पर बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखा जाए, ताकि दूर से भी आसानी से दिखाई दे सके। इस पहल का मकसद यह है कि छात्र, अभिभावक या कोई भी नागरिक बिना किसी परेशानी के अपनी शिकायत सीधे राज्य स्तर तक पहुंचा सके।

किन मामलों में कर सकेंगे शिकायत

इस हेल्पलाइन के जरिए स्कूलों से जुड़ी कई समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई जा सकेगी। इनमें शामिल हैं। 

शिक्षकों की अनुपस्थिति या समय पर स्कूल न पहुंचना। 

पढ़ाई में लापरवाही का होगा। 

मिड-डे मील की खराब गुणवत्ता। 

स्कूलों में मूलभूत सुविधाओं की कमी। 

छात्रवृत्ति, साइकिल, पोशाक और किताब वितरण में गड़बड़ी। 

शिक्षा विभाग का कहना है कि शिकायत मिलने के बाद उसकी जांच कर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।

बिहार में रेलवे का विस्तार, बिछेगी 3 नई रेल लाइनें, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। रेल मंत्रालय ने राज्य की तीन महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है, जिससे आने वाले समय में कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। 

खास बात यह है कि इन परियोजनाओं के लिए सर्वे के साथ जरूरी बजट की व्यवस्था भी कर दी गई है। माना जा रहा है कि इन नई रेल लाइनों के बनने से पर्यटन, व्यापार और रोजगार को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। सबसे ज्यादा फायदा नालंदा, गया, नवादा, जहानाबाद और बिहारशरीफ जैसे जिलों को होने की उम्मीद है।

1 .इस्लामपुर-बोधगया रेल लाइन बनेगी बड़ी कड़ी

इस्लामपुर से बोधगया तक बनने वाली नई रेल लाइन को सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में माना जा रहा है। यह रेल लाइन मानपुर के रास्ते होकर गुजरेगी और इसकी लंबाई करीब 50 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर लगभग 1000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। रेल लाइन पर चार स्टेशन और चार हॉल्ट बनाए जाएंगे। इस रूट पर ट्रेनें 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकेंगी। इस रेल लाइन के बनने से नालंदा और गया जिले के बीच सीधी रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।

 2 .पावापुरी-नवादा रेल लाइन से पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

रेल मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद पावापुरी-नवादा रेल परियोजना पर काम जल्द शुरू हो सकता है। करीब 34 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन के निर्माण पर लगभग 492 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के तहत तीन प्रमुख स्टेशन, दो बड़े पुल और कई छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इस रेल लाइन के शुरू होने से जैन धर्म के प्रमुख तीर्थ स्थल पावापुरी और नवादा के बीच यात्रा आसान होगी। इससे धार्मिक पर्यटन में भी तेजी आने की संभावना है।

3 .बिहारशरीफ-जहानाबाद रेल परियोजना से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

तीसरी बड़ी परियोजना बिहारशरीफ-जहानाबाद वाया एकंगरसराय रेल लाइन है। करीब 65 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन का सर्वे अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहारशरीफ सीधे गया-पटना रेल रूट से जुड़ जाएगा। रेलवे की योजना के अनुसार इस रूट पर तीन बड़े जंक्शन, पांच हॉल्ट और एक क्रॉसिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इस परियोजना पर भी करीब 1000 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना जताई जा रही है।

यूपी में कब होंगे पंचायत चुनाव? ग्राम प्रधानों का कार्यकाल पूरा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्य के हजारों गांवों में अब यह सवाल उठ रहा है कि नए पंचायत चुनाव आखिर कब कराए जाएंगे। पंचायती राज विभाग ने इस संबंध में सरकार को प्रस्ताव भेजते हुए पंचायतों के संचालन के लिए अंतरिम व्यवस्था करने की मांग की है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के 57 हजार से अधिक ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो रहा है। 

प्रशासकों की नियुक्ति की तैयारी

पंचायती राज विभाग ने मुख्यमंत्री को भेजे गए प्रस्ताव में कहा है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद पंचायतों का कामकाज सुचारु रूप से चलाने के लिए प्रशासकों की नियुक्ति की जाए या प्रशासनिक समितियों का गठन किया जाए। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार पंचायती राज एक्ट 1947 की धारा 12(3A) के तहत यह कदम उठा सकती है। इस व्यवस्था के अंतर्गत किसी एक व्यक्ति को प्रशासक बनाया जा सकता है या फिर पंचायत संचालन के लिए एक समिति गठित की जा सकती है। आमतौर पर ऐसी समितियों में स्थानीय प्रतिनिधियों और पंचायत सदस्यों को शामिल किया जाता है।

पंचायत चुनाव 2027 में होने की संभावना

रिपोर्ट के मुताबिक उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव अगले साल 2027 में कराए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि विधानसभा चुनावों के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल सरकार वोटर लिस्ट को अंतिम रूप देने और आरक्षण तय करने की प्रक्रिया में जुटी हुई है। बताया जा रहा है कि पंचायत चुनाव के लिए नई मतदाता सूची तैयार की जा रही है और जून महीने तक इसे अंतिम रूप दिया जा सकता है। इसके बाद आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने पर चुनाव कार्यक्रम तय किया जाएगा।

OBC आरक्षण पर आयोग करेगा फैसला

पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण को लेकर भी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योगी सरकार ने OBC आरक्षण तय करने के लिए आयोग गठित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह आयोग करीब छह महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। रिपोर्ट आने के बाद पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। माना जा रहा है कि इसी प्रक्रिया में समय लगने के कारण पंचायत चुनाव आगे बढ़ सकते हैं।

गांवों में बढ़ी राजनीतिक हलचल

ग्राम प्रधानों का कार्यकाल समाप्त होने की खबर से गांवों में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अभी से अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कई जगहों पर स्थानीय स्तर पर बैठकों और जनसंपर्क अभियान का दौर भी शुरू हो चुका है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पंचायत चुनाव 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले ग्रामीण राजनीति का बड़ा केंद्र बन सकते हैं। ऐसे में सभी दल गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुट गए हैं।

बिहार में आया 812.5 करोड़ का निवेश, इस जिले के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार में उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी सफलता सामने आई है। उत्तर बिहार का मुजफ्फरपुर जिला अब तेजी से नए औद्योगिक केंद्र के रूप में उभर रहा है। बेला औद्योगिक क्षेत्र के बाद अब मोतीपुर इंडस्ट्रियल एरिया निवेशकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। 

चालू वित्तीय वर्ष के शुरुआती महीनों में ही यहां कई बड़ी कंपनियों को उद्योग लगाने की अंतिम मंजूरी मिल चुकी है। इन परियोजनाओं के जरिए करीब 812.5 करोड़ रुपये का निवेश आने जा रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर तैयार होंगे।

सीमेंट फैक्ट्री बनेगी सबसे बड़ा प्रोजेक्ट

मोतीपुर औद्योगिक क्षेत्र में सबसे बड़ा निवेश महवल सीमेंट फैक्ट्री के रूप में होने जा रहा है। करीब 573 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह प्लांट इलाके के औद्योगिक विकास में अहम भूमिका निभाएगा। इस परियोजना के शुरू होने से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके अलावा डूमरिया क्षेत्र में 85 करोड़ रुपये की लागत से डेयरी प्रोडक्ट यूनिट स्थापित की जाएगी। इससे दुग्ध उत्पादन से जुड़े किसानों को भी सीधा फायदा मिल सकता है।

बायोगैस और आधुनिक उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा

बरियारपुर इलाके में 56 करोड़ रुपये के निवेश से कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) प्लांट लगाया जाएगा। यह परियोजना ऊर्जा और पर्यावरण दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं लखनऊ की एक कंपनी यहां 50 करोड़ रुपये की लागत से पीईबी फैब्रिकेशन यूनिट स्थापित कर रही है। डूमरिया में आधुनिक फर्नीचर उद्योग की भी शुरुआत होने जा रही है, जिसमें लगभग 17 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों का नया केंद्र बनेगा बरियारपुर

बरियारपुर क्षेत्र अब सूक्ष्म और मध्यम उद्योगों के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां एल्युमीनियम एक्सट्रूजन यूनिट, एलईडी निर्माण इकाई और आयरन गुड्स मैन्युफैक्चरिंग प्लांट जैसी परियोजनाओं को मंजूरी मिल चुकी है। इन उद्योगों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापार और सप्लाई चेन को भी मजबूती मिलेगी। साथ ही आसपास के जिलों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने के अवसर बढ़ेंगे।

CM सम्राट की बड़ी तैयारी, बिहारवासियों के लिए 5 नई खुशखबरी

पटना। बिहार में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार बड़े स्तर पर योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। पूर्व स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की दूरदर्शी सोच और केंद्र सरकार के सहयोग से बिहार अब औद्योगिक और तकनीकी बदलाव के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।

1. बिहार में आने वाला हैं बड़े निवेश का अच्छा दौर

राज्य सरकार ने बिहार में एक वर्ष के भीतर पांच लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए बड़े पैमाने पर औद्योगिक ढांचा तैयार किया जा रहा है। सरकार ने अब तक करीब 8000 एकड़ जमीन उद्योगों के लिए अधिग्रहित कर ली है और अगले चरण में 10 हजार एकड़ अतिरिक्त भूमि लेने की तैयारी है। इस पहल से राज्य में टेक्सटाइल, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स,ऑटोमोबाइल सेक्टर के बड़े उद्योग स्थापित होने की संभावना बढ़ गई है।

2. किसानों और छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

बिहार देश में मक्का, मखाना, केला और लीची उत्पादन के लिए पहचान बना चुका है। सरकार अब इन कृषि उत्पादों को उद्योगों से जोड़ने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्य में पांच मेगा फूड पार्क और 100 एमएसएमई पार्क विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। साथ ही छोटे और मध्यम उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा, जिससे ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ेगा।

3. युवाओं के लिए टेक्नोलॉजी और रोजगार के नए अवसर

बिहटा में अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी सेंटर की शुरुआत हो चुकी है। यह केंद्र युवाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण देने और उद्योगों की जरूरत के अनुसार कौशल विकसित करने में मदद करेगा। सरकार का लक्ष्य है कि बिहार के युवाओं को राज्य के भीतर ही रोजगार के अवसर मिलें ताकि उन्हें बाहर पलायन न करना पड़े। तकनीकी शिक्षा और स्टार्टअप संस्कृति को भी बढ़ावा देने की योजना पर तेजी से काम हो रहा है।

4. बिहार में 11 नए स्मार्ट टाउनशिप की तैयारी

पटना, गया और भागलपुर जैसे शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए सरकार 11 नए सेटेलाइट और ग्रीनफील्ड टाउनशिप विकसित करने की योजना बना रही है। इन नए शहरों में आधुनिक सड़कें, आवास, अस्पताल, स्कूल, बाजार और डिजिटल सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे शहरीकरण को संतुलित करने के साथ लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकेंगी।

5. एयरपोर्ट और लॉजिस्टिक नेटवर्क का विस्तार

बिहार में हवाई सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार कई नई योजनाओं पर काम कर रही है। पटना और गया से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की शुरुआत की तैयारी चल रही है। इसके अलावा प्रमुख एयरपोर्ट के आसपास एरोसिटी, लॉजिस्टिक पार्क और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स बनाए जाएंगे। सुल्तानगंज में विश्वस्तरीय एयरपोर्ट की योजना भी चर्चा में है, जिससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र को बड़ा फायदा मिल सकता है। इससे पर्यटन, व्यापार और निवेश के अवसर तेजी से बढ़ेंगे।

शिव योग से खुलेगा भाग्य का द्वार, 5 राशियों को मिलेगा हर काम में फायदा

राशिफल। ज्योतिष में शिव योग को बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि जब यह विशेष योग बनता है तो भगवान शिव की कृपा से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने लगते हैं। ज्योतिष पंचांग के अनुसार 30 मई 2026, शनिवार को मुख्य रूप से शिव योग का निर्माण हो रहा है। यह योग करियर, धन, व्यापार, पारिवारिक जीवन और मान-सम्मान के मामलों में खास लाभ देने वाला माना जा रहा है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस बार का शिव योग खासतौर पर 5 राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आया है। इन राशियों के लोगों को रुके हुए कार्यों में सफलता, आर्थिक मजबूती और मानसिक शांति मिल सकती है। आइए जानते हैं किन राशियों पर रहेगी महादेव की विशेष कृपा।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए शिव योग नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और प्रमोशन से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार करने वाले लोगों को धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी धार्मिक यात्रा का योग भी बन सकता है। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे और निवेश से अच्छा फायदा मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभ दिलाएंगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए शिव योग भाग्य का पूरा साथ लेकर आएगा। करियर में आगे बढ़ने के शानदार मौके मिल सकते हैं। जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल रहेगा। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशी का माहौल रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा अचानक धन लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग मानसिक शांति और सफलता देने वाला रहेगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां कम हो सकती हैं। व्यापार में लाभ होगा और साझेदारी के कामों में सफलता मिलने की संभावना है। घर-परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। किसी करीबी से शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरी करने वालों को नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए शिव योग बेहद शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। करियर में स्थिरता बढ़ेगी और नए अवसर सामने आ सकते हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों में भी राहत मिलने के संकेत हैं।

यूपी में भीषण गर्मी का कहर: 10 जिलों में रेड अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गर्मी ने इस बार मई के अंतिम सप्ताह में ही लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान लगातार तेजी से बढ़ रहा है और हालात ऐसे बन गए हैं कि दिन के साथ रातें भी राहत नहीं दे रही हैं। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में लू और अत्यधिक लू को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है। खास तौर पर पूर्वी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में स्थिति अधिक चिंताजनक मानी जा रही है।

इन जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और संत रविदास नगर समेत आसपास के क्षेत्रों में सोमवार को तापमान 40 से 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। इन इलाकों में लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

प्रदेश के कई हिस्सों में लू का असर

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार यूपी के कई अन्य जिलों में भी तेज गर्म हवाएं चलने की संभावना है। झांसी, ललितपुर, महोबा, हमीरपुर, कानपुर नगर, कानपुर देहात, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, सहारनपुर और अलीगढ़ जैसे शहरों में भीषण गर्मी लोगों को परेशान कर सकती है। कई जगहों पर अत्यधिक लू चलने के संकेत हैं।

गर्म रातें बढ़ा रहीं लोगों के लिए परेशानी

सिर्फ दिन ही नहीं, बल्कि रात के तापमान में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। मौसम विभाग ने फतेहपुर, हरदोई, कन्नौज, उन्नाव, लखनऊ, बाराबंकी और अयोध्या समेत कई जिलों में गर्म रात की चेतावनी दी है। इसका मतलब है कि रात में भी तापमान सामान्य से काफी अधिक रहेगा, जिससे लोगों को आराम नहीं मिल पाएगा।

स्वास्थ्य पर पड़ सकता है असर, सावधानी बरतने के निर्देश

लगातार बढ़ती गर्मी और लू से स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ सकती हैं। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, सिरदर्द और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई है।

8वें वेतन आयोग की बड़ी बैठक, सैलरी से लेकर पेंशन तक जोर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के बीच अब उम्मीदें बढ़ गई हैं, क्योंकि आयोग ने जून 2026 में होने वाली महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों, वेतन संबंधी समस्याओं और भविष्य की जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

जून में लखनऊ पहुंचेगा वेतन आयोग

आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 8वां केंद्रीय वेतन आयोग 22 और 23 जून 2026 को लखनऊ दौरे पर रहेगा। इस दौरान आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और केंद्र सरकार से जुड़े विभागों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेगा। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है ताकि उसी आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार कर सके।

10 जून तक करना होगा आवेदन

जो कर्मचारी संगठन या यूनियन आयोग के सामने अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें 10 जून 2026 से पहले ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपॉइंटमेंट लेना जरूरी होगा। आवेदन के समय यूनिक मेमो आईडी की आवश्यकता होगी, जो संगठन के पंजीकरण के बाद जारी की जाएगी।

दूसरे राज्यों के संगठनों को इंतजार

आयोग ने फिलहाल उत्तर प्रदेश के बाहर के संगठनों से लखनऊ बैठक के लिए आवेदन न करने की सलाह दी है। आयोग का कहना है कि अन्य राज्यों के लिए अलग-अलग चरणों में बैठकें आयोजित की जाएंगी ताकि सभी क्षेत्रों के कर्मचारियों की राय ली जा सके।

सैलरी और पेंशन में बड़े बदलाव

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों पर पड़ेगा। माना जा रहा है कि आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे में बड़े बदलाव सुझा सकता है। महंगाई, जीवनयापन की बढ़ती लागत और निजी क्षेत्र की वेतन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए नई सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखकर होगा फैसला

आयोग नवंबर 2025 में तय किए गए नियमों के तहत काम कर रहा है। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, सरकारी खर्च, विकास परियोजनाओं की जरूरत और निजी क्षेत्र की सैलरी जैसे पहलुओं को भी ध्यान में रखा जा रहा है। यही वजह है कि इस बार वेतन आयोग की सिफारिशों को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब कर्मचारियों और पेंशनधारकों की नजर जून में होने वाली इन बैठकों पर टिकी हुई है।

रोज दही खाने से शरीर में दिखेंगे 7 बड़े बदलाव, 15 दिन में महसूस होगा फर्क

हेल्थ डेस्क। भागदौड़ भरी जिंदगी और गलत खानपान के कारण लोग तेजी से स्वास्थ्य समस्याओं का शिकार हो रहे हैं। ऐसे में अगर रोजाना खानपान में दही शामिल किया जाए तो शरीर को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। दही केवल स्वाद बढ़ाने वाला खाद्य पदार्थ नहीं है, बल्कि यह शरीर के लिए बेहद पौष्टिक और फायदेमंद माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार रोज दही खाने की आदत सिर्फ 15 दिनों में शरीर में कई सकारात्मक बदलाव ला सकती है।

पाचन तंत्र होगा मजबूत

दही में अच्छे बैक्टीरिया पाए जाते हैं, जो पेट को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। रोज दही खाने से गैस, कब्ज और अपच जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और भोजन को आसानी से पचाने में सहायता करता है।

शरीर को मिलेगी ठंडक

गर्मियों के मौसम में दही शरीर को अंदर से ठंडा रखने में मदद करता है। तेज गर्मी और लू के असर को कम करने में भी यह लाभकारी माना जाता है। इसलिए गर्मियों में दही का सेवन काफी फायदेमंद माना जाता है।

इम्युनिटी होगी बेहतर

दही में मौजूद पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से शरीर संक्रमण और मौसमी बीमारियों से लड़ने में मजबूत बन सकता है।

हड्डियां बनेंगी मजबूत

दही कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। रोजाना इसका सेवन करने से हड्डियां और दांत मजबूत बने रहते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए दही विशेष रूप से लाभकारी माना जाता है।

त्वचा में आएगा निखार

दही शरीर को अंदर से स्वस्थ रखने के साथ त्वचा पर भी अच्छा असर डालता है। नियमित सेवन से त्वचा में नमी बनी रहती है और चेहरे पर प्राकृतिक चमक दिखाई देने लगती है।

वजन नियंत्रण में मददगार

दही खाने से लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। इससे अनहेल्दी खाने की आदत कम हो सकती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

शरीर में बनी रहेगी ऊर्जा

दही में प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। रोज दही खाने से थकान कम महसूस होती है और शरीर अधिक एक्टिव बना रहता है।