कहां बसेगा नया नोएडा?
न्यू नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) के तहत विकसित करने की योजना है। इसका क्षेत्र गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के कुछ हिस्सों में फैलेगा। इसका उद्देश्य उद्योगों और बढ़ती आबादी की जरूरतों के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराना है।
जमीन का कहां होगा इस्तेमाल?
प्रस्तावित योजना में सबसे ज्यादा 40.27 प्रतिशत जमीन औद्योगिक गतिविधियों के लिए रखी गई है। इसके अलावा 17.96 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली और मनोरंजन, 14.17 प्रतिशत परिवहन और 13.44 प्रतिशत आवास के लिए प्रस्तावित है। शेष जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
चार चरणों में होगा जमीन अधिग्रहण
योजना के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चार चरणों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर जमीन लेने की योजना है। इसके बाद 2032, 2037 और 2041 तक अगले चरणों में अधिग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। न्यू नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए तीन मेट्रो कॉरिडोर पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इनके निर्माण और समयसीमा को लेकर आधिकारिक मंजूरी तथा आगे की प्रगति देखना जरूरी होगा।
क्या जमीन मालिकों को होगा बड़ा फायदा?
नए शहर में उद्योग, वेयरहाउस, कार्यालय और आवासीय परियोजनाएं विकसित होने से रोजगार तथा कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं। इससे आसपास के इलाकों में घरों और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ने की संभावना भी है। हालांकि, नया नोएडा बनने से हर जमीन की कीमत बढ़ेगी, इसकी गारंटी नहीं है। जमीन का स्थान, अधिग्रहण की स्थिति, कनेक्टिविटी और विकास कार्यों की प्रगति कीमतों को प्रभावित करेंगे।




















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