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चक्रवाती तूफान का असर! यूपी के 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पटना। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। सुबह के समय हल्की धुंध और रात में ठंडक का एहसास होने लगा है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवाती तूफान के कारण प्रदेश के मौसम में बदलाव की आशंका जताई गई है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

सुबह धुंध, दिन में साफ रह सकता है आसमान

राजधानी लखनऊ समेत आसपास के क्षेत्रों में फिलहाल तापमान में बहुत ज्यादा गिरावट की संभावना नहीं है। उपलब्ध मौसम जानकारी के अनुसार, अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान लगभग 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। सुबह हल्की धुंध छाने के बाद दिन में आसमान साफ रहने की संभावना है।

हालांकि, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा मौसमी सिस्टम आगे बढ़ता है तो प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

पूर्वी यूपी के जिलों में बारिश की संभावना

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर और जौनपुर समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश होने के आसार हैं। कुल 16 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसके अलावा 29 से 31 अक्टूबर के बीच पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका भी बताई गई है। हालांकि, बारिश का वास्तविक दायरा और तीव्रता मौसम प्रणाली की दिशा और गति पर निर्भर करेगी।

किसानों और आम लोगों को सलाह

अगर बारिश और तेज हवाओं का दौर शुरू होता है, तो इसका असर आवागमन, खेती-किसानी और खुले में होने वाले कामों पर पड़ सकता है। किसानों को फसलों और कृषि उपज की सुरक्षा के लिए स्थानीय मौसम बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए। लोगों को भी तेज हवा या गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर सावधानी बरतनी चाहिए।

FD कराने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस बैंक ने बढ़ाईं ब्याज दरें, 23 अक्टूबर से लागू

नई दिल्ली। अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में पैसा जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो सरकारी क्षेत्र के इंडियन बैंक ने ग्राहकों को राहत दी है। बैंक ने अपनी दो विशेष एफडी योजनाओं की ब्याज दरों में 0.15 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। नई दरें 23 अक्टूबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। इस बदलाव से खास अवधि के लिए निवेश करने वाले ग्राहकों को पहले के मुकाबले अधिक ब्याज मिल सकता है।

555 और 777 दिन की FD पर कितना ब्याज?

इंडियन बैंक ने 555 दिन वाली Ind Grow FD और 777 दिन वाली Ind Prosper FD की दरें बढ़ाई हैं। नई ब्याज दरें इस प्रकार हैं:

555 दिन की Ind Grow FD: ब्याज दर 6.65% से बढ़कर 6.80% सालाना हो गई है।

777 दिन की Ind Prosper FD: ब्याज दर 6.60% से बढ़कर 6.75% सालाना हो गई है।

ये दरें 3 करोड़ रुपये से कम की रिटेल जमा पर लागू बताई गई हैं। निवेश करने से पहले बैंक से अपनी जमा राशि और अवधि के अनुसार लागू दर की पुष्टि जरूर करें।

वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा ज्यादा फायदा

बैंक की इन योजनाओं में वरिष्ठ नागरिकों के लिए सामान्य ग्राहकों से अधिक ब्याज का प्रावधान है।

60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के ग्राहकों को 555 दिन की FD पर 7.30% और 777 दिन की FD पर 7.25% सालाना ब्याज मिलेगा। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए इन दोनों अवधियों पर ब्याज दर क्रमशः 7.55% और 7.50% बताई गई है।

दूसरी FD पर क्या हैं ब्याज दरें?

बैंक की अन्य अवधि वाली एफडी पर ब्याज दरें अलग-अलग हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एक साल की FD पर 6.10%, एक से दो साल से कम की अवधि पर 6.20% और दो से तीन साल से कम की अवधि पर 6.15% सालाना ब्याज मिल रहा है। पांच साल या उससे अधिक की अवधि वाली FD पर दर 6.00% बताई गई है।

FD कराने से पहले इन बातों पर दें ध्यान

FD चुनते समय सिर्फ ब्याज दर नहीं, बल्कि निवेश की अवधि, समय से पहले पैसा निकालने पर लगने वाले नियम और टैक्स को भी समझना चाहिए। FD से मिलने वाला ब्याज लागू आयकर नियमों के अनुसार कर योग्य हो सकता है। निवेश से पहले इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से ताजा दरों की पुष्टि करें।

खुशखबरी की सौगात! बिहार में 1 बड़ी भर्ती शुरू, 3 नवंबर तक आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी भर्ती से जुड़ा अपडेट सामने आया है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत कुल 32,388 पदों पर नियुक्ति की जानकारी दी गई है। इस भर्ती के जरिए राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरे जाएंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 3 नवंबर 2026 निर्धारित बताई गई है।

प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्कूलों में भर्ती

इस भर्ती अभियान में कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक स्कूलों, कक्षा 6 से 8 तक के मध्य विद्यालयों, कक्षा 9 और 10 के माध्यमिक स्कूलों तथा कक्षा 11 और 12 के उच्च माध्यमिक स्कूलों के पद शामिल हैं। भर्ती प्रक्रिया बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत पूरी की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन और चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को आवेदन ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को 3 नवंबर तक आवेदन पूरा करना होगा। चयन प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। भर्ती विवरण में इंटरव्यू नहीं होने की बात कही गई है।

उम्र और वेतन से जुड़ी जानकारी

भर्ती के लिए बताई गई आयु सीमा 18 से 42 वर्ष है। हालांकि, वास्तविक पात्रता पद, श्रेणी और लागू आयु-छूट के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। उपलब्ध विवरण में वेतनमान ₹25,000 से ₹32,000 तक बताया गया है। आवेदन शुल्क ₹100 प्रति श्रेणी बताया गया है; अभ्यर्थियों को अपने पद के अनुसार आधिकारिक विज्ञापन में शुल्क और वेतन की पुष्टि करनी चाहिए।

आवेदन से पहले देखें नोटिफिकेशन

इस भर्ती का विज्ञापन संख्या 14/2026 बताया गया है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक पात्रता संबंधी शर्तें, आयु सीमा, जरूरी दस्तावेज और परीक्षा से जुड़े निर्देश ध्यान से पढ़ लें। ऑनलाइन आवेदन और आधिकारिक सूचना के लिए BPSC की वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in तथा ऑनलाइन पोर्टल bpsconline.bihar.gov.in देखें।

बिहार में जमीन मालिकों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने दी 2 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में अपनी जमीन रखने वाले लोगों के लिए नई नीति से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने रैयती भूमि क्रय नीति-2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत सड़क, पुल, रेलवे, अस्पताल और औद्योगिक परियोजनाओं के लिए निजी जमीन मालिकों से आपसी सहमति के आधार पर जमीन खरीदी जा सकेगी। नीति में मुआवजे के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि देने का भी प्रावधान है।

पहली खुशखबरी: जमीन के बदले चार गुना तक मुआवजा

नई व्यवस्था के मुताबिक, ग्रामीण इलाकों में जमीन के लिए निर्धारित आधार मूल्य का चार गुना तक और शहरी क्षेत्रों में दो गुना तक मुआवजा देने का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा तय मुआवजे के ऊपर 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी। सरकारी परियोजनाओं के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क से छूट का भी प्रावधान है। वास्तविक राशि संबंधित जमीन के मूल्यांकन और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।

दूसरी खुशखबरी: जमीन मालिक की सहमति को महत्व

इस नीति के तहत सरकार जमीन मालिकों से बातचीत कर जमीन खरीद सकेगी। इसका उद्देश्य जमीन की खरीद से जुड़े विवादों को कम करना और विकास परियोजनाओं के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना है। जमीन खरीद की मंजूरी परियोजना की लागत के आधार पर दी जाएगी। 100 करोड़ रुपये तक की परियोजनाओं के लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति और इससे अधिक लागत वाली परियोजनाओं के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति निर्णय लेगी।

जमीन लेने के होंगे तीन विकल्प

सरकारी परियोजनाओं के लिए जमीन खरीदने के अलावा अधिग्रहण और लैंड पुलिंग के विकल्प भी हैं। लैंड पुलिंग में जमीन विकसित करने के बाद उसका 55 प्रतिशत हिस्सा जमीन मालिकों को लौटाने की व्यवस्था बताई गई है। इसमें सड़क, बिजली, पानी और सीवर जैसी सुविधाएं विकसित की जा सकती हैं।

नई नीति से पटना और गया में प्रस्तावित टाउनशिप जैसी परियोजनाओं के लिए भी जमीन मालिकों से बातचीत का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, जमीन देने से पहले संबंधित विभाग से लिखित शर्तें, मुआवजे का आकलन और लागू नियम जरूर समझ लें।

यूपी में बनेगा रिंग रोड, 4 जिलों के लिए खुशखबरी! जाम से मिलेगी राहत

UP Ring Road Project: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में बन रहा रिंग रोड आसपास के जिलों के लोगों के लिए भी राहत लेकर आ सकता है। इस परियोजना का मकसद शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम करना और दूसरे जिलों तक आने-जाने का रास्ता आसान बनाना है। निर्माण पूरा होने के बाद बलरामपुर के साथ गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के यात्रियों को भी बेहतर आवागमन का लाभ मिलने की उम्मीद है।

515 करोड़ रुपये से ज्यादा की लागत

जानकारी के मुताबिक, करीब 20.515 किलोमीटर लंबे इस बाईपास पर 515.89 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। सड़क का निर्माण 16 गांवों से होकर हो रहा है। परियोजना का लगभग 60.50 प्रतिशत काम पूरा बताया गया है और इसे 30 जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

शहर में जाम की समस्या होगी कम

अभी बाहरी और भारी वाहनों के शहर से होकर गुजरने के कारण कई सड़कों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है। रिंग रोड तैयार होने के बाद ऐसे वाहन शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों में प्रवेश किए बिना आगे जा सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों के समय की बचत हो सकती है और रोजाना आने-जाने में होने वाली परेशानी कम होने की उम्मीद है।

चार जिलों के लोगों को भी फायदा

बलरामपुर के अलावा गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और सिद्धार्थनगर के बीच यात्रा करने वालों को भी इस सड़क से बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है। इससे व्यापार, माल ढुलाई और दूसरे जरूरी कामों के लिए आवागमन आसान होने की संभावना है।

फिलहाल लोगों को निर्माण पूरा होने का इंतजार है। परियोजना तय समय पर शुरू होती है और यातायात सुचारु रहता है, तो बलरामपुर शहर में जाम कम करने की दिशा में यह अहम कदम साबित हो सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी! DA बढ़ने से बढ़ेगी सैलरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में होने वाली बढ़ोतरी पर टिकी हैं। सरकार की ओर से अभी तक नई दरों का ऐलान नहीं हुआ है। अब 28 अक्टूबर को संभावित कैबिनेट बैठक से कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि, इस बैठक में DA बढ़ोतरी की घोषणा होगी या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

पहली खुशखबरी: DA में 3 से 4 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद

कर्मचारियों के लिए राहत की संभावना इस बात से जुड़ी है कि जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि करती है, तो मौजूदा 60 प्रतिशत DA बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। वहीं, 4 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर यह 64 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। हालांकि, ये संभावित आंकड़े हैं, सरकार की ओर से घोषित अंतिम दर नहीं। कर्मचारियों को आधिकारिक आदेश का इंतजार करना होगा।

दूसरी खुशखबरी: पेंशनर्स को भी मिल सकता है लाभ

DA बढ़ने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों को फायदा मिलता है, जबकि पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत यानी DR में संशोधन किया जाता है। यदि जुलाई 2026 से लागू होने वाली बढ़ोतरी की घोषणा बाद में होती है, तो नियमानुसार पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को पिछली अवधि का एरियर भी मिल सकता है।

कितनी बढ़ेगी सैलरी?

उदाहरण के तौर पर, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है, तो DA में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी होने पर हर महीने 540 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। वहीं, 29,200 रुपये की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी को 876 रुपये प्रतिमाह का अतिरिक्त लाभ हो सकता है। वास्तविक फायदा कर्मचारी की बेसिक सैलरी और लागू दर पर निर्भर करेगा।

28 अक्टूबर पर टिकी नजरें

कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही DA और DR पर स्थिति स्पष्ट करेगी। लेकिन अभी 28 अक्टूबर की बैठक में घोषणा होने की पुष्टि नहीं है। इसलिए बढ़ोतरी, एरियर और लागू होने की तारीख को लेकर अंतिम जानकारी के लिए सरकारी आदेश का इंतजार करना जरूरी है।

यूपी सरकार की नई तैयारी, जमीन खरीदारों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन या मकान खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार संपत्ति की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण यानी दाखिल-खारिज की प्रक्रिया को आसान बनाने की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री की जानकारी संबंधित विभाग तक डिजिटल माध्यम से पहुंचाई जा सकेगी, जिससे खरीदारों को अलग से नामांतरण के लिए भागदौड़ करने से राहत मिल सकती है।

हालांकि, यह व्यवस्था अभी पूरे प्रदेश में लागू नहीं हुई है। सरकार पहले इसका परीक्षण पायलट प्रोजेक्ट के जरिए करने की तैयारी में है। जब तक नई व्यवस्था आधिकारिक रूप से लागू नहीं होती, तब तक खरीदार संबंधित विभाग से नामांतरण की मौजूदा प्रक्रिया की जानकारी जरूर लें।

रजिस्ट्री के बाद आसान हो सकता है नामांतरण

फिलहाल कई मामलों में जमीन या मकान की रजिस्ट्री के बाद नए मालिक को सरकारी रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने के लिए अलग प्रक्रिया पूरी करनी पड़ती है। प्रस्तावित व्यवस्था में रजिस्ट्री से जुड़ी जानकारी संबंधित राजस्व विभाग या विकास प्राधिकरण तक पहुंचाने की योजना है। इससे दस्तावेजों के सत्यापन और नामांतरण की प्रक्रिया तेज हो सकती है।

संपत्तियों की पहचान के लिए डिजिटल व्यवस्था

प्रदेश में संपत्ति के रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने के लिए यूनिक प्रॉपर्टी आईडी और डिजिटल सत्यापन पर भी काम किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ई-नगरसेवा पोर्टल पर 56.57 लाख संपत्तियों का रिकॉर्ड दर्ज है। इनके लिए 17 अंकों की विशिष्ट पहचान संख्या तैयार की जा रही है। इसके अलावा, ग्रामीण आबादी की जमीन के लिए घरौनी और कृषि भूमि के लिए खसरा-खतौनी जैसे रिकॉर्ड महत्वपूर्ण रहेंगे।

लखनऊ में होगा नई व्यवस्था का परीक्षण

रजिस्ट्री के बाद स्वतः नामांतरण की प्रक्रिया को परखने के लिए लखनऊ विकास प्राधिकरण को पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुना गया है। इसके साथ राजस्व विभाग, नगर विकास विभाग और औद्योगिक विकास विभाग की संबंधित संस्थाओं को भी इस व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी है। इस पहल का उद्देश्य अलग-अलग विभागों में मौजूद संपत्ति संबंधी रिकॉर्ड के बीच तालमेल बढ़ाना है, ताकि लोगों को एक ही काम के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कब से मिलेगी सुविधा?

फिलहाल सरकार ने इस सुविधा को पूरे उत्तर प्रदेश में लागू करने की निश्चित तारीख घोषित नहीं की है। पहले पायलट प्रोजेक्ट, तकनीकी प्रक्रिया और जरूरी नियमों को अंतिम रूप दिया जाएगा। इसके बाद ही आम लोगों के लिए लागू होने की समयसीमा स्पष्ट होगी।

बिहार में बनेगा 83 किमी का गंगा पथ, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार के लोगों के लिए अच्छी खबर है। भागलपुर और मुंगेर के बीच सड़क संपर्क बेहतर बनाने के लिए करीब 83.189 किलोमीटर लंबे चार लेन के गंगा पथ की योजना आगे बढ़ी है। जल संसाधन विभाग ने इस परियोजना के लिए बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड को कुछ जरूरी शर्तों के साथ अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) देने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है।

दो चरणों में तैयार होगा गंगा पथ

प्रस्तावित सड़क को दो हिस्सों में बनाने की योजना है। पहला हिस्सा सुल्तानगंज, भागलपुर और सबौर को जोड़ेगा, जिसकी लंबाई करीब 41.258 किलोमीटर होगी। वहीं, दूसरा हिस्सा मुंगेर के सफियाबाद से बरियारपुर और घोरघट होते हुए सुल्तानगंज तक जाएगा। इसकी लंबाई लगभग 41.931 किलोमीटर निर्धारित की गई है। इस परियोजना में सामान्य सड़क के साथ एलिवेटेड सड़क और संपर्क मार्ग भी शामिल होंगे।

गंगा की सुरक्षा के लिए रखी गईं अहम शर्तें

परियोजना में नदी के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखना सबसे जरूरी शर्तों में शामिल है। निर्माण के दौरान गंगा की धारा बाधित नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा भागलपुर में ट्रिपल आईटी के सामने और ममलखा गांव के पास कटाव से बचाव के विशेष इंतजाम करने होंगे। जल संसाधन विभाग ने सड़क की ऊंचाई को गंगा के उच्चतम बाढ़ स्तर से 1.80 मीटर ऊपर रखने की शर्त भी रखी है।

स्थानीय लोगों को क्या होगा फायदा?

गंगा पथ बनने से भागलपुर, सुल्तानगंज, सबौर और मुंगेर के बीच सड़क संपर्क मजबूत होने की संभावना है। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों और कारोबार से जुड़े लोगों को सुविधा मिल सकती है। हालांकि, परियोजना अभी मंजूरी की शुरुआती प्रक्रिया में है।

भारत ने कर दिया बड़ा खेल, देखता रह गया चीन, अमेरिका भी सन्न!

नई दिल्ली। भारत अब सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं, बल्कि दुनिया के कई देशों को रक्षा उपकरण सप्लाई करने वाला प्रमुख निर्यातक भी बन रहा है। वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय हथियारों और सैन्य सामग्रियों की बढ़ती मांग के बीच यूरोप के बाजार में भी भारत की स्थिति मजबूत हुई है।

यूरोप में भारत बना तीसरा बड़ा सप्लायर

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोप में भारतीय गोला-बारूद और सैन्य सामग्रियों की आपूर्ति में बीते वर्षों के दौरान तेज बढ़ोतरी हुई है। रिपोर्ट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, यूरोप को भारत का संबंधित रक्षा निर्यात 2021-22 के आसपास करीब 413 करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में लगभग 7,325 करोड़ रुपये हो गया। इस श्रेणी में भारत यूरोप का तीसरा बड़ा आपूर्तिकर्ता बना।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों ने अपनी सैन्य तैयारियां बढ़ाई हैं। हथियारों और गोला-बारूद की मांग बढ़ने से कई देश दूसरे देशों से आपूर्ति लेने लगे हैं। दक्षिण कोरिया और स्पेन जैसे देशों के साथ भारत भी इस मांग को पूरा करने में अहम भूमिका निभा रहा है।

विस्फोटकों की आपूर्ति में बड़ी उपलब्धि

रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में यूरोप को करीब 427 करोड़ रुपये के विस्फोटकों की आपूर्ति के साथ भारत इस श्रेणी में शीर्ष स्थान पर रहा। वहीं, प्रोपेलेंट पाउडर के निर्यात में भारत लगभग 883 करोड़ रुपये की आपूर्ति के साथ दूसरे स्थान पर बताया गया है। ये आंकड़े यूरोपीय बाजार में भारतीय रक्षा उद्योग की बढ़ती मौजूदगी को दर्शाते हैं। हालांकि, वैश्विक हथियार निर्यात के मामले में तस्वीर अलग है।

देश में भी तेजी से बढ़ रहा रक्षा उत्पादन

भारत में हथियार और सैन्य उपकरण बनाने की क्षमता भी बढ़ रही है। उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा उत्पादन लगभग 1.78 लाख करोड़ रुपये रहा, जो पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले करीब 15.6 प्रतिशत अधिक है।

इस क्षेत्र में सरकारी कंपनियों के साथ निजी कंपनियां, छोटे उद्योग और स्टार्टअप भी योगदान दे रहे हैं। घरेलू उत्पादन बढ़ने से भारत को अपनी सेना की जरूरतों को पूरा करने और दूसरे देशों को रक्षा उत्पाद बेचने में मदद मिल रही है। सरकार ने वर्ष 2029 तक रक्षा उत्पादन को 3 लाख करोड़ रुपये और रक्षा निर्यात को 50,000 करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी से देश को आर्थिक लाभ मिलने के साथ घरेलू उद्योगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं। इससे रोजगार, तकनीकी विकास और रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कंपनियों की पहचान मजबूत हो सकती है।

हालांकि, रक्षा क्षेत्र में भारत की दीर्घकालीन सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि देश गुणवत्ता, समय पर आपूर्ति और आधुनिक तकनीक के मामले में कितना आगे बढ़ता है। रिकॉर्ड निर्यात एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, लेकिन वैश्विक रक्षा बाजार में लगातार मजबूत बने रहने के लिए निवेश और अनुसंधान पर भी ध्यान देना होगा।

विटामिन B12 की कमी के 5 बड़े संकेत, शरीर देता है ये चेतावनी!

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन B12 बेहद जरूरी पोषक तत्व है। यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण, तंत्रिका तंत्र के सही कामकाज और DNA बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर शुरुआत में कुछ सामान्य लक्षण दिखाई दे सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। आइए जानते हैं विटामिन B12 की कमी के पांच प्रमुख संकेत।

1. हर वक्त थकान और कमजोरी महसूस होना

पर्याप्त आराम करने के बाद भी अगर आपको लगातार थकान, सुस्ती या कमजोरी महसूस होती है, तो इसकी कई वजहें हो सकती हैं। उनमें विटामिन B12 की कमी भी शामिल है।

2. हाथ-पैरों में झनझनाहट

हाथों या पैरों में बार-बार झनझनाहट, सुन्नपन या सुई चुभने जैसा एहसास विटामिन B12 की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसा इसलिए हो सकता है क्योंकि यह विटामिन नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

3. त्वचा का पीला पड़ना

अगर त्वचा सामान्य से ज्यादा पीली दिखाई देने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। विटामिन B12 की कमी इसका एक संभावित कारण हो सकता है। हालांकि, त्वचा में पीलापन दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा है, इसलिए सही कारण जानने के लिए जांच जरूरी है।

4. याददाश्त और एकाग्रता में परेशानी

कुछ लोगों में B12 की कमी होने पर ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत, भूलने की समस्या या मानसिक थकान महसूस हो सकती है। ये लक्षण कई अन्य कारणों से भी हो सकते हैं। यदि परेशानी बार-बार हो रही है या बढ़ रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

5. जीभ में दर्द या मुंह में छाले

विटामिन B12 की कमी होने पर जीभ लाल, चिकनी या दर्दयुक्त हो सकती है। कुछ लोगों को मुंह में छाले या खाने के दौरान असहजता भी महसूस होती है। ऐसे लक्षण लंबे समय तक बने रहने पर जांच कराना उचित है।

विटामिन B12 की कमी कैसे पूरी करें?

विटामिन B12 के प्रमुख स्रोतों में दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली और मांस शामिल हैं। शाकाहारी या वीगन आहार लेने वालों को B12 की पर्याप्त मात्रा मिलना मुश्किल हो सकता है, इसलिए उनके लिए फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ उपयोगी हो सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर सप्लीमेंट या अन्य उपचार की सलाह दे सकते हैं।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों को मिली 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रबी सीजन में राहत भरी खबर है। राज्य सरकार की ओर से किसानों को रबी फसलों की बुवाई के लिए निःशुल्क बीज मिनिकिट और उन्नत किस्मों के बीज अनुदान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस पहल का उद्देश्य खेती की लागत कम करना और फसलों की पैदावार बढ़ाना है। योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी।

किसानों को मिलीं 5 बड़ी खुशखबरी

सरकार की योजना के तहत किसानों को चना, मटर, मसूर, राई-सरसों और अलसी जैसी फसलों के बीज मिनिकिट उपलब्ध कराने का प्रावधान है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, चना के 84,506, मटर के 15,268, मसूर के 1,09,700, राई-सरसों के 4,95,578 और अलसी के 30,000 बीज मिनिकिट निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा, किसानों को उन्नत किस्मों के बीज खरीदने पर अलग-अलग दरों से अनुदान भी दिया जा रहा है।

मसूर के बीज पर 100% तक सब्सिडी

योजना की सबसे बड़ी खासियत दलहन फसलों के बीज पर मिलने वाली सब्सिडी है। निर्धारित शर्तों के तहत आठ वर्ष से कम अवधि वाली प्रजातियों के मसूर बीज पर 100 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है। वहीं, चना और मटर के प्रमाणित बीजों पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी मिल सकती है। जबकि गेहूं, जौ और राई-सरसों की उन्नत किस्मों के बीज पर भी 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।

कैसे करें योजना के लिए ऑनलाइन बुकिंग?

इस योजना का लाभ लेने के लिए उत्तर प्रदेश के किसानों को कृषि विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पोर्टल https://agriculture.up.gov.in/ पर जाना होगा। वहां किसान पंजीकरण संख्या और मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी की मदद से लॉगिन करके अपनी जरूरत के अनुसार बीज मिनिकिट या अनुदानित बीज का विकल्प चुन सकते हैं।

ध्यान रखें कि बुकिंग निर्धारित लक्ष्य के अनुसार ही स्वीकार की जाएगी। ऑनलाइन आवेदन में परेशानी होने पर किसान नजदीकी कृषि विभाग कार्यालय, राजकीय बीज भंडार या जन सेवा केंद्र (CSC) से सहायता ले सकते हैं। आवेदन करने से पहले पोर्टल पर उपलब्ध पात्रता, बीज वितरण और अनुदान से जुड़ी शर्तों की जानकारी जरूर जांच लें।

यूपी पंचायत चुनाव से पहले बड़ी खबर! गांव में लागू होंगे नए नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव से पहले मतदाता सूची को लेकर अहम बदलाव की तैयारी है। गांव की वोटर लिस्ट में नाम दर्ज कराने के लिए सामान्य निवास के मानक स्पष्ट किए जा सकते हैं। इसका मकसद यह तय करना है कि कौन व्यक्ति वास्तव में गांव का निवासी है और किसका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जाना चाहिए।

इस संबंध में पंचायती राज विभाग की ओर से मसौदा तैयार कर मंत्रिपरिषद के पास भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, प्रस्तावित नियमों को अभी लागू नहीं माना जा सकता। इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना जरूरी होगी।

पंचायत चुनाव में क्यों जरूरी हैं नए नियम?

पंचायत चुनाव के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने को लेकर कई बार विवाद सामने आते हैं। कुछ मामलों में आरोप लगते हैं कि चुनावी लाभ के लिए गांव से बाहर रहने वाले लोगों के नाम भी सूची में शामिल करा दिए जाते हैं।  वहीं, पात्र मतदाताओं को नाम दर्ज कराने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में सामान्य निवास के स्पष्ट मानक होने से मतदाता सूची तैयार करने वाले अधिकारियों को मदद मिल सकती है। साथ ही, नाम शामिल करने से जुड़े दावों और आपत्तियों पर निर्णय लेना भी आसान हो सकता है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

सामान्य निवास के मानक तय करने का मामला पहले भी अदालत में उठ चुका है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 17 दिसंबर 2019 को राज्य सरकार को इस संबंध में मानदंड बनाने का निर्देश दिया था। वर्ष 2026 में इस मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने आदेश के अनुपालन में देरी पर नाराजगी जताई। इसके बाद नियमों का मसौदा तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की जानकारी सामने आई। अब प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सामान्य निवासी की पहचान किन शर्तों के आधार पर की जाएगी।

कब से लागू होंगे नए नियम?

फिलहाल पंचायत चुनाव की मतदाता सूची से जुड़े प्रस्तावित बदलावों पर अंतिम फैसला होना बाकी है। कैबिनेट की मंजूरी और सरकारी अधिसूचना जारी होने के बाद ही नए नियमों की शर्तें स्पष्ट होंगी।

खुशखबरी की धूम! यूपी में एक साथ 10 बड़ी भर्ती, फटाफट करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में शिक्षक भर्ती से लेकर क्लर्क, स्टेनोग्राफर, आंगनवाड़ी सहायिका और तकनीकी पदों तक कई भर्तियों के अवसर सामने आए हैं। अलग-अलग विभागों और भर्ती आयोगों की इन नियुक्तियों में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और तकनीकी योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए मौके हैं।

यूपी में इन 10 भर्तियों पर करें नजर

1. सहायक अध्यापक भर्ती: उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से स्नातक वेतनमान वाले सहायक अध्यापक के 17,735 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। आवेदन 24 अक्टूबर से 23 नवंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।

2. प्राथमिक सहायक अध्यापक: प्राथमिक शिक्षक के 12,405 पदों के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर 28 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इच्छुक अभ्यर्थी पात्रता के अनुसार आवेदन करें।

3. प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक: इन पदों पर 2,647 रिक्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया 23 अक्टूबर से 22 नवंबर 2026 तक निर्धारित है।

4. UPSSSC की विभिन्न भर्तियां: आयोग की एक भर्ती में स्टोरकीपर कम क्लर्क, फार्म क्लर्क, स्टेनोग्राफर सहित अन्य पदों पर कुल 1,784 रिक्तियां बताई गई हैं। आवेदन 10 नवंबर से 1 दिसंबर 2026 तक प्रस्तावित हैं।

5. तकनीकी और अन्य पद: UPSSSC की एक अन्य भर्ती में जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट स्टोरकीपर, टेक्निकल असिस्टेंट और इंस्ट्रक्टर मशीन समेत विभिन्न पदों के लिए 1,156 रिक्तियां दी गई हैं। आवेदन 3 से 25 नवंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।

6. UPPSC भर्ती 2026: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की भर्ती में समीक्षा अधिकारी, सहायक समीक्षा अधिकारी, रिसेप्शनिस्ट और स्टोरकीपर समेत विभिन्न पदों पर 501 रिक्तियां हैं। आवेदन की अवधि 26 अक्टूबर से 26 नवंबर 2026 तक है।

7. युवा कल्याण विभाग: क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के 412 पदों के लिए मुख्य परीक्षा के आवेदन 16 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक निर्धारित हैं। इस भर्ती की पात्रता शर्तें जरूर जांचें।

8. UPSSSC की 380 पदों वाली भर्ती: जूनियर इंजीनियर, इलेक्ट्रीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट और रिसर्च असिस्टेंट सहित विभिन्न पदों के लिए आवेदन 6 से 27 नवंबर 2026 तक किए जा सकते हैं।

9. आंगनवाड़ी सहायिका भर्ती: मुरादाबाद में आंगनवाड़ी सहायिका के 316 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। दी गई जानकारी के मुताबिक, आवेदन की अंतिम तिथि 28 अक्टूबर 2026 है।

10. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान भर्ती: लखनऊ स्थित संस्थान में स्टेनोग्राफर, रिसेप्शनिस्ट समेत विभिन्न पदों पर 74 रिक्तियां बताई गई हैं। ऑनलाइन आवेदन 19 अक्टूबर से 20 नवंबर 2026 तक निर्धारित हैं।

कहां से करें आवेदन?

उम्मीदवार संबंधित भर्ती के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर नोटिफिकेशन पढ़ सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

UPESSC: upessc.up.gov.in

UPSSSC: upsssc.gov.in

UPPSC: uppsc.up.nic.in

आंगनवाड़ी भर्ती: upanganwadibharti.in

राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान: drrmlims.ac.in

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

हर भर्ती में शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन शुल्क अलग हो सकते हैं। शिक्षक पदों के लिए निर्धारित प्रशिक्षण और पात्रता परीक्षा की शर्तें भी लागू हो सकती हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन में सभी नियमों की पुष्टि करें।

केंद्र सरकार ने दी सौगात, देशभर के छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों के लिए केंद्र सरकार की नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप स्कीम (NMMSS) पढ़ाई जारी रखने में मददगार है। इस योजना के तहत पात्र और चयनित विद्यार्थियों को हर साल 12,000 रुपये की छात्रवृत्ति दी जाती है। 

निर्धारित शर्तें पूरी करने पर छात्र कक्षा 9वीं से 12वीं तक कुल 48,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकते हैं। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इच्छुक विद्यार्थी नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

हर साल मिलेंगे 12 हजार रुपये

इस योजना का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण होनहार बच्चों की पढ़ाई बीच में न छूटे। इसके तहत हर साल नए विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का प्रावधान है। चयनित छात्र को सालाना 12,000 रुपये मिलते हैं। आगे की कक्षाओं में भी निर्धारित शर्तें पूरी करने पर छात्रवृत्ति जारी रह सकती है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

NMMSS स्कॉलरशिप के लिए विद्यार्थियों को कुछ जरूरी पात्रता शर्तें पूरी करनी होंगी।

छात्र सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त या स्थानीय निकाय के स्कूल में नियमित पढ़ाई कर रहा हो।

परिवार की कुल सालाना आय 3.50 लाख रुपये से अधिक न हो।

सातवीं कक्षा में कम से कम 55 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हों।

अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों को अंकों में 5 प्रतिशत की छूट का प्रावधान है।

संबंधित राज्य या केंद्र शासित प्रदेश की चयन परीक्षा उत्तीर्ण करना जरूरी है।

कैसे होगा छात्रों का चयन?

विद्यार्थियों का चयन निर्धारित परीक्षा के आधार पर किया जाता है। इसमें दो प्रमुख भाग होते हैं। पहला मेंटल एबिलिटी टेस्ट (MAT), जिसमें तर्कशक्ति और मानसिक क्षमता परखने वाले सवाल होते हैं। दूसरा स्कॉलैस्टिक एप्टीट्यूड टेस्ट (SAT), जिसमें विज्ञान, गणित और सामाजिक विज्ञान जैसे विषयों से प्रश्न पूछे जाते हैं।

आवेदन कैसे करें?

छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने हेतु आधिकारिक वेबसाइट https://scholarships.gov.in/ पर जाएं। आवश्यक रजिस्ट्रेशन या ओटीआर प्रक्रिया पूरी करने के बाद लॉगिन करें और NMMSS योजना का विकल्प चुनें। इसके बाद व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और बैंक खाते की जानकारी भरकर आवेदन जमा करें।

आवेदन के लिए मार्कशीट, आय प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण और अन्य जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। आवेदन करने के बाद स्कूल से संपर्क करके सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी कराएं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026, स्कूल स्तर पर सत्यापन की अंतिम तिथि 15 नवंबर और जिला स्तर पर सत्यापन की अंतिम तिथि 30 नवंबर 2026 है।

भारत को रूस से मिलेगी बड़ी सौगात! चीन-पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत की हवाई सुरक्षा को जल्द बड़ी मजबूती मिल सकती है। रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की पांचवीं और आखिरी रेजिमेंट नवंबर 2026 तक भारत पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इसकी डिलीवरी की आधिकारिक तारीख अभी तय नहीं हुई है। 

अगर यह खेप निर्धारित समय के आसपास मिल जाती है, तो भारत और रूस के बीच हुआ मूल रक्षा समझौता पूरा हो जाएगा। S-400 को आधुनिक लंबी दूरी की हवाई रक्षा प्रणालियों में गिना जाता है। यह दुश्मन के लड़ाकू विमानों, कुछ प्रकार की मिसाइलों और अन्य हवाई खतरों का पता लगाने तथा उनसे निपटने के लिए तैयार किया गया है।

40 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का हुआ था सौदा

भारत ने अक्टूबर 2018 में रूस के साथ पांच S-400 रेजिमेंट खरीदने का समझौता किया था। इस सौदे की कीमत 40,000 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की हवाई सुरक्षा को मजबूत करना था। अब तक भारत को चार रेजिमेंट मिल चुकी हैं। पांचवीं रेजिमेंट आने के बाद समझौते के तहत सभी पांच इकाइयों की आपूर्ति पूरी हो जाएगी।

आखिरी S-400 मिलने से क्या होगा फायदा?

S-400 की प्रत्येक रेजिमेंट में रडार, मिसाइल लॉन्चर और कमांड सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण उपकरण शामिल होते हैं। ये मिलकर दूर से आने वाले हवाई खतरों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में मदद करते हैं। आखिरी रेजिमेंट मिलने से भारत को अपनी हवाई सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिल सकती है। इससे रणनीतिक क्षेत्रों और संवेदनशील सैन्य ठिकानों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध क्षमता बढ़ाने का अवसर मिलेगा।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद चर्चा में रहा S-400

मई 2025 में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव के दौरान S-400 सहित आधुनिक हवाई रक्षा प्रणालियों को लेकर काफी चर्चा हुई थी। फिलहाल, रूस से पांचवीं रेजिमेंट मिलने की खबर भारत की रक्षा तैयारियों के लिहाज से अहम है। हालांकि, नवंबर 2026 की समयसीमा संभावित है, इसलिए अंतिम डिलीवरी को लेकर आधिकारिक पुष्टि का इंतजार करना होगा।

LPG उपभोक्ताओं के लिए अपडेट! 1 नवंबर से पहले जान लें ये 5 जरूरी नियम

नई दिल्ली। अगर आप घर में LPG गैस सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं, तो नवंबर से पहले इससे जुड़े जरूरी नियमों की जानकारी जरूर हासिल कर लें। सिलेंडर की दोबारा बुकिंग के लिए तय अंतर, सब्सिडी पाने के लिए आधार e-KYC और गैस एजेंसी से जुड़ी सुविधाओं जैसी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं इन पांच अहम नियमों के बारे में।

1. अगला सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिन का अंतर

LPG उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर की बुकिंग के बाद अगली बुकिंग करते समय निर्धारित समय का ध्यान रखना होगा। दी गई जानकारी के अनुसार, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के ग्राहकों के लिए बुकिंग के बीच 25 दिन का अंतर लागू है। यह नियम प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य घरेलू गैस उपभोक्ताओं, दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। इसलिए समय से पहले सिलेंडर खत्म होने की स्थिति से बचने के लिए अपनी खपत के हिसाब से बुकिंग की योजना बनाएं।

2. सब्सिडी के लिए आधार e-KYC कराना जरूरी

अगर आप LPG सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी का लाभ लेते हैं, तो आधार आधारित e-KYC की स्थिति जरूर जांच लें। इस प्रक्रिया के जरिए उपभोक्ता की पहचान सत्यापित की जाती है, जिससे सब्सिडी का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलती है। खासकर प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अपनी गैस एजेंसी से यह पता कर लेना चाहिए कि उनकी e-KYC प्रक्रिया पूरी है या नहीं।

3. घर बैठे भी पूरी कर सकते हैं e-KYC

आधार e-KYC कराने के लिए हर बार गैस एजेंसी जाने की जरूरत नहीं पड़ सकती। ग्राहक अपनी गैस कंपनी के आधिकारिक मोबाइल ऐप के जरिए भी प्रक्रिया पूरी करने का विकल्प देख सकते हैं। इंडेन के ग्राहक IndianOil ONE, भारत गैस के ग्राहक HelloBPCL और HP Gas के ग्राहक HP PAY ऐप का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके अलावा, गैस एजेंसी पर जाकर या सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपलब्ध सुविधा के अनुसार सहायता ली जा सकती है।

4. e-KYC नहीं कराने पर सब्सिडी पर असर

जो ग्राहक e-KYC पूरा नहीं कराते, उनकी सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। ऐसी स्थिति में पात्रता और लागू सरकारी नियमों के अनुसार उपभोक्ता को बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदना पड़ सकता है। हालांकि, गैस सिलेंडर की आपूर्ति और सब्सिडी की पात्रता अलग-अलग विषय हैं। इसलिए किसी भी परेशानी से बचने के लिए अपनी गैस कंपनी से मौजूदा स्थिति की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

5. 5 और 10 किलो के सिलेंडर का भी विकल्प

घरेलू जरूरत के मुताबिक ग्राहक 5 किलो या 10 किलो वाले LPG सिलेंडर के विकल्प के बारे में भी जानकारी ले सकते हैं। छोटे सिलेंडर कुछ उपभोक्ताओं के लिए सुविधाजनक हो सकते हैं, लेकिन उनकी उपलब्धता और बुकिंग की शर्तें स्थानीय गैस एजेंसी पर निर्भर करेंगी। इसलिए खरीदने से पहले संबंधित वितरक से कीमत, उपलब्धता और लागू नियमों की जानकारी जरूर लें।

LPG ग्राहकों के लिए जरूरी सलाह

नवंबर की शुरुआत से पहले अपनी सिलेंडर बुकिंग की योजना बनाएं और सब्सिडी का लाभ लेते हैं तो e-KYC की स्थिति भी जांच लें। साथ ही, बुकिंग के अंतर और अन्य नियमों में बदलाव से जुड़ी जानकारी के लिए अपनी गैस कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट या एजेंसी से पुष्टि करें। इससे समय पर सिलेंडर मिलने और सब्सिडी से जुड़ी परेशानियों से बचने में मदद मिल सकती है।

यूपी में बदलेगा मौसम का मिजाज! कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में मौसम करवट ले सकता है। प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, वहीं कुछ इलाकों में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।

पूर्वी यूपी में बारिश के ज्यादा आसार

मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर से कुछ स्थानों पर बारिश की शुरुआत हो सकती है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। 29 और 30 अक्टूबर को कई इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। 

इसके बाद 31 अक्टूबर और 1 नवंबर के दौरान भी कुछ स्थानों पर तेज बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। बारिश के साथ बादलों की गरज, बिजली चमकने और तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है। 1 नवंबर को बारिश की गतिविधियां कम होने की संभावना है।

पश्चिमी यूपी में भी बदलेगा मौसम

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदल सकता है। पूर्वानुमान के अनुसार, 29 से 31 अक्टूबर के बीच कुछ इलाकों में हल्की या छिटपुट बारिश होने की संभावना है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से सतही हवाएं चल सकती हैं। हालांकि, 1 नवंबर से पश्चिमी यूपी में मौसम के शुष्क रहने का अनुमान है।

चक्रवाती गतिविधियों का असर

बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी प्रणाली और उत्तर-पश्चिम भारत में बने मौसम संबंधी बदलावों का असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके चलते प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की स्थिति बन सकती है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

बारिश और तेज हवाओं के दौरान लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। गरज-चमक के समय खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को भी मौसम के पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए।

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, ग्राम प्रधानों के लिए खबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव का इंतजार कर रहे लोगों के लिए अहम अपडेट सामने आया है। ग्राम प्रधानों से लेकर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों तक, सभी की नजर चुनाव की तारीखों पर टिकी है। इस बीच प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने चुनाव को लेकर अपनी बात रखी है।

राजभर का कहना है कि वह चाहते हैं कि पंचायत चुनाव जल्द से जल्द करा दिए जाएं। हालांकि, चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में रिपोर्ट आने के बाद ही अगला कदम उठाए जाने की उम्मीद है।

पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट क्यों जरूरी?

पंचायत चुनाव में पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण तय करना एक अहम प्रक्रिया है। इसके लिए गठित आयोग को संबंधित वर्गों की स्थिति और प्रतिनिधित्व का अध्ययन करके अपनी सिफारिशें देनी हैं। रिपोर्ट मिलने के बाद आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा। यही वजह है कि चुनाव की तैयारियों के बीच आयोग की रिपोर्ट पर सबकी नजर बनी हुई है। रिपोर्ट आने के बाद सीटों के आरक्षण और चुनाव से संबंधित दूसरी औपचारिकताओं पर काम आगे बढ़ सकता है।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव पर बढ़ी नजर

उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में हो रही देरी का मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है। खबर के मुताबिक, अदालत ने राज्य में तीन महीने के भीतर चुनाव कराने का निर्देश दिया है। ऐसे में चुनाव की प्रक्रिया को लेकर सरकार की अगली कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

क्या चुनाव की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं?

ओमप्रकाश राजभर पहले भी कह चुके हैं कि सरकार चुनाव कराने के लिए तैयार है। उनके मुताबिक, मतदाता सूची तैयार है और मतपत्र जिलों तक पहुंचाए जा चुके हैं। हालांकि, चुनाव से पहले आरक्षण समेत जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना बाकी है।

ग्राम प्रधानों को अब किस बात का इंतजार?

फिलहाल पंचायत चुनाव की निश्चित तारीखों का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। चुनाव कार्यक्रम, आरक्षण और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है। ऐसे में ग्राम प्रधानों और चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों को सरकारी घोषणाओं पर नजर रखनी चाहिए।

BPSC TRE-4 अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी, शिक्षक भर्ती की नई डेडलाइन जारी

पटना। बिहार में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए जरूरी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख बढ़ाने की सूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत शिक्षा विभाग के स्कूलों में कुल 33,320 शिक्षक पदों पर नियुक्ति की जानी है।

3 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

आयोग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार, TRE-4 भर्ती के लिए अभ्यर्थी अब 3 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। वहीं, आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को आवेदन और फीस की तारीखों का खास ध्यान रखना होगा।

सुप्रीम कोर्ट के मामले से जुड़ा है फैसला

BPSC ने आवेदन की तारीखों को लेकर यह सूचना सुप्रीम कोर्ट में चल रहे एक मामले से संबंधित आदेश के संदर्भ में जारी की है। नोटिस में संबंधित वादियों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज आयोग के कार्यालय में जमा करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके लिए 29 अक्टूबर 2026 तक का समय निर्धारित किया गया है। यह निर्देश संबंधित मामले के वादियों पर लागू है।

अभ्यर्थी समय रहते पूरा करें आवेदन

TRE-4 के तहत 33,320 शिक्षक पदों पर भर्ती का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम तारीख से पहले आवेदन की प्रक्रिया पूरी कर लें। फॉर्म भरने से पहले आयोग की आधिकारिक सूचना ध्यान से पढ़ें और आवेदन शुल्क समय पर जमा करें, ताकि किसी तरह की परेशानी न हो।

बिहार में इन कर्मचारियों को खुशखबरी, मिलेगी 1 महीने की एक्स्ट्रा सैलरी!

पटना। बिहार में जेल वार्डरों (कक्षपालों) के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पटना हाई कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए हर वित्तीय वर्ष में एक महीने के वेतन के बराबर अतिरिक्त मानदेय देने का आदेश दिया है। खास बात यह है कि इस लाभ की गणना 27 अगस्त 2015 से की जाएगी।

2015 से मिलेगा अतिरिक्त मानदेय का लाभ

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि जेल वार्डरों को यह लाभ केवल 2019 या 2024 से देना उचित नहीं है। राज्य सरकार ने 2015 में ही पुलिस और कुछ अन्य विभागों के अराजपत्रित कर्मचारियों के लिए हर वित्तीय वर्ष में एक महीने के वेतन के बराबर अतिरिक्त मानदेय देने का निर्णय लिया था।

हालांकि, उस समय जेल वार्डरों को इस सुविधा में शामिल नहीं किया गया था। बाद में विभागीय स्तर पर उन्हें इसका लाभ देने के फैसले किए गए, लेकिन इसकी शुरुआत की तारीख को लेकर विवाद बना रहा।

हाई कोर्ट ने क्यों दिया यह आदेश?

बिहार जेल मेन्स एसोसिएशन ने जेल वार्डरों को देर से लाभ देने के फैसले को अदालत में चुनौती दी थी। एसोसिएशन का कहना था कि जब मूल नीति 2015 में लागू हुई थी, तो जेल कर्मचारियों को भी उसी तारीख से इसका लाभ मिलना चाहिए।

मामले पर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति डॉ. अंशुमान की एकलपीठ ने राज्य सरकार की दलीलों को स्वीकार नहीं किया। अदालत ने कहा कि तकनीकी चूक के कारण किसी कर्मचारी वर्ग को उसके उचित लाभ से वंचित नहीं रखा जा सकता।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

इस फैसले से बिहार के जेल वार्डरों को हर वित्तीय वर्ष में एक महीने के वेतन के बराबर अतिरिक्त मानदेय मिलने का रास्ता साफ हुआ है। चूंकि लाभ की शुरुआत 27 अगस्त 2015 से निर्धारित की गई है, इसलिए संबंधित कर्मचारियों को पिछली अवधि के लाभ का भी मामला बन सकता है।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में फिर आई 1 बड़ी भर्ती, युवाओं की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 501 रिक्तियों की घोषणा की है। इस भर्ती में समीक्षा अधिकारी (RO), सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO), केयरटेकर, रिसेप्शनिस्ट, स्टोर कीपर समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की प्रक्रिया 26 अक्टूबर 2026 से शुरू हो रही है। उम्मीदवारों को फॉर्म भरने के लिए 26 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है। ऐसे में सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती एक अच्छा अवसर हो सकती है।

501 पदों पर होगी भर्ती

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की इस भर्ती के तहत कुल 501 पद भरे जाएंगे। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तें अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित पद का आधिकारिक विज्ञापन ध्यान से पढ़ना चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

भर्ती के लिए दी गई जानकारी के अनुसार, उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री, बीकॉम या संबंधित पद के अनुसार डिप्लोमा होना चाहिए। हालांकि, प्रत्येक पद के लिए जरूरी योग्यता अलग हो सकती है। आवेदकों की निर्धारित आयु सीमा 21 से 40 वर्ष बताई गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार लगभग 29,200 रुपये से लेकर 1,51,100 रुपये प्रति माह तक वेतन मिल सकता है। वास्तविक वेतनमान संबंधित पद, वेतन स्तर और लागू सरकारी नियमों पर निर्भर करेगा।

आवेदन की क्या है तिथि?

आवेदन शुरू होने की तारीख: 26 अक्टूबर 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 26 नवंबर 2026

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर भर्ती से संबंधित अधिसूचना देख सकते हैं। आवेदन के लिए वेबसाइट पर उपलब्ध संबंधित भर्ती लिंक खोलें, जरूरी जानकारी भरें और मांगे गए दस्तावेज जमा करें।

मंगलवार से शुरू होंगे अच्छे दिन, इन 5 राशियों को मिलेगी बड़ी खुशखबरी!

राशिफल। मंगलवार का दिन कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन बनने वाले शुभ योगों का सकारात्मक प्रभाव कई लोगों के जीवन पर पड़ सकता है। खासतौर पर 5 राशियों के जातकों को करियर, धन और कारोबार के मामले में अच्छे संकेत मिल सकते हैं। आइए जानते हैं, कौन-सी हैं वे 5 राशियां।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने या किसी पुराने काम में सफलता के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभ पहुंचा सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है। परिवार में खुशखबरी मिल सकती है और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए मंगलवार सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। व्यापार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि रिश्तों में मधुरता बनी रह सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए दिन नई संभावनाओं से भरा रह सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी सूचना मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने के संकेत हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। किसी योजना में सफलता मिलने या आय बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से अटके काम में प्रगति हो सकती है।

8th Pay Commission: कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, वेतन आयोग से जुड़े 5 अहम अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। हर किसी के मन में सवाल है कि नई वेतन व्यवस्था में कितनी बढ़ोतरी होगी और इसका फायदा कब से मिल सकता है। फिलहाल आयोग का कामकाज जारी है, लेकिन सैलरी बढ़ोतरी को लेकर कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। इस बीच आयोग की गतिविधियों से जुड़ी पांच महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं।

रिपोर्ट सौंपने के लिए तय है समयसीमा

8वें वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से मई 2027 के आसपास रिपोर्ट आने की उम्मीद की जा सकती है। इसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा करके आगे का निर्णय लेगी।

आयोग से जुड़े ये 5 अपडेट जानें

मुंबई में हुई बैठकों की तैयारी: आयोग ने अक्टूबर 2026 में मुंबई में परामर्श के लिए कार्यक्रम बनाया था। संबंधित संगठनों और पक्षों को इसमें शामिल होने के लिए निर्धारित समय के भीतर आवेदन करना था।

सलाहकारों के नियमों में बदलाव: अगस्त 2026 में आयोग ने सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े कुछ दिशा-निर्देशों में संशोधन किया। यह बदलाव आयोग की आंतरिक प्रक्रिया से संबंधित है।

जयपुर में विचार-विमर्श: आयोग के कार्यक्रम में जयपुर का दौरा भी शामिल था। अगस्त के अंत और सितंबर की शुरुआत में प्रस्तावित बैठकों के लिए इच्छुक पक्षों से आवेदन मांगे गए थे।

बेंगलुरु में चर्चा का कार्यक्रम: कर्मचारियों और संबंधित संगठनों से विचार-विमर्श के लिए अक्टूबर में बेंगलुरु में बैठकें निर्धारित की गई थीं। इसमें भाग लेने के लिए पहले से आवेदन करना जरूरी था।

चंडीगढ़ में परामर्श: आयोग ने सितंबर 2026 में चंडीगढ़ में भी बैठकें आयोजित करने की योजना घोषित की थी। इसका उद्देश्य संबंधित पक्षों के विचार और सुझाव प्राप्त करना था।

कितनी बढ़ेगी सैलरी? अभी इंतजार

कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर और न्यूनतम बेसिक वेतन को लेकर है। इसके अलावा पेंशन में संभावित बदलाव पर भी लोगों की नजर है। हालांकि, इन विषयों पर अभी कोई अंतिम आंकड़ा घोषित नहीं किया गया है। इसलिए सोशल मीडिया या अन्य जगहों पर सामने आ रहे संभावित वेतन के आंकड़ों को पक्का फैसला मानना सही नहीं होगा।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 2 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लघु और सीमांत किसानों के लिए खेती में निवेश करना अब आसान हो सकता है। किसानों को आर्थिक मदद देने के लिए उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक की कृषक समृद्धि योजना के तहत कम ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इस योजना में पात्र किसानों को कृषि और उससे जुड़े कामों के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सकता है।

किसानों को मिलीं ये 2 बड़ी राहतें

पहली खुशखबरी: 6 लाख रुपये तक का ऋण

खेती के लिए मशीनें खरीदने, सिंचाई की व्यवस्था करने और अन्य कृषि कार्यों में काफी खर्च आता है। कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र किसान इन जरूरतों को पूरा करने के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक ऋण के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, वास्तविक ऋण राशि किसान की पात्रता और बैंक के नियमों के अनुसार तय होगी।

दूसरी खुशखबरी: 6 प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर

इस योजना की एक अहम विशेषता इसकी 6 प्रतिशत प्रभावी ब्याज दर है। कम ब्याज पर कर्ज मिलने से किसानों को खेती में जरूरी निवेश करने में मदद मिल सकती है। इसका उद्देश्य कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देना और किसानों पर कर्ज की लागत का बोझ कम करने में सहायता करना है।

किन कामों के लिए ले सकते हैं ऋण?

योजना के अंतर्गत कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए वित्तीय सहायता का प्रावधान है। किसान अपनी जरूरत के अनुसार खेती से संबंधित खर्चों के लिए ऋण की जानकारी ले सकते हैं। इससे उन्हें खेती की आवश्यकताओं को समय पर पूरा करने में मदद मिल सकती है।

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज?

आवेदन करने वाले किसानों को कुछ जरूरी कागजात तैयार रखने चाहिए। इनमें आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक खाते का विवरण, जमीन की खतौनी और निवास प्रमाण पत्र शामिल हैं। बैंक जरूरत के अनुसार अन्य दस्तावेज भी मांग सकता है।

कहां करें संपर्क?

कृषक समृद्धि योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक की नजदीकी शाखा में संपर्क कर सकते हैं। वहां से पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, ऋण की अवधि और अन्य शर्तों की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

29 अक्टूबर को करवा चौथ पर चमकेगी 5 राशियों की किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ!

राशिफल। करवा चौथ का त्योहार सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस पर्व को खास माना जाता है। मान्यताओं के अनुसार, 29 अक्टूबर को करवा चौथ के अवसर पर पांच राशियों के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने या किसी पुराने काम में सफलता के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ पहुंचा सकते हैं। परिवार में आपसी तालमेल बनाए रखने से खुशी मिलेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में राहत मिलने की संभावना है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को अपने काम की सराहना मिल सकती है। परिवार में सुखद माहौल बना रहने की उम्मीद है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए करवा चौथ का दिन सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए कामों में प्रगति होने और नई योजनाओं पर आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी भी बड़े फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों को कार्यक्षेत्र और पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद हो सकती है। पुराने मतभेद दूर करने का अवसर मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में सावधानी के साथ आगे बढ़ना फायदेमंद रहेगा। जीवनसाथी के साथ समय बिताने का मौका मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी सूचना मिलने की उम्मीद रहेगी। विद्यार्थियों को अपनी मेहनत पर ध्यान देने से लाभ हो सकता है। परिवार का सहयोग आत्मविश्वास बढ़ाएगा।

1 नवंबर से चमकेगी 5 राशियों की किस्मत! शुरू होंगे अच्छे दिन, तरक्की के बनेंगे योग

राशिफल। नवंबर महीने की शुरुआत कुछ राशियों के लिए नई उम्मीदें और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव व्यक्ति के करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर पड़ता है। ऐसे में 1 नवंबर से पांच राशियों के जातकों को अपने जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए नवंबर की शुरुआत उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आ सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। लंबे समय से किसी नए पद या जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे लोगों को सकारात्मक संकेत मिलने की उम्मीद रहेगी। अधिकारियों के साथ बातचीत में सावधानी बरतने और अपने काम पर ध्यान देने से लाभ मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए नवंबर का शुरुआती समय आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने के लिहाज से अच्छा रह सकता है। जो लोग लंबे समय से अपनी आमदनी बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें नए अवसरों की तलाश करनी चाहिए। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम की गुणवत्ता के आधार पर पहचान मिल सकती है। नई जिम्मेदारी मिलने या किसी महत्वपूर्ण परियोजना से जुड़ने की संभावना भी बन सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए नवंबर की शुरुआत करियर और व्यक्तिगत विकास पर ध्यान देने का अवसर लेकर आ सकती है। नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को नए विकल्पों की जानकारी मिल सकती है। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं या किसी महत्वपूर्ण लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपनी रणनीति मजबूत करने पर ध्यान देना चाहिए।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए नवंबर का शुरुआती दौर रिश्तों, साझेदारी और करियर से जुड़े मामलों में महत्वपूर्ण हो सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को टीम के साथ मिलकर काम करने का लाभ मिल सकता है। किसी रुके हुए काम को पूरा करने के लिए नए रास्ते सामने आ सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अवसरों की तुलना करके ही फैसला लेना चाहिए।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए नवंबर की शुरुआत नए लक्ष्य निर्धारित करने और आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकती है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और कौशल विकास से जुड़े लोगों को अपनी तैयारी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए नए अवसर खोजने और आवेदन करने का समय उपयोगी हो सकता है।

बिहार सरकार के 2 बड़े फैसले, इन 10 जिलों के किसानों के लिए खुशखबरी!

पटना: बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने हरे चने की अगेती खेती को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजना शुरू करने का फैसला लिया है। इसके तहत किसानों को आर्थिक सहायता देने के साथ खेती के लिए बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों की आमदनी बढ़ाना और बाजार में हरे चने की मांग को पूरा करना है।

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, रबी सीजन में हरे चने का उत्पादन बढ़ाने के लिए कृषि विभाग विशेष प्रत्यक्षण कार्यक्रम चलाएगा। इससे किसानों को कम समय में फसल तैयार करने और बाजार में शुरुआती आवक का लाभ उठाने के अवसर मिल सकते हैं।

इन 10 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार की इस योजना को बिहार के 10 जिलों में लागू किया जाएगा। इनमें पटना, नालंदा, भोजपुर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, भागलपुर, जमुई, लखीसराय और समस्तीपुर शामिल हैं। इन जिलों में कुल 6,250 एकड़ जमीन पर हरे चने की अगेती किस्म की खेती कराने का लक्ष्य रखा गया है। 

बता दे की इस कार्यक्रम के लिए करीब 2.50 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। योजना के अंतर्गत पात्र किसानों को प्रति एकड़ 4,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा, खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों तक बीज और अन्य जरूरी कृषि सामग्री पहुंचाई जाएगी।

15 नवंबर तक बांटे जाएंगे बीज

कृषि विभाग की योजना के अनुसार, चयनित जिलों में किसानों को 15 नवंबर तक बीज और आवश्यक कृषि सामग्री वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम को विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के आधार पर लागू किया जाएगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे योजना का लाभ लेने के लिए अपने जिले के कृषि विभाग या संबंधित कृषि कार्यालय से पात्रता और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त करें।

अगेती चने की खेती से होगा फायदा?

सरकार को उम्मीद है कि हरे चने की अगेती खेती से किसानों को बाजार में फसल की शुरुआती आवक का लाभ मिल सकता है। इस दौरान मांग के अनुरूप उत्पादन होने पर किसानों को बेहतर कीमत मिलने की संभावना रहती है। हालांकि, वास्तविक मुनाफा बाजार भाव, मौसम, उत्पादन और खेती की लागत पर निर्भर करेगा।