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300 साल बाद महाशिवरात्रि पर 5 राजयोग, इन 5 राशियों की बल्ले-बल्ले

राशिफल। ज्योतिष गणना के अनुसार, इस महाशिवरात्रि पर 300 साल बाद 5 राजयोग और 10 शुभ योगों का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की अनूठी स्थिति इन राशियों के जीवन में बड़े सकारात्मक बदलाव और अवसर लेकर आ रही है। बुध-सूर्य, बुध-शुक्र, सूर्य-शुक्र और शनि की विशेष युति कई शुभ योग बना रही है, जो धन, प्रतिष्ठा, करियर और भाग्यवृद्धि के लिए अत्यंत लाभकारी माने जा रहे हैं।

5 राशियों के लिए विशेष लाभ

1. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और शिक्षा में बड़ी सफलता का संकेत देता है। नौकरीपेशा लोग प्रमोशन या नई जिम्मेदारियों में लाभ प्राप्त करेंगे। स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक संतुलन भी मिलेगा।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय धन और व्यापार में लाभ के योग लेकर आया है। निवेश या प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार में सामंजस्य और सुख-शांति बनी रहेगी।

3. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि नई योजनाओं और अवसरों का है। करियर में उन्नति और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। पुराने विवाद सुलझने और संबंध मजबूत होने के योग हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय स्थिरता, अनुशासन और दीर्घकालिक सफलता का है। वित्तीय मामलों में लाभ, संपत्ति और निवेश में बढ़ोतरी के संकेत हैं। स्वास्थ्य और मानसिक शांति भी बनी रहेगी।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए ग्रहों का संयोग भाग्य, करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि लाएगा। नए अवसर और साझेदारी के लिए समय अनुकूल रहेगा। व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए यह समय बहुत शुभ है।

14 से 28 फरवरी तक शुभ संयोग: 5 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का जीवन पर गहरा असर होता है। 14 से 28 फरवरी के बीच कई ग्रहों की स्थिति अनुकूल रहेगी, जिससे कुछ राशियों के लिए सफलता, समृद्धि और भाग्य के नए अवसर खुलेंगे। इस अवधि में पांच राशियों के जीवन में विशेष सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और करियर में उन्नति लेकर आएगा। नौकरी पेशेवर लोग अपने महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में सफलता हासिल करेंगे। व्यापारियों के लिए नए ऑर्डर और निवेश के अवसर खुलेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को इस अवधि में शिक्षा और करियर में लाभ होने के संकेत हैं। विद्यार्थियों के लिए प्रतियोगिताओं और परीक्षाओं में सफलता की संभावना बढ़ेगी। युवा पेशेवर अपने कार्यस्थल पर प्रशंसा प्राप्त करेंगे। साथ ही, स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक संतुलन भी मिलेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय सामाजिक प्रतिष्ठा और सम्मान की दृष्टि से लाभकारी रहेगा। वरिष्ठ अधिकारी या सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। घर-परिवार में सामंजस्य और सुख-शांति बनी रहेगी। इस समय किसी विवाद या पुराने मतभेद को सुलझाने के लिए भी अनुकूल परिस्थितियां होंगी।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए प्रेम, मित्रता और भाग्य के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में लाभ होगा और नए अवसर प्राप्त होंगे। यह समय व्यक्तिगत रिश्तों को मजबूत करने के लिए भी अनुकूल है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह अवधि नई योजनाओं और निवेश के लिए शुभ मानी जा रही है। कार्यक्षेत्र में पुराने प्रोजेक्ट सफल होंगे और अधिकारियों से तारीफ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।

गंभीर खबर: बिहार के 13 जिलों में HIV संक्रमण का खतरा बढ़ा

पटना। बिहार में HIV संक्रमण के मामलों में तेजी से वृद्धि ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (NACO) और बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 13 जिले हाई-रिस्क श्रेणी में आ गए हैं।

हाई-रिस्क जिले

इन जिलों में मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, गया, गोपालगंज, पटना, पूर्वी चंपारण, समस्तीपुर, सारण, सीतामढ़ी, सीवान और वैशाली शामिल हैं। वर्ष 2025 में मुजफ्फरपुर में नए संक्रमण सबसे अधिक दर्ज किए गए, जबकि पटना दूसरे स्थान पर है।

संक्रमण के आंकड़े

मुजफ्फरपुर: नए केस – 1253, जीवित संक्रमित – 9189

समस्तीपुर: नए केस – 131, जीवित संक्रमित – 8443

बेगूसराय: नए केस – 560, जीवित संक्रमित – 8462

सारण: नए केस – 25, जीवित संक्रमित – 8440

सीतामढ़ी: नए केस – 181, जीवित संक्रमित – 8515

दरभंगा: नए केस – 51, जीवित संक्रमित – 7461

पूर्वी चंपारण: नए केस – 280, जीवित संक्रमित – 6545

भागलपुर: नए केस – 310, जीवित संक्रमित – 5868

गोपालगंज: जीवित संक्रमित – 5868

गया: नए केस – 754, जीवित संक्रमित – 5397

पटना: नए केस – 850, जीवित संक्रमित – 4611

सीवान: नए केस – 25, जीवित संक्रमित – 764

वैशाली: नए केस – 355, जीवित संक्रमित – 6481

संक्रमितों में व्यस्क पुरुष 7334, महिलाएं 2957, युवा 2240, और बच्चे 359 हैं। पिछले वर्ष 1265 मरीजों की मृत्यु हुई, जिसमें 1168 व्यस्क पुरुष, 362 महिलाएं, 97 बच्चे और 58 युवा शामिल थे।

रोकथाम और जांच अभियान

बढ़ते मामलों को देखते हुए बिहार राज्य एड्स नियंत्रण समिति ने होली के अवसर पर रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर विशेष जांच कैंप लगाने का निर्णय लिया है। इन कैंपों में बाहर से आने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी और संक्रमित पाए जाने पर रोकथाम और उपचार की कार्रवाई की जाएगी।

रिपोर्टिंग में कमी

समीक्षा में यह भी पाया गया कि 225 ग्रामीण एएनएम केंद्र और 9 शहरी एएनएम केंद्र अपनी रिपोर्ट HMIS पोर्टल पर समय पर प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं। परियोजना निदेशक सुमित कुमार ने जिला स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी केंद्र रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें और निगरानी को मजबूत बनाया जाए।

भारत खरीद रहा ये 3 घातक हथियार, पाक के उड़े होश, चीन सन्न!

नई दिल्ली। भारत ने अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से उन्नत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। रक्षा मंत्रालय की डिफेंस एक्विज़िशन काउंसिल (DAC) ने कई महत्त्वपूर्ण रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है, जिससे भारत की वायु और समुद्री निगरानी क्षमताओं में भारी वृध्दि होगी। यह निर्णय इस समय इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा मजबूती मिलेगी, बल्कि अंतरराष्ट्रीय रणनीतिक साझेदारियों को भी बल मिलेगा।

114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद

DAC ने फ्रांस की प्रमुख एयरोस्पेस कंपनी दासो एविएशन से 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है। यह सौदा भारत की वायु शक्ति में जबरदस्त वृद्धि करेगा। 18 राफेल विमान फ्रांस से तैयार अवस्था में आयेंगे। जबकि 96 विमान भारत में ही निर्मित होंगे, जिससे ‘मेक-इन-इंडिया’ को विशेष बल मिलेगा और रक्षा क्षेत्र में नई नौकरियों के अवसर भी पैदा होंगे।

स्कैल्प क्रूज़ मिसाइलों की खरीद

वायु सेना सिर्फ विमानों तक सीमित नहीं रह रही, उसने करीब 400 SCALP क्रूज़ मिसाइलों की भी खरीद को मंजूरी दी है। ये मिसाइलें लगभग 300 किलोमीटर तक सटीक लक्ष्यों को भेदने में सक्षम हैं। यह मिसाइल प्रणाली पिछले समय में ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में भी प्रभावशाली भूमिका निभा चुकी है। यह भारत को अग्रिम रणनीतिक मारक क्षमता देती है।

अमेरिका से P-8I विमान की मंजूरी

डीएसी ने अमेरिका से 6 और P-8I लॉन्ग-रेंज मेरीटाइम सर्विलांस विमान खरीदने को भी हरी झंडी दिखाई है। इन विमानों की अनुमानित कीमत लगभग 3 बिलियन डॉलर (लगभग 27,000 करोड़ रुपये) है। भारतीय नौसेना पहले से ही 12 P-8I विमानों का संचालन कर रही है। नई खरीद से भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और पनडुब्बी रोधी क्षमताओं में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

यूपी में सियासी हलचल तेज, पंचायत चुनाव से पहले OBC आयोग गठन की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि चुनावी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने से पहले अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग के गठन की दिशा में कदम उठाए जा रहे हैं। यह जानकारी सरकार की ओर से इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ को दी गई।

हाई कोर्ट में सरकार का पक्ष

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ, जिसमें जस्टिस राजन राय और जस्टिस ए. के. चौधरी शामिल थे, के समक्ष राज्य सरकार ने बताया कि OBC आयोग के गठन की प्रक्रिया जारी है। सरकार के इस बयान के बाद अदालत ने संबंधित जनहित याचिका को निस्तारित कर दिया।

दरअसल, एक जनहित याचिका में कहा गया था कि प्रदेश के OBC आयोग का कार्यकाल लगभग पांच महीने पहले समाप्त हो चुका है और नए आयोग के गठन के बिना पंचायत चुनाव कराना उचित नहीं होगा। याचिकाकर्ता ने अदालत से सरकार को आयोग का गठन करने का निर्देश देने की मांग की थी।

अदालत का रुख

सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को अवगत कराया कि सरकार आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। इस आश्वासन के बाद पीठ ने माना कि याचिका में अब कोई शेष विवाद नहीं बचता, इसलिए उसे समाप्त किया जाता है। अदालत का यह निर्णय पंचायत चुनाव की तैयारियों के लिए रास्ता साफ करने वाला माना जा रहा है।

क्यों अहम है OBC आयोग?

पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था संवेदनशील और कानूनी दृष्टि से महत्वपूर्ण विषय है। OBC आयोग का गठन इस बात को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी माना जाता है कि आरक्षण का निर्धारण संवैधानिक और न्यायिक मानकों के अनुरूप हो। पिछले कुछ वर्षों में स्थानीय निकाय चुनावों में आरक्षण को लेकर कई कानूनी चुनौतियां सामने आई थीं, जिसके चलते आयोग की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है।

क्या है राजनीतिक मायने?

पंचायत चुनाव को ग्रामीण राजनीति की आधारशिला माना जाता है। ऐसे में OBC आयोग का गठन केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी अहम कदम है। यह फैसला प्रदेश की राजनीति में नए समीकरण तय कर सकता है, खासकर तब जब चुनावी तैयारियां रफ्तार पकड़ रही हों।

बिहार में ''जमीन मालिकों'' को राहत: सरकार ने दी मंजूरी

पटना। बिहार सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए भूमि दखल कब्जा प्रमाण पत्र (एलपीसी) को लेकर अहम फैसला लिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष परिस्थितियों में ऑफलाइन एलपीसी जारी करने की समयसीमा बढ़ा दी है। अब 31 अक्टूबर तक निर्धारित मामलों में अंचल कार्यालयों से ऑफलाइन एलपीसी जारी किए जा सकेंगे।

पहले क्या था आदेश?

राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस वर्ष 1 जनवरी से ऑफलाइन एलपीसी जारी करने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। सरकार का उद्देश्य भूमि संबंधी सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना था, ताकि पारदर्शिता बढ़े और अनियमितताओं पर अंकुश लगाया जा सके। इसके बाद सामान्य परिस्थितियों में केवल ऑनलाइन माध्यम से ही एलपीसी जारी किए जाने लगे।

किन मामलों में मिलेगी छूट?

नए आदेश के अनुसार, विशेष मामलों में ऑफलाइन प्रक्रिया की अनुमति दी गई है। विभाग ने जिलाधिकारियों को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि भू-अर्जन जैसे मामलों में ऑफलाइन एलपीसी जारी किया जा सकेगा। अक्सर जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों में त्वरित प्रमाण पत्र की आवश्यकता होती है, इसलिए यह व्यवस्था अस्थायी तौर पर जारी रखी गई है। हालांकि, अन्य सभी सामान्य मामलों में ऑनलाइन एलपीसी की अनिवार्यता पहले की तरह लागू रहेगी।

पहले जारी ऑफलाइन LPC भी मान्य

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 1 जनवरी के बाद किसी कारणवश ऑफलाइन एलपीसी जारी किया गया है, तो वह भी वैध माना जाएगा। नया आदेश 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया है, और उसी तारीख से ऑफलाइन प्रक्रिया पर रोक लागू है। इससे उन जमीन मालिकों को राहत मिलेगी जिन्होंने इस बीच ऑफलाइन प्रमाण पत्र प्राप्त किया था।

डिजिटल व्यवस्था की ओर बढ़ता कदम

राज्य सरकार भूमि प्रबंधन प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन करने की दिशा में काम कर रही है। ऑनलाइन एलपीसी व्यवस्था से आवेदन, सत्यापन और निर्गमन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और ट्रैक करने योग्य बनती है। साथ ही, इससे भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की संभावनाएं भी कम होती हैं।

जमीन मालिकों के लिए क्या मायने?

इस फैसले से उन लोगों को राहत मिलेगी जिनके मामले विशेष श्रेणी में आते हैं, खासकर भू-अर्जन से जुड़े मामलों में। साथ ही, यह स्पष्ट संदेश भी है कि सरकार डिजिटल प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है, लेकिन आवश्यक परिस्थितियों में व्यावहारिक लचीलापन भी बरत रही है।

महाशिवरात्रि पर भाग्यवृद्धि: 5 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

राशिफल। महाशिवरात्रि का पावन अवसर न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि ज्योतिषीय दृष्टि से भी यह समय सकारात्मक ऊर्जा और भाग्यवृद्धि का संकेत देता है। इस वर्ष महाशिवरात्रि पर कुछ राशियों के लिए विशेष लाभकारी योग बन रहे हैं, जो उनके जीवन में सुख, समृद्धि और अवसरों की बहार ला सकते हैं।

1. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन में बड़े बदलाव लाने वाला है। इस दौरान लंबे समय से रुके हुए काम बन सकते हैं और नए अवसर मिल सकते हैं। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव के ध्यान और पूजा से मानसिक शांति भी प्राप्त होगी, जिससे निर्णय क्षमता बढ़ेगी।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय स्वास्थ्य और करियर के क्षेत्र में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। इस दौरान आपके प्रयासों को सफलता मिलेगी और वरिष्ठों से सहयोग की संभावना बढ़ेगी। घर में खुशहाली और परिवारिक सौहार्द भी बढ़ेगा।

3. तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय प्रेम और सामाजिक संबंधों में लाभकारी रहेगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और मित्र व परिवार के साथ तालमेल बेहतर होगा। व्यवसाय और शिक्षा के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को इस महाशिवरात्रि में धन लाभ और नौकरी में तरक्की के संकेत मिल रहे हैं। निवेश के मामले में सही निर्णय लेने का समय है। साथ ही धार्मिक अनुष्ठान और दान-पुण्य से भाग्य में और वृद्धि होगी।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय यात्रा और नए प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए अनुकूल है। इस दौरान साहस और आत्मविश्वास बढ़ेगा। परिवार और मित्रों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे और पुराने कष्टों से मुक्ति मिल सकती है।

बिहार में लगेगा 'स्टील कारखाना', इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम उठाया है। चुनावी वादे के अनुसार हर जिले में औद्योगिक इकाई स्थापित करने की योजना पर काम शुरू कर दिया गया है। इसी के तहत गयाजी में स्टील कारखाना स्थापित होने जा रहा है, जिससे राज्य में रोजगार और उत्पादन दोनों में बढ़ोतरी होगी। 

निवेश और उत्पादन

गयाजी में प्रस्तावित इस स्टील कारखाने के लिए श्याम स्टील ने सरकार को प्रस्ताव दिया है कि वह इस परियोजना के तहत लगभग 5000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। राज्य के गया-डोभी रोड स्थित औद्योगिक गलियारे में यह कारखाना लगाया जाएगा, जिसकी क्षमता सालाना दस लाख टन स्टील उत्पादन की होगी। इस परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग आठ हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

रोजगार और लाभ

गयाजी में स्टील प्लांट के संचालन से स्थानीय युवाओं को नौकरी के अवसर मिलेंगे और आसपास के क्षेत्रों में व्यापार व सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा। राज्य सरकार अगले पांच वर्षों में एक करोड़ रोजगार सृजन का लक्ष्य रख रही है और इस परियोजना को इस दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

सरकारी समर्थन

राज्य के मुख्य सचिव ने उद्योगपतियों से संवाद के दौरान कहा कि बिहार में उद्योग लगाने में आ रही बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाएगा। सभी संबंधित विभागों को उद्योग स्थापना और भुगतान से जुड़ी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे निवेशकों के लिए वातावरण और अधिक अनुकूल बनेगा।

चुनावी वादे का क्रियान्वयन

एनडीए ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में राज्य के हर जिले में कम से कम एक औद्योगिक इकाई स्थापित करने का वादा किया था। गयाजी में स्टील यूनिट इस वादे का पहला उदाहरण है। सरकार का उद्देश्य है कि औद्योगिक गतिविधियों से रोजगार के अवसर बढ़ें और राज्य की अर्थव्यवस्था मजबूत बने।

गयाजी में स्टील प्लांट से न केवल स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। इस परियोजना के पूरा होने के बाद बिहार आर्थिक और औद्योगिक दृष्टि से और सशक्त बन सकेगा।

रूस का बड़ा ऐलान, भारत खुश, चीन-पाक की बढ़ी टेंशन!

नई दिल्ली। रूस ने भारत को सुरक्षा और रणनीतिक क्षेत्र में बड़ी राहत दी है। भारतीय वायुसेना के लिए खरीदे गए एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम के पांच स्क्वाड्रन में से बाकी दो स्क्वाड्रन इसी साल भारत भेज दिए जाएंगे। इससे न केवल भारत की हवाई सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि पड़ोसी देशों चीन और पाकिस्तान की रणनीतिक चिंताएँ भी बढ़ गई हैं।

कब पहुंचेंगे एस-400 के स्क्वाड्रन

रूसी अधिकारियों के अनुसार, चौथा स्क्वाड्रन मई के आखिर या जून की शुरुआत तक भारत पहुंच जाएगा। वहीं, पांचवां और आखिरी स्क्वाड्रन नवंबर तक भारतीय वायुसेना के हवाले कर दिया जाएगा। इससे भारतीय एयर डिफेंस नेटवर्क पूरी क्षमता के साथ संचालित होगा।

एस-400 खरीदने की पृष्ठभूमि

भारत और रूस के बीच इस सौदे पर अक्टूबर 2018 में समझौता हुआ था, जिसकी कुल लागत लगभग 40,000 करोड़ रुपये बताई गई थी। भारत को अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की जरूरत इसलिए थी ताकि उसके दुश्मनों के फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसी आधुनिक तकनीक को रोकने में सक्षम हो सके।

ऑपरेशन सिंदूर में एस-400 की भूमिका

शुरुआत में रूस में यूक्रेन युद्ध के कारण एस-400 की सप्लाई में देरी हुई थी। बावजूद इसके, तीन स्क्वाड्रन भारत भेजे गए और उन्हें वायुसेना के पश्चिमी और पूर्वोत्तर सेक्टर में तैनात किया गया। इसका असर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान देखा गया, जब भारतीय वायुसेना ने 6 हवाई खतरों को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया।

भारत का मिशन 'सुदर्शन चक्र' और एस-400

देश की हवाई सुरक्षा को अभेद्य बनाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिशन 'सुदर्शन चक्र' की शुरुआत की। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम इस मिशन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान इस सिस्टम ने पाकिस्तानी फाइटर जेट्स और एयरबोर्न सर्विलांस प्लेटफॉर्म को बेअसर किया, जिससे इसकी ताकत और महत्व उजागर हुआ।

भारत के लिए सुरक्षा और रणनीतिक महत्व

एस-400 के सभी पांच स्क्वाड्रन के भारत पहुंचने के बाद देश की हवाई सुरक्षा और रणनीतिक घेराबंदी मजबूत हो जाएगी। यह न केवल सीमा पर संभावित खतरे को रोकने में मदद करेगा, बल्कि भारत को क्षेत्रीय स्तर पर मजबूती भी देगा। इस साल एस-400 की पूरी क्षमता के साथ भारत की एयर डिफेंस व्यवस्था सक्षम होने जा रही है, जिससे देश को सुरक्षित रखने में यह सिस्टम निर्णायक भूमिका निभाएगा।

भारत ने कर दिया खेल, EU और USA साथ, चीन को टेंशन!

नई दिल्ली। भारतीय निर्यातकों के लिए 2026-27 का वित्त वर्ष नई उम्मीदों और उत्साह का संकेत दे रहा है। हाल ही में अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) के साथ हुए व्यापार समझौतों ने भारत के माल और सेवाओं के निर्यात को बढ़ाने का मार्ग आसान कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस वर्ष भारत का निर्यात 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे देश वैश्विक व्यापार में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकेगा।

अमेरिका और यूरोप के सौदे: भारत के लिए नई राह

अमेरिका और यूरोप ने मिलकर भारत के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोले हैं। अमेरिका के साथ द्विपक्षीय समझौते के तहत भारतीय उत्पादों पर पहले 25 फीसदी लगे टैरिफ को घटाकर 18 फीसदी कर दिया गया है। इसके अलावा, रूसी कच्चे तेल की खरीद को लेकर अमेरिका ने लगाई गई अतिरिक्त सीमाओं को भी हटा दिया है।

वहीं, यूरोपीय संघ के साथ किए गए सौदे को साल के अंत तक लागू होने की उम्मीद है। इन कदमों से विभिन्न क्षेत्रों में ऑर्डर बढ़ने की संभावना है और भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा में मजबूती मिलेगी। इससे भारत की ग्रोथ में जबरदस्त वृद्धि का अनुमान हैं।

कौन से सेक्टर सबसे अधिक लाभान्वित होंगे

फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (FIEO) के मुताबिक रसायन, जूते और समुद्री उत्पाद जैसे सेक्टरों में ऑर्डर बढ़ने लगे हैं। उनके अनुसार अगले 10-15 दिनों में और अधिक ऑर्डर आने की उम्मीद है। इससे इन क्षेत्रों में उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

चीन के मुकाबले चुनौती

हालांकि, भारत के लिए चीन को पीछे छोड़ना आसान नहीं है। चीन का वैश्विक निर्यात 3.77 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच चुका है और उसका बाजार हिस्सेदारी भारत के मुकाबले बहुत बड़ी है। वर्तमान में अमेरिका में भारत का हिस्सा केवल 3 प्रतिशत है, जबकि चीन का 35 प्रतिशत है। लेकिन फिर भी अमेरिका और चीन में बढ़ता तनाव भारत के लिए बड़ा मौका बन सकता हैं। 

भविष्य की संभावनाएँ

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी और यूरोपीय बाजार में चमड़े और जूते के निर्यात में पहले साल 30 प्रतिशत और उसके बाद 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। निर्यातकों ने हालांकि सरकार से स्पष्ट कार्यान्वयन समय-सीमा और तेल खरीद से संबंधित नियमों में स्पष्टता की मांग की है, ताकि नई नीतियों का पूरा लाभ उठाया जा सके।

बिहार में खुशखबरी का तूफान: 3 बड़े पदों पर भर्ती शुरू, लाखों युवाओं के लिए अवसर

पटना। बिहार में सरकारी नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के तीन प्रमुख विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे बेरोजगारों के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। इन पदों में ऑडिटर, सहायक उप निरीक्षक और सब इंस्पेक्टर प्रोहिबिशन शामिल हैं।

1. BPSC भर्ती 2026 – ऑडिटर

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 102 ऑडिटर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की योग्यता बी.ए, बी.कॉम, बी.एससी, चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA), ICWA या MBA/PGDM होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया 5 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 26 फरवरी, 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

2. BPSSC भर्ती 2026 – सहायक उप निरीक्षक

बिहार पुलिस सबऑर्डिनेट सर्विसेस कमीशन (BPSSC) ने 462 सहायक उप निरीक्षक पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए उम्मीदवार की योग्यता बी.एससी होना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 4 मार्च, 2026 तक चलेगी। उम्मीदवार BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं।

3. BPSSC भर्ती 2026 – सब इंस्पेक्टर प्रोहिबिशन

BPSSC ने 78 सब इंस्पेक्टर प्रोहिबिशन पदों के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए किसी भी विषय में स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 27 जनवरी, 2026 से शुरू होकर 27 फरवरी, 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कल शनि करेंगे खेला, इन 5 राशियों के जीवन में आएंगे शुभ बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का हमारे जीवन पर गहरा असर पड़ता है। खासकर शनि ग्रह, जिसे कठोर और न्यायप्रिय ग्रह माना जाता है, कभी-कभी कठिनाइयाँ भी लाता है और कभी-कभी जीवन में सकारात्मक बदलाव। अगले दिन शनि की स्थिति में बदलाव होने वाला है, जिससे पांच राशियों के जीवन में शुभ परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

1. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष लाभकारी रहेगा। व्यवसाय और नौकरी में लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे। निवेश और धन संबंधी फैसले सकारात्मक परिणाम देंगे। परिवार और संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा और घर में खुशहाली का माहौल बनेगा।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शनि की चाल स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में शुभ संकेत दे रही है। लंबे समय से चल रही परेशानियाँ कम होंगी और मानसिक शांति प्राप्त होगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय नई परियोजनाओं और प्रतियोगिताओं में सफलता का अवसर लाएगा।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सामाजिक और व्यावसायिक दृष्टि से लाभकारी रहेगा। नए संपर्क बनेंगे और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। नौकरी और व्यापार में साझेदारी से अच्छे परिणाम मिलेंगे। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और सुख-शांति बढ़ेगी।

4. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए शनि की चाल से धन लाभ और संपत्ति संबंधी मामलों में राहत मिलेगी। लंबे समय से रुके हुए कानूनी या प्रशासनिक कार्य पूरे होने के संकेत हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य में सुधार और मानसिक तनाव में कमी देखने को मिलेगी।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्यवृद्धि और नए अवसरों का है। कार्यक्षेत्र में प्रमोशन या नई नौकरी के अवसर बन सकते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा और मानसिक संतुलन मिलेगा।

खुशखबरी का तूफान: यूपी में 5 धमाकेदार भर्ती शुरू, युवाओं की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी और शैक्षणिक क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के पांच प्रमुख विभागों और संस्थानों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो लाखों बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर साबित होगी। इन पदों में डॉक्टर, शिक्षक, अंगनवाड़ी कार्यकर्ता और अन्य पद शामिल हैं।

1. NHM यूपी भर्ती 2026

नेशनल हेल्थ मिशन, उत्तर प्रदेश ने 5 डॉक्टर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास MBBS की योग्यता होना अनिवार्य है। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन होगी और उम्मीदवार NHM UP की आधिकारिक वेबसाइट auraiya.nic.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 21 फरवरी, 2026 है।

2. बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भर्ती 2026

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में 143 शिक्षण पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती के लिए B.Tech/B.E, किसी भी मास्टर्स डिग्री, M.Phil या Ph.D की योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन 12 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 21 मार्च, 2026 तक जारी रहेगा। इच्छुक उम्मीदवार विश्वविद्यालय की वेबसाइट bujhansi.ac.in पर आवेदन कर सकते हैं।

3. बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) भर्ती 2026

BHU में 59 पदों के लिए भर्ती शुरू हुई है, जिनमें जीप ड्राइवर, पीओन और अन्य पद शामिल हैं। उम्मीदवारों के पास M.Sc, M.E/M.Tech, MVSC, M.Phil/Ph.D जैसी योग्यताएँ होनी चाहिए। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 23 फरवरी, 2026 तक चलेगी। आवेदन BHU की आधिकारिक वेबसाइट https://www.bhu.ac.in से किया जा सकता है।

4. यूपी अंगनवाड़ी भर्ती 2026 – अंगनवाड़ी कार्यकर्ता

उत्तर प्रदेश में 101 अंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती के लिए किसी भी विषय में स्नातक, 12वीं पास या किसी पोस्ट ग्रेजुएट की योग्यता पर्याप्त है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 29 जनवरी, 2026 से शुरू होकर 19 फरवरी, 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार UP Anganwadi की वेबसाइट https://upanganwadibharti.in से आवेदन कर सकते हैं।

5. बुंदेलखंड विश्वविद्यालय भर्ती 2026 – शिक्षण पद (19 पद)

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने 19 अतिरिक्त शिक्षण पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इसके लिए किसी भी मास्टर्स डिग्री, M.Phil या Ph.D धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन 12 फरवरी, 2026 से शुरू होकर 14 मार्च, 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://bujhansi.ac.in से किया जा सकता है।

बिहार में 'कर्मचारियों' को खुशखबरी, समान वेतन की घोषणा!

पटना। बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य के सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विद्यालय लिपिकों को अब विद्यालय सहायकों के समान वेतन मिलेगा। इसका ऐलान शिक्षा विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के माध्यम से किया गया है।

वेतन और वार्षिक वृद्धि

विद्यालय लिपिकों को प्रतिमाह 16,500 रुपये नियत वेतन मिलेगा, जो पहले विद्यालय सहायकों को ही दिया जाता था। इसके अलावा हर साल 500 रुपये की वार्षिक वेतनवृद्धि भी लागू होगी। यह निर्णय शिक्षा विभाग के उप सचिव अजय सतीश भेंगरा के हस्ताक्षर से अधिसूचित किया गया है।

नियमावली का महत्व

बिहार राज्य विद्यालय लिपिक संवर्ग नियमावली, 2025 के तहत यह बदलाव लागू हुआ है। नियमावली के पहले सेवा काल में यदि किसी शिक्षक-कर्मी का निधन हुआ होता, तो उसके आश्रितों को विद्यालय लिपिक के पद पर अनुकंपा के आधार पर नियुक्ति दी जाती थी। अब इसी नियमावली का लाभ विद्यालय सहायकों पर भी लागू कर दिया गया है।

सहायकों पर भी समान नियम लागू

पूर्व में नियुक्त विद्यालय सहायक और विद्यालय परिचारी भी 2025 की नियमावली के तहत आते हैं। माध्यमिक शिक्षा के उप निदेशक अब्दुस सलाम अंसारी ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पूर्व में नियुक्त सहायकों और परिचारियों का डेटा एचआरएमएस में अपडेट किया जाए और एनपीएस कटौती के लिए प्रान नंबर जनरेट किया जाए।

कर्मचारियों के लिए क्या होगा लाभ?

इस निर्णय से राज्य के हजारों विद्यालय लिपिकों और सहायकों को वित्तीय स्थिरता मिलेगी। वेतन में समानता के कारण कर्मचारियों में संतोष और मनोबल बढ़ेगा। बिहार सरकार का यह कदम न केवल कर्मचारियों की भलाई के लिए, बल्कि राज्य के शिक्षा ढांचे को मजबूत बनाने के लिए भी सकारात्मक माना जा रहा है।

आज शुक्र का प्रभाव तेज, इन 5 राशियों के जीवन में खुशियों की बौछार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शुक्र ग्रह प्रेम, धन, वैभव और सुख-शांति का कारक माना जाता है। जब यह ग्रह अपनी चाल में विशेष प्रभाव डालता है, तो जीवन में सकारात्मक बदलाव और अवसर उत्पन्न होते हैं। आज शुक्र ग्रह का प्रभाव तेज रहेगा, जिससे पाँच राशियों के जीवन में विशेष लाभ देखने को मिल सकते हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन वित्तीय दृष्टि से लाभकारी रहेगा। निवेश और व्यापार के मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा और पारिवारिक संबंधों में सामंजस्य बढ़ेगा। प्रेम संबंधों में मजबूती और मधुरता आएगी।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नए अवसरों और साझेदारियों का संकेत दे रहा है। नौकरी या व्यवसाय में महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स में सफलता प्राप्त होगी। विद्यार्थियों के लिए यह समय शिक्षा और प्रतियोगिता में अच्छा प्रदर्शन करने का अवसर है। स्वास्थ्य सामान्य रूप से अच्छा रहेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के मामले में लाभदायक रहेगा। वरिष्ठ अधिकारियों और सहयोगियों से सहयोग मिलेगा। घरेलू मामलों में संतुलन बना रहेगा और घर में सुख-शांति का माहौल बनेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आज प्रेम, मित्रता और भाग्य के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और जीवन में सामंजस्य और संतुलन बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में हल्की सफलता के संकेत हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई योजनाओं और निवेश के लिए शुभ है। कार्यक्षेत्र में पुराने प्रोजेक्ट्स सफल होंगे और अधिकारियों से तारीफ मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य अच्छा रहेगा और मानसिक शांति में वृद्धि होगी।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने का संकेत दिया है। विधानसभा में डिप्टी सीएम सह राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि विभाग के पास इस समय करीब 46 लाख आवेदन लंबित हैं। इनमें से लगभग 40 लाख आवेदन जमीन के दस्तावेजों में सुधार यानी परिमार्जन से संबंधित हैं। सरकार का कहना है कि इन मामलों का तेजी से समाधान कर आम लोगों को राहत दी जाएगी।

कागजों में नाम की गलतियां बड़ी समस्या

राजस्व मंत्री ने बताया कि बड़ी संख्या में आवेदन जमीन के रिकॉर्ड में नाम या पिता के नाम की त्रुटियों को लेकर हैं। इन छोटी-छोटी गलतियों के कारण लोगों को अपनी ही जमीन के कागजात दुरुस्त कराने के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। सरकार का लक्ष्य है कि परिमार्जन की प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाया जाए, ताकि लोगों को अनावश्यक परेशानी न हो।

दाखिल-खारिज में आ रही दिक्कतें

सदन में जमीन की खरीद-बिक्री और दाखिल-खारिज को लेकर भी सवाल उठे। विधायक मंजीत कुमार सिंह ने कुछ जिलों में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया बाधित होने का मुद्दा रखा। इस पर डिप्टी सीएम ने बताया कि कई मामलों में खाता-खेसरा स्पष्ट नहीं होने के कारण तकनीकी अड़चनें सामने आ रही हैं। इन समस्याओं को दूर करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और आवश्यक कानूनी सलाह भी ली जा रही है।

जमीन विवाद कम करना प्राथमिकता

राज्य सरकार का मानना है कि बिहार में जमीन विवाद लंबे समय से सामाजिक तनाव और हिंसा का कारण रहे हैं। विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि जमीन से जुड़े झगड़ों को जड़ से खत्म करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके लिए रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना जरूरी है।

ब्लॉक स्तर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर

प्रक्रिया को तेज करने के लिए अब ब्लॉक स्तर पर रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जा रहे हैं। यहां अधिकारी सीधे आवेदनों की जांच और निपटारा करेंगे। इससे लोगों को जिला मुख्यालय जाने की जरूरत कम होगी और समय की बचत होगी।

योजनाओं का लाभ मिलेगा आसान

सरकार का मानना है कि जब तक जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह स्पष्ट और अद्यतन नहीं होंगे, तब तक किसानों और जमीन मालिकों को सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाएगा। इसलिए समय-सीमा तय कर लंबित मामलों के समाधान की दिशा में काम किया जा रहा है।

यूपी में बनेंगे ‘वर्ल्ड क्लास स्कूल’, रामनगरी को मिली बड़ी सौगात

अयोध्या उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए रामनगरी को विश्वस्तरीय विद्यालयों की सौगात दी है। प्रदेश के बजट में इन आधुनिक स्कूलों के निर्माण के लिए 57.55 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे जिले के शिक्षा ढांचे को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

तीन बड़े विद्यालयों को मिली मंजूरी

बजट में पूरा और रुदौली क्षेत्र के पटरंगा में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय खोलने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा तारुन क्षेत्र के भदौली में मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट विद्यालय की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्ताव भेजे जाने के बाद सरकार ने इन परियोजनाओं को हरी झंडी दी।

पटरंगा में बनने वाले विद्यालय पर लगभग 23.11 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पूरा क्षेत्र में भी इसी तरह का आधुनिक विद्यालय विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों को नीदरलैंड की तर्ज पर संचालित करने की योजना है, जहां शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के समग्र विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा।

एक परिसर में प्री-प्राइमरी से 12वीं तक पढ़ाई

मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। अंग्रेजी माध्यम से संचालित इन स्कूलों में करीब 2000 विद्यार्थियों के प्रवेश की व्यवस्था की जाएगी। संचालन की जिम्मेदारी बेसिक शिक्षा विभाग के पास होगी।

सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे ये स्कूल

इन विद्यालयों में अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिनमें शामिल हैं: स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड, कंप्यूटर लैब और स्किल लैब, रोबोटिक्स और मशीन लर्निंग की शिक्षा, खेलकूद के लिए पर्याप्त मैदान, छात्रों के लिए बस सेवा। करीब 10 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इन परिसरों में शैक्षणिक भवनों के साथ आधुनिक प्रयोगशालाएं और प्रशिक्षण सुविधाएं भी होंगी। 

शिक्षा विभाग के अनुसार विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के आधार पर बजट आवंटित कर दिया गया है। टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

दिल के लिए जहर है ये 5 चीजें, बढ़ा सकती हैं हार्ट अटैक का जोखिम

हेल्थ डेस्क। दिल की बीमारियां आज के समय में तेजी से बढ़ रही हैं और हार्ट अटैक जैसी गंभीर समस्याएं लोगों के जीवन के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, हमारी रोजमर्रा की आदतें और खाने-पीने की कुछ चीजें सीधे दिल को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

1. ज्यादा तला-भुना खाना

फास्ट फूड, आलू के चिप्स, समोसा, पकोड़े जैसी तली-भुनी चीजें उच्च मात्रा में खून में कोलेस्ट्रॉल बढ़ाती हैं। इससे धमनी में फैट जमा होने लगता है, जो हार्ट अटैक का मुख्य कारण बन सकता है।

2. अधिक नमक का सेवन

ज्यादा नमक वाली चीजें जैसे अचार, पफ्ड स्नैक्स और प्रोसेस्ड फूड ब्लड प्रेशर बढ़ाते हैं। हाई ब्लड प्रेशर दिल पर दबाव डालता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा देता है।

3. शक्कर से भरपूर ड्रिंक और मिठाई

कोल्ड ड्रिंक, केक, पेस्ट्री जैसी चीजें ब्लड शुगर बढ़ाती हैं और मोटापे का कारण बनती हैं। यह डायबिटीज और हृदय रोग के जोखिम को भी बढ़ा देता है।

4. ज्यादा रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट

सॉसेज, बेकन, हैम जैसी प्रोसेस्ड मीट और लाल मांस में संतृप्त वसा ज्यादा होती है। यह कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाकर दिल की धमनियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

5. धूम्रपान और शराब का अधिक सेवन

आपको बता दें की सिगरेट और शराब दिल की नसों को कमजोर करते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।

यूपी में बनेगी नई फोरलेन सड़क, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने आईआईएम रोड से रैथा तक नए बंधे के साथ चार लेन सड़क निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना को मंजूरी दे दी है। 

इसके साथ ही नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया से अमौसी ओवरब्रिज तक सड़कों पर आधुनिक स्ट्रीट लाइट लगाने की योजना भी स्वीकृत की गई है। दोनों परियोजनाओं पर कुल करीब 56.5 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आईआईएम रोड से रैथा तक बनेगी फोरलेन सड़क

एलडीए की मंजूरी के बाद आईआईएम रोड से नैमिष नगर होते हुए रैथा रोड तक लगभग दो किलोमीटर लंबी चार लेन सड़क बनाई जाएगी। इस परियोजना पर लगभग 53.97 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। यह सड़क किसान पथ से भी जुड़ेगी, जिससे क्षेत्र में यातायात का बेहतर नेटवर्क तैयार होगा। वर्तमान में सीतापुर रोड, आईआईएम रोड और आसपास के इलाकों में अक्सर भारी जाम लगता है। नई सड़क बनने से इन मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों को वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।

जाम से मिलेगी राहत

लखनऊ में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिससे प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या आम हो गई है। नई फोरलेन सड़क तैयार होने के बाद यात्रियों को तेज और सुगम सफर का लाभ मिलेगा। खासतौर पर रोजाना ऑफिस जाने वाले लोगों और आसपास के इलाकों के निवासियों को इससे बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सड़कों पर स्ट्रीट लाइट

इसी के साथ नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया से अमौसी ओवरब्रिज तक सड़कों को आधुनिक स्ट्रीट लाइट से रोशन करने की योजना को भी मंजूरी मिली है। इससे रात के समय यातायात सुरक्षित और सुविधाजनक होगा। औद्योगिक क्षेत्र में बेहतर रोशनी से व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

शहर के विकास को रफ्तार

इन परियोजनाओं को लखनऊ के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। नई सड़क और बेहतर प्रकाश व्यवस्था से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि आसपास के इलाकों में रियल एस्टेट और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत, पढ़ें डिटेल

पटना। बिहार सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने का संकेत दिया है। विधानसभा में चर्चा के दौरान ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने आश्वासन दिया कि बकाया बिजली बिल पर लगने वाले ब्याज (सरचार्ज) को माफ करने पर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है। बाद में समाधान योजना 2025-26 के तहत एकमुश्त भुगतान करने पर सरचार्ज में पूरी छूट देने की घोषणा की गई है।

विधानसभा में उठा मुद्दा

कहलगांव से जेडीयू विधायक शुभानंद मुकेश ने सदन में मांग उठाई कि बकाया बिजली बिल पर लगने वाले चक्रवृद्धि ब्याज और अधिभार को एकमुश्त समाधान योजना के तहत पूरी तरह माफ किया जाए। सदन में कुछ विधायकों ने गरीब उपभोक्ताओं का मुद्दा उठाते हुए कहा कि कई लोगों के ऊपर एक-एक लाख रुपये तक बकाया हो चुका है और उनकी बिजली काट दी गई है। इस पर मंत्री ने शुरुआत में सख्त रुख दिखाया, लेकिन हंगामे के बाद उन्होंने ब्याज माफी पर विचार करने का आश्वासन दिया।

सरचार्ज में 100 फीसदी छूट

अब समाधान योजना 2025-26 के तहत एकमुश्त बकाया राशि जमा करने पर सरचार्ज पूरी तरह माफ किया जाएगा। इसका मतलब है कि उपभोक्ताओं को केवल मूल बकाया राशि ही जमा करनी होगी, ब्याज नहीं देना पड़ेगा। लंबे समय से बिल जमा नहीं करने वालों के लिए यह बड़ी राहत है, क्योंकि सरचार्ज की वजह से उनकी देनदारी काफी बढ़ चुकी थी।

पहले चरण में आंशिक छूट

इससे पहले सरकार ने 3 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक एकमुश्त भुगतान पर 60 से 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफी दी थी। दूसरे चरण में 1 फरवरी से 28 फरवरी 2026 तक 50 से 90 प्रतिशत तक छूट का प्रावधान था। अब पूरी छूट का फैसला उपभोक्ताओं के लिए और भी राहत भरा माना जा रहा है।

125 यूनिट बिजली मुफ्त

राज्य सरकार ने 1 अगस्त 2025 से घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की व्यवस्था लागू की है। इससे आम परिवारों के मासिक खर्च में कमी आई है। अब बकाया बिल पर ब्याज माफी का कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए दोहरी राहत साबित हो सकता है।

बिहार में जमीन सर्वे में बड़ा कदम, किसानों और मालिकों को खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में लंबित जमीन सर्वे कार्यों को पूरा करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजस्व और भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में बताया कि अब जिन जमीनों का सर्वे नहीं हुआ है, उनके लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसका लक्ष्य अगले दो सालों में सभी लंबित सर्वे को पूरा करना है, ताकि किसानों और जमीन मालिकों को योजनाओं और सरकारी सुविधाओं का लाभ मिल सके।

लंबित सर्वे की समस्या

मंत्री ने कहा कि राज्य की करीब 20 प्रतिशत भूमि का अब तक सर्वे नहीं हुआ है। इसके कारण जमाबंदी और लगान निर्धारण में बाधाएं हैं। कई किसान इस वजह से सरकारी योजनाओं और अनुदानों से वंचित हैं, जबकि जमीन की खरीद-बिक्री भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि सर्वे कार्य 2012 में शुरू हुआ, 2015 में इसका पुनर्मूल्यांकन हुआ और 2019 में इसमें बदलाव किए गए। अब इसे मिशन मोड में लेते हुए दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जमीन विवाद रोकते हैं विकास

मंत्री ने कहा कि जमीन से जुड़े विवाद केवल प्रशासनिक समस्या नहीं हैं, बल्कि सामाजिक तनाव भी पैदा करते हैं। उन्होंने इसे “जमीन की बीमारी” कहा और बताया कि राज्य सरकार ‘भूमि सुधार जनकल्याण संवाद’ के जरिए विवादों का पारदर्शी और त्वरित समाधान कर रही है। अब तक 8363 शिकायतों में से 2414 मामलों का समाधान किया जा चुका है। इस पहल की दोनों सदनों में सराहना हुई है।

परिमार्जन आवेदन और प्राथमिकता

राजस्व महा-अभियान के दौरान कुल 46 लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें लगभग 40 लाख परिमार्जन (नाम, खाता और खेसरा सुधार) से जुड़े हैं। सरकार इन मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने की योजना बना रही है, ताकि जमीन मालिकों को योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिल सके।

जनकल्याण संवाद से होगा पूरा समाधान

जटिल भूमि विवादों के समाधान के लिए अंचलवार रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले गए हैं। इसके जरिए लोगों की शिकायतें सीधे सुनवाई के लिए लाई जा रही हैं, जिससे विवादों का त्वरित और पारदर्शी समाधान सुनिश्चित हो रहा है।

महाशिवरात्रि पर बनेगा महा-राजयोग, 3 राशियों पर बरसेगी शिव कृपा!

महाशिवरात्रि विशेष (15 फरवरी): इस वर्ष महाशिवरात्रि का पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ ज्योतिषीय दृष्टि से भी अत्यंत विशेष माना जा रहा है। 15 फरवरी को ग्रहों का एक दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में प्रभावशाली राजयोग की संज्ञा दी जा रही है। विद्वानों के अनुसार इस शुभ योग का विशेष प्रभाव मेष, कन्या और कुंभ राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है।

ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि इस दिन चंद्रमा, शनि और अन्य ग्रहों की स्थिति सकारात्मक ऊर्जा का निर्माण करेगी, जिससे कुछ राशियों के लिए धन लाभ, पदोन्नति और नई उपलब्धियों के द्वार खुल सकते हैं। महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की आराधना के साथ यह राजयोग जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का संकेत दे रहा है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आएगी। अचानक धन प्राप्ति या निवेश से लाभ के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना मिल सकती है, जबकि व्यवसायियों को नए अनुबंध मिलने की संभावना है।

कन्या राशि:

कन्या राशि वालों के लिए महाशिवरात्रि का यह राजयोग करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और पारिवारिक जीवन में भी संतुलन बना रहेगा। विद्यार्थियों के लिए यह समय सफलता दिलाने वाला हो सकता है।

कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों को इस शुभ संयोग का विशेष लाभ मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और आर्थिक स्थिति में मजबूती आएगी।

भारतीय सेना में निकली 70 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। देश की सेवा का सपना देखने वाले युवाओं के लिए भारतीय सेना ने सुनहरा अवसर प्रदान किया है। भारतीय सेना ने 124वें कोर्स (अक्टूबर 2026) के अंतर्गत शॉर्ट सर्विस कमीशन (नॉन-टेक्निकल) एनसीसी स्पेशल एंट्री के लिए 70 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 फरवरी 2026 को दोपहर 3 बजे से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 दोपहर 3 बजे (1500 घंटे) निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करते हुए समय रहते आवेदन पूरा कर लें।

पद का विवरण

पद का नाम: शॉर्ट सर्विस कमीशन (नॉन-टेक्निकल) – एनसीसी स्पेशल एंट्री

कुल पद: 70

कोर्स: 124वां कोर्स (अक्टूबर 2026)

नियुक्ति प्रकार: शॉर्ट सर्विस कमीशन (10 से 14 वर्ष)

प्रशिक्षण संस्थान: ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी (OTA), चेन्नई

प्रशिक्षण अवधि: अक्टूबर 2026 से 49 सप्ताह

शैक्षणिक योग्यता

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास एनसीसी ‘C’ सर्टिफिकेट होना चाहिए, जिसमें न्यूनतम ‘B’ ग्रेड प्राप्त किया गया हो।

वेतन और अन्य लाभ

चयनित उम्मीदवारों को 56,100 रुपये से 2,18,200 रुपये प्रतिमाह वेतनमान दिया जाएगा। वार्षिक पैकेज लगभग 17 से 18 लाख रुपये (सीटीसी) तक हो सकता है। इसके अतिरिक्त सेना में मिलने वाली अन्य सुविधाएं जैसे भत्ते, चिकित्सा सुविधा, आवास एवं अन्य लाभ भी प्रदान किए जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार भारतीय सेना की आधिकारिक वेबसाइट www.joinindianarmy.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र एवं एनसीसी प्रमाणपत्र की जानकारी सही-सही भरना आवश्यक है।

रूस से बड़ी खुशखबरी! भारत की ताकत बढ़ेगी, चीन-पाक सन्न!

नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रूस ने S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम के चौथे और पांचवें रेजिमेंट की डिलीवरी का शेड्यूल स्पष्ट कर दिया है। यूक्रेन युद्ध के कारण सप्लाई में आई देरी के बाद यह अपडेट भारत के लिए रणनीतिक तौर पर बेहद अहम माना जा रहा है।

डिलीवरी की नई टाइमलाइन

रूसी अधिकारियों के अनुसार, S-400 का चौथा स्क्वाड्रन मई के अंत या जून की शुरुआत तक भारत पहुंच सकता है, जबकि पांचवां और अंतिम स्क्वाड्रन नवंबर तक मिलने की उम्मीद है। भारत और रूस के बीच 2018 में लगभग 40 हजार करोड़ रुपये की डील के तहत पांच स्क्वाड्रन की आपूर्ति तय हुई थी। अब शेष दो रेजिमेंट के आने से यह समझौता पूरा होने की दिशा में बढ़ेगा।

संवेदनशील सीमाओं पर तैनाती

भारतीय वायुसेना पहले ही तीन S-400 बैटरियों को पश्चिमी और उत्तरी सेक्टर में तैनात कर चुकी है। ये इलाके रणनीतिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं। S-400 को भारत की वायु रक्षा प्रणाली की रीढ़ कहा जाता है, क्योंकि यह लंबी दूरी से आने वाले हवाई खतरों का सटीक पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है।

S-400 की क्षमता क्या है?

रूस निर्मित S-400 एक अत्याधुनिक लॉन्ग रेंज सतह से हवा में मार करने वाला मिसाइल सिस्टम है। इसकी रडार प्रणाली 600 किलोमीटर तक की दूरी से एक साथ 100 से अधिक लक्ष्यों पर नजर रख सकती है। यह विभिन्न रेंज की इंटरसेप्टर मिसाइलों से लैस है, करीब 120 किमी, 250 किमी और 400 किमी तक मार करने वाली मिसाइलें इसमें शामिल हैं।

यह सिस्टम 400 किलोमीटर तक की रेंज में दुश्मन के लड़ाकू विमान, क्रूज़ मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल जैसे खतरों को निशाना बना सकता है। मल्टी-लेयर डिफेंस क्षमता इसे दुनिया के सबसे प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम्स में शामिल करती है।

गोल्ड वॉर शुरू? चीन नंबर-1, भारत भी दौड़ में आगे

नई दिल्ली। पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक स्तर पर सोने और चांदी की कीमतों में उल्लेखनीय उछाल देखने को मिला है। खासकर 2020 से 2025 के बीच सोने की कीमत में लगभग 265 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इस तेज़ी ने दुनिया भर के केंद्रीय बैंकों की रणनीतियों को प्रभावित किया है। कई देशों ने अपने विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूत करने के लिए सोने की खरीद बढ़ाई, जबकि कुछ देशों ने आर्थिक दबाव के चलते अपने रिजर्व में कटौती भी की।

चीन सबसे आगे

पिछले पांच वर्षों में सोने की सबसे अधिक खरीद करने वाले देशों में चीन शीर्ष पर रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, चीन ने 357 टन से अधिक सोना खरीदा। विशेषज्ञों का मानना है कि आधिकारिक आंकड़ों से इतर वास्तविक खरीद इससे अधिक भी हो सकती है।

पोलैंड, तुर्की और भारत

चीन के बाद पोलैंड ने बड़े पैमाने पर सोने की खरीद की और 300 टन से अधिक भंडार जोड़ा। तुर्की और भारत भी इस सूची में प्रमुख रहे। तुर्की ने 250 टन से ज्यादा और भारत ने लगभग 245 टन सोना खरीदा। भारत के लिए सोना पारंपरिक रूप से सुरक्षित निवेश का माध्यम रहा है, और केंद्रीय बैंक भी इसे रणनीतिक संपत्ति के रूप में देख रहा है। इसके अलावा ब्राजील, अजरबैजान, जापान, थाईलैंड, हंगरी और सिंगापुर जैसे देशों ने भी उल्लेखनीय मात्रा में सोना खरीदा हैं।

किन देशों ने घटाया सोना?

जहां कई देशों ने सोना खरीदा, वहीं कुछ देशों ने अपने गोल्ड रिजर्व में कमी की। फिलीपींस इस सूची में सबसे आगे रहा, जिसने पिछले पांच साल में सबसे ज्यादा सोना बेचा। कजाकस्तान और श्रीलंका ने भी उल्लेखनीय मात्रा में सोना बेचा। श्रीलंका का कदम उसके आर्थिक संकट से जुड़ा माना जाता है। जर्मनी, मंगोलिया, ताजिकिस्तान, यूरो एरिया, कोलंबिया और फिनलैंड जैसे देशों ने भी अपने भंडार में आंशिक कमी की। इन देशों के फैसलों के पीछे अलग-अलग आर्थिक और वित्तीय कारण रहे।

क्यों बढ़ रही है सोने की अहमियत?

वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, मुद्रास्फीति, भू-राजनीतिक तनाव और मुद्रा बाजार में उतार-चढ़ाव ने सोने को फिर से सुरक्षित निवेश के रूप में स्थापित किया है। केंद्रीय बैंक अपने रिजर्व को स्थिर और सुरक्षित रखने के लिए सोने पर भरोसा जता रहे हैं। 2020 से 2025 का दौर सोने के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ है। जहां एक ओर कीमतों में रिकॉर्ड वृद्धि हुई, वहीं दूसरी ओर कई देशों ने रणनीतिक रूप से अपने गोल्ड रिजर्व को मजबूत किया।

यूपी में बनेगा नया ल‍िंक एक्‍सप्रेसवे, इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने बुनियादी ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। यूपी कैबिनेट की बैठक में चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए आरएफपी (प्रस्ताव के लिए अनुरोध) को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय के साथ ही परियोजना के निर्माण की प्रक्रिया अब तेज़ी से आगे बढ़ सकेगी।

चित्रकूट को मिलेगा बेहतर संपर्क

करीब 15.17 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे चित्रकूट के भरतकूप क्षेत्र को बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। अनुमान है कि इसके निर्माण पर लगभग 513.97 करोड़ रुपये की लागत आएगी। एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद चित्रकूट धाम तक पहुंचना अधिक आसान और तेज़ हो जाएगा।

चित्रकूट धार्मिक और पर्यटन दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। बेहतर सड़क संपर्क से न केवल यात्रा समय कम होगा, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और परिवहन सेवाओं को भी इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

निविदा प्रक्रिया का रास्ता साफ

आरएफपी को मंजूरी मिलने के बाद अब निर्माण कंपनी के चयन के लिए निविदाएं आमंत्रित की जाएंगी। इससे परियोजना के धरातल पर उतरने की प्रक्रिया और तेज होगी। यह परियोजना पहले ही स्वीकृत हो चुकी थी, लेकिन अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की औपचारिकताएं पूरी होने से निर्माण कार्य शीघ्र शुरू होने की संभावना है।

भारत का बड़ा कदम, पाकिस्तान की उड़ी नींद, तुर्की सन्न!

नई दिल्ली। भारत ने ग्रीस के साथ अपने रक्षा और औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। 9 फरवरी 2026 को नई दिल्ली में भारत और ग्रीस के रक्षा मंत्रियों, राजनाथ सिंह और निकोलाओस-जॉर्जियोस डेंडियास, ने ज्वाइंट डिक्लेरेशन ऑफ़ इंटेंट पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने आने वाले पांच वर्षों के लिए रक्षा सहयोग का रोडमैप तैयार किया है।

सहयोग का दायरा

इस नए समझौते में रक्षा उद्योग, सैन्य अभ्यास, तकनीकी सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को शामिल किया गया है। दोनों देशों ने अपने-अपने स्वदेशी रक्षा उद्योग को मजबूत करने और नई तकनीकियों को साझा करने पर जोर दिया है। भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल और ग्रीस की ‘एजेंडा 2030’ रक्षा सुधार योजना को जोड़कर दोनों देशों ने औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई है।

सैन्य और समुद्री सहयोग

सहयोग का एक अहम हिस्सा द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास और प्रशिक्षण है। 2026 के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच गतिविधियों की रूपरेखा तय की गई है। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा पर भी जोर दिया गया है। ग्रीस ने घोषणा की कि वह गुरुग्राम स्थित इन्फॉर्मेशन फ्यूजन सेंटर–इंडियन ओशन रीजन में अपना अंतरराष्ट्रीय संपर्क अधिकारी नियुक्त करेगा, ताकि समुद्री क्षेत्र में जागरूकता और सुरक्षा बढ़ाई जा सके।

रणनीतिक और भू-राजनीतिक प्रभाव

विशेषज्ञ मानते हैं कि यह कदम तुर्की और पाकिस्तान के लिए स्पष्ट संकेत है। तुर्की ने हाल ही में भारत-पाकिस्तान के संघर्षों में पाकिस्तान का समर्थन किया था, जिसके जवाब में भारत ने ग्रीस के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत किया है। यह समझौता विशेष रूप से पूर्वी भूमध्यसागर और दक्षिण एशिया में भू-राजनीतिक संतुलन को प्रभावित कर सकता है।

औद्योगिक और स्टार्ट-अप सहयोग

ग्रीक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के रक्षा उद्योग और डिफेंस पीएसयू के साथ बैठक कर स्टार्ट-अप और तकनीकी नवाचार पर चर्चा की। रक्षा मंत्रालय ने कहा कि यह पहल दोनों देशों के लंबे समय से चल रहे मजबूत और मित्रतापूर्ण संबंधों को और सुदृढ़ करेगी।