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यूपी में बसेगा ‘नया नोएडा’! जमीन मालिकों की चमकेगी किस्मत?

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में नोएडा के विस्तार की दिशा में ‘न्यू नोएडा’ यानी नए शहर की योजना चर्चा में है। करीब 20,000 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित होने वाला यह प्रोजेक्ट औद्योगिक गतिविधियों, आवास और कारोबार के लिए नई संभावनाएं खोल सकता है। इससे नोएडा और ग्रेटर नोएडा के आसपास के रियल एस्टेट बाजार पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

कहां बसेगा नया नोएडा?

न्यू नोएडा को दादरी-नोएडा-गाजियाबाद इन्वेस्टमेंट रीजन (DNGIR) के तहत विकसित करने की योजना है। इसका क्षेत्र गौतम बुद्ध नगर और बुलंदशहर जिलों के कुछ हिस्सों में फैलेगा। इसका उद्देश्य उद्योगों और बढ़ती आबादी की जरूरतों के लिए अतिरिक्त जमीन उपलब्ध कराना है।

जमीन का कहां होगा इस्तेमाल?

प्रस्तावित योजना में सबसे ज्यादा 40.27 प्रतिशत जमीन औद्योगिक गतिविधियों के लिए रखी गई है। इसके अलावा 17.96 प्रतिशत क्षेत्र हरियाली और मनोरंजन, 14.17 प्रतिशत परिवहन और 13.44 प्रतिशत आवास के लिए प्रस्तावित है। शेष जमीन का इस्तेमाल सार्वजनिक सुविधाओं और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।

चार चरणों में होगा जमीन अधिग्रहण

योजना के मुताबिक, जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चार चरणों में पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर जमीन लेने की योजना है। इसके बाद 2032, 2037 और 2041 तक अगले चरणों में अधिग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। न्यू नोएडा में बेहतर कनेक्टिविटी के लिए तीन मेट्रो कॉरिडोर पर भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इनके निर्माण और समयसीमा को लेकर आधिकारिक मंजूरी तथा आगे की प्रगति देखना जरूरी होगा।

क्या जमीन मालिकों को होगा बड़ा फायदा?

नए शहर में उद्योग, वेयरहाउस, कार्यालय और आवासीय परियोजनाएं विकसित होने से रोजगार तथा कारोबार के अवसर बढ़ सकते हैं। इससे आसपास के इलाकों में घरों और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ने की संभावना भी है। हालांकि, नया नोएडा बनने से हर जमीन की कीमत बढ़ेगी, इसकी गारंटी नहीं है। जमीन का स्थान, अधिग्रहण की स्थिति, कनेक्टिविटी और विकास कार्यों की प्रगति कीमतों को प्रभावित करेंगे।

बिहार में 1 नवंबर से शुरू होगी धान खरीद! किसानों और राइस मिलरों के लिए आई बड़ी खबर

पटना। बिहार में खरीफ विपणन मौसम 2026-27 के लिए धान खरीद की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य में 1 नवंबर 2026 से धान अधिप्राप्ति शुरू करने की योजना है। इसी बीच खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने राइस मिलरों को राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ाकर 15 नवंबर 2026 कर दी है। पहले यह समयसीमा 15 अक्टूबर निर्धारित थी।

अब 15 नवंबर तक करा सकेंगे रजिस्ट्रेशन

विभाग का कहना है कि धान खरीद के बाद उसकी मिलिंग और चावल तैयार करने की प्रक्रिया सुचारु रखने के लिए पर्याप्त संख्या में राइस मिलों का पंजीकरण जरूरी है। इसी उद्देश्य से निबंधन की अवधि बढ़ाई गई है। जिला पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि तय समय के भीतर रजिस्ट्रेशन और मिलों का भौतिक सत्यापन पूरा कराया जाए।

अब तक 608 राइस मिलों का पंजीकरण

विभागीय जानकारी के मुताबिक, इस साल अब तक 608 राइस मिलों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। पिछले वर्ष कुल 868 मिलों का पंजीकरण हुआ था। इस बार अधिक से अधिक मिलों को प्रक्रिया में शामिल करने के लिए रजिस्ट्रेशन की अवधि बढ़ाई गई है। राइस मिलर ई-सहकारी पोर्टल esahkari.bihar.gov.in के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं।

पिछले साल 36.79 लाख टन धान की हुई थी खरीद

पिछले खरीफ विपणन वर्ष में बिहार में 36.79 लाख टन धान की खरीद हुई थी। इस बार भी सरकार का जोर खरीद और मिलिंग की व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर है।

किसानों के लिए जरूरी बात: धान खरीद 1 नवंबर से शुरू करने का प्रस्ताव है। खरीद केंद्रों, पंजीकरण और भुगतान से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए संबंधित विभाग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें।

बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले! सरकारी नौकरी को लेकर आई बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत 32,388 पदों पर बहाली के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती बिहार सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षकों के पदों पर की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन को पूरा करें। 

26 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइनआवेदन करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थियों को तय समयसीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करना होगा।

कितनी मिलेगी सैलरी?

भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार ₹25,000 से ₹32,000 तक वेतनमान मिलने की जानकारी दी गई है। अभ्यर्थियों की आयु सीमा 18 से 42 वर्ष तक बताई गई है। हालांकि, वास्तविक आयु सीमा पद और आरक्षण श्रेणी के अनुसार अलग हो सकती है।

परीक्षा कैसे होगी?

BPSC TRE-4.0 की चयन प्रक्रिया में प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल होंगी। परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित यानी CBT मोड में आयोजित की जाएंगी। आवेदन शुल्क 100 रुपये प्रति श्रेणी बताया गया है।

युवाओं के लिए बड़ा मौका

बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती महत्वपूर्ण अवसर है। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और संबंधित पद की पात्रता की जानकारी ध्यान से देख लेनी चाहिए।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को मौसम के अनुकूल बनाने के लिए नई पहल कर रही है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा के मुताबिक, राज्य के 24 जिलों के 1,200 गांवों में जलवायु अनुकूल कृषि कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके तहत 27,600 एकड़ भूमि पर आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। कार्यक्रम के लिए 14.06 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

गेहूं, चना से लेकर सब्जियों की खेती को बढ़ावा

योजना के तहत रबी मौसम में 18,000 एकड़ में जीरो टिलेज तकनीक से गेहूं, चना और मसूर की खेती कराई जाएगी। वहीं, रेज्ड बेड तकनीक के जरिए मक्का, सरसों, अलसी, मसालों और सब्जियों की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। गरमा मौसम में 9,600 एकड़ भूमि पर मक्का, मूंग, उड़द, मोटे अनाज, सूरजमुखी, तिल, हरी खाद के लिए ढैंचा और सब्जियों की खेती को बढ़ावा देने की योजना है।

18 हजार किसानों को मिलेगा प्रशिक्षण

इस कार्यक्रम के तहत 18,000 किसानों को खेतों में व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, 3,600 किसानों को एक्सपोजर विजिट के जरिए उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। चयनित गांवों में कस्टम हायरिंग सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे, जहां किसानों को कृषि कार्यों के लिए मशीनें उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

किसानों को क्या होगा फायदा?

जलवायु अनुकूल खेती से किसानों को बदलते मौसम के अनुसार फसल उत्पादन की तकनीक अपनाने में मदद मिलेगी। जीरो टिलेज और रेज्ड बेड जैसी पद्धतियों का उद्देश्य खेती को अधिक प्रभावी बनाना और संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करना है।

सरकार की इस पहल से चयनित गांवों के किसानों को आधुनिक तकनीक सीखने और खेती के नए तरीके अपनाने का अवसर मिलेगा। हालांकि, उत्पादन और आमदनी में वास्तविक बढ़ोतरी खेती की परिस्थितियों, मौसम और तकनीकों के सही इस्तेमाल पर निर्भर करेगी।

चंद्रमा और शनि का खास संयोग! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन और भावनाओं का कारक माना जाता है, जबकि शनि को कर्म, अनुशासन और मेहनत का प्रतीक माना जाता है। ऐसे में 24 अक्टूबर को चंद्रमा और शनि की स्थिति को लेकर खास संयोग बन रहे हैं।  इन ग्रहों का प्रभाव कुछ राशियों के जीवन में कामकाज, आर्थिक मामलों और जिम्मेदारियों से जुड़े बदलावों का संकेत दे सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए धैर्य और समझदारी से काम लेने का समय माना जा सकता है। नौकरी में अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से निभाने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना फायदेमंद रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को कामकाज में नए विचारों पर ध्यान देने की जरूरत होगी। कारोबार से जुड़े लोगों को योजनाओं में सुधार करने का मौका मिल सकता है। किसी भी बड़े फैसले से पहले अच्छी तरह विचार करना बेहतर रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में मेहनत और अनुशासन महत्वपूर्ण रहेंगे। लंबे समय से अटके काम को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल हो सकती है। हालांकि, परिणाम पाने के लिए लगातार प्रयास करना जरूरी होगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए रिश्तों और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का समय हो सकता है। नौकरी या कारोबार में नए अवसरों पर विचार कर सकते हैं। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को करियर से जुड़े मामलों में धैर्य रखने की सलाह दी जाती है। पुराने कामों को पूरा करने और भविष्य की योजनाएं बनाने के लिए समय उपयोगी हो सकता है। परिवार के साथ बातचीत में संयम रखना भी जरूरी रहेगा।

नस चढ़ने पर क्यों होता हैं भयंकर दर्द? जानिए इसके पीछे की वजह

हेल्थ डेस्क। अचानक पैर की नस चढ़ने पर कई बार इतना तेज दर्द होता है कि व्यक्ति कुछ सेकंड तक पैर हिला भी नहीं पाता। दरअसल, आम बोलचाल में जिसे नस चढ़ना कहते हैं, वह ज्यादातर मांसपेशियों में अचानक होने वाली ऐंठन होती है। इस दौरान मांसपेशी अनैच्छिक रूप से सिकुड़ जाती है और कुछ समय तक कसी रहती है, जिससे तेज दर्द महसूस होता है।

मांसपेशियों में ऐंठन से क्यों होता है तेज दर्द?

मांसपेशियों को सिकुड़ने और फिर ढीला होने के लिए नसों से संकेत मिलते हैं। जब मांसपेशी अचानक और जोर से सिकुड़कर अकड़ जाती है, तो उसके अंदर तनाव बढ़ जाता है। इसी वजह से दर्द होता है। ऐंठन के दौरान मांसपेशी सख्त महसूस हो सकती है और उसे सामान्य अवस्था में लौटने में कुछ सेकंड तक लग सकते हैं।

रात में क्यों चढ़ती है नस?

रात में सोते समय पैर की मांसपेशियों में ऐंठन होना आम है। इसकी वजह लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना, दिनभर मांसपेशियों पर ज्यादा दबाव पड़ना या कुछ मामलों में शरीर में पानी और खनिजों का असंतुलन हो सकता है। हालांकि, कई बार इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं मिलता।

दर्द से तुरंत राहत कैसे पाएं?

आपको बता दें की नस चढ़ने पर प्रभावित मांसपेशी को धीरे-धीरे खींचने से राहत मिल सकती है। पिंडली में ऐंठन होने पर पैर सीधा करके पंजे को अपनी ओर खींचें। हल्की मालिश भी मदद कर सकती है। मांसपेशियों को झटके से खींचने से बचें।

यदि ऐंठन बार-बार होती है, बहुत तेज दर्द रहता है या इसके साथ सूजन और कमजोरी भी होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ट्रांसफर को लेकर आया नया अपडेट

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। सामान्य तबादले के लिए ऑनलाइन पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में दोबारा खोले जाने की योजना है। इससे उन शिक्षकों को आवेदन का मौका मिल सकेगा, जो अपनी जरूरत के मुताबिक स्थानांतरण चाहते हैं।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गोपालगंज में एक कार्यक्रम के दौरान इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के कारण तबादले की प्रक्रिया रोक दी गई थी। इसके समाप्त होने के बाद प्रक्रिया फिर शुरू करने की तैयारी है।

अब तक 21,940 शिक्षकों का हुआ तबादला

शिक्षा मंत्री के मुताबिक, बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत पहले चरण में कुल 81,790 आवेदन मिले थे। इनमें 61,123 आवेदन सरप्लस शिक्षकों, 9,244 आपसी सहमति से तबादले और 11,423 अंतरजिला स्थानांतरण से संबंधित थे। इनमें से अब तक 21,940 शिक्षकों का स्थानांतरण किया जा चुका है।

25 हजार कर्मियों के भुगतान के लिए 195 करोड़ रुपये

शिक्षा मंत्री ने वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और कर्मचारियों के बकाया भुगतान पर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि करीब 25 हजार कर्मियों के भुगतान के लिए 195 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए हैं। राशि का भुगतान डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है।

शिक्षकों के लिए जरूरी बात: सामान्य स्थानांतरण पोर्टल नवंबर के दूसरे सप्ताह में खोलने की योजना बताई गई है। आवेदन की सटीक तारीख और अन्य दिशा-निर्देशों के लिए शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना पर नजर रखें।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी खुशखबरी!

पटना। बिहार में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार पीरपैंती-झंझारपुर ट्रांसमिशन परियोजना पर काम आगे बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इस योजना के तहत भागलपुर के पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट से उत्पादित बिजली को बेगूसराय, दरभंगा होते हुए मधुबनी के झंझारपुर तक पहुंचाने के लिए नया नेटवर्क विकसित किया जाएगा।

नई बिजली लाइनें और ग्रिड सब-स्टेशन बनेंगे

परियोजना के तहत पीरपैंती से बेगूसराय तक 400 केवी की ट्रांसमिशन लाइन बिछाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा दरभंगा-लौकही, फुलपरास-पंडौल और झंझारपुर-बिठौली के बीच भी नई बिजली लाइनें विकसित करने की योजना है।

बेगूसराय में 500 मेगावाट क्षमता के दो ग्रिड सब-स्टेशन बनाने का प्रस्ताव है। वहीं, शहर में 100 एमवीए क्षमता के दो सब-स्टेशन बनाने की भी योजना है। मधुबनी के झंझारपुर और दरभंगा के बिठौली में भी ग्रिड सब-स्टेशन प्रस्तावित हैं।

उत्तर बिहार को क्या होगा फायदा?

नई ट्रांसमिशन लाइनों और ग्रिड सब-स्टेशनों के निर्माण से बिजली पारेषण नेटवर्क का विस्तार होगा। इससे विभिन्न क्षेत्रों तक बिजली पहुंचाने के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा तैयार किया जा सकेगा।

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए कंपनियों के चयन की प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। हालांकि, इस योजना से उपभोक्ताओं के बिजली बिल में सीधे कमी आने या तत्काल राहत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य बिजली पारेषण व्यवस्था को मजबूत करना है।

बिहार पंचायत चुनाव 2026: मुखिया से लेकर वार्ड सदस्य तक, कब होगा मतदान?

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर संभावित उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजर चुनाव की तारीखों पर टिकी है। हालांकि, अभी तक मतदान की आधिकारिक तारीखों की घोषणा नहीं हुई है। पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया है कि चुनाव कब कराए जाएंगे, इसका फैसला राज्य निर्वाचन आयोग करेगा।

परिसीमन के बाद आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

पंचायत चुनाव से पहले चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं निर्धारित करना जरूरी है। इस प्रक्रिया को परिसीमन कहा जाता है। सीमाओं के निर्धारण और जरूरी तैयारियों के बाद चुनाव कार्यक्रम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

आयोग करेगा तारीखों का ऐलान

मंत्री के मुताबिक, चुनाव की तारीख तय करना पंचायती राज विभाग के अधिकार क्षेत्र में नहीं है। मतदान कब होगा, नामांकन की प्रक्रिया कब शुरू होगी और चुनाव कितने चरणों में कराया जाएगा, इसकी जानकारी राज्य निर्वाचन आयोग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही मिलेगी।

सासाराम में एक कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए मंत्री ने चुनाव की तारीखों को लेकर स्थिति स्पष्ट की। ऐसे में मुखिया, पंचायत समिति सदस्य, जिला परिषद सदस्य और वार्ड सदस्य का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे लोगों को फिलहाल आधिकारिक कार्यक्रम का इंतजार करना होगा।

फिलहाल कब होगी वोटिंग, यह तय नहीं है। चुनाव की तारीख, नामांकन और मतदान का पूरा शेड्यूल सामने आने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग की घोषणा का इंतजार करना होगा।

सोने-चांदी के बाजार में भूचाल! धड़ाम से गिरे भाव, जानें नया रेट

नई दिल्ली। सोना-चांदी खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बाजार से राहत भरी खबर है। 22 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बाजार से लेकर घरेलू वायदा बाजार तक दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान सोना और चांदी दोनों दबाव में नजर आए। हालांकि, कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है, इसलिए खरीदारी से पहले ताजा भाव देखना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी कमजोर

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोना करीब 0.61 फीसदी गिरकर 4,124.70 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, चांदी में लगभग 1.78 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और इसका भाव 56.68 डॉलर प्रति औंस के आसपास रहा। बाजार में जारी कमजोरी के पीछे कई वैश्विक आर्थिक कारक असर डाल सकते हैं।

MCX पर भी लुढ़के सोने-चांदी के भाव

घरेलू वायदा बाजार में भी गिरावट देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 1,300 रुपये टूटकर 1,44,797 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी की कीमत में लगभग 3,900 रुपये की गिरावट आई और यह 2,05,302 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती दिखी।

22, 24 और 18 कैरेट सोने का भाव

दिए गए बाजार आंकड़ों के अनुसार, 24 कैरेट सोना करीब 1,45,070 रुपये, 22 कैरेट सोना 1,32,981 रुपये और 18 कैरेट सोना 1,08,803 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा। चांदी का भाव लगभग 2,05,640 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया है।

आगे और सस्ता होगा सोना?

बैंक ऑफ अमेरिका के अनुमान के मुताबिक, सोने की कीमत में गिरावट जारी रहने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में यह 3,700 डॉलर प्रति औंस तक आ सकता है। हालांकि, यह केवल अनुमान है, निश्चित भविष्यवाणी नहीं। सोने-चांदी के भाव वैश्विक बाजार, डॉलर की चाल और निवेशकों की मांग से प्रभावित होते हैं।

खरीदार ध्यान दें: ऊपर दिए गए भाव कारोबार के दौरान के आंकड़े हैं। स्थानीय बाजार में टैक्स, मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है। खरीदारी से पहले अपने शहर का ताजा रेट जरूर जांचें।

युवाओं के लिए खुशखबरी, SCL में निकली 83 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सेमी-कंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिस जारी किया है। इस भर्ती के जरिए टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर समेत कई पदों को भरा जाएगा। कुल 83 रिक्तियां मौजूद हैं।

SCL में किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टेक्नीशियन के 41, टेक्निकल असिस्टेंट के 30, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट के 7, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के 2, परचेज एंड स्टोर्स ऑफिसर के 2 और अकाउंट्स ऑफिसर का 1 पद शामिल है। इस तरह कुल 83 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।

कितनी मिलेगी सैलरी?

SCL भर्ती में वेतन पद और निर्धारित पे-लेवल के अनुसार अलग-अलग होगा। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मासिक वेतन लगभग 41,940 रुपये से लेकर 1,06,740 रुपये तक हो सकता है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले संबंधित पद का वेतनमान और मिलने वाले भत्तों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में देखनी चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार निर्धारित होगी। टेक्नीशियन और टेक्निकल असिस्टेंट जैसे पदों के लिए तकनीकी योग्यता या संबंधित विषय में डिप्लोमा की आवश्यकता हो सकती है, जबकि प्रशासनिक और लेखा संबंधी पदों के लिए अलग योग्यताएं लागू हो सकती हैं। अन्य शर्तों की जानकारी भी आधिकारिक नोटिफिकेशन से जांचना जरूरी है।

आवेदन कब से शुरू होंगे?

उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित है। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 बताई गई है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर उम्मीदवार SCL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित भर्ती का लिंक देख सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: scl.gov.in 

किडनी में संक्रमण होने पर शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। यह खून से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त पानी को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती है। किडनी में संक्रमण होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह समस्या अक्सर मूत्र मार्ग के संक्रमण के किडनी तक पहुंचने से होती है। समय रहते इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

1. तेज बुखार और ठंड लगना

किडनी में संक्रमण होने पर तेज बुखार आ सकता है। इसके साथ ठंड लगना, कंपकंपी और शरीर में कमजोरी महसूस होना भी संभव है। यदि बुखार के साथ कमर या पीठ के एक तरफ दर्द हो, तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. पीठ या कमर के एक तरफ दर्द

किडनी में संक्रमण का एक प्रमुख संकेत पीठ, कमर या पसलियों के नीचे एक तरफ दर्द होना है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और काफी तेज भी। यदि दर्द के साथ बुखार, उल्टी या पेशाब में परेशानी हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

3. पेशाब करते समय जलन

पेशाब करते समय जलन या दर्द होना मूत्र मार्ग के संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि संक्रमण किडनी तक पहुंच जाए, तो भी यह लक्षण दिखाई दे सकता है। बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना या थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब निकलना भी ध्यान देने योग्य संकेत हैं।

4. पेशाब के रंग या गंध में बदलाव

किडनी या मूत्र मार्ग में संक्रमण होने पर पेशाब धुंधला दिखाई दे सकता है या उसकी गंध असामान्य हो सकती है। कभी-कभी पेशाब में खून भी नजर आ सकता है। हालांकि, इन बदलावों के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

5. मतली, उल्टी और कमजोरी

किडनी के संक्रमण में कुछ लोगों को मतली, उल्टी, भूख कम लगना और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कमजोरी के साथ बुखार या कमर दर्द भी हो, तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण कभी-कभी अलग तरह से दिखाई दे सकते हैं।

कल से इन 6 राशियों के अच्छे दिन! शुक्र की कृपा से मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, प्रेम, वैभव, धन और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। शुक्र की स्थिति को ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति के आर्थिक जीवन, रिश्तों और सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है। 23 अक्टूबर 2026 को शुक्र के प्रभाव को लेकर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

इन 6 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। ऐसे में शुक्र से जुड़ी ज्योतिषीय गतिविधियों को इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए कामकाज और व्यक्तिगत रिश्तों के लिहाज से समय सकारात्मक रहने की उम्मीद की जा सकती है। रुके हुए काम पूरे करने की दिशा में प्रयास सफल हो सकते हैं। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना रह सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि का स्वामी भी शुक्र है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस राशि के जातकों के लिए प्रेम संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामले अहम रह सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिल सकता है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को आर्थिक योजना बनाने और करियर से जुड़े फैसलों पर ध्यान देने की जरूरत रहेगी। मेहनत और समझदारी से काम करने पर सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले उसके जोखिमों को समझना जरूरी होगा।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देने का समय हो सकता है। अपनों के साथ बातचीत से पुरानी गलतफहमियां दूर करने में मदद मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

6. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को कामकाज में नए विचारों और योजनाओं से आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। दोस्तों या सहकर्मियों से सहयोग मिलने की संभावना रह सकती है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर होगा।

यूपी में शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट, 7 नवंबर तक पूरे होंगे प्रमोशन; तबादलों पर बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति और अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया 7 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को दिए गए हैं। दूसरी ओर, जिले से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ने के कारण शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।

प्रमोशन से पहले तबादले की मांग

शिक्षकों को आशंका है कि यदि पदोन्नति की प्रक्रिया पहले पूरी हो गई, तो कई आवेदकों के अंतरजनपदीय तबादले प्रभावित हो सकते हैं। दरअसल, तबादले से जुड़े नियमों में संबंधित जिले में शिक्षक की मौलिक नियुक्ति तिथि तक पदोन्नति होने की शर्त का उल्लेख है। ऐसे में प्रमोशन और तबादले के क्रम को लेकर स्थिति पेचीदा हो सकती है।

जून से अटकी है तबादले की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा परिषद ने 8 जून को अंतरजनपदीय तबादलों के संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बाद शिक्षकों ने निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन भी किए, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब प्रमोशन पूरा करने की समयसीमा तय होने के बाद शिक्षकों को डर है कि तबादलों में और देरी हो सकती है।

शिक्षकों ने पहले तबादले करने की उठाई मांग

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि पहले अंतरजनपदीय तबादले पूरे कर लिए जाते और उसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया होती, तो संभावित अड़चनें कम हो सकती थीं। संगठन के प्रतिनिधियों ने इस क्रम को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि अलग-अलग जिलों में पहले हुए प्रमोशन और नियुक्ति की तारीखों के कारण कुछ शिक्षकों की पात्रता प्रभावित होने की आशंका है।

फिलहाल शिक्षकों की निगाहें विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। तबादलों और पदोन्नति की प्रक्रिया के बीच तालमेल कैसे बनाया जाएगा, यह स्पष्ट होने के बाद ही प्रभावित शिक्षकों की स्थिति साफ हो सकेगी।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, राशन कार्ड वालों के लिए आई 2 खुशखबरी, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो अभी तक योजना के दायरे से बाहर रहे कई परिवारों को भी सालाना पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिल सकता है।

पहली खुशखबरी: अधिक परिवारों को मिलेगा इलाज का लाभ

उत्तर प्रदेश में लाल और सफेद राशन कार्ड मिलाकर करीब 3.63 करोड़ कार्ड हैं, जिनके अंतर्गत लगभग 14.61 करोड़ लाभार्थी दर्ज हैं। प्रस्ताव के तहत राशन कार्ड धारक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे पात्रता पूरी करने वाले नए परिवारों को भी सरकारी और योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिल सकती है।

दूसरी खुशखबरी: पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों और उपचार पैकेज के अनुसार सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। प्रस्तावित विस्तार से ज्यादा परिवार इस सुविधा के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी नौकरी करने वाले सदस्यों वाले परिवारों के लिए लागू स्वास्थ्य योजनाओं और पात्रता संबंधी नियमों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

सरकार के खर्च में भी होगी बढ़ोतरी

योजना का दायरा बढ़ाने से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इस पर सालाना करीब 6,000 से 9,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। विस्तार के बाद यह राशि बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ रुपये सालाना हो सकती है। अतिरिक्त बजट की व्यवस्था को लेकर भी विचार किया जा रहा है।

नसों को मजबूत बनाने के लिए खाएं ये 5 चीजें, शरीर को मिलेंगे गजब के फायदे

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने में नसों यानी नर्व्स की अहम भूमिका होती है। ये दिमाग और शरीर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करती हैं। नसों के स्वास्थ्य पर खानपान, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली का असर पड़ता है। विटामिन बी12, विटामिन बी1 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में संतुलित डाइट में कुछ खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

1. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट में हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। ये शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ दिमाग और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना खाया जा सकता है।

2. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट, मैग्नीशियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के सामान्य कामकाज और तंत्रिका तंत्र की सेहत के लिए जरूरी हैं। इसलिए रोजाना के भोजन में हरी सब्जियों को जगह देना अच्छा विकल्प है।

3. दूध और दही

दूध और दही से प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी12 मिल सकता है। विटामिन बी12 नसों के सामान्य कामकाज और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जो लोग दूध से बने पदार्थ नहीं खाते, उन्हें बी12 के अन्य स्रोतों पर ध्यान देना चाहिए।

4. दालें और साबुत अनाज

दालें, चना, राजमा और साबुत अनाज शरीर को प्रोटीन, विटामिन बी1 और अन्य पोषक तत्व देते हैं। विटामिन बी1 भोजन से ऊर्जा बनाने और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है। संतुलित मात्रा में इनका सेवन शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद कर सकता है।

5. मछली और अंडे

मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन पाया जाता है, जबकि अंडे प्रोटीन और विटामिन बी12 सहित कई पोषक तत्व प्रदान करते हैं। ये पोषक तत्व शरीर और तंत्रिका तंत्र के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। शाकाहारी लोग अपनी जरूरतों के अनुसार दालें, मेवे, बीज और अन्य पौष्टिक विकल्प चुन सकते हैं।

बिहार सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी, 38 जिलों के मजदूरों को राहत!

पटना। बिहार के मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के बाढ़ और सूखे से प्रभावित कुल 38 जिलों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने पहल की है। इसके तहत विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत अकुशल कामगारों को काम देने की तैयारी है। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ ही क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचों की मरम्मत में भी मदद मिलेगी।

22 जिले बाढ़ और 16 जिले सूखे से प्रभावित

विभागीय जानकारी के मुताबिक, अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और वैशाली समेत 22 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं अररिया, गया, जमुई, नालंदा, नवादा, रोहतास, सीतामढ़ी और सीवान समेत 16 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी। इससे कई इलाकों में कृषि कार्य प्रभावित हुआ और खेतिहर मजदूरों के लिए काम के अवसर घट गए।

निर्माण कार्यों से मिलेगा रोजगार

बाढ़ के कारण सड़कों, पुल-पुलियों और तटबंधों को हुए नुकसान की मरम्मत के साथ अन्य ग्रामीण विकास कार्य कराए जाएंगे। विभाग ने कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों पर लागू कार्य विराम अवधि में भी छूट दी है। इसका उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मजदूरों को काम उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान बताया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के मुताबिक, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत जरूरी है, ताकि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य आगे बढ़ सकें और प्रभावित लोगों को आजीविका का सहारा मिल सके।

खुशखबरी! रेलवे में स्टेशन मास्टर के 1250 पदों पर भर्ती, जानें कौन कर सकता है आवेदन

नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए स्टेशन मास्टर बनने का अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ओर से स्टेशन मास्टर के 1,250 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

इस भर्ती के जरिए देशभर में रेलवे के विभिन्न स्थानों पर नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी शर्तें ध्यान से पढ़नी चाहिए, क्योंकि इनका विस्तृत विवरण आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में दिया जाएगा।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत स्टेशन मास्टर के कुल 1,250 पद बताए गए हैं। भर्ती का उल्लेख CEN No. 08/2026 के तहत किया गया है। पदों की संख्या, श्रेणीवार रिक्तियों और अन्य नियमों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना बताया गया है। हालांकि, अभ्यर्थियों को यह जरूर जांचना चाहिए कि विस्तृत नोटिफिकेशन में डिग्री, आयु सीमा और अन्य पात्रता के लिए क्या शर्तें निर्धारित की गई हैं। 

वेतन कितना मिलेगा?

स्टेशन मास्टर का पद सातवें वेतन आयोग के लेवल-6 से जुड़ा बताया गया है। वास्तविक वेतन में मूल वेतन के अलावा लागू भत्ते शामिल हो सकते हैं। हाथ में मिलने वाली राशि नियुक्ति स्थान, भत्तों और अन्य लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

आवेदन कब से कब तक?

आवेदन शुरू होने की तारीख: 27 अक्टूबर 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 25 नवंबर 2026

8th Pay Commission: 10 साल लंबा इंतजार होगा खत्म? कर्मचारियों को मिल सकती है 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। करीब 10 साल बाद वेतन में संशोधन की उम्मीद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, ग्रेच्युटी और एरियर को लेकर हो रही है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसलों पर सबकी निगाहें रहेंगी।

1. फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सैलरी में हो सकता है बड़ा उछाल

आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में से एक है। सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। अब कर्मचारी संगठनों की ओर से इसे बढ़ाकर 2.86 से 3.83 तक करने की मांग की जा रही है। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल नए वेतन ढांचे में मूल वेतन तय करने के लिए किया जाता है। यदि सरकार अधिक फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों के बेसिक पे में बड़ा बदलाव संभव है।

2. ₹18,000 से बढ़ सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी

फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 प्रति माह है। आठवें वेतन आयोग में इसे बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। अलग-अलग अनुमानों में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹26,000, ₹40,000, ₹50,000 या उससे अधिक होने की संभावनाएं जताई गई हैं। वहीं, कुछ कर्मचारी संगठन इससे भी ज्यादा वेतन की मांग कर रहे हैं।

3. ग्रेच्युटी की सीमा ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग

सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख है। कर्मचारी पक्ष की ओर से इसे बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग की गई है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

4. 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की उम्मीद

आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के बीच एरियर की भी चर्चा है। सातवें वेतन आयोग के बाद नए वेतन संशोधन के लिए 1 जनवरी 2026 को संभावित प्रभावी तारीख के रूप में देखा जा रहा है। यदि सरकार नई सिफारिशों को इस तारीख से लागू करती है, लेकिन वास्तविक भुगतान बाद में शुरू होता है, तो पात्र कर्मचारियों को नियमों के अनुसार बकाया राशि मिल सकती है।

5. हर 10 साल के बजाय 5 साल में वेतन संशोधन की मांग

कर्मचारी संगठनों की एक और अहम मांग है कि वेतन और पेंशन में बदलाव के लिए हर बार 10 साल तक इंतजार न करना पड़े। कुछ संगठनों ने वेतन संशोधन की अवधि घटाकर पांच साल करने का प्रस्ताव दिया है। इस मांग के पीछे तर्क है कि महंगाई और जीवनयापन की लागत लगातार बदलती रहती है। ऐसे में कम अंतराल पर वेतन की समीक्षा होने से कर्मचारियों को आर्थिक बदलावों के अनुरूप राहत मिल सकती है।

कब तक आएगी आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं। आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं। 3 नवंबर 2025 से गणना करने पर यह समयसीमा मई 2027 के आसपास पूरी होती है। इसके बाद सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी और लागू किए जाने वाले बदलावों पर फैसला लेगी।

रात में सोते समय चढ़ जाती है पैर की नस? शरीर में इस विटामिन की कमी हो सकती है वजह!

हेल्थ डेस्क। कई लोगों को रात में सोते समय अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव महसूस होता है। इसे आम बोलचाल में नस चढ़ना कहा जाता है। इस दौरान पिंडली में तेज दर्द हो सकता है और कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक परेशानी बनी रह सकती है। बार-बार ऐसा होने पर नींद भी प्रभावित होती है। इसके पीछे मांसपेशियों पर अधिक दबाव, शरीर में पानी की कमी और कुछ पोषक तत्वों की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं।

विटामिन D और B12 की कमी से क्या है संबंध?

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी गंभीर कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द हो सकता है। वहीं, विटामिन B12 की कमी से नसों से जुड़ी समस्याएं, झनझनाहट और हाथ-पैर सुन्न होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, रात में पैर की नस चढ़ने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में इन विटामिनों की कमी ही है।

पानी की कमी भी हो सकती है वजह

शरीर में पानी की कमी, अधिक व्यायाम, लंबे समय तक खड़े रहना या मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ना भी ऐंठन का कारण बन सकता है। कुछ दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी इसमें योगदान हो सकता है। इसलिए बार-बार पैर की नस चढ़ने पर केवल विटामिन की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

नस चढ़ने पर तुरंत क्या करें?

अगर रात में अचानक पैर की मांसपेशी में ऐंठन हो जाए, तो पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। हल्की मालिश और कुछ देर आराम करने से राहत मिल सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना, नियमित हल्की स्ट्रेचिंग करना और संतुलित आहार लेना भी मददगार हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर पैर में बार-बार तेज ऐंठन होती है, दर्द लंबे समय तक बना रहता है या इसके साथ सूजन, लालिमा, कमजोरी अथवा सुन्नपन भी महसूस होता है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराकर समस्या का सही कारण पता लगा सकते हैं।

24 अक्टूबर को शनि प्रदोष व्रत, 5 राशियों के जीवन में आ सकती है खुशहाली

राशिफल। प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और शनिवार को पड़ने वाले प्रदोष को शनि प्रदोष कहा जाता है। वर्ष 2026 में 24 अक्टूबर को शनि प्रदोष व्रत के अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिवजी की आराधना करना सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से मेष, कुंभ, मीन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन खास माना जा रहा हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन अपने लक्ष्यों पर ध्यान देने और अधूरे काम पूरे करने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरी या कारोबार में धैर्य के साथ फैसले लेना फायदेमंद रह सकता है। भगवान शिव की पूजा से मन को शांति मिलने की धार्मिक मान्यता है।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों को कामकाज में अनुशासन बनाए रखने और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने पर ध्यान देना चाहिए। रुके हुए कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास लाभकारी हो सकता है। पूजा-पाठ और ध्यान से मानसिक सुकून मिल सकता है।

3. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मचिंतन और भविष्य की योजनाएं बनाने का अवसर हो सकता है। परिवार के साथ समय बिताने और जिम्मेदारियों को समझदारी से निभाने से रिश्तों में मधुरता बनी रह सकती है। किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को अपने काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में संयम और मेहनत से आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। भगवान शिव की आराधना के साथ जरूरतमंदों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए अपनी योजनाओं की समीक्षा करने और नए लक्ष्य तय करने का अच्छा अवसर हो सकता है। नौकरी या कारोबार में सोच-समझकर कदम उठाना उपयोगी रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत और सहयोग से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

बिहार में बनेगा फोरलेन सड़क, इन 5 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए चल रही परियोजनाओं में गया से सीतामढ़ी तक की फोरलेन सड़क अहम मानी जा रही है। इसके पूरा होने से राज्य के पांच जिलों के बीच सफर आसान होने के साथ व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस सड़क से गया, जहानाबाद, पटना, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

82 किलोमीटर से ज्यादा लंबी होगी सड़क

परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक करीब 82.578 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की योजना है। इस पर लगभग 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गया से मुजफ्फरपुर तक संबंधित सड़क का काम पूरा हो चुका है, जबकि मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी वाले हिस्से का काम बाकी है।

पुल और फ्लाईओवर से सफर होगा आसान

इस परियोजना में सात बड़े पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर बनाने की योजना भी शामिल है। इन निर्माण कार्यों से सड़क पर यातायात को सुचारु बनाने और अलग-अलग स्थानों पर आवाजाही की बाधाएं कम करने में मदद मिल सकती है।

यह मार्ग भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के जरिए मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इससे माल ढुलाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में कारोबार को गति मिलने की संभावना है।

धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

फोरलेन सड़क बनने से सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

इसके अलावा निर्माण कार्यों और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, परियोजना के शेष हिस्से के पूरा होने की निश्चित तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। सड़क तैयार होने के बाद पांचों जिलों के बीच आवागमन और क्षेत्रीय व्यापार को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षामित्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक बनने की तैयारी कर रहे शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 11,508 पदों पर होने वाली भर्ती में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक छूट देने का निर्णय लिया है। शासन ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

शासन ने जारी किए निर्देश

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस फैसले के संबंध में परिषद के सचिव को पत्र भेजा है। शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक भर्ती प्रक्रिया में अवसर देने का निर्णय लिया गया। अब विभाग को इसके अनुरूप आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

यह भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत की जानी है। आयोग ने 15 सितंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें शिक्षामित्रों ने भी आवेदन किया है। ऐसे में सरकार के इस फैसले से भर्ती में शामिल शिक्षामित्रों को आयु सीमा को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्णय

शिक्षामित्रों को आयु सीमा में राहत देने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश के संदर्भ में लिया गया है। राम शरण मौर्य और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में अदालत ने शिक्षामित्रों की अपील खारिज करते हुए राज्य सरकार के आश्वासन के अनुरूप अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार करने की बात कही थी।

भर्ती में शामिल शिक्षामित्रों को मिलेगी राहत

इस फैसले का उद्देश्य पात्र शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में अवसर उपलब्ध कराना है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें आयु सीमा के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर चिंता थी। हालांकि, भर्ती में पात्रता और अन्य शर्तें लागू रहेंगी। अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, बेटियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के शैक्षिक रूप से पिछड़े विकासखंडों में 128 मुख्यमंत्री आवासीय बालिका विद्यालय बनाने की योजना है। इसके तहत पहले चरण में 31 विद्यालयों के निर्माण के लिए 751.40 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है।

हर विद्यालय पर खर्च होंगे 24 करोड़ रुपये से ज्यादा

स्वीकृत योजना के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर करीब 24.24 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पहली किस्त के रूप में कुल 375.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को पत्र भेजकर निर्माण से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इन जिलों में बनेंगे बालिका विद्यालय

स्वीकृत विद्यालयों के लिए आगरा, औरैया, बागपत, फतेहपुर, गोरखपुर, हाथरस, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मैनपुरी, संतकबीर नगर, उन्नाव और वाराणसी के विभिन्न विकासखंडों को शामिल किया गया है। इनमें एत्मादपुर, अजीतमल, बिनौली, खेकड़ा, अमौली, भरोहिया, सासनी, अकबरपुर, बिल्हौर, कुरावली, पौली, बीघापुर और काशी विद्यापीठ जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

बेटियों को बेहतर अवसर देने की तैयारी

योजना का उद्देश्य शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। जिन विकासखंडों से अभी प्रस्ताव नहीं मिले हैं, वहां मानकों के अनुसार भूमि की व्यवस्था कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

इन विद्यालयों के निर्माण से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की लड़कियों को शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, विद्यालयों के निर्माण और संचालन से जुड़ी आगे की जानकारी विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सामने आएगी।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान! यूपी पुलिसकर्मियों को 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन अहम घोषणाएं की हैं। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर घोषित इन फैसलों के तहत फील्ड ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के कुछ भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार के इस कदम से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

इन तीन भत्तों में होगी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुसार, फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वहीं, पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की घोषणा की गई है।

इसके अलावा, फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इन बदलावों से संबंधित पुलिसकर्मियों को अपने कामकाज से जुड़े खर्चों में सहायता मिलेगी।

कानून-व्यवस्था पर भी बोले सीएम योगी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और पुलिस को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने का अवसर मिलने की बात कही।

शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश के छह जवान शामिल हैं। साथ ही, शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी भी दी।

सरकार की इन घोषणाओं को पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनकी सेवाओं से जुड़े खर्चों में सहायता देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

खुशखबरी का खुला पिटारा! यूपी में 1 नई भर्ती, 19 से आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (DRRMLIMS) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 74 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में प्रोग्रामर, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर, हॉस्पिटल अटेंडेंट ग्रेड-II, स्टेनोग्राफर और रिसेप्शनिस्ट सहित विभिन्न पद शामिल हैं। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए 10वीं पास, जबकि अन्य के लिए स्नातक, बीटेक, एमएससी या संबंधित विषय में डिप्लोमा की योग्यता मांगी जा सकती है।

आवेदन की तारीखें जान लें

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 अक्टूबर 2026 से शुरू हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 20 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

कैसे होगा चयन?

उम्मीदवारों का चयन स्क्रीनिंग परीक्षा और मुख्य कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से किया जाएगा। स्टेनोग्राफर पद के लिए कौशल परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। पदवार योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में उपलब्ध होगी।

कहां करें आवेदन?

इच्छुक अभ्यर्थी डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट drrmlims.ac.in पर जाकर भर्ती से संबंधित सूचना देख सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता और नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है।

केंद्रीय कर्मचारियों को झटका! DA बढ़ोतरी का इंतजार बढ़ा, कब होगा ऐलान?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार है। उम्मीद थी कि सरकार की कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसला हो सकता है, लेकिन बैठक नहीं होने से कर्मचारियों की निगाहें अब अगली घोषणा पर टिकी हैं। हालांकि, सरकार की ओर से नई तारीख को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कब हो सकता है महंगाई भत्ते का ऐलान?

केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। एक बार जनवरी से और दूसरी बार जुलाई से इसे लागू किया जाता है। इसकी घोषणा संबंधित अवधि के कुछ महीने बाद होती है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जा सकता है। हालांकि, घोषणा का समय तय नहीं है और संबंधित मंत्रालय की ओर से आधिकारिक सूचना आने तक किसी तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता।

कितना बढ़ सकता है DA?

इस बार महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यदि मौजूदा DA 60 प्रतिशत है, तो 3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह 63 प्रतिशत और 4 प्रतिशत बढ़ने पर 64 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, यह संभावित अनुमान है, सरकार ने अभी अंतिम बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं की है।

महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा फैसला

महंगाई भत्ते में संशोधन का आधार औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आंकड़े होते हैं। इन्हीं के आधार पर महंगाई में बदलाव का आकलन किया जाता है और DA बढ़ाने का फैसला होता है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। सरकार की ओर से फैसला सामने आने के बाद ही बढ़ोतरी की वास्तविक दर और लागू होने की तारीख स्पष्ट होगी।