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बिहार के 8 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी! बुलेट ट्रेन से जुड़ेंगे ये जिले, 5 जगहों पर बन सकते हैं स्टेशन

पटना। बिहार के लोगों के लिए आने वाले समय में रेल सफर की तस्वीर बदल सकती है। राज्य को बुलेट ट्रेन नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी के बीच प्रस्तावित नॉर्दर्न हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का संभावित रूट चर्चा में है। इस परियोजना के पूरा होने पर बिहार के 8 जिलों को हाई-स्पीड रेल कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। इससे न केवल यात्रियों का सफर तेज होगा, बल्कि इन इलाकों में कारोबार, रोजगार और विकास की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

बिहार के इन 8 जिलों से गुजरेगा प्रस्तावित कॉरिडोर

प्रस्तावित रूट के अनुसार बुलेट ट्रेन कॉरिडोर बिहार के बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, कटिहार, पूर्णिया और किशनगंज से होकर गुजर सकता है। इस तरह राज्य के पश्चिमी हिस्से से लेकर सीमांचल तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का विस्तार होने की संभावना है।

इन 5 जगहों पर बन सकते हैं स्टेशन

नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से कॉरिडोर का रूट अलाइनमेंट तैयार किया जा रहा है। मौजूदा प्रस्ताव में बिहार के पांच स्थानों पर स्टेशन बनाने की योजना है। इनमें बक्सर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया और कटिहार शामिल हैं। हालांकि, स्टेशन की जगह और नामों पर अभी अंतिम मुहर लगना बाकी है।

वहीं, आरा, पूर्णिया और किशनगंज से भी प्रस्तावित रेल कॉरिडोर गुजर सकता है। इन शहरों में ट्रेन का ठहराव होगा या नहीं, यह विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और सर्वे के बाद स्पष्ट होगा। पटना में फुलवारीशरीफ स्थित एम्स के आसपास स्टेशन बनाने की संभावना पर भी चर्चा है।

दिल्ली से गुवाहाटी तक आसान होगा सफर

प्रस्तावित दिल्ली-वाराणसी-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की लंबाई करीब 1550 किलोमीटर बताई जा रही है। इसके जरिए दिल्ली, आगरा, कानपुर, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, प्रयागराज, पटना और सिलीगुड़ी जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने की योजना है। आगे इसका विस्तार गुवाहाटी तक कनेक्टिविटी देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

परियोजना के सामने होंगी ये चुनौतियां

बिहार में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को जमीन पर उतारना आसान नहीं होगा। जमीन अधिग्रहण, उपजाऊ कृषि भूमि और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से गुजरने वाला रूट बड़ी चुनौतियां पैदा कर सकता है। इसके अलावा गंगा समेत कई नदियों पर पुलों का निर्माण भी जरूरी होगा।

8th Pay Commission: पेंशनर्स को मिल सकती हैं 4 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। रिटायर हो चुके कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग में उनकी मासिक पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। इसी बीच पेंशनर्स की ओर से फैमिली पेंशन में सुधार, बेहतर पेंशन लाभ और महंगाई से राहत जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.5, 3 और 3.5 को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं।

पेंशनर्स को मिल सकती हैं ये 4 बड़ी राहतें

8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को चार प्रमुख उम्मीदें हैं। पहली, फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक पेंशन में बढ़ोतरी। दूसरी, परिवार के सदस्यों को मिलने वाली फैमिली पेंशन में सुधार। तीसरी, महंगाई राहत (DR) में संशोधन और चौथी, रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए बेहतर आर्थिक सुरक्षा। हालांकि, ये फिलहाल मांगें और संभावनाएं हैं, इन पर अंतिम फैसला होना बाकी है।

₹25,000 से ₹75,000 पेंशन वालों को कितना फायदा?

अगर संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर गणना करें तो मौजूदा बेसिक पेंशन ₹25,000 होने पर 2.5 के फैक्टर से नई पेंशन ₹62,500, 3 के फैक्टर से ₹75,000 और 3.5 के फैक्टर से ₹87,500 हो सकती है। इसी तरह ₹50,000 की बेसिक पेंशन पर यह रकम क्रमशः ₹1,25,000, ₹1,50,000 और ₹1,75,000 तक पहुंच सकती है। वहीं ₹75,000 की मौजूदा बेसिक पेंशन पर अनुमानित रकम ₹1,87,500, ₹2,25,000 और ₹2,62,500 होगी।

अभी सरकार की मंजूरी का इंतजार

ध्यान देने वाली बात यह है कि 2.5, 3 और 3.5 फिटमेंट फैक्टर अभी केवल संभावित आंकड़े हैं। सरकार ने इनमें से किसी को भी आधिकारिक मंजूरी नहीं दी है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही पेंशनर्स को मिलने वाली वास्तविक बढ़ोतरी स्पष्ट होगी। ऐसे में करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें आयोग की आगे की प्रक्रिया पर टिकी हुई हैं।

यूपी में गन्ना किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, पढ़ें पूरी खबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए नए पेराई सत्र 2026-27 को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। प्रदेश में चीनी मिलों ने गन्ना खरीद की तैयारियां तेज कर दी हैं। अब तक 33 चीनी मिलों की ओर से खरीद के लिए इंडेंट जारी किया जा चुका है, जबकि 9 चीनी मिलों में गन्ने की पेराई भी शुरू हो गई है। इससे किसानों को अपनी फसल बेचने का इंतजार कम होने की उम्मीद है।

यूपी की 9 चीनी मिलों में शुरू हुई पेराई

गन्ना विकास विभाग के अनुसार, प्रदेश की 9 चीनी मिलों में पेराई का काम शुरू हो चुका है। इनमें एक सहकारी क्षेत्र और आठ निजी क्षेत्र की मिलें शामिल हैं। क्षेत्रवार देखें तो सहारनपुर की 3, लखनऊ की 3, मुरादाबाद की 2 और मेरठ की 1 चीनी मिल में गन्ने की पेराई शुरू हो गई है।

24 चीनी मिलों ने भी जारी किया इंडेंट

विभाग के मुताबिक, अन्य मिलों ने भी पेराई शुरू करने से जुड़ी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली हैं। इनमें से 24 चीनी मिलों ने गन्ना खरीद के लिए इंडेंट जारी किया है। इन मिलों का दीपावली से पहले संचालन शुरू करने का प्रस्ताव है। वहीं, बाकी चीनी मिलें दीपावली के बाद अपना पेराई सत्र शुरू करेंगी।

क्रय केंद्रों पर व्यवस्था पूरी करने के निर्देश

गन्ना किसानों को खरीद के दौरान परेशानी न हो, इसके लिए विभाग ने सभी चीनी मिलों को अपने निर्धारित क्रय केंद्रों पर जरूरी इंतजाम जल्द पूरे करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही मिलों को तय समय पर संचालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

दरअसल, नए पेराई सत्र की शुरुआत से प्रदेश के गन्ना किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिलेगा। अब किसानों की निगाहें चीनी मिलों के नियमित संचालन और गन्ना खरीद की व्यवस्था पर टिकी हैं।

5 से 10 नवंबर तक बनेगा दुर्लभ महासंयोग! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। नवंबर का पहला सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से कुछ राशियों के लिए खास रह सकता है। 5 से 10 नवंबर के बीच ग्रहों की चाल और नक्षत्रों में होने वाले बदलाव का असर अलग-अलग राशियों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में पांच राशियों के लिए धन लाभ, करियर में तरक्की और पारिवारिक जीवन में खुशियां आने के योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह अवधि सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को पुराने निवेश या रुके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। परिवार में सुख-शांति रहेगी और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों को नए सौदे मिलने के योग हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए 5 से 10 नवंबर का समय उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपके काम की सराहना हो सकती है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। कारोबार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ने के संकेत हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह अवधि भाग्य का साथ दिलाने वाली हो सकती है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के साथ परिवार में खुशियों का माहौल बन सकता है।

हड्डियों में कैंसर होने के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसका समय रहते पता चलना बेहद जरूरी है। हड्डियों में होने वाले कैंसर को बोन कैंसर कहा जाता है। यह बीमारी हड्डियों के ऊतकों में विकसित होती है और शुरुआती दौर में इसके लक्षण सामान्य दर्द या चोट जैसे लग सकते हैं। यही वजह है कि कई लोग इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। अगर शरीर में कुछ खास बदलाव लगातार दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है। आइए जानते हैं हड्डियों में कैंसर होने के 5 संभावित संकेत।

1. हड्डियों में लगातार दर्द रहना

बोन कैंसर का सबसे आम लक्षण प्रभावित हड्डी में दर्द होना है। शुरुआत में दर्द हल्का हो सकता है, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ने लगता है। कई बार रात के समय या आराम करते वक्त भी दर्द महसूस होता है। अगर किसी एक जगह हड्डी में लगातार दर्द बना हुआ है, तो चिकित्सकीय सलाह जरूर लें।

2. प्रभावित जगह पर सूजन या गांठ बनना

हड्डी में कैंसर होने पर प्रभावित हिस्से के आसपास सूजन या गांठ दिखाई दे सकती है। छूने पर उस जगह दर्द भी हो सकता है। हाथ-पैर की हड्डियों में समस्या होने पर सूजन साफ नजर आ सकती है। हालांकि, हर गांठ कैंसर नहीं होती, इसलिए जांच जरूरी है।

3. हड्डियों का कमजोर होना और आसानी से फ्रैक्चर

कुछ मामलों में कैंसर के कारण हड्डी कमजोर हो सकती है। ऐसी स्थिति में मामूली चोट या सामान्य गतिविधि के दौरान भी हड्डी टूटने का खतरा बढ़ सकता है। बिना किसी बड़ी चोट के फ्रैक्चर होना एक ऐसा संकेत है, जिसकी जांच करानी चाहिए।

4. चलने-फिरने में परेशानी होना

अगर कैंसर हड्डियों के जोड़ के आसपास विकसित हो रहा है, तो चलने, उठने-बैठने या हाथ-पैर हिलाने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को लंगड़ाकर चलना पड़ता है या प्रभावित अंग की सामान्य गतिविधियों में दिक्कत होती है।

5. बिना वजह वजन घटना और थकान रहना

बोन कैंसर के कुछ मरीजों में बिना कोशिश के वजन कम होना, भूख में कमी और लगातार थकान जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, ये लक्षण कई दूसरी बीमारियों में भी हो सकते हैं। इसलिए केवल इनके आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

बोन कैंसर के लक्षण दिखने पर क्या करें?

अगर हड्डियों में लगातार दर्द, सूजन या बिना वजह फ्रैक्चर जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर एक्स-रे, एमआरआई, सीटी स्कैन और बायोप्सी जैसी जांच कराई जा सकती हैं। बोन कैंसर की पुष्टि केवल उचित चिकित्सकीय जांच से होती है। हड्डियों में दर्द होने का मतलब हमेशा कैंसर नहीं होता। इसके पीछे चोट, संक्रमण और गठिया जैसी कई वजहें भी हो सकती हैं। 

यूपी सरकार का फैसला, स्कूली बच्चों के लिए आई 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। प्रदेश सरकार ने पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को नियमित मिड-डे मील के साथ अतिरिक्त पौष्टिक भोजन देने की व्यवस्था की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में बच्चों को अब सूजी का मीठा हलवा और नमकीन उपमा भी परोसा जाएगा। 

इससे विद्यार्थियों को भोजन में विविधता मिलने के साथ उनके पोषण स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। इस पहल का लाभ परिषदीय समेत योजना के दायरे में आने वाले अन्य सरकारी विद्यालयों के बच्चों को मिलेगा। नई व्यवस्था प्रदेश के सभी जिलों में लागू की जाएगी। इसकी शुरुआत 6 नवंबर से निर्धारित की गई है।

बच्चों को हर महीने 5 दिन मिलेगा अतिरिक्त भोजन

नई व्यवस्था के तहत बच्चों को महीने के अलग-अलग सप्ताह में हलवा और उपमा दिया जाएगा। महीने के पहले और तीसरे सप्ताह में सूजी का मीठा हलवा परोसा जाएगा, जबकि दूसरे, चौथे और पांचवें सप्ताह में नमकीन उपमा मिलेगा। इस तरह विद्यार्थियों को हर महीने पांच दिन अतिरिक्त पोषणयुक्त भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

सरकार की इस पहल का उद्देश्य बच्चों को बेहतर पोषण देना और उनके शारीरिक व मानसिक विकास में मदद करना है। नियमित भोजन के साथ इन व्यंजनों को शामिल करने से बच्चों को स्कूल में अलग-अलग तरह का खाना भी मिलेगा।

भोजन की गुणवत्ता पर रखी जाएगी नजर

योजना को सही तरीके से लागू करने के लिए भोजन की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था की निगरानी भी की जाएगी। इसके लिए मां समूहों, विद्यालय प्रबंध समितियों और संबंधित टास्क फोर्स को जिम्मेदारी दी गई है। इनकी मदद से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि बच्चों को निर्धारित समय पर अच्छी गुणवत्ता वाला भोजन मिले।

दरअसल, यूपी सरकार की इस पहल से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को मिड-डे मील के साथ अतिरिक्त व्यंजन मिलेंगे। इससे बच्चों के पोषण को बेहतर बनाने और स्कूलों में भोजन व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

Bank of Baroda भर्ती 2026: 837 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें आवेदन की पूरी डिटेल

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में नौकरी पाने की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए बैंक ऑफ बड़ौदा में काम करने का अच्छा अवसर है। बैंक ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज (WMS) विभाग में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए 837 रिक्तियों की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत ग्रुप हेड, हेड इन्वेस्टमेंट, टेरिटरी हेड, इन्वेस्टमेंट प्रोडक्ट मैनेजर और सीनियर रिलेशनशिप मैनेजर समेत कई पदों को भरा जाएगा। आवेदन की प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है और इच्छुक अभ्यर्थी 24 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म जमा कर सकते हैं।

इस भर्ती में स्नातक और MBA/PGDM की योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को मौका मिल सकता है। हालांकि, पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और कार्य अनुभव की शर्तें अलग-अलग हो सकती हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पद की पात्रता जांचना जरूरी है।

24 से 50 वर्ष तक के उम्मीदवारों को मौका

बैंक ऑफ बड़ौदा की इस भर्ती के लिए बताई गई आयु सीमा 24 से 50 वर्ष है। उम्मीदवारों की पात्रता संबंधित पद की निर्धारित शर्तों के आधार पर तय होगी। आरक्षित वर्ग या अन्य पात्र श्रेणियों को आयु सीमा में छूट मिलती है या नहीं, इसकी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना से प्राप्त करनी चाहिए।

ऐसे करें ऑनलाइन के द्वारा आवेदन

योग्य उम्मीदवार बैंक ऑफ बड़ौदा की आधिकारिक वेबसाइट bankofbaroda.bank.in पर जाकर भर्ती से संबंधित अधिसूचना देख सकते हैं। इसके बाद ऑनलाइन आवेदन लिंक खोलकर अपनी जानकारी भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके फॉर्म जमा कर दें। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

उम्मीदवारों को अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना आवेदन करने की सलाह दी जाती है। फॉर्म भरने से पहले पदवार योग्यता, अनुभव, आवेदन शुल्क और चयन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में जरूर जांच लें।

ई-श्रम कार्ड वालों के लिए खुशखबरी! घर बैठे अपडेट करें अपना कार्ड, जानें आसान तरीका

नई दिल्ली। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों और कामगारों के लिए ई-श्रम पोर्टल एक महत्वपूर्ण सुविधा है। केंद्र सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की ओर से संचालित इस पोर्टल पर असंगठित कामगारों का डेटाबेस तैयार किया जाता है, ताकि उन्हें विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने में मदद मिल सके। अगर आपके पास भी ई-श्रम कार्ड है, तो अपनी प्रोफाइल में मौजूदा काम यानी ऑक्यूपेशन की जानकारी जरूर जांच लें।

काम बदलने या रोजगार से जुड़ी जानकारी में बदलाव होने पर प्रोफाइल अपडेट करना उपयोगी है। अच्छी बात यह है कि इसके लिए किसी कार्यालय के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। कामगार आधिकारिक पोर्टल के जरिए घर बैठे अपनी जानकारी अपडेट कर सकते हैं। नए कामगार भी पात्रता के अनुसार ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं।

e-Shram कार्ड में ऑक्यूपेशन कैसे अपडेट करें?

अगर आप पहले से ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकृत हैं और अपने मौजूदा काम की जानकारी बदलना चाहते हैं, तो सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट eshram.gov.in पर जाएं। वहां उपलब्ध अपडेट संबंधी विकल्प को चुनें और मांगी गई जानकारी भरें।

इसके बाद अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए सत्यापन करें। लॉगिन या सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने पर ऑक्यूपेशन से जुड़ी जानकारी में बदलाव करें। सभी विवरण सही होने की जांच करने के बाद फॉर्म सबमिट कर दें। प्रक्रिया पूरी होने पर अपडेट की स्थिति जरूर जांच लें।

ई-श्रम पोर्टल पर नया रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

जो असंगठित कामगार अभी तक ई-श्रम पोर्टल से नहीं जुड़े हैं, वे भी ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनना होगा। इसके बाद मांगा गया मोबाइल नंबर दर्ज करें, कैप्चा भरें और ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करें।

आगे खुलने वाले फॉर्म में अपनी व्यक्तिगत जानकारी, पता, व्यवसाय और अन्य जरूरी विवरण भरें। आवश्यक जानकारी पूरी करने के बाद फॉर्म सबमिट करें। सफल पंजीकरण के बाद उपलब्ध सुविधा के अनुसार अपना ई-श्रम कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।

जानकारी अपडेट करने से क्या फायदा होगा?

ई-श्रम प्रोफाइल में सही व्यवसाय और व्यक्तिगत जानकारी दर्ज होने से कामगारों का रिकॉर्ड अद्यतन रहता है। इससे संबंधित योजनाओं के लिए पात्रता की पहचान करने में सहायता मिल सकती है। हालांकि, केवल ई-श्रम कार्ड बनवाने या जानकारी अपडेट करने से किसी योजना का लाभ अपने आप मिलने की गारंटी नहीं होती। प्रत्येक योजना की अपनी पात्रता और शर्तें होती हैं।

इसलिए कामगारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी जानकारी सही रखें और किसी भी योजना के लाभ के लिए उसकी आधिकारिक शर्तें जांचें। रजिस्ट्रेशन या अपडेट के लिए केवल सरकारी वेबसाइट eshram.gov.in का ही इस्तेमाल करें।

खुशखबरी की नई घोषणा! बिहार में 10वीं-12वीं पास के लिए बंपर भर्ती

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार विधानसभा सचिवालय, पटना की ओर से ऑफिस अटेंडेंट और जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट के पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 20 रिक्त पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि 10वीं और 12वीं पास अभ्यर्थियों को भी सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिलेगा।

आपको बता दें की इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 7 नवंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 6 दिसंबर 2026 तक बिहार विधानसभा सचिवालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

10वीं पास के लिए ऑफिस अटेंडेंट के 5 पद

बिहार विधानसभा सचिवालय में ऑफिस अटेंडेंट के कुल 5 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए उम्मीदवार का कम से कम 10वीं पास होना जरूरी है। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की आयु 18 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 18,000 रुपये से लेकर 56,900 रुपये तक वेतन दिया जाएगा।

12वीं पास के लिए जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट के 15 पद

12वीं पास युवाओं के लिए भी नौकरी का अवसर है। जूनियर सेक्रेटेरिएट असिस्टेंट के कुल 15 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसके लिए इंटरमीडिएट पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस पद के लिए भी आयु सीमा 18 से 37 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित अभ्यर्थियों को 19,900 रुपये से 63,200 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा।

कब से कब तक कर सकते हैं ऑनलाइन के द्वारा आवेदन को पूरा?

दोनों पदों के लिए आवेदन की तारीख एक ही रखी गई है। ऑनलाइन आवेदन 7 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 6 दिसंबर 2026 अंतिम तारीख है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन कर लें।

इच्छुक उम्मीदवार बिहार विधानसभा सचिवालय की आधिकारिक वेबसाइट vidhansabha.bihar.gov.in पर जाकर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन और ऑनलाइन आवेदन लिंक देख सकते हैं। आवेदन के दौरान अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से दर्ज करें।

बिहार में इस रेल लाइन का होगा दोहरीकरण, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के भोजपुर और आसपास के इलाकों में रेल यात्रा आने वाले समय में और आसान हो सकती है। आरा-सासाराम रेलखंड के दोहरीकरण की योजना तैयार की जा रही है। करीब 100 किलोमीटर लंबे इस रेलमार्ग पर लगभग 700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। दोहरीकरण पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने और परिचालन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

फिलहाल इस रेलखंड पर एक ही लाइन होने के कारण ट्रेनों के संचालन में दबाव रहता है। दूसरी लाइन बनने से यात्री ट्रेनों के साथ मालगाड़ियों को भी अधिक आसानी से चलाया जा सकेगा। इससे ट्रेनों के इंतजार और क्रॉसिंग के कारण होने वाली देरी कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

आपको बता दें की इस परियोजना का लाभ चौसा थर्मल पावर प्लांट को भी मिल सकता है, क्योंकि माल ढुलाई का रास्ता अधिक सुगम होगा। वहीं, प्रस्तावित बलिया-आरा रेललाइन से संपर्क बनने पर क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी और मजबूत हो सकती है।

आरा-सासाराम रेलमार्ग का इतिहास भी काफी पुराना है। इस रूट पर कभी छोटी लाइन की ट्रेनें चला करती थीं। बाद में ब्रॉड गेज बनने से रेल यात्रा को नई सुविधा मिली और अब दोहरीकरण की योजना से इस मार्ग के विकास को आगे बढ़ाने की तैयारी है। इससे भोजपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में व्यापार, रोजगार और आवागमन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा! गरीब परिवारों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दीपावली के मौके पर गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 1,500 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के अलावा सिलेंडर की बची हुई कीमत का भुगतान राज्य सरकार कर रही है। इससे पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। सरकार की इस पहल से त्योहार के समय गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।

3 करोड़ किसान परिवारों के लिए भी विशेष पैकेज

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों और महिलाओं के लिए भी बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि मौसम की मार, बेमौसम बारिश, सूखा और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसान परिवारों के लिए सरकार अलग से आर्थिक सहायता पैकेज लाने की तैयारी कर रही है।

इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी विशेष पैकेज लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

किसानों और मजदूरों को मिलेगा सस्ता भोजन

योगी सरकार प्रदेश की मंडियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की योजना भी बना रही है। यहां किसानों और मजदूरों को बेहद कम कीमत पर सम्मानजनक तरीके से भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और पीआरडी जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे कदमों का भी जिक्र किया। राशन की दुकानों को आधुनिक अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

फेफड़े खराब होने से पहले शरीर देता है ये 5 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में फेफड़ों की अहम भूमिका होती है। फेफड़े सांस के जरिए ऑक्सीजन शरीर तक पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने का काम करते हैं। लेकिन प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और बदलती जीवनशैली के कारण फेफड़ों की सेहत प्रभावित हो सकती है। 

खास बात यह है कि फेफड़ों में परेशानी होने पर शरीर शुरुआत में ही कुछ संकेत देने लगता है। अगर इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो समस्या गंभीर हो सकती है। आइए जानते हैं फेफड़ों की खराब सेहत के 5 प्रमुख संकेत।

1. लगातार खांसी रहना

अगर आपको कई हफ्तों से खांसी हो रही है और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। लगातार खांसी फेफड़ों में संक्रमण, अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारी का संकेत हो सकती है। खासकर खांसी के साथ खून आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. सांस लेने में परेशानी होना

थोड़ा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य काम करने पर भी सांस फूलने लगे तो यह फेफड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने में परेशानी हो सकती है।

3. सीने में दर्द या जकड़न

बार-बार सीने में भारीपन, दर्द या जकड़न महसूस होना भी एक चेतावनी हो सकती है। खासकर गहरी सांस लेने या खांसने पर दर्द बढ़ता है तो इसकी जांच जरूरी है। हालांकि सीने में दर्द के पीछे दिल से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।

4. बार-बार सांस संबंधी संक्रमण होना

अगर आपको बार-बार ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या छाती में संक्रमण की शिकायत हो रही है तो इसे हल्के में न लें। बार-बार संक्रमण होना फेफड़ों की किसी अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से जांच करवाना जरूरी है।

5. लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना

बिना ज्यादा मेहनत किए थक जाना, कमजोरी रहना और रोजमर्रा के कामों में परेशानी होना भी फेफड़ों की खराब सेहत से जुड़ा हो सकता है। जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती तो ऊर्जा का स्तर प्रभावित हो सकता है।

मुंबई-पुणे से यूपी-बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं 5 स्पेशल ट्रेनें, देखें शेड्यूल

न्यूज डेस्क। त्योहारी सीजन में अपने घर जाने की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मुंबई और पुणे से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पांच स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। 

इन ट्रेनों से समस्तीपुर, दानापुर, बनारस, मऊ और गाजीपुर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा। रेलवे ने नवंबर के अंतिम सप्ताह तक अतिरिक्त फेरे चलाने की व्यवस्था की है। यात्रीगण रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर इन ट्रेनों का शेड्यूल चेक कर सकते हैं।

इन 5 स्पेशल ट्रेनों का देखें पूरा शेड्यूल

1. मुंबई से समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन

लोकमान्य तिलक टर्मिनस से समस्तीपुर जाने वाली ट्रेन संख्या 01043 का अतिरिक्त फेरा 24 नवंबर को निर्धारित किया गया है। वापसी में ट्रेन संख्या 01044 समस्तीपुर से 26 नवंबर को मुंबई के लिए रवाना होगी।

2. मुंबई से बनारस स्पेशल ट्रेन

बनारस जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन संख्या 01051 मुंबई से 25 और 26 नवंबर को चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 01052 बनारस से 26 और 27 नवंबर को मुंबई के लिए रवाना होगी।

3. मुंबई से मऊ स्पेशल ट्रेन

ट्रेन संख्या 01123 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 22 और 27 नवंबर को मऊ के लिए संचालित होगी। वापसी में ट्रेन संख्या 01124 मऊ से 24 और 29 नवंबर को मुंबई के लिए चलेगी।

4. मुंबई से दानापुर स्पेशल ट्रेन

बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन संख्या 01143 को 22 से 29 नवंबर तक प्रतिदिन चलाया जाएगा। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 01144 दानापुर से 23 से 30 नवंबर तक रोजाना मुंबई के लिए रवाना होगी।

5. पुणे से गाजीपुर सिटी स्पेशल ट्रेन

पुणे के हडपसर स्टेशन से गाजीपुर सिटी जाने वाली ट्रेन संख्या 01431 का संचालन 24 और 27 नवंबर को होगा। वापसी में ट्रेन संख्या 01432 गाजीपुर सिटी से 26 और 29 नवंबर को हडपसर के लिए चलेगी।

यूपी में सड़क चौड़ीकरण को मिली रफ्तार, इन जिलों के लोगों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ से मथुरा जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। महरावल रेलवे स्टेशन से भुकरावली तक फोरलेन सड़क का निर्माण और अलीगढ़-मथुरा मार्ग का चौड़ीकरण तेजी से कराया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

मंगलवार को अलीगढ़ के जिलाधिकारी ने दोनों निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री के नमूने निकलवाकर प्रयोगशाला में जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा होना चाहिए।

36.91 करोड़ रुपये से बन रही फोरलेन सड़क

महरावल रेलवे स्टेशन से भुकरावली तक करीब 3.1 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 36.91 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब तक करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष निर्माण नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

92.85 करोड़ रुपये से चौड़ा होगा मार्ग

अलीगढ़-मथुरा राया राज्यमार्ग के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। करीब 27.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 92.853 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का काम 6 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 45 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

लोगों को मिलेगी आवागमन में राहत

इन दोनों सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से अलीगढ़ और मथुरा के बीच सफर पहले से अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। फोरलेन सड़क और मार्ग चौड़ीकरण से यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।

Supreme Court Recruitment 2026: 130 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के 130 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 से शुरू हो रही है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं कक्षा पास होना जरूरी है। अधिकतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी की उम्र 1 अक्टूबर 2026 को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 27 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

कितनी मिलेगी सैलरी?

जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को पे मैट्रिक्स के लेवल-3 के अनुसार 21,700 से 69,100 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा।

आवेदन शुल्क कितना देना होगा?

इस भर्ती में सामान्य और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1,500 रुपये रखा गया है। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर), भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 750 रुपये शुल्क देना होगा।

कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?

उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 100 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, जिसमें 100 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा के लिए 1 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को 25 अंकों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

यहां से करें ऑनलाइन आवेदन

सुप्रीम कोर्ट की इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 4 नवंबर से 25 नवंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर जाएं। भर्ती से संबंधित लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित शुल्क जमा करके फॉर्म सबमिट कर दें।

केंद्र सरकार की धांसू योजना, बुढ़ापे में मिलेगी हर महीने ₹3,000 की खुशखबरी!

नई दिल्ली। बुढ़ापे में आर्थिक परेशानियों से बचने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए काफी उपयोगी है। इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि इसमें जितना योगदान लाभार्थी करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी जमा करती है।

देशभर में 49 लाख से अधिक श्रमिक जुड़े

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक 49.61 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं बिहार में केवल 2.38 लाख कामगार ही इससे जुड़े हैं, जबकि राज्य में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की संख्या 3.26 करोड़ से अधिक बताई जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना अभी चुनौती बना हुआ है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की उम्र के असंगठित कामगार उठा सकते हैं। इसके लिए मासिक आय 15,000 रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, दर्जी, मोची, बढ़ई, कृषि मजदूर और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं।

सरकार और श्रमिक दोनों करते हैं योगदान

इस योजना में उम्र के अनुसार श्रमिक को हर महीने निर्धारित अंशदान जमा करना होता है। केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि अपनी तरफ से जमा करती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थी को आजीवन 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है।

बिहार में क्यों कम हो रहा पंजीकरण?

बिहार में योजना के शुरुआती वर्षों में पंजीकरण की रफ्तार अच्छी रही थी। वर्ष 2018-19 में 1,08,134 और 2019-20 में 75,341 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया था। इसके बाद योजना से जुड़ने वाले कामगारों की संख्या में गिरावट आई।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, नए वकीलों के लिए खुशखबरी! हर महीने मिलेंगे ₹5,000

पटना। बिहार में वकालत की शुरुआत करने वाले युवा अधिवक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार नए वकीलों को आर्थिक सहारा देने के लिए स्टाइपेंड योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत पात्र युवा वकीलों को लगातार तीन साल तक हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यानी एक लाभार्थी को तीन वर्षों में कुल 1.80 लाख रुपये मिल सकते हैं।

तीन साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता

इस योजना का लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकरण कराया है। आवेदन करने वाले युवाओं की उम्र 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन के आधार पर लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

आवेदन के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज

स्टाइपेंड प्राप्त करने के लिए 100 रुपये का आवेदन फॉर्म खरीदकर जमा करना होगा। इसके साथ मैट्रिक प्रमाण पत्र, बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन, निवास और आय प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, AIBE प्रमाण पत्र तथा बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। इसके अलावा आवेदक को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वह किसी आपराधिक मामले में शामिल नहीं है और वकालत के अलावा किसी दूसरे पेशे या कारोबार में सक्रिय नहीं है।

अधिवक्ता संघों को भी मिलेगी मदद

सरकार ने युवा वकीलों के साथ अधिवक्ता संघों के लिए भी सहायता का प्रावधान किया है। ई-लाइब्रेरी विकसित करने के लिए अधिवक्ता संघों को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा महिला अधिवक्ताओं के लिए शौचालय और वकीलों के चेंबर की सुविधाओं में सुधार करने की भी योजना है।

नए वकीलों को मिलेगा करियर में सहारा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे युवा अधिवक्ताओं को मदद देना है। हर महीने मिलने वाले 5,000 रुपये से उन्हें अपने पेशे की शुरुआत करने में कुछ आर्थिक राहत मिलेगी। पात्र उम्मीदवार आवेदन से पहले योजना की आधिकारिक शर्तों और दस्तावेजों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

6 नवंबर तक लक्ष्मी नारायण राजयोग का शुभ प्रभाव, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। इस समय शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा है। 6 नवंबर तक दोनों ग्रह कन्या राशि में रहेंगे। ज्योतिष में इस योग को धन, सुख-सुविधा, बुद्धिमत्ता और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान 5 राशियों के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग शुभ साबित हो सकता है। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। वहीं, व्यापारियों को कारोबार में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि में ही शुक्र और बुध की युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह योग खास माना जा रहा है। आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ने के भी संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना फायदेमंद रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे और व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! परिवार को मिलेंगे ₹20,000

पटना। बिहार सरकार जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिनके किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है। ऐसी स्थिति में पात्र परिवार या मृतक के आश्रितों को सरकार की ओर से एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का लाभ बिहार के स्थायी निवासी परिवारों को दिया जाता है। इसके लिए मृतक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मृत्यु दुर्घटना के कारण हुई होनी चाहिए। साथ ही परिवार का गरीबी रेखा के अंतर्गत होना जरूरी है। आवेदन मृतक के परिवार के सदस्य या उस पर निर्भर व्यक्ति की ओर से किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत होगी। इनमें प्रमुख रूप से: आवेदक और मृतक का आधार कार्ड या पहचान पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, दस्तावेजों की पूरी सूची संबंधित कार्यालय से प्राप्त करना उचित रहेगा।

कैसे करें आवेदन?

इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने क्षेत्र के संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के कार्यालय में जाना होगा। वहां आवेदन पत्र भरकर आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और उपलब्ध प्रक्रिया की जानकारी भी संबंधित सरकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

जरूरतमंद परिवारों को राहत

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का मकसद किसी परिवार में अचानक हुई मृत्यु के बाद पैदा होने वाली आर्थिक परेशानी को कम करना है। ऐसे कठिन समय में मिलने वाली 20,000 रुपये की सहायता परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में कुछ राहत दे सकती है। आवेदन करने से पहले पात्रता और वर्तमान नियमों की पुष्टि जरूर कर लें।

धनतेरस से पहले सोने के गहने खरीदना हुआ महंगा! हॉलमार्किंग फीस 67% बढ़ा

नई दिल्ली। अगर आप इस धनतेरस पर सोने की ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए हॉलमार्किंग फीस से जुड़ी यह खबर जानना जरूरी है। सितंबर 2026 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग फीस बढ़ा दी है। नई दरें 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। ऐसे में ज्वेलर्स की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर ग्राहकों के बिल पर भी पड़ सकता है।

अब सोने की हॉलमार्किंग के लिए देने होंगे ₹75

नए नियम के अनुसार, गोल्ड ज्वेलरी के प्रत्येक आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस अब 75 रुपये कर दी गई है। पहले इसके लिए 45 रुपये देने पड़ते थे। यानी हर आर्टिकल पर 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह फीस में करीब 67 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके अलावा, एक कंसाइनमेंट के लिए न्यूनतम 200 रुपये का शुल्क भी तय किया गया है। हॉलमार्किंग सेंटर को भी BIS को गोल्ड के प्रत्येक आर्टिकल पर 7.50 रुपये देने होंगे, जबकि न्यूनतम शुल्क 20 रुपये प्रति कंसाइनमेंट है।

चांदी की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव नहीं

सोने के मुकाबले चांदी की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके लिए ज्वेलर्स को पहले की तरह 35 रुपये प्रति आर्टिकल देने होंगे। वहीं, न्यूनतम कंसाइनमेंट फीस 150 रुपये रखी गई है।

ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सोना खरीदते समय सिर्फ कीमत और वजन देखना काफी नहीं है। उसकी शुद्धता की पुष्टि के लिए BIS हॉलमार्क जरूर जांचें। ज्वेलरी पर BIS का लोगो, कैरेट और फाइननेस मार्क के साथ छह अंकों वाला HUID नंबर होना चाहिए। ग्राहक BIS Care ऐप के जरिए भी HUID नंबर की जांच कर सकते हैं।

क्या बढ़ी हुई फीस से आपका बिल भी बढ़ेगा?

सोने की ज्वेलरी के बिल में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज, अन्य लागू शुल्क और 3 प्रतिशत GST शामिल हो सकते हैं। हॉलमार्किंग फीस भी बिल में अलग से दिखाई जा सकती है। हालांकि, नई फीस सीधे हर ग्राहक के बिल में 30 रुपये बढ़ाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ज्वेलर हॉलमार्किंग की लागत ग्राहक से किस तरह वसूलता है।

इसलिए धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले ज्वेलरी का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और बिल में लगाए गए अतिरिक्त शुल्क जरूर जांच लें।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के मजदूरों को राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों के कामगारों को अब प्रतिदिन 7 से 10 रुपये तक अधिक मजदूरी मिलेगी। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू मानी गई हैं।

142 श्रेणियों के कामगारों को फायदा

सरकार के इस फैसले से कुल 142 प्रकार के कामगारों को लाभ मिलेगा। मजदूरी में बढ़ोतरी श्रमिकों की कुशलता के आधार पर तय की गई है। अकुशल और अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 7 रुपये, कुशल श्रमिकों के लिए 9 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों के लिए 10 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि की गई है।

जानिए अब कितनी मिलेगी मजदूरी

नई दरों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 436 रुपये से बढ़कर 443 रुपये प्रतिदिन हो गई है। अर्धकुशल कामगारों को अब 452 रुपये के बजाय 459 रुपये मिलेंगे। वहीं, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 551 रुपये से बढ़ाकर 560 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों की मजदूरी 672 रुपये से बढ़ाकर 682 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

करोड़ों कामगारों को मिल सकती है राहत

बिहार में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में ऐसे कामगारों की संख्या 3.26 करोड़ से अधिक है। न्यूनतम मजदूरी में हुई इस बढ़ोतरी से पात्र श्रमिकों को आर्थिक मदद मिलेगी और उनकी रोजाना की कमाई में कुछ इजाफा होगा।

1 अक्टूबर से लागू मानी जाएंगी नई दरें

बिहार में न्यूनतम मजदूरी की दरों की समीक्षा साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को की जाती है। इस बार तकनीकी कारणों से अधिसूचना जारी होने में देरी हुई, लेकिन विभाग ने नई दरों को 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना है। सरकार के इस फैसले से मजदूरों को थोड़ी अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित काम की श्रेणी और लागू न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार मिलेगा।

भारत की 'प्रलय' मिसाइल का टेस्ट, पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, चीन भी हैरान!

नई दिल्ली। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में स्वदेशी मिसाइल 'प्रलय' के सफल परीक्षण के साथ एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल भारतीय सेना की सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी तकनीक और मारक क्षमता के कारण इसे भारत की रक्षा तैयारियों के लिए अहम माना जाता है।

क्या है प्रलय मिसाइल की खासियत?

प्रलय एक सतह से सतह पर मार करने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदलने की क्षमता है। सामान्य बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में इसकी उड़ान का अनुमान लगाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे विरोधी के एयर डिफेंस सिस्टम के सामने इसे रोकना मुश्किल हो सकता है।

500 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम

प्रलय की मारक क्षमता लगभग 150 से 500 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह ठोस ईंधन से संचालित होती है और मोबाइल लॉन्चर की मदद से दागी जा सकती है। इससे सेना को जरूरत के अनुसार इसकी तैनाती करने में सुविधा मिलती है। मिसाइल को आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन प्रणालियों से भी लैस किया गया है, जो लक्ष्य तक सटीक पहुंचने में मदद करती हैं।

DRDO ने स्वदेशी तकनीक से किया विकसित

प्रलय परियोजना के विकास में DRDO की कई प्रयोगशालाओं ने योगदान दिया है। इसके निर्माण और उत्पादन में भारत की रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की भी भूमिका रही है। इस तरह की परियोजनाएं देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

भारत की सामरिक ताकत को मिलेगी मजबूती

प्रलय जैसी मिसाइलें भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसकी तकनीक और परिचालन क्षमता के कारण इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी परीक्षण की सफलता के बाद मिसाइल के प्रदर्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन भी जरूरी होता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! रेहड़ी-पटरी वालों के लिए खुशखबरी, मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को आर्थिक सहायता मिलती है। अब इस योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके जरिए छोटे दुकानदार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और कारोबार से जुड़े खर्चों के लिए क्रेडिट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट

पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट मिल सकती है। शुरुआत में यह सीमा ₹10,000 तक हो सकती है, जिसे कार्ड के इस्तेमाल और भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर बढ़ाया जा सकता है। बैंक की शर्तों के अनुसार 20 से 50 दिनों तक ब्याज-मुक्त क्रेडिट की सुविधा भी मिल सकती है। हालांकि, समय पर भुगतान करना जरूरी है।

तीन चरणों में मिलता है लोन

पीएम स्वनिधि योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से लोन दिया जाता है। पहली किस्त में ₹15,000 तक, दूसरी में ₹25,000 तक और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है। अगली किस्त के लिए पिछला ऋण चुकाने और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करने जैसे नियम लागू होते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय आवेदक की उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही, बैंक या वित्तीय संस्थान में खाता एनपीए या राइट-ऑफ की स्थिति में नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेंडिंग सर्टिफिकेट या संबंधित पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

कार्ड पर नहीं लगेगा सालाना शुल्क

योजना के तहत जारी किए जाने वाले क्रेडिट कार्ड पर जॉइनिंग और सालाना नवीनीकरण शुल्क नहीं होने की सुविधा बताई गई है। कार्ड को यूपीआई से जोड़कर भुगतान भी किया जा सकता है। हालांकि, ब्याज-मुक्त अवधि समाप्त होने के बाद बकाया राशि पर बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज और अन्य शुल्क लागू हो सकते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता देकर उनके कामकाज को आसान बनाना है। इच्छुक रेहड़ी-पटरी वाले आवेदन करने से पहले पात्रता, दस्तावेज और क्रेडिट कार्ड की मौजूदा शर्तों की जानकारी आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें।

खुशखबरी की हैट्रिक! यूपी में 3 बड़ी भर्तियों का मौका, 20 हजार से ज्यादा पदों पर करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में शिक्षक, प्रधानाचार्य और जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती के अवसर सामने आए हैं। इन तीनों भर्तियों को मिलाकर कुल 21,538 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन और पात्रता की जांच जरूर करें।

1. सहायक शिक्षक के 17,735 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से सहायक शिक्षक के 17,735 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 23 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं। आवेदन करने से पहले शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की शर्तें ध्यान से पढ़ें।

2. प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2,647 पद

शिक्षा क्षेत्र में नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों के लिए दूसरी भर्ती प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पदों पर है। UPESSC के अनुसार, इस भर्ती में कुल 2,647 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 23 अक्टूबर 2026 से हुई है और आवेदन की अंतिम तारीख 22 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को पद के अनुसार जरूरी योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन से प्राप्त करनी चाहिए।

3. जूनियर इंजीनियर के 1,156 पदों पर मौका

तीसरी भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से निकाली गई है। इसके तहत जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) और अन्य तकनीकी पदों सहित कुल 1,156 रिक्तियों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 25 नवंबर 2026 तक आवेदन किया जा सकेगा। उम्मीदवारों के पास संबंधित इंजीनियरिंग योग्यता के साथ वैध UPSSSC PET 2025 स्कोर होना आवश्यक बताया गया है। आवेदन के लिए आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in का इस्तेमाल करें।

यूपी में महिलाओं और किसानों की चमकेगी किस्मत, मिलने वाली है 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और किसानों के लिए योगी सरकार जल्द ही दो विशेष आर्थिक पैकेज ला सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि किसानों को फसल नुकसान से राहत देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार योजना तैयार कर रही है। इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

3 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव, भारी बारिश, सूखा और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा दे रही है। इसके साथ ही प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसान परिवारों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें खेती से जुड़े आर्थिक संकट में राहत मिल सके।

महिलाओं के लिए भी तैयार होगा बड़ा पैकेज

योगी सरकार का दूसरा बड़ा फोकस महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी इस पैकेज का उद्देश्य होगा। लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास जारी है।

उज्ज्वला योजना के 1.89 करोड़ परिवारों को सब्सिडी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ लाभार्थी परिवारों के बैंक खातों में कुल 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की। इससे पात्र परिवारों को रसोई गैस के खर्च में राहत मिलेगी।

किसानों और श्रमिकों के लिए भोजन की सुविधा

सरकार मंडी समितियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। यहां किसानों और मजदूरों को टोकन मनी देकर भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दूर-दराज से मंडियों में आने वाले किसानों और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को राहत मिलेगी।

खुशखबरी पर खुशखबरी! यूपी में 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला इकाई ने अकाउंटेंट और MIS असिस्टेंट के कुल 20 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन होगी और फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 है।

10-10 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत अकाउंटेंट के 10 और MIS असिस्टेंट के 10 पद भरे जाएंगे। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थी कम से कम 12वीं पास हों और उन्हें हिंदी पढ़ने-लिखने के साथ सामान्य गणित की अच्छी समझ होनी चाहिए।

आवेदन के लिए नहीं लगेगी फीस

इन पदों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन अपने संबंधित क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) या ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई में जमा कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती सिद्धार्थनगर जिले के मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन में की जाएगी।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा चयन

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन से जांच लेनी चाहिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 निर्धारित है। ऐसे में योग्य उम्मीदवार समय रहते ऑफलाइन फॉर्म जमा कर दें, ताकि इस भर्ती के अवसर से चूकना न पड़े।

इस मामले में चीन नंबर-1, भारत नंबर-2, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों का इस कीमती धातु के प्रति आकर्षण बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की छड़ और सिक्कों में निवेश की मांग में सालाना गिरावट के बाद भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इस सूची में चीन पहले स्थान पर है। सितंबर तिमाही में वैश्विक मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत रही।

सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में गिरावट

सितंबर तिमाही में भारत में सोने की छड़ और सिक्कों की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर 55 टन हो गई। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सोने पर आयात शुल्क बढ़ने और कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी होने को इसकी प्रमुख वजहों में गिना गया है।

कुल निवेश में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने का कुल निवेश पिछली तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर लगभग 60 टन रहा। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़ा। इसकी मांग जून तिमाही के 3.6 टन से बढ़कर सितंबर तिमाही में 5.3 टन पहुंच गई।

डिजिटल गोल्ड का बढ़ रहा चलन

डिजिटल गोल्ड में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 2026 के पहले नौ महीनों में इसकी मांग सालाना आधार पर 76 प्रतिशत बढ़कर 16.3 टन हो गई। कम रकम से निवेश शुरू करने और आसानी से खरीदारी की सुविधा को इसके बढ़ते चलन की वजह माना जा रहा है।

दरअसल, सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में सालाना गिरावट के बावजूद भारत में गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि निवेशक सोने में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग तरीकों को अपना रहे हैं।