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फ्रांस-जर्मनी-ऑस्ट्रिया का बड़ा फैसला, अमेरिका को झटका!

न्यूज डेस्क। यूरोप में डिजिटल संप्रभुता को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। फ्रांस, जर्मनी और ऑस्ट्रिया जैसे देशों ने अमेरिकी टेक कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करने का फैसला किया है। Zoom, Microsoft Teams और Microsoft Office जैसे लोकप्रिय अमेरिकी सॉफ्टवेयर की जगह अब ये देश अपने घरेलू या ओपन-सोर्स विकल्पों को अपनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।

फ्रांस: 25 लाख कर्मचारियों के लिए अपना सिस्टम

फ्रांस ने इस दिशा में सबसे आक्रामक फैसला लिया है। वहां सरकारी कर्मचारियों को धीरे-धीरे अमेरिकी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग टूल्स का इस्तेमाल बंद करना होगा। लक्ष्य है कि 2027 तक करीब 25 लाख सरकारी कर्मचारी फ्रांस के अपने वीडियो कॉन्फ्रेंस प्लेटफॉर्म “Visio” का उपयोग करें। फ्रांस के सिविल सर्विस मंत्री डेविड अमिएल ने साफ कहा है कि वैज्ञानिक शोध, संवेदनशील जानकारियां और रणनीतिक नवाचारों को गैर-यूरोपीय कंपनियों के नियंत्रण में नहीं छोड़ा जा सकता।

जर्मनी: ओपन-सोर्स की ओर तेज कदम

जर्मनी के श्लेसविग-होल्सटीन राज्य ने पहले ही इस दिशा में ठोस कदम उठा लिया है। वहां करीब 44 हजार कर्मचारियों की ईमेल सेवाएं माइक्रोसॉफ्ट से हटाकर ओपन-सोर्स सिस्टम पर शिफ्ट कर दी गई हैं। SharePoint की जगह अब Nextcloud का इस्तेमाल हो रहा है। इतना ही नहीं, जर्मन प्रशासन अब Windows ऑपरेटिंग सिस्टम की जगह Linux अपनाने पर भी गंभीरता से विचार कर रहा है।

ऑस्ट्रिया की सेना का अलग रास्ता

ऑस्ट्रिया में यह बदलाव रक्षा क्षेत्र तक पहुंच चुका है। ऑस्ट्रियाई सेना ने रिपोर्ट तैयार करने और दस्तावेजी काम के लिए Microsoft Office की जगह LibreOffice को अपनाया है। इसकी बड़ी वजह यह है कि माइक्रोसॉफ्ट तेजी से अपने सिस्टम को क्लाउड-आधारित बना रहा है, जबकि LibreOffice अधिकतर ऑफलाइन काम करता है। सेना का मानना है कि ऑफलाइन सिस्टम संवेदनशील सैन्य दस्तावेजों के लिए ज्यादा सुरक्षित हैं और साइबर जासूसी के खतरे को कम करते हैं।

डेनमार्क भी इसी राह पर

डेनमार्क भी धीरे-धीरे अमेरिकी सॉफ्टवेयर विकल्पों से दूरी बनाकर ओपन-सोर्स समाधानों की ओर बढ़ रहा है। वहां सरकारी आईटी ढांचे में बदलाव को भविष्य की डिजिटल सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

अमेरिका के लिए क्या मायने?

यूरोप का यह रुख अमेरिकी टेक कंपनियों के लिए बड़ा संकेत है। अब मामला केवल लागत या सुविधा का नहीं, बल्कि डिजिटल आजादी और डेटा संप्रभुता का बन गया है। यदि यह ट्रेंड बढ़ता है, तो आने वाले वर्षों में अमेरिकी कंपनियों की सरकारी सेक्टर में पकड़ कमजोर हो सकती है।

BHEL में 23 पदों पर भर्ती: सुपरवाइजर के लिए आवेदन शुरू

न्यूज डेस्क। भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने FTA ग्रेड III (सुपरवाइजर) पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती ट्रांसमिशन बिजनेस ग्रुप (TBG) के तहत इलेक्ट्रिकल, सिविल और सेफ्टी डिसिप्लिन्स में की जाएगी। कुल 23 पदों के लिए योग्य और इच्छुक उम्मीदवार अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पद विवरण और योग्यता

पद का नाम: FTA Grade III (Supervisor)

कुल पद: 23

योग्यता: संबंधित क्षेत्र में Diploma in Engineering या Diploma in Safety

आयु सीमा और अनुभव

पोस्ट के अनुसार उपरी आयु सीमा 30–34 वर्ष निर्धारित है। यह पद 2 साल की फिक्स्ड टेनेचर पर भरा जाएगा। अधिक जानकारी के लिए नोटिश को पढ़ें।

वेतन और लाभ

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को मासिक वेतन ₹45,000–48,000/- दिया जाएगा। इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।

आवेदन की तिथि

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 03 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 24 फरवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: careers.bhel.in

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग पर सरकार ने दी जानकारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राज्यसभा में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर महत्वपूर्ण अपडेट दिया है। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को सांसद जावेद अली खान के सवाल के लिखित जवाब में बताया कि 8वें वेतन आयोग का गठन पहले ही हो चुका है और यह अपने काम की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

सरकार ने स्पष्ट किया कि 8वें वेतन आयोग को 3 नवंबर 2025 को आधिकारिक रूप से नोटिफाई किया गया था और इसके टर्म्स ऑफ रेफरेंस तय कर दिए गए हैं। आयोग को अपने गठन के 18 महीनों के भीतर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है। इसका मतलब है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को अभी कुछ समय इंतजार करना होगा, लेकिन इसके बाद उनकी सैलरी और पेंशन में बदलाव संभव है।

पेंशन को लेकर सरकार का रुख

पेंशनभोगियों के हितों को लेकर सरकार ने साफ किया कि रिटायरमेंट की तारीख के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के कर्मचारियों की पेंशन सेंट्रल सिविल सर्विसेज (पेंशन) रूल्स 2021 और अन्य लागू नियमों के अनुसार दी जाती है। इसके अलावा, फाइनेंस एक्ट 2025 ने मौजूदा पेंशन नियमों को वैधता दी है, जिससे सिविल या डिफेंस पेंशन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

आयोग की तैयारी और नई वैकेंसी

जनवरी 2026 में सरकार ने यह भी जानकारी दी थी कि 8वें वेतन आयोग के लिए कार्यालय की व्यवस्था पूरी कर दी गई है और स्टाफ की नियुक्ति के लिए नई वैकेंसी जारी की गई हैं। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि आयोग अब धीरे-धीरे पूरी तरह सक्रिय हो रहा है।

जानकारों का मानना है कि आयोग की सिफारिशें आने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन और पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं। ऐसे में आने वाले महीनों में इस विषय से जुड़े नए अपडेट पर कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर बनी रहेगी।

रूस का बड़ा ऑफर, भारत के लिए मौका? क्या करेगा अमेरिका

नई दिल्ली। भारत की ऊर्जा नीति इस समय एक दिलचस्प लेकिन चुनौतीपूर्ण मोड़ पर खड़ी है। एक तरफ अमेरिका के साथ ट्रेड डील को लेकर नई शुरुआत हुई है, वहीं दूसरी ओर रूस ने भारत के सामने बेहद आकर्षक ऑफर रख दिया है। सवाल यह नहीं है कि कौन सस्ता तेल दे रहा है, सवाल यह है कि भारत अपने रणनीतिक संतुलन को कैसे साधेगा।

अमेरिका से डील, लेकिन शर्तों की परछाईं

भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते की घोषणा के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यह संकेत दे रहे हैं कि भारत रूसी तेल से दूरी बनाएगा और वैकल्पिक स्रोतों जैसे वेनेजुएला की ओर रुख करेगा। इससे पहले अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने पर भारत पर 25 फीसदी अतिरिक्त टैरिफ लगाया था, जिसे अब इस ट्रेड डील के तहत हटा लिया गया है।

भारत की ओर से आधिकारिक तौर पर यह जरूर कहा गया है कि जिन देशों पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध हैं, वहां से तेल नहीं खरीदा जाएगा, लेकिन रूस को लेकर कोई स्पष्ट “कट-ऑफ डेट” या ठोस प्रतिबद्धता सामने नहीं आई है। यही असमंजस तेल बाजार और रिफाइनरियों में दिख रहा है।

रूस का जवाब: डिस्काउंट का बड़ा दांव

अमेरिकी दबाव के बीच रूस ने भी चुप रहने के बजाय आर्थिक हथियार चला दिया है। बीते कुछ दिनों में रूसी तेल खासकर यूराल्स ग्रेड पर भारत को दिया जा रहा डिस्काउंट अचानक बढ़ गया है। बाजार विश्लेषण फर्म आर्गस के मुताबिक, भारत को ब्रेंट क्रूड के मुकाबले करीब 11 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट मिल रही है, जिसमें शिपिंग और अन्य लागतें भी शामिल हैं। 

यह छूट न केवल जनवरी की शुरुआत के मुकाबले ज्यादा है, बल्कि अमेरिकी प्रतिबंधों से पहले के स्तर से भी कई गुना अधिक मानी जा रही है। भुगतान शर्तों के आधार पर यह छूट और भी आकर्षक हो सकती है।

केप्लर की रिपोर्ट क्या इशारा करती है?

डेटा इंटेलिजेंस फर्म केप्लर के अनुसार, भारत के लिए निकट भविष्य में रूसी तेल से पूरी तरह अलग होना व्यावहारिक नहीं दिखता। जनवरी में भारत का रूसी तेल आयात औसतन 1.2 मिलियन बैरल प्रतिदिन रहा, जबकि चरम पर यह 2 मिलियन बैरल तक पहुंच चुका है।

केप्लर का अनुमान है कि आने वाली तिमाहियों में यह आयात 1.1 से 1.3 मिलियन बैरल प्रतिदिन के बीच स्थिर रह सकता है। दिलचस्प बात यह है कि रूसी तेल अभी भी वेनेजुएला के तेल से 4–5 डॉलर प्रति बैरल सस्ता पड़ रहा है, जो किसी भी रिफाइनर के लिए नजरअंदाज करना आसान नहीं है।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में बंपर भर्ती, अब 15 तक आवेदन

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (CBI) ने वर्ष 2026 के तहत फॉरेन एक्सचेंज ऑफिसर और मार्केटिंग ऑफिसर पदों पर बंपर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 350 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार 15 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की इस भर्ती में दो अलग-अलग पद शामिल हैं। फॉरेन एक्सचेंज ऑफिसर (स्केल-III), मार्केटिंग ऑफिसर (स्केल-I), ये नियुक्तियां बैंक के स्पेशलिस्ट कैटेगरी के अंतर्गत की जाएंगी और चयनित उम्मीदवारों की पोस्टिंग देशभर में कहीं भी की जा सकती है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही MBA/PGDM डिग्री धारक उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं। पद के अनुसार संबंधित क्षेत्र में अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा सकती है।

वेतनमान

भर्ती के तहत चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा। स्केल-III (फॉरेन एक्सचेंज ऑफिसर): ₹85,920 से ₹1,05,280 प्रतिमाह, स्केल-I (मार्केटिंग ऑफिसर): ₹48,480 से ₹85,920 प्रतिमाह। इसके अलावा बैंक नियमों के अनुसार अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट centralbankofindia.bank.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

परीक्षा कब होगी

इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन फरवरी या मार्च 2026 में संभावित है। परीक्षा की सटीक तारीख और एडमिट कार्ड से जुड़ी जानकारी बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएगी।

यूपी में 'अनुदेशक शिक्षकों' को खुशखबरी, नहीं जाएगी नौकरी, मानेदय 17,000

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अंशकालिक शिक्षकों यानी अनुदेशकों के लिए सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार की अपील को खारिज करते हुए साफ कर दिया है कि इन शिक्षकों की नौकरी सुरक्षित रहेगी और उन्हें 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय का पूरा लाभ मिलेगा। इस फैसले से प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशक शिक्षक सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

नौकरी नहीं जाएगी, पद माने जाएंगे स्वतः सृजित

सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच ने अपने फैसले में कहा कि अनुदेशकों की नियुक्ति को केवल संविदात्मक मानकर सरकार जिम्मेदारी से नहीं बच सकती। कोर्ट ने माना कि इन शिक्षकों को वर्षों तक लगातार सेवाओं में रखा गया, उन्हें अन्यत्र नौकरी करने से रोका गया और शिक्षा व्यवस्था में उनकी भूमिका अहम रही। ऐसे में उनके पदों को स्वतः सृजित पद माना जाएगा और सेवा समाप्ति का तर्क स्वीकार्य नहीं है।

हाईकोर्ट का आदेश बरकरार, अपील खारिज

शीर्ष अदालत ने लखनऊ हाईकोर्ट के आदेश को सही ठहराते हुए राज्य सरकार की अपील पूरी तरह खारिज कर दी। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि अनुदेशकों को 17,000 रुपये मासिक मानदेय दिया जाएगा और उनके अधिकारों में कोई कटौती नहीं होगी।

मानदेय बढ़ाने पर कोर्ट की सख्त टिप्पणी

सुनवाई के दौरान जस्टिस पंकज मित्तल और जस्टिस प्रसन्ना बी. वराले की बेंच ने राज्य सरकार से कड़े सवाल किए। कोर्ट ने कहा कि जब शिक्षा को लेकर “पढ़ेगा इंडिया, तभी बढ़ेगा इंडिया” की बात की जाती है, तो शिक्षकों के मानदेय में वृद्धि से सरकार को परहेज क्यों है। अदालत ने लंबे समय तक मानदेय में संशोधन न किए जाने को अनुचित श्रम व्यवहार करार दिया।

पुनरीक्षण का अधिकार भी किया स्पष्ट

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि अनुदेशकों को मानदेय के नियमित पुनरीक्षण का पूरा अधिकार है। यदि किसी कारण से समय-सीमा पर संशोधन संभव न हो, तो कम से कम वार्षिक आधार पर मानदेय पर विचार किया जाना चाहिए। कोर्ट ने 2017-18 से 17,000 रुपये प्रतिमाह को मान्य मानते हुए इसे अगले संशोधन तक लागू रखने का निर्देश दिया।

भुगतान और बकाया पर क्या आदेश

अदालत ने आदेश दिया है कि संशोधित मानदेय का भुगतान 1 अप्रैल 2026 से शुरू किया जाएगा। वहीं, अब तक का पूरा बकाया 4 फरवरी 2026 से छह महीने के भीतर अनिवार्य रूप से चुकाना होगा। यह फैसला न सिर्फ अनुदेशक शिक्षकों के लिए बड़ी राहत है, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था में लंबे समय से कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों को सम्मान और सुरक्षा देने की दिशा में भी एक अहम कदम माना जा रहा है।

इंडियन बैंक में अधिकारी/क्लर्क पदों पर भर्ती, आज से आवेदन शुरू

नई दिल्ली। इंडियन बैंक में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बैंक ने वर्ष 2026 के तहत अधिकारी और क्लर्क (खिलाड़ी कोटे) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आज यानी 04 फरवरी 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 24 फरवरी 2026 तय की गई है।

कुल 7 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत इंडियन बैंक में कुल 7 पदों को भरा जाएगा। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति अधिकारी और क्लर्क पदों पर की जाएगी। खास बात यह है कि इन पदों के लिए 12वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन के पात्र हैं।

आयु सीमा और योग्यता

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 26 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। शैक्षणिक योग्यता के तौर पर किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं पास होना अनिवार्य है।

आवेदन शुल्क

भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार तय किया गया है। सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को 1000 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग (PwD) उम्मीदवारों के लिए शुल्क 175 रुपये रखा गया है।

ऑनलाइन ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार इंडियन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट www.indianbank.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक विवरण और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे।

Valentine’s Week 2026 में रोज़ डे से किस डे तक पूरा कैलेंडर

न्यूज डेस्क। हर साल फरवरी का महीना आते ही प्यार और रिश्तों का जश्न शुरू हो जाता है। Valentine’s Week युवाओं के साथ-साथ हर उम्र के लोगों के लिए खास बन चुका है। साल 2026 में भी यह सप्ताह 7 फरवरी से शुरू होकर 14 फरवरी तक चलेगा, जिसमें प्यार को जताने के अलग-अलग दिन शामिल हैं। आइए जानते हैं Valentine’s Week 2026 का पूरा कैलेंडर।

7 फरवरी – रोज़ डे

Valentine’s Week की शुरुआत रोज़ डे से होती है। इस दिन लोग अपने पार्टनर, दोस्त या चाहने वालों को गुलाब देकर अपने जज़्बात व्यक्त करते हैं। लाल गुलाब प्यार, पीला दोस्ती और सफेद सम्मान का प्रतीक माना जाता है।

8 फरवरी – प्रपोज़ डे

प्रपोज़ डे प्यार के इज़हार का दिन होता है। इस दिन लोग अपने दिल की बात खुलकर कहते हैं और रिश्ते को नया नाम देते हैं। युवाओं में यह दिन खासा लोकप्रिय रहता है।

9 फरवरी – चॉकलेट डे

चॉकलेट डे मिठास का प्रतीक है। इस दिन पार्टनर एक-दूसरे को चॉकलेट गिफ्ट कर अपने रिश्ते में मिठास घोलते हैं। बाजारों में इस दिन खास वैलेंटाइन चॉकलेट्स की धूम रहती है।

10 फरवरी – टेडी डे

टेडी डे पर सॉफ्ट टॉय गिफ्ट करने का चलन है। टेडी बियर को प्यार, अपनापन और मासूमियत का प्रतीक माना जाता है, खासकर युवा कपल्स के बीच।

11 फरवरी – प्रॉमिस डे

इस दिन रिश्तों में भरोसा और समझ को मजबूत करने के लिए वादे किए जाते हैं। प्रॉमिस डे का मकसद रिश्ते को ईमानदारी और विश्वास के साथ आगे बढ़ाना होता है।

12 फरवरी – हग डे

हग डे भावनाओं को बिना शब्दों के जाहिर करने का दिन है। एक गले से अपनापन, सुकून और प्यार का अहसास मिलता है।

13 फरवरी – किस डे

यह दिन रिश्ते में गहराई और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाता है। इसके बाद 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे मनाया जाता है।

14 फरवरी  – वैलेंटाइन डे

यह दिन पूरे हफ्ते का मुख्य दिन है, जो प्यार और साथ के जश्न के साथ समाप्त होता है

भारत-रूस ने शुरू किया ये काम, चीन-पाकिस्तान के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग एक बार फिर वैश्विक रणनीतिक चर्चा के केंद्र में है। ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना, जो पहले ही दुनिया की सबसे तेज़ सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइलों में गिनी जाती है, अब एक नए चरण में प्रवेश कर रही है। दोनों देश इसे अगली पीढ़ी की लॉन्ग-रेंज हाइपरसोनिक तकनीक तक ले जाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

इस खुलासे के पीछे नाम है रूस की प्रतिष्ठित रक्षा कंपनी NPO Mashinostroyeniya के CEO और मुख्य डिजाइनर अलेक्जेंडर लियोनोव का। एक अंतरराष्ट्रीय कॉस्मोनॉटिक्स और रक्षा तकनीक सम्मेलन के दौरान अलेक्जेंडर लियोनोव ने सार्वजनिक रूप से बताया कि भारत और रूस सिर्फ मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल को अपग्रेड ही नहीं कर रहे, बल्कि उससे आगे बढ़कर हाइपरसोनिक तकनीक पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।

हाइपरसोनिक तकनीक क्यों है गेम-चेंजर

हाइपरसोनिक मिसाइलें आमतौर पर मैच 5 या उससे अधिक की गति से उड़ान भरती हैं। इतनी तेज़ रफ्तार और मैनूवर करने की क्षमता के कारण इन्हें मौजूदा एयर डिफेंस सिस्टम से रोकना बेहद मुश्किल होता है। भारत-रूस का यह साझा प्रयास भविष्य के युद्धों में डिटरेंस यानी रोकथाम की रणनीति को और मजबूत कर सकता है।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

ब्रह्मोस परियोजना की एक खास बात यह है कि इसमें अब 70 प्रतिशत से अधिक कलपुर्जे भारत में ही बनाए जा रहे हैं। यह केवल “मेक इन इंडिया” नहीं, बल्कि वास्तविक आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन की मिसाल है। तकनीकी ट्रांसफर, भारतीय वैज्ञानिकों की भागीदारी और घरेलू इंडस्ट्री को मिलने वाला अनुभव,  ये सभी भारत को लंबी अवधि में एक रक्षा निर्यातक देश के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

चीन-पाकिस्तान के लिए क्यों बढ़ी चिंता

भारत-रूस की यह साझेदारी उन देशों के लिए स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय है, जो क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को अपने पक्ष में बनाए रखना चाहते हैं। हाइपरसोनिक तकनीक में भारत की प्रगति, खासकर तब जब वह मल्टी-डोमेन लॉन्च क्षमता के साथ आए, पड़ोसी देशों की सैन्य योजना पर दबाव बढ़ा सकती है। यह सीधे युद्ध की नहीं, बल्कि रणनीतिक संतुलन की बात है।

बिहार में बनेगा डिजिटल तारामंडल, 3 जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी पहल की जा रही है। नए वित्तीय वर्ष में पूर्वी चंपारण, जमुई और पूर्णिया जिलों में डिजिटल तारामंडल और स्पेस एंड एस्ट्रोनॉमी एजुकेशन सेंटर की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की मदद से 39 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, और निर्माण कार्य वित्तीय वर्ष 2026-27 में शुरू होने की तैयारी है।

इस डिजिटल तारामंडल से छात्रों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं को आधुनिक खगोलीय शिक्षा और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में प्रशिक्षण मिलेगा। इससे बिहार के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के छात्रों को अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ शिक्षा हासिल करने का अवसर मिलेगा।

अन्य तकनीकी पहलों पर जोर

वहीं, वित्तीय वर्ष 2025-26 में पश्चिम चंपारण के बगहा अनुमंडल में राजकीय पॉलीटेक्निक के निर्माण के लिए 73.04 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसका निर्माण भी 2026-27 में शुरू किया जाएगा। पटना में एनआइटी के परिसर में इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित किया जाएगा, जिसमें स्टार्टअप्स को तकनीकी सहायता, लीगल सपोर्ट और बिजनेस नेटवर्किंग जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। इस परियोजना के लिए 47.76 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

नवीनतम तकनीकी पाठ्यक्रम

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों के अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, साइबर सुरक्षा, ब्लॉकचेन, नेटवर्किंग, सिविल इंजीनियरिंग विथ कंप्यूटर एप्लीकेशन, थ्रीडी एनिमेशन और ग्राफिक्स जैसी नई-नई तकनीकी विद्याओं में भी स्नातक स्तर पर शिक्षा दी जा रही है।

इन पहलों का उद्देश्य छात्रों को आधुनिक तकनीकी और वैज्ञानिक ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास और कौशल के साथ कर सकें। डिजिटल तारामंडल और इनक्यूबेशन सेंटर से बिहार के युवाओं के लिए शिक्षा और नवाचार के क्षेत्र में नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

भाग्य के फूल खिलेंगे कमल जैसे, 5 राशियों के लिए शुभ संकेत

राशिफल। ज्योतिषियों के अनुसार आने वाले दिनों में कुछ राशियों के लिए भाग्य के फूल कमल की तरह खिलने वाले हैं। यह समय उनके लिए सफलता, समृद्धि और नई संभावनाओं से भरा रहेगा। विशेष रूप से 5 राशियों पर ग्रहों का अनुकूल प्रभाव देखा जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय पेशेवर और आर्थिक मोर्चे पर अनुकूल रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। व्यापार में निवेश करने का समय शुभ रहेगा। परिवार में सुख-शांति और पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह अवधि भाग्य और अवसरों से भरी रहेगी। पुरानी परेशानियों का समाधान होगा और लंबित कार्य पूरे होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन नियमित ध्यान और व्यायाम से और लाभ होगा। समाजिक मान-सम्मान बढ़ने की भी संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक लाभ और नए अवसर आने की संभावना है। निवेश या संपत्ति से जुड़े मामलों में सावधानी जरूरी है। प्रेम और पारिवारिक जीवन में मधुरता आएगी। शिक्षा या परीक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है।

4. धनु राशि

धनु राशि के लिए यह समय नई योजनाओं और करियर से जुड़े अवसरों में लाभकारी रहेगा। यात्रा या किसी नए प्रोजेक्ट की शुरुआत करने के लिए अनुकूल समय है। परिवार और मित्रों का सहयोग इस अवधि में विशेष रूप से मिलेगा।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला है। पुराने संबंधों में सुधार होगा और नए दोस्त या सहयोगी मिल सकते हैं। आर्थिक मोर्चे पर स्थिरता रहेगी और निवेश से लाभ की संभावना है।

यूपी में ऑटो-टैक्सी वालों को खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने टैक्सी, ऑटो-रिक्शा और मालवाहक वाहन चालकों के लिए एक अहम फैसला लिया है। परिवहन विभाग द्वारा लागू की गई नई कर व्यवस्था का मकसद टैक्स सिस्टम को ज्यादा सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाना है। 

बता दें की इस बदलाव से जहां पुराने वाहन मालिकों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं बिना नियमों के वाहन चलाने वालों पर सख्ती भी बढ़ेगी। यह संशोधन उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान कानून के तहत किया गया है और फरवरी 2026 तक इसे पूरी तरह प्रभावी माना जा रहा है।

नए वाहनों के लिए साफ और तय टैक्स दरें

नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब टैक्स दरें स्पष्ट रूप से तय कर दी गई हैं। टैक्स की गणना वाहन की क्षमता और उपयोग के आधार पर की जाएगी, जिससे किसी तरह की भ्रम की स्थिति नहीं रहेगी। इन दरों से नए वाहन मालिकों को टैक्स भरने में आसानी होगी और बार-बार गणना या विभागीय चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

नई दरों के अनुसार:

3000 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मालवाहक वाहन पर 3 प्रतिशत टैक्स

3000 से 7500 किलोग्राम तक की क्षमता वाले मालवाहक वाहन पर 6 प्रतिशत टैक्स

निर्माण कार्य या विशेष प्रयोजन वाले वाहन पर 6 प्रतिशत टैक्स

पुराने वाहनों को मिली बड़ी छूट

सरकार ने सबसे बड़ी राहत पुराने ऑटो, टैक्सी और छोटे मालवाहक वाहनों के मालिकों को दी है। नई नीति के तहत पुराने वाहनों पर अधिकतम 75 प्रतिशत तक टैक्स छूट का प्रावधान किया गया है। यह छूट वाहन की उम्र के आधार पर दी जाएगी। हर साल लगभग 8 प्रतिशत तक की राहत मिलेगी, लेकिन कुल छूट 75 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी। इससे लंबे समय से वाहन चला रहे छोटे ड्राइवर, स्वरोजगार करने वाले लोग और छोटे कारोबारी काफी हद तक आर्थिक दबाव से मुक्त हो सकेंगे।

बिना परमिट चलाने पर अब सख्ती

जहां एक ओर सरकार ने राहत दी है, वहीं नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कदम भी उठाए हैं। अब अगर कोई टैक्सी, ऑटो या मालवाहक वाहन बिना वैध परमिट के चलता पाया गया, तो उस पर पांच गुना जुर्माना लगाया जाएगा। यह जुर्माना वाहन के निर्धारित टैक्स का पांच गुना होगा। पहले की तुलना में यह काफी सख्त प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य अवैध परिवहन पर रोक लगाना, नियमों का पालन करने वाले चालकों की सुरक्षा करना और राज्य के राजस्व को मजबूत करना है।

पारदर्शिता और व्यवस्था की ओर कदम

परिवहन विभाग की अधिसूचना के अनुसार, इस नई टैक्स नीति से: टैक्स चोरी पर रोक लगेगी, परिवहन व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी, पुराने वाहनों को चलाना आसान होगा, छोटे ऑपरेटरों को खर्चों में राहत मिलेगी। साथ ही, नए निवेशकों को भी स्पष्ट नियमों का लाभ मिलेगा, जिससे वे बिना असमंजस के परिवहन व्यवसाय शुरू कर सकेंगे।

बिहार में फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान, किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के किसानों को डिजिटल पहचान देने के लिए फार्मर रजिस्ट्री महाअभियान का तीसरा चरण शुरू किया है। यह अभियान 2 फरवरी से 6 फरवरी तक चलेगा और इस दौरान पूरे राज्य में मिशन मोड में किसानों का पंजीकरण किया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक किसानों को डिजिटल पहचान से जोड़ना और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पहुंचाना है।

नि:शुल्क रजिस्ट्रेशन का मौका

महाअभियान के दौरान किसानों को किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं देना होगा। सभी कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) और वसुधा केंद्रों पर पंजीकरण पूर्णतः मुफ्त कराया जाएगा। पहले जहां इसके लिए 15 रुपये सेवा शुल्क लिया जाता था, अब वह शुल्क पूरी तरह हटा दिया गया है।

फार्मर आईडी से सीधे लाभ

पंजीकरण होने के बाद किसानों को फार्मर आईडी प्रदान की जाएगी। इसके माध्यम से वे कृषि से जुड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, पारदर्शी और समय पर प्राप्त कर सकेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का फायदा सीधे पात्र किसानों तक पहुंचेगा।

रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी दस्तावेज़

फार्मर आईडी बनवाने के लिए किसान के पास आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और अपने नाम पर भूमि की जमाबंदी होना अनिवार्य है। रजिस्ट्रेशन के लिए किसान अपने पंचायत के कृषि समन्वयक, किसान सलाहकार या राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी सीएससी या वसुधा केंद्र पर जाकर भी पंजीकरण कराया जा सकता है।

वास्तविक किसानों तक मदद पहुंचेगी

महाअभियान का मुख्य लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में चल रही सभी कृषि कल्याण योजनाओं का लाभ सही और पात्र किसानों तक सीधे पहुंचे। सरकार का मानना है कि यह डिजिटल पहल बिहार के कृषि क्षेत्र को मजबूत करने और किसानों को सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभाएगी।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी, हर पंचायत में मॉडल स्कूल और बाजार

अरवल। बिहार सरकार ने आम बजट पेश करते हुए बड़ी घोषणाएं की हैं। इस बजट के तहत जिले की हर पंचायत में एक मॉडल स्कूल की स्थापना की जाएगी, जिससे ग्रामीण बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सकेगी। कुल मिलाकर जिले की 64 पंचायतों में यह योजना लागू होगी।

इन मॉडल स्कूलों में छात्रों को निजी स्कूल के स्तर जैसी पढ़ाई मिलेगी और डिजिटल शिक्षा के माध्यम से वे घर पर भी मोबाइल या लैपटॉप से पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर सकेंगे। इससे शिक्षा का स्तर ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर होगा और विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से सीखने का अवसर मिलेगा।

साथ ही, बजट में मेडिकल कॉलेज की स्थापना का भी प्रावधान किया गया है। जिले में मेडिकल कॉलेज बनने से गंभीर रूप से बीमार लोगों को इलाज के लिए दूसरे जिले जाना नहीं पड़ेगा और स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ेगी।

ग्रामीण इलाकों में स्थानीय उत्पादों और कृषि को बढ़ावा देने के लिए नए बाजारों का निर्माण किया जाएगा। इससे किसानों को अपने उत्पाद बेचने में मदद मिलेगी और उनकी आमदनी बढ़ेगी। शहरी क्षेत्रों के लिए भी बजट में पेयजल, सीवरेज और ठोस कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाओं को लागू करने की योजना है। अरवल नगर परिषद में इन व्यवस्थाओं की कमी थी, जिसे अब दूर किया जाएगा। शहर स्वच्छ और सुंदर बनेगा।

इसके अलावा, प्रत्येक कमिश्नरी में स्किल सेंटर की स्थापना की जाएगी। इन सेंटरों में युवाओं को विभिन्न हुनर सिखाए जाएंगे, जिससे उन्हें रोजगार के अवसर मिलेंगे और पलायन की समस्या कम होगी। स्थानीय लोगों और विशेषज्ञों ने बजट की इन घोषणाओं का स्वागत किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में यह कदम जिले के विकास के लिए अहम माना जा रहा है।

दूध में अश्वगंधा मिलाकर पीने के 7 जादुई फायदे, जानकर रह जाएंगे हैरान!

हेल्थ डेस्क। स्वास्थ्य और प्राकृतिक उपचार के शौकीनों के लिए एक अद्भुत खबर है। आयुर्वेद में लंबे समय से प्रयोग की जाने वाली जड़ी-बूटी अश्वगंधा, जब दूध में मिलाकर रोज़ाना पी जाती है, तो यह शरीर और दिमाग दोनों के लिए चमत्कारिक फायदे देती है। विशेषज्ञों के अनुसार, दूध में अश्वगंधा मिलाकर पीना न केवल रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है बल्कि मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को भी सशक्त बनाता है।

आइए जानें इसके 7 जादुई फायदे:

1 .तनाव और चिंता को कम करता है

अश्वगंधा में प्राकृतिक एडाप्टोजेन तत्व होते हैं, जो तनाव और चिंता को कम करके मन को शांत रखते हैं। रोज़ाना एक गिलास दूध में अश्वगंधा लेने से मानसिक संतुलन बना रहता है।

2 .नींद में सुधार लाता है

नींद की कमी और अनिद्रा से परेशान लोगों के लिए यह उपाय बेहद लाभकारी है। रात को सोने से पहले गर्म दूध में अश्वगंधा मिलाकर पीने से नींद गहरी और आरामदायक होती है।

3 .इम्यूनिटी को मजबूत करता है

दूध और अश्वगंधा का संयोजन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह संक्रमण और वायरल बीमारियों से लड़ने में मदद करता है।

4 .शारीरिक ताकत और ऊर्जा बढ़ाता है

दूध और अश्वगंधा का संयोजन इसमें मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर में ऊर्जा का संचार करते हैं।

5 .स्मरण शक्ति और दिमागी ताजगी बढ़ाता है

अध्ययन बताते हैं कि अश्वगंधा मस्तिष्क की कार्यक्षमता को बढ़ाती है, स्मरण शक्ति मजबूत करती है और मानसिक थकान को कम करती है।

6 .वृद्धावस्था में शरीर को स्वस्थ बनाए रखता है

बुढ़ापे में हड्डियों और मांसपेशियों की कमजोरी को रोकने में दूध और अश्वगंधा का मिश्रण बेहद लाभकारी साबित होता है।

7 .हृदय और रक्त शर्करा नियंत्रण में मदद करता है

अश्वगंधा हृदय स्वास्थ्य को बनाए रखने में सहायक है और रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित करने में मदद कर सकती है।

डॉक्टर और आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि रात को सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में आधा चम्मच अश्वगंधा पाउडर मिलाकर पीना सबसे अधिक फायदेमंद होता है। यह मिश्रण बच्चों, जवानों और बुजुर्गों सभी के लिए सुरक्षित है, लेकिन किसी भी स्वास्थ्य समस्या या दवा लेने वाले व्यक्ति को पहले चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

नीतीश सरकार का ऐलान: गांव-गांव के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में किसानों और ग्रामीण युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। नीतीश सरकार ने आत्मनिर्भर बिहार के सात निश्चय-3 के तहत राज्य के प्रत्येक गांव में दुग्ध उत्पादन समिति स्थापित करने और प्रत्येक पंचायत में सुधा बिक्री केंद्र खोलने का ऐलान किया है। यह घोषणा वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने मंगलवार को विधानमंडल में राज्य का बजट पेश करते हुए की।

डेयरी और मत्स्य पालन पर जोर

सरकार के चतुर्थ कृषि रोडमैप के तहत वर्ष 2026-27 में डेयरी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। इसका उद्देश्य न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित करना है। इस योजना के तहत हर गांव में दुग्ध उत्पादन समिति का गठन होगा। मधेपुरा में शीतक केंद्र स्थापित किया जाएगा जिसकी क्षमता 50 किलोलीटर प्रतिदिन होगी।

पशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

पशुधन सेवा के तहत राज्य के पशु अस्पतालों में 24 घंटे चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। डिजिटल एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड मशीनें और गर्भ जांच की सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इसके साथ ही बिहार पशु प्रजनन विनियमन अधिनियम 2025 के तहत सीमेन एवं भ्रूण का उत्पादन, भंडारण, वितरण और कृत्रिम गर्भाधान की सेवाएं लागू की जाएंगी।

उन्नत नस्लों और अनुसंधान

सरकार बकरी और सूकर प्रजनन में भी सुधार पर ध्यान दे रही है। बकरी विकास योजना के तहत प्रजनन अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना। बकरी सीमेन स्टेशन और बकरी फेडरेशन का गठन। सूकर विकास योजना के तहत सूकर प्रजनन, अनुसंधान और प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना की जाएगी।

ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा

डेयरी योजना के माध्यम से गांवों में नए रोजगार अवसर पैदा किए जाएंगे। सरकार का यह कदम न केवल कृषि और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि ग्रामीण युवाओं को स्थिर रोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण भी प्रदान करेगा।

खुशखबरी का ऐलान, यूपी में 250 पदों पर भर्ती, 8वीं पास की बल्ले-बल्ले

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के प्रयागराज रीजन ने संविदा चालकों की भर्ती के लिए एक विशेष अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान के तहत लगभग 250 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जिससे क्षेत्रीय युवाओं को स्थिर रोजगार पाने का अवसर मिलेगा।

भर्ती मेले का आयोजन

5 से 12 फरवरी के बीच प्रयागराज और आसपास के विभिन्न स्थानों पर भर्ती मेले आयोजित किए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, आवेदन, दस्तावेज जांच और ड्राइविंग परीक्षण की प्रक्रिया सभी स्थानीय स्तर पर की जाएगी। इससे ग्रामीण और छोटे कस्बों के युवाओं को दूर यात्रा करने की आवश्यकता नहीं होगी।

पात्रता और चयन प्रक्रिया

शैक्षिक योग्यता: न्यूनतम 8वीं पास

आयु सीमा: 23 वर्ष 6 माह से 58 वर्ष तक

चयन प्रक्रिया: मौके पर दस्तावेज़ों की जांच, ड्राइविंग टेस्ट। 

भर्ती मेले का कार्यक्रम

5 फरवरी: जारी बस स्टेशन

6 फरवरी: बद्री प्रसाद कॉलेज, मेजा रोड

7 फरवरी: झुंसी कार्यशाला और लालगंज बस स्टेशन

8 फरवरी: फूलपुर ब्लॉक परिसर के पास

9 फरवरी: सरायअकिल बस स्टेशन और पट्टी बस स्टेशन

10 फरवरी: मंझनपुर डिपो और प्रतापगढ़ डिपो कार्यशाला

11 फरवरी: कुंडा बस स्टेशन, बादशाहपुर डिपो और मड़िहान बस स्टेशन

12 फरवरी: मिर्जापुर डिपो कार्यशाला

उम्मीदवारों के लिए सलाह

इच्छुक अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे ड्राइविंग लाइसेंस, शैक्षिक प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के साथ समय पर निर्धारित भर्ती स्थल पर उपस्थित हों। इस अवसर का लाभ उठाकर 8वीं पास युवा स्थिर सरकारी रोजगार पा सकते हैं।

यूपी में चालक, चपरासी समेत 59 पदों पर भर्ती, 23 तक आवेदन

वाराणसी। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) ने एक बेहतरीन अवसर दिया है। विश्वविद्यालय द्वारा जीप चालक, चपरासी और अन्य विभिन्न पदों पर कुल 59 रिक्तियों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 04/2024-25 के अंतर्गत की जा रही है।

इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 23 फरवरी 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक अभ्यर्थी बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट www.bhu.ac.in पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

पदों का विवरण

इस भर्ती अभियान में जीप चालक, चपरासी के साथ-साथ अन्य तकनीकी और शैक्षणिक पद शामिल हैं। पदों की प्रकृति के अनुसार योग्यता भी अलग-अलग निर्धारित की गई है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए हाई स्कूल, स्नातक, एम.एससी, एमई/एम.टेक, एमवीएससी, एम.फिल और पीएच.डी जैसी योग्यताएं मांगी गई हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे संबंधित पद के लिए निर्धारित योग्यता को ध्यान से जांच लें।

आयु सीमा

सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 18 से 30 वर्ष रखी गई है। वहीं, आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार ₹18,000 से ₹2,18,200 प्रति माह तक वेतन दिया जाएगा, जो विश्वविद्यालय के नियमों के अनुरूप होगा।

आवेदन कैसे करें

सबसे पहले बीएचयू की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। भर्ती अनुभाग में जाकर संबंधित विज्ञापन खोलें। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें। आवेदन शुल्क (यदि लागू हो) का भुगतान करें। आवेदन फॉर्म सबमिट कर उसका प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

बिहार को मिली 4 बड़ी खुशखबरी, बजट में दिखा चुनावी वादों का असर

पटना। बिहार सरकार के ताजा बजट में इस बार आम जनता, महिलाओं और युवाओं को लेकर बड़े ऐलान किए गए हैं। बजट में चुनावी वादों की साफ झलक देखने को मिल रही है। महिला सशक्तिकरण, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया है। कई विभागों के बजट में उल्लेखनीय बढ़ोतरी कर विकास की रफ्तार तेज करने का संकेत दिया गया है।

1 .महिलाओं को मिलेगा दो लाख तक का सहयोग

बजट में महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखा गया है। राज्य के 1.56 करोड़ से अधिक महिलाओं वाले स्वयं सहायता समूहों को पहले ही 10 हजार रुपये की सहायता दी जा चुकी है। अब सरकार ने इनके कारोबार को बढ़ाने के लिए दो लाख रुपये तक की अतिरिक्त आर्थिक मदद देने का ऐलान किया है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

2 .रोजगार और उद्यमिता पर फोकस

अनुसूचित जाति के करीब 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना बनाई गई है। कृषि, डेयरी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में आय बढ़ाने के लिए 50 हजार करोड़ रुपये के निजी निवेश को आकर्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा।

3 .शिक्षा और स्वास्थ्य को नई ताकत

बजट में हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर जोर दिया गया है, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़े। वहीं, जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पतालों में अपग्रेड करने की योजना है ताकि गंभीर बीमारियों का इलाज जिले में ही संभव हो सके। इसके अलावा पूर्णियां, बेतिया, समस्तीपुर, मधेपुरा और सारण के बाद 10 अन्य जिलों में मेडिकल कॉलेज खोलने का प्रस्ताव भी रखा गया है।

4 .बुनियादी ढांचे और आवास पर बड़ा निवेश

राज्य में 5 नए एक्सप्रेस-वे के निर्माण और बिजली ढांचे के विस्तार की घोषणा की गई है। 125 यूनिट मुफ्त बिजली और ऊर्जा क्षेत्र के बजट में बढ़ोतरी से आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। शहरी गरीबों के लिए बड़ी संख्या में बहुमंजिला पक्के मकान बनाए जाएंगे। सरकार ने सस्ते आवास को प्राथमिकता देते हुए कहा है कि इससे निम्न और मध्यम वर्ग को बड़ा सहारा मिलेगा।

6 फरवरी को लक्ष्मी-नारायण राजयोग, 5 राशियों पर धन वर्षा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 6 फरवरी को एक विशेष और अत्यंत शुभ योग बन रहा है, जिसे लक्ष्मी-नारायण राजयोग कहा जाता है। यह राजयोग तब बनता है जब धन, वैभव और सुख के कारक ग्रह एक-दूसरे के साथ अनुकूल स्थिति में आते हैं। इस योग का प्रभाव खास तौर पर आर्थिक स्थिति, करियर और पारिवारिक सुख पर पड़ता है।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस बार बनने वाला लक्ष्मी-नारायण राजयोग पांच राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी सिद्ध हो सकता है। इन राशियों के जातकों को धन लाभ, रुके हुए कामों में सफलता और आय के नए अवसर मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह राजयोग आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना है, वहीं व्यापारियों को लाभकारी सौदे मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति रहेगी और अचानक धन प्राप्ति के संकेत भी मिल रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय मान-सम्मान और आर्थिक उन्नति का है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और सरकारी या प्रशासनिक क्षेत्रों से लाभ संभव है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी-नारायण राजयोग आय के नए स्रोत खोल सकता है। व्यापार में विस्तार और साझेदारी से लाभ मिलने के संकेत हैं।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह योग सौभाग्य में वृद्धि करेगा। करियर में सकारात्मक बदलाव, साथ ही जमीन-जायदाद या वाहन से जुड़ा लाभ संभव है।

बिहार ASI ऑपरेटर भर्ती शुरू, आज से आवेदन करें

पटना। पुलिस विभाग में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस सब-ऑर्डिनेट सर्विसेज कमीशन (BPSSC) ने सहायक अवर निरीक्षक (ASI) ऑपरेटर पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया आज, 4 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 4 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन केवल BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ऑफलाइन या अन्य किसी माध्यम से भेजे गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।

कुल 462 पदों पर होगी नियुक्ति

इस भर्ती अभियान के तहत ASI ऑपरेटर के कुल 462 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें सामान्य वर्ग के लिए 185, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 46, अत्यंत पिछड़ा वर्ग के लिए 83, पिछड़ा वर्ग के लिए 55, पिछड़ा वर्ग महिला के लिए 14, अनुसूचित जाति के लिए 74 और अनुसूचित जनजाति के लिए 5 पद आरक्षित हैं। चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल-5 के अनुसार दिया जाएगा।

योग्यता और आयु सीमा

किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से भौतिक विज्ञान विषय के साथ बीएससी उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं, जबकि अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 45 प्रतिशत रखी गई है।

आवेदक की न्यूनतम आयु 21 वर्ष होनी चाहिए। पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष और महिला उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना 1 अगस्त 2025 के आधार पर की जाएगी।

शुल्क और प्रक्रिया

सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क का भुगतान केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है।

बाजार में भूचाल! सोना-चांदी की कीमतों में तूफानी तेजी

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में पिछले कुछ दिनों से जारी गिरावट पर आखिरकार ब्रेक लग गया है। कमोडिटी बाजार में मंगलवार को जबरदस्त रिकवरी देखने को मिली, जिससे निवेशकों और सर्राफा बाजार दोनों में हलचल तेज हो गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी में करीब 13 प्रतिशत और सोने में 5 प्रतिशत से अधिक की तेज उछाल दर्ज की गई।

तेजी के पीछे क्या है वजह

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने-चांदी में यह उछाल सेफ-हेवन डिमांड बढ़ने और निचले स्तर पर खरीदारी के चलते आया है। हालिया गिरावट के दौरान कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की थी, लेकिन अब कीमतें संभलने से बाजार में दोबारा भरोसा लौटता दिख रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

शहरों में क्या हैं ताजा भाव

देश के प्रमुख शहरों में सोने की कीमतों में मजबूती देखी जा रही है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के भाव ऊंचे स्तर पर बने हुए हैं। 

दिल्ली के सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोने का भाव ₹15,409 प्रति ग्राम यानी ₹1,54,090 प्रति 10 ग्राम चल रहा है। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,126 प्रति ग्राम यानी ₹1,41,260 प्रति 10 ग्राम है।

मुंबई में आज 24 कैरेट सोने का ताजा भाव ₹15,394 प्रति ग्राम दर्ज किया गया है। 22 कैरेट सोने की बात करें, तो यहाँ आज का रेट ₹14,111 प्रति ग्राम है। 

कोलकाता में भी आज 24 कैरेट सोने की कीमत ₹15,394 प्रति ग्राम है, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹14,111 प्रति ग्राम है। 

चेन्नई में आज  24 कैरेट सोने का भाव ₹15,568 प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया है। वहीं, चेन्नई में 22 कैरेट सोने का आज का ताजा रेट ₹14,271 प्रति ग्राम है।

गणित: विज्ञान की रीढ़, बिना इसके अधूरी हर खोज

नई दिल्ली। गणित को अक्सर Mother of All Sciences कहा जाता है, क्योंकि यही वह विषय है जो हर वैज्ञानिक खोज की बुनियाद बनता है। विज्ञान की कोई भी शाखा गणित के बिना पूर्ण नहीं मानी जा सकती। इसे निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है।

1 .विज्ञान की भाषा है गणित

गणित वह भाषा है, जिसमें विज्ञान अपने नियम और सिद्धांत व्यक्त करता है। किसी भी वैज्ञानिक खोज को प्रमाणित करने के लिए गणितीय गणनाएं अनिवार्य होती हैं।

2 .भौतिकी की नींव गणित पर टिकी

गति, बल, ऊर्जा, गुरुत्वाकर्षण, स्पेस टाइम जैसे भौतिकी के सभी नियम गणितीय सूत्रों पर आधारित हैं। न्यूटन से लेकर आइंस्टीन तक हर महान वैज्ञानिक ने गणित को आधार बनाया।

3 .रसायन विज्ञान में सटीकता का आधार

केमिस्ट्री में रासायनिक समीकरण, परमाणु संरचना और अभिक्रियाओं की गणना गणित के बिना संभव नहीं है। सही अनुपात और मापन ही सफल प्रयोग की कुंजी हैं।

4 .जीव विज्ञान में भी गणित की अहम भूमिका

आधुनिक बायोलॉजी में डीएनए विश्लेषण, जनसंख्या अध्ययन और मेडिकल रिसर्च में गणितीय मॉडल का व्यापक उपयोग हो रहा है। बिना गणित के मेडिकल रिसर्च पूर्ण नहीं हो सकता।

5 .आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी का आधार

आज के दौर में AI, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस पूरी तरह गणितीय एल्गोरिदम पर निर्भर हैं। बिना गणित के आधुनिक तकनीक की कल्पना भी नहीं की जा सकती।

6 .वैज्ञानिक सोच और तर्कशक्ति का विकास सिर्फ गणित से

गणित न केवल गणना सिखाता है, बल्कि तर्क, विश्लेषण और समस्या समाधान की क्षमता भी विकसित करता है, जो हर वैज्ञानिक के लिए जरूरी गुण हैं।

ट्रेड वॉर में भारत की जीत, अमेरिका-ईयू दोनों से डील, चीन हैरान!

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार के बदलते समीकरणों के बीच भारत ने बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की है। एक ओर जहां भारत ने यूरोपीय यूनियन के साथ व्यापक मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) किया, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ भी अहम ट्रेड डील को अंतिम रूप दे दिया गया। इन दोनों घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार राजनीति में भारत अब सिर्फ भागीदार नहीं, बल्कि निर्णायक भूमिका में उभर रहा है।

ईयू डील बनी अमेरिका के लिए चेतावनी

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील अचानक नहीं हुई। इसके पीछे भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हाल ही में हुई बड़ी व्यापारिक सहमति को अहम वजह माना जा रहा है। दरअसल, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता लंबे समय से चल रही थी, लेकिन ईयू के साथ भारत की डील ने अमेरिका को तेजी दिखाने पर मजबूर कर दिया। अमेरिका यह जोखिम नहीं उठाना चाहता था कि भारत यूरोपीय बाजार के और करीब चला जाए और अमेरिकी कंपनियां पीछे रह जाएं।

रूस को लेकर भारत की संतुलित नीति

जानकार बताते हैं की अमेरिका से डील के बावजूद रूस को लेकर भारत की स्थिति अब भी संतुलन साधने वाली है। भले ही भारत ने अपने तेल आयात में विविधता लाते हुए रूस पर निर्भरता घटाई हो, लेकिन रणनीतिक स्तर पर भारत रूस से रिश्ते पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहता। यह भारत की स्वतंत्र विदेश नीति को दर्शाता है।

दक्षिण एशिया में भारत को मिलेगा लाभ

वैश्विक व्यापार विशेषज्ञ वेंडी कटलर का मानना है कि इस ट्रेड डील के बाद दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ भारत को जो शर्तें मिली हैं, वे यूरोपीय यूनियन की तुलना में भी अधिक अनुकूल नजर आती हैं। इससे निवेश और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत को प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।

भारत पहले ही ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन जैसे देशों के साथ व्यापार समझौते कर चुका है और कई अन्य देशों के साथ बातचीत अंतिम चरण में है। ये समझौते अधिकांश वस्तुओं पर टैरिफ को कम या समाप्त करते हैं और भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनाते हैं।

बिहार से भी दौड़ेगी बुलेट ट्रेन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के लिए एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात की तैयारी चल रही है। प्रस्तावित वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के जरिए अब बिहार भी हाई-स्पीड रेल नेटवर्क का हिस्सा बनने जा रहा है। इस परियोजना के तहत राज्य में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार होगा और यात्रा की दुनिया में एक नया अध्याय जुड़ेगा।

पटना में बनेगा 65 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर

इस बुलेट ट्रेन परियोजना का एक अहम हिस्सा पटना जिला होगा, जहां लगभग 65 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ट्रैक प्रस्तावित है। अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक निर्माण के लिए 60 से अधिक गांवों को चिन्हित किया गया है, जहां आवश्यकता के अनुसार भूमि अधिग्रहण किया जाएगा। शहरी क्षेत्र में जमीन की कमी और ट्रैफिक दबाव को देखते हुए ट्रैक को जमीन से ऊपर बनाने की योजना है, ताकि शहर की मौजूदा संरचना पर कम असर पड़े।

फुलवारीशरीफ के पास होगा पटना का मुख्य स्टेशन

पटना में बुलेट ट्रेन का प्रमुख स्टेशन फुलवारीशरीफ में एम्स के नजदीक प्रस्तावित है। इसके अलावा एम्स, फुलवारीशरीफ और पाटलिपुत्र स्टेशन क्षेत्र में एलिवेटेड ट्रैक को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है। इससे राजधानी के प्रमुख इलाकों को तेज और आधुनिक रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी।

विकास के साथ पर्यावरण का भी ख्याल

इस मेगा प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। पटना जिले में ट्रैक निर्माण के दौरान लगभग 3,885 पेड़ प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन इन्हें काटने के बजाय दूसरी जगह ट्रांसप्लांट करने की योजना बनाई जा रही है। इसके लिए वन विभाग से आवश्यक अनुमति लेने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी।

138 हेक्टेयर जमीन की होगी जरूरत

पूरे पटना जिले में इस परियोजना के लिए करीब 138 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। इसके साथ ही बक्सर, भोजपुर, मोकामा, क्यूल, जमालपुर और सुल्तानगंज जैसे इलाकों में भी ट्रैक के लिए गांवों का चिन्हांकन किया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि यह परियोजना बिहार के बड़े भूभाग को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ेगी।

बिहार में कहां रुकेगी बुलेट ट्रेन?

केंद्र सरकार पहले ही वाराणसी–सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन परियोजना की घोषणा कर चुकी है। इस रूट पर बिहार में पटना और कटिहार को प्रमुख स्टॉपेज के रूप में प्रस्तावित किया गया है। लगभग 350 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन वाराणसी से सिलीगुड़ी की दूरी को सिर्फ 2 घंटे 55 मिनट में पूरा कर सकेगी।

आर्थिक और औद्योगिक रफ्तार

दायह हाई-स्पीड कॉरिडोर केवल समय की बचत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उत्तर बिहार और सीमांचल क्षेत्रों को देश के बड़े आर्थिक केंद्रों से जोड़ देगा। इससे व्यापार, पर्यटन, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

बिहार में 213 नए डिग्री कॉलेज खुलेंगे, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा के ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा संकेत दिया है। विधानसभा में उठे सवालों के जवाब में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में 213 स्थानों पर चरणबद्ध तरीके से नए डिग्री कॉलेज खोले जाएंगे। इस घोषणा से उन प्रखंडों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जहां अब तक सरकारी डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

विधानसभा में गूंजा डिग्री कॉलेज का मुद्दा

मंगलवार को विधानसभा की कार्यवाही के दौरान कई विधायकों ने अपने-अपने क्षेत्रों में डिग्री कॉलेज नहीं होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया। केसरिया की विधायक शालिनी मिश्रा ने सरकार की घोषित नीति का हवाला देते हुए कहा कि प्रत्येक प्रखंड में डिग्री कॉलेज स्थापित किया जाना प्रस्तावित है, लेकिन पूर्वी चंपारण के केसरिया और संग्रामपुर प्रखंड अब भी इस सुविधा से वंचित हैं।

इसी तरह कल्याणपुर के विधायक सचीन्द्र प्रसाद सिंह ने भी शिक्षा मंत्री का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर और कोटवा प्रखंड में एक भी सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है, जिससे छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर जाना पड़ता है।

अन्य जिलों की भी उठी मांग

रोहतास जिले के दिनारा विधानसभा क्षेत्र का मुद्दा भी सदन में उठा। विधायक आलोक कुमार सिंह ने बताया कि उनके क्षेत्र में फिलहाल कोई सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है, जिससे ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है।

वहीं भागलपुर जिले के नाथनगर विधायक मिथुन कुमार ने जगदीशपुर प्रखंड में डिग्री कॉलेज की कमी की ओर सरकार का ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा संस्थान के अभाव में स्थानीय छात्रों को या तो पढ़ाई छोड़नी पड़ती है या फिर दूसरे जिलों का रुख करना पड़ता है।

सरकार का जवाब: चरणबद्ध तरीके से होगा विस्तार

शिक्षा मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस समस्या को गंभीरता से ले रही है। उन्होंने कहा कि 213 जगहों पर नए डिग्री कॉलेज खोलने की योजना पर काम चल रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। प्राथमिकता उन प्रखंडों को दी जाएगी, जहां अब तक कोई सरकारी डिग्री कॉलेज नहीं है।

यदि यह योजना जमीन पर उतरती है, तो इससे ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्रों को अपने ही प्रखंड में स्नातक स्तर की पढ़ाई का अवसर मिलेगा। इससे न सिर्फ नामांकन दर बढ़ेगी, बल्कि उच्च शिक्षा के लिए होने वाले पलायन में भी कमी आएगी।

दिमागी ताकत बढ़ाने वाले 5 फल, जो हर रोज खाने चाहिए

हेल्थ डेस्क। आज की तेज़-तर्रार और तनावपूर्ण जीवनशैली में दिमाग की सेहत बनाए रखना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही आहार न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अहम है। यदि आप अपने फोकस, याददाश्त और दिमागी ऊर्जा बढ़ाना चाहते हैं, तो इन पांच फलों को अपनी रोज़मर्रा की डाइट में शामिल करना लाभकारी साबित हो सकता है।

ब्लूबेरी:

ब्लूबेरी में भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो मस्तिष्क की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं। यह स्मृति सुधारने और मानसिक स्पष्टता बढ़ाने में मदद करता है।

संतरा:

संतरे में विटामिन सी और फ्लेवोनॉइड्स होते हैं, जो दिमाग के रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं। यह फोकस बनाए रखने और मानसिक थकान कम करने में सहायक है।

केला:

केले में पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स होते हैं, जो न्यूरॉन्स के बीच सिग्नलिंग को तेज़ करते हैं। यह मूड सुधारने और एनर्जी बढ़ाने में भी मदद करता है।

अनार:

अनार के फल में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो मस्तिष्क की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं। यह याददाश्त और मानसिक सतर्कता में सुधार लाता है।

एवोकाडो:

एवोकाडो में हेल्दी फैट्स और विटामिन ई होते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। यह एकाग्रता और सीखने की क्षमता बढ़ाने में भी फायदेमंद है।