HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

केंद्र सरकार की किसानों को बड़ी सौगात, एक साथ मिलेंगी 5 बड़ी खुशखबरियां!

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए डिजिटल कृषि मिशन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय से करीब पांच महीने पहले हासिल कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाना और कृषि से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाना है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, एग्रीस्टैक व्यवस्था के तहत तैयार की जा रही फार्मर आईडी किसानों की पहचान, जमीन के रिकॉर्ड और फसलों से संबंधित जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे योजनाओं का लाभ पहुंचाने में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

क्या है फार्मर आईडी?

फार्मर आईडी किसानों की विशिष्ट डिजिटल पहचान है, जिसमें 14 अंकों का नंबर दिया जाता है। इसके माध्यम से किसान और उनकी कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी को एक साथ व्यवस्थित किया जाता है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत 31 मार्च 2027 तक 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य था, जिसे 23 अक्टूबर 2026 तक ही पूरा कर लिया गया।

किसानों को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

1. सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में आसानी: फार्मर आईडी से पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य कृषि योजनाओं के लिए किसान की पहचान तथा पात्रता का सत्यापन आसान हो सकता है। इससे गलत पंजीकरण रोकने और लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

2. कृषि लोन और किसान क्रेडिट कार्ड में सुविधा: जमीन और किसान से जुड़े सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर बैंकिंग प्रक्रिया सरल हो सकती है। इससे कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए दस्तावेजों की परेशानी कम होने की उम्मीद है।

3. फसल बीमा और मुआवजे में मदद: फसल तथा भूमि से संबंधित डिजिटल जानकारी होने से नुकसान के आकलन और बीमा दावों के निपटारे में सहायता मिल सकती है। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत पहुंचाने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है।

4. MSP पर फसल बेचने में सहूलियत: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद के दौरान किसान की पहचान और रिकॉर्ड का सत्यापन आसान हो सकता है। इससे पंजीकरण संबंधी परेशानियां कम करने और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

5. खाद और बीज वितरण में पारदर्शिता: डिजिटल रिकॉर्ड के इस्तेमाल से कृषि सामग्री के वितरण और योजनाओं की निगरानी बेहतर की जा सकती है। इससे जरूरतमंद किसानों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना है।

किसानों के लिए क्यों अहम है यह पहल?

फार्मर आईडी का मुख्य उद्देश्य खेती से जुड़ी सरकारी सेवाओं को एकीकृत करना और किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत देना है। हालांकि, आईडी बनने मात्र से हर योजना का लाभ अपने आप मिलना सुनिश्चित नहीं होता। किसानों को संबंधित योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

यूपी में बनेंगे 3 नए एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

प्रस्तावित तीनों एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 565 किलोमीटर होगी। इनके लिए लगभग 8,200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है, जिस पर 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) विकसित कर रहा है।

कौन-कौन से जिले होंगे लाभान्वित?

विंध्य एक्सप्रेसवे: करीब 320 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इसके लिए 109 गांवों में लगभग 4,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे: लगभग 145 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच आवागमन को सुविधा मिलेगी। इसके लिए अमरोहा और बिजनौर के 184 गांवों के अलावा हरिद्वार जिले में भी जमीन की जरूरत होगी। परियोजना के लिए करीब 2,020 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का अनुमान है।

विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: करीब 100 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के सड़क संपर्क को और मजबूत करना तथा दूसरे प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है।

जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे हजारों करोड़

तीनों एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में जमीन अधिग्रहण अहम चरण होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि जुटाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लागत और निर्माण की समयसीमा परियोजनाओं की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

यूपी सरकार ने शुरू की नई योजना, महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत कारोबार शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। इसके अंतर्गत पात्र स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल सकता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपनी कमाई का जरिया तैयार करने और गांवों में छोटे कारोबार को बढ़ावा देने में मदद करना है।

इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, अचार बनाने, छोटी दुकान खोलने या डेयरी जैसे कामों के लिए कर सकती हैं। इससे उन महिलाओं को भी अपना काम बढ़ाने का अवसर मिल सकता है, जो पूंजी की कमी के कारण कारोबार शुरू नहीं कर पा रही हैं।

तीन किस्तों में मिल सकती है रकम

योजना के उपलब्ध विवरण के अनुसार, 1 लाख रुपये तक की सहायता तीन किस्तों में देने का प्रावधान है। पहली किस्त में 20,000 रुपये, दूसरी में 30,000 रुपये और तीसरी किस्त में 50,000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह कुल राशि एक लाख रुपये होगी। ऋण के इस्तेमाल और भुगतान के लिए अधिकतम तीन साल की अवधि का भी उल्लेख है। हालांकि, किस्तों और भुगतान से जुड़ी शर्तों की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है।

किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं पर केंद्रित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लाभ पाने के लिए महिला का राज्य की निवासी होने के साथ किसी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होना जरूरी है। समूह का राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ा होना भी आवश्यक बताया गया है। ऋण का इस्तेमाल नया कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे छोटे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।

कारोबार शुरू करने में मिलेगी मदद

इस योजना के जरिए महिलाएं अपनी जरूरत के मुताबिक मशीनें, कच्चा माल या कारोबार से जुड़ा जरूरी सामान खरीद सकती हैं। उदाहरण के लिए, सिलाई का काम करने वाली महिला नई मशीन खरीदकर काम बढ़ा सकती है, जबकि डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महिला अपने कारोबार की जरूरतों पर पैसा लगा सकती है।

हालांकि, आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और ऋण की शर्तों की आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें। पात्र महिलाओं के लिए यह पहल स्वरोजगार की दिशा में एक अवसर बन सकती है।

रेल कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

वाराणसी: रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले कर्मचारियों को अब इंजरी ऑन ड्यूटी (IOD) फॉर्म प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बनारस रेल मंडल के डीआरएम आशीष जैन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निगरानी अधिकारी घायल कर्मचारी को आईओडी फॉर्म उपलब्ध कराने में देरी नहीं कर सकेंगे।

दरअसल, रेलवे कर्मचारियों की इस समस्या को एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की बैठक में उठाया था। यूनियन की ओर से मामला सामने रखे जाने के बाद रेल मंडल प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए।

हादसे के बाद छुट्टी को लेकर नहीं होगी परेशानी

रेलवे के नियमों के मुताबिक, ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकलने और ड्यूटी पूरी कर वापस घर पहुंचने के बीच होने वाले हादसे को निर्धारित शर्तों के तहत ड्यूटी से जुड़ी दुर्घटना माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में पात्र कर्मचारी को मिलने वाला अवकाश उसके अर्जित अवकाश यानी अर्न्ड लीव से नहीं काटा जाता। इस व्यवस्था का उद्देश्य हादसे में घायल कर्मचारियों को इलाज और स्वास्थ्य लाभ के दौरान राहत देना है। आईओडी फॉर्म में कर्मचारी को दुर्घटना से जुड़ी सही जानकारी भरकर संबंधित अधिकारी को सौंपनी होगी।

दो गवाहों की शर्त भी खत्म

पहले इस सुविधा का लाभ लेने के लिए दो गवाहों की आवश्यकता होती थी। जारी आदेश के मुताबिक, अब यह शर्त भी समाप्त कर दी गई है। इससे प्रभावित कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, रेल प्रशासन ने कर्मचारियों को आगाह किया है कि आईओडी फॉर्म में गलत या भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए दुर्घटना से जुड़ी जानकारी सही और तथ्यों के आधार पर देना जरूरी होगा।

यूनियन ने उठाया था मामला

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री अखिलेश पांडेय के अनुसार, यूनियन ने बैठक में कर्मचारियों की परेशानी को उठाया था, जिसके बाद डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। नए आदेश से घायल रेलकर्मियों को जरूरी फॉर्म समय पर मिलने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में एक साथ 4 नई भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से अलग-अलग पदों पर चार भर्ती अभियानों के तहत कुल 3,428 रिक्तियों की जानकारी दी गई है। 

इन भर्तियों में जूनियर इंजीनियर, टेक्निकल असिस्टेंट, रिसर्च असिस्टेंट, असिस्टेंट कोच, स्टोरकीपर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर समेत कई पद शामिल हैं। आवेदन की तारीखें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं, ऐसे में उम्मीदवारों को अपने पसंदीदा पद के अनुसार समय रहते आवेदन करना होगा।

1 .जूनियर इंजीनियर समेत 380 पदों पर भर्ती

आयोग की एक भर्ती में कुल 380 पद शामिल हैं। इनमें जूनियर इंजीनियर, इलेक्ट्रीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, रिसर्च असिस्टेंट और अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 6 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 27 नवंबर 2026 तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। तकनीकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है।

2 .1,156 पदों पर आवेदन का अवसर

एक अन्य भर्ती अभियान के तहत 1,156 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इसमें जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट स्टोरकीपर, टेक्निकल असिस्टेंट, इंस्ट्रक्टर मशीनिस्ट और अन्य पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 से 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले संबंधित पद की योग्यता और जरूरी शर्तों की जानकारी देखनी चाहिए।

3 .खेल विभाग में 108 पदों पर भर्ती

खेल के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी नौकरी का अवसर है। इस भर्ती के तहत ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच (स्विमिंग), असिस्टेंट कोच (क्रिकेट) समेत विभिन्न पदों पर कुल 108 रिक्तियां हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तारीख 4 नवंबर 2026 है। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर फॉर्म भरना होगा।

4 .स्टोरकीपर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर के 1,784 पद

आयोग की एक अन्य भर्ती में कुल 1,784 पदों पर आवेदन का अवसर दिया गया है। इसमें स्टोरकीपर कम क्लर्क, फार्म क्लर्क, स्टेनोग्राफर और अन्य पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 1 दिसंबर 2026 तक चलेंगे। इन पदों के माध्यम से उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों में नौकरी पाने का मौका मिल सकता है।

कहां करना होगा आवेदन?

इन सभी भर्ती अभियानों के लिए आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़कर शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और आवेदन संबंधी शर्तों की जानकारी हासिल करनी चाहिए। फॉर्म भरते समय सभी विवरण सही दर्ज करना और अंतिम तारीख से पहले आवेदन पूरा करना जरूरी है।

पुरुषों की सेहत के लिए वरदान है केला, जानें खाने के 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। केला एक ऐसा फल है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी देता है। पुरुषों के लिए इसे रोजाना की डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं पुरुषों के लिए केला खाने के 7 बड़े फायदे।

1. शरीर को मिलती है ऊर्जा

केले में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। कामकाज में व्यस्त रहने वाले पुरुष या नियमित व्यायाम करने वाले लोग इसे नाश्ते अथवा वर्कआउट से पहले खा सकते हैं।

2. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

केले में मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में मदद करता है। व्यायाम के बाद केला खाने से शरीर को ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, मांसपेशियां मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी हैं।

3. दिल की सेहत के लिए बेस्ट

केले में पाया जाने वाला पोटैशियम रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में भूमिका निभाता है। संतुलित आहार के साथ केला खाना हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

4. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

केले में फाइबर होता है, जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने और कब्ज से बचाव में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी पीने और फाइबर से भरपूर भोजन लेने के साथ इसका सेवन आंतों की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।

5. शरीर को जरूरी विटामिन देता है

केले में विटामिन बी6 पाया जाता है, जो शरीर में प्रोटीन के उपयोग, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। यह विटामिन शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

6. वजन नियंत्रित रखने में मददगार

अगर पुरुष अपना वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो केला संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट भरा होने का एहसास देने में मदद करता है। हालांकि, वजन घटाने या बढ़ाने का असर पूरे दिन के खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करता है।

7. सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य के लिए पोषण

केले में मौजूद विटामिन बी6 और अन्य पोषक तत्व शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में योगदान देते हैं। इससे प्रजनन स्वास्थ्य बेहतर होता हैं। हालांकि, बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम जरूरी हैं।

बिहार के किसानों को मिलेंगी 5 बड़ी सुविधाएं, आधुनिक बनेंगी 54 बाजार समितियां

पटना। बिहार के किसानों के लिए कृषि उपज की बिक्री आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश की 54 बाजार समितियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 2,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने, सुरक्षित रखने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।

किसानों को मिलेंगी ये 5 बड़ी सुविधाएं

1. आधुनिक मंडियां: बाजार समितियों में बहुमंजिला मार्केट बनाए जाएंगे। यहां फल, सब्जी और अनाज के साथ दूध, मछली तथा फूलों की बिक्री के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इससे किसानों और खरीदारों को एक ही जगह कई विकल्प मिल सकेंगे।

2. गोदाम और कोल्ड स्टोरेज: उपज को खराब होने से बचाने के लिए भंडारण की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और तुरंत बिक्री करने की मजबूरी कुछ हद तक कम हो सकती है।

3. कैंटीन और गेस्ट हाउस: किसानों और व्यापारियों की सहूलियत के लिए कैंटीन तथा 40 बेड का गेस्ट हाउस बनाने की योजना है। महिलाओं के लिए विश्राम गृह और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

4. ऑनलाइन बिक्री का विकल्प: बाजार समितियों को ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे किसानों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपज बेचने और दूसरे बाजारों के खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

5. बेहतर बुनियादी ढांचा: मंडियों में सड़क, बिजली, पानी, नाले और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

कई जगहों पर काम पूरा होने की जानकारी

कृषि विभाग के मुताबिक, गया की चंदौती और वैशाली बाजार समिति में काम पूरा हो चुका है, जबकि पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सरकार की इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उन्हें बेहतर कीमत और बढ़ी हुई आमदनी का कितना लाभ मिलेगा, यह सुविधाओं के प्रभावी संचालन और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, देशभर के किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2026 को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये भेजा जायेगा। हालांकि, किस्त जारी होने के बावजूद कुछ किसानों के खाते में पैसा अटक सकता है। इसकी प्रमुख वजह ई-केवाईसी अधूरी होना या लाभार्थी के विवरण में गड़बड़ी हो सकती है।

किन किसानों की रुक सकती है किस्त?

जिन किसानों ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, जिनके बैंक खाते या आधार से जुड़ी जानकारी में त्रुटि है या जिनका लाभार्थी रिकॉर्ड अधूरा है, उन्हें भुगतान में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते अपना स्टेटस जांच लेना चाहिए।

ऐसे चेक करें पीएम किसान का स्टेटस

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। वहां ‘Know Your Status’ विकल्प चुनें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई जानकारी दर्ज करके ओटीपी के जरिए स्टेटस देखें। इससे भुगतान और ई-केवाईसी से जुड़ी स्थिति की जानकारी मिल सकती है।

घर बैठे ऐसे पूरी करें ई-केवाईसी

किसान पीएम-किसान पोर्टल पर आधार और उससे जुड़े सक्रिय मोबाइल नंबर की मदद से ओटीपी आधारित ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक के जरिए या पीएम-किसान मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से भी ई-केवाईसी पूरी करने का विकल्प उपलब्ध है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: किस्त का लाभ लेने से पहले आधार, बैंक खाते और लाभार्थी विवरण की जांच कर लें। भुगतान की अंतिम स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें।

25 अक्टूबर को बनेगा हर्षण योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और योगों के बदलाव को विशेष महत्व दिया जाता है। 25 अक्टूबर 2026 को बनने वाला हर्षण योग कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ लोगों को करियर में आगे बढ़ने, आर्थिक स्थिति सुधारने और रुके हुए काम पूरे करने के अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं किन पांच राशियों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की उम्मीद है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लेना फायदेमंद रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक रह सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहने और मित्रों से सहयोग मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके किसी काम में प्रगति हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिलने या किसी योजना में सफलता के अवसर बन सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि की संभावना है। रिश्तों में बातचीत और तालमेल बनाए रखना लाभकारी होगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में समय अनुकूल माना जा रहा है। कारोबार में नए संपर्क बन सकते हैं और आमदनी बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें और सभी पहलुओं की जांच करें।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को कामकाज में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। व्यापार के विस्तार की योजना बना रहे लोगों को नई संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रह सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने के लिए भी अच्छा अवसर मिल सकता है।

यूपी में बनेगा नया बाईपास सड़क, इन इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए नए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक बनने वाले इस मार्ग से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रमुख सड़कों तक पहुंचने में आसानी होने की उम्मीद है। इससे आवागमन सुगम बनाने और क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

8.2 किलोमीटर लंबा होगा बाईपास

प्रस्तावित बाईपास की लंबाई 8.2 किलोमीटर और चौड़ाई सात मीटर निर्धारित की गई है। निर्माण पर करीब 145.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना से संबंधित कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है। सामने आई आपत्तियों का निस्तारण कर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

इन गांवों को मिलेगा फायदा

इस बाईपास से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, टिपरस, बौजिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी और दादनपुर समेत कई गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख मार्गों तक पहुंच होगी आसान

प्रस्तावित मार्ग के जरिए एनएच-530बी, एनएच-509 और आसपास की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों से संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित है। निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी स्थिति संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई और जरूरी स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

रोज सुबह भीगी मेथी खाने से शरीर को मिलेंगे 5 बड़े फायदे, जानें सही तरीका

हेल्थ डेस्क। मेथी के दानों का इस्तेमाल भारतीय रसोई में मसाले के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है। इनमें फाइबर और कई उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। इसे संतुलित खानपान के साथ शामिल करने से पाचन और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके फायदे हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं।

1. पाचन को बेहतर बनाने में मदद

मेथी के दानों में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सहारा देता है। पर्याप्त पानी और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन कुछ लोगों में कब्ज की समस्या कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अधिक मात्रा में खाने से पेट फूलने या गैस की परेशानी भी हो सकती है।

2. ब्लड शुगर के नियंत्रण में सहायक

कुछ अध्ययनों में मेथी के सेवन से ब्लड शुगर के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव के संकेत मिले हैं। इसमें मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। लेकिन मेथी डायबिटीज की दवाओं का विकल्प नहीं है। यदि आप शुगर की दवा लेते हैं, तो नियमित रूप से मेथी खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

3. कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद

मेथी में मौजूद घुलनशील फाइबर रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, केवल मेथी खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने की गारंटी नहीं है। इसके लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार भी जरूरी है।

4. पेट भरा रहने का एहसास

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है। ऐसे में मेथी के दाने संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर बार-बार भूख लगने को कम करने में मदद कर सकते हैं। वजन कम करने के लिए केवल मेथी पर निर्भर रहने के बजाय खानपान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।

5. पोषक तत्वों की पूर्ति में योगदान

मेथी के दानों में फाइबर के अलावा कुछ खनिज और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में भोजन में शामिल करने से आहार की विविधता बढ़ती है। फिर भी, शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए अलग-अलग अनाज, दालें, फल और सब्जियां खाना जरूरी है।

भीगी मेथी खाने का सही तरीका

मेथी के दानों को साफ पानी से धोकर रातभर पानी में भिगो दें। सुबह थोड़ी मात्रा में दानों को चबाकर खा सकते हैं। शुरुआत कम मात्रा से करें और देखें कि शरीर पर इसका क्या असर होता है। खाली पेट खाना जरूरी नहीं है; इसे अपनी सुविधा के अनुसार भोजन के साथ भी लिया जा सकता है।

खुशखबरी की डबल सौगात! बिहार में 2 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दो अलग-अलग विभागों में भर्ती का अवसर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी है। वहीं, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन से पहले दोनों भर्तियों की पात्रता और अंतिम तारीख जरूर जांचनी चाहिए।

1 .BPSC शिक्षक भर्ती में 32 हजार से अधिक पद

BPSC की TRE-4.0 भर्ती विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तें संबंधित पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

इस भर्ती में आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://bpsc.bihar.gov.in/ पर जाकर नोटिफिकेशन और आवेदन से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

2 ,BTSC में फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद

दूसरी भर्ती बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों के लिए है। उपलब्ध विवरण में 105 पद बताए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होने और 24 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

इस पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष बताई गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिल सकती है। शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक विज्ञापन से करना आवश्यक है। आवेदन के लिए BTSC की वेबसाइट https://btsc.bihar.gov.in/ पर जाएं।

आवेदन से पहले जरूर करें जांच

दोनों भर्तियों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन, पात्रता, आवेदन शुल्क और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पढ़ लें। फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर है, जबकि शिक्षक भर्ती के लिए बताई गई अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 है। आवेदन की मौजूदा स्थिति और किसी संभावित तारीख विस्तार की पुष्टि वेबसाइट से जरूर करें।

पेंशन पर सरकार का बड़ा अपडेट! जानिए पेंशन पर क्या होगा असर

नई दिल्ली। कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से जुड़े कर्मचारियों के लिए वेतन सीमा और सरकारी अंशदान को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, पीएफ की वेज सीलिंग 15,000 रुपये से बढ़ाकर 25,000 रुपये किए जाने के बावजूद केंद्र सरकार का पेंशन अंशदान पुरानी सीमा के आधार पर ही तय होगा। इसका मतलब है कि सरकार की ओर से मिलने वाला अधिकतम मासिक योगदान 174 रुपये ही रहेगा।

₹290 के बजाय ₹174 ही क्यों?

सरकार EPS में पात्र सदस्यों के वेतन का 1.16 प्रतिशत योगदान देती है। यह गणना 15,000 रुपये की अधिकतम वेतन सीमा पर होने से राशि 174 रुपये बनती है। यदि यही दर 25,000 रुपये पर लागू होती, तो सरकारी योगदान बढ़कर 290 रुपये प्रतिमाह हो सकता था। लेकिन दिए गए विवरण के अनुसार, नई वेज सीलिंग के बावजूद योगदान की गणना पुरानी सीमा से ही होगी।

क्या पेंशन की रकम पर पड़ेगा असर?

इस स्पष्टीकरण का मतलब यह नहीं है कि सभी कर्मचारियों या पेंशनधारकों की पेंशन बढ़ेगी या घटेगी। EPS के तहत पेंशन की गणना पेंशन योग्य वेतन, सेवा अवधि और लागू नियमों के आधार पर होती है। इसलिए केवल सरकारी अंशदान की सीमा तय होने से किसी व्यक्ति की पेंशन में सीधे बदलाव नहीं माना जा सकता। 

आगे क्या हो सकता है?

पेंशन फंड की वित्तीय स्थिति और भविष्य में भुगतान की क्षमता को लेकर आगे नीतिगत फैसले महत्वपूर्ण हो सकते हैं। फिलहाल कर्मचारियों को वेज सीलिंग बढ़ने और सरकार के EPS अंशदान की सीमा को अलग-अलग समझना चाहिए। नई व्यवस्था से जुड़ी व्यक्तिगत स्थिति जानने के लिए EPFO के आधिकारिक निर्देश देखना बेहतर रहेगा।

देशभर में मौसम का यू-टर्न! कहीं आंधी-बारिश तो कहीं तेज हवाओं का अलर्ट

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान मौसम बदलने की संभावना है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा कम दबाव का क्षेत्र और मजबूत हो सकता है। इसके चक्रवाती तूफान में बदलने की आशंका जताई गई है, जिससे आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों में भारी बारिश हो सकती है। वहीं, दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, 27 से 29 अक्टूबर के बीच ओडिशा में कई जगह भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। तटीय आंध्र प्रदेश में भी 27 और 28 अक्टूबर को तेज बारिश होने की संभावना है। ऐसे में निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने का खतरा बना रह सकता है।

तमिलनाडु और केरल में भी अलर्ट

दक्षिण भारत में तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल और केरल के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। लक्षद्वीप में भी बारिश को लेकर सतर्कता बरतने की जरूरत है।

दिल्ली से राजस्थान तक बदल सकता है मौसम

पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से दिल्ली-एनसीआर, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कुछ इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि, इन क्षेत्रों में मौसम का असर अलग-अलग जिलों में अलग हो सकता है।

देश के पहाड़ी राज्यों में भी बारिश के आसार

जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश के आसार है। उत्तराखंड के कुछ जिलों में भी हल्की बारिश हो सकती है। इससे पहाड़ी क्षेत्रों में ठंड बढ़ने के साथ यात्रा करने वालों को परेशानी हो सकती है।

मौसम में इस बदलाव को देखते हुए लोगों को सलाह दी जाती है कि वे अपने जिले का ताजा मौसम पूर्वानुमान और IMD की आधिकारिक चेतावनियां देखते रहें। भारी बारिश वाले इलाकों में जलभराव, बिजली गिरने और तेज हवाओं से बचाव के लिए सतर्क रहना जरूरी है।

राहु के नक्षत्र में सूर्य की एंट्री, 5 राशि वालों का शुरू होगा अच्छा समय, धन लाभ के योग

राशिफल। वैदिक ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और सफलता का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 को सूर्य स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य इस नक्षत्र में 6 नवंबर 2026 की रात तक रहेंगे। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, सूर्य के इस नक्षत्र परिवर्तन का पांच राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि कामकाज के लिहाज से अच्छी रह सकती है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके कार्यों में भी आगे बढ़ने की उम्मीद रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय परिवार और सामाजिक जीवन में सुखद रह सकता है। धार्मिक और शुभ कार्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। मित्रों का सहयोग मिलने से काम आसान हो सकते हैं। घर में शांति और आपसी तालमेल बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास में वृद्धि होने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में अपनी योग्यता दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में नजदीकी बढ़ सकती है और आपसी मतभेद दूर करने का मौका मिल सकता है। योजनाओं पर ध्यान देकर आगे बढ़ना लाभकारी रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के लिए सूर्य का नक्षत्र परिवर्तन मान-सम्मान और आर्थिक मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और अचानक लाभ की संभावना बन सकती है। निवेश करने की सोच रहे लोगों को हालांकि निर्णय लेने से पहले जोखिम और जरूरी जानकारी पर ध्यान देना चाहिए।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को व्यापार बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। कानूनी या लंबे समय से लंबित मामलों में सकारात्मक प्रगति की उम्मीद की जा सकती है। मानसिक उलझनों को सुलझाने और योजनाओं को व्यवस्थित करने के लिए भी यह अवधि उपयोगी मानी जा रही है।

यूपी के इन कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी, जल्द मिलेगी बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इंवेस्ट यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। कर्मचारियों के मासिक मानदेय में 20 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसे मंजूरी के लिए स्टीयरिंग कमिटी के सामने रखा गया है। प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद नई दरों को लागू किया जा सकता है।

जनवरी 2026 से बढ़े वेतन का लाभ देने की तैयारी

प्रस्ताव के अनुसार, कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बढ़े हुए मानदेय का लाभ देने की योजना है। ऐसा होने पर पात्र कर्मचारियों को बकाया राशि यानी एरियर भी मिल सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला कमिटी की मंजूरी और आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

किस पद पर कितना बढ़ सकता है मानदेय?

प्रस्ताव में ऑफिस बॉय या प्यून का मासिक मानदेय 15,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये करने की बात है। कोऑर्डिनेटर और सहायक प्रबंधक का मानदेय 58,000 रुपये से बढ़ाकर 70,000 रुपये के करीब किया जा सकता है। वहीं, कंप्यूटर ऑपरेटर का मानदेय 25,000 रुपये से बढ़ाकर 30,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।

इसके अलावा लेखाकार का मानदेय 30,000 से बढ़ाकर 36,000 रुपये, प्रबंधक लेखा का 40,000 से 48,000 रुपये और स्टेनोग्राफर का 30,000 से 36,000 रुपये किया जा सकता है। वाहन चालकों और अन्य पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के मानदेय में भी बढ़ोतरी प्रस्तावित है।

सहायक प्रबंधक आईटी को सबसे ज्यादा फायदा

प्रस्ताव के मुताबिक, सहायक प्रबंधक (आईटी) के मानदेय में सबसे बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। उनका मानदेय 25,000 रुपये से बढ़ाकर 40,000 रुपये करने की योजना है। वहीं, गार्ड-कम-केयरटेकर का मानदेय 8,013 रुपये से बढ़ाकर 10,416 रुपये करने का प्रस्ताव है।

फिलहाल कर्मचारियों को प्रस्ताव पर अंतिम मंजूरी का इंतजार है। कमिटी की स्वीकृति और आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद ही वेतन वृद्धि तथा एरियर को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ होगी।

खुशखबरी का महा ऐलान! यूपी में आई 2 बड़ी भर्ती, आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह भर्ती अहम अवसर लेकर आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने एक ओर प्रशिक्षित स्नातक सहायक अध्यापक (TGT) के 17,735 पदों पर भर्ती निकाली है, वहीं दूसरी ओर सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2,647 पदों पर आवेदन मांगे हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पहली भर्ती: सहायक अध्यापक के 17,735 पद

आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 07/2026 के तहत सहायक अध्यापक (स्नातक वेतनमान) के कुल 17,735 पद भरे जाएंगे। इनमें बालक विद्यालयों के 16,193 और बालिका विद्यालयों के 1,542 पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हो गई है। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 23 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। लिखित परीक्षा 23 और 24 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। अभ्यर्थियों को संबंधित विषय में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, शिक्षक प्रशिक्षण और पात्रता संबंधी शर्तें पूरी करनी होंगी।

दूसरी भर्ती: प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2,647 पद

दूसरी भर्ती में आयोग ने सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों के लिए प्रधानाचार्य के 1,475 और प्रधानाध्यापक के 1,172 पद घोषित किए हैं। इस तरह कुल 2,647 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई है।

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुके हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 22 नवंबर 2026 है। इस भर्ती की परीक्षा 7 जनवरी 2027 को प्रस्तावित है। पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु संबंधी शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक विज्ञापन पढ़ना जरूरी है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

दोनों भर्तियों के लिए अभ्यर्थियों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाना होगा। आवेदन प्रक्रिया में वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) की व्यवस्था लागू है। अभ्यर्थी पहले पंजीकरण पूरा करें, फिर संबंधित भर्ती का आवेदन फॉर्म भरें और निर्धारित शुल्क जमा करें।

सूर्य का बड़ा बदलाव! 5 राशियों को मिल सकती है खुशखबरी, नौकरी-कारोबार में लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, पद और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। 24 अक्टूबर 2026 को सूर्य चित्रा नक्षत्र से निकलकर स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन 6 नवंबर तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। कुछ राशियों के लिए नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में नए अवसर बनने की संभावना जताई जा रही है।

इन 5 राशियों को मिल सकते हैं लाभ के अवसर

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने वाला हो सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि, निवेश से पहले अच्छी तरह विचार करना जरूरी होगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के आत्मविश्वास और काम के प्रति सक्रियता में बढ़ोतरी के संकेत माने जा रहे हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों या काम के अवसरों पर ध्यान देना चाहिए।

3. तुला राशि

सूर्य तुला राशि में रहते हुए स्वाति नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान तुला राशि वालों का ध्यान अपनी छवि, कामकाज और आर्थिक स्थिति पर रह सकता है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और रुके हुए काम आगे बढ़ाने का अवसर मिल सकता है। महत्वपूर्ण फैसले जल्दबाजी में लेने से बचें।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय करियर से जुड़े मामलों में सक्रिय रहने का हो सकता है। कार्यस्थल पर अपनी मेहनत और क्षमता साबित करने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबारियों को नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत करते समय स्पष्टता बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आर्थिक योजनाओं और पेशेवर संपर्कों पर ध्यान देने का समय हो सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसरों की जानकारी मिल सकती है। कारोबारियों को पुराने संपर्कों के जरिए बातचीत आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना और बचत को प्राथमिकता देना जरूरी होगा।

ठंड में ब्रेन हेमरेज का बढ़ता है जोखिम, इन 5 लक्षणों को भूलकर भी न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। सर्दियों में तापमान गिरने के साथ ब्लड प्रेशर बढ़ने की आशंका भी बढ़ सकती है। ऐसे में खासकर हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित लोगों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखना चाहिए। अनियंत्रित रक्तचाप मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है और ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ा सकता है। ब्रेन हेमरेज एक गंभीर स्थिति है, जिसमें दिमाग के भीतर या आसपास रक्तस्राव होने लगता है। इसके लक्षणों को समय पर पहचानना और तुरंत इलाज कराना बेहद जरूरी है।

ब्रेन हेमरेज के 5 प्रमुख संकेत

1. अचानक बहुत तेज सिरदर्द: अगर अचानक असहनीय सिरदर्द हो, खासकर ऐसा दर्द जो पहले कभी महसूस न हुआ हो, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह मस्तिष्क में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है।

2. चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी: अचानक चेहरे का एक तरफ झुकना, हाथ-पैर में कमजोरी या शरीर के एक हिस्से में सुन्नपन महसूस होना गंभीर चेतावनी है।

3. बोलने या समझने में परेशानी: अचानक बोलने में लड़खड़ाहट, शब्द समझने में कठिनाई या दूसरों की बात समझने में परेशानी होना स्ट्रोक या मस्तिष्क में रक्तस्राव का संकेत हो सकता है।

4. नजर में बदलाव: अचानक धुंधला दिखना, दो चीजें दिखाई देना या एक अथवा दोनों आंखों से देखने में परेशानी होना भी खतरे का संकेत है।

5. चक्कर, संतुलन बिगड़ना या बेहोशी: अचानक चलने में लड़खड़ाहट, संतुलन खोना, उल्टी के साथ तेज सिरदर्द या बेहोशी जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए।

ठंड में जोखिम क्यों बढ़ सकता है?

कम तापमान में रक्त वाहिकाएं सिकुड़ सकती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है। यह स्थिति खासकर हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और पहले से हृदय या रक्त वाहिकाओं की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए चिंता का विषय हो सकती है। ठंड के मौसम में स्ट्रोक का जोखिम बढ़ सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति को ब्रेन हेमरेज होगा।

बिहार सरकार की बड़ी तैयारी, 25 जिलों के लिए आई खुशखबरी

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार ने नई तैयारी शुरू की है। राज्य में नए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने, निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में गया जी के डोभी में करीब 1,670 एकड़ जमीन पर बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी विकसित की जा रही है। यहां उद्योगों को जमीन आवंटित करने की प्रक्रिया 24 अक्टूबर से शुरू करने की योजना है।

25 जिलों में विकसित होंगे नए औद्योगिक क्षेत्र

राज्य के 25 जिलों में 28 स्थानों पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 14,600 एकड़ जमीन जुटाने की प्रक्रिया चल रही है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (बियाडा) ने वित्त वर्ष 2025-26 से अब तक 521 औद्योगिक इकाइयों को 727 एकड़ जमीन आवंटित की है।

उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह के अनुसार, वर्ष 2025 से अब तक बिहार को 1,21,863 करोड़ रुपये के 1,091 निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं के लागू होने पर 68,807 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। हालांकि, ये प्रस्तावित निवेश और संभावित रोजगार के आंकड़े हैं।

फूड पार्क से लेकर सेमीकंडक्टर केंद्र तक

बिहार में अलग-अलग क्षेत्रों के उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए कई परियोजनाओं पर काम हो रहा है। मुजफ्फरपुर में 143 एकड़ में मेगा फूड पार्क और मोतीपुर में 62 एकड़ में लेदर एवं फुटवियर क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। इसके अलावा फतुहा में लॉजिस्टिक्स पार्क और झंझारपुर में ग्रीन इंडस्ट्रियल एरिया बनाने की योजना है।

वहीं, बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के तहत पटना में 171 करोड़ रुपये की लागत से प्रौद्योगिकी केंद्र स्थापित करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं से विनिर्माण, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और तकनीकी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

उद्यमियों को हजारों करोड़ की सहायता

सरकार स्वरोजगार और छोटे कारोबार को भी प्रोत्साहित कर रही है। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत 47,075 लाभार्थियों को 3,414 करोड़ रुपये और बिहार लघु उद्यमी योजना के तहत 71,740 लाभार्थियों को 581 करोड़ रुपये की सहायता दी गई है। इसके अलावा स्टार्टअप बिहार के तहत 1,762 स्टार्टअप पंजीकृत हुए हैं, जिन्हें 103 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं।

युवाओं के लिए क्या बदलेगा?

सरकार की इन पहलों का उद्देश्य बिहार में उद्योगों की संख्या बढ़ाना, निवेशकों को बेहतर सुविधाएं देना और स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर रहने की जरूरत कम करना है। हालांकि, वास्तविक लाभ इस बात पर निर्भर करेगा कि निवेश प्रस्ताव कितनी जल्दी जमीन पर उतरते हैं और औद्योगिक इकाइयों में उत्पादन कब शुरू होता है।

यूरोप में भारत का डंका! हथियार सप्लाई में बंपर उछाल, दुनिया में मची हलचल

नई दिल्ली। भारत अब दुनिया के लिए सिर्फ हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहा, बल्कि तेजी से उभरता रक्षा निर्यातक बन चुका है। भारतीय मिसाइलों से लेकर गोला-बारूद तक की मांग विदेशों में बढ़ रही है। खासकर रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यूरोपीय देशों की रक्षा जरूरतों ने भारतीय हथियार उद्योग के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुछ यूरोपीय देशों को भारतीय गोला-बारूद का निर्यात चार साल में 1,600 फीसदी से अधिक बढ़ गया।

चार साल में 1,600 फीसदी से ज्यादा उछाल

रक्षा व्यापार के आंकड़ों के मुताबिक, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद मध्य और पूर्वी यूरोप के 13 देशों को भारत से गोला-बारूद और संबंधित सामग्री की आपूर्ति में भारी बढ़ोतरी हुई। पहले जिन देशों को भारतीय रक्षा सामग्री की सीमित आपूर्ति होती थी, वहां अब भारतीय कंपनियों की भूमिका बढ़ी है। इस खास श्रेणी में भारत दूसरे बड़े आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हुआ है। हालांकि, यह रैंकिंग पूरे यूरोप के सभी हथियारों के कारोबार की नहीं, बल्कि संबंधित देशों और उत्पादों की एक विशेष श्रेणी की है।

भारत का कुल रक्षा निर्यात भी तेजी से बढ़ रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में देश का रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि 2024-25 में यह 23,622 करोड़ रुपये था। यानी एक साल में करीब 62.7 फीसदी की वृद्धि हुई। ये आंकड़े बताते हैं कि भारत की रक्षा उत्पादन क्षमता और विदेशी बाजारों में पहुंच लगातार बढ़ रही है।

ब्रह्मोस मिसाइल की विदेशों में बढ़ती मांग

भारत के रक्षा निर्यात की चर्चा में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल सबसे प्रमुख उत्पादों में शामिल है। जनवरी 2022 में फिलीपींस ने भारत के साथ करीब 375 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3,100 करोड़ रुपये का समझौता किया था। अप्रैल 2024 में मिसाइल की पहली खेप फिलीपींस को सौंपी गई। इस समझौते ने भारत के लिए दक्षिण-पूर्व एशिया के रक्षा बाजार में नए रास्ते खोले।

ब्रह्मोस के अलावा तेजस लड़ाकू विमान और आकाश मिसाइल प्रणाली जैसे स्वदेशी रक्षा उत्पाद भी विदेशी खरीदारों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। हालांकि, किसी देश की दिलचस्पी और वास्तविक खरीद समझौते में अंतर होता है। इसलिए भारत की निर्यात क्षमता का आकलन करते समय पक्के सौदों और संभावित प्रस्तावों को अलग-अलग देखना जरूरी है।

भारत के हथियारों की मांग क्यों बढ़ रही है?

भारतीय रक्षा उद्योग को प्रतिस्पर्धी कीमत, घरेलू उत्पादन और तकनीकी क्षमता से फायदा मिल रहा है। पहले जिन रक्षा उपकरणों के लिए भारत दूसरे देशों पर निर्भर था, अब उनमें से कई का उत्पादन देश में हो रहा है। सरकारी कंपनियों के साथ निजी क्षेत्र की भागीदारी भी बढ़ी है, जिससे उत्पादन और निर्यात की संभावनाएं मजबूत हुई हैं।

वित्त वर्ष 2025-26 में सरकारी रक्षा कंपनियों ने 21,071 करोड़ रुपये और निजी क्षेत्र ने 17,353 करोड़ रुपये का रक्षा निर्यात किया। इससे साफ है कि इस क्षेत्र में निजी कंपनियां भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।

आगे भारत के लिए कितनी बड़ी है चुनौती?

वैश्विक हथियार बाजार में जगह बनाना केवल कम कीमत पर उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है। समय पर आपूर्ति, हथियारों की गुणवत्ता, तकनीकी सहायता और लंबे समय तक रखरखाव की सुविधा भी अहम होती है। भारत के सामने अपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने और विदेशी खरीदारों का भरोसा बनाए रखने की चुनौती है।

फिलहाल रक्षा निर्यात में बढ़ोतरी भारत की बदलती भूमिका का संकेत है। अगर देश इसी तरह स्वदेशी तकनीक, उत्पादन और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर काम करता रहा, तो आने वाले वर्षों में भारतीय रक्षा उद्योग वैश्विक बाजार में और मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है।

पुरुषों में शुक्राणु नहीं बनने के 5 बड़े कारण, जानें क्यों आती है यह समस्या!

हेल्थ डेस्क। आजकल पुरुषों में प्रजनन संबंधी समस्याएं तेजी से चर्चा में हैं। कई पुरुषों को शादी के बाद पिता बनने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसकी एक प्रमुख वजह शुक्राणुओं (स्पर्म) का कम बनना या वीर्य में शुक्राणुओं का बिल्कुल नहीं पाया जाना हो सकती है। 

चिकित्सा भाषा में वीर्य में शुक्राणुओं की अनुपस्थिति को एजोस्पर्मिया कहा जाता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर मामले में पुरुष पिता नहीं बन सकता। सही जांच और समय पर इलाज से कई मामलों में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं पुरुषों में शुक्राणु नहीं बनने या उनकी संख्या कम होने के पांच प्रमुख कारण।

1. हार्मोन में गड़बड़ी

पुरुषों में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया को नियंत्रित करने में टेस्टोस्टेरोन सहित कई हार्मोन की अहम भूमिका होती है। मस्तिष्क की पिट्यूटरी ग्रंथि और हाइपोथैलेमस से निकलने वाले हार्मोन में गड़बड़ी होने पर अंडकोष में शुक्राणुओं का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। कुछ मामलों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर कम होने या अन्य हार्मोन संबंधी समस्याओं के कारण भी प्रजनन क्षमता पर असर पड़ता है।

2. अंडकोष में संक्रमण या चोट

शुक्राणुओं का निर्माण अंडकोष में होता है। यदि अंडकोष को गंभीर चोट पहुंचे या कुछ संक्रमणों के कारण उसके ऊतकों को नुकसान हो, तो शुक्राणु बनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बचपन या युवावस्था में होने वाले कुछ संक्रमण, अंडकोष में सूजन और अन्य चिकित्सकीय समस्याएं भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। इसके अलावा, अंडकोष का सामान्य रूप से विकसित न होना या उसका शरीर के बाहर स्थित थैली में न उतरना भी शुक्राणु उत्पादन में बाधा पैदा कर सकता है।

3. शुक्राणुओं के रास्ते में रुकावट

कुछ पुरुषों में अंडकोष शुक्राणु बनाते हैं, लेकिन प्रजनन मार्ग में रुकावट होने के कारण शुक्राणु वीर्य तक नहीं पहुंच पाते। इसे अवरोधक एजोस्पर्मिया कहा जाता है। यह समस्या संक्रमण, चोट, सर्जरी या जन्मजात कारणों से हो सकती है। कुछ मामलों में नसबंदी के कारण भी शुक्राणुओं का रास्ता बंद हो जाता है। ऐसी स्थिति में जांच के बाद डॉक्टर रुकावट दूर करने या अन्य उपचार विकल्पों पर विचार कर सकते हैं।

4. आनुवंशिक समस्याएं

कुछ पुरुषों में जन्म से मौजूद आनुवंशिक गड़बड़ियां शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित कर सकती हैं। उदाहरण के लिए, क्लाइनफेल्टर सिंड्रोम और वाई क्रोमोसोम के कुछ हिस्सों की कमी के कारण अंडकोष में शुक्राणु बनने की प्रक्रिया गंभीर रूप से प्रभावित हो सकती है। कई बार ऐसी समस्याओं के स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते और व्यक्ति को इसकी जानकारी तब मिलती है, जब वह संतान प्राप्ति के लिए जांच कराता है। डॉक्टर जरूरत के अनुसार आनुवंशिक जांच की सलाह दे सकते हैं।

5. गलत जीवनशैली और कुछ दवाओं का असर

धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, नींद की कमी और लंबे समय तक खराब जीवनशैली अपनाने से पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। इसके अलावा, बिना चिकित्सकीय निगरानी के टेस्टोस्टेरोन या एनाबॉलिक स्टेरॉयड लेने से शरीर में प्राकृतिक हार्मोन उत्पादन दब सकता है, जिससे शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम हो सकती है या उनका उत्पादन रुक सकता है।

कैसे पता लगाएं कि शुक्राणु बन रहे हैं या नहीं?

शुक्राणुओं की स्थिति जानने के लिए सबसे महत्वपूर्ण जांच वीर्य विश्लेषण (सीमेन एनालिसिस) है। यदि रिपोर्ट में शुक्राणु नहीं मिलते, तो डॉक्टर सलाह के अनुसार दोबारा जांच करा सकते हैं। इसके साथ हार्मोन की जांच, शारीरिक परीक्षण और जरूरत पड़ने पर आनुवंशिक जांच या अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं। जांच से यह पता लगाने में मदद मिलती है कि समस्या शुक्राणु बनने में है या उनके बाहर निकलने के रास्ते में।

यूपी में ग्रामीणों को बड़ी खुशखबरी! घरौनी और फार्मर रजिस्ट्री से मिलेगा फायदा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण परिवारों और किसानों को राहत देने के लिए राजस्व सेवाओं को डिजिटल बनाने पर जोर दे रही है। इसके तहत प्रदेश में 1.05 करोड़ से अधिक घरौनियों के निर्माण और वितरण का काम पूरा हो चुका है। वहीं, फार्मर रजिस्ट्री के जरिए 1.44 करोड़ से ज्यादा किसानों का पंजीकरण किया गया है।

1 .घरौनी से ग्रामीणों को मिलेगा लाभ

स्वामित्व योजना के तहत गांवों में आवासीय संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार कर लोगों को घरौनी दी जा रही है। इससे ग्रामीण परिवारों को अपने मकान से जुड़े दस्तावेज मिलते हैं, जो संपत्ति के रिकॉर्ड और संस्थागत ऋण लेने में मददगार हो सकते हैं।

2 .फार्मर रजिस्ट्री से किसानों को फायदा

उत्तर प्रदेश में 1.44 करोड़ से अधिक किसानों की फार्मर रजिस्ट्री पूरी होने की जानकारी दी गई है। इससे किसानों की डिजिटल पहचान तैयार करने और सरकारी कृषि योजनाओं, खाद वितरण तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद जैसी सेवाओं में पात्रता की जांच आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

कृषक दुर्घटना सहायता में भी बदलाव

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत सहायता राशि अब जिलाधिकारी के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जा रही है। सरकार की इस पहल का उद्देश्य प्रक्रिया को सरल बनाना और पात्र परिवारों तक आर्थिक मदद पहुंचाना है।

इन पहलों से ग्रामीणों को संपत्ति के दस्तावेज उपलब्ध कराने, किसानों का रिकॉर्ड व्यवस्थित करने और सरकारी सहायता की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार में बनें फूड सेफ्टी ऑफिसर, आज ही करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन (BTSC) ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को खाद्य सुरक्षा अधिकारी बनने का अवसर मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि ऑनलाइन फॉर्म भरने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

भर्ती संबंधी उपलब्ध जानकारी में पदों की संख्या को लेकर अंतर है। शुरुआत में 105 पद बताए गए हैं, जबकि विस्तृत विवरण में कुल 139 रिक्तियों का उल्लेख है। इसलिए उम्मीदवारों को पदों की सही संख्या के लिए BTSC की आधिकारिक अधिसूचना जरूर देखनी चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद के लिए संबंधित विषय में बैचलर, मास्टर या डॉक्टरेट डिग्री की आवश्यकता बताई गई है। हालांकि, मान्य डिग्री और विषयों की विस्तृत शर्तें आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार ही लागू होंगी। आयु सीमा की बात करें तो सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम उम्र 21 वर्ष और अधिकतम 37 वर्ष बताई गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित उम्मीदवारों को वेतन स्तर-6 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। उपलब्ध विवरण में ₹4,200 ग्रेड पे का भी उल्लेख है। वास्तविक वेतन और अन्य भत्तों की जानकारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन से जांच लें।

कैसे होगा चयन?

उम्मीदवारों का चयन कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा का पैटर्न, सिलेबस और अन्य शर्तों के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ना जरूरी है।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार BTSC की आधिकारिक वेबसाइट https://btsc.bihar.gov.in/ पर जाकर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन देखें। आवेदन लिंक उपलब्ध होने पर ऑनलाइन फॉर्म भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारियों की जांच कर लें।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस दिन मिलेगा PM-Kisan का पैसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। दी गई जानकारी के अनुसार, 30 अक्टूबर 2026 को पीएम किसान योजना की 24वीं किस्त जारी होने की तारीख बताई गई है। इस योजना के तहत पात्र किसानों को आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

किसानों को हर साल मिलते हैं ₹6,000

पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 की आर्थिक मदद दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में, यानी हर किस्त में ₹2,000 के हिसाब से मिलती है। इस पैसे से किसान बीज, खाद और खेती से जुड़ी अन्य जरूरतें पूरी कर सकते हैं।

खाते में कैसे आएगी किस्त?

योजना की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है। किस्त पाने के लिए किसानों का ई-केवाईसी पूरा होना और बैंक खाते सहित जरूरी विवरण सही होना महत्वपूर्ण है।

किसान अभी क्या करें?

देशभर के किसान अपना लाभार्थी स्टेटस जांच लें और यह सुनिश्चित करें कि बैंक खाते तथा आधार से जुड़ी जानकारी में कोई गड़बड़ी न हो। योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाकर नवीनतम अपडेट भी देख सकते हैं।

अंडा-चिकन से भी ज्यादा दमदार है ये दाल? प्रोटीन का खजाना, सेहत के लिए बेहद फायदेमंद!

हेल्थ डेस्क। सेहतमंद रहने के लिए जरूरी नहीं कि आप महंगे खाद्य पदार्थ या नॉनवेज ही खाएं। आपकी रसोई में मौजूद लोबिया की दाल भी पोषण का अच्छा स्रोत है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, फोलेट और आयरन जैसे कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यही वजह है कि शाकाहारी लोगों के लिए लोबिया डाइट का उपयोगी हिस्सा हो सकता है।

प्रोटीन के लिए अच्छा विकल्प

लोबिया यानी काली आंखों वाली फलियां शरीर को प्रोटीन देती हैं, जो मांसपेशियों के निर्माण और उनकी मरम्मत में मदद करता है। हालांकि, अंडे और चिकन से इसकी सीधी तुलना करते समय मात्रा और पकाने के तरीके का ध्यान रखना जरूरी है। सूखे लोबिया में प्रोटीन अधिक केंद्रित होता है, जबकि उबालने के बाद उसमें पानी की मात्रा बढ़ जाती है।

पेट को लंबे समय तक रख सकता है भरा

लोबिया में मौजूद फाइबर पाचन को बेहतर बनाए रखने और कब्ज से बचाव में मदद कर सकता है। फाइबर और प्रोटीन के कारण पेट देर तक भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम करने में सहायता मिल सकती है।

दिल और शरीर के लिए भी उपयोगी

लोबिया में फोलेट, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व भी होते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में मददगार हो सकता है। इसमें मौजूद फाइबर स्वस्थ कोलेस्ट्रॉल स्तर बनाए रखने में भी योगदान दे सकता है।

डाइट में कैसे करें शामिल?

लोबिया को अच्छी तरह भिगोकर पूरी तरह पकाने के बाद दाल, करी या सलाद के रूप में खाया जा सकता है। इसे रोटी, चावल और अन्य सब्जियों के साथ खाने से भोजन में विविधता आती है। बेहतर पोषण के लिए दालों के साथ अनाज, सब्जियां और अन्य प्रोटीन स्रोत भी शामिल करें।

यूपी में फिर बदलेगा मौसम! बारिश और तेज हवाओं से बढ़ेगी हलचल, IMD ने दिया बड़ा अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुलाबी ठंड के बीच मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। जहां सुबह और शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है, वहीं दिन में तेज धूप का असर बना हुआ है। इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई है।

28 और 29 अक्टूबर को अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 28 अक्टूबर से पूर्वी उत्तर प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इस दौरान गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाएं कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं। इन दिनों के लिए यलो अलर्ट जारी किए जाने की जानकारी दी गई है।

इन जिलों में बारिश के आसार

28 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, गाजीपुर और बलिया सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।  इन जिलों में गरज चमक के भी आसार हैं, उसको लेकर अलर्ट जारी किया गया हैं।

वहीं, 29 अक्टूबर को भी पूर्वी यूपी के कई जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, गाजीपुर और बलिया में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसके अलावा प्रयागराज, बांदा, चित्रकूट, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, अयोध्या और आसपास के इलाकों में भी बारिश हो सकती है।

पश्चिमी यूपी में भी बदल सकता है मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में भी बारिश और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और संभावित पश्चिमी विक्षोभ को मौसम में बदलाव की वजह बताया गया है।