HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

शुभ योग का असर: 11 से 22 जून तक 5 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 11 जून से 22 जून के बीच ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रही है। इस अवधि में बनने वाले शुभ योग का प्रभाव करियर, कारोबार, शिक्षा, धन और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस दौरान कुछ राशियों को विशेष रूप से भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं, आय के नए स्रोत बन सकते हैं और लंबे समय से चल रही परेशानियों में राहत मिल सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से शुभ रह सकती है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिल सकती है, जबकि व्यापारियों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं और निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय प्रगति और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और विद्यार्थियों को पढ़ाई तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का अच्छा सहयोग मिल सकता है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के अवसर बनेंगे और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए 11 से 22 जून का समय लाभकारी साबित हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी तथा किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को शुभ योग का विशेष लाभ मिलने की संभावना है। करियर और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा। धन लाभ के साथ-साथ प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।

बिहार में दाखिल-खारिज पर सरकार सख्त, जमीन मालिक रहें सतर्क

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े मामलों को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दाखिल-खारिज कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन और नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने विभागीय समीक्षा के दौरान कहा कि कई जिलों से फर्जी निबंधन के आधार पर दाखिल-खारिज किए जाने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसे मामलों में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जमीन संबंधी मामलों की गहन जांच करने और अनियमितताओं पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

फर्जी दस्तावेजों पर बढ़ेगी निगरानी

सरकार का मानना है कि गलत दस्तावेजों और फर्जी निबंधन के आधार पर होने वाले दाखिल-खारिज से भूमि विवाद बढ़ते हैं। इसलिए अब ऐसे मामलों की विशेष निगरानी की जाएगी। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि हर आवेदन की पूरी जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए।

इन परिस्थितियों में खारिज होगा आवेदन

राजस्व अधिकारियों के अनुसार यदि खरीदी गई भूमि पर शांतिपूर्ण दखल-कब्जा नहीं है, जमीन किसी विवाद में फंसी हुई है या मामला न्यायालय में लंबित है, तो दाखिल-खारिज का आवेदन अस्वीकृत किया जा सकता है। इसके अलावा यदि दस्तावेजों में कोई त्रुटि पाई जाती है या स्वामित्व को लेकर स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं होती है, तब भी आवेदन प्रभावित हो सकता है।

जमीन खरीदने से पहले करें पूरी जांच

अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि जमीन खरीदने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करें। भूमि का स्वामित्व, राजस्व अभिलेख, संभावित विवाद और न्यायालय से जुड़े मामलों की जांच करना बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती स्तर पर सावधानी बरतने से भविष्य में कानूनी विवाद और दाखिल-खारिज से जुड़ी परेशानियों से बचा जा सकता है।

भूमि सीमांकन पर भी दिया गया जोर

राजस्व विभाग ने जमीन मालिकों से अपनी भूमि का स्पष्ट सीमांकन कराने की अपील की है। चहारदीवारी, सीमा स्तंभ या अन्य वैध माध्यमों से भूमि की पहचान सुनिश्चित करने से भविष्य में होने वाले विवादों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

पारदर्शी व्यवस्था पर सरकार का फोकस

राज्य सरकार का कहना है कि भूमि संबंधी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितकारी बनाया जा रहा है। विभाग का उद्देश्य है कि लोगों को दाखिल-खारिज और अन्य राजस्व सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े और सभी मामलों का समयबद्ध निपटारा हो सके।

गुरुवार बनेगा भाग्योदय का दिन, 5 राशियों को मिलेगा धन, सम्मान और सफलता

राशिफल। ज्योतिष में गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति को समर्पित माना जाता है। बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य, सम्मान और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आने वाला गुरुवार कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने वाला है। करियर, कारोबार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। कई लोगों को लंबे समय से रुके कार्यों में सफलता मिल सकती है, जबकि कुछ को धन लाभ और सम्मान प्राप्त होने की संभावना है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरुवार शुभ परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़े मामलों में शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापारियों को लाभ मिलेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होने के संकेत हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरुवार उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक लाभ के साथ-साथ समाज में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए गुरुवार का दिन धन और सफलता के अवसर लेकर आ सकता है। निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

धनु राशि

धनु राशि पर देवगुरु बृहस्पति की विशेष कृपा रहने के संकेत हैं। करियर में प्रगति, आय में वृद्धि और नए अवसर मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे और सम्मान में वृद्धि हो सकती है।

बिहार के 540 स्कूल होंगे विकसित, छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में स्कूली शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य के सभी जिला स्कूलों और प्रत्येक प्रखंड के एक-एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को विकसित कर आदर्श विद्यालय के रूप में स्थापित करने की योजना बनाई है। इस पहल से लाखों विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं और आधुनिक संसाधनों का लाभ मिल सकेगा।

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर राज्य में चल रही शैक्षणिक योजनाओं और भविष्य की तैयारियों की जानकारी साझा की। इस दौरान बिहार में शिक्षा के आधुनिकीकरण को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर चर्चा हुई।

540 विद्यालय बनेंगे सरस्वती विद्या निकेतन

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बिहार के सभी जिला स्कूलों तथा प्रत्येक प्रखंड के एक उच्च माध्यमिक विद्यालय को मिलाकर कुल 540 विद्यालयों को सरस्वती विद्या निकेतन यानी आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित किया जाएगा। इन विद्यालयों में छात्रों को बेहतर शिक्षण वातावरण, आधुनिक सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा पहले से संचालित 155 राजकीय और राजकीयकृत विद्यालयों को भी इसी योजना के तहत उन्नत किया जाएगा। इस तरह राज्य में कुल 695 विद्यालय आदर्श विद्यालय के रूप में विकसित होंगे।

शिक्षा के आधुनिकीकरण पर जोर

सरकार केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि शिक्षा को तकनीक और कौशल विकास से भी जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसी उद्देश्य से प्रत्येक प्रखंड में दो विद्यालयों का चयन कर कक्षा 9 से 12 तक के कुल 1,068 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रयोगशालाओं के माध्यम से छात्रों को रोजगारपरक और तकनीकी शिक्षा का अवसर मिलेगा, जिससे भविष्य में उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए रास्ते खुल सकेंगे।

2,577 आईसीटी लैब्स का संचालन

डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए राज्यभर में 2,577 आईसीटी (सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी) लैब्स स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन लैब्स के जरिए विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा, डिजिटल लर्निंग और आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जाएगी।

स्मार्ट क्लास से बदलेगा पढ़ाई

राज्य सरकार ने विद्यालयों में 25,220 स्मार्ट क्लास स्थापित और संचालित करने की भी योजना बनाई है। स्मार्ट क्लास के माध्यम से छात्रों को ऑडियो-वीडियो आधारित शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे पढ़ाई अधिक रोचक और प्रभावी बनेगी। स्मार्ट क्लास की मदद से जटिल विषयों को भी सरल तरीके से समझाया जा सकेगा और विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता में सुधार होगा।

छात्रों को मिलेगा सीधा लाभ

शिक्षा विभाग का मानना है कि इन योजनाओं के लागू होने के बाद बिहार के छात्रों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था का लाभ मिलेगा। बेहतर आधारभूत संरचना, डिजिटल संसाधन, व्यावसायिक प्रशिक्षण और स्मार्ट शिक्षण प्रणाली के जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार किया जा सकेगा।

RBI ला रहा है नया नियम, FD कराने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वाले करोड़ों लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बड़ी जमाओं यानी बल्क डिपॉजिट से जुड़े नियमों में बदलाव का मसौदा जारी किया है। प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और बैंकों को ब्याज दरें तय करने में अधिक लचीलापन देना है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इसका फायदा आम जमाकर्ताओं को भी मिल सकता है।

आरबीआई के प्रस्ताव के अनुसार, बैंकों को अब अपनी जमा योजनाओं की ब्याज दरों को अधिक पारदर्शी तरीके से सार्वजनिक करना होगा। प्रत्येक कारोबारी दिन की शुरुआत से पहले बैंकों को अपनी वेबसाइट पर लागू ब्याज दरों की जानकारी उपलब्ध करानी होगी। इससे ग्राहकों को विभिन्न बैंकों की दरों की तुलना करने में आसानी होगी और निवेश संबंधी निर्णय अधिक समझदारी से लिए जा सकेंगे।

क्या है बल्क डिपॉजिट?

बल्क डिपॉजिट उन बड़ी रकमों को कहा जाता है, जिन्हें संस्थान, कंपनियां या बड़े निवेशक बैंकों में जमा करते हैं। आरबीआई का मानना है कि इन जमाओं के लिए ब्याज दर निर्धारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से नए नियमों का प्रस्ताव तैयार किया गया है।

एफडी निवेशकों को फायदा?

हालांकि प्रस्तावित बदलाव सीधे तौर पर बड़ी जमाओं को ध्यान में रखकर तैयार किए गए हैं, लेकिन इसका अप्रत्यक्ष लाभ छोटे निवेशकों को भी मिल सकता है। जब बैंकों के बीच बड़ी जमाओं को आकर्षित करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, तो वे खुदरा ग्राहकों के लिए भी आकर्षक ब्याज दरें पेश करने का प्रयास कर सकते हैं।

निवेशकों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

बदलते बैंकिंग माहौल में केवल ऊंची ब्याज दर देखकर निवेश करना पर्याप्त नहीं होगा। निवेशकों को एफडी कराने से पहले समयपूर्व निकासी पर लगने वाली पेनल्टी, ब्याज भुगतान की शर्तें, ऑटो-रिन्यूअल सुविधाएं और अन्य नियमों की भी जांच करनी चाहिए। इसके अलावा, एफडी मैच्योर होने पर अलग-अलग बैंकों की नई दरों की तुलना करना भी जरूरी होगा, क्योंकि भविष्य में ब्याज दरों में अधिक अंतर देखने को मिल सकता है।

बैंकिंग विशेषज्ञों  से 20 जून तक मांगे गए सुझाव

आरबीआई ने इस मसौदे पर आम जनता, बैंकिंग विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए 20 जून 2026 तक का समय दिया गया है। प्राप्त सुझावों की समीक्षा के बाद अंतिम नियमों को लागू करने पर फैसला लिया जाएगा। बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित नियम लागू होते हैं तो ब्याज दरों की जानकारी अधिक स्पष्ट और पारदर्शी होगी। इससे ग्राहकों का भरोसा बढ़ेगा और वे अपनी बचत को बेहतर तरीके से निवेश कर सकेंगे।

मिडिल ईस्ट में बढ़ा तनाव: अमेरिकी सेना ने ईरान पर शुरू किए हमले

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र में अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर के गिरने की घटना के बाद अमेरिका और ईरान के बीच टकराव तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हेलीकॉप्टर को ईरान ने निशाना बनाया, जिसके बाद अमेरिका ने जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, घटना के बाद दोनों पायलटों को सुरक्षित बचा लिया गया। बचाव अभियान में अमेरिकी नौसेना की अत्याधुनिक मानव रहित प्रणाली का इस्तेमाल किया गया, जिसे सैन्य तकनीक की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

जवाबी कार्रवाई से बढ़ी चिंता

हेलीकॉप्टर घटना के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताते हुए सीमित सैन्य कार्रवाई शुरू की। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी हमलों का लक्ष्य ईरान के कुछ सैन्य और रडार प्रतिष्ठान रहे। अमेरिका ने इसे आत्मरक्षा और सुरक्षा हितों से जुड़ी कार्रवाई बताया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सैन्य बलों और संसाधनों पर हमला बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका क्षेत्र में अपने हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाता रहेगा।

होर्मुज जलडमरूमध्य का बढ़ा महत्व

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य टकराव का असर केवल क्षेत्रीय सुरक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजारों पर भी पड़ सकता है।

शांति वार्ता पर पड़ सकता है बड़ा असर

हाल के महीनों में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने तथा नए समझौते की संभावनाओं पर चर्चा चल रही थी। हालांकि ताजा घटनाक्रम ने इन प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्ष संयम नहीं बरतते हैं तो क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है।

अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता यह तनाव अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए चिंता का विषय बन गया है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक समाधान तलाशने की अपील की है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की रणनीति और प्रतिक्रिया पर पूरी दुनिया की नजर रहेगी, क्योंकि इस क्षेत्र में किसी भी बड़े संघर्ष का असर वैश्विक स्तर पर महसूस किया जा सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, लड़कियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही लड़कियों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार एक महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रही है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत मेधावी छात्राओं को मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है। हालांकि योजना को लेकर अंतिम निर्णय अभी बाकी है, लेकिन सरकार स्तर पर इसकी रूपरेखा को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज हो गई है।

इस योजना का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना और उनकी आवाजाही को अधिक सुविधाजनक बनाना है। माना जा रहा है कि योजना लागू होने के बाद हजारों छात्राओं को इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

बजट में किया गया विशेष प्रावधान

प्रदेश सरकार ने इस महत्वाकांक्षी योजना के लिए बजट में 400 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इससे स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार छात्राओं की शिक्षा और सशक्तिकरण को लेकर गंभीर है। बजट आवंटन के बाद अब योजना के क्रियान्वयन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

पहले चरण में हजारों छात्राओं को लाभ

प्रारंभिक आकलन के अनुसार योजना के पहले चरण में प्रदेश की 50 हजार से अधिक छात्राओं को मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान की जा सकती है। यह संख्या अंतिम निर्णय के बाद बढ़ या घट भी सकती है। सरकार का प्रयास है कि योजना का लाभ उन छात्राओं तक पहुंचे जो पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन कर रही हैं और उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए नियमित रूप से शिक्षण संस्थानों तक लंबी दूरी तय करती हैं।

शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मिलेगा बढ़ावा

छात्राओं को परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने से उनकी शिक्षा में निरंतरता बनी रहेगी। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों की कई छात्राएं आवागमन की समस्याओं के कारण उच्च शिक्षा जारी रखने में कठिनाई महसूस करती हैं। मुफ्त इलेक्ट्रिक स्कूटी मिलने से न केवल उनकी यात्रा आसान होगी, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

सरकार के स्तर पर योजना के स्वरूप पर जारी है मंथन

सरकार और उच्च शिक्षा विभाग के बीच योजना को लेकर लगातार चर्चा चल रही है। विभिन्न स्तरों पर प्रस्तुतीकरण के माध्यम से इसकी रूपरेखा पर विचार किया जा रहा है। पात्रता, चयन प्रक्रिया और लाभार्थियों की संख्या जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर अभी अंतिम फैसला होना बाकी है। अधिकारियों के अनुसार कुछ अतिरिक्त आंकड़ों और सुझावों के आधार पर योजना का विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा, जिसके बाद इसे अंतिम मंजूरी मिल सकती है।

गुरु की कृपा से चमकेगी किस्मत, 5 राशियों के जीवन में आएगी खुशियों की बहार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को सुख, समृद्धि, ज्ञान, वैभव और भाग्य का कारक माना जाता है। जब गुरु की स्थिति मजबूत होती है तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। ग्रहों की वर्तमान स्थिति के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए समय विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है। करियर, कारोबार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में लाभ के योग बन रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 5 राशियों पर गुरु की विशेष कृपा रहने की संभावना है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव शुभ रहने वाला है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और पदोन्नति के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभदायक रह सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। व्यापार में विस्तार के अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों को गुरु की कृपा से सामाजिक और पेशेवर जीवन में लाभ मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। विद्यार्थियों को भी सफलता मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि वालों के लिए गुरु का शुभ प्रभाव राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिलेंगे। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।

मीन राशि:

मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर विशेष कृपा रहने की संभावना है। करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को शुभ समाचार मिल सकता है। धन लाभ, सम्मान और पारिवारिक सुख के योग बन रहे हैं।

खुशखबरी का खुला पिटारा: यूपी में आई 3 नई भर्ती, युवाओं को मौका!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी और अर्धसरकारी क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में अलग-अलग विभागों और संस्थाओं द्वारा नई भर्ती प्रक्रियाएं शुरू की गई हैं, जिनके माध्यम से सैकड़ों पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। 

खास बात यह है कि इन भर्तियों में 8वीं पास, 12वीं पास, टीईटी योग्य और स्नातक अभ्यर्थियों के लिए भी अवसर उपलब्ध हैं। अमेठी में बीसी सखी भर्ती, मिर्जापुर में शिक्षण एवं गैर-शिक्षण पदों पर नियुक्तियां और उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा फायरमैन पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

1 .अमेठी में 166 बीसी सखी पदों पर भर्ती

अमेठी जिले में बीसी सखी के 166 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इस भर्ती में 12वीं पास महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थियों को तय समय सीमा के भीतर अपने दस्तावेजों के साथ आवेदन करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं को मजबूत बनाने के उद्देश्य से यह भर्ती की जा रही है।

2 .मिर्जापुर में शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर अवसर

जिला बेसिक शिक्षा कार्यालय, मिर्जापुर द्वारा शिक्षण और गैर-शिक्षण श्रेणी के कुल 29 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। भर्ती प्रक्रिया में स्नातक, टीईटी उत्तीर्ण प्रशिक्षित स्नातक तथा कुछ पदों के लिए 8वीं पास अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं। इससे विभिन्न शैक्षणिक योग्यता रखने वाले युवाओं को रोजगार पाने का अवसर मिलेगा।

3 .यूपीएसएसएससी ने निकाली 170 फायरमैन पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने फायरमैन के 170 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती उन युवाओं के लिए विशेष अवसर मानी जा रही है जो सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। आयोग द्वारा आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से संचालित की जा रही है। पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए 6 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए एक व्यापक और महत्वाकांक्षी योजना की रूपरेखा तैयार की है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में करीब 10 लाख युवाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना का केंद्र बिंदु कौशल विकास, उद्योग आधारित प्रशिक्षण और स्वरोजगार को एक ही मंच पर लाना है।

सरकार ने इसके लिए 'सरदार वल्लभभाई पटेल रोजगार एवं औद्योगिक क्षेत्र परियोजना' को आगे बढ़ाया है, जिसके तहत पूरे प्रदेश को नौ क्षेत्रीय जोनों में विकसित किया जाएगा। इन जोनों में आधुनिक औद्योगिक और प्रशिक्षण ढांचे तैयार किए जाएंगे, ताकि युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसर मिल सकें।

हर जोन में बनेगा हब और स्पोक मॉडल

इस परियोजना के तहत हर क्षेत्रीय जोन में एक मुख्य उत्कृष्टता केंद्र यानी ‘हब’ और उससे जुड़े कई ‘स्पोक’ यानी कौशल विकास केंद्र स्थापित किए जाएंगे। हब में उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण, अनुसंधान, नवाचार, प्रशिक्षक प्रशिक्षण, प्लेसमेंट सहायता और करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। वहीं, स्पोक केंद्रों के माध्यम से क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे स्थानीय उद्योगों के लिए उपयुक्त मानव संसाधन तैयार हो सके।

उद्योगों की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरी तरह उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार किए जाएं, ताकि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद युवाओं को रोजगार के लिए भटकना न पड़े। उनका उद्देश्य है कि यह परियोजना केवल प्रशिक्षण केंद्र न बनकर रोजगार, उद्योग और उद्यमिता का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करे।

निवेश और औद्योगिक विकास को मिलेगी गति

राज्य सरकार का मानना है कि वर्ष 2017 के बाद उत्तर प्रदेश में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आई है। इसी को देखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार कुशल मानव संसाधन तैयार करने के लिए यह योजना बनाई गई है। इससे औद्योगिक विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

एक ही परिसर में मिलेंगी कई सुविधाएं

इन हब केंद्रों में कौशल विकास संस्थानों के साथ-साथ औद्योगिक भूखंड, प्लग एंड प्ले यूनिट, साझा सुविधा केंद्र, रोजगार सहायता प्रणाली, डिजिटल साक्षरता कार्यक्रम, विदेशी भाषा प्रशिक्षण और उद्यमिता विकास जैसी सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे युवाओं को न केवल प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि वे सीधे उद्योग और स्टार्टअप इकोसिस्टम से भी जुड़ सकेंगे।

अंतरराष्ट्रीय सहयोग से मजबूत होगा मॉडल

इस परियोजना को और प्रभावी बनाने के लिए सिंगापुर के इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन और उसके सहयोगी संस्थानों के अनुभव का लाभ भी लिया जाएगा। ये संस्थान पाठ्यक्रम निर्माण, गुणवत्ता नियंत्रण, प्रशिक्षण पद्धति, नेतृत्व विकास और मूल्यांकन प्रणाली में सहयोग करेंगे।

भूमि उपलब्ध, पहले चरण की शुरुआत

अधिकारियों के अनुसार पहले चरण के लिए मऊ, कानपुर देहात, कन्नौज, रायबरेली, प्रतापगढ़ और कानपुर नगर में कुल 369 एकड़ भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। अन्य जिलों में भूमि चिन्हित करने की प्रक्रिया जारी है।

यूपी में इन 'कर्मचारियों' को खुशखबरी, सरकार ला रही बड़ा सुधार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों की व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, संगठित और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसके तहत नियुक्ति प्रक्रिया से लेकर सेवा शर्तों और पारिश्रमिक तक एक समान प्रणाली लागू करने पर जोर दिया जा रहा है।

प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि विभिन्न विभागों में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मियों के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें पारदर्शिता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित हो सके और कर्मचारियों को समय पर उचित लाभ मिल सके।

यूपीकास की भूमिका होगी और मजबूत

राज्य में आउटसोर्स सेवाओं को व्यवस्थित करने के लिए गठित उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की भूमिका को और प्रभावी बनाने की तैयारी है। यह निगम विभिन्न विभागों में आउटसोर्स कर्मियों की नियुक्ति, सेवा शर्तों और वेतन संरचना में एकरूपता लाने का कार्य कर रहा है। सरकार चाहती है कि हर विभाग में अलग-अलग नियमों की बजाय एक समान व्यवस्था लागू हो, जिससे पूरे सिस्टम में स्थिरता और पारदर्शिता बनी रहे।

तकनीक आधारित सिस्टम पर जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समीक्षा बैठक के दौरान निर्देश दिए कि पूरी आउटसोर्स व्यवस्था को तकनीक आधारित बनाया जाए। इसके तहत एकीकृत ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया जा रहा है, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया, दस्तावेजों का सत्यापन, निगरानी और अन्य प्रशासनिक कार्य एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित हो सकें। इस डिजिटल प्रणाली से न केवल प्रक्रिया आसान होगी, बल्कि अनियमितताओं की संभावना भी कम होगी।

एजेंसियों के चयन में पारदर्शिता जरूरी

बैठक में आउटसोर्स एजेंसियों के चयन और उनके एम्पैनलमेंट की प्रक्रिया पर भी विस्तार से चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एजेंसियों के चयन के लिए मानक और नियम पूरी तरह स्पष्ट और पारदर्शी होने चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे। सरकार का मानना है कि मजबूत चयन प्रक्रिया ही बेहतर सेवाओं की गारंटी दे सकती है।

कर्मचारियों के हितों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों के हितों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। इसलिए ऐसी प्रणाली विकसित की जाए, जिसमें कर्मचारियों को समय पर पारिश्रमिक मिले और उनकी सेवा शर्तें स्पष्ट रूप से तय हों। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि विभागों को कुशल और प्रशिक्षित मानव संसाधन आसानी से उपलब्ध हो सके।

एक समान व्यवस्था से मिलेगा लाभ

नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के सभी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों की नियुक्ति और प्रबंधन एक समान प्रणाली के तहत होगा। इससे न केवल प्रशासनिक प्रक्रिया सरल होगी, बल्कि कर्मचारियों को भी अधिक पारदर्शी और सुरक्षित कार्य वातावरण मिल सकेगा।

बिहार सरकार का सख्त फरमान, कोचिंग सेंटरों के लिए नए नियम जारी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में संचालित कोचिंग सेंटरों के लिए नए और सख्त नियम लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इन नियमों का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना, अनुशासन लागू करना और छात्रों के शैक्षणिक विकास को सही दिशा देना है।

सरकार का मानना है कि शिक्षा केवल परीक्षा पास करने का साधन नहीं है, बल्कि यह छात्रों के भविष्य की मजबूत नींव तैयार करने का माध्यम है। इसी सोच के तहत कोचिंग संस्थानों की कार्यप्रणाली पर निगरानी और नियंत्रण को मजबूत किया जा रहा है।

जिला प्रशासन को देनी होगी छात्रों की पूरी जानकारी

नए नियमों के अनुसार, अब राज्य के सभी कोचिंग संस्थानों को अपने यहां पढ़ने वाले प्रत्येक छात्र का पूरा विवरण जिला प्रशासन को उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसमें छात्रों का नाम, नामांकन से जुड़ी जानकारी और अन्य आवश्यक रिकॉर्ड शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य इस व्यवस्था के जरिए कोचिंग संस्थानों की गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को समय रहते रोका जा सके। साथ ही जरूरत पड़ने पर प्रशासन छात्रों से जुड़े मामलों में तुरंत कार्रवाई कर सकेगा।

शिक्षा में पारदर्शिता लाने की दिशा में कदम

इस नई व्यवस्था को शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक अहम सुधार माना जा रहा है। इससे न केवल प्रशासन को डेटा आधारित निगरानी में मदद मिलेगी, बल्कि कोचिंग संस्थानों की जवाबदेही भी तय होगी। सरकार का मानना है कि जब हर संस्थान अपने छात्रों का रिकॉर्ड नियमित रूप से साझा करेगा, तो शिक्षा व्यवस्था अधिक संगठित और नियंत्रित हो सकेगी।

स्कूल-कॉलेज के समय में कोचिंग पर रोक

नए नियमों के तहत यह भी प्रस्तावित किया गया है कि कोई भी कोचिंग सेंटर स्कूल और कॉलेज के समय के दौरान कक्षाएं संचालित नहीं कर सकेगा। इसके लिए शिक्षा विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने के आदेश दिए गए हैं। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र अपनी नियमित स्कूल और कॉलेज की पढ़ाई पर ध्यान दें और कोचिंग के कारण उनकी मूल शिक्षा प्रभावित न हो।

बढ़ती कोचिंग निर्भरता पर रोक लगाने की कोशिश

हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि कई छात्र नियमित स्कूल-कॉलेज की बजाय सीधे कोचिंग पर निर्भर हो रहे हैं। इस प्रवृत्ति को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है, ताकि शिक्षा का संतुलन बना रहे और छात्र दोनों स्तर की पढ़ाई सही तरीके से कर सकें।

पेंशनर्स ने उठाई जोरदार मांग, 8वें वेतन आयोग में बड़े बदलाव की उम्मीद

नई दिल्ली। देश में 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं लगातार तेज हो रही हैं। जहां एक ओर केंद्रीय कर्मचारी वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते में सुधार की उम्मीद लगाए बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर पेंशनभोगियों ने भी अपनी महत्वपूर्ण मांग सरकार के सामने रख दी है। इस मांग का संबंध उम्र आधारित पेंशन व्यवस्था से है, जिसे लागू किए जाने पर लाखों वरिष्ठ नागरिकों को सीधा लाभ मिल सकता है।

पेंशनभोगी संगठनों का कहना है कि बढ़ती उम्र के साथ जीवन-यापन और स्वास्थ्य संबंधी खर्च लगातार बढ़ते जाते हैं। ऐसे में मौजूदा पेंशन व्यवस्था में बदलाव कर उम्र के अनुसार अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्रदान की जानी चाहिए। यही वजह है कि अब 8वें वेतन आयोग से पहले इस मुद्दे पर गंभीर चर्चा शुरू हो गई है।

क्या है उम्र आधारित पेंशन व्यवस्था की मांग?

सरकारी कर्मचारी संगठनों और नेशनल काउंसिल (जेसीएम) की स्टाफ साइड ने एक ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिसमें उम्र बढ़ने के साथ पेंशन की राशि भी चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की बात कही गई है। उनका तर्क है कि सेवानिवृत्ति के कई वर्षों बाद वरिष्ठ नागरिकों की आवश्यकताएं बदल जाती हैं और चिकित्सा खर्चों में काफी वृद्धि हो जाती है।

क्यों जरूरी मानी जा रही है यह मांग?

पेंशनभोगी संगठनों का कहना है कि 70, 80 और 90 वर्ष की आयु पार करने वाले लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं, दवाइयों और देखभाल पर अधिक खर्च करना पड़ता है। इसलिए उम्र बढ़ने के साथ पेंशन में भी अतिरिक्त वृद्धि की व्यवस्था होनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।

प्रस्तावित फॉर्मूला क्या कहता है?

पेंशनभोगी संगठनों द्वारा सुझाए गए प्रस्ताव के अनुसार हर पांच वर्ष की आयु वृद्धि पर पेंशन में अतिरिक्त बढ़ोतरी की जा सकती है।

65 वर्ष की आयु पर अंतिम मूल वेतन का 70 प्रतिशत

70 वर्ष की आयु पर 75 प्रतिशत

75 वर्ष की आयु पर 80 प्रतिशत

80 वर्ष की आयु पर 85 प्रतिशत

85 वर्ष की आयु पर 90 प्रतिशत

90 वर्ष या उससे अधिक आयु पर 100 प्रतिशत

यदि ऐसा मॉडल लागू होता है तो अधिक उम्र वाले पेंशनभोगियों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है।

खुशखबरी पर खुशखबरी! यूपी में 6000+ पदों पर बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में जून 2026 के दौरान आयोजित होने वाले रोजगार मेलों में 6000 से अधिक पदों पर भर्ती की जाएगी। सरकार और सेवायोजन विभाग की ओर से आयोजित इस अभियान के तहत अयोध्या, भदोही, बहराइच, कानपुर देहात, बागपत, मुरादाबाद, रामपुर और महोबा समेत कई जिलों में जॉब फेयर लगाए जा रहे हैं।

कहां-कहां और कितने पदों पर भर्ती?

जून माह में आयोजित होने वाले प्रमुख रोजगार मेलों में हजारों रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।

8-10 जून के रोजगार मेले

महोबा – जिला रोजगार कार्यालय: 100 पद

अयोध्या (बेनीगंज ITI): 1205 पद

रामपुर – जिला सेवायोजन कार्यालय: 50 पद

भदोही (ज्ञानपुर, DJD ITI): 1428 पद

बहराइच (जरवल-फखरपुर): 160 पद

11–13 जून के रोजगार मेले

बहराइच (रिसिया और शिवपुर): 155 पद

कानपुर देहात (मंगलम प्राइवेट ITI): 565 पद

बागपत (स्यादवाद हायर एजुकेशन एंड रिसर्च सेंटर): 1169 पद

अयोध्या (लालबाग सेवायोजन कार्यालय): 500 पद

मुरादाबाद: 150 पद

16–30 जून के रोजगार मेले

भदोही (ज्ञानपुर): 400 पद

भदोही (ज्ञानपुर): 300 पद

अयोध्या (बेनीगंज ITI): 550 पद

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

रोजगार मेलों का उद्देश्य युवाओं को कंपनियों के साथ सीधे जोड़ना है। एक ही स्थान पर कई कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे, जहां उम्मीदवार इंटरव्यू देकर नौकरी हासिल कर सकते हैं। इससे नौकरी की तलाश में समय और धन दोनों की बचत होगी।

क्या हैं पात्रता और जरूरी दस्तावेज?

अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा संबंधित कंपनियों के नियमों के अनुसार निर्धारित की गई है। इंटरव्यू में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों को अपने साथ 10वीं और 12वीं की मार्कशीट, स्नातक/डिप्लोमा प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो, अपडेटेड बायोडाटा (CV) जैसे दस्तावेज लेकर जाना होगा।

कैसे करें पंजीकरण?

रोजगार मेले में भाग लेने के लिए कोई शुल्क नहीं रखा गया है। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश रोजगार संगम पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल पर नाम, जिला, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसी जानकारी दर्ज कर रजिस्ट्रेशन पूरा किया जा सकता है। इसके अलावा जिन युवाओं ने पहले से पंजीकरण नहीं कराया है, उन्हें कई स्थानों पर ऑन-द-स्पॉट रजिस्ट्रेशन की सुविधा भी मिलेगी।

बिहार में बनेगी ये नई सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। भागलपुर-हंसडीहा मुख्य मार्ग (एसएच-19) को राष्ट्रीय राजमार्ग-80 से जोड़ने की लंबे समय से प्रतीक्षित योजना अब धरातल पर उतरने की ओर बढ़ गई है। पथ निर्माण विभाग द्वारा इस परियोजना के लिए प्रोविजनल वर्क ऑर्डर जारी कर दिया गया है, जिससे निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो गया है।

यह परियोजना केवल एक सड़क निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे भागलपुर, बांका और झारखंड के दुमका समेत आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से लोगों की आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी।

भागलपुर और झारखंड के बीच बढ़ेगा संपर्क

भागलपुर-हंसडीहा मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग-80 से जोड़ने के बाद बिहार और झारखंड के बीच परिवहन नेटवर्क अधिक मजबूत होगा। विशेष रूप से बांका और दुमका क्षेत्र के लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में लंबी दूरी तय करने में लगने वाला समय कम होगा और यातायात अधिक सुगम बन सकेगा। 

अमरपुर बाइपास से घटेगा शहर पर दबाव

समीक्षा बैठक में बांका जिले के अमरपुर बाइपास परियोजना की प्रगति पर भी चर्चा हुई। करीब 7.05 किलोमीटर लंबे अमरपुर बाइपास का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। बाइपास बनने के बाद शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे स्थानीय लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी। साथ ही लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के भीतर प्रवेश किए बिना वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा बेहतर सड़क

राज्य सरकार का फोकस केवल शहरों तक सीमित नहीं है। सड़क परियोजनाओं के माध्यम से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों को भी बेहतर संपर्क सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना पर काम किया जा रहा है। सरकार का मानना है कि अच्छी सड़कें केवल यात्रा को आसान नहीं बनातीं, बल्कि रोजगार, व्यापार और निवेश के नए अवसर भी पैदा करती हैं।

आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा

नई सड़क और बाइपास परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कृषि उत्पादों, छोटे उद्योगों और व्यापारिक सामानों की आवाजाही अधिक तेज और सुविधाजनक हो सकेगी। इससे स्थानीय बाजारों को मजबूती मिलेगी और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंचेगा।

बदल सकती है क्षेत्र की तस्वीर

भागलपुर-हंसडीहा मार्ग को एनएच-80 से जोड़ने और अमरपुर बाइपास के निर्माण जैसी परियोजनाएं बिहार के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं। इनके पूरा होने के बाद भागलपुर, बांका, दुमका और आसपास के क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था बेहतर होगी, यात्रा समय घटेगा और विकास की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

बुधवार को महासंयोग: 5 राशियों पर बरसेगी धन, सफलता और सौभाग्य

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुधवार का दिन कई शुभ ग्रह स्थितियों के कारण विशेष महत्व रखने वाला माना जा रहा है। ग्रहों के शुभ प्रभाव से बनने वाले महासंयोग का असर कई राशियों पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस शुभ योग के प्रभाव से कुछ राशियों को धन लाभ, करियर में प्रगति, व्यापार में सफलता और पारिवारिक सुख मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन उत्साह और उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा तथा किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह महासंयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के संकेत हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। निवेश से लाभ मिल सकता है और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता का रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है। व्यवसाय में लाभ के नए अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होगी और परिवार से सहयोग प्राप्त होगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह महासंयोग आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग हैं। परिवार में खुशी का माहौल बना रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के लिए यह समय उन्नति और सफलता के संकेत लेकर आया है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक लाभ के साथ-साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि होने की संभावना है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने जारी किए नए निर्देश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) के करोड़ों लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडरों की संख्या में कटौती करने का फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को एक वर्ष में केवल 4 सिलेंडरों पर ही सब्सिडी का लाभ मिलेगा। इससे पहले यह सीमा 9 सिलेंडर थी, जबकि योजना की शुरुआत के समय लाभार्थियों को 12 सब्सिडी वाले सिलेंडर उपलब्ध कराए जाते थे।

पांचवें सिलेंडर से देनी होगी पूरी कीमत

नई व्यवस्था के अनुसार, लाभार्थी पहले चार सिलेंडरों तक निर्धारित सब्सिडी का लाभ उठा सकेंगे। इसके बाद यदि कोई उपभोक्ता पांचवां सिलेंडर बुक करता है, तो उसे उस पर मिलने वाली 300 रुपये की सब्सिडी नहीं मिलेगी। ऐसे में उपभोक्ता को बाजार में निर्धारित पूरी कीमत चुकानी होगी। वर्तमान में सरकार उज्ज्वला योजना के तहत 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर पर 300 रुपये की सब्सिडी प्रदान करती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।

सरकार ने क्या बताई वजह?

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार यह निर्णय लाभार्थियों की औसत वार्षिक गैस खपत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। मंत्रालय का कहना है कि अधिकांश उज्ज्वला परिवारों की गैस खपत सीमित रहती है और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर नई व्यवस्था तैयार की गई है। सरकार का यह भी कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिससे आपूर्ति लागत में बढ़ोतरी हुई है। इसके बावजूद सरकार सब्सिडी के माध्यम से पात्र परिवारों को राहत देने का प्रयास कर रही है।

उज्ज्वला योजना ने बदली ग्रामीण रसोई की तस्वीर

प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना की शुरुआत वर्ष 2016 में की गई थी। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों, विशेषकर महिलाओं को स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराना था। योजना के माध्यम से करोड़ों परिवारों को मुफ्त एलपीजी कनेक्शन दिए गए, जिससे पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम हुई और स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों में भी कमी आई।

पिछले कुछ वर्षों में इस योजना ने ग्रामीण और गरीब परिवारों तक स्वच्छ रसोई ईंधन पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि सब्सिडी वाले सिलेंडरों की संख्या में कमी के बाद अब लाभार्थियों के खर्च पर कुछ अतिरिक्त प्रभाव पड़ सकता है।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! 15 जून को पहुंचेगा मानसून, कई जिलों में बारिश की संभावना

पटना। बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार इस बार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय के आसपास राज्य में प्रवेश कर सकता है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए मानसून के 13 से 15 जून के बीच बिहार पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून का प्रवेश सीमांचल क्षेत्र के रास्ते होने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे इसका प्रभाव राज्य के अन्य जिलों तक पहुंचेगा। मानसून के सक्रिय होने के साथ तापमान में गिरावट और मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

20 जून के बाद तेज हो सकती है बारिश

मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून के प्रवेश के बाद राज्य में वर्षा गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ेंगी। खासकर 20 जून के बाद अधिकांश जिलों में नियमित मानसूनी बारिश शुरू होने की संभावना है। इससे कृषि कार्यों को गति मिलेगी और खरीफ फसलों की बुवाई का रास्ता भी आसान होगा।

समय पर मानसून, लेकिन कम बारिश

हालांकि मानसून के समय पर आने की संभावना राहत देने वाली है, लेकिन इस वर्ष वर्षा की मात्रा को लेकर चिंता भी बनी हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि अल-नीनो प्रभाव के कारण मानसून की सक्रियता सामान्य से कमजोर रह सकती है, जिससे औसत वर्षा में कमी आने की आशंका है।

किसानों की बढ़ी उम्मीदें

मानसून के आगमन की खबर से किसानों में उत्साह है। समय पर वर्षा होने से खेतों की तैयारी, धान की नर्सरी और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भूजल स्तर और जलाशयों की स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है।

राहत और चुनौती दोनों

बिहार के लिए इस बार मानसून राहत और चुनौती दोनों लेकर आ सकता है। एक ओर समय पर मानसून आने से गर्मी से राहत और खेती को फायदा मिलने की संभावना है, वहीं दूसरी ओर सामान्य से कम वर्षा की आशंका सरकार और किसानों दोनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आने वाले दिनों में मानसून की रफ्तार और वर्षा की मात्रा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: 1 जुलाई से पूरे राज्य में लागू

पटना। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और विकास कार्यों को गति देने के लिए सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से लागू होने जा रही नई ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका योजना से लाखों ग्रामीण परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। यह योजना 1 जुलाई से लागू की जाएगी, जिसके लिए प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं।

सरकार का मानना है कि इस पहल से गांवों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, विकास कार्यों में तेजी आएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। योजना के तहत बिहार के लिए हजारों करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था भी की गई है, जिससे विभिन्न विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।

बिहार के लिए 6715 करोड़ रुपये का प्रावधान

नई योजना के तहत बिहार को 6715 करोड़ रुपये का अंतरिम बजट आवंटित किया गया है। इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत संरचना के विकास, रोजगार सृजन और लंबित परियोजनाओं को पूरा करने में किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि इस धनराशि का उपयोग गांवों की वास्तविक जरूरतों के अनुसार किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके।

मजदूरों के लिए विशेष व्यवस्था

ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले अकुशल श्रमिकों को ध्यान में रखते हुए लगभग 1890 करोड़ रुपये का अलग प्रावधान किया गया है। इससे मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी और उन्हें काम की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन करने की आवश्यकता कम पड़ सकती है।

अधूरे विकास कार्य होंगे पूरे

योजना का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य पहले से लंबित विकास कार्यों को पूरा करना भी है। कई ग्रामीण परियोजनाएं विभिन्न कारणों से अधूरी रह गई थीं। अब उन्हें नई योजना के तहत शामिल कर तेजी से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, जल संरक्षण, सामुदायिक परिसंपत्तियों और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं के निर्माण कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है।

तैयारियां अंतिम चरण में

योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए राज्य स्तर पर नियमावली तैयार की जा रही है। साथ ही मास्टर ट्रेनरों की नियुक्ति की जा चुकी है, जो जिलों और प्रखंडों में संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को प्रशिक्षण देंगे। सरकार का उद्देश्य है कि योजना शुरू होते ही इसके लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंच सकें और कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो।

बिहार में इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बढ़ा पारिश्रमिक!

पटना। पटना नगर निगम की सशक्त स्थायी समिति की बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इनमें दैनिक कर्मियों के पारिश्रमिक में वृद्धि, निगम की लीज पर दी गई संपत्तियों को फ्री होल्ड करने की अनुमति और विभिन्न विकास योजनाओं को स्वीकृति देना शामिल है। इन फैसलों से जहां कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी, वहीं शहर के विकास कार्यों को भी गति मिलने की उम्मीद है।

दैनिक कर्मियों को मिलेगी बढ़ी हुई राशि

नगर निगम और जलापूर्ति अंचल में कार्यरत दैनिक कर्मियों के पारिश्रमिक में वृद्धि को मंजूरी दी गई है। इसके तहत जिन कर्मियों को प्रतिदिन 604 रुपये का भुगतान किया जा रहा था, उनका पारिश्रमिक बढ़ाकर 609 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। वहीं, जिन कर्मियों को पहले 654 रुपये प्रतिदिन मिलते थे, उन्हें अब 660 रुपये प्रतिदिन का भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी पूर्व निर्धारित तिथि से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे संबंधित कर्मियों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।

लीज वाली संपत्तियों को फ्री होल्ड

बैठक में एक और बड़ा फैसला लेते हुए नगर निगम द्वारा लीज पर दी गई कई संपत्तियों को फ्री होल्ड करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत राजेंद्र नगर, श्रीकृष्णापुरी, पीआईटी कॉलोनी और बेउर क्षेत्र में स्थित भूखंडों, भवनों और फ्लैटों को सरकारी मूल्य की 10 प्रतिशत राशि जमा कर फ्री होल्ड कराया जा सकेगा। 

विकास योजनाओं को भी मिली मंजूरी

सशक्त स्थायी समिति ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए कई योजनाओं को भी स्वीकृति प्रदान की। जलापूर्ति परियोजनाओं, सड़क निर्माण और सौंदर्यीकरण से जुड़ी योजनाओं को हरी झंडी मिलने के बाद इन कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है।

नागरिक सुविधाओं पर रहेगा फोकस

बैठक में शहर की आधारभूत संरचना को मजबूत करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए भी चर्चा हुई। इसके तहत विभिन्न तकनीकी और निगरानी संबंधी उपायों को लागू करने पर जोर दिया गया ताकि नगर निगम की सेवाएं अधिक प्रभावी और पारदर्शी बन सकें।गरिकों को भी इसका प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है।

यूपी में खुशखबरी का ऐलान: 6 जिलों के युवाओं को सीधी भर्ती

मेरठ: उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के लिए एक बार फिर बड़ी राहत और अवसर की खबर सामने आई है। मेरठ स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) साकेत में 17 जून को एक वृहद रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। 

इस मेले में मंडल के छह जिलों के करीब 3000 युवाओं को नौकरी मिलने का अवसर मिलेगा। यह रोजगार मेला सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की उम्मीद है।

छह जिलों के युवाओं को अवसर

यह रोजगार मेला मेरठ मंडल के मेरठ, हापुड़, बागपत, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद जिलों के युवाओं के लिए आयोजित किया जा रहा है। इसमें आईटीआई, कौशल विकास मिशन और दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना के तहत प्रशिक्षित और वर्तमान में बेरोजगार अभ्यर्थी भाग ले सकते हैं।

50 से अधिक कंपनियां करेंगी भर्ती

इस मेले में 50 से अधिक प्रतिष्ठित निजी कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां लगभग 3000 रिक्त पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन करेंगी। भर्ती प्रक्रिया में तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों प्रकार की नौकरियां शामिल होंगी। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से अभ्यर्थियों की योग्यता, शैक्षणिक प्रदर्शन और कौशल के आधार पर की जाएगी।

महिलाओं और जरूरतमंदों को प्राथमिकता

इस रोजगार मेले की खास बात यह है कि इसमें महिला अभ्यर्थियों, दिव्यांगजनों और गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे समाज के कमजोर वर्गों को भी रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकेंगे। जिला समन्वयक और जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ना है।

बिहार में युवाओं के लिए खुशखबरी: IGNOU में 15 जुलाई तक एडमिशन

पटना। बिहार के छात्रों और युवाओं के लिए एक बड़ी राहत और अवसर की खबर सामने आई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के जुलाई 2026 सत्र के लिए ऑनलाइन नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जो 15 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। 

इस दौरान इच्छुक विद्यार्थी विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स में प्रवेश ले सकते हैं। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह अवसर उन छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो किसी कारणवश नियमित कॉलेज नहीं जा पाते, लेकिन उच्च शिक्षा प्राप्त करना चाहते हैं।

बिहार में 30 केंद्रों से मिल रहा लाभ

IGNOU के वरिष्ठ क्षेत्रीय निदेशक डॉ. ई. कृष्णाराव ने जानकारी दी कि क्षेत्रीय केंद्र पटना के अंतर्गत बिहार के 17 जिलों में लगभग 30 अध्ययन केंद्र संचालित हैं। ये केंद्र शहरी ही नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।

नई शिक्षा नीति के अनुरूप कोर्स

IGNOU ने नई शिक्षा नीति के तहत कई आधुनिक और बहुविषयक कार्यक्रम शुरू किए हैं। इसमें चार वर्षीय स्नातक कार्यक्रम, ऑनर्स डिग्री कोर्स और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। विद्यार्थी अपनी रुचि और करियर लक्ष्य के अनुसार पारंपरिक और तकनीकी दोनों प्रकार के कोर्स का चयन कर सकते हैं।

विदेशी भाषा और रोजगारोन्मुख कोर्स

विश्वविद्यालय द्वारा विदेशी भाषाओं में भी सर्टिफिकेट कोर्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिनमें फ्रेंच, जर्मन और कोरियन भाषा शामिल हैं। इसके साथ ही बैचलर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (BLIS) और मास्टर ऑफ लाइब्रेरी एंड इंफॉर्मेशन साइंस (MLIS) जैसे रोजगारपरक कोर्स भी उपलब्ध हैं।

AI, डेटा साइंस और क्लाइमेट चेंज कोर्स पर फोकस

आधुनिक तकनीक को ध्यान में रखते हुए IGNOU ने एमएससी इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग और एमएससी इन डेटा साइंस जैसे अत्याधुनिक कोर्स भी शुरू किए हैं। ये कोर्स छात्रों को भविष्य के रोजगार बाजार के लिए तैयार करने में मदद करेंगे।

शुक्र, गुरु और बुध की युति: 5 राशियों की खुल सकती है किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। 11 जून से 15 जून 2026 के बीच आकाश में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है। इस अवधि में शुक्र, गुरु और बुध की युति एक साथ देखी जाएगी। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार, यह त्रिग्रही योग कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन, आर्थिक लाभ और करियर में उन्नति के संकेत दे रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह युति आर्थिक दृष्टि से लाभकारी हो सकती है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और निवेश से लाभ की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि पर बुध ग्रह का विशेष प्रभाव रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा हो सकता है। लंबित कार्य पूरे होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और व्यापार में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे।

तुला राशि

तुला राशि पर शुक्र ग्रह की विशेष कृपा रहने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

धनु राशि

धनु राशि के लिए गुरु ग्रह का प्रभाव अत्यंत शुभ माना जा रहा है। भाग्य का साथ मिलेगा। शिक्षा, करियर और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता के योग बन रहे हैं। रुके हुए कार्य तेजी से पूरे हो सकते हैं।

योगी सरकार का फैसला: यूपी में इन महिलाओं को मिलेगा घर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए योगी सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने घोषणा की है कि तीन तलाक और एसिड अटैक जैसी गंभीर परिस्थितियों की शिकार महिलाओं के साथ-साथ निराश्रित महिलाओं को भी आवास और स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा।

पक्के घर की सुविधा देने की तैयारी

सरकार की योजना के तहत ऐसी महिलाओं को प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत पक्का घर उपलब्ध कराया जाएगा। जिन महिलाओं के पास स्थायी आवास नहीं है, उन्हें प्राथमिकता सूची में शामिल कर जल्द से जल्द आवास सुविधा देने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस कदम का उद्देश्य उन महिलाओं को सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन प्रदान करना है, जो सामाजिक या पारिवारिक परिस्थितियों के कारण असहाय हो गई हैं।

स्वास्थ्य सुरक्षा का भी मिलेगा लाभ

आवास के साथ-साथ इन महिलाओं को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से भी जोड़ा जाएगा। इससे उन्हें मुफ्त या रियायती इलाज की सुविधा मिल सकेगी। विशेष रूप से एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं को लंबे समय तक इलाज, सर्जरी और पुनर्वास की आवश्यकता होती है। ऐसे में यह योजना उनके लिए जीवन बदलने वाली साबित हो सकती है।

लाभार्थियों की पहचान के लिए सर्वे

महिला कल्याण विभाग को निर्देश दिया गया है कि वह तीन तलाक, एसिड अटैक और निराश्रित महिलाओं का विस्तृत और सत्यापित डेटा तैयार करे। इसी डेटा के आधार पर पात्र लाभार्थियों की पहचान कर उन्हें विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाएगा। विभागीय स्तर पर इस प्रक्रिया को तेज करने के लिए डाटा संग्रह और सत्यापन का कार्य शुरू कर दिया गया है, ताकि कोई भी पात्र महिला योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तेज हुई प्रक्रिया

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि ऐसी महिलाओं को प्राथमिकता के आधार पर आवास और स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। सरकार का मानना है कि केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि सुरक्षित आवास और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं भी महिलाओं के जीवन को आत्मनिर्भर और सम्मानजनक बनाने के लिए जरूरी हैं।

यूपी में मौसम अलर्ट: कई जिलों में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट लेने के संकेत दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों में अगले कुछ घंटों के भीतर तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है। इसके चलते गर्मी से परेशान लोगों को कुछ राहत मिलने की संभावना जताई गई है, हालांकि मौसम का यह बदलाव चुनौती भी लेकर आ सकता है।

लखनऊ और आसपास के जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ, उन्नाव और हरदोई जैसे जिलों में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना है। आगरा और आसपास के इलाकों में भी मौसम तेजी से बदल सकता है।

कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना

यूपी के जालौन, इटावा, कानपुर देहात, औरैया, बाराबंकी और कन्नौज जैसे जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इन जगहों पर गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।

इसके अलावा प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा, महोबा, कौशांबी, फतेहपुर, रायबरेली, कानपुर नगर, झांसी, ललितपुर, फिरोजाबाद, मैनपुरी, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर और श्रावस्ती समेत कई जिलों में हल्की बारिश और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

अगले तीन घंटे में मौसम बदलने के आसार

मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि अगले कुछ घंटों में कई क्षेत्रों में झमाझम बारिश देखने को मिल सकती है। अचानक मौसम में यह बदलाव तेज आंधी और बिजली गिरने जैसी घटनाओं के साथ भी हो सकता है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

यूपी में जमीन की खरीद-बिक्री पर आयकर की नजर, जांच शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री पर आयकर विभाग ने अपनी निगरानी और तेज कर दी है। हाल के वर्षों में सामने आई अनियमितताओं और सर्वे की कार्रवाई के बाद विभाग ने वित्तीय वर्ष की शुरुआत से ही रजिस्ट्री कार्यालयों के रिकॉर्ड की विस्तृत जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य बड़े संपत्ति लेन-देन में टैक्स अनुपालन और वित्तीय पारदर्शिता को सुनिश्चित करना है।

रजिस्ट्री रिकॉर्ड और लेन-देन की जांच

आयकर विभाग की आसूचना एवं आपराधिक अन्वेषण इकाई (I&CI) की टीम विभिन्न जिलों के रजिस्ट्री कार्यालयों में दर्ज दस्तावेजों की बारीकी से समीक्षा कर रही है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से लेकर अब तक के संपत्ति सौदों को जांच के दायरे में लिया गया है। अधिकारियों द्वारा यह देखा जा रहा है कि संपत्ति खरीद-फरोख्त के दौरान टीडीएस (TDS), पैन कार्ड विवरण और स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (SFT) जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन किया गया या नहीं।

बड़े सौदों पर विशेष नजर

नियमों के अनुसार, यदि किसी संपत्ति का मूल्य 30 लाख रुपये या उससे अधिक है, तो उसकी जानकारी रजिस्ट्री कार्यालय को एसएफटी के तहत आयकर विभाग को देनी होती है। वहीं 50 लाख रुपये या उससे अधिक की संपत्ति पर खरीदार द्वारा विक्रेता को किए गए भुगतान पर 1 प्रतिशत टीडीएस काटना अनिवार्य होता है। इसके अलावा, जिन सौदों का मूल्य 10 लाख रुपये या उससे अधिक है और खरीदार के पास पैन कार्ड नहीं है, वहां फॉर्म-60 भरना जरूरी होता है, जिसमें व्यक्ति की पहचान और पता दर्ज किया जाता है।

जांच में सामने आईं अनियमितताएं

प्रारंभिक जांच में कई खामियां उजागर हुई हैं। कुछ मामलों में पैन कार्ड का विवरण दर्ज नहीं किया गया, तो कई सौदों में टीडीएस की कटौती ही नहीं की गई। इसके साथ ही कैपिटल गेन टैक्स की देयता को भी नजरअंदाज करने के मामले सामने आए हैं। कुछ बिल्डरों द्वारा कृषि भूमि को शहरी क्षेत्र में बड़े सौदों के रूप में दिखाकर कर लाभ लेने की कोशिश भी सामने आई है। ऐसे मामलों में टैक्स नियमों के दुरुपयोग की आशंका जताई जा रही है।

संदिग्ध लेन-देन पर आयकर की नजर

आयकर विभाग अब केवल रजिस्ट्री रिकॉर्ड ही नहीं, बल्कि कई अन्य वित्तीय गतिविधियों पर भी निगरानी कर रहा है। इनमें संदिग्ध नकद जमा, डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन, डिविडेंड और ब्याज से आय, शेयर बाजार और म्यूचुअल फंड निवेश, एफडी-आरडी खाते, विदेशी मुद्रा लेन-देन और दो लाख रुपये से अधिक की नकद प्राप्तियां शामिल हैं।

बिहार के 32 जिलों में कल मौसम का कहर, भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

पटना। मौसम विज्ञान केंद्र ने 10 जून को लेकर बिहार के मौसम को लेकर बड़ा पूर्वानुमान जारी किया है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। तेज बारिश, गरज-चमक और वज्रपात की आशंका को देखते हुए कई जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

येलो अलर्ट वाले जिले

मौसम विभाग ने बिहार के पटना, जहानाबाद, अरवल, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय और बेगूसराय सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और वज्रपात की संभावना जताई गई है। लोगों को सतर्क रहने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।

ऑरेंज अलर्ट वाले जिले

मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका और भागलपुर शामिल हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। साथ ही भारी बारिश और वज्रपात का खतरा भी बना हुआ है।

11 जून का मौसम पूर्वानुमान

11 जून को पूरे बिहार में मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है। राज्य के लगभग सभी जिलों में येलो और ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा। पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास और औरंगाबाद सहित कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, भागलपुर और बांका जैसे जिलों में वज्रपात और बारिश की संभावना अधिक बनी हुई है।