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अमेरिका, रूस से भारत तक... ये 6 देश बनाते हैं रॉकेट इंजन, जानिए कौन कितना ताकतवर

नई दिल्ली। अंतरिक्ष में रॉकेट भेजना सिर्फ बड़े लॉन्च व्हीकल तैयार करने तक सीमित नहीं है। इसके पीछे सबसे अहम तकनीकों में से एक रॉकेट इंजन है। बेहद ज्यादा तापमान, दबाव और जटिल ईंधन प्रणाली के बीच इंजन को विश्वसनीय तरीके से काम करना पड़ता है। दुनिया के कुछ ही देशों ने इस क्षेत्र में अपनी तकनीक विकसित की है।

1. अमेरिका

अमेरिका लंबे समय से रॉकेट इंजन तकनीक में आगे रहा है। सरकारी एजेंसियों के साथ निजी कंपनियां भी अलग-अलग तरह के लिक्विड और मीथेन आधारित इंजन विकसित कर रही हैं। इसी तकनीक की मदद से अमेरिका भारी पेलोड को अंतरिक्ष तक पहुंचाने वाले लॉन्च सिस्टम संचालित करता है।

2. रूस

रूस की रॉकेट इंजन तकनीक का इतिहास काफी पुराना है। सोवियत दौर से विकसित इंजन तकनीक ने अंतरिक्ष अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। रूस आज भी अपने लॉन्च वाहनों के लिए स्वदेशी प्रोपल्शन सिस्टम तैयार करता है।

3. चीन

चीन ने अपने लॉन्ग मार्च लॉन्च व्हीकल परिवार के लिए विभिन्न रॉकेट इंजन विकसित किए हैं। उसके अंतरिक्ष कार्यक्रम में तरल ईंधन और आधुनिक प्रोपल्शन तकनीकों का इस्तेमाल किया जाता है।

4. जापान

जापान भी उन्नत रॉकेट इंजन तकनीक रखने वाले देशों में शामिल है। उसके H-IIA और बाद के लॉन्च सिस्टम में स्वदेशी इंजन तकनीक का इस्तेमाल हुआ है। जापान का अंतरिक्ष कार्यक्रम उच्च दक्षता वाले प्रोपल्शन सिस्टम पर लगातार काम करता रहा है।

5 . फ्रांस

फ्रांस की भूमिका यूरोपीय अंतरिक्ष कार्यक्रम में खास है। Ariane 6 का मुख्य इंजन Vulcain 2.1 फ्रांस में ArianeGroup द्वारा विकसित किया गया है। यह तरल हाइड्रोजन और तरल ऑक्सीजन का इस्तेमाल करता है और 1371 kN तक थ्रस्ट देता है।

6 .भारत

भारत ने भी क्रायोजेनिक और सेमी-क्रायोजेनिक इंजन के क्षेत्र में अपनी क्षमता विकसित की है। ISRO का CE20 इंजन LVM3 के ऊपरी चरण को शक्ति देता है और 2026 में इसका 22 टन थ्रस्ट पर सफल परीक्षण किया गया। वहीं सेमी-क्रायोजेनिक इंजन कार्यक्रम में भी लगातार परीक्षण चल रहे हैं।

खुशखबरी का तगड़ा ऐलान! बिहार में 50 पदों पर नई भर्ती, युवाओं को मौका

पटना। बिहार में तकनीकी क्षेत्र से पढ़ाई करने वाले युवाओं के लिए सरकारी विभाग के साथ काम करने का अवसर आया है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने यंग प्रोफेशनल के 50 पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे हैं।

डिप्लोमा से एमटेक तक वालों के लिए अवसर

इस भर्ती में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता के आधार पर पद तय किए गए हैं। डिप्लोमा धारकों के लिए 30 पद, बीटेक उम्मीदवारों के लिए 15 पद और एमटेक पास अभ्यर्थियों के लिए 5 पद रखे गए हैं। कंप्यूटर साइंस, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल और सिविल जैसे तकनीकी विषयों से जुड़े उम्मीदवारों के लिए यह मौका उपयोगी हो सकता है।

21 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

आवेदन प्रक्रिया 21 सितंबर 2026 सुबह 9 बजे से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए 15 अक्टूबर 2026 शाम 6 बजे तक का समय मिलेगा। अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय पात्र उम्मीदवार समय रहते आवेदन कर सकते हैं।

विभाग की वेबसाइट से भरें फॉर्म

भर्ती की पात्रता, जरूरी दस्तावेज, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तों की पूरी जानकारी विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को नोटिफिकेशन अच्छी तरह पढ़ लेना चाहिए, ताकि फॉर्म भरते समय किसी तरह की गलती न हो।

इस भर्ती के जरिए तकनीकी योग्यता रखने वाले युवाओं को बिहार सरकार के तकनीकी शिक्षा विभाग से जुड़े कामकाज में संविदा आधार पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

रोज मुट्ठीभर कद्दू के बीज खाने से क्या होता है? जानिए 5 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। कद्दू के बीज आकार में भले ही छोटे हों, लेकिन इनमें प्रोटीन, फाइबर, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना डाइट में शामिल करना शरीर के लिए फायदेमंद हो सकता है। इन्हें भूनकर या बिना नमक के स्नैक के तौर पर खाया जा सकता है।

1. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

कद्दू के बीजों में मौजूद मैग्नीशियम और असंतृप्त वसा हृदय के लिए उपयोगी पोषण देते हैं। संतुलित डाइट का हिस्सा बनने पर ये हार्ट हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं।

2. नींद में मददगार हो सकते हैं

इन बीजों में मैग्नीशियम और ट्रिप्टोफैन जैसे पोषक तत्व होते हैं। मैग्नीशियम शरीर के सामान्य मांसपेशी और तंत्रिका कार्य में भूमिका निभाता है, जबकि ट्रिप्टोफैन सेरोटोनिन और मेलाटोनिन बनने की प्रक्रिया से जुड़ा है।

3. पाचन को रखे बेहतर

कद्दू के बीजों में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। हालांकि ज्यादा मात्रा में खाने से कुछ लोगों को पेट फूलने या असहजता की समस्या हो सकती है।

4. इम्यून सिस्टम को पोषण

जिंक शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी खनिज है और कद्दू के बीज इसका एक स्रोत हैं। इसलिए संतुलित आहार में इन्हें शामिल करना पोषण की जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है।

5. हड्डियों और मांसपेशियों के लिए उपयोगी

कद्दू के बीजों में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और प्रोटीन जैसे पोषक तत्व होते हैं। ये हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य को बनाए रखने में भूमिका निभाते हैं।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में एकसाथ 3 नई भर्ती, जल्दी करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अलग-अलग विभागों में नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक साथ कई मौके सामने आए हैं। प्रयागराज जिला न्यायालय, आगरा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और गोरखपुर में आंगनवाड़ी के पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। अलग-अलग भर्तियों में आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है।

1 .प्रयागराज जिला न्यायालय में काउंसलर के 3 पद

प्रयागराज जिला न्यायालय ने काउंसलर के 3 पदों के लिए भर्ती निकाली है। आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर से शुरू हो चुकी है। पात्र उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 तक ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए जिला न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट देखना जरूरी है।

2 .आगरा KGBV में 34 रिक्तियां

आगरा के कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में भी विभिन्न शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों को भरने के लिए भर्ती अभियान चलाया जा रहा है। इस प्रक्रिया के तहत कुल 34 पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन 30 सितंबर तक जमा कर सकते हैं।

3 .गोरखपुर में आंगनवाड़ी सहायिका की 207 वैकेंसी

गोरखपुर जिले में महिलाओं के लिए आंगनवाड़ी भर्ती का अवसर है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय ने अलग-अलग बाल विकास परियोजनाओं के तहत आंगनवाड़ी सहायिका के 207 पदों पर आवेदन मांगे हैं। ये पद ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में संचालित परियोजनाओं से जुड़े हैं और नियुक्ति मानदेय आधारित संविदात्मक व्यवस्था के तहत होगी।

आवेदन से पहले नियम जरूर देखें

तीनों भर्तियों की पात्रता, चयन प्रक्रिया और आवेदन का तरीका अलग-अलग है। इसलिए अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक सूचना ध्यान से पढ़नी चाहिए। खासतौर पर अंतिम तारीख और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जांचने के बाद ही फॉर्म जमा करें।

यूपी के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, अब नहीं कटेगी बिजली!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली की उपलब्धता बढ़ने से पिछले कुछ दिनों से चल रही रात की कटौती का असर कम होने लगा है। बीते 48 घंटे में कई तापीय बिजली घरों की बंद यूनिटें दोबारा चल पड़ी हैं। इससे राज्य को ढाई हजार मेगावाट से अधिक अतिरिक्त बिजली मिलने लगी है।

कई परियोजनाओं में उत्पादन बहाल

अनपारा, हरदुआगंज और ओबरा की यूनिटों से करीब 1500 मेगावाट उत्पादन शुरू होने के बाद घाटमपुर और जवाहरपुर की एक-एक यूनिट ने भी बिजली देना शुरू कर दिया। शुक्रवार को घाटमपुर की एक और यूनिट तथा रोजा की बंद यूनिट से उत्पादन शुरू होने पर उपलब्धता में लगभग 1000 मेगावाट और बढ़ने की उम्मीद है।

गांव-कस्बों में कटौती घटने के आसार

बिजली की स्थिति सुधरने का सीधा असर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों पर दिखाई देने लगा है। ऊर्जा विभाग के अनुसार उपलब्धता में और सुधार हुआ तो अगले एक-दो दिनों में रात के समय कटौती की जरूरत काफी कम हो सकती है। जहां फिलहाल रात में आपूर्ति घटाई जा रही है, वहां दिन में अतिरिक्त बिजली देकर इसकी भरपाई की जा रही है।

कोयले की कमी से बिगड़ी थी स्थिति

पिछले दिनों कोयला खदानों में पानी भरने और कोयले की उपलब्धता प्रभावित होने के साथ कुछ तापीय इकाइयों में तकनीकी समस्याएं भी सामने आई थीं। इसके चलते बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच करीब 3000 मेगावाट तक का अंतर बन गया था। ग्रामीण क्षेत्रों में रात के दौरान कई घंटे कटौती करनी पड़ रही थी।

अब बंद यूनिटों के दोबारा उत्पादन में आने से आपूर्ति व्यवस्था पटरी पर लौटती दिख रही है। आने वाले दिनों में उपलब्धता बढ़ने पर उपभोक्ताओं को रात की बिजली कटौती से और राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! पासपोर्ट पर नया नियम लागू, बच्चों के पासपोर्ट की वैधता बदली

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। नए नियम के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी होने वाला सामान्य 36 पन्नों का पासपोर्ट अब पांच साल या बच्चे के 18 साल की उम्र पूरी होने तक वैध रहेगा। इन दोनों में से जो अवधि पहले पूरी होगी, उसी के आधार पर पासपोर्ट की वैधता तय होगी। यह बदलाव पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के तहत किया गया है।

विदेश मंत्रालय की ओर से अधिसूचित ये संशोधित नियम भारत के राजपत्र में प्रकाशित होने के साथ लागू हो गए हैं। नए प्रावधान का सीधा असर उन अभिभावकों पर पड़ेगा, जो अपने 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए पासपोर्ट बनवा रहे हैं।

पासपोर्ट की फीस में भी बदलाव

सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किया है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है। वहीं तत्काल श्रेणी में यही शुल्क 3,000 रुपये से बढ़कर 4,250 रुपये हो गया है।

इसके अलावा वयस्कों के सामान्य 36 पन्नों वाले नए पासपोर्ट या नवीनीकरण का शुल्क 1,500 रुपये से बढ़कर 2,500 रुपये और 60 पन्नों वाले पासपोर्ट का शुल्क 2,000 रुपये से बढ़कर 3,500 रुपये किया गया है। तत्काल सेवा में भी शुल्क बढ़ाया गया है।

बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को छूट

पासपोर्ट आवेदन में आठ साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत की छूट जारी रहेगी। हालांकि, पासपोर्ट दोबारा जारी कराने के आवेदन पर यह छूट लागू नहीं होगी।

नए नियमों और संशोधित शुल्क के बाद पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों के लिए आवेदन से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार लागू फीस और दस्तावेजों की जानकारी जांचना जरूरी होगा। खासकर बच्चों का पासपोर्ट बनवाने वाले अभिभावकों को अब नई वैधता अवधि को ध्यान में रखकर आवेदन करना होगा।

गुरु-मंगल की जोड़ी से बदलेगा भाग्य! 5 राशियों को धन लाभ और करियर में तरक्की

राशिफल। 18 सितंबर 2026 को मंगल ने कर्क राशि में प्रवेश किया है, जहां देवगुरु बृहस्पति पहले से मौजूद हैं। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति बनी है। वैदिक ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, विस्तार और समृद्धि से, जबकि मंगल को साहस, ऊर्जा और पराक्रम से जोड़ा जाता है। इसी वजह से गुरु-मंगल का यह संयोग कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने का हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को भी लाभ के नए मौके मिलने की संभावना जताई जा रही है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु-मंगल की युति करियर से जुड़े मामलों में बदलाव ला सकती है। काम में पहचान मिलने के साथ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों के लिए नए प्रोजेक्ट या निवेश से जुड़े अवसर सामने आ सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को भाग्य का साथ मिलने की संभावना बताई जा रही है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के रास्ते खुल सकते हैं। पुराने निवेश या संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद की जा सकती है।

मेष राशि

मेष राशि के स्वामी मंगल हैं, इसलिए यह संयोग इनके लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में विस्तार की योजनाओं पर भी काम आगे बढ़ सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए भी मंगल-गुरु का संयोग आर्थिक और पेशेवर मामलों में सकारात्मक बदलाव से जोड़ा जा रहा है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। नए अवसरों पर विचार करने का समय हो सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! शिक्षकों के लिए शुरू हुआ 6 महीने का खास कोर्स, मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली। प्राथमिक शिक्षकों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम पहल शुरू की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने 17 सितंबर 2026 को छह महीने का प्राइमरी टीचर एजुकेशन (PTE) सर्टिफिकेट ब्रिज कोर्स लॉन्च किया। इसका संचालन नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ ओपन स्कूलिंग (NIOS) के माध्यम से किया जाएगा।

यह कोर्स खास तौर पर उन कार्यरत प्राथमिक शिक्षकों के लिए है, जिनके पास B.Ed. की डिग्री है, लेकिन D.El.Ed. की योग्यता नहीं है और जिनकी नियुक्ति निर्धारित अवधि के दौरान प्राथमिक कक्षाओं में हुई थी। इसका उद्देश्य शिक्षकों को कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों की जरूरतों के अनुरूप बेहतर और बाल-केंद्रित तरीके से पढ़ाने के लिए जरूरी प्रशिक्षण देना है।

कोर्स में क्या होगा?

ब्रिज कोर्स में छह सैद्धांतिक विषयों के साथ स्कूल आधारित प्रायोगिक प्रशिक्षण शामिल है। इसमें कम से कम 10 दिन की ऑनलाइन संपर्क कक्षाएं और 20 दिन का स्कूल आधारित प्रशिक्षण रखा गया है। पढ़ाई हिंदी और अंग्रेजी में होगी, जबकि थ्योरी परीक्षा संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 22 भाषाओं में से किसी भाषा में दी जा सकेगी।

इस पहल की पृष्ठभूमि सुप्रीम कोर्ट के 8 अप्रैल 2024 के आदेश से जुड़ी है, जिसमें ऐसे संरक्षित B.Ed.-योग्य प्राथमिक शिक्षकों के लिए ब्रिज कोर्स तैयार करने का निर्देश दिया गया था। कोर्ट ने यह भी कहा था कि संबंधित शिक्षकों को निर्धारित समय में कोर्स पूरा करना होगा।

इस कोर्स के जरिए संबंधित शिक्षकों को प्राथमिक स्तर की शिक्षा के लिए जरूरी अतिरिक्त प्रशिक्षण और प्रमाणन हासिल करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी पेशेवर क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।

बिहार में बनेगा 150 किमी फोरलेन सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली राम जानकी पथ परियोजना के बाकी हिस्से का काम अब आगे बढ़ने की तैयारी में है। परियोजना के तीसरे और चौथे पैकेज की डीपीआर तैयार हो चुकी है। इन दोनों पैकेज पर करीब 8,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इन पैकेज के तहत सारण के मशरख से बिहार-नेपाल सीमा के भिट्टा मोड़ तक लगभग 150 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जाएगी। डीपीआर को मंजूरी के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू होगी।

107 गांवों की जमीन होगी शामिल

मशरख से भिट्टा मोड़ तक सड़क निर्माण के लिए 107 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जानी है। इसमें सारण के 10, गोपालगंज के 13, पूर्वी चंपारण के 48, शिवहर के 5 और सीतामढ़ी के 31 गांव शामिल हैं। तीसरे पैकेज में मशरख से शिवहर तक करीब 76 किलोमीटर सड़क को फोरलेन बनाया जाएगा। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद आगे बढ़ेगी।

कई जिलों में आसान होगा सफर

राम जानकी पथ का यह हिस्सा तैयार होने के बाद सारण, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण, शिवहर और सीतामढ़ी समेत आसपास के इलाकों में सड़क संपर्क बेहतर होगा। वहीं, बिहार-नेपाल सीमा तक आवागमन भी पहले की तुलना में सुगम होने की उम्मीद है। परियोजना के पहले और दूसरे पैकेज में करीब 90 किलोमीटर सड़क का काम पहले से जारी है।

बिहार सरकार का बड़ा आदेश, इन परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर!

पटना। बिहार के भूमिहीन परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने ऐसे पात्र लाभुकों को ‘अभियान बसेरा’ के तहत आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए हैं। अब भूमिहीन लोगों को आवेदन जमा करने के लिए राज्य मुख्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। वे अपने ही संबंधित अंचल कार्यालय में आवेदन जमा कर सकेंगे।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमिहीन लाभुकों को आवेदन की प्रक्रिया की सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो। अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि पात्र लोगों को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

सरकार की ओर से साफ किया गया है कि यदि किसी लाभुक को गलत जानकारी देकर भ्रमित किया जाता है, तो मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में भूमिहीन परिवार अपने संबंधित अंचल कार्यालय में संपर्क कर आवेदन प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इस पहल से खासकर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें जमीन से जुड़े काम के लिए दूर स्थित सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे। स्थानीय स्तर पर आवेदन की सुविधा मिलने से प्रक्रिया अधिक आसान और सुविधाजनक हो सकती है।

20 सितंबर को बनेगा सौभाग्य योग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के योग

राशिफल। सितंबर का तीसरा रविवार ज्योतिष के लिहाज से खास रहने वाला है। 20 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि और पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के साथ सौभाग्य योग रहेगा। पंचांग के अनुसार यह योग दोपहर करीब 3:22 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में सौभाग्य योग को शुभ कार्यों, उपलब्धियों और सकारात्मक परिणामों से जोड़कर देखा जाता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत का परिणाम मिलने और जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। रुका हुआ पैसा वापस आने की संभावना भी बन सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में राहत का समय रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं और किसी महत्वपूर्ण काम में परिवार का सहयोग मिलेगा। निवेश या खरीदारी से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी के बजाय सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों के लिए करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी, प्रशंसा या आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। व्यापार करने वालों को किसी नए सौदे से लाभ की उम्मीद बन सकती है। धन संबंधी योजनाओं को व्यवस्थित करने का भी अच्छा समय माना जा सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को सौभाग्य योग के दौरान मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी या व्यवसाय में अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। आमदनी से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं और लंबे समय से चली आ रही किसी आर्थिक चिंता से राहत मिल सकती है।

यूपी में इस एक्सप्रेसवे का विस्तार होगा, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क और शहरी परिवहन व्यवस्था को लेकर बड़ी योजना सामने आई है। केंद्र सरकार ने लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आगे विस्तार की बात कही है। फिलहाल करीब 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे लखनऊ और कानपुर के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है और उन्नाव को भी जोड़ता है। परियोजना पर करीब ₹4,200 करोड़ की लागत आई है।

कई इलाकों को मिल सकता है फायदा

एक्सप्रेसवे के विस्तार से मौजूदा रूट से आगे के क्षेत्रों को जोड़ने की संभावना बढ़ेगी। इससे लखनऊ-कानपुर के बीच आने-जाने वाले लोगों के साथ आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी भी बेहतर हो सकती है। बेहतर सड़क संपर्क का असर कारोबार और माल ढुलाई पर भी पड़ने की उम्मीद है।

शहीद पथ पर बनेगा मल्टी-लेयर कॉरिडोर

वहीं, लखनऊ के 23 किलोमीटर लंबे शहीद पथ को भी नए स्वरूप में विकसित करने की योजना बताई गई है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार यहां दो फ्लाईओवर, मेट्रो और मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम को एकीकृत करते हुए मल्टी-लेयर कॉरिडोर तैयार किया जाएगा।

बढ़ते ट्रैफिक को मिलेगी राहत

शहीद पथ शहर के कई प्रमुख मार्गों को जोड़ता है। नए कॉरिडोर से राजधानी में यातायात को अधिक व्यवस्थित करने और लोगों के आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मेट्रो और सड़क परिवहन के एक साथ विकसित होने से आसपास के नए शहरी इलाकों को भी बेहतर सार्वजनिक परिवहन विकल्प मिल सकता है।

दुनिया का सबसे महंगा Fighter Jet कौन सा है? कीमत जानकर उड़ जाएंगे होश!

नई दिल्ली। जब दुनिया के सबसे महंगे लड़ाकू विमानों की बात होती है तो अमेरिका का F-22 Raptor सबसे खास नामों में शामिल होता है। यह पांचवीं पीढ़ी का स्टेल्थ फाइटर है, जिसे खास तौर पर हवाई युद्ध में बढ़त हासिल करने के लिए विकसित किया गया था।

कीमत कितनी है?

F-22 के एक विमान की निर्माण लागत करीब 143 मिलियन डॉलर बताई जाती है, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1,200 करोड़ रुपये बैठती है। अगर रिसर्च, डिजाइन, परीक्षण और पूरे कार्यक्रम की विकास लागत को भी जोड़ा जाए तो प्रति विमान की प्रभावी लागत करीब 330-350 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकती है।

बेहद खास है इसकी तकनीक

F-22 की सबसे बड़ी खूबियों में उसकी स्टेल्थ क्षमता शामिल है। इसका डिजाइन रडार पर इसकी पहचान मुश्किल बनाने के लिए तैयार किया गया है। विमान सुपरक्रूज क्षमता के कारण आफ्टरबर्नर के बिना भी सुपरसोनिक गति बनाए रख सकता है। थ्रस्ट-वेक्टरिंग तकनीक इसे हवा में तेजी से दिशा बदलने में मदद करती है।

कम उत्पादन ने बढ़ाई लागत

F-22 कार्यक्रम के लिए शुरुआती योजना में बड़ी संख्या में विमान बनाने का लक्ष्य था, लेकिन बाद में उत्पादन घटकर 195 विमानों तक सीमित रह गया। कम संख्या में निर्माण होने से प्रति विमान की लागत पर भी असर पड़ा।

सिर्फ अमेरिका के पास यह जेट

F-22 का इस्तेमाल अमेरिकी वायुसेना करती है और इसे विदेशी देशों को बेचने की अनुमति नहीं दी गई। इसकी संवेदनशील सैन्य तकनीक और स्टेल्थ क्षमताओं को देखते हुए इसका निर्यात प्रतिबंधित रहा है। यही वजह है कि F-22 आज भी अमेरिकी वायु शक्ति का एक विशेष लड़ाकू विमान बना हुआ है।

बिहार में बनेगा 1 और एयरपोर्ट, जमीन चिन्हित, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार के कैमूर जिले में प्रस्तावित नए एयरपोर्ट को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी है। जिला प्रशासन ने हवाई अड्डे के लिए जमीन चिह्नित कर करीब 161 एकड़ भूमि का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेज दिया है। अब निर्माण की दिशा में अगला कदम सरकार की मंजूरी के बाद उठाया जाएगा।

तीन मौजा में चुनी गई जमीन

एयरपोर्ट के लिए रामपुर, सबार और पाली मौजा की जमीन का चयन किया गया है। यह स्थान रामपुर प्रखंड में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे के पास बताया गया है। जमीन से जुड़े दस्तावेज और दूसरी प्रशासनिक औपचारिकताओं को पूरा करने का काम भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

अधिकारियों ने शुरू की तैयारी

जिला स्तर पर अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित एयरपोर्ट से संबंधित काम की समीक्षा की गई है। राजस्व समेत संबंधित विभागों को जरूरी दस्तावेज तैयार करने और प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

शाहाबाद क्षेत्र को मिल सकता है फायदा

एयरपोर्ट बनने के बाद कैमूर के साथ आसपास के शाहाबाद क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर हवाई संपर्क मिलने की उम्मीद है। इलाज, कारोबार और दूसरे जरूरी कामों के लिए बड़े शहरों तक पहुंच आसान हो सकती है।

पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ेगी उम्मीद

कैमूर के मां मुंडेश्वरी धाम, करकटगढ़ और दुर्गावती जलाशय जैसे पर्यटन स्थलों तक बाहर से आने वाले लोगों की पहुंच आसान होने की संभावना है। हवाई संपर्क विकसित होने से स्थानीय व्यापार, परिवहन, होटल और अन्य सेवाओं में गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद भी जताई जा रही है। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम सरकार की मंजूरी है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद एयरपोर्ट निर्माण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।

खुशखबरी का धुआंधार ऐलान! यूपी में 1251 पदों पर भर्ती, सैलरी 92300

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती से जुड़ी बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने पशुधन प्रसार अधिकारी के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए कुल 1251 पद भरे जाएंगे।

9 सितंबर से आवेदन शुरू

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू हैं। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 29 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद शुल्क मिलान या करेक्शन के लिए 6 अक्टूबर 2026 तक का समय दिया गया है।

21 से 40 वर्ष तक आयु सीमा

पशुधन प्रसार अधिकारी भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की उम्र कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

₹92,300 तक पहुंचता है वेतन

इस पद को पे मैट्रिक्स लेवल-5 में रखा गया है। इसमें शुरुआती वेतन ₹29,200 है, जबकि अधिकतम वेतन ₹92,300 तक जाता है। हालांकि नोटिफिकेशन में ग्रॉस या इन-हैंड सैलरी और अलग-अलग भत्तों की निश्चित राशि नहीं बताई गई है।

कहां करना होगा आवेदन?

भर्ती का संचालन पशुपालन निदेशालय के तहत होगा और नौकरी उत्तर प्रदेश में होगी। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में अपनी पात्रता और जरूरी शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए। आवेदन आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से किया जाएगा।

16 राज्यों में बारिश का बड़ा अलर्ट! आंधी-तूफान के साथ 70 की स्पीड से हवाएं, IMD की चेतावनी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। 18 सितंबर को कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की स्थिति बनने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक बिहार और राजस्थान समेत कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ आंधी की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

इस दौरान तेज हवाओं से खुले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है। किसानों को खेतों में काम करते समय सावधानी बरतने की सलाह दी जा सकती है, जबकि बिजली चमकने के दौरान पेड़ या खुले स्थान के नीचे खड़े होने से बचना जरूरी है।

दिल्ली से लेकर बिहार तक मौसम बदलेगा

आज दिल्ली में बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। बिहार में कई जिलों में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की चेतावनी है। वहीं राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी 18 सितंबर को भारी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना दर्ज की गई है।

उत्तराखंड में भी गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की जरूरत है। पहाड़ी इलाकों में बारिश के दौरान यात्रा करने वाले लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

इन राज्यों में भी बारिश के आसार

बारिश का असर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, झारखंड, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, गुजरात, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों में देखने को मिल सकता है। हालांकि, इन राज्यों के अलग-अलग इलाकों में मौसम की तीव्रता अलग रह सकती है।

मौसम पर नजर रखना जरूरी

IMD के पूर्वानुमान में दिन के दौरान स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार बदलाव संभव है। इसलिए बारिश या आंधी वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय चेतावनी और ताजा मौसम अपडेट देखते रहने चाहिए।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, गरीब परिवारों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। शहरों में किराये के मकान में रहने वाले परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत घर का सपना पूरा करने का रास्ता आसान किया जा रहा है। इस योजना का लक्ष्य शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 1 करोड़ पक्के मकानों की सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के लिए कुल ₹10 लाख करोड़ के निवेश और ₹2.30 लाख करोड़ की सरकारी सहायता का प्रावधान बताया गया है।

घर बनाने से लेकर किराये तक का विकल्प

PMAY-U 2.0 को चार प्रमुख हिस्सों में लागू किया गया है। जिन पात्र परिवारों के पास अपनी जमीन है, उन्हें घर बनाने के लिए केंद्रीय सहायता मिल सकती है। वहीं, सरकार और सार्वजनिक या निजी संस्थाओं की साझेदारी से किफायती मकानों का निर्माण भी किया जाएगा। इसके अलावा शहरों में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों, कामकाजी महिलाओं और अन्य पात्र परिवारों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग की व्यवस्था का भी प्रावधान है।

होम लोन पर भी सब्सिडी

इस योजना के Interest Subsidy Scheme के तहत पात्र EWS, LIG और MIG परिवारों को होम लोन पर ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र लाभार्थियों को ₹8 लाख तक के लोन हिस्से पर 4% ब्याज सब्सिडी मिल सकती है और अधिकतम लाभ ₹1.80 लाख तक निर्धारित है।

किन परिवारों को मिल सकता है लाभ?

योजना में EWS, LIG और MIG श्रेणी के परिवारों को शामिल किया गया है। पात्रता के लिए परिवार के नाम पर देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना महत्वपूर्ण शर्तों में शामिल है। योजना में महिलाओं, विधवाओं, दिव्यांगों, वरिष्ठ नागरिकों, SC/ST, अल्पसंख्यकों और अन्य वंचित वर्गों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

ऐसे में जिन शहरी परिवारों के पास अभी अपना पक्का घर नहीं है, उनके लिए PMAY-U 2.0 के नियमों के तहत अपनी पात्रता जांचना उपयोगी रहेगा। योजना का लाभ राज्य और स्थानीय स्तर पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मिलता है।

19 सितंबर को बनेगा आयुष्मान योग! 4 राशियों के लिए शुरू होगा खुशियों का दौर

राशिफल। 19 सितंबर 2026 को शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि के साथ आयुष्मान योग रहेगा। पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा धनु राशि में और सूर्य कन्या राशि में रहेगा। ज्योतिष में आयुष्मान योग को शुभ योगों में गिना जाता है और मान्यता है कि इसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिलने के संकेत माने जा रहे हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद रह सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आयुष्मान योग नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकता है। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी माहौल सकारात्मक रहने की संभावना है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग खास माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान जा सकता है और कोई महत्वपूर्ण काम पूरा होने से राहत मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आयुष्मान योग करियर और आर्थिक मामलों में अनुकूल परिणामों का संकेत दे सकता है। किसी पुराने प्रयास का फायदा मिल सकता है और नई योजना पर काम शुरू करने का अवसर बन सकता है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी! देशभर के किसानों को जल्द मिलेगी 1 खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अब अगली किस्त में पात्र किसानों के खाते में 2,000 रुपये आने हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी 24वीं किस्त की कोई निश्चित तारीख घोषित नहीं की है।

अक्टूबर में आ सकती है किस्त

पीएम किसान के भुगतान चक्र को देखते हुए 24वीं किस्त के अक्टूबर 2026 के आसपास आने की संभावना जताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में अक्टूबर से नवंबर के बीच का समय भी बताया गया है, लेकिन इसे अभी आधिकारिक तारीख नहीं माना जा सकता।

e-KYC जरूर पूरी रखें

अगली किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए जरूरी है कि वे अपनी e-KYC की स्थिति जरूर जांच लें। बैंक खाते, आधार और योजना के रिकॉर्ड में किसी तरह की गड़बड़ी होने पर भुगतान में परेशानी आ सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते अपनी जानकारी अपडेट कर लेनी चाहिए।

किसान PM-KISAN के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर Beneficiary Status और e-KYC से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। सरकार की ओर से तारीख घोषित होने के बाद किस्त जारी होने की स्थिति भी इसी तरह जांची जा सकेगी।

आधिकारिक तारीख का इंतजार

फिलहाल 24वीं किस्त की तारीख को लेकर अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन किसानों को किसी भी अनुमान को पक्की खबर नहीं मानना चाहिए। केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही किस्त की सही तारीख स्पष्ट होगी।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! बिहार में B.Ed. की खाली सीटों पर सीधा एडमिशन

मुजफ्फरपुर। बिहार में B.Ed. में दाखिले का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बची हुई सीटों पर प्रवेश का एक और मौका आया है। बीआरए बिहार विश्वविद्यालय ने CET-B.Ed. एवं शिक्षा शास्त्री 2026 के लिए इंस्टेंट ऑनलाइन एडमिशन राउंड शुरू करने की घोषणा की है।

इस चरण में खाली सीटों पर First Come, First Served के आधार पर नामांकन होगा। ऑनलाइन पोर्टल 18 सितंबर को सुबह 11 बजे से 22 सितंबर की शाम 7 बजे तक खुला रहेगा। हालांकि, इसमें सिर्फ वही अभ्यर्थी भाग ले सकेंगे, जिन्होंने पहले काउंसलिंग के लिए सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन कराया था।

पसंद की सीट तुरंत बुक करनी होगी

उपलब्ध कॉलेज और विषय पोर्टल पर दिखाई देंगे। अभ्यर्थी अपनी पसंद की खाली सीट चुनकर 3,000 रुपये का गैर-वापसी योग्य आरक्षण शुल्क ऑनलाइन जमा करेंगे। सीट चुनने के बाद भुगतान के लिए केवल 15 मिनट का समय मिलेगा। तय समय में भुगतान नहीं होने पर सीट दोबारा उपलब्ध हो जाएगी।

भुगतान सफल होते ही अलॉटमेंट लेटर ऑनलाइन जारी होगा और पंजीकृत ईमेल पर भी इसकी सूचना भेजी जाएगी। इसके बाद अभ्यर्थी को संबंधित कॉलेज में पहुंचकर मूल दस्तावेजों का सत्यापन कराना होगा और बची हुई फीस जमा करनी होगी। पहले दिए गए 3,000 रुपये को कुल फीस में समायोजित किया जाएगा।

सीट चुनते समय रखें सावधानी

एक बार सीट आवंटित होकर शुल्क जमा हो जाने के बाद अलॉटमेंट को अंतिम माना जाएगा। इसके बाद कॉलेज या सीट बदलने का विकल्प नहीं मिलेगा। विश्वविद्यालय ने तकनीकी या भुगतान संबंधी परेशानी से बचने के लिए अभ्यर्थियों को अंतिम समय तक इंतजार न करने की सलाह दी है।

ताकत का खजाना हैं ये 4 सब्जियां! हर घर की थाली में जरूर होनी चाहिए

हेल्थ डेस्क। सेहतमंद रहने के लिए महंगे और मुश्किल डाइट प्लान की जरूरत नहीं होती। रोज के खाने में सही सब्जियों को शामिल करके भी शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं। पालक, गाजर, सहजन और ब्रोकोली ऐसी सब्जियां हैं, जिन्हें अपनी डाइट में जगह दी जा सकती है।

पालक

पालक में आयरन, फोलेट, विटामिन ए, विटामिन सी और विटामिन के जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसमें मौजूद फाइबर पाचन के लिए भी उपयोगी होता है। पालक की सब्जी, दाल या सूप बनाकर इसे खाया जा सकता है।

गाजर

गाजर में बीटा-कैरोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसे शरीर विटामिन ए में बदलता है। यह आंखों और सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषण देता है। सलाद, सब्जी या सूप के रूप में गाजर को भोजन में शामिल करना आसान है।

सहजन

सहजन की फली और पत्तियां दोनों ही पोषक मानी जाती हैं। इसमें फाइबर के साथ कई विटामिन और खनिज पाए जाते हैं। सहजन की फली को दाल, सांभर या सब्जी में शामिल करके रोज के भोजन को ज्यादा पौष्टिक बनाया जा सकता है।

ब्रोकोली

ब्रोकोली में फाइबर, विटामिन सी, विटामिन के और फोलेट जैसे पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें कई तरह के पौधों से मिलने वाले यौगिक भी होते हैं। इसे हल्का पकाकर, भाप में तैयार करके या सलाद में शामिल किया जा सकता है।

थाली में रखें इनका संतुलन

इन सब्जियों को अलग-अलग दिनों में भोजन का हिस्सा बनाना डाइट में विविधता लाने का अच्छा तरीका है। किसी एक सब्जी पर निर्भर रहने के बजाय अलग-अलग रंग और किस्म की सब्जियां खाने से शरीर को विभिन्न पोषक तत्व मिलते हैं।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, इस महीने मिलेगी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सितंबर का बिल कुछ राहत लेकर आ सकता है। UPPCL ने इस महीने बिजली बिल में -7.93 प्रतिशत FPPAS लागू किया है। इसका सीधा असर उन शुल्कों पर पड़ेगा, जिन पर Fuel and Power Purchase Adjustment Surcharge लागू होता है। इसके चलते प्रदेश के उपभोक्ताओं को कुल मिलाकर करीब 604 करोड़ रुपये की राहत मिलने का अनुमान है।

पूरे बिल पर 7.93% की कटौती नहीं

यहां एक बात समझना जरूरी है कि -7.93 प्रतिशत का मतलब पूरे बिजली बिल में 7.93 प्रतिशत की कमी नहीं है। बिल में ऊर्जा खपत के अलावा फिक्स्ड चार्ज, मीटर शुल्क, बिजली ड्यूटी और दूसरे मद भी शामिल हो सकते हैं। इसलिए हर उपभोक्ता को मिलने वाली वास्तविक राहत अलग-अलग होगी।

100 और 200 यूनिट पर कैसे असर पड़ेगा?

कम खपत वाले उपभोक्ताओं के बिल में भी FPPAS से जुड़ी राशि पर राहत मिल सकती है। उदाहरण के तौर पर 100 या 200 यूनिट बिजली इस्तेमाल करने वाले ग्राहक के बिल में ऊर्जा शुल्क पर लागू समायोजन का असर दिखाई दे सकता है। वहीं अधिक खपत होने पर इसी हिस्से की राशि ज्यादा होने के कारण राहत की रकम भी बढ़ सकती है।

500 यूनिट वालों को ज्यादा असर संभव

500 यूनिट जैसी अधिक खपत वाले कनेक्शन में ऊर्जा शुल्क का हिस्सा अपेक्षाकृत बड़ा हो सकता है। ऐसे में FPPAS में नकारात्मक समायोजन का प्रभाव भी ज्यादा दिखाई दे सकता है। हालांकि अंतिम बचत केवल यूनिट की संख्या से तय नहीं होगी, बल्कि कनेक्शन के प्रकार, स्वीकृत लोड और अन्य शुल्क भी बिल की राशि को प्रभावित करेंगे।

बिजली दरों में सामान्य बढ़ोतरी नहीं

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए घरेलू बिजली टैरिफ में सामान्य बढ़ोतरी नहीं की गई है। जुलाई 2026 के टैरिफ आदेश के बाद घरेलू दरों में लगातार सातवें साल सामान्य वृद्धि नहीं हुई है। उपभोक्ताओं का बिल अलग-अलग स्लैब और कनेक्शन से जुड़े शुल्कों के आधार पर तय होता है।

अमेरिका का बड़ा फैसला! सऊदी अरब को मिलेंगे 48 F-35, मिडिल ईस्ट में बदलेगा समीकरण

न्यूज डेस्क। अमेरिका ने सऊदी अरब को अत्याधुनिक F-35A Lightning II लड़ाकू विमान देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अमेरिकी विदेश विभाग ने करीब 24.3 अरब डॉलर के संभावित सौदे को मंजूरी दी है। प्रस्ताव में अधिकतम 48 F-35 विमान, 49 इंजन और उनसे जुड़े उपकरण, प्रशिक्षण व सपोर्ट पैकेज शामिल हैं।

सऊदी की एयर पावर को मिलेगा नया विकल्प

सऊदी अरब लंबे समय से F-35 हासिल करने में रुचि दिखाता रहा है। अगर सौदा अंतिम रूप लेता है तो रियाद की वायुसेना को पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ लड़ाकू विमानों की क्षमता मिलेगी। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इससे सऊदी अरब की हवाई सुरक्षा और संभावित खतरों से निपटने की क्षमता मजबूत होगी।

इजरायल और चीन को लेकर भी नजर

F-35 को लेकर इस सौदे का क्षेत्रीय असर भी चर्चा में है। अभी मध्य पूर्व में इजरायल F-35 का इस्तेमाल करने वाला देश है। अमेरिका ने कहा है कि प्रस्तावित बिक्री से क्षेत्र का सैन्य संतुलन नहीं बदलेगा और इजरायल की सैन्य बढ़त बनाए रखने की उसकी नीति जारी रहेगी।  वहीं, कुछ अमेरिकी अधिकारियों और सांसदों ने चीन तक संवेदनशील सैन्य तकनीक पहुंचने की आशंका पर सवाल उठाए हैं। सऊदी अरब और चीन के बढ़ते रक्षा संबंधों के कारण इस पहलू पर विशेष निगरानी की जा रही है।

हूती संघर्ष के बीच बढ़ी अहमियत

यह फैसला ऐसे समय आया है जब सऊदी अरब यमन के हूती विद्रोहियों से जुड़े सुरक्षा खतरे का सामना कर रहा है। हाल में हूती हमलों और ड्रोन गतिविधियों ने सऊदी सुरक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाया है। एक ड्रोन को सऊदी एयर डिफेंस द्वारा गिराए जाने के बाद उसके मलबे से एक व्यक्ति की मौत और दो लोगों के घायल होने की भी रिपोर्ट सामने आई है।

अभी अंतिम डील बाकी

विदेश विभाग की मंजूरी के बाद प्रस्ताव अब अमेरिकी कांग्रेस की समीक्षा प्रक्रिया में जाएगा। अंतिम कीमत, विमानों की संख्या और डिलीवरी का समय आगे की बातचीत पर निर्भर करेगा। इसलिए फिलहाल इसे संभावित बिक्री की मंजूरी के रूप में देखना सही होगा, न कि विमानों की तत्काल डिलीवरी के रूप में।

19 से 29 सितंबर तक महायोग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में लाभ

राशिफल। सितंबर का दूसरा पखवाड़ा ज्योतिषीय दृष्टि से कई ग्रहों की चाल में बदलाव वाला माना जा रहा है। 19 से 29 सितंबर के बीच बनने वाले शुभ संयोगों को लेकर ज्योतिषीय गणनाओं में कुछ राशियों के लिए करियर, धन और कामकाज के लिहाज से सकारात्मक संकेत बताए गए हैं

1. वृषभ राशि

इस अवधि में कामकाज को लेकर आगे बढ़ने के नए मौके मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी मिलने या वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिलने की संभावना बताई जा रही है। आर्थिक मामलों में भी पुराने प्रयासों का फायदा मिल सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए समय नई योजनाओं और संपर्कों के लिहाज से उपयोगी रह सकता है। नौकरी या कारोबार में कोई महत्वपूर्ण बातचीत आगे बढ़ सकती है। रुके हुए काम पूरे होने से आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं। सितंबर में मिथुन राशि के लिए करियर और कारोबार में अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख भी किया गया है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में पहचान मिलने के योग बताए जा रहे हैं। सहकर्मियों और अधिकारियों के साथ तालमेल बेहतर हो सकता है। नई नौकरी या कारोबारी अवसर तलाश रहे लोगों को भी कोई विकल्प मिल सकता है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह समय बदलाव और नई दिशा की शुरुआत वाला हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या काम का तरीका बदलने का मौका मिल सकता है। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह आर्थिक और पेशेवर फैसलों में मददगार हो सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए करियर में अपनी स्थिति मजबूत करने का समय माना जा रहा है। मेहनत का परिणाम मिलने और किसी महत्वपूर्ण काम में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। आय से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है, लेकिन बड़े वित्तीय फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

8th CPC: लेवल 1 से 6 तक कितनी हो सकती है नई सैलरी? जानें पूरा हिसाब

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें संभावित नई वेतन संरचना पर टिकी हैं। आयोग का गठन हो चुका है और सितंबर 2026 में उसकी विभिन्न राज्यों में बैठकें भी चल रही हैं।

फिलहाल 1.92 फिटमेंट फैक्टर, 60% DA और 30% HRA को आधार मानकर कुछ अनुमानित कैलकुलेशन सामने आए हैं। इन आंकड़ों को आधिकारिक वेतन संशोधन नहीं माना जाना चाहिए।

लेवल 1 से लेवल 6 तक संभावित गणित

अगर दिए गए अनुमान लागू होते हैं, तो शुरुआती स्तर पर वेतन इस तरह दिखाई देता है:

लेवल 1: 7th CPC बेसिक ₹18,000 से संभावित इन-हैंड करीब ₹43,382

लेवल 2: बेसिक ₹19,900 से संभावित इन-हैंड करीब ₹47,759

लेवल 3: बेसिक ₹21,700 से संभावित इन-हैंड करीब ₹55,507

लेवल 4: बेसिक ₹25,500 से संभावित इन-हैंड करीब ₹64,262

लेवल 5: बेसिक ₹29,200 से संभावित इन-हैंड करीब ₹72,787

लेवल 6: बेसिक ₹35,400 से संभावित इन-हैंड करीब ₹86,871

इन रकम में HRA, परिवहन भत्ता और अन्य मान्यताओं को शामिल करके अनुमान लगाया गया है। वास्तविक इन-हैंड सैलरी पोस्टिंग, शहर, भत्तों, कटौतियों और अंतिम वेतन नियमों के आधार पर अलग हो सकती है।

अभी अंतिम फैसला बाकी

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 1.92 फिटमेंट फैक्टर अभी 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक आंकड़ा नहीं है। आयोग अभी वेतन, भत्तों, सेवा शर्तों और पेंशन से जुड़े सुझावों पर विचार कर रहा है। इसलिए ऊपर दिए गए आंकड़ों को संभावित गणित के तौर पर ही देखना चाहिए, अंतिम सैलरी के तौर पर नहीं।

यूपी में खुशखबरी का बड़ा ऐलान! 900 नई कोर्ट में बंपर भर्ती, जानें डिटेल्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में न्याय व्यवस्था का दायरा बढ़ाने के लिए सरकार ने एक साथ 900 नए न्यायालय स्थापित करने की मंजूरी को अमलीजामा पहना दिया है। इन अदालतों के संचालन के लिए 9,084 नए पद भी बनाए गए हैं। इनमें 6,656 पद नियमित होंगे, जबकि 2,428 पद आउटसोर्सिंग के जरिए भरे जाएंगे।

सरकार के इस फैसले का सीधा संबंध प्रदेश की अदालतों पर बढ़ते मुकदमों के दबाव से है। नए न्यायालय अलग-अलग जिलों में काम करेंगे, जिससे सुनवाई के लिए अतिरिक्त ढांचा तैयार होगा। प्रस्तावित अदालतों में 237 अपर जिला एवं सत्र न्यायालय, 391 सिविल जज सीनियर डिवीजन और 272 सिविल जज जूनियर डिवीजन शामिल हैं।

नौकरी चाहने वालों के लिए क्या है अपडेट?

नए पद बनने के बाद भी अभ्यर्थियों को तत्काल भर्ती विज्ञापन का इंतजार करना होगा। शासन ने पहले से स्वीकृत पदों में मौजूद रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी है। इसके बाद नई अदालतों के लिए भवन और दूसरी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होने पर इन नए पदों पर नियुक्तियां शुरू की जाएंगी। अर्दली, चपरासी और दफ्तरी जैसे कामों के लिए अलग नियमित पद नहीं बनाए जाएंगे। इन सेवाओं के लिए सरकार की तय आउटसोर्सिंग व्यवस्था लागू होगी।

करोड़ों मामलों के बोझ को कम करने की कोशिश

प्रदेश की जिला अदालतों में 1.20 करोड़ से ज्यादा मुकदमे लंबित बताए जा रहे हैं। अदालतों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य सुनवाई के लिए उपलब्ध क्षमता में इजाफा करना है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पहले चरण में 900 अदालतों का रास्ता साफ किया गया है।

आने वाले समय में नई अदालतों और उनसे जुड़े पदों को चरणबद्ध तरीके से सक्रिय किया जाएगा। यानी युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बनने की संभावना है, लेकिन भर्ती की तारीख और पदवार विज्ञापन अलग-अलग विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद सामने आएंगे।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इन छात्रों के लिए आई 1 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। सुपर स्पेशियलिटी मेडिकल कोर्स में दाखिले का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अहम खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में बताया कि NEET-Super Speciality (NEET-SS) की न्यूनतम योग्यता सीमा 50 पर्सेंटाइल से घटाकर 30 पर्सेंटाइल करने पर सहमति बनी है। इस बदलाव का उद्देश्य खाली रह गई मेडिकल सीटों को भरने के लिए ज्यादा उम्मीदवारों को मौका देना है।

मामला उस समय सामने आया जब NEET-SS काउंसलिंग के दूसरे चरण के बाद भी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गईं। केंद्र के मुताबिक करीब 1,857 सुपर स्पेशियलिटी सीटों पर अब तक दाखिला नहीं हो पाया है। इनमें कई बेहद विशिष्ट मेडिकल और सर्जिकल विषयों की सीटें शामिल हैं, जहां प्रशिक्षण के लिए उपलब्ध सीटों का पूरा उपयोग नहीं हो पा रहा है।

कटऑफ घटने से बढ़ेगा उम्मीदवारों का दायरा

सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पर्सेंटाइल कम किए जाने पर लगभग 6,000 अतिरिक्त अभ्यर्थी पात्रता हासिल कर सकते हैं। इससे खाली सीटों के मुकाबले उम्मीदवारों का एक बड़ा पूल उपलब्ध होगा और काउंसलिंग में ज्यादा विकल्प बनेंगे।

केंद्र ने यह भी स्पष्ट किया कि इस विषय पर संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श के बाद बदलाव पर सहमति बनी है। सरकार का मकसद उपलब्ध सुपर स्पेशियलिटी प्रशिक्षण क्षमता का अधिकतम इस्तेमाल करना और सीटों को खाली रहने से रोकना है।

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद आया बदलाव

इस मामले में दाखिल याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से खाली रह गई NEET-SS सीटों को देखते हुए पर्सेंटाइल संबंधी फैसले पर दोबारा विचार करने को कहा था। इसके बाद सरकार ने सभी संबंधित पक्षों से चर्चा की और अदालत के सामने अपना रुख रखा।

अब 50 से 30 पर्सेंटाइल की प्रस्तावित कमी से उन उम्मीदवारों के लिए एक अतिरिक्त अवसर बन सकता है, जो पहले मौजूदा कटऑफ के कारण पात्र नहीं हो पा रहे थे। हालांकि, अंतिम प्रक्रिया और काउंसलिंग से जुड़े निर्देश संबंधित आधिकारिक निर्णय के अनुसार ही लागू होंगे।