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बुध की बदलेगी चाल: 5 राशियां होंगी मालामाल, खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में होने वाला छोटा सा बदलाव भी जीवन पर बड़ा असर डाल सकता है। इसी क्रम में 30 अप्रैल को ग्रहों के राजकुमार माने जाने वाले बुध ग्रह मेष राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। यहां पहले से ही सूर्य विराजमान हैं, जिससे दोनों ग्रहों के संयोग से बुधादित्य योग का निर्माण होगा। यह योग विशेष रूप से बुद्धि, करियर, निर्णय क्षमता और आर्थिक स्थिति के लिए बेहद शुभ माना जाता है।

बुधादित्य योग का प्रभाव

जब बुध और सूर्य एक ही राशि में मिलते हैं, तो व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता तेज होती है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलती है और नए अवसर प्राप्त होते हैं। इस दौरान कई लोगों के जीवन में अचानक सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

इन 5 राशियों के लिए बन रहा है सुनहरा समय

1. मेष राशि

इस राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद लाभकारी रहेगा। करियर में नई ऊंचाइयां मिल सकती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होंगे।

2. मिथुन राशि

बुध इस राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए इस योग का सबसे अधिक लाभ मिथुन राशि वालों को मिलेगा। नौकरी और व्यापार में तेजी से प्रगति होगी।

3. सिंह राशि

सूर्य के प्रभाव के कारण सिंह राशि वालों को विशेष लाभ मिलेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए अवसर प्राप्त होंगे।

4. कन्या राशि

बुध का सकारात्मक प्रभाव कन्या राशि पर भी दिखाई देगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिल सकता है।

5. धनु राशि

इस राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्यशाली साबित होगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं।

यूपी में गर्मी की छुट्टी कब से होगी? जानें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। कई जिलों में तापमान 42 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंच चुका है, जिससे लू का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में छात्रों और अभिभावकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां कब से शुरू होंगी।

गर्मी के कारण बदला स्कूल टाइम

भीषण गर्मी को देखते हुए प्रदेश के कई जिलों में स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। कुछ जगहों पर एहतियात के तौर पर स्कूलों को अस्थायी रूप से बंद भी किया गया है, ताकि बच्चों को लू से बचाया जा सके।

कब से शुरू होंगी गर्मी की छुट्टियां?

उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद की अवकाश सूची के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि इस साल भी स्कूलों में 20 मई 2026 से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो सकता है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी छुट्टियां 20 मई से 15 जून तक रहने की संभावना है। इसके बाद स्कूल दोबारा खुलेंगे।

किन स्कूलों पर लागू होगा आदेश?

यह अवकाश आदेश परिषदीय विद्यालयों, मान्यता प्राप्त स्कूलों दोनों पर लागू होगा। हालांकि, अंतिम निर्णय स्थानीय प्रशासन और मौसम की स्थिति के अनुसार थोड़ा आगे-पीछे हो सकता है।

हीटवेव के बीच राहत की उम्मीद

लगातार बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए यह छुट्टियां छात्रों के लिए राहत लेकर आएंगी। इससे बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाव मिलेगा।

यूपी में किसानों के लिए खुशखबरी: नई योजना से खेती को मिलेगा सहारा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए इस बार खरीफ सीजन 2026 उम्मीदों से भरा रहने वाला है। उत्तर प्रदेश कृषि विभाग की ओर से शुरू की गई निःशुल्क बीज मिनी किट वितरण योजना किसानों को सीधे फायदा पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इसका मकसद है खेती की लागत कम करना और उत्पादन को बढ़ाना।

मोटे अनाज और दलहनी फसलों पर जोर

सरकार इस योजना के जरिए पारंपरिक खेती के साथ-साथ पोषण और बाजार की मांग को भी ध्यान में रख रही है। किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी, सांवा और कोदो जैसे मोटे अनाजों के उन्नत बीज मुफ्त दिए जाएंगे। इसके अलावा अरहर, मूंग, उड़द और तिल जैसी दलहनी और तिलहनी फसलों के बीज भी मिनी किट के रूप में उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से जहां एक ओर पोषणयुक्त फसलों को बढ़ावा मिलेगा, वहीं किसानों की आय के नए रास्ते भी खुलेंगे।

ऑनलाइन पंजीकरण से मिलेगा लाभ

योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके लिए कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। सभी आवेदनों में से पात्र किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के जरिए किया जाएगा, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया 10 मई 2026 तक पूरी कर ली जाएगी। जिन किसानों का चयन होगा, उन्हें मोबाइल पर सूचना भेजी जाएगी और वे अपने नजदीकी सरकारी बीज भंडार से बीज प्राप्त कर सकेंगे।

अनुदान पर भी उपलब्ध बीज

सरकार केवल मुफ्त बीज तक सीमित नहीं है, बल्कि कुछ प्रमुख फसलों के लिए अतिरिक्त सुविधा भी दे रही है। संकर धान, मक्का, ज्वार और बाजरा के बीज किसानों को 50% अनुदान पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे किसान कम लागत में बेहतर गुणवत्ता के बीज प्राप्त कर सकेंगे।

किसानों की आय बढ़ाने की पहल

इस योजना का उद्देश्य सिर्फ बीज वितरण नहीं, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनाना है। उन्नत बीजों के इस्तेमाल से उत्पादन बढ़ेगा, जिससे किसानों की आमदनी में सुधार होगा। साथ ही, मोटे अनाज को बढ़ावा देने से बाजार में उनकी मांग भी मजबूत होगी।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 10 हजार युवाओं को मिलेंगी नौकरी

लखनऊ। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को औद्योगिक विकास के नए स्तर पर ले जाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। फार्मा और मेडिकल डिवाइस सेक्टर में बढ़ते निवेश का असर अब साफ दिखाई देने लगा है।

17 कंपनियों का निवेश, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

राज्य में 17 बड़ी कंपनियों ने करीब 2000 करोड़ रुपये निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस निवेश से लगभग 10 हजार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है। इससे प्रदेश के युवाओं के लिए नौकरी के नए अवसर पैदा होंगे।

निवेश प्रक्रिया को मिली रफ्तार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कंपनियों को 'लेटर ऑफ कंफर्ट' सौंपकर परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने का संकेत दिया। सरकार का मानना है कि उत्तर प्रदेश अब निवेश के लिए सुरक्षित और भरोसेमंद राज्य बन चुका है।

फार्मा और मेडिकल डिवाइस हब बनने की तैयारी

राज्य सरकार बड़े स्तर पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कर रही है: 

ललितपुर में 1500 एकड़ में फार्मा पार्क विकसित किया जा रहा है।

नोएडा में 350 एकड़ में मेडिकल डिवाइस पार्क बनाया जा रहा है।

इन परियोजनाओं से पहले ही 100 से अधिक कंपनियां जुड़ चुकी हैं।

कई जिलों में फैलेगा निवेश

यह निवेश प्रदेश के कई जिलों में फैलेगा, जिनमें बाराबंकी, गाजियाबाद, कानपुर, अलीगढ़, रायबरेली, सीतापुर, सहारनपुर और बरेली जैसे जिले शामिल हैं। इनमें सबसे बड़ा निवेश बाराबंकी में प्रस्तावित है।

युवा शक्ति और स्टार्टअप पर जोर

प्रदेश में युवाओं को स्किल और तकनीक से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। राज्य में 21 हजार से अधिक स्टार्टअप सक्रिय हैं, जो इसे तेजी से उभरता हुआ इनोवेशन हब बना रहे हैं।

बिहार में कर्मचारियों पर सख्ती: बायोमेट्रिक से तय होगा वेतन

पटना। बिहार शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यशैली में सुधार लाने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। विभाग ने अब सभी कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी है। इतना ही नहीं, अब वेतन का भुगतान भी कर्मचारियों की उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा।

समय पर पहुंचना होगा अनिवार्य

नए आदेश के अनुसार, हर कार्यदिवस पर कर्मचारियों को सुबह 9:30 बजे तक कार्यालय पहुंचना जरूरी होगा। देर से आने या समय से पहले जाने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य सरकारी कामकाज में अनुशासन और समयबद्धता सुनिश्चित करना है।

निरीक्षण व्यवस्था भी सख्त

विभाग ने केवल उपस्थिति ही नहीं, बल्कि निगरानी व्यवस्था को भी मजबूत किया है। सभी वरीय अधिकारी और प्रभारी अब अपने-अपने कार्यालयों का पाक्षिक निरीक्षण करेंगे। निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार कर उच्च स्तर पर भेजी जाएगी, जिससे कामकाज की गुणवत्ता पर नजर रखी जा सके।

बिना अनुमति छुट्टी पर रोक

नए नियमों के तहत अब कोई भी कर्मचारी बिना पूर्व स्वीकृति के छुट्टी नहीं ले सकेगा।

लंच का समय दोपहर 1 बजे से 2 बजे तक तय किया गया है।

किसी भी कर्मचारी को समय से पहले कार्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं होगी।

यदि कोई कर्मचारी नियमों का उल्लंघन करता है, तो उससे स्पष्टीकरण मांगा जाएगा और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

कार्यस्थल पर रहना होगा अनिवार्य

सभी कर्मचारियों को अपने कार्यस्थल पर मौजूद रहकर ही काम करना होगा। बिना अनुमति इधर-उधर घूमते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। इससे कार्य संस्कृति में सुधार और जिम्मेदारी तय करने में मदद मिलेगी।

यूपी में 8वीं पास के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही 5 लाख तक लोन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने का एक सुनहरा अवसर सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत अब कम पढ़े-लिखे युवा भी अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें रोजगार देने वाला बनाना है।

इस पहल के तहत पात्र उम्मीदवारों को 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाता है। खास बात यह है कि यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे वे आसानी से अपना छोटा या मध्यम व्यवसाय शुरू कर सकें।

कौन उठा सकता है लाभ?

इस योजना का फायदा उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं।

आवेदक उत्तर प्रदेश का स्थायी निवासी होना चाहिए।

उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

कम से कम 8वीं कक्षा पास होना अनिवार्य है।

आवेदक को राज्य सरकार की किसी स्किल या प्रशिक्षण योजना जैसे विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जिला एक उत्पाद (ODOP) या उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन से प्रशिक्षण प्राप्त होना चाहिए। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लाभार्थी के पास व्यवसाय शुरू करने की बुनियादी समझ और कौशल हो।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?

आवेदन करते समय कुछ जरूरी दस्तावेज तैयार रखना जरूरी है: आधार कार्ड, मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी, निवास प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, प्रशिक्षण प्रमाणपत्र आदि।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, ताकि अधिक से अधिक युवा आसानी से जुड़ सकें। सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल yuvasathi.in पर जाएं। नए उपयोगकर्ता को पहले रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करें। सभी जानकारी जांचने के बाद फॉर्म सबमिट करें। सबमिट करने के बाद एक रेफरेंस नंबर मिलेगा, जिससे आवेदन की स्थिति ट्रैक की जा सकती है।

सर्वार्थ सिद्धि योग से 5 राशियों को बड़ी खुशखबरी! किस्मत देगी जबरदस्त साथ

ज्योतिष डेस्क। 29 अप्रैल 2026, बुधवार का दिन ज्योतिष दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ हस्त नक्षत्र, आनंद योग और सिद्ध योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। यह संयोजन नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, करियर निर्णय और मांगलिक कार्यों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। खास बात यह है कि इस दिन कुछ राशियों के लिए किस्मत के दरवाजे खुल सकते हैं और लंबे समय से रुके काम पूरे होने की संभावना बन रही है।

क्यों खास है यह योग?

सर्वार्थ सिद्धि योग को ऐसा योग माना जाता है, जिसमें किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। जब इसके साथ अन्य शुभ योग भी जुड़ जाएं, तो इसका प्रभाव और अधिक सकारात्मक हो जाता है। ऐसे में 29 अप्रैल का दिन कई लोगों के लिए नई शुरुआत का संकेत दे सकता है।

इन 5 राशियों को मिलेगा खास लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह योग आत्मविश्वास और सफलता लेकर आएगा। नौकरी और बिजनेस में नई संभावनाएं बनेंगी। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय लाभदायक रहेगा। करियर में उन्नति के संकेत हैं और नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिलेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग विशेष रूप से शुभ रहेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी। निवेश से लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन सफलता और संतुलन लेकर आएगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी। आर्थिक लाभ के भी संकेत हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह योग मेहनत का फल दिलाने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। धन लाभ और स्थिरता के संकेत भी मिल रहे हैं।

यूपी में रिटायर्ड कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी नई सुविधाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक अहम डिजिटल पहल की है। UP ई‑पेंशन पोर्टल के शुरू होने से अब पेंशन से जुड़े लगभग सभी काम घर बैठे पूरे किए जा सकेंगे। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य बुजुर्गों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देना और पूरी प्रक्रिया को सरल बनाना है।

घर बैठे पेंशन की पूरी जानकारी

इस पोर्टल के जरिए रिटायर कर्मचारी अपनी पेंशन का स्टेटस, भुगतान विवरण और अन्य जरूरी जानकारी मोबाइल या कंप्यूटर पर आसानी से देख सकते हैं। पहले जहां छोटी-छोटी जानकारी के लिए भी दफ्तर जाना पड़ता था, वहीं अब यह सब कुछ कुछ ही क्लिक में उपलब्ध है।

डिजिटल, पेपरलेस और पारदर्शी

ई-पेंशन पोर्टल पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस प्रणाली पर आधारित है। इससे न केवल कागजी काम कम हुआ है, बल्कि प्रक्रिया में पारदर्शिता भी आई है। अधिकारियों की निगरानी में चलने वाली इस प्रणाली से देरी और अनियमितताओं पर काफी हद तक नियंत्रण संभव हुआ है।

शिकायतों का ऑनलाइन समाधान

अब पेंशन से जुड़ी समस्याओं के लिए भी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है। पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कर उसका समाधान ऑनलाइन प्राप्त किया जा सकता है। इससे बुजुर्गों का समय और ऊर्जा दोनों की बचत होती है।

जीवन प्रमाण पत्र भी ऑनलाइन

इस प्लेटफॉर्म की एक बड़ी खासियत यह है कि जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की सुविधा भी ऑनलाइन उपलब्ध है। इससे हर साल होने वाली औपचारिकताओं के लिए लंबी लाइनों में लगने की जरूरत खत्म हो जाती है।

उपयोग करना बेहद आसान

पोर्टल का इस्तेमाल करने के लिए रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सरल रखी गई है। कर्मचारी कोड, मोबाइल नंबर और कुछ आवश्यक जानकारियां दर्ज करने के बाद यूजर को एक यूनिक लॉगिन आईडी मिलती है। इसके जरिए वे कभी भी अपनी पेंशन से जुड़ी जानकारी एक्सेस कर सकते हैं।

यूपी के 12 जिलों गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, जल्द होगा शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश एक बार फिर बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के जरिए नई पहचान बनाने की ओर बढ़ रहा है। गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से राज्य में कनेक्टिविटी, व्यापार और पर्यटन तीनों क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। यह परियोजना लंबे समय से चर्चा में रही है और अब इसके उद्घाटन के साथ ही आम लोगों को इसका सीधा लाभ मिलने लगेगा।

मेरठ से प्रयागराज तक तेज सफर

यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ से शुरू होकर पूर्वी हिस्से के प्रयागराज तक जाएगा। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह मार्ग यात्रा को बेहद आसान बना देगा। जहां पहले इस दूरी को तय करने में लंबा समय लगता था, वहीं अब यह सफर लगभग 8 घंटे में पूरा हो सकेगा। इससे रोजमर्रा की आवाजाही के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

कई जिलों और गांवों को फायदा

गंगा एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा असर उन क्षेत्रों पर पड़ेगा, जहां से यह होकर गुजरता है। करीब 12 जिलों और सैकड़ों गांवों को यह सीधे जोड़ता है। इससे न सिर्फ स्थानीय लोगों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी पैदा होंगे। सड़क किनारे छोटे-बड़े व्यवसाय विकसित होने की पूरी संभावना है।

धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेसवे सिर्फ सड़क नहीं, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक कनेक्टिविटी का भी मजबूत माध्यम बनेगा। प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने से श्रद्धालुओं के लिए यात्रा बेहद आसान हो जाएगी। लोग संगम में स्नान, काशी विश्वनाथ के दर्शन और आसपास के अन्य धार्मिक स्थलों तक आसानी से पहुंच सकेंगे। इससे पर्यटन उद्योग को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

8th CPC की बैठकों का दौर शुरू, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 8वां वेतन आयोग ने अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने की दिशा में अब जमीनी स्तर पर काम शुरू कर दिया है। आयोग अलग-अलग राज्यों का दौरा कर कर्मचारी संगठनों और यूनियनों से सीधे संवाद कर रहा है, जिससे उनकी वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सके।

राज्यों में शुरू हुआ संवाद का दौर

आयोग ने अपनी पहली प्रत्यक्ष बैठक उत्तराखंड में कर्मचारी प्रतिनिधियों के साथ की, जहां वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों पर विस्तार से चर्चा हुई। अब अगला महत्वपूर्ण पड़ाव दिल्ली है, जहां कई प्रमुख संगठनों के साथ बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा। इसके बाद मई में महाराष्ट्र समेत अन्य राज्यों में भी यह प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। इस तरह आयोग पूरे देश से फीडबैक लेकर संतुलित सिफारिशें तैयार करना चाहता है।

फिटमेंट फैक्टर बना सबसे बड़ा मुद्दा

कर्मचारी संगठनों ने वेतन बढ़ोतरी के लिए फिटमेंट फैक्टर को प्रमुख मुद्दा बनाया है। NC-JCM की ओर से दिए गए प्रस्ताव में इसे बढ़ाने की मांग की गई है। यदि इस पर सहमति बनती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। यही कारण है कि कर्मचारी वर्ग की निगाहें इस फैसले पर टिकी हुई हैं।

भत्तों और गणना प्रणाली में बदलाव की मांग

सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि भत्तों और उनकी गणना के तरीके में भी बदलाव की मांग उठी है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार नियमों में सुधार जरूरी है। परिवार की यूनिट बढ़ाने, महंगाई भत्ते की गणना के नए फॉर्मूले और छोटे पे-स्केल को मिलाने जैसे सुझाव सामने आए हैं। इन बदलावों का उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक व्यावहारिक और संतुलित लाभ देना है।

TA, HRA और अन्य सुविधाओं पर भी फोकस

आयोग ट्रांसपोर्ट अलाउंस, हाउस रेंट अलाउंस और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा कर रहा है। मौजूदा महंगाई के दौर में कर्मचारियों का मानना है कि इन भत्तों में सुधार बेहद जरूरी है, ताकि उनकी वास्तविक आय में बढ़ोतरी हो सके और जीवन स्तर बेहतर बन सके।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी: मिल सकता है डबल फायदा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आने वाला समय कई मायनों में राहत और फायदे का संकेत दे रहा है। 8वां वेतन आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है और लगातार बैठकों का दौर जारी है। हाल ही में देहरादून में बैठक हुई, वहीं जल्द ही दिल्ली में भी महत्वपूर्ण चर्चाएं होने वाली हैं। इस बीच विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगों को आयोग के सामने रख रहे हैं, जिससे कर्मचारियों को 'डबल फायदा' मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।

वेतन बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन में बड़ा इजाफा करने की मांग की है। खास तौर पर ग्रुप-डी (लेवल-1) कर्मचारियों के लिए बेसिक पे को 50,000 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही 3.83 फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग की गई है, जिससे सैलरी में सीधा और बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

शिक्षा भत्ते में बड़ा बदलाव

कर्मचारियों के बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड एजुकेशन अलाउंस बढ़ाने की मांग भी प्रमुख रूप से सामने आई है। वर्तमान में मिलने वाली राशि को बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है। इतना ही नहीं, इसे 12वीं तक सीमित रखने के बजाय ग्रेजुएशन तक देने की मांग भी की गई है।

नए जमाने का डिजिटल अलाउंस

पहली बार कर्मचारियों के लिए डिजिटल सपोर्ट अलाउंस की मांग उठाई गई है। इसके तहत हर महीने 2,000 रुपये इंटरनेट और AI आधारित कार्यों के लिए देने का प्रस्ताव है। बदलते समय के साथ यह सुविधा कर्मचारियों के कामकाज को और आसान बना सकती है।

HRA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को भी बढ़ाने की मांग की गई है। मौजूदा दरों 10%, 20% और 30% को बढ़ाकर 12%, 24% और 36% करने का प्रस्ताव दिया गया है। इसके अलावा ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी इजाफा करने की बात कही गई है, जिससे कर्मचारियों के दैनिक खर्चों में राहत मिल सकती है।

छुट्टियों और बोनस में राहत की उम्मीद 

कर्मचारी संगठनों ने छुट्टियों के नियमों में भी बदलाव की मांग की है। इसमें कैजुअल लीव, अर्नड लीव और मेडिकल लीव बढ़ाने का प्रस्ताव शामिल है। साथ ही रिटायरमेंट के समय लीव एनकैशमेंट की सीमा बढ़ाने और बोनस में चार गुना तक बढ़ोतरी की मांग भी रखी गई है।

बिहार में बनेंगे 2 परमाणु ऊर्जा संयंत्र: इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार में ऊर्जा क्षेत्र को नई दिशा देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। बिजली उत्पादन को बढ़ाने और राज्य को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। देश की प्रमुख बिजली कंपनी NTPC बिहार में दो परमाणु ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना पर काम कर रही है।

बांका जिला बना प्रोजेक्ट का केंद्र

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए बिहार के बांका जिले को चुना गया है, जो राजधानी पटना से करीब 250 किलोमीटर दूर स्थित है। योजना के तहत यहां 700-700 मेगावाट क्षमता की दो परमाणु इकाइयां स्थापित की जाएंगी। इससे क्षेत्र में बिजली की उपलब्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।

निवेश और जमीन की जरूरत

इस पूरे प्रोजेक्ट पर लगभग 25,000 करोड़ रुपये का भारी निवेश होने का अनुमान है। प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार, दोनों इकाइयों के निर्माण के लिए करीब 1,000 एकड़ जमीन की आवश्यकता होगी। यह निवेश न केवल ऊर्जा क्षेत्र को मजबूत करेगा, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति देगा।

राज्य सरकार का सहयोग

परियोजना को लेकर राज्य सरकार का रुख सकारात्मक बताया जा रहा है। फिलहाल इसकी व्यवहार्यता जांच (फिजिबिलिटी स्टडी) की जा रही है, जिसके बाद विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जाएगी। सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए आवश्यक संसाधनों, खासकर जल आपूर्ति, उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।

रोजगार और विकास के अवसर

परमाणु ऊर्जा संयंत्र के निर्माण और संचालन से हजारों लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास भी तेज होगा। इससे बांका और आसपास के जिलों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी।

केंद्र सरकार की नई पहल: किसानों के लिए 6 बड़ी खुशखबरी एक साथ

नई दिल्ली। देश के किसानों को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए केंद्र सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इसी दिशा में अब कृषि क्षेत्र से जुड़ी कई अहम योजनाओं और सुधारों की तैयारी की गई है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने हाल ही में किसानों के हित में कई बड़े फैसलों का संकेत दिया, जो आने वाले समय में खेती-किसानी की तस्वीर बदल सकते हैं।

1. बीज और कीटनाशक के नए कानून

सरकार बीज और कीटनाशक से जुड़े नए कानून लाने की तैयारी में है। इन कानूनों का उद्देश्य किसानों को बेहतर गुणवत्ता के उत्पाद उपलब्ध कराना और खेती को सुरक्षित बनाना है। प्रस्तावित ‘बीज अधिनियम’ और ‘कीटनाशक अधिनियम’ जल्द ही संसद में पेश किए जा सकते हैं।

2. नकली खाद-बीज पर सख्त कार्रवाई

किसानों के लिए सबसे बड़ी समस्या नकली और घटिया खाद-बीज की रही है। अब सरकार ऐसे उत्पाद बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई करने जा रही है। नए कानूनों में सख्त दंड का प्रावधान होगा, जिससे इस अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी।

3. क्षेत्रवार कृषि रणनीति की तैयारी 

अब देश में एक ही नीति की बजाय अलग-अलग क्षेत्रों के अनुसार कृषि योजना बनाई जाएगी। इससे हर राज्य की मिट्टी, मौसम और जलवायु के हिसाब से खेती को बेहतर बनाया जा सकेगा और उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

4. खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भरता

भारत अब खाद्यान्न के मामले में मजबूत स्थिति में है। देश न सिर्फ अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है, बल्कि चावल उत्पादन में विश्व में अग्रणी बन चुका है और गेहूं का निर्यात भी कर रहा है। यह किसानों के लिए गर्व और अवसर दोनों है।

5. 6 सूत्रीय रणनीति से बढ़ेगी आय

सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए छह प्रमुख बिंदुओं पर फोकस किया है, उत्पादन बढ़ाना, लागत कम करना, फसलों का सही मूल्य दिलाना, नुकसान की भरपाई, विविधीकरण को बढ़ावा और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना। इससे किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।

6. सस्ते कर्ज और योजनाओं से जुड़ाव

सरकार किसान क्रेडिट कार्ड और किसान पहचान पत्र के जरिए ज्यादा से ज्यादा किसानों को जोड़ने पर जोर दे रही है। कम ब्याज दर पर कर्ज उपलब्ध कराने की योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।

यूपी में बनेगी 2-2 लेन की सर्विस रोड: लोगों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। आउटर रिंग रोड के अधूरे हिस्से को बेहतर बनाने के लिए अब किसान पथ के किनारे सर्विस रोड बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इस पहल से न सिर्फ यातायात व्यवस्था सुधरेगी, बल्कि स्थानीय लोगों को सुरक्षित और सुगम सफर का विकल्प भी मिलेगा।

किसान पथ पर शुरू होगी नई सुविधा

करीब 12 किलोमीटर लंबे किसान पथ के इस हिस्से पर सर्विस रोड का निर्माण किया जाएगा। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) इस परियोजना पर जुलाई से काम शुरू करने की योजना बना रहा है। लंबे समय से इस मार्ग पर सर्विस लेन की कमी महसूस की जा रही थी, जिससे लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।

दो-दो लेन की होगी सर्विस रोड

इस परियोजना के तहत सड़क के दोनों किनारों पर दो-दो लेन की सर्विस रोड बनाई जाएगी। प्रत्येक लेन लगभग 3.5 मीटर चौड़ी होगी, जिससे कुल मिलाकर पर्याप्त चौड़ाई का रास्ता तैयार होगा। इससे छोटे और स्थानीय वाहनों के लिए अलग मार्ग उपलब्ध होगा, जिससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

अयोध्या रोड से सुलतानपुर रोड के बीच बसे गांवों के लोगों के लिए यह परियोजना बेहद फायदेमंद साबित होगी। अभी सर्विस रोड नहीं होने के कारण कई लोग मुख्य सड़क पर उल्टी दिशा में चलने को मजबूर होते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। नई सर्विस रोड बनने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी और आवाजाही सुरक्षित हो सकेगी।

दुर्घटनाओं में आएगी कमी

सर्विस लेन बनने का सबसे बड़ा फायदा सड़क सुरक्षा के रूप में देखने को मिलेगा। अलग-अलग लेन होने से तेज रफ्तार वाहनों और स्थानीय यातायात के बीच टकराव की संभावना घटेगी। इससे दुर्घटनाओं में कमी आने की उम्मीद है।

बिहार में 1 नई खुशखबरी, कंप्यूटर ऑपरेटर के पदों पर भर्ती

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के मोर्चे पर एक अच्छी खबर सामने आई है। पटना उच्च न्यायालय ने वर्ष 2026 के लिए कंप्यूटर ऑपरेटर-सह-टाइपिस्ट के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 48 पदों को भरा जाएगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का शानदार अवसर मिलेगा।

कितने पद और क्या होगी नियुक्ति?

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 48 रिक्तियां घोषित की गई हैं, जिनमें अधिकांश नए पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति नियमित आधार पर होगी, हालांकि शुरुआत में एक वर्ष की परिवीक्षा अवधि रखी गई है।

वेतन और सुविधाएं

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के लेवल-4 के तहत वेतन दिया जाएगा, जिसकी शुरुआत ₹25,500 से होकर ₹81,100 तक हो सकती है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी मिलेगा, जिससे यह नौकरी आर्थिक रूप से आकर्षक बनती है।

योग्यता और कौशल

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री होना जरूरी है। साथ ही कंप्यूटर एप्लीकेशन में कम से कम छह महीने का डिप्लोमा या प्रमाण पत्र होना चाहिए। टाइपिंग स्किल भी इस भर्ती का अहम हिस्सा है, अंग्रेजी में 40 शब्द प्रति मिनट और हिंदी में 30 शब्द प्रति मिनट की गति अनिवार्य है।

आयु और आवेदन

उम्मीदवारों की आयु 1 जनवरी 2026 के अनुसार न्यूनतम 18 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम आयु सीमा श्रेणी के अनुसार 37 से 42 वर्ष तक निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और 16 मई 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी पटना उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

क्यों है यह मौका खास?

सरकारी क्षेत्र में स्थिर करियर की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक बेहतरीन अवसर है। न्यायालय में काम करने का अनुभव न केवल प्रतिष्ठा बढ़ाता है, बल्कि भविष्य में करियर ग्रोथ के नए रास्ते भी खोलता है।

28 अप्रैल को मंगल का बड़ा असर: 4 राशियों के लिए बने मंगल ही मंगल

राशिफल। 28 अप्रैल का दिन ज्योतिष के नजरिए से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन मंगल ग्रह की स्थिति में बदलाव होने जा रहा है, जिसका सीधा असर कई राशियों के जीवन पर पड़ेगा। मंगल को ऊर्जा, साहस, आत्मविश्वास और सफलता का कारक माना जाता है। ऐसे में इसकी शुभ स्थिति कुछ राशियों के लिए जबरदस्त लाभ लेकर आ सकती है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां, जिनके लिए यह दिन बेहद शुभ साबित हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए 28 अप्रैल नई ऊर्जा लेकर आएगा। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। करियर में प्रगति के संकेत हैं और आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा, जिससे आप बड़े फैसले लेने में सफल रहेंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए मंगल का प्रभाव सकारात्मक रहेगा। नौकरी और व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। मान-सम्मान में वृद्धि होगी और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी। परिवार का सहयोग भी मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह दिन सफलता का संकेत दे रहा है। निवेश से लाभ मिल सकता है और करियर में नई ऊंचाइयां हासिल हो सकती हैं। पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं और रिश्तों में सुधार आएगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए मंगल का यह परिवर्तन आर्थिक रूप से फायदेमंद रहेगा। नई योजनाएं सफल होंगी और कार्यक्षेत्र में तरक्की के योग बनेंगे। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

क्या रखें ध्यान?

हालांकि मंगल का प्रभाव इन राशियों के लिए शुभ है, फिर भी जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए। संयम और समझदारी के साथ काम करने से लाभ और भी बढ़ सकता है।

बिहार के 11 जिलों में खुशखबरी: 21 स्थानों पर जल स्टेशन होंगे तैयार

पटना। बिहार में कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। सड़क, रेल और हवाई सेवाओं के विस्तार के बीच अब राज्य में जल मार्ग को भी विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में बिहार के 11 जिलों के लोगों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है, यहां 21 स्थानों पर आधुनिक जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं, जिससे सफर का एक नया विकल्प तैयार होगा।

जल मार्ग से सफर का नया दौर हुआ शुरू 

अब बिहार में लोग सिर्फ सड़क या ट्रेन ही नहीं, बल्कि नदियों के रास्ते भी अपनी यात्रा पूरी कर सकेंगे। यह जल परिवहन मुख्य रूप से गंगा और गंडक नदी के जरिए संचालित होगा। पटना से भागलपुर या पश्चिम चंपारण जैसे इलाकों तक जल मार्ग से यात्रा करना संभव होगा, जिससे समय की बचत के साथ-साथ यात्रा का अनुभव भी बेहतर होगा।

पटना में बनेंगे सबसे ज्यादा जल स्टेशन

राजधानी पटना में इस परियोजना का सबसे अधिक असर देखने को मिलेगा। यहां पांच स्थानों दीघा, पानापुर, नासरीगंज, बाढ़ और नकटा दियारा पर जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें से कुछ स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है और जल्द ही ये यात्रियों के लिए शुरू हो सकते हैं।

तेजी से पूरा हो रहा इसका निर्माण कार्य

परियोजना के तहत कुल 21 जल स्टेशनों में से अधिकांश का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब है। कुछ स्टेशन पहले ही तैयार हो चुके हैं, जबकि बाकी पर काम अंतिम चरण में है। इन स्टेशनों के शुरू होते ही लोगों को यात्रा के लिए एक नया और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

जल स्टेशन से इन जिलों को मिलेगा लाभ

इस योजना के तहत पटना, भागलपुर, भोजपुर, खगड़िया, वैशाली, सोनपुर, पश्चिम चंपारण, बेगूसराय, कटिहार, समस्तीपुर और मुंगेर जैसे जिलों में जल स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इन जिलों के प्रमुख घाटों को जोड़ा जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और मजबूत होगी।

विकास की ओर एक बड़ा कदम

बिहार में जल परिवहन को बढ़ावा देने की यह पहल राज्य के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल यातायात के विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। आने वाले समय में यह योजना बिहार की पहचान को नई ऊंचाई देने में मददगार साबित हो सकती है।

कल मंगल का बड़ा धमाका: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, हर तरफ होगी बल्ले-बल्ले

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों के सेनापति मंगल की चाल में बदलाव का असर आने वाले दिन कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि कल का दिन कुछ जातकों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है। इस दौरान करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का प्रभाव अनुकूल रहने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में प्रगति, रुके हुए कामों के पूरे होने और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह दिन उपलब्धियों से भरा हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने या पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के संकेत हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। योजनाओं के सफल होने और कार्यों में तेजी आने की संभावना है, जिससे स्थिरता और संतुलन बना रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। व्यापार में विस्तार और धन लाभ के योग बन रहे हैं। आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह समय मेहनत का सकारात्मक परिणाम देने वाला हो सकता है। आय में वृद्धि और करियर में स्थिरता के संकेत मिल रहे हैं।

रोज खाएं 1 लाल सेब: ये 10 बीमारियां रहेगी हमेशा दूर

हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली और अनियमित खानपान के बीच स्वस्थ रहना बड़ी चुनौती बन गया है। ऐसे में डॉक्टर और पोषण विशेषज्ञ रोजाना फल खाने की सलाह देते हैं। सेब को छिलके सहित खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि अधिकांश पोषक तत्व छिलके में ही होते हैं। इसे सुबह या दिन के समय खाना बेहतर माना जाता है।

क्यों खास है लाल सेब?

लाल सेब में फाइबर, विटामिन C, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। इसका नियमित सेवन कई सामान्य और गंभीर बीमारियों के खतरे को कम कर सकता है।

इन 10 समस्याओं से बचाव में मददगार

1. दिल की बीमारी

सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं, जिससे हृदय स्वस्थ रहता है।

2. पाचन संबंधी दिक्कतें

इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को दुरुस्त रखता है और कब्ज की समस्या से राहत दिलाता है।

3. डायबिटीज का जोखिम

नियमित मात्रा में सेब खाने से ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

4. इम्यूनिटी कमजोर होना

विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है।

5. वजन बढ़ना

कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने के कारण यह वजन नियंत्रण में मदद करता है।

6. त्वचा संबंधी समस्याएं

एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं।

7. हड्डियों की कमजोरी

सेब में पाए जाने वाले तत्व हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।

8. अस्थमा का खतरा

कुछ शोधों के अनुसार सेब का सेवन सांस संबंधी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकता है।

9. दांतों की समस्या

सेब चबाने से दांत साफ रहते हैं और मुंह में बैक्टीरिया कम होते हैं।

10. दिमागी स्वास्थ्य

एंटीऑक्सीडेंट मस्तिष्क को सक्रिय रखने और याददाश्त बेहतर करने में मदद कर सकते हैं।

IMD का अलर्ट: 11 राज्यों में तूफानी बारिश की चेतावनी, 70 KM/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

नई दिल्ली। भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट लेने के संकेत दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने 27 अप्रैल से देश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ राज्यों में तेज हवाएं 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

दिल्ली में पहले लू, फिर बदलाव के संकेत

दिल्ली में 27 अप्रैल को गर्म हवाओं का असर बना रहेगा, जहां दिन में लू चलने की संभावना है। हवा की गति 20 से 25 किमी/घंटा तक रह सकती है। 28 अप्रैल के बाद तापमान में हल्की गिरावट और मौसम में बदलाव के संकेत हैं।

उत्तर प्रदेश में 28 अप्रैल से बदलेगा मौसम

उत्तर प्रदेश में फिलहाल तेज गर्मी जारी है, लेकिन 28 अप्रैल से पश्चिमी विक्षोभ के असर से कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई जिलों में अलर्ट जारी किया गया है।

बिहार में आंधी और बारिश की चेतावनी

बिहार के कई जिलों में बारिश और तेज आंधी की संभावना जताई गई है। हवा की रफ्तार 50 से 55 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है, जिससे मौसम में ठंडक आएगी लेकिन सतर्क रहने की जरूरत होगी।

मध्य प्रदेश में कई जिलों में असर

मध्य प्रदेश में 27 से 30 अप्रैल के बीच कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। इससे गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन मौसम अस्थिर बना रहेगा।

उत्तराखंड और हिमाचल में 

उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बारिश और बर्फबारी की संभावना है। वहीं हिमाचल प्रदेश में भी कई क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की गई है।

राजस्थान और हरियाणा में

राजस्थान में फिलहाल लू का प्रकोप जारी है, लेकिन 28 अप्रैल के बाद कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। हरियाणा के कई जिलों में आंधी और बारिश के साथ 40 किमी/घंटा तक की तेज हवाओं का अलर्ट है।

भारत को रूस देगा ये घातक हथियार, चीन-पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच एक बड़े रक्षा समझौते की चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस डील के तहत भारत को अत्याधुनिक लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें मिल सकती हैं। हालांकि दोनों देशों की ओर से अभी तक इस समझौते की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन रणनीतिक स्तर पर इसे अहम माना जा रहा है।

कथित सौदे में क्या खास

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में रूस की अत्याधुनिक R-37M missile मिसाइलें शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह डील अरबों डॉलर के स्तर की हो सकती है और इसमें बड़ी संख्या में मिसाइलों की आपूर्ति की संभावना है।

मिसाइल की ताकत और क्षमता

R-37M को दुनिया की सबसे लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलों में गिना जाता है।

इसकी मारक क्षमता लगभग 300 से 400 किलोमीटर तक बताई जाती है। 

यह ध्वनि की गति से कई गुना तेज उड़ान भर सकती है। 

दुश्मन के फाइटर जेट, अर्ली वॉर्निंग सिस्टम और टैंकर विमान को निशाना बनाने में सक्षम है।

विशेषज्ञों के अनुसार, इसकी रेंज और सटीकता इसे आधुनिक हवाई युद्ध में बेहद प्रभावी बनाती है।

भारतीय वायु सेना को मिलेगा बढ़त

इन मिसाइलों को Su-30MKI जैसे लड़ाकू विमानों के साथ इस्तेमाल करने के लिए तैयार किया गया है, जो पहले से ही भारतीय वायु सेना का प्रमुख हिस्सा हैं। इससे भारत की लंबी दूरी की हवाई मारक क्षमता में बड़ा इजाफा हो सकता है।

डिलीवरी और आगे की योजना

रिपोर्ट्स में यह भी संकेत दिया गया है कि संभावित रूप से इन मिसाइलों की आपूर्ति अगले 12 से 18 महीनों के भीतर शुरू हो सकती है। इसके साथ ही भारत स्वदेशी स्तर पर भी लंबी दूरी की मिसाइल तकनीक विकसित करने पर काम कर रहा है।

सीएम योगी की नई पहल: यूपी में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ग्रामीण इलाकों की महिलाएं अब डेयरी व्यवसाय के जरिए आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी

राज्य में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के माध्यम से तराई क्षेत्र के कई जिलों में महिलाओं को डेयरी क्षेत्र से जोड़ा गया है। बरेली, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर, सीतापुर और रामपुर जैसे जिलों में 55 हजार से अधिक महिलाएं इस पहल से जुड़कर आज सफल उद्यमी बन चुकी हैं।

डेयरी उद्योग को मिला नया रूप

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ग्रामीण डेयरी उद्योग में बड़ा बदलाव आया है। दूध उत्पादन, संग्रहण और विपणन की एक संगठित व्यवस्था तैयार हुई है, जिससे आय के स्थायी स्रोत विकसित हुए हैं। इससे न केवल गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि महिलाओं की सामाजिक स्थिति में भी सुधार आया है।

बाजार से सीधा जुड़ाव

सृजनी मिल्क प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन जैसे संगठनों ने महिलाओं को प्रशिक्षण और प्रबंधन की सुविधाएं देकर उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने का काम किया है। इससे डेयरी व्यवसाय को एक पेशेवर रूप मिला है और मुनाफा भी बढ़ा है।

पशुपालन में सुधार

ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सेवाओं की बेहतर उपलब्धता से पशुपालन में सुधार हुआ है। पशुओं की देखभाल और इलाज में आसानी होने से दूध उत्पादन में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, जिससे महिलाओं की आय में भी इजाफा हो रहा है।

महिलाओं के लिए 5 जूस अमृत समान: सेहत और सुंदरता दोनों का रखें ख्याल

हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली, काम का दबाव और अनियमित खानपान का असर महिलाओं की सेहत और त्वचा पर साफ दिखाई देता है। ऐसे में पोषण से भरपूर प्राकृतिक पेय शरीर को अंदर से मजबूत बनाने के साथ-साथ त्वचा की चमक भी बढ़ाने में मदद करते हैं। रोजाना कुछ खास जूस को डाइट में शामिल कर महिलाएं अपनी ऊर्जा, इम्यूनिटी और सौंदर्य को बेहतर बनाए रख सकती हैं।

1 .चुकंदर और गाजर का जूस: खून बढ़ाए, निखार लाए

चुकंदर और गाजर का मिश्रण आयरन और विटामिन से भरपूर होता है। यह खून की कमी को दूर करने में मदद करता है और त्वचा को प्राकृतिक ग्लो देता है। नियमित सेवन से थकान भी कम होती है।

2 .अनार का जूस: दिल और त्वचा के लिए फायदेमंद

अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को जवान बनाए रखने में मदद करते हैं। यह ब्लड सर्कुलेशन सुधारता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखता है।

3 .आंवला जूस: इम्यूनिटी का बड़ा पावरहाउस

आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है, बालों को स्वस्थ बनाता है और त्वचा को चमकदार बनाए रखने में मदद करता है।

4 .एलोवेरा जूस: त्वचा और पाचन के लिए बेस्ट

एलोवेरा जूस शरीर को डिटॉक्स करता है और पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है। इसके नियमित सेवन से त्वचा साफ और स्वस्थ रहती है।

5 .नारियल पानी: प्राकृतिक हाइड्रेशन का स्रोत

नारियल पानी शरीर को हाइड्रेट रखने का सबसे आसान तरीका है। यह त्वचा को नमी देता है और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखता है।

बिहार में इन कर्मचारियों को राहत, सरकार ने दी बड़ी सौगात

पटना। बिहार में राजस्व सेवा से जुड़े अधिकारियों की हड़ताल के बीच सरकार ने राहत देने की दिशा में कदम बढ़ाया है। लंबे समय से जारी इस गतिरोध को खत्म करने के प्रयास तेज हो गए हैं और अब समाधान की उम्मीद भी जताई जा रही है।

सरकार ने इस बीच एक अहम निर्णय लेते हुए हड़ताल की अवधि को उपार्जित अवकाश में समायोजित करने की घोषणा की है। फिलहाल 9 मार्च से 16 अप्रैल तक की अवधि को इसमें शामिल किया गया है। यदि बातचीत सफल होती है, तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है।

हड़ताल से प्रभावित रहा कामकाज

राजस्व सेवा के अंचल और भूमि से जुड़े अधिकारी 9 मार्च से सामूहिक अवकाश पर हैं, जिसके चलते कई अंचलों में कामकाज प्रभावित हुआ है। आम लोगों को जमीन और राजस्व से जुड़े कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिकारियों से बातचीत जारी

अब तक विभागीय स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया। ऐसे में उम्मीद जताई जा रही है कि अब मामले में हस्तक्षेप करते हुए प्रत्यय अमृत के स्तर पर पहल की जा सकती है, जिससे समाधान का रास्ता निकले।

क्या है मुख्य मांग

राजस्व सेवा संघ की प्रमुख मांग यह है कि उनके संवर्ग के अधिकारियों को ही डीसीएलआर (भूमि सुधार उप समाहर्ता) और अन्य जिला स्तरीय पदों पर नियुक्त किया जाए। इससे उनके कैडर को उचित प्रतिनिधित्व मिलने की बात कही जा रही है।

सरकार का प्रस्ताव

सरकार की ओर से पहले बातचीत में यह प्रस्ताव दिया गया था कि डीसीएलआर के 50 प्रतिशत पदों पर राजस्व सेवा के अधिकारियों को तैनात किया जाएगा। हालांकि इस पर अभी सहमति नहीं बन सकी है।

पुरुषों के लिए खास: एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने वाले 4 जूस

हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली और बढ़ते काम के दबाव के बीच पुरुषों में थकान और ऊर्जा की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि संतुलित आहार के साथ कुछ प्राकृतिक जूस को रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर ताकत और स्टैमिना को बेहतर बनाया जा सकता है।

एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने वाले 4 जूस. 

1 .चुकंदर का जूस: बढ़ाए सहनशक्ति, थकान करें दूर

चुकंदर में मौजूद प्राकृतिक नाइट्रेट शरीर में रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। इससे मांसपेशियों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति बढ़ती है और थकान कम महसूस होती है। नियमित सेवन से स्टैमिना में सुधार देखा जा सकता है।

2 .अनार का जूस: दिल और ऊर्जा के लिए फायदेमंद

अनार एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है। यह ब्लड सर्कुलेशन को सुधारने में मदद करता है और लंबे समय तक ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है।

3 .गाजर-सेब का जूस: ताजगी और पोषण का स्रोत

गाजर और सेब का मिश्रित जूस विटामिन और फाइबर से भरपूर होता है। यह इम्यूनिटी को मजबूत करने के साथ-साथ शरीर को दिनभर एक्टिव बनाए रखने में मदद करता है।

4 .केला-दूध शेक: तुरंत एनर्जी का आसान विकल्प

केला और दूध का शेक शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला पेय है। यह मांसपेशियों को मजबूती देता है और वर्कआउट के बाद रिकवरी में भी मददगार माना जाता है।

भाग्य ने मारी जोरदार एंट्री: 5 राशियों के लिए बनने वाला है गोल्डन टाइम

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की बदलती चाल ने कुछ राशियों के लिए अनुकूल संकेत दिए हैं। आने वाले दिनों में बन रहा विशेष योग करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक असर डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में पांच राशियों के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं। पुराने रुके कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार संभव है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को इस दौरान राहत और स्थिरता मिल सकती है। पारिवारिक माहौल बेहतर रहेगा और कार्यक्षेत्र में संतुलन बना रहेगा। मानसिक तनाव में कमी आने के संकेत हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर में उन्नति का माना जा रहा है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का फल मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत हो सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय बदलाव और लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में वृद्धि और अचानक धन लाभ के योग बन रहे हैं। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों के लिए यह अवधि प्रगति और पहचान दिलाने वाली हो सकती है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: इन कर्मचारियों की सैलरी में होगी बढ़ोतरी

नई दिल्ली। देश के सरकारी बैंक कर्मचारियों के लिए आने वाला समय राहत और उम्मीद लेकर आ रहा है। केंद्र सरकार ने वेतन संशोधन की दिशा में अहम कदम उठाते हुए सभी सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 13वें द्विपक्षीय वेतन समझौते की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं। यह कदम लाखों बैंक कर्मचारियों और अधिकारियों की आय में बढ़ोतरी का रास्ता साफ करेगा।

12 महीनों में पूरा होगा वेतन समझौता

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि इस बार वेतन समझौते में देरी नहीं होने दी जाएगी। बैंकों और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत की प्रक्रिया अधिकतम एक साल के भीतर पूरी करने का लक्ष्य तय किया गया है। इससे यह उम्मीद बढ़ गई है कि कर्मचारियों को समय पर नई सैलरी का लाभ मिल सकेगा।

नवंबर 2027 से लागू होगी नई सैलरी

इस वेतन समझौते के तहत तय होने वाली नई सैलरी 1 नवंबर 2027 से लागू की जाएगी। हालांकि इसकी तैयारी अभी से शुरू की जा रही है, ताकि भविष्य में किसी तरह की देरी या प्रशासनिक अड़चन न आए। बैंकिंग सेक्टर में हर पांच साल में वेतन संशोधन की परंपरा रही है और यह उसी क्रम का हिस्सा है।

IBA निभाएगा अहम भूमिका

इस पूरी प्रक्रिया में भारतीय बैंक संघ (IBA) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। IBA बैंकों का प्रतिनिधित्व करते हुए कर्मचारी यूनियनों के साथ बातचीत करता है और दोनों पक्षों की सहमति से वेतन संरचना तय की जाती है। इस बार सरकार ने IBA और बैंकों को समयबद्ध तरीके से बातचीत पूरी करने के लिए खास निर्देश दिए हैं।

देरी से बचने के लिए पहले से तैयारी

पिछले अनुभवों को देखते हुए सरकार इस बार कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहती। पहले कई बार वेतन समझौते में देरी होने के कारण कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का लाभ देर से मिला था। इसलिए इस बार न केवल बातचीत बल्कि उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को भी समय से पहले पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

कर्मचारियों के मनोबल पर पड़ेगा सकारात्मक असर

सरकार का मानना है कि बैंकिंग क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव है। ऐसे में कर्मचारियों को समय पर उचित वेतन मिलना जरूरी है। इससे उनका मनोबल बढ़ेगा और वे अपने काम को और बेहतर तरीके से कर पाएंगे।