HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

यूपी सरकार के ये सख्त नियम: 17 अप्रैल से होंगे लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वाहन चलाने वालों के लिए एक अहम बदलाव लागू होने जा रहा है। परिवहन विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि 17 अप्रैल के बाद बिना HSRP (हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट) वाली गाड़ियों के लिए कई जरूरी सेवाएं बंद हो सकती हैं। ऐसे में यदि आपने अभी तक अपनी गाड़ी में यह नंबर प्लेट नहीं लगवाई है, तो समय रहते सतर्क हो जाना जरूरी है।

क्या है नया नियम?

नए प्रावधान के अनुसार, जिन वाहनों में HSRP नंबर प्लेट नहीं लगी होगी, उनका Pollution Under Control Certificate (PUCC) जारी नहीं किया जाएगा। यानी अगर आपकी गाड़ी में यह प्लेट नहीं है, तो आप प्रदूषण प्रमाणपत्र नहीं बनवा पाएंगे, जो वाहन चलाने के लिए अनिवार्य है।

HSRP प्लेट क्यों है जरूरी?

HSRP एक विशेष प्रकार की नंबर प्लेट होती है, जिसे सुरक्षा के लिहाज से डिजाइन किया गया है। इसमें यूनिक कोड और होलोग्राम जैसे फीचर्स होते हैं, जिससे वाहन की पहचान आसान हो जाती है। इससे चोरी, फर्जी नंबर प्लेट और अन्य अपराधों पर लगाम लगाने में मदद मिलती है।

किन कामों पर पड़ेगा असर?

HSRP न होने की स्थिति में सिर्फ PUCC ही नहीं, बल्कि वाहन से जुड़े अन्य कामों में भी परेशानी आ सकती है। जैसे इंश्योरेंस क्लेम, गाड़ी का ट्रांसफर या अन्य दस्तावेजी प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं।

कितना लग सकता है जुर्माना?

अगर आपकी गाड़ी का PUCC नहीं है, तो पहली बार करीब ₹1,000 और दोबारा उल्लंघन पर ₹2,000 तक का चालान लगाया जा सकता है। वहीं, कुछ मामलों में सख्ती के दौरान जुर्माना ₹10,000 तक भी पहुंच सकता है। इसके अलावा HSRP न होने पर अलग से भी जुर्माना देना पड़ सकता है, जिससे कुल खर्च और बढ़ सकता है।

कैसे कर सकते हैं आवेदन?

HSRP नंबर प्लेट के लिए आप ऑनलाइन पोर्टल www.bookmyhsrp.com के जरिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें आपको अपनी गाड़ी की जानकारी भरनी होती है और एक तय तारीख पर जाकर प्लेट लगवाई जा सकती है।

कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर: अब छुट्टियां नहीं जाएंगी बेकार, मिलेगा सीधा कैश

नई दिल्लू। काम के बढ़ते दबाव के बीच अक्सर कर्मचारी अपनी पूरी छुट्टियां इस्तेमाल नहीं कर पाते, जिससे साल के अंत में कई छुट्टियां खत्म हो जाती थीं। लेकिन अब नए लेबर नियमों ने इस स्थिति को बदल दिया है। केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए प्रावधानों के तहत कर्मचारियों को उनकी बची हुई छुट्टियों का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

क्या बदला है नियमों में?

नए श्रम प्रावधानों के अनुसार अब कंपनियों को कर्मचारियों की अतिरिक्त बची हुई छुट्टियों का पैसा देना होगा। यानी अगर कर्मचारी साल भर में अपनी सभी अर्जित छुट्टियां नहीं ले पाता, तो वे अब बेकार नहीं जाएंगी, बल्कि उनके बदले नकद राशि दी जाएगी।

30 दिन तक ही जमा होंगी छुट्टियां

नियमों के तहत एक कर्मचारी अधिकतम 30 दिन की अर्जित छुट्टियां ही अगले साल के लिए बचाकर रख सकता है। यदि इससे अधिक छुट्टियां बचती हैं, तो कंपनी को अतिरिक्त दिनों का भुगतान उसी साल करना अनिवार्य होगा।

आसान हुई छुट्टी पाने की पात्रता

पहले अर्जित छुट्टियों का हक पाने के लिए 240 दिन काम करना जरूरी होता था, लेकिन अब इसे घटाकर 180 दिन कर दिया गया है। यानी कर्मचारी अब कम समय में ही छुट्टियां कमाने और उनका लाभ उठाने के पात्र बन जाएंगे।

नौकरी छोड़ने पर जल्दी मिलेगा पैसा

नए नियम कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए बनाए गए हैं। यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या उसे हटाया जाता है, तो कंपनी को उसका पूरा बकाया 48 घंटे के भीतर चुकाना होगा। इससे लंबे समय तक भुगतान का इंतजार खत्म हो जाएगा।

अब छुट्टी न मिलने पर भी होगा फायदा

अगर कर्मचारी समय पर छुट्टी के लिए आवेदन करता है और उसे मंजूरी नहीं मिलती, तो ऐसी छुट्टियां भी सुरक्षित रहेंगी। उन्हें 30 दिन की सीमा में नहीं जोड़ा जाएगा, जिससे कर्मचारी का नुकसान नहीं होगा। इन बदलावों से कर्मचारियों को दोहरा फायदा मिलेगा, एक तरफ उनकी मेहनत की छुट्टियां सुरक्षित रहेंगी, और दूसरी तरफ उन्हें अतिरिक्त आय का भी लाभ मिलेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! बच्चों के लिए शिक्षा भत्ता बढ़ा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए बच्चों की शिक्षा से जुड़े भत्तों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच यह फैसला कर्मचारियों के लिए किसी तोहफे से कम नहीं है। खासतौर पर बढ़ती महंगाई और शिक्षा के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह कदम बेहद उपयोगी माना जा रहा है।

शिक्षा भत्ते में बढ़ोतरी

नए प्रावधानों के तहत अब केंद्रीय कर्मचारियों को बच्चों की पढ़ाई के लिए ₹2,812.50 और हॉस्टल के लिए ₹8,437.50 प्रति माह मिलेंगे, और DA 50% पार होते ही इसमें 25% की बढ़ोतरी अपने आप हो जाएगी।

महंगाई भत्ते से जुड़ा फायदा

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसे महंगाई भत्ते (DA) से जोड़ दिया गया है। जैसे ही DA में बढ़ोतरी होगी, शिक्षा भत्ते में भी स्वतः वृद्धि हो जाएगी। इससे कर्मचारियों को भविष्य में भी लगातार लाभ मिलता रहेगा और महंगाई का असर कम होगा।

नई शिक्षा नीति के अनुसार बदलाव

सरकार ने इस भत्ते को नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के अनुरूप अपडेट किया है। अब प्री-स्कूल स्तर की कक्षाएं जैसे नर्सरी, LKG और UKG भी इसके दायरे में आ गई हैं। इसके अलावा, अगर किसी कारणवश बच्चे को एक ही कक्षा दोबारा पढ़नी पड़ती है, तो भी भत्ता देने में राहत दी गई है।

कर्मचारियो को किन शर्तों पर लाभ

इस सुविधा का लाभ अधिकतम दो बच्चों तक ही सीमित रहेगा। यदि पति-पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी हैं, तो केवल एक ही व्यक्ति इस भत्ते का दावा कर सकेगा। साथ ही, इस भत्ते का दावा साल में एक बार वित्तीय वर्ष समाप्त होने के बाद किया जाएगा।

विशेष परिस्थितियों में भी मिलेगा लाभ

आपको बता दें की नए नियमों के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी अवकाश पर है या निलंबित है, तब भी उसे यह भत्ता मिलता रहेगा। इतना ही नहीं, सेवानिवृत्ति या सेवा समाप्त होने की स्थिति में भी चालू शैक्षणिक सत्र तक यह सुविधा जारी रहेगी।

वहीं, भत्ते के लिए दावा करना भी अब काफी सरल कर दिया गया है। कर्मचारियों को केवल स्कूल से प्रमाण पत्र देना होगा, जिसमें यह उल्लेख हो कि बच्चा संबंधित सत्र में वहां पढ़ रहा था। हॉस्टल में रहने वाले बच्चों के लिए रहने और खाने के खर्च का प्रमाण भी देना होगा।

अब BJP के पास होगी बिहार की कमान, नए CM का आ गया नाम?

पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के दौर से गुजरती दिख रही है। हाल के घटनाक्रम और बयानों ने यह संकेत देना शुरू कर दिया है कि राज्य में नेतृत्व परिवर्तन की जमीन तैयार हो चुकी है। खासकर नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और उनके राज्यसभा जाने की चर्चाओं के बीच सत्ता समीकरण तेजी से बदलते नजर आ रहे हैं।

जेडीयू के बयान से बढ़ी अटकलें

जेडीयू के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी का हालिया बयान इस पूरे घटनाक्रम में अहम माना जा रहा है। उन्होंने साफ संकेत दिया कि आगे की राजनीतिक कमान भारतीय जनता पार्टी संभाल सकती है। यह पहली बार है जब जेडीयू के किसी बड़े नेता ने इस तरह की बात खुलकर कही है।

क्या खत्म हो गई जेडीयू की दावेदारी?

अब तक यह चर्चा थी कि यदि नेतृत्व बदलता है तो जेडीयू से ही कोई नया चेहरा सामने आ सकता है। यहां तक कि निशांत कुमार का नाम भी अटकलों में शामिल था। लेकिन ताजा बयान के बाद ऐसा लगता है कि जेडीयू की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी कमजोर पड़ गई है।

एनडीए में बीजेपी की बढ़त

राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में एनडीए एकजुट दिखाई दे रहा है। चूंकि बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभर रही है, इसलिए नेतृत्व उसी के पास जाने की संभावना मजबूत मानी जा रही है। ऐसे में अगला मुख्यमंत्री भाजपा से हो सकता है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

सरकार गठन की प्रक्रिया क्या होगी?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे ही नीतीश कुमार इस्तीफा देंगे, मौजूदा मंत्रिमंडल स्वतः समाप्त हो जाएगा। इसके बाद नई सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू होगी। यह भी संभव है कि पहले एनडीए अपने नेता का चयन करे और फिर सरकार बनाने का दावा पेश करे।

14 अप्रैल के बाद बन सकती है नई सरकार

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, 14 अप्रैल के बाद किसी भी समय नई सरकार के गठन की प्रक्रिया पूरी हो सकती है। यह तारीख राजनीतिक रूप से अहम मानी जा रही है, क्योंकि इसके बाद परिस्थितियां पूरी तरह स्पष्ट हो सकती हैं। फिलहाल बिहार की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?

बिहार में 'लैब असिस्टेंट' की बंपर भर्ती, आवेदन शुरू, करें अप्लाई

पटना। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बिहार से एक अच्छी खबर सामने आई है। Bihar Technical Service Commission (BTSC) ने लैबोरेटरी असिस्टेंट के पदों पर बड़े स्तर पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए 12वीं (साइंस) पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं के लिए अवसर खुला है।

कितने पद और कब तक करें आवेदन?

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1091 पदों को भरा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 6 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 6 मई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

कहां मिलेगी नौकरी?

लैब असिस्टेंट की नियुक्ति मुख्य रूप से राज्य के स्वास्थ्य विभाग और विभिन्न सरकारी प्रयोगशालाओं में की जाएगी। इसके अलावा स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों की लैब में भी इन पदों की जरूरत होती है। यह पद उन उम्मीदवारों के लिए खास है जो साइंस विषयों के साथ काम करने में रुचि रखते हैं।

क्या होगा काम?

लैब असिस्टेंट का काम प्रयोगशाला में वैज्ञानिक कार्यों में सहयोग देना होता है। इसमें प्रयोगों की तैयारी करना, रसायनों को संभालना, उपकरणों की देखभाल करना और जरूरी रिकॉर्ड बनाए रखना शामिल होता है। यह भूमिका रिसर्च और हेल्थ सेक्टर दोनों में अहम मानी जाती है।

योग्यता और आयु

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 12वीं कक्षा साइंस स्ट्रीम (फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी) से पास होना जरूरी है। आयु सीमा 18 से 37 वर्ष के बीच तय की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार छूट दी जाएगी।

क्यों है यह मौका खास?

यह भर्ती उन युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर है जो कम शैक्षणिक योग्यता के साथ सरकारी नौकरी पाना चाहते हैं। साथ ही, हेल्थ और लैब सेक्टर में काम करने का अनुभव भविष्य में करियर के और भी रास्ते खोल सकता है।

बंगाल में PM मोदी की 6 गारंटी: घुसपैठियों पर सख्ती, 7वां वेतन आयोग लागू करने का वादा

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों की आहट के साथ सियासी माहौल तेज हो गया है। इसी बीच पीएम मोदी ने राज्य की जनता को संबोधित करते हुए कई बड़े वादे किए हैं। हल्दिया की रैली में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो शासन व्यवस्था, सुरक्षा और आर्थिक विकास को प्राथमिकता दी जाएगी।

6 गारंटी का क्या मतलब है?

प्रधानमंत्री ने जिन छह गारंटियों की बात की, उनमें सबसे प्रमुख मुद्दे रहे—

1 .राज्य में कानून का राज स्थापित करना

2 .प्रशासन में पारदर्शिता लाना

3 .भ्रष्टाचार के मामलों की जांच

4 .घुसपैठ पर सख्त कार्रवाई

5 .महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना

6 .और 7वां वेतन आयोग लागू करना

इन वादों को उन्होंने “मोदी की गारंटी” बताते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार बनने पर इन्हें प्राथमिकता से लागू किया जाएगा।

घुसपैठ और सुरक्षा बना बड़ा मुद्दा

अपने भाषण में मोदी ने बंगाल में घुसपैठ को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि इससे राज्य की सुरक्षा और संसाधनों पर दबाव बढ़ता है। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी सरकार बनने पर इस मुद्दे पर सख्त कदम उठाए जाएंगे। यह मुद्दा चुनावी बहस का केंद्र बनता दिख रहा है।

ममता सरकार पर तीखा हमला

प्रधानमंत्री ने ममता बनर्जी की सरकार पर कुशासन, भ्रष्टाचार और युवाओं के साथ अन्याय के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि राज्य में निवेश और रोजगार के अवसर कम हुए हैं, जिससे युवा निराश हैं। मोदी ने यह भी दावा किया कि बंगाल को “विकसित राज्य” बनाने के लिए सत्ता परिवर्तन जरूरी है।

विकास और रोजगार पर फोकस

प्रधानमंत्री ने राज्य में निवेश का माहौल बेहतर बनाने और उद्योगों को बढ़ावा देने की बात कही। उनका कहना था कि भय और अस्थिरता के माहौल में निवेश नहीं आता, जबकि स्थिर शासन से रोजगार के अवसर पैदा होते हैं। मोदी ने मत्स्य पालन और समुद्री क्षेत्र को मजबूत करने का भी वादा किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले ही इस क्षेत्र के लिए अलग मंत्रालय और बजट की व्यवस्था कर चुकी है, और बंगाल को इससे बड़ा लाभ मिल सकता है।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में गंगा पर बनेगा नया पुल, लाखों लोगों को राहत

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के हरदोई और कन्नौज जिले के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। गंगा नदी पर चियासर घाट के पास बनने वाले नए पुल को मंजूरी मिल गई है, जिससे वर्षों पुरानी आवागमन की समस्या अब खत्म होने जा रही है। करीब 288 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह पुल क्षेत्र के विकास को नई गति देगा।

अब नाव नहीं, सीधे सड़क से सफर

अब तक इस इलाके के लोगों के लिए गंगा पार करने का एकमात्र साधन नाव था। बरसात के मौसम में यह भी बंद हो जाता था, जिससे दोनों ओर बसे गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता था। कई बार लोगों को लंबा चक्कर लगाकर दूसरे जिलों के रास्ते जाना पड़ता था। नए पुल के बनने से यह परेशानी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।

लाखों लोगों को मिलेगा सीधा फायदा

इस पुल के निर्माण से हरदोई और कन्नौज के करीब चार लाख लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर किसानों और व्यापारियों के लिए यह परियोजना बेहद अहम साबित होगी, क्योंकि अब उन्हें अपने उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने में कम समय और कम खर्च लगेगा।

कनेक्टिविटी में आएगा बड़ा बदलाव

यह पुल बनने के बाद कटियारी क्षेत्र सीधे प्रमुख शहरों और सड़कों से जुड़ जाएगा। कन्नौज, कानपुर और फर्रुखाबाद के साथ-साथ राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे तक पहुंच आसान हो जाएगी। इससे पूरे क्षेत्र में व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ेंगे।

दूरी घटेगी, समय बचेगा

पहले जहां कन्नौज पहुंचने के लिए लोगों को करीब 80 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता था, वहीं पुल बनने के बाद यह दूरी घटकर लगभग 30 किलोमीटर रह जाएगी। इससे न सिर्फ समय की बचत होगी बल्कि यात्रा भी आसान और सुरक्षित बनेगी।

परमाणु मोड में फ्रांस! बढ़ाएगा हथियारों का जखीरा, दुनिया में हलचल

न्यूज डेस्क। वैश्विक सुरक्षा माहौल में तेजी से हो रहे बदलावों के बीच फ्रांस ने अपनी सैन्य रणनीति को और आक्रामक बनाने का फैसला किया है। अमेरिका की नीतियों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ते अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच पेरिस अब अपनी परमाणु ताकत और रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है।

रक्षा बजट में बड़ा इजाफा

फ्रांस ने अपने संशोधित सैन्य योजना कानून के तहत आने वाले वर्षों में रक्षा खर्च में भारी बढ़ोतरी का ऐलान किया है। 2030 तक रक्षा बजट में दर्जनों अरब यूरो जोड़ने की योजना है, जिससे कुल रक्षा खर्च देश की जीडीपी के लगभग 2 प्रतिशत से बढ़कर 2.5 प्रतिशत तक पहुंच सकता है। यह कदम दर्शाता है कि फ्रांस अब सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है।

परमाणु ताकत पर खास फोकस

इमैनुएल मैक्रों पहले ही संकेत दे चुके हैं कि फ्रांस अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को और मजबूत करेगा। इसका मकसद सिर्फ अपनी सुरक्षा नहीं, बल्कि यूरोपीय सहयोगियों को भी एक मजबूत सुरक्षा कवच देना है। नई रणनीति के तहत परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ उनकी तैनाती और उपयोग की क्षमता को भी उन्नत किया जाएगा।

ट्रंप की भूमिका पर सवाल

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाटो को लेकर दिए गए बयानों ने यूरोप में चिंता बढ़ा दी है। ट्रंप कई बार संकेत दे चुके हैं कि अमेरिका नाटो की भूमिका को सीमित कर सकता है। ऐसे में फ्रांस सहित कई यूरोपीय देश अपनी सुरक्षा व्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

मिसाइल और एयर डिफेंस पर जोर

फ्रांस सिर्फ परमाणु हथियारों तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि पारंपरिक सैन्य ताकत को भी मजबूत कर रहा है। लंबी दूरी की मिसाइलों, हवाई रक्षा प्रणालियों और आधुनिक हथियारों के भंडार को बढ़ाने के लिए अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है। नई रणनीति में ऐसी मिसाइलों पर भी काम शामिल है जो हजारों किलोमीटर दूर तक मार कर सकें।

कब बढ़ेगा केंद्र सरकार के कर्मचारियों का डीए? आ गया समय

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) बढ़ोतरी का इंतजार इस बार सामान्य से ज्यादा लंबा हो गया है। आमतौर पर होली के आसपास इसकी घोषणा हो जाती है, लेकिन अप्रैल का पहला सप्ताह गुजरने के बावजूद अब तक कोई आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। इससे कर्मचारियों के बीच उत्सुकता के साथ-साथ सवाल भी बढ़ रहे हैं।

साल में दो बार बढ़ता है डीए

केंद्र सरकार हर साल दो बार जनवरी और जुलाई से प्रभावी डीए में संशोधन करती है। हालांकि इसकी घोषणा आमतौर पर मार्च (होली) और अक्टूबर-नवंबर (दिवाली) के आसपास की जाती है। लेकिन इस बार तय समय से देरी ने चर्चा को और तेज कर दिया है।

इस बार क्यों हो रही है देरी?

डीए बढ़ोतरी में देरी के पीछे कई संभावित कारण माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ बजटीय संतुलन बनाना, आगामी 8वें वेतन आयोग की तैयारियां, वैश्विक आर्थिक दबाव और सरकारी खर्च प्रबंधन। हालांकि, जानकार साफ कहते हैं कि देरी का मतलब यह नहीं है कि सरकार डीए बढ़ाने से बच रही है, बल्कि यह एक प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हो सकता है।

कितनी बढ़ सकती है डीए?

ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर इस बार डीए में करीब 2% की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। इससे मौजूदा 58% डीए बढ़कर लगभग 60% हो सकता है। अगर ऐसा होता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को सीधा लाभ मिलेगा।

कब हो सकता है ऐलान?

माना जा रहा है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह में डीए बढ़ोतरी की घोषणा हो सकती है। सरकार यदि ऐसा करती है, तो यह बढ़ोतरी 1 जनवरी से लागू मानी जाएगी और कर्मचारियों को एरियर (बकाया) भी मिलेगा। दरअसल डीए बढ़ोतरी हर बार कर्मचारियों की आय में राहत लेकर आती है, खासकर महंगाई के दौर में।

सीएम योगी का बड़ा फैसला: सभी DM को निर्देश, किसानों को मिलेगी सीधी राहत

लखनऊ। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने उत्तर प्रदेश के किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया है। कई इलाकों में आगजनी की घटनाओं ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। इस स्थिति को देखते हुए योगी आदित्यनाथ सरकार अब पूरे प्रदेश को आपदाग्रस्त घोषित करने पर विचार कर रही है, ताकि नुकसान झेल रहे किसानों को व्यापक स्तर पर मदद दी जा सके।

मुख्यमंत्री ने साफ कहा है कि प्राकृतिक आपदाओं के कारण हुए नुकसान की भरपाई केवल बीमा कंपनियों के भरोसे नहीं छोड़ी जा सकती। हालांकि बीमा कंपनियां सर्वे के आधार पर मुआवजा देंगी, लेकिन कई किसान ऐसे भी होंगे जो इससे बाहर रह जाएंगे। ऐसे में राज्य सरकार का प्रयास है कि व्यापक स्तर पर राहत दी जाए।

हर जिले में सर्वे, बटाईदार भी शामिल

सरकार ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को तत्काल निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे प्रभावित क्षेत्रों का तेजी से सर्वे कराएं। खास बात यह है कि इस सर्वे में केवल भूमि स्वामी ही नहीं, बल्कि बटाईदार किसानों को भी शामिल किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि वास्तविक रूप से नुकसान झेल रहे सभी लोगों को मदद मिल सके।

पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई पर जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि राहत कार्य पूरी पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ किए जाएं। राजस्व और कृषि विभाग समेत सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है, ताकि सर्वेक्षण जल्दी पूरा हो और रिपोर्ट समय पर सरकार तक पहुंचे।

आपदा राहत कोष से मिलेगी सहायता

राज्य सरकार ने प्रत्येक जिले को आपदा राहत कोष से तुरंत धनराशि उपलब्ध कराने की तैयारी शुरू कर दी है। शुरुआती तौर पर जिलों को पूर्व खर्च के आधार पर अग्रिम राशि देने की योजना बनाई जा रही है, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

रूस का बड़ा दांव: भारत को सस्ती LNG का ऑफर, दुनिया हैरान!

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ऊर्जा सप्लाई पर मंडराते संकट के बीच रूस ने एक ऐसा कदम उठाया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में नई हलचल पैदा कर दी है। भारत समेत एशियाई देशों को लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) पर भारी छूट देने का प्रस्ताव न केवल आर्थिक दृष्टि से अहम है, बल्कि इसके दूरगामी रणनीतिक मायने भी हैं।

भारत के लिए बड़ा अवसर

भारत दुनिया के उन देशों में शामिल है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करते हैं। ऐसे में रूस द्वारा 40% तक की छूट पर LNG देने का प्रस्ताव भारत के लिए एक सुनहरा अवसर बन सकता है। इससे देश को सस्ती ऊर्जा मिलेगी, जिससे उद्योगों की लागत कम होगी और आम उपभोक्ताओं पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

मिडिल ईस्ट संकट और बढ़ती चिंता

मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष ने वैश्विक ऊर्जा सप्लाई को अस्थिर बना दिया है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर खतरे की वजह से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। यह मार्ग दुनिया के करीब 20% तेल और LNG ट्रांसपोर्ट का मुख्य रास्ता है, जिससे इसकी अहमियत और बढ़ जाती है।

रूस की रणनीति: एशिया में पकड़ मजबूत करना

रूस पहले भी भारत को कच्चे तेल और गैस की सप्लाई बढ़ाने का संकेत दे चुका है। डेनिस मंटुरोव के हालिया भारत दौरे के दौरान इस दिशा में बातचीत भी हुई थी। अब LNG पर भारी डिस्काउंट का ऑफर यह साफ करता है कि रूस एशियाई बाजार में अपनी स्थिति को और मजबूत करना चाहता है।

सूर्य-मंगल-शनि की युति! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के खुलेंगे बड़े दरवाजे

राशिफल। ज्योतिषीय दृष्टि से इन दिनों एक विशेष संयोग बना हुआ है। मीन राशि में सूर्य, मंगल और शनि की त्रिग्रही युति बनी हुई है, जो 14 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इस युति को अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसमें ऊर्जा, नेतृत्व और कर्मफल के ग्रह एक साथ सक्रिय होते हैं। इसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन पांच राशियों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहेगा। लंबे समय से रुके कार्यों में प्रगति होगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक दायरा बढ़ेगा और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह युति भाग्य को मजबूत करने वाली साबित हो सकती है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और यात्रा से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं।

मीन राशि

मीन राशि में ही यह युति बन रही है, इसलिए इस राशि के लोगों पर इसका विशेष प्रभाव रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग पर आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे लाखों कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज हो गई है। इसी कड़ी में 13 अप्रैल 2026 को एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित होने जा रही है, जिससे उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

13 अप्रैल को होगी अहम बैठक

कर्मचारियों और पेंशनर्स के संगठनों की प्रमुख संस्था नेशनल काउंसिल (JCM) की ड्राफ्टिंग कमेटी इस दिन बैठक करेगी।

समय: सुबह 11 बजे

स्थान: जेपी चौबे मेमोरियल लाइब्रेरी, नई दिल्ली

यह बैठक पहले 12 मार्च को हुई चर्चा का अगला चरण है, जिसमें सभी संगठनों ने मिलकर वेतन, पेंशन और भत्तों से जुड़े मुद्दों पर विचार किया था।

तैयार होगा अंतिम ज्ञापन

इस बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा उस अंतिम ज्ञापन (मेमोरेंडम) को तैयार करना है, जिसे 8वें वेतन आयोग को सौंपा जाएगा। संभावना है कि 13 अप्रैल की बैठक में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा। इसमें कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े अहम सुझाव शामिल होंगे। इसके बाद यही ज्ञापन आयोग के सामने रखा जाएगा, जो आगे की सिफारिशों का आधार बनेगा।

समय सीमा और प्रक्रिया

8वें वेतन आयोग ने इस ज्ञापन को जमा करने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक की डेडलाइन तय की है। वहीं, कर्मचारियों और संगठनों से सुझाव लेने के लिए जारी प्रश्नावली की अंतिम तिथि हाल ही में बढ़ाकर 31 मार्च 2026 कर दी गई थी। इसके अलावा, कुछ संगठनों ने विभागीय मुद्दों के लिए अलग से ज्ञापन जमा करने की समयसीमा बढ़ाने की मांग भी की है।

कब तक आ सकती है रिपोर्ट?

सरकार के अनुसार, 8वें वेतन आयोग की अंतिम रिपोर्ट उसके गठन की शर्तें जारी होने के लगभग 18 महीनों के भीतर आने की उम्मीद है।

क्या है कर्मचारियों के लिए संकेत?

हालांकि सरकार ने अभी तक वेतन बढ़ोतरी की तारीख का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन बैठकों की रफ्तार तेज होना, ज्ञापन को अंतिम रूप दिया जाना, संगठनों की सक्रिय भागीदारी, ये सभी संकेत देते हैं कि आने वाले समय में कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकती है।

सोना-चांदी धड़ाम! एक झटके में ₹4700 टूटी चांदी, बाजार में मचा हड़कंप

नई दिल्ली। ग्लोबल मार्केट से मिले कमजोर संकेतों का असर अब घरेलू सर्राफा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। 9 अप्रैल 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों दोनों के बीच हलचल तेज हो गई है।

MCX पर क्या रहा हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर आज कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। जून डिलीवरी वाला सोना करीब ₹1,129 गिरकर ₹1,50,647 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर खुला। वहीं मई डिलीवरी वाली चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली और यह लगभग ₹4,068 टूटकर ₹2,35,850 प्रति किलोग्राम पर आ गई। इस अचानक आई गिरावट ने बाजार में हलचल मचा दी है, खासकर उन निवेशकों के लिए जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दाम पर खरीदारी की थी।

बड़े शहरों में सोने का रेट

देश के प्रमुख महानगरों में भी सोने के दाम में नरमी देखने को मिली:

दिल्ली: 24 कैरेट ₹1,50,980 / 10 ग्राम

मुंबई: 24 कैरेट ₹1,51,190 / 10 ग्राम

कोलकाता: 24 कैरेट ₹1,50,990 / 10 ग्राम

चेन्नई: 24 कैरेट ₹1,51,630 / 10 ग्राम

गिरावट की बड़ी वजह क्या है?

विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेतों के कारण यह गिरावट आई है। डॉलर की मजबूती और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता का असर कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ा है। आज की गिरावट ने सोना-चांदी बाजार में हलचल जरूर पैदा की है, लेकिन यह खरीदारों के लिए एक अवसर भी बन सकती है। आने वाले दिनों में ग्लोबल संकेतों और डॉलर की चाल पर ही बाजार की दिशा तय होगी।

राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र में 153 पदों पर भर्ती, 30 तक आवेदन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने 8 अप्रैल 2026 को वैज्ञानिक पदों के लिए भर्ती 2026 की अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 153 पद भरे जाएंगे। बी.टेक/बीई, एम.एससी, एमसीए, एम.फिल या पीएच.डी डिग्री धारक उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

एनआईसी भर्ती 2026 के लिए आवेदन 8 अप्रैल 2026 से शुरू हो गए हैं और यह प्रक्रिया 30 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार एनआईसी की आधिकारिक वेबसाइट nic.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क

सामान्य और अन्य श्रेणियों के लिए: ₹800 प्रति पद। अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), दिव्यांग और महिला उम्मीदवारों के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं है।

पद और आयु सीमा

वैज्ञानिक-डी: अधिकतम आयु 40 वर्ष।

वैज्ञानिक-सी: अधिकतम आयु 35 वर्ष।

आयु में छूट नियमों के अनुसार लागू होगी।

महत्वपूर्ण तिथियां

आवेदन शुरू: 08 अप्रैल 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 30 अप्रैल 2026

यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो सूचना प्रौद्योगिकी और विज्ञान के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं। समय पर आवेदन कर सही अवसर का लाभ उठाना जरूरी है।

शरीर के ये 5 इशारे बताते हैं: किडनी को खतरा, तुरंत लें एक्शन

हेल्थ डेस्क। किडनी हमारी बॉडी के सबसे अहम अंगों में से एक है। यह ब्लड से टॉक्सिन निकालने, फ्लूड बैलेंस बनाए रखने और हार्मोन नियंत्रित करने का काम करती है। लेकिन अक्सर लोग किडनी की समस्याओं को नजरअंदाज कर देते हैं, और तब तक पता नहीं चलता जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए। विशेषज्ञों का कहना है कि किडनी खराब होने के कुछ शुरुआती संकेत होते हैं, जिन्हें पहचानकर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।

1. मूत्र संबंधी बदलाव

अगर बार-बार पेशाब आता है, पेशाब का रंग बदल गया है या उसमें झाग आ रहा है, तो यह किडनी में समस्या का संकेत हो सकता है। रात में बार-बार पेशाब आना भी चेतावनी का लक्षण है।

2. सूजन या पैरों में जलन

किडनी ठीक से काम नहीं कर रही हो तो शरीर में फ्लूड जमा होने लगता है। इसके चलते पैरों, हाथों, चेहरे और आंखों के आसपास सूजन दिखाई देती है।

3. थकान और कमजोरी

किडनी खराब होने पर ब्लड में टॉक्सिन जमा होने लगते हैं। इससे शरीर को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती और लगातार थकान महसूस होती है।

4. पीठ या कमर में दर्द

किडनी के क्षेत्र में दर्द, खासकर कमर के दोनों ओर, शुरुआती समस्या का संकेत हो सकता है। यह सामान्य पीठ दर्द से अलग होता है और अक्सर लगातार बना रहता है।

5. भूख न लगना और मतली

किडनी खराब होने पर शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा होने लगते हैं। इसका असर पेट और भूख पर पड़ता है। मतली, उल्टी या खाने में रुचि न होना किडनी की समस्या का लक्षण हो सकता है।

डॉक्टरों की क्या है सलाह?

डॉक्टरों का कहना है कि अगर ऊपर बताए गए संकेत दिखें, तो समय रहते ब्लड और यूरिन टेस्ट करवाना बेहद जरूरी है। सही समय पर निदान और इलाज से किडनी की क्षति को रोका जा सकता है। इसके अलावा, पानी का पर्याप्त सेवन, नमक और प्रोसेस्ड फूड कम करना और नियमित हेल्दी डाइट अपनाना भी किडनी को मजबूत रखता है।

बिहार में मौसम बदला: 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

पटना। बीते बुधवार को बिहार के मौसम ने अचानक करवट ली। झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने प्रदेश के तापमान को 13 डिग्री सेल्सियस तक गिरा दिया, जिससे गर्मी से परेशान बिहारवासियों को थोड़ी राहत मिली। पटना में सुबह से चलती ठंडी हवाओं और रुक-रुक कर हुई बूंदाबांदी ने पारे को 29 डिग्री सेल्सियस तक ला दिया।

किन जिलों में है अलर्ट?

मौसम विभाग ने गुरुवार को उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें प्रमुख जिलों में सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, दरभंगा, समस्तीपुर, वैशाली, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन जिलों में तेज हवाओं के साथ बिजली चमकने और गर्जन की संभावना बनी हुई है।

तेज हवाओं और आंधी का असर

इन इलाकों में हवाएं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं, जो जनजीवन पर असर डाल सकती हैं। खासकर जमुई में बुधवार दोपहर काले बादलों ने ऐसा अंधेरा फैला दिया कि सड़कों पर रात जैसा माहौल बन गया। तेज धूल भरी आंधी और बारिश ने जनजीवन को ठहर सा दिया।

तापमान में रिकॉर्ड गिरावट दर्ज हुआ

आपको बता दें की पिछले 24 घंटों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। वाल्मीकिनगर (पश्चिम चंपारण) में पारा 13.2 डिग्री तक नीचे गिरा। पूर्वी चंपारण, बक्सर और सिवान जैसे जिलों में तापमान 8 से 10 डिग्री तक कम हुआ। यह अचानक मौसम बदलाव गर्मी को रोकने में मददगार साबित हुआ, लेकिन किसानों की फसल और खेतों में पानी की व्यवस्था के लिए चिंता बढ़ा दी।

10 अप्रैल को सिद्ध योग: ये 5 राशियां पाएंगी अपार सफलता, खुशियों और धन का संयोग

राशिफल। 10 अप्रैल 2026, एक खास सिद्ध योग बन रहा है, जो कुछ राशियों के लिए भाग्य और अवसरों में बड़ा बदलाव ला सकता है। इस योग के प्रभाव से न केवल धन और करियर में फायदा होगा, बल्कि स्वास्थ्य और परिवार में भी खुशियों का संयोग रहेगा। आइए जानते हैं कौन-कौन सी 5 राशियां इस योग से विशेष रूप से लाभान्वित होंगी।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह दिन बेहद शुभ रहेगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और पुराने निवेश से लाभ प्राप्त होगा। पारिवारिक जीवन में सुख और संतोष बढ़ेगा। व्यवसायियों के लिए यह समय नई योजनाओं को लागू करने का है, जबकि नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन या सराहना मिल सकती है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के लिए 10 अप्रैल का दिन आर्थिक और मानसिक रूप से लाभकारी रहेगा। धन की प्राप्ति के अवसर बढ़ेंगे और किसी पुराने ऋण या लंबित पैसे की वसूली संभव है। स्वास्थ्य पर भी ध्यान देने की जरूरत है, लेकिन योग का असर मानसिक संतुलन बनाए रखने में मदद करेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वाले जातकों के लिए यह योग करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार लाएगा। नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी आपके हाथ लग सकती है। साथ ही परिवार में भी सुख और सहयोग मिलेगा। यह दिन नई परियोजनाओं की शुरुआत के लिए अनुकूल है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को यह दिन विशेष अवसरों और अचानक लाभ के संकेत देता है। निवेश या व्यापार से अच्छा लाभ मिलने के योग हैं। परिवार में किसी पुराने मतभेद का समाधान संभव है, जिससे रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए 10 अप्रैल का दिन नए संबंधों और नेटवर्किंग के लिए शुभ है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी और आय में वृद्धि के अवसर बनेंगे। साथ ही स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति भी संतुलित रहेगी।

केंद्र सरकार दे रही बड़ा मौका: घर बैठे लगाएं बायोगैस प्लांट, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। एलपीजी गैस की बढ़ती कीमतों और आपूर्ति की दिक्कतों के बीच अब घर पर बायोगैस प्लांट लगाना आसान हो गया है। केंद्र सरकार ने BAM पोर्टल लॉन्च किया है, जहां कोई भी व्यक्ति सीधे आवेदन करके अपने घर या खेत में प्लांट लगा सकता है। इससे न सिर्फ साफ ऊर्जा मिलेगी, बल्कि खर्च भी कम होगा।

आपको बता दें की 2018 में शुरू हुई इस योजना का मकसद है गोबर और कृषि अपशिष्ट से बायोगैस, बायो-सीएनजी और जैविक खाद बनाना। इसके लिए केंद्र सरकार खर्च का 50% तक सब्सिडी देती है, जिससे निवेश कम हो जाता है। इस योजना से गांवों में सफाई बढ़ेगी, लोगों को सस्ती गैस मिलेगी और किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही LPG पर निर्भरता कम होगी और पर्यावरण को भी फायदा होगा।

आवेदन कब तक करें?

आवेदन 1 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुके हैं और 30 अप्रैल 2026 तक चलेंगे। इसलिए इच्छुक लोगों को जल्दी कदम उठाना चाहिए।

कौन ले सकता है फायदा?

यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो बायोगैस बनाना चाहते हैं या इससे जुड़े कारोबार में हैं। सरकार मशीन खरीदने में मदद देती है, जिससे गोबर और खेती के अपशिष्ट को इकट्ठा करना और गैस बनाना आसान हो जाता है। किसानों को इससे अतिरिक्त आय का मौका भी मिलेगा।

आवेदन कैसे करें?

आवेदन करने के लिए BAM पोर्टल (bam.eil.co.in) पर रजिस्ट्रेशन करना जरूरी है। साथ ही GOBARdhan योजना के रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर भी पंजीकरण करना होगा। दोनों रजिस्ट्रेशन होने के बाद आवेदन मान्य होगा। इस योजना से जुड़ने पर कम से कम 5 साल का एग्रीमेंट करना होगा।

बिहार के 4 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में वाराणसी-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब यह राज्य के चार जिलों से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे की लंबाई बिहार में लगभग 159 किलोमीटर होगी, जो रोहतास, कैमूर, औरंगाबाद और गया जिलों से होकर जाएगी।

चौथे फेज की मंजूरी के लिए नया प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के चौथे पैकेज की मंजूरी के लिए केंद्र सरकार ने नए सिरे से प्रस्ताव मांगा है। इस प्रस्ताव में न केवल सड़क निर्माण की पूरी जानकारी, बल्कि ऑपरेशन और मेंटेनेंस रेट भी शामिल है। केंद्रीय अधिकारियों का कहना है कि यह कदम सड़क निर्माण के बाद गुणवत्ता बनाए रखने और यातायात के सुचारू संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

चौथे फेज में सड़क निर्माण

बिहार में चौथे फेज की लंबाई लगभग 41 किलोमीटर है। यह सड़क रोहतास और कैमूर जिलों से होकर गुजरेगी। इसे हाइब्रिड एन्यूटी मोड में विकसित किया जाएगा, जिसमें निर्माण एजेंसी 60 प्रतिशत राशि खर्च करेगी और सरकार शेष 40 प्रतिशत खर्च का प्रावधान करेगी। निर्माण एजेंसी अपनी लागत की वसूली टोल शुल्क के माध्यम से करेगी।

एक्सप्रेसवे की पूरी योजना

वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे का निर्माण कुल 13 फेज़ में पूरा किया जाएगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 610 किलोमीटर होगी और यह उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ेगा। निर्माण का लक्ष्य साल 2027 तक पूरा करना है।

जनता के लिए लाभ

इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से न केवल यात्रा का समय घटेगा, बल्कि व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सड़क निर्माण के बाद सड़क का रख-रखाव और सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए नई प्रणाली लागू की जाएगी।

बिहार में अब इस जमीन का भी होगा सर्वे, तैयारी शुरू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में असर्वेक्षित और विवादित जमीन यानी टोपोलैंड को लेकर ठोस नीति बनाने की तैयारी तेज कर दी है। इसके तहत अब टोपोलैंड का व्यापक सर्वे कराया जाएगा। डिप्टी सीएम एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के मंत्री विजय सिन्हा ने सभी जिलों के जिला मजिस्ट्रेट (DM) को इस संबंध में रिपोर्ट देने का निर्देश दे दिया है।

टोपोलैंड क्या है?

बता दें की टोपोलैंड वह जमीन होती है, जो बिहार में नदियों के मार्ग बदलने या पुराने सर्वे (1905-1915) में शामिल न होने के कारण असर्वेक्षित मानी जाती है। यह मुख्यतः सरकारी जमीन मानी जाती है, लेकिन इस पर लंबे समय से स्वामित्व और उपयोग को लेकर विवाद चलते आ रहे हैं। अब सरकार इस जमीन का सर्वे कराकर विवाद सुलझाने और भूमि का व्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित करने की तैयारी में है।

विजय सिन्हा ने क्या कहा

डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने बताया कि विभाग का उद्देश्य जमीन संबंधी नियमों और कानूनों को व्यावहारिक, पारदर्शी और विवादरहित बनाना है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में तेजी और गहनता के साथ काम किया जा रहा है। सभी जिलों के डीएम को टोपोलैंड की वास्तविक स्थिति की जानकारी देने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

राजस्व विभाग की बैठक

जानकारी के अनुसार, 10 अप्रैल को राजस्व विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक बुलाई गई है, जिसमें टोपोलैंड के सर्वे और उसकी पहचान पर चर्चा हो सकती है। प्रत्येक जिले की असर्वेक्षित और बकास्त भूमि की समीक्षा के निर्देश दिए गए हैं। विभाग के अपर सचिव आजीव वत्सराज ने डीएम को लेटर भेजकर जल्द ही टोपोलैंड की जानकारी उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

लिवर खतरे में! शरीर दे रहा है 5 अलर्ट, तुरंत पहचानें

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर का एक ऐसा महत्वपूर्ण अंग है जो खून साफ करने, पाचन में मदद करने और विषैले पदार्थों को बाहर निकालने का काम करता है। लेकिन अक्सर हम इसके अलर्ट संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि लिवर सही तरीके से काम न करे तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं जन्म ले सकती हैं।

1. लगातार थकान और कमजोरी

यदि आपको बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है, तो यह लिवर की खराबी का पहला संकेत हो सकता है। लिवर सही से रक्त और पोषक तत्वों को प्रोसेस नहीं कर पा रहा होता है।

2. पेट में सूजन और दर्द

पेट के ऊपरी दाएं हिस्से में सूजन या दर्द होना भी लिवर समस्या का संकेत हो सकता है। यह अक्सर लिवर की सूजन (हिपेटाइटिस) या फैटी लिवर की ओर इशारा करता है।

3. त्वचा और आंखों का पीलापन

अगर आपकी त्वचा या आंखों का सफेद हिस्सा पीला पड़ने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। यह लिवर फेल होने का सबसे स्पष्ट संकेतों में से एक है।

4. पाचन और भूख में बदलाव

लिवर की खराबी से पाचन संबंधी समस्याएं शुरू हो सकती हैं, जैसे कि भूख में कमी, गैस, अपच या कब्ज। शरीर विषाक्त पदार्थों को सही तरीके से प्रोसेस नहीं कर पाता।

5. यूरिन और स्टूल का रंग बदलना

यदि पेशाब का रंग गहरा या गहरा पीला हो जाए और मल का रंग फीका या मिट्टी जैसा दिखे, तो यह लिवर की खराबी का अलर्ट है। ये संकेत बताते हैं कि लिवर सही से बिलिरुबिन को प्रोसेस नहीं कर पा रहा।

हेल्थ एक्सपर्ट की क्या है सलाह?

हेल्थ एक्सपर्ट कहते हैं कि इन संकेतों को समय रहते पहचानना बेहद जरूरी है। लिवर की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार, शराब से परहेज, नियमित व्यायाम और पर्याप्त पानी लेना महत्वपूर्ण है। साथ ही, कोई भी असामान्य लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से जांच कराना चाहिए।

बिहार में प्राइवेट स्कूलों पर एक्शन, ₹1 लाख तक जुर्माना, मचा हड़कंप

पटना। बिहार में शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के प्रविधानों के तहत निजी स्कूलों की मनमानी पर राज्य सरकार ने कड़ी कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। अब उन प्राइवेट विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी, जो 25 प्रतिशत सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और अलाभकारी समूह के बच्चों के लिए आरक्षित नहीं रखते हैं। ऐसे स्कूलों पर ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

स्क्रीनिंग या टेस्ट पर भी जुर्माना

यदि कोई निजी स्कूल नर्सरी या कक्षा एक में नामांकन के लिए बच्चों से साक्षात्कार या टेस्ट (स्क्रीनिंग प्रक्रिया) करता है, तो उस पर भी आर्थिक दंड लगाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सभी योग्य बच्चे बिना किसी भेदभाव के शिक्षा प्राप्त कर सकें।

चरणबद्ध जुर्माना प्रणाली

प्राथमिक शिक्षा निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को निर्देश दिया है:

आरटीई कानून का पहली बार उल्लंघन करने पर ₹25,000 का जुर्माना।

दूसरी बार उल्लंघन होने पर जुर्माना बढ़कर ₹50,000 हो जाएगा।

बिना स्वीकृति वाले प्रारंभिक विद्यालय चलाने पर ₹1 लाख तक का जुर्माना।

निर्धारित तिथि के बाद भी स्कूल संचालित रहने पर प्रतिदिन ₹10,000 की दर से अतिरिक्त जुर्माना वसूला जाएगा।

सरकार का संदेश

राज्य सरकार का स्पष्ट संदेश है कि शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना सर्वोपरि है। किसी भी निजी विद्यालय को आरटीई के नियमों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। शिक्षा विभाग ने सभी जिलों में यह निर्देश जारी कर दिया है ताकि बच्चों के अधिकारों की रक्षा की जा सके।

खून बनाने की सुपर मशीन! रोज खाएं ये 5 चीज़ें और ताकत बढ़ाएं

हेल्थ डेस्क। सेहतमंद शरीर और भरपूर ऊर्जा के लिए खून यानी ब्लड का सही स्तर बनाए रखना बहुत जरूरी है। शरीर में खून की कमी होने पर थकान, कमजोरी और ध्यान केंद्रित करने में दिक्कत होती है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ प्राकृतिक सुपर फूड्स को रोजाना खाने से खून बनाने की क्षमता बढ़ती है और शरीर मजबूत बनता है।

1. अनार

अनार सिर्फ स्वादिष्ट नहीं, बल्कि एक ब्लड-बूस्टर भी है। इसमें फोलेट, आयरन और विटामिन C भरपूर मात्रा में होता है। रोजाना अनार या इसका जूस पीने से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं (RBC) की संख्या बढ़ती है और हीमोग्लोबिन का स्तर सुधरता है।

2. चुकंदर

चुकंदर खून बढ़ाने वाला सुपरफूड माना जाता है। इसमें फोलेट और आयरन होते हैं, जो रक्त निर्माण में मदद करते हैं। चुकंदर का जूस या सब्जी रूप में सेवन करने से थकान कम होती है और ऊर्जा स्तर बढ़ता है।

3. पालक

हरी पत्तेदार सब्ज़ियां, खासकर पालक, आयरन और फोलेट की भरपूर मात्रा देती हैं। इसे सब्ज़ी या सूप में शामिल करने से रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर बढ़ता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

4. मूंगफली

मूंगफली में प्रोटीन, आयरन और विटामिन B12 मौजूद होता है। नाश्ते में मूंगफली खाने से शरीर को ब्लड-बूस्ट मिलता है और कमजोरी कम होती है। यह छोटे बच्चों और युवाओं के लिए भी बेहद फायदेमंद है।

5. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज जिंक, आयरन और एंटीऑक्सिडेंट्स का उत्कृष्ट स्रोत हैं। इन्हें खाने से ब्लड प्रोडक्शन में मदद मिलती है और शरीर की ऊर्जा लंबे समय तक बनी रहती है।

यूपी के स्कूलों में नई व्यवस्था लागू, प्रधानाध्यापक खुद बनाएंगे टाइम टेबल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। अब स्कूल के प्रधानाध्यापक अपने स्तर से टाइम टेबल तय करेंगे। इससे न केवल पढ़ाई को बेहतर ढंग से संचालित किया जा सकेगा, बल्कि स्कूल में क्षेत्रीय और आंचलिक गतिविधियों को भी शामिल करना आसान होगा।

अब तक की व्यवस्था

आपको बता दें की यूपी के स्कूलों में पहले तक टाइम टेबल का निर्धारण केंद्र से केंद्रीयकृत तरीके से होता था। विभाग द्वारा तय किए गए टाइम टेबल का पालन कई स्कूलों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित होता था, खासकर उन विद्यालयों में जहाँ शिक्षकों की संख्या कम थी।

नई व्यवस्था के मुख्य बिंदु

प्रधानाध्यापक तय करेंगे टाइम टेबल: अब प्रत्येक स्कूल अपने स्तर पर 40 मिनट के पीरियड निर्धारित करेगा।

पाठ्यक्रम में आसानी: नई व्यवस्था से पाठ्यक्रम को समय पर पूरा करना आसान होगा।

क्षेत्रीय गतिविधियों को शामिल करना: खेल, नवाचार और स्थानीय गतिविधियों को टाइम टेबल में जोड़ा जा सकेगा।

समय अनुसार संचालन: परिषदीय स्कूल एक अप्रैल से 30 सितंबर तक सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक, और 1 अक्टूबर से 31 मार्च तक सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खुलेंगे।

इस नई व्यवस्था से क्या होगा लाभ

उप्र बीटीसी शिक्षक संघ के अध्यक्ष अनिल यादव का कहना है कि इस बदलाव से स्कूलों में गतिविधियां बढ़ेंगी और संचालन आसान होगा। शिक्षक अपनी क्षमता और क्षेत्रीय जरूरतों के अनुसार छात्रों के लिए रचनात्मक गतिविधियों का आयोजन कर सकेंगे। इस नई प्रणाली से न केवल शिक्षा का गुणवत्ता स्तर बढ़ेगा, बल्कि छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए स्कूल संचालन सरल और लचीला बनेगा।

बिहार में कौन बनेगा मुख्यमंत्री? आ गया अपडेट, जानकर चौंक जाएंगे

पटना। बिहार की राजनीति इन दिनों हलचल के दौर से गुजर रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस सप्ताह दिल्ली जा रहे हैं और शुक्रवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। इसके साथ ही चर्चाओं का केंद्र यह बन गया है कि नीतीश कुमार कब मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे और राज्य में एनडीए की नई सरकार कब तक बन जाएगी।

नई सरकार और नेतृत्व

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बिहार में नई सरकार का नेतृत्व भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) करेगी। जदयू नेता विजय कुमार चौधरी ने इसकी पुष्टि की है। हालांकि, नए मुख्यमंत्री का चेहरा अभी तक फाइनल नहीं हुआ है। चर्चा में कई नाम हैं, लेकिन सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को बनाए रखने के लिए सबसे अधिक संभावना सम्राट चौधरी के नाम की बताई जा रही है।

इस्तीफा और सरकार गठन

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नीतीश कुमार 10 अप्रैल को राज्यसभा सांसद बनने के बाद भी कुछ समय तक मुख्यमंत्री पद पर बने रह सकते हैं। न्यूज 18 की रिपोर्ट में कहा गया है कि वे 14 अप्रैल को स्वेच्छा से सीएम पद से इस्तीफा देंगे। इसके पहले 13 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक होने की संभावना है। इस्तीफे के बाद कैबिनेट अपने आप भंग हो जाएगी और नई सरकार का गठन किया जाएगा।

बिहार में नीतीश मॉडल जारी रहेगा

राज्य में सरकार नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में चलेगी। उनके नीतियों और योजनाओं में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि अगले मुख्यमंत्री के चयन में भी सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बरकरार रहे।

राजनीतिक पृष्ठभूमि, नेताओं की प्रतिक्रियाएं

एनडीए ने हाल के चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में बहुमत हासिल किया था। राज्यसभा सदस्य बनने और मुख्यमंत्री पद छोड़ने की प्रक्रिया को इस बार सावधानी से समयबद्ध किया गया है। इस दौरान जनता में आशंका और उत्सुकता दोनों बढ़ी है। संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि नीतीश जी का दिल्ली जाना उनके व्यक्तिगत निर्णय के अनुरूप था। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बड़ी पार्टी होने के नाते नेतृत्व का फैसला उनकी प्राथमिकता में रहेगा।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य: ये 5 राशियां होगी संपन्न और खुशहाल

राशिफल। कल का दिन कई राशियों के लिए विशेष तौर पर खुशियों और संपन्नता से भरा रहेगा। ग्रहों की स्थिति और ज्योतिषीय संकेतों के अनुसार, कुछ राशियों के लिए भाग्य का कमल खिलने वाला है। अगर आप भी इन राशियों में हैं, तो तैयार हो जाइए कल सफलता, लाभ और खुशियों के नए अवसरों के लिए।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए कल का दिन धन लाभ और पेशेवर सफलता लाएगा। पुराने निवेश या लापता पैसा मिलने की संभावना बढ़ रही है। व्यवसायियों और नौकरीपेशा दोनों के लिए प्रोफेशनल अवसर खास रहेंगे। परिवार में भी खुशियों का माहौल रहेगा और संबंधों में मधुरता बढ़ेगी।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए कल का दिन संपत्ति और लाभ के मामले में शुभ रहेगा। वित्तीय फैसले और निवेश आज लाभदायक होंगे। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन मानसिक शांति और संतुलन आपको दिनभर सकारात्मक बनाए रखेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए कल का दिन व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों मोर्चों पर लाभकारी रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या बोनस मिलने की संभावना है। छात्रों के लिए भी सफलता के नए अवसर बनेंगे। परिवार में सुख-शांति और घरेलू मामलों में संतुलन रहेगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए कल का दिन सफलता और मान-सम्मान लेकर आएगा। पुरानी मुश्किलें दूर होंगी और आपके प्रयासों की सराहना होगी। निवेश और व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं। प्यार और संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन धन, व्यापार और व्यक्तिगत प्रगति का दिन रहेगा। आर्थिक मामलों में फायदा होगा और लंबे समय से रुके काम में प्रगति दिखेगी। यह दिन नए संबंध बनाने और पुराने संबंध मजबूत करने के लिए भी अनुकूल है।