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सरस्वती योग से चमकेगी किस्मत, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। 28 मई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन बुध ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से ही शुक्र और बृहस्पति विराजमान हैं। तीन शुभ ग्रहों की यह दुर्लभ युति मिलकर 'सरस्वती योग' का निर्माण करेगी। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को ज्ञान, बुद्धि, शिक्षा, कला, वाणी और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

मान्यता है कि इस शुभ संयोग का प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक रहेगा, लेकिन 4 राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। करियर, पढ़ाई, व्यापार और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।

क्या है सरस्वती योग?

जब बुध, गुरु और शुक्र जैसे शुभ ग्रह मजबूत स्थिति में एक साथ आते हैं, तब सरस्वती योग बनता है। यह योग व्यक्ति की सोचने-समझने की क्षमता बढ़ाने, शिक्षा में सफलता दिलाने और कला-संगीत जैसे क्षेत्रों में पहचान दिलाने वाला माना जाता है। इस दौरान नई योजनाओं की शुरुआत, पढ़ाई, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और रचनात्मक कार्यों में लाभ मिलने की संभावना रहती है।

इन 4 राशियों को होगा बड़ा फायदा

मेष राशि

सरस्वती योग मेष राशि वालों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी करेगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि में ही यह विशेष योग बन रहा है, इसलिए इसका सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव इसी राशि पर देखने को मिल सकता है। करियर में तरक्की, व्यापार में लाभ और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। वाणी और संवाद क्षमता मजबूत होगी, जिससे लोगों पर अच्छा प्रभाव पड़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और बिजनेस में लाभ के योग बनेंगे। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और मान-सम्मान बढ़ सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को शिक्षा, कला और रचनात्मक कार्यों में सफलता मिल सकती है। नए संपर्क भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में भी शुभ समाचार मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिलेगा।

बिहार में नई रेल लाइन की मंजूरी, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में 29 नई रेल लाइनों के निर्माण को मंजूरी मिलने के बाद कई जिलों में खुशी का माहौल है। खास तौर पर भगवानपुर-महुआ-ताजपुर-समस्तीपुर नई रेल लाइन परियोजना को हाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है।

यात्रा होगी आसान, समय की होगी बचत

नई रेल लाइन बनने के बाद महुआ का सीधा संपर्क भगवानपुर, ताजपुर और समस्तीपुर से हो जाएगा। इससे लोगों को यात्रा में काफी सुविधा मिलेगी। अभी कई इलाकों के लोगों को सड़क मार्ग पर अधिक निर्भर रहना पड़ता है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ते हैं। रेल संपर्क बेहतर होने से छात्र, नौकरीपेशा लोग और व्यवसाय से जुड़े नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा।

व्यापार और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइन का सबसे बड़ा फायदा व्यापारिक गतिविधियों पर देखने को मिल सकता है। बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से किसानों को अपनी उपज दूसरे शहरों तक पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं छोटे कारोबारियों को भी बाजार तक पहुंच का बेहतर विकल्प मिलेगा। रेल परियोजना के शुरू होने के बाद क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

वर्षों पुरानी मांग को मिली मंजूरी

हाजीपुर-महुआ-ताजपुर-समस्तीपुर रेल लाइन की मांग लंबे समय से उठाई जा रही थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस परियोजना के पूरा होने से इलाके के विकास को नई गति मिलेगी। राजनीतिक नेताओं ने भी इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। उनका कहना है कि यह रेल लाइन सिर्फ परिवहन का साधन नहीं बल्कि क्षेत्र की आर्थिक और सामाजिक प्रगति का माध्यम बनेगी।

यूपी में बनेगा 1 फ्लाईओवर और 2 अंडरपास, इन जिलों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओं को देखते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बाराबंकी जिले में एक फ्लाईओवर और दो अंडरपास बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर करीब 125.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सफेदाबाद में बनेगा फ्लाईओवर

योजना के तहत सफेदाबाद क्षेत्र में फ्लाईओवर का निर्माण कराया जाएगा। यहां हाईवे पर लगातार बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। फ्लाईओवर बनने से वाहनों की आवाजाही आसान होगी और लोगों को लंबे समय तक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा।

दादरा चौराहे पर बनेगा अंडरपास

दादरा चौराहे पर छोटे वाहनों के लिए लाइट व्हीकल अंडरपास बनाया जाएगा। इसके निर्माण से कार, बाइक, ऑटो और अन्य छोटे वाहन बिना किसी बाधा के आसानी से सड़क पार कर सकेंगे। इससे कट पॉइंट पर होने वाले हादसों में कमी आएगी।

रामसनेहीघाट क्षेत्र को भी फायदा

परियोजना में रामसनेहीघाट के दुर्घटना प्रभावित इलाके को भी शामिल किया गया है। यहां भिटरिया के पास बड़ा अंडरपास बनाया जाएगा। इस हिस्से में अक्सर सड़क हादसे होते रहे हैं, इसलिए प्रशासन ने इसे प्राथमिकता में रखा है। इसके अलावा सफदरगंज जंक्शन को भी आधुनिक तरीके से अपग्रेड किया जाएगा, ताकि बदोसरांय और जैदपुर की ओर आने-जाने वाले वाहन बिना रुकावट अपनी दिशा में जा सकें।

60 किलोमीटर क्षेत्र में हादसों पर नियंत्रण

जिला प्रशासन का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद बाराबंकी जिले की सीमा में करीब 60 किलोमीटर तक सड़क दुर्घटनाओं को नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। हाईवे पर ट्रैफिक संचालन बेहतर होगा और यात्रियों का सफर ज्यादा सुरक्षित बनेगा।

यूपी के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, राज्य में निकलीं 3 नई भर्तियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी और संस्थागत नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में अलग-अलग विभागों और संस्थानों की ओर से नई भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इन भर्तियों में 10वीं, 12वीं, स्नातक और कानून की पढ़ाई कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। खास बात यह है कि कुछ पदों पर इंटरव्यू के जरिए सीधी भर्ती भी की जाएगी।

1 .दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट में कई पदों पर भर्ती

दीनदयाल रिसर्च इंस्टीट्यूट की ओर से ड्राइवर, स्टेनो सहित विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के तहत कुल 4 पदों को भरा जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 10वीं, 12वीं या स्नातक पास होना जरूरी है। इच्छुक अभ्यर्थी ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 18 जून 2026 निर्धारित की गई है। भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

2 .SGPGIMS में डॉक्टरों के लिए सुनहरा मौका

लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGIMS) ने सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 33 पद भरे जाएंगे। इन पदों के लिए एमएस या डीएनबी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार वॉक-इन इंटरव्यू में शामिल हो सकते हैं। इंटरव्यू की तारीख 29 मई 2026 तय की गई है। मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है।

3 .इलाहाबाद हाईकोर्ट में स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट भर्ती

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। कुल 7 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इन पदों के लिए एलएलबी डिग्री रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है और अंतिम तारीख 25 जुलाई 2026 तय की गई है। न्यायिक क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह शानदार मौका है।

लीची खाने के 8 हेल्थ बेनिफिट्स, गर्मी में शरीर को रखेगा फिट और एक्टिव

हेल्थ डेस्क। गर्मियों के मौसम में शरीर को हाइड्रेटेड और एनर्जी से भरपूर रखना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में लीची एक ऐसा फल है जो न सिर्फ स्वाद में मीठा और रसीला होता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद माना जाता है। इसमें पानी, विटामिन और मिनरल्स की भरपूर मात्रा होती है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ कई स्वास्थ्य लाभ भी प्रदान करते हैं।

आइए जानते हैं लीची खाने के 8 बड़े हेल्थ बेनिफिट्स:

1. शरीर को रखे हाइड्रेटेड

लीची में पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे यह शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करती है और गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाती है।

2. इम्युनिटी को मजबूत बनाए

इसमें विटामिन C भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है और संक्रमण से बचाता है।

3. स्किन के लिए फायदेमंद

लीची त्वचा को अंदर से पोषण देती है और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण स्किन को चमकदार और हेल्दी बनाती है।

4. पाचन तंत्र को सुधारे

इसमें फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाती है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाती है।

5. एनर्जी बढ़ाए

लीची में प्राकृतिक शुगर होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करती है और थकान को कम करती है।

6. हार्ट हेल्थ के लिए लाभकारी

इसमें पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो दिल को स्वस्थ रखने और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करते हैं।

7. वजन नियंत्रण में सहायक

लीची कम कैलोरी वाला फल है, जो वजन को नियंत्रित रखने वालों के लिए एक अच्छा विकल्प माना जाता है।

8. हीट स्ट्रोक से बचाव

गर्मियों में लीची का सेवन शरीर को ठंडक देता है और लू लगने के खतरे को कम करने में मदद करता है। 

LPG सब्सिडी पर बड़ा अपडेट, सरकार ने जारी किया नया निर्देश, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए सरकार की तरफ से एक अहम अपडेट सामने आया है। अब गैस सब्सिडी पाने और कनेक्शन से जुड़ी सेवाओं को जारी रखने के लिए सभी उपभोक्ताओं को eKYC कराना अनिवार्य कर दिया गया है। अगर तय समय सीमा के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की गई, तो सब्सिडी रुक सकती है और कुछ सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।

क्यों जरूरी है eKYC?

सरकार का उद्देश्य एलपीजी कनेक्शन और सब्सिडी सिस्टम को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाना है। eKYC के जरिए उपभोक्ता की पहचान को डिजिटल रूप से सत्यापित किया जाता है, जिससे फर्जी कनेक्शन और गलत लाभ लेने की संभावना कम हो जाती है। सूचना के अनुसार, eKYC पूरा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तय की गई है। इसलिए सभी उपभोक्ताओं को समय रहते यह प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

घर बैठे मोबाइल से कैसे करें eKYC?

अब उपभोक्ता आसानी से अपने मोबाइल फोन से घर बैठे eKYC पूरा कर सकते हैं। इसके लिए नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें। सबसे पहले अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक मोबाइल ऐप डाउनलोड करें, अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से ऐप में लॉगिन करें, 'My Profile' सेक्शन में जाएं, वहां LPG Details में eKYC का विकल्प चुनें, नियम और शर्तों को पढ़कर सहमति दें, OTP या फेस स्कैन के जरिए पहचान सत्यापन पूरा करें, सभी जानकारी भरकर फॉर्म सबमिट कर दें, आमतौर पर यह प्रक्रिया 24 से 48 घंटे के अंदर पूरी हो जाती है।

UMANG ऐप से भी कर सकते हैं eKYC

अगर आप गैस कंपनी का ऐप इस्तेमाल नहीं करना चाहते, तो UMANG ऐप के जरिए भी eKYC कर सकते हैं: UMANG ऐप खोलें, गैस सेवा सेक्शन में जाएं, eKYC विकल्प चुनें, मोबाइल नंबर और MPIN से लॉगिन करें, दिए गए स्टेप्स को पूरा करके प्रक्रिया पूरी करें।

उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सलाह

नई व्यवस्था के बाद सभी एलपीजी उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपना eKYC जरूर पूरा कर लें। ऐसा न करने पर न केवल सब्सिडी रुक सकती है, बल्कि गैस सेवाओं में भी बाधा आ सकती है। डिजिटल प्रक्रिया आसान है, इसलिए इसे टालने के बजाय जल्द से जल्द पूरा करना ही बेहतर होगा, ताकि किसी भी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को जल्द ही नई किस्त का लाभ मिलने जा रहा है। इस फैसले से राज्य की लाखों जीविका दीदियों में उत्साह देखा जा रहा है।

योजना के तहत बढ़ाया जा रहा आर्थिक समर्थन

इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। शुरुआत में लाभार्थियों को छोटी राशि देकर काम शुरू करने में मदद की गई थी, और अब इसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाया जा रहा है। सरकारी जानकारी के अनुसार, इस योजना के तहत कुल सहायता राशि दो लाख रुपये तक दी जाएगी, जो अलग-अलग चरणों में लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी।

किस्तों में मिलेगा पूरा लाभ

योजना के तहत राशि को कई चरणों में वितरित करने की व्यवस्था की गई है। पहले चरण में महिलाओं को शुरुआती सहायता राशि दी गई थी, जिससे उन्होंने छोटे व्यवसाय और स्वरोजगार की शुरुआत की। अब दूसरे चरण में 20 हजार रुपये की किस्त जारी करने की तैयारी है। इसके बाद आने वाले चरणों में 40 हजार, 60 हजार और 80 हजार रुपये तक की राशि दी जाएगी। इस तरह कुल मिलाकर लाभार्थियों को दो लाख रुपये तक का आर्थिक सहयोग मिलेगा।

शहरी और ग्रामीण दोनों को लाभ

सरकार ने इस योजना को केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा है। अब शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को भी इसका लाभ दिया जा रहा है। करीब 18 लाख शहरी महिलाओं ने इस योजना के लिए आवेदन किया है। उनकी जांच प्रक्रिया पूरी कर ली गई है, और पात्र लाभार्थियों को जल्द ही पहली किस्त के रूप में आर्थिक सहायता दी जाएगी।

प्रशासनिक तैयारी पूरी

अधिकारियों के अनुसार लाभार्थियों के दस्तावेजों की जांच और सत्यापन प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में अगली किस्त का भुगतान जल्द शुरू किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि सभी पात्र महिलाओं तक समय पर सहायता राशि पहुंचाई जाए।

SBI बैंक पर बड़ा अपडेट: कल से 6 दिन बंद, आज ही निपटा लें काम

न्यूज डेस्क। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India (SBI) के ग्राहकों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 23 मई से 28 मई 2026 के बीच बैंक की ब्रांच सेवाएं लंबे समय तक प्रभावित रह सकती हैं। ऐसे में ग्राहकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपने सभी जरूरी बैंकिंग कार्य 22 मई तक ही पूरा कर लें।

क्यों 6 दिन तक प्रभावित रहेगा बैंकिंग कामकाज?

इस दौरान बैंकिंग सेवाएं बाधित होने के पीछे कई कारण एक साथ पड़ रहे हैं, जिनसे लगातार छुट्टियों और संभावित हड़ताल का माहौल बन गया है।

1. वीकेंड की छुट्टियां

23 मई को महीने का चौथा शनिवार और 24 मई को रविवार होने के कारण बैंक बंद रहेंगे। नियमों के अनुसार, हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध नहीं होती हैं।

2. कर्मचारियों की प्रस्तावित हड़ताल

बैंक कर्मचारी संगठन All India State Bank of India Staff Federation ने अपनी मांगों को लेकर 25 और 26 मई को देशव्यापी हड़ताल का प्रस्ताव दिया है। अगर यह हड़ताल होती है तो बैंकिंग सेवाएं पूरी तरह से प्रभावित हो सकती हैं।

3. बकरीद (ईद-उल-अजहा) की छुट्टी

रिजर्व बैंक द्वारा घोषित अवकाश के अनुसार बकरीद के मौके पर 27 मई को अधिकतर राज्यों में बैंक बंद रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में यह छुट्टी 28 मई तक भी लागू रह सकती है, जिससे बैंकिंग ब्रांचों का कामकाज और प्रभावित होगा।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

इस अवधि में मुख्य रूप से ब्रांच आधारित सेवाएं प्रभावित होंगी, जैसे: नकद जमा और निकासी, चेक क्लीयरेंस, डिमांड ड्राफ्ट और अन्य कागजी कार्य, पासबुक अपडेट आदि। हालांकि, ऑनलाइन बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग और ATM सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहने की उम्मीद है।

यूपी में बन रहा स्टेट कैपिटल रीजन, 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) परियोजना को राज्य के विकास का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राजधानी लखनऊ और उसके आसपास के पाँच अन्य जिलों को मिलाकर एक एकीकृत शहरी-आर्थिक क्षेत्र विकसित करने की तैयारी की जा रही है।

छह जिलों को मिलाकर बनेगा बड़ा विकास क्षेत्र

इस योजना में लखनऊ के साथ-साथ सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर यह क्षेत्र लगभग 26 हजार वर्ग किलोमीटर में फैला होगा, जिसे एक सुनियोजित और आधुनिक विकास मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है। इन जिलों को जोड़कर ऐसा ढांचा बनाने की कोशिश है, जिससे शहरी सुविधाएँ सिर्फ राजधानी तक सीमित न रहकर आसपास के क्षेत्रों तक भी पहुंच सकें।

29 बड़ी परियोजनाओं पर काम तेज

SCR के तहत लगभग 29 प्रमुख परियोजनाओं की पहचान की गई है। इनमें परिवहन, आवागमन, औद्योगिक विकास, पर्यटन और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट शामिल हैं।

प्रशासनिक तैयारी और दिशा

लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से बताया गया है कि परियोजना के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार की जा रही है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में सभी विभागों से सुझाव लेकर योजनाओं को अंतिम रूप देने पर जोर दिया गया है।

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

स्टेट कैपिटल रीजन के गठन से कई बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निवेश में बढ़ोतरी, नए उद्योग और रोजगार के अवसर, बेहतर कनेक्टिविटी और ट्रांसपोर्ट सिस्टम, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच विकास संतुलन, पलायन में कमी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती। 

मुख्य फोकस निम्न क्षेत्रों पर है:

क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क और हाई-स्पीड कॉरिडोर

एलिवेटेड और पेरिफेरल रोड का निर्माण

रेलवे और मेट्रो कनेक्टिविटी का विस्तार

औद्योगिक एवं लॉजिस्टिक पार्कों का विकास

फूड प्रोसेसिंग और निवेश आधारित क्लस्टर

इसके साथ ही लखनऊ-कानपुर कॉरिडोर को भी विकास के एक प्रमुख मॉडल के रूप में जोड़ा जा रहा है।

यूपी में 63 KM का एक्सप्रेस-वे तैयार, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास की रफ्तार लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में राज्य को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। 63 किलोमीटर लंबा लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे, जो जल्द ही आम जनता के लिए शुरू होने की संभावना है। यह परियोजना प्रदेश के सबसे आधुनिक और तेज रफ्तार एक्सप्रेसवे में से एक मानी जा रही है।

सफर होगा तेज और आरामदायक

अभी लखनऊ से कानपुर जाने में यात्रियों को उन्नाव के रास्ते भारी ट्रैफिक का सामना करना पड़ता है, जिससे 2 से 6 घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन इस नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद यह दूरी लगभग एक घंटे से भी कम समय में तय की जा सकेगी। इस एक्सप्रेसवे पर वाहनों को 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने की अनुमति होगी, जिससे यात्रा बेहद तेज और सुगम हो जाएगी।

किन जिलों को होगा फायदा?

यह एक्सप्रेसवे मुख्य रूप से लखनऊ, कानपुर और उन्नाव जिलों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। इन क्षेत्रों में ट्रैफिक दबाव कम होगा और औद्योगिक व व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इसका रूट और संरचना

यह 63 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे कानपुर के आजाद चौराहा से शुरू होकर उन्नाव के कई गांवों जैसे दतौली, कांथा, तौरा, नैरोना और अमरसास होते हुए लखनऊ के बनी-बंथरा क्षेत्र तक पहुंचेगा। इसमें करीब 18 किलोमीटर हिस्सा एलिवेटेड बनाया गया है। यह परियोजना ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पर विकसित की गई है, यानी यह पूरी तरह नई जमीन पर तैयार किया गया आधुनिक मार्ग है।

इसकी लागत और निर्माण

इस एक्सप्रेसवे के निर्माण में लगभग 4700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आई है, जिससे यह देश के प्रति किलोमीटर लागत के हिसाब से सबसे महंगे एक्सप्रेसवे में से एक बन गया है। यह परियोजना आधुनिक इंजीनियरिंग और तेज यातायात सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

इसपर टोल व्यवस्था

इस एक्सप्रेसवे पर चार टोल प्लाजा बनाए गए हैं। कार से एक तरफ का टोल लगभग 275 रुपये होगा, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी यात्रा करने पर कुल टोल 415 रुपये लगेगा। यह एक्सप्रेसवे न सिर्फ यात्रा समय को कम करेगा बल्कि लखनऊ और कानपुर के बीच आर्थिक, औद्योगिक और सामाजिक कनेक्टिविटी को भी मजबूत करेगा। इससे व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

24 मई को हर्षण योग का निर्माण, 5 राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के द्वार

राशिफल। 24 मई को एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बनने जा रहा है, जिसे हर्षण योग कहा जाता है। यह योग दोपहर 03:13 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि यह व्यक्ति के जीवन में आनंद, सफलता, सम्मान और सकारात्मक ऊर्जा लेकर आता है। इस योग के दौरान किए गए कार्यों का फल विशेष रूप से शुभ माना जाता है।

हर्षण योग का महत्व

हर्षण योग को 'हर्ष और प्रसन्नता देने वाला योग' कहा जाता है। इस दौरान व्यक्ति के आत्मविश्वास में वृद्धि होती है और रुके हुए कार्यों में गति आती है। साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा और करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं।

इन 5 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर में उन्नति और नए अवसर लेकर आ सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता में बढ़ोतरी के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ और रुके हुए कार्यों में प्रगति के संकेत हैं। संबंधों में भी सुधार देखने को मिलेगा।

4. धनु राशि

धनु राशि के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा। शिक्षा, करियर और यात्रा से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को नए अवसर और सामाजिक मान-सम्मान मिलने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल हो सकती है।

CM योगी का बड़ा ऐलान: यूपी के सभी 75 जिलों में विकास कार्यों की नई रफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में विकास कार्यों को और तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए बड़ा निर्देश जारी किया है। लोक निर्माण विभाग (PWD) की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना की समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने साफ कहा कि प्रदेश के हर जिले में विकास कार्यों की गुणवत्ता और गति पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सभी जिलों से विकास प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जिलों की स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास योजनाएं तैयार की जाएं और उन्हें एक सप्ताह के भीतर शासन को भेजा जाए। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि जून के पहले सप्ताह में इन योजनाओं को मंजूरी दे दी जाएगी, जिससे काम तेजी से शुरू हो सके।

गुणवत्ता और समयबद्धता पर सख्त रुख

सीएम योगी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी विकास कार्य में गुणवत्ता, मानक और समय सीमा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि कार्यों की जिम्मेदारी पूरी तरह विभागीय अधिकारियों की होगी, जबकि जनप्रतिनिधियों की भूमिका केवल भूमि पूजन और शिलान्यास तक सीमित रहेगी।

हर जिले में नोडल अधिकारी की नियुक्ति

सरकार ने यह भी तय किया है कि हर जिले में चल रही परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। यह अधिकारी नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगा और सुनिश्चित करेगा कि काम तय समय पर पूरा हो। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि हर जिले में अलग-अलग टीम भेजकर कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया जाए।

कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क, पुल और संपर्क मार्ग किसी भी राज्य की आर्थिक प्रगति की रीढ़ होते हैं। इन्हीं के माध्यम से व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को गति मिलती है। इसलिए सभी क्षेत्रों में समान रूप से विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

आपदा प्रबंधन के लिए हेलीपैड निर्माण

सीएम योगी ने यह भी कहा कि आपातकालीन परिस्थितियों जैसे प्राकृतिक आपदा या स्वास्थ्य संकट में हेलीपैड अत्यंत उपयोगी होते हैं। इसलिए हर ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय के पास हेलीपैड बनाए जाने चाहिए।

तकनीक और नवाचार पर फोकस

बदलती परिस्थितियों और ईंधन की उपलब्धता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने निर्माण कार्यों में नई तकनीकों को अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में सीसी रोड निर्माण को बढ़ावा देने और टिकाऊ सड़क तकनीक जैसे सीमेंट-ट्रीटेड बेस का उपयोग करने पर जोर दिया।

'सीएम ग्रिड' योजना की सराहना

नगर विकास विभाग की 'सीएम ग्रिड' योजना की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि इसे और तेजी से लागू किया जाए, ताकि शहरों और कस्बों में बेहतर सड़क और कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके।

UP B.Ed Admit Card 2026 जारी, ऐसे करें तुरंत डाउनलोड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश बीएड प्रवेश परीक्षा 2026 के लिए उम्मीदवारों का इंतजार खत्म हो गया है। एडमिट कार्ड आधिकारिक रूप से जारी कर दिए गए हैं। जिन अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा के लिए आवेदन किया था, वे अब अपना हॉल टिकट ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।

एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करें?

उम्मीदवार नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।  इसके लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, होमपेज पर “Admit Card” सेक्शन खोलें, अब “UP B.Ed Admit Card 2026” लिंक पर क्लिक करें, अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और अन्य लॉगिन डिटेल्स दर्ज करें, स्क्रीन पर एडमिट कार्ड दिखाई देगा, उसे डाउनलोड करें और प्रिंट आउट निकाल लें।

परीक्षा का महत्व

इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से उत्तर प्रदेश के लगभग 2300 बीएड कॉलेजों में दाखिला मिलेगा। कुल मिलाकर करीब 2.40 लाख सीटों पर एडमिशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य तय होगा।

परीक्षा की तारीख और पैटर्न

UP B.Ed Entrance Exam 2026 का आयोजन 31 मई 2026 को किया जाएगा। परीक्षा राज्य के लगभग 72 जिलों में आयोजित होगी। परीक्षा में दो पेपर होंगे, दोनों ही ऑब्जेक्टिव (MCQ) प्रकार के प्रश्नों पर आधारित होंगे। प्रत्येक पेपर के लिए 3 घंटे का समय निर्धारित किया गया है।

जरूरी निर्देश

परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड जरूर लेकर जाएं। बिना एडमिट कार्ड के किसी भी उम्मीदवार को परीक्षा हॉल में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। साथ ही, समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना अनिवार्य होगा ताकि किसी प्रकार की असुविधा न हो।

SSC CGL भर्ती 2026: 12256 पदों के लिए करें आवेदन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नौकरी पाने का सपना देखने वाले उम्मीदवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। Staff Selection Commission ने कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल (CGL) परीक्षा 2026 का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करने की तैयारी पूरी कर ली है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत लगभग 12,256 पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

भर्ती का मुख्य विवरण

SSC CGL 2026 के माध्यम से देशभर के ग्रुप B और ग्रुप C पदों को भरा जाएगा। इनमें कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं जैसेअसिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर, इनकम टैक्स इंस्पेक्टर, सीबीआई/एनआईए सब-इंस्पेक्टर, जूनियर स्टैटिस्टिकल ऑफिसर, ऑडिट ऑफिसर, टैक्स असिस्टेंट, अकाउंटेंट और अन्य प्रशासनिक पद।

महत्वपूर्ण तिथियां

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू होकर 22 जून 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम तिथि का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन पूरा कर लें। परीक्षा का आयोजन संभावित रूप से अगस्त-सितंबर 2026 (Tier-I) और दिसंबर 2026 (Tier-II) में किया जाएगा।

योग्यता और चयन प्रक्रिया

इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) डिग्री होना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया दो चरणों में होगी टियर-1 और टियर-2 कंप्यूटर आधारित परीक्षा, जिसमें कुछ पदों के लिए DEST और CPT टेस्ट भी शामिल होंगे।

वेतनमान और सुविधाएं

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल 4 से लेकर पे लेवल 8 तक के तहत वेतन मिलेगा, जो लगभग ₹25,500 से ₹1,51,100 प्रति माह तक हो सकता है। इसके साथ ही सरकारी नौकरी के सभी लाभ जैसे पेंशन, भत्ते और सुरक्षा भी मिलेंगे।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से कर सकते है या फिर एसएससी के मोबाइल ऐप के जरिए भी आवेदन किया जा सकता है।

स्टूडेंट्स के लिए जरूरी डाइट, दिमाग को तेज बनाने वाले 7 असरदार फूड्स

हेल्थ डेस्क। आज के समय में पढ़ाई का दबाव और प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सिर्फ मेहनत ही नहीं, बल्कि सही खान-पान भी छात्रों के लिए बेहद जरूरी हो गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ खास फूड्स ऐसे होते हैं जो दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने, याददाश्त सुधारने और एकाग्रता मजबूत करने में मदद करते हैं।

संतुलित और पोषक आहार लेने से छात्रों का मानसिक विकास बेहतर होता है और पढ़ाई में प्रदर्शन भी सुधरता है। आइए जानते हैं ऐसे 7 फूड्स जो ब्रेन हेल्थ के लिए बेहद फायदेमंद माने जाते हैं।

1. अखरोट

अखरोट को ब्रेन फूड कहा जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड होता है जो याददाश्त और मानसिक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है।

2. बादाम

बादाम में विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो दिमाग की कोशिकाओं को मजबूत करते हैं और फोकस बढ़ाते हैं।

3. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट दिमाग की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं और याददाश्त को बेहतर बनाते हैं।

4. अंडे

अंडे में कोलीन पाया जाता है, जो ब्रेन डेवलपमेंट और मेमोरी के लिए जरूरी माना जाता है। यह हेल्थ के लिए भी लाभकारी हैं।

5. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और अन्य हरी सब्जियां विटामिन K, ल्यूटिन और फोलेट से भरपूर होती हैं, जो दिमाग को एक्टिव बनाए रखती हैं।

6. मछली

ओमेगा-3 से भरपूर मछली, खासकर सैल्मन, दिमाग के विकास और फोकस बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

7. डार्क चॉकलेट

डार्क चॉकलेट में फ्लेवोनॉयड्स होते हैं, जो दिमाग में ब्लड फ्लो बढ़ाते हैं और एकाग्रता में सुधार करते हैं।

केंद्र सरकार ने दी जानकारी - देश में ईंधन की कोई कमी नहीं

नई दिल्ली। देश में पेट्रोल-डीजल और एलपीजी की उपलब्धता को लेकर सामने आई चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार के अनुसार देश में ईंधन आपूर्ति सामान्य बनी हुई है और रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं।

पेट्रोल-डीजल की सप्लाई सामान्य

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है। कुछ स्थानों पर पेट्रोल पंपों पर मांग बढ़ने की स्थिति जरूर देखने को मिली है, लेकिन यह आपूर्ति की कमी के कारण नहीं है। सरकार का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में सप्लाई चेन पूरी तरह सक्रिय है और उपभोक्ताओं को जरूरत के अनुसार ईंधन मिल रहा है।

मांग बढ़ने के पीछे क्या हैं कारण?

सरकारी अधिकारियों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में ईंधन की मांग बढ़ने के पीछे दो प्रमुख कारण हैं। पहला, कृषि क्षेत्र में फसल कटाई का समय होने के कारण डीजल की खपत में वृद्धि। दूसरा, कुछ थोक उपभोक्ताओं का खुदरा पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीदना। इन कारणों से कुछ इलाकों में पेट्रोल पंपों पर दबाव बढ़ा है, जिससे अस्थायी रूप से मांग अधिक दिखाई दे रही है।

कीमतों का अंतर भी बना कारण

थोक और खुदरा कीमतों में अंतर भी इस स्थिति को प्रभावित कर रहा है। बताया जा रहा है कि दोनों के बीच लगभग 40 से 42 रुपये प्रति लीटर का अंतर है, जिसके चलते कुछ बड़े उपभोक्ता थोक चैनल की बजाय खुदरा पंपों से खरीदारी कर रहे हैं। इस बदलाव ने कुछ क्षेत्रों में ईंधन की मांग को असामान्य रूप से बढ़ा दिया है।

LPG उत्पादन और आपूर्ति पर कोई असर नहीं

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि एलपीजी की आपूर्ति पूरी तरह स्थिर है। देश की रिफाइनरियां रोजाना लगभग 46,000 से 47,000 टन एलपीजी का उत्पादन कर रही हैं, जो घरेलू मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसलिए रसोई गैस की उपलब्धता को लेकर किसी तरह की चिंता की जरूरत नहीं है।

लोगों से घबराहट में खरीदारी से बचने की सलाह

मंत्रालय ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह या आशंका के आधार पर ईंधन की अनावश्यक खरीदारी न करें। सरकार का कहना है कि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और सप्लाई सिस्टम सुचारू रूप से काम कर रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: गांव-गांव में खुलेंगे गोपैथी केंद्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण विकास, पशु संरक्षण और आयुष आधारित चिकित्सा को एक साथ जोड़ते हुए एक नई और महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की तैयारी की है। इस योजना के तहत राज्य के हर गांव में गोपैथी केंद्र स्थापित किए जाने की दिशा में काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य गोशालाओं को केवल पशु आश्रय स्थल तक सीमित रखने के बजाय उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था और स्वास्थ्य आधारित उद्योगों का केंद्र बनाना है।

गो संरक्षण से ग्रामीण अर्थव्यवस्था तक नया मॉडल

इस नई पहल के जरिए गोशालाओं को बहुउद्देश्यीय केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां केवल गायों का संरक्षण ही नहीं होगा, बल्कि उनसे जुड़े उत्पादों के जरिए ग्रामीण उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि यह मॉडल गांवों को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। गोपैथी केंद्रों को जैविक खेती, स्थानीय उत्पादन और ग्रामीण उद्यमिता से जोड़ने की रणनीति पर भी काम चल रहा है, जिससे गांवों में आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा मिल सके।

पंचगव्य आधारित चिकित्सा पर जोर

इस योजना का एक महत्वपूर्ण पहलू पंचगव्य आधारित चिकित्सा प्रणाली को बढ़ावा देना है, जिसे गोपैथी के नाम से विकसित किया जा रहा है। इसमें गाय से प्राप्त पांच प्रमुख तत्व  दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर का उपयोग विभिन्न प्रकार के औषधीय उत्पादों और स्वास्थ्य संबंधी सामग्री के निर्माण में किया जाएगा। सरकारी प्रयासों के तहत इस चिकित्सा प्रणाली को आयुष और वैज्ञानिक शोध से जोड़ने की तैयारी है, ताकि इसके प्रभावों का अध्ययन और प्रमाणिकता को मजबूत किया जा सके।

ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर

इस योजना का एक बड़ा उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना है। गोपैथी केंद्रों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर छोटे उद्योग विकसित किए जाएंगे, जहां लोग गो आधारित उत्पाद जैसे मंजन, साबुन, मरहम और अन्य उपयोगी सामग्री तैयार कर सकेंगे। इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और किसानों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी और पलायन पर भी रोक लग सकती है।

बिहार में महंगा हुआ दूध, सोमवार से लागू होंगी नई दरें

पटना। बिहार में आम उपभोक्ताओं की रसोई पर एक बार फिर महंगाई का असर देखने को मिला है। राज्य की प्रमुख डेयरी संस्थाओं में से एक सुधा डेयरी ने दूध के दामों में बढ़ोतरी की घोषणा की है। नई कीमतें आगामी सोमवार से लागू हो जाएंगी, जिससे रोजमर्रा के घरेलू बजट पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है।

डेयरी कोऑपरेटिव के अनुसार दूध उत्पादन की लागत में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पशु चारे की कीमतें, ट्रांसपोर्ट खर्च और अन्य इनपुट कॉस्ट में वृद्धि के कारण यह निर्णय लेना पड़ा है। इन बढ़ती लागतों का सीधा असर अब खुदरा कीमतों पर दिखाई दे रहा है।

सभी प्रमुख दूध वैरायटी के दाम बढ़े

नई दरों के अनुसार दूध के विभिन्न प्रकारों की कीमतों में 2 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गई है। इससे फुल क्रीम, टोंड और गाय के दूध समेत सभी प्रमुख श्रेणियां प्रभावित हुई हैं।

नई दरें इस प्रकार हैं: 

सुधा गोल्ड (फुल क्रीम): 65 रुपये से बढ़कर 67 रुपये प्रति लीटर

सुधा शक्ति: 57 रुपये से बढ़कर 59 रुपये प्रति लीटर

गाय का दूध: 54 रुपये से बढ़कर 56 रुपये प्रति लीटर

सुधा डिलाइट: 62 रुपये से बढ़कर 64 रुपये प्रति लीटर

टोंड मिल्क: 52 रुपये से बढ़कर 54 रुपये प्रति लीटर

स्टैंडर्ड मिल्क: 57 रुपये से बढ़कर 59 रुपये प्रति लीटर

चाय स्पेशल दूध: 50 रुपये से बढ़कर 52 रुपये प्रति लीटर

देश के अन्य राज्यों में भी महंगाई का असर

दूध की कीमतों में बढ़ोतरी सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है। हाल के दिनों में दिल्ली-एनसीआर, केरल और राजस्थान जैसे राज्यों में भी दूध के दाम बढ़ाए गए हैं। कई जगहों पर अमूल और मदर डेयरी जैसी कंपनियों ने भी प्रति लीटर कीमत में इजाफा किया है।

यूपी में आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई होगी हाईटेक, योगी सरकार का बड़ा फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में आयुष चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर आयुर्वेद और होम्योपैथी की पढ़ाई को डिजिटल और स्मार्ट बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की शिक्षा सुविधाएं मिल सकें।

सरकार की योजना के तहत प्रदेश के 17 आयुर्वेद और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों में कुल 51 स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। इन क्लासरूम्स में आधुनिक डिजिटल तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जिससे छात्रों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ इंटरैक्टिव और तकनीक आधारित शिक्षा भी मिल सकेगी। 

इन जिलों के 17 आयुष कॉलेजों में शुरुआत

इन कॉलेजों में प्रदेश के लखनऊ, प्रयागराज, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, वाराणसी, झांसी, बरेली, अलीगढ़, मुरादाबाद, आजमगढ़, गाजीपुर, पीलीभीत, मुजफ्फरनगर और बांदा जैसे प्रमुख संस्थान शामिल हैं। यहां स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए जाएंगे।

स्मार्ट क्लास में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

इन स्मार्ट क्लासरूम्स में इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल, ऑडियो-वीडियो सिस्टम और डिजिटल लर्निंग टूल्स लगाए जाएंगे। इसके जरिए छात्रों को रियल टाइम इंटरैक्शन, मल्टीमीडिया कंटेंट और ऑनलाइन अध्ययन जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे पढ़ाई अधिक रोचक, आसान और प्रभावी बनने की उम्मीद है, जिससे छात्रों की समझ और प्रदर्शन दोनों में सुधार होगा।

लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम से जुड़ेगा नेटवर्क

सरकार एक केंद्रीकृत लर्निंग मैनेजमेंट सिस्टम (LMS) भी तैयार कर रही है, जो सभी आयुष संस्थानों को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ेगा। इस सिस्टम के माध्यम से अध्ययन सामग्री, असाइनमेंट, ऑनलाइन लेक्चर और प्रगति रिपोर्ट एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी। इससे छात्रों और शिक्षकों के बीच संवाद बेहतर होगा और पूरे शिक्षा तंत्र में पारदर्शिता और गति आएगी।

शिक्षा में तकनीक के जरिए बड़ा बदलाव

आयुष महानिदेशक के अनुसार यह पहल मुख्यमंत्री की डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने की नीति का हिस्सा है। इसका उद्देश्य पारंपरिक चिकित्सा शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़कर अधिक प्रभावी और रोजगारपरक बनाना है।

23 से 30 मई तक शुभ काल: 5 राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 23 मई से 30 मई तक का समय कई राशियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। इस अवधि में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति कुछ ऐसी बन रही है, जिससे कुछ जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, आर्थिक लाभ और करियर में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि ज्योतिषीय प्रभाव व्यक्ति की कुंडली पर भी निर्भर करता है, फिर भी सामान्य गणनाओं के आधार पर यह समय कुछ राशियों के लिए शुभ फल देने वाला माना जा रहा है।

इन 5 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

1. मेष राशि 

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी दिखाई देते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों के लिए यह अवधि स्थिरता और लाभ लेकर आ सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी शांति और संतुलन बना रहने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में उन्नति का मार्ग खोल सकती हैं। आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी संभव है।

4. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह मेहनत का अच्छा फल देने वाला हो सकता है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

5. धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने जैसा हो सकता है। यात्रा, शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नए अवसर सामने आ सकते हैं।

केंद्र सरकार की नई तैयारी, कर्मचारियों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) से जुड़ी सेवाओं को और अधिक डिजिटल और तेज बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रस्तावित नई व्यवस्था के तहत अब पीएफ (PF) का पैसा निकालना पहले से कहीं ज्यादा सरल और तुरंत हो जाएगा। इसके लिए यूपीआई (UPI) आधारित सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिसका ट्रायल पूरा हो चुका है और जल्द ही इसे आम उपयोगकर्ताओं के लिए शुरू किया जा सकता है।

अब तक पीएफ निकासी के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन क्लेम फॉर्म भरना होता है, जिसके बाद वेरिफिकेशन और प्रोसेसिंग में कई दिन लग जाते हैं। इस प्रक्रिया में दस्तावेज़ जांच और मंजूरी चरण होने के कारण समय अधिक लगता है। नई व्यवस्था का उद्देश्य इसी प्रक्रिया को सरल बनाकर सीधे और तेज ट्रांसफर को संभव बनाना है।

1 .UPI से कैसे बदलेगा पूरा सिस्टम

नई प्रणाली लागू होने के बाद EPFO सदस्य अपने पीएफ अकाउंट में उपलब्ध निकासी योग्य राशि को सीधे देख सकेंगे। इसके बाद यूपीआई पिन की मदद से वह राशि तुरंत अपने लिंक किए गए बैंक खाते में ट्रांसफर की जा सकेगी। यह प्रक्रिया बिल्कुल उसी तरह होगी जैसे सामान्य डिजिटल भुगतान ऐप्स के जरिए भुगतान किया जाता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को अलग से लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा।

2 .निकासी प्रक्रिया होगी रियल-टाइम

इस सिस्टम में जैसे ही यूजर ट्रांजैक्शन को मंजूरी देगा, पैसा तुरंत बैंक खाते में पहुंच जाएगा। इससे कागजी कार्रवाई और लंबा इंतजार लगभग खत्म हो जाएगा। हालांकि, कुल पीएफ राशि का एक निर्धारित हिस्सा ही निकाला जा सकेगा, जबकि बाकी राशि सुरक्षित रूप से खाते में बनी रहेगी।

3 .ऑटो-सेटलमेंट सिस्टम में भी सुधार

सरकार पहले ही आपातकालीन निकासी जैसे चिकित्सा, शिक्षा, विवाह और घर संबंधी जरूरतों के लिए ऑटो-सेटलमेंट सीमा को बढ़ा चुकी है। अब यह सीमा बढ़कर 5 लाख रुपये तक हो गई है। इससे कई मामलों में पीएफ निकासी की प्रक्रिया और तेज हो गई है, जिसे अब UPI आधारित सिस्टम और सरल बनाएगा।

4 .डिजिटल सेवाओं का विस्तार: WhatsApp हेल्पडेस्क

EPFO जल्द ही व्हाट्सएप आधारित सेवा भी शुरू करने जा रहा है, जिसके जरिए सदस्य अपने पीएफ बैलेंस, क्लेम स्टेटस और लेनदेन की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। इस सेवा को कई भाषाओं में उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे देश के अलग-अलग हिस्सों के लोगों को सुविधा मिल सके।

बाजार में आ गया जामुन, 10 फायदे जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

हेल्थ डेस्क। गर्मियों के मौसम में बाजारों की रौनक बढ़ा देने वाला काला और रसीला फल जामुन एक बार फिर से लोगों की पसंद बन गया है। स्वाद में खट्टा-मीठा यह फल न सिर्फ खाने में स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिहाज से भी इसे बेहद फायदेमंद माना जाता है। आयुर्वेद से लेकर आधुनिक चिकित्सा तक, जामुन को एक औषधीय फल के रूप में विशेष महत्व दिया गया है।

आइए जानते हैं जामुन खाने से मिलने वाले 10 बड़े फायदे:

1. ब्लड शुगर कंट्रोल करने में मददगार

जामुन को डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसके बीज और फल दोनों ही ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

2. पाचन तंत्र को मजबूत बनाए

जामुन खाने से पेट की समस्याएं कम होती हैं और पाचन क्रिया बेहतर होती है। यह गैस और अपच जैसी समस्याओं में राहत देता है।

3. इम्यूनिटी बढ़ाए

इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है।

4. खून साफ करने में सहायक

जामुन शरीर से टॉक्सिन्स निकालकर खून को साफ करने में मदद करता है, जिससे त्वचा भी स्वस्थ रहती है।

5. दिल की सेहत के लिए अच्छा

यह फल कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है, जिससे हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।

6. त्वचा को बनाए चमकदार

जामुन में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को हेल्दी और ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं।

7. वजन घटाने में मददगार

कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने के कारण जामुन वजन कम करने वालों के लिए भी अच्छा विकल्प है।

8. लिवर को रखे स्वस्थ

यह फल लिवर की कार्यक्षमता को सुधारने और उसे डिटॉक्स करने में सहायक माना जाता है।

9. हड्डियों को मजबूत बनाए

जामुन में मौजूद मिनरल्स हड्डियों की मजबूती को बढ़ाने में मदद करते हैं।

10. गर्मी में शरीर को ठंडक दे

जामुन का सेवन शरीर को ठंडा रखता है और गर्मी के असर को कम करता है।

PM मोदी ने देखा 9 विभागों की रिपोर्ट, मंत्रियों को दिए निर्देश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया केंद्रीय मंत्रिपरिषद बैठक को सरकार के कामकाज की व्यापक समीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। 5 देशों की विदेश यात्रा से लौटने के बाद पीएम ने सीधे मंत्रालयों की कार्यप्रणाली का आकलन किया और प्रशासनिक सुधारों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए।

9 प्रमुख विभागों की परफॉर्मेंस समीक्षा

इस बैठक में सरकार के 9 अहम विभागों कृषि, वन, श्रम, सड़क परिवहन, कॉरपोरेट, विदेश, वाणिज्य, ऊर्जा और अन्य संबंधित मंत्रालयों ने अपने कामकाज की प्रगति को लेकर प्रस्तुति दी। सभी विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी इस समीक्षा प्रक्रिया में शामिल रहे। समीक्षा का मुख्य उद्देश्य यह था कि सरकार की योजनाओं का जमीनी असर कितना है और उनमें सुधार की कितनी गुंजाइश बाकी है।

प्रशासनिक सुधार और गति पर जोर

बैठक में प्रधानमंत्री ने स्पष्ट संकेत दिया कि शासन व्यवस्था में अनावश्यक देरी और जटिलताओं को कम करना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कामकाज में सरलता और तेजी लाना जरूरी है ताकि आम नागरिकों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंच सके। पीएम का फोकस इस बात पर रहा कि फाइलों की प्रक्रिया में देरी कम हो और निर्णय लेने की गति तेज की जाए।

परफॉर्मेंस आधारित सुधार का संदेश

प्रधानमंत्री ने मंत्रालयों को यह भी संदेश दिया कि पिछले प्रदर्शन से तुलना करने के बजाय भविष्य के लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने विभागों को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने और परिणाम-आधारित काम करने की सलाह दी। इस बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि सरकार का मूल्यांकन केवल योजनाओं की घोषणा से नहीं, बल्कि उनके प्रभावी क्रियान्वयन से होगा।

2047 के विकसित भारत का लक्ष्य

बैठक में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को दोहराया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घोषणा नहीं, बल्कि देश के विकास के लिए एक दीर्घकालिक प्रतिबद्धता है। इसके लिए सभी मंत्रालयों को मिलकर काम करने और नीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने की जरूरत पर जोर दिया गया।

आर्थिक हालात और वैश्विक दबाव

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता और तेल कीमतों में तेजी देखी जा रही है। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से भारत की ऊर्जा आयात लागत बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात से पूरा करता है, ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर घरेलू महंगाई और आर्थिक स्थिरता पर पड़ सकता है।

संसाधनों के समझदारी भरे उपयोग की अपील

सरकार की ओर से पहले भी यह संदेश दिया जाता रहा है कि संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग किया जाए। ऊर्जा खपत, खर्च और विदेशी निर्भरता को लेकर संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की बात लगातार उठाई जाती रही है।

तेल संकट के दौर में भारत-अमेरिका की बढ़ी दोस्ती, ऊर्जा सेक्टर में खुलेंगे नए रास्ते

नई दिल्ली। दुनिया इस समय ऊर्जा अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। मध्य पूर्व में तनाव और खासकर Strait of Hormuz को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बढ़ा दिया है। ऐसे माहौल में भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग का मजबूत होना एक बड़े रणनीतिक बदलाव के संकेत दे रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो का भारत दौरा दोनों देशों के बीच संबंधों को और मजबूत करने का अवसर माना जा रहा है। इस दौरान ऊर्जा के साथ-साथ व्यापार और रक्षा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। अगर अमेरिका भारत को स्थिर और बड़े पैमाने पर ऊर्जा आपूर्ति देने में सफल रहता है, तो यह भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है।

अमेरिका की नई ऊर्जा रणनीति और भारत की भूमिका

अमेरिका अब ऊर्जा उत्पादन के मामले में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निर्यात क्षमता को बढ़ा रहा है। इसी संदर्भ में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने संकेत दिया है कि अमेरिका भारत जैसे बड़े बाजार को ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाना चाहता है। यह बदलाव बताता है कि अमेरिका अब भारत को सिर्फ एक व्यापारिक साझेदार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक ऊर्जा सहयोगी के रूप में देख रहा है। आने वाले समय में कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस की सप्लाई में और बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

Strait of Hormuz: वैश्विक जोखिम का केंद्र

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और LNG गुजरता है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है। भारत की ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर आधारित है, इसलिए इस मार्ग की स्थिरता भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। किसी भी संकट की स्थिति में तेल की कीमतों में तेज उछाल और सप्लाई चेन पर असर तय माना जाता है।

भारत के लिए ऊर्जा विविधीकरण

भारत लंबे समय से अपनी ऊर्जा निर्भरता को अलग-अलग देशों तक फैलाने की कोशिश कर रहा है। अमेरिका से बढ़ती आपूर्ति इस रणनीति को मजबूत करती है। इससे भारत को केवल एक क्षेत्र पर निर्भर रहने की बजाय कई विकल्प मिलेंगे, जिससे ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता दोनों बेहतर हो सकते हैं।

ऊर्जा कूटनीति में नया अध्याय

ऊर्जा अब केवल व्यापार का विषय नहीं रही, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय संबंधों का अहम हिस्सा बन चुकी है। भारत और अमेरिका के बीच बढ़ता सहयोग इसी बदलते वैश्विक परिदृश्य को दर्शाता है। यह साझेदारी भविष्य में सिर्फ तेल और गैस तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा, तकनीक और ऊर्जा ढांचे के विकास तक भी फैल सकती है।

CM सम्राट चौधरी का सख्त आदेश, अपराधियों में मचा हड़कंप

पटना। बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा और सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि यदि कोई अपराधी पुलिस को चुनौती देता है तो उसे जवाब देने में 48 घंटे से ज्यादा समय नहीं लगना चाहिए। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद अपराधियों और असामाजिक तत्वों में बेचैनी बढ़ गई है।

अपराध पर जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार सरकार अपराध खत्म करने और सुशासन को मजबूत करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। सरकार चाहती है कि आम लोगों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत हो और अपराधियों में कानून का डर बना रहे।

पुलिस को आधुनिक बनाने पर जोर

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार पुलिस को आधुनिक और मजबूत बनाने के लिए सरकार हर जरूरी कदम उठाएगी। उन्होंने बताया कि पुलिस मुख्यालय ने संसाधनों और सुविधाओं के लिए 150 करोड़ रुपये की मांग रखी है, लेकिन जरूरत पड़ने पर सरकार 200 करोड़ रुपये तक खर्च करने को तैयार है। उनका कहना था कि बेहतर संसाधन मिलने से पुलिस और प्रभावी तरीके से काम कर सकेगी।

बिहार पुलिस की खुलकर सराहना

डीजीपी विनय कुमार की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने बिहार पुलिस की मेहनत और समर्पण की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी दिन-रात काम करते हैं और उन्हीं की वजह से राज्य में कानून व्यवस्था बनी हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार पुलिस पर जितना निवेश किया जाए, वह कम है क्योंकि पुलिस ही सुशासन की सबसे बड़ी ताकत है।

पुलिसकर्मियों को चिंता मुक्त रहने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों को मानसिक दबाव से मुक्त रहकर काम करना चाहिए। अगर पुलिस बल तनाव में रहेगा तो उसका असर कानून व्यवस्था पर पड़ेगा। उन्होंने माना कि पुलिस की नौकरी बेहद कठिन होती है क्योंकि उन्हें चौबीसों घंटे और सातों दिन ड्यूटी करनी पड़ती है। सरकार पुलिस परिवारों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी काम कर रही है।

बिहार पुलिस में बढ़ी महिलाओं की भागीदारी

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार पुलिस अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हुई है। उन्होंने जानकारी दी कि करीब 30 हजार महिलाएं अब बिहार पुलिस का हिस्सा बन चुकी हैं। इससे पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा और संतुलन आया है। सरकार महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही है।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, 4 राशियों को हर काम में मिलेगा लाभ, धन-दौलत से भर जाएगी तिजोरी!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। आज का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। खासतौर पर शुक्र देव की कृपा और शुभ ग्रहों की स्थिति के कारण चार राशियों के जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता के नए रास्ते खुल सकते हैं। करियर, व्यापार, धन लाभ और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी करने वालों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापारियों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए आज सफलता के नए अवसर लेकर आया है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। बिजनेस में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है। निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। घर में सुख-शांति बनी रहेगी और पुराने तनाव दूर हो सकते हैं। छात्रों के लिए भी दिन अनुकूल रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों की किस्मत आज कमल की तरह खिल सकती है। नौकरी और व्यापार दोनों में लाभ मिलने के संकेत हैं। किसी खास व्यक्ति से मदद मिल सकती है, जिससे रुका हुआ काम पूरा होगा। आर्थिक मामलों में दिन लाभकारी रहेगा और खर्चों पर नियंत्रण बना रहेगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए आज का दिन बेहद शुभ माना जा रहा है। शनि देव की विशेष कृपा से करियर में तरक्की के योग बन रहे हैं। नई नौकरी का अवसर मिल सकता है या आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। व्यापार में बड़ा फायदा हो सकता है। निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

बिहार में बन रहा 124 किमी सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम तेजी से आगे बढ़ रहा है। मुंगेर से भागलपुर होते हुए मिर्जा चौकी तक बन रही 124.41 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। सरकार और एनएचएआई की ओर से दावा किया गया है कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण कार्य जून 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा।

डेढ़ से दो घंटे में पूरा होगा सफर

अभी मुंगेर से मिर्जा चौकी तक पहुंचने में लोगों को चार से पांच घंटे तक का समय लग जाता है। खराब सड़क, जाम और धीमी आवाजाही के कारण यात्रियों को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। लेकिन नई फोरलेन सड़क शुरू होने के बाद यही दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी की जा सकेगी। इससे आम लोगों के साथ-साथ व्यापारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

3792 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना

इस ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क परियोजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इसे चार अलग-अलग पैकेज में बांटकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है। परियोजना पर कुल 3792 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, पैकेज-1, पैकेज-2, पैकेज-3 और पैकेज-4 में तेजी से काम चल रहा है और अधिकांश हिस्सों में निर्माण अंतिम दौर में पहुंच चुका है।

इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

नई सड़क बनने के बाद मुंगेर, सुल्तानगंज, भागलपुर, घोघा, कहलगांव, पीरपैंती और मिर्जा चौकी जैसे इलाकों के बीच कनेक्टिविटी काफी बेहतर हो जाएगी। इससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों का समय बचेगा और परिवहन आसान होगा। साथ ही यह सड़क क्षेत्र में व्यापार और उद्योग को बढ़ावा देने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

टू-लेन सड़क का काम भी जल्द होगा पूरा

फोरलेन सड़क के साथ-साथ भागलपुर से मिर्जा चौकी तक बन रही टू-लेन विद पेव्ड शोल्डर सड़क का निर्माण कार्य भी तेजी से चल रहा है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक अगले दो महीनों में इसका काम भी पूरा हो जाएगा। इस सड़क के बनने से स्थानीय लोगों को जाम और खराब सड़क की समस्या से राहत मिलेगी।