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रोज खाएं भींगे मेवे: 15 दिन में दिखेगी जबरदस्त ताकत और एनर्जी

हेल्थ डेस्क। आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग जल्दी थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी की शिकायत करते हैं। ऐसे में महंगे सप्लीमेंट्स की जगह अगर आप प्राकृतिक उपाय अपनाएं, तो बेहतर परिणाम मिल सकते हैं। रोज सुबह भींगे हुए मेवे खाने की आदत ऐसी ही एक आसान और असरदार तरीका है, जो कम समय में शरीर पर सकारात्मक असर दिखा सकता है।

क्यों खास हैं भींगे मेवे?

जब मेवों को पानी में भिगोया जाता है, तो उनकी बाहरी परत नरम हो जाती है और उनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में आसानी से अवशोषित हो पाते हैं। इससे उनका पाचन भी बेहतर होता है और शरीर को पूरा लाभ मिलता है।

पाचन तंत्र को बनाते हैं मजबूत

भींगे मेवे खाने से पाचन क्रिया सुधरती है। यह कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक होते हैं। खासकर सुबह खाली पेट इन्हें खाने से ज्यादा फायदा मिलता है।

दिल और हड्डियों के लिए जरूरी

मेवों में मौजूद हेल्दी फैट, कैल्शियम और मैग्नीशियम दिल की सेहत को बेहतर बनाते हैं और हड्डियों को मजबूत करते हैं। नियमित सेवन से शरीर अंदर से मजबूत होता है।

त्वचा और बालों पर असर

लगातार 15 दिन तक भींगे मेवे खाने से त्वचा पर निखार आने लगता है और बाल भी मजबूत होते हैं। यह शरीर को अंदर से पोषण देकर बाहरी सुंदरता को भी बढ़ाते हैं।

शरीर को मिलती है भरपूर ऊर्जा

बादाम, किशमिश और अखरोट जैसे मेवे प्राकृतिक ऊर्जा के बेहतरीन स्रोत होते हैं। रोजाना इनका सेवन करने से शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रहती है और थकान कम महसूस होती है।

दिमाग और याददाश्त के लिए फायदेमंद

भींगे बादाम और अखरोट मस्तिष्क के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व दिमाग को तेज करने और याददाश्त को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

यूपी में बनेगा एक और 6 लेन सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ी परियोजना पर काम शुरू होने जा रहा है। मुस्ताफाबाद से कैसरगंज होते हुए बहराइच तक प्रस्तावित यह 6 लेन राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र के विकास में अहम भूमिका निभाएगा। करीब 101 किलोमीटर लंबे इस हाईवे से न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी।

हजारों करोड़ की लागत से बनेगा यह हाईवे

इस परियोजना की कुल लागत लगभग 7 हजार करोड़ रुपये के आसपास आंकी गई है। इसमें निर्माण कार्य के साथ-साथ जमीन अधिग्रहण पर भी बड़ी राशि खर्च की जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि इस हाईवे को आधुनिक सुविधाओं के साथ तय समयसीमा में पूरा किया जाए।

सड़क से किन जिलों को मिलेगा फायदा

इस सड़क के बनने से बाराबंकी, कैसरगंज और बहराइच जैसे क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। इन इलाकों के बीच यात्रा समय कम होगा और यातायात अधिक सुगम बन सकेगा।

पर्यावरण और अलाइनमेंट पर चुनौती

परियोजना के सामने सबसे बड़ी चुनौती वन क्षेत्र से जुड़ी हुई है। प्रस्तावित मार्ग में कुछ संरक्षित वन क्षेत्र और हजारों पेड़ प्रभावित हो सकते हैं। इसको लेकर संबंधित विभागों के बीच चर्चा जारी है। हालांकि, सरकार की ओर से पेड़ों के बदले बड़े स्तर पर पौधारोपण की योजना भी बनाई गई है।

मुआवजा और पुनर्वास की तैयारी

जमीन अधिग्रहण और पर्यावरणीय नुकसान को ध्यान में रखते हुए मुआवजा देने की व्यवस्था भी तय की जा रही है। प्रभावित क्षेत्रों में संतुलन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पौधे लगाने और अन्य उपायों पर जोर दिया जाएगा।

कब तक तैयार होगा हाईवे

सड़क परिवहन विभाग के अनुसार, इस हाईवे को अक्टूबर 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। हालांकि, विभिन्न मंजूरियों और तकनीकी प्रक्रियाओं के कारण इसमें थोड़ा समय लग सकता है।

बिहार में बनेगा 2 ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, इन जिलों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में आधारभूत ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। सड़क और रेल नेटवर्क के बाद अब हवाई कनेक्टिविटी पर जोर देते हुए राज्य में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। ये एयरपोर्ट सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में विकसित किए जाएंगे, जिससे राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

किन इलाकों को होगा फायदा

अजगैबीनाथ धाम में प्रस्तावित एयरपोर्ट से पूर्वी बिहार के लोगों को सीधी हवाई सुविधा मिल सकेगी। वहीं, सोनपुर में बनने वाला एयरपोर्ट राजधानी पटना के मौजूदा एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद करेगा। इससे यात्रियों को बेहतर और सुविधाजनक यात्रा विकल्प मिलेंगे।

बड़े स्तर पर होगा निर्माण

दोनों परियोजनाओं के लिए राज्य स्तर पर मंजूरी मिल चुकी है और शुरुआती चरण का काम भी शुरू कर दिया गया है। इन एयरपोर्ट्स के निर्माण पर शुरुआती तौर पर करीब 100 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है, हालांकि परियोजना आगे बढ़ने के साथ लागत बढ़ सकती है।

जमीन और समयसीमा तय

सोनपुर में बनने वाला एयरपोर्ट लगभग 4200 एकड़ से अधिक भूमि पर विकसित किया जाएगा, जबकि अजगैबीनाथ धाम का एयरपोर्ट करीब 3000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैलेगा। सरकार ने इन परियोजनाओं को वर्ष 2030 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।

तकनीकी तैयारी भी जारी

एयरपोर्ट के विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने की जिम्मेदारी RITES Limited को सौंपी गई है। इसके जरिए परियोजना को तकनीकी रूप से मजबूत और व्यवहारिक बनाने की कोशिश की जा रही है।

पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा

इन एयरपोर्ट्स के निर्माण से न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी। खासकर अजगैबीनाथ धाम जैसे धार्मिक स्थल पर पहुंचना आसान होने से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही, निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

3 से 6 मई तक शुभ योग: 5 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, किस्मत देगी साथ और दूर होंगी परेशानियां

राशिफल। मई की शुरुआत इस बार कुछ खास ज्योतिषीय संयोग लेकर आई है। 3 से 6 मई के बीच बनने वाला शुभ योग कई राशियों के लिए राहत और तरक्की के संकेत दे रहा है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति ऐसी बन रही है, जो लंबे समय से चल रही परेशानियों को कम कर सकती है और नए अवसरों के द्वार खोल सकती है। खासतौर पर 5 राशियों के जातकों के लिए यह समय बेहद लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर में नई संभावनाएं बनेंगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। किसी पुराने विवाद का समाधान भी मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का पूरा साथ मिलेगा। नौकरी और व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। नए संपर्क बन सकते हैं, जो भविष्य में फायदेमंद साबित होंगे। मानसिक तनाव भी कम होगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह शुभ योग सफलता के दरवाजे खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलेगी और पदोन्नति के संकेत हैं। आर्थिक लाभ के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस समय संतुलन और सफलता दोनों मिलेंगे। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और किसी शुभ कार्य के योग बन सकते हैं। निवेश से भी अच्छा लाभ मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। मेहनत का फल मिलेगा और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पुराने कर्ज या आर्थिक दबाव से राहत मिलने की संभावना है।

डेयरी किसानों के लिए खुशखबरी, तीन राज्यों में बढ़ी दूध की खरीद कीमत

नई दिल्ली। देश के डेयरी किसानों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। बढ़ती लागत और घटते मुनाफे से जूझ रहे किसानों को सहारा देने के लिए कई राज्यों ने दूध की खरीद कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। ओडिशा, केरल और पंजाब में उठाए गए इस कदम से लाखों किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद है और डेयरी सेक्टर को भी मजबूती मिलेगी।

ओडिशा में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी

ओडिशा में राज्य सहकारी दुग्ध संघ OMFED ने दूध की खरीद कीमत में 1 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। अब किसानों को 39.05 रुपये प्रति लीटर मिलेंगे, जबकि पहले यह दर 38.05 रुपये थी। यह नई दर 1 मई 2026 से लागू हो चुकी है। इस फैसले से करीब 3 लाख डेयरी किसानों को सीधा फायदा होगा।

केरल में 4 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ेंगे दाम

केरल में मिल्मा ने दूध की कीमत में 4 रुपये प्रति लीटर बढ़ाने का फैसला लिया है। नई दरें मई के तीसरे हफ्ते के आसपास लागू हो सकती हैं। पहले प्रस्ताव में 4 से 6 रुपये प्रति लीटर तक बढ़ोतरी की बात कही गई थी। इससे किसानों को बेहतर आय मिलने की उम्मीद है।

पंजाब में 20 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी

पंजाब में मिल्कफेड ने दूध की खरीद कीमत में 20 रुपये प्रति किलो फैट की बढ़ोतरी की है। यह फैसला भी 1 मई से लागू हो गया है। इससे करीब 2.5 लाख किसानों को सीधा फायदा मिलेगा, जबकि अप्रत्यक्ष रूप से लाखों किसान लाभान्वित हो सकते हैं।

किसानों को क्यों मिली यह राहत

पशु चारा, दवाइयों और अन्य खर्चों में लगातार बढ़ोतरी के कारण डेयरी किसानों की लागत बढ़ रही थी। ऐसे में यह फैसला उनकी आय बढ़ाने और डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए लिया गया है।

सरकारी नौकरी की खुशखबरी: बिहार में 726 पदों पर आवेदन शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन (BTSC) ने इंस्ट्रक्टर के 726 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों को शानदार अवसर मिलने वाला है।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत योग्य अभ्यर्थी 15 अप्रैल 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 15 मई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

पदों का विवरण और योग्यता

इस भर्ती में कुल 726 इंस्ट्रक्टर पद शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में ग्रेजुएशन, डिप्लोमा या आईटीआई की योग्यता होना जरूरी है। यह भर्ती खासतौर पर तकनीकी शिक्षा से जुड़े युवाओं के लिए एक सुनहरा मौका है।

आयु सीमा

उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष तय की गई है। हालांकि आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट भी प्रदान की जाएगी।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को लगभग 35,400 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य भत्ते और सुविधाएं भी लागू नियमों के अनुसार मिल सकती हैं, जिससे यह नौकरी और भी आकर्षक बन जाती है।

चयन प्रक्रिया

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा, इसलिए उम्मीदवारों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना बेहद जरूरी है।

यूपी में इन शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ेगी सैलरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। राज्य सरकार अब कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) में कार्यरत अंशकालिक शिक्षकों को बड़ी राहत देने जा रही है। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे इन शिक्षकों के लिए अब सकारात्मक निर्णय लिया गया है, जिससे उनकी आय में सीधा लाभ देखने को मिलेगा।

दरअसल, समग्र शिक्षा 3.0 की उच्चस्तरीय बैठक में अंशकालिक शिक्षकों के मानदेय को बढ़ाने का फैसला किया गया है। अभी तक इन शिक्षकों को ईपीएफ कटौती के बाद लगभग 9,961 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, लेकिन अब इसे बढ़ाकर 17,000 रुपये करने की तैयारी है। इस निर्णय से प्रदेश के करीब 2,000 और देशभर के 5,500 से अधिक शिक्षक लाभान्वित होंगे।

इस वेतन वृद्धि की खास बात यह है कि इसका खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाती हैं। तय व्यवस्था के अनुसार 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। इससे न केवल शिक्षकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में भी स्थिरता आएगी।

शिक्षा मित्रों-अनुदेशकों को पहले ही मिली राहत

इससे पहले सरकार शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में भी वृद्धि कर चुकी है। शिक्षा मित्रों का वेतन 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया, जबकि अनुदेशकों का मानदेय 9,000 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये कर दिया गया। यह निर्णय शिक्षक दिवस के अवसर पर घोषित किया गया था, जिसे अब लागू किया जा चुका है।

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की भूमिका

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय विशेष रूप से समाज के वंचित और कमजोर वर्ग की बालिकाओं को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किए गए हैं। ये विद्यालय मुख्य रूप से पिछड़े विकासखंडों में संचालित होते हैं और छात्राओं को निःशुल्क आवास, भोजन और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं।

पहले ये विद्यालय कक्षा 6 से 8 तक सीमित थे, लेकिन अब इन्हें चरणबद्ध तरीके से कक्षा 12 तक विस्तारित किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में ऐसे 700 से अधिक विद्यालय संचालित हैं, जो बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

भारत का बड़ा कदम: 104 टन सोना लंदन से स्वदेश लौटा, वजह चौंकाने वाली

नई दिल्ली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भारत ने एक अहम रणनीतिक फैसला लेते हुए विदेशों में रखा अपना बड़ा हिस्सा सोना वापस देश में मंगाना शुरू कर दिया है। भारतीय रिज़र्व बैंक की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, बीते छह महीनों में करीब 104 टन सोना स्वदेश लाया गया है, जो देश की आर्थिक सुरक्षा नीति में बड़े बदलाव का संकेत देता है।

अब देश में ही रखा जा रहा ज्यादा सोना

रिपोर्ट के अनुसार, भारत के कुल 880 टन से अधिक स्वर्ण भंडार में से अब लगभग 77 प्रतिशत सोना देश के भीतर ही सुरक्षित रखा गया है। पहले जहां बड़ी मात्रा में सोना विदेशों के बैंकों में रखा जाता था, अब उस पर निर्भरता कम की जा रही है।

विदेशों में घटा भंडारण

पहले भारत का बड़ा हिस्सा बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक फॉर इंटरनेशनल सेटलमेंट्स जैसे संस्थानों के पास रखा जाता था। लेकिन अब वहां जमा सोने की मात्रा में स्पष्ट कमी आई है, जो इस बात का संकेत है कि भारत अपने भंडार पर सीधा नियंत्रण बढ़ाना चाहता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

जानकारों के अनुसार, यह कदम केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक भी है। रूस-यूक्रेन युद्ध और अफगानिस्तान के विदेशी भंडार फ्रीज होने जैसे घटनाक्रमों ने कई देशों को सतर्क कर दिया है। इन हालातों में यह समझ बढ़ी है कि विदेशों में रखी संपत्तियों पर जोखिम बना रह सकता है।

सोने की बढ़ती अहमियत

आज के समय में सोना सिर्फ एक निवेश नहीं, बल्कि आर्थिक स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक बन चुका है। भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है, जो यह दिखाता है कि देश अपनी वित्तीय रणनीति को और मजबूत कर रहा है।

कीमतों में उछाल का भी असर

पिछले कुछ समय में सोने की कीमतों में तेज वृद्धि हुई है, जिससे इसके कुल मूल्य में भी इजाफा हुआ है। इसी कारण विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का प्रतिशत बढ़ गया है और यह एक मजबूत बैकअप एसेट के रूप में उभरा है।

क्या बदल रही है रणनीति?

पहले लंदन और न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक वित्तीय केंद्रों में सोना रखना सुरक्षित और सुविधाजनक माना जाता था, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। भारत समेत कई देश अपनी संपत्ति को अपने नियंत्रण में रखने पर जोर दे रहे हैं।

उम्र के अनुसार कितना होना चाहिए शुगर लेवल? जानिए सही रेंज और खतरे की सीमा

हेल्थ डेस्क। आज के समय में मधुमेह एक तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य समस्या बन चुकी है। बदलती जीवनशैली, गलत खानपान और तनाव के कारण हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि उम्र के अनुसार ब्लड शुगर का सामान्य स्तर क्या होना चाहिए और कब यह खतरे का संकेत बन जाता है।

ब्लड शुगर क्या है?

ब्लड शुगर यानी रक्त में मौजूद ग्लूकोज, जो शरीर को ऊर्जा देने का काम करता है। लेकिन इसका स्तर बहुत ज्यादा या बहुत कम होना दोनों ही स्थिति में नुकसानदायक हो सकता है।

सामान्य शुगर लेवल (फास्टिंग और खाने के बाद)

स्वस्थ व्यक्ति के लिए आम तौर पर शुगर लेवल इस प्रकार माना जाता है:

फास्टिंग (खाली पेट): 70 से 99 mg/dL

खाने के 2 घंटे बाद: 100 से 140 mg/dL

उम्र के अनुसार शुगर लेवल

उम्र के साथ शरीर की कार्यप्रणाली बदलती है, इसलिए शुगर की स्वीकार्य सीमा भी थोड़ी अलग हो सकती है:

बच्चों (6–12 वर्ष)

फास्टिंग: 80–100 mg/dL

भोजन के बाद: 100–140 mg/dL

किशोर और वयस्क (13–59 वर्ष)

फास्टिंग: 70–99 mg/dL

भोजन के बाद: 100–140 mg/dL

बुजुर्ग (60 वर्ष से ऊपर)

फास्टिंग: 80–110 mg/dL

भोजन के बाद: 110–160 mg/dL

बुजुर्गों में थोड़ी ढील इसलिए दी जाती है क्योंकि शरीर की इंसुलिन प्रतिक्रिया उम्र के साथ कम हो सकती है।

कब समझें खतरे की घंटी?

फास्टिंग शुगर 126 mg/dL या उससे अधिक, जबकि खाने के बाद शुगर 200 mg/dL या उससे अधिक। ऐसी स्थिति में तुरंत डॉक्टर से जांच और परामर्श लेना जरूरी है। लंबे समय तक हाई शुगर रहने से दिल, किडनी, आंख और नसों पर बुरा असर पड़ सकता है।

8वें वेतन आयोग: 60, 70 हजार वालों की क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8वां वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर नया वेतन आयोग लागू होता है तो मौजूदा सैलरी में कितना इजाफा होगा। खासतौर पर ₹60,000 और ₹70,000 बेसिक पे पाने वाले कर्मचारियों के लिए संभावित बढ़ोतरी को लेकर उत्सुकता बनी हुई है।

फिटमेंट फैक्टर से तय होगी नई सैलरी

वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। इसी के आधार पर वर्तमान बेसिक पे को गुणा कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फिलहाल सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन कर्मचारी संगठनों और विशेषज्ञों के अलग-अलग अनुमान सामने आ रहे हैं।

₹60,000 बेसिक वालों के लिए संभावित सैलरी

अगर ₹60,000 बेसिक पे को आधार मानें, तो अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के अनुसार नई सैलरी कुछ इस प्रकार हो सकती है:

1.92 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी लगभग ₹1.15 लाख

2.57 फिटमेंट फैक्टर (7वें वेतन आयोग जैसा) पर करीब ₹1.54 लाख

3.83 फिटमेंट फैक्टर (यूनियन की मांग) पर लगभग ₹2.29 लाख तक

₹70,000 बेसिक वालों के लिए अनुमान

इसी तरह ₹70,000 बेसिक पे वाले कर्मचारियों के लिए संभावित आंकड़े इस प्रकार हैं:

1.92 फिटमेंट फैक्टर पर करीब ₹1.34 लाख

2.57 फिटमेंट फैक्टर पर लगभग ₹1.79 लाख

3.83 फिटमेंट फैक्टर पर ₹2.68 लाख तक पहुंच सकती है बेसिक सैलरी

DA मर्जर का भी होगा असर

हर वेतन आयोग में आमतौर पर महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक पे में जोड़ दिया जाता है। इसके बाद नई सैलरी की गणना शून्य से शुरू होती है। इससे कर्मचारियों की कुल आय में बड़ा अंतर देखने को मिलता है।

केवल बेसिक नहीं, कुल सैलरी और ज्यादा

यह ध्यान रखना जरूरी है कि ऊपर बताए गए आंकड़े केवल बेसिक पे के हैं। इसके अलावा HRA, ट्रैवल अलाउंस (TA) और अन्य भत्ते जुड़ने के बाद कर्मचारियों की ग्रॉस और इन-हैंड सैलरी काफी अधिक हो जाती है।

न्यूनतम वेतन में भी बड़ा बदलाव संभव

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि न्यूनतम बेसिक वेतन को मौजूदा ₹18,000 से बढ़ाकर ₹69,000 से ₹72,000 तक किया जाए। अगर ऐसा होता है, तो निचले स्तर के कर्मचारियों को सबसे बड़ा फायदा मिल सकता है।

रोज 1 नारियल पानी: 15 दिन में दिखेगा कमाल, शरीर होगा फिट और फ्रेश

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग सेहतमंद रहने के आसान और प्राकृतिक उपाय तलाशते रहते हैं। ऐसे में नारियल पानी एक ऐसा हेल्दी ड्रिंक है, जो न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है, बल्कि कई जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। अगर आप रोजाना सिर्फ एक नारियल पानी पीने की आदत डाल लें, तो महज 15 दिनों में इसके सकारात्मक असर साफ नजर आने लगते हैं।

शरीर को रखे हाइड्रेट

गर्मी के मौसम में शरीर में पानी की कमी आम समस्या है। नारियल पानी इलेक्ट्रोलाइट्स से भरपूर होता है, जो शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। इससे थकान कम होती है और दिनभर ताजगी बनी रहती है।

पाचन तंत्र को करे मजबूत

नियमित रूप से नारियल पानी पीने से पाचन बेहतर होता है। यह पेट की गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में मदद करता है। हल्का और प्राकृतिक होने के कारण यह हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है।

स्किन पर दिखेगा निखार

15 दिनों तक लगातार सेवन करने से त्वचा पर भी असर दिखने लगता है। नारियल पानी शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा साफ और ग्लोइंग बनती है।

वजन नियंत्रण में मददगार

अगर आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हैं, तो नारियल पानी एक बेहतरीन विकल्प है। इसमें कैलोरी कम होती है और यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे अनावश्यक खाने से बचाव होता है।

ऊर्जा का प्राकृतिक स्रोत

नारियल पानी शरीर को तुरंत ऊर्जा देने का काम करता है। वर्कआउट या ज्यादा थकान के बाद इसे पीना काफी फायदेमंद साबित होता है।

दिल और ब्लड प्रेशर के लिए फायदेमंद

इसमें मौजूद पोटैशियम दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी सहायक हो सकता है, जिससे हृदय संबंधी जोखिम कम होते हैं।

केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत: LPG सप्लाई को लेकर बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर में एलपीजी को लेकर चल रही चिंताओं के बीच केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि घरेलू गैस की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बावजूद देश में कहीं भी एलपीजी की कमी नहीं है, जिससे आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है।

रिकॉर्ड स्तर पर वितरण और बुकिंग

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में एक दिन में करीब 49.8 लाख एलपीजी सिलिंडर वितरित किए गए, जबकि 41.6 लाख नए सिलिंडरों की बुकिंग दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि सप्लाई चेन सक्रिय है और मांग के अनुसार गैस उपलब्ध कराई जा रही है। ऑनलाइन बुकिंग में भी तेजी आई है और यह लगभग 98 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जिससे उपभोक्ताओं को सुविधाजनक सेवा मिल रही है।

कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई

सरकार ने साफ किया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए देशभर में सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। हाल ही में 2,300 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की गई। इसके अलावा सार्वजनिक क्षेत्र की तेल कंपनियों ने 342 एलपीजी एजेंसियों पर जुर्माना लगाया और 73 के लाइसेंस निलंबित किए गए।

पारदर्शी डिलीवरी सिस्टम लागू

एलपीजी वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए उपभोक्ताओं के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर कोड आधारित डिलीवरी प्रणाली लागू की गई है। यह व्यवस्था अब लगभग 93 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जिससे गड़बड़ी की संभावनाएं कम हो गई हैं।

लोगों से अपील: घबराकर न करें खरीदारी

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह या घबराहट में आकर गैस या ईंधन की अतिरिक्त खरीदारी न करें। पेट्रोल, डीजल और गैस का पर्याप्त स्टॉक देशभर में उपलब्ध है।

बिहार में बनेगा 36 किमी 4-लेन सड़क, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार के सड़क ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। औरंगाबाद जिले में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और लगातार लगने वाले जाम की समस्या को कम करने के लिए एनएच-139 पर 36 किलोमीटर लंबा फोरलेन ग्रीनफील्ड बाईपास बनाने की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना का विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार हो चुका है और मंजूरी मिलते ही काम शुरू होने की उम्मीद है।

नई जमीन पर बनेगा आधुनिक बाईपास

यह बाईपास पूरी तरह ग्रीनफील्ड परियोजना के तहत बनाया जाएगा, यानी इसे नई जमीन पर विकसित किया जाएगा। इसकी शुरुआत औरंगाबाद सदर क्षेत्र के खैरी मोड़ से होगी और यह रायपुरा होते हुए रिसियप और अंबा बाजार के पश्चिमी हिस्से से गुजरते हुए आगे जुड़ेगा।

एक्सप्रेसवे से मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

इस परियोजना की खास बात यह है कि यह बाईपास प्रस्तावित वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा। इससे लंबी दूरी के वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की जरूरत नहीं पड़ेगी और वे सीधे बाईपास से अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

ट्रैफिक और हादसों में आएगी कमी

औरंगाबाद शहर, रिसियप और अंबा बाजार में अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी होती है। बाईपास बनने के बाद शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और सड़क हादसों में भी कमी आने की उम्मीद है।

अन्य सुधार भी होंगे शामिल

इस परियोजना के साथ ही एनएच-139 के कुछ हिस्सों को चौड़ा करने, ओबरा बाजार के लिए अलग बाईपास और अंबा-नबीनगर मार्ग पर अंडरपास बनाने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

कल सूर्य का तेज असर: 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। खासतौर पर सूर्य को आत्मा, ऊर्जा, पद और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है। ऐसे में जब सूर्य की स्थिति मजबूत होती है, तो कई राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ साबित हो सकता है। कल का दिन भी कुछ ऐसा ही संकेत दे रहा है, जब सूर्य के प्रभाव से चार राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक लाभकारी माना जाता है। इस दौरान मान-सम्मान में वृद्धि होगी और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी और व्यापार दोनों में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। शिक्षा, करियर और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने से कई काम आसानी से पूरे होंगे।

पानी-पानी होगा बिहार: सभी जिलों में आंधी-बारिश के आसार

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज पूरी तरह बदला हुआ नजर आ रहा है। राज्य के लगभग सभी जिलों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

सभी जिलों में अलर्ट, तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार, आज राज्य के सभी जिलों में बारिश के साथ 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही वज्रपात की भी आशंका जताई गई है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

लोगों और किसानों के लिए चेतावनी

बिगड़ते मौसम को देखते हुए मौसम विभाग ने खासकर किसानों से अपील की है कि वे खेतों में काम करने से बचें। आम लोगों को भी खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।

राजधानी समेत कई जिलों में बादल

राजधानी पटना, नालंदा और आसपास के इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है, जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है।

4 मई तक ऐसा ही रहेगा मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार, 4 मई तक मौसम में खास बदलाव की संभावना नहीं है। इस दौरान ठंडी हवाएं चलती रहेंगी और बीच-बीच में बारिश होती रहेगी। हालांकि, इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है।

पिछले 24 घंटे का क्या है हाल?

बीते 24 घंटों में राज्य के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। मोतिहारी, बगहा, बेतिया, मुजफ्फरपुर, शिवहर और रक्सौल में तेज बारिश हुई, जबकि पटना और अररिया जैसे जिलों में हल्की बारिश देखने को मिली। कई स्थानों पर तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

भारत से मिसाइल खरीदने जा रहा यह देश, चीन की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली। भारत की रक्षा ताकत और कूटनीतिक प्रभाव लगातार मजबूत होता नजर आ रहा है। स्वदेशी सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस मिसाइल अब वैश्विक हथियार बाजार में तेजी से अपनी पहचान बना रही है। फिलीपींस के साथ सफल सौदे के बाद कई देश इस घातक मिसाइल को खरीदने में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे भारत का रक्षा निर्यात नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है।

वियतनाम के साथ संभावित डील

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वियतनाम भारत से ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। वियतनाम के राष्ट्रपति तो लाम का प्रस्तावित भारत दौरा इस सौदे के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि करीब ₹5,800 करोड़ की इस डील में एंटी-शिप वर्जन शामिल हो सकता है, जो वियतनाम की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करेगा।

इंडो-पैसिफिक में बदलेगा संतुलन

यह संभावित समझौता सिर्फ दो देशों के बीच व्यापारिक सौदा नहीं, बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में रणनीतिक संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है। खासकर दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच वियतनाम की सैन्य क्षमता में यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

बड़ा ग्राहक बन चुका है फिलीपींस

भारत की ब्रह्मोस मिसाइल का पहला विदेशी खरीदार फिलीपींस है। साल 2022 में हुए समझौते के तहत फिलीपींस ने अपनी तटीय सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस मिसाइल को अपनाया। इस डील के बाद भारत का रक्षा निर्यात वैश्विक स्तर पर चर्चा में आया।

इंडोनेशिया और मध्य-पूर्व की भी नजर

हाल ही में इंडोनेशिया ने भी भारत के साथ ब्रह्मोस खरीदने को लेकर समझौता किया है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब जैसे देश भी इस मिसाइल में रुचि दिखा रहे हैं, जिससे साफ है कि मध्य-पूर्व में भी भारत की रक्षा तकनीक की मांग बढ़ रही है।

वैश्विक बाजार में बढ़ती इस मिसाइल की मांग

सिर्फ एशिया ही नहीं, बल्कि ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश भी इस मिसाइल को लेकर संभावनाएं तलाश रहे हैं। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में ब्रह्मोस भारत के रक्षा निर्यात का सबसे बड़ा ब्रांड बन सकता है।

ये 5 फूड्स लिवर के लिए बन सकते हैं जहर, आज ही करें दूरी

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने में लिवर की भूमिका बेहद अहम होती है। यह न केवल भोजन को पचाने में मदद करता है, बल्कि शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम भी करता है। लेकिन हमारी रोजमर्रा की कुछ खानपान की आदतें धीरे-धीरे लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कुछ खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन लिवर की कार्यक्षमता को कमजोर कर सकता है।

1. अत्यधिक तला-भुना खाना

फास्ट फूड, पकौड़े, चिप्स और अन्य तले-भुने खाद्य पदार्थों में अधिक मात्रा में ट्रांस फैट और तेल होता है। ये लिवर में फैट जमा होने का कारण बन सकते हैं, जिससे फैटी लिवर की समस्या बढ़ सकती है।

2. ज्यादा मीठा और शुगर युक्त चीजें

कोल्ड ड्रिंक्स, मिठाइयां और पैकेज्ड जूस में अत्यधिक शुगर होती है। ज्यादा चीनी का सेवन लिवर में वसा जमा कर सकता है और इंसुलिन से जुड़ी समस्याएं पैदा कर सकता है।

3. प्रोसेस्ड और पैकेज्ड फूड

रेडी-टू-ईट फूड, बिस्किट, नमकीन और डिब्बाबंद चीजों में प्रिजर्वेटिव्स और सोडियम की मात्रा ज्यादा होती है। यह लिवर पर अतिरिक्त दबाव डालते हैं और उसकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।

4. अत्यधिक नमक का सेवन

ज्यादा नमक खाने से शरीर में पानी रुकने की समस्या हो सकती है, जिससे लिवर पर असर पड़ता है। लंबे समय तक ऐसा होने पर लिवर से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

5. शराब का अधिक सेवन

अत्यधिक शराब पीना लिवर के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है। इससे लिवर में सूजन, फैटी लिवर और गंभीर स्थितियों में सिरोसिस जैसी बीमारी हो सकती है।

त्रिपुष्कर योग में सूर्य: इन 5 राशियों की किस्मत चमकेगी, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। 3 मई 2026, रविवार का दिन ज्योतिष के दृष्टिकोण से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन त्रिपुष्कर योग का निर्माण हो रहा है, जो कार्य सिद्धि, धन लाभ और नए अवसरों के लिए शुभ माना जाता है। इसके साथ ही विशाखा नक्षत्र और कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि का संयोग इस दिन की महत्ता को और बढ़ा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस दिन शुरू किए गए कार्य लंबे समय तक लाभ देने वाले हो सकते हैं।

1. मेष राशि

इस दिन मेष राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में नए सौदे फायदेमंद साबित हो सकते हैं और नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग स्थिरता और लाभ लेकर आ सकता है। निवेश से जुड़े फैसले लाभकारी हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और धन संचय के नए अवसर मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्वास और सफलता का संकेत दे रहा है। करियर में प्रगति के योग बन रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स या जिम्मेदारियां मिलने से भविष्य में लाभ हो सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। व्यापार में लाभ और नए संपर्क बनने की संभावना है। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

5. मकर राशि

मकर राशि के लिए यह दिन मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। करियर और बिजनेस दोनों में उन्नति के संकेत हैं। निवेश और बचत के मामलों में लाभ मिलने की संभावना है।

यूपी में आउटसोर्स कर्मियों को खुशखबरी, सरकार ने दी 7 बड़ी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आउटसोर्स और अंशकालिक कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए हैं। 'अंतर्राष्ट्रीय श्रमिक दिवस' के अवसर पर सरकार ने इन कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्थाएं लागू करने का ऐलान किया, जिससे लाखों कर्मियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों को मिली 5 बड़ी सौगात

1. काम के घंटे और साप्ताहिक अवकाश तय

अब आउटसोर्स कर्मियों से अनियमित काम नहीं लिया जा सकेगा। निर्धारित कार्य समय के साथ साप्ताहिक अवकाश अनिवार्य किया गया है, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य-जीवन संतुलन मिल सके।

2. छुट्टियों के नियमों में सुधार

सरकार ने छुट्टियों की व्यवस्था को स्पष्ट और व्यवस्थित किया है। कर्मचारियों को आकस्मिक अवकाश, बीमारी की छुट्टी और अन्य अवकाशों का लाभ मिलेगा, जिससे उनका मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य बेहतर रहेगा।

3. वेतन भुगतान में पारदर्शिता

अब कर्मचारियों का वेतन तय समय पर सीधे उनके बैंक खाते में भेजना अनिवार्य होगा। इससे देरी और कटौती जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी।

4. न्यूनतम वेतन और शोषण पर रोक

नई व्यवस्था के तहत अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन ₹11,000 और कुशल श्रमिकों के लिए ₹13,500 तय किया गया है। साथ ही बिचौलियों की भूमिका खत्म करने के लिए ‘आउटसोर्स सेवा निगम’ लागू किया गया है।

5. पहचान और सम्मान की व्यवस्था

सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी आउटसोर्स कर्मचारियों को 15 दिनों के भीतर आईडी कार्ड जारी किए जाएं। इसके अलावा बेहतर काम करने वालों को प्रमाणपत्र और पुरस्कार देने की भी व्यवस्था की जाएगी।

6 .सामाजिक सुरक्षा पर जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि आउटसोर्स कर्मचारी व्यवस्था की रीढ़ हैं। उनके लिए सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना प्राथमिकता है। नए लेबर कोड्स के जरिए कर्मचारियों को कानूनी संरक्षण भी दिया गया है, जिससे उनके अधिकार सुरक्षित रहेंगे।

7 .श्रमिकों के परिवारों का भी ध्यान

सरकार केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी योजनाएं चला रही है। राज्य में अटल आवासीय विद्यालयों के जरिए श्रमिकों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है।

आउटसोर्स सेवा निगम से बड़ा बदलाव

1 अप्रैल 2026 से लागू इस निगम के जरिए आउटसोर्सिंग व्यवस्था को पारदर्शी बनाने की कोशिश की गई है। इसका उद्देश्य बिचौलियों की भूमिका खत्म कर सीधे कर्मचारियों को लाभ पहुंचाना है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: सभी ITI में लागू होगा नया नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने तकनीकी शिक्षा को रोजगार से जोड़ने के लिए एक अहम कदम उठाया है। राज्य के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) में पढ़ाई कर रहे छात्रों की गुणवत्ता सुधारने के लिए अब प्रशिक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। नए नियम के तहत छात्रों को कोर्स के दौरान उद्योगों में अनिवार्य रूप से प्रशिक्षण लेना होगा।

क्या है नया नियम?

नई व्यवस्था के अनुसार अब आईटीआई कोर्स का एक हिस्सा उद्योगों में ही पूरा करना होगा। एक साल के कोर्स में लगभग 3 महीने, दो साल के कोर्स में करीब 6 महीने। छात्रों को फैक्ट्रियों और उद्योगों में जाकर वास्तविक काम का अनुभव लेना होगा।

ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग लागू

इस पहल के तहत 'ड्यूल सिस्टम ऑफ ट्रेनिंग' लागू किया जाएगा, जिसमें पढ़ाई और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग दोनों साथ-साथ चलेंगी। संस्थान उद्योगों के साथ मिलकर छात्रों को अप्रेंटिसशिप, लाइव प्रोजेक्ट, मशीनों का संचालन, सुरक्षा मानकों का प्रशिक्षण दिलाएंगे, जिससे उनकी स्किल बेहतर होगी।

रोजगार से जोड़ने की जिम्मेदारी

अब सिर्फ प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि छात्रों को नौकरी दिलाने की जिम्मेदारी भी संस्थानों की होगी। प्राचार्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि प्रशिक्षण पूरा होने से पहले ही छात्रों को रोजगार के अवसर मिल सकें। संस्थानों को अपने आसपास के उद्योगों के साथ समझौते (MoU) करने होंगे, ताकि छात्रों को बेहतर ट्रेनिंग और रोजगार के अवसर मिल सकें।

पूरे उत्तर प्रदेश में लागू होगा नियम

यह नई व्यवस्था प्रदेश के सभी 305 राजकीय आईटीआई संस्थानों में लागू की जाएगी। इससे हजारों छात्रों को सीधे उद्योगों से जुड़ने का मौका मिलेगा। फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, डीजल मैकेनिक, इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, वायरमैन, कोपा समेत कुल 58 ट्रेड के विद्यार्थियों को इस नई व्यवस्था का लाभ मिलेगा।

खुशखबरी का धमाका: यूपी में 1 नई भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने B.Ed. असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 107 पदों को भरा जाएगा, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का अच्छा अवसर मिलेगा।

किस विभाग में होगी भर्ती?

सह-शिक्षा कॉलेज: 80 पद

महिला कॉलेज: 27 पद

आवेदन की महत्वपूर्ण तारीखें

भर्ती प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा, जिसके लिए आयोग ने स्पष्ट समय सीमा तय की है। आवेदन शुरू 28 अप्रैल 2026 से, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 27 मई 2026 है।

शैक्षणिक योग्यता

इस पद के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होना जरूरी है, जिसमें कम से कम 55% अंक हों। साथ ही M.Ed. डिग्री (55% अंकों के साथ) या NET / SLET / SET परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है, पीएचडी धारकों को NET से छूट मिल सकती है

आयु सीमा और छूट

आवेदन करने के लिए अधिकतम आयु 62 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 31 अगस्त 2022 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन कैसे करें?

upessc.up.gov.in पर जाएं, “B.Ed Application Form” लिंक पर क्लिक करें, रजिस्ट्रेशन करें और OTP से वेरिफाई करें, सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड कर फॉर्म सबमिट करें।

8वें वेतन आयोग का नया शेड्यूल जारी: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। आयोग ने अपनी कार्यप्रणाली को तेज करते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकों का नया शेड्यूल जारी कर दिया है। इससे लाखों कर्मचारियों में उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

देशभर में बैठकों का दौर शुरू

8वां वेतन आयोग अब सक्रिय रूप से हितधारकों, कर्मचारी संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों से बातचीत कर रहा है। आयोग का उद्देश्य विभिन्न सुझावों और मांगों को समझकर एक संतुलित वेतन ढांचा तैयार करना है। अब तक देहरादून और दिल्ली में बैठकें पूरी हो चुकी हैं, और आगे की बैठकों की योजना तैयार कर ली गई है।

हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में होंगे अहम दौरे

नए शेड्यूल के अनुसार आयोग की आगामी बैठकें इस प्रकार तय की गई हैं:

18 और 19 मई 2026: हैदराबाद (तेलंगाना) में बैठक

1 से 4 जून 2026: श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में चर्चा

8 जून 2026: लद्दाख में विशेष बैठक

इन बैठकों में कर्मचारी संगठन और सरकारी संस्थानों से सीधे संवाद किया जाएगा।

आवेदन और अपॉइंटमेंट की प्रक्रिया

जो संगठन या कर्मचारी संघ वेतन आयोग से चर्चा करना चाहते हैं, उन्हें पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना ज्ञापन (मेमोरेंडम) जमा करना होगा। इसके बाद अपॉइंटमेंट लेकर बैठक में शामिल होना होगा। हर क्षेत्र के लिए अलग-अलग समय सीमा तय की गई है, ताकि सभी हितधारकों को उचित अवसर मिल सके।

मेमोरेंडम जमा करने की बढ़ी समय सीमा

कर्मचारियों की सुविधा को देखते हुए आयोग ने ज्ञापन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब इसे 31 मई 2026 तक जमा किया जा सकता है। पहले यह समय सीमा 30 अप्रैल थी।

देश के अन्य हिस्सों में भी होंगी बैठकें

आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि आने वाले समय में विशाखापत्तनम सहित अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी अलग-अलग बैठकें आयोजित की जाएंगी, ताकि देशभर से सुझाव लिए जा सकें।

यूपी में महिलाओं के लिए खुशखबरी, 198 पदों पर भर्ती शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग, उत्तर प्रदेश ने लखनऊ जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 198 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

अपने ही क्षेत्र में मिलेगा काम का मौका

इस भर्ती की खास बात यह है कि चयनित महिलाओं को उनके ही जिले के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा। इससे उन्हें न सिर्फ रोजगार मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर सामाजिक सेवा से जुड़ने का भी मौका मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन

विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन प्रक्रिया केवल ऑनलाइन माध्यम से ही होगी। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। उम्मीदवारों को आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही फॉर्म भरना होगा और सभी जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि

इस भर्ती के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 मई 2026 तय की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

आयु सीमा क्या है?

इस भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग की महिलाओं को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवारों को आवेदन के समय अपनी शैक्षणिक योग्यता और आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे। उम्र के प्रमाण के लिए केवल हाईस्कूल की मार्कशीट और प्रमाण पत्र मान्य होंगे।

चयन प्रक्रिया

भर्ती से जुड़ी चयन प्रक्रिया और अन्य महत्वपूर्ण अपडेट समय-समय पर आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे नियमित रूप से वेबसाइट चेक करते रहें।

ट्रंप का NATO पर बड़ा वार: यूरोप में मचा हड़कंप, रूस खुश!

न्यूज डेस्क। अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने NATO सहयोगी जर्मनी से करीब 5000 अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने का फैसला किया है। इस कदम के बाद यूरोपीय देशों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।

क्यों लिया गया यह फैसला?

रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में अमेरिका और जर्मनी के बीच कूटनीतिक तनाव बढ़ा है। खासकर ईरान और रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर दोनों देशों के नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई थी। इसके बाद अमेरिकी प्रशासन ने यह कड़ा कदम उठाने का संकेत दिया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि कुछ यूरोपीय नेताओं की टिप्पणियां सहयोगी भावना के विपरीत हैं, जिसका असर सैन्य सहयोग पर भी पड़ रहा है।

सैनिकों की वापसी की प्रक्रिया?

पेंटागन के अधिकारियों के मुताबिक, यह पूरी प्रक्रिया तुरंत नहीं होगी। सैनिकों की वापसी धीरे-धीरे अगले 6 से 12 महीनों के भीतर पूरी की जाएगी। इस दौरान लॉजिस्टिक और सुरक्षा से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं बदली जाएंगी।

जर्मनी पर क्या पड़ेगा असर?

जर्मनी लंबे समय से यूरोप में अमेरिकी सेना का सबसे महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां करीब 35,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और यह नाटो का एक प्रमुख सैन्य हब माना जाता है। नई योजना के तहत एक प्रमुख कॉम्बैट ब्रिगेड और एक लॉन्ग रेंज फायर यूनिट को अमेरिका वापस बुलाया जाएगा। इससे जर्मनी की सैन्य रणनीतिक भूमिका पर असर पड़ सकता है।

पहले बढ़ाई गई थी तैनाती

ध्यान देने वाली बात यह है कि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका ने यूरोप में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई थी। लेकिन अब हालात बदलते दिख रहे हैं और सैनिकों की संख्या को फिर से पहले के स्तर पर लाया जा रहा है।

इस कदम से यूरोप में बढ़ी चिंता

इस फैसले के बाद NATO देशों में चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की यह रणनीति यूरोपीय सुरक्षा संतुलन को प्रभावित कर सकती है। इससे NATO के अंदर सहयोग और विश्वास पर भी असर पड़ सकता है।

बिहार में बिगड़ेगा मौसम: 3 दिनों तक आंधी और बारिश का खतरा

पटना।  बिहार में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में आसमान बादलों से ढका हुआ है और जगह-जगह हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने आने वाले कुछ दिनों को लेकर गंभीर अलर्ट जारी किया है।

तीन जिलों में रेड अलर्ट, हालात ज्यादा गंभीर

बिहार के कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में मौसम को लेकर सबसे ज्यादा खतरे की स्थिति बताई गई है। इन इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश की संभावना जताई गई है। हवाओं की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे सामान्य जनजीवन प्रभावित हो सकता है। स्थानीय प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी बाहर निकलने से बचने की सलाह दी है।

कई अन्य जिलों में भी खराब रहेगा मौसम

बिहार के अररिया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जैसे जिलों में भी मौसम बिगड़ा रहने का अनुमान है। यहां आंधी के साथ बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में खास सतर्कता बरतने की जरूरत बताई गई है। लोगों को खुले स्थानों, खेतों और ऊंचे पेड़ों के आसपास न जाने की चेतावनी दी गई है।

मौसम में बदलाव की वजह क्या है?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इस बदलाव के पीछे कई सक्रिय मौसमी सिस्टम जिम्मेदार हैं। आसपास के राज्यों में बने दबाव क्षेत्र और चक्रवाती हवाओं के कारण बिहार के मौसम में अस्थिरता बनी हुई है। इन सिस्टमों के आपस में टकराने से बादल बन रहे हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है।

अगले कुछ दिन महत्वपूर्ण

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 3 से 5 दिन तक मौसम इसी तरह बना रह सकता है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश जारी रहने की संभावना है, खासकर उत्तर और पूर्वी बिहार में इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा।

लोगों के लिए जरूरी सावधानियां

आंधी के दौरान खुले में खड़े होने से बचें

बिजली चमकते समय सुरक्षित स्थान पर रहें

पेड़ों और कमजोर ढांचों से दूर रहें

मौसम खराब होने पर यात्रा टालें

यूपी में ई-श्रम से जुड़े आठ करोड़ मजदूर, मिल रही ये 5 सुविधाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ई-श्रम पोर्टल एक बड़ा सहारा बनकर उभरा है। राज्य में अब तक करोड़ों मजदूर इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं, जिससे उन्हें पहली बार औपचारिक पहचान और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिल रहा है।

करोड़ों श्रमिकों का पंजीकरण, यूपी बना सबसे आगे

प्रदेश में ई-श्रम पोर्टल पर 8 करोड़ से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण हो चुका है, जो इसे देश के सबसे बड़े श्रमिक डेटाबेस में शामिल करता है। प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़ और गाजियाबाद जैसे जिलों में पंजीकरण की रफ्तार खासतौर पर तेज रही है। 

क्या हैं ई-श्रम से मिलने वाले प्रमुख फायदे?

ई-श्रम पोर्टल से जुड़े श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिल रही हैं, जिनमें सबसे अहम हैं:

1. दुर्घटना बीमा सुरक्षा: पंजीकृत श्रमिकों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहायता मिलती है, जिससे परिवार को राहत मिलती है।

2. दिव्यांगता पर आर्थिक मदद: दुर्घटना के कारण स्थायी या आंशिक दिव्यांगता होने पर सहायता राशि प्रदान की जाती है।

3. मासिक पेंशन का विकल्प: श्रमिक अपनी छोटी बचत के माध्यम से भविष्य के लिए पेंशन योजना का लाभ ले सकते हैं।

4. सरकारी योजनाओं से सीधा जुड़ाव: पंजीकरण के बाद श्रमिकों को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिलता है।

5. डिजिटल पहचान कार्ड: श्रमिकों को यूनिक आईडी मिलती है, जिससे उनकी पहचान राष्ट्रीय स्तर पर दर्ज हो जाती है।

कैसे बढ़ा पंजीकरण का दायरा?

अधिकारियों के अनुसार, ई-श्रम योजना की शुरुआत के बाद से लगातार पंजीकरण बढ़ता गया है। लाखों श्रमिकों ने स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण किया, जबकि करोड़ों लोग कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से जुड़े। यह डिजिटल प्रक्रिया आसान और सुलभ होने के कारण तेजी से लोकप्रिय हुई है।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान: युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत अब अधिक से अधिक युवाओं को कारोबार शुरू करने का मौका देने के लिए आयु सीमा में बदलाव की तैयारी की जा रही है।

क्या है नया प्रस्ताव?

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विभाग ने एक नया प्रस्ताव तैयार किया है, जिसके तहत इस योजना में न्यूनतम आयु सीमा को 21 वर्ष से घटाकर 18 वर्ष करने पर विचार किया जा रहा है। इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो कम उम्र में ही अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

पहले से क्या मिल रहा था लाभ?

अब तक इस योजना के तहत 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को लाभ दिया जा रहा था। इसके अंतर्गत- बिना ब्याज का ऋण, बिना गारंटी के लोन सुविधा, अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता दी जा रही थी, ताकि युवा अपना छोटा कारोबार शुरू कर सकें।

क्यों किया जा रहा है बदलाव?

सरकार का मानना है कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जो 18 से 20 वर्ष की उम्र में ही उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाना चाहते हैं। मौजूदा आयु सीमा के कारण कई इच्छुक युवा योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे। इसी को ध्यान में रखते हुए नियमों में ढील देने पर विचार किया जा रहा है।

सरकार का बड़े लक्ष्य की तैयारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस योजना की शुरुआत पिछले वर्ष उत्तर प्रदेश दिवस के मौके पर की थी। सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले 10 वर्षों में करीब 10 लाख युवाओं को इस योजना के तहत स्वरोजगार के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाए। हालांकि अब तक लक्ष्य के अनुसार प्रगति नहीं हो सकी है, जिसके चलते योजना में और सुधार किए जा रहे हैं।