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कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग पर सरकार का नया अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक बार फिर अच्छी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग को लेकर जो इंतजार लंबे समय से चल रहा था, अब उसमें तेजी दिखाई दे रही है। हाल के घटनाक्रम बताते हैं कि आयोग अब अपने काम को अगले चरण में ले जा चुका है और अलग-अलग कर्मचारी संगठनों से राय लेने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।

दरअसल, आयोग अब सीधे संबंधित पक्षों से बातचीत कर उनकी जरूरतों और मांगों को समझना चाहता है। इसके लिए यूनियनों और संगठनों को आमंत्रित किया जा रहा है ताकि वे अपने सुझाव रख सकें। इससे यह संकेत मिलता है कि वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े बड़े फैसले ज्यादा दूर नहीं हैं।

अब तेजी से जुटाए जा रहे सुझाव

आयोग ने साफ कर दिया है कि जो भी संगठन अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें तय समय के भीतर संपर्क करना होगा। मुलाकात के लिए पहले से समय लेना जरूरी होगा, जबकि वेतन और पेंशन से जुड़े सुझाव भी निर्धारित तारीख तक भेजने होंगे। इन सुझावों का महत्व इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि इन्हीं के आधार पर आगे की सिफारिशें तैयार की जाएंगी, जो लाखों कर्मचारियों के भविष्य को प्रभावित करेंगी।

जमीनी हकीकत समझने की तैयारी

इस बार आयोग केवल दस्तावेजों पर निर्भर नहीं रहना चाहता, बल्कि अलग-अलग राज्यों में जाकर वास्तविक स्थिति जानने की योजना बना रहा है। इसके तहत टीम विभिन्न जगहों पर जाकर कर्मचारियों और संस्थाओं से सीधे बातचीत करेगी। इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जो भी बदलाव हों, वे व्यावहारिक और कर्मचारियों के हित में हों।

वेतन बढ़ोतरी के साथ एरियर की उम्मीद

कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि नई सिफारिशें कब लागू होंगी। माना जा रहा है कि अगर फैसला तय समय पर होता है, तो इसे साल 2026 की शुरुआत से प्रभावी माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में कर्मचारियों को बकाया राशि (एरियर) का भी लाभ मिल सकता है, जो उनके लिए बड़ी राहत साबित होगा।

डबल नहीं, ट्रिपल खुशखबरी! यूपी में 3 भर्तियों का ऐलान, युवाओं के लिए शानदार मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक साथ तीन अलग-अलग विभागों में भर्ती का ऐलान हुआ है। खास बात यह है कि इन भर्तियों में 10वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए मौके उपलब्ध हैं। अलग-अलग जिलों और विभागों में निकली ये नौकरियां युवाओं को अपने करियर को मजबूत बनाने का सुनहरा अवसर दे रही हैं।

1 .सबसे पहले बात करें फिरोजाबाद जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA Firozabad) की, जहां लीगल एड डिफेंस काउंसल के पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के तहत कुल 4 पदों को भरा जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास एलएलबी की डिग्री होना जरूरी है। इच्छुक अभ्यर्थियों को ऑफलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख 15 अप्रैल 2026 तय की गई है। ऐसे में कानून के क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक बेहतरीन अवसर माना जा रहा है।

2 .दूसरी भर्ती रामपुर रजा लाइब्रेरी की ओर से निकाली गई है, जो अपने आप में एक प्रतिष्ठित संस्थान माना जाता है। यहां अपर डिवीजन क्लर्क और लाइब्रेरी अटेंडेंट के पदों के लिए कुल 2 रिक्तियां घोषित की गई हैं। इन पदों के लिए 10वीं पास से लेकर किसी भी विषय में स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, हालांकि अनुभव रखने वाले अभ्यर्थियों को प्राथमिकता मिल सकती है। आवेदन की प्रक्रिया 3 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और 3 मई 2026 तक जारी रहेगी। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए खास है जो प्रशासनिक या लाइब्रेरी कार्यों में रुचि रखते हैं।

3 .तीसरी और सबसे बड़ी भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा जारी की गई है। इस भर्ती के तहत ग्रुप ‘सी’ के कुल 115 पदों को भरा जाएगा। इसमें 10वीं, 12वीं, बीकॉम, एलएलबी, डिप्लोमा और एमएससी जैसे विभिन्न शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और 22 अप्रैल 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

5 से 15 अप्रैल तक शुभ योग: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन-लाभ और सफलता

राशिफल। अप्रैल का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। 5 से 15 अप्रैल के बीच ग्रहों की स्थिति ऐसा शुभ संयोग बना रही है, जिसका सीधा असर कई राशियों के जीवन पर देखने को मिलेगा। इस दौरान कुछ विशेष ग्रह योग बन रहे हैं, जो सुख-समृद्धि, तरक्की और आर्थिक मजबूती के संकेत दे रहे हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा। 5 से 15 अप्रैल के बीच आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और आप अपने कार्यों को तेजी से पूरा करेंगे। नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए भी यह समय लाभदायक रहेगा, नए सौदे फायदे का कारण बनेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि सफलता के नए द्वार खोल सकती है। आपके द्वारा किए गए प्रयासों का फल अब मिलने लगेगा। करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। यदि आप नई नौकरी या बदलाव की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल रहेगा। धन लाभ के प्रबल संकेत हैं और निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और सामाजिक सम्मान भी मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का पूरा साथ लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे। नौकरी में पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग बन सकते हैं। व्यापार में विस्तार होगा और लाभ में वृद्धि देखने को मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और अचानक धन लाभ भी संभव है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह शुभ योग खुशियों की सौगात लेकर आएगा। करियर में उन्नति के नए अवसर मिलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में लाभ होगा और नई योजनाएं सफल होंगी। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। आपकी मेहनत रंग लाएगी और आपको सफलता प्राप्त होगी। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और व्यापार में भी अच्छा मुनाफा होगा। धन से जुड़ी समस्याएं दूर होंगी और आय के नए स्रोत बनेंगे। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक शांति बनी रहेगी।

बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट, विभाग ने शुरू की जांच

न्यूज डेस्क। बिहार में एक बार फिर शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर बड़ा खुलासा सामने आया है। सहरसा जिले में चल रही जांच के दौरान कई ऐसे शिक्षक चिन्हित किए गए हैं, जिनके प्रमाण पत्र संदिग्ध पाए गए हैं। इस खुलासे के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है और अब पूरे राज्य में दस्तावेजों की गहन जांच शुरू कर दी गई है।

दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के माध्यम से टीआरई-1, टीआरई-2 और टीआरई-3 के तहत हजारों शिक्षकों की नियुक्ति की गई थी। इन भर्तियों के तहत करीब चार हजार से अधिक उम्मीदवारों को शिक्षक पद मिला था। अब इन सभी की शैक्षणिक योग्यता और प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच की जा रही है।

जांच में सामने आया बड़ा खेल

प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कुछ उम्मीदवारों ने फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी हासिल की। यह मामला केवल कुछ व्यक्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। माना जा रहा है कि तथाकथित शिक्षा माफिया इस पूरे खेल को संचालित कर रहा था, जिसकी पकड़ सिस्टम के ऊपरी स्तर तक हो सकती है।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले

यह पहली बार नहीं है जब बिहार में शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी सामने आई हो। वर्ष 2012 से 2015 के बीच “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर हुई नियुक्तियों में भी बड़ी संख्या में फर्जी शिक्षक पकड़े गए थे। उस दौरान कई नियुक्तियां रद्द की गई थीं और संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।

सख्त कार्रवाई की तैयारी

वर्तमान स्थिति को देखते हुए शिक्षा विभाग अब कोई ढील देने के मूड में नहीं है। जिन शिक्षकों के दस्तावेज जांच में फर्जी पाए जाएंगे, उनकी नौकरी समाप्त की जा सकती है। इसके अलावा, संबंधित अभ्यर्थियों पर कानूनी कार्रवाई भी तय मानी जा रही है।

पारदर्शिता पर जोर

सरकार का कहना है कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी कारण सभी नियुक्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों का वेरिफिकेशन तेज कर दिया गया है, ताकि योग्य उम्मीदवारों के साथ किसी तरह का अन्याय न हो।

कमल सा खिलेगा भाग्य! 5 राशियों के घर आएंगी खुशियां ही खुशियां

राशिफल। अप्रैल का महीना कई राशियों के लिए नए अवसर और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बार कुछ राशियों पर ग्रहों की विशेष कृपा देखने को मिलेगी, जिससे उनके जीवन में उन्नति और खुशहाली के संकेत मिल रहे हैं।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में प्रगति का है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और नई आय के स्रोत बन सकते हैं।

कर्क राशि:

कर्क राशि वालों के लिए पारिवारिक सुख और मानसिक शांति का समय रहेगा। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां कम होंगी। घर-परिवार में खुशियों का माहौल बनेगा और धन लाभ के योग भी हैं।

कन्या राशि:

कन्या राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और वरिष्ठों से सराहना मिलेगी। निवेश के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि के लिए यह महीना नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। रुके हुए काम पूरे होंगे और व्यापार में लाभ की संभावना है। रिश्तों में सुधार आएगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मीन राशि:

मीन राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत रहने वाला है। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक रूप से सुकून मिलेगा।

कर्मचारियों को खुशखबरी, अब 5 साल नहीं, 1 साल में मिलेगी ग्रेच्युटी

नई दिल्ली। भारत के कामकाजी लोगों के लिए श्रम नियमों में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन सामने आया है। लंबे समय से ग्रेच्युटी पाने के लिए 5 साल की सेवा अनिवार्य थी, लेकिन अब कुछ कर्मचारियों को इससे पहले भी यह लाभ मिल सकेगा। यह बदलाव नए श्रम कानूनों के लागू होने के बाद आया है, जिसका उद्देश्य कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा देना है।

यह नए प्रावधान नवंबर 2025 से लागू माने जा रहे हैं। इसका फायदा उन कर्मचारियों को मिलेगा जो इस अवधि के बाद नियुक्त हुए हैं और फिक्स्ड-टर्म या कॉन्ट्रैक्ट आधार पर काम कर रहे हैं। हालांकि, जो कर्मचारी स्थायी (परमानेंट) हैं, उनके लिए अभी भी 5 साल की शर्त लागू है।

क्या बदला है नियमों में?

पहले किसी भी कर्मचारी को ग्रेच्युटी पाने के लिए कम से कम 5 साल तक एक ही संस्था में काम करना जरूरी था। लेकिन नए नियमों के तहत फिक्स्ड-टर्म और कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है। अब ये कर्मचारी केवल 1 साल की निरंतर सेवा के बाद ही ग्रेच्युटी के पात्र बन सकते हैं।

ग्रेच्युटी की राशि में भी बढ़ोतरी

नए नियमों का असर सिर्फ पात्रता तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रेच्युटी की रकम पर भी पड़ेगा। अब कंपनियों के लिए यह जरूरी किया गया है कि कर्मचारी की 'वेजेस' (वेतन) उसके कुल सीटीसी का कम से कम 50% हो।

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारियों को कैसे मिलेगा फायदा?

फिक्स्ड-टर्म कर्मचारी वे होते हैं जिन्हें कंपनी एक निश्चित समय के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्त करती है। ऐसे कर्मचारियों को अब उनकी सेवा अवधि के हिसाब से प्रो-राटा (आनुपातिक) ग्रेच्युटी मिलेगी। यानी अगर किसी ने 1 साल काम किया है, तो उसे उसी अवधि के अनुसार ग्रेच्युटी का हिस्सा मिलेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! DA बढ़ते ही खाते में बरसेगा पैसा

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अप्रैल का महीना राहत भरी खबर लेकर आ सकता है। बढ़ती महंगाई के बीच वेतन बढ़ने का इंतजार कर रहे लोगों को जल्द ही खुशखबरी मिल सकती है। चर्चा है कि सरकार महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर जल्द फैसला कर सकती है, जिससे कर्मचारियों की आय में सीधा इजाफा होगा।

कितना बढ़ सकता है DA?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी बेसिक सैलरी पर 58% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। प्रस्तावित बढ़ोतरी के बाद यह 60% तक पहुंच सकता है। पहली नजर में यह बढ़ोतरी छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर कर्मचारियों की मासिक आय पर साफ दिखाई देगा।

देरी के पीछे की वजह

इस बार DA के ऐलान में देरी की एक बड़ी वजह वेतन प्रणाली में बदलाव है। 7वें वेतन आयोग का कार्यकाल समाप्त हो चुका है और अब 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू हो गई है। नई व्यवस्था लागू होने तक सरकार पुराने फॉर्मूले के आधार पर ही DA तय कर रही है, ताकि कर्मचारियों को किसी तरह की आर्थिक अनिश्चितता का सामना न करना पड़े।

कितने लोगों को होगा फायदा?

इस संभावित फैसले का असर देशभर में 1 करोड़ से ज्यादा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। पेंशनर्स के लिए यह बढ़ोतरी और भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उनकी आय का मुख्य स्रोत पेंशन ही होता है। जब नया वेतन आयोग पूरी तरह लागू होगा, तब तक जमा हुआ DA बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा। इसके बाद महंगाई भत्ते की गणना फिर से शुरू होगी।

अमेरिका की हवाई ताकत: लड़ाकू विमानों की संख्या जानकर चौंक जाएंगे

न्यूज डेस्क। दुनिया में सैन्य ताकत की बात हो और अमेरिका का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। खासकर हवाई शक्ति के मामले में अमेरिका आज भी नंबर-1 माना जाता है। ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान इस बात की चर्चा हो रही है की अमेरिका के पास कितनी हवाई ताकत हैं। 

कुल एयर फ्लीट कितना बड़ा है?

अमेरिका के पास वायु सेना, नौसेना और मरीन कॉर्प्स को मिलाकर 13,000 से ज्यादा विमान हैं। इसमें ट्रांसपोर्ट, बमवर्षक, हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या ही इसे बाकी देशों से अलग बनाती है।

लड़ाकू विमानों की असली ताकत

अगर सिर्फ कॉम्बैट यानी लड़ाकू विमानों की बात करें, तो अमेरिका के पास लगभग 2,700 से 2,800 के बीच सक्रिय फाइटर जेट्स हैं। यही वे विमान हैं जो युद्ध के समय सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। केवल अमेरिकी वायु सेना के पास ही करीब 1,600 से ज्यादा फाइटर जेट्स हैं, बाकी विमान नौसेना और मरीन कॉर्प्स के पास तैनात हैं।

कौन-कौन से हैं मुख्य फाइटर जेट?

अमेरिका की ताकत सिर्फ संख्या में नहीं, बल्कि टेक्नोलॉजी में भी है। उसके पास कई एडवांस्ड और मल्टी-रोल फाइटर जेट्स हैं:

F-16 Fighting Falcon – बड़ी संख्या में मौजूद, बहुउद्देश्यीय विमान

F-15 Eagle / Strike Eagle – एयर सुपीरियरिटी और स्ट्राइक मिशन के लिए

F-22 Raptor – दुनिया के सबसे एडवांस्ड स्टेल्थ फाइटर्स में से एक

F-35 Lightning II – नई पीढ़ी का मल्टी-रोल स्टेल्थ जेट, जो तीनों सेनाओं में इस्तेमाल हो रहा है।

नौसेना और मरीन की ताकत

अमेरिकी नौसेना और मरीन कॉर्प्स भी हवाई शक्ति में पीछे नहीं हैं। उनके पास हजारों विमान हैं, जिनमें एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ान भरने वाले फाइटर जेट शामिल हैं। F/A-18 Super Hornet और F-35 के अलग-अलग वेरिएंट समुद्री ऑपरेशन्स में इस्तेमाल होते हैं।

उत्पादन और भविष्य की तैयारी

अमेरिका हर साल सैकड़ों नए फाइटर जेट बनाने की क्षमता रखता है। इसका मतलब है कि वह न केवल अपनी ताकत बनाए रखता है, बल्कि लगातार उसे बढ़ाता भी रहता है। नई टेक्नोलॉजी, स्टेल्थ फीचर्स और AI आधारित सिस्टम इसे और भी खतरनाक बनाते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका सालाना लगभग 318 से 372 नए लड़ाकू विमानों का उत्पादन करने की क्षमता रखता है।

यूपी में तैयार हुआ ये एक्सप्रेस-वे, 120 की रफ्तार से दौड़ेगी गाड़ियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के दो प्रमुख शहरों के बीच आवागमन को आसान बनाने वाला बहुप्रतीक्षित कानपुर–लखनऊ एक्सप्रेस-वे अब लगभग तैयार हो चुका है। छह लेन का यह आधुनिक मार्ग अप्रैल महीने में लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोलने की तैयारी में है। इसके चालू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय में बड़ी कमी आएगी।

करीब 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किमी प्रति घंटा निर्धारित की गई है। वर्तमान में जहां कानपुर से लखनऊ पहुंचने में करीब 2 से 2.5 घंटे लग जाते हैं, वहीं इस नए मार्ग के शुरू होने के बाद यह दूरी मात्र 35 से 40 मिनट में तय की जा सकेगी।

3700 करोड़ की लागत

करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। इसमें 11 वाहन अंडरपास (VUP), 13 लाइट वाहन अंडरपास (LVUP), 11 पैदल पारपथ, 9.59 किमी लंबा फ्लाईओवर, एक रेलवे ओवरब्रिज और चार बड़े पुल जैसी संरचनाएं शामिल हैं, जिससे यात्रा सुगम और निर्बाध बनी रहे।

सुरक्षा के लिए हाईटेक इंतजाम

यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पूरे एक्सप्रेस-वे पर उन्नत निगरानी प्रणाली स्थापित की गई है। इसमें 63 PTZ कैमरे, 21 इंटरचेंज कैमरे, 16 वीडियो इंसिडेंट डिटेक्शन सिस्टम लगाए गए हैं। इनकी 24×7 निगरानी के लिए दो आधुनिक कंट्रोल रूम भी बनाए गए हैं।

औद्योगिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

यह एक्सप्रेस-वे केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास का महत्वपूर्ण आधार बनेगा। इसके चालू होने से लॉजिस्टिक्स, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी और आसपास के क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

बिहार में अब प्राइवेट स्कूल खोलना होगा आसान, जानें नया नियम

पटना। बिहार सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य में प्राइवेट स्कूल खोलने की प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी की जा रही है, जिससे इच्छुक निवेशकों और संस्थानों को राहत मिल सके। इस पहल का उद्देश्य न केवल 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' को बढ़ावा देना है, बल्कि छात्रों को बेहतर और विविध शैक्षणिक विकल्प उपलब्ध कराना भी है।

सरकार की नई योजना के तहत उद्योग विभाग को इस पूरी प्रक्रिया का नोडल विभाग बनाया गया है। वहीं, शिक्षा विभाग भी इसमें सक्रिय भूमिका निभा रहा है और समन्वय के लिए वरिष्ठ अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। बताया जा रहा है कि मौजूदा नियमों में संशोधन कर स्कूल खोलने से जुड़ी जटिलताओं को कम किया जाएगा।

भूमि संबंधी शर्तों में मिल सकती है राहत

वर्तमान व्यवस्था में प्राइवेट स्कूल खोलने के लिए भूमि से जुड़ी शर्तें काफी सख्त हैं। विशेष रूप से केंद्रीय बोर्डों से संबद्धता लेने के लिए बड़ी जमीन की आवश्यकता होती है, जो कई निवेशकों के लिए चुनौती बनती है। प्रस्तावित बदलावों में इन शर्तों को लचीला बनाया जा सकता है, जिससे छोटे और मध्यम स्तर के संस्थान भी स्कूल खोल सकें।

NOC प्रक्रिया होगी आसान

अभी स्कूल संचालन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना और उसका समय-समय पर नवीनीकरण कराना एक जटिल प्रक्रिया माना जाता है। नई नीति में इस प्रक्रिया को सरल बनाने और नवीनीकरण की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। इससे स्कूल संचालकों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में कम समय देना पड़ेगा और वे शिक्षा की गुणवत्ता पर अधिक ध्यान दे सकेंगे।

CBSE और ICSE स्कूलों के नियमों में मिल सकती है ढील

वर्तमान में केंद्रीय बोर्ड से संबद्धता के लिए कड़े नियम लागू हैं। CBSE से संबद्ध स्कूल खोलने के लिए कम से कम 1 एकड़ जमीन जरूरी होती है जबकि ICSE बोर्ड से जुड़े स्कूल के लिए लगभग 50 डिसमिल जमीन अनिवार्य है सरकार इन जमीन संबंधी शर्तों को आसान बनाने पर विचार कर रही है, ताकि छोटे शहरों और कस्बों में भी स्कूल खोले जा सकें।

5 ग्रहों का विशेष काल: 5 राशियों पर बरसेगा धन और सफलता का वरदान

राशिफल। 18 से 23 अप्रैल के बीच का समय ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान सूर्य, चंद्रमा, बुध, शुक्र और बृहस्पति की विशेष स्थिति एक दुर्लभ मेनिफेस्टेशन विंडो का निर्माण कर रही है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह अवधि करियर, व्यवसाय और आर्थिक निर्णयों के लिए अनुकूल मानी जा रही है, जिसमें किए गए प्रयासों का परिणाम तेजी से मिल सकता है।

मेष राशि:

इस अवधि में मेष राशि के जातकों को करियर में प्रगति के संकेत मिल रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नए अवसर और सौदे मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्यों में भी गति आएगी।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक सहयोग भी इस दौरान बना रहेगा, जिससे निर्णय लेना आसान होगा।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में पहचान और सम्मान मिलने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों से सराहना मिल सकती है और नेतृत्व के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं।

तुला राशि:

तुला राशि के लिए यह समय संतुलन और लाभ का संकेत दे रहा है। साझेदारी में किए गए कार्य सफल हो सकते हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। संबंधों में भी मधुरता बढ़ेगी।

मकर राशि:

मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि स्थिरता और उन्नति लेकर आ सकती है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। करियर में नई दिशा मिलने के संकेत हैं और आर्थिक रूप से स्थिति मजबूत हो सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए ये काम हुआ अनिवार्य

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब सभी कर्मचारियों के लिए यह अनिवार्य कर दिया गया है कि वे हर साल एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण (IGOT) पोर्टल पर अपनी भूमिका और स्तर के हिसाब से तय किए गए योग्यता-आधारित कोर्स पूरा करें।

क्या है नया नियम?

केंद्र सरकार के निर्देश के अनुसार, सभी कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों को हर वर्ष योग्यता-आधारित कोर्स पूरे करने होंगे। ये कोर्स एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण प्लेटफॉर्म iGOT पर उपलब्ध होंगे। इन कोर्सों को कर्मचारी की भूमिका और पद के अनुसार तय किया जाएगा। यानी हर कर्मचारी को उसके काम से जुड़ी स्किल्स को मजबूत करने के लिए ट्रेनिंग लेनी होगी।

मंत्री ने क्या कहा?

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने हाल ही में राज्यसभा में एक लिखित जवाब में बताया कि यह व्यवस्था सभी मंत्रालयों, विभागों और संगठनों (MDOs) तथा कैडर नियंत्रण प्राधिकरणों (CCAs) के अंतर्गत लागू होगी। उनका कहना है कि यह कदम कर्मचारियों की दक्षता और कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए अहम है।

कर्मचारियों पर क्या पड़ेगा असर?

इस फैसले का सीधा असर कर्मचारियों के करियर पर पड़ेगा। अब केवल अनुभव ही नहीं, बल्कि सीखने और खुद को अपडेट रखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण होगी। प्रमोशन और अप्रेजल में ट्रेनिंग का बड़ा रोल होगा।  कर्मचारियों को नई तकनीक और कार्यशैली सीखने का मौका मिलेगा।  काम की गुणवत्ता और दक्षता में सुधार होगा। 

क्यों लिया गया यह फैसला?

सरकार का उद्देश्य प्रशासन को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाना है। बदलते समय में नई स्किल्स की जरूरत को देखते हुए यह कदम उठाया गया है, ताकि सरकारी कर्मचारी भी लगातार खुद को अपडेट करते रहें।

यूपी के 35 जिलों में ऑरेंज अलर्ट: आंधी, बारिश और वज्रपात के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने जा रहा है। शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, बारिश, ओलावृष्टि और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए करीब 35 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं के साथ मौसम अचानक बिगड़ सकता है। कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है, जिससे पेड़ गिरने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने का खतरा भी बना हुआ है।

इन जिलों में ज्यादा असर

लखनऊ, सीतापुर, गोंडा, लखीमपुर खीरी, अमेठी, अयोध्या, बहराइच, बाराबंकी, रायबरेली, उन्नाव समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओलावृष्टि के आसार हैं। इन क्षेत्रों में अचानक मौसम बदलने से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। वहीं आगरा, अलीगढ़, प्रयागराज, वाराणसी, मथुरा और आसपास के जिलों में भी तेज हवा और गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है, हालांकि यहां हवा की रफ्तार थोड़ी कम रहने की उम्मीद है।

वज्रपात को लेकर विशेष चेतावनी

मौसम विभाग ने कई जिलों में बिजली गिरने (वज्रपात) का खतरा भी जताया है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसान और बाहर काम करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

क्या करें और क्या न करें

तेज आंधी के दौरान घर के अंदर रहें

बिजली कड़कने पर खुले स्थान से दूर रहें

कमजोर ढांचों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों

मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर बनाए रखें

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: यूपी में शिक्षामित्रों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, बढ़ा मानदेय!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्कूली शिक्षा से जुड़े लाखों कर्मियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्कूल चलो अभियान’ के शुभारंभ के दौरान शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए अहम घोषणाएं कीं, जिनका सीधा फायदा उनकी आर्थिक स्थिति और सामाजिक सुरक्षा पर पड़ेगा।

मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि अब अनुदेशकों को प्रति माह 17 हजार रुपये और शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये का मानदेय दिया जाएगा। खास बात यह है कि यह बढ़ा हुआ मानदेय इसी महीने से लागू किया जा रहा है, जिससे लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी की मांग कर रहे कर्मियों को राहत मिलेगी।

स्वास्थ्य सुविधा का भी बड़ा लाभ

सिर्फ मानदेय बढ़ोतरी ही नहीं, सरकार ने शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, शिक्षकों और रसोइयों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा का भी दायरा बढ़ाया है। अब इन सभी को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना के तहत इलाज का खर्च सीधे कवर किया जाएगा, जिससे आर्थिक बोझ कम होगा।

शिक्षा पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि राज्य सरकार स्कूली शिक्षा पर बड़े पैमाने पर निवेश कर रही है। करीब 80 हजार करोड़ रुपये शिक्षा क्षेत्र में खर्च किए जा रहे हैं, और इसके अनुरूप बेहतर परिणाम लाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

क्या होगा असर?

इस फैसले से शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मनोबल बढ़ने की उम्मीद है। लंबे समय से सीमित मानदेय और अस्थिरता का सामना कर रहे इन कर्मियों को अब आर्थिक स्थिरता और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों का लाभ मिलेगा। सरकार का मानना है कि जब शिक्षा से जुड़े कर्मचारी सुरक्षित और संतुष्ट होंगे, तभी शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।

सूर्य-बृहस्पति का केंद्र योग: 5 राशियों के जीवन में आएगी सफलता और समृद्धि

राशिफल। 2 अप्रैल को ज्योतिषीय दृष्टि से एक खास योग बन रहा है। सूर्य (मेष राशि के करीब) और बृहस्पति (कर्क राशि में) के बीच केंद्र या वर्ग की स्थिति बन रही है। यह योग न केवल आत्मविश्वास बढ़ाता है, बल्कि जीवन में नई ऊर्जा और उत्साह भी लाता है।

ज्योतिषियों के अनुसार, यह योग विशेष रूप से उन राशियों के लिए लाभकारी रहेगा, जो अपने करियर, शिक्षा, निवेश या व्यक्तिगत जीवन में प्रगति चाहते हैं। लेकिन ध्यान रखें कि अति उत्साह या जल्दबाजी में लिए गए निर्णय भविष्य में नुकसान भी पहुँचा सकते हैं।

लाभान्वित राशियां और उनके प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग नए अवसर और नेतृत्व क्षमता लेकर आएगा। कार्यस्थल पर मेहनत का सही फल मिलेगा और उच्च पदों की संभावना बढ़ेगी। व्यक्तिगत जीवन में भी आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक लाभ और निवेश में सफलता का संकेत देता है। लंबित निवेश योजनाओं में लाभ संभव है। परिवार में सहयोग और सुख-शांति बनी रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को यह योग शिक्षा और करियर में सफलता प्रदान करेगा। परीक्षा या प्रोफेशनल प्रमोशन में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। यात्रा और नए संपर्कों के माध्यम से भी लाभ होगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह समय व्यापार और स्वास्थ्य दोनों में सुधार लाएगा। पुराने रोगों से राहत मिलेगी और नई योजनाओं को अमली जामा पहनाने का समय है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग संबंध और पारिवारिक जीवन में खुशियां लेकर आएगा। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे और प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी।

UP टीचर भर्ती में बदलाव: TGT और LT के लिए TET पास होना ज़रूरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की राह अब और साफ हो गई है। हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि टीजीटी (Trained Graduate Teacher) और एलटी (Language Teacher) ग्रेड भर्ती में टीईटी (Teacher Eligibility Test) पास करना अनिवार्य होगा। इसका मतलब साफ है कि बिना टीईटी के कोई भी उम्मीदवार भर्ती प्रक्रिया में शामिल नहीं हो सकेंगे।

कोर्ट ने क्या कहा

इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि शिक्षक भर्ती विज्ञापनों में क्लासों का विवरण होना जरूरी है। अदालत ने कहा कि अधूरी जानकारी से अभ्यर्थियों को भ्रम होता है और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और न्यायसंगत होनी चाहिए।

टीईटी पास करना अब न्यूनतम योग्यता

इस फैसले के बाद, आने वाली टीजीटी और एलटी भर्ती में टीईटी अनिवार्य होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे योग्यता सुनिश्चित होगी और सही उम्मीदवारों को ही मौका मिलेगा। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता और विश्वसनीयता लाने के लिए अहम है।

भर्ती प्रक्रिया में सुधार के भी निर्देश दिए

कोर्ट ने निर्देश दिया कि सभी विज्ञापनों में स्पष्ट लिखा जाए कि भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है। इससे अभ्यर्थियों के लिए भ्रम की स्थिति खत्म होगी और प्रक्रिया सुसंगत और प्रतिस्पर्धी बनेगी।

इस फैसले का भविष्य में शिक्षा प्रणाली पर प्रभाव

टीईटी को अनिवार्य बनाने से शिक्षा व्यवस्था में सुधार की संभावना बढ़ेगी। उम्मीदवारों की योग्यता सुनिश्चित होगी और भर्ती प्रक्रिया प्रतिस्पर्धात्मक और पारदर्शी बनेगी। कोर्ट ने आयोग को निर्देश दिया कि सभी विज्ञापनों में स्पष्ट अंकित किया जाए कि भर्ती केवल कक्षा 9 और 10 के लिए है।

अमेरिका के पास कितने F-35 जेट्स? जानकार चौंक जाएंगे

न्यूज डेस्क। अमेरिका के पास दुनिया के सबसे उन्नत और बहुप्रशंसित फाइटर जेट्स में से एक F-35 का विशाल बेड़ा है। मार्च 2026 तक की नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने अब तक 750 से अधिक F-35 विमान अपने बेड़े में शामिल कर लिए हैं।

अमेरिकी सेना में F-35 का वितरण

अमेरिका की तीन प्रमुख सैन्य शाखाओं में इन विमानों का वितरण इस प्रकार है:

1 .अमेरिकी वायु सेना (USAF): इस शाखा के पास सबसे बड़ा F-35 बेड़ा है, जिसमें लगभग 470 से 500 F-35A शामिल हैं।

2 .अमेरिकी मरीन कॉर्प्स (USMC): मरीन कॉर्प्स के पास करीब 150 से 200 विमान हैं, जिनमें F-35B (लंबवत लैंडिंग क्षमता वाले) और F-35C (कैरियर आधारित) शामिल हैं।

3 .अमेरिकी नौसेना (USN): अमेरिकी नौसेना के पास लगभग 60 से 80 F-35C विमान हैं, जो समुद्री ऑपरेशनों में विशेषज्ञता रखते हैं।

वे देश जिनके पास F-35 वर्तमान में सक्रिय सेवा में हैं: 

इजरायल: मध्य पूर्व में एकमात्र देश, जिसके पास लगभग 50-75 विमान (F-35I "अदिर") हैं।

जापान: लगभग 40-45 विमान सक्रिय हैं और कुल 147 विमानों का लक्ष्य है।

ऑस्ट्रेलिया: अब तक अपने मूल ऑर्डर के सभी 72 विमान प्राप्त कर चुका है।

यूनाइटेड किंगडम (UK): लगभग 41-48 F-35B विमानों का संचालन कर रहा है।

इटली: लगभग 90 विमानों का लक्ष्य है, जिनमें से 60-70 प्राप्त हो चुके हैं।

दक्षिण कोरिया: लगभग 40-60 विमानों का बेड़ा संचालित कर रहा है।

नॉर्वे: अपने 52 विमानों का ऑर्डर पूरा कर चुका है।

नीदरलैंड: लगभग 37-42 विमान प्राप्त कर चुका है।

डेनमार्क: वर्तमान में लगभग 15 विमान देश में हैं, और कुल 27 का ऑर्डर है। 

वे देश जिन्हें डिलीवरी मिलना शुरू हो रही है या ऑर्डर दिए हैं:

ये देश जल्द ही ऑपरेटर बनने वाले हैं या हाल ही में पहला विमान प्राप्त किया है:

सिंगापुर: 2026 में अपने पहले 4 विमान प्राप्त करने वाला है (कुल 20 का ऑर्डर)।

कनाडा: 2026 में पहली डिलीवरी मिलने की उम्मीद है (कुल 88 का ऑर्डर)।

पोलैंड: 2026 में पहले विमान मिलने शुरू होने वाले हैं (कुल 32 का ऑर्डर)।

बेल्जियम: पहला विमान प्राप्त हो चुका है और 2026 तक और डिलीवरी मिलेंगी।

फिनलैंड: दिसंबर 2025 में पहले विमान का रोलआउट हुआ, 2026 में प्रशिक्षण शुरू होगा।

जर्मनी, स्विट्जरलैंड, चेक गणराज्य, ग्रीस और रोमानिया: इन्होंने भी बड़े ऑर्डर दिए हैं और डिलीवरी की प्रतीक्षा कर रहे हैं। 

यूपी सरकार का फरमान: इन सभी कर्मचारियों के लिए लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है। मिशन कर्मयोगी के तहत आयोजित आठ अप्रैल तक चलने वाले ‘साधना सप्ताह’ में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े कोर्स करना अब अनिवार्य होगा।

विभाग ने सभी कार्यालयाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने अधीनस्थ कर्मचारियों की नियमित निगरानी करें और सुनिश्चित करें कि सभी निर्धारित कोर्स समय पर पूरा हों। इसका उद्देश्य न केवल कर्मचारियों की दक्षता बढ़ाना है, बल्कि डिजिटल और एआई आधारित प्रशासनिक संस्कृति को पूरी तरह स्थापित करना भी है।

कोर्स और प्रमाण-पत्र

इस पहल के तहत कर्मचारियों को आइगाट कर्मयोगी पोर्टल पर उपलब्ध छह एआई कोर्स में से किसी भी तीन को पूरा करना होगा। कोर्स पूरा करने वाले कर्मचारियों को ‘एआई दक्ष’ का प्रमाण-पत्र और खिताब दिया जाएगा। यदि कोई अधिकारी आइगाट मार्केटप्लेस से संबंधित कोर्स पूरा करता है, तो उसे ‘कर्मयोगी उत्कृष्ट’ बैच में भी शामिल किया जाएगा।

प्रशिक्षण की समयसीमा

महानिदेशक स्कूल शिक्षा मोनिका रानी के निर्देशानुसार, साधना सप्ताह के दौरान कर्मचारियों को कम से कम चार घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा करना अनिवार्य है। यह कदम विभाग की डिजिटल और एआई आधारित कार्य संस्कृति को मजबूती देने के उद्देश्य से उठाया गया है।

फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए विशेष कोर्स

साधना सप्ताह में फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए भी विशेष कोर्स शामिल किए गए हैं। इनमें संचार कौशल, सेवा भाव और राजधर्म जैसे विषय शामिल हैं, ताकि कर्मचारियों में पेशेवर दक्षता और संवेदनशीलता बढ़ सके।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र में एक बड़ी पहल करते हुए छात्रों के लिए छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का पोर्टल पुनः खोलने का निर्णय लिया है। यह कदम उन छात्रों के लिए विशेष रूप से राहत देने वाला है, जो किसी तकनीकी या अन्य कारणों से पिछली बार इस योजना का लाभ नहीं उठा पाए थे।

कौन-कौन होंगे लाभार्थी

समाज कल्याण विभाग के अनुसार, इस बार पोर्टल खुलने पर सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और ट्रांसजेंडर समुदाय के योग्य छात्र-छात्राओं को भी छात्रवृत्ति का लाभ मिलेगा। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी पात्र छात्र को केवल तकनीकी कारणों से वंचित न रहना पड़े।

बीते वर्ष इस योजना के तहत कुल 62 लाख छात्रों को लाभ पहुंचाया गया था। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में 53,041 छात्रों को कुल 81.12 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति प्रदान की गई थी। इसमें अनुसूचित जाति के 25,395 छात्रों को 30.65 करोड़ रुपये और सामान्य वर्ग के 27,646 छात्रों को 50.47 करोड़ रुपये की सहायता दी गई।

सरकार की मंशा और सामाजिक महत्व

दरअसल, सरकार की कोशिश है कि हर जरूरतमंद छात्र तक शिक्षा का लाभ पहुंचे और कोई भी छात्र आर्थिक कठिनाई या तकनीकी कारण से अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़े। योगी सरकार की यह पहल न केवल शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे हजारों छात्रों को अपनी शिक्षा जारी रखने का अवसर मिलेगा और उनका भविष्य मजबूत होगा।

आपको बता दें की छात्रों के लिए यह योजना न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर भी देती है। प्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा को सबके लिए सुलभ बनाने और समाज में समानता बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

राजयोग लेकर पैदा होते हैं इन 4 राशियों के लोग, धन और सफलता के लिए भाग्यशाली

राशिफल। कुछ लोग जन्म से ही विशेष भाग्य और सफलता के लिए तैयार होते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, राजयोग जन्मजात राशि और ग्रहों की स्थिति से बनता है। ऐसे लोग जीवन में मान-सम्मान, संपन्नता और सफलता प्राप्त करने के लिए विशेष रूप से भाग्यशाली माने जाते हैं। आइए जानते हैं, वे चार राशियाँ कौन सी हैं और उनकी विशेषताएँ क्या हैं।

1. सिंह राशि

सिंह राशि के लोग जन्म से ही नेतृत्व और आकर्षण की विशेषता रखते हैं। इन्हें नेतृत्व की कला, साहस और आत्मविश्वास का गुण प्राप्त होता है। राजयोग होने के कारण ये लोग उच्च पदों पर पहुंचते हैं और समाज में सम्मान पाते हैं। सिंह राशि वाले अपनी मेहनत और निर्णय क्षमता से आसानी से सफलता हासिल कर लेते हैं।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातक रहस्य और गहराई से भरे होते हैं। इनकी सोच स्पष्ट और रणनीतिक होती है, जिससे वे कठिन परिस्थितियों में भी सफल होते हैं। राजयोग इनके जीवन में अप्रत्याशित अवसर और लाभ लाता है। वृश्चिक राशि वाले अपने आत्मविश्वास और धैर्य के बल पर धन और प्रतिष्ठा दोनों हासिल करते हैं।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के लोग संवेदनशील, दयालु और परिवार-प्रधान होते हैं। उनके पास दूसरों को समझने और सही निर्णय लेने की क्षमता जन्मजात होती है। राजयोग के कारण ये लोग अपने करियर और व्यवसाय में तेजी से प्रगति करते हैं। कर्क राशि वाले जीवन में संतुलन बनाए रखते हुए सफलता और समृद्धि प्राप्त करते हैं।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातक स्थिरता, धैर्य और मेहनत के प्रतीक होते हैं। उनकी जिद और लगन उन्हें आर्थिक और सामाजिक सफलता दिलाती है। राजयोग के प्रभाव से वृषभ राशि वाले धन-संपत्ति और सुरक्षा में विशेष रूप से भाग्यशाली माने जाते हैं।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान, यूपी में बच्चों को फ्री में मिलेंगी कई सुविधाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की घोषणा की है। नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए वह शनिवार को वाराणसी से ‘स्कूल चलो अभियान’ की शुरुआत करेंगे। इस अभियान का उद्देश्य प्रदेश के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना और सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है।

निशुल्क सुविधाएं और जागरूकता कार्यक्रम

अभियान के दौरान बच्चों का नामांकन कराने के साथ ही उन्हें निशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, स्कूल यूनिफार्म और बैग भी प्रदान किए जाएंगे। स्कूलों में रैलियां, सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनप्रतिनिधियों के संबोधन के माध्यम से बच्चों और अभिभावकों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाएगी।

बच्चों का शिक्षा से वंचित न रहना

बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। इसके लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे घर-घर जाकर अभिभावकों से संपर्क करें और बच्चों का नामांकन सुनिश्चित करें।

अभियान की समयसीमा

आपको बता दें की स्कूल चलो अभियान का पहला चरण 15 अप्रैल तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण 1 जुलाई से 15 जुलाई तक आयोजित होगा। इस पहल से न केवल बच्चों का नामांकन बढ़ेगा, बल्कि प्रदेश में शिक्षा के स्तर में भी सुधार आएगा।

सीएम योगी की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से सभी बच्चों को समान अवसर मिलेंगे और उन्हें एक मजबूत शैक्षिक आधार प्राप्त होगा। यह अभियान प्रदेश में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने और बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ी भूमिका निभाएगा।

भारत की नई पहचान: डिफेंस एक्सपोर्ट में देश ने मारी छलांग

नई दिल्ली। भारत अब सिर्फ दुनिया के सबसे बड़े हथियार आयातकों में से एक नहीं रहा। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक देश ने डिफेंस सेक्टर में ग्लोबल इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में अपनी पहचान बना ली है। आज दुनिया के आधे देशों की सेनाओं में ‘मेड इन इंडिया’ हथियार इस्तेमाल हो रहे हैं।

निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा निर्यात पिछले वर्ष की तुलना में 63 प्रतिशत बढ़कर 38,000 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया। पिछले साल 24,000 करोड़ रुपये के निर्यात के मुकाबले यह 14,802 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी है। यह उन्नति भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं पर विश्व का बढ़ता भरोसा दिखाती है।

इतिहास पर नजर डालें तो:

2014: 1,000 करोड़ रुपये

2021-22: 13,000 करोड़ रुपये

2022-23: 16,000 करोड़ रुपये

2023-24: 21,000 करोड़ रुपये

2024-25: 24,000 करोड़ रुपये

2025-26: 38,000 करोड़ रुपये

अमेरिका और इजरायल भी अब भारत पर निर्भर

अमेरिका को भारत से गोली, एयरो कंपोनेंट्स, हेलीकॉप्टर के ढांचे और बुलेटप्रूफ जैकेट्स निर्यात किए जा रहे हैं। वहीं, मिसाइलों के दिशा-निर्धारण उपकरण भी भारत से ही आते हैं। इजरायल के लिए हर्मेज 900 ड्रोन, एंटी-ड्रोन तकनीक और रॉकेट इंजन भारत से ही उपलब्ध कराए जाते हैं।

ब्रह्मोस, आकाश और अस्त्र: भारत के सितारे

इंडोनेशिया और फिलीपींस ने ब्रह्मोस मिसाइल खरीदी, जबकि वियतनाम, UAE, सऊदी अरब, ब्राजील और अर्जेंटीना भी इसके लिए रुचि दिखा चुके हैं। आर्मेनिया को भारत ने पिनाका रॉकेट निर्यात किया। स्वदेशी एयर-टू-एयर 'अस्त्र' और एंटी-टैंक 'नाग' मिसाइलों के लिए अफ्रीकी और दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ बातचीत जारी है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, एडवांस सैलरी और सस्ते लोन

रायपुर: सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मंत्रालयिक कर्मचारियों के लिए नई योजना शुरू की है, जिसमें उन्हें अग्रिम वेतन और कम ब्याज दर पर लंबी अवधि का ऋण लेने की सुविधा मिलेगी। यह कदम कर्मचारियों की आर्थिक मदद और वित्तीय सुविधा को ध्यान में रखकर लिया गया है।

इस योजना का लाभ कर्मचारी रिफाइन एप के माध्यम से उठा सकते हैं। एप और कार्मिक संपदा विभाग की एकीकृत व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद होगी। वहीं, सरकारी अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में इस योजना में होम लोन और शिक्षा ऋण जैसी सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी। इससे कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा और सुविधा दोनों मिलेगी। 

बिना ब्याज अग्रिम वेतन

अब कर्मचारी महीने के दौरान अर्जित वेतन का एक हिस्सा बिना ब्याज के तुरंत ले सकते हैं। इससे अचानक आने वाले खर्चों को आसानी से पूरा किया जा सकेगा और बाहरी कर्ज लेने की जरूरत कम होगी।

कम ब्याज दर पर लोन

कर्मचारी अपने वेतन के आधार पर पांच साल तक के लिए कम ब्याज दर वाला लोन भी ले सकेंगे। इससे लंबी अवधि के वित्तीय खर्चों जैसे घर या बड़े निवेश की योजना आसान हो जाएगी। छत्तीसगढ़ सरकार की यह योजना कर्मचारियों के लिए सुलभ और सहायक कदम है। अब वे अपनी आकस्मिक जरूरतें और लंबी अवधि के खर्च आसानी से पूरा कर पाएंगे, जिससे उनकी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम: NCERT को मिला डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा

नई दिल्ली: शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी का दर्जा प्रदान किया है। यह निर्णय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सिफारिश और यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत लिया गया है।

क्या है डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने का मतलब है कि एनसीईआरटी अब स्वायत्त विश्वविद्यालय की तरह काम कर सकेगी। इसका फायदा यह होगा कि संस्था अपने पाठ्यक्रम, शोध और शैक्षणिक कार्यक्रमों को स्वतंत्र रूप से तैयार और लागू कर सकेगी।

छात्रों और शिक्षा क्षेत्र के लिए महत्व

आपको बता दें की डीम्ड यूनिवर्सिटी बनने के बाद एनसीईआरटी शिक्षक प्रशिक्षण, पाठ्यपुस्तक निर्माण और शैक्षिक अनुसंधान के क्षेत्र में नए और उन्नत कार्यक्रम चला सकेगी। इससे भारतीय शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

मंत्रालय ने क्या किया

शिक्षा मंत्रालय ने यूजीसी पोर्टल पर एनसीईआरटी के ऑनलाइन आवेदन को अपलोड किया है, जिससे इसे विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता देने की प्रक्रिया पूरी हो सके। यह कदम एनसीईआरटी को शिक्षा जगत में और अधिक स्वतंत्रता और प्रतिष्ठा देगा।

दरअसल, एनसीईआरटी को डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलना शिक्षा क्षेत्र में एक ऐतिहासिक और रणनीतिक कदम है। यह न केवल संस्था की प्रतिष्ठा बढ़ाएगा, बल्कि छात्रों, शिक्षकों और शोधकर्ताओं के लिए नई संभावनाओं के द्वार भी खोलेगा।

मंगल-शनि की युति से चमकेगी किस्मत! 5 राशियों के जीवन में आएगी खुशहाली

राशिफल। 15 अप्रैल से 19 अप्रैल तक मंगल और शनि की युति बन रही है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस दौरान मंगल और शनि लगभग एक ही अंश के करीब होंगे, जिसे काफी प्रभावशाली और कठोर माना जाता है। यह युति न केवल चुनौतियां ला सकती है, बल्कि कुछ राशियों के लिए खास अवसर और लाभ भी लेकर आएगी।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय साहस, आत्मविश्वास और सफलता लेकर आएगा। नौकरी, व्यवसाय और निवेश के मामले में अचानक लाभ मिलने की संभावना है। पुराने विवाद और परेशानियों का समाधान भी इस दौरान होगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह युति संपत्ति और मान-सम्मान की दृष्टि से शुभ है। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में फायदा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होने की संभावना है। परिवार और निजी जीवन में भी संतुलन बना रहेगा।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह युति धन और अवसर लेकर आएगी। लंबे समय से रुके काम या निवेश में लाभ मिलेगा। जोखिम लेने के लिए यह समय अनुकूल है, लेकिन निर्णय सोच-समझकर लें।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह युति शिक्षा, कौशल और नए अवसर का संकेत देती है। नौकरी या व्यवसाय में नए प्रोजेक्ट्स मिल सकते हैं। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी रखें, लेकिन मानसिक रूप से आप काफी सशक्त रहेंगे।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह युति स्थिरता और सुरक्षा का समय लेकर आएगी। आर्थिक मामलों में मजबूती आएगी और लंबी अवधि के निवेश लाभकारी साबित होंगे। परिवार में भी सहयोग और समझदारी बढ़ेगी।

यूपी में बिछ रही 240KM लंबी रेल लाइन, 4 जिलों को खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। खलीलाबाद-बहराइच नई रेल लाइन परियोजना अब जमीन पर तेजी से आकार ले रही है। केंद्र सरकार की यह महत्वाकांक्षी योजना 4,940 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही है और कुल 240 किलोमीटर लंबी है।

तीन चरणों में काम

परियोजना को तीन चरणों में विभाजित किया गया है:

पहला चरण: खलीलाबाद से बांसी तक (54 किमी) – निर्माण सबसे तेज़ गति से चल रहा है।

दूसरा चरण: बांसी से एकौना तक (119 किमी) – टेंडर प्रक्रिया पूरी, गिट्टी और बोल्डर इकट्ठा किए जा रहे हैं।

तीसरा चरण: एकौना से बहराइच तक (66 किमी) – अंतिम कार्य प्रारंभ।

निर्माण कार्य की स्थिति

खलीलाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग पर रेलवे ओवरब्रिज के लिए सर्विस लेन तैयार की जा रही है। मार्ग में आने वाले पेड़ों की कटाई, मिट्टी भराई और अन्य आधारभूत कार्य युद्ध स्तर पर चल रहे हैं। प्रशासनिक अड़चनें भी दूर कर दी गई हैं। बहराइच और सिद्धार्थनगर के अधिकांश हिस्सों में भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है, जबकि श्रावस्ती खंड के लिए अंतिम प्रस्ताव रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है।

लाभ आम जनता के लिए

नई रेल लाइन से मेहदावल, डुमरियागंज, उतरौला और भिनगा जैसे क्षेत्रों का सीधा जुड़ाव होगा। इसके साथ ही, श्रावस्ती के बौद्ध तीर्थस्थल और देवीपाटन मंदिर को भी रेल सेवा से जोड़कर पर्यटन और रोजगार के नए द्वार खोले जाएंगे।

चार जिले होंगे कनेक्टेड

इस परियोजना से सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती रेल नेटवर्क से जुड़ जाएंगे। इससे पूर्वांचल के लोगों के लिए यात्रा आसान और तेज़ होगी। रेल मंत्रालय की योजना है कि यह परियोजना 2026 के अंत तक पूरी तरह पूरा हो जाए, जिससे जनपदवासियों को इसका लाभ मिल सके।

बिहार की महिलाओं को खुशखबरी! CM नीतीश ने दिया बड़ा तोहफा

पटना। बिहार में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल से चल रही मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त के भुगतान की तैयारी शुरू हो गई है। योजना के तहत चयनित जीविका दीदियों के खाते में अप्रैल के अंतिम पखवारे तक 20-20 हजार रुपये पहुंचाने की संभावना है।

योजना की प्रक्रिया

बता दें की मोबाइल ऐप पर चयन की प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है। इस बार उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जा रही है जिन्होंने पहले ही रोजगार शुरू किया है। लगभग 19 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है, जिनमें से दो लाख महिलाएं दूसरी किस्त के लिए पूरी तरह पात्र पाई गई हैं। योजना के तहत, ये दीदियां 20 हजार रुपये मिलने के बाद, अपनी तरफ से 5 हजार रुपये निवेश कर रोजगार शुरू करेंगी।

पहली किस्त का आंकड़ा

योजना की पहली किस्त में लगभग 1.81 करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे जा चुके हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश लाभार्थियों को राशि मिल चुकी है। शहरी इलाकों में अभी 11 लाख महिलाओं के खातों में राशि पहुंचाने का काम जारी है।

किस्तों की रूपरेखा

सरकार ने योजना को पांच किस्तों में दो लाख रुपये देने का प्रावधान बनाया है:

पहली किस्त – 10,000 रुपये

दूसरी किस्त – 20,000 रुपये

तीसरी किस्त – 40,000 रुपये

चौथी किस्त – 80,000 रुपये

पांचवीं किस्त – 60,000 रुपये

हर किस्त में महिलाओं को अपनी तरफ से निर्धारित राशि निवेश करनी होगी। साथ ही, प्रत्येक चरण में सत्यापन कर लाभार्थी की पात्रता सुनिश्चित की जाएगी।