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बिहार में बदलेगा मौसम: 24 जिलों में आंधी-पानी के आसार

पटना। बिहार में मौसम एक बार फिर अपना रंग बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से राज्य में कभी तेज गर्मी तो कभी अचानक बारिश और हवा का दौर देखने को मिल रहा है। अब मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि आने वाले समय में कई इलाकों में बारिश के साथ तेज आंधी और बिजली गिरने जैसी स्थिति बन सकती है।

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में बादल सक्रिय रहेंगे और कुछ जगहों पर तेज बारिश होने की संभावना है। इसको देखते हुए कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तर बिहार के कई इलाकों में बढ़ेगी परेशानी

उत्तर बिहार के कई जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, वैशाली, समस्तीपुर, चंपारण क्षेत्र समेत कई जगहों पर तेज हवा के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में अचानक मौसम खराब होने और बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है।

सीमांचल में भी मौसम को लेकर सतर्कता

सीमांचल और कोसी क्षेत्र के जिलों में भी मौसम विभाग ने सावधानी बरतने को कहा है। अररिया, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, सुपौल और आसपास के क्षेत्रों में बादलों के साथ बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। बारिश के दौरान तेज हवा चलने से आम लोगों के साथ-साथ किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

दक्षिण बिहार में भी असर की संभावना

पटना, गया, नालंदा, नवादा, जहानाबाद, औरंगाबाद समेत दक्षिण बिहार के कई इलाकों में मौसम बदलने के संकेत हैं। यहां बारिश के साथ हवा की गति बढ़ सकती है।

बिजली गिरने से बचाव जरूरी

बारिश के मौसम में वज्रपात सबसे बड़ी चिंता रहती है। मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में जानें से बचें। किसानों को भी सलाह दी गई है कि मौसम खराब होने पर खेतों में काम करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! जमीन ट्रांसफर के नियम बदले, नई व्यवस्था लागू

पटना। बिहार सरकार ने जमीन प्रबंधन और सरकारी योजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए एक अहम कदम उठाया है। अब सरकारी विभागों को जरूरत के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया पहले के मुकाबले आसान हो जाएगी। सरकार ने जमीन हस्तांतरण से जुड़े अधिकारों में बदलाव करते हुए अधिकारियों को ज्यादा जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।

इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य विकास योजनाओं में होने वाली देरी को कम करना और जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद छोटे प्रोजेक्ट्स के लिए मंजूरी लेने में लगने वाला समय कम हो सकता है।

अब डीएम कर सकेंगे ज्यादा जमीन का फैसला

पहले सरकारी जमीन ट्रांसफर करने के लिए जिलाधिकारी के अधिकार सीमित थे। छोटी मात्रा में जमीन के लिए ही जिला स्तर पर निर्णय लिया जा सकता था, जबकि ज्यादा जमीन के मामलों में उच्च अधिकारियों की मंजूरी जरूरी होती थी। नई व्यवस्था में जिलाधिकारियों को पहले से अधिक अधिकार दिए गए हैं। अब वे 10 एकड़ तक की सरकारी जमीन को किसी सरकारी विभाग के उपयोग के लिए ट्रांसफर करने की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।

बड़े प्रोजेक्ट के लिए अलग नियम

अगर किसी सरकारी योजना या परियोजना के लिए जमीन की जरूरत 10 एकड़ से अधिक है तो ऐसे मामलों में कमिश्नर स्तर पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, बहुत बड़े प्रोजेक्ट जिनमें 20 एकड़ से ज्यादा जमीन की आवश्यकता होगी, उनके लिए सरकार की उच्च स्तरीय मंजूरी जरूरी होगी।

विकास कार्यों में आएगी तेजी

सरकार के इस फैसले का सीधा असर विकास योजनाओं पर पड़ सकता है। जमीन मिलने में देरी के कारण कई बार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी परियोजनाएं प्रभावित होती हैं। नई व्यवस्था से जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे योजनाओं को समय पर पूरा करने में मदद मिलेगी।

डिजिटल रिकॉर्ड को लेकर भी सख्ती

जमीन से जुड़े रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार ने डिजिटल दस्तावेजों को प्राथमिकता दी है। अब जमीन से संबंधित कामों में डिजिटल रूप से प्रमाणित रिकॉर्ड को ही मान्यता देने की व्यवस्था की जा रही है। इससे गलत दस्तावेजों, रिकॉर्ड में गड़बड़ी और जमीन विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

8वें वेतन आयोग में बड़ा बदलाव! 5400 ग्रेड-पे वालों की नई सैलरी कितनी होगी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चाएं चल रही हैं। खासतौर पर 5400 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों की नई सैलरी को लेकर काफी उत्सुकता है। हालांकि अभी तक वेतन आयोग ने अंतिम फिटमेंट फैक्टर तय नहीं किया है, लेकिन संभावित आंकड़ों के आधार पर कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद वेतन संरचना में बदलाव होगा और बेसिक पे के साथ-साथ भत्तों में भी संशोधन किया जा सकता है।

फिटमेंट फैक्टर से कितना बढ़ सकता है वेतन?

कर्मचारी संगठनों की ओर से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग की जा रही है। संभावित गणना के अनुसार अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर वेतन इस तरह बदल सकता है:

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 होता है:

Pay Level-9 की बेसिक सैलरी करीब ₹1,21,000 तक पहुंच सकती है

Pay Level-10 की बेसिक सैलरी करीब ₹1,27,000 तक हो सकती है

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 होता है:

Pay Level-9 की बेसिक करीब ₹1,36,000

Pay Level-10 की बेसिक करीब ₹1,44,000 तक जा सकती है

अगर फिटमेंट फैक्टर 3.00 होता है:

Pay Level-9 की बेसिक करीब ₹1,59,000

Pay Level-10 की बेसिक करीब ₹1,68,000 तक पहुंच सकती है

हालांकि ये आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं, अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही तय होगा।

ग्रॉस सैलरी कैसे होगी तय?

कर्मचारियों की कुल सैलरी केवल बेसिक पे से तय नहीं होगी। इसमें कई भत्ते भी शामिल होंगे। नई सैलरी में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल होंगी, संशोधित बेसिक पे, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस, अन्य सरकारी भत्ते, HRA शहर की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग हो सकता है। बड़े शहरों में यह ज्यादा और छोटे शहरों में कम हो सकता है।

DA को लेकर क्या होगा बदलाव?

8वें वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ता (DA) को नई वेतन व्यवस्था में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद नई बेसिक सैलरी के आधार पर DA की गणना दोबारा शुरू होने की संभावना है।

कब से लागू हो सकता है 8वां वेतन आयोग?

संभावना है कि 8वें वेतन आयोग का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माना जा सकता है। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए समय दिया गया है। अगर लागू होने में देरी होती है तो कर्मचारियों को पिछले समय का एरियर मिलने की संभावना रहेगी।

बिहार में किसानों की बल्ले-बल्ले, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के लाखों किसानों के बैंक खातों में किस्त की राशि भेज दी गई है। सरकार की ओर से डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए किसानों के खाते में पैसा पहुंचाया गया है, जिससे खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक मदद मिली है।

73 लाख किसानों को मिला लाभ

पीएम किसान योजना के तहत बिहार के करीब 73 लाख किसानों के खातों में राशि ट्रांसफर की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के किसानों के लिए कुल 1,463 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक अकाउंट में भेजा गया है, जिससे बिचौलियों की भूमिका खत्म हो जाती है और किसानों को सीधा लाभ मिलता है।

किसानों के खाते में आए 2 हजार रुपये

इस योजना के नियमों के अनुसार पात्र किसानों को हर किस्त में 2,000 रुपये दिए जाते हैं। केंद्र सरकार की पीएम किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को साल में तीन बार आर्थिक सहायता दी जाती है। बिहार के किसानों के खाते में पहुंची यह राशि योजना की 23वीं किस्त के रूप में बताई जा रही है। पैसा आने के बाद कई किसानों ने खाद, बीज और खेती से जुड़े अन्य खर्चों की तैयारी शुरू कर दी है।

खेती के समय मिली आर्थिक मदद

किसानों के लिए यह राशि ऐसे समय आई है जब खेती से जुड़े खर्च बढ़ जाते हैं। बीज, खाद, सिंचाई और कृषि उपकरणों पर होने वाले खर्च में यह सहायता किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। छोटे और सीमांत किसानों को इस योजना से खास तौर पर मदद मिलती है, क्योंकि उन्हें खेती के लिए शुरुआती पूंजी जुटाने में परेशानी होती है।

34 हजार किसानों को नहीं मिली किस्त

जहां अधिकांश किसानों के खाते में राशि पहुंची है, वहीं कुछ किसानों को इस बार लाभ नहीं मिल सका है। जानकारी के अनुसार पिछली किस्त की तुलना में करीब 34 हजार किसान इस बार भुगतान से बाहर रह गए हैं। इसके पीछे मुख्य कारण भू-सत्यापन और ई-केवाईसी जैसी जरूरी प्रक्रियाओं का पूरा नहीं होना बताया जा रहा है। जिन किसानों के दस्तावेज या सत्यापन में कमी रह गई है, उन्हें जल्द सुधार कराने की सलाह दी गई है।

यूपी में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, आ रही बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए एक बड़ी खबर सामने आ रही है। प्रदेश में आंगनवाड़ी वर्कर और हेल्पर के खाली पदों को भरने की तैयारी शुरू हो गई है। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत राज्यभर में हजारों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।

इस भर्ती के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों को मजबूत किया जाएगा और लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि इस भर्ती में 12वीं पास महिला उम्मीदवारों को आवेदन करने का अवसर मिल सकता है।

कुल 28,608 पदों पर होगी भर्ती

प्रस्तावित भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश में कुल 28,608 पदों को भरे जाने की तैयारी है। इसमें आंगनवाड़ी वर्कर के लिए 7,068 पद और आंगनवाड़ी हेल्पर के लिए 21,540 पद शामिल हैं। भर्ती पूरी होने के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में नियुक्तियां की जाएंगी।

12वीं पास महिलाओं को मौका

इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि इसमें न्यूनतम योग्यता 12वीं पास रखी जा सकती है। आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट पास होना जरूरी होगा। इसके अलावा उम्मीदवार का संबंधित गांव, वार्ड या क्षेत्र का स्थानीय निवासी होना भी आवश्यक हो सकता है।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

जानकारी के अनुसार आंगनवाड़ी भर्ती में चयन लिखित परीक्षा के बजाय मेरिट के आधार पर किया जा सकता है। उम्मीदवारों का चयन उनके शैक्षणिक अंकों और निर्धारित नियमों के अनुसार तैयार की गई मेरिट लिस्ट के आधार पर होने की संभावना है। हालांकि अंतिम चयन प्रक्रिया आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

आयु सीमा क्या हो सकती है?

संभावित नियमों के अनुसार उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष हो सकती है। आयु की गणना हाईस्कूल प्रमाण पत्र में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग की महिलाओं को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलने की संभावना है।

नोटिफिकेशन का इंतजार

फिलहाल 28,608 पदों की भर्ती को लेकर आधिकारिक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। आवेदन की तारीख, जिलेवार पदों की संख्या और अन्य नियमों की जानकारी नोटिफिकेशन जारी होने के बाद सामने आएगी। महिला उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे यूपी महिला एवं बाल विकास विभाग की आधिकारिक जानकारी पर नजर बनाए रखें ताकि भर्ती से जुड़ा कोई अपडेट न छूटे।

सूर्य का तेज बढ़ते ही पलटेगी किस्मत! 4 राशियों के घर आएगी खुशहाली और सफलता

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। जब किसी ग्रह की स्थिति मजबूत होती है तो उसका शुभ असर कई जातकों के जीवन में देखने को मिल सकता है। आने वाले समय में सूर्य देव का प्रभाव बढ़ने से कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव के संकेत बन रहे हैं

सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व क्षमता और सफलता का कारक ग्रह माना जाता है। सूर्य की मजबूत स्थिति से व्यक्ति के कामों में गति आती है और करियर व आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। इस समय 4 राशियों के लिए सूर्य का प्रभाव विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ समाज में सम्मान भी बढ़ सकता है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि सूर्य की अपनी राशि मानी जाती है, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना रहती है। करियर में तरक्की, नई जिम्मेदारियां और सफलता के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

3. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। शिक्षा, नौकरी और नए कार्यों में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं और भविष्य की योजनाओं में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ सकती है और रुके हुए कार्यों में तेजी आ सकती है। धन से जुड़े मामलों में सुधार और परिवार में सुख-शांति के योग बन सकते हैं।

यूपी सरकार का फैसला, जमीन मालिकों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े कामों को आसान बनाने के लिए योगी सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। सरकार का उद्देश्य है कि जमीन मालिकों को पंजीकरण, स्वामित्व सत्यापन और नामांतरण जैसी प्रक्रियाओं में कम परेशानी हो और पूरी व्यवस्था डिजिटल व पारदर्शी बने।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्रशासनिक व्यवस्था को तकनीक से जोड़ने पर लगातार जोर दे रही है। इसी दिशा में स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग ने संपत्ति प्रबंधन में सुधार को लेकर एक नया खाका तैयार किया है

संपत्ति की पहचान होगी आसान

सरकार प्रदेश की ग्रामीण और शहरी सभी संपत्तियों को एक खास पहचान देने की योजना बना रही है। इसके तहत हर संपत्ति के लिए यूनिक प्रॉपर्टी आईडी विकसित की जाएगी। यह आईडी जीआईएस मैपिंग और सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी होगी। इससे जमीन या मकान से जुड़ी जानकारी जैसे मालिकाना हक, रिकॉर्ड और अन्य विवरण ऑनलाइन उपलब्ध हो सकेंगे। इससे फर्जी दस्तावेजों और गलत स्वामित्व के मामलों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

रजिस्ट्री के बाद अपने आप नामांतरण

जमीन मालिकों के लिए सबसे बड़ी राहत नामांतरण प्रक्रिया को लेकर हो सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार, संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी होने के बाद नामांतरण की प्रक्रिया स्वतः शुरू हो जाएगी। अभी लोगों को नामांतरण के लिए अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन नई व्यवस्था लागू होने के बाद समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक

सरकार संपत्ति खरीद-बिक्री में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए पंजीकरण व्यवस्था में सुधार करने जा रही है। प्रस्तावित बदलावों के तहत संपत्ति के स्वामित्व और अधिकारों की पहले जांच की व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इससे विवादित जमीनों की बिक्री और गलत दस्तावेजों के इस्तेमाल पर लगाम लग सकेगी।

हर जमीन को मिलेगा ‘भू-आधार’

भूमि रिकॉर्ड को आधुनिक बनाने के लिए हर भूमि पार्सल को यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) यानी ‘भू-आधार’ देने की योजना है। इस डिजिटल पहचान से जमीन के रिकॉर्ड ज्यादा सटीक होंगे और भूमि संबंधी जानकारी को आसानी से ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा।

बिजली-पानी और टैक्स रिकॉर्ड होंगे लिंक

नई व्यवस्था में संपत्ति कर, बिजली, पानी और सीवर जैसे विभागों के रिकॉर्ड को एक प्लेटफॉर्म से जोड़ने की तैयारी है। इससे अलग-अलग विभागों के बीच जानकारी का आदान-प्रदान आसान होगा और सरकारी सेवाएं बेहतर तरीके से उपलब्ध हो सकेंगी।

आम लोगों को क्या फायदा होगा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन मालिकों को कई फायदे मिल सकते हैं:

संपत्ति की जानकारी ऑनलाइन आसानी से मिलेगी

नामांतरण प्रक्रिया तेज होगी

फर्जी रजिस्ट्री और विवादों में कमी आएगी

सरकारी रिकॉर्ड ज्यादा सटीक होंगे

लोगों को विभागों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे

बुध-गुरु-शुक्र की युति, 4 राशियों पर बरसेगा धन और सौभाग्य

राशिफल। 22 जून 2026 को ग्रहों की स्थिति के अनुसार कर्क राशि में बुध, गुरु और शुक्र की युति से एक शक्तिशाली त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसमें बुद्धि (बुध), ज्ञान (गुरु) और समृद्धि (शुक्र) तीनों ग्रहों का प्रभाव एक साथ आता है। यह संयोग कई राशियों के जीवन में धन, करियर और सौभाग्य में वृद्धि का संकेत दे रहा है।

त्रिग्रही योग का महत्व

ज्योतिष के अनुसार जब दो या दो से अधिक शुभ ग्रह एक ही राशि में स्थित होते हैं, तो उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। इस बार कर्क राशि में बुध, गुरु और शुक्र की युति बनने से यह योग विशेष रूप से भावनात्मक स्थिरता, आर्थिक मजबूती और करियर में उन्नति देने वाला माना जा रहा है।

इन 4 राशियों को मिलेगा सबसे ज्यादा लाभ

1. कर्क राशि

इस योग का सीधा प्रभाव कर्क राशि के जातकों पर पड़ेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यापार में नई संभावनाएं बनेंगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

2. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय करियर ग्रोथ और आर्थिक लाभ का संकेत दे रहा है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

3. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह योग सौभाग्य और सफलता लेकर आ सकता है। पढ़ाई, नौकरी और रचनात्मक कार्यों में बड़ी सफलता मिल सकती है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और मानसिक शांति मिलेगी।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह त्रिग्रही योग आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। व्यवसाय में विस्तार के योग बन रहे हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, प्याज किसानों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। प्याज उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम और राहत भरा फैसला लिया है। सरकार ने बफर स्टॉक योजना के तहत प्याज की खरीद कीमत में बढ़ोतरी करते हुए किसानों को बड़ा आर्थिक सहारा देने की घोषणा की है। इस फैसले से देशभर के लाखों किसानों की आय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

प्याज की नई खरीद कीमत तय

केंद्र सरकार ने बफर स्टॉक योजना के तहत प्याज की खरीद कीमत को बढ़ाकर अब 1,730 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पहले यह दर 1,650 रुपये प्रति क्विंटल थी। यानी किसानों को अब प्रति क्विंटल 80 रुपये अधिक का लाभ मिलेगा। यह नई दर जून 2026 से लागू कर दी गई है।

किसानों को क्यों मिलेगा फायदा?

प्याज की खेती करने वाले किसानों को अक्सर बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ता है। कई बार बाजार में भाव इतने गिर जाते हैं कि किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में सरकार की यह योजना किसानों के लिए एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है। अब सरकार तय कीमत पर प्याज खरीदेगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का एक निश्चित और सुरक्षित मूल्य मिल सकेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को होगा।

क्या है बफर स्टॉक योजना?

बफर स्टॉक योजना एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें सरकार किसानों से कृषि उत्पाद खरीदकर उसका भंडारण करती है। जब बाजार में कीमतें बहुत ज्यादा बढ़ जाती हैं या कम हो जाती हैं, तब सरकार इस स्टॉक को बाजार में जारी करती है।

इसका मुख्य उद्देश्य है:

किसानों को उचित मूल्य दिलाना

उपभोक्ताओं को स्थिर कीमत पर खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना

बाजार में अस्थिरता को नियंत्रित करना

कीमतों में स्थिरता लाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि इस योजना से प्याज की कीमतों में अचानक होने वाले उतार-चढ़ाव पर रोक लगेगी। इससे जहां किसानों को नुकसान से बचाव मिलेगा, वहीं उपभोक्ताओं को भी स्थिर दरों पर प्याज उपलब्ध हो सकेगा।

बिहार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट! जानें पूरी खबर

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल एक बार फिर गर्म हो गया है। पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए पंचायती राज मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाओं को तेजी से पूरा किया जा रहा है ताकि चुनाव समयबद्ध तरीके से संपन्न हो सकें।

समय पर होंगे पंचायत चुनाव

पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने साफ किया है कि बिहार में पंचायत चुनाव अपने निर्धारित समय पर ही कराए जाएंगे। मौजूदा मुखिया और सरपंच जैसे जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक है, और उससे पहले ही नए चुनाव कराना अनिवार्य होगा। इस बयान के बाद उन सभी अटकलों पर विराम लग गया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि चुनाव टाले जा सकते हैं।

आरक्षण रोस्टर पर चल रहा काम

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से पंचायत चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर तैयार करने की प्रक्रिया तेजी से जारी है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार कई पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान है कि 4,000 से अधिक पंचायतों में आरक्षण का पुनर्गठन किया जाएगा, जिससे चुनावी समीकरण पूरी तरह बदल सकते हैं।

अगस्त-सितंबर में आ सकता है नोटिफिकेशन

सूत्रों के मुताबिक, राज्य निर्वाचन आयोग अगस्त के अंतिम सप्ताह या सितंबर के पहले पखवाड़े तक पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी कर सकता है। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी और गांव-गांव में राजनीतिक गतिविधियां और तेज हो जाएंगी।

आरक्षण बदलाव से बदलेगा राजनीतिक समीकरण

नए आरक्षण रोस्टर और सीटों के रोटेशन नियमों ने मौजूदा जनप्रतिनिधियों और दावेदारों की चिंता बढ़ा दी है। कई सामान्य सीटों के महिला, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के लिए आरक्षित होने की संभावना है। इससे कई पुराने दिग्गज नेताओं की सीटें बदल सकती हैं।

8वें वेतन आयोग से बड़ी उम्मीदें: कर्मचारियों को मिलेगा 5 प्रमोशन का फायदा?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटा है और इस दौरान देशभर के कर्मचारी संगठनों से लगातार बैठकें की जा रही हैं। इन बैठकों में वेतन, भत्तों के साथ-साथ करियर प्रगति यानी प्रमोशन सिस्टम में बदलाव की मांग भी प्रमुखता से उठ रही है।

क्या है 5 प्रमोशन की मांग?

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने 8वें वेतन आयोग के सामने एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा है। इसके अनुसार, किसी भी कर्मचारी को 30 साल की सेवा अवधि में कम से कम 5 फाइनेंशियल अपग्रेडेशन या प्रमोशन मिलना चाहिए। इस प्रस्ताव का उद्देश्य ग्रुप B और ग्रुप C कर्मचारियों की उन समस्याओं को दूर करना है, जहां पदोन्नति के सीमित अवसर होने के कारण वे लंबे समय तक एक ही पद पर बने रहते हैं।

6 साल में प्रमोशन का सुझाव

प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि कर्मचारियों को नियुक्ति के बाद हर 6 साल में एक निश्चित करियर अपग्रेडेशन मिलना चाहिए। यह व्यवस्था लागू होने पर कर्मचारी अपने पूरे करियर में धीरे-धीरे ऊपर बढ़ते रहेंगे।

क्यों उठ रही है यह मांग?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा सिस्टम में ऊंचे पदों पर वैकेंसी कम होने के कारण प्रमोशन के मौके सीमित हो जाते हैं। ऐसे में कई कर्मचारी पूरी सेवा के दौरान 2 या 3 प्रमोशन भी नहीं पा पाते। इसके चलते वे लंबे समय तक एक ही वेतन स्तर पर बने रहते हैं, जिससे उनका मनोबल प्रभावित होता है। इसी वजह से टाइम-स्केल प्रमोशन सिस्टम लागू करने की मांग की जा रही है।

MACP सिस्टम पर भी चर्चा

वर्तमान में कई कर्मचारियों को मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) स्कीम के तहत सीमित वित्तीय लाभ मिलता है। हालांकि कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यह प्रणाली पर्याप्त नहीं है और इससे वास्तविक प्रमोशन जैसा लाभ नहीं मिल पाता। इसलिए मांग की जा रही है कि MACP की जगह एक बेहतर और पारदर्शी करियर प्रोग्रेशन मॉडल लागू किया जाए।

कब आएंगी वेतन आयोग की सिफारिशें?

8वें वेतन आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को लगभग 18 महीने के भीतर सौंपनी है। अनुमान है कि जून 2027 तक आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को दे सकता है। यह आयोग 3 नवंबर 2025 को गठित किया गया था और इसकी आधिकारिक प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

बिहार में चार क्षेत्रों में बांटी गई जमीन, रैयतों के लिए बड़ी खबर

पटना। बिहार सरकार ने जमीन की खरीद-बिक्री और निबंधन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य में भूमि का स्पष्ट और समान वर्गीकरण किया जाएगा, जिससे सर्किल रेट तय करने की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित और वास्तविक परिस्थितियों पर आधारित हो सके।

सरकार ने सभी जिलों में भूमि वर्गीकरण पंजी तैयार करने का निर्णय लिया है। इसके लिए अंचल स्तर पर सर्वे कराया जाएगा, जिसमें जमीन की वास्तविक श्रेणी का निर्धारण किया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी जिला पदाधिकारियों और अंचल अधिकारियों को सौंपी गई है।

पूरे बिहार में जमीन चार क्षेत्रों में बांटी गई

नए नियमों के तहत राज्य की सभी जमीनों को चार प्रमुख क्षेत्रों में विभाजित किया गया है: शहरी क्षेत्र, ग्रामीण क्षेत्र, मेट्रोपोलिटन क्षेत्र, पेरिफेरल (शहर से सटे) क्षेत्र। इन क्षेत्रों के आधार पर ही आगे जमीन की श्रेणियां और सर्किल रेट तय किए जाएंगे।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में अलग-अलग श्रेणियां तय

सरकार ने जमीन की प्रकृति को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में 7 श्रेणियां तय: ग्रामीण इलाकों में जमीन को सात श्रेणियों में बांटा गया है, जिसमें शामिल हैं: व्यावसायिक भूमि, औद्योगिक भूमि, आवासीय भूमि, मुख्य सड़क या हाईवे के किनारे की भूमि, सिंचित भूमि, असिंचित भूमि, बलुआही, पथरीली, दियारा एवं चंवर भूमि। 

शहरी क्षेत्रों में 6 श्रेणियां तय: शहरी और पटना मेट्रोपोलिटन क्षेत्र में जमीन को छह श्रेणियों में बांटा गया है: प्रधान सड़क व्यावसायिक/आवासीय भूमि, मुख्य सड़क व्यावसायिक/आवासीय भूमि, औद्योगिक भूमि, शाखा सड़क व्यावसायिक/आवासीय भूमि, अन्य सड़क या गली की आवासीय भूमि, कृषि एवं गैर-आवासीय भूमि।

पेरिफेरल क्षेत्रों में अलग सर्किल रेट व्यवस्था

शहर से सटे पेरिफेरल क्षेत्रों की जमीन का वर्गीकरण ग्रामीण क्षेत्रों की तरह ही सात श्रेणियों में किया जाएगा, लेकिन यहां सर्किल रेट अलग होगा। इन क्षेत्रों की जमीन की कीमत गांवों से अधिक और शहरों से कम तय की जाएगी। इसका निर्धारण जिला मूल्यांकन समिति द्वारा किया जाएगा, ताकि बाजार के अनुसार संतुलित दर तय हो सके।

पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन के मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी और रजिस्ट्री प्रक्रिया अधिक सरल होगी। इससे जमीन विवादों में भी कमी आने की उम्मीद है। इसके अलावा विभागीय योजना के अनुसार अगला व्यापक सर्वे वर्ष 2029 में किया जाएगा, जिससे भूमि रिकॉर्ड को समय-समय पर अपडेट रखा जा सके।

रैयतों के लिए क्या होगा फायदा?

इस नई व्यवस्था से रैयतों को जमीन की सही कीमत और स्पष्ट वर्गीकरण की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत मूल्यांकन की संभावना कम होगी। यह कदम बिहार की भूमि व्यवस्था को आधुनिक और अधिक व्यवस्थित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

चिया सीड्स मर्दों के लिए वरदान! जानें इसके 7 बड़े फायदे जो बढ़ाएं ताकत और स्टैमिना

हेल्थ डेस्क। आज के समय में फिटनेस और हेल्दी लाइफस्टाइल को लेकर लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में सुपरफूड्स का महत्व भी काफी बढ़ गया है। इन्हीं में से एक है चिया सीड्स, जिसे सेहत के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है। खासकर पुरुषों के लिए यह एक प्राकृतिक ऊर्जा और पोषण का अच्छा स्रोत माना जाता है।

चिया सीड्स में प्रोटीन, फाइबर, ओमेगा-3 फैटी एसिड, कैल्शियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं।

1. एनर्जी और स्टैमिना बढ़ाने में मददगार

चिया सीड्स शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने का काम करते हैं। इसमें मौजूद पोषक तत्व धीरे-धीरे ऊर्जा रिलीज करते हैं, जिससे थकान कम होती है और स्टैमिना बेहतर होता है।

2. मसल्स ग्रोथ में सहायक

जो लोग जिम करते हैं या फिटनेस पर ध्यान देते हैं, उनके लिए चिया सीड्स प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। यह मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं।

3. हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद

चिया सीड्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा माना जाता है। यह कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद कर सकता है।

4. वजन कंट्रोल करने में मदद

चिया सीड्स में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे ओवरईटिंग कम होती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिलती है।

5. पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं

इनमें मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है।

6. हड्डियों को मजबूत करते हैं

चिया सीड्स में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।

7. ब्लड शुगर कंट्रोल में मददगार

चिया सीड्स ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखने में मदद कर सकते हैं, जिससे डायबिटीज के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है।

कर्क राशि में बुध का गोचर: इन 4 राशियों को पैसा, नौकरी और व्यापार में लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। जब बुध किसी राशि में गोचर करते हैं तो उसका प्रभाव कई राशियों के जीवन में देखने को मिलता है। इस समय कर्क राशि में बुध का गोचर कुछ विशेष राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। इस गोचर के प्रभाव से वृश्चिक, मकर, मीन और तुला राशि के जातकों को नौकरी, व्यापार और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने की संभावना बन रही है।

बुध गोचर का प्रभाव

कर्क राशि में बुध के प्रवेश से भावनात्मक निर्णयों के साथ-साथ व्यावहारिक सोच भी प्रभावित हो सकती है। इस समय संवाद क्षमता बढ़ती है और नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं। खासकर व्यापार और नौकरी से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग बनते हैं।

1. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक मामलों में सुधार ला सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। नौकरी में नए अवसर या जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं।

2. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने का संकेत दे सकता है। आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार और नए आय स्रोत बनने के योग बन सकते हैं।

3. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर रचनात्मकता और नई योजनाओं के लिए अनुकूल हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय धन और व्यापार के मामले में शुभ संकेत दे सकता है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी में तरक्की और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के योग बन सकते हैं।

यूपी में बन रहा नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। प्रदेश सरकार ने उन्नाव और आसपास के जिलों के लिए बड़ी योजना का ऐलान किया है। नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे और बेहतर सड़क नेटवर्क से अब लोगों को लंबा चक्कर लगाने से राहत मिलने वाली है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उन्नाव के विकास के लिए सरकार लगातार काम कर रही है और बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद उन्नाव से दिल्ली और प्रयागराज जाना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

लखनऊ को बाईपास कर सीधे जुड़ेंगे बड़े शहर

अभी कई लोगों को दिल्ली या प्रयागराज जाने के लिए लखनऊ होकर गुजरना पड़ता है, लेकिन नई सड़क परियोजनाओं के बाद सफर का समय कम होने की उम्मीद है। गंगा एक्सप्रेसवे और नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं इस क्षेत्र की यात्रा व्यवस्था को बदल सकती हैं। इससे उन्नाव के लोगों को बेहतर और तेज कनेक्टिविटी मिलेगी।

कानपुर-लखनऊ के बीच ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

कानपुर और लखनऊ के बीच प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे को क्षेत्र के लिए बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इससे रोजाना आने-जाने वाले लोगों को ट्रैफिक जाम से राहत मिल सकती है। इसके अलावा कानपुर और उन्नाव के बीच संपर्क बेहतर करने के लिए गंगा नदी पर नए पुलों का निर्माण भी किया जा रहा है। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन और आसान होगा।

चारों तरफ से मजबूत होगा सड़क नेटवर्क

सरकार का कहना है कि उन्नाव को चारों दिशाओं से फोरलेन सड़कों से जोड़ने का काम किया जा रहा है। बेहतर सड़क व्यवस्था से व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी बढ़ने की उम्मीद है। नई परियोजनाओं से आसपास के जिलों को भी फायदा मिलेगा और लोगों को कम समय में बेहतर यात्रा सुविधा मिल सकेगी।

उन्नाव में बनेंगे रोजगार के नए अवसर

सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ सरकार उद्योगों को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दे रही है। उन्नाव में डिफेंस कॉरिडोर और इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए मौके मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को नौकरी के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर न रहना पड़े।

भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी गिरावट, सोने के भंडार की वैल्यू भी घटी

नई दिल्ली। भारत के विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) को लेकर रिजर्व बैंक के ताजा आंकड़ों में बड़ी जानकारी सामने आई है। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक सप्ताह के दौरान करीब 10 अरब डॉलर की कमी दर्ज की गई है। इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह सोने के भंडार की कीमत में आई कमी बताई जा रही है।

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के अनुसार, 12 जून 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.985 अरब डॉलर घटकर 671.625 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले भी एक सप्ताह में करीब 711 मिलियन डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।

रिकॉर्ड स्तर से काफी नीचे आया भंडार

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फरवरी 2026 में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचा था। 27 फरवरी 2026 को देश का फॉरेक्स रिजर्व 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर था। इसके बाद इसमें लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। विदेशी मुद्रा भंडार किसी भी देश की आर्थिक मजबूती का अहम संकेत माना जाता है। इसमें विदेशी मुद्रा संपत्ति, सोना, एसडीआर और आईएमएफ रिजर्व जैसी चीजें शामिल होती हैं।

सोने के भंडार में सबसे ज्यादा गिरावट

इस बार विदेशी मुद्रा भंडार में कमी का मुख्य कारण सोने के मूल्य में गिरावट रही। आरबीआई के सोने के भंडार की कीमत में एक सप्ताह के दौरान 10.754 अरब डॉलर की बड़ी कमी आई है। अब भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू घटकर करीब 100.112 अरब डॉलर रह गई है। मार्च 2026 के अंत तक आरबीआई के पास लगभग 880.52 टन सोना मौजूद था, जो देश के कुल विदेशी मुद्रा भंडार का लगभग 16.7 प्रतिशत हिस्सा है। सोने की कीमतों में बदलाव का सीधा असर विदेशी मुद्रा भंडार की कुल वैल्यू पर पड़ता है।

विदेशी मुद्रा संपत्ति में हुई बढ़ोतरी

जहां एक तरफ कुल विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई है, वहीं विदेशी मुद्रा आस्तियों (Foreign Currency Assets) में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 12 जून 2026 को समाप्त सप्ताह में FCA में 846 मिलियन डॉलर की वृद्धि हुई है। इसके बाद भारत की विदेशी मुद्रा आस्तियां बढ़कर 544.290 अरब डॉलर हो गई हैं। एफसीए में डॉलर के अलावा यूरो, पाउंड और येन जैसी विदेशी मुद्राओं के मूल्य में बदलाव का असर भी शामिल होता है।

SDR और IMF रिजर्व में भी कमी

रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में भारत के विशेष आहरण अधिकार (SDR) में भी हल्की गिरावट आई है। SDR में करीब 66 मिलियन डॉलर की कमी दर्ज की गई। वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास रखे भारत के रिजर्व में भी 11 मिलियन डॉलर की कमी आई है। अब IMF रिजर्व घटकर 4.815 अरब डॉलर रह गया है।

यूपी में इन कर्मचारियों पर होगी कार्रवाई, आदेश हुआ जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मानव संपदा पोर्टल पर चल-अचल संपत्ति का विवरण जमा नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अब विभागीय कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। शासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन नहीं करने वाले कर्मचारियों को कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

चार महीने से नहीं मिला वेतन

कार्मिक विभाग के निर्देश के बाद सभी राज्य कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करनी थी। लेकिन तय समय सीमा बीतने के बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने यह काम पूरा नहीं किया। इसके चलते कई कर्मचारियों का वेतन मार्च महीने से रोक दिया गया। अब विभाग की ओर से कहा गया है कि पहले कर्मचारियों पर कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी की जाए, इसके बाद ही वेतन जारी करने पर फैसला होगा।

विभागाध्यक्षों को दिए गए निर्देश

कार्मिक विभाग ने सभी विभागाध्यक्षों को जिम्मेदारी दी है कि वे अपने-अपने विभाग में ऐसे कर्मचारियों की जानकारी जुटाएं और नियमों के अनुसार कार्रवाई करें। कार्रवाई की रिपोर्ट शासन को भेजने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। अधिकारियों के अनुसार, इस सूची में सबसे ज्यादा संख्या समूह ग और समूह घ के कर्मचारियों की बताई जा रही है।

पहले भी दिया गया था मौका

राज्य सरकार ने कर्मचारियों को संपत्ति का विवरण देने के लिए 31 जनवरी 2026 तक समय दिया था। इसके बाद भी बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने जानकारी दर्ज नहीं की। सरकार ने कर्मचारियों को एक और मौका देते हुए 10 मार्च 2026 तक अंतिम समय सीमा बढ़ाई थी, लेकिन इसके बावजूद कई कर्मचारियों ने पोर्टल पर विवरण जमा नहीं किया।

इन मामलों में हो सकती है कार्रवाई

संपत्ति का विवरण नहीं देने वाले कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा नियमों के तहत कई सुविधाओं पर भी असर पड़ सकता है।

संभावित कार्रवाई में:

विभागीय जांच शुरू होना

पदोन्नति पर रोक लगना

एसीपी (Assured Career Progression) का लाभ नहीं मिलना

विदेश यात्रा या प्रतिनियुक्ति के लिए जरूरी विजिलेंस क्लियरेंस में परेशानी होना शामिल है।

सूर्य के प्रभाव से बनेगा लक्ष्मी नारायण योग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति में बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर पड़ता है। साल के खास समय में बनने वाले कुछ शुभ योग जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। 21 जून के आसपास सूर्य के प्रभाव और ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग बनने का संयोग माना जा रहा है।

इसके अलावा सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग भी बनता है, जिसे बुद्धि, आत्मविश्वास, करियर और सफलता के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार लक्ष्मी नारायण योग धन, सुख-सुविधाओं और आर्थिक मजबूती से जुड़ा माना जाता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग नई ऊर्जा और अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या तरक्की के मौके मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार होने के संकेत मिल सकते हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य और बुध का प्रभाव विशेष लाभकारी माना जा रहा है। इस दौरान आपकी निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार, शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए यह समय बेहतर परिणाम देने वाला हो सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस योग के प्रभाव से मान-सम्मान और सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। सूर्य आपकी राशि के स्वामी हैं, इसलिए आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि हो सकती है। नौकरी और व्यवसाय में आपके प्रयासों को पहचान मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति बढ़ सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव महत्वपूर्ण माना जाता है। लक्ष्मी नारायण योग बनने से धन और सुविधाओं से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। नए निवेश, व्यापार विस्तार या आय के नए साधन मिलने के अवसर बन सकते हैं। रिश्तों में मधुरता आएगी और जीवन में सकारात्मक बदलाव महसूस हो सकते हैं।

यूपी में नौकरी के साथ D.El.Ed-BTC करने वालों पर बड़ी कार्रवाई, प्रमाणपत्र रद्द

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में डीएलएड (D.El.Ed) और बीटीसी प्रशिक्षण को लेकर बड़ी कार्रवाई सामने आई है। प्राथमिक और उच्च प्राथमिक शिक्षक भर्ती के लिए जरूरी इस प्रशिक्षण को नौकरी या किसी अन्य नियमित पढ़ाई के साथ करना नियमों के खिलाफ माना गया है। इसी आधार पर उत्तर प्रदेश परीक्षा नियामक प्राधिकारी (PNP) ने जांच के बाद कई अभ्यर्थियों के डीएलएड/बीटीसी प्रमाणपत्र रद्द कर दिए हैं।

रेगुलर प्रशिक्षण के दौरान नौकरी करना पड़ा भारी

डीएलएड एक दो वर्षीय नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम है, जिसमें अभ्यर्थियों की प्रशिक्षण संस्थान में लगातार उपस्थिति जरूरी होती है। नियमों के अनुसार प्रशिक्षण के समय अभ्यर्थी किसी अन्य नौकरी या रेगुलर कोर्स में शामिल नहीं हो सकता। लेकिन जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने सरकारी विभागों में नौकरी करते हुए डीएलएड/बीटीसी प्रशिक्षण पूरा कर लिया। शिकायत मिलने के बाद पीएनपी ने इन मामलों की जांच कराई, जिसमें कई जगह नियमों का उल्लंघन पाया गया।

छह जिलों के मामलों में हुई कार्रवाई

एटा जिले के एक अभ्यर्थी ने लेखपाल पद पर नौकरी करते हुए वर्ष 2014 बैच का बीटीसी प्रशिक्षण लिया। 

गाजीपुर में एक अभ्यर्थी बीटीसी प्रशिक्षण के दौरान अनुदेशक पद पर कार्यरत था।

कासगंज के एक अभ्यर्थी ने बीटीसी प्रशिक्षण के दौरान एलएलबी की नियमित पढ़ाई भी जारी रखी।

कौशांबी में एक अभ्यर्थी पंचायत सहायक पद पर रहते हुए डीएलएड प्रशिक्षण पूरा कर चुका था। 

चंदौली के मामले में अभ्यर्थी चिकित्सा विभाग में डाटा ऑपरेटर की नौकरी करते हुए बीटीसी कर रहा था। 

मेरठ के एक अभ्यर्थी ने डीएलएड प्रशिक्षण के साथ बीएसए कार्यालय में जिला समन्वयक के पद पर काम किया। 

शिक्षक भर्ती में अब नहीं मिलेगा लाभ

डीएलएड और बीटीसी प्रमाणपत्र प्राथमिक शिक्षक बनने के लिए महत्वपूर्ण योग्यता मानी जाती है। ऐसे में प्रमाणपत्र रद्द होने के बाद संबंधित अभ्यर्थी शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में इसका इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। विभाग का कहना है कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। आने वाले समय में भी यदि ऐसे मामले सामने आते हैं तो जांच के बाद कार्रवाई की जा सकती है।

खुशखबरी पर खुशखबरी: यूपी के 2.71 करोड़ किसानों को मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करोड़ों किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को जल्द ही 23वीं किस्त का लाभ मिलने जा रहा है। इस किस्त के जरिए प्रदेश के लाखों किसानों के बैंक खातों में सीधे डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से करोड़ों रुपये की राशि भेजी जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के 2.17 करोड़ से अधिक किसान इस बार पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त से लाभान्वित होंगे। केंद्र सरकार की ओर से यूपी के किसानों के लिए करीब 4352.40 करोड़ रुपये जारी किए जाएंगे। इससे किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में मदद मिलेगी और आर्थिक सहारा मिलेगा।

किसानों के खाते में सीधे पहुंचेगी रकम

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। सरकार का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती के दौरान आर्थिक मजबूती देना है।

23वीं किस्त जारी होने के बाद उत्तर प्रदेश में इस योजना के तहत किसानों को मिलने वाली कुल राशि का आंकड़ा और बढ़ जाएगा। इससे पहले प्रदेश के किसानों के खाते में 22 किस्तों के माध्यम से 99,032.58 करोड़ रुपये से अधिक की राशि पहुंच चुकी है।

पीएम मोदी करेंगे किस्त जारी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को पश्चिम बंगाल से पीएम किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त जारी करेंगे। इस कार्यक्रम के दौरान देशभर के किसानों को योजना का लाभ मिलेगा। वहीं उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ झांसी स्थित रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान यूपीएग्रीज परियोजना के खरीफ संस्करण का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना है।

21 जून से बदल जाएगी इन 4 राशियों की तकदीर! राजयोग देगा बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में बदलाव का असर सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। 21 जून से ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण राजयोग बनने की बात कही जा रही है, जिसका प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है। इस दौरान धन, करियर, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। राजयोग के प्रभाव से करियर और कामकाज में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे भविष्य में तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय मान-सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। जो लोग लंबे समय से किसी उपलब्धि का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। धन से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रह सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत के संकेत दे सकता है। राजयोग के प्रभाव से भाग्य का साथ मिलने की संभावना बताई जा रही है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। निवेश या आर्थिक योजनाओं में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ दे सकते हैं। रिश्तों में भी मजबूती आने के संकेत हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। करियर में स्थिरता और आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक परेशानियां कम होने और आय के नए साधन बनने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिल सकती है।

पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात, इन कर्मचारियों को मिले पैसे हजार

नई दिल्ली। देश के युवाओं के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी पहल की है। प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना की पहली किस्त जारी कर दी है, जिससे लाखों युवाओं को सीधा फायदा मिलने वाला है।

पहली किस्त के रूप में मिले 7500 रुपये

योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को कुल 15,000 रुपये की सहायता राशि दी जानी है। यह राशि दो किस्तों में मिलेगी। पहली किस्त के रूप में 7,500 रुपये लाभार्थी युवाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए हैं। वहीं दूसरी किस्त भी 7,500 रुपये की होगी, जो तय शर्तें पूरी करने के बाद दी जाएगी।

दूसरी किस्त कब मिलेगी?

सरकार के नियमों के अनुसार दूसरी किस्त पाने के लिए कर्मचारी को उसी कंपनी में लगातार 12 महीने तक काम करना होगा। वहीं पहली किस्त के लिए कर्मचारी का एक ही कंपनी में कम से कम 6 महीने तक नौकरी करना जरूरी है।

15 लाख से ज्यादा को लाभ

योजना के तहत बड़ी संख्या में युवाओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है। जानकारी के अनुसार लाखों कर्मचारियों को इस योजना से जोड़ा गया है। इसमें महिला कर्मचारियों की भागीदारी भी अच्छी संख्या में है, जिससे रोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

कंपनियों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना में सिर्फ कर्मचारियों को ही नहीं बल्कि रोजगार देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है। नई नियुक्तियां करने वाली कंपनियों को प्रति कर्मचारी आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य कंपनियों को ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी देने के लिए प्रेरित करना है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ जरूरी शर्तें रखी गई हैं:

कर्मचारी की पहली नौकरी 1 अगस्त 2025 के बाद शुरू हुई होनी चाहिए।

कर्मचारी पहले से EPFO में पंजीकृत नहीं होना चाहिए।

नौकरी शुरू करने के बाद EPFO में रजिस्ट्रेशन जरूरी है।

कर्मचारी की मासिक सैलरी तय सीमा के अंदर होनी चाहिए।

पहली किस्त के लिए 6 महीने तक नौकरी जारी रखना जरूरी है।

यूपी के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ट्रांसफर को लेकर अपडेट, जानें क्या है पूरा मामला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में शिक्षक तबादले को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। शिक्षक-शिक्षिकाओं के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण की प्रक्रिया के बीच शिक्षक दंपत्तियों के ट्रांसफर को लेकर नया मुद्दा सामने आया है। बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देशों में छात्र-शिक्षक अनुपात को अहम आधार बनाया गया है। इसी वजह से कई शिक्षक दंपत्तियों के स्थानांतरण को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार किया जा रहा है।

शिक्षक दंपत्तियों के ट्रांसफर पर क्या है नियम?

विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, अगर पति-पत्नी दोनों परिषदीय स्कूलों में शिक्षक हैं और इनमें से कोई एक तबादले के लिए आवेदन करता है, तो संबंधित जिले में छात्र-शिक्षक अनुपात को ध्यान में रखा जाएगा। यदि किसी जिले में शिक्षकों की संख्या पहले से अधिक है और छात्र-शिक्षक अनुपात कम है, तो वहां स्थानांतरण को लेकर नियमों के अनुसार फैसला लिया जाएगा।

शिक्षकों ने उठाई स्पष्टता की मांग

कई शिक्षकों का कहना है कि आदेश में यह पूरी तरह स्पष्ट नहीं है कि ऐसी स्थिति में पति-पत्नी दोनों का स्थानांतरण होगा या दोनों में से केवल किसी एक का। इसी बिंदु को लेकर शिक्षकों के बीच चर्चा चल रही है और वे विभाग से स्थिति साफ करने की उम्मीद कर रहे हैं।

20 जून तक मांगे गए थे आवेदन

परिषदीय शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों के लिए आवेदन प्रक्रिया को लेकर विभाग ने पहले ही निर्देश जारी कर दिए थे। शिक्षकों को तय प्रारूप में आवेदन पूरा कर संबंधित अधिकारियों के माध्यम से भेजने के निर्देश दिए गए थे। सभी आवेदन पत्रों की अलग-अलग फाइल तैयार कर समय सीमा के अंदर भेजने को कहा गया था।

तबादला में छात्र-शिक्षक अनुपात

इस बार शिक्षक स्थानांतरण नीति में छात्र और शिक्षकों के अनुपात को खास महत्व दिया गया है। इसका उद्देश्य उन स्कूलों और जिलों में शिक्षकों की उपलब्धता बनाए रखना है जहां जरूरत ज्यादा है। विभाग की कोशिश है कि स्कूलों में शिक्षकों का संतुलन बेहतर हो और पढ़ाई व्यवस्था प्रभावित न हो।

विद्यालय प्रबंध समिति में अपडेट

माध्यमिक स्कूलों में विद्यालय प्रबंध समितियों के गठन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। समिति में अभिभावकों की भूमिका बढ़ाई जाएगी। समिति का कार्यकाल तय अवधि का होगा और स्कूल प्रबंधन से जुड़े कार्यों में इसकी भागीदारी रहेगी।

यूपी में पहुंचेगा मानसून, इन जिलों में तेज बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में मानसून के प्रवेश की संभावना 20 से 25 जून के बीच जताई जा रही है। मानसून आने के बाद लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की शुरुआत के बाद भी बारिश सामान्य से कम रह सकती है। इस समय देश में बारिश की कमी दर्ज की गई है, जिसका असर उत्तर प्रदेश में भी देखने को मिल रहा है।

बिहार में रुका मानसून, जल्द बढ़ने के संकेत

मौसम विभाग के अनुसार मानसून फिलहाल बिहार में ठहरा हुआ है। परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं, ऐसे में अगले कुछ दिनों में इसके आगे बढ़ने की संभावना है। अगर मौसम की स्थिति इसी तरह बनी रही तो मानसून अपने तय समय के आसपास यूपी में दस्तक दे सकता है। हालांकि कुछ देरी की संभावना से भी इनकार नहीं किया गया है।

अल नीनो से प्रभावित हो रही बारिश

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस बार बारिश पर अल नीनो का असर देखा जा रहा है। इसके कारण मानसून की रफ्तार और बारिश की निरंतरता प्रभावित हो सकती है। अब तक देश में अनुमान के मुकाबले करीब 24 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि समुद्री परिस्थितियां बारिश के पैटर्न को प्रभावित कर रही हैं।

हिंद महासागर डाइपोल से मिलेगी उम्मीद

राहत की बात यह है कि हिंद महासागर डाइपोल (IOD) की स्थिति आने वाले समय में बारिश के लिए मददगार हो सकती है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर आईओडी मजबूत होता है तो समुद्र से नमी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे मानसून को मजबूती मिल सकती है और बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है।

यूपी में गर्मी का असर अभी जारी

मानसून की आहट के बीच प्रदेश में गर्मी का असर अभी भी बना हुआ है। कई इलाकों में तापमान बढ़ने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कानपुर में तापमान करीब 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं नमी बढ़ने के कारण हीट इंडेक्स भी ज्यादा महसूस किया जा रहा है।

किन क्षेत्रों को मिल सकती है राहत?

मानसून आने के बाद पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की उम्मीद है। किसानों को भी बारिश का इंतजार है, क्योंकि खरीफ फसलों की तैयारी के लिए मानसून बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हालांकि मौसम विभाग ने अभी बारिश की मात्रा को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है।

किसानों के लिए केंद्र का बड़ा ऐलान! इस फैसले से मिलेगी आर्थिक राहत

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। दाल और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत कई राज्यों में खरीद को मंजूरी दी है। इस फैसले से किसानों को अपनी फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेचने का मौका मिलेगा।

चार राज्यों के किसानों को मिलेगा लाभ

केंद्र सरकार के इस फैसले का फायदा उत्तर प्रदेश, गुजरात, तमिलनाडु और हरियाणा के किसानों को मिलेगा। इन राज्यों में मूंग, उड़द और मूंगफली जैसी फसलों की सरकारी खरीद की जाएगी। सरकार का मानना है कि MSP पर खरीद होने से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलेगा और वे मजबूरी में कम कीमत पर फसल बेचने से बच सकेंगे।

उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए सबसे बड़ी राहत

उत्तर प्रदेश में दाल और तिलहन की खेती करने वाले किसानों को इस फैसले से बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। राज्य में ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए 48,298 मीट्रिक टन मूंग, 97,970 मीट्रिक टन उड़द, 41,718 मीट्रिक टन मूंगफली की खरीद को मंजूरी दी गई है। इन फसलों की MSP के आधार पर कुल कीमत करीब 1,490 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। इससे बड़ी संख्या में किसानों को सीधा आर्थिक फायदा मिल सकता है।

गुजरात के किसानों को भी मिलेगा फायदा

गुजरात में भी मूंग उत्पादक किसानों के लिए राहत की खबर है। यहां ग्रीष्मकालीन सीजन के लिए 18,250 मीट्रिक टन मूंग खरीद की मंजूरी दी गई है। MSP के हिसाब से इस खरीद का मूल्य 160 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान है। इससे किसानों को बेहतर बाजार मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।

तमिलनाडु में बढ़ाई गई खरीद सीमा

तमिलनाडु के किसानों को भी सरकार के इस फैसले से फायदा मिलेगा। राज्य में मूंग की खरीद सीमा को बढ़ाने का फैसला लिया गया है। पहले तय सीमा को बढ़ाकर ज्यादा किसानों को MSP व्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की गई है। इससे किसानों को अपनी फसल का सही मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

हरियाणा के किसानों को भी राहत

हरियाणा में भी मूंग की सरकारी खरीद को मंजूरी दी गई है। राज्य में ग्रीष्मकालीन सीजन 2026 के लिए 2,115 मीट्रिक टन मूंग खरीद का फैसला लिया गया है। इस खरीद का MSP मूल्य 18 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान है। इससे दलहन उत्पादन करने वाले किसानों को लाभ मिल सकता है।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में कदम

कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, MSP पर सरकारी खरीद किसानों को बाजार के उतार-चढ़ाव से सुरक्षा देती है। इससे किसान दाल और तिलहन जैसी फसलों की खेती के लिए अधिक प्रोत्साहित हो सकते हैं। सरकार का उद्देश्य देश में दलहन और तिलहन उत्पादन को बढ़ावा देना, किसानों की आमदनी मजबूत करना और कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाना है।

यूपी बोर्ड का बड़ा तोहफा! छात्रों के लिए आया नया अपडेट, चेहरे खिले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने छात्र-छात्राओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक नई पहल शुरू की है। अब यूपी बोर्ड के विद्यार्थियों को किताबों के लिए बाजारों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। बोर्ड ने पाठ्य-पुस्तकों को ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू कर दी है। इस फैसले से खासतौर पर कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

ऑनलाइन किताब मंगाने की सुविधा शुरू

यूपी बोर्ड ने किताबों की खरीद प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल तैयार किया है। इस पोर्टल के माध्यम से छात्र अपनी कक्षा और विषय के अनुसार किताबों का सेट चुनकर ऑर्डर कर सकते हैं। ऑर्डर करने के बाद किताबें कुछ दिनों के अंदर विद्यार्थियों के घर पहुंच जाएंगी। इससे छात्रों का समय बचेगा और उन्हें सही किताबें आसानी से मिल सकेंगी।

कक्षा 9 और 10 के छात्रों को सीधा फायदा

फिलहाल कक्षा 9 और 10 की पाठ्य-पुस्तकों के सेट ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। कक्षा 9 की किताबों के एक सेट की कीमत करीब 393 रुपये रखी गई है, जबकि कक्षा 10 के पुस्तक सेट की कीमत लगभग 440 रुपये तय की गई है। विद्यार्थी एक ऑर्डर में सीमित संख्या में पुस्तक सेट मंगा सकते हैं।

70 से ज्यादा एनसीईआरटी किताबें उपलब्ध

यूपी बोर्ड ने नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए कई विषयों की किताबें उपलब्ध कराई हैं। इनमें कक्षा 9 और 10 के प्रमुख विषय जैसे अंग्रेजी, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान और कक्षा 11 व 12 के विषय जैसे भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन सहित कई विषय शामिल हैं। इसके अलावा हिंदी, संस्कृत और उर्दू विषयों की किताबें भी छात्रों के लिए उपलब्ध कराई गई हैं।

छात्रों को मिलेगी समय पर किताब

पहले छात्रों को किताबों के लिए दुकानों पर निर्भर रहना पड़ता था। कई बार समय पर पुस्तकें नहीं मिलने से पढ़ाई प्रभावित होती थी। नई ऑनलाइन व्यवस्था से विद्यार्थी आसानी से किताबें प्राप्त कर सकेंगे और पढ़ाई की शुरुआत समय पर कर पाएंगे।

डिजिटल सुविधा से बढ़ेगी पारदर्शिता

बोर्ड की इस पहल का उद्देश्य किताबों की उपलब्धता को बेहतर बनाना और छात्रों को सरल सुविधा देना है। अब छात्र अपनी जरूरत के अनुसार किताबों का चयन कर सकेंगे और घर बैठे उन्हें प्राप्त कर सकेंगे। इससे यूपी बोर्ड की पढ़ाई व्यवस्था में एक नया बदलाव देखने को मिलेगा।

रुचक राजयोग बदलेगा 4 राशियों की तकदीर! धन, सफलता और तरक्की के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। 21 जून को मंगल ग्रह राशि परिवर्तन करके वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। मंगल के इस गोचर से रुचक राजयोग बनने की बात कही जा रही है, जिसे ज्योतिष में पंच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है।

रुचक राजयोग को साहस, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और सफलता से जोड़कर देखा जाता है। इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को करियर, धन और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं। आइए जानते हैं वे 4 राशियां जिनके लिए यह समय शुभ रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का गोचर विशेष प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ने और नए अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। कोई रुका हुआ काम पूरा होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए रुचक राजयोग सफलता के नए रास्ते खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है। करियर में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं और नई जिम्मेदारियां आपके पक्ष में जा सकती हैं। धन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी ग्रह मंगल माने जाते हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस समय साहस और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। व्यापार में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। नौकरी करने वालों को सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला हो सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। परिवार और निजी जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।