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बिहार कैब‍िनेट में 29 प्रस्‍तावों पर मुहर: पंचायतों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को गति देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के लिए 51,923 करोड़ रुपये के अनुदान के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले से राज्य की ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को विकास योजनाओं के लिए बड़ी आर्थिक मदद मिलेगी।

सरकार ने यह स्वीकृति 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक की अवधि के लिए दी है। केंद्र सरकार से मिलने वाली इस राशि का इस्तेमाल पंचायत क्षेत्रों में जरूरी सुविधाओं और विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने में किया जाएगा।

29 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 29 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया। बैठक के बाद अधिकारियों ने जानकारी दी कि पंचायतों को मिलने वाली राशि अगले पांच वित्तीय वर्षों में उपलब्ध कराई जाएगी। इसके वितरण और खर्च की पूरी व्यवस्था भी तय कर दी गई है, ताकि पंचायत संस्थाएं योजनाबद्ध तरीके से काम कर सकें।

गांवों में सड़क, पानी और स्वच्छता पर जोर

इस अनुदान राशि से ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें ग्रामीण सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, स्वच्छता अभियान, सामुदायिक भवनों और अन्य स्थानीय जरूरतों से जुड़े विकास कार्य शामिल होंगे। इसके अलावा बेहतर काम करने वाली पंचायत संस्थाओं को प्रदर्शन के आधार पर अतिरिक्त अनुदान भी दिया जाएगा। इससे पंचायतों में कामकाज की गुणवत्ता बढ़ाने, पारदर्शिता लाने और जवाबदेही मजबूत करने में मदद मिलेगी।

पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत करने की तैयारी

सरकार का कहना है कि वित्त आयोग की अनुशंसाओं के तहत मिलने वाली यह राशि ग्रामीण विकास की योजनाओं को प्रभावी तरीके से लागू करने में अहम भूमिका निभाएगी। इससे पंचायतों को अपने क्षेत्र की जरूरतों के अनुसार विकास कार्य कराने में अधिक मजबूती मिलेगी।

बिहार में 13 BEO का ट्रांसफर, इन प्रखंडों में तैनाती के आदेश

पटना। बिहार के शिक्षा विभाग में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया गया है। राज्य के 13 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) का स्थानांतरण कर उन्हें अलग-अलग जिलों और प्रखंडों में नई जिम्मेदारी दी गई है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक कुमार निशांत विवेक की ओर से जारी आदेश में सभी अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के अंदर नए पद पर योगदान करने का निर्देश दिया गया है।

विभाग ने संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों (स्थापना) को निर्देश दिया है कि वे 8 जुलाई तक सभी स्थानांतरित BEO को नए पद के लिए विरमित कर दें। यदि तय समय तक अधिकारी मुक्त नहीं किए जाते हैं तो 9 जुलाई से उन्हें स्वत: विरमित माना जाएगा।

इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

तिलौथू के BEO रजनीश कुमार को सीतामढ़ी के रून्नीसैदपुर, 

रोहतास के शिवसागर के BEO राजेश कुमार को कैमूर के रामगढ़ 

पूर्णिया के डगरुआ के BEO अलताफ अहमद खां को कटिहार के आजमनगर, 

बक्सर के चक्की के BEO जितेंद्र कुमार को मधेपुरा के आलमनगर भेजा गया है।

सूर्यपुरा के BEO मनोज कुमार को मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड में तैनाती मिली है।

पटना के बिहटा के BEO नभेश कुमार का स्थानांतरण शिवहर प्रखंड में किया गया है। 

डिहरी के BEO संजय कुमार सिंह का तबादला पश्चिम चंपारण के नरकटियागंज में किया गया है।

रोहतास के राजपुर के BEO प्राण रंजन प्रसाद को पूर्वी चंपारण के रक्सौल में पदस्थापित किया गया है।

बेगूसराय के छौड़ाही के BEO नौशाद अहमद को वैशाली के देसरी प्रखंड में पदस्थापित किया गया है।

बक्सर के चौसा के BEO हृषिकेश कुमार सिंह को गोपालगंज के सिधवलिया में नई जिम्मेदारी मिली है।

अररिया के फारबिसगंज के BEO चंदन प्रियदर्शी को पटना जिले के बिहटा प्रखंड का कार्यभार सौंपा गया है। 

रोहतास जिले के अकोढ़ीगोला के BEO प्रणव कुमार को मुजफ्फरपुर जिले के बोचहा प्रखंड की जिम्मेदारी दी गई है। 

रोहतास के संझौली प्रखंड के BEO अफरोज आलम को पूर्वी चंपारण के मोतिहारी नगर में विद्यालय अवर निरीक्षक के पद पर भेजा गया है। 

बिहार सरकार की नई ट्रांसफर नीति, शिक्षकों को मिलेगी खुशखबरी

पटना। बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर सरकार नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। नई नीति का मकसद सिर्फ शिक्षकों का तबादला करना नहीं, बल्कि राज्य के सभी स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को संतुलित करना है। अब पोस्टिंग का फैसला स्कूलों में मौजूद जरूरत, छात्रों की संख्या और शिक्षकों की कमी को ध्यान में रखकर किया जाएगा।

आपको बता दें की अब तक कई बार शिक्षकों के तबादले को लेकर सिफारिश और व्यक्तिगत मांगों की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था में इन चीजों को कम करने और पूरी प्रक्रिया को नियमों के आधार पर चलाने पर जोर दिया गया है।

जिस स्कूल में कमी, वहां पहले होगी तैनाती

शिक्षा विभाग सभी विद्यालयों की स्थिति का आकलन कर रहा है। इसके लिए स्कूलों में शिक्षकों की संख्या, विषयवार जरूरत और छात्रों की स्थिति का रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। नई नीति के तहत उन स्कूलों को प्राथमिकता मिलेगी जहां लंबे समय से शिक्षकों की कमी बनी हुई है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए तैनाती की योजना बनाई जाएगी।

तबादले की प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से आवेदन से लेकर निर्णय तक की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट होगी। सरकार का मानना है कि ऑनलाइन सिस्टम आने से शिक्षकों को भी सुविधा मिलेगी और तबादले में पारदर्शिता बनी रहेगी।

गलत दस्तावेज लगाने वालों पर शिकंजा

नई नीति में मेडिकल आधार पर तबादले को लेकर भी नियम सख्त किए जा रहे हैं। अगर कोई शिक्षक गलत जानकारी या फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए लाभ लेने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।

पति-पत्नी और विशेष मामलों पर भी विचार

सरकार ने ऐसे मामलों को भी ध्यान में रखा है जहां पति-पत्नी अलग-अलग जिलों में कार्यरत हैं। ऐसे शिक्षकों के आवेदन पर नियमों के अनुसार विचार किया जाएगा। हालांकि, इसके लिए संबंधित शिक्षक को जरूरी प्रमाण और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे।

जरूरतमंद शिक्षकों को मिलेगी प्राथमिकता

इस नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों को परेशान करना नहीं है। जो शिक्षक वास्तव में गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं या दिव्यांग हैं, उन्हें नियमों के अनुसार प्राथमिकता दी जाएगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 14 हजार करोड़ के 2 बड़े प्रोजेक्ट की मंजूरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दिल्ली और उत्तर प्रदेश से जुड़े 14,000 करोड़ रुपये से अधिक के दो बड़े सड़क प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने के बाद न सिर्फ यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, बल्कि लोगों का सफर भी आसान और तेज हो जाएगा।

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट फैसलों की जानकारी देते हुए बताया कि दोनों परियोजनाओं पर कुल 14,114 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च किए जाएंगे। इनमें एक बड़ा प्रोजेक्ट दिल्ली में बनने वाली 6 लेन सुरंग का है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश में हाईवे निर्माण से जुड़ा है।

1 .दिल्ली में बनेगी 6 लेन वाली खास सुरंग

सरकार ने NH-148AE के तहत दिल्ली में 6 लेन वाली सड़क सुरंग के निर्माण को मंजूरी दी है। यह परियोजना द्वारका एक्सप्रेसवे को वसंत कुंज स्थित नेल्सन मंडेला मार्ग से जोड़ेगी। करीब 8.1 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर लगभग 6,969.67 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके बनने से दिल्ली के कई हिस्सों के बीच आवाजाही आसान होगी और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

2 .यूपी को मिला 7,145 करोड़ का हाईवे प्रोजेक्ट

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश में NH-34 के कानपुर-कबरई सेक्शन के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह करीब 117.7 किलोमीटर लंबा 4/6 लेन एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत 7,145.14 करोड़ रुपये बताई गई है। नया हाईवे बनने से उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। खासकर कानपुर से जुड़े क्षेत्रों और आगे मध्य प्रदेश की ओर जाने वाले यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।

इस हाईवे परियोजना का सबसे बड़ा फायदा क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से यात्रा का समय कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नए हाईवे से माल ढुलाई आसान होगी, जिससे उद्योग और स्थानीय कारोबार को भी फायदा पहुंच सकता है।

यूपी सरकार का फैसला, मछलीपालकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश सरकार ने मत्स्य पालकों के हित में एक बड़ी पहल की है। अब तक किसान अपनी फसलों का बीमा कराते थे, लेकिन पहली बार मछली पालन करने वालों के लिए भी बीमा सुविधा शुरू की गई है। इस योजना से बाढ़, बीमारी या अन्य कारणों से मछलियों की मौत होने पर मत्स्य पालकों को आर्थिक नुकसान से बचाने में मदद मिलेगी।

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश की सरकार ने इसके लिए यूपी फिश फार्मर एप तैयार किया है। इस एप के जरिए मत्स्य पालक अपनी मछलियों का बीमा करा सकेंगे। इससे मछली पालन को सुरक्षित और लाभकारी व्यवसाय बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।

मछली पालन को मिलेगी राहत

मछली पालन करने वाले किसानों को कई बार प्राकृतिक आपदाओं और तकनीकी कारणों से भारी नुकसान उठाना पड़ता है। तेज बारिश, बाढ़, तालाब में पानी की खराब गुणवत्ता, बीमारी या अन्य वजहों से बड़ी संख्या में मछलियां मर जाती हैं। ऐसी स्थिति में मत्स्य पालकों की मेहनत और निवेश दोनों प्रभावित होते हैं। कई बार नुकसान इतना ज्यादा होता है कि उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ता है। अब बीमा सुविधा मिलने से ऐसे हालात में उन्हें राहत मिल सकेगी।

न्यू इंडिया कंपनी के जरिए होगा बीमा

मत्स्य पालकों की मछलियों का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के माध्यम से कराया जाएगा। बीमा प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है। मत्स्य पालकों को सबसे पहले यूपी फिश फार्मर एप पर पंजीकरण करना होगा। पंजीकरण के बाद मिलने वाली आईडी के आधार पर तालाब का क्षेत्रफल, मछली की प्रजाति और पालन से जुड़ी जानकारी दर्ज कर बीमा कराया जा सकेगा।

रायबरेली में हजारों लोग जुड़े हैं मछली पालन से

रायबरेली जिले में बड़ी संख्या में तालाब और पोखरों में मछली पालन किया जाता है। यहां करीब 2873 तालाब और पोखर हैं, जहां मछली पालन हो रहा है। इसके अलावा लगभग 2600 पंजीकृत मत्स्य पालक इस व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। मछली उत्पादन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से हजारों लोगों को रोजगार भी मिलता है। ऐसे में बीमा सुविधा शुरू होने से इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।

चंद्र-मंगल युति से चमकेगी किस्मत, 4 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की युति का विशेष महत्व माना जाता है। जब दो ग्रह एक साथ आते हैं तो इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। साल 2026 में बनने वाली चंद्रमा और मंगल की युति को भी ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जा रहा है। मान्यता है कि यह युति ऊर्जा, साहस, धन और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों को प्रभावित करती है।

11 जुलाई 2026 को आषाढ़ कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर सूर्योदय से पहले पूर्व दिशा में चंद्रमा और मंगल की युति दिखाई दे सकती है। इस खगोलीय घटना को लेकर ज्योतिष में कई शुभ संकेत बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस युति का सकारात्मक प्रभाव कुछ राशियों के जातकों को मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए चंद्र-मंगल युति शुभ साबित हो सकती है। इस दौरान आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है और कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना रहेगी।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह युति धन और करियर के लिहाज से लाभकारी मानी जा रही है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार करने वाले जातकों को फायदा हो सकता है। परिवार और निजी जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ दे सकते हैं।

3. सिंह राशि 

सिंह राशि के जातकों के लिए चंद्र-मंगल युति नई ऊर्जा लेकर आ सकती है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है। जो लोग नई योजना या नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल रह सकता है। आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि हो सकती है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह ग्रह संयोग भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। यात्रा या नए संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति बेहतर होने के साथ-साथ नई उपलब्धियां हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी पर खुशखबरी

पटना। बिहार के गन्ना किसानों के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। गन्ने की खेती को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से बिहार में पहली बार 44 गन्ना नर्सरी खोलने की योजना तैयार की गई है। इन नर्सरियों में आधुनिक तकनीक से उन्नत किस्म के गन्ने के पौधे तैयार किए जाएंगे, जिन्हें बाद में किसानों के बीच वितरित किया जाएगा।

सरकार की इस पहल से जहां गन्ना उत्पादन में बढ़ोतरी होने की उम्मीद है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। बिहार में पहले से ही करीब 2.21 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गन्ने की खेती की जाती है। अब राज्य में चीनी उद्योग को मजबूत करने और खेती का दायरा बढ़ाने के लिए नई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

44 नर्सरियों में तैयार होंगे 2.20 करोड़ पौधे

योजना के तहत प्रत्येक गन्ना नर्सरी में करीब 5 लाख उन्नत प्रजाति के पौधे तैयार किए जाएंगे। इस हिसाब से कुल 44 नर्सरियों में लगभग 2.20 करोड़ गन्ने के पौधे तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। इन पौधों को किसानों तक पहुंचाया जाएगा ताकि वे बेहतर किस्म के गन्ने की खेती कर सकें। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ किसानों को खेती में आने वाली कई समस्याओं से भी राहत मिलेगी।

PPP मॉडल से खोली जाएंगी नर्सरी

गन्ना उद्योग विभाग की ओर से इन नर्सरियों को निजी-जन भागीदारी (PPP मॉडल) के तहत विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए इच्छुक किसान, किसान उत्पादक संगठन (FPO), जीविका समूह, निजी उद्यमी, चीनी मिल संचालक और गुड़ उद्योग से जुड़े लोग आवेदन कर सकते हैं। चयनित आवेदकों को सरकार की ओर से आर्थिक सहायता और जरूरी सहयोग भी दिया जाएगा।

वैज्ञानिक तकनीक से तैयार होंगे रोगमुक्त पौधे

नई नर्सरियों में वैज्ञानिकों की निगरानी में गन्ने के पौधे तैयार किए जाएंगे। इनमें रोगमुक्त और ज्यादा उत्पादन देने वाली किस्मों को प्राथमिकता दी जाएगी। अभी गन्ने की खेती में रेड रॉट जैसी बीमारियों के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है। नई तकनीक से तैयार पौधों से बीमारी का खतरा कम होगा और खेतों में उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जुलाई में DA बढ़ना तय?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है। महंगाई भत्ते की गणना के लिए जरूरी AICPI-IW के नए आंकड़े जारी होने के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि कर्मचारियों के DA में करीब 3 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है।

मई के आंकड़े से बढ़ी DA बढ़ोतरी की उम्मीद

महंगाई भत्ते की गणना के लिए श्रम ब्यूरो की ओर से जारी AICPI-IW इंडेक्स काफी अहम माना जाता है। मई 2026 में यह इंडेक्स बढ़कर 150.8 तक पहुंच गया है। इससे पहले यह 149.9 पर था। यानी एक महीने में इंडेक्स में 0.9 अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इंडेक्स में लगातार बढ़ोतरी को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई 2026 से केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिलने वाले DA और DR में इजाफा हो सकता है।

3 फीसदी DA बढ़ने की क्यों जताई संभावना?

7वें वेतन आयोग के नियमों के अनुसार महंगाई भत्ते की गणना पिछले 12 महीनों के AICPI-IW इंडेक्स के औसत के आधार पर की जाती है। जनवरी और जुलाई में साल में दो बार DA में संशोधन किया जाता है। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर अनुमान लगाया जा रहा है कि जुलाई 2026 के लिए DA गणना में औसत इंडेक्स करीब 148.63 के आसपास रह सकता है। अगर जून 2026 में भी इंडेक्स में बढ़ोतरी जारी रहती है, तो DA में लगभग 3 फीसदी तक का इजाफा संभव माना जा रहा है।

जून के आंकड़ों और सरकार के फैसले का इंतजार

फिलहाल सभी की नजर जून 2026 के AICPI-IW आंकड़ों पर है। इसके बाद महंगाई भत्ते की तस्वीर पूरी तरह साफ होगी। आंकड़े जारी होने के बाद प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार के पास भेजा जाएगा और केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने के बाद नई दर लागू की जाएगी। ऐसे में केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से DA बढ़ोतरी की उम्मीद है। अगर अनुमान सही साबित होता है तो यह बढ़ोतरी कर्मचारियों के लिए महंगाई के बीच आर्थिक राहत लेकर आ सकती है।

यूपी में शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी, शासनादेश भी जारी

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश के परिषदीय स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यूपी शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET) 2026 में शामिल होने वाले शिक्षकों को अब परीक्षा के दिन छुट्टी मिलेगी और यह अवकाश उनके वेतन के साथ दिया जाएगा। सरकार ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।

इस फैसले से प्रदेश के करीब 1.86 लाख से ज्यादा शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो इस बार शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होने जा रहे हैं।

परीक्षा वाले दिन मिलेगा विशेष अवकाश

बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, यूपीटीईटी 2026 में भाग लेने वाले सेवारत शिक्षकों को उनकी परीक्षा की तारीख पर विशेष अवकाश दिया जाएगा। यानी जिस दिन शिक्षक की परीक्षा होगी, उसी दिन वह अवकाश लेकर बिना किसी परेशानी के परीक्षा केंद्र पहुंच सकेंगे। सरकार के इस फैसले से शिक्षकों को ड्यूटी और परीक्षा के बीच तालमेल बनाने में आसानी होगी।

2 से 4 जुलाई तक होगी परीक्षा

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से यूपीटीईटी 2026 का आयोजन 2, 3 और 4 जुलाई को किया जा रहा है। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों में आयोजित होगी। इस परीक्षा में बड़ी संख्या में बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षक भी अभ्यर्थी के तौर पर शामिल हो रहे हैं।

शिक्षकों की मांग पर फैसला

काफी समय से परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षक अवकाश की मांग कर रहे थे। शिक्षकों का कहना था कि स्कूल की जिम्मेदारी और परीक्षा की तैयारी दोनों को संभालना मुश्किल हो रहा है। इसी को देखते हुए शासन ने विशेष अवकाश देने का निर्णय लिया है। अब परीक्षा देने वाले शिक्षक अपनी परीक्षा की तारीख के अनुसार छुट्टी ले सकेंगे।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, युवाओं के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में युवाओं के लिए रोजगार और नई तकनीक से जुड़ी बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल तकनीक के क्षेत्र में युवाओं को तैयार करने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य युवाओं को नौकरी के साथ-साथ स्टार्टअप और उद्यमिता के नए अवसरों से जोड़ना है।

सरकार की योजना के तहत करीब 10 लाख युवाओं को AI, डिजिटल स्किल और आधुनिक तकनीकों की ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए स्टार्टअप नीति और एआई प्रज्ञा प्रोग्राम के जरिए युवाओं को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से तैयार किया जाएगा।

49 आईटीआई में खुलेंगी AI लैब

तकनीकी शिक्षा को मजबूत करने के लिए राज्य के 49 आईटीआई में AI लैब स्थापित करने की तैयारी है। इन लैब में छात्रों को सिर्फ किताबी जानकारी नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल ट्रेनिंग भी दी जाएगी। AI, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल टूल्स की जानकारी मिलने से छात्र उद्योगों की जरूरत के अनुसार अपनी स्किल विकसित कर पाएंगे।

इन शहरों में बढ़ेगी स्टार्टअप गतिविधियां

राज्य सरकार ने बिहार के कई प्रमुख शहरों को टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी की है। इसमें पटना, दरभंगा, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया जैसे शहर शामिल हैं। इन शहरों में स्टार्टअप से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि युवाओं को अपने आइडिया पर काम करने और नए कारोबार शुरू करने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर माहौल मिल सके।

100 से ज्यादा स्टार्टअप इन्क्यूबेटर बनाने की योजना

युवाओं के नए बिजनेस आइडिया को आगे बढ़ाने के लिए राज्य में 100 से अधिक स्टार्टअप इन्क्यूबेटर तैयार करने की योजना है। इन इन्क्यूबेटर सेंटरों में युवाओं को बिजनेस प्लान तैयार करने, तकनीकी सहायता लेने और विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे नए स्टार्टअप को शुरुआत से मजबूत आधार मिल सकेगा।

Google और Microsoft जैसी कंपनियों से मिलेगी ट्रेनिंग

युवाओं को विश्वस्तरीय तकनीक की जानकारी देने के लिए बड़ी टेक कंपनियों के साथ सहयोग की योजना बनाई गई है। इसके तहत AI, डेटा एनालिटिक्स और अन्य आधुनिक डिजिटल क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवाओं की तकनीकी क्षमता बढ़ेगी और उन्हें रोजगार के नए विकल्प मिल सकेंगे।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, जेलों में लागू होंगे नए नियम

पटना। बिहार की जेलों में अब पुरानी व्यवस्था में बदलाव की तैयारी है। जेलों में सुरक्षा मजबूत करने, बंदियों की सुविधाएं बढ़ाने और सुधारात्मक माहौल तैयार करने के लिए कारा एवं सुधार सेवाएं विभाग ने नई गाइडलाइन जारी की है। बेऊर जेल से सामने आई व्यवस्थागत कमियों के बाद विभाग ने राज्य की सभी जेलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।

नई व्यवस्था में बंदियों को उनकी श्रेणी के अनुसार रखने, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और जेल प्रशासन में अनुशासन बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है।

नए अपराधियों को अलग रखने की तैयारी

जेलों में अब पहली बार अपराध करने वाले बंदियों और युवा बंदियों के लिए अलग व्यवस्था की जाएगी। विभाग का मानना है कि नए बंदियों को कुख्यात अपराधियों से अलग रखने से उन पर गलत प्रभाव कम होगा और सुधार की संभावना बढ़ेगी। वहीं गंभीर अपराधों में शामिल बंदियों को सामान्य कैदियों से अलग रखने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे जेल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था बेहतर बनी रहे।

निजी मेस और लापरवाही पर कार्रवाई

विभाग ने जेलों में निजी मेस चलाने की व्यवस्था पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। नियमों की अनदेखी मिलने पर संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही जेल अधीक्षकों को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने साफ कर दिया है कि जेल प्रबंधन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जरूरतमंद बंदियों को विशेष सुविधा

नई गाइडलाइन में बुजुर्ग, बीमार और गर्भवती महिला बंदियों के लिए विशेष देखभाल की व्यवस्था करने को कहा गया है। ऐसे बंदियों को उनकी जरूरत के हिसाब से भोजन और सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा सभी बंदियों को तय मानकों के अनुसार भोजन देने और खाने की गुणवत्ता पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।

शिक्षा के जरिए सुधार की पहल

जेल में बंद युवा कैदियों को शिक्षा से जोड़ने की योजना बनाई गई है। विभाग ने निर्देश दिया है कि तरुण बंदियों को शैक्षणिक गतिविधियों में शामिल किया जाए, ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

स्वास्थ्य और सफाई व्यवस्था

अब जेलों में हर महीने स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे। बंदियों की सेहत पर नियमित नजर रखने के लिए मेडिकल व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही जेल परिसर, बैरक, रसोईघर और शौचालयों की सफाई व्यवस्था को लेकर भी अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने को कहा गया है।

जेलों में दिखेगा हरियाली

सरकार जेल परिसरों को हरित क्षेत्र के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत पौधारोपण, औषधीय पौधों और खेती जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा बंदियों को काम से जोड़ने और उनके कौशल विकास के लिए जेल की कर्मशालाओं को भी मजबूत करने की तैयारी है।

यूपी में सभी 'ग्राम प्रधानों' के लिए नया अपडेट, पढ़ें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों और ग्राम प्रधानों को लेकर चल रहे विवाद पर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा कदम उठाया है। पंचायत चुनावों को आगे बढ़ाने और मौजूदा ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए रखने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को इस मामले में चार सप्ताह के भीतर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई अब 3 अगस्त 2026 को होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति अजित कुमार और न्यायमूर्ति विनय कुमार द्विवेदी की खंडपीठ ने दिया।

ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के फैसले पर उठे सवाल

दरअसल, उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से 26 मई 2026 को जारी शासनादेश के तहत निवर्तमान ग्राम प्रधानों को छह महीने तक ग्राम पंचायतों का प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था की गई थी। इस फैसले को लेकर सवाल उठाए गए हैं कि क्या चुनाव प्रक्रिया को टालकर निर्वाचित प्रतिनिधियों की जगह प्रशासक नियुक्त करना संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप है।

इसी मामले को लेकर बीएएलएलबी तृतीय वर्ष के छात्र आयुष पाण्डेय और युधिष्ठिर वर्मा ने जनहित याचिका दाखिल की है। याचिका में सरकार के शासनादेश के साथ-साथ उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 की धारा 12(3-ए) की वैधता को भी चुनौती दी गई है।

अब सिर्फ शासनादेश नहीं, कानून की भी होगी जांच

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि यदि ग्राम पंचायत चुनाव टालने और प्रशासक नियुक्त करने की व्यवस्था इसी कानूनी प्रावधान के आधार पर की जा रही है, तो सिर्फ शासनादेश की समीक्षा पर्याप्त नहीं होगी। ऐसे में संबंधित कानून की संवैधानिकता की भी जांच जरूरी है। इससे पहले 22 जून 2026 को हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को याचिका में संशोधन करने की अनुमति दी थी। इसके बाद संशोधित याचिका दाखिल की गई, जिसमें कानूनी प्रावधान को भी चुनौती दी गई है।

संविधान के अनुच्छेद 243 ई का दिया गया हवाला

याचिका में कहा गया है कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 243 ई पंचायतों के निश्चित कार्यकाल और समय पर चुनाव कराने की व्यवस्था करता है। याचिकाकर्ताओं का तर्क है कि पंचायतों का कार्यकाल पूरा होने के बाद लंबे समय तक प्रशासकों के माध्यम से व्यवस्था चलाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की भावना के खिलाफ हो सकता है।

ग्राम प्रधानों के लिए क्या है मामला?

फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश के बाद ग्राम प्रधानों और पंचायत चुनावों से जुड़ा मामला फिर चर्चा में आ गया है। राज्य सरकार का जवाब आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि चुनाव प्रक्रिया और प्रशासक नियुक्ति को लेकर आगे क्या निर्णय होगा। फिलहाल निवर्तमान ग्राम प्रधानों की स्थिति और पंचायत चुनावों की तारीख को लेकर अंतिम फैसला हाईकोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई के बाद ही सामने आएगा।

शुक्र-केतु का दुर्लभ संयोग, 4 राशियों के लिए बन रहा है लाभ और तरक्की का योग

04 जुलाई 2026: ज्योतिष गणना के अनुसार सिंह राशि में शुक्र और केतु की युति बनने जा रही है। शुक्र ग्रह 04 जुलाई को शाम करीब 7:14 बजे सिंह राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से ही केतु विराजमान हैं। दोनों ग्रहों की यह युति ज्योतिष में विशेष मानी जाती है। इसे कई ज्योतिष विद्वान 'वित्त-वैराग्य योग' के नाम से भी जानते हैं।

शुक्र को धन, वैभव, प्रेम, कला, सुख-सुविधाओं और भौतिक जीवन का कारक माना जाता है, जबकि केतु आध्यात्मिकता, अचानक बदलाव और गहरी सोच का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में यह संयोग कुछ राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ, करियर में उन्नति और नए अवसरों के संकेत दे सकता है।

1. मेष राशि

शुक्र-केतु की युति मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लंबे समय से अटके काम पूरे होने के योग बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि में ही शुक्र और केतु की युति बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर पहचान मिल सकती है। वहीं, धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं, इसलिए शुक्र की स्थिति इस राशि के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। इस युति के प्रभाव से सुख-सुविधाओं में वृद्धि हो सकती है। रिश्तों में मजबूती आएगी और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। निवेश या आर्थिक योजनाओं में भी लाभ के संकेत मिल सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह संयोग नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं। भाग्य का साथ मिलने से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नई उपलब्धियां मिलने के योग बन सकते हैं।

IBPS PO Recruitment 2026: ग्रेजुएट युवाओं के लिए खुशखबरी, ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन (IBPS) ने PO/MT Recruitment 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत प्रोबेशनरी ऑफिसर (PO) और मैनेजमेंट ट्रेनी (MT) के कुल 6715 पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती CRP PO/MT-XVI (Common Recruitment Process) के तहत आयोजित की जा रही है। आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 21 जुलाई 2026 तक का समय है।

IBPS PO 2026 भर्ती की मुख्य जानकारी

पद का नाम: प्रोबेशनरी ऑफिसर / मैनेजमेंट ट्रेनी

कुल पद: 6715

आवेदन शुरू होने की तारीख: 1 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 21 जुलाई 2026

आवेदन के लिए वेबसाइट: www.ibps.in

कौन कर सकता है आवेदन?

IBPS PO भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। यानी आर्ट्स, कॉमर्स, साइंस या अन्य किसी भी स्ट्रीम से स्नातक युवा इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा कितनी है?

इस भर्ती में आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

IBPS PO 2026 के लिए आवेदन करते समय उम्मीदवारों को शुल्क जमा करना होगा। सामान्य वर्ग: 850 रुपये, SC/ST/PwBD वर्ग: 175 रुपये, आवेदन शुल्क ऑनलाइन माध्यम से जमा किया जा सकता है।

कैसे होगा चयन?

IBPS PO भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा। इसमें शामिल हैं प्रारंभिक परीक्षा (Prelims Exam), मुख्य परीक्षा (Mains Exam), पर्सनैलिटी टेस्ट, इंटरव्यू। सभी चरणों में सफल उम्मीदवारों को बैंकिंग सेक्टर में प्रोबेशनरी ऑफिसर या मैनेजमेंट ट्रेनी के पद पर नियुक्ति दी जाएगी।

केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी: देशभर के ग्रामीण मजदूरों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के मजदूरों को बड़ी राहत देने की तैयारी की है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 'विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025' के तहत नई मजदूरी दरों का ऐलान किया है। नई दरें 1 जुलाई से लागू होंगी। सरकार का दावा है कि इस बदलाव से ग्रामीण मजदूरों की आय में सुधार होगा और रोजगार व्यवस्था को ज्यादा मजबूत बनाया जा सकेगा।

नई व्यवस्था के तहत पहली बार ग्रामीण रोजगार योजना में 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम बेस मजदूरी तय की गई है। यानी किसी भी स्थिति में तय मजदूरी इससे कम नहीं होगी। सरकार ने इसे ग्रामीण श्रमिकों की आर्थिक सुरक्षा और श्रम के सम्मान की दिशा में बड़ा कदम बताया है।

अब 100 नहीं, 125 दिनों तक मिलेगा रोजगार

नई योजना में ग्रामीण परिवारों को पहले मिलने वाली 100 दिनों की रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूर परिवारों को सालभर में ज्यादा दिनों तक काम मिलने का अवसर मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकेगी।

मजदूरी में 15 से 25 फीसदी तक बढ़ोतरी

नई मजदूरी दरों के लागू होने के बाद देश के कई राज्यों में ग्रामीण मजदूरों की दैनिक मजदूरी बढ़ जाएगी। सरकार के अनुसार कई राज्यों में मजदूरी दरों में 15 से 25 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई है। औसत दैनिक मजदूरी अब करीब 327 रुपये से अधिक हो गई है, जबकि न्यूनतम मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।

समय पर भुगतान और देरी पर मुआवजा

नई व्यवस्था में मजदूरों को भुगतान में देरी से बचाने के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। मजदूरी का भुगतान अधिकतम 15 दिनों के अंदर सुनिश्चित करने की व्यवस्था की गई है। अगर भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा मिलने का प्रावधान रखा गया है।

रोजगार नहीं मिला तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

सरकार ने रोजगार की गारंटी को और मजबूत करते हुए कहा है कि अगर मजदूर आवेदन करने के 15 दिनों के अंदर काम नहीं मिलता है, तो उसे बेरोजगारी भत्ता पाने का कानूनी अधिकार होगा।

सूर्य और गुरु की युति से खुलेंगे भाग्य, 4 राशियों को मिलेगा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनकी युति का विशेष महत्व माना जाता है। 16 जुलाई 2026 को सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। कर्क राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति विराजमान रहेंगे। ऐसे में सूर्य और गुरु की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में गुरु आदित्य योग के नाम से जाना जाता है।

मान्यता है कि गुरु आदित्य योग ज्ञान, सफलता, सम्मान और उन्नति से जुड़ा होता है। इस शुभ संयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ सकता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष लाभ लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वो 4 राशियां जिन्हें इस योग से फायदा मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य और गुरु की युति सकारात्मक परिणाम दे सकती है। इस दौरान करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को जिम्मेदारी बढ़ने के साथ सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में शुभ रह सकता है। आय के नए साधन बनने के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है। परिवार से जुड़ी खुशियां बढ़ेंगी और किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिल सकती है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को गुरु आदित्य योग का विशेष लाभ मिल सकता है। इस अवधि में आत्मविश्वास बढ़ेगा और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी। नौकरी और व्यापार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के लिए सूर्य और गुरु की युति भाग्य को मजबूत करने वाली साबित हो सकती है। शिक्षा, करियर और व्यवसाय से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं। यात्रा या नए लोगों से संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं।

रेलवे का नया फरमान, अधिकारियों-कर्मचारियों को दिए गए निर्देश

नई दिल्ली। रेलवे में कामकाज को लेकर एक नया निर्देश जारी किया गया है। अब अधिकारियों और कर्मचारियों को कार्यालयी कार्यों में हिंदी के इस्तेमाल को प्राथमिकता देनी होगी। उत्तर रेलवे ने सभी विभागों में राजभाषा नियमों का सख्ती से पालन कराने की तैयारी शुरू कर दी है।

उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक राजेश कुमार पांडेय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कार्यालयों में हिंदी में काम करने की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि राजभाषा से जुड़े लक्ष्यों को पूरा करना सभी विभागों की जिम्मेदारी है।

निरीक्षण रिपोर्ट में देनी होगी हिंदी कार्य की जानकारी

महाप्रबंधक ने अधिकारियों से कहा है कि जब भी वे अपने विभागों का निरीक्षण करें तो राजभाषा कार्यान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा करें। निरीक्षण रिपोर्ट में हिंदी के उपयोग और प्रगति से जुड़ी जानकारी शामिल करना अनिवार्य होगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि विभागों में हिंदी के इस्तेमाल को केवल औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि रोजमर्रा के कामकाज में भी लागू किया जाए।

संसदीय समिति के निरीक्षण को लेकर तैयारी

रेलवे अधिकारियों को संसदीय राजभाषा समिति के निरीक्षण को ध्यान में रखते हुए जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। कार्यालय प्रमुखों को निरीक्षण के दौरान स्वयं मौजूद रहने और समिति की गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा समिति की प्रश्नावली को सही और पूरी जानकारी के साथ भरने के निर्देश भी दिए गए हैं।

अधिकारियों को हिंदी में काम करने की अपील

मुख्य राजभाषा अधिकारी शिल्पी अग्रवाल ने अधिकारियों से अपील की कि वे स्वयं हिंदी में कार्य करें और अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि कार्यालयों में हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए नियमित निगरानी जरूरी है।

राजभाषा व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर

इस संबंध में क्षेत्रीय राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें उत्तर रेलवे के विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राजभाषा से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई और आगे की रणनीति पर चर्चा हुई। रेलवे का यह कदम सरकारी कामकाज में हिंदी के उपयोग को बढ़ाने और विभागीय कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

LPG सिलेंडर की कीमतों पर खुशखबरी, 1 जुलाई से लागू हुए नए दाम

न्यूज डेस्क। जुलाई महीने की शुरुआत आम लोगों और कारोबारियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आई है। तेल कंपनियों ने 1 जुलाई 2026 से एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी हैं। इस बार 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम में कटौती की गई है।

हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। यानी घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पुराने रेट पर ही मिलेंगे। ऑयल मार्केटिंग कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी की कीमतों की समीक्षा करती हैं। इसी प्रक्रिया के तहत जुलाई में कमर्शियल सिलेंडर के दाम घटाए गए हैं।

2026 में पहली बार घटे दाम

इस साल कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखने को मिली थी। जनवरी में जो सिलेंडर करीब 1,691 रुपये का था, उसकी कीमत बढ़ते-बढ़ते मई में 3 हजार रुपये के पार पहुंच गई थी। जून में भी कीमतों में बढ़ोतरी हुई थी, लेकिन जुलाई में कंपनियों ने पहली बार कटौती कर राहत दी है।

अलग-अलग शहरों में नई कीमतें

नई दरों के मुताबिक दिल्ली में 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर अब 2,930 रुपये में मिलेगा। वहीं कोलकाता में इसकी कीमत घटकर 3,081.50 रुपये हो गई है। लखनऊ में कमर्शियल सिलेंडर की नई कीमत 3,052.50 रुपये और पटना में 3,227 रुपये तय की गई है। ये नई कीमतें 1 जुलाई 2026 से लागू हो चुकी हैं।

घरेलू गैस सिलेंडर पर नहीं मिली राहत

कमर्शियल सिलेंडर सस्ता होने के बावजूद घरेलू एलपीजी सिलेंडर के उपभोक्ताओं को इस बार कोई बदलाव नहीं मिला है। दिल्ली में घरेलू सिलेंडर 942 रुपये, कोलकाता में 968 रुपये, मुंबई में 941.50 रुपये और चेन्नई में 957.50 रुपये की कीमत पर उपलब्ध है।

रोज खाएं मखाना, मिलेंगे ये 7 जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ

हेल्थ डेस्क। मखाना भारतीय खानपान का एक ऐसा हिस्सा है, जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है। व्रत से लेकर रोजाना की डाइट तक में मखाने का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, मैग्नीशियम और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से लाभ पहुंचा सकते हैं।

अगर मखाने को संतुलित मात्रा में अपनी डाइट में शामिल किया जाए तो यह स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। आइए जानते हैं रोज मखाना खाने के 7 बड़े फायदे।

1. वजन नियंत्रित करने में मददगार

मखाने में फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है। इससे बार-बार खाने की आदत कम हो सकती है और वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

2. हड्डियों के लिए फायदेमंद

मखाने में कैल्शियम और अन्य खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी माने जाते हैं। नियमित सेवन से हड्डियों के स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

3. दिल की सेहत के लिए अच्छा

मखाना कम फैट वाला खाद्य पदार्थ माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर में बेहतर स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद कर सकते हैं और दिल की सेहत के लिए लाभकारी हो सकते हैं।

4. पाचन तंत्र को रखता है बेहतर

मखाने में फाइबर होने के कारण यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इससे कब्ज जैसी समस्याओं में भी राहत मिल सकती है।

5. ऊर्जा बढ़ाने में सहायक

मखाने में मौजूद कार्बोहाइड्रेट और पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। इसे स्नैक के रूप में खाने से दिनभर सक्रिय रहने में सहायता मिल सकती है।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

मखाने में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व त्वचा की चमक बनाए रखने और बालों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

7. ब्लड शुगर संतुलन में मदद

मखाने का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम माना जाता है, इसलिए यह संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। हालांकि मधुमेह से जुड़े लोगों को अपनी डाइट में बदलाव करने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेनी चाहिए।

2 जुलाई से खुलेंगे भाग्य के द्वार, इन 4 राशियों को मिलेगा लाभ ही लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति का प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। 2 जुलाई से ग्रहों की चाल में होने वाले बदलाव के कारण कुछ राशियों के लिए यह समय शुभ संकेत लेकर आ सकता है। इस दौरान कई लोगों को करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 2 जुलाई से कुछ राशियों के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने और नई सफलताओं के योग बन सकते हैं। आइए जानते हैं कौन-सी हैं वो 4 राशियां जिन्हें इस समय लाभ मिलने के संकेत हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए 2 जुलाई से समय अनुकूल रह सकता है। इस अवधि में आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय धन और सफलता के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार करने वाले लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए 2 जुलाई के बाद भाग्य का साथ मिलने के योग बन सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। यात्रा या नए संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं।

बिहार सरकार का फैसला, कर्मचारियों की छुट्टी को लेकर नए नियम लागू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों के लिए अवकाश लेने की व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। अब सरकारी अधिकारी और कर्मचारी छुट्टी के लिए ऑफलाइन आवेदन नहीं कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत सभी प्रकार के अवकाश के लिए ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

सरकार की ओर से लागू किए गए नए नियम 1 जुलाई से प्रभावी हो गए हैं। इसके बाद कर्मचारियों को छुट्टी लेने के लिए कार्यालय में आवेदन पत्र जमा करने की जरूरत नहीं होगी। अब यह पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी की जाएगी।

HMRS पोर्टल और ऐप से करना होगा आवेदन

सामान्य प्रशासन विभाग के निर्देश के अनुसार अब आकस्मिक अवकाश (CL), अर्जित अवकाश (EL) सहित अन्य सभी तरह की छुट्टियों के लिए HMRS यानी ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम का उपयोग करना होगा। कर्मचारी पोर्टल या मोबाइल ऐप के जरिए छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। वहीं संबंधित अधिकारी भी ऑनलाइन माध्यम से ही आवेदन को मंजूरी देंगे या अस्वीकार करेंगे।

सभी कर्मचारियों को करना होगा पंजीकरण

सरकार ने सभी राज्यकर्मियों को HMRS मोबाइल ऐप डाउनलोड कर अपना पंजीकरण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अब आगे से अवकाश से जुड़े सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। बिहार सरकार का यह कदम सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाने और मानव संसाधन प्रबंधन को बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी सुविधा

नई ऑनलाइन व्यवस्था लागू होने से सरकारी कर्मचारियों को छुट्टी के लिए दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। आवेदन करने से लेकर स्वीकृति मिलने तक की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होने से समय की बचत होगी और व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।

छुट्टियों का रिकॉर्ड रहेगा सुरक्षित

नई प्रणाली में हर कर्मचारी के अवकाश का रिकॉर्ड ऑनलाइन सुरक्षित रहेगा। इससे विभागों को कर्मचारियों की छुट्टियों की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। साथ ही लंबित आवेदनों की निगरानी और प्रबंधन भी पहले से आसान होगा।

यूपीवासियों के लिए खुशखबरी! खुलेंगी 23 नई आयुष मेडिकल यूनिट, 17 कॉलेजों में AI कोर्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। प्रदेश में नागरिकों को बेहतर पारंपरिक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 23 नई आयुष मेडिकल यूनिट स्थापित की जाएंगी। इसके साथ ही राज्य के 17 आयुष कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे।

इस योजना को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय आयुष मिशन की गवर्निंग बॉडी की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता मुख्य सचिव एसपी गोयल ने की। बैठक में वर्ष 2026-27 के लिए 613.42 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है। अब इस प्रस्ताव को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय आयुष मंत्रालय भेजा जाएगा।

आयुष कॉलेजों में AI शिक्षा पर जोर

प्रदेश के आयुष कॉलेजों में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए AI पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। इसके अलावा 51 स्मार्ट क्लासरूम भी बनाए जाएंगे, जिन पर करीब 3 करोड़ रुपये से अधिक की राशि खर्च होगी। इससे छात्रों को आधुनिक तकनीक के साथ पढ़ाई का बेहतर माहौल मिलेगा।

नए आयुष केंद्रों से स्वास्थ्य सुविधाएं

सरकार का उद्देश्य ग्रामीण और दूर-दराज के क्षेत्रों तक आयुष चिकित्सा सेवाओं की पहुंच बढ़ाना है। नई मेडिकल यूनिट खुलने से लोगों को आयुर्वेद, होम्योपैथी और अन्य पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इसके साथ ही झांसी और शाहजहांपुर में होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज व अस्पताल की सुविधाओं को भी आगे बढ़ाने की योजना है। आयुर्वेद कॉलेज वाराणसी में छात्रावास निर्माण के लिए भी बजट तय किया गया है।

बिहार में मानसून की रफ्तार तेज, अगले 5 दिनों तक बरसेंगे बादल, किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज अब बदलने वाला है। राज्य में मानसून के सक्रिय होने के बाद अगले पांच दिनों तक कई इलाकों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार, बिहार के सभी हिस्सों में मानसून का असर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश के कारण तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले कुछ दिनों में राज्य के अधिकतर जिलों में अधिकतम तापमान में करीब 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है। वहीं न्यूनतम तापमान में भी 1 से 3 डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से काफी राहत मिलेगी।

कई जिलों में बारिश के आसार

बुधवार को बिहार के कई क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई है। दक्षिण मध्य बिहार के पटना, नालंदा, गया, नवादा, जहानाबाद, लखीसराय और बेगूसराय जैसे जिलों में मौसम बदलने के आसार हैं। वहीं दक्षिण पश्चिम बिहार के रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में भी बारिश हो सकती है।

इसके अलावा उत्तर बिहार के कई जिलों में भी बादल बरस सकते हैं। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी में बारिश की संभावना बनी हुई है। उत्तर पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी कुछ स्थानों पर वर्षा हो सकती है।

9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के 9 जिलों में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, कटिहार, पूर्णिया, बांका और भागलपुर में तेज बारिश के साथ आंधी और वज्रपात की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

किसानों के लिए राहत की खबर

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत लेकर आया है। मानसून की सक्रियता से धान समेत खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आने की उम्मीद है। जिन इलाकों में बारिश का इंतजार किया जा रहा था, वहां खेती-किसानी के काम को गति मिल सकती है।

अगले कुछ दिन सुहाना रहेगा मौसम

बीते 24 घंटों में भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम वर्षा हुई। मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक राज्य में कहीं ज्यादा तो कहीं कम बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

बिहार सरकार की बड़ी तैयारी: इन परिवारों को मिलेगी 2 नई खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने भूमिहीन परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में अभियान बसेरा-2 के तहत हजारों पात्र परिवारों को वासभूमि का अधिकार देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे परिवार, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें स्थायी रूप से वासभूमि उपलब्ध कराई जाए। इसी अभियान के तहत 15 अगस्त 2026 को करीब 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

बिहार सरकार ने इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को लाभार्थियों की सूची की जांच कर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। नए पात्र परिवारों का विवरण अभियान बसेरा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और तय समय के अंदर सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

31 जुलाई तक पूरी करनी होगी तैयारी

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 31 जुलाई 2026 तक पात्र परिवारों के प्रमाण-पत्र तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या देरी न हो।

ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। अभियान बसेरा पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की जानकारी दर्ज की जाएगी, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

38 जिलों में 30 हजार परिवारों का लक्ष्य

राज्य सरकार ने बिहार के सभी 38 जिलों में पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। सबसे ज्यादा लाभार्थियों का लक्ष्य पटना जिले के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में परिवारों को वासभूमि प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, गया, समस्तीपुर, सारण और दरभंगा समेत कई जिलों के परिवारों को भी इसका फायदा मिलेगा।

45+ पुरुषों के लिए जरूरी हैं ये 5 काम, शरीर में बनी रहेगी ताकत और स्टेमिना

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। 45 साल के बाद पुरुषों में ऊर्जा का स्तर, मांसपेशियों की ताकत और फिटनेस को बनाए रखने के लिए जीवनशैली पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

अगर खानपान, व्यायाम और रोजमर्रा की आदतों में सुधार किया जाए तो बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 जरूरी काम, जिन्हें 45+ पुरुष अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

1. रोज करें हल्की एक्सरसाइज

45 की उम्र के बाद नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी हो जाती है। रोजाना वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर एक्टिव रह सकता है। व्यायाम मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने और शरीर की सामान्य कार्यक्षमता को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।

2. प्रोटीन और पौष्टिक आहार लें

इस उम्र में शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। डाइट में दाल, अंडा, दूध, पनीर, मछली, सोयाबीन और अन्य प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही हरी सब्जियां, फल और सूखे मेवे शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने में मदद करते हैं।

3. पर्याप्त नींद लें

अच्छी नींद शरीर की ऊर्जा और रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण होती है। लगातार कम नींद लेने से थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। 45+ पुरुषों को अपनी नींद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए और नियमित समय पर सोने की आदत बनानी चाहिए।

4. तनाव को रखें नियंत्रित

लंबे समय तक तनाव शरीर और मन दोनों पर असर डाल सकता है। ध्यान, योग, पसंदीदा गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। सकारात्मक सोच और संतुलित दिनचर्या भी फिटनेस का अहम हिस्सा है।

5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

उम्र बढ़ने के साथ समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना फायदेमंद रहता है। इससे शरीर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने में मदद मिलती है। ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य सामान्य जांच डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराई जा सकती हैं।

सरस्वती राजयोग का असर शुरू! इन 4 राशियों को मिल सकती है सफलता और खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की युति से बनने वाले कई शुभ योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है सरस्वती राजयोग। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब ज्ञान, बुद्धि और कला से जुड़े ग्रहों का शुभ संबंध बनता है तो यह योग शिक्षा, करियर और रचनात्मक क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव दे सकता है।

बताया जा रहा है कि 1 जुलाई से 4 जुलाई तक कर्क राशि में बुध, गुरु और शुक्र की युति से सरस्वती राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों को इस दौरान लाभ के संकेत मिल सकते हैं।

1. कर्क राशि

कर्क राशि में ही ग्रहों की यह विशेष युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा सकता है। कामकाज में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार और नई योजनाओं में सफलता के योग बन सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए सरस्वती राजयोग ज्ञान और संवाद क्षमता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। बुध के प्रभाव से सोचने-समझने की क्षमता बेहतर हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। बुध की कृपा से कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सफलता मिल सकती है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर बन सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। छात्रों के लिए भी यह समय उपलब्धियों वाला रह सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र और शुभ ग्रहों का प्रभाव लाभकारी माना जा रहा है। रचनात्मक कार्यों, कला, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में मजबूती आएगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत मिल सकते हैं। नई शुरुआत के लिए समय अच्छा साबित हो सकता है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी शुरू: LPG ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के दौरान कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को लेकर जो चुनौतियां सामने आईं, उसके बाद भारत ने भविष्य के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है।

कच्चे तेल के साथ LPG और LNG पर भी फोकस

भारत की योजना सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है। सरकार एलपीजी और एलएनजी जैसे जरूरी ईंधनों के सुरक्षित भंडारण पर भी ध्यान दे रही है। इसका मकसद यह है कि अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध या सप्लाई बाधित होने जैसी परिस्थितियों में आम लोगों और उद्योगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

विशेष समिति करेगी पूरी योजना पर काम

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस रणनीतिक रिजर्व योजना को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है। यह समिति भंडारण के स्थान, जमीन के ऊपर या भूमिगत स्टोरेज की व्यवस्था, संचालन मॉडल और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करेगी।

मौजूदा तेल रिजर्व बढ़ाने की तैयारी

फिलहाल भारत के पास रणनीतिक कच्चे तेल का भंडार मौजूद है, लेकिन इसकी क्षमता कई बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों की तुलना में कम है। सरकार अब नए स्टोरेज सिस्टम विकसित कर मौजूदा क्षमता को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। योजना के तहत आने वाले वर्षों में रिजर्व को काफी अधिक स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

LPG भंडारण बढ़ाने की जरूरत

रसोई गैस यानी LPG देश के करोड़ों परिवारों की जरूरत है। अभी LPG के रणनीतिक भंडारण की क्षमता सीमित है। LPG को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है, क्योंकि इसे दबाव के साथ तरल रूप में स्टोर किया जाता है। सरकार अब आपात स्थिति के लिए LPG स्टॉक बढ़ाने पर भी काम कर रही है, ताकि सप्लाई में अचानक परेशानी आने पर घरेलू ग्राहकों को राहत मिल सके।

LNG के लिए भी तैयार होगी रणनीति

प्राकृतिक गैस यानी LNG के भंडारण में तकनीकी चुनौतियां ज्यादा हैं। इसे बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखना पड़ता है। सरकार LNG स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है, ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।

आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

रणनीतिक ईंधन रिजर्व बनने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वैश्विक संकट के समय भी देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी। इससे LPG सप्लाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक बदलाव का असर कम करने में मदद मिल सकती है।