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बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बड़ी खबर

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से अपने घर के पास स्कूल में स्थानांतरण (ट्रांसफर) की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों के लिए राज्य सरकार अब ठोस कदम उठाती दिख रही है। सरकार की योजना है कि दूर-दराज के जिलों में वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षकों को भी उनके गृह क्षेत्र के नजदीक स्कूल में ट्रांसफर का समान अवसर मिले।

घर के पास पोस्टिंग पर सरकार का फोकस

राज्य के कई शिक्षक ऐसे हैं, जो सालों से अपने परिवार से दूर पिछड़े या दूरस्थ इलाकों में तैनात हैं। अब बिहार सरकार इस स्थिति को सुधारने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। उद्देश्य यह है कि ट्रांसफर प्रक्रिया पारदर्शी हो और सभी शिक्षकों को समान अवसर मिले, चाहे वे किसी भी जिले में कार्यरत हों।

ट्रांसफर नीति पर शिक्षा मंत्री का बयान

शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने साफ कहा है कि राज्य में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर किसी भी तरह का भेदभाव नहीं किया जा रहा है। आकांक्षी जिलों और गैर-आकांक्षी जिलों के बीच अलग-अलग नियम लागू होने की बात को उन्होंने सिरे से खारिज कर दिया। उनका कहना है कि पूरे बिहार में एक ही ट्रांसफर नीति लागू है और सभी शिक्षकों का स्थानांतरण उसी के तहत किया जा रहा है। मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन इलाकों से ट्रांसफर अपेक्षाकृत कम हुए हैं, वहां भी नीति समान है और आने वाले समय में सभी को बराबरी का मौका मिलेगा।

BPSC TRE-4 को लेकर स्थिति हुई साफ

शिक्षक नियुक्ति को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने अहम जानकारी दी। उन्होंने बताया कि BPSC TRE-4 भर्ती का ड्राफ्ट दो दिन पहले ही सामान्य प्रशासन विभाग को भेज दिया गया है। शिक्षा विभाग की ओर से सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। दरअसल, बीपीएससी के जारी कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र नहीं होने से शिक्षकों में नाराजगी बढ़ गई थी। इसको लेकर कई जगह विरोध भी देखने को मिला। लेकिन अब सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट कर दी गई है।

44 हजार शिक्षकों की बहाली का एलान

गुरुवार को जेडीयू के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से एक पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी गई कि 44 हजार शिक्षकों की नई बहाली की जाएगी। साथ ही यह भी संकेत दिया गया कि बीपीएससी की ओर से अगले महीने इस भर्ती से संबंधित विज्ञापन जारी किया जा सकता है। इससे बेरोजगार अभ्यर्थियों और कार्यरत शिक्षकों, दोनों में उम्मीद जगी है।

शिक्षकों के लिए क्या है संदेश

सरकार के ताजा बयानों और फैसलों से साफ है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षकों की समस्याओं को भी प्राथमिकता दी जा रही है। चाहे ट्रांसफर का मामला हो या नई नियुक्तियों का, सरकार समान नीति और पारदर्शिता पर जोर दे रही है। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए यह समय उम्मीदों से भरा नजर आ रहा है। आने वाले दिनों में ट्रांसफर प्रक्रिया और नई बहाली से जुड़ी तस्वीर और भी साफ होने की संभावना है।

बिहार से चलेंगी 200 अंतरराज्यीय बसें, किराये में छूट, यात्रियों की खुशखबरी

पटना। होली और ईद के मौके पर घर जाने की तैयारी कर रहे बिहार के यात्रियों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने त्योहारों के दौरान बढ़ती भीड़ को देखते हुए अंतरराज्यीय बस सेवाओं का दायरा बढ़ाने का फैसला लिया है। इसके तहत बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा सीमावर्ती और दूरस्थ राज्यों के लिए बड़ी संख्या में बसें चलाई जाएंगी। निगम की योजना के अनुसार 23 फरवरी से 23 मार्च के बीच करीब 200 अतिरिक्त बसें सड़कों पर उतरेंगी। इन बसों का लाभ खासतौर पर उन प्रवासी बिहारियों को मिलेगा जो त्योहारों में अपने गांव-घर लौटते हैं।

टिकट बुकिंग हुई आसान

यात्रियों को लंबी कतारों से बचाने के लिए इस बार टिकट बुकिंग की व्यवस्था पूरी तरह सुविधाजनक बनाई गई है। यात्री बीएसआरटीसी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से घर बैठे टिकट ले सकते हैं और मनपसंद सीट भी चुन सकते हैं। जो यात्री ऑनलाइन बुकिंग नहीं कर पाते, उनके लिए बस में चढ़ने के बाद ई-टिकट मशीन से टिकट लेने की सुविधा भी दी गई है।

किन रूटों पर दिखेगा ज्यादा जोर

इन बसों का संचालन मुख्य रूप से उन मार्गों पर होगा, जहां त्योहारों में सबसे ज्यादा यात्रियों का दबाव रहता है। दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और झारखंड जाने वाले रूटों को प्राथमिकता दी गई है। राजधानी दिल्ली के लिए सबसे अधिक बसें तय की गई हैं, जबकि हरियाणा और झारखंड के लिए भी अतिरिक्त सेवाएं मिलेंगी। बिहार के भीतर से ये बसें पटना, मुजफ्फरपुर, गया, सीतामढ़ी जैसे प्रमुख शहरों से रवाना होंगी।

आरामदायक सफर और कम किराया

यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इन बसों में एसी, स्लीपर और एसी-स्लीपर विकल्प दिए गए हैं। इसके साथ ही सरकार ने किराये में विशेष छूट देने का फैसला भी लिया है, ताकि लंबी दूरी का सफर जेब पर भारी न पड़े।

यह यात्रियों के लिए राहत भरा फैसला

त्योहारों के समय अतिरिक्त बसें, आसान टिकट व्यवस्था और सस्ता किराया, ये सभी कदम यात्रियों के सफर को सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं। इससे न सिर्फ भीड़ का दबाव कम होगा, बल्कि लोगों को समय पर अपने घर पहुंचने में भी मदद मिलेगी।

बिहार में बनेगा ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा, इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के लिए हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल सामने आ रही है। सारण जिले के सोनपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा अब कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर उतरता दिख रहा है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए करीब 4228 एकड़ भूमि चिन्हित की जा चुकी है और लगभग 1302 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। अगर यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो यह बिहार के बुनियादी ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ देगी।

क्या है ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा

ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट उस हवाई अड्डे को कहा जाता है, जिसे पूरी तरह नई और खाली भूमि पर शुरू से विकसित किया जाता है। इसमें किसी पुराने हवाई अड्डे या मौजूदा ढांचे का उपयोग नहीं होता। रनवे से लेकर टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल टावर, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था सब कुछ आधुनिक तकनीक के साथ नए सिरे से तैयार किया जाता है। 

क्षेत्रीय विकास को मिलेगी नई रफ्तार

इस हवाई अड्डे के बनने से सोनपुर ही नहीं, बल्कि आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। हवाई कनेक्टिविटी बेहतर होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, व्यापार और उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। होटल, ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और सर्विस सेक्टर में भी तेज़ी आने की संभावना है।

राजनैतिक प्रयासों का मिला परिणाम

इस परियोजना को आगे बढ़ाने में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सारण से सांसद राजीव प्रताप रूडी की भूमिका अहम मानी जा रही है। वे लंबे समय से सोनपुर क्षेत्र में हवाई अड्डा स्थापित करने की मांग और कोशिश करते रहे हैं। भूमि चिन्हित होने और प्रशासनिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने को उनके निरंतर प्रयासों की ठोस उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

आधुनिक और टिकाऊ निर्माण पर ज़ोर

ग्रीनफील्ड परियोजना होने के कारण इस हवाई अड्डे के निर्माण में किसी पुराने ढांचे को तोड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे निर्माण कार्य तेज़ी से पूरा किया जा सकेगा और आधुनिक तकनीकों का बेहतर उपयोग संभव होगा। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए टिकाऊ और इको-फ्रेंडली डिज़ाइन अपनाए जाने की योजना है, ताकि विकास के साथ प्रकृति का संतुलन भी बना रहे।

सारण के लिए होगा भविष्य की नई उड़ान

सोनपुर में बनने वाला यह ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा सारण जिले के लिए विकास का नया द्वार खोल सकता है। यह न केवल क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर भी पैदा करेगा। अधिकारियों के अनुसार, प्रशासनिक स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अगर सब कुछ योजना के अनुसार आगे बढ़ा, तो आने वाले वर्षों में सोनपुर बिहार के हवाई मानचित्र पर एक अहम केंद्र के रूप में उभर सकता है।

भारतीय रिज़र्व बैंक में 21 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए एक अहम अवसर सामने आया है। RBI ने वर्ष 2026 के लिए गैर-सीएसजी (Non-Customer Service Guard) श्रेणी के विभिन्न पदों पर भर्ती की अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 21 पदों को भरा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया 6 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 26 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है, जिसकी गणना 1 फरवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। अलग-अलग पदों के लिए आयु सीमा अलग तय की गई है। आरबीआई नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु में छूट भी प्रदान की जाएगी।

पदों का विवरण

इस भर्ती के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण पद शामिल हैं। ग्रेड-बी में विधि अधिकारी के 6 पद, प्रबंधक (तकनीकी-सिविल) के 2 पद, प्रबंधक (तकनीकी-विद्युत) का 1 पद, सहायक प्रबंधक (राजभाषा) के 4 पद और सहायक प्रबंधक (प्रोटोकॉल एवं सुरक्षा) के 8 पद घोषित किए गए हैं। यह पद न केवल प्रतिष्ठित हैं, बल्कि इनमें करियर ग्रोथ की अच्छी संभावनाएं भी मानी जाती हैं।

आवेदन शुल्क

सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 600 रुपये निर्धारित किया गया है, जिस पर 18 प्रतिशत जीएसटी अतिरिक्त देय होगा। वहीं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों को केवल 100 रुपये शुल्क देना होगा, साथ में 18 प्रतिशत जीएसटी। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

परीक्षा और चयन प्रक्रिया

आरबीआई द्वारा इस भर्ती के लिए लिखित परीक्षा का आयोजन 14 मार्च 2026 को किया जाएगा। परीक्षा से कुछ दिन पहले एडमिट कार्ड आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे

उम्मीदवारों के लिए सलाह

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध अधिसूचना को ध्यान से पढ़ना चाहिए। पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, परीक्षा पैटर्न और अन्य शर्तों की सही जानकारी रखना बेहद जरूरी है। समय सीमा समाप्त होने के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।

वैभव सूर्यवंशी का जलवा: 80 गेंदों में ठोक डाले 175 रन

खेल समाचार। क्रिकेट के इतिहास में कुछ पारियां सिर्फ रन नहीं बनातीं, बल्कि पीढ़ियों तक याद रह जाती हैं। अंडर-19 वनडे वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे मुकाबले में ऐसा ही एक लम्हा देखने को मिला, जब 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी ने अपने बल्ले से इतिहास रच दिया।

हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले जा रहे इस खिताबी मुकाबले में भारतीय टीम ने आक्रामक बल्लेबाजी का ऐसा प्रदर्शन किया, जिसने इंग्लैंड ही नहीं, पूरी क्रिकेट दुनिया को हैरान कर दिया। इस विस्फोटक शुरुआत के केंद्र में थे वैभव सूर्यवंशी।

फाइनल का दबाव, लेकिन इरादे फौलाद जैसे

फाइनल जैसे बड़े मंच पर जहां अनुभवी खिलाड़ी भी संभलकर खेलते हैं, वहीं वैभव ने निडर होकर हर गेंदबाज पर हमला बोला। उन्होंने शुरुआत से ही साफ कर दिया कि वह सिर्फ टिकने नहीं, मैच पर राज करने आए हैं। कवर ड्राइव से लेकर पुल और लॉन्ग ऑन के ऊपर से लगाए गए छक्कों तक, हर शॉट में आत्मविश्वास झलक रहा था।

55 गेंदों में शतक, भावनाओं से भरा पल

भारत की पारी के 20वें ओवर में वैभव सूर्यवंशी ने महज 55 गेंदों में अपना शतक पूरा किया। जैसे ही गेंद सीमा रेखा पार गई, स्टेडियम तालियों से गूंज उठा। शतक पूरा करने के बाद वैभव ने हेलमेट उतारा, आंखें बंद कीं और कुछ पल के लिए शांत होकर ईश्वर को धन्यवाद दिया। इसके बाद ड्रेसिंग रूम की ओर देखकर मुस्कराते हुए तालियां बजाईं, मानो यह पल अपने परिवार, कोच और देश को समर्पित कर रहे हों।

80 गेंदों में 175 रन: भविष्य की झलक

वैभव सूर्यवंशी ने अपनी पारी में 80 गेंदों पर 175 रन ठोक दिए, जिसमें चौकों-छक्कों की बरसात शामिल थी। इतनी कम उम्र में, वो भी वर्ल्ड कप फाइनल में, इस तरह की पारी खेलना असाधारण उपलब्धि मानी जा रही है। इस पारी के साथ वैभव सूर्यवंशी ने खुद को सिर्फ एक उभरते खिलाड़ी के रूप में नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के भविष्य की झलक के रूप में पेश किया है।

AIIMS गोरखपुर में 08 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

गोरखपुर। अखिल भारतीय आयुर्वेद विज्ञान संस्थान, गोरखपुर (AIIMS Gorakhpur) ने वर्ष 2026 के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 8 पदों पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह अवसर उन अभ्यर्थियों के लिए खास है जो मेडिकल रिसर्च और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती

AIIMS गोरखपुर द्वारा विभिन्न श्रेणियों के पदों के लिए नियुक्ति की जाएगी, जिनमें प्रमुख रूप से डेटा एंट्री ऑपरेटर (DEO), सीनियर प्रोजेक्ट असिस्टेंट, अन्य संबंधित पद शामिल हैं।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न में से कोई एक योग्यता होना अनिवार्य है: स्नातक डिग्री, स्नातकोत्तर डिग्री, एमफिल या पीएच.डी, पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें लागू होंगी।

आयु सीमा

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 30 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 03 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 21 फरवरी 2026

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार केवल ऑनलाइन मोड में आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए AIIMS गोरखपुर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को सभी आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने की सलाह दी जाती है।

आधिकारिक वेबसाइट: https://aiimsgorakhpur.edu.in

भारत की GDP को लेकर खुशखबरी, अर्थव्यवस्था मजबूत राह पर

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक सकारात्मक संकेत सामने आया है। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति की घोषणा के दौरान कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत बनी हुई है। उन्होंने भरोसा जताया कि देश की अर्थव्यवस्था न सिर्फ स्थिर है, बल्कि निरंतर सुधार और विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है।

भारत के GDP ग्रोथ को लेकर मजबूत अनुमान

आरबीआई गवर्नर ने अनुमान जताया है कि चालू वित्त वर्ष में वास्तविक GDP वृद्धि दर लगभग 7.4 प्रतिशत रह सकती है। यह दर दर्शाती है कि भारतीय अर्थव्यवस्था वैश्विक चुनौतियों के बीच भी बेहतर प्रदर्शन कर रही है। इसके साथ ही, केंद्रीय बैंक ने तिमाही आधार पर भी विकास अनुमान में संशोधन किया है।

पहली तिमाही: GDP ग्रोथ अनुमान बढ़ाकर 6.9%

दूसरी तिमाही: GDP ग्रोथ अनुमान 7%

ये आंकड़े बताते हैं कि आने वाले महीनों में आर्थिक गतिविधियों में और तेजी देखने को मिल सकती है।

GDP और महंगाई मापने के लिए नई सीरीज

एक अहम घोषणा करते हुए RBI गवर्नर ने बताया कि भारत को जल्द ही GDP और महंगाई के आंकड़े मापने के लिए नई श्रृंखला (New Series) मिलने वाली है। इस बदलाव से मैक्रोइकोनॉमिक संकेतकों की गणना और रिपोर्टिंग पहले से ज्यादा सटीक और आधुनिक होगी। यह कदम नीति निर्माण और आर्थिक विश्लेषण को और मजबूत बनाने में मदद करेगा।

2027 के लिए GDP अनुमान बाद में

आरबीआई ने वित्त वर्ष 2027 के लिए पूरे साल का GDP प्रोजेक्शन फिलहाल जारी नहीं किया है। इसे अप्रैल में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक तक के लिए टाल दिया गया है। केंद्रीय बैंक नई GDP सीरीज लागू होने के बाद ही विस्तृत अनुमान जारी करेगा, ताकि आंकड़े अधिक विश्वसनीय और तुलनात्मक हो सकें।

बैंक ऑफ बड़ौदा में 419 पदों पर भर्ती: आवेदन आज से शुरू

नई दिल्ली। बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) ने 2026 में बंपर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत सहायक प्रबंधक, प्रबंधक और अन्य विभिन्न पदों पर कुल 419 रिक्तियों भरी जाएँगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार अब ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

रिक्तियों का विवरण

कुल पद: 419

नियमित पद: 166

संविदात्मक पद: 253

योग्यता मानदंड

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास निम्नलिखित योग्यताएँ होनी चाहिए: स्नातक की डिग्री या एमबीए / पीजीडीएम या सीए / सीएफए / सीएमए के पास अनुभव।

आयु सीमा

पद के अनुसार उम्मीदवार की आयु 32 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत: 6 फरवरी 2026

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 26 फरवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: bankofbaroda.in

मंगल-शुक्र का खास संयोग: 4 राशियों के जीवन में खुशियों की बरसात

राशिफल। ग्रहों की चाल इन 4 राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रही है। खासकर मंगल और शुक्र के संयोग से इन राशियों के जीवन में सुख-समृद्धि और खुशियों की बहार आने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय नई उपलब्धियों और सौभाग्य को लेकर आने वाला है।

1. वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक स्थिति सुधारने और निवेश में लाभ मिलने का है। घर और परिवार के मामलों में संतुलन बना रहेगा।

2. मिथुन राशि:

मिथुन राशि वाले इस समय स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखेंगे। लंबित कार्य पूरे होंगे और जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा।

3. कर्क राशि:

कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय में सफलता लेकर आएगा। पुराने विवाद सुलझेंगे और मित्रों का सहयोग मिलेगा।

4. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों को मंगल-शुक्र संयोग से सामाजिक मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ेगी। यात्रा और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलने की संभावना है।

बिहार सरकार की बड़ी घोषणा, किसानों की हुई बल्ले-बल्ले

गया। बिहार सरकार ने किसानों के हित में एक अहम पहल करते हुए एग्रीस्टैक परियोजना के तहत फार्मर रजिस्ट्री यानी बिहार फार्मर आईडी को तेजी से लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसी कड़ी में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को गया जिले के नगर प्रखंड अंतर्गत ग्राम दुबहल टोला बेलाही में आयोजित गांव स्तरीय फार्मर रजिस्ट्री कैम्प का निरीक्षण किया और किसानों से सीधे संवाद किया।

बिहार में किसानों को मिलेंगे 9000 रुपये

कैम्प स्थल पर उपस्थित पीएम-किसान योजना के लाभार्थियों को संबोधित करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने फार्मर आईडी की उपयोगिता को विस्तार से समझाया। साथ ही  उन्होंने यह भी जानकारी दी कि पीएम-किसान योजना के तहत अब प्रति किस्त 3000 रुपये दिए जाएंगे, जिससे किसानों को साल भर में 9000 रुपये की सहायता मिलेगी। इस घोषणा से किसानों में उत्साह देखा गया।

जमीन से जुड़ी समस्याएं किसानों ने रखीं

इस दौरान किसानों ने अपनी व्यावहारिक समस्याएं भी खुलकर सामने रखीं। कई किसानों ने बताया कि जमीन उनके नाम से न होने, नामांतरण और परिमार्जन की प्रक्रिया में देरी के कारण वे फार्मर रजिस्ट्री नहीं करा पा रहे हैं। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए डॉ. प्रेम कुमार ने प्रशासन को त्वरित समाधान के निर्देश दिए।

प्रशासन ने दिया जल्द समाधान का भरोसा

प्रखंड विकास पदाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि राजस्व से जुड़े मामलों के शीघ्र निष्पादन के लिए अंचल अधिकारी से समन्वय किया जाएगा। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने भी इस मुद्दे को मुख्यालय स्तर पर उठाकर जल्द कार्रवाई कराने का आश्वासन दिया।

जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों को बताया कि फार्मर आईडी के जरिए कृषि, बीमा, अनुदान और अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ एक ही प्लेटफॉर्म से मिल सकेगा। उन्होंने अधिक से अधिक किसानों से फार्मर रजिस्ट्री कराने की अपील की।

बिहार में लगेगी चीनी मिलें, 14 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में गन्ना किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ी उम्मीद जगी है। नीतीश सरकार ने राज्य के चीनी उद्योग को दोबारा खड़ा करने की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए नई चीनी मिलों की स्थापना और वर्षों से बंद पड़ी मिलों के पुनरुद्धार की प्रक्रिया तेज कर दी है। इससे न केवल कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी, बल्कि हजारों लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।

जिलों को मिला एक हफ्ते का समय

गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने राज्य के 14 जिलों के जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर चीनी मिल स्थापना के लिए उपयुक्त भूमि का चयन कर विस्तृत प्रस्ताव सरकार को भेजें। सरकार इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाना चाहती है।

चीनी मिल के लिए 100 एकड़ भूमि

पत्र में साफ किया गया है कि प्रस्तावित चीनी मिल के लिए कम से कम 100 एकड़ भूमि उपलब्ध होनी चाहिए। इसके तहत सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीन की उपलब्धता का आकलन करने को कहा गया है, ताकि परियोजना को जमीन से जुड़ी अड़चनों का सामना न करना पड़े।

बिहार के इन 14 जिलों में होगी तैयारी

जिन जिलों को भूमि चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं, उनमें पटना, नवादा, वैशाली, सारण, सीवान, गोपालगंज, बेतिया, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, गया जी, शिवहर, रोहतास और पूर्णिया शामिल हैं। ये सभी जिले गन्ना उत्पादन की संभावनाओं और भौगोलिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

गन्ना खेती की उपलब्धता पर भी जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी चीनी मिल की स्थापना तभी व्यवहारिक होगी जब उसके आसपास 30 से 40 हजार एकड़ क्षेत्र में गन्ना की खेती हो। इसी कारण जिलाधिकारियों को चयनित स्थल के पास गन्ना उत्पादन की स्थिति, किसानों की संख्या और सिंचाई सुविधाओं की विस्तृत समीक्षा करने को कहा गया है।

बंद पड़ी मिलें भी होंगी विकल्प

नई मिलों के लिए जमीन तलाशते समय पुरानी और बंद पड़ी चीनी मिलों के परिसरों को भी विकल्प के तौर पर देखने के निर्देश दिए गए हैं। इससे बुनियादी ढांचे का दोबारा उपयोग संभव होगा और परियोजना की लागत भी कम हो सकती है।

बनेगी विशेष कृषि टास्क फोर्स

चीनी मिल स्थल चयन, गन्ना खेती, सिंचाई और लॉजिस्टिक्स जैसे मुद्दों पर समन्वय के लिए विशेष कृषि टास्क फोर्स के गठन का भी निर्देश दिया गया है। यह टास्क फोर्स पूरे प्रोजेक्ट को व्यवहारिक और टिकाऊ बनाने में अहम भूमिका निभाएगी। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो बिहार के गन्ना किसानों को अपनी फसल के लिए स्थायी बाजार मिलेगा।

बिहार सरकार का ऐलान, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़ा एक अहम फैसला सामने आया, जिसने सरकारी कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। राज्य सरकार ने ऐलान किया है कि अब विधायकों, विधान पार्षदों और सरकारी कर्मचारियों को इलाज के लिए जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ेगा। प्रदेश में जल्द ही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा लागू की जाएगी, जिससे करीब 10 लाख कर्मचारी और उनके आश्रित परिवार लाभान्वित होंगे।

सदन में उठा मुद्दा, सदन में ही हुआ फैसला

प्रश्नकाल के दौरान बीजेपी विधायक राघवेंद्र प्रताप सिंह ने कर्मचारियों के लिए कैशलेस इलाज की मांग जोरदार तरीके से उठाई। उन्होंने मौजूदा रीइंबर्समेंट व्यवस्था को अव्यावहारिक बताते हुए कहा कि इलाज के बाद महीनों तक पैसा वापस मिलने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी होती है। 

डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी ने पहले इस विषय पर बैठक बुलाने की बात कही, लेकिन विधायक इस पर संतुष्ट नहीं हुए। जाले से बीजेपी विधायक जीवेश मिश्रा ने भी सरकार पर दबाव बनाते हुए कहा कि जब सरकार सदन में मौजूद है, तो फैसले के लिए बैठक की जरूरत क्यों। इस पर माहौल गरम हुआ और अंततः सरकार ने सदन में ही कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा देने की घोषणा कर दी।

रीइंबर्समेंट सिस्टम से मिलेगा छुटकारा

अब तक बिहार में सरकारी कर्मचारियों के लिए इलाज की व्यवस्था रीइंबर्समेंट मॉडल पर आधारित थी, जिसमें पहले खर्च कर्मचारी को खुद करना पड़ता था और बाद में बिल जमा कर राशि वापस मिलती थी। कई मामलों में यह प्रक्रिया लंबी और जटिल साबित होती थी। नई कैशलेस व्यवस्था के लागू होने से कर्मचारी और उनके परिवार सीधे सूचीबद्ध अस्पतालों में इलाज करा सकेंगे, जहां भुगतान की जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस व्यवस्था का जल्द होगा अमल

सरकार ने यह भी भरोसा दिलाया है कि इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए एक सप्ताह के भीतर बैठक कर विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें यह तय किया जाएगा कि किन अस्पतालों को शामिल किया जाएगा, इलाज की सीमा क्या होगी और प्रक्रिया कैसे लागू की जाएगी।

कर्मचारियों के लिए राहत का कदम

स्वास्थ्य खर्च को लेकर लंबे समय से चली आ रही शिकायतों के बीच यह फैसला सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात माना जा रहा है। अगर योजना को प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, तो यह बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण सुधार साबित हो सकता है।

आज सोना-चांदी के दाम में बड़ी गिरावट, बाजार में हड़कंप

नई दिल्ली। सोना और चांदी के दामों में आज फिर कमी देखी गई, जिससे निवेशकों और खरीदारों में हलचल मच गई है। 29 जनवरी को सोने ने 1.93 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी ने 4.20 लाख रुपये प्रति किलो का ऑल टाइम हाई बनाया था, लेकिन इसके बाद दोनों कीमती धातुओं में गिरावट का दौर शुरू हो गया।

आज की स्थिति

6 फरवरी, 2026 को MCX पर सोने की अप्रैल डिलीवरी में लगभग 1,326 रुपये की गिरावट देखी गई और यह 1,50,585 रुपये प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, मार्च डिलीवरी वाली चांदी में करीब 26 हजार रुपये की गिरावट आई और यह 2.42 लाख रुपये प्रति किलो पर आ गई। दिनभर सोना-चांदी के भावों पर नजरें बनी रहेंगी, खासकर शादी-ब्याह के सीजन में आम खरीदार भी इस उतार-चढ़ाव से प्रभावित हैं।

गिरावट के कारण

विशेषज्ञों के अनुसार, हाल ही में बजट के बाद भारत-अमेरिका के बीच हुई ट्रेड डील के सकारात्मक संकेतों के कारण सोने-चांदी के दाम बढ़े थे, लेकिन बाजार में उतार-चढ़ाव अभी भी जारी है। इसके अलावा, सरकार ने सोने में मिलावट वाले प्लैटिनम उत्पादों के आयात पर रोक लगाई है, जो निवेशकों और ट्रेडर्स के लिए एक नया संकेत बन गया है।

MCX और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति

MCX वायदा बाजार में चांदी का भाव एक घंटे में 9,859 रुपये तक गिर गया। सुबह 10:14 बजे चांदी 2,33,106 रुपये प्रति किलो पर ट्रेड कर रही थी। इसी तरह सोने में भी करीब 1,500–2,000 रुपये तक की गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट निवेशकों और औद्योगिक खरीदारों दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत है।

RBI ने रेपो रेट 5.25% पर बरकरार रखा, ब्याज दरों में स्थिरता

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर रखने का फैसला किया है। इसका सीधा असर यह होगा कि आम लोगों के आवास, वाहन और अन्य ऋणों की ईएमआई में फिलहाल कोई वृद्धि नहीं होगी, जिससे कर्जग्रस्त परिवारों को राहत मिलेगी।

रेपो रेट का क्या हैं?

दरअसल, रेपो रेट वह दर है जिस पर RBI बैंकों को कर्ज देती है। जब यह दर कम होती है तो बैंक अपने ग्राहकों को भी कर्ज सस्ते में प्रदान कर सकते हैं। वर्तमान निर्णय से अर्थव्यवस्था एक संतुलित स्थिति (Goldilocks Economy) में बनी रहेगी, जहां न तो अर्थव्यवस्था अधिक गर्म है और न ही सुस्त।

MPC का सर्वसम्मत निर्णय

आरबीआई की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने तीन दिवसीय बैठक के बाद सर्वसम्मति से रेपो रेट को वर्तमान स्तर पर बनाए रखने का निर्णय लिया। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बताया कि केंद्रीय बैंक का रुख फिलहाल तटस्थरहेगा। इसका मतलब है कि भविष्य में आर्थिक और मुद्रास्फीति के आंकड़ों के आधार पर दरों में वृद्धि या कटौती की संभावना खुली रहेगी।

बाजार और कर्जदारों पर प्रभाव

ब्याज दरों में स्थिरता से रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर को लाभ होगा क्योंकि कर्ज सस्ता बना रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उपभोग बढ़ेगा और निवेश में तेजी आएगी। पिछली रेपो कटौतियों का प्रभाव बैंकों के ब्याज दरों पर धीरे-धीरे देखा गया है, और अब यह स्थिरता निवेशकों और कर्जदारों दोनों के लिए सकारात्मक संकेत देती है।

आर्थिक संकेत और जीडीपी अनुमान

केंद्रीय बैंक ने आगामी वित्त वर्ष 2026-27 के लिए देश की आर्थिक वृद्धि दर (GDP) का अनुमान संशोधित किया है। पहली तिमाही के लिए जीडीपी वृद्धि दर 6.9% और दूसरी तिमाही के लिए 7% रहने का अनुमान है। इसके अलावा, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई दर का अनुमान 2.1% रखा गया है, जो आम जनता के लिए राहत की खबर है।

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का नया नियम, नई शर्ते लागू

पटना। बिहार सरकार ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बदलाव करते हुए शिक्षा ऋण के आवेदन प्रक्रिया को और सख्त किया है। अब आवेदन करने वाले छात्रों को हस्तलिखित घोषणा पत्र देना अनिवार्य होगा, जिसमें यह स्पष्ट लिखा होना चाहिए कि यह शिक्षा ऋण है और इसे आवेदक या सह-आवेदक द्वारा समय पर वापस किया जाएगा।

नए नियमों का उद्देश्य

शिक्षा विभाग ने यह कदम उस स्थिति के बाद उठाया है, जब समीक्षा में यह पाया गया कि कुछ शिक्षण संस्थानों या उनके प्रतिनिधियों ने छात्रों को छात्रवृत्ति के नाम पर अनावश्यक आवेदन करने के लिए प्रेरित किया। इस तरह की गड़बड़ी से जरूरतमंद छात्रों को नुकसान पहुँच सकता था और योजना का उद्देश्य प्रभावित हो सकता था।

आवेदन में नई शर्तें

1 .आवेदन के साथ नामांकन प्राप्ति रसीद जमा करना अनिवार्य होगा।

2 .इसमें एडमिशन नंबर, पाठ्यक्रम, सत्र, छात्र और उनके पिता का नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होना चाहिए।

3 .विश्वविद्यालय से मिली रजिस्ट्रेशन रसीद भी आवेदन सत्यापन या करार प्रक्रिया के दौरान उपलब्ध कराना होगा।

4 .जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि नए नियमों का पालन सुनिश्चित करें और जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों में कर्मियों को इसकी जानकारी दें।

समीक्षा और कारण

वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के निबंधन केंद्रों पर भारी संख्या में प्राप्त आवेदनों की समीक्षा में यह सामने आया कि कई छात्रों के स्थान पर अनावश्यक या गलत आवेदन किए गए। कुछ शिक्षण संस्थानों ने निर्धारित सीटों से अधिक छात्रों का नामांकन करके ऋण आवेदन करवाए। विभागीय वेबसाइट और जिला स्तर पर बनाई गई जांच समिति इस मामले की पुष्टि कर रही है।

बिहार सरकार ने खोला खजाना, महिलाओं के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने अपने वार्षिक बजट के जरिए महिलाओं के सशक्तीकरण को केंद्र में रखकर एक मजबूत संदेश दिया है। राज्य के 3.46 लाख करोड़ रुपये के बजट में से 48 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बहुआयामी विकास और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निर्धारित की गई है। यह कदम न केवल सामाजिक न्याय की दिशा में अहम है, बल्कि राज्य की आर्थिक प्रगति से महिलाओं को जोड़ने की स्पष्ट कोशिश भी दर्शाता है।

सात निश्चय-3 में महिलाओं की बड़ी हिस्सेदारी

सरकार की प्रमुख योजना सात निश्चय-3 के अंतर्गत करीब 14 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान है। इसमें से लगभग 9 हजार करोड़ रुपये केवल महिलाओं से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों पर खर्च किए जाएंगे। इससे साफ है कि विकास योजनाओं में महिलाओं की भागीदारी को अब प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक बनाया जा रहा है।

जेंडर बजट को मिल रहा अंतिम रूप

बजट पेश होने के बाद राज्य सरकार अब जेंडर बजट की प्रक्रिया को अंतिम चरण में ले जा रही है। इसे मौजूदा बजट सत्र के अंतिम सप्ताह में बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों में पेश किया जाएगा। जेंडर बजट के तहत विभिन्न विभागों की योजनाओं में महिलाओं पर होने वाले प्रत्यक्ष खर्च और सामान्य योजनाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी को एकीकृत रूप में सामने रखा जाता है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और यह स्पष्ट होगा कि महिलाओं के लिए वास्तव में कितना निवेश किया जा रहा है।

अधिक विभाग होंगे शामिल

आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के जेंडर बजट में पहले से अधिक विभागों की रिपोर्टिंग की जाएगी। जहां चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 विभागों की रिपोर्ट शामिल थीं, वहीं अब 27 विभागों को इस प्रक्रिया में जोड़ा जाएगा। इससे महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकारी निगरानी और जवाबदेही दोनों मजबूत होंगी।

आत्मनिर्भरता पर फोकस

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 9052 करोड़ 32 लाख रुपये केवल महिला सशक्तीकरण के लिए निर्धारित किए हैं। इस राशि का उपयोग महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने, रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा जैसी जरूरतों पर किया जाएगा। उद्देश्य साफ है महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि विकास की भागीदार बनाना।

पंजाब नेशनल बैंक में 5138 पदों पर भर्ती, 8 से करें आवेदन

नई दिल्ली। बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने वर्ष 2026 के लिए 5138 अप्रेंटिस (प्रशिक्षु) पदों पर भर्ती की घोषणा की है। यह भर्ती Apprentices Act, 1961 के अंतर्गत की जाएगी, जिसके तहत चयनित उम्मीदवारों को बैंकिंग कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

भर्ती का उद्देश्य

इस अप्रेंटिसशिप का मुख्य उद्देश्य युवाओं को बैंकिंग सेक्टर में वास्तविक कार्य अनुभव प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसरों के लिए खुद को तैयार कर सकें। यह कार्यक्रम पढ़ाई पूरी कर चुके स्नातकों के लिए खास तौर पर लाभकारी है।

पदों का विवरण

कार्यक्रम का नाम: Apprenticeship under the Apprentices Act, 1961

कुल पद: 5138

प्रशिक्षण अवधि: 1 वर्ष (12 महीने)

इसमें बेसिक ट्रेनिंग और ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग दोनों शामिल होंगी।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से किसी भी विषय में स्नातक (Graduate) डिग्री होना अनिवार्य है।

आयु सीमा

उम्मीदवार की आयु 01 जनवरी 2026 को न्यूनतम: 20 वर्ष, अधिकतम: 28 वर्ष, आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

स्टाइपेंड (वजीफा)

प्रशिक्षण अवधि के दौरान उम्मीदवारों को स्थान के अनुसार मासिक स्टाइपेंड दिया जाएगा: ₹12,300 से ₹15,000 प्रति माह। यह राशि प्रशिक्षुओं को आर्थिक रूप से सहयोग प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें कार्य के प्रति प्रेरित भी करेगी।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन प्रारंभ तिथि: 08 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 24 फरवरी 2026

आधिकारिक वेबसाइट: https://pnb.bank.in/Recruitments.aspx

आज 3 ग्रहों की मीटिंग: त्रिग्रही योग से 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। आज आकाशीय गणनाओं के अनुसार एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। कुंभ राशि में बुध, शुक्र और राहु की युति से एक शक्तिशाली त्रिग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को अचानक धन लाभ, भाग्य में वृद्धि और नए अवसरों का संकेत माना जाता है। खास बात यह है कि इस योग का प्रभाव कुछ चुनिंदा राशियों पर अधिक शुभ रहने वाला है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से मजबूत रहने वाला है। बुध आपकी राशि के स्वामी हैं और कुंभ में बनी यह युति आय के नए स्रोत खोल सकती है। रुका हुआ धन मिलने के योग हैं और व्यापार से जुड़े लोगों को अचानक लाभ हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक संपर्कों से भी फायदा होगा।

2. तुला राशि

तुला राशि के जातकों पर शुक्र का विशेष प्रभाव पड़ रहा है। इस त्रिग्रही योग के कारण निवेश से लाभ, साझेदारी के कामों में सफलता और विलासिता से जुड़े खर्चों में संतुलन बना रहेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और पारिवारिक माहौल सुखद रहेगा। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।

3. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह योग सबसे अधिक प्रभावशाली साबित हो सकता है, क्योंकि तीनों ग्रह इसी राशि में स्थित हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और करियर से जुड़े बड़े निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। अचानक धन लाभ के साथ-साथ नई योजनाओं की शुरुआत के योग बन रहे हैं। राजनीति, मीडिया, तकनीक और संचार से जुड़े लोगों को विशेष सफलता मिल सकती है।

क्या करें, क्या न करें

ज्योतिषियों की सलाह है कि इस योग के दौरान नए कार्यों की शुरुआत करना शुभ रहेगा, लेकिन जल्दबाजी और जोखिम भरे फैसलों से बचना चाहिए। सकारात्मक सोच और सही दिशा में किया गया प्रयास इस त्रिग्रही योग का पूरा लाभ दिला सकता है। आज बना यह त्रिग्रही योग तीन राशियों के लिए सौभाग्य लेकर आया है। सही समय पर लिए गए निर्णय इन जातकों के लिए लंबे समय तक लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

चीन की खतरनाक चाल, अमेरिका हैरान, भारत भी चिंतित?

नई दिल्ली। दुनिया की नजरों से दूर, लेकिन सैटेलाइट की पैनी आंखों में कैद एक नई रणनीति ने अमेरिका, भारत और अन्य वैश्विक ताकतों की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक चीन अफ्रीका के तटों के आसपास जिस तरह से बंदरगाहों का जाल बुन रहा है, वह केवल व्यापार तक सीमित नहीं दिखता। रक्षा विशेषज्ञ इसे भविष्य की समुद्री जंग की तैयारी के तौर पर देख रहे हैं।

पिछले एक दशक में चीन ने अफ्रीका के पूर्वी और पश्चिमी किनारों पर ऐसे बंदरगाह विकसित किए हैं, जो कागज़ों में तो व्यावसायिक हैं, लेकिन उनकी संरचना किसी सैन्य ठिकाने से कम नहीं। नाइजीरिया का लेक्की पोर्ट हो या केन्या का मोम्बासा, इन सभी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि जरूरत पड़ने पर चीनी युद्धपोत यहां आसानी से ठहर सकें।

व्यापार के नाम पर सैन्य ठिकाने?

चीन की रणनीति सीधी नहीं, बल्कि बहुस्तरीय है। जिन बंदरगाहों को वह नागरिक उपयोग का बताता है, वहां गहराई, डॉकिंग क्षमता और ईंधन भंडारण जैसी सुविधाएं युद्धपोतों के अनुरूप रखी गई हैं। रक्षा विश्लेषकों का मानना है कि ये बंदरगाह ‘ड्यूल यूज’ मॉडल पर तैयार किए गए हैं। शांति के समय व्यापार और संकट के समय सैन्य समर्थन के लिए।

खनिज संसाधनों पर भी बढ़ाया पकड़ 

इस समुद्री विस्तार के पीछे केवल सैन्य ताकत नहीं, बल्कि आर्थिक सुरक्षा की भी गहरी सोच है। अफ्रीका के कई देश कॉपर, कोबाल्ट और अन्य दुर्लभ खनिजों के बड़े स्रोत हैं, चीन ने इन खदानों को बंदरगाहों से जोड़ने के लिए रेलवे और हाईवे प्रोजेक्ट्स पर अरबों डॉलर खर्च किए हैं। भविष्य में अगर ताइवान जैसे मुद्दों पर चीन पर आर्थिक प्रतिबंध लगाए जाते हैं, तब भी ये रास्ते उसकी अर्थव्यवस्था को चालू रख सकते हैं।

32 देशों में 78 बंदरगाह: ड्रैगन का फैलता जाल

अमेरिकी थिंक टैंकों के आंकड़ों के अनुसार, चीनी सरकारी कंपनियां अफ्रीका के 32 देशों में 78 बंदरगाहों से किसी न किसी रूप में जुड़ी हुई हैं, कहीं निर्माणकर्ता के रूप में, कहीं निवेशक और कहीं ऑपरेटर के तौर पर। इन बंदरगाहों के संचालन से चीन को न केवल आर्थिक लाभ मिलता है, बल्कि अन्य देशों के जहाजों और संवेदनशील कार्गो पर नजर रखने की क्षमता भी मिलती है।

अमेरिका और भारत के लिए क्यों बढ़ती चुनौती?

चीन की यह बढ़ती मौजूदगी वॉशिंगटन को चौकन्ना कर रही है। अमेरिका जहां अपनी नौसैनिक ताकत को और मजबूत करने की बात कर रहा है, वहीं चीन बड़ी नौसेना के साथ समुद्रों में सक्रिय हो रहा है। भारत के लिए यह स्थिति और भी संवेदनशील है। क्यों की ये भारत के व्यापारिक मार्गों और रणनीतिक हितों को सीधे प्रभावित कर सकती है। अगर ये बंदरगाह पूरी तरह सैन्य अड्डों में तब्दील हो जाते हैं, तो क्षेत्रीय संतुलन और समुद्री स्वतंत्रता पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

मध्यप्रदेश सरकार की घोषणा: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, करें आवेदन

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। खेती को अधिक उन्नत, आसान बनाने के उद्देश्य से राज्य सरकार अब किसानों को आधुनिक कृषि मशीनों से जोड़ने जा रही है। इस पहल के तहत सीडर, सुपर सीडर, हैप्पी सीडर और स्मार्ट सीडर जैसी मशीनें अब किसानों को पहले से अधिक सुलभ कराई जाएंगी।

बदलते समय के साथ खेती में तकनीक की भूमिका लगातार बढ़ रही है। आधुनिक मशीनों से जहां मेहनत कम होती है, वहीं उत्पादन और गुणवत्ता में भी सुधार होता है। सरकार की इस योजना का मकसद पारंपरिक खेती को आधुनिक रूप देना और किसानों की लागत घटाना है।

40 से 50 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी

सरकार द्वारा दी जाने वाली सब्सिडी मशीन की कीमत के आधार पर तय की जाएगी। आमतौर पर किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक अनुदान का लाभ मिलेगा। उदाहरण के तौर पर, हैप्पी सीडर मशीन की कीमत लगभग 2.60 लाख से 2.85 लाख रुपये के बीच होती है, जिस पर करीब 1.05 लाख रुपये तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसी तरह सुपर सीडर और स्मार्ट सीडर पर भी समान अनुपात में अनुदान दिया जाएगा। किसान पोर्टल पर उपलब्ध सब्सिडी कैलकुलेटर से अनुमानित सहायता राशि की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

इन किसानों को मिलेगी प्राथमिकता

योजना के तहत छोटे, सीमांत और महिला किसानों को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि कम संसाधन वाले किसान भी आधुनिक तकनीक का लाभ उठा सकें और उनकी खेती अधिक लाभकारी बन सके। ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट जमा करना होगा। यह डीडी किसान के स्वयं के बैंक खाते से बना होना चाहिए और संबंधित जिले के सहायक कृषि यंत्री के नाम से होना जरूरी है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

ऑनलाइन आवेदन करते समय किसानों को निम्न दस्तावेज अपलोड करने होंगे, जैसे आधार कार्ड, मोबाइल नंबर (ओटीपी सत्यापन के लिए), बैंक पासबुक का पहला पेज, खसरा-खतौनी या बी-1 की नकल, ट्रैक्टर आरसी (यदि यंत्र ट्रैक्टर आधारित है), 4,500 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट

लॉटरी से किसानों का होगा चयन

किसानों का चयन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। चयन के परिणाम संबंधित पोर्टल पर ही जारी किए जाएंगे। किसी भी प्रकार की सहायता या जानकारी के लिए किसान अपने जिले के कृषि विभाग या सहायक कृषि यंत्री से संपर्क कर सकते हैं। यह योजना मध्यप्रदेश में खेती को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है, जिससे किसानों की आय बढ़ाने और कृषि को लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, अब हर ब्लॉक में होगा लागू, उठायें लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों के हित में एक अहम कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में पशुधन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से अब हर विकास खंड में पशु औषधि केंद्र खोले जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य पशुपालकों को सस्ती और गुणवत्तापूर्ण पशु औषधियां आसानी से उपलब्ध कराना है।

यह योजना प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की तर्ज पर तैयार की गई है, जिससे पशुओं के इलाज में होने वाला खर्च कम होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पशु चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ होंगी।

आवेदन के लिए जरूरी शर्तें

पशु औषधि केंद्र खोलने के इच्छुक आवेदकों को कुछ आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे। इनमें फार्मासिस्ट का नाम और उसका वैध पंजीकरण विवरण, दुकान के लिए न्यूनतम 120 वर्ग फुट स्थान का प्रमाण, तथा ड्रग सेल लाइसेंस शामिल है। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि केंद्रों पर दवाओं की बिक्री और वितरण पूरी तरह मानकों के अनुसार हो।

किन्हें मिलेगी प्राथमिकता

इस योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कृषक समृद्धि केंद्र और सहकारी समितियों से जुड़े योग्य आवेदकों को प्राथमिकता दी जाएगी। यह योजना भारत सरकार की पशुधन स्वास्थ्य एवं बीमारी नियंत्रण कार्यक्रम (LHDCP) के तहत लागू की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन करें

पशु औषधि केंद्र स्थापित करने के लिए इच्छुक आवेदकों को 5,000 रुपये शुल्क के साथ ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखी गई है। इसके लिए अभ्यर्थी pashuaushadhi.dahd.gov.in पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

सरकार का मानना है कि पशु औषधि केंद्रों की स्थापना से पशुपालकों को समय पर, सस्ती और भरोसेमंद दवाएं मिलेंगी। इससे पशुधन का स्वास्थ्य बेहतर होगा, उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और पशुपालन को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, पशुपालकों को दवाओं के लिए इधर-उधर भटकने की परेशानी से भी निजात मिलेगी। यह योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा 2026: 10 फरवरी से भरे फॉर्म

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झांसी ने बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2026 को लेकर आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 फरवरी 2026 से शुरू होगी, जबकि प्रवेश परीक्षा का आयोजन अप्रैल 2026 में किया जाएगा।

विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट bujhansi.ac.in पर आवेदन पोर्टल 9-10 फरवरी की रात 12 बजे से खोल दिया जाएगा। अभ्यर्थी 10 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। इस तरह उम्मीदवारों को आवेदन के लिए लगभग एक महीने का समय मिलेगा।

योग्यता मानदंड तय

बीएड प्रवेश परीक्षा में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या स्नातकोत्तर डिग्री होना अनिवार्य है। श्रेणी के अनुसार न्यूनतम अंकों की भी शर्त रखी गई है। सामान्य वर्ग और ओबीसी अभ्यर्थियों के लिए ग्रेजुएशन या पोस्ट-ग्रेजुएशन में कम से कम 50 प्रतिशत अंक, जबकि एससी-एसटी वर्ग के लिए 45 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। वहीं बीई या बीटेक पृष्ठभूमि वाले अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 55 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं।

बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को जिम्मेदारी

गौरतलब है कि बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय को लगातार चौथी बार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीते वर्षों में परीक्षा के लिए बड़ी संख्या में आवेदन आए हैं। वर्ष 2023 में जहां 4.72 लाख, 2024 में 2.40 लाख और 2025 में 3.44 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था। स्टेट को-ऑर्डिनेटर के अनुसार, वर्ष 2026 में 5 लाख से अधिक आवेदन आने की संभावना जताई जा रही है, जिसे देखते हुए परीक्षा की तैयारियां समय से शुरू कर दी गई हैं।

अभ्यर्थियों के लिए क्या है जरूरी सलाह?

स्टेट को-ऑर्डिनेटर सौरभ श्रीवास्तव ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि आवेदन करते समय अपना ही ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर दर्ज करें, ताकि परीक्षा से जुड़ी सभी सूचनाएं समय पर मिलती रहें। उन्होंने बताया कि आवेदन शुल्क को लेकर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा और इसकी जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी।

यूपी में बनेगा 153KM लंबा 6-लेन हाईवे, इन जिलों को खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के विकास को नई गति मिलने जा रही है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए एक बड़ी खुशखबरी के तौर पर बाराबंकी से नेपाल सीमा तक 153 किलोमीटर लंबा छह लेन हाईवे बनाया जाएगा। यह हाईवे हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत विकसित किया जाएगा, जिस पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह परियोजना यूपी का दूसरा और पूर्वी क्षेत्र का पहला हाईवे होगी, जिसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इससे पहले प्रदेश में केवल जेवर एयरपोर्ट को जोड़ने वाला मार्ग ही हाइब्रिड एन्युटी मॉडल पर बनाया गया था।

लखनऊ, पूर्वांचल और नेपाल के बीच आवागमन

इस हाईवे के बनने से लखनऊ, पूर्वांचल और नेपाल के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक सुगम और तेज होगी। परिवहन लागत और यात्रा समय में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे व्यापार और पर्यटन को सीधा लाभ मिलेगा। सीमा से जुड़े क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है।

छह लेन जमीन पर बनेगा फोरलेन एक्सप्रेसवे

परियोजना की खास बात यह है कि छह लेन के लिए भूमि अधिग्रहण कर बीच में फोरलेन एक्सप्रेसवे विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार विस्तारित किया जा सकेगा। हाईवे को आधुनिक मानकों के अनुरूप डिजाइन किया जाएगा।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस महत्वाकांक्षी परियोजना से बाराबंकी, बहराइच, गोंडा, बलरामपुर और श्रावस्ती जिले सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। ये जिले अब बेहतर सड़क संपर्क के जरिए औद्योगिक निवेश, व्यापार और पर्यटन के नए केंद्र के रूप में उभर सकते हैं।

ये 4 ड्राई फ्रूट्स हैं सबसे ताकतवर, रोज़ खाने से मिलते हैं जबरदस्त फायदे

हेल्थ डेस्क। सूखे मेवे यानी ड्राई फ्रूट्स सेहत के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं। इनमें मौजूद पोषक तत्व शरीर को ताकत देने के साथ-साथ कई बीमारियों से बचाने में भी मदद करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रोज़ाना सीमित मात्रा में कुछ खास ड्राई फ्रूट्स का सेवन करने से शरीर को भरपूर ऊर्जा और पोषण मिलता है। इनमें से चार ड्राई फ्रूट्स को सबसे ताकतवर माना जाता है।

1. बादाम

बादाम को दिमाग और शरीर दोनों के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-E और हेल्दी फैट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। रोज़ सुबह भीगे हुए बादाम खाने से याददाश्त तेज होती है, कमजोरी दूर होती है और दिल की सेहत बेहतर रहती है।

2. अखरोट

अखरोट ओमेगा-3 फैटी एसिड का बेहतरीन स्रोत है। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है और मानसिक तनाव कम करने में मदद करता है। नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है और दिमागी कार्यक्षमता बढ़ती है।

3. काजू

काजू शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला ड्राई फ्रूट है। इसमें आयरन, मैग्नीशियम और जिंक जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और थकान दूर करते हैं। सीमित मात्रा में काजू खाने से वजन संतुलित रखने में भी मदद मिलती है।

4. किशमिश

किशमिश आयरन से भरपूर होती है, जिससे खून की कमी दूर करने में सहायता मिलती है। यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाती है और त्वचा के लिए भी फायदेमंद मानी जाती है। रोज़ाना थोड़ी सी किशमिश खाने से शरीर में प्राकृतिक ऊर्जा बनी रहती है।

कल बन रहे 3 शक्तिशाली योग, 5 राशियों के लिए खुशखबरी

राशिफल। कल आकाश में बन रहे तीन शक्तिशाली योग से कई राशियों के लिए शुभ परिणामों की संभावना है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इन योगों में किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक फल देते हैं। ये योग हैं:

आयुष्मान योग – यह योग शाम 06:34 बजे तक रहेगा। आयुष्मान योग को स्वास्थ्य, लंबी उम्र और समृद्धि से जोड़ा जाता है। इस दौरान किए गए शुभ कार्य और नए आरंभ लंबे समय तक लाभकारी साबित होते हैं।

सौभाग्य योग – आयुष्मान योग के समाप्त होने के बाद सौभाग्य योग प्रारंभ होगा। यह योग विशेष रूप से भाग्य, सफलता और नए अवसरों के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है।

लक्ष्मी नारायण योग – धनु राशि में बुध और शुक्र की युति होने से यह योग बन रहा है। लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक समृद्धि, संपत्ति लाभ और धन के शुभ संकेत देता है।

ज्योतिषियों के अनुसार, इन योगों का विशेष प्रभाव नीचे दी गई 5 राशियों पर पड़ेगा:

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए कल का दिन विशेष शुभ रहेगा। आयुष्मान योग के दौरान स्वास्थ्य और परिवार के मामलों में लाभ मिलेगा। लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक मामलों में अचानक लाभ या धन की प्राप्ति का संकेत देता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सौभाग्य योग नई नौकरी, व्यवसाय में लाभ और निवेश के अच्छे अवसर लेकर आएगा। पारिवारिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि की संभावना है।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए कल का दिन करियर और शिक्षा के मामलों में शुभ रहेगा। आयुष्मान योग मानसिक संतुलन और कार्यों में सफलता देगा। लक्ष्मी नारायण योग आर्थिक योजनाओं में लाभदायक सिद्ध होगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सौभाग्य योग निजी जीवन और व्यवसाय दोनों में शुभ अवसर लाएगा। आयुष्मान योग से स्वास्थ्य में सुधार और तनाव में कमी देखने को मिलेगी। धन संबंधी नए अवसर भी प्राप्त हो सकते हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण योग अत्यधिक लाभकारी रहेगा। इस योग से वित्तीय स्थिति मजबूत होगी, संपत्ति के अवसर बढ़ेंगे और पुराने आर्थिक तनाव दूर होंगे।

बंगाल सरकार का बड़ा एलान, महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार ने 2026 विधानसभा चुनाव से पहले एक बार फिर वही रणनीति अपनाई है, जिसने 2021 के चुनाव में महिलाओं के बीच गहरी पकड़ बनाई थी। अंतरिम बजट में लक्ष्मी भंडार योजना की मासिक सहायता राशि बढ़ाकर सरकार ने साफ संकेत दिया है कि उसकी प्राथमिकता में महिलाएं और सामाजिक सुरक्षा सबसे ऊपर हैं।

इस घोषणा के तहत अब सामान्य वर्ग की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये और एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को 1700 रुपये प्रति माह मिलेंगे। यानी पहले की तुलना में सभी लाभार्थियों को 500 रुपये अधिक सहायता दी जाएगी। राहत की बात यह है कि बढ़ी हुई राशि इसी महीने से महिलाओं के खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी।

करोड़ों महिलाओं को मिलेगा सीधा फायदा

वर्तमान में राज्य की लगभग 2 करोड़ 42 लाख महिलाएं लक्ष्मी भंडार योजना से जुड़ी हुई हैं। इतने बड़े स्तर पर नकद सहायता बढ़ाने का फैसला न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी अहम माना जा रहा है। खासकर ग्रामीण और निम्न आय वर्ग की महिलाओं के लिए यह राशि घरेलू खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य जैसी जरूरतों में सहारा बनती है।

परिवारों के लिए संबल, महिलाओं में खुशी

घोषणा के बाद राज्य के कई हिस्सों में महिलाओं में खुशी साफ देखी जा रही है। कई लाभार्थियों का कहना है कि यह सहायता उनके लिए केवल पैसा नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का एहसास है। हालांकि कुछ वर्गों की ओर से यह तर्क भी सामने आया है कि मासिक भत्ता देने के बजाय रोजगार या व्यवसाय के अवसर बढ़ाए जाने चाहिए।

युवाओं के लिए भी नई पहल

महिलाओं के साथ-साथ सरकार ने बेरोजगार युवाओं को भी साधने की कोशिश की है। ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत 21 से 40 वर्ष तक के बेरोजगार युवाओं को 1500 रुपये प्रति माह देने की घोषणा की गई है। इससे युवाओं को कम से कम अपनी बुनियादी जरूरतों के लिए कुछ आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।

बढ़ेगा आर्थिक दबाव

इन योजनाओं से राज्य सरकार के खजाने पर भारी बोझ पड़ेगा, लेकिन राजनीतिक और सामाजिक दृष्टि से यह बजट बेहद अहम माना जा रहा है। महिलाओं, युवाओं को एक साथ साधने की यह कोशिश आने वाले चुनावों से पहले ममता सरकार की रणनीति को साफ तौर पर दर्शाती है।

यूपी सरकार की नई घोषणा, शिक्षकों के लिए बंपर खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के बेसिक शिक्षा परिषद से जुड़े शिक्षकों और कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात दी है। अब सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ चयनित निजी अस्पतालों में भी उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। यह फैसला लाखों शिक्षकों, रसोईयों और उनके परिवारों के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर इस योजना की घोषणा की थी। इसके बाद 28 जनवरी को कैबिनेट से मंजूरी मिलने के पश्चात बेसिक शिक्षा विभाग ने इसे लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इससे प्रदेश के करीब 11.95 लाख शिक्षक, रसोईया और अन्य कर्मचारी सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे।

किन-किन को मिलेगा योजना का लाभ

इस स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत परिषद के विद्यालयों में कार्यरत शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक व अंशकालिक शिक्षक-शिक्षिकाएं, प्रधानमंत्री पोषण योजना की रसोईयां तथा उनके आश्रित परिवार शामिल किए गए हैं। यानी बेसिक शिक्षा से जुड़े लगभग सभी कार्यरत कार्मिकों को इसमें कवर किया गया है।

सरकारी के साथ निजी अस्पतालों में भी इलाज

इलाज की सुविधा अब केवल राजकीय अस्पतालों तक सीमित नहीं रहेगी। साचीज (State Agency for Comprehensive Health and Integrated Services) से संबद्ध निजी अस्पतालों में भी कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। इससे गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में कर्मचारियों को बेहतर और समय पर उपचार मिल सकेगा।

इस इलाज का अब पूरा खर्च यूपी सरकार उठाएगी

सरकार ने प्रति कर्मचारी लगभग 3,000 रुपये वार्षिक प्रीमियम का अनुमान लगाया है। यह राशि पूरी तरह बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा वहन की जाएगी। पात्र और कार्यरत कार्मिकों के लिए ही प्रीमियम दिया जाएगा, जिससे सरकारी धन का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।