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बिहार सरकार का बड़ा कदम, स्कूलों में लगेंगे CCTV कैमरे, रात में तैनात होंगे गार्ड

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और रात्रि प्रहरी तैनात करने को लेकर निर्देश दिए गए। पहले चरण में सरस्वती विद्या निकेतन के रूप में विकसित किए जा रहे मॉडल स्कूलों से रात्रि सुरक्षा व्यवस्था शुरू की जाएगी।

मॉडल स्कूलों से होगी शुरुआत

स्कूल परिसरों और वहां मौजूद संसाधनों की सुरक्षा के लिए रात में प्रहरी तैनात किए जाएंगे। साथ ही जरूरत के अनुसार सीसीटीवी के जरिए निगरानी मजबूत की जाएगी। मॉडल स्कूलों में उच्च स्तर की सुरक्षा एजेंसियों के गार्ड तैनात करने की भी तैयारी है।

बैठक में शिक्षा व्यवस्था की आधारभूत सुविधाओं को बेहतर करने के लिए दूसरे सरकारी विभागों के साथ समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।

बच्चों के आधार कार्ड पर भी जोर

समीक्षा बैठक में स्कूली बच्चों के आधार कार्ड नहीं बनने का मुद्दा भी उठा। शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों का जल्द समाधान कराने के निर्देश दिए। जनप्रतिनिधियों से स्कूलों से जुड़े मिलने वाले आवेदनों को भी जिला शिक्षा पदाधिकारियों के माध्यम से विभाग तक भेजकर त्वरित कार्रवाई करने को कहा गया।

इसके अलावा 700 मॉडल स्कूलों के प्रधानाध्यापकों के प्रशिक्षण शिविर की तैयारियों की समीक्षा हुई। 18 सितंबर को होने वाले इस शिविर में 'शिक्षक समाधान पोर्टल' और 'मेरा विद्यालय-मेरा स्वाभिमान पोर्टल' शुरू किए जाने की तैयारी है।

बिहार में शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

बांका। बिहार में शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया से जुड़े शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। शिक्षा विभाग के दूसरे चरण के तहत बांका जिले में सरप्लस और पारस्परिक स्थानांतरण वाले शिक्षकों को विद्यालय आवंटित करने की औपबंधिक प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। प्राथमिक से लेकर 12वीं तक के करीब एक हजार शिक्षकों को स्कूल आवंटित किए गए हैं।

मेरिट के आधार पर मिला विद्यालय

विद्यालय आवंटन की प्रक्रिया स्थानांतरण अंक और वरीयता के आधार पर की गई। जिन शिक्षकों का वेटेज स्कोर अधिक था, उन्हें उनकी पसंद के अनुसार पहले विद्यालय चुनने का अवसर मिला। अधिकारियों के मुताबिक बड़ी संख्या में शिक्षकों को उनका पहला पसंदीदा विद्यालय ही आवंटित हुआ है।

इस प्रक्रिया में सरप्लस शिक्षकों के अलावा पारस्परिक स्थानांतरण के लिए आवेदन करने वाले शिक्षक भी शामिल रहे। विभाग का कहना है कि पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है।

आपत्ति दर्ज कराने का भी मौका

औपबंधिक विद्यालय आवंटन से असंतुष्ट शिक्षक विभागीय पोर्टल के माध्यम से अपनी आपत्ति ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। इसके बाद प्रक्रिया पूरी होने पर अंतिम स्थानांतरण पत्र जारी किए जाएंगे।

विभाग के अनुसार 10 से 14 सितंबर के बीच संबंधित शिक्षकों के अंतिम स्थानांतरण पत्र ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे। इससे शिक्षकों को नए विद्यालय में योगदान की आगे की प्रक्रिया पूरी करने में सुविधा होगी।

पितृपक्ष में 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, पूर्वजों के आशीर्वाद से मिलेंगे बड़े लाभ

राशिफल। पितृपक्ष 2026 की शुरुआत 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध से होगी और 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ इसका समापन होगा। इस दौरान पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, श्रद्धा के साथ किए गए कर्मों से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

1. मेष राशि

पितृपक्ष मेष राशि के जातकों के लिए लाभकारी रह सकता है। अटके हुए काम आगे बढ़ने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को इस दौरान धन से जुड़े मामलों में फायदा मिलने की संभावना है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से चल रही किसी परेशानी का समाधान निकल सकता है।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। परिवार में भी सुख-शांति का माहौल बने रहने के संकेत हैं।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए पितृपक्ष आर्थिक रूप से राहत लेकर आ सकता है। आय के नए साधन बन सकते हैं और पुराने निवेश या रुके हुए धन से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है। नौकरी में तरक्की, कारोबार में लाभ और नई योजनाओं पर काम शुरू करने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहने की उम्मीद है।

बिहार में बनेगा 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने वाली एक बड़ी परियोजना अब तेजी पकड़ रही है। पटना से बेतिया तक प्रस्तावित एनएच-139डब्ल्यू फोरलेन सड़क के निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई हैं। पूर्वी चंपारण के महम्मदपुर में निर्माण एजेंसी ने अपना बेस कैंप तैयार करने का काम शुरू कर दिया है। इससे केसरिया, अरेराज और बेतिया के बीच फोरलेन निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद बढ़ी है।

5 हजार रैयतों की जमीन का अधिग्रहण

पूर्वी चंपारण में परियोजना पर करीब 325 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। सड़क के लिए लगभग 5 हजार रैयतों की जमीन ली जानी है, जिसमें करीब आधी जमीन का अधिग्रहण पूरा हो चुका है। केसरिया से अरेराज के करीब 40 किलोमीटर हिस्से की जमीन विभाग को सौंपे जाने की प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है।

900 रैयतों को मिला मुआवजा

केसरिया अंचल के 18 राजस्व गांवों में 1,895 रैयतों की जमीन परियोजना के लिए ली जा रही है। इनमें करीब 900 रैयतों को मुआवजे का भुगतान किया जा चुका है। बाकी लोगों के दस्तावेजों की जांच के बाद भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

सड़क परियोजना के लिए केसरिया, संग्रामपुर, अरेराज, हरसिद्धि और पहाड़पुर अंचल से जमीन ली जा रही है। प्रशासन की ओर से किसानों के कागजात जुटाने के लिए अलग-अलग जगहों पर शिविर भी लगाए जा रहे हैं।

फोरलेन बनने के बाद इलाके में आवागमन आसान होने के साथ यात्रा का समय घटने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की नजर शेष भूमि अधिग्रहण और मुआवजा भुगतान पूरा होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होने पर है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 20% बोनस पाने का मौका, जानें पूरा हिसाब

नई दिल्ली। कर्मचारियों के लिए बोनस को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। वैधानिक बोनस के नियमों के तहत पात्र कर्मचारियों को सालाना न्यूनतम 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत तक बोनस मिल सकता है। इसके लिए कर्मचारी का वेतन, प्रतिष्ठान में काम करने की अवधि और अन्य निर्धारित पात्रता शर्तें महत्वपूर्ण होती हैं। श्रम मंत्रालय के अनुसार बोनस की पात्रता के लिए मासिक वेतन की सीमा ₹21,000 है।

₹21 हजार तक वेतन वालों को लाभ

बोनस के नियमों के मुताबिक ₹21,000 तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारी इसके दायरे में आ सकते हैं। बोनस की गणना के लिए ₹7,000 प्रति माह की सीमा या संबंधित रोजगार के लिए तय न्यूनतम वेतन, जो भी अधिक हो, को आधार माना जाता है।

20 फीसदी बोनस का हिसाब

अगर बोनस की गणना ₹7,000 मासिक आधार पर की जाए और किसी कर्मचारी को अधिकतम 20 प्रतिशत बोनस मिलता है, तो सालाना बोनस ₹16,800 होगा। वहीं 8.33 प्रतिशत की दर से न्यूनतम बोनस करीब ₹6,997 बैठता है। ध्यान रहे कि 20 प्रतिशत हर कर्मचारी को तय रूप से मिलने वाली राशि नहीं है। यह वैधानिक अधिकतम सीमा है। वास्तविक बोनस प्रतिष्ठान और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकता है।

क्या है वैधानिक बोनस?

वैधानिक बोनस वह बोनस है, जिसका प्रावधान कानून में किया गया है। भुगतान बोनस अधिनियम, 1965 के प्रावधानों को अब वेतन संहिता, 2019 में शामिल किया जा चुका है। श्रम मंत्रालय के अनुसार इस व्यवस्था में पात्र कर्मचारियों के लिए न्यूनतम बोनस 8.33 प्रतिशत और अधिकतम 20 प्रतिशत की सीमा निर्धारित है।

इसलिए कर्मचारियों को बोनस मिलने की खबर को समझते समय यह देखना जरूरी है कि वे पात्रता की शर्तें पूरी करते हैं या नहीं और उनके संस्थान पर संबंधित नियम लागू होते हैं या नहीं।

पेशाब में जलन से हैं परेशान? खाना शुरू कर दें ये 4 चीजें, जल्द मिलेगी राहत

हेल्थ डेस्क। पेशाब करते समय जलन होना आम समस्या लग सकती है, लेकिन इसके पीछे पानी की कमी, मूत्र संक्रमण या दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। मूत्र संक्रमण में जलन के साथ बार-बार पेशाब लगना, पेट के निचले हिस्से में दर्द और पेशाब का धुंधला या तेज गंध वाला होना जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

1. पानी

पेशाब में जलन होने पर सबसे जरूरी है शरीर में पानी की कमी न होने देना। पर्याप्त पानी पीने से पेशाब नियमित रूप से आता है और मूत्र मार्ग से बैक्टीरिया बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। हालांकि, किडनी या हृदय से जुड़ी बीमारी वाले लोगों को पानी की मात्रा डॉक्टर की सलाह के अनुसार रखनी चाहिए।

2. खीरा

खीरे में पानी की मात्रा अधिक होती है, इसलिए इसे भोजन में शामिल करना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकता है। पर्याप्त तरल लेना मूत्र मार्ग की सेहत के लिए महत्वपूर्ण है।

3.धनिया पानी 

आयुर्वेद में इसे शीतल प्रकृति वाला पेय माना जाता है, लेकिन पेशाब की जलन के इलाज के रूप में इसके पक्के वैज्ञानिक प्रमाण सीमित हैं। लेकिन इसका सेवन फायदेमंद हो सकता हैं।

4. नारियल पानी

नारियल पानी शरीर को तरल उपलब्ध कराने का एक विकल्प है। हालांकि, पेशाब की जलन का कारण अगर संक्रमण है तो नारियल पानी इलाज का विकल्प नहीं है। ऐसे में चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

किन चीजों से बचें?

जलन के दौरान कुछ लोगों में कॉफी, शराब, बहुत तीखे खाद्य पदार्थ और कुछ अम्लीय पेय मूत्राशय में जलन बढ़ा सकते हैं। इसलिए लक्षण रहने तक इनका सेवन न करें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी?

अगर पेशाब में जलन के साथ बुखार, ठंड लगना, कमर या पीठ में दर्द, उल्टी या पेशाब में खून दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षण किडनी तक संक्रमण पहुंचने का संकेत हो सकते हैं और जल्द चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

यूपी में किसकी बनेगी सरकार? नए सर्वे ने सभी को चौकाया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी बीच Vote Vibe के 25 अगस्त 2026 के ओपिनियन पोल ने मुकाबले को लेकर दिलचस्प तस्वीर सामने रखी है। सर्वे में वोट देने की पसंद के मामले में भाजपा नेतृत्व वाला एनडीए आगे है, लेकिन चुनाव जीतने की संभावना पूछे जाने पर भाजपा और सपा गठबंधन के बीच अंतर बेहद मामूली रह गया।

वोट शेयर में एनडीए आगे

सर्वे के अनुसार, 41.8 फीसदी लोगों ने भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को वोट देने की बात कही। वहीं 38.7 फीसदी ने सपा नेतृत्व वाले गठबंधन को पसंद किया। बसपा के पक्ष में 5.2 फीसदी और अन्य दलों के पक्ष में 4 फीसदी लोगों ने राय दी। करीब 10.3 फीसदी मतदाता अभी अपना फैसला नहीं बता सके। इस तरह वोट पसंद के मामले में एनडीए को सपा गठबंधन पर 3.1 प्रतिशत अंक की बढ़त मिली।

जीत की संभावना में मुकाबला बराबर

जब लोगों से पूछा गया कि 2027 का चुनाव कौन जीत सकता है, तो तस्वीर काफी बदल गई। 41.2 फीसदी लोगों ने सपा गठबंधन की जीत की संभावना जताई, जबकि 41.1 फीसदी ने एनडीए को विजेता माना। यानी दोनों के बीच सिर्फ 0.1 प्रतिशत अंक का अंतर रहा।

मुख्यमंत्री की पसंद में योगी सबसे आगे

मुख्यमंत्री पद की पसंद में हालांकि योगी आदित्यनाथ 43.4 फीसदी समर्थन के साथ सबसे आगे रहे। अखिलेश यादव को 35.5 फीसदी, मायावती को 5.9 फीसदी और प्रियंका गांधी को 3 फीसदी लोगों ने पसंद किया। 

वहीं, सर्वे में 64.4 फीसदी लोगों ने बताया कि उन्होंने अपना वोट तय कर लिया है। इसके बावजूद एक बड़ा वर्ग अभी अपना अंतिम फैसला नहीं बता रहा है। इन आंकड़ों से फिलहाल यही संकेत मिलता है कि वोट पसंद में एनडीए को बढ़त है। 

वहीं, मुख्यमंत्री की पसंद में योगी आगे हैं, लेकिन चुनाव जीतने की धारणा में भाजपा और सपा गठबंधन लगभग बराबरी पर हैं। हालांकि ओपिनियन पोल को चुनाव का अंतिम नतीजा नहीं माना जा सकता। वास्तविक परिणाम पर उम्मीदवार, स्थानीय मुद्दे, गठबंधन और मतदान प्रतिशत जैसे कई कारकों का असर पड़ेगा।

यूपी में 2 सड़कों का होगा चौड़ीकरण, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

अयोध्या। उत्तर प्रदेश के रुदौली क्षेत्र में सड़क को बेहतर करने के लिए दो प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की परियोजना शुरू की गई है। करीब 85 करोड़ 24 लाख रुपये की लागत से भेलसर-उमापुर रेछघाट और भेलसर-टिकैतनगर मार्ग को बेहतर बनाया जाएगा। दोनों परियोजनाओं का शिलान्यास विधायक रामचंद्र यादव ने किया।

12 और 10 मीटर चौड़ी होंगी सड़कें

भेलसर-उमापुर रेछघाट मार्ग की लंबाई करीब 22.5 किलोमीटर है। वर्तमान में 5.5 मीटर चौड़े इस मार्ग को बढ़ाकर 12 मीटर किया जाएगा। इस काम पर करीब 57 करोड़ 65 लाख रुपये खर्च होंगे। वहीं, भेलसर-टिकैतनगर मार्ग को करीब सात मीटर से बढ़ाकर 10 मीटर किया जाएगा। इस परियोजना पर लगभग 27 करोड़ 59 लाख रुपये खर्च होने हैं।

लोगों को जाम से मिलेगी राहत

सड़कें चौड़ी होने के बाद रुदौली और आसपास के इलाकों में आवागमन आसान होने की उम्मीद है। दोनों मार्ग अयोध्या, बाराबंकी और अमेठी सहित आसपास के क्षेत्रों को जोड़ते हैं। बेहतर सड़क से बाजार, स्कूल और अस्पताल तक पहुंच आसान होने के साथ व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।

भेलसर-उमापुर रेछघाट मार्ग की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और निर्माण जल्द शुरू कराने की तैयारी है। परियोजना को एक साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। चौड़ीकरण की प्रक्रिया के लिए सड़क के दोनों ओर सीमांकन भी किया जा चुका है।

योगी सरकार का बड़ा ऐलान, पशुपालकों के लिए खुशखबरी, अब मिलेगा बड़ा फायदा!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में देसी नस्ल की गाय पालने वाले पशुपालकों के लिए अच्छी खबर है। योगी सरकार 'मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना' के जरिए उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों के पालन को बढ़ावा दे रही है। पात्र पशुपालकों को दूध उत्पादन के आधार पर 10 हजार से 15 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है।

दूध उत्पादन के हिसाब से मिलेगा लाभ

योजना में साहीवाल, गिर और थारपारकर नस्ल की गाय से निर्धारित मात्रा में दूध मिलने पर 10 हजार रुपये और अधिक उत्पादन होने पर 15 हजार रुपये तक प्रोत्साहन राशि का प्रावधान है। हरियाणा और गंगातीरी नस्ल के लिए भी दूध उत्पादन के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। एक पशुपालक अधिकतम दो गायों के लिए इस योजना का लाभ ले सकता है।

कौन उठा सकता है फायदा?

योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के पात्र पशुपालकों को मिलेगा, जिनके पास सरकार द्वारा निर्धारित स्वदेशी नस्ल की गाय है और वह तय दूध उत्पादन मानकों को पूरा करती है। योजना का उद्देश्य देसी नस्लों का संरक्षण करने के साथ दूध उत्पादन बढ़ाना और पशुपालकों की आमदनी को मजबूत करना है।

आवेदन और सत्यापन कैसे होगा?

पशुपालक निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रति संबंधित अधिकारी के कार्यालय में जमा करनी होगी। इसके बाद विभागीय टीम पशु और दूध उत्पादन का सत्यापन करेगी। मानक पूरे होने पर चयनित लाभार्थी के बैंक खाते में प्रोत्साहन राशि भेजी जाएगी।

बिहार में बदलेगी 17 सड़कों की सूरत, लोगों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के बक्सर जिले के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खुशखबरी है। पथ निर्माण विभाग ने जिले की 17 प्रमुख सड़कों के सुधार और रखरखाव के लिए 108.43 करोड़ रुपये से अधिक की योजना तैयार की है। इसके लिए कार्य एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

इस परियोजना के तहत सड़कों को बेहतर बनाने के साथ अगले 7 साल यानी 84 महीने तक रखरखाव भी किया जाएगा। खराब हिस्सों की मरम्मत, सड़क की मजबूती, दुर्घटनाओं से बचाव के लिए थर्माप्लास्टिक रोड मार्किंग और जरूरत पड़ने पर तत्काल मरम्मत की व्यवस्था रहेगी।

जलजमाव से भी मिलेगी राहत

योजना में सड़कों के साथ जरूरी जगहों पर पुलिया और कलवर्ट बनाने का प्रावधान भी है। इससे बारिश के दौरान जलजमाव और बाढ़ के कारण सड़क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिलेगी। बेहतर सड़कों का सीधा फायदा रोजाना सफर करने वाले लोगों, किसानों, कारोबारियों और विद्यार्थियों को मिलने की उम्मीद है।

इन प्रमुख सड़कों का होगा कायाकल्प

परियोजना में दिनारा-जलहरा, चौसा-बक्सर, मोहनियां-चौसा, परसथुआ-महावीर स्थान, चौसा-धनसोईं, सरेंजा-कोरानसराय और चौसा गोला-कोचस समेत 17 सड़क खंड शामिल हैं। इन सड़कों की कुल लंबाई अलग-अलग खंडों को मिलाकर करीब 125 किलोमीटर है।

सड़क सुधार के साथ नियमित सफाई, छोटी-मोटी मरम्मत और आपात स्थिति में तत्काल काम कराने की व्यवस्था भी होगी। विभाग ने भूमिगत पाइप और केबल जैसी सुविधाओं को नुकसान से बचाने के लिए खुदाई से पहले निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया का पालन करने पर भी जोर दिया है।

बड़ी खुशखबरी का ऐलान! यूपी में एकसाथ 3 नई भर्ती, आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ तीन बड़ी भर्तियों का मौका आया है। इनमें आंगनवाड़ी सहायिका, सहायक प्रोफेसर और चिकित्सा संस्थान के विभिन्न पद शामिल हैं। अलग-अलग भर्तियों के लिए आवेदन और चयन की प्रक्रिया भी तय कर दी गई है।

1 .बरेली में आंगनवाड़ी सहायिका की भर्ती

बरेली में आंगनवाड़ी सहायिका के 171 पदों पर भर्ती निकली है। 12वीं पास अभ्यर्थी इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 8 सितंबर 2026 से शुरू होकर 29 सितंबर 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

2 .1936 सहायक प्रोफेसर पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से 1936 सहायक प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 8 सितंबर 2026 से 7 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे। पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

3 .चिकित्सा संस्थान में भी नौकरी का मौका

ग्रेटर नोएडा स्थित सरकारी आयुर्विज्ञान संस्थान में भी विभिन्न पदों पर भर्ती निकली है। यहां सहायक श्रवण विशेषज्ञ, वाक् चिकित्सक समेत 5 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। योग्य उम्मीदवारों के लिए 21 सितंबर 2026 को सीधे साक्षात्कार का आयोजन किया जाएगा।

इस तरह उत्तर प्रदेश में अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए नौकरी पाने के कई अवसर सामने आए हैं। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक सूचना में योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों को जरूर जांच लें।

थायराइड बढ़ने पर शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत, नजरअंदाज किया तो बढ़ सकती है परेशानी!

हेल्थ डेस्क। थायराइड शरीर में हार्मोन बनाने वाली एक महत्वपूर्ण ग्रंथि है, जो चयापचय, ऊर्जा और शरीर की कई सामान्य प्रक्रियाओं को प्रभावित करती है। जब थायराइड हार्मोन का स्तर जरूरत से ज्यादा या कम हो जाता है, तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। कई बार लोग इन संकेतों को सामान्य थकान या बदलती दिनचर्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।

1. वजन में अचानक बदलाव

बिना किसी खास बदलाव के वजन तेजी से बढ़ना या कम होना थायराइड की गड़बड़ी का एक संकेत हो सकता है। खासकर थायराइड हार्मोन कम होने पर वजन बढ़ने की समस्या देखी जा सकती है।

2. हर समय थकान और सुस्ती

पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान, कमजोरी या सुस्ती महसूस होना भी थायराइड से जुड़ा हो सकता है। रोजमर्रा के काम करने में भी ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है।

3. बाल झड़ना और त्वचा में बदलाव

थायराइड हार्मोन असंतुलित होने पर बाल अधिक झड़ सकते हैं। इसके अलावा त्वचा का ज्यादा रूखा या सूखा होना भी देखने को मिल सकता है।

4. दिल की धड़कन में बदलाव

थायराइड हार्मोन बढ़ने पर दिल की धड़कन सामान्य से तेज महसूस हो सकती है, जबकि हार्मोन कम होने पर धड़कन अपेक्षाकृत धीमी हो सकती है। बार-बार ऐसा महसूस होने पर जांच कराना जरूरी है।

5. गर्मी या ठंड ज्यादा लगना

बिना मौसम के ज्यादा गर्मी या ठंड महसूस होना भी थायराइड की समस्या का संकेत हो सकता है। इसके साथ पसीना अधिक आना या ठंड सहन न कर पाना जैसे बदलाव भी दिखाई दे सकते हैं।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई एक लक्षण होने का मतलब यह नहीं है कि थायराइड की समस्या निश्चित रूप से है, क्योंकि ऐसे लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं। लेकिन अगर कई लक्षण लगातार बने हुए हैं या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर थायराइड की रक्त जांच कराना उचित रहता है। समय पर पहचान और उपचार से थायराइड की समस्या को नियंत्रित किया जा सकता है।

13 सितंबर को बनेगा अमृत सिद्धि योग, पलटेगा इन 4 राशियों का भाग्य, हर तरफ से आएगी खुशखबरी!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में कुछ योगों को बेहद शुभ माना जाता है। ऐसा ही एक शुभ संयोग 13 सितंबर, रविवार को बनने जा रहा है। इस दिन सूर्योदय से लेकर दोपहर 1 बजकर 7 मिनट तक अमृत सिद्धि योग का संयोग रहेगा। मान्यता है कि इस योग में किए गए शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ती है। इसका असर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह योग उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ परिवार में भी खुशी का माहौल रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को अमृत सिद्धि योग का अच्छा लाभ मिल सकता है। धन से जुड़ा कोई अटका काम पूरा होने की संभावना है। निवेश या कारोबार में सोच-समझकर लिया गया फैसला फायदा दे सकता है। परिवार का सहयोग भी मिलेगा और मन प्रसन्न रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह शुभ योग तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। आर्थिक लाभ के साथ मान-सम्मान बढ़ने के भी योग बन रहे हैं। पुराने संपर्क भविष्य में फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए अमृत सिद्धि योग शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। अचानक कोई अच्छी खबर मिलने से खुशी बढ़ेगी। रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

CM सम्राट चौधरी ने कर दिया साफ, बिहार में शराबबंदी रहेगी जारी, नहीं बदलेगा फैसला!

पटना। बिहार में शराबबंदी को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सरकार का रुख साफ कर दिया है। उन्होंने संकेत दिया है कि राज्य में लागू शराबबंदी आगे भी जारी रहेगी। मुख्यमंत्री के मुताबिक यह फैसला केवल राजस्व से जुड़ा नहीं है, बल्कि बिहार की महिलाओं और परिवारों के हित को ध्यान में रखकर लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी के चलते सरकार को हर साल करीब 20 हजार करोड़ रुपये के संभावित राजस्व का नुकसान होता है, लेकिन इसके बावजूद सरकार इस नीति को खत्म करने के पक्ष में नहीं है। उनका कहना है कि राज्य की बड़ी संख्या में महिलाएं शराबबंदी का समर्थन करती हैं, इसलिए इसे जारी रखना सरकार की प्राथमिकता है।

2030 तक बिहार में दिखेगा बड़ा बदलाव

सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास को लेकर भी सरकार की योजनाओं पर बात की। उन्होंने कहा कि 2030 से पहले राज्य में रोजगार, शिक्षा और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के क्षेत्र में बदलाव दिखाई देने लगेगा। सरकार का लक्ष्य ऐसा माहौल तैयार करना है, जिससे बिहार के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।

जहरीली शराब पर सरकार की नजर

शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब की घटनाएं सरकार के लिए चुनौती बनी हुई हैं। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताया। सरकार के सामने अब शराबबंदी को प्रभावी बनाए रखने के साथ अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने की भी बड़ी जिम्मेदारी है।

भारत पर मेहरबान हुआ रूस, दिया ऐसा बड़ा ऑफर कि चीन की बढ़ी टेंशन!

नई दिल्ली। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे से पहले क्रेमलिन ने संकेत दिया है कि अत्याधुनिक एसयू-57 लड़ाकू विमान की बिक्री और उसकी तकनीक को भारत के साथ साझा करने पर बातचीत आगे बढ़ सकती है।

क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि एसयू-57 दुनिया के उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल है और इसकी बिक्री पुतिन की भारत यात्रा के एजेंडे में है। उन्होंने यह भी बताया कि भारत रूसी लड़ाकू विमान की उत्पादन तकनीक में रुचि दिखा रहा है और दोनों देशों के बीच इस मुद्दे पर बातचीत जारी है।

ब्रह्मोस और एस-400 पर भी चर्चा

रूस ने भारत के साथ ब्रह्मोस मिसाइल सहयोग को और मजबूत करने की इच्छा जताई है। दोनों देश मिलकर इस मिसाइल प्रणाली को विकसित कर रहे हैं और इसकी क्षमताओं को और बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। इसके अलावा एस-400 वायु रक्षा प्रणाली की आपूर्ति भी बातचीत के प्रमुख मुद्दों में शामिल रहने वाली है।

परमाणु ऊर्जा में भी बढ़ेगा सहयोग

रूस ने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के संकेत दिए हैं। कुडनकुलम परमाणु परियोजना में दोनों देशों का सहयोग पहले से जारी है। अब भारत में नए परमाणु संयंत्रों को लेकर भी आगे बातचीत होने की उम्मीद है।

दरअसल, पुतिन की भारत यात्रा के दौरान रक्षा तकनीक, लड़ाकू विमान, मिसाइल और परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े समझौते की संभावनाओं पर नजर रहेगी।

रोज ग्रीन टी पीने से शरीर में होंगे 5 बड़े बदलाव, वजन कंट्रोल से लेकर दिल तक मिलेगा फायदा!

हेल्थ डेस्क। आजकल ग्रीन टी को लोग सामान्य चाय के विकल्प के तौर पर तेजी से अपना रहे हैं। इसमें पॉलीफेनॉल और कैटेचिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं, जिन पर स्वास्थ्य से जुड़े कई अध्ययनों में शोध हुआ है। हालांकि, ग्रीन टी किसी बीमारी का इलाज नहीं है और इसके फायदे व्यक्ति की सेहत और सेवन की मात्रा पर निर्भर कर सकते हैं।

1. वजन को नियंत्रित रखने में मदद

ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन और कैफीन शरीर के वजन पर हल्का प्रभाव डाल सकते हैं। हालांकि, इसे वजन घटाने का चमत्कारी उपाय नहीं माना जा सकता। संतुलित खानपान और नियमित व्यायाम के साथ ही वजन प्रबंधन ज्यादा प्रभावी रहता है।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

कुछ शोधों में ग्रीन टी के सेवन को रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल जैसे हृदय संबंधी जोखिम कारकों पर छोटे सकारात्मक प्रभाव से जोड़ा गया है। ग्रीन टी में मौजूद तत्वों को इसके संभावित कारणों में माना जाता है।

3. कोलेस्ट्रॉल पर पड़ सकता है असर

अध्ययनों के अनुसार ग्रीन टी कुल कोलेस्ट्रॉल और खराब कोलेस्ट्रॉल यानी एलडीएल को थोड़ी मात्रा में कम करने में मदद कर सकती है। हालांकि इसका असर सीमित है और यह कोलेस्ट्रॉल की दवाओं का विकल्प नहीं है।

4. शरीर को मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट

ग्रीन टी में पॉलीफेनॉल और कैटेचिन जैसे यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव से जुड़ी प्रक्रियाओं पर प्रभाव डाल सकते हैं। इसी वजह से ग्रीन टी को संतुलित आहार का हिस्सा माना जाता है।

5. दिनभर चुस्ती महसूस करने में मदद

ग्रीन टी में कैफीन मौजूद होता है, जो मानसिक सतर्कता और जागरूकता बढ़ाने में मदद कर सकता है। हालांकि कैफीन की मात्रा व्यक्ति की संवेदनशीलता के अनुसार अलग-अलग असर कर सकती है।

बिहार के 25 जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक के साथ IMD का अलर्ट

पटना। बिहार में बाढ़ की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें अभी कम होती नजर नहीं आ रही हैं। कई इलाकों में नदियों का जलस्तर बढ़ा हुआ है, वहीं अब मौसम विभाग ने बारिश को लेकर भी चेतावनी जारी की है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 9 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है।

इन जिलों में अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया, बांका और जमुई में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। इन इलाकों में बारिश के साथ तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और पेड़ के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

वहीं पटना, नालंदा, नवादा, गया, जहानाबाद, शेखपुरा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय,  लखीसराय, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण समेत कई जिलों में येलो अलर्ट है।

10 सितंबर को भी बदला रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 10 सितंबर को भी बिहार के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। पटना में भी 10 सितंबर को मध्यम से भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। बारिश के कारण पहले से बाढ़ प्रभावित इलाकों में जलजमाव और आवागमन की परेशानी बढ़ सकती है। ऐसे में स्थानीय लोगों को नदी और जलभराव वाले क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।

आगे फिर सक्रिय हो सकता है मॉनसून

बारिश के इस दौर के बाद कुछ समय के लिए उमस और गर्मी बढ़ सकती है। हालांकि बिहार में मॉनसून की गतिविधि पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक आने वाले दिनों में भी राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और गरज-चमक का दौर देखने को मिल सकता है।

बिहार सरकार की घोषणा, किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ!

पटना। बिहार के किसानों के लिए कृषि विभाग ने बड़ी राहत दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में कृषि यंत्रीकरण योजना के तहत आधुनिक कृषि उपकरण खरीदने पर किसानों को अनुदान दिया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगी।

कृषि यंत्र खरीदने पर मिलेगा अनुदान

योजना के तहत खेती में इस्तेमाल होने वाले विभिन्न आधुनिक उपकरणों पर अनुदान का प्रावधान है। इसका उद्देश्य किसानों की खेती की लागत और मेहनत कम करना तथा समय पर जुताई, बुआई और कटाई में मदद करना है। विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार कई कृषि यंत्रों पर अनुदान दर अलग-अलग निर्धारित है।

कस्टम हायरिंग सेंटर पर भी लाभ

किसानों और समूहों के लिए कस्टम हायरिंग सेंटर, कृषि यंत्र बैंक और विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने पर भी आर्थिक सहायता दी जा रही है। आधिकारिक पोर्टल के अनुसार कस्टम हायरिंग सेंटर पर अधिकतम 4 लाख, कृषि यंत्र बैंक पर 8 लाख और विशेष कस्टम हायरिंग सेंटर पर कुल 12 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है।

ऑनलाइन करें आवेदन

इच्छुक किसान कृषि विभाग के ऑनलाइन फार्म मैकेनाइजेशन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर (ओएफएमएएस) पोर्टल से आवेदन कर सकते हैं। योजना में आवेदन और अनुदान की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है, जिससे किसान अपने आवेदन की स्थिति भी देख सकते हैं।

किसानों को आवेदन से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और संबंधित यंत्र पर मिलने वाले अनुदान की सीमा जरूर जांच लेनी चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें तो न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसर में शामिल है। इसकी शुरुआत में कई बार कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देता, इसलिए नियमित जांच बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है। जब लक्षण सामने आते हैं तो शरीर में कुछ असामान्य बदलाव नजर आ सकते हैं।

1. पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग

मासिक धर्म के बीच अचानक रक्तस्राव होना, सामान्य से ज्यादा ब्लीडिंग होना या पीरियड्स खत्म होने के बाद खून आना एक चेतावनी संकेत हो सकता है।

2. संबंध बनाने के बाद रक्तस्राव

अगर शारीरिक संबंध के दौरान या उसके बाद बार-बार रक्तस्राव होता है तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इसकी कई दूसरी वजहें भी हो सकती हैं, लेकिन डॉक्टर से जांच जरूरी है।

3. असामान्य योनि स्राव

योनि से सामान्य से अलग, अधिक मात्रा में या बदले हुए स्वरूप का स्राव होना भी ध्यान देने योग्य संकेत है। स्राव में खून आना या उसमें असामान्य बदलाव होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

4. पेट के निचले हिस्से या कमर में दर्द

पेल्विस यानी पेट के निचले हिस्से, कमर या कूल्हों के बीच लगातार दर्द भी जांच कराने का कारण हो सकता है। खासकर जब इसके साथ ऊपर बताए गए अन्य लक्षण भी मौजूद हों।

समय पर जांच क्यों जरूरी?

सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती अवस्था में लक्षण न दिखने के कारण स्क्रीनिंग महत्वपूर्ण है। एचपीवी जांच और पैप टेस्ट गर्भाशय ग्रीवा में ऐसे बदलावों का पता लगाने में मदद कर सकते हैं, जो कैंसर से पहले की अवस्था में हो सकते हैं।

यूपी में शिक्षा कर्मियों को खुशखबरी, मानदेय में 25% बढ़ोतरी, आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में समग्र शिक्षा के तहत सेवा प्रदाता के माध्यम से काम कर रहे कार्मिकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने इनके मानदेय में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। वर्ष 2020 के बाद से इनके मानदेय में वृद्धि नहीं हुई थी। यह फैसला मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई समग्र शिक्षा कार्यकारी समिति की बैठक में लिया गया।

11,902 करोड़ का बजट मंजूर

वर्ष 2026-27 के लिए समग्र शिक्षा के तहत 11,902.85 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। वहीं, 2025-26 में उपलब्ध राशि में से 9,425.21 करोड़ रुपये यानी 92.46 प्रतिशत का उपयोग किया गया। सरकार ने अब नए बजट का शत-प्रतिशत इस्तेमाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

कक्षा पांच तक बढ़ेगा निपुण भारत

बैठक में निपुण भारत मिशन को कक्षा पांच तक विस्तार देने की जानकारी दी गई। कक्षा तीन से पांच तक हिंदी, गणित, अंग्रेजी और पर्यावरण विषयों के सीखने के लक्ष्य तय किए जाएंगे। साथ ही स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और विज्ञान प्रयोगशालाओं के बेहतर उपयोग पर जोर दिया गया है।

ड्रीम लैब और स्कूल सुरक्षा पर भी जोर

सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के व्यावहारिक और सर्वांगीण विकास के लिए ड्रीम लैब स्थापित करने की तैयारी है। इसके लिए टाटा टेक्नोलॉजी, यास्कावा समेत अन्य उद्योग समूहों के साथ समझौते किए गए हैं। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के स्कूल सुरक्षा ऑडिट के लिए कार्यदायी संस्था का चयन भी हो चुका है।

US का बड़ा हमला, ईरान के 5 तेल टैंकर तबाह! मचा हड़कंप

नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेजी से बढ़ गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाने की दो कोशिशें कीं। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच कच्चे तेल के टैंकरों को नष्ट कर दिया।

ओमान की खाड़ी में चार टैंकरों पर हमला

अमेरिकी सेना के मुताबिक, ओमान की खाड़ी में कविज, चार्मिनार, होराइजन-1 और रिस्को नाम के चार टैंकरों को निशाना बनाया गया। कार्रवाई से पहले इनके चालक दल को जहाज खाली करने का निर्देश दिया गया था। अमेरिकी कमांड का कहना है कि इन जहाजों को दोबारा संचालन में लायक नहीं छोड़ा गया।

खार्ग द्वीप के पास पांचवां टैंकर तबाह

पांचवें टैंकर डेरिया को ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप के पास निशाना बनाया गया। खार्ग द्वीप ईरान के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण तेल टर्मिनल है।

ईरान ने भी किया जवाबी हमले का दावा

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया गया। जॉर्डन ने कहा कि उसकी वायु रक्षा ने दागी गई ज्यादातर मिसाइलों को रोक दिया। इससे दोनों देशों के बीच जारी टकराव और बढ़ने की आशंका पैदा हो गई है।

तेल बाजार पर भी बढ़ा दबाव

अमेरिका-ईरान टकराव का असर खाड़ी क्षेत्र के साथ वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य और ईरान के तेल निर्यात से जुड़े इलाकों में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों और आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

यूपी में ब्लॉक प्रमुखों को बड़ी राहत, जारी हुई नई गाइडलाइन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव में देरी के बीच प्रशासक के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे ब्लॉक प्रमुखों और जिला पंचायत अध्यक्षों को सरकार ने बड़ी राहत दी है। नई गाइडलाइन जारी होने के बाद पुराने विकास कार्यों के भुगतान और जरूरी नए कामों को आगे बढ़ाने में आसानी होगी। इससे लंबित फाइलों के निस्तारण की उम्मीद भी बढ़ गई है।

पुराने कामों के भुगतान का रास्ता साफ

प्रशासक बनने से पहले कराए गए निर्माण और दूसरे कार्यों का भौतिक व तकनीकी सत्यापन कराने के बाद पहले की तरह भुगतान किया जा सकेगा। पंचायतों में कार्यरत कर्मचारियों के वेतन समेत नियमित प्रशासनिक काम भी जारी रहेंगे।

मंजूर काम भी शुरू हो सकेंगे

प्रशासक बनने से पहले बोर्ड से स्वीकृत ऐसे काम, जिनकी निविदा हो चुकी है लेकिन निर्माण शुरू नहीं हुआ है, उन्हें आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके लिए संबंधित जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होगी। इससे विकास योजनाओं के लंबे समय तक अटके रहने की समस्या कम होगी।

नीतिगत फैसलों पर रहेगी पाबंदी

नई क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के गठन तक प्रशासक के तौर पर शासकीय या विभागीय बैठकें आयोजित नहीं की जा सकेंगी। हालांकि कानून, न्यायालय या अन्य सरकारी आदेश के कारण जरूरी काम के लिए अनुमति लेकर कार्रवाई की जा सकेगी। ब्लॉक स्तर पर डीएम और जिला पंचायत के मामलों में मंडलायुक्त की मंजूरी जरूरी होगी।

आरोप वाले प्रमुख की जगह अधिकारी संभालेंगे जिम्मेदारी

जिन ब्लॉक प्रमुखों के खिलाफ किसी मामले में कार्रवाई हुई है, वहां प्रशासक की जिम्मेदारी उप जिलाधिकारी को दी जाएगी। सरकार की इस व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत चुनाव तक विकास कार्यों और जरूरी प्रशासनिक गतिविधियों को बिना रुकावट जारी रखना है।

सरकार की बड़ी खुशखबरी, 1 लाख से अधिक कर्मचारियों का बढ़ा वेतन

कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार ने कर्मचारियों और अनुबंध पर काम करने वाले कर्मियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने 14 श्रेणियों के कर्मचारियों के वेतन और मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इससे एक लाख से अधिक लोगों को सीधा फायदा मिलेगा। इस फैसले से राज्य के खजाने पर हर साल करीब 390 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

वन विभाग के कर्मचारियों को राहत

सरकार के फैसले के तहत वन विभाग में डिप्टी रेंजर से लेकर वन रक्षक तक के कर्मचारियों के पारिश्रमिक में 5,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी होगी। करीब 1,500 वन सहायकों के मानदेय में भी 2,000 रुपये मासिक इजाफा किया गया है। वन विभाग से जुड़ी यह बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी।

पारा शिक्षकों का भी बढ़ा मानदेय

प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्तर पर काम करने वाले पारा शिक्षकों तथा शिक्षा बंधुओं के मानदेय में 5,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि की गई है। इस फैसले का लाभ हजारों शिक्षा कर्मियों को मिलेगा और बढ़ा हुआ मानदेय 1 नवंबर से लागू होगा।

पूर्व विधायकों और विधायकों को राहत

सरकार ने पूर्व विधायकों के चिकित्सा भत्ते में भी बढ़ोतरी की है। इसे 6,000 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है, जो 1 अगस्त से प्रभावी है। इसके अलावा जिन विधायकों ने अपने क्षेत्र में नेताजी सेवा केंद्र शुरू किए हैं, उन्हें इसके संचालन के लिए हर महीने 30,000 रुपये दिए जाएंगे।

कई श्रेणियों के कर्मियों को मिलेगा लाभ

सरकार के अनुसार वेतन और मानदेय बढ़ाने का फैसला उन 14 समूहों के लिए किया गया है, जिन्हें 2026-27 के बजट में शामिल नहीं किया गया था। सरकार का कहना है कि संबंधित कर्मचारियों की मांगों को उचित मानते हुए यह फैसला लिया गया है।

CM सम्राट का आदेश, बिहारवासियों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के लोगों की शिकायतों के त्वरित समाधान को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री सचिवालय में आयोजित राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में उन्होंने 137 आवेदकों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों व जिलाधिकारियों को समय पर कार्रवाई के निर्देश दिए।

1 .30 दिन में होगा शिकायतों का समाधान

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सहयोग शिविर के जरिए आने वाली समस्याओं का समाधान 30 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि जनता की शिकायतों के निपटारे में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों और कर्मचारियों को पारदर्शिता व संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा गया है।

2 .बुजुर्गों और राशन कार्ड आवेदकों को राहत

सहयोग कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने खास तौर पर वृद्धावस्था पेंशन और राशन कार्ड के पात्र आवेदकों को जल्द लाभ देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी वजहों से कोई भी योग्य व्यक्ति सरकारी योजना के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

3 .काम हो गया तो पटना आने की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन लोगों की शिकायत का समाधान हो चुका है, उन्हें बार-बार पटना आने की जरूरत नहीं है। केवल ऐसे जटिल मामलों के लिए राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में आने की जरूरत होगी, जिनका समाधान जिला स्तर पर नहीं हो पा रहा है। सरकार का लक्ष्य शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा कर लोगों का भरोसा मजबूत करना है। 

10 सितंबर को बनेगा सिद्ध योग! 4 राशियों की किस्मत लेगी करवट, मिलेगी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ योगों का विशेष महत्व माना जाता है। 10 सितंबर 2026 को दिन में सिद्ध योग का संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार यह योग शाम 7 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इसके बाद साध्य योग शुरू हो जाएगा।

ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार सिद्ध योग को शुभ माना जाता है। इस दौरान किए गए अच्छे और धार्मिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना मानी जाती है। मंत्र जाप, पूजा-पाठ, आध्यात्मिक साधना और किसी उपयोगी काम को आगे बढ़ाने के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है। 10 सितंबर को चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा और मघा नक्षत्र का प्रभाव भी रहेगा।

मेष राशि

सिद्ध योग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से अटका हुआ काम आगे बढ़ने के संकेत हैं। मेहनत का उचित परिणाम मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय करियर और धन के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वाले लोगों को लाभ का मौका मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य से जुड़ी अच्छी खबर भी मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

सिंह राशि

10 सितंबर का सिद्ध योग सिंह राशि के जातकों के लिए विशेष माना जा सकता है क्योंकि इस दिन चंद्रमा सिंह राशि में रहेगा। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ सकता है और महत्वपूर्ण फैसले लेने में सफलता मिल सकती है। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी के संकेत मिल सकते हैं। सामाजिक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ने की संभावना भी है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सिद्ध योग अटके हुए कामों को गति देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी या व्यवसाय में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और किसी पुराने निवेश या काम से लाभ मिल सकता है। परिवार में भी खुशी का माहौल बन सकता है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, बुजुर्गों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, टेंशन होगी दूर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के शहरों में रहने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए राज्य सरकार एक बड़ी पहल की तैयारी कर रही है। सरकार बुजुर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अलग से रेंटल हाउसिंग नीति तैयार करने जा रही है। इसके तहत वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित और किफायती दर पर किराये के मकान उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने पर काम होगा।

नौ सदस्यीय समिति करेगी नीति का खाका तैयार

इस नीति को तैयार करने के लिए आवास एवं शहरी नियोजन विभाग ने नौ सदस्यीय समिति का गठन किया है। समिति की कमान आवास विभाग के सचिव को सौंपी गई है। इसमें लखनऊ, कानपुर, गाजियाबाद, वाराणसी और मेरठ विकास प्राधिकरणों के उपाध्यक्षों को सदस्य बनाया गया है। इसके अलावा अपर आवास आयुक्त और मुख्य नगर एवं ग्राम नियोजक भी समिति में शामिल हैं। निदेशक, आवास बंधु को सदस्य-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।

किराया और पात्रता के नियम होंगे तय

समिति अपनी संस्तुतियां सरकार को देगी। इसके बाद यह तय किया जाएगा कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए कितने मकान बनाए जाएंगे और उनका किराया कितना होगा। साथ ही पात्रता की उम्र, आय सीमा और मकान आवंटित करने की प्रक्रिया को भी अंतिम रूप दिया जाएगा। यानी नीति लागू होने के बाद बुजुर्गों के लिए मकान पाने के नियम स्पष्ट होंगे।

सुरक्षित और सुविधाजनक आवास पर जोर

सरकार का मकसद केवल कम किराये पर मकान उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि बुजुर्गों की जरूरत के मुताबिक सुरक्षित आवास की व्यवस्था करना भी है। बढ़ती उम्र में कई लोगों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक घर की जरूरत अधिक होती है। ऐसे में प्रस्तावित नीति के जरिए उन्हें शहरों में रहने के लिए बेहतर विकल्प उपलब्ध कराने की कोशिश की जाएगी।

बढ़ती बुजुर्ग आबादी के बीच अहम पहल

शहरी क्षेत्रों में बुजुर्गों की संख्या बढ़ने के साथ उनके लिए स्वतंत्र और सुरक्षित आवास की जरूरत भी बढ़ रही है। सरकार की यह प्रस्तावित नीति इसी जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार की जा रही है। समिति की रिपोर्ट और संस्तुतियों के आधार पर आगे की व्यवस्था तय होगी।

सुबह एक मुट्ठी अंकुरित चना खाएं, शरीर को मिलेंगे 6 गजब के फायदे

हेल्थ डेस्क। सुबह के नाश्ते में अगर आप कोई ऐसा खाद्य पदार्थ शामिल करना चाहते हैं, जो पेट भरने के साथ शरीर को प्रोटीन और फाइबर भी दे, तो अंकुरित चना अच्छा विकल्प हो सकता है। चना पहले से ही प्रोटीन, फाइबर, आयरन, फोलेट और कई खनिजों का स्रोत है। अंकुरण की प्रक्रिया से कुछ पोषक तत्वों की उपलब्धता भी बढ़ सकती है।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

अंकुरित चने में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करता है और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में सहायक हो सकता है।

2. लंबे समय तक पेट भरा रखे

प्रोटीन और फाइबर का मेल पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकता है। ऐसे में बार-बार कुछ खाने की इच्छा कम हो सकती है, जिससे वजन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

3. शरीर को मिलता है प्रोटीन

चना वनस्पति आधारित प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। रोज के भोजन में अंकुरित चना शामिल करने से शरीर को प्रोटीन की जरूरत पूरी करने में मदद मिल सकती है, खासकर उन लोगों के लिए जो कम मांसाहारी या शाकाहारी भोजन लेते हैं।

4. ब्लड शुगर के लिए बेहतर विकल्प

चना कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले खाद्य पदार्थों में शामिल है। इसमें मौजूद फाइबर और धीरे पचने वाले कार्बोहाइड्रेट भोजन के बाद रक्त शर्करा में तेज उछाल को कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि मधुमेह के मरीज अपनी मात्रा और डाइट डॉक्टर या आहार विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार तय करें।

5. दिल की सेहत के लिए उपयोगी

चना फाइबर, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व देता है। संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर इसका सेवन हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

6. आयरन और फोलेट का अच्छा स्रोत

चना आयरन और फोलेट जैसे जरूरी पोषक तत्व भी प्रदान करता है। ये शरीर के सामान्य कामकाज और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।