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बिहार में बड़ा एक्शन: रक्षा विभाग की 9.36 एकड़ जमीन से हटेगा अवैध कब्जा

मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में रक्षा विभाग की जमीन पर हुए अवैध कब्जे को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। लंबे समय से मिल रही शिकायतों के बाद अब अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। इस कार्रवाई के तहत लगभग 9.36 एकड़ रक्षा भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने की तैयारी की जा रही है।

पांच सदस्यीय कमेटी का गठन

मुशहरी अंचल प्रशासन ने इस पूरे मामले की निगरानी और कार्रवाई को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए पांच सदस्यीय कमेटी बनाई है। इस कमेटी में अंचल अमीन और अन्य राजस्व कर्मियों को शामिल किया गया है। कमेटी का मुख्य काम जमीन की सही पहचान करना, उसकी पैमाइश कराना और अतिक्रमण की स्थिति का विस्तृत आकलन करना होगा।

सेना से मांगी गई जमीन की जानकारी

अंचलाधिकारी ने रक्षा विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर अंचल क्षेत्र में मौजूद रक्षा भूमि का पूरा विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। इससे जमीन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच आसान होगी और प्रशासन सही आधार पर कार्रवाई कर सकेगा।

अवैध कब्जाधारियों को मिलेगा समय

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के अनुसार, पहले जमीन की पैमाइश कर उसकी स्पष्ट पहचान की जाएगी और वहां पिलर लगाए जाएंगे। इसके बाद जिन लोगों ने जमीन पर अवैध कब्जा किया है, उन्हें उसे खाली करने के लिए 15 दिनों का समय दिया जाएगा। तय समय सीमा के बाद प्रशासन अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू करेगा।

दस्तावेजों की जांच और दाखिल-खारिज प्रक्रिया

सेना के अनुरोध के बाद जमीन से जुड़े दस्तावेजों और रिकॉर्ड की भी जांच शुरू कर दी गई है। अंचल प्रशासन ने रक्षा विभाग के कमांडेंट को पत्र भेजकर बताया है कि जमीन को सुरक्षित रखने के लिए दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। इससे जमीन का रिकॉर्ड स्पष्ट होगा और भविष्य में किसी प्रकार का विवाद नहीं होगा।

प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि जिले में रक्षा विभाग की जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा। बनाई गई कमेटी पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि जल्द से जल्द जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।

सुंदर पिचाई को बड़ा तोहफा, गूगल देगा 3 साल में 6400 करोड़ रुपये

नई दिल्ली। Google और उसकी पैरेंट कंपनी Alphabet Inc. ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी सुंदर पिचाई के लिए नया वेतन ढांचा तय किया है। इस नए प्लान के तहत अगले तीन वर्षों में उनका कुल पैकेज करीब 692 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है, जिसकी भारतीय मुद्रा में कीमत लगभग 6400 करोड़ रुपये बैठती है।

कंपनी की ओर से जारी आधिकारिक फाइलिंग में बताया गया है कि यह पैकेज पूरी तरह निश्चित नहीं है, बल्कि इसका बड़ा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा। यानी कंपनी जितना बेहतर प्रदर्शन करेगी, उतना अधिक लाभ पिचाई को मिल सकता है।

प्रदर्शन पर टिका है बड़ा हिस्सा

नए कॉम्पेनसेशन प्लान में पिचाई को मिलने वाले स्टॉक इंसेंटिव का अहम रोल होगा। इसके तहत उन्हें परफॉर्मेंस स्टॉक यूनिट्स दिए जाएंगे, जिनकी टारगेट वैल्यू लगभग 126 मिलियन डॉलर बताई गई है। इन स्टॉक्स को दो हिस्सों में बांटा गया है और इनकी वास्तविक कीमत कंपनी के प्रदर्शन से तय होगी।

कंपनी की तुलना अन्य बड़ी कंपनियों से की जाएगी, जिनका आकलन S&P 100 इंडेक्स के आधार पर होता है। यदि कंपनी का प्रदर्शन प्रतिस्पर्धी कंपनियों से बेहतर रहता है तो इन स्टॉक्स का मूल्य दोगुना तक हो सकता है। वहीं, कमजोर प्रदर्शन की स्थिति में इस हिस्से से मिलने वाला लाभ कम या शून्य भी हो सकता है।

बेस सैलरी और स्टॉक रिवॉर्ड

इस पैकेज में पिचाई की सालाना बेस सैलरी लगभग 2 मिलियन डॉलर रखी गई है। इसके अलावा उन्हें लगभग 84 मिलियन डॉलर के रिस्ट्रिक्टेड स्टॉक यूनिट्स भी दिए जाएंगे, जो समय के साथ उन्हें मिलते रहेंगे।

सहायक कंपनियों से भी इंसेंटिव

इस बार कंपनी ने अपने कुछ उभरते प्रोजेक्ट्स को भी इस पैकेज से जोड़ा है। खासतौर पर कंपनी की दो सहायक इकाइयों के प्रदर्शन पर पिचाई को अतिरिक्त इंसेंटिव मिल सकता है। इनमें शामिल हैं: Waymo – स्वचालित ड्राइविंग तकनीक पर काम करने वाली कंपनी, Wing Aviation – ड्रोन के जरिए डिलीवरी सेवा विकसित करने वाला प्रोजेक्ट। इन कंपनियों की प्रगति के आधार पर पिचाई को सैकड़ों मिलियन डॉलर तक के अतिरिक्त स्टॉक लाभ मिलने की संभावना है।

8वां वेतन आयोग: क्या केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी सच में दोगुनी होगी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा लगातार बढ़ रही है। कई कर्मचारियों को उम्मीद है कि नए आयोग के लागू होने पर उनकी सैलरी में बहुत बड़ा इजाफा होगा। खासकर फिटमेंट फैक्टर को लेकर कई तरह की बातें सामने आ रही हैं। 

कुछ लोगों का मानना है कि अगर फिटमेंट फैक्टर 2.5 या उससे ज्यादा तय किया गया तो बेसिक सैलरी लगभग दोगुनी हो सकती है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि केवल फिटमेंट फैक्टर को देखकर सैलरी के दोगुना होने की उम्मीद करना सही नहीं है।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है

फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणांक है जिसके आधार पर नए वेतन आयोग में कर्मचारियों की बेसिक सैलरी तय की जाती है। जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो सबसे पहले मौजूदा बेसिक सैलरी में उस समय तक मिला महंगाई भत्ता (DA) जोड़ा जाता है। इसके बाद उस कुल राशि पर फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है और नई बेसिक सैलरी तय होती है।

उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग के समय फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। उस समय कई लोगों को लगा था कि उनकी सैलरी बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी। लेकिन जब वास्तविक गणना हुई तो बढ़ोतरी उम्मीद से कम निकली।

वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होती है

आमतौर पर वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ता शून्य (रीसेट) कर दिया जाता है और नई बेसिक सैलरी से फिर से DA जोड़ना शुरू होता है। इसी वजह से फिटमेंट फैक्टर का बड़ा आंकड़ा देखने में आकर्षक लगता है, लेकिन इन-हैंड सैलरी में उतना बड़ा बदलाव नहीं दिखाई देता।

पिछले वेतन आयोगों के अनुभव बताते हैं कि कुल सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी आम तौर पर लगभग 15% से 30% के बीच होती है। अगर फिटमेंट फैक्टर थोड़ा ज्यादा रखा जाता है तो यह बढ़ोतरी थोड़ी और बढ़ सकती है, लेकिन सैलरी दोगुनी होने जैसी स्थिति आमतौर पर नहीं बनती।

इन-हैंड सैलरी पर अन्य भत्तों का असर

कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी सिर्फ बेसिक पे से तय नहीं होती। इसमें हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्ते भी शामिल होते हैं। ये भत्ते कर्मचारी के पद, अनुभव और शहर के आधार पर अलग-अलग होते हैं। इसलिए सभी कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी का प्रभाव भी अलग-अलग हो सकता है।

सूर्य-मंगल का द्विद्वादश योग: इन 5 राशियों के लिए खुल सकते हैं तरक्की के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके बनने वाले योग का विशेष महत्व माना जाता है। ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों के जीवन पर अलग-अलग रूप से देखने को मिलता है। इसी क्रम में 15 मार्च के आसपास सूर्य और मंगल के बीच द्विद्वादश योग बनने जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग कुछ राशियों के लिए नई संभावनाओं और तरक्की के अवसर लेकर आ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग काफी अनुकूल माना जा रहा है। इस दौरान करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार करने वाले लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और ऊर्जा से भरपूर रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है। यदि कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को इस योग के दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। करियर और शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार होने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार में नए संपर्क बन सकते हैं, जिससे भविष्य में लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी संतुलन बना रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह योग कई नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यवसाय में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और कुछ लोगों को नए निवेश से लाभ मिल सकता है। साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

यूपी में नई रेल लाइन के लिए टेंडर, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के एटा और कासगंज जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। वर्षों से लंबित एटा-कासगंज रेल लाइन परियोजना अब जल्द ही धरातल पर उतरने जा रही है। इस बहुप्रतीक्षित रेल परियोजना के लिए पूर्वोत्तर रेलवे ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे इलाके में विकास की नई उम्मीद जगी है।

जानकारी के अनुसार इस नई ब्रॉडगेज रेल लाइन की कुल लंबाई लगभग 27.28 किलोमीटर होगी। इसके निर्माण पर करीब 428 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आने का अनुमान है। रेलवे अधिकारियों के मुताबिक परियोजना का अंतिम सर्वेक्षण पूरा हो चुका है और अब निर्माण कार्य के लिए निविदाएं आमंत्रित की गई हैं।

नगला गोकुल के पास से गुजरेगी रेल लाइन

फाइनल सर्वे के अनुसार प्रस्तावित रेल लाइन एटा रेलवे स्टेशन के पास स्थित नगला गोकुल गांव के करीब से होकर गुजरेगी। रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने निर्माण के लिए निर्धारित स्थानों को चिन्हित भी कर दिया है। कई जगहों पर पीले पोल लगाकर जमीन को चिह्नित किया गया है ताकि आगे की प्रक्रिया आसान हो सके।

दो साल में पूरा करने का लक्ष्य

रेलवे ने इस परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा है। यह योजना केंद्र सरकार की गतिशक्ति योजना के तहत विकसित की जा रही है, जिसका उद्देश्य देश में बेहतर कनेक्टिविटी और तेज विकास सुनिश्चित करना है।

कई प्रमुख रेल मार्गों से होगा जुड़ाव

एटा-कासगंज रेल लाइन बनने के बाद यह क्षेत्र कई प्रमुख रेल मार्गों से जुड़ जाएगा। इससे मथुरा-हाथरस-बरेली और फर्रुखाबाद-कानपुर रेल खंड से सीधा संपर्क स्थापित होगा। इससे यात्रियों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।

अप्रैल से मई तक चलेगी टेंडर प्रक्रिया

पूर्वोत्तर रेलवे ने इस परियोजना से जुड़े सिविल निर्माण, ट्रैक बिछाने, विद्युतीकरण, टेलीकॉम और सिग्नलिंग कार्यों के लिए संयुक्त निविदाएं जारी की हैं। इच्छुक एजेंसियां 27 अप्रैल से 11 मई के बीच अपनी बिड जमा कर सकेंगी। इसके बाद 26 मई को टेंडर खोले जाएंगे और चयनित एजेंसी को निर्माण कार्य सौंपा जाएगा।

बवासीर से परेशान हैं? रोज खाएं ये 5 चीजें, मिल सकता है बड़ा आराम

हेल्थ डेस्क। आजकल बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण बवासीर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह बीमारी न केवल दर्दनाक होती है बल्कि कई बार मरीजों के लिए काफी असहज स्थिति भी पैदा कर देती है। विशेषज्ञों के अनुसार अगर खान-पान पर सही ध्यान दिया जाए तो इस समस्या से काफी हद तक राहत पाई जा सकती है। कुछ प्राकृतिक और फाइबर से भरपूर चीजें बवासीर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती हैं।

1. इसबगोल की भूसी

बवासीर के मरीजों के लिए इसबगोल की भूसी बहुत लाभकारी मानी जाती है। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो कब्ज की समस्या को दूर करने में मदद करता है। कब्ज कम होने से मल त्याग के समय होने वाला दर्द और जलन भी कम हो सकती है।

2. पपीता

पपीता पेट के लिए बेहद अच्छा फल माना जाता है। इसमें मौजूद फाइबर और पाचन एंजाइम पाचन तंत्र को बेहतर बनाते हैं। रोजाना पपीता खाने से पेट साफ रहता है और बवासीर के मरीजों को काफी राहत मिल सकती है।

3. हरी सब्जियां

पालक, मेथी, लौकी और तोरई जैसी हरी सब्जियां फाइबर से भरपूर होती हैं। ये पाचन को सुधारने के साथ-साथ कब्ज से भी बचाती हैं। डॉक्टर भी बवासीर के मरीजों को अपने भोजन में हरी सब्जियां शामिल करने की सलाह देते हैं।

4. छाछ

छाछ पेट को ठंडक देने के साथ-साथ पाचन तंत्र को भी मजबूत बनाती है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक तत्व आंतों के लिए फायदेमंद होते हैं। नियमित रूप से छाछ पीने से बवासीर के लक्षणों में राहत मिल सकती है।

5. अंजीर

अंजीर भी बवासीर के मरीजों के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है। रात में 2–3 अंजीर पानी में भिगोकर सुबह खाने से कब्ज की समस्या कम होती है और मल त्याग आसान हो जाता है।

बिहार में बदलेगा मौसम का मिजाज, 17 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

पटना। बिहार में मौसम का रुख बदलने लगा है। आने वाले दिनों में राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन इलाकों में जहां आंधी और बिजली गिरने की आशंका ज्यादा है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार 9 मार्च से 10 मार्च के बीच उत्तर और पूर्वी बिहार के कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। इन क्षेत्रों में बादल गरजने, बारिश होने और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हवा की रफ्तार लगभग 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इन जिलों में जारी हुआ येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है उनमें सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई शामिल हैं। इन इलाकों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर वज्रपात भी हो सकता है।

कुछ अन्य जिलों में भी बदल सकता है मौसम

इसके अलावा मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय में भी मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है। इन जिलों में बादल छाने, हल्की बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों से दूर रहने, पेड़ों के नीचे खड़े न होने और बिजली गिरने के खतरे से बचने के लिए सतर्क रहने की सलाह दी है। किसानों को भी मौसम को ध्यान में रखते हुए अपने काम की योजना बनाने की सलाह दी गई है।

संघ लोक सेवा आयोग में 349 पदों पर भर्ती, 12 तक आवेदन!

नई दिल्ली। देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक Union Public Service Commission (UPSC) ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सहायक कमांडेंट (ग्रुप-A) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 349 पदों को भरा जाएगा। जो युवा देश की सुरक्षा सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 12 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन बलों में होगी भर्ती

यह भर्ती केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में सहायक कमांडेंट के पदों के लिए की जा रही है। इसमें प्रमुख बल शामिल हैं:

Border Security Force (BSF) – 108 पद

Central Reserve Police Force (CRPF) – 106 पद

Central Industrial Security Force (CISF) – 70 पद

Sashastra Seema Bal (SSB) – 53 पद

Indo‑Tibetan Border Police (ITBP) – 12 पद

योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। आयु सीमा 20 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी। हालांकि, आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया और परीक्षा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। अधिक जानकारी के लिए नोटिश को अच्छी तरह से पढ़ें।

बिहार में शिक्षा व्यवस्था में बदलाव, स्कूलों में नया सिस्टम लागू

पटना। बिहार सरकार राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने राज्य के सभी प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए नई ग्रेडिंग प्रणाली लागू करने का निर्णय लिया है। इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य बच्चों के शैक्षणिक स्तर का सही आकलन करना और कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान देना है।

राज्य के लगभग 71,297 प्रारंभिक विद्यालयों में पढ़ने वाले करीब 1 करोड़ 33 लाख से अधिक छात्रों का मूल्यांकन अब ग्रेडिंग प्रणाली के आधार पर किया जाएगा। यह ग्रेडिंग छात्रों को उनकी वार्षिक परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर दी जाएगी। इस प्रक्रिया के माध्यम से बच्चों को पाँच श्रेणियों  A, B, C, D और E ग्रेड में विभाजित किया जाएगा।

कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान

नई व्यवस्था के अनुसार जिन छात्रों को C, D और E ग्रेड मिलेगा, उनकी पढ़ाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शिक्षकों को निर्देश दिया जाएगा कि ऐसे बच्चों के लिए अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता, अभ्यास और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए, ताकि वे भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें और भविष्य में A या B ग्रेड की श्रेणी में आ सकें। इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी छात्र पढ़ाई में पीछे न रह जाए।

नई शिक्षा नीति के तहत बदलाव

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत शिक्षा में सुधार के प्रयासों का हिस्सा है। पिछले कुछ वर्षों में बिहार की स्कूली शिक्षा प्रणाली में कई बदलाव किए गए हैं। कक्षाओं में पढ़ाई और मूल्यांकन के दौरान बच्चों के बीच बढ़ती शैक्षणिक असमानता को देखते हुए शिक्षा विभाग ने यह नई ग्रेडिंग व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।

माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर भी प्रस्ताव

शुरुआत में यह व्यवस्था केवल प्रारंभिक विद्यालयों में लागू की जाएगी, लेकिन भविष्य में इसे माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में भी लागू करने का प्रस्ताव है। इससे पूरे राज्य की शिक्षा व्यवस्था में एक समान और व्यवस्थित मूल्यांकन प्रणाली विकसित हो सकेगी।

बच्चों को उनके प्राप्त अंकों के आधार पर ग्रेड दिया जाएगा

81 से 100 प्रतिशत अंक – A ग्रेड

61 से 80 प्रतिशत अंक – B ग्रेड

41 से 60 प्रतिशत अंक – C ग्रेड

33 से 40 प्रतिशत अंक – D ग्रेड

0 से 32 प्रतिशत अंक – E ग्रेड

राष्ट्रीय जीव विज्ञान संस्थान में 46 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राष्ट्रीय जीव विज्ञान संस्थान (एनआईबी) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 46 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की तिथि

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 मार्च 2026 से शुरू होगी और 8 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

पदों की जानकारी

राष्ट्रीय जीव विज्ञान संस्थान द्वारा जारी विज्ञापन संख्या A-2.0/2/2025-Admin-NIB के तहत अलग-अलग पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को संस्थान के विभिन्न विभागों में काम करने का अवसर मिलेगा।

योग्यता

इन पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार निर्धारित की गई है। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास 12वीं पास से लेकर मास्टर डिग्री या पीएचडी तक की योग्यता हो सकती है। अलग-अलग पदों के लिए अलग पात्रता तय की गई है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक अधिसूचना ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु 27 से 45 वर्ष के बीच निर्धारित की गई है। हालांकि, सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार अच्छा वेतन दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार वेतनमान 19,900 रुपये से 63,200 रुपये से शुरू होकर 78,800 रुपये से 2,09,200 रुपये तक हो सकता है। इसके साथ ही अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी मिल सकता है।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन संबंधित पद के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। इसमें लिखित परीक्षा, साक्षात्कार या अन्य मूल्यांकन प्रक्रिया शामिल हो सकती है।

कैसे करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार राष्ट्रीय जीव विज्ञान संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपने शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान पत्र और अन्य आवश्यक जानकारी सही तरीके से भरनी होगी।

बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ा अपडेट: 31 मार्च तक कराना होगा ई-केवाईसी

पटना। बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक अहम सूचना सामने आई है। राज्य सरकार ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के लाभार्थियों के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) कराना अनिवार्य कर दिया है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि सभी लाभुकों को 31 मार्च तक अपना ई-केवाईसी पूरा कर लेना होगा, अन्यथा उन्हें राशन मिलने में परेशानी हो सकती है।

क्यों जरूरी है ई-केवाईसी

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार, राशन वितरण प्रणाली को पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सरकारी योजना का लाभ सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक अभी भी बड़ी संख्या में परिवारों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, जिसके कारण सरकार को अंतिम तिथि आगे बढ़ानी पड़ी है।

काफी लोग अभी भी प्रक्रिया से दूर

बताया जा रहा है कि राज्य में करीब 18 प्रतिशत लाभार्थियों ने अब तक ई-केवाईसी नहीं कराया है। कई परिवारों के ई-केवाईसी न होने के कारण उन्हें भविष्य में राशन लेने में दिक्कत हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने लोगों को एक और मौका देते हुए अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 मार्च कर दी है।

कई बार बढ़ चुकी है अंतिम तिथि

सरकार की ओर से पहले ई-केवाईसी कराने की अंतिम तिथि 15 फरवरी तय की गई थी। लेकिन उस समय बहुत कम संख्या में लाभार्थियों ने यह प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद डेडलाइन बढ़ाकर 28 फरवरी कर दी गई, फिर भी बड़ी संख्या में लोग ई-केवाईसी नहीं करा सके। अंततः सरकार ने एक बार फिर समय बढ़ाकर 31 मार्च तक कर दिया है ताकि सभी लाभार्थी इस प्रक्रिया को पूरा कर सकें।

दूसरे राज्य में रहने वाले भी करा सकते हैं ई-केवाईसी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिहार के जो लोग रोजगार या अन्य कारणों से दूसरे राज्यों में रह रहे हैं, उन्हें ई-केवाईसी के लिए बिहार आने की आवश्यकता नहीं है। वे देश के किसी भी राज्य में स्थित जनवितरण प्रणाली (PDS) की दुकान पर जाकर अपना ई-केवाईसी करवा सकते हैं।

भाग्य का कमल खिलेगा: 6 राशियों के करियर और धन में तरक्की के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल समय-समय पर बदलती रहती है और इसका प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। आने वाले समय में कुछ विशेष ग्रह योग बनने जा रहे हैं, जिनका असर खास तौर पर 6 राशियों पर देखने को मिल सकता है। इन राशियों के लिए करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। ज्योतिषियों के अनुसार इन राशियों के लिए भाग्य का कमल खिलने जैसा समय बन सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और लाभ के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार होगा और रुका हुआ धन मिलने की संभावना भी बन सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय आर्थिक रूप से अनुकूल रह सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ के संकेत मिल रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर सराहना मिल सकती है, जिससे भविष्य में उन्नति के रास्ते खुल सकते हैं। पारिवारिक सहयोग मिलने से बड़े फैसले लेने में आसानी हो सकती है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति के नए अवसर लेकर आ सकता है। लंबे समय से चल रही समस्याओं में राहत मिल सकती है। करियर में स्थिरता आने के साथ-साथ आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। जो लोग नया व्यवसाय शुरू करने की सोच रहे हैं, उनके लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए आने वाला समय उपलब्धियों से भरा हो सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का फल मिलने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने से प्रमोशन या वेतन वृद्धि के अवसर बन सकते हैं। व्यापार में भी विस्तार की योजना सफल हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। करियर में नई जिम्मेदारियां मिलने से अनुभव और प्रतिष्ठा दोनों बढ़ सकते हैं। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए साझेदारी के प्रस्ताव मिल सकते हैं, जिससे भविष्य में लाभ के अवसर बढ़ सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। आय में वृद्धि और निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। साथ ही लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत भी मिल रहे हैं।

ईरान-इजरायल नहीं! इन 6 देशों के पास हैं SLBM मिसाइलें!

नई दिल्ली। दुनिया में परमाणु हथियारों की होड़ लगातार बढ़ती जा रही है। आधुनिक सैन्य तकनीक में अब ऐसी मिसाइलें विकसित की जा चुकी हैं जिन्हें समुद्र के अंदर पनडुब्बियों से भी दागा जा सकता है। इन्हें SLBM कहा जाता है। ये मिसाइलें किसी देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को बेहद मजबूत बनाती हैं, क्योंकि पनडुब्बियां समुद्र में छिपी रहती हैं और दुश्मन के लिए उनका पता लगाना मुश्किल होता है। 

हाल के वर्षों में जब भी मध्य-पूर्व में तनाव बढ़ता है, तो अक्सर लोगों के मन में सवाल उठता है कि क्या ईरान या इजरायल के पास ऐसी क्षमताएं हैं। लेकिन वास्तविकता यह है कि दुनिया में फिलहाल केवल कुछ ही देशों के पास SLBM तकनीक मौजूद है।

1. अमेरिका

अमेरिका इस तकनीक में सबसे आगे माना जाता है। अमेरिकी नौसेना की परमाणु पनडुब्बियां Trident-II जैसी उन्नत SLBM मिसाइलों से लैस हैं। ये मिसाइलें हजारों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों को सटीकता से निशाना बना सकती हैं।

2. रूस

रूस भी इस क्षेत्र में अमेरिका का बड़ा प्रतिद्वंद्वी है। उसकी पनडुब्बियों से दागी जाने वाली Bulava और Sineva जैसी मिसाइलें उसकी परमाणु त्रिस्तरीय रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

3. चीन

चीन ने पिछले दशक में अपनी नौसैनिक ताकत में तेजी से विस्तार किया है। उसकी JL-2 और नई JL-3 मिसाइलें पनडुब्बियों से लॉन्च की जा सकती हैं, जो चीन की सामरिक क्षमता को और मजबूत बनाती हैं।

4. फ्रांस

यूरोप में फ्रांस भी उन चुनिंदा देशों में शामिल है जिनके पास SLBM क्षमता है। फ्रांसीसी नौसेना की पनडुब्बियां M51 मिसाइलों से लैस हैं, जो लंबी दूरी तक परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं।

5. ब्रिटेन

ब्रिटेन की परमाणु रणनीति का मुख्य आधार भी पनडुब्बियों से दागी जाने वाली मिसाइलें हैं। ब्रिटिश नौसेना की Vanguard श्रेणी की पनडुब्बियां Trident प्रणाली का उपयोग करती हैं।

6. भारत

भारत भी इस विशिष्ट क्लब का सदस्य बन चुका है। भारतीय नौसेना ने K-15 सागरिका और K-4 जैसी स्वदेशी SLBM मिसाइलों का सफल परीक्षण किया है। ये मिसाइलें भारत की परमाणु त्रिस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करती हैं।

रणनीतिक महत्व

SLBM मिसाइलें किसी भी देश को “दूसरा जवाबी हमला”  देने में अहम भूमिका निभाती हैं। इसका मतलब है कि अगर किसी देश पर पहले परमाणु हमला हो जाए, तब भी वह समुद्र में छिपी पनडुब्बियों से जवाबी हमला कर सकता है।

यूपी के सरकारी स्कूलों में नई व्यवस्था होगी लागू, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए सरकार एक नई पहल करने जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र से कक्षा 5 और 6 के छात्रों को भी राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रम के अनुरूप पढ़ाई कराई जाएगी। इसके लिए SCERT ने नई किताबें तैयार कर ली हैं, जो NCERT के पैटर्न पर आधारित होंगी।

अब कक्षा 5 और 6 में भी बदलेगा पाठ्यक्रम

फिलहाल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 4 तक के विद्यार्थियों को एनसीईआरटी के आधार पर तैयार की गई किताबों से पढ़ाया जा रहा है। इन किताबों को बच्चों की समझ और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। अब इसी व्यवस्था को आगे बढ़ाते हुए कक्षा 5 और 6 में भी एनसीईआरटी पैटर्न लागू करने की तैयारी की जा रही है। इससे सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की पढ़ाई का लाभ मिल सकेगा।

नई किताबों का मसौदा तैयार

State Council of Educational Research and Training के अधिकारियों के अनुसार कक्षा 5 और 6 के लिए नई पुस्तकों का प्रारूप तैयार कर लिया गया है। इन्हें अंतिम रूप देने की प्रक्रिया चल रही है। विभाग की योजना है कि आने वाले शैक्षणिक सत्र से इन कक्षाओं में भी नया पाठ्यक्रम लागू कर दिया जाए।

किताबों में क्या होगा खास

नई पुस्तकों को इस तरह से तैयार किया गया है कि बच्चे पढ़ाई को आसानी से समझ सकें। सरल भाषा का प्रयोग, चित्रों और उदाहरणों का उपयोग, गतिविधि आधारित शिक्षण, अवधारणाओं को स्पष्ट करने पर जोर। इससे छात्रों की तार्किक सोच, रचनात्मकता और व्यावहारिक समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।

छात्रों को राष्ट्रीय स्तर का लाभ

एनसीईआरटी पैटर्न लागू होने से सरकारी स्कूलों के छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं और आगे की पढ़ाई में फायदा मिलेगा। इसके साथ ही सरकारी और निजी स्कूलों के बीच पाठ्यक्रम का अंतर भी कम होगा।  इस पहल से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई का स्तर बेहतर होगा और छात्रों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली के अनुसार सीखने का मौका मिलेगा।

भारत के लिए आई 3 बड़ी खुशखबरी, जानिए देश के लिए क्यों हैं अहम

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए कई सकारात्मक संकेत सामने आए हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार देश की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है और वैश्विक स्तर पर भी भारत की वित्तीय ताकत बढ़ती दिखाई दे रही है। खासतौर पर विदेशी मुद्रा भंडार, स्वर्ण भंडार और सेवा क्षेत्र की कमाई ने अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार दिया है।

RBI द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक 27 फरवरी 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 4.885 अरब डॉलर बढ़कर 728.494 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। यह अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

1. विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड

भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि देश का विदेशी मुद्रा भंडार लगातार मजबूत हो रहा है। हालिया बढ़ोतरी के बाद यह 728 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इससे पहले फरवरी के मध्य में यह करीब 725 अरब डॉलर के आसपास था। विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ने का मतलब यह है कि भारत के पास अंतरराष्ट्रीय व्यापार, आयात और आर्थिक संकट जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं।

2. गोल्ड रिजर्व में भी बड़ी बढ़ोतरी

दूसरी बड़ी सकारात्मक खबर देश के स्वर्ण भंडार से जुड़ी है। हालिया आंकड़ों के अनुसार भारत का गोल्ड रिजर्व बढ़कर लगभग 131.63 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। वैश्विक अस्थिरता के समय सोने को सुरक्षित निवेश माना जाता है, इसलिए कई देश अपने गोल्ड रिजर्व को बढ़ा रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले कुछ समय में RBI ने अपने भंडार में बड़ी मात्रा में सोना जोड़ा है और अब भारत के कुल विदेशी मुद्रा भंडार में सोने की हिस्सेदारी करीब 14 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है।

3. सर्विस एक्सपोर्ट और रेमिटेंस से मिली मजबूती

भारत के सेवा क्षेत्र ने भी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। आईटी और अन्य प्रोफेशनल सेवाओं के निर्यात से देश को बड़ी विदेशी आय प्राप्त हो रही है। हालिया तिमाही में सेवा क्षेत्र से शुद्ध आय लगभग 57.5 अरब डॉलर रही है। इसके अलावा विदेशों में रहने वाले भारतीयों द्वारा भेजा गया पैसा यानी रेमिटेंस भी बढ़ा है, जो लगभग 36.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इससे भारत के चालू खाते के संतुलन को बनाए रखने में मदद मिली है।

8वें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8 बड़ी खबर

नई दिल्ली। देश के करोड़ों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर नई जानकारी सामने आई है। सरकार इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम उठा रही है, जिससे करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 68 लाख पेंशनभोगियों को भविष्य में लाभ मिलने की उम्मीद है। 8th Pay Commission के लागू होने से वेतन, भत्तों और पेंशन में महत्वपूर्ण बदलाव हो सकते हैं।

1 .सुझाव देने की प्रक्रिया शुरू

वेतन आयोग से जुड़े मामलों पर सरकार ने सुझाव और राय आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। 5 मार्च से 30 अप्रैल 2026 तक 8cpc.gov.in पोर्टल या MyGov वेबसाइट के माध्यम से अपना ज्ञापन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

2 .न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की मांग की है। वर्तमान में यह 18,000 रुपये है, जिसे बढ़ाकर 51,000 से 54,000 रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि नया वेतन कम से कम 40,000 रुपये से अधिक हो सकता है।

3 .फिटमेंट फैक्टर पर चर्चा

वेतन संशोधन के लिए फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी चर्चा चल रही है। कर्मचारियों की ओर से 2.86 से 3.25 के बीच फिटमेंट फैक्टर तय करने की मांग की जा रही है। अगर यह करीब 3.0 तय होता है तो कर्मचारियों के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है।

4 .पेंशनभोगियों को भी राहत

नए वेतन आयोग से पेंशनभोगियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर लगभग 17,000 से 25,000 रुपये के बीच हो सकती है। इसके अलावा EPS-95 योजना के तहत न्यूनतम पेंशन को 7,500 रुपये तक करने का प्रस्ताव भी चर्चा में है।

5 .महंगाई भत्ता बेसिक में जुड़ सकता है

संभावना जताई जा रही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने से पहले महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में शामिल किया जा सकता है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों को जनवरी 2025 से लगभग 55 प्रतिशत DA मिल रहा है और 2026 तक इसके 60 प्रतिशत से ज्यादा पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

6 .1 जनवरी 2026 से लागू होने की सम्भावना

सरकार ने नवंबर 2025 में इस आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। उम्मीद जताई जा रही है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। हालांकि अंतिम रिपोर्ट तैयार होने और सिफारिशें लागू होने में करीब 18 महीने का समय लग सकता है, जिसके बाद कर्मचारियों को एरियर के साथ भुगतान मिलने की संभावना है।

7 .परिवार इकाइयों में बदलाव का प्रस्ताव

वेतन निर्धारण में परिवार इकाइयों की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। फिलहाल इसे 3 से बढ़ाकर 5 यूनिट करने की बात कही जा रही है। अगर ऐसा होता है तो वेतन और भत्तों की गणना में कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

8 .हाउस बिल्डिंग एडवांस की सीमा बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने यह भी मांग रखी है कि घर बनाने या खरीदने के लिए मिलने वाले हाउस बिल्डिंग एडवांस (HBA) की सीमा को बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया जाए। साथ ही इस पर ब्याज दर अधिकतम 5 प्रतिशत रखने का सुझाव दिया गया है।

बुध-सूर्य की युति से चमकेगी किस्मत, 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बुध-सूर्य युति से बुधादित्य राजयोग बन रहा है। 7 मार्च को बनी यह युति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह योग बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और करियर में तरक्की दिलाने वाला माना जाता है। इस योग का असर सभी राशियों पर पड़ता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए बुधादित्य राजयोग सकारात्मक परिणाम ला सकता है। नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों के लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है और पुराने अटके हुए काम भी पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग खास तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है क्योंकि इस राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं। इस दौरान व्यापार और निवेश से लाभ मिल सकता है। छात्रों के लिए भी यह समय अनुकूल रहेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रह सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग आर्थिक मामलों में लाभदायक हो सकता है। अचानक धन लाभ या नई आय के स्रोत मिलने की संभावना बन सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए क्लाइंट या प्रोजेक्ट मिल सकते हैं, जिससे आय में वृद्धि हो सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह योग मेहनत का अच्छा फल देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं और अधिकारियों का सहयोग भी मिलेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।

केंद्र सरकार की नई योजना: ग्रामीण लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और पशुपालन को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए केंद्र सरकार ने एक खास पहल शुरू की है। Department of Animal Husbandry and Dairying के तहत संचालित National Livestock Mission (NLM) में भेड़ और बकरी पालन को बढ़ावा देने के लिए उद्यमिता योजना चलाई जा रही है। 

इस योजना के अंतर्गत भेड़ और बकरी पालन की यूनिट लगाने पर 50 लाख रुपये तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है। यह योजना उन किसानों और युवाओं के लिए खास तौर पर फायदेमंद मानी जा रही है जो खेती के साथ अतिरिक्त आय का साधन तलाश रहे हैं या पशुपालन के क्षेत्र में अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं।

योजना का मुख्य उद्देश्य

इस योजना का उद्देश्य भेड़ और बकरी पालन को संगठित और आधुनिक बनाना है। इसके जरिए सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में नए उद्यमियों को तैयार करना चाहती है, ताकि पशुपालन से जुड़े व्यवसाय को एक स्थायी और लाभदायक मॉडल बनाया जा सके। साथ ही वैज्ञानिक तरीके से पशुपालन, पोषण और बीमारियों से बचाव जैसी जानकारियों के बारे में जागरूकता भी बढ़ाई जा रही है।

ब्रीडिंग यूनिट की व्यवस्था

योजना के तहत इच्छुक उद्यमी कम से कम 500 मादा और 25 नर भेड़ या बकरी के साथ ब्रीडिंग यूनिट शुरू कर सकते हैं। इन पशुओं का चयन उच्च आनुवंशिक गुणवत्ता वाली नस्लों से किया जाएगा, ताकि दूध, मांस और ऊन का बेहतर उत्पादन मिल सके। पशुओं की नस्ल का चयन सरकार द्वारा सुझाई गई सूची से या राज्य सरकार की सलाह के अनुसार किया जा सकता है। बेहतर नस्ल के पशु उत्पादन बढ़ाने और व्यवसाय को लाभदायक बनाने में मदद करते हैं।

सब्सिडी कैसे मिलेगी

इस योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी दो बराबर किस्तों में दी जाती है। पहली किस्त तब जारी होती है जब बैंक द्वारा ऋण की पहली किस्त दी जाती है और सरकारी एजेंसी प्रोजेक्ट का सत्यापन कर लेती है। दूसरी किस्त प्रोजेक्ट के पूरा होने और उसके प्रमाणित होने के बाद दी जाती है। उद्यमी को परियोजना की शेष राशि बैंक लोन, वित्तीय संस्थानों या स्वयं के निवेश से जुटानी होगी।

जमीन खरीदने पर नहीं मिलेगी सहायता

इस योजना के तहत जमीन खरीदने या किराये पर लेने के लिए सब्सिडी नहीं दी जाती। सब्सिडी केवल पशुपालन यूनिट की स्थापना और उससे जुड़ी पूंजीगत लागत के लिए उपलब्ध है। इस योजना का लाभ कई प्रकार के आवेदक उठा सकते हैं, जिनमें व्यक्तिगत उद्यमी, किसान उत्पादक संगठन (FPO), स्वयं सहायता समूह (SHG), संयुक्त देयता समूह (JLG) और सेक्शन-8 कंपनियां शामिल हैं।

बिहारवासियों को खुशखबरी: दरभंगा से बेंगलुरु के लिए सीधी उड़ान

दरभंगा। बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र के यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। जल्द ही दरभंगा से बेंगलुरु के लिए सीधी हवाई सेवा शुरू होने जा रही है। इससे दक्षिण भारत जाने वाले यात्रियों का सफर काफी आसान और तेज हो जाएगा।

यह नई सेवा 5 अप्रैल से शुरू होने वाली है और इसे Akasa Air द्वारा संचालित किया जाएगा। खास बात यह है कि यह दरभंगा से बेंगलुरु के बीच पहली डायरेक्ट फ्लाइट होगी, जिससे यात्रियों को अब दूसरे शहरों के जरिए यात्रा नहीं करनी पड़ेगी।

सप्ताह के सातों दिन चलेगी उड़ान

आपको बता दें की यह नई उड़ान सेवा सप्ताह के सातों दिन उपलब्ध रहेगी। एयरलाइन इस रूट पर 180 सीटों वाले आधुनिक विमान का संचालन करेगी। इससे बड़ी संख्या में यात्रियों को यात्रा की सुविधा मिल सकेगी और टिकट मिलने में भी आसानी होगी।

उड़ान का समय

निर्धारित समय के अनुसार विमान बेंगलुरु से सुबह 9:40 बजे उड़ान भरेगा और लगभग 12:15 बजे दरभंगा एयरपोर्ट पहुंचेगा। इसके बाद दरभंगा से यही विमान दोपहर 12:50 बजे रवाना होकर करीब 3:30 बजे बेंगलुरु पहुंच जाएगा। इस शेड्यूल से यात्रियों को दिन में ही दोनों शहरों के बीच यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।

टिकट बुकिंग शुरू

इस नए रूट के लिए बुकिंग भी शुरू कर दी गई है। उड़ान संख्या QP-1513 और QP-1514 के तहत इस सेवा का संचालन किया जाएगा। शुरुआती चरण में 5 अप्रैल की यात्रा के लिए दरभंगा से बेंगलुरु का टिकट लगभग 7,993 रुपये से उपलब्ध बताया जा रहा है।

यात्रियों को बड़ा फायदा

नई सीधी उड़ान शुरू होने से मिथिलांचल और आसपास के जिलों के यात्रियों को काफी सहूलियत मिलेगी। खासतौर पर नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के सिलसिले में दक्षिण भारत जाने वाले लोगों के लिए यह सेवा काफी लाभदायक साबित हो सकती है। अब उन्हें लंबी यात्रा या कनेक्टिंग फ्लाइट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

यूपी में 40 पदों पर निकली भर्ती, पे-स्केल-10 के साथ मिलेगा अच्छा वेतन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Uttar Pradesh Pollution Control Board (UPPCB) ने असिस्टेंट एनवायरनमेंटल इंजीनियर और असिस्टेंट साइंटिफिक ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के तहत कुल 40 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 28 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

पदों का विवरण

इस भर्ती अभियान के तहत दो अलग-अलग पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

असिस्टेंट एनवायरनमेंटल इंजीनियर

असिस्टेंट साइंटिफिक ऑफिसर

कुल मिलाकर 40 पदों पर चयन किया जाएगा।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में डिग्री होना जरूरी है। केमिकल, सिविल या एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री, या केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी या बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री या डॉक्टरेट के साथ संबंधित अनुभव होना चाहिए।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2025 के आधार पर की जाएगी। सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

पे-स्केल

चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-10 के तहत वेतन दिया जाएगा। इस स्तर पर सरकारी नौकरी में अच्छा वेतन और अन्य भत्तों का भी लाभ मिलता है, जिससे यह पद काफी आकर्षक माने जा रहे हैं।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए Uttar Pradesh Pollution Control Board की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

भारत बना रहा ‘घातक’ स्टील्थ ड्रोन, 1000KM दूर तक कर सकेगा हमला

नई दिल्ली। भारत अपनी सैन्य ताकत को आधुनिक बनाने के लिए स्वदेशी तकनीकों पर तेजी से काम कर रहा है। इसी दिशा में भारत एक अत्याधुनिक स्टील्थ ड्रोन ‘घातक’ विकसित कर रहा है, जिसे भविष्य में भारतीय वायुसेना के लिए बड़ा गेमचेंजर माना जा रहा है। 

यह अनमैन्ड कॉम्बैट एरियल व्हीकल (UCAV) बिना पायलट के दुश्मन के इलाके में गहराई तक जाकर सटीक हमला करने में सक्षम होगा। इसका उद्देश्य भारतीय सेना को ऐसी क्षमता देना है जिससे वह जोखिम भरे मिशनों को बिना पायलट की जान खतरे में डाले अंजाम दे सके।

स्टील्थ तकनीक से लैस होगा ‘घातक’

‘घातक’ ड्रोन को स्टील्थ तकनीक के साथ डिजाइन किया जा रहा है, जिससे दुश्मन के रडार के लिए इसे पहचानना बेहद मुश्किल होगा। इसका खास फ्लाइंग-विंग डिजाइन रडार क्रॉस सेक्शन को काफी कम कर देता है। इसके अलावा इसमें हथियार रखने के लिए इंटरनल वेपन बे और विशेष एयर इनटेक डिजाइन किया गया है, ताकि रडार सिग्नल कम से कम उत्पन्न हों।

इस ड्रोन की क्षमता

इसकी ऑपरेशनल क्षमता कई मामलों में अधिक होगी। जानकारी के अनुसार ‘घातक’ का अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 13 टन हो सकता है। इसमें लगभग 3.7 टन ईंधन ले जाने की क्षमता होगी, जिससे इसकी कॉम्बैट रेंज 1000 किलोमीटर से अधिक हो सकती है। यह ड्रोन एक बार उड़ान भरने के बाद करीब 5 से 8 घंटे तक हवा में रहकर मिशन पूरा कर सकता है।

घातक हथियारों से लैस

‘घातक’ के अंदर लगभग 1.5 टन तक हथियार ले जाने की क्षमता होगी। इसमें प्रिसिजन गाइडेड बम, एयर-टू-सर्फेस मिसाइल और लंबी दूरी की एयर-टू-एयर मिसाइलें लगाई जा सकेंगी। भविष्य में इसमें Astra Mk3 जैसी लंबी दूरी की मिसाइल भी जोड़ी जा सकती है, जिसकी रेंज लगभग 350 किलोमीटर तक बताई जाती है।

कब तक आएगा पहला मॉडल

‘घातक’ परियोजना के तहत पहला प्रोटोटाइप 2026 के आसपास सामने आने की उम्मीद है। इसके सफल परीक्षणों के बाद भारतीय वायुसेना भविष्य में इसकी कई यूनिट खरीद सकती है। ‘घातक’ स्टील्थ ड्रोन भारत की रक्षा तकनीक में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।

यूपी के 22 जिलों को बड़ी खुशखबरी, 750 किमी लंबी एक्सप्रेस-वे बनेगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक और बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट तैयार हो रहा है। राज्य में पूर्वी और पश्चिमी हिस्से को सीधे जोड़ने के लिए करीब 750 किलोमीटर लंबा गोरखपुर–शामली एक्सप्रेसवे बनाने की योजना है। यह एक्सप्रेसवे प्रदेश का सबसे लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे माना जा रहा है और इसके बनने से 22 जिलों को सीधा फायदा मिलेगा।

पूर्वी और पश्चिमी यूपी के बीच बेहतर कनेक्शन

इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे का उद्देश्य पूर्वांचल और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा को आसान बनाना है। वर्तमान में इन दोनों क्षेत्रों के बीच लंबी दूरी और समय लगता है, लेकिन इस नई सड़क के बनने से सफर काफी तेज और सुविधाजनक हो जाएगा। इससे व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

लगभग 35 हजार करोड़ रुपये की परियोजना

इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 35,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा चुकी है और जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार रहा तो निर्माण कार्य 2026–27 के आसपास शुरू हो सकता है।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

गोरखपुर से शुरू होकर शामली तक जाने वाला यह एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के करीब 22 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, बरेली, सीतापुर, लखनऊ, बहराइच, बलरामपुर और सिद्धार्थनगर जैसे जिले शामिल बताए जा रहे हैं। इन जिलों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने के साथ-साथ आर्थिक गतिविधियों में भी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

दूसरे एक्सप्रेसवे से भी कनेक्शन

यह नया एक्सप्रेसवे राज्य के कई बड़े एक्सप्रेसवे और हाईवे से भी जुड़ने की योजना में है। इससे गंगा एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, लखनऊ–गोरखपुर मार्ग और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे जैसे महत्वपूर्ण रास्तों तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। इस तरह यह परियोजना पूरे प्रदेश के सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने में मदद करेगी।

विकास को मिलेगी नई रफ्तार

जानकारों का मानना है कि इस एक्सप्रेसवे के बनने से न केवल यात्रा का समय कम होगा बल्कि उद्योग, लॉजिस्टिक्स और व्यापार को भी बड़ा लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से नए निवेश के अवसर बढ़ सकते हैं और कई जिलों में रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।

बिहार में इन 'कर्मचारियों' को चेतावनी, कार्रवाई के आदेश जारी

पटना। बिहार में राजस्व प्रशासन से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने साफ कर दिया है कि सरकारी कर्मचारी सोशल मीडिया या किसी भी सार्वजनिक मंच पर सरकार की नीतियों के खिलाफ टिप्पणी नहीं कर सकते। ऐसा करने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

इस संबंध में विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी अंचल अधिकारियों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए हैं। पत्र में कहा गया है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के संबंध में प्रतिकूल टिप्पणियां की जा रही हैं, जो सरकारी आचरण नियमों के विरुद्ध है। विभाग ने इसे गंभीरता से लेते हुए इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं।

पत्र में बिहार सरकारी सेवक (आचरण) नियमावली, 1976 के नियम 10 का हवाला देते हुए स्पष्ट किया गया है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी रेडियो, समाचार पत्र, लेख, पत्र या किसी सार्वजनिक मंच के माध्यम से ऐसा वक्तव्य या विचार व्यक्त नहीं कर सकता जिससे केंद्र या राज्य सरकार की नीतियों और कार्यों की आलोचना होती हो। इसके अलावा बिना सरकार की पूर्व अनुमति के किसी समाचार पत्र, रेडियो या अन्य मीडिया से संबंध रखना भी नियमों के खिलाफ माना गया है।

विभाग के प्रधान सचिव ने बताया कि पिछले दो महीनों से उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आयोजित भूमि सुधार जन कल्याण संवाद कार्यक्रम के दौरान यह देखा गया है कि कुछ राजस्व अधिकारियों और कर्मचारियों ने सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़ी नकारात्मक टिप्पणियां की हैं। यह कार्यक्रम 12 दिसंबर 2025 से विभिन्न प्रमंडलीय मुख्यालयों में आयोजित किया जा रहा है।

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सोशल मीडिया के किसी भी प्लेटफॉर्म पर सरकार की नीतियों के खिलाफ पोस्ट, टिप्पणी या वीडियो साझा करना अनुशासनहीनता की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस निर्देश के बाद राजस्व विभाग से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को सतर्क रहने को कहा गया है।

किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी! सरकार ने किए अहम ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में बड़ा फैसला लिया है। राज्य के किसानों को उनकी फसलों का बेहतर दाम दिलाने के लिए सरकार ने गेहूं और उड़द की खरीद पर बोनस देने की घोषणा की है। इसके साथ ही गेहूं खरीदी के लिए पंजीकरण की अंतिम तारीख भी बढ़ा दी गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा किसान इस योजना का लाभ उठा सकें।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने निवास समत्व भवन में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर किसानों से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा की। इस बैठक में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

उड़द की खरीदी पर मिलेगा 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस

राज्य सरकार ने किसानों को दलहन की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उड़द की खरीदी पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार चाहती है कि किसान अधिक से अधिक उड़द की खेती करें, ताकि उन्हें अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके। इससे किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और अगली फसल की तैयारी भी आसानी से हो सकेगी।

गेहूं पर मिलेगा बोनस, बढ़ेगा किसानों का मुनाफा

मध्य प्रदेश सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को भी राहत दी है। वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के साथ 40 रुपये प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस दिया जाएगा। इस तरह किसानों को गेहूं के लिए कुल 2625 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान मिलेगा। सरकार ने यह भी संकल्प लिया है कि वर्ष 2028 तक गेहूं की खरीद 2700 रुपये प्रति क्विंटल के लक्ष्य तक पहुंचाई जाएगी।

गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख बढ़ाई

कई किसानों को पंजीकरण में हो रही परेशानियों को देखते हुए सरकार ने गेहूं खरीद के लिए रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख बढ़ा दी है। पहले यह तारीख 7 मार्च तय की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 10 मार्च कर दिया गया है। इससे वे किसान भी अपना पंजीकरण करा सकेंगे जो अब तक किसी कारण से आवेदन नहीं कर पाए थे।

किसानों के लिए बिजली व्यवस्था पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को सिंचाई के लिए दिन में ही बिजली उपलब्ध कराई जाए। इससे किसानों को रात में सिंचाई करने की परेशानी से राहत मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा भी कम होगा। साथ ही बिजली से जुड़ी शिकायतों का समाधान स्थानीय स्तर पर ही करने की व्यवस्था बनाने पर भी जोर दिया गया है।

यूपी सरकार की फ्री कोचिंग का कमाल! 6 छात्रों ने पास की UPSC परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना एक बार फिर चर्चा में है। इस योजना से जुड़े छह अभ्यर्थियों ने प्रतिष्ठित UPSC Civil Services Examination 2025 में सफलता हासिल कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। शुक्रवार को जारी परिणामों में देशभर से कुल 958 उम्मीदवार सफल हुए, जिनमें 659 पुरुष और 299 महिलाएं शामिल हैं। इनमें अभ्युदय योजना के छह प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों ने भी अपनी मेहनत और सरकारी सहयोग के दम पर सफलता की नई मिसाल पेश की।

ये सभी अभ्यर्थी लखनऊ के भागीदारी भवन में सामाजिक कल्याण विभाग द्वारा संचालित रेजिडेंशियल कोचिंग और मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम से जुड़े थे। यहां उन्हें विशेषज्ञ शिक्षकों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और अनुभवी मार्गदर्शकों से तैयारी का अवसर मिला, जिससे उन्हें परीक्षा के अंतिम चरण में काफी मदद मिली।

अभ्युदय योजना क्या है?

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक विशेष पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत अभ्यर्थियों को मुफ्त कोचिंग, रहने की व्यवस्था, भोजन, लाइब्रेरी की सुविधा, अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों प्रकार की कक्षाएं उपलब्ध कराई जाती हैं।

सरकार ने दी बधाई

प्रदेश के सामाजिक कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने सभी सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को सही मार्गदर्शन देना है। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे युवाओं को बेहतर संसाधन और मार्गदर्शन देकर उन्हें देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।

सफल अभ्यर्थियों की रैंक

इस वर्ष अभ्युदय योजना से जुड़े जिन अभ्यर्थियों ने सफलता हासिल की है, उनमें कई ने शानदार रैंक प्राप्त की है।

विमल कुमार – ऑल इंडिया रैंक 107

विपिन देव यादव – ऑल इंडिया रैंक 316

मानसी – ऑल इंडिया रैंक 444

महेश जायसवाल – ऑल इंडिया रैंक 590

अदिति सिंह – ऑल इंडिया रैंक 859

तनीषा सिंह – ऑल इंडिया रैंक 930

इन सभी उम्मीदवारों ने योजना के तहत आयोजित मॉक इंटरव्यू कार्यक्रम में भी भाग लिया था, जिससे उन्हें इंटरव्यू की बेहतर तैयारी का अवसर मिला। सरकार की अभ्युदय योजना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के युवा भी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता हासिल कर सकते हैं।

बिहार में बिगड़ेगा मौसम, 2 दिन तेज आंधी-बारिश का अलर्ट

पटना। आईएमडी ने बिहार के मौसम को लेकर नया पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में जल्द ही मौसम का मिजाज बदलने वाला है। फिलहाल लोगों को गर्मी का अहसास हो रहा है, लेकिन आने वाले दिनों में तेज आंधी और बारिश से राहत मिलने की संभावना है।

मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच राज्य के कई जिलों में बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। इस दौरान कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार 9 और 10 मार्च को उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्व बिहार के कई जिलों में बारिश हो सकती है। इसके अलावा 11 मार्च को पूर्वी और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में भी बारिश के आसार बताए गए हैं। 9 मार्च को मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिलों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

10 और 11 मार्च को बारिश

मौसम विभाग ने 10 मार्च को सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में आंधी और बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं 11 मार्च को कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में भी मौसम खराब रहने की चेतावनी दी गई है।

तापमान में होगा बदलाव

मौसम विभाग के मुताबिक अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इसके बाद तापमान में ज्यादा बदलाव की संभावना नहीं है।

सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने आंधी और बारिश की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खासकर किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की अपील की गई है। अगले कुछ दिनों में बिहार के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है और लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

आईडीबीआई बैंक में 1100 पदों पर भर्ती, स्नातक पास के लिए बड़ा मौका

नई दिल्ली। बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। IDBI Bank ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर (JAM) के पदों पर बड़ी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 1100 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। स्नातक डिग्री रखने वाले उम्मीदवार इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इच्छुक अभ्यर्थी बैंक की आधिकारिक वेबसाइट idbi.bank.in के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 8 मार्च 2026 से शुरू होगी और 19 मार्च 2026 तक चलेगी।

पदों का विवरण

इस भर्ती अभियान के तहत जूनियर असिस्टेंट मैनेजर (JAM) के कुल 1100 पद भरे जाएंगे। यह भर्ती बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए एक अच्छा अवसर माना जा रहा है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना अनिवार्य है। किसी भी विषय से ग्रेजुएशन करने वाले उम्मीदवार आवेदन के पात्र होंगे।

आयु सीमा

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 20 वर्ष, अधिकतम आयु 25 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

भर्ती के लिए आवेदन शुल्क श्रेणी के अनुसार तय किया गया है। एससी, एसटी और दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 250 रुपये रखा गया है। वहीं अन्य सभी उम्मीदवारों को 1050 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। इसमें सबसे पहले ऑनलाइन परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा में सफल होने वाले अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए बुलाया जाएगा। चयन के चरण इस प्रकार होंगे: ऑनलाइन परीक्षा, दस्तावेज़ सत्यापन, व्यक्तिगत साक्षात्कार, भर्ती पूर्व मेडिकल परीक्षण। इन सभी चरणों में सफल होने के बाद ही उम्मीदवारों की अंतिम नियुक्ति की जाएगी।