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बिहार में दो नए रोप-वे का काम पूरा, पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

पटना। बिहार में पर्यटन को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयास अब तेजी से परिणाम देने लगे हैं। जहानाबाद और गया जिले में दो प्रमुख रोप-वे परियोजनाएँ लगभग पूरी हो चुकी हैं, जिससे आने वाले समय में पर्यटकों को पहाड़ी स्थलों तक पहुंचने में बड़ी सुविधा मिलेगी।

वाणावर पर्वत (जहानाबाद) में आसान होगी चढ़ाई

जहानाबाद के वाणावर पर्वत पर लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से रोप-वे का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 100 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी तक पहुंचना अब बेहद आसान हो जाएगा। पहले जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कठिन चढ़ाई करनी पड़ती थी, अब वह यात्रा कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी।

गया के प्रेतशिला पर्वत पर श्रद्धालुओं को राहत

गया जिले का प्रेतशिला पर्वत पितृपक्ष के दौरान विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब तक लोगों को 600 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़कर ऊपर जाना पड़ता था, लेकिन रोप-वे शुरू होने के बाद यह यात्रा सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।

सुरक्षा जांच के बाद होगी शुरुआत

दोनों रोप-वे परियोजनाओं को शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच और ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ही इन्हें पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की तकनीकी कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

कैमूर और ब्रह्मयोनि पर्वत पर भी योजना

कैमूर जिले के मुंडेश्वरी पर्वत पर भी रोप-वे निर्माण की योजना है, हालांकि इसके डिजाइन में कुछ संशोधन के बाद काम शुरू किया जाएगा। वहीं गया के ब्रह्मयोनि पर्वत पर भी रोप-वे परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही पार्किंग और अन्य सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

आपको बता दें की राज्य में पहले से ही राजगीर और बांका में रोप-वे की सुविधा उपलब्ध है। अब इन नई परियोजनाओं के जुड़ने से बिहार का पर्यटन ढांचा और मजबूत होगा, जिससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। साथ ही ये रोप-वे परियोजना बिहार में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।

शनिवार को 4 राशियों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा, खुलेंगे भाग्य के द्वार

ज्योतिष डेस्क। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिवार का दिन न्याय के देवता शनिदेव को समर्पित होता है। इस दिन कुछ विशेष राशियों पर शनिदेव की कृपा बनी रहती है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव और प्रगति के संकेत मिलते हैं। इस शनिवार भी चार राशियों के लिए समय शुभ माना जा रहा है।

1. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत हैं तथा रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों पर शनिदेव की विशेष कृपा रहने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार और नए अवसर मिलने के योग बन रहे हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह शनिवार लाभकारी साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ने और पुराने विवाद सुलझने के संकेत हैं।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए भी यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। धन लाभ और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहने की संभावना है।

भारत-अमेरिका के बीच हुई बड़ी डील, चीन की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसे दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस समझौते के तहत अमेरिकी कंपनी जीई एयरोस्पेस और भारत की हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) मिलकर एफ414 जेट इंजन का भारत में सह-उत्पादन करेंगे।

तकनीक के साथ निर्माण का नया युग

यह समझौता केवल इंजन उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें महत्वपूर्ण तकनीक के हस्तांतरण की भी बात शामिल है। इससे भारत को उन्नत जेट इंजन तकनीक हासिल करने का अवसर मिलेगा, जो अब तक कुछ ही देशों के पास है।

मेक इन इंडिया को नई गति

यह डील ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। इसके जरिए भारत अपनी रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूत करेगा और विदेशी निर्भरता को कम करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। जेट इंजन निर्माण जैसी अत्याधुनिक तकनीक में भारत की भागीदारी उसे उन चुनिंदा देशों की सूची में ला सकती है, जो इस तरह की उन्नत रक्षा तकनीक विकसित करने में सक्षम हैं।

भारतीय वायुसेना के आधुनिकीकरण में मदद

इस इंजन का उपयोग भारत के आगामी स्वदेशी लड़ाकू विमानों, जैसे तेजस एमके2 और अन्य एडवांस फाइटर जेट्स में किया जाएगा। इससे भारतीय वायुसेना की ताकत और तकनीकी क्षमता में बड़ा सुधार होगा।

रणनीतिक दृष्टि से अमेरिका के लिए भी अहम

अमेरिका इस साझेदारी के जरिए भारत के साथ अपने रक्षा संबंधों को और मजबूत कर रहा है। साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन के प्रभाव को संतुलित करने की रणनीति को भी मजबूती मिलती है।

बिहार में खरीद रहें हैं जमीन, इन 4 बातों का रखें ध्यान

पटना। बिहार के शहरों में जमीन की खरीद बिक्री तेजी से बढ़ रही हैं। लेकिन सही जानकारी नहीं होने के कारण कई लोग धोखाधड़ी का भी शिकार हो रहे हैं। ऐसे में यदि आप यहां जमीन खरीद रहे हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी हैं, ताकि आपको भविष्य में कोई परेशानी न हो।

बिहार में खरीद रहें हैं जमीन, इन 4 बातों का रखें ध्यान

1 .ऑनलाइन जमाबंदी देखें। 

बिहार के किसी भी शहर में यदि आप जमीन खरीद रहे हैं तो आप सबसे पहले राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाकर जमाबंदी पंजी देखें और जांचें कि खाता, खसरा, नाम और रकबा सही है या नहीं।

2 .लिखित सहमति लें। 

आपको बता दें की रजिस्ट्री से पहले जमीन की सही चौहद्दी की जांच करें। यदि जमीन पुश्तैनी है और विक्रेता संयुक्त मालिकों में से एक है, तो सभी हिस्सेदारों की लिखित सहमति या NOC जरूर लें। ताकि भविष्य में कोई दिक्कत का सामना करना न पड़े। 

3 .पैसों का लेन-देन। 

बिहार में जमीन खरीद रहें हैं तो पैसों का लेन-देन हमेशा ऑनलाइन या चेक के माध्यम से ही करें, कैस पैसा देने से बचें। और एडवांस में पैसा दे रहे हैं तो जमीन का एग्रीमेंट जरूर कराएं। 

4 .1 अप्रैल 2026 से नए निबंधन नियम

बता दें की बिहार में 1 अप्रैल 2026 से जमीन रजिस्ट्री के नियम बदल गए हैं। अब रजिस्ट्री के समय 13 तरह की जानकारी देना अनिवार्य है, जिसमें क्रेता-विक्रेता की जानकारी, प्लॉट की सैटेलाइट फोटो और मालिकाना हक शामिल है।

बिहार में ऑनलाइन निकालें जमीन के खतियान, जानें पूरा प्रोसेस

पटना। बिहार में रहने वाले लोगों के लिए बड़ी खबर आ रही हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बिहार सरकार ने जमीन के खतियान को ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध करा दिया हैं। राज्य के जमीन रैयत ऑनलाइन के द्वारा घर बैठे खतियान की कॉपी निकाल सकते हैं।

खबर के अनुसार बिहार में जमीन के खतियान को निकालने के लिए आपको सबसे पहले बिहार सरकार की वेबसाइट बिहार भूमि पर विजिट करना होगा। इसी वेबसाइट के माध्यम से आप जमीन के खतियान को निकाल सकते हैं। साथ ही साथ इस वेबसाइट से जमीन संबंधित कई जानकारी भी प्राप्त कर सकते हैं।

ऐसे निकालें जमीन का खतियान।

1 .आप सबसे पहले बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट biharbhumi.bihar.gov.in पर जाएं। 

2 .अब होमपेज पर "जमाबंदी पंजी देखें" या "अपना खाता देखें" के विकल्प पर क्लिक करें।

3 .इसके बाद स्क्रीन पर दिए गए मैप से अपना जिला और अंचल (तहसील) चुनें।

4 .इसके बाद आप आप अपने गांव का नाम (मौजा) चुनें।

5 .अब आप मौजा के समस्त खातों के नामानुसार या खाता संख्या, या खेसरा संख्या के अनुसार खोज सकते हैं।

6 .सही विकल्प चुनकर 'खोजें' पर क्लिक करें, आपकी जमीन का खतियान/जमाबंदी रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।

7 .विवरण देखने के बाद, आप इसे डाउनलोड या प्रिंट कर सकते हैं। बता दें की ऑनलाइन खतियान को सरकारी मान्यता प्राप्त हैं।

विटामिन-D की कमी बन सकती है गंभीर खतरा, समय रहते करें बचाव

हेल्थ डेस्क। आज के समय में बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके शरीर में विटामिन डी की कमी हैं। विटामिन-D शरीर के लिए एक आवश्यक पोषक तत्व है, जिसकी कमी आजकल तेजी से बढ़ती जा रही है। इसकी कमी को हल्के में लेना गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

1 .हड्डियों की कमजोरी का बढ़ता खतरा

विटामिन-D की कमी से शरीर में कैल्शियम का अवशोषण सही तरीके से नहीं हो पाता, जिससे हड्डियाँ कमजोर होने लगती हैं और दर्द की समस्या बढ़ जाती है।

2 .इम्यून सिस्टम पर पड़ता असर

यह विटामिन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत रखने में मदद करता है। इसकी कमी से बार-बार संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

3 .थकान और कमजोरी की समस्या

विटामिन-D की कमी वाले लोगों में लगातार थकान, सुस्ती और ऊर्जा की कमी महसूस होती है, जिससे दैनिक कामकाज प्रभावित होता है।

4 .मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

कुछ शोधों के अनुसार, विटामिन-D की कमी का संबंध मूड स्विंग और डिप्रेशन जैसी समस्याओं से भी हो सकता है।

सूरज की रोशनी की कमी मुख्य कारण

धूप में कम समय बिताना, बंद जगहों में रहना और असंतुलित आहार विटामिन-D की कमी के प्रमुख कारण हैं। सुबह की धूप में 15–20 मिनट रहना, विटामिन-D युक्त आहार लेना और डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट्स का सेवन इस कमी से बचाव में मदद कर सकता है।

खुशखबरी लेकर आई बिहार सरकार: जमीन मालिकों को मिलेगा बड़ा लाभ

पटना। बिहार सरकार ने जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन मापी की प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों को इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए हैं। इस नए सिस्टम के लागू होने से अब रैयतों को अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से छुटकारा मिलेगा।

अब ऑफलाइन प्रक्रिया पूरी तरह बंद

सरकारी आदेश के अनुसार जमीन मापी से जुड़ा कोई भी आवेदन अब ऑफलाइन स्वीकार नहीं किया जाएगा। न ही मापी पूरी होने के बाद किसी प्रकार की रिपोर्ट ऑफलाइन दी जाएगी। सभी प्रक्रियाएं केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही पूरी की जाएंगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि नियमों का पालन न करने पर संबंधित अंचल के अमीन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी समयबद्ध

नई व्यवस्था के तहत जमीन मापी की प्रक्रिया को एक तय समयसीमा में पूरा करना अनिवार्य कर दिया गया है:

ऑनलाइन आवेदन के 3 दिनों के भीतर अमीन का निर्धारण किया जाएगा। 

7वें दिन जमीन की मापी पूरी करनी होगी। 

14 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। 

इससे प्रक्रिया में देरी और अनावश्यक परेशानी की संभावना खत्म हो जाएगी।

जियो-टैग फोटो अनिवार्य

मापी प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाने के लिए अमीन को मौके पर ही जियो-टैग फोटो अपलोड करना अनिवार्य किया गया है। बिना जियो-टैग फोटो के मापी को मान्य नहीं माना जाएगा। वहीं, इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी अपर समाहर्ता स्तर के अधिकारियों द्वारा की जाएगी, ताकि नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके। सरकार का उद्देश्य है कि जमीन से जुड़े विवाद कम हों और लोगों को समय पर सेवा मिले।

रैयतों को मिलेगी बड़ी राहत

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार इस नई व्यवस्था से आम लोगों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। अब उन्हें अंचल कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने होंगे और पूरी प्रक्रिया घर बैठे ऑनलाइन ट्रैक की जा सकेगी।

20 अप्रैल सर्वार्थ सिद्धि योग: 5 राशियों के लिए शुभ समय, धन-समृद्धि और तरक्की के योग

राशिफल। 20 अप्रैल को बनने वाला सर्वार्थ सिद्धि योग ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। इस योग को सफलता और सिद्धि देने वाला योग कहा जाता है, जिसमें किए गए कार्यों के सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है। इस दौरान कुछ राशियों पर विशेष रूप से भाग्य का प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे करियर, व्यापार और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में प्रगति का संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से अनुकूल माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ और निवेश से फायदा मिलने की संभावना बढ़ सकती है। पारिवारिक जीवन में स्थिरता और शांति बनी रह सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर में नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी बदलने या नई नौकरी पाने के योग बन रहे हैं। मीडिया, संचार और तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। पुराने संपर्क भी लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह समय मान-सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी। सामाजिक प्रतिष्ठा भी मजबूत हो सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह योग उन्नति और विस्तार का संकेत दे रहा है। शिक्षा और करियर में प्रगति संभव है। विदेश से जुड़े कार्यों में लाभ मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिलने के योग बन रहे हैं।

केंद्र सरकार ने किया बड़ा खुलासा: देश में LPG की पर्याप्त उपलब्धता

नई दिल्ली। देश में एलपीजी (रसोई गैस) की उपलब्धता को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों पर केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने इन दावों को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा है कि देश में गैस सप्लाई को लेकर किसी भी तरह की कमी या संकट नहीं है।

मंत्रालय के अनुसार, कुछ अनधिकृत दावों में यह कहा जा रहा था कि भारत में एलपीजी की सप्लाई सामान्य होने में कई साल लग सकते हैं, लेकिन यह जानकारी पूरी तरह भ्रामक है और इसका कोई आधार नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि वाली खबरों पर विश्वास न करें।

देश में पर्याप्त स्टॉक और मजबूत सप्लाई

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी का पर्याप्त भंडार मौजूद है और वितरण व्यवस्था पूरी तरह सुचारू रूप से काम कर रही है। सप्लाई चेन मजबूत होने के कारण किसी भी क्षेत्र में गैस की कमी की स्थिति नहीं बनी है।

आयात रणनीति में बड़ा बदलाव

भारत ने एलपीजी की उपलब्धता को सुरक्षित रखने के लिए अपने आयात स्रोतों को और व्यापक किया है। अब देश केवल कुछ सीमित देशों पर निर्भर नहीं है, बल्कि अमेरिका, रूस, कनाडा, नॉर्वे और अल्जीरिया जैसे देशों से भी गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।

घरेलू उत्पादन में भी तेजी

सरकार द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के बाद देश की रिफाइनरियों ने उत्पादन बढ़ा दिया है। नतीजतन, घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई है। वर्तमान में देश में रोजाना बड़ी मात्रा में गैस का उत्पादन हो रहा है और बाकी जरूरतें आयात के जरिए आसानी से पूरी की जा रही हैं।

वितरण व्यवस्था भी बेहतर

देशभर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति नियमित रूप से हो रही है और डिलीवरी सिस्टम स्थिर बना हुआ है। किसी भी हिस्से से गैस की कमी या स्टॉक खत्म होने की शिकायत सामने नहीं आई है। पिछले कुछ वर्षों में एलपीजी कनेक्शन और डिस्ट्रीब्यूटर नेटवर्क दोनों में भारी विस्तार हुआ है, जिससे सप्लाई और अधिक तेज और भरोसेमंद बनी है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 1.5 लाख युवाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में योगी सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश के अनुसार यूपी में सीएम युवा योजना को और व्यापक रूप दिया जा रहा है, जिसके अंतर्गत इस वर्ष लगभग 1.5 लाख युवाओं को स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

गोमतीनगर में शुरू हुई विशेष ट्रेनिंग

योजना के तहत गोमतीनगर में सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर्स (CCC) के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में बैंकिंग प्रक्रियाओं, ऋण व्यवस्था और उद्यमिता से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी जा रही है। पहले चरण में 50 जिलों और दूसरे चरण में 25 जिलों को शामिल किया गया है, जिससे पूरे प्रदेश में इसका प्रभाव फैलाया जा सके।

90 सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर होंगे तैनात

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों में कुल 90 सर्टिफाइड क्रेडिट काउंसलर नियुक्त किए जाएंगे। ये काउंसलर युवाओं को निम्न क्षेत्रों में मदद करेंगे:

बैंक लोन प्रक्रिया समझाना। 

जरूरी दस्तावेज तैयार कराना। 

प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनवाने में सहायता। 

सरकारी ऋण योजनाओं की जानकारी देना। 

इससे युवाओं को ऋण प्राप्त करने में आने वाली कठिनाइयां काफी हद तक कम हो जाएंगी। ये सर्टिफाइड काउंसलर एमएसएमई उद्यमियों और बैंकिंग सिस्टम के बीच एक मजबूत कड़ी की तरह काम करेंगे। योजनाओं की जानकारी देंगे और बेहतर वित्तीय योजना बनाने में भी मदद करेंगे। जिससे युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में आसानी होगी।

8वां वेतन आयोग: 18,000 बेसिक सैलरी वालों को कितना मिलेगा एरियर? जानें पूरा गणित

नई दिल्ली। 8वां वेतन आयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है और केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच इसे लेकर उत्साह लगातार बढ़ता जा रहा है। सबसे बड़ी उम्मीद वेतन में बढ़ोतरी के साथ-साथ मिलने वाले एरियर को लेकर है। चूंकि आयोग की सिफारिशों को लागू होने में कुछ देरी की संभावना जताई जा रही है, ऐसे में कर्मचारियों को पिछली अवधि का बकाया भुगतान यानी एरियर भी मिल सकता है।

8वां वेतन आयोग कब से लागू माना जाएगा?

अनुमानों के मुताबिक 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है, लेकिन इसकी रिपोर्ट और लागू होने की प्रक्रिया में 14 से 18 महीने तक का समय लग सकता है। इसी अंतराल के कारण कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना बनती है।

18,000 बेसिक सैलरी पर संभावित नई सैलरी

फिटमेंट फैक्टर के आधार पर बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है:

1.83 फिटमेंट फैक्टर → लगभग ₹32,940

1.92 फिटमेंट फैक्टर → लगभग ₹34,560

2.28 फिटमेंट फैक्टर → लगभग ₹41,040

2.46 फिटमेंट फैक्टर → लगभग ₹44,280

2.86 फिटमेंट फैक्टर → लगभग ₹51,480

20 महीने की देरी पर कितना एरियर मिल सकता है?

अगर औसतन 20 महीने की देरी मानी जाए तो एरियर की रकम फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी:

कम फिटमेंट फैक्टर पर एरियर: लगभग ₹3.6 लाख

मध्यम से उच्च फिटमेंट फैक्टर पर: ₹4 लाख से ₹5.65 लाख तक मिल सकता हैं।

नोट: आपको बता दें की यह अनुमान केवल संभावित गणना पर आधारित है और अंतिम आंकड़ा सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

अक्षय तृतीया पर बन रहा अक्षय योग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि और सफलता के खुलेंगे नए रास्ते

राशिफल। इस वर्ष अक्षय तृतीया का पर्व ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। 19 अप्रैल को बनने वाला अक्षय योग इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी-अपनी उच्च राशियों में स्थित रहेंगे। ऐसा संयोग बहुत दुर्लभ माना जाता है और इसे शुभ शुरुआत, निवेश, खरीदारी और नए कार्यों के लिए अत्यंत फलदायी बताया जाता है।

अक्षय योग से लाभ पाने वाली 5 राशियां

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से बेहद मजबूत रहेगा। पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं और नई आय के स्रोत बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या वेतन वृद्धि जैसी खुशखबरी मिल सकती है। व्यापार में भी स्थिर लाभ की स्थिति बनेगी।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह योग मानसिक शांति और पारिवारिक सुख लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। जमीन-जायदाद या संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ सम्मान भी बढ़ेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय सफलता और पहचान का संकेत दे रहा है। करियर में बड़ा बदलाव या नई शुरुआत संभव है। जो लोग प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं उन्हें अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नेतृत्व क्षमता मजबूत होगी।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ और नए अवसरों का समय है। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं और रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। रिश्तों में सुधार आएगा और सामाजिक जीवन भी सक्रिय रहेगा। निवेश करने के लिए यह समय शुभ माना जा रहा है।

5. मकर राशि

मकर राशि के लिए यह योग मेहनत का फल देने वाला साबित होगा। करियर में स्थिरता आएगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी बदलने का सोच रहे लोगों के लिए भी यह समय अनुकूल है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय के लक्ष्य पूरे होने की संभावना है।

सेब के बीज: क्या ये जहरीले होते हैं? जानकर चौंक जाएंगे

हेल्थ डेस्क। सेब एक ऐसा फल है जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अक्सर इसके बीजों को लेकर लोगों के मन में सवाल रहता है कि क्या ये जहरीले होते हैं? कई बार यह भी सुनने को मिलता है कि सेब के बीज खाने से गंभीर नुकसान हो सकता है। असलियत इससे थोड़ी अलग और ज्यादा संतुलित है।

सेब के बीजों में क्या होता है?

सेब के बीजों के अंदर एक प्राकृतिक रसायन पाया जाता है जिसे एमिग्डालिन कहा जाता है। जब ये बीज टूटते या चबाए जाते हैं, तो यह पदार्थ शरीर के अंदर जाकर हाइड्रोजन साइनाइड नामक तत्व में बदल सकता है। यही तत्व अधिक मात्रा में शरीर के लिए हानिकारक हो सकता है।

क्या थोड़े से बीज खतरनाक हैं?

अगर कोई व्यक्ति गलती से कुछ साबुत बीज निगल लेता है, तो आमतौर पर इससे कोई गंभीर समस्या नहीं होती। इसका कारण यह है कि बीजों की बाहरी परत बहुत मजबूत होती है, जो बिना पचे ही शरीर से बाहर निकल जाती है। लेकिन खतरा तब बढ़ता है जब बीजों को चबाकर या कुचलकर बड़ी मात्रा में खाया जाए। ऐसे में शरीर में हानिकारक तत्व बनने की संभावना बढ़ जाती है।

ज्यादा सेवन से क्या होगा असर?

हालांकि सामान्य मात्रा में नुकसान की संभावना कम होती है, लेकिन बहुत अधिक बीज खाने पर शरीर में हल्की विषाक्तता जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें सिरदर्द, चक्कर आना, उल्टी या मतली जैसी समस्याएं शामिल हो सकती हैं।

सावधानी रखना क्यों जरूरी है?

भले ही सेब के बीज तुरंत खतरनाक न हों, फिर भी इन्हें खाने से बचना ही समझदारी है। खासकर बच्चों के मामले में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि उनका शरीर संवेदनशील होता है और वे छोटी चीजों से भी जल्दी प्रभावित हो सकते हैं।

बिहार में 'कंप्यूटर ऑपरेटर' की भर्ती, स्नातक पास करें आवेदन

पटना। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बिहार में एक बड़ा अवसर सामने आया है। पटना हाईकोर्ट ने कंप्यूटर ऑपरेटर-कम-टाइपिस्ट के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू हो चुकी है, जिससे योग्य उम्मीदवार अब आवेदन कर सकते हैं।

कुल 48 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 48 पदों को भरा जाएगा। विभिन्न वर्गों के लिए पदों का आरक्षण भी निर्धारित किया गया है। इनमें सामान्य वर्ग के लिए सबसे अधिक पद रखे गए हैं, जबकि अन्य श्रेणियों जैसे ईडब्ल्यूएस, बीसी, ईबीसी और एससी वर्ग के लिए भी अलग-अलग पद निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा एक पद बैकलॉग के तहत शामिल किया गया है।

आवेदन की अंतिम तिथि और फीस

उम्मीदवार इस पद के लिए 16 मई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 19 मई तय की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे समय सीमा का ध्यान रखते हुए आवेदन प्रक्रिया पूरी करें, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना अनिवार्य है। साथ ही कंप्यूटर से संबंधित आवश्यक कौशल भी जरूरी होंगे। आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

बिहार में शिक्षकों के लिए नया फरमान, ट्रेनिंग मई से शुरू

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में पढ़ा रहे शिक्षकों की कार्यकुशलता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके तहत इस वर्ष भी सभी शिक्षकों के लिए सेवाकालीन प्रशिक्षण अनिवार्य किया जाएगा। इसका उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी, व्यवहारिक और छात्रों की जरूरतों के अनुरूप बनाना है।

तीन लाख से अधिक शिक्षकों को मिलेगा प्रशिक्षण

शिक्षा विभाग ने राज्य के लगभग साढ़े तीन लाख शिक्षकों को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल करने की योजना बनाई है। इसके लिए व्यापक तैयारी शुरू कर दी गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) को प्रशिक्षण के लिए विस्तृत मॉड्यूल तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि एक समान और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जा सके।

मई से शुरू होगा जिला स्तरीय प्रशिक्षण

नए कार्यक्रम के तहत मई के पहले सप्ताह से जिला स्तर पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण सत्र शुरू किए जाएंगे। यह प्रशिक्षण DIET के माध्यम से आयोजित होगा और हर जिले में अलग-अलग समय-सारिणी के अनुसार संचालित किया जाएगा। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि किसी भी विद्यालय से एक साथ बड़ी संख्या में शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए न बुलाया जाए, ताकि स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित न हो और शैक्षणिक गतिविधियां सुचारु रूप से चलती रहें।

कक्षा आधारित शिक्षण पर रहेगा फोकस

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य केवल सैद्धांतिक ज्ञान देना नहीं है, बल्कि शिक्षकों को कक्षा में लागू होने वाली व्यावहारिक शिक्षण विधियों से जोड़ना है। शुरुआती चरण में यह कार्यक्रम शैक्षणिक सत्र 2026-27 में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। पहले चरण में कक्षा 1 और 2 के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसके बाद कक्षा 3 से 5 तक के शिक्षकों को शामिल किया जाएगा।

शिक्षा सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों की क्षमता में सुधार होगा, बल्कि छात्रों को भी बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलने की उम्मीद बढ़ेगी।

बिहार में बिगड़ेगा मौसम: इन जिलों में आंधी-पानी के आसार

पटना। बिहार में इस समय मौसम दो अलग-अलग रूपों में दिखाई दे रहा है। राज्य के एक हिस्से में जहां बादलों की गड़गड़ाहट और हल्की बारिश लोगों को गर्मी से राहत दे रही है, वहीं दूसरे हिस्से में तेज धूप और गर्म हवाएं जनजीवन को प्रभावित कर रही हैं। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दो दिन राज्य के लिए काफी अहम और चुनौतीपूर्ण साबित हो सकते हैं।

सीमांचल में बारिश और तेज हवाओं का असर

राज्य के उत्तरी हिस्से, खासकर सीमांचल क्षेत्र में मौसम का रुख बदला हुआ रहेगा। आज बिहार के अररिया, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में मौसम सुहावना रहने से लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

अगले कुछ दिन सावधानी जरूरी

मौसम का यह बदलता स्वरूप लोगों के लिए सतर्क रहने का संकेत है। जहां बारिश वाले क्षेत्रों में और तेज हवा से बचाव जरूरी है, वहीं गर्मी प्रभावित जिलों में लू से बचाव के लिए सावधानी बरतना आवश्यक है। कुल मिलाकर, बिहार में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से काफी उतार-चढ़ाव भरे रहने वाले हैं।

18 से 19 अप्रैल के बीच लू का खतरा

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 18 अप्रैल से राज्य के कई हिस्सों में लू चलने की संभावना बढ़ जाएगी। बक्सर, भोजपुर, कैमूर, गया, पटना और आसपास के जिलों में तापमान और अधिक बढ़ सकता है। गर्म हवाओं के कारण दिन के समय स्थिति और भी कठिन हो सकती है।

19 अप्रैल के बाद पछुआ हवाओं का प्रभाव और मजबूत होने की संभावना है, जिससे वातावरण में नमी और कम हो जाएगी। इसके परिणामस्वरूप तापमान में तेज वृद्धि देखने को मिल सकती है और कई शहरों में पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

बिहार में नई सरकार का बड़ा एक्शन: कई जेलों में एक साथ छापेमारी, मचा हड़कंप

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सख्ती लगातार बढ़ती दिख रही है। इसी क्रम में राज्य के कई जिलों की जेलों में एक साथ बड़े पैमाने पर औचक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से जेल प्रशासन से लेकर बंदियों तक में हड़कंप मच गया। सरकार का उद्देश्य जेलों के भीतर चल रही अवैध गतिविधियों और नेटवर्क पर सख्त नियंत्रण स्थापित करना बताया जा रहा है।

एक साथ कई जिलों में चला 'ऑपरेशन क्लीन'

आपको बता दें की बिहार में आधा दर्जन से अधिक जिलों में 'ऑपरेशन क्लीन' चलाया गया। भागलपुर, मोतिहारी, मुजफ्फरपुर, बेतिया, सीतामढ़ी और औरंगाबाद की जेलों में एक साथ तलाशी अभियान शुरू किया गया। डीएम और एसपी खुद मौके पर मौजूद रहे और पूरे ऑपरेशन की निगरानी की।

सीतामढ़ी और औरंगाबाद में मिली संदिग्ध चीजें

सीतामढ़ी जेल में छापेमारी के दौरान संदिग्ध कागजात मिले, जिनमें मोबाइल नंबर और आपत्तिजनक जानकारी दर्ज थी। वहीं औरंगाबाद जेल से पिलास, पेचकस और लोहे के टुकड़े जैसी वस्तुएं बरामद हुईं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन ने तुरंत जांच के आदेश दिए हैं।

मुजफ्फरपुर में सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन

मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस केंद्रीय कारा में सबसे बड़ा तलाशी अभियान देखने को मिला। करीब 200 जवानों की टीम ने चार घंटे तक जेल के हर हिस्से की जांच की। हालांकि इस दौरान कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कड़ी निगरानी जारी रखने के निर्देश दिए गए।

भागलपुर से शुरू हुई सख्त कार्रवाई

भागलपुर स्थित शहीद जुब्बा सहनी केंद्रीय कारा से इस अभियान की शुरुआत हुई। यहां प्रशासन ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था, बंदियों की स्थिति और अंदर की गतिविधियों की बारीकी से जांच की। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के निर्देश दिए।

मोतिहारी और बेतिया में सख्त जांच

मोतिहारी सेंट्रल जेल और बेतिया मंडल कारा में भी डीएम और एसपी की टीम ने औचक निरीक्षण किया। सभी वार्डों और बैरकों की गहन तलाशी ली गई। हालांकि यहां कोई आपत्तिजनक सामान नहीं मिला, लेकिन जेल प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए।

भारत बना रहा कई हाइपरसोनिक हथियार, चीन सन्न, पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। भारत अब रक्षा तकनीक के एक नए और उन्नत दौर में प्रवेश कर चुका है। देश तेजी से हाइपरसोनिक हथियारों के विकास की दिशा में काम कर रहा है, जिससे भविष्य में भारत की सैन्य ताकत और भी अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। इन हथियारों की खास बात इनकी अत्यधिक गति, लंबी मारक क्षमता और दुश्मन के रडार सिस्टम को चकमा देने की क्षमता है।

हाइपरसोनिक हथियारों पर भारत का बड़ा फोकस

भारत एक पूरा हाइपरसोनिक स्ट्राइक सिस्टम विकसित कर रहा है, जिसमें अलग-अलग आधुनिक हथियार शामिल हैं। इनका उद्देश्य देश की तीनों सेनाओं थल, जल और वायु को और अधिक मजबूत बनाना है।

1. ध्वनि हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल

यह भारत की सबसे उन्नत तकनीकों में से एक मानी जा रही है। यह ग्लाइड व्हीकल मैक 5 से 6 से भी अधिक गति से उड़ान भरने में सक्षम है। इसकी सबसे बड़ी ताकत इसकी अनप्रेडिक्टेबल मूवमेंट है, जिससे इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।

अनुमानित रेंज: करीब 10,000 किलोमीटर

खासियत: उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता

उपयोग: लंबी दूरी और रणनीतिक हमलों में

2. LR-AShM (लॉन्ग रेंज एंटी-शिप हाइपरसोनिक मिसाइल)

भारत समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए इस मिसाइल पर भी काम कर रहा है। यह मिसाइल हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक पकड़ को और मजबूत करेगी।

मारक क्षमता: लगभग 1500 किलोमीटर

लक्ष्य: चलते हुए युद्धपोतों को भी निशाना बनाने में सक्षम

खासियत: स्वदेशी तकनीक पर आधारित विकास

3. ET-LDHCM हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल

यह भारत की एक और उन्नत क्रूज मिसाइल है, जो अत्याधुनिक तकनीक से लैस है। यह मिसाइल दुश्मन की एयर डिफेंस सिस्टम को आसानी से चकमा देने में सक्षम मानी जा रही है।

गति: मैक 8 से अधिक

रेंज: 1500 किलोमीटर से ज्यादा

लॉन्च प्लेटफॉर्म: जमीन, समुद्र और हवा—तीनों से लॉन्च संभव

खासियत: उड़ान के दौरान दिशा बदलने की क्षमता

स्क्रैमजेट इंजन बना सबसे बड़ी ताकत

इन सभी हाइपरसोनिक प्रोजेक्ट्स के पीछे स्क्रैमजेट इंजन तकनीक सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। हाल ही में इसका सफल परीक्षण किया गया, जिसमें यह लगातार कई मिनट तक उच्च गति पर काम करता रहा। यह तकनीक हाइपरसोनिक मिसाइलों को लंबे समय तक स्थिर और तेज गति में उड़ने की क्षमता देती है।

विटामिन B12 की कमी को न करें नजरअंदाज, शरीर को कर सकती है खराब!

हेल्थ डेस्क। विटामिन B12 शरीर के लिए एक जरूरी पोषक तत्व है, जो दिमाग, नसों और रक्त निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसकी कमी को अगर समय रहते न समझा जाए, तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकती है। आइए जानते हैं इसके 6 प्रमुख प्रभाव।

1. कमजोरी और थकान बढ़ना

विटामिन B12 की कमी से शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण कम हो जाता है, जिससे ऑक्सीजन की कमी होने लगती है। इसका परिणाम लगातार थकान, कमजोरी और सुस्ती के रूप में सामने आता है।

2. याददाश्त और दिमाग पर असर

B12 की कमी सीधे तौर पर ब्रेन फंक्शन को प्रभावित करती है। इससे भूलने की समस्या, ध्यान केंद्रित करने में परेशानी और मानसिक भ्रम जैसी स्थिति हो सकती है।

3. नसों में झुनझुनी और दर्द

इस विटामिन की कमी से नर्व सिस्टम कमजोर हो सकता है, जिससे हाथ-पैरों में झुनझुनी, सुन्नपन और दर्द की समस्या देखने को मिलती है।

4. खून की कमी (एनीमिया)

विटामिन B12 की कमी से मेगालोब्लास्टिक एनीमिया हो सकता है, जिसमें शरीर में स्वस्थ लाल रक्त कोशिकाएं कम बनती हैं, जिससे सांस फूलना और चक्कर आना आम लक्षण हैं।

5. मानसिक स्वास्थ्य पर असर

लंबे समय तक B12 की कमी रहने पर डिप्रेशन, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग जैसी मानसिक समस्याएं भी हो सकती हैं।

6. हड्डियों और शरीर की कमजोरी

इसकी कमी से हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं और शरीर की ऊर्जा कम हो जाती है, जिससे दैनिक कार्य करना मुश्किल हो जाता है।

खुशखबरी की सुपर सौगात: यूपी में 3 नई भर्ती शुरू, तुरंत करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में एक साथ 3 बड़ी भर्तियों का ऐलान किया गया है, जिससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए सुनहरा अवसर बन गया है। इन भर्तियों में कुल हजारों पद शामिल हैं और आवेदन प्रक्रिया भी अलग-अलग तिथियों में शुरू होगी। योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. UPSSSC Platoon Commander & Block Organizer Recruitment 2026

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने PET-2025 क्वालिफाई उम्मीदवारों के लिए प्लाटून कमांडर और ब्लॉक ऑर्गेनाइज़र के पदों पर भर्ती निकाली है। यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास मौका है जो पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं।

कुल पद: 295

आवेदन तिथि: 16 जून 2026 से 06 जुलाई 2026

चयन प्रक्रिया: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा और शारीरिक परीक्षण

वेतनमान: ₹1,12,400 तक (अनुमानित अधिकतम)

योग्यता: PET-2025 स्कोर अनिवार्य

2. UPSSSC Assistant Boring Technician Recruitment 2026

UPSSSC ने एक और बड़ी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसमें असिस्टेंट बोरिंग टेक्नीशियन के पद शामिल हैं। यह भर्ती तकनीकी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए बेहतरीन अवसर है।

कुल पद: 402

आवेदन तिथि: 15 अप्रैल 2026 से 05 मई 2026

चयन प्रक्रिया: PET-2025 स्कोर के आधार पर चयन और आगे की प्रक्रिया

योग्यता: संबंधित तकनीकी योग्यता और PET क्वालिफाई

आवेदन वेबसाइट: upsssc.gov.in

3. UP Co-operative Bank Recruitment 2026 (UPCISB)

उत्तर प्रदेश सहकारी बैंक में भी बंपर भर्ती का ऐलान किया गया है, जिसमें विभिन्न पदों पर नियुक्तियां होंगी। यह भर्ती बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए एक बड़ा अवसर है।

कुल पद: 2085

पद: क्लर्क, मैनेजर, असिस्टेंट इंजीनियर (सिविल), कैशियर आदि

आवेदन तिथि: 25 अप्रैल 2026 से 15 मई 2026 तक

चयन प्रक्रिया: लिखित परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन। 

8वें वेतन आयोग: 6% इंक्रीमेंट होने पर कितनी बढ़ेगी सैलरी? जानिए पूरा कैलकुलेशन

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खासकर इस बार सबसे ज्यादा चर्चा सालाना 6% इंक्रीमेंट को लेकर हो रही है। नेशनल काउंसिल (ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी) की ड्राफ्ट कमेटी द्वारा फाइनल मेमोरेंडम सौंपे जाने के बाद कर्मचारियों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं। 

बता दें की इस मेमोरेंडम में कई मांगें रखी गई हैं, लेकिन मुख्य फोकस वेतन वृद्धि को मौजूदा 3% से बढ़ाकर 6% करने पर है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो इसका सीधा असर देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पर देखने को मिलेगा।

6% इंक्रीमेंट का क्या है गणित?

अब तक केंद्रीय कर्मचारियों को औसतन 3% वार्षिक इंक्रीमेंट मिलता रहा है। लेकिन बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 6% करने की मांग कर रहे हैं। अगर यह लागू होता है, तो हर साल कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में दोगुनी गति से बढ़ोतरी होगी। इसका असर सिर्फ बेसिक पे पर ही नहीं, बल्कि एचआरए, टीए और अन्य भत्तों पर भी पड़ेगा।

8वें वेतन आयोग में संभावित सैलरी स्ट्रक्चर (अनुमानित)

नीचे दिए गए आंकड़े 2.85 के संभावित फिटमेंट फैक्टर और 6% वार्षिक इंक्रीमेंट के अनुमान पर आधारित हैं:

Level 1 (MTS/Group D)

वर्तमान बेसिक: ₹18,000

संभावित नया बेसिक: ₹51,480

6% इंक्रीमेंट के बाद: ₹54,568

Level 4 (LDC/Clerk)

वर्तमान बेसिक: ₹25,500

संभावित नया बेसिक: ₹72,675

6% इंक्रीमेंट के बाद: ₹77,035

Level 7 (Inspector/SO)

वर्तमान बेसिक: ₹44,900

संभावित नया बेसिक: ₹1,27,965

6% इंक्रीमेंट के बाद: ₹1,35,642

Level 10 (Group A Gazetted)

वर्तमान बेसिक: ₹56,100

संभावित नया बेसिक: ₹1,59,885

6% इंक्रीमेंट के बाद: ₹1,69,478

कर्मचारियों को कितना फायदा होगा?

अगर 6% इंक्रीमेंट लागू होता है, तो हर साल सैलरी में पहले की तुलना में अधिक तेज बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इससे निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर उच्च अधिकारियों तक सभी को सीधा फायदा होगा। साथ ही, महंगाई के दबाव को देखते हुए यह बढ़ोतरी कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगी।

मंगल-बुध की युति: 5 राशियों को मिलेगा धन और करियर में लाभ

ज्योतिष डेस्क। 23 अप्रैल को मंगल और बुध की युति एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग के रूप में देखी जा रही है। इस युति को ऊर्जा, बुद्धि और निर्णय क्षमता का संतुलन बनाने वाला माना जाता है। मंगल जहां साहस और कार्य क्षमता का प्रतिनिधित्व करता है, वहीं बुध बुद्धि, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है। इन दोनों का एक साथ प्रभाव कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह युति करियर में नई शुरुआत का संकेत दे रही है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत को पहचान मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी लाभकारी स्थिति बन सकती है। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। रुका हुआ धन मिलने के योग बन सकते हैं और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। कामकाज में आपकी रणनीति और विचारों की सराहना होगी, जिससे आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह युति करियर ग्रोथ का संकेत दे रही है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभ का मार्ग खोलेंगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कामकाज में स्थिरता बढ़ेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला हो सकता है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ की स्थिति बन सकती है। मानसिक रूप से भी संतुलन और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह युति करियर में बड़ा बदलाव ला सकती है। नई नौकरी या प्रमोशन के योग बन सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है और नए प्रोजेक्ट्स आगे बढ़ सकते हैं।

बिहार शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, आवेदन से पहले जान लें ये जरूरी बातें

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी अपडेट सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की अधिसूचना अगले तीन से चार दिनों में जारी होने की संभावना है। इस भर्ती के तहत कुल 46,882 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर के बीच किया जाएगा।

सभी 38 जिलों का विकल्प अनिवार्य

इस बार सबसे बड़ा बदलाव यह है कि उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म भरते समय बिहार के सभी 38 जिलों का विकल्प देना अनिवार्य होगा। यदि कोई अभ्यर्थी सीमित जिलों का चयन करता है और मेरिट के आधार पर उसे किसी अन्य जिले में तैनाती मिलती है, तो उसका चयन मान्य नहीं किया जाएगा। इसलिए उम्मीदवारों को अधिकतम जिलों का विकल्प चुनने की सलाह दी गई है।

फीस जमा करने की प्रक्रिया बदली

इस बार आवेदन शुल्क पहले जमा करना होगा, उसके बाद ही आवेदन फॉर्म भरने का लिंक सक्रिय होगा। यानी बिना भुगतान किए कोई भी उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया शुरू नहीं कर सकेगा।

तीन चरणों में पूरी होगी प्रक्रिया

इस बार आवेदन प्रक्रिया को तीन चरणों में बांटा गया है:

पहला चरण: ओटीआर (One Time Registration)

दूसरा चरण: प्रोफाइल तैयार करना

तीसरा चरण: मुख्य आवेदन फॉर्म भरना

अधिकारियों ने सलाह दी है कि अभ्यर्थी पहले से ही ओटीआर और प्रोफाइल पूरा कर लें, ताकि आवेदन के समय किसी तरह की परेशानी न हो और फॉर्म आसानी से भरा जा सके।

बिहार में शिक्षकों की बड़ी भर्ती, BPSC TRE-4 का नोटिफिकेशन जल्द

पटना। बिहार में शिक्षक बनने का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) जल्द ही शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) की अधिसूचना जारी करने जा रहा है। अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों के भीतर इसका नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 46,882 पदों पर नियुक्ति की जाएगी, जबकि परीक्षा का आयोजन 22 से 27 सितंबर के बीच होने की संभावना है।

आवेदन प्रक्रिया 25-26 अप्रैल से

परीक्षा नियंत्रक राजेश कुमार सिंह के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म 25-26 अप्रैल के बीच जारी किए जाएंगे। इस बार आवेदन प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से तैयार किया गया है ताकि अभ्यर्थियों को आसानी हो।

आवेदन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव

TRE-4 में इस बार आवेदन प्रणाली में कई अहम बदलाव किए गए हैं। सबसे पहले अभ्यर्थियों को ओटीआर पूरा करना होगा। इसके बाद प्रोफाइल तैयार करनी होगी। अंत में मुख्य आवेदन फॉर्म भरा जाएगा। अधिकारियों ने सलाह दी है कि अभ्यर्थी पहले से ओटीआर और प्रोफाइल पूरा कर लें, ताकि आवेदन के समय कोई परेशानी न हो और फॉर्म जल्दी भरा जा सके।

सभी 38 जिलों का विकल्प देना होगा

इस बार आवेदन प्रक्रिया में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अभ्यर्थियों को फॉर्म भरते समय सभी 38 जिलों का विकल्प देना अनिवार्य होगा। यदि कोई उम्मीदवार सीमित जिलों का चयन करता है और मेरिट के आधार पर उसे किसी अन्य जिले में सीट मिलती है, तो उसका चयन मान्य नहीं होगा। इसलिए सभी जिलों को विकल्प में शामिल करने की सलाह दी गई है।

फीस जमा करने की नई व्यवस्था

इस बार आवेदन शुल्क जमा करने की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है। अब अभ्यर्थियों को पहले फीस का भुगतान करना होगा, तभी आवेदन फॉर्म भरने का लिंक सक्रिय होगा।

तरबूज के बीज खा लिए तो क्या होगा? 7 चौंकाने वाले फायदे!

हेल्थ डेस्क। गर्मी के मौसम में तरबूज लगभग हर घर की पसंदीदा फल सूची में शामिल होता है। आमतौर पर लोग इसके मीठे गूदे का सेवन करते हैं और बीजों को फेंक देते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि ये छोटे-छोटे बीज सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं? अगर तरबूज के बीजों को सही तरीके से चबाकर खाया जाए तो यह शरीर को कई पोषक तत्व दे सकते हैं।

1. प्रोटीन का अच्छा स्रोत

तरबूज के बीजों में प्रोटीन पाया जाता है, जो शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। यह खासकर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो हल्का और प्राकृतिक प्रोटीन स्रोत चाहते हैं।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

इन बीजों में मैग्नीशियम और हेल्दी फैट्स मौजूद होते हैं, जो दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं और कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में सहायक हो सकते हैं।

3. पाचन में मददगार

फाइबर की मौजूदगी के कारण तरबूज के बीज पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

4. ऊर्जा बढ़ाने में सहायक

इन बीजों में आयरन और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर में ऊर्जा बढ़ाने और थकान कम करने में मदद कर सकते हैं।

5. त्वचा के लिए लाभकारी

तरबूज के बीजों में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं और उम्र बढ़ने के असर को धीमा कर सकते हैं।

6. बालों को मजबूत बनाने में मदद

इन बीजों में मौजूद पोषक तत्व बालों की जड़ों को मजबूत करते हैं और बाल झड़ने की समस्या को कम करने में सहायक हो सकते हैं।

7. इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक

तरबूज के बीज शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद कर सकते हैं, जिससे मौसमी बीमारियों से बचाव संभव है।

यूपी में 'शिक्षकों' के लिए नई व्यवस्था, अभी 5 जिलों में लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। 'निपुण भारत मिशन' को जमीन पर उतारने के लिए अब एक डिजिटल और तकनीक आधारित मॉडल लाया गया है, जिसका नाम रखा गया है 'निपुण शिक्षक सारथी'। इस व्यवस्था का मकसद शिक्षकों को आधुनिक तकनीक से जोड़कर पढ़ाई को ज्यादा आसान और असरदार बनाना है।

पांच जिलों से शुरुआत

इस योजना को अभी पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर राज्य के पांच जिलों में लागू किया गया है। इसमें चित्रकूट, सोनभद्र, बलरामपुर, गोरखपुर और सीतापुर शामिल हैं। खास बात यह है कि इनमें से कई इलाके शिक्षा के लिहाज से पिछड़े माने जाते हैं, इसलिए यहां सुधार की जरूरत सबसे ज्यादा मानी जा रही है।

शिक्षक नहीं होंगे अकेले

नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब शिक्षक सिर्फ कक्षा तक सीमित नहीं रहेंगे। उन्हें तकनीकी सहायता देने के लिए राज्य स्तर के विशेषज्ञों की टीम बनाई गई है। करीब 15 सारथी विशेषज्ञ इस पूरे सिस्टम को संभालेंगे और जरूरत पड़ने पर सीधे शिक्षकों की मदद करेंगे।

ज्यादा बातचीत, तुरंत समाधान

पहले जहां शिक्षक और विशेषज्ञों के बीच संपर्क सीमित था, अब उसे काफी बढ़ा दिया गया है। अब दिनभर में कई बार संवाद संभव होगा, ताकि किसी भी समस्या का समाधान तुरंत मिल सके। इससे शिक्षकों को पढ़ाने में मदद मिलेगी और क्लासरूम की दिक्कतें समय पर हल होंगी।

फोकस शुरुआती शिक्षा पर

इस पूरे प्रोजेक्ट का सबसे अहम हिस्सा कक्षा 2 के बच्चों की पढ़ाई है। खासकर भाषा और गणित की बुनियादी समझ को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है। मकसद यह है कि बच्चे शुरुआती स्तर पर ही मजबूत आधार बना लें, ताकि आगे की पढ़ाई आसान हो जाए।

तकनीक से कम होगा दबाव

इस मॉडल में डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे अधिकारियों को बार-बार स्कूलों का दौरा नहीं करना पड़ेगा। तकनीक के जरिए ही मॉनिटरिंग और मार्गदर्शन किया जाएगा, जिससे समय और संसाधनों दोनों की बचत होगी।

बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर की नई नीति, जल्द होगी लागू

पटना। बिहार के उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर एक बड़ी पहल की तैयारी चल रही है। राज्य के 13 विश्वविद्यालयों में सहायक प्रोफेसर से लेकर प्रोफेसर स्तर तक के शिक्षकों के अंतर-विश्वविद्यालय ट्रांसफर के लिए नई नीति जल्द लागू की जा सकती है। इस कदम का उद्देश्य ट्रांसफर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना बताया जा रहा है।

राज्यपाल के निर्देश पर बनी कमेटी

इस नई नीति के मसौदे को तैयार करने के लिए राज्यपाल एवं कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैयद अता हसनैन के निर्देश पर एक चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया है। यह समिति शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़े सभी पहलुओं का अध्ययन कर सुझाव देगी।

एक महीने में देना होगा सुझाव

राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार, समिति को एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट और अनुशंसाएं प्रस्तुत करनी होंगी। इन सुझावों के आधार पर अंतिम निर्णय कुलाधिपति द्वारा लिया जाएगा। नई नीति लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को एक स्पष्ट ढांचा मिलेगा।

आरक्षण का पालन अनिवार्य

नई व्यवस्था में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि स्थानांतरण प्रक्रिया में आरक्षण रोस्टर का पूरा पालन हो। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी प्रकार की अनियमितता की संभावना कम होगी।

कुछ विश्वविद्यालय रहेंगे बाहर

यह नीति सभी विश्वविद्यालयों पर लागू नहीं होगी। पटना विश्वविद्यालय, आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय और बिहार कृषि विश्वविद्यालय को इस दायरे से बाहर रखा गया है। कारण यह है कि इन संस्थानों के अपने अलग अधिनियम और प्रशासनिक ढांचे हैं।