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भारत के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, चीन को टक्कर, अमेरिका हैरान!

नई दिल्ली। पिछले दस वर्षों में भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। जो देश कभी बड़ी मात्रा में मोबाइल फोन आयात करता था, वही आज दुनिया के प्रमुख मोबाइल निर्यातकों में शामिल हो गया है। यह बदलाव न केवल भारत की औद्योगिक क्षमता को दर्शाता है बल्कि वैश्विक बाजार में उसकी मजबूत होती स्थिति का भी प्रमाण है।

निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2014-15 में भारत का मोबाइल फोन निर्यात लगभग 0.01 लाख करोड़ रुपये था। लेकिन 2024-25 तक यह बढ़कर करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी एक दशक में मोबाइल निर्यात में 127 गुना से भी अधिक वृद्धि दर्ज की गई है। यह वृद्धि दर्शाती है कि भारत तेजी से वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन रहा है।

उत्पादन में भी जबरदस्त वृद्धि

केवल निर्यात ही नहीं, बल्कि देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में भी बड़ा विस्तार हुआ है। 2014-15 में जहां कुल इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन लगभग 1.9 लाख करोड़ रुपये था, वहीं 2024-25 में यह बढ़कर करीब 11.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी उत्पादन लगभग छह गुना बढ़ चुका है। इसी तरह इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात भी तेज गति से बढ़ा है। पहले यह लगभग 0.38 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर लगभग 3.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

नीतियों का बड़ा योगदान

इस सफलता के पीछे सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाएं और नीतियां हैं। “मेक इन इंडिया” और “आत्मनिर्भर भारत” जैसे अभियानों का उद्देश्य देश में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण का मजबूत इकोसिस्टम तैयार करना है। इन पहलों के कारण विदेशी कंपनियों के साथ-साथ घरेलू उद्योगों ने भी भारत में उत्पादन बढ़ाया है।

निर्माण के नए चरण में प्रवेश

शुरुआत में भारत मुख्य रूप से तैयार मोबाइल फोन असेंबल करता था। लेकिन अब देश का ध्यान मोबाइल के विभिन्न मॉड्यूल, सब-मॉड्यूल, कंपोनेंट्स और निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों तथा कच्चे माल के उत्पादन पर भी है। इससे भारत की तकनीकी क्षमता और औद्योगिक आत्मनिर्भरता दोनों मजबूत हो रही हैं।

वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती भूमिका

आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि आने वाले वर्षों में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में और बड़ी भूमिका निभा सकता है। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में भारत की यह प्रगति देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक संकेत है। अगर यही रफ्तार बनी रही, तो भारत जल्द ही वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन और निर्यात में अग्रणी देशों में शामिल हो सकता है।

सूर्य, शनि और शुक्र की युति: 5 राशियों को मिल सकता है करियर, व्यापार और धन में बड़ा फायदा

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति में बदलाव का प्रभाव सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। 15 मार्च 2026 से मीन राशि में सूर्य, शनि और शुक्र की विशेष युति बनने जा रही है। ज्योतिषीय दृष्टि से यह योग काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूर्य नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक है, शनि कर्म और अनुशासन का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र धन, वैभव और सुख-सुविधाओं का प्रतिनिधित्व करता है।

जब ये तीनों ग्रह एक ही राशि में आते हैं तो इसका प्रभाव कई राशियों पर सकारात्मक रूप से दिखाई दे सकता है। खासकर कुछ राशियों के लिए यह समय करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में जिनके लिए यह योग शुभ संकेत दे सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह युति लाभकारी मानी जा रही है। इस दौरान करियर से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी कर रहे लोगों को पदोन्नति या जिम्मेदारियों में वृद्धि मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी यह समय अच्छा साबित हो सकता है, खासकर यदि वे किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश की योजना बना रहे हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय पेशेवर जीवन में प्रगति के संकेत दे सकता है। कार्यक्षेत्र में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है। यदि आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं तो नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को भी नई साझेदारी या विस्तार के मौके मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह युति आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकती है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। करियर में भी कुछ अच्छे अवसर सामने आ सकते हैं, जिससे भविष्य में स्थिरता मिल सकती है। जो लोग लंबे समय से किसी बड़े लक्ष्य पर काम कर रहे हैं, उन्हें इस अवधि में सफलता के संकेत मिल सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह ग्रह योग व्यावसायिक गतिविधियों में लाभ का संकेत दे सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को ग्राहकों और साझेदारों से अच्छा सहयोग मिल सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को अपने काम के लिए सराहना मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ-साथ कुछ नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर भी मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का सकारात्मक परिणाम देने वाला हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और नई जिम्मेदारियां भी मिल सकती हैं। यदि आप व्यापार करते हैं तो नई योजनाओं से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत हो सकती है और भविष्य की योजनाओं के लिए अच्छा समय माना जा सकता है।

यूपी में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के बेहतर पोषण को ध्यान में रखते हुए एक नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत प्रदेश के आंगनबाड़ी केंद्रों पर जल्द ही रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार वितरण प्रणाली शुरू की जाएगी। यह व्यवस्था अप्रैल से लागू होने की तैयारी में है और इसके लागू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन सकता है जो इस तरह की प्रणाली अपनाएगा।

फेस रिकग्निशन से होगा पुष्टाहार वितरण

सरकार ने वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए तकनीक का सहारा लेने का भी निर्णय लिया है। अब आंगनबाड़ी केंद्रों पर पुष्टाहार देने के लिए फेस रिकग्निशन सिस्टम (एफआरएस) का उपयोग किया जाएगा। इसके तहत लाभार्थियों की पहचान डिजिटल माध्यम से की जाएगी और उसी आधार पर भोजन का वितरण किया जाएगा। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद ऑफलाइन तरीके से वितरण को मान्य नहीं माना जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पोषण सामग्री सही लाभार्थियों तक पहुंचे और किसी प्रकार की अनियमितता न हो।

अलग-अलग आयु वर्ग के लिए तय होगा अलग भोजन

नई योजना के तहत बच्चों और महिलाओं की अलग-अलग पोषण जरूरतों को ध्यान में रखते हुए भोजन का निर्धारण किया गया है। 6 माह से 1 वर्ष तक के बच्चों को आटा और बेसन से बना मीठा हलवा दिया जाएगा। जबकि 1 से 3 वर्ष के बच्चों को भी इसी प्रकार का पौष्टिक हलवा उपलब्ध कराया जाएगा। 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए आटा-बेसन बर्फी और दलिया, मूंग व सोया से बनी नमकीन खिचड़ी दी जाएगी।  गर्भवती और धात्री महिलाओं को आटा, बेसन और सोया से बनी बर्फी तथा दलिया-मूंग दाल की खिचड़ी प्रदान की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि सभी लाभार्थियों को उनकी उम्र और जरूरत के अनुसार संतुलित पोषण मिल सके।

अतिकुपोषित बच्चों के लिए विशेष व्यवस्था

सरकार ने गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के लिए अतिरिक्त पोषण की भी व्यवस्था की है। ऐसे बच्चों को सामान्य भोजन के साथ विशेष रूप से तैयार किया गया पौष्टिक आहार दिया जाएगा। छह माह से एक वर्ष तक के बच्चों को विशेष हलवा, जबकि एक से तीन वर्ष तक के बच्चों को बाल संजीवनी नाम से पौष्टिक हलवा दिया जाएगा। तीन से छह वर्ष तक के बच्चों को पौष्टिक हलवा और दलिया दोनों उपलब्ध कराए जाएंगे।

301.19 करोड़ रुपये का फंड मंजूर

इस नई प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता भी प्रदान करने का निर्णय लिया है। मौजूदा लागत मानक वर्ष 2017 के आधार पर होने के कारण उत्पादन इकाइयों पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा था। इसी समस्या को देखते हुए सरकार ने वायबिलिटी गैप फंड (वीजीएफ) के रूप में कुल 301.19 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। इससे उत्पादन इकाइयों को आर्थिक सहयोग मिलेगा और लाभार्थियों को गुणवत्ता से भरपूर टेक-होम राशन की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए प्रस्तावित 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं लगातार बढ़ रही हैं। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा जिस मुद्दे पर हो रही है, वह है ‘फैमिली यूनिट’ का आधार। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वेतन निर्धारण का मौजूदा तरीका बदलने की जरूरत है, क्योंकि आज के समय में परिवार का खर्च पहले की तुलना में काफी बढ़ चुका है।

मौजूदा व्यवस्था क्या है?

सरकारी कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी तय करते समय एक मानक परिवार की जरूरतों को ध्यान में रखा जाता है। अभी तक यह गणना तीन सदस्यों वाले परिवार के आधार पर होती रही है। इसमें कर्मचारी, उसका जीवनसाथी और एक बच्चा शामिल माना जाता है। इस मॉडल के आधार पर भोजन, कपड़े, घर का खर्च, शिक्षा और अन्य आवश्यक जरूरतों की लागत का अनुमान लगाया जाता है, और उसी के अनुसार न्यूनतम वेतन का ढांचा तैयार किया जाता है।

कर्मचारी संगठन क्या चाहते हैं?

कर्मचारी संगठनों का मानना है कि आज के सामाजिक ढांचे में तीन सदस्यों का परिवार वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाता। कई कर्मचारियों को अपने माता-पिता की जिम्मेदारी भी उठानी पड़ती है और अधिकांश परिवारों में एक से अधिक बच्चे होते हैं। इसी कारण वेतन निर्धारण में पांच सदस्यों वाले परिवार को मानक मानने की मांग की जा रही है। इस मॉडल में आम तौर पर कर्मचारी, जीवनसाथी, दो बच्चे और माता-पिता को शामिल किया जाता है।

अगर परिवार का आकार बढ़ा तो क्या बदलेगा?

यदि वेतन आयोग परिवार के आकार को तीन से बढ़ाकर पांच सदस्य मान लेता है, तो खर्च का अनुमान स्वाभाविक रूप से बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर न्यूनतम वेतन और बेसिक सैलरी पर पड़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार की इकाइयों के बढ़ने से आवश्यक खर्च का आधार भी बढ़ेगा। इससे वेतन तय करने का गणित बदल सकता है और कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है।

फिटमेंट फैक्टर पर भी हो सकता है असर

फिटमेंट फैक्टर वह अनुपात है जिसके आधार पर पुराने वेतनमान को नए वेतनमान में बदला जाता है। पिछले वेतन आयोग में यह फैक्टर 2.57 तय किया गया था। यदि नए आयोग में परिवार का आधार बड़ा किया जाता है, तो फिटमेंट फैक्टर को भी संशोधित किया जा सकता है। कुछ अनुमानों के अनुसार यह फैक्टर पहले की तुलना में अधिक हो सकता है, जिससे कुल वेतन में वृद्धि देखने को मिल सकती है।

कर्मचारियों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

फैमिली यूनिट का आकार बढ़ने से कर्मचारियों को कई तरह से लाभ मिल सकता है। इससे न्यूनतम वेतन की सीमा ऊपर जा सकती है और महंगाई के हिसाब से बेहतर आय सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इस विषय पर अंतिम निर्णय सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले चीन का बड़ा बयान, भारत से मांगा सहयोग

नई दिल्ली। इस साल भारत में होने वाले BRICS Summit को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। सम्मेलन से पहले चीन ने भारत के साथ सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि इस वैश्विक मंच के सफल आयोजन के लिए दोनों देशों को मिलकर काम करना चाहिए।

बताया जा रहा है कि वर्ष 2026 में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन भारत में अगस्त या सितंबर के आसपास किया जाएगा। इसके बाद 2027 में इस सम्मेलन की मेजबानी चीन करेगा। ऐसे में चीन की ओर से भारत के साथ समन्वय बढ़ाने का संदेश अहम माना जा रहा है।

प्रतिस्पर्धा नहीं, साझेदारी पर जोर

बीजिंग में आयोजित एक वार्षिक प्रेस वार्ता के दौरान वांग यी ने कहा कि भारत और चीन को एक-दूसरे को प्रतिद्वंद्वी के रूप में नहीं बल्कि साझेदार के रूप में देखना चाहिए। उनके मुताबिक दोनों देशों को एक-दूसरे को खतरे के बजाय अवसर के रूप में समझने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि द्विपक्षीय संबंधों को बेहतर बनाने के लिए दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व द्वारा तय दिशा का पालन किया जाना चाहिए।

नेताओं की मुलाकातों से बढ़ी बातचीत

चीन के विदेश मंत्री ने बताया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच हाल के वर्षों में हुई बैठकों ने दोनों देशों के संबंधों में नई शुरुआत का रास्ता खोला है। उनके अनुसार पिछले कुछ समय में दोनों देशों के बीच विभिन्न स्तरों पर बातचीत फिर से सक्रिय हुई है। व्यापार में भी नया रिकॉर्ड देखने को मिला है और लोगों के बीच संपर्क बढ़ा है, जिससे दोनों देशों को व्यावहारिक लाभ हुआ है।

एशिया के विकास के लिए सहयोग जरूरी

वांग यी ने कहा कि भारत और चीन एशिया के दो बड़े देश हैं और दोनों के बीच सहयोग क्षेत्रीय और वैश्विक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि आपसी विश्वास और सहयोग से दोनों देशों को लाभ होगा, जबकि टकराव एशिया की प्रगति के लिए नुकसानदेह हो सकता है। ऐसे में इस साल भारत में होने वाला ब्रिक्स शिखर सम्मेलन दोनों देशों के लिए कूटनीतिक सहयोग और वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने का एक अहम अवसर माना जा रहा है।

883 पदों पर निकली भर्ती, स्नातक उम्मीदवारों के लिए आवेदन का मौका

न्यूज डेस्क। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। State Selection Board Odisha ने जूनियर सहायक और जूनियर लिपिक के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 883 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इन पदों पर होगी भर्ती

जारी अधिसूचना के अनुसार यह भर्ती जूनियर सहायक और जूनियर लिपिक के पदों के लिए की जा रही है। यह सभी पद समूह-सी श्रेणी के अंतर्गत आते हैं। चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान स्तर-4 के अनुसार वेतन दिया जाएगा।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से किसी भी विषय में स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास मूल कंप्यूटर ज्ञान और उसका प्रमाणपत्र भी होना चाहिए।

आयु सीमा

भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 42 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2026 के आधार पर की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी मिल सकती है।

आवेदन शुल्क

इस भर्ती के लिए अलग-अलग वर्गों के उम्मीदवारों के लिए अलग आवेदन शुल्क निर्धारित किया गया है। सामान्य और सामाजिक व शैक्षणिक रूप से पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों को 500 रुपये शुल्क देना होगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग वर्ग के उम्मीदवारों के लिए शुल्क 200 रुपये रखा गया है।

आवेदन की तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 11 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 13 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

आवेदन कैसे करें

उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। इसके लिए उन्हें State Selection Board Odisha की आधिकारिक वेबसाइट ssbodisha.ac.in पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी है।

भारत को धन्यवाद! 300 अरब डॉलर के समझौते से गदगद ट्रंप

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टेक्सास में प्रस्तावित एक बड़ी तेल रिफाइनरी परियोजना की घोषणा करते हुए भारत और भारतीय उद्योग का आभार जताया है। उन्होंने बताया कि यह परियोजना लगभग 300 अरब डॉलर के निवेश से जुड़ी है और इसे अमेरिका के ऊर्जा क्षेत्र के लिए ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

ट्रंप ने कहा कि इस परियोजना में भारत की प्रमुख निजी ऊर्जा कंपनी Reliance Industries की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने इस निवेश के लिए भारत और कंपनी का धन्यवाद करते हुए कहा कि इससे दोनों देशों के आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

टेक्सास में बनेगी नई तेल रिफाइनरी

घोषणा के अनुसार यह नई तेल रिफाइनरी अमेरिका के टेक्सास राज्य के ब्राउनस्विल क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। ट्रंप ने बताया कि इस परियोजना का उद्देश्य ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाना, घरेलू उद्योग को मजबूत करना और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ आर्थिक सहयोग को बढ़ावा देना है। उन्होंने यह भी कहा कि यह रिफाइनरी अमेरिकी ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है।

आधी सदी बाद बनेगी नई रिफाइनरी

ट्रंप ने इस परियोजना को विशेष बताते हुए कहा कि अमेरिका में लगभग 50 वर्षों बाद पहली बार इतनी बड़ी नई तेल रिफाइनरी स्थापित की जा रही है। उनके मुताबिक यह निवेश न केवल ऊर्जा उत्पादन को बढ़ाएगा बल्कि देश की आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति देगा।

रोजगार और विकास को मिलेगा बढ़ावा

अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इस परियोजना से हजारों लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही दक्षिण टेक्सास क्षेत्र में औद्योगिक विकास और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि यह रिफाइनरी आधुनिक तकनीक से लैस होगी और पर्यावरण मानकों को ध्यान में रखते हुए इसे विकसित किया जाएगा।

ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग

ट्रंप के अनुसार यह निवेश अमेरिका और भारत के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते सहयोग का संकेत है। उन्होंने कहा कि ऐसे बड़े निवेश दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करते हैं और वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई संभावनाएं पैदा करते हैं।

कल बनेगा सिद्धि योग, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में कुछ योग ऐसे माने जाते हैं जिनका प्रभाव जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों पर सकारात्मक रूप से पड़ता है। इन्हीं में से एक है सिद्धि योग, जिसे शुभ फल देने वाला योग माना जाता है। जब यह योग बनता है तो कई लोगों के लिए नए अवसर, सफलता और प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं।

मार्च 2026 के दौरान ग्रहों की स्थिति और शुभ संयोग के कारण कुछ राशियों पर इसका प्रभाव अपेक्षाकृत अधिक देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि इस अवधि में पांच राशियों के लोगों को करियर, धन और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में स्थिरता लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पहले किए गए प्रयासों का लाभ मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए निवेश या योजनाओं से फायदा मिल सकता है। नौकरी करने वालों के लिए भी कार्यक्षेत्र में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सिद्धि योग करियर में आगे बढ़ने का अवसर दे सकता है। कामकाज में आपकी मेहनत और क्षमता को पहचान मिल सकती है। पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुके कुछ कार्य पूरे होने के संकेत मिल सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय संतुलन और सफलता का संकेत दे सकता है। व्यक्तिगत जीवन और कार्यक्षेत्र के बीच बेहतर तालमेल बन सकता है। यदि आप साझेदारी में कोई काम कर रहे हैं तो उसमें सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। नए कार्य शुरू करने या योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। सामाजिक प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी हो सकती है और लोगों के बीच आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। यात्रा या नए संपर्क भी लाभदायक साबित हो सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह समय मानसिक शांति और प्रगति दोनों का संकेत दे सकता है। आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। साथ ही आर्थिक मामलों में भी नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और कार्यक्षेत्र में सकारात्मक माहौल बना रह सकता है।

यूपी में एक्सप्रेसवे निर्माण को रफ्तार, कई जिलों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क और परिवहन व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए राज्य सरकार एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में प्रस्तावित कई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि समय पर जमीन उपलब्ध होने से निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश

मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। इनमें चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि इन परियोजनाओं के लिए जमीन खरीद और अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरा किया जाए। जहां भी किसी तरह की समस्या आ रही हो, उसे प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जाए ताकि निर्माण कार्य में देरी न हो।

मजबूत सड़क व्यवस्था से बढ़ेगा विकास

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की आर्थिक प्रगति के लिए मजबूत सड़क व्यवस्था बेहद जरूरी है। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा, निवेश बढ़ेगा और दूर-दराज के जिलों को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा। उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक देरी या गुणवत्ता में कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

गंगा एक्सप्रेसवे का काम अंतिम चरण में

बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मुख्य सड़क का अधिकांश निर्माण पूरा हो चुका है और बाकी काम तेजी से किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि शेष कार्य जल्द पूरा कर इसे संचालन के लिए तैयार किया जाए। साथ ही गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है, जिससे आने वाले समय में इस मार्ग का दायरा और बड़ा हो सकता है।

कई जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इन एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के पूरा होने से उत्तर प्रदेश के कई जिलों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। इससे यात्रा का समय कम होगा, व्यापार और परिवहन आसान होगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। सरकार का लक्ष्य है कि इन परियोजनाओं को तय समय में पूरा कर प्रदेश की सड़क व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाए।

रिचार्ज खत्म होते ही इनकमिंग बंद करना मनमानी, राघव चड्ढा ने संसद में उठाया सवाल

नई दिल्ली। मोबाइल फोन आज केवल बातचीत का साधन नहीं रहा, बल्कि यह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी और डिजिटल पहचान का अहम हिस्सा बन चुका है। इसी मुद्दे को लेकर आप सांसद राघव चड्ढा ने संसद के उच्च सदन में प्रीपेड मोबाइल उपभोक्ताओं की समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि देश में करोड़ों लोग ऐसे हैं जो प्रीपेड कनेक्शन का इस्तेमाल करते हैं और उन्हें रिचार्ज खत्म होने के बाद इनकमिंग कॉल बंद होने की परेशानी झेलनी पड़ती है।

उन्होंने बताया कि Telecom Regulatory Authority of India (ट्राई) के आंकड़ों के मुताबिक भारत में लगभग 125 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता हैं और इनमें करीब 90 प्रतिशत लोग प्रीपेड सेवा का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में बड़ी आबादी सीधे तौर पर इस समस्या से प्रभावित होती है।

आउटगोइंग बंद होना समझ आता है, लेकिन इनकमिंग क्यों?

सदन में बोलते हुए राघव चड्ढा ने कहा कि जब किसी प्रीपेड प्लान की वैधता खत्म हो जाती है तो मोबाइल कंपनियां आउटगोइंग कॉल के साथ-साथ इनकमिंग कॉल भी बंद कर देती हैं। उनका कहना था कि आउटगोइंग कॉल बंद होना समझ में आता है, क्योंकि इसके लिए सेवा शुल्क देना पड़ता है, लेकिन इनकमिंग कॉल बंद करना उपभोक्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार है।

मोबाइल नंबर बन चुका है डिजिटल पहचान

राघव चड्ढा ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल नंबर केवल संपर्क का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्ति की डिजिटल पहचान बन चुका है। बैंकिंग सेवाएं, यूपीआई भुगतान, टिकट बुकिंग, आधार और पैन से जुड़ी पुष्टि, नौकरी के इंटरव्यू की सूचना या अस्पताल से आने वाली जानकारी, इन सभी के लिए मोबाइल पर आने वाले कॉल और संदेश बेहद जरूरी होते हैं। ऐसे में अगर कोई व्यक्ति समय पर रिचार्ज करना भूल जाए और उसका इनकमिंग कॉल और संदेश बंद हो जाए, तो इससे कई जरूरी काम प्रभावित हो सकते हैं।

संचार के अधिकार का सवाल

उन्होंने यह भी कहा कि इनकमिंग कॉल बंद करना केवल एक सेवा रोकना नहीं है, बल्कि यह लोगों के संवाद के अधिकार को प्रभावित करता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे आधार कार्ड, बैंक खाता या मतदाता पहचान पत्र केवल किसी औपचारिकता के कारण अचानक अमान्य नहीं हो जाते, उसी तरह मोबाइल नंबर को भी केवल रिचार्ज न होने के कारण निष्क्रिय नहीं किया जाना चाहिए।

उपभोक्ताओं के हित का बड़ा मुद्दा

राघव चड्ढा ने साफ किया कि उनकी मांग मुफ्त कॉल या मुफ्त डेटा देने की नहीं है। उनका कहना है कि केवल इनकमिंग कॉल और संदेश की बुनियादी सुविधा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि मोबाइल उपयोगकर्ताओं को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

बिहार सरकार का फैसला: राशन कार्ड धारकों के लिए आई अहम खबर

पटना। बिहार में राशन कार्ड धारकों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। सरकार के निर्देश के बाद फिलहाल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत मिलने वाले फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। यह फैसला केंद्र और राज्य सरकार के निर्देशों के आधार पर लिया गया है। ऐसे में मार्च महीने के बाद लाभार्थियों को फोर्टिफाइड चावल नहीं मिल पाएगा।

सरकार के निर्देश पर लिया गया निर्णय

राज्य खाद्य विभाग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से इस संबंध में सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने प्रमंडलीय आयुक्तों, जिलाधिकारियों और जिला आपूर्ति पदाधिकारियों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया है कि अगली सूचना तक फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति रोक दी जाए।

धारकों को अन्य अनाज मिलता रहेगा

अधिकारियों का कहना है कि फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति भले ही अस्थायी रूप से रोक दी गई हो, लेकिन राशन कार्ड धारकों को मिलने वाले अन्य अनाज की आपूर्ति पहले की तरह जारी रहेगी। इसका उद्देश्य यह है कि लाभार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही इस संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा, सभी जिलों को नई व्यवस्था के बारे में सूचित किया जाएगा।

क्या होता है फोर्टिफाइड चावल

फोर्टिफाइड चावल सामान्य चावल से थोड़ा अलग होता है। इसमें आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी-12 जैसे आवश्यक पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। इन पोषक तत्वों के कारण इसे स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है और यह कुपोषण तथा एनीमिया जैसी समस्याओं को कम करने में मददगार हो सकता है। सरकार ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक पोषण पहुंचाने के उद्देश्य से इसे सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से वितरित करना शुरू किया था।

अगले आदेश का इंतजार

फिलहाल विभागीय स्तर पर आगे की व्यवस्था को लेकर अगले आदेश का इंतजार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, जैसे ही सरकार की ओर से नया निर्देश जारी होगा, उसी के अनुसार राशन वितरण प्रणाली में बदलाव किया जाएगा।

भारत का ‘ब्रह्मास्त्र’ पहुंचा चीन के दरवाजे तक, ड्रैगन की उड़ी नींद!

न्यूज डेस्क। इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते सामरिक समीकरणों के बीच फिलीपींस ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। फिलीपींस ने भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस को अपने उत्तरी इलाके में तैनात करना शुरू कर दिया है। यह इलाका ताइवान और दक्षिण चीन सागर के बेहद करीब है, जिससे इस तैनाती को क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

उत्तरी फिलीपींस में रणनीतिक तैनाती

रिपोर्ट्स के मुताबिक फिलीपींस मरीन कॉर्प्स ने अपनी एक विशेष यूनिट को सक्रिय किया है, जिसे ब्रह्मोस एंटी-शिप मिसाइल सिस्टम से लैस किया जा रहा है। यह यूनिट देश के उत्तरी-पश्चिमी हिस्से में स्थित कैंप केप बोजेडोर में तैनात की जा रही है। यह स्थान लुजोन द्वीप के उत्तरी किनारे पर स्थित है और यहां से ताइवान तथा दक्षिण चीन सागर की गतिविधियों पर आसानी से नजर रखी जा सकती है।

इस तैनाती के साथ ही फिलीपींस की कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट की समुद्री स्ट्राइक क्षमता काफी बढ़ गई है। रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यहां से ब्रह्मोस मिसाइलें लुजोन जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी दुश्मन जहाज को निशाना बनाने में सक्षम होंगी।

दक्षिण चीन सागर में बढ़ेगी निगरानी

दक्षिण चीन सागर लंबे समय से क्षेत्रीय विवाद का केंद्र बना हुआ है। चीन इस इलाके के बड़े हिस्से पर अपना दावा करता है, जबकि कई अन्य देश भी इस क्षेत्र में अपने अधिकार जताते हैं। ऐसे में फिलीपींस द्वारा ब्रह्मोस मिसाइलों की तैनाती को चीन की बढ़ती समुद्री गतिविधियों पर नियंत्रण के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

ब्रह्मोस मिसाइल अपनी तेज गति और सटीक निशाने के लिए जानी जाती है। यह सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल समुद्र में चल रहे बड़े युद्धपोतों को भी तेजी से निशाना बना सकती है। इसी वजह से इसे दुनिया की सबसे घातक एंटी-शिप मिसाइलों में गिना जाता है।

आगे की रणनीति पर भी काम

रिपोर्ट्स के अनुसार फिलीपींस आने वाले समय में ब्रह्मोस सिस्टम को केवल एक ही जगह तक सीमित नहीं रखना चाहता। जरूरत पड़ने पर इन मिसाइलों को अन्य द्वीपों पर भी तेजी से तैनात किया जा सकता है। इससे फिलीपींस को समुद्री सीमा की रक्षा में अधिक लचीलापन मिलेगा।

इसके अलावा फिलीपींस भारत के अन्य रक्षा उपकरणों में भी रुचि दिखा रहा है। माना जा रहा है कि वह भविष्य में भारत के एयर डिफेंस सिस्टम को भी खरीदने पर विचार कर सकता है, जिससे ब्रह्मोस बैटरी की सुरक्षा और मजबूत हो सके।

सूर्य का मीन राशि में महागोचर! इन 5 राशियों की अचानक चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन और सफलता

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों का राशि परिवर्तन व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। 15 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इस समय मीन राशि में पहले से ही शनि और शुक्र मौजूद हैं। ऐसे में सूर्य के प्रवेश के साथ ही सूर्य, शनि और शुक्र की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में त्रिग्रही योग कहा जाता है।

इस विशेष संयोग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभदायक माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इन राशियों के जातकों को धन, करियर और मान-सम्मान के क्षेत्र में अच्छी सफलता मिल सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह त्रिग्रही योग काफी शुभ साबित हो सकता है। इस समय आपकी आय के नए स्रोत बन सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। समाज में सम्मान और प्रतिष्ठा भी बढ़ने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से यह समय सकारात्मक रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। नई नौकरी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना भी बन रही है। व्यापारियों के लिए नए सौदे फायदेमंद साबित हो सकते हैं, जिससे आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलने की संभावना है। विदेश यात्रा या किसी नए अवसर के योग भी बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह त्रिग्रही योग लाभकारी साबित हो सकता है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी और पारिवारिक जीवन में खुशियां बनी रह सकती हैं। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को नई पहचान और सफलता मिल सकती है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से अच्छा रह सकता है। अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। व्यापारियों को नए अवसर मिल सकते हैं और पुराने निवेश से भी फायदा हो सकता है। साथ ही, आपके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी छवि मजबूत हो सकती है।

पेट दर्द से तुरंत राहत चाहिए? ये 3 घरेलू चीजें कर देंगी कमाल

हेल्थ डेस्क। आजकल बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान के कारण पेट दर्द की समस्या आम हो गई है। कभी ज्यादा मसालेदार खाना, कभी गैस या अपच की वजह से अचानक पेट में दर्द शुरू हो जाता है। ऐसे में हर बार दवा लेना जरूरी नहीं होता। कई बार हमारे किचन में मौजूद कुछ साधारण घरेलू चीजें भी पेट दर्द से तुरंत राहत दिलाने में मदद कर सकती हैं।

1. अदरक का इस्तेमाल

अदरक पेट से जुड़ी कई समस्याओं में बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद गुण गैस, अपच और पेट की ऐंठन को कम करने में मदद करते हैं। अगर पेट दर्द हो रहा हो तो थोड़ा सा अदरक कद्दूकस करके गुनगुने पानी में मिलाकर पी सकते हैं। चाहें तो अदरक की चाय भी बना सकते हैं। इससे कुछ ही देर में आराम महसूस हो सकता है।

2. अजवाइन और काला नमक

अजवाइन को पेट के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। यह गैस और अपच से राहत दिलाने में मदद करती है। आधा चम्मच अजवाइन को हल्का सा भून लें और उसमें चुटकी भर काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ लें। इससे पेट दर्द और गैस की समस्या में जल्दी आराम मिल सकता है।

3. हींग वाला पानी

हींग भी पेट दर्द से राहत देने का एक पुराना घरेलू उपाय है। एक गिलास गुनगुने पानी में चुटकी भर हींग मिलाकर पीने से पेट की गैस और दर्द में राहत मिल सकती है। कई लोग हींग को पानी में घोलकर पेट के आसपास लगाने से भी आराम महसूस करते हैं।

ध्यान रखें

अगर पेट दर्द बार-बार हो रहा है या बहुत ज्यादा तेज है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। घरेलू उपाय केवल हल्की समस्या में ही अपनाने चाहिए।

बिहार में इन शिक्षकों का कटेगा वेतन, आदेश से मचा हड़कंप

भागलपुर। बिहार में इंटर और मैट्रिक परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाया है। भागलपुर जिले में 45 शिक्षकों के वेतन से कटौती करने का निर्णय लिया गया है। विभाग के इस आदेश से शिक्षा जगत में हड़कंप मच गया है।

दरअसल, बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा इंटर और मैट्रिक की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य चल रहा है। इसी के तहत गोराडीह प्रखंड के 45 शिक्षकों की ड्यूटी सीएमएस स्कूल स्थित मूल्यांकन केंद्र पर लगाई गई थी। इस संबंध में विभाग की ओर से पहले ही ड्यूटी चार्ट जारी कर दिया गया था, लेकिन निर्धारित तिथि पर ये शिक्षक मूल्यांकन केंद्र पर उपस्थित नहीं हुए।

मामला तब सामने आया जब मूल्यांकन केंद्र के केंद्राधीक्षक ने अनुपस्थित शिक्षकों की सूची जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) के कार्यालय को भेजी। इसके बाद शिक्षा विभाग ने सभी शिक्षकों से इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा।

शिक्षकों ने अपने जवाब में बताया कि उन्हें मूल्यांकन ड्यूटी से संबंधित कोई पत्र प्राप्त नहीं हुआ था, इसलिए वे निर्धारित समय पर केंद्र पर नहीं पहुंच सके। हालांकि विभागीय समीक्षा में पाया गया कि अधिकांश शिक्षकों के स्पष्टीकरण लगभग एक जैसे हैं। कई शिक्षकों ने यह भी कहा कि उन्हें स्पष्टीकरण से संबंधित पत्र रात करीब 11:24 बजे मिला, जिसके बाद उन्होंने अपना जवाब भेजा।

विभागीय सूत्रों का कहना है कि मूल्यांकन कार्य से जुड़ी जानकारी बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के पोर्टल पर भी उपलब्ध रहती है। इसके अलावा जिला स्तर से यह सूचना संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों के माध्यम से शिक्षकों तक पहुंचाई जाती है। आमतौर पर यह प्रक्रिया मूल्यांकन शुरू होने से करीब एक सप्ताह पहले पूरी कर ली जाती है।

ऐसे में विभाग को यह आश्चर्यजनक लगा कि शिक्षकों को ड्यूटी से संबंधित पत्र नहीं मिला, लेकिन स्पष्टीकरण मांगने वाला पत्र उन्हें तुरंत प्राप्त हो गया। इसी कारण विभाग ने शिक्षकों के जवाब को असंतोषजनक माना। जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (माध्यमिक शिक्षा) ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि एक ही प्रखंड के इतने अधिक शिक्षकों का मूल्यांकन केंद्र पर अनुपस्थित रहना चिंताजनक है। 

इससे मूल्यांकन कार्य भी प्रभावित हुआ है। इसी आधार पर संबंधित शिक्षकों के वेतन में कटौती की अनुशंसा की गई है और इसके लिए डीपीओ स्थापना को पत्र भेजा जा रहा है। साथ ही विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि इस मामले में किस स्तर पर चूक हुई, इसकी जांच की जाए। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।

यूपी में सरकारी कर्मचारियों पर सख्ती, हर साल बतानी होगी अपनी संपत्ति

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी कर्मचारियों की पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह तय किया गया कि अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों को हर साल अपनी चल और अचल संपत्ति का पूरा विवरण देना होगा। इसके लिए Uttar Pradesh Government Servants Conduct Rules, 1956 में महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दे दी गई है।

पहले 5 साल में, अब हर साल देना होगा ब्यौरा

अब तक सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की घोषणा हर पांच साल में करनी पड़ती थी, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह प्रक्रिया वार्षिक कर दी गई है। यानी अब हर कर्मचारी को साल में एक बार अपनी संपत्ति का पूरा विवरण विभाग को देना अनिवार्य होगा। सरकार का मानना है कि इससे सरकारी तंत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी।

निवेश की जानकारी देना भी होगा जरूरी

नए नियमों के तहत अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने छह महीने के मूल वेतन से अधिक राशि शेयर, म्यूचुअल फंड, डिबेंचर, बॉन्ड या अन्य वित्तीय साधनों में निवेश करता है, तो उसे इसकी जानकारी भी अपने विभाग को देनी होगी। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कर्मचारियों की आय और निवेश का स्रोत स्पष्ट रहे।

जानकारी नहीं देने पर हो सकती है कार्रवाई

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि कोई कर्मचारी अपनी संपत्ति का विवरण समय पर नहीं देता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। इतना ही नहीं, ऐसे मामलों में कर्मचारी की पदोन्नति भी रोकी जा सकती है।

भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कोशिश

सरकार के अनुसार इस फैसले का मुख्य उद्देश्य सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार और अघोषित आय पर रोक लगाना है। नई व्यवस्था के तहत डिजिटल रिकॉर्ड और सूचना प्रणाली के माध्यम से कर्मचारियों की आर्थिक गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। इससे बेनामी संपत्ति या संदिग्ध निवेश को छिपाना आसान नहीं होगा। इस कदम से सरकारी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी और जवाबदेही मजबूत होगी। वहीं कर्मचारियों को भी अब अपनी वित्तीय गतिविधियों को लेकर अधिक सतर्क रहना पड़ेगा।

8th Pay Commission: 1st से 7th पे कमीशन तक कितना बढ़ा वेतन, अब 8वें में क्या होगा?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर काफी उत्सुक हैं। सरकार ने नवंबर 2025 में नए वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू की थी और आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है।

संभावना जताई जा रही है कि नया वेतन ढांचा 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों और पेंशनर्स को उस तारीख से लागू होने तक का एरियर भी मिल सकता है।

भारत में वेतन आयोग क्यों बनाया जाता है?

भारत में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों की समीक्षा करने के लिए समय-समय पर वेतन आयोग गठित किया जाता है। पहला वेतन आयोग 1946 में बनाया गया था। इसके बाद अब तक सात वेतन आयोग लागू किए जा चुके हैं।

हर वेतन आयोग देश की आर्थिक स्थिति, महंगाई दर और कर्मचारियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेतन ढांचे में बदलाव की सिफारिश करता है। इसी वजह से पिछले कई दशकों में सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में लगातार बढ़ोतरी हुई है।

1st से 7th वेतन आयोग तक सैलरी का सफर

पहला वेतन आयोग (1946)

आजादी से पहले बने इस आयोग के दौरान न्यूनतम बेसिक सैलरी लगभग 55 रुपये थी, जबकि अधिकतम वेतन करीब 2,000 रुपये तक तय किया गया था।

दूसरा वेतन आयोग (1957)

दूसरे आयोग में कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी बढ़ाकर करीब 80 रुपये कर दी गई, जबकि अधिकतम वेतन लगभग 3,000 रुपये तक पहुंच गया।

तीसरा वेतन आयोग (1973)

तीसरे वेतन आयोग में कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव किया गया। अधिकतम वेतन लगभग 3,500 रुपये तय किया गया।

चौथा वेतन आयोग (1986)

इस आयोग के बाद सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ा उछाल आया। न्यूनतम वेतन 750 रुपये और अधिकतम वेतन करीब 8,000 रुपये तक हो गया।

पांचवां वेतन आयोग (1996)

पांचवें वेतन आयोग के बाद न्यूनतम बेसिक सैलरी 2,550 रुपये कर दी गई, जबकि अधिकतम वेतन 26,000 रुपये तक पहुंच गया।

छठा वेतन आयोग (2006)

छठे वेतन आयोग ने वेतन ढांचे में कई बड़े बदलाव किए। इसके बाद न्यूनतम सैलरी लगभग 7,000 रुपये और अधिकतम वेतन करीब 80,000 रुपये तक पहुंच गया।

सातवां वेतन आयोग (2016)

वर्तमान में लागू सातवें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये तय की गई है, जबकि अधिकतम सैलरी 2.5 लाख रुपये तक जाती है।

8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को क्या उम्मीद?

अब सभी की नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर है। माना जा रहा है कि इस आयोग में कर्मचारियों के वेतन ढांचे की फिर से समीक्षा की जाएगी और महंगाई को देखते हुए सैलरी में बढ़ोतरी की जा सकती है।

सैलरी में कितना बढ़ सकता है इजाफा?

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यदि नए वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.0 या उससे अधिक तय किया जाता है, तो शुरुआती स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में अच्छी वृद्धि हो सकती है। अनुमान यह भी लगाया जा रहा है कि अगर फिटमेंट फैक्टर करीब 2.57 रखा गया, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर लगभग 46,000 रुपये तक पहुंच सकती है। इससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में लगभग 30 से 34 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।

8वें वेतन आयोग की तैयारी के तहत सरकार ने कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से सुझाव भी मांगे हैं। इसमें सैलरी, पेंशन, भत्तों और सेवा से जुड़े अन्य मुद्दों पर राय दी जा सकती है। सरकार ने सुझाव देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू की है और इसकी अंतिम तारीख 30 अप्रैल 2026 तय की गई है।

बुध का कुंभ राशि में उदय: 5 राशियों की बदलेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल का मानव जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। बुद्धि, व्यापार, संचार और शिक्षा के कारक ग्रह बुध 14 मार्च को कुंभ राशि में उदित होने जा रहे हैं। बुध के उदय होने से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। खासतौर पर 5 राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है। इन राशियों को करियर, धन और सामाजिक जीवन में बड़ा लाभ मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध का उदय बहुत लाभदायक साबित हो सकता है। इस दौरान आपकी आय के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मित्रों और प्रभावशाली लोगों से सहयोग मिलेगा, जिससे आपके कई रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं, इसलिए बुध का उदय आपके लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस समय भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। विदेश यात्रा या लंबी यात्रा के अवसर मिल सकते हैं। करियर में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध का उदय साझेदारी और संबंधों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। व्यापार में पार्टनरशिप से अच्छा लाभ मिल सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। नौकरी में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं और आपके काम की सराहना भी होगी।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय रचनात्मकता और सफलता का हो सकता है। कला, मीडिया, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। निवेश से भी अच्छा लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि में ही बुध का उदय हो रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और व्यक्तित्व में निखार आएगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों में उन्नति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है।

यूपी में स्मार्ट मीटर वाले उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर इस्तेमाल करने वाले बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक अहम सूचना जारी की गई है। मिली जानकारी के अनुसार जिन उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बैलेंस नेगेटिव हो गया है और उन्होंने अभी तक रिचार्ज नहीं कराया है, उनकी बिजली 13 मार्च से स्वतः कट सकती है। बिजली विभाग ने सभी ऐसे उपभोक्ताओं से समय रहते मीटर रिचार्ज कराने की अपील की है ताकि किसी तरह की असुविधा से बचा जा सके।

लाखों उपभोक्ताओं के घरों में लगे स्मार्ट मीटर

प्रदेश में बिजली व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए तेजी से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। अब तक लगभग 77 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से करीब 70 लाख प्रीपेड स्मार्ट मीटर हैं। इन मीटरों में उपभोक्ताओं को पहले रिचार्ज करना होता है और उसी के अनुसार बिजली की खपत होती है। हालांकि बड़ी संख्या में ऐसे उपभोक्ता सामने आए हैं जिनके मीटर में बैलेंस खत्म हो चुका है या नेगेटिव हो गया है, लेकिन उन्होंने अभी तक रिचार्ज नहीं कराया है।

लगातार भेजे जा रहे हैं अलर्ट मैसेज

बिजली विभाग का कहना है कि जिन उपभोक्ताओं का बैलेंस कम हो रहा है या समाप्त होने वाला है, उन्हें लगातार एसएमएस के जरिए सूचना दी जा रही है। उपभोक्ताओं को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर बैलेंस की स्थिति के बारे में जानकारी दी जाती है। जब मीटर में बची राशि 30 प्रतिशत रह जाती है, तब पहला संदेश भेजा जाता है। इसके बाद 10 प्रतिशत बैलेंस रहने पर दूसरा अलर्ट मिलता है और जब बैलेंस शून्य हो जाता है, तब भी उपभोक्ता को तुरंत सूचना दी जाती है।

13 मार्च से ऑटोमेटिक डिस्कनेक्शन

बिजली विभाग ने साफ कर दिया है कि 13 मार्च से नेगेटिव बैलेंस वाले स्मार्ट प्रीपेड मीटर ऑटोमेटिक सिस्टम के जरिए डिस्कनेक्ट कर दिए जाएंगे। यानी यदि समय पर रिचार्ज नहीं कराया गया, तो बिना किसी अतिरिक्त चेतावनी के बिजली आपूर्ति बंद हो सकती है।

घर बैठे कर सकते हैं मीटर रिचार्ज

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अब मीटर रिचार्ज के कई विकल्प उपलब्ध हैं। विभागीय कैश काउंटर के अलावा ऑनलाइन माध्यमों से भी घर बैठे आसानी से मीटर रिचार्ज कराया जा सकता है। यदि किसी को तकनीकी या अन्य समस्या आती है, तो वह बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर कॉल कर सहायता ले सकता है।

अमेरिका–इजरायल का ईरान पर बड़ा हमला: बढ़ता युद्ध और वैश्विक चिंता

न्यूज डेस्क। मध्य-पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब और अधिक तीव्र हो गया है। युद्ध के 12वें दिन अमेरिका और इज़रायल ने ईरान पर अब तक का सबसे बड़ा हमला किया, जिससे हालात और भी गंभीर हो गए हैं। इन हमलों का असर सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी भी बुरी तरह प्रभावित हुई है।

तेहरान में दहशत का माहौल

ईरान की राजधानी तेहरान में हुए तेज धमाकों के कारण कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई और रिहायशी इमारतों को भी भारी नुकसान पहुंचा। लगातार हो रहे हमलों की वजह से लोगों में डर का माहौल है। कई व्यवसाय जल्दी बंद हो गए हैं और हजारों लोग बड़े शहरों को छोड़कर सुरक्षित समझे जाने वाले ग्रामीण क्षेत्रों की ओर पलायन कर रहे हैं।

लेबनान और इराक तक पहुंची जंग

यह संघर्ष अब केवल ईरान तक सीमित नहीं रहा। इसका असर पड़ोसी देशों तक भी पहुंच गया है। लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हुए इज़रायली हमलों में कई लोगों की मौत की खबर है। स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार कुछ हमले क़ाना, टायर और बिंट जेबिल जैसे इलाकों में हुए। वहीं इराक की राजधानी बगदाद में स्थित बगदाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास ड्रोन हमले की घटना सामने आई। हालांकि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन इससे क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।

हिज़्बुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर हमला

इज़रायली सेना ने हिज़्बुल्लाह से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाया। इसके लिए पहले घनी आबादी वाले इलाकों को खाली करने की चेतावनी दी गई और बाद में हवाई हमले किए गए। इन हमलों ने क्षेत्र में पहले से मौजूद तनाव को और भड़का दिया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना रणनीतिक केंद्र

अमेरिका ने ईरानी नौसेना के कई जहाजों को निशाना बनाते हुए दावा किया कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के 16 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है। यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि दुनिया की लगभग पाँचवीं तेल आपूर्ति यहीं से गुजरती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान इस मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश करता है तो उसे गंभीर सैन्य परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।

वहीं, इस बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने भी युद्धविराम की संभावनाओं को खारिज कर दिया है। ईरानी नेताओं का कहना है कि वे अमेरिकी और इज़रायली हमलों का जवाब देने के लिए तैयार हैं और किसी भी दबाव में झुकने वाले नहीं हैं। मध्य-पूर्व में बढ़ता तनाव वैश्विक चिंता बढ़ा रहा हैं।

ग्रहों का महाबदलाव! इन 4 राशियों की किस्मत लेने वाली है जबरदस्त यू-टर्न, अचानक खुलेंगे तरक्की के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल का विशेष महत्व माना जाता है। जब कोई बड़ा ग्रह अपनी स्थिति बदलता है या चाल में परिवर्तन करता है, तो उसका असर कई राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। 11 मार्च 2026 का दिन इसी वजह से खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन देवगुरु बृहस्पति मार्गी होने जा रहे हैं।

वैदिक ज्योतिष के अनुसार बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। जब बृहस्पति मार्गी यानी सीधी चाल में आते हैं, तो जीवन में रुके हुए कार्यों में गति आने लगती है। करियर, व्यापार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन शुभ संकेत दे सकता है। परिवार में चल रहे विवाद खत्म हो सकते हैं और घर का माहौल बेहतर होने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है। भूमि या संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। इसके अलावा वाहन खरीदने की इच्छा भी पूरी हो सकती है। यात्रा से लाभ मिलने की संभावना है और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। लंबे समय से रुके हुए काम भी पूरे हो सकते हैं और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए बृहस्पति का मार्गी होना नई उपलब्धियों के संकेत दे सकता है। पारिवारिक मतभेद खत्म होने की संभावना है और रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ने के भी संकेत हैं। यदि आप किसी प्रतियोगिता, परीक्षा या साक्षात्कार की तैयारी कर रहे हैं, तो यह समय अनुकूल साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने के अवसर बन सकते हैं और संतान पक्ष से भी कोई शुभ समाचार मिल सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। पुराने विवाद या मतभेद समाप्त हो सकते हैं, जिससे जीवन में शांति और संतुलन आएगा। इसके साथ ही सामाजिक मान-सम्मान बढ़ सकता है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार से जुड़ी खुशखबरी भी मिल सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों के लिए बृहस्पति का मार्गी होना नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। करियर और व्यवसाय में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। विदेश यात्रा के भी योग बन सकते हैं। यदि लंबे समय से किसी दस्तावेज या वीजा से जुड़ा काम अटका हुआ है, तो उसमें भी सफलता मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है और आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। जो लोग लंबे समय से रोजगार की तलाश में हैं, उन्हें नौकरी मिलने की संभावना भी बन सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, किसानों के खाते में आएंगे 2000 रुपये

नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार जल्द ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त जारी करने जा रही है। इस किस्त के तहत देश भर के करोड़ों किसानों के बैंक खातों में सीधे 2000 रुपये की राशि भेजी जाएगी।

इस योजना के माध्यम से छोटे और मध्यम वर्ग के किसानों को आर्थिक सहायता देने का उद्देश्य रखा गया है, ताकि वे खेती से जुड़े जरूरी खर्च आसानी से पूरा कर सकें।

करोड़ों किसानों को मिलेगा लाभ

सरकारी जानकारी के अनुसार इस बार करीब 9 करोड़ 32 लाख से अधिक किसानों के खातों में 18,640 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि भेजी जाएगी। यह पैसा सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे उन्हें बिना किसी बिचौलिये के लाभ मिल सके।

इस दिन जारी होगी 22वीं किस्त

बताया जा रहा है कि 13 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के खातों में इस योजना की 22वीं किस्त जारी करेंगे। इस अवसर पर असम के गुवाहाटी से इस राशि को जारी किया जाएगा। इसके बाद देशभर के पात्र किसानों के खातों में 2000 रुपये पहुंच जाएंगे।

हर साल मिलते हैं 6000 रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को हर साल कुल 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन किस्तों में दी जाती है और हर किस्त में 2000 रुपये किसानों के खाते में भेजे जाते हैं। अब तक इस योजना की 21 किस्तें जारी हो चुकी हैं और अब 22वीं किस्त जारी होने जा रही है। इससे किसानों को खेती से जुड़े खर्च जैसे बीज, खाद और अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।

चैत्र नवरात्रि में करें इन 4 शक्तिशाली मंत्रों का जाप, जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की उपासना के लिए अत्यंत पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाई जाएगी। इन नौ दिनों के दौरान भक्त मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा-अर्चना करते हैं और उपवास रखते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से माता रानी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवरात्रि के समय मंत्र जाप का विशेष महत्व होता है। कहा जाता है कि इस दौरान देवी के मंत्रों का नियमित जाप करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। आइए जानते हैं ऐसे चार महत्वपूर्ण मंत्रों के बारे में, जिनका जाप नवरात्रि के दौरान विशेष फलदायी माना जाता है।

1 .सर्व मंगल मांगल्ये मंत्र

“सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके।

शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥”

यह मां दुर्गा का अत्यंत प्रसिद्ध और शक्तिशाली मंत्र माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से जीवन में शुभता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। मान्यता है कि इससे व्यक्ति के जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग खुलता है।

2 .नवार्ण मंत्र

“ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥”

नवार्ण मंत्र देवी उपासना में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। यह मंत्र देवी की शक्ति का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र का जाप करने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और व्यक्ति को साहस व आत्मबल प्राप्त होता है।

3 .आरोग्य और सौभाग्य मंत्र

“देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्।

रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥”

यह मंत्र स्वास्थ्य, सौभाग्य और सफलता के लिए विशेष रूप से फलदायी माना जाता है। इस मंत्र के नियमित जाप से मानसिक शांति मिलती है और जीवन में सकारात्मकता बढ़ती है। साथ ही यह मंत्र व्यक्ति को शक्ति और आत्मविश्वास प्रदान करने में भी सहायक माना जाता है।

4 .बाधा मुक्ति मंत्र

“सर्वाबाधा विनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः।

मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥”

इस मंत्र को जीवन की कठिनाइयों को दूर करने वाला मंत्र माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसके जाप से आर्थिक परेशानियां कम होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। साथ ही परिवार में खुशहाली और संतानों का सुख भी प्राप्त होता है।

ईरान युद्ध से बढ़ी दुनिया की टेंशन, रूस को बड़ा मौका, पुतिन क्यों खुश?

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष ने वैश्विक राजनीति को नई दिशा दे दी है। अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमलों के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक दिलचस्प कूटनीतिक हलचल भी देखने को मिल रही है।

अमेरिका के  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन से फोन पर बातचीत की है। खास बात यह है कि एक सप्ताह के भीतर दोनों नेताओं के बीच दो बार बातचीत हुई, जिससे यह संकेत मिल रहा है कि वैश्विक तनाव के बीच अमेरिका भी स्थिति को लेकर गंभीर चर्चा कर रहा है।

रूस के लिए बन गया नया मौका

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान पर अमेरिका और इजरायल की सैन्य कार्रवाई ने रूस के लिए नया अवसर पैदा कर दिया है। रूस इस स्थिति का उपयोग खाड़ी क्षेत्र में अपनी भूमिका मजबूत करने के लिए कर सकता है। कुछ समय पहले तक ट्रंप खुद को कई अंतरराष्ट्रीय विवादों में मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहे थे। लेकिन अब परिस्थितियां बदलती दिख रही हैं और मॉस्को ने अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम कराने की पहल की पेशकश की है।

खुद को शांति का दूत दिखाने की कोशिश

रूस के राष्ट्रपति पुतिन अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को शांति स्थापित करने वाले नेता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार हालिया बातचीत में पुतिन ने ईरान संकट का कूटनीतिक समाधान निकालने के कई सुझाव भी सामने रखे हैं। बताया जा रहा है कि इन सुझावों में खाड़ी देशों के नेताओं, ईरानी नेतृत्व और अन्य देशों के साथ संपर्क कर तनाव कम करने की रणनीति शामिल है। हालांकि दूसरी ओर रूस ने यूक्रेन के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी हुई है।

ट्रंप से रिश्ते मजबूत रखने की रणनीति

विश्लेषकों का मानना है कि पुतिन की सक्रियता के पीछे एक रणनीतिक कारण यह भी है कि वे ट्रंप के साथ कामकाजी संबंध बेहतर बनाए रखना चाहते हैं। रूस को उम्मीद है कि अमेरिका के साथ संवाद बनाए रखने से उसे यूक्रेन युद्ध के मुद्दे पर कुछ राहत मिल सकती है। इसी वजह से रूस ने ईरान के समर्थन की बात तो की है, लेकिन अमेरिकी नेतृत्व की सीधी आलोचना करने से भी बचता रहा है।

तेल की बढ़ती कीमतों से भी रूस को फायदा

ईरान संकट का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिला है। इससे रूस को आर्थिक रूप से फायदा हो सकता है, क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा ऊर्जा निर्यात पर निर्भर करता है।

रिपोर्टों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतें अचानक बढ़कर लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गईं, जिससे वैश्विक बाजार में हलचल मच गई। तेल की कीमतें बढ़ने से रूस के सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होने की संभावना जताई जा रही है।

बीमारियों से बचाव में मददगार हैं ये 5 सब्जियां, आज ही करें आहार में शामिल

हेल्थ डेस्क। स्वस्थ जीवन के लिए संतुलित और पौष्टिक भोजन बेहद जरूरी माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार रोजमर्रा के आहार में हरी और ताजी सब्जियों को शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और कई बीमारियों से बचाव में भी मदद मिलती है। सब्जियों में मौजूद विटामिन, खनिज और रेशे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं और पाचन तंत्र को बेहतर रखते हैं।

पालक

पालक को पोषक तत्वों का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें आयरन, कैल्शियम और कई प्रकार के विटामिन पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने के साथ खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं। नियमित रूप से पालक का सेवन करने से आंखों की सेहत भी बेहतर रहती है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

गाजर

गाजर में विटामिन ए की भरपूर मात्रा पाई जाती है, जो आंखों की रोशनी के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा गाजर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को कई तरह के संक्रमण से बचाने में मदद करते हैं। सर्दियों के मौसम में गाजर का सेवन खासतौर पर लाभकारी माना जाता है।

टमाटर

टमाटर में विटामिन सी और कई प्रकार के पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह त्वचा के लिए भी फायदेमंद माना जाता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करता है। नियमित रूप से टमाटर का सेवन करने से पाचन तंत्र भी बेहतर रहता है।

लौकी

लौकी को हल्की और आसानी से पचने वाली सब्जी माना जाता है। इसमें पानी की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर को ठंडक मिलती है और पाचन तंत्र को भी आराम मिलता है। गर्मियों में लौकी का सेवन शरीर को तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है।

ब्रोकोली

ब्रोकोली में कई प्रकार के विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में सहायक मानी जाती है। इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व हृदय और पाचन तंत्र की सेहत के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं।

केंद्र सरकार का 1 बड़ा कदम: देशभर में एस्मा लागू

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों पर भी दिखाई देने लगा है। ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंता के बीच भारत सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। घरेलू रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पूरे देश में Essential Services Maintenance Act यानी आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लागू कर दिया गया है।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रसोई गैस, ऊर्जा और अन्य जरूरी सेवाओं की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न हो। इसी के तहत तेल शोधन संयंत्रों और पेट्रोकेमिकल इकाइयों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रमुख हाइड्रोकार्बन स्रोतों से मिलने वाली गैस को भी एलपीजी आपूर्ति व्यवस्था में शामिल करने के लिए कहा गया है।

क्या है आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून

आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून वर्ष 1968 में संसद द्वारा पारित किया गया था। इसका उद्देश्य ऐसी सेवाओं की निरंतर आपूर्ति बनाए रखना है, जिन पर आम लोगों का दैनिक जीवन निर्भर करता है। इस कानून के लागू होने के बाद आवश्यक सेवाओं में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए हड़ताल करना प्रतिबंधित हो जाता है।

इस कानून के तहत कर्मचारी बंद या अन्य परिस्थितियों का हवाला देकर काम से इनकार नहीं कर सकते। यदि कोई व्यक्ति या संगठन इसके बावजूद हड़ताल करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यह कानून अधिकतम छह महीने तक लागू किया जा सकता है।

अंतरराष्ट्रीय हालात के बीच लिया गया फैसला

सरकार ने यह कदम अचानक नहीं उठाया है। हाल के दिनों में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष और पश्चिम एशिया में अस्थिरता के कारण ऊर्जा बाजार में चिंता का माहौल बना हुआ है। इससे तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए सरकार पहले ही रसोई गैस सिलेंडर की बुकिंग अवधि 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर चुकी है। इसका उद्देश्य जमाखोरी को रोकना और गैस की उपलब्धता को संतुलित बनाए रखना है।

एलपीजी आपूर्ति पर सरकार की नजर

सरकारी अधिकारियों के अनुसार देश में फिलहाल एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए मांग में अचानक बढ़ोतरी देखी गई है। आशंका के कारण लोगों ने पहले से ज्यादा सिलेंडर बुक कराना शुरू कर दिया था, जिससे मांग लगभग 15 से 20 प्रतिशत तक बढ़ गई।

औसतन एक परिवार साल भर में 14.2 किलोग्राम के सात से आठ गैस सिलेंडर का उपयोग करता है। सामान्य परिस्थितियों में एक सिलेंडर छह सप्ताह तक चल जाता है, इसलिए सरकार ने बुकिंग की अवधि बढ़ाकर संतुलन बनाए रखने की कोशिश की है।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर असर नहीं

अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंचने के बावजूद फिलहाल पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की कोई योजना नहीं है। Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum और Hindustan Petroleum जैसी तेल विपणन कंपनियां फिलहाल लागत का दबाव स्वयं वहन कर रही हैं।

बिहार में बिगड़ेगा मौसम: 11 जिले में बारिश और वज्रपात के आसार

पटना। बिहार में इन दिनों मौसम का मिजाज लगातार बदलता हुआ दिखाई दे रहा है। कभी बादल छा रहे हैं तो कभी हल्की धूप निकल रही है। इसी कारण लोगों को मौसम में उतार-चढ़ाव महसूस हो रहा है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार राजधानी पटना सहित राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में आसमान में बादल बने रह सकते हैं। इसके साथ कुछ जगहों पर हल्की बूंदाबांदी भी हो सकती है।

इन जिलों में वज्रपात की चेतावनी

राज्य के उत्तरी हिस्से के कई जिलों में मेघ गर्जन और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। इनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जिले शामिल हैं। इसके अलावा भागलपुर, बांका और जमुई जिलों के कुछ स्थानों पर भी गरज-तड़क के साथ हल्की वर्षा होने के आसार बताए गए हैं।

तेज हवा चलने की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। साथ ही आने वाले दो दिनों के भीतर न्यूनतम तापमान में एक से तीन डिग्री तक गिरावट होने की संभावना है। इससे सुबह और रात के समय हल्की ठंड महसूस हो सकती है।

मौसम बदलने की वजह

दरअसल, इस समय मौसम में बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना है। जब यह सक्रिय होता है तो पहाड़ी क्षेत्रों में बादल और वर्षा की स्थिति बनती है, जिसका असर आसपास के मैदानी इलाकों में भी देखने को मिलता है। इसके साथ ही बंगाल की खाड़ी के आसपास बने मौसम तंत्र के कारण वातावरण में नमी बढ़ जाती है। नमी बढ़ने से बादल बनने और वर्षा की संभावना भी बढ़ जाती है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि 12 से 13 मार्च के बाद धीरे-धीरे मौसम सामान्य हो सकता है। बादल छंटने के बाद तेज धूप निकलने की संभावना है, जिससे दिन के समय तापमान बढ़ेगा। मार्च के दूसरे पखवाड़े में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में लोगों को धीरे-धीरे गर्मी का असर महसूस होने लगेगा।