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युवाओं के लिए खुशखबरी, SCL में निकली 83 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सेमी-कंडक्टर लैबोरेटरी (SCL) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए शॉर्ट नोटिस जारी किया है। इस भर्ती के जरिए टेक्नीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट और एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर समेत कई पदों को भरा जाएगा। कुल 83 रिक्तियां मौजूद हैं।

SCL में किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान में अलग-अलग जिम्मेदारियों वाले पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, टेक्नीशियन के 41, टेक्निकल असिस्टेंट के 30, जूनियर पर्सनल असिस्टेंट के 7, एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर के 2, परचेज एंड स्टोर्स ऑफिसर के 2 और अकाउंट्स ऑफिसर का 1 पद शामिल है। इस तरह कुल 83 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।

कितनी मिलेगी सैलरी?

SCL भर्ती में वेतन पद और निर्धारित पे-लेवल के अनुसार अलग-अलग होगा। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मासिक वेतन लगभग 41,940 रुपये से लेकर 1,06,740 रुपये तक हो सकता है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले संबंधित पद का वेतनमान और मिलने वाले भत्तों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन में देखनी चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में शैक्षणिक योग्यता पद के अनुसार निर्धारित होगी। टेक्नीशियन और टेक्निकल असिस्टेंट जैसे पदों के लिए तकनीकी योग्यता या संबंधित विषय में डिप्लोमा की आवश्यकता हो सकती है, जबकि प्रशासनिक और लेखा संबंधी पदों के लिए अलग योग्यताएं लागू हो सकती हैं। अन्य शर्तों की जानकारी भी आधिकारिक नोटिफिकेशन से जांचना जरूरी है।

आवेदन कब से शुरू होंगे?

उम्मीदवारों के लिए ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 1 नवंबर 2026 से प्रस्तावित है। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 30 नवंबर 2026 बताई गई है। आवेदन प्रक्रिया शुरू होने पर उम्मीदवार SCL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित भर्ती का लिंक देख सकते हैं।

आधिकारिक वेबसाइट: scl.gov.in 

किडनी में संक्रमण होने पर शरीर देता है ये 5 बड़े संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर के महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। यह खून से अपशिष्ट पदार्थों और अतिरिक्त पानी को छानकर पेशाब के जरिए बाहर निकालने में मदद करती है। किडनी में संक्रमण होने पर शरीर में कई तरह के लक्षण दिखाई दे सकते हैं। यह समस्या अक्सर मूत्र मार्ग के संक्रमण के किडनी तक पहुंचने से होती है। समय रहते इलाज न मिलने पर संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है। ऐसे में इसके शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

1. तेज बुखार और ठंड लगना

किडनी में संक्रमण होने पर तेज बुखार आ सकता है। इसके साथ ठंड लगना, कंपकंपी और शरीर में कमजोरी महसूस होना भी संभव है। यदि बुखार के साथ कमर या पीठ के एक तरफ दर्द हो, तो इसे सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

2. पीठ या कमर के एक तरफ दर्द

किडनी में संक्रमण का एक प्रमुख संकेत पीठ, कमर या पसलियों के नीचे एक तरफ दर्द होना है। यह दर्द हल्का भी हो सकता है और काफी तेज भी। यदि दर्द के साथ बुखार, उल्टी या पेशाब में परेशानी हो, तो जल्द चिकित्सकीय जांच करानी चाहिए।

3. पेशाब करते समय जलन

पेशाब करते समय जलन या दर्द होना मूत्र मार्ग के संक्रमण का संकेत हो सकता है। यदि संक्रमण किडनी तक पहुंच जाए, तो भी यह लक्षण दिखाई दे सकता है। बार-बार पेशाब आने की इच्छा होना या थोड़ी-थोड़ी मात्रा में पेशाब निकलना भी ध्यान देने योग्य संकेत हैं।

4. पेशाब के रंग या गंध में बदलाव

किडनी या मूत्र मार्ग में संक्रमण होने पर पेशाब धुंधला दिखाई दे सकता है या उसकी गंध असामान्य हो सकती है। कभी-कभी पेशाब में खून भी नजर आ सकता है। हालांकि, इन बदलावों के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानने के लिए डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

5. मतली, उल्टी और कमजोरी

किडनी के संक्रमण में कुछ लोगों को मतली, उल्टी, भूख कम लगना और अत्यधिक थकान जैसी समस्याएं हो सकती हैं। शरीर में कमजोरी के साथ बुखार या कमर दर्द भी हो, तो विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। बच्चों और बुजुर्गों में लक्षण कभी-कभी अलग तरह से दिखाई दे सकते हैं।

कल से इन 6 राशियों के अच्छे दिन! शुक्र की कृपा से मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख-सुविधा, प्रेम, वैभव, धन और भौतिक सुखों का कारक माना जाता है। शुक्र की स्थिति को ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार व्यक्ति के आर्थिक जीवन, रिश्तों और सुख-सुविधाओं से जोड़कर देखा जाता है। 23 अक्टूबर 2026 को शुक्र के प्रभाव को लेकर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

इन 6 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी शुक्र हैं। ऐसे में शुक्र से जुड़ी ज्योतिषीय गतिविधियों को इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनाए रखने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए कामकाज और व्यक्तिगत रिश्तों के लिहाज से समय सकारात्मक रहने की उम्मीद की जा सकती है। रुके हुए काम पूरे करने की दिशा में प्रयास सफल हो सकते हैं। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना रह सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि का स्वामी भी शुक्र है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस राशि के जातकों के लिए प्रेम संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा और सुख-सुविधाओं से जुड़े मामले अहम रह सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिल सकता है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को आर्थिक योजना बनाने और करियर से जुड़े फैसलों पर ध्यान देने की जरूरत रहेगी। मेहनत और समझदारी से काम करने पर सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। किसी भी निवेश से पहले उसके जोखिमों को समझना जरूरी होगा।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए पारिवारिक रिश्तों और व्यक्तिगत जीवन पर ध्यान देने का समय हो सकता है। अपनों के साथ बातचीत से पुरानी गलतफहमियां दूर करने में मदद मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक संतुलन बनाए रखने में सहायता मिलेगी।

6. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को कामकाज में नए विचारों और योजनाओं से आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। दोस्तों या सहकर्मियों से सहयोग मिलने की संभावना रह सकती है। जल्दबाजी में कोई बड़ा आर्थिक फैसला लेने से बचना बेहतर होगा।

यूपी में शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट, 7 नवंबर तक पूरे होंगे प्रमोशन; तबादलों पर बढ़ी चिंता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों के लिए पदोन्नति और अंतरजनपदीय तबादलों को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। बेसिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया 7 नवंबर तक पूरी करने के निर्देश सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को दिए गए हैं। दूसरी ओर, जिले से दूसरे जिले में तबादले की प्रक्रिया लंबे समय से आगे नहीं बढ़ने के कारण शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है।

प्रमोशन से पहले तबादले की मांग

शिक्षकों को आशंका है कि यदि पदोन्नति की प्रक्रिया पहले पूरी हो गई, तो कई आवेदकों के अंतरजनपदीय तबादले प्रभावित हो सकते हैं। दरअसल, तबादले से जुड़े नियमों में संबंधित जिले में शिक्षक की मौलिक नियुक्ति तिथि तक पदोन्नति होने की शर्त का उल्लेख है। ऐसे में प्रमोशन और तबादले के क्रम को लेकर स्थिति पेचीदा हो सकती है।

जून से अटकी है तबादले की प्रक्रिया

बेसिक शिक्षा परिषद ने 8 जून को अंतरजनपदीय तबादलों के संबंध में आदेश जारी किया था। इसके बाद शिक्षकों ने निर्धारित नियमों के अनुसार आवेदन भी किए, लेकिन प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। अब प्रमोशन पूरा करने की समयसीमा तय होने के बाद शिक्षकों को डर है कि तबादलों में और देरी हो सकती है।

शिक्षकों ने पहले तबादले करने की उठाई मांग

शिक्षक संगठनों का कहना है कि यदि पहले अंतरजनपदीय तबादले पूरे कर लिए जाते और उसके बाद पदोन्नति की प्रक्रिया होती, तो संभावित अड़चनें कम हो सकती थीं। संगठन के प्रतिनिधियों ने इस क्रम को लेकर चिंता जताई है, क्योंकि अलग-अलग जिलों में पहले हुए प्रमोशन और नियुक्ति की तारीखों के कारण कुछ शिक्षकों की पात्रता प्रभावित होने की आशंका है।

फिलहाल शिक्षकों की निगाहें विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं। तबादलों और पदोन्नति की प्रक्रिया के बीच तालमेल कैसे बनाया जाएगा, यह स्पष्ट होने के बाद ही प्रभावित शिक्षकों की स्थिति साफ हो सकेगी।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, राशन कार्ड वालों के लिए आई 2 खुशखबरी, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राशन कार्ड धारकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी बड़ी राहत की तैयारी की जा रही है। राज्य सरकार आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक परिवारों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी मिलने की जानकारी सामने आई है। अगर इसे लागू किया जाता है, तो अभी तक योजना के दायरे से बाहर रहे कई परिवारों को भी सालाना पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज का लाभ मिल सकता है।

पहली खुशखबरी: अधिक परिवारों को मिलेगा इलाज का लाभ

उत्तर प्रदेश में लाल और सफेद राशन कार्ड मिलाकर करीब 3.63 करोड़ कार्ड हैं, जिनके अंतर्गत लगभग 14.61 करोड़ लाभार्थी दर्ज हैं। प्रस्ताव के तहत राशन कार्ड धारक परिवारों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की तैयारी है। इससे पात्रता पूरी करने वाले नए परिवारों को भी सरकारी और योजना से संबद्ध निजी अस्पतालों में भर्ती होकर कैशलेस इलाज कराने की सुविधा मिल सकती है।

दूसरी खुशखबरी: पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र परिवारों को निर्धारित नियमों और उपचार पैकेज के अनुसार सालाना पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है। प्रस्तावित विस्तार से ज्यादा परिवार इस सुविधा के दायरे में आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी नौकरी करने वाले सदस्यों वाले परिवारों के लिए लागू स्वास्थ्य योजनाओं और पात्रता संबंधी नियमों को भी ध्यान में रखा जाएगा।

सरकार के खर्च में भी होगी बढ़ोतरी

योजना का दायरा बढ़ाने से सरकारी खजाने पर अतिरिक्त बोझ पड़ने की संभावना है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, वर्तमान में इस पर सालाना करीब 6,000 से 9,000 करोड़ रुपये खर्च होते हैं। विस्तार के बाद यह राशि बढ़कर लगभग 15,000 करोड़ रुपये सालाना हो सकती है। अतिरिक्त बजट की व्यवस्था को लेकर भी विचार किया जा रहा है।

नसों को मजबूत बनाने के लिए खाएं ये 5 चीजें, शरीर को मिलेंगे गजब के फायदे

हेल्थ डेस्क। शरीर को स्वस्थ रखने में नसों यानी नर्व्स की अहम भूमिका होती है। ये दिमाग और शरीर के अलग-अलग हिस्सों के बीच संदेश पहुंचाने का काम करती हैं। नसों के स्वास्थ्य पर खानपान, शारीरिक गतिविधि और जीवनशैली का असर पड़ता है। विटामिन बी12, विटामिन बी1 और अन्य जरूरी पोषक तत्वों की कमी से तंत्रिका तंत्र प्रभावित हो सकता है। ऐसे में संतुलित डाइट में कुछ खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

1. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट में हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं। ये शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ दिमाग और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना खाया जा सकता है।

2. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट, मैग्नीशियम और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के सामान्य कामकाज और तंत्रिका तंत्र की सेहत के लिए जरूरी हैं। इसलिए रोजाना के भोजन में हरी सब्जियों को जगह देना अच्छा विकल्प है।

3. दूध और दही

दूध और दही से प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन बी12 मिल सकता है। विटामिन बी12 नसों के सामान्य कामकाज और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर हाथ-पैरों में झनझनाहट, सुन्नपन और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जो लोग दूध से बने पदार्थ नहीं खाते, उन्हें बी12 के अन्य स्रोतों पर ध्यान देना चाहिए।

4. दालें और साबुत अनाज

दालें, चना, राजमा और साबुत अनाज शरीर को प्रोटीन, विटामिन बी1 और अन्य पोषक तत्व देते हैं। विटामिन बी1 भोजन से ऊर्जा बनाने और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में भूमिका निभाता है। संतुलित मात्रा में इनका सेवन शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने में मदद कर सकता है।

5. मछली और अंडे

मछली में ओमेगा-3 फैटी एसिड और प्रोटीन पाया जाता है, जबकि अंडे प्रोटीन और विटामिन बी12 सहित कई पोषक तत्व प्रदान करते हैं। ये पोषक तत्व शरीर और तंत्रिका तंत्र के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हैं। शाकाहारी लोग अपनी जरूरतों के अनुसार दालें, मेवे, बीज और अन्य पौष्टिक विकल्प चुन सकते हैं।

बिहार सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी, 38 जिलों के मजदूरों को राहत!

पटना। बिहार के मजदूरों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य के बाढ़ और सूखे से प्रभावित कुल 38 जिलों में श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए ग्रामीण विकास विभाग ने पहल की है। इसके तहत विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत अकुशल कामगारों को काम देने की तैयारी है। इससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा मिलने के साथ ही क्षतिग्रस्त सार्वजनिक ढांचों की मरम्मत में भी मदद मिलेगी।

22 जिले बाढ़ और 16 जिले सूखे से प्रभावित

विभागीय जानकारी के मुताबिक, अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, दरभंगा, पटना, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया और वैशाली समेत 22 जिले बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। वहीं अररिया, गया, जमुई, नालंदा, नवादा, रोहतास, सीतामढ़ी और सीवान समेत 16 जिलों में कम बारिश के कारण सूखे जैसी स्थिति बनी। इससे कई इलाकों में कृषि कार्य प्रभावित हुआ और खेतिहर मजदूरों के लिए काम के अवसर घट गए।

निर्माण कार्यों से मिलेगा रोजगार

बाढ़ के कारण सड़कों, पुल-पुलियों और तटबंधों को हुए नुकसान की मरम्मत के साथ अन्य ग्रामीण विकास कार्य कराए जाएंगे। विभाग ने कृषि कार्यों को ध्यान में रखते हुए निर्माण कार्यों पर लागू कार्य विराम अवधि में भी छूट दी है। इसका उद्देश्य आपदा प्रभावित क्षेत्रों में मजदूरों को काम उपलब्ध कराना है।

योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान बताया गया है। ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के मुताबिक, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे की मरम्मत जरूरी है, ताकि ग्रामीण इलाकों में विकास कार्य आगे बढ़ सकें और प्रभावित लोगों को आजीविका का सहारा मिल सके।

खुशखबरी! रेलवे में स्टेशन मास्टर के 1250 पदों पर भर्ती, जानें कौन कर सकता है आवेदन

नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के लिए स्टेशन मास्टर बनने का अवसर सामने आया है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) की ओर से स्टेशन मास्टर के 1,250 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

इस भर्ती के जरिए देशभर में रेलवे के विभिन्न स्थानों पर नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पात्रता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया से जुड़ी शर्तें ध्यान से पढ़नी चाहिए, क्योंकि इनका विस्तृत विवरण आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में दिया जाएगा।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत स्टेशन मास्टर के कुल 1,250 पद बताए गए हैं। भर्ती का उल्लेख CEN No. 08/2026 के तहत किया गया है। पदों की संख्या, श्रेणीवार रिक्तियों और अन्य नियमों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक अधिसूचना से करना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आवेदन के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक होना बताया गया है। हालांकि, अभ्यर्थियों को यह जरूर जांचना चाहिए कि विस्तृत नोटिफिकेशन में डिग्री, आयु सीमा और अन्य पात्रता के लिए क्या शर्तें निर्धारित की गई हैं। 

वेतन कितना मिलेगा?

स्टेशन मास्टर का पद सातवें वेतन आयोग के लेवल-6 से जुड़ा बताया गया है। वास्तविक वेतन में मूल वेतन के अलावा लागू भत्ते शामिल हो सकते हैं। हाथ में मिलने वाली राशि नियुक्ति स्थान, भत्तों और अन्य लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।

आवेदन कब से कब तक?

आवेदन शुरू होने की तारीख: 27 अक्टूबर 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 25 नवंबर 2026

8th Pay Commission: 10 साल लंबा इंतजार होगा खत्म? कर्मचारियों को मिल सकती है 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं। करीब 10 साल बाद वेतन में संशोधन की उम्मीद के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, ग्रेच्युटी और एरियर को लेकर हो रही है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपनी सिफारिशें सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में आने वाले महीनों में आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसलों पर सबकी निगाहें रहेंगी।

1. फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो सैलरी में हो सकता है बड़ा उछाल

आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम मुद्दों में से एक है। सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। अब कर्मचारी संगठनों की ओर से इसे बढ़ाकर 2.86 से 3.83 तक करने की मांग की जा रही है। फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल नए वेतन ढांचे में मूल वेतन तय करने के लिए किया जाता है। यदि सरकार अधिक फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों के बेसिक पे में बड़ा बदलाव संभव है।

2. ₹18,000 से बढ़ सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी

फिलहाल सातवें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 प्रति माह है। आठवें वेतन आयोग में इसे बढ़ाने की उम्मीद की जा रही है। अलग-अलग अनुमानों में न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹26,000, ₹40,000, ₹50,000 या उससे अधिक होने की संभावनाएं जताई गई हैं। वहीं, कुछ कर्मचारी संगठन इससे भी ज्यादा वेतन की मांग कर रहे हैं।

3. ग्रेच्युटी की सीमा ₹25 लाख से बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग

सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी को लेकर भी कर्मचारी संगठनों ने बड़ा प्रस्ताव रखा है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम सीमा ₹25 लाख है। कर्मचारी पक्ष की ओर से इसे बढ़ाकर ₹75 लाख करने की मांग की गई है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है, तो पात्र कर्मचारियों को रिटायरमेंट के समय बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

4. 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की उम्मीद

आठवें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारियों के बीच एरियर की भी चर्चा है। सातवें वेतन आयोग के बाद नए वेतन संशोधन के लिए 1 जनवरी 2026 को संभावित प्रभावी तारीख के रूप में देखा जा रहा है। यदि सरकार नई सिफारिशों को इस तारीख से लागू करती है, लेकिन वास्तविक भुगतान बाद में शुरू होता है, तो पात्र कर्मचारियों को नियमों के अनुसार बकाया राशि मिल सकती है।

5. हर 10 साल के बजाय 5 साल में वेतन संशोधन की मांग

कर्मचारी संगठनों की एक और अहम मांग है कि वेतन और पेंशन में बदलाव के लिए हर बार 10 साल तक इंतजार न करना पड़े। कुछ संगठनों ने वेतन संशोधन की अवधि घटाकर पांच साल करने का प्रस्ताव दिया है। इस मांग के पीछे तर्क है कि महंगाई और जीवनयापन की लागत लगातार बदलती रहती है। ऐसे में कम अंतराल पर वेतन की समीक्षा होने से कर्मचारियों को आर्थिक बदलावों के अनुरूप राहत मिल सकती है।

कब तक आएगी आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

आठवें केंद्रीय वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई हैं। आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सौंपनी हैं। 3 नवंबर 2025 से गणना करने पर यह समयसीमा मई 2027 के आसपास पूरी होती है। इसके बाद सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी और लागू किए जाने वाले बदलावों पर फैसला लेगी।

रात में सोते समय चढ़ जाती है पैर की नस? शरीर में इस विटामिन की कमी हो सकती है वजह!

हेल्थ डेस्क। कई लोगों को रात में सोते समय अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव महसूस होता है। इसे आम बोलचाल में नस चढ़ना कहा जाता है। इस दौरान पिंडली में तेज दर्द हो सकता है और कुछ सेकंड से लेकर कई मिनट तक परेशानी बनी रह सकती है। बार-बार ऐसा होने पर नींद भी प्रभावित होती है। इसके पीछे मांसपेशियों पर अधिक दबाव, शरीर में पानी की कमी और कुछ पोषक तत्वों की कमी जैसे कई कारण हो सकते हैं।

विटामिन D और B12 की कमी से क्या है संबंध?

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण और मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी गंभीर कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द हो सकता है। वहीं, विटामिन B12 की कमी से नसों से जुड़ी समस्याएं, झनझनाहट और हाथ-पैर सुन्न होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। हालांकि, रात में पैर की नस चढ़ने का मतलब यह नहीं है कि शरीर में इन विटामिनों की कमी ही है।

पानी की कमी भी हो सकती है वजह

शरीर में पानी की कमी, अधिक व्यायाम, लंबे समय तक खड़े रहना या मांसपेशियों पर जरूरत से ज्यादा दबाव पड़ना भी ऐंठन का कारण बन सकता है। कुछ दवाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का भी इसमें योगदान हो सकता है। इसलिए बार-बार पैर की नस चढ़ने पर केवल विटामिन की कमी मानकर खुद से सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

नस चढ़ने पर तुरंत क्या करें?

अगर रात में अचानक पैर की मांसपेशी में ऐंठन हो जाए, तो पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। हल्की मालिश और कुछ देर आराम करने से राहत मिल सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना, नियमित हल्की स्ट्रेचिंग करना और संतुलित आहार लेना भी मददगार हो सकता है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?

अगर पैर में बार-बार तेज ऐंठन होती है, दर्द लंबे समय तक बना रहता है या इसके साथ सूजन, लालिमा, कमजोरी अथवा सुन्नपन भी महसूस होता है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच कराकर समस्या का सही कारण पता लगा सकते हैं।

24 अक्टूबर को शनि प्रदोष व्रत, 5 राशियों के जीवन में आ सकती है खुशहाली

राशिफल। प्रदोष व्रत का विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है और शनिवार को पड़ने वाले प्रदोष को शनि प्रदोष कहा जाता है। वर्ष 2026 में 24 अक्टूबर को शनि प्रदोष व्रत के अवसर पर श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करेंगे। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस दिन शिवजी की आराधना करना सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और जीवन की बाधाओं से मुक्ति की कामना के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय दृष्टि से मेष, कुंभ, मीन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन खास माना जा रहा हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन अपने लक्ष्यों पर ध्यान देने और अधूरे काम पूरे करने की प्रेरणा दे सकता है। नौकरी या कारोबार में धैर्य के साथ फैसले लेना फायदेमंद रह सकता है। भगवान शिव की पूजा से मन को शांति मिलने की धार्मिक मान्यता है।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि के लोगों को कामकाज में अनुशासन बनाए रखने और आर्थिक मामलों में सावधानी बरतने पर ध्यान देना चाहिए। रुके हुए कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने का प्रयास लाभकारी हो सकता है। पूजा-पाठ और ध्यान से मानसिक सुकून मिल सकता है।

3. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मचिंतन और भविष्य की योजनाएं बनाने का अवसर हो सकता है। परिवार के साथ समय बिताने और जिम्मेदारियों को समझदारी से निभाने से रिश्तों में मधुरता बनी रह सकती है। किसी भी बड़े आर्थिक फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर होगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को अपने काम और पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाने पर ध्यान देना चाहिए। कार्यक्षेत्र में संयम और मेहनत से आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है। भगवान शिव की आराधना के साथ जरूरतमंदों की सहायता करना भी शुभ माना जाता है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए अपनी योजनाओं की समीक्षा करने और नए लक्ष्य तय करने का अच्छा अवसर हो सकता है। नौकरी या कारोबार में सोच-समझकर कदम उठाना उपयोगी रहेगा। परिवार के सदस्यों के साथ बातचीत और सहयोग से रिश्ते मजबूत हो सकते हैं।

बिहार में बनेगा फोरलेन सड़क, इन 5 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क नेटवर्क को बेहतर बनाने के लिए चल रही परियोजनाओं में गया से सीतामढ़ी तक की फोरलेन सड़क अहम मानी जा रही है। इसके पूरा होने से राज्य के पांच जिलों के बीच सफर आसान होने के साथ व्यापार और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकता है। इस सड़क से गया, जहानाबाद, पटना, मुजफ्फरपुर और सीतामढ़ी के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

82 किलोमीटर से ज्यादा लंबी होगी सड़क

परियोजना के तहत मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी होते हुए सोनबरसा तक करीब 82.578 किलोमीटर लंबा फोरलेन मार्ग विकसित करने की योजना है। इस पर लगभग 3,590.73 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, गया से मुजफ्फरपुर तक संबंधित सड़क का काम पूरा हो चुका है, जबकि मुजफ्फरपुर से सीतामढ़ी वाले हिस्से का काम बाकी है।

पुल और फ्लाईओवर से सफर होगा आसान

इस परियोजना में सात बड़े पुल, तीन रेलवे ओवरब्रिज और दो फ्लाईओवर बनाने की योजना भी शामिल है। इन निर्माण कार्यों से सड़क पर यातायात को सुचारु बनाने और अलग-अलग स्थानों पर आवाजाही की बाधाएं कम करने में मदद मिल सकती है।

यह मार्ग भारत-नेपाल सीमा के पास स्थित सोनबरसा को राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के जरिए मुजफ्फरपुर जैसे प्रमुख व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा सकता है। इससे माल ढुलाई और सीमावर्ती क्षेत्रों में कारोबार को गति मिलने की संभावना है।

धार्मिक पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

फोरलेन सड़क बनने से सीतामढ़ी स्थित पुनौरा धाम समेत प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना आसान हो सकता है। बेहतर सड़क संपर्क से श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुविधा मिलने के साथ स्थानीय कारोबार को भी लाभ पहुंचने की उम्मीद है।

इसके अलावा निर्माण कार्यों और बढ़ती आर्थिक गतिविधियों से रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि, परियोजना के शेष हिस्से के पूरा होने की निश्चित तारीख अभी स्पष्ट नहीं है। सड़क तैयार होने के बाद पांचों जिलों के बीच आवागमन और क्षेत्रीय व्यापार को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षामित्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सहायक अध्यापक बनने की तैयारी कर रहे शिक्षामित्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने नगर क्षेत्र के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापकों के 11,508 पदों पर होने वाली भर्ती में शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक छूट देने का निर्णय लिया है। शासन ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को जरूरी कार्रवाई जल्द पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

शासन ने जारी किए निर्देश

बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने इस फैसले के संबंध में परिषद के सचिव को पत्र भेजा है। शासन स्तर पर विचार-विमर्श के बाद शिक्षामित्रों को अधिकतम 60 वर्ष की आयु तक भर्ती प्रक्रिया में अवसर देने का निर्णय लिया गया। अब विभाग को इसके अनुरूप आगे की कार्रवाई करने के लिए कहा गया है।

यह भर्ती उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत की जानी है। आयोग ने 15 सितंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया था, जिसमें शिक्षामित्रों ने भी आवेदन किया है। ऐसे में सरकार के इस फैसले से भर्ती में शामिल शिक्षामित्रों को आयु सीमा को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद निर्णय

शिक्षामित्रों को आयु सीमा में राहत देने का यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 18 नवंबर 2020 के आदेश के संदर्भ में लिया गया है। राम शरण मौर्य और अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य एवं अन्य मामले में अदालत ने शिक्षामित्रों की अपील खारिज करते हुए राज्य सरकार के आश्वासन के अनुरूप अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार करने की बात कही थी।

भर्ती में शामिल शिक्षामित्रों को मिलेगी राहत

इस फैसले का उद्देश्य पात्र शिक्षामित्रों को सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में अवसर उपलब्ध कराना है। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिल सकती है, जिन्हें आयु सीमा के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल होने को लेकर चिंता थी। हालांकि, भर्ती में पात्रता और अन्य शर्तें लागू रहेंगी। अभ्यर्थियों को आगे की प्रक्रिया के लिए बेसिक शिक्षा विभाग और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखनी चाहिए।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, बेटियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के शैक्षिक रूप से पिछड़े विकासखंडों में 128 मुख्यमंत्री आवासीय बालिका विद्यालय बनाने की योजना है। इसके तहत पहले चरण में 31 विद्यालयों के निर्माण के लिए 751.40 करोड़ रुपये की वार्षिक कार्ययोजना को मंजूरी दी गई है।

हर विद्यालय पर खर्च होंगे 24 करोड़ रुपये से ज्यादा

स्वीकृत योजना के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय के निर्माण पर करीब 24.24 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। पहली किस्त के रूप में कुल 375.70 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। बेसिक शिक्षा विभाग ने इस संबंध में राज्य परियोजना निदेशक, समग्र शिक्षा को पत्र भेजकर निर्माण से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई जल्द शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

इन जिलों में बनेंगे बालिका विद्यालय

स्वीकृत विद्यालयों के लिए आगरा, औरैया, बागपत, फतेहपुर, गोरखपुर, हाथरस, कानपुर देहात, कानपुर नगर, मैनपुरी, संतकबीर नगर, उन्नाव और वाराणसी के विभिन्न विकासखंडों को शामिल किया गया है। इनमें एत्मादपुर, अजीतमल, बिनौली, खेकड़ा, अमौली, भरोहिया, सासनी, अकबरपुर, बिल्हौर, कुरावली, पौली, बीघापुर और काशी विद्यापीठ जैसे क्षेत्र शामिल हैं।

बेटियों को बेहतर अवसर देने की तैयारी

योजना का उद्देश्य शैक्षिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों की बालिकाओं को बेहतर शिक्षा और आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है। जिन विकासखंडों से अभी प्रस्ताव नहीं मिले हैं, वहां मानकों के अनुसार भूमि की व्यवस्था कर प्रस्ताव भेजने को कहा गया है।

इन विद्यालयों के निर्माण से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की लड़कियों को शिक्षा हासिल करने के अधिक अवसर मिल सकते हैं। हालांकि, विद्यालयों के निर्माण और संचालन से जुड़ी आगे की जानकारी विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार सामने आएगी।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान! यूपी पुलिसकर्मियों को 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिसकर्मियों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तीन अहम घोषणाएं की हैं। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर घोषित इन फैसलों के तहत फील्ड ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों और अधिकारियों के कुछ भत्तों में बढ़ोतरी की जाएगी। सरकार के इस कदम से संबंधित कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

इन तीन भत्तों में होगी बढ़ोतरी

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुसार, फील्ड ड्यूटी में तैनात उपनिरीक्षकों और निरीक्षकों का मोटरसाइकिल भत्ता 700 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। वहीं, पीपीएस अधिकारियों का वर्दी भत्ता 6,400 रुपये से बढ़ाकर 15,000 रुपये करने की घोषणा की गई है।

इसके अलावा, फील्ड ड्यूटी पर तैनात आरक्षियों और मुख्य आरक्षियों का सिम भत्ता 2,000 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये प्रतिमाह किया जाएगा। इन बदलावों से संबंधित पुलिसकर्मियों को अपने कामकाज से जुड़े खर्चों में सहायता मिलेगी।

कानून-व्यवस्था पर भी बोले सीएम योगी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में अपराधियों, माफिया और दंगाइयों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई। उन्होंने पिछली सरकार के कार्यकाल में कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और पुलिस को स्वतंत्र रूप से कार्रवाई करने का अवसर मिलने की बात कही।

शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर कर्तव्य निभाते हुए बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि पिछले एक वर्ष में देशभर में 154 पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हुए, जिनमें उत्तर प्रदेश के छह जवान शामिल हैं। साथ ही, शहीद पुलिसकर्मियों के आश्रितों को अब तक 425 करोड़ रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दिए जाने की जानकारी भी दी।

सरकार की इन घोषणाओं को पुलिसकर्मियों के कल्याण और उनकी सेवाओं से जुड़े खर्चों में सहायता देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

खुशखबरी का खुला पिटारा! यूपी में 1 नई भर्ती, 19 से आवेदन शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ स्थित डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (DRRMLIMS) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 74 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में प्रोग्रामर, मेडिकल फिजिसिस्ट, रेडिएशन सेफ्टी ऑफिसर, हॉस्पिटल अटेंडेंट ग्रेड-II, स्टेनोग्राफर और रिसेप्शनिस्ट सहित विभिन्न पद शामिल हैं। पदों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है। कुछ पदों के लिए 10वीं पास, जबकि अन्य के लिए स्नातक, बीटेक, एमएससी या संबंधित विषय में डिप्लोमा की योग्यता मांगी जा सकती है।

आवेदन की तारीखें जान लें

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 19 अक्टूबर 2026 से शुरू हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 20 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम दिन का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

कैसे होगा चयन?

उम्मीदवारों का चयन स्क्रीनिंग परीक्षा और मुख्य कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) के माध्यम से किया जाएगा। स्टेनोग्राफर पद के लिए कौशल परीक्षा भी आयोजित की जाएगी। पदवार योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में उपलब्ध होगी।

कहां करें आवेदन?

इच्छुक अभ्यर्थी डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट drrmlims.ac.in पर जाकर भर्ती से संबंधित सूचना देख सकते हैं और ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता और नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है।

केंद्रीय कर्मचारियों को झटका! DA बढ़ोतरी का इंतजार बढ़ा, कब होगा ऐलान?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी की घोषणा का इंतजार है। उम्मीद थी कि सरकार की कैबिनेट बैठक में इस संबंध में फैसला हो सकता है, लेकिन बैठक नहीं होने से कर्मचारियों की निगाहें अब अगली घोषणा पर टिकी हैं। हालांकि, सरकार की ओर से नई तारीख को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

कब हो सकता है महंगाई भत्ते का ऐलान?

केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार महंगाई भत्ते में संशोधन करती है। एक बार जनवरी से और दूसरी बार जुलाई से इसे लागू किया जाता है। इसकी घोषणा संबंधित अवधि के कुछ महीने बाद होती है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला कैबिनेट की बैठक में लिया जा सकता है। हालांकि, घोषणा का समय तय नहीं है और संबंधित मंत्रालय की ओर से आधिकारिक सूचना आने तक किसी तारीख को अंतिम नहीं माना जा सकता।

कितना बढ़ सकता है DA?

इस बार महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। यदि मौजूदा DA 60 प्रतिशत है, तो 3 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह 63 प्रतिशत और 4 प्रतिशत बढ़ने पर 64 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि, यह संभावित अनुमान है, सरकार ने अभी अंतिम बढ़ोतरी की पुष्टि नहीं की है।

महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा फैसला

महंगाई भत्ते में संशोधन का आधार औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आंकड़े होते हैं। इन्हीं के आधार पर महंगाई में बदलाव का आकलन किया जाता है और DA बढ़ाने का फैसला होता है। फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा। सरकार की ओर से फैसला सामने आने के बाद ही बढ़ोतरी की वास्तविक दर और लागू होने की तारीख स्पष्ट होगी।

बिहार के गरीबों के लिए खुशखबरी! जल्द मिलेगा पक्का मकान, सरकार ने तेज की तैयारी

पटना। बिहार के शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीब परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार ने पहल तेज कर दी है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य में तकनीकी टीमों का गठन किया जाएगा। इस फैसले से आवास निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को गति देने और नगर निकायों की मदद करने में आसानी होगी।

राज्य और शहर स्तर पर बनेंगी टीमें

नगर विकास एवं आवास विभाग के निर्णय के अनुसार, तकनीकी टीमों का गठन दो स्तरों पर किया जाएगा। राज्य स्तरीय टीम योजना से जुड़े तकनीकी कार्यों में सहयोग करेगी, जबकि शहर स्तर पर गठित टीमें संबंधित नगर निकायों की समस्याओं का समाधान करने में मदद करेंगी।

इन टीमों की मदद से आवास योजना के क्रियान्वयन में आने वाली तकनीकी बाधाओं को दूर करने और निर्माण कार्यों की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया जाएगा। 

4.72 करोड़ रुपये से अधिक की मंजूरी

वित्तीय वर्ष 2026-27 में तकनीकी टीमों की स्थापना और संचालन के लिए 4.72 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसमें केंद्र सरकार की ओर से जारी 2.44 करोड़ रुपये के साथ राज्यांश और अन्य खर्चों की राशि भी शामिल है।

शहरी गरीबों को मिलेगा योजना का लाभ

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) का लक्ष्य पात्र शहरी परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने में सहायता देना है। तकनीकी टीमों के गठन से नगर निकायों को योजना लागू करने में बेहतर सहयोग मिलने की उम्मीद है। इससे आवास निर्माण से जुड़े कामकाज में तेजी लाने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मकान का लाभ पात्रता और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार ही मिलेगा।

पैर, हाथ, पीठ या गर्दन में चढ़ जाती है नस? राहत पाने के लिए करें ये 5 काम

हेल्थ डेस्क। कई बार अचानक पैर, हाथ, पीठ या गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव और तेज दर्द होने लगता है। आम बोलचाल में इसे नस चढ़ना कहा जाता है, हालांकि कई मामलों में इसकी वजह मांसपेशियों में ऐंठन होती है। लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना, मांसपेशियों पर अधिक दबाव पड़ना या शरीर में पानी की कमी इसके संभावित कारण हो सकते हैं। ऐसे में कुछ आसान उपायों से राहत मिल सकती है।

1. धीरे-धीरे स्ट्रेचिंग करें

यदि पैर की मांसपेशी में ऐंठन हो, तो पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। हाथ, पीठ या गर्दन में खिंचाव होने पर भी हल्की स्ट्रेचिंग मददगार हो सकती है। ध्यान रखें कि तेज दर्द होने पर जबरदस्ती खिंचाव न दें।

2. गर्म या ठंडी सिकाई करें

मांसपेशियों में जकड़न होने पर गर्म सिकाई से आराम मिल सकता है। यदि दर्द किसी चोट या सूजन के बाद शुरू हुआ है, तो कपड़े में लपेटकर ठंडी सिकाई की जा सकती है। बर्फ को सीधे त्वचा पर न लगाएं।

3. पर्याप्त पानी पिएं

शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। गर्मी में या शारीरिक मेहनत के दौरान पानी की जरूरत बढ़ सकती है। 

4. लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठें

लगातार बैठकर काम करने या गलत मुद्रा में रहने से गर्दन, पीठ और मांसपेशियों में तनाव हो सकता है। बीच-बीच में उठकर चलें, शरीर की स्थिति बदलें और बैठते समय पीठ व गर्दन को उचित सहारा दें।

5. खानपान और आराम का ध्यान रखें

संतुलित आहार लें, जिसमें फल, सब्जियां, दालें, दूध या अन्य उपयुक्त पोषक खाद्य पदार्थ शामिल हों। पर्याप्त नींद और व्यायाम भी मांसपेशियों को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। डॉक्टर की सलाह के बिना मैग्नीशियम या अन्य सप्लीमेंट लेना शुरू न करें।

कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

यदि ऐंठन बार-बार होती है, लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ सुन्नपन, झनझनाहट अथवा कमजोरी महसूस होती है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। अचानक हाथ-पैर में कमजोरी आदि की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

आज गुरु का तेज असर! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगी कोई बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, सुख-समृद्धि, सौभाग्य और तरक्की का कारक माना जाता है। आज गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को गुरु से जुड़ी ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में अच्छे संकेत मिलने की उम्मीद है। आइए जानते हैं उन चार राशियों के बारे में, जिनके लिए आज का दिन खास हो सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों का सहयोग मिलने और लंबे समय से अटके काम में प्रगति होने की संभावना है। कारोबार करने वालों को किसी नए प्रस्ताव पर विचार करने का मौका मिल सकता है। जल्दबाजी में आर्थिक निर्णय लेने से बचें।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। अधिकारियों से सहयोग मिलने या किसी महत्वपूर्ण काम में जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रह सकता है। यदि आप किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, तो योजना बनाकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

3. धनु राशि

धनु राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं, इसलिए ज्योतिष में इस राशि को गुरु से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। आज शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत योजनाओं में सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर सकते हैं। किसी पुराने परिचित से अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लेना लाभकारी रहेगा।

4. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए आज रचनात्मक कार्यों और नई योजनाओं पर ध्यान देने का अच्छा अवसर हो सकता है। नौकरी में अपने कौशल को दिखाने का मौका मिल सकता है, जबकि कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार के सदस्यों के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रह सकता है।

यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर हलचल तेज! ग्राम प्रधानों के लिए आया बड़ा अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कराने का निर्देश दिया है। इसके बाद ग्राम प्रधान पद के दावेदारों की नजर चुनाव कार्यक्रम, आरक्षण और नामांकन की तारीखों पर टिकी है।

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद तेज होगी तैयारी

14 अक्टूबर 2026 को दिए गए निर्देश में हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और निर्वाचन आयोग को चुनाव की तैयारियां शुरू करने को कहा। अदालत के अनुसार, पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट लंबित होने के आधार पर चुनाव प्रक्रिया को अनिश्चित समय तक नहीं टाला जा सकता। अब चुनाव की समय-सारिणी जारी करने की दिशा में आयोग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

OBC आरक्षण और सूची पर नजर

पंचायत चुनाव में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण को लेकर भी स्थिति अहम बनी हुई है। दी गई जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट ने मौजूदा व्यवस्था के तहत OBC के लिए 27 प्रतिशत आरक्षण को ध्यान में रखते हुए चुनाव कराने का निर्देश दिया है। हालांकि, किस ग्राम पंचायत में प्रधान पद किस श्रेणी के लिए आरक्षित होगा, यह आधिकारिक आरक्षण सूची जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

निवर्तमान प्रधानों को लेकर क्या अपडेट?

चुनाव होने तक निवर्तमान ग्राम प्रधानों के प्रशासक के रूप में काम करने की व्यवस्था भी चर्चा में है। लेकिन यह व्यवस्था निर्वाचित पंचायत का स्थायी विकल्प नहीं है और इससे चुनाव कराने की समयसीमा अपने आप नहीं बढ़ती।

उम्मीदवार इन बातों पर रखें नजर

ग्राम प्रधान पद के दावेदार मतदाता सूची, आरक्षण सूची, नामांकन और मतदान की तारीखों से जुड़ी जानकारी पर नजर रखें। फिलहाल मतदान की तारीखों की आधिकारिक घोषणा होना बाकी है। इसलिए किसी भी तारीख या आरक्षण को अंतिम मानने से पहले राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जरूर जांचें।

RBI का बड़ा एक्शन! इस बैंक के ग्राहक नहीं निकाल पाएंगे ₹5,000 से ज्यादा

न्यूज डेस्क। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए कई प्रतिबंध लगा दिए हैं। बैंक की बिगड़ती वित्तीय स्थिति और नकदी की उपलब्धता को देखते हुए केंद्रीय बैंक ने ग्राहकों के पैसे निकालने की सीमा तय कर दी है। नए निर्देशों के मुताबिक, ग्राहक अपने बचत खाते, चालू खाते या किसी अन्य खाते से अब ₹5,000 से अधिक की रकम नहीं निकाल सकेंगे। ये पाबंदियां 21 अक्टूबर से छह महीने तक लागू रहेंगी।

बैंक पर क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

RBI ने यह फैसला बैंक की मौजूदा वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखते हुए लिया है। केंद्रीय बैंक ने बैंक को नए लोन और एडवांस देने, निवेश करने तथा नई देनदारियां लेने से संबंधित गतिविधियों पर रोक लगाई है। इसके अलावा, बैंक अपनी संपत्तियों को बिना निर्धारित निर्देशों के हस्तांतरित या उनका निपटान भी नहीं कर सकेगा।

इन प्रतिबंधों का असर बैंक के सामान्य कामकाज पर पड़ सकता है। खासकर उन ग्राहकों को परेशानी हो सकती है, जिन्हें अपने खाते से बड़ी रकम निकालने की जरूरत है। हालांकि, RBI के निर्देशों के अनुसार कुछ शर्तों के तहत जमा राशि के बदले बैंक की देनदारी का समायोजन करने की अनुमति दी गई है।

ग्राहकों के जमा पैसों का क्या होगा?

बैंक पर पाबंदियां लगने के बाद ग्राहकों के मन में सबसे बड़ा सवाल उनकी जमा रकम को लेकर है। RBI ने स्पष्ट किया है कि इन निर्देशों का मतलब यह नहीं है कि बैंक का बैंकिंग लाइसेंस रद्द कर दिया गया है। बैंक निर्धारित प्रतिबंधों का पालन करते हुए अपना कामकाज जारी रख सकता है।

इसके साथ ही, पात्र जमाकर्ता जमा बीमा एवं ऋण गारंटी निगम (DICGC) के नियमों के तहत अधिकतम ₹5 लाख तक की जमा बीमा राशि के पात्र हो सकते हैं। हालांकि, बीमा का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के आधार पर मिलता है।

RBI की बैंक पर रहेगी नजर

भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा है कि वह पुडुचेरी को-ऑपरेटिव अर्बन बैंक की वित्तीय स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। आगे बैंक की स्थिति और जमाकर्ताओं के हितों को देखते हुए निर्देशों में बदलाव सहित जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं।

फिलहाल बैंक के ग्राहकों को निकासी की निर्धारित सीमा का ध्यान रखना होगा। यदि किसी ग्राहक को बड़ी रकम की जरूरत है, तो उसे बैंक के मौजूदा निर्देशों और लागू शर्तों की जानकारी लेकर ही आगे की योजना बनानी चाहिए।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, चीनी को लेकर 1 बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर!

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के बीच केंद्र सरकार ने चीनी उद्योग और आयात कारोबार से जुड़े लोगों को राहत दी है। विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने टैरिफ रेट कोटा (TRQ) के तहत कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की समयसीमा दो महीने बढ़ा दी है। इस फैसले के बाद पात्र कारोबारी और चीनी मिलें अब 31 दिसंबर 2026 तक 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी का आयात बिना आयात शुल्क के कर सकेंगे।

31 अक्टूबर की समयसीमा बढ़ाई गई

पहले यह सुविधा 31 अक्टूबर 2026 तक ही उपलब्ध थी। ऐसे में आयातकों और चीनी मिलों के पास अंतरराष्ट्रीय बाजार से माल खरीदने और उसकी आपूर्ति पूरी करने के लिए सीमित समय बचा था। सरकार के नए फैसले से उन्हें दो महीने की अतिरिक्त मोहलत मिल गई है। हालांकि, पिछली अधिसूचना में तय अन्य शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।

क्या है TRQ व्यवस्था?

टैरिफ रेट कोटा यानी TRQ के तहत सरकार किसी वस्तु की एक निश्चित मात्रा को विशेष शर्तों पर शुल्क-मुक्त या कम शुल्क के साथ आयात करने की अनुमति देती है। मौजूदा मामले में यह छूट 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के आयात के लिए है।

कारोबारियों और बाजार को कैसे मिलेगा फायदा?

समयसीमा बढ़ने से पात्र आयातकों और चीनी मिलों को विदेश से कच्ची चीनी मंगाने, शिपमेंट की प्रक्रिया पूरी करने और बंदरगाहों तक माल पहुंचाने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इससे आयात में जल्दबाजी और खेप अटकने का जोखिम कम हो सकता है।

सरकार के इस कदम से चीनी उद्योग को अपनी आपूर्ति व्यवस्था बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, घरेलू बाजार में चीनी की कीमतों पर इसका वास्तविक असर मांग, आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थितियों पर निर्भर करेगा।

बिहार में बनेंगे 2 नए एयरपोर्ट, इन जिलों के लिए आई खुशखबरी!

पटना। बिहार में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने की दिशा में दो नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। सोनपुर (सारण) और अजगैबीनाथ धाम (भागलपुर) में प्रस्तावित हवाई अड्डों के लिए जमीन से जुड़े कामों को गति देने की तैयारी है। इसके लिए नागरिक उड्डयन विभाग ने सलाहकारों की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

जमीन की जांच से लेकर दस्तावेजों तक संभालेंगे जिम्मेदारी

नियुक्त किए जाने वाले सलाहकार प्रस्तावित एयरपोर्ट की जमीन का संयुक्त सर्वेक्षण कराने, उसकी सीमाओं और क्षेत्रफल का आकलन करने तथा मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों की जांच में मदद करेंगे। इसका उद्देश्य जमीन को लेकर संभावित कानूनी विवादों और निर्माण प्रक्रिया में आने वाली अड़चनों को कम करना है।

जमीन खरीदने की प्रक्रिया में भी मिलेगी मदद

एयरपोर्ट के लिए जमीन की खरीद और अधिग्रहण से जुड़े कार्यों को आसान बनाने में भी सलाहकारों की भूमिका होगी। वे जमीन की रजिस्ट्री, राजस्व रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने यानी दाखिल-खारिज और डिजिटल लैंड बैंक में जमीन का विवरण शामिल करने जैसे कामों में सहायता करेंगे।

12 नवंबर तक जमा कर सकते हैं आवेदन

सलाहकारों के चयन के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 12 नवंबर निर्धारित की गई है। पहले यह समयसीमा 22 अक्टूबर थी, जिसे आगे बढ़ाया गया है।

फिलहाल सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम में एयरपोर्ट निर्माण की तैयारी जमीन से जुड़े शुरुआती कार्यों पर केंद्रित है। आगे की प्रक्रिया पूरी होने और परियोजना के अगले चरणों की जानकारी सामने आने के बाद ही इनके निर्माण और संचालन की समयसीमा स्पष्ट हो सकेगी।

45+ पुरुषों के लिए ये 4 फ्रूट्स बेस्ट, जोश और ताकत बनाए रखने में करेंगे मदद

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर में कई बदलाव आते हैं। ऐसे में खानपान पर ध्यान देना बेहद जरूरी हो जाता है। 45 साल की उम्र के बाद डाइट में पौष्टिक फलों को शामिल करने से शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट मिल सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसे 4 फलों के बारे में, जो पुरुषों की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

1. केला

केला ऊर्जा देने वाले कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। यह रोजमर्रा की गतिविधियों और शारीरिक मेहनत के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराने में मदद करता है। इसे नाश्ते या वर्कआउट के बाद खाया जा सकता है।

2. अनार

अनार में एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं। संतुलित आहार का हिस्सा बनने पर यह दिल की सेहत को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसके दाने सीधे खाएं या बिना अतिरिक्त चीनी के सेवन करें।

3. संतरा

संतरा विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता और कोलेजन निर्माण में अहम भूमिका निभाता है। इसमें मौजूद पानी भी शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है। जूस के बजाय साबुत फल खाना बेहतर विकल्प है।

4. सेब

सेब में फाइबर और कई लाभकारी पौध-आधारित यौगिक पाए जाते हैं। यह पाचन को बेहतर बनाए रखने और संतुलित खानपान में मददगार हो सकता है। इसे छिलके सहित अच्छी तरह धोकर खाया जा सकता है।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! लहसुन-प्याज की खेती पर मिलेगी ₹24,000 तक की सब्सिडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के किसानों को लहसुन और प्याज की खेती के लिए ₹24,000 तक का अनुदान मिल सकता है। उद्यान विभाग एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को आर्थिक सहायता देकर इन फसलों की खेती को बढ़ावा दे रहा है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, यह योजना प्रदेश के सभी जिलों के पात्र अनुसूचित जाति के किसानों के लिए लागू है। आवेदन मिलने के बाद निर्धारित नियमों और मानकों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी शर्तें

किसानों को आवेदन करने से पहले पात्रता, खेती के लिए जरूरी भूमि, बीज वितरण और अनुदान से संबंधित नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। यदि किसी जिले में आवेदकों की संख्या उपलब्ध लक्ष्य से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जा सकता है।

लहसुन और प्याज की बाजार में मांग को देखते हुए यह सहायता किसानों की खेती की लागत कम करने और अतिरिक्त आमदनी का अवसर बढ़ाने में मददगार हो सकती है। आवेदन से पहले किसान अपने जिले के उद्यान विभाग से योजना की मौजूदा शर्तों की पुष्टि जरूर कर लें।

23 अक्टूबर को प्रदोष काल में चमकेगी 4 राशियों की किस्मत! मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

Pradosh Kaal 23 October 2026: प्रदोष काल का विशेष महत्व माना जाता है। यह समय भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। 23 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार है और इस दिन प्रदोष काल के दौरान शिव पूजा करने की परंपरा के अनुसार भक्त सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर मेष, वृषभ, सिंह और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक उम्मीदें लेकर आ सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कामकाज में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा होने की उम्मीद है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में राहत मिलने की उम्मीद रह सकती है। आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और लंबे समय से रुके कामों को पूरा करने की दिशा में प्रगति हो सकती है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। कारोबार में नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रह सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने से भविष्य में लाभ की संभावना बढ़ सकती है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।