वाणावर पर्वत (जहानाबाद) में आसान होगी चढ़ाई
जहानाबाद के वाणावर पर्वत पर लगभग 24 करोड़ रुपये की लागत से रोप-वे का निर्माण किया गया है। इस परियोजना के पूरा होने से लगभग 100 फीट ऊंची पहाड़ी की चोटी तक पहुंचना अब बेहद आसान हो जाएगा। पहले जहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को कठिन चढ़ाई करनी पड़ती थी, अब वह यात्रा कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी।
गया के प्रेतशिला पर्वत पर श्रद्धालुओं को राहत
गया जिले का प्रेतशिला पर्वत पितृपक्ष के दौरान विशेष धार्मिक महत्व रखता है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। अब तक लोगों को 600 से अधिक सीढ़ियाँ चढ़कर ऊपर जाना पड़ता था, लेकिन रोप-वे शुरू होने के बाद यह यात्रा सरल और सुविधाजनक हो जाएगी।
सुरक्षा जांच के बाद होगी शुरुआत
दोनों रोप-वे परियोजनाओं को शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों की जांच और ट्रायल किया जाएगा। इसके बाद ही इन्हें पर्यटकों के लिए खोला जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की तकनीकी कमी नहीं छोड़ी जाएगी।
कैमूर और ब्रह्मयोनि पर्वत पर भी योजना
कैमूर जिले के मुंडेश्वरी पर्वत पर भी रोप-वे निर्माण की योजना है, हालांकि इसके डिजाइन में कुछ संशोधन के बाद काम शुरू किया जाएगा। वहीं गया के ब्रह्मयोनि पर्वत पर भी रोप-वे परियोजना को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, साथ ही पार्किंग और अन्य सुविधाओं के विकास पर भी जोर दिया जा रहा है।
पर्यटन को मिलेगा नया आयाम
आपको बता दें की राज्य में पहले से ही राजगीर और बांका में रोप-वे की सुविधा उपलब्ध है। अब इन नई परियोजनाओं के जुड़ने से बिहार का पर्यटन ढांचा और मजबूत होगा, जिससे न सिर्फ पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा। साथ ही ये रोप-वे परियोजना बिहार में धार्मिक और प्राकृतिक पर्यटन को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होंगी।






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