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बिहार में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के पटना में रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। बिहार सरकार ने राजधानी की सबसे व्यस्त सड़कों में शामिल नेहरू पथ के चौड़ीकरण की योजना को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में डाकबंगला चौराहा से रूकनपुरा तक सड़क को चौड़ा करने के प्रस्ताव को हरी झंडी दी गई।

39.80 करोड़ रुपये से होगा काम

इस सड़क के चौड़ीकरण पर करीब 39.80 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सड़क का विस्तार होने के बाद इस रूट पर वाहनों की आवाजाही पहले के मुकाबले बेहतर होने की उम्मीद है। इससे ऑफिस जाने वाले लोगों, छात्रों और रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को खास फायदा मिल सकता है। डाकबंगला चौराहा से रूकनपुरा तक का इलाका पटना के प्रमुख व्यस्त मार्गों में आता है। यहां पीक ऑवर में अक्सर वाहनों का दबाव बढ़ जाता है। ऐसे में सड़क चौड़ी होने से जाम की समस्या कम करने में मदद मिल सकती है।

धनौत में बनेगा नया पहुंच मार्ग

कैबिनेट ने दानापुर अंचल के धनौत मौजा में एक नए अप्रोच रोड के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह मार्ग जवाहर लाल नेहरू पथ से दक्षिण दिशा की ओर बनाया जाएगा। इसके लिए रेलवे की करीब 1.5587 एकड़ जमीन पथ निर्माण विभाग को स्थायी रूप से देने का फैसला हुआ है। इस जमीन की कीमत करीब 10.31 करोड़ रुपये निर्धारित की गई है। नया पहुंच मार्ग बनने से आसपास के लोगों को मुख्य सड़क तक आने-जाने में सुविधा होगी।

पटना के इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस

कैबिनेट बैठक में सड़क और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कुल 27 प्रस्तावों को मंजूरी मिली है। इनमें पटना में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने वाली योजनाओं पर भी जोर दिया गया। इसके साथ ही सरकारी कामकाज को डिजिटल बनाने के लिए ई-कैबिनेट प्रणाली लागू करने के लिए 2.75 करोड़ रुपये की अग्रिम राशि को भी स्वीकृति दी गई। सरकार के इन फैसलों से राजधानी में सड़क व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी आने की उम्मीद है।

बिहार वालों सावधान! 7 जिलों में भारी बारिश का खतरा, 18 जिलों में मौसम विभाग का अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। पिछले दो दिनों से कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है। लगातार पानी बरसने से नदियों के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हुई है। गंगा समेत कई नदियों के उफान पर होने से निचले इलाकों में परेशानी बढ़ सकती है।

मौसम विभाग ने राज्य के 7 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ हवाएं चलने की संभावना है।

वहीं, 18 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, अरवल, औरंगाबाद, गया, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई, बांका और सहरसा में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और आसपास सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बिहार में बारिश का सिलसिला बढ़ा है। इस दौरान कुछ जगहों पर करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

हालांकि बारिश के बावजूद तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है, जिससे उमस बनी रह सकती है। राज्य में अब तक सामान्य से करीब 36 फीसदी कम बारिश हुई है।

भारत-रूस ने किया कमाल, अमेरिका की उड़ी नींद, चीन सन्न!

नई दिल्ली। भारत और रूस ने आपसी कारोबार में स्थानीय मुद्राओं को बढ़ावा देकर बड़ा बदलाव किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों देशों के करीब 96 फीसदी व्यापारिक भुगतान अब रुपये और रूबल में किए जा रहे हैं। इससे डॉलर पर निर्भरता घटाने में मदद मिल रही है।

भारत-रूस का कारोबार 2024 में करीब 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना इस बढ़ोतरी की बड़ी वजह रहा। हालांकि 2025 में प्रतिबंधों के कारण व्यापार प्रभावित हुआ, लेकिन 2026 की पहली छमाही में फिर तेजी देखने को मिली।

आपको बता दें की इस भुगतान व्यवस्था में रूस के 22 और भारत के 17 बैंक शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 90 फीसदी लेन-देन 10 मिनट के भीतर पूरे हो जाते हैं, जबकि आधे से ज्यादा भुगतान एक मिनट से भी कम समय में निपट रहे हैं।

अब दोनों देश कारोबार को 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने की दिशा में काम कर रहे हैं। तेल के अलावा भारत रूस से कोयला, खाद और अन्य उत्पाद खरीदता है, जबकि रूस को भारत मशीनरी, दवाएं, रसायन और कृषि उत्पाद भेजता है।

भारत-रूस का बड़ा कदम, डॉलर हुआ कमजोर, अमेरिका के उड़े होश!

नई दिल्ली। अमेरिका की पाबंदियों और व्यापारिक दबाव के बीच भारत और रूस के आर्थिक रिश्तों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। दोनों देशों के बीच कारोबार में अब डॉलर पर निर्भरता लगातार घट रही है। रूस के एक वरिष्ठ बैंक अधिकारी के मुताबिक, भारत-रूस व्यापार में करीब 96 फीसदी भुगतान रुपये और रूबल में किया जा रहा है।

90 फीसदी लेनदेन 10 मिनट में

रूस के प्रमुख बैंक स्बेरबैंक की भारतीय इकाई के प्रमुख इवान नोसोव के अनुसार, दोनों देशों के बीच भुगतान व्यवस्था अब काफी मजबूत हो चुकी है। करीब 90 फीसदी ट्रांजैक्शन 10 मिनट के भीतर पूरे हो जाते हैं, जबकि आधे से अधिक भुगतान एक मिनट से भी कम समय में प्रोसेस हो जाते हैं। इस व्यवस्था में 22 रूसी और 17 भारतीय बैंक जुड़े हुए हैं।

यूक्रेन युद्ध के बाद बढ़ा कारोबार

यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद भारत और रूस के बीच व्यापार में तेजी आई। 2024 में दोनों देशों का कारोबार करीब 70 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। भारत ने इस दौरान रूस से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल खरीदा। पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी तेल अपेक्षाकृत आकर्षक कीमतों पर उपलब्ध हुआ, जिससे भारतीय खरीदारों को फायदा मिला।

रुपये के जमा होने की समस्या भी संभली

स्थानीय मुद्रा में व्यापार बढ़ाने के दौरान दोनों देशों के सामने रुपये के ज्यादा जमा होने की चुनौती आई थी। भारत रूस से ज्यादा आयात कर रहा था, जबकि रूस को भारत से उतना निर्यात नहीं हो रहा था। इससे रूसी कारोबारियों के पास रुपये जमा होने लगे। अब बैंकिंग नेटवर्क और भुगतान व्यवस्था में सुधार के जरिए इस समस्या को काफी हद तक संभालने की कोशिश की गई है।

भारत और रूस के बीच स्थानीय मुद्राओं में बढ़ता कारोबार वैश्विक भुगतान व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत माना जा रहा है। इससे दोनों देशों को डॉलर आधारित भुगतान तंत्र पर अपनी निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।

योगी सरकार का बड़ा कदम, बेटियों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बेटियों को शिक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए योगी सरकार लगातार योजनाओं और सुविधाओं पर जोर दे रही है। इसी कड़ी में राजधानी लखनऊ के खुन खुन जी गर्ल्स पीजी कॉलेज में राज्य स्तरीय युवा महोत्सव 'हौसलों की उड़ान-2026' का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं ने खेल, संस्कृति और शिक्षा के क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

बेटियों को मिलेंगी ये 4 बड़ी सौगात

1. प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी: आर्थिक रूप से कमजोर और मेधावी विद्यार्थियों के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत मुफ्त कोचिंग जारी है। कॉलेज की कोचिंग से तैयारी करने वाले अब तक 80 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हो चुका है।

2. अत्याधुनिक कंप्यूटर लैब: उत्तर प्रदेश में छात्राओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए कॉलेज में आधुनिक कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएगी। यहां इंटरनेट, ऑनलाइन पढ़ाई की सामग्री और मॉक टेस्ट जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

3. शिक्षा और तकनीक पर जोर: सरकार का उद्देश्य बेटियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ तकनीकी ज्ञान और डिजिटल संसाधनों से भी जोड़ना है, ताकि वे बदलते रोजगार बाजार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

4. आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा: महोत्सव के दौरान छात्राओं की उपलब्धियों की सराहना करते हुए समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने कहा कि प्रदेश की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए तैयार हैं। सरकार उनके हुनर और आत्मविश्वास को आवश्यक संसाधनों से मजबूत करने का प्रयास कर रही है।

इस पहल से छात्राओं को पढ़ाई के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग के लिए नया शेड्यूल जारी, केंद्रीय कर्मचारियों को खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। आयोग ने सितंबर और अक्टूबर 2026 में होने वाली बैठकों और दौरों का कार्यक्रम जारी किया है। इन बैठकों के दौरान अलग-अलग शहरों में केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, यूनियनों, पेंशनर्स और अन्य संबंधित पक्षों से बातचीत की जाएगी।

आयोग इन मुलाकातों में वेतन, भत्ते और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर सुझाव और मांगें सुनेगा। इसका उद्देश्य विभिन्न कर्मचारी वर्गों की वास्तविक समस्याओं और अपेक्षाओं को समझना है, ताकि इन्हें आयोग की सिफारिशों में शामिल करने पर विचार किया जा सके।

सितंबर में तीन शहरों का दौरा

आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक सितंबर में चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में बैठकें प्रस्तावित हैं। चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को बैठक होगी, जबकि 9 सितंबर को पुडुचेरी में चर्चा की जाएगी। इसके बाद 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में बैठकें आयोजित होंगी।

अक्टूबर में बेंगलुरु पहुंचेगा आयोग

अक्टूबर में आयोग का कार्यक्रम बेंगलुरु में रहेगा। यहां 7 और 8 अक्टूबर को संबंधित पक्षों के साथ बैठकें होंगी। इन दौरों के जरिए आयोग अलग-अलग क्षेत्रों के कर्मचारियों और संगठनों से सीधे सुझाव जुटा रहा है।

मुंबई में रेलवे कर्मचारियों से भी बातचीत

मुंबई को लेकर भी आयोग की योजना है। यहां सेंट्रल रेलवे के कर्मचारियों और अधिकारियों से बातचीत के साथ उनके कामकाज से जुड़ी परिस्थितियों को समझने की तैयारी है। हालांकि मुंबई दौरे की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

2027 तक आ सकती है इसका पूरा रिपोर्ट

8वें केंद्रीय वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों को वेतन और भत्तों में बदलाव की काफी उम्मीदें हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में इसकी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक सरकार को सौंपे जाने की संभावना है। रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार आयोग की सिफारिशों का अध्ययन करेगी और उनके आधार पर आगे फैसला लिया जाएगा। फिलहाल कर्मचारियों की नजर आयोग की बैठकों और इनमें सामने आने वाले सुझावों पर बनी हुई है।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य के सितारे! जन्माष्टमी पर 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। जन्माष्टमी को भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस पावन अवसर पर कुछ राशियों के लिए ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति शुभ परिणाम देने वाली हो सकती है। ऐसे में इन जातकों को करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

मेष राशि: 

जन्माष्टमी के आसपास मेष राशि वालों के लिए तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ पद और प्रतिष्ठा में भी इजाफा होने के संकेत हैं। कारोबारियों को कोई अच्छा अवसर मिल सकता है।

वृषभ राशि: 

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक लिहाज से समय अच्छा रह सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की उम्मीद बन सकती है। निवेश से लाभ के अवसर मिलेंगे, हालांकि बड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

सिंह राशि: 

सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। आपकी मेहनत और काम की सराहना होगी। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और कोई शुभ समाचार मिल सकता है। धन से जुड़ी परेशानियां भी धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं।

तुला राशि: 

जन्माष्टमी तुला राशि के जातकों के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकती है। नौकरी बदलने या नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे लोगों को बेहतर अवसर मिल सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मीन राशि: 

मीन राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ पाने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। कारोबार में लाभ और नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

यूपी में इन जमीनों का होगा सर्वे, योगी सरकार का आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नजूल संपत्तियों को लेकर योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई प्रवर समिति की पहली बैठक में प्रदेशभर की नजूल जमीनों और उनसे जुड़ी संपत्तियों का नए सिरे से सर्वे कराने का फैसला लिया गया। अधिकारियों को एक महीने के भीतर इसकी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि कितनी नजूल संपत्तियों पर अवैध कब्जा है, कितनी जमीन फ्रीहोल्ड हो चुकी है और कितने मामले अदालतों में लंबित हैं। आवास एवं शहरी नियोजन विभाग को पूरी जानकारी जुटाकर रिपोर्ट तैयार करनी होगी। इसके बाद प्रवर समिति की अगली बैठक में रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।

करीब दो लाख करोड़ की संपत्ति का अनुमान

प्रदेश में लगभग 75 हजार एकड़ नजूल भूमि होने का अनुमान है, जिसकी कीमत करीब दो लाख करोड़ रुपये बताई जा रही है। प्रयागराज, लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, वाराणसी समेत कई बड़े शहरों में नजूल संपत्तियां मौजूद हैं। प्रयागराज के सिविल लाइंस क्षेत्र में भी बड़ी संख्या में ऐसी जमीनें बताई जाती हैं।

अवैध कब्जों पर भी होगी नजर

सरकार का फोकस नजूल जमीनों के अवैध इस्तेमाल और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे पर है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सर्वे के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी न हो। साथ ही नजूल संपत्तियों से जुड़े लंबित मुकदमों और पुराने रिकॉर्ड का भी पूरा ब्योरा तैयार किया जाएगा।

कानून में संशोधन की तैयारी

नजूल संपत्ति विधेयक-2024 पहले विधानसभा से पारित हो चुका है, लेकिन विधान परिषद में इसे प्रवर समिति के पास भेज दिया गया था। समिति में मिले सुझावों और नए सर्वे के आधार पर विधेयक में संशोधन किया जा सकता है। संशोधित प्रस्ताव को आगामी शीतकालीन सत्र में विधान परिषद के सामने रखने की संभावना है।

सरकार का उद्देश्य नजूल भूमि को निजी हितों के बजाय विकास और सार्वजनिक उपयोग में लाना बताया जा रहा है। वहीं, विपक्ष इस कानून को लेकर सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे में नए सर्वे और प्रस्तावित संशोधन के बाद नजूल संपत्तियों को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

45+ पुरुषों के लिए जरूरी खबर! हर साल कराएं ये 5 हेल्थ टेस्ट, सेहत पर रखें पैनी नजर

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। खासकर 45 साल के बाद पुरुषों में ब्लड प्रेशर, शुगर, कोलेस्ट्रॉल और प्रोस्टेट से जुड़ी परेशानियों का जोखिम बढ़ सकता है। कई बार इन समस्याओं के शुरुआती संकेत साफ दिखाई भी नहीं देते। ऐसे में नियमित हेल्थ चेकअप से शरीर की स्थिति पर नजर रखने में मदद मिल सकती है।

1. ब्लड प्रेशर टेस्ट

हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर बिना लक्षण वाली समस्या माना जाता है। इसलिए 45 की उम्र के बाद नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराना जरूरी है। लगातार बीपी बढ़ा हुआ मिलने पर डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

2. ब्लड शुगर टेस्ट

डायबिटीज का पता लगाने के लिए फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे टेस्ट उपयोगी होते हैं। वजन बढ़ना, परिवार में डायबिटीज का इतिहास या पहले से शुगर की समस्या होने पर जांच की जरूरत और महत्वपूर्ण हो जाती है।

3. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

लिपिड प्रोफाइल के जरिए शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड के स्तर की जानकारी मिलती है। बढ़ा हुआ LDL कोलेस्ट्रॉल हृदय रोग के जोखिम से जुड़ा हो सकता है, इसलिए नियमित जांच फायदेमंद रहती है।

4. प्रोस्टेट की जांच

45 के बाद पुरुषों को प्रोस्टेट स्वास्थ्य को लेकर डॉक्टर से चर्चा करनी चाहिए। PSA टेस्ट कुछ पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन इसे हर व्यक्ति के लिए हर साल कराना जरूरी नहीं होता। PSA टेस्ट की जरूरत और सही उम्र व्यक्ति के जोखिम के आधार पर डॉक्टर तय करते हैं।

5. आंखों और नजर की जांच

उम्र के साथ नजर से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। नियमित आंखों की जांच से दृष्टि संबंधी बदलावों के साथ ग्लूकोमा जैसी समस्याओं की पहचान में भी मदद मिल सकती है।

सिर्फ टेस्ट ही नहीं, लाइफस्टाइल भी जरूरी

45 के बाद केवल मेडिकल टेस्ट कराना ही पर्याप्त नहीं है। संतुलित भोजन, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद, धूम्रपान से दूरी और वजन को नियंत्रित रखना भी महत्वपूर्ण है। अगर किसी जांच में असामान्य परिणाम आता है तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर की सलाह लेना बेहतर है।

गणेश चतुर्थी पर बनेंगे 5 शुभ योग! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। वर्ष 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी और 10 दिवसीय गणेशोत्सव का समापन 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के विसर्जन के साथ होगा। इस दिन कई शुभ योगों का संयोग बनने की बात कही जा रही है। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार रवि योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत योग जैसे शुभ संयोग गणपति पूजा, नए काम की शुरुआत और महत्वपूर्ण फैसलों के लिए अनुकूल माने जाते हैं। इसके अलावा इस अवधि में लक्ष्मी नारायण और गजकेसरी जैसे योगों का प्रभाव भी रहेगा।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

मिथुन राशि: नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

कर्क राशि: रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल और धन से जुड़े मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।

सिंह राशि: करियर में नई जिम्मेदारी या उपलब्धि मिल सकती है। कारोबार करने वालों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

कन्या राशि: आय के नए स्रोत बनने और आर्थिक योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी के साथ आगे बढ़ना लाभदायक रह सकता है।

मकर राशि: नौकरी और व्यापार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। पुरानी आर्थिक परेशानी कम होने और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का समय अनुकूल माना जा सकता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह समय इन राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है। हालांकि किसी भी निर्णय को केवल राशि के आधार पर लेने के बजाय अपनी परिस्थितियों और विशेषज्ञ सलाह को भी ध्यान में रखना चाहिए।

बिहार के इस जिले में बनेगा मेडिकल कॉलेज, लोगों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार के अरवल जिले के लोगों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। जिले में सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल बनाने की दिशा में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके लिए करपी अंचल में 25 एकड़ जमीन स्वास्थ्य विभाग को स्थायी रूप से उपलब्ध कराने की मंजूरी दे दी गई है।

स्वास्थ्य व्यवस्था को मिलेगा नया आधार

मेडिकल कॉलेज बनने से अरवल और आसपास के क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार होने की उम्मीद है। फिलहाल गंभीर इलाज या विशेषज्ञ डॉक्टरों की जरूरत पड़ने पर मरीजों को दूसरे बड़े शहरों का रुख करना पड़ता है। ऐसे में जिले में ही मेडिकल कॉलेज-अस्पताल की सुविधा मिलने से लोगों को काफी राहत मिल सकती है।

पढ़ाई के साथ इलाज की सुविधा

सरकारी मेडिकल कॉलेज बनने के बाद यहां चिकित्सा शिक्षा के अवसर भी बढ़ेंगे। इसके साथ अस्पताल शुरू होने पर मरीजों को विशेषज्ञ उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।

करपी में तैयार होगा नया परिसर

सरकार की मंजूरी के बाद अब करपी अंचल में चिन्हित 25 एकड़ जमीन पर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। परियोजना के धरातल पर आने के बाद इसका लाभ अरवल के साथ आसपास के इलाकों के लोगों को भी मिलने की उम्मीद है।

जिले में मेडिकल कॉलेज की स्थापना को स्थानीय स्वास्थ्य ढांचे के लिए अहम कदम माना जा रहा है। इससे आने वाले समय में इलाज के साथ-साथ मेडिकल शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

बिहार के छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! 5 साल और जारी रहेगी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा का सपना देखने वाले छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का फैसला किया है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक मदद पाने का रास्ता खुला रहेगा।

2031 तक मिलेगा योजना का लाभ

सरकार की मंजूरी के बाद यह योजना वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चलती रहेगी। यानी अगले पांच साल तक पात्र छात्र इस योजना के तहत शिक्षा ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के उन विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए सहायता देना है, जो पैसों की कमी के कारण आगे की पढ़ाई जारी रखने में परेशानी महसूस करते हैं।

4 लाख रुपये तक शिक्षा ऋण

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत छात्रों को अधिकतम 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने का प्रावधान पहले की तरह जारी रहेगा। इस राशि का इस्तेमाल उच्च शिक्षा से जुड़े खर्चों को पूरा करने के लिए किया जा सकता है। योजना के आगे बढ़ने से बिहार के छात्रों को कॉलेज और उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई जारी रखने के लिए वित्तीय सहायता का विकल्प मिलता रहेगा।

हजारों छात्रों को मिल सकती है राहत

इस फैसले से खासकर ऐसे विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है, जिनके परिवार अपनी आय के दम पर उच्च शिक्षा का पूरा खर्च उठाने में सक्षम नहीं हैं। सरकार की यह पहल छात्रों को पढ़ाई बीच में छोड़ने से रोकने और उच्च शिक्षा तक उनकी पहुंच बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

हालांकि, ऋण लेने से पहले छात्रों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक नियमों के अनुसार जरूर जांचनी चाहिए।

बिहार में शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी, आरक्षण कोटे की जांच में मचा हड़कंप

न्यूज डेस्क। बिहार में शिक्षक नियुक्ति से जुड़े आरक्षण नियमों के कथित गलत इस्तेमाल को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्ती शुरू कर दी है। बीपीएससी की शिक्षक भर्ती परीक्षा के अलग-अलग चरणों यानी TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के जरिए नियुक्त हुए दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

मुजफ्फरपुर जिले में अब तक कुढ़नी, गायघाट और मुशहरी प्रखंड के दो दर्जन से ज्यादा शिक्षकों को नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित शिक्षकों से सात दिनों के भीतर अपना पक्ष और उससे जुड़े प्रमाण देने को कहा गया है।

आरक्षित पद पर चयन को लेकर उठे सवाल

विभाग की जांच में ऐसे मामले सामने आने की बात कही गई है, जिनमें बिहार से बाहर के पते वाले अभ्यर्थियों का चयन आरक्षित श्रेणी के पदों पर हुआ। इनमें सामान्य महिला कोटे के अलावा जाति आधारित आरक्षण और दिव्यांग श्रेणी से जुड़े मामले भी बताए जा रहे हैं।

सभी प्रखंडों से मांगा गया रिकॉर्ड

मामले को लेकर जिले के सभी प्रखंडों और नगर क्षेत्र के विद्यालयों से TRE के तीनों चरणों में नियुक्त शिक्षकों की जानकारी जुटाई जा रही है। स्कूल प्रधानाध्यापकों से दूसरे राज्यों के निवासियों के नाम, पता और संबंधित राज्य समेत अन्य विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है। अभी तीन प्रखंडों से मिली जानकारी के आधार पर संबंधित शिक्षकों को नोटिस भेजे गए हैं। दूसरे क्षेत्रों से रिकॉर्ड आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ सकता है।

जवाब संतोषजनक नहीं हुआ तो कार्रवाई 

विभाग ने साफ किया है कि शिक्षकों का जवाब केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दस्तावेजों और प्रमाणों पर आधारित होना चाहिए। अगर जांच में आरक्षण का गलत लाभ लेने की पुष्टि होती है या जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें सेवा समाप्ति भी शामिल हो सकती है।

BPSC से भी मांगा जाएगा इसका स्पष्टीकरण

पूरे मामले में शिक्षा विभाग बीपीएससी और शिक्षा निदेशालय से भी मार्गदर्शन लेने की तैयारी में है। खास तौर पर यह स्पष्ट किया जाएगा कि संबंधित अभ्यर्थियों का रिजल्ट आरक्षित श्रेणी में किस आधार पर जारी हुआ और नियुक्ति के दौरान कौन से नियम लागू किए गए थे। इन संस्थाओं से मिलने वाले दिशा-निर्देश और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही शिक्षकों के खिलाफ अंतिम कार्रवाई तय की जाएगी।

SSC JE Recruitment 2026: 1748 पदों पर आई भर्ती, ऐसे करें आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए अच्छी खबर है। स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने जूनियर इंजीनियर भर्ती परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए विभिन्न विभागों में कुल 1,748 पदों को भरा जाएगा। इनमें सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल समेत अलग-अलग तकनीकी पद शामिल हैं।

2 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

SSC JE 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 2 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 22 सितंबर 2026 तक अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती की पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी जाती है।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में जूनियर इंजीनियर के अलग-अलग पद शामिल हैं। इनमें JE Civil, JE Electrical, JE Mechanical, JE Electrical & Mechanical और JE Telecom जैसे पद हैं। इसके अलावा संबंधित विभाग में Scientific Assistant (IMD) का पद भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल है। सभी पद ग्रुप-B श्रेणी के हैं और पे लेवल-6 के तहत आते हैं। हालांकि, घोषित 1,748 पदों की संख्या फिलहाल टेंटेटिव यानी संभावित है और इसमें बदलाव हो सकता है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वेबसाइट पर भर्ती से संबंधित लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद जरूरी दस्तावेज और निर्धारित शुल्क से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करके फॉर्म सबमिट करना होगा। फॉर्म जमा करने के बाद उसका प्रिंट या डिजिटल कॉपी सुरक्षित रखना बेहतर रहेगा, ताकि भविष्य में जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल किया जा सके।

आवेदन की जरूरी तारीखें

भर्ती: SSC JE Examination 2026

कुल पद: 1,748 (संभावित)

आवेदन शुरू: 2 सितंबर 2026

अंतिम तारीख: 22 सितंबर 2026

आवेदन माध्यम: ऑनलाइन

पद श्रेणी: ग्रुप-B, लेवल-6

आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, देश के 100 शहरों के लिए आई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में हवाई कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए केंद्र सरकार ने अगले एक दशक के लिए बड़ा प्लान तैयार किया है। सरकार की योजना के तहत आने वाले 10 वर्षों में करीब 100 नए हवाई अड्डे विकसित किए जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना पर लगभग 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

यह विस्तार मुख्य रूप से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसके जरिए छोटे शहरों, पहाड़ी इलाकों और दूर-दराज के क्षेत्रों को देश के बड़े विमानन केंद्रों से जोड़ने पर जोर रहेगा।

12 साल में दोगुने से ज्यादा हुआ नेटवर्क

केंद्रीय नागरिक विमानन मंत्री के. राममोहन नायडू के मुताबिक, वर्ष 2014 में देश में 74 हवाई अड्डे ही परिचालन में थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 166 तक पहुंच चुकी है। सरकार का कहना है कि बीते वर्षों में विमानन ढांचे के विस्तार से देश के कई नए इलाके हवाई सेवा के नक्शे पर आए हैं। अब अगला लक्ष्य सिर्फ महानगरों तक सीमित नहीं रहेगा। टियर-2 और टियर-3 शहरों के अलावा सीमावर्ती क्षेत्रों, पहाड़ी इलाकों और द्वीपों तक हवाई नेटवर्क पहुंचाने की तैयारी है।

'उड़ान' योजना को मिलेगा विस्तार

इस परियोजना को संशोधित उड़ान योजना के तहत आगे बढ़ाया जाएगा। योजना को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू करने की मंजूरी दी गई है। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से करीब 28,840 करोड़ रुपये से 30,000 करोड़ रुपये तक का बजट प्रस्तावित है। इसका मकसद उन शहरों और क्षेत्रों में हवाई सेवाएं पहुंचाना है जहां अभी विमान से यात्रा के विकल्प सीमित हैं। नए एयरपोर्ट बनने से स्थानीय लोगों के साथ व्यापार और पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

अहमदाबाद से जुड़ा नया कनेक्शन मॉडल

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर 'हब एंड स्पोक' मॉडल की शुरुआत भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इस व्यवस्था में छोटे शहरों से आने वाले यात्रियों को बड़े हवाई अड्डों तक पहुंचाकर वहां से घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का कनेक्शन उपलब्ध कराया जाता है।

इससे छोटे शहरों के यात्रियों को अंतरराष्ट्रीय सफर के लिए बार-बार अलग-अलग साधन तलाशने की जरूरत कम होगी। खासकर गुजरात जैसे राज्यों के उन परिवारों और यात्रियों को फायदा मिल सकता है, जिनका विदेशों से लगातार आना-जाना रहता है।

यूपी में 'स्वाइन फ्लू' का बढ़ा खतरा, 6 मरीजों की रिपोर्ट आई पॉजिटिव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मौसम बदलने के साथ फ्लू और वायरल संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी बीच स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के नए मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को 6 मरीजों की जांच में संक्रमण की पुष्टि हुई। इसके बाद पिछले 33 दिनों में राजधानी में सामने आए स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या 27 हो गई है।

अस्पतालों में बढ़ी मरीजों की भीड़

स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, इन दिनों अस्पतालों की ओपीडी में सर्दी, खांसी और बुखार की शिकायत लेकर पहुंचने वाले मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में करीब चार गुना तक बढ़ी है। बारिश के बाद बढ़ी उमस और मौसम में लगातार बदलाव को इसके पीछे एक वजह माना जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी और निजी अस्पतालों को फ्लू जैसे लक्षण वाले मरीजों पर नजर रखने और जरूरत के अनुसार जांच कराने के निर्देश दिए हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लेकर विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

H1N1 संक्रमण में तेज बुखार, खांसी, गले में परेशानी, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और ज्यादा कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। शुरुआती दौर में ये लक्षण सामान्य वायरल बुखार से मिलते-जुलते हो सकते हैं, इसलिए लगातार परेशानी रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

विशेषज्ञों के अनुसार अगर बुखार और खांसी के साथ सांस लेने में परेशानी, सीने में दर्द, बेहोशी, ब्लड प्रेशर गिरना, होंठ या नाखून नीले पड़ना अथवा खून वाला बलगम जैसे संकेत दिखाई दें तो स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसे मरीजों में डॉक्टर की सलाह पर आरटी-पीसीआर जैसी जांच कराई जा सकती है।

यूपी सरकार ने खोला पिटारा, युवाओं के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। योगी सरकार ने प्रदेश के युवाओं के लिए लगातार पांच बड़े फैसले किए हैं। इन फैसलों का असर पढ़ाई, तकनीकी सुविधा, सरकारी नौकरी, मेडिकल इंटर्नशिप और आउटसोर्स कर्मचारियों की नौकरी व मानदेय पर पड़ेगा।

1 .25 लाख युवाओं को मिलेंगे टैबलेट

स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तीकरण योजना के तहत 25 लाख टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पात्र स्नातक, परास्नातक, डिप्लोमा और कौशल विकास पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों को ये टैबलेट मुफ्त दिए जाएंगे।

2 .3.16 लाख छात्रों की फीस का रास्ता साफ

वर्ष 2025-26 में तकनीकी और प्रक्रियागत कारणों से छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित 3,16,057 विद्यार्थियों को राहत देने की तैयारी है। सरकार इनके लिए पोर्टल दोबारा खोलकर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करेगी।

3 .एडीओ पंचायत बनने का सीधा मौका

सरकार ने सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) के पदों की भर्ती व्यवस्था में बदलाव किया है। अब इन पदों में 50 फीसदी सीधी भर्ती से भरे जाएंगे। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का नया अवसर बनेगा।

4 .मेडिकल इंटर्न का भत्ता दोगुने से ज्यादा

सरकारी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में एमबीबीएस व बीडीएस की इंटर्नशिप कर रहे युवाओं का मासिक भत्ता 12 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है। इससे मेडिकल इंटर्न को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

5 .आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत

यूपी आउटसोर्सिंग सेवा निगम की शुरुआत के साथ करीब साढ़े तीन लाख आउटसोर्स कर्मियों के लिए नई व्यवस्था लागू की गई है। अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार 20 हजार से 40 हजार रुपये तक मानदेय तय किया गया है। कर्मचारियों को हर महीने की 5 तारीख तक भुगतान, ईपीएफ-ईएसआई और अन्य सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं देने का प्रावधान किया गया है।

बिहारवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने खोला सौगातों का पिटारा

पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों का असर छात्रों, सड़क यात्रियों, स्वास्थ्य व्यवस्था, उद्योग और शहरी विकास समेत कई क्षेत्रों पर पड़ेगा। इनमें से पांच फैसले खास तौर पर चर्चा में हैं।

1. अरवल में बनेगा मेडिकल कॉलेज

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए अरवल में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित करने के लिए 25 एकड़ सरकारी जमीन स्वास्थ्य विभाग को देने की मंजूरी मिली है। इससे जिले में चिकित्सा शिक्षा और इलाज की सुविधाएं बढ़ने की उम्मीद है।

2. छात्रों के लिए क्रेडिट कार्ड योजना जारी

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना को अगले पांच साल के लिए बढ़ा दिया गया है। 2026-27 से 2030-31 तक विद्यार्थी इसका लाभ उठा सकेंगे। योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

3. बड़े पुलों और सड़कों पर टोल की तैयारी

सरकार ने राज्य के प्रमुख पुलों और सड़कों पर टोल व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। पहले चरण में 47 बड़े पुलों और 55 राज्य उच्च पथों का अध्ययन कराया जाएगा। ट्रैफिक सर्वे के बाद टोल प्लाजा और फास्टैग आधारित वसूली की व्यवस्था तैयार की जाएगी।

4. बरौनी में विकसित होगा औद्योगिक क्षेत्र

बेगूसराय के बरौनी में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए करीब 700 एकड़ सरकारी जमीन उद्योग विभाग को उपलब्ध कराने का फैसला लिया गया है। इससे नए उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ाने की कोशिश होगी।

5. शहरों और पशुपालन को भी मिलेगी रफ्तार

राज्य के नगर निकायों के लिए 9,169 करोड़ रुपये उपलब्ध कराने का फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना को भी 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दी गई है। इसके अलावा पशुपालन क्षेत्र में महिला सहकारी संघ, हिफर पालन केंद्र और पशु अस्पतालों से जुड़े कई प्रस्तावों को भी हरी झंडी मिली है।

महिला कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! योगी सरकार ने लिया फैसला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने प्रसूति अवकाश से जुड़े नियम में बदलाव करते हुए पिछली प्रसूति छुट्टी के बाद अगली छुट्टी के लिए जरूरी दो साल की अवधि की शर्त को खत्म कर दिया है। इस फैसले से उन महिला कर्मचारियों को राहत मिलेगी, जिनके दो प्रसव के बीच दो साल का अंतर नहीं है।

अब दो साल इंतजार की जरूरत नहीं

नए नियम के बाद पात्र महिला कर्मचारी पिछली प्रसूति छुट्टी खत्म होने के दो साल पूरे होने का इंतजार किए बिना अगली प्रसूति छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगी। इससे महिला कर्मचारियों के सामने आने वाली व्यावहारिक परेशानियां कम होने की उम्मीद है।

दो बार मिलती है 180 दिन की छुट्टी

नियमों के तहत महिला सरकारी कर्मचारियों को पूरी सेवा अवधि में अधिकतम दो बार प्रसूति अवकाश का लाभ मिलता है। प्रत्येक अवसर पर 180 दिन तक की छुट्टी अनुमन्य है। पहले इसमें पिछली प्रसूति छुट्टी समाप्त होने के बाद दो साल का अंतर जरूरी था, जिसे अब हटा दिया गया है।

सरकार ने जारी किया शासनादेश

इस बदलाव को लेकर वित्त विभाग की ओर से शासनादेश जारी कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि नियमों को मौजूदा मातृत्व लाभ प्रावधानों के अनुरूप बनाने और महिला कर्मचारियों की कठिनाइयों को दूर करने के लिए यह संशोधन किया गया है।

इस फैसले को महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए अहम राहत माना जा रहा है, क्योंकि अब प्रसूति अवकाश लेने के लिए उन्हें अनिवार्य दो साल की अवधि पूरी होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

यूपी में शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट, सरकार ने दी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से टीईटी को लेकर असमंजस में चल रहे शिक्षकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (स्पेशल टीईटी) कराने की तैयारी को मंजूरी दे दी है। इस परीक्षा के जरिए बड़ी संख्या में शिक्षक टीईटी की जरूरी पात्रता पूरी कर सकेंगे।

31 अगस्त 2028 तक टीईटी पास करना जरूरी

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद कार्यरत शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार संबंधित शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक टीईटी उत्तीर्ण करना होगा। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने विशेष परीक्षा कराने की प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है।

1.40 लाख से ज्यादा शिक्षक होंगे दायरे में

स्पेशल टीईटी में बेसिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पहले से कार्यरत करीब 1.40 लाख से अधिक शिक्षक शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा करीब 2,500 विशेष शिक्षकों को भी परीक्षा में बैठने का मौका मिलेगा। सरकार ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को परीक्षा की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने और विज्ञापन जारी करने के निर्देश दिए हैं।

150 सवाल, निगेटिव मार्किंग नहीं

स्पेशल टीईटी में कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा की अवधि 150 मिनट होगी और प्रत्येक सवाल एक अंक का रहेगा। खास बात यह है कि गलत उत्तर के लिए निगेटिव मार्किंग नहीं होगी।

इतने अंक लाने पर होंगे पास

सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों को पात्रता के लिए 90 अंक यानी 60 प्रतिशत अंक हासिल करने होंगे। वहीं आरक्षित वर्ग समेत निर्धारित श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए 82 अंक यानी 55 प्रतिशत अर्हक अंक तय किए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए अभ्यर्थियों को पहले ओटीआर पूरा करना होगा। परीक्षा के बाद परिणाम और अंक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।

योगी सरकार का फैसला, ग्रामीण महिलाओं के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति तेजी से बदल रही है। स्वयं सहायता समूहों के जरिए महिलाएं अब केवल बचत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कारोबार और रोजगार से जुड़कर अपनी आमदनी बढ़ा रही हैं। ग्रामीण आजीविका मिशन इस बदलाव में अहम भूमिका निभा रहा है।

1 .28 लाख से ज्यादा महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'

प्रदेश में 10.50 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूहों से करीब सवा करोड़ ग्रामीण परिवार जुड़े हैं। इनमें 28.16 लाख महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। पशुपालन, दूध उत्पादन, खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादों जैसे कामों से महिलाएं कमाई के नए रास्ते बना रही हैं।

2 .छोटी बचत से उद्यमिता तक पहुंच

महिलाओं को पहले समूहों से जोड़कर बचत और वित्तीय प्रबंधन की जानकारी दी जाती है। इसके बाद उन्हें ऋण, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ने की कोशिश की जाती है। इससे बिना बड़ी पूंजी के भी ग्रामीण महिलाएं अपना काम शुरू कर पा रही हैं।

3 .मजबूत हुआ महिलाओं का नेटवर्क

महिला समूहों को मजबूती देने के लिए प्रदेश में 65,544 ग्राम संगठन और 3,298 संकुल स्तरीय संघ बनाए गए हैं। ये संगठन समूहों को वित्तीय अनुशासन, प्रशिक्षण और बाजार से जुड़ने में मदद करते हैं।

4 .परिवार से लेकर गांव की अर्थव्यवस्था तक असर

महिलाओं की बढ़ती आय का फायदा सिर्फ उनके परिवार तक नहीं रुक रहा है। इससे बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और घरेलू जरूरतों पर खर्च बढ़ने के साथ गांवों में स्थानीय बाजार और रोजगार को भी बढ़ावा मिल रहा है। इस तरह महिला आत्मनिर्भरता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई मजबूती दे रही है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खबर, जल्द मिलेगी खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले DA में 3 से 4 फीसदी तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। अगर अनुमान के मुताबिक बढ़ोतरी होती है तो मौजूदा 60 फीसदी DA बढ़कर 63 या 64 फीसदी तक पहुंच सकता है।

AICPI-IW आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद

DA में बदलाव के लिए AICPI-IW के आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। जुलाई 2026 में यह इंडेक्स 1.3 अंक बढ़कर 153.2 पर पहुंच गया। पिछले 12 महीनों के आंकड़ों के आधार पर किए गए अनुमान में DA करीब 63.82 फीसदी निकल रहा है। इस हिसाब से मौजूदा 60 फीसदी DA में करीब 3.82 फीसदी का अंतर बनता है। हालांकि अंतिम बढ़ोतरी कितनी होगी, यह सरकार के आधिकारिक फैसले के बाद ही साफ होगा।

49 लाख कर्मचारियों को होगा फायदा

DA बढ़ने का सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ेगा। वहीं पेंशनर्स को DR में बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। केंद्र सरकार के करीब 49 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स इस फैसले से प्रभावित हो सकते हैं। मसलन, अगर DA 64 फीसदी होता है तो ₹50,000 की बेसिक सैलरी पर DA ₹32,000 हो जाएगा। वहीं ₹1 लाख बेसिक वालों को ₹64,000 DA मिल सकता है।

सितंबर-अक्टूबर में हो सकता है ऐलान

जुलाई से लागू होने वाली DA बढ़ोतरी का आधिकारिक ऐलान बाद में किया जाता है। अनुमान है कि सितंबर के अंत या अक्टूबर की शुरुआत में सरकार इस पर फैसला ले सकती है। बढ़ोतरी मंजूर होने पर जुलाई से इसका लाभ दिया जाएगा और पिछली अवधि का बकाया भी मिल सकता है।

फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार के आधिकारिक ऐलान पर है, क्योंकि 3 या 4 फीसदी की अंतिम बढ़ोतरी कैबिनेट के फैसले के बाद ही तय होगी।

केंद्रीय कर्मचारी-पेंशनर्स की मौज, सैलरी-पेंशन पर मिल सकती है गुड न्यूज

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर इन दिनों 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। आयोग लगातार कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और दूसरे हितधारकों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को समझ रहा है। सितंबर में आयोग की कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं, जिन्हें वेतन, पेंशन और भत्तों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

सितंबर में इन तारीखों पर बैठकें

आयोग की टीम 7 और 8 सितंबर को चेन्नई में बैठक करेगी। इसके बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में कर्मचारी-पेंशनर्स संगठनों से चर्चा होगी। वहीं 16 से 18 सितंबर के बीच चंडीगढ़ में बैठकें प्रस्तावित हैं। इन बैठकों में संबंधित राज्यों के कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन अपनी मांगें रख सकेंगे। इसके अलावा अक्टूबर में बेंगलुरु में भी 7 और 8 अक्टूबर को बैठकें प्रस्तावित हैं। इसमें शामिल होने के लिए संगठनों और अन्य हितधारकों को निर्धारित समयसीमा के भीतर ऑनलाइन अनुरोध करना होगा।

सैलरी और पेंशन समेत इन मुद्दों पर चर्चा

इन बैठकों में नए वेतन ढांचे, पे मैट्रिक्स, DA-DR, HRA, प्रमोशन और इंक्रीमेंट जैसे मुद्दों पर सुझाव लिए जा सकते हैं। कर्मचारी संगठनों की मांगों और जमीनी फीडबैक को आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय ध्यान में रखेगा।

कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है और इसकी समयसीमा मई 2027 तक बताई गई है। हालांकि, रिपोर्ट इससे पहले आने की संभावना पर भी चर्चा होती रही है। फिलहाल सैलरी या पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह तय नहीं है और अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों तथा सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

सितंबर और अक्टूबर की बैठकों से कर्मचारियों और पेंशनर्स को अपनी मांगें सीधे आयोग तक पहुंचाने का एक और मौका मिलेगा।

यूपी-बिहार के रास्ते गुजरेगा 4-लेन रेल कॉरिडोर, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और बिहार के कई इलाकों के लिए रेलवे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दिल्ली से गुवाहाटी के बीच रेल कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए इस व्यस्त रूट को मल्टी-ट्रैकिंग प्रोजेक्ट के तहत विकसित करने की योजना है। इससे ट्रेनों की आवाजाही बढ़ाने के साथ सफर को भी तेज करने में मदद मिलेगी।

इन इलाकों से होकर गुजरेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित रेल कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर उत्तर प्रदेश और बिहार के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को जोड़ते हुए गुवाहाटी तक जाएगा। इसमें गोरखपुर, नरकटियागंज, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, राघोपुर, फारबिसगंज और अररिया जैसे स्टेशन शामिल बताए गए हैं। इसके बाद यह रूट न्यू जलपाईगुड़ी होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा।

चार ट्रैक होने से क्या बदलेगा?

फोर-लेनिंग के तहत मौजूदा रेल लाइनों की क्षमता बढ़ाकर चार ट्रैक किए जाने की योजना है। इससे यात्री और मालगाड़ियों की आवाजाही को अलग-अलग करने में मदद मिलेगी। आधुनिक सिग्नलिंग और सुरक्षा तकनीक से ट्रेनों के संचालन को और बेहतर बनाया जा सकता है।

दिल्ली का सफर होगा आसान

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा पूर्वांचल और उत्तर बिहार के यात्रियों को मिलने की उम्मीद है। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग क्षमता उपलब्ध होने से ट्रेनों को कम रुकना पड़ सकता है। इससे दिल्ली, गोरखपुर, चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और पूर्णिया जैसे क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होने की संभावना है।

रेल कॉरिडोर के विकसित होने से इन क्षेत्रों में यात्री सुविधा के साथ व्यापार और माल परिवहन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

यूपी में आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी! मानदेय में 100% बढ़ोतरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 3.50 लाख आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) की शुरुआत करते हुए कर्मचारियों के मानदेय और नौकरी से जुड़ी कई नई व्यवस्थाओं का ऐलान किया।

मानदेय हुआ दोगुना

सरकार के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय में 100 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की गई है। अब कर्मचारियों को बढ़ा हुआ भुगतान सीधे उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। सरकार ने यह भी व्यवस्था की है कि हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय खाते में पहुंच जाए।

कंपनी नहीं काट सकेगी पैसा

नई व्यवस्था में आउटसोर्स एजेंसियों की मनमानी रोकने पर जोर दिया गया है। कंपनी कर्मचारियों के मानदेय में कटौती नहीं कर सकेगी और उसका सर्विस चार्ज सरकार अलग से देगी। किसी कर्मचारी को मनमाने तरीके से हटाने पर भी रोक लगाने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा कर्मचारियों के EPF और ESI से जुड़ी सुविधाओं को सुरक्षित रखने की बात कही गई है। जरूरत पड़ने पर आयुष्मान योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था है।

दुर्घटना में परिवार को सुरक्षा कवर

सरकार ने आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए दुर्घटना बीमा की भी व्यवस्था की है। कर्मचारी की दुर्घटना में मृत्यु होने पर परिवार को उसकी श्रेणी और वेतन के अनुसार 20 से 50 लाख रुपये तक की सहायता मिल सकती है। इसके अलावा शिक्षा, बेटियों की शादी और आपात स्थिति में भी आर्थिक मदद का प्रावधान बताया गया है।

यूपीकास के पोर्टल के जरिए कर्मचारियों को जरूरी जानकारी और शिकायत से जुड़ी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की योजना है। सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था से आउटसोर्स कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा के साथ सम्मानजनक कार्य वातावरण मिल सकेगा।

4 सितंबर को बनेंगे 3 राजयोग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-दौलत में होगा इजाफा

राशिफल। 4 सितंबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास रहने वाला है। इस दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। दोपहर 3:42 बजे तक हर्षण योग रहेगा और इसके बाद वज्र योग शुरू होगा। साथ ही जयंती योग, नवपंचम राजयोग, हंस योग और मालव्य राजयोग जैसे शुभ संयोग भी प्रभाव डालेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका सकारात्मक असर कुछ राशियों पर ज्यादा पड़ सकता है।

इन 4 राशियों को मिलेगा लाभ

मेष राशि: नौकरी और कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनेंगे।

मिथुन राशि: आय के नए स्रोत सामने आ सकते हैं। निवेश या कारोबार से जुड़े मामलों में फायदा मिलने की संभावना है। परिवार में भी माहौल अच्छा रहेगा।

तुला राशि: मालव्य राजयोग का प्रभाव करियर के लिए शुभ माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि व्यापारियों को लाभ हो सकता है।

मीन राशि: आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं और धन प्राप्ति के नए रास्ते बन सकते हैं। लंबे समय से अटके किसी काम में सफलता मिलने की उम्मीद है।

शुभ योग बढ़ाएंगे संभावनाएं

4 सितंबर को बनने वाले इन शुभ संयोगों को ज्योतिष में सकारात्मक माना जाता है। खासकर हंस और मालव्य राजयोग को ज्ञान, सुख-सुविधा, प्रतिष्ठा और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, किसी व्यक्ति की कुंडली और ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणाम अलग-अलग हो सकते हैं।

50 की उम्र में भी शरीर रहेगा मजबूत! रोज खाएं ये 5 चीजें, कमजोरी होगी दूर

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मांसपेशियों की ताकत, हड्डियों की मजबूती और ऊर्जा धीरे-धीरे कम हो सकती है। ऐसे में संतुलित खान-पान बेहद जरूरी हो जाता है। 50 की उम्र के बाद डाइट में प्रोटीन, कैल्शियम, फाइबर और जरूरी विटामिन से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करने से शरीर को बेहतर पोषण मिल सकता है।

1. दूध और दही

दूध और दही कैल्शियम के अच्छे स्रोत हैं। इनमें प्रोटीन भी पाया जाता है, जो मांसपेशियों के लिए जरूरी है। रोजाना उचित मात्रा में इनका सेवन हड्डियों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकता है।

2. अंडा

अंडे में अच्छी मात्रा में प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। 50 की उम्र के बाद पर्याप्त प्रोटीन लेना मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यदि किसी बीमारी या डॉक्टर की सलाह के कारण अंडा सीमित करना हो तो उसी के अनुसार सेवन करें।

3. दाल और चना

दाल, चना, राजमा और दूसरी फलियां पौधे आधारित प्रोटीन और फाइबर देती हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करने से पेट लंबे समय तक भरा महसूस हो सकता है और शरीर को जरूरी पोषण मिलता है।

4. हरी सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों का साग और अन्य हरी सब्जियों में फाइबर, फोलेट और कई विटामिन व खनिज पाए जाते हैं। बढ़ती उम्र में सब्जियों की पर्याप्त मात्रा वाला संतुलित आहार सेहत के लिए उपयोगी रहता है।

5. बादाम और अखरोट

बादाम, अखरोट जैसे मेवे स्वस्थ वसा, प्रोटीन और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स प्रदान करते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना डाइट में शामिल किया जा सकता है। कैलोरी अधिक होने के कारण इनका जरूरत से ज्यादा सेवन नहीं करना चाहिए।

केवल डाइट नहीं, व्यायाम भी जरूरी

50 की उम्र के बाद शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए सिर्फ खाने पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। नियमित पैदल चलना, हल्की स्ट्रेंथ एक्सरसाइज, पर्याप्त नींद और पानी पीना भी महत्वपूर्ण है।