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दुनिया के 5 सबसे तेज लड़ाकू विमान, रफ्तार जानकर रह जाएंगे हैरान!

नई दिल्ली। दुनिया में कई ऐसे लड़ाकू विमान हैं जो अपनी अत्याधुनिक तकनीक, मारक क्षमता और रफ्तार के लिए जाने जाते हैं। इनमें कुछ जेट हवा में इतनी तेज गति पकड़ सकते हैं कि पलक झपकते ही लंबी दूरी तय कर लें। आइए जानते हैं दुनिया के पांच तेज लड़ाकू विमानों के बारे में।

1. मिकोयान MiG-31 फॉक्सहाउंड

रूस का MiG-31 फॉक्सहाउंड इस सूची में सबसे ऊपर है। यह एक सुपरसोनिक इंटरसेप्टर है, जिसकी अधिकतम गति करीब Mach 3.2 यानी लगभग 3,500 किमी/घंटा बताई जाती है। विमान को खास तौर पर तेज गति और लंबी दूरी पर दुश्मन के विमानों को रोकने के लिए तैयार किया गया है। इसकी मजबूत संरचना और शक्तिशाली इंजन इसे बेहद तेज गति पर भी स्थिर बनाए रखने में मदद करते हैं।

2. बोइंग F-15EX ईगल II

अमेरिका का F-15EX ईगल II भी दुनिया के सबसे तेज लड़ाकू विमानों में शामिल है। इसकी अधिकतम गति करीब Mach 2.5 यानी लगभग 2,650 किमी/घंटा है। F-15 परिवार लंबे समय से अपनी एयर-कॉम्बैट क्षमता के लिए प्रसिद्ध रहा है। नए F-15EX में आधुनिक एवियोनिक्स और हथियार प्रणालियों के साथ पुराने डिजाइन की तेज गति को बरकरार रखा गया है।

3. सुखोई Su-57 फेलॉन

रूस का Su-57 फेलॉन पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है। इसकी अधिकतम गति करीब Mach 2.5 बताई जाती है। यह विमान सिर्फ रफ्तार ही नहीं, बल्कि स्टील्थ क्षमता और बेहद कठिन हवाई पैंतरेबाजी के लिए भी जाना जाता है। इसकी डिजाइन और थ्रस्ट-वेक्टरिंग तकनीक इसे हवा में तेजी से दिशा बदलने की क्षमता देती है।

4. सुखोई Su-27 फ्लैंकर

Su-27 फ्लैंकर को रूस ने एयर सुपीरियरिटी मिशनों के लिए विकसित किया था। इसकी अधिकतम गति करीब Mach 2.5 यानी 2,600 किमी/घंटा से ज्यादा बताई जाती है। यह विमान अपनी शानदार मैन्यूवरेबिलिटी और हाई-स्पीड प्रदर्शन के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध रहा है।

5. लॉकहीड मार्टिन F-22 रैप्टर

अमेरिका का F-22 रैप्टर पांचवीं पीढ़ी का स्टील्थ फाइटर है और इसकी अधिकतम गति करीब Mach 2.3 यानी लगभग 2,500 किमी/घंटा है। हालांकि रफ्तार में यह सूची में पांचवें स्थान पर है, लेकिन स्टील्थ, सेंसर और हवाई युद्ध की क्षमता इसे दुनिया के सबसे उन्नत लड़ाकू विमानों में शामिल करती है।

शनिवार को बनेंगे 3 बड़े योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, दुख-दर्द दूर

राशिफल। 5 सितंबर 2026 का शनिवार ज्योतिष की दृष्टि से खास माना जा रहा है। इस दिन ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से कई शुभ संयोग बनने की बात कही जा रही है। पंचांग के अनुसार दिन की शुरुआत वज्र योग से होगी और बाद में सिद्धि योग रहेगा। वहीं मंगल और चंद्रमा की स्थिति से महालक्ष्मी राजयोग का प्रभाव भी माना जा रहा है। ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह दिन धन, करियर और पारिवारिक सुख के लिहाज से शुभ रह सकता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

वृषभ राशि: आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। अटके हुए काम आगे बढ़ने और आय के नए अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार में भी सुख-शांति बनी रह सकती है।

मिथुन राशि: नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और किसी पुराने तनाव से राहत मिलने की संभावना है।

कर्क राशि: धन संबंधी मामलों में लाभ के योग बन सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी का समाधान निकल सकता है।

मीन राशि: करियर में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। रुके हुए काम पूरे होने से मन प्रसन्न रहेगा। विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल रहने की संभावना है।

शनिवार को क्या करें?

शनिवार के दिन जरूरतमंद व्यक्ति की सहायता करना और शनिदेव की पूजा करना शुभ माना जाता है। अपनी क्षमता के अनुसार दान-पुण्य करने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ने की मान्यता है।

केंद्र सरकार की शानदार योजना, बुढ़ापे के लिए खुशखबरी ही खुशखबरी, ऐसे मिलेगी गारंटीड पेंशन

नई दिल्ली। बुढ़ापे में नियमित आमदनी की चिंता करने वालों के लिए अटल पेंशन योजना (APY) एक महत्वपूर्ण सरकारी योजना है। इसमें पात्र लोग अपनी उम्र के अनुसार योगदान करके 60 साल की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड मासिक पेंशन प्राप्त कर सकते हैं।

कम उम्र में जुड़ने पर कम योगदान

इस योजना में जितनी कम उम्र में शुरुआत की जाती है, मासिक योगदान उतना ही कम रहता है। उदाहरण के तौर पर 18 साल की उम्र में ₹5,000 मासिक पेंशन के लिए ₹210 प्रति माह जमा करना होता है। वहीं 40 साल की उम्र में इसी पेंशन के लिए योगदान बढ़कर ₹1,454 प्रति माह हो जाता है।

कौन कर सकता है आवेदन?

APY का लाभ लेने के लिए भारतीय नागरिक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और बैंक या पोस्ट ऑफिस में सेविंग्स अकाउंट होना जरूरी है। 1 अक्टूबर 2022 से मौजूदा या पूर्व इनकम टैक्सपेयर नए APY खाते के लिए पात्र नहीं हैं। योजना में एक व्यक्ति केवल एक अकाउंट खोल सकता है और योगदान 60 साल की उम्र तक करना होता है।

मौत के बाद परिवार को भी लाभ

60 साल के बाद पेंशनधारक की मृत्यु होने पर उसके जीवनसाथी को वही मासिक पेंशन मिलती रहती है। पति-पत्नी दोनों के निधन के बाद तय पेंशन वेल्थ नॉमिनी को दी जाती है। ₹5,000 पेंशन विकल्प में यह पेंशन वेल्थ ₹8.5 लाख बताई गई है।

कैसे जमा होगा पैसा?

योजना में योगदान बैंक या पोस्ट ऑफिस खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए जमा किया जा सकता है। सब्सक्राइबर अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, तिमाही या छमाही योगदान का विकल्प चुन सकता है। APY को रिटायरमेंट की पूरी जरूरतों के बजाय एक गारंटीड बेस पेंशन के रूप में देखना ज्यादा बेहतर है।

भारत-रूस ने किया बड़ा कमाल, अमेरिका हैरान तो चीन भी रह गया सन्न!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच बढ़ते कारोबारी रिश्तों ने एक नया मुकाम हासिल किया है। दोनों देशों ने रुपये और रूबल में व्यापारिक भुगतान का ऐसा सिस्टम विकसित किया है, जिसके जरिए अब करीब 96 प्रतिशत द्विपक्षीय कारोबार का सेटलमेंट इन्हीं दोनों मुद्राओं में किया जा रहा है। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान व्यवस्था में पश्चिमी मुद्राओं पर निर्भरता कम करने की दिशा में दोनों देशों को मजबूती मिली है।

70 अरब डॉलर तक पहुंचा कारोबार

भारत और रूस के बीच व्यापार वर्ष 2024 में करीब 70 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। यूक्रेन संघर्ष के बाद पश्चिमी प्रतिबंधों के बीच भारत ने रूस से सस्ता कच्चा तेल खरीदना बढ़ाया, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापार तेजी से बढ़ा। हालांकि 2025 में प्रतिबंधों के सख्त होने के कारण कारोबार पर असर पड़ा, लेकिन 2026 की पहली छमाही में फिर तेजी देखने को मिली।

तेजी से हो रहे रुपये-रूबल में भुगतान

पहले रूसी कंपनियों के सामने रुपये में जमा रकम और व्यापार असंतुलन जैसी समस्याएं थीं। अब भुगतान व्यवस्था में सुधार के बाद लेन-देन काफी तेज हो गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, करीब 90 प्रतिशत ट्रांजैक्शन 10 मिनट के भीतर पूरे हो जाते हैं, जबकि आधे से अधिक भुगतान एक मिनट से भी कम समय में पूरा होने की बात कही गई है।

इस व्यवस्था को मजबूत करने में दोनों देशों के बैंकों की भी अहम भूमिका है। फिलहाल 22 रूसी और 17 भारतीय बैंक द्विपक्षीय व्यापार से जुड़े भुगतान में सेवाएं दे रहे हैं।

2030 तक 100 अरब डॉलर का लक्ष्य

भारत और रूस अब अपने कारोबारी रिश्तों को और विस्तार देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। अनुमान है कि दोनों देशों के बीच व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर सकता है। वहीं, रुपये-रूबल में बढ़ता कारोबार दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों को नई मजबूती दे रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, इन बेटियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, उठायें लाभ!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की छात्राओं के लिए योगी सरकार ने बड़ी पहल की है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत स्नातक पास करने वाली मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने का प्रावधान किया गया है। योजना के जरिए करीब 50 हजार छात्राओं को लाभ मिलने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने के साथ उनके आवागमन को आसान बनाना है।

स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

योजना में चयनित छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली नई स्कूटी दी जाएगी। इसके अलावा वाहन का RTO पंजीकरण, इंश्योरेंस, ISI मार्क हेलमेट और जरूरी एक्सेसरीज का खर्च भी सरकार उठाएगी। वितरण के समय करीब 4 से 5 लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा।

इन छात्राओं को प्राथमिकता

योजना का लाभ उत्तर प्रदेश की स्थायी निवासी और मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या डिग्री कॉलेज से स्नातक पास छात्राओं को मिलेगा। संस्थानों की मेधावी छात्राओं में से टॉप 5 प्रतिशत का चयन किया जाएगा। परिवार की वार्षिक आय 12 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं, शहीद या बलिदानी परिवारों की बेटियों, दिव्यांग और निराश्रित मेधावी छात्राओं को मेरिट में 10 प्रतिशत तक की विशेष छूट देने का प्रावधान है।

आवेदन कैसे होगा?

छात्राओं को खुद किसी पोर्टल पर जाकर आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। पात्र छात्राओं का चयन संबंधित कॉलेज और विश्वविद्यालय द्वारा उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा। दस्तावेज और अंकों के सत्यापन के बाद सूची शासन के पोर्टल पर भेजी जाएगी।

सरकार की तैयारी के अनुसार 2025-26 सत्र की चयनित छात्राओं को अक्टूबर-नवंबर के दौरान स्कूटी वितरण किया जा सकता है। योजना से बेटियों को पढ़ाई जारी रखने और आत्मनिर्भर बनने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार के 30 लाख किसानों की बढ़ेगी मुश्किल, पढ़ें पूरी खबर

पटना। बिहार के लाखों किसानों के लिए Farmer ID अब बेहद महत्वपूर्ण होने जा रही है। किसान पहचान पत्र नहीं होने पर आने वाले समय में कई सरकारी कृषि योजनाओं का लाभ लेने में दिक्कत हो सकती है। खासकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में जमीन और किसान की पहचान का सत्यापन अहम माना जा रहा है।

32 लाख किसानों की ID अभी बाकी

बिहार में पहले चरण में करीब 85.53 लाख किसानों की Farmer ID तैयार की जानी है। अब तक लगभग 53.45 लाख किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है। यानी करीब 32 लाख किसान अभी इस प्रक्रिया से बाहर हैं। सरकार की ओर से Farmer Registry के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा चुके हैं, लेकिन बड़ी संख्या में किसानों की पहचान अब तक दर्ज नहीं हो पाई है।

जमीन अपने नाम नहीं होना बड़ी समस्या

Farmer ID बनाने में सबसे बड़ी परेशानी उन किसानों को हो रही है, जिनकी जमीन की जमाबंदी उनके नाम पर नहीं है। कई मामलों में जमीन अभी पिता या दादा के नाम दर्ज है। इसके अलावा रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में रहने वाले किसानों के दस्तावेज और सत्यापन में भी दिक्कत आ रही है।

बटाईदार किसानों को लेकर चिंता

बिहार में बड़ी संख्या में किसान दूसरे लोगों की जमीन पर बटाई के आधार पर खेती करते हैं। ऐसे किसानों के पास खेती का अधिकार तो होता है, लेकिन जमीन उनके नाम दर्ज नहीं होती। इसलिए Farmer ID आधारित व्यवस्था में इनके सरकारी योजनाओं से बाहर होने की आशंका जताई जा रही है।

इन योजनाओं में पड़ सकता है असर

Farmer ID का इस्तेमाल भविष्य में PM-Kisan, किसान क्रेडिट कार्ड, फसल बीमा और अन्य कृषि योजनाओं में किया जा सकता है। खाद-बीज जैसी सुविधाओं के लिए भी डिजिटल किसान पहचान को महत्वपूर्ण बनाया जा सकता है।

किसानों को अपनी आधार से जुड़े मोबाइल नंबर, जमीन/जमाबंदी की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज के साथ Farmer Registry की प्रक्रिया जल्द पूरी कराने पर ध्यान देना चाहिए। इससे भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानी कम हो सकती है।

रूस का भारत को बड़ा ऑफर! पुतिन आ रहे दिल्ली, चीन-पाक सन्न!

नई दिल्ली। रूस भारत के साथ रक्षा सहयोग को नई ऊंचाई देने की तैयारी में है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की इस महीने होने वाली दिल्ली यात्रा से पहले मॉस्को की ओर से Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट और S-500 एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर बड़े प्रस्ताव की चर्चा तेज हो गई है। दोनों नेताओं की हालिया मुलाकात में भी रक्षा समेत कई अहम क्षेत्रों पर बातचीत हुई।

S-500 पर रूस की नजर

रूस भारत को अपने अत्याधुनिक S-500 Prometheus एयर और मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पेशकश कर सकता है। भारत पहले से रूसी S-400 सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है। ऐसे में मॉस्को दोनों देशों के बीच मौजूदा एयर डिफेंस सहयोग को और आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

हालांकि, भारत के लिए S-500 पर फैसला आसान नहीं होगा। देश में पहले से ही स्वदेशी बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस और लंबी दूरी के एयर डिफेंस कार्यक्रमों पर काम चल रहा है। इनमें 'प्रोजेक्ट कुशा' भी अहम है, जिसका उद्देश्य भारत की अपनी आधुनिक एयर डिफेंस क्षमता तैयार करना है।

Su-57 को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव

रूस की पेशकश में Su-57 पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान भी शामिल हो सकता है। मॉस्को की ओर से इसमें टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, स्थानीय स्तर पर निर्माण और भारतीय उद्योग की भागीदारी जैसे विकल्प दिए जाने के संकेत हैं।

वहीं भारत पहले ही स्वदेशी AMCA पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान पर अपना ध्यान केंद्रित कर चुका है। इसलिए Su-57 को लेकर कोई भी फैसला देश की दीर्घकालिक रक्षा रणनीति और आत्मनिर्भरता के लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

पुतिन की यात्रा पर टिकी नजर

पुतिन की प्रस्तावित दिल्ली यात्रा के दौरान रक्षा क्षेत्र में कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भारत Su-57 या S-500 की खरीद को मंजूरी देगा या नहीं, लेकिन रूस की नई पेशकश ने दोनों देशों के रक्षा संबंधों को लेकर चर्चाओं को जरूर तेज कर दिया है।

रेलवे में बंपर भर्ती का रास्ता साफ, ग्रेजुएट और अंडरग्रेजुएट युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। रेलवे बोर्ड ने NTPC के 5,165 पदों पर भर्ती को मंजूरी दे दी है। इनमें ग्रेजुएट स्तर के 3,477 और अंडरग्रेजुएट स्तर के 1,688 पद शामिल हैं।

ग्रेजुएट के लिए 3,477 पद

ग्रेजुएट श्रेणी में सबसे ज्यादा 2,750 पद मालगाड़ी प्रबंधक के हैं। इसके अलावा वरिष्ठ लिपिक सह टंकक के 371, कनिष्ठ लेखा सह टंकक के 300 और मुख्य वाणिज्यिक सह टिकट पर्यवेक्षक के 56 पद रखे गए हैं।

अंडरग्रेजुएट के लिए 1,688 वैकेंसी

12वीं स्तर के अभ्यर्थियों के लिए ट्रेन लिपिक के 188, वाणिज्यिक सह टिकट लिपिक के 700, लेखा लिपिक सह टंकक के 200 और कनिष्ठ लिपिक सह टंकक के 600 पद मंजूर किए गए हैं।

सितंबर में आगे बढ़ेगी भर्ती प्रक्रिया

रेलवे बोर्ड के निर्देश के अनुसार जोनल रेलवे और उत्पादन इकाइयां 7 से 15 सितंबर 2026 के बीच अंतिम मांग दर्ज करेंगी। इसके बाद अलग-अलग स्तर पर रिक्तियों की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हालांकि, अभी आवेदन शुरू होने की तारीख जारी नहीं हुई है। आयु सीमा, शैक्षणिक योग्यता, फीस और परीक्षा की तारीख समेत अन्य जानकारी केंद्रीयकृत रोजगार अधिसूचना जारी होने के बाद सामने आएगी।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि वे रेलवे की आधिकारिक भर्ती अधिसूचना जारी होने का इंतजार करें और आवेदन से पहले सभी पात्रता शर्तों को ध्यान से जांच लें।

बिहार में बरसेगा कहर! 9 सितंबर तक भारी बारिश के साथ आकाशीय बिजली का खतरा

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। 3 सितंबर 2026 के मौसम बुलेटिन के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो रही है, जबकि कुछ इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने अगले कई दिनों तक बारिश, गरज-चमक और वज्रपात को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

9 सितंबर तक आंधी-बिजली का खतरा

मौसम विभाग के मुताबिक अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री तक बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई जिलों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ मेघगर्जन और बिजली गिरने की आशंका है।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

वज्रपात के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें और सुरक्षित पक्के मकान में रहें। पेड़, बिजली के खंभे और तारों से दूरी बनाए रखें। जिन इलाकों में जलभराव या अचानक बाढ़ की आशंका है, वहां जाने से बचना जरूरी है। मौसम विभाग ने लोगों से स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

इन तारीखों पर भारी बारिश का अलर्ट

4 सितंबर: पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज और सिवान में भारी बारिश के आसार हैं।

6 सितंबर: पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में अलर्ट जारी। 

7 सितंबर: सुपौल और किशनगंज में बारिश वज्रपात की चेतावनी। 

9 सितंबर: पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज और सिवान। 

शरीर में विटामिन D की कमी होने के 5 संकेत, नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण, हड्डियों और मांसपेशियों के सामान्य स्वास्थ्य के लिए जरूरी पोषक तत्व है। इसकी कमी होने पर कई बार लक्षण सामान्य थकान या कमजोरी जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, केवल लक्षणों के आधार पर विटामिन D की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती। इसके लिए डॉक्टर की सलाह और जरूरत पड़ने पर जांच जरूरी होती है।

1. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार थकान महसूस होना विटामिन D की कमी से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, इसके पीछे नींद की कमी, तनाव या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

2. हड्डियों में दर्द

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी लंबे समय तक रहने पर हड्डियों में दर्द या कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है।

3. मांसपेशियों में कमजोरी

सीढ़ियां चढ़ने, उठने-बैठने या रोजमर्रा के काम में सामान्य से ज्यादा मांसपेशियों की कमजोरी महसूस होना भी एक संभावित संकेत हो सकता है।

4. बार-बार बीमार पड़ना

विटामिन D शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में भूमिका निभाता है। इसकी कमी और बार-बार संक्रमण के बीच संबंध पर शोध हुआ है, लेकिन हर बार बीमार पड़ने का कारण विटामिन D की कमी ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।

5. मूड में बदलाव

कुछ अध्ययनों में विटामिन D के कम स्तर और मूड से जुड़ी समस्याओं के बीच संबंध पाया गया है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

यूपी में प्रधानमंत्री आवास योजना की मिली मंजूरी, ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले गरीब परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत प्रदेश में 5,56,634 नए आवासों को मंजूरी दी गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष के लक्ष्य के तहत उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने जिलावार आवासों को स्वीकृति प्रदान की है।

6.18 लाख घर बनाने का लक्ष्य

चालू वित्तीय वर्ष में उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के लिए कुल 6.18 लाख आवास बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें से करीब 90 फीसदी लक्ष्य का आवंटन पहले ही जिलों को ग्राम पंचायत स्तर पर किया जा चुका है। सरकार का उद्देश्य पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का और सुरक्षित घर उपलब्ध कराना है। अधिकारियों को स्वीकृत आवासों का निर्माण तय समय-सीमा के भीतर पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

इन जिलों को मिले सबसे ज्यादा आवास

जिलों की बात करें तो सीतापुर में 47,160, सोनभद्र में 35,412 और बहराइच में 27,229 आवास स्वीकृत हुए हैं। इसके अलावा खीरी को 24,139, प्रतापगढ़ को 23,092, बांदा को 21,673 और प्रयागराज को 17,004 आवास मिले हैं। वहीं मिर्जापुर, सुल्तानपुर, जौनपुर, बाराबंकी, हरदोई, अमेठी, रायबरेली, फतेहपुर, गोंडा, शाहजहांपुर और आजमगढ़ समेत प्रदेश के अन्य जिलों को भी आवासों का आवंटन किया गया है।

समय पर पूरा होगा निर्माण

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि स्वीकृत आवासों का निर्माण निर्धारित अवधि में पूरा कराया जाए। योजना के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अपना पक्का घर मिलने से उनके जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।

5 सितंबर को खुलेगा किस्मत का ताला! 3 शुभ योग से इन 5 राशियों पर बरसेगा धन

राशिफल। 5 सितंबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास माना जा रहा है। इस दिन दोपहर 12:45 बजे तक वज्र योग रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग की शुरुआत होगी। साथ ही मंगल और चंद्रमा की युति से मिथुन राशि में महालक्ष्मी राजयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन शुभ संयोगों का असर कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से बेहतर रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय लाभकारी हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। कारोबारियों को रुका हुआ भुगतान मिलने या किसी नए सौदे से फायदा होने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि में बनने वाला महालक्ष्मी राजयोग इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आय के नए साधन सामने आ सकते हैं। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के योग हैं। धन से जुड़े मामलों में फायदा मिल सकता है और परिवार की ओर से भी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुभ योग आर्थिक लाभ के अवसर ला सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं। निवेश या कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। हालांकि, बड़े आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! योगी सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य कृषि विकास योजना के तहत राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति ने कुल 286.46 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इनमें चालू वित्त वर्ष की नई योजनाओं के लिए 185.33 करोड़ और पहले से चल रही परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 101.13 करोड़ रुपये शामिल हैं।

कृषि सुविधाओं को मिलेगा बढ़ावा

राजकीय कृषि प्रक्षेत्रों के आधुनिकीकरण के लिए करीब 60 करोड़ रुपये की परियोजना को दो साल के लिए स्वीकृति मिली है। इसके तहत आधुनिक कृषि मशीनों, सिंचाई नलकूप और जल निकासी जैसी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। इससे कृषि कार्यों को अधिक सुविधाजनक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

लैब और किसान प्रशिक्षण पर भी जोर

देवरिया और लखीमपुर खीरी में मृदा परीक्षण से जुड़ी प्रयोगशाला सुविधाओं के विकास को भी मंजूरी दी गई है। इसके अलावा कृषि विभाग की आईपीएम प्रयोगशालाओं की क्षमता बढ़ाने के लिए धन स्वीकृत हुआ है। कृषि अधिकारियों-कर्मचारियों के प्रशिक्षण के साथ किसान-वैज्ञानिक संवाद और कृषि तीर्थ कार्यक्रमों के लिए भी 8.80 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।

बीज भंडारण और कृषि अनुसंधान को मिलेगी मजबूती

बुलंदशहर, मैनपुरी और जालौन में करीब 5300 टन क्षमता वाले बीज गोदामों के निर्माण के लिए 17.28 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। सहकारिता विभाग के गोदामों के निर्माण के लिए भी 54.55 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिली है।

इसके अलावा कृषि विश्वविद्यालयों और पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय में शोध कार्यों के लिए 13.80 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। सरकार का जोर परियोजनाओं को समय पर पूरा करने, गुणवत्ता बनाए रखने और किसानों तक योजनाओं का प्रभावी लाभ पहुंचाने पर है।

यूपी-बिहार समेत 14 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की बड़ी चेतावनी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मॉनसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। दिल्ली-NCR से लेकर उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 4 सितंबर को 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में बारिश के आसार

दिल्ली-NCR में शुक्रवार को बादल छाए रहने के साथ मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश के चलते तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना नहीं है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।

यूपी-बिहार में भी अलर्ट

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है। वहीं पूर्वी यूपी के कुछ जिलों में भी बारिश हो सकती है। चित्रकूट, बांदा, फतेहपुर, प्रयागराज, कौशांबी, भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी समेत कई इलाकों में बाढ़ के खतरे को लेकर भी चेतावनी दी गई है। बिहार में 4 और 5 सितंबर को अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना है। राज्य के कुछ इलाकों में 6 सितंबर तक भारी बारिश हो सकती है।

MP और बंगाल में तेज बारिश

मध्य प्रदेश में भी मौसम खराब रहने वाला है। पूर्वी मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है, जबकि कई जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। पश्चिम बंगाल के कोलकाता समेत आठ जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कुछ जगहों पर तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

इन राज्यों में भी बारिश का अलर्ट

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, विदर्भ, छत्तीसगढ़ और अरुणाचल प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को स्थानीय मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी है।

सीएम योगी की बड़ी योजना, गरीब बेटियों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना चला रही है। इस योजना के जरिए जरूरतमंद परिवारों को बेटियों की शादी के खर्च में आर्थिक मदद दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब तक 17,758 जोड़ों का विवाह कराया जा चुका है। सरकार ने इस साल कुल 72,448 सामूहिक विवाह कराने का लक्ष्य रखा है।

योजना के लिए अब तक 72,787 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जांच के बाद 20,042 आवेदन मंजूर किए गए हैं, जबकि 7,245 आवेदन पात्रता पूरी नहीं करने के कारण खारिज किए गए। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ वास्तविक पात्र परिवारों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जा रहा है।

पीलीभीत सबसे आगे

सामूहिक विवाह कराने के मामले में पीलीभीत प्रदेश में सबसे आगे है। यहां अब तक 1,271 जोड़ों का विवाह कराया गया है। इसके बाद शाहजहांपुर में 1,063, सुल्तानपुर में 1,040 और रामपुर में 1,031 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ है।

शादी के लिए 1 लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक जोड़े को कुल 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसमें 64 हजार रुपये गृहस्थी बसाने के लिए, 21 हजार रुपये वैवाहिक उपहार सामग्री के लिए और 15 हजार रुपये विवाह समारोह की व्यवस्थाओं के लिए निर्धारित हैं।

ई-केवाईसी से होगी जांच, खाते में पहुंचेगी रकम

योजना में फर्जीवाड़ा रोकने और पात्र लोगों तक लाभ पहुंचाने के लिए तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। आवेदकों की ई-केवाईसी के साथ आय और जाति प्रमाण पत्रों का डिजिटल सत्यापन किया जा रहा है। आगे आधार आधारित भुगतान व्यवस्था लागू होने के बाद सहायता राशि सीधे पात्र लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में भेजी जाएगी।

सरकार का उद्देश्य है कि आर्थिक परेशानी की वजह से किसी गरीब परिवार की बेटी की शादी में बाधा न आए और जरूरतमंद परिवारों को सम्मानजनक तरीके से विवाह की सुविधा मिल सके।

बिहार में वाहन मालिकों के लिए बड़ी खबर, 31 दिसंबर से पहले करा लें ये जरूरी काम

पटना। बिहार में वाहन मालिकों के लिए जरूरी खबर है। अगर आपके वाहन का निबंधन पहले ऑफलाइन तरीके से हुआ है, तो उसकी बैकलॉग एंट्री 31 दिसंबर 2026 तक कराना जरूरी होगा। निर्धारित समय के भीतर यह प्रक्रिया पूरी नहीं कराने पर वाहन का पुराना निबंधन अमान्य घोषित किया जा सकता है।

परिवहन विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए वाहन मालिकों से समय रहते बैकलॉग एंट्री कराने की अपील की है। विभाग के मुताबिक, पुराने ऑफलाइन रिकॉर्ड को डिजिटल व्यवस्था में दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है।

इन कागजातों की पड़ेगी जरूरत

बैकलॉग एंट्री के लिए वाहन मालिकों को कुछ जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे। इनमें फॉर्म-21, फॉर्म-22, बिक्री एवं रिटेल इनवायस और वाहन के पहले बीमा से संबंधित कागजात शामिल हैं। इसके अलावा निबंधन प्रमाण-पत्र यानी फॉर्म-23 और वाहन मालिक का आधार कार्ड भी मांगा जा सकता है।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन

वाहन मालिक बैकलॉग एंट्री के लिए जिला परिवहन कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं। विभागीय ऑनलाइन पोर्टल के जरिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। इसलिए वाहन मालिकों को आखिरी तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए और जरूरी दस्तावेजों के साथ जल्द आवेदन कर देना चाहिए।

समय सीमा के बाद बढ़ सकती है परेशानी

विभाग ने साफ किया है कि 31 दिसंबर 2026 के बाद जिन ऑफलाइन पंजीकृत वाहनों की बैकलॉग एंट्री नहीं हो पाएगी, उनका निबंधन अमान्य किया जा सकता है। ऐसे में वाहन मालिकों के लिए समय रहते रिकॉर्ड अपडेट कराना बेहद जरूरी है।

डिजिटल रिकॉर्ड से मिलेगी सुविधा

बैकलॉग एंट्री के बाद पुराने वाहन रिकॉर्ड डिजिटल सिस्टम में उपलब्ध हो जाएंगे। इससे दस्तावेजों के सत्यापन में आसानी होगी और रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही गलत या फर्जी दस्तावेजों की पहचान करने में भी विभाग को मदद मिलेगी।

यूपी सरकार का बड़ा एक्शन, 4 तहसीलदार समेत 5 अफसर निलंबित

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबित राजस्व मामलों को लेकर योगी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दाखिल-खारिज, पैमाइश और अन्य राजस्व वादों के निस्तारण में लापरवाही मिलने पर चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार को निलंबित कर दिया गया है। इन अधिकारियों के खिलाफ विभागीय अनुशासनिक कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

सीएम योगी के निर्देश के बाद हुई कार्रवाई

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रदेश के राजस्व न्यायालयों में लंबित मामलों की समीक्षा की थी। इस दौरान अधिकारियों को सभी मामलों का निर्धारित समय में निस्तारण करने के निर्देश दिए गए थे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया था कि राजस्व मामलों को लटकाने या निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी।

इसके बाद राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा-34 के तहत दर्ज मामलों की न्यायालय और अधिकारी स्तर पर समीक्षा कराई। जांच में कुछ अधिकारियों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।

इन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई

निलंबित अधिकारियों में पवन कुमार सिंह, अतुल हर्ष, हरेराम यादव, आनन्द ओझा और विवेक कुमार सिंह शामिल हैं। इनमें चार तहसीलदार और एक नायब तहसीलदार हैं। संबंधित अधिकारियों के खिलाफ अब विभागीय जांच की प्रक्रिया भी आगे बढ़ेगी।

आगे भी जारी रहेगी निगरानी

राजस्व परिषद ने साफ किया है कि यह कार्रवाई केवल एक बार तक सीमित नहीं रहेगी। लंबित मामलों के निस्तारण की लगातार निगरानी की जाएगी और अधिकारियों की कार्यप्रगति की नियमित समीक्षा होगी। सरकार का उद्देश्य राजस्व से जुड़े मामलों को समय पर निपटाकर किसानों और आम नागरिकों को तेज, पारदर्शी और आसान न्याय उपलब्ध कराना है। निर्धारित समय में मामलों का निस्तारण नहीं करने वाले अधिकारियों पर आगे भी कार्रवाई की जा सकती है।

8वें वेतन आयोग: ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों की नई सैलरी? जानें संभावित गणित

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों की नजर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई है। खासतौर पर ग्रुप-C और ग्रुप-D यानी निचले वेतन स्तर के कर्मचारियों को नई वेतन व्यवस्था से बड़ी उम्मीदें हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी नई न्यूनतम बेसिक सैलरी या फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम घोषणा नहीं हुई है। इसलिए फिलहाल सामने आ रहे आंकड़े संभावित अनुमान और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर आधारित हैं।

₹18,000 से कितनी हो सकती है न्यूनतम बेसिक सैलरी?

7वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 निर्धारित की गई थी। 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर के आधार पर इसमें बढ़ोतरी हो सकती है। अगर फिटमेंट फैक्टर करीब 1.92 से 2.35 के बीच रहता है, तो ₹18,000 की मौजूदा बेसिक पे बढ़कर लगभग ₹34,500 से ₹42,300 के आसपास हो सकती है। वहीं अधिक फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर यह राशि और ज्यादा हो सकती है।

क्या होगी ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मियों की सैलरी?

ग्रुप-D(लेवल-1): वर्तमान बेसिक पे ₹18,000, संभावित फिटमेंट फैक्टर 1.92x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹34,500 से ₹44,000 तक।

ग्रुप-D (लेवल-1): अगर 2.86x फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो अनुमानित नई बेसिक पे ₹51,480 हो सकती है।

ग्रुप-C (लेवल-2): वर्तमान बेसिक पे ₹19,900, संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.15x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹42,700 से ₹46,700 तक।

ग्रुप-C (लेवल-3): वर्तमान बेसिक पे ₹21,700, संभावित फिटमेंट फैक्टर 2.15x से 2.35x, अनुमानित नई बेसिक पे ₹46,600 से ₹51,000 तक।

बेसिक सैलरी के अलावा भी दूसरे लाभ

नई वेतन व्यवस्था में सिर्फ बेसिक पे ही महत्वपूर्ण नहीं होगी। महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस और अन्य भत्तों का भी कुल वेतन पर असर पड़ेगा। इसलिए बेसिक पे में बढ़ोतरी और हाथ में मिलने वाली वास्तविक सैलरी अलग-अलग हो सकती है।

कर्मचारियों की एक और बड़ी मांग

कर्मचारी संगठनों की ओर से सालाना इंक्रीमेंट को मौजूदा 3 प्रतिशत से बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। कुछ प्रस्तावों में इसे 5 से 7 प्रतिशत तक करने की बात कही गई है। अगर ऐसी मांग स्वीकार होती है तो लंबे समय में कर्मचारियों की कमाई पर इसका अतिरिक्त असर पड़ सकता है।

8वें वेतन आयोग को लेकर सबसे जरूरी बात

फिलहाल ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए ₹34 हजार, ₹44 हजार, ₹57 हजार या ₹69 हजार जैसी रकम को अंतिम नई सैलरी नहीं माना जा सकता। ये अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर और मांगों के आधार पर लगाए गए अनुमान हैं। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, शिक्षकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त इंटर कॉलेजों में प्रधानाचार्य तथा हाईस्कूलों में प्रधानाध्यापक बनने की तैयारी कर रहे शिक्षकों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने इन पदों की अर्हता से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। नए प्रावधान के तहत अब अभ्यर्थियों के लिए स्नातकोत्तर में कम से कम 50 प्रतिशत अंक हासिल करना जरूरी होगा।

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के संबंधित नियमों में संशोधन करते हुए प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पदों की योग्यता को स्पष्ट किया है।

प्रधानाचार्य बनने के लिए क्या होगी योग्यता?

इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य पद के लिए अभ्यर्थी का पीजी में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही एनसीटीई से मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएड की डिग्री भी जरूरी होगी। अनुभव की बात करें तो अभ्यर्थी के पास कक्षा 9 से 12 तक प्रवक्ता या सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम चार वर्ष का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक पद पर चार साल का अनुभव भी निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थी की न्यूनतम आयु 30 वर्ष होनी चाहिए।

हाईस्कूल प्रधानाध्यापक के लिए भी बदले नियम

हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक बनने के इच्छुक शिक्षकों के लिए भी पीजी में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए गए हैं। बीएड के साथ बीपीएड की योग्यता भी निर्धारित की गई है। इस पद के लिए मान्यता प्राप्त संस्थान में कक्षा 9 से 12 तक प्रवक्ता या सहायक अध्यापक के रूप में कम से कम चार वर्ष का अनुभव मांगा गया है। इसके अलावा जूनियर हाईस्कूल में प्रधानाध्यापक के पद पर चार वर्ष का अनुभव भी जरूरी होगा। यहां भी न्यूनतम आयु सीमा 30 वर्ष रखी गई है।

अनुभव के आधार पर नहीं मिलेगी अंकों में छूट

नए नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अधिक अनुभव होने पर पीजी के अंकों में मिलने वाली छूट को समाप्त कर दिया गया है। यानी अभ्यर्थी के पास कितना भी अधिक अनुभव क्यों न हो, पीजी में 50 प्रतिशत अंक की शर्त पूरी करनी ही होगी। इसके अलावा डिप्लोमा के आधार पर मिलने वाली अर्हता का प्रावधान भी खत्म कर दिया गया है।

हजारों शिक्षकों पर पड़ेगा असर

सरकार के इस संशोधन के बाद प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक पद के लिए आवेदन करने वाले शिक्षकों को नई योग्यता के अनुसार अपनी पात्रता जांचनी होगी। माना जा रहा है कि नए नियमों से चयन प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी और पदों के लिए शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संबंधी योग्यता को अधिक महत्व मिलेगा।

बिहार में बिछेगी नई रेल लाइन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के सीमांचल क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। गोरखपुर-गुवाहाटी रेलखंड पर मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी मिलने से फारबिसगंज और आसपास के जिलों में खुशी का माहौल है। इस परियोजना के तहत कई महत्वपूर्ण रेल मार्गों पर अतिरिक्त लाइनें बिछाने की योजना है।

प्रस्तावित रेल विस्तार में रक्सौल, सीतामढ़ी, झंझारपुर, सरायगढ़, फारबिसगंज और न्यू जलपाईगुड़ी जैसे प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है। इससे इस पूरे रेल कॉरिडोर की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

गुवाहाटी से दिल्ली तक

मल्टी ट्रैकिंग का फायदा केवल बिहार तक सीमित नहीं रहेगा। इससे गुवाहाटी से दिल्ली के बीच रेल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी। अतिरिक्त लाइनें तैयार होने के बाद मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम हो सकता है और यात्री एवं मालगाड़ियों के परिचालन का विस्तार संभव होगा।

सीमांचल में बढ़ सकती हैं ट्रेनें

फारबिसगंज और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को इस परियोजना से रेल सेवाओं में सुधार की उम्मीद है। रेल लाइन की क्षमता बढ़ने के बाद भविष्य में नई ट्रेनों के संचालन और मौजूदा सेवाओं के विस्तार की संभावना बन सकती है। इससे लंबे समय से बेहतर रेल सुविधा की मांग कर रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

फारबिसगंज-लक्ष्मीपुर रेल संपर्क जोड़ने की मांग

स्थानीय संगठनों ने फारबिसगंज से लक्ष्मीपुर के बीच निर्माणाधीन 17.60 किलोमीटर रेल संपर्क को भी इस परियोजना से जोड़ने की मांग उठाई है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी तथा फारबिसगंज से सिलीगुड़ी की यात्रा भी आसान हो सकती है।

सीमांचल के लिए अहम साबित हो सकती है परियोजना

मल्टी ट्रैकिंग परियोजना को सीमांचल के रेल विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अतिरिक्त रेल लाइनें बनने से व्यस्त रेल रूट की क्षमता बढ़ेगी और आने वाले समय में यात्री तथा माल परिवहन के विस्तार का रास्ता खुल सकता है। अब लोगों की नजर परियोजना के क्रियान्वयन और स्थानीय रेल प्रस्तावों को इसमें शामिल किए जाने पर है।

बिहार में रेलवे का होगा विस्तार, 962 करोड़ से बनेगी तीसरी लाइन, यात्रियों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। किऊल-झाझा रेलखंड पर तीसरी रेल लाइन बनाने की योजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 54 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 962 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। तीसरी लाइन बनने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।

किऊल-दिल्ली-हावड़ा रेल मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। नई लाइन बनने से मौजूदा ट्रैक पर ट्रेनों का दबाव कम होगा। इससे यात्री और मालगाड़ियों के संचालन में सुविधा होगी और भविष्य में अतिरिक्त ट्रेनों के परिचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

किऊल-गया रूट भी हुआ मजबूत

किऊल-गया रेलखंड का 124 किलोमीटर लंबा दोहरीकरण पूरा हो चुका है। इस परियोजना पर करीब 2,462 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। दोहरीकरण के बाद किऊल से गया के बीच रेल परिचालन की क्षमता बढ़ी है, जिसका लाभ दक्षिण बिहार के यात्रियों और कारोबारियों को मिल सकता है।

लखीसराय और अभयपुर में बढ़ेंगी सुविधाएं

लखीसराय जंक्शन को अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। स्टेशन पर प्रवेश भवन और फुट ओवरब्रिज से जुड़े कई काम पूरे हो चुके हैं, जबकि यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट लगाने का काम जारी है।

वहीं अभयपुर स्टेशन पर भी स्टेशन भवन और सर्कुलेटिंग एरिया को बेहतर बनाने की तैयारी है। प्लेटफॉर्म को चौड़ा करने के साथ यात्रियों की सुविधाओं में विस्तार किया जाएगा। स्टेशन पर आरपीएफ पोस्ट और बैरक बनाए जाने से सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।

यात्रियों को मिलेगा सीधा फायदा

किऊल-झाझा तीसरी लाइन और किऊल-गया दोहरीकरण से इस पूरे क्षेत्र का रेल नेटवर्क पहले से अधिक मजबूत होने की उम्मीद है। ट्रेनों की क्षमता बढ़ने से यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और माल परिवहन को भी गति मिल सकती है।

शनि देव का बड़ा खेल शुरू! कल से 4 राशियों पर बरसेगी कृपा, धन लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है। शनि की चाल में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। माना जा रहा है कि कल से शनि के प्रभाव के चलते 4 राशियों के जातकों के लिए समय अनुकूल हो सकता है। इन लोगों को नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए शनि का प्रभाव आर्थिक रूप से सकारात्मक रह सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और लंबे समय से अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। कारोबार करने वालों के लिए नए सौदे या प्रोजेक्ट फायदेमंद साबित हो सकते हैं। अचानक धन लाभ के योग भी बन सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसलों में सावधानी के साथ आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों पर शनि देव की विशेष कृपा मानी जा सकती है। करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। प्रमोशन या वेतन वृद्धि की उम्मीद बढ़ सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ पुराने कर्ज या वित्तीय परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के स्वामी शनि देव माने जाते हैं, इसलिए शनि का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण रहता है। कल से कामकाज में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ और आय बढ़ने के योग बन सकते हैं। मेहनत का उचित परिणाम मिलने से आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए डबल खुशखबरी, जल्द होगी घोषणा!

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाला समय काफी अहम माना जा रहा है। एक ओर जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में संभावित बढ़ोतरी का इंतजार है, वहीं दूसरी तरफ 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। हालांकि, दोनों मामलों में अंतिम घोषणा का इंतजार है।

कर्मचारियों के लिए जुलाई में कितना बढ़ सकता है DA?

केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को साल में दो बार संशोधित किया जाता है। इसकी गणना मुख्य रूप से AICPI-IW के आंकड़ों के आधार पर होती है। जनवरी 2026 में DA में 2 प्रतिशत की वृद्धि के बाद यह 60 फीसदी हो गया था। पेंशनर्स का DR भी इसी अनुपात में बढ़ाया गया।

अब जुलाई 2026 के लिए नई दर पर नजर है। अगर सरकार 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी करती है तो DA 60 से बढ़कर 63 फीसदी हो सकता है। हालांकि, यह फिलहाल अनुमान है और वास्तविक दर सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

8वें वेतन आयोग पर भी आगे बढ़ रही प्रक्रिया

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दूसरी बड़ी उम्मीद 8वें वेतन आयोग से जुड़ी है। आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था और इसकी अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग का काम कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों, पेंशन और सेवा से जुड़े अन्य मामलों की समीक्षा करके केंद्र सरकार को अपनी सिफारिशें देना है। इसके लिए कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स समेत संबंधित पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं।

इन शहरों में होंगी अगली बैठकें

कंसल्टेशन प्रक्रिया के तहत अलग-अलग शहरों में बैठकें आयोजित की जा रही हैं। उपलब्ध कार्यक्रम के मुताबिक पुडुचेरी में 9 सितंबर, चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर और बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर को बैठकें प्रस्तावित हैं। आयोग अपनी सिफारिशें मई-जून 2027 तक केंद्र सरकार को सौंप सकता है।

क्या है डबल खुशखबरी?

अगर जुलाई 2026 में DA बढ़ोतरी को मंजूरी मिलती है और आगे 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों से वेतन-पेंशन में सुधार होता है, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को दो अलग-अलग मोर्चों पर राहत मिल सकती है। फिलहाल दोनों मामलों में आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

40+ पुरुषों के लिए 5 पावरफुल फूड्स, एनर्जी और स्टेमिना करें मजबूत

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियों, मेटाबॉलिज्म और ऊर्जा की जरूरतों में बदलाव आने लगता है। 40 की उम्र के बाद पुरुषों के लिए ऐसी डाइट लेना जरूरी हो जाता है, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, अच्छे फैट, विटामिन और मिनरल्स मिलें। विशेषज्ञों के अनुसार किसी एक चीज को खाने से ताकत अचानक कई गुना नहीं बढ़ती, लेकिन संतुलित आहार और नियमित एक्सरसाइज शरीर को लंबे समय तक फिट रखने में मदद कर सकते हैं।

1. अंडे

अंडे प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं और इन्हें नाश्ते में आसानी से शामिल किया जा सकता है। पर्याप्त प्रोटीन मांसपेशियों को बनाए रखने में मदद करता है, जो उम्र बढ़ने के साथ खास तौर पर महत्वपूर्ण हो जाता है।

2. बादाम और अखरोट

बादाम, अखरोट और दूसरे बिना नमक वाले नट्स में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना स्नैक के तौर पर लिया जा सकता है। नट्स और बीजों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने की सलाह दी जाती है।

3. दाल और चने

शाकाहारी लोगों के लिए दाल, चना, राजमा और अन्य फलियां प्रोटीन और फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इन्हें भोजन में शामिल करने से डाइट ज्यादा पौष्टिक बनती है और लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है।

4. ओट्स और साबुत अनाज

ओट्स, दलिया, मिलेट्स और अन्य साबुत अनाज शरीर को धीरे-धीरे ऊर्जा देने वाले कार्बोहाइड्रेट और फाइबर उपलब्ध कराते हैं। 40+ उम्र में रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट की जगह साबुत अनाज को प्राथमिकता देना बेहतर विकल्प हो सकता है।

5. हरी पत्तेदार सब्जियां और फल

पालक जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और अन्य सब्जियां शरीर को फाइबर, विटामिन और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट देती हैं। WHO भी स्वस्थ डाइट में पर्याप्त फल-सब्जियों और फाइबर को शामिल करने पर जोर देता है।

केंद्र सरकार की जबरदस्त योजना, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। खेती में सिंचाई का खर्च किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनता है। डीजल की बढ़ती कीमत और कई इलाकों में बिजली की अनियमित आपूर्ति के कारण किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त खर्च करना पड़ता है। ऐसे में प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (PM-KUSUM) योजना किसानों के लिए राहत का जरिया बन सकती है।

सोलर पंप पर मिलती है सरकारी मदद

पीएम-कुसुम योजना के तहत पात्र किसानों को सोलर कृषि पंप लगाने के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है। सामान्य राज्यों में स्टैंडअलोन सोलर पंप की लागत पर केंद्र की ओर से 30 फीसदी और राज्य सरकार की ओर से कम से कम 30 फीसदी सहायता का प्रावधान है। यानी पात्रता और लागू नियमों के अनुसार कुल सहायता कम से कम 60 फीसदी तक हो सकती है।

किसान के हिस्से की रकम के लिए बैंक लोन की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। कुछ मामलों में किसान को शुरुआत में करीब 10 फीसदी राशि देनी पड़ सकती है, जबकि वास्तविक राशि राज्य के नियम और पंप की लागत पर निर्भर करेगी।

7.5 HP तक का सोलर पंप

योजना के Component-B के तहत ऑफ-ग्रिड क्षेत्रों में किसान 7.5 HP तक के सोलर कृषि पंप लगवा सकते हैं। जरूरत के अनुसार 3 HP, 5 HP और 7.5 HP क्षमता के पंप का विकल्प लिया जा सकता है।

सोलर बिजली से कमाई का भी मौका

पीएम-कुसुम के Component-A के तहत पात्र किसान और किसान समूह आदि ग्रिड से जुड़े सोलर पावर प्लांट भी लगा सकते हैं। योजना के नियमों के तहत जरूरत से ज्यादा पैदा हुई बिजली को संबंधित DISCOM को बेचकर अतिरिक्त आय का रास्ता बनाया जा सकता है।

आवेदन में रखें सावधानी

किसान योजना की जानकारी और आवेदन के लिए PM-KUSUM के आधिकारिक पोर्टल या अपने राज्य की अधिकृत एजेंसी की वेबसाइट का इस्तेमाल करें। आवेदन के दौरान आधार, जमीन से जुड़े दस्तावेज और बैंक संबंधी जानकारी मांगी जा सकती है। योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट और एजेंटों से भी सावधान रहें। किसी को भी पैसा देने से पहले संबंधित पोर्टल और एजेंसी की प्रामाणिकता जरूर जांच लें।

5 से 10 सितंबर तक महासंयोग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन लाभ के योग

राशिफल। सितंबर का पहला सप्ताह कई राशियों के लिए खास माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति और कुछ शुभ योगों का प्रभाव देखने को मिल सकता है। 5 से 10 सितंबर के बीच 5 राशियों को करियर, धन और कारोबार के मामले में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, ज्योतिषीय भविष्यवाणियां मान्यताओं पर आधारित होती हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय रुके हुए काम पूरे कराने वाला हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। कारोबारियों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए धन से जुड़े मामलों में समय अनुकूल रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। निवेश या कारोबार से जुड़े फैसलों में लाभ मिल सकता है। परिवार में भी सुखद माहौल रहने की उम्मीद है।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और आर्थिक लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में नई डील या प्रोजेक्ट मिलने की संभावना है। धन संबंधी परेशानियां कम हो सकती हैं और भविष्य के लिए नई योजनाएं बनेंगी।

5. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में भी विस्तार के योग बन सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, कर्मचारियों के लिए बनेंगे नए नियम

नई दिल्ली। केंद्र सरकार सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर नई आचार संहिता लाने की तैयारी कर रही है। ड्यूटी के दौरान रील्स देखने, वीडियो साझा करने और व्यक्तिगत पोस्ट करने जैसी गतिविधियों को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए जा सकते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वरिष्ठ नौकरशाहों को इस संबंध में स्पष्ट नियम तैयार करने पर विचार करने को कहा है।

सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर तय होंगे नियम

मौजूदा सरकारी आचरण नियम उस समय बनाए गए थे, जब सोशल मीडिया का चलन नहीं था। ऐसे में सरकारी कर्मचारियों के डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल को लेकर विस्तृत प्रावधान मौजूद नहीं हैं। प्रस्तावित कोड में कार्यालय के समय सोशल मीडिया के इस्तेमाल, सरकारी पद की मर्यादा और आधिकारिक जानकारी साझा करने जैसे मामलों के लिए नियम तय किए जा सकते हैं।

हालांकि, रील्स देखने पर पूरी तरह रोक लगेगी या नहीं, इस बारे में अभी कोई अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। नई आचार संहिता का अंतिम स्वरूप तैयार होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

एक लॉगिन से सरकारी सेवाओं की योजना

बैठक में नागरिकों के लिए 'एक भारत' पोर्टल बनाने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसका उद्देश्य अलग-अलग सरकारी सेवाओं के लिए कई वेबसाइटों पर अलग-अलग लॉगिन की परेशानी को कम करना है। प्रस्ताव के तहत एक ही यूजरनेम और पासवर्ड से कई सरकारी सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराने की योजना है।

सरकार की इन पहलों का उद्देश्य सरकारी कामकाज में डिजिटल अनुशासन बढ़ाने के साथ नागरिकों के लिए ऑनलाइन सेवाओं को आसान और एकीकृत बनाना है।