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खुशखबरी की घोषणा: यूपी में एक साथ 722 पदों पर भर्ती, युवाओं की बल्ले-बल्ले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। राज्य में 722 पदों पर आबकारी सिपाही भर्ती की घोषणा की गई है। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए है जिन्होंने इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की है और प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET-2025) उत्तीर्ण की है।

उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने इन पदों के लिए मुख्य परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 जून से शुरू होगी और 24 जून तक चलेगी। इस अवधि में उम्मीदवार आवेदन के साथ परीक्षा शुल्क भी जमा कर सकेंगे।

आवेदन और शुल्क 

आवेदन में संशोधन या शुल्क समायोजन की अंतिम तिथि 1 जुलाई निर्धारित की गई है। मुख्य परीक्षा में केवल वही उम्मीदवार शामिल हो सकेंगे, जिनका PET-2025 स्कोर कार्ड जारी किया गया है। स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। सभी वर्गों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये रखा गया है।

परीक्षा पैटर्न और विषय

मुख्य परीक्षा में 100 अंकों के बहुविकल्पीय प्रश्न होंगे। परीक्षा में शामिल विषयों में इतिहास, भूगोल, राजनीति, सामान्य विज्ञान, समसामयिक घटनाएं, उत्तर प्रदेश की आबकारी नीतियां, कंप्यूटर और सूचना प्रौद्योगिकी की बुनियादी जानकारी और राज्य से संबंधित सामान्य ज्ञान शामिल हैं।

शारीरिक दक्षता और अन्य मानक

इच्छुक उम्मीदवार शारीरिक दक्षता और अन्य नियमों के बारे में विस्तृत जानकारी आयोग की वेबसाइट पर देख सकते हैं। इस भर्ती के माध्यम से चयनित उम्मीदवार राज्य की आबकारी विभाग में सेवाएँ देंगे और राज्य के विकास में योगदान करेंगे।

सीएम योगी 7 अप्रैल देंगे 'ग्रेटर आगरा' की सौगात, शहर की बदलेगी तस्वीर!

आगरा। ताजनगरी को 7 अप्रैल को एक नया आयाम मिलने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा के लोगों के लिए ‘ग्रेटर आगरा’ योजना का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना की कुल लागत 5142 करोड़ रुपये है, और यह शहर के भविष्य को पूरी तरह बदलने वाली है।

आधुनिक शहर का सपना होगा साकार

योजना के तहत रायपुर और रहन कलां के 449 हेक्टेयर क्षेत्र में अत्याधुनिक टाउनशिप विकसित की जाएगी। इस टाउनशिप में चौड़ी सड़कें, हरियाली से भरपूर पार्क, निर्बाध बिजली-पानी की सुविधा और सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। शहर का आवासीय और शहरी स्वरूप पूरी तरह से नई पहचान पाएगा।

अन्य परियोजनाओं का भी उद्घाटन

मुख्यमंत्री केवल टाउनशिप ही नहीं, बल्कि आगरा के विभिन्न विभागों की करोड़ों रुपये की अन्य विकास परियोजनाओं का भी लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर वे भव्य जनसभा को भी संबोधित करेंगे और शहरवासियों के साथ योजनाओं की रूपरेखा साझा करेंगे।

सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी शिरकत

मुख्यमंत्री उसी दिन वृंदावन में श्रीमद् जगतगुरु द्वाराचार्य श्री मलूकनाथ जी महाराज की 452वीं जयंती महोत्सव में भी शामिल होंगे और करीब एक घंटे तक महोत्सव में रहेंगे। जानकारों का कहना है कि ‘ग्रेटर आगरा’ योजना शहर की समृद्धि, पर्यटन और आधुनिक जीवनशैली की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगी।

सुरक्षा और तैयारी पूरी

प्रभारी मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने के लिए हर इंतजाम किया गया है। सुरक्षा, पार्किंग और हेलीपैड की व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त की गई हैं।

केंद्र सरकार ने दिया अपडेट: देशवासियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशवासियों के लिए केंद्र सरकार ने सोमवार को दो बड़ी खुशखबरी साझा कीं। मिनिस्ट्री ऑफ कंज्यूमर अफेयर्स, फूड एंड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन के जॉइंट सेक्रेटरी सी. शिखा ने बताया कि भारत में अनाज का बफर स्टॉक नॉर्म्स से तीन गुना अधिक है। देश में वर्तमान में लगभग 222 लाख मीट्रिक टन गेहूं और 380 लाख मीट्रिक टन चावल उपलब्ध है। इसका मतलब है कि कुल फ़ूड स्टॉक लगभग 602 लाख मीट्रिक टन तक पहुँच गया है, जो पीडीएस की जरूरतों के साथ-साथ किसी भी इमरजेंसी की मांग को भी पूरा करने के लिए पर्याप्त है।

उन्होंने यह भी बताया कि भारत के मुख्य अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक पार्टनर्स जैसे इंडोनेशिया, मलेशिया, रूस, यूक्रेन, अर्जेंटीना और ब्राज़ील से आयात लगातार जारी है। इसके साथ ही सरसों की बेहतर घरेलू पैदावार ने सप्लाई की स्थिरता को और मज़बूत किया है।

दूसरी बड़ी खुशखबरी समुद्री सुरक्षा को लेकर है। मिनिस्ट्री ऑफ पोर्ट्स, शिपिंग एंड वॉटरवेज के एडिशनल सेक्रेटरी मुकेश मंगल ने बताया कि वेस्ट एशिया क्षेत्र में सभी भारतीय नाविक सुरक्षित हैं और समुद्री संचालन सामान्य रूप से जारी है। हाल ही में, एलपीजी ले जाने वाले दो भारतीय झंडे वाले जहाज, ग्रीन सांघवी और ग्रीन आशा, सुरक्षित रूप से होर्मुज स्ट्रेट से गुजर चुके हैं।

वर्तमान में वेस्टर्न पर्शियन गल्फ रीजन में 16 भारतीय जहाज तैनात हैं, जिनमें कुल 433 नाविक सवार हैं। मंत्रालय ने यह सुनिश्चित किया है कि भारतीय मिशन, विदेश मंत्रालय और समुद्री स्टेकहोल्डर्स के साथ मिलकर नाविकों की सुरक्षा और समुद्री संचालन में कोई रुकावट न आने पाए।

जानकारों के अनुसार, इन दोनों कदमों से न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बावजूद भारत की रणनीतिक तैयारी और सतर्कता भी स्पष्ट हुई है। केंद्र सरकार ने साफ कहा है कि वह स्थिति पर लगातार नज़र रखेगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करेगी। इस अपडेट से देशवासियों में न केवल राहत है, बल्कि आत्मनिर्भरता और सुरक्षा के प्रति भरोसा भी बढ़ा है।

भाग्य खुलने वाला दिन: मंगलवार को 4 राशियों के रास्ते होंगे आसान, मिलेगी खुशखबरी

राशिफल। मंगलवार का दिन चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहेगा। इस दिन ग्रहों की स्थिति और सितारों की चाल इन राशियों के जीवन में सफलता, लाभ और खुशियों के नए अवसर लेकर आएगी। आइए जानते हैं कौन-कौन सी राशियाँ रहेंगी भाग्यशाली और उनके लिए दिन कैसा रहेगा।

1. मेष राशि

मेष राशि के लिए मंगलवार का दिन ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों को सफलता मिलने की संभावना है। पुराने रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और नए प्रोजेक्ट्स में भी सफलता मिलेगी। परिवार और मित्रों के साथ संबंध मधुर रहेंगे। वित्तीय लाभ के योग हैं, इसलिए निवेश या बड़े खर्च के लिए यह समय अनुकूल रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन विशेष रूप से भाग्यशाली रहेगा। करियर में मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है। अधिकारियों और वरिष्ठों से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य के मामले में सुधार होगा, और मानसिक शांति भी बनी रहेगी। दोस्तों और समाज में आपकी छवि मजबूत होगी। इस दिन किए गए निर्णय लंबे समय तक लाभकारी साबित होंगे।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन आर्थिक और व्यक्तिगत दृष्टि से लाभकारी रहेगा। पुराने वाद-विवाद सुलझ सकते हैं और रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा। व्यापारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल है। निवेश और व्यापारिक निर्णय सोच-समझकर लेने से अधिक लाभ मिलेगा।

4. धनु राशि

धनु राशि के लिए मंगलवार का दिन न केवल भाग्यशाली होगा, बल्कि स्वास्थ्य और मानसिक शांति में भी सुधार देखने को मिलेगा। यात्रा के योग हैं, जो करियर और शिक्षा के लिए लाभकारी साबित होंगे। परिवार में सुख और सहयोग मिलेगा। पुराने मित्रों से मिलने या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होने का समय अनुकूल रहेगा।

बंगाल में सियासी संग्राम! BJP vs TMC में कांटे की टक्कर, ओपिनियन पोल ने बढ़ाई धड़कनें

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव इस बार अत्यंत रोमांचक और निर्णायक होने वाले हैं। चुनावी माहौल में भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बीच सीधी और कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है। एबीपी-मैट्रिज के ओपिनियन पोल ने इस मुकाबले की संभावनाओं पर रोशनी डाली है और भविष्य की तस्वीर खींचने का प्रयास किया है।

टीएमसी को बढ़त की उम्मीद

ओपिनियन पोल के अनुसार, ममता बनर्जी की अगुवाई वाली टीएमसी को 43 प्रतिशत वोट मिलने की संभावना है। यह पोल संकेत देता है कि टीएमसी 140 से 160 सीटों के बीच जीत दर्ज कर सकती है। हालांकि यह बहुमत का आंकड़ा पूरी तरह तय नहीं करता, लेकिन पार्टी के लिए उम्मीद की किरण जरूर है।

बीजेपी की चुनौती

भाजपा इस बार बंगाल में मजबूत स्थिति में दिख रही है। एबीपी-मैट्रिज के आंकड़ों के अनुसार बीजेपी को 41 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं, जिससे उनकी संभावित सीट संख्या 130 से 150 के बीच हो सकती है। हालांकि पोल के विश्लेषण के अनुसार, बीजेपी बहुमत से थोड़ी दूरी पर रह सकती है, जिससे सत्ता की लड़ाई बेहद कड़ी और रोमांचक बनेगी।

अन्य दलों की स्थिति

कांग्रेस, वाम दल और अन्य छोटे दलों के लिए वोट शेयर अपेक्षाकृत कम होने का अनुमान है। इन दलों के खाते में लगभग 8 से 16 सीटें जा सकती हैं, जो मुख्य मुकाबले पर असर डालने के लिए पर्याप्त हो सकती हैं। इससे चुनावी समीकरण और भी पेचीदा और अनिश्चित बने हुए हैं।

चुनावी प्रक्रिया

पश्चिम बंगाल में कुल 294 विधानसभा सीटें हैं। इस बार वोटिंग दो चरणों में होगी 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को। ओपिनियन पोल यह संकेत देते हैं कि टीएमसी और बीजेपी के बीच केवल कुछ सीटों का अंतर रह सकता है, जिससे चुनाव परिणाम अंतिम चरण तक रोमांचक बने रहेंगे।

सीएम योगी का बड़ा ऐलान: यूपी के पत्रकारों के लिए नई उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पत्रकारों के लिए एक अहम पहल की शुरुआत का संकेत देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐसी व्यवस्था की बात कही है, जिससे पत्रकारों को न सिर्फ पहचान मिलेगी बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सकेगी। यह कदम राज्य में पत्रकारिता के स्तर को मजबूत करने और पत्रकारों के हितों की रक्षा करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पहचान और सम्मान की दिशा में कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि वास्तविक और जिम्मेदार पत्रकारों को मान्यता प्राप्त प्रमाणपत्र और आई-कार्ड दिए जाने चाहिए। इससे पत्रकारों की पहचान स्पष्ट होगी और उन्हें अपने कार्य के दौरान किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। कई बार फील्ड में काम करते समय पहचान का संकट सामने आता है, जिसे यह पहल दूर कर सकती है।

कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा की योजना

सरकार की योजना पत्रकारों को कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा से जोड़ने की है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पत्रकार समाज की आवाज उठाते हैं, लेकिन जब वे स्वयं किसी बीमारी या संकट का सामना करते हैं तो उनकी मदद के लिए बहुत कम लोग सामने आते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे बिना चिंता के अपना कार्य कर सकें।

सभी पत्रकारों को जोड़ने की पहल

मुख्यमंत्री ने यह भी स्वीकार किया कि बड़े मीडिया समूहों से जुड़े पत्रकारों को सुविधाएं मिल जाती हैं, लेकिन एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जो इनसे वंचित रहता है। सरकार का प्रयास है कि सभी पत्रकारों को एक मंच पर लाकर उनके लिए समान और व्यवस्थित व्यवस्था तैयार की जाए।

बदलते दौर में पत्रकारिता की चुनौतियां

आज पत्रकारिता का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। प्रिंट, विजुअल, डिजिटल और सोशल मीडिया इन सभी के अपने-अपने प्रभाव और चुनौतियां हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन सभी माध्यमों के बीच समन्वय बेहद जरूरी है। यदि एक ही खबर को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा, तो इससे आम जनता में भ्रम की स्थिति पैदा होगी और मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

केंद्रीय कर्मचारियों के DA पर बड़ा अपडेट! सैलरी में बदलाव तय?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह में होने वाली केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में डीए बढ़ोतरी के प्रस्ताव को मंजूरी मिल सकती है। अगर ऐसा होता है, तो यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाएगी, जिससे कर्मचारियों को एरियर का भी फायदा मिलेगा।

DA 58% से बढ़कर 60%

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58% की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है। ताजा अपडेट के मुताबिक इसमें 2% की बढ़ोतरी संभव है, जिसके बाद यह 60% तक पहुंच सकता है। भले ही यह बढ़ोतरी छोटी लगे, लेकिन बढ़ती महंगाई के बीच यह कर्मचारियों की मासिक आय में राहत देने वाली साबित होगी।

देरी की वजह क्या रही?

डीए बढ़ोतरी की घोषणा में हुई देरी के पीछे वेतन आयोग का बदलाव बड़ा कारण माना जा रहा है। 7वें वेतन आयोग की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है, जबकि 1 जनवरी 2026 से 8वें वेतन आयोग का दौर शुरू हो गया है। इसी ट्रांजिशन के चलते सरकार को डीए की गणना के तरीके पर विचार करना पड़ा।

नया वेतन आयोग और पुराना फॉर्मूला

हालांकि 8वें वेतन आयोग का गठन पहले ही किया जा चुका है, लेकिन उसकी अंतिम सिफारिशों में अभी समय है। ऐसे में फिलहाल सरकार ने यह तय किया है कि जब तक नई रिपोर्ट नहीं आती, तब तक डीए की गणना पुराने फॉर्मूले से ही जारी रहेगी।

1 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा फायदा

इस संभावित फैसले का असर सीधे तौर पर 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा। वेतन आयोग के बदलाव के समय होने वाली यह पहली डीए बढ़ोतरी होगी, इसलिए इसका महत्व और भी बढ़ जाता है।

अब बदलेंगी ममता सरकार? बंगाल में पीएम मोदी की गारंटी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक माहौल तेजी से गर्म होता जा रहा है। सत्ताधारी दल और विपक्ष दोनों ही पूरी ताकत के साथ मैदान में उतर चुके हैं। इसी क्रम में रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कूचबिहार में एक बड़ी जनसभा को संबोधित किया, जहां भारी भीड़ देखने को मिली। इस रैली के बाद राज्य की सियासत में सत्ता परिवर्तन को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।

रैली में भीड़ से बढ़े राजनीतिक संकेत

कूचबिहार में हुई इस जनसभा में बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी को विपक्ष अपने पक्ष में माहौल बनने का संकेत मान रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि यह समर्थन वोटों में बदलता है, तो चुनावी नतीजों पर इसका असर पड़ सकता है।

ममता सरकार पर पीएम का सीधा हमला

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में राज्य की मौजूदा सरकार, जिसकी अगुवाई ममता बनर्जी कर रही हैं, पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने कानून-व्यवस्था, महिलाओं की सुरक्षा और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पीएम मोदी ने कहा कि राज्य में कुछ घटनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में भय और असुरक्षा का माहौल है, जिसे बदलने की जरूरत है।

‘मोदी की गारंटी’ बनाम ‘टीएमसी सरकार’

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने “मोदी की गारंटी” का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था मजबूत करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद कानून अपना काम करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने राज्य में अवैध घुसपैठ, कटमनी और विकास की धीमी रफ्तार जैसे मुद्दों को भी उठाया और दावा किया कि उनकी पार्टी इन समस्याओं का समाधान कर सकती है।

मंगल के उदय से बदलेगी किस्मत! 5 राशियों पर बरसेगा जबरदस्त भाग्य

राशिफल। 18 अप्रैल को मंगल ग्रह का मीन राशि में उदय होने जा रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार यह परिवर्तन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। मंगल को ऊर्जा, साहस और कर्म का कारक माना जाता है, ऐसे में इसके उदय से जीवन के कई क्षेत्रों में तेजी देखने को मिल सकती है।

मेष राशि

मेष राशि के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत भी मिल रहे हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिल सकता है। नौकरी में बदलाव या प्रमोशन के योग बन रहे हैं। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में भी सफलता मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह समय लाभकारी रह सकता है। करियर में प्रगति के साथ-साथ नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। प्रेम संबंधों में भी मजबूती आएगी।

मीन राशि

मीन राशि में ही मंगल का उदय हो रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिल सकता है। व्यक्तित्व में निखार आएगा और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। आर्थिक स्थिति भी बेहतर हो सकती है।

सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट, खरीदारों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में सोमवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में एक ही दिन में ₹1382 प्रति 10 ग्राम की तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं चांदी भी पीछे नहीं रही और इसके दाम ₹2800 प्रति किलो से ज्यादा लुढ़क गए।

रिकॉर्ड हाई से अब तक बड़ा नुकसान

कुछ समय पहले तक सोना अपने ऑल टाइम हाई के करीब था, लेकिन अब कीमतें काफी नीचे आ चुकी हैं। मौजूदा स्तर की तुलना अगर उच्चतम भाव से करें, तो सोना करीब ₹54,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता हो चुका है। यह गिरावट निवेशकों के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।

गिरावट के पीछे क्या वजह है?

इस बार बाजार का ट्रेंड सामान्य से अलग नजर आ रहा है। आमतौर पर वैश्विक तनाव के समय सोना मजबूत होता है, लेकिन अभी इसके उलट हो रहा है।

डॉलर की मजबूती ने सोने पर दबाव बढ़ाया। 

कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंता बढ़ाई। 

निवेशक सुरक्षित रहने के लिए कैश होल्ड कर रहे हैं। 

ऊंचे दाम पर खरीदे गए सोने में मुनाफावसूली तेज हुई। 

इन सभी कारणों से सोने और चांदी की मांग कमजोर पड़ी है।

चांदी में भी भारी उतार-चढ़ाव

चांदी के बाजार में भी बड़ी हलचल देखी गई। एक ही दिन में कीमतों में हजारों रुपये की गिरावट ने ट्रेडर्स और निवेशकों को सतर्क कर दिया है। औद्योगिक मांग में कमी भी इसकी एक बड़ी वजह मानी जा रही है।

ईरान की बढ़ी टेंशन! अमेरिका ने दिखाई ताकत, तैनात की JASSM-ER मिसाइलें

न्यूज डेस्क। अमेरिका द्वारा उन्नत लंबी दूरी की JASSM-ER मिसाइलों की तैनाती के फैसले ने ईरान के साथ संभावित टकराव की आशंकाओं को तेज कर दिया है। सैन्य विशेषज्ञ इसे रणनीतिक दबाव बनाने की बड़ी कार्रवाई मान रहे हैं, जिसका असर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ सकता है।

जानकारी के अनुसार, JASSM-ER अमेरिका की अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली है, जिसकी मारक क्षमता 900 किलोमीटर से अधिक मानी जाती है। यह मिसाइल दुश्मन के ठिकानों को दूर से ही सटीकता के साथ निशाना बनाने में सक्षम है, जिससे हमलावर विमान को जोखिम कम रहता है।

यह मिसाइलें F-15E Strike Eagle, F-16 Fighting Falcon जैसे लड़ाकू विमानों के साथ-साथ B-1B Lancer, B-2 Spirit और B-52H Stratofortress जैसे भारी बमवर्षकों से भी दागी जा सकती हैं। इसकी क्षमता लगभग 1,000 पाउंड के वॉरहेड को ले जाकर सटीक लक्ष्य भेदने की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका अपने JASSM-ER मिसाइल भंडार का बड़ा हिस्सा सक्रिय उपयोग के लिए तैयार कर रहा है। यह कदम इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन किसी भी संभावित सैन्य स्थिति के लिए पूरी तरह सतर्क है। विशेषज्ञों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में मिसाइलों की तैनाती केवल रक्षा नहीं, बल्कि स्पष्ट रणनीतिक संदेश भी है।

इस बीच डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हाल ही में ईरान को दी गई चेतावनी ने हालात को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने ईरान को सीमित समय में निर्णय लेने की बात कही, जिससे कूटनीतिक और सैन्य दोनों स्तरों पर दबाव बढ़ गया है। JASSM-ER मिसाइलों का निर्माण लॉकहीड मार्टिन द्वारा किया जाता है। 

पिछले दो दशकों में यह मिसाइल प्रणाली अमेरिकी सैन्य रणनीति का अहम हिस्सा बन चुकी है। इसकी खासियत यह है कि यह दुश्मन की वायु रक्षा प्रणाली से दूर रहकर भी सटीक हमला करने में सक्षम है, जिससे ऑपरेशन की सफलता की संभावना बढ़ जाती है।

बंगाल में बदलेगा समीकरण? भवानीपुर सहित 5 सीटों ने बनाया माहौल, ममता बनर्जी की राह मुश्किल

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत इस समय पूरी तरह चुनावी रंग में रंगी हुई है। विधानसभा चुनाव दो चरणों में होने हैं और राजनीतिक दलों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। एक ओर ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी तृणमूल कांग्रेस की कमान संभाले हुए हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने भी अपनी पूरी टीम मैदान में उतार दी है।

5 सीटें तय करेंगी सियासी दिशा

इस बार चुनाव में पांच ऐसी सीटें हैं, जिन पर पूरे राज्य की नजर टिकी हुई है। इनमें भवानीपुर और नंदीग्राम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं। इन सीटों पर बड़े नेताओं के उतरने से मुकाबला बेहद हाई-प्रोफाइल बन गया है। माना जा रहा है कि इन सीटों के नतीजे पूरे राज्य के राजनीतिक समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।

नंदीग्राम:

नंदीग्राम सीट एक बार फिर सबसे ज्यादा चर्चा में है, जहां भाजपा के शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस के पबित्रा कर के बीच मुकाबला है। 2021 के चुनाव में यहां करीब 1,900 वोटों का बेहद कम अंतर रहा था, जिससे यह सीट आज भी बेहद संवेदनशील मानी जा रही है। 

भवानीपुर:

भवानीपुर सीट, जो ममता बनर्जी का मजबूत गढ़ मानी जाती है, इस बार भी प्रतिष्ठा की सीट बनी हुई है। हालांकि उपचुनाव में उन्होंने 50 हजार से अधिक वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार राजनीतिक परिस्थितियां बदली हुई नजर आ रही हैं और विपक्ष यहां पूरी ताकत लगा रहा है। यहां ममता बनर्जी (टीएमसी) और शुभेंदु अधिकारी (भाजपा) के बिच कड़ा मुकाबला है। 

मुर्शिदाबाद:

मुर्शिदाबाद सीट पर मुकाबला त्रिकोणीय रूप लेता दिख रहा है, जहां तृणमूल कांग्रेस की शाओनी सिंहा रॉय, भाजपा के गौरी शंकर घोष और कांग्रेस के सिद्दीकी अली आमने-सामने हैं। इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की संख्या 60 प्रतिशत से अधिक मानी जाती है, ऐसे में वोटों का बंटवारा परिणाम को पूरी तरह बदल सकता है। 

जादवपुर

जादवपुर सीट पर भी कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। यह सीट लंबे समय तक वाम दलों का गढ़ रही है, लेकिन पिछले चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की थी। इस बार टीएमसी के देबब्रत मजूमदार और सीपीएम के बिकाश रंजन भट्टाचार्य के बीच सीधी टक्कर है।

खड़गपुर सदर

खड़गपुर सदर सीट भी इस चुनाव की अहम सीटों में शामिल है, जहां भाजपा के दिलीप घोष और तृणमूल कांग्रेस के प्रदीप सरकार के बीच मुकाबला है। 2021 के चुनाव में यहां जीत का अंतर महज 4,000 वोटों का रहा था, जिससे यह सीट इस बार भी बेहद करीबी मुकाबले वाली मानी जा रही है।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान: अब हर गांव में होगा ये खास काम, जनता को मिलेगा सीधा फायदा!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनावों की हलचल के बीच ग्रामीण विकास को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हित में 'फार्मर रजिस्ट्री' तैयार करने के लिए विशेष महाभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। यह अभियान 15 अप्रैल 2026 तक पूरे प्रदेश के हर गांव में मिशन मोड पर चलाया जाएगा।

गांव-गांव में लगेंगे विशेष शिविर

इस पहल के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत के सचिवालय में विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में किसानों का डिजिटल पंजीकरण किया जाएगा, जिससे उनकी सभी जानकारी एक केंद्रीकृत डेटाबेस में सुरक्षित रहे। सरकार का उद्देश्य यह है कि भविष्य में किसानों को किसी भी योजना का लाभ लेने के लिए बार-बार कागजी प्रक्रिया से न गुजरना पड़े।

सीधे खाते में पहुंचेगा लाभ

फार्मर रजिस्ट्री के जरिए किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि जैसी योजनाओं का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में ट्रांसफर किया जाएगा। इससे बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी और पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही, कृषि से जुड़ी अन्य सब्सिडी और सहायता भी बिना देरी के किसानों तक पहुंचेगी।

अधिकारियों को सख्त निर्देश

अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने ग्राम प्रधान, पंचायत सचिव और लेखपालों की जिम्मेदारी तय कर दी है। हर शिविर में इनकी उपस्थिति अनिवार्य होगी। खासतौर पर लेखपालों को निर्देश दिए गए हैं कि वे किसानों की जमीन, नाम या दस्तावेजों से जुड़ी समस्याओं का समाधान मौके पर ही करें, ताकि किसानों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

ग्रामीण व्यवस्था में बड़ा बदलाव

यह पहल न सिर्फ किसानों के लिए सुविधाजनक साबित होगी, बल्कि ग्रामीण प्रशासन को भी अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाएगी। तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक समय पर पहुंचेगा और भ्रष्टाचार पर भी लगाम लगेगी।

मंगल का चमत्कारी असर: 5 राशियों के लिए कल बनेगा गोल्डन डे, हर सपना होगा सच

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कल का दिन मंगल ग्रह की विशेष स्थिति के कारण बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। मंगल को साहस, ऊर्जा और पराक्रम का कारक माना जाता है। इसकी अनुकूल स्थिति कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकती है। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक 5 राशियों के लिए कल का दिन गोल्डन डे साबित हो सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए कल का दिन खास रहेगा, क्योंकि इस राशि के स्वामी मंगल हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और आर्थिक लाभ के संकेत हैं। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी, जिससे महत्वपूर्ण निर्णय लेने में आसानी होगी।

सिंह राशि:

सिंह राशि के लोगों के लिए तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ होगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा।

वृश्चिक राशि:

वृश्चिक राशि पर मंगल की विशेष कृपा रहने वाली है। रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी। निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रिश्तों में मधुरता बनी रहेगी।

धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन नई संभावनाएं लेकर आएगा। करियर में उन्नति के योग हैं। धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा के संकेत भी हैं, जो लाभदायक साबित हो सकते हैं।

मकर राशि:

मकर राशि के लिए कल का दिन स्थिरता और सफलता देने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है।

बिहार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, जानें पूरी डिटेल

पटना। बिहार में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर इस बार कुछ अलग देखने को मिल सकता है। चुनाव की तैयारी तो हर बार होती है, लेकिन इस बार तकनीक के इस्तेमाल ने इसे खास बना दिया है। राज्य निर्वाचन आयोग बिहार ने तय किया है कि पंचायत के सभी पदों के लिए अब पूरी तरह इलेक्ट्रॉनिक मशीनों से मतदान कराया जाएगा। यह बदलाव चुनाव प्रक्रिया को तेज और साफ-सुथरा बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

नई मशीनों में क्या है खास

इस बार जिन मशीनों का उपयोग होगा, उनमें सिर्फ सामान्य मेमोरी ही नहीं, बल्कि एक अलग सुरक्षा चिप भी लगाई गई है। इसका मतलब यह है कि अगर किसी कारण से मुख्य डेटा में समस्या आती है, तो भी वोट का रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। यानी एक तरह से हर वोट की दोहरी सुरक्षा की व्यवस्था की गई है।

जांच के लिए भी रहेगा पूरा डेटा

नई व्यवस्था में यह भी सुनिश्चित किया गया है कि हर मतदान केंद्र पर कितने वोट डाले गए, उसका पूरा हिसाब सुरक्षित रखा जाएगा। जरूरत पड़ने पर इस डेटा को दोबारा देखा जा सकेगा, जिससे पारदर्शिता और बढ़ेगी।

एक ही जगह पर सभी पदों के लिए मतदान

मतदाताओं को अलग-अलग जगह भटकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वार्ड सदस्य से लेकर जिला परिषद सदस्य तक, सभी पदों के लिए एक ही केंद्र पर मतदान की सुविधा मिलेगी। इससे समय की बचत होगी और प्रक्रिया भी आसान बनेगी।

दरअसल नई मशीनें तैयार करने और उपलब्ध कराने का काम Electronics Corporation of India Limited को सौंपा गया है। संभावना है कि मई के बाद से इनकी आपूर्ति शुरू हो जाएगी और धीरे-धीरे सभी जिलों तक पहुंचा दी जाएंगी। वहीं, चुनाव को लेकर जिलों में भी तैयारी शुरू हो गई है। अधिकारियों को मशीनों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर पहले से निर्देश दिए जा चुके हैं, ताकि मतदान के समय किसी तरह की दिक्कत न आए।

यूपी में बनेगा 74.3 KM लंबा लिंक रोड, दो जिलों को खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। यूपीडा अब एक ऐसे लिंक मार्ग पर तेजी से काम कर रहा है, जो आने वाले समय में आवागमन को काफी आसान बना देगा। यह नया मार्ग नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डा तक पहुंच को और अधिक सरल और तेज बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

दो बड़े मार्गों को जोड़ेगा नया रास्ता

यह लिंक मार्ग यमुना एक्सप्रेसवे और गंगा एक्सप्रेसवे के बीच कड़ी का काम करेगा। इससे पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई शहरों से हवाईअड्डे तक सीधा और तेज रास्ता उपलब्ध होगा।

किन जिलों को मिलेगा फायदा

यह मार्ग मुख्य रूप से गौतमबुद्धनगर और बुलंदशहर से होकर गुजरेगा। करीब 74.3 किलोमीटर लंबे इस मार्ग में लगभग 20 किलोमीटर हिस्सा गौतमबुद्धनगर में और बाकी हिस्सा बुलंदशहर में पड़ेगा। इससे आसपास के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को भी बेहतर संपर्क सुविधा मिलेगी।

तकनीकी रूप से भी मजबूत परियोजना

इस लिंक मार्ग की चौड़ाई लगभग 120 मीटर प्रस्तावित है, जिससे भविष्य में यातायात का दबाव आसानी से संभाला जा सकेगा। मार्ग को इस तरह से तैयार किया जाएगा कि भारी वाहनों और तेज गति वाले यातायात दोनों के लिए यह सुविधाजनक रहे।

आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का असर केवल यात्रा तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर संपर्क व्यवस्था से औद्योगिक गतिविधियां बढ़ेंगी, नए निवेश आएंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। परियोजना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे जल्द ही स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

बंगाल में BJP का बड़ा दांव, PM मोदी की रैलियां बदल सकती हैं खेल, सर्वे

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 नजदीक आते ही राजनीतिक माहौल गरमा गया है। इस बार चुनाव बेहद अहम माना जा रहा है, जहां भारतीय जनता पार्टी सत्ता हासिल करने के लिए पूरी ताकत लगा रही है। इसी क्रम में पीएम मोदी की सभाएं चुनाव की दिशा तय करने में बड़ी भूमिका निभा सकती हैं।

9 अप्रैल की सभाओं पर टिकी नजर

9 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ही दिन में आसनसोल, तामलुक और बीरभूम में जनसभाएं करेंगे। इन स्थानों का चयन सोच-समझकर किया गया है। आसनसोल औद्योगिक क्षेत्र है, जहां मजदूर वर्ग और हिंदी भाषी मतदाता प्रभावी हैं। तामलुक ग्रामीण और तटीय इलाका है, जबकि बीरभूम को संवेदनशील राजनीतिक क्षेत्र माना जाता है। इन तीनों जगहों पर सभाएं कर बीजेपी अलग-अलग वर्गों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

बड़े नेताओं की बढ़ती सक्रियता

इस चुनाव में पार्टी ने पूरी ताकत झोंक दी है। यही कारण है कि कई बड़े नेता लगातार बंगाल में सक्रिय हैं। धर्मेंद्र प्रधान और राजनाथ सिंह जैसे नेता अलग-अलग क्षेत्रों में सभाएं कर रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और तेज हो गया है।

मुकाबला BJP और TMC में

इस चुनाव में मुकाबला साफ तौर पर दो दलों के बीच नजर आ रहा है भारतीय जनता पार्टी और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इस चुनाव को क्षेत्रीय अस्मिता से जोड़ रही हैं, जबकि बीजेपी बदलाव और विकास को मुद्दा बना रही है।

क्या बदलेगा समीकरण?

प्रधानमंत्री की रैलियों और नेताओं की लगातार मौजूदगी से चुनावी मुकाबला अपने चरम पर पहुंच गया है। अब देखना यह होगा कि क्या यह प्रचार जमीन पर वोट में बदल पाता है या फिर स्थानीय राजनीति एक बार फिर असर दिखाती है।

7 से 14 अप्रैल तक शुभ योग: 5 राशियों के जीवन में आएगी सफलता और खुशियों की बौछार

राशिफल। 7 से 14 अप्रैल का समय कई राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। इस सप्ताह ग्रहों की स्थिति विशेष रूप से अनुकूल रहेगी, जिससे कुछ राशियों के जीवन में सफलता, समृद्धि और खुशियों की बौछार देखने को मिलेगी। अगर आप भी अपनी राशि जानना चाहते हैं और जानना चाहते हैं कि आपको इस दौरान क्या लाभ मिल सकता है, तो यह लेख आपके लिए है।

इस अवधि में लाभ पाने वाली 5 राशियां:

मेष राशि

इस सप्ताह मेष राशि वालों के लिए करियर और वित्तीय मामलों में महत्वपूर्ण अवसर खुलेंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या बोनस की संभावना है, वहीं व्यवसायियों के लिए नई डील्स और साझेदारी फायदेमंद रहेगी। स्वास्थ्य और पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक ऊर्जा रहेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय प्रेम और व्यक्तिगत जीवन में खुशियाँ लाएगा। नए संबंध बनाने के लिए यह सप्ताह अनुकूल है। साथ ही, आपके प्रयासों का परिणाम भी आपको आर्थिक और सामाजिक रूप से लाभ पहुंचाएगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह सप्ताह नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी काबिलियत की प्रशंसा होगी और परिवार में सभी के साथ संबंध मजबूत होंगे। निवेश या संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत और अवसर लेकर आएगा। शिक्षा, यात्रा या कानूनी मामलों में सफलता मिलेगी। मित्रों और सहयोगियों का समर्थन आपको प्रगति की दिशा में प्रेरित करेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह हफ्ता विशेष रूप से वित्तीय लाभ और करियर में तरक्की लाने वाला रहेगा। पुराने संघर्ष हल होंगे और जीवन में स्थिरता और संतोष महसूस होगा। स्वास्थ्य और मानसिक शांति के लिहाज से भी यह समय अनुकूल है।

तमिलनाडु-केरल में BJP का बढ़ रहा ग्राफ, सर्वे में बड़ा खुलासा

न्यूज डेस्क। 2026 के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले दक्षिण भारत के दो प्रमुख राज्यों, तमिलनाडु और केरल, में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की स्थिति मजबूत होती दिख रही है। विभिन्न सर्वेक्षण और ओपिनियन पोल इस बात का संकेत दे रहे हैं कि पार्टी का जनाधार और वोट शेयर लगातार बढ़ रहा है।

केरल में BJP: तीसरी ताकत के रूप में उभरती पार्टी

केरल में BJP के नेतृत्व वाला NDA अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। सर्वेक्षणों में अनुमान लगाया गया है कि पार्टी का वोट शेयर 15% से 19% के बीच पहुंच सकता है, जो पिछले विधानसभा चुनावों (2016-14%, 2021-12%) की तुलना में बढ़ा हुआ है।

BJP का ध्यान खासतौर पर तिरुवनंतपुरम, त्रिशूर और अतिंगल जैसे क्षेत्रों में अपने प्रभाव को बढ़ाने पर केंद्रित है। केरल में कांग्रेस और CPM की पारंपरिक प्रतिद्वंद्विता के बीच, BJP तीसरी शक्ति के रूप में उभर रही है और नायर और एझावा (OBC) समुदायों में अपनी पैठ बना रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रोड शो और राज्य में पार्टी की सक्रियता ने भी चुनावी गति को बढ़ाया है।

तमिलनाडु में BJP: AIADMK के साथ मजबूत गठबंधन

तमिलनाडु में BJP ने AIADMK के साथ मिलकर NDA के रूप में चुनाव लड़ने की तैयारी की है। नवीनतम सर्वेक्षण में AIADMK-BJP गठबंधन को DMK गठबंधन के खिलाफ कड़ी टक्कर देने वाला दिखाया गया है। विश्लेषकों का मानना है कि BJP ने राज्य में अपने स्वतंत्र वोट बैंक को बढ़ाया है और अब वह तमिलनाडु की राजनीति में तीसरी शक्ति के रूप में स्थापित हो रही है।

रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण भारत में BJP की यह बढ़ती ताकत आगामी चुनावों के नतीजों पर भी असर डाल सकती है। केरल और तमिलनाडु में पार्टी की सक्रियता और वोट बैंक विस्तार यह संकेत देते हैं कि आने वाले समय में BJP यहां भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

नए वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों की जेबें भरेंगी: मोटा एरियर और सैलरी में धमाका

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद कर्मचारियों की सैलरी में भारी बढ़ोतरी और मोटा एरियर मिलने की संभावना जताई जा रही है। यह नई वेतन संरचना 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती है और इसके तहत फिटमेंट फैक्टर में बदलाव से मूल वेतन में जोरदार बढ़ोतरी हो सकती है।

एरियर और सैलरी की प्रमुख बातें

एरियर की राशि: कर्मचारियों को 18-20 महीने का बकाया (एरियर) मिल सकता है। यह लेवल और सैलरी के हिसाब से ₹3.6 लाख से लेकर ₹15 लाख तक हो सकता है।

फिटमेंट फैक्टर:  7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, और 8वें वेतन आयोग के लिए 1.92 से 2.28 या उससे अधिक होने की उम्मीद है, जिससे बेसिक सैलरी में बड़ी वृद्धि होगी।

उच्च वेतन वाले कर्मचारी: लेवल 8 या उससे ऊपर के अधिकारियों को ₹10 लाख से ₹15 लाख तक का भारी एरियर मिलने की संभावना है।

महंगाई भत्ता (DA): इसके अलावा DA में भी वृद्धि हो सकती है, जो 560% तक पहुँच सकती है, जिससे कुल सैलरी और भी अधिक बढ़ जाएगी।

क्या इसका असर होगा?

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों की आय में काफी सुधार होगा। मोटा एरियर मिलने से कर्मचारियों को एकमुश्त वित्तीय लाभ मिलेगा और नियमित सैलरी में भी बड़ा इजाफा होगा।

नोट: अभी तक सरकार ने इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऊपर बताए आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स और अनुमान पर आधारित हैं।

गुजरात लोक सेवा आयोग में बंपर भर्ती: 213 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

अहमदाबाद। गुजरात लोक सेवा आयोग (GPSC) ने 2026 में प्रशासनिक और सिविल सेवा के लिए बंपर भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत गुजरात प्रशासनिक सेवा (श्रेणी-1), गुजरात सिविल सेवा (श्रेणी-1 और 2), और गुजरात नगर मुख्य अधिकारी सेवा (श्रेणी-2) में कुल 213 पद भरे जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

इच्छुक और पात्र उम्मीदवार GPSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 2 अप्रैल 2026 दोपहर 1 बजे से 16 अप्रैल 2026 रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन शुल्क:

सामान्य श्रेणी: ₹100 + डाक शुल्क (डाक से भुगतान) या ₹100 + सेवा शुल्क (ऑनलाइन भुगतान), आरक्षित श्रेणियां (SC/ST/SEBC/EWS), दिव्यांगजन और गुजरात के पूर्व सैनिक: पूरी तरह से शुल्क मुक्त

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 02 अप्रैल 2026, दोपहर 1 बजे

ऑनलाइन आवेदन समाप्त: 16 अप्रैल 2026, रात 11:59 बजे

प्रारंभिक परीक्षा: 05 से 10 अक्टूबर 2026 (संभावित)

मुख्य लिखित परीक्षा: 05 से 10 अक्टूबर 2026 (संभावित)

आयु सीमा और छूट

आवेदन के लिए न्यूनतम आयु: 20 वर्ष, अधिकतम आयु: 35 वर्ष, आरक्षित वर्गों के लिए नियमानुसार आयु में छूट लागू होगी। 

योग्यता और भाषा ज्ञान

उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। किसी पूर्व अनुभव की आवश्यकता नहीं है। पदों के लिए गुजराती और हिंदी का ज्ञान अनिवार्य है।

केंद्र सरकार का फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 1 नया नियम लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए नई व्यवस्था लागू की है, जिसका असर अप्रेजल और प्रमोशन दोनों पर पड़ेगा। 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर चर्चा चल रही है, वहीं अब सरकारी कर्मचारियों को सालाना परफॉर्मेंस रिपोर्ट (APAR) के लिए कुछ नई जिम्मेदारियां निभानी होंगी।

iGOT पोर्टल पर कोर्स करना होगा अनिवार्य

कार्मिक राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में बताया कि अब सभी केंद्रीय कर्मचारियों और अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारियों के लिए ‘iGOT’ (एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण) पोर्टल पर कोर्स करना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक विभाग अपने कर्मचारियों के रोल और लेवल के हिसाब से कोर्स निर्धारित करेगा।

यह कोर्स सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (APAR) में दर्ज होगा। यदि कोई कर्मचारी निर्धारित कोर्स पूरा नहीं करता है, तो इसका सीधा असर उसके अप्रेजल, इंक्रीमेंट और भविष्य के प्रमोशन पर पड़ सकता है। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों को लगातार अपने काम और स्किल्स को अपडेट रखना है।

कर्मचारियों के लिए फायदे

स्किल्स में सुधार: कर्मचारियों की कार्यक्षमता और कौशल बेहतर होंगे।

काम की गुणवत्ता में वृद्धि: प्रशिक्षण से काम की गुणवत्ता और दक्षता बढ़ेगी।

प्रमोशन के मौके: समय पर और निर्धारित कोर्स पूरे करने से प्रमोशन के अवसर भी बढ़ेंगे।

यूपी में नई योजना लागू, सभी जिलों के किसानों को राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने किसानों की सुविधा और फसल उत्पादन बढ़ाने के लिए एक व्यापक योजना लागू की है। अप्रैल 2026 के लिए विशेष रूप से तैयार इस योजना का उद्देश्य राज्य में उर्वरकों की कमी को पूरी तरह खत्म करना और हर जिले में समय पर खाद उपलब्ध कराना है।

पर्याप्त खाद की उपलब्धता सुनिश्चित

सरकार ने यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया है। साथ ही साथ कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हर जिले में मांग के अनुसार खाद समय से पहले पहुंचाएं, ताकि बुवाई और फसल विकास के दौरान किसानों को किसी तरह की परेशानी न हो।

पारदर्शी वितरण व्यवस्था

खाद वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए राज्य के सभी उर्वरक बिक्री केंद्रों पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियां गठित की जाएंगी। इन समितियों में कृषि, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जो वितरण की निगरानी करेंगे।

संतुलित खाद उपयोग पर जोर

किसानों को भी संतुलित खाद उपयोग के लिए जागरूक किया जाएगा। सरकार ने सलाह दी है कि वे आवश्यकता से अधिक खाद स्टोर न करें और प्रति हेक्टेयर निर्धारित मात्रा (यूरिया अधिकतम 7 बोरी, डीएपी 5 बोरी) का ही इस्तेमाल करें।

सप्लाई चेन और ट्रैकिंग

योजना में सहकारी समितियों की भूमिका मजबूत की गई है। इसके माध्यम से खाद वितरण को बढ़ाया जाएगा, जबकि निजी क्षेत्र को लगभग 35 प्रतिशत हिस्सा दिया जाएगा, ताकि सप्लाई चेन सुचारु रहे। इसके अलावा, रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए खाद की उपलब्धता और वितरण पर निगरानी रखी जाएगी। जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें भी होंगी।

यूपी के जेवर एयरपोर्ट के पास घर बनाने का मौका, नई स्कीम लॉन्च, जानें कीमत

नोएडा। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने जेवर एयरपोर्ट और आसपास के क्षेत्र में 973 रिहायशी प्लॉट्स की नई योजना शुरू की है। यह उन लोगों के लिए मौका है जो एनसीआर में आधुनिक जीवनशैली और निवेश दोनों का लाभ उठाना चाहते हैं।

प्लॉट का साइज और कीमत

YEIDA ने सेक्टर-15C, 18 और 24A में प्लॉट उपलब्ध कराए हैं। साइज अलग-अलग हैं: 162, 183, 184, 200, 223 और 290 वर्ग मीटर। सबसे ज्यादा संख्या में 162 वर्ग मीटर (476 प्लॉट) और 200 वर्ग मीटर (481 प्लॉट) के भूखंड हैं।

कीमत: 36,260 रुपये प्रति वर्गमीटर।

रजिस्ट्रेशन फीस SC/ST और अन्य वर्गों के लिए अलग तय की गई है। उदाहरण: 162 वर्ग मीटर के प्लॉट के लिए सामान्य श्रेणी ₹5,87,412 और SC/ST ₹2,93,706।

महत्वपूर्ण तारीखें

आवेदन शुरू: 06 अप्रैल 2026, सुबह 10 बजे

आवेदन समाप्त: 06 मई 2026

लकी ड्रॉ: 18 जून 2026

खास सुविधाएं

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) के पास, फिल्म सिटी, F-1/MotoGP ट्रैक और औद्योगिक क्लस्टर के नजदीक, यमुना एक्सप्रेसवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से आसान कनेक्टिविटी।

आवेदन कैसे करें

ऑनलाइन आवेदन YEIDA की वेबसाइट www.yamunaexpresswayauthority.com से किया जा सकता है। आवंटन लकी ड्रॉ के जरिए पारदर्शी तरीके से होगा। बैंकिंग सुविधा के लिए एक्सिस बैंक, HDFC, ICICI, केनरा बैंक, कोटक महिंद्रा और बैंक ऑफ बड़ौदा के माध्यम से भुगतान संभव है।

अप्रैल में चंद्रमा 19 बार बदलेगा नक्षत्र, 5 राशियों के लिए शुभ अवसर

राशिफल। अप्रैल 2026 में चंद्रमा असाधारण रूप से 19 बार अपना नक्षत्र बदलेगा। यह खगोलीय घटना ज्योतिषीय दृष्टि से बहुत महत्वपूर्ण मानी जाती है, क्योंकि नक्षत्र परिवर्तन हमारे जीवन, कामकाज और व्यक्तिगत निर्णयों पर सीधा असर डालते हैं। इस महीने की अनोखी चंद्र यात्रा से 5 राशियों के लिए विशेष शुभ अवसर पैदा होंगे।

1. मेष राशि

अप्रैल में चंद्रमा के लगातार बदलाव से मेष राशि के जातकों के करियर और पेशेवर जीवन में नई ऊर्जा आएगी। नए प्रोजेक्ट्स और साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार और नौकरी में सफलता की संभावना अधिक रहेगी। स्वास्थ्य के मामले में सतर्कता जरूरी है, लेकिन कुल मिलाकर यह समय मेष राशि के लिए सकारात्मक और उत्साहजनक रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में लाभकारी रहेगा। निवेश और संपत्ति संबंधी फैसले लाभकारी साबित होंगे। परिवार और रिश्तों में सामंजस्य बढ़ेगा। नकारात्मकता और तनाव से दूर रहकर वृषभ राशि वाले अपने संबंधों को मजबूत कर पाएंगे।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह महीना मानसिक संतुलन और आत्मविश्वास को बढ़ाने वाला है। नौकरी में प्रशंसा और प्रमोशन के संकेत हैं। शिक्षा और परीक्षा में अच्छा प्रदर्शन संभव है। यात्रा के लिए अनुकूल समय रहेगा और नए अनुभव प्राप्त करने के अवसर मिल सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए अप्रैल में चंद्रमा के परिवर्तन रोमांटिक और सामाजिक जीवन में बदलाव लाएंगे। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और मित्रता और साझेदारी मजबूत होगी। कला, साहित्य और रचनात्मक कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ेगी। आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना आवश्यक है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय स्वास्थ्य, शिक्षा और लंबी दूरी की योजनाओं के लिए शुभ रहेगा। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े निर्णय लाभकारी साबित होंगे। आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आएंगे।

केरल में किसकी बनेगी सरकार? सर्वे में BJP की क्या है स्थिति

न्यूज डेस्क। केरल में विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक वातावरण गर्म है। राज्य में हर पांच साल में सत्ता परिवर्तन की परंपरा रही है, लेकिन पिछले एक दशक में यह परंपरा टूटती नजर आई है। 2021 में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने लगातार दूसरी बार जीत हासिल की, जिससे मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इतिहास रचा। अब सवाल यह है कि क्या एलडीएफ तीसरी बार सत्ता में बनेगी या यूडीएफ (यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट) पुनः सत्ता हासिल कर पाएगा।

वोटिंग रुझान और संभावित परिणाम

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि इस बार यूडीएफ के लिए बढ़त का मौका है। लंबे समय से सत्ता में रहने वाले एलडीएफ के सामने सत्ता-विरोधी लहर का असर दिख सकता है। 2024 के लोकसभा चुनावों में यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन किया, उसने राज्य की 20 में से 18 सीटों पर जीत हासिल की और वोट शेयर में भी इजाफा किया। इसके अलावा, 2025 के स्थानीय निकाय चुनावों में भी यूडीएफ की मजबूती ने यह धारणा दी कि सत्ता परिवर्तन इस बार संभव हो सकता है।

कांग्रेस और उसकी चुनौती

यूडीएफ का नेतृत्व कांग्रेस के पास है, लेकिन पिछले दशक में कांग्रेस के लिए यह चुनौती रही है कि लोकसभा में जीत के बावजूद राज्य विधानसभा में उसे सफलता नहीं मिलती। हरियाणा और महाराष्ट्र के हाल के उदाहरण बताते हैं कि संसदीय चुनावों की जीत विधानसभा चुनाव में निश्चित सफलता की गारंटी नहीं होती। इसलिए कांग्रेस नेतृत्व को इस बार अपने रणनीति और स्थानीय मुद्दों पर विशेष ध्यान देना होगा।

बीजेपी की बढ़ती चुनौती

बीजेपी, जो पारंपरिक रूप से केरल में तीसरे स्थान पर रही है, ने पिछले दशक में अपने वोट शेयर में लगातार वृद्धि की है। 2024 में त्रिशूर लोकसभा सीट जीतने और तिरुवनंतपुरम में दूसरे स्थान पर रहने से पार्टी की ताकत बढ़ी है। स्थानीय निकाय चुनावों में तिरुवनंतपुरम मेयर पद जीतकर बीजेपी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस बार पार्टी सिर्फ हिंदू मतों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ईसाई और अन्य समुदायों तक भी अपनी पहुंच बनाने का प्रयास कर रही है।

यूपी सरकार ने दी सौगात, शिक्षा कर्मियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार ने शिक्षामित्रों और अंशकालिक अनुदेशकों के वेतन में बढ़ोतरी का ऐलान किया है, जो इस महीने से लागू होगा। इस फैसले से लाखों कर्मियों की आर्थिक स्थिति में सुधार की उम्मीद है।

लाभार्थियों की संख्या और नई दरें

सरकार के अनुसार इस फैसले से 1.68 लाख से अधिक कर्मियों को लाभ मिलेगा। नई दरों के मुताबिक, शिक्षामित्रों को अब 18,000 रुपये प्रतिमाह मिलेगा, जबकि अनुदेशकों का मानदेय बढ़कर 17,000 रुपये हो जाएगा। वर्तमान में शिक्षामित्रों को 10,000 रुपये और अनुदेशकों को इससे कम वेतन मिलता है।

मुख्यमंत्री का संदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह कदम शिक्षा कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने और उनके काम की सराहना करने के लिए उठाया गया है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा सिर्फ प्रमाण पत्र पाने का जरिया नहीं, बल्कि समाज और राज्य के विकास की आधारशिला है।

शिक्षा कर्मियों की स्थिति में सुधार

लंबे समय से शिक्षामित्र और अनुदेशक वेतन वृद्धि की मांग करते आ रहे थे। नई दरों के लागू होने से उनकी आमदनी में सुधार होगा और जीवन स्तर बेहतर होगा। इसके साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार किया गया है और जरूरत पड़ने पर कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।