नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर लंबे समय से इंतज़ार जारी है, लेकिन अब प्रक्रिया धीरे-धीरे ठोस रूप लेती दिखाई दे रही है। सरकार ने MyGov प्लेटफॉर्म पर एक समर्पित वेबसाइट शुरू की है, जहां 18 महत्वपूर्ण सवालों के जरिए मंत्रालयों, विभागों और केंद्र शासित प्रदेशों से सुझाव मांगे गए हैं।
यही सवाल आगे चलकर उस ढांचे की बुनियाद बनेंगे, जो तय करेगा कि आने वाले वर्षों में केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तें किस दिशा में जाएंगी। यदि आप इसपर कुछ सुझाव देना चाहिए हैं तो ऑनलाइन के द्वारा MyGov प्लेटफॉर्म पर सुझाव दे सकते हैं।
1. क्या 7वें वेतन आयोग का ढांचा पर्याप्त है?
सबसे पहला सवाल मौजूदा पे मैट्रिक्स की उपयोगिता पर है। क्या प्रमोशन के बाद मिलने वाला वेतन बढ़ोतरी संतोषजनक है? क्या शुरुआती वेतन और करियर ग्रोथ के बीच का अंतर बहुत ज्यादा है? इन बिंदुओं पर फिर से समीक्षा हो सकती है।
2. फिटमेंट फैक्टर पर पुनर्विचार
कर्मचारियों की नजर फिटमेंट फैक्टर पर टिकी रहती है। क्या वर्तमान दर महंगाई के दबाव को संतुलित कर पा रही है? क्या न्यूनतम वेतन सम्मानजनक जीवन स्तर के अनुरूप है? यह अहम बहस का विषय है।
3. न्यूनतम वेतन तय करने का फार्मूला
क्या वेतन तय करते समय उपभोक्ता खर्च, परिवार का आकार और शहर-गांव के खर्च में अंतर को संतुलित तरीके से शामिल किया जाना चाहिए? नया आयोग इन मानकों को अपडेट कर सकता है।
4. महंगाई भत्ता (DA) की भूमिका
क्या DA को मूल वेतन में मिलाया जाए? या इसे अलग रखकर महंगाई के अनुसार नियमित समायोजन किया जाए? रियल-टाइम महंगाई के प्रभाव को बेहतर तरीके से कैसे दर्शाया जाए, यह भी विचाराधीन है।
5. HRA और अन्य भत्ते
बढ़ती हाउसिंग लागत, परिवहन, शिक्षा और स्वास्थ्य खर्च को देखते हुए क्या मौजूदा भत्ते पर्याप्त हैं? खासकर महानगरों और छोटे शहरों के बीच खर्च का अंतर एक बड़ा मुद्दा है।
6. परफॉर्मेंस आधारित वेतन
क्या वरिष्ठता के बजाय कार्य प्रदर्शन के आधार पर वेतन वृद्धि होनी चाहिए? KPI आधारित मूल्यांकन प्रणाली लागू की जा सकती है या नहीं, इस पर भी राय मांगी गई है।
7. पेंशन व्यवस्था
ओल्ड पेंशन स्कीम और NPS के बीच बहस जारी है। क्या न्यूनतम पेंशन की गारंटी सुनिश्चित की जानी चाहिए? सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा बड़ा मुद्दा है।
8. प्रमोशन और MACP
समयबद्ध प्रमोशन और लंबे समय तक एक ही पद पर रुकने की समस्या (स्टैगनेशन) को कैसे दूर किया जाए, यह भी प्रमुख सवालों में शामिल है।
9. कॉन्ट्रैक्ट और आउटसोर्स कर्मचारी
“समान काम के लिए समान वेतन” का सिद्धांत लागू हो या नहीं? और क्या उन्हें सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलना चाहिए?
10. महिला कर्मचारियों के लिए विशेष प्रावधान
चाइल्ड केयर, फ्लेक्सिबल वर्किंग और कार्य-जीवन संतुलन से जुड़े सुझाव भी आमंत्रित किए गए हैं।
11. स्वास्थ्य सुविधाएं
CGHS की क्षमता, कैशलेस इलाज और व्यापक मेडिकल कवर की जरूरत पर भी चर्चा हो रही है।
12. ट्रांसफर नीति
क्या ट्रांसफर पॉलिसी में पारिवारिक जीवन और पेशेवर जरूरतों के बीच बेहतर संतुलन बनाया जा सकता है?
13. रिटायरमेंट की उम्र
बढ़ती जीवन प्रत्याशा और कार्य क्षमता को देखते हुए क्या सेवानिवृत्ति आयु में बदलाव पर विचार होना चाहिए?
14. स्किल अपग्रेडेशन
डिजिटल युग में AI और नई तकनीकों के अनुरूप कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की जरूरत को भी रेखांकित किया गया है।
15. टैक्स और टेक-होम सैलरी
असल में कर्मचारियों के हाथ में कितनी सैलरी आती है? टैक्स स्लैब और कटौतियों का वास्तविक असर क्या है?
16. क्षेत्रीय असमानता
मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों में खर्च के अंतर को कैसे संतुलित किया जाए?
17. शिकायत निवारण प्रणाली
क्या एक तेज, पारदर्शी और डिजिटल ग्रिवांस रिड्रेसल सिस्टम विकसित किया जा सकता है?
18. आपकी प्रमुख अपेक्षा क्या है?
आखिरी सवाल खुला है, कर्मचारी 8वें वेतन आयोग से क्या उम्मीद रखते हैं? यही प्रतिक्रियाएं नए ढांचे को अंतिम रूप देने में अहम भूमिका निभाएंगी।