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यूपी की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, हजारों परिवारों को मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली मेधावी छात्राओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक उत्तीर्ण करने वाली टॉप 5 प्रतिशत मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें सुरक्षित एवं सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है।

करीब 50 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ

योजना के तहत ऐसे परिवारों की छात्राओं को लाभ दिया जाएगा, जिनकी वार्षिक पारिवारिक आय 12 लाख रुपये तक है। सरकार का लक्ष्य लगभग 50 हजार मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराना है। इस योजना का लाभ राज्य विश्वविद्यालयों, निजी विश्वविद्यालयों तथा उनसे संबद्ध राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में अध्ययन करने वाली पात्र छात्राओं को मिलेगा।

मेरिट के आधार पर होगा चयन

स्कूटी का वितरण पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया जाएगा। स्नातक परीक्षा में अपने संस्थान की टॉप 5 प्रतिशत छात्राएं योजना के लिए पात्र होंगी। जिन पाठ्यक्रमों में सीजीपीए प्रणाली लागू है, वहां विश्वविद्यालय अपने निर्धारित नियमों के अनुसार सीजीपीए को प्रतिशत में बदलकर मेरिट सूची तैयार करेंगे। इसके बाद प्रमाणित सूची संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

योजना के संचालन के लिए सरकार अलग ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेगी। विश्वविद्यालय निर्धारित समय सीमा के भीतर पात्र छात्राओं की सूची पोर्टल पर अपलोड करेंगे। सत्यापन के बाद जिलाधिकारी चयनित छात्राओं के लिए स्कूटी आवंटित करेंगे। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध बनाई जाएगी।

जिले में आयोजित होंगे समारोह

स्कूटी का वितरण प्रत्येक जिले में आयोजित विशेष समारोह के माध्यम से किया जाएगा। वितरण के बाद छात्रा से स्कूटी प्राप्ति का प्रमाण लेकर उसे पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। योजना के तहत दी जाने वाली स्कूटी पर सरकार की निर्धारित ब्रांडिंग भी रहेगी। साथ ही लाभार्थी छात्राएं इन स्कूटियों को बेच नहीं सकेंगी।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! डीजल अनुदान का ऐलान, खेती का खर्च होगा कम

पटना। बिहार में इस बार कमजोर मानसून के कारण खरीफ फसलों की खेती प्रभावित होने लगी है। कई जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज होने के चलते धान की रोपाई की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। ऐसे हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए डीजल अनुदान योजना लागू करने की घोषणा की है। सरकार का उद्देश्य सिंचाई पर बढ़ रहे खर्च को कम करना और फसलों को सूखे के असर से बचाना है।

जिलों की रिपोर्ट के आधार पर मिलेगा लाभ

सरकार ने सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों से वर्षा की स्थिति और खेती पर पड़े प्रभाव की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इन रिपोर्टों के आधार पर प्रभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। जहां कम वर्षा के कारण खेती प्रभावित हुई है, वहां किसानों को डीजल अनुदान का लाभ दिया जाएगा। रिपोर्ट मिलते ही अनुदान वितरण की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है।

खरीफ फसलों को बचाने पर  फोकस

बिहार में खरीफ सीजन के दौरान सबसे अधिक क्षेत्र में धान की खेती होती है। पर्याप्त बारिश नहीं होने की वजह से किसानों को डीजल पंप के जरिए सिंचाई करनी पड़ रही है, जिससे खेती की लागत बढ़ जाती है। सरकार का मानना है कि डीजल अनुदान मिलने से किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे समय पर सिंचाई कर अपनी फसल को सुरक्षित रख सकेंगे।

12 घंटे बिजली आपूर्ति का निर्देश

डीजल अनुदान के साथ सरकार ने सिंचाई व्यवस्था मजबूत करने के लिए अधिकारियों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी 12 घंटे कृषि फीडरों के माध्यम से बिजली उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। इससे जिन किसानों के पास विद्युत चालित पंप हैं, उन्हें भी सिंचाई में सुविधा मिलेगी और डीजल पर निर्भरता कम होगी।

खेती की लागत होगी कम

खेती में डीजल की कीमत बढ़ने से सिंचाई का खर्च लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में डीजल अनुदान किसानों के लिए सीधी आर्थिक सहायता साबित हो सकता है। इससे छोटे और सीमांत किसानों को सबसे अधिक लाभ मिलने की उम्मीद है, क्योंकि उनकी खेती का बड़ा हिस्सा सिंचाई पर निर्भर रहता है।

बिहार सरकार का फैसला, गांव-गांव के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए बिहार राज्य सहकारिता नीति-2026 लागू करने की तैयारी में है। राष्ट्रीय सहकारिता नीति-2025 की तर्ज पर तैयार की जा रही इस नई नीति का उद्देश्य गांवों में सहकारिता को मजबूत करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।

हर गांव बनेगा 'कोऑपरेटिव विलेज'

नई नीति का सबसे बड़ा लक्ष्य राज्य के प्रत्येक गांव को 'कोऑपरेटिव विलेज' के रूप में विकसित करना है। सरकार चाहती है कि हर पंचायत में कम से कम एक सहकारी इकाई सक्रिय हो, जिससे ग्रामीणों को खेती, स्वरोजगार, विपणन और वित्तीय सेवाओं का लाभ स्थानीय स्तर पर मिल सके। इसके साथ ही कुछ गांवों को आदर्श सहकारी गांव के रूप में भी विकसित करने की योजना बनाई गई है।

सहकारी समितियों का होगा विस्तार

वर्तमान में राज्य में हजारों सहकारी समितियां कार्यरत हैं। नई नीति के तहत इनकी संख्या में करीब 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि अधिक लोगों को सहकारिता से जोड़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ेगी और आर्थिक गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।

पैक्स का दायरा होगा और बड़ा

सरकार पैक्स और अन्य सहकारी संस्थाओं को केवल कृषि तक सीमित नहीं रखना चाहती। नई नीति के तहत इन्हें डेयरी, फूड प्रोसेसिंग, पेयजल पैकेजिंग, पर्यटन, हरित ऊर्जा, टैक्सी सेवा, बीमा और अन्य नए क्षेत्रों में भी काम करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इससे गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

महिलाओं और युवाओं पर फोकस

नई नीति में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। सहकारी समितियों में महिलाओं की सदस्यता बढ़ाने, उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने और वंचित वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बड़ा बाजार

सरकार सहकारी समितियों के माध्यम से तैयार होने वाले उत्पादों की ब्रांडिंग, पैकेजिंग और मार्केटिंग को भी मजबूत करेगी। लक्ष्य यह है कि बिहार के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया जाए। इससे किसानों, कारीगरों और ग्रामीण उद्यमियों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

45+ पुरुषों के लिए अखरोट किसी वरदान से कम नहीं! रोज खाने से मिलेंगे 7 बड़े फायदे

राशिफल। बढ़ती उम्र के साथ पुरुषों के शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यदि संतुलित आहार के साथ रोजाना सीमित मात्रा में अखरोट का सेवन किया जाए, तो यह शरीर को कई महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान कर सकता है। अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो संपूर्ण स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकते हैं।

1. दिल को रखे स्वस्थ

अखरोट में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नियंत्रित रखने और हृदय संबंधी जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है।

2. दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक

अखरोट में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और हेल्दी फैट मस्तिष्क के लिए उपयोगी माने जाते हैं। इससे याददाश्त, एकाग्रता और मानसिक सक्रियता बनाए रखने में सहायता मिल सकती है।

3. मांसपेशियों और ताकत के लिए फायदेमंद

45 वर्ष के बाद मांसपेशियों की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है। अखरोट में मौजूद प्रोटीन और आवश्यक पोषक तत्व शरीर की मांसपेशियों को पोषण देने में मदद कर सकते हैं।

4. हड्डियों को मजबूत बनाए

अखरोट में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और अन्य खनिज पाए जाते हैं, जो हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हड्डियों की मजबूती बनाए रखने में सहायक हो सकता है। 

5. पाचन तंत्र को बेहतर रखे

फाइबर से भरपूर अखरोट पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे कब्ज जैसी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है और आंतों का स्वास्थ्य भी बेहतर रहता है।

6. वजन नियंत्रित रखने में मददगार

अखरोट में हेल्दी फैट और फाइबर होने के कारण लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है। इससे बार-बार खाने की इच्छा कम हो सकती है और संतुलित वजन बनाए रखने में सहायता मिलती है।

7.रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक

अखरोट में मौजूद विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने में योगदान दे सकते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन करने से शरीर संक्रमणों से लड़ने में बेहतर सक्षम हो सकता है।

बुधदेव 25 जुलाई को होंगे उदय, 4 राशियों के लिए खुशखबरी, टेंशन होगी दूर

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 25 जुलाई 2026 को ग्रहों के राजकुमार बुधदेव अस्त अवस्था से निकलकर उदित हो जाएंगे। बुध को बुद्धि, वाणी, तर्क, शिक्षा, व्यापार और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के उदित होने से कई क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए यह समय शुभ माना जा रहा है।

मान्यता है कि बुध के प्रभाव से रुके हुए कार्यों में गति आती है, निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और बातचीत में स्पष्टता बढ़ती है। हालांकि इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं। ऐसे में बुध के उदित होने से इस राशि के लोगों को सबसे अधिक सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं, व्यापार में रुका हुआ काम आगे बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए भी बुध का उदय शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ सकता है और लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। कारोबार में लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं तथा परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यापार दोनों में प्रगति का संकेत दे सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के अवसर मिलेंगे और आर्थिक पक्ष पहले की तुलना में मजबूत हो सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण लोगों का सहयोग भी प्राप्त हो सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुध का उदय आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता में वृद्धि ला सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं, जबकि व्यापार में लाभ और विस्तार के अवसर बन सकते हैं। परिवार में चल रही चिंताएं कम होंगी और मानसिक तनाव से राहत मिलने की संभावना है।

बिहार में शिक्षकों के लिए ड्रेस कोड लागू, जानें पूरी डिटेल्स

न्यूज डेस्क। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को अधिक अनुशासित और गरिमापूर्ण बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने अहम फैसला लिया है। अब सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और शिक्षकेत्तर कर्मियों को ड्यूटी के दौरान केवल औपचारिक (फॉर्मल) वेशभूषा में ही उपस्थित होना होगा। इस पहल का उद्देश्य विद्यालयों में पेशेवर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना और विद्यार्थियों के लिए सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी निर्देश सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को भेज दिए गए हैं। इसके बाद जिला स्तर पर अधिकारियों ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और विद्यालय प्रधानों को इस व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं।

जींस और टी-शर्ट जैसे अनौपचारिक कपड़ों से परहेज

नई व्यवस्था के अनुसार विद्यालय और कार्यालय अवधि के दौरान शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मी जींस, टी-शर्ट या अन्य अनौपचारिक परिधान पहनकर ड्यूटी पर नहीं आएंगे। उनसे अपेक्षा की गई है कि वे गरिमापूर्ण और पेशेवर वेशभूषा अपनाएं, जिससे विद्यालय का माहौल अनुशासित और प्रेरणादायक बना रहे।

छात्रों के लिए बेहतर उदाहरण बनेंगे शिक्षक

शिक्षा विभाग का मानना है कि शिक्षक केवल पढ़ाने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व, व्यवहार और कार्यशैली का विद्यार्थियों पर गहरा प्रभाव पड़ता है। औपचारिक वेशभूषा से विद्यार्थियों में अनुशासन, जिम्मेदारी और पेशेवर सोच का संदेश जाएगा। इससे शिक्षकों के प्रति सम्मान और विश्वास भी मजबूत होगा।

स्कूलों में अनुशासन और गरिमा पर ध्यान

विभाग ने यह भी निर्देश दिया है कि विद्यालय परिसर में ऐसा कोई भी व्यवहार या गतिविधि न हो, जिससे शैक्षणिक माहौल प्रभावित हो। हाल के समय में कुछ विद्यालयों में सामने आई अनुशासनहीनता की घटनाओं को देखते हुए इस कदम को स्कूलों में बेहतर वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की पहल

शिक्षा विभाग का यह निर्णय केवल ड्रेस कोड तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य विद्यालयों में अनुशासन, मर्यादा और सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना भी है। उम्मीद की जा रही है कि इस नई व्यवस्था से सरकारी स्कूलों का शैक्षणिक माहौल और बेहतर होगा तथा गुरु-शिष्य परंपरा की गरिमा को भी नई मजबूती मिलेगी।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, इन शिक्षकों के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के हित में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। सरकार ने ऐसे पात्र शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की प्रक्रिया तय कर दी है। इस निर्णय के बाद हजारों शिक्षकों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पात्र शिक्षकों की पहचान और सत्यापन का कार्य जल्द पूरा किया जाए, ताकि योग्य शिक्षकों को बिना देरी के योजना का लाभ मिल सके। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जहां सभी पात्र शिक्षकों को अपना पंजीकरण कराना होगा।

ऐसे पूरी होगी आवेदन प्रक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए शिक्षक सबसे पहले पोर्टल पर अपना ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। इसके बाद उन्हें अपने और अपने आश्रित परिवार के सदस्यों का विवरण आधार कार्ड के अनुसार दर्ज करना होगा। आवेदन जमा होने के बाद सबसे पहले संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य उसकी जांच करेंगे। प्रधानाचार्य यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित शिक्षक की नियुक्ति नियमों के अनुसार हुई है और वह वर्तमान में विद्यालय में नियमित रूप से कार्यरत है। सत्यापन पूरा होने के बाद आवेदन जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) को भेजा जाएगा।

डीआईओएस देंगे अंतिम मंजूरी

दूसरे चरण में जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) आवेदन की दोबारा जांच करेंगे। सभी दस्तावेज और पात्रता सही पाए जाने पर अंतिम स्वीकृति प्रदान की जाएगी। इसके बाद शिक्षक मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे।

पात्र शिक्षकों को ही मिलेगा लाभ

सरकार ने व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए स्पष्ट निर्देश भी जारी किए हैं। यदि कोई शिक्षक किसी कारण से विद्यालय छोड़ देता है या उसकी सेवाएं समाप्त हो जाती हैं, तो संबंधित प्रधानाचार्य इसकी सूचना तुरंत डीआईओएस को देंगे। इसके बाद उस शिक्षक का नाम योजना से हटा दिया जाएगा, ताकि केवल पात्र और कार्यरत शिक्षकों को ही इस योजना का लाभ मिल सके।

स्वास्थ्य सुरक्षा की दिशा में अहम पहल

राज्य सरकार का यह फैसला वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलने से शिक्षकों और उनके परिवारों पर इलाज का आर्थिक बोझ कम होगा और उन्हें समय पर बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी। यह कदम शिक्षकों के सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

पूरे सावन बनेगा गजलक्ष्मी राजयोग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के प्रबल योग

राशिफल। सावन 2026 का महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। 30 जुलाई से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाले इस पवित्र महीने में कई बड़े ग्रह परिवर्तन और शुभ योग बन रहे हैं। इनमें गजलक्ष्मी राजयोग सबसे प्रभावशाली माना जा रहा है। 

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में गोचर और बुध के साथ युति से बनने वाला यह योग धन, वैभव, पद-प्रतिष्ठा और सफलता के नए अवसर प्रदान कर सकता है। इसके अलावा पूरे सावन में बुधादित्य, हंस और नवपंचम जैसे शुभ राजयोग भी अलग-अलग समय पर प्रभावी रहेंगे।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सावन का महीना आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रह सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बनेंगे। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि में ही बृहस्पति के प्रभाव के कारण इस राशि के लोगों को सबसे अधिक शुभ फल मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं, सम्मान में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। विद्यार्थियों और नौकरीपेशा लोगों को भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग करियर में तरक्की और आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा। व्यापार में विस्तार और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को भाग्य का अच्छा साथ मिल सकता है। व्यापार में नई डील सफल हो सकती है और नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना बन सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी बढ़ोतरी होगी।

मीन राशि

मीन राशि के लिए गजलक्ष्मी राजयोग सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। धन लाभ के अवसर बढ़ेंगे, परिवार में खुशियां आएंगी और पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिल सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

खुशखबरी का डबल धमाका, बिहार में आई 2 बड़ी भर्ती, सैलरी शानदार

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने एक साथ दो महत्वपूर्ण भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन भर्तियों के माध्यम से पुलिस विभाग में सब-इंस्पेक्टर (SI) और कंपनी कमांडर के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों की नियुक्ति की जाएगी। आकर्षक वेतन, सरकारी सुविधाएं और बेहतर करियर के अवसरों को देखते हुए यह भर्ती युवाओं के लिए बेहतरीन मौका मानी जा रही है।

150 पुलिस सब-इंस्पेक्टर पदों पर भर्ती

BPSSC ने विज्ञापन संख्या 09/2026 के तहत गृह विभाग (पुलिस शाखा) की स्पेशल ब्रांच में 150 पुलिस सब-इंस्पेक्टर (जनरल क्लोज्ड कैडर) पदों पर सीधी भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और 9 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। अभ्यर्थियों का चयन प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) के आधार पर किया जाएगा। सभी वर्गों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है, जबकि आयु और शैक्षणिक योग्यता की कट-ऑफ तिथि 1 अगस्त 2025 रखी गई है।

65 कंपनी कमांडर पदों पर भी सुनहरा अवसर

इसके अलावा BPSSC ने 65 कंपनी कमांडर पदों पर भर्ती के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 30 जून 2026 से शुरू हो चुके हैं और 30 जुलाई 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

मिलेगी शानदार सैलरी और सरकारी सुविधाएं

दोनों पदों पर चयनित उम्मीदवारों को सातवें वेतन आयोग के अनुसार आकर्षक वेतनमान के साथ महंगाई भत्ता, चिकित्सा सुविधा, यात्रा भत्ता और अन्य सरकारी लाभ दिए जाएंगे। यही वजह है कि हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इन पदों के लिए आवेदन करते हैं।

बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी! 28.42 करोड़ से बनेगा एयरपोर्ट का नया रनवे, इन जिलों को मिलेगा फायदा

पटना: बिहार में हवाई संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सुपौल जिले के बीरपुर एयरपोर्ट के विकास को नई रफ्तार मिलने जा रही है। भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) ने एयरपोर्ट को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने के लिए 28.42 करोड़ रुपये की लागत वाली नई परियोजना का टेंडर जारी कर दिया है।

आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा एयरपोर्ट

नई परियोजना के तहत बीरपुर एयरपोर्ट को कोड-2बी श्रेणी के अनुरूप विकसित किया जाएगा। इसके लिए रनवे को बेहतर बनाया जाएगा, टैक्सीवे और एप्रन का निर्माण होगा तथा विमान संचालन से जुड़ी अन्य आवश्यक सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी। इससे एयरपोर्ट की परिचालन क्षमता में बड़ा सुधार आएगा।

पहले ही शुरू हो चुका है भवन निर्माण का काम

इससे पहले एयरपोर्ट परिसर में टर्मिनल भवन, एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) टावर, फायर स्टेशन और अन्य आवश्यक भवनों के निर्माण के लिए 36.38 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण कार्य के लिए एजेंसी का चयन भी हो चुका है। इस तरह बीरपुर एयरपोर्ट के विकास पर कुल 64.80 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है।

कोसी और सीमांचल को मिलेगा सीधा लाभ

बीरपुर एयरपोर्ट के विकसित होने का सबसे बड़ा फायदा सुपौल, अररिया, मधेपुरा, सहरसा समेत पूरे कोसी और सीमांचल क्षेत्र के लोगों को मिलेगा। वर्तमान में इन क्षेत्रों के यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए पटना या पश्चिम बंगाल के बागडोगरा एयरपोर्ट तक जाना पड़ता है। एयरपोर्ट शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों का समय और यात्रा खर्च दोनों कम होंगे तथा क्षेत्र को बेहतर हवाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

बिहार को मिलेंगे 3 नए गंगा पथ, इन 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना: बिहार में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों को बेहतर कनेक्टिविटी देने के लिए तीन नए गंगा पथ विकसित किए जाएंगे। इन परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और जल्द ही विस्तृत सर्वेक्षण का काम शुरू होने की संभावना है।

इन नए मार्गों के बनने से पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, सीवान और गोपालगंज समेत आसपास के क्षेत्रों के लाखों लोगों को तेज, सुरक्षित और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही लंबे समय से बनी रहने वाली ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है।

सर्वे के बाद तय होगी आगे की रूपरेखा

बिहार राज्य पथ विकास निगम की ओर से परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। टेंडर जारी होने के बाद कई एजेंसियों ने रुचि दिखाई है और अब चयनित एजेंसी द्वारा विस्तृत सर्वे कराया जाएगा। इस सर्वे में सड़क का अंतिम एलाइनमेंट, यातायात का दबाव, निर्माण लागत, भूमि की आवश्यकता और अन्य तकनीकी पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर परियोजना की अंतिम रूपरेखा तैयार होगी।

बनेंगे तीन नए गंगा पथ

योजना के तहत तीन महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर काम किया जाएगा:

बिदुपुर से दिघवारा तक गंगा अंबिका पथ (लगभग 56 किलोमीटर)

मनेर से बक्सर तक विश्वामित्र गंगा पथ (लगभग 90 किलोमीटर)

सारण के दरिहारा (कोन्हुआ) से गोपालगंज के डुमरिया घाट तक नारायणी पथ (लगभग 73.51 किलोमीटर)

इन मार्गों का उद्देश्य गंगा और नारायणी नदी के किनारे बसे क्षेत्रों को बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है।

छह जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इन तीनों गंगा पथों के निर्माण से पटना, सारण, भोजपुर, बक्सर, सीवान और गोपालगंज के बीच आवागमन पहले की तुलना में अधिक आसान हो जाएगा। इसके अलावा आसपास के जिलों के लोगों को भी बेहतर सड़क संपर्क का लाभ मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

ट्रैफिक और टोल पर भी होगा अध्ययन

परियोजना के दौरान यह भी आकलन किया जाएगा कि भविष्य में इन मार्गों पर कितना यातायात रहेगा और निर्माण के बाद टोल टैक्स की व्यवस्था की आवश्यकता होगी या नहीं। अंतिम निर्णय विस्तृत अध्ययन और तकनीकी रिपोर्ट के आधार पर लिया जाएगा।

केंद्र सरकार की बड़ी सौगात, बिहार के 26 जिलों के लिए खुशखबरी

पटना: बिहार के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन (PM-ABHIM) के तहत राज्य के 26 जिलों में 38 क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किए जाएंगे। इन आधुनिक चिकित्सा इकाइयों का उद्देश्य गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बड़े शहरों के अस्पतालों का रुख न करना पड़े।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने राज्यसभा में जानकारी देते हुए बताया कि इस परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जा चुके हैं।

26 जिलों में बनेंगे 38 क्रिटिकल केयर ब्लॉक

केंद्र सरकार की स्वीकृति के बाद बिहार में कुल 38 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों की स्थापना प्रस्तावित है। इनका निर्माण राज्य सरकार की आवश्यकता और उपलब्ध भूमि के आधार पर 26 अलग-अलग जिलों में किया जाएगा। परियोजना की निविदा प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और संबंधित एजेंसियों को कार्यादेश भी जारी कर दिए गए हैं। अब निर्माण कार्य शुरू होने के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

गंभीर मरीजों को जिला स्तर पर बेहतर इलाज

इन क्रिटिकल केयर ब्लॉकों के बनने से हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, गंभीर संक्रमण, दुर्घटना और अन्य आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं अपने ही जिले में मिल सकेंगी। अब तक कई मरीजों को बेहतर इलाज के लिए पटना या दूसरे बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ जाते थे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम हो सकती है।

केंद्र देगा सहायता, संचालन की जिम्मेदारी राज्य की

केंद्र सरकार इस योजना के तहत आवश्यक वित्तीय और तकनीकी सहयोग उपलब्ध करा रही है, जबकि इन अस्पतालों के निर्माण, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार के पास रहेगी। इसके साथ ही केंद्र सरकार परियोजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा भी करेगी, ताकि तय समय में काम पूरा हो और लोगों को जल्द से जल्द आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल सके।

30 जुलाई से शुरू हो रहा सावन, 5 राशियों के आएंगे अच्छे दिन, दुख-दर्द होंगे दूर

राशिफल। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। वर्ष 2026 में सावन की शुरुआत 30 जुलाई से हो रही है। मान्यता है कि इस पूरे माह में श्रद्धा और नियमपूर्वक शिव पूजा करने से जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं तथा सुख, समृद्धि और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।

ज्योतिषीय दृष्टि से भी सावन का यह समय कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति और भगवान शिव की कृपा से वृषभ, सिंह, कन्या, धनु और मीन राशि के जातकों को करियर, धन, परिवार और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

सावन का महीना वृषभ राशि वालों के लिए नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बनेंगे। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे। व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा तथा दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी। शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करना शुभ रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता का रहेगा। करियर में नई संभावनाएं सामने आएंगी और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलेगा। व्यापार में विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक लाभ के साथ सम्मान और प्रतिष्ठा में भी वृद्धि के संकेत हैं। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है। नियमित रूप से "ॐ नमः शिवाय" मंत्र का जप लाभकारी माना जाएगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए सावन राहत और प्रगति का समय साबित हो सकता है। रुके हुए धन की प्राप्ति के योग बनेंगे और निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी तथा किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। भगवान शिव का रुद्राभिषेक कराना शुभ फलदायी रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए सावन नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। व्यापार में नए अवसर मिलेंगे और आय के स्रोत बढ़ सकते हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। पुराने विवाद सुलझने की संभावना है और मानसिक तनाव में कमी आएगी। धार्मिक यात्राओं के योग भी बन सकते हैं। सोमवार के दिन शिव मंदिर में दीपक जलाना शुभ रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए सावन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे। परिवार में खुशियों का वातावरण रहेगा तथा संतान पक्ष से शुभ समाचार मिल सकता है। करियर में उन्नति और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल सकता है। भगवान शिव को कच्चा दूध अर्पित करने और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से विशेष लाभ मिलने की मान्यता है।

यूपी में खुलेंगे 8 नए मेडिकल कॉलेज, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य और मेडिकल शिक्षा के क्षेत्र को नई मजबूती मिलने जा रही है। राज्य सरकार ने मेडिकल सुविधाओं का विस्तार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए आठ नए मेडिकल कॉलेज खोलने की तैयारी शुरू कर दी है। इस घोषणा के बाद उन जिलों के छात्रों और स्थानीय लोगों में उम्मीद बढ़ गई है, जहां अभी तक मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाने की तैयारी

प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि वर्ष 2017 में उत्तर प्रदेश में कुल 40 मेडिकल कॉलेज थे, जिनमें 17 सरकारी और 23 निजी संस्थान शामिल थे। लगातार किए गए प्रयासों के बाद अब यह संख्या बढ़कर 83 हो चुकी है।

उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के सभी 75 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करना है। कई बड़े जिलों में आवश्यकता के अनुसार एक से अधिक मेडिकल कॉलेज भी विकसित किए जाएंगे, ताकि छात्रों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा मिल सके।

एमबीबीएस और पीजी सीटों में हुआ इजाफा

सरकार ने मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ एमबीबीएस और पोस्ट ग्रेजुएट (एमएस/एमडी) सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की है। पहले की तुलना में एमबीबीएस सीटों की संख्या काफी बढ़ी है, जबकि एमएस और एमडी की सीटें लगभग ढाई गुना तक बढ़ चुकी हैं। इसके अलावा सुपर स्पेशियलिटी कोर्स जैसे एमसीएच (MCh) की सीटों का भी विस्तार किया गया है, जिससे भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता और बेहतर होगी।

नर्सिंग और पैरामेडिकल शिक्षा पर भी विशेष ध्यान

सरकार का मानना है कि केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। बेहतर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ भी उतना ही जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक नए मेडिकल कॉलेज के साथ नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार होंगे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

यूपी में 4 नए एक्सप्रेसवे की मंजूरी, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और अधिक आधुनिक तथा तेज बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में चार महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। करीब 47,600 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं के पूरा होने से प्रदेश के कई जिलों में आवागमन आसान होगा, व्यापार को नई गति मिलेगी और लाखों लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के बीच बनेगा नया लिंक

कैबिनेट ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लगभग 50.98 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को मंजूरी दी है। इस परियोजना का निर्माण ईपीसी मॉडल पर किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 4,775.84 करोड़ रुपये रखी गई है। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार इस मार्ग को आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस लिंक के बनने से प्रदेश के मध्य और पूर्वी हिस्सों के बीच सफर पहले से अधिक आसान होगा।

गंगा एक्सप्रेसवे से भी मिलेगा सीधा संपर्क

सरकार ने आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को फर्रुखाबाद के रास्ते गंगा एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले 90.84 किलोमीटर लंबे छह लेन ग्रीनफील्ड लिंक एक्सप्रेसवे को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर लगभग 7,488.74 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों लिंक एक्सप्रेसवे पर कुल मिलाकर करीब 12,264 करोड़ रुपये की लागत आएगी। निर्माण पूरा होने के बाद संबंधित एजेंसी अगले पांच वर्षों तक रखरखाव की जिम्मेदारी भी निभाएगी।

विंध्य एक्सप्रेसवे से बदलेगी पूर्वांचल की तस्वीर

कैबिनेट ने विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी हरी झंडी दे दी है। लगभग 26,315 करोड़ रुपये की लागत वाला यह छह लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जैसे महत्वपूर्ण जिलों को जोड़ने का काम करेगा। इस परियोजना से विंध्य क्षेत्र में औद्योगिक निवेश, पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है। साथ ही स्थानीय लोगों को बेहतर सड़क सुविधा और तेज परिवहन का लाभ मिलेगा।

विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक को भी मिली मंजूरी

कैबिनेट ने गाजीपुर, मिर्जापुर और चंदौली को जोड़ने वाले विंध्य-पूर्वांचल स्पर लिंक को भी मंजूरी प्रदान की है। इस परियोजना पर लगभग 9,039 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह स्पर लिंक पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच आवागमन को और आसान बनाएगा। साथ ही औद्योगिक इकाइयों, कृषि उत्पादों के परिवहन और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

खुशखबरी का खुला पिटारा, यूपी में आई 1 नई भर्ती, मिलेगा आकर्षक वेतन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अनुभवी शिक्षकों और शिक्षाविदों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज ने सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य (Principal) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 111 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया केवल वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) के आधार पर पूरी होगी।

111 पदों पर होगी भर्ती

आधिकारिक विज्ञापन के अनुसार कुल 111 प्राचार्य पद भरे जाएंगे। इनमें 89 पद सह-शिक्षा (Co-education) डिग्री कॉलेजों के लिए, 22 पद महिला डिग्री कॉलेजों के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह भर्ती सहायता प्राप्त (Aided) डिग्री कॉलेजों में की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास निर्धारित शैक्षणिक और अनुभव संबंधी योग्यता होना अनिवार्य है। प्रमुख पात्रताएं इस प्रकार हैं। मान्यता प्राप्त संस्थान से Ph.D. की डिग्री। विश्वविद्यालय, महाविद्यालय या उच्च शिक्षण संस्थान में प्रोफेसर या एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में कम से कम 15 वर्ष का शिक्षण या शोध अनुभव। पीयर-रिव्यू या यूजीसी सूचीबद्ध जर्नल्स में कम से कम 10 शोध प्रकाशन। निर्धारित मानकों के अनुसार न्यूनतम 110 रिसर्च स्कोर (API)।

आयु सीमा

उम्मीदवार की अधिकतम आयु 1 जुलाई 2026 के अनुसार 62 वर्ष निर्धारित की गई है। अन्य नियम आयोग की अधिसूचना के अनुसार लागू होंगे।

मिलेगा आकर्षक वेतन

चयनित अभ्यर्थियों को सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स लेवल-14 के तहत वेतन मिलेगा। इस पद का वेतनमान 1,44,200 रुपये से 2,18,200 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। इसके साथ नियमानुसार अन्य सरकारी भत्ते और सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

ऑनलाइन ही होगा आवेदन

इस भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को पहले OTR (One Time Registration) पूरा करना होगा, इसके बाद ही आवेदन पत्र भर सकेंगे। आवेदन करते समय सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! DA बढ़ने की तारीख तय? जानें कितनी बढ़ेगी सैलरी

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। हालांकि जुलाई का अधिकांश समय बीत चुका है, लेकिन अभी तक सरकार की ओर से नई दरों का आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है। ऐसे में करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख से अधिक पेंशनर्स यह जानना चाहते हैं कि आखिर उन्हें बढ़े हुए DA का लाभ कब मिलेगा और इससे उनकी आय में कितना इजाफा हो सकता है।

क्यों नहीं हुआ अभी तक ऐलान?

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर लिया जाता है। जून 2026 के अंतिम आंकड़े जारी होने के बाद ही सरकार नई DA दर तय करती है। चूंकि जून का आधिकारिक डेटा अभी उपलब्ध नहीं है, इसलिए अंतिम निर्णय भी फिलहाल लंबित है।

इस बार कितनी बढ़ सकती है DA?

अब तक उपलब्ध AICPI-IW के आंकड़ों को देखते हुए विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार महंगाई भत्ते में 3% से 4% तक की बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि यह केवल संभावित अनुमान है। अंतिम प्रतिशत केंद्र सरकार की मंजूरी और आधिकारिक गणना के बाद ही तय होगा। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो कर्मचारियों की मासिक सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

अगर जुलाई में घोषणा नहीं हुई तो कब मिलेगी खुशखबरी?

पिछले वर्षों के अनुभव को देखें तो केंद्र सरकार अक्सर जुलाई से लागू होने वाले DA की घोषणा अक्टूबर या नवंबर में करती है। ऐसे में संभावना है कि इस बार भी त्योहारी सीजन के दौरान सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का तोहफा दे सकती है। हालांकि, जब भी घोषणा होगी, बढ़ा हुआ DA 1 जुलाई 2026 से प्रभावी माना जाएगा और कर्मचारियों को बकाया (एरियर) का लाभ भी मिल सकता है, यदि सरकार ऐसा निर्णय लेती है।

बृहस्पति का तेज प्रभाव! इन 5 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, धन और तरक्की के बनेंगे योग

राशिफल। ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, धन, भाग्य, संतान, शिक्षा और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 23 जुलाई से गुरु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए अधिक अनुकूल रहने की संभावना है। इस दौरान करियर, आर्थिक स्थिति, शिक्षा और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेष रूप से वृषभ, कर्क, सिंह, वृश्चिक और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिलने के संकेत हैं। परिवार में खुशहाली बनी रहेगी और निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय भाग्योदय का संकेत दे रहा है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने या पदोन्नति की संभावना बन सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का शुभ प्रभाव करियर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाला साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ेगा और वरिष्ठ अधिकारियों का विश्वास प्राप्त होगा। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार के साथ संबंध और अधिक मधुर होंगे।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय नई उपलब्धियों का संकेत देता है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और नई साझेदारी से फायदा मिलने के योग बन रहे हैं। नौकरी करने वालों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि की खुशखबरी मिल सकती है। दांपत्य जीवन सुखद रहेगा और परिवार का पूरा सहयोग मिलेगा। किसी नई योजना की शुरुआत के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

मीन राशि

मीन राशि पर गुरु का विशेष प्रभाव माना जाता है, क्योंकि गुरु इस राशि के स्वामी हैं। इस अवधि में आत्मविश्वास बढ़ेगा और कई महत्वपूर्ण कार्य सफल हो सकते हैं। आर्थिक लाभ के साथ-साथ सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के संकेत हैं। कारोबार में विस्तार और निवेश से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और शुभ समाचार मिलने की संभावना है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों के लिए राहत भरी खबर है। पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत राज्य सरकार ने 45 जिलों में ग्रामवार गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू कर दिया है। इस अभियान का उद्देश्य किसानों के गन्ना रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है, ताकि उन्हें समय पर गन्ना आपूर्ति, भुगतान और अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके।

गन्ना विकास विभाग के अनुसार यह विशेष अभियान 30 अगस्त तक चलेगा, जिसमें किसानों को अपने सभी रिकॉर्ड की जांच और आवश्यक संशोधन कराने का अवसर मिलेगा।

45 जिलों के हजारों गांवों में चलेगा अभियान

विभाग की ओर से बताया गया है कि प्रदेश के 41,818 गन्ना ग्रामों में ग्राम स्तरीय सर्वेक्षण और सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। इसके सफल संचालन के लिए 4,294 विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगी।

किसानों को रिकॉर्ड सुधारने की सुविधा

इस अभियान के दौरान किसान अपने गन्ना सर्वे से जुड़े महत्वपूर्ण विवरणों की जांच कर सकेंगे। इनमें मुख्य रूप से गन्ना सर्वे का विवरण, गन्ना सट्टा, बैंक खाते की जानकारी, मोबाइल नंबर, गन्ना क्षेत्रफल, भूमि संबंधी अभिलेख, अन्य आवश्यक रिकॉर्ड यदि किसी भी जानकारी में त्रुटि पाई जाती है, तो किसान मौके पर ही आपत्ति दर्ज करा सकेंगे और आवश्यक संशोधन का अनुरोध कर सकेंगे।

राजस्व रिकॉर्ड से होगा मिलान

सरकार ने इस बार पारदर्शिता बढ़ाने के लिए किसानों के नाम दर्ज कृषि योग्य भूमि का राजस्व अभिलेखों से मिलान कराने का भी निर्णय लिया है। इससे गलत रिकॉर्ड, विवाद और भविष्य में आने वाली समस्याओं को कम करने में मदद मिलेगी।

63 बिंदुओं पर होगी जानकारी

गन्ना विकास विभाग किसानों को उनके गन्ना सर्वे और सट्टा से जुड़े 63 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी उपलब्ध कराएगा। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक किसान अपने रिकॉर्ड को अच्छी तरह समझ सके और समय रहते आवश्यक सुधार करा सके।

शिकायत का तुरंत समाधान

यदि किसी किसान को रिकॉर्ड से संबंधित कोई समस्या आती है, तो उसका समाधान जल्द से जल्द किया जाएगा। विभाग ने इसके लिए जिला, परिक्षेत्र और राज्य स्तर पर शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किए हैं। इसके अलावा किसान टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

रेलवे में JE बनने का सुनहरा मौका! 4098 पदों पर भर्ती, जानें पूरी डिटेल

Job News: भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने केंद्रीकृत रोजगार अधिसूचना (CEN No. 04/2026) जारी करते हुए जूनियर इंजीनियर (JE), डिपो मटेरियल सुपरिंटेंडेंट (DMS) और केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA) के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 4,098 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती के माध्यम से रेलवे के विभिन्न जोन और इकाइयों में निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। जूनियर इंजीनियर (JE), डिपो मटेरियल सुपरिंटेंडेंट (DMS), केमिकल एंड मेटालर्जिकल असिस्टेंट (CMA), इन पदों पर चयनित उम्मीदवार रेलवे के तकनीकी और संचालन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेंगे।

कुल कितनी हैं रिक्तियां?

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान में कुल 4,098 पद शामिल किए गए हैं। विभिन्न रेलवे जोन के अनुसार पदों का विस्तृत विवरण विस्तृत नोटिफिकेशन में उपलब्ध कराया जाएगा।

वेतन और सुविधाएं

चयनित अभ्यर्थियों को सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के लेवल-6 के अनुसार वेतन मिलेगा। शुरुआती बेसिक पे 35,400 रुपये प्रतिमाह निर्धारित है। इसके अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) तथा रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाली अन्य सुविधाएं भी नियमानुसार प्रदान की जाएंगी।

आयु सीमा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया

भर्ती के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवार रेलवे भर्ती बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन पत्र भर सकेंगे। आवेदन के दौरान आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की संभावित तिथि: 14 अगस्त 2026

ऑनलाइन आवेदन की संभावित अंतिम तिथि: 13 सितंबर 2026

5 राशियों के लिए खुशखबरी! 23 से 28 जुलाई तक खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 23 से 28 जुलाई 2026 के बीच कई शुभ ग्रहों के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनने की संभावना है। इस दौरान किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। करियर, व्यापार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार वृषभ, सिंह, कन्या, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों को इस अवधि में विशेष लाभ मिलने की संभावना मानी जा रही है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए 23 से 28 जुलाई का समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापारियों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों से फायदा हो सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकती है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। यदि नई नौकरी या पदोन्नति का इंतजार कर रहे हैं तो सकारात्मक खबर मिल सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय धन लाभ और नई योजनाओं के लिए अनुकूल माना जा रहा है। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरी में बदलाव की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यापार दोनों में उन्नति के संकेत दे रहा है। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिल सकती है। व्यापार का विस्तार होने और लाभ बढ़ने की संभावना है। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो यह समय शुभ माना जा सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि कई नई संभावनाएं लेकर आ सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से रुका धन मिलने के योग बन रहे हैं। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना भी बन सकती है। व्यापार में नए निवेश से लाभ मिल सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ खुशियों भरा समय बिताने का अवसर मिलेगा।

यूपी में भारी बारिश का रेड अलर्ट! इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी चेतावनी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है और कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 22 जुलाई को प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों सहित कई क्षेत्रों में तेज बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के प्रभाव से पिछले कुछ दिनों में मानसून की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसी कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की जा रही है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार प्रयागराज, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, झांसी, ललितपुर, महोबा, बांदा, हमीरपुर, वाराणसी, आजमगढ़ और गोरखपुर समेत कई जिलों में भारी वर्षा हो सकती है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है। किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

23 जुलाई से मिल सकती है राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 23 से 25 जुलाई के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश की संभावना कम रहेगी। इस दौरान मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने के संकेत हैं और फिलहाल कोई बड़ी चेतावनी जारी नहीं की गई है। हालांकि, मौसम में बदलाव की संभावना बनी रहेगी, इसलिए लोगों को समय-समय पर जारी होने वाले अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

26 जुलाई से फिर बदल सकता है मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार 26 जुलाई से एक बार फिर मानसून सक्रिय हो सकता है और प्रदेश के कई इलाकों में बारिश का दौर लौटने की संभावना है। यदि नए मौसम तंत्र सक्रिय होते हैं, तो कुछ जिलों में फिर से अच्छी वर्षा दर्ज की जा सकती है।

बिहार सरकार का फैसला! जमीन दाखिल-खारिज के नियम बदले, पढ़ें पूरी डिटेल

पटना: बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री और स्वामित्व से जुड़े मामलों में एक महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहा है। राज्य विधानसभा ने बिहार भूमि दाखिल-खारिज (संशोधन) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी है। इस संशोधन के तहत अब राज्य में जमीन का दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने के लिए 200 रुपये शुल्क देना होगा। हालांकि यह व्यवस्था राज्यपाल की मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद प्रभावी होगी।

क्या बदलेगा नए नियम में?

अब तक दाखिल-खारिज की प्रक्रिया अलग व्यवस्था के तहत संचालित होती थी, लेकिन नए संशोधन के लागू होने के बाद प्रत्येक म्यूटेशन आवेदन पर 200 रुपये का निर्धारित शुल्क लिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इससे राजस्व संग्रह में बढ़ोतरी होगी और प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?

विधानसभा में विधेयक पेश करते हुए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कहा कि राज्य में लगातार सड़क, पुल, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य बुनियादी विकास कार्यों पर निवेश किया जा रहा है। ऐसे में विकास योजनाओं के लिए अतिरिक्त राजस्व जुटाना भी आवश्यक है।

इस फैसले पर विपक्ष ने उठाए सवाल

विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने इस नए शुल्क का विरोध किया। उनका कहना था कि दाखिल-खारिज पर शुल्क लगाने से आम नागरिकों, खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। विपक्ष ने यह भी मांग की कि सरकार ऐसे मामलों में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए राहत का प्रावधान करे।

कब से लागू होगा यह नया नियम?

फिलहाल यह संशोधन विधेयक विधानसभा से पारित हो चुका है। अब इसे राज्यपाल की मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी के बाद सरकार अधिसूचना जारी करेगी और तभी पूरे राज्य में नया नियम लागू होगा।

सरकारी नौकरी की बड़ी खुशखबरी! ISRO में 242 पदों पर निकली बंपर भर्ती, आवेदन शुरू

Job News: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। अंतरिक्ष विभाग के तहत असिस्टेंट, अपर डिवीजन क्लर्क (UDC), जूनियर पर्सनल असिस्टेंट (JPA) और स्टेनोग्राफर के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 242 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 16 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती के तहत विभिन्न प्रशासनिक पदों को भरा जाएगा, जिनमें शामिल हैं असिस्टेंट (Assistant), अपर डिवीजन क्लर्क (Upper Division Clerk-UDC), जूनियर पर्सनल असिस्टेंट, स्टेनोग्राफर, ये नियुक्तियां देशभर में ISRO के विभिन्न केंद्रों और स्वायत्त संस्थानों में की जाएंगी।

कुल कितने पद हैं?

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान में कुल 242 पद शामिल हैं। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति अहमदाबाद, बेंगलुरु, हैसन, हैदराबाद, महेंद्रगिरि, नई दिल्ली, श्रीहरिकोटा, तिरुवनंतपुरम सहित अन्य केंद्रों पर की जा सकती है।

वेतन कितना मिलेगा?

चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स के लेवल-4 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इस स्तर पर न्यूनतम बेसिक वेतन 25,500 रुपये प्रतिमाह होगा। इसके अतिरिक्त महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) तथा अन्य सरकारी सुविधाएं भी नियमानुसार मिलेंगी।

आवेदन कैसे करें?

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को ISRO की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर निर्धारित प्रारूप में आवेदन भरना होगा। आवेदन करते समय आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे।

आवेदन की अंतिम तिथि

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 16 अगस्त 2026

बिहार में बनेगी नई 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना: बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। मुजफ्फरपुर से बरौनी तक प्रस्तावित फोरलेन हाईवे का काम अब महत्वपूर्ण चरण में पहुंच गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देने में जुटा है। इसके बाद प्रस्ताव मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है।

करीब 100 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन हाईवे के निर्माण पर लगभग 3,200 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद उत्तर बिहार के कई जिलों के लोगों को तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का लाभ मिलेगा।

इन जिलों को लाभ

यह नया फोरलेन मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर और बेगूसराय को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ेगा। इसके अलावा पूर्णिया, कटिहार और पश्चिम बंगाल की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इसका सीधा लाभ मिलेगा। वर्तमान में मुजफ्फरपुर से पूर्णिया जाने के लिए अधिकांश वाहन दरभंगा मार्ग का उपयोग करते हैं, जिससे यात्रा लंबी हो जाती है। नई सड़क बनने के बाद यह दूरी लगभग 300 किलोमीटर से घटकर करीब 250 किलोमीटर रह जाएगी।

ट्रैफिक दबाव से मिलेगी राहत

फिलहाल मुजफ्फरपुर से बरौनी तक का मार्ग दो लेन का है, जिस पर भारी वाहनों और स्थानीय यातायात का काफी दबाव रहता है। कई स्थानों पर जाम और धीमी आवाजाही आम समस्या है। फोरलेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और सड़क सुरक्षा में भी सुधार आने की उम्मीद है।

रिंग रोड परियोजना को भी मिलेगी रफ्तार

मुजफ्फरपुर शहर को जाम से राहत देने के लिए प्रस्तावित 17 किलोमीटर लंबे रिंग रोड की योजना भी इस परियोजना से जुड़ी हुई है। करीब 1,700 करोड़ रुपये की लागत वाली यह रिंग रोड परियोजना फोरलेन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद आगे बढ़ाई जाएगी। ट्रैफिक सर्वे पूरा हो चुका है और उसकी रिपोर्ट संबंधित अधिकारियों को भेज दी गई है। यह रिंग रोड मधौल से शुरू होकर दिघरा, मुशहरी होते हुए बखरी तक जाएगी और कई राष्ट्रीय राजमार्गों को आपस में जोड़ेगी।

यूपी सरकार की बड़ी घोषणा, शिक्षकों के लिए 1 नई खुशखबरी, टेंशन दूर

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत हजारों शिक्षकों और विशेष शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने स्पेशल टीईटी (Teacher Eligibility Test) आयोजित कराने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका उद्देश्य उन शिक्षकों को पात्रता परीक्षा का अवसर देना है, जिनके लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य हो गया है।

क्यों कराया जाएगा स्पेशल टीईटी?

सुप्रीम कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में देशभर के सभी शिक्षकों के लिए टीईटी उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर दिया था। बाद में पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने टीईटी पास करने की समय-सीमा दो वर्ष से बढ़ाकर तीन वर्ष कर दी, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि आगे समय बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी। इसी आदेश का पालन करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार अब विशेष टीईटी आयोजित कराने की तैयारी कर रही है।

1.40 लाख से अधिक शिक्षकों को अवसर

शासन के अनुसार, इस निर्णय का लाभ बड़ी संख्या में कार्यरत शिक्षकों को मिलेगा। प्राथमिक विद्यालयों के लगभग 64,062 शिक्षक, उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब 76,256 शिक्षक। यानी कुल मिलाकर 1.40 लाख से अधिक शिक्षकों को स्पेशल टीईटी में शामिल होने का अवसर मिलने की संभावना है।

विशेष शिक्षकों के लिए भी अलग परीक्षा

सरकार ने विशेष शिक्षकों के लिए भी अलग व्यवस्था करने का फैसला किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप 5,352 विशेष शिक्षक पद पहले ही चिन्हित किए जा चुके हैं। इन पदों में संविदा और डेलीवेज पर कार्यरत शिक्षकों के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए भी स्पेशल टीईटी आयोजित की जाएगी। अनुमान है कि इस श्रेणी में करीब 2,500 विशेष शिक्षक और सहायक अध्यापक परीक्षा में शामिल होंगे।

आयोग तैयार करेगा पूरी कार्ययोजना

शासन ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग से दोनों श्रेणियों के लिए परीक्षा की विस्तृत कार्ययोजना, परीक्षा कार्यक्रम और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का प्रस्ताव जल्द उपलब्ध कराने को कहा है। कार्ययोजना मिलने के बाद परीक्षा की तिथि और आवेदन प्रक्रिया से संबंधित जानकारी जारी की जाएगी।

साल में दो बार टीईटी कराने पर जोर

सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों को यह भी सलाह दी है कि टीईटी परीक्षा समय-समय पर आयोजित की जाए और यदि संभव हो तो हर छह महीने के अंतराल पर वर्ष में दो बार परीक्षा कराई जाए। इससे पात्र अभ्यर्थियों को समय पर अवसर मिल सकेगा और शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया भी प्रभावित नहीं होगी।

अहमदाबाद: 173 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन की प्रक्रिया शुरू

अहमदाबाद। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गुजरात से अच्छी खबर है। गुजरात गौण सेवा पसंदगी मंडल (GSSSB) ने म्युनिसिपल सैनिटरी इंस्पेक्टर और सैनिटरी सब इंस्पेक्टर के पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। संशोधित अधिसूचना के अनुसार अब कुल 173 रिक्त पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत क्लास-3 श्रेणी के निम्न पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

म्युनिसिपल सैनिटरी इंस्पेक्टर

सैनिटरी सब इंस्पेक्टर

भर्ती का विज्ञापन क्रमांक 349/202526 के तहत जारी किया गया है।

कुल कितने पद हैं?

संशोधित अधिसूचना के अनुसार इस भर्ती अभियान में अब कुल 173 पद शामिल हैं। यह भर्ती राज्य के विभिन्न शहरी निकायों में रिक्त पदों को भरने के लिए आयोजित की जा रही है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 18 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना निर्धारित कट-ऑफ तिथि के अनुसार की जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

शैक्षणिक योग्यता

उम्मीदवार के पास निम्न में से निर्धारित योग्यता होना आवश्यक है। 12वीं (HSC) उत्तीर्ण, मान्यता प्राप्त संस्थान से सैनिटरी इंस्पेक्टर डिप्लोमा, या आईटीआई हेल्थ सैनिटरी इंस्पेक्टर प्रमाणपत्र, आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को विस्तृत पात्रता शर्तों की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 20 जुलाई 2026 (दोपहर 2:00 बजे)

ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि: 26 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे)

आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि: 29 जुलाई 2026 (रात 11:59 बजे)