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बिहार सरकार का फैसला, बेटियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं और किशोरियों को सशक्त बनाने के लिए मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत दो बड़ी खुशखबरें दी हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य की प्रतिभाशाली बेटियों को सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक रूप से मजबूती देना है।

योजना का उद्देश्य और महत्व

मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना बिहार सरकार के महिला एवं बाल विकास निगम (WCDC) और समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित की जा रही है। इसका मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें कौशल विकास, सुरक्षा, परामर्श और आर्थिक सहायता जैसी सुविधाएं प्रदान करना है। योजना के तहत सिविल सेवा प्रोत्साहन के अलावा महिला हेल्पलाइन और अल्पावास गृह जैसी सेवाएं भी संचालित होती हैं।

सिविल सेवा प्रोत्साहन

इस योजना के तहत BPSC और UPSC की प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाली महिलाओं को मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है।

UPSC अभ्यर्थियों के लिए: ₹1,00,000 की एकमुश्त सहायता।

BPSC अभ्यर्थियों के लिए: ₹50,000 की आर्थिक सहायता।

साथ ही, संकटग्रस्त महिलाओं को कानूनी मदद, काउंसलिंग और अस्थायी आवास की सुविधा भी दी जाती है।

लाभार्थी कौन बन सकता है?

आवेदनकर्ता बिहार की स्थायी निवासी होनी चाहिए।

योजना केवल महिलाओं और किशोरियों के लिए है।

सामान्य, OBC/EBC वर्ग की महिलाएं पात्र हैं (SC/ST वर्ग के लिए अलग योजनाएं)।

BPSC या UPSC की प्रारंभिक परीक्षा संबंधित वर्ष में उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।

आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज

महिलाएं योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन कर सकती हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए वेबसाइट wcdc.bihar.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।  ऑफलाइन के लिए जिला प्रोग्राम कार्यालय (ICDS) या महिला एवं बाल विकास निगम कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

शिक्षकों के लिए खुशखबरी: यूपी सरकार ने दी राहत की गारंटी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत भरी पहल सामने आई है। लंबे समय से शिक्षकों की सेवा समाप्ति, निलंबन और अन्य दंडात्मक कार्रवाइयों को लेकर विभिन्न जिलों से शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में आरोप था कि प्रबंध तंत्र द्वारा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों पर अनुचित दबाव बनाया जाता है या उन्हें सेवा से बाहर कर दिया जाता है।

इन परिस्थितियों को देखते हुए शासन ने स्पष्ट किया है कि शिक्षकों की सेवा सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए पहले से मौजूद कानूनी प्रावधानों का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। शासन ने सभी जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को निर्देशित किया है कि वे संबंधित अधिनियम की धारा 16 (छ), उपधारा 3 (क) के तहत सुनिश्चित करें कि किसी भी शिक्षक के विरुद्ध बिना पूर्व अनुमति के दंडात्मक कार्रवाई न की जाए।

क्या है नया संदेश?

सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि—

किसी भी शिक्षक को हटाने, सेवा समाप्त करने या कठोर दंड देने से पहले डीआईओएस की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य होगी।

यदि बिना अनुमति कार्रवाई की जाती है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जा सकती है।

शिक्षकों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाएगा और जांच के बाद आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

इस निर्णय से यह संकेत मिलता है कि अब प्रबंध तंत्र की मनमानी पर अंकुश लगेगा और शिक्षकों को सेवा सुरक्षा का भरोसा मिलेगा।

क्यों जरूरी था यह कदम?

माध्यमिक शिक्षक संगठनों का दावा है कि विभिन्न विद्यालयों में सैकड़ों शिक्षकों को विवादित परिस्थितियों में सेवा से हटाया गया। इस मुद्दे को विधान मंडल में भी उठाया गया, जहां जनप्रतिनिधियों ने शिक्षकों के हितों की रक्षा की मांग की। शासन ने इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लेते हुए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

शिक्षा व्यवस्था पर प्रभाव

यह पहल केवल शिक्षकों के हित में ही नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की स्थिरता के लिए भी महत्वपूर्ण है। जब शिक्षक सुरक्षित और सम्मानजनक वातावरण में कार्य करेंगे, तभी वे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा दे सकेंगे। सेवा सुरक्षा से शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

कल बनेगा नवपंचम राजयोग: ये 5 राशियां पाएंगी भारी लाभ

राशिफल। ज्योतिषियों के अनुसार, कल नवपंचम राजयोग का शुभ योग बन रहा है। यह योग विशेष रूप से उन राशियों के लिए अनुकूल माना जाता है, जिनके जीवन में सफलता, धन और खुशहाली के नए अवसर उत्पन्न होंगे। नवपंचम राजयोग का प्रभाव व्यक्ति की भाग्यशाली परिस्थितियों को बढ़ाता है और कठिन परिस्थितियों में भी सफलता दिलाने की क्षमता रखता है।

विशेष रूप से ये 5 राशियां कल के दिन विशेष लाभ उठाएंगी:

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए कल का दिन भाग्यशाली रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है। पुराने विवाद सुलझेंगे और परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में भी सुधार दिखाई देगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह समय निवेश और नई योजनाओं के लिए उत्तम है। पैसों के मामले में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। परिवारिक जीवन में सामंजस्य और मित्रों के साथ संबंधों में मजबूती आएगी।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि वाले जातकों के लिए नवपंचम राजयोग आत्मविश्वास और नई ऊर्जा लेकर आएगा। यह समय करियर में नई शुरुआत और व्यवसाय में प्रगति का है। जीवनसाथी और घरवालों के साथ संबंध मधुर होंगे।

4. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए कल का दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। शिक्षा, नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में सफलता मिलने के योग हैं। स्वास्थ्य और मानसिक शांति बनी रहेगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग का प्रभाव उन्हें लंबित कार्यों में सफलता दिलाएगा। यात्रा के योग बन रहे हैं, जो व्यवसाय या व्यक्तिगत जीवन में लाभकारी साबित होंगे। साथ ही संपत्ति और आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं।

UP में किसानों के लिए खुशखबरी: धान खरीद में नया रिकॉर्ड

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए इस खरीफ सीजन ने एक नई उपलब्धि दर्ज की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार ने 2025-26 के खरीफ क्रय सत्र में धान की खरीद का नया रिकॉर्ड बनाया। इस वर्ष सरकार ने 60 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य रखा था, लेकिन किसानों से 62.30 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। 

इस खरीद के एवज में लगभग 14,886.35 करोड़ रुपये किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से तुरंत भुगतान किए गए। इस व्यवस्था ने न केवल बिचौलियों की भूमिका समाप्त की बल्कि किसानों को समय पर पैसा मिलने की सुविधा भी दी।

खरीद और भुगतान का विवरण

कुल किसानों की संख्या: 10,53,561

कुल धान खरीद: 62,30,735.63 मीट्रिक टन

कुल भुगतान राशि: 14,886.35 करोड़ रुपये

क्रय केंद्र: 4869

धान की खरीद की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही। सामान्य धान (कॉमन) की कीमत 2369 रुपये प्रति कुंतल और ग्रेड ए की कीमत 2389 रुपये प्रति कुंतल तय की गई थी। किसानों को 48 घंटे के भीतर भुगतान करना इस साल की एक बड़ी उपलब्धि रही।

पंजीकरण और खरीफ प्रक्रिया

धान बिक्री के लिए कुल 12,82,892 किसानों ने पंजीकरण कराया। इस वर्ष ओटीपी आधारित सिंगल पंजीकरण प्रणाली लागू की गई थी, जिससे किसानों के लिए प्रक्रिया सरल और सुरक्षित रही। पश्चिम उत्तर प्रदेश और हरदोई, लखीमपुर खीरी, सीतापुर जिलों में धान खरीद 31 जनवरी तक पूरी हुई, जबकि अन्य जिलों में यह प्रक्रिया 28 फरवरी तक समाप्त हुई।

पिछले वर्ष की तुलना में प्रगति

पिछले साल (2024-25) में उत्तर प्रदेश में 7,97,500 किसानों से 57,70,671 मीट्रिक टन धान खरीदा गया था और 13,370.17 करोड़ रुपये का भुगतान हुआ था। इस वर्ष न केवल खरीद और भुगतान में वृद्धि हुई है बल्कि किसानों तक पहुंचने वाली सुविधाओं में भी सुधार हुआ है। उत्तर प्रदेश सरकार की इस पहल ने किसानों के हित में एक नया मानक स्थापित किया है। समय पर भुगतान और पारदर्शी प्रक्रिया से राज्य के किसानों का भरोसा और आत्मविश्वास बढ़ा है।

अब नहीं होगी दिक्कत! बिहार में शिक्षकों के लिए नई खुशखबरी

पटना। बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) को लेकर लंबे समय से उठ रही शिकायतों पर अब सरकार ने संज्ञान लिया है। बिहार विधानसभा में यह मुद्दा जोरदार ढंग से उठा, जिसके बाद शिक्षा मंत्री ने व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया है।

बिहार सरकार का यह फैसला शिक्षकों के हित में बड़ा कदम माना जा रहा है। आकस्मिक अवकाश से जुड़ी जटिलता खत्म होने से अब शिक्षकों को अपने वैध छुट्टी अधिकार का पूरा लाभ मिल सकेगा। शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए ऐसे सुधारों की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

क्या था विवाद?

अब तक की व्यवस्था में यदि कोई शिक्षक आकस्मिक अवकाश लेता था और उस अवधि के बीच रविवार या कोई अन्य सरकारी अवकाश पड़ता था, तो उसे भी छुट्टी की गणना में जोड़ दिया जाता था। इससे शिक्षकों के वास्तविक अवकाश दिनों की संख्या कम हो जाती थी।

शिक्षा मंत्री का स्पष्ट आश्वासन

शिक्षा मंत्री ने हाल ही में सदन में साफ शब्दों में कहा कि आकस्मिक अवकाश के दौरान रविवार को जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस व्यवस्था में जल्द सुधार किया जाएगा। अब कैजुअल लीव के दौरान पड़ने वाले रविवार या अन्य सरकारी अवकाश को छुट्टी की गणना में शामिल नहीं किया जाएगा। इसके लिए ई-शिक्षा कोष प्रणाली में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जाएंगे, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या न आए।

शिक्षकों को मिलेगी बड़ी राहत

सरकार के इस आश्वासन से राज्य के हजारों शिक्षकों को राहत मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से चली आ रही इस परेशानी के समाधान से शिक्षकों का मनोबल भी बढ़ेगा। यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया को अधिक न्यायसंगत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आने वाले दिनों में जब तकनीकी संशोधन लागू होंगे, तब इसका वास्तविक लाभ शिक्षकों को मिलने लगेगा।

8वें वेतन आयोग: ग्रुप-C और ग्रुप-D की क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग का गठन हो चुका है और विभिन्न कर्मचारी संगठनों व हितधारकों से सुझाव भी मांगे जा चुके हैं। सबसे अधिक उत्सुकता ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों में है, क्योंकि इन्हीं वर्गों की संख्या सबसे ज्यादा है और इन्हें वेतन संशोधन से सीधा लाभ मिलता है।

सबसे बड़ा सवाल फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी यूनियनें 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रही हैं। यदि यह मांग स्वीकार होती है, तो न्यूनतम मूल वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या है और क्यों अहम है?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर वर्तमान मूल वेतन को संशोधित किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हुआ था। अब 8वें वेतन आयोग में 2.15 से लेकर 3.25 तक के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा हो रही है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

ग्रुप-D (लेवल 1) की संभावित नई सैलरी

ग्रुप-D कर्मचारियों का वर्तमान न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 है। अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमान इस प्रकार हैं:

2.15 फैक्टर लागू होने पर वेतन लगभग ₹38,700 तक जा सकता है।

2.28 फैक्टर की स्थिति में न्यूनतम वेतन करीब ₹41,000 होने का अनुमान है।

2.86 फैक्टर पर मूल वेतन ₹51,000 से अधिक हो सकता है।

3.25 फैक्टर लागू होने पर न्यूनतम वेतन ₹54,000 के आसपास पहुंच सकता है।

यह सिर्फ मूल वेतन होगा। इसके अलावा DA, HRA और अन्य भत्ते अलग से मिलेंगे, जिससे कुल मासिक आय और अधिक हो सकती है।

ग्रुप-C कर्मचारियों को कितना लाभ?

ग्रुप-C के अंतर्गत क्लर्क, तकनीकी स्टाफ, गार्ड और अन्य सहायक पद आते हैं। इनकी सैलरी पे-मैट्रिक्स लेवल के अनुसार तय होती है।

लेवल 3 (ग्रेड पे 2000): संशोधित मूल वेतन लगभग ₹57,456 हो सकता है, जिससे सकल वेतन (Gross Salary) भत्तों के साथ ₹74,845 तक पहुँच सकता है।

लेवल 4 और 5: इनके मूल वेतन में भी 2.28 से 2.86 के फिटमेंट फैक्टर के आधार पर 30% से 50% तक की वृद्धि की संभावना है।  इसका मतलब है कि मध्यम स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।

भत्तों में भी होगा बदलाव

केवल मूल वेतन ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और परिवहन भत्ता (TA) में भी संशोधन किया जाएगा। आम तौर पर नया वेतन लागू होने के बाद DA की गणना नए बेसिक पर की जाती है, जिससे कुल आय में अतिरिक्त वृद्धि होती है।

अंतिम फैसला बाकी

ध्यान देने वाली बात यह है कि ये सभी आंकड़े संभावित अनुमान हैं, जो विशेषज्ञों की गणना और कर्मचारी संगठनों की मांगों पर आधारित हैं। अंतिम वेतन संरचना 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी। फिलहाल इतना तय है कि 8वां वेतन आयोग ग्रुप-C और ग्रुप-D कर्मचारियों के लिए वेतन संरचना में बड़ा बदलाव ला सकता है।

भारत की ताकत होगी दोगुनी, रूस के साथ नई डिफेंस डील की आहट

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव और बदलते सुरक्षा समीकरणों के बीच भारत अपनी हवाई सुरक्षा व्यवस्था को और सशक्त बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, देश रूस से पांच अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस सिस्टम लेने की तैयारी कर रहा है। इस संबंध में प्रारंभिक स्तर पर रक्षा खरीद तंत्र में सहमति बन चुकी है और अब प्रस्ताव उच्चस्तरीय स्वीकृति की प्रक्रिया से गुजरेगा।

क्यों अहम है यह कदम?

भारत पहले ही S-400 प्रणाली को अपनी रणनीतिक रक्षा संरचना में शामिल कर चुका है। यह सिस्टम लंबी दूरी से दुश्मन के विमान, ड्रोन और मिसाइलों को पहचानने और उन्हें मार गिराने की क्षमता रखता है। मौजूदा समय में भारत के पास तीन सिस्टम सक्रिय हैं, जबकि दो और इकाइयों के जल्द शामिल होने की संभावना है। यदि पांच नए सिस्टम जुड़ते हैं तो देश के विभिन्न रणनीतिक क्षेत्रों में बहुस्तरीय वायु सुरक्षा कवच तैयार किया जा सकेगा। इससे सीमावर्ती इलाकों और महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों की सुरक्षा और मजबूत होगी।

हालिया घटनाओं के बाद कदम

पिछले वर्ष क्षेत्रीय तनाव के दौरान भारतीय वायु रक्षा प्रणाली की भूमिका अहम रही। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक युद्ध में आकाशीय सुरक्षा सबसे निर्णायक तत्व बन चुकी है। ड्रोन, क्रूज मिसाइल और लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता वाले हथियारों के दौर में मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम किसी भी देश की पहली सुरक्षा रेखा माने जाते हैं।

खरीद प्रक्रिया कैसे आगे बढ़ेगी?

रक्षा खरीद की प्रक्रिया कई चरणों से गुजरती है। आवश्यकता की स्वीकृति मिलने के बाद लागत निर्धारण पर बातचीत होती है। इसके पश्चात वित्तीय परीक्षण और अंततः सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति से अंतिम मंजूरी ली जाती है। माना जा रहा है कि प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर सिस्टम सीधे रूस से खरीदे जाएंगे, जबकि रखरखाव और तकनीकी सहयोग में भारतीय कंपनियों की भूमिका बढ़ सकती है।

पैंटसिर सिस्टम पर भी विचार

इसके साथ ही कम दूरी की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पैंटसिर मिसाइल सिस्टम की खरीद पर भी विचार चल रहा है। यह प्रणाली विशेष रूप से ड्रोन, हेलीकॉप्टर, रॉकेट और कम दूरी की मिसाइलों से सुरक्षा देने के लिए जानी जाती है। रणनीति यह है कि लंबी दूरी की S-400 प्रणाली के साथ छोटी दूरी की सुरक्षा परत भी तैयार की जाए, ताकि बहुस्तरीय सुरक्षा ढांचा खड़ा हो सके।

यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है तो दक्षिण एशिया में सामरिक संतुलन पर इसका प्रभाव पड़ना तय है। भारत की बढ़ती वायु रक्षा क्षमता पड़ोसी देशों के लिए स्पष्ट संकेत होगी कि देश अपनी सुरक्षा के मामले में किसी तरह की ढील नहीं बरतना चाहता।

सूर्य-मंगल-बुध-राहु की युति: 5 राशियों पर बरसेगी किस्मत की मेहरबानी

राशिफल। 4 मार्च 2026, बुधवार देशभर में होली का उल्लास है और आकाश में भी एक दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। इस समय कुंभ राशि में सूर्य, मंगल, बुध और राहु एक साथ स्थित हैं। चार प्रमुख ग्रहों की यह युति ‘चतुर्ग्रही योग’ का निर्माण कर रही है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है।

सूर्य नेतृत्व और प्रतिष्ठा का कारक है, मंगल ऊर्जा और साहस का, बुध बुद्धि और व्यापार का तो राहु अप्रत्याशित लाभ और अचानक बदलावों का संकेत देता है। इन चारों की संयुक्त स्थिति कई राशियों के लिए अवसरों के नए द्वार खोल सकती है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों पर इस योग का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय पेशेवर उन्नति का संकेत दे रहा है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके प्रोजेक्ट आगे बढ़ेंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए बुध की उपस्थिति विशेष फलदायी मानी जा रही है। संचार, मीडिया, मार्केटिंग या लेखन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। नए व्यापारिक सौदे तय हो सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में भी प्रगति संभव है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग साझेदारी के मामलों में शुभ संकेत दे रहा है। वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा। बिजनेस पार्टनर के साथ तालमेल बेहतर रहेगा। किसी बड़े निर्णय में सफलता मिल सकती है। समाज में सम्मान बढ़ने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को संपत्ति, भूमि या वाहन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। निवेश से जुड़ी योजनाएं लाभ दे सकती हैं। पारिवारिक सहयोग मिलेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। नौकरी में स्थिरता और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि में ही यह चतुर्ग्रही योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव विशेष रहेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में नेतृत्व की भूमिका मिल सकती है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नई योजनाएं शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, गांव-गांव तक के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने वाहन मालिकों की सुविधा और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए बड़ा फैसला लिया है। राज्यभर में 1000 से अधिक नए पॉल्यूशन जांच केंद्र खोले जाएंगे। इस कदम का उद्देश्य वाहन प्रदूषण जांच की प्रक्रिया को सरल बनाना और लोगों को उनके नजदीक ही यह सुविधा उपलब्ध कराना है।

नई व्यवस्था से अब वाहन मालिकों को पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने के लिए दूर शहरों या जिला मुख्यालय तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार की योजना है कि यह सुविधा गांवों तक पहुंचे, ताकि हर नागरिक को समान रूप से लाभ मिल सके।

पंचायत और प्रखंड स्तर पर होगी व्यवस्था

नई योजना के तहत पॉल्यूशन जांच केंद्रों की स्थापना आबादी और जरूरत के आधार पर पंचायत और प्रखंड स्तर पर की जाएगी। इसका सीधा फायदा ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को मिलेगा। अब तक कई गांवों के लोगों को अपने वाहनों की जांच के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी, जिससे समय और पैसा दोनों खर्च होते थे। नए केंद्र खुलने से यह समस्या काफी हद तक खत्म हो जाएगी।

वाहन मालिकों को बड़ी राहत

इन केंद्रों के शुरू होने से वाहन मालिकों को कई तरह से फायदा होगा। जांच के लिए लंबी कतारों से राहत, समय और यात्रा खर्च में कमी, समय पर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवाने की सुविधा

नियमों के पालन में आसानी

नियमित जांच से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सड़क पर चलने वाले वाहन तय मानकों के अनुसार प्रदूषण कर रहे हैं या नहीं।

गांव-गांव तक सुविधा

सरकार की प्राथमिकता है कि जनसुविधाएं केवल शहरों तक सीमित न रहें, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचें। पॉल्यूशन जांच केंद्रों का विस्तार इसी सोच का हिस्सा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी वही सुविधाएं मिलेंगी, जो अब तक शहरी इलाकों में आसानी से उपलब्ध थीं। प्रशासनिक सेवाओं की पहुंच बढ़ने से लोगों का भरोसा भी मजबूत होगा।

8वें वेतन आयोग और DA कैलकुलेशन: 0% से नई शुरुआत?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग की चर्चा अब सिर्फ अनुमान तक सीमित नहीं रही। नवंबर 2025 में पैनल का गठन हो चुका है और जनवरी 2026 में सुझावों के लिए आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च हो गई है। इसी बीच, महंगाई भत्ता (DA) लगभग 60% तक पहुँच चुका है, लेकिन इसे मंजूरी मिलनी अभी बाकी है। इस पूरी प्रक्रिया में सबसे बड़ा सवाल यह है कि नई DA गणना कैसे होगी और नया बेस ईयर क्या होगा।

DA और बेस ईयर का संबंध

DA की गणना ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स – इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आधार पर होती है। इसमें एक साल को बेस ईयर माना जाता है, जिसे 100 अंक मानकर भविष्य की महंगाई मापी जाती है। 7वें वेतन आयोग के समय यह बेस ईयर 2016 था। समय के साथ बेस ईयर बदलना जरूरी हो जाता है क्योंकि महंगाई के पैटर्न में बदलाव आता है। यदि पुराना बेस ईयर ही रह जाए तो महंगाई का असली प्रभाव सैलरी पर सही तरीके से नहीं दिख पाएगा।

बेस ईयर बदलने की संभावना

कहा जा रहा है कि अगर 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होता है, तो नया बेस ईयर 2026 रखा जा सकता है। इसका मतलब होगा मौजूदा DA संरचना खत्म हो जाएगी। नई DA गणना नए इंडेक्स के आधार पर शुरू होगी। तकनीकी रूप से DA 0% से शुरू होगा।

0% DA और 60% DA का सवाल

अगर 1 जनवरी 2026 तक DA 60% है और नया बेस ईयर लागू होता है, तो दो संभावित रास्ते सामने आते हैं:

विकल्प 1: DA बेसिक में एडजस्ट हो जाए

पुराने DA को बेसिक में जोड़ दिया जाएगा।

उदाहरण: बेसिक सैलरी = ₹50,000, DA = 60% (₹30,000), कुल = ₹80,000, नया बेसिक = ₹80,000, नई DA = 0%, आगे की महंगाई इसी नए बेसिक से जुड़ जाएगी।

विकल्प 2: DA मर्ज न हो, सिर्फ बेस ईयर बदले

नई DA गणना शुरू होगी, लेकिन पुराने 60% को अलग तरीके से संभाला जाएगा। इसका मतलब है कि सैलरी में तत्काल बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन भविष्य में DA नए आधार से जुड़ेगा।

पेंशन और पे स्ट्रक्चर पर असर

7वें वेतन आयोग में पुराने बेसिक और DA को मिलाकर नया कंसोलिडेटेड बेसिक पे बनाया गया था। इसी तरह, 8वें वेतन आयोग में भी बेसिक पे स्ट्रक्चर बदल सकता है। पेंशनर्स के लिए भी असर होगा। अगर DA बेसिक में एडजस्ट होता है, तो पेंशन नई बेसिक पर रीवाइज होगी और आगे DA उसी नए आधार से जुड़ेगा।

ट्रंप ने किया महायुद्ध का ऐलान: बोले-ईरान के टॉप लीडर्स खत्म

न्यूज डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में प्रेस से बातचीत के दौरान ईरान के खिलाफ अपने अभियान "ऑपरेशन एपिक फ्यूरी" की तीसरी लहर शुरू होने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि पहले दो चरणों में ईरान के कई टॉप लीडर खत्म हो चुके हैं और अब नई कार्रवाई होने वाली है।

अभियान के मुख्य लक्ष्य

ट्रंप ने बताया कि अभियान का उद्देश्य ईरान की परमाणु क्षमता, बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम और शासन तंत्र को कमजोर करना है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रडार प्रणाली को भारी नुकसान पहुंचाया जा चुका है। ट्रंप ने कहा, “जिन लोगों को अमेरिका नए लीडर के रूप में देख रहा था, उनमें से अधिकांश अब मारे जा चुके हैं। तीसरी लहर जल्द शुरू होने वाली है।

पहले हमलों की रिपोर्ट

ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन की पहली दो लहरों में कुल 49 प्रमुख ईरानी नेता मारे गए। अब तीसरी लहर में नए लक्ष्यों पर हमला किया जाएगा। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि यह हमला पूर्व-निवारक था, ताकि ईरान पहले अमेरिका पर हमला न कर सके।

ईरान की प्रतिक्रिया

ईरान ने अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल हमले करके जवाबी कार्रवाई की है। बहरीन, कुवैत और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डे निशाने पर रहे। हिज्बुल्लाह ने इज़राइल पर हमलों की तीव्रता बढ़ा दी। इसके अलावा, ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य बंद करने की धमकी दी है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर असर पड़ सकता है।

वैश्विक प्रभाव

ईरान और अमेरिका के बीच यह तनाव पूरी मध्य पूर्व क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति को अस्थिर कर सकता है। तेल और गैस आपूर्ति पर असर, मिसाइल हमलों से नागरिक सुरक्षा की चुनौती और अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक दबाव अब सभी देशों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बंपर भर्ती, 15 मार्च तक करें आवेदन

नई दिल्ली। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने डिप्टी मैनेजर और सहायक उपाध्यक्ष (AVP) के पदों पर 116 रिक्तियों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती वर्ष 2025-26 के लिए है और आवेदन प्रक्रिया 23 फरवरी 2026 से शुरू होकर 15 मार्च 2026 तक ऑनलाइन उपलब्ध रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट sbi.co.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

पदों और योग्यता की जानकारी

इस भर्ती में विभिन्न पद शामिल हैं:

सहायक उपाध्यक्ष (आईएस ऑडिट) – संविदात्मक

उप प्रबंधक (आईएस ऑडिट) – नियमित

उप प्रबंधक (चार्टर्ड अकाउंटेंट - आंतरिक लेखापरीक्षा) – नियमित

आवेदन के लिए उम्मीदवारों को संबंधित विषय में BE/BTech/BSc/MTech/MSc/MCA/BCA/CA की डिग्री होना आवश्यक है।

चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू शामिल हैं। इसके बारे में और अधिक जानकारी के लिए प्रकाशित नोटिफिकेशन को पढ़ें।

पदों का स्थान

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को मुंबई, हैदराबाद, मोबाइल ड्यूटी और सर्किल ऑडिट ऑफिस में कार्य करने का अवसर मिलेगा।

आवेदन कैसे करें

इच्छुक उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://sbi.co.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है, इसलिए समय रहते आवेदन करना जरूरी है। SBI की यह भर्ती बैंकिंग क्षेत्र में करियर बनाने के लिए सुनहरा अवसर है।

PF खाताधारकों के लिए खुशखबरी: वित्त मंत्री पर टिकीं सारी नजरें

नई दिल्ली। अगर आप सैलरीड वर्ग से हैं और हर महीने आपका पीएफ कटता है, तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की तरफ से वित्त वर्ष 2025-26 के लिए पीएफ जमा पर ब्याज दर 8.25 प्रतिशत तय कर दी गई है। यह दर पिछले साल की तरह ही रखी गई है, जिससे करोड़ों सैलरीड कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा होगा।

सीबीटी की हालिया बैठक में सभी सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया। विशेषज्ञों के अनुसार, इस ब्याज दर के लागू होने से कर्मचारियों के रिटायरमेंट फंड को मजबूती मिलेगी और लंबी अवधि में उन्हें अच्छी बचत सुनिश्चित होगी।

ब्याज दर का इतिहास

पिछले कुछ वर्षों में पीएफ ब्याज दर में उतार-चढ़ाव देखा गया है। वित्त वर्ष 2020-21 में ब्याज दर 8.5% थी, जबकि 2021-22 में यह 8.10% तक गिर गई थी। इसके बाद धीरे-धीरे दरों में सुधार हुआ और 2024-25 में इसे 8.25% पर बनाए रखा गया। यह दर वर्तमान महंगाई के दौर में भी कर्मचारियों के लिए आकर्षक मानी जा रही है।

अब आगे क्या होगा?

सीबीटी की सिफारिश अब वित्त मंत्रालय की मंजूरी के लिए भेजी गई है। सरकार की हरी झंडी मिलने के बाद ही ब्याज दर को आधिकारिक रूप से घोषित किया जाएगा और खाताधारकों के पीएफ अकाउंट में ब्याज जमा किया जाएगा। आमतौर पर यह प्रक्रिया कुछ महीनों में पूरी होती है।

ब्याज क्रेडिट की संभावना

पीएफ अकाउंट में ब्याज का क्रेडिट साल के अंत में या उसके बाद होता है। पिछले वर्षों में यह जून से सितंबर के बीच खातों में जमा हुआ है। ऐसे में वित्त वर्ष 2025-26 का ब्याज भी इसी समय अवधि में खाते में आ सकता है।

कर्मचारियों के लिए महत्व

इस निर्णय से न केवल मौजूदा पीएफ मेंबर्स को फायदा होगा, बल्कि नए जॉइन होने वाले कर्मचारियों को भी लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिलने की उम्मीद है। 8.25% की ब्याज दर कर्मचारियों की बचत और वित्तीय सुरक्षा दोनों को मजबूत करेगी।

यूरिक एसिड का हाई अलर्ट: इन 5 संकेतों को कभी न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। यूरिक एसिड का स्तर बढ़ना आजकल आम समस्या बन गया है। शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा सामान्य से ज्यादा होने पर गुर्दे, जोड़ों और हृदय सहित कई अंग प्रभावित हो सकते हैं। यदि समय रहते इसे नियंत्रित न किया जाए तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे प्रमुख संकेत, जो बताते हैं कि आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ रहा है।

1. जोड़ों में तेज दर्द और सूजन

यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे पहला और साफ संकेत जोड़ों में दर्द है, खासकर पैरों की अंगुलियों, घुटनों और टखनों में। अक्सर यह अचानक आता है और रात के समय अधिक तीव्र होता है। अगर लगातार सूजन और दर्द महसूस हो रहा है, तो इसे हल्के में न लें।

2. त्वचा पर लाल चकत्ते या गांठें

अत्यधिक यूरिक एसिड जमा होने से त्वचा पर लाल या नीले-भूरे रंग के चकत्ते और टॉफी जैसी गांठें (टॉफी) दिखाई दे सकती हैं। ये आमतौर पर हाथों, पैर या कुहनियों के आसपास बनते हैं और दर्द के साथ जुड़ सकते हैं।

3. पेशाब में बदलाव

यूरिक एसिड बढ़ने से गुर्दे पर असर पड़ता है। इसका संकेत पेशाब में बदलाव से मिलता है। अगर पेशाब का रंग गहरा हो रहा है, बार-बार पेशाब की जरूरत महसूस हो रही है या पेशाब के दौरान जलन हो रही है, तो यूरिक एसिड की जांच कराना जरूरी है।

4. लगातार थकान और कमजोरी

अधिक यूरिक एसिड शरीर में जमा होने से ऊर्जा स्तर कम हो सकता है। लगातार थकान, कमजोरी और सुबह उठते समय भारीपन महसूस होना इसके सामान्य लक्षण हैं। इसे अक्सर लोग रोज़मर्रा की थकान समझ लेते हैं, जबकि यह यूरिक एसिड का संकेत भी हो सकता है।

5. पाचन समस्याएं और भूख में कमी

यूरिक एसिड का असर पाचन तंत्र पर भी पड़ता है। अपच, पेट फूलना और भूख कम होना इसके संकेत हो सकते हैं। साथ ही, खाने के बाद अत्यधिक जलन या पेट में भारीपन महसूस होना भी आम है।

कल गुरु का प्रभाव: 5 राशियों की किस्मत खुलेगी, बंपर लाभ की उम्मीद!

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार कल ग्रह गुरु अपने प्रभाव में रहेंगे, जिससे कई राशियों के लिए भाग्य और लाभ के द्वार खुल सकते हैं। विशेष रूप से शिक्षा, व्यापार, धन और व्यक्तिगत संबंधों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बार ये 5 राशियाँ गुरु के प्रभाव से सबसे अधिक लाभान्वित होंगी।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए कल का दिन लाभकारी रहेगा। गुरु का प्रभाव करियर और व्यवसाय में नई दिशा देगा। लंबित कार्य पूरे होंगे और निवेश या व्यापार में लाभ की संभावना बढ़ेगी। छात्रों के लिए यह समय अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत देता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को धन संबंधित मामलों में लाभ हो सकता है। पुराने निवेश से लाभ मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में सौहार्द और मेलजोल बढ़ेगा। इसके अलावा, स्वास्थ्य पर ध्यान देने से कल का दिन बेहतरीन रहेगा।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए गुरु का प्रभाव शिक्षा और करियर के क्षेत्र में सफलता लाएगा। नौकरी में पदोन्नति या बोनस की संभावना है। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगे लोगों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आएगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए गुरु के प्रभाव से सामाजिक प्रतिष्ठा और संबंधों में सुधार देखने को मिलेगा। मित्र और परिवार से सहयोग मिलेगा, जिससे नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। निवेश और धन से जुड़े मामलों में सावधानी बरतने के बावजूद लाभ की संभावना बनी रहेगी।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत और अवसरों का संकेत देता है। व्यापार और करियर दोनों में सकारात्मक बदलाव होंगे। लंबित मामलों को सुलझाने का मौका मिलेगा और दोस्तों या सहयोगियों से मदद मिल सकती है।

राज्यसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने घोषित किए 9 ताकतवर चेहरे

नई दिल्ली। राज्यसभा चुनाव 2026 की सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। नामांकन प्रक्रिया के अंतिम दिन से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यसभा के लिए अपने 9 उम्मीदवारों की आधिकारिक घोषणा कर दी है। इस लिस्ट में बिहार से नितिन नवीन और शिवेश कुमार का नाम शामिल है, जबकि पश्चिम बंगाल से राहुल सिन्हा को राज्यसभा भेजा जाएगा।

BJP की उम्मीदवारों की पूरी लिस्ट

बीजेपी ने अपने उम्मीदवारों को इस प्रकार चुना है:

बिहार: नितिन नवीन और शिवेश कुमार

असम: तेराश गोवाला और जेगेन मोहन

छत्तीसगढ़: लक्ष्मी वर्मा

हरियाणा: संजय भाटिया

पश्चिम बंगाल: राहुल सिन्हा

ओडिशा: मनमोहन सामल और सुजीत कुमार

राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान विवरण

निर्वाचन आयोग की जानकारी के अनुसार, इस बार राज्यसभा में निम्नलिखित राज्यों की सीटों के लिए चुनाव होने हैं:

महाराष्ट्र (7 सीटें), ओडिशा (4 सीटें), तेलंगाना (2 सीटें), तमिलनाडु (6 सीटें), छत्तीसगढ़ (2 सीटें), पश्चिम बंगाल (5 सीटें), असम (3 सीटें), हरियाणा (2 सीटें), हिमाचल प्रदेश (1 सीट), बिहार (5 सीटें), 16 मार्च को इन सभी राज्यों में सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा, और मतगणना उसी दिन शाम 5 बजे से शुरू होगी।

राज्यसभा चुनाव के इस दौर में बीजेपी ने अपनी पूरी रणनीति के साथ मैदान में कदम रखा है। विभिन्न राज्यों से घोषित उम्मीदवारों के जरिए पार्टी अपनी सियासी मजबूती दिखाने की कोशिश कर रही है, जबकि चुनावी लड़ाई अब और भी दिलचस्प होने वाली है।

सर्वे का सबूत: इस बार बंगाल में बीजेपी करेगी खेल?

न्यूज डेस्क। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की घोषणा भले ही नहीं हुई है, लेकिन राजनीतिक गतिविधियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। कल्याणी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी माहौल पहले से ही गरम है। नादिया जिले में स्थित यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है और राजनीतिक विशेषज्ञ इसे इस बार बेहद रोचक मुकाबले वाली सीट मान रहे हैं।

कल्याणी विधानसभा का गठन और इतिहास

कल्याणी विधानसभा सीट 2011 में डिलिमिटेशन कमीशन के 2010 के आदेश के बाद बनाई गई थी। इस सीट में कल्याणी और गायेसपुर की सभी नगर पालिकाएं शामिल हैं, साथ ही कल्याणी कम्युनिटी डेवलपमेंट ब्लॉक की सात ग्राम पंचायतें भी इसके अंतर्गत आती हैं। अब तक यहां तीन विधानसभा चुनाव हो चुके हैं।

चुनावी इतिहास और वर्तमान परिदृश्य

2021 के विधानसभा चुनाव में कल्याणी सीट बीजेपी ने अपने नाम की थी। इससे पहले, टीएमसी ने लगातार दो बार जीत दर्ज की थी। 2011 और 2016 में टीएमसी के रामेंद्र नाथ बिस्वास ने चुनाव जीते थे। 2021 में नए उम्मीदवार के साथ चुनाव लड़ते हुए बीजेपी ने 2,206 वोटों के अंतर से जीत हासिल की।

पिछले तीन चुनावों के आंकड़े यह दर्शाते हैं कि कल्याणी में बीजेपी की पकड़ मजबूत होती जा रही है। इस बार भी यह सीट त्रिकोणीय मुकाबले के लिए तैयार है, जहां बीजेपी, टीएमसी और सीपीआई(M) के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिलेगा।

विशेषज्ञों की क्या है इसपर राय?

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि कल्याणी में इस बार मुकाबला बेहद कठिन होगा। सभी दलों ने अपनी रणनीति तेज कर दी है और स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। बीजेपी की पिछली जीत और पार्टी के मजबूत कार्यकर्ताओं की सक्रियता इसे एक बार फिर से निर्णायक बनाती दिख रही है।

पेट की सफाई का आयुर्वेदिक फॉर्मूला: रोज खाएं ये 4 चीजें!

हेल्थ डेस्क। आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में पेट की समस्या आम हो गई है। कब्ज, अपच, गैस और ब्लोटिंग जैसी परेशानियां हमारे दिनचर्या को प्रभावित करती हैं। आयुर्वेद में पेट की सफाई और सही पाचन को स्वस्थ रखने के लिए कई प्राकृतिक उपाय बताए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से कुछ आयुर्वेदिक चीजों का सेवन पेट को अंदर से साफ और हल्का बनाए रखता है। 

1. अजवाइन

अजवाइन को आयुर्वेद में पाचन शक्ति बढ़ाने वाला माना जाता है। यह गैस और ब्लोटिंग की समस्या दूर करने में मदद करता है। रोज़ सुबह खाली पेट एक कप गरम पानी में आधा चम्मच अजवाइन डालकर पीने से पेट साफ रहता है और मेटाबॉलिज़्म तेज़ होता है।

2. हींग

हींग या एस्याफेटिडा भी पाचन के लिए बेहद फायदेमंद है। यह भोजन को आसानी से पचाने में मदद करती है और पेट में गैस बनने से रोकती है। खाने में हल्की मात्रा में हींग डालना पेट को अंदर से साफ रखने का प्राकृतिक तरीका है।

3. लौंग

लौंग में एंटी-बैक्टीरियल और पाचन गुण होते हैं। खाने के बाद एक लौंग चबाने से पेट साफ रहता है और बैक्टीरिया की वजह से होने वाले संक्रमण का खतरा कम होता है। आयुर्वेद के अनुसार, लौंग मुँह और पेट दोनों को ताज़गी देती है।

4. अदरक

अदरक पाचन के लिए आयुर्वेद में वरदान माना गया है। यह भोजन को जल्दी पचाने में मदद करता है और पेट की सफाई करता है। रोज़ाना खाने से पहले या खाने के साथ अदरक का रस या कद्दूकस किया हुआ अदरक खाने से कब्ज और अपच जैसी समस्याएं दूर रहती हैं।

यूपी के 22 जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, निर्माण की तैयारी शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे परियोजना अब सर्वेक्षण के चरण में पहुँच गई है। यह हाई-टेक, एक्सेस-कंट्रोल्ड मार्ग राज्य के पूर्वी और पश्चिमी जिलों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और यात्रियों के समय और लागत दोनों की बचत करेगा।

एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं

लंबाई और विस्तार: प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 700-750 किलोमीटर होगी। शुरूआत में यह गोरखपुर से शामली तक थी, लेकिन अब इसे हरियाणा के पानीपत तक बढ़ा दिया गया है।

लेन की संख्या: प्रारंभिक योजना के अनुसार यह 6-लेन होगा, जिसे भविष्य में जरूरत के अनुसार 8-लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा।

ग्रीनफील्ड कॉरिडोर: यह पूरी तरह नए मार्ग पर विकसित किया जाएगा, ताकि कम से कम पेड़ों की कटाई हो और पर्यावरणीय संतुलन बना रहे।

प्रभावित जिले और मार्ग

इस एक्सप्रेसवे का मार्ग उत्तर प्रदेश के 22 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुशीनगर, गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच शामिल हैं। मध्य और पश्चिमी यूपी के जिलों में लखीमपुर खीरी, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, बरेली, रामपुर, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और शामली शामिल होंगे। हरियाणा में इसका अंतिम पड़ाव पानीपत होगा।

एक्सप्रेसवे के लाभ

समय की बचत: गोरखपुर से पानीपत/दिल्ली-NCR की यात्रा का समय वर्तमान 12-15 घंटे से घटकर 7-8 घंटे रह जाएगा।

औद्योगिक और आर्थिक विकास: यह मार्ग पानीपत के कपड़ा और औद्योगिक केंद्रों को पूर्वी यूपी के कृषि और वन-डिस्ट्रिक्ट-वन-प्रोडक्ट (ODOP) क्षेत्रों से जोड़ेगा।

बेहतर कनेक्टिविटी: एक्सप्रेसवे को कुशीनगर में गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा, जिससे पूर्वोत्तर भारत तक पहुँच आसान होगी।

वर्तमान स्थिति और समयसीमा

वर्तमान में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और एलाइनमेंट निर्धारित करने के लिए सर्वेक्षण का काम चल रहा है। निर्माण कार्य 2026 में शुरू होने की संभावना है और इसे पूरा करने का लक्ष्य 2028-29 रखा गया है। यह एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा समय घटाएगा, बल्कि पूरे पूर्वी उत्तर प्रदेश के आर्थिक और औद्योगिक विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान देगा।

देश के 5 राज्यों में आंधी-बारिश के आसार: IMD ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। देश में गर्मी ने दस्तक दे दी है, लेकिन मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश और तूफानी हवा की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 4 से 9 मार्च, 2026 तक जम्मू, कश्मीर और लद्दाख में तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इस दौरान आकाशीय बिजली और गरज की संभावना भी बनी रहेगी, जिससे आम लोगों और किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आगामी 6 दिनों के मौसम की मुख्य जानकारी

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 6 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रवेश करेगा। साथ ही, उत्तर-पश्चिमी भारत में समुद्र तल से 12.6 किलोमीटर ऊँचाई पर मौजूद उपोष्णकटिबंधीय पछुआ जेट स्ट्रीम का असर भी बना रहेगा। इसका सीधा प्रभाव उत्तर भारत के राज्यों में देखा जाएगा।

राज्यवार मौसम अपडेट

1. जम्मू, कश्मीर और लद्दाख: 4 से 9 मार्च के दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। तेज हवा और गरज-चमक के साथ मौसम चुनौतीपूर्ण रह सकता है।

2. हिमाचल प्रदेश: 7 से 9 मार्च के बीच प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। ग्रामीण इलाकों में सतर्कता बरतने की जरूरत है।

3. असम और मेघालय: 4 मार्च को इन राज्यों में गरज और बिजली के साथ हल्की बारिश होने की संभावना है। किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए सावधान रहने की सलाह दी गई है।

4. उत्तराखंड: 8 और 9 मार्च को राज्य में मध्यम बारिश और गरज की संभावना है। उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानिक रूप से अधिक बारिश हो सकती है।

5. सिक्किम: 4 मार्च तक कुछ स्थानों पर सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है। इससे वाहन चालकों को सावधानी बरतने की जरूरत है।

रूस ने फिर निभाई दोस्ती: भारत को लेकर पुतिन का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच तेज होते संघर्ष के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में आवाजाही बाधित हो गई है। यह वही समुद्री मार्ग है, जिससे दुनिया के कुल तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके बंद होने से न केवल अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, बल्कि भारत जैसे ऊर्जा आयात पर निर्भर देशों की चिंता भी बढ़ गई है।

भारत पर सीधा असर क्यों?

भारत अपनी जरूरत का लगभग आधा कच्चा तेल और आधे से अधिक प्राकृतिक गैस इसी मार्ग से प्राप्त करता है। कतर और यूएई से आने वाली एलएनजी आपूर्ति भी इसी रास्ते पर निर्भर है। ऐसे में यदि यह संकट लंबा चलता है, तो भारत की ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला पर गहरा असर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात सामान्य नहीं हुए तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच सकती हैं। इसका सीधा प्रभाव पेट्रोल-डीजल की कीमतों, परिवहन लागत और रोजमर्रा की वस्तुओं की महंगाई पर पड़ेगा।

रूस का भरोसा भरा संदेश

इस संकट की घड़ी में रूस ने भारत को ऊर्जा आपूर्ति में सहयोग का आश्वासन दिया है। रूसी राष्ट्रपति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के नेतृत्व में मॉस्को ने संकेत दिया है कि यदि भारत को तेल या गैस आपूर्ति में बाधा आती है, तो रूस मदद के लिए तैयार है।

रूस पहले से ही भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल रहा है। यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक समीकरण बदलने के बावजूद भारत और रूस के बीच ऊर्जा व्यापार लगातार मजबूत हुआ है। ऐसे में मौजूदा संकट के दौरान रूस का यह रुख भारत के लिए रणनीतिक राहत का संकेत माना जा रहा है।

कतर से आपूर्ति पर असर

भारत के सबसे बड़े एलएनजी आपूर्तिकर्ताओं में से एक कतर ने हालिया हमलों के बाद उत्पादन प्रभावित होने की सूचना दी है। इसका असर भारत की गैस आपूर्ति पर पड़ सकता है। पेट्रोकेमिकल, उर्वरक और बिजली उत्पादन जैसे क्षेत्र गैस पर निर्भर हैं, इसलिए कमी का असर औद्योगिक उत्पादन तक जा सकता है।

सरकार की सतर्कता और विकल्प

भारत सरकार ने साफ किया है कि ऊर्जा आपूर्ति में किसी भी बड़े व्यवधान से अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक आपूर्ति स्रोतों की तलाश कर रही है। साथ ही, क्षेत्र में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा भी प्राथमिकता में है।

ईरान-इजरायल युद्ध के 10 बड़े अपडेट! जानें किसे कितना नुकसान

न्यूज डेस्क। मध्य-पूर्व एक बार फिर बड़े सैन्य टकराव का केंद्र बन गया है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष ने क्षेत्रीय स्थिरता को हिला दिया है। दोनों देशों ने एक-दूसरे पर मिसाइल, ड्रोन और हवाई हमलों की झड़ी लगा दी है, जिसके असर अब सीमाओं से बाहर भी महसूस किए जा रहे हैं।

भीषण तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओवल ऑफिस में बड़ा बयान देते हुए ईरान पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका और इजरायल पर हमले की तैयारी कर रहा था, इसलिए पहले कार्रवाई करना जरूरी था। ट्रंप के अनुसार यदि समय रहते कदम नहीं उठाया जाता तो स्थिति परमाणु टकराव तक पहुंच सकती थी।

तेहरान में धमाके, रणनीतिक ठिकाने निशाने पर

ईरान की राजधानी समेत कई शहरों में लगातार विस्फोटों की खबरें हैं। इजरायली सेना ने कथित तौर पर उन औद्योगिक परिसरों को निशाना बनाया है जहाँ बैलिस्टिक मिसाइलों का निर्माण होता है। प्रमुख हवाई अड्डों और सरकारी परिसरों पर भी हमलों की सूचना है।

लेबनान में इजरायल की जमीनी कार्रवाई

इजरायल ने संघर्ष को सीमित हवाई हमलों तक न रखते हुए लेबनान में जमीनी सैनिक उतार दिए हैं। दक्षिणी लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हमले किए गए। इस कार्रवाई में हिजबुल्लाह के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की कोशिश की गई। लेबनान में दर्जनों लोगों की मौत और बड़ी संख्या में घायल होने की खबर है, जिससे क्षेत्र में हालात और बिगड़ गए हैं।

खाड़ी देशों पर ईरान का पलटवार

ईरान ने जवाबी कार्रवाई में खाड़ी क्षेत्र के कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया। सऊदी अरब, कुवैत, बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात के बंदरगाहों, हवाई अड्डों और तेल रिफाइनरियों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए गए। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ये देश खुलकर अमेरिका के साथ खड़े होते हैं तो संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। साथ ही ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री गतिविधियों को बाधित कर वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव बना दिया है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।

अमेरिकी दूतावास बंद, सैनिकों की मौत

बढ़ते खतरे को देखते हुए अमेरिका ने सऊदी अरब और कुवैत में अपने दूतावास अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं और नागरिकों को मध्य-पूर्व के कई देशों से निकलने की सलाह दी है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार इस संघर्ष में अब तक छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हैं।

तेहरान और बेरूत पर हमले

इजरायल ने तेहरान और बेरूत में एक साथ सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। तेहरान में लगातार बमबारी से नागरिकों में दहशत फैल गई। इसके जवाब में ईरान ने इजरायल पर कई चरणों में मिसाइल हमले किए। हालांकि इजरायल का दावा है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने अधिकांश हमलों को नाकाम कर दिया।

बढ़ता मौत का आंकड़ा

ईरान में सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है, जिनमें बड़ी संख्या नागरिकों की बताई जा रही है। इजरायल और लेबनान में भी हताहतों की संख्या बढ़ रही है। दोनों पक्षों द्वारा हजारों हमले किए जाने का दावा किया गया है, जिससे सैन्य ढांचे और हवाई रक्षा प्रणालियों को भारी नुकसान पहुंचा है।

ब्रिटेन-फ्रांस की सैन्य तैयारी

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने साइप्रस स्थित सैन्य अड्डों की सुरक्षा मजबूत करने और युद्धपोत तैनात करने की घोषणा की है। इसके अलावे फ्रांस ने भी सैन्य तैयारी शुरू कर दी हैं। यह कदम दर्शाता है कि यूरोपीय देश भी संभावित विस्तार को लेकर चिंतित हैं।

क्या लंबा चलेगा युद्ध?

डोनाल्ड ट्रंप का अनुमान है कि यह संघर्ष चार से पांच सप्ताह तक चल सकता है, हालांकि इसके लंबा खिंचने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने कहा है कि यह अभियान अनंतकाल तक नहीं चलेगा और इसका उद्देश्य शासन परिवर्तन नहीं है।

तेल और बाजारों पर असर

संघर्ष का सबसे तेज असर ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। ब्रेंट क्रूड 85 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गया, जो कई महीनों का उच्चतम स्तर है। अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट दर्ज की गई, जिससे निवेशकों की चिंता साफ झलकती है।

सीएम योगी का नया फरमान: यूपी के सभी जिलों में लागू

गोरखपुर। होलिकोत्सव के अवसर पर गोरखपुर पहुंचे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पहले की तरह सख्ती से लागू रहेगी। त्योहार के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या हुड़दंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

होली पर सुरक्षा व्यवस्था रहे चाक-चौबंद

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि होली के दौरान पुलिस बल पूरी तरह सतर्क रहे। संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाए और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की जाए। उनका कहना था कि त्योहार सौहार्द और भाईचारे का प्रतीक है, इसे अराजक तत्वों द्वारा खराब नहीं होने दिया जाएगा।

अतिक्रमण हटाने और यातायात पर जोर

गोरखनाथ मंदिर में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि सड़कों को अतिक्रमण से मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। रेहड़ी-पटरी दुकानदारों को व्यवस्थित ढंग से स्थान दिया जाए ताकि आम जनता को परेशानी न हो। साथ ही वाहनों की पार्किंग तय स्थानों पर ही सुनिश्चित कराई जाए, जिससे जाम की समस्या न उत्पन्न हो। बैठक में प्रशासनिक और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर विस्तार से चर्चा की गई।

जनता दर्शन में सुनीं समस्याएं

मुख्यमंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में करीब डेढ़ सौ लोगों से मुलाकात कर उनकी शिकायतें और समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि हर प्रकरण का त्वरित और संतोषजनक समाधान सुनिश्चित किया जाए।

इलाज के लिए धन की कमी नहीं

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि गंभीर बीमारियों से जूझ रहे किसी भी व्यक्ति को आर्थिक तंगी के कारण उपचार से वंचित नहीं रहना पड़ेगा। यदि किसी के पास आयुष्मान कार्ड नहीं है, तब भी उसका इलाज कराया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी: किसानों के लिए आ रही खुशखबरी?

नई दिल्ली। किसानों के लिए एक बार फिर उम्मीद की किरण नजर आ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगली यात्रा असम में होने वाली है, और इसी दौरे के दौरान पीएम किसान योजना की 22वीं किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

असम दौरे में 22वीं किस्त की संभावना

असम के मंत्री उर्खाओ ग्वारा ब्रह्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को कोकराझार का दौरा करेंगे। इस दौरान कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया जाएगा। इस अवसर पर किसानों की प्रतीक्षित 22वीं किस्त की घोषणा या वितरण की संभावना बनी हुई है। हालांकि, अधिकारी स्पष्ट कर रहे हैं कि जब तक सरकार की तरफ से आधिकारिक सूचना नहीं आती, यह सिर्फ अनुमान ही माना जाएगा।

पिछले किस्त का संदर्भ

पीएम किसान योजना की 21वीं किस्त 19 नवंबर 2025 को किसानों के खातों में पहुंची थी। इसके बाद से लगभग तीन महीने बीत चुके हैं, लेकिन किसानों को 22वीं किस्त का अभी तक इंतजार है। पिछले वर्ष होली के समय 2-2 हजार रुपये की किस्तें कई राज्यों में वितरित की गई थीं।

किसानों की उम्मीदें और तैयारी

किसान इस बार भी त्योहार के पहले 22वीं किस्त मिलने की उम्मीद कर रहे हैं। केंद्र सरकार की योजना है कि हर पात्र किसान को सीधे उनके बैंक खाते में सहायता राशि मिले। इससे छोटे और सीमांत किसानों को खेती और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए आर्थिक मदद मिलेगी।

यूपी में खुशखबरी: 4 बड़ी भर्ती, युवाओं के लिए बंपर मौका!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेरोज़गार युवाओं के लिए नौकरी का सुनहरा अवसर आया है। प्रदेश के विभिन्न संस्थानों में कुल 4 बड़ी भर्तियों के लिए आवेदन शुरू हो चुके हैं। यह मौका खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए है जो सरकारी या शैक्षिक क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

1. नेशन हेल्थ मिशन, आजमगढ़

नेशन हेल्थ मिशन, आजमगढ़ ने MBBS डॉक्टर के 28 पदों के लिए भर्ती निकाली है। जो उम्मीदवार MBBS डिग्री धारक हैं, वे इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑफ़लाइन किए जाएंगे और अंतिम तिथि 12 मार्च 2026 है। उम्मीदवार NHM आजमगढ़ की आधिकारिक वेबसाइट से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं।

2. KSSSCI में 122 पदों पर भर्ती

कल्याण सिंह सुपर स्पेशलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट में 122 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इसमें सीनियर फार्मासिस्ट, तकनीशियन और अन्य पद शामिल हैं। उम्मीदवारों के लिए आवश्यक योग्यता MLT में डिप्लोमा या B.Sc की डिग्री है। ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 27 फरवरी 2026 से शुरू होकर 31 मार्च 2026 तक चलेगी। आवेदन KSSSCI की आधिकारिक वेबसाइट से किया जाएगा।

3. इलाहाबाद विश्वविद्यालय में भर्ती

इलाहाबाद विश्वविद्यालय ने 20 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इन पदों में रिसर्च असिस्टेंट, फील्ड इन्वेस्टिगेटर और कैज़ुअल स्टाफ शामिल हैं। उम्मीदवार जिनके पास M.A की डिग्री है, वे ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 15 मार्च 2026 है। आवेदन विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से ऑनलाइन किया जाएगा।

4. कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV)

KGBV ने 54 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें PGT, पीऑन और अन्य पद शामिल हैं। उम्मीदवारों की योग्यताएँ B.A, B.Ed, B.Tech/B.E, M.A, M.Sc, MCA जैसी हो सकती हैं। ऑफलाइन आवेदन की प्रक्रिया 19 फरवरी 2026 से शुरू होकर 18 मार्च 2026 तक चलेगी। आवेदन KGBV की आधिकारिक वेबसाइट https://balrampur.nic.in से किया जा सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों को राहत: 8वें वेतन आयोग की 5 बड़ी खबर

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग को भारत सरकार ने सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। हालांकि, अभी तक इसे लागू नहीं किया गया हैं। लेकिन 7वें वेतन आयोग का 10 साल का चक्र 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है, जिससे कर्मचारियों में नई सिफारिशों के लागू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

1. नई वेतन दरें कब लागू हो सकती हैं

सरकार यदि पिछले पैटर्न के अनुसार निर्णय करती है, तो नई वेतन दरें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। हालांकि, घोषणा और वास्तविक भुगतान में कुछ समय लग सकता है।

2. केंद्रीय कर्मचारियों के लिए मांगें तेज

कर्मचारी संगठनों ने 25 फरवरी 2026 को नेशनल काउंसिल (NC-JCM) की बैठक में कई अहम मांगें रखीं: फिटमेंट फैक्टर में वृद्धि, सेवाकाल में कम से कम 5 प्रमोशन सुनिश्चित करना, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की वापसी।

3. सैलरी में संभावित वृद्धि

वेतन वृद्धि फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। विशेषज्ञों के अनुसार न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर ₹51,480 तक हो सकता है, यदि फिटमेंट फैक्टर 2.86 तय होता है। कुल वेतन और पेंशन में 20% से 35% तक की वृद्धि संभावित है। चर्चा में विभिन्न विकल्प 1.92, 2.28 और 3.25 फिटमेंट फैक्टर भी शामिल है, जो अलग-अलग स्तर पर वेतन वृद्धि तय करेंगे।

4. भत्तों में प्रस्तावित बदलाव

मेडिकल अलाउंस (FMA): पेंशनभोगियों के लिए चिकित्सा भत्ता ₹1,000 से बढ़ाकर ₹20,000 करने का प्रस्ताव चर्चा में।

महंगाई भत्ता (DA): जनवरी 2026 से DA में 2% और वृद्धि होकर यह 60% तक पहुँच सकता है।

अन्य भत्ते: आयोग HRA और शहर के कैटेगरी के आधार पर अन्य भत्तों में भी संशोधन कर सकता है।

5. कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने पर केंद्रीय कर्मचारियों को भारी वेतन वृद्धि, बेहतर भत्ते और पेंशन सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। यह लंबे समय से प्रतीक्षित खुशखबरी कर्मचारियों के लिए राहत और उत्साह का स्रोत बनेगी।

खुशखबरी का सुपर पैकेज! बिहार में एक साथ 3 सरकारी भर्तियां

पटना। बिहार में बेरोज़गार युवाओं के लिए सुपर अवसर आ गया है। राज्य के विभिन्न सरकारी संस्थानों में एक साथ 3 बड़ी भर्तियां निकाली गई हैं, जिनमें कानूनी, न्यायिक और शैक्षिक क्षेत्र के पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. BPSC – सहायक अभियोजन अधिकारी

बिहार पब्लिक सर्विस कमीशन (BPSC) ने 300 पदों के लिए सहायक अभियोजन अधिकारी की भर्ती जारी की है। उम्मीदवारों के पास LLB डिग्री होनी चाहिए। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन है और आवेदन की तिथि 27 फरवरी 2026 से शुरू होकर 20 मार्च 2026 तक चलेगी। आवेदन BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in से किया जा सकता है।

2. BPSC – सिविल जज (Civil Judge)

BPSC ने सिविल जज के 173 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती न्यायिक क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए सुनहरा मौका है। ऑनलाइन आवेदन 25 फरवरी 2026 से 18 मार्च 2026 तक उपलब्ध होंगे। आवेदन प्रक्रिया BPSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से पूरी की जाएगी।

3. BPSC – प्रोफेसर (Professor)

शैक्षिक क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवारों के लिए BPSC ने 13 प्रोफेसर पदों के लिए भर्ती निकाली है। इसके लिए उम्मीदवारों के पास M.Phil या Ph.D की डिग्री होना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 12 फरवरी 2026 से शुरू होकर 6 मार्च 2026 तक चलेगी। आवेदन BPSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।

आवेदन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

सभी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य हैं।

उम्मीदवार अपनी योग्यता और अनुभव के अनुसार सही पद के लिए आवेदन करें।

आवेदन की अंतिम तिथियों का ध्यान रखें, समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है।

BPSC की आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर ही आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।