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बिहार सरकार का बड़ा फैसला! जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी पूरी तरह डिजिटल

पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की रजिस्ट्री कराने वालों के लिए बड़ी खबर है। राज्य सरकार रजिस्ट्री व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन करने की तैयारी में है। 15 जुलाई से राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम लागू किया जाएगा। नई व्यवस्था के बाद जमीन रजिस्ट्री से जुड़ा ज्यादातर काम डिजिटल माध्यम से पूरा होगा। इससे लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद है।

अब ऑफलाइन दस्तावेज नहीं होंगे स्वीकार

नई व्यवस्था लागू होने के बाद रजिस्ट्री के लिए पुराने तरीके से कागजी दस्तावेज जमा करने की प्रक्रिया खत्म हो जाएगी। आवेदकों को जरूरी दस्तावेज और प्रमाणपत्र ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होंगे। इसके बाद दस्तावेजों की जांच और सत्यापन भी डिजिटल तरीके से किया जाएगा। इससे प्रक्रिया में तेजी आने और रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

मोबाइल पर मिलेगा रजिस्ट्री डीड का लिंक

पेपरलेस सिस्टम की सबसे बड़ी सुविधा यह होगी कि रजिस्ट्री पूरी होने के बाद लोगों को डीड की कॉपी लेने के लिए कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी। विभाग की ओर से पंजीकृत दस्तावेज की डिजिटल कॉपी का लिंक आवेदक के मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। इसे जरूरत के समय डाउनलोड कर सुरक्षित रखा जा सकेगा।

सभी जिला कार्यालयों में पूरा हुआ ट्रायल

रजिस्ट्री विभाग ने राज्य के सभी जिला निबंधन कार्यालयों में पेपरलेस सिस्टम का परीक्षण पूरा कर लिया है। ट्रायल सफल होने के बाद अब इसे पूरे बिहार में लागू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्रक्रिया से काम में पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी कम होगी।

कम होगा समय और कागजी काम

नई ऑनलाइन व्यवस्था से रजिस्ट्री प्रक्रिया में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है। अभी जहां दस्तावेज संभालने और रिकॉर्ड खोजने में परेशानी होती है, वहीं डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में सत्यापन और जानकारी निकालना आसान होगा। इसके अलावा लोगों को बार-बार फोटो कॉपी और अन्य कागजात जमा करने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।

ई-गवर्नेंस की दिशा में बड़ा कदम

बिहार सरकार इस बदलाव को डिजिटल प्रशासन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल मान रही है। ऑनलाइन आवेदन, डिजिटल सत्यापन और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड के कारण जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और व्यवस्थित हो सकती है। 15 जुलाई के बाद बिहार में संपत्ति रजिस्ट्री का तरीका पूरी तरह बदलने वाला है, जिससे आम लोगों को तेज और सुविधाजनक सेवा मिलने की उम्मीद है।

1 से 7 जुलाई तक रहेगा खास समय, 5 राशियों को मिल सकती है खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार जुलाई महीने की शुरुआत कुछ राशियों के लिए खास मानी जा रही है। 1 जुलाई से 7 जुलाई के बीच ग्रहों की स्थिति में बदलाव और शुभ योगों के कारण कुछ लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने के संकेत मिल सकते हैं। इस दौरान नौकरी, व्यापार, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में बेहतर अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह नई शुरुआत का संकेत दे सकता है। कामकाज में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी करने वालों को जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी नई योजना में फायदा मिलने के संकेत हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में बेहतर साबित हो सकता है। रुके हुए काम पूरे होने और धन से जुड़ी परेशानियां कम होने के संकेत मिल सकते हैं। अगर आप किसी नए काम या निवेश की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल रह सकता है। परिवार और रिश्तों में भी मजबूती आने की संभावना है।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए 1 से 7 जुलाई का समय नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में बदलाव या आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। सामाजिक संपर्क बढ़ेंगे और नए लोगों से जुड़ने का मौका मिल सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास बढ़ाने वाली रह सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को नए सौदे या लाभ के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

5. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पुरानी समस्याओं से राहत मिलने और नए रास्ते खुलने की संभावना है। रिश्तों में भी मधुरता बढ़ सकती है।

यूपी में बेटियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब एक ही परिवार की अगर दो बेटियां स्कूल या कॉलेज में पढ़ रही हैं तो उनमें से एक बेटी की ट्यूशन फीस माफ की जा सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की घोषणा के बाद इस योजना को नए शैक्षणिक सत्र से लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। सरकार ने इस संबंध में शिक्षा विभाग को जरूरी दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं।

किन बेटियों को मिलेगा लाभ?

इस सुविधा का लाभ उन परिवारों की बेटियों को मिलेगा जो सरकार द्वारा तय आय सीमा के अंतर्गत आते हैं। अगर किसी परिवार की एक से ज्यादा बेटियां किसी विद्यालय, महाविद्यालय या शिक्षण संस्थान में पढ़ाई कर रही हैं तो दूसरी बेटी की फीस में राहत दी जाएगी। सरकार के आदेश के अनुसार या तो संबंधित शिक्षण संस्था खुद ट्यूशन फीस माफ करेगी या फिर इसकी भरपाई राज्य सरकार की ओर से की जाएगी।

स्कूलों से मांगी गई जानकारी

योजना को लागू करने के लिए शिक्षा विभाग ने यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई से जुड़े स्कूलों से जानकारी मांगी है। विद्यालयों को कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं में पढ़ने वाली ऐसी छात्राओं का विवरण उपलब्ध कराने को कहा गया है, जो इस योजना के दायरे में आती हैं।

फीस का रिकॉर्ड भी भेजेंगे स्कूल

माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्ववित्त पोषित स्कूलों से छात्राओं से ली जाने वाली ट्यूशन फीस की जानकारी भी मांगी है। इससे सरकार को यह पता चल सकेगा कि योजना के तहत कितनी छात्राओं को लाभ मिलेगा और फीस की प्रतिपूर्ति किस आधार पर की जाएगी।

बेटियों की पढ़ाई को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का उद्देश्य आर्थिक कारणों से बेटियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए मदद पहुंचाना है। इस फैसले से उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जहां एक से अधिक बेटियां शिक्षा हासिल कर रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पात्र छात्राओं को पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक मदद मिलेगी और उच्च शिक्षा की ओर उनका रुझान भी बढ़ सकता है।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ट्रांसफर के 7 नए नियम तय

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में काम करने वाले शिक्षकों के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी गई है। राज्य सरकार ने शिक्षक स्थानांतरण को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। अब शिक्षकों का तबादला एक तय प्रक्रिया, ऑनलाइन सिस्टम और प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा।

5 साल की नौकरी के बाद मिलेगा ट्रांसफर का मौका

नई नीति के अनुसार सामान्य परिस्थितियों में कोई शिक्षक अपनी सेवा के 5 वर्ष पूरे होने के बाद स्थानांतरण के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया मार्च में शुरू होगी और विभाग जून तक प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी करेगा। हालांकि ट्रांसफर केवल आवेदन के आधार पर नहीं होगा। स्कूल में खाली पद, बच्चों की संख्या और विषयवार शिक्षकों की जरूरत को भी देखा जाएगा।

ज्यादा आवेदन होने पर नंबर के आधार पर फैसला

अगर किसी स्कूल में एक पद के लिए कई शिक्षक आवेदन करते हैं तो चयन वरीयता अंक के आधार पर किया जाएगा। सेवा अवधि, कठिन इलाके में नौकरी और विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर अंक तय किए जाएंगे। कुछ खास मामलों जैसे गंभीर बीमारी, दिव्यांगता और पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को अतिरिक्त प्राथमिकता दी जाएगी।

महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग नियम

नई व्यवस्था में महिला शिक्षकों और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग प्रावधान रखे गए हैं। महिला शिक्षकों को अनुरोध के आधार पर गृह प्रखंड के आसपास पदस्थापन में प्राथमिकता दी जा सकती है, जबकि पुरुष शिक्षकों के लिए गृह जिले को ध्यान में रखा जाएगा। हालांकि गृह पंचायत या वार्ड में सीधे पोस्टिंग नहीं दी जाएगी।

किन कारणों से प्रशासन कर सकेगा ट्रांसफर?

अगर किसी स्कूल में शिक्षकों की संख्या असंतुलित हो जाए, पढ़ाई प्रभावित हो, लगातार अनुपस्थिति या अनुशासन से जुड़ी समस्या सामने आए तो विभाग प्रशासनिक आधार पर भी शिक्षक का तबादला कर सकता है। नई नीति का उद्देश्य शिक्षकों को सुविधा देने के साथ-साथ स्कूलों में शिक्षकों की सही व्यवस्था बनाना है।

ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया

अब ट्रांसफर के लिए आवेदन देने से लेकर अंतिम आदेश तक की प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से होगी। शिक्षक पोर्टल पर आवेदन करेंगे, स्कूल का विकल्प चुनेंगे और समिति जांच के बाद फैसला लिया जाएगा। मनपसंद स्कूल नहीं मिलने को अकेले अपील का कारण नहीं माना जाएगा।

इन 7 आधारों पर मिलेगी प्राथमिकता

शिक्षकों के तबादले के लिए सरकार ने प्राथमिकता का क्रम तय किया है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षक, दिव्यांग शिक्षक, पति-पत्नी को एक जगह पदस्थापन की जरूरत वाले शिक्षक, विधवा, अलग रह रही महिला और अकेले बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे शिक्षक, आपसी सहमति से ट्रांसफर, स्कूलों में शिक्षक संख्या संतुलित करने के लिए समायोजन, सामान्य आवेदन।

तीन स्तर पर होगी जांच

तबादले के फैसले के लिए अलग-अलग स्तर पर समितियां बनाई जाएंगी। जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली समिति मामलों की जांच करेगी। वहीं विशेष और अंतर-जिला मामलों पर प्रमंडलीय स्तर से निर्णय लिया जाएगा। बड़े मामलों की समीक्षा राज्य स्तर पर होगी।

यूपी को 5 बड़ी सौगात देंगे PM मोदी, नागरिकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के के लिए जुलाई का महीना विकास के लिहाज से बेहद खास हो सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संभावित कानपुर दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकारी के मुताबिक, अगर कार्यक्रम तय होता है तो पीएम मोदी कानपुर के निराला नगर रेलवे मैदान से प्रदेश को कई बड़ी परियोजनाओं की सौगात दे सकते हैं। इन योजनाओं की कुल लागत करीब 10,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

1. कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे से आसान होगा सफर

कानपुर और लखनऊ के बीच बेहतर कनेक्टिविटी के लिए बन रहा कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे सबसे बड़ी परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 4,700 करोड़ रुपये है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। साथ ही औद्योगिक गतिविधियों, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है।

2. अनवरगंज-मंधना रेलवे ट्रैक को मिलेगी नई दिशा

रेलवे से जुड़ी अनवरगंज-मंधना ट्रैक परियोजना भी कानपुर के लिए अहम मानी जा रही है। इस योजना पर लगभग 1,115 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इससे रेलवे संचालन में सुधार होगा और शहर में ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। लंबे समय से इस क्षेत्र में बेहतर रेल व्यवस्था की मांग उठती रही है।

3. ट्रांसगंगा सिटी पुल से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

कानपुर की महत्वाकांक्षी ट्रांसगंगा सिटी पुल परियोजना को भी आगे बढ़ाया जा सकता है। इस पुल के निर्माण पर करीब 753 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। यह परियोजना नए विकसित हो रहे क्षेत्रों को जोड़ने में अहम भूमिका निभा सकती है और शहर के विस्तार को गति दे सकती है।

4. नौबस्ता मेट्रो रूट से शहर को राहत

कानपुर मेट्रो के विस्तार के तहत नौबस्ता रूट शहर के लिए बड़ी सुविधा साबित हो सकता है। मेट्रो के विस्तार से रोजाना सफर करने वाले हजारों लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। यह परियोजना शहर में बढ़ते यातायात दबाव को कम करने और सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने में मदद करेगी।

5. सरैया क्रॉसिंग ओवरब्रिज से जाम से राहत

कानपुरवासियों को सरैया क्रॉसिंग ओवरब्रिज की सौगात भी मिल सकती है। इस परियोजना की अनुमानित लागत करीब 150 करोड़ रुपये है। ओवरब्रिज बनने के बाद रेलवे क्रॉसिंग पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत मिलने की संभावना है।

पानी-पानी होगा बिहार! अगले 48 घंटे में तेज बारिश और आंधी का अलर्ट

पटना। बिहार में भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम का मिजाज अब बदलने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 48 घंटे में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। इस दौरान तेज हवा, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है।

12 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार मानसून अब बिहार के ज्यादातर हिस्सों में पहुंच चुका है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण बारिश की गतिविधियां बढ़ रही हैं। आने वाले दिनों में राज्य के अधिकतर जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। फिलहाल शनिवार को राज्य के 12 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं बाकी जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

28 जून को और सक्रिय होगा मानसून

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जून को बिहार में मानसून की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। इस दिन राज्य के 26 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कई जिलों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा।

29 जून को भी आंधी-बारिश के आसार

29 जून को भी बिहार के मौसम में बदलाव जारी रहेगा। मौसम विभाग ने पटना समेत पूरे राज्य के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तर बिहार के कई जिलों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

तापमान में आएगी गिरावट, लोगों को मिलेगी राहत

लगातार बारिश होने के बाद राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है। इससे लोगों को गर्मी और चिपचिपी उमस से राहत मिलने की उम्मीद है। किसानों के लिए भी बारिश अच्छी खबर लेकर आ सकती है, क्योंकि मानसून की सक्रियता बढ़ने से खेती-किसानी के कामों को गति मिलेगी।

हंस राजयोग से चमकेगी किस्मत! इन 4 राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में पंच महापुरुष योगों का विशेष महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक है हंस राजयोग, जिसे गुरु ग्रह से जुड़ा बेहद शुभ योग माना जाता है। मान्यता है कि जब देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में होकर केंद्र स्थान में मजबूत स्थिति बनाते हैं, तब यह राजयोग बनता है।

इस समय गुरु ग्रह कर्क राशि में उच्च स्थिति में गोचर कर रहे हैं, जिसके कारण 29 जून से 5 जुलाई 2026 तक हंस राजयोग का प्रभाव विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ राशियों को करियर, धन, सम्मान और जीवन के अन्य क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव मिल सकते हैं।

मेष राशि

हंस राजयोग का प्रभाव मेष राशि वालों के लिए शुभ साबित हो सकता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए भी नए संपर्क और लाभ के रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बढ़ने के योग बन सकते हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष लाभकारी माना जा सकता है क्योंकि गुरु इसी राशि में उच्च स्थिति में हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे होने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नए अवसर सामने आ सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को हंस राजयोग के प्रभाव से भाग्य का साथ मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। निवेश और आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं। सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए गुरु का यह शुभ प्रभाव नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। करियर में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं और योजनाओं को सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। शिक्षा, प्रतियोगिता और ज्ञान से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। धन संबंधी मामलों में भी सुधार की संभावना बन सकती है।

केंद्र सरकार के 2 बड़े फैसले, 1 जुलाई से देशभर में होंगे लागू

नई दिल्ली। देश में 1 जुलाई 2026 से कई अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों से लेकर ग्रामीण परिवारों तक पड़ेगा। केंद्र सरकार दो बड़े फैसले लागू करने जा रही है। इनमें ग्रामीण रोजगार योजना में बदलाव और पासपोर्ट सेवा की फीस में बढ़ोतरी शामिल है।

1 .मनरेगा की जगह लागू होगी नई रोजगार योजना

केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने वाली मौजूदा योजना मनरेगा की जगह एक नई योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना का नाम ‘विकसित भारत - गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन’ (VB-G RAM G) रखा गया है। इस नई योजना का उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और लोगों की आजीविका को मजबूत करना है। इसके तहत कई बड़े बदलाव किए जाएंगे।

अब 100 नहीं, 125 दिनों का मिलेगा रोजगार: इस नई योजना में सबसे बड़ा बदलाव रोजगार गारंटी की अवधि को लेकर है। पहले ग्रामीण परिवारों को साल में 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, जिसे बढ़ाकर अब 125 दिन किया जाएगा। इस बदलाव से ग्रामीण मजदूरों और जरूरतमंद परिवारों को ज्यादा दिनों तक काम मिलने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य है कि गांवों में रोजगार के साथ-साथ विकास कार्यों को भी गति दी जाए।

2 .पासपोर्ट बनवाना होगा महंगा

1 जुलाई 2026 से पासपोर्ट बनवाने वालों के लिए भी बड़ा बदलाव होने जा रहा है। सरकार ने लंबे समय बाद पासपोर्ट शुल्क में बढ़ोतरी का फैसला लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पासपोर्ट बनवाने, रिन्यू कराने या दोबारा जारी करवाने के लिए पहले की तुलना में ज्यादा शुल्क देना होगा।

1000 से 2500 रुपये तक बढ़ सकती है फीस: नई फीस व्यवस्था के बाद अलग-अलग श्रेणी के पासपोर्ट आवेदनों पर अतिरिक्त खर्च बढ़ सकता है। पहली बार पासपोर्ट बनवाने वाले, पुराने पासपोर्ट का नवीनीकरण कराने वाले और खोए या खराब पासपोर्ट की जगह नया पासपोर्ट लेने वाले सभी आवेदकों पर इसका असर पड़ेगा। बच्चों के पासपोर्ट आवेदन पर भी नए शुल्क नियम लागू होंगे।

LPG गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर, नए निर्देश जारी!

नई दिल्ली। देशभर के घरेलू एलपीजी गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी अपडेट सामने आया है। अगर आपने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की केवाईसी (KYC) पूरी नहीं कराई है तो जल्द यह काम पूरा कर लें। तेल कंपनियों ने गैस वितरकों को उपभोक्ताओं की जानकारी अपडेट करने और फर्जी कनेक्शनों की पहचान करने के लिए निर्देश जारी किए हैं।

KYC नहीं कराने पर सब्सिडी पर असर

नए नियमों के तहत 30 जून तक केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खाते में मिलने वाली एलपीजी सब्सिडी रुक सकती है। हालांकि वर्तमान में घरेलू गैस सिलिंडर पर सब्सिडी की राशि सीमित है, लेकिन इसका उद्देश्य केवल यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी लाभ सही उपभोक्ताओं तक पहुंचे। तेल कंपनियों का कहना है कि कई मामलों में ऐसे कनेक्शन सामने आए हैं जो गलत जानकारी पर चल रहे हैं। कुछ जगह एक ही पते पर कई गैस कनेक्शन पाए गए हैं, जबकि कुछ मामलों में मृत व्यक्तियों या स्थान बदल चुके लोगों के नाम पर भी कनेक्शन का इस्तेमाल किया जा रहा था।

फर्जी कनेक्शन रोकने के लिए अभियान

एलपीजी कनेक्शन की केवाईसी प्रक्रिया को उपभोक्ताओं की पहचान सत्यापित करने और गैस वितरण व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इसके जरिए कंपनियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि गैस सिलिंडर का लाभ वास्तविक ग्राहक को ही मिल रहा है या नहीं। कंपनियों के अनुसार, केवाईसी पूरी होने के बाद गलत तरीके से चल रहे कनेक्शनों पर रोक लगाई जा सकेगी और जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सुविधा पहुंचाने में मदद मिलेगी।

गैस बुकिंग में भी आ सकती है परेशानी

अगर समय पर केवाईसी नहीं कराई गई तो सिर्फ सब्सिडी ही नहीं, बल्कि भविष्य में गैस बुकिंग से जुड़ी परेशानियों का भी सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने गैस कनेक्शन की जानकारी अपडेट करवा लें।

LPG KYC करवाने के लिए दस्तावेज

केवाईसी पूरी कराने के लिए उपभोक्ता को अपने नजदीकी गैस एजेंसी पर जाना होगा। इसके लिए जरूरी चीजें साथ लेकर जाएं। आधार कार्ड, गैस बुक या कनेक्शन से जुड़ी जानकारी, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, गैस एजेंसी पर पहचान सत्यापन के लिए बायोमेट्रिक प्रक्रिया जैसे अंगूठे का निशान या अन्य डिजिटल माध्यम से केवाईसी पूरी की जा सकती है।

1 जुलाई से बदलेंगे सितारे! 5 राशियों के जीवन में आ सकते हैं बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और नक्षत्रों में होने वाले बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ता है। जुलाई महीने की शुरुआत में कई शुभ योग बनने के संकेत मिल रहे हैं, जिनका प्रभाव कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। 1 जुलाई से 7 जुलाई तक का समय कुछ जातकों के लिए करियर, धन, परिवार और सफलता के लिहाज से बेहतर रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए जुलाई का पहला सप्ताह नई ऊर्जा और अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में फायदा होगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या योजनाओं में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन सकते हैं। परिवार में भी सहयोग और सकारात्मक माहौल बना रह सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में अच्छा साबित हो सकता है। आय के नए साधन बनने की संभावना है और पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। जो लोग नई नौकरी या बदलाव की सोच रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल रह सकता है। रिश्तों में भी मधुरता बढ़ने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए जुलाई का पहला सप्ताह आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। किसी बड़े काम की योजना बना रहे हैं तो उसमें सफलता की संभावना बढ़ सकती है। सामाजिक सम्मान में वृद्धि और लोगों का सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिल सकता है। परिवार से जुड़ी परेशानियां कम हो सकती हैं और घर में खुशियों का माहौल बन सकता है। यात्रा या नए संपर्कों से भी लाभ मिलने की संभावना है।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए जुलाई की शुरुआत सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता के संकेत मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सावधानी के साथ फैसले लेना फायदेमंद रहेगा। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! 2 हजार मत्स्य सहायकों की होगी भर्ती

पटना।  बिहार में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार मछली पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण स्तर पर सुविधाएं मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में मत्स्य सहायकों की नियुक्ति करने जा रही है। योजना के तहत करीब 2 हजार पंचायतों में इन सहायकों की तैनाती की जाएगी।

इस फैसले से एक तरफ युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर मछली पालन से जुड़े किसानों को भी काफी फायदा होने की उम्मीद है। पंचायत स्तर पर मौजूद मत्स्य सहायक किसानों को पालन से जुड़ी जानकारी, सरकारी योजनाओं का लाभ लेने और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेंगे।

पंचायतों में मिलेगी मत्स्य पालन को नई रफ्तार

बिहार में मछली पालन का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कई जगहों पर किसानों को सही तकनीकी जानकारी और सरकारी योजनाओं की जानकारी समय पर नहीं मिल पाती है। इसी कमी को दूर करने के लिए सरकार पंचायत स्तर पर मत्स्य सहायकों की व्यवस्था करने जा रही है।

भर्ती को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ी

मत्स्य सहायकों के पदों को लेकर विभाग की ओर से तैयारी शुरू कर दी गई है। पदों के सृजन से जुड़ा प्रस्ताव आगे भेजा गया है। मंजूरी मिलने के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी। इन पदों पर नियुक्ति बिहार तकनीकी सेवा आयोग के जरिए किए जाने की संभावना है। पहले जहां संविदा के आधार पर नियुक्ति की बात थी, अब नियमित बहाली की तैयारी की जा रही है।

कौन कर पाएगा आवेदन?

मत्स्य सहायक पद के लिए उम्मीदवारों के पास मत्स्य विज्ञान यानी फिशरीज में स्नातक डिग्री होना जरूरी होगा। इससे ज्यादा योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकेंगे। उम्मीदवारों का चयन परीक्षा के माध्यम से किया जाएगा। भर्ती की पूरी प्रक्रिया और आवेदन से जुड़ी जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी होने के बाद स्पष्ट होगी।

वेतन भी मिलेगा आकर्षक

नियुक्त होने वाले मत्स्य सहायकों को सरकारी नियमों के अनुसार वेतन और दूसरी सुविधाएं दी जाएंगी। इनका वेतन कृषि विभाग के कृषि समन्वयक के समान रखने की तैयारी है।

पे ग्रेड: 2800 रुपये

वेतनमान: 5200 से 20200 रुपये

अन्य सरकारी भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

यूपी में मानसून की दस्तक! 30 जून से पूरे प्रदेश में झमाझम बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर सामने आ रही है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक प्रदेश में अगले कुछ दिनों में मानसून दस्तक देने वाला है। संभावना है कि 30 जून से यूपी के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला शुरू हो जाएगा और धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में मानसून सक्रिय हो जाएगा।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून सबसे पहले पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में प्रवेश कर सकता है। इसके बाद जुलाई के पहले सप्ताह तक इसका असर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों तक पहुंचने की उम्मीद है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।

पूर्वांचल में ज्यादा बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की शुरुआत के साथ पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है। वाराणसी, गोरखपुर, आजमगढ़, देवरिया समेत आसपास के क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने और बारिश होने के संकेत मिल रहे हैं।

अभी कुछ जिलों में गर्मी का कहर

हालांकि मानसून आने से पहले प्रदेश के कई जिलों में गर्मी का असर बना रहेगा। शनिवार को करीब 35 जिलों में तेज धूप और गर्म हवाओं के चलते लू जैसी स्थिति रहने की संभावना जताई गई है।

तीन दिन बाद खत्म होगी लू

मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों के बाद प्रदेश में लू का प्रभाव धीरे-धीरे कम होने लगेगा। मानसून के आगे बढ़ने के लिए मौसम की परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। इसके बाद प्रदेश के अधिकतर जिलों में बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है। मानसून की बारिश से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं किसानों के लिए भी यह बड़ी राहत लेकर आएगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग को लेकर 4 बड़े अपडेट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है और आयोग कर्मचारियों, पेंशनर्स और कर्मचारी संगठनों से लगातार सुझाव जुटा रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले समय में वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े कई अहम फैसले सामने आ सकते हैं।

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। यह एक अस्थायी आयोग है, जिसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में उम्मीद है कि आयोग अपनी सिफारिशें 2027 के मध्य तक सरकार को सौंप सकता है।

8वें वेतन आयोग से जुड़ी 5 बड़ी अपडेट

1. 1.19 करोड़ कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिल सकता है फायदा

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का सीधा असर लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स पर पड़ने की संभावना है। यानी कुल मिलाकर करीब 1.19 करोड़ लोग इससे प्रभावित हो सकते हैं। वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव को लेकर कर्मचारियों की नजर आयोग की रिपोर्ट पर है।

2. फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर

कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा मुद्दा फिटमेंट फैक्टर है। इसी के आधार पर नई सैलरी तय होने की संभावना होती है। पिछले वेतन आयोगों में फिटमेंट फैक्टर 6वें वेतन आयोग में 1.86, जबकि 7वें वेतन आयोग में 2.57 रहा था। अब कर्मचारी संगठन 8वें वेतन आयोग में इससे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर की मांग कर सकते हैं। हालांकि अभी आयोग ने कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है।

3. सुझाव लेने की प्रक्रिया तेज

आयोग देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनर्स और संगठनों से सुझाव ले रहा है। इसका उद्देश्य वेतन व्यवस्था में सुधार के लिए अलग-अलग वर्गों की राय को शामिल करना है। कर्मचारियों से मिलने वाले सुझावों में मुख्य रूप से बेसिक पे में बदलाव, वेतन बढ़ोतरी, पेंशन सुधार, भत्तों में संशोधन जैसे मुद्दे शामिल हैं।

4. अलग-अलग शहरों में हो रही बैठकें

आयोग ने कर्मचारियों और हितधारकों से बातचीत के लिए कई बैठकों का आयोजन किया है।

हाल के अपडेट:

13-14 मई 2026: दिल्ली में कर्मचारी संगठनों और हितधारकों के साथ बैठक

21 मई 2026: लखनऊ में बैठक से जुड़ी प्रक्रिया

6-7 जुलाई 2026: भुवनेश्वर में कर्मचारी संगठनों से चर्चा प्रस्तावित

9-10 जुलाई 2026: कोलकाता में हितधारकों के साथ बैठक प्रस्तावित

इन बैठकों में कर्मचारियों की मांगों और सुझावों पर चर्चा की जा रही है।

बिहार में आई खुशखबरी! स्नातक पास युवाओं के लिए बंपर भर्ती

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने वर्ष 2026 के लिए कंपनी कमांडर (गुल्म समादेशक) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत स्नातक पास उम्मीदवारों को आवेदन करने का मौका मिलेगा।

इस भर्ती के माध्यम से कुल 65 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 30 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा कर सकेंगे।

BPSSC भर्ती 2026 की महत्वपूर्ण जानकारी

भर्ती बोर्ड: बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC)

पद का नाम: गुल्म समादेशक (Company Commander)

कुल पदों की संख्या: 65

विभाग: गृह विभाग (विशेष शाखा), बिहार

विज्ञापन संख्या: 08/2026

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (Graduation) की डिग्री होना जरूरी है। यानी ग्रेजुएशन पास युवा इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की तारीख

आवेदन शुरू होने की तारीख: 30 जून 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 30 जुलाई 2026

आवेदन शुल्क

इस भर्ती के लिए सभी वर्गों के उम्मीदवारों को 100 रुपये आवेदन शुल्क देना होगा। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा।

वेतन और पद की जानकारी

चयनित उम्मीदवारों को लेवल-6 वेतनमान के अनुसार वेतन दिया जाएगा। कंपनी कमांडर के पद पर नौकरी पाने वाले युवाओं को सरकारी सेवा के साथ बेहतर वेतन और अन्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां भर्ती से संबंधित लिंक के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे।

मंगल और गुरु का महासंयोग: 5 राशि वालों को मिल सकती है तरक्की और धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में होने वाले बदलाव का असर सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। 28 जून 2026 से मंगल और गुरु (बृहस्पति) का विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में शुभ प्रभाव देने वाला माना जा रहा है। इस संयोग के कारण लाभ दृष्टि राजयोग बनने की बात कही जा रही है, जिससे कई राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और सफलता के नए अवसर खुल सकते हैं।

मंगल को साहस, ऊर्जा, भूमि, संपत्ति और पराक्रम का कारक माना जाता है, वहीं गुरु को ज्ञान, धन, भाग्य, शिक्षा और विस्तार का ग्रह माना जाता है। दोनों ग्रहों का प्रभाव मिलकर कुछ राशि वालों के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकता है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को इस योग से लाभ मिलने की संभावना है।

1. मेष राशि

मंगल मेष राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए यह संयोग मेष राशि वालों के लिए विशेष शुभ माना जा सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी करने वालों को प्रमोशन या बेहतर अवसर मिलने के संकेत बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और आर्थिक लाभ के मौके मिल सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए मंगल और गुरु का संयोग सफलता के नए रास्ते खोल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है। धन से जुड़े मामलों में सुधार आ सकता है। निवेश और योजनाओं में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।

3. धनु राशि

धनु राशि के स्वामी गुरु हैं, इसलिए यह योग इस राशि के जातकों के लिए शुभ प्रभाव ला सकता है। भाग्य का साथ मिलने से कार्यों में सफलता मिल सकती है। शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

4. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में बेहतर साबित हो सकता है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में उन्नति और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों को इस महासंयोग से करियर और धन के क्षेत्र में फायदा मिल सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अच्छा समय हो सकता है। मेहनत और प्रयासों से सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। आर्थिक स्थिति में सुधार और मान-सम्मान में वृद्धि के संकेत बन सकते हैं।

केंद्र सरकार का एक बड़ा फैसला, 1 जुलाई से नए नियम लागू

नई दिल्ली। विदेश यात्रा की तैयारी कर रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े शुल्क में बदलाव किया है। नए नियमों के लागू होने के बाद सामान्य पासपोर्ट बनवाने और उसे दोबारा जारी (रिन्यू) कराने के लिए अब पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट नियम, 1980 में संशोधन करते हुए नए शुल्क तय किए हैं। ये नए रेट 1 जुलाई 2026 से लागू होंगे।

सामान्य पासपोर्ट की फीस में बढ़ोतरी

नए नियम के अनुसार 36 पन्नों वाले सामान्य पासपोर्ट के लिए आवेदन शुल्क बढ़ाया गया है। अब इसके लिए सामान्य आवेदन शुल्क ₹1500 से बढ़कर ₹2500 कर दिया गया हैं। जबकि तत्काल सेवा शुल्क ₹3500 से बढ़कर ₹5000 कर दिया गया है। यह शुल्क नए पासपोर्ट बनवाने के साथ-साथ पुराने पासपोर्ट के दोबारा जारी कराने पर भी लागू होगा।

60 पन्नों वाले पासपोर्ट के लिए भी बदले रेट

ज्यादा पन्नों वाले पासपोर्ट यानी 60 पेज वाले पासपोर्ट के शुल्क में भी संशोधन किया गया है। इसके तहत सामान्य आवेदन शुल्क ₹2000 से बढ़कर ₹3500 और तत्काल आवेदन शुल्क ₹4000 से बढ़कर ₹6000 हो जाएगा।

किन लोगों पर पड़ेगा असर?

नए शुल्क का सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हैं, पासपोर्ट की वैधता खत्म होने के बाद रिन्यू करा रहे हैं, तत्काल सेवा के जरिए जल्दी पासपोर्ट लेना चाहते हैं। खासकर तत्काल सेवा लेने वाले आवेदकों को अब पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा।

सरकार ने जारी की नई व्यवस्था

विदेश मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार केंद्र सरकार ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 के तहत पासपोर्ट नियमों में बदलाव किया है। संशोधित नियमों को पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के नाम से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही नई शुल्क अनुसूची भी जारी की गई है।

यूपी वालों के लिए खुशखबरी, आ गया मानसून, कई जिलों में बरसेंगे बादल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में अब मानसून की सक्रियता बढ़ने वाली है। जल्द ही बारिश का दौर शुरू होने से तापमान में गिरावट आने और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, रविवार रात से पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में मानसून प्रवेश कर सकता है। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है। कई जिलों में गरज के साथ बारिश होने के आसार हैं।

30 जून से पूरे प्रदेश में बारिश

मौसम विभाग का अनुमान है कि 30 जून से अगले तीन-चार दिनों तक उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ अच्छी बारिश हो सकती है। पूर्वांचल के जिलों में बारिश की संभावना ज्यादा जताई गई है। वहीं जुलाई के पहले सप्ताह तक मानसून के पूरे प्रदेश में सक्रिय होने की उम्मीद है।

तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

बारिश शुरू होने के बाद प्रदेश के लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिल सकती है। मौसम विभाग के अनुसार बारिश के असर से अधिकतम तापमान में करीब 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे लू का असर कम होगा और मौसम सुहावना होने लगेगा।

अभी कुछ जिलों में गर्मी का असर जारी

हालांकि मानसून आने से पहले शनिवार को प्रदेश के करीब 35 जिलों में तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं का प्रभाव बना रह सकता है। मौसम विभाग ने कई इलाकों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है।

किसानों और आम लोगों को मिलेगी राहत

मानसून की बारिश शुरू होने से जहां आम लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं खेती-किसानी के लिए भी यह समय बेहद अहम माना जा रहा है। बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और खरीफ फसलों की बुवाई को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की 4 बड़ी योजनाएं, कारोबारियों के लिए बड़ा तोहफा

नई दिल्ली। देश में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार छोटे कारोबारियों और नए उद्यमियों के लिए कई योजनाएं चला रही है। इन योजनाओं का उद्देश्य उन लोगों को आर्थिक मदद देना है, जो अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं लेकिन पैसों की कमी के कारण आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं।

1 .प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से मिल रहा ₹20 लाख तक का लोन

छोटे कारोबार शुरू करने वालों के लिए प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) सबसे प्रमुख योजनाओं में शामिल है। इस योजना के तहत कारोबार की जरूरत के हिसाब से लोन उपलब्ध कराया जाता है। इसमें छोटी दुकान, सर्विस सेक्टर, ट्रांसपोर्ट और अन्य छोटे व्यवसाय शुरू करने वाले लोग आवेदन कर सकते हैं। मुद्रा योजना के तहत अब ₹50 हजार से लेकर ₹20 लाख तक के लोन का प्रावधान है। लोन की ब्याज दर संबंधित बैंक और वित्तीय संस्था तय करती है।

2 .PMEGP योजना से नए कारोबार को बढ़ावा

पहली बार बिजनेस शुरू करने वाले युवाओं के लिए प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) मददगार साबित हो सकता है। इस योजना के तहत मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के लिए ₹50 लाख तक और सर्विस सेक्टर के लिए ₹20 लाख तक की परियोजना लागत के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नए रोजगार के अवसर पैदा करना है।

3 .CGTMSE योजना से बिना गारंटी मदद

छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल एंटरप्राइजेज (CGTMSE) योजना भी महत्वपूर्ण है। इसके तहत कारोबारियों को मशीनरी खरीदने, व्यापार बढ़ाने और वर्किंग कैपिटल की जरूरत पूरी करने के लिए लोन मिल सकता है। इस योजना में सरकार बैंक और वित्तीय संस्थानों को गारंटी कवर देती है, जिससे छोटे उद्यमियों को लोन मिलने में आसानी होती है।

4 .छोटे दुकानदारों के लिए PM स्वनिधि योजना

रेहड़ी-पटरी और ठेला लगाकर कारोबार करने वाले लोगों के लिए प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना शुरू की गई है। इसमें छोटे व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए किस्तों में लोन दिया जाता है: पहली किस्त: ₹15 हजार तक, दूसरी किस्त: ₹25 हजार तक, तीसरी किस्त: ₹50 हजार तक। समय पर भुगतान करने वाले लाभार्थियों को ब्याज में भी राहत दी जाती है।

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, ग्राम प्रधान ध्यान दें!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पंचायत चुनाव में देरी और ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले पर अहम टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि ग्राम प्रधानों को लंबे समय तक प्रशासक के तौर पर जारी रखना उचित नहीं है और पंचायत चुनाव में अनिश्चित देरी संविधान की भावना के खिलाफ है।

प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने पर उठे सवाल

प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद सरकार ने मौजूदा ग्राम प्रधानों को ही अस्थायी रूप से प्रशासक की जिम्मेदारी दे दी थी, ताकि चुनाव होने तक पंचायतों का काम चलता रहे। लेकिन इस व्यवस्था को लेकर हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि प्रशासक व्यवस्था लंबे समय तक नहीं चल सकती।

हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी पूरी जानकारी

कोर्ट ने राज्य सरकार से पंचायत चुनाव की तैयारी, ओबीसी आरक्षण प्रक्रिया और पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट से जुड़ी जानकारी मांगी है। सरकार को हलफनामे के जरिए यह बताना होगा कि ओबीसी आयोग की स्थिति क्या है, रिपोर्ट कब तक तैयार होगी, पंचायत चुनाव कब तक कराए जाएंगे, चुनाव कराने की पूरी योजना क्या है।

ओबीसी आरक्षण के कारण अटका चुनाव

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो सके क्योंकि चुनाव से पहले ओबीसी आरक्षण तय करने की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। सरकार ने पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है, जो जिलों में सामाजिक और आर्थिक स्थिति से जुड़ा सर्वे कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पंचायत चुनाव में आरक्षण तय किया जाना है।

अगली सुनवाई 13 जुलाई को

इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को दोपहर 2 बजे होगी। उस दिन सरकार को चुनाव और ओबीसी आयोग की रिपोर्ट को लेकर अदालत के सामने स्थिति स्पष्ट करनी होगी। अगर सरकार का जवाब संतोषजनक नहीं रहा तो अदालत आगे कोई महत्वपूर्ण आदेश दे सकती है।

RBI ला रहा नया नियम, करोड़ों बैंक ग्राहकों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल पेमेंट बढ़ने के साथ ही साइबर फ्रॉड के मामले भी तेजी से सामने आ रहे हैं। फर्जी KYC अपडेट, नकली लिंक, मोबाइल ऐप और अन्य तरीकों से कई लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं। ऐसे मामलों में ग्राहकों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है।

अब इसी परेशानी को कम करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) डिजिटल पेमेंट फ्रॉड से जुड़े नियमों में बदलाव की तैयारी कर रहा है। नए प्रावधानों के तहत पात्र ग्राहकों को मुआवजा मिलने का रास्ता आसान हो सकता है। इससे लोगों को राहत मिलेगी।

25 हजार रुपये तक मुआवजा

RBI के प्रस्तावित फ्रेमवर्क के अनुसार, अगर किसी ग्राहक के खाते से उसकी अनुमति के बिना डिजिटल लेनदेन हो जाता है, तो वह मुआवजे के लिए दावा कर सकता है। इसमें शर्त यह होगी कि ग्राहक को फ्रॉड की जानकारी मिलने के बाद तय समय के अंदर बैंक को इसकी सूचना देनी होगी। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर ग्राहक को अधिकतम 25,000 रुपये तक की राहत मिल सकती है। यह व्यवस्था 1 जनवरी 2027 से लागू होने की बात कही गई है।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

नए नियम का फायदा उन ग्राहकों को मिल सकता है जिनके साथ: बिना अनुमति बैंक ट्रांजैक्शन हुआ हो, डिजिटल पेमेंट के जरिए ठगी हुई हो, ऑनलाइन फ्रॉड के कारण खाते से पैसा निकला हो, हालांकि मुआवजा मिलने से पहले बैंक और संबंधित एजेंसियों की जांच प्रक्रिया पूरी होगी।

शिकायत में देरी करने पर मुश्किल बढ़ सकती है

RBI के अनुसार, फ्रॉड का पता चलते ही ग्राहक को तुरंत कदम उठाना चाहिए। अगर ग्राहक समय पर बैंक को जानकारी देता है और शिकायत दर्ज करता है, तो मामले की जांच और समाधान की संभावना बेहतर रहती है। इसलिए ऑनलाइन ठगी होने पर इंतजार करने के बजाय तुरंत बैंक और संबंधित हेल्पलाइन से संपर्क करना जरूरी होगा।

बैंकों को भी मजबूत करनी होगी सुरक्षा व्यवस्था

RBI ने सिर्फ ग्राहकों को राहत देने पर ही नहीं, बल्कि बैंकिंग सिस्टम की सुरक्षा बढ़ाने पर भी जोर दिया है। बैंकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और ऑटोमेटेड सिस्टम जैसी तकनीकों का इस्तेमाल करके संदिग्ध लेनदेन की पहचान और रोकथाम को बेहतर बनाना होगा। इससे धोखाधड़ी वाले ट्रांजैक्शन को समय रहते पकड़ा जा सकेगा।

यूपी में बनेगा 1 नया बाईपास, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव और जाम की समस्या को देखते हुए सिकंदराबाद में नए बाईपास निर्माण की योजना तैयार की गई है। इस परियोजना से न सिर्फ शहर के अंदर यातायात का दबाव कम होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आवागमन भी आसान हो जाएगा।

4.5 किलोमीटर लंबा होगा नया बाईपास

प्रस्तावित बाईपास सिकंदराबाद क्षेत्र में बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 4.5 किलोमीटर होगी।

यह बाईपास:

सराय दुल्हा गांव से मल्हपुर तक बनाया जाएगा

सिकंदराबाद-खुर्जा रोड को सिकंदराबाद-दनकौर रोड से जोड़ेगा

इससे वाहन चालकों को शहर के भीड़भाड़ वाले हिस्सों से होकर गुजरने की जरूरत कम पड़ेगी।

निर्माण पर खर्च होंगे 57 करोड़

बाईपास परियोजना के लिए कुल करीब 57 करोड़ रुपये का अनुमान तैयार किया गया है। इसमें जमीन अधिग्रहण पर लगभग 32 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निर्माण कार्य पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा सकेगा।

शहर को जाम से मिलेगी राहत

सिकंदराबाद में लगातार बढ़ते वाहनों की संख्या के कारण कई बार जाम की स्थिति बनती है। नया बाईपास बनने के बाद भारी वाहनों और बाहर से आने-जाने वाले वाहनों को शहर के अंदर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यातायात व्यवस्था बेहतर होगी, सफर का समय कम होगा, शहर में भीड़ कम होगी, लोगों को रोजाना जाम की परेशानी से राहत मिलेगी।

मंजूरी के बाद शुरू होगी प्रक्रिया

बाईपास निर्माण को प्राथमिकता के आधार पर मंजूरी मिलने की उम्मीद है। स्वीकृति मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह परियोजना बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए यातायात और विकास के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सूर्य की चमक से बदलेंगे हालात! इन 5 राशियों को मिल सकते हैं सफलता और धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य को आत्मविश्वास, सम्मान, सफलता और ऊर्जा का कारक माना जाता है। सूर्य की स्थिति मजबूत होने पर व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने के संकेत मिल सकते हैं। आने वाले समय में सूर्य के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए तरक्की, आर्थिक लाभ और नए अवसरों के योग बनने की बात कही जा रही है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं, वहीं व्यापार करने वालों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आने वाला समय नई योजनाओं के लिए अच्छा रह सकता है। सूर्य के प्रभाव से आत्मविश्वास बढ़ेगा और फैसले लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। करियर में बदलाव या नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि सूर्य से जुड़ी राशि मानी जाती है, इसलिए सूर्य का प्रभाव इनके लिए विशेष माना जाता है। इस समय सम्मान और सफलता बढ़ने के योग बन सकते हैं। काम में पहचान मिल सकती है और लंबे समय से किए जा रहे प्रयासों का फल मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी मजबूती आ सकती है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार और सामाजिक जीवन में भी बेहतर माहौल बनने की संभावना है। नई जिम्मेदारियां भविष्य में लाभ दे सकती हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव भाग्य का साथ देने वाला रह सकता है। शिक्षा, करियर और काम से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नई उपलब्धियां हासिल करने के संकेत बन सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी: दिव्यांगों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। ग्रामीण इलाकों में रोजगार की तस्वीर बदलने की तैयारी हो रही है। केंद्र सरकार ग्रामीण रोजगार व्यवस्था को और अधिक सुविधाजनक बनाने के लिए नया मॉडल लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जो उम्र, स्वास्थ्य या शारीरिक परिस्थितियों के कारण सामान्य मजदूरी वाले कामों में परेशानी महसूस करते हैं।

नई व्यवस्था के तहत दिव्यांग व्यक्ति, बुजुर्ग मजदूर, महिलाएं और गंभीर बीमारी से प्रभावित लोग अपनी क्षमता के अनुसार काम कर पाएंगे। यानी अब रोजगार सिर्फ काम की मात्रा पर नहीं, बल्कि व्यक्ति की स्थिति को ध्यान में रखकर दिया जाएगा।

मजदूरों की क्षमता के अनुसार तय होगा काम

अब तक ग्रामीण रोजगार योजनाओं में काम और मजदूरी के लिए एक जैसे मानक लागू होते थे। इससे कई बार कमजोर वर्ग के श्रमिकों को कठिनाई का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था में काम के अलग-अलग मानक तय किए जाएंगे, जिससे हर श्रमिक को उसकी क्षमता के मुताबिक जिम्मेदारी मिल सके। दिव्यांग श्रमिकों को भारी मेहनत वाले कार्यों के बजाय ऐसे काम दिए जा सकते हैं, जिनमें निगरानी, सहायता या अन्य आजीविका से जुड़े कार्य शामिल हों।

दिव्यांग श्रमिकों के लिए खास व्यवस्था

नई योजना में दिव्यांग लोगों को रोजगार से जोड़ने के लिए अलग पहचान व्यवस्था तैयार करने की बात कही जा रही है। इसके माध्यम से ऐसे श्रमिकों को उनके अधिकारों और सुविधाओं का लाभ दिलाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा उन्हें घर के आसपास रोजगार देने पर भी ध्यान दिया जाएगा, ताकि आने-जाने में परेशानी न हो।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर

ग्रामीण रोजगार में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए भी नई व्यवस्था में कई बदलाव किए जा सकते हैं। ऐसे कामों को बढ़ावा दिया जाएगा, जिनमें महिलाएं अपनी सुविधा के अनुसार बेहतर योगदान दे सकें। इससे गांवों में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी मजबूत होने की उम्मीद है।

रोजगार के साथ आजीविका पर भी फोकस

नई योजना का उद्देश्य केवल मजदूरी देना नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाने के साधन तैयार करना भी है। इसके तहत कौशल प्रशिक्षण, स्वयं सहायता समूहों से जुड़े काम, पशुपालन, मत्स्य पालन, ग्रामीण बाजार और भंडारण जैसी सुविधाओं को बढ़ावा देने की योजना है।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान: यूपी के किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र से जुड़ी एक बड़ी पहल सामने आई है। खासकर फल और बागवानी करने वाले किसानों को इसका सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। केंद्र सरकार ने लखनऊ में क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित करने की घोषणा की है। इस केंद्र के जरिए किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले और रोगमुक्त पौधे उपलब्ध कराने की योजना है।

इस पहल का उद्देश्य बागवानी फसलों में होने वाली बीमारियों को कम करना, उत्पादन क्षमता बढ़ाना और किसानों की आमदनी को मजबूत करना है। फल उत्पादकों के लिए यह कदम खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

क्या है क्लीन प्लांट सेंटर?

क्लीन प्लांट सेंटर एक आधुनिक तकनीकी केंद्र होगा, जहां वैज्ञानिक तरीके से ऐसे पौधे तैयार किए जाएंगे जो रोगों से मुक्त होंगे। यहां उन्नत तकनीक जैसे टिश्यू कल्चर की मदद से स्वस्थ पौध तैयार की जाएगी। इन पौधों में बीमारी लगने की संभावना कम होती है और ये सामान्य पौधों की तुलना में ज्यादा बेहतर विकास कर सकते हैं। इससे किसानों को शुरुआत से ही मजबूत और गुणवत्तापूर्ण पौधे मिलेंगे।

फल किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

इस केंद्र से मिलने वाले पौधों के कारण किसानों को कई स्तर पर लाभ मिल सकता है। स्वस्थ पौधों से बागों में रोग फैलने का खतरा कम होगा और फलों की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। इसके अलावा बेहतर उत्पादन मिलने से किसानों की कमाई बढ़ सकती है। अच्छी गुणवत्ता वाले फल बाजार में बेहतर कीमत भी दिला सकते हैं।

आम, अमरूद और लीची पर रहेगा जोर

लखनऊ में बनने वाले इस केंद्र में खासतौर पर प्रमुख बागवानी फसलों पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें आम, अमरूद, लीची और एवोकाडो जैसी फसलों के लिए बेहतर पौध तैयार करने पर काम होगा। इसके साथ ही क्षेत्र की जलवायु के अनुसार नई किस्मों को विकसित करने और किसानों तक पहुंचाने की योजना भी है।

यूपी में पुराने बागों को फिर से मिलेगा जीवन

कई जगह पुराने बागों में समय के साथ उत्पादन कम हो जाता है। ऐसे बागों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उनके सुधार और पुनर्जीवन पर भी ध्यान दिया जाएगा। नई तकनीक और बेहतर पौधों की मदद से पुराने बागों से दोबारा अच्छी पैदावार लेने में मदद मिल सकती है।

अब विदेशों तक सुरक्षित पहुंचेंगे यूपी के फल

सरकार बागवानी उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा देने की तैयारी में भी है। इसके लिए बेहतर पैकिंग, ग्रेडिंग, कोल्ड स्टोरेज और फल सुरक्षित रखने वाली आधुनिक सुविधाओं को विकसित किया जाएगा। इससे किसानों को अपनी उपज को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

प्रोसेसिंग और स्टोरेज से कम होगा नुकसान

फल उत्पादन में अक्सर किसानों को कटाई के बाद नुकसान उठाना पड़ता है। नई योजनाओं के तहत कोल्ड चेन, प्रोसेसिंग यूनिट और वैल्यू एडिशन सुविधाओं को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे फल खराब होने की समस्या कम होगी और किसान अपनी उपज को सही समय पर बेचकर बेहतर लाभ हासिल कर सकेंगे।

शनि के तेज से बदलेंगे हालात! 5 राशियों के लिए धन और सफलता के योग

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार शनि देव को कर्म, अनुशासन और न्याय का कारक माना जाता है। शनि की शुभ स्थिति व्यक्ति को मेहनत का फल, स्थिरता और तरक्की के अवसर दे सकती है। आज शनि के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में लाभ के रास्ते खुलेंगे। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत बन रहे हैं।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए आज शनि का प्रभाव स्थिरता देने वाला रह सकता है। पुराने विवाद या परेशानियों से राहत मिलने की संभावना है। धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर किए गए फैसले फायदा दे सकते हैं। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए आज मेहनत का परिणाम मिलने का समय हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के नए मौके मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की या बदलाव के योग बन सकते हैं। योजनाओं को पूरा करने में सफलता मिल सकती है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। शनि के प्रभाव से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों पर शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है। आज नए काम शुरू करने या महत्वपूर्ण फैसले लेने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। मेहनत और धैर्य से बड़ी उपलब्धि हासिल करने के योग बन सकते हैं। धन और सम्मान में वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं।

यूपी में ग्राम प्रधानों को बड़ा झटका, नए आदेश से बढ़ी टेंशन!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है, जिससे ग्राम प्रधानों और पंचायत स्तर के नेताओं की चिंता बढ़ गई है। इलाहाबाद हाई कोर्ट ने प्रदेश सरकार के उस फैसले पर सवाल उठाए हैं, जिसमें कार्यकाल खत्म होने के बाद निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही पंचायतों का प्रशासक बनाए जाने की व्यवस्था की गई थी।

सरकार के फैसले पर उठे सवाल

प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद व्यवस्था संभालने के लिए निवर्तमान प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दी थी। इसके बाद कई पूर्व प्रधान पंचायतों में प्रशासनिक कामकाज देख रहे थे। हालांकि, हाई कोर्ट ने इस फैसले की संवैधानिक स्थिति को लेकर सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट के रुख के बाद अब इस मामले पर आगे की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

पंचायती राज विभाग कर रहा मंथन

हाई कोर्ट के आदेश के बाद पंचायती राज विभाग ने कानूनी पहलुओं की समीक्षा शुरू कर दी है। सरकार की ओर से संकेत दिए गए हैं कि मामले में अपना पक्ष मजबूती के साथ रखा जाएगा। विभाग यह देख रहा है कि मौजूदा व्यवस्था को किस तरह आगे बढ़ाया जाए और कोर्ट में सरकार की ओर से क्या तर्क रखे जाएं।

पूर्व प्रधानों की बढ़ी चिंता

जिन ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाया गया है, उनके लिए यह मामला अहम हो गया है। फिलहाल वे पंचायतों में नियमित कार्यों को आगे बढ़ा रहे हैं, लेकिन नए आदेश के बाद उनकी भूमिका को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। नए विकास कार्यों के लिए उन्हें पहले से ही जिलाधिकारी की अनुमति लेने की व्यवस्था दी गई है।

ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों पर भी असर

ग्राम प्रधानों के अलावा ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्ष भी कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक बनने की उम्मीद लगाए बैठे थे। हाई कोर्ट के इस रुख के बाद उनकी उम्मीदों पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है। अगर सरकार की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव होता है तो पंचायतों में प्रशासक नियुक्ति को लेकर नई स्थिति बन सकती है।

बिहार में जमीन बेचने वालों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

पटना। बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप योजना से जुड़ी जमीन रखने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। सरकार ने जमीन खरीद की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत जमीन मालिकों को अपनी जमीन बेचने के लिए लंबी प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ेगा और भुगतान भी तय समय के अंदर करने का प्रावधान किया गया है।

अब समय सीमा में पूरी होगी जमीन खरीद प्रक्रिया

नई व्यवस्था के अनुसार, जमीन बेचने के इच्छुक मालिकों को जरूरी दस्तावेजों के साथ बिहार राज्य आवास बोर्ड को प्रस्ताव देना होगा। प्रस्ताव मिलने के बाद उसकी शुरुआती जांच तय समय के भीतर की जाएगी। जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन का भुगतान और रजिस्ट्री भी समय सीमा के अंदर कराने की व्यवस्था की गई है। इससे जमीन मालिकों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।

जमीन मालिकों को नहीं देना होगा अतिरिक्त शुल्क

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क में छूट दी जाएगी। इससे जमीन बेचने वालों पर आर्थिक बोझ कम होगा और बिक्री प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।

इन शहरों में विकसित होंगी नई टाउनशिप

बिहार में ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना कई शहरों में बनाई गई है। इसमें पटना, सोनपुर, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन परियोजनाओं से आने वाले समय में शहरी विकास को गति मिलने और नए रोजगार अवसर बनने की उम्मीद है।

जमीन की कीमत कैसे होगी तय?

जमीन के मूल्य निर्धारण के लिए प्रशासनिक स्तर पर समिति बनाई जाएगी। जमीन की कीमत और उस पर मौजूद संपत्तियों का आकलन तय नियमों के आधार पर किया जाएगा। अगर जमीन की कीमत एक निश्चित सीमा तक होगी तो जिलाधिकारी स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जबकि ज्यादा मूल्य वाली जमीन के मामलों में प्रमंडलीय स्तर पर निर्णय लिया जाएगा।

सीधे आवास बोर्ड को दे प्रस्ताव

नई प्रक्रिया में जमीन मालिक को अपनी जमीन बेचने के लिए सीधे आवास बोर्ड के पास प्रस्ताव भेजने की सुविधा दी गई है। इसमें बिक्री दस्तावेज और जरूरी कागजात शामिल होंगे। स्वीकृति मिलने के बाद भुगतान और जमीन का हस्तांतरण निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।