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बिहार में शिक्षकों की सैलरी को लेकर बड़ा अपडेट, तुरंत जानें!

पटना। बिहार के लाखों सरकारी शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने एक अहम और दूरगामी फैसला लिया है। राज्य में अब शिक्षकों का वेतन सीधे मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) पोर्टल के माध्यम से दिया जाएगा और इसका आधार उनकी दैनिक ऑनलाइन उपस्थिति होगी। इस नई व्यवस्था से वेतन में देरी, रिकॉर्ड की गड़बड़ी और प्रशासनिक लापरवाही जैसी पुरानी समस्याओं पर लगाम लगने की उम्मीद है।

करीब 5.9 लाख शिक्षकों को मिलेगा लाभ

शिक्षा विभाग के अनुसार राज्य के 71,863 प्राथमिक विद्यालयों और 9,360 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत लगभग 5.9 लाख शिक्षक और शिक्षण कर्मचारी इस प्रणाली के दायरे में आएंगे। प्रधानाध्यापक, प्रभारी प्रधानाध्यापक और सामान्य शिक्षक—सभी को अब नियमित रूप से ई-शिक्षाकोष मोबाइल ऐप के जरिए अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यही उपस्थिति आगे चलकर वेतन भुगतान का आधार बनेगी।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

यह निर्णय शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंद्र की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के बाद लिया गया। लंबे समय से शिक्षकों की ओर से वेतन में देरी और सेवा संबंधी शिकायतें सामने आ रही थीं। विभाग का मानना है कि HRMS और ई-शिक्षाकोष को आपस में जोड़ने से वेतन प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और तकनीकी रूप से मजबूत होगी। लक्ष्य है कि मार्च तक यह व्यवस्था पूरी तरह लागू कर दी जाए।

प्रशासनिक लापरवाही पर सख्ती

विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि अब लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पटना, सहरसा, औरंगाबाद, जमुई, बेगूसराय, गोपालगंज, जहानाबाद और कटिहार के जिला शिक्षा अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इन जिलों में शिक्षकों की लंबित शिकायतों के समाधान की दर बेहद कम पाई गई। वहीं, बांका, खगड़िया, दरभंगा, कैमूर, नालंदा और शिवहर समेत 17 जिलों के कामकाज की सराहना की गई है, जहां अधिकांश शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया।

ई-शिक्षाकोष की भूमिका रहेगी

वेतन विसंगति, वरिष्ठता और सेवा लाभ से जुड़ी 1.46 लाख से अधिक शिकायतें अभी भी ऑनलाइन लंबित हैं। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को विशेष शिकायत निवारण शिविर आयोजित करने का निर्देश दिया है। इन शिकायतों के समाधान के बाद संबंधित विवरण को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपडेट करना अनिवार्य होगा, ताकि भविष्य में किसी तरह का विवाद न हो।

ई-सर्विस बुक से आएगी पारदर्शिता

डिजिटल सुधार की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए विभाग ने घोषणा की है कि 31 मार्च 2026 तक सभी सरकारी शिक्षकों और स्कूल कर्मचारियों को ई-सर्विस बुक जारी की जाएगी। इसमें नियुक्ति, वेतन निर्धारण, पदोन्नति, स्थानांतरण, शैक्षणिक योग्यता और प्रशिक्षण से जुड़ी सभी जानकारियां सुरक्षित रूप से दर्ज रहेंगी। इससे कागजी फाइलों पर निर्भरता खत्म होगी और रिकॉर्ड में पारदर्शिता आएगी।

बिहार के इन जिलों के लिए खुशखबरी: रेलखंड का दोहरीकरण

न्यूज डेस्क। बिहार के रेल यात्रियों के लिए राहत और विकास की खबर सामने आई है। समस्तीपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले बेतिया–कुमारबाग रेलखंड पर प्रस्तावित दोहरीकरण को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इसी क्रम में शनिवार को समस्तीपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) ज्योति प्रकाश मिश्रा बेतिया पहुंचे और स्टेशन सहित संबंधित कार्यों का गहन निरीक्षण किया।

स्टेशन पर सुविधाओं और सुरक्षा की समीक्षा

डीआरएम का आगमन दोपहर में निरीक्षण ट्रेन से बेतिया रेलवे स्टेशन पर हुआ। स्टेशन पहुंचने के बाद उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर यात्री सुविधाओं, चल रहे निर्माण कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि स्टेशन पर आने-जाने वाले यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो और निर्माण कार्य तय मानकों के अनुसार समय पर पूरा किया जाए।

दोहरीकरण से बढ़ेगी ट्रेनों की रफ्तार

डीआरएम ने बताया कि उनका मुख्य उद्देश्य बेतिया–कुमारबाग रेलखंड पर प्रस्तावित दोहरीकरण कार्य की प्रगति की समीक्षा करना है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति बढ़ेगी, परिचालन क्षमता में इजाफा होगा और इस रूट पर चलने वाली ट्रेनों की संख्या भी बढ़ाई जा सकेगी। इससे न केवल यात्रियों को लाभ होगा, बल्कि क्षेत्र के व्यापार और आवागमन को भी मजबूती मिलेगी।

निरीक्षण के दौरान दिखी अव्यवस्था

हालांकि डीआरएम के आगमन को लेकर स्टेशन पर विशेष तैयारियां की गई थीं, लेकिन निरीक्षण के समय एक ट्रेन का प्लेटफॉर्म बदले जाने से कुछ देर के लिए यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ा। अचानक प्लेटफॉर्म परिवर्तन के कारण अफरातफरी की स्थिति बनी, जिसे बाद में रेलवे कर्मियों ने संभाल लिया।

अंतिम चरण में प्रशासनिक तैयारियां

अधिकारियों के अनुसार बेतिया–कुमारबाग रेलखंड के दोहरीकरण से पहले आवश्यक प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को लगभग पूरा कर लिया गया है। शेष कमियों को जल्द दूर करने के निर्देश दिए गए हैं। रेलवे प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

8वें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों की लगी लॉटरी, काम में तेजी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 8वें वेतन आयोग ने औपचारिक रूप से अपना काम शुरू कर दिया है और इसके साथ ही इसकी आधिकारिक वेबसाइट भी लॉन्च कर दी गई है। यह कदम लाखों कर्मचारियों और रिटायर्ड पेंशनर्स की सैलरी, पेंशन और भत्तों से जुड़े भविष्य को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

वेबसाइट लॉन्च और सुझावों की प्रक्रिया शुरू

वेतन आयोग ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। इसके लिए MyGov पोर्टल पर 18 सवालों की एक विस्तृत प्रश्नावली जारी की गई है। इन सवालों के जरिए आयोग यह समझना चाहता है कि मौजूदा वेतन ढांचे में क्या कमियां हैं और किन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत है।

किन लोगों से मांगे गए सुझाव

इस प्रक्रिया में केवल केंद्रीय कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पेंशनर्स, कर्मचारी यूनियन, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, न्यायिक अधिकारी, अदालतों के कर्मचारी और आम नागरिक भी अपनी राय दे सकते हैं। आयोग का मानना है कि सभी वर्गों की भागीदारी से ही संतुलित और व्यावहारिक सिफारिशें तैयार की जा सकती हैं।

गोपनीयता का भरोसा

आयोग ने साफ किया है कि प्रश्नावली भरने वाले किसी भी व्यक्ति की पहचान सार्वजनिक नहीं की जाएगी। सभी जवाबों का विश्लेषण समूह स्तर पर होगा, न कि व्यक्तिगत आधार पर। इससे लोग बिना किसी झिझक के अपनी बात खुलकर रख सकेंगे।

आखिरी तारीख तय

प्रश्नावली भरने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 तय की गई है। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से भेजे गए जवाब ही मान्य होंगे। ई-मेल, पीडीएफ या कागजी रूप में भेजे गए सुझाव स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

आयोग का गठन

8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा जनवरी 2025 में हुई थी, जबकि इसके नियम और शर्तों (TOR) को नवंबर 2025 में मंजूरी मिली। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस रिपोर्ट में वेतन, पेंशन और विभिन्न भत्तों में बदलाव से जुड़ी अहम सिफारिशें शामिल होंगी।

इन मुद्दों पर फोकस

आठवां वेतन आयोग न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और पेंशन सुधार जैसे बड़े मुद्दों पर विचार करेगा। इसका सीधा असर कर्मचारियों की आय, जीवन स्तर और रिटायरमेंट के बाद की आर्थिक सुरक्षा पर पड़ेगा।

अलसी बीज एक चम्मच, 7 बड़े फायदे आपके शरीर के लिए

हेल्थ डेस्क। अलसी बीज को सेहत का सुपरफूड माना जाता है। छोटे-छोटे ये बीज शरीर को कई तरह के पोषण और स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना एक चम्मच अलसी बीज खाने से शरीर के कई जरूरी सिस्टम मजबूत होते हैं। आइए जानते हैं अलसी के 7 बड़े फायदे।

1. दिल को बनाए स्वस्थ

अलसी में ओमेगा-3 फैटी एसिड की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसका नियमित सेवन हृदय रोग के खतरे को कम करता है।

2. पाचन तंत्र में सुधार

अलसी बीज में फाइबर मौजूद होता है, जो कब्ज और पाचन समस्याओं को दूर करने में मदद करता है। यह आंतों को साफ रखने और हाइजीन बनाए रखने में भी सहायक है।

3. वजन नियंत्रण में मदद

रोजाना अलसी का सेवन मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है और भूख को नियंत्रित करता है। यह वजन घटाने में भी सहायक माना जाता है।

4. हड्डियों को मजबूत बनाए

अलसी में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फॉस्फोरस पाया जाता है। यह हड्डियों और जोड़ों को मजबूत रखने में मदद करता है, खासकर बुजुर्गों के लिए लाभकारी है।

5. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

अलसी बीज में मौजूद विटामिन E और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को निखारने और बालों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह झुर्रियों और रूखे बालों की समस्या को भी कम करता है।

6. शुगर नियंत्रित रखने में सहायक

अलसी बीज ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। यह विशेष रूप से मधुमेह के मरीजों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

7. अलसी में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण भी 

अलसी में सूजन कम करने वाले गुण मौजूद हैं। यह जोड़ों में दर्द और सूजन को कम करने में भी सहायक है। इससे सेहत अच्छी रहती हैं।

कैसे लें अलसी

अलसी को आप भुना कर, पाउडर बनाकर या दही, सलाद, स्मूदी में मिलाकर खा सकते हैं। ध्यान रहे कि इसे ज्यादा गर्म पानी या तेल के साथ नहीं लें, ताकि इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहें।

बिहार में बिछेगा सड़कों का जाल, इस जिले के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के शिवहर जिले के विकास के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे समय तक केवल एक-दो सड़कें होने के कारण परिवहन और संपर्क में सीमित रहने वाला यह जिला अब सड़कों और रेल नेटवर्क के बड़े विस्तार की ओर बढ़ रहा है। जल्द ही शिवहर से होकर कई प्रमुख हाइवे और रेल परियोजनाएं गुज़रेंगी, जिससे जिले का आर्थिकी और विकास दोनों ही प्रभावित होंगे।

तीन प्रमुख हाइवे से मिलेगा विकास को रफ्तार

शिवहर से होकर सिक्स लेन गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे, रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे और राम-जानकी पथ गुज़रेंगे। इन हाइवे परियोजनाओं के चलते जिले में वाणिज्य, व्यापार और यातायात को नई रफ्तार मिलेगी। इसके अलावा, शिवहर-सीतामढ़ी रेलमार्ग भी आवागमन को तेज करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने में मदद करेगा।

सड़क चौड़ीकरण और अन्य सुधार

जिले के बेलवाघाट से तरियानी छपरा तक तटबंध पर सड़क और मीनापुर-तरियानी-शिवहर स्टेट हाइवे का चौड़ीकरण कार्य भी तेजी से जारी है। ये सड़कें न केवल स्थानीय आवाजाही को आसान बनाएंगी, बल्कि शिवहर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और बाजारों को जोड़ने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।

जिलाधिकारी की सक्रिय पहल

जिलाधिकारी प्रतिभा रानी ने इन परियोजनाओं को जमीन पर उतारने की पहल तेज कर दी है। पिछले एक महीने के भीतर शिवहर-सीतामढ़ी रेलमार्ग में भूमि अधिग्रहण की बाधाओं को दूर किया गया, वहीं तीन प्रमुख हाइवे परियोजनाओं के संरेखण का कार्य पूरा कर लिया गया। तकनीकी समस्याओं का निराकरण कर अभियंताओं को दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि परियोजनाएं समय पर पूरी हों।

उम्मीद और बदलाव

इन परियोजनाओं के पूरा होने से शिवहर का परिवहन नेटवर्क मजबूत होगा। जिले के विकास में तेजी आएगी, व्यापार और उद्योग को बढ़ावा मिलेगा और आम जनता को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा। लंबे समय से सड़क और रेल सुविधाओं के अभाव में संघर्ष कर रहे जिले के लोगों के लिए यह किसी सपने के सच होने जैसा अवसर है।

सेहत का पावरहाउस है मशरूम! एक साथ मिलते हैं 4 जरूरी विटामिन”

हेल्थ डेस्क। आज के समय में लोग ऐसी चीज़ों की तलाश में रहते हैं जो स्वाद के साथ-साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद हों। मशरूम ऐसी ही एक पौष्टिक सब्जी है, जिसे न्यूट्रिशन एक्सपर्ट सुपरफूड मानते हैं। कम कैलोरी होने के बावजूद मशरूम में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। खास बात यह है कि मशरूम के सेवन से शरीर को चार अहम विटामिन एक साथ मिल सकते हैं।

1 .विटामिन D

मशरूम की सबसे खास बात यह है कि यह विटामिन D का प्राकृतिक शाकाहारी स्रोत है। धूप में रखे गए मशरूम में विटामिन D की मात्रा और बढ़ जाती है, जो हड्डियों को मजबूत रखने और इम्यून सिस्टम को सपोर्ट करने में मदद करता है।

2 .विटामिन B2 (राइबोफ्लेविन)

मशरूम में मौजूद विटामिन B2 शरीर में ऊर्जा उत्पादन में मदद करता है। यह त्वचा, आंखों और नर्वस सिस्टम को स्वस्थ रखने में अहम भूमिका निभाता है। नियमित रूप से मशरूम खाने से थकान कम महसूस हो सकती है।

3 .विटामिन B3 (नायसिन)

विटामिन B3 पाचन तंत्र को मजबूत करने और कोलेस्ट्रॉल संतुलन बनाए रखने में सहायक माना जाता है। मशरूम इस विटामिन का अच्छा स्रोत है, जो दिमाग की कार्यक्षमता और मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी होता है।

4 .विटामिन B5 (पैंटोथेनिक एसिड)

मशरूम में पाया जाने वाला विटामिन B5 हार्मोन बनाने और शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने में मदद करता है। यह तनाव कम करने और शरीर को एक्टिव बनाए रखने में सहायक माना जाता है।

कैसे करें मशरूम को डाइट में शामिल

मशरूम को सब्जी, सूप, सलाद, पराठा या सैंडविच के रूप में आसानी से खाया जा सकता है। कम तेल में पकाने पर इसके पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और स्वाद भी बना रहता है।

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! राज्य में 5 बड़ी भर्तियां शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। वर्ष 2026 की शुरुआत में राज्य की विभिन्न भर्ती एजेंसियों ने पांच बड़ी भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन भर्तियों के जरिए पुलिस, प्रशासन और लेखा से जुड़े पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

1 .BPSSC में सब इंस्पेक्टर (प्रोहिबिशन) की भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने सब इंस्पेक्टर प्रोहिबिशन के 78 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए किसी भी विषय से स्नातक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 27 फरवरी 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

2 .BPSSC में असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के 462 पद

BPSSC ने एक और बड़ी भर्ती के तहत असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर के 462 पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। इस पद के लिए बीएससी (B.Sc) योग्यता निर्धारित की गई है। आवेदन प्रक्रिया 4 फरवरी 2026 से शुरू होकर 4 मार्च 2026 तक चलेगी। बड़ी संख्या में पद होने के कारण इस भर्ती को काफी अहम माना जा रहा है।

3 .BPSC में रिसर्च ऑफिसर के पद

बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने रिसर्च ऑफिसर के 3 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस पद के लिए एम.ए. डिग्री धारक उम्मीदवार पात्र हैं। आवेदन प्रक्रिया 28 जनवरी 2026 से शुरू होकर 18 फरवरी 2026 तक चलेगी। यह भर्ती शोध और विश्लेषण के क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए अहम मानी जा रही है।

4 .CSBC में कांस्टेबल भर्ती

केंद्रीय चयन पर्षद (सिपाही भर्ती) यानी CSBC द्वारा 83 कांस्टेबल पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसमें 12वीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 6 फरवरी 2026 से शुरू होकर 5 मार्च 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। यह भर्ती पुलिस सेवा में जाने के इच्छुक युवाओं के लिए बड़ा मौका है।

5 .BPSC में ऑडिटर के 102 पद

बिहार लोक सेवा आयोग ने ऑडिटर के 102 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में B.A, B.Com, B.Sc, CA, ICWA, MBA/PGDM जैसी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 5 फरवरी 2026 से शुरू होकर 26 फरवरी 2026 तक किए जा सकेंगे।

6 ग्रहों का महासंयोग: 6 राशियों की खुलने वाली है किस्मत

राशिफल। 28 फरवरी को आकाश में एक दुर्लभ संयोग बनने वाला हैं। इस दिन कई प्रमुख ग्रह एक साथ एक ही आर्क (सीधी रेखा जैसी संरचना) में दिखाई देंगे। बुध, शुक्र, मंगल, बृहस्पति, शनि के साथ यूरेनस और नेपच्यून की मौजूदगी इस संयोग को और भी खास बना रही है। ज्योतिष के अनुसार इस ग्रहों के महासंयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 6 राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह ग्रह योग आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, वहीं प्रमोशन या आय में बढ़ोतरी के संकेत भी हैं। व्यापारियों को रुके हुए कामों में गति मिलेगी। साहसिक फैसले लाभदायक साबित हो सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह संयोग आर्थिक मजबूती का संकेत दे रहा है। धन निवेश से लाभ, पुराना बकाया मिलने और नई कमाई के रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर में बदलाव और तरक्की का है। नई नौकरी के प्रस्ताव, ट्रांसफर या प्रमोशन के योग बन रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। मानसिक स्पष्टता बढ़ेगी और फैसले सही दिशा में जाएंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि पर यह महासंयोग नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगा। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। राजनीति, प्रशासन या मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में इजाफा हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के जीवन में संतुलन और स्थिरता आएगी। दांपत्य जीवन में सुधार, रिश्तों में मधुरता और प्रेम संबंधों में मजबूती देखने को मिलेगी। साझेदारी के कामों में लाभ होगा और कानूनी मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लिए यह महासंयोग भाग्य को मजबूती देने वाला साबित हो सकता है। अचानक धन लाभ, विदेश से जुड़े अवसर और आध्यात्मिक उन्नति के योग बन रहे हैं। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और जीवन में नई दिशा मिलने की संभावना है।

सोना-चांदी ने मचाया हड़कंप! एक हफ्ते में दामों में बड़ा उलटफेर

नई दिल्ली। कीमती धातुओं के बाजार में बीते सप्ताह जबरदस्त उठा-पटक देखने को मिली है। 08 फरवरी 2026 को भी सोना और चांदी दोनों दबाव में कारोबार करते दिखे। सिर्फ भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में कमजोरी दर्ज की गई है।

एमसीएक्स पर शुक्रवार को सोना ₹1,55,050 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ, जबकि चांदी ₹2,49,499 प्रति किलो पर सेटल हुई। वहीं अमेरिका के कमोडिटी बाजार कॉमेक्स में सोने का भाव $4,988.60 प्रति औंस और चांदी का रेट $77.525 प्रति औंस रहा। पूरे सप्ताह बाजार में तेज उतार-चढ़ाव बना रहा, हालांकि सप्ताह के आखिरी सत्र में अंतरराष्ट्रीय बाजार में हल्की संभल देखने को मिली।

घरेलू बाजार में क्या रहा हाल

एक सप्ताह पहले एमसीएक्स पर सोना ₹1,50,849 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार खत्म हुआ था। मौजूदा स्तरों की तुलना करें तो सोने की कीमत में करीब ₹4,200 से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। इसके उलट चांदी की बात करें तो पिछले सप्ताह इसका भाव ₹2,91,922 प्रति किलो था, जो अब घटकर ₹2,49,499 रह गया है। यानी चांदी के दामों में ₹42 हजार से अधिक की भारी गिरावट आई है। 

अंतरराष्ट्रीय बाजार का रुख

ग्लोबल लेवल पर सोना बीते सप्ताह $4,879.60 प्रति औंस के आसपास था, जो अब बढ़कर $4,988.60 प्रति औंस तक पहुंच गया है। दूसरी ओर चांदी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोर रही और इसका भाव $85.250 प्रति औंस से फिसलकर $77.525 प्रति औंस पर आ गया।

रिकॉर्ड स्तर से कितनी टूटी कीमत

जनवरी के अंत में सोना और चांदी ने अपने अब तक के सबसे ऊंचे स्तर छुए थे। उस समय सोना ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम और चांदी ₹4,20,000 प्रति किलो तक पहुंच गई थी। मौजूदा भावों की तुलना में सोना लगभग ₹25 हजार नीचे आ चुका है, जबकि चांदी में ₹1.70 लाख प्रति किलो से ज्यादा की गिरावट दर्ज की जा चुकी है।

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले दिनों में वैश्विक आर्थिक संकेत, डॉलर की चाल और ब्याज दरों से जुड़े फैसले सोना-चांदी की दिशा तय करेंगे। फिलहाल निवेशकों के लिए सतर्कता और सही समय का इंतजार अहम माना जा रहा है।

अब बिना गारंटी के तुरंत पाएं ₹20 लाख तक का लोन!

नई दिल्ली। केंद्र की नीतियों में हाल ही में हुए बदलाव ने छोटे और मझोले व्यवसायों (MSMEs) के लिए लोन की सुविधा को और आसान बना दिया है। केंद्रीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ऐलान किया है कि अब छोटे व्यवसायों को बिना गारंटी वाले लोन की सीमा ₹10 लाख से बढ़ाकर ₹20 लाख कर दी गई है। यह बदलाव 1 अप्रैल, 2026 के बाद मंजूर या रिन्यू होने वाले लोन पर लागू होगा।

कोलैटरल-फ्री लोन क्या है?

कोलैटरल-फ्री लोन, जिसे अनसिक्योर्ड लोन भी कहा जाता है, वह लोन है जिसमें व्यवसायी को अपने घर, कार या अन्य संपत्ति को गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती। बैंक या वित्तीय संस्थान सीधे व्यवसाय की जरूरतों और उसके कैपेसिटी को देखकर यह लोन प्रदान करते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि व्यवसाय को फंड जल्दी और आसानी से मिल जाता है, बिना अपनी निजी संपत्ति को जोखिम में डाले।

MSME क्या हैं?

MSME यानी माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज।

माइक्रो एंटरप्राइज: निवेश ₹2.5 करोड़ तक, टर्नओवर ₹10 करोड़ तक

स्मॉल एंटरप्राइज: निवेश ₹25 करोड़ तक, टर्नओवर ₹100 करोड़ तक

मीडियम एंटरप्राइज: निवेश ₹125 करोड़ तक, टर्नओवर ₹500 करोड़ तक

ये वर्ग छोटे और मझोले व्यवसायियों को उनकी क्षमता के अनुसार फंडिंग और लोन का लाभ देने के लिए बनाए गए हैं।

दिल्ली राजस्व विभाग में 12 पदों पर भर्ती, 9 तक करें आवेदन!

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग ने वर्ष 2026 के लिए 12 लीगल असिस्टेंट (विधि सहायक) पदों पर भर्ती की घोषणा की है। यह अवसर उन उम्मीदवारों के लिए है जिनके पास एलएलबी डिग्री है और जिन्हें विधि क्षेत्र में कम से कम तीन साल का अनुभव प्राप्त है।

आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा

उम्मीदवार ऑफ़लाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 31 जनवरी 2026 से शुरू होकर 9 फरवरी 2026 को समाप्त होगी। इच्छुक उम्मीदवार विभाग की आधिकारिक वेबसाइट revenue.delhi.gov.in पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

पदों का विवरण

पोस्ट का नाम: विधि सहायक

पदों की संख्या: 12

वेतन: 55,930 रुपये प्रति माह

योग्यता: किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से विधि में डिग्री और न्यूनतम तीन वर्षों का अनुभव। 

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवारों को ऑफलाइन आवेदन जमा करने के लिए आवश्यक दस्तावेज़ों के साथ दिए गए फॉर्म का उपयोग करना होगा। आवेदन से संबंधित सभी जानकारी और फॉर्म राजस्व विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

महत्वपूर्ण तारीखें

आवेदन शुरू होने की तिथि: 31 जनवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 9 फरवरी 2026

तेल का खेल! रूस, अमेरिका या वेनेजुएला? भारत का साफ रुख

नई दिल्ली। भारत की तेल खरीद को लेकर दुनियाभर में चर्चा का विषय बना हुआ हैं। लेकिन भारत अपने 1.4 अरब नागरिकों की ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। हालिया बयान में सरकार ने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा और अपनी जरूरत के अनुसार ही तेल की खरीद करेगा, किसी के दवाब में नहीं।

रूस से तेल की निर्भरता, लेकिन संतुलन जरूरी

पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी तेल आयात नीति में बड़े बदलाव किए हैं। पहले भारत मुख्य रूप से मध्य-पूर्वी देशों पर निर्भर था, लेकिन अब रूस भारत का प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ता बन गया है। 2023 तक रूसी तेल का हिस्सा देश की कुल आपूर्ति में 38% से अधिक था। इसी बीच, अमेरिका और अन्य देशों से आयात बढ़ाने की पहल की जा रही है, ताकि वैश्विक भू-राजनीतिक दबाव और कीमतों में उतार-चढ़ाव के बीच संतुलन बना रहे।

अमेरिकी टैरिफ और उसकी चुनौती

अमेरिका की ओर से टैरिफ और प्रतिबंधों के चलते भारत को वैकल्पिक सोर्स की तलाश करनी पड़ रही है। यदि टैरिफ बहुत अधिक बढ़ जाता है, तो तेल महंगा हो जाएगा और देश की आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति पर असर पड़ेगा। इस कारण भारत ने अपनी ऊर्जा नीति में विविधता लाने पर जोर दिया है, ताकि राष्ट्रीय जरूरतें पूरी हों और अंतरराष्ट्रीय दबावों का असर न्यूनतम रहे।

सरकार के लिए राष्ट्रीय हित सर्वोपरि

भारत रूस से तेल खरीदना तभी बंद करेगा जब बाजार और राष्ट्रीय हित की जरूरत हो। फरवरी 2022 में यूक्रेन संकट के बाद भारत ने रूस से रियायती कीमतों पर तेल खरीद बढ़ाई थी। अमेरिकी आलोचना के बावजूद भारत का कहना है कि उसके निर्णय केवल राष्ट्रीय जरूरतों और बाज़ार की परिस्थितियों पर आधारित हैं।

वेनेजुएला और अन्य विकल्प

वेनेजुएला और अमेरिका से तेल आयात को लेकर भी भारत अपनी रणनीति में लचीलापन रख रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत की ऊर्जा सोर्सिंग नीति राष्ट्रीय हित और बाज़ार की वास्तविकताओं से निर्देशित है। “हमारी प्राथमिकता 1.4 अरब भारतीयों की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना है, और इसके लिए विविध सोर्सिंग हमारी रणनीति का अहम हिस्सा है। सभी कदम इसी सोच के अनुरूप उठाए जा रहे हैं और भविष्य में भी इसी दिशा में उठेंगे।”

शेयर मार्केट में हलचल! SEBI ने 8 IPO को दी मंजूरी

नई दिल्ली। भारतीय प्राइमरी मार्केट के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बाजार नियामक सेबी (Securities and Exchange Board of India) ने कुल आठ कंपनियों को आईपीओ (Initial Public Offering) के जरिए पूंजी जुटाने की हरी झंडी दे दी है। इन कंपनियों का कुल लक्ष्य लगभग 10,000 करोड़ रुपये जुटाने का है, जो निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर लेकर आएगा।

कौन-कौन सी कंपनियों को मिली मंजूरी?

इस बार मंजूरी पाने वाली कंपनियों में इन्क्रेड होल्डिंग्स, एलिवेट कैंप्सस, लेजर पावर एंड इन्फ्रा, सीडमेक मेकट्रानिक्स, आरडी इंडस्ट्रीज, अर्मी इन्फोटेक, आरवी इंजीनियरिंग कंसल्टेंट और संकेश ज्वैलर्स शामिल हैं। विभिन्न सेक्टर्स में फैली ये कंपनियां निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो को डाइवर्सिफाई करने का सुनहरा मौका देंगी।

इन्क्रेड और एलिवेट पर निगाहें

इस लिस्ट में सबसे ज्यादा ध्यान 'इन्क्रेड होल्डिंग्स' के आईपीओ पर है। कंपनी इस इश्यू के जरिए 3,000 से 4,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बना रही है। वहीं, एजुकेशन सेक्टर की उभरती कंपनी 'एलिवेट कैंप्सस' अपने 2,550 करोड़ रुपये के फ्रेश इश्यू के लिए तैयार है। फ्रेश इश्यू होने के कारण जुटाया गया पैसा सीधे कंपनी के विकास और विस्तार में इस्तेमाल होगा।

बाजार में उत्साह का माहौल

इन आठ कंपनियों की मंजूरी ऐसे समय में आई है, जब साल की शुरुआत में इंडिया कोक एंड कोल लिमिटेड, शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज और अमागी मीडिया लैब्स जैसी कंपनियों ने पहले ही बाजार से 4,766 करोड़ रुपये सफलतापूर्वक जुटाए हैं। नए आईपीओ आने से सेकेंडरी मार्केट में लिक्विडिटी बढ़ने और निवेशकों के उत्साह को और प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।

काली किशमिश के 7 चमत्कारी फायदे, जिन्हें जानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। छोटे आकार की काली किशमिश अपने आप में बड़ी ताकत समेटे हुए है। यह न केवल स्वाद में मीठी होती है, बल्कि सेहत के लिए भी कई चमत्कारी फायदे देती है। अगर आप इसे अपनी डाइट में शामिल करेंगे, तो ये सात अद्भुत लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

1 .दिल को रखे स्वस्थ: काली किशमिश में एंटीऑक्सीडेंट्स और पोटैशियम मौजूद होते हैं, जो रक्तचाप नियंत्रित करने और दिल को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

2 .पोषण में मददगार: रोजाना सेवन से शरीर को आवश्यक मिनरल्स और विटामिन्स मिलते हैं, जो पूरे दिन तरोताजा महसूस करने में मदद करते हैं।

3 .हड्डियों को बनाए मजबूत: काली किशमिश में कैल्शियम और बोरॉन की अच्छी मात्रा होती है, जो हड्डियों को मजबूत बनाने और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाने में मदद करती है।

4 .पाचन तंत्र को सुधारे: इसमें मौजूद फाइबर कब्ज की समस्या को दूर करता है और पेट के लिए फायदेमंद बैक्टीरिया को बढ़ावा देता है।

5 .खून बढ़ाने में सहायक: काली किशमिश में आयरन की मात्रा अधिक होती है, जिससे शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ता है और एनिमिया से राहत मिलती है।

6 .ऊर्जा और शक्ति बढ़ाए: यह प्राकृतिक पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जिससे शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान कम होती है।

7 .त्वचा और बालों के लिए लाभकारी: इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स होते हैं, जो त्वचा को निखारते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं।

कैसे खाएं: 

रोजाना 6–8 काली किशमिश को पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट या स्नैक्स के रूप में सेवन करें। यह छोटी सी आदत आपके स्वास्थ्य में बड़े बदलाव ला सकती है।

ग्रहों के राजा सूर्य मेहरबान, 5 राशियों के लिए शुभ संकेत

राशिफल। सूर्य ग्रह की चाल कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से अनुकूल होगी। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सूर्य को सभी ग्रहों का राजा माना जाता है और यह जीवन में ऊर्जा, सफलता और स्वास्थ्य का प्रतीक है। इस समय सूर्य की कृपा से पांच राशियों के लोगों को सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

करियर और पेशेवर जीवन में उन्नति के अवसर बढ़ेंगे। कार्यस्थल पर वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा और निवेश या व्यापार में लाभ की संभावनाएं प्रबल होंगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक ऊर्जा बढ़ेगी। परिवार में खुशहाली आएगी और नए अवसरों से आय में वृद्धि होगी।

धनु राशि

धनु राशि के छात्रों और प्रतियोगियों के लिए शिक्षा व परीक्षा में सफलता के संकेत हैं। विदेश यात्रा या नए व्यवसायिक प्रस्ताव लाभकारी रहेंगे।

कुम्भ राशि

वित्तीय मामलों में सुधार होगा। सामाजिक सम्मान बढ़ेगा और पुराने विवाद सुलझेंगे। नए संबंध और परियोजनाओं में सफलता की संभावनाएं बनेंगी।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के रोमांटिक जीवन और पारिवारिक सुख में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य बेहतर रहेगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

सैलरी अकाउंट का तोहफा! केंद्रीय कर्मचारी उठाएं लाभ

नई दिल्ली। हाल ही में केंद्र सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए सैलरी अकाउंट में कई नई सुविधाओं की घोषणा की है। वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने जनवरी 2026 में कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज लॉन्च किया था, जो बैंकिंग, बीमा और कार्ड से जुड़ी सभी सेवाओं को एक ही फ्रेमवर्क में उपलब्ध कराता है।

क्या हैं खास सुविधाएं?

इस पैकेज के तहत कर्मचारियों को निम्न लाभ मिलेंगे:

कम ब्याज दर पर पर्सनल, ऑटो और हाउसिंग लोन।

टर्म लाइफ इंश्योरेंस और अन्य फ्री बीमा कवरेज।

जीरो बैलेंस सैलरी अकाउंट और अपग्रेडेड बैंकिंग सुविधाएं।

अनलिमिटेड NEFT/RTGS/IMPS/UPI ट्रांजैक्शन बिना कोई चार्ज।

प्रीपेड और गिफ्ट कार्ड जारी करने पर छूट, साथ ही लाइफटाइम फ्री क्रेडिट कार्ड।

फ्री पर्सनल एक्सीडेंट इंश्योरेंस 1.50 करोड़ रुपये तक और एयर एक्सीडेंटल इंश्योरेंस 2 करोड़ रुपये तक।

डेबिट और क्रेडिट कार्ड पर एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस, कैशबैक, रिवॉर्ड प्रोग्राम और मुफ्त ट्रांजैक्शन की सुविधा।

कौन ले सकता है लाभ?

यह पैकेज केवल केंद्र सरकार और उसके अधीनस्थ/संबद्ध कार्यालयों के स्थायी और रेगुलर कर्मचारियों के लिए उपलब्ध है। अकाउंटधारक की उम्र 18 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। नए पेंशन खातों के लिए यह सुविधा लागू नहीं है, लेकिन पहले से पेंशन खाते वाले कर्मचारी 70 साल तक इसे जारी रख सकते हैं।

अकाउंट खोलने की प्रक्रिया

नए अकाउंट खोलने के लिए कर्मचारी को सैलरी से जुड़े दस्तावेज जैसे लेटेस्ट सैलरी स्लिप, अपॉइंटमेंट लेटर और अन्य आवश्यक पहचान-पत्र जमा करना होंगे। ज्वाइंट अकाउंट की अनुमति भी दी गई है।

बैंक ऑफ बड़ौदा का उदाहरण

बैंक ऑफ बड़ौदा इस पैकेज के तहत विशेष सुविधाएं प्रदान कर रहा है। इसमें अकाउंटधारक को इनबिल्ट ओवरड्राफ्ट सुविधा, कम ब्याज दर पर लोन, बीमा कवरेज और कार्ड से जुड़े विशेष लाभ मिल रहे हैं। अन्य सरकारी बैंक भी कम्पोजिट सैलरी अकाउंट पैकेज की सुविधा दे रही हैं।

यूपी में स्टांप पेपर और ई-स्टांप पर कड़ा कदम, नई नीति की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्टांप पेपर और ई-स्टांपिंग में हो रहे बड़े पैमाने के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए ठोस कदम उठाना शुरू कर दिया है। शासन ने इस दिशा में आठ सदस्यीय विशेष समिति का गठन किया है, जो अन्य राज्यों के अनुभवों और वर्तमान परिस्थितियों का अध्ययन कर एक नई, सुरक्षित नीति तैयार करेगी।

समिति का गठन और जिम्मेदारियां

समिति का नेतृत्व अपर आयुक्त स्टांप, मनीन्द्र कुमार सक्सेना कर रहे हैं। इसमें मेरठ के एआईजी स्टांप नवीन कुमार शर्मा, बुलंदशहर के एआईजी स्टांप संत कुमार रावत सहित कुल आठ वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। समिति का संयोजक लखनऊ के एआईजी स्टांप रमेश चंद्र होंगे।

समिति को विशेष रूप से निम्नलिखित जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं:

स्टांप बिक्री और ई-स्टांपिंग की वर्तमान प्रक्रिया में कमियों की पहचान।

ई-स्टांपिंग प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित और अभेद्य बनाना।

भविष्य में स्टांप पेपर की क्लोनिंग या फर्जी ई-स्टांप बनाना असंभव बनाना।

पूरे प्रदेश में लागू होने वाली एक समान और पारदर्शी स्टांप नीति का मसौदा तैयार करना।

क्यों जरूरी है यह कदम

प्रदेश में हाल के वर्षों में करोड़ों रुपये के स्टांप और ई-स्टांप घोटाले सामने आए हैं। इससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ और व्यापारिक तथा कानूनी लेन-देन प्रभावित हुए। ऐसे में सरकार ने फर्जीवाड़े को जड़ से समाप्त करने और डिजिटल लेन-देन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह पहल शुरू की है।

आगे की क्या है प्रक्रिया?

समिति राज्य के विभिन्न जिलों में स्टांप और ई-स्टांप की प्रक्रियाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी और अन्य राज्यों के सफल मॉडलों को भी ध्यान में रखते हुए नई नीति का मसौदा तैयार करेगी। इसके बाद इसे शासन स्तर पर मंजूरी के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्टांप पेपर और ई-स्टांपिंग का उपयोग पूरी तरह पारदर्शी हो और किसी भी तरह की धोखाधड़ी या क्लोनिंग की संभावना समाप्त हो जाए।

केंद्रीय कर्मचारियों को राहत, सरकार ने दी 6 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) की प्रक्रिया को गति देते हुए इसकी आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। इस पहल का मकसद कर्मचारियों, पेंशनरों और अन्य हितधारकों की राय जानकर संतुलित और व्यावहारिक सिफारिशें तैयार करना है। आयोग ने अब तक के अनुभव और विशेषज्ञ सुझावों को ध्यान में रखते हुए सभी को सवालों के जरिए अपनी राय देने का अवसर दिया है।

6 बड़ी खुशखबरी

1 .आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च – कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के लिए 8वें वेतन आयोग की पूरी जानकारी अब ऑनलाइन उपलब्ध है।

2 .सुझाव आमंत्रित – मंत्रालयों, विभागों, न्यायिक अधिकारियों, कर्मचारी यूनियनों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से राय मांगी गई है।

3 .गोपनीयता सुनिश्चित – सुझाव देने वालों की पहचान पूरी तरह गोपनीय रहेगी, और विश्लेषण केवल सामूहिक स्तर पर किया जाएगा।

4 .प्रश्नावली के जरिए भागीदारी – MyGov पोर्टल पर 18 सवालों का प्रश्नपत्र (questionnaire) उपलब्ध है। ईमेल, PDF या कागज पर भेजे गए सुझाव मान्य नहीं होंगे।

5 .वित्तीय सुधार की संभावना – आयोग की सिफारिशों के लागू होने पर सैलरी स्ट्रक्चर, भत्तों की प्रणाली और पेंशन में बदलाव हो सकता है।

6 .अंतिम तारीख तय – सभी सुझाव 16 मार्च 2026 तक जमा किए जा सकते हैं।

सुझाव देने का तरीका

आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सुझाव MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसमें देश की आर्थिक स्थिति, फिटमेंट फैक्टर, वरिष्ठ पदों के वेतन, वैरिएबल पे, इंक्रीमेंट सिस्टम और कर्मचारियों व पेंशनरों पर संभावित प्रभाव जैसे मुद्दों पर राय मांगी गई है।

8वें वेतन आयोग का गठन और समयसीमा

जनवरी 2025 में आयोग का गठन हुआ। 3 नवंबर 2025 को वित्त मंत्रालय ने आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। अब सरकार ने नागरिकों से राय मांगी गई है।

नए वेतन आयोग का कर्मचारियों और पेंशनरों पर असर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में सुधार की संभावना है। इसके अलावा पेंशन में संशोधन, इंक्रीमेंट की नई दर और आर्थिक परिस्थितियों के अनुसार बेहतर संतुलन संभव हो सकता है। सरकार और कर्मचारी दोनों के लिए यह आयोग आर्थिक सुरक्षा और वित्तीय स्थिरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बिहार में खुशखबरी का जश्न, 9 लाख कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

पटना। बिहार सरकार ने अपने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा की घोषणा की है। अब राज्य के लगभग 9 लाख सरकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि गंभीर बीमारियों या मेडिकल इमरजेंसी के समय अस्पताल में कैशलेस इलाज का लाभ ले सकेंगे।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विधानसभा में बताया कि इस योजना के तहत इलाज के खर्चे का भुगतान सीधे सरकार करेगी, जिससे कर्मचारियों को अस्पताल में पैसे की चिंता नहीं करनी होगी। इससे राज्य की स्वास्थ्य बीमा व्यवस्था पहले से भी ज्यादा सशक्त और आसान बन जाएगी।

कैशलेस इलाज से मिलेगी राहत

इस कदम के बाद कर्मचारी और उनके परिवार आपातकालीन इलाज के समय वित्तीय तनाव से मुक्त रहेंगे। पहले स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत खर्च भरपाई इलाज के बाद ही होती थी, लेकिन अब गंभीर मामलों में तत्काल इलाज संभव होगा।

सरकारी डॉक्टरों की प्राइवेट प्रैक्टिस पर सख्ती

सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि सरकारी डॉक्टर अब प्राइवेट प्रैक्टिस नहीं कर पाएंगे। इसके लिए सरकार जल्द ही नई नीति और कार्ययोजना लेकर आएगी। साथ ही, पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज संचालित करने की योजना भी बनाई जा रही है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा।

लिवर खराब होने से रोकते हैं ये 4 फल, रोज खाएं!

हेल्थ डेस्क। आज की व्यस्त जीवनशैली और गलत खानपान की वजह से लिवर संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। फैटी लिवर, हेपेटाइटिस या लिवर इंफेक्शन जैसी परेशानियां आम होती जा रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ खास फलों को रोजाना आहार में शामिल करने से लिवर की सेहत बेहतर रखी जा सकती है।

1. सेब

सेब में उच्च मात्रा में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं। यह लिवर से टॉक्सिन्स निकालने और फैट जमाव को कम करने में मदद करता है। रोजाना एक सेब खाने से पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है और लिवर पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।

2. अंगूर

अंगूर में पॉलीफेनॉल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये लिवर की कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं और शरीर में सूजन घटाते हैं। हरे या लाल अंगूर दोनों ही प्रकार लिवर के लिए फायदेमंद हैं।

3. नींबू

नींबू में मौजूद विटामिन C और साइट्रिक एसिड लिवर को साफ करने और डिटॉक्सिफाई करने में मदद करता है। सुबह खाली पेट गुनगुना पानी में नींबू मिलाकर पीना लिवर हेल्थ के लिए बेहद लाभकारी माना जाता है।

4. पपीता

पपीता में एंजाइम्स और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। यह लिवर को साफ रखने और भोजन को पचाने में मदद करता है। इसके सेवन से लिवर की अतिरिक्त चर्बी कम होती है और डाइजेशन भी बेहतर होता है।

न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह

डॉक्टर और न्यूट्रिशनिस्ट बताते हैं कि इन फलों का नियमित सेवन लिवर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है, साथ ही शरीर में विषैले तत्वों का स्तर कम करता है। हालांकि, इसे संतुलित आहार और सही जीवनशैली के साथ जोड़ा जाना चाहिए।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, सैलरी-पेंशन में वृद्धि की बारी!

नई दिल्ली। कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए अच्छी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) और कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) के तहत सैलरी और पेंशन लिमिट बढ़ाने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया ने संकेत दिए हैं कि जल्द ही इन महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा।

क्या बदलाव हो सकता है?

सैलरी लिमिट में वृद्धि: वर्तमान में EPFO की सैलरी लिमिट ₹15,000 प्रति माह है, जबकि ESIC में यह ₹21,000 है। सरकार की योजना से इन लिमिटों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे अधिक नौकरीपेशा लोग इन योजनाओं के दायरे में आएंगे।

EPS पेंशन में सुधार: कर्मचारी पेंशन योजना, 1995 (EPS) के तहत न्यूनतम पेंशन ₹1,000 प्रति माह है। नई तैयारी के तहत इसे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।

न्यूनतम वेज तय करना: श्रमिकों के हित में न्यूनतम वेतन सीमा तय करने की प्रक्रिया भी केंद्र द्वारा आगे बढ़ाई जा रही है।

सुप्रीम कोर्ट का निर्देश

जनवरी 2026 में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को EPF सैलरी लिमिट संशोधन पर चार महीने के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया था। न्यायमूर्ति जे. के. माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए. एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश सामाजिक कार्यकर्ता नवीन प्रकाश नौटियाल की याचिका पर सुनाया।

याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि देश के कई हिस्सों में न्यूनतम वेतन EPFO की वर्तमान सीमा से अधिक हो चुका है, लेकिन लिमिट में बदलाव नहीं किया गया। इससे बड़ी संख्या में कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा और भविष्य निधि के लाभ से वंचित रखा गया।

इस संदर्भ में विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि सरकार यह कदम उठाती है, तो यह करोड़ों नौकरीपेशा कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत साबित होगा। इसके साथ ही सामाजिक सुरक्षा नेटवर्क मजबूत होगा और कर्मचारी भविष्य निधि का दायरा व्यापक बन सकेगा।

केंद्र सरकार का अहम फैसला, किसानों के लिए बड़ी राहत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार किसानों को अधिक प्रभावी सहायता देने और राज्यों को ज्यादा निर्णय-स्वतंत्रता देने की दिशा में एक अहम कदम उठाने जा रही है। सरकार ने संकेत दिए हैं कि दो प्रमुख केंद्रीय कृषि योजनाओं—प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृष्णोन्नति योजना (KY)—को मिलाकर एक नई एकीकृत योजना बनाई जा सकती है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य कृषि योजनाओं को अधिक लचीला, सरल और जरूरत-आधारित बनाना है।

क्यों जरूरी है योजनाओं का एकीकरण

वर्तमान में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ये दोनों योजनाएं अलग-अलग ढांचे के तहत संचालित हो रही हैं। इससे कई बार राज्यों को योजना के घटकों के चयन और क्रियान्वयन में सीमाएं महसूस होती हैं। सरकार का मानना है कि यदि इन योजनाओं को एक “अम्ब्रेला स्कीम” के तहत लाया जाए, तो राज्यों को यह सुविधा मिलेगी कि वे अपनी स्थानीय कृषि परिस्थितियों के अनुसार योजना के घटकों को चुन सकें।

16वीं वित्त आयोग अवधि के लिए तैयारी

कृषि मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह पहल 16वीं वित्त आयोग की अवधि को ध्यान में रखकर की जा रही है। इसके तहत केंद्रीय कृषि योजनाओं को नए सिरे से डिजाइन किया जाएगा ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग हो और योजनाओं का असर सीधे किसानों तक पहुंचे। इस दिशा में Expenditure Finance Committee (EFC) के तहत एक प्रारंभिक ड्राफ्ट भी तैयार किया गया है। इसे विभिन्न केंद्रीय मंत्रालयों और नीति आयोग (NITI Aayog) के साथ साझा किया गया है ताकि विशेषज्ञ सुझाव और आपत्तियां ली जा सकें।

अंतर-मंत्रालयी परामर्श के बाद अंतिम फैसला

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यह प्रस्ताव अभी परामर्श की प्रक्रिया में है। अन्य मंत्रालयों और नीति आयोग से मिले सुझावों के आधार पर ड्राफ्ट में आवश्यक संशोधन किए जा सकते हैं। इसके बाद ही अंतिम प्रस्ताव को मंजूरी दी जाएगी और आगे की संसदीय प्रक्रिया पूरी की जाएगी। यह प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि योजना केवल कागज़ी न रह जाए, बल्कि व्यावहारिक और सभी हितधारकों के लिए उपयोगी साबित हो।

नई व्यवस्था में राज्यों को मिलेगी ज्यादा स्वायत्तता

इस प्रस्ताव का सबसे बड़ा लाभ राज्यों को मिलने वाली स्वायत्तता है। एक ही योजना के भीतर विभिन्न गतिविधियों को जोड़ने से राज्य सरकारें अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार निवेश कर सकेंगी। इससे कृषि विकास की योजनाएं ज्यादा वास्तविक जरूरतों पर आधारित होंगी, न कि एक ही ढांचे में सभी पर लागू होने वाली। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इससे केंद्र और राज्यों के बीच सहयोग भी मजबूत होगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में गति आएगी।

आज सूर्य करेंगे चमत्कार, इन 5 राशियों को मिल सकता है बड़ा फायदा

राशिफल। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। ग्रहों के राजा सूर्य की स्थिति में हो रहे सकारात्मक प्रभाव के कारण पांच राशियों के लिए दिन लाभकारी रहने की संभावना है। सूर्य आत्मबल, नेतृत्व, प्रतिष्ठा और सरकारी मामलों का प्रतिनिधित्व करते हैं। जब सूर्य अनुकूल स्थिति में होते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में आत्मविश्वास, सफलता और सम्मान के योग बनते हैं।

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार आज सूर्य की ऊर्जा कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार के संकेत दे रही है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन कार्यक्षेत्र में प्रगति का संकेत देता है। वरिष्ठ अधिकारियों से सहयोग मिल सकता है। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि सूर्य की स्वामित्व राशि है, इसलिए आज का प्रभाव विशेष रूप से शुभ रहेगा। मान-सम्मान में वृद्धि होगी। नेतृत्व से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है। नई जिम्मेदारी या पदोन्नति के संकेत मिल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आज आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। निवेश से जुड़ा कोई निर्णय लाभदायक हो सकता है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता आएगी और मेहनत का परिणाम मिलने लगेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिलेगा। शिक्षा, यात्रा और उच्च अध्ययन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव करियर में मजबूती लाने वाला है। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। प्रशासनिक या सरकारी क्षेत्र में कार्यरत लोगों के लिए दिन विशेष फलदायी रहेगा।

रक्षा मंत्रालय में ग्रुप-C की भर्ती, 10वीं पास के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत जयपुर स्थित 61 कैवलरी यूनिट में ग्रुप-C श्रेणी के पदों पर सीधी भर्ती निकाली गई है। इस संबंध में भर्ती सूचना संख्या 01/2026 जारी की गई है, जिसके तहत सईस (Syce) पद के लिए योग्य भारतीय नागरिकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

यह भर्ती विशेष रूप से उन उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है जिन्होंने न्यूनतम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण की है और रक्षा क्षेत्र से जुड़कर सेवा करना चाहते हैं।

कुल पद और वेतनमान

इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत सईस पद के लिए कुल 12 रिक्तियां उपलब्ध हैं। चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-1 के अनुसार 18,000 रुपये से 56,900 रुपये प्रतिमाह तक वेतन मिलेगा, साथ ही केंद्र सरकार द्वारा अनुमन्य अन्य भत्ते भी प्रदान किए जाएंगे। नियुक्ति का स्थान जयपुर और नई दिल्ली निर्धारित किया गया है।

योग्यता और आयु सीमा

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक (10वीं) परीक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। आयु सीमा वर्ग के अनुसार निर्धारित की गई है।

ईडब्ल्यूएस वर्ग: 18 से 25 वर्ष

ओबीसी वर्ग: 18 से 28 वर्ष

एसटी वर्ग: 18 से 30 वर्ष

केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार पात्र सरकारी कर्मचारियों को आयु सीमा में अतिरिक्त छूट भी मिल सकती है।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन कई चरणों में किया जाएगा। सबसे पहले प्राप्त आवेदनों की स्क्रीनिंग की जाएगी, जिसमें योग्यता और मैट्रिक के अंकों को आधार बनाया जा सकता है। इसके बाद योग्य उम्मीदवारों को ऑफलाइन लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का चिकित्सा परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन किया जाएगा, जिसमें चरित्र प्रमाण पत्र और पूर्व अनुभव (यदि हो) की भी जांच होगी।

आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑफलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को A4 साइज पेपर पर टाइप किया हुआ आवेदन पत्र तैयार कर, सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ डाक द्वारा भेजना होगा। रोजगार समाचार में भर्ती अधिसूचना प्रकाशित होने की तिथि से 21 दिनों के भीतर आवेदन संबंधित पते पर पहुंच जाना चाहिए। इसमें रविवार और सरकारी अवकाश भी शामिल होंगे।

आवेदन भेजने का पता

कमांडेंट,

मुख्यालय एसी सेंटर एवं स्कूल,

पिन – 900476,

सी/ओ 56 एपीओ।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए एक अहम और राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से जिस अपडेट का इंतजार किया जा रहा था, उस दिशा में सरकार ने ठोस कदम उठाते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट लॉन्च कर दी है। वेबसाइट के सक्रिय होते ही यह साफ हो गया है कि वेतन आयोग ने अपने कामकाज की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से आगे बढ़ा दिया है।

इस पहल के साथ ही आयोग ने न केवल पारदर्शिता पर जोर दिया है, बल्कि कर्मचारियों और अन्य हितधारकों को सीधे तौर पर प्रक्रिया में शामिल करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है।

MyGov के माध्यम से मांगे जा रहे सुझाव

8वें वेतन आयोग ने सुझाव प्राप्त करने के लिए MyGov पोर्टल को माध्यम बनाया है। आयोग की ओर से कुल 18 महत्वपूर्ण प्रश्न रखे गए हैं, जिनके जरिए वेतन ढांचे, भत्तों, फिटमेंट फैक्टर और वेतन निर्धारण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर राय मांगी गई है। आयोग का मानना है कि जमीनी स्तर से मिले सुझावों के आधार पर अधिक संतुलित और व्यावहारिक सिफारिशें तैयार की जा सकेंगी।

किन लोगों से मांगी गई राय

वेतन आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया केवल केंद्रीय कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। मंत्रालयों, सरकारी विभागों, राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों, पेंशनभोगियों, कर्मचारी संगठनों, न्यायिक अधिकारियों, नियामक संस्थाओं के सदस्यों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों से भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। आयोग ने भरोसा दिलाया है कि सुझाव देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।

वेबसाइट पर जानकारियां

आयोग की आधिकारिक वेबसाइट 8cpc.gov.in पर वेतन आयोग से जुड़ी कई अहम जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। इसमें टर्म्स ऑफ रेफरेंस (TOR), आयोग के पदाधिकारियों का विवरण, पूर्व वेतन आयोगों की रिपोर्ट्स और गजट अधिसूचनाएं शामिल हैं। इससे कर्मचारियों को आयोग की कार्यप्रणाली और दायरे को समझने में सुविधा मिलेगी।

18 सवालों से बड़े संकेत

MyGov पर रखे गए सवाल यह संकेत देते हैं कि आयोग वेतन संरचना में व्यापक बदलावों पर विचार कर सकता है। आर्थिक विकास, महंगाई, सरकारी वित्तीय स्थिति, फिटमेंट फैक्टर की उपयोगिता, शीर्ष अधिकारियों के वेतन निर्धारण और वार्षिक वेतन वृद्धि प्रणाली जैसे विषयों को लेकर सुझाव मांगे गए हैं। इससे उम्मीद की जा रही है कि 8वां वेतन आयोग वर्तमान चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए व्यावहारिक सिफारिशें दे सकता है।

सुझाव देने की अंतिम तिथि

आयोग ने यह स्पष्ट किया है कि सुझाव केवल MyGov पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ईमेल, डाक या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा। सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 16 मार्च 2026 निर्धारित की गई है।

कर्मचारियों में बढ़ा उत्साह

कर्मचारी संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया है। संगठनों का कहना है कि वेबसाइट का लॉन्च और सुझाव प्रक्रिया शुरू होना इस बात का संकेत है कि 8वें वेतन आयोग का काम अब गति पकड़ रहा है। इससे कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में वेतन संशोधन को लेकर उम्मीदें और उत्साह दोनों बढ़े हैं।

SIP से करोड़पति बनने का सुपर फॉर्मूला, जानें क्या है 7-5-3-1 रूल

नई दिल्ली। आज के दौर में केवल बचत करना काफी नहीं रह गया है। बढ़ती महंगाई के बीच जरूरी हो गया है कि पैसा न सिर्फ सुरक्षित रहे, बल्कि समय के साथ बढ़े भी। ऐसे में म्यूचुअल फंड में सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP आम लोगों के लिए निवेश का भरोसेमंद जरिया बनकर सामने आया है। खासतौर पर उन निवेशकों के लिए जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से घबराते हैं।

लेकिन SIP शुरू करने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि निवेश कितने समय तक किया जाए, कितने फंड्स में पैसा लगाया जाए और बाजार में गिरावट आने पर क्या रणनीति अपनाई जाए। इन सभी सवालों का व्यावहारिक जवाब देता है 7-5-3-1 SIP रूल, जिसे निवेश जगत में एक सरल लेकिन असरदार रणनीति माना जा रहा है।

क्या है 7-5-3-1 SIP रूल

यह नियम SIP निवेश को चार बुनियादी सिद्धांतों में समझाता है, जिससे निवेशक बिना ज्यादा उलझन के लंबी अवधि की योजना बना सकते हैं।

‘7’ का मतलब – समय को दें मौका

इस नियम का पहला सिद्धांत बताता है कि SIP कम से कम 7 साल तक जारी रहनी चाहिए। इक्विटी आधारित निवेश में शुरुआती वर्षों में उतार-चढ़ाव सामान्य बात है। लेकिन लंबी अवधि में कंपाउंडिंग का फायदा धीरे-धीरे बड़ा रिटर्न देने लगता है।

‘5’ का संकेत – सही डाइवर्सिफिकेशन

दूसरा सिद्धांत निवेश को अलग-अलग श्रेणियों में बांटने पर जोर देता है। निवेशकों को अपने पैसे को लगभग 5 तरह के म्यूचुअल फंड्स में लगाने की सलाह दी जाती है, जैसे लार्ज कैप, मिड कैप, स्मॉल कैप, फ्लेक्सी कैप और इंटरनेशनल फंड्स। इससे जोखिम संतुलित रहता है और रिटर्न की संभावना बेहतर होती है।

‘3’ से बचने की सीख – भावनात्मक फैसले

तीसरा अंक निवेशकों को उन तीन भावनाओं से सावधान करता है जो अक्सर नुकसान की वजह बनती हैं—डर, लालच और जरूरत से ज्यादा उत्साह। बाजार गिरते ही SIP बंद करना या तेजी में बिना सोचे-समझे निवेश बढ़ा देना, दोनों ही गलत फैसले साबित हो सकते हैं।

‘1’ का सबसे अहम नियम – निवेश बढ़ाते रहें

इस नियम का आखिरी और सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा कहता है कि हर साल SIP की राशि में कम से कम 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी करनी चाहिए। आय बढ़ने के साथ निवेश बढ़ाने से महंगाई का असर कम होता है और लंबी अवधि में फंड तेजी से ग्रो करता है।

क्यों प्रभावी मानी जाती है 7-5-3-1 की रणनीति

फाइनेंशियल जानकारों का मानना है कि 7-5-3-1 SIP रूल खासतौर पर नए निवेशकों के लिए बेहद उपयोगी है। इसे अच्छे से समझकर निवेश करना सबसे लाभकारी साबित होता हैं। हालांकि बाजार में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती, लेकिन यह रणनीति निवेशकों को एक मजबूत और संतुलित ढांचा जरूर प्रदान करती है।

डिस्क्लेमर: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से है। निवेश से जुड़े किसी भी फैसले से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।

यूपी में 'महिलाओं' को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल ‘एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी’ मॉडल ने न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच आसान की है, बल्कि हजारों ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभाई है। इस योजना के तहत तैनात बीसी सखियों ने अब तक 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का बैंकिंग लेन-देन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

गांव-गांव पहुंची बैंकिंग सेवा

इस योजना की शुरुआत मई 2020 में की गई थी। इसका उद्देश्य था कि ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाओं के लिए शहरों या कस्बों की दूरी तय न करनी पड़े और साथ ही गांव की महिलाओं को रोजगार के अवसर मिलें। आज बीसी सखियां गांवों में ही नकद जमा और निकासी, धन अंतरण, ऋण आवेदन, फिक्स्ड डिपॉजिट और रिकरिंग डिपॉजिट जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इससे ग्रामीणों को न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि बैंकिंग प्रणाली पर उनका भरोसा भी बढ़ा है।

57 हजार ग्राम पंचायतों तक पहुंचने का लक्ष्य

प्रदेश सरकार ने राज्य की सभी 57,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में बीसी सखियों की तैनाती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस दिशा में अब तक 50,000 से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षित और प्रमाणित किया जा चुका है। इनमें से करीब 40,000 बीसी सखियां वर्तमान में गांवों में सक्रिय रूप से सेवाएं दे रही हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर रही हैं।

प्रदेश में महिला स्वावलंबन की मजबूत नींव

‘बीसी सखी’ योजना महिला सशक्तिकरण की एक प्रभावी मिसाल बनकर उभरी है। इस पहल से जुड़ी महिलाओं ने अब तक 106 करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश अर्जित किया है। नियमित आय के चलते ये महिलाएं न केवल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभाल पा रही हैं, बल्कि गांव में उन्हें सम्मान और पहचान भी मिल रही है।

महिलाओं को डिजिटल अर्थव्यवस्था से जुड़ाव

बीसी सखियां ग्रामीण भारत को डिजिटल बैंकिंग से जोड़ने में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। वे लोगों को डिजिटल लेन-देन के प्रति जागरूक कर रही हैं, जिससे नकदी पर निर्भरता कम हो रही है और वित्तीय समावेशन को बढ़ावा मिल रहा है।