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CM सम्राट की बड़ी घोषणा, बिहार के युवाओं और किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर गांधी मैदान से घोषणा की कि अगले छह महीनों में 10 चीनी मिलों को फिर से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार के इस फैसले से गन्ना किसानों के साथ-साथ युवाओं के लिए भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

गन्ना किसानों को मिलेगा बाजार

चीनी मिलों के संचालन से गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिल सकेगा। मिलों में गन्ने की खरीद बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए खरीदार मिलने में आसानी होगी। साथ ही समय पर भुगतान की उम्मीद भी बढ़ेगी।

युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते

मिलों के दोबारा शुरू होने से सिर्फ कारखानों में ही नौकरियां नहीं बढ़ेंगी, बल्कि परिवहन, मजदूरी, मशीनरी, व्यापार और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को काम के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है।

उद्योगों को दोबारा खड़ा करने पर जोर

राज्य सरकार बिहार में बंद औद्योगिक इकाइयों को फिर से सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। चीनी उद्योग को कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। मिलों के संचालन से गन्ना उत्पादन, प्रसंस्करण और स्थानीय कारोबार की पूरी श्रृंखला को गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार का हर परिवार में उद्यमी बनाने का लक्ष्य

सरकार ने राज्य के करीब साढ़े तीन करोड़ परिवारों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक परिवार से कम से कम एक उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य भी सामने रखा है। इसके जरिए युवाओं को नौकरी के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार का फैसला, ट्रैफिक के नए नियम लागू, वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर

लखनऊ। वाहन चालकों और वाहन मालिकों के लिए 15 अगस्त 2026 से कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव किये गए हैं। संशोधित प्रावधानों के तहत ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता, वाहन पंजीकरण, बीमा, ट्रैफिक उल्लंघन और सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े मामलों में नई व्यवस्था लागू होगी। इसका सीधा असर वाहन चालकों के साथ परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी पड़ेगा।

लाइसेंस खत्म होने के बाद भी 30 दिन की राहत

नए नियमों के मुताबिक ड्राइविंग लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद भी अगले 30 दिनों तक इसे प्रभावी माना जाएगा। इसके अलावा लाइसेंस धारक निर्धारित अवधि से एक साल पहले तक नवीनीकरण करा सकेंगे। हालांकि नवीनीकरण की प्रभावी तारीख पुराने लाइसेंस की वैधता समाप्त होने के बाद ही मानी जाएगी।

वाहन से जुड़े मामलों में बढ़ेगी अपील की अवधि

वाहन के पंजीकरण और स्वामित्व हस्तांतरण से संबंधित मामलों में अपील के लिए मिलने वाली समय सीमा को बढ़ाया गया है। वहीं दावा आवेदन और उसके निस्तारण से जुड़े प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है, जिससे संबंधित लोगों को प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय मिल सकेगा।

पहली गलती पर चेतावनी, दोबारा उल्लंघन पर जुर्माना

सामान्य यातायात नियमों का पहली बार उल्लंघन करने वालों को कुछ मामलों में सीधे आर्थिक दंड की बजाय चेतावनी देने का प्रावधान किया गया है। अगर वही गलती दोबारा होती है तो 500 से 1,500 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। हॉर्न और साइलेंसर से जुड़े नियमों में भी इसी तरह की व्यवस्था होगी। पहली बार गलती पर चेतावनी और दोबारा उल्लंघन करने पर 1,000 से 2,000 रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

बिना बीमा वाहन चलाना पड़ेगा महंगा

बिना बीमा वाहन चलाने वालों के लिए भी नियम सख्त किए गए हैं। पहली बार पकड़े जाने पर बीमा की मूल प्रीमियम राशि के तीन गुना और दोबारा उल्लंघन करने पर पांच गुना तक पेनाल्टी का प्रावधान बताया गया है।

खराब सड़क से हादसा हुआ तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई

नए प्रावधानों में सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटना होने पर जिम्मेदार कार्यदायी संस्था और ठेकेदार की जवाबदेही तय करने की व्यवस्था की गई है। यदि सड़क की खामी के चलते किसी व्यक्ति की मृत्यु या दिव्यांगता होती है, तो संबंधित संस्था या ठेकेदार पर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

ओवरलोड वाहनों का चालान अब कोर्ट में

ओवरलोडिंग के मामलों में भी बड़ी व्यवस्था लागू होगी। प्रवर्तन अधिकारी वाहन का चालान कर सकेंगे, लेकिन मौके पर जुर्माना वसूलने का अधिकार नहीं रहेगा। ऐसे मामलों का निस्तारण न्यायालय के माध्यम से किया जाएगा।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, गांव के बुनकरों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ेगी कमाई

लखनऊ। केंद्र सरकार ने गांवों में काम करने वाले बुनकरों की आमदनी बढ़ाने और हथकरघा उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने की दिशा में नई पहल पर जोर दिया है। केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर बुनकर सालाना कम से कम 5 लाख रुपये की आय हासिल कर सके।

ई-कॉमर्स से देश-दुनिया तक पहुंचेंगे उत्पाद

सरकार बुनकरों को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों के साथ वैश्विक बाजारों से जोड़ने पर काम कर रही है। इससे गांवों में तैयार होने वाले हथकरघा उत्पादों को नए ग्राहक मिल सकेंगे और बुनकरों की बिक्री बढ़ने की उम्मीद है।

मंत्री ने कहा कि हथकरघा सिर्फ कपड़े बनाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह भारत की कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत से जुड़ा हुआ है। कम कार्बन फुटप्रिंट के कारण टिकाऊ फैशन और होम डेकोर के क्षेत्र में भी इसकी संभावनाएं बढ़ रही हैं।

नई तकनीक और डिजाइन पर जोर

पारंपरिक बुनाई को आधुनिक बाजार की जरूरतों से जोड़ने के लिए नए डिजाइन और तकनीक पर काम किया जा रहा है। इसके लिए IIT दिल्ली जैसे संस्थानों के साथ सहयोग किया जा रहा है। उद्देश्य भारतीय हथकरघा और शिल्प को अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाना है।

23 अगस्त तक चलेगी प्रदर्शनी

दिल्ली के हैंडलूम हाट में ‘वीव द फ्यूचर 5.0’ प्रदर्शनी आयोजित की गई है। इसमें देशभर के 30 से अधिक ब्रांड और 24 प्रमुख बुनकर हिस्सा ले रहे हैं। यहां ऊन, रेशम, बांस, केला, भांग, अनानास और कमल जैसे प्राकृतिक रेशों से तैयार उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।

प्रदर्शनी में पारंपरिक बुनाई के साथ आधुनिक डिजाइन का मेल देखने को मिल रहा है। यह आयोजन 23 अगस्त तक आम लोगों के लिए खुला रहेगा। सरकार की कोशिश है कि ऐसे आयोजनों और डिजिटल बाजार के जरिए गांवों के बुनकरों को बेहतर बाजार और ज्यादा आमदनी का अवसर मिले।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़ी योजनाओं को गति देने के लिए राजस्थान और तेलंगाना को बड़ी वित्तीय मंजूरी दी है। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (PM-RKVY) और कृषोन्नति योजना के तहत राजस्थान के लिए 340.59 करोड़ रुपये और तेलंगाना के लिए 265.12 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं।

यह फैसला दोनों राज्यों की कृषि योजनाओं की समीक्षा के बाद लिया गया। अधिकारियों के साथ हुई बैठक में पहले जारी राशि के इस्तेमाल और योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली गई।

राजस्थान के किसानों पर खास फोकस

राजस्थान के लिए मंजूर राशि से कृषि क्षेत्र से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) की स्थिति पर भी चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने किसानों को समय पर और आसानी से ऋण सुविधा उपलब्ध कराने के लिए KCC व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिया। इससे किसानों को खेती से जुड़ी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता हासिल करने में मदद मिल सकती है।

तेलंगाना में किसान पहचान पत्र मॉडल की तारीफ

तेलंगाना में किसानों के लिए विकसित किए गए किसान पहचान पत्र और उर्वरक वितरण मॉडल की केंद्रीय मंत्री ने सराहना की। इस तरह की डिजिटल व्यवस्था से किसानों को सरकारी सेवाएं अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, तेलंगाना में तिलहन और दलहन से जुड़ी कुछ परियोजनाओं की खर्च प्रगति धीमी पाए जाने पर चिंता भी जताई गई। राज्य सरकार को योजनाओं की नियमित निगरानी और समय पर क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए।

सरकार के फैसले से कृषि क्षेत्र को मिलेगी नई रफ्तार

केंद्र से मिली यह राशि कृषि अवसंरचना, उत्पादकता बढ़ाने, इनपुट सहायता और किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं में इस्तेमाल की जाएगी। सरकार का जोर इस बात पर है कि स्वीकृत धनराशि का सही और समयबद्ध उपयोग हो, ताकि योजनाओं का लाभ जल्द से जल्द किसानों तक पहुंचाया जा सके।

यूपी में महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, नौकरी का मौका!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। कानपुर नगर में आंगनबाड़ी सहायिका के 307 पदों पर भर्ती निकली है। जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार 5 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

सिर्फ महिलाओं के लिए है भर्ती

इस भर्ती में केवल महिला अभ्यर्थी ही आवेदन कर सकती हैं। खास बात यह है कि उम्मीदवार का संबंधित ग्राम सभा या वार्ड की स्थायी निवासी होना जरूरी है, जहां के लिए वह आवेदन कर रही है। भर्ती कानपुर नगर जिले के विभिन्न ग्रामीण ब्लॉकों और शहरी क्षेत्रों के लिए होगी।

307 पदों पर होगा चयन

आंगनबाड़ी सहायिका के कुल 307 पद खाली हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। अभ्यर्थियों को आवेदन करते समय भर्ती से जुड़ी पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी ध्यान से जांच लेनी चाहिए।

5 सितंबर तक करें आवेदन

योग्य महिला उम्मीदवार 5 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकती हैं। आवेदन के लिए आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in पर जाना होगा। अंतिम तारीख के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते फॉर्म पूरा करने की सलाह दी गई है।

यह भर्ती कानपुर नगर की महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार पाने का अच्छा अवसर है। आवेदन करने से पहले आधिकारिक भर्ती नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों को जरूर पढ़ लें।

सीएम सम्राट के 18 बड़े ऐलान, बिहारवासियों के लिए आई खुशखबरी

पटना। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गांधी मैदान से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार के विकास को लेकर 18 बड़े ऐलान किए। इन घोषणाओं में युवाओं को रोजगार, छात्रों की समस्याओं का समाधान, बुजुर्गों के लिए घर पर इलाज, किसानों के लिए नई चीनी मिलें और बिजली-सोलर से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं।

छात्रों के लिए नया पोर्टल

17 अगस्त से विद्यार्थी सहयोग पोर्टल शुरू होगा। छात्र पढ़ाई, हॉस्टल, कोचिंग और संस्थानों से जुड़ी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकेंगे। सरकार ने 30 दिनों के भीतर शिकायतों के निपटारे का लक्ष्य रखा है। वहीं 551 सरस्वती विद्या निकेतनों में IIT-JEE, NEET समेत प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त कोचिंग देने की तैयारी है।

निवेश और उद्योग पर जोर

बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही 25 नई चीनी मिलें स्थापित करने की योजना है। इनमें पांच मिलों को अगले छह महीने में शुरू करने का लक्ष्य बताया गया है।

बुजुर्गों को घर पर मिलेगी चिकित्सा

80 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की घोषणा की गई है। जिला अस्पतालों में करीब 36 प्रकार की सर्जरी की सुविधा मजबूत करने की भी बात कही गई।

सड़क और शहरों का होगा विस्तार

बिहार में 12 ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना है। इसके अलावा करीब 589 किलोमीटर के एक्सप्रेस-वे और हाई-स्पीड कॉरिडोर पर काम चल रहा है। सोनपुर और अजगैबीनाथ में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की योजना भी प्रस्तावित है।

बिजली और सोलर को लेकर बड़ा प्लान

मुख्यमंत्री ने बताया कि घरेलू उपभोक्ताओं को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है। वहीं 2027 तक 25 लाख घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

2030 तक एक करोड़ युवाओं को रोजगार

सरकार ने 2030 तक एक करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए बिहार युवा नीति बनाने और स्टेट यूथ कमिशन के जरिए इसकी निगरानी की बात कही गई है।

महिलाओं और ग्रामीण छात्रों के लिए राहत

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’ को स्कूटी देकर स्कूल-कॉलेज और सार्वजनिक स्थानों के आसपास तैनात किया जाएगा। वहीं 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज शुरू होने से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों, खासकर बेटियों को घर के नजदीक उच्च शिक्षा का अवसर मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा सोन और फल्गू नदी को जोड़ने की योजना, मोकामा में तिरुपति बालाजी मंदिर, जन शिकायतों के 30 दिनों में समाधान और ग्रीनफील्ड टाउनशिप के लिए बड़े वित्तपोषण जैसे ऐलान भी किए गए हैं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग और आधारभूत ढांचे को नई रफ्तार मिलेगी।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! 15 अगस्त से लागू हुए 3 बड़े बदलाव

पटना। बिहार में 15 अगस्त 2026 से शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था से जुड़े तीन बड़े बदलाव लागू किए गए हैं। सरकार ने अस्पतालों में रेफरल प्रक्रिया को व्यवस्थित करने के साथ स्कूलों में डिजिटल पढ़ाई और शिक्षकों की छुट्टी की प्रक्रिया को भी ऑनलाइन कर दिया है। इन बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाना है।

1 .अस्पतालों में नई रेफरल व्यवस्था

नई नीति के तहत सामान्य मरीजों को बिना उचित कारण बड़े अस्पतालों में भेजने पर संबंधित डॉक्टर या स्वास्थ्यकर्मी पर कार्रवाई हो सकती है। गंभीर मरीजों को रेफर करने से पहले प्राथमिक उपचार देकर उनकी स्थिति स्थिर करने पर जोर दिया गया है।

रेफर किए जाने वाले मरीज की बीमारी, इलाज और रेफरल की वजह की जानकारी भाव्या डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। मरीजों के लिए सरकारी एंबुलेंस की व्यवस्था भी अनिवार्य की गई है। इससे बड़े अस्पतालों में अनावश्यक भीड़ कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

2 .मॉडल स्कूलों में शुरू हुई ई-लर्निंग

बिहार के मॉडल स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए लाइव ऑनलाइन क्लास की सुविधा शुरू की जा रही है। छात्र स्कूल के अलावा भी शिक्षकों से अपने सवाल पूछ सकेंगे। यह सुविधा निशुल्क होगी और इसका लाभ लेने के लिए विद्यार्थियों को संबंधित पोर्टल या मोबाइल ऐप पर पंजीकरण करना होगा।

3 .शिक्षकों की छुट्टी भी अब ऑनलाइन

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों के लिए छुट्टी की प्रक्रिया भी डिजिटल कर दी गई है। 15 अगस्त के बाद अवकाश के लिए ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। छुट्टी मंजूर होने के बाद उसका आदेश भी पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। सरकार के इन बदलावों से स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में कामकाज को अधिक डिजिटल, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।

बिहार में बनेंगे 6 नए एयरपोर्ट, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। राज्य में छह नए एयरपोर्ट विकसित करने की योजना बताई गई है। इससे कई जिलों के लोगों को आने-जाने के लिए बेहतर हवाई सुविधा मिलने की उम्मीद है।

इन इलाकों को मिल सकता है फायदा

प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए मुजफ्फरपुर, सहरसा, बेगूसराय, वीरपुर, रक्सौल और भागलपुर समेत कई क्षेत्रों का जिक्र किया गया है। एयरपोर्ट विकसित होने के बाद इन इलाकों से दूसरे बड़े शहरों तक हवाई संपर्क आसान हो सकता है। इससे व्यापार, पर्यटन और रोजगार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। खासकर कारोबारियों और छात्रों को लंबी दूरी की यात्रा में समय बचाने का फायदा मिल सकता है।

आपात स्थिति में भी काम आएगी सुविधा

सरकार की योजना केवल नियमित हवाई सेवाओं तक सीमित नहीं है। आपात परिस्थितियों में हेलीकॉप्टर उतारने के लिए स्थायी व्यवस्था विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे दुर्घटना, स्वास्थ्य आपातकाल या प्राकृतिक आपदा जैसी परिस्थितियों में राहत और बचाव कार्य तेजी से किया जा सकेगा।

नए एयरपोर्ट से विकास को मिलेगी नई रफ्तार

नए एयरपोर्ट बनने से संबंधित जिलों में बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। बेहतर हवाई संपर्क से निवेश आकर्षित करने, पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय कारोबार को नए बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।

फिलहाल यह योजना विकास और तैयारी के चरण में है। एयरपोर्ट की जगह, निर्माण और उड़ानों को लेकर अंतिम जानकारी संबंधित सरकारी मंजूरियों और आगे की प्रक्रिया के बाद स्पष्ट होगी।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए बागवानी और आधुनिक खेती को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए मुख्यमंत्री राज्य औद्यानिक विकास योजना के तहत किसानों को अलग-अलग फसलों और कृषि उपकरणों पर आर्थिक सहायता दी जा रही है। योजना का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर मिलेगा।

फलदार बाग और ड्रैगन फ्रूट पर बड़ी मदद

आम, अमरूद और पपीता जैसे फलदार पौधों की खेती करने वाले किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता दो चरणों में मिलने का प्रावधान है। वहीं ड्रैगन फ्रूट जैसी विदेशी फसल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को 2.70 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता दी जा रही है। इससे किसान पारंपरिक खेती के साथ अधिक मूल्य वाली फसलों की ओर बढ़ सकेंगे।

सब्जी-मसाले और मशीनों पर भी लाभ

योजना के तहत किसानों को कुछ सब्जियों के निशुल्क बीज और प्लास्टिक क्रेट उपलब्ध कराने का प्रावधान है। प्याज और लहसुन जैसी मसाला फसलों के बीज भी दिए जाएंगे। कद्दूवर्गीय सब्जियों की मचान विधि से खेती करने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता मिल सकती है। इसके अलावा पावर टिलर, स्प्रेयर और मिनी ट्रैक्टर जैसी मशीनों की खरीद पर भी अनुदान दिया जाएगा। मशरूम यूनिट, प्लास्टिक मल्चिंग और फलों को सुरक्षित रखने के लिए फ्रूट बैग जैसी सुविधाओं पर भी सहायता का प्रावधान है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को आधार कार्ड, बैंक पासबुक, जमीन की खतौनी या अन्य भूमि संबंधी दस्तावेज और दो पासपोर्ट साइज फोटो की जरूरत होगी। आवेदन और अपने जिले में उपलब्ध योजनाओं की जानकारी के लिए किसान संबंधित उद्यान विभाग कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। सरकार की इस पहल से किसानों को बागवानी के साथ आधुनिक तकनीक अपनाने और खेती से अतिरिक्त आमदनी बढ़ाने का अवसर मिल सकता है।

बुध-शनि बनाएंगे नवपंचम योग, इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले, मिलेगा बड़ा फायदा

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 17 अगस्त 2026 को बुध और शनि की स्थिति से नवपंचम योग का संयोग बन रहा है। ज्योतिष में बुध को बुद्धि, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है, जबकि शनि मेहनत, अनुशासन और कर्म से जुड़े हैं। ऐसे में इस योग को कुछ राशियों के लिए करियर और कारोबार में अच्छे अवसर देने वाला माना जा रहा है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग करियर में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों को पुराने संपर्कों से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिति मजबूत हो सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध-शनि का यह संयोग विशेष रूप से कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों को इस योग के दौरान अपनी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना होगी। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार में रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में मजबूती देने वाला हो सकता है। शनि की राशि होने के कारण मेहनत और अनुशासन का लाभ मिलने की उम्मीद है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है और व्यापारियों को कोई लाभदायक सौदा मिल सकता है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए नवपंचम योग आर्थिक मामलों में शुभ परिणाम दे सकता है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 15 अगस्त से पूरे देश में लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) पर लगने वाले निर्यात टैक्स में कटौती की है। नया नियम 15 अगस्त 2026 से लागू हो गया है। इस बदलाव से विदेशों में पेट्रोलियम उत्पाद बेचने वाली भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पेट्रोल पर निर्यात टैक्स हुआ शून्य

सरकार के नए आदेश के अनुसार पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला टैक्स 3.5 रुपये प्रति लीटर से घटाकर शून्य कर दिया गया है। वहीं डीजल पर कुल टैक्स को 25.5 रुपये से घटाकर 24 रुपये प्रति लीटर किया गया है। एटीएफ के मामले में भी राहत दी गई है। इसके निर्यात पर टैक्स 22 रुपये से घटाकर 19.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। डीजल पर लागू कुल टैक्स में स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर सेस शामिल हैं।

आम लोगों पर नहीं पड़ेगा सीधा असर

इस फैसले का घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर तत्काल कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि टैक्स में यह बदलाव केवल निर्यात किए जाने वाले पेट्रोलियम उत्पादों पर लागू है। घरेलू ईंधन पर लगने वाले उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसलिए इस फैसले से पेट्रोल-डीजल के खुदरा दाम अपने आप कम नहीं होंगे।

तेल कंपनियों को क्यों मिली राहत?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और रिफाइंड पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में बदलाव को देखते हुए सरकार समय-समय पर निर्यात टैक्स की समीक्षा करती है। हाल में वैश्विक कीमतों में बदलाव के बाद सरकार ने टैक्स दरों में फिर संशोधन किया है।

इस कटौती से विदेशों में पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात करने वाली बड़ी भारतीय रिफाइनरी कंपनियों को कम टैक्स देना पड़ेगा। इससे उनकी निर्यात लागत घटने और अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा बेहतर होने की उम्मीद है। कुल मिलाकर, यह फैसला तेल कंपनियों के लिए राहत वाला है, जबकि घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल-डीजल की मौजूदा कीमतों पर इसका सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा।

रविवार को बनेंगे 2 शुभ योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में लाभ!

राशिफल। 16 अगस्त 2026, रविवार को ज्योतिषीय गणना के अनुसार साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है। पंचांग संबंधी गणनाओं में इस दिन साध्य योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का उल्लेख मिलता है। ज्योतिषीय मान्यता है कि ऐसे शुभ संयोग में किए गए महत्वपूर्ण कार्यों में सफलता की संभावना बढ़ती है। इसका सबसे अच्छा प्रभाव मेष, सिंह, धनु और तुला राशि के जातकों पर पड़ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए रविवार का दिन करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। व्यापारियों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आपकी मेहनत की तारीफ हो सकती है। रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और नए काम शुरू करने का मौका मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह शुभ संयोग भाग्य का साथ दिला सकता है। नौकरी और कारोबार में प्रगति के अवसर मिलेंगे। किसी पुराने काम में सफलता मिलने से आर्थिक लाभ हो सकता है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को करियर में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नई नौकरी या व्यापार से जुड़ा कोई प्रस्ताव सामने आ सकता है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और नए संपर्क भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं।

भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, विदेशी मुद्रा भंडार में बंपर उछाल

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था के लिए अच्छी खबर सामने आई है। 7 अगस्त 2026 को समाप्त हुए सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.136 अरब डॉलर बढ़कर 707.002 अरब डॉलर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, करीब चार महीने बाद भारत का फॉरेक्स रिजर्व एक बार फिर 700 अरब डॉलर के स्तर को पार कर गया है।

चार महीने बाद फिर 700 अरब डॉलर के पार

इससे पहले 17 अप्रैल 2026 को समाप्त सप्ताह में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 703.308 अरब डॉलर दर्ज किया गया था। इसके बाद वैश्विक परिस्थितियों और मध्य पूर्व में तनाव के बीच इसमें गिरावट देखने को मिली थी। अब एक बार फिर इसमें तेज बढ़ोतरी दर्ज की गई है। विदेशी मुद्रा भंडार में हुई यह बढ़ोतरी देश की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान और आयात जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलती है।

विदेशी मुद्रा संपत्ति में भी बढ़ोतरी

RBI के आंकड़ों के अनुसार, फॉरेन करेंसी एसेट्स (FCA) में भी अच्छी वृद्धि हुई है। सप्ताह के दौरान FCA 9.9946 अरब डॉलर बढ़कर 574.625 अरब डॉलर हो गया। इसमें अमेरिकी डॉलर के अलावा यूरो, येन और पाउंड जैसी प्रमुख विदेशी मुद्राएं भी शामिल होती हैं, जिनका मूल्य डॉलर में आंका जाता है।

गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट

जहां विदेशी मुद्रा भंडार में तेजी आई, वहीं भारत के गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में गिरावट दर्ज की गई। इस दौरान गोल्ड रिजर्व करीब 3.995 अरब डॉलर घटकर 108.738 अरब डॉलर रह गया। इसके अलावा स्पेशल ड्रॉइंग राइट्स (SDR) में 79 मिलियन डॉलर की बढ़ोतरी हुई और यह 18.745 अरब डॉलर पर पहुंच गया। 

वहीं अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की रिजर्व पोजिशन 116 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.894 अरब डॉलर हो गई। कुल मिलाकर, विदेशी मुद्रा भंडार का दोबारा 700 अरब डॉलर के पार पहुंचना भारत की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, नागरिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। स्वतंत्रता दिवस के मौके पर उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बताया कि रक्षाबंधन से राज्यभर में 5 हजार महिला पुलिसकर्मियों को स्कूटी के साथ तैनात किया जाएगा। ये महिला पुलिसकर्मी स्कूल-कॉलेजों के आसपास गश्त करेंगी और छात्राओं की सुरक्षा पर नजर रखेंगी।

स्कूल-कॉलेज के आसपास बढ़ेगी सुरक्षा

सरकार की इस पहल का उद्देश्य छात्राओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है। शिक्षण संस्थानों के आसपास महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी बढ़ने से छेड़खानी और मनचलों की गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है। छात्राएं बिना डर के स्कूल और कॉलेज आ-जा सकें, इसी को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की जा रही है।

5 लाख करोड़ के निवेश का लक्ष्य

स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान सरकार ने राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का भी रोडमैप बताया। सरकार का लक्ष्य नवंबर तक बिहार में 5 लाख करोड़ रुपये का निवेश लाना है। बाहर रहकर कारोबार कर रहे बिहार के उद्योगपतियों से भी राज्य लौटकर निवेश करने की अपील की गई है।

5 नई चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी

किसानों और रोजगार से जुड़ी एक और बड़ी घोषणा की गई। राज्य में फिलहाल 10 चीनी मिलें संचालित होने की बात कही गई है। वहीं अगले छह महीनों में 5 और चीनी मिलें शुरू करने की तैयारी है। इससे गन्ना किसानों के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

यूपी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! मछली पालन के लिए 24 अगस्त तक करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मछली पालन से जुड़े लोगों के लिए अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) के तहत लाभ लेने के लिए मत्स्य विभाग ने ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र लोग 24 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।

छह परियोजनाओं के लिए खुले आवेदन

मत्स्य विभाग के अनुसार इस बार योजना के तहत छह अलग-अलग परियोजनाओं के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इनमें बड़े क्षेत्र में तालाब निर्माण, मध्यम आकार की रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (RAS) इकाइयां, रियरिंग यूनिट और महिलाओं के लिए बैकयार्ड RAS यूनिट शामिल हैं। 

इसके अलावा जलाशयों में 65 हजार मत्स्य अंगुलिकाओं का संचय और पारंपरिक मछुआरा परिवारों के लिए 500 आजीविका एवं पोषण सहायता इकाइयों का प्रावधान भी किया गया है।

पोर्टल पर मिलेगी पूरी जानकारी

योजना से जुड़ी परियोजनाओं की लागत, पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी विभागीय पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। जिला स्तर पर भी मत्स्य पालकों और अन्य पात्र लोगों को आवेदन से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

मत्स्य विभाग ने सभी जिलों में योजना का प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक पात्र लोग इसका लाभ उठा सकें। आवेदन करने वाले लोगों को सलाह है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करें और जरूरी दस्तावेजों के साथ समय रहते ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें।

आवेदन के लिए वेबसाइट: http://fisheries.up.gov.in

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान, देशभर के युवाओं के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से देश के युवाओं को लेकर कई बड़ी घोषणाएं कीं। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को अहम बताते हुए उन्हें नई तकनीक और बेहतर शिक्षा के अवसर देने पर जोर दिया।

एक साल में 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग

पीएम मोदी ने ऐलान किया कि आने वाले एक साल में एक करोड़ युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य युवाओं को भविष्य की तकनीक से जोड़ना और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करना है।

परीक्षाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग

प्रधानमंत्री ने गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को बड़ी राहत देने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इससे महंगी निजी कोचिंग का खर्च उठाने में असमर्थ छात्रों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

युवाओं से राष्ट्र निर्माण में योगदान की अपील

पीएम मोदी ने युवाओं से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने खास तौर पर Gen Z और आने वाली युवा पीढ़ी को नई सोच, तकनीकी कौशल और सकारात्मक ऊर्जा के साथ राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का संदेश दिया। इन घोषणाओं को युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के भविष्य के अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।

योगी सरकार का फैसला, यूपीवासियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्षों से गृहकर के बकाये में फंसे लाखों भवन स्वामियों को बड़ी राहत मिलने जा रही है। योगी सरकार की ओर से प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की जा रही है। योजना की शुरुआत 15 अगस्त 2026 से होगी और इसका लाभ 15 दिसंबर 2026 तक उठाया जा सकेगा।

मूल बकाया जमा करने पर ब्याज माफ

ओटीएस के तहत पात्र भवन स्वामियों को लंबित मूल गृहकर, जलकर और सीवरकर जमा करना होगा। मूल राशि जमा करने पर उससे जुड़े ब्याज और सरचार्ज पर 100 प्रतिशत छूट मिलेगी। योजना का लाभ 1 अप्रैल 2026 तक के बकाये पर लिया जा सकेगा।

आवासीय से लेकर व्यावसायिक तक

इस योजना के दायरे में आवासीय, व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां शामिल हैं। व्यक्तिगत करदाताओं के अलावा सरकारी विभाग, स्वायत्तशासी संस्थाएं और सार्वजनिक उपक्रम भी इसका लाभ उठा सकेंगे।

किस्तों में भुगतान की सुविधा

सरकार ने बकाया चुकाने वालों को किस्तों की सुविधा भी दी है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। इसके बाद बाकी राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि पूरा मूल बकाया तीन महीने के भीतर चुकाना जरूरी होगा।

ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन किया जा सकेगा। संबंधित नगरीय निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे। आवेदन मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर निस्तारण करने का प्रावधान है। सरकार का उद्देश्य पुराने बकायेदारों को राहत देने के साथ-साथ नगरीय निकायों की राजस्व वसूली को भी बढ़ाना है। 15 अगस्त से 14 सितंबर तक विशेष जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को योजना की जानकारी दी जाएगी।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की कृपा!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की स्थिति में होने वाला बदलाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। आने वाला समय कुछ जातकों के लिए आर्थिक रूप से बेहद शुभ रहने वाला है। इन राशियों के लोगों को धन लाभ के साथ-साथ करियर और कारोबार में भी तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। मां लक्ष्मी की कृपा से अटके हुए काम पूरे होने और आय के नए स्रोत बनने के योग बन सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में लाभ देने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन का अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को किसी नई डील से फायदा मिलने के संकेत हैं। धन से जुड़ी योजनाओं में सफलता मिल सकती है और परिवार में भी खुशहाली का माहौल रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है। अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने पर फायदा हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे हैं तो अच्छे अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आने वाला समय धन और करियर के लिहाज से शुभ हो सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी में तरक्की या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। परिवार के किसी सदस्य से भी आर्थिक सहयोग मिल सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, राशन कार्ड धारकों के लिए 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने नई डिजिटल सुविधा की शुरुआत की है। अब सरकारी राशन की दुकानों से गेहूं और चावल खरीदने के लिए डिजिटल रुपये यानी CBDC का इस्तेमाल किया जा सकेगा। इस व्यवस्था की शुरुआत सबसे पहले चंडीगढ़ से की गई है। 14 अगस्त 2026 से शुरू हुई इस सुविधा को राशन वितरण प्रणाली में तकनीक के नए इस्तेमाल के तौर पर देखा जा रहा है।

नई व्यवस्था के तहत पात्र लाभार्थियों के डिजिटल वॉलेट में खाद्य सब्सिडी की राशि भेजी जाएगी। राशन की दुकान पर पहुंचने के बाद लाभार्थी QR कोड स्कैन कर डिजिटल रुपये से भुगतान करेगा और इसके बदले निर्धारित मात्रा में अनाज ले सकेगा। चंडीगढ़ में 55 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस सुविधा से जोड़ा गया है। इसके लिए 542 सरकारी राशन दुकानों को डिजिटल सिस्टम से कनेक्ट किया गया है।

सिर्फ राशन खरीदने में इस्तेमाल होगी रकम

डिजिटल वॉलेट में मिलने वाली सब्सिडी की राशि का इस्तेमाल किसी दूसरी चीज की खरीदारी में नहीं किया जा सकेगा। यह रकम केवल निर्धारित खाद्य सामग्री खरीदने के लिए इस्तेमाल होगी। इससे सरकार को सब्सिडी के सही इस्तेमाल की निगरानी करने में मदद मिलेगी और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

इस्तेमाल नहीं किया तो वापस होगी राशि

इस व्यवस्था में एक खास नियम भी रखा गया है। अगर लाभार्थी एक महीने के अंदर डिजिटल वॉलेट में मिली सब्सिडी की पूरी राशि का इस्तेमाल नहीं करता है, तो बची हुई रकम अपने आप सरकारी खाते में वापस चली जाएगी। इससे लेनदेन की डिजिटल निगरानी और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

चंडीगढ़ से शुरू हुआ यह प्रयोग सफल रहने पर भविष्य में देश के अन्य हिस्सों में भी ऐसी डिजिटल राशन व्यवस्था लागू किए जाने की संभावना है। इससे सरकारी सब्सिडी को सही लाभार्थी तक पहुंचाने और राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिला प्रमोशन!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने नायब तहसीलदारों को बड़ी खुशखबरी दी है। राजस्व परिषद की ओर से जारी आदेश के तहत प्रदेश के 332 नायब तहसीलदारों को प्रमोशन देकर तहसीलदार बनाया गया है। इस फैसले के बाद इन अधिकारियों को नए पद के साथ बेहतर वेतनमान का लाभ भी मिलेगा।

लेवल-10 के तहत मिलेगा वेतन

प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों का वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार तय किया जाएगा। इसके तहत उन्हें 56,100 रुपये से लेकर 1,77,500 रुपये तक का वेतनमान मिलेगा। इसके अलावा पद के अनुसार मिलने वाले अन्य सरकारी लाभ भी दिए जाएंगे।

DPC की बैठक में मिली मंजूरी

इन प्रमोशन को लेकर 6 और 7 अगस्त को विभागीय प्रोन्नति समिति (DPC) की बैठक हुई थी। बैठक में 332 नायब तहसीलदारों के प्रमोशन को मंजूरी दी गई। इसके बाद राजस्व परिषद ने प्रमोशन का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया। प्रमोशन पाने वाले अधिकारियों की तैनाती प्रदेश के अलग-अलग जिलों में की गई है। इनमें लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर, आगरा, गोरखपुर, मेरठ और अयोध्या जैसे जिले शामिल हैं।

दो साल का होगा प्रोबेशन पीरियड

प्रमोशन के बाद सभी नवप्रोन्नत तहसीलदारों को दो साल के प्रोबेशन पीरियड में रखा जाएगा। इस दौरान उन्हें निर्धारित विभागीय परीक्षा भी पास करनी होगी। साथ ही उनके कामकाज और प्रदर्शन की समीक्षा की जाएगी। प्रोबेशन अवधि सफलतापूर्वक पूरी करने और जरूरी शर्तें पूरी करने के बाद उन्हें नियमानुसार स्थायी किया जाएगा। वहीं, यदि किसी अधिकारी का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो नियमों के तहत उसे वापस नायब तहसीलदार के पद पर भेजा जा सकता है।

8th Pay Commission: पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, बदल सकती है पेंशन की गणना

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनर्स की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। पेंशनर और कर्मचारी संगठनों ने सरकार से मांग की है कि आयोग के Terms of Reference (ToR) में पेंशन और फैमिली पेंशन के संशोधन को स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए।

पुराने पेंशनर्स को लेकर उठी मांग

पेंशनर संगठनों की सबसे बड़ी चिंता उन केंद्रीय कर्मचारियों को लेकर है, जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं। संगठनों का कहना है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स का ToR में स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए, ताकि भविष्य में पेंशन संशोधन को लेकर किसी तरह की परेशानी न हो। उनका कहना है कि पेंशन और फैमिली पेंशन में संशोधन को आयोग के अधिकार क्षेत्र में साफ तौर पर दर्ज किया जाना जरूरी है।

पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी?

फिलहाल यह तय नहीं है कि 8वें वेतन आयोग के बाद पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम पेंशन और नई पेंशन राशि को लेकर कई तरह के आंकड़े सामने आ रहे हैं, लेकिन अभी इन्हें अंतिम नहीं माना जा सकता। आयोग की सिफारिशें आने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सरकार के मुताबिक, 31 दिसंबर 2025 तक करीब 33.76 लाख केंद्रीय सरकारी पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स थे। इसमें रक्षा पेंशनर्स शामिल नहीं हैं।

रिपोर्ट आने के बाद साफ होगी तस्वीर

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट आने की संभावित समयसीमा मई 2027 के आसपास बनती है। फिलहाल पेंशनर्स के लिए सबसे अहम मांग यही है कि पुराने पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स को पेंशन संशोधन के दायरे में स्पष्ट रूप से शामिल किया जाए। हालांकि, पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी और नई गणना किस आधार पर होगी, इसका अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर! स्मार्ट मीटर को लेकर नया आदेश

पटना। बिहार में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा निर्देश दिया है। ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य सरकार को पत्र भेजकर सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम तेज करने को कहा है। मंत्रालय का कहना है कि स्मार्ट मीटर से बिलिंग व्यवस्था अधिक पारदर्शी होगी और उपभोक्ता अपनी बिजली खपत पर बेहतर नजर रख सकेंगे।

नेटवर्क वाले इलाकों में स्मार्ट मीटर जरूरी

केंद्र के निर्देश के मुताबिक जिन इलाकों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां बिजली उपभोक्ताओं को निर्धारित भारतीय मानकों के अनुरूप स्मार्ट मीटर के जरिए बिजली आपूर्ति की जानी है। यह व्यवस्था प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के बिजली कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं पर लागू हो सकती है।

मोबाइल से देख सकेंगे बिजली की खपत

स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को अपनी बिजली खपत की निगरानी करने में आसानी होगी। इससे वे यह समझ सकेंगे कि किस समय और कितनी बिजली खर्च हो रही है। खपत का पता चलने पर उपभोक्ता जरूरत के अनुसार बिजली इस्तेमाल को नियंत्रित कर सकेंगे।

बिजली कंपनियों को भी होगा फायदा

स्मार्ट मीटर से केवल उपभोक्ताओं को ही नहीं, बल्कि बिजली वितरण कंपनियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। सटीक मीटरिंग और बेहतर निगरानी से बिलिंग व्यवस्था में सुधार होगा और बिजली वितरण से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।

बिहार में 92 लाख घरों में लग चुका मीटर

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 2.11 करोड़ बताई गई है। इनमें से लगभग 92 लाख उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। केंद्र सरकार ने राज्य से बाकी उपभोक्ताओं तक भी अभियान को तेजी से पहुंचाने को कहा है।

खुशखबरी की घोषणा, यूपी में फिर आई 1 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने कृषि विभाग में जूनियर इंजीनियर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 134 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

17 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 7 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में केवल वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकेंगे, जो PET-2025 में शामिल हुए हैं और मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट किए गए हैं। भर्ती कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत अवर अभियंता (कृषि) यानी Junior Engineer (Agriculture) पद के लिए है।

134 पदों पर होगा चयन

UPSSSC की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार इस भर्ती में कुल 134 रिक्तियां हैं। चयन प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से निर्धारित मुख्य परीक्षा से संबंधित नियमों और शर्तों का पालन करना होगा।

ऐसे करें आवेदन

आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। इसके बाद संबंधित भर्ती के ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करके मांगी गई जानकारी भरनी होगी। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने और आवेदन शुल्क की प्रक्रिया पूरी करने के बाद फॉर्म सबमिट करना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, जानें पूरी डिटेल्स!

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं, लेकिन चुनाव की तारीख को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। सरकार की ओर से संकेत मिले हैं कि पहले पंचायतों का परिसीमन पूरा किया जाएगा और इसके बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। ऐसे में इस साल पंचायत चुनाव होने की संभावना कम मानी जा रही है।

मौजूदा स्थिति को देखते हुए पंचायत चुनाव 2027 के जुलाई-अगस्त से पहले होने की संभावना कम है। परिसीमन के लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाया जाएगा। इसी के अनुसार पंचायतों की सीमाओं और जनसंख्या से जुड़े बदलाव तय किए जाएंगे।

GIS मैपिंग का काम पूरा होने की ओर

फिलहाल पंचायतों की GIS मैपिंग और जरूरी आंकड़ों को व्यवस्थित करने का काम चल रहा है। 2011 की जनगणना के आधार पर पंचायतों की सीमाओं और राजस्व ग्रामों की स्थिति का मिलान किया जा रहा है। नक्शों में मौजूद गलतियों और सीमाओं से जुड़ी कमियों को भी ठीक किया जाएगा। इसके बाद परिसीमन की प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जाएगा। जनसंख्या के आंकड़ों के आधार पर पंचायतों की नई सीमाएं निर्धारित करने के साथ आरक्षण से जुड़े आंकड़ों को भी तैयार किया जाएगा।

बढ़ सकती है मुखिया की सीटों की संख्या

परिसीमन के बाद पंचायतों की संख्या में बदलाव होने की संभावना है। इसी वजह से मुखिया की सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है। मौजूदा अनुमान के अनुसार मुखिया की कुल सीटें करीब 13 हजार तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अंतिम संख्या परिसीमन पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

चुनाव लड़ने वालों ने शुरू की तैयारी

चुनाव की तारीख अभी तय नहीं हुई है, लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने गांवों में संपर्क बढ़ाना शुरू कर दिया है। बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी धीरे-धीरे तेज हो रहा है। जो लोग मुखिया या पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अपने जरूरी दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए। इनमें मतदाता सूची में नाम, पहचान पत्र, उम्र का प्रमाण, निवास प्रमाण-पत्र, फोटो और शपथ-पत्र जैसे दस्तावेज शामिल हो सकते हैं। आरक्षित सीट होने की स्थिति में संबंधित जाति प्रमाण-पत्र भी जरूरी होगा।

कल से सूर्य का प्रभाव तेज, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में होगा लाभ!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व और करियर का कारक माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति मजबूत होती है तो कई राशियों के जातकों को कार्यक्षेत्र और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कल से सूर्य का प्रभाव तेज होने से 4 राशियों को विशेष लाभ मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के नए रास्ते मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

2. सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा सकता है। कामकाज में आपकी पहचान बढ़ सकती है और अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने के साथ धन संबंधी मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों को करियर के क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। नौकरी में बदलाव या प्रमोशन की संभावना बन सकती है। व्यापार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। आय बढ़ाने के नए साधन भी सामने आ सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव भाग्य को मजबूत करने वाला हो सकता है। नौकरी और कारोबार में सफलता के अवसर मिलेंगे। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है और लंबे समय से अटके किसी काम के पूरा होने की संभावना बन सकती है।

किडनी फेल होने से पहले देता है ये 6 संकेत, न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। किडनी शरीर से अतिरिक्त पानी और अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने के साथ कई जरूरी काम करती है। किडनी की कार्यक्षमता धीरे-धीरे कम होने पर शुरुआत में लक्षण बहुत सामान्य हो सकते हैं, इसलिए लोग अक्सर इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, कुछ बदलाव ऐसे हैं जिन पर समय रहते ध्यान देना जरूरी है।

1. बार-बार पेशाब आना या बदलाव होना

किडनी की समस्या में पेशाब करने की आदत में बदलाव आ सकता है। रात में बार-बार पेशाब के लिए उठना, पेशाब की मात्रा में असामान्य बदलाव या पेशाब में झाग दिखाई देना कुछ मामलों में चेतावनी का संकेत हो सकता है।

2. पैरों और चेहरे पर सूजन

किडनी शरीर से अतिरिक्त तरल पदार्थ बाहर निकालती है। इसकी कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर में पानी जमा हो सकता है, जिससे खासकर पैरों, टखनों, हाथों या आंखों के आसपास सूजन दिखाई दे सकती है।

3. लगातार थकान और कमजोरी

किडनी की बीमारी बढ़ने पर लगातार थकान, कमजोरी या ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। किडनी की खराब कार्यक्षमता के कारण शरीर में अपशिष्ट पदार्थ जमा होने और एनीमिया जैसी समस्या से भी थकान बढ़ सकती है।

4. भूख कम लगना और मतली

किडनी की कार्यक्षमता काफी प्रभावित होने पर शरीर में अपशिष्ट पदार्थ बढ़ सकते हैं। इसके साथ भूख कम लगना, मतली या उल्टी जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

5. त्वचा में खुजली और रूखापन

किडनी की बीमारी बढ़ने पर कुछ लोगों में त्वचा रूखी होने के साथ लगातार खुजली की समस्या भी हो सकती है। हालांकि खुजली के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए इसे अकेले किडनी फेलियर का संकेत नहीं माना जा सकता।

6. सांस फूलना या नींद में परेशानी

किडनी की गंभीर समस्या में शरीर में अतिरिक्त तरल पदार्थ जमा होने से सांस फूलने की समस्या हो सकती है। कुछ लोगों को रात में नींद आने में परेशानी या बेचैनी भी महसूस हो सकती है।

भारत ने कर दिया खेल, रूस खुश, अमेरिका की उड़ी नींद!

नई दिल्ली। भारत की कच्चे तेल की खरीद को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। एक नई आर्थिक रिपोर्ट के मुताबिक, जुलाई 2026 में भारत के कुल क्रूड ऑयल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 52 फीसदी पहुंच गई। यानी भारत ने जुलाई में अपनी कुल तेल जरूरत का आधे से ज्यादा हिस्सा रूस से खरीदा। जून में यह हिस्सेदारी करीब 48.6 फीसदी थी।

यह आंकड़ा ऐसे समय आया है जब रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा है। इसके बावजूद भारत ने सस्ता रूसी तेल खरीदना जारी रखा है।

तेजी से बदला तेल आयात

भारत की तेल खरीद में पिछले कुछ वर्षों में बड़ा बदलाव हुआ है। 2022 में भारत के कुल तेल आयात में रूस की हिस्सेदारी करीब 15 फीसदी थी। 2025-26 में यह बढ़कर लगभग 30 फीसदी हुई और जुलाई 2026 में 52 फीसदी के आसपास पहुंच गई। इसके उलट सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात समेत खाड़ी देशों से भारत की तेल खरीद का हिस्सा घटा है। 2022 में इन देशों की संयुक्त हिस्सेदारी 55 फीसदी से अधिक थी, जो अब 30 फीसदी से नीचे आ गई है।

सस्ता तेल बना बड़ी वजह

रूस से भारत की बढ़ती तेल खरीद के पीछे कीमत एक अहम कारण मानी जा रही है। रूस से मिलने वाला कच्चा तेल कई मौकों पर दूसरे स्रोतों की तुलना में प्रतिस्पर्धी कीमत पर उपलब्ध रहा है। भारत जैसे बड़े तेल आयातक देश के लिए सस्ती खरीद से आयात बिल को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों से जुड़ी अनिश्चितताओं ने भी भारत की तेल खरीद रणनीति को प्रभावित किया है।

अमेरिका की आपत्ति क्यों?

रूस से भारत की बढ़ती तेल खरीद अमेरिका के लिए चिंता का विषय है। अमेरिका रूस की ऊर्जा आय को कम करने के लिए उस पर दबाव बनाए हुए है। इसी बीच रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अतिरिक्त शुल्क या अन्य आर्थिक कार्रवाई की संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हुई है।