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यूपी में रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू, कई जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। वाराणसी मंडल के अंतर्गत औड़िहार जंक्शन और वाराणसी सिटी के बीच तीसरी रेलवे लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो गया है। इस परियोजना के पूरा होने से पूर्वांचल के कई जिलों में रेल यातायात और माल ढुलाई व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह परियोजना यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ ट्रेनों की समयबद्धता सुधारने में भी अहम भूमिका निभाएगी।

31 किलोमीटर से अधिक लंबी बनेगी नई लाइन

औड़िहार और वाराणसी सिटी के बीच करीब 31.36 किलोमीटर लंबी तीसरी रेल लाइन का निर्माण किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 497 करोड़ रुपये से अधिक की लागत आएगी। परियोजना के तहत रेलवे ट्रैक विस्तार, सिग्नल प्रणाली और अन्य तकनीकी कार्यों को भी आधुनिक बनाया जाएगा।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस नई रेल लाइन का फायदा गाजीपुर, मऊ, बलिया, गोरखपुर, भटनी और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को मिलेगा। इसके अलावा कोलकाता रूट पर ट्रेनों का संचालन भी अधिक सुगम होने की संभावना है। रेलवे का मानना है कि नई लाइन बनने के बाद ट्रेनों की आवाजाही में तेजी आएगी और यात्रियों को लंबे इंतजार से राहत मिलेगी।

रोजाना 100 से ज्यादा ट्रेनों का दबाव

औड़िहार-वाराणसी रेलखंड पर वर्तमान में प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। इसमें मालगाड़ियां, एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं। अत्यधिक दबाव के कारण इस रूट पर ट्रेनों के विलंब की समस्या लगातार बनी रहती है। तीसरी लाइन बनने से ट्रैफिक का दबाव कम होगा और संचालन अधिक व्यवस्थित हो सकेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन को लेकर चिंता

रेलवे लाइन के आसपास बसे गोपालपुर, बुढीपुर, रामपुर, इशोपुर और सिधौना गांव के लोगों में जमीन अधिग्रहण को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रशासन ने इस मामले में जिलाधिकारी गाजीपुर को मध्यस्थ की जिम्मेदारी सौंपी है। स्थानीय लोगों की समस्याओं और मुआवजे से जुड़े मुद्दों पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

शुभेंदु सरकार का एक्शन, बंगाल में इन कर्मचारियों पर गिरी गाज

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर बड़े बदलावों का दौर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली सरकार ने एक अहम फैसला लेते हुए गैर-वैधानिक निकायों, बोर्डों और सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत सभी नामित सदस्यों, निदेशकों और अध्यक्षों को तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश जारी किया है।

राज्य सरकार के गृह एवं पर्वतीय मामलों विभाग द्वारा जारी आदेश के बाद प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह फैसला सरकार के बड़े प्रशासनिक पुनर्गठन अभियान का हिस्सा है।

नामित पदाधिकारियों की सेवाएं समाप्त

सरकार की ओर से जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि नामित आधार पर कार्यरत सभी पदाधिकारियों की सेवाएं तत्काल समाप्त की जाती हैं। यह आदेश राज्य के विभिन्न बोर्डों, निगमों और सार्वजनिक उपक्रमों में लागू होगा। रिपोर्ट के अनुसार सरकार प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और नई कार्यशैली लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है।

60 वर्ष से अधिक आयु वाले पर भी कार्रवाई

सरकार ने उन अधिकारियों को भी हटाने का निर्णय लिया है जो सेवानिवृत्ति की आयु पूरी करने के बाद सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति पर काम कर रहे थे। आदेश के मुताबिक अब ऐसे सभी एक्सटेंशन और पुनर्नियोजन तत्काल प्रभाव से समाप्त माने जाएंगे। इस फैसले को राज्य प्रशासन में बड़े बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

पहली कैबिनेट बैठक में कई बड़े फैसले

नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक में भी कई अहम फैसले लिए गए। सीमाई सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बीएसएफ को आवश्यक जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने भूमि एवं राजस्व विभाग को 45 दिनों के भीतर पूरी प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

केंद्र की योजनाओं को तेजी से लागू करने की तैयारी

सरकार ने आयुष्मान भारत योजना को राज्य में लागू करने का भी फैसला लिया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, पीएम श्री योजना, विश्वकर्मा योजना, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला योजना जैसी कई केंद्रीय योजनाओं को तेजी से लागू करने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जिला अधिकारियों को लंबित आवेदनों को जल्द केंद्र सरकार तक भेजने को कहा गया है।

रूस-यूक्रेन जंग पर आया बड़ा मोड़, पुतिन के बयान ने दुनिया को चौंकाया

न्यूज डेस्क। करीब तीन साल से जारी रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर अब एक नई उम्मीद दिखाई देने लगी है। रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पुतिन के हालिया बयान ने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। मॉस्को में 10 मई 2026 को आयोजित विजय दिवस समारोह के दौरान पुतिन ने संकेत दिए कि यह संघर्ष अब धीरे-धीरे अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ सकता है। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है और कई देशों ने इसे शांति की दिशा में अहम संकेत माना है।

रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से चल रही इस जंग ने वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा बाजार और सुरक्षा व्यवस्था पर गहरा असर डाला है। लाखों लोग विस्थापित हुए, हजारों जानें गईं और कई शहर तबाह हो गए। ऐसे में पुतिन का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि अब तक रूस की ओर से युद्ध को लेकर सख्त रुख देखने को मिलता रहा था।

इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की मध्यस्थता में रूस और यूक्रेन के बीच तीन दिनों का अस्थायी युद्ध विराम लागू किया गया है। यह सीजफायर 9 मई से 11 मई तक प्रभावी रहेगा। माना जा रहा है कि यह कदम दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत और तनाव कम करने की दिशा में शुरुआती प्रयास हो सकता है।

जानकारों का मानना है कि यदि यह युद्ध विराम सफल रहता है, तो आगे स्थायी शांति वार्ता का रास्ता खुल सकता है। हालांकि अभी भी कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच गहरे मतभेद बने हुए हैं। यूक्रेन अपनी संप्रभुता और कब्जे वाले क्षेत्रों की वापसी की मांग पर कायम है, जबकि रूस सुरक्षा और रणनीतिक हितों को प्राथमिकता दे रहा है।

दुनिया भर की नजरें अब आने वाले दिनों पर टिकी हैं। यदि बातचीत आगे बढ़ती है तो यह न केवल यूरोप बल्कि पूरी दुनिया के लिए राहत की खबर हो सकती है। फिलहाल पुतिन के बयान और अस्थायी युद्ध विराम ने यह संकेत जरूर दे दिया है कि लंबे समय से जारी इस संघर्ष में अब नया मोड़ आ सकता है।

यूपी में बिजली उपभोक्ता को 5 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। स्मार्ट मीटर और बिजली बिल से जुड़ी लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए ऊर्जा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। अब उपभोक्ताओं की समस्याओं के समाधान के लिए प्रदेशभर में विशेष कैंप और सहायता केंद्र लगाए जाएंगे।

ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि 15 मई से 30 जून तक अधिशासी अभियंता और उपखंड अधिकारी कार्यालयों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों में उपभोक्ताओं की बिजली बिल, स्मार्ट मीटर, रीडिंग और कनेक्शन से जुड़ी समस्याओं का मौके पर समाधान किया जाएगा।

1912 हेल्पलाइन पर भी मिलेगी मदद

सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए 1912 हेल्पलाइन को भी और मजबूत बनाने का फैसला लिया है। उपभोक्ता फोन के जरिए अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे और बिजली बिल से संबंधित जानकारी हासिल कर सकेंगे। इसके अलावा अलग-अलग डिस्कॉम क्षेत्रों के लिए व्हाट्सएप नंबर भी जारी किए गए हैं, जहां उपभोक्ता अपना कनेक्शन नंबर भेजकर बिजली बिल प्राप्त कर सकते हैं।

क्षेत्रवार व्हाट्सएप नंबर

पूर्वांचल : 8010968292

मध्यांचल : 7669003409

पश्चिमांचल : 7859804803

दक्षिणांचल : 8010957826

केस्को कानपुर : 8287835233

स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था खत्म

प्रदेश सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर बड़ा फैसला लेते हुए इसे समाप्त करने की घोषणा की है। तकनीकी दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों को देखते हुए अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में संचालित किए जाएंगे। सरकार के निर्देश के बाद अब तक लगाए गए 83 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर को भी पोस्टपेड मोड में बदला जाएगा। वहीं अब नए बिजली कनेक्शन भी केवल स्मार्ट पोस्टपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।

अब हर महीने मिलेगा नियमित बिल

नई व्यवस्था के तहत मई महीने में उपयोग की गई बिजली का बिल उपभोक्ताओं को 10 जून तक एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेज दिया जाएगा। बिल जमा करने के लिए उपभोक्ताओं को 15 दिन का समय मिलेगा। यदि तय समय में बिल जमा नहीं किया गया तो अगले सात दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा सकती है। बिजली विभाग ने यह भी साफ किया है कि यदि ऑटोमैटिक रीडिंग उपलब्ध नहीं होती है, तो मैनुअल रीडिंग के आधार पर बिल जारी किया जाएगा।

बकाया बिल जमा करने के लिए किस्तों की सुविधा

सरकार ने पुराने बकाया बिल वाले उपभोक्ताओं को भी राहत दी है। घरेलू उपभोक्ता 30 अप्रैल तक के बकाए बिल को 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे, जबकि अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा मिलेगी। ऊर्जा विभाग का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य उपभोक्ताओं की परेशानी कम करना और बिजली सेवाओं को अधिक पारदर्शी एवं आसान बनाना है।

सीएम योगी की बड़ी सौगात: हर ग्राम पंचायत को मिलेगी बस सेवा

लखनऊ। योगी सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन व्यवस्था मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत अब उन ग्राम पंचायतों तक भी बस सेवा पहुंचाने की तैयारी तेज कर दी गई है, जहां अब तक नियमित सार्वजनिक परिवहन की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। सरकार की मंशा है कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों को बेहतर परिवहन नेटवर्क से जोड़ा जाए, ताकि गांवों के लोगों को तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालय तक आने-जाने में आसानी हो सके।

छूटे गांवों के लिए फिर शुरू होगा सर्वे

योजना के तहत पहले जिन मार्गों का चयन किया गया था, उनकी समीक्षा के दौरान कई ऐसी सड़कों को सूची में शामिल पाए जाने की जानकारी सामने आई, जहां पहले से रोडवेज बसों का संचालन हो रहा था। इसके बाद शासन स्तर पर मामले को गंभीरता से लेते हुए दोबारा सर्वे कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। अधिकारियों से कहा गया है कि ग्राम पंचायतों की सूची का मिलान कर नए मार्ग तय किए जाएं, ताकि कोई भी गांव योजना से वंचित न रहे।

ग्रामीणों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

नई योजना के तहत ऐसे मार्गों को प्राथमिकता दी जाएगी, जहां सार्वजनिक परिवहन बेहद सीमित है। सरकार का उद्देश्य गांवों को सीधे तहसील, ब्लॉक और जिला मुख्यालय से जोड़ना है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में काफी सुविधा मिलेगी। खासकर छात्रों, मरीजों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इसका बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

एक वाहन पर ही होगा आवेदन

मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना के तहत वाहन स्वामियों के लिए भी नए निर्देश जारी किए गए हैं। योजना के तहत अब एक व्यक्ति केवल एक बस के लिए ही आवेदन कर सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इससे योजना का लाभ अधिक लोगों तक पहुंच सकेगा और परिवहन व्यवस्था में पारदर्शिता बनी रहेगी।

गांवों की बदल सकती है तस्वीर

सरकार का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर परिवहन सुविधा मिलने से शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों तक पहुंच आसान होगी। इससे गांवों की आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यदि योजना प्रभावी तरीके से लागू होती है तो यह ग्रामीण उत्तर प्रदेश में आवागमन की तस्वीर बदल सकती है और लाखों लोगों को सीधा फायदा मिल सकता है।

गजकेसरी राजयोग का शुभ संयोग, 5 राशियों की किस्मत रातोंरात बदलेगी

राशिफल। 18 मई को बनने जा रहा गजकेसरी राजयोग कई राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब चंद्रमा और गुरु एक साथ किसी राशि में विराजमान होते हैं, तब गजकेसरी राजयोग का निर्माण होता है। इस बार यह शुभ योग मिथुन राशि में बनने जा रहा है, जिसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

मिथुन राशि

गजकेसरी राजयोग का सबसे अधिक लाभ मिथुन राशि वालों को मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ के नए अवसर बनेंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग आर्थिक रूप से शुभ साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। करियर में तरक्की के रास्ते खुलेंगे। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और किसी बड़ी सफलता की खबर मिल सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय करियर और कारोबार में उन्नति लेकर आ सकता है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। विद्यार्थियों के लिए भी समय अच्छा रहेगा। घर-परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए गजकेसरी राजयोग भाग्य का साथ लेकर आएगा। रुके हुए काम तेजी से पूरे हो सकते हैं। नौकरी में प्रमोशन या नई नौकरी मिलने की संभावना है। व्यापार में अच्छा मुनाफा हो सकता है। यात्रा से लाभ मिलने के भी योग हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह राजयोग शुभ समाचार लेकर आ सकता है। आर्थिक लाभ के साथ-साथ करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और परिवार का सहयोग मिलेगा। निवेश और नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है।

CM सम्राट के 3 बड़े फैसले, बिहारवासियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अब आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान को लेकर बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार की ओर से 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत कई नई सुविधाएं शुरू की जा रही हैं, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे और शिकायतों का निपटारा तय समय में हो सकेगा।

1. ‘सहयोग पोर्टल’ की शुरुआत

राज्य सरकार अब लोगों की शिकायतों को ऑनलाइन दर्ज करने के लिए 'सहयोग पोर्टल' शुरू करने जा रही है। इस पोर्टल के माध्यम से बिहार का कोई भी नागरिक घर बैठे अपनी समस्या सरकार तक पहुंचा सकेगा। लोग sahyog.bihar.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कर सकेंगे। सरकार का दावा है कि इससे शिकायतों की निगरानी और समाधान की प्रक्रिया पहले से ज्यादा आसान और पारदर्शी बनेगी।

2. हेल्पलाइन नंबर 1100 होगा शुरू

सरकार की दूसरी बड़ी पहल के तहत 'सहयोग हेल्पलाइन नंबर 1100' लॉन्च किया जाएगा। यह हेल्पलाइन सुबह 8 बजे से शाम 8 बजे तक सक्रिय रहेगी। जो लोग ऑनलाइन शिकायत दर्ज नहीं कर पाएंगे, वे सीधे हेल्पलाइन पर कॉल करके अपनी समस्या बता सकेंगे। इससे ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

3. हर महीने लगेगा ‘सहयोग शिविर’

सरकार ने लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के लिए 'सहयोग शिविर' लगाने का भी फैसला लिया है। हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को यह शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में अधिकारी सीधे जनता की शिकायत सुनेंगे और तत्काल समाधान का प्रयास करेंगे। साथ ही सरकार ने यह भी तय किया है कि दर्ज शिकायतों का निपटारा 30 दिनों के भीतर करना अनिवार्य होगा। समस्या के समाधान के बाद संबंधित व्यक्ति को लिखित जानकारी भी दी जाएगी।

एक्शन मोड में दिख रहे CM सम्राट चौधरी

मुख्यमंत्री बनने के बाद सम्राट चौधरी लगातार प्रशासनिक सुधार और जनसुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दे रहे हैं। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से लोगों को पारदर्शी और जवाबदेह शासन का लाभ मिलेगा। बताया जा रहा है कि यह पहल पहले से लागू 'सात निश्चय-3' कार्यक्रम के तहत शुरू की गई है, जिसमें 'सबका सम्मान, जीवन आसान' को प्रमुख लक्ष्य बनाया गया है।

बिहार के युवाओं को बड़ी सौगात, 2 बड़ी भर्तियों के लिए फॉर्म भरना शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। राज्य में दो बड़ी भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एक तरफ बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने होमगार्ड विभाग में हवलदार इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती निकाली है, वहीं बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने इंस्ट्रक्टर के सैकड़ों पदों पर आवेदन मांगे हैं। दोनों भर्तियों में हजारों अभ्यर्थियों को नौकरी पाने का मौका मिलेगा।

BPSSC में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती

बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से अधिनायक अनुदेशक (हवलदार इंस्ट्रक्टर) भर्ती 2026 के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। यह भर्ती बिहार होमगार्ड सेवा संवर्ग के अंतर्गत की जाएगी। आयोग द्वारा कुल 122 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों का चयन लिखित प्रतियोगिता परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा के आधार पर होगा। लिखित परीक्षा 100 अंकों की होगी, जबकि फिजिकल टेस्ट भी 100 अंकों का रखा गया है।

आवेदन की महत्वपूर्ण जानकारी

आवेदन शुरू : 1 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि : 1 जून 2026

आवेदन माध्यम : ऑनलाइन

शैक्षणिक योग्यता : 12वीं पास

वेतनमान : लेवल-4 पे मैट्रिक्स के अनुसार

BTSC में 726 इंस्ट्रक्टर पदों पर बंपर भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने इंस्ट्रक्टर के 726 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा से जुड़े युवाओं के लिए बड़ी सौगात मानी जा रही है। इन पदों के लिए ग्रेजुएट, डिप्लोमा और आईटीआई पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। चयनित उम्मीदवारों को करीब 34,800 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा।

भर्ती से जुड़ी अहम बातें

कुल पद : 726

आवेदन शुरू : 15 अप्रैल 2026

आवेदन की अंतिम तिथि : 15 मई 2026

आयु सीमा : 18 से 37 वर्ष

योग्यता : ग्रेजुएट, डिप्लोमा या आईटीआई

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

राज्य में एक साथ दो बड़ी भर्तियों के शुरू होने से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह देखा जा रहा है। खास बात यह है कि दोनों भर्तियों में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऐसे में 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और आईटीआई धारकों तक को सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिल रहा है।

रोज खाएं 2 केला, सिर्फ 15 दिन में शरीर में दिखेगा गजब का बदलाव

हेल्थ डेस्क। केला एक ऐसा फल है जो लगभग हर मौसम में आसानी से मिल जाता है और पोषण से भरपूर माना जाता है। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर कोई व्यक्ति रोजाना 2 केले खाता है, तो कुछ ही दिनों में शरीर में सकारात्मक बदलाव महसूस हो सकते हैं। खासकर 15 दिनों तक नियमित रूप से केला खाने से ऊर्जा, पाचन और शरीर की कार्यक्षमता पर अच्छा असर पड़ सकता है।

शरीर को मिलती है भरपूर एनर्जी

केला प्राकृतिक ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें कार्बोहाइड्रेट और प्राकृतिक शुगर मौजूद होती है, जो शरीर को तुरंत ताकत देने में मदद करती है। यही वजह है कि खिलाड़ी और जिम जाने वाले लोग भी इसे अपनी डाइट में शामिल करते हैं। सुबह या वर्कआउट से पहले केला खाने से शरीर में दिनभर ऊर्जा बनी रह सकती है।

पाचन तंत्र होता है मजबूत

केले में फाइबर की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो पाचन को बेहतर बनाने में मदद करती है। नियमित रूप से केला खाने से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है और पेट साफ रहने में मदद मिलती है। जिन लोगों को गैस या अपच की शिकायत रहती है, उनके लिए भी केला फायदेमंद माना जाता है।

दिल की सेहत के लिए लाभकारी

केले में पोटैशियम भरपूर मात्रा में होता है, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। इससे हृदय पर दबाव कम पड़ता है और दिल की सेहत बेहतर बनी रह सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित मात्रा में केला खाना शरीर में सोडियम के असर को कम करने में भी मदद करता है।

कमजोरी और थकान होगी कम

अगर शरीर में लगातार कमजोरी या थकान महसूस होती है, तो केला फायदेमंद साबित हो सकता है। इसमें मौजूद विटामिन और मिनरल शरीर को ताकत देने का काम करते हैं। लगातार 15 दिन तक नियमित सेवन करने से शरीर ज्यादा एक्टिव और फिट महसूस कर सकता है।

मूड भी हो सकता है बेहतर

केले में ट्रिप्टोफैन नामक तत्व पाया जाता है, जो शरीर में सेरोटोनिन बनाने में मदद करता है। इसे 'हैप्पी हार्मोन' भी कहा जाता है। इससे तनाव कम करने और मूड बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए

हालांकि केला सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन डायबिटीज या किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के बाद ही इसका सेवन करना चाहिए।

बिहार सरकार का फैसला, पुलिस व्यवस्था में बड़ा बदलाव लागू

पटना। बिहार सरकार ने पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव करते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अलग कैडर को समाप्त करने का फैसला लिया है। अब इस विभाग में कार्यरत अधिकारी सीधे बिहार पुलिस सेवा के तहत माने जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह कदम पुलिस व्यवस्था को अधिक संगठित और एक समान बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सरकारी आदेश के अनुसार निगरानी विभाग में तैनात DSP, इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर स्तर के अधिकारियों को बिहार पुलिस के समान पदों में समायोजित किया जाएगा। यानी अब इन अधिकारियों की सेवा अलग संवर्ग में नहीं मानी जाएगी, बल्कि वे सामान्य बिहार पुलिस ढांचे का हिस्सा होंगे।

अधिकारियों की सेवा पर नहीं होगा असर

राज्य सरकार ने साफ किया है कि इस बदलाव से किसी भी अधिकारी की नौकरी, सीनियरिटी, प्रमोशन या अनुभव पर कोई असर नहीं पड़ेगा। अब तक की सेवा अवधि को पूरी तरह मान्य माना जाएगा। सरकार ने यह भी कहा है कि अधिकारियों को उनकी मूल नियुक्ति तिथि के आधार पर ही पुलिस सेवा में समायोजित किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो।

क्यों लिया गया यह फैसला?

रिपोर्ट के मुताबिक लंबे समय से अलग-अलग पुलिस संवर्गों के कारण प्रशासनिक समन्वय में दिक्कतें सामने आ रही थीं। ट्रांसफर, पोस्टिंग और कैडर प्रबंधन को लेकर कई स्तरों पर जटिलताएं बढ़ रही थीं। इसी को देखते हुए सरकार ने निगरानी विभाग के अलग ढांचे को खत्म करने का निर्णय लिया। सरकार का मानना है कि एकीकृत पुलिस व्यवस्था बनने से प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत होगा और अधिकारियों की तैनाती प्रक्रिया अधिक आसान हो सकेगी।

भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई जारी रहेगी

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि निगरानी विभाग की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी। रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई, ट्रैप और जांच की प्रक्रिया पर कोई असर नहीं पड़ेगा। हाल के समय में निगरानी विभाग ने कई अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की थी। ऐसे में सरकार ने यह संदेश देने की कोशिश की है कि विभाग की ताकत कम नहीं की जा रही, बल्कि केवल प्रशासनिक ढांचे में बदलाव किया जा रहा है।

पुलिस व्यवस्था में दिख सकता है बड़ा असर

इस फैसले से बिहार पुलिस के अंदर बेहतर तालमेल और प्रशासनिक सरलता आ सकती है। अलग संवर्ग खत्म होने से भविष्य में सेवा प्रबंधन और नियंत्रण प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो सकती है। अब देखने वाली बात यह होगी कि सरकार इस नए सिस्टम को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है और इसका पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर क्या असर पड़ता है।

केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी, इन कर्मियों की बढ़ी सैलरी, 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली। देशभर के लाखों श्रमिकों और कर्मचारियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाली नई न्यूनतम मजदूरी दरों का ऐलान कर दिया है। इस फैसले के बाद रेलवे, निर्माण, सफाई, लोडिंग-अनलोडिंग और सुरक्षा सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी।

सरकार की ओर से यह संशोधन वेरिएबल डियरनेस अलाउंस (VDA) में बदलाव के कारण किया गया है। महंगाई बढ़ने के साथ श्रमिकों की आय को संतुलित रखने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है।

महंगाई बढ़ने से बढ़ा भत्ता

नई मजदूरी दरों के पीछे सबसे बड़ा कारण महंगाई को माना जा रहा है। कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिसंबर 2025 तक CPI का स्तर बढ़ने के बाद श्रमिकों के महंगाई भत्ते यानी VDA में संशोधन किया गया, जिसका सीधा फायदा कर्मचारियों की जेब पर पड़ेगा।

रेलवे, गोदाम और सफाई कर्मचारियों की नई मजदूरी

Category A (दिल्ली, मुंबई जैसे बड़े शहर)

बेसिक मजदूरी: ₹523 प्रतिदिन

VDA: ₹304

कुल मजदूरी: ₹827 प्रतिदिन

Category B (राजधानी और बड़े औद्योगिक शहर)

बेसिक मजदूरी: ₹437 प्रतिदिन

VDA: ₹256

कुल मजदूरी: ₹693 प्रतिदिन

Category C (छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्र)

बेसिक मजदूरी: ₹350 प्रतिदिन

VDA: ₹206

कुल मजदूरी: ₹556 प्रतिदिन

सिक्योरिटी गार्ड्स की सैलरी में बड़ा इजाफा

बिना हथियार वाले सिक्योरिटी गार्ड

Category A: ₹1,008 प्रतिदिन

Category B: ₹918 प्रतिदिन

Category C: ₹781 प्रतिदिन

हथियारबंद सिक्योरिटी गार्ड (Armed)

Category A: ₹1,094 प्रतिदिन

Category B: ₹1,008 प्रतिदिन

Category C: ₹918 प्रतिदिन

शहरों के हिसाब से तय होती है मजदूरी

श्रम मंत्रालय ने शहरों को तीन श्रेणियों में बांटा है। 

Category A: दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु जैसे महानगर

Category B: लखनऊ, अहमदाबाद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर

Category C: छोटे शहर और ग्रामीण इलाके

इन्हीं श्रेणियों के आधार पर मजदूरी तय की जाती है।

श्रमिकों को मिलेगी आर्थिक राहत

दरअसल, नई मजदूरी दरें बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों को राहत देने का काम करेंगी। इससे निम्न आय वर्ग के कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। साथ ही, मजदूरी बढ़ने से बाजार में खर्च करने की क्षमता भी बढ़ेगी, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों को 8 बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग से बदल जाएगी पूरी सैलरी स्लिप

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग उम्मीदों की नई किरण बनकर सामने आ रहा है। अभी भले ही आयोग के गठन और सिफारिशों को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार हो, लेकिन कर्मचारियों के बीच इसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। 

माना जा रहा है कि 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर सरकार नया वेतन आयोग लागू करती है तो कर्मचारियों की आय और सुविधाओं में कई बड़े सुधार संभव हैं। आइए जानते हैं वे 8 बड़ी खुशखबरियां, जिनकी सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है।

1. बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा

8वें वेतन आयोग की सबसे बड़ी उम्मीद बेसिक वेतन में बढ़ोतरी को लेकर है। माना जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में बड़ा उछाल आ सकता है। इससे कुल मासिक वेतन भी काफी बढ़ जाएगा।

2. महंगाई भत्ते में नया फॉर्मूला

महंगाई को देखते हुए DA यानी महंगाई भत्ते की गणना में बदलाव किया जा सकता है। इससे कर्मचारियों को बढ़ती महंगाई से राहत मिलने की उम्मीद है।

3. पेंशनर्स को भी बड़ा फायदा

8वें वेतन आयोग का लाभ सिर्फ कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। पेंशनर्स की न्यूनतम पेंशन बढ़ने की संभावना है, जिससे रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

4. HRA और ट्रैवल अलाउंस में बढ़ोतरी

माना जा रहा है कि मकान किराया भत्ता (HRA) और यात्रा भत्ता (TA) में भी संशोधन हो सकता है। महानगरों में रहने वाले कर्मचारियों को इससे विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है।

5. फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की चर्चा

कर्मचारी संगठन लंबे समय से फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर इसमें बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों की सैलरी स्लिप पूरी तरह बदल सकती है और हाथ में आने वाली रकम में बड़ा अंतर दिख सकता है।

6. प्रमोशन और वेतन संरचना में सुधार

नई वेतन व्यवस्था में प्रमोशन से जुड़े नियमों और वेतन संरचना को अधिक पारदर्शी और आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे कर्मचारियों के करियर ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा।

7. नई भत्तों की संभावना

तकनीक और बदलती कार्यशैली को देखते हुए कुछ नए भत्ते भी जोड़े जा सकते हैं। विशेष रूप से डिजिटल और तकनीकी कार्यों से जुड़े कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है।

8. कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी

अगर वेतन और भत्तों में बड़ा इजाफा होता है तो कर्मचारियों की क्रय शक्ति बढ़ेगी। इसका असर बाजार और अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक रूप में देखने को मिल सकता है।

कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें

केंद्रीय कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए नए वेतन आयोग की जरूरत महसूस की जा रही है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार आने वाले समय में इस दिशा में जल्द बड़ा फैसला ले सकती है।

महालक्ष्मी राजयोग का बड़ा असर: 5 राशियों पर बरसेगा धन, खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 14 मई को मेष राशि में शुक्र और बुध की युति होने जा रही है। ज्योतिष में शुक्र को धन, वैभव, सुख और ऐश्वर्य का कारक माना जाता है, वहीं बुध बुद्धि, व्यापार और संवाद क्षमता के ग्रह हैं। इन दोनों ग्रहों की युति से बनने वाला महालक्ष्मी राजयोग बेहद शुभ माना जा रहा है।

इस राजयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। इन राशियों को धन लाभ, करियर में सफलता, व्यापार में तरक्की और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि में ही यह युति बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों को सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि के संकेत हैं। व्यापार करने वालों को नए प्रोजेक्ट और आर्थिक लाभ मिल सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह राजयोग आर्थिक मामलों में शुभ परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। बुध आपकी राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए यह युति आपके लिए विशेष लाभकारी रहेगी। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यापार में अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई अवसर प्राप्त हो सकते हैं। मित्रों और परिवार का सहयोग मिलेगा। निवेश से भी फायदा हो सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को करियर और शिक्षा के क्षेत्र में शानदार परिणाम मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और अधिकारी भी प्रभावित रहेंगे। धन लाभ के योग बन रहे हैं। किसी बड़ी योजना में सफलता मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए यह समय सकारात्मक रहेगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए महालक्ष्मी राजयोग वैवाहिक और आर्थिक जीवन में खुशियां लेकर आ सकता है। शुक्र आपकी राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए इस युति का असर आपके लिए शुभ माना जा रहा है। व्यापार में विस्तार होगा और साझेदारी से लाभ मिल सकता है। नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह राजयोग नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। करियर में प्रगति होगी और लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिल सकती है। धन संचय करने में सफलता मिलेगी। संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। यात्रा से भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

मौसम का तूफानी वार! बिहार के 19 जिलों में आंधी-पानी का हाई अलर्ट

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है। राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार उत्तर बिहार के 19 जिलों में आंधी, बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान हवाओं की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

19 जिलों में आंधी-पानी का खतरा

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि उत्तर बिहार के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश देखने को मिल सकती है। इन इलाकों में मेघ गर्जन और वज्रपात की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।

मौसम के पीछे क्या हैं कारण

मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है। इसके साथ ही मध्य और ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में अस्थिरता देखी जा रही है। यही वजह है कि बिहार में आंधी और बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं।

तापमान में उतार-चढ़ाव

राज्य के दक्षिणी जिलों जैसे कैमूर, रोहतास, बक्सर, औरंगाबाद और गया में अगले कुछ दिनों में तापमान में 1 से 2 डिग्री की वृद्धि हो सकती है। वहीं रविवार को कई जिलों में तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। पटना का अधिकतम तापमान 33.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि भभुआ में 38.4 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे अधिक गर्मी दर्ज की गई।

प्री-मानसून में रिकॉर्ड बारिश

बीते 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई है। पूर्णिया के जलालगढ़ में 35 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। खास बात यह है कि प्री-मानसून सीजन में अब तक सामान्य से लगभग 193 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है, जो मौसम के असामान्य व्यवहार को दर्शाता है।

LPG सिलेंडर को लेकर बड़ा अपडेट, उपभोक्ता ध्यान दें!

नई दिल्ली। देश में LPG सिलेंडर की डिलीवरी व्यवस्था को और सुरक्षित बनाने के लिए अब DAC (Delivery Authentication Code) सिस्टम पूरी तरह लागू किया जा रहा है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गैस सिलेंडर सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे और किसी भी तरह की हेराफेरी या गलत डिलीवरी को रोका जा सके।

DAC कोड से होगी सही डिलीवरी की पहचान

नए सिस्टम के तहत हर LPG सिलेंडर डिलीवरी के साथ एक विशेष कोड दिया जाता है, जिसे DAC कहा जाता है। यह कोड उपभोक्ता के मोबाइल पर SMS के जरिए भेजा जाता है और डिलीवरी के समय ही इसका उपयोग किया जाता है। इससे यह सुनिश्चित होता है कि सिलेंडर उसी व्यक्ति को मिले जिसने बुकिंग की है।

कंपनियों की सख्त चेतावनी

HP Gas, Bharat Gas और Indane जैसी कंपनियों ने उपभोक्ताओं को इस सिस्टम के बारे में जागरूक रहने की अपील की है। कंपनियों का कहना है कि आधिकारिक मैसेज हमेशा तयशुदा sender ID से ही आता है और उसमें ही सही DAC कोड शामिल होता है। कंपनियों ने यह भी साफ किया है कि किसी भी स्थिति में उनके कर्मचारी फोन कॉल, WhatsApp या किसी लिंक के जरिए OTP या DAC कोड नहीं मांगते।

फर्जी मैसेज और साइबर फ्रॉड का खतरा

नई व्यवस्था के साथ ही साइबर ठग भी सक्रिय हो गए हैं। फर्जी मैसेज भेजकर लोगों से गलत तरीके से OTP या कोड लेने की कोशिश की जा रही है। ऐसे मामलों में कई उपभोक्ता ठगी का शिकार हो सकते हैं यदि वे बिना जांच किए जानकारी साझा कर देते हैं।

असली और फेक मैसेज की पहचान कैसे करें

विशेषज्ञों के अनुसार उपभोक्ताओं को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए:

मैसेज हमेशा आधिकारिक sender ID (जैसे HP Gas, Indane, Bharat Gas के नाम से) से ही आया हो। 

मैसेज में सही बुकिंग या इनवॉइस नंबर मौजूद हो।  .

केवल 4 या 6 अंकों का DAC कोड हो और उसे सिर्फ डिलीवरी के समय उपयोग करने की बात कही गई हो। 

किसी भी संदिग्ध लिंक या जल्दबाजी वाले निर्देशों पर भरोसा न करें। 

DAC या OTP तभी साझा करें जब डिलीवरी बॉय आपके घर सिलेंडर लेकर आ चुका हो।

ट्रंप की कड़ी चेतावनी: अमेरिकी सेना तुरंत करेगी कार्रवाई, ईरान पर बढ़ा दबाव

न्यूज डेस्क। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर तेज हो गया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में एक साक्षात्कार में दावा किया है कि अमेरिका ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम भंडार पर लगातार कड़ी नजर रखे हुए है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई भी व्यक्ति या ताकत इन परमाणु ठिकानों के पास पहुंचने की कोशिश करती है, तो उसे तुरंत अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

स्पेस फोर्स की निगरानी का दावा

ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी स्पेस फोर्स इन संवेदनशील ठिकानों पर लगातार नजर बनाए हुए है। उनके अनुसार, अमेरिका की निगरानी क्षमता इतनी उन्नत है कि किसी भी गतिविधि को तुरंत ट्रैक किया जा सकता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस सिस्टम के जरिए किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की पहचान तक संभव है।

ईरान की सैन्य ताकत पर सवाल

अपने बयान में ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर बताया। उन्होंने कहा कि ईरान की नौसेना, वायुसेना और रक्षा प्रणाली पहले की तुलना में काफी हद तक निष्क्रिय हो चुकी है। उनके अनुसार, यदि मौजूदा स्थिति बनी रहती है, तो ईरान को दोबारा सैन्य रूप से मजबूत होने में लंबा समय लग सकता है।

सैन्य रणनीति और कार्रवाई का संकेत

ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी सेना ने अब तक अपने कई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक प्रभावित किया है। उन्होंने संकेत दिया कि जरूरत पड़ने पर आने वाले समय में और भी सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं। उनके बयान से यह स्पष्ट हुआ कि अमेरिका इस क्षेत्र में अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखे हुए है।

परमाणु कार्यक्रम पर ट्रंप की सख्त रुख

ट्रंप ने एक बार फिर ईरान के परमाणु कार्यक्रम का विरोध किया। उन्होंने कहा कि किसी भी 'जोखिम भरे शासन' को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उनके अनुसार, यह न केवल मध्य पूर्व बल्कि इजरायल और वैश्विक सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है।

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री के नए नियम लागू, धोखाधड़ी पर लगेगी रोक

राशिफल। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य जमीन लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज और विवादों को कम करना है। यह व्यवस्था फिलहाल वैकल्पिक रूप से 15 मई से लागू की जा रही है।

खरीद से पहले मिलेगी पूरी जानकारी

नई व्यवस्था के तहत अब रैयत जमीन खरीदने से पहले अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी से उस जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे खरीदार को रजिस्ट्री से पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति पता चल जाएगी।

10 दिनों में देना होगा जवाब

अगर कोई व्यक्ति जमीन से जुड़ी जानकारी मांगता है तो संबंधित अंचलाधिकारी या राजस्व अधिकारी को 10 दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद ही जमीन का निबंधन किया जाएगा, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बन सके।

धोखाधड़ी और विवादों पर लगेगी रोक

इस व्यवस्था से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जमीन खरीदने से पहले ही उसकी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। इससे फर्जी दस्तावेज, दोहरी बिक्री और मालिकाना विवाद जैसी समस्याओं पर काफी हद तक रोक लगेगी।

जमीन की मिलेंगी अहम जानकारियां

नई प्रणाली के तहत खरीदार को जमीन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी, जैसे जमीन का वर्तमान मालिक कौन है, क्या वह जमीन सरकारी तो नहीं है, उस पर कोई ऋण या बकाया तो नहीं है, और क्या पहले उसका लेन-देन हो चुका है या नहीं।

पहले की व्यवस्था से मिलेगा सुधार

पहले की व्यवस्था में कई बार निबंधन के बाद ही जमीन से जुड़े विवाद सामने आते थे, जिससे लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ती थी। नई व्यवस्था से यह समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है, क्योंकि अब जानकारी पहले ही उपलब्ध होगी।

पुरानी प्रक्रिया भी रहेगी जारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जो लोग पुरानी प्रक्रिया के तहत निबंधन कराना चाहते हैं, उनके लिए वह विकल्प भी जारी रहेगा। नई व्यवस्था को धीरे-धीरे लागू किया जा रहा है ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।

तेज गर्मी का तोड़! लू से बचने के लिए जरूर पिएं ये 4 देसी पेय पदार्थ

हेल्थ डेस्क। गर्मी का मौसम जैसे-जैसे अपने चरम पर पहुंच रहा है, वैसे-वैसे लू और डिहाइड्रेशन का खतरा भी बढ़ता जा रहा है। तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण शरीर में पानी की कमी, थकान और चक्कर जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। ऐसे में विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इस मौसम में कुछ पारंपरिक और देसी पेय पदार्थों का सेवन करके शरीर को ठंडा और हाइड्रेटेड रखा जा सकता है।

1. छाछ

छाछ गर्मी के मौसम का सबसे असरदार पेय माना जाता है। यह न सिर्फ शरीर को ठंडक देता है बल्कि पाचन तंत्र को भी मजबूत करता है। इसमें मौजूद प्रोबायोटिक्स पेट की समस्याओं को दूर रखने में मदद करते हैं। रोजाना एक गिलास छाछ का सेवन लू से बचाव में सहायक माना जाता है।

2. बेल का शरबत

बेल का शरबत गर्मियों में बेहद फायदेमंद माना जाता है। यह शरीर को अंदर से ठंडा रखता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है। आयुर्वेद में बेल फल को प्राकृतिक कूलेंट कहा गया है, जो लू के असर को कम करने में मदद करता है।

3. नींबू पानी

नींबू पानी सबसे सरल और असरदार पेय है, जो शरीर में इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी और नमक-चीनी का मिश्रण शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और थकान को कम करता है।

4. आम पना

कच्चे आम से बना आम पना गर्मियों में बेहद लोकप्रिय पेय है। यह शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ लू से भी बचाव करता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।

गर्मी में सावधानी जरूरी

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में हल्का भोजन करना, पर्याप्त पानी पीना और दोपहर के समय धूप में बाहर निकलने से बचना बेहद जरूरी है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को लू से अधिक खतरा रहता है, इसलिए उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

UPSC Recruitment 2026: 45 पदों के लिए करें आवेदन

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने वर्ष 2026 के लिए नई भर्ती अधिसूचना जारी कर दी है, जिसमें कुल 45 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। यह भर्ती ट्रांसलेटर, असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर सहित विभिन्न ग्रुप ‘A’ और ग्रुप ‘B’ राजपत्रित पदों के लिए निकाली गई है। इस अवसर को देशभर के योग्य उम्मीदवारों के लिए एक महत्वपूर्ण करियर मौका माना जा रहा है।

9 मई 2026 से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 29 मई 2026 निर्धारित की गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए विभिन्न शैक्षणिक योग्यताओं वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इनमें स्नातक (बैचलर डिग्री), बीए, बीटेक/बीई, डिप्लोमा, बी.लिब, एमई/एमटेक जैसी योग्यताएं शामिल हैं। अलग-अलग पदों के अनुसार पात्रता मानदंड निर्धारित किए गए हैं।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी?

उम्मीदवारों का चयन शॉर्टलिस्टिंग के आधार पर किया जाएगा। इसमें शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आवश्यक होने पर रिक्रूटमेंट टेस्ट शामिल होगा। इसके बाद चयनित उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट के आधार पर किया जाएगा।

ऑनलाइन करें आवेदन

इस भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को यूपीएससी के ओआरए पोर्टल के जरिए फॉर्म भरना होगा। किसी अन्य माध्यम से किए गए आवेदन मान्य नहीं होंगे।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में विभिन्न पद शामिल हैं, जिनमें प्रमुख रूप से ट्रांसलेटर, असिस्टेंट माइनिंग इंजीनियर और अन्य ग्रुप ‘A’ व ‘B’ गजेटेड पद शामिल हैं। विस्तृत जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में उपलब्ध है।

आधिकारिक वेबसाइट: https://www.upsc.gov.in

खुशखबरी का ऐलान! कानपुर-लखनऊ लाइन पर रेल सेवाएं 14 मई से फिर होंगी चालू

न्यूज डेस्क। कानपुर से लखनऊ के बीच सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। लंबे समय से जारी ट्रेनों के निरस्तीकरण और रूट बदलाव की समस्या अब 14 मई से खत्म होने जा रही है। रेलवे ने घोषणा की है कि इस तारीख से कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर सभी प्रभावित ट्रेनों का संचालन फिर से सामान्य कर दिया जाएगा।

गर्डर बदलने के काम के कारण था ब्लॉक

रेलवे ने 2 अप्रैल से कानपुर में डाउन लाइन पर गंगा नदी के पुल के गर्डर बदलने का काम शुरू किया था। इस कारण सुबह 9:30 बजे से शाम 5:30 बजे तक इस रूट पर ट्रेनों का संचालन बंद था। इसके चलते कई प्रमुख ट्रेनें या तो रद्द हो रही थीं या फिर बदले हुए मार्ग से चल रही थीं।

यात्रियों को हो रही थी भारी परेशानी

इस ब्लॉक के कारण यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। शताब्दी एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें मुरादाबाद के रास्ते चलाई जा रही थीं, जिससे यात्रा समय में लगभग दो घंटे की देरी हो रही थी। वहीं लखनऊ-झांसी इंटरसिटी जैसी कई ट्रेनें बीच रास्ते में ही निरस्त करनी पड़ रही थीं।

14 मई से फिर सामान्य होगा संचालन

रेलवे अधिकारियों के अनुसार गर्डर लांचिंग का काम तय समय पर पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद 13 मई तक चल रहा ब्लॉक समाप्त कर दिया जाएगा और 14 मई से कानपुर-लखनऊ रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही सामान्य कर दी जाएगी।

प्रमुख ट्रेनें फिर से चलेंगी अपने पुराने रूट पर

बहाली के बाद शताब्दी एक्सप्रेस, एलटीटी-लखनऊ एसी एक्सप्रेस, गरीब रथ सहित कई ट्रेनें फिर से कानपुर होकर लखनऊ आएंगी। इससे यात्रियों को समय पर और सुगम यात्रा का लाभ मिलेगा।

रेलवे ने किया समय पर काम पूरा करने का लक्ष्य

रेलवे अधिकारियों और इंजीनियरिंग टीम ने इस परियोजना की लगातार निगरानी की। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निरीक्षण किया गया ताकि काम समय पर पूरा हो सके। रेलवे बोर्ड स्तर तक इस कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही थी। अब ट्रेनों के संचालन के सामान्य होने से न केवल रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को राहत मिलेगी, बल्कि गर्मी के सीजन में बढ़ने वाली भीड़ के बीच अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनों के संचालन में भी आसानी होगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 4 श्रम संहिताएं लागू, कर्मचारियों को बड़ा फायदा

नई दिल्ली। भारत के श्रम सुधार इतिहास में एक अहम कदम उठाते हुए केंद्र सरकार ने चार नई श्रम संहिताओं को पूरे देश में लागू कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस फैसले के बाद अब इनके नियम भी अधिसूचित कर दिए गए हैं, जिससे इनके पूर्ण क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है। इस कदम का उद्देश्य श्रमिकों को बेहतर वेतन, सुरक्षा और सामाजिक संरक्षण देना है, साथ ही देश में कामकाज की प्रक्रिया को अधिक सरल और पारदर्शी बनाना है।

29 पुराने कानून खत्म, अब सिर्फ 4 श्रम संहिताएं

सरकार ने पहले लागू 29 अलग-अलग श्रम कानूनों को समाप्त कर उन्हें चार सरल और संगठित संहिताओं में समेट दिया है। ये चार संहिताएं श्रमिकों और नियोक्ताओं दोनों के लिए नियमों को आसान बनाती हैं और व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देती हैं।

वेतन संहिता से मिलेगा समय पर और न्यूनतम वेतन

नई व्यवस्था में वेतन संहिता के तहत सभी कर्मचारियों को समय पर वेतन और न्यूनतम मजदूरी की गारंटी दी गई है। इससे अब किसी भी श्रमिक को वेतन भुगतान में देरी या असमानता की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।

औद्योगिक संबंध संहिता से विवादों का आसान समाधान

औद्योगिक संबंध संहिता कंपनियों और कर्मचारियों के बीच होने वाले विवादों के समाधान को अधिक सरल और तेज बनाती है। इससे औद्योगिक माहौल में स्थिरता और भरोसा बढ़ेगा।

सामाजिक सुरक्षा संहिता से असंगठित क्षेत्र को राहत

इस संहिता का सबसे बड़ा फायदा असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को मिलेगा। इसके तहत पेंशन, बीमा और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों का दायरा बढ़ाया गया है, जिससे करोड़ों श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा।

सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान

व्यावसायिक सुरक्षा और स्वास्थ्य संहिता कार्यस्थलों पर सुरक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर कार्य वातावरण सुनिश्चित करने पर केंद्रित है। इससे दुर्घटनाओं में कमी और कामकाजी जीवन की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है।

आर्थिक विकास और रोजगार को बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन सुधारों से न केवल श्रमिकों की स्थिति बेहतर होगी, बल्कि देश में निवेश बढ़ेगा और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। आसान नियमों से व्यापार करना सरल होगा, जिससे अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

बिहार में जमीन खरीदने वालों के लिए 5 बड़ी खबर, सभी जान लें!

पटना। बिहार में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित होने जा रही है। राज्य सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है, जिसके तहत जमीन की रजिस्ट्री से पहले खरीदार को उस जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसका उद्देश्य फर्जीवाड़ा रोकना और जमीन विवादों को कम करना है।

रजिस्ट्री से पहले जरूरी होगी पूरी जानकारी

नई व्यवस्था के अनुसार, अब किसी भी जमीन की रजिस्ट्री से पहले आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल पर जमीन से जुड़ी 13 महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज करनी होंगी। इनमें खाता, खेसरा, रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी और विक्रेता की विस्तृत जानकारी शामिल होगी। इसके साथ ही जरूरी दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड करने होंगे।

अंचल अधिकारी करेंगे दस्तावेजों की जांच

आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अंचल अधिकारी सभी दस्तावेजों की जांच करेंगे। वे यह सुनिश्चित करेंगे कि जमीन विवादित तो नहीं है, उस पर कोई बैंक लोन या कानूनी रोक तो नहीं लगी है। सरकार ने इस पूरी जांच प्रक्रिया के लिए 10 दिनों की समयसीमा तय की है।

खरीदार को पहले ही मिलेगा पूरा सच

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि खरीदार को जमीन खरीदने से पहले ही उसकी वास्तविक स्थिति की पूरी जानकारी मिल जाएगी। अगर किसी जमीन पर विवाद, लोन या सरकारी रोक होगी, तो वह पहले ही सामने आ जाएगा। इससे धोखाधड़ी और गलत सौदों पर रोक लगेगी।

जमीन विवादों में आएगी कमी

सरकार का मानना है कि राज्य में अधिकतर जमीन विवाद अधूरी या गलत जानकारी के कारण होते हैं। नई व्यवस्था से दस्तावेजों की पारदर्शिता बढ़ेगी और विवादों में कमी आएगी। यह कदम सात निश्चय-3 योजना के तहत लिया गया है।

प्रक्रिया होगी और आसान

सरकार ने रजिस्ट्री प्रक्रिया को और आसान बनाने के लिए मोबाइल यूनिट की भी व्यवस्था की है। इससे लोगों को कई स्तरों पर सुविधा मिलेगी और काम तेजी से होगा। अधिकारियों को नई प्रणाली का प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।

पीएम मोदी की देशवासियों से 6 बड़ी अपील, हर नागरिक के लिए अहम संदेश

नई दिल्ली।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक जनसभा के दौरान देशवासियों से कई महत्वपूर्ण अपीलें कीं। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय आर्थिक चुनौतियों, महंगाई और अंतरराष्ट्रीय तनावों के दौर से गुजर रही है। ऐसे समय में सिर्फ सरकार के प्रयास काफी नहीं हैं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी भी बेहद अहम हो जाती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देशभक्ति केवल सेना तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी में देशहित को प्राथमिकता देना भी राष्ट्रसेवा का ही एक रूप है। उन्होंने ऊर्जा बचत, स्वदेशी अपनाने और संसाधनों के समझदारी से उपयोग पर जोर दिया।

1. ईंधन बचाएं, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएं

प्रधानमंत्री ने पेट्रोल और डीजल की बढ़ती खपत को लेकर चिंता जताई। उन्होंने लोगों से जहां संभव हो वहां मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने की अपील की। इसके अलावा कार-पूलिंग को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि ईंधन की बचत हो सके। उन्होंने माल ढुलाई में रेलवे को प्राथमिकता देने और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने पर भी जोर दिया।

2. विदेशी मुद्रा बचाने की अपील

प्रधानमंत्री ने कहा कि गैर-जरूरी विदेश यात्राओं और विदेश में शादियों पर होने वाले खर्च से देश की विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। उन्होंने लोगों से 'वेड इन इंडिया' और घरेलू पर्यटन को बढ़ावा देने की अपील की। साथ ही कम से कम एक साल तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी टालने की सलाह दी, ताकि आयात खर्च कम हो सके।

3. स्वदेशी उत्पादों को दें प्राथमिकता

पीएम मोदी ने लोगों से रोजमर्रा की जिंदगी में 'मेड इन इंडिया' उत्पादों का उपयोग बढ़ाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि जूते, बैग, कपड़े और अन्य घरेलू सामान में स्वदेशी उत्पाद अपनाने से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

4. ऑनलाइन कामकाज और ईंधन बचत पर जोर

प्रधानमंत्री ने कोविड काल के दौरान अपनाई गई अच्छी आदतों को जारी रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन मीटिंग और वर्चुअल कॉन्फ्रेंस जैसी व्यवस्थाओं से समय और ईंधन दोनों की बचत होती है। इससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम करने में भी मदद मिल सकती है।

5. किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने की सलाह

किसानों से संवाद करते हुए प्रधानमंत्री ने रासायनिक उर्वरकों का उपयोग कम करने और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि खेती में डीजल पंप की जगह सोलर पंप का उपयोग बढ़ाना चाहिए। इससे किसानों की लागत कम होगी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

6 .सेहत और बचत दोनों पर जोर देने की अपील 

प्रधानमंत्री ने खाने के तेल की खपत कम करने की सलाह भी दी। उनका कहना था कि इससे न केवल आयात खर्च कम होगा, बल्कि लोगों की सेहत भी बेहतर रहेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके देश की आर्थिक मजबूती में योगदान दिया जा सकता है।

सामूहिक जिम्मेदारी निभाने का संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साफ कहा कि वैश्विक संकट के इस दौर में देश को मजबूत बनाने के लिए हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। उनका मानना है कि यदि लोग ऊर्जा बचत, स्वदेशी अपनाने और संसाधनों का जिम्मेदारी से उपयोग करने की दिशा में कदम बढ़ाते हैं, तो भारत आर्थिक चुनौतियों का बेहतर तरीके से सामना कर सकेगा।

केंद्र सरकार का डबल तोहफा: लाखों मजदूरों और कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों कामगारों और नौकरीपेशा लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। केंद्र सरकार श्रम नियमों में बड़े बदलाव की तैयारी कर रही है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी, ओवरटाइम, छुट्टियों और काम के घंटों से जुड़ी व्यवस्था में अहम परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

सरकार का कहना है कि नए नियमों का मकसद कर्मचारियों को बेहतर सुरक्षा, पारदर्शिता और आर्थिक मजबूती देना है। लंबे समय से श्रम कानूनों को सरल और आधुनिक बनाने की मांग उठ रही थी, जिसके बाद अब नई व्यवस्था को लागू करने की दिशा में तेजी दिखाई दे रही है।

ओवरटाइम करने पर मिलेगा ज्यादा पैसा

नए नियमों के तहत सबसे बड़ा बदलाव ओवरटाइम भुगतान को लेकर माना जा रहा है। यदि किसी कर्मचारी से तय समय से ज्यादा काम कराया जाता है, तो कंपनी को अतिरिक्त भुगतान करना होगा। बताया जा रहा है कि ओवरटाइम का पैसा सामान्य वेतन से अधिक दर पर दिया जाएगा। इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त काम का बेहतर लाभ मिल सकेगा। सरकार ने यह भी साफ किया है कि किसी भी कर्मचारी से उसकी सहमति के बिना ज्यादा समय तक काम नहीं कराया जा सकेगा।

काम के घंटों पर तय होगी सीमा

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के साप्ताहिक काम के घंटों को लेकर भी स्पष्ट नियम बनाए जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि कर्मचारियों पर जरूरत से ज्यादा काम का दबाव न पड़े और उन्हें पर्याप्त आराम और निजी समय मिल सके। इससे काम और निजी जीवन के बीच बेहतर संतुलन बनने की उम्मीद जताई जा रही है।

समय पर सैलरी देना होगा अनिवार्य

नए श्रम नियमों में कंपनियों के लिए समय पर वेतन भुगतान करना अनिवार्य बनाया जा सकता है। यदि किसी संस्थान द्वारा वेतन देने में देरी की जाती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। साथ ही कर्मचारियों के बैंक खाते में सीधे सैलरी भेजने की व्यवस्था को भी बढ़ावा दिया जा रहा है ताकि भुगतान प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

महिलाओं और वरिष्ठ कर्मचारियों को फायदा

नई व्यवस्था में महिला कर्मचारियों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए जा सकते हैं। समान काम के लिए महिला और पुरुष कर्मचारियों को बराबर वेतन देना अनिवार्य होगा। इसके अलावा वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार का मानना है कि इससे कार्यस्थलों पर सुरक्षा और समानता को बढ़ावा मिलेगा।

कंपनियों और कर्मचारियों दोनों को राहत

लंबे समय से अलग-अलग श्रम कानूनों के कारण कंपनियों और कर्मचारियों को कई तरह की जटिलताओं का सामना करना पड़ता था। अब सरकार विभिन्न पुराने कानूनों को सरल बनाकर एक व्यवस्थित ढांचा तैयार करना चाहती है। इससे उद्योग जगत में कामकाज को लेकर स्पष्टता बढ़ेगी और कानूनी प्रक्रियाएं भी आसान हो सकेंगी।

लागू होने का इंतजार

हालांकि अभी सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नए नियम पूरी तरह कब लागू होंगे और कर्मचारियों को इसका लाभ कब से मिलना शुरू होगा। कुछ कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नियमों के साथ-साथ उनका सही तरीके से पालन होना भी बेहद जरूरी है। वहीं कई कंपनियां मानती हैं कि इससे कार्य व्यवस्था पहले से ज्यादा आधुनिक और संतुलित बन सकती है।

भारत का दुनिया में बजा डंका, 38 देशों ने बढ़ाया हाथ, अमेरिका-चीन हैरान

नई दिल्ली। भारत लगातार वैश्विक मंच पर अपनी आर्थिक और व्यापारिक ताकत को मजबूत करता जा रहा है। बीते कुछ वर्षों में भारत ने जिस तेजी से दुनिया के बड़े और विकसित देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते यानी एफटीए किए हैं, उसने अंतरराष्ट्रीय व्यापार की तस्वीर बदल दी है। 

रिपोर्ट के मुताबिक अब भारत इन समझौतों का पूरा फायदा उठाने की रणनीति पर तेजी से काम कर रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में भारत के वस्तु और सेवा निर्यात को बढ़ाकर 2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इसी दिशा में केंद्र सरकार ने एफटीए यूटिलाइजेशन प्लान पर काम तेज कर दिया है।

38 देशों के साथ मजबूत हुए व्यापारिक रिश्ते

भारत ने 2021 के बाद से कई बड़े देशों और आर्थिक समूहों के साथ व्यापार समझौते किए हैं। इनमें मॉरीशस, ऑस्ट्रेलिया, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, न्यूजीलैंड, यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ, यूरोपीय संघ, ब्रिटेन और अमेरिका जैसे बड़े साझेदार शामिल हैं। इन समझौतों में कुल 38 देश शामिल हैं, जिनका वैश्विक आयात बाजार करीब 12 ट्रिलियन डॉलर का माना जाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में बड़ी बढ़त मिल सकती है।

इन सेक्टरों को मिलेगा बड़ा फायदा

एफटीए समझौतों का सबसे ज्यादा लाभ भारत के कई प्रमुख उद्योगों को मिलने की उम्मीद है। इनमें कृषि, कपड़ा और परिधान, रत्न एवं आभूषण, चमड़ा उद्योग, इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, रसायन और दवा उद्योग प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों को कई देशों के बाजारों में कम शुल्क या शुल्क-मुक्त पहुंच मिल रही है, जिससे भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी।

सरकार ने तेज की रणनीति

वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल लगातार उद्योग संगठनों, निर्यात परिषदों और व्यापारिक संस्थाओं के साथ बैठकें कर रहे हैं। सरकार चाहती है कि भारतीय कंपनियां इन व्यापार समझौतों का अधिकतम लाभ उठाएं और वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करें। हाल ही में कई उच्चस्तरीय बैठकों में निर्यात बढ़ाने, उत्पादन क्षमता मजबूत करने और वैश्विक मानकों के अनुसार कारोबार बढ़ाने पर चर्चा हुई।

भारतीय दूतावासों को भी मिली जिम्मेदारी

सरकार ने विदेशों में स्थित भारतीय दूतावासों को भी इस अभियान में शामिल किया है। दूतावासों की जिम्मेदारी होगी कि वे संबंधित देशों में भारतीय उत्पादों के लिए नए अवसर तलाशें, व्यापारिक जानकारी जुटाएं और गैर-टैरिफ बाधाओं को कम कराने में मदद करें। इससे भारतीय निर्यातकों को विदेशी बाजारों तक पहुंच आसान हो सकेगी।

भारत को मिल सकती है नई वैश्विक पहचान

जानकारों का मानना है कि भारत अब केवल सस्ते उत्पादों के निर्यात तक सीमित नहीं रहना चाहता, बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और वैश्विक सप्लाई चेन का अहम हिस्सा बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञों के अनुसार, ये एफटीए भारत को दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच एक भरोसेमंद व्यापारिक साझेदार के रूप में स्थापित करने में मदद कर सकते हैं।

योगी सरकार का बड़ा प्लान, बदल जाएगी गांवों की तस्वीर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास को नई रफ्तार देने के लिए योगी सरकार जल जीवन मिशन 2.0 पर तेजी से काम कर रही है। इस योजना का मकसद सिर्फ गांवों तक नल से पानी पहुंचाना नहीं, बल्कि ग्रामीण जीवन को बेहतर और सुविधाजनक बनाना भी है। सरकार ने इस महत्वाकांक्षी मिशन के लिए 28 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बड़ी व्यवस्था की है, जिससे आने वाले वर्षों में प्रदेश के लाखों गांवों की तस्वीर बदलने की उम्मीद है।

उत्तर प्रदेश के हर घर तक पहुंचेगा स्वच्छ पानी

योगी सरकार का लक्ष्य प्रदेश के 2.62 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है। इसके लिए गांव-गांव पाइपलाइन बिछाने, पानी की टंकियां बनाने और पंप हाउस तैयार करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। सरकार का मानना है कि घर तक साफ पानी पहुंचने से ग्रामीण महिलाओं और बच्चों को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी। रोजाना पानी लाने में लगने वाला समय बचेगा और लोगों की जीवनशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

जल जीवन मिशन 2.0 को मिली नई रफ्तार

उत्तर प्रदेश सरकार और केंद्र सरकार के बीच जल जीवन मिशन 2.0 को लेकर समझौता हो चुका है। इसके तहत मिशन की समय सीमा दिसंबर 2028 तक बढ़ा दी गई है। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 13,425 करोड़ रुपये से अधिक का बजट मंजूर किया है, जबकि राज्य सरकार भी करीब 15 हजार करोड़ रुपये खर्च करेगी।

पानी की गुणवत्ता पर रहेगा खास फोकस

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सिर्फ पानी पहुंचाना ही लक्ष्य नहीं है, बल्कि उसकी गुणवत्ता भी सुनिश्चित की जाएगी। विंध्य और बुंदेलखंड जैसे इलाकों में पानी में मौजूद रासायनिक तत्वों की जांच की जाएगी, ताकि लोगों को पीने योग्य सुरक्षित पानी मिल सके। इसके लिए अलग-अलग क्षेत्रों में पानी की नियमित जांच कराने की व्यवस्था बनाई जा रही है।

गांवों को मिलेगी नई जिम्मेदारी

सरकार इस योजना में जनभागीदारी को भी मजबूत कर रही है। गांवों में बनने वाले पंप हाउस, पानी की टंकियां और अन्य जल परियोजनाएं पूरी होने के बाद ग्राम एवं पेयजल स्वच्छता समितियों को सौंप दी जाएंगी। इसके बाद स्थानीय स्तर पर इन व्यवस्थाओं की देखरेख की जाएगी, जिससे योजनाएं लंबे समय तक सुचारु रूप से चल सकें।

पानी के स्रोत बचाने पर भी जोर

सरकार ने इस मिशन में जल संरक्षण को भी प्राथमिकता दी है। कोशिश की जा रही है कि गांवों में बनाए गए बोरवेल और जल स्रोत भविष्य में सूखें नहीं। इसके लिए जल स्रोतों के संरक्षण और रखरखाव पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि आने वाले वर्षों में भी गांवों में पानी की आपूर्ति बाधित न हो।

तेजी से पूरा हो रहा लक्ष्य

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक 2.43 करोड़ से ज्यादा ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन दिए जा चुके हैं। सरकार का दावा है कि वर्ष 2026-27 तक 2.62 करोड़ परिवारों तक जलापूर्ति का लक्ष्य पूरा कर लिया जाएगा। ग्रामीण इलाकों में लगातार चल रहे निर्माण कार्यों को देखकर माना जा रहा है कि आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के गांवों में पानी की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकेंगी।

खुशखबरी! यूपी में PGT, TGT और लाइब्रेरियन पदों पर बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। नवोदय विद्यालय समिति लखनऊ ने विभिन्न शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत PGT, TGT, लाइब्रेरियन और स्टाफ नर्स समेत कुल 217 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं।

उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह शानदार मौका माना जा रहा है। खास बात यह है कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है और इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती

नवोदय विद्यालय समिति की ओर से जिन प्रमुख पदों पर भर्ती निकाली गई है, उनमें पीजीटी, टीजीटी, लाइब्रेरियन और स्टाफ नर्स शामिल हैं। अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग तय की गई है। भर्ती में बीएड, बीएससी, बीसीए, बी.लिब, एमएससी, मास्टर डिग्री और एमई/एमटेक जैसे कोर्स कर चुके अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। कुछ पदों पर अनुभव और जरूरी प्रमाणपत्र भी मांगे गए हैं।

आवेदन की तिथि

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 10 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 18 मई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है।

करें आवेदन

उम्मीदवार नवोदय विद्यालय समिति की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करने होंगे। फॉर्म भरने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती से जुड़ी पात्रता, आयु सीमा और अन्य नियमों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए, ताकि आवेदन में किसी प्रकार की गलती न हो।