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नवरात्रि में बनेगा राजयोगों का महासंयोग, इन 3 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, प्रतिष्ठा, नेतृत्व और मान-सम्मान का कारक माना जाता है। सूर्य के राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। 17 अक्टूबर 2026 को सूर्य के तुला राशि में प्रवेश को लेकर ज्योतिषीय दृष्टि से चर्चा हो रही है। इस दौरान बुध और शुक्र की स्थिति के आधार पर कई ग्रह योगों की बात कही जा रही है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस गोचर का असर कुछ लोगों के करियर, आर्थिक स्थिति और सामाजिक प्रतिष्ठा पर देखने को मिल सकता है। खास तौर पर सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए इसे नए अवसरों से जोड़कर देखा जा रहा है।

1. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर ला सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और उनके काम को पहचान मिलने की संभावना है। कारोबार से जुड़े लोग अपनी योजनाओं को आगे बढ़ाने पर विचार कर सकते हैं। सामाजिक जीवन में भी सक्रियता बढ़ सकती है। हालांकि, बेहतर परिणाम पाने के लिए आत्मविश्वास के साथ धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा।

2. तुला राशि:

सूर्य का तुला राशि में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए महत्वपूर्ण ज्योतिषीय घटना माना जा रहा है। इस दौरान कुछ लोगों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए संपर्क बनाने और कामकाज के विस्तार की दिशा में प्रयास करने का मौका मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना लाभकारी रहेगा। वहीं, आर्थिक मामलों में बजट बनाकर चलना और सोच-समझकर निवेश करना बेहतर होगा।

3. मकर राशि:

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज की योजनाओं को व्यवस्थित करने और नए अवसर तलाशने का हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बेहतर तालमेल बनाने पर ध्यान देना चाहिए। कारोबार करने वाले लोग विस्तार की योजनाओं पर काम कर सकते हैं। यदि कोई पुराना आर्थिक मामला लंबित है, तो उसे सुलझाने के लिए प्रयास किए जा सकते हैं। हालांकि, किसी भी बड़े वित्तीय निर्णय से पहले सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी है।

20 अक्टूबर को शुक्र बनाएंगे मालव्य राजयोग, 4 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को धन, वैभव, प्रेम और सुख-सुविधाओं का कारक माना जाता है। जब शुक्र अपनी स्वराशि या उच्च राशि में कुंडली के केंद्र भाव में स्थित होते हैं, तो मालव्य राजयोग का निर्माण होता है। इस योग को पंचमहापुरुष योगों में से एक माना गया है।

अक्टूबर 2026 में शुक्र के तुला राशि में गोचर को लेकर ज्योतिषीय चर्चाएं हो रही हैं। मान्यता है कि इस ग्रह स्थिति का कुछ राशियों के करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं उन चार राशियों के बारे में, जिन्हें इस योग से लाभ मिलने की संभावना बताई जाती है।

1. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिल सकता है। वहीं, जिम्मेदारियों में बढ़ोतरी के साथ आगे बढ़ने के रास्ते भी खुल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी हो सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों को कारोबार और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रखी जा सकती है। कोई पुरानी योजना दोबारा गति पकड़ सकती है। व्यापार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि, पैसों से जुड़े निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचना चाहिए।

3. तुला राशि

तुला राशि का स्वामी शुक्र है, इसलिए शुक्र की स्थिति को इस राशि के लिए ज्योतिषीय दृष्टि से खास माना जाता है। इस दौरान कुछ लोगों को कामकाज में नए अवसर, कारोबार के विस्तार या आर्थिक योजनाओं में सुधार की संभावना दिख सकती है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने और खर्चों पर नियंत्रण रखने से भी फायदा हो सकता है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों को आर्थिक मामलों और व्यावसायिक गतिविधियों में नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके कामों को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी मेहनत पर ध्यान देना चाहिए, जबकि कारोबारियों को किसी भी नए समझौते से पहले सभी शर्तें अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए।

फेफड़ों के कैंसर के 5 बड़े संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसके शुरुआती चरण में कई बार स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। लेकिन शरीर में होने वाले कुछ बदलावों पर ध्यान देकर समय रहते चिकित्सकीय जांच कराई जा सकती है। लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी और बिना वजह वजन कम होना ऐसे संकेत हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। हालांकि, इन लक्षणों का होना कैंसर की पुष्टि नहीं करता।

1. लंबे समय तक खांसी बने रहना

अगर खांसी कई हफ्तों तक ठीक नहीं हो रही है या पहले से चली आ रही खांसी का स्वरूप बदल गया है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। खासकर धूम्रपान करने वालों को ऐसे बदलावों को गंभीरता से लेना चाहिए।

2. खांसी के साथ खून आना

बलगम में खून दिखाई देना फेफड़ों के कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है। ऐसा होने पर जांच कराने में देरी नहीं करनी चाहिए, भले ही खून की मात्रा कम हो।

3. सांस फूलना या सांस लेने में कठिनाई

चलने-फिरने या रोजमर्रा के सामान्य कामों के दौरान पहले से ज्यादा सांस फूलना भी एक महत्वपूर्ण संकेत हो सकता है। यदि सांस लेने में परेशानी लगातार बनी रहती है, तो चिकित्सकीय जांच कराएं।

4. छाती में लगातार दर्द रहना

छाती में ऐसा दर्द जो गहरी सांस लेने, खांसने या हंसने पर बढ़ जाता है, फेफड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इस तरह के दर्द को केवल सामान्य थकान समझकर अनदेखा नहीं करना चाहिए।

5. बिना वजह वजन घटना और थकान

यदि खानपान या दिनचर्या में कोई बड़ा बदलाव किए बिना वजन कम हो रहा है और लगातार कमजोरी महसूस होती है, तो इसके कारणों की जांच जरूरी है। भूख में कमी और लंबे समय तक थकान बने रहना भी कई बीमारियों के लक्षण हो सकते हैं।

किन लोगों को ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है?

धूम्रपान करने वाले और तंबाकू के धुएं के संपर्क में रहने वाले लोगों में फेफड़ों के कैंसर का जोखिम बढ़ सकता है। इसके अलावा, वायु प्रदूषण और कुछ हानिकारक पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से भी जोखिम प्रभावित हो सकता है।

अगर ऊपर बताए गए लक्षण लगातार बने रहें या बढ़ रहे हों, तो डॉक्टर से संपर्क करें। खांसी में खून आने पर जल्द चिकित्सकीय जांच कराना जरूरी है। सांस लेने में गंभीर परेशानी या छाती में तेज दर्द होने पर आपातकालीन सहायता लें।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में 3 नई भर्ती, युवाओं को मौका

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए तीन अलग-अलग विभागों में भर्ती के अवसर सामने आए हैं। बांदा के स्वास्थ्य विभाग, हाथरस जिला न्यायालय और संत कबीर नगर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण में विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। 

आपको बता दें की इन भर्तियों में मेडिकल प्रोफेशनल, सेवानिवृत्त कर्मचारी और मध्यस्थता से जुड़े अनुभवी लोगों को आवेदन का मौका मिल सकता है। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑफलाइन आवेदन करना होगा।

1. बांदा स्वास्थ्य विभाग में 29 पदों पर भर्ती

मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय, बांदा ने मेडिकल ऑफिसर, लेडी मेडिकल ऑफिसर और जनरल फिजिशियन सहित विभिन्न पदों के लिए 29 रिक्तियों की सूचना जारी की है। नियुक्तियां अनुबंध के आधार पर की जाएंगी। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म और जरूरी दस्तावेज रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से मुख्य चिकित्सा अधिकारी, बांदा के कार्यालय में भेजने होंगे।

पदों की संख्या: 29

योग्यता: MBBS डिग्री और स्टेट मेडिकल फैकल्टी में पंजीकरण

वेतन: 1,00,000 रुपये

आवेदन की अंतिम तारीख: 28 अक्टूबर 2026

चयन प्रक्रिया: मेरिट और निर्धारित नियमों के अनुसार इंटरव्यू

2. हाथरस जिला न्यायालय में 89 रिक्तियां

हाथरस जिला न्यायालय में स्टेनोग्राफर, ग्रुप III और ग्रुप IV के पदों के लिए 89 अस्थायी रिक्तियां निकाली गई हैं। यह भर्ती एक वर्ष के लिए है और इसमें पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आवेदन का अवसर दिया गया है। आवेदन निर्धारित प्रारूप में प्रशासनिक कार्यालय, जनपद न्यायालय, हाथरस में व्यक्तिगत रूप से जमा करना होगा।

पदों की संख्या: 89

किसके लिए: पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी

कार्यकाल: एक वर्ष

आवेदन की अंतिम तारीख: 28 अक्टूबर 2026, शाम 4 बजे तक

चयन प्रक्रिया: इंटरव्यू, पूर्व सेवा रिकॉर्ड और वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट की समीक्षा

3. संत कबीर नगर में मध्यस्थ के 4 पद

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, संत कबीर नगर ने मध्यस्थ (Mediator) के चार पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह नियुक्ति अनुबंध के आधार पर होगी और अनुभवी पेशेवरों को मौका दिया जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट या संत कबीर नगर जिला न्यायालय की वेबसाइट से निर्धारित फॉर्म प्राप्त करना होगा।

पदों की संख्या: 4

अंतिम तारीख: 23 अक्टूबर 2026

आवेदन का तरीका: ऑफलाइन

चयन प्रक्रिया: आवेदन की जांच और इंटरव्यू

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इन परिवारों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। अगर आप अपना घर खरीदने या बनवाने के लिए होम लोन लेने की योजना बना रहे हैं, तो केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 आपके लिए मददगार हो सकती है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को होम लोन के ब्याज पर अधिकतम ₹1.80 लाख तक की सब्सिडी देने का प्रावधान है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और मध्यम आय वाले परिवारों के लिए अपना घर खरीदना आसान बनाना है।

किन परिवारों को मिल सकता है योजना का लाभ?

योजना की ब्याज सब्सिडी स्कीम के अंतर्गत उन परिवारों को लाभ मिल सकता है, जिनकी सालाना घरेलू आय ₹9 लाख तक है। इसके अलावा, मकान की कीमत ₹35 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए और होम लोन की सीमा ₹25 लाख तक निर्धारित है। घर का कारपेट एरिया भी 120 वर्ग मीटर तक होना चाहिए।

होम लोन के ब्याज पर कितनी मिलेगी राहत?

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों के होम लोन के शुरुआती ₹8 लाख पर 4 प्रतिशत की ब्याज सब्सिडी का प्रावधान है। निर्धारित नियमों के अनुसार यह लाभ अधिकतम 12 साल की अवधि के लिए दिया जा सकता है। सब्सिडी की अधिकतम सीमा ₹1.80 लाख है।

ध्यान देने वाली बात यह है कि हर लाभार्थी को पूरी ₹1.80 लाख की राशि मिलना जरूरी नहीं है। वास्तविक लाभ लोन की रकम, अवधि और योजना के नियमों के अनुसार तय होगा। उदाहरण के लिए, ₹20 लाख का होम लोन लेने पर भी सब्सिडी पूरे लोन पर नहीं, बल्कि निर्धारित सीमा के भीतर ही मिलेगी।

लाभार्थियों को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:

EWS: सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख तक।

LIG: सालाना पारिवारिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।

MIG: सालाना पारिवारिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक।

हालांकि, केवल आय सीमा में आने से सब्सिडी मिलना तय नहीं है। आवेदक को योजना की अन्य शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

आवेदन कैसे करें?

प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत ब्याज सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आवेदक को योजना के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसमें अपनी पात्रता जांचने, व्यक्तिगत और होम लोन से जुड़ी जानकारी भरने तथा आवश्यक दस्तावेज जमा करने जैसे चरण शामिल हैं। आवेदन की जांच संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था और योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार की जाती है। पात्रता की पुष्टि होने के बाद ही सब्सिडी की प्रक्रिया आगे बढ़ती है।

यूपी में बारिश और ओले गिरने के आसार, IMD ने जारी किया अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अक्टूबर के मध्य में मौसम करवट ले सकता है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, प्रदेश के कुछ इलाकों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। ऐसे में किसानों और आम लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।

पश्चिमी यूपी के इन जिलों में बारिश के आसार

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 और 16 अक्टूबर को कुछ जगहों पर हल्की या छिटपुट बारिश हो सकती है। मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ और सहारनपुर समेत आसपास के इलाकों में मौसम बदलने की संभावना जताई गई है। वहीं, 15 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर ओले गिरने का भी अंदेशा है।

पूर्वी यूपी में कैसा रहेगा मौसम?

पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी 15 और 16 अक्टूबर को बारिश हो सकती है। हालांकि, प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। रात के तापमान में मामूली गिरावट आने से हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

बारिश और ओलावृष्टि की आशंका को देखते हुए किसानों को कटी हुई फसल खुले में छोड़ने से बचना चाहिए। फसल को सुरक्षित जगह पर रखें या तिरपाल से अच्छी तरह ढक दें, ताकि बारिश से नुकसान कम हो सके।

खराब मौसम में बरतें सावधानी

गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान खुले मैदान में रहने से बचें। सुरक्षित इमारत में शरण लें और पेड़ों या बिजली के खंभों के पास खड़े न हों। मौसम खराब होने पर बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें और स्थानीय मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें।

15 अक्टूबर को बुध-शुक्र की युति, 5 राशियों की चमक सकती है किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, वाणी और व्यापार का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधाओं, प्रेम और ऐश्वर्य से जुड़ा ग्रह है। जब इन दोनों ग्रहों का संयोग होता है, तो इसे लक्ष्मी-नारायण योग के नाम से भी जाना जाता है। 15 अक्टूबर 2026 को ग्रहों की स्थिति के आधार पर इस संयोग को लेकर कई तरह की ज्योतिषीय चर्चाएं हो रही हैं।

1. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने वाला हो सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। वहीं, व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्क बनाने और कामकाज को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अपनी योजनाओं को बेहतर ढंग से लागू करने का मौका मिल सकता है। मेहनत और समझदारी से किए गए काम आगे चलकर लाभ दे सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना फायदेमंद रहेगा।

3. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए करियर में नए रास्ते खुलने की संभावना मानी जा सकती है। नौकरी बदलने या किसी नई योजना पर काम शुरू करने की सोच रहे लोगों को अवसरों पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, किसी भी फैसले से पहले सभी पहलुओं की जांच करना जरूरी होगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को अपने काम में आत्मविश्वास और सक्रियता बनाए रखने की जरूरत होगी। व्यापारियों को नए प्रस्ताव मिल सकते हैं, जबकि नौकरीपेशा लोगों को अपनी योग्यता साबित करने का अवसर मिल सकता है। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातक लंबे समय से चल रहे कामों को आगे बढ़ाने पर ध्यान दे सकते हैं। मेहनत के अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद रखी जा सकती है। कारोबार और पैसों से जुड़े मामलों में उचित योजना बनाने से भविष्य के लिए बेहतर रास्ते तैयार हो सकते हैं।

CM सम्राट ने दी सौगात, बिहार के 2.48 लाख किसानों को मिला पैसा

पटना। बिहार में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों की मदद के लिए राज्य सरकार ने आर्थिक सहायता जारी की है। बाढ़ और लगातार हुई भारी बारिश के कारण जिन किसानों की फसलें बर्बाद हुई थीं, उन्हें कृषि इनपुट अनुदान के जरिए राहत दी जा रही है। इस पहल के तहत 2 लाख 48 हजार 704 किसानों के बैंक खातों में कुल 112.52 करोड़ रुपये भेजे गए हैं।

DBT के जरिए किसानों को मिली सहायता

सरकार ने अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर की है। इसका उद्देश्य फसल खराब होने से आर्थिक परेशानी झेल रहे किसानों को कुछ राहत देना है, ताकि वे खेती से जुड़े जरूरी खर्चों को पूरा कर सकें।

अगली फसल की तैयारी में मिलेगी मदद

बाढ़ और भारी बारिश से फसल को नुकसान होने पर किसानों की आमदनी पर असर पड़ता है। इसके बाद अगली फसल की बुआई, बीज और अन्य कृषि सामग्री का इंतजाम करना भी चुनौती बन जाता है। ऐसे में मिली सहायता किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

किसानों के लिए क्यों अहम है यह राशि?

कृषि इनपुट अनुदान से प्रभावित किसानों को खेती दोबारा शुरू करने और जरूरी संसाधन जुटाने में आर्थिक सहारा मिल सकता है। हालांकि, हर किसान के खाते में कितनी राशि भेजी गई है, इसकी अलग-अलग जानकारी उपलब्ध नहीं है। किसानों को अपने बैंक खाते की जांच करके भुगतान की स्थिति देखनी चाहिए।

यूपी के किसानों के लिए 3 खुशखबरी! सरकार ने किया बड़ा ऐलान, मिलेगा सीधा फायदा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए योगी सरकार ने कृषि उत्पादन बढ़ाने और खेती की लागत कम करने की दिशा में कई अहम कदम उठाए हैं। सरकार ने वर्ष 2026-27 में तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए किसानों को मुफ्त बीज किट देने के साथ कृषि उपकरणों पर सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

किसानों को मिलेंगी 50 लाख मुफ्त बीज किट

सरकार का लक्ष्य तिलहन फसलों का उत्पादन बढ़ाकर 48 लाख टन तक पहुंचाना है। इसके लिए किसानों को 50 लाख मिनी बीज किट वितरित करने की योजना बनाई गई है। इस पहल से किसानों को तिलहन की खेती अपनाने और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

बीज और कृषि यंत्रों पर मिलेगी सब्सिडी

किसानों को राहत देने के लिए सरकार ने बीजों पर 600 करोड़ रुपये और कृषि उपकरणों पर 350 करोड़ रुपये की सब्सिडी का प्रावधान किया है। इससे पात्र किसानों को खेती के लिए जरूरी संसाधन जुटाने में आर्थिक मदद मिल सकती है।

किसानों को सस्ता कर्ज और खाद की सुविधा

सरकार के अनुसार, सहकारी बैंकिंग व्यवस्था से 54 लाख नए किसानों को जोड़ा गया है। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत पात्र किसानों को निर्धारित शर्तों पर रियायती ब्याज दर से ऋण भी उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा, आगामी रबी सीजन के लिए यूरिया और डीएपी का पर्याप्त भंडार रखने पर जोर दिया गया है।

किसानों को क्या होगा फायदा?

इन योजनाओं से किसानों को बीज, कृषि यंत्र और खेती के लिए ऋण प्राप्त करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, मुफ्त बीज किट और सब्सिडी का लाभ लेने के लिए किसानों को संबंधित योजना की पात्रता तथा आवेदन प्रक्रिया की जानकारी कृषि विभाग से प्राप्त करनी चाहिए।

दिल्ली-पटना के बीच चलेगी वंदे भारत स्पेशल ट्रेन, दिवाली-छठ पर यात्रियों के लिए खुशखबरी!

पटना। दिवाली और छठ पूजा पर बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए रेलवे ने नई दिल्ली और पटना के बीच वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल ट्रेन चलाने का फैसला किया है। इस ट्रेन के शुरू होने से दिल्ली, उत्तर प्रदेश और बिहार के यात्रियों को सफर में सुविधा मिलेगी।

16 अक्टूबर से शुरू होगा परिचालन

रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, 16 कोच वाली यह स्पेशल ट्रेन 16 अक्टूबर 2026 से चलनी शुरू होगी। दोनों दिशाओं में इसके 18-18 फेरे निर्धारित किए गए हैं। त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को संभालने के लिए यह सेवा महत्वपूर्ण होगी।

किन शहरों में होगा ठहराव?

इस ट्रेन के मार्ग में अलीगढ़, कानपुर सेंट्रल, प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। इससे इन शहरों के यात्रियों को भी दिल्ली और पटना के बीच यात्रा करने का विकल्प मिलेगा।

दिल्ली से पटना पहुंचने में कितना समय लगेगा?

ट्रेन संख्या 02252 नई दिल्ली से सुबह 8:35 बजे रवाना होकर रात 9:30 बजे पटना पहुंचेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन संख्या 02251 पटना से सुबह 10 बजे चलकर रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। इस तरह दिल्ली से पटना का सफर लगभग 12 घंटे 55 मिनट का होगा, दिए गए समय के अनुसार।

कितना होगा टिकट का किराया?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, एसी चेयर कार का किराया 2,615 रुपये और एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 4,695 रुपये बताया गया है। टिकट बुक करने से पहले रेलवे के आधिकारिक आरक्षण माध्यम पर किराये और उपलब्ध सीटों की पुष्टि जरूर करें।

दिल्ली-यूपी में आज आंधी-तूफान के आसार! मौसम विभाग ने दी चेतावनी

नई दिल्ली। उत्तर भारत में मौसम एक बार फिर करवट ले सकता है। दिल्ली-NCR, उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा समेत कई इलाकों में तेज हवाओं, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम में इस बदलाव से नवरात्रि और रामलीला के आयोजनों पर भी असर पड़ सकता है। ऐसे में लोगों को मौसम का अपडेट देखते रहने की सलाह दी गई है।

दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ आंधी-तूफान आने की आशंका है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अलर्ट के मुताबिक, 15 अक्टूबर तक पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में मौसम खराब रहने की संभावना है। इस दौरान हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

यूपी और राजस्थान में भी बदलेगा मौसम

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नोएडा, गाजियाबाद और हापुड़ जैसे जिलों में तेज हवाएं चलने के संकेत हैं। वहीं, राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में भी 16 अक्टूबर तक मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना

जहां उत्तर भारत में मानसून की वापसी के बाद मौसम बदलने के संकेत हैं, वहीं दक्षिण भारत के कई हिस्सों में उत्तर-पूर्वी मानसून के कारण बारिश तेज हो सकती है। मौसम विभाग ने 19 अक्टूबर तक दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?

आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहना बेहतर है। बिजली चमकने के समय खुले मैदानों से दूर रहें और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान दें। बाहर निकलने से पहले अपने क्षेत्र का ताजा मौसम अपडेट जरूर जांच लें।

दुर्गा पूजा पर 20% बोनस का ऐलान! श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। दुर्गा पूजा से पहले असम के चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चाय बागान मजदूरों को 20 फीसदी विशेष पूजा बोनस देने की घोषणा की है। इस फैसले से राज्य के 800 से अधिक चाय बागानों में काम करने वाले श्रमिकों और उनके परिवारों को त्योहार के दौरान आर्थिक मदद मिलेगी।

किन श्रमिकों को मिलेगा बोनस?

इस घोषणा का लाभ असम के चाय बागानों में काम करने वाले पात्र मजदूरों को मिलेगा। राज्य में चाय उद्योग से बड़ी संख्या में परिवार जुड़े हुए हैं। ऐसे में त्योहार से पहले मिलने वाला बोनस उनके लिए अतिरिक्त आर्थिक सहारा बन सकता है। मुख्यमंत्री के मुताबिक, इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को दुर्गा पूजा का त्योहार अपने परिवार के साथ खुशी और उत्साह से मनाने में मदद करना है।

चाय मजदूरों की क्या है मजदूरी?

असम की ब्रह्मपुत्र और बराक घाटियों में बड़े पैमाने पर चाय की खेती होती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ब्रह्मपुत्र घाटी में श्रमिकों की दैनिक मजदूरी लगभग 280 रुपये और बराक घाटी में करीब 258 रुपये है। हालांकि, वास्तविक भुगतान लागू नियमों और संबंधित श्रेणी के अनुसार अलग हो सकता है। चाय श्रमिक लंबे समय से बढ़ती महंगाई को देखते हुए मजदूरी में और बढ़ोतरी की मांग करते रहे हैं।

त्योहार से पहले मिलेगी आर्थिक राहत

20 फीसदी पूजा बोनस की घोषणा से चाय बागान श्रमिकों को त्योहार की खरीदारी और घरेलू खर्चों में मदद मिल सकती है। बोनस की वास्तविक राशि संबंधित मजदूर की पात्रता और लागू भुगतान नियमों पर निर्भर करेगी। असम सरकार की यह घोषणा चाय बागान श्रमिकों के लिए त्योहार से पहले राहत भरी खबर है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, महंगाई भत्ता बढ़ा, नई दरें लागू

नई दिल्ली। दिवाली से पहले कोल इंडिया के ठेका श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। कंपनी ने खनन कार्यों में लगे श्रमिकों के लिए परिवर्तनशील महंगाई भत्ता (VDA) की नई दरें लागू की हैं। इससे पात्र श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी हुई है। इस फैसले से करीब एक लाख ठेका श्रमिकों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

1 अक्टूबर से लागू हुईं नई दरें

कोल इंडिया की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, मजदूरी की संशोधित दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई हैं और 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। नई दरों में मूल मजदूरी और महंगाई भत्ता दोनों शामिल हैं। श्रमिकों की कुल दैनिक मजदूरी उनकी कार्य श्रेणी के आधार पर निर्धारित की जाएगी।

किस श्रमिक को कितनी मिलेगी मजदूरी?

नई दरों के तहत अलग-अलग श्रेणियों के श्रमिकों की दैनिक मजदूरी में बदलाव किया गया है।

अकुशल श्रमिक: 1,341 रुपये प्रतिदिन।

उच्च कुशल श्रमिक: 1,443 रुपये प्रतिदिन तक।

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, श्रमिकों को उनकी श्रेणी के अनुसार रोजाना 165 से 177 रुपये तक अतिरिक्त मजदूरी का लाभ मिल सकता है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

इस संशोधन का लाभ कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों में खनन से जुड़े कार्य करने वाले पात्र ठेका श्रमिकों को मिलेगा। इनमें कोयला ढुलाई, सफाई, बोरिंग और अन्य खनन संबंधी कामों में लगे कर्मचारी शामिल हो सकते हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द मिलेंगे 2 बड़े तोहफे!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आ रही है। जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी के साथ ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में भी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार महंगाई भत्ते में 4 फीसदी की बढ़ोतरी करती है, तो कर्मचारियों को हर महीने पहले से ज्यादा भत्ता मिल सकता है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम फैसला सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

कितना बढ़ सकता है महंगाई भत्ता?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 60 फीसदी महंगाई भत्ता मिल रहा है। अनुमान के मुताबिक, जुलाई 2026 में इसमें 3 से 4 फीसदी तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसा होने पर DA बढ़कर 63 से 64 फीसदी तक पहुंच सकता है। महंगाई भत्ते का निर्धारण औद्योगिक श्रमिकों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI-IW) के आंकड़ों के आधार पर किया जाता है।

ट्रांसपोर्ट अलाउंस में भी होगा फायदा?

DA बढ़ने पर ट्रांसपोर्ट अलाउंस की कुल राशि में भी बढ़ोतरी हो सकती है। उपलब्ध अनुमानों के अनुसार, पे-लेवल 9 और उससे ऊपर के कर्मचारियों को इसका फायदा मिल सकता है।

अगर DA 4 फीसदी बढ़ता है, तो अनुमानित गणना के मुताबिक:

X श्रेणी के शहरों में: ट्रांसपोर्ट अलाउंस 4,320 रुपये से बढ़कर 4,680 रुपये प्रतिमाह हो सकता है। यानी हर महीने 360 रुपये अतिरिक्त मिल सकते हैं।

Y और Z श्रेणी के शहरों में: यह राशि 2,160 रुपये से बढ़कर 2,340 रुपये प्रतिमाह हो सकती है। यानी हर महीने 180 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

कब होगा अंतिम ऐलान?

केंद्रीय कर्मचारियों को अब सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। महंगाई भत्ते में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी और ट्रांसपोर्ट अलाउंस पर इसका क्या असर पड़ेगा, यह अंतिम सरकारी फैसले के बाद ही पता चलेगा।

ध्यान दें: DA में 3 से 4 फीसदी बढ़ोतरी और TA की नई दरें फिलहाल संभावित अनुमान हैं, इन्हें सरकार की ओर से घोषित अंतिम निर्णय न माना जाए।

खुशखबरी का ऐलान! 10वीं, ITI पास के लिए बंपर भर्ती, करें आवेदन

कानपुर।  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रक्षा मंत्रालय के अधीन Directorate General of Quality Assurance (DGQA) ने टेक्नीशियन के 32 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत योग्य उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का मौका मिलेगा। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है।

32 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती में Technician (Skilled) के 11 पद और Technician (Semi Skilled) के 21 पद शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति कानपुर, नई दिल्ली और शाहजहांपुर जैसे स्थानों पर की जा सकती है। पदों के अनुसार वेतनमान सातवें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स के तहत निर्धारित किया गया है।

आवेदन की तारीख

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 17 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 6 दिसंबर 2026 तक अपना आवेदन भेज सकते हैं। आवेदन साधारण डाक या स्पीड पोस्ट के माध्यम से करना होगा।

कैसे होगा चयन?

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और ट्रेड टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा का आयोजन उत्तर प्रदेश के कानपुर में होगा। चयनित अभ्यर्थियों को दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि पूरी करनी होगी।

कहां से मिलेगी जानकारी?

10वीं और ITI पास उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन से जरूर जांच लें।

यूपी के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी, हर महीने खाते में आएंगे 1500 रुपये

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन योजना से जुड़ी बड़ी राहत की खबर है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वरिष्ठ नागरिकों को आर्थिक सहायता देना है, ताकि उन्हें अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर न रहना पड़े। पेंशन की राशि में बढ़ोतरी होने से बुजुर्गों को काफी राहत मिल सकती है।

हर महीने कितनी मिलेगी पेंशन?

दी गई जानकारी के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन की राशि 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह करने की बात कही गई है। इस हिसाब से पात्र बुजुर्गों को सालाना 18,000 रुपये तक की सहायता मिल सकती है। हालांकि, बढ़ी हुई राशि लागू होने की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

बैंक खाते में कैसे आएगा पैसा?

पेंशन की राशि DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है और बिचौलियों की जरूरत नहीं पड़ती। लाभार्थियों को अपने बैंक खाते की स्थिति नियमित रूप से जांचते रहना चाहिए।

पेंशन के लिए जरूरी शर्तें

योजना का लाभ लेने के लिए बुजुर्गों को निर्धारित पात्रता पूरी करनी होगी। सामान्यतः आवेदक की आयु 60 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और परिवार की आय तय सीमा के भीतर होनी चाहिए। इसके अलावा, बैंक खाते का विवरण सही होना जरूरी है।

पेंशन में किसी तरह की परेशानी से बचने के लिए आधार लिंकिंग, NPCI मैपिंग और आवश्यक e-KYC की स्थिति भी जांच लें। यदि खाते में पेंशन नहीं पहुंच रही है, तो संबंधित समाज कल्याण कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

खुशखबरी की बहार! बिहार में 1 बंपर भर्ती शुरू, 26 अक्टूबर तक मौका

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के जरिए राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी।

प्राथमिक से उच्च माध्यमिक तक मिलेगी नौकरी

इस भर्ती में कक्षा 1 से 5 तक के प्राथमिक विद्यालयों, कक्षा 6 से 8 तक के मध्य विद्यालयों, कक्षा 9 से 10 तक के माध्यमिक विद्यालयों और कक्षा 11 से 12 तक के उच्च माध्यमिक विद्यालयों के पद शामिल हैं। चयन प्रक्रिया प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से पूरी की जाएगी। इसमें प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा शामिल होंगी तथा साक्षात्कार नहीं होगा।

26 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

दी गई जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू है और आवेदन करने की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित है। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना में अपनी योग्यता और अन्य शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए।

कहां से करें आवेदन?

अभ्यर्थी बिहार लोक सेवा आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट bpsconline.bihar.gov.in का इस्तेमाल किया जा सकता है। आवेदन भरते समय आवश्यक जानकारी और दस्तावेज सही-सही दर्ज करना जरूरी है।

शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर है। आवेदन करने से पहले पदों, शैक्षणिक योग्यता और परीक्षा से जुड़े सभी निर्देशों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।

18 अक्टूबर को महाअष्टमी, 5 राशियों के जातकों को मिल सकती है खुशखबरी

राशिफल। शारदीय नवरात्रि में महाअष्टमी का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दिन मां दुर्गा के महागौरी स्वरूप की पूजा की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवसर पर कुछ राशियों के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर मिलने की उम्मीद रखी जा सकती है।

इन 5 राशियों के लिए शुभ रह सकता है समय

1. मिथुन राशि: इस राशि के जातकों को कामकाज में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नई संभावनाओं पर ध्यान देना चाहिए। बातचीत और संपर्कों से लाभ मिलने की उम्मीद हो सकती है।

2. सिंह राशि: सिंह राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां या आगे बढ़ने के अवसर सामने आ सकते हैं। कारोबार करने वालों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर फायदा मिल सकता है।

3. तुला राशि: तुला राशि के जातकों के लिए रुके हुए काम आगे बढ़ाने का अच्छा अवसर बन सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले भविष्य में मददगार साबित हो सकते हैं।

4. धनु राशि: धनु राशि वालों को करियर और पढ़ाई से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। किसी नई योजना पर काम शुरू करने से पहले उसकी पूरी जानकारी लेना बेहतर रहेगा।

5. कुंभ राशि: कुंभ राशि के जातकों को नए विचारों और योजनाओं से आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबार या नौकरी में सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना लाभदायक हो सकता है।

बिहार में जमीन मालिक ध्यान दें! जमाबंदी रद्द करने से पहले होगी पूरी जांच, जानें नए नियम

पटना। बिहार में सरकारी और सार्वजनिक जमीन से जुड़े राजस्व रिकॉर्ड की जांच अब तय प्रक्रिया के तहत की जाएगी। जिन भूखंडों पर निजी व्यक्तियों के नाम जमाबंदी दर्ज है और जिनकी वैधता पर सवाल उठ रहे हैं, उनके मामलों में सीधे रिकॉर्ड हटाने के बजाय पहले दस्तावेजों और कानूनी अधिकारों की पड़ताल होगी।

किन जमीनों पर रहेगी प्रशासन की नजर?

जांच में गैरमजरूआ आम और खास जमीन, खासमहाल भूमि, सरकार के अधीन बकाश्त जमीन, भू-हदबंदी में मिली अतिरिक्त भूमि, कैसर-ए-हिन्द और सार्वजनिक सैरात की जमीन शामिल हो सकती है। ऐसे मामलों में यह पता लगाया जाएगा कि संबंधित व्यक्ति के नाम जमाबंदी किस आधार पर दर्ज की गई थी।

पुराने दस्तावेजों की भी होगी पड़ताल

जांच के दौरान खतियान, सरकारी भूमि रजिस्टर, बंदोबस्ती और पट्टे से जुड़े आदेश, जमीन अधिग्रहण के कागजात, पुराने राजस्व फैसले और अदालत के आदेश देखे जाएंगे। केवल किसी जमीन की श्रेणी या रिकॉर्ड में दर्ज एक प्रविष्टि के आधार पर जमाबंदी को अवैध घोषित नहीं किया जाएगा। वैध अधिकार का दावा करने वाले व्यक्ति के दस्तावेजों पर भी विचार होगा।

बिना सुनवाई रद्द नहीं होगी जमाबंदी

यदि जांच में जमाबंदी बनाए जाने में नियमों के उल्लंघन की आशंका मिलती है, तो अंचल अधिकारी को तथ्यों और प्रमाणों के साथ प्रस्ताव अपर समाहर्त्ता के पास भेजना होगा। इसके बाद बिहार भूमि दाखिल-खारिज अधिनियम, 2011 की धारा 9 और संबंधित नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

संबंधित जमीन मालिक या दूसरे पक्षों को अपना पक्ष रखने और सबूत पेश करने का मौका देना जरूरी होगा। सक्षम प्राधिकारी के आदेश के बाद ही नियमानुसार राजस्व रिकॉर्ड में बदलाव किया जाएगा। इसलिए जमीन से जुड़े कागजात सुरक्षित रखना और जमाबंदी के आधार को स्पष्ट रखना महत्वपूर्ण है।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी, पटना से 4 शहरों तक दौड़ेगी रैपिड रेल

पटना। बिहार में पटना और आसपास के प्रमुख शहरों के बीच आवागमन आसान बनाने की दिशा में पहल की गई है। राज्य सरकार ने क्षेत्रीय रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के चार प्रस्तावित कॉरिडोर की योजना तैयार करने के लिए 31.59 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। इससे पटना को गया, बेगूसराय, मुजफ्फरपुर और आरा से जोड़ने की योजना आगे बढ़ेगी।

इन चार रूटों पर तैयार होगी रिपोर्ट

प्रस्तावित कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (AAR) तैयार करने की जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (NCRTC) को सौंपी गई है। रिपोर्ट में संभावित रूट, स्टेशन, यात्रियों की संख्या और निर्माण लागत जैसे पहलुओं का आकलन किया जाएगा।

योजना के तहत पटना-गया, पटना-बेगूसराय, पटना-मुजफ्फरपुर और पटना-आरा कॉरिडोर पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, इनके अंतिम रूट और स्टेशनों की पुष्टि विस्तृत रिपोर्ट तैयार होने के बाद ही होगी।

नौकरीपेशा लोगों और विद्यार्थियों को लाभ 

RRTS शुरू होने से पटना और आसपास के शहरों के बीच रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों, कारोबारियों और मरीजों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रा का समय घट सकता है और राजधानी में आने-जाने का विकल्प अधिक सुविधाजनक बन सकता है।

फिलहाल यह परियोजना योजना और रिपोर्ट तैयार करने के चरण में है। निर्माण, किराया, ट्रेन की रफ्तार और परिचालन शुरू होने की तारीख को लेकर अंतिम जानकारी आगे की मंजूरी और योजना पर निर्भर करेगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 8 जिलों के किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों को जमीन से जुड़े विवादों और चकबंदी की लंबित प्रक्रियाओं से राहत दिलाने के लिए योगी सरकार ने कदम तेज कर दिए हैं। प्रदेश के आठ जिलों के 11 गांवों में चकबंदी का काम पूरा कर लिया गया है। वहीं, लंबे समय से अटके मामलों को भी जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

वर्षों से अटकी चकबंदी से मिली राहत

चकबंदी आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के अनुसार, कई गांवों में अलग-अलग कारणों से चकबंदी की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही थी। ऐसे में कुछ गांवों को इस प्रक्रिया से बाहर किया गया है, जबकि आठ जिलों के 11 गांवों में चकबंदी पूरी कर दी गई है। इससे संबंधित किसानों को जमीन के मामलों में राहत मिलने की उम्मीद है।

15 अक्टूबर से चलेगा विशेष अभियान

सरकार ने निर्विवाद उत्तराधिकार और जमीन के नामांतरण से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए 15 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को तय समयसीमा में ऐसे मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करना होगा।

पुराने मुकदमों पर भी रहेगा जोर

चकबंदी न्यायालयों में तीन साल से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा गया है। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इस पहल से किसानों को भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में राहत मिलने और लंबे समय से अटके मामलों के जल्द समाधान की उम्मीद है।

यूपी में बुजुर्ग महिलाओं की बल्ले-बल्ले! सरकार के नए फैसले से खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए शुरू की गई मुफ्त बस यात्रा योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। इस सुविधा के चलते परिवहन निगम की बसों में वरिष्ठ महिलाओं की आवाजाही बढ़ी है। आंकड़ों के मुताबिक, योजना शुरू होने के बाद करीब डेढ़ महीने में 10 लाख से ज्यादा महिलाएं मुफ्त यात्रा का लाभ उठा चुकी हैं।

रोजाना 25 हजार तक पहुंची महिला यात्रियों की संख्या

उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम ने बुजुर्ग महिलाओं को मुफ्त सफर की सुविधा देने के लिए 26 अगस्त को लोकमाता अहिल्या बाई मातृ शक्ति यात्रा योजना शुरू की थी। शुरुआत में प्रतिदिन 17 से 18 हजार महिलाओं के बसों में सफर करने का अनुमान था, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर लगभग 25 हजार तक पहुंच गई है।

महिलाओं के साथ सफर करने वाले अन्य यात्रियों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। इसके चलते बसों में रोजाना करीब 50 से 60 हजार अतिरिक्त यात्रियों की बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, महिला यात्रियों को मुफ्त सफर की सुविधा मिलती है, जबकि उनके साथ यात्रा करने वाले सहयात्रियों को टिकट खरीदना पड़ता है।

इन जिलों में योजना का ज्यादा असर

परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह के अनुसार, मुफ्त बस यात्रा का लाभ उठाने के मामले में मुरादाबाद क्षेत्र पहले स्थान पर है। हरदोई दूसरे और इटावा तीसरे स्थान पर है। वहीं, लखनऊ की स्थिति में बदलाव देखने को मिला है। सितंबर में यह आठवें स्थान पर था, लेकिन अक्टूबर में 12वें स्थान पर पहुंच गया।

14 हजार से अधिक बसों में मिल रही सुविधा

परिवहन निगम के पास वर्तमान में 14,150 बसें हैं, जिनमें कुल 7,21,650 सीटें उपलब्ध हैं। मुफ्त यात्रा योजना का उद्देश्य 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को आवागमन में आर्थिक राहत देना और उनके सफर को सुविधाजनक बनाना है। योजना के शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं इसका लाभ उठा रही हैं। यात्रियों की बढ़ती संख्या से साफ है कि वरिष्ठ महिलाओं के बीच मुफ्त बस यात्रा की सुविधा लोकप्रिय हो रही है।

8वां वेतन आयोग: कर्मचारियों को कब मिलेगा एरियर? पिछले 3 वेतन आयोगों का इतिहास जानें

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग से नई सैलरी और एरियर मिलने का इंतजार है। सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर है कि क्या बढ़े हुए वेतन का लाभ 1 जनवरी 2026 से मिलेगा। हालांकि, अभी तक इस तारीख को लेकर अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है। ऐसे में पुराने वेतन आयोगों के अनुभवों से समझना जरूरी है कि एरियर का भुगतान किस तरह किया जाता रहा है।

5वें वेतन आयोग में दो चरणों में मिला बकाया

5वें वेतन आयोग के दौरान कर्मचारियों को एरियर एक साथ देने के बजाय दो वित्त वर्षों में भुगतान किया गया था। इसकी पहली किस्त 1997-98 और दूसरी किस्त 1998-99 में जारी हुई। इस भुगतान का असर सरकारी खजाने पर भी पड़ा।

छठे वेतन आयोग में भी बढ़ा था खर्च

छठे वेतन आयोग के समय भी एरियर का भुगतान सरकारी वित्तीय प्रबंधन के लिहाज से महत्वपूर्ण रहा। पिछले आयोगों के अनुभव बताते हैं कि जब बड़ी संख्या में कर्मचारियों को पिछली तारीख से बढ़े हुए वेतन का लाभ दिया जाता है, तो सरकार पर एकमुश्त अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ सकता है। इसी वजह से वेतन संशोधन की तारीख और भुगतान की व्यवस्था अहम मानी जाती है।

सातवें वेतन आयोग में क्या हुआ था?

सातवें वेतन आयोग ने नए वेतनमान को 1 जनवरी 2016 से प्रभावी करने की सिफारिश की थी। कर्मचारी संगठनों ने इससे पहले की तारीख से लाभ देने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने उसे स्वीकार नहीं किया। इस आयोग ने वेतन निर्धारण के लिए 2.57 का फिटमेंट फैक्टर सुझाया था। इसमें मौजूदा मूल वेतन और महंगाई भत्ते को समायोजित करने के साथ वास्तविक वेतन वृद्धि का प्रावधान भी शामिल था।

8वें वेतन आयोग का एरियर कब से बन सकता है?

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 के आसपास आने की संभावना है। इसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी और लागू करने के संबंध में निर्णय लेगी।

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नए वेतनमान का लाभ 1 जनवरी 2026 से दिया जाए। यदि सरकार इस तारीख को प्रभावी मानकर सिफारिशें लागू करती है, तो कर्मचारियों को बाद में एरियर मिल सकता है। लेकिन अभी यह तय नहीं है कि सरकार किस तारीख से नया वेतनमान लागू करेगी या भुगतान किस तरीके से होगा।

एरियर की रकम किन बातों पर निर्भर करेगी?

एरियर की गणना नई और पुरानी सैलरी के अंतर, लागू होने की तारीख, भत्तों और सरकार द्वारा तय नियमों के आधार पर होगी। इसलिए अभी किसी निश्चित रकम का अनुमान लगाना जल्दबाजी होगी। कर्मचारियों के लिए अहम बात यह है की 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना पर चर्चा जरूर है, लेकिन इसे पक्का सरकारी फैसला नहीं माना जाना चाहिए। वास्तविक स्थिति आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगी।

त्योहारों से पहले दालों को लेकर खुशखबरी! आम लोगों को मिल सकती है महंगाई से राहत

नई दिल्ली। त्योहारों से पहले दालों को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। देश में दालों का उत्पादन बढ़ने के साथ आयात में भी कमी दर्ज की गई है। इससे घरेलू बाजार में दालों की उपलब्धता बेहतर होने की उम्मीद है। हालांकि, आम लोगों को कीमतों में कितनी राहत मिलेगी, यह बाजार की स्थिति और मांग पर निर्भर करेगा।

2025-26 में बढ़ा दालों का उत्पादन

उपलब्ध सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, देश में दालों का उत्पादन 2024-25 के 256.83 लाख टन से बढ़कर 2025-26 में 274.09 लाख टन हो गया। यानी उत्पादन में करीब 17.26 लाख टन की बढ़ोतरी हुई। घरेलू पैदावार बढ़ने से दूसरे देशों से दाल मंगाने की जरूरत कम हुई है।

आयात घटा, निर्यात में बढ़ोतरी

आंकड़ों के अनुसार, दालों का आयात मूल्य 2024-25 के 46,427.60 करोड़ रुपये से घटकर 2025-26 में 31,793.59 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, दालों का निर्यात 855 मिलियन अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 969.53 मिलियन डॉलर हो गया। इस दौरान कुल निर्यात 10.01 लाख टन तक पहुंच गया। चीन, संयुक्त अरब अमीरात, बांग्लादेश, अमेरिका और श्रीलंका प्रमुख निर्यात बाजारों में शामिल रहे।

अरहर, उड़द और मसूर के MSP में बढ़ोतरी

सरकार ने किसानों को बेहतर मूल्य देने और दलहन की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भी बढ़ोतरी की है।

उड़द: MSP 7,400 रुपये से बढ़ाकर 8,200 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।

अरहर: MSP 7,550 रुपये से बढ़ाकर 8,450 रुपये प्रति क्विंटल हुआ।

मसूर: MSP 6,700 रुपये से बढ़ाकर 7,000 रुपये प्रति क्विंटल किया गया।

इस कदम का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना है।

क्या त्योहारों पर सस्ती होंगी दालें?

उत्पादन बढ़ने और आयात घटने से दालों की आपूर्ति को मजबूती मिल सकती है। इससे त्योहारों के दौरान कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है। हालांकि, दालों के खुदरा भाव में वास्तविक गिरावट तभी स्पष्ट होगी, जब बाजार में मांग, उपलब्धता और परिवहन लागत का असर सामने आएगा।

कैंसर, बीपी, शुगर और थायराइड के मरीजों को राहत! 10% तक सस्ती हुईं दवाएं

न्यूज डेस्क। लंबे समय से बीमारियों का इलाज करा रहे मरीजों के लिए राहत की खबर है। जीएसटी दरों में बदलाव के बाद कई जरूरी दवाओं पर टैक्स घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया गया है, जबकि 36 जीवनरक्षक दवाओं को पूरी तरह टैक्स फ्री किया गया है। इससे कैंसर, अस्थमा, ब्लड प्रेशर, शुगर और थायराइड के मरीजों को दवाओं के खर्च में राहत मिल सकती है।

पहले जिन दवाओं पर 12 से 18 प्रतिशत तक जीएसटी लगता था, उनमें से संबंधित श्रेणियों की दवाओं पर अब कम टैक्स देना होगा। दवा कारोबारियों के मुताबिक, नियमित रूप से दवाएं लेने वाले मरीजों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, क्योंकि हर महीने होने वाला खर्च सालभर में बड़ी रकम बन जाता है।

मरीजों को कितनी हो रही बचत?

एक मरीज डायबिटीज, ब्लड प्रेशर और हृदय रोग से पीड़ित हैं। उनके मुताबिक, पहले हर महीने दवाओं पर करीब 3,000 रुपये खर्च होते थे। हाल में उन्हें यही दवाएं 2,640 रुपये में मिलीं। यानी एक महीने में 360 रुपये की बचत हुई। इस हिसाब से सालभर में करीब 4,320 रुपये बच सकते हैं।

अस्थमा के मरीजों को भी राहत

गोमतीनगर निवासी अरुणा मिश्रा पिछले पांच साल से अस्थमा का इलाज करा रही हैं। उनके इनहेलर पर हर महीने करीब 1,550 रुपये खर्च होते हैं। यानी सालाना खर्च 18,600 रुपये तक पहुंचता है। जीएसटी में बदलाव से संबंधित उत्पाद की कीमत घटने पर उन्हें भी बचत हो सकती है। इसके अलावा वह बीपी की दवा भी नियमित लेती हैं, जिससे दवाओं के कुल खर्च में राहत मिलने की उम्मीद है।

लंबे इलाज वाले मरीजों को फायदा

बीपी, शुगर और थायराइड जैसी बीमारियों में कई मरीजों को लंबे समय तक दवाएं लेनी पड़ती हैं। ऐसे में दवाओं की कीमतों में थोड़ी कमी भी उनके मासिक बजट को राहत दे सकती है। हालांकि, कितनी बचत होगी, यह संबंधित दवा की कीमत और उस पर लागू जीएसटी दर पर निर्भर करेगा।

ब्लड कैंसर का एक प्रकार है ल्यूकेमिया! जानें इसके 5 शुरुआती लक्षण

हेल्थ डेस्क। ल्यूकेमिया रक्त और अस्थि मज्जा (बोन मैरो) से जुड़ा एक प्रकार का कैंसर है। इसमें शरीर में असामान्य सफेद रक्त कोशिकाएं बनने लगती हैं, जिससे सामान्य रक्त कोशिकाओं के निर्माण और कामकाज पर असर पड़ सकता है। इसके लक्षण शुरुआत में सामान्य बीमारियों जैसे लग सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक बने रहने वाले बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

ल्यूकेमिया के 5 शुरुआती लक्षण

1. लगातार थकान और कमजोरी: पर्याप्त आराम के बाद भी थकान महसूस होना या रोजमर्रा के काम करने में परेशानी होना इसका एक संभावित संकेत हो सकता है। ऐसा लाल रक्त कोशिकाओं की कमी यानी एनीमिया के कारण भी हो सकता है।

2. बार-बार बुखार या संक्रमण: ल्यूकेमिया में सामान्य रक्त कोशिकाओं का काम प्रभावित हो सकता है। ऐसे में कुछ लोगों को बार-बार संक्रमण होने या बुखार बने रहने की समस्या हो सकती है।

3. आसानी से चोट लगना या खून बहना: बिना स्पष्ट कारण शरीर पर नीले निशान पड़ना, नाक या मसूड़ों से खून आना प्लेटलेट्स की कमी से जुड़ा हो सकता है। ऐसा होने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

4. वजन कम होना और भूख में कमी: बिना कोशिश के वजन घटना, भूख कम लगना या शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस होना कई बीमारियों के संकेत हो सकते हैं। यदि ये लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

5. हड्डियों या जोड़ों में दर्द: कुछ मरीजों को हड्डियों या जोड़ों में दर्द और असहजता महसूस हो सकती है। यह लक्षण लगातार बना रहे या दूसरे संकेतों के साथ दिखाई दे, तो जांच कराने में देरी न करें।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

इनमें से कोई लक्षण दिखाई देने का मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को ल्यूकेमिया ही है। इन समस्याओं के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। हालांकि, लगातार बुखार, असामान्य रक्तस्राव, बार-बार संक्रमण या बिना कारण वजन घटने पर डॉक्टर से जल्द संपर्क करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर कंप्लीट ब्लड काउंट (CBC) और अन्य जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

8वां वेतन आयोग कब देगा खुशखबरी? एक साल के करीब पहुंची प्रक्रिया, जानें 5 बड़े अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। आयोग के गठन को 3 नवंबर 2026 को एक साल पूरा हो जाएगा, लेकिन अब तक वेतन, भत्तों और पेंशन में संभावित बदलाव को लेकर अंतिम फैसला सामने नहीं आया है। फिलहाल आयोग कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया में लगा है।

8वें वेतन आयोग के 5 बड़े अपडेट

1. मुंबई में बैठक की तैयारी: आयोग की ओर से 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में बैठक आयोजित करने की जानकारी दी गई थी। इसमें शामिल होने के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर निर्धारित की गई थी।

2. बेंगलुरु में हुई बैठक: मुंबई से पहले आयोग ने 7 और 8 अक्टूबर को बेंगलुरु में बैठक की। इस बैठक में भाग लेने के इच्छुक लोगों के लिए 18 सितंबर तक आवेदन करने की समय-सीमा रखी गई थी।

3. सलाहकारों की नियुक्ति के नियमों में बदलाव: आयोग ने अपने कामकाज को व्यवस्थित रखने के लिए अनुबंध के आधार पर सलाहकारों की नियुक्ति से जुड़े नियमों में आंशिक संशोधन किया है।

4. जयपुर में भी हुई चर्चा: आयोग की वेबसाइट पर 31 अगस्त और 1 सितंबर को जयपुर में आयोजित बैठकों से संबंधित जानकारी भी साझा की गई है।

5. चंडीगढ़ की बैठकों का अपडेट: आयोग ने 16 से 18 तारीख के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठकों की जानकारी भी वेबसाइट पर उपलब्ध कराई है। इन बैठकों के जरिए कर्मचारियों और अन्य हितधारकों के सुझाव जुटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

कब तक सौंपनी है रिपोर्ट?

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। इसकी अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। पंकज जैन सदस्य-सचिव और प्रोफेसर पुलक घोष आयोग के सदस्य हैं। आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। इस हिसाब से रिपोर्ट सौंपने की समय-सीमा मई 2027 में पूरी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित मंत्रालयों में इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद आवश्यक मंजूरी के लिए इसे केंद्रीय मंत्रिमंडल के सामने रखा जा सकता है।

कर्मचारियों को कब मिलेगी खुशखबरी?

फिलहाल वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन में बदलाव को लेकर किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है। आयोग अभी सुझावों और बैठकों के आधार पर अपनी सिफारिशें तैयार करने की प्रक्रिया में है। इसलिए कर्मचारियों को वेतन में कितनी बढ़ोतरी मिलेगी और नई व्यवस्था कब लागू होगी, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।