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यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! लहसुन-प्याज की खेती पर मिलेगी ₹24,000 तक की सब्सिडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अनुसूचित जाति के किसानों को लहसुन और प्याज की खेती के लिए ₹24,000 तक का अनुदान मिल सकता है। उद्यान विभाग एकीकृत बागवानी विकास मिशन के तहत किसानों को आर्थिक सहायता देकर इन फसलों की खेती को बढ़ावा दे रहा है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान उत्तर प्रदेश उद्यान विभाग के पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। विभाग के अनुसार, यह योजना प्रदेश के सभी जिलों के पात्र अनुसूचित जाति के किसानों के लिए लागू है। आवेदन मिलने के बाद निर्धारित नियमों और मानकों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

आवेदन से पहले जान लें जरूरी शर्तें

किसानों को आवेदन करने से पहले पात्रता, खेती के लिए जरूरी भूमि, बीज वितरण और अनुदान से संबंधित नियमों की जानकारी लेनी चाहिए। यदि किसी जिले में आवेदकों की संख्या उपलब्ध लक्ष्य से अधिक होती है, तो लाभार्थियों का चयन लॉटरी के माध्यम से किया जा सकता है।

लहसुन और प्याज की बाजार में मांग को देखते हुए यह सहायता किसानों की खेती की लागत कम करने और अतिरिक्त आमदनी का अवसर बढ़ाने में मददगार हो सकती है। आवेदन से पहले किसान अपने जिले के उद्यान विभाग से योजना की मौजूदा शर्तों की पुष्टि जरूर कर लें।

23 अक्टूबर को प्रदोष काल में चमकेगी 4 राशियों की किस्मत! मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

Pradosh Kaal 23 October 2026: प्रदोष काल का विशेष महत्व माना जाता है। यह समय भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए शुभ माना जाता है। 23 अक्टूबर 2026 को शुक्रवार है और इस दिन प्रदोष काल के दौरान शिव पूजा करने की परंपरा के अनुसार भक्त सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर मेष, वृषभ, सिंह और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक उम्मीदें लेकर आ सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कामकाज में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा होने की उम्मीद है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में राहत मिलने की उम्मीद रह सकती है। आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और लंबे समय से रुके कामों को पूरा करने की दिशा में प्रगति हो सकती है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। कारोबार में नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिलेगा। परिवार के साथ समय बिताने से मन प्रसन्न रह सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने से भविष्य में लाभ की संभावना बढ़ सकती है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

1 चम्मच शहद खाने के 5 बड़े फायदे, सेहत में दिख सकते हैं ये बदलाव

Health Tips: शहद का इस्तेमाल सदियों से खाने और घरेलू नुस्खों में किया जाता रहा है। इसमें प्राकृतिक शर्करा के साथ कुछ एंटीऑक्सीडेंट और अन्य जैविक यौगिक पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में शहद का सेवन ऊर्जा पाने और गले में खराश से राहत के लिए मददगार हो सकता है। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं समझना चाहिए। आइए जानते हैं रोजाना एक चम्मच शहद खाने के पांच संभावित फायदे।

1. तुरंत ऊर्जा पाने में मददगार

शहद में ग्लूकोज और फ्रुक्टोज जैसी प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को ऊर्जा देती है। थकान महसूस होने पर इसका सेवन कुछ समय के लिए ऊर्जा उपलब्ध करा सकता है। हालांकि, इसमें कैलोरी और शुगर भी होती है, इसलिए मात्रा सीमित रखना जरूरी है।

2. खांसी और गले की खराश में राहत

शहद गले को आराम पहुंचाने और खांसी की परेशानी कम करने में मदद कर सकता है। खासकर रात में खांसी होने पर कुछ लोगों को इससे राहत मिल सकती है। लेकिन लगातार खांसी या तेज बुखार होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

3. एंटीऑक्सीडेंट का स्रोत

शहद में पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाव में भूमिका निभाते हैं।

4. चीनी का विकल्प बन सकता है

चाय, दही या कुछ खाद्य पदार्थों में सामान्य चीनी की जगह थोड़ी मात्रा में शहद इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे स्वाद में बदलाव आता है और हेल्थ के लिए चीनी से बेहतर हैं।

5. गले को आराम पहुंचाने में उपयोगी

शहद की गाढ़ी बनावट गले में एक सुरक्षात्मक परत जैसा एहसास दे सकती है, जिससे जलन और खराश में अस्थायी राहत मिल सकती है। इसे गुनगुने पानी में मिलाकर लिया जा सकता है। बहुत गर्म पानी के बजाय सामान्य गुनगुना पानी इस्तेमाल करना बेहतर है।

1 नवंबर से चमकेगी 5 राशियों की किस्मत! मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

November 2026 Rashifal: नवंबर महीने की शुरुआत कुछ राशियों के लिए नई उम्मीदें लेकर आ सकती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों की स्थिति का प्रभाव करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर पड़ सकता है। ऐसे में मेष, वृषभ, सिंह, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए सकारात्मक बदलावों की संभावना हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए नवंबर की शुरुआत उत्साहजनक रह सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिलने या करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबारियों को नए संपर्कों से फायदा होने की उम्मीद है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना लाभकारी रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहने की उम्मीद है। लंबे समय से अटके कामों को पूरा करने के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए नवंबर की शुरुआत करियर के लिहाज से अच्छी रह सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। व्यापार में नई योजनाएं बनाने का मौका मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से मन प्रसन्न हो सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद रह सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने से पारिवारिक जीवन अच्छा रहेगा।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए नवंबर की शुरुआत नई संभावनाएं लेकर आ सकती है। शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक समाचार मिल सकता है। कारोबार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ सकता है।

यूपी में घर-दुकान बनाना होगा आसान! अब मिनटों में पास होगा नक्शा

UP News: उत्तर प्रदेश में मकान या दुकान बनवाने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार ने मॉडल भवन विनियम 2026 के जरिए निर्माण से जुड़े नियमों को आसान बनाने की पहल की है। इसके तहत नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले भूखंडों के नक्शे को ऑटोमेटिक मंजूरी देने की व्यवस्था की गई है। इससे लोगों को आवेदन की लंबी प्रक्रिया और बार-बार कार्यालय जाने की परेशानी से राहत मिल सकती है।

500 वर्ग मीटर तक के मकानों को फायदा

नए नियमों के अनुसार, 500 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 200 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों पर तय शर्तें पूरी होने पर नक्शे को स्वतः स्वीकृति मिल सकेगी। वहीं, 100 वर्ग मीटर तक के आवासीय और 30 वर्ग मीटर तक के व्यावसायिक भूखंडों के लिए एक रुपये के टोकन शुल्क पर ऑनलाइन पंजीकरण और स्वप्रमाणन की सुविधा का प्रावधान है।

रजिस्टर्ड आर्किटेक्ट से बनवाना होगा नक्शा

इस सुविधा का लाभ लेने के लिए निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी होगा। संबंधित भूखंड का नक्शा पंजीकृत वास्तुकार से तैयार करवाकर प्राधिकरण की आधिकारिक वेबसाइट पर जमा करना होगा। यह व्यवस्था केवल प्राधिकरण की ओर से विधिवत आवंटित या स्वीकृत भूखंडों पर लागू होगी।

ग्रेटर नोएडा में जल्द लागू होगी व्यवस्था

मॉडल भवन विनियम 2026 को लेकर शासन की ओर से दिशा-निर्देश औद्योगिक विकास प्राधिकरणों को भेजे गए हैं। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण नए नियमों का अध्ययन कर रहा है। इसके बाद कार्यालय आदेश जारी करने और प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में रखने की तैयारी है।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! दिवाली से पहले मिलेंगे 5-5 हजार

Farmers Diwali Bonus 2026: दिवाली से पहले किसानों को आर्थिक राहत देने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को 5,000 रुपये की सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मुताबिक, यह रकम किसानों के बैंक खातों में सीधे भेजने की कोशिश की जाएगी। हालांकि, यह सहायता प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की किस्त नहीं, बल्कि राज्य सरकार की अलग पहल है।

महाराष्ट्र के 85% से ज्यादा तालुके सूखे से प्रभावित

रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के 358 तालुकों में से 305 को सूखा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल किया गया है। सरकार ने 40 अतिरिक्त क्षेत्रों को भी इस सूची में जोड़ा है। ऐसे में प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए दिवाली से पहले 5,000 रुपये देने की योजना बनाई गई है।

किन किसानों को मिलेंगे ₹5,000?

यह सहायता सूखा प्रभावित किसानों के लिए घोषित की गई है। इसके लिए लाभार्थियों की सूची तैयार की गई है, जिसमें 3.5 लाख अतिरिक्त किसानों को भी शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। हालांकि, सभी लाभार्थियों की पात्रता संबंधी विस्तृत शर्तें स्पष्ट नहीं हैं। इसलिए महाराष्ट्र के सभी किसानों को इस राशि का लाभ मिलने की पुष्टि नहीं की जा सकती।

किसानों को मिलेंगी दूसरी राहतें भी

महाराष्ट्र सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में किसानों के बच्चों की शिक्षा फीस में छूट से जुड़ी राहत बढ़ाने, कर्ज वसूली के दौरान किसानों को परेशान करने पर रोक लगाने और कृषि बिजली से संबंधित राहत देने जैसे कदमों की भी जानकारी दी है।

PM किसान की 24वीं किस्त से अलग है सहायता

किसानों को ध्यान देना चाहिए कि 5,000 रुपये की यह मदद पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त नहीं है। यह महाराष्ट्र सरकार की ओर से सूखा प्रभावित किसानों के लिए घोषित अलग सहायता है। पीएम किसान की अगली किस्त कब आएगी, इस बारे में अलग से आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, पशुपालकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

UP Pashudhan Bima Yojana: उत्तर प्रदेश में गाय-भैंस और दूसरे पशुओं का पालन करने वाले परिवारों के लिए पशुधन बीमा आर्थिक सुरक्षा का सहारा बन सकता है। पशुओं की अचानक मृत्यु होने पर पशुपालकों को भारी नुकसान उठाना पड़ता है। इसी जोखिम को कम करने के लिए प्रदेश में मुख्यमंत्री जोखिम प्रबंधन एवं पशुधन बीमा योजना संचालित की जा रही है। इसके तहत पात्र पशुपालकों को बीमा प्रीमियम पर 85 प्रतिशत तक सरकारी सहायता मिल सकती है।

सिर्फ 15% प्रीमियम देना होगा

योजना की खास बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को बीमा प्रीमियम का केवल 15 प्रतिशत हिस्सा देना पड़ सकता है, जबकि बाकी राशि सरकार की ओर से सब्सिडी के रूप में दी जाती है। बीमित पशु की मृत्यु होने पर नियमानुसार दावा मिलने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान से राहत मिल सकती है।

किन पशुओं का करा सकते हैं बीमा?

योजना के तहत स्वदेशी और संकर दुधारू पशुओं के अलावा घोड़ा, गधा, खच्चर, ऊंट, टट्टू, भैंसा और सांड जैसे बड़े पशुओं को शामिल किया गया है। छोटे पशुओं में बकरी, भेड़ और सूकर का भी बीमा कराया जा सकता है। प्रति परिवार पशुओं की संख्या निर्धारित सीमा के अनुसार होगी।

बीमा योजना के प्रमुख फायदे

पशु की मृत्यु होने पर नियमानुसार बीमा राशि का दावा किया जा सकता है।

पूर्ण स्थायी दिव्यांगता के कुछ मामलों में बीमित राशि के 75 प्रतिशत तक भुगतान का प्रावधान है।

पशु बेचने पर निर्धारित प्रक्रिया और शुल्क के जरिए बीमा नए मालिक के नाम हस्तांतरित किया जा सकता है।

बीमित पशु की पहचान के लिए यूनिक टैग लगाया जाता है और पॉलिसी मोबाइल लिंक के माध्यम से मिल सकती है।

आवेदन कहां करें?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक पशुपालक अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय या पशुपालन विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहां पशु की पात्रता, मूल्यांकन, टैगिंग और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी मिल सकती है। आवेदन करने से पहले सब्सिडी, बीमा की शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की पुष्टि जरूर कर लें।

WBPSC भर्ती 2026: सब सर्वेयर के 1145 पदों पर होगी नियुक्ति, ऐसे करें अप्लाई

कोलकाता: सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। पश्चिम बंगाल लोक सेवा आयोग (WBPSC) ने सब सर्वेयर के 1,145 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत भूमि अभिलेख एवं सर्वेक्षण निदेशालय में नियुक्तियां की जाएंगी। योग्य उम्मीदवार 20 अक्टूबर से 9 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1145 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती का विज्ञापन संख्या 22/2024 है। आवेदन प्रक्रिया 20 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 नवंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक निर्धारित की गई है। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति पश्चिम बंगाल में की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता क्या है?

सब सर्वेयर पद के लिए उम्मीदवार का माध्यमिक परीक्षा या समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है। इसके साथ सर्वे इंजीनियरिंग में तीन साल का डिप्लोमा होना चाहिए। इसके अलावा, सर्वेयर ट्रेड में दो साल का ITI सर्टिफिकेट रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं, बशर्ते उनके पास निर्धारित कार्य में एक साल का अनुभव हो।

आयु सीमा और सैलरी

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु 21 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 1 जनवरी 2024 के आधार पर होगी। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी। वेतन की बात करें तो चयनित उम्मीदवारों को पे लेवल-7 के तहत 24,700 रुपये से 63,900 रुपये तक वेतनमान मिलेगा।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

सबसे पहले WBPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://psc.wb.gov.in/ पर जाएं। भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन संख्या 22/2024 को खोलें। ऑनलाइन आवेदन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई व्यक्तिगत, शैक्षणिक और अनुभव संबंधी जानकारी भरें। निर्धारित आवेदन शुल्क का भुगतान करें। फॉर्म सबमिट करने से पहले सभी जानकारियां जांच लें। आवेदन पूरा होने के बाद फॉर्म की कॉपी डाउनलोड करके सुरक्षित रख लें।

26 अक्टूबर को खुलेगा भाग्य का द्वार! 4 राशियों को मिल सकती है खुशखबरी

26 October 2026 Rashifal: 26 अक्टूबर 2026 को वज्र योग दोपहर 2:19 बजे तक रहेगा, इसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। वहीं, अश्विनी नक्षत्र शाम 5:45 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन शुभ योगों का कुछ राशियों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को लाभ के नए मौके मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। आय बढ़ाने के नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है और पुराने काम पूरे होने से मन प्रसन्न हो सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। कारोबार में नई योजनाएं लाभ दे सकती हैं और लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

अमेरिका, रूस समेत ये 4 देश न्यूक्लियर ट्रायड? जानिए भारत की स्थिति

नई दिल्ली। परमाणु हथियारों की ताकत का आकलन केवल इस बात से नहीं होता कि किसी देश के पास कितने परमाणु बम हैं, बल्कि यह भी अहम है कि वह उन्हें कितने अलग-अलग माध्यमों से इस्तेमाल कर सकता है। इसी क्षमता को न्यूक्लियर ट्रायड कहा जाता है। इसमें जमीन, समुद्र और हवा तीनों माध्यमों से परमाणु हमला करने की क्षमता शामिल होती है।

न्यूक्लियर ट्रायड के तीन प्रमुख हिस्से हैं। पहला, जमीन पर तैनात परमाणु-सक्षम मिसाइलें; दूसरा, पनडुब्बियों से दागी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें और तीसरा, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम लड़ाकू विमान या बॉम्बर। इन तीनों माध्यमों की मौजूदगी से किसी देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।

अमेरिका और रूस के पास लंबे समय से तीनों माध्यमों पर आधारित परमाणु क्षमता है। चीन ने भी अपनी जमीन, समुद्र और हवा से जुड़ी परमाणु क्षमताओं का विस्तार किया है। भारत भी न्यूक्लियर ट्रायड विकसित कर चुका है। इसलिए केवल चार देशों के पास यह क्षमता होने का दावा करते समय सावधानी जरूरी है।

भारत की स्थिति क्या है?

भारत ने अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को तीनों माध्यमों से मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जमीन से परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलें, वायुसेना के परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम विमान और समुद्र से परमाणु-सक्षम मिसाइलें दागने वाली परमाणु पनडुब्बियां इसकी रणनीति के अहम हिस्से हैं।

भारत की स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत और उसके बाद विकसित हुई अरिघात जैसी पनडुब्बियां समुद्र आधारित परमाणु क्षमता के विकास में महत्वपूर्ण हैं। समुद्र में तैनात पनडुब्बियों की अहमियत इसलिए भी है कि उनका पता लगाना कठिन हो सकता है, जिससे किसी संभावित हमले के बाद जवाबी कार्रवाई की क्षमता बनी रहती है।

क्यों अहम है न्यूक्लियर ट्रायड?

न्यूक्लियर ट्रायड किसी देश को परमाणु हमले की स्थिति में जवाबी कार्रवाई के अधिक विकल्प देता है। जमीन पर मौजूद मिसाइलें, हवा से संचालित विमान और समुद्र में छिपी पनडुब्बियां मिलकर परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को विविध बनाती हैं। हालांकि, इस क्षमता के साथ भारी आर्थिक लागत, तकनीकी चुनौतियां और परमाणु हथियारों से जुड़े वैश्विक जोखिम भी जुड़े हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) के तहत पहली बार औपचारिक नौकरी करने वाले पात्र युवाओं को ₹15,000 तक का प्रोत्साहन मिल सकता है। इस योजना का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ना और उन्हें कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाना है।

दो किस्तों में मिलेगी प्रोत्साहन राशि

योजना के तहत पात्र कर्मचारियों को एक महीने के EPF वेतन के बराबर प्रोत्साहन दिया जाता है, जिसकी अधिकतम सीमा ₹15,000 है। पहली किस्त छह महीने की पात्र नौकरी पूरी होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने के साथ वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने पर मिलती है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

यह लाभ उन पात्र युवाओं के लिए है, जो पहली बार EPFO से जुड़े औपचारिक रोजगार में आते हैं। इसके लिए नौकरी 1 अगस्त 2025 से 31 जुलाई 2027 के बीच शुरू होनी चाहिए। कर्मचारी का आधार से जुड़ा यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और जरूरी सत्यापन पूरा होना भी आवश्यक है। पात्रता के लिए वेतन सीमा और अन्य शर्तें योजना के आधिकारिक नियमों के अनुसार लागू होंगी।

कैसे मिलेगा पैसा?

पात्र युवाओं को UMANG ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से UAN बनाने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। नियोक्ता के EPFO रिकॉर्ड और जरूरी अंशदान भी सही होने चाहिए। योजना का लाभ लेने से पहले आधिकारिक दिशा-निर्देश जरूर जांचें।

बिहार में पंचायत इलेक्शन की तैयारी तेज, ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव से पहले मतदाता सूची को दुरुस्त करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि कोई भी पात्र मतदाता अपने अधिकार से वंचित न रहे। इस अभियान की शुरुआत पूर्वी चंपारण यानी मोतिहारी से किए जाने की जानकारी सामने आई है।

पंचायत चुनाव की तारीखों में हो सकता है बदलाव

बिहार में पंचायत चुनाव पहले नवंबर-दिसंबर में होने की चर्चा थी, लेकिन अति पिछड़ा वर्ग (EBC) के आरक्षण से जुड़े मुद्दों के कारण अब मार्च-अप्रैल में चुनाव होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, चुनाव की अंतिम तारीखों की पुष्टि आधिकारिक घोषणा के बाद ही होगी।

वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के मिलेंगे मौके

मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने, गलतियां ठीक कराने और विवरण अपडेट करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, योग्य नागरिकों को इसके लिए चार अवसर मिल सकते हैं। ग्रामीणों को सलाह है कि वे आवेदन की तारीखों की जानकारी स्थानीय निर्वाचन कार्यालय से जरूर लें।

वोटर कार्ड है, फिर भी सूची में नाम जांचें

सिर्फ वोटर कार्ड होना मतदान के लिए पर्याप्त नहीं है। मतदाता सूची में नाम दर्ज होना भी जरूरी है। इसलिए ग्रामीण अपने नाम, पते और अन्य विवरणों की जांच समय रहते कर लें। यदि कोई गलती मिले या नाम गायब हो, तो निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुधार के लिए आवेदन करें।

पंचायत चुनाव में मुखिया, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति और जिला परिषद के प्रतिनिधियों का चुनाव होता है। ऐसे में मतदाता सूची को सही रखना बेहद जरूरी है, ताकि सभी पात्र ग्रामीण चुनाव में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकें।

बिहार के इन जिलों के लिए खुशखबरी! 4-लेन सड़क का निर्माण 90% पूरा, जल्द मिलेगी सौगात

पटना। बिहार में सड़क से सफर करने वालों के लिए अच्छी खबर है। गया से बिहारशरीफ तक सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने वाली गया-हिसुआ-राजगीर-नालंदा-बिहारशरीफ फोरलेन परियोजना का 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। इस सड़क के तैयार होने से गया, हिसुआ, राजगीर और बिहारशरीफ के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

107 कल्वर्ट और 36 पुलों का काम पूरा

एनएच-82 की इस परियोजना के एक 22.935 किलोमीटर लंबे निर्माण खंड में 107 एचपी कल्वर्ट, छह बड़े पुल और 30 छोटे पुलों का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं, 112 बॉक्स कल्वर्ट में से 108 तैयार हैं। एक रेलवे ओवरब्रिज का काम अभी बाकी है, जिसे पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।

यात्रा में लगेगा कम समय

फोरलेन सड़क बनने से गया, राजगीर, नालंदा और बिहारशरीफ के बीच सफर पहले से अधिक सुगम होने की संभावना है। इससे स्थानीय लोगों के साथ पर्यटकों को भी फायदा मिल सकता है। बोधगया, राजगीर और नालंदा जैसे ऐतिहासिक व धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

2016 में शुरू हुआ था निर्माण

इस परियोजना का निर्माण 20 अक्टूबर 2016 को शुरू हुआ था। शुरुआती लक्ष्य के अनुसार इसे 2018 तक पूरा किया जाना था, लेकिन निर्माण में देरी हुई। अब 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा होने के बाद शेष निर्माण कार्यों पर ध्यान दिया जा रहा है।

बिहार सरकार का फैसला, ग्रामीण परिवारों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के ग्रामीण परिवारों के लिए रोजगार से जुड़ी अहम खबर है। योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार के लिए सालाना रोजगार की गारंटी 100 दिन से बढ़ाकर 125 दिन किए जाने का प्रावधान है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों को अतिरिक्त रोजगार के अवसर मिल सकते हैं। रोजगार से होने वाली कमाई परिवारों के दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मददगार हो सकती है।

राज्य में ग्रामीण रोजगार के तहत महिलाओं की भागीदारी भी लगातार महत्वपूर्ण बनी हुई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत अब तक सृजित 1 करोड़ 92 लाख 95 हजार मानव दिवस में महिलाओं की हिस्सेदारी 57.86 प्रतिशत रही है। महिलाओं के नाम 1 करोड़ 11 लाख 64 हजार मानव दिवस दर्ज किए गए हैं।

गांवों में होंगे विकास कार्य

योजना में जल संरक्षण, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन और ग्रामीण बुनियादी ढांचे से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। इसके साथ ही डिजिटल हाजिरी, बायोमेट्रिक सत्यापन और निगरानी व्यवस्था के जरिए कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।

महिलाओं की भागीदारी पर जोर

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार के अनुसार, रोजगार सृजन में महिलाओं की 57 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ विकास को बढ़ावा देना भी है।

खुशखबरी पर खुशखबरी! केंद्र सरकार की स्कीम से संवर सकता है बेटी का भविष्य

नई दिल्ली। बेटी की पढ़ाई और शादी के लिए बड़ी रकम जुटाना चाहते हैं, तो केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) में निवेश कर सकते हैं। इस योजना में 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम खाता खुलवाया जा सकता है। इसमें लंबे समय तक निवेश करने पर चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलता है।

हर महीने ₹6,000 जमा करने पर कितना मिलेगा?

मान लीजिए, आप बेटी के खाते में हर महीने ₹6,000 यानी सालाना ₹72,000 जमा करते हैं। 15 साल में आपका कुल निवेश ₹10.80 लाख होगा। दिए गए अनुमान के मुताबिक, 8.2% सालाना ब्याज दर बनी रहने पर 21 साल की अवधि पूरी होने पर करीब ₹33.25 लाख का फंड बन सकता है।

अगर आप हर महीने ₹12,000 जमा करते हैं, तो 15 साल में कुल ₹21.60 लाख निवेश होगा और इसी अनुमान के आधार पर मैच्योरिटी राशि करीब ₹66.50 लाख हो सकती है। ध्यान रहे, ये अनुमान हैं। ब्याज दर में बदलाव होने पर अंतिम रकम भी बदल सकती है।

योजना में कौन खुलवा सकता है खाता?

बेटी की उम्र 10 साल से कम होने पर माता-पिता या कानूनी अभिभावक उसके नाम पर खाता खुलवा सकते हैं। एक वित्त वर्ष में न्यूनतम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं। खाते में 15 साल तक जमा करना होता है और यह खुलने के 21 साल बाद मैच्योर होता है।

पढ़ाई के लिए भी निकाल सकते हैं पैसे

बेटी के 18 साल की होने या 10वीं पास करने के बाद, नियमों के अनुसार उच्च शिक्षा के लिए खाते में उपलब्ध राशि का 50% तक निकाला जा सकता है। 

रात में सोते समय क्यों चढ़ती हैं नसें? जानिए इसके 5 बड़े कारण

हेल्थ डेस्क। रात में सोते समय अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव या ऐंठन होना एक आम समस्या है। कई बार पिंडली या पैर की उंगलियों में इतनी तेज दर्द होता है कि नींद खुल जाती है। आम बोलचाल में इसे नस चढ़ना कहा जाता है, जबकि ज्यादातर मामलों में यह मांसपेशियों में ऐंठन होती है। इसके पीछे पानी की कमी, मांसपेशियों पर अधिक दबाव और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं जिम्मेदार हो सकती हैं।

नस चढ़ने के 5 बड़े कारण

1. शरीर में पानी की कमी: पर्याप्त पानी नहीं पीने, अधिक पसीना आने या गर्मी के कारण शरीर में तरल पदार्थों की कमी हो सकती है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन का खतरा बढ़ सकता है।

2. मांसपेशियों पर अधिक दबाव: दिनभर ज्यादा चलने, लंबे समय तक खड़े रहने या भारी व्यायाम करने से पैरों की मांसपेशियों पर दबाव पड़ता है। इसका असर रात में ऐंठन के रूप में दिखाई दे सकता है।

3. मिनरल्स का असंतुलन: शरीर में पोटैशियम, मैग्नीशियम या कैल्शियम जैसे खनिजों का असंतुलन मांसपेशियों के कामकाज को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, हर बार नस चढ़ने का कारण इनकी कमी नहीं होता।

4. सोने की स्थिति: सोते समय पैर की उंगलियां लंबे समय तक नीचे की ओर मुड़ी रहने से पिंडली की मांसपेशियां छोटी स्थिति में रह सकती हैं। इससे कुछ लोगों में रात के दौरान ऐंठन होने की आशंका बढ़ सकती है।

5. उम्र और कुछ स्वास्थ्य समस्याएं: उम्र बढ़ने के साथ रात में पैरों में ऐंठन की समस्या अधिक देखी जा सकती है। कुछ दवाएं, मधुमेह से जुड़ी नसों की समस्या और किडनी संबंधी बीमारियां भी इसकी वजह बन सकती हैं।

नस चढ़ने पर क्या करें?

ऐंठन होने पर पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। पिंडली की मांसपेशियों की हल्की मालिश करने या गर्म सिकाई से भी राहत मिल सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी पीना, नियमित रूप से हल्की स्ट्रेचिंग करना और संतुलित आहार लेना मददगार हो सकता है।

अगर रात में बार-बार नस चढ़ती है, दर्द बहुत तेज होता है या इसके साथ पैर में सूजन, लालिमा, कमजोरी अथवा सुन्नपन होता है, तो डॉक्टर से सलाह लें।

खुशखबरी की बहार! यूपी में निकली बड़ी भर्ती, 3 नवंबर से शुरू होंगे आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने 1,156 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल), टेक्निकल असिस्टेंट, मैकेनिक और असिस्टेंट स्टोरकीपर समेत आठ श्रेणियों के पद शामिल हैं।

3 नवंबर से कर सकेंगे आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 नवंबर 2026 से शुरू होंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 25 नवंबर 2026 तक फॉर्म भर सकेंगे। आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित है, जबकि फॉर्म में सुधार और शुल्क समायोजन की अंतिम तारीख 2 दिसंबर 2026 है।

योग्यता और चयन प्रक्रिया

आवेदन के लिए PET-2025 में शामिल होना और स्कोरकार्ड होना जरूरी है। पद के अनुसार संबंधित तकनीकी या इंजीनियरिंग योग्यता मांगी गई है। चयन के लिए PET-2025 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग और मुख्य लिखित परीक्षा होगी।

यहां करें आवेदन: इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट https://upsssc.gov.in/ पर जाकर भर्ती का नोटिफिकेशन देख सकते हैं और आवेदन संबंधी निर्देश प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरने से पहले पदवार योग्यता और पात्रता की जांच जरूर करें।

बंगाल की खाड़ी में नया तूफान, इन राज्यों में भारी बारिश के आसार

न्यूज डेस्क। बंगाल की खाड़ी में बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण देश के दक्षिणी हिस्सों में एक बार फिर बारिश की गतिविधियां तेज होने के आसार हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और तमिलनाडु तट के आसपास अगले 24 घंटों में कम दबाव का क्षेत्र विकसित हो सकता है। इसके प्रभाव से दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं, उत्तर और पूर्वी भारत के कई इलाकों में बारिश का दौर कमजोर पड़ने के साथ तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भारी बारिश की आशंका

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 26 अक्टूबर तक कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बनने वाला कम दबाव का क्षेत्र इन इलाकों में वर्षा की तीव्रता बढ़ा सकता है। कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।

मौसम के इस बदलाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और लोगों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव और सड़कों पर यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

इन राज्यों में भी बरसेंगे बादल

दक्षिण भारत के अलावा केरल, माहे, लक्षद्वीप, कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। आने वाले दिनों में इन क्षेत्रों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 22 अक्टूबर तक दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। इसके बाद 23 से 26 अक्टूबर के बीच भी कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बारिश की तीव्रता अलग-अलग क्षेत्रों में भिन्न रह सकती है।

अंडमान-निकोबार में भी बारिश का दौर

अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में 21 से 26 अक्टूबर के बीच व्यापक स्तर पर बारिश होने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी के आसपास सक्रिय मौसमी परिस्थितियों के कारण द्वीपसमूह में कई जगहों पर बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है। समुद्र के आसपास मौसम खराब होने की स्थिति में मछुआरों और समुद्री गतिविधियों से जुड़े लोगों को आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए।

उत्तर भारत में ठंड की आहट, गिरने लगा तापमान

एक ओर दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है, तो दूसरी ओर उत्तर और पूर्वी भारत के कई हिस्सों में मौसम का रुख बदल रहा है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के कई इलाकों में तापमान में गिरावट के साथ ठंड का एहसास बढ़ने लगा है।

चीन के दबदबे को भारत की चुनौती! दुनिया में बढ़ रहा भारतीय ताकत

नई दिल्ली। भारत अब अपने निर्यात के लिए अमेरिका और यूरोप के अलावे नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेजी से पैर पसार रहा है। अफ्रीका और आसियान देशों में भारतीय उत्पादों की बढ़ती मांग इस बदलाव का संकेत है। खास बात यह है कि इन बाजारों में चीन की मजबूत मौजूदगी के बावजूद भारतीय कंपनियां अपनी जगह बनाने में सफल हो रही हैं।

अफ्रीका में भारतीय उत्पाद

अफ्रीका में चीन लंबे समय से बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। लेकिन अब भारतीय उत्पाद भी वहां के उपभोक्ताओं तक तेजी से पहुंच रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका, नाइजीरिया और मिस्र जैसे प्रमुख बाजारों में भारत के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में दक्षिण अफ्रीका को निर्यात 51 प्रतिशत, नाइजीरिया को 19.6 प्रतिशत और मिस्र को 72 प्रतिशत बढ़ने की जानकारी दी गई है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल से अगस्त 2026 के दौरान अफ्रीका को भारत का निर्यात 47 प्रतिशत बढ़कर 26.19 अरब डॉलर पहुंच गया, जबकि आसियान देशों में निर्यात 56 प्रतिशत बढ़कर 23.08 अरब डॉलर रहा। अफ्रीका की भारत के कुल निर्यात में हिस्सेदारी भी 9.7 प्रतिशत से बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गई। 

इन क्षेत्रों की भूमिका अहम

इस बढ़त में इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग सामान और वाहन जैसे क्षेत्रों की भूमिका अहम है। हालांकि, निर्यात में तेजी को केवल चीन के खिलाफ मुकाबले के रूप में देखना सही नहीं होगा; यह भारत की नए बाजार तलाशने की रणनीति का भी नतीजा है। 

आने वाले समय में अफ्रीका और दक्षिण-पूर्व एशिया के बाजार भारत के लिए निर्यात विस्तार के बड़े अवसर बन सकते हैं। नए व्यापारिक साझेदारों तक पहुंच बढ़ने से भारतीय कंपनियों को कारोबार फैलाने और वैश्विक व्यापार में अपनी स्थिति मजबूत करने का मौका मिलेगा।

सोने की कीमतों में धड़ाम से गिरावट! खरीदारों के लिए खुशखबरी, चेक करें ताजा भाव!

नई दिल्ली। सोना खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए 21 अक्टूबर की कीमतों में गिरावट राहत की खबर लेकर आई है। देश के कई प्रमुख शहरों में 22 और 24 कैरेट सोने के भाव नीचे आए हैं। वहीं, चांदी की कीमत में भी नरमी दर्ज की गई है। ऐसे में गहने खरीदने वाले ग्राहकों की नजर अब बाजार के अगले रुख पर टिकी हुई है।

दिल्ली से चेन्नई तक सोने के ताजा भाव

दिए गए बाजार आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,46,220 रुपये प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट का भाव 1,34,040 रुपये है। मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोना 1,46,070 रुपये, जबकि 22 कैरेट सोना 1,33,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।

चेन्नई में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,47,160 रुपये और 22 कैरेट का भाव 1,34,890 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं, पुणे और बेंगलुरु में 24 कैरेट सोना 1,46,070 रुपये और 22 कैरेट सोना 1,33,890 रुपये प्रति 10 ग्राम पर है।

चांदी के भाव में भी आई नरमी

सोने के साथ चांदी की कीमत में भी गिरावट देखने को मिली है। 21 अक्टूबर की सुबह चांदी का भाव 2,29,900 रुपये प्रति किलोग्राम बताया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट सिल्वर की कीमत 57.86 डॉलर प्रति औंस रही।

अंतरराष्ट्रीय बाजार पर टिकी नजरें

सोने की कीमतों पर वैश्विक बाजार की हलचल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दर संबंधी फैसलों का असर पड़ सकता है। निवेशक आगामी नीतिगत बैठक पर नजर रख रहे हैं। डॉलर की चाल, ब्याज दरों की उम्मीदें और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां भी सोने-चांदी के भाव को प्रभावित करती हैं।

खरीदारी से पहले ध्यान दें: यहां दिए गए भाव 21 अक्टूबर की सुबह के उपलब्ध आंकड़ों पर आधारित हैं। शहर, ज्वेलर, GST और मेकिंग चार्ज के कारण अंतिम कीमत अलग हो सकती है। खरीदारी से पहले अपने स्थानीय बाजार में ताजा रेट जरूर जांच लें।

6 नवंबर को धनतेरस पर चमकेगी 5 राशियों की किस्मत, मां लक्ष्मी की बरसेगी कृपा!

राशिफल। धनतेरस का त्योहार हिंदू धर्म में धन, सुख-समृद्धि और आरोग्य की कामना के लिए विशेष महत्व रखता है। साल 2026 में धनतेरस 6 नवंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करने की परंपरा है। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस शुभ अवसर पर कुछ राशियों के जातकों को धन, करियर और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, ये राशिफल सामान्य ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित हैं, निश्चित भविष्यवाणी नहीं।

धनतेरस पर इन 5 राशियों को मिल सकते हैं शुभ संकेत

1. वृषभ राशि: 

धनतेरस का दिन वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का अवसर हो सकता है। कारोबार में नए विचार सामने आ सकते हैं और परिवार में सुख-सुविधाओं से जुड़ी खरीदारी की योजना बन सकती है। खर्च करते समय बजट का ध्यान रखना फायदेमंद रहेगा।

2. कर्क राशि: 

कर्क राशि के जातकों के लिए धनतेरस पर परिवार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक माहौल रहने की उम्मीद की जा सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलेगी। पुराने निवेश से जुड़े फैसलों की समीक्षा करने के लिए भी यह अच्छा समय हो सकता है।

3. कन्या राशि: 

कन्या राशि वालों को करियर और कारोबार में नई संभावनाओं पर विचार करने का मौका मिल सकता है। योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर लाभकारी परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी। हालांकि, किसी भी बड़े निवेश से पहले उसकी पूरी जानकारी जरूर लें।

4. तुला राशि: 

तुला राशि के जातकों के लिए धनतेरस का त्योहार खुशियां और नई योजनाएं लेकर आ सकता है। व्यापार करने वालों को नए ग्राहकों या कामकाज से जुड़े अवसरों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। परिवार के साथ त्योहार मनाने और बचत की योजना बनाने के लिए भी दिन अच्छा रह सकता है।

5. मकर राशि: 

मकर राशि वालों के लिए मेहनत और आर्थिक अनुशासन पर ध्यान देने का समय हो सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना पर विचार किया जा सकता है, जबकि व्यापारियों को भविष्य की योजनाओं से फायदा मिल सकता है। अनावश्यक खर्चों से बचना बेहतर रहेगा।

धनतेरस पर क्या करें?

धनतेरस के दिन परंपरा के अनुसार भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा की जाती है। कई परिवार इस अवसर पर सोना, चांदी, बर्तन या अन्य उपयोगी वस्तुएं खरीदते हैं। खरीदारी अपनी आर्थिक क्षमता और जरूरत के अनुसार ही करें।

शरीर में बार-बार चढ़ती है नस? आज से करें ये 5 काम, मिलेगी राहत!

हेल्थ डेस्क। शरीर में अचानक नस चढ़ने यानी मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या काफी आम है। यह परेशानी हाथ-पैर, पिंडली या पंजों में हो सकती है। कई बार पानी की कमी, अधिक मेहनत या शरीर में खनिजों के असंतुलन के कारण ऐसा होता है। कुछ आसान आदतें अपनाकर इस समस्या को कम करने में मदद मिल सकती है।

नस चढ़ने की समस्या से बचने के लिए करें ये 5 काम

1. पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी से मांसपेशियों में ऐंठन की आशंका बढ़ सकती है। इसलिए दिनभर नियमित अंतराल पर पानी पिएं, खासकर गर्मी और व्यायाम के दौरान।

2. नारियल पानी पिएं: नारियल पानी में पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं। यह शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति में मदद कर सकता है। 

3. संतुलित आहार लें: अपने भोजन में हरी सब्जियां, फल, दालें, मेवे और दूध या इनके उपयुक्त विकल्प शामिल करें। इससे शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज मिलते हैं, जो मांसपेशियों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी हैं।

4. रोजाना हल्की स्ट्रेचिंग करें: पैरों और पिंडलियों की मांसपेशियों को धीरे-धीरे खींचने वाले व्यायाम करें। सोने से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करने से कुछ लोगों को रात में होने वाली ऐंठन से राहत मिल सकती है।

5. पर्याप्त आराम करें और सक्रिय रहें: लंबे समय तक एक ही जगह बैठने से बचें। बीच-बीच में थोड़ा चलें और शरीर को आराम भी दें। अधिक व्यायाम करने के बाद मांसपेशियों को ठीक होने का समय देना जरूरी है।

बार-बार नस चढ़ने पर न करें लापरवाही

अगर शरीर में बार-बार ऐंठन होती है, दर्द लंबे समय तक रहता है या मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होती है, तो डॉक्टर से सलाह लें। इसके पीछे कुछ दवाएं या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। 

यूपी में बनेगा 20 किलोमीटर लंबा रिंग रोड, इन इलाकों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए करीब 20 किलोमीटर लंबे रिंग रोड की योजना आगे बढ़ रही है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इसके लिए प्रस्तावित रूट का एलाइमेंट तैयार करके मुख्यालय भेज दिया है। अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलने का इंतजार है। स्वीकृति मिलने के बाद जमीन अधिग्रहण और निर्माण से जुड़ी प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

कई प्रमुख हाईवे आपस में जुड़ेंगे

प्रस्तावित रिंग रोड का उद्देश्य शहर के भीतर वाहनों का दबाव कम करना और लोगों को जाम से राहत दिलाना है। योजना के तहत अलीगढ़-गाजियाबाद एनएच-34 को बुलंदशहर-मेरठ एनएच-335 से जोड़ने की तैयारी है। इसके रास्ते में मेरठ-बदायूं, बुलंदशहर-अनूपशहर और बुलंदशहर-स्याना-गढ़मुक्तेश्वर मार्ग भी आएंगे।

इस परियोजना से आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहन चालकों को सुविधा मिलने की उम्मीद है। खासकर शहर से होकर गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिलने से यातायात व्यवस्था सुधर सकती है।

शुरू होगी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया

रिंग रोड बनाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। पहले भी इस परियोजना के लिए अनुमानित लागत का प्रस्ताव तैयार किया गया था, लेकिन योजना आगे नहीं बढ़ सकी। अब NHAI ने नए सिरे से एलाइमेंट तैयार कर मुख्यालय भेजा है।

अधिकारियों के अनुसार, प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और आवश्यक धनराशि उपलब्ध होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। दिसंबर के अंत तक इस दिशा में कदम उठाए जाने की संभावना जताई गई है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि और समयसीमा का इंतजार है।

शहर को जाम से मिलेगी राहत

रिंग रोड बनने से बुलंदशहर में यातायात का दबाव कम करने, हाईवे कनेक्टिविटी बेहतर बनाने और आसपास के इलाकों की आवाजाही आसान करने में मदद मिल सकती है। फिलहाल परियोजना के अगले चरण के लिए मुख्यालय की मंजूरी अहम है। निर्माण की वास्तविक शुरुआत और पूरा होने की समयसीमा आगे की स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

10वीं-12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, देशभर के युवाओं को खुशखबरी!

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट, भारतीय सेना और भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में अलग-अलग पदों पर भर्ती के अवसर सामने आए हैं। इन भर्तियों में योग्यता और चयन प्रक्रिया अलग-अलग रखी गई है। ऐसे में आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक अधिसूचना जरूर देख लें।

1 .सुप्रीम कोर्ट में जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के 130 पद

सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के 130 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 से शुरू होगी और आवेदन की अंतिम तारीख 25 नवंबर 2026 है। उम्मीदवारों की आयु 18 से 27 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखी जा सकती है।

2 .भारतीय सेना में अफसर बनने का अवसर

भारतीय सेना ने टेक्निकल एंट्री स्कीम (TES-57) के तहत जुलाई 2027 कोर्स के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती योग्य उम्मीदवारों को सेना में कमीशंड ऑफिसर बनने का अवसर देती है। आवेदन 14 अक्टूबर से 12 नवंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट joinindianarmy.nic.in पर किए जा सकते हैं। इसके लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें पूरी करना जरूरी है।

3 .BHEL में 660 पदों पर भर्ती

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने अधिसूचना संख्या 01/2026 के तहत कुल 660 पदों के लिए भर्ती की जानकारी दी है। इसमें फिटर, इलेक्ट्रीशियन, वेल्डर, टर्नर सहित विभिन्न पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया, योग्यता और अंतिम तारीख की जानकारी BHEL की आधिकारिक वेबसाइट careers.bhel.in पर देख सकते हैं।

आवेदन से पहले जरूर जांचें ये बातें

इन भर्तियों में पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और आवेदन शुल्क अलग हो सकते हैं। इसलिए केवल 10वीं या 12वीं पास होने के आधार पर पात्रता तय न करें। आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग का आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़ें और अंतिम तारीख से पहले फॉर्म भरें।

आधार कार्ड वालों के लिए खुशखबरी! 31 दिसंबर तक फ्री में अपडेट करें अपनी डिटेल्स

नई दिल्ली। आधार कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। अगर आपके आधार में दर्ज ईमेल आईडी पुरानी हो गई है या अभी तक लिंक नहीं है, तो आप इसे अपडेट करने के लिए मुफ्त सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) की ओर से दी गई इस छूट के तहत निर्धारित अवधि में आधिकारिक Aadhaar App के जरिए ईमेल आईडी अपडेट कराने पर शुल्क नहीं देना होगा।

31 दिसंबर 2026 तक मिलेगा मौका

पहले आधार में ईमेल आईडी अपडेट कराने के लिए 75 रुपये का शुल्क देना पड़ता था। अब 1 जुलाई से 31 दिसंबर 2026 तक इस सेवा को मुफ्त करने की जानकारी दी गई है। ऐसे में आधार धारकों के पास अपनी ईमेल जानकारी सही कराने का मौका है। हालांकि, यह छूट ऐप के जरिए उपलब्ध संबंधित सेवा पर ही लागू होती है।

मोबाइल से अपडेट करें ईमेल आईडी?

ईमेल आईडी अपडेट करने के लिए सबसे पहले अपने स्मार्टफोन में आधिकारिक Aadhaar App इंस्टॉल करें या उसे अपडेट करें। इसके बाद ऐप में लॉगिन करके ईमेल अपडेट का विकल्प देखें। अपनी नई ईमेल आईडी दर्ज करें और ऐप में बताए गए निर्देशों के अनुसार सत्यापन पूरा करें। आवेदन जमा करने के बाद अपडेट का स्टेटस भी चेक करते रहें।

हर अपडेट पर नहीं मिलेगी मुफ्त सुविधा

ध्यान रखें कि ईमेल आईडी अपडेट की छूट को आधार में सभी बदलावों के लिए मुफ्त सुविधा न समझें। नाम, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर या अन्य विवरणों में संशोधन के लिए अलग नियम और शुल्क लागू हो सकते हैं।

इसके अलावा, myAadhaar पोर्टल पर पहचान और पते से जुड़े दस्तावेज ऑनलाइन अपडेट करने की सुविधा अलग है। आधार से संबंधित किसी भी बदलाव से पहले UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू नियम और अंतिम तारीख जरूर जांच लें।

8th Pay Commission: बेसिक सैलरी में जुड़ेगा 50% DA? कर्मचारियों की मांग

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच कर्मचारी संगठनों ने महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन और पेंशन में शामिल करने की मांग उठाई है। अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो वेतन और पेंशन की गणना में बदलाव हो सकता है। हालांकि, फिलहाल इस मांग पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली है।

वेतन आयोग की बैठकों से बढ़ीं उम्मीदें

8वें केंद्रीय वेतन आयोग की बैठकों में कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधि अपनी मांगें रख रहे हैं। इनका मुख्य जोर न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन और भत्तों में सुधार पर है। संगठनों को उम्मीद है कि आयोग उनकी मांगों पर विचार करेगा।

50% DA-DR को मर्ज करने की मांग क्यों?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत का 50 प्रतिशत हिस्सा मूल वेतन और पेंशन में शामिल किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि इससे वेतन संरचना में बदलाव का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, इस प्रस्ताव को स्वीकार करना या नहीं, यह सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

न्यूनतम वेतन और फिटमेंट फैक्टर पर भी नजर

8वें वेतन आयोग के सामने न्यूनतम वेतन बढ़ाने और फिटमेंट फैक्टर में सुधार की मांगें भी रखी गई हैं। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने अपने प्रस्ताव दिए हैं, लेकिन इन मांगों को अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही नई वेतन व्यवस्था की तस्वीर स्पष्ट होगी।

सैलरी और पेंशन में कितना होगा फायदा?

यदि 50% DA-DR को मूल वेतन और पेंशन में मर्ज करने का प्रस्ताव मंजूर होता है, तो इसका असर वेतन और पेंशन की गणना पर पड़ सकता है। लेकिन अभी बढ़ोतरी की कोई निश्चित राशि बताना संभव नहीं है। कर्मचारियों और पेंशनर्स को वास्तविक लाभ जानने के लिए आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए। 

शरीर में कहीं भी नस चढ़ जाए तो तुरंत करें ये 5 काम, मिलेगी राहत!

हेल्थ डेस्क। कई बार चलते-फिरते, व्यायाम करते समय या रात में सोते हुए अचानक हाथ-पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव होने लगता है। आम बोलचाल में इसे नस चढ़ना कहा जाता है। इस दौरान काफी दर्द हो सकता है और कुछ समय के लिए मांसपेशियां अकड़ जाती हैं। शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहने या मांसपेशियों पर दबाव पड़ने से ऐसी समस्या हो सकती है। ऐसे में कुछ आसान उपायों से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

नस चढ़ने पर तुरंत करें ये 5 काम

1. मांसपेशियों को धीरे-धीरे स्ट्रेच करें: अगर पिंडली में नस चढ़ गई है, तो पैर को धीरे-धीरे सीधा करें और पंजे को अपनी ओर खींचें। खिंचाव आराम से करें, झटके न दें।

2. हल्की मालिश करें: प्रभावित मांसपेशी पर धीरे-धीरे हाथ फेरें या हल्की मालिश करें। इससे मांसपेशियों का तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। बहुत तेज दबाव डालने से बचें।

3. गर्म सिकाई करें: मांसपेशियों में अकड़न होने पर गर्म तौलिये या गर्म पानी की बोतल से हल्की सिकाई कर सकते हैं। ध्यान रखें कि तापमान बहुत ज्यादा न हो, ताकि त्वचा न जले।

4. पर्याप्त पानी पिएं: शरीर में पानी की कमी होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या बढ़ सकती है। इसलिए नियमित रूप से पानी पिएं। अधिक पसीना आने या लंबे समय तक व्यायाम करने पर तरल पदार्थों की जरूरत भी बढ़ सकती है।

5. थोड़ी देर आराम करें: नस चढ़ने के दौरान तुरंत भारी काम या व्यायाम न करें। मांसपेशियों को सामान्य होने का समय दें। दर्द कम होने पर धीरे-धीरे सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकते हैं।

बार-बार नस चढ़ना हो सकता है समस्या का संकेत

अगर शरीर में बार-बार नस चढ़ती है, रात में नींद खुल जाती है या दर्द लंबे समय तक बना रहता है, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। कुछ दवाएं, शरीर में इलेक्ट्रोलाइट का असंतुलन और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं। बिना जांच के कैल्शियम, मैग्नीशियम या अन्य सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।