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बंगाल में किसकी बनेगी सरकार? नए सर्वे ने बदल दिया पूरा खेल!

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव की तैयारियों के साथ ही राजनीतिक माहौल गर्म होता जा रहा है। चुनाव से पहले जनता का मूड जानने के लिए किए गए 'वोट वाइब' द्वारा किये गए एक ताजा सर्वे ने राज्य की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। इस सर्वे में मुख्यमंत्री की पसंद, सरकार के कामकाज और चुनावी मुद्दों को लेकर लोगों की राय सामने आई है, जिसने सियासी समीकरणों को और दिलचस्प बना दिया है।

ममता सरकार के कामकाज पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया

सर्वे में जब लोगों से पिछले पांच वर्षों में राज्य सरकार के प्रदर्शन को लेकर सवाल किया गया, तो काफी लोगों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। लगभग 34.8 प्रतिशत लोगों ने सरकार के काम को ‘बेहतरीन’ बताया, जबकि 9.5 प्रतिशत लोगों ने इसे ‘अच्छा’ माना। हालांकि, करीब 18 प्रतिशत लोग सरकार के कामकाज से बेहद असंतुष्ट नजर आए और उन्होंने इसे ‘बहुत खराब’ बताया। कुल मिलाकर देखें तो सकारात्मक प्रतिक्रिया देने वालों की संख्या 44 प्रतिशत से अधिक रही, जो सत्ताधारी दल के लिए राहत की बात मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री पद के लिए किसे मिल रहा समर्थन

मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर पूछे गए सवाल में ममता बनर्जी अब भी सबसे आगे दिखाई दीं। सर्वे के अनुसार करीब 41.6 प्रतिशत लोग उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं। वहीं भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को लगभग 18.9 प्रतिशत लोगों का समर्थन मिला है।

इसके अलावा समिक भट्टाचार्य को भी कुछ प्रतिशत लोगों की पसंद मिली, जबकि अभिषेक बनर्जी और मोहम्मद सलीम जैसे नेताओं का समर्थन अपेक्षाकृत कम रहा। आंकड़ों के मुताबिक मुख्यमंत्री की पसंद के मामले में तृणमूल कांग्रेस को भाजपा पर करीब 7 प्रतिशत से अधिक की बढ़त मिलती नजर आ रही है।

चुनाव में कौन से मुद्दे रहेंगे अहम

सर्वे में यह भी सामने आया कि इस बार चुनाव में कुछ खास मुद्दे जनता के बीच प्रमुख रह सकते हैं। सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी को माना जा रहा है, जिसे करीब 36 प्रतिशत लोगों ने अपनी मुख्य चिंता बताया। इसके अलावा कानून व्यवस्था और सुरक्षा का मुद्दा भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे लगभग 19 प्रतिशत लोगों ने प्राथमिकता दी। भ्रष्टाचार भी चुनावी बहस का अहम विषय बन सकता है, क्योंकि लगभग 13 प्रतिशत लोगों ने इसे बड़ा मुद्दा बताया है।

घुसपैठ और जांच एजेंसियों की कार्रवाई पर भी राय

सर्वे में अवैध घुसपैठ को लेकर उठाए गए राजनीतिक सवालों पर भी लोगों की राय सामने आई। करीब एक तिहाई लोगों का मानना है कि यह मुद्दा सही तरीके से उठाया गया है। वहीं कुछ लोगों का कहना है कि जांच एजेंसियों की कार्रवाई और छापेमारी का राजनीतिक असर भी चुनावी माहौल को प्रभावित कर सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच चल रहे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप को लेकर भी लोगों की राय बंटी हुई दिखाई दी। कई लोगों ने माना कि दोनों पक्ष एक-दूसरे पर बराबर आरोप लगा रहे हैं।

यूपी में नए एक्सप्रेस-वे पर जल्द शुरू होगा सफर, विकास को मिलेगी रफ्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बनने वाला गंगा एक्सप्रेस-वे अब लगभग तैयार हो चुका है और जल्द ही इस पर वाहनों का आवागमन शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है। प्रयागराज से मेरठ तक बनने वाले इस हाईस्पीड एक्सप्रेस-वे को प्रदेश की सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में माना जा रहा है। शासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च तक एक्सप्रेस-वे से जुड़े सभी काम हर हाल में पूरे कर लिए जाएं, ताकि अप्रैल से इस पर यातायात शुरू कराया जा सके।

अंतिम चरण में पहुंचा निर्माण कार्य

गंगा एक्सप्रेस-वे का निर्माण अब अंतिम चरण में है और इसके उद्घाटन की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। हाल ही में लखनऊ में हुई समीक्षा बैठक के दौरान अपर मुख्य सचिव और यूपीडा के सीईओ दीपक कुमार ने परियोजना की प्रगति का जायजा लिया और तय समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रयागराज, प्रतापगढ़, रायबरेली और उन्नाव सहित कई जिलों में निर्माण कार्य को तेज कर दिया गया है।

राम वनगमन पथ से भी जुड़ेगा एक्सप्रेस-वे

इस परियोजना का एक खास पहलू यह भी है कि गंगा एक्सप्रेस-वे को अयोध्या से चित्रकूट तक बनाए जा रहे राम वनगमन पथ से जोड़ा जा रहा है। इससे धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पहुंच और अधिक आसान हो जाएगी। परियोजना से जुड़े इंजीनियरों और अधिकारियों ने कई जिलों में निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा भी लिया है।

आधुनिक तकनीक से लैस होगा एक्सप्रेस-वे

करीब 594 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे को सुरक्षित और आधुनिक बनाने के लिए अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। सड़क सुरक्षा के लिए कई जगह अलार्म सेंसर लगाए गए हैं, ताकि किसी भी संभावित दुर्घटना की स्थिति में तुरंत सूचना मिल सके। इसके अलावा मवेशियों के सड़क पर आने से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए एक्सप्रेस-वे के दोनों किनारों पर लगभग पांच फीट ऊंची चहारदीवारी बनाई जा रही है।

गंगा एक्सप्रेस-वे पर जल्द शुरू होगा आवागमन

प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के अनुसार एक्सप्रेस-वे से जुड़े बचे हुए कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि लगभग दो सप्ताह में शेष काम पूरा होने की उम्मीद है, जिसके बाद इसकी अंतिम समीक्षा की जाएगी। अगर सब कुछ तय समय के अनुसार पूरा हुआ, तो अप्रैल महीने तक गंगा एक्सप्रेस-वे पर वाहनों का आवागमन शुरू हो सकता है। इसके शुरू होने से पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और प्रदेश के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलेगा।

यूपी में दो अहम सड़कों का चौड़ीकरण, क्षेत्र के लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपाररानी क्षेत्र में दो प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण की योजना को मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना के तहत पकड़ी बाबू–कुकुरघाटी मार्ग और भटनी–बलुआ मार्ग के दर्शन चौराहा से चखनी घाट रायबारी होते हुए बिहार सीमा तक सड़क का विस्तार किया जाएगा। 

दोनों सड़कों के निर्माण कार्य पर करीब 36.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। रविवार को भाटपाररानी विधायक सभाकुंवर कुशवाहा ने कुकुरघाटी चौराहा पर विधिवत पूजा-अर्चना और मंत्रोच्चार के साथ इस परियोजना का शिलान्यास किया। इस दौरान क्षेत्र के कई स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

आवागमन होगा आसान

विधायक ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण से इलाके में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और लोगों को सुरक्षित यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही इन मार्गों के विकसित होने से आसपास के गांवों और बाजारों के बीच संपर्क मजबूत होगा, जिससे स्थानीय व्यापार और विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में जनता के समर्थन से उन्हें क्षेत्र की सेवा का मौका मिला और तब से वे क्षेत्र के विकास के लिए लगातार काम कर रहे हैं। इसी क्रम में सड़क, पुल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

क्षेत्र में जारी हैं कई विकास कार्य

विधायक के मुताबिक क्षेत्र में सड़कों का जाल बिछाने का काम तेजी से चल रहा है। केरवनिया घाट पर जर्जर पुल को हटाकर नया पुल तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार को जोड़ने वाले चखनी घाट पुल का निर्माण भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में आधारभूत ढांचे के विकास पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी कड़ी में भाटपाररानी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत करने की मंजूरी भी मिल चुकी है और जल्द ही वहां निर्माण कार्य शुरू होगा।

बंगाल में 23 व 29 अप्रैल को मतदान, 4 मई को रिजल्ट, आचार संहिता लागू

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तारीखों की घोषणा कर दी है। रविवार (15 मार्च) को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान चुनावी कार्यक्रम की जानकारी दी। राज्य की सभी 294 विधानसभा सीटों पर मतदान कराया जाएगा। आयोग के अनुसार इस बार चुनाव दो चरणों में संपन्न होंगे और मतगणना 4 मई को की जाएगी।

दो चरणों में होगी वोटिंग

चुनाव आयोग के मुताबिक पश्चिम बंगाल में पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को कराई जाएगी। पहले चरण में 152 सीटों पर मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे, वहीं दूसरे चरण में 142 सीटों पर मतदान होगा। दोनों चरणों के मतदान के बाद 4 मई को चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे।

राज्य में लागू हुई आचार संहिता

चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही पश्चिम बंगाल में आदर्श आचार संहिता तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है। आयोग ने बताया कि चुनाव की तैयारियों की समीक्षा, मतदाता सूची को अंतिम रूप देने और सुरक्षा व्यवस्था के आकलन जैसे अहम काम पूरे कर लिए गए हैं। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष बनाने के लिए कई इलाकों में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती भी की जाएगी।

7 मई को खत्म होगा विधानसभा का कार्यकाल

पश्चिम बंगाल विधानसभा का मौजूदा कार्यकाल 7 मई को समाप्त हो रहा है। ऐसे में नई सरकार के गठन के लिए चुनाव प्रक्रिया तय समय पर पूरी की जाएगी। राज्य की राजनीति में इस बार भी मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है।

रात में दिखते हैं ये 5 संकेत? हो सकता है डायबिटीज का खतरा, तुरंत हो जाएं सतर्क

हेल्थ डेस्क। आज के समय में बदलती जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण डायबिटीज यानी मधुमेह के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी बीमारी है जिसमें शरीर में ब्लड शुगर का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण बहुत सामान्य होते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ संकेत ऐसे होते हैं जो खासतौर पर रात के समय दिखाई देते हैं। अगर ये लक्षण लगातार महसूस हों तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए और समय रहते डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है। आइए जानते हैं रात में दिखाई देने वाले ऐसे 5 संकेतों के बारे में।

1. बार-बार पेशाब आने की समस्या

अगर रात में बार-बार नींद खुलती है और बार-बार पेशाब जाना पड़ता है, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। जब शरीर में ब्लड शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसी कारण पेशाब की मात्रा बढ़ जाती है।

2. ज्यादा प्यास लगना

रात के समय बार-बार प्यास लगना भी मधुमेह का एक संकेत माना जाता है। शरीर से ज्यादा तरल पदार्थ निकलने के कारण व्यक्ति को लगातार पानी पीने की जरूरत महसूस हो सकती है। अगर यह समस्या नियमित रूप से हो रही है तो जांच करवाना जरूरी है।

3. पैरों में झनझनाहट या जलन

कुछ लोगों को रात में सोते समय पैरों में झनझनाहट, जलन या सुन्नपन महसूस होता है। यह नसों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है, जो लंबे समय तक बढ़े हुए ब्लड शुगर के कारण हो सकती है।

4. अचानक ज्यादा पसीना आना

रात में बिना किसी कारण ज्यादा पसीना आना भी शरीर में शुगर के स्तर में उतार-चढ़ाव का संकेत हो सकता है। कई बार यह लो ब्लड शुगर की स्थिति में भी हो सकता है, इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. नींद पूरी न होना और थकान

अगर रात में बार-बार नींद खुलती है या ठीक से नींद नहीं आती और सुबह उठने पर थकान महसूस होती है, तो यह भी मधुमेह से जुड़ा संकेत हो सकता है। खराब नींद का असर शरीर की ऊर्जा और स्वास्थ्य पर पड़ता है।

कल बनेगा द्विपुष्कर योग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और सफलता के खुलेंगे नए रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में कुछ विशेष योगों को बहुत शुभ माना जाता है। ऐसा ही एक योग द्विपुष्कर योग है। मान्यता है कि जब यह योग बनता है तो इस दौरान किए गए कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है। इस समय व्यापार, निवेश, खरीदारी और नए काम की शुरुआत को शुभ माना जाता है।

ज्योतिष गणना के अनुसार कल बनने वाला द्विपुष्कर योग कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ देने वाला हो सकता है। खास तौर पर 5 राशियों के लोगों को धन, करियर और सफलता से जुड़े नए अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह योग अच्छा साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को काम में सफलता मिल सकती है और अधिकारियों से प्रशंसा भी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को किसी नए सौदे से फायदा हो सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना भी बन रही है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय लाभदायक रह सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। जो लोग निवेश करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग तरक्की के संकेत दे रहा है। अगर आप नया काम शुरू करना चाहते हैं तो समय अनुकूल हो सकता है। व्यापार में लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह योग करियर और धन के मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। व्यापार करने वालों के लिए नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

मिडिल क्लास के लिए खुशखबरी! ₹10.50 लाख में घर लाएं हाइब्रिड कार

नई दिल्ली। भारतीय कार बाजार में हाइब्रिड टेक्नोलॉजी वाली गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। बेहतर माइलेज और कम प्रदूषण के कारण अब कई लोग पेट्रोल या डीजल के बजाय हाइब्रिड कारों को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी सेगमेंट में Toyota Urban Cruiser Hyryder एक लोकप्रिय कॉम्पैक्ट SUV के रूप में उभरी है, जो आधुनिक फीचर्स और कई इंजन विकल्पों के साथ आती है।

कीमत और वेरिएंट

भारत में Toyota Urban Cruiser Hyryder की शुरुआती एक्स-शोरूम कीमत लगभग ₹10.99 लाख से शुरू होती है। वहीं इसके टॉप वेरिएंट की कीमत करीब ₹20.19 लाख (एक्स-शोरूम) तक जाती है। कंपनी ने इसे अलग-अलग जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई वेरिएंट्स में लॉन्च किया है, जिनमें मुख्य रूप से E, S, G और V शामिल हैं।

इसके अलावा ग्राहकों के लिए पेट्रोल, CNG और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड जैसे विकल्प भी उपलब्ध हैं। CNG वेरिएंट आमतौर पर मिड-रेंज वेरिएंट में मिलता है और इसकी कीमत करीब ₹15 लाख के आसपास से शुरू होती है। वहीं स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड वेरिएंट की कीमत लगभग ₹19 लाख से ऊपर जाती है।

इंजन और माइलेज

इस SUV में 1.5 लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो माइल्ड हाइब्रिड और स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड दोनों विकल्पों के साथ आता है। स्ट्रॉन्ग हाइब्रिड सिस्टम में पेट्रोल इंजन के साथ इलेक्ट्रिक मोटर भी काम करती है, जिससे ईंधन की खपत कम हो जाती है।

माइलेज की बात करें तो यह कार अलग-अलग वेरिएंट के अनुसार लगभग 20.12 किमी/लीटर से लेकर 27.97 किमी/लीटर तक का माइलेज दे सकती है। यही कारण है कि इसे अपने सेगमेंट की सबसे ज्यादा माइलेज देने वाली SUV में गिना जाता है।

फीचर्स और डिजाइन

डिजाइन के मामले में Toyota Urban Cruiser Hyryder काफी आकर्षक और मॉडर्न दिखती है। इसमें LED हेडलाइट्स, बड़ा टचस्क्रीन इंफोटेनमेंट सिस्टम, वायरलेस चार्जिंग, कनेक्टेड कार टेक्नोलॉजी और प्रीमियम इंटीरियर जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षा के लिए कई आधुनिक सेफ्टी फीचर्स भी मिलते हैं, जो ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित बनाते हैं।

क्यों खरीदना हो सकता है फायदे का सौदा

अगर आप ऐसी SUV खरीदना चाहते हैं जो माइलेज में बेहतर हो, फीचर्स से भरपूर हो और लंबे समय तक भरोसेमंद प्रदर्शन दे सके, तो Toyota Urban Cruiser Hyryder एक अच्छा विकल्प साबित हो सकती है। हाइब्रिड तकनीक के कारण यह कार ईंधन की बचत के साथ-साथ पर्यावरण के लिए भी अपेक्षाकृत बेहतर मानी जाती है।

पेट की सारी गड़बड़ी दूर करेंगी किचन की ये 4 चीजें

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खान-पान की वजह से पेट से जुड़ी समस्याएं आम हो गई हैं। कब्ज, गैस, अपच और पेट दर्द जैसी परेशानियां कई लोगों को अक्सर परेशान करती हैं। डॉक्टर भी मानते हैं कि अगर पाचन तंत्र सही तरीके से काम करे तो शरीर स्वस्थ रहता है। अच्छी बात यह है कि पेट को दुरुस्त रखने के लिए कई घरेलू उपाय हमारी रसोई में ही मौजूद होते हैं।

जीरा

जीरा लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है और यह पाचन के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें ऐसे तत्व पाए जाते हैं जो गैस और अपच की समस्या को कम करने में मदद करते हैं। जीरे का पानी पीने से पेट हल्का महसूस होता है और पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है।

धनिया

धनिया भी पेट के लिए काफी लाभकारी माना जाता है। धनिया के बीजों में पाचन को बेहतर बनाने वाले गुण पाए जाते हैं। धनिया का पानी पीने से गैस और अपच की समस्या में राहत मिल सकती है और पेट ठंडा रहता है। कई लोग इसे घरेलू उपाय के रूप में इस्तेमाल करते हैं।

सौंफ

सौंफ खाने के बाद मुंह का स्वाद अच्छा करने के साथ-साथ पाचन में भी मदद करती है। इसमें मौजूद तत्व पेट की जलन और गैस की समस्या को कम करने में सहायक माने जाते हैं। भोजन के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ खाने से पेट हल्का महसूस होता है।

अजवाइन

अजवाइन भी पेट की समस्याओं के लिए एक प्रभावी घरेलू उपाय मानी जाती है। इसमें थाइमोल नामक तत्व होता है, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है। गैस या अपच की समस्या होने पर गुनगुने पानी के साथ अजवाइन लेना फायदेमंद माना जाता है।

दुनिया पर राज करने की ताकत: डॉलर ने ऐसे बनाया अमेरिका को सुपरपावर

नई दिल्ली। दुनिया की राजनीति और अर्थव्यवस्था में अमेरिका की ताकत अक्सर उसकी सैन्य शक्ति और तकनीकी विकास से जोड़ी जाती है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की असली ताकत उसकी मुद्रा डॉलर है। वैश्विक अर्थव्यवस्था में डॉलर का दबदबा इतना मजबूत है कि कई देशों की आर्थिक नीतियां भी इससे प्रभावित होती हैं। यही कारण है कि डॉलर ने अमेरिका को विश्व स्तर पर एक मजबूत सुपरपावर बनाया है।

वैश्विक व्यापार में डॉलर की भूमिका

दुनिया के ज्यादातर अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भुगतान डॉलर में किया जाता है। तेल, सोना, गैस और अन्य कई महत्वपूर्ण वस्तुओं की कीमत भी डॉलर में तय होती है। इसका मतलब यह है कि दुनिया के लगभग सभी देशों को व्यापार करने के लिए डॉलर की जरूरत पड़ती है। इससे अमेरिका की आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और उसे वैश्विक बाजार में विशेष प्रभाव मिलता है।

विदेशी मुद्रा भंडार में डॉलर का दबदबा

दुनिया के कई देशों के केंद्रीय बैंक अपने विदेशी मुद्रा भंडार का बड़ा हिस्सा डॉलर के रूप में रखते हैं। ऐसा इसलिए किया जाता है ताकि अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक संकट के समय स्थिरता बनी रहे। इससे डॉलर की मांग लगातार बनी रहती है और अमेरिका की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

वैश्विक वित्तीय संस्थानों पर प्रभाव

अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग सिस्टम में भी डॉलर का व्यापक उपयोग होता है। कई अंतरराष्ट्रीय लेन-देन और ऋण डॉलर में ही दिए जाते हैं। इससे अमेरिका को वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में विशेष स्थान मिलता है और वह कई मामलों में आर्थिक नीतियों को प्रभावित करने की स्थिति में रहता है।

आर्थिक प्रतिबंधों की ताकत

डॉलर की वैश्विक भूमिका के कारण अमेरिका के पास आर्थिक प्रतिबंध लगाने की भी बड़ी शक्ति होती है। यदि किसी देश पर अमेरिका प्रतिबंध लगाता है तो उस देश के लिए अंतरराष्ट्रीय व्यापार करना कठिन हो सकता है। यही वजह है कि कई देश अमेरिका की आर्थिक नीतियों को गंभीरता से लेते हैं।

मजबूत अर्थव्यवस्था और भरोसा

डॉलर की ताकत का एक बड़ा कारण अमेरिका की मजबूत अर्थव्यवस्था, विकसित वित्तीय बाजार और वैश्विक निवेशकों का भरोसा भी है। अमेरिकी शेयर बाजार, बैंकिंग व्यवस्था और तकनीकी कंपनियां दुनिया भर के निवेशकों को आकर्षित करती हैं। इससे डॉलर की स्थिति और मजबूत होती है।

चैत्र नवरात्रि 2026: डोली पर आएंगी माता रानी, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। हिंदू धर्म में चैत्र नवरात्रि का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व मां दुर्गा की उपासना का प्रमुख समय होता है, जब भक्त नौ दिनों तक श्रद्धा और भक्ति के साथ मां के नौ रूपों की पूजा करते हैं। वर्ष 2026 की चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाई जाएगी।

ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इस बार माता रानी का आगमन डोली (पालकी) पर होगी। इसके साथ ही इस अवधि में शश महापुरुष योग और गजकेसरी योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं। इन योगों के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आने की संभावना जताई जा रही है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए चैत्र नवरात्रि का समय नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। करियर के क्षेत्र में भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं। मेहनत का उचित फल मिलने से आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय उन्नति और सम्मान का संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार करने वालों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक जीवन में प्रतिष्ठा बढ़ने के योग भी बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए नवरात्रि का यह समय राहत और सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। पहले से चली आ रही समस्याओं में धीरे-धीरे कमी आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं और स्वास्थ्य में भी सुधार देखने को मिल सकता है। कुछ लोगों के लिए यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में यह समय अनुकूल माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और धन से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। साथ ही, करियर में भी नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए चैत्र नवरात्रि भाग्य का साथ देने वाला समय साबित हो सकता है। जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। लंबे समय से चल रही योजनाएं पूरी होने की संभावना है। साथ ही, सामाजिक और पारिवारिक जीवन में भी खुशियों का माहौल रह सकता है।

बच्चों को जरूर खिलाएं ये 5 चीजें, ताकत और दिमाग दोनों होंगे तेज

हेल्थ डेस्क। आजकल बदलती जीवनशैली और खान-पान की आदतों के कारण बच्चों की सेहत पर खास ध्यान देना जरूरी हो गया है। सही और संतुलित आहार बच्चों की शारीरिक और मानसिक वृद्धि के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। अगर बच्चों को कम उम्र से ही पौष्टिक भोजन दिया जाए तो उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और वे कई बीमारियों से भी बचे रहते हैं।

1. दूध और डेयरी उत्पाद

दूध बच्चों के लिए सबसे महत्वपूर्ण आहारों में से एक माना जाता है। इसमें कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन डी भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाते हैं। बच्चों को रोज एक से दो गिलास दूध देना फायदेमंद होता है। इसके अलावा दही और पनीर भी उनकी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

2. हरी सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और ब्रोकोली पोषण से भरपूर होती हैं। इनमें आयरन, फाइबर और कई जरूरी विटामिन पाए जाते हैं, जो बच्चों की सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। नियमित रूप से हरी सब्जियां खाने से बच्चों की इम्युनिटी भी मजबूत होती है।

3. फ्रेस फल

फलों में विटामिन, मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में होते हैं। सेब, केला, संतरा, पपीता और आम जैसे फल बच्चों के शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ उनकी पाचन क्रिया को भी बेहतर बनाते हैं। बच्चों को रोज कम से कम एक या दो प्रकार के फल जरूर खाने चाहिए।

4. दाल और प्रोटीन युक्त आहार

बच्चों की ग्रोथ के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। दाल, राजमा, चना और सोयाबीन जैसे खाद्य पदार्थ प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं। ये मांसपेशियों के विकास में मदद करते हैं और बच्चों को ऊर्जा प्रदान करते हैं।

5. सूखे मेवे भी है बहुत फायदेमंद

बादाम, अखरोट, काजू और किशमिश जैसे सूखे मेवे पोषण से भरपूर होते हैं। इनमें हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल पाए जाते हैं, जो बच्चों के दिमाग के विकास और याददाश्त को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। थोड़ी मात्रा में रोज सूखे मेवे देना बच्चों के लिए लाभकारी होता है।

मार्च में बनेगा गजकेसरी राजयोग, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगा धन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी राजयोग को बेहद शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब चंद्रमा और बृहस्पति विशेष स्थिति में होते हैं। माना जाता है कि इस योग के बनने से व्यक्ति को धन, मान-सम्मान और तरक्की के अवसर मिलते हैं।

मार्च महीने के अंत में 26 मार्च को गजकेसरी राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। इस शुभ संयोग का प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन खास तौर पर मिथुन, सिंह, कन्या और धनु राशि के जातकों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है। आइए जानते हैं इन राशियों पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह योग आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक परिणाम दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग खोलेंगी। व्यापार करने वालों के लिए भी यह समय अच्छा साबित हो सकता है। किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन रही है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए गजकेसरी राजयोग सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं और मेहनत का अच्छा फल मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की और स्थिरता लेकर आ सकता है। नौकरी में बदलाव या प्रमोशन की संभावना बन सकती है। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में समझदारी से लिए गए फैसले भविष्य में लाभ दिला सकते हैं। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और काम में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक उन्नति के संकेत दे सकता है। आय में बढ़ोतरी हो सकती है और कोई बड़ा आर्थिक अवसर सामने आ सकता है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। साथ ही, करियर में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। परिवार और सामाजिक जीवन में भी सम्मान बढ़ सकता है।

8वां वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों की लगेगी लॉटरी! जनवरी से मोटा एरियर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे की समीक्षा के लिए 8वें वेतन आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कदम से देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों और रिटायर्ड कर्मियों में नई उम्मीद जगी है। नया आयोग वर्तमान में लागू 7वें वेतन आयोग की जगह लेगा।

इस प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए वित्त मंत्रालय ने कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए एक विशेष ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शुरू किया गया है, जहां लोग अपनी राय और प्रस्ताव भेज सकते हैं। यह पोर्टल 30 अप्रैल 2026 तक खुला रहेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इसमें भाग ले सकें और अपनी बात रख सकें।

रिपोर्ट के लिए तय किया गया समय

सरकार ने आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया है। आयोग सभी सुझावों और आर्थिक स्थितियों का अध्ययन करने के बाद अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा। इसके बाद सरकार उस रिपोर्ट की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लेगी।

सैलरी बढ़ोतरी को लेकर बढ़ी उम्मीदें

पिछले वेतन आयोगों के अनुभव को देखें तो कर्मचारियों की आय में हर बार उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 7वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद न्यूनतम मूल वेतन को बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था, जबकि अधिकतम मूल वेतन 2.5 लाख रुपये प्रति माह निर्धारित किया गया था। अब कर्मचारी उम्मीद कर रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग में भी वेतन संरचना में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा चर्चा

नई वेतन संरचना तय करने में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभाता है। यही वह गुणांक होता है जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा कर नई सैलरी निर्धारित की जाती है। जानकारों का अनुमान है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर 2.4 से 3.0 के बीच तय हो सकता है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों के वेतन में लगभग 20 से 35 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव है। हालांकि अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

कर्मचारियों को एरियर मिलने की संभावना

कर्मचारियों के लिए एक और सकारात्मक संकेत एरियर को लेकर है। विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही नया वेतन ढांचा लागू होने में समय लग जाए, लेकिन इसका प्रभाव 1 जनवरी 2026 से माना जा सकता है। ऐसे में जब भी नई सैलरी लागू होगी, कर्मचारियों को उस तारीख से लेकर लागू होने तक की अवधि का एरियर मिल सकता है।

आर्थिक परिस्थितियों पर निर्भर करेगा अंतिम फैसला

वित्तीय विशेषज्ञों का कहना है कि वेतन वृद्धि की सीमा कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें महंगाई दर, सरकार की आर्थिक स्थिति, कर संग्रह और भविष्य की वित्तीय नीतियां शामिल हैं। सरकार को कर्मचारियों को राहत देने और सरकारी खर्च को संतुलित रखने के बीच संतुलन बनाना होगा।

यूपी में 28KM रेल लाइन बिछाने का कार्य शुरू, इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गोंडा जिले के पास झिलाही से टिकरी और मनकापुर से टिकरी रेलवे स्टेशन के बीच लगभग 28 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन बिछाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस परियोजना के लिए लगभग 280 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया है और रेलवे ने इसके लिए भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही भी प्रारंभ कर दी है।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस रेल लाइन के निर्माण के लिए तरबगंज तहसील के अंतर्गत आने वाले कई गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है। इन गांवों के विभिन्न गाटा नंबरों की जमीन को परियोजना में शामिल किया गया है। यह कदम इसलिए जरूरी है ताकि नई रेल लाइन का निर्माण समय पर पूरा किया जा सके और क्षेत्र के लोगों को जल्द इसका लाभ मिल सके।

यात्रियों का समय होगा कम

नई रेल लाइन बनने से गोंडा और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अभी कई ट्रेनों को लंबा रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन इस परियोजना के पूरा होने के बाद गोंडा से मनकापुर होकर जाने की आवश्यकता कम हो जाएगी। यात्री सीधे कटरा के रास्ते अयोध्या, वाराणसी और प्रयागराज की ओर यात्रा कर सकेंगे। इससे यात्रा समय लगभग 45 मिनट तक कम होने की संभावना है।

वाई-आकार का ट्रैक बनेगा

इस योजना के अंतर्गत झिलाही से टिकरी के बीच वाई-आकार का ट्रैक भी बनाया जाएगा। इस व्यवस्था से ट्रेनों को दिशा बदलने के लिए इंजन बदलने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे ट्रेन संचालन अधिक तेज और सुगम हो जाएगा।

ट्रेनों की संख्या बढ़ने की उम्मीद

मनकापुर से टिकरी रेलखंड का दोहरीकरण भी इस परियोजना का हिस्सा है। जब ट्रैक दोहरा हो जाएगा तो ट्रेनों के आवागमन की क्षमता बढ़ेगी और भविष्य में इस रूट पर और अधिक ट्रेनों को चलाया जा सकेगा। इसका सीधा फायदा अयोध्या धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को मिलेगा।

क्षेत्र के विकास को मिलेगा बढ़ावा

रेलवे लाइन के निर्माण से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय विकास को भी गति मिलेगी। बेहतर रेल संपर्क से व्यापार, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होने की उम्मीद है।

महिलाओं के लिए ये 4 फल हैं सबसे फायदेमंद, कई बीमारियों से रखेंगे दूर

हेल्थ डेस्क। स्वस्थ रहने के लिए संतुलित आहार बहुत जरूरी होता है, खासकर महिलाओं के लिए। बदलती जीवनशैली, काम का दबाव और पोषण की कमी के कारण कई महिलाओं को कमजोरी, थकान और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में रोजाना आहार में ताजे फलों को शामिल करना शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकता है।

फलों में विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ कई बीमारियों से बचाने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे चार फलों के बारे में, जिन्हें महिलाओं के लिए खास तौर पर लाभकारी माना जाता है।

1 .सेब

सेब को सेहत के लिए बहुत अच्छा फल माना जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट अच्छी मात्रा में होते हैं। नियमित रूप से सेब खाने से पाचन तंत्र बेहतर रहता है और शरीर को जरूरी पोषण मिलता है। यह दिल की सेहत के लिए भी लाभदायक माना जाता है।

2 .केला

केला ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6 और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। केला खाने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और कमजोरी दूर करने में मदद मिल सकती है। यह हड्डियों और मांसपेशियों के लिए भी लाभकारी होता है।

3 .पपीता

पपीता पाचन के लिए बेहद फायदेमंद फल माना जाता है। इसमें फाइबर और कई जरूरी विटामिन होते हैं, जो पेट से जुड़ी समस्याओं को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा पपीता त्वचा के लिए भी अच्छा माना जाता है और शरीर को डिटॉक्स करने में सहायक होता है।

4 .अनार

अनार में आयरन, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाता है। नियमित रूप से अनार का सेवन करने से शरीर को कई तरह के पोषक तत्व मिलते हैं।

महिलाओं के लिए खुशखबरी! यूपी के 5 जिलों में आंगनवाड़ी वर्कर की वैकेंसी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में महिलाओं के लिए रोजगार का एक अच्छा अवसर सामने आया है। राज्य के कई जिलों में आंगनवाड़ी वर्कर के रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस भर्ती के तहत इच्छुक और योग्य महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक वेबसाइट upanganwadibharti.in के माध्यम से पूरी की जा रही है।

इन जिलों में निकली भर्ती

भर्ती के तहत उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पद खाली हैं। इनमें सबसे अधिक पद रामपुर जिले में उपलब्ध हैं, जहां कुल 227 रिक्तियां भरी जाएंगी। इसके अलावा बिजनौर में 41 पद, भदोही में 7 पद, संत कबीर नगर में 5 पद और बांदा जिले में 11 पद पर भर्ती की जाएगी।

रामपुर जिले में अलग-अलग परियोजनाओं के तहत इन पदों का वितरण किया गया है। वहीं अन्य जिलों में भी विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों पर रिक्तियां निकाली गई हैं।

शैक्षणिक योग्यता

आंगनवाड़ी वर्कर के पद पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का कम से कम 12वीं पास होना जरूरी है। मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट पास महिला उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा प्राप्त महिलाएं भी आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

आयु सीमा

भर्ती में आवेदन करने वाली महिला उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग की उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट भी दी जाएगी।

जिले की निवासी होना जरूरी

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का उसी जिले का निवासी होना जरूरी है, जहां से वह आवेदन कर रही हैं। यानी जिस जिले के आंगनवाड़ी केंद्र में पद खाली है, वहीं की स्थानीय महिला उम्मीदवार ही उस पद के लिए आवेदन कर सकती हैं।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

आवेदन करने के लिए सबसे पहले उम्मीदवार को आंगनवाड़ी भर्ती की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। वहां नया पंजीकरण (New Registration) कर अपनी मूल जानकारी जैसे नाम, जन्म तिथि, मोबाइल नंबर और ईमेल दर्ज करना होगा।

रजिस्ट्रेशन के बाद यूजर आईडी और पासवर्ड की मदद से पोर्टल पर लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरना होगा। इसके साथ ही जरूरी दस्तावेज जैसे पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक प्रमाण अपलोड करने होंगे।

यूपी के प्राइवेट स्कूलों में फ्री दाखिला का मौका, 25 मार्च तक कर सकते हैं आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए निजी स्कूलों में पढ़ाई का अच्छा अवसर मिल रहा है। शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत राज्य के निजी विद्यालयों में निःशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन की तीसरी और अंतिम प्रक्रिया शुरू हो गई है। 

इस चरण में अभिभावक 25 मार्च तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अनुसार, इस चरण के बाद 27 मार्च को लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाएगा। जिन बच्चों का नाम लॉटरी में आएगा, उन्हें निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा का लाभ मिलेगा।

पहले दो चरणों में 1.56 लाख सीटें आवंटित

राज्य में आरटीई के तहत पहले और दूसरे चरण की प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है। इन दोनों चरणों में मिलाकर करीब 1.56 लाख बच्चों को निजी विद्यालयों में सीटें आवंटित की गई हैं। फिलहाल इन बच्चों के दाखिले की प्रक्रिया चल रही है।

सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया पर दिया जोर

प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए इसे ऑनलाइन किया गया है। आवेदन से लेकर दस्तावेजों की जांच और लॉटरी तक सभी चरण डिजिटल माध्यम से पूरे किए जा रहे हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाएं।

इन जिलों में सबसे ज्यादा आवेदन

शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य के कई बड़े जिलों में आरटीई के तहत काफी संख्या में सीटें आवंटित की गई हैं। इनमें लखनऊ, कानपुर नगर, वाराणसी, आगरा, मुरादाबाद और बुलंदशहर जैसे जिलों में सबसे ज्यादा बच्चों को निजी स्कूलों में प्रवेश मिला है।

ऐसे कर सकते हैं आवेदन

अभिभावक अपने क्षेत्र की ग्राम पंचायत या नगर वार्ड में स्थित किसी भी मान्यता प्राप्त निजी स्कूल का चयन कर सकते हैं। इसके लिए उन्हें आरटीई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन से जुड़ी सभी जानकारी और प्रक्रिया पोर्टल rte25.upsdc.gov.in पर उपलब्ध है।

गरीब परिवारों के बच्चों को मिलेगा फायदा

आरटीई योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा का अवसर देना है। इस योजना के तहत निजी स्कूलों में एक निश्चित प्रतिशत सीटें ऐसे बच्चों के लिए आरक्षित रखी जाती हैं, जिससे उन्हें बिना शुल्क के पढ़ाई का मौका मिल सके।

हर पुरुष को खाने चाहिए ये 5 ड्राईफ्रूट्स, शरीर रहेगा फिट और मजबूत

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में स्वस्थ रहना किसी चुनौती से कम नहीं है। अनियमित खानपान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण पुरुषों में कमजोरी, थकान और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं देखने को मिल रही हैं। ऐसे में संतुलित आहार और पौष्टिक चीजों का सेवन बेहद जरूरी हो जाता है।

ड्राईफ्रूट्स यानी सूखे मेवे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं और शरीर को जरूरी ऊर्जा देने में मदद करते हैं। नियमित रूप से इनका सेवन करने से शरीर मजबूत रहता है और कई बीमारियों से बचाव भी होता है। आइए जानते हैं ऐसे 5 ड्राईफ्रूट्स के बारे में, जो पुरुषों की सेहत के लिए खास तौर पर फायदेमंद माने जाते हैं।

बादाम

बादाम को सबसे पौष्टिक ड्राईफ्रूट्स में गिना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन ई और हेल्दी फैट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। रोजाना भीगे हुए बादाम खाने से दिमाग तेज होता है और शरीर को ऊर्जा मिलती है। यह दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है।

अखरोट

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड, एंटीऑक्सीडेंट और कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। यह हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है और शरीर की सूजन को कम करने में भी मदद करता है। नियमित रूप से अखरोट खाने से दिमाग और दिल दोनों को फायदा मिल सकता है।

काजू

काजू में प्रोटीन, आयरन और मैग्नीशियम जैसे तत्व पाए जाते हैं। यह शरीर को ताकत देने के साथ-साथ हड्डियों को मजबूत बनाने में भी मदद करता है। सीमित मात्रा में काजू का सेवन करने से शरीर को तुरंत ऊर्जा मिलती है और थकान कम होती है।

पिस्ता

पिस्ता में प्रोटीन, फाइबर और कई तरह के विटामिन होते हैं। यह वजन को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है और पाचन तंत्र के लिए भी फायदेमंद माना जाता है। इसके अलावा पिस्ता दिल की सेहत के लिए भी अच्छा माना जाता है।

किशमिश

किशमिश में आयरन, कैल्शियम और प्राकृतिक शुगर भरपूर मात्रा में होती है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने में मदद करती है। रोजाना थोड़ी मात्रा में किशमिश खाने से कमजोरी और थकान दूर करने में मदद मिल सकती है।

भारत में तैयार होंगे Heron Mk II ड्रोन, दुश्मनों पर रखेंगे बाज़ जैसी नजर

नई दिल्ली। भारत अपनी सुरक्षा और निगरानी क्षमता को मजबूत करने के लिए लगातार नई तकनीकों को अपना रहा है। इसी दिशा में भारत ने इजरायल के उन्नत Heron Mk II ड्रोन को और अधिक संख्या में खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह कदम हाल ही में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है, ताकि सीमाओं और समुद्री क्षेत्रों में निगरानी क्षमता को और मजबूत किया जा सके।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारतीय सेना की तीनों शाखाएं थल सेना, वायु सेना और नौसेना इस आधुनिक ड्रोन को अपने बेड़े में शामिल करने की तैयारी कर रही हैं। इससे देश की संयुक्त निगरानी प्रणाली और अधिक प्रभावी हो जाएगी और संवेदनशील इलाकों पर लगातार नजर रखना आसान होगा।

लंबे समय तक उड़ान भरने में सक्षम

Heron Mk II ड्रोन को मध्यम ऊंचाई पर लंबी अवधि तक उड़ान भरने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक MALE (Medium Altitude Long Endurance) श्रेणी का ड्रोन है, जिसे खास तौर पर खुफिया जानकारी जुटाने, निगरानी और टोही मिशनों के लिए बनाया गया है। इस ड्रोन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह लगभग 45 घंटे तक लगातार उड़ान भर सकता है। इसके अलावा यह करीब 35 हजार फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है और बड़ी दूरी तक निगरानी करने में सक्षम है।

उन्नत तकनीक से लैस

Heron Mk II ड्रोन में आधुनिक सेंसर और संचार प्रणाली लगाई जाती है, जिससे यह दिन और रात दोनों समय निगरानी कर सकता है। इसकी अधिकतम टेकऑफ क्षमता करीब 1,430 किलोग्राम बताई जाती है और इसकी गति लगभग 280 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

इसमें लगा सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम (SATCOM) इसे खास बनाता है। इस तकनीक की मदद से ड्रोन को बहुत दूर से भी नियंत्रित किया जा सकता है। यानी यह पारंपरिक लाइन-ऑफ-साइट से कहीं अधिक दूरी तक ऑपरेशन कर सकता है और लंबे समय तक मिशन पर रह सकता है।

पहले भी खरीद चुका है भारत

भारत ने इस ड्रोन को पहली बार कुछ साल पहले अपनी सुरक्षा जरूरतों को देखते हुए खरीदा था। उस समय सीमावर्ती इलाकों में बढ़े तनाव के बाद सरकार ने आपातकालीन प्रक्रिया के तहत कुछ Heron Mk II ड्रोन खरीदे थे। उन ड्रोन को सेना और वायु सेना के उपयोग के लिए तैनात किया गया था।

भारत में निर्माण की योजना

अब नई खरीद के साथ-साथ इस ड्रोन के भारत में निर्माण की संभावना पर भी चर्चा चल रही है। यह योजना मेक इन इंडिया पहल के तहत आगे बढ़ाई जा सकती है। अगर यह योजना सफल होती है, तो भारतीय रक्षा उद्योग को नई तकनीक और उत्पादन क्षमता का लाभ मिलेगा। संभावना है कि इस परियोजना में देश की रक्षा कंपनियां और इजरायली तकनीक मिलकर काम करेंगी। इससे भविष्य में तकनीक हस्तांतरण और स्वदेशी उत्पादन को भी बढ़ावा मिल सकता है।

सूर्य बदलेंगे चाल! मीन राशि में गोचर से 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब भी कोई बड़ा ग्रह अपनी राशि बदलता है तो उसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 15 मार्च को सूर्य देव मीन राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस गोचर के दौरान मीन राशि में पहले से मौजूद शनि और शुक्र के साथ विशेष युति बन रही है। ज्योतिषियों के अनुसार यह संयोग कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ साबित हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक परिणाम देने वाला हो सकता है। करियर से जुड़े मामलों में नई संभावनाएं बन सकती हैं। जो लोग नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों के लिए भी यह समय फायदेमंद रहने की संभावना है। लंबे समय से रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर लाभ और सफलता का संकेत दे सकता है। इस दौरान नए लोगों से संपर्क बढ़ सकता है जो भविष्य में काम आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को काम में सराहना मिल सकती है और पदोन्नति के भी संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी फायदा मिलने की संभावना है। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने पर अच्छा लाभ मिल सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला हो सकता है। शिक्षा, करियर और विदेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। जो लोग नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल रह सकता है। परिवार में भी सुख-शांति का माहौल बना रह सकता है और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर रचनात्मकता और प्रगति के अवसर ला सकता है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में नए मौके मिल सकते हैं। इस समय आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा और कई रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह गोचर विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि सूर्य इसी राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इससे आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि हो सकती है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और समाज में सम्मान बढ़ सकता है। व्यापार करने वालों के लिए भी यह समय लाभदायक रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

अहमदाबाद: गुजरात में 5 बड़ी भर्तियां, युवाओं के लिए नौकरी पाने का अच्छा मौका

अहमदाबाद। गुजरात में सरकारी और शैक्षणिक संस्थानों में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के कई विभागों और संस्थानों ने अलग-अलग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की है। इन भर्तियों के माध्यम से सैकड़ों पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

1 .GSSSB में सुपरवाइजर इंस्ट्रक्टर के पद पर भर्ती

गुजरात सबऑर्डिनेट सर्विस सेलेक्शन बोर्ड (GSSSB) ने सुपरवाइजर इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत 203 पदों को भरा जाएगा। आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से बैचलर डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 16 मार्च 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।

2 .वीएनएसजीयू में असिस्टेंट प्रोफेसर और अन्य पद

वीर नर्मद साउथ गुजरात यूनिवर्सिटी (VNSGU) ने भी कई शैक्षणिक पदों के लिए भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत 194 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिनमें असिस्टेंट प्रोफेसर, ट्यूटर और अन्य पद शामिल हैं। इन पदों के लिए मास्टर्स डिग्री, एम.फिल या पीएचडी रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 26 मार्च 2026 तय की गई है।

3 .जूनियर जियोलॉजिस्ट के लिए भी मौका

GSSSB ने जूनियर जियोलॉजिस्ट के पदों के लिए भी भर्ती जारी की है। इस भर्ती में 43 पद उपलब्ध हैं। इन पदों के लिए बी.टेक, बी.ई या एम.एससी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 6 मार्च 2026 से शुरू हो चुके हैं और 20 मार्च 2026 तक भरे जा सकते हैं।

4 .ECHS अहमदाबाद में विभिन्न पद

एक्स-सर्विसमैन कॉन्ट्रिब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) अहमदाबाद ने मेडिकल, पैरामेडिकल और अन्य स्टाफ के पदों के लिए भर्ती निकाली है। कुल 6 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए 8वीं पास, जीएनएम/डिप्लोमा या बी.फार्मा योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती में आवेदन ऑफलाइन करना होगा और अंतिम तिथि 4 अप्रैल 2026 है।

5 .मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर की भर्ती

इसके अलावा GSSSB ने मल्टी पर्पज हेल्थ वर्कर (पुरुष) के पदों पर भी भर्ती निकाली है। इस भर्ती में 254 पद उपलब्ध हैं। इन पदों के लिए संबंधित क्षेत्र में डिप्लोमा होना आवश्यक है। आवेदन प्रक्रिया 7 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 21 मार्च 2026 तक आवेदन किया जा सकता है।

तैयार हो जाइए! 8वां वेतन आयोग आया तो सैलरी में हो सकता है बड़ा विस्फोट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह आयोग कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अन्य सुविधाओं में बड़ा बदलाव ला सकता है। सरकार ने संकेत दिया है कि आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए विभिन्न पक्षों से बातचीत कर रहा है और रिपोर्ट आने के बाद इसे लागू किया जा सकता है।

मौजूदा योजना के अनुसार, नए वेतन आयोग से जुड़ी सिफारिशों को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा सकता है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने में अभी समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों के संगठन अभी से कई अहम मांगें सरकार के सामने रख रहे हैं।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाने की है। फिलहाल 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके आधार पर सैलरी तय हुई थी। अब कई कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि नए आयोग में इसे लगभग 3.0 से 3.25 के बीच रखा जाए। अगर ऐसा होता है तो बेसिक सैलरी में काफी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

न्यूनतम सैलरी में बड़ा बदलाव संभव

वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। कर्मचारी संगठनों का सुझाव है कि इसे बढ़ाकर करीब 54,000 रुपये किया जाए। अगर सरकार इस प्रस्ताव को स्वीकार करती है तो कई कर्मचारियों की सैलरी में काफी बड़ा इजाफा हो सकता है।

‘फैमिली यूनिट’ फॉर्मूला पर भी चर्चा

नए वेतन आयोग को लेकर एक और अहम मुद्दा फैमिली यूनिट का है। अभी तक न्यूनतम वेतन तय करते समय एक मानक परिवार में तीन लोगों को शामिल किया जाता है, कर्मचारी, जीवनसाथी और एक बच्चा। लेकिन कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के समय में परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं, इसलिए गणना में पांच सदस्यों वाले परिवार को आधार बनाया जाना चाहिए। अगर यह बदलाव लागू होता है तो वेतन तय करने का पूरा तरीका बदल सकता है, जिससे सैलरी की गणना पहले से अधिक हो सकती है।

सैलरी कैलकुलेशन में कैसे आ सकता है बदलाव

जानकारों के अनुसार, अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है और फैमिली यूनिट की संख्या भी बढ़ती है, तो सैलरी के फॉर्मूले में बड़ा अंतर आ सकता है। उदाहरण के तौर पर, किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी पर नया फिटमेंट फैक्टर लागू होने से उसकी कुल सैलरी में काफी वृद्धि हो सकती है। हालांकि यह सिर्फ संभावित गणना है और अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

कर्मचारी संगठन के द्वारा अन्य सुविधाओं की भी मांग

कई कर्मचारी संगठन वेतन के अलावा अन्य सुविधाओं को लेकर भी मांग कर रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सरकारी हेल्थ स्कीम का लाभ और अतिरिक्त छुट्टियों जैसी मांगें शामिल हैं। हालांकि सैलरी में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।

बिहार के 25 जिलों में आज बारिश का अलर्ट, तेज आंधी से सतर्क रहने की चेतावनी

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम का मिज़ाज बदलने वाला है। पिछले कुछ दिनों से तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच अब राज्य के कई हिस्सों में बादल छाने और बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार रविवार से प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवा और गरज-चमक का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की भी संभावना है। इसका असर सोमवार को ज्यादा देखने को मिल सकता है, जब लगभग पूरे राज्य में मौसम खराब रहने का अनुमान है।

इन जिलों में आज बारिश की संभावना

रविवार को बिहार के कई जिलों में मौसम बदल सकता है। पटना, जहानाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, खगड़िया और बेगूसराय जैसे इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों में अचानक तेज हवा चलने और बादल गरजने की स्थिति बन सकती है।

15 से 20 मार्च तक बदलता रहेगा मौसम

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 15 से 20 मार्च के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश और आंधी का असर देखने को मिल सकता है। इस दौरान कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है और लोगों को मौसम के ताजा अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

16 मार्च को ज्यादा असर

मौसम विभाग के मुताबिक 16 मार्च को लगभग पूरे बिहार में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना है। इस दिन कई जिलों को सावधानी के तौर पर अलर्ट श्रेणी में रखा गया है। ऐसे में लोगों को बेवजह बाहर निकलने से बचने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

कुछ दिनों बाद मौसम में सुधार

17 मार्च को राज्य के कुछ हिस्सों में मौसम थोड़ा सामान्य हो सकता है। पश्चिमी बिहार के कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शांत रह सकता है, जबकि उत्तर और पूर्वी इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवा का असर जारी रह सकता है।

वहीं, 18 से 20 मार्च के बीच उत्तर और पूर्वोत्तर बिहार के कई जिलों में एक बार फिर मौसम सक्रिय होने की संभावना है। इस दौरान कुछ क्षेत्रों में बिजली चमकने, बादल गरजने और तेज हवा चलने की स्थिति बन सकती है।

देश के 20 राज्यों में तेज बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में बढ़ती गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ले ली है। रविवार सुबह दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हल्की बारिश और ठंडी हवाओं ने मौसम को काफी सुहावना बना दिया। तापमान में गिरावट आने से लोगों को गर्मी से राहत मिली और सुबह का माहौल ठंडा महसूस हुआ।

भारत मौसम विभाग (IMD) ने आने वाले कुछ दिनों के लिए देश के लगभग 20 राज्यों में बारिश, आंधी और बिजली गिरने की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार 15 से 19 मार्च के बीच कई क्षेत्रों में मौसम अस्थिर रह सकता है। इस दौरान कुछ जगहों पर 50 से 65 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बदलाव की मुख्य वजह पश्चिमी विक्षोभ है, जिसका असर उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों पर पड़ रहा है। इसके प्रभाव से कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और कुछ इलाकों में ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

दिल्ली में बारिश और तेज हवाएं

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में भी अगले कुछ दिनों तक मौसम बदलता रह सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक यहां तेज हवा चलने के साथ बारिश हो सकती है। हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

उत्तर भारत के कई राज्यों में असर

उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में गरज के साथ बारिश होने का अनुमान है। वहीं राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में भी मौसम सक्रिय रहने वाला है। असम, अरुणाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने स्थानीय प्रशासन और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

किसानों के लिए चेतावनी जारी

मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने के लिए कहा है। खराब मौसम के दौरान खुले खेतों में काम करने से बचने और फसलों को सुरक्षित रखने के उपाय करने की सलाह दी गई है। दिलचस्प बात यह है कि जहां कुछ राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है, वहीं देश के कुछ हिस्सों में गर्मी भी बढ़ सकती है और तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है।

पेट्रोल-डीजल को लेकर केंद्र सरकार की एडवाइजरी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल को लेकर लोगों में चिंता देखी जा रही है। इसी स्थिति को देखते हुए Ministry of Petroleum and Natural Gas ने एक अहम एडवाइजरी जारी की है। मंत्रालय ने साफ कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और लोगों को घबराकर पेट्रोल-डीजल या एलपीजी का भंडारण करने की जरूरत नहीं है।

मंत्रालय ने खास तौर पर चेतावनी दी है कि पेट्रोल और डीजल को खुले या अनुपयुक्त कंटेनरों में लेने और घरों में जमा करने से गंभीर सुरक्षा खतरे पैदा हो सकते हैं।

ढीले कंटेनरों में ईंधन लेने पर रोक

सरकार की एडवाइजरी में उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे पेट्रोल या डीजल को बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों या अन्य असुरक्षित कंटेनरों में न लें। ऐसा करना न केवल खतरनाक है बल्कि दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा देता है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि ईंधन अत्यधिक ज्वलनशील पदार्थ होता है, इसलिए इसे घरों या अन्य जगहों पर स्टोर करना गंभीर हादसों को न्योता दे सकता है।

पेट्रोल पंपों को भी दिए सख्त निर्देश

ईंधन वितरण को लेकर पेट्रोल पंप संचालकों को भी कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार ने कहा है कि सभी पंपों को सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन करना होगा। अगर किसी भी पेट्रोल पंप पर नियमों का उल्लंघन पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इंडियन ऑयल ने भी जारी किया निर्देश

सरकारी तेल कंपनी Indian Oil Corporation ने भी अपने सभी आउटलेट्स को निर्देश दिया है कि वे बोतलों, प्लास्टिक के डिब्बों या अन्य असुरक्षित कंटेनरों में पेट्रोल न बेचें। कंपनी के अनुसार हाल के दिनों में कई जगहों पर लोग घबराहट में ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ रही है।

अफवाहों से बचने की अपील

सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और सामान्य तरीके से ही पेट्रोल-डीजल खरीदें। मंत्रालय का कहना है कि देश में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की कमी की स्थिति नहीं है।अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से न केवल सुरक्षा खतरे बढ़ते हैं बल्कि बाजार में कृत्रिम संकट की स्थिति भी पैदा हो सकती है। इसलिए नागरिकों को जिम्मेदारी के साथ व्यवहार करने की सलाह दी गई है।

यूपी में बनेगी 14KM लंबी सड़क, दो जिलों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार नई परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं। इसी कड़ी में बाराबंकी जिले के लोगों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। यहां करीब 37.58 करोड़ रुपये की लागत से 14 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण कराया जाएगा, जिससे आसपास के गांवों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिल सकेगी।

इस परियोजना के पूरा होने से सीतापुर जिले के कई गांवों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा और उनका सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

बड्डूपुर–बजगहनी मार्ग का होगा चौड़ीकरण

यह सड़क बड्डूपुर से बजगहनी तक बनाई जाएगी। परियोजना के तहत सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही सुगम हो सके। इस सड़क के निर्माण के बाद यह मार्ग एक तरह से रिंग रोड की तरह काम करेगा, जिससे आसपास के कई गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी।

भूमि पूजन के साथ परियोजना की शुरुआत

विकास खंड निंदूरा क्षेत्र में इस सड़क परियोजना का भूमि पूजन और शिलान्यास कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर क्षेत्रीय विधायक साकेंद्र प्रताप वर्मा ने विधि-विधान के साथ परियोजना की शुरुआत की। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि यह सड़क बनने से क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी होगी और स्थानीय लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग कराएगा निर्माण

इस परियोजना का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के खंड-3, बाराबंकी द्वारा कराया जाएगा। विभाग की निगरानी में सड़क का निर्माण तय समय सीमा में पूरा करने की योजना बनाई गई है।

गांवों के लिए बढ़ेगी कनेक्टिविटी

इस सड़क के बनने से बाराबंकी और सीतापुर के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा। ग्रामीणों को बाजार, स्कूल, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंचने में पहले से कम समय लगेगा। साथ ही यह सड़क क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग से मिलेंगे 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय राहत भरा हो सकता है। लंबे समय से जिस 8th Pay Commission का इंतजार किया जा रहा है, उसके लागू होने की संभावना को लेकर चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि यह वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है, जिससे कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

अगर यह आयोग लागू होता है तो लाखों कर्मचारियों और करीब 67 लाख पेंशनभोगियों को सीधा लाभ मिल सकता है। आइए जानते हैं कि 8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को कौन-कौन से बड़े फायदे मिल सकते हैं।

1. फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी में उछाल

वेतन आयोग में सबसे अहम भूमिका फिटमेंट फैक्टर की होती है। यह वही फार्मूला है जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। फिलहाल 7th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अनुमान लगाया जा रहा है कि नए आयोग में यह बढ़कर करीब 3.0 या उससे अधिक हो सकता है। ऐसा होने पर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

2. न्यूनतम वेतन में हो सकती है रिकॉर्ड बढ़ोतरी

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सीधा असर न्यूनतम वेतन पर पड़ता है। वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 18 हजार रुपये है। अगर नया वेतन आयोग लागू होता है और फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है, तो यह सैलरी बढ़कर लगभग 34 हजार से 54 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों की आय में बड़ा सुधार हो सकता है।

3. महंगाई भत्ता मूल वेतन में हो सकता है शामिल

सरकारी कर्मचारियों को मिलने वाला Dearness Allowance यानी महंगाई भत्ता समय-समय पर बढ़ाया जाता है। जब यह 50 प्रतिशत या उससे अधिक हो जाता है तो आमतौर पर नए वेतन आयोग में इसे मूल वेतन में शामिल कर दिया जाता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ-साथ अन्य भत्तों की गणना भी ज्यादा आधार पर होगी, जिससे कुल आय में अच्छी खासी बढ़ोतरी हो सकती है।

4. HRA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की उम्मीद 

नए वेतन आयोग के लागू होने पर कर्मचारियों को मिलने वाले कई भत्तों में भी बदलाव हो सकता है। इनमें House Rent Allowance, ट्रांसपोर्ट अलाउंस, बच्चों की शिक्षा भत्ता और जोखिम भत्ता जैसे कई लाभ शामिल हैं। जब बेसिक सैलरी बढ़ती है तो इन भत्तों की राशि भी अपने-आप बढ़ जाती है, जिससे कर्मचारियों की कुल सैलरी में बड़ा अंतर दिखाई देता है।

5. पेंशनभोगियों को भी मिलेगा फायदा

नए वेतन आयोग का लाभ सिर्फ कार्यरत कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा। केंद्र सरकार के लाखों पेंशनभोगियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है। बेसिक पेंशन बढ़ने के साथ-साथ फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस और अन्य सुविधाओं में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इससे रिटायर्ड कर्मचारियों को आर्थिक रूप से काफी राहत मिल सकती है।

कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ीं

सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को लंबे समय से नए वेतन आयोग का इंतजार है। अगर यह आयोग तय समय पर लागू होता है, तो इससे उनकी आय और जीवन स्तर दोनों में सुधार देखने को मिल सकता है। 8वां वेतन आयोग लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव आ सकता है, जिससे सरकारी कर्मचारियों के लिए यह किसी बड़ी खुशखबरी से कम नहीं होगा।