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पानी-पानी होगा बिहार! अब 28 अक्टूबर से तेज आंधी-बारिश के आसार

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज आने वाले दिनों में बदल सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने अवदाब के प्रभाव से राज्य के कई हिस्सों में 28 अक्टूबर से बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, पटना समेत प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में 1 नवंबर तक गरज-चमक के साथ आंधी-पानी देखने को मिल सकता है। कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने के आसार हैं।

चक्रवाती तूफान का दिख सकता है असर

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना मौसमी सिस्टम आगे बढ़ रहा है। इसके 28 अक्टूबर तक आंध्र प्रदेश के तट के पास पहुंचने की संभावना जताई गई है। पूर्वानुमान के अनुसार, यह सिस्टम 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान और 27 अक्टूबर तक प्रचंड चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसके प्रभाव से बिहार में मौसम संबंधी गतिविधियां बढ़ने की आशंका है।

अगले दो दिन कैसा रहेगा बिहार का मौसम?

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार, अगले दो दिनों तक प्रदेश में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान में बादलों की आवाजाही हो सकती है। दिन में हल्की गर्मी बनी रहेगी, जबकि सुबह और रात के समय गुलाबी ठंड का अहसास होगा। वहीं, अगले चार दिनों में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने के आसार हैं।

किसानों को फसलों की सुरक्षा की सलाह

बारिश और तेज हवाओं की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खेतों में तैयार खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसलों की कटाई कर उन्हें सुरक्षित और सूखी जगह पर रखें।

इसके अलावा, सब्जियों और दूसरी फसलों में जरूरत के बिना सिंचाई करने से बचें। खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था बनाए रखें, ताकि बारिश होने पर पानी जमा न हो। किसानों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखनी चाहिए और उसी के अनुसार खेती से जुड़े जरूरी फैसले लेने चाहिए।

किसान भाइयों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार ने लिया बड़ा फैसला, अब मिलेगा पैसा

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ लेने वाले किसानों के लिए बड़ी खबर है। योजना की 24वीं किस्त को लेकर किसानों का इंतजार खत्म होने जा रहा है। दी गई जानकारी के मुताबिक, केंद्र सरकार 30 अक्टूबर 2026 को किसानों के बैंक खातों में अगली किस्त का पैसा भेजेगी। इसके तहत पात्र किसानों को 2,000 रुपये मिलेंगे। दीपावली से पहले किस्त जारी होने से किसानों को त्योहार की तैयारियों और खेती से जुड़े खर्चों में आर्थिक मदद मिल सकती है।

30 अक्टूबर को जारी होगी 24वीं किस्त

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को आर्थिक सहायता दी जाती है। अब योजना की 24वीं किस्त की तारीख 30 अक्टूबर 2026 बताई गई है। इस दिन लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे 2,000 रुपये भेजे जाएंगे। किसानों को सलाह है कि किस्त का इंतजार करने के साथ ही अपनी लाभार्थी स्थिति भी जांच लें, ताकि भुगतान से जुड़ी किसी परेशानी का समय रहते पता चल सके।

इन किसानों की अटक सकती है किस्त

अगर किसी किसान की ई-केवाईसी पूरी नहीं है, तो उसका भुगतान रुक सकता है। इसलिए किसानों को अपना ई-केवाईसी स्टेटस जरूर चेक करना चाहिए। इसके अलावा, योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह भी देखा जा सकता है कि किसान का नाम लाभार्थियों की सूची में है या नहीं और किस्त से संबंधित जानकारी क्या है।

ऐसे चेक करें किस्त का स्टेटस

किस्त का स्टेटस जानने के लिए किसान सबसे पहले पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। वहां किसान कॉर्नर या संबंधित लाभार्थी विकल्प के माध्यम से अपनी जानकारी देखें। जरूरत पड़ने पर रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करके और पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी की मदद से लॉगिन करें। इसके बाद स्क्रीन पर किस्त और लाभार्थी स्थिति से जुड़ी जानकारी मिल सकती है।

मोबाइल से ऐसे पूरी करें ई-केवाईसी

ई-केवाईसी के लिए किसान पीएम-किसान मोबाइल ऐप और आधार फेस आरडी ऐप की मदद ले सकते हैं। ऐप में पंजीकृत मोबाइल नंबर से लॉगिन करने के बाद ई-केवाईसी का विकल्प चुनें। इसके बाद आधार नंबर दर्ज करके निर्देशों के अनुसार फेस ऑथेंटिकेशन की प्रक्रिया पूरी करें। यदि ई-केवाईसी का स्टेटस पहले से पूरा दिख रहा है, तो इसे दोबारा करने की जरूरत नहीं है।

बिहार के किसानों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, 28 जिलों में लागू!

पटना। बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। प्याज की खेती करने वाले किसान अब अपनी फसल को लंबे समय तक सुरक्षित रखने और बेहतर कीमत मिलने तक उसका भंडारण करने के लिए सरकारी सहायता का लाभ उठा सकते हैं। बिहार सरकार प्याज भंडारण संरचना यानी स्टोरेज गोदाम बनाने पर अधिकतम ₹4.50 लाख तक की सब्सिडी दे रही है।

प्याज का गोदाम बनाने पर 75 प्रतिशत सहायता

बिहार सरकार की योजना के तहत 50 मीट्रिक टन क्षमता वाला प्याज भंडारण केंद्र बनाने की निर्धारित लागत ₹6 लाख रखी गई है। इस लागत पर 75 प्रतिशत तक सरकारी सहायता का प्रावधान है। यानी पात्र किसान को अधिकतम ₹4.50 लाख की सब्सिडी मिल सकती है, जबकि शेष ₹1.50 लाख का खर्च किसान को स्वयं उठाना होगा।

इन 28 जिलों के किसानों को मिलेगा मौका

वर्ष 2026-27 की योजना संबंधी जानकारी में बिहार के 28 जिलों को शामिल किया गया है। इनमें औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, गयाजी, गोपालगंज, जहानाबाद, कैमूर, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मधुबनी, मुंगेर, नालंदा, नवादा, पटना, पूर्णिया, रोहतास, समस्तीपुर, सारण, शेखपुरा, सीतामढ़ी, सिवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण शामिल हैं।

योजना के तहत एक किसान परिवार को अधिकतम एक प्याज भंडारण संरचना बनाने के लिए सहायता मिल सकती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सभी श्रेणियों में 30 प्रतिशत महिला किसानों को प्राथमिकता देने का प्रावधान भी बताया गया है।

प्याज की खेती पर भी मिल सकती है सब्सिडी

प्याज भंडारण के अलावा सरकार की योजना में खेती के लिए भी आर्थिक सहायता का प्रावधान बताया गया है। रबी सीजन में प्याज की खेती करने वाले पात्र किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹20,000 तक की सब्सिडी मिल सकती है। इसके लिए न्यूनतम 0.10 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर क्षेत्र तक लाभ का प्रावधान है।

इसके अतिरिक्त, हाइब्रिड सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को भी सहायता मिल सकती है। टमाटर, मिर्च और पत्तागोभी की खेती पर प्रति हेक्टेयर ₹24,000 तक की सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है। इन फसलों के लिए भी 0.10 से 2 हेक्टेयर तक के क्षेत्र पर लाभ दिया जा सकता है।

यहां करें योजना के लिए आवेदन

इच्छुक किसान बिहार सरकार के उद्यान निदेशालय की आधिकारिक वेबसाइट https://horticulture.bihar.gov.in/ पर जाकर प्याज भंडारण संरचना से संबंधित योजना की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले अपने जिले की पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन की समय-सीमा और योजना की मौजूदा स्थिति की पुष्टि जरूर करें।

1 नवंबर से बदलेंगे LPG समेत 3 बड़े नियम, आम लोगों की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

नई दिल्ली। नवंबर की शुरुआत आम लोगों के लिए कई अहम बदलाव लेकर आ सकती है। 1 नवंबर 2026 से LPG सिलेंडर की कीमतों, दिल्ली में वाहनों के संचालन और मोबाइल पर कॉलर आईडी से जुड़े नियमों को लेकर लोगों की नजर रहेगी। इन बदलावों का असर घर के बजट से लेकर रोजाना सफर और मोबाइल इस्तेमाल करने के तरीके तक पर पड़ सकता है।

1 .दिल्ली में पुराने वाहनों पर लग सकती है रोक

दिल्ली में सर्दियों के दौरान प्रदूषण का स्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए वाहनों से जुड़े नियम अहम हो जाते हैं। 1 नवंबर 2026 से राजधानी में नॉन-BS6 वाहनों के प्रवेश और संचालन पर प्रतिबंध लागू किए जाने की बात कही गई है। इसके तहत BS6 मानक वाले वाहनों के साथ इलेक्ट्रिक और CNG वाहनों को अनुमति देने का प्रावधान बताया गया है। प्रस्तावित प्रतिबंध 31 जनवरी 2027 तक लागू रहने की बात कही गई है।

2 .मोबाइल पर अनजान कॉल करने वाले का दिखेगा नाम?

फर्जी कॉल और स्पैम से परेशान मोबाइल यूजर्स के लिए कॉलर आईडी से जुड़ा बदलाव अहम हो सकता है। दी गई जानकारी के अनुसार, 1 नवंबर से 4G और 5G नेटवर्क पर सरकारी कॉलर आईडी सेवा शुरू किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य अनजान नंबरों से आने वाली कॉल की पहचान करना और फर्जी कॉल के मामलों पर अंकुश लगाने में मदद करना है। इस व्यवस्था के तहत टेलीकॉम कंपनी के रिकॉर्ड और KYC से जुड़ी जानकारी के आधार पर कॉल करने वाले का नाम फोन स्क्रीन पर दिखाने की योजना बताई गई है।

3 .LPG सिलेंडर और ईंधन की कीमतों में क्या होगा बदलाव?

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां LPG सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 नवंबर को घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडरों के नए दाम घोषित किए जा सकते हैं। कीमतों में बदलाव होने पर इसका सीधा असर घर के रसोई बजट और कारोबारियों के खर्च पर पड़ सकता है।

इसके अलावा, विमान ईंधन यानी ATF और CNG-PNG की कीमतों में भी संशोधन की संभावना पर नजर रहेगी। विमान ईंधन के दाम बदलने से एयरलाइंस की लागत प्रभावित हो सकती है, जबकि CNG और PNG की कीमतों में बदलाव का असर वाहन चलाने और घरों में गैस इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। हालांकि, इन ईंधनों के नए दाम कितने होंगे, यह संबंधित कंपनियों की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

महिलाओं के लिए खुशखबरी! बिहार में 10वीं पास के लिए निकली सीधी भर्ती

न्यूज डेस्क। बिहार में नौकरी की तलाश कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। बक्सर जिले में महिला पर्यवेक्षिका (लेडी सुपरवाइजर) के पदों पर भर्ती निकाली गई है। जिला कार्यक्रम कार्यालय, समेकित बाल विकास सेवाएं (ICDS), बक्सर की ओर से जारी अधिसूचना संख्या 01/2026 के तहत कुल 22 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और पात्र महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया 21 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तारीख 19 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

बक्सर में महिला पर्यवेक्षिका के 22 पदों पर भर्ती

यह भर्ती बिहार सरकार के समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को बक्सर जिले में महिला पर्यवेक्षिका के पद पर काम करने का अवसर मिलेगा। इस भर्ती का संचालन जिला कार्यक्रम कार्यालय, ICDS बक्सर की ओर से किया जा रहा है।

महिलाओं के लिए यह भर्ती सरकारी विभाग में काम करने का अवसर प्रदान करती है। हालांकि, आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक विज्ञापन में दी गई शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और चयन प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से पढ़नी चाहिए।

19 नवंबर तक कर सकते हैं आवेदन

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 19 नवंबर 2026 है। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को बक्सर जिले की आधिकारिक वेबसाइट buxar.nic.in पर जाना होगा। वहां भर्ती से संबंधित अधिसूचना और आवेदन के निर्देश देखे जा सकते हैं।

कहां मिलेगी भर्ती की पूरी जानकारी?

भर्ती से जुड़ी आधिकारिक जानकारी के लिए उम्मीदवार बक्सर जिला प्रशासन की वेबसाइट https://buxar.nic.in/ पर जा सकते हैं। वहां नोटिफिकेशन संख्या 01/2026 के तहत महिला पर्यवेक्षिका भर्ती की जानकारी देखी जा सकती है।

यूपी के मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी! बढ़ गई मजदूरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मजदूरी करके परिवार चलाने वाले लाखों श्रमिकों के लिए राहत की खबर है। राज्य में न्यूनतम मजदूरी की दरों में संशोधन किया गया है। इससे अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को पहले के मुकाबले अधिक पारिश्रमिक मिल सकता है। दी गई जानकारी के मुताबिक, नई दरें अक्टूबर 2026 से मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।

महंगाई भत्ते में बदलाव से बढ़ेगी कमाई

न्यूनतम मजदूरी में मूल वेतन के साथ परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) भी शामिल होता है। महंगाई भत्ते की समीक्षा उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के आधार पर की जाती है। इसका उद्देश्य महंगाई के असर को ध्यान में रखते हुए श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी उपलब्ध कराना है। इसकी समीक्षा आमतौर पर साल में दो बार, अप्रैल और अक्टूबर में होती है।

दैनिक मजदूरी की गणना कैसे होगी?

मासिक न्यूनतम मजदूरी से दैनिक भुगतान की गणना करने के लिए 26 कार्यदिवसों का आधार लिया जा सकता है। वहीं, अंशकालिक कर्मचारियों के भुगतान के लिए संबंधित नियमों और निर्धारित दरों को ध्यान में रखना जरूरी है। मजदूर अपनी वेतन पर्ची और भुगतान का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखें, ताकि किसी तरह की गड़बड़ी होने पर शिकायत की जा सके।

मार्च 2027 तक लागू रहेंगी संशोधित दरें

दी गई जानकारी के अनुसार, नई मजदूरी दरें मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी। नियोक्ताओं को श्रमिकों की श्रेणी और कार्यक्षेत्र के हिसाब से निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का भुगतान करना होगा। यदि किसी कर्मचारी को तय दर से कम पैसा मिल रहा है, तो वह संबंधित श्रम विभाग से संपर्क कर सकता है।

अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल मजदूरों की अलग दरें

उत्तर प्रदेश में सभी श्रमिकों की मजदूरी एक समान नहीं होती। अकुशल श्रमिकों, अर्द्धकुशल कामगारों और तकनीकी रूप से दक्ष कर्मचारियों के लिए अलग-अलग दरें लागू हो सकती हैं। इसके अलावा, नगर निगम क्षेत्र और उसके बाहर के इलाकों में भी न्यूनतम मजदूरी अलग निर्धारित हो सकती है। ऐसे में श्रमिकों को अपने काम और कार्यस्थल के अनुसार लागू दर की जानकारी लेना जरूरी है।

भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा तूफान! 5 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। बंगाल की खाड़ी में बन रहा मौसमी सिस्टम कई राज्यों की चिंता बढ़ा रहा है। इसके प्रभाव से तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक, यदि यह सिस्टम मजबूत होता है तो चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। इसे 'अर्णव' नाम दिया जाएगा, जो बांग्लादेश ने सुझाया है। बंगाली भाषा में अर्णव का अर्थ समुद्र होता है।

28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की आशंका

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह मौसमी सिस्टम 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। इसके बाद इसके आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की संभावना है। अनुमान है कि 28 अक्टूबर के आसपास इसका असर तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। इस दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है। तेज हवाओं से पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर मकानों को नुकसान हो सकता है।

तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी भारी बारिश के आसार

चक्रवात का असर तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय इलाकों में भी देखने को मिल सकता है। चेन्नई, नागपट्टिनम, कुड्डालोर, कराईकल, पंबन और थूथुकुडी समेत कई बंदरगाहों पर सतर्कता बरती जा रही है। लोगों को मौसम विभाग के निर्देशों का पालन करने और समुद्र में जाने से पहले चेतावनी की जानकारी लेने की सलाह दी गई है।

ओडिशा के 5 जिलों में स्कूल बंद

संभावित खतरे को देखते हुए ओडिशा के गंजाम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट और मलकानगिरी जिलों में 28 और 29 अक्टूबर को स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का आदेश दिए जाने की जानकारी सामने आई है। राज्य सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की तैयारियां तेज कर दी हैं। आपात स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

तूफान की आशंका के बीच तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। तेज हवाओं और भारी बारिश के दौरान घरों से बाहर निकलने से बचें और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है, इसलिए ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

केंद्र सरकार ने दी सौगात, बिहारवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार ने पांच बड़ी सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं के तहत राज्य के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों को फोरलेन बनाने और चौड़ा करने का काम किया जाएगा। 

इन परियोजनाओं पर कुल 16 हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इससे लोगों का सफर आसान होने के साथ व्यापार, परिवहन और धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ये सभी परियोजनाएं वित्त वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना में शामिल बताई गई हैं।

1. मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क पर खर्च होंगे 8,500 करोड़

पांच परियोजनाओं में सबसे बड़ी योजना मशरख-चकिया-भिट्ठा मोड़ सड़क की है। करीब 146 किलोमीटर लंबी इस सड़क परियोजना पर लगभग 8,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इसके निर्माण से बिहार के विभिन्न क्षेत्रों के बीच संपर्क बेहतर होने के साथ अयोध्या और जनकपुर जैसे धार्मिक स्थलों तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है। इससे धार्मिक पर्यटन को भी फायदा मिल सकता है।

2. अरवल से बिहारशरीफ तक बनेगी फोरलेन सड़क

दूसरी परियोजना अरवल से बिहारशरीफ के बीच प्रस्तावित है। करीब 89 किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन बनाने के लिए लगभग 3,300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे मध्य बिहार और नालंदा क्षेत्र में सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। साथ ही, आसपास के इलाकों से आने-जाने वाले लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

3. नौबतपुर-हरिहरगंज सड़क से आवागमन होगा आसान

तीसरी परियोजना नौबतपुर से हरिहरगंज तक सड़क निर्माण और चौड़ीकरण से जुड़ी है। लगभग 88 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर करीब 2,500 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना है। इससे पटना, औरंगाबाद और झारखंड की सीमा से जुड़े क्षेत्रों के बीच आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

4. बरियापुर-बिशुनपुर-जमुई सड़क का होगा चौड़ीकरण

चौथी परियोजना बरियापुर से बिशुनपुर-जमुई तक सड़क चौड़ीकरण की है। इससे मुंगेर और जमुई सहित आसपास के क्षेत्रों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने की उम्मीद है। सड़क की क्षमता बढ़ने से यातायात का दबाव कम करने और माल ढुलाई को सुविधाजनक बनाने में मदद मिल सकती है।

5. छपवा-बेतिया सड़क को बनाया जाएगा फोरलेन

पांचवीं परियोजना छपवा से बेतिया के बीच करीब 40 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन बनाने की है। इस पर लगभग 1,700 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की योजना है। इससे पश्चिम चंपारण और आसपास के इलाकों का सड़क संपर्क बेहतर हो सकता है। स्थानीय लोगों के साथ व्यापारियों और परिवहन से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।

बिहार में विकास को मिलेगी रफ्तार

इन पांचों सड़क परियोजनाओं का उद्देश्य बिहार में यातायात व्यवस्था को मजबूत करना और अलग-अलग क्षेत्रों के बीच दूरी व यात्रा की परेशानी कम करना है। बेहतर सड़कें बनने से व्यापार, पर्यटन और माल परिवहन को भी गति मिल सकती है। हालांकि, परियोजनाओं के वास्तविक लाभ निर्माण कार्य पूरा होने और सड़कों के चालू होने के बाद ही पूरी तरह सामने आएंगे।

केंद्र सरकार की नई योजना से 10.88 करोड़ लोगों को खुशखबरी! जानिए किसे मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले करोड़ों लोगों के लिए केंद्र सरकार की नई रोजगार योजना चर्चा में है। 'VB-G RAM G' यानी विकसित भारत- गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन-ग्रामीण के तहत वित्त वर्ष 2026-27 में सक्रिय श्रमिकों की संख्या 10.88 करोड़ बताई गई है। इस योजना का उद्देश्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ सड़क, जल संरक्षण और दूसरी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों को गति देना है।

दिए गए आंकड़ों के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष में अब तक ग्रामीण क्षेत्रों में 31.69 करोड़ से अधिक कार्यदिवस सृजित किए गए हैं। इससे ग्रामीण परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने और गांवों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

ग्रामीण परिवारों को 125 दिन रोजगार की गारंटी

इस योजना की प्रमुख विशेषता ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिन के अकुशल शारीरिक श्रम का रोजगार देने का कानूनी प्रावधान बताया गया है। इसका मकसद ग्रामीण परिवारों की आमदनी को सहारा देना और रोजगार के लिए दूसरे शहरों की ओर पलायन की जरूरत कम करना है। योजना के तहत मजदूरी की दर संबंधित सरकारी अधिसूचना के अनुसार निर्धारित होती है। उपलब्ध जानकारी में प्रतिदिन 300 से 450 रुपये तक मजदूरी मिलने का उल्लेख है, लेकिन वास्तविक दर राज्य और लागू नियमों के आधार पर जांचनी चाहिए।

महिलाओं की भागीदारी 61 प्रतिशत से अधिक

योजना के आंकड़ों में महिला श्रमिकों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण रही है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, कुल श्रमिकों में महिलाओं की हिस्सेदारी 61.65 प्रतिशत दर्ज की गई है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में योजना की भूमिका सामने आती है। आंकड़ों के मुताबिक, देश के 2.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों के करीब 2.81 करोड़ कामगारों को उनकी मांग के आधार पर रोजगार मिला है।

बैंक खातों में सीधे भेजी जा रही मजदूरी

मजदूरी भुगतान में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी DBT व्यवस्था का इस्तेमाल किया जा रहा है। दिए गए आंकड़ों के अनुसार, अब तक 3.76 करोड़ DBT लेनदेन किए गए हैं। इसके अलावा, देशभर में 15.17 करोड़ ग्रामीण रोजगार गारंटी कार्ड जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। डिजिटल भुगतान से मजदूरी सीधे बैंक खातों में पहुंचाने में मदद मिलती है।

ग्राम पंचायतों में चल रहे विकास कार्य

योजना के तहत ग्रामीण इलाकों में रोजगार के साथ टिकाऊ संपत्तियों के निर्माण पर भी ध्यान दिया जा रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, 2.31 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों में विकास कार्य संचालित हो रहे हैं और करीब 20.16 लाख कार्यस्थल सक्रिय हैं। वहीं, 2.83 लाख टिकाऊ ग्रामीण संपत्तियों के निर्माण का दावा किया गया है।

स्थानीय जरूरतों के अनुसार काम तय करने के लिए विकसित ग्राम पंचायत योजना का भी उल्लेख किया गया है। ई-केवाईसी और जियो-टैगिंग जैसी डिजिटल व्यवस्थाओं का उद्देश्य योजना के क्रियान्वयन और निगरानी को बेहतर बनाना है।

खुशखबरी का खुला पिटारा! यूपी में फिर आई 1 बड़ी भर्ती, नोटिश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने विभिन्न विभागों में 1,156 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल), असिस्टेंट स्टोरकीपर, टेक्निकल असिस्टेंट, इंस्ट्रक्टर मशीनिस्ट समेत कई पद शामिल हैं। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

3 नवंबर से शुरू होंगे आवेदन

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 25 नवंबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख भी 25 नवंबर निर्धारित की गई है। वहीं, आवेदन में सुधार और शुल्क समायोजन के लिए 2 दिसंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान में जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल), असिस्टेंट इंजीनियर (मैकेनिकल), टेक्निकल असिस्टेंट (मैकेनिकल), असिस्टेंट स्टोरकीपर, मैकेनिक और इंस्ट्रक्टर मशीनिस्ट सहित अन्य पद शामिल हैं। ये नियुक्तियां भूजल विभाग, रोजगार एवं प्रशिक्षण विभाग, उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम, सिंचाई विभाग, पंचायती राज विभाग और लोक निर्माण विभाग समेत विभिन्न विभागों में की जाएंगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

उम्मीदवारों के पास संबंधित पद के अनुसार निर्धारित तकनीकी या इंजीनियरिंग योग्यता होना जरूरी है। कुछ पदों के लिए मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या समकक्ष योग्यता मांगी जा सकती है। इसके अलावा, अभ्यर्थियों के लिए UPSSSC PET-2025 में शामिल होना और उसका स्कोरकार्ड होना आवश्यक बताया गया है। आवेदन से पहले संबंधित पद की योग्यता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

पद के अनुसार वेतनमान अलग-अलग होगा। उपलब्ध विवरण के मुताबिक, वेतनमान 5,200-20,200 रुपये से लेकर 35,400-1,12,400 रुपये तक हो सकता है। संबंधित पद के पे लेवल और लागू वेतन संरचना के आधार पर उम्मीदवारों का वेतन निर्धारित किया जाएगा।

कैसे होगा चयन?

चयन प्रक्रिया में PET-2025 के अंकों के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग, मुख्य लिखित परीक्षा और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार दस्तावेज सत्यापन शामिल होगा।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार आवेदन शुरू होने के बाद UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर अधिसूचना पढ़ सकते हैं और निर्धारित समय सीमा के भीतर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करने से पहले पदवार योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों की पुष्टि आधिकारिक नोटिफिकेशन से जरूर करें।

बिहार में मछली पालकों को खुशखबरी, सरकार दे रही 80% सब्सिडी!

पटना। बिहार में मछली पालन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य सरकार ने पहल तेज की है। अब छोटे मत्स्य पालकों को सहकारी समितियों से जोड़कर उत्पादन बढ़ाने और मछलियों की बिक्री को आसान बनाने की योजना है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को तालाब निर्माण, मछली पालन और जरूरी उपकरणों के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है।

सहकारी समितियों के जरिए मिलेगा लाभ

सहकारिता विभाग प्रखंड और पैक्स स्तर पर विशेष फिशरी क्लस्टर तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य छोटे मछली पालकों को एक मंच पर लाना है, ताकि उन्हें उत्पादन से लेकर बाजार तक बेहतर सुविधाएं मिल सकें। सरकार की योजना के तहत मछलियों के परिवहन और बिक्री के लिए मोपेड, तिपहिया तथा चार पहिया वाहन खरीदने पर भी निर्धारित शर्तों के अनुसार विशेष सब्सिडी का प्रावधान बताया गया है।

पांच लाख टन अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य

राज्य में मछली उत्पादन बढ़ाने के लिए पांच लाख टन अतिरिक्त उत्पादन का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा सारण, सिवान, मधुबनी, सुपौल, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, भागलपुर और मुंगेर में वेटलैंड क्लस्टर विकसित करने की योजना है। इसके लिए नाबार्ड से 195 करोड़ रुपये की सहायता लेने का प्रस्ताव बताया गया है।

किन लोगों को मिलेगा 80% अनुदान?

उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पात्र मछली पालकों को तालाब निर्माण तथा उपकरणों के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। अन्य योजनाओं में सब्सिडी की दर अलग हो सकती है।

आवेदन से पहले जरूरी बात: अनुदान की वास्तविक राशि, पात्रता और आवेदन की तारीख जानने के लिए बिहार के मत्स्य संसाधन विभाग या संबंधित जिला कार्यालय से जानकारी लें। सब्सिडी का लाभ संबंधित योजना के नियमों और स्वीकृति के आधार पर मिलेगा।

बिहार सरकार की खास योजना, पात्र परिवारों को ₹20,000 की मदद

पटना। बिहार सरकार जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य परिवार में किसी सदस्य की असमय मृत्यु होने पर आर्थिक संकट से जूझ रहे परिजनों को मदद देना है। पात्र मामलों में मृतक के परिवार को 20,000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है। यह योजना खासतौर पर उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण है, जिनकी आर्थिक स्थिति कमजोर है और अचानक हुई घटना के बाद उनके सामने रोजमर्रा के खर्चों का संकट खड़ा हो जाता है।

किन परिवारों को मिल सकता है योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का फायदा लेने के लिए आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी है। उपलब्ध योजना विवरण के अनुसार, मृतक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मृत्यु दुर्घटना या निर्धारित आकस्मिक परिस्थितियों में हुई होनी चाहिए। इसके अलावा, परिवार का गरीबी रेखा से संबंधित पात्रता मानदंड पूरा करना और आवेदक का मृतक का परिवार का सदस्य या पात्र आश्रित होना जरूरी है।

आवेदन के लिए कौन-से दस्तावेज जरूरी हैं?

योजना में आवेदन करते समय कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। इनमें मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, आवेदक का आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय संबंधी प्रमाण, राशन कार्ड का विवरण और बैंक खाते की जानकारी शामिल हैं। संबंधित कार्यालय अतिरिक्त दस्तावेज भी मांग सकता है, इसलिए आवेदन से पहले दस्तावेजों की सूची की पुष्टि कर लेना बेहतर है।

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना में आवेदन कैसे करें?

योजना का लाभ लेने के इच्छुक परिवार संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के कार्यालय या निर्धारित सरकारी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहां से आवेदन प्रक्रिया और जरूरी फॉर्म की जानकारी लेकर आवश्यक दस्तावेजों के साथ आवेदन जमा किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध होने की स्थिति में बिहार सरकार के आधिकारिक पोर्टल या संबंधित विभाग से इसकी पुष्टि करनी चाहिए।

यूपी में चकबंदी को लेकर बड़ा अपडेट, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े मामलों को व्यवस्थित करने और किसानों के भूमि विवादों को सुलझाने के लिए चकबंदी प्रक्रिया में तेजी आई है। चकबंदी निदेशालय के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2017 में जहां प्रदेश के 1,925 गांवों में चकबंदी का काम पूरा हुआ था, वहीं 2025 तक यह आंकड़ा बढ़कर 3,192 गांव हो गया। इन गांवों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद जमीन से संबंधित अभिलेख वापस तहसीलों को सौंप दिए गए हैं।

21 लाख से ज्यादा भूमि विवादों का निस्तारण

प्रदेश में चकबंदी से जुड़े मुकदमों को सुलझाने पर भी जोर दिया गया है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2025 तक कुल 21,12,784 मामलों का निस्तारण किया जा चुका था। जमीन के विवाद लंबे समय तक चलने से किसानों को परेशानी होती है, इसलिए मामलों का निपटारा होने से संबंधित पक्षों को राहत मिल सकती है।

531 चकबंदी न्यायालय कंप्यूटरीकृत

चकबंदी व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए न्यायालयों को तकनीक से भी जोड़ा गया है। निदेशालय के अनुसार, वर्ष 2025 तक कुल 531 चकबंदी न्यायालयों का कंप्यूटरीकरण किया गया। इससे न्यायालयों के कामकाज को व्यवस्थित करने और रिकॉर्ड संभालने में मदद मिल सकती है।

1,302 नए गांव चकबंदी प्रक्रिया में शामिल

पिछले आठ वर्षों में चकबंदी प्रक्रिया के विस्तार के तहत 1,302 गांवों को शामिल किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। इस पहल का उद्देश्य भूमि व्यवस्था को बेहतर बनाना और किसानों से जुड़े राजस्व मामलों को अधिक व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना है।

जमीन मालिकों के लिए क्या है इसका मतलब?

चकबंदी पूरी होने का अर्थ यह है कि संबंधित गांव में जमीन के पुनर्गठन की प्रक्रिया पूरी कर अभिलेख तहसील को सौंप दिए गए हैं। हालांकि, इससे हर भूमि विवाद अपने आप खत्म नहीं होता। जमीन मालिकों को अपने खसरा, खतौनी और अन्य राजस्व रिकॉर्ड की स्थिति संबंधित तहसील से जांचनी चाहिए।

सोमवार को इन 5 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले, 2 शुभ योग से बढ़ेगा धन और मान-सम्मान!

राशिफल। सोमवार का दिन ज्योतिष के लिहाज से कुछ राशियों के लिए खास रह सकता है। इस दिन बनने वाले दो शुभ योगों का सकारात्मक प्रभाव करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शुभ योगों में किए गए कार्यों से आत्मविश्वास बढ़ता है और नए अवसर मिलने की संभावनाएं बनती हैं। खासतौर पर मेष, वृषभ, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए दिन अनुकूल रहने की उम्मीद है।

मेष राशि: 

मेष राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरी करने वालों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिल सकता है। लंबे समय से किसी काम में आ रही रुकावट दूर होने की संभावना है। कारोबारियों को नए ग्राहकों या व्यावसायिक संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसले लेना बेहतर रहेगा।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। आय बढ़ाने के नए रास्तों पर विचार कर सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों से सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में किसी पुरानी योजना से फायदा हो सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहने और मान-सम्मान बढ़ने के योग बन सकते हैं। हालांकि, निवेश करने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए सोमवार आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके काम की सराहना हो सकती है। नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण काम में नेतृत्व करने का अवसर मिल सकता है। कारोबार में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर लाभ की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी सहयोग मिल सकता है।

तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए सोमवार नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी बदलने की कोशिश कर रहे लोगों को कोई सकारात्मक सूचना मिल सकती है, हालांकि सफलता के लिए प्रयास जारी रखना जरूरी होगा। व्यापारियों को नए सौदे या साझेदारी पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए बातचीत में संयम रखें।

मकर राशि:

मकर राशि के जातकों के लिए सोमवार मेहनत और योजनाओं को आगे बढ़ाने का दिन हो सकता है। कार्यक्षेत्र में अटके काम पूरे होने की संभावना है। अधिकारियों और सहकर्मियों का सहयोग मिल सकता है। कारोबार में पुराने संपर्क उपयोगी साबित हो सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में जल्दबाजी से बचें और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर खर्च करें।

कर्मचारियों को मिली बड़ी खुशखबरी, DA में हुई बंपर बढ़ोतरी

न्यूज डेस्क। दिवाली से पहले सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर कई राज्यों से राहत की खबर सामने आई है। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, उत्तर प्रदेश, केरल और ओडिशा समेत कई राज्यों में भत्ते की दरों में बढ़ोतरी की गई है। कहीं कर्मचारियों को 2 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत मिली है, तो कहीं 5 और 8 प्रतिशत अंक तक की वृद्धि की गई है। वहीं, कुछ राज्यों में लंबे समय से लंबित बकाये के भुगतान का रास्ता भी साफ हुआ है।

हिमाचल और पंजाब में बड़ी बढ़ोतरी

हिमाचल प्रदेश में कर्मचारियों का DA 45% से बढ़ाकर 50% कर दिया गया है। वहीं, पंजाब में DA और DR की दर 42% से बढ़ाकर 50% करने का फैसला लिया गया है। केरल में भी महंगाई भत्ता 35% से बढ़कर 37% हो गया है। इन फैसलों से पात्र कर्मचारियों और पेंशनर्स को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा।

कई राज्यों में 60% हुआ महंगाई भत्ता

बिहार, सिक्किम, अरुणाचल प्रदेश, असम, ओडिशा, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में DA की दर 60% तक पहुंच गई है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में भुगतान की तारीख और बकाया राशि के नियम अलग हैं। महाराष्ट्र सरकार ने भी कर्मचारियों के पुराने DA बकाये के भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं। तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में भी लंबित किस्तों के भुगतान से जुड़ी राहत की खबर है।

कैसे तय होता है DA और DR?

महंगाई भत्ता सरकारी कर्मचारियों को दिया जाता है, जबकि महंगाई राहत पेंशनर्स के लिए होती है। इनकी दरों में आमतौर पर साल में दो बार बदलाव किया जाता है। इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना है। DA की बढ़ोतरी से कर्मचारियों के वेतन में इजाफा होता है, जबकि DR बढ़ने से पात्र पेंशनर्स को अतिरिक्त राशि मिलती है।

28 अक्टूबर को केंद्रीय कर्मचारियों की नजर

अब केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को 28 अक्टूबर को होने वाली कैबिनेट बैठक से उम्मीद है। उन्हें महंगाई भत्ते में 3 से 4 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी की संभावना है। हालांकि, केंद्र सरकार ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक घोषणा नहीं की है। ऐसे में कर्मचारियों को अंतिम फैसले का इंतजार करना होगा। यदि बढ़ोतरी को पिछली तारीख से लागू किया जाता है, तो पात्र कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है।

केंद्र सरकार की किसानों को बड़ी सौगात, एक साथ मिलेंगी 5 बड़ी खुशखबरियां!

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए डिजिटल कृषि मिशन से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य निर्धारित समय से करीब पांच महीने पहले हासिल कर लिया है। इस पहल का उद्देश्य किसानों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से दिलाना और कृषि से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल बनाना है।

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के अनुसार, एग्रीस्टैक व्यवस्था के तहत तैयार की जा रही फार्मर आईडी किसानों की पहचान, जमीन के रिकॉर्ड और फसलों से संबंधित जानकारी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जोड़ती है। सरकार को उम्मीद है कि इससे योजनाओं का लाभ पहुंचाने में पारदर्शिता बढ़ेगी और किसानों को कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी।

क्या है फार्मर आईडी?

फार्मर आईडी किसानों की विशिष्ट डिजिटल पहचान है, जिसमें 14 अंकों का नंबर दिया जाता है। इसके माध्यम से किसान और उनकी कृषि भूमि से जुड़ी जानकारी को एक साथ व्यवस्थित किया जाता है। डिजिटल कृषि मिशन के तहत 31 मार्च 2027 तक 11 करोड़ फार्मर आईडी बनाने का लक्ष्य था, जिसे 23 अक्टूबर 2026 तक ही पूरा कर लिया गया।

किसानों को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

1. सरकारी योजनाओं का लाभ पाने में आसानी: फार्मर आईडी से पीएम किसान सम्मान निधि और अन्य कृषि योजनाओं के लिए किसान की पहचान तथा पात्रता का सत्यापन आसान हो सकता है। इससे गलत पंजीकरण रोकने और लाभ सही व्यक्ति तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

2. कृषि लोन और किसान क्रेडिट कार्ड में सुविधा: जमीन और किसान से जुड़े सत्यापित रिकॉर्ड उपलब्ध होने पर बैंकिंग प्रक्रिया सरल हो सकती है। इससे कृषि ऋण और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के लिए दस्तावेजों की परेशानी कम होने की उम्मीद है।

3. फसल बीमा और मुआवजे में मदद: फसल तथा भूमि से संबंधित डिजिटल जानकारी होने से नुकसान के आकलन और बीमा दावों के निपटारे में सहायता मिल सकती है। इससे किसानों को प्राकृतिक आपदाओं के बाद राहत पहुंचाने की प्रक्रिया बेहतर हो सकती है।

4. MSP पर फसल बेचने में सहूलियत: न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद के दौरान किसान की पहचान और रिकॉर्ड का सत्यापन आसान हो सकता है। इससे पंजीकरण संबंधी परेशानियां कम करने और खरीद प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।

5. खाद और बीज वितरण में पारदर्शिता: डिजिटल रिकॉर्ड के इस्तेमाल से कृषि सामग्री के वितरण और योजनाओं की निगरानी बेहतर की जा सकती है। इससे जरूरतमंद किसानों तक सरकारी सहायता पहुंचाने में मदद मिलने की संभावना है।

किसानों के लिए क्यों अहम है यह पहल?

फार्मर आईडी का मुख्य उद्देश्य खेती से जुड़ी सरकारी सेवाओं को एकीकृत करना और किसानों को बार-बार दस्तावेज जमा करने की परेशानी से राहत देना है। हालांकि, आईडी बनने मात्र से हर योजना का लाभ अपने आप मिलना सुनिश्चित नहीं होता। किसानों को संबंधित योजना की पात्रता और जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

यूपी में बनेंगे 3 नए एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तीन नए ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के पूरा होने पर प्रदेश के कई जिलों में आवागमन आसान होने के साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। 

प्रस्तावित तीनों एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई करीब 565 किलोमीटर होगी। इनके लिए लगभग 8,200 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है, जिस पर 15,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इन परियोजनाओं को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) विकसित कर रहा है।

कौन-कौन से जिले होंगे लाभान्वित?

विंध्य एक्सप्रेसवे: करीब 320 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रस्तावित मार्ग प्रयागराज, भदोही और मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। इसके लिए 109 गांवों में लगभग 4,615 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित करने की योजना है। इससे क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे: लगभग 145 किलोमीटर लंबी इस परियोजना से पश्चिमी यूपी और उत्तराखंड के बीच आवागमन को सुविधा मिलेगी। इसके लिए अमरोहा और बिजनौर के 184 गांवों के अलावा हरिद्वार जिले में भी जमीन की जरूरत होगी। परियोजना के लिए करीब 2,020 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण का अनुमान है।

विंध्य पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे: करीब 100 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे भी प्रस्तावित योजना का हिस्सा है। इसका उद्देश्य क्षेत्र के सड़क संपर्क को और मजबूत करना तथा दूसरे प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी बेहतर बनाना है।

जमीन अधिग्रहण पर खर्च होंगे हजारों करोड़

तीनों एक्सप्रेसवे के निर्माण की दिशा में जमीन अधिग्रहण अहम चरण होगा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 8,200 हेक्टेयर भूमि जुटाने के लिए 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च होने की संभावना है। हालांकि, वास्तविक लागत और निर्माण की समयसीमा परियोजनाओं की आगे की प्रक्रिया पर निर्भर करेगी।

यूपी सरकार ने शुरू की नई योजना, महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत कारोबार शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता देने का प्रावधान बताया गया है। इसके अंतर्गत पात्र स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी महिलाओं को 1 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त ऋण मिल सकता है। इसका उद्देश्य महिलाओं को अपनी कमाई का जरिया तैयार करने और गांवों में छोटे कारोबार को बढ़ावा देने में मदद करना है।

इस राशि का इस्तेमाल महिलाएं सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, अचार बनाने, छोटी दुकान खोलने या डेयरी जैसे कामों के लिए कर सकती हैं। इससे उन महिलाओं को भी अपना काम बढ़ाने का अवसर मिल सकता है, जो पूंजी की कमी के कारण कारोबार शुरू नहीं कर पा रही हैं।

तीन किस्तों में मिल सकती है रकम

योजना के उपलब्ध विवरण के अनुसार, 1 लाख रुपये तक की सहायता तीन किस्तों में देने का प्रावधान है। पहली किस्त में 20,000 रुपये, दूसरी में 30,000 रुपये और तीसरी किस्त में 50,000 रुपये दिए जाने की व्यवस्था बताई गई है। इस तरह कुल राशि एक लाख रुपये होगी। ऋण के इस्तेमाल और भुगतान के लिए अधिकतम तीन साल की अवधि का भी उल्लेख है। हालांकि, किस्तों और भुगतान से जुड़ी शर्तों की पुष्टि संबंधित विभाग से करना जरूरी है।

किन महिलाओं को मिल सकता है लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं पर केंद्रित है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लाभ पाने के लिए महिला का राज्य की निवासी होने के साथ किसी पंजीकृत स्वयं सहायता समूह की सक्रिय सदस्य होना जरूरी है। समूह का राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़ा होना भी आवश्यक बताया गया है। ऋण का इस्तेमाल नया कारोबार शुरू करने या पहले से चल रहे छोटे व्यवसाय को बढ़ाने के लिए किया जाना चाहिए।

कारोबार शुरू करने में मिलेगी मदद

इस योजना के जरिए महिलाएं अपनी जरूरत के मुताबिक मशीनें, कच्चा माल या कारोबार से जुड़ा जरूरी सामान खरीद सकती हैं। उदाहरण के लिए, सिलाई का काम करने वाली महिला नई मशीन खरीदकर काम बढ़ा सकती है, जबकि डेयरी व्यवसाय से जुड़ी महिला अपने कारोबार की जरूरतों पर पैसा लगा सकती है।

हालांकि, आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन प्रक्रिया और ऋण की शर्तों की आधिकारिक जानकारी जरूर प्राप्त करें। पात्र महिलाओं के लिए यह पहल स्वरोजगार की दिशा में एक अवसर बन सकती है।

रेल कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी राहत!

वाराणसी: रेलवे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। ड्यूटी के दौरान घायल होने वाले कर्मचारियों को अब इंजरी ऑन ड्यूटी (IOD) फॉर्म प्राप्त करने के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। बनारस रेल मंडल के डीआरएम आशीष जैन ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत निगरानी अधिकारी घायल कर्मचारी को आईओडी फॉर्म उपलब्ध कराने में देरी नहीं कर सकेंगे।

दरअसल, रेलवे कर्मचारियों की इस समस्या को एनई रेलवे मेंस कांग्रेस ने स्थायी वार्ता तंत्र (PNM) की बैठक में उठाया था। यूनियन की ओर से मामला सामने रखे जाने के बाद रेल मंडल प्रशासन ने इस पर संज्ञान लिया और प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए।

हादसे के बाद छुट्टी को लेकर नहीं होगी परेशानी

रेलवे के नियमों के मुताबिक, ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकलने और ड्यूटी पूरी कर वापस घर पहुंचने के बीच होने वाले हादसे को निर्धारित शर्तों के तहत ड्यूटी से जुड़ी दुर्घटना माना जा सकता है। ऐसी स्थिति में पात्र कर्मचारी को मिलने वाला अवकाश उसके अर्जित अवकाश यानी अर्न्ड लीव से नहीं काटा जाता। इस व्यवस्था का उद्देश्य हादसे में घायल कर्मचारियों को इलाज और स्वास्थ्य लाभ के दौरान राहत देना है। आईओडी फॉर्म में कर्मचारी को दुर्घटना से जुड़ी सही जानकारी भरकर संबंधित अधिकारी को सौंपनी होगी।

दो गवाहों की शर्त भी खत्म

पहले इस सुविधा का लाभ लेने के लिए दो गवाहों की आवश्यकता होती थी। जारी आदेश के मुताबिक, अब यह शर्त भी समाप्त कर दी गई है। इससे प्रभावित कर्मचारियों के लिए प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान होने की उम्मीद है। हालांकि, रेल प्रशासन ने कर्मचारियों को आगाह किया है कि आईओडी फॉर्म में गलत या भ्रामक जानकारी देने पर कार्रवाई की जा सकती है। इसलिए दुर्घटना से जुड़ी जानकारी सही और तथ्यों के आधार पर देना जरूरी होगा।

यूनियन ने उठाया था मामला

एनई रेलवे मेंस कांग्रेस के महामंत्री अखिलेश पांडेय के अनुसार, यूनियन ने बैठक में कर्मचारियों की परेशानी को उठाया था, जिसके बाद डीआरएम ने स्पष्ट निर्देश जारी किए। नए आदेश से घायल रेलकर्मियों को जरूरी फॉर्म समय पर मिलने और संबंधित प्रक्रिया पूरी करने में मदद मिलेगी।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! यूपी में एक साथ 4 नई भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से अलग-अलग पदों पर चार भर्ती अभियानों के तहत कुल 3,428 रिक्तियों की जानकारी दी गई है। 

इन भर्तियों में जूनियर इंजीनियर, टेक्निकल असिस्टेंट, रिसर्च असिस्टेंट, असिस्टेंट कोच, स्टोरकीपर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर समेत कई पद शामिल हैं। आवेदन की तारीखें अलग-अलग निर्धारित की गई हैं, ऐसे में उम्मीदवारों को अपने पसंदीदा पद के अनुसार समय रहते आवेदन करना होगा।

1 .जूनियर इंजीनियर समेत 380 पदों पर भर्ती

आयोग की एक भर्ती में कुल 380 पद शामिल हैं। इनमें जूनियर इंजीनियर, इलेक्ट्रीशियन, टेक्निकल असिस्टेंट, रिसर्च असिस्टेंट और अन्य पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 6 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 27 नवंबर 2026 तक फॉर्म भरे जा सकेंगे। तकनीकी क्षेत्र में सरकारी नौकरी पाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह अवसर महत्वपूर्ण है।

2 .1,156 पदों पर आवेदन का अवसर

एक अन्य भर्ती अभियान के तहत 1,156 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इसमें जूनियर इंजीनियर, असिस्टेंट स्टोरकीपर, टेक्निकल असिस्टेंट, इंस्ट्रक्टर मशीनिस्ट और अन्य पद शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 से 25 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले संबंधित पद की योग्यता और जरूरी शर्तों की जानकारी देखनी चाहिए।

3 .खेल विभाग में 108 पदों पर भर्ती

खेल के क्षेत्र में रुचि रखने वाले युवाओं के लिए भी नौकरी का अवसर है। इस भर्ती के तहत ग्राउंड्समैन, डिप्टी स्पोर्ट्स ऑफिसर, असिस्टेंट कोच (स्विमिंग), असिस्टेंट कोच (क्रिकेट) समेत विभिन्न पदों पर कुल 108 रिक्तियां हैं। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 14 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन की अंतिम तारीख 4 नवंबर 2026 है। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित समय के भीतर फॉर्म भरना होगा।

4 .स्टोरकीपर, क्लर्क और स्टेनोग्राफर के 1,784 पद

आयोग की एक अन्य भर्ती में कुल 1,784 पदों पर आवेदन का अवसर दिया गया है। इसमें स्टोरकीपर कम क्लर्क, फार्म क्लर्क, स्टेनोग्राफर और अन्य पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 1 दिसंबर 2026 तक चलेंगे। इन पदों के माध्यम से उम्मीदवारों को विभिन्न विभागों में नौकरी पाने का मौका मिल सकता है।

कहां करना होगा आवेदन?

इन सभी भर्ती अभियानों के लिए आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों को संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़कर शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और आवेदन संबंधी शर्तों की जानकारी हासिल करनी चाहिए। फॉर्म भरते समय सभी विवरण सही दर्ज करना और अंतिम तारीख से पहले आवेदन पूरा करना जरूरी है।

पुरुषों की सेहत के लिए वरदान है केला, जानें खाने के 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। केला एक ऐसा फल है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व भी देता है। पुरुषों के लिए इसे रोजाना की डाइट में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है। इसमें पोटैशियम, विटामिन बी6, फाइबर और कार्बोहाइड्रेट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने और सामान्य स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं पुरुषों के लिए केला खाने के 7 बड़े फायदे।

1. शरीर को मिलती है ऊर्जा

केले में प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट होता है, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करता है। कामकाज में व्यस्त रहने वाले पुरुष या नियमित व्यायाम करने वाले लोग इसे नाश्ते अथवा वर्कआउट से पहले खा सकते हैं।

2. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

केले में मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों के सामान्य कामकाज में मदद करता है। व्यायाम के बाद केला खाने से शरीर को ऊर्जा मिल सकती है। हालांकि, मांसपेशियां मजबूत बनाने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और नियमित एक्सरसाइज भी जरूरी हैं।

3. दिल की सेहत के लिए बेस्ट

केले में पाया जाने वाला पोटैशियम रक्तचाप को सामान्य बनाए रखने में भूमिका निभाता है। संतुलित आहार के साथ केला खाना हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है।

4. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

केले में फाइबर होता है, जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने और कब्ज से बचाव में मदद कर सकता है। पर्याप्त पानी पीने और फाइबर से भरपूर भोजन लेने के साथ इसका सेवन आंतों की सेहत के लिए लाभकारी हो सकता है।

5. शरीर को जरूरी विटामिन देता है

केले में विटामिन बी6 पाया जाता है, जो शरीर में प्रोटीन के उपयोग, लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। यह विटामिन शरीर की कई जरूरी प्रक्रियाओं के लिए महत्वपूर्ण है।

6. वजन नियंत्रित रखने में मददगार

अगर पुरुष अपना वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो केला संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकता है। इसमें मौजूद फाइबर पेट भरा होने का एहसास देने में मदद करता है। हालांकि, वजन घटाने या बढ़ाने का असर पूरे दिन के खानपान और शारीरिक गतिविधियों पर निर्भर करता है।

7. सामान्य प्रजनन स्वास्थ्य के लिए पोषण

केले में मौजूद विटामिन बी6 और अन्य पोषक तत्व शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली में योगदान देते हैं। इससे प्रजनन स्वास्थ्य बेहतर होता हैं। हालांकि, बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद और नियमित व्यायाम जरूरी हैं।

बिहार के किसानों को मिलेंगी 5 बड़ी सुविधाएं, आधुनिक बनेंगी 54 बाजार समितियां

पटना। बिहार के किसानों के लिए कृषि उपज की बिक्री आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार काम कर रही है। इसके तहत प्रदेश की 54 बाजार समितियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 2,700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य किसानों को अपनी उपज बेचने, सुरक्षित रखने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने के बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।

किसानों को मिलेंगी ये 5 बड़ी सुविधाएं

1. आधुनिक मंडियां: बाजार समितियों में बहुमंजिला मार्केट बनाए जाएंगे। यहां फल, सब्जी और अनाज के साथ दूध, मछली तथा फूलों की बिक्री के लिए अलग-अलग व्यवस्था होगी। इससे किसानों और खरीदारों को एक ही जगह कई विकल्प मिल सकेंगे।

2. गोदाम और कोल्ड स्टोरेज: उपज को खराब होने से बचाने के लिए भंडारण की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे किसानों को अपनी फसल सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी और तुरंत बिक्री करने की मजबूरी कुछ हद तक कम हो सकती है।

3. कैंटीन और गेस्ट हाउस: किसानों और व्यापारियों की सहूलियत के लिए कैंटीन तथा 40 बेड का गेस्ट हाउस बनाने की योजना है। महिलाओं के लिए विश्राम गृह और शौचालय जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

4. ऑनलाइन बिक्री का विकल्प: बाजार समितियों को ई-नाम (e-NAM) प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना है। इससे किसानों को ऑनलाइन माध्यम से अपनी उपज बेचने और दूसरे बाजारों के खरीदारों तक पहुंचने का अवसर मिल सकता है।

5. बेहतर बुनियादी ढांचा: मंडियों में सड़क, बिजली, पानी, नाले और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। परिसर में सीसीटीवी कैमरे और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

कई जगहों पर काम पूरा होने की जानकारी

कृषि विभाग के मुताबिक, गया की चंदौती और वैशाली बाजार समिति में काम पूरा हो चुका है, जबकि पूर्वी और पश्चिमी चंपारण में निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सरकार की इस पहल से किसानों को बेहतर बाजार सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। हालांकि, उन्हें बेहतर कीमत और बढ़ी हुई आमदनी का कितना लाभ मिलेगा, यह सुविधाओं के प्रभावी संचालन और बाजार की मांग पर निर्भर करेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, देशभर के किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत भरी खबर है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2026 को पात्र किसानों के बैंक खातों में 2,000 रुपये भेजा जायेगा। हालांकि, किस्त जारी होने के बावजूद कुछ किसानों के खाते में पैसा अटक सकता है। इसकी प्रमुख वजह ई-केवाईसी अधूरी होना या लाभार्थी के विवरण में गड़बड़ी हो सकती है।

किन किसानों की रुक सकती है किस्त?

जिन किसानों ने ई-केवाईसी पूरी नहीं की है, जिनके बैंक खाते या आधार से जुड़ी जानकारी में त्रुटि है या जिनका लाभार्थी रिकॉर्ड अधूरा है, उन्हें भुगतान में परेशानी हो सकती है। इसलिए किसानों को समय रहते अपना स्टेटस जांच लेना चाहिए।

ऐसे चेक करें पीएम किसान का स्टेटस

सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। वहां ‘Know Your Status’ विकल्प चुनें। इसके बाद अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और मांगी गई जानकारी दर्ज करके ओटीपी के जरिए स्टेटस देखें। इससे भुगतान और ई-केवाईसी से जुड़ी स्थिति की जानकारी मिल सकती है।

घर बैठे ऐसे पूरी करें ई-केवाईसी

किसान पीएम-किसान पोर्टल पर आधार और उससे जुड़े सक्रिय मोबाइल नंबर की मदद से ओटीपी आधारित ई-केवाईसी कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर बायोमेट्रिक के जरिए या पीएम-किसान मोबाइल ऐप में फेस ऑथेंटिकेशन से भी ई-केवाईसी पूरी करने का विकल्प उपलब्ध है।

किसानों के लिए जरूरी सलाह: किस्त का लाभ लेने से पहले आधार, बैंक खाते और लाभार्थी विवरण की जांच कर लें। भुगतान की अंतिम स्थिति जानने के लिए आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी पर ही भरोसा करें।

25 अक्टूबर को बनेगा हर्षण योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत; धन लाभ के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और योगों के बदलाव को विशेष महत्व दिया जाता है। 25 अक्टूबर 2026 को बनने वाला हर्षण योग कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस योग के प्रभाव से कुछ लोगों को करियर में आगे बढ़ने, आर्थिक स्थिति सुधारने और रुके हुए काम पूरे करने के अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं किन पांच राशियों के लिए यह समय अनुकूल रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की उम्मीद है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर फैसला लेना फायदेमंद रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक रह सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहने और मित्रों से सहयोग मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके किसी काम में प्रगति हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों का आत्मविश्वास बढ़ सकता है। नौकरी और व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिलने या किसी योजना में सफलता के अवसर बन सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि की संभावना है। रिश्तों में बातचीत और तालमेल बनाए रखना लाभकारी होगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में समय अनुकूल माना जा रहा है। कारोबार में नए संपर्क बन सकते हैं और आमदनी बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़ा कोई भी निर्णय जल्दबाजी में लेने से बचें और सभी पहलुओं की जांच करें।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को कामकाज में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। व्यापार के विस्तार की योजना बना रहे लोगों को नई संभावनाएं दिखाई दे सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलने से मन प्रसन्न रह सकता है। किसी पुराने काम को पूरा करने के लिए भी अच्छा अवसर मिल सकता है।

यूपी में बनेगा नया बाईपास सड़क, इन इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए नए बाईपास का प्रस्ताव तैयार किया गया है। नगला भुस-मीतई तिराहे से पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग-530बी तक बनने वाले इस मार्ग से ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रमुख सड़कों तक पहुंचने में आसानी होने की उम्मीद है। इससे आवागमन सुगम बनाने और क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिल सकती है।

8.2 किलोमीटर लंबा होगा बाईपास

प्रस्तावित बाईपास की लंबाई 8.2 किलोमीटर और चौड़ाई सात मीटर निर्धारित की गई है। निर्माण पर करीब 145.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना से संबंधित कार्ययोजना शासन को भेजी जा चुकी है। सामने आई आपत्तियों का निस्तारण कर निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

इन गांवों को मिलेगा फायदा

इस बाईपास से पापरी, कटैलिया, पैकवाड़ा, कुम्हरई, गढ़ी जैनी, टिपरस, बौजिया, सोखना, रूहेरी, मीतई, कलवारी और दादनपुर समेत कई गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है।

प्रमुख मार्गों तक पहुंच होगी आसान

प्रस्तावित मार्ग के जरिए एनएच-530बी, एनएच-509 और आसपास की अन्य महत्वपूर्ण सड़कों से संपर्क बेहतर हो सकता है। इससे ग्रामीणों को आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ क्षेत्र में यातायात का दबाव कम करने में भी मदद मिल सकती है।

फिलहाल यह परियोजना प्रस्तावित है। निर्माण कार्य कब शुरू होगा, इसकी स्थिति संबंधित विभाग की आगे की कार्रवाई और जरूरी स्वीकृतियों पर निर्भर करेगी।

रोज सुबह भीगी मेथी खाने से शरीर को मिलेंगे 5 बड़े फायदे, जानें सही तरीका

हेल्थ डेस्क। मेथी के दानों का इस्तेमाल भारतीय रसोई में मसाले के साथ-साथ पारंपरिक घरेलू नुस्खों में भी किया जाता है। इनमें फाइबर और कई उपयोगी पोषक तत्व पाए जाते हैं। मेथी के दानों को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाना कई लोगों की दिनचर्या का हिस्सा है। इसे संतुलित खानपान के साथ शामिल करने से पाचन और ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है। हालांकि, इसके फायदे हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं।

1. पाचन को बेहतर बनाने में मदद

मेथी के दानों में फाइबर होता है, जो पाचन क्रिया को सहारा देता है। पर्याप्त पानी और संतुलित आहार के साथ इसका सेवन कुछ लोगों में कब्ज की समस्या कम करने में मदद कर सकता है। हालांकि, अधिक मात्रा में खाने से पेट फूलने या गैस की परेशानी भी हो सकती है।

2. ब्लड शुगर के नियंत्रण में सहायक

कुछ अध्ययनों में मेथी के सेवन से ब्लड शुगर के स्तर पर सकारात्मक प्रभाव के संकेत मिले हैं। इसमें मौजूद फाइबर कार्बोहाइड्रेट के पाचन और अवशोषण को प्रभावित कर सकता है। लेकिन मेथी डायबिटीज की दवाओं का विकल्प नहीं है। यदि आप शुगर की दवा लेते हैं, तो नियमित रूप से मेथी खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।

3. कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद

मेथी में मौजूद घुलनशील फाइबर रक्त में कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाए रखने में सहायक हो सकता है। हालांकि, केवल मेथी खाने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित होने की गारंटी नहीं है। इसके लिए संतुलित भोजन, नियमित व्यायाम और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय उपचार भी जरूरी है।

4. पेट भरा रहने का एहसास

फाइबर से भरपूर खाद्य पदार्थ खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है। ऐसे में मेथी के दाने संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर बार-बार भूख लगने को कम करने में मदद कर सकते हैं। वजन कम करने के लिए केवल मेथी पर निर्भर रहने के बजाय खानपान और शारीरिक गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है।

5. पोषक तत्वों की पूर्ति में योगदान

मेथी के दानों में फाइबर के अलावा कुछ खनिज और अन्य पोषक तत्व भी होते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में भोजन में शामिल करने से आहार की विविधता बढ़ती है। फिर भी, शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें पूरी करने के लिए अलग-अलग अनाज, दालें, फल और सब्जियां खाना जरूरी है।

भीगी मेथी खाने का सही तरीका

मेथी के दानों को साफ पानी से धोकर रातभर पानी में भिगो दें। सुबह थोड़ी मात्रा में दानों को चबाकर खा सकते हैं। शुरुआत कम मात्रा से करें और देखें कि शरीर पर इसका क्या असर होता है। खाली पेट खाना जरूरी नहीं है; इसे अपनी सुविधा के अनुसार भोजन के साथ भी लिया जा सकता है।

खुशखबरी की डबल सौगात! बिहार में 2 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दो अलग-अलग विभागों में भर्ती का अवसर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-4.0 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन प्रक्रिया की जानकारी दी है। वहीं, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन से पहले दोनों भर्तियों की पात्रता और अंतिम तारीख जरूर जांचनी चाहिए।

1 .BPSC शिक्षक भर्ती में 32 हजार से अधिक पद

BPSC की TRE-4.0 भर्ती विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तें संबंधित पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं।

इस भर्ती में आवेदन करने के इच्छुक अभ्यर्थी BPSC की आधिकारिक वेबसाइट https://bpsc.bihar.gov.in/ पर जाकर नोटिफिकेशन और आवेदन से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं।

2 ,BTSC में फूड सेफ्टी ऑफिसर के पद

दूसरी भर्ती बिहार तकनीकी सेवा आयोग की ओर से फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों के लिए है। उपलब्ध विवरण में 105 पद बताए गए हैं। आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से शुरू होने और 24 अक्टूबर 2026 को समाप्त होने की जानकारी दी गई है।

इस पद के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और सामान्य वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष बताई गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिल सकती है। शैक्षणिक योग्यता और अन्य जरूरी शर्तों की पुष्टि आधिकारिक विज्ञापन से करना आवश्यक है। आवेदन के लिए BTSC की वेबसाइट https://btsc.bihar.gov.in/ पर जाएं।

आवेदन से पहले जरूर करें जांच

दोनों भर्तियों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नोटिफिकेशन, पात्रता, आवेदन शुल्क और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी पढ़ लें। फूड सेफ्टी ऑफिसर भर्ती की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर है, जबकि शिक्षक भर्ती के लिए बताई गई अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 है। आवेदन की मौजूदा स्थिति और किसी संभावित तारीख विस्तार की पुष्टि वेबसाइट से जरूर करें।