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केंद्र सरकार की खास योजना, 8.2% ब्याज के साथ मिलेगा बंपर फायदा

नई दिल्ली। बेटियों के भविष्य के लिए निवेश करने वाले अभिभावकों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) की ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है। अक्टूबर से दिसंबर 2026 की तिमाही के लिए इस योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज मिलता रहेगा। छोटी बचत योजनाओं की दरों की समीक्षा के बाद वित्त मंत्रालय ने मौजूदा दरों को ही जारी रखने का फैसला किया है।

10 साल से कम उम्र की बेटी के लिए खुलता है खाता

सुकन्या समृद्धि खाता 10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम पर खोला जा सकता है। इसमें एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपये और अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा किए जा सकते हैं। खाता खुलने के बाद 15 साल तक इसमें रकम जमा करनी होती है, जबकि इसकी मैच्योरिटी अवधि 21 साल है।

पढ़ाई के लिए निकाल सकते हैं पैसे

बेटी के 18 साल की होने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद उच्च शिक्षा के लिए खाते से निर्धारित शर्तों के तहत 50 फीसदी तक रकम निकाली जा सकती है। इससे बेटी की पढ़ाई के बड़े खर्च को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

किस्त छूटने पर भी है मौका

अगर किसी साल न्यूनतम रकम जमा नहीं हो पाती है, तो खाते को दोबारा नियमित कराया जा सकता है। इसके लिए बकाया न्यूनतम जमा के साथ निर्धारित पेनल्टी देनी होती है। वहीं, सामान्य परिस्थितियों में समय से पहले खाता बंद करने की अनुमति नहीं होती और इसके लिए विशेष नियम लागू होते हैं।

बिहार में रैपिड रेल की तैयारी शुरू, 3 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में क्षेत्रीय परिवहन व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पटना से मुजफ्फरपुर के बीच हाजीपुर होकर आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस परियोजना के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। इसकी जिम्मेदारी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) को दी गई है और टीम ने प्रारंभिक अध्ययन शुरू कर दिया है।

यात्रियों की संख्या के आधार पर तय होगा रूट

प्रस्तावित कॉरिडोर का रूट तय करने से पहले पटना, हाजीपुर और मुजफ्फरपुर के बीच रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों का आकलन किया जाएगा। इसके आधार पर उन इलाकों की पहचान होगी, जहां यात्रियों की संख्या ज्यादा है। जमीन की उपलब्धता, निर्माण लागत और मौजूदा ट्रैफिक दबाव जैसे पहलुओं को भी रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।

मेट्रो और रेलवे से होगी कनेक्टिविटी

आरआरटीएस को मौजूदा परिवहन व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इसके लिए स्टेशनों को पटना मेट्रो, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों से कनेक्ट करने की संभावनाएं देखी जाएंगी। इससे यात्रियों को एक माध्यम से दूसरे माध्यम तक पहुंचने में आसानी होगी।

चार आरआरटीएस कॉरिडोर की योजना

बिहार सरकार राज्य में चार आरआरटीएस कॉरिडोर विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। पटना-मुजफ्फरपुर कॉरिडोर भी इसी योजना का हिस्सा है। सरकार ने एएआर और डीपीआर तैयार कराने को मंजूरी दी है, जिस पर करीब 31.59 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

आरआरटीएस की रफ्तार मेट्रो की तुलना में लंबी दूरी के सफर के लिए अधिक रखी जाती है। परियोजना के पूरा होने पर पटना से मुजफ्फरपुर के बीच यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इससे दोनों शहरों के साथ हाजीपुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

5 अक्टूबर का दिन रहेगा खास! अमृत सिद्धि योग से 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। 5 अक्टूबर 2026, सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से खास रहने वाला है। इस दिन चंद्रमा कर्क राशि में रहेगा और पुष्य नक्षत्र का प्रभाव रहेगा। साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग समेत कई शुभ योग बनने की बात पंचांग गणनाओं में सामने आ रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक मामलों में सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकते हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए दिन आर्थिक और करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने और अधिकारियों से प्रशंसा प्राप्त होने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को पुराने प्रयासों से लाभ मिल सकता है। रुका हुआ पैसा मिलने या आय के नए रास्ते खुलने की संभावना भी बन सकती है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रह सकता है क्योंकि चंद्रमा इसी राशि में रहेगा। कारोबार में पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण काम मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी का समाधान मिलने की उम्मीद हो सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए व्यापार और धन के मामले में सकारात्मक संकेत हैं। कारोबार में कोई अच्छी खबर मिल सकती है और बड़े ऑर्डर या नई डील मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर अपनी मेहनत का लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ बचत बढ़ाने का मौका भी मिल सकता है। 

4. मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए करियर के लिहाज से दिन काफी महत्वपूर्ण हो सकता है। लंबे समय से प्रमोशन या मनचाहे ट्रांसफर का इंतजार कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में मुनाफा बढ़ने के संकेत हैं। परिवार के किसी सदस्य की मदद से आर्थिक या भौतिक लाभ भी मिल सकता है।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों को कार्यक्षेत्र में सफलता मिल सकती है। कारोबारियों के लिए नई डील या बड़ा ऑर्डर मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और तरक्की के रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होने के साथ भविष्य के लिए निवेश की योजना भी बन सकती है।

हार्ट में ब्लॉकेज के 5 खतरनाक संकेत, समय रहते पहचानना है बेहद जरूरी

हेल्थ डेस्क। हार्ट की धमनियों में ब्लॉकेज होने पर शरीर कई तरह के संकेत दे सकता है। शुरुआत में ये लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन बार-बार होने पर इन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय रहते जांच कराने से गंभीर स्थिति से बचने में मदद मिल सकती है।

1. सीने में दर्द या भारीपन

सीने के बीच दबाव, जकड़न या भारीपन महसूस होना हार्ट से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। खासकर शारीरिक मेहनत या तेज चलने पर यह समस्या बढ़े तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

2. सांस फूलना

थोड़ा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य काम करने पर ही सांस फूलने लगे, तो इसे नजरअंदाज न करें। हार्ट की समस्या में शरीर को पर्याप्त रक्त और ऑक्सीजन पहुंचाने में परेशानी हो सकती है।

3. अचानक ज्यादा थकान

बिना ज्यादा मेहनत के लगातार थकान महसूस होना भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है। अगर पहले की तुलना में सामान्य काम करने पर भी कमजोरी और थकावट ज्यादा महसूस हो रही है, तो इसकी जांच करानी चाहिए।

4. चक्कर आना या कमजोरी

बार-बार चक्कर आना, अचानक कमजोरी महसूस होना या आंखों के सामने अंधेरा छाना कई कारणों से हो सकता है, लेकिन हार्ट से जुड़ी समस्या में भी ऐसा हो सकता है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहें तो चिकित्सकीय सलाह जरूरी है।

5. ठंडा पसीना और बेचैनी

बिना गर्मी या मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना, घबराहट या बेचैनी महसूस होना भी गंभीर संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ सीने में दर्द या सांस लेने में परेशानी हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

ध्यान दें: इनमें से किसी भी लक्षण का मतलब सीधे तौर पर हार्ट ब्लॉकेज होना नहीं है, क्योंकि इनके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। लेकिन लक्षण बार-बार हों या अचानक गंभीर रूप से दिखाई दें, तो समय गंवाए बिना डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

खुशखबरी की शानदार घोषणा! बिहार में 2 नई भर्ती शुरू, करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में दो अलग-अलग विभागों में भर्ती का मौका सामने आया है। एक भर्ती में हजारों शिक्षक पद शामिल हैं, जबकि दूसरी में महिला एवं बाल विकास निगम के महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. 32,388 शिक्षक पदों पर भर्ती

बिहार लोक सेवा आयोग ने शिक्षक भर्ती परीक्षा 4.0 यानी TRE-4.0 के तहत शिक्षा विभाग में 32,388 स्कूल शिक्षक पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती का विज्ञापन संख्या 14/2026 है। आवेदन की प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से चल रही है और उम्मीदवार 26 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। शिक्षक पदों के लिए जरूरी योग्यता और अन्य शर्तें आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में दी गई हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले इन नियमों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

2. WCDC में 7 पदों पर मौका

दूसरी ओर, Women and Child Development Corporation Bihar ने भी सात पदों पर भर्ती निकाली है। इसमें State Project Manager, Accountant और Assistant जैसे पद शामिल हैं। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 1 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुके हैं और आवेदन की अंतिम तारीख 6 नवंबर 2026 है। उम्मीदवार WCDC बिहार की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से फॉर्म भर सकते हैं।

बिहार में एक साथ आई इन दोनों भर्तियों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के पास अलग-अलग क्षेत्रों में अवसर है। आवेदन करने से पहले उम्मीदवार संबंधित भर्ती की अधिसूचना में दी गई योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों की जांच जरूर कर लें।

त्योहार से पहले जेब होगी गर्म! यूपी कर्मचारियों को बोनस, DA पर भी बढ़ी उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए अक्टूबर का महीना राहत भरी खबर लेकर आ सकता है। राज्य सरकार की ओर से दिवाली से पहले कर्मचारियों को बोनस देने और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की तैयारी की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, बोनस की राशि ₹3,400 से ₹7,000 तक हो सकती है, जबकि DA और पेंशनर्स के DR में 3 प्रतिशत तक इजाफे की संभावना जताई जा रही है।

बोनस का लाभ अराजपत्रित कर्मचारियों को मिलने की बात कही जा रही है। विभाग की ओर से इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की जानकारी सामने आई है। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो त्योहार से पहले कर्मचारियों के हाथ में अतिरिक्त रकम पहुंच सकती है।

DA बढ़ने से बढ़ेगी हर महीने की आय

महंगाई भत्ता बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक सैलरी पर पड़ेगा। वहीं पेंशनर्स के लिए DR में वृद्धि होने पर उनकी पेंशन में भी राहत मिलेगी। प्रस्तावित 3 प्रतिशत बढ़ोतरी लागू होने पर लाखों कर्मचारी और पेंशनर्स इससे प्रभावित होंगे।

एक और अनुपूरक बजट पर भी नजर

कर्मचारियों के इस संभावित लाभ के बीच राज्य के वित्तीय प्रबंधन को लेकर भी हलचल है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अगस्त में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया था। अब दिसंबर के शीतकालीन सत्र से पहले एक और अनुपूरक बजट लाए जाने की संभावना की खबरें सामने आई हैं।

ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार की ओर से कर्मचारियों के बोनस और DA-DR को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल 3 प्रतिशत बढ़ोतरी और बोनस की रकम को संभावित प्रस्ताव के तौर पर देखा जा रहा है, अंतिम फैसला सरकारी आदेश के बाद ही स्पष्ट होगा।

15 अक्टूबर से UPI पर नया नियम! ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% MDR, जानें किस पर पड़ेगा असर

नई दिल्ली। फोन से भुगतान करना आज इतनी आम बात हो चुकी है कि कई लोगों को छोटी खरीदारी के लिए भी कैश रखने की जरूरत महसूस नहीं होती। लेकिन 15 अक्टूबर से UPI के मर्चेंट पेमेंट से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव होने वाला है। नए नियम के तहत ₹2,000 से अधिक के कुछ कारोबारी UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा।

हालांकि इसे लेकर UPI यूजर्स के बीच सबसे बड़ी गलतफहमी यही है कि हर बड़े पेमेंट पर ग्राहक से पैसा काटा जाएगा। ऐसा नहीं है। MDR मर्चेंट से जुड़ा शुल्क है और सरकार के मुताबिक इसे सीधे ग्राहक से वसूलने की अनुमति नहीं होगी।

आम UPI इस्तेमाल पर फिलहाल राहत

हर ट्रांजैक्शन इस बदलाव की जद में नहीं आएगा। ₹2,000 तक के मर्चेंट भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। इसके अलावा किसी व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति द्वारा भेजे गए पैसे भी इस शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। सरकार के अनुमान के मुताबिक करीब 96 फीसदी मर्चेंट UPI ट्रांजैक्शन नए शुल्क की सीमा से प्रभावित नहीं होंगे। यानी रोजमर्रा के छोटे भुगतान करने वाले अधिकांश लोगों के लिए सामान्य UPI इस्तेमाल पहले की तरह जारी रहेगा।

बड़े बिल पर सामने आ सकता है विकल्प

असल बदलाव महंगी खरीदारी के वक्त महसूस हो सकता है। उदाहरण के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल, अस्पताल या किसी महंगे सामान का भुगतान करते समय अगर व्यापारी अतिरिक्त लागत का बोझ ग्राहक तक पहुंचाने की कोशिश करता है, तो कार्ड या नकद भुगतान का विकल्प आकर्षक लग सकता है।

एक सर्वे में 31 हजार से अधिक UPI यूजर्स की राय ली गई। काल्पनिक स्थिति में अगर ₹2,000 से ऊपर के भुगतान पर मर्चेंट ग्राहक से अतिरिक्त रकम मांगे, तो 27 फीसदी लोगों ने कैश और 26 फीसदी ने क्रेडिट कार्ड चुनने की बात कही। 13 फीसदी ने डेबिट कार्ड और 11 फीसदी ने बैंक ट्रांसफर का विकल्प बताया। केवल 14 फीसदी यूजर्स ने कहा कि वे अतिरिक्त रकम देकर भी UPI का इस्तेमाल करेंगे।

बंपर बोनस का ऐलान: 2 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। कोल इंडिया के करीब 2.01 लाख कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। प्रबंधन और श्रमिक संगठनों के बीच लंबी बातचीत के बाद वर्ष 2026 के परफॉर्मेंस लिंक्ड बोनस (PLR) पर सहमति बन गई है। पात्र कर्मचारियों को 1,10,250 रुपये बोनस देने का फैसला हुआ है।

जानकारी के मुताबिक बोनस की राशि 15 अक्टूबर तक कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजे जाने की तैयारी है। इस भुगतान पर कंपनी करीब 2,216 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इसमें कोल इंडिया की विभिन्न अनुषंगी कंपनियों के पात्र कर्मचारी भी शामिल हैं। अकेले बीसीसीएल के करीब 31 हजार कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की बात कही गई है।

1.25 लाख रुपये की हुई थी मांग

बोनस को लेकर कोल इंडिया मुख्यालय में एपेक्स जेसीसी की बैठक हुई थी। श्रमिक संगठनों ने शुरुआत में 1.25 लाख रुपये बोनस की मांग रखी थी। कई दौर की बातचीत के बाद आखिरकार 1,10,250 रुपये पर सहमति बनी। बैठक में कंपनी के उत्पादन, कोयला आपूर्ति और बाजार की स्थिति समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।

पिछले तीन साल में लगातार बढ़ा बोनस

कोयला कर्मचारियों के बोनस में पिछले कुछ वर्षों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। आंकड़ों के मुताबिक 2024 में  ₹93,750, 2025 में ₹1,03,000, 2026 में ₹1,10,250 यानी 2024 की तुलना में 2026 का बोनस ₹16,500 ज्यादा है।

इन कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

PLR का लाभ कोल इंडिया की पात्र अनुषंगी कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा। इनमें BCCL, CCL, ECL, MCL, NCL, SECL और CMPDIL शामिल हैं। इसके अलावा बैठक में ठेका श्रमिकों को समय पर वेतन भुगतान सुनिश्चित करने का मुद्दा भी उठाया गया। कोल इंडिया की ओर से संबंधित कंपनियों को नियमों के अनुसार भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाने की तैयारी है।

मानसून के दौरान उत्पादन और डिस्पैच पर पड़े असर के बाद अब कोयले की मांग और आपूर्ति की स्थिति में सुधार आने की जानकारी भी प्रबंधन ने दी। बोनस की घोषणा से त्योहारी सीजन से पहले हजारों कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

बिहार के शिक्षकों को बड़ा झटका! ट्रांसफर फिर अटका

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण और पदस्थापन को लेकर एक बार फिर असमंजस की स्थिति बन गई है। शिक्षकों को उम्मीद थी कि 4 अक्टूबर से सामान्य ट्रांसफर की ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी, लेकिन फिलहाल शिक्षा विभाग ने पोर्टल खोलने पर रोक लगा दी है। अब इस पूरी प्रक्रिया का अगला कदम चुनाव आयोग से मिलने वाले निर्देश के बाद ही तय होने की संभावना है।

आचार संहिता के कारण बढ़ा इंतजार

विधान परिषद की सीटों पर होने वाले चुनाव के चलते राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू है। ऐसे में सरकारी शिक्षकों के सामान्य स्थानांतरण की प्रक्रिया शुरू करने को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सावधानी बरती जा रही है। शिक्षा विभाग ने इसी मामले में निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन मांगा है। विभाग की ओर से स्थिति स्पष्ट होने तक सामान्य ट्रांसफर के लिए ऑनलाइन पोर्टल नहीं खोलने का निर्णय लिया गया है।

आयोग के जवाब पर टिकी प्रक्रिया

शिक्षा विभाग अब निर्वाचन आयोग के जवाब का इंतजार कर रहा है। आयोग की ओर से यदि ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर अनुमति या स्पष्ट दिशा-निर्देश मिलते हैं, तो उसके बाद पोर्टल खोलने और आवेदन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है। यानी फिलहाल शिक्षकों को ट्रांसफर के लिए नई तारीख का इंतजार करना होगा। विभाग की ओर से पोर्टल खुलने की कोई निश्चित नई तारीख अभी सामने नहीं आई है।

सामान्य ट्रांसफर के साथ दूसरे मामलों पर भी असर

मामला केवल सामान्य स्थानांतरण तक सीमित नहीं है। सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण, म्यूचुअल ट्रांसफर और अंतरजिला स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रियाएं भी प्रभावित हुई हैं। इन मामलों में तैयार सूचियों को जारी करने अथवा आगे की कार्रवाई को लेकर भी निर्वाचन आयोग से मिलने वाले मार्गदर्शन का इंतजार किया जा रहा है। आयोग की स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही संबंधित सूचियों पर आगे निर्णय लिया जा सकेगा।

लंबे समय से इंतजार कर रहे शिक्षक

स्थानांतरण प्रक्रिया में देरी का सीधा असर उन शिक्षकों पर पड़ रहा है, जो लंबे समय से अपनी पसंद की पोस्टिंग या स्थानांतरण से संबंधित निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। सामान्य ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद के बीच अब एक बार फिर इंतजार बढ़ गया है। कई शिक्षक अपने वर्तमान विद्यालय से दूसरे स्थान पर जाने या पारिवारिक एवं प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण की उम्मीद लगाए बैठे हैं। ऐसे में पोर्टल नहीं खुलने से उनकी चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।

कब खुलेगा ट्रांसफर पोर्टल?

फिलहाल 4 अक्टूबर से सामान्य ट्रांसफर पोर्टल खुलने की उम्मीद नहीं है। नई तारीख निर्वाचन आयोग के मार्गदर्शन के बाद ही तय होने की संभावना है। शिक्षा विभाग की ओर से अभी पोर्टल खोलने की अंतिम तारीख घोषित नहीं की गई है। इसलिए शिक्षकों को सलाह है कि वे शिक्षा विभाग की आधिकारिक सूचना का इंतजार करें और किसी भी अपुष्ट तारीख या सोशल मीडिया पर वायरल संदेश के आधार पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद न करें।

आगे क्या होगा?

अब पूरा मामला निर्वाचन आयोग के जवाब पर निर्भर है। आयोग से स्थिति स्पष्ट होने के बाद शिक्षा विभाग सामान्य ट्रांसफर, सरप्लस, म्यूचुअल और अंतरजिला स्थानांतरण से जुड़ी अगली प्रक्रिया को लेकर फैसला करेगा। तब तक बिहार के सरकारी शिक्षकों को ट्रांसफर-पोस्टिंग के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग से जुड़े 8 बड़े अपडेट, सैलरी-पेंशन पर नजर

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां केंद्रीय वेतन आयोग इस समय सबसे अहम मुद्दों में से एक बना हुआ है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और उसे अपनी सिफारिशें देने के लिए 18 महीने का समय मिला है। यानी मौजूदा समयसीमा के हिसाब से रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है।

फिलहाल आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव ले रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक 7-8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु और 22-23 अक्टूबर 2026 को मुंबई में भी बैठकें निर्धारित हैं। ऐसे में कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़े ये 8 बड़े आंकड़े और अपडेट समझना जरूरी है।

1. रिपोर्ट के लिए 18 महीने की समयसीमा

8वें केंद्रीय वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। 3 नवंबर 2025 से यह अवधि गिनने पर आयोग की रिपोर्ट करीब मई 2027 तक आने की उम्मीद है। हालांकि, रिपोर्ट आने के बाद उसे स्वीकार करने और लागू करने का अंतिम फैसला केंद्र सरकार करेगी।

2. 1 जनवरी 2026 को प्रभावी तारीख

पिछले वेतन आयोगों की सामान्य 10-वर्षीय परंपरा को देखते हुए 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव सामान्य तौर पर 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना जाता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि संशोधित वेतन का भुगतान उसी तारीख से शुरू हो गया है। वास्तविक क्रियान्वयन सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

3. एरियर कितना मिलेगा?

अगर संशोधित वेतन को प्रभावी तारीख से लागू किया जाता है और भुगतान बाद में शुरू होता है, तो बीच की अवधि का एरियर बन सकता है। लेकिन एरियर की कोई आधिकारिक राशि अभी तय नहीं हुई है। उदाहरण के तौर पर, किसी कर्मचारी की संशोधित बेसिक सैलरी और भुगतान शुरू होने के बीच जितने महीने का अंतर होगा, उसी के आधार पर बकाये की गणना होगी। इसमें फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाएगा।

4. फिटमेंट फैक्टर पर अभी फैसला नहीं

फिटमेंट फैक्टर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय करने में सबसे महत्वपूर्ण आंकड़ों में से एक होगा। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था। कर्मचारी संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग आंकड़ों की मांग की जा रही है, लेकिन अभी तक सरकार ने कोई फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया है। वित्त मंत्रालय ने भी स्पष्ट किया है कि आयोग ने अभी अपनी सिफारिशें सरकार को नहीं सौंपी हैं। इसलिए 2.86, 3.00, 3.68 या 3.83 जैसे आंकड़ों को अभी अंतिम मानना सही नहीं होगा।

5. न्यूनतम बेसिक पे पर कितनी बढ़ोतरी?

वर्तमान 7वें वेतन आयोग की व्यवस्था में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। कर्मचारी संगठनों की ओर से इसे काफी बढ़ाने की मांग की जा रही है। कुछ प्रस्तावों में न्यूनतम बेसिक पे को ₹69,000 तक करने की मांग भी सामने आई है। लेकिन यह कर्मचारी संगठनों की मांग है, सरकार द्वारा स्वीकृत नई बेसिक सैलरी नहीं।

6. अक्टूबर में दो बड़े पड़ाव

8वां वेतन आयोग लगातार कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से बातचीत कर रहा है। आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार: 7 और 8 अक्टूबर 2026 बेंगलुरु, 22 और 23 अक्टूबर 2026 मुंबई में आयोग की बैठकें निर्धारित हैं। इन बैठकों में वेतन, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर पक्ष अपनी बात रख सकते हैं।

7. DA और DR का क्या होगा?

नए वेतन आयोग के समय महंगाई भत्ता यानी DA और पेंशनभोगियों के लिए DR किस तरह समायोजित होंगे, यह कर्मचारियों के लिए बड़ा सवाल है। अक्सर नए वेतन ढांचे में पुराने वेतन और महंगाई राहत को नए मूल वेतन की गणना में समायोजित करने के बाद DA का नया चक्र शुरू होता है। लेकिन 8वें वेतन आयोग में इसका अंतिम तरीका क्या होगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

8. HRA और दूसरे भत्तों पर भी नजर

कर्मचारियों की कुल सैलरी केवल बेसिक पे से तय नहीं होती। इसमें HRA, परिवहन भत्ता और दूसरे भत्ते भी महत्वपूर्ण होते हैं। अगर नया वेतन ढांचा लागू होता है तो इन भत्तों में भी बदलाव हो सकता है, लेकिन उनका वास्तविक लाभ किस तारीख से मिलेगा और एरियर की गणना कैसे होगी, यह सरकार की अंतिम अधिसूचना पर निर्भर करेगा।

अभी कर्मचारियों के लिए सबसे बड़ा अपडेट क्या है?

फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वां वेतन आयोग काम कर रहा है, देशभर में हितधारकों से सुझाव ले रहा है और मई 2027 तक रिपोर्ट देने की समयसीमा में है। आयोग की रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उसकी सिफारिशों की समीक्षा करेगी और तभी नई सैलरी, फिटमेंट फैक्टर, पेंशन तथा भत्तों पर अंतिम तस्वीर साफ होगी।

20 अक्टूबर को लक्ष्मी नारायण योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धनलाभ के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 20 अक्टूबर का दिन ग्रहों की स्थिति के लिहाज से खास माना जा रहा है। इस दिन शुक्र अपनी स्वराशि तुला में गोचर करेंगे। शुक्र के तुला राशि में होने से मालव्य राजयोग बनने की स्थिति बनेगी, वहीं बुध के साथ शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इन दोनों शुभ योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी हो सकता है।

लक्ष्मी नारायण योग को धन, बुद्धि, व्यापार और आर्थिक उन्नति से जोड़कर देखा जाता है। वहीं मालव्य योग शुक्र से बनने वाला पंच महापुरुष योग है, जिसे सुख-सुविधा, भौतिक समृद्धि, कला, सौंदर्य और वैभव से संबंधित माना जाता है। इन ग्रह स्थितियों का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग तरह से पड़ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। आय के नए रास्ते खुलने और पुराने निवेश से लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों के लिए भी नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण योग विशेष लाभकारी माना जा सकता है। व्यापार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत होने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग धन और करियर के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। आय में वृद्धि के साथ कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को कोई लाभदायक सौदा मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और लंबे समय से चली आ रही आर्थिक चिंता कम होने के आसार हैं।

तुला राशि

शुक्र की अपनी राशि तुला में स्थिति होने के कारण इस राशि के जातकों के लिए समय खास रह सकता है। नौकरी और व्यापार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आय बढ़ाने के नए विकल्प सामने आ सकते हैं। किसी बड़े प्रोजेक्ट या महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने की संभावना बन सकती है। सुख-सुविधाओं पर खर्च बढ़ सकता है, लेकिन आर्थिक स्थिति मजबूत रहने के संकेत हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को भी लक्ष्मी नारायण योग का सकारात्मक प्रभाव मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है। आर्थिक लाभ के नए अवसर सामने आ सकते हैं। नौकरी में बदलाव या बेहतर पद की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में लाभ और नई डील के योग बन सकते हैं। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर भी मिल सकता है।

पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के ये 5 संकेत, पेशाब से जुड़ी परेशानी हो सकती है बड़ी चेतावनी

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। प्रोस्टेट कैंसर भी ऐसी ही गंभीर बीमारी है, लेकिन शुरुआती चरण में कई लोगों में इसके कोई स्पष्ट लक्षण दिखाई नहीं देते। यही वजह है कि शरीर में होने वाले बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। खासकर पेशाब से जुड़ी लगातार परेशानी को केवल उम्र का असर मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।

1. पेशाब शुरू करने में परेशानी

अगर पेशाब करते समय धार शुरू होने में काफी समय लगता है या बार-बार कोशिश करनी पड़ती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। प्रोस्टेट के बढ़ने या मूत्रमार्ग पर दबाव पड़ने की वजह से भी ऐसी समस्या हो सकती है। लगातार परेशानी रहने पर डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

2. पेशाब की धार कमजोर होना

पहले की तुलना में पेशाब की धार कमजोर या रुक-रुककर आने लगे तो यह प्रोस्टेट से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि व्यक्ति को प्रोस्टेट कैंसर ही है। बढ़ा हुआ प्रोस्टेट और दूसरी मूत्र संबंधी समस्याएं भी इसकी वजह हो सकती हैं।

3. बार-बार पेशाब लगना

दिन में सामान्य से ज्यादा बार पेशाब आना या रात में बार-बार उठकर पेशाब करने की जरूरत पड़ना भी ध्यान देने वाला बदलाव है। यदि यह समस्या लगातार बनी हुई है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी हो सकती है।

4. पेशाब या वीर्य में खून आना

पेशाब या वीर्य में खून दिखाई देना सामान्य नहीं माना जाता। इसके पीछे संक्रमण समेत कई कारण हो सकते हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। जांच के बाद ही सही कारण का पता लगाया जा सकता है।

5. कमर, कूल्हे या पेल्विस में दर्द

कुछ मामलों में, खासकर बीमारी बढ़ने पर, कमर, कूल्हे या पेल्विस के आसपास लगातार दर्द जैसी समस्या दिखाई दे सकती है। हालांकि इन हिस्सों में दर्द के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल दर्द के आधार पर प्रोस्टेट कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज

पेशाब में लगातार बदलाव जैसी समस्या होने पर खुद से बीमारी का अनुमान लगाने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें। समय पर जांच कराने से समस्या का सही कारण पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

केंद्र सरकार का किसानों को बड़ा तोहफा! इन 3 योजनाओं से मिलेगा पैसा, फसल सुरक्षा और आर्थिक मदद

नई दिल्ली। देश के किसानों की आय और खेती से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनका मकसद किसानों को खेती के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने से लेकर फसल को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाना और जरूरत के समय किफायती कृषि ऋण उपलब्ध कराना है।

1 .PM-KISAN से हर साल मिलती है आर्थिक मदद

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र भूमि-धारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आय सहायता दी जाती है। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का पूरा वित्तीय भार केंद्र सरकार उठाती है।

PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, योजना के लाभ के लिए eKYC अनिवार्य है। किसान पोर्टल पर अपना स्टेटस, लाभार्थी सूची और पंजीकरण से जुड़ी जानकारी भी देख सकते हैं।

2 .Kisan Credit Card से खेती के लिए कर्ज की सुविधा

खेती के दौरान किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और दूसरी जरूरतों के लिए पैसों की आवश्यकता होती है। ऐसे समय में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) काम आता है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को समय पर और पर्याप्त कृषि ऋण उपलब्ध कराना है।

myScheme के अनुसार KCC के जरिए फसल उत्पादन के अलावा कटाई के बाद के खर्च, कृषि संपत्तियों के रखरखाव और खेती से जुड़ी कुछ अन्य जरूरतों के लिए भी ऋण सुविधा मिल सकती है। योजना में सरकार की ब्याज सहायता और समय पर भुगतान करने पर प्रोत्साहन का प्रावधान भी है।

3 .PM फसल बीमा योजना देगी फसल नुकसान से सुरक्षा

खेती में मौसम सबसे बड़ा जोखिम माना जाता है। सूखा, बाढ़, ओलावृष्टि, चक्रवात और दूसरी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण फसल खराब होने पर किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। ऐसे जोखिमों से सुरक्षा के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना महत्वपूर्ण है।

सरकारी पोर्टल के अनुसार PMFBY का उद्देश्य अप्रत्याशित घटनाओं से फसल को होने वाले नुकसान की स्थिति में किसानों को वित्तीय सहायता देना और उनकी आय को स्थिरता प्रदान करना है। योजना में विभिन्न खाद्यान्न, तिलहन तथा कुछ वार्षिक वाणिज्यिक/बागवानी फसलों को निर्धारित नियमों के अनुसार कवर किया जा सकता है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य! कल से 4 राशियों की चांदी, धन-दौलत में होगी बढ़ोतरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का विशेष महत्व माना जाता है। जब ग्रहों की स्थिति अनुकूल होती है तो इसका सकारात्मक असर कई राशियों के जातकों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। आने वाला दिन भी कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से बेहतर रहने वाला है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मेष, मिथुन, तुला और धनु राशि के जातकों को कल से लाभ के कई अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आने वाला समय आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। अचानक धन लाभ के अवसर बन सकते हैं और लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को भी किसी अच्छे सौदे से फायदा मिलने के संकेत हैं। निवेश से जुड़े फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए कल से परिस्थितियां अनुकूल होने की उम्मीद है। आमदनी के नए रास्ते खुल सकते हैं और कामकाज में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। यदि आपका पैसा कहीं अटका हुआ है तो उसके वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में भी माहौल सकारात्मक रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए कल से भाग्य का साथ मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और कमाई के नए अवसर सामने आ सकते हैं। व्यापार में कोई महत्वपूर्ण निर्णय भविष्य में अच्छा फायदा दे सकता है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और उनकी मेहनत की सराहना हो सकती है। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए कल का दिन कई मायनों में खास हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं। व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। किसी पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की उम्मीद है। परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे और लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी से राहत मिल सकती है।

FD पर मिलेगा अब तगड़ा ब्याज, PNB ने दी बड़ी खुशखबरी, जानें पूरी डिटेल

नई दिल्ली। अगर आप अपनी बचत को सुरक्षित जगह निवेश करने के साथ उस पर अच्छा ब्याज कमाना चाहते हैं, तो फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) एक लोकप्रिय विकल्प है। सरकारी क्षेत्र का पंजाब नेशनल बैंक (PNB) अलग-अलग अवधि की एफडी पर ग्राहकों को ब्याज की सुविधा दे रहा है। इनमें 665 दिनों की विशेष एफडी भी शामिल है, जिसमें उम्र के आधार पर ब्याज दर अलग-अलग तय की गई है।

665 दिन की FD पर कितना ब्याज?

पंजाब नेशनल बैंक की 665 दिनों वाली एफडी में 3 करोड़ रुपये से कम की जमा राशि पर सामान्य ग्राहकों के लिए 6.30 फीसदी सालाना ब्याज बताया गया है। वहीं, वरिष्ठ नागरिकों को सामान्य ग्राहकों की तुलना में अधिक ब्याज मिलता है।

60 साल से अधिक और 80 साल से कम उम्र के ग्राहकों के लिए इस अवधि की एफडी पर 6.80 फीसदी सालाना ब्याज की दर बताई गई है। वहीं, 80 वर्ष या उससे अधिक उम्र वाले सुपर सीनियर सिटीजन को 7.10 फीसदी तक ब्याज मिल सकता है।

उम्र के हिसाब से ब्याज दर

665 दिनों की एफडी में ब्याज दर को ग्राहक की उम्र के अनुसार समझा जा सकता है। 59 साल तक के सामान्य ग्राहकों के लिए दर 6.30 फीसदी है। 60 से 79 वर्ष की उम्र वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह 6.80 फीसदी है। जबकि 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के सुपर सीनियर सिटीजन के लिए ब्याज दर 7.10 फीसदी बताई गई है।

7 दिन से लेकर 10 साल तक FD का विकल्प

PNB में ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार अलग-अलग अवधि के लिए एफडी करा सकते हैं। बैंक में एफडी की अवधि न्यूनतम 7 दिन से शुरू होती है, जबकि लंबी अवधि के निवेश के लिए इसे 10 साल तक रखा जा सकता है। अलग-अलग अवधि के लिए ब्याज दर भी अलग हो सकती है।

सीनियर सिटीजन के लिए क्यों खास है यह FD?

FD में वरिष्ठ नागरिकों को आमतौर पर अतिरिक्त ब्याज का लाभ मिलता है। PNB की 665 दिनों वाली एफडी में भी उम्र के आधार पर अतिरिक्त ब्याज का प्रावधान बताया गया है। सामान्य ग्राहक की तुलना में सीनियर सिटीजन को 0.50 प्रतिशत अधिक ब्याज मिल रहा है, जबकि सुपर सीनियर सिटीजन के लिए दर और भी ज्यादा है। 

ब्याज दरों में बदलाव पर भी रखें विशेष नजर

बैंकों की FD ब्याज दरें समय-समय पर बदल सकती हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक PNB ने अपनी FD दरों में पिछला बदलाव 1 जून 2026 को किया था। ऐसे में निवेश करने से पहले बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या नजदीकी शाखा से मौजूदा ब्याज दर की पुष्टि करना बेहतर रहेगा।

45 के बाद पुरुषों में बढ़ जाता है 4 बीमारियों का खतरा! समय रहते रहें सावधान

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। खासकर 45 की उम्र के बाद पुरुषों को अपनी सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत होती है। इस उम्र में खराब खान-पान, कम शारीरिक गतिविधि, तनाव और बढ़ता वजन कई स्वास्थ्य समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकते हैं। ऐसे में नियमित जांच और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है।

1. हाई ब्लड प्रेशर

उम्र बढ़ने के साथ हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ सकता है। कई बार इसके शुरुआती लक्षण स्पष्ट नहीं होते, इसलिए समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। ज्यादा नमक, तनाव, मोटापा और शारीरिक निष्क्रियता जोखिम बढ़ाने वाले कारक हो सकते हैं।

2. टाइप-2 डायबिटीज

45 के बाद टाइप-2 डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है, खासकर उन लोगों में जिनका वजन अधिक है या परिवार में इसका इतिहास रहा है। ज्यादा प्यास लगना, बार-बार पेशाब आना, थकान और धुंधला दिखाई देना जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. हृदय रोग

उम्र के साथ हृदय संबंधी बीमारियों का जोखिम भी बढ़ सकता है। हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ब्लड प्रेशर, धूम्रपान, मोटापा और व्यायाम की कमी इसके जोखिम को बढ़ा सकते हैं। सीने में दर्द, सांस फूलना या अचानक कमजोरी महसूस होने पर तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

4. प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याएं

उम्र बढ़ने पर पुरुषों में प्रोस्टेट से संबंधित समस्याएं आम हो सकती हैं। बार-बार पेशाब आना, पेशाब शुरू करने में परेशानी या पेशाब की धार कमजोर होना जैसे बदलाव दिखाई दें तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

बचाव के लिए क्या करें?

45 के बाद पुरुषों को नियमित स्वास्थ्य जांच के साथ संतुलित आहार, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करना चाहिए। धूम्रपान और अत्यधिक शराब से दूरी बनाना भी जरूरी है। किसी भी असामान्य लक्षण को लंबे समय तक नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

यूपी में ग्रेजुएट्स के लिए बड़ी खुशखबरी! क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी के पदों पर भर्ती

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे ग्रेजुएट युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग में 412 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी।

412 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती अभियान के तहत क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी के 368 पद और व्यायाम प्रशिक्षक के 44 पद भरे जाएंगे। क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी पद के लिए किसी भी विषय में ग्रेजुएशन जरूरी है। वहीं व्यायाम प्रशिक्षक पद के लिए ग्रेजुएशन के साथ DPEd, BPEd या संबंधित योग्यता मांगी गई है।

PET 2025 अभ्यर्थी आवेदन

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का UPSSSC PET 2025 में शामिल होना और स्कोरकार्ड जारी होना जरूरी है। प्रारंभिक स्तर पर अभ्यर्थियों की शॉर्टलिस्टिंग PET स्कोर के आधार पर की जाएगी।

21 से 40 साल तक की उम्र

आवेदक की उम्र 1 जुलाई 2026 को कम से कम 21 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी। सभी वर्गों के लिए आवेदन प्रक्रिया में 25 रुपये प्रोसेसिंग फीस निर्धारित की गई है।

कब से कब तक भरना होगा फॉर्म?

उम्मीदवार 16 अक्टूबर से 6 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में सुधार की अंतिम तारीख 13 नवंबर 2026 रखी गई है। चयन में PET स्कोर के आधार पर शॉर्टलिस्टिंग के बाद लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता एवं मानक परीक्षण और दस्तावेज सत्यापन शामिल रहेगा। परीक्षा की तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिफिकेशन जरूर देखें।

आंधी-बारिश का डबल अटैक! 70KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, 14 राज्यों में IMD का अलर्ट

नई दिल्ली: मानसून की विदाई के बीच देश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज अभी भी बदला हुआ है। 4 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, झारखंड समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। कुछ इलाकों में हवाओं की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पूर्वी भारत में गरज-चमक और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है।

कई राज्यों में बारिश के साथ तेज हवाओं का असर

बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में बने मौसमी सिस्टम के कारण पूर्वी और मध्य भारत में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। यूपी के कई जिलों में बारिश के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। बिहार में भी कई जिलों में आंधी, गरज-चमक और बारिश की चेतावनी है।

झारखंड में कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। पश्चिम बंगाल में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी कई इलाकों में बारिश के साथ तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।

दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम

राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 4 अक्टूबर को बारिश और आंधी की संभावना है। मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है, लेकिन तेज हवा और बारिश के दौरान सड़कों पर परेशानी बढ़ सकती है। सफर करने वालों को मौसम की स्थिति देखकर ही निकलने की सलाह दी गई है।

पहाड़ों पर भूस्खलन का खतरा

उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाओं का अलर्ट है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश होने पर भूस्खलन और सड़कों पर मलबा आने का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में पहाड़ी रास्तों पर यात्रा करने वालों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

किसानों और मछुआरों को सतर्क

गरज-चमक और तेज हवाओं के कारण किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। वहीं समुद्री इलाकों में खराब मौसम को देखते हुए मछुआरों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास जाने से बचना जरूरी है।

यूपी के किसानों की बल्ले-बल्ले! योगी सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी, जानें किसे मिलेगा फायदा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लघु एवं सीमांत किसानों के लिए योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। कृषि कार्य और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए किसानों को अब रियायती दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। योजना के तहत पात्र किसानों को 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन ऋण मिल सकेगा।

6 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर पर मिलेगा ऋण

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत किसानों को प्रभावी 6 प्रतिशत ब्याज दर पर दीर्घकालीन ऋण उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि जो किसान समय पर अपनी ऋण की किस्तों का भुगतान करेंगे, उन्हें राज्य सरकार की ओर से ब्याज अनुदान का लाभ भी मिलेगा। इससे किसानों पर कर्ज का वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिल सकती है।

पांच साल में 5 लाख किसानों को लाभ

योजना के लिए प्रदेश सरकार ने 384 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ऋण का इस्तेमाल केवल खेती तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कृषि आधारित दूसरी गतिविधियों और जरूरी पूंजीगत निवेश के लिए भी किया जा सकेगा।

ऑनलाइन होगी ऋण प्रक्रिया

किसानों के लिए ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया को आसान और पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए ऑनलाइन व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाएगा, जिससे पात्र किसानों को आवेदन और ऋण प्रक्रिया में सुविधा मिल सके।

समय पर कर्ज चुकाने वाले को सम्मान

योजना के शुभारंभ कार्यक्रम के दौरान उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक की विभिन्न शाखाओं से जुड़े ऐसे ऋणी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने निर्धारित समय पर अपने ऋण की अदायगी की है। जनप्रतिनिधियों ने सहकारी संस्थाओं के माध्यम से अधिक से अधिक पात्र किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

45 की उम्र के बाद पुरुष जरूर खाएं ये 4 बीज! सेहत को मिलेंगे कई बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों के शरीर को पहले की तुलना में ज्यादा पोषक तत्वों की जरूरत होती है। 45 की उम्र के बाद खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है। ऐसे में कुछ बीज डाइट का हिस्सा बनाकर शरीर को प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी पोषक तत्व दिए जा सकते हैं। हालांकि, इन्हें किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

1. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और हेल्दी फैट के अच्छे स्रोत माने जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में खाने से डाइट की पोषण गुणवत्ता बेहतर हो सकती है। सलाद, दलिया या स्नैक्स में इन्हें शामिल किया जा सकता है।

2. अलसी के बीज

अलसी में फाइबर और ओमेगा-3 फैटी एसिड (ALA) पाया जाता है। यह संतुलित डाइट का हिस्सा बनकर पाचन और हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। अलसी को पीसकर खाना आसान रहता है और इसे दही या ओट्स में मिलाया जा सकता है।

3. चिया सीड्स

चिया सीड्स में फाइबर, प्रोटीन और ओमेगा-3 फैटी एसिड समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। फाइबर की वजह से यह पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इन्हें पानी, दूध या दही में भिगोकर लिया जा सकता है।

4. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई, मैग्नीशियम और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। संतुलित मात्रा में इनका सेवन रोजाना की डाइट में पोषक तत्वों को बढ़ा सकता है। इन्हें बिना ज्यादा नमक वाले रूप में लेना बेहतर विकल्प है।

6 अक्टूबर से इन 5 राशियों पर मंगल मेहरबान! आर्थिक स्थिति सुधरेगी, करियर में बढ़ेगी तरक्की

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को ऊर्जा, साहस, पराक्रम, भूमि, संपत्ति और करियर में सक्रियता का कारक माना जाता है। 6 अक्टूबर से मंगल की स्थिति का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान इन राशियों के जातकों को कामकाज में नए अवसर मिलने के साथ आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार करने वालों के लिए भी लाभ के अवसर बन सकते हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी रहेंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए मंगल का प्रभाव मेहनत का बेहतर परिणाम दिला सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। संपत्ति से जुड़े मामलों में भी प्रगति के योग बन सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ही माने जाते हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह अवधि महत्वपूर्ण हो सकती है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और चुनौतियों का सामना करने की क्षमता मजबूत होगी। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए मंगल का प्रभाव करियर के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। नई जिम्मेदारियां या काम के नए अवसर मिल सकते हैं। कारोबार में निवेश या विस्तार की योजना बना रहे लोगों को लाभ मिल सकता है। मेहनत के साथ आर्थिक लाभ के योग बनेंगे।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! 9 जिलों में लगेंगे 12 कारखाने, 2500 को मिलेगा रोजगार

पटना: बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल हुई है। बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकार (बियाडा) की परियोजना स्वीकृति समिति की बैठक में 12 नई औद्योगिक इकाइयों के लिए जमीन और तैयार औद्योगिक शेड आवंटित करने को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं से करीब 132.60 करोड़ रुपये के निवेश की संभावना है और लगभग 2,500 रोजगार पैदा होने की उम्मीद है।

9 जिलों में स्थापित होंगी इकाइयां

स्वीकृत औद्योगिक परियोजनाएं पटना, मुजफ्फरपुर, बक्सर, भागलपुर, पश्चिम चंपारण,पूर्णिया, मधुबनी, औरंगाबाद और सहरसा  में स्थापित की जाएंगी। इसके लिए कुल 9.14 एकड़ औद्योगिक भूमि और तैयार शेड आवंटित करने की स्वीकृति दी गई है। इससे इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकते हैं।

तैयार शेड से जल्द शुरू होगा उत्पादन

बैठक में तैयार औद्योगिक आधारभूत ढांचे से जुड़े प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली। तैयार शेड मिलने से निवेशकों को शुरुआती निर्माण कार्य में कम समय लगेगा और उद्योग स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ सकेगी।

युवाओं को मिलेंगे रोजगार के अवसर

उद्योग मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि नई परियोजनाओं से बिहार के औद्योगिक और तकनीकी विकास को गति मिलेगी। वहीं बियाडा के प्रबंध निदेशक नवीन कुमार के अनुसार निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से औद्योगिक जमीन उपलब्ध कराने पर जोर है। बेहतर आधारभूत सुविधाओं और सरल प्रक्रियाओं के जरिए राज्य में निवेश का माहौल मजबूत किया जा रहा है।

बिहार के इस जिले की बदलेगी तस्वीर! 3400 करोड़ के निवेश से आएगी खुशखबरी, 10 हजार को नौकरी

न्यूज डेस्क: बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की तैयारी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि राज्य को उद्योग और स्किल का हब बनाना सरकार की प्राथमिकता है। जमुई दौरे के दौरान उन्होंने चकाई में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र और निर्माणाधीन एथेनॉल प्लांट का निरीक्षण किया।

3400 करोड़ के निवेश से खुलेंगे रोजगार के रास्ते

जमुई में स्टील समेत कई उद्योग स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं में करीब 3400 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। इससे 10 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय युवाओं को अपने जिले में ही रोजगार के नए विकल्प मिल सकते हैं।

9 हजार एकड़ में बनेगा औद्योगिक क्षेत्र

चकाई में औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए करीब 9 हजार एकड़ जमीन चिह्नित की गई है। मुख्यमंत्री ने जमीन की मैपिंग जल्द पूरी करने और 30 अक्टूबर तक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। इसके बाद उपलब्ध जमीन और आगे की औद्योगिक योजना को लेकर कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

2027 तक शुरू होगा एथेनॉल प्लांट

चकाई में 105 एकड़ में बन रहे अंकुर बायोकेम के एथेनॉल प्लांट में मार्च 2027 तक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। इसकी क्षमता करीब 1000 किलोलीटर प्रतिदिन बताई गई है। प्लांट को रोजाना लगभग 30 हजार क्विंटल अनाज की जरूरत होगी, जिससे स्थानीय किसानों के लिए भी उपज बेचने का बाजार तैयार होने की उम्मीद है।

उद्योग के साथ पर्यटन पर भी जोर

जमुई में उद्योग और रोजगार के साथ पर्यटन विकास पर भी फोकस किया जा रहा है। लछुआर मंदिर और गरही डैम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। यहां सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अतिरिक्त अवसर बनने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत रखने, पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने और नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाने के भी निर्देश दिए। कुल मिलाकर सरकार का फोकस जमुई में उद्योग, रोजगार, स्किल और पर्यटन को बढ़ावा देने पर है।

यूपी के होटल-रेस्टोरेंट वालों के लिए बड़ा आदेश! नियम नहीं माना तो होगी कार्रवाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होटल, रेस्टोरेंट और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों को अब खाद्य सुरक्षा से जुड़े कई जरूरी मानकों का पालन करना होगा। आम लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाद्य कारोबारियों के लिए जरूरी चेक प्वाइंट तय किए हैं। इनमें लाइसेंस-पंजीकरण से लेकर साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने तक के नियम शामिल हैं।

मेन्यू और खाद्य सामग्री की देनी होगी जानकारी

केंद्रीय लाइसेंस वाले तथा 10 या उससे अधिक प्रतिष्ठान चलाने वाले कारोबारियों के लिए मेन्यू कार्ड रखना अनिवार्य होगा। मेन्यू में इस्तेमाल होने वाले खाद्य तेल की जानकारी भी देनी होगी। पैक्ड खाद्य पदार्थों और मेन्यू में शाकाहारी-मांसाहारी पहचान के साथ कृत्रिम रंग, कृत्रिम मिठास और एलर्जी पैदा करने वाले पदार्थों की जानकारी देना जरूरी होगा। पहले से तैयार भोजन में इस्तेमाल सामग्री का विवरण भी लेबल पर दर्ज करना होगा।

प्रतिबंधित रंग और तरल नाइट्रोजन पर रोक

विभाग ने खाद्य पदार्थों में प्रतिबंधित रंग और रसायनों के इस्तेमाल पर रोक लगाई है। खाद्य पदार्थों में तरल नाइट्रोजन का प्रयोग भी नहीं किया जा सकेगा। कारोबार की प्रकृति के अनुसार एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण लेना होगा और इसे प्रतिष्ठान में प्रमुख स्थान पर प्रदर्शित करना जरूरी रहेगा। उपभोक्ताओं की शिकायत के लिए फूड सेफ्टी कनेक्ट ऐप का क्यूआर कोड भी लगाया जाएगा।

कर्मचारियों की स्वच्छता पर भी ध्यान

भोजन तैयार करने वाले कर्मचारियों को बाल ढकने के लिए हेयरनेट, दस्ताने और एप्रन पहनना होगा। संक्रामक या त्वचा संबंधी बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों को खाद्य कार्य से अलग रखना होगा। एक्सपायर हो चुके कच्चे माल या पैक्ड खाद्य पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा। साथ ही शाकाहारी और मांसाहारी खाद्य पदार्थों को एक साथ रखने पर भी रोक रहेगी।

खिड़की-दरवाजों पर जाली जरूरी

खाद्य प्रतिष्ठानों में पर्याप्त रोशनी, वेंटिलेशन, जल निकासी और हाथ धोने की व्यवस्था होनी चाहिए। खिड़की-दरवाजों पर कीटरोधी जाली लगाना जरूरी होगा, ताकि कीड़े-मकौड़े अंदर न पहुंचें। खाद्य पदार्थों के संपर्क में आने वाले बर्तन जंगरोधी और आसानी से साफ होने वाले होने चाहिए। पैकेजिंग के लिए खाद्य-ग्रेड सामग्री का इस्तेमाल करना होगा।

रिकॉर्ड भी रखने होंगे सुरक्षित

कारोबारियों को खरीद से जुड़े रिकॉर्ड, सप्लायर की जानकारी, तापमान रजिस्टर, पानी और खाद्य तेल की जांच रिपोर्ट, सफाई व कीट नियंत्रण से जुड़े दस्तावेज और कर्मचारियों के चिकित्सकीय फिटनेस प्रमाणपत्र सुरक्षित रखने होंगे। विभाग के निर्देशों का मकसद खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा के मानकों को बेहतर तरीके से लागू करना है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! केंद्रीय कर्मचारियों के लिए पेंशन में 6 बड़े विकल्प, निवेश का दायरा बढ़ा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार और रेलवे के कर्मचारियों के लिए पेंशन निवेश को लेकर अहम बदलाव किया गया है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और एकीकृत पेंशन योजना (UPS) के तहत अब कर्मचारियों को अपनी पेंशन राशि के निवेश के लिए चार की जगह छह विकल्प मिलेंगे। 

इसका उद्देश्य कर्मचारियों को अपनी जरूरत और जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश चुनने की ज्यादा स्वतंत्रता देना है। यह बदलाव पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (PFRDA) की ओर से किया गया है। रेलवे बोर्ड ने भी इसे 24 सितंबर से अपने जोनल कार्यालयों और उत्पादन इकाइयों में लागू कर दिया है।

अब ये 6 विकल्प उपलब्ध

नई व्यवस्था में कर्मचारियों के पास डिफॉल्ट स्कीम, 100% सरकारी प्रतिभूतियां (G-Sec), लाइफ साइकिल 25-लो, लाइफ साइकिल 50-मॉडरेट, लाइफ साइकिल 75-हाई और लाइफ साइकिल-अग्रेसिव का विकल्प रहेगा।

नए जोड़े गए विकल्पों में लाइफ साइकिल 75-हाई में 35 वर्ष की उम्र तक इक्विटी में अधिकतम 75% निवेश की गुंजाइश होगी। उम्र बढ़ने के साथ यह हिस्सा घटता जाएगा और 55 वर्ष की उम्र तक 15% रह जाएगा। वहीं लाइफ साइकिल-अग्रेसिव में 45 वर्ष तक इक्विटी निवेश 50% और 55 वर्ष तक 35% तक रह सकता है।

10 पेंशन फंड मैनेजर में से चुन सकेंगे

डिफॉल्ट व्यवस्था से बाहर निकलने वाले कर्मचारी अब PFRDA में पंजीकृत 10 पेंशन फंड मैनेजरों में से अपनी पसंद का मैनेजर चुन सकते हैं। हालांकि, इक्विटी में ज्यादा निवेश से बेहतर रिटर्न की संभावना बढ़ सकती है, लेकिन इसके साथ बाजार जोखिम भी रहता है।

कर्मचारियों को सलाह दी गई है कि फंड मैनेजर चुनने से पहले उनके पुराने प्रदर्शन की जानकारी जरूर देखें। विकल्प चुनने की सुविधा CRA पोर्टल पर शुरू हो चुकी है, जहां कर्मचारी अपने PRAN खाते से लॉगिन करके निवेश विकल्प बदल सकते हैं।

यूपी वालों को झटका! CNG की कीमतों में बढ़ोतरी, इन शहरों में लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सीएनजी वाहन चलाने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है। अलग-अलग शहरों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। नई दरें लागू होने के बाद अब वाहन चालकों को पहले के मुकाबले ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। कीमतों में यह बदलाव संबंधित क्षेत्रों में गैस की लागत को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

राजधानी लखनऊ में सीएनजी 2 रुपये प्रति किलोग्राम महंगी हो गई है। पहले यहां CNG 105 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से मिल रही थी, लेकिन अब इसकी कीमत बढ़कर 107 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। लखनऊ में बढ़ी हुई कीमत 3 अक्टूबर से लागू हो चुकी है।

इसी तरह उत्तर प्रदेश के उन्नाव में भी सीएनजी के दाम में 2 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। यहां पहले CNG 101.75 रुपये प्रति किलोग्राम थी, जो अब बढ़कर 103.75 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। उन्नाव में भी नई दर 3 अक्टूबर से प्रभावी है।

आगरा में 4 अक्टूबर से सीएनजी की नई कीमत लागू होगी। यहां CNG का रेट 105 रुपये से बढ़ाकर 107 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। यानी आगरा में भी वाहन चालकों को हर किलोग्राम गैस के लिए 2 रुपये ज्यादा देने होंगे।

सबसे ज्यादा बढ़ोतरी अयोध्या और सुलतानपुर में हुई है। इन दोनों क्षेत्रों में सीएनजी की कीमत 101.75 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 105 रुपये प्रति किलोग्राम कर दी गई है। इस तरह यहां CNG वाहन चलाने वालों की जेब पर प्रति किलोग्राम 3.25 रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

क्यों बढ़े CNG के दाम?

कंपनी की ओर से बताया गया है कि सीएनजी की कीमतों में बदलाव की मुख्य वजह इनपुट गैस की लागत में बढ़ोतरी है। लागत बढ़ने के कारण अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में CNG के खुदरा बिक्री मूल्य को संशोधित किया गया है। कीमत बढ़ने का असर रोजाना CNG से चलने वाले ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के खर्च पर भी पड़ सकता है।

यूपी की बेटियों के लिए खुशखबरी! 50 हजार को मुफ्त स्कूटर देने का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐलान किया है कि अगले महीने 50 हजार छात्राओं को मुफ्त स्कूटर दिए जाएंगे। यह स्कूटर शैक्षणिक सत्र 2025-26 में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाली मेधावी छात्राओं को रानी लक्ष्मीबाई योजना के तहत दिए जाएंगे।

लखनऊ के लोक भवन में आयोजित छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति कार्यक्रम में सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि आर्थिक तंगी की वजह से किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई न रुके। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने एक क्लिक के जरिए 4,60,559 विद्यार्थियों के खातों में 148.04 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि भेजी।

इसमें पिछड़ा वर्ग के 2,23,615, अनुसूचित जाति के 1,59,959, सामान्य वर्ग के 38,084 और अल्पसंख्यक वर्ग के 38,901 विद्यार्थी शामिल हैं। सरकार ने इस साल करीब 70 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का लक्ष्य रखा है। तकनीकी खामियों के कारण छूटे विद्यार्थियों को भी अभियान चलाकर योजना का लाभ दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि छात्रवृत्ति की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है और पैसा सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में पहुंच रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से छात्रवृत्ति की रकम का इस्तेमाल पढ़ाई और किताबों जैसी जरूरी चीजों के लिए करने की अपील की। साथ ही कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार सुविधाएं बढ़ा रही है, ताकि युवाओं को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिल सकें।