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1 अक्टूबर से बैंक से जुड़े बदलेंगे कई नियम! ग्राहकों पर पड़ेगा असर, चेक करें पूरी लिस्ट

नई दिल्ली। सितंबर खत्म होने के साथ अक्टूबर की शुरुआत होने वाली है। 1 अक्टूबर 2026 से बैंकिंग और उससे जुड़े कुछ नियमों में बदलाव लागू होने की बात कही गई है। इनका असर बैंक अकाउंट रखने वाले ग्राहकों से लेकर निवेश करने वालों तक पड़ सकता है। ऐसे में नए नियमों की जानकारी पहले से रखना जरूरी है।

FD से जुड़े नियम में बदलाव

बड़ी FD यानी बल्क डिपॉजिट की सीमा में बदलाव किया गया है। अब 3 करोड़ रुपये या उससे अधिक की FD को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाएगा, जबकि पहले यह सीमा 2 करोड़ रुपये थी। आम ग्राहकों के लिए समान राशि और समान अवधि की FD पर बैंक की शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर रखने का नियम बताया गया है। वहीं बैंकिंग संस्थानों को हर कारोबारी दिन सुबह 10 बजे तक अपनी बल्क FD की ब्याज दरें वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी।

SBI Salary Account में भी बदलाव

SBI के सैलरी अकाउंट ग्राहकों के लिए दूसरे बैंक के ATM से मुफ्त लेनदेन की सीमा 10 से घटाकर 5 किए जाने की बात कही गई है। इसमें कैश निकालने के साथ बैलेंस चेक जैसे वित्तीय और गैर-वित्तीय लेनदेन शामिल होंगे। हालांकि SBI के अपने ATM पर सैलरी अकाउंट से लेनदेन की सुविधा मुफ्त और असीमित बताई गई है।

SBI BSBD खाताधारकों के लिए शुल्क

SBI के BSBD अकाउंट से जुड़े ग्राहकों के लिए भी बदलाव बताया गया है। 1 अक्टूबर से महीने में 4 बार तक नकद निकासी मुफ्त रहेगी। इसके बाद प्रत्येक निकासी पर 15 रुपये और GST का शुल्क लग सकता है। यह सीमा ATM, शाखा और AEPS जैसी नकद निकासी सेवाओं पर लागू होगी।

LPG सब्सिडी के लिए आधार सत्यापन जरूरी

1 अक्टूबर से LPG सब्सिडी से जुड़ा आधार बायोमेट्रिक सत्यापन भी महत्वपूर्ण होगा। जिन उपभोक्ताओं ने Biometric Aadhaar Authentication (BAA) पूरा नहीं किया है, उन्हें सब्सिडी पाने में परेशानी हो सकती है। सत्यापन पूरा होने के बाद ही सब्सिडी की राशि बैंक खाते में भेजे जाने का प्रावधान बताया गया है।

बिहार वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! 6 जगह बनेंगे बाईपास, जाम से मिलेगी राहत

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में बड़ा काम होने जा रहा है। NH-333A को अपग्रेड करने के लिए एक साथ छह स्थानों पर नए बाईपास तैयार किए जाएंगे। इन बाईपास की कुल लंबाई करीब 19.45 किलोमीटर होगी। इसके अलावा सड़क के दो अन्य हिस्सों पर भी काम किया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट में करीब 21.821 किलोमीटर सड़क को 2 लेन प्लस पेव्ड शोल्डर मानक के अनुरूप विकसित करने की योजना है।

इन 6 जगहों पर बनेंगे बाईपास सड़क

प्रस्तावित बाईपास मंगोबंदर, केंदुआ, टोलसोना, झाझा, नरगंजो और भैरोगंज में बनाए जाएंगे। इनका उद्देश्य संबंधित इलाकों में मुख्य सड़क पर ट्रैफिक के दबाव को कम करना और वाहनों की आवाजाही को ज्यादा व्यवस्थित करना है।

बाईपास के साथ सड़क का विकास

परियोजना केवल छह बाईपास तक सीमित नहीं है। इसके तहत दो अन्य सड़क हिस्सों को भी तैयार किया जाएगा। इन्हें मिलाकर करीब 21.821 किलोमीटर सड़क को 2 लेन प्लस पेव्ड शोल्डर के मानक के अनुसार विकसित करने की योजना है। इससे NH-333A के कई हिस्सों की सड़क व्यवस्था मजबूत होगी।

टेंडर प्रक्रिया शुरू

इस काम के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की ओर से ई-टेंडर जारी किया गया है। टेंडर से संबंधित अपडेट और संशोधन भी जारी किए जा चुके हैं। मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार 9 नवंबर 2026 तक बोली जमा की जा सकेगी, जबकि 16 नवंबर 2026 को बोली खोली जाएगी।

NH-333A पर पहले से भी सड़क सुधार से जुड़े अलग-अलग कार्य प्रस्तावित हैं। ऐसे में नए बाईपास बनने के बाद इस मार्ग पर यातायात व्यवस्था बेहतर होने और स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

खुशखबरी! बिहार में बिछेगी 400 KM लंबी नई रेल लाइन, इन इलाकों को मिलेगा बड़ा फायदा

पटना। बिहार से रेल यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। डीडीयू-पटना-झाझा रेल रूट पर ट्रेनों की बढ़ती संख्या और यातायात के दबाव को कम करने के लिए करीब 400 किलोमीटर लंबी अतिरिक्त रेल लाइन बिछाने की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है। इससे ट्रेनों के आउटर पर खड़े रहने और परिचालन में होने वाली देरी को कम करने में मदद मिलेगी।

छह हिस्सों में आगे बढ़ेगा काम

योजना के तहत डीडीयू से किऊल तक तीसरी और चौथी लाइन, जबकि किऊल से झाझा के बीच तीसरी लाइन तैयार की जाएगी। परियोजना को छह सेक्शन में बांटकर काम को आगे बढ़ाया जा रहा है। इनमें डीडीयू-दानापुर, दानापुर-फतुहा, फतुहा-बख्तियारपुर, बख्तियारपुर-पुनारख, पुनारख-किऊल और किऊल-झाझा रेलखंड शामिल हैं।

किऊल-झाझा में पुलों पर काम तेज

किऊल-झाझा सेक्शन में अतिरिक्त ट्रैक के लिए जरूरी बड़े रेल पुलों के निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई गई है। साथ ही रेलवे फाटकों को हटाकर वहां आरओबी या एलएचएस बनाने के लिए तकनीकी सर्वे भी किया जा रहा है।

यात्रियों के साथ माल ढुलाई को भी फायदा

नई रेल लाइनें तैयार होने के बाद इस व्यस्त रूट पर ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी। मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के लिए अलग ट्रैक उपलब्ध होने से एक्सप्रेस और सुपरफास्ट ट्रेनों के परिचालन में रुकावट कम हो सकती है। इससे बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के बीच रेल कनेक्टिविटी और माल ढुलाई को भी गति मिलने की उम्मीद है।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, बुढ़ापे में मिलेगी 3 हजार रुपये पेंशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए बुढ़ापे की आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी अच्छी खबर है। प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना (PM-KMY) के तहत पात्र किसानों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने 3,000 रुपये पेंशन दी जाती है। यानी सालभर में किसान को कुल 36,000 रुपये की पेंशन मिलती है।

किसान के योगदान के बराबर सरकार भी देगी राशि

यह योजना अंशदान पर आधारित है। किसान की उम्र के हिसाब से मासिक योगदान तय किया गया है। 18 साल की उम्र में योजना से जुड़ने पर 55 रुपये प्रति माह, जबकि 40 साल की उम्र में शामिल होने पर 200 रुपये प्रति माह जमा करने होते हैं। किसान जितना योगदान करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी अपनी ओर से देती है।

मृत्यु के बाद जीवनसाथी को भी लाभ

योजना के तहत पेंशन पाने वाले किसान की मृत्यु होने की स्थिति में उसके जीवनसाथी को 1,500 रुपये प्रति माह पारिवारिक पेंशन देने का प्रावधान है।

कौन किसान ले सकता है लाभ?

इस योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र वाले छोटे और सीमांत किसान शामिल हो सकते हैं। किसान के पास अधिकतम 2 हेक्टेयर तक कृषि योग्य जमीन होनी चाहिए। वहीं EPFO, ESIC या NPS जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लाभार्थी और आयकरदाता किसान इसके लिए पात्र नहीं हैं।

ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर नामांकन करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और जमीन से जुड़े दस्तावेज यानी खतौनी की जरूरत होगी। किसान चाहें तो आधिकारिक पोर्टल पर Self Enrollment के जरिए खुद भी आवेदन कर सकते हैं। PM-Kisan सम्मान निधि पाने वाले किसान चाहें तो अपने अंशदान की राशि उसी से कटवाने का विकल्प भी चुन सकते हैं।

पेंशनर्स के लिए खुशखबरी? नए वेतन आयोग से हों सकते हैं 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें बढ़ी हुई हैं। संभावित सिफारिशों का असर पेंशन की रकम से लेकर पारिवारिक पेंशन, महंगाई राहत और मेडिकल सुविधाओं तक पड़ सकता है। करीब 65 लाख केंद्रीय पेंशनर्स इससे प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, नीचे बताए गए आंकड़े और बदलाव फिलहाल प्रस्ताव या अनुमान के तौर पर सामने आए हैं।

1. न्यूनतम पेंशन बढ़ने की उम्मीद

वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह बताई गई है। इसे बढ़ाकर 20,500 से 45,000 रुपये तक करने की मांग/प्रस्ताव सामने आया है। कुछ पेंशनर्स संगठनों ने न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन के 67 फीसदी तक करने की मांग भी रखी है।

2. फिटमेंट फैक्टर से पेंशन में बदलाव

पेंशन संशोधन में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभा सकता है। इसके 2.28 से 3.83 के बीच रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऊंचे फिटमेंट फैक्टर जैसी मांग स्वीकार होती है, तो मौजूदा बेसिक पेंशन में बड़ा बदलाव हो सकता है। उदाहरण के तौर पर 20,000 रुपये की पेंशन पर 3.83 का गुणक लगाने से राशि 76,600 रुपये बनती है, लेकिन यह केवल उदाहरण है, अंतिम सरकारी निर्णय नहीं।

3. फैमिली पेंशन में सुधार की मांग

पारिवारिक पेंशन को लेकर भी बदलाव की मांग है। इसे कर्मचारी के अंतिम वेतन के 50 फीसदी तक करने का प्रस्ताव बताया गया है। ऐसा होने पर कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रित परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ सकती है।

4. DR में नया समायोजन

नए वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई राहत यानी DR को नए सिरे से समायोजित किए जाने की संभावना बताई जा रही है। इसके तहत मूल पेंशन में बदलाव के बाद महंगाई के आधार पर DR का निर्धारण किया जा सकता है।

5. मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी

पेंशनर्स की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए Fixed Medical Allowance (FMA) बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। यदि इसमें वृद्धि होती है तो बुजुर्ग पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकती है।

दरअसल, 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को कई स्तरों पर राहत मिलने की उम्मीदें हैं, लेकिन पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों की अंतिम राशि सरकार तथा आयोग की आधिकारिक सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगी।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर, 1 से नए नियम होंगे लागू

नई दिल्ली। घरेलू LPG सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के लिए 1 अक्टूबर 2026 से एक अहम बदलाव होने जा रहा है। सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक, सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलेंडर की बुकिंग के लिए Biometric Aadhaar Authentication पूरा होना जरूरी होगा। यानी जिन ग्राहकों का अभी तक आधार का बायोमेट्रिक सत्यापन नहीं हुआ है, उन्हें सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग से पहले यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

89.9 फीसदी ग्राहक पहले ही करा चुके सत्यापन

सरकार की ओर से दिए गए आंकड़ों के अनुसार देश में सक्रिय घरेलू LPG कनेक्शनों में से 27.43 करोड़ यानी 89.9 फीसदी उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पहले ही पूरा हो चुका है। ऐसे ग्राहकों को दोबारा किसी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी और उनकी LPG बुकिंग सामान्य तरीके से जारी रहेगी।

वहीं करीब 2.47 करोड़ उपभोक्ताओं का सत्यापन अभी बाकी है। इन ग्राहकों को सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग से पहले आधार बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

घर बैठे भी कराया जा सकता है सत्यापन

जिन लोगों ने अभी तक आधार सत्यापन नहीं कराया है, उनके लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं। LPG सिलेंडर की डिलीवरी के समय डिलीवरी कर्मचारी के मोबाइल ऐप के जरिए भी आधार सत्यापन कराया जा सकता है। इसके अलावा उपभोक्ता अपने LPG वितरक के शोरूम पर जाकर भी यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

कंपनियों के ऐप से भी होगा काम

उपभोक्ता अपनी संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी के मोबाइल ऐप के जरिए घर बैठे भी आधार सत्यापन कर सकते हैं। Indane ग्राहक IndianOil ONE, Bharatgas ग्राहक HelloBPCL और HP Gas उपभोक्ता HP PAY ऐप के माध्यम से यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

इसलिए जिन LPG उपभोक्ताओं का बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अभी बाकी है, उनके लिए 1 अक्टूबर से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लेना जरूरी होगा, ताकि सब्सिडी वाले सिलेंडर की बुकिंग में परेशानी न हो।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में GNM, M.Sc, ANM के लिए आई भर्ती, वेतन 38 हजार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मेडिकल और हेल्थ सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। लखनऊ स्थित King George Medical University (KGMU) के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग में भर्ती निकाली गई है। यह नियुक्तियां Gates Foundation से वित्त पोषित प्रोजेक्ट के तहत की जाएंगी। कुल 19 पदों पर Research Officer (Non-Medical) और Research Co-ordinator की नियुक्ति होगी।

19 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के तहत अलग-अलग पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। भर्ती पूरी तरह अस्थायी और प्रोजेक्ट आधारित होगी। चयनित अभ्यर्थियों की प्रारंभिक नियुक्ति एक वर्ष के लिए होगी।

₹25 हजार से ₹38 हजार तक वेतन

भर्ती में पद के अनुसार उम्मीदवारों को हर महीने 25,000 रुपये से लेकर 38,000 रुपये तक वेतन दिया जाएगा। आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 40 वर्ष निर्धारित की गई है।

28 सितंबर तक भेजना होगा आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन की प्रक्रिया तय समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। आवेदन की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2026 दोपहर 2 बजे तक है। आवेदन ऑफलाइन जमा करने के साथ उसकी सॉफ्ट कॉपी ईमेल के जरिए भी भेजनी होगी।

1 अक्टूबर को इंटरव्यू आयोजित होगा

उम्मीदवारों के चयन के लिए 1 अक्टूबर 2026 को इंटरव्यू आयोजित किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले संबंधित पद की योग्यता और अन्य निर्देशों को ध्यान से देखना होगा। यह भर्ती स्थायी सरकारी नियुक्ति नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट की जरूरत के आधार पर अस्थायी नियुक्ति है।

गुरु-मंगल की युति से बना नीचभंग राजयोग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की विशेष स्थिति से कई तरह के शुभ योग बनते हैं। इसी क्रम में गुरु और मंगल की युति से नीचभंग राजयोग बना है। यह योग 18 सितंबर से प्रभावी माना जा रहा है और 31 अक्टूबर तक रहेगा। इसकी वजह गुरु का इस अवधि तक कर्क राशि में रहना बताया गया है। इस दौरान पांच राशियों के जातकों के लिए समय लाभकारी रहने की संभावना जताई जाती है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कामकाज में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्यों में गति आने की उम्मीद रहेगी।

कर्क राशि

कर्क राशि में गुरु की मौजूदगी के कारण इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की मान्यता है। करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह योग मेहनत का बेहतर परिणाम दिला सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में प्रगति के संकेत बन सकते हैं। धन से जुड़े फैसलों में भी लाभ की संभावना रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए नीचभंग राजयोग शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार के अवसर बन सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह अवधि नई संभावनाएं लेकर आ सकती है। करियर में आगे बढ़ने और पुराने अटके काम पूरे होने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी नए अवसर मिलने की उम्मीद रहेगी।

यूपी में फिर बदलेगा मौसम, इन 40 जिलों में बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कुछ दिनों की राहत के बाद मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। बुधवार से कई जिलों में बादल छाने के साथ बारिश का दौर शुरू हो सकता है। बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम के प्रभाव से अगले चार-पांच दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 से ज्यादा जिलों में बारिश के संकेत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार अगले 48 घंटे में प्रदेश के करीब 40 से अधिक जिलों में अच्छी बारिश के संकेत हैं। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में 28 सितंबर तक बारिश जारी रह सकती है। लखनऊ समेत आसपास के जिलों में भी बुधवार से हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात भी हो सकता है।

तापमान में आएगी गिरावट

लखनऊ में सोमवार को तेज धूप के कारण दिन का तापमान 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी मौसम काफी हद तक ऐसा ही रहने का अनुमान है। हालांकि, बुधवार से बारिश का असर दिखने पर अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक कमी आ सकती है।

पश्चिमी यूपी में भी असर

बारिश का असर केवल पूर्वी और मध्य यूपी तक सीमित नहीं रहेगा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ज्यादातर जिलों में भी मौसम बदलने के आसार हैं। इससे प्रदेश में बारिश की कमी कुछ हद तक पूरी हो सकती है। अभी पूर्वी यूपी में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है, जबकि पश्चिमी यूपी में यह कमी 0.4 प्रतिशत है। पूरे प्रदेश में सामान्य से करीब छह प्रतिशत कम वर्षा दर्ज हुई है।

कब लौटेगा मानसून?

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 सितंबर के बीच मानसून की वापसी हो जाती है। वहीं लखनऊ समेत पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून लौटने की सामान्य तारीख 4 अक्टूबर बताई गई है।

बिहार वालों के लिए खुशखबरी! अब घर का नक्शा पास कराना होगा आसान

पटना। बिहार में घर या व्यावसायिक भवन बनाने की योजना बना रहे लोगों के लिए राहत भरी खबर है। नक्शा स्वीकृत कराने की मौजूदा प्रक्रिया को सरल बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए नगर विकास एवं आवास विभाग ने बिहार भवन उपविधि-2026 का नया प्रारूप तैयार किया है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

नक्शे की वैधता बढ़ाने का प्रस्ताव

नए प्रारूप में स्वीकृत भवन नक्शे की वैधता अवधि को ज्यादा व्यावहारिक बनाने की बात कही गई है। इसका फायदा यह होगा कि निर्माण में देरी होने पर बार-बार नक्शे के नवीनीकरण की जरूरत कम हो सकती है।

कागजी कार्रवाई और कई शर्तें होंगी कम

नक्शा पास कराने के दौरान आने वाली ऐसी शर्तों को हटाने या सरल करने का प्रस्ताव है, जिनकी वजह से प्रक्रिया लंबी होती है। एनओसी से जुड़ी जटिलताओं को भी जरूरत के मुताबिक कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे भवन निर्माण की अनुमति लेने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सकती है।

डिजिटल और समयबद्ध होगा अप्रूवल सिस्टम

नए भवन उपविधि में स्वीकृति व्यवस्था को डिजिटल बनाने के साथ उसे समयबद्ध करने पर भी फोकस है। ऑटोमेटेड प्रक्रिया से आवेदन और मंजूरी के काम में पारदर्शिता बढ़ाने तथा अनावश्यक देरी घटाने की कोशिश की जाएगी।

मंत्री समूह की बैठक में इसपर हुआ मंथन

बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप को लेकर मंत्री समूह की बैठक में निर्माण से संबंधित नियमों पर चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को ज्यादा सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।

नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित हितधारकों के व्यावहारिक सुझावों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद घर या व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया लोगों के लिए पहले से कम जटिल हो सकती है।

23 सितंबर को बनेगा गजकेसरी योग! 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष में कुछ ग्रहों की विशेष स्थिति को शुभ योगों का निर्माण करने वाला माना जाता है। 23 सितंबर 2026 को बनने वाला गजकेसरी योग भी इसी तरह का एक महत्वपूर्ण संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए आर्थिक स्थिति, करियर और कार्यक्षेत्र से जुड़े मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं।

मेष राशि

गजकेसरी योग मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसरों के संकेत दे सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। रुके हुए कामों में गति आने की उम्मीद रहेगी। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय कामकाज के लिहाज से उपयोगी माना जा रहा है। नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को किसी योजना से लाभ मिलने के संकेत हैं। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों में सफलता मिल सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे सकता है। नौकरी में बदलाव या आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल बना रह सकता है।

बड़ी खुशखबरी! बिहार के 32 जिलों में तैयार हुआ ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक, अब ऐसे मिलेगा लाइसेंस

पटना। बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वालों के लिए बड़ी खबर है। अब लाइसेंस के लिए होने वाला ड्राइविंग टेस्ट ज्यादा व्यवस्थित तरीके से लिया जाएगा। परिवहन विभाग ने राज्य के 32 जिलों में स्वचालित और सामान्य ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक तैयार कर लिए हैं। इन केंद्रों पर जल्द ही नई व्यवस्था के तहत टेस्ट शुरू किए जाने की तैयारी है। फिलहाल पटना और औरंगाबाद में बने ट्रैक पर टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है।

इन जिलों में तैयार हो चुके हैं ड्राइविंग ट्रैक

तैयार टेस्टिंग ट्रैक वाले जिलों में मोतिहारी, पूर्णिया, बांका, नवादा, भागलपुर, कैमूर, दरभंगा, किशनगंज, नालंदा, शिवहर, समस्तीपुर और जहानाबाद शामिल हैं। इसके अलावा सीतामढ़ी, रोहतास, मुंगेर, शेखपुरा, जमुई, बेतिया, बक्सर, अररिया, वैशाली और लखीसराय में भी ट्रैक का निर्माण पूरा हो चुका है। वहीं खगड़िया, सारण, मधेपुरा, गया, गोपालगंज, सुपौल, अरवल, सहरसा और सिवान में भी टेस्टिंग ट्रैक तैयार हैं।

तय प्रक्रिया के अनुसार ड्राइविंग परीक्षा

नए ट्रैक पर उम्मीदवार को निर्धारित मार्ग से वाहन चलाना होगा। टेस्ट के दौरान सिग्नल, मोड़, पार्किंग और दूसरी ड्राइविंग गतिविधियों के जरिए वाहन चलाने की क्षमता परखी जाएगी। इससे सभी आवेदकों के लिए टेस्ट की प्रक्रिया एक तय मानक के अनुसार रखने में मदद मिलेगी।

टेस्टिंग में पारदर्शिता पर जोर

नई व्यवस्था का एक अहम उद्देश्य ड्राइविंग टेस्ट को ज्यादा पारदर्शी और एक समान बनाना है। विभाग के मुताबिक अलग-अलग स्थानों पर टेस्ट प्रक्रिया को लेकर सामने आने वाली अनियमितताओं को कम करने में इन टेस्टिंग ट्रैक से मदद मिलेगी। उम्मीदवारों की वास्तविक ड्राइविंग क्षमता का आकलन तय प्रक्रिया के आधार पर किया जा सकेगा।

जल्द कई जिलों में शुरू

32 जिलों में ट्रैक का काम पूरा होने के बाद अब वहां ड्राइविंग टेस्ट शुरू कराने की तैयारी है। जिन जिलों में निर्माण अभी अंतिम चरण में है, वहां काम पूरा होने के बाद यह व्यवस्था लागू की जाएगी। इससे बिहार में ड्राइविंग लाइसेंस के लिए होने वाली परीक्षा को अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

बिहार सरकार का 'डबल' तोहफा, इन परिवारों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में घर की छत से बिजली पैदा करने की पहल को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ओर से बड़ा कदम उठाया जा रहा है। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगवाने वाले 25 हजार परिवारों को राज्य सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता दी जाएगी। मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम में इन लाभार्थियों को सहायता राशि हस्तांतरित की जाएगी।

मुख्यमंत्री करेंगे सहायता राशि का ट्रांसफर

ऊर्जा ऑडिटोरियम में होने वाले कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी लाभार्थियों को राज्य सरकार की वित्तीय सहायता प्रदान करेंगे। इसी कार्यक्रम में 'मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना' की शुरुआत भी की जाएगी। सौर ऊर्जा को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने के लिए कार्यक्रम के दौरान नौ सोलर रथ भी रवाना किए जाएंगे।

केंद्र के साथ राज्य सरकार भी देगी पैसा

रूफटॉप सोलर लगाने वाले पात्र परिवारों को केंद्र सरकार की तरफ से भी सब्सिडी मिलती है। 1 किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर केंद्र की सहायता 30 हजार रुपये, 2 किलोवाट पर 60 हजार रुपये और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता पर अधिकतम 78 हजार रुपये है।

इसके ऊपर बिहार सरकार ने अपनी ओर से अतिरिक्त आर्थिक सहायता का प्रावधान किया है। राज्य सरकार 1.1 किलोवाट क्षमता पर 10 हजार रुपये और 3 किलोवाट तक के संयंत्र पर अधिकतम 20 हजार रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी देगी।

3 किलोवाट सोलर पर 98 हजार तक अनुदान

केंद्र और बिहार सरकार दोनों की सहायता को जोड़ें तो 3 किलोवाट का रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने वाले पात्र उपभोक्ता को अधिकतम 98 हजार रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। इस पहल का मकसद ज्यादा से ज्यादा परिवारों को सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना और बिजली के खर्च का बोझ कम करने में मदद करना है।

FD कराने वालों के लिए बड़ी खबर! 1 अक्टूबर से नए नियम लागू

नई दिल्ली। अगर आप अपनी बचत को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में लगाते हैं, तो 1 अक्टूबर 2026 से होने वाले बदलाव आपके लिए जानना जरूरी है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ओर से FD से जुड़े नियमों में बदलाव किया जा रहा है। नए प्रावधानों में खास तौर पर बड़ी जमा राशि, ब्याज दरों और बैंकों की ओर से दरों की जानकारी सार्वजनिक करने को लेकर नियम तय किए गए हैं।

3 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा की FD होगी बल्क डिपॉजिट

नए नियम के तहत 3 करोड़ रुपये या इससे अधिक की फिक्स्ड डिपॉजिट को बल्क डिपॉजिट की श्रेणी में रखा जाएगा। अभी तक इसके लिए 2 करोड़ रुपये की सीमा लागू थी। इस बदलाव के बाद बैंकों को बड़ी जमा पर अपनी जरूरत और लिक्विडिटी व्यवस्था के अनुसार अलग-अलग ब्याज दर तय करने की सुविधा मिलेगी।

ब्याज दरों की जानकारी वेबसाइट पर करनी होगी अपडेट

नए नियमों में ब्याज दरों को लेकर भी पारदर्शिता पर जोर दिया गया है। बैंकों को प्रत्येक कार्यदिवस पर बल्क FD की लागू ब्याज दरें अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट करनी होंगी। यह जानकारी सुबह 10 बजे तक उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इसके लिए 10 मिनट की अतिरिक्त समय-सीमा भी दी गई है, यानी अपडेट अधिकतम 10:10 बजे तक हो जाना चाहिए।

सभी शाखाओं में समान दर का प्रावधान

समान राशि और समान अवधि की FD के लिए एक ही तारीख पर जमा स्वीकार होने की स्थिति में बैंक की सभी शाखाओं में एक जैसी ब्याज दर लागू होगी। इससे अलग-अलग शाखाओं में अलग दर देने की गुंजाइश कम होगी और ग्राहकों के लिए दरों को समझना आसान होगा।

छोटे FD निवेशकों पर क्या असर?

जिन लोगों की FD 3 करोड़ रुपये से कम है, उन पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। नए प्रावधान मुख्य रूप से बड़ी रकम जमा करने वाले संस्थागत और कॉरपोरेट निवेशकों से जुड़े हैं। वहीं, 1 अक्टूबर से पहले कराई गई FD अपनी तय शर्तों के अनुसार ही चलेगी और मैच्योरिटी तक उसके पुराने नियमों में बदलाव नहीं होगा। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य बड़ी जमा राशि और ब्याज दरों को लेकर बैंकिंग व्यवस्था में अधिक पारदर्शिता और एकरूपता लाना है।

खुशखबरी की नई घोषणा! यूपी में 15000+ पदों पर भर्ती शुरू, फटाफट करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने वर्ष 2026 के लिए 15 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें प्राथमिक सहायक शिक्षक और प्रवक्ता (PGT) के पद शामिल हैं।

12,405 सहायक शिक्षक पदों पर भर्ती

आयोग ने 12,405 प्राथमिक सहायक शिक्षक पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। योग्य अभ्यर्थी 16 सितंबर 2026 से 15 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकता है।

PGT के 2,607 पद भी शामिल

इसके अलावा UPESSC ने 2,607 प्रवक्ता (PGT) पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन भी जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 सितंबर 2026 से शुरू हो गयी है। आवेदन करने की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

दोनों भर्तियों को मिलाकर 15 हजार से ज्यादा पद

प्राथमिक सहायक शिक्षक के 12,405 पद और PGT के 2,607 पद को मिलाने पर कुल 15,012 पद होते हैं। इस तरह उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए एक साथ बड़ी संख्या में सरकारी पदों पर आवेदन का अवसर सामने आया है।

आपको बता दें की इन पदों के लिए अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता के अनुसार संबंधित भर्ती के लिए आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख का ध्यान रखना भी जरूरी है, क्योंकि दोनों भर्तियों की आवेदन समयसीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है।

रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पेंशन पर आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था से जुड़े नए नियमों में दिव्यांगता पेंशन और परिवार पेंशन को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। खास तौर पर ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को मिलने वाली पेंशन का प्रावधान अलग-अलग परिस्थितियों और कैटेगरी के आधार पर तय किया गया है।

ड्यूटी के दौरान मौत पर 60 से 100% तक परिवार पेंशन

नए प्रावधानों के मुताबिक ड्यूटी से जुड़ी मौत के मामलों में कैटेगरी के अनुसार परिवार को कर्मचारी के वेतन का 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक पेंशन मिल सकती है। कैटेगरी बी में यह राशि वेतन की 60 प्रतिशत और कैटेगरी सी व डी में 100 प्रतिशत तक हो सकती है।

दिव्यांगता पेंशन कम से कम ₹18,000

दिव्यांगता पेंशन की न्यूनतम राशि ₹18,000 प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इसमें सेवा के आधार पर मिलने वाली पेंशन और दिव्यांगता से संबंधित राशि शामिल होगी। इसके लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा पूरी करने की शर्त नहीं रखी गई है।

10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारी भी सेवा आधारित पेंशन का लाभ पा सकते हैं, हालांकि ऐसे मामलों में सेवा उपदान का प्रावधान नहीं होगा। कैटेगरी डी में 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर दिव्यांगता राशि कर्मचारी के वेतन के बराबर हो सकती है। लगातार दूसरे व्यक्ति की सहायता की जरूरत होने पर सहायक रखने का भत्ता भी जीवनभर दिया जा सकता है।

परिवार पेंशन में पहले जीवनसाथी का हक

परिवार पेंशन के लिए सबसे पहले जीवनसाथी पात्र होगा। उसके बाद नियमों के अनुसार आश्रित बच्चों, माता-पिता और आश्रित भाई-बहनों को पात्रता मिल सकती है।

आवेदन मिलने के बाद कार्यालय प्रमुख को दो महीने के भीतर मामला लेखा अधिकारी को भेजना होगा। इसके बाद लेखा अधिकारी को भी दो महीने के अंदर पेंशन भुगतान आदेश जारी करना होगा। अंतिम निर्णय में देरी होने पर अस्थायी परिवार पेंशन और उपदान देने का प्रावधान है।

सात साल के भीतर मौत पर विशेष प्रावधान

यदि दिव्यांगता पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारी की उसी चोट या बीमारी के कारण सात साल के भीतर मृत्यु हो जाती है, तो विशेष परिवार पेंशन का प्रावधान लागू हो सकता है। ड्यूटी से जुड़ी परिस्थितियों की सूची उदाहरणात्मक है, इसलिए अन्य मामलों में संबंधित परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाएगा।

खुशखबरी का ऐलान! यूपी में बनेगा 4-लेन सड़क, इन जिलों को होगा फायदा

न्यूज डेस्क। यूपी के लखीमपुर में फोरलेन सड़क निर्माण को लेकर लंबे समय से चला आ रहा अड़ंगा अब दूर हो गया है। संकटा देवी चौराहे से लालपुर तिराहे के बीच प्रस्तावित करीब साढ़े तीन किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने के लिए केंद्र के पर्यावरण मंत्रालय से अनुमति मिल गई है। वन भूमि से जुड़ी आपत्ति के चलते यह परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी।

करीब 32 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन आसान होने की उम्मीद है। परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी और इसके लिए भूमि पूजन भी किया गया था, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले वन विभाग की आपत्ति सामने आ गई।

वन भूमि के कारण रुका था काम

सड़क के प्रस्तावित हिस्से में संरक्षित वन पटरी की जमीन आने के कारण वन विभाग ने निर्माण पर रोक लगाई थी। नियमों के अनुसार वन भूमि के इस्तेमाल के बदले दूसरी जमीन उपलब्ध कराना जरूरी था। इसके बाद प्रशासन ने मोहम्मदी तहसील के शंकरपुर राजा गांव में 1.845 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने की प्रक्रिया शुरू की।

47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे

फोरलेन का काम शुरू करने से पहले पीडब्ल्यूडी को वन विभाग के खाते में 47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसमें वन भूमि के बदले उपलब्ध कराई गई जमीन और पौधारोपण से जुड़ी राशि शामिल है। डीएफओ तापस मिहिर के अनुसार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को धनराशि जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है। रकम जमा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में होगी बंपर बढ़ोतरी!

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज है। जुलाई 2026 से लागू होने वाली अगली बढ़ोतरी में DA में 3 से 4 फीसदी तक इजाफे की संभावना जताई जा रही है। अगर बढ़ोतरी इसी दायरे में होती है, तो मौजूदा 60 फीसदी DA बढ़कर 63 या 64 फीसदी तक पहुंच सकता है।

अभी 60 फीसदी मिल रहा DA

केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में DA में 2 फीसदी की बढ़ोतरी की थी। इसके बाद महंगाई भत्ता 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी हो गया था। यह संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना गया। अब अगली समीक्षा 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाली बढ़ोतरी को लेकर है।

AICPI-IW के आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद

DA में बदलाव के लिए AICPI-IW के आंकड़ों को आधार बनाया जाता है। जुलाई 2026 में जारी आंकड़े के मुताबिक सूचकांक 1.3 अंक बढ़कर 153.2 पर पहुंच गया। जून में यह 151.9 अंक था। हालांकि अंतिम DA बढ़ोतरी का आकलन केवल एक महीने के आंकड़े से नहीं होता। जुलाई 2025 से जून 2026 तक के 12 महीनों के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर कैलकुलेशन किया जाता है। इसी गणना के चलते DA में 3 से 4 फीसदी वृद्धि की संभावना बताई जा रही है।

49 लाख कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को लाभ

DA बढ़ने का सीधा असर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा। करीब 49 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनर्स इसके दायरे में आते हैं। इनमें रेलवे और रक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारी भी शामिल हैं। कर्मचारियों की सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी उनके बेसिक पे और पे मैट्रिक्स लेवल के आधार पर अलग-अलग होगी। फिलहाल 3 या 4 फीसदी बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि अंतिम फैसला संबंधित सरकारी घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

यूपी सरकार ने दी सौगात, श्रमिकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में काम की तलाश कर रहे श्रमिकों के लिए राहत की पहल शुरू की गई है। अब रोजगार के अवसरों और सरकारी योजनाओं की जानकारी पाने के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकने की जरूरत कम हो सकती है। अमेठी में श्रम विभाग ने जागरूकता एवं पंजीकरण शिविर लगाकर श्रमिकों को यूपी डिजिटल लेबर चौक ऐप की जानकारी दी।

ऐप से मिलेंगे रोजगार के अवसर

शिविर में श्रमिकों को यूपी डिजिटल लेबर चौक ऐप की उपयोगिता समझाई गई। मौके पर कई श्रमिकों के मोबाइल में ऐप डाउनलोड कराया गया। विभाग के अनुसार, श्रमिक अपनी योग्यता और जरूरत के मुताबिक उपलब्ध रोजगार की जानकारी ऐप के माध्यम से देख सकेंगे।

सरकारी योजनाओं की भी जानकारी

कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के साथ प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना, एनपीएस ट्रेडर्स योजना और अटल आवासीय विद्यालय योजना के बारे में भी बताया गया। अधिकारियों के मुताबिक श्रमिकों को रोजगार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक सुरक्षा से जोड़ना इस अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। डिजिटल माध्यम के जरिए श्रमिकों तक जरूरी जानकारी पहुंचाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

मोबाइल में डाउनलोड कराया गया ऐप

श्रम विभाग की टीम ने श्रमिकों को यूपी डिजिटल लेबर चौक ऐप के इस्तेमाल की जानकारी दी। मौजूद श्रमिकों के मोबाइल फोन में ऐप डाउनलोड भी कराया गया। विभाग के मुताबिक इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से श्रमिक अपनी योग्यता और जरूरत के हिसाब से रोजगार के उपलब्ध अवसरों की जानकारी देख सकेंगे। इससे काम की तलाश में अलग-अलग स्थानों पर जाने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य! कल से 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार ग्रहों की चाल में बदलाव का असर अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है। कल से कुछ राशियों के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने के संकेत हैं। इस दौरान कामकाज, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए कल से नए अवसर बनने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है और रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए समय उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। आय से जुड़े मामलों में राहत मिलने के संकेत हैं। परिवार और रिश्तों में भी माहौल बेहतर हो सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए कल से भाग्य का साथ मिलने की मान्यता है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिल सकती है। कारोबार करने वालों को लाभ का अवसर मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आने वाला समय आर्थिक दृष्टि से अच्छा माना जा रहा है। पुराने अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में भी खुशी का माहौल रहने की संभावना है।

3 अक्टूबर से शुक्र होंगे वक्री! 3 राशियों के प्रेम और धन में आ सकता है बड़ा बदलाव

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के मुताबिक अक्टूबर में शुक्र की चाल में परिवर्तन होने वाला है। 3 अक्टूबर 2026 से शुक्र वक्री अवस्था में आ जाएंगे और करीब 42 दिनों तक इसी स्थिति में रहेंगे। इस दौरान शुक्र तुला राशि में वक्री गति करेंगे। इसके बाद 14 नवंबर को शुक्र फिर से मार्गी अवस्था में आ जाएंगे और कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में शुक्र को प्रेम, रिश्तों, सुख-सुविधाओं और धन से जोड़कर देखा जाता है, इसलिए उनकी चाल का असर अलग-अलग राशियों पर अलग तरह से माना जाता है।

मेष राशि

शुक्र की वक्री चाल मेष राशि के जातकों के लिए रिश्तों और आर्थिक मामलों पर दोबारा विचार करने का समय ला सकती है। पुराने संबंधों से जुड़ी कोई बात फिर सामने आ सकती है। पैसों के मामले में जल्दबाजी करने के बजाय फैसलों की समीक्षा करना बेहतर माना जाएगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि प्रेम संबंधों में बातचीत और समझ बढ़ाने वाली हो सकती है। किसी पुराने मुद्दे पर चर्चा हो सकती है। आर्थिक मोर्चे पर भी रुके हुए मामलों को नए तरीके से देखने का अवसर मिल सकता है। खर्चों को लेकर सावधानी रखना उपयोगी रहेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए शुक्र की यह स्थिति प्रेम और धन से जुड़े मामलों में बदलाव के संकेत दे सकती है। रिश्तों में पुरानी बातों पर चर्चा संभव है। वहीं आर्थिक फैसलों में सोच-समझकर आगे बढ़ने की जरूरत रहेगी। इस दौरान अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट रखना फायदेमंद हो सकता है।

भारत के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, समुद्र में मिला गैस का भंडार

नई दिल्ली। देश की ऊर्जा जरूरतों के लिहाज से ओडिशा के समुद्री क्षेत्र से एक अहम खबर सामने आई है। महानदी बेसिन में ओएनजीसी की ड्रिलिंग के दौरान प्राकृतिक गैस के संकेत मिले हैं। यह कुआं ओडिशा के तट से करीब 43 किलोमीटर की दूरी पर है। 18 सितंबर को करीब 1450 मीटर की गहराई में हुई ड्रिलिंग के दौरान गैस मिलने की पुष्टि हुई।

कंपनी के अनुसार कुएं से लगातार गैस का प्रवाह बना हुआ है। फिलहाल इस खोज को लेकर सबसे बड़ा सवाल इसकी वास्तविक क्षमता का है। गैस का कुल भंडार कितना है और यहां से नियमित तौर पर उत्पादन किया जा सकेगा या नहीं, इसका पता आगे होने वाले तकनीकी आकलन से चलेगा। इसलिए अभी इसकी व्यावसायिक क्षमता को लेकर अंतिम तस्वीर साफ नहीं है।

चार कुओं की ड्रिलिंग का हिस्सा

इस अभियान में एमडीडब्ल्यू 28 पहला कुआं है। इसकी खुदाई 25 जुलाई से शुरू की गई थी। करीब 770 मीटर पानी वाले समुद्री क्षेत्र में स्थित यह कुआं 2024 में मिली उत्कल और कोणार्क खोजों के आसपास के क्षेत्र में है। कोणार्क से इसकी दूरी लगभग 23 नॉटिकल मील बताई गई है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस खोज को समुद्र में तेल-गैस तलाशने के प्रयासों के लिए महत्वपूर्ण बताया है। आसपास मौजूद खोजों के साथ एक ही तरह की सुविधाओं का इस्तेमाल किया जा सके तो भविष्य में परियोजनाओं के विकास में खर्च और समय दोनों घटाने की संभावना है।

गहरे समुद्री क्षेत्र पर बढ़ा फोकस

यह पूरा अभियान ‘समुद्र मंथन’ पहल के तहत महानदी बेसिन के उन हिस्सों में चल रहा है, जहां गहरे समुद्र में संसाधनों का अभी पूरा आकलन नहीं हुआ है। अनुमान के मुताबिक बेसिन के जमीनी हिस्से में करीब 45 मिलियन टन और उथले पानी वाले क्षेत्र में लगभग 100 मिलियन टन संसाधन हैं।

केंद्र ने जुलाई में ‘समुद्र मंथन’ के लिए 84,084 करोड़ रुपये का बजट मंजूर किया था। यह कार्यक्रम 2030-31 तक चलना है। सरकार का लक्ष्य इस अभियान के जरिए देश के हाइड्रोकार्बन संसाधनों में 600 मिलियन टन से अधिक की संभावित वृद्धि करना है।

बिहार में पंचायतों का बदलेगा नक्शा! 7,500 आबादी पर एक पंचायत बनाने की तैयारी

पटना। बिहार में पंचायतों के स्वरूप में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि अगला पंचायत चुनाव परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की सीमाओं के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग की वेबसाइट पर 2026 के पंचायत परिसीमन से संबंधित नोटिफिकेशन भी उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को पटना में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-V, मुखिया संवाद’ कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों के विकास के लिए व्यावहारिक सुझाव देने की अपील की।

7,500 की आबादी पर पंचायत बनाने की तैयारी

सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार करीब 7,500 आबादी को आधार बनाकर पंचायतों के गठन की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही अगले साल शहरी स्थानीय निकायों का भी परिसीमन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायत और नगर निकायों की सीमाओं को स्पष्ट करना है।

मुख्यमंत्री ने पंचायतों को स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान और गांवों में विकास कार्यों को गति देने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पंचायत राज विभाग में बनेगा इंजीनियरिंग सेल

पंचायतों में विकास योजनाओं को तकनीकी सहयोग देने के लिए पंचायत राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल बनाने की भी बात कही गई है। इसके जरिए पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों से जुड़ी तकनीकी मदद उपलब्ध कराने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों का विकास बिहार की प्रगति की बुनियाद है। राज्य को 2037 तक समृद्ध और सशक्त बनाने के लक्ष्य में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी अहम रहेगी।

बिहार में बदलेगा मौसम, 19 जिलों में गरज के साथ बारिश का अलर्ट

पटना। बिहार में मंगलवार, 22 सितंबर को मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। पटना मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के 19 जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ वज्रपात और तेज हवा का भी खतरा रहेगा।

इन 19 जिलों में बारिश की संभावना

22 सितंबर को बिहार के बक्सर, भोजपुर, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया, नवादा, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, बांका, मुंगेर, बेगूसराय, खगड़िया और भागलपुर में गरज के साथ बारिश हो सकती है।

पटना में वज्रपात की चेतावनी

राजधानी पटना में मंगलवार को गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका है। अधिकतम तापमान करीब 34 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। 23 और 24 सितंबर को भी वज्रपात की संभावना जताई गई है। हालांकि, पटना में भारी बारिश का अलर्ट नहीं है।

दक्षिण-पश्चिम बिहार में तेज हवा

दक्षिण-पश्चिम बिहार के कुछ हिस्सों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी गई है।

23 सितंबर से बढ़ सकती है बारिश

मौसम विभाग के अनुसार 23 और 24 सितंबर से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 24 सितंबर को बांका, भागलपुर, जमुई, कटिहार, किशनगंज और पूर्णिया में भारी बारिश के साथ गरज-चमक की संभावना है। 25 सितंबर को औरंगाबाद, बेगूसराय, पूर्वी चंपारण, गया, मुंगेर, समस्तीपुर, सीवान, वैशाली और पश्चिमी चंपारण में भारी बारिश हो सकती है। 26 और 27 सितंबर को भी कुछ इलाकों में बारिश जारी रहने का अनुमान है।

रूस में फिर चला पुतिन का सिक्का! संसदीय चुनाव में बड़ी जीत

नई दिल्ली। रूस के संसदीय चुनाव में राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के समर्थन वाली यूनाइटेड रशिया पार्टी ने मजबूत बढ़त हासिल की है। रूसी न्यूज एजेंसी TASS के मुताबिक केंद्रीय निर्वाचन आयोग के आंकड़ों में पार्टी को 57.86 फीसदी वोट मिले हैं। अब तक 90.43 फीसदी मतों की गिनती पूरी हो चुकी है।

बाकी पार्टियों का प्रदर्शन

वोट प्रतिशत के मामले में दूसरे स्थान पर सीआरपीएफ को 13.84 फीसदी मत मिले हैं। वहीं एलडीपीआर को 8.9 फीसदी, न्यू पीपल को 7.94 फीसदी और ए जस्ट रशिया को 4.95 फीसदी वोट हासिल हुए हैं। यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद रूस में हुआ पहला संसदीय चुनाव है। पुतिन ने चुनाव के दौरान यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों के समर्थन को भी मुद्दे से जोड़ा था।

क्या है स्टेट ड्यूमा?

रूस की संसद के निचले सदन को स्टेट ड्यूमा कहा जाता है, जिसकी तुलना भारत की लोकसभा से की जा सकती है। इसमें कुल 450 सीटें हैं। 225 सीटें पार्टी के वोट प्रतिशत के आधार पर और बाकी 225 सीटें अलग-अलग क्षेत्रों से सीधे चुनाव के जरिए तय होती हैं। यही सदन कानून बनाने और मौजूदा कानूनों में बदलाव की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।

पुतिन पार्टी के सदस्य नहीं

एक दिलचस्प तथ्य यह है कि व्लादिमीर पुतिन खुद यूनाइटेड रशिया के औपचारिक सदस्य नहीं हैं। हालांकि वह 2008 से 2012 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया और दिमित्री मेदवेदेव ने पार्टी की कमान संभाली।

ड्रोन हमलों के बीच मतदान

रूस में चुनाव यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बीच भी हुआ। मतदान के अंतिम दिन मॉस्को और आसपास के इलाकों में 1,600 से अधिक ड्रोन भेजे जाने का दावा किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार राजधानी को निशाना बनाकर करीब 450 ड्रोन भेजे गए थे।

45+ पुरुषों के लिए जरूरी हैं ये 5 विटामिन! शरीर को स्वस्थ रखने में आएंगे काम

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों में भी बदलाव आता है। 45 साल के बाद पुरुषों के लिए संतुलित खान-पान पर विशेष ध्यान देना जरूरी हो जाता है। कुछ विटामिन शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली, हड्डियों, मांसपेशियों और रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

1. विटामिन D

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल और हड्डियों की मजबूती के लिए महत्वपूर्ण है। पर्याप्त धूप और विटामिन D से भरपूर खाद्य पदार्थों को आहार में शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

2. विटामिन B12

B12 लाल रक्त कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर थकान और कमजोरी जैसी परेशानियां हो सकती हैं। दूध, दही, अंडे और मांसाहारी खाद्य पदार्थ इसके स्रोत हैं।

3. विटामिन C

विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट करता है और एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है। आंवला, संतरा, नींबू, अमरूद और अन्य फल-सब्जियां इसके अच्छे स्रोत हैं।

4. विटामिन E

विटामिन E कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करता है। बादाम, मूंगफली, बीज और वनस्पति तेलों में यह विटामिन पाया जाता है।

5. विटामिन K

विटामिन K रक्त के सामान्य थक्के बनने और हड्डियों के स्वास्थ्य में भूमिका निभाता है। हरी पत्तेदार सब्जियां इसका प्रमुख स्रोत हैं।

ध्यान रखें: विटामिन की जरूरत व्यक्ति की उम्र, खान-पान और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार अलग हो सकती है। बिना जांच या डॉक्टर की सलाह के विटामिन सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। संतुलित आहार को प्राथमिकता देना बेहतर रहता है।

भारत के पास कितने परमाणु हथियार? FAS के नए अनुमान ने खींचा दुनिया का ध्यान

नई दिल्ली। भारत के परमाणु हथियारों को लेकर अमेरिका की फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स (FAS) ने हाल ही में नया अनुमान जारी किया है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत के पास करीब 190 असेंबल किए गए परमाणु हथियार हो सकते हैं। इनमें 160 से अधिक हथियार ऐसे डिलीवरी सिस्टम से जुड़े बताए गए हैं, जिन्हें सक्रिय माना जाता है।

लॉन्चरों से ज्यादा हथियार क्यों?

FAS के आकलन में भारत के कुल हथियारों की संख्या तैयार लॉन्चरों से जुड़े हथियारों से अधिक बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार बाकी हथियार उन मिसाइल सिस्टम के लिए हो सकते हैं जो अभी विकास या उत्पादन के अलग-अलग चरणों में हैं। इनमें अग्नि-प्राइम और K-4 जैसे सिस्टम का उल्लेख किया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार नए डिलीवरी सिस्टम के तैयार होने से पहले उनके लिए हथियारों का उत्पादन करना परमाणु शक्तियों की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। इससे नए सिस्टम सेवा में आने पर उन्हें हथियार उपलब्ध कराने में देरी नहीं होती।

वास्तविक संख्या की पुष्टि नहीं

परमाणु हथियार रखने वाले देश आमतौर पर अपने भंडार की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं करते। भारत सरकार भी अपने परमाणु हथियारों की आधिकारिक संख्या जारी नहीं करती। ऐसे में FAS का आंकड़ा एक बाहरी अनुमान है और वास्तविक संख्या अलग हो सकती है। FAS अपने आकलन के लिए सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, सैटेलाइट तस्वीरों और अन्य खुले स्रोतों का इस्तेमाल करता है।

नो-फर्स्ट-यूज नीति जारी

रिपोर्ट में भारत की परमाणु नीति के एक महत्वपूर्ण पहलू का भी उल्लेख है। भारत अपनी घोषित नो-फर्स्ट-यूज नीति पर कायम है, जिसके तहत परमाणु हथियारों का पहले इस्तेमाल नहीं करने की बात कही गई है। साथ ही 1998 के परमाणु परीक्षणों के बाद से भारत ने कोई नया परमाणु परीक्षण नहीं किया है और स्वयं घोषित परीक्षण रोक जारी रखी है।