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यूपी सरकार की बड़ी तैयारी: सभी 75 जिलों में होगा लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास, गो-संरक्षण और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए एक नई योजना पर तेजी से काम कर रही है। सरकार की तैयारी है कि राज्य के सभी 75 जिलों में चरणबद्ध तरीके से बायोगैस आधारित मॉडल गांव विकसित किए जाएं। इस पहल का उद्देश्य गो-संरक्षण को जैविक खेती और हरित ऊर्जा से जोड़ते हुए गांवों को आत्मनिर्भर बनाना है।

आईआईटी दिल्ली देगा तकनीकी सहयोग

इस महत्वाकांक्षी परियोजना में आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञ तकनीकी सहयोग प्रदान करेंगे। संस्थान की विशेषज्ञ टीम गांवों में बायोगैस संयंत्रों की स्थापना, संचालन और रखरखाव से जुड़ी तकनीकी सहायता उपलब्ध कराएगी। साथ ही स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि परियोजना लंबे समय तक प्रभावी ढंग से संचालित हो सके।

झांसी का पलींदा बनेगा मॉडल गांव

झांसी के पलींदा गांव को इस योजना के तहत आदर्श मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां पहले से कई बायोगैस संयंत्र संचालित हैं और लक्ष्य है कि गांव के अधिक से अधिक परिवारों को बायोगैस से जोड़ा जाए। इससे घरेलू ईंधन की उपलब्धता आसान होगी, वहीं जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार की योजना इस मॉडल को अन्य जिलों के गांवों में भी लागू करने की है।

किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

बायोगैस संयंत्रों से निकलने वाली स्लरी किसानों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली जैविक खाद का काम करेगी। इससे रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो सकती है और खेती की लागत घटाने में भी मदद मिलेगी। जैविक खाद के उपयोग से मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। इससे किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने का अवसर मिलेगा और जैविक उत्पादों की मांग बढ़ने पर बेहतर आय मिलने की संभावना भी बन सकती है।

आत्मनिर्भर गांव पर जोर

सरकार इस योजना के माध्यम से गांवों में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ाना चाहती है। बायोगैस का उपयोग घरेलू ईंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे गोबर और अन्य जैविक अपशिष्ट का बेहतर उपयोग होगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को भी बढ़ावा मिलेगा।

पूरे प्रदेश में होगा विस्तार

सरकार की योजना इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों तक पहुंचाने की है। इसके लागू होने से गो-संरक्षण, जैविक खेती, स्वच्छ ऊर्जा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को एक साथ मजबूती मिलने की उम्मीद है। यदि यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो प्रदेश के गांव ऊर्जा के क्षेत्र में अधिक आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम बढ़ा सकेंगे.

30 की उम्र पार करते ही महिलाएं जरूर कराएं ये 5 मेडिकल टेस्ट, कई गंभीर बीमारियां रहेंगी दूर

Health News: 30 वर्ष की उम्र के बाद महिलाओं के शरीर में हार्मोनल बदलाव शुरू होने लगते हैं। इसी समय से कई स्वास्थ्य समस्याओं जैसे थायरॉयड, एनीमिया, मधुमेह, हाई ब्लड प्रेशर और स्तन या गर्भाशय से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी धीरे-धीरे बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित हेल्थ चेकअप कराने से कई गंभीर बीमारियों का शुरुआती चरण में पता लगाया जा सकता है, जिससे इलाज आसान और अधिक प्रभावी हो जाता है।

1. ब्लड शुगर टेस्ट

30 की उम्र के बाद मधुमेह का खतरा बढ़ सकता है, खासकर यदि परिवार में पहले से डायबिटीज का इतिहास हो या वजन अधिक हो। ऐसे में साल में कम से कम एक बार फास्टिंग ब्लड शुगर या HbA1c टेस्ट कराना फायदेमंद माना जाता है। इससे रक्त में शुगर के स्तर का पता चलता है और प्रीडायबिटीज या डायबिटीज की समय रहते पहचान हो सकती है।

2. थायरॉयड प्रोफाइल

महिलाओं में थायरॉयड संबंधी समस्याएं पुरुषों की तुलना में अधिक देखने को मिलती हैं। लगातार थकान, वजन बढ़ना या घटना, बाल झड़ना, अनियमित पीरियड्स और मूड में बदलाव इसके संकेत हो सकते हैं। इसलिए 30 वर्ष के बाद समय-समय पर TSH सहित थायरॉयड जांच कराना उपयोगी हो सकता है।

3. सर्वाइकल कैंसर स्क्रीनिंग

सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान के लिए पैप स्मीयर एक महत्वपूर्ण जांच मानी जाती है। विशेषज्ञ आमतौर पर 21 वर्ष की आयु से या यौन जीवन शुरू होने के बाद निर्धारित अंतराल पर यह जांच कराने की सलाह देते हैं। 30 वर्ष के बाद डॉक्टर की सलाह के अनुसार HPV टेस्ट के साथ इसकी स्क्रीनिंग भी कराई जा सकती है।

4. ब्रेस्ट जांच (Breast Screening)

30 वर्ष के बाद महिलाओं को स्वयं स्तनों की जांच (Self Breast Examination) करने की आदत डालनी चाहिए। यदि किसी तरह की गांठ, दर्द या असामान्य बदलाव महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर क्लिनिकल ब्रेस्ट एग्जाम, अल्ट्रासाउंड या उम्र और जोखिम के आधार पर मैमोग्राफी की सलाह दे सकते हैं।

5. ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल टेस्ट

उच्च रक्तचाप और बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल लंबे समय तक बिना लक्षण के भी रह सकते हैं, लेकिन ये हृदय रोग और स्ट्रोक का खतरा बढ़ा सकते हैं। इसलिए 30 वर्ष के बाद नियमित रूप से ब्लड प्रेशर की जांच और लिपिड प्रोफाइल कराना लाभदायक माना जाता है, विशेषकर यदि परिवार में हृदय रोग का इतिहास हो।

बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट, 3 नए नियम लागू

न्यूज डेस्क: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर ली है। इसका उद्देश्य विद्यालयों में समय पालन सुनिश्चित करना और पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाना है। अब शिक्षकों की उपस्थिति, समय पर विद्यालय पहुंचने और निर्धारित समय तक ड्यूटी करने पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत वेतन भी ऑनलाइन दर्ज उपस्थिति के आधार पर जारी किया जाएगा।

पहला नियम: ऑनलाइन उपस्थिति के आधार पर मिलेगा वेतन

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब शिक्षकों का वेतन ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज और सत्यापित उपस्थिति के आधार पर तैयार किया जाएगा। विद्यालय में प्रवेश और निकास का समय डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगा। जिन शिक्षकों की उपस्थिति पोर्टल पर दर्ज नहीं होगी, उन्हें उस दिन अनुपस्थित माना जा सकता है।

दूसरा नियम: तीन बार देर होने पर कटेगा एक दिन का वेतन

नई व्यवस्था के अनुसार यदि कोई शिक्षक तीन बार विद्यालय देर से पहुंचता है या निर्धारित समय से पहले विद्यालय छोड़ देता है, तो उसके एक दिन के वेतन की कटौती की जाएगी। यह नियम लगातार तीन दिनों या अलग-अलग दिनों में हुई देरी, दोनों स्थितियों पर लागू होगा। विभाग का मानना है कि इससे समय पर विद्यालय पहुंचने की आदत को बढ़ावा मिलेगा।

तीसरा नियम: फर्जी उपस्थिति पर होगी सख्त कार्रवाई

शिक्षा विभाग ने ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। यदि कोई शिक्षक विद्यालय में मौजूद हुए बिना फोटो या किसी अन्य माध्यम से उपस्थिति दर्ज कराने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों को दिए गए निगरानी के निर्देश

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और प्रधानाध्यापकों को शिक्षकों की ऑनलाइन उपस्थिति की नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्हें समय-समय पर रिपोर्ट तैयार कर विभाग को भेजनी होगी, ताकि नियमों का सही तरीके से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

बिहार में जमीन मालिकों के लिए नया नियम लागू, पढ़ें पूरी डिटेल

पटना: बिहार में जमीन से जुड़े मामलों की सुनवाई को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने बड़ा फैसला लिया है। अब राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों के दौरान किसी भी पक्ष से भौतिक (हार्ड कॉपी) दस्तावेज या साक्ष्य स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सभी दस्तावेज केवल ऑनलाइन माध्यम से जमा करने होंगे और उन्हीं के आधार पर सुनवाई व फैसला किया जाएगा।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि राजस्व न्यायालय प्रबंधन प्रणाली (RCMS) के तहत वाद दर्ज करने से लेकर अंतिम आदेश जारी होने तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित की जाएगी। यानी अब आवेदन, दस्तावेजों की जांच, सुनवाई और आदेश जैसी सभी प्रक्रियाएं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पूरी की जाएंगी।

हार्ड कॉपी दस्तावेज नहीं होंगे स्वीकार

विभाग को जानकारी मिली थी कि कुछ स्थानों पर सुनवाई के दौरान पक्षकारों से कागजी दस्तावेज लिए जा रहे थे। इसे निर्धारित व्यवस्था के विपरीत मानते हुए अब इस पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। नए नियम के अनुसार, सुनवाई के दौरान यदि किसी अतिरिक्त दस्तावेज या साक्ष्य की जरूरत पड़ती है, तो संबंधित पक्ष को उसे केवल RCMS पोर्टल पर ही अपलोड करना होगा। अदालत भी केवल ऑनलाइन उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर ही मामले का निपटारा करेगी।

डिजिटल रिकॉर्ड से बढ़ेगी पारदर्शिता

सरकार का कहना है कि सभी दस्तावेज ऑनलाइन उपलब्ध रहने से रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और दस्तावेजों में छेड़छाड़ या गुम होने जैसी समस्याओं की संभावना काफी कम हो जाएगी। इसके अलावा सभी पक्ष एक ही डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर अपनी बात रख सकेंगे, जिससे विवाद की स्थिति भी कम होगी।

जमीन मालिकों को क्या होगा फायदा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जमीन मालिकों और अन्य पक्षकारों को बार-बार राजस्व कार्यालयों में दस्तावेज जमा कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ऑनलाइन प्रक्रिया से समय की बचत होगी, अनावश्यक खर्च कम होगा और मामलों की सुनवाई भी अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। जो लोग दूर-दराज के क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें भी डिजिटल माध्यम से अपने दस्तावेज उपलब्ध कराने में सुविधा मिलेगी।

सावन में बनेंगे 2 बड़े राजयोग! इन 5 राशियों पर होगी भोलेनाथ की विशेष कृपा

Astrology News: भगवान शिव को समर्पित सावन का महीना धार्मिक दृष्टि से जितना महत्वपूर्ण माना जाता है, ज्योतिष के अनुसार भी यह अवधि कई शुभ संयोग लेकर आ रही है। 30 जुलाई 2026 से 28 अगस्त 2026 तक चलने वाले सावन मास में ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण शश महापुरुष राजयोग और बुधादित्य राजयोग का प्रभाव रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए सावन का महीना करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति की संभावना बन सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अनुबंध, लाभदायक सौदे और आय बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी शुभ समाचार मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग विशेष लाभकारी माना जा रहा है। इस दौरान नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी और कार्यस्थल पर आपके निर्णयों की सराहना हो सकती है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कारोबार में विस्तार के योग बन सकते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से भविष्य की योजनाओं पर काम करना आसान हो सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए बुधादित्य राजयोग का प्रभाव इस राशि पर अपेक्षाकृत अधिक माना जाता है। इस अवधि में शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। परिवार में शुभ कार्यों की योजना बन सकती है और मानसिक तनाव कम होगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सावन का महीना भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है और नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। यदि किसी नए व्यवसाय की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय अनुकूल माना जा रहा है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में स्थिरता आने के संकेत हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए शश महापुरुष राजयोग सबसे अधिक प्रभावशाली माना जा रहा है, क्योंकि शनि इसी राशि में स्थित रहेंगे। इस दौरान आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए निवेश और विस्तार का लाभ मिल सकता है। समाज में सम्मान बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति पहले से अधिक मजबूत हो सकती है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य: कल से 4 राशियों के अच्छे दिन शुरू

Astrology News: ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनके राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कल से कुछ ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण वृषभ, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए समय पहले की तुलना में अधिक शुभ रह सकता है। इस दौरान करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए कल से भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का उचित परिणाम मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों को लाभदायक सौदे मिलने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यस्थल पर आपकी छवि मजबूत होगी। व्यापार में नई योजनाएं लाभ दे सकती हैं। यदि आप किसी नए निवेश की योजना बना रहे हैं, तो सोच-समझकर लिया गया निर्णय भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में राहत मिलने की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और आय के नए स्रोत बनने के योग हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। पारिवारिक संबंधों में मधुरता आएगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए कल से सकारात्मक बदलाव शुरू हो सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे कम हो सकती हैं। नौकरी में तरक्की और वेतन वृद्धि की संभावना बन रही है। कारोबार में लाभ बढ़ सकता है और नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा और मानसिक तनाव में कमी महसूस होगी।

बिहार में टोल टैक्स के नए नियम लागू, जानिए किस सड़क पर कितना लगेगा शुल्क

पटना। बिहार में वाहन चालकों के लिए टोल टैक्स से जुड़ा बड़ा बदलाव लागू हो गया है। राज्य सरकार ने नई टोल नीति लागू करते हुए स्टेट हाईवे, प्रमुख पुलों, बाईपास और सुरंगों पर टोल टैक्स वसूलने का फैसला किया है। नई व्यवस्था का उद्देश्य सड़क परियोजनाओं के रखरखाव और बेहतर परिवहन सुविधाओं के लिए संसाधन जुटाना बताया जा रहा है।

सड़क की चौड़ाई के आधार पर तय होगा टोल

नई व्यवस्था के तहत अब टोल टैक्स सड़क की चौड़ाई के अनुसार लिया जाएगा। फोर लेन या उससे अधिक चौड़ी सड़कों पर निर्धारित दर का पूरा शुल्क देना होगा। वहीं, दो लेन से अधिक लेकिन फोर लेन से कम चौड़ी सड़कों पर कम प्रतिशत के हिसाब से टोल लिया जाएगा। 5.5 मीटर चौड़ी सड़कों के लिए भी अलग दरें तय की गई हैं। सरकार जल्द ही उन सड़कों और पुलों की सूची जारी करेगी, जहां यह व्यवस्था लागू होगी।

पुलों पर शुल्क तय करने का अलग तरीका

नई नीति में पुलों के लिए अलग गणना प्रणाली अपनाई गई है। टोल की गणना करते समय केवल सड़क की दूरी ही नहीं, बल्कि पुल की लंबाई को विशेष फार्मूले के तहत जोड़ा जाएगा। इससे लंबे पुलों पर गुजरने वाले वाहनों के लिए टोल राशि सामान्य सड़कों की तुलना में अधिक हो सकती है।

इन वाहनों को मिलेगी राहत

नई नीति के तहत कुछ श्रेणी के वाहनों को टोल टैक्स से छूट दी गई है। इनमें दोपहिया, तिपहिया, ट्रैक्टर, कंबाइन हार्वेस्टर और पशु-चालित वाहन शामिल हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार कुछ विशेष परिस्थितियों में इन वाहनों पर भी अलग प्रावधान लागू हो सकते हैं।

फास्टैग से होगा भुगतान

टोल प्लाजा पर भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल रखने पर जोर दिया गया है। वाहन चालकों से टोल राशि फास्टैग या अन्य इलेक्ट्रॉनिक भुगतान प्रणाली के माध्यम से ली जाएगी। बिना फास्टैग वाले वाहनों या ओवरलोड वाहनों से अतिरिक्त शुल्क वसूला जा सकता है। नियमित रूप से यात्रा करने वाले वाहन मालिकों के लिए पास और रियायती योजनाओं की भी व्यवस्था की जाएगी।

वाहनों के अनुसार तय हुई दरें

कार, जीप, वैन और हल्के निजी वाहन: ₹1.25 प्रति किलोमीटर टोल

हल्के व्यावसायिक वाहन / मिनी बस: ₹2.00 प्रति किलोमीटर टोल

दो धुरी (2-एक्सल) बस और ट्रक: ₹4.25 प्रति किलोमीटर टोल

तीन धुरी (3-एक्सल) व्यावसायिक वाहन: ₹4.60 प्रति किलोमीटर टोल

छह धुरी (6-एक्सल) भारी निर्माण वाहन: ₹6.65 प्रति किलोमीटर टोल

सात या उससे अधिक धुरी वाले भारी वाहन: ₹8.10 प्रति किलोमीटर टोल

पुरुषों की हेल्थ के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं ये 4 चीजें

हेल्थ डेस्क। बदलती जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव का असर पुरुषों की सेहत पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लंबे समय तक फिट और ऊर्जावान बने रहने के लिए केवल व्यायाम ही नहीं, बल्कि संतुलित आहार भी बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ प्राकृतिक और पोषक खाद्य पदार्थ ऐसे हैं, जिन्हें नियमित मात्रा में आहार में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं और संपूर्ण स्वास्थ्य बेहतर बनाए रखने में मदद मिलती है। आइए जानते हैं ऐसी 4 चीजों के बारे में।

1. बादाम

बादाम प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन ई और मैग्नीशियम का अच्छा स्रोत है। इसका नियमित सेवन शरीर को ऊर्जा देने, मांसपेशियों को मजबूत रखने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है। रोज़ 5-7 भीगे हुए बादाम खाना फायदेमंद माना जाता है।

2. अंडा

अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन, विटामिन डी और कई जरूरी पोषक तत्वों से भरपूर होता है। यह मांसपेशियों के विकास, हड्डियों की मजबूती और लंबे समय तक पेट भरा रखने में सहायक हो सकता है। स्वस्थ व्यक्ति संतुलित आहार के हिस्से के रूप में अपनी जरूरत के अनुसार अंडे का सेवन कर सकते हैं।

3. केला

केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला फल माना जाता है। इसमें पोटैशियम, फाइबर और विटामिन बी6 अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित सेवन से शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, पाचन को बेहतर रखने और व्यायाम करने वालों को अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

4. दही

दही में प्रोटीन, कैल्शियम और प्रोबायोटिक्स मौजूद होते हैं, जो पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। इसके अलावा यह हड्डियों की मजबूती और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी समर्थन देता है। गर्मियों में दही का सेवन विशेष रूप से लाभदायक माना जाता है।

बुधवार को चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत! करियर और कारोबार में मिलेगा बड़ा फायदा

Astrology News: बुधवार का दिन भगवान गणेश और बुध ग्रह को समर्पित माना जाता है। वैदिक ज्योतिष के अनुसार बुध ग्रह बुद्धि, व्यापार, वाणी और संचार का कारक है। जब बुध की स्थिति अनुकूल होती है, तो कई राशियों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, इस बुधवार वृषभ, मिथुन, सिंह और कन्या राशि के जातकों के लिए दिन अपेक्षाकृत शुभ रहने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए बुधवार लाभदायक साबित हो सकता है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों या नए ऑर्डर मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना भी बन रही है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुधवार आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में तरक्की का रास्ता खोल सकती है। व्यापार करने वालों को लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी दिन अनुकूल माना जा रहा है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई उपलब्धि मिल सकती है, जबकि कारोबारियों को आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों के लिए बुधवार विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। बुध ग्रह का प्रभाव आपकी निर्णय क्षमता और कार्यकुशलता को मजबूत कर सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग हैं। व्यापार में लाभ, निवेश से सकारात्मक परिणाम और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना है। दांपत्य जीवन और पारिवारिक संबंधों में भी मधुरता बनी रह सकती है।

सरकारी नौकरी की शानदार खबर! CCI में 148 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

Job News: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (CCI) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती अभियान के तहत 148 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

148 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के माध्यम से विभिन्न श्रेणियों के पद भरे जाएंगे। इनमें प्रमुख रूप से सहायक प्रबंधक (Assistant Manager), प्रबंधन प्रशिक्षु (Management Trainee), जूनियर कमर्शियल एग्जीक्यूटिव (Junior Commercial Executive), जूनियर असिस्टेंट (Junior Assistant) जैसे पद शामिल हैं।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 24 जुलाई 2026 तक आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी जाती है।

शैक्षणिक योग्यता

भर्ती में अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों के पास संबंधित पद के अनुसार स्नातक, स्नातकोत्तर, एमबीए, सीए, सीएमए या अन्य संबंधित डिग्री होना आवश्यक है। विस्तृत योग्यता और विषयवार पात्रता की जानकारी विस्तृत अधिसूचना जारी होने के बाद उपलब्ध होगी।

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु सीमा कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के भर्ती नियमों के अनुसार निर्धारित की जाएगी। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के तहत आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन CCI द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। इसमें लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और पद के अनुसार अन्य चयन चरण शामिल हो सकते हैं। अंतिम चयन आधिकारिक भर्ती नियमों के अनुसार किया जाएगा।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार CCI के आधिकारिक करियर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन भरने से पहले भर्ती से संबंधित विस्तृत अधिसूचना को ध्यानपूर्वक पढ़ना जरूरी है, ताकि पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य शर्तों की सही जानकारी मिल सके।

सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग में DA, HRA और TA को लेकर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों से मिले सुझावों और मांगों पर विचार कर रहा है। इन प्रस्तावों में महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA), फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। यदि इनमें से कुछ प्रमुख सुझाव स्वीकार किए जाते हैं, तो कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

कई कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा वेतन ढांचा बढ़ती महंगाई और बड़े शहरों में जीवनयापन की लागत के अनुरूप नहीं है। इसलिए 8वें वेतन आयोग में वेतन और भत्तों की नई व्यवस्था लागू करने की मांग की गई है। संगठनों का मानना है कि इससे कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी क्रय शक्ति बेहतर होगी।

फिटमेंट फैक्टर और फैमिली यूनिट पर भी चर्चा

8वें वेतन आयोग के लिए दिए गए सुझावों में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने और वेतन निर्धारण के लिए फैमिली यूनिट की नई गणना का प्रस्ताव भी शामिल है। कुछ संगठनों का मानना है कि परिवार की वास्तविक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वेतन तय किया जाना चाहिए। यदि इस दिशा में बदलाव होता है, तो शुरुआती स्तर के कर्मचारियों के मूल वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

DA को बेसिक वेतन में शामिल करने का सुझाव

कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में से एक यह है कि जब महंगाई भत्ता (DA) एक निश्चित स्तर तक पहुंच जाए, तो उसे मूल वेतन (Basic Pay) में शामिल किया जाए। उनका तर्क है कि इससे भविष्य में वेतन वृद्धि, पेंशन और अन्य भत्तों की गणना अधिक लाभकारी होगी और महंगाई के प्रभाव की बेहतर भरपाई हो सकेगी।

HRA हाउस रेंट में बढ़ोतरी की भी मांग

हाउस रेंट अलाउंस (HRA) को लेकर भी कई प्रस्ताव सामने आए हैं। सुझावों के अनुसार, अलग-अलग श्रेणी के शहरों के लिए HRA की दरों में बढ़ोतरी की जा सकती है। कुछ संगठनों ने महानगरों के कर्मचारियों के लिए अधिक HRA देने की मांग की है, जबकि भविष्य में DA बढ़ने के साथ HRA में भी संशोधन करने का सुझाव दिया गया है।

ट्रांसपोर्ट अलाउंस में बदलाव का प्रस्ताव

यात्रा खर्च बढ़ने को देखते हुए ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में भी संशोधन की मांग की गई है। कर्मचारी संगठनों का सुझाव है कि न्यूनतम ट्रांसपोर्ट अलाउंस बढ़ाया जाए और भविष्य में इसे महंगाई भत्ते से जोड़ा जाए, ताकि समय-समय पर इसमें स्वतः वृद्धि होती रहे।

सैलरी में कितनी बढ़ोतरी हो सकती है?

कर्मचारी संगठनों का दावा है कि यदि फिटमेंट फैक्टर, HRA, TA और DA से जुड़े उनके प्रमुख सुझाव स्वीकार कर लिए जाते हैं, तो लेवल-1 के कर्मचारियों की कुल मासिक सैलरी में लगभग 65 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि यह केवल प्रस्तावित अनुमान है और अंतिम आंकड़े सरकार के निर्णय पर निर्भर करेंगे।

अभी नहीं हुआ है कोई अंतिम फैसला

यह ध्यान रखना जरूरी है कि फिलहाल ये सभी कर्मचारी संगठनों द्वारा दिए गए सुझाव हैं। 8वां वेतन आयोग इन प्रस्तावों का अध्ययन कर अपनी सिफारिशें तैयार करेगा। इसके बाद केंद्र सरकार रिपोर्ट पर विचार करेगी और अंतिम निर्णय लेगी। इसलिए DA, HRA, TA, फिटमेंट फैक्टर या वेतन वृद्धि से जुड़ी किसी भी संभावित बढ़ोतरी को अभी अंतिम नहीं माना जा सकता।

सरकारी नौकरी की शानदार खबर! NHSRCL ने 237 पदों पर निकाली भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। रेलवे क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने टेक्नीशियन के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती देश की हाई स्पीड रेल परियोजनाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण नियुक्तियों में शामिल मानी जा रही है।

इतने पदों पर होगी भर्ती

भर्ती अभियान के तहत कुल 237 टेक्नीशियन पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। नियुक्तियां विभिन्न तकनीकी शाखाओं में की जाएंगी, जिनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं: टेक्नीशियन (सिविल/ट्रैक), टेक्नीशियन (इलेक्ट्रिकल), टेक्नीशियन (सिग्नलिंग एवं टेलीकॉम), टेक्नीशियन (रोलिंग स्टॉक)

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 7 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 5 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा, ताकि किसी तकनीकी समस्या से बचा जा सके।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (मैट्रिक/एसएसएलसी) उत्तीर्ण होने के साथ संबंधित ट्रेड में आईटीआई (ITI) या डिप्लोमा होना चाहिए। इसके अलावा संबंधित क्षेत्र में कम से कम दो वर्ष का कार्य अनुभव भी आवश्यक है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को आईडीए वेतनमान (NE-2) के तहत 35,000 रुपये से 1,10,000 रुपये प्रति माह तक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा कंपनी के नियमानुसार अन्य भत्ते और सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन NHSRCL द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। इसमें लिखित परीक्षा, दस्तावेजों का सत्यापन, अनुभव की जांच और आवश्यकता अनुसार अन्य चरण शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में उपलब्ध होगी।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार NHSRCL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को भर्ती अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़नी चाहिए और सभी आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने चाहिए।

यूपी वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! प्रदेश में बनेंगे 3 नए एक्सप्रेसवे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में सरकार बड़ी तैयारी कर रही है। प्रदेश में तीन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण और सत्यापन का काम तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि इन एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य जल्द शुरू हो, जिससे प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच यात्रा पहले से अधिक तेज और सुविधाजनक हो सके।

तीन नई एक्सप्रेसवे परियोजनाओं पर तेजी से काम

सरकार जिन प्रमुख परियोजनाओं को आगे बढ़ा रही है, उनमें मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे, विंध्य एक्सप्रेसवे और विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन तीनों परियोजनाओं के लिए संबंधित जिलों के प्रशासन को भूमि सत्यापन और अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

1 .मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे से पश्चिमी यूपी को मिलेगा फायदा

प्रस्तावित मेरठ-हरिद्वार एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 150 किलोमीटर होगी। यह मेरठ, अमरोहा, बिजनौर और उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के करीब 185 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2,000 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। खास बात यह है कि यह एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सफर पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो जाएगा।

2 .विंध्य एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी क्षेत्रीय कनेक्टिविटी

करीब 330 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज, भदोही, मिर्जापुर और सोनभद्र जिलों को जोड़ेगा। यह मार्ग लगभग 341 गांवों से होकर गुजरेगा और इसके निर्माण के लिए करीब 4,600 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा, जिससे विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी और अधिक मजबूत होगी।

3 .विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से पूर्वी यूपी को मिलेगी नई रफ्तार

लगभग 130 किलोमीटर लंबा विंध्य-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। यह गाजीपुर, चंदौली, वाराणसी और मिर्जापुर के करीब 135 गांवों से होकर गुजरेगा। इस परियोजना के लिए लगभग 2,800 हेक्टेयर भूमि की जरूरत होगी। इसके पूरा होने के बाद पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के बीच सड़क संपर्क और बेहतर होने की उम्मीद है।

7 जुलाई से 5 अगस्त तक भद्र राजयोग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के प्रबल योग

Astrology News:  ज्योतिष में बनने वाले शुभ योगों का विशेष महत्व माना जाता है। इन्हीं में से एक भद्र राजयोग भी है, जिसे पंच महापुरुष योगों में शामिल किया जाता है। जब बुध अपनी ही राशि मिथुन या कन्या में अथवा उच्च राशि कन्या में मजबूत स्थिति में होता है, तब भद्र राजयोग का निर्माण होता है। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 7 जुलाई से 5 अगस्त के बीच यह योग कई राशियों के लिए शुभ फलदायी माना जा रहा है। इस दौरान बुद्धि, व्यापार, करियर, धन और मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना व्यक्त की जाती है।

1. मिथुन राशि

भद्र राजयोग मिथुन राशि के जातकों के लिए सबसे अधिक शुभ प्रभाव डाल सकता है। इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है तथा परिवार में सुखद माहौल बना रहेगा।

2. कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। करियर में उन्नति के नए अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं।

3. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से लाभदायक हो सकती है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे और संपत्ति से जुड़े मामलों में शुभ समाचार मिल सकता है। यदि किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं, तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों को भद्र राजयोग के दौरान भाग्य का अच्छा साथ मिलने की संभावना है। नौकरी में तरक्की, वेतन वृद्धि या नई नौकरी का अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों के लिए भी लाभ के योग बन रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और प्रभावशाली लोगों से संपर्क भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल दिलाने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और खर्चों पर नियंत्रण बना रहेगा। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और मानसिक तनाव में कमी आने की संभावना है।

बिहार में जमीन मालिकों को खुशखबरी! मृत रैयतों की जमाबंदी अपडेट करेगी सरकार

पटना: बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े मामलों को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब मृत रैयतों की जमाबंदी को अपडेट कराने के लिए उनके उत्तराधिकारियों को बार-बार अंचल कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार स्वयं ऐसे मामलों की पहचान कर जमाबंदी अपडेट और उत्तराधिकार के आधार पर नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य लंबे समय से लंबित भूमि रिकॉर्ड के मामलों का जल्द निपटारा करना और लोगों को प्रशासनिक परेशानियों से राहत दिलाना है।

अब सरकार करेगी पहल

अब तक किसी रैयत की मृत्यु के बाद उसके उत्तराधिकारियों को दाखिल-खारिज और जमाबंदी अपडेट कराने के लिए स्वयं आवेदन करना पड़ता था। कई मामलों में जानकारी की कमी या प्रक्रिया में देरी के कारण वर्षों तक रिकॉर्ड अपडेट नहीं हो पाता था। नई व्यवस्था के तहत प्रशासन खुद ऐसे मामलों की पहचान करेगा और उत्तराधिकारियों से संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराएगा। इससे जमीन से जुड़े विवाद कम होने और रिकॉर्ड समय पर अपडेट होने की उम्मीद है।

ऐसे होगी मृत रैयतों की पहचान

राजस्व विभाग के कर्मचारी विभिन्न सरकारी और स्थानीय स्रोतों की मदद से मृत जमाबंदी धारकों की पहचान करेंगे। इसके लिए जन्म-मृत्यु पंजीकरण के रिकॉर्ड, चौकीदार की रिपोर्ट, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी का उपयोग किया जाएगा। पहचान के बाद संबंधित परिवार से संपर्क कर आवश्यक दस्तावेज लिए जाएंगे, ताकि नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

दस्तावेज नहीं होने पर भी आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय में बंटवारे से संबंधित सभी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हो पाते हैं, तब भी केवल वैध उत्तराधिकार के आधार पर नामांतरण की कार्रवाई शुरू की जा सकेगी। इससे वर्षों से लंबित मामलों का तेजी से समाधान होने की संभावना है।

जमाबंदी अपडेट की पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

जमाबंदी अपडेट और उत्तराधिकार से जुड़े मामलों की पूरी प्रक्रिया बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से रिकॉर्ड अधिक पारदर्शी होंगे और प्रक्रिया में लगने वाला समय भी कम होगा।

बिहार के विशिष्ट शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने लिया बड़ा फैसला

पटना: बिहार में तृतीय और चतुर्थ सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले शिक्षकों के लिए अच्छी खबर है। शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक के रूप में नियुक्त करने की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिसके तहत जल्द ही औपबंधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जाएंगे। इसके बाद शिक्षक निर्धारित समय के भीतर अपने विद्यालयों में योगदान देंगे।

15 से 18 जुलाई के बीच जारी होंगे नियुक्ति पत्र

शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार, जिला स्तर पर 15 से 18 जुलाई के बीच पात्र शिक्षकों को औपबंधिक नियुक्ति पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके साथ ही विद्यालय पदस्थापन पत्र और योगदान पत्र भी दिए जाएंगे, ताकि नियुक्ति की आगे की प्रक्रिया समय पर पूरी हो सके।

वर्तमान विद्यालय में ही होगी तैनाती

विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिन स्थानीय निकाय शिक्षकों ने तृतीय या चतुर्थ सक्षमता परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है और जिनकी काउंसिलिंग 26 मई 2026 तक पूरी हो चुकी है, उन्हें विशिष्ट शिक्षक के रूप में नियुक्त किया जाएगा। ऐसे शिक्षकों की पदस्थापना उसी विद्यालय में की जाएगी, जहां वे वर्तमान में कार्यरत हैं। इससे उन्हें नए स्थान पर स्थानांतरण की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा और शिक्षण कार्य भी प्रभावित नहीं होगा।

20 से 25 जुलाई के बीच देना होगा योगदान

औपबंधिक नियुक्ति पत्र मिलने के बाद सभी चयनित शिक्षकों को 20 से 25 जुलाई के बीच अपने संबंधित विद्यालय में विशिष्ट शिक्षक के रूप में योगदान देना होगा। विभाग ने सभी जिलों को यह प्रक्रिया तय समय के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

योगदान के साथ ही बदलेगा सेवा दर्जा

शिक्षा विभाग के अनुसार, जिस दिन शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के रूप में विद्यालय में योगदान देंगे, उसी दिन से उनका नया सेवा दर्जा प्रभावी हो जाएगा। इसके साथ ही वे स्थानीय निकाय शिक्षक के पद से स्वतः विरमित माने जाएंगे और आधिकारिक रूप से विशिष्ट शिक्षक की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे।

नए पद के अनुसार मिलेगा वेतन

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि योगदान की तिथि से ही शिक्षकों को विशिष्ट शिक्षक के पद के अनुरूप वेतन और अन्य सेवा लाभ मिलने शुरू हो जाएंगे। इससे लंबे समय से नई नियुक्ति प्रक्रिया का इंतजार कर रहे शिक्षकों को आर्थिक और सेवा संबंधी लाभ मिल सकेगा।

शिक्षकों के लिए राहत भरा फैसला

शिक्षा विभाग की इस पहल से हजारों शिक्षकों को जल्द नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने की उम्मीद है। समयबद्ध तरीके से नियुक्ति पत्र जारी होने और उसी विद्यालय में पदस्थापना मिलने से शिक्षकों को प्रशासनिक परेशानियों का सामना भी कम करना पड़ेगा। माना जा रहा है कि इस निर्णय से राज्य की विद्यालयी शिक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी और शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा।

RBI के नए नियम! बैंकों पर शिकंजा, ग्राहकों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बैंकों और गैर-बैंकिंग वित्तीय संस्थानों (NBFC) द्वारा ग्राहकों को जबरन बीमा, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय उत्पाद बेचने की शिकायतों को देखते हुए नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। ये नियम 1 जनवरी 2027 से लागू होंगे। इनका उद्देश्य ग्राहकों के अधिकारों की रक्षा करना और बैंकिंग सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ाना है।

बिना सहमति नहीं बेचा जा सकेगा कोई प्रोडक्ट

नए नियमों के तहत अब बैंक या वित्तीय संस्थान किसी भी ग्राहक को उसकी स्पष्ट सहमति के बिना कोई अतिरिक्त वित्तीय उत्पाद नहीं बेच सकेंगे। यदि किसी ग्राहक को बीमा, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट या अन्य निवेश योजना की पेशकश की जाती है, तो उसकी अलग से लिखित या डिजिटल मंजूरी लेना जरूरी होगा। यदि एक ही आवेदन पत्र में कई उत्पाद शामिल हैं, तो प्रत्येक उत्पाद के लिए ग्राहक की सहमति अलग-अलग दर्ज करनी होगी। इससे ग्राहक अपनी जरूरत के अनुसार ही विकल्प चुन सकेंगे।

लोन के साथ बीमा खरीदने का दबाव नहीं

RBI ने साफ किया है कि कोई भी बैंक लोन मंजूर करने या अन्य बैंकिंग सुविधा देने के बदले किसी खास बीमा कंपनी या निवेश योजना को खरीदने के लिए ग्राहक पर दबाव नहीं बना सकता। ग्राहकों को अपनी पसंद के अनुसार बीमा कंपनी या निवेश उत्पाद चुनने की पूरी स्वतंत्रता होगी। इससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिलने की संभावना है।

ग्राहक की जरूरत के अनुसार ही सलाह

नए दिशा-निर्देशों के अनुसार बैंक और NBFC को किसी भी वित्तीय उत्पाद की सलाह देने से पहले ग्राहक की आय, उम्र, वित्तीय स्थिति, निवेश का उद्देश्य और जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन करना होगा। यदि ग्राहक की जरूरत और क्षमता से मेल नहीं खाने वाला उत्पाद केवल बिक्री बढ़ाने या कमीशन कमाने के उद्देश्य से बेचा जाता है, तो इसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।

ऑनलाइन बिक्री पर भी रहेगा सख्ती

RBI ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होने वाली बिक्री के लिए भी नए मानक तय किए हैं। अब बैंक या वित्तीय संस्थान वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर ऐसे तरीके इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे, जिनसे ग्राहक अनजाने में किसी उत्पाद के लिए सहमत हो जाए। पहले से टिक किए गए विकल्प बार-बार आने वाले पॉप-अप, छिपे हुए शुल्क और जल्द फैसला लेने का दबाव बनाने वाले डिज़ाइन पर रोक रहेगी। साथ ही, ग्राहक किसी प्रस्ताव को आसानी से अस्वीकार कर सकेंगे और जरूरत पड़ने पर उत्पाद रद्द करने की प्रक्रिया भी सरल होगी।

शिकायत करने का मिलेगा अधिकार

यदि किसी ग्राहक को लगता है कि उसके साथ गलत तरीके से बीमा, म्यूचुअल फंड या कोई अन्य वित्तीय उत्पाद बेचा गया है, तो वह संबंधित बैंक या वित्तीय संस्था में शिकायत दर्ज करा सकता है। जहां किसी नियामक द्वारा अलग समय-सीमा तय नहीं है, वहां ग्राहक 30 दिनों के भीतर शिकायत कर सकता है। शिकायत मिलने के बाद बैंक को मामले की जांच कर उचित कार्रवाई करनी होगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला! ग्रामीणों के लिए आई बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश कैबिनेट ने स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत तैयार की गई 'संचालन एवं अनुरक्षण नीति-2026' को मंजूरी दे दी है। इस नई नीति के लागू होने से गांवों में बनी स्वच्छता संबंधी परिसंपत्तियों का नियमित संचालन और रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे ग्रामीणों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

पहली बार तय किए गए स्पष्ट दिशा-निर्देश

नई नीति की खास बात यह है कि पहली बार स्वच्छता से जुड़ी परिसंपत्तियों के रखरखाव के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश निर्धारित किए गए हैं। इसके तहत गांवों में बनी नालियों, सेप्टिक टैंकों, गोवर्धन प्लांट और अन्य स्वच्छता ढांचे की नियमित निगरानी और देखरेख की जाएगी, ताकि ये लंबे समय तक प्रभावी ढंग से काम करते रहें।

हर साल खर्च होंगे करीब 750 करोड़ रुपये

सरकार ने इस व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए हर वर्ष लगभग 750 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई है। यह राशि स्वच्छता से जुड़ी परिसंपत्तियों के संचालन, मरम्मत और रखरखाव पर खर्च की जाएगी। इससे गांवों में साफ-सफाई की व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ बनने की उम्मीद है।

लाखों परिसंपत्तियों को मिलेगा बेहतर रखरखाव

नई नीति के दायरे में प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में मौजूद लगभग 15.50 लाख स्वच्छता परिसंपत्तियां आएंगी। इनमें नालियां, सेप्टिक टैंक, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े ढांचे और गोवर्धन प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल हैं। इनका नियमित रखरखाव होने से गांवों में स्वच्छ वातावरण बनाए रखने में मदद मिलेगी।

स्वच्छ भारत मिशन के लक्ष्य को मिलेगी मजबूती

इस नीति का उद्देश्य केवल सफाई व्यवस्था बनाए रखना ही नहीं, बल्कि खुले में शौच से मुक्त (ODF) और ODF Plus की स्थिति को स्थायी रूप से मजबूत करना भी है। साथ ही ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन की सेवाओं का विस्तार कर ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरणीय स्वच्छता को बढ़ावा दिया जाएगा।

पंचायती राज विभाग गांवों में घर-घर कूड़ा संग्रह की व्यवस्था को और प्रभावी बनाएगा। इसके अलावा खराब प्लास्टिक के निस्तारण और बिक्री सहित अन्य संसाधनों के माध्यम से आय के नए स्रोत विकसित किए जाएंगे। इससे ग्राम पंचायतों को स्वच्छता व्यवस्था के संचालन में आर्थिक सहायता भी मिलेगी।

ब्लड शुगर बढ़ने से पहले शरीर देता है ये 5 संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

Health News: आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण हाई ब्लड शुगर और डायबिटीज के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, कई बार शरीर ब्लड शुगर बढ़ने से पहले या उसके शुरुआती चरण में कुछ संकेत देना शुरू कर देता है। यदि इन लक्षणों को समय रहते पहचान लिया जाए और डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराई जाए, तो स्थिति को बेहतर ढंग से नियंत्रित किया जा सकता है।

1. बार-बार प्यास लगना

यदि बिना किसी विशेष कारण के बार-बार प्यास लग रही है और सामान्य से अधिक पानी पीने की जरूरत महसूस हो रही है, तो यह बढ़े हुए ब्लड शुगर का एक शुरुआती संकेत हो सकता है। शरीर अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए अधिक तरल पदार्थ की मांग करता है।

2. बार-बार पेशाब आना

जब रक्त में शुगर का स्तर बढ़ जाता है, तो किडनी अतिरिक्त ग्लूकोज को मूत्र के जरिए बाहर निकालने की कोशिश करती है। इसके कारण सामान्य से अधिक बार पेशाब आने की समस्या हो सकती है, खासकर रात के समय।

3. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त आराम करने के बावजूद यदि शरीर में ऊर्जा की कमी महसूस हो रही है या दिनभर थकान बनी रहती है, तो इसकी एक वजह ब्लड शुगर का असंतुलन भी हो सकता है। जब शरीर ग्लूकोज का सही उपयोग नहीं कर पाता, तो कोशिकाओं को पर्याप्त ऊर्जा नहीं मिलती।

4. धुंधला दिखाई देना

रक्त में शुगर का स्तर बढ़ने का असर आंखों पर भी पड़ सकता है। कुछ लोगों को अचानक धुंधला दिखाई देना या नजर में बदलाव महसूस हो सकता है। यदि यह समस्या बार-बार हो रही है, तो आंखों की जांच के साथ ब्लड शुगर की जांच भी करानी चाहिए।

5. घाव का देर से भरना

अगर छोटी-मोटी चोट या घाव सामान्य से अधिक समय में ठीक हो रहे हैं या बार-बार त्वचा संबंधी संक्रमण हो रहा है, तो यह भी हाई ब्लड शुगर का संकेत हो सकता है। बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर की प्राकृतिक उपचार प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है।

गुरु आदित्य राजयोग का असर! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-लाभ के प्रबल योग

Astrology News: ज्योतिष में ग्रहों की युति को विशेष महत्व दिया जाता है। जुलाई में बनने वाला गुरु आदित्य राजयोग भी ऐसा ही एक शुभ संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 16 जुलाई को सूर्य देव कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से देवगुरु बृहस्पति विराजमान रहेंगे। सूर्य और गुरु की इस युति से गुरु आदित्य राजयोग का निर्माण होगा। मान्यता है कि यह योग ज्ञान, सम्मान, नेतृत्व क्षमता, आर्थिक उन्नति और करियर में प्रगति के अवसर प्रदान करता है।

मेष राशि

गुरु आदित्य राजयोग मेष राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

कर्क राशि

यह योग कर्क राशि में ही बनने जा रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की संभावना मानी जा रही है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, समाज में मान-सम्मान मिलेगा और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार करने वालों के लिए भी यह समय लाभदायक साबित हो सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह राजयोग आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापार में नई योजनाओं से अच्छा लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। उच्च शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और करियर से जुड़े मामलों में सफलता मिलने की संभावना है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभदायक साबित हो सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए इस राजयोग का प्रभाव इस राशि पर भी शुभ माना जा रहा है। आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं और कारोबार में विस्तार के योग बनेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ सकती है। विद्यार्थियों को भी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है।

यूपी के किसानों के लिए अहम खबर! सरकार की नई तैयारी, अब आसान होगा योजनाओं का लाभ

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार कृषि सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी क्रम में किसानों के लिए 12 अंकों की यूनिक Farmer ID (किसान रजिस्ट्री) तैयार की जा रही है। आने वाले समय में खाद, बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड, सरकारी खरीद और अन्य कई योजनाओं का लाभ लेने के लिए यह आईडी जरूरी होगी।

Farmer ID के जरिए प्रत्येक किसान का एक डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसमें किसान का नाम, भूमि का विवरण, खतौनी, खसरा, खेती का क्षेत्र और बोई गई फसल जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज रहेंगी। इससे सरकारी विभागों को किसानों का सत्यापन करने में आसानी होगी और अलग-अलग योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता भी कम होगी।

खाद और बीज वितरण होगा अधिक पारदर्शी

सरकार का मानना है कि Farmer ID लागू होने के बाद उर्वरकों और कृषि सामग्री के वितरण में पारदर्शिता आएगी। किसान जब खाद या अन्य कृषि सामग्री लेने जाएंगे, तो उनकी आईडी के आधार पर उपलब्ध भूमि और खेती की जानकारी सिस्टम में दिखाई देगी। इससे जरूरत के अनुसार ही उर्वरक उपलब्ध कराए जा सकेंगे और जमाखोरी तथा कालाबाजारी जैसी समस्याओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सरकारी खरीद की प्रक्रिया होगी आसान

धान, गेहूं और अन्य फसलों की सरकारी खरीद के लिए किसानों को हर सीजन अलग से पंजीकरण कराना पड़ता है। Farmer ID लागू होने के बाद यह प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी। एक बार आईडी बनने के बाद किसान की आवश्यक जानकारी सिस्टम में उपलब्ध रहेगी, जिससे बार-बार रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

इन योजनाओं में होगी अनिवार्य

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में कई प्रमुख कृषि योजनाओं के लिए Farmer ID अनिवार्य होगी। इनमें शामिल हैं पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), खाद और बीज पर मिलने वाली सब्सिडी, कृषि ऋण और कर्ज माफी योजनाएं, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और गन्ना विकास विभाग की योजनाएं। सरकार का लक्ष्य है कि सभी लाभार्थियों का चयन इसी डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर किया जाए।

Farmer ID कैसे बनवाएं?

किसान ऑनलाइन माध्यम से upagripardarshi.gov.in पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), कृषि विभाग के कार्यालय या संबंधित लेखपाल की सहायता से भी किसान रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

यदि किसान के भूमि रिकॉर्ड, खतौनी या खसरा नंबर में कोई त्रुटि है, तो पहले उसे राजस्व विभाग के माध्यम से ठीक कराना जरूरी होगा। सही रिकॉर्ड होने पर Farmer ID बनने की प्रक्रिया अधिक आसान हो जाएगी। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि Farmer ID बनवाने के लिए कोई शुल्क निर्धारित नहीं है।

पानी-पानी होगा बिहार! इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी

पटना: बिहार में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी पटना सहित कई जिलों में दिनभर बादलों की आवाजाही, तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने पूरे प्रदेश के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और बिजली चमकने के समय खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी है।

इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार किशनगंज, कटिहार, भागलपुर और बांका में भारी से अत्यधिक बारिश होने की संभावना है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी आशंका जताई गई है। लगातार बारिश के कारण निचले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति बन सकती है। कई स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।

अगले पांच दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम

8 जुलाई: पूरे बिहार में येलो अलर्ट जारी रहेगा और अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है।

9 जुलाई: शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, कटिहार और पूर्णिया के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया हैं।

10 जुलाई: पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली और समस्तीपुर में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बाकी जिलों में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने की संभावना है।

11 और 12 जुलाई: पूरे बिहार में येलो अलर्ट प्रभावी रहेगा। इस दौरान कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।

आखिर क्यों बदला मौसम?

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार सक्रिय मानसूनी ट्रफ लाइन और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण बिहार में नमी तेजी से बढ़ी है। इसी वजह से मानसून फिर सक्रिय हुआ है और राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दायरा बढ़ गया है। यदि यही स्थिति बनी रही तो जुलाई के बाकी दिनों में भी रुक-रुक कर अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

30 की उम्र के बाद पुरुष रोज खाएं ये 5 चीजें, नहीं होगी Vitamin D और B12 की कमी

Health News: 30 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतों में बदलाव आने लगता है। इस दौरान कई पुरुषों में विटामिन D और विटामिन B12 की कमी देखने को मिलती है। इन दोनों विटामिनों की कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं, शरीर में थकान बनी रह सकती है, मांसपेशियों में दर्द, कमजोरी और नसों से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। ऐसे में संतुलित आहार अपनाकर इन पोषक तत्वों की जरूरत को काफी हद तक पूरा किया जा सकता है।

1. अंडे को बनाएं डाइट का हिस्सा

अंडा प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन B12 का भी अच्छा स्रोत माना जाता है। इसके अलावा इसमें कई जरूरी पोषक तत्व मौजूद होते हैं जो मांसपेशियों और शरीर की ऊर्जा बनाए रखने में मदद करते हैं। यदि किसी को अंडे से एलर्जी नहीं है, तो सीमित मात्रा में इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है।

2. दूध, दही और पनीर

दूध और उससे बने उत्पाद कैल्शियम के साथ विटामिन B12 का अच्छा स्रोत हैं। कई फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों में विटामिन D भी मिलाया जाता है। नियमित रूप से दूध, दही या पनीर का सेवन हड्डियों और दांतों को मजबूत रखने में सहायक हो सकता है।

3. वसायुक्त मछली

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी वसायुक्त मछलियां विटामिन D और विटामिन B12 दोनों से भरपूर होती हैं। इनके सेवन से हड्डियों के स्वास्थ्य के साथ हृदय को भी लाभ मिल सकता है। जो लोग मछली खाते हैं, वे इसे सप्ताह में एक या दो बार अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

4. मशरूम

मशरूम विटामिन D का एक अच्छा खाद्य स्रोत माना जाता है, खासकर वे किस्में जिन्हें नियंत्रित तरीके से पराबैंगनी (UV) प्रकाश में उगाया गया हो। इसे सब्जी, सूप या सलाद के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

5. फोर्टिफाइड अनाज और सोया उत्पाद

जो लोग शाकाहारी हैं, उनके लिए विटामिन B12 प्राप्त करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। ऐसे में फोर्टिफाइड अनाज, ओट्स, सोया दूध और अन्य फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ उपयोगी विकल्प हो सकते हैं। खरीदते समय उत्पाद के पोषण लेबल की जांच करना बेहतर रहता है।

धूप भी है जरूरी

विटामिन D का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत धूप है। विशेषज्ञों के अनुसार, सुबह की हल्की धूप में कुछ समय बिताने से शरीर को विटामिन D बनाने में मदद मिलती है। हालांकि, इसकी अवधि व्यक्ति की त्वचा, मौसम और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

कब लें डॉक्टर की सलाह?

यदि लगातार थकान, मांसपेशियों में दर्द, हाथ-पैरों में झुनझुनी, कमजोरी या बार-बार हड्डियों में दर्द महसूस हो रहा है, तो डॉक्टर की सलाह लेकर विटामिन D और B12 की जांच करानी चाहिए। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक सप्लीमेंट लेने की सलाह दे सकते हैं।

यूपी में रेल लाइन का होगा विस्तार, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेल नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम फैसला लिया गया है। राज्य सरकार की कैबिनेट ने बाराबंकी और मथुरा में सिंचाई विभाग की भूमि रेलवे को हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय से दोनों जिलों में रेलवे से जुड़ी विकास परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

योगी कैबिनेट ने दी भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

सरकार के फैसले के अनुसार, बाराबंकी और मथुरा में स्थित सिंचाई विभाग की जमीन अब रेलवे परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बदले रेलवे मंत्रालय संबंधित विभाग को लगभग 17 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। माना जा रहा है कि इससे लंबे समय से प्रस्तावित रेल विस्तार कार्य में तेजी आएगी।

बाराबंकी में रेल लाइन विस्तार को मिलेगा बढ़ावा

बाराबंकी जिले की नवाबगंज तहसील के मोहम्मदपुर परेठिया क्षेत्र में स्थित लगभग 1.1450 हेक्टेयर भूमि रेलवे को सौंपी जाएगी। इस भूमि का उपयोग मल्हौर और बाराबंकी के बीच रेल लाइन के विस्तार के लिए किया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद इस रेलखंड पर यातायात संचालन और अधिक सुगम होने की संभावना है।

मथुरा में भी रेलवे परियोजना को मिली रफ्तार

कैबिनेट ने मथुरा जिले में स्थित लगभग 0.72 हेक्टेयर भूमि रेलवे को आवंटित करने की भी मंजूरी दी है। इस जमीन का उपयोग रेलवे की प्रस्तावित विकास योजनाओं के लिए किया जाएगा, जिससे भविष्य में क्षेत्र की रेल सुविधाओं का विस्तार संभव होगा।

रेलवे करेगा 17 करोड़ रुपये का भुगतान

भूमि हस्तांतरण के बदले रेलवे मंत्रालय सिंचाई विभाग को करीब 17 करोड़ रुपये का भुगतान करेगा। यह राशि दोनों जिलों में दी जा रही भूमि के मूल्य के रूप में निर्धारित की गई है। इससे विभाग को आर्थिक क्षतिपूर्ति भी मिलेगी और विकास कार्यों में कोई बाधा नहीं आएगी।

यात्रियों और क्षेत्र के विकास को मिलेगा लाभ

रेल लाइन के विस्तार से भविष्य में ट्रेनों के संचालन में सुधार, यात्रियों को बेहतर सुविधा और क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होने की उम्मीद है। इसके अलावा स्थानीय व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिल सकता है। सरकार का मानना है कि रेलवे अवसंरचना में निवेश से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

यूपी वालों हो जाएं तैयार! 55 जिलों में मूसलाधार बारिश का खतरा, मौसम विभाग की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से मानसून की रफ्तार धीमी पड़ गई थी, लेकिन अब मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार मंगलवार से प्रदेश में मानसून दोबारा सक्रिय होगा, जिससे कई जिलों में हल्की से लेकर भारी बारिश तक देखने को मिल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मंगलवार से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के मजबूत होने का असर अब उत्तर प्रदेश पर भी दिखाई देगा। इसी वजह से प्रदेश में नमी बढ़ेगी और मानसूनी हवाएं तेज होंगी। मंगलवार से बारिश का दायरा लगातार बढ़ने की संभावना है, जबकि गुरुवार तक इसका प्रभाव लगभग पूरे प्रदेश में देखने को मिल सकता है।

इन इलाकों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के करीब एक दर्जन जिलों के लिए भारी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। वहीं बुंदेलखंड और पूर्वांचल के कई हिस्सों में भी अच्छी वर्षा होने के आसार हैं। आगरा, मेरठ, मुरादाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद, नोएडा, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, बरेली, झांसी, सहित कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी परेशानी

बारिश के साथ कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों पर सावधानी बरतने, कमजोर पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचना भी सुरक्षित रहेगा।

तापमान में मिलेगी राहत

लगातार बढ़ रही उमस और गर्मी से परेशान लोगों के लिए यह बारिश राहत लेकर आएगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून सक्रिय होने के बाद प्रदेश के अधिकतम तापमान में लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज हो सकती है। इससे मौसम सुहावना बनेगा और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

बिहार में करें मछली पालन, सरकार देगी 60% की सब्सिडी, 38 जिलों में लागू

पटना: बिहार सरकार ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और पारंपरिक देसी मछलियों की घटती संख्या को बचाने के उद्देश्य से एक नई पहल शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लागू की गई इस योजना के तहत मछली पालकों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि वे वैज्ञानिक तरीके से देसी प्रजातियों का पालन कर सकें। सरकार का मानना है कि इससे मत्स्य उत्पादन बढ़ेगा, ग्रामीण रोजगार को मजबूती मिलेगी और किसानों की आमदनी में भी इजाफा होगा।

देसी मछलियों के संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस

पिछले कुछ वर्षों में बिहार की कई स्थानीय मछली प्रजातियों की संख्या लगातार घट रही है। इस चुनौती को देखते हुए सरकार ने ऐसी प्रजातियों के संरक्षण और व्यावसायिक पालन को प्रोत्साहित करने का फैसला लिया है। योजना के अंतर्गत माइनर कार्प, कैट फिश, वायु-श्वासी मछलियां, झींगा और मोती उत्पादन जैसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ बाजार में अच्छी मांग वाली प्रजातियों का उत्पादन भी बढ़ेगा।

लाभार्थियों को मिलेगा 60 प्रतिशत तक अनुदान

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को निर्धारित परियोजना लागत का 60 प्रतिशत तक अनुदान प्रदान किया जाएगा। इस सहायता से मछली पालन शुरू करने या उसका विस्तार करने में आने वाला आर्थिक बोझ काफी कम होगा और अधिक लोग इस व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।

पूरे बिहार में लागू होगी यह योजना

राज्य सरकार ने इस योजना को बिहार के सभी 38 जिलों में लागू करने का निर्णय लिया है। निजी तालाबों के अलावा पट्टे पर लिए गए सरकारी या निजी जलाशयों में भी योजना का लाभ लिया जा सकेगा। सरकार आधुनिक हैचरी तकनीक से तैयार गुणवत्तापूर्ण मछली बीज उपलब्ध कराने की दिशा में भी काम करेगी, जिससे उत्पादन बेहतर हो सके।

ऑनलाइन आवेदन की सुविधा

योजना का लाभ लेने के इच्छुक लोगों को केवल ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 31 अगस्त निर्धारित की गई है। एक परिवार या एक व्यक्ति को योजना के अंतर्गत केवल एक ही घटक पर अनुदान मिलेगा। वहीं न्यूनतम 0.25 एकड़ और अधिकतम 1 एकड़ जल क्षेत्र के लिए इस योजना का लाभ प्राप्त किया जा सकेगा।

आवेदन के लिए वेबसाइट: https://fisheries.bihar.gov.in

बिहार में पैतृक जमीन पर सरकार का बड़ा फैसला, हर परिवार के लिए जरूरी खबर

पटना: बिहार में पैतृक जमीन से जुड़े मामलों को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। अब जिन जमीनों का रिकॉर्ड अभी भी मृत पूर्वजों के नाम पर दर्ज है, उनके उत्तराधिकारियों के नाम दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) कराने की पहल सरकार स्वयं करेगी। इस नई व्यवस्था के तहत लोगों को आवेदन देने या सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

सरकार खुद करेगी उत्तराधिकारियों की पहचान

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों की पहचान अभियान चलाकर की जाए। राजस्व कर्मचारी गांव-गांव जाकर उन जमीनों का पता लगाएंगे, जिनके मूल जमाबंदीधारक का निधन हो चुका है। उपलब्ध अभिलेखों और स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के आधार पर स्वतः संज्ञान लेते हुए नामांतरण की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी रुकेगा नहीं काम

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यदि उत्तराधिकारियों के पास बंटवारे से जुड़े दस्तावेज तुरंत उपलब्ध नहीं हैं, तब भी केवल वैध उत्तराधिकार के आधार पर दाखिल-खारिज की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी। अधिकारियों द्वारा जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, चौकीदार की रिपोर्ट, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के आधार पर आवश्यक जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित उत्तराधिकारियों से संपर्क कर आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी।

नियमित समीक्षा, लापरवाही पर कार्रवाई

सरकार ने इस अभियान को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने का फैसला किया है। अंचल अधिकारी हर महीने प्रगति की समीक्षा करेंगे, जबकि उच्च अधिकारी भी नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करेंगे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या तय लक्ष्य पूरा नहीं किया गया, तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

हर माह तय लक्ष्य पूरा करना होगा

नई व्यवस्था के अनुसार प्रत्येक राजस्व कर्मचारी को अपने क्षेत्र के प्रत्येक मौजा में हर महीने कम से कम पांच ऐसे मामलों का निस्तारण करना होगा, जिनमें मृत जमाबंदीधारकों के नाम अभी तक रिकॉर्ड में दर्ज हैं। यह अभियान तब तक जारी रहेगा, जब तक संबंधित क्षेत्र के सभी लंबित मामलों का समाधान नहीं हो जाता। इस कार्य की निगरानी संबंधित अंचल अधिकारी करेंगे।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

दाखिल-खारिज से जुड़ी पूरी कार्रवाई बिहारभूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित की जाएगी। इससे रिकॉर्ड अपडेट करने में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।