HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

यूपी में बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार दे रही 25 हजार रुपये तक की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेटियों की पढ़ाई और बेहतर भविष्य को बढ़ावा देने के लिए सरकार की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा में प्रवेश तक अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता दी जाती है। सभी निर्धारित शर्तें पूरी होने पर परिवार को कुल 25 हजार रुपये तक की मदद मिल सकती है।

छह चरणों में मिलती है आर्थिक सहायता

योजना के तहत बेटी के जीवन के अलग-अलग पड़ाव पर सहायता राशि दी जाती है। जन्म के समय 5,000 रुपये, एक साल के भीतर पूरा टीकाकरण होने पर 2,000 रुपये और कक्षा 1 में प्रवेश पर 3,000 रुपये मिलते हैं। इसके बाद कक्षा 6 में प्रवेश पर 3,000 रुपये और कक्षा 9 में दाखिले पर 5,000 रुपये दिए जाते हैं। वहीं 10वीं या 12वीं पास करने के बाद स्नातक या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर 7,000 रुपये की सहायता मिलती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ लेने के लिए परिवार का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। परिवार की वार्षिक आय निर्धारित सीमा के भीतर होनी चाहिए, जो वर्तमान में 3 लाख रुपये तक है। सामान्य नियम के तहत एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को योजना का लाभ मिलता है। कुछ विशेष परिस्थितियों में नियमों के अनुसार अतिरिक्त बालिका भी पात्र हो सकती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के दौरान बालिका और माता-पिता/अभिभावक से जुड़े दस्तावेज, आधार संबंधी जानकारी, निवास प्रमाण, बैंक खाते की जानकारी और पासबुक की स्कैन कॉपी की जरूरत पड़ सकती है। जिस चरण के लिए आवेदन किया जा रहा है, उसके अनुसार जन्म प्रमाण, टीकाकरण कार्ड, स्कूल में प्रवेश या शैक्षणिक दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।

घर बैठे कर सकते हैं आवेदन

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से किया जा सकता है। पहले पंजीकरण कर मोबाइल नंबर का सत्यापन करना होता है। इसके बाद बालिका की जानकारी भरकर संबंधित दस्तावेज अपलोड किए जाते हैं। फॉर्म जमा करने के बाद मिलने वाला आवेदन नंबर संभालकर रखना चाहिए, क्योंकि इसी के जरिए आवेदन की स्थिति देखी जा सकती है।

यूपी में नौकरी की बंपर सौगात, एक साथ 4 बड़ी भर्तियों के मौके, जानें आवेदन की पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई शानदार अवसर सामने आए हैं। अलग-अलग सरकारी भर्ती बोर्ड और आयोग की ओर से प्रिंसिपल, विभिन्न पदों, लाइवस्टॉक एक्सटेंशन ऑफिसर और वेटरिनरी फार्मासिस्ट के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। खास बात यह है कि इन भर्तियों में पदों की संख्या भी अच्छी है और अलग-अलग योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए आवेदन का मौका है।

1. प्रिंसिपल के 111 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश एजुकेशन सर्विस सेलेक्शन कमीशन (UPESSC) की ओर से प्रिंसिपल के कुल 111 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन मांगे गए हैं। इनमें 89 पद सहशिक्षा महाविद्यालयों और 22 पद महिला महाविद्यालयों के लिए निर्धारित हैं। भर्ती विज्ञापन संख्या 02/2026 के तहत आवेदन किए जा सकते हैं।

इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-14 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से देखना होगा। चयन प्रक्रिया में निर्धारित परीक्षा और आयोग द्वारा तय अन्य चरण शामिल हो सकते हैं।

2. UPPSC की 47 पदों पर नई भर्ती

उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने भी विभिन्न पदों को मिलाकर 47 रिक्तियों के लिए भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसमें कंप्यूटर ऑपरेटर, माइक्रोबायोलॉजिस्ट समेत कई पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 3 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और आयु सीमा अलग हो सकती है, इसलिए उम्मीदवारों को संबंधित पद की शर्तें देखकर ही आवेदन करना चाहिए।

3. लाइवस्टॉक एक्सटेंशन ऑफिसर के 1251 पद

पशुपालन विभाग में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भी बड़ा मौका है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लाइवस्टॉक एक्सटेंशन ऑफिसर के 1251 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 29 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे। निर्धारित पात्रता के अनुसार अभ्यर्थियों की आयु 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिल सकता है।

4. वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1308 पदों पर भर्ती

पशुपालन विभाग में ही वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1308 पदों पर भर्ती का भी रास्ता खुल गया है। UPSSSC ने Veterinary Pharmacist Main Examination (PET-2025)/18 के तहत आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इस भर्ती की सबसे अहम शर्त यह है कि केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने PET-2025 में हिस्सा लिया हो और उनके पास वैध स्कोरकार्ड हो। आवेदन प्रक्रिया 14 सितंबर 2026 से शुरू होगी और 5 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।

बिहार में लगेगा CBG गैस प्लांट, 4 शहरों के लोगों के लिए खुशखबरी!

पटना: बिहार में कचरा प्रबंधन को लेकर नई पहल शुरू होने जा रही है। शहरों से निकलने वाले जैविक कचरे को अब सिर्फ डंप करने के बजाय उससे कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) और जैविक खाद तैयार करने की योजना है। इसके तहत भागलपुर में करीब 10 एकड़ जमीन पर CBG प्लांट स्थापित किया जाएगा। परियोजना के लिए हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) को जिम्मेदारी दी गई है।

चार शहरों में शुरू होगी परियोजना

भागलपुर के अलावा गयाजी, मुजफ्फरपुर और बिहारशरीफ में भी CBG प्लांट लगाने की योजना है। इन नगर निगमों को परियोजना के लिए 10-10 एकड़ जमीन 25 साल की अवधि के लिए बिना किराये के उपलब्ध कराने की मंजूरी दी गई है। भागलपुर में परियोजना के लिए जमीन उपलब्ध होने के कारण काम को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

निगम पर नहीं आएगा बड़ा खर्च

इस योजना की खास बात यह है कि प्लांट लगाने और उसे चलाने का मुख्य खर्च संबंधित तेल एवं गैस कंपनी उठाएगी। भागलपुर में यह जिम्मेदारी HPCL की होगी। नगर निगम की भूमिका शहर से निकलने वाले अलग किए गए जैविक कचरे को उपलब्ध कराने और जरूरी सुविधाएं देने की रहेगी। प्लांट तक पहुंचने के लिए सड़क, पानी, बिजली और ड्रेनेज जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जाएगी।

कचरे से बनेगी गैस और खाद

CBG प्लांट में शहर के जैविक कचरे को प्रोसेस कर उपयोगी ईंधन तैयार किया जाएगा। इसके साथ प्रक्रिया से जैविक खाद भी मिल सकेगी। इस तरह रोज निकलने वाला गीला और जैविक कचरा डंपिंग साइट पर जाने के बजाय दोबारा उपयोग में लाया जा सकेगा।

लैंडफिल पर घटेगा दबाव

शहरों में लगातार बढ़ रहे कचरे के कारण डंपिंग और लैंडफिल साइट पर दबाव बढ़ता है। यदि घरों और बाजारों से जैविक कचरे को अलग करके प्लांट तक पहुंचाया गया तो कचरे की मात्रा कम करने में मदद मिलेगी। इससे स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होने के साथ पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

बिहार पंचायत चुनाव में बड़ा बदलाव, 10 साल बाद नया आरक्षण रोस्टर

पटना:बिहार में होने वाले अगले पंचायत चुनाव से पहले गांवों की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। चुनाव से पहले पंचायतों की सीमाओं और आरक्षित सीटों की स्थिति में बदलाव की संभावना है। लंबे अंतराल के बाद आरक्षण का नया चक्र लागू होने से कई मौजूदा दावेदारों की उम्मीदों पर असर पड़ सकता है, वहीं नए चेहरों के लिए भी चुनावी रास्ता खुल सकता है।

जातीय आंकड़ों से तय हो सकती है नई तस्वीर

पंचायतों की नई संरचना तैयार करने में राज्य के जाति आधारित सर्वे के आंकड़ों को आधार बनाए जाने की संभावना है। आबादी में बदलाव के अनुसार कुछ पंचायतों की सीमाएं दोबारा निर्धारित की जा सकती हैं। इसका असर मतदाता सूची और वार्डों की संख्या पर भी देखने को मिल सकता है।

बदल जाएगी कई सीटों की कैटेगरी

नए आरक्षण चक्र का सबसे बड़ा प्रभाव मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों की सीटों पर पड़ सकता है। अभी सामान्य वर्ग में आने वाली कुछ सीटें आरक्षित श्रेणी में जा सकती हैं। इसी तरह लंबे समय से आरक्षित सीटों में बदलाव होने पर वहां दूसरी श्रेणी के उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर मिल सकता है। महिला आरक्षण के कारण भी कई सीटों का समीकरण बदलने की संभावना है।

मुखिया की सीटों में हो सकता है इजाफा

पंचायतों की संख्या बढ़ने पर मुखिया के पद भी बढ़ सकते हैं। मौजूदा समय में करीब 8 हजार मुखिया सीटें हैं, जिनकी संख्या नए परिसीमन के बाद बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि कितनी नई सीटें बनेंगी, यह आधिकारिक परिसीमन पूरा होने के बाद ही साफ होगा।

नए चेहरों को मिल सकता है मौका

अगर पंचायतों की सीमाएं और आरक्षण की स्थिति बदलती है तो कई पुराने समीकरण खत्म हो सकते हैं। जिन उम्मीदवारों को पिछली बार आरक्षण की वजह से मौका नहीं मिला था, वे इस बार मैदान में उतर सकते हैं। दूसरी ओर, मौजूदा प्रतिनिधियों के लिए अपनी सीट की नई श्रेणी सबसे बड़ी चिंता होगी।

फिलहाल चुनाव से पहले परिसीमन और आरक्षण की प्रक्रिया पर नजर बनी हुई है। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किस पंचायत की सीट किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी और मुखिया समेत अन्य पदों की संख्या में कितना बदलाव होगा।

बिहार में बनेगा ₹5,119 करोड़ का 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क: बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी परियोजना आगे बढ़ रही है। सुलतानगंज से मुंगेर के बीच करीब 42 किलोमीटर लंबा फोरलेन मरीन ड्राइव बनाने की योजना है। इस परियोजना पर करीब 5,119 करोड़ 80 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। सड़क बनने से भागलपुर, सुलतानगंज और मुंगेर के बीच आवागमन आसान होने के साथ शहरों में ट्रैफिक का दबाव कम होने की उम्मीद है।

44 गांवों से होकर गुजरेगा फोरलेन

प्रस्तावित सड़क सुलतानगंज से शुरू होकर सफियाबाद, बरियारपुर और घोरघट होते हुए मुंगेर तक जाएगी। यह मार्ग करीब 44 गांवों और विभिन्न इलाकों से होकर गुजरने की योजना है। परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा और निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड को दी गई है।

पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू

निर्माण शुरू करने से पहले पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के रास्ते में आने वाले 726 पेड़ों पर असर पड़ने का अनुमान है। इनमें 517 पेड़ों को हटाने और 209 पेड़ों को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना बताई गई है। इसके लिए वृक्ष संरक्षण योजना भी तैयार की गई है।

स्थानीय कारोबार को फायदा

बेहतर कनेक्टिविटी का असर आसपास के गांवों और बाजारों पर भी पड़ सकता है। परिवहन सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना पर्यावरण मंजूरी के चरण में है और मंजूरी मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

मुंगेर को मिलेगा बाइपास

इस मरीन ड्राइव का एक बड़ा फायदा मुंगेर शहर को मिल सकता है। प्रस्तावित सड़क को श्रीकृष्ण सेतु से इंटरचेंज के जरिए जोड़ने की योजना है। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम करने और उत्तरी बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग देने में मदद मिलेगी।

गुरुवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग, 4 राशियों के चमकेंगे सितारे, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। गुरुवार का दिन ज्योतिष की दृष्टि से खास माना जा रहा है। इस दिन ग्रहों की स्थिति से दो शुभ योग बनने की बात कही जा रही है, जिसका सकारात्मक प्रभाव कुछ राशियों पर पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शुभ योग बनने से व्यक्ति के कामकाज, आर्थिक स्थिति और करियर में अच्छे बदलाव के अवसर मिल सकते हैं। खास तौर पर 4 राशियों के लिए यह समय धन लाभ, तरक्की और सम्मान के लिहाज से बेहतर रह सकता है।

1. वृषभ राशि

गुरुवार को बनने वाले शुभ योग वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक रूप से लाभकारी हो सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को कार्यक्षेत्र में कोई अच्छी खबर मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। व्यापारियों को पुराने निवेश या किसी रुके हुए सौदे से फायदा मिलने की संभावना है। हालांकि धन से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने का मौका दे सकता है। लंबे समय से अटका हुआ कोई काम पूरा हो सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की उम्मीद है। कारोबार में नए संपर्क बनेंगे, जो भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं। आपकी बातचीत और समझदारी से कई महत्वपूर्ण काम आसानी से पूरे हो सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए गुरुवार का दिन मान-सम्मान और आर्थिक लाभ के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को किसी बड़े ग्राहक या नए प्रोजेक्ट से लाभ मिल सकता है। परिवार में भी सुख-शांति का माहौल रहने की संभावना है। किसी पुराने आर्थिक विवाद का समाधान निकल सकता है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए दो शुभ योग भाग्य का साथ बढ़ाने वाले साबित हो सकते हैं। नौकरी में प्रमोशन या बेहतर अवसर मिलने के संकेत हैं। व्यापार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं और लंबे समय से रुका पैसा वापस मिलने की संभावना भी बन सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

बिहार में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना होगी शुरू, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार के किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में लंबे अंतराल के बाद प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को दोबारा लागू करने की तैयारी शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि रबी सीजन 2026-27 से किसान इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। इसके लिए सहकारिता विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं और संबंधित विभागों के अधिकारियों को योजना के प्रभावी संचालन के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

रबी सीजन से लागू करने की तैयारी

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को बिहार में करीब सात साल पहले बंद कर दिया गया था। अब इसे दोबारा शुरू करने के लिए विभागीय स्तर पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। अधिकारियों के प्रशिक्षण के साथ योजना के तहत तय नियमों और समय-सीमा को लागू करने पर चर्चा की जा रही है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में रबी 2026-27 के लिए तैयार मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के विभिन्न प्रावधानों की जानकारी दी गई। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर तालमेल के जरिए किसानों तक योजना का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया गया।

फसल बर्बाद होने पर मिलेगा आर्थिक सहारा

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का मुख्य उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य निर्धारित कारणों से फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देना है। इसके तहत किसानों को फसल के प्रकार के अनुसार सीमित प्रीमियम देना होता है।

सामान्य प्रावधानों के अनुसार खरीफ फसलों के लिए किसान का प्रीमियम 2 प्रतिशत, रबी फसलों के लिए 1.5 प्रतिशत और वाणिज्यिक एवं बागवानी फसलों के लिए 5 प्रतिशत तक निर्धारित है। शेष प्रीमियम में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी होती है।

कई विभाग मिलकर करेंगे काम

योजना को जमीन पर लागू करने में सिर्फ सहकारिता विभाग की भूमिका नहीं होगी। कृषि, आपदा प्रबंधन, वित्त, अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय, नाबार्ड, बीआईआरएसएसी, एग्रीकल्चर इंश्योरेंस कंपनी और एनआईसी समेत कई विभागों और संस्थानों की भागीदारी रहेगी।

बिहार सरकार का बड़ा ऐलान, जीविका दीदियों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार में जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार नई पहल की तैयारी कर रही है। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक जीविका दीदियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाकर लखपति दीदी बनाना है। इसी दिशा में बड़ी संख्या में महिलाओं को कारोबार और रोजगार शुरू करने के लिए आसान ऋण उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है।

25 लाख जीविका दीदियों को मिलेगा लोन

सरकार की योजना के तहत राज्य की करीब 25 लाख जीविका दीदियों को जीविका बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने की तैयारी है। रोजगार और कारोबार की जरूरत के हिसाब से महिलाओं को अलग-अलग श्रेणियों में लोन दिया जाएगा। बताया गया है कि इसके लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये तक के ऋण की व्यवस्था की जा रही है।

तीन तरह के लोन का प्रावधान

जीविका दीदियों की जरूरत के अनुसार ऋण को तीन श्रेणियों में रखा गया है।

शॉर्ट टर्म लोन: 15 हजार रुपये तक, जिसे 12 महीने में चुकाना होगा।

माइक्रो लोन: 15 हजार से 75 हजार रुपये तक, जिसकी भुगतान अवधि 24 महीने होगी।

स्मॉल लोन: 75 हजार से 2 लाख रुपये तक, जिसे 36 महीने में चुकाने का प्रावधान है।

खास बात यह है कि लोन के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखने की तैयारी है। मोबाइल ऐप से आवेदन करने के बाद निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर करीब एक सप्ताह में राशि खाते में भेजे जाने की बात कही गई है।

8 हजार महिलाओं को सुधा बूथ के लिए 60 हजार

रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए राज्य की 8 हजार जीविका दीदियों को सुधा डेयरी बूथ खोलने के लिए 60-60 हजार रुपये की सहायता देने की योजना भी है। इससे महिलाओं को स्थानीय स्तर पर अपना व्यवसाय शुरू करने और नियमित आमदनी का साधन बनाने में मदद मिल सकती है।

बिहार में जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने पर जोर

सरकार अगले कुछ वर्षों में बड़ी संख्या में जीविका दीदियों की आय बढ़ाकर उन्हें लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए स्वरोजगार, छोटे कारोबार और विभिन्न आय के साधन विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी मिलने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बिना प्रमोशन मिलेगी हाई-लेवल सैलरी!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कुछ अधिकारियों के लिए वेतन से जुड़ी अहम खबर सामने आई है। नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन (NFU) व्यवस्था के तहत पात्र अधिकारियों को नियमित पदोन्नति के बिना भी ऊंचे पे-लेवल का वित्तीय लाभ मिल सकता है। यानी कर्मचारी का पद और जिम्मेदारी पहले जैसी रह सकती है, लेकिन निर्धारित शर्तें पूरी होने पर उसकी सैलरी उच्च स्तर के अनुरूप बढ़ सकती है।

क्या है NFU की व्यवस्था?

NFU का पूरा नाम Non-Functional Upgradation है। यह व्यवस्था मुख्य रूप से संगठित ग्रुप 'ए' सेवाओं के पात्र अधिकारियों के लिए लागू होती है। इसका उद्देश्य ऐसी स्थिति में वित्तीय समानता बनाए रखना है, जब किसी बैच के समकक्ष अधिकारी को उच्च स्तर पर पदोन्नति मिल जाए, लेकिन दूसरे अधिकारी को पदोन्नति के लिए तत्काल अवसर न मिल पाए।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी बैच के एक अधिकारी को उच्च पद के अनुरूप पे-लेवल मिल जाता है और समान परिस्थितियों वाला दूसरा अधिकारी नियमित प्रमोशन से वंचित रह जाता है, तो नियमों के तहत वह NFU के लिए पात्र हो सकता है। हालांकि इसका लाभ अपने आप नहीं मिलता, बल्कि निर्धारित पात्रता और प्रक्रियाओं को पूरा करना जरूरी होता है।

बिना प्रमोशन के बढ़ सकती है सैलरी

NFU की सबसे खास बात यही है कि इसमें वित्तीय अपग्रेडेशन मिल सकता है, जबकि कर्मचारी का वास्तविक पद नहीं बदलता। यानी पे-लेवल और उससे जुड़ा वेतन लाभ बढ़ सकता है, लेकिन अधिकारी का पदनाम, जिम्मेदारियां और प्रशासनिक अधिकार पहले वाले पद के ही रहेंगे। इसलिए इसे नियमित प्रमोशन समझना सही नहीं होगा। यह मूल रूप से वेतन संबंधी लाभ देने की व्यवस्था है।

किन शर्तों पर मिलता है यह लाभ?

NFU के लिए अधिकारियों को संबंधित नियमों के तहत कई शर्तें पूरी करनी होती हैं। इनमें वर्तमान ग्रेड में निर्धारित सेवा अवधि पूरी करना और प्रमोशन के लिए जरूरी सेवा रिकॉर्ड या प्रदर्शन मानकों को पूरा करना शामिल है। अधिकारी की पात्रता संबंधित सेवा नियमों और विभागीय प्रक्रिया के आधार पर तय की जाती है।

सिर्फ 6 देशों के पास SLBM मिसाइल, भारत का नाम इस लिस्ट में है या नहीं?

नई दिल्ली: समुद्र की गहराई से लंबी दूरी तक हमला करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल तकनीक दुनिया की सबसे जटिल सैन्य क्षमताओं में गिनी जाती है। SLBM यानी Submarine-Launched Ballistic Missile ऐसी मिसाइल होती है, जिसे खास तौर पर तैयार की गई पनडुब्बियों से पानी के भीतर से लॉन्च किया जा सकता है। इस तकनीक की वजह से किसी देश की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता को मजबूती मिलती है।

मौजूदा सार्वजनिक जानकारी के अनुसार अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल हैं, जिन्होंने SLBM क्षमता विकसित और संचालित की है।

अमेरिका के पास ट्राइडेंट मिसाइल

अमेरिका SLBM तकनीक के क्षेत्र में सबसे आगे रहने वाले देशों में शामिल है। उसकी Trident मिसाइलें परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों से लॉन्च की जाती हैं। अमेरिकी नौसेना की ओहायो और नई कोलंबिया श्रेणी की पनडुब्बियां इसकी रणनीतिक परमाणु क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

रूस की बुलावा-सिनेवा मिसाइलें

रूस के पास भी समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता है। उसकी Bulava और Sineva जैसी मिसाइलें अलग-अलग बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों के साथ जुड़ी हैं। रूस की समुद्री परमाणु ताकत उसके रणनीतिक परमाणु त्रिकोण का अहम हिस्सा है।

चीन तेजी से बढ़ा रहा क्षमता

चीन ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी समुद्री परमाणु क्षमता को तेजी से विकसित किया है। उसकी JuLang (JL) श्रृंखला की मिसाइलें बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों से लॉन्च की जाती हैं। चीन की नई पीढ़ी की SLBM क्षमता उसकी लंबी दूरी की रणनीतिक पहुंच को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जाती है।

फ्रांस की M51 मिसाइल

फ्रांस के पास M51 श्रृंखला की SLBM है। इन्हें फ्रांसीसी नौसेना की परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों पर तैनात किया जाता है। फ्रांस अपनी समुद्री परमाणु शक्ति को स्वतंत्र रणनीतिक प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण आधार मानता है।

ब्रिटेन करता है Trident का इस्तेमाल

ब्रिटेन भी SLBM क्षमता रखने वाले देशों में शामिल है। उसकी परमाणु बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां अमेरिकी Trident मिसाइल प्रणाली का इस्तेमाल करती हैं। हालांकि मिसाइल तकनीक अमेरिकी मूल की है, लेकिन इसे ब्रिटेन की स्वतंत्र परमाणु प्रतिरोधक व्यवस्था का हिस्सा माना जाता है।

भारत भी इस खास क्लब में है शामिल

अब बात भारत की। भारत ने भी SLBM तकनीक विकसित कर इस चुनिंदा समूह में अपनी जगह बनाई है। भारत की K-15 और K-4 जैसी मिसाइलों को परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों से लॉन्च करने के लिए विकसित किया गया है। भारतीय नौसेना की अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियां देश की समुद्री परमाणु प्रतिरोधक क्षमता का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

बार-बार चढ़ता है नस? शरीर में हो सकती है 4 चीजों की कमी

हेल्थ डेस्क। बार-बार नस चढ़ना या मांसपेशियों में ऐंठन होना आम समस्या लग सकती है, लेकिन अगर यह लगातार हो रहा है तो शरीर में कुछ पोषक तत्वों की कमी भी इसकी एक वजह हो सकती है। खासकर पैरों में अचानक दर्द के साथ मांसपेशियों का सिकुड़ना रात में ज्यादा परेशान कर सकता है। हालांकि इसके पीछे पानी की कमी, ज्यादा व्यायाम, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना या कुछ दवाओं का असर भी हो सकता है।

1. पोटैशियम की कमी

पोटैशियम मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी खनिज है। इसकी कमी होने पर मांसपेशियों में कमजोरी, थकान और ऐंठन जैसी समस्या हो सकती है। केला, नारियल पानी, आलू, दाल और पालक जैसे खाद्य पदार्थ पोटैशियम के अच्छे स्रोत हैं।

2. मैग्नीशियम की कमी

मैग्नीशियम मांसपेशियों को सामान्य रूप से सिकुड़ने और रिलैक्स होने में मदद करता है। इसकी कमी में मांसपेशियों में खिंचाव या बार-बार ऐंठन महसूस हो सकती है। बादाम, काजू, बीज, साबुत अनाज और हरी पत्तेदार सब्जियों को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

3. कैल्शियम की कमी

कैल्शियम केवल हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के संकुचन और नसों के कामकाज के लिए भी महत्वपूर्ण है। शरीर में कैल्शियम का स्तर कम होने पर मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या हो सकती है। दूध, दही, पनीर, तिल और कुछ हरी सब्जियां इसके स्रोत हैं।

4. विटामिन डी की कमी

विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में कमजोरी और दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो कुछ लोगों में ऐंठन से भी जुड़ सकती हैं। धूप के अलावा अंडे की जर्दी और विटामिन डी से फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थ इसके स्रोत हो सकते हैं।

खुशखबरी की घोषणा, बिहार में एक साथ 3 बड़ी भर्ती, नोटिश जारी

पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई बड़े अवसर सामने आए हैं। राज्य में BTSC, राज्य स्वास्थ्य समिति और BPSC की ओर से अलग-अलग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। इनमें टेक्नीशियन, असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट, स्पेशलिस्ट डॉक्टर और स्कूल शिक्षक के पद शामिल हैं। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती की योग्यता और अंतिम तारीख जरूर जांच लेनी चाहिए।

1. BTSC में टेक्नीशियन और असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने टेक्नीशियन (बेंच केमिस्ट) और असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट के कुल 13 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 जुलाई से शुरू होकर 23 अगस्त 2026 तक चलेगी। जो उम्मीदवार निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता पूरी करते हैं, वे आयोग की वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में दिए गए पदवार नियमों को ध्यान से पढ़ना चाहिए।

2. 450 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती

बिहार के स्वास्थ्य विभाग में भी विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए बड़ा भर्ती अभियान चल रहा है। State Health Society Bihar (SHS Bihar) ने स्पेशलिस्ट डॉक्टर के 450 पदों पर आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती के लिए DNB, MS या MD जैसी निर्धारित योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन 7 अगस्त 2026 से शुरू हो चुका है और इसकी अंतिम तारीख 21 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार SHS बिहार की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

3. BPSC TRE-4 में 32,388 शिक्षक पद

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए सबसे बड़ा अवसर BPSC TRE-4.0 के रूप में आया है। बिहार लोक सेवा आयोग ने विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत 32,388 स्कूल शिक्षक पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन और शुल्क भुगतान की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। भर्ती शिक्षा विभाग के अंतर्गत स्कूल शिक्षक के विभिन्न पदों के लिए की जाएगी।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, किसानों के लिए जल्द आएगी खुशखबरी!

नई दिल्ली: देश के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली यानी 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। 23वीं किस्त जारी होने के बाद अब किसानों की नजर इस बात पर है कि अगली किस्त उनके खाते में कब पहुंचेगी। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या सरकार इसी मौके पर किसानों को किस्त का तोहफा देगी।

रक्षाबंधन पर किस्त आने की उम्मीद कम

फिलहाल सरकार की ओर से पीएम किसान की 24वीं किस्त को रक्षाबंधन पर जारी करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। पिछले वर्षों में किस्त जारी होने के समय को देखें तो भी रक्षाबंधन के मौके पर किस्त आने की संभावना कम नजर आती है।

कब आ सकती है अगली किस्त

मौजूदा वित्त वर्ष की पहली किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। ऐसे में अगली किस्त के लिए सितंबर के अंत से अक्टूबर के बीच का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगर किसी कारण से भुगतान में देरी होती है, तो किस्त नवंबर तक भी जा सकती है। हालांकि, 24वीं किस्त की आधिकारिक तारीख सरकार की घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगी।

किसानों को क्या करना चाहिए?

अगली किस्त का लाभ पाने के लिए किसानों को यह सुनिश्चित कर लेना चाहिए कि उनका ई-केवाईसी पूरा हो, बैंक खाता आधार से जुड़ा हो और जमीन से संबंधित रिकॉर्ड सही हों। किसी भी जानकारी में गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है।

ऐसे में किसानों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी है कि वे अपने पीएम किसान खाते की स्थिति जांचते रहें और सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें। इससे किस्त जारी होने के बाद भुगतान से जुड़ी परेशानी से बचा जा सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, अब हर घर पाइप से पहुंचेगी सस्ती गैस

नई दिल्ली: हर महीने LPG सिलेंडर बुक कराने और उसकी डिलीवरी का इंतजार करने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। केंद्र सरकार अब घर-घर पाइप्ड नेचुरल गैस यानी PNG पहुंचाने पर तेजी से काम कर रही है। इसके लिए सरकार ने नई प्रोत्साहन योजना लागू करने का फैसला किया है, जिससे शहरी इलाकों में PNG कनेक्शन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

1 सितंबर से शुरू होगी नई योजना

सरकार की नई एपीएम/एनएपीएम प्रोत्साहन योजना 1 सितंबर 2026 से लागू होने की घोषणा की गई है। इसके तहत शहरी गैस वितरण कंपनियों को तय लक्ष्य से ज्यादा नए घरेलू PNG कनेक्शन देने पर प्रोत्साहन मिलेगा। यानी जितने अधिक घरों को पाइपलाइन से गैस से जोड़ा जाएगा, कंपनियों को उतना फायदा मिलेगा।

कंपनियों को मिलेगी सस्ती गैस

योजना के तहत लक्ष्य से अतिरिक्त नए PNG कनेक्शन शुरू करने वाली कंपनियों को प्रत्येक कनेक्शन के लिए 200 SCM तक अतिरिक्त सस्ती APM गैस उपलब्ध कराने का प्रावधान है। सरकार का मानना है कि इससे गैस वितरण कंपनियों की लागत कम होगी और वे नए क्षेत्रों में पाइपलाइन नेटवर्क का विस्तार करने के लिए ज्यादा तेजी से निवेश कर सकेंगी।

निवेश की लागत जल्दी निकलने की उम्मीद

सरकार के अनुमान के मुताबिक, प्रोत्साहन मिलने से कंपनियों के लिए गैस नेटवर्क तैयार करने में किया गया निवेश पहले की तुलना में काफी जल्दी वापस आ सकता है। इससे नए इलाकों में PNG पाइपलाइन बिछाने और ज्यादा परिवारों को कनेक्शन देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

घर बैठे PNG कनेक्शन के लिए आवेदन की सुविधा

उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए सरकार एकीकृत PNG पंजीकरण पोर्टल शुरू करने की तैयारी में है। यह सिंगल-विंडो प्लेटफॉर्म होगा, जहां लोग ऑनलाइन PNG कनेक्शन के लिए आवेदन कर सकेंगे। साथ ही आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। इससे कनेक्शन लेने की प्रक्रिया आसान और ज्यादा सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा, 4 लाख कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग के जरिए सरकारी विभागों और उनसे जुड़े निगमों में काम कर रहे करीब 4 लाख कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय और सुविधाओं को लेकर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है। इसके लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (यूपीकास) का पोर्टल लगभग तैयार हो चुका है। 

विभागों से मांगा गया कर्मचारियों का पूरा ब्यौरा

यूपीकास ने प्रदेश के सभी सरकारी विभागों और उनसे संबद्ध निगमों से आउटसोर्सिंग एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों की जानकारी मांगी है। इसमें कर्मचारियों की संख्या समेत जरूरी विवरण जुटाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य आउटसोर्स व्यवस्था में काम करने वाले कर्मचारियों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि आगे की प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा सके।

पोर्टल पर पहले वेंडरों का होगा रजिस्ट्रेशन

यूपीकास का पोर्टल तैयार होने के बाद सबसे पहले मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों यानी वेंडरों का पंजीकरण किया जाएगा। इसके बाद सरकारी विभाग इसी प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी जरूरत के मुताबिक आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों की नियुक्ति और एजेंसियों की भूमिका को लेकर व्यवस्था अधिक केंद्रीकृत होने की उम्मीद है।

न्यूनतम 20 हजार रुपये मानदेय की व्यवस्था

नई व्यवस्था में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम मासिक मानदेय 20 हजार रुपये निर्धारित करने की बात कही गई है। अलग-अलग श्रेणी के पदों के लिए प्रस्तावित पारिश्रमिक भी तय किया गया है।

श्रेणी-1: 40,000 रुपये प्रतिमाह

श्रेणी-2: 25,000 रुपये प्रतिमाह

श्रेणी-3: 22,000 रुपये प्रतिमाह

श्रेणी-4: 20,000 रुपये प्रतिमाह

इस बदलाव से अलग-अलग सरकारी विभागों में आउटसोर्सिंग के आधार पर काम कर रहे कर्मचारियों को उनकी श्रेणी के अनुसार बेहतर पारिश्रमिक मिलने की उम्मीद है।

ईपीएफ और ईएसआई समेत मिलेंगी सुविधाएं

सरकार की योजना केवल मानदेय बढ़ाने तक सीमित नहीं है। आउटसोर्स कर्मचारियों को ईपीएफ, ईएसआई, स्वास्थ्य बीमा और अवकाश जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है। इससे लंबे समय से आउटसोर्सिंग के माध्यम से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकता है।

बुधादित्य राजयोग का असर, 5 राशियों के चमकेंगे सितारे, धन-दौलत के साथ बढ़ेगा मान-सम्मान

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य और बुध की युति को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि जब सूर्य और बुध एक ही राशि में आ जाते हैं, तो बुधादित्य राजयोग बनता है। यह योग बुद्धि, वाणी, व्यापार, करियर और प्रशासनिक क्षमता से जुड़ा माना जाता है। 22 अगस्त को बुध के सूर्य के साथ युति करने से यह योग बनेगा, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। खासतौर पर 5 राशियों के लिए यह समय धन, करियर और मान-सम्मान के लिहाज से बेहतर रह सकता है।

1. मिथुन राशि

बुधादित्य राजयोग मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट मिल सकता है। व्यापार करने वालों के लिए नए संपर्क लाभदायक साबित हो सकते हैं। आपकी बातचीत करने की क्षमता और समझदारी से रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में भी लाभ के योग बन सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग मान-सम्मान और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है। अधिकारियों या वरिष्ठ लोगों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में कोई महत्वपूर्ण सौदा आपके पक्ष में आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक स्तर पर भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए बुधादित्य राजयोग का प्रभाव इस राशि के जातकों के लिए खास माना जा सकता है। इस दौरान आपकी बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत हो सकती है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी की संभावना बन सकती है। प्रतियोगी परीक्षा और इंटरव्यू की तैयारी कर रहे लोगों को भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रखी जा सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहकों और बेहतर सौदों से फायदा हो सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए बुधादित्य राजयोग आर्थिक लाभ के अवसर लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने निवेश से भी फायदा मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी रणनीति और संवाद कौशल की तारीफ होगी। व्यापार करने वाले जातकों को कारोबार विस्तार का मौका मिल सकता है। परिवार और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। हालांकि बड़े आर्थिक फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और भाग्य के लिहाज से शुभ परिणाम दे सकता है। नौकरी में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और नई जिम्मेदारियां भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती हैं। कारोबार में लंबे समय से अटका कोई काम पूरा हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। विदेश या दूर स्थान से जुड़े काम करने वालों को भी लाभ मिलने की संभावना है। इस दौरान आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है और मान-सम्मान बढ़ सकता है।

बिहार में महिलाओं के लिए खुशखबरी, सरकार देगी 20 हजार!

न्यूज डेस्क। बिहार की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए जीविका से जुड़ी महिलाओं के लिए दूसरी किस्त की सहायता राशि देने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। पहले चरण में 10 हजार रुपये की मदद प्राप्त कर चुकी पात्र जीविका दीदियों को अब दूसरी किस्त के रूप में 20 हजार रुपये देने की तैयारी है। इससे महिलाएं अपने छोटे कारोबार को आगे बढ़ाने या नया व्यवसाय शुरू करने के लिए पूंजी जुटा सकेंगी।

भागलपुर में करीब 3 हजार आवेदन

भागलपुर जिले में दूसरी किस्त के लिए अब तक करीब 3 हजार आवेदन प्राप्त होने की जानकारी सामने आई है। फिलहाल आवेदन लेने और लाभुकों की पात्रता जांचने की प्रक्रिया शुरुआती दौर में है। आवेदन मिलने के बाद निर्धारित मानकों के आधार पर लाभार्थियों का चयन किया जाएगा।

पहली किस्त के इस्तेमाल की जांच

दूसरी किस्त पाने के लिए केवल आवेदन करना पर्याप्त नहीं होगा। लाभुकों के चयन में यह देखा जाएगा कि पहली किस्त के तौर पर मिली 10 हजार रुपये की राशि का इस्तेमाल तय आर्थिक गतिविधि या व्यवसाय में किया गया था या नहीं। इसके साथ ही आवेदक पर पहले से कोई ऋण बकाया है या नहीं, स्वयं सहायता समूह की बैठकों में उसकी भागीदारी कैसी रही है और दूसरी किस्त मिलने पर राशि का उपयोग किस काम में किया जाएगा, जैसी जानकारियां भी देखी जाएंगी।

पुराने कारोबार को बढ़ाने का मौका

दूसरी किस्त की राशि का इस्तेमाल पहले से चल रहे कारोबार को विस्तार देने में किया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर महिला अपने मौजूदा छोटे व्यवसाय के लिए अतिरिक्त सामान, उपकरण या अन्य जरूरी संसाधन खरीद सकती है। इसके अलावा जो महिलाएं नया काम शुरू करना चाहती हैं, वे अपनी रुचि और क्षमता के अनुसार नए व्यवसाय में भी राशि का इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे ग्रामीण इलाकों में महिला उद्यमिता को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ग्राम संगठन के जरिए होगा चयन

आवेदन और लाभुकों के चयन की प्रक्रिया ग्राम संगठन के माध्यम से आगे बढ़ाई जा रही है। प्राप्त आवेदनों की निर्धारित मानकों के आधार पर जांच की जाएगी। पात्र पाए जाने वाले आवेदकों को ही आगे सहायता राशि देने की प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा, महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के अयोध्या में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। रामनगरी में शहर से लेकर गांवों तक 42 नई मिनी नंदिनी डेयरियां स्थापित करने की तैयारी है। इस योजना के जरिए पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करने पर जोर दिया जा रहा है।

इन डेयरियों में महिलाओं की भागीदारी को भी खास महत्व दिया गया है। योजना के तहत 50 प्रतिशत डेयरियों का संचालन महिलाओं द्वारा किया जाना अनिवार्य रखा गया है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के लिए यह योजना स्वरोजगार का एक बेहतर माध्यम बन सकती है।

डेयरी स्थापित करने पर मिलेगा 50 फीसदी अनुदान

योजना की सबसे बड़ी खासियत सरकारी आर्थिक सहायता है। मिनी नंदिनी डेयरी स्थापित करने के लिए निर्धारित परियोजना लागत पर सरकार की ओर से 50 प्रतिशत तक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है। परियोजना की लागत करीब 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

इन नस्लों की गायों को पाल सकेंगे लाभार्थी

मिनी नंदिनी डेयरियों में गायों की नस्ल को लेकर भी नियम तय किए गए हैं। इसके तहत साहीवाल और गिर नस्ल की गायों को प्राथमिकता दी जा रही है। लाभार्थी इन नस्लों के पशुओं की खरीद के लिए दूसरे राज्यों में भी संपर्क कर रहे हैं। विभाग की ओर से गायों की खरीद और डेयरी संचालन से जुड़ी आवश्यक सहायता और प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि लाभार्थियों को डेयरी चलाने में व्यावहारिक परेशानी न हो।

महिलाओं के लिए रोजगार का बढ़ेगा दायरा

योजना में महिलाओं की 50 प्रतिशत भागीदारी का प्रावधान ग्रामीण महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे महिलाएं पशुपालन के जरिए अपने परिवार की आय बढ़ाने में योगदान दे सकेंगी। साथ ही गांवों में रहकर स्वरोजगार का अवसर मिलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, 2 जिलों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के किसानों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) की 92वीं बोर्ड बैठक में जमीन खरीद की दरों में बढ़ोतरी का फैसला लिया गया है। इससे प्राधिकरण की विकास योजनाओं के लिए जमीन देने वाले किसानों को पहले के मुकाबले अधिक मुआवजा मिलेगा।

जमीन खरीद की दर में 6 फीसदी इजाफा

YEIDA ने आपसी सहमति से किसानों से जमीन खरीदने की मौजूदा दर में 6 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। अब फेज-1 में आने वाले गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर क्षेत्रों में नियोजित विकास के लिए जमीन 4,300 रुपये की जगह 4,558 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से खरीदी जाएगी। इसके अलावा जमीन देने वाले किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था भी रखी गई है। इसके तहत 4,037 रुपये प्रति वर्ग मीटर नकद भुगतान के साथ 7 प्रतिशत आबादी प्लॉट देने का प्रावधान है।

किसानों को मिलेगी आधुनिक मंडी

किसानों के हित में बोर्ड बैठक में एक आधुनिक मंडी विकसित करने का भी निर्णय लिया गया है। सेक्टर-34 में करीब 36 एकड़ जमीन पर मंडी तैयार की जाएगी। यहां किसानों को अपनी उपज के भंडारण, बिक्री और व्यापार के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

जेवर क्षेत्र में बढ़ेगा विकास

जेवर एयरपोर्ट के आसपास तेजी से हो रहे विकास को देखते हुए कई बड़े प्रोजेक्ट्स को भी मंजूरी दी गई है। इनमें मेडिकल हब, यूनिवर्सिटी टाउनशिप, ताइवान सिटी, फार्मास्युटिकल क्लस्टर और इंटरनेशनल स्टेडियम जैसी योजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के लिए आगे किसानों की जमीन की जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में बढ़ी हुई मुआवजा दरों से जमीन देने वाले किसानों को आर्थिक रूप से पहले से बेहतर लाभ मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, युवाओं के लिए 2 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों और ऐसे इलाकों के अभ्यर्थियों के लिए NEET और JEE की मुफ्त कोचिंग शुरू करने की योजना बनाई जा रही है, जहां गुणवत्तापूर्ण कोचिंग संस्थानों की पहुंच सीमित है। इस पहल का उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्रों को आर्थिक परेशानी के कारण पढ़ाई और तैयारी में पीछे न रहना है।

2 अक्टूबर से शुरू हो सकती है फ्री कोचिंग

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से युवाओं को लेकर की गई घोषणाओं के बाद इस दिशा में तैयारियां तेज होने की बात सामने आई है। प्रस्तावित योजना के तहत 2 अक्टूबर से मुफ्त कोचिंग शुरू करने की तैयारी की जा रही है। हालांकि, योजना की अंतिम रूपरेखा और पात्रता से जुड़ी विस्तृत जानकारी संबंधित मंत्रालयों की ओर से जारी की जानी बाकी है।

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को फायदा

शुरुआती चरण में योजना का लाभ खास तौर पर उन विद्यार्थियों को देने पर जोर है, जो महंगी कोचिंग फीस वहन नहीं कर सकते। ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के छात्रों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। ऐसे विद्यार्थियों को घर से ही बेहतर अध्ययन सामग्री और परीक्षा की तैयारी में मदद मिल सकेगी।

AI आधारित प्लेटफॉर्म से होगी पढ़ाई

मुफ्त कोचिंग के लिए AI आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार करने की योजना है। इसके विकास में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) और कौशल विकास मंत्रालय की भूमिका बताई जा रही है, जबकि शिक्षा मंत्रालय शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध करा सकता है। AI तकनीक के इस्तेमाल से विद्यार्थियों को उनकी तैयारी के स्तर के अनुसार अध्ययन सामग्री, अभ्यास प्रश्न और अन्य डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जा सकता है।

आगे बढ़ सकता है योजना का दायरा

शुरुआत में NEET और JEE जैसी प्रमुख प्रवेश परीक्षाओं को प्राथमिकता देने की योजना है। आगे चलकर इस पहल का विस्तार विश्वविद्यालय प्रवेश परीक्षाओं और विभिन्न भर्ती परीक्षाओं तक किए जाने की संभावना है। अगर यह योजना तय रूपरेखा के अनुसार लागू होती है, तो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए यह महत्वपूर्ण अवसर साबित हो सकती है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, गरीब परिवारों के लिए आई खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गरीब परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। प्रदेश सरकार ने 'जीरो पावर्टी' अभियान के तहत चिह्नित अति गरीब परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण में प्राथमिकता देने का फैसला किया है। इस फैसले के बाद ग्रामीण इलाकों में रहने वाले जरूरतमंद परिवारों के लिए पक्के मकान का रास्ता आसान होने की उम्मीद है।

आवास योजना में मिलेगी प्राथमिकता

ग्राम्य विकास विभाग ने मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। अब 'जीरो पावर्टी' अभियान के तहत चिह्नित ऐसे परिवार, जो ग्रामीण क्षेत्रों में रहते हैं, उन्हें योजना की प्राथमिकता वाली श्रेणी में शामिल किया जा सकेगा। इसका सीधा लाभ उन परिवारों को मिलने की उम्मीद है, जो आर्थिक रूप से बेहद कमजोर हैं और अभी कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।

करीब 12.50 लाख परिवार किए गए चिह्नित

प्रदेश में अति गरीब परिवारों की पहचान के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से 'जीरो पावर्टी' अभियान शुरू किया गया है। इसके तहत करीब 12.50 लाख परिवारों को चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई है। सरकार का प्रयास इन परिवारों को सिर्फ आवास उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है। अलग-अलग सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को बेहतर बनाने की भी कोशिश की जा रही है।

कई सरकारी योजनाओं से जोड़ने की तैयारी

चिह्नित परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने पर जोर दिया जा रहा है। आवास योजना में प्राथमिकता देने का फैसला इसी दिशा में उठाया गया कदम माना जा रहा है। पक्के मकान के साथ अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ मिलने से इन परिवारों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, योगी सरकार ने दिया खुशियों का तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बेहतर और तेज सेवाएं देने के लिए सरकार ने बिजली कनेक्शन से लेकर बिल संबंधी शिकायतों के निस्तारण तक व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया है। खासतौर पर नए बिजली कनेक्शन के आवेदनों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ उद्योग और व्यापार से जुड़े लोगों को भी राहत मिल सके।

कनेक्शन में देरी पर सख्ती

शक्ति भवन में विद्युत व्यवस्था की समीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव ऊर्जा एवं यूपीपीसीएल के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि झटपट और निवेश मित्र पोर्टल के जरिए मिलने वाले बिजली कनेक्शन के आवेदनों का जल्द निस्तारण किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कनेक्शन देना बिजली निगम की जिम्मेदारी है और इसमें अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर होगी कार्रवाई

अधिकारियों को चेतावनी दी गई है कि बिजली कनेक्शन देने में जानबूझकर देरी या आनाकानी की शिकायत मिलने पर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर मामलों में विजिलेंस जांच कराने की बात भी कही गई है।

लाइन लॉस कम करने की तैयारी

सरकार ने बिजली वितरण में होने वाली लाइन हानि को कम करने और राजस्व बढ़ाने पर भी जोर दिया है। अधिक लाइन हानि वाले फीडरों और क्षेत्रों की पहचान कर उनके लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही फीडर स्तर के आंकड़ों का नियमित विश्लेषण करने और कमियां सामने आने पर तत्काल सुधार की बात कही गई है।

बिजली बिल की शिकायतों का कैंप में समाधान

बैठक में बिजली बिलों से जुड़ी उपभोक्ताओं की समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया। बिल सुधार के लिए लगाए जा रहे शिविरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि ज्यादा से ज्यादा शिकायतों का मौके पर ही समाधान किया जाए। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए बिजली कार्यालयों के बार-बार चक्कर लगाने से बचाना है।

स्मार्ट मीटर और ट्रांसफॉर्मर व्यवस्था पर भी नजर

बिजली व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए स्मार्ट मीटर की मॉनिटरिंग, क्षतिग्रस्त वितरण ट्रांसफॉर्मरों की स्थिति और आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। 100 केवीए से कम क्षमता वाले वितरण ट्रांसफॉर्मरों पर फ्यूज सेट लगाने के काम में तेजी लाने को कहा गया है। सरकार का जोर बेहतर बिलिंग, राजस्व में वृद्धि, लाइन हानि में कमी और उपभोक्ता सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाने पर है।

देशभर में संदिग्ध लेन-देन की बड़ी जांच शुरू, विदेश पैसा भेजने वालों पर शिकंजा!

नई दिल्ली। विदेश भेजी जा रही संदिग्ध रकम को लेकर आयकर विभाग ने देशभर में जांच शुरू कर दी है। विभाग की नजर खास तौर पर उन संस्थाओं पर है, जिनके विदेश भेजे गए पैसों का आंकड़ा उनके घोषित कारोबार और आय से मेल नहीं खाता। इस कार्रवाई में संस्थाओं के साथ-साथ कुछ ऐसे प्रोफेशनल्स को भी जांच के दायरे में लिया गया है, जिन्होंने विदेश धन भेजने से जुड़े प्रमाणपत्र जारी किए थे।

394 संस्थाएं और 36 प्रोफेशनल्स जांच के दायरे में

आयकर विभाग की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, जांच के दायरे में करीब 394 संस्थाएं और 36 प्रोफेशनल्स शामिल हैं। विभाग ने उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों और अन्य जानकारी का विश्लेषण करने के बाद संदिग्ध मामलों की पहचान की है। बताया गया है कि कुछ संस्थाओं ने विदेशों में बड़ी रकम भेजी, जबकि उनके घोषित कारोबार या आय से इतनी बड़ी राशि के लेन-देन का स्पष्ट मेल नहीं मिला। ऐसे मामलों की अब विस्तार से पड़ताल की जा रही है।

18 अगस्त से शुरू हुई कार्रवाई

विभाग के मुताबिक यह जांच 18 अगस्त से शुरू की गई है। पिछले तीन वर्षों में विदेश भेजी गई रकम से संबंधित आंकड़ों और अन्य उपलब्ध सूचनाओं की जांच के दौरान ऐसे लेन-देन सामने आए, जिन पर विभाग को संदेह है। जांच में यह देखा जा रहा है कि विदेश पैसा भेजने के पीछे वास्तविक कारोबारी कारण क्या था और संबंधित संस्थाओं ने इस लेन-देन से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन किया या नहीं।

36 प्रोफेशनल्स पर भी नजर

मामले में केवल कंपनियों या संस्थाओं की जांच नहीं हो रही है। उन 36 प्रोफेशनल्स की भूमिका भी देखी जा रही है, जिन्होंने विदेश रकम भेजने के लिए फॉर्म 15CB से जुड़े प्रमाणपत्र जारी किए थे। डेटा विश्लेषण में यह बात सामने आने के बाद सवाल उठे कि कुछ प्रोफेशनल्स ने बड़ी संख्या में ऐसे प्रमाणपत्र जारी किए थे। विभाग अब यह जांच रहा है कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले आवश्यक जांच और सत्यापन की प्रक्रिया ठीक तरीके से पूरी की गई थी या नहीं।

सीमावर्ती राज्यों की संस्थाएं भी रडार पर

जांच का दायरा भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से जुड़े राज्यों तक भी पहुंचा है। ऐसे राज्यों में स्थित करीब 117 संस्थाओं को भी जांच में शामिल किया गया है। विभाग इन संस्थाओं से जुड़े विदेश लेन-देन और उपलब्ध वित्तीय जानकारी का मिलान कर रहा है।

डेटा एनालिसिस से सामने आए संदिग्ध मामले

आयकर विभाग ने इस कार्रवाई के लिए वित्तीय आंकड़ों और जमीनी स्तर से मिली जानकारी का सहारा लिया है। पिछले तीन वर्षों के विदेशी धन हस्तांतरण से जुड़े डेटा की पड़ताल के दौरान संदिग्ध पैटर्न वाले मामलों की पहचान की गई। जांच के दौरान यदि किसी संस्था या व्यक्ति द्वारा नियमों का उल्लंघन, गलत जानकारी देने या अन्य वित्तीय अनियमितता के प्रमाण मिलते हैं, तो कानून के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।

भारत का नया ब्रह्मास्त्र तैयार! BrahMos-NG की रफ्तार देख कांपेगा दुश्मन

नई दिल्ली। भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में BrahMos-NG को अहम परियोजना माना जा रहा है। इसका उद्देश्य मौजूदा ब्रह्मोस मिसाइल की ताकत को बरकरार रखते हुए उसे आकार और वजन में अधिक कॉम्पैक्ट बनाना है, ताकि ज्यादा लड़ाकू विमानों और अन्य प्लेटफॉर्म से इसका इस्तेमाल संभव हो सके।

क्यों जरूरी हुई BrahMos-NG?

मौजूदा ब्रह्मोस की बड़ी ताकत उसकी तेज रफ्तार और सटीक हमला करने की क्षमता है, लेकिन इसका आकार और वजन काफी अधिक है। इसी वजह से इसे भारतीय वायुसेना के सीमित प्लेटफॉर्म पर ही इस्तेमाल किया जा सकता है।

लेकिन, BrahMos-NG को इसी चुनौती को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है। हल्का और छोटा डिजाइन होने के कारण इसे भविष्य में कई आधुनिक लड़ाकू विमानों के साथ जोड़ने की योजना है। इससे भारतीय वायुसेना की मिसाइल तैनाती क्षमता बढ़ सकती है।

छोटी होगी, लेकिन रफ्तार रहेगी तेज

BrahMos-NG के डिजाइन में आकार और वजन कम करने पर खास ध्यान दिया गया है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसकी लंबाई करीब 6 मीटर और वजन लगभग 1.3 से 1.6 टन के बीच हो सकता है। तुलना में मौजूदा एयर-लॉन्च ब्रह्मोस का आकार और वजन अधिक है।

इसके बावजूद BrahMos-NG में सुपरसोनिक गति बनाए रखने का लक्ष्य है। करीब Mach 3 की रफ्तार इसे बेहद तेज क्रूज मिसाइलों की श्रेणी में रखती है। हालांकि इसकी अंतिम तकनीकी क्षमताएं और परिचालन आंकड़े परियोजना के विकास और आधिकारिक परीक्षणों के बाद ही स्पष्ट होंगे।

कई फाइटर जेट्स पर हो सकती है तैनाती

BrahMos-NG का कॉम्पैक्ट डिजाइन इसे अलग-अलग लड़ाकू विमानों के लिए उपयोगी बना सकता है। इसके संभावित प्लेटफॉर्म में Su-30MKI, Tejas Mk1A, Tejas Mk2 और TEDBF जैसे विमान शामिल बताए जाते हैं। भविष्य में AMCA जैसे प्लेटफॉर्म के साथ इसके एकीकरण की संभावना भी चर्चा में रही है।

एक विमान से ज्यादा मिसाइलें ले जाने की क्षमता

BrahMos-NG का सबसे बड़ा फायदा इसका कम वजन हो सकता है। मौजूदा भारी ब्रह्मोस की तुलना में हल्की मिसाइल होने के कारण एक लड़ाकू विमान पर एक से अधिक मिसाइलें तैनात करने की संभावना बढ़ जाती है। इससे एक ही मिशन में अधिक लक्ष्य साधने की क्षमता विकसित हो सकती है। हालांकि वास्तविक संख्या विमान के कॉन्फिगरेशन, पेलोड सीमा और एकीकरण परीक्षणों पर निर्भर करेगी।

इंद्र योग में गुरु! इन 5 राशियों की खुलेगी किस्मत, धन-समृद्धि के बनेंगे योग

राशिफल। ज्योतिष और पंचांग के अनुसार 20 अगस्त 2026, गुरुवार को इन्द्र योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि और विशाखा नक्षत्र भी रहेगा। गुरुवार का दिन देवगुरु बृहस्पति से जुड़ा माना जाता है, इसलिए इस दिन गुरु से संबंधित उपाय और पूजा-पाठ को विशेष महत्व दिया जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के आधार पर इन्द्र योग और गुरु का यह संयोग कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने और आय के नए अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी या महत्वपूर्ण भूमिका मिल सकती है। व्यापार करने वालों को भी लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

2. मिथुन राशि

इन्द्र योग का प्रभाव मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर और धन से जुड़े मामलों में अच्छा रह सकता है। लंबे समय से अटके किसी काम में प्रगति होने की संभावना है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क भविष्य में लाभ का कारण बन सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह संयोग आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार की ओर से भी सहयोग मिलने की संभावना है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं और किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। व्यापारियों के लिए नए सौदे या साझेदारी फायदेमंद साबित हो सकती है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव विशेष महत्व रखता है। इस अवधि में करियर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और लंबे समय से रुका धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए भी समय सकारात्मक रह सकता है।

गुरु का नक्षत्र गोचर, 6 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले! बढ़ेगी कमाई

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार गुरु यानी बृहस्पति को ज्ञान, धन, शिक्षा, विवाह, संतान और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। गुरु के नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। बुधवार के दिन सप्तमी तिथि, नक्षत्र परिवर्तन और ब्रह्म योग का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में कुछ राशियों के जातकों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का नक्षत्र गोचर आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से अटका हुआ कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबारियों को भी नए सौदों से फायदा होने के संकेत हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह गोचर करियर के लिहाज से लाभकारी हो सकता है। मेहनत का उचित परिणाम मिलने और अधिकारियों से सहयोग प्राप्त होने की संभावना है। व्यापार में कोई नया अवसर हाथ लग सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को गुरु के नक्षत्र परिवर्तन से भाग्य का साथ मिल सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। विदेश या दूर स्थान से जुड़े किसी अवसर का भी लाभ मिल सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय धन और प्रतिष्ठा के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को महत्व मिल सकता है। आय में वृद्धि के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार करने वाले जातकों को पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है।

5. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का नक्षत्र गोचर आर्थिक लाभ लेकर आ सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ की संभावना बन सकती है, हालांकि कोई भी बड़ा निवेश सोच-समझकर करना बेहतर रहेगा। नौकरी में पद या जिम्मेदारी बढ़ सकती है। पारिवारिक वातावरण भी सकारात्मक रहने के संकेत हैं।

6. धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु माने जाते हैं, इसलिए यह नक्षत्र गोचर आपके लिए विशेष महत्व रख सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

यूपी के किसानों को बड़ा तोहफा, सरकार ने दी 1 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खेती-किसानी से जुड़े परिवारों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए योगी सरकार की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। दुर्घटना में किसान की मृत्यु या दिव्यांगता होने पर परिवार को आर्थिक संकट से बचाने के उद्देश्य से संचालित इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की सहायता देने का प्रावधान है।

2019 से लागू है योजना

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना को 14 सितंबर 2019 से लागू किया गया था। इसका उद्देश्य कृषि कार्य से जुड़े पात्र परिवारों को दुर्घटना की स्थिति में आर्थिक सहारा देना है। योजना के दायरे में खतौनी में दर्ज खातेदार और सहखातेदार के अलावा कुछ ऐसे कमाऊ पारिवारिक सदस्य भी शामिल हैं, जिनकी आजीविका संबंधित कृषि भूमि से होने वाली आय पर निर्भर है। इसके अलावा निर्धारित पात्रता पूरी करने वाले भूमिहीन किसान, जो पट्टे या बटाई पर जमीन लेकर खेती करते हैं, वे भी योजना का लाभ उठा सकते हैं।

पिछले साल 21 हजार से ज्यादा को लाभ

वित्तीय वर्ष 2025-26 में सरकार ने इस योजना के लिए करीब 1,050 करोड़ रुपये का बजट रखा था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जिलों की मांग के अनुसार राशि आवंटित की गई और करीब 21,659 आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिला। इससे पता चलता है कि दुर्घटना के बाद आर्थिक संकट झेल रहे किसान परिवारों के लिए यह योजना कितनी महत्वपूर्ण साबित हो रही है।

इस साल बजट में 100 करोड़ की बढ़ोतरी

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकार ने योजना का बजट बढ़ाकर 1,150 करोड़ रुपये कर दिया है। यानी पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में बजट में 100 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इस बजट के तहत पहली और दूसरी किस्त के रूप में 862.50 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति मिल चुकी है। वहीं जिलों की जरूरत के आधार पर 813.81 करोड़ रुपये आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई है।

17 हजार से अधिक आश्रितों को मिल चुका लाभ

चालू वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 17,152 आश्रित परिवारों को योजना का लाभ मिल चुका है। वित्तीय वर्ष अभी जारी है, इसलिए आने वाले समय में लाभार्थियों की संख्या और बढ़ सकती है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना दुर्घटना की स्थिति में किसान परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा कवच का काम कर रही है।