HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र, छात्रों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। राज्य के सभी 70,000 सरकारी प्रारंभिक विद्यालयों में पहली से आठवीं कक्षा तक के छात्रों के लिए शिक्षा विभाग ने पाठ्य-पुस्तकों के वितरण की तैयारी पूरी कर ली है। इस पहल से लगभग 1.33 करोड़ बच्चे सीधे लाभान्वित होंगे।

पुस्तक वितरण की व्यवस्था

शिक्षा विभाग ने 1 अप्रैल से 10 अप्रैल के बीच बच्चों तक पाठ्य-पुस्तकें पहुँचाने का निर्देश दिया है। बिहार राज्य पाठ्य पुस्तक प्रकाशन निगम ने सभी 38 जिलों को किताबों के सेट उपलब्ध करा दिए हैं। इन किताबों को संकुल संसाधन केंद्रों के माध्यम से संबंधित विद्यालयों तक पहुँचाया जा रहा है। कुल मिलाकर 1 करोड़ 33 लाख 85 हजार सेट तैयार किए गए हैं।

जिम्मेदारी और समन्वय

विद्यालयों में पुस्तक वितरण की जिम्मेदारी प्रधान शिक्षक/प्रधानाध्यापक और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी के साथ मिलकर पूरी की जाएगी। संकुल संसाधन केंद्रों को समन्वयक की भूमिका दी गई है ताकि सभी बच्चों तक किताबें समय पर पहुँचें।

बच्चों की संख्या और प्राथमिकता

पहली से पांचवीं कक्षा के नामांकित बच्चे: 83,21,515

छठी से आठवीं कक्षा के नामांकित बच्चे: 50,51,769

पुस्तकों के सेट बच्चों की संख्या और जरूरत के हिसाब से तैयार किए गए हैं। शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि नए सत्र की शुरुआत में ही सभी बच्चों के पास अपनी किताबें उपलब्ध हों, ताकि उनकी पढ़ाई में कोई रुकावट न आए। इस व्यवस्थित योजना से बच्चों को न सिर्फ समय पर पाठ्य सामग्री मिलेगी, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास में भी मदद मिलेगी।

सैनिक स्कूल झांसी में 07 पदों पर भर्ती, 10 अप्रैल तक आवेदन

न्यूज डेस्क। सैनिक स्कूल झांसी ने संविदात्मक और अस्थायी पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 7 रिक्त पदों को भरा जाएगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल 2026 है।

पद और योग्यता

कंपनी का नाम: सैनिक स्कूल झांसी

पद का नाम: संविदात्मक और अस्थायी पद

पदों की संख्या: 7

योग्यता: उम्मीदवार के पास स्नातक डिग्री, बी.एड., स्नातकोत्तर डिग्री, उच्च माध्यमिक, मध्यवर्ती विज्ञान या संगीत में डिप्लोमा होना चाहिए। विभिन्न पदों के लिए योग्यता अलग-अलग निर्धारित की गई है।

वेतन: ₹70,942 /-, ₹46,136 /-, ₹40,290 /- (पद के आधार पर)

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अधिक जानकारी के लिए नोटिश को अच्छी तरह से पढ़ें।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार सैनिक विद्यालय झांसी की आधिकारिक वेबसाइट sainikschooljhansi.com के माध्यम से ऑफलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों और फॉर्म को वेबसाइट से डाउनलोड कर भरा जा सकता है।

महत्वपूर्ण सुझाव

आवेदन जमा करने से पहले सभी दस्तावेजों की पुष्टि कर लें। अंतिम तिथि से पहले आवेदन सुनिश्चित करें। वेतन, पद और योग्यता के विवरण के लिए नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ें। यह भर्ती उन उम्मीदवारों के लिए है जो शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक हैं।

रविवार को भाग्य खुलने वाला है! इन 5 राशियों के जीवन में आएगी खुशखबरी

राशिफल। रविवार का दिन कई बार भाग्य बदलने और शुभ समाचार लाने वाला साबित होता है। इस रविवार कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सुख, समृद्धि और सफलता लेकर आने वाला है। ग्रहों की स्थिति और शुभ योग के चलते इन पांच राशियों को लाभ और खुशखबरी मिलने की संभावना है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह रविवार आर्थिक और करियर के मामले में शुभ रहेगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होंगे और निवेश या नए व्यवसाय में लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नए अवसर मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा लेकिन तनाव से बचने के लिए ध्यान और योग लाभकारी रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह दिन पारिवारिक खुशियों और सामाजिक मान-सम्मान का है। परिवार में नया अवसर खुशखबरी ला सकता है। मित्रों और सहकर्मियों के साथ संबंध मजबूत होंगे। नए प्रोजेक्ट या सरकारी कामों में सफलता मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह रविवार आर्थिक मामलों में लाभकारी रहेगा। अचानक कोई धन लाभ या उधार लिया पैसा वापस मिलने की संभावना है। साथ ही घर और संपत्ति संबंधी मामलों में लाभ होगा। किसी पुराने विवाद का समाधान भी होने की संभावना है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातक लंबे समय से प्रतीक्षित कार्यों में सफलता पाएंगे। व्यापार, नौकरी या शिक्षा में लाभ होगा। यात्रा करने का प्लान है तो यह समय अनुकूल रहेगा। मित्रों और परिवार से सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा, लेकिन अधिक मेहनत से बचें।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह रविवार करियर और आर्थिक क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं, और बिजनेस में लाभ की संभावना है। निवेश में लाभ हो सकता है और पुराने कर्ज़ से मुक्ति मिलेगी।

खुशखबरी की बड़ी सौगात: यूपी में आई 1 नई भर्ती, युवाओं के लिए बड़ा मौका!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने Assistant Statistical Officer (ASO) / Assistant Research Officer (ARO) पदों के लिए भर्ती नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में कुल 929 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

पात्रता और योग्यता

इस भर्ती के लिए केवल PET-2025 पास पोस्टग्रेजुएट उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। योग्य विषयों में Statistics, Mathematics, Economics, और Commerce शामिल हैं।

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से होगी और अंतिम तिथि 11 मई 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाना होगा।

वेतन और पद का विवरण

कुल पद: 929

वेतनमान: अधिकांश पदों के लिए ₹35,400 – ₹1,12,400 (Level-6); कुछ पदों के लिए ₹9,300 – ₹34,800 (Level-6)

ऐसे करे आवेदन

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर प्रकाशित नोटिफिकेशन को अच्छी तरह से पढ़ें और आवेदन की प्रक्रिया को पूरा करें।

आवेदन की तिथि: आवेदन की शुरुआत 21 अप्रैल 2026 से होगी और अंतिम तिथि 11 मई 2026 निर्धारित की गई है।

यूपी में बेटियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

कासगंज। उत्तर प्रदेश सरकार ने श्रमिक परिवारों की बेटियों के लिए एक बड़ी राहत की घोषणा की है। उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड ने “कन्या विवाह सहायता योजना” के तहत श्रमिकों की बेटियों के विवाह में आर्थिक मदद देने का निर्णय लिया है।

योजना के तहत क्या मिलेगा लाभ

इस योजना में पंजीकृत श्रमिक परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए 85 हजार रुपये सीधे बैंक खाते में भेजे जाएंगे। इसके अलावा 15 हजार रुपये सामूहिक विवाह के खर्चों के लिए अलग रखे जाएंगे, जिसमें विवाह समारोह के दौरान भोजन और अन्य व्यवस्थाएं शामिल हैं। सामूहिक विवाह का आयोजन 12 अप्रैल को मंडल स्तर पर अलीगढ़ में किया जाएगा। आवेदन करने की अंतिम तिथि 27 मार्च है, और पात्र श्रमिक आवेदन जमा करा सकते हैं।

पात्रता और शर्तें

योजना का लाभ पाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:

श्रमिक का पंजीकरण श्रम विभाग में कम से कम एक वर्ष पुराना होना चाहिए।

विवाह की तिथि पर वधू की आयु 18 वर्ष और वर की आयु 21 वर्ष पूर्ण होनी चाहिए।

योजना का लाभ अधिकतम दो पुत्रियों तक ही लिया जा सकता है।

आवश्यक दस्तावेज

पात्रता के लिए आवेदन के साथ ये दस्तावेज जमा करने होंगे: श्रमिक का पंजीकरण प्रमाण पत्र, वर-वधू के माता-पिता के आधार कार्ड, वर-वधू के जन्म प्रमाण पत्र और शैक्षिक प्रमाण पत्र, पूर्व में विवाह न होने का शपथ पत्र, किसी अन्य योजना में विवाह संबंधी लाभ न लेने का प्रमाण पत्र, राशन कार्ड या परिवार रजिस्टर की प्रति। 

बंगाल चुनाव की भयंकर टक्कर, ममता या बीजेपी – किसका पलड़ा भारी?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 ने राजनीतिक गलियारों में तहलका मचा दिया है। इस बार 294 सीटों पर होने वाले चुनाव दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को होंगे, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होगी। सत्ता पर कब्ज़ा पाने की दौड़ में मुख्य मुकाबला टीएमसी और बीजेपी के बीच है, और दोनों पार्टियां हर कीमत पर अपनी ताकत दिखाने को तैयार हैं।

ममता बनर्जी चौथी बार लगातार मुख्यमंत्री बनने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उन्हें इस बार कई नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, बीजेपी इस चुनाव में सिर्फ बहुमत हासिल करना नहीं बल्कि प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता पर कब्ज़ा करना चाहती है। 2021 में बीजेपी ने 77 सीटों पर जीत हासिल की थी, जबकि टीएमसी 215 सीटों पर भारी साबित हुई थी। 2016 की तुलना में बीजेपी की बढ़त इस बार कहीं ज्यादा दिखाई दे रही है।

बीजेपी का आक्रामक अभियान

बीजेपी ने इस चुनाव में 160 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है। पार्टी ने हिंदुत्व आधारित वैचारिक ध्रुवीकरण और सत्ता विरोधी लहर का सहारा लेते हुए बंगाल में अपनी पकड़ मजबूत करने की रणनीति अपनाई है। भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर पार्टी ने जनता का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

ममता बनर्जी के सामने चुनौती

ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी के सामने इस बार कई बड़े सवाल हैं। सत्ता विरोधी माहौल, पार्टी में आंतरिक कलह, भ्रष्टाचार के आरोप और वोटर सूची से मतदाताओं के नाम कटने की समस्याएं ममता के लिए चिंता का कारण हैं। विशेष रूप से शहरी इलाकों में जैसे कोलकाता में नाम कटने से नाराजगी बढ़ रही है, जिसे नियंत्रित करना टीएमसी के लिए चुनौती साबित हो सकता है।

भ्रष्टाचार और आंतरिक गुटबाजी

टीएमसी पर पिछले कुछ सालों में भ्रष्टाचार के आरोप लगते रहे हैं। शिक्षक भर्ती घोटाला, पीडीएस स्कैम और कैटल स्मगलिंग जैसे मामले बीजेपी के लिए चुनावी हथियार बन गए हैं। इसके अलावा, पार्टी के भीतर गुटबाजी भी बढ़ी है। ममता ने 74 विधायकों का टिकट काटा और 15 विधायकों की सीट बदल दी, जिससे स्थानीय स्तर पर संगठन कमजोर हो सकता है।

बंगाल चुनाव का रोमांच

इस बार का बंगाल चुनाव किसी भी दल के लिए आसान नहीं है। बीजेपी और टीएमसी के बीच टकराव इस चुनाव को बेहद रोमांचक और अप्रत्याशित बना रहा है। क्या ममता बनर्जी चौथी बार सत्ता में लौटेंगी, या बीजेपी इस बार बंगाल में अपनी मजबूत पकड़ बनाएगी, यह सवाल पूरे राज्य की नजरों में है। बंगाल चुनाव 2026 सिर्फ सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि सत्ता और रणनीति की भयंकर टक्कर है। हर चरण में परिणाम राज्य की राजनीति का नया इतिहास लिख सकते हैं।

ग्रेजुएट पास के लिए बड़ा अवसर: 150 पदों पर भर्ती, जल्द करें आवेदन

न्यूज डेस्क। असम के युवाओं के लिए नौकरी का एक महत्वपूर्ण अवसर सामने आया है। असम कोऑपरेटिव एप्पेक्स बैंक (Assam Cooperative Apex Bank) ने 2026 में सहायक (Assistant) पदों के लिए भर्ती की अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती सभी ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए खुली है, और आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह से ऑनलाइन होगी।

पदों का विवरण

कंपनी का नाम: Assam Cooperative Apex Bank

पद का नाम: Assistant (सहायक)

कुल पद: 150

वेतन: ₹18,730 से ₹68,040 प्रति माह + ग्रेड पे ₹4,400 + अन्य मान्य भत्ते

पात्रता

किसी भी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट होना आवश्यक है, न्यूनतम 45% अंक होना चाहिए। कंप्यूटर की अच्छी जानकारी और कंप्यूटर प्रवीणता प्रमाणपत्र आवश्यक। न्यूनतम 21 वर्ष, अधिकतम 38 वर्ष निर्धारित किया गया हैं।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन की शुरुआत: 20 मार्च 2026

अंतिम तिथि: 19 अप्रैल 2026

आधिकारिक वेबसाइट: acab.bank.in

भर्ती का महत्व

यह अवसर ग्रेजुएट उम्मीदवारों के लिए वित्तीय क्षेत्र में स्थिर और प्रतिष्ठित करियर बनाने का एक शानदार रास्ता है। बैंकिंग सेक्टर में यह पद न केवल अच्छे वेतन के साथ आता है, बल्कि कर्मचारी लाभ और करियर ग्रोथ के भी कई अवसर प्रदान करता है।

सूर्य की तेज नजर इन 5 राशियों पर, भाग्य खुलेगा और तरक्की होगी

राशिफल। सूर्य का स्थान हमेशा जीवन में ऊर्जा, सत्ता और सफलता को प्रभावित करता है। इस समय सूर्य की तेज नजर कुछ राशियों पर विशेष रूप से प्रभाव डाल रही है। इन राशियों के लिए भाग्य के नए अवसर खुलने वाले हैं और करियर, शिक्षा, और आर्थिक मामलों में तरक्की के योग बन रहे हैं। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में:

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव विशेष रूप से करियर और व्यक्तिगत जीवन में दिखाई दे रहा है। इस समय कार्यक्षेत्र में सम्मान और पदोन्नति के योग बन रहे हैं। निवेश और व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवारिक जीवन में भी सुख और सहयोग का माहौल रहेगा।

सुझाव: नई योजनाओं की शुरुआत करें और बड़े निर्णय सोच-समझकर लें।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए सूर्य हमेशा से ही विशेष महत्व रखता है क्योंकि यह राशि सूर्य की राशि है। इस समय स्वास्थ्य में सुधार और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। नौकरीपेशा लोग प्रशंसा और बोनस के योग्य बनेंगे, जबकि व्यवसायी नए प्रोजेक्ट्स से लाभ कमा सकते हैं।

सुझाव: अपने आत्मविश्वास का सही दिशा में इस्तेमाल करें और बड़े अवसरों से न घबराएं।

3. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय शिक्षा, यात्रा और विदेशी मामलों में लाभदायक है। विद्यार्थियों के लिए अच्छे परिणाम आने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति और सम्मान के अवसर भी मिल सकते हैं। यात्रा के दौरान लाभ और नए संपर्क बन सकते हैं।

सुझाव: योजना बनाकर कदम उठाएं और जरूरी दस्तावेजों की जांच जरूर करें।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सूर्य की किरणें आर्थिक और करियर मामलों में शुभ संकेत दे रही हैं। लंबे समय से रुके हुए प्रोजेक्ट्स में गति आएगी और आय में वृद्धि के योग हैं। स्वास्थ्य में हल्की कमजोरी रह सकती है, इसलिए संतुलित आहार और व्यायाम पर ध्यान दें।

सुझाव: निवेश और बड़े खर्च में विवेक का प्रयोग करें।

5. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह समय निजी जीवन और संबंधों में सकारात्मक बदलाव लाने वाला है। भाग्य की मदद से नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और पुराने कर्ज या भुगतान का समाधान निकल सकता है।

सुझाव: धैर्य रखें और अपने संपर्क नेटवर्क को बढ़ाने पर ध्यान दें।

कल बनेगा शक्तिशाली रवि योग: 5 राशियों की किस्मत बदलेगी, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनिवार को बनने वाला रवि योग कई राशियों के लिए विशेष फलदायी साबित हो सकता है। सूर्य के प्रभाव से बनने वाला यह शुभ योग सफलता, मान-सम्मान और आर्थिक लाभ का संकेत देता है। ऐसे में पांच राशियों के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक, इस दौरान किए गए कार्यों में सफलता की संभावना अधिक रहती है और रुके हुए काम भी गति पकड़ते हैं। आइए जानते हैं किन राशियों पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ेगा।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में भी लाभ के अवसर बनेंगे।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लिए रवि योग करियर में उन्नति लेकर आएगा। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

सिंह राशि:

सिंह राशि वालों के लिए यह योग बेहद शुभ माना जा रहा है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नेतृत्व क्षमता में निखार आएगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिल सकती है।

तुला राशि:

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय संतुलन और सुख-समृद्धि का रहेगा। पारिवारिक जीवन में खुशहाली आएगी और आर्थिक मामलों में सुधार होगा। साझेदारी के कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं।

मकर राशि:

मकर राशि के लोगों को मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। नौकरी में स्थिरता आएगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। निवेश से भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

ट्रंप का सख्त रुख: युद्धविराम से इनकार—ईरान को कर देंगे तबाह

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में जारी तनाव अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां कूटनीतिक प्रयास कमजोर पड़ते दिख रहे हैं और सैन्य कार्रवाई तेज होती जा रही है। डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान ने इस तनाव को और बढ़ा दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि फिलहाल युद्ध रोकने का कोई इरादा नहीं है और अमेरिका अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटेगा।

युद्धविराम पर सख्ती, साफ संदेश

ट्रंप ने संकेत दिया है कि जब तक विरोधी ताकत पूरी तरह कमजोर नहीं हो जाती, तब तक युद्धविराम का सवाल ही नहीं उठता। उनके इस रुख से यह स्पष्ट है कि अमेरिका इस संघर्ष को निर्णायक रूप से खत्म करना चाहता है, न कि केवल अस्थायी शांति चाहता है।

ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति

अमेरिका का मुख्य फोकस ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है। रणनीतिक रूप से अहम ठिकानों को निशाना बनाकर अमेरिका क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहता है। इससे पूरे मिडिल ईस्ट में अस्थिरता का खतरा और बढ़ गया है।

होर्मुज जलडमरूमध्य बना चिंता

होर्मुज जलडमरूमध्य इस समय वैश्विक चिंता का सबसे बड़ा कारण बन चुका है। दुनिया के बड़े हिस्से का तेल और गैस इसी रास्ते से गुजरता है। इस मार्ग के प्रभावित होने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा संकट गहरा सकता है और तेल की कीमतों में उछाल आ सकता है।

ट्रंप ने सहयोगियों पर भी बनाया दबाव

ट्रंप ने अपने सहयोगी देशों से भी खुलकर समर्थन देने की अपेक्षा जताई है। उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा हालात में केवल बयानबाजी नहीं, बल्कि ठोस सैन्य और रणनीतिक सहयोग की जरूरत है। इससे पश्चिमी देशों के बीच भी कूटनीतिक दबाव बढ़ गया है।

ममता बनर्जी के आगे कई चुनौतियां... बीजेपी के लिए मौका?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की घोषणा के साथ ही राज्य की सियासत पूरी तरह गरमा गई है। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के बीच माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जहां लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं, वहीं बीजेपी इस बार बंगाल में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ पूरी ताकत झोंक चुकी है।

जीत के लिए बीजेपी का आक्रामक लक्ष्य

बीजेपी ने इस चुनाव में 160 सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है, जो बहुमत के आंकड़े 148 से कहीं अधिक है। 2021 के चुनाव में जहां बीजेपी 77 सीटों तक पहुंची थी, वहीं टीएमसी ने 200 से अधिक सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल किया था। इस बार बीजेपी सत्ता विरोधी माहौल, केंद्र नेतृत्व और स्थानीय मुद्दों के सहारे अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश में है।

ममता बनर्जी के सामने बड़ी चुनौतियां

करीब 15 साल से सत्ता में काबिज टीएमसी को इस बार कई मोर्चों पर चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। सबसे बड़ी चुनौती सत्ता विरोधी लहर मानी जा रही है, जो लंबे समय तक शासन में रहने वाली किसी भी सरकार के लिए स्वाभाविक होती है। इसके अलावा बेरोजगारी, विकास की गति और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे भी विपक्ष के लिए बड़े हथियार बने हुए हैं। इन सवालों का जवाब देना टीएमसी नेतृत्व के लिए आसान नहीं होगा।

मतदाता सूची विवाद बना अहम मुद्दा

इस चुनाव में मतदाता सूची का संशोधन भी बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। बड़ी संख्या में नाम हटने की खबरों ने खासकर शहरी इलाकों में नाराजगी बढ़ाई है। इसका असर चुनावी गणित पर पड़ सकता है और टीएमसी के लिए यह चिंता का विषय है।

भ्रष्टाचार के आरोपों का भी दबाव

पिछले कुछ वर्षों में टीएमसी पर लगे विभिन्न भ्रष्टाचार के आरोप भी चुनावी माहौल को प्रभावित कर रहे हैं। विपक्ष इन मुद्दों को जोर-शोर से उठा रहा है, जिससे पार्टी की छवि पर असर पड़ा है। ऐसे में इन आरोपों का प्रभाव कम करना ममता बनर्जी के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।

संगठन में अंदरूनी खींचतान 

टीएमसी के भीतर बढ़ती गुटबाजी भी एक बड़ी परेशानी के रूप में सामने आई है। टिकट वितरण में बड़े बदलाव के कारण असंतोष की स्थिति बनी हुई है। कई नेताओं के बगावती तेवर चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकते हैं।

बीजेपी के लिए अवसर

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि टीएमसी की इन चुनौतियों से बीजेपी को फायदा मिल सकता है। बीजेपी लगातार जन मुद्दों, भ्रष्टाचार और कानून-व्यवस्था को केंद्र में रखकर चुनावी अभियान चला रही है। हालांकि इस बार का चुनाव कांटे के टक्कर का होगा।

IMD अलर्ट: यूपी के कई जिलों में तेज बारिश और वज्रपात के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन साथ ही सतर्क रहने की जरूरत भी बढ़ गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर जारी है।

पश्चिमी यूपी में ज्यादा असर

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद, नोएडा, मेरठ, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, आगरा और अलीगढ़ सहित कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है। कुछ स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वी यूपी में भी दिखा असर

आपको बता दें की राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी बादल छाए रहने, हल्की बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है। हालांकि इन इलाकों में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है।

तापमान में आई गिरावट

बारिश और बादलों के चलते प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में तापमान में 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है। अधिकतम तापमान 26 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जिससे मार्च में हल्की ठंडक महसूस की जा रही है।

किसानों और यात्रियों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि और वज्रपात की आशंका जताई है। तेज हवाओं के कारण पेड़ों की शाखाएं टूटने और बिजली गिरने का खतरा भी बना हुआ है। ऐसे में किसानों और यात्रियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों और खेतों में काम करते समय सतर्क रहने को कहा गया है।

उत्तर प्रदेश में जल्द सामान्य होगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव अस्थायी है और अगले एक-दो दिनों में मौसम धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। इसके बाद तापमान में फिर से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

यूपी में शिक्षकों के हित में बड़ा निर्णय, सरकार ने दी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षकों के अधिकारों की रक्षा और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों के निलंबन से जुड़े मामलों को तय समय सीमा के भीतर ही निपटाया जाए, अन्यथा जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

60 दिन की समय सीमा पर सख्ती

सरकार ने साफ किया है कि किसी भी शिक्षक के निलंबन के बाद 60 दिनों के भीतर उसका अनुमोदन या निरस्तीकरण अनिवार्य रूप से किया जाना चाहिए। यदि निर्धारित समय सीमा में निर्णय नहीं लिया जाता, तो संबंधित कार्रवाई को विधि के अनुसार अमान्य माना जाएगा। इसके बावजूद कई मामलों में महीनों तक फाइलें लंबित रहने की शिकायतें सामने आई हैं।

39 जिलों में मिलीं गंभीर शिकायतें

शासन स्तर पर ऐसे 39 जिलों की पहचान की गई है, जहां निलंबन मामलों को अनावश्यक रूप से लटकाने की प्रवृत्ति पाई गई है। इन जिलों में शिक्षकों के उत्पीड़न से जुड़ी कई शिकायतें दर्ज की गई हैं। सरकार ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अधिकारियों को चेतावनी

माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े जिला, मंडल और निदेशालय स्तर के अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि समय सीमा का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिटिजन चार्टर के खिलाफ जाने वाले मामलों में अब सीधे कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षक संगठनों ने उठाया मुद्दा

यह मुद्दा पहले भी शिक्षक संगठनों और नेताओं द्वारा कई बार उठाया जा चुका है। उनका कहना रहा है कि निलंबन के मामलों को जानबूझकर लंबित रखकर शिक्षकों पर मानसिक और आर्थिक दबाव बनाया जाता है। 

पारदर्शिता और न्याय की दिशा में कदम

सरकार का यह फैसला न केवल शिक्षकों को राहत देने वाला है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही भी सुनिश्चित करेगा। इससे अनावश्यक देरी और उत्पीड़न की शिकायतों पर अंकुश लगने की उम्मीद है।

योगी सरकार की बड़ी तैयारी: घर खरीदना होगा आसान, मनमानी कीमतों पर लगेगी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आम लोगों के लिए घर खरीदना जल्द ही आसान हो सकता है। योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली राज्य सरकार विकास प्राधिकरणों की संपत्तियों की कीमतों पर नियंत्रण के लिए नई नीति लाने की तैयारी में है। इस पहल का उद्देश्य संपत्तियों की मनमानी कीमतों पर रोक लगाना और आवास को अधिक सुलभ बनाना है।

मनमानी कीमतों पर लगेगी रोक

अब तक प्रदेश के विभिन्न विकास प्राधिकरण अपनी योजनाओं के तहत संपत्तियों की कीमतें खुद तय करते थे, जिससे कई बार दरें इतनी अधिक हो जाती थीं कि आम लोगों की पहुंच से बाहर हो जाती थीं। सरकार अब इस व्यवस्था में बदलाव करते हुए एक स्पष्ट और पारदर्शी नीति लागू करने जा रही है, जिससे कीमतों का निर्धारण तय मानकों के आधार पर होगा।

गैर-जरूरी शुल्क होंगे खत्म

नई नीति के तहत संपत्तियों की लागत में शामिल कई अतिरिक्त और गैर-जरूरी शुल्कों को समाप्त करने की योजना है। इससे कुल लागत में कमी आएगी और मकान या फ्लैट की कीमतें स्वाभाविक रूप से कम होंगी। साथ ही विकास दरों में भी संशोधन किया जाएगा, जिससे परियोजनाओं का खर्च नियंत्रित रह सके।

‘आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन’

सरकार पहले ही ‘आदर्श कास्टिंग गाइडलाइन’ को मंजूरी दे चुकी है, जिसके तहत पुरानी संपत्तियों की कीमत तय करने के तरीके में बदलाव किया गया है। इसमें ब्याज, कंटीजेंसी और ओवरहेड चार्ज की दरों को सीमित किया गया है, जिससे पुराने आवासों की कीमतों में कमी देखने को मिली है। अब इसी मॉडल को नई परियोजनाओं में भी लागू करने की तैयारी है।

छोटे मकानों पर रहेगा खास फोकस

सरकार विशेष रूप से ईडब्ल्यूएस (EWS), एलआईजी (LIG) और मिनी एमआईजी श्रेणी के मकानों पर ध्यान केंद्रित कर रही है। ये वही वर्ग हैं जिनकी जरूरत आम और मध्यम वर्गीय परिवारों को सबसे ज्यादा होती है। अधिकारियों का मानना है कि बड़े मकानों की तुलना में छोटे घरों की कीमत कम रखना ज्यादा जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपने घर का सपना पूरा कर सकें।

योजनाओं से जोड़ा जाएगा कई लाभ

सरकार इस नई नीति को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी से जोड़ने पर भी विचार कर रही है। इससे पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त सब्सिडी और वित्तीय सहायता मिल सकेगी, जिससे घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा।

बिहार को जल्द मिलेंगे 5006 एएनएम, स्वास्थ्य सेवाएं होंगी मजबूत

पटना। बिहार के सरकारी अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य के विभिन्न अस्पतालों में चयनित 5006 एएनएम (Auxiliary Nurse Midwife) की नियुक्ति प्रक्रिया अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और जल्द ही उनकी पदस्थापना शुरू होने की उम्मीद है।

राज्य स्वास्थ्य समिति बिहार ने इस पूरी प्रक्रिया की तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। सभी जिलों से अस्पतालवार रिक्त पदों की सूची भी प्राप्त कर ली गई है, जिससे तैनाती का रास्ता साफ हो गया है।

न्यायालय के फैसले का इंतजार

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नियुक्ति से जुड़ा एक मामला फिलहाल उच्च न्यायालय में लंबित है। माना जा रहा है कि अगले दो-तीन दिनों में इस पर फैसला आ सकता है। न्यायालय के निर्णय के बाद ही अभ्यर्थियों को अस्पताल आवंटित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

मेधा सूची तैयार, जल्द होगा आवंटन

भर्ती प्रक्रिया के तहत अभ्यर्थियों की अंतिम मेधा सूची तैयार कर ली गई है। चयनित उम्मीदवारों को उनके द्वारा दिए गए विकल्पों और रैंक के आधार पर जिलों के विभिन्न अस्पतालों में पदस्थापित किया जाएगा। यह नियुक्ति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संविदा आधारित पदों पर की जा रही है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाना है।

परीक्षा प्रक्रिया पहले ही हो चुकी

इन पदों के लिए दिसंबर 2025 में राज्यभर के विभिन्न केंद्रों पर कंप्यूटर आधारित परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद अब पूरी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार है।

स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा मजबूती

दरअसल, बड़ी संख्या में एएनएम की तैनाती से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों में मरीजों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी। खासकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है।

आंखों को बनाएं मजबूत: रोज खाएं ये 5 चीजें, मिलेगा जबरदस्त फायदा

हेल्थ डेस्क। आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और टीवी के बढ़ते इस्तेमाल ने आंखों की सेहत पर गंभीर असर डालना शुरू कर दिया है। लगातार स्क्रीन देखने से आंखों में जलन, थकान और कमजोर नजर जैसी समस्याएं आम होती जा रही हैं। ऐसे में विशेषज्ञ संतुलित आहार को आंखों की सेहत के लिए बेहद जरूरी मानते हैं। कुछ खास पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ आंखों की रोशनी बढ़ाने और उन्हें लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

गाजर: विटामिन A का बेहतरीन स्रोत

गाजर को आंखों के लिए सबसे फायदेमंद माना जाता है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन A और बीटा-कैरोटीन होता है, जो रेटिना को मजबूत बनाता है। नियमित रूप से गाजर खाने से नजर तेज होती है और रात में देखने की क्षमता भी बेहतर होती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां: आंखों की सुरक्षा

पालक, मेथी और सरसों जैसी हरी सब्जियां ल्यूटिन और ज़ीएक्सैंथिन जैसे तत्वों से भरपूर होती हैं। ये पोषक तत्व आंखों को नुकसान पहुंचाने वाली हानिकारक रोशनी से बचाते हैं और उम्र से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करते हैं।

बादाम और अखरोट: पोषण का पावरहाउस

सूखे मेवे, खासकर बादाम और अखरोट, विटामिन E और ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। ये आंखों की कोशिकाओं को नुकसान से बचाते हैं और सूखापन व थकान को कम करने में मदद करते हैं।

आंवला: इम्युनिटी के साथ आंखों को भी फायदा

आंवला विटामिन C का अच्छा स्रोत है, जो आंखों की रक्त वाहिकाओं को मजबूत बनाता है। इससे आंखों की कार्यक्षमता बेहतर होती है और संक्रमण का खतरा कम होता है।

मछली: ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर है ये विकल्प 

सैल्मन और ट्यूना जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड का अच्छा स्रोत हैं, जो आंखों के सूखेपन को कम करने और दृष्टि को बेहतर बनाए रखने में मदद करती हैं।

यूपी में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात, बढ़ा वेतन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत लाखों कर्मचारियों के लिए सरकार ने बड़ी सौगात दी है। राज्य सरकार ने करीब दो लाख कर्मचारियों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी करने के साथ-साथ उन्हें सामाजिक सुरक्षा का लाभ देने का भी फैसला किया है।

बता दें की यह घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा विधानसभा में की गई थी, जिसके बाद अब इसके क्रियान्वयन के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है। सरकार ने इस योजना के लिए अतिरिक्त धनराशि उपलब्ध कराते हुए कुल 2223 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है। नई वेतन दरें अप्रैल 2025 से लागू मानी जाएंगी।

वेतन में बड़ा इजाफा

नई व्यवस्था के तहत विभिन्न पदों के लिए न्यूनतम वेतन तय कर दिया गया है।

चपरासी और चौकीदार का वेतन लगभग ₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000

डाटा एंट्री ऑपरेटर और कंप्यूटर सहायक का वेतन ₹14,000 से बढ़ाकर ₹23,000

शिक्षण कार्य से जुड़े कर्मचारियों को ₹25,000 तक मानदेय

डॉक्टरों के लिए वेतन ₹40,000 तक निर्धारित

इस बढ़ोतरी से कर्मचारियों की आय में सीधा सुधार होगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा

सरकार ने सिर्फ वेतन ही नहीं बढ़ाया, बल्कि कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में भी लाया है। अब उन्हें 13% EPF (कर्मचारी भविष्य निधि), 3.25% ESI (स्वास्थ्य बीमा) का लाभ भी मिलेगा, जिससे भविष्य और स्वास्थ्य दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

नई भर्ती व्यवस्था लागू

राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम (UPCOS) का गठन किया है। अब सभी आउटसोर्सिंग भर्तियां इसी निगम के माध्यम से की जाएंगी। पहले निजी एजेंसियों के जरिए नियुक्ति होने के कारण वेतन में देरी और शोषण की शिकायतें आती थीं, लेकिन नई व्यवस्था से इन समस्याओं पर रोक लगने की उम्मीद है।

आरक्षण का भी मिलेगा लाभ

नई भर्ती प्रणाली में आरक्षण व्यवस्था को भी लागू किया गया है। इसके तहत

अनुसूचित जाति (SC) – 21%

अनुसूचित जनजाति (ST) – 2%

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) – 27%

आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) – 10% का प्रावधान किया गया है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: तेल-गैस को लेकर लागू किया यह नियम

नई दिल्ली। वैश्विक स्तर पर बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव, खासकर पश्चिम एशिया में जारी हालात के बीच केंद्र सरकार ने देश में ईंधन आपूर्ति को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 को लागू कर दिया है, ताकि तेल और गैस की सप्लाई सुचारु बनी रहे और किसी तरह की जमाखोरी या कालाबाजारी को रोका जा सके।

क्यों उठाया गया यह कदम?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में अस्थिरता का सीधा असर देश की सप्लाई और कीमतों पर पड़ता है। मौजूदा हालात को देखते हुए सरकार ने पहले से ही एहतियाती कदम उठाते हुए यह नियम लागू किया है, ताकि आम लोगों को किसी तरह की कमी का सामना न करना पड़े।

क्या है धारा-3 का प्रावधान?

आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3 सरकार को विशेष अधिकार देती है। इसके तहत सरकार जरूरी वस्तुओं की सप्लाई, वितरण, कीमत, भंडारण (स्टॉक) पर नियंत्रण कर सकती है। इसका मकसद साफ है की जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना और बाजार में कृत्रिम कमी पैदा करने वालों पर सख्ती करना।

कंपनियों पर बढ़ेगी निगरानी

इस नियम के लागू होने के बाद तेल और गैस से जुड़ी कंपनियों को अपने उत्पादन, भंडारण और वितरण से जुड़ी पूरी जानकारी सरकार को देनी होगी। इसके लिए डेटा पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (PPAC) के साथ साझा करना अनिवार्य किया गया है। अब कंपनियों को बताना होगा कि वे कितना तेल निकाल रही हैं, कितना रिफाइन कर रही हैं, कितना स्टॉक में है और कितनी मात्रा आयात की जा रही है।

कब लागू होता है ऐसा कानून?

सरकार आमतौर पर इस तरह के सख्त कदम तभी उठाती है, जब किसी जरूरी वस्तु की कमी या कीमतों में असामान्य बढ़ोतरी का खतरा हो। युद्ध, महामारी या वैश्विक आर्थिक संकट जैसे हालात में यह कानून लागू किया जाता है ताकि बाजार में संतुलन बनाए रखा जा सके।

आम लोगों पर क्या होगा असर?

जानकारों का मानना है कि इस फैसले से आम उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। ईंधन की कृत्रिम कमी पर रोक लगेगी, कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती होगी और कीमतों को नियंत्रित रखने में मदद मिलेगी।

ब्रिटेन का बड़ा फैसला: US को दिए सैन्य बेस, ईरान में बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। मध्य पूर्व में लगातार बढ़ते तनाव के बीच यूनाइटेड किंगडम ने अपनी नीति में अहम बदलाव करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका को अपने सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब ईरान और पश्चिमी देशों के बीच टकराव तेज होता जा रहा है।

ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के कार्यालय डाउनिंग स्ट्रीट ने पुष्टि की है कि अमेरिकी सेना अब ब्रिटेन के कुछ अहम सैन्य ठिकानों का उपयोग कर सकेगी। इन ठिकानों में आरएएफ फेयरफोर्ड और हिंद महासागर में स्थित डिएगो गार्सिया प्रमुख हैं।

क्यों बदला ब्रिटेन का रुख?

कुछ दिन पहले तक ब्रिटेन इस तरह की सैन्य कार्रवाई से दूरी बनाए हुए था। प्रधानमंत्री स्टार्मर ने स्पष्ट किया था कि किसी भी कदम से पहले कानूनी आधार और संभावित परिणामों का आकलन जरूरी है। लेकिन हालिया घटनाओं खासतौर पर खाड़ी क्षेत्र में हमलों ने ब्रिटेन को अपनी रणनीति बदलने पर मजबूर कर दिया।

सरकार का कहना है कि यह निर्णय "सामूहिक आत्मरक्षा" के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य उन मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनका इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जहाजों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। विशेष रूप से स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज जैसे संवेदनशील इलाके में सुरक्षा एक बड़ी चिंता बनी हुई है।

कूटनीतिक दबाव भी बना कारण

इस फैसले के पीछे कूटनीतिक दबाव भी एक अहम वजह माना जा रहा है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटेन को "निराशाजनक सहयोगी" बताते हुए उसकी आलोचना की थी। इसके बाद ब्रिटेन का यह कदम दोनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक तालमेल को मजबूत करने की दिशा में देखा जा रहा है।

देश के भीतर उठ रहे सवाल

हालांकि, इस फैसले को लेकर ब्रिटेन के अंदर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोग इस तरह के सैन्य सहयोग को बड़े युद्ध की ओर बढ़ता कदम मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे वैश्विक सुरक्षा के लिए जरूरी बता रहे हैं।

संतुलन की कोशिश

दिलचस्प बात यह है कि सैन्य सहयोग देने के साथ-साथ ब्रिटेन ने तनाव कम करने की अपील भी की है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि उसका लक्ष्य युद्ध को बढ़ावा देना नहीं, बल्कि हालात को नियंत्रित करना और जल्द समाधान की दिशा में प्रयास करना है।

राशन सिस्टम में बदलाव! यूपी में कई दुकानें होंगी एक साथ मर्ज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को लेकर बड़ा बदलाव सामने आ रहा है। राज्य सरकार अब उन सस्ते गल्ले की दुकानों को बंद करने या नजदीकी बड़ी दुकानों में मर्ज करने की तैयारी में है, जहां राशन कार्डधारकों की संख्या 500 से कम है। इस कदम को व्यवस्था सुधार और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह फैसला खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के सुझाव के बाद लिया जा रहा है। मंत्रालय द्वारा किए गए विश्लेषण में पाया गया कि कम कार्डधारकों वाली दुकानें आर्थिक रूप से टिकाऊ नहीं हैं, जिससे वितरण प्रणाली में गड़बड़ियां और शिकायतें बढ़ रही हैं।

बड़ी संख्या में दुकानें होंगी प्रभावित

सरकारी आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में ऐसी दुकानों की संख्या काफी अधिक है। कुल मिलाकर करीब 52 हजार से ज्यादा राशन दुकानें इस दायरे में आती हैं, जिनमें ग्रामीण क्षेत्रों की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। इसको लेकर अधिकारियों को जमीनी रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि मर्जर प्रक्रिया को व्यवस्थित तरीके से लागू किया जा सके।

क्या होगा बदलाव का असर?

सरकार का दावा है कि दुकानों के विलय के बाद भी राशन वितरण में किसी तरह की कमी नहीं आएगी। बल्कि बड़े स्तर पर वितरण होने से निगरानी बेहतर होगी और गड़बड़ियों पर अंकुश लगेगा। हालांकि, जमीनी स्तर पर कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग लोगों को राशन लेने के लिए अधिक दूरी तय करनी पड़ सकती है।

कोटेदारों को होगा फायदा

जानकारों का मानना है कि छोटी दुकानों पर कम कार्डधारकों के कारण कोटेदारों की आय बेहद सीमित रहती है। इससे कई बार व्यवस्था प्रभावित होती है। मर्जर के बाद एक दुकान पर 1000 से 1500 तक कार्डधारक जुड़ सकते हैं, जिससे कोटेदारों की आय बढ़ेगी और वे बेहतर तरीके से सेवाएं दे पाएंगे।

तकनीक से होगी निगरानी

सरकार अब वितरण व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत करने पर भी जोर दे रही है। ‘ई-पॉस’ मशीनों के जरिए राशन वितरण की रियल टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी।

पेंशन में ताबड़तोड़ बढ़ोतरी? 8वां वेतन आयोग बदलेगा रिटायर्ड जिंदगी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ती जा रही हैं। 8वां वेतन आयोग के लागू होने की दिशा में प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं। ऐसे में लाखों पेंशनर्स को आय में बढ़ोतरी और आर्थिक राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद

विशेषज्ञों के अनुसार इस बार फिटमेंट फैक्टर में अहम बदलाव हो सकता है। अनुमान है कि यह 1.92 से बढ़कर 2.5 से 2.86 या उससे अधिक तक जा सकता है। यदि उच्च स्तर पर मंजूरी मिलती है, तो पेंशन में 30 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि संभव है। वर्तमान में जहां न्यूनतम पेंशन ₹9,000 है, वहीं इसके बढ़कर ₹20,000 से अधिक होने के कयास लगाए जा रहे हैं। इससे निचले वर्ग के पेंशनभोगियों को सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है।

पेंशनर्स की प्रमुख मांगें

पेंशन से जुड़े कई मुद्दे लंबे समय से उठाए जा रहे हैं। इनमें सबसे प्रमुख है कम्यूटेड पेंशन की बहाली अवधि को 15 साल से घटाकर 12 साल करना। अगर यह मांग स्वीकार होती है, तो पेंशनभोगियों को पूरी पेंशन तीन साल पहले मिलने लगेगी। इसके अलावा महंगाई राहत (DR) को बेसिक पेंशन में शामिल करने की मांग भी जोर पकड़ रही है। ऐसा होने पर भविष्य में मिलने वाली बढ़ोतरी का आधार भी मजबूत हो जाएगा।

महंगाई भत्ते पर भी नजर

महंगाई के बढ़ते असर को देखते हुए केंद्र सरकार कर्मचारियों और पेंशनर्स को राहत देने के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में समय-समय पर संशोधन करती है। जनवरी 2026 से इसमें करीब 2% की अतिरिक्त बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है, जिससे यह 60% तक पहुंच सकता है।

क्या होगा टाइमलाइन?

सरकार ने सुझाव और फीडबैक लेने के लिए MyGov प्लेटफॉर्म पर व्यवस्था शुरू की है। विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव मांगे गए हैं। आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय मिल सकता है। ऐसे में अंतिम रिपोर्ट 2027 तक आने की उम्मीद है, लेकिन लागू होने की तारीख 1 जनवरी 2026 से ही मानी जा रही है। इसका मतलब है कि पेंशनर्स को एरियर का भी लाभ मिल सकता है।

आज शनिदेव इंद्र योग में: 5 राशियों की तरक्की के खुलेंगे बड़े रास्ते

राशिफल। आज का दिन ज्योतिष की दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि शनिदेव इंद्र योग में विराजमान हैं। यह संयोग कर्म, भाग्य और सफलता के दरवाजे खोलने वाला माना जाता है। खास तौर पर 5 राशियों के लिए यह समय तरक्की, धन लाभ और करियर में उन्नति के संकेत दे रहा है।

आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा इस खास योग का लाभ।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन करियर के लिहाज से शानदार रहेगा। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं।

सावधानी: जल्दबाजी में फैसले लेने से बचें।

लाभ: आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को आज निवेश और व्यापार में फायदा मिल सकता है। पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं।

करियर: बिजनेस में विस्तार के नए अवसर मिलेंगे।

लाभ: धन लाभ के साथ पारिवारिक सुख भी बढ़ेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग सफलता का द्वार खोल सकता है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी।

करियर: बॉस और वरिष्ठ अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे।

लाभ: नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन संतुलन और प्रगति लेकर आएगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और नई योजनाएं सफल होंगी।

व्यापार: साझेदारी में काम करने वालों को फायदा होगा।

लाभ: आय के नए स्रोत बन सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ है, क्योंकि शनि का विशेष प्रभाव इस राशि पर रहता है। इससे इन्हे तरक्की मिल सकती हैं।

करियर: पदोन्नति और वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं।

लाभ: लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिलेगी और जीवन में स्थिरता आएगी।

सीएम योगी का बड़ा फैसला, यूपी के किसानों को मिलेगी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हालिया असमय बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तत्काल एक्शन लेते हुए प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। सरकार ने साफ किया है कि किसानों के हितों से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

फील्ड में उतरेंगे अधिकारी

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे खुद मैदान में उतरकर स्थिति का जायजा लें। उन्होंने जोर दिया कि फसल नुकसान का आकलन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि वास्तविक हालात के आधार पर किया जाए, ताकि सही रिपोर्ट तैयार हो सके और किसानों को उचित मदद मिल सके।

त्वरित आकलन और तुरंत राहत

सरकार का फोकस इस बात पर है कि नुकसान का आकलन तेजी से पूरा किया जाए और उसके तुरंत बाद राहत वितरण शुरू हो। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जैसे ही रिपोर्ट मिले, मुआवजे की प्रक्रिया में देरी नहीं होनी चाहिए।

राहत कार्यों में समन्वय पर जोर

मुख्यमंत्री ने राहत आयुक्त को भी निर्देश दिए हैं कि वे फील्ड में काम कर रहे अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क बनाए रखें। सभी जिलों से समय पर जानकारी जुटाकर शासन को भेजी जाए, ताकि राहत कार्यों में किसी तरह की रुकावट न आए।

पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान

सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि मुआवजा वितरण पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध हो। किसानों को राहत राशि सीधे और जल्दी मिले, इसके लिए प्रशासन को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के साथ सरकार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भरोसा दिलाया है कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशीलता के साथ काम करने को कहा, ताकि किसी भी किसान को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

खुशखबरी की बारिश! 8वें वेतन आयोग से केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेंगे 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 2026 बड़ी उम्मीदों का साल बनता जा रहा है। 8वां वेतन आयोग को लेकर लगातार नए अपडेट सामने आ रहे हैं। ताजा जानकारी के अनुसार, आयोग ने सुझाव और मांगें जमा करने की अंतिम तिथि 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी है, जिससे कर्मचारियों को अपनी आवाज रखने का अतिरिक्त मौका मिला है।

अब सबकी नजर इस बात पर है कि आयोग की सिफारिशें कितनी बड़ी राहत लेकर आती हैं। आइए जानते हैं वे 5 बड़े संभावित फायदे, जो कर्मचारियों और पेंशनर्स की जिंदगी बदल सकते हैं।

1. न्यूनतम वेतन में जबरदस्त बढ़ोतरी

सबसे बड़ी उम्मीद बेसिक सैलरी को लेकर है। वर्तमान में न्यूनतम वेतन ₹18,000 है, जो बढ़कर करीब ₹32,000 से ₹50,000 के बीच जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो लाखों कर्मचारियों की आय में सीधा बड़ा इजाफा होगा।

2. फिटमेंट फैक्टर से सैलरी में उछाल

फिटमेंट फैक्टर वह आधार होता है, जिससे नई सैलरी तय होती है। अभी यह 2.57 है, जिसे बढ़ाकर 2.86 से 3.3 तक करने की मांग की जा रही है। अगर यह 3.0 के आसपास पहुंचता है, तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में 25-30% तक बढ़ोतरी संभव है।

3. भत्तों में बड़ा बदलाव

वेतन आयोग सिर्फ सैलरी ही नहीं, बल्कि भत्तों में भी बदलाव लाता है। HRA (मकान किराया भत्ता) में बढ़ोतरी की संभावना, DA (महंगाई भत्ता) को बेसिक सैलरी में जोड़कर फिर से शून्य से शुरू किया जा सकता हैं। इससे कर्मचारियों की कुल आय और भी मजबूत हो सकती है।

4. पेंशनर्स को बड़ी राहत

करीब 68 लाख पेंशनभोगियों को भी इस आयोग से सीधा फायदा मिलेगा। न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹20,000+ हो सकती है। कुल पेंशन में 20-30% तक की बढ़ोतरी का अनुमान हैं। यह रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा का बड़ा कदम साबित होगा।

5. एरियर का बड़ा फायदा

8वां वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा रहा है। अगर रिपोर्ट आने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को उस अवधि का पूरा एरियर एक साथ मिलेगा। यह रकम काफी बड़ी हो सकती है, जो एक तरह से बोनस जैसा लाभ देगी।

अन्य संभावित मांगें

कर्मचारी संगठन सालाना इंक्रीमेंट 3% से बढ़ाकर 6% करने और करियर में अधिक प्रमोशन के अवसर देने की भी मांग कर रहे हैं। अगर ये मांगें मानी जाती हैं, तो कर्मचारियों के करियर ग्रोथ पर भी बड़ा असर पड़ेगा।

शनि की कृपा 5 राशियों पर बरसेगी, धन, करियर और जीवन में मिलेंगे बड़े मौके

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनिदेव को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। जब शनि शुभ स्थिति में होते हैं, तो वे व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता और आर्थिक मजबूती लाते हैं। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार आज का दिन 5 राशियों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं किन राशियों पर शनि की विशेष कृपा बरसने वाली है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह प्रभाव आर्थिक रूप से मजबूत बना सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना बन रही है। व्यापारियों को नए सौदे और लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। शनि की कृपा से आपकी मेहनत का पूरा फल मिलेगा। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छा समय है। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिलेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आएगा। शनि के प्रभाव से आपके रुके हुए काम पूरे होंगे। बिजनेस में विस्तार के योग बन रहे हैं। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नई पहचान बन सकती है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए शनि का यह संयोग जीवन में स्थिरता और संतुलन लेकर आएगा। करियर में सकारात्मक बदलाव होंगे और आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुलेंगे। जो लोग लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे, उन्हें अब सफलता मिल सकती है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि शनि की अपनी राशि मानी जाती है, इसलिए इस राशि के जातकों पर शनि की विशेष कृपा रहती है। इस समय आपको करियर में बड़ी सफलता मिल सकती है। नई नौकरी के अवसर, प्रमोशन और आय में वृद्धि के संकेत हैं। निवेश के लिए भी यह समय अनुकूल है। जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सर्वे ने मचा दी सनसनी: बंगाल में कौन उड़ा ले जाएगा सत्ता—टीएमसी, बीजेपी या लेफ्ट-कांग्रेस?

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत इस समय अपने चरम पर है। 294 विधानसभा सीटों के लिए 23 और 29 अप्रैल 2026 को मतदान होना है, जबकि 4 मई को नतीजे सामने आएंगे। चुनाव से पहले आए अलग-अलग सर्वे और राजनीतिक आकलन ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। इस बार मुकाबला मुख्य रूप से तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच माना जा रहा है, लेकिन मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और कांग्रेस भी अपनी जमीन मजबूत करने की कोशिश में हैं।

सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी को 148 सीटों का आंकड़ा पार करना होगा। ऐसे में हर सीट की अहमियत बढ़ गई है। हालांकि हाल ही में आई कई सर्वे बताते हैं की बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और बीजेपी के बीच जबरदस्त टक्कर देखने को मिल सकती हैं।

नारे और रणनीति से गरमाया चुनाव

चुनाव से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपने-अपने नारों के जरिए माहौल बना दिया है। ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी जहां अपने पुराने जनाधार और योजनाओं पर भरोसा जता रही है, वहीं बीजेपी ‘परिवर्तन’ के मुद्दे को केंद्र में रखकर चुनावी अभियान चला रही है। दोनों के बीच सीधी टक्कर की स्थिति बनती दिख रही है।

टीएमसी: मजबूत पकड़, लेकिन एंटी-इनकंबेंसी की चुनौती

टीएमसी पिछले एक दशक से अधिक समय से सत्ता में है और ग्रामीण क्षेत्रों में उसकी पकड़ मजबूत मानी जाती है। महिलाओं और गरीब वर्ग के लिए चलाई गई योजनाओं ने पार्टी को बड़ा वोट बैंक दिया है। हालांकि, लंबे समय तक सत्ता में रहने के कारण एंटी-इनकंबेंसी और भ्रष्टाचार के आरोप पार्टी के सामने बड़ी चुनौती बन सकते हैं। स्थानीय स्तर पर असंतोष भी चुनावी नतीजों को प्रभावित कर सकता है।

बीजेपी: आक्रामक अभियान, लेकिन स्थानीय नेतृत्व की कमी

भारतीय जनता पार्टी ने इस बार चुनाव में पूरी ताकत झोंक दी है और बड़ी जीत का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय मुद्दों को उठाकर पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में है। फिर भी, राज्य स्तर पर मजबूत स्थानीय चेहरों की कमी और ‘बाहरी’ की छवि बीजेपी के लिए बाधा बन सकती है।

वाम दल: वापसी की कोशिश, लेकिन घटता जनाधार और कमजोर संगठनात्मक

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, जिसने 34 वर्षों तक बंगाल पर शासन किया, अब फिर से अपनी जमीन तलाश रही है। हाल के आंदोलनों और मुद्दों के जरिए पार्टी ने अपनी सक्रियता दिखाई है। हालांकि, घटता जनाधार और कमजोर संगठनात्मक ढांचा उसकी राह को मुश्किल बना सकता है।

कांग्रेस: अकेले चुनाव में किस्मत आजमाने का फैसला, लेकिन सीमित संसाधन और कमजोर नेटवर्क

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने इस बार वाम दलों से अलग होकर अकेले चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। पार्टी अपने पारंपरिक गढ़ मालदा, मुर्शिदाबाद और नदिया पर भरोसा कर रही है। लेकिन सीमित संसाधन और कमजोर नेटवर्क कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।

यूपी में इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी: मिलेगी पुरानी पेंशन का लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे समय से पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग कर रहे विषय विशेषज्ञ शिक्षकों के लिए आखिरकार राहत भरी खबर सामने आई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के बजाय पुरानी पेंशन योजना चुनने का विकल्प देने का निर्णय लिया है।

2200 शिक्षकों को मिलेगा फायदा

प्रदेश के करीब 2200 विषय विशेषज्ञ शिक्षक इस फैसले से सीधे लाभान्वित होंगे। ये सभी शिक्षक वर्ष 2002 में नियुक्त हुए थे और लंबे समय से OPS में शामिल किए जाने की मांग कर रहे थे।

पहले नहीं मिल पा रहा था लाभ

सरकार ने पहले ही 28 मार्च 2025 से पहले चयनित शिक्षकों को पुरानी पेंशन का लाभ देने का निर्णय लिया था, लेकिन किसी कारणवश विषय विशेषज्ञों को इसका फायदा नहीं मिल पा रहा था। इस वजह से शिक्षकों में नाराजगी भी थी।

लगातार उठ रही थी मांग

इस मुद्दे को माध्यमिक शिक्षक संघ लगातार उठा रहा था। साथ ही विधान परिषद में भी यह मामला जोर-शोर से उठाया गया, जिसके बाद सरकार ने इस पर गंभीरता से विचार किया।

विभाग ने जारी किए निर्देश

माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे सरकार ने मंजूरी दे दी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत विषय विशेषज्ञों को OPS चुनने का अवसर दिया जाए।

क्या होगा फायदा?

पुरानी पेंशन योजना में रिटायरमेंट के बाद निश्चित पेंशन मिलती है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है। इसके मुकाबले NPS बाजार आधारित है, जिसमें जोखिम बना रहता है। ऐसे में OPS का विकल्प मिलना शिक्षकों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।