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30 मार्च को आदित्य मंगल योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत और खुलेगा तरक्की का रास्ता

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 30 मार्च का दिन बेहद खास माना जा रहा है, क्योंकि इस दिन आदित्य मंगल योग का निर्माण हो रहा है। यह योग तब बनता है जब सूर्य और मंगल एक साथ आते हैं, जिससे ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता के नए द्वार खुलते हैं। इस बार यह शुभ संयोग खास तौर पर 5 राशियों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह योग बेहद शुभ रहने वाला है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपके काम की सराहना होगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। व्यापार करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे होंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की का संकेत दे रहा है। नौकरी में प्रमोशन या नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को इस योग का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। पुराने अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। धन लाभ के योग बन रहे हैं और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिलेंगे। स्वास्थ्य में भी सुधार रहेगा और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

मकर राशि

मकर राशि के लिए यह योग सफलता का नया अध्याय खोल सकता है। बिजनेस में विस्तार के मौके मिलेंगे और निवेश से लाभ होगा। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति मिल सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और जीवन में स्थिरता आएगी।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय बेहद अनुकूल रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। करियर में सकारात्मक बदलाव आएंगे और नए अवसर मिलेंगे। दोस्तों और परिवार के साथ अच्छे संबंध बनेंगे।

बंगाल, असम और तमिलनाडु में BJP की ताकत कितनी? जानिए कुल विधायकों का आंकड़ा

न्यूज डेस्क। भारत की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP) का विस्तार लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। लेकिन हर राज्य में पार्टी की स्थिति एक जैसी नहीं है। पश्चिम बंगाल, असम और तमिलनाडु—इन तीन राज्यों में BJP की ताकत अलग-अलग रूप में दिखाई देती है। कहीं पार्टी सत्ता में है, तो कहीं मजबूत विपक्ष और कहीं अभी भी जमीन तलाश रही है।

पश्चिम बंगाल: सत्ता से दूर, लेकिन मजबूत विपक्ष

पश्चिम बंगाल में BJP सरकार में नहीं है, फिर भी विपक्ष के तौर पर उसकी मौजूदगी काफी अहम बनी हुई है। विधानसभा में पार्टी के 64 विधायक हैं, जो उसे राज्य की प्रमुख विपक्षी ताकत बनाते हैं। राज्य की राजनीति में BJP लगातार सक्रिय है और सत्ताधारी दल के खिलाफ अपनी भूमिका निभा रही है। पार्टी यहां अपने संगठन को और मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।

असम: सत्ता के साथ मजबूत पकड़

असम BJP के लिए सबसे मजबूत राज्यों में गिना जाता है। यहां पार्टी न सिर्फ सरकार चला रही है, बल्कि उसके 64 विधायक भी हैं, जो उसकी राजनीतिक स्थिति को और मजबूत बनाते हैं। सत्ता और संगठन दोनों स्तर पर मजबूत होने के कारण BJP यहां लंबे समय तक प्रभाव बनाए रखने की स्थिति में दिखाई देती है।

तमिलनाडु: अभी सीमित दायरा

दक्षिण भारत के तमिलनाडु में BJP की मौजूदगी फिलहाल सीमित है। विधानसभा में पार्टी के केवल 4 विधायक हैं। यहां क्षेत्रीय दलों का दबदबा होने के कारण BJP को अपनी जगह बनाने के लिए लगातार प्रयास करने पड़ रहे हैं। हालांकि पार्टी धीरे-धीरे अपने आधार को बढ़ाने की कोशिश में जुटी है।

बिहार के छात्रों की लगी लॉटरी! सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में शिक्षा को लेकर एक अहम पहल सामने आई है, जो खासतौर पर आर्थिक रूप से कमजोर और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के विद्यार्थियों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।

क्या है नई योजना?

सरकार की योजना के तहत डॉ. अंबेडकर कल्याण छात्रावासों में रहने वाले छात्रों को मिलने वाली मासिक छात्रवृत्ति को बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। अभी तक जहां छात्रों को 1000 रुपये प्रति माह मिलते थे, वहीं अब इसे बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह करने की तैयारी है। इस फैसले से उन छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा, जो सीमित संसाधनों के बीच रहकर अपनी पढ़ाई जारी रखते हैं।

कितने छात्रों को मिलेगा फायदा?

इस प्रस्ताव का असर हजारों विद्यार्थियों पर पड़ेगा। अनुमान है कि करीब 10 हजार छात्र-छात्राएं इस बढ़ी हुई सहायता राशि का लाभ उठा सकेंगे। हालांकि, इसे लागू करने से पहले मंत्रिपरिषद की मंजूरी जरूरी है। मंजूरी मिलते ही इसे पूरे राज्य में लागू कर दिया जाएगा।

छात्रावासों की क्या है भूमिका?

राज्य में डॉ. भीमराव अंबेडकर के नाम पर कई छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य कमजोर वर्ग के छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल देना है। यहां रहने वाले विद्यार्थियों को न सिर्फ रहने की सुविधा मिलती है, बल्कि पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण भी उपलब्ध कराया जाता है। इन छात्रावासों में डिजिटल लर्निंग, पुस्तकालय जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं, ताकि छात्र आधुनिक शिक्षा से जुड़ सकें।

अतिरिक्त सुविधाएं भी मिलती हैं

इन आवासीय संस्थानों में रहने वाले छात्रों को भोजन की चिंता भी कम रहती है। सरकार हर महीने उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराती है, जिससे उनका दैनिक खर्च काफी हद तक कम हो जाता है। इससे छात्र बिना आर्थिक दबाव के अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाते हैं।

क्यों अहम है यह फैसला?

विशेषज्ञों का मानना है कि आर्थिक सहयोग मिलने से छात्रों की पढ़ाई बीच में छोड़ने की समस्या कम होगी। साथ ही, यह कदम उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करेगा। सरकार का यह प्रयास शिक्षा में समान अवसर देने और समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

कर्मचारियों की लग गई लॉटरी! 8वें वेतन आयोग से होगी पैसों की बारिश

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बेहद अहम माना जा रहा है। लंबे इंतज़ार के बाद 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज हो गई है। सरकार की ओर से इसके गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानकर तैयारी की जा रही है। ऐसे में करोड़ों कर्मचारियों की निगाहें अब इस आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं।

क्या है पूरा मामला?

हर 10 साल में वेतन आयोग का गठन किया जाता है, जिसका उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन में संशोधन करना होता है। इस बार भी उम्मीद की जा रही है कि नया वेतन आयोग कर्मचारियों के लिए कई बड़े बदलाव लेकर आएगा। हालांकि, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है, जिससे इसकी अंतिम सिफारिशें 2027 तक सामने आ सकती हैं। लेकिन अगर इसे 2026 से लागू माना जाता है, तो कर्मचारियों को पिछली तारीख से लाभ मिलने की संभावना बनती है।

एरियर पर सबकी नजर

सबसे ज्यादा चर्चा एरियर को लेकर है। अगर सिफारिशें लागू होने में देरी होती है, तो कर्मचारियों को एकमुश्त बड़ी रकम मिल सकती है। अनुमान है कि यह रकम लाखों में हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में बड़ा सुधार आ सकता है।

सैलरी में कितना बढ़ोतरी संभव?

इस बार फिटमेंट फैक्टर को लेकर खास चर्चा है। माना जा रहा है कि इसे 2.28 से 2.86 के बीच रखा जा सकता है। अगर ऐसा होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। वहीं कर्मचारी संगठनों की मांग इससे भी ज्यादा है। उनका कहना है कि फिटमेंट फैक्टर को 3.00 या उससे ऊपर रखा जाए, जिससे न्यूनतम वेतन और ज्यादा बढ़ सके। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की इनकम में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

मेडिकल और अन्य भत्तों में बदलाव

वेतन के साथ-साथ भत्तों में भी सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। खासकर मेडिकल अलाउंस को लेकर चर्चा तेज है। माना जा रहा है कि इसमें बड़ा इजाफा किया जा सकता है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को स्वास्थ्य खर्च में राहत मिलेगी।

पेंशनर्स को भी मिलेगा बड़ा फायदा

केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों के लिए भी यह आयोग राहत लेकर आ सकता है। अनुमान है कि पेंशन में 20% से 30% तक की वृद्धि संभव है। इससे लाखों रिटायर्ड कर्मचारियों की आय में सुधार होगा और उनकी जीवनशैली बेहतर हो सकेगी।

नए वेतन आयोग की अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल आयोग सुझावों और मांगों को एकत्र कर रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठन और हितधारक अपने-अपने प्रस्ताव दे रहे हैं, ताकि अंतिम रिपोर्ट में उनकी बात शामिल हो सके। सरकार ने भी साफ किया है कि वेतन वृद्धि का वास्तविक प्रभाव आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगा।

वेस्ट यूपी के लिए खुशखबरी: सिर्फ 35 दिनों में 4 बड़े प्रोजेक्ट की सौगात

न्यूज डेस्क। पश्चिमी उत्तर प्रदेश इन दिनों तेजी से विकास की नई कहानी लिख रहा है। महज 35 दिनों के भीतर इस क्षेत्र को चार बड़ी परियोजनाओं की सौगात मिली है, जिसने न सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया है बल्कि रोजगार और निवेश के नए रास्ते भी खोल दिए हैं। केंद्र और राज्य सरकार की संयुक्त पहल से वेस्ट यूपी अब देश के सबसे तेजी से उभरते क्षेत्रों में शामिल होता नजर आ रहा है।

1 .नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट: क्षेत्र को मिलेगी वैश्विक पहचान

28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जेवर में बने Noida International Airport का उद्घाटन किया। यह देश के सबसे बड़े एयरपोर्ट्स में गिना जा रहा है, जो 5000 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैला है। जून से यहां घरेलू और कार्गो उड़ानों की शुरुआत होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट से व्यापार, पर्यटन और रोजगार को जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा।

2 .सेमीकंडक्टर फैक्ट्री: टेक्नोलॉजी सेक्टर को नई दिशा

21 फरवरी 2026 को ग्रेटर नोएडा में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी गई। इस परियोजना में Foxconn और HCL Technologies जैसी बड़ी कंपनियों की भागीदारी है। करीब 4000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली यह फैक्ट्री भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

3 .नमो भारत ट्रेन: सफर हुआ तेज और आसान

22 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने Namo Bharat Train को हरी झंडी दिखाई। यह ट्रेन दिल्ली, गाजियाबाद और मेरठ को जोड़ती है और 82 किलोमीटर की दूरी को लगभग 55 मिनट में तय करती है। इससे रोजाना यात्रा करने वालों को काफी राहत मिलेगी और समय की बचत होगी।

4 .मेरठ मेट्रो: शहर के अंदर सफर और सुगम

मेरठ शहर में भी मेट्रो सेवा की शुरुआत की गई है, जो मेरठ दक्षिण से मोदीपुरम तक फैली हुई है। 23 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर में 12 स्टेशन बनाए गए हैं। इसकी खास बात यह है कि यह Namo Bharat Train के साथ एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर साझा करती है, जिससे परिवहन व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन गई है।

विकास और रोजगार के नए अवसर

इन सभी परियोजनाओं के शुरू होने से वेस्ट यूपी में उद्योग, व्यापार और कनेक्टिविटी को नई गति मिलेगी। खासकर युवाओं के लिए रोजगार के बड़े अवसर पैदा होंगे। सरकार का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक मजबूत आर्थिक हब बनाना है, जिससे “विकसित उत्तर प्रदेश” और “विकसित भारत” का सपना साकार हो सके।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, कल से5 राशियों पर होगी किस्मत की मेहरबानी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों में होने वाले बदलाव का असर हमारे जीवन पर सीधा पड़ता है। आने वाले समय में कुछ विशेष राशियों के लिए परिस्थितियां तेजी से अनुकूल होने वाली हैं। जैसे कीचड़ में भी कमल खिलता है, वैसे ही इन राशियों के लोगों का भाग्य भी अब चमकने वाला है। कल से इन 5 राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय नई शुरुआत लेकर आएगा। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने लगेंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापारियों के लिए भी लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय धन लाभ और स्थिरता का है। पुराने निवेश से अच्छा फायदा मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और रिश्ते मजबूत होंगे। यदि आप नया काम शुरू करने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय सफलता और सम्मान लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का फल मिलेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। आपकी नेतृत्व क्षमता आपको आगे बढ़ाएगी।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय संतुलन और तरक्की का है। करियर में नए अवसर मिलेंगे और आर्थिक लाभ भी होगा। जो लोग नौकरी बदलना चाहते हैं, उनके लिए यह सही समय हो सकता है। जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

5. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह समय खुशियों से भरा रहेगा। रुके हुए काम पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। छात्रों के लिए भी यह समय सफलता दिलाने वाला है।

यूपी में पशुपालकों को बड़ी खुशखबरी, सरकार देगी 50% सब्सिडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों और पशुपालकों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। इस योजना के तहत किसानों को देसी गायों की डेयरी शुरू करने के लिए 50% तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे कम निवेश में बड़ा व्यवसाय खड़ा करना संभव हो रहा है।

डेयरी व्यवसाय शुरू करना हुआ आसान

इस योजना के माध्यम से किसान 25 देसी गायों के साथ डेयरी यूनिट स्थापित कर सकते हैं। इसकी सबसे खास बात यह है कि पूरी लागत का आधा हिस्सा सरकार उठाती है। बाकी खर्च में 35% बैंक लोन के जरिए और केवल 15% किसान को स्वयं लगाना होता है। इससे छोटे और मध्यम किसान भी आसानी से डेयरी व्यवसाय में कदम रख सकते हैं।

किस्तों में मिलती है सब्सिडी

सरकार सब्सिडी को एक साथ देने के बजाय तीन चरणों में जारी करती है, ताकि योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन हो सके। पहला चरण: डेयरी शेड बनने के बाद, दूसरा चरण: गायों की खरीद के बाद, तीसरा चरण: जब कम से कम 10 बछड़े हो जाएं। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि किसान योजना का पूरा लाभ लेकर स्थायी आय का स्रोत बना सके।

पात्रता और जरूरी शर्तें

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें निर्धारित की गई हैं। आवेदक उत्तर प्रदेश का निवासी होना चाहिए, कम से कम 3 साल का पशुपालन अनुभव जरूरी है, डेयरी यूनिट के लिए 0.5 एकड़ जमीन, चारा उत्पादन के लिए 1.5 एकड़ जमीन। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि योजना का लाभ वास्तव में इच्छुक और योग्य किसानों तक पहुंचे।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक किसान अपने नजदीकी पशु चिकित्सा अधिकारी के कार्यालय में जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय कुछ जरूरी दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, बैंक खाता विवरण, निवास प्रमाण पत्र, फोटो, मोबाइल नंबर, जमीन से जुड़े कागजात और पशुपालन अनुभव प्रमाण पत्र जमा करने होंगे।

किसानों के लिए क्यों है फायदेमंद?

यह योजना न सिर्फ रोजगार के नए अवसर पैदा करती है, बल्कि किसानों को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद करती है। सरकारी सहायता और बैंक लोन के संयोजन से किसान कम पूंजी में स्थायी और लाभकारी व्यवसाय शुरू कर सकते हैं। साथ ही, डेयरी उत्पादों की लगातार बढ़ती मांग इस व्यवसाय को और भी आकर्षक बनाती है।

यूपी में M.A, M.Com, M.Sc के लिए बंपर भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए एक शानदार अवसर सामने आया है। Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने असिस्टेंट स्टैटिस्टिकल ऑफिसर (ASO) और असिस्टेंट रिसर्च ऑफिसर (ARO) के पदों पर बड़ी भर्ती निकाली है। इस भर्ती के जरिए कुल 929 पद भरे जाएंगे, जिससे पोस्टग्रेजुएट छात्रों को सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

यह भर्ती खास तौर पर उन अभ्यर्थियों के लिए है, जिन्होंने सांख्यिकी, गणित, अर्थशास्त्र या कॉमर्स जैसे विषयों में M.A, M.Sc या M.Com किया है। इसके साथ ही उम्मीदवार का PET-2025 क्वालिफाई होना अनिवार्य है। यानी वही छात्र आवेदन कर पाएंगे जिन्होंने प्रारंभिक पात्रता परीक्षा पास की है।

आवेदन की तारीख और प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 21 अप्रैल 2026 से शुरू होंगे और 11 मई 2026 तक चलेंगे। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे किसी भी जिले के अभ्यर्थी आसानी से फॉर्म भर सकें।

चयन कैसे होगा?

चयन प्रक्रिया को तीन चरणों में रखा गया है: सबसे पहले PET-2025 के स्कोर के आधार पर उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा होगी, जिसमें 100 प्रश्न होंगे और समय 2 घंटे का होगा। अंतिम चरण में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन किया जाएगा यह प्रक्रिया सुनिश्चित करती है कि योग्य और मेहनती अभ्यर्थियों का ही चयन हो।

सैलरी और सुविधाएं

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को लेवल-6 के तहत वेतन दिया जाएगा, जो लगभग ₹35,400 से ₹1,12,400 प्रति माह तक हो सकता है। कुछ पदों के लिए वेतनमान अलग हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर यह एक स्थायी और सम्मानजनक सरकारी नौकरी है।

क्यों खास है यह भर्ती?

आज के समय में सरकारी नौकरियों के मौके सीमित होते जा रहे हैं, खासकर पोस्टग्रेजुएट युवाओं के लिए। ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में निकली यह भर्ती न केवल रोजगार का अवसर देती है, बल्कि करियर को स्थिरता भी प्रदान करती है।

बिहार में छात्रों के लिए खुशखबरी, फ्री कोचिंग के लिए आवेदन

पटना। अगर आप बिहार के छात्र हैं और आगे चलकर इंजीनियर या डॉक्टर बनना चाहते हैं, तो आपके लिए एक बढ़िया अवसर आया है। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने ऐसे छात्रों के लिए फ्री कोचिंग शुरू की है, जो JEE और NEET जैसी परीक्षाओं की तैयारी करना चाहते हैं लेकिन महंगी कोचिंग नहीं कर सकते।

आपको बता दें की इस कार्यक्रम के लिए ऑनलाइन आवेदन 23 मार्च से शुरू हो चुके हैं और 5 अप्रैल तक किए जा सकते हैं। इसमें वही छात्र शामिल हो सकते हैं जिन्होंने 2026 में 10वीं की परीक्षा दी है, चाहे वह बिहार बोर्ड हो या CBSE या ICSE।

पढ़ाई का तरीका कैसा रहेगा?

यह सिर्फ नाम के लिए कोचिंग नहीं है। छात्रों को छोटे-छोटे बैच में पढ़ाया जाएगा ताकि हर किसी पर ध्यान दिया जा सके। पढ़ाई के साथ-साथ नियमित टेस्ट भी होंगे, जिससे यह पता चलता रहेगा कि तैयारी सही दिशा में जा रही है या नहीं। अगर किसी छात्र को किसी टॉपिक में दिक्कत होती है, तो उसके लिए अलग से डाउट क्लियर करने की क्लास भी रखी जाएगी।

पैसे भी मिलेंगे

इस योजना की एक खास बात यह है कि इसमें छात्रों को पढ़ाई के साथ थोड़ा आर्थिक सहारा भी मिलेगा। जो छात्र हॉस्टल में रहकर पढ़ेंगे, उन्हें हर महीने ₹400 मिलेंगे और जो अपने घर से पढ़ाई करेंगे, उन्हें ₹1000 प्रति माह दिए जाएंगे। 

दो तरह की सुविधा: छात्र अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प चुन सकते हैं रहकर पढ़ना (आवासीय), घर से पढ़ना (गैर-आवासीय)

आखिर क्यों है यह खास?

आज के समय में JEE और NEET की तैयारी काफी महंगी हो चुकी है। ऐसे में यह योजना उन छात्रों के लिए बहुत मददगार है, जिनके पास टैलेंट तो है लेकिन साधन कम हैं।

यूपी में गर्मी पर लगा ब्रेक! 29 मार्च से 1 अप्रैल तक आंधी-बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ली है, जिससे लोगों को तेज गर्मी से राहत मिली है। हाल ही में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहे और हल्की बारिश दर्ज की गई। तेज हवाओं के चलते तापमान में भी गिरावट देखने को मिली है, जिससे मौसम सुहावना हो गया है।

तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत

पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के विभिन्न जिलों में अधिकतम तापमान में लगभग 3 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई। कई स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं, जिससे मौसम का असर और अधिक महसूस हुआ। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, जिसके चलते कुछ क्षेत्रों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। फिर भी बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है।

29 मार्च से फिर बदलेगा मौसम

मौसम विभाग का कहना है कि 28 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 29 मार्च की शाम या रात से प्रदेश में बारिश का नया दौर शुरू हो सकता है, जो 1 अप्रैल तक जारी रहने की संभावना है। इस दौरान तापमान में फिर से गिरावट देखने को मिल सकती है।

अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। पहले हल्की बढ़ोतरी हो सकती है, लेकिन नए सिस्टम के सक्रिय होते ही फिर से गिरावट दर्ज की जाएगी। न्यूनतम तापमान में भी 2 से 4 डिग्री तक बदलाव संभव है।

क्या कहता है मौसम विभाग

मौसम विभाग के अनुसार मार्च के अंत तक मौसम का यह उतार-चढ़ाव जारी रहेगा। पश्चिमी विक्षोभ के लगातार सक्रिय रहने से प्रदेश में बारिश, बादल और हवाओं का असर बना रहेगा, जिससे गर्मी फिलहाल नियंत्रित रहेगी।

शुक्र का राशि परिवर्तन: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, बरसेगा धन और प्यार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शुक्र ग्रह को सुख, समृद्धि, प्रेम और विलासिता का कारक माना जाता है। 30 मार्च को शुक्र मेष राशि से निकलकर अपनी स्वराशि वृषभ में प्रवेश करने जा रहे हैं। शुक्र का यह गोचर विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है, क्योंकि अपनी ही राशि में आने से इसका प्रभाव और अधिक मजबूत हो जाता है। इसका असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह समय खास तौर पर लाभकारी साबित हो सकता है।

वृषभ राशि:

इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर अत्यंत शुभ रहेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। वैवाहिक और प्रेम जीवन में भी मधुरता आएगी।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के जातकों को इस दौरान विदेश या दूर स्थानों से लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। मानसिक शांति बनी रहेगी और खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक लाभ भी संभव है।

कर्क राशि:

कर्क राशि के लोगों के लिए यह समय इच्छाओं की पूर्ति का रहेगा। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और सामाजिक दायरा बढ़ेगा। दोस्तों और परिवार का सहयोग मिलेगा, जिससे कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे होंगे।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए करियर में उन्नति के योग बन रहे हैं। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को भी अच्छा मुनाफा मिलने के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा।

मकर राशि:

मकर राशि वालों के लिए यह गोचर प्रेम और रचनात्मक कार्यों के लिए अनुकूल रहेगा। विद्यार्थियों को सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा।

महिलाओं के नाम पर घर खरीदें और पाएं 5 बड़े फायदे, जानिए कैसे होगा फायदा

नई दिल्ली। घर खरीदना सिर्फ एक सपना नहीं, बल्कि एक बड़ा आर्थिक फैसला भी होता है। इसमें भारी निवेश, लोन, टैक्स और कई तरह के खर्च शामिल होते हैं। ऐसे में अगर सही प्लानिंग की जाए, तो इस बड़े खर्च में भी अच्छी-खासी बचत की जा सकती है।

इन्हीं स्मार्ट तरीकों में से एक है घर या प्रॉपर्टी को महिला के नाम पर खरीदना। यह सिर्फ एक औपचारिक निर्णय नहीं है, बल्कि इससे कई आर्थिक और कानूनी लाभ मिल सकते हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं इसके प्रमुख फायदे।

1. टैक्स में मिलती है राहत

अगर घर महिला के नाम पर खरीदा जाता है और वह लोन की सह-आवेदक (co-applicant) हैं, तो आयकर कानून के तहत टैक्स में छूट का लाभ लिया जा सकता है। होम लोन के मूलधन (principal) की अदायगी पर हर साल तय सीमा तक टैक्स छूट मिलती है, जिससे कुल टैक्स बोझ कम हो जाता है।

2. अतिरिक्त टैक्स बेनिफिट

सिर्फ मूलधन ही नहीं, बल्कि होम लोन के ब्याज पर भी अलग से टैक्स छूट मिलती है। अगर महिला के नाम पर लोन है, तो वह इस छूट का लाभ उठा सकती हैं, जिससे सालाना हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की बचत संभव है।

3. स्टाम्प ड्यूटी में भी मिलेगी छूट

भारत के कई राज्यों में महिलाओं के नाम पर प्रॉपर्टी रजिस्टर कराने पर स्टाम्प ड्यूटी कम लगती है। आमतौर पर यह छूट 1% से 2% तक होती है। सुनने में यह छोटा अंतर लगता है, लेकिन बड़ी प्रॉपर्टी खरीदते समय यह रकम काफी बड़ी बचत में बदल जाती है।

4. सरकारी योजनाओं का भी फायदा

सरकार महिलाओं को संपत्ति का मालिक बनाने के लिए कई योजनाएं चलाती है। अगर घर महिला के नाम पर है, तो कुछ योजनाओं में प्राथमिकता या सब्सिडी मिल सकती है। इससे लोन की लागत कम हो जाती है और घर खरीदना थोड़ा आसान बन जाता है।

5. कानूनी सुरक्षा और मजबूत अधिकार

महिला के नाम पर खरीदी गई संपत्ति उन्हें कानूनी रूप से अधिक सुरक्षित बनाती है। किसी भी विवाद या पारिवारिक मुद्दे की स्थिति में महिला का अधिकार स्पष्ट और मजबूत होता है, जिससे भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाव मिलता है।

ब्रह्मोस Vs टॉमहॉक: कौन है ज्यादा ताकतवर मिसाइल?

नई दिल्ली। जब मिसाइल युद्ध क्षमता की बात आती है, तो भारत के ब्रह्मोस और अमेरिका के टॉमहॉक दोनों ही अपनी-अपनी श्रेणी की सबसे खतरनाक हथियार प्रणालियाँ मानी जाती हैं। हालांकि, इनकी ताकत का आधार अलग-अलग है। ब्रह्मोस अपनी असाधारण रफ्तार के लिए प्रसिद्ध है, जबकि टॉमहॉक लंबी दूरी और छुपकर हमला करने की क्षमता में बेहतरीन है।

मुख्य अंतर

1. रफ्तार

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज ऑपरेशनल क्रूज मिसाइल है, जो लगभग मैक 2.8 से 3.0 की रफ्तार से उड़ती है। इसका मतलब यह है कि यह ध्वनि की गति से लगभग तीन गुना तेज है। टॉमहॉक की तुलना में यह लगभग चार गुना तेज है, क्योंकि टॉमहॉक सबसोनिक मिसाइल है और इसकी रफ्तार लगभग 0.74 मैक है।

2. मारक क्षमता

इसमें टॉमहॉक का पलड़ा भारी है। टॉमहॉक 1,600 से 2,400 किलोमीटर तक के लक्ष्य को भेद सकती है। वहीं ब्रह्मोस वेरिएंट्स की रेंज 290 से 800 किलोमीटर तक सीमित है।

3. घातक शक्ति

तेज़ रफ्तार के कारण ब्रह्मोस में टॉमहॉक के मुकाबले 32 गुना ज्यादा काइनेटिक एनर्जी होती है। इसका मतलब है कि ब्रह्मोस अपने टकराने की शक्ति से बिना वॉरहेड के भी दुश्मन के युद्धपोत या इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर सकती है।

4. पकड़ में आना

टॉमहॉक अपने Terrain Hugging यानी जमीन के करीब उड़ने और धीमी रफ्तार के कारण रडार से आसानी से बच जाती है। इसके विपरीत, ब्रह्मोस इतनी तेज होती है कि दुश्मन के रडार को प्रतिक्रिया देने का समय ही नहीं मिलता।

कौन है ज्यादा ताकतवर?

अगर लक्ष्य को तेज़ रफ्तार और पूरी ताकत के साथ तुरंत नष्ट करना हो, जैसे किसी युद्धपोत को, तो ब्रह्मोस श्रेष्ठ है। लेकिन यदि लंबी दूरी पर किसी सुरक्षित ठिकाने पर चुपचाप हमला करना हो, तो टॉमहॉक अधिक प्रभावी साबित होती है। दोनों मिसाइलें अपनी-अपनी रणनीति और उद्देश्य में अद्वितीय हैं। युद्ध की परिस्थिति और लक्ष्य के आधार पर ही इनके उपयोग का निर्णय लिया जाता है।

8वें वेतन आयोग: सैलरी, पेंशन और भत्तों को लेकर क्या है अपडेट?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेजी पकड़ रही है। लोकसभा में 23 मार्च 2026 को वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने इस संबंध में लिखित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन पहले ही 3 नवंबर 2025 को कर दिया गया था और इसके चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति पूरी कर दी गई है। आयोग अब पूरी तरह सक्रिय है और कर्मचारियों की सैलरी, भत्ते और पेंशन से जुड़ी समीक्षा शुरू कर चुका है।

रिपोर्ट आने का समय और प्रक्रिया

8वें वेतन आयोग को 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। इसका मतलब है कि रिपोर्ट आने में अभी कुछ समय लग सकता है। इसके बाद ही सरकार रिपोर्ट की सिफारिशों को लागू करने का निर्णय लेगी। फिलहाल कोई निश्चित लागू होने की तारीख घोषित नहीं की गई है।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि रिपोर्ट आने के बाद ही सिफारिशों का वित्तीय असर स्पष्ट होगा। कर्मचारियों, पेंशनर्स और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की प्रक्रिया भी जारी है। आयोग की 18 पॉइंट वाली क्वेश्चनेयर पर सुझाव देने की अंतिम तारीख 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दी गई है। सुझाव केवल mygov.in पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

कर्मचारियों की मांगें

कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। इनमें प्रमुख हैं: 

डीए को बेसिक पे में शामिल करना।

प्रमोशन के अधिक अवसर प्रदान करना।

फिटमैन फैक्टर को 3.0 से बढ़ाकर 3.25 करना। 

मिनिमम पे को लगभग 57,000 रुपये तक ले जाना।

ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS) को बहाल करना।

एनुअल इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6-7% करना।

यदि इन मांगों का कोई हिस्सा भी स्वीकार किया जाता है, तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय में काफी सुधार होगा।

आगे क्या होगा

8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट आने के बाद सरकार को निर्णय करना होगा कि कौन सी सिफारिशें लागू की जाएंगी। यह रिपोर्ट कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत या वित्तीय बदलाव लेकर आ सकती है। फिलहाल सबकी निगाहें आयोग की रिपोर्ट पर हैं, जिसे आने वाले समय में प्रकाशित किया जाएगा।

यूपी में नौकरी करने का मौका, 29 मार्च तक करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने फार्मासिस्ट भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 29 मार्च 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। 

आवेदन के बाद शुल्क समायोजन और आवश्यक संशोधन करने के लिए 5 अप्रैल 2026 तक का समय दिया जाएगा। सभी श्रेणियों के लिए आवेदन शुल्क मात्र 25 रुपये रखा गया है, जिसे ऑनलाइन भुगतान करना होगा। मुख्य परीक्षा के लिए शुल्क अलग से लागू होगा और केवल चयनित उम्मीदवारों द्वारा भुगतान किया जाएगा।

कुल रिक्तियों का विवरण

इस भर्ती अभियान के तहत उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा निदेशालय में 560 फार्मासिस्ट पद भरे जाएंगे। श्रेणीवार रिक्तियों का विवरण इस प्रकार है: अनारक्षित: 224, ओबीसी: 151, ईडब्ल्यूएस: 56, एससी: 118, एसटी: 11, कुल पद: 560

मुख्य परीक्षा का चयन

फार्मासिस्ट मुख्य परीक्षा के लिए केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्हें प्रारंभिक अर्हता परीक्षा 2025 (PET 2025) का स्कोरकार्ड प्राप्त हुआ हो।

शैक्षणिक योग्यता

फार्मासिस्ट पद के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से डिप्लोमा इन फार्मेसी होना आवश्यक है। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश राज्य फार्मेसी काउंसिल में पंजीकरण अनिवार्य है।

वेतन और ग्रेड पे

आपको बता दें की इस भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-5 (5200-20,200) ग्रेड पे-2800 का वेतनमान दिया जाएगा।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, जबकि अधिकतम आयु: 40 वर्ष  निर्धारित किया गया हैं। 

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 29 मार्च 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन किया जा रहा हैं।

पिशाच योग की चेतावनी! शनि-राहु की युति से 5 राशियों पर संकट

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल व्यक्ति के जीवन पर गहरा प्रभाव डालती है। 29 मार्च 2025 को ऐसा समय आने वाला है जब शनि ग्रह कुंभ राशि से मीन राशि में प्रवेश करेगा, और मीन राशि में पहले से ही विराजमान राहु के साथ इसका मिलन एक विशेष योग का निर्माण करेगा। इसे ज्योतिष में “पिशाच योग” कहा जाता है। 

पिशाच योग क्या है?

पिशाच योग तब बनता है जब शनि और राहु एक ही राशि में एक-दूसरे के साथ जुड़ते हैं। शनि कर्म और स्थिरता का प्रतीक है, जबकि राहु भ्रम और छाया ग्रह के रूप में मानसिक और परिस्थितिजन्य तनाव पैदा करता है। इस समय लोग मानसिक दबाव, असफलताओं और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि इस योग के दौरान महत्वपूर्ण निर्णय लेना जोखिमपूर्ण हो सकता है, क्योंकि ग्रहों की स्थिति अनुकूल नहीं होती।

किन राशियों को विशेष सतर्कता की जरूरत

कर्क राशि – इस समय परिवार और कार्यस्थल में तनाव बढ़ सकता है। जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।

कुंभ राशि – कामकाज में बार-बार विघ्न और आत्मविश्वास में कमी महसूस हो सकती है। धैर्य और संयम जरूरी है।

कन्या राशि – यात्रा के दौरान स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों की संभावना रहती है। शारीरिक और मानसिक संतुलन बनाए रखें।

वृश्चिक राशि – वित्तीय मामलों में अस्थिरता और मानसिक दबाव बढ़ सकते हैं। बड़े निवेश या निर्णय इस समय टालें।

मीन राशि – पारिवारिक और व्यक्तिगत संबंधों में तनाव उत्पन्न हो सकता है। संवाद और समझदारी से ही समस्याओं का समाधान संभव है।

पिशाच योग के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के उपाय

ज्योतिष शास्त्र में कुछ उपाय बताए गए हैं, जिनसे इस योग के प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकता है। इस दिन किसी भी महत्वपूर्ण वित्तीय या व्यावसायिक निर्णय को टालना। अपने मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना। घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए साधारण पूजा या दीप प्रज्वलन करना।

सुझाव है कि पिशाच योग के दौरान संयम, धैर्य और समझदारी से ही जीवन में संतुलन बनाए रखा जा सकता है। यह समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन सावधानी और उचित उपाय से इसके नकारात्मक प्रभाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

यूपी से नई रेल लाइन का निर्माण शुरू, इन जिलों को बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में यातायात और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए आनंदनगर-घुघली वाया महराजगंज नई रेल लाइन परियोजना अब वास्तविक धरातल पर आकार लेने लगी है। जिला मुख्यालय के पास महुअवा में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन के लिए अधिग्रहित भूमि पर मिट्टी भराई और रोलर से समतलीकरण का काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही, मार्ग में आने वाली नहरों पर ब्रिज बनाने के लिए पाइलिंग की प्रक्रिया भी तेजी से चल रही है।

परियोजना का विस्तार और लागत

इस नई रेल लाइन की कुल लंबाई लगभग 52.7 किलोमीटर होगी और इसके लिए 958.27 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में घुघली से महराजगंज तक लगभग 25 किलोमीटर का ट्रैक तैयार किया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में महराजगंज से आनंदनगर तक 27.7 किलोमीटर की नई रेल लाइन बिछाई जाएगी।

स्टेशन और सुरक्षा इंतजाम

पूरे रूट में कई नए स्टेशन बनेंगे, जिनमें परसिया बुजुर्ग, पकड़ी नौनिया, महराजगंज, शिकारपुर और पिपरा मुंडेरी शामिल हैं। घुघली जंक्शन के रूप में विकसित होगा, जबकि आनंदनगर पहले से ही जंक्शन है। इसके साथ ही इस मार्ग पर 32 अंडरपास बनाने का प्रस्ताव है, जिससे सड़क यातायात और रेल संचालन में कोई बाधा न आए।

निर्माण कार्य में आई तेजी

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, घुघली की ओर ट्रैक को ऊंचा बनाने के लिए मिट्टी डालने का काम शुरू हो चुका है। रामपुर बल्डीहा, घघरूआ खड़ेसर और जोगिया जैसे स्थानों पर निर्माण कार्य तेज़ी से जारी है। नहरों के ऊपर ब्रिज बनाने के लिए पाइलिंग का काम भी शुरू हो चुका है। शिकारपुर के पास कंक्रीट प्लांट स्थापित किया गया है, जिससे निर्माण सामग्री टीएम मशीनों के जरिए निर्माण स्थलों तक पहुँचाई जा रही है।

टेंडर और भूमि अधिग्रहण

पूर्वोत्तर रेलवे ने पहले चरण के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी कर दी है, जबकि दूसरे चरण के लिए अंतिम दौर की प्रक्रिया चल रही है। आनंदनगर यार्ड के रिमॉडलिंग का भी प्रस्ताव है। अब तक कुल 244 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा चुकी है और किसानों को मुआवजे के रूप में लगभग 4.50 अरब रुपये का भुगतान किया जा चुका है।

यूपी में बनेगा नया जिला? भाजपा सांसद से उठाई मांग, जानें डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधार और पर्यटन विकास को लेकर एक नई पहल की मांग संसद में सामने आई है। फतेहपुर सीकरी से भाजपा सांसद और किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजकुमार चाहर ने लोकसभा में आगरा जिले के बाह और बटेश्वर क्षेत्र को अलग कर नया जिला बनाने का प्रस्ताव रखा। उनका सुझाव है कि इस नए जिले का नाम 'अटल नगर' रखा जाए, जो पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के पैतृक गांव के सम्मान में हो।

ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व

सांसद ने इस क्षेत्र की ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान को भी प्रमुखता से उजागर किया। बाह-बटेश्वर केवल भौगोलिक क्षेत्र नहीं है, बल्कि यह जैन धर्म के 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की तपोस्थली 'सोरीपुर-बटेश्वर' के रूप में विश्वभर में जाना जाता है। यहाँ 101 शिव मंदिरों की अनोखी श्रृंखला और यमुना नदी का उल्टा प्रवाह इसे आध्यात्मिक दृष्टि से अद्वितीय बनाता है। सांसद का कहना है कि इसे नया जिला घोषित करना न केवल ऐतिहासिक विरासत को सम्मान देगा, बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी वैश्विक पहचान दिलाएगा।

प्रशासनिक दृष्टि से लाभ

राजकुमार चाहर ने प्रशासनिक तर्क भी पेश किए। बाह और बटेश्वर आगरा जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर हैं। इतनी दूरी के कारण स्थानीय लोगों को तहसील, पुलिस और अन्य सरकारी कामकाज में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। आगरा जैसे बड़े जिले के अंतिम हिस्से में स्थित होने की वजह से सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन अपेक्षित गति से नहीं हो पाता। नया जिला बनने से प्रशासनिक सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी और लोगों की समस्याओं का समाधान तेज़ी से होगा।

पर्यटन और रोजगार के नए अवसर

सांसद ने यह भी बताया कि बाह-बटेश्वर में पर्यटन और रोजगार की अपार संभावनाएं छिपी हुई हैं। जिला बनने के बाद बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक संसाधनों में सुधार होगा। इससे धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर खुलेंगे। वर्तमान में संसाधनों की कमी के कारण यह क्षेत्र अपनी वास्तविक पहचान को नहीं दिखा पा रहा है।

राजनीतिक हलचल और आगे का रास्ता

संसद में उठी इस मांग के बाद उत्तर प्रदेश के राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है। यदि केंद्र और राज्य सरकार इसे मंजूरी देती हैं, तो आगरा का विभाजन कर नया 'अटल नगर' जिले का गठन प्रदेश के नक्शे पर नया अध्याय जोड़ सकता है। स्थानीय लोग लंबे समय से इस क्षेत्र को जिला बनाने की मांग कर रहे थे, और अब यह मुद्दा संसद में जोर-शोर से सामने आया है।

उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक सुधार, पर्यटन को बढ़ावा और अटल बिहारी वाजपेयी की याद में यह कदम निश्चित ही महत्वपूर्ण साबित होगा।

भारत ने तैयार की 'शौर्य-NG' मिसाइल, जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली। भारत अपनी मिसाइल ताकत को और मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) ने Shaurya NG (नेक्स्ट जेनरेशन) मिसाइल का विकास पूरा कर लिया है और इसके परीक्षण की तैयारी कर रहा है। यह मिसाइल विशेष रूप से उच्च गति और कठिन परिस्तिथियों में दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को चकमा देने के लिए डिजाइन की गई है।

Shaurya NG की खासियत

Shaurya मिसाइल भारत की रणनीतिक क्षमताओं में पहले से ही अहम भूमिका निभाती रही है। यह मिसाइल 700 से 1000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है और कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम से कहीं भी तैनात की जा सकती है। परंपरागत बैलिस्टिक मिसाइलों की तरह यह सीधी रेखा में नहीं चलती, बल्कि उड़ान के दौरान अपना मार्ग बदल सकती है, जिससे इसे इंटरसेप्ट करना बेहद मुश्किल हो जाता है।

तेज़ गति और उन्नत तकनीक

Shaurya NG की गति Mach 7 से अधिक है, यानी लगभग 2.4 से 2.5 किलोमीटर प्रति सेकंड। इतनी तेज रफ्तार पर जब मिसाइल वायुमंडल में प्रवेश करती है, तो उसके चारों ओर प्लाज्मा की परत बन जाती है। यह परत सामान्य गाइडेंस सिस्टम को प्रभावित कर सकती है। इसके लिए DRDO ने मल्टी-मोड सीकर विकसित किया है, जो Imaging Infrared (IIR) और Active Radar तकनीक का उपयोग कर मिसाइल को सही लक्ष्य तक पहुंचाता है।

ऊंचाई और उड़ान प्रोफाइल

Shaurya NG की उड़ान प्रोफाइल इसे अलग बनाती है। यह लॉन्च के बाद करीब 50 किलोमीटर ऊंचाई तक उठती है और क्वासी-बैलिस्टिक मार्ग अपनाती है। पूरी तरह अंतरिक्ष में नहीं जाने वाली इस मिसाइल की उड़ान वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में होती है, जिससे यह अपने फिन्स की मदद से दिशा बदल सकती है और दुश्मन के रडार से आसानी से छुप सकती है।

आधुनिक कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम

नए वर्जन में कैनिस्टर लॉन्च सिस्टम को अपग्रेड किया गया है। कोल्ड लॉन्च तकनीक के तहत मिसाइल पहले गैस की मदद से बाहर निकलती है और फिर इंजन चालू होता है, जिससे लॉन्च सुरक्षित और तेज़ होता है। कैनिस्टर में रखी Shaurya NG मिसाइल 10 से 15 साल तक बिना किसी बड़े रखरखाव के तैयार रह सकती है।

युद्धक्षेत्र में बढ़ी ताकत और मोबिलिटी

Shaurya NG को Transporter Erector Launcher (TEL) से मात्र 5 मिनट में लॉन्च किया जा सकता है। यह मिसाइल युद्धक्षेत्र में मोबाइल होने के साथ-साथ सर्वाइवल के मामले में भी बेहद सक्षम है। Shaurya NG मिसाइल भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है, और यह स्पष्ट संदेश देती है कि देश अपनी सुरक्षा और ताकत को हर हाल में बढ़ाता रहेगा।

अहमदाबाद: गुजरात में Staff Nurse के 90 पदों पर भर्ती

अहमदाबाद। गुजरात में आयुर्वेदिक स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में कैरियर बनाने का सुनहरा मौका आया है। Gujarat Gaun Seva Pasandgi Mandal (GSSSB) ने Staff Nurse (Ayurveda) के 90 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार 30 मार्च 2026 से 13 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती विवरण

पद का नाम: Staff Nurse (Ayurveda), Class-3

कुल पद: 90

वेतनमान: प्रारंभिक 5 वर्षों के लिए स्थिर वेतन ₹40,800 प्रति माह; नियमित नियुक्ति पर 7वें वेतन आयोग के स्तर-5 (₹29,200–92,300) के अनुसार वेतन

योग्यता

इन पदों पर आवेदन के लिए आवश्यक शैक्षिक योग्यता आयुर्वेदिक नर्सिंग में डिप्लोमा (Gujarat Ayurvedic Nursing Faculty से प्रमाणपत्र), बेसिक कंप्यूटर ज्ञान, गुजराती और/या हिंदी का ज्ञान।

आयु सीमा

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार की आयु 18 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए (13 अप्रैल 2026 को), आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट।

आवेदन प्रक्रिया

आवेदन केवल ऑनलाइन OJAS पोर्टल (https://ojas.gujarat.gov.in) के माध्यम से किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार इस वेबसाइट पर जा कर आवेदन को पूरा करें।

आवेदन शुल्क:

सामान्य/Unreserved के लिए आवेदन शुल्क ₹500, आरक्षित वर्ग/महिलाएं/PwD/पूर्व सैनिक के लिए आवेदन शुल्क ₹400 निर्धारित किया गया हैं।

आवेदन शुरू: 30 मार्च 2026 (दोपहर 2 बजे)

आवेदन की अंतिम तिथि: 13 अप्रैल 2026 (रात 11:59 बजे)

फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 16 अप्रैल 2026 (रात 11:59 बजे)

महत्वपूर्ण लिंक

OJAS पोर्टल: ojas.gujarat.gov.in

GSSSB वेबसाइट: gsssb.gujarat.gov.in

यूपी में मौसम का कहर! 25 जिलों में तेज बारिश और गरज-चमक का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने शुक्रवार को अचानक करवट ले ली। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में नए विक्षोभ के सक्रिय होने से राजधानी लखनऊ और अवध क्षेत्र के अधिकांश जिलों में सुबह से ही घने बादल छा गए और करीब साढ़े आठ बजे से बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसका असर पश्चिमी इलाकों समेत कुल 38 जिलों में देखा गया।

मौसम विभाग के अनुसार, गरज-चमक और हल्की बारिश के साथ-साथ कई स्थानों पर तेज हवाएं भी चलीं। लखनऊ में इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवा चलने के कारण दिन का तापमान करीब 5.5 डिग्री सेल्सियस गिर गया।

आगे का मौसम कैसा रहेगा?

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि शनिवार को लखनऊ और आसपास का आसमान साफ रहेगा, लेकिन रविवार से फिर से मौसम बदलने लगेगा। अगले चार दिनों तक पूरे प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश का अनुमान है। इसका प्रभाव उत्तर प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में देखने को मिल सकता है।

25 जिलों में तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विशेषज्ञ अतुल कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को एक और मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे राज्यभर में बारिश और तापमान में गिरावट के आसार हैं। विशेष रूप से तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में 30-40 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से झोंकेदार हवाओं के चलने का अनुमान है।

मेघगर्जन और बिजली गिरने की संभावना

महाराजगंज, महोबा, मऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर, प्रयागराज, रायबरेली, सहारनपुर, संत कबीर नगर, भदोही, अंबेडकर नगर, अमेठी, अयोध्या, आजमगढ़, बागपत, बलिया, बांदा, बस्ती, बिजनौर, चंदौली, चित्रकूट, देवरिया, फतेहपुर, गाजीपुर, गोरखपुर, हमीरपुर, जौनपुर, झांसी, कौशांबी, कुशीनगर, ललितपुर, प्रतापगढ़, शामली, सिद्धार्थनगर, सोनभद्र, सुल्तानपुर, वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की है। खेतों में काम करने वाले किसानों और बाहर निकलने वाले नागरिकों को तेज हवाओं और बिजली गिरने से सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी गई है।

यूपी के किसानों को बड़ी राहत, सरकार ने दी 1 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए खुशखबरी है। प्रदेश सरकार ने फसल नुकसान की सूचना देने और बीमा से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए नई डिजिटल सुविधाओं की शुरुआत की है। अब किसान अपने फसल नुकसान की सूचना तत्काल और सरल तरीके से दे सकते हैं, जिससे समय पर राहत और मदद मिल सकेगी।

टोल-फ्री नंबर से तुरंत सूचना

किसान अब टोल-फ्री नंबर (KRPH) 14447 पर कॉल करके फसल नुकसान की सूचना तुरंत भेज सकते हैं। यह सुविधा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और पुनर्गठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत आती है। इससे किसानों को समय पर मदद और बीमा लाभ लेने में आसानी होगी।

मोबाइल ऐप और व्हाट्सएप की सुविधा

टोल-फ्री नंबर के अलावा, किसानों के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल एप भी उपलब्ध कराए गए हैं। किसान ‘क्राप-इन्श्योरेन्स ऐप’ (Crop Insurance App) और व्हाट्सएप चैटबॉट नंबर 7065514447 के माध्यम से भी फसल नुकसान या बीमा से जुड़ी जानकारी साझा कर सकते हैं।

ऑनलाइन पोर्टल पर विस्तृत जानकारी

किसानों को योजनाओं से संबंधित पूरी जानकारी अधिकारिक फसल बीमा पोर्टल https://pmfby.gov.in पर लॉग-इन करके भी मिल सकती है। पोर्टल पर बीमा प्रक्रिया, दावा करने की शर्तें और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी उपलब्ध है।

समस्या समाधान के लिए स्थानीय अधिकारियों से संपर्क

अगर किसी किसान को फसल बीमा से संबंधित कोई समस्या आती है, तो वे अपने जनपद के उप कृषि निदेशक या जिला कृषि अधिकारी से सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा, जिले में कार्यरत बीमा कंपनी के प्रतिनिधि से भी मदद ली जा सकती है।

योगी सरकार का मकसद है कि आपदा या प्राकृतिक आपत्ति की स्थिति में किसानों को समय पर राहत मिले और फसल बीमा प्रक्रिया उन्हें आसान और सुलभ लगे। यह नई सुविधा किसानों की आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

पैसे की बारिश: भारत में सबसे ज्यादा वेतन देने वाली 10 कंपनियां

नई दिल्ली। भारत में प्राइवेट सेक्टर की कंपनियां देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाती हैं। लाखों लोग इन कंपनियों में काम करते हैं और अपनी मेहनत के बदले सैलरी पाते हैं। सैलरी यानी तनख्वाह ही कर्मचारियों का मुख्य लाभ है, और बड़ी कंपनियां इसे बांटने में अग्रणी रहती हैं। लेकिन सवाल यह है कि भारत में सबसे ज्यादा सैलरी देने वाली कंपनियां कौन सी हैं और कौन अपने कर्मचारियों पर सबसे अधिक निवेश करती हैं।

1. टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज लिमिटेड (TCS)

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज देश की सबसे बड़ी सॉफ़्टवेयर कंपनी है और अपने कर्मचारियों पर सालाना लगभग ₹1,45,788 करोड़ खर्च करती है। कंपनी ने लंबे समय से कर्मचारी कल्याण और सैलरी बढ़ोतरी में उत्कृष्टता दिखाई है।

2. इन्फोसिस लिमिटेड

नारायण मूर्ति की कंपनी इन्फोसिस कर्मचारियों पर ₹85,950 करोड़ खर्च करती है। यह कर्मचारी अनुभव, प्रशिक्षण और लाभों में निवेश के लिए जानी जाती है।

3. भारतीय स्टेट बैंक (SBI)

देश का सबसे बड़ा बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अपने कर्मचारियों पर ₹70,395.7 करोड़ का खर्च करता है। बैंकिंग सेक्टर में SBI का यह योगदान अद्वितीय माना जाता है।

4. HCL टेक्नोलॉजीज लिमिटेड

HCL टेक्नोलॉजीज सालाना ₹66,755 करोड़ कर्मचारियों पर खर्च करती है। कंपनी तकनीकी और वित्तीय लाभों के साथ कर्मचारियों के लिए आकर्षक सैलरी पैकेज देती है।

5. विप्रो लिमिटेड (Wipro)

विप्रो अपने कर्मचारियों के लिए ₹53,347.7 करोड़ खर्च करती है। IT और कंसल्टिंग में इसकी प्रतिष्ठा के साथ ही कर्मचारियों को मिले वेतन और भत्ते इसे टॉप में लाते हैं।

6. टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स लिमिटेड

टाटा मोटर्स अपने कर्मचारियों पर ₹47,767 करोड़ खर्च करती है। मोटर वाहन क्षेत्र में यह कंपनी सैलरी और भत्तों के मामले में अग्रणी है।

7. लार्सन एंड टुब्रो लिमिटेड (L&T)

इंजीनियरिंग और निर्माण क्षेत्र की दिग्गज कंपनी L&T ₹46,768.68 करोड़ कर्मचारियों पर खर्च करती है। कंपनी में वेतन के साथ बोनस और अन्य लाभ भी प्रमुख हैं।

8. कोल इंडिया लिमिटेड

कोल इंडिया, भारत की प्रमुख कोयला खदान कंपनी, कर्मचारियों पर ₹46,249.13 करोड़ खर्च करती है। माइनिंग सेक्टर में यह सबसे अधिक सैलरी देने वाली कंपनियों में शुमार है।

9. HDFC बैंक लिमिटेड

HDFC बैंक ₹34,135.75 करोड़ अपने कर्मचारियों पर खर्च करती है। बैंकिंग क्षेत्र में यह कर्मचारियों को आकर्षक वेतन और लाभ प्रदान करता है।

10. टेक महिंद्रा लिमिटेड

टेक महिंद्रा अपने कर्मचारियों पर ₹29,623.8 करोड़ खर्च करती है। कंपनी IT और डिजिटल सर्विसेज में अग्रणी होने के साथ-साथ कर्मचारियों के वित्तीय कल्याण पर भी जोर देती है।

यूपी में बनेगा रिंग रोड: इन जिलों के लिए आई बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। यूपी के अयोध्या और आसपास के जिलों के लिए एक नई सड़क परियोजना का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें अयोध्या तीर्थ क्षेत्र के चारों तरफ प्रस्तावित 80 किलोमीटर लंबी रिंग रोड शामिल है। यह सड़क बस्ती, अयोध्या, गोंडा और अंबेडकरनगर जिलों से होकर गुजरेगी और क्षेत्र की कनेक्टिविटी को पूरी तरह बदल देगी।

रिंग रोड से क्या होगा फायदा

इस रिंग रोड के बनने से तीर्थ क्षेत्र और आसपास के गांवों का राजधानी लखनऊ तक आवागमन आसान होगा। अयोध्या में धार्मिक पर्वों और मेलों के दौरान हाईवे पर भीड़ की समस्या कम होगी, क्योंकि लोग मेला क्षेत्र से बाहर निकलकर रिंग रोड के जरिये आसानी से आ-जा सकेंगे। वहीं, बस्ती और गोरखपुर के लोग रिंग रोड से सीधे लखनऊ तक यात्रा कर पाएंगे।

निर्माण का काम और लागत

इस परियोजना की कुल लंबाई 67.50 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर तय की गई है। निर्माण में सात फ्लाईओवर, चार रेलवे ओवरब्रिज (ROB), 16 अंडरपास, 11 मेजर ब्रिज और 18 माइनर ब्रिज शामिल होंगे। इसके अलावा, सरयू नदी पर दो बड़े पुल भी बनाए जाएंगे, जिनमें से निर्माण का 40 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। इस पूरे परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 3,418 करोड़ रुपये है।

परियोजना का व्यापक असर

इस रिंग रोड से न केवल बस्ती और आसपास के जिलों की सड़क कनेक्टिविटी सुधरेगी, बल्कि पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, जिसमें बस्ती जिले के 618 किसानों की 41 हेक्टेयर जमीन 30 करोड़ रुपये में खरीदी गई है। विकास की इस नई पहल से क्षेत्रवासियों को यातायात में सुविधा मिलेगी और तीर्थ स्थलों का दौरा भी आसान हो जाएगा।

2 ग्रहों का महासंयोग: 5 राशियों के जीवन में आएंगे खुशियों के पल, समृद्धि के संकेत

राशिफल। ज्योतिष में ग्रहों का संयोग किसी व्यक्ति के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है। इस बार सूर्य और शनि का महासंयोग बन रहा है, जो विशेष रूप से कुछ राशियों के लिए भाग्य और समृद्धि के द्वार खोलने वाला है। इस महासंयोग का असर मुख्य रूप से आर्थिक स्थिरता, करियर में उन्नति, पारिवारिक जीवन और मानसिक संतुलन पर देखने को मिलेगा।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी रहेगा। व्यवसाय में नए अवसर और नौकरी में प्रमोशन मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और लंबित काम पूरे होंगे। स्वास्थ्य भी इस दौरान सामान्य रहेगा, बस तनाव से बचना आवश्यक है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए सूर्य और शनि का महासंयोग विशेष रूप से मान-सम्मान और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और पुराने विवाद सुलझ सकते हैं। निवेश और धन लाभ के भी अवसर सामने आएंगे।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय निजी संबंधों और पारिवारिक जीवन में खुशियाँ लाने वाला रहेगा। परिवारिक मतभेद दूर होंगे और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में भी लाभ होगा, विशेषकर निवेश और संपत्ति के क्षेत्र में।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह संयोग शिक्षा और करियर में सफलता के संकेत देता है। नौकरीपेशा जातकों को नए प्रोजेक्ट्स और जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। छात्रों के लिए पढ़ाई में बेहतर परिणाम और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता का योग है।

5. मीन राशि

मीन राशि के लिए यह समय आर्थिक स्थिरता और स्वास्थ्य में सुधार का है। यात्रा के योग बनेंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता आएगी। पुराने कर्ज या परेशानियां हल होने की संभावना है, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी।

भीगे चने का जादू: 7 सुपर हेल्थ फायदे जो बदल देंगे आपकी सेहत!

नई दिल्ली। भीगे हुए चने सिर्फ स्वादिष्ट स्नैक नहीं हैं, बल्कि सेहत के लिए एक बड़ा खजाना भी हैं। पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना भीगे चने खाने से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं। आइए जानते हैं 7 ऐसे सुपर हेल्थ फायदे, जो आपकी सेहत में बड़ा बदलाव ला सकते हैं।

1. डायबिटीज कंट्रोल में मददगार

भीगे चने में उच्च मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित करने में मदद करता है। इसलिए डायबिटीज के मरीजों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

2. वजन घटाने में सहायक

भीगे चने खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख कम लगती है। इसमें कैलोरी कम और प्रोटीन अधिक होने के कारण यह वजन घटाने में मददगार माना जाता है।

3. हड्डियों को बनाए मजबूत

भीगे चने में कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं।

4. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

भीगे चने में पॉलीअनसैचुरेटेड फैट्स और फाइबर होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल लेवल को नियंत्रित करने और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

5. पाचन तंत्र को मजबूत बनाएं

फाइबर से भरपूर भीगे चने कब्ज़ और पेट से जुड़ी अन्य परेशानियों को दूर करने में मदद करते हैं। नियमित सेवन से पाचन क्रिया बेहतर होती है।

6. मसल्स और एनर्जी बढ़ाने वाले

प्रोटीन और आयरन का अच्छा स्रोत होने के कारण भीगे चने मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर में ऊर्जा बनाए रखते हैं। यह विशेष रूप से शारीरिक श्रम करने वाले लोगों और एथलीट्स के लिए लाभकारी है।

7. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

भीगे चने में मौजूद विटामिन्स और मिनरल्स त्वचा की चमक बढ़ाते हैं और बालों को मजबूत बनाते हैं। साथ ही, इसमें एंटीऑक्सिडेंट्स भी होते हैं, जो उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करते हैं।

बिहार से गुजरेगी ये 5 नई सड़कें, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार और झारखंड की सड़क व्यवस्था में बड़े बदलाव आने वाले हैं। केंद्र सरकार, NHAI और दोनों राज्यों की सरकारें मिलकर पांच प्रमुख हाईवे और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं पर तेजी से काम कर रही हैं। ये सड़कें न केवल यात्रा का समय घटाएंगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी नई दिशा देंगी।

1. पशुपतिनाथ–बैद्यनाथ धाम कॉरिडोर

यह 250 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से शुरू होकर बिहार के सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर और बांका जिलों से गुजरते हुए झारखंड के देवघर (बैद्यनाथ धाम) तक जाएगा। इससे यात्रा का समय वर्तमान 13–14 घंटे से घटकर मात्र 2–3 घंटे हो जाएगा। धार्मिक यात्रियों, नेपाल–भारत व्यापार और झारखंड के खनिज उद्योग को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा।

2. अमास–दरभंगा एक्सप्रेसवे

यह 189 किलोमीटर लंबा एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे गया, औरंगाबाद, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जिलों से होकर गुजरेगा। इससे उत्तर और दक्षिण बिहार के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यात्रा का समय लगभग आधा हो जाएगा और झारखंड से आने-जाने वाले वाहनों के लिए सुविधा बढ़ेगी।

3. पटना–पूर्णिया एक्सप्रेसवे

282 किलोमीटर लंबा 6-लेन ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट पटना से शुरू होकर पूर्णिया तक जाएगा। भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया चल रही है। इससे पटना से पूर्णिया की दूरी अब केवल 3 घंटे में तय हो सकेगी। सीमांचल क्षेत्र के उद्योग, व्यापार और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को भी मदद मिलेगी।

4. रांची–पटना 4-लेन हाईवे

323 किलोमीटर लंबा यह प्रोजेक्ट रांची, हजारीबाग, बारही और कोडरमा होते हुए पटना तक पहुंचेगा। इससे दोनों राज्यों की राजधानी के बीच यात्रा का समय कम होगा। झारखंड के खनिज उद्योग और बिहार के कृषि–औद्योगिक क्षेत्रों को भी फायदा मिलेगा।

5. औरंगाबाद–बरवाअड्डा 6-लेन हाईवे

222 किलोमीटर लंबा यह मार्ग बिहार के औरंगाबाद से झारखंड-बिहार बॉर्डर होते हुए बरवाअड्डा तक जाएगा। इससे खनिज और औद्योगिक सामग्री के परिवहन में तेजी आएगी। दिल्ली–कोलकाता कॉरिडोर से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और दोनों राज्यों के बीच ट्रैफिक दबाव कम होगा।