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केंद्र सरकार की जबरदस्त योजना, देशभर की बेटियों के लिए खुशखबरी, ऐसे उठाएं लाभ

नई दिल्ली। बेटियों के भविष्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए केंद्र सरकार की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) एक लोकप्रिय बचत योजना है। इसे ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत शुरू किया गया था। इस योजना में छोटी उम्र से ही बेटी के नाम पर बचत शुरू कर उसकी उच्च शिक्षा और भविष्य की जरूरतों के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।

8.2% ब्याज का मिल रहा योजना का लाभ

दिए गए विवरण के अनुसार फिलहाल इस योजना पर 8.2 प्रतिशत सालाना ब्याज मिल रहा है। ब्याज दर सरकार की ओर से समय-समय पर तय की जाती है, इसलिए आगे इसमें बदलाव संभव है। खाते में एक वित्तीय वर्ष में कम से कम ₹250 और अधिकतम ₹1.5 लाख जमा किए जा सकते हैं।

10 साल से कम उम्र की बेटी के नाम खाता

सुकन्या समृद्धि खाता ऐसी बच्ची के नाम पर खोला जा सकता है जिसकी उम्र खाता खोलते समय 10 साल से कम हो। खाता माता-पिता या कानूनी अभिभावक खोल सकते हैं। सामान्य तौर पर एक बच्ची के नाम पर एक ही SSY खाता खोला जाता है। इसमें खाता खुलने की तारीख से 15 साल तक रकम जमा की जाती है, जबकि खाता 21 साल पूरा होने पर मैच्योर होता है। यानी जमा की अवधि पूरी होने के बाद भी निर्धारित नियमों के अनुसार खाते पर ब्याज मिलता रहता है।

पढ़ाई के लिए पैसे निकालने की सुविधा

योजना की खास बात यह है कि बेटी की उच्च शिक्षा के लिए नियमों के तहत खाते से आंशिक निकासी की सुविधा भी मिलती है। आम तौर पर बेटी के 18 साल की होने या 10वीं कक्षा पास करने के बाद शिक्षा के लिए जमा रकम का 50 प्रतिशत तक निकाला जा सकता है। वहीं, बेटी की उम्र 18 साल या उससे अधिक होने पर उसकी शादी के लिए भी निर्धारित शर्तों के तहत खाता समय से पहले बंद कराया जा सकता है।

 टैक्स में भी मिलता है फायदा

SSY में निवेश पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत निर्धारित सीमा तक टैक्स लाभ मिलता है। योजना से मिलने वाला ब्याज और नियमों के अनुसार मैच्योरिटी राशि भी टैक्स से मुक्त रहती है। हालांकि, टैक्स नियमों में बदलाव संभव होने के कारण निवेश से पहले मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर लेनी चाहिए।

कहां खुलवा सकते हैं खाता?

सुकन्या समृद्धि खाता डाकघर या अधिकृत बैंक में खुलवाया जा सकता है। इसके लिए बच्ची का जन्म प्रमाण पत्र, अभिभावक का पहचान और पता प्रमाण समेत जरूरी दस्तावेज देने होते हैं। इस योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छोटी रकम से भी बेटी के नाम लंबे समय तक बचत की शुरुआत की जा सकती है।

मंगलवार का दिन रहेगा खास! 3 शक्तिशाली योग से 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मंगलवार का दिन कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है। इस दिन बनने वाले तीन शुभ योगों का असर करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। खास तौर पर मेष, मिथुन, सिंह और धनु राशि के जातकों के लिए दिन लाभकारी रहने की संभावना है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कामकाज में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या तरक्की से जुड़ा अवसर मिल सकता है। कारोबार में भी रुका हुआ काम आगे बढ़ने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में दिन अच्छा रह सकता है। आय के नए साधन बनने या अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने में भी सफलता मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों का सहयोग मिलने से कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए मंगलवार नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में लाभ का मौका बन सकता है। परिवार में माहौल अच्छा रहेगा और लंबे समय से अटका कोई काम पूरा होने की उम्मीद है।

चीन पड़ रहा सुस्त! भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, दुनिया की नजर

नई दिल्ली। चीन की आर्थिक रफ्तार में आई नरमी का असर अब ग्लोबल कंपनियों की रणनीति पर भी दिखाई देने लगा है। कई बड़ी कंज्यूमर कंपनियां भारत को सिर्फ उभरता हुआ बाजार नहीं, बल्कि आने वाले वर्षों में ग्रोथ का अहम केंद्र मान रही हैं। इसकी बड़ी वजह भारत में बढ़ती खपत, आय में इजाफा और तेजी से फैलता रिटेल नेटवर्क है।

हाल ही में बोस्टन में आयोजित बार्कलेज ग्लोबल कंज्यूमर स्टेपल्स कॉन्फ्रेंस में मोंडेलेज, लॉरियाल, नेस्ले, कोलगेट-पामोलिव, रेकिट और यूनिलीवर जैसी कंपनियों के अधिकारियों ने भारत की संभावनाओं पर जोर दिया। कंपनियों का मानना है कि भारतीय बाजार में अभी भी कई ऐसी कैटेगरी हैं, जहां प्रति व्यक्ति खपत दूसरे बड़े बाजारों की तुलना में काफी कम है। यही भविष्य की बड़ी संभावना बन रही है।

FMCG सेक्टर में बढ़ती उम्मीद

क्रिसिल रेटिंग्स के अनुमान के मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 में संगठित FMCG क्षेत्र का राजस्व करीब 8-10 प्रतिशत बढ़ सकता है। हालांकि महंगाई और ग्रामीण मांग पर दबाव के चलते वास्तविक बिक्री मात्रा की रफ्तार सीमित रहने की आशंका है। इसके बावजूद कंपनियां भारत में लंबे समय की संभावनाओं को लेकर उत्साहित हैं।

कंपनियां बढ़ा रहीं अपना नेटवर्क

भारत में बड़ी कंपनियां नए ग्राहकों तक पहुंच बनाने के साथ प्रीमियम उत्पादों, नई कैटेगरी और क्विक-कॉमर्स पर जोर दे रही हैं। मोंडेलेज जैसे ब्रांड वितरण नेटवर्क बढ़ाने में निवेश कर रहे हैं, जबकि लॉरियाल ने भारतीय बाजार में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। ब्यूटी और ई-कॉमर्स सेगमेंट में भी तेजी देखने को मिल रही है।

चीन की सुस्ती बनी भारत के लिए अवसर

ग्लोबल कंपनियों के लिए चीन लंबे समय से बड़ा ग्रोथ मार्केट रहा है, लेकिन वहां विकास की रफ्तार धीमी होने के बाद कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं। ऐसे माहौल में भारत की बड़ी आबादी, बढ़ती आय, कम प्रति व्यक्ति खपत और तेजी से बदलता रिटेल बाजार उसे आकर्षक बना रहा है। यही वजह है कि आने वाले समय में भारत को ग्लोबल कंज्यूमर कंपनियों की रणनीति में और ज्यादा अहम जगह मिलने की उम्मीद है।

खुशखबरी का डबल धमाका! बिहार में 2 बड़ी भर्ती शुरू, फटाफट करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ दो अच्छी खबरें सामने आई हैं। राज्य में फूड कॉरपोरेशन और पुलिस विभाग से जुड़ी दो अलग-अलग भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। दोनों भर्तियों में अलग-अलग पदों पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता जांचने के बाद निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

1 .BSFC में 259 पदों पर मौका

बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन (BSFC) ने विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस अभियान के तहत कुल 259 रिक्तियां भरी जाएंगी। इनमें अकाउंटेंट, लोअर ग्रेड क्लर्क, असिस्टेंट मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोलर समेत कई पद शामिल हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं और उम्मीदवार 24 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया BCECE बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट bceceboard.bihar.gov.in के माध्यम से पूरी की जाएगी।

2 .BPSSC में कंपनी कमांडर के 65 पद

दूसरी ओर, बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने कंपनी कमांडर के 65 पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 सितंबर 2026 से शुरू होंगे और अभ्यर्थी 10 अक्टूबर 2026 तक फॉर्म भर सकेंगे।

योग्य उम्मीदवार BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले उम्मीदवारों को पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य निर्धारित शर्तों को ध्यान से देखना होगा।

बिहार की जमीन में छिपा है खनिजों का खजाना! इन इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन के नीचे मौजूद खनिज संसाधनों की तलाश अब और तेज होने वाली है। राज्य सरकार ने खनिजों की खोज, उनके भंडार का आकलन और भविष्य में व्यवस्थित तरीके से इस्तेमाल करने की दिशा में काम बढ़ा दिया है। इसके लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लेने के साथ केंद्र सरकार की विशेषज्ञ एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाने की तैयारी है।

जीएसआई के साथ होगी अहम बैठक

खनिज अन्वेषण को गति देने के लिए खान एवं भूतत्व विभाग भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के अधिकारियों के साथ बैठक करने की तैयारी में है। बैठक में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद खनिजों की संभावनाओं पर चर्चा होगी।

वैज्ञानिक सर्वे के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि किन क्षेत्रों में खनिज भंडार मौजूद हैं और उनकी गुणवत्ता व मात्रा कितनी हो सकती है। खास बात यह है कि जिन इलाकों में अभी तक पर्याप्त खोज नहीं हुई है, उन्हें भी अन्वेषण के दायरे में लाने की योजना है।

खोज के बाद विकसित होंगे खनिज ब्लॉक

सर्वे और अन्वेषण से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर संभावित क्षेत्रों की पहचान की जाएगी। इसके बाद उपयुक्त खनिज क्षेत्रों को ब्लॉक के रूप में विकसित कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इससे राज्य में खनन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

ई-नीलामी में तकनीक का इस्तेमाल

बड़े खनिज ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इसके लिए यूनिफाइड माइनिंग पोर्टल के इस्तेमाल को मजबूत करने की तैयारी है। तकनीक आधारित व्यवस्था से नीलामी प्रक्रिया की निगरानी आसान होगी और ज्यादा कंपनियों को प्रतिस्पर्धा का अवसर मिल सकता है।

बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार की नौकरी पाने का मौका, युवाओं की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। स्टाफ सेलेक्शन कमीशन (SSC) ने जूनियर इंजीनियर भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए केंद्र सरकार के अलग-अलग विभागों में 1,748 जूनियर इंजीनियर पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तारीख के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1,748 पदों पर होगी भर्ती

SSC JE Recruitment 2026 के तहत सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल एंड मैकेनिकल और टेलीकॉम से जुड़े पद शामिल हैं। इसके अलावा इंडिया मेट्रोलॉजिकल डिपार्टमेंट (IMD) में साइंटिफिक असिस्टेंट के पद का भी प्रावधान है। सभी पद केंद्र सरकार के विभिन्न संगठनों में ग्रुप-B, लेवल-6 कैटेगरी के अंतर्गत आते हैं।

इस तारीख से शुरू हुआ आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 22 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को आवेदन करने के लिए SSC की आधिकारिक वेबसाइट ssc.gov.in पर जाना होगा।

किन युवाओं के लिए है मौका?

SSC JE भर्ती खास तौर पर इंजीनियरिंग क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवारों के लिए बड़ा अवसर है। सिविल, इलेक्ट्रिकल, मैकेनिकल और संबंधित तकनीकी योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी अपनी पात्रता के अनुसार पद के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालांकि, किसी पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें अलग हो सकती हैं, इसलिए आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन जरूर देखना चाहिए।

समय रहते करें आवेदन

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह एक अच्छा मौका है, इसलिए अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा। आवेदन भरते समय सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेजों को सावधानी से जांच लें, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

यूपी-बिहार वालों के लिए खुशखबरी! दिवाली-छठ पर चलेंगी 14 जोड़ी स्पेशल ट्रेनें, बुकिंग शुरू

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में घर जाने वाले यात्रियों के लिए रेलवे ने बड़ी राहत की तैयारी की है। दशहरा, दिवाली और छठ के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए अलग-अलग रूटों पर 14 जोड़ी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनमें यूपी, बिहार के अलावा दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड और महाराष्ट्र से जुड़े कई प्रमुख रूट शामिल हैं। कई ट्रेनों की एडवांस बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।

दिल्ली-वाराणसी और अयोध्या रूट पर राहत

वाराणसी और दिल्ली के बीच 04209/04210 नंबर की स्पेशल ट्रेन अक्टूबर-नवंबर में कुल 50 फेरे लगाएगी। यह ट्रेन लखनऊ, हरदोई, शाहजहांपुर और मुरादाबाद जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। वहीं वाराणसी-चंडीगढ़ के बीच 04227/04228 स्पेशल ट्रेन के 36 फेरे प्रस्तावित हैं। इसका रूट प्रयागराज, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद और गाजियाबाद से होकर जाएगा।

अयोध्या से आनंद विहार के बीच 04213/04214 स्पेशल ट्रेन 1 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 36 फेरे लगाएगी। रास्ते में बाराबंकी, लखनऊ, शाहजहांपुर, बरेली, मुरादाबाद, हापुड़ और गाजियाबाद जैसे स्टेशन आएंगे।

बिहार जाने वालों को भी बड़ी सुविधा

आनंद विहार-जोगबनी 04008/04007 साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन के 10 फेरे होंगे। यह कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर होते हुए बिहार के रास्ते जोगबनी पहुंचेगी। आनंद विहार-मुजफ्फरपुर 04028/04027 ट्रेन के अक्टूबर-नवंबर में 26 फेरे होंगे।

इसी तरह चंडीगढ़-पटना 04512/04511 के 18, फिरोजपुर कैंट-पटना 04616/04615 के 16 और दिल्ली जंक्शन-सीतामढ़ी 04010/04009 के 12 फेरे निर्धारित किए गए हैं। इससे दिल्ली, पंजाब और आसपास के इलाकों से बिहार जाने वाले यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

कानपुर रूट पर भी बढ़ी ट्रेनों की संख्या

त्योहारी भीड़ को देखते हुए आनंद विहार-कानपुर सेंट्रल 02458/02457 स्पेशल ट्रेन 8 सितंबर से 29 नवंबर तक 72 फेरे लगाएगी। वहीं नई दिल्ली-कानपुर सेंट्रल 02456/02455 के 7 सितंबर से 30 नवंबर तक 98 फेरे होंगे।

इसके अलावा योग नगरी ऋषिकेश-मुजफ्फरपुर 04314/04313 के 4 अक्टूबर से 30 नवंबर तक 18 फेरे होंगे।

150 और 120 फेरों वाली ट्रेन भी शामिल

रेलवे की इस सूची में आनंद विहार-लोकमान्य तिलक टर्मिनस 04014/04013 स्पेशल ट्रेन सबसे ज्यादा 150 फेरे लगाएगी। इसका संचालन 16 सितंबर से 29 नवंबर तक होगा। वहीं आनंद विहार-पाटलिपुत्र 04096/04095 स्पेशल ट्रेन 1 अक्टूबर से 29 नवंबर तक 120 फेरे लगाएगी।

आखिर में हजरत निजामुद्दीन-दरभंगा 04002/04001 स्पेशल ट्रेन अक्टूबर-नवंबर में 14 फेरे लगाएगी। ऐसे में त्योहार पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के पास अब पहले के मुकाबले ज्यादा ट्रेन विकल्प हैं। भीड़ से बचने के लिए टिकट की बुकिंग समय रहते कराने की सलाह दी जाती है।

रोज पका पपीता खाने की डाल लें आदत! पेट से लेकर त्वचा तक, शरीर को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। पका हुआ पपीता स्वाद में मीठा होने के साथ कई पोषक तत्वों से भरपूर फल माना जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे नियमित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं। खासतौर पर पाचन और त्वचा की सेहत के लिए पपीता काफी उपयोगी माना जाता है।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

पपीते में अच्छी मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसमें पपेन नामक एंजाइम भी होता है, जो प्रोटीन के पाचन में सहायक माना जाता है। कब्ज जैसी परेशानी में भी फाइबर युक्त फल मददगार हो सकते हैं।

2. इम्युनिटी को देता है सपोर्ट

पके पपीते में विटामिन C सहित कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। विटामिन C शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए जरूरी है। संतुलित आहार के साथ पपीते को डाइट में शामिल करना इम्युनिटी को सपोर्ट करने का एक अच्छा तरीका हो सकता है।

3. त्वचा के लिए अच्छा

पपीते में मौजूद विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद करते हैं। इसके पोषक तत्व त्वचा की सामान्य सेहत को बनाए रखने में योगदान दे सकते हैं। यही वजह है कि पपीते को हेल्दी स्किन डाइट का हिस्सा माना जाता है।

4. आंखों की सेहत को फायदा

पपीते में बीटा-कैरोटीन और अन्य कैरोटेनॉयड्स पाए जाते हैं, जिन्हें शरीर विटामिन A में बदल सकता है। विटामिन A आंखों की सामान्य सेहत और सामान्य दृष्टि के लिए महत्वपूर्ण पोषक तत्व है। इसलिए संतुलित भोजन के साथ पपीता आंखों की सेहत के लिए भी उपयोगी हो सकता है।

5. वजन मैनेजमेंट में मददगार

पका पपीता पानी और फाइबर से भरपूर होता है और इसमें कैलोरी अपेक्षाकृत कम होती है। इसे स्नैक या नाश्ते के हिस्से के रूप में लेने से पेट कुछ देर भरा हुआ महसूस हो सकता है। हालांकि वजन कम करने के लिए केवल पपीते पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।

मानसून की ट्रफ लाइन खिसकी! यूपी के इन जिलों में हो सकती है बारिश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने के संकेत दे रहा है। कई इलाकों में फिलहाल मौसम शुष्क है, लेकिन मानसूनी ट्रफ लाइन के उत्तर की ओर बढ़ने से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो से तीन दिनों तक तराई, मध्यांचल और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश या बूंदाबांदी होने की संभावना है।

तराई और पूर्वी यूपी में बारिश के आसार

मौसम विभाग के मुताबिक ट्रफ लाइन के खिसकने का असर सबसे ज्यादा तराई वाले इलाकों में देखने को मिल सकता है। यहां कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की परिस्थितियां बन रही हैं। मध्यांचल और पूर्वी यूपी में भी छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

इससे पहले रविवार को सोनभद्र, वाराणसी, नजीबाबाद और झांसी समेत कुछ इलाकों में अलग-अलग स्थानों पर बारिश दर्ज की गई। हालांकि प्रदेश में फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का बड़ा अलर्ट नहीं है।

अगले एक सप्ताह भारी बारिश का अलर्ट नहीं

मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले करीब एक सप्ताह तक उत्तर प्रदेश में भारी बारिश की चेतावनी नहीं है। ऐसे में ज्यादातर इलाकों में मौसम सामान्य से लेकर हल्का बदला हुआ रह सकता है। बारिश का असर स्थानीय स्तर पर ही देखने को मिलेगा।

लखनऊ में भी बदल सकता है मौसम

राजधानी लखनऊ में रविवार को दिन के समय धूप रही और मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रहा। दोपहर बाद आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ी। मौसम विभाग के अनुसार सोमवार शाम के बाद बादल अधिक सक्रिय हो सकते हैं, जबकि मंगलवार को हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।

15 सितंबर से शुरू होगा महासंयोग! 5 राशियों के लिए 25 सितंबर तक रहेंगे बेहद शुभ दिन

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 15 सितंबर से 25 सितंबर के बीच ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव का असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। इस अवधि को कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, आर्थिक स्थिति और रुके हुए कामों में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं। आइए जानते हैं वे 5 राशियां कौन-सी हैं, जिनके लिए यह समय लाभकारी रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह अवधि उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाली हो सकती है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलने के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी नए संपर्कों से फायदा मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए 15 से 25 सितंबर के बीच शुभ समाचार मिल सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी की तलाश कर रहे लोगों को अवसर मिल सकता है। अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है। परिवार में भी माहौल सकारात्मक रहने के संकेत हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। मेहनत का उचित परिणाम मिलने की उम्मीद है। कारोबार में कोई लाभदायक सौदा तय हो सकता है। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचते हुए आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह अवधि आर्थिक रूप से राहत देने वाली हो सकती है। आय के नए साधन बनने के साथ पुराने आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का मौका मिलेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए 15 से 25 सितंबर का समय उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबार में विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है। धन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के योग हैं।

यूपी में गरीब परिवारों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में अंत्योदय राशन कार्ड रखने वाले गरीब परिवारों के लिए राहत की खबर है। बाजार में चीनी के दाम बढ़ने के बावजूद सरकारी राशन की दुकानों पर अंत्योदय कार्डधारकों को चीनी पुरानी रियायती दर पर ही मिलेगी। इससे खुले बाजार की महंगी चीनी के बीच पात्र परिवारों को बड़ी बचत होगी।

18 रुपये किलो मिलेगी चीनी

फिलहाल खुले बाजार में चीनी करीब 50 से 55 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है। इसके मुकाबले अंत्योदय कार्डधारकों को सरकारी राशन की दुकान से सिर्फ 18 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी दी जाएगी। यानी बाजार भाव बढ़ने का असर इस योजना के तहत मिलने वाली चीनी की कीमत पर नहीं पड़ेगा।

एक कार्ड पर 3 किलो चीनी

जिला पूर्ति अधिकारी के मुताबिक 10 सितंबर से 25 सितंबर तक राशन वितरण की प्रक्रिया चल रही है। जुलाई, अगस्त और सितंबर की दूसरी तिमाही के लिए प्रत्येक अंत्योदय कार्ड पर एक साथ 3 किलो चीनी दी जा रही है। इसकी कुल कीमत 54 रुपये होगी।

35 किलो अनाज भी मुफ्त

चीनी के साथ अंत्योदय कार्डधारकों को 35 किलो निशुल्क खाद्यान्न भी उपलब्ध कराया जा रहा है। ऐसे में पात्र परिवारों को एक ही वितरण चक्र में सस्ती चीनी और मुफ्त अनाज का लाभ मिल रहा है।

अपनी राशन दुकान से मिलेगा लाभ

कार्डधारकों को चीनी लेने के लिए अपनी निर्धारित उचित दर की दुकान पर ही जाना होगा। सरकार की ओर से तय मात्रा और दर के अनुसार वितरण किया जाएगा। बाजार में चीनी की कीमत चाहे जितनी बढ़े, पात्र अंत्योदय परिवारों के लिए इस योजना के तहत चीनी की दर फिलहाल 18 रुपये प्रति किलो ही रखी गई है।

पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग में उठीं 10 बड़ी मांगें

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को भी बड़ी उम्मीदें हैं। आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ कर्मचारी और पेंशनर संगठन अपनी मांगें सामने रख रहे हैं। पेंशन में बढ़ोतरी से लेकर कम्यूटेशन की अवधि घटाने तक कई अहम मुद्दे चर्चा में हैं। जानिए पेंशनर्स की 10 प्रमुख मांगें।

1. पेंशन व्यवस्था में बदलाव की मांग

पेंशनर संगठनों का कहना है कि नए वेतन ढांचे के साथ पेंशन की गणना में भी उचित बदलाव होना चाहिए। अलग-अलग वर्ग के पेंशनर्स के बीच समानता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।

2. न्यूनतम पेंशन 67% करने की मांग

संगठनों की प्रमुख मांग है कि कर्मचारी के अंतिम वेतन का कम से कम 67 फीसदी हिस्सा न्यूनतम पेंशन के रूप में तय किया जाए। अंतिम 10 महीने की औसत सैलरी को आधार बनाने का सुझाव भी दिया गया है।

3. उम्र बढ़ने पर पेंशन में इजाफा

पेंशनर्स संगठनों ने उम्र के साथ पेंशन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत अधिक उम्र के पेंशनर्स को चरणबद्ध तरीके से अतिरिक्त पेंशन देने की मांग की गई है।

4. फिटमेंट फैक्टर को फिर से तय

नए वेतन ढांचे के अनुरूप फिटमेंट फैक्टर की समीक्षा करने की मांग है। संगठनों का तर्क है कि इसका सीधा असर पेंशन की गणना पर पड़ता है।

5. DR व्यवस्था की समीक्षा हो

महंगाई राहत यानी DR को लेकर भी बदलाव की मांग सामने आई है। पेंशनर्स चाहते हैं कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए मौजूदा व्यवस्था की समीक्षा की जाए।

6. फैमिली पेंशन में बेहतर लाभ

पेंशनर संगठनों ने परिवार को मिलने वाली पेंशन के नियमों की समीक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि पात्र परिवारों को मौजूदा व्यवस्था से बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिलनी चाहिए।

7. ग्रेच्युटी की सीमा बढ़े

ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में बढ़ोतरी और इससे जुड़े नियमों में बदलाव की मांग भी रखी गई है। साथ ही पेंशन कम्यूटेशन के प्रावधानों की समीक्षा पर जोर है।

8. OPS, NPS या UPS में विकल्प मिले

कर्मचारियों को OPS, NPS और UPS में से अपनी जरूरत के अनुसार विकल्प चुनने की सुविधा देने की मांग उठी है। यह मुद्दा पेंशनर्स की प्रमुख मांगों में शामिल है।

9. 15 साल की जगह 10-12 साल में पेंशन बहाल हो

कम्यूटेड पेंशन की बहाली की मौजूदा 15 साल की अवधि को घटाने की मांग की जा रही है। अलग-अलग संगठनों ने इसे 10, 11 या 12 साल करने का सुझाव दिया है।

10. पुराने नियमों और कम्यूटेशन टेबल में बदलाव

CCS कम्यूटेशन नियमों की समीक्षा के साथ कम्यूटेशन टेबल को नए आर्थिक और जनसांख्यिकीय आंकड़ों के आधार पर अपडेट करने की मांग है।

1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों का क्या?

पेंशनर्स का एक बड़ा मुद्दा उन कर्मचारियों की पेंशन से जुड़ा है, जो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हो चुके हैं। संगठनों की मांग है कि नए वेतन ढांचे के तहत इन पेंशनर्स की पेंशन में संशोधन का प्रावधान भी स्पष्ट रूप से किया जाए।

8वें वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और इसकी अंतिम रिपोर्ट मई 2027 तक आने की उम्मीद है। फिलहाल पेंशनर्स की इन मांगों पर अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगा।

रूस ने BRICS देशों को दिए शानदार ऑफर, अमेरिका-यूरोप की बढ़ी टेंशन?

नई दिल्ली। BRICS के मंच से रूस ने आर्थिक सहयोग को नई दिशा देने की पहल की है। राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने सदस्य देशों के बीच एक साझा इंश्योरेंस सिस्टम और अनाज का संयुक्त बाजार बनाने का प्रस्ताव रखा। उनका कहना है कि बाहरी आर्थिक दबावों के बावजूद BRICS देश पूंजी, तकनीक और श्रम के क्षेत्र में आपसी सहयोग के नए रास्ते तैयार कर सकते हैं।

रूस के दो बड़े प्रस्ताव

BRICS शिखर सम्मेलन के अंतिम सत्र में पुतिन ने कहा कि समूह के पास आगे बढ़ने के लिए कई योजनाएं हैं। इनमें साझा बीमा व्यवस्था और अनाज बाजार प्रमुख हैं। रूस ने दूसरे सदस्य देशों को इन पहलों में शामिल होने का न्योता भी दिया है।

साझा बीमा व्यवस्था का प्रस्ताव रूस के लिए खास महत्व रखता है। पश्चिमी प्रतिबंधों के कारण रूसी ऊर्जा कारोबार से जुड़ी कंपनियों और जहाजों के लिए बीमा व्यवस्था पर दबाव रहा है। ऐसे में BRICS देशों के बीच वैकल्पिक वित्तीय और बीमा तंत्र तैयार होने से रूस समेत अन्य सदस्य देशों को फायदा मिल सकता है।

न्यू डेवलपमेंट बैंक की भूमिका

पुतिन ने BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक के कामकाज की भी सराहना की। उन्होंने बताया कि बैंक करीब 140 अरब डॉलर के प्रोजेक्ट्स से जुड़ा हुआ है। रूस का मानना है कि ऐसी संस्थाएं उभरती अर्थव्यवस्थाओं के बीच स्वतंत्र आर्थिक सहयोग को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं।

ग्लोबल साउथ को एकजुट होने का संदेश

पुतिन ने आर्थिक मुद्दों के साथ-साथ वैश्विक सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था पर भी जोर दिया। उन्होंने BRICS और ग्लोबल साउथ के देशों से समस्याओं के सिर्फ तत्काल असर पर नहीं, बल्कि उनके मूल कारणों पर भी मिलकर काम करने की अपील की।

BRICS के लगातार विस्तार ने भी इस समूह का प्रभाव बढ़ाया है। ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका से शुरू हुआ यह मंच अब कई नए सदस्यों को अपने साथ जोड़ चुका है। बढ़ती सदस्यता के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय राजनीति में BRICS की भूमिका भी लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है।

रूस के नए प्रस्तावों को इसी बढ़ते आर्थिक सहयोग की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। अगर साझा बीमा और अनाज बाजार जैसी योजनाएं आगे बढ़ती हैं, तो BRICS देशों के बीच पश्चिमी वित्तीय ढांचे से अलग सहयोग का दायरा और मजबूत हो सकता है।

रूस ने भारत को दिया ऑफर, 80% तक लोकल मैन्युफैक्चरिंग का भी प्रस्ताव!

नई दिल्ली। भारत के हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर रूस ने बड़ा प्रस्ताव दिया है। रूसी कंपनी Transmashholding ने अपनी Ivolga हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक भारत को देने की पेशकश की है। कंपनी के मुताबिक इसका हाई-स्पीड वर्जन 360 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पकड़ सकता है।

80% तक लोकल उत्पादन

INNOPROM India कार्यक्रम में सामने आए प्रस्ताव की खास बात भारत में ट्रेन के निर्माण में 80% तक स्थानीय सामग्री इस्तेमाल करने की संभावना है। इससे Make in India को बढ़ावा मिलने के साथ घरेलू रेल उद्योग को नई तकनीक मिल सकती है।

वंदे भारत प्रोजेक्ट से भी जुड़ी है कंपनी

आपको बता दें की रूसी कंपनी Transmashholding पहले से ही भारतीय साझेदार के साथ वंदे भारत स्लीपर ट्रेन परियोजना से जुड़ी है। हालांकि Ivolga को लेकर अभी कोई खरीद या हाई-स्पीड कॉरिडोर समझौता नहीं हुआ है। लेकिन रूस का ये ऑफर भारत के लिए खास माना जा रहा हैं।

हालांकि, 360 किमी/घंटे की रफ्तार के लिए विशेष ट्रैक, सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्था भी जरूरी होगी। ऐसे में भारत भविष्य के हाई-स्पीड कॉरिडोर के लिए इस रूसी तकनीक को लागत, सुरक्षा और तकनीक हस्तांतरण के आधार पर परख सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, 10 ग्राम पंचायतों को मिलेगा ₹50-50 लाख का इनाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गांवों में बेहतर काम करने वाली ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित करने के लिए 'मुख्यमंत्री विशेष पंचायत पुरस्कार' योजना शुरू की है। इस योजना के तहत प्रदेश की 10 ग्राम पंचायतों को उनके शानदार काम के लिए चुना जाएगा। हर विजेता पंचायत को ₹50 लाख की पुरस्कार राशि मिलेगी।

इन कामों के आधार पर होगा चयन

सरकार ने पंचायतों के चयन के लिए 10 अलग-अलग श्रेणियां तय की हैं। इनमें घर-घर कचरा संग्रह, तरल और प्लास्टिक कचरे का बेहतर प्रबंधन, पंचायत की अपनी आय बढ़ाना और गांव को प्लास्टिक मुक्त बनाने जैसे काम शामिल हैं।

इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, तालाबों की देखरेख, महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व, CSC व आधार केंद्रों के जरिए ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली पंचायतों को भी पुरस्कार के लिए चुना जाएगा।

30 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन

पात्र ग्राम पंचायतें 15 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके लिए पंचायती राज विभाग ने cmawards.upprd.in पोर्टल शुरू किया है।

सरकार का मानना है कि इस पुरस्कार से ग्राम पंचायतों के बीच बेहतर काम करने की प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। साथ ही गांवों में स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तीकरण, डिजिटल सेवाओं और ग्रामीण विकास से जुड़े कार्यों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

यूपी के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी! पेंशन को लेकर नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बुजुर्गों के लिए वृद्धावस्था पेंशन को लेकर अहम बदलाव किया गया है। अब लाभार्थियों को तीन महीने की ₹3,000 पेंशन एक साथ नहीं मिलेगी, बल्कि इसे दो बराबर किस्तों में उनके बैंक खाते में भेजा जाएगा। दोनों किस्तों की राशि ₹1,500-₹1,500 होगी और भुगतान सीधे DBT के जरिए किया जाएगा।

45 दिन के अंतर पर आएगी पेंशन

नई व्यवस्था में हर तीन महीने की पेंशन राशि को दो हिस्सों में बांटा गया है। लाभार्थियों को पहली किस्त मिलने के करीब 45 दिन बाद दूसरी किस्त भेजी जाएगी। भुगतान होने की जानकारी SMS और संबंधित पोर्टल के जरिए भी मिल सकेगी। प्रदेश में करीब 1.19 लाख वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी हैं और नई व्यवस्था के तहत खातों में राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।

केंद्र और राज्य की हिस्सेदारी

80 वर्ष से अधिक उम्र के लाभार्थियों की ₹3,000 त्रैमासिक पेंशन में केंद्र और राज्य सरकार की हिस्सेदारी ₹1,500-₹1,500 है। वहीं 80 वर्ष से कम उम्र के लाभार्थियों के मामले में राज्य सरकार ₹2,400 और केंद्र सरकार ₹600 का योगदान करती है।

60 साल की उम्र में बनती है पात्रता

वृद्धावस्था पेंशन के लिए व्यक्ति की उम्र कम से कम 60 वर्ष होनी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्र में वार्षिक आय ₹46,080 और शहरी क्षेत्र में ₹56,460 तक निर्धारित है। आवेदन के लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता और जरूरी दस्तावेज होना आवश्यक है।

पात्र लाभार्थी एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन राशि को तय अंतराल पर सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाना है।

केंद्र सरकार की अच्छी योजना, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगी ₹3000 पेंशन!

नई दिल्ली। किसानों के लिए बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना चला रही है। इस योजना में पात्र छोटे और सीमांत किसानों को 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने न्यूनतम ₹3,000 पेंशन दी जाती है। खास बात यह है कि किसान को योजना में शामिल होने के बाद उम्र के हिसाब से छोटी राशि का नियमित योगदान करना होता है।

किसान के योगदान के बराबर पैसा सरकार भी देती है

योजना में किसान जितनी राशि जमा करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार की ओर से भी पेंशन खाते में जमा की जाती है। उदाहरण के लिए, 18 साल की उम्र में जुड़ने वाले किसान को ₹55 महीने जमा करने होते हैं और सरकार भी ₹55 का योगदान करती है। वहीं 40 साल की उम्र में योजना से जुड़ने पर किसान का मासिक योगदान ₹200 होता है।

कौन किसान ले सकता है लाभ?

प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना में 18 से 40 वर्ष की उम्र वाले छोटे और सीमांत किसान आवेदन कर सकते हैं। किसान के पास अधिकतम 2 हेक्टेयर तक खेती योग्य जमीन होनी चाहिए और उसका नाम संबंधित भूमि रिकॉर्ड में दर्ज होना जरूरी है।

ऐसे करा सकते हैं रजिस्ट्रेशन

पात्र किसान नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से योजना में नामांकन करा सकते हैं। इसके लिए आधार कार्ड, बैंक खाते की जानकारी और मोबाइल नंबर की जरूरत होती है। किसान अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, तिमाही या अन्य निर्धारित अंतराल पर योगदान कर सकता है।

इस योजना का उद्देश्य किसानों को खेती से होने वाली आय पर निर्भर रहने के बजाय बुढ़ापे में नियमित पेंशन का आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना है।

रूस ने भारत को दिया "Voronezh-M" रडार का ऑफर, चीन-पाक के उड़े होश

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच रक्षा सहयोग को लेकर एक और बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस ने भारत को Voronezh-M स्ट्रैटेजिक रडार देने की पेशकश की है। यह प्रस्ताव Su-57, S-400 और दूसरे रक्षा उपकरणों से जुड़े रूसी ऑफर्स के साथ सामने आया है।

हजारों किलोमीटर तक निगरानी

Voronezh-M को लंबी दूरी की निगरानी और बैलिस्टिक मिसाइलों की शुरुआती चेतावनी के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी रेंज करीब 6,000 से 8,000 किलोमीटर तक बताई जाती है और यह एक साथ बड़ी संख्या में लक्ष्यों को ट्रैक कर सकता है। रडार का इस्तेमाल मिसाइलों, विमानों और अंतरिक्ष से जुड़ी गतिविधियों पर नजर रखने में किया जा सकता है।

भारत के लिए क्यों अहम है?

अगर भारत में इस तरह की प्रणाली तैनात होती है तो देश की अर्ली वॉर्निंग और हवाई निगरानी क्षमता मजबूत हो सकती है। लंबी दूरी की निगरानी के कारण संभावित मिसाइल या हवाई खतरों का पहले पता लगाने में मदद मिल सकती है।

आपको बता दें का रूस का ये Voronezh रडार परिवार में अलग-अलग बैंड और क्षमताओं वाले संस्करण मौजूद हैं। हालांकि भारत को कौन सा संस्करण मिलेगा और इसकी तैनाती कहां होगी, इसे लेकर अभी अंतिम जानकारी सामने नहीं आई है।

फिलहाल यह रूस की ओर से दिया गया प्रस्ताव है और इसे लेकर किसी अंतिम खरीद समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अगर सौदा आगे बढ़ता है तो यह भारत की रणनीतिक निगरानी व्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है।

खुशखबरी की बौछार! 10 राज्यों के कर्मचारियों का बढ़ा DA, खाते में आ रही ज्यादा सैलरी

नई दिल्ली। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते को लेकर कई राज्यों ने राहत भरे फैसले किए हैं। कई जगह DA और DR में 2 फीसदी तक बढ़ोतरी की गई है, जबकि कुछ राज्यों में पुराने बकाये यानी एरियर के भुगतान को भी मंजूरी मिली है। इससे कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में सीधा फायदा मिलेगा।

यूपी से बिहार तक कर्मचारियों को राहत

उत्तर प्रदेश में DA को 58% से बढ़ाकर 60% किया गया है। इसका लाभ करीब 16 लाख कर्मचारियों, शिक्षकों और पेंशनर्स को मिलेगा। बिहार में भी 7वें पे कमीशन के तहत DA 58% से बढ़कर 60% हो गया है। वहीं आंध्र प्रदेश ने लंबित दो DA रिवीजन को मंजूरी देते हुए कुल 4.55% की बढ़ोतरी की है।

अरुणाचल प्रदेश और असम में भी DA बढ़ाकर 60% किया गया है। ओडिशा, सिक्किम और तमिलनाडु में भी कर्मचारियों व पेंशनर्स के लिए 2% DA बढ़ोतरी की गई है।

महाराष्ट्र में एरियर का भी तोहफा

महाराष्ट्र सरकार ने कर्मचारियों के पुराने DA एरियर के भुगतान के लिए ₹800 करोड़ मंजूर किए हैं। इससे लंबे समय से बकाये का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलने की उम्मीद है। पश्चिम बंगाल में भी DA बढ़ाने का फैसला लिया गया है, जिसके बाद वहां कर्मचारियों को मिलने वाला भत्ता और बढ़ जाएगा।

केंद्र के कर्मचारियों का DA भी 60%

केंद्र सरकार ने भी इस साल DA को 58% से बढ़ाकर 60% किया है। इसके अलावा बैंक और रेलवे कर्मचारियों के DA में भी संशोधन हुआ है। अब कर्मचारियों की नजर अगली DA बढ़ोतरी और 8वें केंद्रीय वेतन आयोग से जुड़े फैसलों पर है।

बिहार में इन कर्मचारियों को खुशखबरी, मार्च से अगस्त तक का वेतन जारी!

पटना। बिहार के नगर निकायों में काम करने वाले अधिकारियों और नगर प्रबंधकों के लिए राहत की खबर है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने लंबे समय से लंबित वेतन-भत्तों के भुगतान के लिए राशि जारी कर दी है। इससे मार्च से अगस्त 2026 तक के वेतन का भुगतान किया जाएगा।

44.65 लाख रुपये की राशि स्वीकृत

नगर परिषदों में तैनात बिहार प्रशासनिक सेवा, बिहार नगरपालिका सेवा और दूसरे विभागों से प्रतिनियुक्त अधिकारियों के वेतन भुगतान के लिए 44.65 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसमें नगर कार्यपालक पदाधिकारी, सहायक वास्तुविद, स्वच्छता एवं अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े अधिकारी और टाउन प्लानिंग पर्यवेक्षक शामिल हैं।

इसके अलावा नगर निकायों में कार्यरत पर्यवेक्षकीय संवर्ग के अधिकारियों के वेतन-भत्ते के लिए 36.5 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

नगर प्रबंधकों को भी मिलेगा बकाया वेतन

नगर प्रबंधकों के मार्च से अगस्त तक के वेतन भुगतान के लिए भी 6.60 लाख रुपये जारी किए गए हैं। विभाग ने महालेखाकार, बिहार को पत्र भेजकर स्वीकृत राशि के भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।

यह पूरा खर्च वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट से किया जाएगा। राशि जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारियों को बकाया वेतन मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

गणेश चतुर्थी पर बड़ी खुशखबरी! 4 राशियों को मिलेगा गणपति बप्पा का साथ, दूर होंगे संकट

राशिफल। आज गणेश चतुर्थी का पावन पर्व है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन गणपति बप्पा की पूजा करने से जीवन में चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं और शुभ कार्यों में सफलता मिल सकती है। इस गणेश चतुर्थी 4 राशियों पर बप्पा की विशेष कृपा रहने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए दिन शुभ रह सकता है। अटके हुए काम गति पकड़ सकते हैं और नौकरी-कारोबार में नए अवसर मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं। गणपति जी की पूजा करने से मन को शांति मिलेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए गणेश चतुर्थी खुशियां लेकर आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में लाभ के योग बनेंगे और किसी जरूरी काम में परिवार का सहयोग मिलेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बप्पा की कृपा से परेशानियां कम होने के संकेत हैं। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। रुका हुआ पैसा वापस आने के योग बन सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए गणेश चतुर्थी सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं और आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है।

खुशखबरी का ट्रिपल धमाका! यूपी में 3 बड़ी भर्ती, युवाओं के लिए नौकरी का मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ तीन बड़ी भर्तियों का मौका आया है। अलग-अलग विभागों में हजारों पदों पर आवेदन प्रक्रिया शुरू हो रही है। इनमें पशुधन विभाग की वेटरिनरी फार्मासिस्ट भर्ती, असिस्टेंट प्रोफेसर और सीनियर इंस्ट्रक्टर के पद शामिल हैं।

1308 वेटरिनरी फार्मासिस्ट पद

UPSSSC ने पशुपालन विभाग में 1,308 वेटरिनरी फार्मासिस्ट पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन मांगे हैं। इसमें वही अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने PET-2025 दिया है और वैध स्कोरकार्ड रखते हैं। आवेदन 14 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकेंगे।

1,936 असिस्टेंट प्रोफेसर पद

उत्तर प्रदेश में 1,936 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भी भर्ती निकली है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 8 सितंबर से 7 अक्टूबर 2026 तक चलेगी। योग्य उम्मीदवार संबंधित आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

132 सीनियर इंस्ट्रक्टर की भर्ती

इसके अलावा UPSSSC ने 132 सीनियर इंस्ट्रक्टर पदों के लिए भी नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों के लिए आवेदन 14 सितंबर से 5 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं। यानी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ तीन मौके हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को संबंधित भर्ती की योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तें जरूर जांच लेनी चाहिए।

कल से मंगल का प्रभाव शुरू! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। मंगल ग्रह को साहस, ऊर्जा, भूमि, पराक्रम और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। मंगल की चाल में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। कल से मंगल के प्रभाव के कारण 4 राशियों के जातकों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का प्रभाव लाभकारी रह सकता है। कामकाज में तेजी आएगी और लंबे समय से अटके काम पूरे होने के योग बनेंगे। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिल सकता है। कारोबार में भी फायदा मिलने के संकेत हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए मंगल का प्रभाव आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं। निवेश या संपत्ति से जुड़े मामलों में भी लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रहने की उम्मीद है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों पर मंगल का विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का मौका मिलेगा। व्यापारियों को नए सौदे मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए मंगल का प्रभाव करियर में तरक्की के रास्ते खोल सकता है। मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है और रुके हुए प्रोजेक्ट आगे बढ़ सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में भी राहत मिलने की संभावना है।

खून का रंग लाल ही क्यों होता है? जानिए शरीर में ब्लड बनने की पूरी प्रक्रिया

हेल्थ डेस्क। हमारे शरीर में खून यानी रक्त का काम सिर्फ शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाना ही नहीं है, बल्कि यह पोषक तत्वों को कोशिकाओं तक पहुंचाने, कार्बन डाइऑक्साइड और दूसरे अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने तथा संक्रमण से बचाव में भी अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि खून का रंग लाल ही क्यों होता है और यह शरीर में बनता कहां है?

लाल रंग के पीछे क्या है कारण?

खून का लाल रंग मुख्य रूप से हीमोग्लोबिन नामक प्रोटीन की वजह से होता है। यह प्रोटीन लाल रक्त कोशिकाओं यानी रेड ब्लड सेल्स (RBC) में पाया जाता है। हीमोग्लोबिन में आयरन मौजूद होता है, जो ऑक्सीजन के साथ जुड़कर रक्त को चमकीला लाल रंग देता है।

जब खून फेफड़ों से ऑक्सीजन लेकर शरीर के अलग-अलग अंगों तक पहुंचता है, तब उसका रंग अपेक्षाकृत चमकीला लाल दिखाई देता है। वहीं, जब रक्त शरीर की कोशिकाओं से कार्बन डाइऑक्साइड लेकर वापस फेफड़ों की ओर लौटता है, तो उसका रंग गहरा लाल दिखाई दे सकता है।

शरीर में खून बनता कहां है?

अधिकतर रक्त कोशिकाओं का निर्माण बोन मैरो यानी अस्थि मज्जा में होता है। यह हड्डियों के अंदर मौजूद मुलायम ऊतक होता है। यहां मौजूद विशेष कोशिकाएं लगातार नई रक्त कोशिकाएं बनाती रहती हैं। खून मुख्य रूप से तीन तरह की कोशिकाओं से मिलकर बना होता है। लाल रक्त कोशिकाएं, सफेद रक्त कोशिकाएं और प्लेटलेट्स। 

आपको बता दें की लाल रक्त कोशिकाएं शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने का काम करती हैं, सफेद रक्त कोशिकाएं शरीर को संक्रमण से बचाने में मदद करती हैं, जबकि प्लेटलेट्स चोट लगने पर खून का थक्का बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

ब्लड बनने की प्रक्रिया कैसे चलती है?

बोन मैरो में मौजूद स्टेम सेल्स से अलग-अलग प्रकार की रक्त कोशिकाएं विकसित होती हैं। शरीर को जितनी जरूरत होती है, उसके अनुसार इन कोशिकाओं का निर्माण और नवीनीकरण लगातार चलता रहता है। लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण में आयरन, विटामिन B12 और फोलेट जैसे पोषक तत्वों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

लाल रक्त कोशिकाएं बनने के बाद रक्त में शामिल होकर शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाती हैं। सामान्य तौर पर एक लाल रक्त कोशिका करीब 120 दिनों तक काम करती है। पुरानी या क्षतिग्रस्त कोशिकाओं को शरीर से हटाया जाता है और उनकी जगह नई कोशिकाएं बनती रहती हैं।

BRICS के 5 बड़े फैसले, दिल्ली के मंच से दुनिया को मिला बड़ा संदेश

नई दिल्ली। दिल्ली में आयोजित BRICS सम्मेलन में दुनिया की बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं एक मंच पर नजर आईं। 21 देशों की भागीदारी वाले इस सम्मेलन में 45 पन्नों के साझा घोषणा-पत्र के 140 बिंदुओं पर सहमति बनी। बैठक में बहुपक्षवाद, शांति, सुरक्षा और वैश्विक व्यापार को लेकर कई अहम फैसले सामने आए। इन फैसलों से भारत की कूटनीतिक ताकत भी उभरकर सामने आई।

1 .आतंकवाद और टेरर फंडिंग पर सख्त रुख

BRICS देशों ने आतंकवाद के खिलाफ स्पष्ट और कड़ा संदेश दिया। घोषणा-पत्र में पहलगाम हमले का उल्लेख करते हुए आतंकवाद और उसे मिलने वाली आर्थिक मदद पर रोक लगाने की जरूरत पर जोर दिया गया। सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भी साझा चिंता सामने आई।

2 .समुद्री व्यापार की सुरक्षा पर रहा जोर

दुनिया के कई हिस्सों में जारी तनाव के बीच समुद्री रास्तों की सुरक्षा को लेकर भी सहमति बनी। व्यापारिक जहाजों और समुद्री मार्गों को सुरक्षित रखने तथा विवादों का समाधान बातचीत के जरिए करने पर जोर दिया गया।

3 .व्यापार को आसान बनाने की पहल

बैठक में मनमाने ढंग से लगाए जाने वाले भारी टैरिफ को लेकर भी चिंता जताई गई। BRICS देशों ने 2026 से 2030 के बीच आपसी व्यापार और बाजारों तक पहुंच को बेहतर बनाने की दिशा में काम करने पर सहमति जताई।

4 .सैटेलाइट नेटवर्क से मौसम पर नजर

जलवायु परिवर्तन, बाढ़, सूखा और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए BRICS देशों के बीच सैटेलाइट सहयोग को बढ़ावा देने का फैसला अहम रहा। साझा सैटेलाइट नेटवर्क से मौसम और पर्यावरण से जुड़ी सूचनाओं को बेहतर तरीके से साझा करने में मदद मिल सकती है।

5 .UNSC में भारत की दावेदारी को समर्थन

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार की मांग भी सम्मेलन के प्रमुख मुद्दों में रही। भारत जैसे विकासशील देशों को सुरक्षा परिषद में उचित प्रतिनिधित्व देने की जरूरत पर जोर दिया गया। इसे भारत की लंबे समय से चली आ रही स्थायी सदस्यता की दावेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत के लिए क्या बदला?

सम्मेलन में भारत को कूटनीतिक स्तर पर कई अहम फायदे मिले। आतंकवाद के मुद्दे पर चीन समेत BRICS देशों की सहमति भारत के लिए महत्वपूर्ण रही। वहीं, भारत और चीन के बीच शीर्ष स्तर पर बातचीत से द्विपक्षीय संबंधों में सुधार की उम्मीद भी मजबूत हुई।

आर्थिक मोर्चे पर रूस की ओर से अपनी इवोल्गा ट्रेन की पेशकश और स्थानीय मुद्राओं में कारोबार बढ़ाने जैसे प्रस्ताव भी चर्चा में रहे। दिल्ली का BRICS मंच भारत के लिए केवल वैश्विक सम्मेलन नहीं, बल्कि कूटनीति, सुरक्षा और आर्थिक सहयोग के मोर्चे पर अपनी भूमिका मजबूत करने का अवसर साबित हुआ।

मध्यप्रदेश में बन रहा ये एक्सप्रेस-वे, यूपीवालों के लिए भी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए सागर-सतना ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे पर काम आगे बढ़ रहा है। करीब 227 किलोमीटर लंबा फोर-लेन एक्सेस-कंट्रोल कॉरिडोर तैयार होने के बाद बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के कई शहरों के बीच सफर आसान और तेज होने की उम्मीद है।

करीब 9,850 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से भोपाल, सागर, सतना, रीवा, प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। एक्सप्रेसवे बनने के बाद भोपाल से वाराणसी का सफर मौजूदा समय की तुलना में काफी कम समय में पूरा होने की उम्मीद है।

इन जिलों को मिलेगा फायदा

यह एक्सप्रेसवे मध्य प्रदेश के सागर, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, सीधी और रीवा जैसे क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सागर और सतना के बीच यात्रा का समय भी घटने की उम्मीद है। वहीं भोपाल से रीवा जाने वाले यात्रियों को भी तेज कनेक्टिविटी का फायदा मिल सकता है।

सतना के आगे सड़क संपर्क के जरिए प्रयागराज, मिर्जापुर और वाराणसी जैसे उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों तक पहुंच आसान होगी। इससे यात्रियों के साथ माल परिवहन को भी फायदा मिलने की संभावना है।

एमपी-यूपी के लिए बनेगा नया हाईस्पीड कॉरिडोर

सागर-सतना एक्सप्रेसवे को भविष्य में प्रस्तावित सागर-कोटा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से जोड़ने की योजना भी बताई जा रही है। इससे मध्य प्रदेश के रास्ते राजस्थान और उत्तर प्रदेश के बीच सड़क संपर्क को और मजबूती मिल सकती है।

फिलहाल परियोजना की DPR अंतिम चरण में बताई जा रही है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। परियोजना पूरी होने पर यह मार्ग बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र के लिए परिवहन और कनेक्टिविटी के लिहाज से अहम साबित हो सकता है।

बुधादित्य राजयोग से बरसेगी कृपा! 4 राशियों के दूर होंगे संकट, सफलता और धन के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 17 सितंबर 2026 को सूर्य कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। इससे पहले बुध कन्या राशि में विराजमान रहेंगे। ऐसे में सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस योग को बुद्धि, करियर, कारोबार, मान-सम्मान और आर्थिक मामलों के लिए शुभ माना जाता है।

कन्या राशि में बनने वाले इस राजयोग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। खासतौर पर मिथुन, कन्या, धनु और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक रह सकता है। इन लोगों को नौकरी, व्यापार, धन और करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिलने के योग बन सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए यह राजयोग आपके लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी समझदारी और निर्णय लेने की क्षमता की तारीफ हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कारोबारियों को भी नई डील से फायदा होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि में ही सूर्य और बुध की युति बनने से इस राशि के जातकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण फैसले लेने में सफलता मिल सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के भी योग बन रहे हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुधादित्य राजयोग करियर के लिहाज से अच्छा समय लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने की उम्मीद है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को इस राजयोग से करियर और धन के मामले में फायदा मिल सकता है। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम पूरा हो सकता है। नौकरी में बदलाव या बेहतर अवसर की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। व्यापार में निवेश या नई योजना से लाभ के संकेत हैं। परिवार में भी सुखद माहौल बना रह सकता है।