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बिहार में जमीन रजिस्ट्री का नया नियम लागू, रैयतों के लिए खुशखबरी

पटना: बिहार सरकार ने जमीन रजिस्ट्री व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के बुजुर्गों को जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जरूरत पड़ने पर विभाग की टीम उनके घर पहुंचकर पूरी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी करेगी।

घर बैठे मिलेगी रजिस्ट्रेशन की सुविधा

राज्य सरकार ने 'सबका सम्मान, जीवन आसान' पहल के तहत वरिष्ठ नागरिकों के लिए घर-घर रजिस्ट्रेशन सेवा शुरू की है। पहले इस सुविधा का लाभ 80 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को दिया जाना प्रस्तावित था, लेकिन अब आयु सीमा घटाकर 75 वर्ष कर दी गई है। इससे बड़ी संख्या में बुजुर्ग नागरिकों को सीधे लाभ मिलेगा।

इस व्यवस्था के तहत यदि कोई पात्र बुजुर्ग जमीन या फ्लैट की रजिस्ट्री कराना चाहता है और कार्यालय तक पहुंचने में असमर्थ है, तो मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट निर्धारित समय पर उसके घर जाकर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और पूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी कराएगी। इसके लिए संबंधित विभाग ने टोल-फ्री सुविधा भी उपलब्ध कराई है, ताकि लोग आसानी से आवेदन कर सकें।

रजिस्ट्री से पहले जमीन की जानकारी

नई व्यवस्था में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि जमीन खरीदने और बेचने वाले दोनों पक्षों को रजिस्ट्री से पहले संपत्ति की पूरी और अद्यतन कानूनी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे खरीदार यह जान सकेगा कि संबंधित जमीन पर किसी प्रकार का विवाद, बंधक या अन्य कानूनी अड़चन तो नहीं है।

इसके अलावा आधुनिक GIS तकनीक और जियो-टैगिंग की मदद से भूमि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। संबंधित अंचलाधिकारी के स्तर पर प्री-वेरिफिकेशन की प्रक्रिया भी अनिवार्य होगी, जिससे गलत या फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री की संभावना काफी कम हो जाएगी।

ऑनलाइन होगी पूरी प्रक्रिया

सरकार जमीन रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। आवेदन से लेकर दस्तावेजों के सत्यापन और रजिस्ट्रेशन तक अधिकांश प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे और लोगों का समय भी बचेगा। डिजिटल व्यवस्था लागू होने के बाद किसी भी जमीन का रिकॉर्ड आसानी से देखा और सत्यापित किया जा सकेगा, जिससे भविष्य में कानूनी विवाद कम होने की उम्मीद है।

सामान्य रजिस्ट्री के नियमों में भी बदलाव

सिर्फ बुजुर्गों के लिए ही नहीं, बल्कि सामान्य जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब संबंधित अंचल के अंचलाधिकारी (सीओ) और राजस्व अधिकारियों को जमीन की जांच कर अधिकतम 10 दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट देनी होगी। इससे रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया में होने वाली अनावश्यक देरी कम होगी और लोगों को समय पर सेवा मिल सकेगी।

फर्जीवाड़े और जमीन विवादों पर लगेगी रोक

बिहार में लंबे समय से जमीन से जुड़े विवाद बड़ी समस्या रहे हैं। कई मामलों में एक ही जमीन को अलग-अलग लोगों के नाम बेचने जैसी धोखाधड़ी सामने आती रही है, जिसके कारण खरीदार वर्षों तक अदालतों में न्याय के लिए भटकते हैं। नई व्यवस्था में रजिस्ट्री से पहले कानूनी स्थिति की जांच, डिजिटल रिकॉर्ड, प्री-वेरिफिकेशन और ऑनलाइन प्रक्रिया लागू होने से ऐसे मामलों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है। इससे ईमानदार खरीदारों को सुरक्षा मिलेगी और जमीन खरीद-बिक्री का पूरा सिस्टम अधिक भरोसेमंद बन सकेगा।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, 32 जिलों के लिए नई खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। अब सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं को महंगी कोचिंग या बड़े शहरों में किराये पर रहने की मजबूरी नहीं होगी। राज्य सरकार ने पहले चरण में 32 जिलों की हजारों ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी तैयार कर दी हैं, जहां प्रतियोगी परीक्षाओं की पढ़ाई के लिए आधुनिक संसाधन निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

इन लाइब्रेरियों का उद्देश्य केवल किताबें उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि गांव के विद्यार्थियों को वही सुविधाएं देना है जो अब तक बड़े शहरों के छात्रों को आसानी से मिलती रही हैं। इससे UPSC, UPPSC, पुलिस, बैंक, एसएससी और अन्य सरकारी भर्ती परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है।

किताबों के साथ डिजिटल पढ़ाई की भी पूरी व्यवस्था

नई लाइब्रेरी में पारंपरिक पुस्तकों के अलावा डिजिटल लर्निंग पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। छात्रों को हजारों ई-बुक्स, विषय विशेषज्ञों के वीडियो लेक्चर, ऑडियो स्टडी मैटेरियल और ऑनलाइन क्विज की सुविधा मिलेगी। इससे वे अपनी तैयारी को समय-समय पर परख सकेंगे और कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे।

हर ग्राम पंचायत में आधुनिक सुविधाओं पर निवेश

सरकार ने प्रत्येक लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने के लिए अलग बजट निर्धारित किया है। प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित नई पुस्तकों की खरीद के साथ-साथ कंप्यूटर, टैबलेट, इंटरनेट और अन्य तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए आरामदायक अध्ययन कक्ष, टेबल, कुर्सियां और अन्य आवश्यक फर्नीचर भी लगाए जा रहे हैं ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक माहौल मिल सके।

ग्राम पंचायतों में तेजी से बढ़ रहा है काम

योजना के तहत बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों तक अध्ययन सामग्री पहुंच चुकी है और अधिकांश स्थानों पर लाइब्रेरी का बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है। अब इन केंद्रों को हाई-स्पीड इंटरनेट और डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है, जिससे विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री का भी पूरा लाभ उठा सकें।

गांव में ही मिलेगी शहर जैसी सुविधा

सरकार का मानना है कि शिक्षा के बेहतर अवसर केवल शहरों तक सीमित नहीं रहने चाहिए। इसी सोच के तहत ग्रामीण युवाओं को उनके गांव में ही प्रतियोगी परीक्षाओं की गुणवत्तापूर्ण तैयारी का माहौल उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों का खर्च कम होगा और उन्हें पढ़ाई के लिए घर छोड़ने की आवश्यकता भी नहीं पड़ेगी।

स्थानीय स्तर पर होगी निगरानी

इन लाइब्रेरी केंद्रों के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत स्तर पर तय की गई है। नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी बनाई गई है ताकि विद्यार्थियों को सभी सुविधाएं समय पर मिलती रहें और संसाधनों का सही उपयोग सुनिश्चित हो सके।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, गाय पालन करने वालों के लिए खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार राज्य में स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से पशुपालकों के लिए नई योजनाओं का संचालन कर रही है। इन योजनाओं के तहत गाय पालन शुरू करने वाले किसानों और इच्छुक लोगों को सरकार 40 से 50 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, किसानों की आय बढ़ेगी और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को भी मजबूती मिलेगी।

दो योजनाओं के माध्यम से मिलेगा अनुदान

सरकार ने स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण और डेयरी व्यवसाय को प्रोत्साहन देने के लिए दो अलग-अलग योजनाएं लागू की हैं। पहली योजना मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना है, जिसके तहत 10 स्वदेशी गायों की डेयरी स्थापित करने पर परियोजना लागत का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। इस यूनिट की अनुमानित लागत लगभग 23.60 लाख रुपये निर्धारित की गई है।

वहीं दूसरी योजना मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना है। इसमें दो स्वदेशी गायों की छोटी डेयरी इकाई स्थापित करने पर 40 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। करीब दो लाख रुपये की लागत वाली इस इकाई पर पात्र लाभार्थी को अधिकतम 80 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

इन स्वदेशी नस्लों को मिलेगा प्राथमिकता

दोनों योजनाओं में देश की प्रमुख स्वदेशी नस्लों गीर, साहीवाल और थारपारकर को शामिल किया गया है। ये नस्लें अधिक दूध उत्पादन, बेहतर स्वास्थ्य और भारतीय जलवायु के अनुकूल होने के कारण डेयरी व्यवसाय के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं। सरकार का उद्देश्य इन नस्लों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण दूध उत्पादन को भी बढ़ावा देना है।

दूध उत्पादन में हैं आगे

गीर नस्ल की गाय प्रतिदिन लगभग 14 से 16 लीटर तक दूध देने की क्षमता रखती है। साहीवाल गाय भी औसतन 15 से 16 लीटर दूध देती है और लंबे समय तक दुग्ध उत्पादन बनाए रखती है। वहीं थारपारकर नस्ल करीब 12 से 14 लीटर प्रतिदिन दूध देती है तथा लगभग 300 दिनों तक दुग्ध उत्पादन करने के लिए जानी जाती है। इन नस्लों के दूध की बाजार में अच्छी मांग होने के कारण पशुपालकों को बेहतर आय मिलने की संभावना रहती है। इसके अलावा उच्च गुणवत्ता वाली गायों की कीमत भी अच्छी मिलती है, जिससे डेयरी व्यवसाय लाभदायक साबित हो सकता है।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक किसान और पशुपालक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से भी योजना की पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है।

यूपी में रसोइयों का होगा चयन, सभी जिलों के लिए निर्देश

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में प्रधानमंत्री पोषण (पीएम पोषण) योजना को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रसोइयों के चयन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। राज्य सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर रसोइयों की नियुक्ति करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।

छात्र संख्या के अनुसार तय होगी नियुक्ति

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय में नामांकित विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर रसोइयों की संख्या निर्धारित की जाएगी। जिन विद्यालयों में 25 तक छात्र हैं, वहां दो रसोइये रखे जाएंगे। 26 से 100 विद्यार्थियों वाले विद्यालयों में तीन, 101 से 200 तक चार, 201 से 300 तक पांच तथा 301 से 1000 विद्यार्थियों वाले स्कूलों में छह रसोइयों की नियुक्ति की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में 1001 से 1500 तक छात्र नामांकित हैं तो वहां सात रसोइये नियुक्त किए जाएंगे। इससे अधिक छात्र संख्या वाले विद्यालयों में शासन के निर्धारित मानकों के अनुसार अतिरिक्त रसोइयों का चयन किया जाएगा।

सभी जिलों में शुरू होगी प्रक्रिय

महानिदेशक, स्कूल शिक्षा की ओर से सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (बीएसए) को निर्देश दिए गए हैं कि वे पहले विद्यालयवार छात्र संख्या का सत्यापन कराएं। इसके बाद पात्र विद्यालयों में निर्धारित नियमों के अनुसार चयन प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साथ ही पूरी कार्रवाई निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी कर उसकी रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। 

पारदर्शिता पर रहेगा विशेष जोर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि रसोइयों के चयन में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी। जिला स्तर पर अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि नियुक्तियां तय मानकों और पात्रता के अनुसार ही हों। इससे चयन प्रक्रिया निष्पक्ष बनेगी और सभी पात्र अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सकेगा।

मध्यान्ह भोजन व्यवस्था होगी मजबूत

प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत लाखों बच्चों को प्रतिदिन विद्यालयों में पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। पर्याप्त संख्या में रसोइयों की नियुक्ति होने से भोजन तैयार करने और वितरण की व्यवस्था अधिक सुचारु होगी। इससे विद्यालयों में बच्चों को समय पर भोजन मिलने के साथ गुणवत्ता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से न केवल पीएम पोषण योजना का संचालन बेहतर होगा, बल्कि विद्यालयों में कार्य व्यवस्था भी अधिक व्यवस्थित बनेगी और विद्यार्थियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

यूपी में 'ग्राम प्रधानों' के लिए बड़ा अपडेट, पढ़ें पूरी डिटेल्स

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के प्रशासन को लेकर चल रहे एक महत्वपूर्ण मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। यह मामला उन ग्राम प्रधानों से जुड़ा है जिन्हें ग्राम पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के रूप में जिम्मेदारी सौंपी गई थी। अदालत ने इस व्यवस्था के कानूनी आधार और संवैधानिक पहलुओं पर सरकार से विस्तृत पक्ष रखने को कहा है।

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी जानना चाहा कि पंचायत चुनाव कराने की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ी है। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट की वर्तमान स्थिति पर भी सरकार से जानकारी मांगी गई है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को निर्धारित की गई है।

किस प्रावधान पर उठे सवाल?

जनहित याचिका में उत्तर प्रदेश पंचायती राज अधिनियम, 1947 की धारा 12(3-क) की संवैधानिक वैधता को चुनौती दी गई है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इस प्रावधान के आधार पर सरकार ने ग्राम पंचायतों का पांच वर्षीय कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त कर दिया, जिससे वे पंचायतों का कामकाज संभालते रहे। याचिका में दलील दी गई है कि यह व्यवस्था संविधान की भावना के अनुरूप नहीं है और पंचायतों के लोकतांत्रिक ढांचे पर भी सवाल खड़े करती है।

शासनादेश रद्द करने की भी मांग

याचिकाकर्ता ने अदालत से उस सरकारी आदेश को भी निरस्त करने की मांग की है, जिसके तहत प्रदेशभर में कार्यकाल समाप्त होने के बाद पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रशासक का दायित्व दिया गया था। उनका तर्क है कि कार्यकाल समाप्त होने के बाद नई व्यवस्था लोकतांत्रिक प्रक्रिया के अनुरूप लागू होनी चाहिए।

पुराने फैसले का भी दिया हवाला

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से हाईकोर्ट के एक पुराने फैसले का उल्लेख किया गया। दलील दी गई कि वर्ष 2000 में इसी तरह के एक प्रावधान को अदालत पहले भी असंवैधानिक मान चुकी है। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा, लेकिन वहां संवैधानिक वैधता का अंतिम निर्णय देने के बजाय इस प्रश्न को दोबारा हाईकोर्ट के विचार के लिए खुला छोड़ दिया गया था।

सरकार ने रखा अपना पक्ष

राज्य सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि इस विषय पर निर्णय लेने का अधिकार वर्तमान पीठ के पास है और मामले को किसी बड़ी पीठ के पास भेजने की आवश्यकता नहीं है। सरकार ने संकेत दिया कि वह अपने पक्ष में विस्तृत जवाब अदालत के समक्ष प्रस्तुत करेगी।

अगली सुनवाई पर नजर

अब इस पूरे मामले पर अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी। अदालत में सरकार का जवाब आने के बाद यह तय होगा कि संबंधित प्रावधान और उसके आधार पर जारी प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर आगे क्या दिशा तय होती है। इस फैसले का असर प्रदेश की ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था और भविष्य में होने वाले पंचायत चुनावों की प्रक्रिया पर भी पड़ सकता है।

रविवार की सुबह चमकेगी किस्मत! 5 राशियों के लिए आएगी बड़ी खुशखबरी, हर काम में मिलेगा लाभ

राशिफल। रविवार का दिन कुछ राशि वालों के लिए नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और सकारात्मक अवसर लेकर आ सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति के कारण कई लोगों को करियर, धन, परिवार और सामाजिक जीवन में अच्छे संकेत मिल सकते हैं। हालांकि, यह ज्योतिषीय आकलन है और इसे निश्चित भविष्यवाणी नहीं माना जाना चाहिए। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए रविवार शुभ रहने के संकेत हैं।

मेष राशि

रविवार की शुरुआत आपके लिए उत्साह और आत्मविश्वास के साथ हो सकती है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि कारोबार करने वालों को किसी नए ग्राहक या लाभदायक सौदे से फायदा मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर महसूस हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ के अवसर बन सकते हैं। यदि किसी महत्वपूर्ण निर्णय का इंतजार कर रहे हैं तो सकारात्मक समाचार मिलने की संभावना है। परिवार का सहयोग आपके आत्मविश्वास को और मजबूत करेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए रविवार राहत और प्रगति का दिन साबित हो सकता है। रुके हुए काम दोबारा गति पकड़ सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में लाभ दे सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और मानसिक तनाव में कमी महसूस होगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह दिन सफलता के नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में तरक्की या नए प्रोजेक्ट पर काम करने का मौका मिल सकता है। व्यापारियों को पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी प्रियजन से अच्छी खबर मिल सकती है। यात्रा के योग भी बन रहे हैं, जो लाभदायक साबित हो सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए रविवार सकारात्मक बदलाव का संकेत दे सकता है। आर्थिक पक्ष मजबूत होने की संभावना है और रुका हुआ धन वापस मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार के साथ सुखद समय बीतेगा। धार्मिक या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है, जिससे मन को शांति मिलेगी।

सरकार का निर्णय, OPS को लेकर कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, इन लोगों को मिलेगा पुरानी पेंशन का लाभ

नई दिल्ली: पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर लंबे समय से चल रही मांग के बीच कुछ केंद्रीय कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार के हालिया निर्णय के बाद अब ऐसे कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना चुनने का अवसर दिया जा रहा है, जिनकी नियुक्ति अनुकंपा के आधार पर हुई थी और जो निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। इस दिशा में वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने अपने संस्थानों में आदेश लागू करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है। इसका लाभ केवल उन मामलों में मिलेगा, जहां किसी सरकारी कर्मचारी के निधन या स्थायी रूप से अक्षम होने के बाद उसके आश्रित ने 12 दिसंबर 2003 या उससे पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद मिली। चूंकि उस समय से नई पेंशन प्रणाली (NPS) लागू हो चुकी थी, इसलिए ऐसे कर्मचारियों को स्वतः एनपीएस के दायरे में शामिल कर दिया गया था। अब केंद्र सरकार ने पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने की अनुमति दी है

CSIR ने जारी किए निर्देश

केंद्र सरकार के निर्णय के बाद वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) ने 7 जुलाई 2026 को एक कार्यालय ज्ञापन जारी कर अपने सभी प्रयोगशालाओं, संस्थानों और इकाइयों को इस व्यवस्था को लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद पात्र कर्मचारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पुरानी पेंशन योजना का विकल्प चुन सकेंगे

कैसे शुरू हुई यह प्रक्रिया?

इस फैसले की पृष्ठभूमि कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय द्वारा 22 जून 2026 को जारी एक पत्र से जुड़ी है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया था कि जिन मामलों में अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन निर्धारित तिथि से पहले किया गया था, उन्हें संबंधित विभाग या मंत्रालय पुरानी पेंशन योजना का विकल्प देने पर विचार कर सकता है।

इससे पहले वर्ष 2023 में केंद्र सरकार ने उन कर्मचारियों को एक बार OPS चुनने का अवसर दिया था, जिनकी भर्ती प्रक्रिया 1 जनवरी 2004 से पहले शुरू हुई थी, लेकिन नियुक्ति बाद में हुई थी। हालांकि उस समय अनुकंपा नियुक्ति वाले कर्मचारी इस दायरे में शामिल नहीं किए गए थे।

दूसरे संस्थानों पर क्या होगा असर?

CSIR द्वारा इस व्यवस्था को लागू किए जाने के बाद अब उम्मीद जताई जा रही है कि अन्य केंद्रीय स्वायत्त संस्थान भी इसी मॉडल को अपना सकते हैं। हालांकि यह व्यवस्था अपने आप सभी संस्थानों में लागू नहीं होगी। प्रत्येक स्वायत्त संस्था को केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के आधार पर अलग से निर्णय लेना होगा। इसके बाद ही वहां कार्यरत पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का विकल्प मिल सकेगा।

कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

यह निर्णय उन कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जो वर्षों से यह मांग कर रहे थे कि अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में आवेदन की तारीख को आधार बनाया जाए, न कि केवल नियुक्ति की तारीख को। यदि संबंधित संस्थान इस व्यवस्था को लागू करते हैं, तो पात्र कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ लेने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पहले की तुलना में अधिक मजबूत हो सकती है।

भारत ने चीन को पछाड़ा, वायु ताकत में बना सुपर पावर

नई दिल्ली: भारत की वायु शक्ति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बार फिर सकारात्मक तस्वीर सामने आई है। दुनिया की सैन्य विमानन क्षमताओं का आकलन करने वाली संस्था वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की नवीनतम रैंकिंग में भारतीय वायुसेना को चीन से बेहतर स्थान दिया गया है। 

यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब भारत अपनी रक्षा क्षमता को लगातार आधुनिक बना रहा है और सीमाओं की सुरक्षा के लिए नई तकनीकों व आधुनिक विमानों को बेड़े में शामिल कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार, यदि केवल विभिन्न देशों की एयर फोर्स की तुलना की जाए, तो अमेरिका और रूस के बाद भारतीय वायुसेना तीसरे स्थान पर है, जबकि चीन चौथे स्थान पर आता है।

सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, क्षमता भी होती है अहम

रैंकिंग में भारत के आगे रहने की सबसे बड़ी वजह केवल विमान नहीं, बल्कि उनकी परिचालन क्षमता और सैन्य दक्षता मानी गई है। WDMMA किसी देश की ताकत का आकलन केवल एयरक्राफ्ट की संख्या से नहीं करता, बल्कि यह देखता है कि उपलब्ध विमान कितने आधुनिक हैं, उनका रखरखाव कैसा है, वे युद्ध के दौरान कितने प्रभावी हैं और पूरी वायुसेना कितनी समन्वित तरीके से काम कर सकती है। इसी कारण अपेक्षाकृत कम विमानों के बावजूद भारतीय वायुसेना ने चीन को पीछे छोड़ दिया है।

चीन के पास ज्यादा विमान, फिर भी भारत क्यों आगे?

चीन के पास भारत की तुलना में कहीं अधिक सैन्य विमान हैं, लेकिन WDMMA की रैंकिंग केवल संख्या पर आधारित नहीं होती। संस्था TVR (True Value Rating) नामक मूल्यांकन प्रणाली का उपयोग करती है, जिसमें तकनीकी स्तर, आधुनिकीकरण, ऑपरेशनल तैयारी, लॉजिस्टिक सपोर्ट, प्रशिक्षण व्यवस्था, मिशन क्षमता और बेड़े की गुणवत्ता जैसे कई पहलुओं को शामिल किया जाता है। इन्हीं मानकों पर भारतीय वायुसेना ने बेहतर प्रदर्शन किया, जिसके कारण उसे चीन से ऊपर स्थान मिला।

बिहार में बेटियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी 1 बड़ी सौगात

पटना: बिहार सरकार ने बेटियों की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के अंतर्गत इंटरमीडिएट उत्तीर्ण अविवाहित छात्राओं को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार ने आवश्यक बजट जारी कर दिया है। इस फैसले से लाखों छात्राओं को आगे की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा।

सरकार की ओर से संबंधित विभागों को राशि वितरण की प्रक्रिया समय पर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र छात्राओं के खातों में प्रोत्साहन राशि बिना किसी देरी के पहुंच सके।

हर पात्र छात्रा को मिलेंगे 25 हजार रुपये

मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना के तहत संचालित मुख्यमंत्री बालिका प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत वर्ष 2026 में इंटरमीडिएट परीक्षा पास करने वाली अविवाहित छात्राओं को 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। यह राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी, जिससे उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता मिल सके।

लाखों छात्राओं को मिलेगा फायदा

इस वर्ष बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली करीब 5.75 लाख अविवाहित छात्राएं इस योजना के दायरे में आएंगी। सरकार ने सभी पात्र छात्राओं तक समयबद्ध तरीके से राशि पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इससे उच्च शिक्षा में प्रवेश लेने वाली छात्राओं को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा को बढ़ावा देने के साथ सामाजिक उद्देश्य भी

इस योजना का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना और कम उम्र में होने वाले विवाह को हतोत्साहित करना भी है। सरकार का मानना है कि जब छात्राओं को पढ़ाई के लिए आर्थिक सहयोग मिलेगा तो वे अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए अधिक प्रोत्साहित होंगी और समाज में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी।

कई वर्षों से चल रही है योजना

राज्य सरकार ने इस पहल की शुरुआत वर्ष 2020 में की थी। तब से हर वर्ष इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली पात्र अविवाहित छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। पिछले वर्षों में भी बड़ी संख्या में छात्राएं इस योजना का लाभ उठाकर उच्च शिक्षा की ओर आगे बढ़ी हैं।

सीधे खाते में पहुंचेगा पैसा

सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी रखने के निर्देश दिए हैं। योजना की राशि किसी मध्यवर्ती खाते में रखने के बजाय सीधे लाभार्थी छात्राओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। इससे भुगतान में पारदर्शिता बनी रहेगी और पात्र छात्राओं को समय पर लाभ मिल सकेगा।

बेटियों के भविष्य को मिलेगा सहारा

शिक्षा के बढ़ते खर्च को देखते हुए यह आर्थिक सहायता कई परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी योजनाएं न केवल बेटियों की पढ़ाई को बढ़ावा देती हैं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में भी प्रेरित करती हैं। सरकार की यह पहल राज्य में बालिका शिक्षा को मजबूत करने और उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

13 से 23 जुलाई तक बनेगा शुभ योग! 4 राशियों के लिए खुशखबरी, धन और सफलता के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। 13 जुलाई से 23 जुलाई के बीच ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक संकेत दे सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में बनने वाले शुभ योग का प्रभाव करियर, व्यापार, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। हालांकि, यह सामान्य राशि आधारित ज्योतिषीय आकलन है और व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार परिणाम अलग हो सकते हैं।

वृषभ राशि

13 से 23 जुलाई का समय वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से अनुकूल रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों या लाभदायक समझौतों का फायदा मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास और प्रगति लेकर आ सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है। यदि किसी निवेश पर विचार कर रहे हैं तो सोच-समझकर लिया गया निर्णय लाभदायक साबित हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसरों का द्वार खोल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंधों में मधुरता बढ़ेगी और घर-परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात या शुभ समाचार मिलने के भी संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए 13 से 23 जुलाई का समय उपलब्धियों से भरा रह सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। यदि किसी महत्वपूर्ण योजना पर काम कर रहे हैं तो उसमें सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा और मानसिक तनाव में कमी महसूस होगी। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार में शुरू होगा पहला एनिमल ब्लड बैंक

पटना। बिहार में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (BASU) के बिहार वेटेरिनरी कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस नए केंद्र की सबसे खास बात यह होगी कि यहां राज्य का पहला एनिमल ब्लड बैंक विकसित किया जाएगा, जिससे गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।

आपातकाल में जीवनरक्षक सुविधा

पशुओं के इलाज में कई बार रक्त की तत्काल आवश्यकता पड़ती है, लेकिन समय पर रक्त उपलब्ध न होने के कारण उपचार प्रभावित हो जाता है। प्रस्तावित ब्लड बैंक शुरू होने के बाद जरूरत पड़ने पर पशुओं को सुरक्षित तरीके से रक्त चढ़ाया जा सकेगा, जिससे इलाज की सफलता की संभावना बढ़ेगी और कई पशुओं की जान बचाई जा सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा

निर्माणाधीन क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स में पशुओं के इलाज के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें बड़े और छोटे पशुओं के लिए अलग आईसीयू, एडवांस्ड सर्जरी यूनिट, अल्ट्रासोनोग्राफी, एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी,ईसीजी और डिजिटल रेडियोग्राफी, ऑनलाइन मरीज पंजीकरण प्रणाली, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था होगी। इन सुविधाओं से न केवल पशुओं का बेहतर उपचार होगा, बल्कि पशु चिकित्सा के छात्रों को आधुनिक तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

हर साल हजारों पशुओं का होता है इलाज

बिहार वेटेरिनरी कॉलेज का वेटेरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स पहले से ही राज्य का प्रमुख पशु चिकित्सा केंद्र है। यहां हर वर्ष करीब 15 हजार क्लीनिकल मामलों का उपचार किया जाता है। इसके अलावा लगभग 5 हजार नमूनों की विभिन्न रोगों की जांच भी की जाती है। नया कॉम्प्लेक्स बनने के बाद उपचार क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होने की संभावना है।

सीएम सम्राट की घोषणा: बिहार के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली जिले के हाजीपुर से 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत कई डिजिटल और नागरिक सुविधाओं का शुभारंभ किया। इनमें सबसे महत्वपूर्ण होम रजिस्ट्रेशन सेवा है, जिसके जरिए अब पात्र बुजुर्गों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को मिलेगा लाभ

शुरुआत में यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत मोबाइल रजिस्ट्रेशन टीम सीधे लाभार्थी के घर पहुंचेगी और वहीं आवश्यक दस्तावेजों की जांच तथा रजिस्ट्री से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करेगी। इससे बुजुर्गों को लंबी यात्रा या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट करेगी घर पर सेवा

सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए विशेष मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट की शुरुआत की है। यह टीम तय प्रक्रिया के अनुसार पात्र नागरिकों के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस सुविधा का उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है, जो स्वास्थ्य, उम्र या अन्य कारणों से कार्यालय नहीं जा सकते।

पेपरलेस रजिस्ट्री से बढ़ेगी पारदर्शिता

राज्य सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था भी शुरू की है। अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे रिकॉर्ड के खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका काफी कम हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में दस्तावेजों की खोज और सत्यापन की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।

AI और GIS तकनीक का उपयोग

निबंधन विभाग में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जीआईएस (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी किया जाएगा। इसके माध्यम से भूमि से जुड़ी जानकारी का सत्यापन अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा भूमि की ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है, जिससे जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

NGEL Recruitment 2026: 114 पदों पर बंपर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे इंजीनियरिंग और अनुभवी पेशेवरों के लिए शानदार अवसर आया है। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने वर्ष 2026 की नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) प्रोजेक्ट्स के लिए निकाली गई है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 11 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

NGEL, NTPC लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जो देश में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। इस भर्ती के माध्यम से देशभर में विभिन्न कार्यालयों, प्रोजेक्ट साइट्स, जॉइंट वेंचर और सहायक कंपनियों में नियुक्तियां की जाएंगी।

कुल 114 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 114 रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें

असिस्टेंट इंजीनियर: 100 पद

डिप्टी जनरल मैनेजर: 14 पद

दोनों पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और जिम्मेदारियां अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही कुछ पदों के लिए कार्य अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है। विशेष रूप से डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निर्धारित अनुभव होना आवश्यक होगा।

चयन की प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का चयन कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें आवेदन की जांच, पात्र उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग, साक्षात्कार (इंटरव्यू), दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक होने पर मेडिकल परीक्षण शामिल हो सकते हैं। अंतिम चयन उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

NGEL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Recruitment सेक्शन में जाकर Advertisement No. 02/26 देखें। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। सभी जानकारियों की जांच करने के बाद आवेदन सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें।

आवेदन करने की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026

चंद्रमा-शुक्र की युति से बदलेगा भाग्य! 4 राशियों के जीवन में आएंगे खुशहाली और तरक्की के दिन

राशिफल। 17 जुलाई की शाम सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में एक सुंदर खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा और शुक्र ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह एक दृश्य निकटता होगी, जबकि ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा और शुक्र का संबंध सुख, सौंदर्य, प्रेम, धन और भौतिक समृद्धि से जोड़ा जाता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई उपलब्धियों का संकेत दे सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक और लाभदायक अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए चंद्रमा-शुक्र का यह संयोग करियर और आर्थिक मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार का विस्तार करने की योजना सफल हो सकती है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस दौरान मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा मजबूत हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के लिए शुक्र का प्रभाव विशेष महत्व रखता है, इसलिए यह संयोग शुभ माना जाता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। धन लाभ के नए अवसर बन सकते हैं और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

यूपी में कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? पढ़ें पूरी डिटेल्स

लखनऊ। 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी भी यह जानना चाहते हैं कि यदि केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है, तो राज्य में नया वेतनमान कब से लागू हो सकता है। फिलहाल इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वेतन आयोगों का रिकॉर्ड संभावित प्रक्रिया का संकेत जरूर देता है।

फिलहाल नहीं हुआ कोई आधिकारिक एलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग को लागू करने को लेकर कोई अधिसूचना, कैबिनेट फैसला या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि राज्य में नया वेतनमान किसी निश्चित तारीख से लागू होगा। सरकार की ओर से जब तक औपचारिक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

6वें और 7वें वेतन आयोग के रिकॉर्ड?

अगर पिछले अनुभवों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश ने दोनों प्रमुख वेतन आयोगों के मामले में केंद्र सरकार के फैसले के बाद अपनी प्रक्रिया पूरी की थी। 7वें वेतन आयोग के दौरान राज्य मंत्रिमंडल ने 13 दिसंबर 2016 को नई वेतन व्यवस्था को मंजूरी दी थी। इसके बाद संशोधित वेतनमान 1 जनवरी 2017 से प्रभावी किए गए।

वहीं 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों को राज्य में वर्ष 2008 में लागू किया गया था। उस समय संशोधित वेतन का भुगतान बाद में शुरू हुआ, जबकि बकाया राशि निर्धारित प्रभावी तिथि से कर्मचारियों को दी गई। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार किया और उसके बाद राज्य स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया पूरी कर नई वेतन व्यवस्था लागू की।

फिटमेंट फैक्टर का क्या रहा रिकॉर्ड?

पिछले वेतन आयोगों में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। 6वें वेतन आयोग में लगभग 1.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। 7वें वेतन आयोग में कर्मचारियों को 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मिला, जिसके आधार पर मूल वेतन में संशोधन किया गया। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

8वें वेतन आयोग पर यूपी में क्या हो सकती है?

यदि राज्य सरकार पहले की तरह ही प्रक्रिया अपनाती है, तो संभावना है कि केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए अलग से निर्णय लेगी। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति, वित्तीय प्रभाव का आकलन और संबंधित विभागों की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया वेतनमान लागू किया जा सकता है। हालांकि, यह केवल पिछले रिकॉर्ड के आधार पर संभावित स्थिति है। वास्तविक निर्णय राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

आर्द्रा नक्षत्र का महासंयोग: 5 राशियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, धन-संपत्ति में होगी बढ़ोतरी

राशिफल। 13 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी के साथ आर्द्रा नक्षत्र का विशेष महासंयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं में यह संयोग भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह महासंयोग नई सफलता के द्वार खोल सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि कारोबारियों को नए अनुबंध या लाभदायक सौदे मिलने के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय तरक्की और सम्मान लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में आय बढ़ सकती है और पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए यह महासंयोग आर्थिक मामलों में राहत देने वाला माना जा रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो समय अनुकूल माना जा रहा है। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को नए ग्राहकों और बेहतर मुनाफे की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्द्रा नक्षत्र का यह महासंयोग विशेष लाभकारी माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी तथा परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन-संपत्ति में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं।

बिहार में नई व्यवस्था लागू, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। 11 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और लोगों को धोखाधड़ी से बचाना है। अब कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की आधिकारिक और अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकेगा, जिससे सौदा करने से पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

10 दिनों में मिलेगी भूमि की आधिकारिक जानकारी

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई खरीदार जमीन की स्थिति जानने के लिए आवेदन करता है, तो संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) या राजस्व अधिकारी को 10 दिनों के भीतर उस जमीन की अद्यतन रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करानी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर खरीदार यह जान सकेगा कि संबंधित भूमि पर किसी प्रकार का विवाद, स्वामित्व संबंधी समस्या या अन्य कानूनी अड़चन तो नहीं है। इससे जमीन खरीदने का निर्णय पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगा।

एक ही जमीन की दोबारा बिक्री पर रोक

राज्य में कई बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें एक ही जमीन अलग-अलग लोगों को बेच दी जाती है। ऐसे मामलों में खरीदारों को आर्थिक नुकसान के साथ वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई प्रणाली के लागू होने के बाद जमीन की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पहले ही हो जाएगी। इससे फर्जी बिक्री और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है और खरीदार अधिक भरोसे के साथ निवेश कर सकेंगे।

दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी आसान

नई व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि यदि खरीदी गई जमीन विवादमुक्त होगी, तो दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगी। भूमि रिकॉर्ड स्पष्ट होने के कारण नामांतरण में आने वाली कई सामान्य समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है। इससे खरीदारों को रजिस्ट्री के बाद भी अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्राप्त होने के बाद तय समयसीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए अंचल स्तर के अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया है तथा ऑनलाइन प्रणाली के संचालन के लिए उनकी डिजिटल आईडी सक्रिय कर दी गई हैं।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

बिहार में पहले से ही जमीन की रजिस्ट्री ई-निबंधन प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। अब इसी डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करते हुए भूमि की अद्यतन रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब रोज़ 12 घंटे मिलेगी सस्ती बिजली, सिंचाई होगी आसान

पटना। बिहार में मानसून की अनिश्चितता और कई इलाकों में कम बारिश के कारण किसानों के सामने सिंचाई की चुनौती बढ़ गई है। ऐसे समय में राज्य सरकार ने खेती को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी लगातार 12 घंटे एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।

सिंचाई के लिए मिलेगी नियमित बिजली

सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को सिंचाई के समय बिजली कटौती की समस्या का सामना न करना पड़े। लगातार 12 घंटे बिजली मिलने से किसान अपनी जरूरत के अनुसार खेतों में पटवन कर सकेंगे। विशेष रूप से धान, मक्का, दलहन और सब्जी जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। कम बारिश वाले क्षेत्रों में यह फैसला खेती को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि समय पर सिंचाई होने से फसलों के नुकसान की आशंका कम होगी।

सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली

बिहार सरकार पहले से ही कृषि उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध करा रही है। किसानों को कृषि कनेक्शन पर करीब 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। सरकार का कहना है कि इस पर लगभग 93 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। कम दर पर बिजली मिलने से किसानों का सिंचाई खर्च घटेगा और डीजल पंप पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

2,700 से अधिक एग्रीकल्चर फीडरों से होगी आपूर्ति

राज्य में कृषि क्षेत्र के लिए 2,700 से ज्यादा एग्रीकल्चर फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। इन फीडरों के माध्यम से सिंचाई के लिए अलग बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है, जिससे घरेलू बिजली आपूर्ति प्रभावित हुए बिना किसानों को नियमित बिजली मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के अधिक से अधिक खेतों तक समय पर बिजली पहुंचे और किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल सके।

सीएम सम्राट चौधरी का एलान: इन नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में सामाजिक पेंशन से वंचित किसी भी पात्र व्यक्ति को अब योजना के लाभ से दूर नहीं रहने दिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें जल्द से जल्द पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।

आधार लिंक नहीं होने पर भी मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन पात्र लाभार्थियों का आधार कार्ड अभी तक पेंशन खाते से लिंक नहीं हो पाया है, उनके लिए भी प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। संबंधित विभाग आधार लिंक कराने की प्रक्रिया को तेज करेगा ताकि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन न रुके। इस पहल से हजारों ऐसे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल दस्तावेजी या तकनीकी कारणों से योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।

हर 10 तारीख होगी 'बिहार पेंशन दिवस'

सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू करने की भी घोषणा की है। अब प्रत्येक माह की 10 तारीख को 'बिहार पेंशन दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र पेंशनधारियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पेंशन की राशि समय पर पहुंच जाए।

करोड़ों लाभार्थियों के खातों में भेजी गई राशि

राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। हाल ही में 97.84 लाख पेंशनधारियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1,423.94 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार डिजिटल माध्यम से पारदर्शी भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है।

पेंशन राशि बढ़ने से मिली बड़ी राहत

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी है। इस बढ़ोतरी से बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने में पहले की तुलना में अधिक सहायता मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन राशि में वृद्धि से कमजोर वर्गों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।

बिहार में ये सड़क होगी 4-लेन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को चरणबद्ध तरीके से फोरलेन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्देश पर इस परियोजना के लिए नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना, अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस फोरलेन परियोजना का सबसे अधिक लाभ पटना, अरवल और औरंगाबाद जिलों के लोगों को मिलेगा। इसके अलावा दाउदनगर, ओबरा, अंबा, पलामू और गढ़वा की ओर आने-जाने वाले यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। नई सड़क व्यवस्था से यात्रा का समय घटेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की संभावना है।

बाइपास के जरिए कम होगा शहरों का ट्रैफिक

नई योजना के अनुसार नौबतपुर से अरवल तक मुख्य राजमार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। वहीं अरवल से औरंगाबाद के महाराजगंज तक चार बड़े फोरलेन बाइपास विकसित किए जाएंगे। इनमें अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बाइपास शामिल हैं। इन बाइपासों के बनने से लंबी दूरी के वाहन शहरों के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलेगी और शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी कम होगा।

औरंगाबाद बाइपास से एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क

परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा औरंगाबाद बाइपास माना जा रहा है। यह मार्ग भरथौली नहर के पास से शुरू होकर शहर के पश्चिमी हिस्से से गुजरते हुए अंबा के आगे भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस कनेक्टिविटी के बाद लंबी दूरी के वाहन औरंगाबाद, रिसियप और अंबा जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश किए बिना सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे माल परिवहन भी तेज होगा और ईंधन की बचत होने की संभावना है।

नई योजना धनीबार से पोला तक भी होगा फोरलेन निर्माण

नई योजना में धनीबार गांव से पोला गांव तक सड़क को भी फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है। पोला से हरिहरगंज तक फोरलेन बाइपास का निर्माण पहले से जारी है। इसके पूरा होने पर एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन आसानी से इस मार्ग के जरिए पलामू और गढ़वा की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

जहां बाइपास बनेगा, वहां पुरानी सड़क नहीं होगी फोरलेन

परियोजना के तहत जिन स्थानों पर नए फोरलेन बाइपास बनाए जाएंगे, वहां पुराने राजमार्ग का चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा। बाइपास बनने के बाद पुराने मार्ग को राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग को सौंपने की योजना है। केवल बाइपासों के बीच के हिस्सों को फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा।

12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत: 4 राशियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, शिव कृपा से खुलेंगे तरक्की के द्वार

राशिफल। 12 जुलाई को पड़ने वाला रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। जब प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ता है तो इसे रवि प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से अभिषेक करने तथा प्रदोष काल में पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यवसायियों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हो सकती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों पर भगवान शिव की विशेष कृपा रहने की मान्यता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से चल रही परेशानियों में कमी आने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नई साझेदारी या बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक लाभ के साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम दिलाने वाला माना जा रहा है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए रवि प्रदोष व्रत नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। रुके हुए धन की प्राप्ति होने के योग बन सकते हैं और आर्थिक योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ सकती है। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट या व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं तो अनुकूल परिस्थितियां बनने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय उन्नति और सफलता का संकेत दे सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। व्यापार में लाभ के साथ नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके हुए कार्यों में भी गति आने की संभावना रहेगी।

यूपी में मुख्यमंत्री आवास योजना की नई व्यवस्था लागू, पढ़ें डिटेल्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संचालन में बड़ा बदलाव करते हुए नई भुगतान व्यवस्था लागू कर दी है। अब योजना के तहत मिलने वाली सभी किस्तों का भुगतान आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशि पहुंचाना है।

आधार नंबर दर्ज कराना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत अब मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवेदन या पंजीकरण के समय लाभार्थी का आधार नंबर पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। यदि आधार की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी, तो योजना के तहत किसी भी किस्त का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। इस कदम से लाभार्थियों की पहचान का सत्यापन आसान होगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी किस्त

सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार आवास योजना की सभी किस्तें लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जाएंगी। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और बिचौलियों या गलत खातों में राशि जाने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

केंद्र के पोर्टल के जरिए होता है संचालन

हालांकि मुख्यमंत्री आवास योजना उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, लेकिन इसका संचालन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इसी कारण प्रदेश सरकार ने केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय से मुख्यमंत्री आवास योजना में भी आधार आधारित भुगतान व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया था। मंत्रालय द्वारा पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जाने के बाद अब यह सुविधा प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।।

यूपी में बनेगा 300 किमी रिंग रोड, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के व्यापक विकास की दिशा में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं में 300 किलोमीटर लंबा एससीआर आउटर रिंग रोड, कानपुर से अयोध्या तक नमो भारत कॉरिडोर, रिंग रेल परियोजना, नए औद्योगिक क्लस्टर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आसपास बड़े पैमाने पर विकास कार्य शामिल हैं।

300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का होगा निर्माण

एससीआर क्षेत्र के लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने के लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 2,100 करोड़ रुपये की लागत से होगा, जबकि दूसरे चरण में शेष 195 किलोमीटर हिस्से के निर्माण पर करीब 3,900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके पूरा होने से इन जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा।

कानपुर से अयोध्या तक बनेगा नमो भारत कॉरिडोर

बैठक में सबसे बड़ी परियोजनाओं में 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर भी शामिल है। हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत बनने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 32 हजार करोड़ रुपये है। कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में कानपुर के नयागंज से अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर का मार्ग विकसित किया जाएगा। पूरी परियोजना में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें नयागंज, उन्नाव, बसीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना को भी मिलेगी रफ्तार

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी विकसित की जाएगी। पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन तैयार करने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात का दबाव कम करना है।

शनि का तेज प्रभाव शुरू, 4 राशियों के दुख-दर्द होंगे दूर, मिलेगी बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन और परिश्रम का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब शनि शुभ स्थिति में होते हैं, तो मेहनत का पूरा फल दिलाते हैं, अटके हुए कार्यों में गति आती है और जीवन में स्थिरता बढ़ती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि के प्रभाव में आए बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन वृषभ, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में लाभ बढ़ने और नए निवेश के अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव में कमी आ सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और मेहनत का उचित परिणाम प्राप्त हो सकता है। यदि किसी नए प्रोजेक्ट या व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं, तो परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत होने के योग हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शनि का शुभ प्रभाव आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। दांपत्य और पारिवारिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव माने जाते हैं, इसलिए इस राशि पर उनका प्रभाव विशेष महत्व रखता है। इस अवधि में करियर में प्रगति, व्यापार में विस्तार और आर्थिक मजबूती के योग बन सकते हैं। नौकरी में वेतन वृद्धि, नई जिम्मेदारी या पदोन्नति जैसी खुशखबरी मिल सकती है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने के संकेत भी हैं।

बिहार में बनेंगे ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप, 4 शहरों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में आधुनिक शहरी विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं पर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण (सोनपुर) और गया में विकसित होने वाली नई टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इसके तहत संबंधित जिलों में सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) अध्ययन कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य इन नई टाउनशिप के माध्यम से योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर नागरिक सुविधाएं, निवेश और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारियों को जारी हुए निर्देश

नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूमि अधिग्रहण शुरू करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ कराई जाए। यह अध्ययन भूमि अर्जन से प्रभावित होने वाले परिवारों, उनकी आजीविका, सामाजिक ढांचे और स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

चार प्रमुख शहरों में विकसित होंगी नई टाउनशिप

सरकार जिन चार परियोजनाओं पर काम कर रही है, उनमें शामिल हैं:

पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - पटना

तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप - मुजफ्फरपुर

हरिहरनाथपुर सेटेलाइट टाउनशिप - सोनपुर (सारण)

मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - गया

इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करना है।

हजारों एकड़ भूमि पर बनेगी परियोजना

सरकारी योजना के अनुसार, पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप का कोर क्षेत्र लगभग 3008 एकड़ में विकसित किया जाएगा। वहीं हरिहरनाथपुर का कोर क्षेत्र करीब 2000 एकड़, मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप लगभग 1629 एकड़ और तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप करीब 1191 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है। पहले चरण में इन परियोजनाओं के कोर क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास

राज्य सरकार की योजना है कि नई टाउनशिप में बेहतर सड़क नेटवर्क, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक परिसर, सार्वजनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भूमि के लिए अलग प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन टाउनशिप के विकसित होने से नए औद्योगिक, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र विकसित होंगे। इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही शहरी आबादी के बढ़ते दबाव को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी।

पानी-पानी होगा यूपी! 65 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, IMD की बड़ी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के लगभग 65 जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती =, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बहराइच सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, गाजीपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।

वज्रपात और मेघगर्जन की चेतावनी

मौसम विभाग ने करीब 30 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।

बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मौसम तंत्र

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के पूर्वी, मध्य और कुछ पश्चिमी हिस्सों में व्यापक वर्षा का दौर जारी है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

15 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार 15 जुलाई के बाद मानसून की सक्रियता कुछ कमजोर पड़ सकती है। इसके चलते तीन से चार दिनों तक बारिश में कमी आने और उमसभरी गर्मी बढ़ने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नया अपडेट जारी करेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम लागू

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। 29 जून 2026 से एम्पलॉईज पेंशन स्कीम (EPS), 2026 प्रभावी हो गई है, जिसने पहले लागू ईपीएस-1995 और 1971 फैमिली पेंशन स्कीम का स्थान ले लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि उनकी पेंशन पर इसका क्या असर पड़ेगा और भविष्य में उन्हें कितनी मासिक पेंशन मिलेगी।

क्या बदला और क्या पहले जैसा रहेगा?

नई स्कीम लागू होने के बावजूद सरकार ने मासिक पेंशन तय करने के मूल फार्मूले और न्यूनतम सेवा अवधि में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी यदि कोई कर्मचारी नियमित मासिक पेंशन का लाभ लेना चाहता है, तो उसे कम से कम 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूरी करनी होगी। इसके बाद 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारी को मासिक पेंशन मिलनी शुरू होगी। वहीं, 50 वर्ष की आयु के बाद निर्धारित नियमों के तहत कम राशि के साथ समय से पहले पेंशन लेने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

10 साल की सेवा क्यों है जरूरी?

यदि किसी कर्मचारी ने 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूरी नहीं की है, तो उसे नियमित मासिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी अपने EPS खाते की पात्र राशि निकाल सकता है या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर भविष्य की नौकरी में अपनी पिछली सेवा को जोड़ सकता है। इससे आगे चलकर पेंशन के लिए आवश्यक सेवा अवधि पूरी करने में मदद मिलती है।

ऐसे तय होगी आपकी मासिक पेंशन

EPFO मासिक पेंशन की गणना एक निर्धारित फार्मूले के आधार पर करता है। मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70, यहां पेंशन योग्य वेतन से आशय अंतिम 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है। अधिकांश कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम गणना सीमा 15,000 रुपये मानी जाती है।

न्यूनतम पेंशन की व्यवस्था

वर्तमान नियमों के अनुसार EPS के तहत न्यूनतम 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था जारी रहेगी। यदि निर्धारित गणना के आधार पर किसी कर्मचारी की पेंशन इससे कम बनती है, तो उसे भी न्यूनतम 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। हालांकि, विभिन्न पेंशनर संगठन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन को 5,000 से 7,500 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।