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सूर्य-राहु युति से बढ़ेंगी मुश्किलें! इन 4 राशियों को रहना होगा सतर्क

राशिफल। 10 मई 2026 को सूर्य और राहु की युति से ग्रहण योग बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को काफी प्रभावशाली माना जाता है। सूर्य जहां आत्मबल, पद और सम्मान का कारक है, वहीं राहु भ्रम, तनाव और अचानक होने वाली घटनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर सकती है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में परेशानी बढ़ा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर तनाव का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी फैसले में जल्दबाजी नुकसानदायक साबित हो सकती है। व्यापार में भी सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी गई है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय मानसिक तनाव बढ़ाने वाला हो सकता है। परिवार में विवाद या रिश्तों में गलतफहमी की स्थिति बन सकती है। स्वास्थ्य को लेकर भी लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस दौरान भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचने की जरूरत है।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों को आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी होगी। अचानक खर्च बढ़ सकते हैं और धन हानि की आशंका बनी रहेगी। नौकरी और व्यापार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। किसी भी नए काम की शुरुआत फिलहाल टालना बेहतर रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य-राहु युति पारिवारिक और पेशेवर जीवन में तनाव बढ़ा सकती है। करीबी लोगों से मतभेद होने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में विरोधियों से सावधान रहने की सलाह दी गई है। साथ ही सेहत को लेकर भी सतर्क रहने की जरूरत होगी।

क्या करें उपाय?

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार सूर्य-राहु के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए प्रतिदिन सूर्यदेव को जल अर्पित करना शुभ माना गया है। इसके अलावा राहु मंत्र “ॐ रां राहवे नमः” का जाप और जरूरतमंदों को दान करना लाभकारी हो सकता है।

यूपी में मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना शुरू, युवाओं को मिलेगी मुफ्त कोचिंग

आगरा। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत नई आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस योजना के जरिए छात्रों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की निशुल्क कोचिंग दी जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को बड़ा सहारा मिलेगा।

इस बार अभ्यर्थी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 8 मई से शुरू हो चुकी है और इसकी अंतिम तिथि 31 मई तय की गई है।

एक जुलाई से शुरू होंगी कक्षाएं

जिला समाज कल्याण विभाग के अनुसार नए शैक्षिक सत्र 2026-27 के लिए चयन प्रक्रिया जून में पूरी की जाएगी। प्रवेश परीक्षा 5 से 15 जून के बीच आयोजित की जा सकती है। इसके बाद मेरिट और काउंसलिंग के आधार पर 20 से 25 जून तक पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी होगी। सभी चयनित छात्रों की कोचिंग कक्षाएं 1 जुलाई से शुरू कर दी जाएंगी।

किन परीक्षाओं की मिलेगी तैयारी

मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के तहत युवाओं को कई बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाएगी। इसमें सिविल सेवा, यूपीपीएससी, एसएससी और अन्य एक दिवसीय प्रतियोगी परीक्षाएं शामिल हैं। इसके अलावा एनडीए, सीडीएस, नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी अलग व्यवस्था की गई है। मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं के लिए विज्ञान वर्ग के छात्र आवेदन कर सकते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन

सिविल सेवा और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए स्नातक अंतिम वर्ष या स्नातक पास छात्र आवेदन के पात्र होंगे। वहीं एनडीए और सीडीएस के लिए संबंधित परीक्षा के अनुसार शैक्षणिक योग्यता जरूरी होगी। नीट और जेईई की तैयारी के इच्छुक वे छात्र आवेदन कर सकते हैं जो कक्षा 11वीं और 12वीं में अध्ययनरत हैं या विज्ञान वर्ग से उत्तीर्ण हो चुके हैं।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय छात्रों को पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड और शैक्षिक प्रमाण पत्रों की स्वप्रमाणित प्रतियां जमा करनी होंगी। इसमें हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और स्नातक से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

भारतीय रिजर्व बैंक में निकली बंपर भर्ती, 20 मई तक करें आवेदन

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में नौकरी करने का सपना देख रहे युवाओं के लिए शानदार मौका सामने आया है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्रेड ‘बी’ अधिकारियों के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 20 मई 2026 तय की गई है।

यह भर्ती भारतीय रिजर्व बैंक सेवा बोर्ड (RBISB), मुंबई की ओर से निकाली गई है। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन के साथ कई अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी।

किन पदों पर होगी भर्ती

आरबीआई की इस भर्ती के तहत ग्रेड ‘बी’ (डीआर) अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें जनरल, डीईपीआर और डीएसआईएम कैडर के पद शामिल हैं। कुल 60 रिक्तियां जारी की गई हैं, जिनमें पीडब्ल्यूबीडी श्रेणी के पद भी शामिल हैं।

मिलेगा शानदार वेतन

चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती मूल वेतन 78,450 रुपये प्रतिमाह मिलेगा। वहीं विभिन्न भत्तों को मिलाकर कुल मासिक सैलरी करीब 1.54 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। आरबीआई में नौकरी सिर्फ अच्छे वेतन के लिए ही नहीं, बल्कि बेहतर कार्य वातावरण, करियर ग्रोथ और प्रतिष्ठा के लिए भी जानी जाती है।

कैसे होगा चयन

भर्ती प्रक्रिया तीन चरणों में पूरी की जाएगी। सबसे पहले ऑनलाइन प्रारंभिक परीक्षा आयोजित होगी। इसके बाद मुख्य परीक्षा और फिर इंटरव्यू लिया जाएगा। जो उम्मीदवार सभी चरणों में सफल होंगे, उन्हें अंतिम मेरिट के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

ऑनलाइन होंगे आवेदन

उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। आवेदन प्रक्रिया आरबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के जरिए पूरी की जाएगी। फॉर्म भरते समय उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, पहचान पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे।

पात्रता शर्तों का रखें ध्यान

भर्ती के लिए पात्रता से जुड़ी सभी शर्तें 1 अप्रैल 2026 तक मान्य होंगी। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। 

बिहार में TRE 4 अभ्यर्थियों के लिए खुशखबरी, दिए बड़े संकेत!

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को लेकर लंबे समय से इंतजार कर रहे टीआरई-4 अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राजधानी पटना में अभ्यर्थियों के प्रदर्शन और भर्ती विज्ञापन जारी करने की मांग के बीच नए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने बड़ा बयान दिया है। 

उन्होंने साफ कहा कि शिक्षा विभाग में कोई भी बहाली नहीं रुकेगी और जल्द ही सभी लंबित मामलों का समाधान किया जाएगा। मंत्री के इस बयान के बाद टीआरई-4 की तैयारी कर रहे हजारों युवाओं में नई उम्मीद जगी है। अभ्यर्थी काफी समय से भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे थे और इसी मांग को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन भी कर रहे थे।

'कोई बहाली नहीं फंसेगी' शिक्षा मंत्री

पदभार संभालने के बाद मीडिया से बातचीत में शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग में जो भी समस्याएं या अटके हुए मामले हैं, उन्हें जल्द सुलझाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों को निराश नहीं होना पड़ेगा। मंत्री ने कहा कि शिक्षा विभाग में कई स्तरों पर काम अटक जाता है, जिससे लोगों को परेशानी होती है। अब ऐसी स्थिति को खत्म करने के लिए विभाग में नई व्यवस्था लागू की जाएगी।

विभाग में लागू होगा सिंगल विंडो सिस्टम

मिथिलेश तिवारी ने विभागीय कामकाज में सुधार को लेकर भी बड़ा संकेत दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग में सिंगल विंडो सिस्टम लागू किया जाएगा ताकि लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए कई दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने माना कि विभाग में अक्सर लेटलतीफी और फाइलों के अटकने की समस्या रहती है। इससे आम लोग, शिक्षक और अभ्यर्थी काफी परेशान होते हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कामकाज को तेज और पारदर्शी बनाने की कोशिश की जाएगी।

शिक्षक होने का अनुभव आएगा काम

शिक्षा मंत्री ने कहा कि वे खुद शिक्षक रहे हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि विभाग में किस तरह की समस्याएं सामने आती हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं होने दिया जाएगा। उनके अनुसार शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जमीनी स्तर पर बदलाव जरूरी है और सरकार इसी दिशा में काम करेगी।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जुलाई में बढ़ सकता है DA

नई दिल्ली। देशभर में इन दिनों 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक और राहत भरी खबर सामने आ रही है। महंगाई के मौजूदा आंकड़ों को देखते हुए उम्मीद जताई जा रही है कि जुलाई 2026 में महंगाई भत्ता (DA) एक बार फिर बढ़ सकता है। शुरुआती संकेत बताते हैं कि इस बार डीए में 2 से 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है।

60% से बढ़कर 63% हो सकता है DA

केंद्र सरकार ने इसी साल जनवरी चक्र के लिए महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद डीए 60 प्रतिशत तक पहुंच गया। अब जुलाई 2026 के लिए आने वाले आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि सरकार एक और बढ़ोतरी कर सकती है।

मार्च 2026 के AICPI-IW सूचकांक में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो महंगाई के स्तर को दर्शाता है। यही आंकड़े डीए तय करने का आधार बनते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले महीनों में भी सूचकांक इसी तरह बढ़ता रहा, तो सितंबर 2026 में डीए बढ़ाने की घोषणा हो सकती है।

कर्मचारियों की सैलरी में कितना होगा फायदा

डीए बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की सैलरी पर पड़ता है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है और डीए 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 63 प्रतिशत कर दिया जाता है, तो उसकी मासिक आय में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अब यदि जुलाई में फिर 3 प्रतिशत की वृद्धि होती है तो हर महीने सैलरी में और इजाफा होगा। इसी तरह अलग-अलग पे लेवल वाले कर्मचारियों को भी उनके बेसिक वेतन के हिसाब से लाभ मिलेगा।

नए वेतन आयोग से कर्मचारी संगठनों ने रखीं नई मांगें

डीए बढ़ोतरी की संभावना के बीच कर्मचारी संगठनों ने नए वेतन आयोग में सरकार के सामने कई नई मांगें भी रखी हैं। कर्मचारी संघों का कहना है कि मौजूदा महंगाई को देखते हुए वार्षिक वेतन वृद्धि को बढ़ाया जाना चाहिए। कुछ संगठनों ने यह भी मांग की है कि डीए संशोधन हर छह महीने की बजाय हर तीन महीने में किया जाए, ताकि कर्मचारियों को महंगाई से जल्दी राहत मिल सके। उनका मानना है कि इससे कर्मचारियों की आय और खर्च के बीच बेहतर संतुलन बना रहेगा।

यूपी में बनेगा नया एक्सप्रेस-वे, 15 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश को आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे की सौगात मिलने वाली है, जिससे पश्चिमी और मध्य यूपी के लाखों लोगों की यात्रा आसान हो जाएगी। यह एक्सप्रेसवे आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और इसके शुरू होने के बाद आगरा से बरेली तक का सफर काफी कम समय में पूरा किया जा सकेगा।

फिलहाल आगरा से बरेली पहुंचने में करीब 6 घंटे तक का समय लग जाता है, लेकिन एक्सप्रेसवे चालू होने के बाद यही दूरी केवल दो से ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। इससे यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी और समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी।

चार चरणों में तैयार हो रहा एक्सप्रेसवे

करीब 228 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे का निर्माण कई चरणों में किया जा रहा है। इसकी अनुमानित लागत लगभग 7700 करोड़ रुपये बताई जा रही है। परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है और निर्माण कार्य को समय पर पूरा करने के लिए मशीनों और संसाधनों की संख्या भी बढ़ाई गई है।

पहला चरण मथुरा से हाथरस के देवीनगर तक बनाया गया है, जो पहले ही चालू हो चुका है। दूसरे चरण में देवीनगर से कासगंज तक सड़क निर्माण का बड़ा हिस्सा पूरा हो चुका है। वहीं तीसरे और चौथे चरण में कासगंज, बदायूं और बरेली तक तेजी से काम किया जा रहा है। उम्मीद है कि अगले साल दिसंबर तक यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह शुरू हो सकता है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा मार्ग

इस एक्सप्रेसवे को यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। परियोजना में कई बड़े पुल, फ्लाईओवर और रेल ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं। इसके अलावा अंडरपास की व्यवस्था भी की जा रही है ताकि स्थानीय लोगों और वाहनों की आवाजाही प्रभावित न हो।

इसके निर्माण से 15 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

आगरा-बरेली एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा उत्तर प्रदेश के करीब 15 जिलों को मिलेगा। आगरा, मथुरा, हाथरस, कासगंज, बदायूं और बरेली जैसे शहरों के बीच संपर्क पहले से कहीं बेहतर हो जाएगा। इससे पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा क्योंकि आगरा और मथुरा जैसे प्रमुख पर्यटन शहरों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। वहीं व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर भी मिल सकते हैं।

सऊदी-कुवैत का बड़ा फैसला, ट्रंप खुश! ईरान की बढ़ी टेंशन?

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच सऊदी अरब और कुवैत ने ऐसा फैसला लिया है, जिसने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। दोनों देशों ने अमेरिकी सेना को अपने एयरस्पेस और सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि इस फैसले से अमेरिका को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने मिशन को फिर से मजबूत करने में बड़ी मदद मिलेगी।

क्यों अहम है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर गुजरता है। अगर यहां तनाव बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर सीधे पड़ सकता है। इसी वजह से अमेरिका लंबे समय से इस क्षेत्र में व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए अभियान चला रहा है।

फिर शुरू हो सकता है ‘ऑपरेशन फ्रीडम’

अमेरिका ने व्यावसायिक जहाजों की सुरक्षा के लिए 'ऑपरेशन फ्रीडम' नाम से मिशन शुरू किया था, लेकिन शुरुआती दौर में कुछ रणनीतिक अड़चनों के कारण इसे रोकना पड़ा। अब सऊदी अरब और कुवैत द्वारा एयरस्पेस और एयरबेस के इस्तेमाल की अनुमति मिलने के बाद पेंटागन इस मिशन को दोबारा शुरू करने की तैयारी में जुट गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी नौसेना और एयरफोर्स जल्द ही क्षेत्र में अपनी गतिविधियां बढ़ा सकती हैं।

अमेरिका के लिए क्यों जरूरी है यह सहयोग?

जानकारों के मुताबिक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की सुरक्षा के लिए अमेरिका को बड़े हवाई और नौसैनिक नेटवर्क की जरूरत होती है। इसके लिए खाड़ी देशों के एयरबेस और एयरस्पेस बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सऊदी अरब और कुवैत की मंजूरी मिलने से अमेरिकी लड़ाकू विमान और निगरानी सिस्टम तेजी से ऑपरेशन चला सकेंगे। इससे व्यापारिक जहाजों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से सुरक्षा देने में मदद मिलेगी।

सऊदी-कुवैत के फैसले से ट्रंप प्रशासन को राहत

डोनाल्ड ट्रंप लगातार खाड़ी देशों के साथ सुरक्षा सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि हाल के दिनों में ट्रंप और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच कई स्तर पर बातचीत हुई थी। इन चर्चाओं के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को लेकर बनी दूरी कम हुई और अब अमेरिका को फिर से रणनीतिक समर्थन मिलने लगा है।

वहीं, अमेरिका की बढ़ती सैन्य गतिविधियां ईरान पर दबाव बढ़ा सकती हैं। अगर 'ऑपरेशन फ्रीडम' पूरी ताकत के साथ दोबारा शुरू होता है, तो खाड़ी क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि अमेरिका का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

गजकेसरी राजयोग से चमकेगी इन 4 राशियों की किस्मत, धन-लाभ के प्रबल योग

राशिफल। वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी राजयोग को बेहद शुभ माना जाता है। जब चंद्रमा और गुरु एक साथ किसी राशि में युति करते हैं, तब यह खास राजयोग बनता है। इस बार 18 मई को मिथुन राशि में चंद्रमा और गुरु की युति होने जा रही है, जिससे साल का शक्तिशाली गजकेसरी राजयोग बनेगा। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस योग का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय बेहद लाभकारी साबित हो सकता है।

मिथुन राशि

गजकेसरी राजयोग का सबसे ज्यादा प्रभाव मिथुन राशि वालों पर देखने को मिल सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या प्रमोशन मिल सकता है। व्यापार में भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग करियर और धन के मामले में शुभ संकेत दे रहा है। नए निवेश से फायदा मिल सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए गजकेसरी राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। रुके हुए पैसे मिलने की संभावना है। व्यापार में नई डील फाइनल हो सकती है। छात्रों के लिए भी समय अच्छा रहेगा। विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह राजयोग आर्थिक लाभ और मानसिक शांति देने वाला साबित हो सकता है। संपत्ति से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। नौकरी और कारोबार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

क्यों खास माना जाता है गजकेसरी राजयोग?

ज्योतिष शास्त्र में गुरु को ज्ञान, धन और शुभता का कारक माना जाता है, जबकि चंद्रमा मन और भावनाओं का प्रतिनिधित्व करता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। इस योग के प्रभाव से कई लोगों को करियर, व्यापार और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने लगते हैं।

बिहार में लाखों लोगों की पेंशन रुकी, जानिए क्या है पूरा मामला

पटना। बिहार में सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से जुड़े लाखों लाभार्थियों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। जीवन प्रमाणीकरण अपडेट नहीं होने की वजह से बड़ी संख्या में लोगों की पेंशन रोक दी गई है। राज्यभर में ऐसे पेंशनधारियों की संख्या करीब 37 लाख बताई जा रही है, जबकि अकेले मुजफ्फरपुर जिले में लगभग पौने दो लाख लोगों की पेंशन प्रभावित हुई है।

सामाजिक सुरक्षा निदेशालय की ओर से सभी जिलाधिकारियों को भेजे गए पत्र में बताया गया कि बड़ी संख्या में पेंशनधारियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित है। इसी कारण मार्च महीने से लाखों लोगों के खातों में पेंशन की राशि नहीं भेजी जा सकी। मुजफ्फरपुर जिले में करीब 1 लाख 90 हजार लाभार्थियों का जीवन प्रमाणीकरण लंबित था। इनमें से लगभग 15 हजार लोगों का सत्यापन पूरा कर लिया गया है, लेकिन अब भी 1 लाख 74 हजार से अधिक लोगों का प्रमाणीकरण बाकी है।

पटना में सबसे ज्यादा मामले

राज्य स्तर पर सबसे ज्यादा प्रभावित पेंशनधारी पटना जिले में बताए जा रहे हैं। वहां करीब 2 लाख 18 हजार लोगों का जीवन प्रमाणीकरण अपडेट नहीं हो पाया है। इसके अलावा कई अन्य जिलों में भी बड़ी संख्या में लाभार्थियों की पेंशन अटक गई है। सरकार का कहना है कि जीवन प्रमाणीकरण प्रक्रिया पूरी होते ही पात्र लाभार्थियों की पेंशन फिर से शुरू कर दी जाएगी।

पंचायत स्तर पर लगेंगे विशेष शिविर

स्थिति को देखते हुए मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी सुब्रत कुमार सेन ने सभी बीडीओ को पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाने का निर्देश दिया है। इन शिविरों में लाभार्थियों का मुफ्त जीवन प्रमाणीकरण कराया जाएगा। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि शिविरों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर अपना सत्यापन करा सकें। इसके लिए कॉमन सर्विस सेंटर के वालेंटियर्स और अन्य कर्मचारियों की भी तैनाती की जाएगी।

बायोमीट्रिक नहीं होने पर होगा भौतिक सत्यापन

कई बुजुर्ग और बीमार पेंशनधारियों को बायोमीट्रिक सत्यापन कराने में दिक्कत हो रही है। ऐसे मामलों में सरकार ने भौतिक सत्यापन के आधार पर भी जीवन प्रमाणीकरण की अनुमति दी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन लोगों का बायोमीट्रिक सत्यापन संभव नहीं है, उनका घर जाकर या स्थानीय स्तर पर भौतिक सत्यापन किया जाए और जानकारी पोर्टल पर अपडेट की जाए।

इसके अलावे मृत पेंशनधारियों पर भी सरकार सख्त

जीवन प्रमाणीकरण के दौरान यह भी सामने आया है कि कई मृत पेंशनधारियों के खातों में अब तक पेंशन की राशि जा रही थी। ऐसे मामलों को गंभीर मानते हुए सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं। निर्देश दिया गया है कि मृत लाभार्थियों के नाम के आगे 'डेथ मार्क' किया जाए और उनके खाते में गई अतिरिक्त पेंशन राशि की वसूली भी की जाए।

प्रशासन ने लाभार्थियों से जल्द सत्यापन कराने की अपील

प्रशासन ने सभी पेंशनधारियों से जल्द से जल्द जीवन प्रमाणीकरण कराने की अपील की है ताकि उनकी पेंशन दोबारा शुरू हो सके। सरकार का कहना है कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभार्थियों को रुकी हुई राशि भी जारी की जाएगी।

बिहार सरकार का 1 बड़ा कदम: युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रोजगार और नौकरी के अवसर बढ़ाने को लेकर सरकार ने बड़ी पहल शुरू कर दी है। राज्य सरकार अब विभिन्न विभागों में चल रही योजनाओं के जरिए पैदा हो रहे रोजगार का पूरा आंकड़ा जुटाने में लगी है। इसका मकसद आने वाले वर्षों में युवाओं के लिए बड़े स्तर पर नौकरी और रोजगार की नई संभावनाएं तैयार करना है।

सरकार के निर्देश के बाद भवन निर्माण विभाग ने अपने सभी अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता और कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्रों में चल रही परियोजनाओं के तहत काम कर रहे लोगों की संख्या और रोजगार की स्थिति का पूरा ब्योरा उपलब्ध कराएं।

रोजगार का तैयार होगा बड़ा डाटा

सरकार इस जानकारी को रोजगार एवं कौशल विकास विभाग के पास भेजेगी। इसके आधार पर राज्य में रोजगार और नौकरी का समेकित डाटा तैयार किया जाएगा। सरकार का मानना है कि अलग-अलग विभागों में चल रही योजनाओं के जरिए कितने लोगों को रोजगार मिला है, इसका सही आंकड़ा तैयार होने से आगे की रणनीति बनाना आसान होगा।

एक सप्ताह में रिपोर्ट जमा करने का आदेश

सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पत्र मिलने के एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट अनिवार्य रूप से भेजी जाए। माना जा रहा है कि रिपोर्ट मिलने के बाद राज्य सरकार रोजगार को लेकर नई योजनाओं और नीतियों पर काम तेज करेगी। सरकार का उद्देश्य केवल नौकरी देना ही नहीं बल्कि कौशल विकास के जरिए युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना भी है।

इससे युवाओं को मिल सकती है बड़ी राहत

जानकारों का मानना है कि यदि सरकार रोजगार का सटीक डाटा तैयार कर लेती है, तो भविष्य में नौकरी और कौशल विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। बिहार में लंबे समय से रोजगार बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में सरकार की यह पहल युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण मानी जा रही है।

बिहार में बनेगा CISF ट्रेनिंग सेंटर, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के किशनगंज जिले के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी CISF के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र (RTC) की स्थापना के लिए जमीन उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह ट्रेनिंग सेंटर किशनगंज जिले के पोठिया अंचल में बनाया जाएगा, जिसके लिए करीब 110 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जाएगी।

एक हजार जवानों को मिलेगा प्रशिक्षण

प्रस्तावित क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र में एक समय में करीब एक हजार CISF जवानों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस इस सेंटर में सुरक्षा बलों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बिहार में सुरक्षा ढांचे को मजबूती मिलेगी और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर हो सकेगी। किशनगंज की भौगोलिक स्थिति को देखते हुए इस केंद्र को रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जताया आभार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का धन्यवाद किया है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बिहार के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। मुख्यमंत्री के अनुसार इस परियोजना से राज्य की सुरक्षा अवसंरचना मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश भी दिए हैं।

सीमांचल क्षेत्र में बढ़ेगी विकास

किशनगंज लंबे समय से बड़े सरकारी संस्थानों और निवेश की प्रतीक्षा कर रहा था। अब CISF ट्रेनिंग सेंटर बनने से इलाके में सड़क, बिजली, आवास और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विस्तार होने की संभावना है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इस परियोजना से होटल, परिवहन, बाजार और छोटे व्यवसायों को भी फायदा मिलेगा। इसके अलावा निर्माण कार्य के दौरान भी बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे अवसर

क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र बनने से आसपास के युवाओं में भी सुरक्षा बलों के प्रति रुचि बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के संस्थान किसी भी इलाके के सामाजिक और आर्थिक विकास में बड़ी भूमिका निभाते हैं। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह केंद्र बिहार के लिए सुरक्षा और विकास दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बिहार के किसानों के लिए राहत

पटना। बिहार के लीची किसानों को राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। लीची फसल को नुकसान पहुंचाने वाले स्टिंग बग की समस्या को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने विशेष टास्क फोर्स गठित करने के निर्देश दिए हैं। यह टीम प्रभावित इलाकों का दौरा कर फसल नुकसान का अध्ययन करेगी और सरकार को समाधान संबंधी रिपोर्ट सौंपेगी।

दरअसल, बिहार के लीची उत्पादक किसानों ने हाल ही में कृषि मंत्री के सामने अपनी समस्या रखी थी। किसानों का कहना था कि स्टिंग बग के बढ़ते प्रकोप से लीची की फसल बुरी तरह प्रभावित हो रही है, जिससे उत्पादन घट रहा है और आर्थिक नुकसान बढ़ता जा रहा है।

वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की बनाई गई टीम

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत आने वाले राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। गठित टास्क फोर्स में कई संस्थानों के वैज्ञानिकों और अधिकारियों को शामिल किया गया है। इस टीम में बिहार राज्य बागवानी मिशन, डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा, बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर, राष्ट्रीय कृषि कीट संसाधन ब्यूरो बेंगलुरु, आईसीएआर से जुड़े विशेषज्ञ को शामिल किया गया है

प्रभावित क्षेत्रों का होगा दौरा

विशेषज्ञों की यह टीम बिहार के प्रभावित जिलों और प्रखंडों का दौरा करेगी। वहां लीची फसलों की वास्तविक स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही यह देखा जाएगा कि स्टिंग बग का असर कितनी तेजी से फैल रहा है और किसानों को कितना नुकसान हो रहा है। टीम वैज्ञानिक तरीके से अध्ययन कर सरकार को विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर आगे की नीतिगत और प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

किसानों को मिल सकती है बड़ी राहत

सरकार की इस पहल से बिहार के लीची किसानों को बड़ी उम्मीद जगी है। मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाके देशभर में लीची उत्पादन के लिए प्रसिद्ध हैं। ऐसे में फसल को बचाने के लिए समय पर कदम उठाना बेहद जरूरी माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी उपाय किए गए तो फसल नुकसान को कम किया जा सकता है और किसानों की आय पर पड़ने वाले असर को रोका जा सकेगा।

लीची उत्पादन बचाने पर सरकार का फोकस

केंद्र सरकार अब बागवानी फसलों में बढ़ती कीट समस्याओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है। माना जा रहा है कि इस रिपोर्ट के बाद लीची किसानों के लिए नई सहायता योजनाएं, तकनीकी सलाह और कीट नियंत्रण उपाय शुरू किए जा सकते हैं। बिहार के किसानों को उम्मीद है कि सरकार की यह पहल उनकी फसल और आय दोनों को बचाने में मददगार साबित होगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: श्रमिकों के लिए 3 नई खुशखबरी

नई दिल्ली।  देश के करोड़ों श्रमिकों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नई श्रम संहिता के तहत श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं और महिला कर्मचारियों के लिए नई राहत देने की घोषणा की गई है। केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने दिल्ली के बसई दारापुर स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से इन नई योजनाओं की शुरुआत की।

40 वर्ष से अधिक श्रमिकों की होगी मुफ्त स्वास्थ्य जांच

नई व्यवस्था के तहत 40 वर्ष और उससे अधिक आयु के श्रमिकों के लिए हर साल स्वास्थ्य जांच की सुविधा शुरू की गई है। ईएसआईसी के माध्यम से श्रमिकों की मुफ्त जांच की जाएगी और गंभीर बीमारियों के इलाज के साथ दवाइयों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का मानना है कि समय पर स्वास्थ्य जांच होने से बड़ी बीमारियों का खतरा कम किया जा सकेगा और श्रमिक लंबे समय तक स्वस्थ रहकर काम कर पाएंगे।

महिला कर्मचारियों को बड़ी राहत

नई श्रम संहिता में महिलाओं के हितों पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। मातृत्व अवकाश को 12 सप्ताह से बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है, जिससे कामकाजी महिलाओं को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा महिला श्रमिकों के लिए रात की पाली में काम करने से जुड़ी कई कानूनी बाधाएं भी हटाई गई हैं। सरकार का कहना है कि अब सुरक्षित वातावरण में महिलाएं रात की पाली में भी काम कर सकेंगी।

सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ा

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले दस वर्षों में देश में सामाजिक सुरक्षा का दायरा तेजी से बढ़ा है। पहले जहां बहुत कम श्रमिक योजनाओं से जुड़े थे, वहीं अब करोड़ों कामगार सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। ईएसआईसी से जुड़े लाभार्थियों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सरकार इसे श्रमिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मान रही है।

श्रमिकों के लिए क्यों अहम हैं ये फैसले?

नई योजनाओं से करोड़ों कामगारों को स्वास्थ्य सुरक्षा, आर्थिक राहत और बेहतर कार्य वातावरण मिलने की उम्मीद है। खासकर महिला कर्मचारियों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ये फैसले काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि आने वाले समय में श्रमिक कल्याण से जुड़ी और योजनाएं भी लागू की जाएंगी, जिससे देश का कार्यबल अधिक सुरक्षित और मजबूत बन सके।

बिहार में 'गन्ना अधिकारी' की बंपर भर्ती, स्नातक करें अप्लाई

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग ने 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के तहत गन्ना अधिकारी के पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। आयोग की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 44 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती अभियान उन अभ्यर्थियों के लिए खास माना जा रहा है जो स्नातक पास करने के बाद सरकारी सेवा में करियर बनाना चाहते हैं। आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

इतने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत गन्ना अधिकारी के कुल 44 पद भरे जाएंगे। यह नियुक्तियां बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 72वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा के माध्यम से की जाएंगी।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 7 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि : 31 मई 2026

कौन कर सकता है आवेदन?

गन्ना अधिकारी पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना जरूरी है। आयु सीमा की बात करें तो सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष और अधिकतम आयु 37 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जाएगी।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी?

उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों के आधार पर किया जाएगा: प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा, साक्षात्कार। सभी चरणों में सफल होने वाले उम्मीदवारों को अंतिम मेरिट सूची के आधार पर नियुक्ति दी जाएगी।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार बिहार लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर सही तरीके से अपलोड करना जरूरी होगा।

8वें वेतन आयोग से खुशखबरी: लेवल-1, 2 और 3 कर्मचारियों की सैलरी में आ सकता है बड़ा उछाल

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा लगातार तेज होती जा रही है। अब मामला सिर्फ फिटमेंट फैक्टर या वेतन बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पे-लेवल में बड़े बदलाव की संभावना भी सामने आने लगी है। 

कर्मचारी संगठनों ने सरकार और वेतन आयोग के सामने ऐसा प्रस्ताव रखा है, जिससे लाखों कर्मचारियों की सैलरी और पदोन्नति व्यवस्था पूरी तरह बदल सकती है। सबसे ज्यादा चर्चा पे-लेवल मर्जर यानी विभिन्न वेतन स्तरों को आपस में मिलाने को लेकर हो रही है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो निचले स्तर के कर्मचारियों को सीधे बड़े वेतनमान का फायदा मिल सकता है।

क्या है पे-लेवल मर्जर का प्रस्ताव?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि वर्तमान पे-मैट्रिक्स में निचले स्तर पर कर्मचारियों की संख्या बहुत ज्यादा है और प्रमोशन की रफ्तार काफी धीमी है। इसी वजह से शुरुआती छह लेवल को मिलाकर तीन बड़े स्तर बनाने का सुझाव दिया गया है।

प्रस्ताव के अनुसार:

लेवल-1 और लेवल-2 को मिलाकर नया स्तर बनाया जा सकता है

लेवल-3 और लेवल-4 को एक साथ जोड़ा जा सकता है

लेवल-5 और लेवल-6 को मिलाने की तैयारी हो सकती है

इस बदलाव का मकसद वेतन विसंगतियों को कम करना और कर्मचारियों को तेज पदोन्नति का मौका देना बताया जा रहा है।

न्यूनतम वेतन में हो सकता है बड़ा बदलाव

अगर लेवल-1 और लेवल-2 का विलय होता है तो सबसे बड़ा फायदा निचले स्तर के कर्मचारियों को मिलेगा। वर्तमान में लेवल-1 की शुरुआती बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है, जबकि लेवल-2 की शुरुआती सैलरी 19,900 रुपये है। मर्जर लागू होने पर लेवल-1 कर्मचारियों की बेसिक सीधे ऊपरी स्तर के हिसाब से तय हो सकती है। इसके बाद 8वें वेतन आयोग के नए फिटमेंट फैक्टर का असर जुड़ने पर वेतन में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

कर्मचारियों को मिल सकता है सीधा लाभ

यदि यह व्यवस्था लागू होती है तो लेवल-1 कर्मचारियों को ऊंचे वेतनमान का लाभ मिलेगा, वहीं, लेवल-3 कर्मचारियों को लेवल-4 के बराबर वेतनमान मिल सकता है। जबकि लेवल-5 कर्मचारियों को लेवल-6 के समान वेतन ढांचे का फायदा हो सकता है इसका सबसे अधिक असर मल्टी टास्किंग स्टाफ, क्लर्क और ग्रुप-सी कर्मचारियों पर पड़ने की संभावना है।

प्रमोशन की रफ्तार होगी तेज

मौजूदा व्यवस्था में कर्मचारियों को एक स्तर से दूसरे स्तर तक पहुंचने में कई साल लग जाते हैं। लेकिन लेवल मर्जर लागू होने पर प्रमोशन की सीढ़ियां कम हो जाएंगी और कर्मचारियों को जल्दी उच्च पदों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा। इसके अलावा जिम्मेदारियां और पदनाम बेहतर होंगे, वेतन के साथ पेंशन में भी बढ़ोतरी होगी, ग्रेच्युटी और रिटायरमेंट लाभ अधिक मिल सकते हैं

आयोग में क्या चल रहा है?

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों ने अपना विस्तृत प्रस्ताव सरकार को सौंप दिया है। आयोग ने सुझाव और मांगें जमा करने की समय सीमा भी बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि आयोग विभिन्न राज्यों और क्षेत्रों का दौरा कर कर्मचारियों की वास्तविक स्थिति समझने की कोशिश कर रहा है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नई सिफारिशें जनवरी 2026 से लागू की जाएं।

यूपी में बनेगा गुरु गोरखनाथ कॉरिडोर, पर्यटन को मिलेगा नया विस्तार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार बड़े कदम उठा रही है। अयोध्या, काशी और मथुरा के विकास के बाद अब सरकार नाथ संप्रदाय से जुड़े धार्मिक स्थलों को एक सूत्र में जोड़ने की तैयारी कर रही है। इसके तहत राज्य में गुरु गोरखनाथ कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जो धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन को नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस प्रस्तावित कॉरिडोर में नाथ परंपरा से जुड़े मंदिर, मठ, गुफाएं और ध्यान स्थलों को आपस में जोड़ा जाएगा। इसका मुख्य केंद्र गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर होगा, जिसे गोरक्षपीठ का प्रमुख केंद्र माना जाता है।

गोरखपुर बनेगा आध्यात्मिक केंद्र

गुरु गोरखनाथ को नाथ परंपरा का प्रमुख संत और संस्थापक माना जाता है। उनके अनुयायी उत्तर प्रदेश के अलावा बिहार, राजस्थान, उत्तराखंड, तमिलनाडु और नेपाल तक फैले हुए हैं। ऐसे में सरकार इस धार्मिक धारा को पर्यटन से जोड़कर एक बड़ा आध्यात्मिक मार्ग तैयार करना चाहती है।

कई जिलों को जोड़ेगा कॉरिडोर

प्रस्तावित गुरु गोरखनाथ कॉरिडोर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थलों को जोड़ने का काम करेगा। इसमें महोबा, चित्रकूट, बरेली, अमेठी, अयोध्या, बलरामपुर और गोरखपुर जैसे जिले शामिल होंगे। सरकार का उद्देश्य इन स्थलों को बेहतर सड़क, स्वच्छता, प्रकाश व्यवस्था, ध्यान केंद्र और पर्यटक सुविधाओं से जोड़कर एक व्यवस्थित धार्मिक पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करना है।

महोबा में विकसित हो रहा ध्यान केंद्र

महोबा स्थित गोरखगिरि पर्वत, जिसे नाथ साधना का प्रमुख स्थान माना जाता है, वहां विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। स्वदेश दर्शन योजना के तहत यहां करोड़ों रुपये की लागत से ध्यान केंद्र, पर्यटक सुविधाएं और स्वच्छता व्यवस्था विकसित की जा रही है। सरकार इसे आध्यात्मिक पर्यटन के साथ पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में भी स्थापित करना चाहती है।

बरेली के मंदिरों का होगा जीर्णोद्धार

बरेली में नाथ संप्रदाय से जुड़े कई प्राचीन मंदिरों के विकास का काम शुरू हो चुका है। इनमें अलखनाथ मंदिर, त्रिवती नाथ मंदिर, तुलसी मठ और पशुपतिनाथ मंदिर प्रमुख हैं। इन मंदिरों में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं, सौंदर्यीकरण और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाएगा।

अमेठी में बनेगी विशाल प्रतिमा

अमेठी में गुरु गोरखनाथ की 25 फुट ऊंची कांस्य प्रतिमा का निर्माण भी कराया जा रहा है। इसे योग मुद्रा में स्थापित किया जाएगा। सरकार ने इसके लिए धनराशि जारी कर दी है और निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है। माना जा रहा है कि यह प्रतिमा परिसर भविष्य में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।

चित्रकूट और बलरामपुर भी होंगे शामिल

चित्रकूट में गोरखनाथ गुफा और पालेश्वरनाथ मंदिर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जा रहा है। वहीं नेपाल सीमा के पास स्थित बलरामपुर का देवी पाटन मंदिर भी इस सर्किट का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। नाथ परंपरा और नेपाल से जुड़े धार्मिक संबंधों को देखते हुए यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।

बिहार में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जिलों में ठनका गिरने के आसार

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलता नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि मौसम विभाग ने अब अगले दो दिनों के लिए आंधी, बारिश और ठनका गिरने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बिहार में फिलहाल मौसम सुहावना बना हुआ है। सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस की जा रही है, जबकि दोपहर में तेज धूप निकलने से गर्मी बढ़ रही है। इसके बावजूद वातावरण में नमी रहने के कारण कई इलाकों में बादल छाए रहने की संभावना बनी हुई है।

इन जिलों में जारी हुआ ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने राज्य के पांच जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, मधेपुरा और सुपौल शामिल हैं। इन जिलों में तेज बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अलावा 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग का कहना है कि खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

पिछले 24 घंटे में भी हुई है बारिश

राज्य के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे के दौरान हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बारिश के कारण तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। हालांकि तेज हवा और ठनका गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

मौसम विभाग की अपील

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है। खासकर बारिश और बिजली चमकने के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल खुले स्थानों पर न करने और सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।

बंगाल का नया मुख्यमंत्री कौन? इस नाम पर मुहर तय

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में आज का दिन बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राज्य में नई सरकार के गठन को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शाम चार बजे होने वाली भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद यह तय हो जाएगा कि बंगाल की सत्ता की कमान किस नेता के हाथ में जाएगी। कोलकाता के न्यूटाउन स्थित विश्वबंगला कन्वेंशन केंद्र में होने वाली इस बैठक पर पूरे देश की नजर बनी हुई है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस अहम बैठक में शामिल होने के लिए कोलकाता पहुंच रहे हैं। उनके साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी भी पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि बैठक के बाद मुख्यमंत्री के नाम के साथ नई सरकार की पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी।

शुभेंदु अधिकारी सबसे आगे

मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार के रूप में शुभेंदु अधिकारी का नाम सामने आ रहा है। भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराने के बाद उनका राजनीतिक कद काफी बढ़ गया है। भाजपा के भीतर एक बड़ा वर्ग मानता है कि शुभेंदु अधिकारी बंगाल में पार्टी को मजबूती से आगे बढ़ा सकते हैं। प्रशासनिक अनुभव और तृणमूल कांग्रेस के गढ़ में मजबूत पकड़ बनाने की क्षमता को देखते हुए पार्टी नेतृत्व भी उन पर भरोसा जता सकता है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री पद की रेस में उनका पलड़ा सबसे भारी माना जा रहा है।

दो अन्य नामों पर भी चर्चा

शुभेंदु अधिकारी के अलावा पार्टी के दो और वरिष्ठ नेताओं के नामों पर भी चर्चा चल रही है। भाजपा ऐसा चेहरा चुनना चाहती है जो संगठन और सरकार दोनों को संतुलित तरीके से संभाल सके। क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखकर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

दो उपमुख्यमंत्री बनाने की तैयारी

राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि भाजपा पश्चिम बंगाल में दो उपमुख्यमंत्री बनाने का फार्मूला अपना सकती है। इसके जरिए उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल के बीच संतुलन बनाने की कोशिश होगी। साथ ही अलग-अलग समाजों को प्रतिनिधित्व देने की रणनीति भी तैयार की जा रही है।

तापस राय को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए वरिष्ठ नेता तापस राय को विधानसभा अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है। लंबे राजनीतिक अनुभव के कारण पार्टी उन्हें महत्वपूर्ण भूमिका दे सकती है।

9 से 19 मई तक भाग्य रहेगा मजबूत, 5 राशियों को धन और सफलता के संकेत

राशिफल। 9 मई से 19 मई के बीच बनने वाले शुभ ग्रह योग का असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान कुछ राशियों के लिए भाग्य के द्वार खुल सकते हैं। करियर, कारोबार, धन लाभ और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत हैं। खासतौर पर 5 राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को इस अवधि में करियर और व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आय में बढ़ोतरी के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत साबित हो सकता है। अचानक धन लाभ होने की संभावना है। निवेश से फायदा मिल सकता है और पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को मेहनत का पूरा फल मिलने के योग हैं। नौकरी और व्यवसाय में सफलता मिलेगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी समय अनुकूल रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय राहत भरा साबित हो सकता है। पुराने विवाद खत्म होंगे और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। साझेदारी के कामों में लाभ मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि सफलता और तरक्की लेकर आ सकती है। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को 4 और तोहफा, निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रणाली को लेकर चल रही दिक्कतों और उपभोक्ताओं की शिकायतों के बाद अब इसे पोस्टपेड मोड में बदलने का फैसला लिया गया है। इस नए निर्णय से करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को बिल भुगतान और कनेक्शन से जुड़ी प्रक्रियाओं में नई व्यवस्था का सामना करना होगा।

स्मार्ट मीटर अब पोस्टपेड मोड में होंगे

प्रदेशभर में लगाए गए 83 लाख से अधिक स्मार्ट मीटर, जो पहले प्रीपेड मोड पर काम कर रहे थे, अब पोस्टपेड सिस्टम में बदल दिए जाएंगे। इसका मतलब है कि उपभोक्ता पहले बिजली का उपयोग करेंगे और बाद में उसका बिल भुगतान करेंगे। यह व्यवस्था पुराने बिलिंग सिस्टम के करीब होगी, जिससे उपभोक्ताओं को पहले जैसी सुविधा मिलेगी। नए कनेक्शन भी अब स्मार्ट मीटर के साथ पोस्टपेड मोड में ही दिए जाएंगे। इससे भविष्य में सभी उपभोक्ता एक समान बिलिंग प्रणाली के अंतर्गत आ जाएंगे।

बिलिंग और भुगतान की नई प्रक्रिया

नई व्यवस्था के तहत हर महीने की बिजली खपत का बिल 10 जून तक उपभोक्ताओं को एसएमएस या व्हाट्सएप के माध्यम से भेजा जाएगा। इसके बाद उपभोक्ताओं को बिल जमा करने के लिए 15 दिन का समय मिलेगा। यदि निर्धारित समय में बिल जमा नहीं किया जाता है, तो सात दिन बाद बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी। यह नियम समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू किया गया है।

बकाया बिल के लिए किस्तों की सुविधा

सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बकाया बिल के भुगतान के लिए किस्तों की सुविधा भी दी है। 30 अप्रैल तक का बकाया घरेलू उपभोक्ता 10 किस्तों में चुका सकेंगे। अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को तीन किस्तों में भुगतान करना होगा। यह कदम उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव को कम करने के लिए उठाया गया है।

सिक्योरिटी डिपॉजिट पर नया नियम

नई व्यवस्था में सिक्योरिटी राशि को लेकर भी संशोधन किया गया है। पहले जमा की गई सिक्योरिटी को ध्यान में रखते हुए अब उपभोक्ताओं से नई सिक्योरिटी चार किस्तों में वसूली जाएगी।

पक्का आम खाने के 10 बड़े फायदे, जानकर आप भी रोज खाने लगेंगे

हेल्थ डेस्क। गर्मियों का मौसम आते ही फलों का राजा आम हर किसी की पहली पसंद बन जाता है। पका हुआ आम न सिर्फ स्वाद में बेहतरीन होता है, बल्कि सेहत के लिए भी कई तरह से फायदेमंद माना जाता है। इसमें विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचाते हैं।

1. ऊर्जा का बेहतरीन स्रोत: पक्का आम प्राकृतिक शुगर से भरपूर होता है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है। थकान महसूस होने पर यह शरीर को तरोताजा करता है।

2. पाचन में मददगार: आम में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और कब्ज जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद करता है।

3. इम्यूनिटी बढ़ाता है: इसमें विटामिन C और A भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करते हैं।

4. आंखों के लिए फायदेमंद: पक्का आम आंखों की रोशनी को बेहतर बनाने में मदद करता है क्योंकि इसमें विटामिन A पाया जाता है।

5. त्वचा को बनाए चमकदार: आम में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाने में मदद करते हैं।

6. दिल के लिए अच्छा: इसमें मौजूद पोषक तत्व कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में मदद करते हैं, जिससे दिल स्वस्थ रहता है।

7. दिमाग को तेज करता है: आम में मौजूद विटामिन B6 मस्तिष्क के कार्य को बेहतर बनाता है और याददाश्त को मजबूत करता है।

8. खून की कमी में लाभकारी: आम आयरन का अच्छा स्रोत है, जो शरीर में खून की कमी को दूर करने में मदद कर सकता है।

9. हड्डियों को मजबूत बनाता है: इसमें कैल्शियम और अन्य मिनरल्स पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत रखने में सहायक हैं।

10. तनाव कम करने में मदद: पक्का आम खाने से शरीर को रिलैक्स फील होता है और तनाव कम करने में मदद मिलती है।

सीएम सम्राट का सख्त आदेश: नई मॉनिटरिंग व्यवस्था लागू

पटना। बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता और कार्य गति बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर राज्य के सभी अंचलों में चल रहे राजस्व कार्यों की अब रोजाना विभागीय स्तर पर निगरानी और समीक्षा की जाएगी।

हर दिन होगी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से समीक्षा

नई व्यवस्था के तहत अब विभागीय सचिव या अधिकृत वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अंचलों के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर हो रहे कामों में तेजी लाना और किसी भी तरह की देरी या अनियमितता को रोकना है।

रोजाना दो अंचलों की होगी गहन जांच

निर्देशों के अनुसार हर दिन दो अंचलों का चयन किया जाएगा, जहां चल रहे राजस्व कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। इसमें अंचल अधिकारी और राजस्व अधिकारी की उपस्थिति अनिवार्य होगी। समीक्षा बैठक प्रतिदिन दोपहर 3:30 बजे से 4:00 बजे तक आयोजित की जाएगी, जिसमें कार्य प्रगति और लंबित मामलों की जानकारी ली जाएगी।

सर्वे कार्यों में तेजी और पारदर्शिता पर जोर

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने विशेष सर्वेक्षण कार्यों को समय पर और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने पर जोर दिया है। नवपदस्थापित बंदोबस्त पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे तय समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करें।

तकनीकी दक्षता और जवाबदेही जरूरी

विभागीय सचिव ने कहा कि यह पूरा अभियान केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य भूमि अभिलेखों को अद्यतन करना और आम जनता को सही और पारदर्शी भूमि रिकॉर्ड उपलब्ध कराना है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कार्यों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ जवाबदेही भी सुनिश्चित की जाए।

IMD का बड़ा अलर्ट: 12 राज्यों में आंधी-बारिश का खतरा, तेज हवाओं से मचेगा हड़कंप

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। जहां मई के महीने में आमतौर पर भीषण गर्मी और लू का असर देखने को मिलता है, वहीं इस बार कई राज्यों में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। भारत मौसम विभाग (IMD) ने 10 से 13 मई के बीच उत्तर और पूर्वी भारत सहित 12 राज्यों में आंधी-बारिश और तेज हवाओं को लेकर चेतावनी जारी की है।

70 किमी प्रति घंटे तक चल सकती हैं तेज हवाएं

IMD के अनुसार इस अवधि में कई राज्यों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।

उत्तर भारत में बदलेगा मौसम का मिजाज

पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और उत्तराखंड में 11 से 13 मई के बीच बारिश और आंधी का नया दौर शुरू हो सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव देखने को मिलेगा। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, मेरठ, आगरा और बरेली जैसे शहरों में तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।

बिहार और पूर्वी राज्यों में भी बारिश का असर

बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी गरज-चमक के साथ बारिश की चेतावनी जारी की गई है। पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और दरभंगा जैसे इलाकों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में भारी बारिश का अनुमान

पूर्वोत्तर राज्यों में भी कई जगहों पर भारी बारिश की संभावना है। वहीं केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल जैसे दक्षिण भारतीय राज्यों में अगले कई दिनों तक मौसम सक्रिय रहने और भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

राजस्थान में दोहरा रहेगा मौसम, कहीं बारिश तो कहीं लू

राजस्थान में मौसम दो हिस्सों में बंटा हुआ नजर आ रहा है। पूर्वी राजस्थान में बारिश और तेज हवाओं का असर रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में लू चलने का अलर्ट जारी किया गया है। जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर जैसे जिलों में गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ा सकती हैं।

बिहार सरकार का बड़ा तोहफा: इन छात्रों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के मेधावी छात्रों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए चलाई जा रही मुख्यमंत्री मेधावृति योजना अब बड़ी राहत और प्रोत्साहन का माध्यम बन गई है। इस योजना के तहत पिछले कई वर्षों में लाखों छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की गई है, जिससे उच्च शिक्षा की राह आसान हुई है।

लाखों छात्रों को मिला योजना का लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 वर्षों में इस योजना के तहत लगभग 9.78 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को लाभ दिया गया है। केवल वर्ष 2025 में ही करीब 1.63 लाख छात्रों को इसका फायदा मिला है। पिछले कुछ वर्षों में इस योजना के तहत सरकार ने लगभग 941 करोड़ रुपये से अधिक की राशि छात्रों के बीच वितरित की है।

कितनी मिलती है आर्थिक सहायता

इस योजना के तहत छात्रों को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के आधार पर एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाती है:

10वीं में प्रथम स्थान: ₹10,000

10वीं में द्वितीय स्थान: ₹8,000

12वीं में प्रथम स्थान: ₹15,000

12वीं में द्वितीय स्थान: ₹10,000

यह राशि छात्रों को आगे की पढ़ाई और शैक्षणिक खर्चों में सहायता प्रदान करती है।

शिक्षा में बढ़ा है रुझान

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, इस योजना के लागू होने के बाद SC-ST वर्ग के छात्रों में उच्च शिक्षा को लेकर जागरूकता और रुझान दोनों बढ़े हैं। खासकर ग्रामीण और पिछड़े इलाकों के छात्र अब आर्थिक बाधाओं के बिना पढ़ाई जारी रख पा रहे हैं। इस योजना ने हजारों परिवारों को शिक्षा के प्रति प्रेरित किया है और ड्रॉपआउट दर को कम करने में भी मदद की है।

कैसे करें आवेदन

इस योजना का लाभ लेने के लिए छात्र आधिकारिक पोर्टल (मेधासॉफ्ट) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज इस प्रकार हैं 10वीं या 12वीं की अंकपत्र, जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र।

दो दुर्लभ योग का संयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

राशिफल। कल का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है क्योंकि इस दिन दो महत्वपूर्ण योग प्रीति योग और आयुष्मान योग का संयोग बन रहा है। इन दोनों योगों को सुख, समृद्धि, स्वास्थ्य और सफलता देने वाला माना जाता है। इस विशेष संयोग का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ साबित हो सकता है।

प्रीति और आयुष्मान योग का महत्व

ज्योतिष के अनुसार प्रीति योग को संबंधों में मधुरता, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। वहीं आयुष्मान योग को अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और स्थिरता से जोड़ा जाता है। जब ये दोनों योग एक साथ बनते हैं तो इसका प्रभाव जीवन के कई क्षेत्रों में शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है।

इन 4 राशियों के लिए खुलेंगे भाग्य के दरवाजे

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में नए अवसर लेकर आ सकता है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने और पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में उन्नति और मान-सम्मान बढ़ाने वाला रहेगा। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। आध्यात्मिक रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

बिहार सरकार का सख्त आदेश, सभी 38 जिलों में लागू

पटना। बिहार सरकार ने सड़क सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने के लिए एक सख्त कदम उठाया है। राज्य के सभी 38 जिलों में लागू इस नए आदेश के तहत अब वाहनों पर लगे जातिसूचक शब्दों या स्टिकर को हटाना अनिवार्य कर दिया गया है। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को हाई-टेक बनाने के लिए एआई आधारित निगरानी सिस्टम भी तेजी से लागू किया जा रहा है।

जातिसूचक स्टिकर पर पूरी तरह रोक

परिवहन विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी किया है कि किसी भी वाहन पर जाति से जुड़े शब्द, स्लोगन या स्टिकर पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए वाहन मालिकों को एक महीने का समय दिया गया है ताकि वे स्वयं ऐसे सभी निशान हटा लें। समय सीमा पूरी होने के बाद ट्रैफिक पुलिस विशेष अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की जांच करेगी और नियम उल्लंघन पर जुर्माना लगाया जाएगा।

दो हजार रुपये तक जुर्माना तय

मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में वाहन चालकों से दो हजार रुपये तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अपने वाहनों को नियमों के अनुरूप कर लें ताकि किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

सड़क सुरक्षा के लिए AI सिस्टम

बिहार सरकार ने ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने के लिए इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) लागू करने की योजना तेज कर दी है। इसके तहत राज्यभर में करीब 700 स्थानों पर एआई आधारित कैमरे लगाए जाएंगे। ये कैमरे न केवल ट्रैफिक नियमों की निगरानी करेंगे बल्कि वाहन चालकों की पहचान भी कर सकेंगे।

फेसियल रिकग्निशन से बढ़ेगी निगरानी

नई तकनीक में फेसियल रिकग्निशन और सर्विलांस सिस्टम को भी शामिल किया जा रहा है। इससे बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों पर नजर रखना आसान होगा। साथ ही अपराधियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखने में भी यह सिस्टम मददगार साबित होगा।

सुबह उठते ही कमर दर्द? शरीर दे रहा है ये संकेत

हेल्थ डेस्क। आज के समय में कमर दर्द एक आम समस्या बनती जा रही है। खासकर सुबह उठते ही कमर में दर्द महसूस होना कई लोगों के लिए रोजमर्रा की परेशानी बन चुका है। लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसे सिर्फ सामान्य दर्द समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है, क्योंकि यह शरीर द्वारा दिया गया एक चेतावनी संकेत भी हो सकता है।

सुबह कमर दर्द के पीछे क्या हो सकते हैं कारण

सुबह उठते ही कमर दर्द के कई कारण हो सकते हैं। इनमें गलत सोने की मुद्रा, खराब गद्दा, लंबे समय तक एक ही स्थिति में बैठना और शारीरिक गतिविधि की कमी प्रमुख कारण माने जाते हैं। इसके अलावा मांसपेशियों में खिंचाव या रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं भी इसका कारण बन सकती हैं। कई मामलों में यह दर्द शरीर में कैल्शियम की कमी, मोटापा या गलत जीवनशैली की वजह से भी हो सकता है।

कब हो सकता है यह गंभीर संकेत

अगर कमर दर्द लगातार बना रहे और दिन-ब-दिन बढ़ता जाए, तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है। रीढ़ की हड्डी से जुड़ी बीमारियां, स्लिप डिस्क या नसों पर दबाव जैसी स्थितियों में भी सुबह का दर्द ज्यादा महसूस होता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि अगर दर्द लंबे समय तक बना रहे या पैरों में सुन्नपन जैसी समस्या हो, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

गलत जीवनशैली भी बड़ी वजह

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग लंबे समय तक बैठकर काम करते हैं, शारीरिक गतिविधि कम हो गई है और मोबाइल या कंप्यूटर पर झुककर काम करने की आदत बढ़ गई है। ये सभी आदतें धीरे-धीरे कमर दर्द को बढ़ावा देती हैं। नींद की खराब गुणवत्ता और गलत गद्दे का इस्तेमाल भी इस समस्या को बढ़ा सकता है।

कैसे करें बचाव

कमर दर्द से बचने के लिए कुछ आसान आदतें अपनाई जा सकती हैं। जैसे सही मुद्रा में सोना, आरामदायक और सपोर्टिव गद्दे का उपयोग, नियमित हल्की एक्सरसाइज और स्ट्रेचिंग, लंबे समय तक एक ही स्थिति में न बैठना, वजन को नियंत्रित रखना।