HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

UP की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी! छात्राओं को फ्री स्कूटी देगी योगी सरकार

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही मेधावी छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना को मंजूरी दे दी है। इस योजना के माध्यम से कॉलेज और विश्वविद्यालयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को मुफ्त स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य बेटियों को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आने-जाने की बेहतर सुविधा देना है।

पहले चरण में 50 हजार छात्राओं को लाभ

सरकार की योजना के अनुसार, शुरुआती चरण में करीब 50,000 छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जाएगी। यह सुविधा शैक्षणिक सत्र 2025-26 से लागू होगी। प्रत्येक मान्यता प्राप्त कॉलेज और विश्वविद्यालय में स्नातक स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।

किन छात्राओं को मिलेगी फ्री स्कूटी?

योजना के तहत सरकारी, निजी, स्ववित्तपोषित और अन्य मान्यता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों की छात्राओं को शामिल किया गया है। अपने कॉलेज या विश्वविद्यालय में टॉप-5 स्थान प्राप्त करने वाली पात्र छात्राओं को सरकार की ओर से स्कूटी प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य प्रतिभाशाली छात्राओं को सम्मानित करना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रेरित करना है।

स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

इस योजना के तहत केवल स्कूटी ही नहीं दी जाएगी, बल्कि उससे जुड़े शुरुआती खर्च का भी ध्यान रखा जाएगा। सरकार की ओर से वाहन का पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन), बीमा (इंश्योरेंस) और शुरुआत के लिए 5 लीटर पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि छात्राओं को किसी अतिरिक्त आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।

बड़ी खुशखबरी! यूपी के स्कूलों में 21,252 पदों पर होगी बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े शिक्षकों के पदों को भरने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने भर्ती से जुड़ी आवश्यक कार्रवाई आगे बढ़ाते हुए हजारों पदों का अधियाचन संबंधित पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। इसके साथ ही प्रदेश में शिक्षक भर्ती को लेकर नई उम्मीदें जाग गई हैं।

21 हजार से अधिक पदों पर होगी भर्ती

भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 21,252 पदों पर नियुक्तियां प्रस्तावित हैं। इनमें प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) के सबसे अधिक 17,740 पद शामिल हैं। वहीं प्रवक्ता (PGT) और प्राथमिक स्तर से जुड़े सहायक अध्यापकों के लिए कुल 3,512 पद निर्धारित किए गए हैं। इतने बड़े पैमाने पर भर्ती होने से हजारों योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी नौकरी पाने का अवसर मिल सकता है।

PGT और प्राथमिक शिक्षक पदों पर मौका

भर्ती में प्रवक्ता (PGT) के हजारों पदों को शामिल किया गया है। इसके अलावा प्राथमिक स्तर के सहायक अध्यापकों की भी नियुक्ति की जाएगी। विषयवार रिक्तियों का विस्तृत विवरण भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में अभ्यर्थियों को आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पद भी होंगे भरे

शिक्षक भर्ती के साथ-साथ सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ रही है। इससे विद्यालयों में शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिलेगी। विभाग का लक्ष्य खाली पदों को चरणबद्ध तरीके से भरना है ताकि स्कूलों में शिक्षण कार्य प्रभावित न हो।

पहले TGT और PGT भर्ती पर रहेगा पूरा फोकस

जानकारी के अनुसार, चयन प्रक्रिया में सबसे पहले टीजीटी और पीजीटी के पदों पर भर्ती को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके बाद अन्य श्रेणियों के रिक्त पदों पर भी नियुक्तियां की जाएंगी। इससे उन अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी, जो लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं।

5 राशियों के लिए खुशखबरी! चातुर्मास में खुलेंगे तरक्की और धन लाभ के योग

राशिफल। चातुर्मास हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और आध्यात्मिक महत्व वाला समय माना जाता है। वर्ष 2026 में चातुर्मास 25 जुलाई को देवशयनी एकादशी से शुरू होकर 20 नवंबर को देवउठनी एकादशी तक रहेगा। धार्मिक मान्यता है कि इस अवधि में भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाता है। वहीं पूजा-पाठ, जप, दान और व्रत का विशेष महत्व बढ़ जाता है।

ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार, इस बार चातुर्मास का समय कुछ राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ सकता है। करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं उन 5 भाग्यशाली राशियों के बारे में।

1. वृषभ राशि

चातुर्मास का समय वृषभ राशि के जातकों के लिए उन्नति के नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोल सकती हैं। व्यापार करने वालों को रुका हुआ धन मिलने और नए ग्राहकों से लाभ होने के योग बन सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाली साबित हो सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभदायक साबित हो सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति भी हो सकती है

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए चातुर्मास आर्थिक मजबूती का संकेत दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे और आय के नए स्रोत बनने की संभावना रहेगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भी सकारात्मक समाचार मिलने के योग बन रहे हैं। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और मानसिक शांति का अनुभव होगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यापार दोनों क्षेत्रों में लाभकारी माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। यदि नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और खर्चों पर नियंत्रण रखने में सफलता मिलेगी। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बना रहेगा तथा सामाजिक सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए चातुर्मास कई शुभ अवसर लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार में लाभ और नौकरी में उन्नति के संकेत मिल रहे हैं। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा और किसी धार्मिक यात्रा या शुभ आयोजन में शामिल होने का अवसर मिल सकता है। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलेगी।

पुरानी पेंशन को लेकर बड़ी खबर! कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कुछ कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कुछ विशेष परिस्थितियों में राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत आने वाले पात्र कर्मचारियों को भी पुरानी पेंशन योजना चुनने का अवसर मिल सकता है। हालांकि यह सुविधा सभी कर्मचारियों के लिए नहीं है, बल्कि केवल तय शर्तों को पूरा करने वाले सीमित मामलों पर ही लागू होगी।

इन्हे पुरानी पेंशन का विकल्प?

सरकार के ताजा स्पष्टीकरण के अनुसार, यह राहत उन कर्मचारियों के लिए है जिन्होंने 1 जनवरी 2004 से पहले अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था, लेकिन प्रशासनिक या अन्य कारणों से उनकी नियुक्ति 1 जनवरी 2004 के बाद हुई। ऐसे मामलों में आवेदन की तारीख को महत्वपूर्ण आधार माना जाएगा। यदि कर्मचारी ने निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन किया था और उस समय सभी पात्रता शर्तें पूरी करता था, तो उसे पुरानी पेंशन योजना चुनने का मौका मिल सकता है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

1 जनवरी 2004 से केंद्र सरकार में नई पेंशन प्रणाली (NPS) लागू होने के बाद अधिकांश नए कर्मचारियों को इसी व्यवस्था के तहत शामिल किया गया। लेकिन कई ऐसे मामले सामने आए, जहां आवेदन पहले किया गया था, जबकि नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने में देरी के कारण जॉइनिंग बाद में हुई। सरकार का मानना है कि ऐसे कर्मचारियों को केवल प्रक्रिया में देरी की वजह से पुरानी पेंशन के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना चाहिए। इसी कारण पात्र कर्मचारियों को विकल्प देने का फैसला किया गया है।

इन कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा

सरकार ने साफ कर दिया है कि यह कोई सामान्य या सार्वभौमिक आदेश नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि सभी NPS कर्मचारी अब पुरानी पेंशन योजना में वापस जा सकेंगे। यह सुविधा केवल उन्हीं मामलों में उपलब्ध होगी जहां अनुकंपा नियुक्ति से जुड़ी निर्धारित शर्तें पूरी होती हों। नियमित भर्ती के माध्यम से नियुक्त कर्मचारियों पर यह व्यवस्था लागू नहीं होगी।

कुछ संस्थानों ने शुरू किया अमल

सरकारी स्पष्टीकरण के बाद कुछ केंद्रीय संस्थानों ने पात्र कर्मचारियों को इसका लाभ देने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हालांकि सभी स्वायत्त संस्थानों में यह व्यवस्था स्वतः लागू नहीं होगी। संबंधित संस्थान द्वारा आदेश जारी किए जाने के बाद ही वहां के पात्र कर्मचारी इस विकल्प का लाभ उठा सकेंगे।

बिहार के इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी! बनने जा रही 4-लेन सड़क, सफर होगा आसान

पटना। बिहार के सीमांचल और कोसी क्षेत्र के लोगों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। खगड़िया से पूर्णिया के बीच प्रस्तावित फोर-लेन हाईवे परियोजना को मंजूरी मिलने के बाद इस क्षेत्र में बेहतर सड़क संपर्क की उम्मीद बढ़ गई है। लंबे समय से जाम, खराब सड़क और बाढ़ के कारण होने वाली परेशानियों का सामना कर रहे लाखों लोगों को इस परियोजना से बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

करीब 3,936 करोड़ रुपये की लागत से विकसित होने वाला यह हाईवे मौजूदा सड़क को आधुनिक फोर-लेन मार्ग में बदलेगा। परियोजना का उद्देश्य केवल सड़क चौड़ी करना नहीं, बल्कि यात्रा को अधिक सुरक्षित, तेज और सुविधाजनक बनाना भी है। इससे खगड़िया, भागलपुर, कटिहार और पूर्णिया जैसे महत्वपूर्ण जिलों के बीच संपर्क पहले से कहीं बेहतर होगा।

यात्रा होगी तेज और सुविधाजनक

फिलहाल खगड़िया से पूर्णिया तक पहुंचने में यात्रियों को कई घंटे लग जाते हैं। सड़क संकरी होने और भारी ट्रैफिक के कारण सफर अक्सर लंबा और थकाऊ साबित होता है। फोर-लेन हाईवे बनने के बाद यात्रा का समय काफी कम होने की उम्मीद है। इससे निजी वाहन चालकों के साथ-साथ बस और मालवाहक वाहनों को भी बड़ी सुविधा मिलेगी।

बाढ़ प्रभावित इलाकों का विशेष ध्यान

कोसी और गंगा के प्रभाव वाले क्षेत्रों में हर वर्ष बाढ़ से सड़क संपर्क प्रभावित होता है। इसी चुनौती को ध्यान में रखते हुए नई सड़क का निर्माण आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीकों के अनुसार किया जाएगा। बेहतर ड्रेनेज सिस्टम, मजबूत सड़क संरचना और ऊंचे हिस्सों का निर्माण किया जाएगा ताकि बारिश और बाढ़ के दौरान भी यातायात सामान्य बना रहे।

किसानों और व्यापारियों को मिलेगा बड़ा फायदा

यह परियोजना केवल यात्रियों के लिए ही नहीं बल्कि किसानों और व्यापारियों के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकती है। खगड़िया, कटिहार और पूर्णिया जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों से फल, सब्जियां, मखाना और अन्य कृषि उत्पाद देश के विभिन्न हिस्सों में भेजे जाते हैं। बेहतर सड़क बनने से माल कम समय में बाजार तक पहुंचेगा, परिवहन लागत घटेगी और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिल सकती है।

बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! राज्य में बनेगा नया 6-लेन एक्सप्रेस-वे

पटना। बिहार में सड़क अवसंरचना को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक और बड़ी पहल होने जा रही है। राज्य सरकार ने बक्सर से भागलपुर तक प्रस्तावित 6-लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस-कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी तेज कर दी है। खास बात यह है कि अब इस महत्वाकांक्षी परियोजना को केंद्र के बजाय बिहार सरकार स्वयं विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।

बिहार सरकार ने संभाली परियोजना की कमान

पहले इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के माध्यम से विकसित करने की योजना थी, लेकिन अब बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड (BSRDCL) इस परियोजना की जिम्मेदारी संभाल रहा है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के प्रस्तावित रूट में भी आवश्यक बदलाव किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों को इसका लाभ मिल सके।

डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू

परियोजना को जमीन पर उतारने के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार कराने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके लिए कंसल्टेंसी एजेंसी का चयन किया जा रहा है। चयनित एजेंसी को छह महीने के भीतर डीपीआर तैयार कर सौंपनी होगी, जबकि पूरे असाइनमेंट की अवधि एक वर्ष तय की गई है। इसके अलावा वित्तीय और तकनीकी पहलुओं की निगरानी के लिए ट्रांजक्शन एडवाइजर की नियुक्ति भी की जाएगी।

350 किलोमीटर लंबा होगा कॉरिडोर

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 350 किलोमीटर होगी। यह मार्ग बक्सर, आरा, पटना, मोकामा, मुंगेर और भागलपुर को जोड़ते हुए राज्य के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों के बीच तेज सड़क संपर्क उपलब्ध कराएगा। परियोजना के तहत कई मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों का विस्तार कर उन्हें चार से छह लेन तक विकसित किया जाएगा, जिससे वाहनों की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो सकेगी।

अगस्त से आगे बढ़ेगी परियोजना

परियोजना के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को तकनीकी बिड खोली जाएगी, जिसके बाद सफल एजेंसी का चयन कर डीपीआर तैयार करने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके बाद परियोजना के अगले चरणों पर तेजी से काम आगे बढ़ने की संभावना है।

बिहार में शिक्षक भर्ती का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए बंपर खुशखबरी

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए नई भर्ती प्रक्रिया तेज करने का फैसला लिया है। शिक्षा विभाग के अनुसार, टीआरई-4 के तहत भर्ती की अधियाचना इसी महीने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) को भेजी जाएगी।

एक लाख शिक्षकों की भर्ती की दिशा में बड़ा कदम

राज्य सरकार ने अगले पांच वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति का लक्ष्य तय किया है। इसी योजना के तहत टीआरई-4 भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। शिक्षा विभाग का मानना है कि नई नियुक्तियों से सरकारी विद्यालयों में खाली पड़े पद भरने में मदद मिलेगी और छात्रों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा।

63,047 सरप्लस शिक्षकों का होगा समायोजन

शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्राथमिक विद्यालयों में 63,047 शिक्षक आवश्यकता से अधिक कार्यरत हैं, जबकि कई स्कूल ऐसे हैं जहां शिक्षकों की संख्या अभी भी कम है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए अतिरिक्त शिक्षकों का चरणबद्ध तरीके से उन विद्यालयों में समायोजन किया जाएगा, जहां शिक्षकों की कमी है। इससे सभी स्कूलों में शिक्षकों का संतुलित वितरण सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा।

जिला कैडर व्यवस्था होगी लागू

सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति प्रणाली में भी महत्वपूर्ण बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब नई नियुक्तियां जिला कैडर के आधार पर होंगी। यानी जिस जिले में शिक्षक की नियुक्ति होगी, सामान्य परिस्थितियों में उनकी सेवा उसी जिले में रहेगी। सरकार का मानना है कि इससे प्रत्येक जिले में शिक्षकों की उपलब्धता स्थिर रहेगी और अनावश्यक स्थानांतरण की समस्या कम होगी।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

सरकार का कहना है कि सरप्लस शिक्षकों के समायोजन, जिला कैडर व्यवस्था और टीआरई-4 भर्ती पूरी होने के बाद सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी काफी हद तक दूर हो जाएगी। इससे विद्यार्थियों को नियमित शिक्षण सुविधा मिलेगी और विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता में भी सुधार आने की उम्मीद है।

युवाओं के लिए खुशखबरी! UPSC में 828 पदों पर निकली शानदार भर्ती

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर आया है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के कुल 828 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग के अंतर्गत की जाएगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

828 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 828 रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें 124 पद प्रिंसिपल और 704 पद वाइस-प्रिंसिपल के शामिल हैं। यह भर्ती शिक्षा क्षेत्र में अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों को नेतृत्वकारी जिम्मेदारी देने के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है।

आवेदन की  तिथियां

UPSC ने 21 जुलाई 2026 को भर्ती का संक्षिप्त नोटिस जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 जुलाई 2026 से शुरू होगी, जबकि आवेदन करने की अंतिम तिथि 14 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। सभी आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को आयोग द्वारा निर्धारित शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और आयु सीमा की शर्तें पूरी करनी होंगी। विस्तृत पात्रता संबंधी जानकारी आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में उपलब्ध कराई जाएगी। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को सभी शर्तों को ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया शुरू होने के बाद UPSC के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन पत्र भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन करना बेहतर रहेगा।

यूपी में बनेगी 2 नई लिंक एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में दो नई लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं समेत कुल 18 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन परियोजनाओं के पूरा होने से पूर्वांचल, विंध्य और दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे व्यापार, उद्योग और यात्रा को नई गति मिलने की उम्मीद है।

विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे को भी मिली स्वीकृति

सरकार ने 117 किलोमीटर लंबे विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह लिंक एक्सप्रेसवे विंध्य क्षेत्र को सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ेगा। इसके शुरू होने से कई जिलों के बीच आवागमन आसान होगा और क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।

आगरा-लखनऊ और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का जुड़ाव

कैबिनेट बैठक में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाली लिंक परियोजना को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही इस परियोजना के लिए ईपीसी मोड पर विकासकर्ता के चयन को भी स्वीकृति दे दी गई है। इससे निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

परिवहन और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

नई लिंक एक्सप्रेसवे परियोजनाओं के शुरू होने से प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा का समय कम होगा। बेहतर सड़क नेटवर्क से उद्योगों, कृषि उत्पादों और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलेगा। तेज परिवहन व्यवस्था निवेशकों को आकर्षित करने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकती है।

प्रदेश के विकास को मिलेगी नई दिशा

राज्य सरकार का लक्ष्य एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार कर उत्तर प्रदेश को देश के सबसे मजबूत सड़क संपर्क वाले राज्यों में शामिल करना है। नई परियोजनाओं के पूरा होने के बाद कई जिलों की कनेक्टिविटी और बेहतर होगी, जिससे आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ पर्यटन और औद्योगिक विकास को भी नई रफ्तार मिलने की संभावना है।

छात्राओं के लिए खुशखबरी: यूपी सरकार का बड़ा ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा प्राप्त कर रही छात्राओं को प्रोत्साहित करने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जिनमें छात्राओं के हित से जुड़ी 'रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना' भी शामिल है। इस योजना का उद्देश्य मेधावी बेटियों को सम्मानित करने के साथ-साथ उनकी उच्च शिक्षा को और अधिक सुगम बनाना है।

सरकार के निर्णय के अनुसार, शैक्षणिक सत्र 2025-26 में प्रदेश के सभी प्रकार के कॉलेजों में अपनी कक्षा में टॉप 5 प्रतिशत स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को पेट्रोल चालित स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे उन छात्राओं को विशेष लाभ मिलेगा, जिन्हें रोजाना कॉलेज आने-जाने में लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या परिवहन की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

योजना में सामाजिक संवेदनशीलता का भी विशेष ध्यान रखा गया है। दिव्यांग छात्राओं तथा शहीदों और निराश्रित परिवारों की बेटियों को स्कूटी वितरण में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आर्थिक या सामाजिक चुनौतियों का सामना कर रही प्रतिभाशाली छात्राओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके।

सरकार का यह पहल केवल एक प्रोत्साहन योजना नहीं, बल्कि बेटियों की शिक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम है। कॉलेज तक सुरक्षित और सुविधाजनक पहुंच मिलने से छात्राओं की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी, समय की बचत होगी और वे अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे सकेंगी।

प्रदेश सरकार का यह निर्णय महिला शिक्षा को बढ़ावा देने, उच्च शिक्षा में छात्राओं की भागीदारी बढ़ाने और प्रतिभाशाली बेटियों को सम्मानित करने की नीति को और मजबूत करता है। आने वाले समय में इस योजना से हजारों मेधावी छात्राओं को लाभ मिलने की उम्मीद है, जिससे वे शिक्षा के साथ-साथ आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई उड़ान भर सकेंगी।

यूपी में ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी, 150 पदों के लिए बंपर भर्ती

लखनऊ।  सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे स्नातक युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। यह भर्ती गृह विभाग (पुलिस शाखा) के विशेष शाखा कैडर के लिए की जाएगी। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

150 पदों पर होगी भर्ती

आयोग द्वारा जारी भर्ती अभियान के तहत पुलिस सब-इंस्पेक्टर (जनरल क्लोज्ड कैडर) के कुल 150 पद भरे जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-6 पे स्केल के तहत नियुक्ति दी जाएगी। यह भर्ती बिहार पुलिस की विशेष शाखा में की जाएगी, जहां योग्य और प्रशिक्षित अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आयु सीमा और अन्य पात्रता संबंधी शर्तें आयोग की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार लागू होंगी। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

भर्ती प्रक्रिया को कई चरणों में पूरा किया जाएगा। सबसे पहले अभ्यर्थियों को प्रारंभिक लिखित परीक्षा देनी होगी। इसमें सफल उम्मीदवारों को मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों का शारीरिक दक्षता परीक्षण आयोजित होगा। अंतिम चयन सभी निर्धारित चरणों में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

आवेदन शुल्क और प्रक्रिया

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रहेगी। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन भरते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी विवरणों की अच्छी तरह जांच करना जरूरी होगा।

क्यों है यह भर्ती खास?

बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर का पद प्रतिष्ठित सरकारी नौकरियों में माना जाता है। चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन, सरकारी सुविधाएं, पदोन्नति के अवसर और सुरक्षित करियर मिलता है। ऐसे में पुलिस सेवा में करियर बनाने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकती है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, पेंशनभोगियों के लिए नई खुशखबरी

नई दिल्ली। रिटायरमेंट के बाद नियमित पेंशन लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए आर्थिक सुरक्षा का सबसे महत्वपूर्ण आधार होती है। लेकिन कई बार पेंशन स्वीकृत होने में देरी, दस्तावेजों से जुड़े विवाद या पुराने नियमों की अलग-अलग व्याख्या के कारण पेंशनभोगियों को लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब केंद्र सरकार ऐसी समस्याओं को कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रही है।

सरकार का उद्देश्य पेंशन व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनाना है, ताकि पात्र लोगों को अपने अधिकार के लिए अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए पुराने नियमों की समीक्षा कर उनमें आवश्यक बदलाव करने की योजना बनाई जा रही है।

क्यों जरूरी मानी जा रही है नियमों की समीक्षा?

समय के साथ सरकारी सेवाओं की संरचना, पारिवारिक परिस्थितियां और सामाजिक जरूरतें बदल चुकी हैं। इसके बावजूद कई पेंशन नियम वर्षों पुराने प्रावधानों के अनुसार लागू हैं। ऐसे में कई मामलों में पात्रता, परिवार पेंशन और दस्तावेजों को लेकर विवाद उत्पन्न हो जाते हैं। सरकार का मानना है कि यदि किसी नियम के कारण बार-बार शिकायतें सामने आ रही हैं, तो केवल शिकायत का समाधान पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस नियम में ही सुधार किया जाना चाहिए। इसी सोच के तहत पेंशन व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।

नए बदलावों से क्या होगा फायदा?

प्रस्तावित सुधार लागू होने के बाद पेंशन प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकती है। नियम स्पष्ट होने से दस्तावेजों से जुड़े विवाद कम होंगे और पात्र पेंशनभोगियों को समय पर भुगतान मिलने की संभावना बढ़ेगी। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय होने से लंबित मामलों का निस्तारण भी तेजी से किया जा सकेगा। सरकार शिकायतों के विश्लेषण के आधार पर उन नियमों की पहचान भी कर रही है, जिनकी वजह से सबसे अधिक विवाद सामने आते हैं। इससे भविष्य में ऐसी समस्याओं को पहले ही दूर करने में मदद मिलेगी।

शिकायतों के निस्तारण में भी सुधार

पेंशन से जुड़ी शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को भी लगातार मजबूत किया जा रहा है। डिजिटल माध्यमों के जरिए शिकायतों का निस्तारण तेज हुआ है और मामलों की नियमित निगरानी की जा रही है। सरकार का दावा है कि शिकायतों के समाधान में पहले की तुलना में तेजी आई है और पेंशन संबंधी मुकदमों की संख्या में भी कमी दर्ज की गई है।

पेंशनभोगियों के लिए क्या है संदेश?

सरकार की यह पहल उन लाखों पेंशनभोगियों के लिए राहतभरी मानी जा रही है, जो लंबे समय से सरल और पारदर्शी पेंशन व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, नियमों में किसी भी प्रकार का अंतिम बदलाव संबंधित अधिसूचना और आधिकारिक निर्णय के बाद ही प्रभावी होगा। यदि प्रस्तावित सुधार लागू होते हैं, तो भविष्य में पेंशन प्राप्त करने की प्रक्रिया अधिक सहज, पारदर्शी और विवाद-मुक्त बनने की संभावना है।

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट! OPS बहाली और NPS-UPS समीक्षा को लेकर बढ़ी हलचल

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वां वेतन आयोग इन दिनों सबसे चर्चित विषय बना हुआ है। वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था में संभावित बदलावों को लेकर देशभर में लगातार चर्चा हो रही है। आयोग अपने गठन के बाद विभिन्न राज्यों का दौरा कर कर्मचारियों, कर्मचारी संगठनों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव जुटा रहा है। इसी बीच पेंशन व्यवस्था को लेकर बहस और तेज हो गई है।

NPS और UPS की समीक्षा पर रहेगा आयोग का फोकस

8वें वेतन आयोग को NPS और UPS के तहत मिलने वाले पेंशन तथा ग्रेच्युटी लाभों की समीक्षा करनी है। आयोग यह भी अध्ययन करेगा कि मौजूदा व्यवस्था में किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में कर्मचारियों को बेहतर सामाजिक सुरक्षा मिल सके। साथ ही आयोग उन कर्मचारियों के पेंशन प्रावधानों पर भी विचार करेगा जो इन दोनों योजनाओं के दायरे में नहीं आते।

कर्मचारी संगठन क्यों कर रहे हैं OPS की मांग?

केंद्रीय कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पुरानी पेंशन योजना में सेवानिवृत्ति के बाद निश्चित पेंशन की व्यवस्था थी, जबकि NPS में मिलने वाला लाभ निवेश और बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। उनका मानना है कि इससे भविष्य की आय को लेकर अनिश्चितता बनी रहती है। इसी वजह से कई कर्मचारी संगठन लंबे समय से OPS की बहाली की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि 1 जनवरी 2004 के बाद सरकारी सेवा में आए कर्मचारियों को भी पहले की तरह सुनिश्चित पेंशन का लाभ मिलना चाहिए।

UPS को लेकर भी जारी है चर्चा

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों को अतिरिक्त विकल्प देने के उद्देश्य से यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) शुरू की थी। हालांकि कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इसे अपेक्षा के अनुरूप समर्थन नहीं मिला। इसी आधार पर कई संगठन यह दलील दे रहे हैं कि बड़ी संख्या में कर्मचारी अब भी निश्चित पेंशन वाली व्यवस्था को अधिक सुरक्षित मानते हैं। हालांकि UPS और NPS दोनों वर्तमान में सरकार द्वारा लागू वैध पेंशन व्यवस्थाएं हैं और इनमें किसी बड़े बदलाव का निर्णय सरकार तथा आयोग की अंतिम सिफारिशों के बाद ही संभव होगा।

पेंशनर्स भी उठा रहे हैं अपनी मांग

कई पेंशनर्स संगठनों ने भी सरकार से ऐसी व्यवस्था की मांग की है, जिससे सेवानिवृत्ति के बाद आय अधिक स्थिर और सुरक्षित रहे। उनकी प्रमुख मांगों में न्यूनतम गारंटीड पेंशन, सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करना और पेंशन संबंधी नियमों को अधिक संतुलित बनाना शामिल है। उनका मानना है कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा कर्मचारियों की सबसे बड़ी आवश्यकता होती है।

आयोग के सामने बड़ी जिम्मेदारी

8वें वेतन आयोग के सामने सबसे बड़ी चुनौती कर्मचारियों की अपेक्षाओं और सरकार की वित्तीय क्षमता के बीच संतुलन बनाना होगी। एक ओर कर्मचारी संगठन OPS की वापसी की मांग कर रहे हैं, जबकि दूसरी ओर सरकार मौजूदा पेंशन व्यवस्था की समीक्षा और सुधार पर जोर दे रही है।

आने वाले महीनों में आयोग विभिन्न राज्यों में संवाद और सुझावों की प्रक्रिया जारी रखेगा। इसके बाद तैयार होने वाली अंतिम सिफारिशों से यह स्पष्ट होगा कि भविष्य में पेंशन व्यवस्था में किस प्रकार के बदलाव प्रस्तावित किए जाते हैं।

बिहार सरकार का फैसला, लाखों शिक्षकों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत 5 लाख से अधिक शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, ऑनलाइन और निष्पक्ष बनाने के लिए नई 'बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026' लागू करने का फैसला किया है। 

नई व्यवस्था के तहत तबादलों में अब पारदर्शिता बढ़ाने के लिए 100 अंकों पर आधारित एपीआई (API) मार्किंग सिस्टम लागू किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बिना अनावश्यक भागदौड़ के ऑनलाइन माध्यम से स्थानांतरण की सुविधा देना और पूरी प्रक्रिया को मेरिट आधारित बनाना है।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

नई नीति के लागू होने के बाद शिक्षकों को स्थानांतरण के लिए विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी। शिक्षा विभाग विशेष ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन स्वीकार करेगा। शिक्षक अपने लॉगिन आईडी से पोर्टल पर प्रवेश कर पसंदीदा विद्यालयों का विकल्प भर सकेंगे। इससे आवेदन से लेकर चयन तक पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से पूरी होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

100 अंकों की प्रणाली तय करेगी प्राथमिकता

नई व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता 100 अंकों का एपीआई आधारित मूल्यांकन है। इस प्रणाली में विभिन्न मानकों के आधार पर अंक दिए जाएंगे। गंभीर बीमारी से पीड़ित शिक्षकों को 20 अंक मिलेंगे। निर्धारित श्रेणी के दिव्यांग शिक्षकों को 15 अंक दिए जाएंगे। महिला शिक्षकों तथा अलग-अलग स्थानों पर कार्यरत पति-पत्नी शिक्षकों को 10-10 अंक का लाभ मिलेगा। सेवा अवधि और अनुभव के आधार पर भी प्रत्येक वर्ष के लिए अंक निर्धारित किए जाएंगे। वर्तमान पदस्थापन और अन्य निर्धारित मानकों को भी मूल्यांकन में शामिल किया जाएगा। इस प्रणाली का उद्देश्य पात्र शिक्षकों को प्राथमिकता देना और स्थानांतरण प्रक्रिया को निष्पक्ष बनाना है।

महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग व्यवस्था

नई नीति में महिला और पुरुष शिक्षकों के लिए अलग-अलग प्रावधान भी किए गए हैं। महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत को छोड़कर उसी प्रखंड की निकटवर्ती पंचायत में पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं पुरुष शिक्षकों का स्थानांतरण उनके गृह प्रखंड से बाहर लेकिन उसी जिले के किसी निकटवर्ती प्रखंड में किया जा सकेगा। इससे पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों का भी ध्यान रखा जाएगा।

बिहार सरकार का फैसला, मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों और निर्माण कार्य से जुड़े मजदूरों को सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से उपलब्ध कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार अब प्रत्येक जिले में श्रम सेवा सुविधा केंद्र स्थापित करने की तैयारी कर रही है। इन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों का पंजीकरण, नवीनीकरण और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जाएगा।

दिसंबर तक 33 नए जिलों में शुरू होंगे केंद्र

फिलहाल पटना, कैमूर, सारण, सहरसा और दरभंगा में श्रम सेवा सुविधा केंद्र संचालित हैं। अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग ने 33 नए जिलों में ऐसे केंद्र स्थापित करने का प्रस्ताव तैयार किया है। सरकार की योजना है कि दिसंबर 2026 तक इन केंद्रों को शुरू कर दिया जाए, ताकि राज्य के अधिक से अधिक श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर सुविधाएं मिल सकें।

एक ही जगह मिलेंगी कई सुविधाएं

नए श्रम सेवा सुविधा केंद्रों पर श्रमिकों को कई सेवाएं एक साथ उपलब्ध होंगी। यहां ऑनलाइन पंजीकरण, पंजीकरण का नवीनीकरण, सरकारी योजनाओं की जानकारी, आवेदन प्रक्रिया और लाभ प्राप्त करने में सहायता दी जाएगी। इसके अलावा श्रमिकों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में जागरूक भी किया जाएगा, जिससे पात्र लाभार्थी समय पर सरकारी सहायता प्राप्त कर सकें।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का  लाभ

सरकार का मानना है कि श्रम सेवा सुविधा केंद्र शुरू होने से मजदूरों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी। पंजीकरण की प्रक्रिया आसान होने के साथ-साथ दुर्घटना सहायता, मातृत्व लाभ, शिक्षा सहायता, चिकित्सा सहायता और अन्य कल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी अधिक संख्या में पात्र श्रमिकों तक पहुंच सकेगा। यह पहल राज्य के लाखों मजदूरों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

आयुष्मान और सौभाग्य योग में शुरू होगा सावन, 4 राशियों पर खुशियों की बरसात

राशिफल। साल 2026 का सावन महीना धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस बार 30 जुलाई 2026 से शुरू होने वाला सावन आयुष्मान योग और सौभाग्य योग जैसे दो शुभ योगों में आरंभ होगा। हिंदू मान्यता के अनुसार सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है और इस दौरान की गई पूजा, जप, अभिषेक और व्रत का विशेष फल मिलता है।

मेष राशि

सावन की शुरुआत मेष राशि वालों के लिए सकारात्मक ऊर्जा लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। भगवान शिव की आराधना से आत्मविश्वास और बढ़ सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है तथा रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। शिव पूजा और रुद्राभिषेक करना शुभ माना जाएगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए आयुष्मान और सौभाग्य योग उन्नति के नए रास्ते खोल सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी या सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के अवसर बन सकते हैं और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए अनुकूल समय मिल सकता है। स्वास्थ्य भी सामान्य से बेहतर रहने की संभावना है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सावन का यह शुभ संयोग आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और लंबे समय से अटके कार्य गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ और नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और धार्मिक यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

यूपी सरकार का फैसला, किसानों और युवाओं के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों, युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग ने प्रदेशभर में संचालित राजकीय खाद्य विज्ञान प्रशिक्षण केंद्रों और सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केंद्रों के माध्यम से फूड प्रोसेसिंग से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और तेज करने का निर्णय लिया है।

समयबद्ध तरीके से होगा प्रशिक्षण

विभाग ने सभी जिलों को तय लक्ष्य और रोस्टर के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम समय पर पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी भी की जाएगी। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं और किसानों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में भी विशेष प्रयास किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण का सीधा लाभ उन्हें मिल सके।

कई तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम उपलब्ध

उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग प्रदेश के विभिन्न मंडलों में अलग-अलग अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम चला रहा है। इनमें एक वर्षीय बेकरी एवं कन्फेक्शनरी डिप्लोमा, एक वर्षीय कुकरी डिप्लोमा, एक माह का अंशकालिक प्रशिक्षण और 15 दिवसीय फूड प्रोसेसिंग प्रशिक्षण शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों में खाद्य उत्पादों की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, संरक्षण और विपणन जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाती हैं।

प्रशिक्षण के बाद शुरू कर सकेंगे कारोबार

फूड प्रोसेसिंग का प्रशिक्षण पूरा करने वाले लाभार्थी फल, सब्जी, अनाज, मसाले, बेकरी उत्पाद और अन्य खाद्य सामग्री से जुड़े छोटे उद्योग स्थापित कर सकेंगे। सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत उन्हें अनुदान, तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य सुविधाओं का लाभ लेने का अवसर भी मिलेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

कई मंडलों में संचालित हो रहे प्रशिक्षण केंद्र

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आगरा, अलीगढ़, मेरठ, मुरादाबाद, बरेली, कानपुर, झांसी, प्रयागराज, वाराणसी, अयोध्या और गोरखपुर सहित प्रदेश के कई मंडलों में संचालित किए जा रहे हैं। इससे विभिन्न जिलों के युवाओं और किसानों को अपने क्षेत्र के नजदीक ही प्रशिक्षण प्राप्त करने की सुविधा मिल रही है।

किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर

सरकार का मानना है कि केवल खेती तक सीमित रहने के बजाय यदि किसान कृषि उत्पादों का प्रसंस्करण कर बाजार में बेहतर मूल्य पर बेचें, तो उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। इसी सोच के साथ फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। यह पहल न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय अपना उद्यम शुरू करने के लिए भी प्रेरित करेगी।

सीएम योगी का बड़ा संदेश, यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन कार्यक्रम के दौरान युवाओं, खिलाड़ियों और आम नागरिकों को कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश सरकार प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। जो खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे, उन्हें सम्मान के साथ-साथ सरकारी सेवा में भी प्राथमिकता दी जाएगी।

युवाओं को दिया बड़ा भरोसा

मुख्यमंत्री ने जनता दर्शन में मौजूद खिलाड़ियों से बातचीत करते हुए कहा कि यदि वे अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतते हैं तो राज्य सरकार उन्हें पुरस्कार राशि के साथ सरकारी नौकरी देने की नीति पर आगे भी काम करती रहेगी। उन्होंने बताया कि पहले भी कई उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर डिप्टी एसपी, तहसीलदार और अन्य सरकारी पदों पर नियुक्ति दी जा चुकी है। उन्होंने युवाओं से खेल के क्षेत्र में पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।

मेहनत को सफलता की सबसे बड़ी कुंजी बताया

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि खेलों में सफलता केवल प्रतिभा से नहीं बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और समर्पण से मिलती है। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि जो युवा पूरी लगन से मेहनत करेंगे, उनके लिए प्रदेश सरकार हर संभव सहयोग देने के लिए तैयार है। उनका संदेश था कि युवा खेल के माध्यम से अपने भविष्य के साथ प्रदेश का गौरव भी बढ़ाएं।

जनता की समस्याओं के समाधान पर सख्त निर्देश

जनता दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने राजस्व और पुलिस विभाग से जुड़ी शिकायतों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से लंबित मामलों की जानकारी ली और स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी शिकायत के निस्तारण में अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ जवाबदेही तय कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

यूपी में टैक्स बकायेदारों को बड़ी खुशखबरी, OTS योजना लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के लाखों प्रॉपर्टी टैक्स बकायेदारों को बड़ी राहत देने का फैसला किया है। पहली बार राज्य के सभी 762 नगरीय निकायों में एकमुश्त समाधान योजना (OTS) लागू की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य वर्षों से लंबित गृहकर, जलकर और सीवरकर के बकायों का निपटारा करना है। इसके तहत यदि करदाता मूल बकाया राशि जमा कर देता है तो उस पर लगा 100 प्रतिशत ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह माफ कर दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे लोगों को राहत मिलेगी और नगरीय निकायों की राजस्व वसूली भी तेज होगी।

पूरे प्रदेश के 762 नगरीय निकायों में मिलेगी सुविधा

नई व्यवस्था उत्तर प्रदेश के सभी 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में लागू होगी। यानी प्रदेश के हर वर्ग के करदाता इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। योजना का दायरा केवल आवासीय संपत्तियों तक सीमित नहीं है, बल्कि व्यावसायिक और मिश्रित उपयोग वाली संपत्तियां भी इसमें शामिल होंगी। इतना ही नहीं, सरकारी विभाग, स्वायत्तशासी संस्थान और सार्वजनिक उपक्रम भी इस योजना का लाभ ले सकेंगे।

सिर्फ मूल कर जमा करना होगा

इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि करदाताओं को केवल मूल टैक्स जमा करना होगा। यदि पूरा मूल बकाया जमा कर दिया जाता है तो उस पर वर्षों से जुड़ा ब्याज और सरचार्ज पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा। यह लाभ 1 अप्रैल 2026 तक लंबित कर बकायों पर लागू होगा। इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है जिनका बकाया लगातार बढ़ता जा रहा था।

तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा

सरकार ने भुगतान को आसान बनाने के लिए किस्तों का विकल्प भी दिया है। योजना लागू होने के 30 दिनों के भीतर कम से कम एक-तिहाई मूल बकाया जमा करना होगा। शेष राशि दो मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी। हालांकि, पूरी बकाया राशि का भुगतान तीन महीने के भीतर करना अनिवार्य रहेगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर करदाताओं को भी राहत मिलेगी।

15 अगस्त से शुरू होगा अभियान

सरकार ने इस योजना का संचालन 15 अगस्त से 15 दिसंबर तक करने का निर्णय लिया है। शुरुआती एक महीने तक यानी 15 अगस्त से 14 सितंबर के बीच सभी नगरीय निकाय जागरूकता अभियान चलाएंगे। लोगों को एसएमएस, ई-मेल, शिविर, होर्डिंग, पत्र और अन्य माध्यमों से योजना की जानकारी दी जाएगी ताकि अधिक से अधिक करदाता इसका लाभ उठा सकें।

ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों तरीके से आवेदन

करदाता इस योजना के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन कर सकेंगे। नगर निकाय अपनी वेबसाइट या विशेष पोर्टल के जरिए आवेदन स्वीकार करेंगे, जबकि सहायता के लिए हेल्प डेस्क भी बनाई जाएगी। आवेदन मिलने के 15 दिनों के भीतर निस्तारण करना संबंधित अधिकारियों के लिए अनिवार्य होगा।

यूपी सरकार का फैसला, कर्मचारियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। वित्त विभाग ने वेतन समिति-2016 और मुख्य सचिव समिति की संस्तुतियों के आधार पर विभिन्न भत्तों की नई दरें लागू करने का आदेश जारी किया है। इस फैसले के तहत कई भत्तों में 50 प्रतिशत से लेकर 400 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। नई दरें संबंधित विभागों द्वारा आदेश जारी किए जाने की तिथि से प्रभावी होंगी।

पहली खुशखबरी: वर्दी और अन्य भत्तों में बड़ा इजाफा

सरकार ने वर्दी भत्ता, वर्दी नवीनीकरण भत्ता, वर्दी धुलाई भत्ता, यात्रा प्रतिपूर्ति, विशेष भत्ता और प्रोत्साहन भत्ते की दरों में संशोधन किया है। इसका लाभ आबकारी, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, कारागार, गृह विभाग और अधीनस्थ न्यायालयों समेत कई विभागों के कर्मचारियों को मिलेगा।

आबकारी विभाग में नई दरें

आबकारी विभाग के कर्मचारियों के लिए वर्दी भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। ₹7,500 से बढ़ाकर ₹11,250, ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,500, ₹1,400 से बढ़ाकर ₹2,100, इसी प्रकार वर्दी नवीनीकरण भत्ता भी ₹6,400 से बढ़ाकर ₹9,600, ₹3,000 से बढ़ाकर ₹4,500, ₹1,400 से बढ़ाकर ₹2,100 कर दिया गया है।

दूसरी खुशखबरी: स्वास्थ्य, पुलिस और न्यायालय कर्मियों को भी लाभ

चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में छात्र नर्स से लेकर वरिष्ठ मैट्रन तक के कर्मचारियों का वर्दी एवं वर्दी नवीनीकरण भत्ता ₹2,500 से बढ़ाकर ₹4,500 कर दिया गया है। वहीं वर्दी धुलाई भत्ता ₹100 से बढ़ाकर ₹150 प्रतिमाह कर दिया गया है। आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथिक विभागों में उपचारिका सेवा संवर्ग के कर्मचारियों को भी ₹4,500 का वर्दी एवं नवीनीकरण भत्ता मिलेगा।

कारागार विभाग के कर्मचारियों को भी राहत

कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में भी वर्दी भत्ता और वर्दी नवीनीकरण भत्ते की दरें बढ़ाई गई हैं। वर्दी भत्ता ₹7,500 से ₹11,250, ₹3,000 से ₹4,500, वर्दी नवीनीकरण ₹6,400 से ₹9,600, ₹3,000 से ₹4,500

न्यायालय कर्मचारियों के भत्तों में भी संशोधन

अधीनस्थ न्यायालयों के गैर-न्यायिक अधिकारियों और कर्मचारियों के यात्रा प्रतिपूर्ति एवं विशेष भत्ते की दरें भी बढ़ाई गई हैं। ₹100 से ₹300, ₹150 से ₹450, ₹200 से ₹600, वहीं पेशकार और स्टेनोग्राफर के लिए वर्दी एवं वर्दी नवीनीकरण भत्ता ₹4,500 निर्धारित किया गया है।

पीएसी और पुलिस कर्मियों को भी मिलेगा ज्यादा भत्ता

गृह विभाग के तहत पीएसी कर्मियों के विशेष भत्तों में भी संशोधन किया गया है। ₹1,600 से बढ़ाकर ₹2,700, ₹600 से ₹1,000, ₹400 से ₹700, ₹250 से ₹450, ₹200 से ₹350, ₹150 से ₹260, ₹100 से ₹200, इसके अलावा पुलिस मुख्यालय भत्ता ₹800 से बढ़ाकर ₹2,000 कर दिया गया है। पीएसी की विशेष कमांडो कंपनियों को मिलने वाला प्रोत्साहन भत्ता भी बढ़ाकर ₹400 से ₹1,600, ₹328 से ₹1,300, ₹195 से ₹900 और ₹190 से ₹800 कर दिया गया है।

कर्मचारियों को मिलेगा सीधा आर्थिक लाभ

सरकार के इस फैसले से विभिन्न विभागों में कार्यरत हजारों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। लंबे समय बाद भत्तों में हुए इस संशोधन से कर्मचारियों के कार्य से जुड़े खर्चों का बोझ कम होगा। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अधिक दक्षता के साथ अपनी सेवाएं दे सकेंगे।

सावन में 23 साल बाद दुर्लभ संयोग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

Astrology News: सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस वर्ष सावन में एक विशेष संयोग बनने की चर्चा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 23 साल बाद नागपंचमी सावन के तीसरे सोमवार यानी 17 अगस्त 2026 को पड़ रही है। 

सोमवार और नागपंचमी का यह संयोग भगवान शिव और नाग देवता दोनों की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने पर मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह महासंयोग आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न होगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। करियर में प्रगति के नए अवसर मिल सकते हैं और नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे लोगों को सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है तथा पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी खुशियों का माहौल रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह संयोग आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि का संकेत दे सकता है। व्यापार करने वालों को नए सौदे मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार के साथ धार्मिक कार्यों में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। धन संबंधी मामलों में सुधार होगा और रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और मानसिक तनाव में कमी आने की संभावना है।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में आई 1 बंपर भर्ती, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने ऑडिटर (लेखा परीक्षक) और सहायक लेखाकार के कुल 1,829 पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्तियों के लिए आयोजित की जाएगी।

इतने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1,829 रिक्त पद भरे जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में की जाएगी। इन पदों के लिए वेतनमान लेवल-5 के अनुसार होगा, जिसमें विभाग के अनुसार वेतनमान में कुछ अंतर हो सकता है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन करने के पात्र होंगे जिन्होंने UPSSSC PET-2025 परीक्षा में भाग लिया हो और उनके पास वैध PET-2025 स्कोर कार्ड उपलब्ध हो। PET स्कोर इस भर्ती के लिए अनिवार्य पात्रता का हिस्सा है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। वहीं, शुल्क मिलान और आवेदन में संशोधन करने की अंतिम तिथि 10 अगस्त 2026 है। उम्मीदवारों को अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन पूरा कर लेना चाहिए।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

उम्मीदवारों का चयन मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा OMR आधारित होगी, जिसमें 100 प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रत्येक प्रश्न एक अंक का होगा और परीक्षा के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। गलत उत्तर देने पर एक-चौथाई अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार सबसे पहले UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहां भर्ती से संबंधित अधिसूचना ध्यान से पढ़ें और अपने PET-2025 विवरण के साथ लॉगिन करें। आवेदन पत्र में मांगी गई सभी जानकारी सही-सही भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट कर दें। भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट या डिजिटल कॉपी अपने पास सुरक्षित रखें।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग में वेतन बढ़ोतरी पर बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई हैं। वेतन ढांचे में संभावित बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कर्मचारी संगठनों की प्रमुख संस्था नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सरकार के समक्ष कई अहम सुझाव रखे हैं। इनमें पे-स्केल को सरल बनाने, न्यूनतम वेतन बढ़ाने और वार्षिक वेतन वृद्धि में बदलाव जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। हालांकि, ये फिलहाल केवल सुझाव हैं और इन पर अंतिम निर्णय सरकार तथा वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा।

पे-स्केल को आसान बनाने का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा पे मैट्रिक्स में कई ऐसे स्तर हैं, जहां वेतन का अंतर अपेक्षाकृत कम होने के बावजूद अलग-अलग लेवल बनाए गए हैं। इसी वजह से कुछ पे-लेवल को आपस में मिलाकर अधिक सरल और संतुलित वेतन संरचना तैयार करने का सुझाव दिया गया है। यदि ऐसा होता है तो कर्मचारियों के लिए पदोन्नति की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सकती है और समान जिम्मेदारियों वाले पदों के बीच वेतन असमानता कम होने की संभावना है।

न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग तेज

प्रस्ताव में न्यूनतम मूल वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की मांग भी की गई है। कर्मचारी संगठनों का तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए मौजूदा वेतन संरचना में बदलाव जरूरी हो गया है। इसी कारण फिटमेंट फैक्टर में संशोधन कर न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। यदि भविष्य में इस प्रकार का प्रस्ताव स्वीकार किया जाता है, तो लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सकता है।

वार्षिक इंक्रीमेंट बढ़ाने की भी मांग

वेतन बढ़ोतरी के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों ने वार्षिक इंक्रीमेंट की दर में भी बदलाव का सुझाव दिया है। उनका मानना है कि महंगाई की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों की आय में नियमित और बेहतर वृद्धि आवश्यक है। इससे समय के साथ वेतन की क्रय शक्ति बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

कर्मचारियों को क्यों है उम्मीद?

सरकारी कर्मचारी लंबे समय से ऐसे वेतन ढांचे की मांग कर रहे हैं जो महंगाई के अनुरूप हो और विभिन्न पे-लेवल के बीच अंतर को कम करे। उनका मानना है कि सरल वेतन संरचना से वेतन निर्धारण, पदोन्नति और भविष्य की वित्तीय योजना अधिक पारदर्शी बन सकती है।

साध्य योग का शुभ प्रभाव! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगी बड़ी खुशखबरी

Astrology News: ज्योतिष में साध्य योग को शुभ और सफलता प्रदान करने वाले योगों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 22 जुलाई 2026 को शाम 6:40 बजे तक साध्य योग का प्रभाव रहेगा। इस दौरान कुछ राशियों के लिए करियर, धन, परिवार और व्यापार के मामलों में सकारात्मक अवसर बन सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए साध्य योग अनुकूल परिणाम देने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत रंग ला सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के योग हैं। लंबे समय से रुका हुआ कोई महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सकता है। व्यापार में नए ग्राहकों से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है, जिससे भविष्य में पदोन्नति के रास्ते खुल सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए साध्य योग आत्मविश्वास और प्रगति का समय लेकर आ सकता है। करियर में लंबे समय से चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं। व्यापार में आय बढ़ने के संकेत हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी तथा परिवार के सदस्यों का सहयोग प्राप्त होगा। आर्थिक मामलों में भी संतुलन बना रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह योग धन और करियर दोनों क्षेत्रों में लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियों के साथ सम्मान भी मिल सकता है। कारोबार में पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। यदि किसी महत्वपूर्ण निर्णय का इंतजार कर रहे हैं, तो सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और भविष्य की योजनाओं पर आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

50 के बाद भी रहना है जवान? आज से शुरू करें ये 5 जरूरी काम

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ना एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, लेकिन बढ़ती उम्र का मतलब यह नहीं कि शरीर हमेशा कमजोर ही हो जाए। 50 वर्ष की उम्र के बाद यदि खानपान, व्यायाम और जीवनशैली पर सही ध्यान दिया जाए तो लंबे समय तक शरीर को मजबूत, सक्रिय और ऊर्जावान रखा जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस उम्र में छोटी-छोटी अच्छी आदतें भविष्य में कई गंभीर बीमारियों के खतरे को कम करने में मदद कर सकती हैं।

1. रोजाना हल्की एक्सरसाइज और वॉक करें

50 की उम्र के बाद शरीर को सक्रिय रखना बेहद जरूरी है। रोजाना 30 से 45 मिनट तेज चाल से पैदल चलना, हल्की स्ट्रेचिंग, योग या साइकिलिंग जैसी गतिविधियां मांसपेशियों को मजबूत रखने और जोड़ों की जकड़न कम करने में मदद कर सकती हैं। नियमित व्यायाम हृदय स्वास्थ्य और वजन नियंत्रण के लिए भी लाभकारी माना जाता है।

2. प्रोटीन और संतुलित आहार लें

इस उम्र में मांसपेशियों का क्षय धीरे-धीरे बढ़ सकता है। इसलिए भोजन में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन शामिल करना जरूरी है। दालें, दूध, दही, पनीर, अंडे, मछली, सोया और सूखे मेवे अच्छे विकल्प हो सकते हैं। साथ ही हरी सब्जियां, मौसमी फल और साबुत अनाज शरीर को जरूरी विटामिन और खनिज प्रदान करते हैं।

3. अच्छी नींद को प्राथमिकता दें

रोजाना 7 से 8 घंटे की गुणवत्तापूर्ण नींद शरीर की मरम्मत, मानसिक स्वास्थ्य और प्रतिरक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण होती है। देर रात तक जागने और अनियमित दिनचर्या से बचें। यदि लगातार नींद की समस्या बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लें।

4. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

50 वर्ष के बाद ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, आंखों की जांच और हड्डियों के स्वास्थ्य की समय-समय पर जांच कराना उपयोगी माना जाता है। नियमित जांच से कई बीमारियों का समय रहते पता लगाया जा सकता है और उपचार आसान हो सकता है।

5. तनाव कम रखें

मानसिक स्वास्थ्य भी शारीरिक स्वास्थ्य जितना ही महत्वपूर्ण है। परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना, ध्यान (मेडिटेशन), योग, पढ़ने या किसी पसंदीदा शौक में समय देना तनाव कम करने में मदद कर सकता है। सकारात्मक सोच और सक्रिय सामाजिक जीवन जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बना सकता है।

पानी-पानी होगा यूपी! कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है। कई जिलों में जलभराव, मकान गिरने और यातायात बाधित होने जैसी घटनाएं सामने आई हैं। मौसम विभाग ने आने वाले 48 घंटों के लिए भी भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताते हुए कई जिलों में रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है।

12 जिलों में रेड अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, कासगंज, एटा, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं सहित आसपास के क्षेत्रों में अत्यधिक बारिश की आशंका है। इन जिलों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

कई जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट

राज्य के अनेक अन्य जिलों में भी भारी बारिश, तेज हवाओं और मेघगर्जन की संभावना को देखते हुए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी व्यक्त की गई है। ऐसे में किसानों, यात्रियों और खुले स्थानों पर काम करने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश से कई जगह जनजीवन प्रभावित

लगातार हो रही बारिश के कारण कई शहरों और कस्बों में सड़कों पर पानी भर गया है। कुछ इलाकों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं भी सामने आई हैं। वहीं, जलभराव के चलते यातायात प्रभावित हुआ है और दैनिक जीवन पर असर पड़ा है। कुछ जिलों में एहतियात के तौर पर स्कूलों में भी अवकाश घोषित किया गया है।

अगले 48 घंटे रहेंगे महत्वपूर्ण

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ आंधी और वज्रपात की भी संभावना है। प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों को सतर्क रहने और आपदा प्रबंधन की तैयारियां बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।

कल से बुध ग्रह बदलेंगे खेल! 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का पूरा साथ

Astrology News: ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा, संचार और तर्क क्षमता का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कल से बुध का प्रभाव अधिक सक्रिय होने जा रहा है। इसका सकारात्मक असर कुछ राशियों के जीवन में विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। करियर, कारोबार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में नए अवसर मिलने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर इसका प्रभाव सबसे अधिक माना जाता है। आने वाले दिनों में नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग खोल सकती हैं। व्यापार करने वालों के लिए नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों के योग बनेंगे। विद्यार्थियों का पढ़ाई में मन लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहेगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए बुध का प्रभाव आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुका हुआ कोई कार्य पूरा होने की संभावना है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिलेंगे और नए निवेश की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य सामान्य रहेगा तथा परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुध का शुभ प्रभाव करियर और सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। यदि आप नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं, तो अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को साझेदारी में लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी और आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा तथा परिवार के किसी सदस्य से शुभ समाचार मिलने की संभावना है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति और उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में लाभ और नए संपर्क बनने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बन सकते हैं। यदि लंबे समय से किसी योजना पर काम कर रहे हैं, तो उसमें सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहेगी।