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भारतीय प्रतिभा का दुनिया में डंका, वैश्विक भर्तियों में 24% की तेज़ बढ़ोतरी

नई दिल्ली। दुनिया के बदलते रोजगार बाजार में भारतीय प्रतिभा की मांग लगातार बढ़ रही है। अब वैश्विक कंपनियां केवल कम लागत के कारण नहीं, बल्कि विशेष कौशल और तकनीकी दक्षता की तलाश में अलग-अलग देशों से लोगों की नियुक्ति कर रही हैं। हाल ही में जारी एक अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट में यह बात सामने आई है कि भारतीय पेशेवरों की मांग दुनिया भर में तेजी से बढ़ रही है।

यह रिपोर्ट 150 से अधिक देशों के लगभग 10 लाख कर्मचारियों के आंकड़ों के आधार पर तैयार की गई है। इसमें बताया गया है कि वैश्विक कंपनियों की नियुक्ति रणनीति तेजी से बदल रही है और इस बदलाव में भारत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती जा रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की मजबूत स्थिति

रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया भर में प्रतिभा उपलब्ध कराने वाले देशों में भारत तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। सबसे खास बात यह है कि विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में की जाने वाली नियुक्तियों में सालाना लगभग 24 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि भारतीय पेशेवरों की योग्यता, तकनीकी कौशल और कार्यक्षमता पर वैश्विक कंपनियों का भरोसा लगातार बढ़ रहा है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षण में भारत का बढ़ता दबदबा

कृत्रिम बुद्धिमत्ता के क्षेत्र में भी भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है। वर्तमान समय में दुनिया भर में लगभग 70 हजार से अधिक लोग कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रणाली को प्रशिक्षित करने का काम कर रहे हैं। इस क्षेत्र में सबसे अधिक विशेषज्ञ अमेरिका में हैं, लेकिन भारत दूसरे स्थान पर पहुंच चुका है। इसके बाद फिलीपींस और कनाडा जैसे देशों का स्थान आता है।

इस क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही नौकरियां

रिपोर्ट में बताया गया है कि वर्ष 2025 में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रशिक्षक का पद दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ने वाली नौकरियों में शामिल रहा है। इस क्षेत्र में लगभग 283 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इन पेशेवरों की आय उनके कौशल और अनुभव के आधार पर अलग-अलग होती है। लगभग 30 प्रतिशत प्रशिक्षक डेटा से जुड़े कामों के लिए प्रति घंटे करीब 1200 से 1600 रुपये तक कमाते हैं। 

वहीं विशेषज्ञ स्तर के पेशेवर प्रति घंटे 8 हजार रुपये से अधिक की कमाई भी कर सकते हैं। हालांकि रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कई देशों में अभी भी पुरुष और महिला कर्मचारियों के वेतन में अंतर देखा जाता है। हालांकि, अब बड़ी कंपनियां सस्ते श्रम की जगह विशेषज्ञता को महत्व दे रही हैं और अलग-अलग देशों से कुशल लोगों की नियुक्ति कर रही हैं।

बिहार में 12वीं पास के लिए खुशखबरी, 900+ पदों पर भर्ती

पटना। बिहार के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का एक अच्छा अवसर सामने आया है। राज्य में पुलिस विभाग के लिए बड़ी संख्या में भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। Central Selection Board of Constable ने कांस्टेबल (ऑपरेटर) के पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के माध्यम से कुल 993 पदों को भरा जाएगा।

कब तक कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 1 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 31 मार्च 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की पूरी प्रक्रिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

कितने पदों पर होगी भर्ती

जारी अधिसूचना के अनुसार कांस्टेबल (ऑपरेटर) यानी सिपाही (प्रचालक) के कुल 993 पद भरे जाएंगे। यह एक नियमित सरकारी नौकरी होगी, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को वेतनमान लेवल-3 के तहत दिया जाएगा।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों का 12वीं (इंटरमीडिएट) पास होना जरूरी है। साथ ही अभ्यर्थियों ने विज्ञान विषयों के साथ पढ़ाई की होनी चाहिए। सामान्य वर्ग के लिए न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य बताए गए हैं, जबकि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 45 प्रतिशत निर्धारित की गई है।

चयन प्रक्रिया कैसे होगी

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा। सबसे पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। अंतिम चरण में दस्तावेजों की जांच के बाद योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा।

कितना मिलेगा वेतन

चयनित उम्मीदवारों को सरकारी वेतनमान के अनुसार लेवल-3 (लगभग ₹21,700 से ₹69,100 प्रति माह) के दायरे में वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकारी नौकरी के अन्य भत्तों का लाभ भी मिल सकता है।

बिहार के युवाओं के लिए बड़ा अवसर

राज्य में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह भर्ती एक अच्छा मौका मानी जा रही है। खासकर 12वीं पास विज्ञान वर्ग के छात्र इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं और पुलिस विभाग में अपना करियर बना सकते हैं। इच्छुक उम्मीदवार समय सीमा से पहले आवेदन कर सकते हैं, ताकि किसी प्रकार की परेशानी से बचा जा सके।

16 से 22 मार्च तक बनेगा राजयोग, 5 राशियों की किस्मत चमकेगी

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार जब दो प्रभावशाली ग्रह एक ही राशि में आते हैं तो विशेष योग बनता है। 16 मार्च से 22 मार्च के बीच सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य राजयोग बन रहा है। यह योग मीन राशि में बनने जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में कुछ राशियों के लिए प्रगति, धन लाभ और सफलता के अवसर बढ़ सकते हैं। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए यह समय शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय प्रगति का संकेत दे सकता है। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों को नए अवसर मिलने की संभावना है। इस दौरान रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को फायदा मिल सकता है और आय के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में खुशहाली का माहौल बना रहेगा। किसी पुराने प्रयास का अच्छा परिणाम भी मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय करियर के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। नौकरी में उन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। जो लोग नई शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है। आर्थिक मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार हो सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह अवधि कई अच्छे अवसर लेकर आ सकती है। कामकाज में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सहयोग मिलने की संभावना है। धन से जुड़े मामलों में भी फायदा हो सकता है और परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग भाग्य का साथ दिला सकता है। मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ और नौकरी में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि हो सकती है।

छात्रों के लिए खुशखबरी, यूपी बोर्ड मार्कशीट में जोड़ेगा 16 नए फीचर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पढ़ाई करने वाले लाखों छात्रों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 10वीं और 12वीं की मार्कशीट को पहले से ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ बनाने की तैयारी की है। अब बोर्ड नई तकनीक के साथ ऐसी मार्कशीट जारी करेगा जो आसानी से खराब नहीं होगी और उसमें फर्जीवाड़ा करना भी मुश्किल होगा।

मार्कशीट में जोड़े जाएंगे कई आधुनिक सुरक्षा फीचर

बोर्ड के मुताबिक नई मार्कशीट में करीब 16 एडवांस सिक्योरिटी फीचर शामिल किए जाएंगे। इनमें से कुछ सुरक्षा चिन्ह सीधे दिखाई देंगे, जबकि कुछ ऐसे होंगे जिन्हें पहचानने के लिए विशेष उपकरणों की जरूरत पड़ेगी। इसका उद्देश्य नकली मार्कशीट बनाने या असली दस्तावेज में किसी तरह की छेड़छाड़ को रोकना है।

नई तकनीक से होगी असली-नकली की पहचान

नई मार्कशीट तैयार करते समय कई आधुनिक प्रिंटिंग तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें होलोग्राम, सिक्योरिटी कोड, वॉटरमार्क और रेनबो प्रिंटिंग जैसी तकनीकें शामिल रहेंगी। इन फीचर्स की मदद से असली दस्तावेज की पहचान करना आसान होगा और किसी भी तरह की जालसाजी तुरंत पकड़ में आ सकेगी।

मजबूत और वाटरप्रूफ होगी नई मार्कशीट

इस बार बोर्ड मार्कशीट की गुणवत्ता पर भी खास ध्यान दे रहा है। इसे ऐसे विशेष कागज पर प्रिंट किया जाएगा जो सामान्य कागज की तुलना में ज्यादा मजबूत होगा। इससे मार्कशीट जल्दी फटेगी नहीं और पानी लगने पर भी खराब होने की संभावना काफी कम रहेगी। नई व्यवस्था के तहत मार्कशीट का आकार भी बदला जाएगा। अब इसे A-4 साइज में जारी करने की योजना है।

छात्रों को मिलेगा सीधा फायदा

इन बदलावों के बाद छात्रों की मार्कशीट पहले से ज्यादा सुरक्षित और टिकाऊ हो जाएगी। साथ ही फर्जी दस्तावेज तैयार करने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी, जिससे छात्रों को भविष्य में प्रवेश या नौकरी से जुड़े कामों में अधिक भरोसेमंद दस्तावेज मिल सकेगा।

केंद्र सरकार का फैसला, 1 अप्रैल से बदल जाएंगे फास्टैग पास के रेट

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले वाहन चालकों के लिए अगले महीने से टोल यात्रा थोड़ी महंगी हो सकती है। केंद्र सरकार ने FASTag के वार्षिक पास की कीमत में बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है। नई दरें 1 अप्रैल से लागू होंगी, जिसके बाद निजी कार मालिकों को पहले के मुकाबले थोड़ा ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा।

अब इतनी होगी नई कीमत

अब तक निजी कारों के लिए FASTag का वार्षिक पास लगभग 3,000 रुपये में उपलब्ध था। लेकिन नई व्यवस्था के तहत इसकी कीमत में करीब 2.5 प्रतिशत की वृद्धि की जा रही है। इसके बाद वाहन मालिकों को यह पास खरीदने के लिए करीब 3,075 रुपये चुकाने होंगे।

हर साल कीमतों की होती है समीक्षा

सरकार के नियमों के अनुसार इस पास की दरें स्थायी नहीं होतीं। समय-समय पर इनकी समीक्षा की जाती है और महंगाई व अन्य आर्थिक कारकों को ध्यान में रखते हुए बदलाव किए जाते हैं। इसी प्रक्रिया के तहत इस साल भी कीमत में मामूली वृद्धि की गई है।

लाखों वाहन चालक ले रहे हैं लाभ

यह सुविधा शुरू होने के बाद से काफी लोकप्रिय हो चुकी है। देशभर में लाखों कार मालिक इस पास का इस्तेमाल कर रहे हैं। खासकर वे लोग जो अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं या नियमित रूप से हाईवे का उपयोग करते हैं, उनके लिए यह पास काफी सुविधाजनक माना जाता है।

31 मार्च तक पुराने रेट का फायदा

जो लोग बढ़ी हुई कीमत से बचना चाहते हैं, वे 31 मार्च तक इस पास को पुराने रेट पर खरीद या रिचार्ज कर सकते हैं। इसके बाद 1 अप्रैल से नई दरें लागू हो जाएंगी।

कई टोल प्लाजा पर मान्य

फिलहाल यह वार्षिक पास देश के करीब 200 टोल प्लाजा पर स्वीकार किया जा रहा है। इससे वाहन चालकों को बार-बार टोल भुगतान करने की जरूरत नहीं पड़ती और यात्रा के दौरान समय की भी बचत होती है। आने वाले समय में इस सुविधा को और अधिक टोल प्लाजा तक बढ़ाने की योजना भी बनाई जा रही है।

बिहार में 4-लेन बनेगी ये सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी

भागलपुर। बिहार में सड़क ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में भागलपुर शहर के लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। शहर में ट्रैफिक जाम की बढ़ती समस्या को देखते हुए लोहियापुल से अलीगंज बायपास तक नई फोरलेन सड़क बनाने की योजना तैयार की गई है। इस सड़क के बनने से न केवल शहर में यातायात आसान होगा बल्कि आसपास के कई इलाकों की कनेक्टिविटी भी बेहतर होगी।

करीब 4 किलोमीटर लंबी होगी सड़क

प्रस्तावित योजना के तहत लोहियापुल से अलीगंज बायपास तक लगभग 4 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। आगे चलकर यह सड़क जगदीशपुर बायपास से जुड़ेगी और फिर भलजोर फोरलेन से संपर्क स्थापित करेगी। इसके अलावा यह मार्ग मुंगेर–मिर्जाचौकी फोरलेन से भी कनेक्ट हो जाएगा। इस तरह यह सड़क कई महत्वपूर्ण मार्गों को जोड़ते हुए शहर के यातायात को सुगम बनाएगी।

जाम से मिलेगी बड़ी राहत

भागलपुर शहर में वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिसके कारण कई मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग जाता है। खासकर लोहियापुल से अलीगंज बायपास की ओर जाने वाले रास्ते पर लोगों को अक्सर ट्रैफिक की परेशानी झेलनी पड़ती है। नई फोरलेन सड़क बनने के बाद इस मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का सफर अधिक आसान और तेज हो सकेगा।

लगभग 50 करोड़ की लागत

इस सड़क परियोजना पर करीब 50 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। योजना के तहत सड़क के बीच में लगभग 1 मीटर चौड़ा डिवाइडर भी बनाया जाएगा, जिससे यातायात अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित रहेगा।

पहले आ रही थीं तकनीकी बाधाएं

इस परियोजना की शुरुआत में कुछ तकनीकी दिक्कतें सामने आई थीं। सड़क के किनारे लगे बिजली के खंभों की वजह से निर्माण कार्य में अड़चन आ रही थी। हालांकि अब संबंधित विभागों के बीच सहमति बनने के बाद इन समस्याओं को दूर करने की दिशा में काम शुरू कर दिया गया है।

दिसंबर तक पूरा हो सकता है निर्माण

यदि सब कुछ योजना के अनुसार चलता रहा तो उम्मीद जताई जा रही है कि इस फोरलेन सड़क का निर्माण दिसंबर तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके पूरा होते ही भागलपुर शहर में यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों की निगाहें 8वें वेतन आयोग पर, पेंशनभोगियों ने रखीं ये 5 बड़ी मांगें

नई दिल्ली। सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। कर्मचारी यूनियनों और पेंशनभोगी संगठनों ने सरकार के सामने कई अहम प्रस्ताव रखे हैं, जिनका उद्देश्य रिटायर्ड कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाना है। मार्च 2026 तक सामने आई चर्चाओं और सुझावों के अनुसार, पेंशनभोगियों के लिए पांच बड़ी मांगें प्रमुख रूप से सामने आई हैं।

1. न्यूनतम पेंशन बढ़ाने की मांग

पेंशनभोगी संगठनों का कहना है कि मौजूदा न्यूनतम पेंशन आज के खर्चों के मुकाबले काफी कम है। इसलिए इसे बढ़ाकर लगभग ₹20,500 से ₹25,740 के बीच करने का प्रस्ताव रखा गया है। कुछ संगठनों ने इसे ₹26,000 से अधिक करने का सुझाव भी दिया है। उनका तर्क है कि महंगाई और स्वास्थ्य खर्चों को देखते हुए यह बढ़ोतरी जरूरी है।

2. फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी

फिटमेंट फैक्टर वह सूत्र है जिससे पुराने वेतन और पेंशन को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। पेंशनभोगी संगठनों ने इसे मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 3.00 या 3.25 करने की मांग की है। यदि ऐसा होता है तो पेंशन की मूल राशि में सीधे तौर पर बड़ा इजाफा हो सकता है।

3. पेंशन कम्युटेशन अवधि घटाने का प्रस्ताव

वर्तमान नियमों के अनुसार यदि कोई पेंशनभोगी अपनी पेंशन का एक हिस्सा अग्रिम रूप से लेता है, तो उसकी पूरी बहाली होने में 15 साल का समय लगता है। कुछ कर्मचारी संगठनों का सुझाव है कि इस अवधि को घटाकर 11 से 12 साल कर दिया जाए, ताकि रिटायर्ड कर्मचारियों को जल्दी पूरा लाभ मिल सके।

4. नियमित अंतराल पर पेंशन में वृद्धि

पेंशनभोगियों की एक और प्रमुख मांग है कि पेंशन में नियमित अंतराल पर बढ़ोतरी की व्यवस्था हो। प्रस्ताव है कि हर 5 साल में कम से कम 5% की बढ़ोतरी की जाए। इससे बढ़ती उम्र के साथ स्वास्थ्य, दवाइयों और अन्य जरूरी खर्चों को संभालने में मदद मिलेगी।

5. फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस बढ़ाने की मांग

जो पेंशनभोगी CGHS सुविधा वाले क्षेत्रों से बाहर रहते हैं, उन्हें फिलहाल ₹1,000 प्रति माह फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस मिलता है। पेंशनभोगी संगठनों ने इसे काफी कम बताते हुए इसे ₹20,000 प्रति माह तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है, ताकि बुजुर्गों के बढ़ते मेडिकल खर्चों को पूरा किया जा सके।

क्या सरकार इन मांगों को मानेगी?

इन सभी प्रस्तावों पर अभी चर्चा और विचार का दौर जारी है। अंतिम निर्णय सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा। हालांकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को उम्मीद है कि नए वेतन आयोग के जरिए उन्हें आर्थिक राहत मिल सकती है।

यूपी में सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट, सभी विभागों को निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों की पदोन्नति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब विभागीय पदोन्नति समिति (डीपीसी) की बैठकें मानव संपदा पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन कराई जाएंगी। इसके लिए सभी विभागों को आवश्यक तैयारियां तय समय सीमा के भीतर पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्य के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने सभी विभागों, विभागाध्यक्षों, मंडलायुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि नई व्यवस्था को लागू करने के लिए 31 मार्च तक जरूरी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। इस व्यवस्था के लागू होने से पदोन्नति प्रक्रिया अधिक पारदर्शी होगी और गड़बड़ी की संभावनाएं काफी कम हो जाएंगी।

मानव संपदा पोर्टल पर तैयार किया गया विशेष मॉड्यूल

कार्मिक विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC) ने मानव संपदा पोर्टल पर विभागीय पदोन्नति समिति के लिए एक विशेष मॉड्यूल विकसित किया है। इस सिस्टम के जरिए पदोन्नति से जुड़ी अधिकांश जानकारियां स्वतः प्राप्त हो सकेंगी, जिससे प्रक्रिया तेज और व्यवस्थित बनेगी।

हालांकि इसके लिए जरूरी है कि सभी कर्मचारियों का पूरा और सही डेटा पोर्टल पर दर्ज हो। विभागों को निर्देश दिया गया है कि कर्मचारियों का पंजीकरण, कैडर और पद स्तर, नियुक्ति की तारीख, पूर्व पदोन्नति का विवरण और विभागीय कार्रवाई से जुड़ी जानकारी समय पर अपडेट की जाए।

एसीआर से जुड़ी जानकारी भी होगी ऑनलाइन

नई व्यवस्था में कर्मचारियों की वार्षिक गोपनीय आख्या (ACR) से जुड़ी जानकारी भी पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी। जो एसीआर पहले ऑफलाइन तैयार की गई हैं, उन्हें जरूरत के अनुसार पोर्टल पर अपलोड करना होगा। वहीं ऑनलाइन एसीआर अपने आप सिस्टम में शामिल होकर ब्रॉडशीट और स्कोर कार्ड का हिस्सा बन जाएंगी।

प्रत्येक विभाग में नियुक्त होगा डीपीसी कोऑर्डिनेटर

सरकार ने निर्देश दिया है कि हर विभाग में पदोन्नति प्रक्रिया के संचालन के लिए एक अधिकारी को डीपीसी कोऑर्डिनेटर के रूप में नामित किया जाएगा। यह अधिकारी पोर्टल पर लॉगिन करके वरिष्ठता या योग्यता के आधार पर चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा।

इसके तहत पात्रता सूची तैयार करना, ब्रॉडशीट बनाना और दस्तावेजों की जांच जैसी प्रक्रियाएं ऑनलाइन पूरी की जाएंगी। जांच पूरी होने के बाद प्रस्ताव को अगले अधिकारी के पास भेजा जाएगा, जहां से उसे मंजूरी, अस्वीकृति या आगे भेजने का निर्णय लिया जा सकेगा।

अंतिम निर्णय भी पोर्टल पर ही होगा दर्ज

प्रक्रिया के अंतिम चरण में विभागीय पदोन्नति समिति पोर्टल पर ही कर्मचारियों के बारे में अपनी सिफारिश दर्ज करेगी। इसमें कर्मचारियों को योग्य, अयोग्य या स्थगित श्रेणी में रखा जा सकेगा। इसके बाद सिस्टम अपने आप बैठक का कार्यवृत्त तैयार कर देगा।

केंद्र सरकार का 1 बड़ा फैसला: इन नियमों में हुआ अहम बदलाव

नई दिल्ली। भारत में हाल के समय में कई बड़ी कंपनियां शेयर बाजार में लिस्ट होने की तैयारी कर रही हैं। इसी बीच केंद्र सरकार ने आईपीओ से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किए हैं। इन नए नियमों का मकसद बड़ी कंपनियों के लिए शेयर बाजार में लिस्टिंग की प्रक्रिया को आसान बनाना और साथ ही धीरे-धीरे पब्लिक शेयरहोल्डिंग को तय स्तर तक बढ़ाना है।

बड़ी कंपनियों को मिलेगी राहत

नए नियमों के तहत अब बड़ी कंपनियों को अपने आईपीओ के समय जनता के लिए बहुत बड़ा हिस्सा तुरंत जारी करने की अनिवार्यता नहीं होगी। उन्हें शुरुआत में कम हिस्सेदारी के साथ भी शेयर बाजार में लिस्ट होने की अनुमति मिल सकेगी। हालांकि, बाद में तय समय सीमा के भीतर उन्हें सार्वजनिक हिस्सेदारी को बढ़ाकर 25 प्रतिशत तक करना होगा।

छोटी कंपनियों के लिए नियम वही रहेंगे

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन कंपनियों की पूंजी अपेक्षाकृत कम है, उनके लिए पहले से लागू नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ऐसी कंपनियों को लिस्टिंग के समय अपने कम से कम 25 प्रतिशत शेयर जनता के लिए जारी करने होंगे।

अलग-अलग आकार के लिए अलग व्यवस्था

नए ढांचे में कंपनियों की पूंजी के आधार पर अलग-अलग मानदंड तय किए गए हैं। मध्यम आकार की कंपनियों को एक निश्चित प्रतिशत की बजाय न्यूनतम मूल्य के बराबर शेयर जनता को देने होंगे। बड़ी कंपनियां लिस्टिंग के समय कम प्रतिशत शेयर जारी कर सकती हैं, लेकिन कुछ वर्षों के भीतर उन्हें अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ानी होगी। बहुत बड़ी कंपनियों के लिए न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी और जारी किए जाने वाले शेयरों की वैल्यू अलग से तय की गई है।

समय के साथ बढ़ानी होगी पब्लिक हिस्सेदारी

सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि कंपनियां धीरे-धीरे अपनी सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाएं। यदि किसी कंपनी की लिस्टिंग के समय जनता की हिस्सेदारी कम है, तो उसे तय समय के भीतर इसे बढ़ाकर पहले 15 प्रतिशत और बाद में 25 प्रतिशत तक करना होगा।

नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई भी संभव होगी

सरकार ने यह भी साफ किया है कि यदि कोई कंपनी सार्वजनिक शेयरधारिता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करती है, तो संबंधित स्टॉक एक्सचेंज उस पर जुर्माना या अन्य कार्रवाई कर सकते हैं। इन नए नियमों का उद्देश्य शेयर बाजार को अधिक लचीला बनाना और बड़ी कंपनियों को आईपीओ के जरिए बाजार में आने के लिए प्रोत्साहित करना है, जबकि निवेशकों के हितों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाएगी।

एमपी में नौकरी की बारिश: 1679 पदों पर बंपर भर्ती, युवाओं के लिए खुशखबरी

भोपाल। मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में वन और जेल विभाग से जुड़े कई पदों पर बड़ी भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के तहत कुल 1679 पदों को भरा जाएगा, जिससे हजारों अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिल सकता है।

यह भर्ती प्रक्रिया Madhya Pradesh Employee Selection Board द्वारा आयोजित की जा रही है। इसके माध्यम से फॉरेस्ट गार्ड, फील्ड गार्ड, जेल वार्डर और सहायक जेल अधीक्षक जैसे पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

किन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत वन विभाग और जेल विभाग के कई महत्वपूर्ण पद शामिल किए गए हैं। इनमें फॉरेस्ट गार्ड और फील्ड गार्ड के पदों के साथ-साथ जेल वार्डर तथा सहायक जेल अधीक्षक के पद भी भरे जाएंगे। इन पदों पर चयन होने वाले उम्मीदवारों को सरकारी सेवा के साथ स्थिर करियर का अवसर मिलेगा।

शैक्षणिक योग्यता

अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है। फॉरेस्ट गार्ड और फील्ड गार्ड पदों के लिए उम्मीदवार का कम से कम दसवीं पास होना जरूरी है। वहीं जेल वार्डर के लिए बारहवीं पास अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। सहायक जेल अधीक्षक के पद के लिए स्नातक की डिग्री आवश्यक रखी गई है।

आयु सीमा

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष तक रखी गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु में छूट भी मिल सकती है।

वेतनमान

इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतन दिया जाएगा। वेतनमान लगभग 19,500 रुपये से शुरू होकर 1,14,800 रुपये प्रतिमाह तक हो सकता है, जो पद के अनुसार तय किया जाएगा।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 30 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई।

अमेरिका की बड़ी सैन्य कार्रवाई, ईरान के खार्ग द्वीप पर तबाह हुए ठिकाने

न्यूज डेस्क। पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के महत्वपूर्ण क्षेत्र खार्ग द्वीप पर बड़ी सैन्य कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद कई ठिकानों को निशाना बनाया है। यह द्वीप फ़ारस की खाड़ी में स्थित है और ईरान के तेल निर्यात के लिए बेहद अहम माना जाता है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया के माध्यम से इस कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना ने द्वीप पर स्थित सैन्य ठिकानों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है। साथ ही उन्होंने यह भी संकेत दिया कि यदि ईरान समुद्री मार्गों में किसी तरह की बाधा उत्पन्न करता है, तो आगे उसकी तेल से जुड़ी सुविधाओं को भी निशाना बनाया जा सकता है।

तेल निर्यात के लिए अहम है खार्ग द्वीप

खार्ग द्वीप को ईरान के तेल निर्यात का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इस क्षेत्र से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल समुद्री रास्तों के जरिए दूसरे देशों तक पहुंचाया जाता है। ऐसे में यहां हुई सैन्य कार्रवाई का असर क्षेत्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

समुद्री मार्ग को लेकर बढ़ी चिंता

अमेरिकी नेतृत्व ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने समुद्री मार्गों, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जहाजों की आवाजाही में बाधा डालने की कोशिश की, तो अमेरिका और कड़ी कार्रवाई कर सकता है। यह जलमार्ग दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है।

क्षेत्र में बढ़ाई जा रही सैन्य मौजूदगी

इस बीच खबर है कि अमेरिका ने अपने अतिरिक्त सैनिकों को भी पश्चिम एशिया की ओर भेजना शुरू कर दिया है। करीब 2500 मरीन सैनिकों को इस क्षेत्र में तैनात करने की तैयारी की जा रही है। इसके अलावा एक युद्धपोत को भी रवाना किया गया है, जिससे क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य मौजूदगी और मजबूत हो सकती है।

लंबा खिंच सकता है तनाव

जानकारों का मानना है कि इस कार्रवाई के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है। हालांकि कुछ अमेरिकी नेताओं का दावा है कि दबाव बढ़ने के बाद ईरान बातचीत की राह भी अपना सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस घटनाक्रम पर बनी हुई है।

बुध ग्रह की बदलेगी चाल: 5 राशियों के जीवन में आ सकता है सुख और समृद्धि का दौर

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति में होने वाला परिवर्तन लोगों के जीवन पर गहरा प्रभाव डालता है। 14 मार्च 2026 को बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़े ग्रह बुध का उदय होने जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार जब बुध ग्रह उदित होता है तो यह मानसिक स्पष्टता, निर्णय लेने की क्षमता और व्यापारिक गतिविधियों के लिए शुभ संकेत देता है।

बुध के उदय का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। आइए जानते हैं किन पांच राशियों को इससे अधिक फायदा मिल सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए बुध का उदय खास माना जा रहा है क्योंकि यह आपकी ही राशि में प्रभाव डाल रहा है। इस समय आर्थिक योजनाएं सफल हो सकती हैं और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी या व्यवसाय में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय कार्यक्षेत्र में प्रगति का संकेत दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए बुध का प्रभाव खास माना जाता है क्योंकि यह इस राशि का स्वामी ग्रह है। इस दौरान शिक्षा, लेखन और बौद्धिक कार्यों से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिया गया निर्णय लाभदायक साबित हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय कई मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और पारिवारिक जीवन में भी सुखद वातावरण बना रह सकता है। करियर में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना भी बन रही है।

मकर राशि

मकर राशि के लिए बुध का उदय नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। नौकरी या व्यवसाय में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार होने के संकेत हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है।

योगी सरकार का बड़ा कदम: 9 जिलों के किसानों के लिए नई राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा देने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग सरयू नहर परियोजना का विस्तार कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों के खेतों तक पर्याप्त पानी पहुंचाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

सरकार ने इस योजना के माध्यम से लगभग 14.04 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ने का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए नहरों के जाल को मजबूत किया जा रहा है और जहां जरूरत है वहां नए निर्माण कार्य भी किए जा रहे हैं।

कुलाबों के निर्माण से बढ़ेगी सिंचाई सुविधा

सरयू नहर परियोजना के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश के नौ जिलों में कुल 9000 कुलाबों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इनमें से करीब 7345 कुलाबों का निर्माण पूरा हो चुका है। शेष 1655 कुलाबों का निर्माण वर्ष 2026–27 के दौरान पूरा किया जाएगा। इन कुलाबों के बनने से लगभग 66 हजार हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी। इससे किसानों को रबी और खरीफ दोनों मौसम की फसलों की खेती में लाभ होगा।

नहरों की अधूरी कड़ियों को किया जा रहा पूरा

कई स्थानों पर नहरों के अधूरे हिस्सों के कारण खेतों तक पानी नहीं पहुंच पाता था। ऐसे 14 स्थानों पर निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। यह कार्य पूरा होने के बाद लगभग 27 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा बेहतर हो जाएगी।

कम पानी वाले क्षेत्रों के लिए नई व्यवस्था

जिन इलाकों में पानी की उपलब्धता कम है, वहां आधुनिक तकनीक के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था विकसित की जा रही है। इस योजना के तहत विशेष प्रकार की सिंचाई प्रणाली लागू की जा रही है, जिससे कम पानी में भी खेतों की सिंचाई संभव हो सकेगी। सरकार का लक्ष्य इस व्यवस्था के माध्यम से लगभग 1.31 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ना है।

किसानों की आय बढ़ाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी। सरयू नहर परियोजना के विस्तार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है और उनकी आय में भी बढ़ोतरी हो सकती है। यह परियोजना किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आ रही है, जिससे खेती को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बिहार में बिजली बकाया वसूली अभियान शुरू, नहीं चुकाया बिल तो कटेगा कनेक्शन

पटना। बिहार में बिजली बिल का बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। राज्य के ऊर्जा विभाग ने बकाया राशि की वसूली के लिए विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग ने साफ कहा है कि अगर तय समय तक बिजली बिल जमा नहीं किया गया तो संबंधित उपभोक्ताओं का बिजली कनेक्शन काटा जा सकता है और जरूरत पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

ऊर्जा विभाग ने इस अभियान के तहत 31 मार्च तक करीब 200 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली का लक्ष्य तय किया है। इसके लिए अलग-अलग जिलों में विशेष टीमें बनाई गई हैं, जो बड़े बकायेदारों की पहचान कर उनसे बकाया राशि जमा कराने का काम करेंगी।

अधिकारियों की बैठक में लिया गया निर्णय

राजधानी पटना स्थित विद्युत भवन में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता ऊर्जा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने की। बैठक में बिजली बिल बकाया की स्थिति की समीक्षा की गई और अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि बकायेदार उपभोक्ताओं की सूची नियमित रूप से तैयार की जाए और वसूली की प्रक्रिया तेज की जाए।

बिजली कंपनियों को दिया गया लक्ष्य

ऊर्जा विभाग ने राज्य की दोनों बिजली वितरण कंपनियों को भी विशेष लक्ष्य दिया है। इन कंपनियों को मार्च के अंत तक 100-100 करोड़ रुपये की अतिरिक्त वसूली करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए बड़े बकायेदार उपभोक्ताओं से जल्द भुगतान कराने की व्यवस्था की जा रही है।

अवैध कनेक्शन पर भी होगी कार्रवाई

बिजली चोरी और राजस्व नुकसान को रोकने के लिए विभाग ने इस बार अवैध तरीके से चल रहे दोहरे कनेक्शन पर भी सख्ती करने का फैसला किया है। कई जगह एक ही घर या परिसर में नियमों के खिलाफ दो-दो कनेक्शन चलाए जा रहे हैं। ऐसे मामलों की पहचान कर दोषी पाए जाने वाले उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

16 मार्च को महालक्ष्मी राजयोग: 5 राशियों को धन व तरक्की के संकेत

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ता है। 16 मार्च से बनने वाला महालक्ष्मी राजयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह योग तब बनता है जब मंगल और चंद्रमा की युति होती है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग कई लोगों के लिए शुभ परिणाम दे सकता है, खासकर कुछ राशियों के लिए यह समय धन, करियर और तरक्की के नए अवसर लेकर आ सकता है। इस योग का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव पांच राशियों पर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय काफी अनुकूल माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और लंबे समय से चल रही योजनाएं सफल हो सकती हैं। व्यापार करने वालों के लिए भी लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत मिल रहे हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए महालक्ष्मी राजयोग आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति या वेतन में बढ़ोतरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे मिल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा और सामाजिक मान-सम्मान भी बढ़ सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह योग करियर में प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। जिन लोगों का काम व्यापार से जुड़ा है, उन्हें नए साझेदार या नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। नौकरी या व्यवसाय में नई उपलब्धियां हासिल होने की संभावना है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है, जिससे भविष्य के लिए नए रास्ते खुल सकते हैं। आर्थिक लाभ मिलने के भी संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए महालक्ष्मी राजयोग काफी लाभकारी माना जा रहा है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में स्थिरता आ सकती है और निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

यूपी में बनेगा 153 किमी लंबा छह लेन मार्ग, पांच जिलों को बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क ढांचे को मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने राजधानी लखनऊ से बहराइच होते हुए नेपाल सीमा तक नया चौड़ा मार्ग बनाने की योजना को मंजूरी दे दी है। लगभग 153 किलोमीटर लंबे इस छह लेन मार्ग के बनने से लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा और बहराइच जैसे जिलों की आवाजाही पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगी।

इस परियोजना पर करीब 27 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि इस मार्ग के तैयार होने से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी और सीमावर्ती क्षेत्रों तक पहुंच भी बेहतर होगी।

लखनऊ से नेपाल तक आसान होगा सफर

इस सड़क के निर्माण के बाद राजधानी से बाराबंकी, गोंडा और बहराइच होते हुए नेपाल सीमा तक यात्रा करना पहले से काफी आसान हो जाएगा। अभी इन इलाकों में लंबी दूरी तय करने में अधिक समय लगता है, लेकिन नया मार्ग बनने के बाद यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। इससे व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी फायदा मिलेगा।

पांच जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस परियोजना से लखनऊ, बाराबंकी, गोंडा, बहराइच और नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। सड़क बेहतर होने से इन जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है और स्थानीय व्यापारियों को भी सामान के आवागमन में सुविधा मिलेगी।

सरकार और निजी क्षेत्र करेंगे निर्माण

इस सड़क का निर्माण सरकार और निजी कंपनियों की साझेदारी में किया जाएगा। इस व्यवस्था के तहत परियोजना की कुल लागत का एक हिस्सा सरकार देगी, जबकि बाकी राशि निजी क्षेत्र की कंपनियां लगाएंंगी। निर्माण के बाद कुछ वर्षों तक सड़क के रखरखाव की जिम्मेदारी भी निजी कंपनियों के पास ही रहेगी।

पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

नई सड़क बनने से नेपाल से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी मार्ग आसान होगा। इससे सीमावर्ती इलाकों में पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है। साथ ही व्यापारिक गतिविधियों में भी तेजी आएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सकती है।

केंद्र सरकार की पहल: गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहारा

नई दिल्ली। मां और नवजात शिशु के बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार एक विशेष योजना चला रही है। इस योजना के तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि गर्भावस्था के समय उन्हें पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी जरूरी सुविधाएं मिल सकें।

सरकार की इस योजना का नाम प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना है। इसकी शुरुआत वर्ष 2017 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को आर्थिक सहारा देना और मां व बच्चे के स्वास्थ्य को बेहतर बनाना है।

महिलाओं को कितनी मिलती है सहायता

इस योजना के तहत पहली बार गर्भवती होने वाली महिलाओं को कुल 5000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि किस्तों में सीधे महिला के बैंक खाते में भेजी जाती है। इससे गर्भवती महिला को बेहतर भोजन और स्वास्थ्य सेवाएं लेने में मदद मिलती है। इसके अलावा यदि दूसरी बार गर्भावस्था में बेटी का जन्म होता है तो सरकार की ओर से 6000 रुपये की सहायता दी जाती है। इसका उद्देश्य बेटियों के जन्म को प्रोत्साहित करना और माताओं को आर्थिक सहयोग देना है।

करोड़ों महिलाएं उठा चुकी हैं लाभ

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना के तहत अब तक चार करोड़ से अधिक महिलाएं पंजीकरण करवा चुकी हैं। पिछले कई वर्षों में बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाओं को इस योजना के माध्यम से आर्थिक सहायता मिल चुकी है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र कम से कम 19 वर्ष होनी चाहिए। यह सहायता मुख्य रूप से पहले बच्चे के जन्म के समय दी जाती है। कुछ स्थितियों में दूसरी बार बेटी के जन्म पर भी सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही लाभ लेने वाली महिला किसी सरकारी सेवा में कार्यरत नहीं होनी चाहिए और उसके परिवार की आय तय सीमा के भीतर होनी चाहिए।

योजना का उद्देश्य

इस योजना का मुख्य लक्ष्य गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर उनके स्वास्थ्य में सुधार लाना है। इसके साथ ही महिलाओं को सही पोषण, समय पर जांच और टीकाकरण के प्रति जागरूक करना भी इसका उद्देश्य है। इससे देश में कुपोषण की समस्या को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

दुनिया में सिर्फ 5 देश बनाते हैं जेट इंजन, भारत है कहां?

नई दिल्ली। आधुनिक लड़ाकू विमान और उन्नत सैन्य तकनीक के लिए जेट इंजन को सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक माना जाता है। दुनिया में बहुत कम देश ऐसे हैं जिनके पास खुद जेट इंजन विकसित और बनाने की क्षमता है। विशेषज्ञों के अनुसार यह तकनीक इतनी जटिल है कि फिलहाल केवल कुछ ही देश इसे पूरी तरह विकसित कर पाए हैं।

किन देशों के पास है यह तकनीक

दुनिया में जेट इंजन निर्माण की क्षमता मुख्य रूप से पाँच देशों के पास मानी जाती है। इनमें अमेरिका, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन शामिल हैं। इन देशों ने वर्षों के अनुसंधान और बड़े निवेश के बाद इस तकनीक को विकसित किया है।

दरअसल जेट इंजन बनाना अत्यंत जटिल प्रक्रिया है, जिसमें उच्च तापमान सहने वाली धातुएं, अत्याधुनिक डिजाइन और सटीक इंजीनियरिंग की आवश्यकता होती है। यही कारण है कि बहुत कम देश इस क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन पाए हैं।

भारत की स्थिति

भारत भी लंबे समय से जेट इंजन तकनीक विकसित करने की दिशा में काम कर रहा है। देश में स्वदेशी इंजन विकसित करने की कोशिशें कई वर्षों से जारी हैं। इस दिशा में Defence Research and Development Organisation द्वारा “कावेरी” इंजन परियोजना पर काम किया गया, जिसका उद्देश्य भारतीय लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन तैयार करना था। 

हालांकि यह परियोजना पूरी तरह सफल नहीं हो सकी, लेकिन इससे देश को महत्वपूर्ण तकनीकी अनुभव मिला। भारत अब भी स्वदेशी जेट इंजन विकसित करने के लिए अनुसंधान और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर जोर दे रहा है।

भविष्य की दिशा

जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भारत इस क्षेत्र में बड़ी प्रगति कर सकता है। सरकार और रक्षा क्षेत्र की संस्थाएं नई तकनीकों के विकास पर काम कर रही हैं, ताकि भविष्य में भारतीय लड़ाकू विमानों के लिए स्वदेशी इंजन तैयार किया जा सके। 

जेट इंजन तकनीक में आत्मनिर्भरता हासिल करना किसी भी देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। भारत भी इसी दिशा में लगातार प्रयास कर रहा है, ताकि रक्षा क्षेत्र में अपनी क्षमता को और मजबूत बनाया जा सके।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: इन 6 राज्यों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने छह राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश को मिलाकर 1,912 करोड़ रुपये से अधिक की अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है।

सरकार के अनुसार यह सहायता उन राज्यों को दी जा रही है, जहां वर्ष 2025 के दौरान बाढ़, अचानक आई बाढ़, बादल फटने, भूस्खलन और चक्रवात जैसी आपदाओं से भारी नुकसान हुआ था। इस धनराशि का उपयोग प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्वास कार्यों को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

इन राज्यों को मिलेगी सहायता

केंद्र सरकार की ओर से दी गई इस आर्थिक मदद का लाभ आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, नागालैंड और केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर को मिलेगा। जारी जानकारी के अनुसार आंध्र प्रदेश को लगभग 341.48 करोड़ रुपये, छत्तीसगढ़ को 15.70 करोड़ रुपये, गुजरात को 778.67 करोड़ रुपये, हिमाचल प्रदेश को 288.39 करोड़ रुपये, नागालैंड को 158.41 करोड़ रुपये और जम्मू-कश्मीर को 330.34 करोड़ रुपये की सहायता मंजूर की गई है।

पहले से मिलने वाली सहायता के अलावा मदद

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह राशि राज्यों को पहले से मिलने वाली आपदा राहत सहायता के अतिरिक्त है। केंद्र सरकार समय-समय पर प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित राज्यों को आर्थिक मदद उपलब्ध कराती है, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की कमी न रहे।

सरकार का कहना है कि प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की मदद और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि आपदा से हुए नुकसान को जल्द से जल्द कम किया जा सके।

यूपी में शिक्षक बनने का मौका, सरकार ने निकाली नई भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission (UPSSSC) ने विशेष शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की भर्ती के लिए नया नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत दिव्यांगजन सशक्तिकरण से जुड़े शिक्षण पदों को भरा जाएगा।

आयोग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार कुल 58 पदों पर भर्ती की जाएगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी

इस भर्ती अभियान के तहत शिक्षकों की नियुक्ति दिव्यांगजन सशक्तिकरण निदेशालय के अंतर्गत की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को लेवल-6 वेतनमान के अनुसार वेतन मिलेगा, जिसमें शुरुआती वेतन लगभग ₹35,400 प्रति माह होगा और अधिकतम वेतन ₹1,12,400 प्रति माह तक हो सकता है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास इंटरमीडिएट (12वीं) पास होने के साथ-साथ विशेष शिक्षा में डिप्लोमा होना जरूरी है, जो Rehabilitation Council of India (RCI) से मान्यता प्राप्त हो। इसके अलावा उम्मीदवारों को ब्रेल लिपि या सांकेतिक भाषा का ज्ञान होना चाहिए और आरसीआई में पंजीकरण भी आवश्यक है। यह योग्यता पद के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु सीमा में छूट भी दी जा सकती है।

आवेदन की तिथि

आयोग के अनुसार इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 6 अप्रैल 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 27 अप्रैल 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, आवश्यक दस्तावेज और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से भरनी होगी।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 4 बड़ी खबर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए वेतन से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया शुरू हो गई है। 8th Pay Commission ने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव और मांगें लेने के लिए अपना ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। इसके जरिए अब संबंधित लोग सीधे अपनी समस्याएं, सुझाव और अपेक्षाएं आयोग तक पहुंचा सकते हैं।

सरकार का उद्देश्य यह है कि नए वेतन ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की राय को भी शामिल किया जाए। आइए जानते हैं इस प्रक्रिया से जुड़ी चार बड़ी बातें।

1. सुझाव देने के लिए खोला गया ऑनलाइन पोर्टल

आयोग ने सुझाव और फीडबैक लेने के लिए एक डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया है। इस पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी, पेंशनभोगी और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि अपनी मांगें दर्ज करा सकते हैं। इसमें वेतन संरचना, भत्तों, पेंशन और अन्य सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर सुझाव देने का विकल्प उपलब्ध है।

2. 30 अप्रैल 2026 तक जमा कर सकते हैं सुझाव

आयोग ने स्पष्ट किया है कि सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद भेजे गए प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना कम हो सकती है। इसलिए जिन कर्मचारियों या संगठनों को कोई मांग या सुझाव रखना है, उन्हें निर्धारित समय के भीतर आवेदन करना होगा।

3.ऑनलाइन माध्यम से ही मान्य होंगे सुझाव

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सुझाव केवल निर्धारित ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। डाक, ईमेल या किसी अन्य माध्यम से भेजे गए प्रस्तावों को मान्यता मिलने की संभावना नहीं है। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

4. नए वेतन ढांचे को लेकर उम्मीदें

7th Pay Commission की अवधि 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुकी है और इसके बाद 8th Pay Commission की प्रक्रिया 1 जनवरी 2026 से शुरू मानी जा रही है। आमतौर पर वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने में करीब 18 महीने का समय मिलता है। आठवें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने से केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में नई उम्मीदें जगी हैं। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आयोग अपनी अंतिम सिफारिशों में वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मामलों में क्या बदलाव प्रस्तावित करता है।

सूर्य-शनि का दुर्लभ संयोग: 5 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके आपसी संयोग का विशेष महत्व माना जाता है। जब दो प्रभावशाली ग्रह एक ही राशि या स्थिति में आते हैं तो उसका असर सभी राशियों पर पड़ता है। 15 मार्च को सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे, जहाँ शनि पहले से विराजमान हैं। इससे मीन राशि में सूर्य और शनि का संयोग बनेगा।

सूर्य को ऊर्जा, नेतृत्व और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है, जबकि शनि कर्म, अनुशासन और न्याय के ग्रह माने जाते हैं। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं तो यह संयोग कई लोगों के जीवन में बदलाव और नए अवसर लेकर आता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई संभावनाओं का संकेत दे सकता है। नौकरी या व्यवसाय से जुड़े मामलों में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और लगन को सराहा जा सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सूर्य-शनि का यह संयोग करियर में स्थिरता और नई जिम्मेदारियां ला सकता है। किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में सफलता मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए साझेदार या नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने का मौका भी मिलेगा और सामाजिक सम्मान बढ़ सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने वाला हो सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। जो लोग लंबे समय से किसी लक्ष्य की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिति बेहतर हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह संयोग जीवन में संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। करियर से जुड़े फैसलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है। व्यवसाय में नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। परिवार और मित्रों का सहयोग मिलने से कई कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में तरक्की या आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। जो लोग निवेश की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह समय सोच-समझकर निर्णय लेने का हो सकता है।

यूपी में शुरू होगा नया एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लोगों को खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को जल्द ही बेहतर सड़क कनेक्टिविटी की बड़ी सौगात मिलने जा रही है। राज्य में तेजी से विकसित हो रहे सड़क नेटवर्क के बीच लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में है। इस परियोजना के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा काफी आसान और तेज हो जाएगी।

शुक्रवार को ग्रीन कॉरिडोर के दूसरे चरण के उद्घाटन के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जानकारी दी कि अप्रैल की शुरुआत तक लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का संचालन शुरू किया जा सकता है। इसके शुरू होते ही लखनऊ से कानपुर तक की दूरी लगभग 35 से 40 मिनट में तय की जा सकेगी, जिससे रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

आवागमन होगा तेज और आसान

इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दोनों शहरों के बीच यातायात का दबाव कम होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राजधानी के आसपास के कई जिलों के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा का लाभ मिलेगा। इसके अलावा किसान पथ के सर्विस रोड का निर्माण कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है। यह परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ में ट्रैफिक व्यवस्था को काफी हद तक बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

कई नई सड़क परियोजनाओं पर भी काम

सरकार लखनऊ और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत करने के लिए कई नई सड़क परियोजनाओं पर भी काम कर रही है। बाराबंकी से बहराइच तक लगभग 100 किलोमीटर लंबी सड़क को चार लेन में अपग्रेड करने की योजना है। इस परियोजना के बाद लखनऊ से बहराइच तक का सफर करीब सवा घंटे में पूरा किया जा सकेगा।  

इसके साथ ही लखनऊ से सुल्तानपुर और वाराणसी तक हाई-स्पीड कॉरिडोर विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है। वहीं हरदोई और सीतापुर को भी बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ने के प्रयास जारी हैं।

यूपी में बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश-ओले का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम जल्द ही करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। जानकारी के अनुसार 15 मार्च से एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को मिलेगा, जिसके कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि होने की संभावना जताई गई है।

15 और 16 मार्च को बारिश की संभावना

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक 15 और 16 मार्च को प्रदेश के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान है। कुछ स्थानों पर ओले गिरने की भी आशंका जताई गई है।

इन जिलों में ज्यादा असर

मौसम का प्रभाव खासतौर पर पूर्वांचल, तराई और बुंदेलखंड के कई जिलों में देखने को मिल सकता है। देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, गोंडा, बहराइच और लखीमपुर खीरी जैसे जिलों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं का खतरा अधिक बताया जा रहा है।

तापमान में आएगी गिरावट

मौसम में बदलाव के साथ तापमान में भी कमी आने की संभावना है। अनुमान है कि अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, जबकि न्यूनतम तापमान 3 से 5 डिग्री तक कम हो सकता है। इसके साथ ही सुबह के समय छाया रहने वाला कोहरा भी धीरे-धीरे खत्म होने लगेगा।

किसानों के लिए चेतावनी

मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। इस समय गेहूं, सरसों, मटर और चना जैसी फसलें पकने के करीब हैं। ऐसे में तेज हवा और ओलावृष्टि से फसल गिरने या दाने झड़ने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि पकी हुई फसल की जल्द कटाई कर लें और खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखें।

आम लोगों को भी बरतें सावधानी

गरज-चमक के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। बिजली कड़कने के समय घर के अंदर रहना सुरक्षित माना जाता है। साथ ही पेड़ों के नीचे खड़े होने से भी बचने को कहा गया है। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी गई है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, जमीन सर्वे में लगे अमीनों को खास तोहफा

पटना। बिहार में चल रहे विशेष भूमि सर्वेक्षण अभियान को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। डिप्टी सीएम और राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री ने समीक्षा बैठक के दौरान सर्वे कार्य से जुड़े अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सर्वेक्षण का काम तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अच्छा काम करने वाले अमीनों को मिलेगा फायदा

बैठक के दौरान सरकार ने सर्वे कार्य में लगे अमीनों के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन भी घोषित किया। मंत्री ने कहा कि जो अमीन सर्वेक्षण कार्य में बेहतर प्रदर्शन करेंगे, उन्हें भविष्य में विभाग में होने वाली स्थायी नियुक्तियों में प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और काम की गति भी तेज होगी।

अन्य सरकारी कार्यों में नहीं लगाया जाएगा

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भूमि सर्वेक्षण में लगे कर्मचारियों को किसी अन्य प्रशासनिक काम में नहीं लगाया जाएगा। इसके लिए भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश भेजे जाएंगे, ताकि सर्वेक्षण कार्य बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।

रोजाना देनी होगी काम की रिपोर्ट

सर्वेक्षण से जुड़े कर्मचारियों के लिए अब रोजाना काम की रिपोर्ट देना अनिवार्य कर दिया गया है। सभी अमीनों और संबंधित कर्मियों को हर दिन शाम तक अपने कार्य की जानकारी मुख्यालय को भेजनी होगी। साथ ही अमीन डायरी को प्रतिदिन भरना भी जरूरी होगा, जिससे काम की पारदर्शिता बनी रहे।

देरी के कारणों की होगी पहचान

समीक्षा के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि जहां-जहां सर्वे कार्य में देरी हुई है, वहां इसके कारणों की पहचान की जाए और तुरंत समाधान किया जाए। सरकार ने साफ किया कि अब इस पूरी प्रक्रिया की माइक्रो मॉनिटरिंग की जाएगी, ताकि हर स्तर पर प्रगति पर नजर रखी जा सके।

8वें वेतन आयोग की 8 नई बातें, कर्मचारियों के लिए क्या है अपडेट?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार नई जानकारी सामने आ रही है। मार्च 2026 तक मिले ताजा अपडेट के अनुसार सरकार ने पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है। यह आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़ी नई सिफारिशें तैयार करेगा, जिनका फायदा लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को मिल सकता है।

नीचे जानिए 8वें वेतन आयोग से जुड़े 8 बड़े अपडेट।

1. 1 जनवरी 2026 से लागू माना जाएगा

सरकार की योजना के अनुसार 8वां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। हालांकि आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। यदि रिपोर्ट में देरी होती है तो कर्मचारियों को जनवरी 2026 से बकाया एरियर मिलने की संभावना है।

2. सुझाव देने के लिए पोर्टल शुरू

सरकार ने 8वें वेतन आयोग से जुड़े सुझाव लेने के लिए एक आधिकारिक पोर्टल शुरू किया है। कर्मचारी, यूनियन और संबंधित संगठन 30 अप्रैल 2026 तक वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े अपने सुझाव ऑनलाइन भेज सकते हैं।

3. फिटमेंट फैक्टर को लेकर चर्चा तेज

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया जाए। फिलहाल कई यूनियन 2.86 से लेकर 3.25 तक फिटमेंट फैक्टर लागू करने की मांग कर रही हैं। फिटमेंट फैक्टर के आधार पर ही नए वेतन की गणना की जाती है।

4. न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद

वर्तमान में केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है। अनुमान लगाया जा रहा है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद यह बढ़कर लगभग 34 हजार से 51 हजार रुपये के बीच हो सकती है।

5. महंगाई भत्ता बेसिक में जुड़ सकता है

कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह चर्चा है कि नई वेतन संरचना लागू करने से पहले मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन में जोड़ा जा सकता है। 

6. पेंशनभोगियों को भी मिलेगा लाभ

8वें वेतन आयोग का फायदा लगभग 67 लाख पेंशनभोगियों को भी मिल सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ता है तो न्यूनतम पेंशन में भी अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। कुछ अनुमानों के अनुसार न्यूनतम पेंशन 9 हजार रुपये से बढ़कर 20 हजार रुपये से ज्यादा हो सकती है।

7. सालाना वेतन वृद्धि और प्रमोशन पर भी चर्चा

कर्मचारी संगठनों ने सरकार से वार्षिक वेतन वृद्धि दर बढ़ाने की मांग की है। मौजूदा 3 प्रतिशत की वृद्धि को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही कर्मचारियों को सेवा अवधि के दौरान अधिक पदोन्नति के अवसर देने की भी मांग की जा रही है।

8. सरकार ने मांगे हैं डिजिटल फीडबैक: 

इस बार पहली बार सरकार ने सीधे कर्मचारियों से ऑनलाइन सुझाव मांगे हैं, जिससे ग्राउंड लेवल की समस्याओं  को दूर करने में मदद मिलेगी। कर्मचारी, यूनियन और संबंधित संगठन 30 अप्रैल 2026 तक सुझाव भेज सकते हैं।

सुबह गुनगुना पानी पीने की आदत डालें, 7 रोग रहेंगी दूर!

हेल्थ डेस्क। अच्छी सेहत के लिए सुबह की दिनचर्या का खास महत्व होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार सुबह उठकर गुनगुना पानी पीने की आदत शरीर के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है। यह न केवल शरीर को डिटॉक्स करने में मदद करता है बल्कि कई बीमारियों से बचाव में भी सहायक हो सकता है। नियमित रूप से गुनगुना पानी पीने से शरीर की कई समस्याएं धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।

पाचन तंत्र को करता है मजबूत

सुबह गुनगुना पानी पीने से पाचन तंत्र सक्रिय हो जाता है। इससे भोजन आसानी से पचता है और गैस, अपच व कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है।

वजन घटाने में मददगार

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए गुनगुना पानी फायदेमंद हो सकता है। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे कैलोरी तेजी से बर्न होती है।

सर्दी-जुकाम से राहत

गुनगुना पानी पीने से गले को आराम मिलता है और बलगम ढीला पड़ता है। इससे सर्दी-जुकाम और गले में खराश जैसी समस्याओं में राहत मिल सकती है।

त्वचा के लिए फायदेमंद

नियमित रूप से गुनगुना पानी पीने से त्वचा में निखार आता है। यह शरीर को हाइड्रेट रखता है और त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करता है।

शरीर को मिलती है ताजगी

सुबह गुनगुना पानी पीने से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और दिनभर तरोताजा महसूस होता है। यह आदत शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में मदद करती है।

ब्लड सर्कुलेशन बेहतर बनाता है

गुनगुना पानी पीने से शरीर में रक्त संचार बेहतर होता है। इससे शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व सही ढंग से पहुंचते हैं।

शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालता है

गुनगुना पानी शरीर में जमा विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है। इससे शरीर अंदर से साफ रहता है और कई बीमारियों का खतरा कम हो सकता है।