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बिहार में राशन कार्ड को लेकर बड़ी खुशखबरी, नए निर्देश जारी

पटना। बिहार के लाखों पात्र परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। जिन लोगों का अब तक राशन कार्ड नहीं बन पाया है या किसी कारणवश उनका राशन कार्ड निष्क्रिय (बंद) हो गया है, उनके लिए खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब पात्र परिवार निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर नया राशन कार्ड बनवा सकते हैं या बंद पड़े राशन कार्ड को दोबारा सक्रिय करा सकते हैं।

पात्र परिवारों को मिलेगा आवेदन का मौका

विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे परिवार, जो सभी पात्रता शर्तें पूरी करते हैं लेकिन किसी कारण से राशन कार्ड से वंचित हैं, वे निर्धारित प्रपत्र 'क' भरकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारियों द्वारा पात्रता की जांच की जाएगी। सभी शर्तें पूरी होने पर नए राशन कार्ड जारी किए जाएंगे।

बंद राशन कार्ड भी हो सकेंगे फिर से सक्रिय

अगर किसी परिवार का राशन कार्ड तकनीकी कारणों, दस्तावेजों की कमी या अन्य वजहों से निष्क्रिय हो गया है, तो अब उसे भी दोबारा चालू कराने का अवसर मिलेगा। विभाग आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद पात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों का राशन कार्ड फिर से सक्रिय करेगा, जिससे वे सरकारी खाद्यान्न योजना का लाभ दोबारा प्राप्त कर सकें।

दस्तावेजों में गलती हो तो पहले कराएं सुधार

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने आवेदकों को सलाह दी है कि आवेदन करने से पहले सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच कर लें। आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र और अन्य दस्तावेजों में नाम, पता और जन्मतिथि जैसी जानकारी एक जैसी होनी चाहिए। यदि किसी दस्तावेज में त्रुटि है, तो पहले उसे ठीक कराना बेहतर होगा, ताकि आवेदन निरस्त या लंबित होने की स्थिति न बने।

जांच के बाद जारी होगा नया कार्ड

आवेदन प्राप्त होने के बाद संबंधित विभाग उसकी ऑनलाइन एंट्री करेगा और सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद पात्र परिवारों को नया राशन कार्ड जारी किया जाएगा। वहीं, जिनका कार्ड पहले से बंद है, उनका राशन कार्ड भी जांच के बाद पुनः सक्रिय किया जाएगा।

कहां करें आवेदन?

राशन कार्ड से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए लाभार्थी अपने क्षेत्र के राशन डीलर से संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा संबंधित प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के कार्यालय में भी आवेदन जमा किया जा सकता है। विभाग की ओर से आवेदन की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

NMDC Steel Recruitment 2026: 102 पदों पर भर्ती शुरू

न्यूज डेस्क। सरकारी क्षेत्र की प्रमुख स्टील कंपनी NMDC Steel Limited (NSL) ने युवाओं के लिए नौकरी का बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराया है। कंपनी ने एग्जीक्यूटिव ट्रेनी (Executive Trainee) के 102 पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह भर्ती विभिन्न तकनीकी और प्रोफेशनल विषयों में की जाएगी। इच्छुक एवं योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

102 पदों पर होगी भर्ती

रोजगार अधिसूचना संख्या 05/2026 के तहत NMDC Steel Limited अलग-अलग 10 विषयों (Disciplines) में Executive Trainee के कुल 102 पदों पर भर्ती करेगी। चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद कंपनी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नियुक्ति का अवसर मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं। इच्छुक उम्मीदवार 11 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

Executive Trainee पदों के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में इंजीनियरिंग या प्रोफेशनल डिग्री होना आवश्यक है। अलग-अलग विषयों के अनुसार शैक्षणिक योग्यता निर्धारित की गई है, इसलिए आवेदन करने से पहले संबंधित पद की पात्रता अवश्य जांच लें।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 11 अगस्त 2026 तक 27 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु में आरक्षण से संबंधित छूट कंपनी के नियमों के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को प्रदान की जाएगी।

आकर्षक वेतन मिलेगा

चयनित उम्मीदवारों को शुरुआती 6 महीने के प्रशिक्षण के दौरान 50,000 रुपये प्रतिमाह बेसिक पे के साथ महंगाई भत्ता (IDA) और अन्य नियमानुसार सुविधाएं मिलेंगी। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद उम्मीदवारों को असिस्टेंट मैनेजर के पद पर नियुक्त किया जाएगा। इस पद का वेतनमान 60,000 रुपये से 1,80,000 रुपये तक होगा, जिसमें प्रारंभिक बेसिक वेतन 60,000 रुपये प्रतिमाह निर्धारित किया गया है।

शनिवार को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग! 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, धन-लाभ के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। 25 जुलाई 2026, शनिवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन ब्रह्म योग, रवि योग और इंद्र योग का दुर्लभ संयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष में इन योगों को ज्ञान, सफलता, मान-सम्मान, कार्य सिद्धि और शुभ अवसरों से जोड़ा जाता है। ऐसे शुभ संयोगों का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ सकता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनिवार का दिन आर्थिक दृष्टि से सकारात्मक रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को नए ग्राहकों या किसी लाभदायक सौदे का अवसर मिल सकता है। यदि आप किसी नई योजना पर काम शुरू करना चाहते हैं तो समय अनुकूल रह सकता है। परिवार में भी सुखद वातावरण बना रहेगा और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभदायक निर्णय लेने का अवसर मिलेगा। निवेश से जुड़े मामलों में सोच-समझकर उठाया गया कदम भविष्य में अच्छा परिणाम दे सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। रुका हुआ धन मिलने या आय के नए स्रोत बनने की संभावना रहेगी। यदि आप नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं तो कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। व्यापार में विस्तार की योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शनिवार का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर हो सकती है। व्यापारियों को नए अनुबंध या लाभदायक साझेदारी का अवसर मिल सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और भविष्य की योजनाओं पर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकेंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग को लेकर नया अपडेट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर अहम अपडेट सामने आया है। लंबे अंतराल के बाद आयोग ने एक बार फिर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के साथ बैठकें आयोजित करने का कार्यक्रम जारी किया है। इससे वेतन आयोग की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद बढ़ गई है और लाखों कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के बीच नई उम्मीद जगी है।

7 और 10 अगस्त को दिल्ली में होंगी अहम बैठकें

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार नई दिल्ली में 7 अगस्त और 10 अगस्त को कर्मचारी संगठनों तथा पेंशनर्स के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन बैठकों का उद्देश्य विभिन्न संगठनों से सुझाव प्राप्त करना और वेतन, भत्तों तथा पेंशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा करना है। बैठक में भाग लेने के इच्छुक कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों को आयोग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।

1.19 करोड़ कर्मचारियों-पेंशनभोगियों की नजर

देशभर के करीब 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। आयोग की सिफारिशों के आधार पर भविष्य में वेतन, पेंशन और अन्य सेवा लाभों में बदलाव का रास्ता तय होगा। यही कारण है कि आयोग की हर बैठक पर कर्मचारियों की खास नजर बनी हुई है।

कर्मचारी संगठनों से लिए जाएंगे सुझाव

8वां वेतन आयोग अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करने से पहले कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स एसोसिएशन और अन्य संबंधित पक्षों की राय ले रहा है। इन बैठकों में वेतन संरचना, भत्ते, पेंशन व्यवस्था और अन्य सेवा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की जाएगी ताकि सभी पक्षों की राय को अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया जा सके।

आयोग की रिपोर्ट का इंतजार

आयोग अभी विभिन्न हितधारकों से सुझाव जुटाने की प्रक्रिया में है। इसके बाद सभी सुझावों और आर्थिक परिस्थितियों का अध्ययन कर अंतिम रिपोर्ट तैयार की जाएगी, जिसे केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। सरकार रिपोर्ट पर विचार करने के बाद वेतन और पेंशन से जुड़े अंतिम फैसले लेगी।

बिहार पंचायत परिसीमन पर बड़ा अपडेट! नई गाइडलाइन जारी, कई गांवों और पंचायतों में होगा बदलाव

पटना। बिहार में पंचायत व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। पंचायती राज विभाग ने ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद क्षेत्रों के नए परिसीमन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य के कई गांवों, पंचायतों और निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है।

2011 की जनगणना के आधार पर होगा परिसीमन

नई गाइडलाइन के अनुसार पूरे राज्य में पंचायत क्षेत्रों का पुनर्गठन बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत किया जाएगा। परिसीमन की पूरी प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आंकड़ों को आधार बनाकर पूरी होगी। प्रत्येक जिले में इस कार्य की जिम्मेदारी जिलाधिकारी (डीएम) को सौंपी गई है, जबकि प्रमंडलीय आयुक्त पूरी प्रक्रिया की निगरानी करेंगे ताकि काम समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा हो सके।

प्राकृतिक सीमाओं को मिलेगी प्राथमिकता

नई व्यवस्था में पंचायतों की सीमाएं तय करते समय प्राकृतिक और स्थायी पहचान वाले चिन्हों को प्राथमिकता दी जाएगी। जहां संभव होगा, वहां नदी, सड़क, रेलवे लाइन, पहाड़ी और अन्य सार्वजनिक सीमाओं को आधार बनाकर नए निर्वाचन क्षेत्र निर्धारित किए जाएंगे। इससे भविष्य में सीमा विवाद की संभावना कम होगी और प्रशासनिक कार्य भी आसान होंगे।

बिना आवश्यकता गांवों का नहीं होगा विभाजन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सामान्य परिस्थितियों में किसी भी राजस्व गांव को दो हिस्सों में विभाजित नहीं किया जाएगा। केवल ऐसी स्थिति में, जब किसी गांव की आबादी बहुत अधिक हो और दूसरा कोई व्यावहारिक विकल्प उपलब्ध न हो, तब ही उसे एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में शामिल किया जा सकेगा।

पंचायत मुख्यालय तय करने के नए मानदंड

सरकार ने पंचायत मुख्यालय के चयन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया है। सामान्य स्थिति में मुख्यालय उस गांव में बनाया जाएगा जहां सबसे अधिक आबादी होगी। हालांकि यदि किसी पंचायत क्षेत्र में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों की संयुक्त आबादी 50 प्रतिशत से अधिक है, तो पंचायत मुख्यालय उस गांव में स्थापित किया जाएगा जहां इन वर्गों की आबादी सबसे अधिक होगी। पंचायत का नाम भी उसी गांव के नाम पर रखा जाएगा।

लोगों को मिलेगा आपत्ति दर्ज कराने का अवसर

नई सीमाओं का प्रारंभिक मसौदा तैयार होने के बाद उसकी अधिसूचना संबंधित प्रखंड और जिला मुख्यालयों के सूचना-पट्ट पर प्रदर्शित की जाएगी। इसके बाद आम नागरिकों को 15 दिनों के भीतर दावा या आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। प्राप्त आपत्तियों की जांच के बाद जिलाधिकारी अंतिम अधिसूचना जारी करेंगे और नई सीमाएं प्रभावी हो जाएंगी।

तीनों स्तरों के लिए अलग-अलग नियम

नई गाइडलाइन में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद के लिए अलग-अलग मानक तय किए गए हैं।

ग्राम पंचायत के सभी वार्ड उसी पंचायत की सीमा के भीतर रहेंगे।

पंचायत समिति का गठन करते समय किसी ग्राम पंचायत के वार्ड को अलग नहीं किया जाएगा।

जिला परिषद के निर्वाचन क्षेत्र भी पंचायत समिति की सीमा को बिना विभाजित किए तैयार किए जाएंगे।

इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रशासनिक समन्वय बनाए रखना और चुनावी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

CM सम्राट का मेगा प्लान! बिहार के हर पंचायत को मिलेगी बड़ी सौगात

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण विकास और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के हर पंचायत में आधुनिक हाट विकसित किए जाएंगे, जबकि प्रखंड और जिला मुख्यालयों पर हाट एवं मार्ट स्थापित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाना, स्थानीय उत्पादों को बड़ा बाजार उपलब्ध कराना और महिलाओं को आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बनाना है।

हर पंचायत में विकसित होंगे आधुनिक हाट

नई योजना के तहत बिहार के सभी पंचायतों में चरणबद्ध तरीके से हाट विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक प्रखंड और जिला मुख्यालय पर ऐसे केंद्र बनाए जाएंगे, जहां स्थानीय उत्पादों की बिक्री और खरीद की बेहतर व्यवस्था होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, कारीगरों और छोटे उद्यमियों को अपने उत्पाद बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर मजबूत बाजार मिलेगा।

जीविका दीदियों को मिलेगा बड़ा बाजार

सरकार इस योजना का सबसे बड़ा लाभ जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को देना चाहती है। नए हाट और मार्ट में जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थ, हस्तशिल्प, कपड़े, घरेलू उत्पाद और अन्य सामान बिक्री के लिए उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल से महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए स्थायी बाजार मिलेगा, जिससे उनकी आय बढ़ने के साथ-साथ ग्रामीण स्वरोजगार को भी मजबूती मिलेगी।

पर्यटन स्थलों तक पहुंचेगा बिहार का उत्पाद

सरकार स्थानीय उत्पादों को राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचाने की भी तैयारी कर रही है। प्रस्तावित योजना के अनुसार बोधगया, नालंदा, राजगीर, वैशाली, पावापुरी, रोहतास, बक्सर, सीतामढ़ी और केसरिया जैसे प्रसिद्ध पर्यटन केंद्रों पर जीविका समूहों के उत्पाद उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे एक ओर पर्यटकों को बिहार के स्थानीय उत्पाद खरीदने का अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के पारंपरिक उत्पादों की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी।

लाखों परिवारों की आजीविका को मिलेगा सहारा

सरकार के अनुसार जीविका अभियान के माध्यम से पहले से ही लाखों परिवार आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। बड़ी संख्या में महिलाएं कृषि, पशुपालन, बकरी पालन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़ी हुई हैं। जीविका समूहों द्वारा कई उत्पादक कंपनियां भी संचालित की जा रही हैं, जिन्हें अब नए बाजार उपलब्ध होने से और अधिक लाभ मिलने की संभावना है।

महिलाओं के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, यूपी में आई बंपर भर्ती

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए रोजगार से जुड़ी बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के तीन जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के कुल 687 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिरोजाबाद, मेरठ और सहारनपुर में निकली इन भर्तियों के लिए योग्य महिला अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इंटरमीडिएट (12वीं) पास उम्मीदवारों के लिए यह सरकारी सेवा से जुड़ने का अच्छा अवसर माना जा रहा है।

पहली खुशखबरी: फिरोजाबाद में 101 पदों पर भर्ती

फिरोजाबाद जिले में 101 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 23 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 13 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकती हैं। पात्र महिला अभ्यर्थियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन पूरा करना होगा। आवेदन केवल आधिकारिक भर्ती पोर्टल के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

दूसरी खुशखबरी: मेरठ में 336 पदों पर सुनहरा मौका

मेरठ जिले में सबसे अधिक 336 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 22 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं। पात्र महिला उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। मेरठ की यह भर्ती बड़ी संख्या में महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

तीसरी खुशखबरी: सहारनपुर में 250 पदों पर आवेदन

सहारनपुर के जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से 250 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया गया है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 11 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवारों को समय रहते ऑनलाइन आवेदन कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने की सलाह दी गई है।

8वें वेतन आयोग का नया अपडेट! इन 5 अहम बिंदुओं पर निर्भर करेगी वेतन और पेंशन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। अब तक सबसे ज्यादा फोकस फिटमेंट फैक्टर पर रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन केवल इसी एक आधार पर तय नहीं होगी। वेतन आयोग कई आर्थिक और प्रशासनिक पहलुओं का आकलन करने के बाद ही अपनी अंतिम सिफारिश तैयार करेगा।

2027 में आ सकती है आयोग की अंतिम रिपोर्ट

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगियों और अन्य संबंधित पक्षों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। उम्मीद की जा रही है कि आयोग मई-जून 2027 तक अपनी अंतिम रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंप सकता है। इसके बाद सरकार सिफारिशों की समीक्षा कर अंतिम निर्णय लेगी।

फिटमेंट फैक्टर पर बनी हुई है सबसे ज्यादा नजर

सरकारी कर्मचारियों की सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि फिटमेंट फैक्टर अधिक रखा जाता है तो मूल वेतन में अच्छी बढ़ोतरी संभव हो सकती है। पिछले वेतन आयोगों पर नजर डालें तो 6वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.86 था। 7वें वेतन आयोग में इसे बढ़ाकर 2.57 किया गया। 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग कर्मचारी संगठन इससे अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

ये 5 बड़े मुद्दे तय करेंगे वेतन और पेंशन

1. महंगाई और जीवन-यापन का खर्च

देश में बढ़ती महंगाई, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास और दैनिक जरूरतों की लागत वेतन निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। कर्मचारियों की क्रय शक्ति बनाए रखने के लिए इन पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

2. सरकार की वित्तीय स्थिति

सरकार को वेतन वृद्धि के साथ अपने राजकोषीय संतुलन का भी ध्यान रखना होता है। यदि सरकारी वित्तीय स्थिति मजबूत होगी तो वेतन वृद्धि के लिए अधिक गुंजाइश बन सकती है।

3. बजट और राजकोषीय घाटा

वेतन और पेंशन में वृद्धि का सीधा असर सरकारी खर्च पर पड़ता है। इसलिए आयोग यह भी देखेगा कि प्रस्तावित बदलाव केंद्र सरकार के बजट और राजकोषीय लक्ष्यों के अनुरूप हैं या नहीं।

4. कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के सुझाव

आयोग देशभर में कर्मचारी संगठनों और पेंशनभोगियों से लगातार सुझाव ले रहा है। इन सुझावों और मांगों को भी अंतिम रिपोर्ट तैयार करते समय महत्व दिया जाएगा।

5. वेतन संरचना में संतुलन

आयोग का उद्देश्य विभिन्न विभागों और पदों के बीच वेतन संरचना में संतुलन बनाए रखना भी है। इसलिए अलग-अलग श्रेणियों के कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

अभी किसी भी आंकड़े की आधिकारिक पुष्टि नहीं

फिटमेंट फैक्टर, संभावित वेतन वृद्धि या पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न मंचों पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं। लेकिन फिलहाल आयोग ने कोई अंतिम सिफारिश जारी नहीं की है। इसलिए किसी भी संभावित आंकड़े को आधिकारिक मानना उचित नहीं होगा।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब दूर होगी टेंशन

नई दिल्ली। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने छोटे परिवारों और कम गैस की खपत करने वाले ग्राहकों के लिए बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। कंपनी 15 अगस्त तक 10 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता देश के 24 राज्यों के 100 शहरों तक बढ़ाने जा रही है। इस फैसले से लाखों उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार गैस सिलेंडर चुनने का बेहतर विकल्प मिलेगा।

100 नए शहरों तक 10 किलो वाला सिलेंडर

बीपीसीएल के अनुसार, 10 किलो क्षमता वाला एलपीजी सिलेंडर उन परिवारों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है जिनकी गैस की खपत कम होती है। अभी यह सुविधा सीमित क्षेत्रों में उपलब्ध है, लेकिन 15 अगस्त तक इसे 24 राज्यों के 100 शहरों तक विस्तारित किया जाएगा। इससे ग्राहकों को कम कीमत वाले और सुविधाजनक सिलेंडर का विकल्प मिलेगा।

छोटे परिवारों को होगा सीधा फायदा

बड़े सिलेंडर की तुलना में 10 किलो वाला सिलेंडर छोटे परिवारों, अकेले रहने वाले लोगों और कम गैस उपयोग करने वाले उपभोक्ताओं के लिए अधिक सुविधाजनक माना जाता है। इसकी उपलब्धता बढ़ने से उपभोक्ताओं को अपनी आवश्यकता के अनुसार सिलेंडर चुनने की सुविधा मिलेगी और बार-बार अधिक राशि खर्च करने की जरूरत भी कम होगी।

कच्चे तेल की खरीद में बदली रणनीति

कंपनी ने जून तिमाही के दौरान कच्चे तेल की खरीद की रणनीति में भी बदलाव किया है। इस अवधि में रूस से खरीदा गया कच्चा तेल कुल खरीद का लगभग 38 प्रतिशत रहा। वहीं स्पॉट मार्केट से खरीद बढ़ाकर 69 प्रतिशत कर दी गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि में 44 प्रतिशत थी। इसके अलावा कंपनी ने वेनेजुएला और अंगोला से भी कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई है।

35 दिनों की जरूरत के बराबर है स्टॉक

बीपीसीएल के पास वर्तमान में लगभग 38 लाख टन कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। कंपनी का कहना है कि यह स्टॉक उसकी करीब 35 दिनों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त है। इससे आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

बिहार में बनेगा 4-लेन ग्रीनफील्ड बाइपास, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार की राजधानी पटना और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार ने दानापुर के शिवाला मोड़ से बेउर मोड़ तक लगभग 10 किलोमीटर लंबे 4-लेन ग्रीनफील्ड बाइपास की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दक्षिणी पटना की सड़क व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा और शहर में लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

तीन प्रमुख सड़कों को मिलेगा सीधा संपर्क

नई सड़क परियोजना का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पटना-गया-डोभी मार्ग, पटना न्यू बाइपास और दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड एक-दूसरे से सीधे जुड़ जाएंगे। इससे विभिन्न जिलों और शहरों से आने-जाने वाले वाहनों को पटना के भीड़भाड़ वाले इलाकों से होकर गुजरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे यात्रा का समय कम होगा और यातायात अधिक सुगम बनेगा।

लाखों लोगों को जाम से छुटकारा

इस बाइपास के बनने से राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले करीब पांच लाख लोगों को रोजाना लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलने की संभावना है। खासतौर पर दानापुर, फुलवारीशरीफ, बेउर और दक्षिणी पटना के इलाकों में यातायात का दबाव काफी कम होगा। साथ ही दूसरे जिलों से आने वाले भारी वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध हो जाएगा।

निर्माण कार्य की तैयारी तेज

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) से प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी है। वहीं, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है। यदि सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो दिसंबर 2026 से निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। परियोजना को दिसंबर 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी! तीन चरणों में होगा तबादला

पटना। बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से स्थानांतरण प्रक्रिया का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए अब शिक्षा विभाग ने पूरी कार्ययोजना स्पष्ट कर दी है। नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों का तबादला तीन चरणों में किया जाएगा। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि केवल वही शिक्षक स्थानांतरण प्रक्रिया में शामिल होंगे, जो निर्धारित समय के भीतर आवेदन करेंगे। बिना आवेदन किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा।

पहले चरण में होगा समायोजन और म्यूचुअल ट्रांसफर

शिक्षा विभाग ने स्थानांतरण प्रक्रिया की शुरुआत समायोजन (रैशनलाइजेशन) और पारस्परिक (म्यूचुअल) स्थानांतरण से करने का निर्णय लिया है। इसके लिए 29 जुलाई से 5 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद संबंधित जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर की स्थापना समितियां निर्धारित समय पर बैठक कर आवेदन की समीक्षा करेंगी। इसके बाद समायोजन सूची जारी की जाएगी और यदि किसी शिक्षक को आपत्ति होगी तो उसका भी नियमानुसार निस्तारण किया जाएगा।

सितंबर में पूरा होगा म्यूचुअल ट्रांसफर

पहले चरण की प्रक्रिया समाप्त होने के बाद दूसरे चरण में पारस्परिक स्थानांतरण को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस दौरान योग्य और निर्धारित शर्तों को पूरा करने वाले शिक्षकों के आपसी स्थानांतरण की प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिससे दोनों पक्षों को सुविधा मिल सके।

सामान्य तबादले के लिए जारी होगी नई रिक्तियों की सूची

समायोजन और म्यूचुअल ट्रांसफर के बाद विभाग सभी विद्यालयों में उपलब्ध रिक्त पदों का नया विवरण जारी करेगा। संशोधित रिक्तियों के आधार पर सामान्य स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इससे शिक्षकों को वास्तविक रिक्त पदों के अनुसार विद्यालय चुनने का अवसर मिलेगा।

अक्टूबर तक पूरी होगी स्थानांतरण प्रक्रिया

सामान्य स्थानांतरण के लिए आवेदन प्राप्त होने के बाद जिला, प्रमंडल और राज्य स्थापना समितियां अंतिम सूची तैयार करेंगी। इस दौरान प्राप्त दावों और आपत्तियों का भी निष्पक्ष तरीके से निपटारा किया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी कर शिक्षकों को जल्द नई तैनाती दी जाए।

खुशखबरी पर खुशखबरी, यूपी में 111 पदों पर भर्ती शुरू, करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नौकरी की तैयारी कर रहे अनुभवी शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC), प्रयागराज ने सहायता प्राप्त (एडेड) डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य (Principal) के 111 पदों पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती केवल ऑनलाइन (OTR आधारित) प्रक्रिया के तहत की जाएगी।

111 पदों पर होगी भर्ती

आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 02/2026 के अनुसार कुल 111 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इनमें 89 पद सहशिक्षा (Co-education) डिग्री कॉलेजों के लिए तथा 22 पद महिला डिग्री कॉलेजों के लिए निर्धारित किए गए हैं। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों में प्राचार्य के रूप में होगी।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों को पहले वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) पूरा करना होगा, जिसके बाद वे आवेदन पत्र भर सकेंगे। आवेदन केवल आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

प्राचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की योग्यता पदों के अनुसार निर्धारित किया गया हैं। अधिक जानकारी के लिए नोटिश देखें।

आयु सीमा

इस भर्ती में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु 1 जुलाई 2026 तक 62 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना आयोग के नियमों के अनुसार की जाएगी।

आवेदन से पहले रखें इन बातों का ध्यान

आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार होंगे।

OTR पंजीकरण पहले से पूरा होना आवश्यक है।

आवेदन करते समय सभी शैक्षणिक, शोध एवं अनुभव संबंधी प्रमाणपत्र सही जानकारी के साथ अपलोड करें।

अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा। ताकि कोई दिक्कत न हो।

सावन में कमल की तरह खिलेगा भाग्य: 5 राशियों के लिए खुशखबरी, दुख-दर्द होंगे दूर

राशिफल। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। वर्ष 2026 में सावन 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक रहेगा। इस पूरे महीने शिव भक्त व्रत, जलाभिषेक और पूजा-पाठ के माध्यम से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, सावन के दौरान ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति भी कई राशियों के लिए शुभ फल देने वाली मानी जाती है।

मान्यता है कि इस अवधि में भगवान शिव की कृपा से कुछ राशि के जातकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। आइए जानते हैं कि किन 5 राशियों के लिए सावन का महीना विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

सावन का महीना मेष राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिलने के योग बन रहे हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए सावन सुख-समृद्धि का संकेत दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। यदि किसी निवेश की योजना बना रहे हैं, तो सोच-समझकर लिया गया निर्णय लाभदायक साबित हो सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और कारोबार में तरक्की दिलाने वाला माना जा रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। शिव मंदिर में जल और बेलपत्र अर्पित करना शुभ माना जाता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सावन का महीना सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। नौकरी में उन्नति के अवसर बनेंगे और नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं, तो यह समय अनुकूल माना जा सकता है। धार्मिक कार्यों में रुचि भी बढ़ सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए सावन राहत और शुभ समाचार लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और नौकरी में नई संभावनाएं मिल सकती हैं। घर-परिवार में सकारात्मक वातावरण रहेगा और मानसिक तनाव कम हो सकता है। भगवान शिव की नियमित पूजा करने से आत्मिक शांति का अनुभव हो सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, मछलीपालकों के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन से जुड़े लोगों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने मछलीपालकों और मछुआरों की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब पात्र मत्स्य पालकों को 5 लाख रुपये तक के व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा का लाभ दिया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना की स्थिति में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा उपलब्ध कराना और मत्स्य पालन व्यवसाय को अधिक सुरक्षित बनाना है।

बिना प्रीमियम मिलेगा बीमा का लाभ

इस योजना की सबसे खास बात यह है कि पात्र लाभार्थियों को बीमा के लिए अपनी जेब से कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। बीमा प्रीमियम का खर्च केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार संयुक्त रूप से वहन करेंगी। यानी योजना का लाभ लेने वाले मछलीपालकों को मुफ्त में दुर्घटना बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।

दुर्घटना में 5 लाख रुपये तक का मुआवजा

योजना के तहत यदि किसी पंजीकृत मछुआरे या मत्स्य पालक की दुर्घटना में मृत्यु हो जाती है, तो उसके परिवार को अधिकतम 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। यह सहायता पानी में डूबने, सांप के काटने या अन्य पात्र दुर्घटनाओं जैसी परिस्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार उपलब्ध कराई जाएगी।

गंभीर चोट लगने पर भी मिलेगी सहायता

योजना केवल मृत्यु तक सीमित नहीं है। यदि किसी लाभार्थी को दुर्घटना में स्थायी विकलांगता होती है, तो उसे 2.50 लाख रुपये तक का बीमा लाभ मिल सकता है। वहीं गंभीर रूप से घायल होने की स्थिति में इलाज के लिए 50 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।

ऐसे करें आवेदन की प्रक्रिया को पूरा

बीमा योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले मत्स्य पालकों को नेशनल फिशरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म (NFDP) पर अपना पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद बीमा से संबंधित विकल्प चुनकर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। यदि किसी व्यक्ति को ऑनलाइन पंजीकरण में परेशानी होती है, तो वह अपने नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) की मदद ले सकता है। इसके अलावा जिला मत्स्य विभाग के अधिकारी भी आवेदन प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।

25 से 30 जुलाई तक बनेगा महाशुभ योग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, होगा धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की बदलती स्थिति समय-समय पर विभिन्न शुभ और विशेष योगों का निर्माण करती है। 25 से 30 जुलाई के बीच बनने वाले शुभ ग्रह संयोग को कई राशियों के लिए सकारात्मक माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में कुछ राशि के जातकों को करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

हालांकि, किसी भी व्यक्ति के जीवन पर ग्रहों का वास्तविक प्रभाव उसकी जन्मकुंडली, दशा और गोचर पर भी निर्भर करता है। आइए जानते हैं कि इस अवधि में किन चार राशियों को विशेष लाभ मिलने की संभावना मानी जा रही है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए सौदे और आर्थिक लाभ मिलने के योग बन रहे हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए 25 से 30 जुलाई का समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। परिवार में भी सुखद वातावरण बना रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह शुभ योग आर्थिक स्थिति को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और पुराने निवेश से लाभ प्राप्त हो सकता है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। यदि नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं, तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह अवधि करियर और वित्तीय मामलों में लाभदायक साबित हो सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या सम्मान मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने के संकेत भी हैं।

यूपी में लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। गंगा लिंक एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण का कार्य अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारियों का दावा है कि बची हुई जमीन का अधिग्रहण भी जल्द पूरा कर लिया जाएगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होने का रास्ता साफ हो जाएगा।

तेजी से पूरा हो रहा जमीन अधिग्रहण

यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) को अपने अधिसूचित क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के लिए करीब 225 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित करने की जिम्मेदारी दी गई थी। अब तक अधिकांश भूमि का अधिग्रहण पूरा किया जा चुका है, जबकि शेष प्रक्रिया भी अंतिम चरण में है।

दूसरी ओर, उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) भी अपने हिस्से की जमीन खरीदने का कार्य तेजी से कर रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि भूमि संबंधी सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए।

नोएडा एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी

गंगा लिंक एक्सप्रेसवे का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को गंगा एक्सप्रेसवे से सीधा सड़क संपर्क मिलेगा। इससे पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बीच यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। करीब 74.3 किलोमीटर लंबा यह लिंक एक्सप्रेसवे यमुना एक्सप्रेसवे से जुड़ते हुए आगे गंगा एक्सप्रेसवे तक जाएगा। इससे यात्रियों और माल परिवहन दोनों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है।

इन जिलों को होगा सीधा फायदा

यह परियोजना मुख्य रूप से गौतमबुद्ध नगर और बुलंदशहर जिले के कई गांवों से होकर गुजरेगी। इसके निर्माण के बाद नोएडा, ग्रेटर नोएडा, जेवर, बुलंदशहर सहित आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इसके अलावा आगरा, मथुरा, लखनऊ और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे से जुड़े मार्गों पर भी आवागमन पहले से अधिक सुगम होने की संभावना है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा एक्सप्रेसवे

परियोजना के तहत लगभग 80 मीटर चौड़ी मुख्य सड़क बनाई जाएगी। यीडा क्षेत्र में सड़क के साथ सर्विस रोड भी विकसित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय यातायात प्रभावित न हो। कुछ हिस्सों में सड़क जमीन की सतह पर होगी, जबकि आगे के हिस्सों में एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण भी किया जाएगा। इससे यातायात अधिक सुरक्षित और सुचारु रहेगा।

पानी-पानी होगा बिहार, आज 19 जिलों में भारी बारिश के आसार

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से रुक-रुककर बारिश हो रही है, जिससे लोगों को उमस से राहत मिली है। वहीं, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने शुक्रवार को प्रदेश के कई जिलों के लिए बारिश, तेज हवा और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।

इन 19 जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार, आज पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, वैशाली, दरभंगा, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। इन इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने के साथ कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है।

अगले कुछ घंटों के लिए विशेष चेतावनी

आईएमडी ने अगले दो से तीन घंटों के दौरान अरवल, औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, पटना, भोजपुर और सारण जिलों में हल्की से मध्यम बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही कुछ क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की भी संभावना है, इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।

48 घंटे बाद और तेज हो सकता है मानसून

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 48 घंटों के दौरान बिहार के कई जिलों में बारिश की गतिविधियां और तेज हो सकती हैं। कुछ इलाकों में भारी वर्षा होने की भी संभावना जताई गई है। यदि ऐसा होता है तो निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

लगातार हो रही बारिश से धान और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में खेतों में पानी भरने की स्थिति भी बन सकती है। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम का पूर्वानुमान देखते हुए खेतों में आवश्यक प्रबंधन करने की सलाह दे रहे हैं।

केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, पेंशनर्स के लिए आई खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के सेवानिवृत्त कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) के तहत पात्र रिटायर्ड कर्मचारियों को अतिरिक्त लाभ (एक्स्ट्रा बेनिफिट) देने की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। सरकार के अनुसार, 25,756 सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारी इस अतिरिक्त लाभ के लिए पात्र हैं, जबकि हजारों मामलों में भुगतान की प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है।

25 हजार से अधिक पेंशनर्स होंगे लाभान्वित

लोकसभा में दी गई जानकारी के अनुसार, 25,756 रिटायर्ड केंद्रीय सरकारी कर्मचारी ऐसे हैं जो यूनिफाइड पेंशन स्कीम के तहत अतिरिक्त लाभ पाने के पात्र हैं। यह लाभ केवल उन कर्मचारियों को मिलेगा जो निर्धारित नियमों के अनुसार UPS के दायरे में आते हैं। सरकार का कहना है कि पात्र लाभार्थियों को योजना के अनुसार अतिरिक्त वित्तीय लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।

हजारों दावों का हो चुका है निपटारा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 9 जुलाई 2026 तक UPS के तहत 12,258 आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 9,823 दावों पर प्रक्रिया पूरी कर भुगतान की कार्रवाई की जा चुकी है। इससे संकेत मिलता है कि बड़ी संख्या में पात्र पेंशनर्स तक योजना का लाभ पहुंचना शुरू हो गया है। शेष आवेदनों की जांच और प्रक्रिया भी नियमानुसार जारी है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

यूनिफाइड पेंशन स्कीम का अतिरिक्त लाभ केवल उन केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए है जो नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के अंतर्गत आते हैं और जिन्होंने UPS के प्रावधानों के अनुसार पात्रता हासिल की है। यदि कोई कर्मचारी UPS के दायरे में शामिल नहीं है, तो उसे इस अतिरिक्त लाभ का फायदा नहीं मिलेगा।

क्या दूसरे कर्मचारियों को भी फायदा?

कई लोगों के मन में यह सवाल है कि क्या भविष्य में यह सुविधा अन्य सरकारी कर्मचारियों या अलग-अलग पेंशन योजनाओं से जुड़े लोगों को भी मिलेगी। सरकार ने इस पर स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि फिलहाल UPS के अतिरिक्त लाभ को अन्य पेंशन योजनाओं या दूसरे सेक्टर तक विस्तार देने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इसलिए अभी इसका लाभ केवल पात्र केंद्रीय कर्मचारियों तक ही सीमित रहेगा।

बिहार में जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! 30 दिन में मिलेगा पैसा

पटना। बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सेटेलाइट टाउनशिप योजना से जुड़े जमीन मालिकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। अब यदि कोई रैयत अपनी जमीन इस परियोजना के लिए स्वेच्छा से देना चाहता है, तो आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 30 दिनों के भीतर भुगतान करने की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए राज्य आवास बोर्ड ने मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार कर ली है।

विधान परिषद में इस संबंध में जानकारी देते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि सरकार किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बना रही है।

12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की तैयारी

राज्य सरकार बिहार के विभिन्न हिस्सों में 12 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इन टाउनशिप का उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण को व्यवस्थित करना, आधुनिक आवासीय सुविधाएं विकसित करना और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि आने वाले वर्षों में शहरी क्षेत्रों का आर्थिक योगदान तेजी से बढ़ेगा। इसी को ध्यान में रखते हुए भविष्य की जरूरतों के अनुसार नए शहर विकसित करने की योजना बनाई गई है।

जबरन नहीं ली जाएगी किसी की जमीन

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत किसी भी किसान या जमीन मालिक से जबरन भूमि अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। केवल स्वेच्छा से जमीन देने वाले रैयतों की भूमि ही ली जाएगी। मंत्री के अनुसार अब तक करीब 750 किसानों ने अपनी इच्छा से इस योजना के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है।

आवेदन के 30 दिन के भीतर भुगतान

योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि जमीन देने के इच्छुक रैयतों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। आवेदन और आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 30 दिनों के भीतर भुगतान करने का लक्ष्य तय किया गया है। इस व्यवस्था से किसानों और जमीन मालिकों का भरोसा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, ताकि उन्हें समय पर उचित भुगतान मिल सके।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा

जिन जिलों में राज्य आवास बोर्ड का कार्यालय मौजूद नहीं है, वहां सरकार ने नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है। इच्छुक रैयत सीधे इन अधिकारियों से संपर्क कर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा पूरी प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ें।

यूपी की बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी! गरीब परिवारों को मिलेगा बड़ा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में मदद करने के लिए शादी अनुदान योजना संचालित कर रही है। इस योजना का उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों पर शादी के दौरान पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना और पात्र लाभार्थियों को सीधे वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के तहत योग्य परिवारों को बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है।

किन परिवारों को मिलता है लाभ?

शादी अनुदान योजना का लाभ आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को दिया जाता है। विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग विभाग आवेदन और स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी करते हैं।

अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) : पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग

अनुसूचित जाति (SC) एवं सामान्य वर्ग : समाज कल्याण विभाग

अनुसूचित जनजाति (ST) : जनजाति विकास विभाग

कितनी मिलेगी आर्थिक सहायता?

योजना के तहत पात्र परिवार को बेटी की शादी के लिए ₹51,000 की सहायता राशि प्रदान की जाती है। यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकारी नियमों के अनुसार, एक परिवार की अधिकतम दो बेटियों को ही इस योजना का लाभ मिल सकता है। पहले इस योजना के तहत कम राशि दी जाती थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 51 हजार रुपये कर दिया गया।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ आवश्यक शर्तें पूरी करनी होती हैं। विवाह के समय लड़की की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। लड़के की आयु 21 वर्ष या उससे अधिक होनी आवश्यक है। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आवेदकों की वार्षिक पारिवारिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए आय सीमा सरकार द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार लागू होगी।

आवेदन कैसे करें?

योजना के लिए आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। इच्छुक आवेदक जन सुविधा केंद्र, संबंधित जिला कार्यालय या सरकार के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। ध्यान रहे कि आवेदन विवाह की निर्धारित तिथि से 90 दिन पहले या विवाह के 90 दिन के भीतर करना आवश्यक है। ऑनलाइन आवेदन पूरा करने के बाद उसकी प्रिंट कॉपी और जरूरी दस्तावेज संबंधित कार्यालय में जमा करना होता है।

दुश्मनों की खैर नहीं! भारत ने स्वदेशी S-400 'कुशा' का किया सफल टेस्ट

नई दिल्ली। भारत ने अपनी स्वदेशी रक्षा तकनीक को एक और बड़ी सफलता दिलाते हुए लंबी दूरी की एयर डिफेंस प्रणाली 'कुशा' का सफल उड़ान परीक्षण किया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 23 जुलाई 2026 को ओडिशा तट स्थित एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से इस अत्याधुनिक मिसाइल प्रणाली का पहला सफल फ्लाइट टेस्ट किया। इस उपलब्धि को भारत की एयर डिफेंस क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पहली ही उड़ान में सफल रहा परीक्षण

DRDO के अनुसार, परीक्षण के दौरान 'कुशा' मिसाइल को एक ऐसे इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्य के खिलाफ लॉन्च किया गया, जिसे तेज गति और अधिक ऊंचाई पर उड़ने वाले हवाई खतरे के रूप में तैयार किया गया था। मिसाइल ने लक्ष्य को सफलतापूर्वक ट्रैक किया और उसे निर्धारित समय पर इंटरसेप्ट कर अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने लंबी दूरी की स्वदेशी वायु रक्षा प्रणाली विकसित करने की दिशा में बड़ी उपलब्धि हासिल की है।

कई तरह के हवाई खतरों से करेगा सुरक्षा

'कुशा' एयर डिफेंस सिस्टम को आधुनिक युद्ध की जरूरतों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है। यह प्रणाली दुश्मन के कई प्रकार के हवाई खतरों का सामना करने में सक्षम है। इसकी मदद से फाइटर जेट, क्रूज मिसाइल, बैलिस्टिक मिसाइल, ड्रोन, यूएवी (UAV) और अन्य हवाई लक्ष्यों को लंबी दूरी से ही पहचानकर नष्ट किया जा सकता है। इसकी रडार प्रणाली एक साथ कई लक्ष्यों पर नजर रखने और उन्हें ट्रैक करने की क्षमता रखती है।

क्यों कहा जा रहा है भारत का स्वदेशी S-400?

रक्षा विशेषज्ञ 'कुशा' को भारत का स्वदेशी S-400 इसलिए बता रहे हैं क्योंकि इसकी क्षमताएं दुनिया की उन्नत एयर डिफेंस प्रणालियों के समान स्तर की मानी जा रही हैं। यह सिस्टम लंबी दूरी तक आने वाले हवाई खतरों को पहचानने, उनका पीछा करने और समय रहते उन्हें मार गिराने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, 'कुशा' और रूस के S-400 अलग-अलग प्रणालियां हैं, लेकिन दोनों का उद्देश्य देश की वायु सुरक्षा को मजबूत करना है। यही वजह है कि इसे स्वदेशी विकल्प के रूप में देखा जा रहा है।

सावन में घर जरूर लगाएं ये 3 पौधे! प्रसन्न होंगे महादेव, बरसेगी सुख-समृद्धि

धर्म डेस्क। सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र समय माना जाता है। इस पूरे महीने श्रद्धालु शिवलिंग पर जलाभिषेक, रुद्राभिषेक, बेलपत्र अर्पित करने और व्रत-पूजन के माध्यम से भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने का प्रयास करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दौरान कुछ विशेष पौधे घर या आंगन में लगाना भी अत्यंत शुभ माना गया है। माना जाता है कि ये पौधे सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाते हैं और भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने का माध्यम बनते हैं।

1. बेल

भगवान शिव की पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यता है कि बेल के पत्तों के बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है। ऐसे में सावन के महीने में घर के आंगन या बगीचे में बेल का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। धार्मिक विश्वास है कि बेल का पौधा लगाने और उसकी नियमित देखभाल करने से घर में सकारात्मक वातावरण बना रहता है। साथ ही शिव पूजा के लिए ताजे बेलपत्र भी आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं।

2. तुलसी

तुलसी को सामान्यतः भगवान विष्णु को प्रिय माना जाता है, लेकिन धार्मिक दृष्टि से यह पौधा घर में पवित्रता और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है। सावन के महीने में तुलसी का पौधा लगाने से घर का वातावरण शुद्ध रहता है और आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ती है।

3. शमी का पौधा

शमी का पौधा भी धार्मिक परंपराओं में अत्यंत शुभ माना गया है। कई मान्यताओं के अनुसार शमी की पूजा करने से जीवन में आने वाली बाधाएं कम होती हैं और सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ती है। सावन के महीने में शमी का पौधा लगाकर उसकी नियमित सेवा करना शुभ माना जाता है। यह पौधा पर्यावरण की दृष्टि से भी उपयोगी है और कम पानी में भी अच्छी तरह विकसित हो जाता है।

बुध हुए मार्गी! आज से इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, कारोबार और नौकरी में मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार, संचार और तर्क क्षमता का कारक माना जाता है। जब बुध वक्री अवस्था से निकलकर मार्गी होते हैं, तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, बुध के मार्गी होने से रुके हुए कार्यों में गति आती है, व्यापारिक निर्णय बेहतर होते हैं और करियर में नए अवसर मिलने की संभावना बढ़ती है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुध का मार्गी होना करियर और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों का फायदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। कारोबार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। यदि किसी नए निवेश या साझेदारी की योजना बना रहे हैं, तो परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर बुध के मार्गी होने का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। व्यापार में गति आएगी और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में प्रदर्शन बेहतर रहेगा और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी यह समय लाभदायक माना जा रहा है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का मार्गी होना कई क्षेत्रों में राहत देने वाला साबित हो सकता है। संचार, मार्केटिंग, शिक्षा, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि होने के संकेत हैं और परिवार में भी सकारात्मक वातावरण बना रहेगा। यदि नया व्यवसाय शुरू करने की योजना है, तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

यूपी में महिलाओं के लिए खुशखबरी, 12वीं पास के लिए जॉब ही जॉब

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश की 12वीं पास महिलाओं के लिए रोजगार पाने का शानदार मौका सामने आया है। राज्य के अलग-अलग जिलों में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इन भर्तियों के माध्यम से सैकड़ों रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिससे बड़ी संख्या में महिलाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

अयोध्या में 220 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती

अयोध्या जिले में एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के अंतर्गत 220 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। ये पद ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लिए हैं। इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का 12वीं पास होना आवश्यक है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। चयन के बाद नियुक्त अभ्यर्थियों को मानदेय के आधार पर सेवाएं देनी होंगी।

उन्नाव में 336 पदों पर आवेदन शुरू

उन्नाव जिले में भी 336 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 21 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं और 11 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। जो महिलाएं निर्धारित पात्रता पूरी करती हैं, वे समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकती हैं।

भदोही में 87 सहायिका पदों पर मौका

भदोही जिले में 87 आंगनवाड़ी सहायिका पदों के लिए भी भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती के लिए आवेदन 21 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं और 20 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। यह भर्ती उन महिलाओं के लिए अच्छा अवसर है, जो अपने क्षेत्र में रहते हुए सरकारी योजना से जुड़कर काम करना चाहती हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन भर्तियों में आवेदन करने के लिए सामान्य रूप से अभ्यर्थी को 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए। संबंधित ग्राम पंचायत, वार्ड या नगर क्षेत्र की स्थानीय निवासी होना आवश्यक है (जहां पद रिक्त है)। आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तें संबंधित भर्ती अधिसूचना के अनुसार लागू होंगी।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 1 जुलाई 2026 से बढ़ेगा महंगाई भत्ता

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (CPSE) में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेज (DPE) ने 1 जुलाई 2026 से लागू होने वाले इंडस्ट्रियल डियरनेस अलाउंस (IDA) की संशोधित दरों को मंजूरी दे दी है। नई दरें लागू होने के बाद पात्र कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी मासिक आय में भी इजाफा देखने को मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

यह बढ़ा हुआ IDA केवल उन कर्मचारियों पर लागू होगा, जो केंद्र सरकार के अधीन संचालित सेंट्रल पब्लिक सेक्टर एंटरप्राइजेज (CPSE) में कार्यरत हैं। इनमें 1987, 1997, 2007 और 2017 के वेतनमान के अंतर्गत आने वाले कर्मचारी और अधिकारी शामिल हैं। यानी यदि आप किसी सरकारी कंपनी में इन वेतनमानों के अनुसार सेवा दे रहे हैं, तो 1 जुलाई 2026 से आपको संशोधित महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।

नई दरों में कितना बदलाव?

डीपीई द्वारा जारी संशोधित दरों के अनुसार अलग-अलग वेतनमान के लिए IDA अलग तय किया गया है। वर्ष 2017 के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता 55.7 प्रतिशत होगा। वहीं 2007 पे-स्केल के लिए यह 241.7 प्रतिशत और 1997 पे-स्केल के लिए 476.9 प्रतिशत निर्धारित किया गया है। 1987 के वेतनमान वाले कर्मचारियों के लिए IDA की गणना तय फॉर्मूले के आधार पर की जाएगी।

सैलरी पर कैसे पड़ेगा असर?

महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का सीधा असर कर्मचारियों के वेतन पर दिखाई देगा। हालांकि, हर कर्मचारी को मिलने वाली अतिरिक्त राशि अलग-अलग होगी, क्योंकि यह उसके बेसिक वेतन और संबंधित पे-स्केल पर निर्भर करेगी। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50 हजार रुपये है और वह 2017 के वेतनमान के अंतर्गत आता है, तो संशोधित IDA के अनुसार उसे पहले की तुलना में अधिक महंगाई भत्ता मिलेगा। इससे उसकी कुल मासिक सैलरी में भी बढ़ोतरी होगी।

यूपी में 9वीं-10वीं और 11वीं-12वीं छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के लाखों छात्र-छात्राओं के लिए राहत भरी खबर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कक्षा 9वीं-10वीं (पूर्वदशम) और कक्षा 11वीं-12वीं (दशमोत्तर) छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। 

इस नई समय-सारिणी का उद्देश्य छात्रवृत्ति वितरण की पूरी प्रक्रिया को तय समय के भीतर पूरा करना और पात्र विद्यार्थियों तक बिना किसी अनावश्यक देरी के सहायता राशि पहुंचाना है। समाज कल्याण विभाग की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार आवेदन, सत्यापन, जांच, स्क्रूटनी और बैंक खातों में छात्रवृत्ति भेजने तक हर चरण के लिए अलग-अलग समय-सीमा तय की गई है।

5 अगस्त तक विद्यालयों को करना होगा यह जरूरी काम

नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों को 22 जुलाई से 5 अगस्त 2026 के बीच अपना मास्टर डाटा ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करना होगा। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक और संबंधित अधिकारी विद्यालयों की मान्यता, सीटों तथा अन्य आवश्यक जानकारियों का सत्यापन करेंगे। अल्पसंख्यक वर्ग के निजी विद्यालयों से जुड़ी आवश्यक ऑनलाइन प्रक्रिया भी इसी दौरान पूरी की जाएगी ताकि आगे आवेदन प्रक्रिया में कोई बाधा न आए।

नवीनीकरण वाले छात्रों के लिए आवेदन की तिथि

जो विद्यार्थी पहले से छात्रवृत्ति का लाभ ले रहे हैं और नवीनीकरण कराना चाहते हैं, वे 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के बाद विद्यालय स्तर पर बायोमेट्रिक सत्यापन, दस्तावेजों की जांच और आवेदन को आगे भेजने की प्रक्रिया 30 अगस्त तक पूरी की जाएगी। इसके बाद जिला स्तर पर छात्र संख्या का सत्यापन, एनआईसी द्वारा तकनीकी जांच और समिति की मंजूरी के बाद पात्र विद्यार्थियों के बैंक खातों में अक्टूबर 2026 तक छात्रवृत्ति की राशि सीधे पीएफएमएस के माध्यम से भेजने का लक्ष्य रखा गया है।

नए छात्रों के लिए आवेदन कब होंगे?

पहली बार छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण और आवेदन की प्रक्रिया 11 अगस्त से 21 सितंबर 2026 तक चलेगी। आवेदन जमा होने के बाद विद्यालय, जिला प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा सभी दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद पात्र छात्रों के बैंक खातों में जनवरी 2027 के दौरान छात्रवृत्ति की राशि सीधे हस्तांतरित की जाएगी।

गलती होने पर मिलेगा सुधार का मौका

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को अधिक छात्रहितैषी बनाने के लिए यह भी व्यवस्था की है कि यदि किसी आवेदन में त्रुटि या कोई संदिग्ध जानकारी पाई जाती है तो विद्यार्थियों को संशोधन और दोबारा सत्यापन का अवसर दिया जाएगा। इससे पात्र छात्रों का आवेदन केवल छोटी-मोटी गलती के कारण निरस्त नहीं होगा।

यूपी में इन शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा एरियर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के अनुदेशक शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की उस पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें अनुदेशकों के बढ़े हुए मानदेय और बकाया एरियर से जुड़े फैसले पर दोबारा विचार करने की मांग की गई थी। अदालत के इस निर्णय के बाद अब प्रदेश के करीब 25 हजार अनुदेशक शिक्षकों को वर्ष 2017 से लंबित एरियर मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने पहले दिए गए निर्णय को बरकरार रखते हुए स्पष्ट किया कि मामले में ऐसा कोई कानूनी आधार नहीं है, जिसके कारण पुराने फैसले में बदलाव किया जाए। इसके साथ ही सरकार की समीक्षा याचिका और खुली अदालत में सुनवाई की मांग भी अस्वीकार कर दी गई।

25 हजार से अधिक शिक्षकों को होगा सीधा लाभ

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग में कार्यरत करीब 25 हजार अनुदेशक शिक्षकों को मिलेगा। अब उन्हें वर्ष 2017 से बढ़े हुए मानदेय का बकाया एरियर मिलने की उम्मीद है। लंबे समय से लंबित इस मामले के निपटारे के बाद शिक्षकों में खुशी का माहौल है।

17 हजार रुपये मानदेय का आदेश बरकरार

सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी 2026 में दिए गए अपने आदेश को सही ठहराते हुए कहा कि अनुदेशक शिक्षकों को 17 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाना चाहिए। साथ ही वर्ष 2017 से बढ़े हुए मानदेय के अनुसार बकाया राशि का भुगतान भी किया जाए। अब राज्य सरकार को इसी आदेश के अनुसार भुगतान प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

क्यों शुरू हुआ था यह विवाद?

वर्ष 2017 में तत्कालीन सरकार ने अनुदेशक शिक्षकों का मानदेय 8,470 रुपये से बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया था। हालांकि बाद में यह फैसला पूरी तरह लागू नहीं हो सका। इसके बाद अनुदेशक शिक्षकों ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया और अपने अधिकार की मांग की।

अब आगे क्या होगा?

सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार को बढ़े हुए मानदेय और वर्ष 2017 से लंबित एरियर के भुगतान की प्रक्रिया शुरू करनी होगी। इससे हजारों अनुदेशक शिक्षकों को आर्थिक राहत मिलेगी और लंबे समय से चल रहा विवाद समाप्त होने की उम्मीद है। यह फैसला प्रदेश के अनुदेशक शिक्षकों के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।