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सोमवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग: 4 राशियों की परेशानियां होंगी दूर, मिल सकती है राहत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आने वाला सोमवार कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। इस दिन दो शुभ योगों का निर्माण होने से कई लोगों को सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मान्यता है कि शुभ योगों के प्रभाव से रुके हुए काम पूरे होने, आर्थिक स्थिति में सुधार और परेशानियों से राहत मिलने के संकेत बन सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए कामों में गति आने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार की संभावना बन सकती है। परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे और मानसिक तनाव कम हो सकता है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लोगों के लिए यह समय राहत देने वाला हो सकता है। कामकाज में आ रही रुकावटें दूर हो सकती हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सावधानी के साथ लिए गए फैसले फायदा पहुंचा सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए सोमवार का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। अधिकारियों और सहयोगियों का सहयोग मिलने की संभावना रहेगी। अगर किसी बात को लेकर तनाव चल रहा था तो उसमें कमी आ सकती है। सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि के योग बन सकते हैं। निवेश या बड़े फैसले सोच-समझकर लेने से फायदा मिल सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। पुराने विवादों से राहत मिलने और रिश्तों में सुधार के संकेत बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए नए अवसर मिल सकते हैं। मन की परेशानियां कम होंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी, नोएडा एयरपोर्ट से 12 शहरों के लिए सीधी उड़ान

न्यूज डेस्क। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से सफर करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी सुविधा मिलने जा रही है। एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने नोएडा एयरपोर्ट से 12 नए शहरों के लिए फ्लाइट शुरू करने की तैयारी पूरी कर ली है। इन उड़ानों के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है और टिकटों की बुकिंग भी शुरू हो चुकी है।

एक जुलाई से नोएडा एयरपोर्ट जेवर से यात्रियों को देश के कई प्रमुख शहरों के लिए सीधी हवाई सेवा मिलेगी। इससे दिल्ली-एनसीआर के लोगों को यात्रा के लिए एक और बेहतर विकल्प मिल जाएगा।

12 नए शहरों से जुड़ेगा नोएडा एयरपोर्ट

इंडिगो की नई उड़ानें नोएडा एयरपोर्ट से नवी मुंबई, श्रीनगर, जोधपुर, धर्मशाला, भोपाल, देहरादून, बरेली, किशनगढ़, लखनऊ, जयपुर, पंतनगर और चंडीगढ़ जैसे शहरों के लिए शुरू होंगी। इन सभी रूटों पर फ्लाइट रोजाना संचालित की जाएंगी। यात्री अब इन शहरों के लिए सीधे नोएडा एयरपोर्ट से उड़ान भर सकेंगे।

पहले से इन शहरों के लिए चल रही हैं फ्लाइट

नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से इंडिगो पहले ही कुछ प्रमुख शहरों के लिए उड़ान सेवा शुरू कर चुकी है। फिलहाल बेंगलुरु, जम्मू, हैदराबाद और अमृतसर के लिए नियमित फ्लाइट उपलब्ध हैं। इसके अलावा अकासा एयर भी नोएडा एयरपोर्ट से कुछ रूटों पर अपनी सेवाएं दे रही है और आने वाले समय में नए शहरों को जोड़ने की तैयारी में है।

यात्रियों को मिलेगा बेहतर कनेक्शन

12 नए शहरों से जुड़ने के बाद नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। इससे न सिर्फ यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में कारोबार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

बिहार में इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मिलेगी तरक्की!

पटना। बिहार के राजस्व कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए अब अधिकारी बनने का रास्ता खुलने लगा है। राज्य के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने पहले चरण में कुछ राजस्व कर्मचारियों को उच्च पद पर जिम्मेदारी दी है। इससे अन्य कर्मचारियों में भी उम्मीद जगी है।

विभाग की ओर से बिहार राजस्व कर्मचारी संवर्ग में काम कर रहे छह कर्मचारियों को बिहार राजस्व सेवा संवर्ग के तहत राजस्व अधिकारी और समकक्ष पदों पर नियुक्त किया गया है। पदोन्नति के बाद इन कर्मचारियों को वेतन स्तर-7 का लाभ भी मिलेगा।

कर्मचारियों को मिला बड़ा अवसर

राजस्व कर्मचारी लंबे समय से अपनी पदोन्नति की मांग कर रहे थे। अब विभाग ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पहले चरण में जिन कर्मचारियों को अधिकारी पद की जिम्मेदारी मिली है, उनमें अलग-अलग जिलों में तैनाती की गई है। इस फैसले से उन कर्मचारियों को भी उम्मीद मिली है जो वर्षों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं।

पदोन्नति के लिए तय हैं नियम

राजस्व कर्मचारियों को अधिकारी बनने के लिए कुछ निर्धारित शर्तों को पूरा करना होगा। इसके तहत कर्मचारी की सेवा अवधि पूरी होनी चाहिए और सेवा रिकॉर्ड संतोषजनक होना जरूरी है। नियमों के अनुसार राजस्व सेवा के कुछ पदों को राजस्व कर्मचारियों की पदोन्नति के माध्यम से भरा जाता है। इसके लिए तय प्रक्रिया और पात्रता का पालन करना होता है।

सैकड़ों कर्मचारियों को राहत

राज्य में ऐसे कई राजस्व कर्मचारी हैं, जो लंबे समय से सेवा दे रहे हैं और पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। विभाग की ओर से चरणबद्ध तरीके से पदोन्नति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे आने वाले समय में और भी कर्मचारियों को अधिकारी स्तर की जिम्मेदारी मिलने की संभावना है।

विभागीय कामकाज में तेजी

राजस्व अधिकारियों की संख्या बढ़ने से जमीन से जुड़े मामलों, दाखिल-खारिज, रिकॉर्ड सुधार और अन्य राजस्व कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। वहीं कर्मचारियों के लिए यह फैसला करियर में आगे बढ़ने का बड़ा अवसर माना जा रहा है।

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी, 1076 पदों पर भर्ती

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य के अल्पसंख्यक कल्याण विभाग में बड़े पैमाने पर पदों को भरने की तैयारी शुरू हो गई है। विभाग की ओर से 1076 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। इससे युवाओं को रोजगार का नया अवसर मिलेगा, वहीं विभागीय कामकाज भी पहले से बेहतर हो सकेगा।

राज्य सरकार अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़ी योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए व्यवस्था को मजबूत कर रही है। इसी कड़ी में प्रखंड स्तर पर अधिकारियों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे लोगों को योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी

इन पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती में अधिकारियों से लेकर लिपिकीय और अन्य कर्मचारियों के पद शामिल हैं। इसमें जिला स्तर के पदों के साथ-साथ प्रखंड स्तर के पद भी भरे जाएंगे। विभाग ने नियुक्ति प्रक्रिया के लिए प्रस्ताव संबंधित भर्ती आयोगों को भेज दिया है। कुल पदों में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी, क्लर्क और छात्रावास प्रबंधक जैसे पद शामिल हैं। सबसे ज्यादा नियुक्तियां प्रखंड अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी और लिपिक के पदों पर होने वाली हैं।

शिक्षा क्षेत्र में भी बढ़ेगी सुविधा

अल्पसंख्यक छात्रों के लिए आवासीय विद्यालयों की सुविधा को भी बढ़ाया जा रहा है। राज्य में नए आवासीय विद्यालयों के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है, ताकि विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिल सके। इसके अलावा मदरसों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा भी शुरू की जा रही है। इससे छात्रों को आधुनिक तरीके से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा।

हर प्रखंड में पहुंचेगी विभाग की व्यवस्था

अब तक कई कामों के लिए लोगों को जिला स्तर के कार्यालयों पर निर्भर रहना पड़ता था। लेकिन प्रखंड स्तर पर अधिकारियों की तैनाती होने के बाद स्थानीय स्तर पर समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। इससे सरकारी योजनाओं की निगरानी बेहतर होगी और पात्र लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने में मदद मिलेगी।

युवाओं को रोजगार और विभाग को मजबूती

1076 पदों पर होने वाली भर्ती सिर्फ रोजगार का अवसर नहीं देगी, बल्कि अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की कार्यक्षमता को भी मजबूत करेगी। सरकार की कोशिश है कि विभागीय सेवाएं और योजनाएं लोगों तक ज्यादा प्रभावी तरीके से पहुंच सकें।

लिवर को रखना है मजबूत तो डाइट में शामिल करें ये 4 चीजें, हमेशा रहेगा स्वस्थ

हेल्थ डेस्क। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने जैसे कई जरूरी काम करता है। खराब खानपान, ज्यादा तला-भुना खाना, शराब का सेवन और अनियमित जीवनशैली का सीधा असर लिवर की सेहत पर पड़ सकता है। ऐसे में अपनी डाइट में कुछ हेल्दी चीजों को शामिल करके लिवर को बेहतर रखने में मदद मिल सकती है।

1. हरी सब्जियां करें डाइट में शामिल

हरी पत्तेदार सब्जियां जैसे पालक, मेथी और अन्य साग पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं। इनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों से बचाने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से हरी सब्जियों का सेवन लिवर की सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

2. लहसुन से मिलेगा फायदा

लहसुन का इस्तेमाल सदियों से स्वास्थ्य के लिए किया जाता रहा है। इसमें मौजूद सल्फर यौगिक शरीर के प्राकृतिक डिटॉक्स सिस्टम को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। खाने में सीमित मात्रा में लहसुन शामिल करना लिवर के लिए लाभकारी हो सकता है।

3. फल और फाइबर वाली चीजें खाएं

सेब, पपीता, संतरा जैसे फल शरीर को जरूरी विटामिन और फाइबर देते हैं। फाइबर युक्त आहार पाचन को बेहतर बनाने में मदद करता है और शरीर के मेटाबॉलिज्म को संतुलित रखने में सहायक हो सकता है।

4. नट्स और बीज भी हैं फायदेमंद

बादाम, अखरोट और अन्य नट्स में अच्छे फैट और पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है और लिवर की सेहत को सपोर्ट मिल सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में 3% बढ़ोतरी को लेकर आया नया अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। पिछले कई दिनों से जुलाई में DA बढ़ने को लेकर चर्चाएं चल रही थीं, जिन पर अब स्थिति कुछ साफ होती नजर आ रही है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि आने वाले समय में महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है।

कब होगा DA बढ़ोतरी का ऐलान?

जानकारों के अनुसार जुलाई से लागू होने वाले महंगाई भत्ते का आधिकारिक ऐलान तुरंत नहीं होता। सरकार DA तय करने के लिए महंगाई से जुड़े आंकड़ों का विश्लेषण करती है। यही वजह है कि घोषणा में कुछ समय लग सकता है। हालांकि बढ़ोतरी लागू होने की तारीख जुलाई से मानी जाती है और बाद में कर्मचारियों को बकाया राशि एरियर के रूप में मिल सकती है।

3 फीसदी तक बढ़ सकता है DA

महंगाई के मौजूदा रुझानों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों के DA में 2 से 3 फीसदी तक की वृद्धि हो सकती है। अगर 3 फीसदी की बढ़ोतरी होती है तो महंगाई भत्ता मौजूदा स्तर से बढ़ जाएगा और कर्मचारियों की मासिक आय में सीधा फायदा दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी 30 हजार रुपये है, तो 3 फीसदी DA बढ़ने पर हर महीने करीब 900 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

साल में दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता

केंद्र सरकार नियमों के अनुसार साल में दो बार महंगाई भत्ते में बदलाव करती है। यह बढ़ोतरी आमतौर पर जनवरी और जुलाई से लागू की जाती है। DA का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के असर को कम करना और कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति को संतुलित रखना है।

यूपी में DL बनवाने के नियम सख्त, बिना ट्रेनिंग के नहीं मिलेगा लाइसेंस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार अब यह सुनिश्चित करने की तैयारी में है कि बिना सही ट्रेनिंग और ट्रैफिक नियमों की जानकारी के किसी भी व्यक्ति को स्थायी ड्राइविंग लाइसेंस जारी न किया जाए। नए सिस्टम के तहत लाइसेंस प्रक्रिया को पहले से ज्यादा पारदर्शी और सख्त बनाने की योजना है।

सरकार का मानना है कि सड़क हादसों की एक बड़ी वजह वाहन चालकों की लापरवाही और नियमों की जानकारी का अभाव है। इसी को देखते हुए ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने से पहले आवेदक की क्षमता और जानकारी की जांच पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है।

टेस्ट और ट्रेनिंग पर रहेगा फोकस

नई व्यवस्था में पहले लर्निंग लाइसेंस जारी किया जाएगा। इसके बाद आवेदक को वाहन चलाने की ट्रेनिंग पूरी करनी होगी। स्थायी लाइसेंस के लिए ड्राइविंग टेस्ट पास करना जरूरी होगा। टेस्ट में सफल होने और अधिकारियों की रिपोर्ट के बाद ही DL जारी किया जाएगा।

पासपोर्ट जैसी हो सकती है प्रक्रिया

सरकार ड्राइविंग लाइसेंस सिस्टम को पासपोर्ट प्रक्रिया की तरह मजबूत बनाने की तैयारी में है। इसमें आवेदक का बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाएगा और पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन सिस्टम से जोड़ने पर काम चल रहा है। हालांकि ड्राइविंग लाइसेंस में पुलिस वेरिफिकेशन की जगह ड्राइविंग टेस्ट को अहम भूमिका दी जाएगी।

परिवहन विभाग ने शुरू की तैयारी

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद परिवहन विभाग ने नई व्यवस्था को लागू करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। अभी लाइसेंस प्रक्रिया में कई काम निजी एजेंसियों के जरिए होते हैं, जबकि नई व्यवस्था में ड्राइविंग टेस्ट सेंटर की भूमिका भी बढ़ाई जा सकती है।

सड़क सुरक्षा को लेकर बड़ा कदम

सरकार का उद्देश्य है कि सड़क पर केवल ऐसे चालक उतरें जिन्हें वाहन चलाने का सही अनुभव और ट्रैफिक नियमों की जानकारी हो। माना जा रहा है कि नए नियम लागू होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिल सकती है। हालांकि नई व्यवस्था को लागू करने से पहले मौजूदा सिस्टम में जरूरी बदलाव किए जा रहे हैं। आने वाले समय में परिवहन विभाग की ओर से इसकी पूरी गाइडलाइन जारी की जा सकती है।

24 जून को बनेगा शिव योग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेंगे शुभ परिणाम

राशिफल।  ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और नक्षत्रों से बनने वाले योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक शुभ योग है शिव योग। द्रिक पंचांग के अनुसार 24 जून को सुबह 10 बजकर 23 मिनट से शिव योग का निर्माण होगा, जो 25 जून की सुबह 10 बजकर 54 मिनट तक रहेगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शिव योग को शुभ और मंगलकारी माना जाता है। इस दौरान किए गए धार्मिक कार्य, पूजा-पाठ, ध्यान और शुभ कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहती है। इस योग का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है।

1. वृषभ राशि

शिव योग का प्रभाव वृषभ राशि के जातकों के लिए सकारात्मक रह सकता है। इस दौरान मन में चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं और नई योजनाओं पर काम करने का अवसर मिल सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार आने की संभावना है। परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे और किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए शिव योग नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बन सकते हैं। करियर के क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। जो लोग किसी नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल रह सकता है। मानसिक शांति और परिवार का सहयोग मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला हो सकता है। शिव योग के प्रभाव से कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने और सम्मान बढ़ने के संकेत हैं। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव आ सकता है। निवेश या भविष्य की योजनाओं में फायदा मिल सकता है। रिश्तों में मधुरता बढ़ने की संभावना है।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शिव योग मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। पुराने विवादों का समाधान निकल सकता है और जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यूपी में मेट्रो के 10 नए रूट का ऐलान, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मेट्रो नेटवर्क को और मजबूत करने की तैयारी शुरू हो गई है। लखनऊ मेट्रो के विस्तार को लेकर बड़ा प्लान तैयार किया गया है, जिसके तहत आने वाले वर्षों में कई नए इलाकों और आसपास के जिलों को मेट्रो सुविधा से जोड़ा जाएगा।

उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (UPMRC) ने लखनऊ स्टेट कैपिटल रीजन को ध्यान में रखते हुए 10 नए मेट्रो रूट का खाका तैयार किया है। इस विस्तार से लखनऊ के साथ बाराबंकी, उन्नाव और मोहनलालगंज जैसे क्षेत्रों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

150 किलोमीटर से ज्यादा बढ़ेगा मेट्रो नेटवर्क

लखनऊ मेट्रो के इस मेगा विस्तार प्रोजेक्ट में करीब 150 से 170 किलोमीटर तक नया नेटवर्क जोड़े जाने की योजना है। इसमें ज्यादातर हिस्सा एलिवेटेड मेट्रो का होगा, जबकि कुछ हिस्से में अंडरग्राउंड ट्रैक बनाया जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट पर करीब 30 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है और इसे अगले 10 साल में चरणबद्ध तरीके से पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

किन इलाकों को मिलेगी मेट्रो की सुविधा?

नए मेट्रो नेटवर्क में लखनऊ के कई महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल किए गए हैं। इनमें राजाजीपुरम, अमीनाबाद, इंदिरा नगर, जानकीपुरम, सीजी सिटी, पीजीआई और एयरपोर्ट क्षेत्र प्रमुख हैं। इसके अलावा पड़ोसी क्षेत्रों को जोड़ने के लिए बाराबंकी तक मेट्रो पहुंचाने की योजना भी बनाई गई है।

बाराबंकी तक पहुंचेगी मेट्रो

लखनऊ-अयोध्या रोड क्षेत्र में बढ़ते विकास को देखते हुए अनौरा कला से बाराबंकी तक मेट्रो विस्तार की योजना बनाई गई है। इससे बाराबंकी से रोजाना लखनऊ आने-जाने वाले लोगों को बड़ा फायदा मिल सकता है और यात्रा का समय भी कम हो सकता है।

नए स्टेशनों पर मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

प्रस्तावित मेट्रो स्टेशनों पर ई-साइकिल, ई-बाइक और मल्टीलेवल पार्किंग जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इससे मेट्रो को सिर्फ यात्रा का साधन नहीं बल्कि एक आधुनिक ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के रूप में विकसित किया जाएगा।

बिहार में अब नई दरों पर जमीन की रजिस्ट्री शुरू, महिलाओं को बंपर छूट

पटना। बिहार में जमीन और संपत्ति की खरीद-बिक्री करने वालों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। राज्य में अब संशोधित सर्किल रेट के आधार पर जमीन का निबंधन शुरू हो गया है। नई दरें लागू होने के बाद कई इलाकों में जमीन की कीमत के मूल्यांकन में बढ़ोतरी हुई है, जिससे रजिस्ट्री कराना पहले के मुकाबले महंगा हो गया है। फुलवारी शरीफ समेत कई क्षेत्रों में नई व्यवस्था के तहत जमीन निबंधन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जमीन की कीमतों में हुआ बदलाव

नई सर्किल रेट लागू होने के बाद शहरी इलाकों में जमीन के मूल्यांकन में काफी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। कुछ क्षेत्रों में यह वृद्धि 100 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जबकि ग्रामीण इलाकों में भी जमीन के मूल्यांकन में लगभग 60 प्रतिशत तक बदलाव देखने को मिला है। इसका असर सीधे जमीन खरीदने वालों पर पड़ेगा, क्योंकि अब उन्हें बढ़े हुए मूल्यांकन के हिसाब से स्टाम्प ड्यूटी और अन्य शुल्क का भुगतान करना होगा।

स्टाम्प ड्यूटी में बढ़ोतरी लागू

सरकार की ओर से स्टाम्प ड्यूटी में एक प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू की गई है। नई दरों के अनुसार जमीन रजिस्ट्री कराने वालों को अब संशोधित शुल्क देना होगा। हालांकि सरकार ने महिलाओं को राहत देने का फैसला भी किया है।

महिलाओं को रजिस्ट्री में छूट

महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने वालों को स्टाम्प ड्यूटी में मिलने वाली छूट बढ़ाई गई है। पहले यह रियायत 0.3 प्रतिशत थी, जिसे बढ़ाकर 0.4 प्रतिशत कर दिया गया है। इसके अलावा निबंधन शुल्क में मिलने वाली एक प्रतिशत की छूट भी जारी रहेगी। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

जमीन लेते समय ध्यान दें

अब जमीन खरीदने से पहले लोगों को नई सर्किल रेट और शुल्क की जानकारी जरूर लेनी होगी। नई दरों के अनुसार स्टाम्प ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस की गणना की जाएगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: पशुपालकों के लिए आई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने पशुओं के टीकों की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पशु टीकों की जांच व्यवस्था को और मजबूत करने का फैसला लिया है, जिससे आने वाले समय में पशुओं को बेहतर और प्रमाणित टीके उपलब्ध हो सकेंगे।

इस बदलाव के तहत उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित चौधरी चरण सिंह-राष्ट्रीय पशु स्वास्थ्य संस्थान की केंद्रीय औषधि प्रयोगशाला की जांच क्षमता बढ़ाई गई है।

अब 42 प्रकार के टीकों की हो सकेगी जांच

सरकार के नए फैसले के बाद इस प्रयोगशाला में अब 42 तरह के पशु टीकों की जांच की जा सकेगी। इससे पहले यहां केवल दो प्रकार के टीकों की जांच की सुविधा थी। नई व्यवस्था में कुत्तों, घोड़ों, मुर्गियों और अन्य पालतू व घरेलू पशुओं से जुड़ी कई बीमारियों के टीकों की जांच शामिल होगी। इनमें कैनाइन डिस्टेंपर, कैनाइन कोरोनावायरस, डक प्लेग, फाउल पॉक्स, साल्मोनेला और टेटनस जैसी बीमारियों से बचाव के लिए इस्तेमाल होने वाले टीकों की जांच भी की जा सकेगी।

नियमों में किया गया बदलाव

इस व्यवस्था को लागू करने के लिए सरकार ने औषधि नियमावली, 1945 में संशोधन किया है। यह बदलाव औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1940 के प्रावधानों के तहत किया गया है। सरकार की ओर से इसे भारत के राजपत्र में अधिसूचना जारी कर कानूनी रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य पशु टीकों की जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।

पशुपालकों को मिलेगा लाभ

इस फैसले का सबसे बड़ा लाभ देश के पशुपालकों को मिलने की उम्मीद है। जांच सुविधा बढ़ने से पशुओं के लिए सुरक्षित और गुणवत्ता वाले टीके उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। समय पर सही टीका मिलने से पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाया जा सकेगा। इससे पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर होगा और दूध, मांस या अन्य उत्पादन क्षमता में भी सुधार आ सकता है।

टीका कंपनियों के लिए भी राहत

नई व्यवस्था से टीका बनाने वाली कंपनियों को भी फायदा होगा। अब टीकों की जांच और मंजूरी की प्रक्रिया पहले के मुकाबले तेज हो सकती है। इससे आयात किए जाने वाले पशु टीकों की जांच भी आसान होगी और बाजार में नए टीकों की उपलब्धता बढ़ सकती है।

CM सम्राट का एलान: बिहार के स्कूल-कॉलेजों में योग पढ़ाने की तैयारी

पटना। बिहार में अब योग को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विश्व योग दिवस के मौके पर बड़ा संकेत देते हुए कहा कि अगले साल से स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने के लिए निर्देश दिए जाएंगे।

स्कूल-कॉलेजों में योग को मिलेगा स्थान

विश्व योग दिवस के अवसर पर पटना के कंकड़बाग स्थित पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने योग को लेकर यह घोषणा की। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार की ओर से स्कूल-कॉलेजों और अन्य शिक्षण संस्थानों के पाठ्यक्रम में योग को शामिल करने की मांग रखी गई थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने इस दिशा में आगे बढ़ने की बात कही।

योग को अनिवार्य करने की योजना नहीं

स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने साफ किया कि योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने का उद्देश्य लोगों को इसके प्रति जागरूक करना है, इसे दबाव के रूप में लागू करना नहीं। उन्होंने कहा कि योग के लिए न तो अटेंडेंस की बाध्यता होनी चाहिए और न ही परीक्षा का प्रावधान। जिन छात्रों की इच्छा हो, वे योग का अभ्यास कर सकें।

बिहार से जुड़ा है योग का पुराना इतिहास

मुख्यमंत्री ने कहा कि योग का संबंध बिहार की धरती से भी गहराई से जुड़ा हुआ है। मुंगेर स्थित प्राचीन योग केंद्र से देश-विदेश के लोग योग की शिक्षा लेते रहे हैं और इसे दुनिया तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा निवेश कर रही है और लोगों को बीमारियों से बचाने के लिए योग जैसी प्राकृतिक पद्धतियों को बढ़ावा देना चाहती है।

योगी सरकार की तैयारी: यूपी के रसोइयों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक स्कूलों में बच्चों के लिए मिड-डे मील (MDM) बनाने वाले रसोइयों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आ रही है। सरकार अब इन रसोइयों के लिए सेवा नियमावली तैयार करने की दिशा में काम कर रही है। इसमें उनकी सेवा शर्तों को तय करने के साथ ही रिटायरमेंट की उम्र निर्धारित करने पर भी विचार किया जा रहा है। माना जा रहा है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद रसोइयों को अन्य संविदाकर्मियों की तरह कई सुविधाओं का लाभ मिल सकता है।

62 साल हो सकती है रिटायरमेंट की उम्र

मध्याह्न भोजन प्राधिकरण की ओर से तैयार किए जा रहे प्रस्ताव में रसोइयों की सेवानिवृत्ति उम्र 62 वर्ष रखने का सुझाव दिया जा रहा है। अभी तक रसोइयों के लिए रिटायरमेंट की कोई तय उम्र नहीं है। कई जगहों पर उम्रदराज रसोइये भी काम कर रहे हैं, जबकि ग्राम समितियों के पास उन्हें हटाने का अधिकार रहता है। नई सेवा नियमावली बनने के बाद इस व्यवस्था में बदलाव आने की उम्मीद है।

बच्चों और रसोइयों से जुड़ी योजना

उत्तर प्रदेश में मिड-डे मील योजना के तहत बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन उपलब्ध कराया जाता है। वर्तमान में लाखों बच्चों को भोजन देने की जिम्मेदारी हजारों रसोइये संभाल रहे हैं। इन रसोइयों की भूमिका बच्चों के पोषण और स्कूल व्यवस्था में काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

सेवा नियम बनने से क्या बदलेगा?

अगर नई सेवा नियमावली लागू होती है तो रसोइयों के लिए कई चीजें स्पष्ट हो जाएंगी। इसमें:

रिटायरमेंट की उम्र तय होगी

छुट्टियों का प्रावधान मिल सकता है

नियुक्ति प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी

सेवा से जुड़े नियम तय होंगे

ग्राम समितियों की मनमानी पर रोक लग सकती है

अभी रसोइयों को कई सुविधाएं नहीं मिलती हैं, जिनमें अवकाश और अन्य सेवा लाभ शामिल हैं।

मानदेय और छुट्टियों पर भी हो सकता है फैसला

फिलहाल रसोइयों को हर महीने मानदेय दिया जाता है और उनकी सेवा अवधि व अन्य शर्तों को लेकर कोई स्पष्ट नियम नहीं हैं। अन्य संविदाकर्मियों की तरह उन्हें 11 महीने के मानदेय देने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मातृत्व अवकाश और चाइल्ड केयर लीव जैसी सुविधाओं को लेकर भी नियम बनाए जाने की संभावना है।

बैठकों के बाद तेज हुई प्रक्रिया

रसोइयों की मांगों और प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के स्तर पर कई बैठकें हुईं। इसके बाद मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को सेवा नियमावली का प्रस्ताव तैयार करने के लिए कहा गया है। अब प्रस्ताव तैयार होने के बाद सरकार के स्तर पर आगे का फैसला लिया जाएगा।

त्रिग्रही राजयोग का असर: इन 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की विशेष स्थिति से कई तरह के शुभ योग बनते हैं, जिनका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। ऐसा ही एक योग इन दिनों त्रिग्रही राजयोग के रूप में बन रहा है। 23 जून को मिथुन राशि में सूर्य, बुध और चंद्रमा की मौजूदगी से यह विशेष संयोग बन रहा है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार त्रिग्रही राजयोग को शुभ माना जाता है। इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, नए अवसर और कार्यों में सफलता के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि किसी भी परिणाम को व्यक्ति की जन्म कुंडली और ग्रहों की स्थिति के आधार पर देखा जाता है।

1. मिथुन राशि

त्रिग्रही राजयोग मिथुन राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष हो सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने के संकेत हैं। बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता से लाभ हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार आने की संभावना बन सकती है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और मान-सम्मान के मामले में सकारात्मक असर डाल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ सकते हैं। परिवार और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए त्रिग्रही राजयोग नए अवसर लेकर आ सकता है। जो लोग नौकरी बदलने या नए काम की शुरुआत करने की सोच रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल रह सकता है। धन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। रिश्तों में मधुरता आएगी और मानसिक तनाव कम होने के संकेत हैं।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति और सफलता की दिशा में आगे बढ़ने वाला हो सकता है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की संभावना है। करियर में नए रास्ते खुल सकते हैं और आर्थिक योजनाओं में फायदा मिल सकता है। नई चीजें सीखने और आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, 8 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब पेयजल व्यवस्था में बदलाव करते हुए सतही जल के इस्तेमाल को प्राथमिकता दी जाएगी। लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) ने भू-जल पर बढ़ती निर्भरता कम करने के लिए नई योजना तैयार की है।

इस परियोजना के तहत दक्षिण-पूर्व बिहार के 8 जिलों में सतही जल आधारित पेयजल व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसके लिए केंद्र सरकार को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) भेजी गई है। इस योजना पर लगभग 5000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इन 8 जिलों को मिलेगा सबसे बड़ा फायदा

पहले चरण में उन जिलों को शामिल किया गया है, जहां गर्मी के मौसम में भू-जल स्तर तेजी से नीचे जाता है। इनमें शामिल हैं भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई, नवादा, गया, औरंगाबाद और कैमूर। इन जिलों के लोगों को भविष्य में होने वाले पेयजल संकट से राहत देने के लिए यह योजना तैयार की गई है।

कैसे काम करेगी नई योजना?

इस परियोजना में नदियों, जलाशयों और तालाबों के पानी का इस्तेमाल किया जाएगा। बारिश के समय मिलने वाले पानी को संग्रहित किया जाएगा और फिर उसे आधुनिक तकनीक से शुद्ध करके लोगों तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए जल स्रोतों से पानी को पाइपलाइन के माध्यम से ट्रीटमेंट प्लांट और फिर टंकी तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद घरों तक साफ पेयजल की सप्लाई की जाएगी।

दो साल में पूरा करने का लक्ष्य

सरकार ने इस परियोजना को लगभग दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद योजना के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले वर्षों में भू-जल स्तर में और गिरावट हो सकती है। इसलिए अभी से वैकल्पिक जल स्रोतों को मजबूत करना जरूरी है।

पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर होगी शुरुआत

इस योजना को शुरुआत में कुछ चुनिंदा प्रखंडों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा। इनमें पीरपैंती, सन्हौला, कटोरिया, बेलहर, तारापुर, असरगंज, अघौड़ा और मेसकौर जैसे क्षेत्र शामिल हैं। अगर शुरुआती चरण में योजना सफल रहती है तो इसे बिहार के अन्य जिलों और प्रखंडों तक भी विस्तार दिया जाएगा।

तेज होने वाला है मानसून: देश के 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देश में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार बढ़ने लगी है और आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कई राज्यों में भारी बारिश, तेज हवाओं और आंधी-तूफान को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं। आने वाले समय में महाराष्ट्र, तेलंगाना, बिहार, झारखंड, ओडिशा समेत कई इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है।

23 जून तक कई राज्यों में पहुंचेगा मानसून

मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सीमा महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड और बिहार के कई हिस्सों से गुजर रही है। अनुमान है कि 23 जून के आसपास इन राज्यों के कुछ और हिस्सों में मानसून सक्रिय हो जाएगा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के कुछ क्षेत्रों में भी मानसून पहुंचने के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है।

पहाड़ी राज्यों में बारिश का अलर्ट

उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों में मौसम बदलने वाला है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के क्षेत्रों में 21 और 22 जून को भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और तेज हवाओं की स्थिति भी बन सकती है। वहीं हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 21 से 26 जून तक हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

यूपी, दिल्ली और मैदानी राज्यों में भी

उत्तर प्रदेश में भी मानसून से पहले की बारिश वाली गतिविधियां बढ़ने लगी हैं। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में 25-26 जून और पश्चिमी यूपी में 26 जून के आसपास बारिश के आसार हैं। वहीं पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 21 से 23 जून के बीच गरज-चमक के साथ बारिश और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मध्य भारत के छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश और विदर्भ क्षेत्र में 21 से 26 जून के बीच बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। पूर्वी भारत में मानसून का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई गई है। बिहार और ओडिशा में भी आने वाले दिनों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

पूर्वोत्तर राज्यों में जमकर बरसेंगे बादल

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 21 से 26 जून तक व्यापक बारिश की संभावना है। असम और मेघालय में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। लोगों को जलभराव और भूस्खलन जैसी स्थिति को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दक्षिण भारत में भी बारिश का दौर जारी

केरल, कर्नाटक के तटीय इलाकों, लक्षद्वीप और तेलंगाना में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। तटीय कर्नाटक में 21 से 24 जून तक भारी बारिश की संभावना है। वहीं केरल, माहे और तेलंगाना में भी आने वाले दिनों में तेज बारिश हो सकती है। आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और तेलंगाना में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य: 1 जुलाई से 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 1 जुलाई से ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इस बदलाव का सीधा असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि आने वाला समय इन राशियों के लिए कमल की तरह खिलने जैसा होगा, जहां रुके हुए कार्य पूरे होंगे और नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं।

1. मिथुन राशि

इस अवधि में मिथुन राशि वालों के लिए कम्युनिकेशन और करियर में सुधार के योग बन सकते हैं। जो लोग मीडिया, मार्केटिंग या ऑनलाइन काम से जुड़े हैं, उन्हें नए अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी हो सकती है।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय भावनात्मक और आर्थिक दोनों रूप से राहत देने वाला हो सकता है। परिवार में शांति बढ़ेगी और पुराने तनाव कम हो सकते हैं। नौकरी में स्थिरता और आय के नए स्रोत मिलने की संभावना बन सकती है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय कामकाज में सुधार और प्रगति का संकेत दे सकता है। लंबे समय से अटके प्रोजेक्ट पूरे हो सकते हैं। स्वास्थ्य और दिनचर्या में सुधार देखने को मिल सकता है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह समय परिवर्तन और नए अवसरों का हो सकता है। नौकरी बदलने या नए काम की शुरुआत के योग बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में सावधानी के साथ लाभ के संकेत हैं।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय नई सोच और प्रगति लेकर आ सकता है। तकनीकी और क्रिएटिव क्षेत्रों में काम करने वालों को फायदा मिल सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा और नेटवर्क मजबूत हो सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: 16 FDC दवाओं पर रोक, जानें क्या है पूरा मामला

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दवा सुरक्षा और गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने 16 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन (FDC) दवाओं के निर्माण, बिक्री और वितरण पर रोक लगा दी है। यह कदम उन दवाओं पर उठाया गया है, जिनके बारे में वैज्ञानिक स्तर पर पर्याप्त प्रमाण नहीं मिले हैं कि वे मरीजों के लिए पूरी तरह सुरक्षित और उपयोगी हैं।

क्या होती हैं FDC दवाएं?

FDC यानी फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन वे दवाएं होती हैं, जिनमें एक ही टैबलेट, कैप्सूल या सिरप में दो या उससे अधिक दवाओं का मिश्रण होता है। इनका उद्देश्य मरीज को एक साथ कई दवाओं का लाभ देना होता है, जिससे इलाज आसान हो सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि हर दवा संयोजन जरूरी या सुरक्षित नहीं होता। अगर दो या अधिक दवाओं को बिना वैज्ञानिक आधार के मिलाया जाए, तो इससे मरीज को लाभ की बजाय नुकसान होने का खतरा भी बढ़ सकता है।

सरकार ने क्यों लगाया प्रतिबंध?

केंद्र सरकार ने यह फैसला ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 की धारा 26A के तहत लिया है। यह निर्णय विशेषज्ञ समितियों और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड (DTAB) की सिफारिशों के बाद लागू किया गया है। जांच में पाया गया कि इन 16 FDC दवाओं के संयोजन को लेकर पर्याप्त चिकित्सीय प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं। यानी इनके प्रभाव और सुरक्षा को पूरी तरह वैज्ञानिक रूप से साबित नहीं किया जा सका है।

किन प्रमुख दवाओं पर लगी रोक?

सरकार द्वारा जिन FDC दवाओं पर रोक लगाई गई है, उनमें कई महत्वपूर्ण कॉम्बिनेशन शामिल हैं, जैसे Aspirin + Ethoheptazine, Amoxicillin + Serratiopeptidase, Amoxicillin + Serratiopeptidase + Lactobacillus Sporogenes, Dicyclomine + Paracetamol + Clidinium Bromide + Chlordiazepoxide, Paracetamol + Lignocaine, Gliclazide + Chromium Picolinate, Cefadroxyl + Probenecid, Cefuroxime + Serratiopeptidase, इसके अलावा एलोवेरा आधारित कई कॉस्मेटिक और हेल्थ कॉम्बिनेशन भी इस सूची में शामिल किए गए हैं, जैसे Vitamin E, Jojoba Oil और Orange Oil के साथ मिश्रण वाली दवाएं।

यूपीवासियों के लिए बड़ी राहत! इस महीने से शुरू होगी ई-रजिस्ट्री सुविधा, घर बैठे होंगे काम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और घर की रजिस्ट्री प्रक्रिया को आसान और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। राज्य में जल्द ही ई-रजिस्ट्री सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे आम लोगों को निबंधन कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद कई प्रक्रियाएं ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम से पूरी की जा सकेंगी।

क्या है ई-रजिस्ट्री व्यवस्था?

नई ई-रजिस्ट्री प्रणाली के तहत प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरण और आवास विकास परिषद अपनी संपत्तियों की रजिस्ट्री स्वयं डिजिटल माध्यम से करेंगे। इसके लिए संबंधित संस्थाओं को लॉगिन आईडी और पासवर्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं। इस व्यवस्था का उद्देश्य रजिस्ट्री प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और तेज बनाना है, ताकि आम नागरिकों को अनावश्यक दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।

कैसे होगा पूरा प्रोसेस?

नई व्यवस्था में रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी, लेकिन पक्षकारों की उपस्थिति संबंधित संस्था के कार्यालय में आवश्यक रहेगी। प्रत्येक संस्था में एक अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो पूरी प्रक्रिया की जिम्मेदारी संभालेगा। दस्तावेजों का प्रारूप ऑनलाइन स्वीकृत किया जाएगा और अंतिम प्रक्रिया संबंधित उप निबंधक द्वारा पूरी तरह डिजिटल रूप से संपन्न होगी।

ऑनलाइन भुगतान अनिवार्य

ई-रजिस्ट्री व्यवस्था में सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। स्टाम्प शुल्क और रजिस्ट्रेशन शुल्क भी डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए जमा होंगे। इसके अलावा आधार आधारित ई-केवाईसी या अन्य वैध पहचान पत्रों के माध्यम से सत्यापन किया जाएगा। बायोमेट्रिक सिस्टम, डिजिटल हस्ताक्षर और ऑनलाइन वेरिफिकेशन इस प्रक्रिया का अहम हिस्सा होंगे।

दस्तावेजों की सुरक्षा और वैधता

ई-रजिस्ट्री में तैयार होने वाले सभी दस्तावेज इलेक्ट्रॉनिक रूप से सुरक्षित रखे जाएंगे। ये दस्तावेज विभागीय पोर्टल पर संरक्षित होंगे और पूरी तरह कानूनी रूप से मान्य होंगे। डिजिटल रूप से पंजीकृत दस्तावेजों को वही कानूनी मान्यता प्राप्त होगी, जो पारंपरिक रजिस्ट्री प्रक्रिया में मिलती है।

कल से खुलेंगे भाग्य के द्वार! चंद्रमा के असर से इन 4 राशियों को मिलेगा फायदा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल का असर सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। चंद्रमा को मन, भावनाओं, सोच और मानसिक स्थिति का कारक माना जाता है। जब चंद्रमा की स्थिति शुभ होती है तो व्यक्ति के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कल से चंद्रमा के प्रभाव के कारण कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रहने की संभावना है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आने वाला समय उत्साह और नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। चंद्रमा के शुभ प्रभाव से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जिससे भविष्य में फायदा होगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ पहुंचा सकते हैं। परिवार के साथ रिश्तों में भी मधुरता आने की संभावना है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए चंद्रमा का प्रभाव सकारात्मक रह सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने के संकेत मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। नौकरी और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। जो लोग किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल रह सकता है। परिवार और दोस्तों का सहयोग मिलेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए चंद्रमा का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान और सम्मान बढ़ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं। निवेश या बड़े फैसले लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर लें। निजी जीवन में खुशियों का माहौल बन सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आने वाला समय नए अवसर लेकर आ सकता है। चंद्रमा के प्रभाव से मन शांत रहेगा और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में चल रही समस्याओं का समाधान मिलने की संभावना है। सामाजिक जीवन में भी आपकी प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। वेतन आयोग की प्रक्रिया आगे बढ़ने के साथ ही अब कर्मचारियों की नजरें वेतन संशोधन और महंगाई भत्ते (DA) में होने वाली अगली बढ़ोतरी पर टिकी हुई हैं। सरकार की ओर से आने वाले फैसलों का सीधा असर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की जेब पर पड़ेगा।

8वें वेतन आयोग से बढ़ी उम्मीदें

भारत सरकार ने अक्टूबर 2025 में 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी थी। इसके बाद आयोग ने अपना काम शुरू किया। अब कर्मचारियों और कर्मचारी संगठनों की ओर से वेतन, भत्तों और पेंशन में सुधार को लेकर सुझाव दिए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशों में फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन, पेंशन में बदलाव और अन्य भत्तों को लेकर अहम चर्चा हो सकती है। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

DA बढ़ोतरी पर कर्मचारियों की नजर

केंद्र सरकार साल में दो बार महंगाई भत्ता (DA) और पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (DR) में संशोधन करती है। यह बढ़ोतरी महंगाई दर के आधार पर तय की जाती है। जनवरी 2026 से लागू DA में 2 फीसदी की बढ़ोतरी के बाद महंगाई भत्ता बढ़कर 60 फीसदी तक पहुंचने की बात सामने आई थी। अब कर्मचारियों को जुलाई 2026 से लागू होने वाली अगली बढ़ोतरी का इंतजार है।

सितंबर में हो सकता है DA का ऐलान

कर्मचारी संगठनों के अनुसार, जुलाई से दिसंबर 2026 की अवधि के लिए DA बढ़ोतरी का ऐलान आमतौर पर सितंबर के आसपास किया जाता है। हालांकि कुछ वर्षों में यह फैसला अक्टूबर तक भी पहुंचा है। अगर महंगाई के आंकड़े बढ़ोतरी के संकेत देते हैं तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सकता है।

AICPI-IW आंकड़ों से तय होता है DA

महंगाई भत्ता तय करने के लिए सरकार श्रम ब्यूरो द्वारा जारी ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़ों का इस्तेमाल करती है। DA की गणना सिर्फ एक महीने के आंकड़े से नहीं होती, बल्कि कई महीनों के औसत को ध्यान में रखा जाता है। अप्रैल 2026 के AICPI-IW आंकड़ों में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद अब आने वाले महीनों के आंकड़े महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, प्रदेशवासियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। अब आयुष्मान कार्ड से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को राजधानी लखनऊ स्थित राज्य स्वास्थ्य एजेंसी (साचीज) के कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने व्यवस्था को आसान बनाते हुए कई जरूरी कामों का समाधान जिला स्तर पर ही करने की सुविधा शुरू कर दी है। इससे आम लोगों का समय और परेशानी दोनों कम होंगे।

जिला स्तर पर ही होगा आयुष्मान कार्ड से जुड़ा समाधान

नई व्यवस्था के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), जिला आयुष्मान अधिकारी और जिला कार्यान्वयन इकाई की टीमों को विशेष तकनीकी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अब जिले के अधिकारी आयुष्मान कार्ड से जुड़ी कई तकनीकी समस्याओं को स्थानीय स्तर पर ही हल कर सकेंगे। इसमें कार्ड अप्रूवल, रिजेक्ट होने या कार्ड को निष्क्रिय करने जैसी प्रक्रियाएं शामिल हैं।

लखनऊ आने की जरूरत होगी कम

पहले आयुष्मान कार्ड से जुड़ी कुछ समस्याओं के लिए लाभार्थियों को साचीज कार्यालय से संपर्क करना पड़ता था। इससे दूर-दराज के लोगों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को अपने जिले में ही समाधान मिलने की उम्मीद है। इससे योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया और आसान हो जाएगी।

क्लेम और भुगतान व्यवस्था में भी सुधार

सरकार ने आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के क्लेम और भुगतान प्रक्रिया को भी बेहतर बनाने पर जोर दिया है। उत्तर प्रदेश में दावों के निस्तारण का औसत समय करीब 57 दिन बताया गया है, जबकि राष्ट्रीय स्तर पर यह औसत करीब 73 दिन है। सरकार का लक्ष्य है कि इलाज से जुड़े भुगतान और दावों का निपटारा ज्यादा तेज और पारदर्शी तरीके से हो।

अनियमित अस्पतालों पर कार्रवाई

आयुष्मान योजना में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सरकार ने सख्ती भी बढ़ाई है। जानकारी के अनुसार, नियमों का पालन नहीं करने वाले करीब 200 अस्पतालों को योजना से बाहर किया गया है, जबकि लगभग 300 अस्पतालों को नोटिस जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि सिर्फ उन्हीं अस्पतालों को योजना से जोड़ा जाएगा जो तय मानकों के अनुसार मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध करा रहे हैं।

लाभार्थियों को मिलेगा सीधा फायदा

इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा आयुष्मान कार्ड धारकों को मिलेगा। कार्ड से जुड़ी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए अब लंबी प्रक्रिया से गुजरना नहीं पड़ेगा। डिजिटल व्यवस्था और जिला स्तर पर समाधान मिलने से स्वास्थ्य योजना का लाभ जरूरतमंद लोगों तक तेजी से पहुंचाने में मदद मिलेगी।

ग्रहों का महासंयोग बदल देगा किस्मत! 4 राशियों पर बरसेगी धन और सफलता

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब कई ग्रहों की स्थिति एक साथ अनुकूल बनती है तो इसका असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है। आने वाले समय में ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है। इस दौरान मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने, आर्थिक स्थिति मजबूत होने और नए अवसर मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए ग्रहों का यह महासंयोग नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले जातकों को नए सौदे या नए संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सुधार हो सकता है और लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बनने की उम्मीद है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय धन और तरक्की के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। आय के नए साधन बनने और आर्थिक स्थिति बेहतर होने के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर जिम्मेदारी मिलने के साथ सम्मान भी मिल सकता है। निवेश से जुड़े फैसलों में लाभ मिल सकता है, लेकिन सोच-समझकर कदम उठाना जरूरी रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए ग्रहों का महासंयोग भाग्य का साथ दिलाने वाला माना जा रहा है। करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा फल प्राप्त हो सकता है। जो लोग व्यापार से जुड़े हैं, उनके लिए विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और आर्थिक स्थिति में मजबूती आने के संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह अवधि नए अवसर लेकर आ सकती है। नौकरी बदलने या करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। धन संबंधी मामलों में सुधार के संकेत हैं। परिवार और रिश्तों में सहयोग मिलेगा। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को भी सफलता मिलने की संभावना बताई जा रही है।

यूपी में जमीन-जायदाद को लेकर बड़ा फैसला! स्टांप विभाग ने बदले नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और संपत्ति से जुड़े मामलों को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। योगी सरकार डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करते हुए स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के कामकाज में नए सुधार लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि संपत्ति खरीदने-बेचने से पहले उसके स्वामित्व और रिकॉर्ड की जांच ज्यादा आसान हो जाएगी। इससे फर्जी दस्तावेज और जमीन विवादों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

संपत्ति की पहचान के लिए बनेगी यूनिक आईडी

सरकार की योजना के तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की संपत्तियों को एक खास पहचान नंबर दिया जाएगा। इसके लिए यूनिक प्रॉपर्टी आईडी तैयार की जाएगी। यह आईडी संपत्ति के रिकॉर्ड, स्वामित्व और अन्य जरूरी जानकारियों को डिजिटल सिस्टम से जोड़ेगी। इससे किसी भी जमीन या मकान की जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी।

रजिस्ट्री के बाद अपने आप शुरू होगी नामांतरण

नई व्यवस्था लागू होने के बाद संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी होते ही नामांतरण की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। अभी लोगों को कई बार अलग-अलग विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन डिजिटल सिस्टम आने के बाद विभागों के बीच डेटा साझा किया जाएगा और रिकॉर्ड अपडेट करने की प्रक्रिया तेज होगी।

भू-आधार से मिलेगी जमीन को नई पहचान

सरकार प्रत्येक भूमि के टुकड़े को एक यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर यानी ‘भू-आधार’ देने की योजना बना रही है। इससे जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल प्लेटफॉर्म और GIS मैपिंग सिस्टम से जोड़ा जा सकेगा। जमीन की लोकेशन, रिकॉर्ड और स्वामित्व की जानकारी ज्यादा सटीक तरीके से उपलब्ध होगी।

फर्जीवाड़े और विवादों पर लगेगी रोक

जमीन से जुड़े विवादों की बड़ी वजह रिकॉर्ड में गड़बड़ी और स्वामित्व को लेकर अस्पष्टता होती है। नई डिजिटल व्यवस्था से संपत्ति के दस्तावेज और रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित होंगे। इससे फर्जी रजिस्ट्री, गलत दावे और जमीन विवादों में कमी आने की उम्मीद है।

कई विभागों के रिकॉर्ड होंगे लिंक

नई व्यवस्था में स्टांप एवं पंजीकरण विभाग के साथ राजस्व विभाग, नगर निकाय, बिजली, पानी और सीवर जैसे विभागों के रिकॉर्ड को जोड़ने की योजना है। इससे संपत्ति से जुड़ी जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी और टैक्स व्यवस्था भी ज्यादा प्रभावी हो सकती है।

आम लोगों और निवेशकों को फायदा

सरकार का मानना है कि डिजिटल संपत्ति प्रबंधन प्रणाली से आम लोगों को सुविधा मिलेगी और निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। जमीन खरीदने वाले लोगों को रिकॉर्ड जांचने में आसानी होगी और संपत्ति से जुड़े कामों में समय की बचत होगी। यह कदम उत्तर प्रदेश में डिजिटल गवर्नेंस को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

बेरोजगारों के लिए बड़ी खुशखबरी! यूपी में 1 नई भर्ती का ऐलान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का शानदार मौका सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए प्रदेश के अलग-अलग विभागों में कुल 1829 खाली पदों को भरा जाएगा।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह बड़ा अवसर माना जा रहा है। इच्छुक उम्मीदवार तय तारीख के अंदर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

UPSSSC की ओर से जारी भर्ती में मुख्य रूप से दो पद शामिल हैं: ऑडिटर (लेखा परीक्षक) और असिस्टेंट अकाउंटेंट (सहायक लेखाकार), इन पदों पर नियुक्तियां उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में की जाएंगी।

1829 पदों पर निकली वैकेंसी

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 1829 पदों को भरा जाएगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करना होगा।

PET-2025 पास उम्मीदवार करें आवेदन

इस भर्ती की सबसे जरूरी शर्त यह है कि केवल वही अभ्यर्थी आवेदन कर पाएंगे, जिन्होंने UPSSSC PET-2025 परीक्षा में भाग लिया हो और उनके पास वैध PET-2025 स्कोर कार्ड हो। बिना PET स्कोर कार्ड वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए पात्र नहीं माने जाएंगे।

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया:

आवेदन शुरू होने की तारीख: 14 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 3 अगस्त 2026

आवेदन में सुधार और फीस मिलान की अंतिम तारीख: 10 अगस्त 2026

उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि अंतिम तारीख का इंतजार न करते हुए समय पर आवेदन पूरा कर लें।

केंद्र सरकार का फैसला: देश के युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने युवाओं को नौकरी के नए अवसर उपलब्ध कराने और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM VBRY) के तहत प्रोत्साहन राशि जारी की है।

सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को औपचारिक रोजगार से जोड़ा जाए और नौकरी की शुरुआत करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देकर उनका हौसला बढ़ाया जाए।

युवाओं को मिलेगी 15 हजार रुपये तक की सहायता

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत पहली बार नौकरी शुरू करने वाले युवाओं को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत नए कर्मचारियों को करीब 15,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जा सकती है। सरकार का मानना है कि नौकरी की शुरुआत में मिलने वाली यह सहायता युवाओं के लिए आर्थिक रूप से मददगार साबित होगी।

इस योजना से कंपनियों को भी मिलेगा फायदा

इस योजना में सिर्फ नौकरी पाने वाले युवाओं को ही लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि रोजगार देने वाली कंपनियों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा। जो कंपनियां नए कर्मचारियों की नियुक्ति करेंगी, उन्हें हर नए कर्मचारी पर हर महीने 3,000 रुपये तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा। इससे कंपनियों को ज्यादा लोगों को नौकरी देने के लिए बढ़ावा मिलेगा।

रोजगार बढ़ाने पर सरकार का फोकस

केंद्र सरकार का लक्ष्य देश में रोजगार के अवसरों को तेजी से बढ़ाना है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को निजी और औपचारिक क्षेत्र में ज्यादा अवसर मिलने की उम्मीद है। सरकार का मानना है कि युवाओं को रोजगार मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा मिलेगा।

99,446 करोड़ रुपये का बजट तय

प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के लिए सरकार ने बड़ा बजट निर्धारित किया है। इस योजना के लिए करीब 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना को लंबे समय के रोजगार विस्तार को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।

दो साल में 3.5 करोड़ रोजगार

सरकार ने इस योजना के जरिए अगले दो वर्षों में करीब 3.5 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत युवाओं को नौकरी से जोड़ने के साथ-साथ कंपनियों को नई भर्तियों के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

युवाओं के लिए बढ़ेंगे मौके

रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह योजना एक नई उम्मीद लेकर आई है। नौकरी की शुरुआत में आर्थिक सहायता और कंपनियों को मिलने वाले प्रोत्साहन से रोजगार बाजार में नए अवसर बनने की संभावना है। सरकार का कहना है कि यह पहल देश की युवा शक्ति को मजबूत बनाने और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

22 से 29 जून तक बनेंगे शुभ योग! 5 राशियों की बदलेगी किस्मत, मिलेंगे नए मौके

राशिफल। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 22 जून से 29 जून तक का समय कई राशि वालों के लिए खास रहने वाला है। इस दौरान ग्रहों की स्थिति में बदलाव और शुभ योगों के प्रभाव से कुछ लोगों को करियर, व्यापार, धन और निजी जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। 

हालांकि यह ज्योतिषीय मान्यताओं पर आधारित अनुमान है, वास्तविक परिणाम व्यक्ति के कर्म और परिस्थितियों पर भी निर्भर करते हैं। इस अवधि में कुछ राशियों के लिए नए अवसर, रुके हुए काम पूरे होने और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत बताए जा रहे हैं।

1. मेष राशि

22 से 29 जून के बीच मेष राशि वालों के लिए आत्मविश्वास बढ़ने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके हुए कामों में गति आने की संभावना है। व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभदायक रहेंगे। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बनने के योग हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय धन और तरक्की के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर जिम्मेदारी बढ़ने के साथ सम्मान मिल सकता है। निवेश या बचत से जुड़े फैसले भविष्य में लाभ दे सकते हैं। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह सप्ताह नए मौके लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। जो लोग व्यापार से जुड़े हैं, उन्हें नए सौदे या नए ग्राहकों से लाभ मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए 22 से 29 जून का समय आत्मविश्वास और सफलता से जुड़ा रह सकता है। नौकरी में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को विस्तार की योजना में सफलता मिल सकती है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के योग बन सकते हैं।

5. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह अवधि शुभ परिणाम देने वाली मानी जा रही है। मेहनत का फल मिलने और पुराने प्रयासों में सफलता मिलने के संकेत हैं। करियर में बदलाव या नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार हो सकता है और परिवार से सहयोग मिलेगा।