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बिहार में TRE-3 के करीब 3,000 शिक्षकों की नौकरी पर संकट, शिक्षा विभाग ने शुरू की कार्रवाई

पटना। बिहार में तीसरे चरण की शिक्षक नियुक्ति (TRE-3) से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी है, जिन्होंने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) से 18 माह का डीएलएड प्रशिक्षण प्राप्त किया है। 

विभागीय निर्देशों के अनुसार, यह प्रशिक्षण संबंधित शिक्षक भर्ती की पात्रता शर्तों के अनुरूप मान्य नहीं माना गया है। इसी आधार पर राज्यभर में ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार की जा रही है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, इस निर्णय का असर करीब 3,000 शिक्षकों पर पड़ सकता है।

विभाग ने जिलों को जारी किए निर्देश

प्राथमिक शिक्षा निदेशालय ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों (BEO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र में कार्यरत ऐसे शिक्षकों की पहचान करें, जिनकी नियुक्ति 18 माह के एनआईओएस डीएलएड के आधार पर हुई है। इसके लिए भौतिक सत्यापन (फिजिकल वेरिफिकेशन) कर विस्तृत सूची तैयार करने को कहा गया है, ताकि आगे की प्रशासनिक कार्रवाई समय पर पूरी की जा सके।

किस आधार पर हो रही है कार्रवाई?

शिक्षा विभाग का कहना है कि 7 दिसंबर 2023 को जारी विभागीय आदेश और विद्यालय अध्यापक भर्ती विज्ञापन संख्या 22/2024 में स्पष्ट पात्रता शर्तें निर्धारित की गई थीं। इन शर्तों के अनुसार, एनआईओएस से प्राप्त 18 माह का डीएलएड प्रमाणपत्र विद्यालय अध्यापक पद के लिए वैध योग्यता नहीं माना गया है। इसी कारण विभाग अब ऐसे अभ्यर्थियों की नियुक्तियों की समीक्षा कर रहा है।

प्रखंड स्तर पर तैयार होगी सूची

जिला शिक्षा विभागों को निर्देश दिया गया है कि सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियुक्त शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्रों की जांच करें। सत्यापन पूरा होने के बाद सूची जिला स्तर पर भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य भर्ती नियमों का पालन सुनिश्चित करना और पात्रता संबंधी विवादों का समाधान करना बताया जा रहा है।

प्रभावित शिक्षकों में बढ़ी चिंता

इस कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद संबंधित शिक्षकों में चिंता का माहौल है। जिन अभ्यर्थियों ने एनआईओएस के 18 माह के डीएलएड के आधार पर नौकरी हासिल की थी, वे अब अपने भविष्य को लेकर असमंजस में हैं। कई शिक्षक संगठन भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और आगे की स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार कर रहे हैं।

खुशखबरी का डबल धमाका! बिहार में एक साथ 2 बड़ी भर्तियां शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है। राज्य में एक साथ दो प्रमुख भर्ती प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। पहली भर्ती बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) की ओर से निकाली गई है, जबकि दूसरी भर्ती बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने स्पेशल ब्रांच में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) के पदों के लिए जारी की है। दोनों भर्तियों को मिलाकर कुल 3,837 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

3,687 संविदा फैकल्टी पदों पर भर्ती

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने राज्य के विश्वविद्यालयों और संबद्ध शिक्षण संस्थानों के लिए 3,687 संविदा फैकल्टी पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी को दूर करने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

प्रमुख जानकारी

भर्ती संस्था: बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC)

पद का नाम: संविदा फैकल्टी

कुल पद: 3,687

आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन

आवेदन की अंतिम तिथि: 15 जुलाई 2026

बिहार पुलिस में SI के 150 पदों पर भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने गृह विभाग की स्पेशल ब्रांच में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (जनरल क्लोज्ड कैडर) के 150 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में चयन तीन चरणों में होगा, जिसमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) शामिल हैं।

महत्वपूर्ण तिथियां

भर्ती संस्था: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC)

पद: पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI)

कुल पद: 150

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 9 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 9 अगस्त 2026

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

एक ओर विश्वविद्यालयों में हजारों शिक्षकों की भर्ती निकली है, वहीं दूसरी ओर पुलिस विभाग में अधिकारी बनने का मौका भी युवाओं को मिल रहा है। ऐसे में शिक्षा और सुरक्षा दोनों क्षेत्रों में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है। इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन की अंतिम तिथि का इंतजार करने के बजाय समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, नागरिकों के लिए 1 अच्छी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश की ऊर्जा आपूर्ति को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने और होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही फिर से सुचारु होने के बाद सरकार ने प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर लगाए गए अधिकांश आपातकालीन प्रतिबंध हटा दिए हैं। इस फैसले से उद्योगों, बिजलीघरों और ऊर्जा क्षेत्र को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही आम उपभोक्ताओं के लिए भी ऊर्जा आपूर्ति व्यवस्था पहले की तरह सामान्य होने का रास्ता साफ हुआ है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि अब गैस वितरण पर लागू विशेष नियंत्रण व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही आपातकालीन परिस्थितियों में बनाई गई प्राथमिकता आधारित आपूर्ति प्रणाली भी वापस ले ली गई है।

संकट के समय उठाए गए थे विशेष कदम

इस वर्ष पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के दौरान वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका पैदा हो गई थी। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य से तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) और कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने का खतरा बढ़ गया था। इसी स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अस्थायी नियंत्रण लागू किए थे, ताकि घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता दी जा सके और ऊर्जा संकट से बचाव हो सके।

अब सामान्य होगी गैस आपूर्ति

सरकार के ताजा फैसले के बाद प्राकृतिक गैस की आपूर्ति फिर से सामान्य कारोबारी व्यवस्था के अनुसार की जा सकेगी। इससे उद्योगों, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उपभोक्ताओं को पहले की तुलना में अधिक सहज तरीके से गैस उपलब्ध होने की संभावना है।

उद्योग और बिजली क्षेत्र को राहत

नई व्यवस्था लागू होने के बाद गैस आधारित बिजली संयंत्रों, उर्वरक उद्योगों, पेट्रोकेमिकल इकाइयों और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों को पर्याप्त गैस उपलब्ध होने की संभावना है। इससे उत्पादन क्षमता बढ़ेगी और उद्योगों की परिचालन गतिविधियां पहले की तरह सामान्य हो सकेंगी। 

अर्थव्यवस्था को मिल सकता है लाभ

ऊर्जा आपूर्ति सामान्य होने से विनिर्माण, परिवहन और औद्योगिक क्षेत्र में लागत का दबाव कम होने की संभावना है। इससे उत्पादन बढ़ने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिल सकती है। यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात स्थिर बने रहते हैं, तो आने वाले समय में ऊर्जा क्षेत्र में और अधिक स्थिरता देखने को मिल सकती है।

45 पार करते ही पुरुषों को जरूर खाने चाहिए ये 5 सुपरफ्रूट्स, फिटनेस रहेगी बरकरार

हेल्थ डेस्क: 45 वर्ष की उम्र के बाद पुरुषों के शरीर में कई प्राकृतिक बदलाव शुरू होने लगते हैं। मेटाबॉलिज्म पहले की तुलना में धीमा हो सकता है, मांसपेशियों की ताकत धीरे-धीरे कम होने लगती है और हृदय, हड्डियों तथा पाचन तंत्र का विशेष ध्यान रखना जरूरी हो जाता है। ऐसे में नियमित व्यायाम के साथ संतुलित आहार भी अच्छी सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

हेल्थ विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ फलों में मौजूद विटामिन, मिनरल्स, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट शरीर को आवश्यक पोषण देने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं ऐसे पांच सुपरफ्रूट्स के बारे में, जिन्हें 45 वर्ष के बाद पुरुष अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।

1. अनार

अनार पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन-सी, पोटैशियम और पॉलीफेनॉल्स शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकते हैं। नियमित मात्रा में अनार खाने से हृदय स्वास्थ्य को समर्थन मिल सकता है और शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी सहायता मिलती है।

2. केला

केला पोटैशियम, मैग्नीशियम और प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट का अच्छा स्रोत है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देने के साथ मांसपेशियों के सामान्य कार्य में भी मदद करता है। जो पुरुष नियमित रूप से व्यायाम करते हैं, उनके लिए केला एक अच्छा स्नैक विकल्प हो सकता है।

3. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी को एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मस्तिष्क और हृदय के स्वास्थ्य को समर्थन देने में सहायक हो सकते हैं। साथ ही यह शरीर में सूजन को कम करने और प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाए रखने में भी योगदान दे सकती है।

4. पपीता

पपीता पाचन तंत्र के लिए लाभकारी फल माना जाता है। इसमें मौजूद पपेन एंजाइम भोजन को पचाने में मदद करता है। इसके अलावा यह विटामिन-ए, विटामिन-सी और फाइबर से भरपूर होता है, जो पाचन, त्वचा और रोग प्रतिरोधक क्षमता के लिए फायदेमंद माने जाते हैं।

5. सेब

'रोज एक सेब' वाली कहावत आज भी काफी लोकप्रिय है। सेब में घुलनशील फाइबर, विटामिन-सी और कई आवश्यक एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। इसे नियमित और संतुलित मात्रा में खाने से पाचन बेहतर रखने, वजन नियंत्रित करने और हृदय स्वास्थ्य को समर्थन देने में मदद मिल सकती है।

6 से 12 जुलाई तक बनेगा महासंयोग, 4 राशियों पर बरस सकती है सुख-समृद्धि

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 6 से 12 जुलाई के बीच ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेंगे। इस दौरान बनने वाले शुभ ग्रह संयोग को कई ज्योतिषी शुभ अवसरों, आर्थिक उन्नति और कार्यों में सफलता का संकेत मानते हैं। ग्रहों के इस महासंयोग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रहेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल माना जा रहा है।

वृषभ राशि

यह सप्ताह वृषभ राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ के नए अवसर बनेंगे तथा आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह सप्ताह आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए सौदे मिलने की संभावना है। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से शुभ मानी जा रही है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि जैसी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और रुके हुए भुगतान मिलने के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी तथा परिवार के साथ संबंध और मजबूत होंगे।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह सप्ताह नई उपलब्धियों का संकेत दे सकता है। करियर में प्रगति के अवसर मिलेंगे और नए कार्यों की शुरुआत लाभदायक साबित हो सकती है। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं तथा किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति का अनुभव होगा।

बिहार सरकार का फैसला: किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने बागवानी किसानों की आय बढ़ाने और फलों की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। राज्य सरकार अब किसानों, किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ), स्वयं सहायता समूहों, महिला उद्यमियों और युवाओं को राइपनिंग चैंबर स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता देगी। 

इस योजना का उद्देश्य फलों को वैज्ञानिक तरीके से पकाना, फसल की बर्बादी कम करना और किसानों को बेहतर बाजार मूल्य दिलाना है। सरकार का मानना है कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से राज्य की बागवानी मूल्य-शृंखला मजबूत होगी और किसानों की आय में स्थायी बढ़ोतरी का रास्ता खुलेगा।

35 प्रतिशत या अधिकतम 35 हजार रुपये तक अनुदान

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को परियोजना लागत का 35 प्रतिशत या अधिकतम 35,000 रुपये प्रति मीट्रिक टन क्षमता तक अनुदान दिया जाएगा। यह सहायता राइपनिंग चैंबर की स्थापना के लिए उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि अधिक से अधिक किसान आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। सरकार का लक्ष्य है कि छोटे और मध्यम स्तर के किसान भी इस तकनीक को अपनाकर अपनी उपज का बेहतर प्रबंधन कर सकें।

किन फसलों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ?

बिहार में हर वर्ष बड़ी मात्रा में केला, आम, पपीता और टमाटर का उत्पादन होता है। इन फसलों की कटाई के समय बाजार में एक साथ अधिक आवक होने से कीमतें गिर जाती हैं और किसानों को कम दाम पर अपनी उपज बेचनी पड़ती है। यदि राइपनिंग चैंबर उपलब्ध होगा, तो किसान अपनी उपज को सुरक्षित वातावरण में कुछ समय तक संरक्षित रख सकेंगे और बाजार में मांग बढ़ने पर बेहतर कीमत पर बेच पाएंगे।

किसानों को कैसे होगा फायदा?

राइपनिंग चैंबर की सुविधा मिलने से किसानों को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं।

फलों की शेल्फ लाइफ बढ़ेगी, जिससे जल्दी खराब होने का खतरा कम होगा।

बाजार की मांग के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बिक्री संभव होगी।

कम कीमत पर मजबूरी में उपज बेचने की स्थिति कम होगी।

फलों की गुणवत्ता, रंग, स्वाद और सुगंध में सुधार होगा।

किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

बिहार में मछली पालकों को 60% सब्सिडी, सरकार ने दी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और राज्य की पारंपरिक देसी मछलियों के संरक्षण के लिए एक नई पहल शुरू की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मत्स्य प्रजाति विविधीकरण योजना लागू की गई है, जिसके तहत मछली पालन करने वाले किसानों और उद्यमियों को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा। 

इस योजना का उद्देश्य विलुप्त होती देसी मछलियों का संरक्षण, उत्पादन बढ़ाना और मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि करना है। योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक लाभार्थी 31 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

सभी जिलों के मत्स्य पालकों को मिलेगा लाभ

राज्य सरकार ने इस योजना को बिहार के सभी जिलों में लागू किया है। इसका लाभ ऐसे लोग उठा सकेंगे जो निजी या पट्टे पर लिए गए सरकारी तालाबों में वैज्ञानिक तरीके से मत्स्य पालन करना चाहते हैं। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय स्तर पर मत्स्य उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

60 प्रतिशत तक मिलेगी सब्सिडी

योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पात्र लाभार्थियों को निर्धारित इकाई लागत का 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इससे छोटे और मध्यम स्तर के मत्स्य पालकों पर शुरुआती निवेश का बोझ कम होगा और वे आधुनिक तकनीकों के साथ मत्स्य पालन शुरू कर सकेंगे। सरकार को उम्मीद है कि अधिक सब्सिडी मिलने से युवा उद्यमी भी इस क्षेत्र में निवेश करने के लिए आगे आएंगे।

देसी मछलियों के संरक्षण पर रहेगा विशेष जोर

बिहार की कई पारंपरिक मछली प्रजातियां समय के साथ कम होती जा रही हैं। नई योजना का उद्देश्य केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि इन देसी प्रजातियों का संरक्षण और संवर्धन भी है। यदि इन प्रजातियों का वैज्ञानिक तरीके से पालन बढ़ता है, तो जैव विविधता को भी संरक्षण मिलेगा और स्थानीय बाजारों में देसी मछलियों की उपलब्धता बढ़ेगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बिहार के ग्रामीण श्रमिकों को मिली बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के ग्रामीण श्रमिकों और पंचायतों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAMG) के तहत राज्य को 1,663.56 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी कर दी गई है। 

यह राशि राज्य के लिए पहले से स्वीकृत 6,715.83 करोड़ रुपये के अंतरिम बजट का हिस्सा है। इस फंड का उपयोग ग्रामीण विकास कार्यों को गति देने, श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और पंचायत स्तर पर आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा।

तीन महीने की जरूरतों को ध्यान में रखकर जारी हुई राशि

ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार से मिली 1,663.56 करोड़ रुपये की यह पहली किस्त अगले तीन महीनों के विकास कार्यों और रोजगार संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जारी की गई है। राज्य सरकार भी इसमें अपना वित्तीय योगदान जोड़ेगी, जिससे पंचायतों में विकास योजनाओं को तेजी से लागू किया जा सकेगा।

अब 100 नहीं, 125 दिनों तक मिलेगा रोजगार

नई योजना में सबसे बड़ा बदलाव रोजगार की अवधि को लेकर किया गया है। पहले ग्रामीण श्रमिकों को 100 दिनों के रोजगार की गारंटी मिलती थी, जबकि अब पात्र अकुशल श्रमिकों को 125 दिनों तक काम देने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव से हजारों ग्रामीण परिवारों को अतिरिक्त 25 दिनों का रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी वार्षिक आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

समय पर काम नहीं तो मिलेगा बेरोजगारी भत्ता

योजना में श्रमिकों के अधिकारों को और मजबूत किया गया है। यदि कोई पात्र श्रमिक नियमानुसार काम की मांग करता है और तय समय सीमा के भीतर उसे रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जाता, तो उसे बेरोजगारी भत्ता देने का प्रावधान रखा गया है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रोजगार की गारंटी केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि जरूरतमंद श्रमिकों को समय पर काम भी मिले।

विकास कार्यों में केंद्र और राज्य दोनों करेंगे निवेश

नई व्यवस्था के तहत पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों की लागत दोनों सरकारें मिलकर वहन करेंगी। कुल परियोजना लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा राज्य सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 60 प्रतिशत राशि केंद्र सरकार उपलब्ध कराएगी। इससे विकास योजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे और परियोजनाओं के समय पर पूरा होने की संभावना बढ़ेगी।

गांवों में बढ़ेंगे रोजगार और आर्थिक गतिविधियां

इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। पंचायत स्तर पर विकास कार्य बढ़ने से स्थानीय श्रमिकों को अपने गांव में ही रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी, जिससे पलायन में कमी आ सकती है।

सौभाग्य योग का शुभ प्रभाव! 5 राशियों की चमक सकती है किस्मत

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों के शुभ संयोग समय-समय पर ऐसे योगों का निर्माण करते हैं, जिनका प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रूप से देखने को मिलता है। ऐसा ही एक शुभ संयोग सौभाग्य योग है, जो 6 जुलाई को दोपहर 3:51 बजे तक प्रभावी रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को सुख-समृद्धि, शुभ कार्यों, पारिवारिक खुशहाली और आर्थिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है।

वृषभ राशि

सौभाग्य योग वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से शुभ संकेत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। व्यापार में विस्तार के अवसर बनेंगे तथा पुराने निवेश से लाभ मिलने के योग हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और सामाजिक सम्मान में वृद्धि हो सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। परिवार में किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य पहले से बेहतर रहेगा और मानसिक तनाव में कमी आएगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए सौभाग्य योग भाग्य का भरपूर साथ देने वाला माना जा रहा है। रुके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना रहेगी। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह योग सफलता और समृद्धि के नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं। धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

भारत-इजरायल की बड़ी डील लागू, निवेश और कारोबार को मिलेगा नया आयाम

नई दिल्ली। भारत और इजरायल के बीच आर्थिक सहयोग अब एक नए चरण में प्रवेश कर चुका है। दोनों देशों के बीच पिछले वर्ष हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते के लागू होने के साथ ही व्यापार और निवेश के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। इस समझौते का उद्देश्य निवेशकों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना और दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को और मजबूत बनाना है।

निवेशकों को मिलेगा भरोसेमंद माहौल

नए निवेश समझौते के लागू होने के बाद भारत और इजरायल के निवेशकों को एक-दूसरे के देशों में निवेश करने के लिए अधिक सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था मिलेगी। इससे निवेश संबंधी जोखिम कम होने की उम्मीद है और कंपनियां लंबी अवधि की परियोजनाओं में अधिक विश्वास के साथ निवेश कर सकेंगी। इस समझौते की खास बात यह है कि यह निवेशकों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोनों देशों की सरकारों को जनहित से जुड़े फैसले लेने की स्वतंत्रता भी देता है। इससे निवेश और सरकारी नीतियों के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

व्यापारिक संबंधों को मिलेगी नई गति

विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते के बाद भारत और इजरायल के बीच द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। दोनों देशों की कंपनियों को नए निवेश अवसर मिलेंगे, जिससे औद्योगिक सहयोग और व्यापारिक गतिविधियों का विस्तार होगा। सीमा पार निवेश को बढ़ावा मिलने से रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। साथ ही नई तकनीकों और आधुनिक उद्योगों में संयुक्त परियोजनाओं की संख्या बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

मुक्त व्यापार समझौते की दिशा

द्विपक्षीय निवेश समझौते को भारत और इजरायल के संभावित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि भविष्य में एफटीए पर सहमति बनती है, तो दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकता है।

कई क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

भारत और इजरायल पहले से ही रक्षा, कृषि, जल प्रबंधन, साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वास्थ्य तकनीक और नवाचार जैसे क्षेत्रों में सहयोग कर रहे हैं। अब निवेश समझौते के लागू होने के बाद इन क्षेत्रों में संयुक्त निवेश और तकनीकी साझेदारी को और गति मिलने की उम्मीद है। स्टार्टअप क्षेत्र को भी इसका बड़ा लाभ मिल सकता है। इजरायल की नवाचार क्षमता और भारत के तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच सहयोग बढ़ने से नई तकनीकों के विकास और निवेश के अवसर मजबूत होंगे।

कारोबार करना होगा और आसान

निवेशकों को स्पष्ट नियम और बेहतर कानूनी सुरक्षा मिलने से दोनों देशों की कंपनियों का भरोसा बढ़ेगा। इससे व्यापार करने में आने वाली कई प्रशासनिक और निवेश संबंधी चुनौतियां कम हो सकती हैं। आसान कारोबारी माहौल विदेशी निवेश आकर्षित करने में भी मददगार साबित हो सकता है।

रणनीतिक रिश्तों को भी मिलेगी मजबूती

भारत और इजरायल के संबंध केवल व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देश रणनीतिक साझेदार भी हैं। आर्थिक सहयोग के मजबूत होने से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक संबंध और अधिक सशक्त होने की संभावना है। यह समझौता वैश्विक स्तर पर भी दोनों देशों की आर्थिक भागीदारी को नई पहचान देने वाला कदम माना जा रहा है।

यूपी सरकार ने दी सौगात, शिक्षकों-कर्मचारियों के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए राहत और सुरक्षा से जुड़ी बड़ी पहल की जा रही है। राज्य सरकार ने उन्हें बेहतर सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। इस पहल के तहत स्थायी और संविदा दोनों तरह के कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार के बीमा और बैंकिंग सुविधाओं का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 8 जुलाई को वाराणसी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इस समझौते के लागू होने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के करीब 10 लाख शिक्षक और कर्मचारी विशेष सैलरी पैकेज के दायरे में आ जाएंगे।

स्थायी कर्मचारियों को मिलेगा व्यापक सुरक्षा कवच

इस योजना के तहत स्थायी शिक्षकों और कर्मचारियों को कई तरह के वित्तीय सुरक्षा लाभ दिए जाएंगे। इनमें ग्रुप टर्म लाइफ इंश्योरेंस, व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में आर्थिक सहायता और हवाई दुर्घटना की स्थिति में अतिरिक्त बीमा कवर शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों के परिवार को ध्यान में रखते हुए बच्चों की उच्च शिक्षा और बेटियों के विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसरों के लिए भी विशेष सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराए जाएंगे।

संविदा कर्मचारियों को भी मिलेगा बड़ा फायदा

सरकार ने केवल स्थायी कर्मचारियों तक ही इस योजना को सीमित नहीं रखा है, बल्कि संविदा पर कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों तथा अन्य कर्मचारियों को भी इसमें शामिल किया है। मासिक वेतन के आधार पर उन्हें दुर्घटना बीमा, स्थायी एवं आंशिक दिव्यांगता कवर जैसी सुविधाएं मिलेंगी। इससे संविदा कर्मचारियों को भी भविष्य की अनिश्चित परिस्थितियों में आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार मिलेगा।

कम वेतन वाले कर्मचारियों का भी रखा गया ध्यान

ऐसे कर्मचारी जिनका मासिक वेतन कम है, उन्हें भी इस योजना से बाहर नहीं रखा गया है। उनके लिए जीरो बैलेंस बैंक खाते और रुपे डेबिट कार्ड के माध्यम से बीमा सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर कर्मचारियों को भी आवश्यक सुरक्षा कवच मिल सकेगा।

एसबीआई सैलरी पैकेज से जुड़ने पर मिलेगा लाभ

जिन कर्मचारियों का वेतन पहले से एसबीआई खाते में आ रहा है, उन्हें इस विशेष सैलरी पैकेज का लाभ स्वतः मिल सकेगा। वहीं जिनका वेतन किसी अन्य बैंक में आता है, उन्हें एसबीआई में सैलरी अकाउंट खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा ताकि वे भी इस योजना का पूरा लाभ उठा सकें।

कर्मचारियों के हित में बड़ा कदम

राज्य सरकार की यह पहल लाखों शिक्षकों और कर्मचारियों के लिए आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। बीमा सुरक्षा और बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार से कर्मचारियों और उनके परिवारों को भविष्य की आकस्मिक परिस्थितियों में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। यह योजना न केवल वित्तीय सुरक्षा बढ़ाएगी, बल्कि कर्मचारियों में भरोसा और आत्मविश्वास भी मजबूत करेगी।

यूपी में 12वीं पास के लिए खुशखबरी, 209 पदों पर बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। 

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 209 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार, जो 12वीं पास हैं और सरकारी सेवा में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है। यदि आप इस भर्ती में आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि, पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों की जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है।

आवेदन की तिथियां

आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 9 जुलाई 2026 तक आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी यही निर्धारित की गई है।

आवेदन शुल्क कितना है?

इस भर्ती की खास बात यह है कि सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क समान रखा गया है। सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग सहित सभी उम्मीदवारों को केवल 25 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 1 जुलाई 2026 को न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को राज्य सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अलावा आयोग द्वारा निर्धारित अन्य शैक्षणिक एवं पात्रता संबंधी शर्तों को भी पूरा करना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना पढ़ना चाहिए।

यूपी में मानसून एक्टिव, 4 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं उमस और तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं हल्की बारिश से राहत मिल रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 4 से 10 जुलाई के बीच मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने जैसी मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कब होगी ज्यादा बारिश?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 जुलाई के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। 7 से 10 जुलाई के बीच कई जिलों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी अलर्ट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 4 से 7 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 8 से 10 जुलाई के दौरान भी कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आंधी-तूफान-वज्रपात का खतरा

बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेष रूप से 7 और 8 जुलाई को कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। वहीं 8 से 10 जुलाई के बीच तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों और आम लोगों को राहत

लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को आगामी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, राजस्व परिषद में नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद राजस्व परिषद ने सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए नई न्यायिक व्यवस्था लागू कर दी है। 

इस फैसले के तहत अब सरकारी और सार्वजनिक भूमि से संबंधित अहम मामलों की सुनवाई एकल पीठ के बजाय तीन सदस्यीय विशेष पीठ करेगी। सरकार का मानना है कि सामूहिक सुनवाई की इस व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।

किन मामलों की होगी विशेष पीठ में सुनवाई?

नई व्यवस्था के अनुसार अब आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा की जमीन, नजूल भूमि, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति (जहां लागू हो) से जुड़े सभी नए और लंबित मामलों की सुनवाई विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष होगी। इन मामलों की सुनवाई अब न तो एकल सदस्यीय पीठ करेगी और न ही सर्किट कोर्ट में होगी। सभी महत्वपूर्ण मामलों पर तीन सदस्य संयुक्त रूप से विचार करेंगे, जिससे निर्णय अधिक संतुलित और न्यायसंगत हो सके।

राजस्व संहिता की धारा-9 के तहत लागू

राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-9 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इस नई प्रणाली को लागू किया है। सरकार का उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े विवादों का समयबद्ध समाधान करना, न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना तथा निर्णयों में एकरूपता सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार लंबे समय से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देती रही है। इसी दिशा में यह फैसला एक अहम कदम माना जा रहा है।

हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई

राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज स्थित न्यायालयों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यीय विशेष पीठों का गठन किया है। इन पीठों द्वारा प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े सभी लंबित एवं नए मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, ताकि सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।

क्या होगा नई व्यवस्था का फायदा?

सरकार का मानना है कि तीन सदस्यीय पीठ द्वारा सामूहिक रूप से लिए गए निर्णयों से न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी। एक ही प्रकार के मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाए जाने से अलग-अलग फैसलों की संभावना कम होगी और भविष्य में कानूनी विवाद तथा भ्रम की स्थिति भी घटेगी।

यूपी सरकार ने दी खुशखबरी, 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली मात्र 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। 

इस योजना के जरिए सरकार बिजली पर सब्सिडी देकर गरीब परिवारों के मासिक खर्च को कम करने का प्रयास कर रही है। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच सस्ती बिजली मिलने से कमजोर आय वर्ग के लोगों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी और उनके घरेलू बजट पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।

किन उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ?

इस विशेष योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता रखने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को ही मिलेगा। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। उपभोक्ता बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी का घरेलू बिजली उपभोक्ता होना चाहिए। बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड अधिकतम 1 किलोवाट होना चाहिए। एक महीने में बिजली की खपत 100 यूनिट तक होनी चाहिए। पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बिजली बिल में समायोजित की जाएगी, जिससे उन्हें कम राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

सरकार क्यों लाई यह योजना?

सरकार का उद्देश्य केवल सस्ती बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि जब बिजली का बिल कम आएगा तो उपभोक्ता समय पर भुगतान करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे बकाया बिलों की समस्या कम होगी और बिजली चोरी पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास अभी तक वैध बिजली कनेक्शन नहीं है, वे भी अधिक संख्या में नियमित कनेक्शन लेने के लिए आगे आ सकते हैं।

जुलाई के बिजली बिल में राहत

राज्य सरकार ने केवल बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी राहत का ऐलान किया है। जुलाई 2026 के बिजली बिलों में 4.43 प्रतिशत की नेगेटिव एडजस्टमेंट लागू की जाएगी। इसका लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी और उन्हें सीधे आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

गरीब परिवारों को फायदा

इस पहल से कम आय वाले परिवारों का मासिक खर्च घटेगा और वे अपनी अन्य जरूरी आवश्यकताओं पर अधिक खर्च कर सकेंगे। नियमित बिजली बिल भुगतान की प्रवृत्ति बढ़ने से बिजली वितरण व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है।

रविवार को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग: 4 राशियों को मिलेगा धन, मान-सम्मान और सफलता

राशिफल। रविवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन तीन शुभ और शक्तिशाली योगों का संयोग बनने से कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शुभ ग्रहों की अनुकूल स्थिति बनती है तो व्यक्ति के जीवन में धन, करियर, प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख से जुड़े क्षेत्रों में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

रविवार का दिन मेष राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति मिलेगी और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। अधिकारियों का सहयोग मिलने से पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है तथा किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह शुभ संयोग मान-सम्मान और सफलता का संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में तरक्की का रास्ता खोलेंगी। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके कार्यों की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए रविवार आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं तथा किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित होगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह दिन करियर और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ी सकारात्मक खबर मिल सकती है। व्यापारियों को अच्छा लाभ होने के योग हैं। सामाजिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा और आपके निर्णयों की प्रशंसा होगी।

बिहार सरकार का बड़ा यू-टर्न! लालू-राबड़ी को फिर मिली Z श्रेणी की सुरक्षा

पटना। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया निर्णय लिया है। सरकार ने दोनों नेताओं की Z श्रेणी की सुरक्षा दोबारा बहाल कर दी है। इसके साथ ही उनके काफिले के लिए बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ समय पहले सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। अब सरकार के नए निर्णय के बाद दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले जैसी सुरक्षा व्यवस्था फिर से मिल गई है।

पहले कम की गई थी सुरक्षा

कुछ समय पहले सरकारी आवास से जुड़े विवाद के दौरान राज्य सरकार ने कई नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराई थी। इसी प्रक्रिया में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती का फैसला लिया गया था। हालांकि उस समय तेजस्वी यादव और मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।

सुरक्षा में बदलाव के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा इंतजाम स्वीकार नहीं किए थे। बाद में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

अब फिर बहाल हुई पुरानी व्यवस्था

सरकार के ताजा फैसले के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने के साथ ही उनके आवागमन के लिए बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। इससे पहले उन्हें इसी स्तर की सुरक्षा प्राप्त थी।

क्या होती है Z श्रेणी की सुरक्षा?

Z श्रेणी देश में उपलब्ध महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। इस श्रेणी में किसी वीआईपी की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की एक विशेष टीम तैनात रहती है। सुरक्षा घेरा 24 घंटे सक्रिय रहता है और आवास के साथ-साथ यात्रा के दौरान भी विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती है। काफिले में कई सुरक्षा वाहन शामिल होते हैं तथा आवश्यकता के अनुसार बुलेटप्रूफ वाहन का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संभावित सुरक्षा जोखिमों से वीआईपी की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

कल सूर्य करेंगे चमत्कार! इन 4 राशियों की हर अधूरी इच्छा हो सकती है पूरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मबल, सफलता, मान-सम्मान, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति शुभ होती है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ग्रहों की चाल के अनुसार कल का दिन चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है। इन राशियों के जातकों को करियर, धन, परिवार और सामाजिक जीवन में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

मेष राशि

कल का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और नई उपलब्धियों से भरा रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों या नए सौदों से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए सूर्य का प्रभाव बेहद शुभ माना जाता है। कल आपके कार्यक्षेत्र में सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की चर्चा हो सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे और निवेश से भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए कल नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी शुभ समाचार से घर का माहौल खुशहाल रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है, जबकि नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए कल का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और आत्मविश्वास के बल पर आप कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा।

यूपी में अब चेहरे से लगेगी हाजिरी, कर्मचारियों के लिए आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायत सचिवालयों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पंचायतीराज विभाग ने फेसियल रिकग्निशन (चेहरा पहचान) तकनीक के जरिए कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी जिलों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सचिवालयों में सक्रिय किए जाएंगे डेस्कटॉप और वेबकैम

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिवालय में पहले से उपलब्ध डेस्कटॉप कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और वेबकैम को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाए, ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा सके।

चेहरे की पहचान से लगेगी उपस्थिति

नई प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारी सचिवालय में स्थापित वेबकैम के सामने अपना चेहरा स्कैन करेंगे। सफल पहचान के बाद उनकी उपस्थिति स्वतः दर्ज हो जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपस्थिति केवल संबंधित कर्मचारी ही दर्ज कर सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जी हाजिरी की संभावना समाप्त हो।

अधिकारी करेंगे ऑनलाइन निगरानी

फेसियल रिकग्निशन प्रणाली से दर्ज होने वाली उपस्थिति की निगरानी जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से करेंगे। इससे प्रत्येक दिन कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

मोबाइल आधारित व्यवस्था भी रहेगी जारी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली को समाप्त नहीं किया जाएगा। जिन पंचायत सहायकों के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है या तकनीकी कारणों से मोबाइल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी। इससे किसी कर्मचारी को तकनीकी कठिनाई के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पहले होगा परीक्षण, फिर पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था

नई तकनीक को लागू करने से पहले चयनित ग्राम पंचायत सचिवालयों में इसका परीक्षण 10 जुलाई तक किया जाएगा। परीक्षण अवधि के दौरान सिस्टम की कार्यक्षमता, तकनीकी समस्याओं और उपयोग की सरलता का आकलन किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो इसके बाद पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिवालयों में फेसियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी जाएगी।

यूपी में मानसून पर लगा ब्रेक, अब 2 दिनों के बाद होगा सक्रिय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बाद हुई अच्छी बारिश पर फिलहाल विराम लग गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि ज्यादातर जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

शुरुआती दौर में हुई अच्छी बारिश

राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद कई जिलों में लगातार वर्षा दर्ज की गई। इससे किसानों को राहत मिली और भीषण गर्मी से भी कुछ हद तक निजात मिली। लेकिन अब बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से एक बार फिर उमस और गर्मी का असर बढ़ने लगा है।

सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 3 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश में 112.5 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 64.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी इस अवधि में प्रदेश में करीब 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय होता है तो वर्षा की इस कमी की भरपाई होने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर भारी वर्षा हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दो दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिनों के बाद मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होंगी। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से समय-समय पर जारी होने वाले मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

60 की उम्र के बाद भी रहेंगे फिट, पुरुष रोज करें ये 5 आसान व्यायाम

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत, लचीलापन और संतुलन धीरे-धीरे कम होने लगता है। 60 वर्ष की आयु के बाद मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं, हड्डियों की मजबूती घट सकती है और कई लोगों को जोड़ों में दर्द या चलने-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और हल्का व्यायाम बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

1. तेज चाल से पैदल चलना

पैदल चलना सबसे सुरक्षित और आसान व्यायामों में से एक माना जाता है। रोजाना 25 से 30 मिनट की तेज चाल से वॉक करने से हृदय स्वस्थ रहता है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है। नियमित वॉक करने से वजन नियंत्रित रखने और मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

2. चेयर स्क्वाट

चेयर स्क्वाट पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने का आसान तरीका है। इसमें कुर्सी पर बैठने और बिना सहारे धीरे-धीरे खड़े होने का अभ्यास किया जाता है। यह व्यायाम घुटनों और जांघों की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने में भी मदद करता है। शुरुआत में 8 से 10 बार दोहराना पर्याप्त हो सकता है।

3. हील-टो वॉक

बढ़ती उम्र में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। हील-टो वॉक में एक पैर की एड़ी को दूसरे पैर की उंगलियों के ठीक सामने रखते हुए धीरे-धीरे चला जाता है। यह व्यायाम शरीर का संतुलन सुधारने में मदद करता है और गिरने के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है।

4. हल्की स्ट्रेचिंग

रोजाना कुछ मिनट तक गर्दन, कंधों, पीठ, हाथों और पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करने से शरीर का लचीलापन बना रहता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न कम होती है और जोड़ों की गतिशीलता बेहतर होती है। स्ट्रेचिंग हमेशा धीरे-धीरे और बिना झटके के करनी चाहिए।

5. दीवार के सहारे पुश-अप

यदि सामान्य पुश-अप करना कठिन लगे तो दीवार के सहारे किए जाने वाले पुश-अप बेहतर विकल्प हो सकते हैं। यह व्यायाम छाती, कंधों और बाजुओं की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। शुरुआत में 10 से 15 बार करना पर्याप्त हो सकता है और धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जा सकती है।

व्यायाम करते समय रखें इन बातों का ध्यान

व्यायाम शुरू करने से पहले 5 से 10 मिनट तक हल्का वार्म-अप करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर की क्षमता से अधिक जोर न लगाएं। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत व्यायाम रोककर चिकित्सकीय सलाह लें।

विटामिन D की कमी से हैं परेशान? रोज खाएं ये 5 चीजें, शरीर को मिलेगा भरपूर पोषण

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में विटामिन D की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। लंबे समय तक घर या ऑफिस के अंदर रहना, धूप में कम समय बिताना और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। 

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत बने रहते हैं। इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, थकान और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त धूप के साथ संतुलित आहार अपनाकर विटामिन D की कमी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. फैटी फिश

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी वसायुक्त मछलियां विटामिन D के अच्छे प्राकृतिक स्रोत मानी जाती हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। जो लोग मछली का सेवन करते हैं, वे इसे सप्ताह में एक-दो बार अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

2. अंडे की जर्दी

अंडे की जर्दी में विटामिन D के साथ प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन शरीर को आवश्यक पोषण देने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।

3. दूध और फोर्टिफाइड डेयरी

दूध, दही और कुछ फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों में विटामिन D और कैल्शियम दोनों पाए जाते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। यदि आप पैकेज्ड दूध खरीदते हैं, तो उसके लेबल पर फोर्टिफाइड होने की जानकारी जरूर देखें।

4. मशरूम

कुछ प्रकार के मशरूम, विशेष रूप से वे जिन्हें सूर्य के प्रकाश या अल्ट्रावायलेट (UV) प्रकाश के संपर्क में रखा गया हो, विटामिन D का अच्छा स्रोत हो सकते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए यह एक उपयोगी विकल्प माना जाता है।

5. फोर्टिफाइड अनाज

आजकल कई प्रकार के ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पैकेज्ड संतरे के जूस को विटामिन D से फोर्टिफाई किया जाता है। ऐसे उत्पाद उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें प्राकृतिक स्रोतों से पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता। खरीदने से पहले पोषण संबंधी जानकारी अवश्य पढ़ें।

धूप भी है जरूरी

खानपान के साथ-साथ सुबह की हल्की धूप भी विटामिन D का महत्वपूर्ण स्रोत है। विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि सप्ताह में कई दिन कुछ समय तक धूप के संपर्क में रहना लाभदायक हो सकता है। हालांकि, धूप की अवधि व्यक्ति की त्वचा, मौसम और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

केंद्र सरकार की नौकरी करने का मौका, युवाओं के लिए निकली बंपर भर्ती

नई दिल्ली: केंद्र सरकार में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 186 पदों को भरा जाएगा। योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

27 जून से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया

UPSC के भर्ती कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 17 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का निर्धारण आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से फार्मेसी (B.Pharma), फार्मास्युटिकल साइंसेज या मेडिसिन में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

आवेदन शुल्क

सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

आकर्षक वेतन

चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) के पे मैट्रिक्स लेवल-8 के तहत की जाएगी। इस स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी नियमानुसार मिलेंगी।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थी UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी है। आवेदन जमा करने से पहले पूरी जानकारी का एक बार अवश्य मिलान कर लें।

केंद्र सरकार देगी नई सुविधाएं, कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को बेहतर और तेज सेवाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। संगठन अपने डिजिटल सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है, ताकि भविष्य निधि (EPF) से जुड़ी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी बन सकें। प्रस्तावित बदलावों में पीएफ पर मिलने वाले ब्याज का जल्द भुगतान और एटीएम के जरिए निकासी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

देश में 7 करोड़ से अधिक सदस्य होंगे लाभान्वित

EPFO भारत का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन है। इसके साथ 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं, जबकि 13 लाख से अधिक प्रतिष्ठान संगठन के दायरे में आते हैं। हर महीने लाखों कर्मचारियों के EPF खाते में अंशदान जमा किया जाता है। ऐसे में डिजिटल सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने की उम्मीद है।

ब्याज जल्द खाते में पहुंचाने की तैयारी

फिलहाल EPF पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज घोषित होने के बाद कर्मचारियों के खातों में पहुंचने में कई महीने लग जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत ब्याज दर को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कम समय में राशि खातों में जमा करने की योजना पर काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। इससे पहले 2024-25 के लिए भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रखी गई थी। यदि नई प्रणाली लागू होती है तो कर्मचारियों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

एटीएम से पीएफ निकासी का काम

EPFO सदस्यों को भविष्य में एटीएम के माध्यम से भी पीएफ राशि निकालने की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तकनीकी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। हालांकि यह सुविधा लागू होने के बाद भी निकासी वर्तमान EPF नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार ही होगी। इसका उद्देश्य केवल निकासी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

डिजिटल सेवाओं पर बढ़ रहा जोर

पिछले कुछ वर्षों में EPFO ने कई सेवाओं को ऑनलाइन किया है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), ऑनलाइन क्लेम, ई-नॉमिनेशन, डिजिटल KYC और ऑनलाइन पासबुक जैसी सुविधाओं से कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हुई है। अब संगठन अगला कदम उठाते हुए भुगतान और निकासी प्रणाली को भी अधिक आधुनिक बनाने की तैयारी में है।

नई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए क्या करें?

यदि कर्मचारी इन नई सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अपना UAN (Universal Account Number) सक्रिय रखें।

आधार, पैन और बैंक खाते की KYC पूरी करें।

EPFO रिकॉर्ड में बैंक खाता संख्या और IFSC सही दर्ज हो।

मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि OTP और अन्य जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकें।

समय-समय पर EPFO पोर्टल पर अपनी जानकारी की जांच करते रहें।

बिहार पुलिस भर्ती को लेकर खुशखबरी, अफसर बनने का सपना अब होगा पूरा

पटना: बिहार पुलिस में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने पुलिस अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) के पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 150 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 9 जुलाई से 9 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

स्नातक पास उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष डिग्री होना जरूरी है। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और आयु की गणना आयोग द्वारा तय कट-ऑफ तिथि के आधार पर की जाएगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए आयु सीमा

भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष रखी गई है। सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष, जबकि सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को 40 वर्ष, पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 वर्ष, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 42 वर्ष।

भूतपूर्व सैनिकों के लिए भी विशेष प्रावधान

भूतपूर्व सैनिकों को भी भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा से संबंधित विशेष छूट दी जाएगी। उन्हें नियमानुसार अतिरिक्त आयु लाभ मिलेगा, हालांकि निर्धारित अधिकतम सीमा के भीतर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सभी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में अच्छी तरह पढ़ लें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिम जाने वाले लोग जरूर खाएं ये 5 चीजें, तेजी से बनेगी मजबूत बॉडी

हेल्थ डेस्क। आजकल फिट और स्वस्थ रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से जिम जा रहे हैं। हालांकि केवल वर्कआउट करने से ही मनचाहा परिणाम नहीं मिलता, बल्कि सही खानपान भी उतना ही जरूरी होता है। यदि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो मांसपेशियों का विकास धीमा हो सकता है और थकान भी अधिक महसूस होती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जिन्हें जिम जाने वाले लोगों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

1. अंडे

अंडे को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद करते हैं। इसके अलावा अंडे में विटामिन-डी, विटामिन-बी12 और हेल्दी फैट भी मौजूद होता है। वर्कआउट के बाद अंडे का सेवन शरीर की रिकवरी को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

2. दूध और दही

दूध और दही दोनों ही प्रोटीन तथा कैल्शियम से भरपूर होते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ मांसपेशियों को भी आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।

3. ओट्स

जिम करने वालों के लिए ओट्स एक बेहतरीन नाश्ता माना जाता है। इसमें जटिल कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। वर्कआउट से पहले ओट्स खाने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल सकती है और प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।

4. केला

केला तुरंत ऊर्जा देने वाला फल है। इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम और अन्य जरूरी मिनरल्स होते हैं। वर्कआउट के दौरान या बाद में केला खाने से शरीर की ऊर्जा जल्दी वापस आती है और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या भी कम हो सकती है।

5. बादाम और अखरोट

बादाम, अखरोट में हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन-ई और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सीमित मात्रा में सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मांसपेशियों की रिकवरी और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

शनि करेंगे कर्म का हिसाब: 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफल का देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है, तो मेहनत का उचित परिणाम मिलने लगता है, रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और आर्थिक व सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का शुभ प्रभाव करियर और आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार में लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। धन की बचत बढ़ेगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए अनुबंध या लाभदायक सौदे संभव हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि और मान-सम्मान मिलने की भी संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय आर्थिक मजबूती का संकेत दे रहा है। अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। निवेश से भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि की कृपा से करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, इसलिए यह समय इस राशि के लिए विशेष महत्व रखता है। नौकरी में पदोन्नति, वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापारियों को अच्छा लाभ मिल सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी बड़ी योजना में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भविष्य के लिए निवेश के अवसर भी मिल सकते हैं।