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पशुपालकों के लिए बड़ी खुशखबरी! बिहार में शुरू होगा पहला एनिमल ब्लड बैंक

पटना। बिहार में पशु चिकित्सा सेवाओं को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (BASU) के बिहार वेटेरिनरी कॉलेज परिसर में अत्याधुनिक क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स का निर्माण तेजी से चल रहा है। इस नए केंद्र की सबसे खास बात यह होगी कि यहां राज्य का पहला एनिमल ब्लड बैंक विकसित किया जाएगा, जिससे गंभीर रूप से बीमार या घायल पशुओं को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सकेगा।

आपातकाल में जीवनरक्षक सुविधा

पशुओं के इलाज में कई बार रक्त की तत्काल आवश्यकता पड़ती है, लेकिन समय पर रक्त उपलब्ध न होने के कारण उपचार प्रभावित हो जाता है। प्रस्तावित ब्लड बैंक शुरू होने के बाद जरूरत पड़ने पर पशुओं को सुरक्षित तरीके से रक्त चढ़ाया जा सकेगा, जिससे इलाज की सफलता की संभावना बढ़ेगी और कई पशुओं की जान बचाई जा सकेगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा

निर्माणाधीन क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स में पशुओं के इलाज के लिए कई अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें बड़े और छोटे पशुओं के लिए अलग आईसीयू, एडवांस्ड सर्जरी यूनिट, अल्ट्रासोनोग्राफी, एंडोस्कोपी और लैप्रोस्कोपी,ईसीजी और डिजिटल रेडियोग्राफी, ऑनलाइन मरीज पंजीकरण प्रणाली, बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट की व्यवस्था होगी। इन सुविधाओं से न केवल पशुओं का बेहतर उपचार होगा, बल्कि पशु चिकित्सा के छात्रों को आधुनिक तकनीकों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।

हर साल हजारों पशुओं का होता है इलाज

बिहार वेटेरिनरी कॉलेज का वेटेरिनरी क्लीनिकल कॉम्प्लेक्स पहले से ही राज्य का प्रमुख पशु चिकित्सा केंद्र है। यहां हर वर्ष करीब 15 हजार क्लीनिकल मामलों का उपचार किया जाता है। इसके अलावा लगभग 5 हजार नमूनों की विभिन्न रोगों की जांच भी की जाती है। नया कॉम्प्लेक्स बनने के बाद उपचार क्षमता और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में और सुधार होने की संभावना है।

सीएम सम्राट की घोषणा: बिहार के बुजुर्गों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए जमीन निबंधन प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वैशाली जिले के हाजीपुर से 'सबका सम्मान, जीवन आसान' अभियान के तहत कई डिजिटल और नागरिक सुविधाओं का शुभारंभ किया। इनमें सबसे महत्वपूर्ण होम रजिस्ट्रेशन सेवा है, जिसके जरिए अब पात्र बुजुर्गों को जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए निबंधन कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं होगी।

75 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को मिलेगा लाभ

शुरुआत में यह सुविधा 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लोगों के लिए प्रस्तावित थी, लेकिन सरकार ने इसका दायरा बढ़ाते हुए अब 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के सभी पात्र नागरिकों को इसमें शामिल करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत मोबाइल रजिस्ट्रेशन टीम सीधे लाभार्थी के घर पहुंचेगी और वहीं आवश्यक दस्तावेजों की जांच तथा रजिस्ट्री से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी करेगी। इससे बुजुर्गों को लंबी यात्रा या सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट करेगी घर पर सेवा

सरकार ने इस योजना के संचालन के लिए विशेष मोबाइल रजिस्ट्रेशन यूनिट की शुरुआत की है। यह टीम तय प्रक्रिया के अनुसार पात्र नागरिकों के घर जाकर दस्तावेजों का सत्यापन करेगी और निबंधन की प्रक्रिया पूरी करेगी। इस सुविधा का उद्देश्य उन वरिष्ठ नागरिकों तक सरकारी सेवाएं पहुंचाना है, जो स्वास्थ्य, उम्र या अन्य कारणों से कार्यालय नहीं जा सकते।

पेपरलेस रजिस्ट्री से बढ़ेगी पारदर्शिता

राज्य सरकार ने निबंधन प्रक्रिया को आधुनिक बनाने के लिए पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था भी शुरू की है। अब रजिस्ट्री से जुड़े दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जाएंगे, जिससे रिकॉर्ड के खोने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका काफी कम हो जाएगी। डिजिटल रिकॉर्ड होने से भविष्य में दस्तावेजों की खोज और सत्यापन की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो सकेगी।

AI और GIS तकनीक का उपयोग

निबंधन विभाग में अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और जीआईएस (GIS) जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग भी किया जाएगा। इसके माध्यम से भूमि से जुड़ी जानकारी का सत्यापन अधिक तेज, पारदर्शी और सटीक तरीके से किया जा सकेगा। इसके साथ ही रजिस्ट्री से पहले संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) द्वारा भूमि की ऑनलाइन रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी लागू की जा रही है, जिससे जमीन से जुड़े विवादों को कम करने में मदद मिल सकती है।

NGEL Recruitment 2026: 114 पदों पर बंपर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। सरकारी क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे इंजीनियरिंग और अनुभवी पेशेवरों के लिए शानदार अवसर आया है। एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) ने वर्ष 2026 की नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। यह भर्ती कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी (सौर और पवन ऊर्जा) प्रोजेक्ट्स के लिए निकाली गई है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 11 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

NGEL, NTPC लिमिटेड की सहायक कंपनी है, जो देश में नवीकरणीय ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं के विस्तार पर कार्य कर रही है। इस भर्ती के माध्यम से देशभर में विभिन्न कार्यालयों, प्रोजेक्ट साइट्स, जॉइंट वेंचर और सहायक कंपनियों में नियुक्तियां की जाएंगी।

कुल 114 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 114 रिक्त पद भरे जाएंगे। इनमें

असिस्टेंट इंजीनियर: 100 पद

डिप्टी जनरल मैनेजर: 14 पद

दोनों पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और जिम्मेदारियां अलग-अलग निर्धारित की गई हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता होनी चाहिए। इसके साथ ही कुछ पदों के लिए कार्य अनुभव भी अनिवार्य रखा गया है। विशेष रूप से डिप्टी जनरल मैनेजर के पद पर आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निर्धारित अनुभव होना आवश्यक होगा।

चयन की प्रक्रिया

भर्ती प्रक्रिया के तहत उम्मीदवारों का चयन कंपनी द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। इसमें आवेदन की जांच, पात्र उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्टिंग, साक्षात्कार (इंटरव्यू), दस्तावेज सत्यापन और आवश्यक होने पर मेडिकल परीक्षण शामिल हो सकते हैं। अंतिम चयन उम्मीदवार की योग्यता, अनुभव और इंटरव्यू प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें?

NGEL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। Recruitment सेक्शन में जाकर Advertisement No. 02/26 देखें। ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें। आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर अपलोड करें। सभी जानकारियों की जांच करने के बाद आवेदन सबमिट करें। भविष्य के लिए आवेदन की प्रति सुरक्षित रखें।

आवेदन करने की अंतिम तिथि: 31 जुलाई 2026

चंद्रमा-शुक्र की युति से बदलेगा भाग्य! 4 राशियों के जीवन में आएंगे खुशहाली और तरक्की के दिन

राशिफल। 17 जुलाई की शाम सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में एक सुंदर खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा। इस दौरान चंद्रमा और शुक्र ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब दिखाई देंगे। खगोल विज्ञान की दृष्टि से यह एक दृश्य निकटता होगी, जबकि ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा और शुक्र का संबंध सुख, सौंदर्य, प्रेम, धन और भौतिक समृद्धि से जोड़ा जाता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई उपलब्धियों का संकेत दे सकता है। नौकरी में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक और लाभदायक अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और रुका हुआ धन मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए चंद्रमा-शुक्र का यह संयोग करियर और आर्थिक मामलों में अनुकूल माना जा रहा है। नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार का विस्तार करने की योजना सफल हो सकती है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय सकारात्मक रह सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस दौरान मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में मधुरता बनी रहेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति पहले की अपेक्षा मजबूत हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के लिए शुक्र का प्रभाव विशेष महत्व रखता है, इसलिए यह संयोग शुभ माना जाता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। धन लाभ के नए अवसर बन सकते हैं और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी तथा परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

यूपी में कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? पढ़ें पूरी डिटेल्स

लखनऊ। 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। इसी के साथ उत्तर प्रदेश के लाखों सरकारी कर्मचारी भी यह जानना चाहते हैं कि यदि केंद्र सरकार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू करती है, तो राज्य में नया वेतनमान कब से लागू हो सकता है। फिलहाल इस संबंध में उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन पिछले वेतन आयोगों का रिकॉर्ड संभावित प्रक्रिया का संकेत जरूर देता है।

फिलहाल नहीं हुआ कोई आधिकारिक एलान

उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक 8वें वेतन आयोग को लागू करने को लेकर कोई अधिसूचना, कैबिनेट फैसला या आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया है। ऐसे में यह कहना सही नहीं होगा कि राज्य में नया वेतनमान किसी निश्चित तारीख से लागू होगा। सरकार की ओर से जब तक औपचारिक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक कर्मचारियों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

6वें और 7वें वेतन आयोग के रिकॉर्ड?

अगर पिछले अनुभवों पर नजर डालें, तो उत्तर प्रदेश ने दोनों प्रमुख वेतन आयोगों के मामले में केंद्र सरकार के फैसले के बाद अपनी प्रक्रिया पूरी की थी। 7वें वेतन आयोग के दौरान राज्य मंत्रिमंडल ने 13 दिसंबर 2016 को नई वेतन व्यवस्था को मंजूरी दी थी। इसके बाद संशोधित वेतनमान 1 जनवरी 2017 से प्रभावी किए गए।

वहीं 6वें वेतन आयोग की सिफारिशों को राज्य में वर्ष 2008 में लागू किया गया था। उस समय संशोधित वेतन का भुगतान बाद में शुरू हुआ, जबकि बकाया राशि निर्धारित प्रभावी तिथि से कर्मचारियों को दी गई। इन उदाहरणों से यह स्पष्ट होता है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पहले केंद्र सरकार के निर्णय का इंतजार किया और उसके बाद राज्य स्तर पर आवश्यक प्रशासनिक एवं वित्तीय प्रक्रिया पूरी कर नई वेतन व्यवस्था लागू की।

फिटमेंट फैक्टर का क्या रहा रिकॉर्ड?

पिछले वेतन आयोगों में कर्मचारियों के वेतन निर्धारण के लिए फिटमेंट फैक्टर महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। 6वें वेतन आयोग में लगभग 1.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। 7वें वेतन आयोग में कर्मचारियों को 2.57 का फिटमेंट फैक्टर मिला, जिसके आधार पर मूल वेतन में संशोधन किया गया। हालांकि, 8वें वेतन आयोग के लिए फिटमेंट फैक्टर कितना होगा, इस पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

8वें वेतन आयोग पर यूपी में क्या हो सकती है?

यदि राज्य सरकार पहले की तरह ही प्रक्रिया अपनाती है, तो संभावना है कि केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी मिलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार भी अपने कर्मचारियों के लिए अलग से निर्णय लेगी। इसके लिए राज्य मंत्रिमंडल की स्वीकृति, वित्तीय प्रभाव का आकलन और संबंधित विभागों की प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही नया वेतनमान लागू किया जा सकता है। हालांकि, यह केवल पिछले रिकॉर्ड के आधार पर संभावित स्थिति है। वास्तविक निर्णय राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा।

आर्द्रा नक्षत्र का महासंयोग: 5 राशियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, धन-संपत्ति में होगी बढ़ोतरी

राशिफल। 13 जुलाई को आषाढ़ कृष्ण चतुर्दशी के साथ आर्द्रा नक्षत्र का विशेष महासंयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं में यह संयोग भगवान शिव की आराधना, रुद्राभिषेक और दान-पुण्य के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दिन किए गए शुभ कार्यों का सकारात्मक प्रभाव लंबे समय तक देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह महासंयोग नई सफलता के द्वार खोल सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि कारोबारियों को नए अनुबंध या लाभदायक सौदे मिलने के योग बन रहे हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय तरक्की और सम्मान लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में आय बढ़ सकती है और पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों के लिए यह महासंयोग आर्थिक मामलों में राहत देने वाला माना जा रहा है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। यदि किसी नए काम की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं, तो समय अनुकूल माना जा रहा है। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अच्छे मौके मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को नए ग्राहकों और बेहतर मुनाफे की संभावना है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और आत्मविश्वास पहले से अधिक मजबूत रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए आर्द्रा नक्षत्र का यह महासंयोग विशेष लाभकारी माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी तथा परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन-संपत्ति में वृद्धि के योग भी बन रहे हैं।

बिहार में नई व्यवस्था लागू, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन की खरीद-बिक्री को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य सरकार ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। 11 जुलाई 2026 से शुरू हुई इस पहल का उद्देश्य भूमि विवादों को कम करना और लोगों को धोखाधड़ी से बचाना है। अब कोई भी व्यक्ति जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की आधिकारिक और अद्यतन जानकारी प्राप्त कर सकेगा, जिससे सौदा करने से पहले ही जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।

10 दिनों में मिलेगी भूमि की आधिकारिक जानकारी

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई खरीदार जमीन की स्थिति जानने के लिए आवेदन करता है, तो संबंधित अंचलाधिकारी (सीओ) या राजस्व अधिकारी को 10 दिनों के भीतर उस जमीन की अद्यतन रिपोर्ट ऑनलाइन उपलब्ध करानी होगी। इस रिपोर्ट के आधार पर खरीदार यह जान सकेगा कि संबंधित भूमि पर किसी प्रकार का विवाद, स्वामित्व संबंधी समस्या या अन्य कानूनी अड़चन तो नहीं है। इससे जमीन खरीदने का निर्णय पहले से कहीं अधिक सुरक्षित हो जाएगा।

एक ही जमीन की दोबारा बिक्री पर रोक

राज्य में कई बार ऐसे मामले सामने आते रहे हैं, जिनमें एक ही जमीन अलग-अलग लोगों को बेच दी जाती है। ऐसे मामलों में खरीदारों को आर्थिक नुकसान के साथ वर्षों तक न्यायालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। नई प्रणाली के लागू होने के बाद जमीन की स्थिति की आधिकारिक पुष्टि पहले ही हो जाएगी। इससे फर्जी बिक्री और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है और खरीदार अधिक भरोसे के साथ निवेश कर सकेंगे।

दाखिल-खारिज की प्रक्रिया भी आसान

नई व्यवस्था का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि यदि खरीदी गई जमीन विवादमुक्त होगी, तो दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान और तेज हो सकेगी। भूमि रिकॉर्ड स्पष्ट होने के कारण नामांतरण में आने वाली कई सामान्य समस्याओं से राहत मिलने की संभावना है। इससे खरीदारों को रजिस्ट्री के बाद भी अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अधिकारियों को दिए गए सख्त निर्देश

नई व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आवेदन प्राप्त होने के बाद तय समयसीमा के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए अंचल स्तर के अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों को आवश्यक तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया गया है तथा ऑनलाइन प्रणाली के संचालन के लिए उनकी डिजिटल आईडी सक्रिय कर दी गई हैं।

पूरी प्रक्रिया होगी ऑनलाइन

बिहार में पहले से ही जमीन की रजिस्ट्री ई-निबंधन प्रणाली के माध्यम से की जा रही है। अब इसी डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत करते हुए भूमि की अद्यतन रिपोर्ट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएगी। इससे लोगों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और निर्धारित समय के भीतर आवश्यक जानकारी आसानी से मिल सकेगी।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब रोज़ 12 घंटे मिलेगी सस्ती बिजली, सिंचाई होगी आसान

पटना। बिहार में मानसून की अनिश्चितता और कई इलाकों में कम बारिश के कारण किसानों के सामने सिंचाई की चुनौती बढ़ गई है। ऐसे समय में राज्य सरकार ने खेती को राहत देने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कृषि कार्यों के लिए किसानों को सुबह 6 बजे से शाम 6 बजे तक यानी लगातार 12 घंटे एग्रीकल्चर फीडर के माध्यम से निर्बाध बिजली उपलब्ध कराई जाए।

सिंचाई के लिए मिलेगी नियमित बिजली

सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों को सिंचाई के समय बिजली कटौती की समस्या का सामना न करना पड़े। लगातार 12 घंटे बिजली मिलने से किसान अपनी जरूरत के अनुसार खेतों में पटवन कर सकेंगे। विशेष रूप से धान, मक्का, दलहन और सब्जी जैसी फसलों की खेती करने वाले किसानों को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। कम बारिश वाले क्षेत्रों में यह फैसला खेती को संभालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है, क्योंकि समय पर सिंचाई होने से फसलों के नुकसान की आशंका कम होगी।

सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली

बिहार सरकार पहले से ही कृषि उपभोक्ताओं को रियायती दर पर बिजली उपलब्ध करा रही है। किसानों को कृषि कनेक्शन पर करीब 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली मिल रही है। सरकार का कहना है कि इस पर लगभग 93 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है। कम दर पर बिजली मिलने से किसानों का सिंचाई खर्च घटेगा और डीजल पंप पर होने वाला अतिरिक्त खर्च भी कम होगा। इससे खेती की लागत कम करने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

2,700 से अधिक एग्रीकल्चर फीडरों से होगी आपूर्ति

राज्य में कृषि क्षेत्र के लिए 2,700 से ज्यादा एग्रीकल्चर फीडर स्थापित किए जा चुके हैं। इन फीडरों के माध्यम से सिंचाई के लिए अलग बिजली आपूर्ति की व्यवस्था की गई है, जिससे घरेलू बिजली आपूर्ति प्रभावित हुए बिना किसानों को नियमित बिजली मिल सके। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य के अधिक से अधिक खेतों तक समय पर बिजली पहुंचे और किसानों को निर्बाध सिंचाई सुविधा मिल सके।

सीएम सम्राट चौधरी का एलान: इन नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की है कि राज्य में सामाजिक पेंशन से वंचित किसी भी पात्र व्यक्ति को अब योजना के लाभ से दूर नहीं रहने दिया जाएगा। इसके लिए विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें जल्द से जल्द पेंशन योजना से जोड़ा जाएगा।

आधार लिंक नहीं होने पर भी मिलेगी मदद

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि जिन पात्र लाभार्थियों का आधार कार्ड अभी तक पेंशन खाते से लिंक नहीं हो पाया है, उनके लिए भी प्रशासन विशेष अभियान चलाएगा। संबंधित विभाग आधार लिंक कराने की प्रक्रिया को तेज करेगा ताकि तकनीकी कारणों से किसी भी पात्र व्यक्ति की पेंशन न रुके। इस पहल से हजारों ऐसे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो केवल दस्तावेजी या तकनीकी कारणों से योजना का लाभ नहीं ले पा रहे थे।

हर 10 तारीख होगी 'बिहार पेंशन दिवस'

सरकार ने एक नई व्यवस्था लागू करने की भी घोषणा की है। अब प्रत्येक माह की 10 तारीख को 'बिहार पेंशन दिवस' के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र पेंशनधारियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (डीबीटी) के माध्यम से पेंशन की राशि समय पर पहुंच जाए।

करोड़ों लाभार्थियों के खातों में भेजी गई राशि

राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के तहत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई है। हाल ही में 97.84 लाख पेंशनधारियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 1,423.94 करोड़ रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। इससे यह स्पष्ट होता है कि सरकार डिजिटल माध्यम से पारदर्शी भुगतान प्रणाली को प्राथमिकता दे रही है।

पेंशन राशि बढ़ने से मिली बड़ी राहत

सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की मासिक राशि 400 रुपये से बढ़ाकर 1100 रुपये कर दी है। इस बढ़ोतरी से बुजुर्गों, दिव्यांगों, विधवाओं और अन्य जरूरतमंद लोगों को अपनी दैनिक जरूरतें पूरी करने में पहले की तुलना में अधिक सहायता मिल रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेंशन राशि में वृद्धि से कमजोर वर्गों की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने में मदद मिलेगी।

बिहार में ये सड़क होगी 4-लेन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क संपर्क को और मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। औरंगाबाद से पटना के नौबतपुर तक राष्ट्रीय राजमार्ग-139 को चरणबद्ध तरीके से फोरलेन बनाने की तैयारी तेज हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के निर्देश पर इस परियोजना के लिए नई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। परियोजना पूरी होने के बाद पटना, अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बीच यात्रा पहले की तुलना में अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस फोरलेन परियोजना का सबसे अधिक लाभ पटना, अरवल और औरंगाबाद जिलों के लोगों को मिलेगा। इसके अलावा दाउदनगर, ओबरा, अंबा, पलामू और गढ़वा की ओर आने-जाने वाले यात्रियों तथा मालवाहक वाहनों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिलेगी। नई सड़क व्यवस्था से यात्रा का समय घटेगा और ट्रैफिक जाम की समस्या में भी राहत मिलने की संभावना है।

बाइपास के जरिए कम होगा शहरों का ट्रैफिक

नई योजना के अनुसार नौबतपुर से अरवल तक मुख्य राजमार्ग को फोरलेन बनाया जाएगा। वहीं अरवल से औरंगाबाद के महाराजगंज तक चार बड़े फोरलेन बाइपास विकसित किए जाएंगे। इनमें अरवल, दाउदनगर, ओबरा और औरंगाबाद के बाइपास शामिल हैं। इन बाइपासों के बनने से लंबी दूरी के वाहन शहरों के अंदर प्रवेश किए बिना सीधे अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों को जाम से राहत मिलेगी और शहरी क्षेत्रों में यातायात का दबाव काफी कम होगा।

औरंगाबाद बाइपास से एक्सप्रेसवे तक सीधा संपर्क

परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा औरंगाबाद बाइपास माना जा रहा है। यह मार्ग भरथौली नहर के पास से शुरू होकर शहर के पश्चिमी हिस्से से गुजरते हुए अंबा के आगे भारतमाला परियोजना के तहत बन रहे वाराणसी-कोलकाता ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस कनेक्टिविटी के बाद लंबी दूरी के वाहन औरंगाबाद, रिसियप और अंबा जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश किए बिना सीधे एक्सप्रेसवे तक पहुंच सकेंगे। इससे माल परिवहन भी तेज होगा और ईंधन की बचत होने की संभावना है।

नई योजना धनीबार से पोला तक भी होगा फोरलेन निर्माण

नई योजना में धनीबार गांव से पोला गांव तक सड़क को भी फोरलेन बनाने का प्रस्ताव है। पोला से हरिहरगंज तक फोरलेन बाइपास का निर्माण पहले से जारी है। इसके पूरा होने पर एक्सप्रेसवे से आने वाले वाहन आसानी से इस मार्ग के जरिए पलामू और गढ़वा की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।

जहां बाइपास बनेगा, वहां पुरानी सड़क नहीं होगी फोरलेन

परियोजना के तहत जिन स्थानों पर नए फोरलेन बाइपास बनाए जाएंगे, वहां पुराने राजमार्ग का चौड़ीकरण नहीं किया जाएगा। बाइपास बनने के बाद पुराने मार्ग को राज्य सरकार के पथ निर्माण विभाग को सौंपने की योजना है। केवल बाइपासों के बीच के हिस्सों को फोरलेन के रूप में विकसित किया जाएगा।

12 जुलाई को रवि प्रदोष व्रत: 4 राशियों के लिए आई बड़ी खुशखबरी, शिव कृपा से खुलेंगे तरक्की के द्वार

राशिफल। 12 जुलाई को पड़ने वाला रवि प्रदोष व्रत भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। जब प्रदोष व्रत रविवार के दिन पड़ता है तो इसे रवि प्रदोष कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत रखकर शिवलिंग का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और भस्म से अभिषेक करने तथा प्रदोष काल में पूजा-अर्चना करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। नौकरी करने वालों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यवसायियों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हो सकती है और परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों पर भगवान शिव की विशेष कृपा रहने की मान्यता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से चल रही परेशानियों में कमी आने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नई साझेदारी या बड़े ऑर्डर मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक लाभ के साथ मान-सम्मान में भी वृद्धि हो सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम दिलाने वाला माना जा रहा है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए रवि प्रदोष व्रत नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। रुके हुए धन की प्राप्ति होने के योग बन सकते हैं और आर्थिक योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक संबंध मजबूत होंगे और दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ सकती है। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट या व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं तो अनुकूल परिस्थितियां बनने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय उन्नति और सफलता का संकेत दे सकता है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। व्यापार में लाभ के साथ नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक तनाव कम होने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके हुए कार्यों में भी गति आने की संभावना रहेगी।

यूपी में मुख्यमंत्री आवास योजना की नई व्यवस्था लागू, पढ़ें डिटेल्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के संचालन में बड़ा बदलाव करते हुए नई भुगतान व्यवस्था लागू कर दी है। अब योजना के तहत मिलने वाली सभी किस्तों का भुगतान आधार आधारित भुगतान प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य योजना में पारदर्शिता बढ़ाना, फर्जीवाड़े पर रोक लगाना और पात्र लाभार्थियों तक समय पर राशि पहुंचाना है।

आधार नंबर दर्ज कराना होगा अनिवार्य

नई व्यवस्था के तहत अब मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में आवेदन या पंजीकरण के समय लाभार्थी का आधार नंबर पोर्टल पर दर्ज कराना अनिवार्य होगा। यदि आधार की जानकारी पोर्टल पर उपलब्ध नहीं होगी, तो योजना के तहत किसी भी किस्त का भुगतान जारी नहीं किया जाएगा। इस कदम से लाभार्थियों की पहचान का सत्यापन आसान होगा और भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित बनेगी।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी किस्त

सरकार की नई व्यवस्था के अनुसार आवास योजना की सभी किस्तें लाभार्थी के आधार से जुड़े बैंक खाते में सीधे भेजी जाएंगी। इससे भुगतान प्रक्रिया तेज होगी और बिचौलियों या गलत खातों में राशि जाने की संभावना भी काफी कम हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे जरूरतमंद परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

केंद्र के पोर्टल के जरिए होता है संचालन

हालांकि मुख्यमंत्री आवास योजना उत्तर प्रदेश सरकार की योजना है, लेकिन इसका संचालन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के पोर्टल के माध्यम से किया जाता है। इसी कारण प्रदेश सरकार ने केंद्र के ग्रामीण विकास मंत्रालय से मुख्यमंत्री आवास योजना में भी आधार आधारित भुगतान व्यवस्था लागू करने का अनुरोध किया था। मंत्रालय द्वारा पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव किए जाने के बाद अब यह सुविधा प्रभावी रूप से लागू कर दी गई है।।

यूपी में बनेगा 300 किमी रिंग रोड, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के राज्य राजधानी क्षेत्र (SCR) के व्यापक विकास की दिशा में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को विभागीय स्तर पर सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है। इन परियोजनाओं में 300 किलोमीटर लंबा एससीआर आउटर रिंग रोड, कानपुर से अयोध्या तक नमो भारत कॉरिडोर, रिंग रेल परियोजना, नए औद्योगिक क्लस्टर और लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे के आसपास बड़े पैमाने पर विकास कार्य शामिल हैं।

300 किलोमीटर लंबे आउटर रिंग रोड का होगा निर्माण

एससीआर क्षेत्र के लखनऊ, रायबरेली, बाराबंकी, सीतापुर, उन्नाव और हरदोई को जोड़ने के लिए लगभग 300 किलोमीटर लंबा आउटर रिंग रोड विकसित किया जाएगा। इस परियोजना को दो चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में 105 किलोमीटर सड़क का निर्माण लगभग 2,100 करोड़ रुपये की लागत से होगा, जबकि दूसरे चरण में शेष 195 किलोमीटर हिस्से के निर्माण पर करीब 3,900 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके पूरा होने से इन जिलों के बीच आवागमन तेज और सुगम होगा।

कानपुर से अयोध्या तक बनेगा नमो भारत कॉरिडोर

बैठक में सबसे बड़ी परियोजनाओं में 187 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर भी शामिल है। हाई स्पीड रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) के तहत बनने वाली इस परियोजना की अनुमानित लागत 32 हजार करोड़ रुपये है। कॉरिडोर का निर्माण दो चरणों में होगा। पहले चरण में कानपुर के नयागंज से अमौसी तक लगभग 67 किलोमीटर का मार्ग विकसित किया जाएगा। पूरी परियोजना में कुल 12 स्टेशन प्रस्तावित हैं, जिनमें नयागंज, उन्नाव, बसीरतगंज, नवाबगंज, बंथरा, अमौसी, सुशांत गोल्फ सिटी, जुग्गौर, बरेल, सफदरगंज, भिटरिया और अयोध्या शामिल हैं।

रिंग रेल परियोजना को भी मिलेगी रफ्तार

एससीआर क्षेत्र में 151 किलोमीटर लंबी रिंग रेल परियोजना भी विकसित की जाएगी। पहले चरण में 63 किलोमीटर और दूसरे चरण में 88 किलोमीटर रेल लाइन तैयार करने की योजना है। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करना और यातायात का दबाव कम करना है।

शनि का तेज प्रभाव शुरू, 4 राशियों के दुख-दर्द होंगे दूर, मिलेगी बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष में शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन और परिश्रम का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि जब शनि शुभ स्थिति में होते हैं, तो मेहनत का पूरा फल दिलाते हैं, अटके हुए कार्यों में गति आती है और जीवन में स्थिरता बढ़ती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शनि के प्रभाव में आए बदलाव का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन वृषभ, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या पदोन्नति से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में लाभ बढ़ने और नए निवेश के अवसर मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव में कमी आ सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और मेहनत का उचित परिणाम प्राप्त हो सकता है। यदि किसी नए प्रोजेक्ट या व्यवसाय की शुरुआत करना चाहते हैं, तो परिस्थितियां अनुकूल बन सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत होने के योग हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शनि का शुभ प्रभाव आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। दांपत्य और पारिवारिक जीवन में भी मधुरता बनी रहेगी।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि देव माने जाते हैं, इसलिए इस राशि पर उनका प्रभाव विशेष महत्व रखता है। इस अवधि में करियर में प्रगति, व्यापार में विस्तार और आर्थिक मजबूती के योग बन सकते हैं। नौकरी में वेतन वृद्धि, नई जिम्मेदारी या पदोन्नति जैसी खुशखबरी मिल सकती है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आने के संकेत भी हैं।

बिहार में बनेंगे ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप, 4 शहरों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में आधुनिक शहरी विकास को गति देने के लिए प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप परियोजनाओं पर बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण (सोनपुर) और गया में विकसित होने वाली नई टाउनशिप के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है।

इसके तहत संबंधित जिलों में सामाजिक प्रभाव आकलन (SIA) अध्ययन कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकार का उद्देश्य इन नई टाउनशिप के माध्यम से योजनाबद्ध शहरी विस्तार, बेहतर नागरिक सुविधाएं, निवेश और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

जिलाधिकारियों को जारी हुए निर्देश

नगर विकास एवं आवास विभाग के सचिव ने पटना, मुजफ्फरपुर, सारण और गया के जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि भूमि अधिग्रहण शुरू करने से पहले सामाजिक प्रभाव आकलन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ कराई जाए। यह अध्ययन भूमि अर्जन से प्रभावित होने वाले परिवारों, उनकी आजीविका, सामाजिक ढांचे और स्थानीय संसाधनों पर पड़ने वाले प्रभाव का विस्तृत मूल्यांकन करेगा। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

चार प्रमुख शहरों में विकसित होंगी नई टाउनशिप

सरकार जिन चार परियोजनाओं पर काम कर रही है, उनमें शामिल हैं:

पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - पटना

तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप - मुजफ्फरपुर

हरिहरनाथपुर सेटेलाइट टाउनशिप - सोनपुर (सारण)

मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप - गया

इन सभी परियोजनाओं का उद्देश्य तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों पर दबाव कम करना और आधुनिक सुविधाओं से युक्त नए आवासीय एवं व्यावसायिक क्षेत्र विकसित करना है।

हजारों एकड़ भूमि पर बनेगी परियोजना

सरकारी योजना के अनुसार, पाटलिपुत्र ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप का कोर क्षेत्र लगभग 3008 एकड़ में विकसित किया जाएगा। वहीं हरिहरनाथपुर का कोर क्षेत्र करीब 2000 एकड़, मगध ग्रीनफील्ड सेटेलाइट टाउनशिप लगभग 1629 एकड़ और तिरहुत सेटेलाइट टाउनशिप करीब 1191 एकड़ क्षेत्र में प्रस्तावित है। पहले चरण में इन परियोजनाओं के कोर क्षेत्र के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

आधुनिक सुविधाओं के साथ विकास

राज्य सरकार की योजना है कि नई टाउनशिप में बेहतर सड़क नेटवर्क, आवासीय क्षेत्र, व्यावसायिक परिसर, सार्वजनिक सुविधाएं, हरित क्षेत्र और आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचा विकसित किया जाए। भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त भूमि के लिए अलग प्रस्ताव भी तैयार किया जाएगा।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन टाउनशिप के विकसित होने से नए औद्योगिक, व्यावसायिक और सेवा क्षेत्र विकसित होंगे। इससे निजी निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही शहरी आबादी के बढ़ते दबाव को संतुलित करने में भी मदद मिलेगी।

पानी-पानी होगा यूपी! 65 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, IMD की बड़ी चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के अनुसार 13 जुलाई तक राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के लगभग 65 जिलों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। कई क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। पूर्वी और मध्य उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी वर्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती =, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर और बहराइच सहित आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश होने की प्रबल संभावना है।

इसके अलावा लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, गाजीपुर, आजमगढ़, मिर्जापुर, चंदौली, सोनभद्र, सुल्तानपुर, उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, वाराणसी, जौनपुर, सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश के आसार हैं।

वज्रपात और मेघगर्जन की चेतावनी

मौसम विभाग ने करीब 30 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है। किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखने की अपील की गई है।

बंगाल की खाड़ी से सक्रिय हुआ मौसम तंत्र

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से बना सक्रिय मौसम तंत्र मध्य प्रदेश के आसपास पहुंच चुका है, जिसका सीधा प्रभाव उत्तर प्रदेश पर दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के पूर्वी, मध्य और कुछ पश्चिमी हिस्सों में व्यापक वर्षा का दौर जारी है। अगले तीन दिनों तक कई जिलों में रुक-रुककर तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

15 जुलाई के बाद बदल सकता है मौसम

पूर्वानुमान के अनुसार 15 जुलाई के बाद मानसून की सक्रियता कुछ कमजोर पड़ सकती है। इसके चलते तीन से चार दिनों तक बारिश में कमी आने और उमसभरी गर्मी बढ़ने की संभावना है। हालांकि मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर नया अपडेट जारी करेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के लिए नई पेंशन स्कीम लागू

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़े करोड़ों कर्मचारियों के लिए पेंशन व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया गया है। 29 जून 2026 से एम्पलॉईज पेंशन स्कीम (EPS), 2026 प्रभावी हो गई है, जिसने पहले लागू ईपीएस-1995 और 1971 फैमिली पेंशन स्कीम का स्थान ले लिया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद कर्मचारियों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि उनकी पेंशन पर इसका क्या असर पड़ेगा और भविष्य में उन्हें कितनी मासिक पेंशन मिलेगी।

क्या बदला और क्या पहले जैसा रहेगा?

नई स्कीम लागू होने के बावजूद सरकार ने मासिक पेंशन तय करने के मूल फार्मूले और न्यूनतम सेवा अवधि में कोई बदलाव नहीं किया है। यानी यदि कोई कर्मचारी नियमित मासिक पेंशन का लाभ लेना चाहता है, तो उसे कम से कम 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूरी करनी होगी। इसके बाद 58 वर्ष की आयु पूरी होने पर कर्मचारी को मासिक पेंशन मिलनी शुरू होगी। वहीं, 50 वर्ष की आयु के बाद निर्धारित नियमों के तहत कम राशि के साथ समय से पहले पेंशन लेने का विकल्प भी उपलब्ध रहेगा।

10 साल की सेवा क्यों है जरूरी?

यदि किसी कर्मचारी ने 10 वर्ष की पेंशन योग्य सेवा पूरी नहीं की है, तो उसे नियमित मासिक पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसी स्थिति में कर्मचारी अपने EPS खाते की पात्र राशि निकाल सकता है या स्कीम सर्टिफिकेट लेकर भविष्य की नौकरी में अपनी पिछली सेवा को जोड़ सकता है। इससे आगे चलकर पेंशन के लिए आवश्यक सेवा अवधि पूरी करने में मदद मिलती है।

ऐसे तय होगी आपकी मासिक पेंशन

EPFO मासिक पेंशन की गणना एक निर्धारित फार्मूले के आधार पर करता है। मासिक पेंशन = (पेंशन योग्य वेतन × पेंशन योग्य सेवा) ÷ 70, यहां पेंशन योग्य वेतन से आशय अंतिम 60 महीनों के औसत मूल वेतन और महंगाई भत्ते (DA) से है। अधिकांश कर्मचारियों के लिए इसकी अधिकतम गणना सीमा 15,000 रुपये मानी जाती है।

न्यूनतम पेंशन की व्यवस्था

वर्तमान नियमों के अनुसार EPS के तहत न्यूनतम 1,000 रुपये प्रतिमाह पेंशन की व्यवस्था जारी रहेगी। यदि निर्धारित गणना के आधार पर किसी कर्मचारी की पेंशन इससे कम बनती है, तो उसे भी न्यूनतम 1,000 रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी। हालांकि, विभिन्न पेंशनर संगठन लंबे समय से न्यूनतम पेंशन को 5,000 से 7,500 रुपये प्रतिमाह तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इस संबंध में अभी तक कोई नई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

बिहार में इन शिक्षकों पर एक्शन, सरकार करेगी पूरे वेतन की वसूली

पटना। बिहार सरकार ने फर्जी शैक्षणिक प्रमाणपत्रों के आधार पर सरकारी शिक्षक की नौकरी पाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शिक्षा विभाग ने ऐसे 3,000 से अधिक शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वाले शिक्षकों को सेवा से हटाने के साथ-साथ उनके खिलाफ विभागीय और कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

जांच में सामने आईं बड़ी अनियमितताएं

शिक्षा विभाग के अनुसार वर्ष 2006 से 2015 के बीच हुई शिक्षक नियुक्तियों की राज्य निगरानी अन्वेषण ब्यूरो द्वारा विस्तृत जांच कराई गई थी। जांच में कई मामलों में फर्जी डिग्री, जाली शैक्षणिक प्रमाणपत्र और संदिग्ध शिक्षण संस्थानों से जारी दस्तावेजों के आधार पर नियुक्तियां होने की बात सामने आई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर दोषी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने का निर्णय लिया गया है।

सेवा से हटाने की तैयारी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों के दस्तावेज जांच में फर्जी पाए गए हैं, उन्हें नियमों के अनुसार सेवा से बर्खास्त किया जाएगा। इसके साथ ही संबंधित मामलों में विभागीय जांच और कानूनी कार्रवाई भी आगे बढ़ाई जाएगी। कई मामलों में पहले से ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और संबंधित शिक्षकों को आरोपी बनाया गया है।

वेतन की भी होगी वसूली

शिक्षा विभाग केवल सेवा समाप्त करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ऐसे शिक्षकों को नौकरी के दौरान दिए गए वेतन और मानदेय की वसूली पर भी विचार कर रहा है। अधिकारियों के अनुसार नियमों के तहत यह राशि ब्याज सहित वसूलने की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। यदि ऐसा होता है, तो दोषी पाए गए शिक्षकों पर आर्थिक दायित्व भी बढ़ सकता है।

अंतिम फैसला जांच

सरकार ने संकेत दिए हैं कि प्रत्येक मामले में उपलब्ध जांच रिपोर्ट, दस्तावेजों और लागू सेवा नियमों के आधार पर ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। दोष सिद्ध होने पर बर्खास्तगी, वेतन वसूली और कानूनी कार्रवाई जैसे कदम उठाए जा सकते हैं, जबकि संबंधित शिक्षकों को नियमानुसार अपना पक्ष रखने का अवसर भी मिलेगा।

12 से 24 जुलाई तक बनेगा महायोग! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगी बड़ी खुशखबरी

राशिफल। 12 जुलाई से 24 जुलाई के बीच ग्रहों की शुभ स्थितियों से गजकेसरी योग और बुधादित्य योग का प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। गजकेसरी योग को बुद्धिमत्ता, सम्मान और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि बुधादित्य योग करियर, व्यापार, शिक्षा और वाणी से जुड़े क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय उन्नति के नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है तथा परिवार में किसी शुभ समाचार से खुशी का माहौल बनेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

कन्या राशि

बुधादित्य योग का प्रभाव कन्या राशि वालों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम प्राप्त होगा। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। निवेश और बचत से जुड़े फैसले भविष्य में लाभकारी साबित हो सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लोगों के लिए यह अवधि आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाली रह सकती है। व्यापार में रुकी हुई योजनाएं आगे बढ़ेंगी और आय में वृद्धि के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है तथा किसी प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग भाग्य का साथ दिला सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और रुका हुआ धन वापस मिलने के योग बन रहे हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी तथा यात्रा से भी लाभ मिल सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यापार दोनों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अच्छा अवसर मिल सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और परिवार का सहयोग हर कदम पर मिलेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी तथा मानसिक तनाव में कमी आएगी।

यूपी में 68 हजार शिक्षक भर्ती, OBC अभ्यर्थियों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वर्ष 2018 की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। खासकर अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपनी पूर्व सिफारिश को एक बार फिर बरकरार रखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग से भर्ती परिणाम में आवश्यक संशोधन करने की अनुशंसा की है।

OBC अभ्यर्थियों को 5 प्रतिशत अर्हता अंक में छूट देने की सिफारिश

आयोग ने स्पष्ट किया है कि वर्ष 2018 की इस भर्ती में OBC वर्ग के अभ्यर्थियों को अर्हता अंक में 5 प्रतिशत की छूट मिलनी चाहिए। आयोग के अनुसार यदि किसी OBC अभ्यर्थी ने 150 अंकों की परीक्षा में 60 अंक (40 प्रतिशत) प्राप्त किए हैं, तो उन्हें योग्य मानते हुए संशोधित सूची तैयार की जानी चाहिए। यह निर्णय आयोग की 16 जून को आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें पहले जारी की गई सिफारिश को दोबारा समर्थन दिया गया।

नियमों और आरक्षण व्यवस्था का दिया हवाला

आयोग का कहना है कि राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (NCTE) की अधिसूचना तथा उत्तर प्रदेश की आरक्षण व्यवस्था के तहत OBC वर्ग को अर्हता में निर्धारित छूट देना पूरी तरह नियमों के अनुरूप है। आयोग ने यह भी उल्लेख किया कि राज्य की 69,000 सहायक शिक्षक भर्ती, जूनियर (एडेड) सहायक शिक्षक भर्ती और सहायक शिक्षक भर्ती-2021 में भी OBC अभ्यर्थियों को इसी प्रकार की छूट दी जा चुकी है।

समान अवसर के अधिकार का उठाया मुद्दा

आयोग का मानना है कि जब अन्य शिक्षक भर्ती प्रक्रियाओं में OBC वर्ग को यह लाभ दिया गया है, तब केवल 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती-2018 में इस सुविधा से वंचित रखना समानता के सिद्धांत के अनुरूप नहीं माना जा सकता। इसी आधार पर आयोग ने विभाग से संशोधित परिणाम तैयार करने और पात्र अभ्यर्थियों की सूची उपलब्ध कराने की सिफारिश की है।

विभागीय कार्रवाई की भी अनुशंसा

आयोग ने यह भी कहा है कि उसकी पूर्व सिफारिशों पर समयबद्ध कार्रवाई न होने के कारण पूरे मामले की समीक्षा की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर आरक्षण संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है, तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई पर भी विचार किया जाए।

अभ्यर्थियों को नियुक्ति का इंतजार

इस निर्णय के बाद भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अभ्यर्थियों में उम्मीद बढ़ी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि आयोग की सिफारिशों के अनुरूप संशोधित परिणाम जारी किया जाता है, तो बड़ी संख्या में पात्र उम्मीदवारों को नियुक्ति का अवसर मिल सकता है। अब सभी की नजर राज्य सरकार और बेसिक शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हुई है। हालांकि अंतिम निर्णय और नियुक्ति प्रक्रिया सरकार एवं संबंधित विभाग द्वारा जारी आदेशों के बाद ही लागू होगी।

कल वृद्धि योग में सूर्य: 4 राशियों के धन-धान्य से भर जाएंगे घर, होगी तरक्की!

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार जब वृद्धि योग और सूर्य देव का शुभ प्रभाव एक साथ बनता है, तो इसे उन्नति, आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक प्रगति के लिए शुभ माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कल बनने वाला वृद्धि योग कुछ राशियों के लिए विशेष फलदायी रह सकता है। इस दौरान करियर, व्यापार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी ग्रह हैं, इसलिए वृद्धि योग का प्रभाव इस राशि पर सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। व्यापार में मुनाफा बढ़ने की संभावना रहेगी। लंबे समय से अटका हुआ धन वापस मिल सकता है और परिवार में सुख-समृद्धि का माहौल रहेगा। किसी शुभ समाचार से घर में खुशी का वातावरण बनेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी माना जा रहा है। व्यापार में नई योजनाएं सफल हो सकती हैं और निवेश से अच्छा लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा तथा कार्यों की सराहना हो सकती है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए वृद्धि योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है और करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। आय के नए स्रोत बनेंगे तथा आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और किसी महत्वपूर्ण यात्रा से लाभ मिलने के योग हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह शुभ योग मेहनत का पूरा फल दिलाने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अनुबंध या बड़े ग्राहकों से लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और घर में मांगलिक कार्यों की योजना बन सकती है। बचत करने में भी सफलता मिलेगी।

यूपी में आई नई भर्ती, इन 3 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के सोनभद्र, बलिया और अमेठी जिलों में अलग-अलग विभागों द्वारा नई भर्तियों की अधिसूचनाएं जारी की गई हैं। इन भर्ती अभियानों के तहत शिक्षण, तकनीकी और लेखा से जुड़े पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि तक ऑफलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

सोनभद्र में PGT कंप्यूटर शिक्षक की भर्ती

अटल आवासीय विद्यालय, गुरमुरा (सोनभद्र) ने PGT कंप्यूटर टीचर (गेस्ट फैकल्टी) के एक पद पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पद के लिए एमएससी या एमई/एमटेक के साथ बीएड योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 3 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और 17 जुलाई 2026 तक ऑफलाइन आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

बलिया में DISM पद पर अवसर

मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), बलिया कार्यालय ने District Information Systems Manager (DISM) के एक पद पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस पद के लिए बी.टेक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 22 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।

अमेठी में 9 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM), अमेठी ने Accountant एवं MIS Assistant के कुल 9 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए उम्मीदवार का 12वीं पास होना, हिंदी का ज्ञान, सामान्य गणित की समझ, कंप्यूटर संचालन का ज्ञान तथा समूह प्रबंधन एवं लेखांकन का अनुभव होना आवश्यक है। अभ्यर्थियों की आयु 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन की अंतिम तिथि 13 जुलाई 2026 तय की गई है।

सूर्य-बुध की महायुति का असर, 5 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता और तरक्की के नए रास्ते

राशिफल। ज्योतिष में जब सूर्य और बुध एक ही राशि में आते हैं, तो बुधादित्य योग का निर्माण होता है। इस योग को बुद्धि, नेतृत्व क्षमता, व्यापारिक सफलता, सम्मान और आर्थिक उन्नति का कारक माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार सूर्य आत्मविश्वास, प्रशासन और प्रतिष्ठा के प्रतीक हैं, जबकि बुध बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल, व्यापार और शिक्षा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

सूर्य-बुध की यह महायुति सभी 12 राशियों को किसी न किसी रूप में प्रभावित करेगी, लेकिन मेष, मिथुन, सिंह, कन्या और मकर राशि के जातकों के लिए इसका प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं इन पांच राशियों पर इस योग का संभावित प्रभाव।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए सौदे लाभदायक साबित हो सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने के योग बनेंगे और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुधादित्य योग आत्मविश्वास और निर्णय क्षमता को मजबूत कर सकता है। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर प्राप्त हो सकते हैं। व्यापार में लाभ बढ़ने और नए संपर्क बनने की संभावना रहेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव विशेष महत्व रखता है। इस दौरान मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है और कार्यस्थल पर आपकी पहचान मजबूत होगी। पदोन्नति, वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिया गया निर्णय लाभकारी साबित हो सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए यह योग इस राशि के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को इस अवधि में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में प्रगति के संकेत हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा तथा भविष्य की योजनाओं को गति देने का अवसर प्राप्त होगा।

बिहार के सरकारी स्कूलों में नया मॉडल लागू, पढ़ें पूरी डिटेल्स

पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था को और अधिक जवाबदेह एवं प्रभावी बनाने के लिए शिक्षा विभाग नई पहल करने जा रहा है। अब हर महीने एक निर्धारित दिन जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और प्रखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) गांवों में जाकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से सीधे संवाद करेंगे। 

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य विद्यालयों की वास्तविक स्थिति जानना और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है। शिक्षा विभाग इस व्यवस्था को संस्थागत रूप से लागू करने की तैयारी कर रहा है, ताकि स्कूलों से जुड़ी समस्याओं का समाधान समय रहते किया जा सके।

पूरे दिन गांव में रहेंगे शिक्षा अधिकारी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक जिले में तय तिथि पर जिला शिक्षा अधिकारी और प्रखंड शिक्षा अधिकारी पूरे दिन चयनित गांव में मौजूद रहेंगे। इस दौरान सरकारी विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों को बैठक के लिए आमंत्रित किया जाएगा। अधिकारी अभिभावकों से स्कूलों में पढ़ाई की स्थिति, शिक्षकों की उपस्थिति, विद्यार्थियों की पढ़ाई और अन्य सुविधाओं को लेकर सीधे फीडबैक प्राप्त करेंगे।

फीडबैक के आधार पर होगी कार्रवाई

अभिभावकों से प्राप्त सुझावों और शिकायतों के आधार पर जिला स्तर पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाएगी। यदि किसी विद्यालय में शिक्षकों की कमी, पढ़ाई की गुणवत्ता या अन्य व्यवस्थाओं में कमी पाई जाती है, तो संबंधित प्रधानाध्यापक और अधिकारियों के साथ समीक्षा कर सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इसके बाद दोबारा अभिभावकों से संपर्क कर यह भी जाना जाएगा कि सुधारात्मक कार्रवाई का असर जमीन पर दिखाई दे रहा है या नहीं।

मुख्यालय तक पहुंचेगी पूरी रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने इस पहल की नियमित निगरानी की भी व्यवस्था की है। प्रत्येक जिले से यह जानकारी मुख्यालय को भेजी जाएगी कि कितने गांवों में अधिकारियों ने अभिभावकों से संवाद किया, कितने विद्यालयों का फीडबैक लिया गया और वहां विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की संख्या क्या है। इसके साथ ही विद्यालय भवन, आधारभूत सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं से संबंधित जानकारी भी रिपोर्ट का हिस्सा होगी।

शिकायतों के आधार पर लिया गया फैसला

शिक्षा विभाग के अनुसार यह पहल हाल ही में आयोजित सहयोग शिविरों में मिली शिकायतों के बाद शुरू की जा रही है। कई स्थानों से शिक्षकों की कमी, समय पर शिक्षकों के विद्यालय नहीं पहुंचने, पढ़ाई प्रभावित होने और स्कूल भवनों की खराब स्थिति जैसी शिकायतें सामने आई थीं। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए विभाग ने तय किया है कि अधिकारी स्वयं गांवों में जाकर अभिभावकों से बातचीत करेंगे, ताकि वास्तविक स्थिति की जानकारी मिल सके और समाधान में तेजी लाई जा सके।

बिहार सरकार ने दी सौगात, पेंशनधारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जुड़े लाखों लाभार्थियों को बड़ी राहत देते हुए पेंशन राशि उनके बैंक खातों में भेज दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत 97.84 लाख लाभार्थियों के खातों में 1,100-1,100 रुपये की राशि हस्तांतरित की। इस कदम से राज्य के बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को समय पर आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

हर महीने तय तारीख पर मिलेगी पेंशन

राज्य सरकार ने पेंशन भुगतान व्यवस्था में भी बड़ा बदलाव किया है। अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे लाभार्थियों को भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे अपनी दैनिक जरूरतों की बेहतर योजना बना सकेंगे। सरकार का मानना है कि समय पर पेंशन मिलने से जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी।

400 रुपये से बढ़कर हुई 1,100 रुपये

मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि पहले सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के तहत लाभार्थियों को 400 रुपये प्रतिमाह मिलते थे। अब इस राशि को बढ़ाकर 1,100 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। बढ़ी हुई पेंशन से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और विधवा महिलाओं को पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिलेगी।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का लाभ सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत आने वाले तीन प्रमुख वर्गों को मिल रहा है। वृद्धजन पेंशन के लाभार्थी, दिव्यांगजन पेंशन के लाभार्थी, विधवा महिला पेंशन योजना के लाभार्थी, सरकार के अनुसार इन सभी पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

छूटे हुए पात्र लोगों को भी जोड़ा जाएगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि जो पात्र लोग अभी तक किसी कारणवश सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना से नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें भी जल्द योजना का लाभ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए पंचायत स्तर पर पात्र लाभार्थियों की पहचान की जाएगी और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उन्हें योजना से जोड़ा जाएगा।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, लाखों परिवारों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) 2.0 के तहत ऐसे प्रस्ताव पर काम कर रही है, जिसके जरिए पात्र लोगों को होम लोन पर 4 प्रतिशत तक ब्याज सब्सिडी का लाभ मिल सकता है। 

यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो खासकर निम्न और मध्यम आय वर्ग (LIG और MIG) के परिवारों के लिए घर खरीदना पहले की तुलना में अधिक किफायती हो सकता है। सरकार का उद्देश्य बढ़ती संपत्ति कीमतों और महंगे होम लोन के बीच आम लोगों को राहत देना और अधिक से अधिक परिवारों को अपना पक्का घर उपलब्ध कराना है।

क्या है प्रस्ताव?

योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को होम लोन के पहले 8 लाख रुपये तक के हिस्से पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी देने की तैयारी की जा रही है। यह लाभ अधिकतम 12 वर्ष की अवधि तक दिया जा सकता है। अनुमान है कि इससे एक पात्र परिवार को कुल मिलाकर करीब 1.80 लाख रुपये तक का लाभ मिल सकता है। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के लोन खाते में समायोजित की जाएगी, जिससे मूलधन कम होगा और मासिक ईएमआई का बोझ भी घट जाएगा।

किन लोगों को मिल सकता है लाभ?

प्रस्तावित योजना का लाभ मुख्य रूप से उन परिवारों को देने की तैयारी है जो पहली बार घर खरीद रहे हैं और निर्धारित आय सीमा के भीतर आते हैं। इसके अलावा कुछ अन्य शर्तें भी लागू हो सकती हैं, जैसे:

परिवार के नाम पहले से पक्का मकान नहीं होना चाहिए।

वार्षिक आय सरकार द्वारा तय पात्रता सीमा के भीतर हो।

निर्धारित मूल्य सीमा तक के मकान पर ही योजना का लाभ मिले।

तय सीमा तक के होम लोन पर ही ब्याज सब्सिडी लागू होगी।

योजना से जुड़ी अंतिम पात्रता शर्तें सरकार की आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद स्पष्ट होंगी।

मध्यम वर्ग को मिलेगी बड़ी राहत

बीते कुछ वर्षों में मकानों की कीमतों और होम लोन की ब्याज दरों में वृद्धि के कारण कई परिवारों के लिए घर खरीदना मुश्किल हो गया है। ऐसे में यदि 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी लागू होती है, तो ईएमआई कम होने से घर खरीदने का निर्णय लेना आसान हो सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पहली बार घर खरीदने वाले परिवारों को सबसे अधिक फायदा मिल सकता है।

अंतिम फैसला अभी बाकी

फिलहाल होम लोन पर 4 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी से जुड़ी यह व्यवस्था सरकार की प्रस्तावित तैयारी का हिस्सा है। योजना के सभी नियम, पात्रता और क्रियान्वयन की प्रक्रिया केंद्र सरकार की आधिकारिक घोषणा और दिशा-निर्देश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। यदि यह योजना लागू होती है, तो कम ईएमआई, ब्याज में बचत और सरकारी सहायता के साथ लाखों परिवारों का अपना घर खरीदने का सपना साकार होने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।

14 से 16 जुलाई तक गजकेसरी योग, 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगी बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष में गजकेसरी योग को सबसे प्रभावशाली और शुभ योगों में से एक माना जाता है। यह योग तब बनता है जब चंद्रमा और देवगुरु बृहस्पति एक-दूसरे के साथ शुभ संबंध में होते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग व्यक्ति को बुद्धि, सम्मान, धन, सफलता और सामाजिक प्रतिष्ठा प्रदान करने वाला माना जाता है।

14 जुलाई से 16 जुलाई तक बनने वाले गजकेसरी योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर रहेगा, लेकिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार मेष, कर्क, तुला और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं इन चार राशियों पर इसका संभावित प्रभाव।

मेष राशि

गजकेसरी योग मेष राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में अच्छे अवसर लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। व्यापार में नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों के योग बनेंगे। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और निवेश से लाभ मिल सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकते हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे और परिवार के साथ संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी बढ़ोतरी हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए गजकेसरी योग सफलता और प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने के योग हैं। दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहेगी और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ माना जा रहा है। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि जैसी खुशखबरी मिल सकती है। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। मानसिक तनाव कम होगा और भविष्य की योजनाओं को आगे बढ़ाने का अच्छा अवसर मिलेगा।