यह फैसला बेसिक शिक्षा परिषद और अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों व कर्मचारियों के लिए लागू होगा। सरकार के इस कदम से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है, खासकर उन लोगों को जो जल्द ही सेवानिवृत्त होने वाले हैं।
किन्हें मिलेगा लाभ
नई व्यवस्था के अनुसार, यह बढ़ी हुई ग्रेच्युटी उन्हीं कर्मचारियों को मिलेगी, जिनका महंगाई भत्ता (DA) उनके मूल वेतन का 50 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। इसके साथ ही, वे कर्मचारी जिन्होंने 60 वर्ष की आयु में सेवानिवृत्ति का विकल्प चुना है, वे भी इस योजना के पात्र होंगे।
कब से लागू होगी
बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, यह संशोधित व्यवस्था 1 जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएगी। यानी इस तारीख या इसके बाद से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों को ही बढ़ी हुई सीमा का लाभ मिलेगा। इससे पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
पहले क्या थी स्थिति
इससे पहले वर्ष 2017 में जारी आदेश के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 20 लाख रुपये निर्धारित की गई थी। यह सीमा सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय की गई थी। अब वित्तीय नियमों और महंगाई भत्ते में वृद्धि को ध्यान में रखते हुए इसमें संशोधन किया गया है।
25 प्रतिशत तक बढ़ी सीमा
नई व्यवस्था के तहत ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा में करीब 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। यानी अब पात्र कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के समय पहले की तुलना में अधिक आर्थिक सहायता मिल सकेगी। यह निर्णय कर्मचारियों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।





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