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बिहार सरकार की बड़ी तैयारी, नागरिकों के लिए 5 नई खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरी नागरिकों के लिए जल्द ही बड़ी राहत मिलने वाली है। राज्य सरकार नगर निकायों की सेवाओं को डिजिटल बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसके तहत एक ऐसा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तैयार किया जा रहा है, जहां लोगों को नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत से जुड़ी कई सुविधाएं एक ही जगह मिल सकेंगी।

सरकार की योजना है कि यह ई-गवर्नेंस पोर्टल अगस्त-सितंबर तक शुरू किया जा सकता है। इसके लागू होने के बाद लोगों को छोटे-छोटे कामों के लिए नगर कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

लोगों कप एक प्लेटफॉर्म पर मिलेंगी कई सेवाएं

नई डिजिटल व्यवस्था के तहत नागरिकों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। इनमें होल्डिंग टैक्स जमा करना, जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए आवेदन, भवन निर्माण की अनुमति और शिकायत दर्ज कराने जैसी सेवाएं शामिल होंगी। इससे लोगों का समय बचेगा और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

पांच साल में खर्च होंगे करीब 120 करोड़ रुपये

राज्य सरकार ने इस डिजिटल परियोजना को लागू करने के लिए अगले पांच वर्षों में करीब 119.90 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी है। इस राशि का इस्तेमाल डिजिटल सिस्टम तैयार करने, संचालन, रखरखाव और नगर निकायों की व्यवस्थाओं को ऑनलाइन जोड़ने में किया जाएगा।

सभी नगर निकाय होंगे डिजिटल सिस्टम से जुड़े

इस परियोजना के तहत राज्य के सभी नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायतों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा। इससे नगर निकायों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को सेवाएं समय पर उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

ऑनलाइन सुविधा से नागरिकों को बड़ी राहत

अभी कई नागरिक सेवाओं के लिए लोगों को संबंधित कार्यालयों में जाना पड़ता है। नई व्यवस्था शुरू होने के बाद घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से आवेदन और भुगतान जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म से कामकाज में तेजी आएगी और शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया भी बेहतर होगी।

ई-गवर्नेंस से बदलेगी शहरी व्यवस्था

यह परियोजना शहरी विकास को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से जहां नागरिकों को सुविधा मिलेगी, वहीं नगर निकायों की जवाबदेही भी बढ़ेगी। सरकार को उम्मीद है कि नई ऑनलाइन व्यवस्था शुरू होने के बाद बिहार के शहरों में नागरिक सेवाओं का संचालन पहले से ज्यादा आसान और प्रभावी हो जाएगा।

यूपी में 2 महत्वपूर्ण सड़कों का निर्माण शुरू, लोगों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शहर के वार्ड संख्या 40 में दो महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण कार्य की शुरुआत कर दी गई है। नगर निगम की निधि से बनने वाली इन सड़कों पर करीब 35 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।

पटेल नगर क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान महापौर डॉ. अजय कुमार और नगर विधायक राजीव गुंबर ने संयुक्त रूप से निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। सड़क निर्माण शुरू होने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।

आवागमन होगा आसान, पुरानी समस्या से मिलेगी राहत

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार सड़क बनने के बाद स्थानीय लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलेगी। लंबे समय से खराब रास्तों के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिससे अब राहत मिलने की उम्मीद है। महापौर ने कहा कि शहर में बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सड़क, बिजली, पानी, जल निकासी और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं को मजबूत करना नगर निगम की प्राथमिकता है।

हर वार्ड में विकास कार्यों पर जोर

महापौर ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में जरूरत के अनुसार विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। उनका उद्देश्य है कि नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिलें और शहर का विकास तेजी से हो। विधायक राजीव गुंबर ने भी कहा कि सड़क निर्माण से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और लोगों को मूलभूत सुविधाओं का बेहतर लाभ मिलेगा।

मानसून से पहले नालों की स्थिति बनी चुनौती

वहीं दूसरी ओर शहर में नालों पर हो रहे अतिक्रमण ने नगर निगम की चिंता बढ़ा दी है। मानसून से पहले सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब 319 नाले हैं। कई जगहों पर नालों के ऊपर अस्थायी कब्जे होने से सफाई कार्य प्रभावित हो रहा है। कुछ स्थानों पर रेहड़ी, दुकानें और अन्य सामान रखने से नालों की सफाई में परेशानी आ रही है।

यूपी में पशुपालकों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने और देशी गायों की नस्लों को बचाने के लिए सरकार ने नई पहल शुरू की है। मुख्यमंत्री स्वदेशी गो संवर्धन योजना के तहत अब पशुपालकों को साहीवाल, गीर, थारपारकर और गंगातिरी जैसी देशी नस्ल की गायों के पालन के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी।

दो गायों की यूनिट पर मिलेगा अनुदान

इस योजना के तहत पशुपालक दो देशी गायों की यूनिट स्थापित कर सकते हैं। इस यूनिट की अनुमानित लागत करीब 2 लाख रुपये रखी गई है। सरकार की ओर से लागत का 40 प्रतिशत यानी लगभग 80 हजार रुपये तक की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इससे पशुपालकों को देशी नस्ल की गाय खरीदने और पालन शुरू करने में मदद मिलेगी।

पशुपालकों के लिए भी प्रोत्साहन राशि

सरकार ने बेहतर नस्ल की देशी गाय पालने वाले प्रगतिशील पशुपालकों के लिए भी प्रोत्साहन राशि का प्रावधान किया है। अगर किसी पशुपालक की देशी गाय प्रतिदिन 10 लीटर से अधिक दूध देती है तो उसे 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। वहीं, 15 लीटर से ज्यादा दूध देने वाली गाय के लिए 15 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी।

ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक पशुपालक वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य ज्यादा से ज्यादा लोगों को योजना से जोड़ना है, ताकि देशी गायों के संरक्षण को बढ़ावा मिल सके।

देशी नस्ल की गायों की खासियत

गीर नस्ल की गाय अच्छी दूध देने वाली नस्लों में शामिल है। यह सामान्य तौर पर बेहतर दुग्ध उत्पादन के लिए जानी जाती है। साहीवाल गाय भी देशी नस्लों में प्रमुख मानी जाती है और लंबे समय तक दूध देने की क्षमता रखती है। वहीं, थारपारकर नस्ल की गाय गर्म मौसम में भी अच्छी तरह अनुकूल रह सकती है और दूध उत्पादन के लिए प्रसिद्ध है।

गजकेसरी राजयोग का शुभ असर, 5 राशियों की बदलेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष गणना के अनुसार 17 जून 2026 का दिन कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को मान-सम्मान, सफलता और आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

17 जून 2026 को चंद्रमा का गोचर कर्क राशि में होगा और वहां गुरु के साथ आने से यह शुभ योग बनेगा। इस योग का प्रभाव कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए गजकेसरी राजयोग शुभ साबित हो सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और नई योजनाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। व्यापार में फायदा मिलने और आय के नए साधन बनने के योग हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है। निवेश से जुड़े फैसलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के जातकों को गजकेसरी राजयोग से करियर में फायदा मिल सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या सफलता के अवसर मिल सकते हैं। आपकी कार्य क्षमता की सराहना हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में भी सुधार के संकेत हैं।

सिंह राशि:

सिंह राशि वालों के लिए यह योग मान-सम्मान बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग हैं। पुराने संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

तुला राशि: 

तुला राशि के जातकों के लिए गजकेसरी राजयोग भाग्य में वृद्धि करने वाला हो सकता है। नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक परेशानियों में राहत मिलने के संकेत हैं। परिवार और सामाजिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

8वें वेतन आयोग पर बढ़ी हलचल, कर्मचारियों और पेंशनर्स ने रखीं ये बड़ी-बड़ी मांगे

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर हलचल तेज हो गई है। कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों की ओर से आयोग के सामने अपने सुझाव और मांगें रखी जा चुकी हैं। अब आयोग इन प्रस्तावों की समीक्षा करेगा और इसके आधार पर आगे की सिफारिशें तैयार की जाएंगी।

15 जून को प्रस्ताव और मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। इसके बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि कर्मचारियों की कौन-कौन सी मांगें 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों में जगह बना पाती हैं।

संगठनों द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने को लेकर रखी है। उनका कहना है कि मौजूदा वेतन व्यवस्था आज के खर्चों के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। कर्मचारियों के अनुसार वर्तमान समय में शिक्षा, स्वास्थ्य, मकान, परिवहन और डिजिटल सेवाओं पर खर्च काफी बढ़ चुका है। इसलिए नए वेतन निर्धारण में आधुनिक जरूरतों को शामिल किया जाना चाहिए।

फिटमेंट फैक्टर 3.83 करने की मांग तेज

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अब कुछ कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए नया फिटमेंट फैक्टर अधिक होना चाहिए।

DA को मूल वेतन में शामिल करने की मांग

महंगाई भत्ता (DA) को लेकर भी कर्मचारियों ने अपनी मांग रखी है। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से बढ़ती महंगाई का असर नई वेतन संरचना में दिखाई देना चाहिए। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों के DA में लगातार बढ़ोतरी हुई है और कर्मचारियों की मांग है कि नए वेतन ढांचे में इसे ध्यान में रखकर फैसला लिया जाए।

परिवार यूनिट में बदलाव का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों ने वेतन निर्धारण के पुराने परिवार फॉर्मूले में बदलाव की मांग भी उठाई है। मौजूदा व्यवस्था में परिवार इकाई को लेकर पुराने मानकों का इस्तेमाल किया जाता है। संगठनों का कहना है कि इसे बढ़ाकर 3 से 5 परिवार इकाई किया जाना चाहिए, क्योंकि आज परिवार की जिम्मेदारियां और खर्च पहले से काफी बढ़ गए हैं।

OPS, NPS और UPS पर भी नजर

पेंशन सुधार भी 8वें वेतन आयोग का बड़ा मुद्दा है। कई कर्मचारी संगठनों ने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने की मांग की है। उनका कहना है कि रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होनी चाहिए। वहीं नई पेंशन व्यवस्था को लेकर भी कर्मचारियों ने सुधार की जरूरत बताई है।

अब आयोग करेगा मांगों की समीक्षा

प्रस्ताव जमा होने के बाद अब 8वां वेतन आयोग कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स समूहों और अन्य पक्षों की मांगों का अध्ययन करेगा। आयोग की अंतिम सिफारिशों में वेतन वृद्धि, भत्तों और पेंशन से जुड़े कौन से बदलाव शामिल होंगे, इस पर लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर बनी हुई है।

बिहार सरकार का तोहफा, 12 लाख किसानों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सरकार ने एक नई पहल शुरू की है। अब किसानों तक खेती से जुड़ी जानकारी, विशेषज्ञों की सलाह और जरूरी सेवाएं आसानी से पहुंचाने के लिए डिजिटल व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

कृषि विभाग बिहार कृषि डिजिटल प्लेटफॉर्म को और प्रभावी बनाने की तैयारी में जुटा है। इसी कड़ी में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर की कृषि सेवाओं को भी इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जोड़ने की योजना बनाई गई है। इससे किसानों को खेती से जुड़ी बेहतर और भरोसेमंद जानकारी एक ही जगह उपलब्ध हो सकेगी।

लाखों किसान पहले से जुड़े

बिहार कृषि डिजिटल प्लेटफॉर्म से अभी तक 12 लाख से ज्यादा किसान जुड़ चुके हैं। इस मंच के जरिए किसानों को मौसम की जानकारी, फसल से जुड़ी सलाह और खेती की नई तकनीकों की जानकारी दी जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसानों को इस डिजिटल सुविधा से जोड़ा जाए, ताकि उन्हें खेती के लिए सही समय पर सही जानकारी मिल सके।

कृषि विशेषज्ञों की सलाह भी मिलेगी

बिहार कृषि विश्वविद्यालय की सेवाएं जुड़ने के बाद किसानों को कृषि विशेषज्ञों की सलाह, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और शोध से जुड़ी जानकारी का फायदा मिलेगा। किसान फसल चयन, खेती के तरीके और नई तकनीक अपनाने को लेकर बेहतर निर्णय ले सकेंगे। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

मौसम और तकनीक से मिलेगी मदद

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मौसम विभाग की जानकारी के आधार पर किसानों को कृषि मौसम सलाह दी जा रही है। इससे किसान बारिश, तापमान और मौसम बदलाव को ध्यान में रखते हुए खेती की योजना बना सकेंगे। इसके अलावा एआई आधारित सुविधाओं के जरिए भी किसानों को खेती से जुड़े सवालों के समाधान उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

किसानों की आमदनी बढ़ाना सरकार का लक्ष्य

सरकार का फोकस किसानों को केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती को अधिक लाभकारी बनाने पर भी है। डिजिटल सेवाओं के विस्तार से किसानों को कम समय में सही जानकारी मिलेगी और वे बेहतर तरीके से खेती कर पाएंगे। इस पहल से बिहार के किसानों को आधुनिक कृषि व्यवस्था से जोड़ने और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

CM सम्राट का ऐलान: बिहार की महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई जानकारी दी है। योजना से जुड़ी पात्र महिलाओं को जल्द ही आर्थिक सहायता की अगली किस्त मिलने वाली है।

सरकार जुलाई महीने से लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में सीधे डीबीटी के माध्यम से राशि भेजने की तैयारी कर रही है। इस चरण में उन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी, जिन्होंने पहले मिली सहायता राशि से अपना रोजगार शुरू किया और उसे आगे बढ़ाने का प्रयास किया है।

सफल महिलाओं को मिलेगी आगे बढ़ने की मदद

योजना के तहत पहले चरण में महिलाओं को अपना काम शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी गई थी। अब जिन महिलाओं ने उस राशि का इस्तेमाल कर अपना छोटा कारोबार शुरू किया है, उन्हें आगे विस्तार के लिए 20 हजार रुपये की अतिरिक्त मदद दी जाएगी। सरकार का मानना है कि यह सहायता महिलाओं को स्वरोजगार बढ़ाने और अपनी आय का साधन मजबूत करने में मदद करेगी।

जिनका नाम छूट गया, उन्हें भी मिलेगा लाभ

सरकार ने उन महिलाओं को भी राहत देने की बात कही है, जो किसी कारण पहली सहायता राशि से वंचित रह गई थीं। ऐसी महिलाओं को योजना के शुरुआती लाभ के तौर पर 10 हजार रुपये दिए जाएंगे। इससे अधिक से अधिक महिलाओं को योजना से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

बड़े कार्यक्रम की तैयारी

मुख्यमंत्री ने बताया कि जुलाई में योजना को लेकर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जा सकता है। इसी दौरान लाभार्थियों के खातों में सहायता राशि भेजने की प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। इस कार्यक्रम में योजना की प्रगति और महिलाओं को मिल रहे लाभ की जानकारी भी साझा की जाएगी।

बुधवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। बुधवार का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास माना जा रहा है। ग्रहों की स्थिति से बनने वाले दो शुभ योग कई राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकते हैं। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इन योगों के प्रभाव से कुछ जातकों को धन लाभ, नौकरी में तरक्की और व्यापार में सफलता के अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन शुभ परिणाम देने वाला हो सकता है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है। निवेश और नई योजनाओं में लाभ मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए बुधवार का दिन लाभ लेकर आ सकता है। व्यापार में तरक्की के योग बन रहे हैं। धन से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। परिवार में खुशहाली रहेगी और कोई अच्छी खबर मिल सकती है। मेहनत का उचित परिणाम मिलने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को बुधवार को विशेष लाभ मिल सकता है। बुध ग्रह की कृपा से नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। बातचीत और समझदारी से किए गए कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुधवार का दिन सफलता और सम्मान लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के अवसर बन सकते हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन अच्छा रहने वाला है। पुराने अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरी में उन्नति के योग बन सकते हैं। व्यापार में फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है।

बिहार में फिर सक्रिय होगा मानसून, कई जिलों में तेज हवा और बारिश के आसार

पटना। बिहार में अगले कुछ दिनों में मौसम का रुख बदलने वाला है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने 17 जून से 20 जून तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, तेज हवा, मेघ गर्जन और वज्रपात की संभावना जताई है। मौसम विभाग ने स्थिति को देखते हुए कई जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान कुछ इलाकों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

17 जून को कई जिलों में येलो अलर्ट

17 जून को उत्तर और उत्तर-पूर्व बिहार के कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सीतामढ़ी, शिवहर, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में बारिश और तेज हवा को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

18 जून को भी मौसम रहेगा सक्रिय

18 जून को पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया सहित कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवा, बारिश और बिजली चमकने की संभावना जताई गई है। हालांकि पटना, गया, नालंदा समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है।

19 जून को ज्यादा असर, ऑरेंज अलर्ट

19 जून को बिहार के कई हिस्सों में मौसम ज्यादा प्रभावी रह सकता है। मौसम विभाग ने बड़ी संख्या में जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिम चंपारण से लेकर किशनगंज, पटना, नालंदा, बेगूसराय, लखीसराय, मुंगेर और नवादा समेत कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना है। इन क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मौसम विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। बिजली गिरने के समय पेड़, बिजली के खंभे और खुले मैदान से दूरी बनाए रखें। मौसम में बदलाव का असर खेती और आम जनजीवन पर भी पड़ सकता है। ऐसे में प्रशासन ने भी सतर्कता बरतने की अपील की है।

बिहार के शिक्षकों की बल्ले-बल्ले, CM सम्राट ने खोला खुशियों का पिटारा

पटना। बिहार में शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों के ट्रांसफर और शिक्षा व्यवस्था को लेकर सरकार की नीति साफ कर दी है। कैमूर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधाओं का पूरा ध्यान रख रही है, लेकिन बच्चों की पढ़ाई की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

शिक्षकों को ट्रांसफर में मिलेगी सुविधा

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की परेशानी को देखते हुए स्थानांतरण प्रक्रिया को आसान बनाया गया है। कोशिश की जा रही है कि शिक्षकों को उनके घर के आसपास या सुविधाजनक स्थान पर तैनाती मिल सके। उन्होंने बताया कि महिला शिक्षिकाओं को उनके गांव या घर के नजदीकी पंचायत में पोस्टिंग देने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं पुरुष शिक्षकों को भी नजदीकी क्षेत्र में तैनाती का अवसर मिल सकता है।

सुविधा के साथ जिम्मेदारी भी तय

मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को राहत देने के साथ ही शिक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर की सुविधा मिलने के बाद शिक्षकों को अपनी जिम्मेदारी पूरी करनी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्कूलों में नियमित उपस्थिति और बच्चों की पढ़ाई को प्राथमिकता देनी होगी। शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही को सरकार नजरअंदाज नहीं करेगी।

हजारों स्कूलों में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के करीब 75 हजार सरकारी स्कूलों में सुधार की दिशा में काम किया गया है। अब फोकस इन स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता बढ़ाने पर है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका को सबसे अहम बताते हुए कहा कि बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने में शिक्षकों की जिम्मेदारी सबसे बड़ी है।

सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

सीएम ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल स्कूलों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाना है। गरीब, किसान और सामान्य परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में संसाधनों को बेहतर बनाने के साथ पढ़ाई के माहौल को मजबूत किया जा रहा है।

शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही बढ़ाने की तैयारी

सरकार के इस रुख से साफ है कि शिक्षकों को सुविधाएं देने के साथ-साथ उनकी जवाबदेही भी तय की जा रही है। सरकार का लक्ष्य है कि स्कूलों में नियमित पढ़ाई हो और बच्चों को बेहतर शिक्षा मिल सके। शिक्षकों के लिए ट्रांसफर में राहत और शिक्षा व्यवस्था में सख्ती, दोनों को सरकार के नए कदम के रूप में देखा जा रहा है।

ताकत का खजाना हैं ये ड्राईफ्रूट्स, शरीर को मिलेंगे 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। सेहतमंद रहने के लिए लोग अपनी डाइट में कई तरह के ड्राईफ्रूट्स शामिल करते हैं। इन्हीं में से एक है चिलगोजा, जिसे ताकत और पोषण का खजाना माना जाता है। स्वाद में हल्का मीठा और पौष्टिक तत्वों से भरपूर चिलगोजा शरीर को अंदर से मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।

चिलगोजा में प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की ऊर्जा बढ़ाने और स्वास्थ्य को बेहतर रखने में सहायक माने जाते हैं।

1. शरीर को देता है भरपूर ऊर्जा

चिलगोजा में मौजूद हेल्दी फैट और पोषक तत्व शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं। कमजोरी और थकान महसूस करने वाले लोगों के लिए यह फायदेमंद हो सकता है।

2. इम्युनिटी को बढ़ाने में मददगार

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं। नियमित मात्रा में सेवन करने से शरीर को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिल सकती है।

3. दिमागी सेहत के लिए फायदेमंद

चिलगोजा में पाए जाने वाले पोषक तत्व दिमाग के लिए लाभकारी माने जाते हैं। यह याददाश्त और एकाग्रता को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

4. दिल की सेहत के लिए अच्छा

चिलगोजा में मौजूद अच्छे फैट शरीर में कोलेस्ट्रॉल के संतुलन को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इससे हृदय स्वास्थ्य को फायदा मिल सकता है।

5. हड्डियों को मिलती है मजबूती

इसमें मौजूद मिनरल्स हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माने जाते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकता है।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

चिलगोजा में मौजूद पोषक तत्व त्वचा की चमक और बालों की मजबूती के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।

7. वजन और पाचन में मददगार

फाइबर से भरपूर होने के कारण चिलगोजा पेट को लंबे समय तक भरा महसूस करा सकता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर रखने में भी सहायक हो सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक

नई दिल्ली। NEET UG दोबारा परीक्षा को निष्पक्ष और सुरक्षित तरीके से कराने के लिए केंद्र सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी और नकल गिरोह पर रोक लगाने के उद्देश्य से टेलीग्राम पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया गया है। सरकार का यह कदम परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

केंद्र सरकार के निर्देश के तहत टेलीग्राम सेवा पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा मैसेज एडिट करने का फीचर भी 30 जून तक बंद रखने का फैसला किया गया है। इस कदम का उद्देश्य परीक्षा से जुड़ी किसी भी तरह की अफवाह, पेपर लीक या गलत गतिविधियों को रोकना है।

NEET UG री-एग्जाम की तैयारियां तेज

NEET UG की दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी। इससे पहले मई में हुई परीक्षा को लेकर सवाल उठे थे, जिसके बाद प्रभावित छात्रों के लिए फिर से परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार ने परीक्षा की व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए सुरक्षा एजेंसियों और संबंधित विभागों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षा की निष्पक्षता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

दोबारा परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा मजबूत की गई है। प्रश्न पत्रों की सुरक्षित पहुंच, परीक्षा केंद्रों की निगरानी और स्थानीय प्रशासन के साथ बेहतर तालमेल के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा बलों की तैनाती के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी, ताकि किसी भी तरह की अनियमितता को रोका जा सके।

छात्रों को मिलेगी अतिरिक्त सुविधा

राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने परीक्षा को लेकर छात्रों के लिए कुछ बदलाव भी किए हैं। इस बार परीक्षा का आयोजन दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक किया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया में शामिल औपचारिकताओं को ध्यान में रखते हुए कुल समय निर्धारित किया गया है। इसके अलावा छात्रों को रफ वर्क के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध कराई जाएगी। पहले की तुलना में रफ कार्य के लिए अतिरिक्त पेज दिए जाएंगे, जिससे छात्रों को प्रश्न हल करने में आसानी होगी।

यूपी रेरा ने दी 14 नई परियोजना को मंजूरी, 7 जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रियल एस्टेट क्षेत्र को गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने राज्य के सात जिलों में 14 नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। 

इन परियोजनाओं में करीब 2285 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्रस्तावित है। इसके जरिए हजारों लोगों को नए घर, व्यावसायिक स्थान और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। प्राधिकरण का कहना है कि नई योजनाओं से प्रदेश में बेहतर आवासीय सुविधाओं के साथ-साथ व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

लखनऊ में सबसे ज्यादा परियोजनाओं को मंजूरी

राजधानी लखनऊ इस मामले में सबसे आगे रहा है। यहां सात नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। करीब 711 करोड़ रुपये के निवेश से इन योजनाओं को विकसित किया जाएगा। इन परियोजनाओं के तहत फ्लैट, विला, दुकानें और स्टूडियो स्पेस जैसी सुविधाएं विकसित होंगी। इससे करीब 1270 नई इकाइयों का निर्माण होगा।

गाजियाबाद में सबसे बड़ा निवेश

गाजियाबाद में मंजूर हुई परियोजना में सबसे ज्यादा निवेश किया जाएगा। यहां करीब 998 करोड़ रुपये की लागत से एक बड़ी मिश्रित परियोजना विकसित होगी। इसमें आवासीय इकाइयों के साथ दुकानों का भी निर्माण किया जाएगा। इस योजना के तहत लगभग 780 इकाइयां तैयार होंगी।

नोएडा समेत अन्य जिलों को भी

गौतमबुद्ध नगर में दो व्यावसायिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन पर करीब 208 करोड़ रुपये का निवेश होगा। यहां लगभग 695 दुकानों और स्टूडियो स्पेस का विकास किया जाएगा। इसके अलावा मथुरा, बरेली, वाराणसी और बाराबंकी में भी नई परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। मथुरा में आवासीय इकाइयां, बरेली में सैकड़ों घरों का निर्माण, वाराणसी और बाराबंकी में भी नई आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी।

हजारों लोगों को मिलेगा रोजगार

इन रियल एस्टेट परियोजनाओं के शुरू होने से निर्माण क्षेत्र में बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। निर्माण सामग्री, परिवहन, इंजीनियरिंग सेवाओं और अन्य जुड़े क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ेंगी। यूपी रेरा की मंजूरी से प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य, इन 5 राशियों पर बरसेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं और ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल के अनुसार आने वाला समय कई राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है। विशेष ग्रह योग बनने से कुछ जातकों के जीवन में आर्थिक उन्नति, करियर में तरक्की और नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं। इस अवधि को ज्योतिषाचार्यों द्वारा 'भाग्य के कमल के खिलने' जैसा समय बताया जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय प्रगति और ऊर्जा से भरा रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे आय में वृद्धि के योग बन रहे हैं। आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और निर्णय क्षमता मजबूत बनेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से अनुकूल माना जा रहा है। धन लाभ के नए स्रोत बन सकते हैं। व्यवसाय में विस्तार और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में शांति और स्थिरता बनी रहेगी। संपत्ति से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष उपलब्धियों का संकेत दे रहा है। कार्यस्थल पर मान-सम्मान बढ़ेगा और उच्च पद की प्राप्ति संभव है। नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी और सरकारी या बड़े प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और उन्नति लेकर आएगा। पार्टनरशिप में लाभ होने की संभावना है। रुके हुए धन की वापसी संभव है। नौकरी और करियर में नई दिशा मिल सकती है। प्रेम और संबंधों में भी मजबूती आने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। करियर में बड़ी सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने संघर्षों से राहत मिल सकती है। जिम्मेदारियों के साथ-साथ सम्मान में भी वृद्धि होगी।

बिहार में आई बंपर खुशखबरी, युवाओं के लिए 2 बड़ी भर्ती शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बार फिर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में दो अलग-अलग आयोगों ने विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इन भर्तियों के जरिए योग्य उम्मीदवारों को सरकारी सेवा में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

1 .BTSC में फूड एनालिस्ट के पदों पर भर्ती

Bihar Technical Service Commission की ओर से फूड एनालिस्ट के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जा रही है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 11 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इस पद के लिए वे उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने B.Sc, M.Sc या M.Phil/Ph.D जैसी उच्च योग्यता प्राप्त की हो। आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू होगी और उम्मीदवार 19 जून 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा: btsc.bihar.gov.in

2 .BPSSC में ASI (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती

इसके अलावा Bihar Police Sub-Inspector Services Commission की ओर से भी एक महत्वपूर्ण भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के कुल 22 पदों के लिए की जाएगी। इस पद के लिए वे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने डिप्लोमा किया हुआ है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 21 मई 2026 से शुरू होकर 21 जून 2026 तक चलेगी। उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं: bpssc.bihar.gov.in

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

इन दोनों भर्तियों से साफ है कि बिहार सरकार तकनीकी और विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में युवाओं को रोजगार देने पर लगातार ध्यान दे रही है। कम पदों की यह भर्ती भले ही सीमित हो, लेकिन योग्य उम्मीदवारों के लिए यह एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।

बिहार में नशे के खिलाफ ताबड़तोड़ एक्शन, 57 हजार लोग गिरफ्तार

पटना। बिहार में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने के लिए राज्य पुलिस और मद्यनिषेध विभाग लगातार बड़े स्तर पर अभियान चला रहे हैं। हाल ही में पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के डीआईजी अजय कुमार पांडेय ने इस साल की अब तक की कार्रवाई का विस्तृत विवरण पेश किया। यह जानकारी उस समय सामने आई है जब विभागीय मंत्री मदन सहनी ने शराबबंदी को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे।

करोड़ों की शराब जब्त, अभियान तेज

पुलिस के अनुसार इस वर्ष मई तक करीब 201 करोड़ रुपये मूल्य की शराब जब्त की जा चुकी है। इसमें से जिला पुलिस और मद्यनिषेध इकाई दोनों की संयुक्त कार्रवाई शामिल है। बड़ी मात्रा में अवैध शराब की बरामदगी यह दिखाती है कि राज्य में तस्करी नेटवर्क सक्रिय है, लेकिन पुलिस लगातार उस पर शिकंजा कस रही है।

हजारों गिरफ्तारी, दोनों पक्षों पर कार्रवाई

पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक इस वर्ष मई तक 56,900 से अधिक लोगों को मद्यनिषेध मामलों में गिरफ्तार किया गया है। इनमें शराब पीने वाले, सप्लाई करने वाले और तस्करी में शामिल लोग सभी शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए लोगों में लगभग 19,800 शराब के कारोबारी और तस्कर हैं, जबकि करीब 37,000 लोग शराब सेवन के आरोप में पकड़े गए हैं। पिछले साल यह संख्या एक लाख से अधिक थी, जो इस साल के आंकड़ों की तुलना में और व्यापक अभियान को दर्शाती है।

अंतरराज्यीय नेटवर्क पर भी शिकंजा

पुलिस ने राज्य के बाहर सक्रिय शराब कारोबारियों के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की है। इस साल अब तक 500 से अधिक बाहरी राज्यों के शराब कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें कई बड़े नेटवर्क से जुड़े लोग भी शामिल हैं।

अवैध संपत्ति और मनी ट्रेल पर कार्रवाई

अब तक 127 लोगों की अवैध रूप से अर्जित संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया अदालत में भेजी जा चुकी है। इसके साथ ही 89 नशा कारोबारियों के खिलाफ नारकोटिक्स कानून के तहत भी कार्रवाई चल रही है, जिससे संगठित अपराध पर रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।

नशे के अन्य रूपों पर भी कार्रवाई

केवल शराब ही नहीं, बल्कि अन्य मादक पदार्थों पर भी बड़ी कार्रवाई की गई है। भारी मात्रा में गांजा, चरस, हेरोइन, डोडा और ओपियम जैसी नशीली वस्तुएं बरामद की गई हैं। इसके अलावा लाखों की संख्या में कैप्सूल और इंजेक्शन भी जब्त किए गए हैं, जो अवैध नशे के बढ़ते नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं।

सख्ती के साथ जारी रहेगा अभियान

पुलिस का कहना है कि बिहार में शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त अभियान जारी रहेगा। सरकार और पुलिस दोनों का लक्ष्य अवैध शराब और नशे के कारोबार को पूरी तरह खत्म करना है।

सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान, बिहार के इस जिले में बनेगा इंटरनेशनल स्टेडियम

पटना। बिहार के खेल प्रेमियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य को राजगीर के बाद अब दूसरा विश्वस्तरीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मिलने जा रहा है। यह भव्य स्टेडियम गयाजी जिले के खिजरसराय क्षेत्र में विकसित किया जाएगा, जिसकी घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को की।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की मौजूदगी में हुए इस कार्यक्रम में सीएम ने बताया कि अतरी और खिजरसराय इलाके को खेल के नए केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। इसके लिए राज्य सरकार ने करीब 40 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है, जहां आधुनिक सुविधाओं से लैस अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्टेडियम तैयार किया जाएगा।

राजगीर से भी बड़ा होगा नया स्टेडियम

मुख्यमंत्री ने कहा कि गयाजी में बनने वाला यह स्टेडियम क्षेत्रफल के मामले में राजगीर स्टेडियम से भी बड़ा होगा। राजगीर में जहां 18 एकड़ में स्टेडियम विकसित किया गया है, वहीं गयाजी का नया प्रोजेक्ट 40 एकड़ भूमि पर तैयार होगा, जिससे इसकी क्षमता और विस्तार दोनों अधिक होंगे। इस स्टेडियम में अत्याधुनिक दर्शक दीर्घा, खिलाड़ियों के लिए आधुनिक सुविधाएं और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढांचा तैयार किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से होगा लैस

राजगीर स्टेडियम को पहले से ही वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के लिए जाना जाता है, जिसमें हाई-टेक पवेलियन, मीडिया गैलरी और बेहतर ड्रेनेज सिस्टम जैसी सुविधाएं शामिल हैं। गयाजी के नए स्टेडियम को इससे भी आगे ले जाने की योजना है, ताकि यह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों के आयोजन के लिए पूरी तरह सक्षम हो सके। इसमें खिलाड़ियों, कोचों और वीआईपी दर्शकों के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी, साथ ही दर्शकों की सुविधा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।

खेल के साथ विकास पर जोर

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के लोग देश और दुनिया में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रहे हैं। ऐसे में राज्य सरकार का लक्ष्य है कि बेहतर खेल ढांचा तैयार कर खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का अवसर दिया जाए। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रोजेक्ट न सिर्फ खेल को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देंगे।

गुरु पुष्य योग से खुलेंगे तरक्की के द्वार, 4 राशियों को विशेष लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में गुरु पुष्य अमृत योग को अत्यंत शुभ और फलदायी योग माना गया है। जब गुरुवार के दिन पुष्य नक्षत्र का संयोग बनता है, तो इसे धन, समृद्धि, सफलता और नए कार्यों की शुरुआत के लिए सर्वोत्तम समय माना जाता है। इस दिन किए गए कार्य लंबे समय तक सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जाते हैं।

इस योग में गुरु ग्रह (बृहस्पति) और पुष्य नक्षत्र का संयोग व्यक्ति के जीवन में शुभ ऊर्जा और प्रगति के अवसर लेकर आता है। खासकर व्यापार, निवेश, शिक्षा और करियर से जुड़े कार्यों के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल माना जाता है।

4 राशियों पर विशेष प्रभाव

मेष राशि

गुरु पुष्य योग मेष राशि के जातकों के लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है। इस दौरान नौकरी और व्यापार में प्रगति के संकेत मिलते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना रहती है। आत्मविश्वास बढ़ने से निर्णय लेने की क्षमता भी मजबूत होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक उन्नति और मान-सम्मान में वृद्धि का संकेत देता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और रुके हुए कार्यों में गति आएगी। कार्यस्थल पर आपकी नेतृत्व क्षमता की सराहना हो सकती है, जिससे पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बनते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय आर्थिक लाभ और करियर में स्थिरता लेकर आ सकता है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और नौकरी में बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिससे मानसिक शांति बढ़ेगी।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु पुष्य योग अत्यंत शुभ परिणाम देने वाला माना जाता है। भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है और लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और नए अवसरों में सफलता मिलने की संभावना रहती है।

खुशखबरी का खुला पिटारा, यूपी में आई 4 बड़ी भर्ती, युवाओं के लिए सुनहरा मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत और अवसर की खबर सामने आई है। UPSSSC ने वर्ष 2026 में चार अलग-अलग महत्वपूर्ण पदों पर भर्तियों की घोषणा कर दी है। इन भर्तियों के माध्यम से प्रदेश में कुल हजारों पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी, जिससे युवाओं को रोजगार का बड़ा मौका मिलेगा।

1 .गन्ना पर्यवेक्षक (Sugarcane Supervisor) के 1182 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इसके लिए उम्मीदवारों के पास B.Sc की योग्यता होना आवश्यक है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 07 जुलाई 2026 से शुरू होकर 28 जुलाई 2026 तक चलेगी। इच्छुक अभ्यर्थी UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती कृषि क्षेत्र से जुड़े युवाओं के लिए एक अच्छा अवसर मानी जा रही है।

2 .इसके अलावा वन विभाग में वन रक्षक (Forest Guard) के 708 पदों पर भी भर्ती की घोषणा की गई है। इस पद के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास रखी गई है। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू होकर 20 जुलाई 2026 तक चलेगी। यह भर्ती उन युवाओं के लिए खास है जो पर्यावरण और वन संरक्षण के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

3 .इसी क्रम में हवलदार इंस्ट्रक्टर के 209 पदों पर भी भर्ती निकाली गई है। इस पद के लिए 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 19 जून 2026 से 09 जुलाई 2026 तक चलेगी। यह भर्ती सुरक्षा और प्रशिक्षण से जुड़े क्षेत्र में रोजगार का अवसर प्रदान करेगी।

4 .सबसे महत्वपूर्ण भर्ती प्लाटून कमांडर और ब्लॉक ऑर्गनाइजर पदों के लिए निकाली गई है, जिसमें कुल 295 पद शामिल हैं। यह भर्ती PET-2025 पास उम्मीदवारों के लिए है। आवेदन 16 जून से 06 जुलाई 2026 तक किए जा सकते हैं। इस पद पर चयनित उम्मीदवारों को ₹1,12,400 तक का वेतन मिल सकता है। चयन प्रक्रिया में मुख्य परीक्षा और शारीरिक परीक्षण शामिल रहेगा।

इन चारों भर्तियों के माध्यम से उत्तर प्रदेश के हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिला है। अलग-अलग योग्यता के आधार पर उम्मीदवार अपने अनुसार आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती अभियान प्रदेश में रोजगार के नए रास्ते खोलने वाला माना जा रहा है और युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी साबित हो सकता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, मेडिकेटेड सिरप को लेकर नई व्यवस्था लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दवा बिक्री और नियमन से जुड़े नियमों में बड़ा बदलाव करते हुए मेडिकेटेड सिरप को लेकर नई व्यवस्था लागू कर दी है। ड्रग्स रूल्स, 1945 में संशोधन करते हुए सरकार ने Schedule K से “Syrups” शब्द को हटा दिया है। इस बदलाव के बाद कुछ सिरप अब पहले जैसी छूट के दायरे में नहीं रहेंगे और उन पर सामान्य नियम लागू हो सकते हैं।

9 जून 2026 से लागू हुआ नया नियम

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह संशोधन “ड्रग्स (फिफ्थ अमेंडमेंट) रूल्स, 2026” के तहत किया गया है। इसे 9 जून 2026 को गजट में प्रकाशित किया गया और उसी दिन से यह नियम प्रभावी हो गया है।

क्या बदला है नए नियम में?

सरकार द्वारा किए गए संशोधन के तहत ड्रग्स रूल्स 1945 के Schedule K में बदलाव किया गया है।

Schedule K से “Syrups” शब्द हटा दिया गया है। 

अब संबंधित सिरप पहले की तरह विशेष छूट श्रेणी में नहीं रहेंगे। 

उन पर सामान्य दवा नियम लागू हो सकते हैं। 

बिक्री और वितरण पर अधिक सख्ती संभव है। 

Schedule K क्या होता है?

Schedule K उन दवाओं की सूची होती है जिन्हें कुछ विशेष परिस्थितियों में नियमों से आंशिक छूट दी जाती है। इसका उद्देश्य जरूरी दवाओं की उपलब्धता को आसान बनाना होता है। अब “Syrups” शब्द हटने के बाद कुछ मेडिकेटेड सिरप इस छूट के दायरे से बाहर हो सकते हैं, जिससे उनकी बिक्री और निगरानी के नियम बदल सकते हैं।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?

सरकार के अनुसार यह बदलाव लंबे विचार-विमर्श के बाद किया गया है। दिसंबर 2025 में इस प्रस्ताव का ड्राफ्ट जारी कर जनता से सुझाव और आपत्तियां मांगी गई थीं। इसके बाद मिले सुझावों पर विचार और ड्रग्स टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लिया गया।

यूपी सरकार का शिकंजा, हाजिरी नहीं तो वेतन नहीं, नए नियम लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुदानित मदरसों में पारदर्शिता और व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी अनुदानित मदरसों में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति आधार आधारित बायोमेट्रिक सिस्टम के जरिए दर्ज की जाएगी। इसी उपस्थिति के आधार पर वेतन और अन्य लाभ तय होंगे।

बायोमेट्रिक हाजिरी से होगी उपस्थिति

नई व्यवस्था के तहत मदरसों में सभी की उपस्थिति डिजिटल और बायोमेट्रिक माध्यम से दर्ज की जाएगी। इसका उद्देश्य वास्तविक उपस्थिति का सही और पारदर्शी रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जी उपस्थिति पर रोक लगाई जा सके।

डीएमओ को सौंपी गई जिम्मेदारी

इस पूरे सिस्टम की निगरानी की जिम्मेदारी जिला अल्पसंख्यक अधिकारियों (DMO) को दी गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी अनुदानित मदरसों में बायोमेट्रिक हाजिरी प्रणाली सही तरीके से लागू हो।

वेतन भुगतान अब उपस्थिति से जुड़ा

सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वेतन भुगतान केवल उपस्थिति के आधार पर ही किया जाएगा। जिन शिक्षकों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज नहीं होगी, उन्हें वेतन मिलने में परेशानी हो सकती है।

पुराने निर्देशों का सख्ती से पालन जरूरी

मदरसा शिक्षा बोर्ड की रजिस्ट्रार अंजना सिरोही ने डीएमओ को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 23 मई को शासन द्वारा बायोमेट्रिक हाजिरी लागू करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन अभी तक कई जगह इसका पूरी तरह पालन नहीं हुआ है। इसी को देखते हुए अब सख्ती बढ़ा दी गई है और सभी मदरसों में इसे अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

जहां सिस्टम नहीं, वहां तुरंत होगा इंस्टालेशन

निर्देशों के अनुसार जिन मदरसों में अभी तक बायोमेट्रिक सिस्टम नहीं लगाया गया है, वहां डीएमओ की निगरानी में इसे जल्द स्थापित किया जाएगा। इसके बाद इसकी नियमित निगरानी भी की जाएगी ताकि व्यवस्था में कोई ढिलाई न रहे।

पारदर्शिता और सुधार की दिशा में बड़ा कदम

सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और वास्तविक उपस्थिति सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे न केवल फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी, बल्कि शिक्षण व्यवस्था भी अधिक जवाबदेह बनेगी।

यूपी सरकार ने दी खुशखबरी, इन कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सहकारी बैंक कर्मचारियों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य सरकार ने प्रदेश के 14 जिला सहकारी बैंकों के कार्मिकों के वेतन में वृद्धि करने का निर्णय लिया है। इस फैसले से हजारों कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।

20 से 30 साल बाद मिला वेतन वृद्धि का लाभ

प्रदेश के कई जिला सहकारी बैंकों में कर्मचारियों को पिछले दो से तीन दशकों से वेतन वृद्धि का इंतजार था। कुछ बैंकों में वर्ष 1996 के बाद तो कुछ में 2006 के बाद वेतन में कोई संशोधन नहीं हुआ था। अब सरकार ने इस लंबे इंतजार को खत्म करते हुए वेतन पुनरीक्षण का फैसला लिया है।

अब 2011 के वेतनमान को मिलेगी मंजूरी

सहकारिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने घोषणा की है कि इन कर्मचारियों को वर्ष 2011 का वेतनमान लागू किया जाएगा। इस निर्णय के लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन में लगभग 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

हजार से अधिक कर्मचारियों को लाभ

इस फैसले से 14 जिला सहकारी बैंकों के लगभग एक हजार से अधिक कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें बहराइच, बलिया, सुल्तानपुर, जौनपुर, सिद्धार्थनगर और हरदोई जैसे जिले शामिल हैं, जहां वर्षों से वेतन संशोधन लंबित था।

बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

यह फैसला उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक मुख्यालय में आयोजित बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सहकारिता राज्यमंत्री जेपीएस राठौर ने की। इसमें सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे।

यूपी में स्कूली छात्रों के लिए खुशखबरी, शिक्षण के 10 नए मानक लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाने और निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के सभी प्राथमिक विद्यालयों में अब शिक्षण के 10 नए मानक लागू किए जाएंगे, जिससे बच्चों की सीखने की क्षमता पर लगातार नजर रखी जा सकेगी।

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (DIET) के प्राचार्यों और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं। इस नई पहल से उत्तर प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे बच्चों का भविष्य और मजबूत होगा।

सुरक्षित और सकारात्मक माहौल पर जोर

नई व्यवस्था के तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए एक सुरक्षित, सहज और सकारात्मक वातावरण तैयार किया जाएगा, ताकि वे बिना किसी डर के शिक्षा ग्रहण कर सकें। सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और रोचक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

शिक्षण प्रक्रिया में बदलाव

शिक्षकों को नियमित रूप से अभ्यास कार्य देने और उसका मूल्यांकन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही छात्रों को सुधार के लिए उपयोगी सुझाव भी प्रदान किए जाएंगे, जिससे उनकी सीखने की गति में सुधार हो सके।

आधुनिक मूल्यांकन तकनीकों का उपयोग

बच्चों की समझ और सीखने के स्तर को परखने के लिए नई तकनीकों को अपनाया जाएगा, जिनमें प्रश्नोत्तरी, गतिविधि आधारित मूल्यांकन और थम्ब्स-अप व थम्ब्स-डाउन जैसी सरल विधियां शामिल हैं। इससे बच्चों की वास्तविक प्रगति का आकलन आसान होगा।

कमजोर छात्रों पर विशेष ध्यान

जो छात्र पढ़ाई में पीछे रह गए हैं, उनके लिए विशेष शिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे उन्हें मुख्यधारा में लाने में मदद मिलेगी और उनकी बुनियादी समझ को मजबूत किया जाएगा।

पढ़ने और लिखने की क्षमता को बढ़ावा

कक्षा स्तर के बच्चों को स्वतंत्र रूप से पढ़ने और लिखने के अधिक अवसर दिए जाएंगे। इसके साथ ही पठन और मौखिक भाषा विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि बच्चों की सोचने और समझने की क्षमता विकसित हो सके।

रचनात्मक शिक्षण पर फोकस

शिक्षकों को ऐसी पाठ योजनाएं तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं, जिनसे बच्चे लंबे समय तक सीखने की गतिविधियों में सक्रिय बने रहें। बच्चों से “क्यों” और “कैसे” जैसे खुले प्रश्न पूछकर उनकी तार्किक क्षमता को बढ़ाने पर भी जोर दिया जाएगा।

पुस्तकालय और रीडिंग कॉर्नर का उपयोग

विद्यालयों में पुस्तकालय और रीडिंग कॉर्नर का नियमित उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित हो और स्वतंत्र लेखन को बढ़ावा मिले।

कल बुध करेंगे खेल, इन 5 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ और आर्थिक लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कल बुध ग्रह की स्थिति में होने वाला परिवर्तन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता का कारक माना जाता है। ऐसे में इसके प्रभाव से कई लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में नए अवसर और व्यापार में लाभ के संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह अवधि मेहनत का उचित परिणाम देने वाली साबित हो सकती है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के साथ आय में सुधार के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस समय व्यापार और सामाजिक संपर्कों से लाभ मिलने की संभावना है। नए अवसर और सहयोग से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए यह समय करियर में प्रगति और आय के नए स्रोत खोलने वाला माना जा रहा है। तकनीकी और प्रोफेशनल क्षेत्रों में लाभ मिलने के योग हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह बदलाव आर्थिक स्थिरता और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। निवेश और मेहनत दोनों से लाभ के संकेत हैं।

नए वेतन आयोग की तैयारी, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए आई 4 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। कर्मचारियों की ओर से लगातार वेतन संरचना में बदलाव और खासकर फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग की जा रही है। अगर सरकार कर्मचारियों की प्रमुख मांगों को स्वीकार करती है, तो उनकी सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। कई अनुमानों के अनुसार, न्यूनतम वेतन मौजूदा स्तर से कई गुना तक बढ़ सकता है।

फिटमेंट फैक्टर क्या होता है?

फिटमेंट फैक्टर एक गणितीय गुणक होता है, जिसके आधार पर पुरानी बेसिक सैलरी को नए वेतन आयोग के तहत अपडेट किया जाता है। यही तय करता है कि कर्मचारियों की सैलरी कितनी बढ़ेगी। उदाहरण के तौर पर, 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था।

1. सैलरी में बड़ा इजाफा

अगर फिटमेंट फैक्टर बढ़ाकर 3.83 तक मंजूर किया जाता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹68,940 तक पहुंच सकती है। इससे कर्मचारियों की इनकम में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा।

2. पेंशनर्स को भी सीधा फायदा

नए वेतन आयोग का असर सिर्फ कर्मचारियों पर नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों पर भी पड़ेगा। पेंशन की गणना नए वेतन ढांचे के आधार पर होने से पेंशन राशि में भी बढ़ोतरी संभव है।

3. भत्तों में भी बढ़ोतरी

बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही HRA (हाउस रेंट अलाउंस), TA (ट्रैवल अलाउंस) और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी होगी, क्योंकि ये सभी बेसिक पे से जुड़े होते हैं।

4. DA का रीसेट सिस्टम

नए वेतन आयोग लागू होते ही महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा और फिर से इसकी गणना शून्य से शुरू होगी, जिससे भविष्य में DA वृद्धि का नया आधार तैयार होगा।

आगे क्या उम्मीद?

फिलहाल यह पूरी प्रक्रिया प्रस्ताव और चर्चाओं के स्तर पर है। अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा। अगर प्रस्तावित बदलाव लागू होते हैं, तो यह केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए एक बड़ा वित्तीय लाभ साबित हो सकता है।

यूपी जिला पंचायतों में बड़ा बदलाव, नई व्यवस्था लागू करने की प्रक्रिया शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की जिला पंचायतों में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। पंचायती राज विभाग राज्य में मॉडल भवन निर्माण एवं विकास उपविधियां-2026 लागू करने की तैयारी में जुटा हुआ है। इसके लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को एक सुनियोजित और मानक आधारित दिशा मिलने की उम्मीद है।

सुझावों के बाद अंतिम रूप देने की प्रक्रिया जारी

प्रस्तावित उपविधि पर विभिन्न स्तरों से प्राप्त सुझावों और आपत्तियों की समीक्षा की जा रही है। आवश्यक बदलावों के बाद इसे अंतिम रूप दिया जाएगा। पंचायती राज विभाग का कहना है कि नई उपविधि को जिला पंचायतों के बोर्ड से मंजूरी दिलाकर जल्द से जल्द लागू करने की योजना है।

ग्रामीण विकास के लिए तय किए गए नए मानक

नई उपविधियों में ग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक सुविधाओं के लिए स्पष्ट मानक तय किए गए हैं, जिससे विकास कार्यों में एकरूपता लाई जा सके।

प्रमुख प्रावधान इस प्रकार हैं:

प्रति 5000 जनसंख्या पर 1000 वर्गमीटर में प्राथमिक विद्यालय। 

प्रति 7500 जनसंख्या पर 2000 वर्गमीटर में जूनियर हाईस्कूल। 

प्रति 15,000 जनसंख्या पर 100 वर्गमीटर में बिना बेड वाला अस्पताल। 

प्रति 1 लाख जनसंख्या पर 3000 वर्गमीटर में 50 बेड का अस्पताल। 

प्रति 15,000 जनसंख्या पर 1500 वर्गमीटर में पुलिस चौकी। 

प्रति 25,000 जनसंख्या पर 1000 वर्गमीटर में सामुदायिक केंद्र या बारात घर। 

प्रति 500 जनसंख्या पर 10 वर्गमीटर में एक दुकान। 

इन मानकों से ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं का संतुलित विकास सुनिश्चित किया जा सकेगा।

पार्क और खुले स्थान की व्यवस्था अनिवार्य

नई उपविधियों में आवासीय और गैर-आवासीय क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। आवासीय ले-आउट में कम से कम 15% भूमि पार्क या खुले स्थान के लिए अनिवार्य, गैर-आवासीय ले-आउट में 10% भूमि खुला स्थान छोड़ना जरूरी, इससे शहरीकरण के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में मदद मिलेगी।

ग्रामीण क्षेत्रों में सुनियोजित विकास का लक्ष्य

पंचायती राज विभाग के अनुसार, इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में अव्यवस्थित निर्माण को रोकना और योजनाबद्ध विकास को बढ़ावा देना है। प्रमुख सचिव अनिल कुमार के अनुसार, सभी सुझावों का निस्तारण कर उपविधि को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसके बाद इसे जिला पंचायतों के माध्यम से लागू किया जाएगा।

इस नई व्यवस्था से क्या होगा असर?

नई उपविधियों के लागू होने से गांवों में स्कूल, अस्पताल, पुलिस व्यवस्था और अन्य सुविधाओं का विकास अधिक व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर सुधारने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह कदम उत्तर प्रदेश के ग्रामीण विकास मॉडल को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

यूपी में स्वास्थ्य को लेकर खुशखबरी, मलेरिया मुक्त अभियान शुरू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने और संक्रामक बीमारियों पर नियंत्रण पाने के लिए एक बड़ा अभियान शुरू किया गया है। पल्स पोलियो, कालाजार और जापानी इंसेफेलाइटिस के सफल उन्मूलन के बाद अब राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस अभियान के तहत 'ट्रैक (पहचान), टेस्ट (जांच) और ट्रीट (इलाज)' को मुख्य रणनीति बनाया गया है, ताकि बीमारी की जल्दी पहचान कर तुरंत इलाज सुनिश्चित किया जा सके।

तीन चरणों में पूरा होगा मलेरिया उन्मूलन अभियान

राष्ट्रीय रणनीति योजना 2023-27 के तहत मलेरिया उन्मूलन को तीन चरणों में लागू किया जा रहा है।

पहले चरण में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि:

1 दिन के भीतर मरीज की सूचना मिले

3 दिन के भीतर जांच पूरी हो

7 दिन के भीतर इलाज और नियंत्रण शुरू हो

इसमें आशा कार्यकर्ता, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को प्रमुख जिम्मेदारी दी गई है।

दूसरे चरण में मच्छरों पर होगा फोकस

अभियान के दूसरे चरण में इंटीग्रेटेड वेक्टर मैनेजमेंट लागू किया जाएगा। इसके तहत मच्छरों की प्रजातियों की पहचान, उनके प्रजनन स्थलों की निगरानी और कीटनाशकों के असर की जांच की जाएगी। लार्वा नियंत्रण के उपायों को भी तेजी से लागू किया जाएगा, जिससे संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके।

लगातार घट रहे हैं मलेरिया के मामले

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार राज्य में मलेरिया के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वर्ष 2019 में 92,000 से अधिक मामले, वर्ष 2025 में लगभग 14,500 मामले। जांच की दर भी 2019 के 2.51 प्रतिशत से बढ़कर 2025 में 7.8 प्रतिशत हो गई है, जिससे मरीजों की पहचान बेहतर तरीके से हो पा रही है।

कई जिले हो चुके हैं मलेरिया मुक्त

राज्य के कुछ जिले जैसे सहारनपुर, मैनपुरी, आजमगढ़, ललितपुर और महोबा को मलेरिया मुक्त घोषित किया जा चुका है। हालांकि कुछ जिलों में अभी भी मरीजों की संख्या अधिक है, जिनमें शामिल हैं सीतापुर (3643 मामले), बदायूं (1967 मामले), बरेली (1938 मामले), हरदोई (1481 मामले), शाहजहांपुर (1179 मामले),

अगले दो सालों में लक्ष्य पूरा करने की योजना

स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि आने वाले दो वर्षों में प्रदेश को पूरी तरह मलेरिया मुक्त बनाया जाए। इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन और राज्य की संचारी रोग इकाई मिलकर उच्च जोखिम वाले जिलों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। उत्तर प्रदेश सरकार का यह अभियान राज्य को मलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।