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बिहार सरकार का नया फैसला, गांव स्तर पर वार्ड सदस्य निभाएंगे बड़ी भूमिका

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम संस्कार व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। अब गांव स्तर पर मोक्षधाम, श्मशान घाट और कब्रिस्तान की जिम्मेदारी स्थानीय प्रतिनिधियों को सौंपी जाएगी।

वार्ड सदस्य निभाएंगे अहम जिम्मेदारी

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के अनुसार जिस वार्ड में सरकारी जमीन पर श्मशान घाट, मोक्षधाम या कब्रिस्तान मौजूद है, वहां के वार्ड सदस्य को उसका प्रभारी बनाया जाएगा। यदि किसी वार्ड में वार्ड सदस्य का पद खाली है, तो यह जिम्मेदारी संबंधित पंच को दी जाएगी। वहीं पंच का पद भी रिक्त होने की स्थिति में वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति के सचिव को यह दायित्व संभालना होगा।

मृत्यु प्रमाण पत्र प्रक्रिया भी होगी तेज

नई व्यवस्था का सबसे बड़ा उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाना है। अब अंतिम संस्कार के बाद संबंधित प्रभारी उसी दिन जरूरी जानकारी और दस्तावेज पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार तक पहुंचाएंगे। सरकार चाहती है कि सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद 24 घंटे के भीतर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किया जा सके। इससे लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।

जरूरी रिकॉर्ड रखना होगा अनिवार्य

सरकार ने मोक्षधाम और कब्रिस्तान प्रभारियों को कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां भी सौंपी हैं। अब उन्हें अंतिम संस्कार से जुड़े सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने होंगे। इनमें वाहन विवरण, मृत्यु पंजी, संबंधित दस्तावेज और अन्य आवश्यक जानकारी शामिल होगी। सभी सूचनाओं को तय प्रारूप में दर्ज कर पंचायत कार्यालय तक पहुंचाना भी जरूरी होगा।

साफ-सफाई पर भी रहेगा पूरा ध्यान

नई व्यवस्था के तहत मोक्षधाम और कब्रिस्तान की स्वच्छता की निगरानी की जिम्मेदारी भी प्रभारियों को दी गई है। सरकार ने निर्देश दिया है कि जरूरत पड़ने पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत कार्यरत सफाई कर्मियों की मदद ली जाएगी ताकि परिसर साफ और व्यवस्थित बना रहे।

डोम राजा को भी मिलेगी जिम्मेदारी

जिन स्थानों पर पहले से डोम राजा श्मशान घाट की देखरेख कर रहे हैं, वहां उन्हें भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पहले से जुड़े लोगों के अनुभव का लाभ लेना है।

सरकार देगी मानदेय

राज्य सरकार ने इस जिम्मेदारी को निभाने वाले प्रभारियों के लिए आर्थिक प्रावधान भी किया है। प्रत्येक प्रभारी को हर साल 2000 रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके अलावा हर मृत्यु प्रमाण पत्र जारी होने पर 100 रुपये अलग से भुगतान किया जाएगा।

रिटायरमेंट के बाद भी नहीं होगी टेंशन, LIC के ये 4 पेंशन प्लान देंगे हर महीने पैसा

नई दिल्ली। नौकरी खत्म होने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि हर महीने खर्चों के लिए पैसा कहां से आएगा। जब सैलरी बंद हो जाती है तो लोगों को ऐसी व्यवस्था की जरूरत महसूस होती है, जिससे बुढ़ापे में भी नियमित आय मिलती रहे। इसी वजह से आजकल पेंशन प्लान्स की मांग तेजी से बढ़ रही है।

देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी LIC ऐसे कई पेंशन प्लान चलाती है, जिन्हें लोग सुरक्षित और भरोसेमंद विकल्प मानते हैं। खासकर वे लोग जो शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से दूर रहना चाहते हैं और तय रकम की स्थायी आय चाहते हैं, उनके बीच ये योजनाएं काफी लोकप्रिय हैं। हालांकि किसी भी पेंशन प्लान में निवेश करने से पहले उसकी पूरी समझ होना जरूरी है।

LIC के ये 4 पेंशन प्लान सबसे ज्यादा चर्चा में

1. LIC Jeevan Akshay VII

यह योजना उन लोगों के लिए बनाई गई है जो रिटायरमेंट के तुरंत बाद पेंशन शुरू करना चाहते हैं। इसमें एक बार पैसा जमा करने के बाद नियमित आय शुरू हो जाती है। इस योजना में अकेले व्यक्ति और पति-पत्नी दोनों के लिए अलग-अलग विकल्प मौजूद हैं। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें जीवनभर एक तय रकम मिलती रहती है, जिससे आर्थिक स्थिरता बनी रहती है।

2. LIC New Jeevan Shanti

यह एक डिफर्ड एन्युटी प्लान है। यानी इसमें निवेश करने के बाद पेंशन तुरंत शुरू नहीं होती बल्कि कुछ वर्षों बाद मिलती है। इस योजना का फायदा यह है कि निवेश करते समय ही भविष्य में मिलने वाली पेंशन की दर तय हो जाती है। जो लोग अभी नौकरी कर रहे हैं और आगे के लिए रिटायरमेंट सुरक्षा बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह योजना उपयोगी मानी जाती है

3. LIC Saral Pension

यह एक आसान और कम जटिल पेंशन योजना है। इसमें एकमुश्त निवेश के बदले जीवनभर पेंशन मिलती है। इस योजना में संयुक्त पेंशन का विकल्प भी दिया गया है, जिससे पति-पत्नी दोनों को सुरक्षा मिलती है। कम जोखिम पसंद करने वाले निवेशकों के बीच यह योजना काफी लोकप्रिय है।

4. LIC New Pension Plus

यह बाकी योजनाओं से थोड़ा अलग है क्योंकि इसमें निवेश का हिस्सा बाजार से जुड़े फंड्स में लगाया जाता है। इसका मतलब है कि इसमें रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है। यह योजना उन लोगों के लिए बेहतर मानी जाती है जो लंबी अवधि तक निवेश कर बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना चाहते हैं और थोड़ा जोखिम उठाने के लिए तैयार हैं।

कितनी मिल सकती है मासिक पेंशन?

LIC की पेंशन योजनाओं में मिलने वाली रकम निवेश की राशि, उम्र और चुने गए विकल्प पर निर्भर करती है। यदि कोई व्यक्ति रिटायरमेंट के समय 10 लाख रुपये निवेश करता है, तो उसे हर महीने लगभग 5 हजार से 7 हजार रुपये तक पेंशन मिल सकती है। 

वहीं ज्यादा रकम निवेश करने पर मासिक आय भी बढ़ जाती है। अगर निवेश राशि 1 करोड़ रुपये तक पहुंचती है तो कई मामलों में हर महीने 55 हजार से 70 हजार रुपये तक की तय पेंशन मिल सकती है। हालांकि वास्तविक रकम योजना और उम्र के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। इसकी जानकारी LIC की वेबसाइट से प्राप्त कर सकते हैं।

बिहार में शिक्षकों पर सख्ती की तैयारी, कार्रवाई के निर्देश

न्यूज डेस्क। बिहार के मधुबनी जिले में शिक्षा विभाग की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं कर रहे हैं। ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर हाजिरी नहीं बनाने वाले शिक्षकों की संख्या सामने आने के बाद विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

3000 से ज्यादा शिक्षकों ने नहीं बनाई ऑनलाइन उपस्थिति

जारी रिपोर्ट के अनुसार जिले में 3061 से अधिक शिक्षक ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने में असफल रहे। विभाग का कहना है कि सभी शिक्षकों को समय पर ऑनलाइन हाजिरी लगाना अनिवार्य किया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई स्कूलों में नियमों का पालन नहीं हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति सिर्फ एक दिन की नहीं है, बल्कि लगातार कई दिनों से इसी तरह की लापरवाही सामने आ रही है।

फर्जी हाजिरी को लेकर भी बढ़ी चिंता

शिक्षा विभाग को कुछ विद्यालयों से फर्जी उपस्थिति की शिकायतें भी मिली हैं। आरोप है कि कुछ शिक्षक स्कूल पहुंचे बिना ही घर से फोटो अपलोड कर ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कर रहे हैं। वहीं कुछ मामलों में गलत थंब इम्प्रेशन के इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इन शिकायतों के बाद विभाग अब ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली की निगरानी और सख्त करने की तैयारी में है।

कई प्रखंडों की स्थिति बेहद खराब

प्रखंडवार रिपोर्ट में सदर अनुमंडल के कई इलाकों की स्थिति सबसे ज्यादा चिंताजनक बताई गई है। रहिका प्रखंड में सबसे अधिक करीब 250 शिक्षक ऑनलाइन हाजिरी से गायब पाए गए। इसके अलावा पंडौल, फुलपरास, बाबूबरही, आंधराठाढ़ी, बेनीपट्टी और घोघरडीहा जैसे प्रखंडों में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की उपस्थिति दर्ज नहीं मिली। जयनगर, झंझारपुर, लदनियां और लखनौर जैसे क्षेत्रों से भी इसी तरह की शिकायतें सामने आई हैं।

विभाग ने मांगा जवाब

शिक्षकों की सूची सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने इसे गंभीर मामला माना है। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण लिया जाए। विभागीय सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में लापरवाह शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

हो सकती है कार्रवाई

रिपोर्ट की मानें तो विभाग अब सिर्फ चेतावनी तक सीमित नहीं रहना चाहता। लगातार नियमों की अनदेखी करने वाले शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जा सकती है। शिक्षा विभाग का कहना है कि स्कूलों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली लागू की गई है। ऐसे में नियमों का पालन नहीं करने वालों पर सख्ती जरूरी है।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं की बल्ले-बल्ले, नई व्यवस्था से मिलेगी राहत

पटना। बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब बिजली बिल, नया कनेक्शन और तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए लोगों को बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। राज्य सरकार और बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड (बीएसपीएचसीएल) ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पंचायत स्तर पर विशेष सहयोग शिविर शुरू करने का फैसला लिया है।

19 मई से शुरू होगा विशेष अभियान

बिजली विभाग के अनुसार इस नई व्यवस्था की शुरुआत 19 मई 2026 से की जाएगी। इसके तहत पंचायतों में विशेष शिविर लगाए जाएंगे, जहां बिजली से जुड़ी विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सेवाओं को आसान और पारदर्शी बनाना है।

अब नहीं लगाने पड़ेंगे दफ्तरों के चक्कर

अक्सर उपभोक्ताओं को बिजली बिल में गड़बड़ी, खराब मीटर, नया कनेक्शन या लाइन खराबी जैसी समस्याओं के लिए कई बार बिजली कार्यालय जाना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोगों को अपने ही पंचायत क्षेत्र में सहायता मिल जाएगी। शिविरों में बिजली बिल सुधार, नया कनेक्शन जारी करना, मीटर संबंधी शिकायतें, तकनीकी खराबी और अन्य सेवाओं का समाधान किया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं का समय और खर्च दोनों बचेंगे।

हर महीने दो बार लगेगा सहयोग शिविर

बिजली विभाग ने जानकारी दी है कि सहयोग शिविर हर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को आयोजित किए जाएंगे। पंचायत स्तर पर होने वाले इन शिविरों में विभागीय अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहेंगे ताकि लोगों की शिकायतों का तुरंत निपटारा किया जा सके।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा

सरकार का मानना है कि इस पहल का सबसे अधिक लाभ ग्रामीण इलाकों में रहने वाले उपभोक्ताओं को मिलेगा। कई गांवों में लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए दूर स्थित बिजली कार्यालयों तक जाना पड़ता था। अब पंचायत स्तर पर सुविधा मिलने से आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।

यूपी के 5 स्पोर्ट्स कॉलेजों में शुरू हुए दाखिले, खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार लगातार नई पहल कर रही है। अब प्रदेश के युवा खिलाड़ियों के लिए एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य के पांच स्पोर्ट्स कॉलेजों में नए शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए एडमिशन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 

इन कॉलेजों में कक्षा 6, 9 और 11 में प्रवेश दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य खेल प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से ही बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सरकार का मानना है कि इन स्पोर्ट्स कॉलेजों के माध्यम से प्रदेश के युवा खिलाड़ियों को बेहतर माहौल, आधुनिक सुविधाएं और पेशेवर प्रशिक्षण मिलेगा। इससे भविष्य में यूपी के खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।

अब प्रदेश में हैं 5 स्पोर्ट्स कॉलेज

इस बार फतेहपुर और सहारनपुर में दो नए स्पोर्ट्स कॉलेज शुरू होने के बाद प्रदेश में कुल पांच खेल कॉलेज हो गए हैं। लखनऊ, गोरखपुर और सैफई के पहले से संचालित कॉलेजों के साथ अब नए खिलाड़ियों को और ज्यादा अवसर मिलेंगे। इन सभी कॉलेजों में कुल 518 संभावित सीटों पर प्रवेश किया जाएगा।

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है ताकि छात्र घर बैठे आवेदन कर सकें। इसके लिए खेल साथी पोर्टल और स्पोर्ट्स कॉलेज की वेबसाइट का उपयोग किया जा रहा है। आवेदन शुल्क 200 रुपये रखा गया है। इस बार आवेदन के लिए पर्मानेंट एजुकेशन नंबर यानी पीईएन अनिवार्य किया गया है।

अलग-अलग खेलों में ट्रेनिंग

हर स्पोर्ट्स कॉलेज में अलग-अलग खेलों की ट्रेनिंग दी जाएगी। 

लखनऊ कॉलेज में क्रिकेट, फुटबॉल, हॉकी, एथलेटिक्स और बैडमिंटन जैसे खेल शामिल हैं। 

गोरखपुर कॉलेज में जूडो, कुश्ती, जिम्नास्टिक और वॉलीबॉल की ट्रेनिंग दी जाएगी।

सैफई कॉलेज में कबड्डी, तैराकी, क्रिकेट और हॉकी की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। 

वहीं फतेहपुर और सहारनपुर के नए कॉलेजों में भी कई प्रमुख खेलों में खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

यूपी के कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! बदल जाएंगे सैलरी, ओवरटाइम और PF के नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों और मजदूरों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई चार नई श्रम संहिताओं को अब यूपी में भी लागू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार इन नए नियमों का ड्राफ्ट लगभग तैयार कर चुकी है और जल्द ही इन्हें लागू किया जा सकता है। 

29 पुराने कानूनों की जगह आएंगी 4 नई श्रम संहिताएं

अब तक देश में श्रमिकों और कंपनियों से जुड़े 29 अलग-अलग श्रम कानून लागू थे, जिन्हें समझना और पालन करना काफी जटिल माना जाता था। इन्हें आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने चार नई श्रम संहिताएं लागू की हैं। इनमें वेतन संहिता 2019, सामाजिक सुरक्षा संहिता 2020, औद्योगिक संबंध संहिता 2020 और ओएसएच संहिता 2020 शामिल हैं। 

सप्ताह में 48 घंटे से ज्यादा काम पर ओवरटाइम

नई व्यवस्था के तहत किसी कर्मचारी से सप्ताह में 48 घंटे से अधिक काम लिया जाता है तो उसे ओवरटाइम देना अनिवार्य होगा। खास बात यह है कि ओवरटाइम की रकम सामान्य वेतन से दोगुनी दर पर दी जाएगी। इससे कर्मचारियों को अतिरिक्त काम का सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

सैलरी स्ट्रक्चर में होगा बड़ा बदलाव

नई श्रम संहिताओं के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी का ढांचा भी बदलेगा। नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी के कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बेसिक सैलरी और भत्तों को मिलाकर तय किया जाएगा। इससे पीएफ और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है, हालांकि हाथ में मिलने वाली सैलरी कुछ मामलों में कम भी हो सकती है।

अब एक साल बाद भी ग्रेच्युटी

पहले किसी कर्मचारी को ग्रेच्युटी का लाभ पाने के लिए कम से कम पांच साल तक नौकरी करना जरूरी होता था। लेकिन नए नियमों के तहत अब एक साल नौकरी करने के बाद भी ग्रेच्युटी का लाभ मिल सकेगा। इससे निजी क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।

गिग-प्लेटफॉर्म वर्कर्स को लाभ

नई श्रम संहिताओं में पहली बार गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को भी शामिल किया गया है। यानी ऑनलाइन डिलीवरी, ऐप आधारित सेवाओं और फ्रीलांस प्लेटफॉर्म पर काम करने वाले कर्मचारियों को भी सामाजिक सुरक्षा और अन्य लाभ मिल सकेंगे।

पीएफ और ईएसआई के नियम

नई व्यवस्था के अनुसार जिन संस्थानों में 20 से अधिक कर्मचारी काम करते हैं वहां पीएफ देना अनिवार्य होगा। वहीं 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में ईएसआई सुविधा देना जरूरी होगा। इससे कर्मचारियों को स्वास्थ्य और भविष्य सुरक्षा से जुड़े लाभ मिलेंगे।

महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा

नई संहिताओं में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर भी खास ध्यान दिया गया है। महिला श्रमिकों से रात की ड्यूटी उनकी सहमति के बिना नहीं कराई जा सकेगी। अगर उन्हें नाइट शिफ्ट में काम कराया जाता है तो संस्थान को सुरक्षा और ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था करनी होगी।

हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र

अब कंपनियों और संस्थानों के लिए प्रत्येक कर्मचारी को नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा। साथ ही कर्मचारियों का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में रखना पड़ेगा और वेतन का भुगतान बैंक खाते के माध्यम से करना होगा।

रेलवे पेंशनर्स की बल्ले-बल्ले! केंद्र सरकार ने दी 2 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत का ऐलान किया है। सरकार ने महंगाई राहत यानी डीआर (Dearness Relief) में 2 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। अब रेलवे पेंशनर्स को 58 फीसदी की जगह 60 फीसदी डीआर मिलेगा। इस फैसले से रिटायर्ड कर्मचारियों की मासिक पेंशन बढ़ जाएगी और उन्हें एरियर का भी लाभ मिलेगा।

महंगाई के दौर में यह फैसला रेलवे पेंशनर्स और फैमिली पेंशनर्स के लिए राहत भरी खबर माना जा रहा है। बढ़ी हुई पेंशन और एरियर मिलने से लाखों बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति को सहारा मिलेगा और उनकी मासिक जरूरतों को पूरा करना पहले से आसान हो सकेगा।

1 जनवरी 2026 से लागू होगा नया DR

रेल मंत्रालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार बढ़ा हुआ डीआर 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब है कि पेंशनर्स को सिर्फ आगे की बढ़ी हुई रकम ही नहीं मिलेगी, बल्कि पिछले महीनों का बकाया एरियर भी उनके खातों में जमा किया जाएगा। इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

हर महीने बढ़ेगी पेंशन

डीआर में 2 फीसदी की बढ़ोतरी का सीधा असर मासिक पेंशन पर पड़ेगा। जिन पेंशनर्स की बेसिक पेंशन ज्यादा है, उन्हें अधिक फायदा मिलेगा। उदाहरण के तौर पर:

₹10,000 बेसिक पेंशन वालों को अब हर महीने करीब ₹200 अतिरिक्त मिलेंगे।

₹20,000 बेसिक पेंशन वालों की मासिक रकम में लगभग ₹400 की बढ़ोतरी होगी।

₹30,000 बेसिक पेंशन पाने वालों को करीब ₹600 अतिरिक्त मिलेंगे।

₹40,000 बेसिक पेंशन वालों को हर महीने लगभग ₹800 ज्यादा मिलेंगे।

₹50,000 बेसिक पेंशन पर करीब ₹1,000 का फायदा होगा।

₹60,000 बेसिक पेंशन वालों को लगभग ₹1,200 अतिरिक्त मिलेंगे।

₹70,000 बेसिक पेंशन पाने वाले पेंशनर्स की आय में करीब ₹1,400 की बढ़ोतरी होगी।

7वें वेतन आयोग के तहत लिया गया फैसला

डीआर में यह बढ़ोतरी 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों के आधार पर तय फॉर्मूले के अनुसार की गई है। केंद्र सरकार हर छह महीने में महंगाई दर की समीक्षा कर कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए डीए-डीआर में संशोधन करती है। बढ़ती महंगाई को देखते हुए इस बार 2 फीसदी की वृद्धि की गई है।

यूपी में चकाचक होगी सड़कें, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क और पुल निर्माण को लेकर योगी सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। अगले विधानसभा चुनाव से पहले प्रदेश की सड़कों को बेहतर बनाने के लिए मिशन मोड में काम किया जा रहा है। सरकार का फोकस अब तेज रफ्तार विकास और बेहतर कनेक्टिविटी पर है, ताकि लोगों को आने-जाने में सुविधा मिल सके और प्रदेश का इंफ्रास्ट्रक्चर और मजबूत हो सके।

चुनाव से पहले सड़क परियोजनाओं पर जोर

प्रदेश सरकार चाहती है कि चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा सड़क, पुल और फ्लाईओवर परियोजनाओं को पूरा कर जनता को सौंप दिया जाए। इसी वजह से विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को तेजी से काम पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि बेहतर सड़क नेटवर्क से गांव और शहरों के बीच संपर्क मजबूत होगा, व्यापार बढ़ेगा और लोगों की यात्रा आसान बनेगी। 

लागत के हिसाब से तय हुई समयसीमा

पीडब्ल्यूडी ने परियोजनाओं को उनकी लागत के आधार पर अलग-अलग श्रेणियों में बांटा है और हर श्रेणी के लिए निर्माण की समयसीमा तय की गई है।

20 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं अब अधिकतम 9 महीने में पूरी करनी होंगी।

20 से 100 करोड़ रुपये तक की सड़क परियोजनाओं के लिए 15 महीने का समय तय किया गया है।

100 से 300 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजनाओं को 18 महीने में पूरा करना होगा।

300 करोड़ रुपये से अधिक की मेगा परियोजनाओं के लिए अधिकतम 30 महीने की अवधि निर्धारित की गई है।

इस नई व्यवस्था का उद्देश्य निर्माण कार्यों में देरी रोकना और जनता को समय पर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर तैयारी

सरकार ने संतुलित विकास को ध्यान में रखते हुए प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 837 परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में नई सड़कों के निर्माण के साथ-साथ पुराने पुलों की मरम्मत, रेलवे ओवर ब्रिज और प्रमुख चौराहों के चौड़ीकरण का काम भी शामिल है। शासन स्तर से इन परियोजनाओं के लिए बजट भी जारी कर दिया गया है ताकि फंड की कमी के कारण काम प्रभावित न हो।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

नई सड़क परियोजनाओं से गांवों को शहरों से जोड़ने में मदद मिलेगी। खराब और जर्जर सड़कों की समस्या कम होगी, जिससे लोगों का सफर आसान और सुरक्षित बनेगा। इसके अलावा व्यापार, परिवहन और उद्योगों को भी इसका सीधा फायदा मिलेगा। किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी, जबकि शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या कम करने के लिए फ्लाईओवर और चौड़ी सड़कें मददगार साबित होंगी।

पानी-पानी होगा बिहार! 19 जिलों में बारिश और तेज आंधी का ऑरेंज अलर्ट

पटना। बिहार में भीषण गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में बारिश, तेज आंधी और मेघगर्जन को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राजधानी पटना समेत कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई गई है। अगले कुछ दिनों तक बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

गर्मी के बीच बदलेगा मौसम

पिछले कई दिनों से बिहार के अधिकांश जिलों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दिन में तापमान लगातार बढ़ रहा था और गर्म हवाओं के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया था। अब मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि राज्य में मौसम करवट लेने वाला है और कई इलाकों में तेज बारिश हो सकती है।

इन 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, सीवान, गोपालगंज, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, सारण, वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज शामिल हैं। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण बिहार में भी येलो अलर्ट

मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत दक्षिण बिहार के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। पटना, गया, नालंदा, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, भागलपुर, मुंगेर, बांका और जमुई में तेज हवा और हल्की बारिश के आसार हैं। इन जिलों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी है।

लोगों को दी गई सावधानी बरतने की सलाह

मौसम विभाग ने तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने को कहा है। खराब मौसम के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी फसलों और पशुओं की सुरक्षा का ध्यान रखने को कहा गया है।

सैलरी में बंपर उछाल की तैयारी! कर्मचारियों को मिल सकती हैं ये 5 बड़ी राहतें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाला समय बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और माना जा रहा है कि इससे कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और सुविधाओं में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अगर नया वेतन आयोग लागू होता है, तो कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति पहले से ज्यादा मजबूत हो सकती है।

कर्मचारियों को मिल सकती हैं ये 5 बड़ी राहतें

1. बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा

8वें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि न्यूनतम वेतन में भी अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है।

2. महंगाई भत्ते में राहत

महंगाई लगातार बढ़ रही है, ऐसे में कर्मचारियों को DA यानी महंगाई भत्ते में अतिरिक्त फायदा मिल सकता है। इससे मासिक आय पहले के मुकाबले ज्यादा मजबूत होगी।

3. पेंशनर्स को भी फायदा

सिर्फ नौकरीपेशा कर्मचारी ही नहीं, बल्कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन में भी बढ़ोतरी की उम्मीद है। इससे बुजुर्ग पेंशनर्स को आर्थिक राहत मिलेगी।

4. HRA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी

हाउस रेंट अलाउंस, ट्रैवल अलाउंस और मेडिकल सुविधाओं में भी सुधार संभव माना जा रहा है। इससे कर्मचारियों का जीवन स्तर बेहतर हो सकता है।

5. प्रमोशन और वेतन संरचना में बदलाव

नई वेतन प्रणाली लागू होने पर प्रमोशन से जुड़े नियम और वेतन ढांचा ज्यादा आकर्षक बनाया जा सकता है। इससे कर्मचारियों के करियर ग्रोथ के अवसर बढ़ेंगे।

बिहार में अब पुल से जुड़ेंगे सभी गांव, ग्रामीणों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना: उत्तर बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। हर साल नदियों के उफान से कटने वाले गांव अब धीरे-धीरे स्थायी संपर्क से जुड़ने लगे हैं। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेतु योजना के तहत राज्य के कई जिलों में सैकड़ों नए पुलों का निर्माण किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की वर्षों पुरानी परेशानी दूर होने की उम्मीद बढ़ गई है।

बरसात में टूट जाता था गांवों का संपर्क

उत्तर बिहार में कोसी, गंडक, कमला और बागमती जैसी नदियां हर साल बाढ़ का संकट लेकर आती हैं। बारिश के मौसम में कई गांवों का संपर्क प्रखंड और जिला मुख्यालयों से पूरी तरह कट जाता था। लोगों को आने-जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता था, जिससे रोजमर्रा की जिंदगी काफी मुश्किल हो जाती थी।

अब बदल रही है गांवों की तस्वीर

सरकार की ग्रामीण सेतु योजना के जरिए अब इन इलाकों में मजबूत पुलों का जाल बिछाया जा रहा है। इसका उद्देश्य सिर्फ सड़क बनाना नहीं, बल्कि हर मौसम में गांवों की आवाजाही को सुरक्षित और आसान बनाना है। पूर्वी चंपारण में सबसे अधिक 76 पुलों का निर्माण कराया जा रहा है। इसके अलावा दरभंगा में 53, सीतामढ़ी में 43 और मधुबनी में 42 पुल बनाए जा रहे हैं। समस्तीपुर में भी कई नए पुल तैयार किए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीण संपर्क को मजबूती मिलेगी।

किसानों और व्यापारियों को होगा फायदा

इन पुलों के बनने से किसानों को सबसे बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। अब मखाना, लीची, दूध और सब्जियों जैसे कृषि उत्पाद आसानी से बाजार तक पहुंच सकेंगे। पहले खराब रास्तों और टूटे संपर्क की वजह से किसानों को समय पर बाजार नहीं मिल पाता था, जिससे आर्थिक नुकसान होता था। नई कनेक्टिविटी से गांवों में छोटे कारोबार और ग्रामीण व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा। परिवहन आसान होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

पुल निर्माण होने से बच्चों की पढ़ाई नहीं होगी प्रभावित

बाढ़ के दौरान स्कूल और कॉलेज तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन जाता था। कई बच्चे महीनों तक पढ़ाई से दूर हो जाते थे। अब पुल बनने से सालभर शिक्षा संस्थानों तक पहुंच आसान होगी। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। गंभीर मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में कम समय लगेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में एंबुलेंस सेवा भी बेहतर तरीके से काम कर सकेगी।

यूपी वाले सावधान! इन जिलों में आंधी-तूफान का अलर्ट जारी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। कई जिलों में तेज हवाओं, बारिश और गरज-चमक के साथ मौसम सुहावना हो गया है। खासतौर पर मुरादाबाद मंडल में मंगलवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और कई इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों और आने वाले तीन दिनों के लिए आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

पश्चिमी विक्षोभ का दिखा असर

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की वजह से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। तेज धूप और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए चेतावनी जारी की है। विभाग की ओर से लोगों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर सतर्क रहने की भी सलाह दी गई है। अलर्ट में कहा गया है कि अगले तीन घंटों के भीतर कुछ स्थानों पर तेज आंधी, बिजली चमकने और मध्यम बारिश की संभावना है। कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हो सकती है।

40 से 60 किमी प्रति घंटे से हवा

मौसम विभाग के अनुसार आंधी के दौरान हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। किसान और ग्रामीण क्षेत्रों के लोग विशेष सावधानी बरतें, क्योंकि तेज हवाओं और बारिश से फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।

अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम

12 मई से 14 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। हालांकि भारी बारिश की संभावना कम बताई गई है, लेकिन गरज-चमक और तेज हवाओं का असर बना रह सकता है। मौसम में इस बदलाव से दिन के तापमान में कमी आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी।

मौसम विभाग ने लोगों को दी ये सलाह

खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने से बचें। 

बिजली कड़कने पर मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का कम इस्तेमाल करें। 

वाहन चलाते समय सावधानी बरतें। 

किसान फसलों और पशुओं की सुरक्षा का इंतजाम करें। 

मौसम विभाग के अपडेट पर नजर बनाए रखें।

प्रदेश में बदले मौसम ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं आंधी-तूफान और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ा दिया है। ऐसे में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।

सूर्य-बुध-मंगल की युति से शुभ संकेत, 4 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। 12 मई को ज्योतिष शास्त्र के अनुसार एक खास ग्रह संयोग बनने जा रहा है। इस दिन मेष राशि में सूर्य, बुध और मंगल की युति से शक्तिशाली त्रिग्रह योग का निर्माण होगा। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक यह योग ऊर्जा, बुद्धि, आत्मविश्वास और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह योग बेहद खास रहने वाला है क्योंकि यह संयोग उनकी ही राशि में बन रहा है। इस दौरान आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी और रुके हुए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय लाभ और प्रगति लेकर आ सकता है। बुध ग्रह की मजबूत स्थिति से बुद्धि और निर्णय क्षमता में सुधार होगा। व्यापार में लाभ के अवसर मिल सकते हैं और नई योजनाओं से फायदा होने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह त्रिग्रह योग भाग्य का साथ दिला सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत हैं। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए समय अनुकूल रहेगा। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए यह ग्रह संयोग सफलता और धन लाभ के योग बना सकता है। निवेश से फायदा मिलने की संभावना है और करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। व्यापार में नई डील या साझेदारी से लाभ हो सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

NTPC में इंजीनियर भर्ती 2026: 25 पदों पर वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन की पूरी जानकारी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे इंजीनियरिंग युवाओं के लिए अच्छी खबर है। देश की प्रमुख सरकारी कंपनी एनटीपीसी लिमिटेड ने इंजीनियर पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट्स एंड मैटेरियल्स विभाग के लिए की जा रही है।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 11 मई 2026 से शुरू हो चुकी है और अंतिम तिथि 25 मई 2026 तय की गई है।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

एनटीपीसी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार कुल 25 पदों पर भर्ती की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति इंजीनियर (Contracts & Materials) पद पर की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से बीटेक या बीई की डिग्री होना जरूरी है। विस्तृत जानकारी के लिए अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन देखने की सलाह दी गई है।

आयु सीमा क्या है?

भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 32 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट का लाभ दिया जा सकता है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित उम्मीदवारों को E2 ग्रेड के तहत नियुक्त किया जाएगा। वेतनमान 50 हजार रुपये से 1 लाख 60 हजार रुपये प्रतिमाह तक रखा गया है। इसके अलावा अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

ऐसे करें आवेदन

सबसे पहले NTPC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, करियर सेक्शन में भर्ती से जुड़ा लिंक खोलें, जरूरी जानकारी भरकर ऑनलाइन आवेदन करें, दस्तावेज अपलोड करें और फॉर्म सबमिट करें, भविष्य के लिए आवेदन पत्र का प्रिंट सुरक्षित रखें। 

CM सम्राट के 4 बड़े फरमान, बिहारवासियों के लिए राहत

पटना। बिहार में कानून व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सख्त संदेश दिया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि राज्य में अपराध और अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। मुख्यमंत्री ने पुलिस को खुली छूट देते हुए निर्देश दिया है कि यदि कोई अपराधी पुलिस या प्रशासन को चुनौती देता है, तो 48 घंटे के भीतर उस पर कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए यह मायने नहीं रखता कि अपराधी किस जाति, धर्म या वर्ग से जुड़ा है। कानून तोड़ने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार में कानून का राज कायम रहेगा

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में सुशासन बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि राज्य तेजी से विकास और आर्थिक मजबूती की दिशा में आगे बढ़ रहा है और इसके लिए बेहतर कानून व्यवस्था बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री के अनुसार उद्योग, निवेश और रोजगार तभी बढ़ सकते हैं जब राज्य में कानून का राज मजबूत हो। इसी वजह से सरकार अपराध के खिलाफ सख्त रवैया अपना रही है।

मंदिरी नाला सड़क का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने यह बयान पटना में मंदिरी नाला सड़क परियोजना के उद्घाटन के दौरान दिया। इस परियोजना को राजधानी पटना के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सड़क बनने के बाद अब इनकम टैक्स गोलंबर से सीधे अशोक राजपथ तक आवागमन आसान हो जाएगा। इससे पीएमसीएच, एनएमसीएच, गायघाट, कंगनघाट, गुरुद्वारा और दीदारगंज जैसे इलाकों में जाने वाले लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

पटना में विकसित होंगे नए शहर

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि पटना के आसपास नए शहर विकसित करने की योजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एक ओर पाटलिपुत्र शहर और दूसरी ओर हरिहरनाथ पुरम को विकसित किया जाएगा। इसके अलावा दीदारगंज छोटी पहाड़ी से राघोपुर और हाजीपुर तक सड़क संपर्क को भी बेहतर बनाने की तैयारी चल रही है।

सड़क का नया नाम भी घोषित

सरकार ने मंदिरी नाला सड़क का नाम बदलकर 'नवीन किशोर सिन्हा पथ' रखने की घोषणा की है। यह नाम पूर्व विधायक नवीन किशोर सिन्हा के सम्मान में रखा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले वर्ष परियोजना की वर्षगांठ पर उनकी आदमकद प्रतिमा भी स्थापित की जाए।

यूपी में वाहन चालकों पर सख्ती शुरू, नियम तोड़ने वालों पर भारी जुर्माना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क हादसों को रोकने के लिए यातायात पुलिस ने बड़ा अभियान शुरू किया है। हाल ही में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों की समीक्षा में यह सामने आया कि छुट्टी वाले दिनों, खासकर शनिवार और रविवार को शराब पीकर वाहन चलाने के मामलों में काफी बढ़ोतरी होती है। इसी को देखते हुए अब प्रदेशभर में सख्त कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

आपको बता दें की यातायात विभाग ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ 'ऑपरेशन मीट एंड ग्रीट' अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत टोल प्लाजा और प्रमुख मार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाकर वाहन चालकों की जांच की जा रही है।

हजारों वाहनों की हुई जांच

यातायात विभाग के अनुसार 9 और 10 मई को प्रदेश के 135 टोल प्लाजा पर विशेष जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान करीब 69 हजार से ज्यादा वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 2,654 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इन पर कुल 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया और चालान काटे गए।

पुलिस और होमगार्ड की बड़ी तैनाती

अभियान को सफल बनाने के लिए यातायात पुलिस, नागरिक पुलिस और होमगार्ड के हजारों अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया। जांच टीमों को ब्रेथ एनालाइजर, बॉडी वार्न कैमरा, रिफ्लेक्टिव जैकेट और अन्य जरूरी उपकरण उपलब्ध कराए गए ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित रहे।

प्रदेश में डंपर और ट्रकों की भी जांच

अभियान के दौरान निर्माण सामग्री ढोने वाले डंपर और ट्रकों की हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट की भी जांच की गई। अधिकारियों ने मौके पर ही दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन की पुष्टि की। यातायात विभाग का कहना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है मोटर वाहन अधिनियम का कानून?

मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 185 के अनुसार यदि किसी चालक के रक्त में अल्कोहल की मात्रा तय सीमा से अधिक पाई जाती है, तो यह दंडनीय अपराध माना जाता है। पहली बार पकड़े जाने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना या छह महीने तक की जेल हो सकती है। वहीं दोबारा गलती करने पर 15 हजार रुपये तक का जुर्माना और दो साल तक की सजा का प्रावधान है।

यातायात पुलिस के द्वारा लोगों से की गई अपील

यातायात पुलिस ने लोगों से अपील की है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं और ट्रैफिक नियमों का पालन करें। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही न केवल चालक बल्कि दूसरे लोगों की जान के लिए भी खतरा बन सकती है। प्रदेश में सड़क हादसों को कम करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे।

यूपी लेखपाल भर्ती का शेड्यूल जारी, 44 जिलों में बने परीक्षा केंद्र

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा को लेकर महत्वपूर्ण सूचना जारी कर दी है। आयोग के अनुसार लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा 21 मई को आयोजित की जाएगी।

आपको बता दें की यूपी लेखपाल की यह परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों में निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर कराई जाएगी। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक एक ही शिफ्ट में आयोजित होगी। परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के बीच तैयारियां तेज हो गई हैं।

आयोग ने जारी की परीक्षा जिला सूचना

आयोग ने बताया है कि मुख्य परीक्षा के लिए चयनित अभ्यर्थियों के परीक्षा जिलों की जानकारी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दी गई है। उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट पर जाकर अपना परीक्षा जिला देख सकते हैं। इसके लिए अभ्यर्थियों को वेबसाइट के होमपेज पर मौजूद परीक्षा सेक्शन में जरूरी जानकारी भरनी होगी। परीक्षा जिला की सूचना डाउनलोड करने की सुविधा आयोग के आधिकारिक मोबाइल एप पर भी दी गई है।

अभी जारी नहीं हुए एडमिट कार्ड

आयोग ने साफ किया है कि फिलहाल केवल परीक्षा जिला की जानकारी जारी की गई है। प्रवेश पत्र यानी एडमिट कार्ड बाद में अलग से जारी किए जाएंगे। मुख्य परीक्षा में शामिल होने के लिए वैध प्रवेश पत्र साथ लाना अनिवार्य होगा। बिना एडमिट कार्ड किसी भी अभ्यर्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।

शुल्क जमा करने के बाद ही सुविधा

आयोग के अनुसार जिन अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा का शुल्क जमा कर दिया है, वही परीक्षा जनपद की सूचना और एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपनी प्रक्रिया पूरी कर लें।

लाखों अभ्यर्थियों की नजर परीक्षा पर

लेखपाल भर्ती परीक्षा उत्तर प्रदेश की बड़ी भर्ती परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। प्रदेशभर से बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होने वाले हैं। ऐसे में आयोग की ओर से परीक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराई जा सके।

3 राशियों में बन रहे 3 राजयोग: 4 राशियों की होगी चांदी ही चांदी!

राशिफल। 15 मई का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जिसमें तीन अलग-अलग राशियों में तीन शक्तिशाली राजयोगों का निर्माण होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह संयोग कई लोगों के जीवन में बड़े बदलाव और आर्थिक उन्नति लेकर आ सकता है।

इस दिन मेष राशि में लक्ष्मी योग, वृषभ राशि में बुधादित्य योग और मिथुन राशि में लक्ष्मी नारायण योग बनने जा रहा है। इन शुभ योगों का असर कुछ खास राशियों पर बेहद सकारात्मक रहेगा और उन्हें करियर से लेकर धन लाभ तक में बड़ी सफलता मिल सकती है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय बेहद शुभ रहने वाला है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा और किस्मत का पूरा साथ मिलेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और परिवार या पैतृक संपत्ति से भी लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से बेहद लाभकारी माना जा रहा है। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत का सम्मान बढ़ेगा और बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई उपलब्धि मिलने की संभावना है। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए भी यह समय सकारात्मक परिणाम दे सकता है। व्यापार में बड़ी डील फाइनल होने के संकेत हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह अवधि तरक्की और सफलता से भरी हो सकती है। भौतिक सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी और जीवन स्तर बेहतर हो सकता है। विदेश यात्रा या नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। पुराने कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं और नया काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह राजयोग बेहद शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। आर्थिक मामलों में बड़ी सफलता मिल सकती है और निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अटके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। जीवन में सकारात्मक बदलाव और तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं।

यूपी सरकार का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए आई 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना में बड़े बदलाव किए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि युवाओं को बिना किसी परेशानी के आसान तरीके से लोन मिले और वे सफल उद्यमी बन सकें।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब योजना के तहत लोन लेने वाले युवाओं को पहले ऑनलाइन प्रशिक्षण लेना होगा। इसके बाद ही बैंक लोन की राशि जारी करेगा। सरकार का कहना है कि इससे युवाओं को कारोबार की सही जानकारी मिलेगी और आवेदन निरस्त होने की समस्या भी कम होगी।

1. अब ट्रेनिंग के बाद ही मिलेगा लोन

नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी आवेदक को सीधे लोन नहीं मिलेगा। पहले उसे 30 घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा करना होगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ही बैंक को प्रमाणपत्र भेजा जाएगा और इसके बाद लोन राशि खाते में ट्रांसफर होगी। सरकार का मानना है कि इससे युवा अपने कारोबार को बेहतर तरीके से समझ पाएंगे और भविष्य में आर्थिक नुकसान की संभावना कम होगी।

2. बिना गारंटी मिलेगा 5 लाख तक लोन

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास योजना के तहत युवाओं को बिना बैंक गारंटी के 5 लाख रुपये तक का ब्याज मुक्त लोन दिया जा रहा है। इससे छोटे कारोबार शुरू करने वाले युवाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा युवा नौकरी की बजाय स्वरोजगार की ओर बढ़ें।

3. फेस रिकग्निशन सिस्टम से होगी निगरानी

प्रशिक्षण और आवेदन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए फेस रिकग्निशन प्रणाली लागू की गई है। इससे किसी तरह की गड़बड़ी या फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी। ऑनलाइन ट्रेनिंग के दौरान यह सुनिश्चित किया जाएगा कि वही व्यक्ति प्रशिक्षण ले रहा है जिसने आवेदन किया है।

4. युवाओं को विशेषज्ञ देंगे कारोबार की ट्रेनिंग

युवाओं को उनके चुने गए कारोबार के अनुसार विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए समाधान समिति, यूपीआईकान और उद्यमिता विकास संस्थान जैसे संस्थानों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को कारोबार की योजना, बैंक प्रक्रिया, बाजार की जानकारी और प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने जैसे विषयों की जानकारी दी जाएगी। अंतिम दिन लाइव सत्र में विशेषज्ञ सवालों के जवाब भी देंगे।

5. आवेदन से पहले जरूरी होगा वीडियो देखना

अब पोर्टल पर पंजीकरण से पहले 30 मिनट का काउंसलिंग वीडियो देखना अनिवार्य कर दिया गया है। इस वीडियो में युवाओं को उनके चुने हुए सेक्टर, बिजनेस मॉडल और बैंक लोन प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाएगी। सरकार का कहना है कि इससे आवेदन में होने वाली तकनीकी गलतियां कम होंगी और बैंक द्वारा आवेदन निरस्त किए जाने की संख्या घटेगी।

इस योजना के लिए अबतक लाखों युवाओं ने किया आवेदन

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल तक योजना के तहत लाखों आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें बड़ी संख्या में आवेदन बैंक स्तर पर तकनीकी कारणों से अटक गए थे। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। अब उम्मीद की जा रही है कि प्रशिक्षण आधारित यह नई प्रणाली युवाओं को बेहतर तरीके से स्वरोजगार से जोड़ेगी और उन्हें कारोबार शुरू करने में मदद मिलेगी।

कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी राहत, DA और 7वें वेतन आयोग पर हो सकता है बड़ा फैसला

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले दिन काफी अहम माने जा रहे हैं। राज्य सरकार की 18 मई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में महंगाई भत्ता (DA) और 7वें वेतन आयोग को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लिए जाने की संभावना जताई जा रही है। सरकारी कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगों के बीच अब इस बैठक पर सभी की नजर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि सरकार कर्मचारियों को राहत देने के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकती है।

DA को लेकर बढ़ी उम्मीदें

राज्य के कर्मचारी लंबे समय से केंद्र सरकार के बराबर महंगाई भत्ता देने की मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र और राज्य कर्मचारियों के DA में काफी अंतर है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी मुद्दे को लेकर कई बार प्रदर्शन और आंदोलन भी हो चुके हैं। मामला अदालत तक पहुंच चुका है और फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में भी इससे जुड़ी सुनवाई लंबित बताई जा रही है। अब सरकार की ओर से मिले संकेतों के बाद कर्मचारियों की उम्मीदें फिर बढ़ गई हैं। चर्चा है कि कैबिनेट बैठक में DA बढ़ोतरी पर गंभीर विचार किया जा सकता है।

7वें वेतन आयोग पर भी नजर

महंगाई भत्ते के अलावा 7वें वेतन आयोग को लेकर भी बड़ी चर्चा हो रही है। यदि सरकार आयोग के गठन या वेतन संशोधन की दिशा में कोई फैसला लेती है, तो इससे कर्मचारियों की बेसिक सैलरी, भत्तों और पेंशन में बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि वेतन ढांचे में बदलाव होने से लाखों कर्मचारियों की आय बढ़ सकती है, जिससे बाजार और राज्य की अर्थव्यवस्था पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

सरकार पर बढ़ सकता है वित्तीय बोझ

हालांकि कर्मचारियों को राहत देने के फैसले से राज्य सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव भी बढ़ सकता है। जानकारों के अनुसार यदि DA और वेतन आयोग से जुड़े बड़े फैसले लागू होते हैं, तो सरकार को हजारों करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ सकता है। फिर भी कर्मचारियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में वेतन और भत्तों में सुधार बेहद जरूरी है।

18 मई की बैठक पर टिकी सबकी निगाहें

सरकार की अगली कैबिनेट बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि बैठक में कई नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होगी, जिनमें कर्मचारियों से जुड़े मामले भी शामिल हैं। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद उनकी लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय सामने आ सकता है। फिलहाल पूरे राज्य में 18 मई की बैठक को लेकर चर्चा तेज है और लाखों कर्मचारी सरकार के फैसले का इंतजार कर रहे हैं।

सम्राट कैबिनेट की बैठक कल, बिहार में कई बड़े फैसलों पर लग सकती है मुहर

पटना। बिहार सरकार की अहम कैबिनेट बैठक 13 मई को पटना स्थित मुख्य सचिवालय में आयोजित होने जा रही है। बैठक सुबह 10:30 बजे शुरू होगी और इसकी अध्यक्षता मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी करेंगे। सरकार की ओर से सभी मंत्रियों, दोनों उपमुख्यमंत्रियों और संबंधित अधिकारियों को बैठक की सूचना भेज दी गई है। इस बैठक को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है, क्योंकि माना जा रहा है कि इसमें कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हो सकती है और बड़े फैसलों को मंजूरी मिल सकती है।

विकास और योजनाओं पर हो सकती है चर्चा

रिपोर्ट के अनुसार कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास कार्यों, सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा वित्तीय मामलों और नई योजनाओं को लेकर भी निर्णय लिए जा सकते हैं। सरकार की कोशिश है कि विभिन्न विभागों से जुड़े लंबित प्रस्तावों पर जल्द फैसला लिया जाए, ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

नई टीम के साथ अहम बैठक

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में होने वाली यह बैठक इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि इसमें सरकार की नई टीम एक साथ शामिल होगी। दोनों डिप्टी सीएम के अलावा हाल ही में शामिल हुए मंत्री भी बैठक में मौजूद रहेंगे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बैठक आने वाले समय में सरकार की प्राथमिकताओं और रणनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

सचिवालय में बढ़ी तैयारियां

बैठक को लेकर मुख्य सचिवालय में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा व्यवस्था, बैठने की सुविधा, बिजली, खानपान और अन्य जरूरी इंतजामों की जिम्मेदारी संबंधित विभागों को सौंपी गई है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बैठक के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

जनता की भी रहेगी नजर

इस कैबिनेट बैठक पर आम लोगों की भी नजर टिकी हुई है, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले फैसलों का असर सीधे जनता और राज्य की योजनाओं पर पड़ सकता है। संभावना जताई जा रही है कि सरकार रोजगार, विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं और प्रशासनिक सुधार से जुड़े कुछ अहम फैसले ले सकती है। हालांकि अंतिम निर्णय बैठक के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।

IMD का अलर्ट: यूपी-बिहार समेत कई राज्यों में तेज आंधी और बारिश की चेतावनी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 मई के लिए कई राज्यों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी में बनी मौसमी प्रणालियों की वजह से उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक मौसम का असर देखने को मिल सकता है।

IMD ने चेतावनी दी है कि कई राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

दिल्ली, बिहार और यूपी में तेज आंधी का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अनुमान है। बिहार और उत्तराखंड में भी मौसम विभाग ने तेज आंधी का अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तर प्रदेश और झारखंड में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

कई राज्यों में ओलावृष्टि की संभावना

IMD ने बिहार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में ओले गिरने की चेतावनी दी है। मौसम विभाग का कहना है कि खराब मौसम के दौरान लोगों को खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।

पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश का अलर्ट

असम, मेघालय, सिक्किम और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे जलभराव और स्थानीय समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

दक्षिण भारत में भी बदलेगा मौसम

तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और तटीय कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की गई है।

अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार 13 से 17 मई तक भी कई राज्यों में बारिश और आंधी का सिलसिला जारी रह सकता है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में मौसम का असर अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा। वहीं पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।

13 से 23 मई तक बनेगा 4 शुभ संयोग, 4 राशियों की चमक सकती है किस्मत

राशिफल। मई का यह समय ज्योतिष की दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। 13 मई से 23 मई के बीच कई शुभ ग्रह योग बनने जा रहे हैं, जिनका असर कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव से धन, करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय काफी उत्साह और प्रगति लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में लंबे समय से रुके काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को आर्थिक लाभ के संकेत हैं। निवेश से फायदा मिल सकता है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में भी सुखद माहौल बना रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में भी स्थिति पहले से बेहतर रहने की उम्मीद है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह अवधि करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से शुभ मानी जा रही है। समाज में मान-सम्मान बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। जो लोग नौकरी बदलने की सोच रहे हैं, उन्हें अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ और रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। पारिवारिक रिश्तों में मजबूती आएगी और घर में खुशी का माहौल बना रहेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर इस दौरान ग्रहों का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और महत्वपूर्ण फैसले लेने में सफलता मिलेगी। आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत हैं। निवेश, कारोबार और नई योजनाओं में फायदा मिल सकता है। छात्रों के लिए भी यह समय अच्छा माना जा रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए 13 से 23 मई का समय भाग्य का साथ देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी और व्यवसाय में उन्नति के संकेत हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और पुराने विवाद खत्म होने की संभावना है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

क्या कहते हैं ज्योतिष विशेषज्ञ?

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इस दौरान बनने वाले शुभ योग सकारात्मक ऊर्जा और नए अवसर प्रदान कर सकते हैं। हालांकि हर व्यक्ति की कुंडली अलग होती है, इसलिए ग्रहों का प्रभाव भी अलग-अलग हो सकता है। फिर भी 13 से 23 मई के बीच का यह समय कई लोगों के लिए नई उम्मीद, आर्थिक लाभ और सफलता के संकेत लेकर आ सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 3 नहीं अब 5 यूनिट से तय होगा वेतन?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। इसी बीच कर्मचारी यूनियनों ने सरकार के सामने एक बड़ी मांग रखी है, जिसने वेतन बढ़ोतरी की उम्मीदों को और बढ़ा दिया है। यूनियनों का कहना है कि अब वेतन तय करने के पुराने 3 फैमिली यूनिट फॉर्मूले को बदलकर 5 फैमिली यूनिट किया जाना चाहिए।

क्या है 3 फैमिली यूनिट फॉर्मूला?

अब तक वेतन आयोगों में यह माना जाता रहा है कि एक सरकारी कर्मचारी के परिवार में कुल तीन सदस्यीय यूनिट होती है। इसमें कर्मचारी, पति या पत्नी और बच्चे को शामिल किया जाता है। इसी आधार पर न्यूनतम खर्च का अनुमान लगाकर बेसिक वेतन तय किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में इसी फॉर्मूले के तहत न्यूनतम बेसिक पे 18 हजार रुपये निर्धारित की गई थी।

क्यों उठ रही है 5 यूनिट की मांग?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज के समय में परिवार की जिम्मेदारियां पहले की तुलना में काफी बढ़ चुकी हैं। यूनियनों का तर्क है कि अब एक कर्मचारी को सिर्फ पत्नी और बच्चों का ही नहीं, बल्कि बुजुर्ग माता-पिता का खर्च भी उठाना पड़ता है। इसके अलावा महंगी शिक्षा, इलाज, किराया और रोजमर्रा की बढ़ती लागत ने पुराने फॉर्मूले को अप्रासंगिक बना दिया है। इसी वजह से परिवार की परिभाषा को बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग की जा रही है। इसमें कर्मचारी, पत्नी, दो बच्चे और माता-पिता को शामिल करने का सुझाव दिया गया है।

कितना बढ़ सकता है वेतन?

कर्मचारी संगठनों ने अनुमान लगाया है कि यदि 5 फैमिली यूनिट फॉर्मूला लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव संभव है। यूनियनों के मुताबिक यदि प्रति यूनिट खर्च के आधार पर गणना की जाए, तो न्यूनतम बेसिक वेतन 30 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं महंगाई भत्ता और अन्य भत्ते जोड़ने के बाद कुल वेतन 55 हजार से 60 हजार रुपये के बीच हो सकता है। हालांकि यह केवल कर्मचारी संगठनों की मांग और अनुमान है। अंतिम फैसला सरकार और वेतन आयोग की सिफारिशों पर निर्भर करेगा।

फिटमेंट फैक्टर और पेंशन पर भी असर संभव

अगर नया फॉर्मूला स्वीकार किया जाता है, तो इसका असर सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा। फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ता, HRA और पेंशन में भी बढ़ोतरी हो सकती है। इससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को फायदा मिल सकता है।

वेतन आयोग को लेकर जल्द होने वाली है अहम बैठक

8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी संगठनों और सरकार के बीच बैठकों का दौर जारी है। बताया जा रहा है कि आने वाले दिनों में रक्षा मंत्रालय और रेलवे मंत्रालय से जुड़ी यूनियनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक होने वाली है। इन बैठकों में वेतन संरचना, भत्तों और नए फैमिली यूनिट फॉर्मूले पर विस्तार से चर्चा की जा सकती है।

कर्मचारियों के अच्छे दिन आने वाले हैं? 8वें वेतन आयोग को लेकर 8 बड़ी बातें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। सरकार ने आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है, जिसके बाद लाखों कर्मचारियों को सैलरी बढ़ोतरी और बेहतर भत्तों की उम्मीद है। माना जा रहा है कि नया वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों की आय में बड़ा बदलाव ला सकता है।

1. 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू

सरकार ने 8वें वेतन आयोग के गठन की तैयारी शुरू कर दी है। आयोग का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों की सैलरी, भत्तों और पेंशन व्यवस्था की समीक्षा करना होगा। इसके जरिए कर्मचारियों को महंगाई से राहत देने की कोशिश की जाएगी।

2. आयोग की अध्यक्षता कौन करेगा?

जानकारी के मुताबिक आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आयोग अलग-अलग मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है।

3. कब लागू हो सकता है नया वेतनमान?

आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि 2027 के मध्य तक रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी। हालांकि नए वेतनमान को 1 जनवरी 2026 से लागू माना जा सकता है। यानी अगर फैसला देर से आता है तो कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है।

4. फिटमेंट फैक्टर बनेगा सबसे अहम

सैलरी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर होगा। यही तय करेगा कि कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी बढ़ेगी। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। इस बार कर्मचारी संगठन इसे और बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

5. DA और अन्य भत्तों में भी बदलाव संभव

नए वेतन आयोग के तहत महंगाई भत्ता (DA), HRA और अन्य भत्तों की भी समीक्षा की जा सकती है। इससे कर्मचारियों की कुल इनकम में अच्छी बढ़ोतरी होने की संभावना है।

6. करोड़ों लोगों पर पड़ेगा असर

इस आयोग का असर करीब 1.1 करोड़ लोगों पर पड़ सकता है। इसमें लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारी और 69 लाख पेंशनभोगी शामिल बताए जा रहे हैं। रेलवे, रक्षा और अन्य केंद्रीय विभागों के कर्मचारी भी इससे लाभान्वित हो सकते हैं।

7. पेंशनर्स को भी मिल सकती है राहत

सिर्फ कर्मचारियों ही नहीं, बल्कि पेंशनभोगियों को भी नए आयोग से फायदा मिलने की उम्मीद है। पेंशन की गणना और महंगाई राहत में बदलाव संभव माना जा रहा है।

8. राज्य कर्मचारियों की भी बढ़ी उम्मीदें

केंद्र सरकार के बाद कई राज्य सरकारें भी अपने कर्मचारियों के लिए वेतनमान में बदलाव करती हैं। ऐसे में राज्य कर्मचारियों की नजर भी 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। फिलहाल आयोग की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है, लेकिन इसकी चर्चा ने कर्मचारियों के बीच नई उम्मीद जरूर जगा दी है। आने वाले समय में सरकार की ओर से इस पर और बड़े अपडेट सामने आ सकते हैं।

बिहार पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट, मुखिया-सरपंच उम्मीदवार हो जाएं तैयार

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक माहौल धीरे-धीरे गर्म होने लगा है। गांवों में संभावित उम्मीदवारों की सक्रियता बढ़ गई है और लोग चुनावी चर्चाओं में जुटने लगे हैं। इसी बीच पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश ने साफ संकेत दिए हैं कि राज्य में पंचायत चुनाव तय समय पर ही कराए जाएंगे। सरकार और निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

गांवों में बढ़ी चुनावी हलचल

मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचायत समिति सदस्य जैसे पदों के संभावित उम्मीदवार अभी से अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हो गए हैं। कई जगहों पर जनसंपर्क अभियान भी शुरू हो चुका है। ग्रामीण इलाकों में चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं और लोग संभावित प्रत्याशियों का आकलन करने लगे हैं।

जनसंख्या प्रकाशन से शुरू हुई तैयारी

पंचायती राज विभाग के अनुसार फिलहाल राज्यभर में जनसंख्या प्रकाशन की प्रक्रिया चल रही है। इसे पंचायत चुनाव की तैयारी का महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है। सरकार का कहना है कि जनसंख्या के आंकड़े जारी होने के बाद लोगों को आपत्ति दर्ज कराने का मौका मिलेगा। इसके बाद अंतिम सूची तैयार की जाएगी। जानकारी के मुताबिक 9 जून को अंतिम जनसंख्या प्रकाशन किया जा सकता है।

आरक्षण रोस्टर बदलने से बदलेंगे समीकरण

जनसंख्या प्रकाशन के बाद पंचायत सीटों के आरक्षण रोस्टर पर काम शुरू होगा। इससे यह तय होगा कि कौन सी पंचायत सीट सामान्य रहेगी और कौन सी आरक्षित श्रेणी में जाएगी। माना जा रहा है कि इस बार कई पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था बदल सकती है। इससे चुनावी समीकरण भी पूरी तरह बदल सकते हैं। कई संभावित उम्मीदवार फिलहाल आरक्षण सूची का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि उसी के आधार पर उनकी चुनावी रणनीति तय होगी।

पंचायत चुनाव को निष्पक्ष बनाने की तैयारी

सरकार और निर्वाचन आयोग चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से कराने की तैयारी में जुटे हैं। प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर कई कदम उठाए जा रहे हैं। मल्टीपोस्ट ईवीएम सहित अन्य जरूरी व्यवस्थाओं पर भी काम चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया को पूरी तरह फ्री एंड फेयर बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि मतदान के दौरान किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो।

अक्टूबर के आसपास हो सकते हैं पंचायत चुनाव

हालांकि अभी पंचायत चुनाव की आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है, लेकिन माना जा रहा है कि अक्टूबर 2026 के आसपास चुनाव कराए जा सकते हैं। बिहार में आठ हजार से अधिक पंचायतों में चुनाव होने हैं, इसलिए यह राज्य की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में से एक मानी जाती है।

आने वाले महीनों में और बढ़ेगी सियासी हलचल

जनसंख्या प्रकाशन, आरक्षण सूची और चुनावी कार्यक्रम की घोषणा के साथ आने वाले महीनों में गांवों की राजनीति और गर्म होने की संभावना है। पंचायत चुनाव को लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में माहौल अभी से बनने लगा है और संभावित उम्मीदवार जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गए हैं।

आज मंगल ही मंगल, इन 5 राशियों को धन और सफलता के संकेत

राशिफल। आज का दिन ज्योतिष के अनुसार बेहद खास माना जा रहा है। मंगल ग्रह की मजबूत स्थिति कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। विशेष रूप से पांच राशियों के लिए आज का दिन आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और नए अवसरों के संकेत दे रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार मंगल ऊर्जा, साहस और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है, इसलिए इसका शुभ प्रभाव व्यक्ति को सफलता की ओर आगे बढ़ाता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए आज का दिन लाभदायक रह सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार का सहयोग मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए आज का दिन नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। व्यापार में लाभ मिलने की संभावना है और धन से जुड़े मामलों में अच्छी खबर मिल सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को आज करियर में सफलता मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से चल रही परेशानियां कम हो सकती हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में बड़ा फायदा दिला सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर मंगल का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी। निवेश और कारोबार से जुड़े मामलों में लाभ हो सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि के लिए आज का दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा रहा है। नई योजनाओं में सफलता मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आय बढ़ने के संकेत हैं।

क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य?

ज्योतिष विशेषज्ञों का कहना है कि मंगल ग्रह का शुभ प्रभाव व्यक्ति को साहसी और ऊर्जावान बनाता है। ऐसे समय में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना अधिक रहती है। हालांकि सभी राशियों के लोगों को धैर्य और समझदारी से निर्णय लेने की सलाह दी गई है।