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केंद्र सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी! देशभर के किसानों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने एक अहम फैसला लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय के बाद योजना का लाभ वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पात्र किसानों को मिलता रहेगा।

सरकार का यह फैसला किसानों की आय को सहारा देने और खेती से जुड़े खर्चों को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे देश के करोड़ों किसान परिवारों को भविष्य में भी नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी।

किसानों को मिलेगा आर्थिक सहयोग

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पात्र किसानों को हर वर्ष वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। इस योजना का उद्देश्य किसानों को बीज, खाद, सिंचाई और अन्य कृषि कार्यों के लिए आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराना है। योजना के विस्तार से किसानों को यह भरोसा मिलेगा कि आने वाले वर्षों में भी उन्हें सरकारी सहायता मिलती रहेगी।

पांच वर्षों के विस्तार से बढ़ेगा भरोसा

कैबिनेट की मंजूरी के बाद योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है। इससे किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और वे खेती से जुड़े जरूरी निवेश की बेहतर योजना बना सकेंगे। सरकार का मानना है कि यह कदम कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में मददगार होगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

जानकारों का मानना है कि जब किसानों के हाथ में समय-समय पर आर्थिक सहायता पहुंचती है तो इसका सकारात्मक असर ग्रामीण बाजारों पर भी पड़ता है। कृषि कार्यों में निवेश बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार को भी बढ़ावा मिलता है।

सूर्य करेंगे अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश, 3 राशियों को मिलेगा धन, मान-सम्मान और करियर में बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार सूर्य देव 3 अगस्त को कर्क राशि के अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, पद-प्रतिष्ठा और निर्णय लेने की क्षमता को प्रभावित करने वाला माना जाता है। अश्लेषा नक्षत्र के स्वामी राहु हैं, इसलिए इस दौरान कुछ राशियों के लिए नए अवसर बनने, करियर में प्रगति और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कि किन तीन राशियों पर इसका सबसे सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है।

वृषभ राशि

सूर्य का अश्लेषा नक्षत्र में प्रवेश वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने के योग बनेंगे। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक और लाभ के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहेगा, जिससे मन प्रसन्न रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह गोचर आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और निवेश से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोलेंगी। समाज में सम्मान बढ़ेगा और आपकी मेहनत का उचित फल मिलने की संभावना रहेगी।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ दिला सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे और रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं। यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत करना चाहते हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और परिवार के साथ संबंध भी मधुर रहेंगे। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार का फैसला, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, बढ़ा भत्ता

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रेलवे और विभिन्न केंद्रीय स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत पात्र स्वास्थ्य कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए अस्पताल रोगी देखभाल भत्ता (Hospital Patient Care Allowance-HPCA) तथा रोगी देखभाल भत्ता (Patient Care Allowance-PCA) में 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। यह फैसला महंगाई भत्ते (डीए) के 50 प्रतिशत से अधिक होने के बाद लिया गया है। संशोधित दरें 1 जनवरी 2024 से प्रभावी मानी जाएंगी, जिससे कर्मचारियों को बढ़े हुए भत्ते के साथ पिछले समय का एरियर भी मिलेगा।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

इस निर्णय का लाभ केंद्र सरकार के अधीन कार्यरत पात्र नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल कर्मचारियों और अन्य गैर-मंत्रालयी स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा। भारतीय रेलवे के अस्पतालों, केंद्रीय अस्पतालों और मंडलीय स्वास्थ्य इकाइयों में कार्यरत पात्र कर्मचारी भी इस बढ़े हुए भत्ते के दायरे में आएंगे।

नई दरों के अनुसार कितना मिलेगा भत्ता

सातवें वेतन आयोग के पे-मैट्रिक्स के आधार पर भत्ते की नई दरें निर्धारित की गई हैं।

पे-मैट्रिक्स लेवल-1 से लेवल-8 तक के पात्र कर्मचारियों को अब 4,100 रुपये के बजाय 5,125 रुपये प्रति माह भत्ता मिलेगा।

पे-मैट्रिक्स लेवल-9 और उससे ऊपर के पात्र कर्मचारियों का भत्ता 5,300 रुपये से बढ़ाकर 6,625 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।

चूंकि यह संशोधन 1 जनवरी 2024 से लागू माना गया है, इसलिए पात्र कर्मचारियों को बढ़ी हुई राशि का एरियर भी एकमुश्त दिया जाएगा।

पहले जैसी रहेंगी भत्ते की शर्तें

भत्ते से संबंधित अन्य नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यदि कोई कर्मचारी एक कैलेंडर माह से अधिक समय तक अवकाश या प्रशिक्षण पर रहता है, तो उस अवधि के लिए भत्ता देय नहीं होगा। इसी प्रकार अनधिकृत अनुपस्थिति की स्थिति में भी संबंधित कर्मचारी इस सुविधा का लाभ नहीं ले सकेगा।

कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक राहत

महंगाई के बीच भत्ते में की गई यह वृद्धि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों के लिए आर्थिक रूप से राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। बढ़ी हुई मासिक राशि और एरियर के भुगतान से हजारों पात्र कर्मचारियों की आय में बढ़ोतरी होगी। रेलवे और केंद्र सरकार के स्वास्थ्य संस्थानों में कार्यरत कर्मचारियों को अब संशोधित दरों के अनुसार भत्ते का लाभ मिलेगा।

पानी-पानी होगा यूपी! इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार 1 से 7 अगस्त के बीच प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कुछ जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

2 अगस्त से बदलेगा मौसम का मिजाज

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में हल्की बारिश देखने को मिल सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। 2 अगस्त से बारिश की गतिविधियों में तेजी आएगी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में व्यापक वर्षा का दौर शुरू हो सकता है।

3 से 7 अगस्त तक झमाझम बारिश

पूर्वानुमान के मुताबिक 3 अगस्त से 7 अगस्त तक पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश दोनों क्षेत्रों में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। इस दौरान कई जिलों में लगातार बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। कई स्थानों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने की भी आशंका जताई गई है।

इन इलाकों में भारी बारिश के आसार

मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 2 से 6 अगस्त के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में 3 से 5 अगस्त के दौरान तेज बारिश होने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन को भी मौसम की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों के लिए राहत, लेकिन सतर्कता

लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलने की उम्मीद है। हालांकि जिन क्षेत्रों में अत्यधिक वर्षा होगी, वहां खेतों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। किसानों को मौसम का ताजा अपडेट देखते हुए खेती से जुड़े कार्य करने की सलाह दी गई है।

रेलवे बोर्ड ने दी राहत, कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे के कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने 'दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार' (Accident-Free Service Award) से जुड़े नियमों को स्पष्ट करते हुए नया निर्देश जारी किया है। इस फैसले के बाद अब गैर-सुरक्षा कार्यों से संबंधित छोटी विभागीय कार्रवाई या मामूली दंड के आधार पर कर्मचारियों को इस सम्मानजनक पुरस्कार से वंचित नहीं किया जाएगा।

अलग-अलग जोनों में थी नियमों की अलग व्याख्या

रेलवे बोर्ड के संज्ञान में आया था कि देश के कई रेलवे जोनों में पुरस्कार के लिए पात्रता तय करने के दौरान नियमों की अलग-अलग तरीके से व्याख्या की जा रही थी। कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था, वाणिज्यिक कार्यों या अन्य प्रशासनिक जिम्मेदारियों में हुई मामूली चूक के कारण कर्मचारियों का दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार रोक दिया जाता था।

किन मामलों में नहीं मिलेगा पुरस्कार?

रेलवे बोर्ड ने नए दिशा-निर्देशों में स्पष्ट किया है कि यदि किसी कर्मचारी पर मेजर पेनल्टी यानी गंभीर विभागीय कार्रवाई हुई है, तो वह दुर्घटना रहित सेवा पुरस्कार के लिए पात्र नहीं होगा। इसके अलावा यदि किसी कर्मचारी को सुरक्षा नियमों के उल्लंघन, रेल दुर्घटना से जुड़े मामले या संरक्षा संबंधी गंभीर लापरवाही के कारण दंड मिला है, तो ऐसे मामलों को भी पात्रता तय करते समय ध्यान में रखा जाएगा।

गैर-सुरक्षा मामलों में मिली राहत

बोर्ड ने यह भी साफ कर दिया है कि सफाई व्यवस्था, कमर्शियल ड्यूटी, वेंडर प्रबंधन या अन्य गैर-सुरक्षा प्रशासनिक कार्यों में हुई छोटी त्रुटियों के कारण दी गई माइनर पेनल्टी को अब पुरस्कार की पात्रता तय करते समय आधार नहीं बनाया जाएगा। यानी केवल ऐसी मामूली कार्रवाई के कारण कर्मचारी का पुरस्कार नहीं रोका जाएगा।

पूरे देश में लागू होंगे एक जैसे नियम

रेलवे बोर्ड ने देशभर के सभी जोनल रेलवे और संबंधित अधिकारियों को नए दिशा-निर्देशों के अनुसार ही पुरस्कार के प्रस्तावों की जांच करने के निर्देश दिए हैं। इससे हर जोन में एक जैसी प्रक्रिया अपनाई जाएगी और कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित होगा।

गजलक्ष्मी राजयोग लाएगा खुशियों की बहार, 4 राशियों के लिए शुरू होगा शुभ समय

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 8 अगस्त से एक शुभ संयोग बनने जा रहा है, जिसे गजलक्ष्मी राजयोग के प्रभाव से जोड़कर देखा जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के मुताबिक इस अवधि में पुष्य नक्षत्र में गुरु और बुध की युति बनने से धन, व्यापार, करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। इस योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए इसे विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

वृषभ राशि

गजलक्ष्मी राजयोग वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक दृष्टि से शुभ साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने के योग हैं और रुका हुआ धन मिलने की संभावना रहेगी। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना बन रही है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी तथा परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा। संपत्ति या वाहन से जुड़े मामलों में भी शुभ समाचार मिल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु और बुध की युति विशेष लाभकारी मानी जा रही है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं और नौकरी में नई उपलब्धियां हासिल होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा तथा बचत बढ़ाने में सफलता मिल सकती है। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह राजयोग धन लाभ और करियर में प्रगति के संकेत दे रहा है। नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रह सकता है। कारोबार में लाभ बढ़ने की संभावना है और पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा तथा आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी।

UPSSSC ने जारी किया PET 2026 का नोटिश, जानें डिटेल्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) 2026 की अधिसूचना जारी कर दी है। यह परीक्षा आयोग द्वारा आयोजित विभिन्न ग्रुप 'C' भर्तियों में आवेदन करने के लिए अनिवार्य मानी जाती है। ऐसे में जो अभ्यर्थी भविष्य में यूपी सरकार की नौकरियों के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके लिए PET 2026 में शामिल होना बेहद जरूरी है।

3 अगस्त से शुरू होंगे आवेदन

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार PET 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 1 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन पत्र जमा करने के बाद यदि किसी प्रकार की त्रुटि रह जाती है, तो उसे 10 अगस्त से 8 सितंबर 2026 के बीच संशोधित करने का अवसर भी मिलेगा।

आवेदन से पहले OTR अनिवार्य

PET 2026 के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) कराना अनिवार्य होगा। जिन अभ्यर्थियों ने अभी तक OTR नहीं कराया है, उन्हें सबसे पहले आयोग के पोर्टल पर अपना पंजीकरण पूरा करना होगा। बिना OTR के आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। एक बार OTR पूरा होने के बाद उसी पंजीकरण का उपयोग भविष्य में UPSSSC की अन्य भर्तियों के लिए भी किया जा सकेगा।

क्यों महत्वपूर्ण है PET परीक्षा?

प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागों में होने वाली ग्रुप 'C' भर्तियों की पहली और महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। आयोग कई भर्तियों में केवल उन्हीं उम्मीदवारों को आवेदन का अवसर देता है, जिन्होंने वैध PET स्कोर प्राप्त किया हो। इसलिए यह परीक्षा सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए बेहद अहम मानी जाती है।

आवेदन से पहले रखें ये तैयारियां

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन शुरू होने से पहले अपना OTR, आधार से जुड़ी जानकारी, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, फोटो, हस्ताक्षर और अन्य आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इससे आवेदन प्रक्रिया आसान होगी और अंतिम समय में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

अंतिम तारीख का इंतजार न करें

हर वर्ष बड़ी संख्या में अभ्यर्थी अंतिम दिनों में आवेदन करते हैं, जिससे वेबसाइट पर तकनीकी समस्या आने की संभावना रहती है। ऐसे में बेहतर होगा कि आवेदन प्रक्रिया शुरू होते ही समय रहते फॉर्म भर दें। आवेदन पूरा होने के बाद उसकी एक प्रति सुरक्षित रख लें, ताकि भविष्य में आवश्यकता पड़ने पर उसका उपयोग किया जा सके।

यूपी में 1829 पदों पर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने ऑडिटर (लेखा परीक्षक) और असिस्टेंट अकाउंटेंट (सहायक लेखाकार) के कुल 1829 पदों पर मुख्य परीक्षा के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इतने पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के माध्यम से ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के कुल 1829 पद भरे जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति विभिन्न सरकारी विभागों में आवश्यकता के अनुसार की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में वही अभ्यर्थी आवेदन करने के पात्र होंगे जिन्होंने UPSSSC PET-2025 परीक्षा में भाग लिया हो और आयोग द्वारा जारी PET-2025 स्कोर कार्ड प्राप्त किया हो। इसके अलावा उम्मीदवारों को भर्ती विज्ञापन में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तों को भी पूरा करना होगा।

आवेदन की  तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 3 अगस्त 2026 निर्धारित की गई है। वहीं आवेदन में संशोधन या शुल्क समायोजन 10 अगस्त 2026 तक किया जा सकेगा। इसलिए अभ्यर्थियों को अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा कर लेना चाहिए।

कैसी होगी चयन प्रक्रिया?

उम्मीदवारों का चयन मुख्य लिखित परीक्षा के आधार पर किया जाएगा। परीक्षा OMR आधारित होगी, जिसमें 100 वस्तुनिष्ठ प्रश्न पूछे जाएंगे। परीक्षा कुल 100 अंकों की होगी और इसे हल करने के लिए 120 मिनट का समय मिलेगा। गलत उत्तर देने पर एक-चौथाई अंक की नेगेटिव मार्किंग भी लागू रहेगी।

कितना मिलेगा वेतन?

इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को सामान्यतः लेवल-5 वेतनमान के अंतर्गत 29,200 रुपये से 92,300 रुपये तक का वेतन मिलेगा। हालांकि अंतिम वेतन संबंधित विभाग और पद के अनुसार निर्धारित नियमों के तहत तय किया जाएगा।

बिहार में बिछेंगी 4 नई रेल लाइनें, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रेलवे नेटवर्क को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय रेलवे ने पूर्व मध्य रेलवे के दानापुर-फतुहा रेलखंड पर मल्टीट्रैकिंग परियोजना को मंजूरी दे दी है। करीब 976 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना के तहत नए रेल ट्रैक बिछाए जाएंगे, जिससे पटना मंडल के सबसे व्यस्त रेल मार्ग की क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

दानापुर-फतुहा रेलखंड पर बढ़ेगी क्षमता

लगभग 29 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड पर वर्तमान में ट्रेनों का संचालन अपनी अधिकतम क्षमता के करीब पहुंच चुका है। नए ट्रैक बनने के बाद यात्री और मालगाड़ियों का संचालन अधिक सुगम होगा। रेलवे का उद्देश्य भविष्य की बढ़ती रेल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस मार्ग को और मजबूत बनाना है।

कहां बिछेंगी नई रेल लाइनें?

परियोजना के तहत दानापुर से पटना के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा पटना से राजेंद्र नगर और पटना साहिब तक तीसरी लाइन बिछाई जाएगी। वहीं पटना साहिब से फतुहा तक तीसरी और चौथी रेल लाइन विकसित की जाएगी। इन नए ट्रैक के तैयार होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित और तेज हो सकेगी।

ट्रेनों की लेटलतीफी में आएगी कमी

अभी इस व्यस्त रेलखंड पर ट्रेनों को कई बार एक-दूसरे के गुजरने या रास्ता मिलने का इंतजार करना पड़ता है। अतिरिक्त रेल लाइन बनने के बाद यह समस्या काफी हद तक कम होगी। इससे ट्रेन संचालन अधिक समयबद्ध होगा और यात्रियों को भी समय पर यात्रा का लाभ मिलेगा।

22 नई यात्री ट्रेनें चलाने की बनेगी क्षमता

रेलवे के अनुमान के अनुसार परियोजना पूरी होने के बाद इस मार्ग पर प्रतिदिन 22 अतिरिक्त यात्री ट्रेनें और 18 अतिरिक्त मालगाड़ियां संचालित करने की क्षमता विकसित हो जाएगी। इससे यात्रियों को अधिक ट्रेनों का विकल्प मिलेगा और माल परिवहन भी पहले से अधिक तेज और सुचारु होगा।

नई रेल लाइन से माल ढुलाई को मिलेगा बढ़ावा

नई रेल लाइन बनने के बाद हर वर्ष लगभग 52 लाख टन अतिरिक्त माल की ढुलाई संभव हो सकेगी। कोयला, सीमेंट, खनिज और अन्य औद्योगिक उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, जिससे उद्योगों और व्यापारिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

दिमाग की नसें कमजोर होने पर शरीर देता है ये 5 संकेत, समय रहते पहचानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। दिमाग हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है, जो सोचने, याद रखने, बोलने, चलने और शरीर के कई जरूरी कार्यों को नियंत्रित करता है। यदि मस्तिष्क तक रक्त पहुंचाने वाली नसों या उनसे जुड़े तंत्र में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होती है, तो शरीर कई संकेत देने लगता है। इन लक्षणों को सामान्य समझकर नजरअंदाज करना कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

1. बार-बार भूलने की समस्या

यदि व्यक्ति छोटी-छोटी बातें लगातार भूलने लगे, सामान रखकर भूल जाए या हाल की घटनाओं को याद रखने में कठिनाई महसूस करे, तो यह मस्तिष्क से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि बढ़ती उम्र में हल्की भूलने की समस्या सामान्य हो सकती है, लेकिन यदि यह तेजी से बढ़ रही हो तो जांच जरूरी है।

2.चक्कर आना या संतुलन बिगड़ना

बार-बार चक्कर आना, चलते समय संतुलन खोना या अचानक लड़खड़ाना भी मस्तिष्क में रक्त प्रवाह से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। यदि यह परेशानी बार-बार हो रही है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. हाथ-पैरों में कमजोरी या सुन्नपन

शरीर के किसी एक हिस्से, विशेषकर हाथ या पैर में अचानक कमजोरी, झनझनाहट या सुन्नपन महसूस होना गंभीर संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण कभी-कभी स्ट्रोक जैसी आपात स्थिति से भी जुड़े हो सकते हैं और तत्काल चिकित्सा सहायता की आवश्यकता होती है।

4. बोलने या समझने में परेशानी

यदि अचानक बोलने में कठिनाई होने लगे, शब्द स्पष्ट न निकलें या सामने वाले की बात समझने में दिक्कत महसूस हो, तो यह मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

5. तेज सिरदर्द और धुंधला दिखाई देना

बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक तेज सिरदर्द होना, आंखों के सामने धुंधलापन आना या देखने में परेशानी होना भी गंभीर संकेत हो सकता है। यदि इसके साथ उल्टी, कमजोरी या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण भी हों, तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।

कैसे रखें दिमाग को स्वस्थ?

दिमाग को स्वस्थ रखने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, पर्याप्त नींद और तनाव पर नियंत्रण बेहद जरूरी है। उच्च रक्तचाप, मधुमेह और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं को नियंत्रित रखना भी मस्तिष्क संबंधी बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचना भी फायदेमंद माना जाता है।

खुशखबरी की सौगात! यूपी में 3 बड़ी भर्ती शुरू, युवाओं को मौका

लखनऊ। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार में अलग-अलग विभागों में नई भर्ती प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। पटना हाई कोर्ट, बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) और बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने विभिन्न पदों पर आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .पटना हाई कोर्ट में 68 पदों पर भर्ती

पटना हाई कोर्ट ने एक्स-कैडर असिस्टेंट के 68 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 27 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल हाई कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। चयनित अभ्यर्थियों को न्यायिक प्रशासन में काम करने का अवसर मिलेगा।

2 .BTSC में 13 पदों पर आवेदन

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने टेक्नीशियन (बेंच केमिस्ट) और असिस्टेंट बैक्टीरियोलॉजिस्ट के कुल 13 पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 जुलाई 2026 से शुरू हो चुके हैं और 23 अगस्त 2026 तक आवेदन किए जा सकते हैं। संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार इस भर्ती में भाग ले सकते हैं।

3 .वन विभाग में नौकरी का मौका

बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 16 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। आवेदन प्रक्रिया 16 जुलाई 2026 से चल रही है और 16 अगस्त 2026 तक जारी रहेगी। इस भर्ती के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को वन विभाग में जिम्मेदार पद पर कार्य करने का अवसर मिलेगा।

आवेदन से पहले जरूर जांचें पात्रता

तीनों भर्तियों के लिए शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आवेदन शुल्क, चयन प्रक्रिया और वेतनमान अलग-अलग निर्धारित किए गए हैं। इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित भर्ती की आधिकारिक अधिसूचना ध्यान से पढ़नी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचा जा सके।

बिहार सरकार ने दी राहत, जमीन मालिकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने जमीन मालिकों की लंबे समय से चली आ रही एक महत्वपूर्ण समस्या का समाधान कर दिया है। अब यदि किसी परियोजना के लिए किसी भूखंड का केवल कुछ हिस्सा अधिग्रहित किया जाता है, तो बची हुई जमीन के उपयोग या उसकी खरीद-बिक्री पर अनावश्यक रोक नहीं लगाई जाएगी। इस फैसले से हजारों भूमि मालिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

जमीन का मालिक कर सकेगा मनचाहा उपयोग

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि अधिग्रहण के दायरे से बाहर बची हुई भूमि पर पूरा अधिकार संबंधित भू-स्वामी का रहेगा। वह अपनी आवश्यकता के अनुसार उस जमीन का उपयोग, निर्माण, खेती या अन्य वैध कार्यों के लिए कर सकता है। यदि वह जमीन बेचना चाहता है तो उस पर भी अनावश्यक प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा।

जिलाधिकारियों को दिए गए स्पष्ट निर्देश

विभाग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि नए आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। अधिकारियों से कहा गया है कि भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में केवल उसी हिस्से पर रोक लगाई जाए, जो वास्तव में अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल है। शेष भूमि पर किसी प्रकार का प्रतिबंध लगाना उचित नहीं होगा।

अधिग्रहित हिस्से पर ही लागू होगी रोक

नई व्यवस्था के तहत अब केवल उसी जमीन पर रोक प्रभावी रहेगी, जो अधिग्रहण की प्रक्रिया में शामिल है। यदि किसी खेसरा का शेष भाग अधिग्रहण से बाहर है, तो उसकी खरीद-बिक्री और अन्य वैध लेनदेन सामान्य रूप से किए जा सकेंगे। इससे भूमि मालिकों को अपनी संपत्ति का बेहतर उपयोग करने का अवसर मिलेगा।

जमीन मालिकों को मिलेगा सीधा लाभ

सरकार के इस फैसले से भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद कम होने की उम्मीद है। साथ ही जमीन मालिकों को अपनी बची हुई भूमि के उपयोग और लेनदेन में अनावश्यक बाधाओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। यह निर्णय विकास परियोजनाओं और नागरिकों के अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी! किसानों को 3.15 लाख करोड़ का तोहफा

नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसानों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत देने वाला फैसला लिया है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को आगे भी जारी रखने की मंजूरी मिल गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस योजना को वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने का निर्णय लिया है, जिसके लिए लगभग 3.15 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी गई है।

2031 तक मिलती रहेगी आर्थिक सहायता

सरकार के इस निर्णय के बाद पात्र किसानों को आने वाले वर्षों में भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिलता रहेगा। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से भेजी जाती है।

किसानों को 24वीं किस्त का इंतजार

अब किसानों की नजर योजना की 24वीं किस्त पर टिकी हुई है। पिछली यानी 23वीं किस्त जून 2026 में जारी की गई थी। ऐसे में उम्मीद की जा रही है कि अगली किस्त अक्टूबर या नवंबर 2026 के दौरान जारी की जा सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।

e-KYC और दस्तावेज रखें अपडेट

सरकार ने किसानों को सलाह दी है कि अगली किस्त मिलने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समय रहते e-KYC, आधार लिंकिंग और बैंक खाते से जुड़ी सभी जानकारियां सही रखें। जिन किसानों की e-KYC पूरी नहीं होगी, उनकी किस्त अटक सकती है।

2019 में शुरू हुई थी योजना

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत वर्ष 2019 में छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी। पिछले कई वर्षों में यह योजना किसानों के लिए महत्वपूर्ण आय सहायता कार्यक्रम बन चुकी है। अब 2031 तक इसके विस्तार से करोड़ों किसान परिवारों को नियमित वित्तीय सहायता मिलती रहेगी।

बिहार में मुखिया को मिला नया पावर, किसानों के लिए बड़ी राहत

पटना।  बिहार सरकार ने फसलों को जंगली जानवरों से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ने नई व्यवस्था लागू करते हुए चयनित ग्राम पंचायतों के मुखिया को विशेष अधिकार दिए हैं। अब प्रभावित किसान अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पंचायत स्तर पर अनुमति प्राप्त कर घोड़परास और जंगली सूअरों के नियंत्रण की प्रक्रिया शुरू करा सकेंगे।

लिखित आवेदन के बाद मिलेगी अनुमति

नई व्यवस्था के तहत किसान को सबसे पहले अपने पंचायत के मुखिया के पास लिखित आवेदन देना होगा। आवेदन में फसलों को हुए नुकसान या जंगली जानवरों से उत्पन्न खतरे का उल्लेख करना होगा। आवेदन की समीक्षा के बाद तय नियमों के अनुसार अनुमति दी जा सकेगी। बिना आवेदन के किसी भी प्रकार की कार्रवाई की अनुमति नहीं होगी।

केवल निर्धारित क्षेत्रों में लागू होंगे नियम

यह व्यवस्था केवल उन इलाकों में लागू होगी जहां जंगली सूअर और घोड़परास की वजह से खेती को लगातार नुकसान पहुंच रहा है या लोगों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो रहा है। वहीं आरक्षित वन, राष्ट्रीय उद्यान, अभयारण्य और अन्य संरक्षित क्षेत्रों में यह नियम लागू नहीं होंगे।

गर्भवती जानवरों और बच्चों की सुरक्षा पर जोर

वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि गर्भवती घोड़परास, गर्भवती जंगली सूअर और उनके बच्चों का शिकार पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन 11 जिलों में मुखिया नहीं, DFO देंगे अनुमति

राज्य के कुछ वन और पहाड़ी क्षेत्रों में यह अधिकार पंचायत के मुखिया को नहीं दिया गया है। पश्चिम चंपारण, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, नालंदा, जमुई, मुंगेर, लखीसराय और बांका जिलों में शिकार की अनुमति के लिए संबंधित प्रमंडलीय वन अधिकारी (DFO) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा।

इस नई व्यवस्था से किसानों के लिए राहत की उम्मीद

नई व्यवस्था से उन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसलें हर साल जंगली जानवरों के कारण भारी नुकसान झेलती हैं। पंचायत स्तर पर अनुमति मिलने से प्रक्रिया पहले की तुलना में आसान हो सकती है, जबकि सरकार ने वन्यजीव संरक्षण और सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा है ताकि खेती की सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बना रहे।

शुक्र का कन्या राशि में गोचर: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, कमाई में होगा जबरदस्त इजाफा

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार धन, सुख-सुविधा, प्रेम, वैभव और भौतिक सुखों के कारक ग्रह शुक्र 1 अगस्त 2026 की सुबह 9:33 बजे कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या राशि के स्वामी बुध हैं और बुध व शुक्र के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। शुक्र इस राशि में पूरे अगस्त महीने तक रहेंगे तथा 2 सितंबर 2026 को तुला राशि में प्रवेश करेंगे।

शुक्र के इस राशि परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में जिनके लिए शुक्र का यह गोचर आर्थिक और करियर के लिहाज से शुभ संकेत दे सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र हैं। ऐसे में यह गोचर आपके लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। आय में वृद्धि के नए अवसर मिल सकते हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी करने वालों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है। व्यापार में भी अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति या वाहन से जुड़ी योजनाएं आगे बढ़ सकती हैं। कारोबार में नए निवेश का लाभ मिल सकता है तथा नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र का गोचर धन संबंधी मामलों में शुभ माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। व्यापार में लाभ बढ़ सकता है तथा करियर में नई उपलब्धियां हासिल होने के योग बन रहे हैं।

कन्या राशि

शुक्र का गोचर आपकी ही राशि में होने से व्यक्तित्व में आकर्षण बढ़ेगा और आत्मविश्वास मजबूत होगा। नौकरी और व्यापार दोनों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है तथा निवेश से लाभ मिलने की संभावना रहेगी। दांपत्य जीवन और पारिवारिक संबंध भी मधुर बने रह सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के स्वामी भी शुक्र हैं, इसलिए इस गोचर का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रहेगा और आय में बढ़ोतरी के अवसर मिलेंगे। कारोबार में विस्तार हो सकता है तथा नौकरी में सम्मान और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक योजनाएं सफल हो सकती हैं।

यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 10 अगस्त तक कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात की संभावना

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग के ताजा अनुमान के अनुसार आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज होने वाली हैं। खासकर 4 अगस्त से 10 अगस्त के बीच कई जिलों में तेज बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं।

तराई क्षेत्रों से होगी बारिश की शुरुआत

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने और मानसूनी ट्रफ के उत्तर प्रदेश की ओर सक्रिय होने से सबसे पहले तराई क्षेत्र प्रभावित होंगे। लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बहराइच, श्रावस्ती और बलरामपुर सहित आसपास के जिलों में शनिवार और रविवार से बारिश का सिलसिला शुरू होने की संभावना है। इसके बाद धीरे-धीरे मध्य, पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी बारिश का दायरा बढ़ेगा।

कई जिलों में भारी बारिश का अनुमान

4 अगस्त से प्रदेश के विभिन्न इलाकों में मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। कई स्थानों पर तेज हवाएं चल सकती हैं और गरज के साथ बिजली गिरने की आशंका भी बनी रहेगी। मौसम विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और समय-समय पर अलर्ट जारी कर रहा है।

लोगों और किसानों के लिए सावधानी जरूरी

बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी गई है। किसानों को भी खेतों में काम करने से पहले मौसम का ताजा पूर्वानुमान देखने की सलाह दी गई है ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

मौसम विभाग का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय रहेगा। ऐसे में नागरिकों को सतर्क रहने, मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खुशखबरी, नए गैस सिलेंडर के रेट हुए जारी

नई दिल्ली। अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर इस्तेमाल करने वाले कारोबारियों को बड़ी राहत मिली है। तेल विपणन कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में उल्लेखनीय कमी की है। नए रेट 1 अगस्त से लागू हो गए हैं, जिससे होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, कैटरिंग और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की रसोई लागत कम होने की उम्मीद है।

नई दरों के अनुसार राजधानी दिल्ली में 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 202 रुपये की कमी की गई है। कटौती के बाद इसकी नई कीमत 2,728 रुपये हो गई है। वहीं कोलकाता में इसी श्रेणी के सिलेंडर की कीमत 209 रुपये घटाकर 2,872.50 रुपये कर दी गई है। कीमतों में आई इस कमी से छोटे और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा।

लगातार दूसरे महीने सस्ता हुआ कमर्शियल LPG

कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार दूसरा महीना है जब राहत दी गई है। इससे पहले जुलाई में भी कंपनियों ने कीमतों में कटौती की थी। लगातार दो महीने तक दाम कम होने से व्यापारिक गतिविधियों से जुड़े लोगों की ईंधन लागत में अच्छी-खासी कमी आने की संभावना है।

5 किलो वाले सिलेंडर के दाम भी घटे

केवल 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 5 किलोग्राम फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर भी सस्ता किया गया है। नई दरों के अनुसार इसकी कीमत में 13 रुपये की कमी की गई है। दिल्ली में अब यह सिलेंडर 808.50 रुपये में उपलब्ध होगा।

घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नहीं बदले दाम

तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि यह संशोधन केवल कमर्शियल श्रेणी के एलपीजी सिलेंडरों पर लागू किया गया है। घरों में खाना बनाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में इस बार कोई बदलाव नहीं किया गया है।

भद्र महापुरुष राजयोग से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, धन और करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब बुध ग्रह अपनी ही राशि मिथुन में स्थित होते हैं, तब भद्र महापुरुष राजयोग का निर्माण होता है। यह पंच महापुरुष योगों में से एक माना जाता है और इसे बुद्धि, व्यापार, शिक्षा, संचार कौशल तथा आर्थिक उन्नति का कारक माना गया है। इस वर्ष 1 अगस्त से 5 अगस्त तक यह शुभ योग प्रभावी रहेगा। इसके बाद 5 अगस्त को बुध के कर्क राशि में प्रवेश करने से यह योग समाप्त हो जाएगा।

मिथुन राशि

भद्र महापुरुष राजयोग का सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव मिथुन राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापारियों को नए सौदे और लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह समय करियर और प्रतिष्ठा के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन का संकेत देता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना रहेगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं और नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे तथा नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। धार्मिक या शुभ कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक और पेशेवर दृष्टि से लाभदायक रह सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार में ग्राहकों की संख्या बढ़ सकती है और नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या वेतन वृद्धि जैसी खुशखबरी मिल सकती है। परिवार में भी सुखद वातावरण बना रहेगा।

बिहार सरकार का तोहफा, इन छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय के मेधावी छात्र-छात्राओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने मुख्यमंत्री विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत पात्र अभ्यर्थियों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इच्छुक छात्र-छात्राएं अब ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

विभाग के अनुसार, आवेदन प्रक्रिया 31 जुलाई से शुरू कर दी गई है। योजना का उद्देश्य आर्थिक सहायता देकर मेधावी विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि वे बिना आर्थिक बाधा के अपनी शिक्षा जारी रख सकें।

इन छात्राओं को मिलेंगे ₹15,000

योजना के तहत बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से इंटरमीडिएट परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण अल्पसंख्यक (मुस्लिम) छात्राओं को 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसी प्रकार बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड से मौलवी परीक्षा प्रथम श्रेणी में सफल छात्राओं को भी समान राशि का लाभ मिलेगा।

फौकानिया उत्तीर्ण विद्यार्थियों को ₹10,000

मदरसा शिक्षा बोर्ड से फौकानिया परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का मानना है कि इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह बढ़ेगा।

इस योजना के लिए ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए अभ्यर्थियों को ई-कल्याण पोर्टल पर जाकर अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और रोल नंबर की सहायता से लॉग-इन करना होगा। इसके बाद बैंक खाते, आईएफएससी कोड, आधार संख्या तथा अन्य आवश्यक जानकारी भरकर आवेदन पूरा करना होगा।

इस योजना के लिए बैंक खाते से जुड़ी जरूरी शर्तें

अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने स्पष्ट किया है कि आवेदन में दिया गया बैंक खाता आधार से लिंक (सीडेड) होना चाहिए और वह छात्र या छात्रा के नाम पर ही होना अनिवार्य है। साथ ही बैंक खाता बिहार में स्थित किसी राष्ट्रीयकृत बैंक, मान्यता प्राप्त निजी बैंक या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की शाखा में संचालित होना चाहिए। आवेदन स्वीकृत होने के बाद प्रोत्साहन राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में डीबीटी/आरटीजीएस के माध्यम से भेजी जाएगी।

बिहार के 6 जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने जारी की चेतावनी

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को राज्य के छह जिलों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। वहीं राजधानी पटना समेत कई अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, बादलों की आवाजाही और तेज हवाओं का दौर जारी रहने का अनुमान है।

मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार अररिया, पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, गोपालगंज, कटिहार और सिवान में कहीं-कहीं मूसलाधार बारिश हो सकती है। वहीं, पटना सहित राज्य के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कई जिलों में मेघ गर्जन, वज्रपात और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चल सकती है।

मानसून की सक्रियता बनी हुई

 मानसून ट्रफ और कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यही मिजाज बना रह सकता है। इसी वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां लगातार देखने को मिल रही हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि फिलहाल मानसून कमजोर पड़ने के संकेत नहीं हैं।

कई इलाकों में अच्छी वर्षा दर्ज

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के विभिन्न जिलों में बारिश रिकॉर्ड की गई। सबसे अधिक वर्षा खगड़िया जिले के बलतारा क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां अच्छी बारिश के कारण खेतों और जल स्रोतों को लाभ मिला। अन्य जिलों में भी हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी रहा।

अगले तीन-चार दिन ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। तापमान में बहुत अधिक बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में होने वाली बारिश से मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना रहेगा। भारी बारिश वाले जिलों के लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।

यूपी सरकार का फैसला, किसानों और मजदूरों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों के लिए एक अहम फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद की 172वीं संचालक मंडल बैठक में किसान हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सबसे बड़ी घोषणा मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के विस्तार और छात्रवृत्ति राशि में बढ़ोतरी की है।

सरकार ने निर्णय लिया है कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब 3,000 रुपये प्रतिमाह की जगह 5,000 रुपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को इसका लाभ पहुंचाने की तैयारी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सहयोग उपलब्ध कराना है।

किसान सहायता योजनाओं को मिला विस्तार

बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया। इन दोनों योजनाओं की अवधि अब 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ा दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन योजनाओं के संचालन के लिए अलग से बजट का प्रावधान भी किया गया है, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।

किसानों और विद्यार्थियों दोनों को होगा लाभ

सरकार के इन फैसलों से एक ओर किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था, आधुनिक मंडियों और कृषि प्रसंस्करण की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर किसान एवं खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा और कृषि विकास दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

मंगल और बुध की युति से चमकेगी 4 राशियों की किस्मत, धन-करियर में मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की युति कई बार ऐसे शुभ संयोग बनाती है, जिनका प्रभाव अलग-अलग राशियों पर देखने को मिलता है। 2 अगस्त से 5 अगस्त के बीच मिथुन राशि में मंगल और बुध की युति बनने जा रही है। 2 अगस्त को मंगल के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही वहां पहले से मौजूद बुध के साथ यह विशेष योग बनेगा। 5 अगस्त को बुध के राशि परिवर्तन के साथ यह युति समाप्त हो जाएगी। यह संक्षिप्त अवधि कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी मानी जा रही है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

1. मिथुन राशि

यह युति आपकी ही राशि में बनने जा रही है, इसलिए इसका सबसे अधिक सकारात्मक प्रभाव आपको मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार में नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और पुराने निवेश से भी लाभ मिल सकता है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आय और करियर के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्क और लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। मित्रों के सहयोग से कोई महत्वपूर्ण कार्य पूरा हो सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह युति भाग्य का साथ लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के योग बनेंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों और नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। यात्रा से लाभ और करियर में उन्नति के अवसर भी बन सकते हैं।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय रचनात्मक कार्यों और आर्थिक मामलों में लाभदायक साबित हो सकता है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। पारिवारिक जीवन में भी खुशियों का माहौल रहेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा, युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देश के युवाओं को रोजगार के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने बड़ा तोहफा दिया हैं।  इसके तहत पहली बार औपचारिक नौकरी शुरू करने वाले पात्र युवाओं को सरकार की ओर से 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से करीब 1.92 करोड़ युवाओं को लाभ मिलेगा।

रोजगार बढ़ाने पर रहेगा फोकस

ईएलआई योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और देश में कुशल कार्यबल तैयार करना है। यह योजना रोजगार सृजन के साथ-साथ कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।

पहली नौकरी करने वालों को लाभ

योजना के तहत ऐसे युवा लाभ उठा सकेंगे जो पहली बार किसी EPFO से पंजीकृत संस्थान में नौकरी शुरू करेंगे। पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि एकमुश्त नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने तथा निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद जारी की जाएगी।

कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन

सरकार ने केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि नई नियुक्तियां करने वाली कंपनियों के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। पात्र संस्थानों को प्रत्येक नए कर्मचारी के आधार पर हर महीने आर्थिक सहायता मिलेगी। 10,000 रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर अधिकतम 1,000 रुपये। 10,000 से 20,000 रुपये वेतन पर 2,000 रुपये। 20,000 से 1 लाख रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर 3,000 रुपये प्रति माह। इसका उद्देश्य कंपनियों को अधिक से अधिक नई भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना है।

कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ पाने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें तय की गई हैं:

आवेदक पहली बार औपचारिक नौकरी कर रहा हो।

कर्मचारी का मासिक वेतन 1 लाख रुपये से अधिक न हो।

कर्मचारी पहली बार EPFO से जुड़ा हो।

कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी करना आवश्यक होगा।

जिस कंपनी में नियुक्ति हो, उसका EPFO में पंजीकरण होना जरूरी है।

बिहार सरकार का बड़ा एक्शन! राज्य में दोबारा शुरू हुई जोनल पुलिस व्यवस्था

पटना: बिहार सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन में बड़ा बदलाव किया है। राज्य में एक बार फिर जोनल पुलिस व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा, अपराध नियंत्रण में तेजी आएगी और किसी भी आपात स्थिति से निपटने में पुलिस की क्षमता पहले से अधिक मजबूत होगी।

कई वर्षों बाद फिर लागू हुई व्यवस्था

बिहार में पहले भी जोनल पुलिस प्रणाली लागू थी, जिसमें राज्य को अलग-अलग पुलिस जोनों में विभाजित किया गया था। प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के पास होती थी, जो अपने क्षेत्र के सभी जिलों की कानून-व्यवस्था पर लगातार नजर रखते थे। बाद में वर्ष 2019 में इस व्यवस्था को समाप्त कर जिलों की निगरानी सीधे पुलिस मुख्यालय के माध्यम से की जाने लगी थी।

अपराध नियंत्रण होगा अधिक प्रभावी

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पुलिस जोन का नेतृत्व वरिष्ठ अधिकारी करेंगे। संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक (एसपी) उनके साथ सीधे समन्वय बनाए रखेंगे। यदि किसी जिले में बड़ा अपराध, सांप्रदायिक तनाव, दंगा, आंदोलन या अन्य गंभीर घटना होती है, तो जोन स्तर पर तत्काल समीक्षा कर आवश्यक पुलिस बल और संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।

पुलिस मुख्यालय पर कम होगा दबाव

नई व्यवस्था का एक उद्देश्य पुलिस मुख्यालय पर बढ़ते प्रशासनिक दबाव को कम करना भी है। जोन स्तर पर निगरानी होने से कई मामलों का समाधान स्थानीय स्तर पर तेजी से किया जा सकेगा। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया अधिक प्रभावी होने की उम्मीद है।

त्योहारों और चुनाव के दौरान लाभ

जोनल व्यवस्था बड़े धार्मिक आयोजनों, त्योहारों, चुनावों और अन्य संवेदनशील अवसरों पर काफी उपयोगी साबित हो सकती है। यदि एक साथ कई जिलों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होती है, तो जोन स्तर से तुरंत अतिरिक्त पुलिस बल और संसाधनों का समन्वय किया जा सकेगा।

यूपी में बनेगा रिंग रोड, 4 जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क संपर्क को बेहतर बनाने और शहरों में बढ़ते ट्रैफिक जाम से राहत दिलाने की दिशा में एक और बड़ी पहल शुरू हो गई है। अयोध्या-गोंडा रिंग रोड परियोजना पर तेजी से काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद अयोध्या, बहराइच, बलरामपुर और बाराबंकी के लाखों लोगों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही शहर के भीतर भारी वाहनों का दबाव कम होने से ट्रैफिक व्यवस्था भी बेहतर होने की उम्मीद है।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज

करीब 20.57 किलोमीटर लंबे पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने इस रिंग रोड परियोजना के लिए लगभग 1,646.98 करोड़ रुपये की लागत तय की है। शुरुआती कार्यों के लिए पहले ही धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा

यह रिंग रोड केवल एक नई सड़क नहीं होगी, बल्कि इसमें आधुनिक यातायात सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा तथा लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ

प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहा घाट होते हुए लखनऊ मार्ग से जुड़ेगा। इसके बाद यह बहराइच मार्ग से आगे बढ़ते हुए बलरामपुर रोड तक पहुंचेगा। इससे चार प्रमुख जिलों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा तथा यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।

अधिकारियों का कहना है कि रिंग रोड बनने के बाद बाहरी जिलों से आने वाले वाहन सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इससे मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार का फैसला, प्याज किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: देश के प्याज उत्पादक किसानों के लिए केंद्र सरकार ने अहम फैसला लिया है। सरकार ने बफर स्टॉक के लिए प्याज की खरीद कीमत में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी है। इस सीजन में यह छठी बार है जब खरीद मूल्य बढ़ाया गया है। सरकार का उद्देश्य किसानों को बेहतर दाम दिलाने के साथ-साथ आने वाले महीनों के लिए पर्याप्त बफर स्टॉक तैयार करना है, ताकि जरूरत पड़ने पर बाजार में प्याज की आपूर्ति बनाए रखी जा सके।

अब इतने रुपये प्रति क्विंटल होगी खरीद

उपभोक्ता मामलों के विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 30 जुलाई से महाराष्ट्र में प्याज का न्यूनतम सुनिश्चित खरीद मूल्य (MAPP) बढ़ाकर 2,335 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। यानी किसानों को अब 23.35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद का लाभ मिलेगा। इसके साथ ही एक और महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब सरकारी खरीद में केवल ग्रेड-ए गुणवत्ता वाले प्याज को ही शामिल किया जाएगा। पहले खरीदे जाने वाले ग्रेड-यूआरएस प्याज की खरीद बंद कर दी गई है।

लक्ष्य से कम हुई खरीद, बढ़ाए गए प्रयास

सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए 3 लाख टन प्याज का बफर स्टॉक तैयार करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि अब तक लगभग 1.05 लाख टन प्याज ही खरीदा जा सका है। लक्ष्य पूरा करने के लिए खरीद अभियान को और तेज किया जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि खरीद की अंतिम तिथि 15 अगस्त तक बढ़ाई जा सकती है, जिससे अधिक किसानों को सरकारी खरीद का लाभ मिल सके।

क्यों बनाया जाता है बफर स्टॉक?

केंद्र सरकार प्राइस स्टेबलाइजेशन फंड के तहत प्याज का बफर स्टॉक तैयार करती है। जब सितंबर से नवंबर के बीच बाजार में प्याज की आपूर्ति घटती है और कीमतें तेजी से बढ़ने लगती हैं, तब इसी स्टॉक से बाजार में प्याज उपलब्ध कराया जाता है। इससे कीमतों को नियंत्रित रखने और उपभोक्ताओं को राहत देने में मदद मिलती है।

बाजार में बढ़ रही हैं प्याज की कीमतें

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 29 जुलाई तक देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत 35 रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई। यह एक महीने पहले की तुलना में लगभग 20 प्रतिशत और पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 25 प्रतिशत अधिक है। वहीं, थोक बाजार में प्याज का औसत भाव 2,760 रुपये प्रति क्विंटल के आसपास रहा।

उपलब्धता को लेकर सरकार आश्वस्त

कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद केंद्र सरकार का कहना है कि देश में प्याज की उपलब्धता फिलहाल पर्याप्त है। प्रमुख उत्पादक राज्यों महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और फिलहाल आपूर्ति में किसी बड़ी कमी की आशंका नहीं है

यूपी में ग्राम प्रधानों को बड़ा झटका, सरकार की नई व्यवस्था लागू

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में संचालित होने वाली पीएम पोषण (मिड डे मील) योजना के संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब ग्राम प्रधानों की भूमिका समाप्त कर दी गई है। इसके बाद मिड डे मील योजना से जुड़े बैंक खाते का संचालन विद्यालय प्रबंध समिति (वीएमसी) के अध्यक्ष और प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से करेंगे।

अब कौन करेगा मिड डे मील खाते का संचालन?

नई व्यवस्था के अनुसार विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, जो आमतौर पर किसी छात्र के अभिभावक होते हैं, और विद्यालय के प्रधानाध्यापक संयुक्त रूप से मिड डे मील खाते का संचालन करेंगे। भोजन तैयार कराने के लिए मिलने वाली सरकारी राशि का उपयोग और रसोइयों के मानदेय का भुगतान भी यही दोनों मिलकर करेंगे। पहले यह जिम्मेदारी ग्राम प्रधान और प्रधानाध्यापक के संयुक्त हस्ताक्षर से निभाई जाती थी, लेकिन अब इस व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया है।

गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा जोर

बेसिक शिक्षा विभाग का मानना है कि नई व्यवस्था से पीएम पोषण योजना के संचालन में पारदर्शिता बढ़ेगी और भोजन की गुणवत्ता पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। हाल के समय में सरकार ने बच्चों को परोसे जाने वाले भोजन की नियमित जांच और निगरानी के लिए कई कदम उठाए हैं। इसी क्रम में पहले छात्रों की माताओं को भोजन की गुणवत्ता की निगरानी में शामिल किया गया था और अब खाते के संचालन की प्रक्रिया में भी बदलाव किया गया है।

ग्राम प्रधानों ने जताई नाराजगी

सरकार के इस फैसले के बाद ग्राम प्रधान संगठनों ने अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। उनका कहना है कि जब पंचायत चुनाव होने तक ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब मिड डे मील योजना के संचालन से उन्हें अलग करना उचित नहीं है। उनका तर्क है कि इससे ग्राम पंचायतों की भूमिका कमजोर होगी और स्थानीय स्तर पर समन्वय प्रभावित हो सकता है।

विद्यालय प्रबंध समिति की जिम्मेदारी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद विद्यालय प्रबंध समिति की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाएगी। समिति के अध्यक्ष को अब योजना के वित्तीय संचालन, भोजन व्यवस्था की निगरानी और निर्धारित मानकों के पालन में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। इससे अभिभावकों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।