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लो बीपी होने के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। ब्लड प्रेशर का बहुत कम होना शरीर के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। कई बार लो बीपी के लक्षण सामान्य कमजोरी या थकान जैसे लगते हैं, इसलिए लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं। ऐसे में शरीर में दिखाई देने वाले कुछ संकेतों को समझना जरूरी है।

1. बार-बार चक्कर आना

लो बीपी की स्थिति में खासकर अचानक खड़े होने पर चक्कर, आंखों के सामने अंधेरा या असंतुलन महसूस हो सकता है। अगर यह समस्या बार-बार हो रही है तो ब्लड प्रेशर की जांच कराना उचित है।

2. कमजोरी और थकान

बिना ज्यादा मेहनत के भी लगातार थकान या कमजोरी महसूस होना लो बीपी से जुड़ा संकेत हो सकता है। रोजमर्रा के काम करने में ऊर्जा की कमी भी महसूस हो सकती है।

3. धुंधला दिखाई देना

कुछ लोगों में ब्लड प्रेशर कम होने पर नजर धुंधली पड़ने या कुछ समय के लिए साफ दिखाई न देने जैसी परेशानी हो सकती है। ऐसा बार-बार हो तो इसे सामान्य मानकर न छोड़ें।

4. जी मिचलाना

लो बीपी के दौरान कुछ लोगों को मतली या जी मिचलाने की शिकायत भी हो सकती है। इसके साथ कमजोरी या चक्कर जैसी परेशानी हो तो ब्लड प्रेशर जांचना उपयोगी हो सकता है।

5. बेहोशी या भ्रम

ब्लड प्रेशर बहुत कम होने पर व्यक्ति बेहोश हो सकता है या भ्रम जैसी स्थिति महसूस कर सकता है। ऐसी स्थिति गंभीर हो सकती है और तत्काल चिकित्सकीय मदद की जरूरत पड़ सकती है।

ध्यान रखें: केवल इन लक्षणों के आधार पर लो बीपी की पुष्टि नहीं की जा सकती, क्योंकि इनके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं। यदि चक्कर, कमजोरी या बेहोशी जैसी समस्या लगातार हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड प्रेशर की जांच कराएं।

2 शुभ योग से बदलेगा 4 राशियों का भाग्य, मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष के लिहाज से बुधवार का दिन कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से इस दिन दो शुभ योग बनेंगे। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों का सकारात्मक प्रभाव कामकाज, धन और करियर से जुड़े मामलों में देखने को मिल सकता है। खास तौर पर चार राशियों के जातकों के लिए दिन बेहतर रहने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुधवार नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी या कारोबार में कोई अच्छी खबर मिल सकती है। अटके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने के संकेत हैं। हालांकि, किसी भी फैसले में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को कामकाज में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों को भी लाभ का मौका मिल सकता है। परिवार के साथ संबंध बेहतर रहेंगे और पुराने तनाव कम हो सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए दिन आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। आय के नए रास्ते खुलने या किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जाएगा। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह भविष्य के लिए उपयोगी साबित हो सकती है।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक सूचना मिलने की उम्मीद है। कारोबार में नई योजना पर काम शुरू हो सकता है। धन संबंधी मामलों में भी स्थिति पहले से मजबूत होने के संकेत हैं।

छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार ने 10,000 करोड़ के फंड का किया ऐलान

नई दिल्ली। देश के छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने SME Growth Fund (SGF) के तहत 10,000 करोड़ रुपये के सरकारी निवेश को मंजूरी दे दी है। इस पहल का मकसद ऐसे छोटे और मध्यम उद्यमों को आगे बढ़ने के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है, जिनमें कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने की क्षमता है।

सरकार का मानना है कि इस फंड से केवल कंपनियों को पूंजी नहीं मिलेगी, बल्कि उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और रोजगार के अवसर तैयार करने में भी मदद मिलेगी। खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े छोटे और मध्यम उद्यमों पर फंड का बड़ा हिस्सा खर्च किए जाने की योजना है।

बड़े होने की क्षमता रखने वाली कंपनियों को सहारा

SME सेक्टर में कई ऐसे कारोबार हैं जिनके पास विस्तार की क्षमता है, लेकिन लंबे समय के लिए जरूरी इक्विटी पूंजी जुटाना उनके लिए चुनौती बना रहता है। नया फंड इसी कमी को दूर करने की कोशिश करेगा। इसके जरिए पात्र उद्यमों को विकास के अलग-अलग चरणों में पूंजी सहायता मिलने की उम्मीद है।

छोटे शहरों के उद्योगों पर भी नजर

इस योजना का लाभ केवल बड़े कारोबारी केंद्रों तक सीमित रखने के बजाय टियर-2 और टियर-3 शहरों के औद्योगिक क्लस्टरों में मौजूद SMEs तक पहुंचाने पर भी जोर रहेगा। इससे छोटे शहरों में उद्योगों के विस्तार और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूती मिल सकती है। सरकार को उम्मीद है कि निवेश बढ़ने से नए रोजगार पैदा होंगे और अलग-अलग क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियां तेज होंगी।

विकसित भारत 2047 से जोड़ा गया फैसला

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, यह पहल SME सेक्टर को इक्विटी, पूंजी और विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। सरकार का लक्ष्य ऐसे भारतीय उद्यम तैयार करना है जो आगे चलकर अपने-अपने क्षेत्रों में बड़े और प्रतिस्पर्धी उद्योग बन सकें।

10,000 करोड़ रुपये का यह फंड सरकार के विकसित भारत@2047 के लक्ष्य से भी जुड़ा है। इसके जरिए नवाचार, उत्पादन, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देने की कोशिश की जाएगी, जिससे देश के छोटे-मध्यम उद्योगों को नई विकास गति मिल सके।

केंद्र सरकार के बड़े फैसले, ट्रांसपोर्ट से SME तक दो प्रस्तावों पर लगी मुहर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को परिवहन व्यवस्था और छोटे-मध्यम कारोबारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, दोनों पहल देश में कारोबार बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को बेहतर करने और भविष्य के रोजगार अवसर तैयार करने में मदद कर सकती हैं।

SME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड

कैबिनेट ने SME Growth Fund (SGF) बनाने को हरी झंडी दी है। इसके तहत छोटे और मध्यम उद्यमों में इक्विटी के जरिए पूंजी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

इस फंड का खास जोर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्यमों पर रहेगा। जिन कंपनियों में आगे तेजी से विस्तार करने की क्षमता है, उन्हें पूंजी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार को उम्मीद है कि इससे घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी और निर्यात के लिए भारतीय कंपनियों की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा होने की संभावना भी है। इस पहल को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के लिए ITLA

दूसरा बड़ा फैसला Integrated Transport and Logistics Authority (ITLA) के गठन को लेकर है। यह संस्था देश की अलग-अलग परिवहन व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़कर दीर्घकालीन योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ITLA के दायरे में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, शिपिंग, हवाई यातायात, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय परिवहन और शहरी मोबिलिटी जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। अथॉरिटी परियोजनाओं का आकलन और निगरानी करने के साथ नीति निर्माण में सहायता तथा डेटा के विश्लेषण का काम भी करेगी।

इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी प्रस्तावित है। एकीकृत योजना से अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

CM सम्राट के 5 बड़े ऐलान, बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने रोहतास के जमुहार में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में राज्य के विकास को लेकर कई अहम घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद बिहार में रोजगार, सड़क, हवाई कनेक्टिविटी और सिंचाई की सुविधाओं को मजबूत करना है, ताकि युवाओं और किसानों को बेहतर अवसर मिल सकें।

1. सासाराम-पटना NH पर जल्द शुरू होगा काम

मुख्यमंत्री ने बताया कि सासाराम-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग का काम अगले दो महीने में शुरू होने की उम्मीद है। इससे दोनों शहरों के बीच आवागमन आसान होने के साथ रोहतास और आसपास के इलाकों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकती है।

2. इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को मिलेगी रफ्तार

करीब 26 साल से लंबित इंद्रपुरी जलाशय परियोजना को लेकर भी मुख्यमंत्री ने महत्वपूर्ण बात कही। उनके मुताबिक इसे साकार करने की दिशा में काम होगा। परियोजना पूरी होने पर सोन नदी के पानी का बड़ा हिस्सा बिहार के इस्तेमाल में आ सकेगा।

3. 44 लाख हेक्टेयर जमीन तक सिंचाई

सरकार का लक्ष्य करीब 44 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ना है। इसका सीधा फायदा खेती और किसानों को मिल सकता है। सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने से कृषि उत्पादन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी सहारा मिलने की उम्मीद है।

4. 2030 तक युवाओं को राज्य में रोजगार

मुख्यमंत्री ने रोजगार को सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में बताया। उन्होंने कहा कि 2030 तक ऐसा बिहार बनाने का लक्ष्य है, जहां युवाओं को नौकरी या मजदूरी के लिए दूसरे राज्यों में जाने की जरूरत न पड़े। इसके लिए बुनियादी ढांचे और विकास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

5 .2029 से पहले 10 एयरपोर्ट का लक्ष्य

बिहार में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर भी मुख्यमंत्री ने बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि 2029 से पहले राज्य में 10 एयरपोर्ट तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है। बेहतर एयर कनेक्टिविटी से व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

भारत के लिए बड़ी खुशखबरी! वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट ने दुनिया को चौंकाया

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। वर्ल्ड बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की आर्थिक वृद्धि का अनुमान बढ़ाकर 7.1 प्रतिशत कर दिया है। इससे पहले अप्रैल में बैंक ने 6.6 प्रतिशत ग्रोथ का अनुमान जताया था। यानी अब विकास दर के अनुमान में 0.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है।

वर्ल्ड बैंक की ताजा इंडिया डेवलपमेंट अपडेट के मुताबिक, अनुमान बढ़ाने की मुख्य वजह पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन है। वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी भारत की आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है।

निवेश और खपत से मिली रफ्तार

भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस दौरान विकास दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले यह 7.2 प्रतिशत थी। मजबूत निवेश और घरेलू मांग ने ग्रोथ को सहारा दिया।

शुरुआती दौर में ग्रामीण क्षेत्रों की खपत मजबूत रही। खेती के बेहतर प्रदर्शन, ग्रामीण आय को समर्थन, खाद्य सब्सिडी और अपेक्षाकृत कम महंगाई से ग्रामीण मांग को फायदा मिला। बाद में टैक्स में राहत और जीएसटी से जुड़े बदलावों के चलते शहरी खपत में भी तेजी देखने को मिली।

तेल की कीमत और अल नीनो चुनौती

हालांकि, आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं है। वर्ल्ड बैंक ने महंगी ऊर्जा को भारत समेत दक्षिण एशिया के लिए एक प्रमुख जोखिम बताया है। लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने पर महंगाई और घरेलू मांग पर दबाव पड़ सकता है। मजबूत अल नीनो की स्थिति भी कृषि और ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकती है।

AI पर जोर देने की सलाह

वर्ल्ड बैंक ने भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 23 प्रतिशत कंपनियां AI का उपयोग कर रही हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 43 प्रतिशत है। बैंक का मानना है कि AI को बड़े स्तर पर अपनाने से आने वाले वर्षों में उत्पादकता और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।

यूपी सरकार ने दी सौगात, 1.28 लाख शिक्षामित्रों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षामित्रों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रदेश सरकार ने शैक्षिक सत्र 2026-27 में कार्यरत शिक्षामित्रों के मानदेय के भुगतान के लिए बड़ी धनराशि जारी कर दी है। इससे शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो गया है।

सरकार की ओर से समग्र शिक्षा के तहत सितंबर और अक्टूबर महीने के मानदेय के लिए कुल 460.23 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है। दोनों महीनों के लिए अलग-अलग 230.11 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस राशि का जिलावार आवंटन भी कर दिया गया है, ताकि संबंधित जिलों में भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सके।

10 हजार से बढ़कर 18 हजार रुपये हुआ मानदेय

शिक्षामित्रों के लिए सबसे अहम बदलाव उनके मासिक मानदेय में हुआ है। अब उन्हें पहले के 10 हजार रुपये के बजाय 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा। यानी हर महीने मानदेय में 8 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस फैसले का सीधा असर प्रदेश में कार्यरत बड़ी संख्या में शिक्षामित्रों की आय पर पड़ेगा।

जिलों को भुगतान के निर्देश

सरकार ने आवंटित बजट के मुताबिक संबंधित जिलों को शिक्षामित्रों का मानदेय समय से जारी करने के निर्देश दिए हैं। जिलावार धनराशि उपलब्ध कराए जाने के बाद अब भुगतान की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

इस फैसले से करीब 1,27,841 शिक्षामित्र लाभान्वित होंगे। सितंबर और अक्टूबर के लिए जारी बजट के साथ बढ़े हुए मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। लंबे समय से मानदेय में बढ़ोतरी की उम्मीद कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह निर्णय आर्थिक राहत देने वाला माना जा रहा है।

बिहार सरकार का फैसला, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, 50% की सब्सिडी

पटना। बिहार में फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों के लिए एक खास योजना शुरू की है। गेंदा फूल उत्पादन एवं प्रसंस्करण योजना के तहत खेती करने वाले किसानों को लागत का 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाएगा। इसका लाभ रबी और खरीफ, दोनों मौसम में गेंदे की खेती करने वाले किसानों को मिल सकेगा।

सरकार ने एक हेक्टेयर के लिए 80 हजार रुपये की अनुमानित लागत तय की है। इस पर अधिकतम 40 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर तक सब्सिडी मिल सकती है। किसान न्यूनतम 0.1 हेक्टेयर और अधिकतम 2 हेक्टेयर जमीन के लिए इस योजना का लाभ ले सकते हैं।

25 हेक्टेयर का बनेगा क्लस्टर

योजना को क्लस्टर आधारित रखा गया है। एक क्लस्टर में कुल 25 हेक्टेयर जमीन शामिल होगी। इसमें एक से ज्यादा किसानों की जमीन भी जोड़ी जा सकती है। आवेदन की प्रक्रिया 15 सितंबर से शुरू हो चुकी है और किसान 31 दिसंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

जमीन नहीं है तो भी मिलेगा मौका

इस योजना की एक खास बात यह है कि जिन किसानों के पास खुद की जमीन नहीं है, वे भी इसका लाभ ले सकते हैं। इसके लिए दूसरी जमीन को लीज पर लेकर खेती करनी होगी और वैध लीज एग्रीमेंट जरूरी होगा। जमीन के दस्तावेज में नाम स्पष्ट नहीं होने पर वंशावली जैसे जरूरी कागजात मांगे जा सकते हैं।

फूल ढोने वाले वाहन पर भी अनुदान

गेंदे की उपज को मंडी या बाजार तक पहुंचाने के लिए मालवाहक वाहन खरीदने पर भी सब्सिडी का प्रावधान है। वाहन की अधिकतम पात्र लागत 3.25 लाख रुपये मानी गई है। इस पर 50 फीसदी तक, यानी अधिकतम 1,62,500 रुपये का अनुदान मिल सकता है। इससे खेती के साथ फूलों की ढुलाई और बिक्री की व्यवस्था को भी बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

यूपी में बनेगा 20 KM लंबा रिंग रोड, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

गोंडा। शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को कम करने के लिए पश्चिमी रिंग रोड परियोजना ने अब रफ्तार पकड़ ली है। करीब 20.570 किलोमीटर लंबे रिंग रोड के लिए जमीन का चिह्नांकन पूरा कर लिया गया है। परियोजना के तहत 24 गांवों के 775 भूखंडों से लगभग 107 हेक्टेयर जमीन लिए जाने की तैयारी है। कई स्थानों पर भूमि की पहचान के बाद निशान के पत्थर भी लगाए जा चुके हैं।

रिंग रोड के तैयार होने के बाद गोंडा शहर से होकर गुजरने वाले बाहरी वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। इससे बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ की ओर आने-जाने वाले वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर कम होने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को जाम से राहत के रूप में मिल सकता है।

16 अरब रुपये से ज्यादा की लागत

इस पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण पर करीब 16 अरब 46 करोड़ 98 लाख रुपये खर्च होने हैं। परियोजना के लिए शासन की मंजूरी मिलने के बाद शुरुआती काम के लिए करीब 3.70 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सड़क के साथ यहां तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाने की भी योजना है।

इन रास्तों से जुड़ेगा रिंग रोड

प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहाघाट की तरफ जाएगा। इसके बाद यह लखनऊ मार्ग और बहराइच रोड से जुड़ते हुए रुद्रपुर विसेन के रास्ते दत्तनगर के पास बलरामपुर मार्ग से कनेक्ट होगा। इससे शहर के आसपास के प्रमुख मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।

जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी

भूमि चिह्नांकन के बाद कुछ जमीन मालिकों ने अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित जमीनों का विवरण जुटाया जा रहा है। इसके बाद खातेदारों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, रिंग रोड का एलाइमेंट तय हो चुका है, इसलिए इसमें बदलाव आसान नहीं होगा। परियोजना पूरी होने के बाद गोंडा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 3% बढ़ सकता है DA, सैलरी में इजाफा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को जुलाई 2026 से मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी का इंतजार है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार DA में 3 फीसदी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। अगर सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है तो मौजूदा 60 फीसदी DA बढ़कर 63 फीसदी हो सकता है।

यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2026 से लागू मानी जा सकती है। हालांकि, अभी केंद्र सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

50 हजार की बेसिक सैलरी पर इतना फायदा

DA बढ़ने का सीधा असर कर्मचारियों की मासिक आय पर पड़ेगा। उदाहरण के तौर पर, 50,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर फिलहाल 60 फीसदी DA यानी 30,000 रुपये मिलते हैं। दर 63 फीसदी होने पर DA बढ़कर 31,500 रुपये हो जाएगा। यानी हर महीने 1,500 रुपये का अतिरिक्त फायदा होगा।

इसी तरह 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर करीब 540 रुपये और 1 लाख रुपये की बेसिक सैलरी पर 3,000 रुपये मासिक बढ़ोतरी हो सकती है।

जुलाई से लागू होने पर एरियर भी संभव

अगर सरकार नई दर को 1 जुलाई से लागू करती है और घोषणा बाद में होती है, तो नियमों के अनुसार पिछले महीनों का एरियर मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि, एरियर का भुगतान कब और किस तरीके से होगा, यह सरकार के अंतिम आदेश पर निर्भर करेगा।

फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनर्स को आधिकारिक ऐलान का इंतजार है। 63 फीसदी DA की दर अभी संभावित है, अंतिम नहीं।

बिहार सरकार की बड़ी सौगात, राशन कार्ड धारकों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार के राशन कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार की योजना के तहत पात्र परिवारों को मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और आयुष्मान भारत योजना के जरिए हर साल प्रति परिवार 5 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिल सकती है। इस लाभ के लिए पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनना जरूरी है।

ऐसे चेक करें अपना नाम

लाभ लेने से पहले यह देखना जरूरी है कि आपका नाम लाभार्थी सूची में है या नहीं। इसके लिए PMJAY के आधिकारिक पोर्टल या आयुष्मान ऐप के जरिए मोबाइल नंबर से लॉगिन किया जा सकता है। राज्य में बिहार चुनने के बाद योजना और जिले की जानकारी भरकर राशन कार्ड नंबर, आधार या फैमिली आईडी से नाम खोजा जा सकता है।

घर बैठे बनाएं आयुष्मान कार्ड

अगर सूची में नाम मौजूद है तो ऑनलाइन e-KYC की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। आधार OTP, फिंगरप्रिंट या फेस ऑथेंटिकेशन के जरिए सत्यापन के बाद कार्ड बनने पर उसे ऑनलाइन डाउनलोड किया जा सकता है। ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी होने पर CSC, राशन की दुकान या सरकारी अस्पताल में भी सहायता ली जा सकती है। केंद्र पर जाते समय आधार कार्ड और राशन कार्ड साथ रखना उपयोगी रहेगा।

इन अस्पतालों में मिलेगा इलाज

योजना के तहत इलाज के लिए सरकारी अस्पतालों के साथ कई सूचीबद्ध निजी अस्पतालों का भी विकल्प उपलब्ध है। अपने जिले में कौन-कौन से अस्पताल योजना से जुड़े हैं, इसकी जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर Empanelled Hospital विकल्प के जरिए देखी जा सकती है।

योजना का लाभ लेने से पहले पात्रता और उपलब्ध सेवाओं की जानकारी आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें।

लिवर में सूजन के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में शामिल है। यह भोजन से पोषक तत्वों को प्रोसेस करने, शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने और कई जरूरी रासायनिक प्रक्रियाओं में मदद करता है। जब लिवर में सूजन आ जाती है, तो शुरुआत में इसके लक्षण हल्के हो सकते हैं और लोग उन्हें सामान्य परेशानी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लंबे समय तक समस्या बने रहने पर लिवर को नुकसान पहुंच सकता है।

1. लगातार थकान और कमजोरी

बिना ज्यादा मेहनत किए ही थकान महसूस होना या हर समय शरीर में कमजोरी रहना लिवर से जुड़ी परेशानी का संकेत हो सकता है। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

2. पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द

लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में होता है। सूजन की स्थिति में इस हिस्से में दर्द, भारीपन या असहजता महसूस हो सकती है।

3. भूख कम लगना और जी मिचलाना

लिवर में सूजन होने पर कुछ लोगों की भूख कम हो सकती है। खाने के बाद मतली या उल्टी जैसा महसूस होना भी परेशानी का हिस्सा हो सकता है।

4. आंखों और त्वचा का पीला पड़ना

आंखों की सफेदी या त्वचा का पीला रंग दिखाई देना पीलिया का संकेत हो सकता है। यह लिवर की कार्यक्षमता प्रभावित होने से जुड़ा हो सकता है और इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

5. पेशाब का रंग गहरा होना

यदि पेशाब सामान्य से काफी गहरे रंग का नजर आने लगे और इसके साथ अन्य लक्षण भी मौजूद हों, तो चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

लिवर में सूजन के पीछे वायरल हेपेटाइटिस, शराब का अधिक सेवन, कुछ दवाओं का असर, फैटी लिवर समेत कई कारण हो सकते हैं। केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती। ऐसे संकेत लगातार बने रहें या बढ़ते जाएं तो डॉक्टर से जांच कराना बेहतर है।

खुशखबरी की घोषणा! बिहार में 10वीं पास के लिए भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। बिहार में सरकारी विभाग से जुड़कर काम करने की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। इंटीग्रेटेड चाइल्ड डेवलपमेंट सर्विसेज (ICDS), कैमूर की ओर से महिला सुपरवाइजर के 11 पदों पर भर्ती निकाली गई है। खास बात यह है कि इस भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता 10वीं पास रखी गई है।

भर्ती का विज्ञापन संख्या 01/2026-27 है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 8 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और अभ्यर्थियों को फॉर्म जमा करने के लिए 7 नवंबर 2026 तक का समय दिया गया है।

21 से 45 साल तक की महिलाएं करें आवेदन

इस भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से मैट्रिक या उसके समकक्ष परीक्षा पास होना जरूरी है। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट मिल सकती है।

11 पदों पर होगी नियुक्ति

ICDS कैमूर की इस भर्ती में कुल 11 महिला सुपरवाइजर पद भरे जाएंगे। नियुक्ति संविदा के आधार पर होगी और वेतन विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन शुरू होने के बाद ICDS कैमूर की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भर सकते हैं।

आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती की पूरी अधिसूचना जरूर पढ़नी चाहिए। फॉर्म भरते समय सभी जरूरी जानकारी और दस्तावेज सही तरीके से जमा करें, ताकि आवेदन में किसी तरह की परेशानी न हो।

खुशखबरी का खुला पिटारा! यूपी में फिर आई 1 बड़ी भर्ती, 16 अक्टूबर से आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पदों पर भर्ती का रास्ता साफ कर दिया है। आयोग की ओर से कुल 412 पदों के लिए मुख्य परीक्षा का विज्ञापन जारी किया गया है।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 6 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। भर्ती से जुड़ा विज्ञापन संख्या 23-परीक्षा/2026 है और पदों पर नियुक्ति उत्तर प्रदेश के युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल महानिदेशालय के तहत होगी।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रादेशिक विकास दल अधिकारी और व्यायाम प्रशिक्षक के पद शामिल हैं। कुल 412 रिक्तियों के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों की तैनाती उत्तर प्रदेश में विभिन्न स्थानों पर की जा सकती है।

PET-2025 अभ्यर्थियों के लिए मौका

मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों को PET-2025 के रजिस्ट्रेशन नंबर के माध्यम से ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करनी होगी। यानी PET-2025 से जुड़े पात्र अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती खास अवसर लेकर आई है।

अभ्यर्थियों को सलाह है कि आवेदन शुरू होने के बाद आयोग की वेबसाइट पर भर्ती का पूरा नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ें। फॉर्म भरते समय शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शुल्क, परीक्षा पैटर्न और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर जांच लें। आवेदन की अंतिम तारीख 6 नवंबर है, इसलिए अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय रहते फॉर्म भरना बेहतर रहेगा।

शनि की बदलेगी चाल: 83 दिन तक 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष में शनि देव के नक्षत्र परिवर्तन को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। 9 अक्टूबर 2026 को शनि देव रेवती नक्षत्र से निकलकर उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बताया जा रहा है कि शाम 7 बजकर 28 मिनट पर होने वाला यह बदलाव साल के अंत तक प्रभावी रहेगा। उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के स्वामी भी शनि देव ही माने जाते हैं।

शनि के इस नक्षत्र परिवर्तन का असर सभी राशियों पर अलग-अलग तरह से पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय विशेष रूप से अनुकूल रह सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों को कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति बेहतर होने और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को करियर में नए मौके मिल सकते हैं। मेहनत का परिणाम मिलने के साथ आय के नए रास्ते भी खुल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह अवधि योजनाओं को आगे बढ़ाने वाली हो सकती है। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में लाभ और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर भी बन सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि शनि से संबंधित राशि मानी जाती है। ऐसे में नक्षत्र परिवर्तन के दौरान करियर, धन और लंबित योजनाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जाती है।

बिहार में बदलेगा मौसम! 19 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट

पटना। बिहार में अक्टूबर की शुरुआत के साथ मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों में बारिश, तेज हवा और वज्रपात की संभावना जताई है। 6 से 9 अक्टूबर के बीच मौसम के ज्यादा सक्रिय रहने का अनुमान है, जबकि 10 और 11 अक्टूबर को किसी बड़े अलर्ट की संभावना नहीं बताई गई है।

आज बिहार के बक्सर, गया, पटना, सीवान, रोहतास, औरंगाबाद, सारण, भोजपुर और मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वैशाली, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, कटिहार, अररिया, भागलपुर और लखीसराय में भी मौसम प्रभावित रहने का अनुमान है।

40 किमी प्रति घंटे तक चल सकती है हवा

इसके अलावे बिहार के इन जिलों में बारिश के दौरान कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की आशंका है। इनकी रफ्तार करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही बिजली चमकने और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा।

मौसम खराब होने के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गरज-चमक के समय खुले स्थानों पर जाने से बचें और पेड़, बिजली के खंभों तथा अन्य ऊंची संरचनाओं से दूरी बनाए रखें। संभव हो तो खराब मौसम के दौरान घर के अंदर ही रहें।

बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी! 9 शहरों में बनेंगे आधुनिक बस टर्मिनल

पटना। बिहार के 9 शहरों में जल्द ही यात्रियों को आधुनिक बस टर्मिनल की सुविधा मिलने वाली है। इन टर्मिनलों को सामान्य बस अड्डे के बजाय मल्टी-मॉडल हब के तौर पर विकसित करने की योजना है। इसके डिजाइन को मंजूरी मिल चुकी है और अब आगे की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रस्तावित बस टर्मिनलों के डिजाइन को मंजूरी दी गई। फिलहाल प्रोजेक्ट के लिए आरएफपी तैयार किया जा रहा है। निर्माण पूरा होने के बाद यात्रियों को एक ही जगह पर कई आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

इन शहरों को मिलेगा फायदा

पहले चरण में गयाजी, बिहारशरीफ, राजगीर, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी, मुंगेर, दरभंगा, तारापुर और पूर्णिया में आधुनिक बस टर्मिनल विकसित करने की योजना है। प्रस्तावित टर्मिनल करीब 5 मंजिला होंगे और इनमें बस संचालन के साथ यात्रियों की सुविधाओं का भी खास ध्यान रखा जाएगा।

मिलेंगी ये आधुनिक सुविधाएं

टर्मिनल में एसी वेटिंग रूम, डिजिटल डिस्प्ले, पेयजल, आधुनिक शौचालय, पार्किंग और एटीएम जैसी सुविधाएं होंगी। दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष व्यवस्था रहेगी। इसके अलावा दीदी की रसोई और इलेक्ट्रिक वाहनों के चार्जिंग स्टेशन की सुविधा भी प्रस्तावित है। ग्राउंड फ्लोर पर बसों के लिए पार्किंग की व्यवस्था होगी।

सरकार की योजना राज्य के कई शहरों में ऐसे मल्टी-मॉडल हब विकसित करने की है। इन परियोजनाओं को पीपीपी मॉडल पर आगे बढ़ाया जाएगा और निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की होगी।

11 अक्टूबर से नवरात्रि की शुरुआत, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मां दुर्गा की बरसेगी कृपा

राशिफल। 11 अक्टूबर 2026 से शारदीय नवरात्रि की शुरुआत होने जा रही है। इसी दिन घटस्थापना के साथ मां शैलपुत्री की पूजा की जाएगी। पंचांग के अनुसार प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर की रात से शुरू होकर 11 अक्टूबर की रात तक रहेगी, इसलिए उदया तिथि के आधार पर नवरात्रि का पहला दिन 11 अक्टूबर माना गया है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार नवरात्रि के दौरान बनने वाले ग्रहों के विशेष संयोग कुछ राशियों के लिए शुभ परिणाम ला सकते हैं। ऐसे में मेष, वृषभ, कर्क, सिंह और तुला राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा रहा है। इन लोगों को करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

नवरात्रि का समय मेष राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या प्रमोशन के अवसर मिल सकते हैं। मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है। रिश्तों में भी सकारात्मकता बढ़ सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में राहत के संकेत हैं। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए नवरात्रि विशेष रूप से शुभ मानी जा रही है। मान-सम्मान में बढ़ोतरी हो सकती है और सामाजिक स्तर पर आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। अविवाहित जातकों के लिए विवाह से जुड़ी अच्छी खबर भी मिल सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कारोबार में फायदा मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर सामने आ सकते हैं। इस दौरान परिवार के साथ धार्मिक यात्रा की योजना भी बन सकती है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए कार्यक्षेत्र में स्थितियां बेहतर होने की संभावना है। ऑफिस में आपके काम की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में भी कोई सुखद बदलाव देखने को मिल सकता है।

बिहार सरकार की बड़ी सौगात, ग्रामीणों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। सरकार गांवों में सामान्य घरों और निजी आवासीय संपत्तियों पर सीधे संपत्ति कर लगाने की व्यवस्था में बदलाव करने जा रही है। पंचायती राज विभाग ने इससे जुड़े नियमों में संशोधन की प्रक्रिया आगे बढ़ा दी है।

सरकार का मानना है कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की आर्थिक परिस्थितियां अलग हैं। ऐसे में नगर निकायों जैसी संपत्ति कर व्यवस्था पंचायत क्षेत्रों में लागू करना ग्रामीण परिवारों पर अतिरिक्त बोझ डाल सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नई व्यवस्था तैयार की जा रही है।

पंचायतों की कमाई का भी रखा जाएगा ध्यान

संपत्ति कर से ग्रामीणों को राहत देने के साथ पंचायतों की आमदनी का रास्ता भी बंद नहीं होगा। नई नियमावली में पंचायतों को स्थानीय सेवाओं और सुविधाओं के बदले शुल्क लेने के विकल्प स्पष्ट किए जाएंगे। इससे पंचायतें अपने स्तर पर राजस्व जुटा सकेंगी और विकास कार्यों के लिए संसाधन बढ़ा सकेंगी।

इन कारोबारों पर लग सकता है टैक्स

नई व्यवस्था में आम ग्रामीण मकानों के बजाय ईंट-भट्ठे, निजी स्कूल, मोबाइल टावर, रेस्टोरेंट, राइस मिल, निजी अस्पताल और बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठानों जैसी गतिविधियों को कर के दायरे में लाने की तैयारी है। व्यावसायिक प्रचार के लिए लगाए जाने वाले होर्डिंग और बैनर पर भी शुल्क या कर का प्रावधान किया जा सकता है।

दरअसल, बिहार में ग्रामीण प्रशासन का दायरा काफी बड़ा है। राज्य में करीब 45,103 गांव और 8,041 पंचायतें हैं। ऐसे में नई व्यवस्था का असर बड़ी ग्रामीण आबादी पर पड़ सकता है। पंचायती राज विभाग अब संशोधित नियमावली का प्रारूप तैयार कर रहा है। प्रस्ताव को आगे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजे जाने की तैयारी है।

भारत से मिसाइल खरीद रहे ये देश, चीन की उड़ी नींद, रूस भी सन्न!

नई दिल्ली। भारत के स्वदेशी हथियारों की मांग अब देश की सीमाओं से बाहर भी बढ़ती नजर आ रही है। ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान ने भारत के आकाश एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने का फैसला किया है। दोनों देशों के इस कदम को मध्य एशिया के रक्षा बाजार में भारत की बढ़ती मौजूदगी के तौर पर देखा जा रहा है।

आकाश के अलावा भारत की ब्रह्मोस मिसाइल को लेकर भी कई देशों की दिलचस्पी बढ़ी है। इंडोनेशिया इसके लिए समझौता कर चुका है, जबकि फिलीपींस पहले ही इसे हासिल कर चुका है। वहीं यूएई के साथ ब्रह्मोस सौदे को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है।

आकाश की खासियत ने बढ़ाया भरोसा

आकाश एयर डिफेंस सिस्टम भारतीय सेनाओं में इस्तेमाल होने के साथ युद्ध परिस्थितियों में भी अपनी क्षमता दिखा चुका है। यह कम दूरी से लेकर मध्यम दूरी के हवाई खतरों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसके आधुनिक संस्करणों में आकाश प्राइम और आकाश-NG शामिल हैं, जिनमें पहले की तुलना में सेंसर और तकनीक को बेहतर किया गया है।

भारत के लिए खास बात यह है कि अब आकाश का अंतरराष्ट्रीय ग्राहक आधार भी बढ़ रहा है। आर्मेनिया पहले ही इसे खरीद चुका है, जबकि ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के जुड़ने से इसका विदेशी बाजार और मजबूत हुआ है।

चीन और रूस के बीच भारत का बढ़ता विकल्प

मध्य एशिया लंबे समय से रूसी हथियारों का बड़ा बाजार रहा है। हालांकि रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद हथियारों की आपूर्ति को लेकर कई देशों ने दूसरे विकल्पों पर ध्यान देना शुरू किया है। इसी बीच चीन ने भी इस क्षेत्र में अपनी रक्षा बिक्री बढ़ाई है।

ऐसे माहौल में भारत का आकाश सिस्टम ताजिकिस्तान और तुर्कमेनिस्तान के लिए रूस और चीन के अलावा एक तीसरा विकल्प बनकर सामने आया है। इससे मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक और रक्षा क्षेत्र में मौजूदगी बढ़ सकती है।

कम लागत और भरोसेमंद सप्लाई भी बड़ी वजह

आकाश को पश्चिमी देशों के कई एयर डिफेंस सिस्टम की तुलना में कम लागत वाला विकल्प माना जाता है। इसके अलावा भारत में इसका उत्पादन होने से स्पेयर पार्ट्स, रखरखाव, प्रशिक्षण और भविष्य की आपूर्ति को लेकर खरीदारों को भरोसा मिल सकता है।

मध्य एशिया में भारतीय रक्षा प्रणालियों की बढ़ती स्वीकार्यता से यह संकेत भी मिलता है कि भारत अब केवल हथियारों का खरीदार नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण रक्षा निर्यातक के रूप में अपनी जगह मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

यूपी में बनेगा पूर्वांचल का नया इंडस्ट्रियल हब, 10 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

प्रयागराज। प्रयागराज के नैनी इलाके में आने वाले समय में बड़ा औद्योगिक बदलाव देखने को मिल सकता है। करीब 231 एकड़ क्षेत्रफल में फैली जमीन पर औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की तैयारी है। इसके लिए यूपीसीडा ने जमीन के इस्तेमाल और यहां विकसित की जाने वाली सुविधाओं को लेकर शुरुआती काम शुरू कर दिया है।

इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक क्षेत्र तैयार करना है, जहां अलग-अलग तरह की उत्पादन इकाइयों को आसानी से जगह मिल सके। यहां मशीनरी, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल सामान, पैकेजिंग और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के आने की संभावना है।

रोजगार के साथ बढ़ेगा स्थानीय कारोबार

नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने पर सिर्फ फैक्ट्रियों में ही नौकरियां नहीं बनेंगी। अनुमान है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। परिवहन, होटल, सुरक्षा, खानपान, मरम्मत और दूसरी सेवाओं में भी स्थानीय लोगों के लिए काम बढ़ सकता है।

निजी कंपनियों की भी होगी भागीदारी

इस जमीन के विकास में सरकारी व्यवस्था के साथ निजी क्षेत्र को भी जोड़े जाने की तैयारी है। पीपीपी मॉडल के तहत होटल, मैरिज गार्डन और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में कारोबार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिल सकता है।

गोल्फ कोर्स बनेगा खास आकर्षण

प्रोजेक्ट में मनोरंजन और आधुनिक सुविधाओं को भी जगह देने की योजना है। इसी क्रम में गोल्फ कोर्स विकसित करने का प्रस्ताव चर्चा में है। होटल और अन्य सुविधाओं के साथ यह क्षेत्र निवेशकों तथा बड़े कारोबारी समूहों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

10 अक्टूबर को बनेगा 'ऐन्द्र योग', 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-दौलत के साथ मिलेंगे बड़े लाभ

राशिफल। 10 अक्टूबर 2026 का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास रहने वाला है। इस दिन पंचांग में ऐन्द्र यानी इन्द्र योग का निर्माण हो रहा है। पंचांग गणना के मुताबिक 10 अक्टूबर को अमावस्या तिथि और हस्त नक्षत्र के साथ इन्द्र योग रहेगा। यह योग रात करीब 10 बजे तक रहने वाला है।

ज्योतिष में ऐन्द्र योग को शुभ योगों में गिना जाता है। मान्यता है कि इसके प्रभाव से कुछ राशि वालों के लिए कामकाज, आर्थिक स्थिति और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक अवसर बन सकते हैं। इस बार वृषभ, मिथुन, कन्या, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा सकता है।

वृषभ राशि

ऐन्द्र योग वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में कोई अच्छी खबर मिल सकती है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिलने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह योग करियर के लिहाज से लाभकारी माना जा रहा है। अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। व्यापार में नए संपर्क भविष्य में फायदा दे सकते हैं।

कन्या राशि

10 अक्टूबर को चंद्रमा कन्या राशि में रहेगा और सूर्य भी कन्या राशि में स्थित रहेगा। ऐसे में इस राशि के जातकों के लिए दिन विशेष महत्व रख सकता है। धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभ दे सकते हैं। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ तरक्की के अवसर भी बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को आर्थिक और व्यावसायिक मामलों में फायदा मिल सकता है। किसी पुराने निवेश या काम से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल रहने की उम्मीद है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए ऐन्द्र योग मेहनत का परिणाम दिलाने वाला साबित हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सफलता मिल सकती है। धन संबंधी परेशानियां कम होने के संकेत हैं और भविष्य के लिए नई योजनाएं बनाने का अच्छा समय मिल सकता है।

यूपी में बनेंगे 7 अंडरपास और फ्लाईओवर, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लखनऊ-अयोध्या हाईवे से गुजरने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। हाईवे पर लगातार सामने आ रहे सड़क हादसों को कम करने के लिए एनएचएआई ने बड़ा प्लान तैयार किया है। हादसों की दृष्टि से संवेदनशील स्थानों पर 7 अंडरपास और एक फ्लाईओवर बनाया जाएगा।

इन परियोजनाओं पर करीब 450 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अगले महीने से निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।

सफेदाबाद में बनेगा फ्लाईओवर

लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर सफेदाबाद में करीब 75.93 करोड़ रुपये की लागत से फ्लाईओवर बनाया जाएगा। यह हाईवे के किमी 19.140 पर प्रस्तावित है। इसके बनने से इस क्षेत्र में यातायात को व्यवस्थित करने और हादसों का खतरा घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इन 7 जगहों पर बनेंगे अंडरपास

एनएचएआई के प्रस्ताव के मुताबिक हाईवे पर सात स्थानों पर अंडरपास बनाए जाएंगे। इनमें दादरा, भिटरिया, रानीमऊ, कूढ़ा सादात, भेलसर, सत्ती चौरा और अरकुना शामिल हैं। इनके प्रस्तावित किलोमीटर क्रमशः 40.385, 62.85, 70.6, 85.5, 88.675, 96.5 और 104.480 हैं।

क्यों उठाया गया यह कदम?

लखनऊ-अयोध्या हाईवे के कई हिस्सों में स्थानीय सड़कें सीधे मुख्य हाईवे से जुड़ती हैं। इससे कई बार लोगों को कम दूरी तय करने के लिए गलत दिशा में वाहन चलाना पड़ता है, जिससे टक्कर और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।

अंडरपास और फ्लाईओवर बनने के बाद स्थानीय यातायात को सुरक्षित रास्ता मिलेगा और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही भी बेहतर होने की उम्मीद है। एनएचएआई ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और यातायात व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।

बिहार के युवाओं की बल्ले-बल्ले! Food Safety Officer की भर्ती का ऐलान, नोटिश जारी

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन (BTSC) ने Food Safety Officer के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 105 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

105 पदों पर होगी भर्ती

BTSC की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन संख्या 29/2026 के तहत Food Safety Officer के कुल 105 पद निर्धारित किए गए हैं। ऐसे में फूड सेफ्टी के क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के पास आवेदन करने का अच्छा अवसर है।

24 अक्टूबर तक करें आवेदन

इस भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। उम्मीदवारों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 तय की गई है। अंतिम तारीख के बाद आवेदन का मौका नहीं मिलेगा, इसलिए अभ्यर्थियों को समय रहते फॉर्म भरने की सलाह दी जाती है।

कितना देना होगा आवेदन शुल्क?

Food Safety Officer भर्ती के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया पूरी करते समय निर्धारित शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।

कहां से करें ऑनलाइन आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार बिहार टेक्निकल सर्विस कमीशन की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in पर जाकर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देख सकते हैं। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक विज्ञापन में दी गई पात्रता, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

यूपी सरकार का बड़ा फरमान, दवाओं की मनमानी लूट नहीं चलेगी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्राइवेट अस्पतालों और रिटेल फार्मेसियों में दवाओं की कीमत को लेकर पारदर्शिता बढ़ाने की तैयारी है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने निर्देश जारी कर फार्मेसियों को दवाओं की खरीद कीमत और मरीज से ली जाने वाली बिक्री कीमत सार्वजनिक करने को कहा है। खास तौर पर अस्पतालों के अंदर चलने वाले मेडिकल स्टोर्स पर भी यह व्यवस्था लागू होगी।

वेबसाइट पर देनी होगी दवाओं की पूरी जानकारी

नई व्यवस्था के तहत फार्मेसी को अपनी सार्वजनिक वेबसाइट बनानी होगी। इसमें दवा का निर्माता, ब्रांड, जेनेरिक नाम, अस्पताल द्वारा खरीदी गई कीमत यानी PTR और मरीज को दी जाने वाली कीमत यानी PTC की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

विभाग की कार्रवाई में सामने आया कि कुछ मामलों में अस्पतालों की फार्मेसियों को दवाएं एमआरपी से काफी कम कीमत पर मिलती थीं, लेकिन मरीजों से पूरी एमआरपी या उससे जुड़े ऊंचे दाम वसूले जाते थे। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसी कीमतों को लेकर पारदर्शिता बढ़ाना है।

QR कोड से मोबाइल पर मिलेगी जानकारी

फार्मेसी की वेबसाइट पर केवल दवाओं की जानकारी ही नहीं होगी। वहां ड्रग लाइसेंस नंबर, संचालक का नाम-पता और नियुक्त फार्मासिस्ट का नाम, रजिस्ट्रेशन नंबर व फोटो जैसी जानकारी भी प्रदर्शित करनी होगी। दवाओं के स्टॉक की जानकारी भी नियमित रूप से अपडेट करनी होगी।

मरीजों की सुविधा के लिए बिलिंग काउंटर पर वेबसाइट का URL और QR कोड लगाया जाएगा। इसे मोबाइल से स्कैन कर लोग संबंधित फार्मेसी और दवाओं से जुड़ी जानकारी देख सकेंगे।

मनमाने मुनाफे पर लगेगा अंकुश

एफएसडीए ने अपने निर्देश में DPCO-2013 के प्रावधानों और सुप्रीम कोर्ट के एक मामले का भी उल्लेख किया है। विभाग के अनुसार, यह कोई नया मूल्य नियंत्रण आदेश नहीं है, बल्कि स्व-प्रकटीकरण के जरिए पारदर्शिता बढ़ाने की पहल है।

इस व्यवस्था से मरीजों को दवाओं की कीमत और फार्मेसी की जानकारी स्पष्ट रूप से मिल सकेगी। साथ ही, दवा कारोबार में जवाबदेही बढ़ाने और अनुचित मुनाफाखोरी पर रोक लगाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

30+ महिलाओं के लिए ये 4 फल हैं बेहद फायदेमंद, डाइट में जरूर करें शामिल

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें भी बदलती हैं। खासकर 30 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए संतुलित डाइट लेना और रोजमर्रा के खानपान में पोषक तत्वों को शामिल करना जरूरी हो जाता है। फल इस लिहाज से बेहतर विकल्प हो सकते हैं, क्योंकि इनमें विटामिन, मिनरल, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं।

हालांकि, किसी एक फल को सभी महिलाओं के लिए अनिवार्य या किसी बीमारी का इलाज मानना सही नहीं है। अलग-अलग फलों को संतुलित आहार का हिस्सा बनाकर खाना ज्यादा फायदेमंद रहता है। आइए जानते हैं ऐसे ही चार फलों के बारे में।

1. सेब

सेब में फाइबर के साथ विटामिन और कई एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। फाइबर युक्त फल पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकते हैं। 30+ उम्र में जब वजन और खानपान पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है, तब सेब को स्नैक के तौर पर डाइट में शामिल किया जा सकता है।

2. संतरा

संतरा विटामिन C का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें पानी और फाइबर भी मौजूद होते हैं। विटामिन C शरीर के सामान्य प्रतिरक्षा कार्य और आयरन के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसलिए संतरा या अन्य खट्टे फलों को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

3. पपीता

पपीता फाइबर और विटामिन A तथा C जैसे पोषक तत्वों से भरपूर फल है। इसमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र के सामान्य कामकाज में मदद करता है। इसे नाश्ते या दिन में हल्के स्नैक के रूप में खाया जा सकता है। पपीते को लेकर इंटरनेट पर कई तरह के दावे किए जाते हैं, लेकिन इसे किसी खास स्वास्थ्य समस्या का इलाज समझने से बचना चाहिए।

4. अनार

अनार में फाइबर के साथ पॉलीफेनॉल जैसे एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। इसके दानों को सीधे खाने के अलावा सलाद या अन्य पौष्टिक भोजन के साथ लिया जा सकता है। संतुलित आहार में अनार को शामिल करना शरीर को विभिन्न पोषक तत्व उपलब्ध कराने का एक अच्छा तरीका हो सकता है। 

यूपी में बनेगी दो बड़ी सड़कें, इन इलाकों को मिलेगा सीधा फायदा

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में दो प्रमुख सड़कों के चौड़ीकरण, सुदृढ़ीकरण और सुंदरीकरण के लिए 35 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि मंजूर की गई है। इन दोनों मार्गों के निर्माण कार्य से आसपास के 20 से ज्यादा गांवों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है।

पहली सड़क पर खर्च होंगे 18.38 करोड़ रुपये

पहली परियोजना के तहत राष्ट्रीय राजमार्ग से बिजौरा रखेड़ा, भीमा ठीकरी और लुहारी खादर होते हुए हसनपुर-दयावली खालसा मार्ग तक जाने वाली सड़क को बेहतर किया जाएगा। यह मार्ग करीब 8.150 किलोमीटर लंबा है। इसके चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के लिए सरकार ने 18 करोड़ 38 लाख 26 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। सड़क के सुधरने से इस मार्ग से जुड़े गांवों के लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।

दूसरी सड़क के लिए 16.86 करोड़ मंजूर

दूसरी महत्वपूर्ण परियोजना हसनपुर-रहरा मार्ग से शाहपुर कला, करनखाल होते हुए गंगाचोली तक जाने वाली सड़क से जुड़ी है। इसकी लंबाई करीब 6.500 किलोमीटर है। इस सड़क के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 16 करोड़ 86 लाख 30 हजार रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दोनों परियोजनाओं को मिलाकर सरकार करीब 35.24 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

20 से ज्यादा गांवों को मिलेगा फायदा

इन सड़कों के बेहतर होने का सीधा लाभ हसनपुर क्षेत्र के 20 से अधिक गांवों के लोगों को मिलने की उम्मीद है। सड़क चौड़ी और मजबूत होने से रोजाना आने-जाने वाले लोगों के साथ स्थानीय कारोबार और ग्रामीण गतिविधियों को भी सहूलियत मिल सकती है।

आवागमन के साथ क्षेत्र के विकास को रफ्तार

ग्रामीण और अर्धशहरी इलाकों में मजबूत सड़क नेटवर्क स्थानीय विकास के लिए अहम माना जाता है। इन दोनों मार्गों के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण से न केवल यात्रा सुगम होने की उम्मीद है, बल्कि आसपास के गांवों को प्रमुख मार्गों से बेहतर कनेक्टिविटी भी मिल सकेगी।