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यूपी में किसानों को खुशखबरी! विंध्य एक्सप्रेसवे के भूमि अधिग्रहण पर 4 गुना मुआवजा

मीरजापुर: विंध्य पूर्वांचल स्पर एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के बीच किसानों को मुआवजे को लेकर बड़ी जानकारी मिली है। चुनार तहसील में हुई बैठक में जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने स्पष्ट किया कि अधिग्रहित जमीन के लिए नियमों के तहत सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा देने का प्रावधान है।

बैठक में किसानों ने मुआवजा तय करते समय इलाके के सबसे अधिक सर्किल रेट को आधार बनाने की मांग रखी। साथ ही एक्सप्रेसवे से खेतों और गांवों तक पहुंच प्रभावित न हो, इसके लिए सर्विस रोड, अंडरपास और सिंचाई व्यवस्था बनाए रखने की मांग भी उठाई गई।

आपको बता दें की इस परियोजना के लिए चुनार क्षेत्र के करीब 36 गांवों की जमीन प्रस्तावित अधिग्रहण में शामिल है। प्रशासन के मुताबिक जमीन की कीमत उसकी श्रेणी और प्रकृति के आधार पर तय की जाएगी।

हालांकि, एक्सप्रेसवे को लेकर सभी किसान एकमत नहीं हैं। भारतीय किसान यूनियन और जन संघर्ष समिति की ओर से परियोजना के विरोध में 3000 से ज्यादा किसानों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा गया। विरोध कर रहे किसानों ने उपजाऊ कृषि भूमि और पर्यावरण पर संभावित असर का मुद्दा उठाया है।

प्रशासन ने किसानों की मांगों और आपत्तियों को संबंधित स्तर पर जांच कराने की बात कही है। ऐसे में अब मुआवजे की दर और किसानों की अन्य मांगों पर होने वाली अगली कार्रवाई पर नजर रहेगी।

गुरुवार की सुबह बनेंगे 2 शक्तिशाली योग: इन 4 राशियों के लिए खुशखबरी, मिलेगी तरक्की

राशिफल। गुरुवार की सुबह ग्रहों की स्थिति में खास बदलाव देखने को मिलेगा, जिससे दो शुभ योगों का निर्माण माना जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के जातकों के लिए सकारात्मक रह सकता है। नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं किन 4 राशियों के लिए यह समय शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि: 

गुरुवार का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी या प्रगति का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी लाभ के मौके मिल सकते हैं।

मिथुन राशि: 

इस राशि के लोगों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। रुके हुए काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले की तुलना में बेहतर होने के संकेत हैं।

तुला राशि: 

तुला राशि वालों के लिए शुभ योग नई संभावनाएं लेकर आ सकते हैं। नौकरी में बदलाव या पद से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में नई डील या योजना पर काम शुरू करने का अवसर मिल सकता है।

धनु राशि: 

धनु राशि के जातकों के लिए गुरुवार का दिन लाभकारी रह सकता है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने और आय के नए रास्ते बनने की संभावना है। परिवार में भी खुशी का माहौल रह सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! दिवाली से पहले बढ़ेगा DA, सैलरी में होगा इजाफा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। जुलाई 2026 के लिए DA में 3 फीसदी बढ़ोतरी की संभावना बताई जा रही है। इसके बाद मौजूदा 60 फीसदी DA बढ़कर 63 फीसदी हो सकता है। हालांकि, अंतिम फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट मंजूरी के बाद ही होगा।

AICPI-IW से कैसे निकला आंकड़ा?

DA की गणना AICPI-IW के 12 महीने के औसत के आधार पर की जाती है। जून 2026 में सूचकांक 150.8 से बढ़कर 151.9 अंक पर पहुंच गया। जुलाई 2025 से जून 2026 तक के आंकड़ों का औसत 148.65 अंक रहा। दिए गए फॉर्मूले के आधार पर DA करीब 63.76 फीसदी बैठता है, जिसे पूर्ण प्रतिशत में 63 फीसदी माना जा रहा है।

सैलरी पर पड़ेगा सीधा असर

अगर सरकार 3 फीसदी DA बढ़ोतरी को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी के अनुसार हर महीने मिलने वाला DA बढ़ जाएगा। इसका सीधा असर कुल वेतन पर पड़ेगा। नई दर 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होने की स्थिति में जुलाई से मिलने वाले अंतर का एरियर भी बन सकता है।

फिलहाल कर्मचारियों को कैबिनेट के आधिकारिक फैसले का इंतजार है। 8वें वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच DA में यह संभावित बढ़ोतरी केंद्रीय कर्मचारियों के लिए अहम मानी जा रही है।

LPG उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर! कल से लागू होंगे सख्त नियम, जान लें नया अपडेट

नई दिल्ली। अक्टूबर महीने की शुरुआत के साथ LPG सिलेंडर से जुड़े नियमों में बदलाव होने जा रहा है। 1 अक्टूबर से गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उपभोक्ताओं को OTP वेरिफिकेशन कराना जरूरी होगा। यानी डिलीवरी लेने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आया कोड बताना होगा।

सिलेंडर बुक करने के बाद ग्राहक के मोबाइल पर एक OTP भेजा जाएगा, जिसे Delivery Authentication Code (DAC) कहा जाता है। ग्राहक को यह कोड संभालकर रखना होगा। डिलीवरी के समय यही कोड कर्मचारी को बताना होगा, जिसके बाद वह अपने ऐप में इसे दर्ज कर डिलीवरी प्रक्रिया पूरी करेगा।

बिना OTP डिलीवरी में आ सकती है दिक्कत

नए सिस्टम का उद्देश्य सिलेंडर की डिलीवरी को अधिक सुरक्षित बनाना और फर्जी बुकिंग या गलत डिलीवरी जैसी समस्याओं पर रोक लगाना है। इसलिए उपभोक्ताओं को डिलीवरी के समय अपना रजिस्टर्ड मोबाइल फोन या OTP उपलब्ध रखना होगा।

E-KYC भी जरूरी

1 अक्टूबर से LPG कनेक्शन की E-KYC को लेकर भी सख्ती की बात कही गई है। जिन उपभोक्ताओं ने E-KYC पूरी नहीं की है, उन्हें सब्सिडी का लाभ प्रभावित हो सकता है। ऐसे में LPG ग्राहक समय रहते अपना मोबाइल नंबर और KYC संबंधी जानकारी अपडेट करा लें।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 6 रबी फसलों की बढ़ी MSP, किसानों के लिए खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने रबी विपणन सीजन 2027-28 के लिए किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने गेहूं, जौ, चना, मसूर, रेपसीड-सरसों और कुसुम समेत छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। सरकार के मुताबिक, इस फैसले का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाने के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है।

किस फसल का कितना MSP हुआ?

नई दरों के अनुसार गेहूं का MSP 2,610 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। चने का समर्थन मूल्य 5,928 रुपये, जौ का 2,286 रुपये, मसूर का 7,390 रुपये, रेपसीड-सरसों का 6,613 रुपये और कुसुम का MSP 7,215 रुपये प्रति क्विंटल होगा।

इनमें सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कुसुम के MSP में 675 रुपये प्रति क्विंटल की हुई है। रेपसीड-सरसों के लिए 413 रुपये, मसूर के लिए 390 रुपये, जौ के लिए 136 रुपये, चने के लिए 83 रुपये और गेहूं के लिए 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।

किसानों को बेहतर दाम मिलने की उम्मीद

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, MSP में बढ़ोतरी से किसानों को फसल की लागत के मुकाबले बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी। सरकार का जोर गेहूं और धान के अलावा दालों तथा तिलहन जैसी फसलों की खेती को बढ़ावा देने पर भी है।

सरकार के अनुसार, 2014-15 से 2025-26 के दौरान छह प्रमुख रबी फसलों की सरकारी खरीद बढ़कर 3,921 लाख मीट्रिक टन हो गई, जबकि 2004-05 से 2013-14 के दौरान यह आंकड़ा 2,302 लाख मीट्रिक टन था।

MSP बढ़ाने के साथ दो और बड़े फैसले

कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़े फैसले के अलावा दिल्ली के ट्रैफिक सिस्टम को आधुनिक बनाने की योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके तहत Intelligent Traffic Management System (ITMS) लागू किया जाएगा। करीब 1,529 ट्रैफिक सिग्नल को इस सिस्टम से जोड़े जाने की योजना है, जिससे ट्रैफिक के अनुसार सिग्नल का समय अपने आप बदला जा सकेगा। इस परियोजना पर करीब 1,790 करोड़ रुपये खर्च होने की बात कही गई है।

इसके साथ ही अक्षय ऊर्जा को ग्रिड तक पहुंचाने और बैटरी एनर्जी स्टोरेज को बढ़ावा देने के लिए ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-III योजना को भी मंजूरी दी गई है। इसके लिए करीब 1.86 लाख करोड़ रुपये के निवेश का प्रावधान बताया गया है।

बिहार के लिए बड़ी खुशखबरी! ये 2 जिले बनेंगे टेक्सटाइल हब, रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

पटना। बिहार में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ाने के लिए सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर और भागलपुर को टेक्सटाइल और इससे जुड़े उद्योगों के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इन परियोजनाओं के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर में लेदर और टेक्सटाइल पार्क

मुजफ्फरपुर में लेदर, फुटवियर और टेक्सटाइल आधारित पार्क विकसित किया जा रहा है। महबल में करीब 62.17 एकड़ क्षेत्र में मेगा लेदर और फुटवियर एक्सेसरीज पार्क बनाया जा रहा है। यहां बैग, जूते, लेदर और टेक्सटाइल से संबंधित उत्पादन इकाइयों को बढ़ावा देने की योजना है। इसके अलावा बेला औद्योगिक क्षेत्र और महबल में औद्योगिक शेडों की संख्या बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। टेक्सटाइल पार्क में एक आधुनिक उत्पादन इकाई भी शुरू की गई है।

भागलपुर में सिल्क के साथ नए उद्योग

भागलपुर पहले से ही सिल्क उद्योग के लिए प्रसिद्ध है। अब यहां पारंपरिक सिल्क कारोबार को आधुनिक टेक्सटाइल और मैन्युफैक्चरिंग से जोड़ने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके तहत बैग, फुटवियर और होजरी जैसे उत्पादों के निर्माण को भी बढ़ावा देने की तैयारी है।

स्थानीय युवाओं को मिल सकता है फायदा

इन औद्योगिक परियोजनाओं का मकसद केवल नई फैक्ट्रियां स्थापित करना नहीं है। इसके जरिए स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और छोटे सहायक उद्योगों के अवसर तैयार करने पर भी जोर है। मुजफ्फरपुर और भागलपुर की औद्योगिक क्षमता को देखते हुए यहां तैयार होने वाले उत्पादों को बिहार के अलावा दूसरे राज्यों और पड़ोसी देशों के बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं।

गया और बिहटा में भी औद्योगिक विकास

बिहार में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए गया के डोभी में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर (IMC) पर भी काम चल रहा है। वहीं बिहटा का ड्राईपोर्ट राज्य में तैयार उत्पादों को देश के प्रमुख बंदरगाहों और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मददगार हो सकता है।

बिहार के भूमिहीन परिवारों की बल्ले-बल्ले! 30 हजार परिवारों को जल्द मिलेगा बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र

पटना। बिहार में भूमिहीन परिवारों को जमीन का अधिकार दिलाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। अभियान बसेरा-2 के तहत राज्य के 30 हजार चिन्हित भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र देने की तैयारी है। इसके लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

20 नवंबर को लगाए जाएंगे शिविर

विभाग की ओर से तय कार्यक्रम के अनुसार 20 नवंबर को जिला मुख्यालयों पर विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों में चिन्हित लाभुक परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र सौंपे जाएंगे। प्रत्येक जिले के लिए अलग लक्ष्य निर्धारित किया गया है और अधिकारियों को उसके अनुसार प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

1 नवंबर तक पूरा करना होगा काम

अधिकारियों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र तैयार करने और संबंधित पदाधिकारियों के हस्ताक्षर की प्रक्रिया 1 नवंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है। इसके बाद निर्धारित तिथि पर लाभुकों को प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे।

अब तक हजारों परिवारों को मिला लाभ

विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अभियान बसेरा के तहत अब तक करीब 93,916 लोग लाभान्वित हो चुके हैं। इससे पहले 15 अगस्त को 30,085 भूमिहीन परिवारों को भी बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिए गए थे।

भूमिहीन परिवारों को क्या होगा फायदा?

बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र मिलने के बाद भूमिहीन परिवारों को आवास बनाने के लिए जमीन का अधिकार मिल सकेगा। इससे उन्हें स्थायी आवास की दिशा में आगे बढ़ने में मदद मिलेगी और जमीन से बेदखली की चिंता भी कम होगी। इसके अलावा पात्र लाभुकों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भी मदद मिल सकती है।

यूपी में इंजीनियरिंग छात्रों के लिए खुशखबरी! मिला शानदार मौका, ऐसे उठा सकते हैं फायदा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बीटेक अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों के लिए अच्छी खबर है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद, उत्तर प्रदेश ने छात्रों के नए और उपयोगी आइडिया को प्रोत्साहित करने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है। इसके तहत चयनित प्रोजेक्ट के लिए विद्यार्थियों को 20 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद दी जाएगी।

हर साल 60 प्रोजेक्ट होंगे चयनित

योजना के तहत हर वर्ष अधिकतम 60 प्रोजेक्ट चुने जाएंगे। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए जरूरी है कि तीसरे वर्ष तक उनका औसत अंक कम से कम 65 प्रतिशत हो। प्रोजेक्ट अकेले या अधिकतम चार विद्यार्थियों की टीम बनाकर तैयार किया जा सकता है। विद्यार्थी आपदा प्रबंधन, कचरा प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण, कृषि तकनीक, ऊर्जा बचत और स्मार्ट सिटी जैसे विषयों पर अपने प्रोजेक्ट तैयार कर सकते हैं।

दो किस्तों में मिलेगा अनुदान

चयनित विद्यार्थियों को कुल 20 हजार रुपये का अनुदान दिया जाएगा। इसमें पहली किस्त के तौर पर 10 हजार रुपये मिलेंगे, जबकि बाकी 10 हजार रुपये प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद दिए जाएंगे। चयनित प्रोजेक्ट को निर्धारित अवधि के भीतर पूरा करना होगा।

सर्वश्रेष्ठ प्रोजेक्ट को बड़ा पुरस्कार

प्रोजेक्ट तैयार होने के बाद विद्यार्थियों को उसका मॉडल परिषद के सामने प्रस्तुत करना होगा। इनमें बेहतर प्रदर्शन करने वाले तीन प्रोजेक्ट को क्रमशः 1 लाख, 75 हजार और 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। अन्य चयनित प्रोजेक्ट को 5-5 हजार रुपये का सांत्वना पुरस्कार भी मिलेगा। इसके अलावा योजना में शामिल विद्यार्थियों और उनके गाइड शिक्षकों को परिषद की ओर से प्रमाणपत्र प्रदान किए जाएंगे।

20 अक्टूबर तक आवेदन का मौका

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और 20 अक्टूबर तक आवेदन किया जा सकता है। चयनित प्रोजेक्ट की सूची 15 दिसंबर को जारी किए जाने का कार्यक्रम है। वहीं प्रोजेक्ट प्रदर्शन अगले वर्ष 24 अप्रैल को प्रस्तावित है।

मंगल-चंद्रमा की युति से बदलेगा भाग्य, 5 राशियों के लिए खुलेंगे धनलाभ के रास्ते

राशिफल। 4 अक्टूबर को मंगल और चंद्रमा की युति से कर्क राशि में एक शुभ ज्योतिषीय संयोग बनने की बात कही जा रही है। ज्योतिष में मंगल को ऊर्जा, साहस और भूमि से जुड़े मामलों का कारक माना जाता है, जबकि चंद्रमा मन, सुख-सुविधा और भावनाओं से जुड़ा ग्रह है। दोनों ग्रहों की युति को कुछ ज्योतिषीय मतों में आर्थिक मामलों के लिए शुभ माना जाता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने या पहले किए गए प्रयासों का लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। प्रॉपर्टी या जमीन से जुड़े मामलों में भी लाभ के अवसर बन सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए मंगल-चंद्रमा की युति धन संबंधी मामलों में लाभदायक साबित हो सकती है। अटका हुआ पैसा मिलने की संभावना बन सकती है। व्यापार करने वाले जातकों को किसी नए सौदे से फायदा मिल सकता है। हालांकि आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि में ही मंगल और चंद्रमा की युति बनने के कारण इस राशि के जातकों के लिए यह संयोग विशेष माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयासों में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को नौकरी और कारोबार में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं और किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत को पहचान मिल सकती है। धन संबंधी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

5. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के लिए यह युति आर्थिक दृष्टि से लाभकारी मानी जा सकती है। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और आय में सुधार के संकेत दिखाई दे सकते हैं। लंबे समय से चल रही किसी आर्थिक परेशानी से राहत मिल सकती है। परिवार से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला भी आर्थिक लाभ का कारण बन सकता है।

8वें वेतन आयोग में देरी का मिलेगा पैसा? केंद्रीय कर्मचारियों के लिए क्या है पूरा गणित

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग का इंतजार कर रहे केंद्रीय कर्मचारियों के बीच एरियर को लेकर भी चर्चा तेज है। अगर नई वेतन व्यवस्था को किसी पिछली प्रभावी तारीख से लागू किया जाता है और बढ़ी हुई सैलरी बाद में मिलती है, तो उस अवधि के वेतन अंतर को एरियर के रूप में दिए जाने की संभावना बन सकती है। हालांकि, एरियर मिलेगा या नहीं और कितना मिलेगा, इसका अंतिम फैसला सरकार द्वारा आयोग की सिफारिशों पर लिए जाने के बाद ही स्पष्ट होगा।

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था। आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन की तारीख से 18 महीने का समय दिया गया है। सरकार ने यह भी बताया है कि सामान्य परंपरा के अनुसार 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का प्रभाव 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित माना जा सकता है, लेकिन वास्तविक प्रभावी तारीख और भुगतान की प्रक्रिया अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।

देरी होने पर कैसे बन सकता है एरियर?

इसे आसान उदाहरण से समझें। मान लीजिए नई बेसिक पे किसी पिछली तारीख से लागू होती है, लेकिन कर्मचारी को संशोधित वेतन कुछ महीने बाद मिलना शुरू होता है। ऐसी स्थिति में प्रभावी तारीख से वास्तविक भुगतान के बीच का अंतर एरियर के रूप में बन सकता है। एरियर की रकम मुख्य रूप से नई बेसिक पे, फिटमेंट फैक्टर और कितने महीनों का अंतर रहा, इन बातों पर निर्भर करेगी।

लेवल 6 में कितना हो सकता है?

उदाहरण के तौर पर अगर मौजूदा बेसिक पे ₹35,400 मानी जाए और केवल संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर गणना की जाए, तो अलग-अलग फैक्टर पर एरियर की रकम काफी बदल सकती है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर पर संशोधित बेसिक करीब ₹76,110 होगी। इस आधार पर 20 महीने के अंतर की गणना लगभग ₹8.14 लाख और 24 महीने की करीब ₹9.77 लाख बैठ सकती है। वहीं 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर यही अनुमान 20 महीने के लिए करीब ₹11.12 लाख और 24 महीने के लिए करीब ₹13.34 लाख तक पहुंच सकता है।

ये आंकड़े अंतिम नहीं हैं

यहां ध्यान रखना जरूरी है कि ऊपर दिए गए आंकड़े सिर्फ अनुमानित गणना हैं। इनमें वास्तविक एरियर की तरह सभी भत्तों और अन्य वेतन घटकों को शामिल नहीं किया गया है। HRA, DA और दूसरे भत्तों की गणना अलग नियमों के अनुसार हो सकती है।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि 8वें वेतन आयोग ने अभी अंतिम फिटमेंट फैक्टर और नई सैलरी स्ट्रक्चर तय नहीं की है। इसलिए आंकड़ों को संभावित उदाहरण के तौर पर ही देखना चाहिए, अंतिम भुगतान के तौर पर नहीं। कर्मचारियों के लिए वास्तविक एरियर का हिसाब तभी स्पष्ट होगा, जब आयोग की सिफारिशों के बाद सरकार संशोधित वेतन, फिटमेंट फैक्टर और प्रभावी तारीख को लेकर अंतिम निर्णय करेगी।

केंद्र सरकार का फैसला, 3 राज्यों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन सीजन 2026-27 को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने किसानों को बाजार में फसल की कीमत गिरने से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए मूल्य समर्थन योजना (PSS) के तहत उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में दलहन और तिलहन की खरीद को मंजूरी दी है। इन तीनों राज्यों से कुल 5,547.99 करोड़ रुपये की फसल न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदी जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना और बाजार में कीमतों में गिरावट की स्थिति में उन्हें आर्थिक सुरक्षा देना है। खरीद की प्रक्रिया के दौरान किसानों को उनकी उपज का भुगतान सीधे बैंक खाते में किए जाने की बात भी कही गई है।

यूपी के किसानों के लिए करीब 4 हजार करोड़ की खरीद

इस फैसले में सबसे बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए रखा गया है। राज्य में कुल 3,992.57 करोड़ रुपये की फसलों की खरीद को मंजूरी मिली है। इसके तहत करीब 4,66,000 मीट्रिक टन तुअर की खरीद की जाएगी, जिसका अनुमानित मूल्य 3,937.70 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 6,250 मीट्रिक टन मूंग भी खरीदी जाएगी, जिसकी कीमत करीब 54.87 करोड़ रुपये बताई गई है 

कर्नाटक में इन फसलों की होगी खरीद

कर्नाटक के किसानों के लिए भी केंद्र सरकार ने बड़ी खरीद को मंजूरी दी है। राज्य में कुल 1,107 करोड़ रुपये की दलहन और तिलहन फसलों की खरीद प्रस्तावित है। इसमें करीब 1,15,500 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद होगी, जिसका मूल्य लगभग 659.27 करोड़ रुपये है। वहीं 38,250 मीट्रिक टन मूंग करीब 335.83 करोड़ रुपये और 13,413 मीट्रिक टन सूरजमुखी लगभग 111.90 करोड़ रुपये के मूल्य पर खरीदी जाएगी।

तेलंगाना के किसानों को भी राहत

तेलंगाना में भी PSS के तहत फसलों की खरीद के लिए 448.42 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। राज्य से 62,000 मीट्रिक टन सोयाबीन की खरीद की जाएगी, जिसकी अनुमानित कीमत 353.90 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही करीब 10,766 मीट्रिक टन मूंग की खरीद भी की जाएगी। इसका अनुमानित मूल्य 94.52 करोड़ रुपये है।

किसानों को कैसे मिलेगा फायदा?

मूल्य समर्थन योजना के तहत खरीद का उद्देश्य किसानों को उस समय सहारा देना है, जब बाजार में उनकी फसल का भाव MSP से नीचे जाने लगे। ऐसी स्थिति में सरकारी खरीद किसानों को निर्धारित समर्थन मूल्य पर अपनी उपज बेचने का विकल्प उपलब्ध करा सकती है। केंद्र सरकार के मुताबिक खरीद केंद्रों पर प्रक्रिया को पारदर्शी रखने और किसानों को भुगतान समय पर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

खुशखबरी की बंपर सौगात! यूपी में 1 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने वर्ष 2026 के लिए सहायक अध्यापक भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 12,405 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

12,405 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती के तहत कुल 12,405 रिक्तियां निर्धारित की गई हैं। इनमें 11,508 पद शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक विद्यालयों के लिए हैं, जबकि 897 पद संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के लिए रखे गए हैं। इस तरह अलग-अलग विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए बड़ी संख्या में अवसर उपलब्ध होंगे।

कब से कब तक कर सकते हैं आवेदन?

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी करनी होगी। फीस जमा करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को OTR आधारित प्रक्रिया के जरिए आयोग की वेबसाइट पर आवेदन करना होगा।

कितनी देनी होगी आवेदन फीस?

आवेदन शुल्क वर्ग के अनुसार अलग-अलग निर्धारित किया गया है। सामान्य/OBC/EWS: ₹1,000, SC/ST: ₹500, PwBD: ₹300, अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले अपनी श्रेणी के अनुसार शुल्क और अन्य नियमों को ध्यान से देख लेना चाहिए।

दिसंबर में होगी लिखित परीक्षा

UPESSC की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार चयन परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के जरिए निर्धारित पदों के लिए अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। परीक्षा से संबंधित विस्तृत दिशा-निर्देश आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

1 अक्टूबर से बदल रहे LPG सिलिंडर के 5 नियम! सब्सिडी बचानी है तो तुरंत करें ये काम

नई दिल्ली। अगर आपके घर में LPG सिलिंडर का इस्तेमाल होता है तो 1 अक्टूबर 2026 से जुड़े कुछ जरूरी बदलावों की जानकारी रखना आपके लिए बेहद जरूरी है। नए महीने की शुरुआत के साथ LPG ग्राहकों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन, सिलिंडर की कीमत और डिलीवरी से जुड़े नियम चर्चा में हैं। ऐसे में गैस उपभोक्ताओं को समय रहते अपनी जानकारी और कनेक्शन की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।

1. सब्सिडी वाले सिलिंडर के लिए बायोमेट्रिक जरूरी

1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG सिलिंडर लेने वाले ग्राहकों के लिए आधार आधारित बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन (BAA) जरूरी होगा। जिन उपभोक्ताओं ने यह प्रक्रिया पहले ही पूरी कर ली है, उन्हें दोबारा कराने की जरूरत नहीं है। बाकी ग्राहक गैस एजेंसी, डिलीवरी के समय या संबंधित तेल कंपनी के ऐप के जरिए यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

2. BAA नहीं कराया तो सब्सिडी का लाभ प्रभावित

बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन पूरा नहीं करने वाले ग्राहकों को LPG की उपलब्धता बनी रहेगी, लेकिन उन्हें सब्सिडी वाले रेट पर रिफिल नहीं मिल सकेगा। ऐसे में जो परिवार सब्सिडी वाले सिलिंडर का लाभ लेते हैं, उनके लिए समय रहते आधार ऑथेंटिकेशन पूरा करना जरूरी है। सरकार का उद्देश्य इस प्रक्रिया के जरिए सही लाभार्थियों की पहचान सुनिश्चित करना है।

3. 1 अक्टूबर को LPG के दाम में बदलाव संभव

हर महीने की पहली तारीख को तेल कंपनियां घरेलू और कमर्शियल LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमत, आयात लागत, टैक्स और रुपये की स्थिति जैसे कई कारकों का असर सिलिंडर के दाम पर पड़ता है। इसलिए 1 अक्टूबर को कंपनियां नए रेट जारी कर सकती हैं।

4. हर जगह 25 दिन वाला बुकिंग नियम

LPG रिफिल की बुकिंग को लेकर भी ग्राहकों को सही जानकारी रखना जरूरी है। मौजूदा व्यवस्था के अनुसार शहरी इलाकों में दो रिफिल के बीच न्यूनतम 25 दिन, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन का अंतर रखा गया था। इसलिए अब पूरे देश में सभी LPG ग्राहकों के लिए केवल 25 दिन का नियम लागू हो जाएगा।

5. डिलीवरी के समय OTP की जरूरत पड़ सकती है

LPG सिलिंडर की डिलीवरी को सुरक्षित बनाने के लिए ग्राहक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP या डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसका मकसद बुकिंग और डिलीवरी को सही ग्राहक से जोड़ना है। इसलिए LPG कनेक्शन में मोबाइल नंबर अपडेट रखना जरूरी है, ताकि बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े जरूरी मैसेज समय पर मिल सकें।

यूपी के युवाओं को खुशखबरी! हर विधानसभा से 500 को नौकरी, लगेगा बड़ा रोजगार मेला

पटना। उत्तर प्रदेश के नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री रोजगार मिशन के तहत पहली बार प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों में वृहद रोजगार मेले आयोजित करने की तैयारी है। योजना के तहत हर विधानसभा क्षेत्र से कम से कम 500 युवाओं को रोजगार दिलाने का लक्ष्य रखा गया है।

इन मेलों में निजी क्षेत्र की अलग-अलग कंपनियों को बुलाया जाएगा, जहां युवा अपनी योग्यता और कौशल के मुताबिक नौकरी के लिए आवेदन और चयन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे। इससे स्थानीय स्तर पर ही कंपनियों तक पहुंच बनाने का अवसर मिलेगा।

रोजगार मेले में कौन ले सकेगा हिस्सा?

हाईस्कूल से स्नातक तक की पढ़ाई कर चुके 18 से 40 वर्ष के शहरी और ग्रामीण युवा इन मेलों में शामिल हो सकेंगे। इसके लिए रोजगार संगम पोर्टल पर पंजीकरण कराना जरूरी होगा। सेवायोजन विभाग के मुताबिक, रोजगार मेले में शामिल होने के लिए जॉब सीकर का पोर्टल पर पंजीकरण आवश्यक है।

सरकार की तैयारी सभी 75 जिला मुख्यालयों पर भी बड़े रोजगार मेले आयोजित करने की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री रोजगार मिशन का गठन युवाओं को उनकी योग्यता के अनुरूप प्रदेश और विदेशों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया है।

इस पहल के तहत विधानसभा स्तर पर रोजगार मेले आयोजित करने के लिए बजट की व्यवस्था की जा रही है। लक्ष्य है कि इन आयोजनों के जरिए बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी के अवसर मिलें।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने दिया बड़ा तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के एम-पैक्स से जुड़े किसानों के लिए दुर्घटना बीमा को लेकर बड़ी राहत की खबर है। सरकार ने जनता दुर्घटना बीमा योजना में बीमा कवर को मौजूदा 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 3 लाख रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा है। इससे करीब एक करोड़ सदस्य किसान इस बढ़े हुए बीमा कवर का लाभ उठा सकेंगे।

आपको बता दें की नई व्यवस्था के तहत किसान अपनी जरूरत के अनुसार 50 हजार, 1 लाख, 1.5 लाख, 2 लाख, 2.5 लाख या 3 लाख रुपये का बीमा कवर चुन सकेंगे। 3 लाख रुपये के कवर के लिए सालाना प्रीमियम 56 रुपये रखा गया है।

कम प्रीमियम में मिलेगा ज्यादा सुरक्षा कवर

योजना में अलग-अलग बीमा राशि के लिए अलग प्रीमियम तय है। 50 हजार रुपये के कवर पर 9.40 रुपये, 1 लाख पर 18.80 रुपये और 2 लाख रुपये के कवर के लिए 37.40 रुपये सालाना देने होंगे। वहीं 2.5 लाख रुपये के लिए 46.75 रुपये और 3 लाख रुपये के बीमा के लिए 56 रुपये प्रीमियम निर्धारित किया गया है।

दुर्घटना में बीमित व्यक्ति की मृत्यु या पूर्ण दिव्यांगता की स्थिति में बीमित राशि का पूरा भुगतान करने का प्रावधान है। आंशिक दिव्यांगता की स्थिति में 50 प्रतिशत बीमा राशि दिए जाने की व्यवस्था है।

बड़ी संख्या में किसानों को होगा फायदा

जनता दुर्घटना बीमा योजना वर्ष 2018 से पैक्स सदस्यों के लिए संचालित है। अब बीमा कवर बढ़ने से अधिक किसानों के इससे जुड़ने की संभावना है। खास बात यह है कि केवल पैक्स से ऋण लेने वाले ही नहीं, बल्कि अन्य सदस्य किसान भी योजना का लाभ ले सकते हैं।

यूपी में संविदा कर्मचारियों को खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम कर रहे संविदाकर्मियों के लिए बड़ी राहत की खबर है। पहली बार उनके लिए स्थानांतरण की नीति लागू की गई है। इसके तहत तीन साल की सेवा पूरी कर चुके करीब 85 हजार संविदाकर्मी अंतरजनपदीय तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया 3 अक्टूबर से 14 अक्टूबर तक मानव संपदा पोर्टल के जरिए चलेगी।

तबादला उपलब्ध रिक्त पदों और आपसी सहमति वाले पदों के आधार पर किया जाएगा। कर्मचारियों को अधिकतम तीन जिलों का विकल्प देने की सुविधा होगी, जबकि कम से कम एक जिले का विकल्प चुनना जरूरी होगा। संबंधित जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी आवेदनों की पात्रता जांचकर आगे की कार्रवाई करेंगे।

इन कर्मचारियों को मिलेगी प्राथमिकता

नीति में कुछ विशेष परिस्थितियों वाले कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का प्रावधान किया गया है। इनमें दिव्यांग कर्मचारी, गंभीर बीमारी से प्रभावित कर्मचारी, आकांक्षी जिले या ब्लॉक में तैनात कर्मचारी और विधवा या तलाकशुदा महिला कर्मचारी शामिल हैं। नाबालिग बच्चों या आश्रित परिजनों की गंभीर बीमारी जैसे मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। सरकारी सेवा, NHM या केंद्रीय सशस्त्र बलों में कार्यरत पति-पत्नी से जुड़े मामलों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

आपसी सहमति यानी म्यूचुअल तबादले के आवेदनों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, कुल संविदाकर्मियों के अधिकतम 10 प्रतिशत का ही स्थानांतरण किया जा सकेगा। तीन साल की सेवा अवधि में 180 दिन या उससे अधिक अवैतनिक अवकाश लेने वाले कर्मचारी इस प्रक्रिया के लिए पात्र नहीं होंगे।

प्रबंधन इकाइयों के कर्मचारियों को भी लाभ

जिला और ब्लॉक स्तर की कार्यक्रम प्रबंधन इकाइयों में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों के लिए भी तबादले का रास्ता खुला है। डीपीएम, डीसीपीएम, डीएएम, बीपीएम, बीसीपीएम और बीएएम जैसे पदों पर एक जिले में पांच साल से अधिक समय पूरा कर चुके कर्मचारियों को दूसरे जिले में स्थानांतरित किया जा सकेगा।

लंबे समय से तबादला नीति की मांग कर रहे NHM संविदाकर्मियों के लिए यह व्यवस्था महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे दूरदराज के जिलों में लंबे समय से तैनात कर्मचारियों को अपने गृह जिले या नजदीकी जिले में जाने का अवसर मिल सकेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान, ग्रामीण युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ग्रामीण इलाकों में रहने वाले युवाओं के लिए रोजगार और स्किल ट्रेनिंग से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दीन दयाल उपाध्याय-ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 2.0 के तहत अक्टूबर 2026 से करीब 70 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने की शुरुआत होगी। इसके लिए 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 2,015 ट्रेनिंग बैच शुरू किए जा रहे हैं।

केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय के मुताबिक, अब तक 24 राज्यों की ओर से 1,200 से ज्यादा परियोजनाओं के तहत ट्रेनिंग एजेंसियों को 5.6 लाख से अधिक प्रशिक्षण लक्ष्य दिए जा चुके हैं। बाकी राज्यों में भी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। सभी राज्यों को 31 अक्टूबर 2026 तक लक्ष्य आवंटन पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

दो साल में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को ट्रेनिंग

DDU-GKY 2.0 के तहत 2026 से 2028 के बीच 9 लाख से अधिक ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नेशनल स्किल क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क (NSQF) के अनुरूप संचालित किया जाएगा, ताकि युवाओं को उद्योगों की जरूरत के मुताबिक कौशल मिल सके।

15 से 35 साल के युवाओं पर फोकस

DDU-GKY की शुरुआत 25 सितंबर 2014 को ग्रामीण गरीब परिवारों के युवाओं को रोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से हुई थी। योजना में मुख्य रूप से 15 से 35 वर्ष के ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। नए संस्करण में 3 से 12 महीने तक के अलग-अलग कोर्स और प्रशिक्षण के बाद सहायता पर भी जोर दिया गया है।

अब तक लाखों युवाओं को मिला फायदा

सरकारी आंकड़ों के अनुसार जून 2026 तक योजना के तहत 18.45 लाख ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण मिल चुका है। इनमें से 12.35 लाख से ज्यादा युवाओं को रोजगार मिलने की जानकारी दी गई है। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण युवाओं को बेहतर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के साथ उनके कौशल को मजबूत करना है।

नोएडा एयरपोर्ट से बेंगलुरु-कोलकाता की सीधी फ्लाइट, 1 अक्टूबर से शुरू

न्यूज डेस्क। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। अकासा एयर 1 अक्टूबर से नोएडा एयरपोर्ट को कोलकाता और बेंगलुरु से सीधे जोड़ेगी। इन दोनों रूट पर टिकट की बुकिंग शुरू हो चुकी है। इससे त्योहारी सीजन में यात्रियों को आने-जाने के लिए एक और विकल्प मिल जाएगा।

कोलकाता की फ्लाइट का समय

अकासा एयर की फ्लाइट नोएडा एयरपोर्ट से सुबह 10:30 बजे रवाना होकर दोपहर 12:50 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में फ्लाइट कोलकाता से 1:30 बजे उड़ान भरकर शाम 3:50 बजे नोएडा एयरपोर्ट पहुंचेगी।

बेंगलुरु के लिए भी सीधी उड़ान

बेंगलुरु से फ्लाइट सुबह 7 बजे रवाना होकर 9:45 बजे नोएडा पहुंचेगी। वहीं नोएडा से वापसी की उड़ान शाम 4:30 बजे चलेगी और रात 7:20 बजे बेंगलुरु पहुंचेगी। बेंगलुरु रूट पर इंडिगो की सेवा पहले से उपलब्ध है।

मुंबई की एक फ्लाइट होगी बंद

नई सेवाएं शुरू करने के साथ अकासा एयर नोएडा से मुंबई जाने वाली दोपहर 2:05 बजे की फ्लाइट को 1 अक्टूबर से बंद करेगी। वहीं अहमदाबाद और पुणे के लिए एयरलाइन की कनेक्टिंग फ्लाइट की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। नई उड़ानों से नोएडा एयरपोर्ट की प्रमुख शहरों से कनेक्टिविटी और बढ़ने की उम्मीद है।

भारत की कंपनी अमेरिका में बनाएगी सबसे बड़ा स्टील प्लांट! ट्रंप ने किया ऐलान

नई दिल्ली। भारतीय उद्योग समूह Essar Group अमेरिका में एक बड़े स्टील प्रोजेक्ट पर करीब 18 अरब डॉलर निवेश करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में इसकी घोषणा की। Essar की अमेरिकी इकाई Mesabi Metallics Iowa में नया स्टील कॉम्प्लेक्स तैयार करेगी, जिसे अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े स्टील प्लांट के तौर पर पेश किया गया है।

सालाना 1 करोड़ टन तक होगा उत्पादन

प्रोजेक्ट में Iowa के स्टील कॉम्प्लेक्स पर करीब 15 अरब डॉलर खर्च होने हैं, जबकि Minnesota में आयरन-ओर माइन और उससे जुड़ी सुविधाओं पर लगभग 3 अरब डॉलर का निवेश शामिल है। प्लांट की शुरुआती क्षमता करीब 75 लाख टन सालाना होगी, जिसे आगे बढ़ाकर 1 करोड़ टन तक ले जाने की योजना है। उत्पादन की शुरुआत करीब 2030 में होने का लक्ष्य रखा गया है।

Minnesota से आएगा कच्चा माल

इस प्रोजेक्ट की खासियत इसका एकीकृत सप्लाई सिस्टम है। Minnesota की Mesabi Iron Range में कंपनी की आयरन-ओर परियोजना से कच्चा माल Iowa के स्टील कॉम्प्लेक्स तक पहुंचाया जाएगा। यानी खनन से लेकर स्टील उत्पादन तक पूरी प्रक्रिया अमेरिका में ही होगी।

हजारों रोजगार के अवसर

कंपनी के मुताबिक इस पूरे प्रोजेक्ट से निर्माण और संचालन के दौरान हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। शुरुआती 10 वर्षों में परियोजना के अमेरिकी अर्थव्यवस्था में करीब 95 अरब डॉलर के आर्थिक योगदान का अनुमान भी सामने आया है।

शरीर में ओमेगा-3 की कमी तो नहीं? दिखने लगते हैं ये 5 संकेत, समय रहते पहचानें

हेल्थ डेस्क। ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में शामिल है। यह मछली, समुद्री भोजन, अलसी, चिया सीड्स और अखरोट जैसे खाद्य पदार्थों से मिलता है। शरीर खुद ALA नामक ओमेगा-3 नहीं बना सकता, इसलिए इसकी पूर्ति भोजन से करनी पड़ती है।

हालांकि स्वस्थ लोगों में ओमेगा-3 की गंभीर कमी आम नहीं है, लेकिन लंबे समय तक पर्याप्त मात्रा न मिलने पर शरीर में कुछ बदलाव दिखाई दे सकते हैं। इन संकेतों को समझना जरूरी है।

1. त्वचा का बहुत ज्यादा रूखा होना

ओमेगा-3 की कमी का सबसे स्पष्ट संकेत त्वचा का रूखी और पपड़ीदार होना माना जाता है। कुछ मामलों में त्वचा पर लाल, सूजे हुए या खुजली वाले चकत्ते भी दिखाई दे सकते हैं।

2. त्वचा में खुजली और जलन

अगर त्वचा बार-बार सूखने के साथ खुजली, जलन या लालिमा जैसी समस्या पैदा कर रही है, तो खान-पान पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि इसके पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

3. आंखों में सूखापन

ओमेगा-3 और आंखों की सेहत के बीच संबंधों पर शोध जारी है। कुछ अध्ययनों में ओमेगा-3 के सेवन और ड्राई आई के लक्षणों के बीच संबंध देखा गया है, लेकिन सप्लीमेंट लेने से हर व्यक्ति को फायदा मिले, यह साबित नहीं हुआ है।

4. सूजन या जोड़ों की परेशानी

ओमेगा-3 शरीर में सूजन से जुड़ी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। कुछ शोधों में ओमेगा-3 सप्लीमेंट से रूमेटॉइड आर्थराइटिस के मरीजों में दर्द की दवा की जरूरत कम होने की बात सामने आई है, हालांकि इसे हर तरह के जोड़ों के दर्द का इलाज नहीं माना जा सकता।

5. बाल और त्वचा की सेहत में बदलाव

खान-पान में जरूरी वसा की कमी होने पर त्वचा और बालों की स्थिति प्रभावित हो सकती है। हालांकि बाल झड़ना या त्वचा में बदलाव केवल ओमेगा-3 की कमी के कारण हों, ऐसा जरूरी नहीं है। इनके पीछे तनाव, हार्मोनल बदलाव, पोषण की दूसरी कमियां या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

कैसे पूरी करें ओमेगा-3 की जरूरत?

ओमेगा-3 के लिए आहार में अलसी के बीज, चिया सीड्स, अखरोट और सोयाबीन जैसे स्रोत शामिल किए जा सकते हैं। मछली खाने वाले लोग सैल्मन, सार्डिन, मैकेरल और अन्य समुद्री मछलियों से EPA और DHA प्राप्त कर सकते हैं।

1 अक्टूबर से बदलेंगे 5 राशियों के सितारे! सिद्धि योग देगा धन लाभ और तरक्की के शुभ संकेत

राशिफल। अक्टूबर महीने की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से खास मानी जा रही है। 1 अक्टूबर 2026 को सिद्धि योग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में कार्यों में सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाला योग माना जाता है। पंचांग के अनुसार इस दिन चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा और सिद्धि योग रात तक प्रभावी रहेगा।

इसके साथ ही 1 अक्टूबर को बुध के स्वाति नक्षत्र में प्रवेश का भी संयोग बन रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार बुध का संबंध बुद्धि, व्यापार, शिक्षा और संचार से माना जाता है। इस वजह से अक्टूबर की शुरुआत कुछ राशियों के लिए आर्थिक और करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

मिथुन राशि:

मिथुन राशि वालों के लिए अक्टूबर की शुरुआत करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर लेकर आ सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के मौके मिल सकते हैं और योजनाओं को आगे बढ़ाने में सफलता मिल सकती है।

कन्या राशि:

कन्या राशि के जातकों के लिए धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक संकेत हैं। कामकाज में आपकी बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता फायदा पहुंचा सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या अवसर मिलने की संभावना बन सकती है।

तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए व्यापार और पेशेवर जीवन में प्रगति के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलने की ज्योतिषीय मान्यता है।

कर्क राशि:

कर्क राशि के जातकों के लिए संपत्ति, सुख-सुविधाओं और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए गए हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने का अवसर मिल सकता है।

धनु राशि:

धनु राशि वालों के लिए नौकरी और आर्थिक मामलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं। अटके हुए काम आगे बढ़ने और मेहनत का परिणाम मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों के लिए भी समय अनुकूल रह सकता है।

बिहार बोर्ड का बड़ा फैसला, घर बैठे डाउनलोड कर सकेंगे मार्कशीट

पटना। बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने 2026 में 10वीं और 12वीं की परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के लिए बड़ी सुविधा शुरू की है। अब छात्र अपनी मार्कशीट और अन्य शैक्षणिक दस्तावेज DigiLocker के जरिए घर बैठे डिजिटल रूप में प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए बोर्ड कार्यालय जाने की जरूरत नहीं होगी।

बिहार बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. त्यागराजन एसएम के अनुसार, वर्ष 2026 की मैट्रिक और इंटर परीक्षा से जुड़े दस्तावेज DigiLocker पर उपलब्ध करा दिए गए हैं। यह सुविधा इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय और डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के सहयोग से शुरू की गई है।

पुराने दस्तावेज भी होंगे उपलब्ध

बोर्ड की ओर से बताया गया है कि आने वाले समय में 2026 से पहले के वर्षों में हुई परीक्षाओं के मार्कशीट और प्रमाणपत्र भी DigiLocker पर उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पुराने विद्यार्थियों को भी डिजिटल दस्तावेज हासिल करने में आसानी होगी।

नौकरी और पढ़ाई में मिलेगी सुविधा

DigiLocker पर उपलब्ध दस्तावेजों को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 के तहत मूल दस्तावेजों के बराबर मान्यता प्राप्त है। ऐसे में विद्यार्थी इनका इस्तेमाल उच्च शिक्षा में दाखिले, नौकरी, छात्रवृत्ति और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में कर सकेंगे। डिजिटल रिकॉर्ड होने से मार्कशीट खोने या खराब होने की चिंता भी कम होगी और दस्तावेजों का सत्यापन आसानी से किया जा सकेगा।

ऐसे प्राप्त करें डिजिटल मार्कशीट

विद्यार्थी DigiLocker ऐप या वेबसाइट पर लॉगइन करने के बाद बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड का विकल्प चुनें। इसके बाद 10वीं या 12वीं की संबंधित मार्कशीट चुनकर रोल कोड, रोल नंबर और परीक्षा वर्ष 2026 जैसी जानकारी दर्ज करनी होगी। विवरण सत्यापित होने के बाद डिजिटल दस्तावेज DigiLocker में प्राप्त हो जाएगा।

ब्रेन कैंसर के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। ब्रेन कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। इसके लक्षण इस बात पर निर्भर कर सकते हैं कि मस्तिष्क के किस हिस्से में ट्यूमर है, उसका आकार कितना है और वह कितनी तेजी से बढ़ रहा है। कई बार शुरुआती संकेत सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं जैसे लग सकते हैं, इसलिए लगातार बने रहने वाले या तेजी से बढ़ रहे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. बार-बार या बदलता हुआ सिरदर्द

लगातार होने वाला सिरदर्द, पहले से अलग तरह का दर्द या समय के साथ बढ़ता सिरदर्द ध्यान देने योग्य हो सकता है। खासकर अगर सिरदर्द के साथ उल्टी, कमजोरी या देखने में परेशानी जैसी दूसरी समस्याएं भी हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

2. नजर में बदलाव

धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें नजर आना या आंखों की रोशनी से जुड़ी नई समस्या भी मस्तिष्क से संबंधित किसी परेशानी का संकेत हो सकती है। अचानक या लगातार नजर में बदलाव होने पर इसकी जांच करानी चाहिए।

3. शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन

ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क के उन हिस्सों को प्रभावित कर सकता है जो शरीर की गतिविधियों को नियंत्रित करते हैं। ऐसे में हाथ-पैर में कमजोरी, सुन्नपन या शरीर के एक तरफ ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है।

4. बोलने या समझने में परेशानी

बात करते समय सही शब्द न मिलना, बोलने में दिक्कत होना या दूसरों की बात समझने में अचानक परेशानी महसूस होना भी एक चेतावनी संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

5. दौरे पड़ना या व्यवहार में बदलाव

ऐसे व्यक्ति को पहली बार दौरा पड़ना, याददाश्त में बदलाव, एकाग्रता कम होना या व्यवहार और व्यक्तित्व में असामान्य बदलाव महसूस होना भी ब्रेन ट्यूमर से जुड़े लक्षणों में शामिल हो सकता है।

हर सिरदर्द ब्रेन कैंसर नहीं

यह समझना जरूरी है कि ऊपर बताए गए लक्षण केवल ब्रेन कैंसर में ही नहीं होते। सिरदर्द, नजर की समस्या, कमजोरी या याददाश्त में बदलाव के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर कैंसर का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

अगर कोई लक्षण नया है, लगातार बना हुआ है, तेजी से बढ़ रहा है या उसके साथ दौरा, अचानक कमजोरी, बोलने में गंभीर परेशानी या बेहोशी जैसी समस्या हो रही है, तो जल्द से जल्द चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए। समय पर जांच से समस्या का सही कारण पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा! 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के बनेंगे योग

राशिफल। शारदीय नवरात्रि 2026 का पावन पर्व 11 अक्टूबर, रविवार से शुरू होगा। इस दौरान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाएगी। नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना के साथ देवी आराधना की शुरुआत होगी और 20 अक्टूबर को विजयादशमी के साथ पर्व का समापन होगा।

इस बार नवरात्रि की शुरुआत रविवार को होने के कारण धार्मिक मान्यता के अनुसार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं में देवी का हाथी पर आगमन शुभ संकेत माना जाता है। इसे सुख-समृद्धि, अच्छी वर्षा और खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, देवी के वाहन से जुड़े ये संकेत धार्मिक परंपराओं और मान्यताओं पर आधारित हैं।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. वृषभ राशि

मां दुर्गा के हाथी पर आगमन को वृषभ राशि के लिए शुभ माना जा रहा है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कार्यक्षेत्र में सफलता, आर्थिक लाभ और परिवार में सुख-शांति के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों को भी मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना जताई गई है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए नवरात्रि के दौरान रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। करियर और कारोबार में नए अवसर मिलने के साथ आय के नए साधन बनने की संभावना बताई गई है।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से सकारात्मक माना जा रहा है। सोच-समझकर लिए गए फैसलों से लाभ मिलने और करियर में प्रगति के अवसर बनने की ज्योतिषीय मान्यता है। विदेश यात्रा से जुड़े अवसर भी बन सकते हैं।

4. मकर राशि

नवरात्रि के दौरान मकर राशि के जातकों को करियर में नई जिम्मेदारी या प्रगति का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने और लंबे समय से चल रही योजनाओं में गति आने की संभावना ज्योतिषीय विश्लेषणों में बताई गई है।

5. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए नवरात्रि का समय पारिवारिक सुख और भावनात्मक स्थिरता के लिहाज से अच्छा माना जा रहा है। घर-परिवार से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव और मानसिक शांति मिलने की उम्मीद जताई गई है।

1 अक्टूबर से AC, TV, फ्रिज होंगे महंगे! त्योहारों से पहले ग्राहकों को बड़ा झटका, बढ़ेंगे दाम

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन में AC, TV, फ्रिज और वॉशिंग मशीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों को जेब ढीली करनी पड़ सकती है। कई कंपनियां 1 अक्टूबर 2026 से कीमतों में बढ़ोतरी की तैयारी में हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अलग-अलग उत्पादों पर करीब 3 से 8 फीसदी तक का असर पड़ सकता है।

AC पर सबसे ज्यादा असर

कीमत बढ़ने का सबसे बड़ा असर एयर कंडीशनर पर देखने को मिल सकता है। कई कंपनियों की ओर से AC के दाम में करीब 5 से 8 फीसदी तक बढ़ोतरी की जानकारी सामने आई है। वहीं टीवी, रेफ्रिजरेटर और वॉशिंग मशीन जैसी दूसरी श्रेणियों में करीब 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी की संभावना बताई गई है। हालांकि, हर कंपनी और मॉडल पर एक जैसा बदलाव जरूरी नहीं है।

कच्चे माल से लेकर ढुलाई तक बढ़ी लागत

कंपनियों के लिए कॉपर, एल्युमिनियम, स्टील और अन्य जरूरी कच्चे माल की लागत बढ़ना कीमतों में बदलाव की प्रमुख वजहों में शामिल है। इसके अलावा माल ढुलाई खर्च और विदेशी मुद्रा में उतार-चढ़ाव ने भी उत्पादन लागत पर दबाव बढ़ाया है। 2026 में यह उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग की कीमतों में बढ़ोतरी का तीसरा दौर बताया जा रहा है।

पुराने स्टॉक पर मिल सकता है फायदा

हालांकि, कीमत बढ़ने का मतलब यह नहीं है कि 1 अक्टूबर को हर दुकान पर सभी सामान तुरंत नई कीमत पर मिलेंगे। डीलरों के पास पहले से मौजूद पुराना स्टॉक कुछ समय तक पुरानी कीमत पर उपलब्ध रह सकता है। ऐसे में त्योहारी ऑफर और बैंक डिस्काउंट के साथ ग्राहकों को कुछ मॉडलों पर राहत मिलने की संभावना बनी रह सकती है।

बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी! अब AI से पढ़ाएंगे गुरुजी, Google के साथ सरकार का करार

पटना। बिहार में शिक्षकों के पढ़ाने के तरीके को तकनीक से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है। विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग और Google LLC के बीच AI सशक्तीकरण और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर Statement of Intent (SOI) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस पहल के तहत शिक्षकों को AI आधारित तकनीकों के व्यावहारिक इस्तेमाल के लिए तैयार किया जाएगा।

Gemini और NotebookLM की मिलेगी जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को Google के Gemini और NotebookLM जैसे टूल का सुरक्षित और उपयोगी तरीके से इस्तेमाल सिखाने का प्रस्ताव है। इनकी मदद से पाठ योजना तैयार करने, पढ़ाने की रणनीति बेहतर बनाने और रोजमर्रा के प्रशासनिक काम को आसान करने जैसे तरीकों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। AI को शिक्षण सहायक के रूप में इस्तेमाल करने की क्षमता भी विकसित की जाएगी।

स्मार्ट क्लास और डिजिटल सुविधाओं पर जोर

इस सहयोग में केवल प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि डिजिटल शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान रहेगा। ICT लैब, स्मार्ट क्लासरूम, कनेक्टेड क्लासरूम, डिजिटल लाइब्रेरी और भाषा प्रयोगशालाओं जैसी सुविधाओं के विकास में तकनीकी सहयोग का प्रस्ताव है।

हिंदी-अंग्रेजी में प्रशिक्षण और प्रमाणन

शिक्षकों के लिए हिंदी और अंग्रेजी में स्थानीय जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से हाइब्रिड ट्रेनिंग के साथ दक्षता आधारित आकलन और प्रमाणन की व्यवस्था भी प्रस्तावित है।

शिक्षकों के बीच साझा होंगे AI के प्रयोग

Google Educator Groups के जरिए शिक्षक अपने अनुभव और AI आधारित शिक्षण के सफल तरीकों को एक-दूसरे के साथ साझा कर सकेंगे। सरकार और Google की यह पहल बिहार की शिक्षा व्यवस्था को डिजिटल तकनीक के साथ जोड़ने और शिक्षकों को भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।

खुशखबरी की नई घोषणा! बिहार में 1 बंपर भर्ती, आवेदन शुरू

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती से जुड़ा नया अपडेट सामने आया है। BPSC ने TRE 4.0 में 932 अतिरिक्त पद जोड़ दिए हैं। इसके बाद कुल रिक्तियों की संख्या बढ़कर 33,320 हो गई है। आयोग ने संशोधित रिक्तियों को लेकर नोटिस जारी किया है।

किन कक्षाओं में बढ़े पद?

नए पद मुख्य रूप से कक्षा 9 से 10 और 11 से 12 के शिक्षकों के लिए जोड़े गए हैं। माध्यमिक स्तर पर 493 और उच्च माध्यमिक स्तर पर 439 पद शामिल किए गए हैं। इनमें मैथिली, बंगाली, संगीत, अरबी, फारसी, भोजपुरी, मगही, पाली और प्राकृत जैसे विषयों के पद भी शामिल हैं।

आवेदन का मौका जारी

TRE 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है। उपलब्ध ताजा जानकारी के अनुसार आवेदन की अंतिम तारीख 26 अक्टूबर 2026 है। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले BPSC की आधिकारिक अधिसूचना में अपनी योग्यता और संबंधित विषय की पात्रता जरूर जांच लेनी चाहिए।

CTET और STET अभ्यर्थियों के लिए भी अपडेट

भर्ती की पात्रता में CTET और STET से जुड़े नियम भी महत्वपूर्ण हैं। वहीं, 2026 में STET देने वाले अभ्यर्थियों को आवेदन प्रक्रिया में शामिल किए जाने की जानकारी सामने आई है। जबकि CTET अभ्यर्थियों की ओर से भी भर्ती में अवसर दिए जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं।

ऐसे में TRE 4.0 में पदों की संख्या बढ़ने से शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए उपलब्ध अवसरों का दायरा बढ़ा है।