हर जिले में समय से पहले पहुंचेगी खाद
सरकार ने साफ निर्देश दिए हैं कि यूरिया, डीएपी और एनपीके जैसे प्रमुख उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। जिला स्तर पर मांग का आकलन कर पहले से ही सप्लाई भेजने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि बुवाई और फसल की बढ़वार के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न उठानी पड़े।
पारदर्शिता के लिए निगरानी कमेटी
उर्वरकों के वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए हर जिले में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जा रहा है। इन समितियों में कृषि, राजस्व और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे, जो खाद वितरण की प्रक्रिया पर नजर रखेंगे और यह सुनिश्चित करेंगे कि लाभ सही किसानों तक पहुंचे।
सहकारी समितियों की बढ़ेगी भूमिका
इस योजना में सहकारी समितियों को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरकार चाहती है कि खाद का अधिकतम वितरण सहकारी संस्थाओं के माध्यम से हो, जिससे पारदर्शिता बनी रहे। वहीं निजी क्षेत्र को भी सीमित हिस्सेदारी देकर सप्लाई चेन को संतुलित रखने की रणनीति बनाई गई है।
रियल-टाइम मॉनिटरिंग से निगरानी
खाद की उपलब्धता और वितरण पर नजर रखने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए हर स्तर पर निगरानी रखी जाएगी और जिला स्तर पर नियमित समीक्षा बैठकें भी होंगी, ताकि किसी भी समस्या का तुरंत समाधान किया जा सके।





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