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यूपी में जमीन की पैमाइश को लेकर बड़ी खबर, रैयतों के लिए खुशखबरी!

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश में जमीन की पैमाइश और सीमांकन को आसान बनाने के लिए अब पारंपरिक जरीब और फीता की जगह सेटेलाइट आधारित रोवर तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कम समय में बड़े क्षेत्रफल की जमीन की सटीक नापी करने में मदद मिलेगी। साथ ही भूमि विवादों के निस्तारण की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है।

सेंटीमीटर तक होगी पैमाइश

करीब 6 लाख रुपये की लागत वाली इस मशीन को जमीन के निर्धारित सीमा बिंदुओं पर लगाकर नापी की जाती है। यह दूरी को सेंटीमीटर और इंच तक माप सकती है तथा करीब 2 सेंटीमीटर तक का अंतर बताने में सक्षम है। मशीन से पैमाइश के साथ फील्ड बुक तैयार कर उसका प्रिंट भी निकाला जा सकता है।

तहसीलों में होगा इस्तेमाल

नई तकनीक का इस्तेमाल तहसील स्तर पर जमीन की पक्की पैमाइश के लिए किया जाएगा। खासकर विवादित भूमि के मामलों में इससे अधिकारियों को काम तेजी से पूरा करने में मदद मिल सकती है। इससे किसानों और जमीन मालिकों को भी नापी के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

बारिश में सावधानी जरूरी

अधिकारियों के अनुसार बारिश के दौरान मशीन के इस्तेमाल में परेशानी आ सकती है। हालांकि सामान्य मौसम में यह तकनीक बड़े क्षेत्रफल की जमीन को कम समय में मापने में उपयोगी साबित हो सकती है। नई व्यवस्था से जमीन की पैमाइश में समय की बचत के साथ रिकॉर्ड तैयार करने और भूमि विवादों के समाधान में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

जापान में अमेरिकी मिसाइल तैनाती से मचा हड़कंप! रूस ने दी खुली चेतावनी

न्यूज डेस्क। जापान में अमेरिकी टाइफॉन मिसाइल सिस्टम की तैनाती को लेकर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई है। रूसी उप विदेश मंत्री आंद्रे रुडेंको के मुताबिक, जापान ने भरोसा दिलाया है कि सैन्य अभ्यास समाप्त होने के बाद इन मिसाइल प्रणालियों को हटा दिया जाएगा। हालांकि, रूस ने कहा है कि उसे जापान के मौजूदा नेतृत्व पर इस मामले में पूरा भरोसा नहीं है और वादे से पीछे हटने पर जवाब दिया जाएगा।

क्यूशू में हुई तैनाती

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना ने जापान के दक्षिण-पश्चिमी द्वीप क्यूशू में सैन्य अभ्यास के लिए जमीन से लॉन्च होने वाली टाइफॉन प्रणाली तैनात करने की योजना बनाई थी। इस प्रणाली से मध्यम और कम दूरी की मिसाइलें लॉन्च की जा सकती हैं। अभ्यास के दौरान HIMARS रॉकेट सिस्टम की मौजूदगी की भी रिपोर्ट सामने आई।

रूस ने जताई सुरक्षा चिंता

रूस का कहना है कि जापान में टाइफॉन प्रणाली की मौजूदगी उसके क्षेत्रीय सुरक्षा हितों को प्रभावित कर सकती है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने भी ऐसी तैनाती वाले सैन्य अभ्यास को लेकर आपत्ति जताई है।

अब नजर अभ्यास खत्म होने के बाद की स्थिति पर

रूस की चिंता मुख्य रूप से इस बात को लेकर है कि अभ्यास समाप्त होने के बाद अमेरिकी मिसाइल सिस्टम जापान में स्थायी रूप से तो नहीं रहेंगे। मॉस्को ने स्पष्ट किया है कि अगर मिसाइलें हटाने के वादे का पालन नहीं हुआ तो वह इसे अनदेखा नहीं करेगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! इस हफ्ते बढ़ सकता है DA, जानें कितना मिलेगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को महंगाई भत्ते (DA) में अगली बढ़ोतरी का इंतजार है। जून 2026 के AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर 3 प्रतिशत DA बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर यह बढ़ोतरी मंजूर होती है तो DA मौजूदा 60% से बढ़कर 63% हो सकता है। हालांकि, अंतिम दर का ऐलान केंद्र सरकार ही करेगी।

AICPI आंकड़ों से तय होता है DA

DA की गणना AICPI-IW के 12 महीने के औसत के आधार पर होती है। जुलाई 2025 से जून 2026 तक का औसत इंडेक्स 148.65 रहा, जिसके आधार पर गणना करीब 63.76% बैठती है और इसे 63% माना जा रहा है।

कितनी बढ़ सकती है सैलरी?

अगर DA 60% से बढ़कर 63% होता है तो 3 प्रतिशत अंक का इजाफा होगा। उदाहरण के तौर पर ₹18,000 के बेसिक पे वाले कर्मचारी को DA में करीब ₹540 प्रति माह अतिरिक्त मिल सकता है। वहीं ₹35,400 के बेसिक पे पर यह बढ़ोतरी करीब ₹1,062 प्रति माह होगी।

पिछली बढ़ोतरी कितनी थी?

केंद्र सरकार ने अप्रैल 2026 में 1 जनवरी 2026 से प्रभावी DA में 2% की बढ़ोतरी को मंजूरी दी थी, जिसके बाद DA 58% से बढ़कर 60% हुआ था।

फिलहाल कर्मचारियों की नजर सरकार के आधिकारिक ऐलान पर है। मंजूरी मिलने के बाद ही बढ़े हुए DA की वास्तविक दर और भुगतान से जुड़ी जानकारी स्पष्ट होगी।

यूपी के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन!

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में परिषदीय स्कूलों में कार्यरत 217 शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर है। एक ही पद पर 10 साल की संतोषजनक सेवा पूरी करने वाले इन शिक्षकों को अब चयन वेतनमान (सेलेक्शन ग्रेड) का लाभ मिलेगा।

जारी हुआ स्वीकृति आदेश

बीईओ कार्यालयों से प्राप्त ऑनलाइन संस्तुति के आधार पर बीएसए डॉ. राम जियावन मौर्य ने चयन वेतनमान की मंजूरी का आदेश जारी कर दिया है। पहली सूची में 160 और दूसरी सूची में 57 शिक्षकों को शामिल किया गया है।

हर महीने 2500 से 3000 रुपये तक बढ़ेगा वेतन

विभागीय नियमों के तहत एक ही पद पर निर्धारित अवधि पूरी करने वाले पात्र शिक्षकों को चयन वेतनमान दिया जाता है। इससे संबंधित शिक्षकों के मूल वेतन में बढ़ोतरी होगी और मासिक वेतन करीब 2500 से 3000 रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है।

अक्टूबर के वेतन में मिलेगा लाभ

बताया गया है कि सितंबर 2016 में नियुक्त हुए शिक्षकों ने सितंबर 2026 में एक ही पद पर 10 वर्ष की सेवा पूरी की है। स्वीकृति के बाद अक्टूबर में मिलने वाले वेतन से बढ़े हुए वित्तीय लाभ का असर दिखाई दे सकता है। आदेश जारी होने के बाद शिक्षक संगठनों ने खुशी जताते हुए बीएसए कार्यालय के प्रति आभार व्यक्त किया है।

बच्चेदानी में गांठ? शरीर दे सकता है ये 5 संकेत, समय रहते पहचानना जरूरी

हेल्थ डेस्क। महिलाओं में बच्चेदानी यानी गर्भाशय में गांठ की समस्या कई कारणों से हो सकती है। फाइब्रॉएड गर्भाशय की मांसपेशियों में बनने वाली आम तरह की गांठ है और यह अक्सर कैंसर नहीं होती। हालांकि, इसके कारण कुछ महिलाओं को ऐसे लक्षण महसूस हो सकते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

1. पीरियड्स में ज्यादा ब्लीडिंग

मासिक धर्म के दौरान सामान्य से ज्यादा रक्तस्राव होना या लंबे समय तक पीरियड्स चलना फाइब्रॉएड का एक आम संकेत हो सकता है।

2. पेट के निचले हिस्से में दर्द

पेट के निचले हिस्से या पेल्विक एरिया में लगातार दर्द, दबाव या भारीपन महसूस होना भी गांठ से जुड़ा हो सकता है।

3. बार-बार पेशाब आना

अगर गांठ का आकार बड़ा हो जाए तो वह आसपास के अंगों पर दबाव डाल सकती है। इससे बार-बार पेशाब आने जैसी परेशानी हो सकती है।

4. कमर में दर्द की समस्या

कुछ महिलाओं में गर्भाशय की गांठ के कारण कमर या पेल्विक हिस्से में दर्द और असहजता बनी रह सकती है।

5. गर्भधारण में परेशानी

कुछ मामलों में फाइब्रॉएड गर्भधारण या गर्भावस्था को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, हर महिला में ऐसा हो, यह जरूरी नहीं है।

कब डॉक्टर से मिलें?

अगर पीरियड्स में बहुत ज्यादा ब्लीडिंग हो रही है, दर्द लगातार बना हुआ है, पेट में असामान्य भारीपन महसूस होता है या ऐसे लक्षण बार-बार सामने आ रहे हैं तो स्त्री रोग विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है। जांच के बाद ही गांठ के प्रकार और इलाज की जरूरत का पता लगाया जा सकता है।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य! इन 4 राशियों को मिलेगा धन और तरक्की का लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आने वाला समय कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है। ग्रह-नक्षत्रों की अनुकूल स्थिति से इन राशि के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए समय उत्साह और नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी आर्थिक लाभ के नए रास्ते नजर आ सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को कामकाज में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से समय अनुकूल रह सकता है। नौकरी में पद और जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कारोबार में भी नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। लंबे समय से अटके काम गति पकड़ सकते हैं। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे, जबकि आय के अतिरिक्त स्रोत बनने की संभावना भी है।

यूपी वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! EWS बनवाना हुआ आसान

लखनऊ। आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों के लिए EWS प्रमाणपत्र काफी अहम है। इसका इस्तेमाल सरकारी नौकरियों, शिक्षण संस्थानों में दाखिले और कुछ सरकारी योजनाओं में आरक्षण या निर्धारित लाभ लेने के लिए किया जाता है। यूपी में अब इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जिससे आवेदकों को हर काम के लिए तहसील या CSC सेंटर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

EWS सर्टिफिकेट के लिए कौन पात्र?

EWS प्रमाणपत्र सामान्य वर्ग के उन परिवारों के लिए है, जो SC, ST या OBC आरक्षण के दायरे में नहीं आते और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। पात्रता में परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा जमीन और आवासीय संपत्ति से जुड़े निर्धारित मानकों को भी पूरा करना जरूरी है।

मिलते हैं ये फायदे

EWS प्रमाणपत्र के आधार पर पात्र लोगों को केंद्र और राज्य की सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत EWS आरक्षण का लाभ मिल सकता है। इसके अलावा उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और कुछ सरकारी योजनाओं में भी इसका उपयोग किया जाता है।

घर बैठे ऐसे करें आवेदन

यूपी में आवेदन के लिए e-District पोर्टल पर Citizen Login (ई-साथी) के जरिए पंजीकरण करना होता है। लॉगिन के बाद Income & Asset Certificate सेवा का चयन करें। आधार e-KYC के बाद आवेदन में व्यक्तिगत, पता, आय और संपत्ति से जुड़ी जानकारी भरनी होती है।

इसके साथ फोटो, पहचान व पते का प्रमाण, आय से जुड़े दस्तावेज और स्व-घोषणा पत्र जैसे जरूरी कागजात अपलोड करने होते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने के बाद मिलने वाले आवेदन नंबर को सुरक्षित रखें। इसके बाद आवेदन का राजस्व विभाग की ओर से सत्यापन किया जाता है और प्रक्रिया पूरी होने पर प्रमाणपत्र जारी किया जाता है।

CSC सेंटर से भी सुविधा

जो लोग खुद ऑनलाइन आवेदन नहीं कर पा रहे हैं, वे नजदीकी CSC सेंटर की मदद ले सकते हैं। आवेदन करने से पहले पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक पोर्टल पर जरूर जांच लें।

बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब एक क्लिक में मिलेंगे विभागीय काम का पूरा ब्योरा

पटना। बिहार सरकार अब अपनी योजनाओं, घोषणाओं और विभागों से जुड़े कामकाज की जानकारी लोगों तक आसान तरीके से पहुंचाने की तैयारी कर रही है। इसके लिए ‘संकल्प पोर्टल’ विकसित किया जा रहा है। पोर्टल के जरिए लोग एक ही जगह पर सरकार के फैसलों और योजनाओं की ताजा स्थिति देख सकेंगे।

एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगी जानकारी

संकल्प पोर्टल पर सरकार की ओर से किए गए संकल्प, घोषणाएं, योजनाएं और तय किए गए लक्ष्यों का विवरण उपलब्ध कराने की योजना है। अलग-अलग विभाग अपने काम और प्रगति से जुड़ी जानकारी इसमें अपडेट करेंगे। इससे लोगों को विभागीय जानकारी के लिए अलग-अलग जगहों पर जाने की जरूरत कम होगी।

योजनाओं की प्रगति भी दिखेगी

पोर्टल पर केवल घोषणा ही नहीं, बल्कि उसके बाद कितना काम हुआ, इसकी जानकारी भी उपलब्ध कराने की तैयारी है। इससे योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने में मदद मिलेगी और सरकारी कामकाज में पारदर्शिता बढ़ाने का उद्देश्य है।

10 विंडो वाला होगा डैशबोर्ड

संकल्प पोर्टल के डैशबोर्ड में करीब 10 अलग-अलग विंडो रखने की योजना है। इनमें बिहार गति, फ्लैगशिप और फील्ड प्रोजेक्ट, मुख्यमंत्री की घोषणाओं और कैबिनेट के फैसलों जैसी जानकारियां शामिल होंगी। इसके जरिए किसी योजना की घोषणा से लेकर उसकी प्रगति तक का अपडेट देखा जा सकेगा।

100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड भी

पोर्टल पर सरकार के 100 दिनों के कामकाज का रिपोर्ट कार्ड भी उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा जनप्रतिनिधियों और वीआईपी की ओर से भेजे गए पत्रों पर हुई कार्रवाई, तारापुर विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों और ‘सहयोग कार्यक्रम’ से जुड़े आवेदनों की स्थिति भी अलग-अलग सेक्शन में दिखाई जा सकती है।

यूपी में बंपर भर्ती का मौका! B.A, B.Sc, M.Sc और BCA डिग्रीधारियों के लिए खुशखबरी

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (DBEO), प्रयागराज ने विभिन्न शिक्षण और गैर-शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 36 पदों को भरा जाएगा।

36 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती में अलग-अलग शिक्षण और गैर-शिक्षण पद शामिल हैं। पद के अनुसार ट्रेंड ग्रेजुएट, प्रशिक्षण प्राप्त स्नातक, कक्षा 8 पास तथा अनुभव के साथ MA/MSc जैसी योग्यताएं मांगी गई हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को अपने पद की निर्धारित योग्यता जरूर देखनी होगी।

13 अक्टूबर तक ऑफलाइन आवेदन

योग्य उम्मीदवार इस भर्ती के लिए 13 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। भर्ती से जुड़ी अधिसूचना में आवेदन का प्रारूप और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी दी गई है।

6,755 से 30 हजार रुपये तक वेतन

चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार 6,755 रुपये से 30,000 रुपये प्रतिमाह तक मानदेय दिया जाएगा। यह भर्ती संविदा के आधार पर होगी। आयु सीमा 25 से 45 वर्ष निर्धारित की गई है।

आवेदन से पहले नियम जरूर देखें

यह भर्ती समग्र शिक्षा/केजीबीवी से संबंधित है और विज्ञापन संख्या Samagra Shiksha/KGBV/9663-68/2026-27 है। उम्मीदवार आवेदन भेजने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, दस्तावेज और अन्य शर्तों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में अच्छी तरह जांच लें।

यूपी में बिछेगी तीसरी और चौथी रेल लाइन, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेल कनेक्टिविटी और ट्रेनों की क्षमता बढ़ाने के लिए गाजियाबाद से सीतापुर के बीच तीसरी और चौथी रेल लाइन बिछाने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। 403 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर करीब 14,926 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

छह नए स्टेशन बनाने की योजना

परियोजना के तहत व्यस्त मौजूदा स्टेशनों को बाईपास करते हुए छह नए स्टेशन प्रस्तावित हैं। इनमें न्यू मुरादाबाद, न्यू रामपुर, न्यू बरेली, न्यू शाहजहांपुर और न्यू सीतापुर समेत नए स्टेशन शामिल हैं। मुरादाबाद और हापुड़ में नए स्टेशन के लिए जगह चिह्नित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन जिलों को मिलेगा फायदा

नई रेल लाइन गाजियाबाद, हापुड़, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी और सीतापुर जिलों से जुड़े रेल नेटवर्क को मजबूत करेगी। मौजूदा मार्ग की क्षमता 168 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है और परियोजना नहीं होने पर यह 207 प्रतिशत तक जाने का अनुमान है।

यात्री और मालगाड़ियों का दबाव होगा कम

अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होने से यात्री ट्रेनों और मालगाड़ियों के संचालन के लिए ज्यादा क्षमता मिलेगी। व्यस्त स्टेशनों को बाईपास करने से मुख्य रेल मार्ग पर ट्रेनों के संचालन को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

रेलवे के अनुसार इस परियोजना से सड़क परिवहन की तुलना में हर साल करीब 2,877 करोड़ रुपये की लॉजिस्टिक लागत बचाने का अनुमान है। साथ ही माल ढुलाई की क्षमता में भी बढ़ोतरी होगी।

30 सितंबर को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग! इन 5 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 30 सितंबर 2026, बुधवार का दिन कुछ खास योगों के कारण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दिन वज्र योग, सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग रहेगा। ज्योतिष में सर्वार्थ सिद्धि योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी या कारोबार से जुड़े मामलों में नए अवसर मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद रहेगी।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का लाभ मिल सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने की संभावना है। व्यापार करने वालों के लिए नए संपर्क और योजनाएं फायदेमंद साबित हो सकती हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिहाज से अच्छा माना जा सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में भी लाभ के योग बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ सकती है या कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार में भी नए रास्ते खुलने के संकेत हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए दिन आर्थिक और करियर के लिहाज से सकारात्मक रह सकता है। पुराने निवेश या अटके हुए काम से फायदा मिलने की संभावना बन सकती है। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

खुशखबरी का ऐलान! बिहार के 2 जिलों में बंपर भर्ती, करें आवेदन

पटना। बिहार में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए दो जिलों से भर्ती की खबर है। बेगूसराय और शेखपुरा में अलग-अलग पदों पर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी अपनी योग्यता के अनुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।

1 .बेगूसराय में 30 पदों पर भर्ती

District Child Protection Unit (DCPU), Begusarai की ओर से Support Person के 30 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती में संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। दी गई जानकारी के अनुसार MSW या पोस्ट ग्रेजुएशन जैसी योग्यता वाले अभ्यर्थी पात्र हो सकते हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि अधिसूचना जारी होने के 15 दिनों के भीतर रखी गई है। उम्मीदवारों को आवेदन DCPU Begusarai की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।

2 .शेखपुरा में 4 पदों का मौका

वहीं DCPU Sheikhpura ने Nurse, Doctor (Part Time), Ayah और Chowkidar के कुल 4 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। पात्र उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन करके ईमेल के माध्यम से भेजना होगा।

इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 30 सितंबर 2026 है। उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित पद की योग्यता और अन्य शर्तों को आधिकारिक अधिसूचना में जरूर जांच लें।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन देखें

दोनों जिलों की भर्ती में पद और आवेदन प्रक्रिया अलग-अलग है। इसलिए उम्मीदवारों के लिए जरूरी है कि आवेदन करने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक वेबसाइट और भर्ती नोटिफिकेशन में पात्रता, जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ध्यान से पढ़ लें।

बिहार में बड़ी खुशखबरी! 330 करोड़ से बनेगी 6.8 KM लंबी फोरलेन सड़क

पटना। बिहार के पटना में परसा से संपतचक के बीच सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में बड़ा काम होने जा रहा है। करीब 6.8 किलोमीटर लंबे मार्ग को फोरलेन में विकसित किया जाएगा। परियोजना पर 330.24 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। नवंबर से निर्माण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

तीन गांवों में जमीन अधिग्रहण

सड़क चौड़ीकरण के लिए रहीमपुर, परसा और छतना गांव में कुल 1.57 एकड़ जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जमीन से जुड़ा काम आगे बढ़ने के बाद निर्माण कार्य को गति मिलने की संभावना है।

14 मीटर चौड़ी होगी सड़क

परियोजना पूरी होने के बाद सड़क की चौड़ाई करीब 14 मीटर होगी। इसके अलावा रास्ते में 9 पुल-पुलिया भी बनाए जाएंगे। इससे वाहनों की आवाजाही के लिए ज्यादा जगह उपलब्ध होगी और सड़क की क्षमता बढ़ेगी।

पांच लाख लोगों को फायदा

मीठापुर-महुली एलिवेटेड रोड शुरू होने के बाद इस मार्ग पर यातायात दबाव बढ़ा है। ऐसे में फोरलेन सड़क बनने से परसा, संपतचक और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। इस परियोजना से करीब पांच लाख की आबादी को लाभ मिलने का अनुमान है।

नवंबर से काम में तेजी की उम्मीद

परसा बाजार से संपतचक बाजार तक जाने वाला यह मार्ग चिपुरा और बदलाचक होते हुए आगे बढ़ता है। जमीन अधिग्रहण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी होने के साथ नवंबर से सड़क निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है।

आंधी-बारिश को लेकर बिहार में अलर्ट! 12 जिले प्रभावित, 30 KM/H की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

पटना। बिहार में मानसून की गतिविधियां अब धीरे-धीरे कमजोर पड़ रही हैं, लेकिन कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है। मौसम विभाग ने 28 सितंबर को राज्य के 12 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ बारिश और करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक की तेज हवा चलने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश का अलर्ट

पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, शिवहर, सीतामढ़ी, समस्तीपुर, दरभंगा और मधुबनी में मौसम खराब होने की संभावना जताई गई है। स्थानीय स्तर पर बादल बनने के साथ गरज-चमक और बारिश हो सकती है।

कई इलाकों में सामान्य मौसम

राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने का अनुमान है। कुछ स्थानों पर बादल छाए रहने के बावजूद दिन में धूप निकल सकती है। पटना के लिए भी 28 सितंबर को कोई जिला-स्तरीय चेतावनी नहीं थी।

मानसून अब पड़ रहा कमजोर

27 सितंबर तक बिहार में सामान्य बारिश करीब 975.8 मिमी मानी जाती है, जबकि इस अवधि में 677.9 मिमी बारिश दर्ज होने की बात सामने आई है। यानी सीजनल बारिश अभी सामान्य से करीब 31 फीसदी कम है। सितंबर के अंतिम दिनों में मानसून की गतिविधि आमतौर पर कमजोर पड़ती है, इसलिए अब बारिश का दायरा भी सीमित होने की संभावना है।

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार स्थानीय स्तर पर नमी और बादलों के कारण कुछ इलाकों में बारिश हो सकती है। तेज हवा के दौरान लोगों को खुले स्थानों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी जाती है।

बिहार में बेटियों के लिए नई पहल, सरकार देगी 2 लाख तक अनुदान

पटना। बिहार सरकार बेटियों को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ाने के लिए नई योजना लाने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के निर्देश पर उच्च शिक्षा विभाग ने ‘बेटी स्टार्टअप चैलेंज योजना’ का प्रारूप तैयार किया है। योजना के तहत नए और उपयोगी बिजनेस आइडिया रखने वाली बेटियों को आर्थिक मदद देने का प्रस्ताव है।

50 हजार से 2 लाख रुपये तक अनुदान

प्रस्तावित योजना में चयनित स्टार्टअप आइडिया के लिए 50 हजार रुपये से लेकर 2 लाख रुपये तक अनुदान देने का प्रावधान रखा गया है। आगे चलकर इस सहायता राशि को बढ़ाने का प्रस्ताव भी रखा गया है। सरकार का जोर ऐसे आइडिया पर रहेगा, जिनमें व्यावहारिकता के साथ रोजगार पैदा करने की क्षमता हो।

कौन कर सकेगा आवेदन?

प्रस्ताव के अनुसार आवेदक का बिहार का स्थायी निवासी होना जरूरी होगा और उसकी उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। नए और इनोवेटिव बिजनेस प्रस्तावों को चयन में प्राथमिकता देने की तैयारी है।

वित्त विभाग की मंजूरी के बाद लागू

योजना के प्रारूप पर पहले वित्त विभाग की सहमति ली जाएगी। इसके बाद प्रस्ताव को राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलने पर इसे चालू वित्तीय वर्ष में ही लागू करने की तैयारी है। योजना का संचालन उच्च शिक्षा विभाग और उद्योग विभाग के सहयोग से किया जाएगा।

बेटियों को उद्यमी बनाने पर होगा जोर

यह उच्च शिक्षा विभाग की ओर से प्रस्तावित पहली स्टार्टअप योजना बताई जा रही है, जो विशेष रूप से बेटियों पर केंद्रित होगी। इसका उद्देश्य उन्हें केवल नौकरी की तलाश तक सीमित रखने के बजाय नए कारोबार शुरू करने, रोजगार देने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के अवसर उपलब्ध कराना है।

रोज एक गिलास नारियल पानी! शरीर को मिलेंगे ये 5 बड़े फायदे

नई दिल्ली। नारियल पानी को गर्मियों का पसंदीदा पेय माना जाता है, लेकिन इसके पोषक तत्वों के कारण इसे रोजमर्रा की डाइट में भी शामिल किया जा सकता है। इसमें पानी के साथ पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स और कुछ जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। हालांकि, इसे किसी बीमारी का इलाज नहीं माना जाना चाहिए।

1. शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद

नारियल पानी में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, इसलिए यह शरीर में तरल पदार्थों की पूर्ति में मदद कर सकता है। खासकर गर्मी या अधिक पसीना आने के बाद यह उपयोगी विकल्प हो सकता है।

2. पोटैशियम की पूर्ति

नारियल पानी पोटैशियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। पोटैशियम शरीर में मांसपेशियों और सामान्य तंत्रिका कार्यों के लिए जरूरी खनिज है।

3. पाचन के लिए फायदेमंद

पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेना पाचन तंत्र के लिए जरूरी है। नारियल पानी भी दैनिक तरल सेवन का हिस्सा बन सकता है और शरीर में पानी की कमी से बचाने में मदद करता है।

4. व्यायाम के बाद मददगार

वर्कआउट या शारीरिक मेहनत के दौरान पसीने के साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। ऐसे में नारियल पानी कुछ इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई में मदद कर सकता है।

5. मीठे पेय का बेहतर विकल्प

बिना चीनी वाला नारियल पानी कई मीठे सॉफ्ट ड्रिंक या शुगर वाली ड्रिंक की तुलना में बेहतर विकल्प हो सकता है। हालांकि, इसमें प्राकृतिक शुगर और कैलोरी भी होती है, इसलिए मात्रा का ध्यान रखना जरूरी है।

खुशखबरी! मेक इन इंडिया के 12 साल में बदली भारत की तस्वीर, दुनिया की नजर

नई दिल्ली। मेक इन इंडिया अभियान को शुरू हुए 12 साल पूरे हो गए हैं। 25 सितंबर 2014 को शुरू हुई इस पहल के बाद भारत के मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, डिफेंस, स्टील और दूसरे क्षेत्रों में उत्पादन क्षमता बढ़ी है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2022-23 से 2025-26 के बीच मैन्युफैक्चरिंग GVA ने 10.88% की CAGR दर्ज की। वहीं अप्रैल-जुलाई 2026 में IIP के मैन्युफैक्चरिंग हिस्से में सालाना आधार पर 7% की वृद्धि दर्ज हुई।

इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में करीब 7 गुना बढ़ोतरी

मेक इन इंडिया की सबसे बड़ी तस्वीर इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में दिखाई देती है। 2014-15 में करीब 1.9 लाख करोड़ रुपये का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन हुआ था, जो 2025-26 में बढ़कर 13.11 लाख करोड़ रुपये हो गया। यानी करीब सात गुना की बढ़ोतरी। इसी अवधि में इलेक्ट्रॉनिक्स का निर्यात भी लगभग 38 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 4.24 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

मोबाइल निर्माण में 33 गुना उछाल

मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में भी बड़ा बदलाव आया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उत्पादन 2014-15 के करीब 18 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 6.27 लाख करोड़ रुपये हो गया। मोबाइल फोन का निर्यात भी करीब 1,500 करोड़ रुपये से बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।

डिफेंस उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर

मैन्युफैक्चरिंग का विस्तार रक्षा क्षेत्र में भी नजर आता है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का रक्षा उत्पादन 1.78 लाख करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जो 2013-14 के मुकाबले करीब चार गुना है। इसी अवधि में रक्षा निर्यात बढ़कर 38,424 करोड़ रुपये हो गया।

आगे सेमीकंडक्टर और कंपोनेंट पर जोर

अब फोकस केवल तैयार सामान बनाने तक सीमित नहीं है। सरकार ने सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग और औद्योगिक पार्कों के लिए भी नई योजनाएं शुरू की हैं। उदाहरण के लिए Semicon 2.0 के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये और 100 औद्योगिक पार्कों के विकास के लिए 33,660 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

यूपी के लिए बड़ी खुशखबरी! बनेंगे 4 नए लिंक एक्सप्रेसवे, कई शहरों की बदलेगी कनेक्टिविटी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) ने चार नए लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियां तेज कर दी हैं। इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण का काम पूरा होने के साथ टेंडर प्रक्रिया भी लगभग अंतिम चरण में पहुंच गई है।

चार लिंक एक्सप्रेसवे की तैयारी

यूपीडा की योजना में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं। इन परियोजनाओं का शिलान्यास कराने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय से समय मांगा गया है। बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद शिलान्यास किए जाने की उम्मीद है।

कई जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इन परियोजनाओं में फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे का करीब 90 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर इटावा, कन्नौज, मैनपुरी, फर्रुखाबाद और हरदोई से होकर गुजरेगा। इसके बाद यह शाहजहांपुर में गंगा एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा। इस लिंक के तैयार होने के बाद इन क्षेत्रों के बीच आवागमन और एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जुड़ाव को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। स्थानीय स्तर पर कारोबार, आवागमन और परिवहन को भी इसका फायदा मिलने की उम्मीद है।

शिलान्यास के बाद निर्माण की ओर बढ़ेगा काम

भूमि अधिग्रहण पूरा होने और टेंडर प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद अब परियोजनाओं के शिलान्यास पर नजर है। इसके बाद निर्माण कार्य शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। चारों लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों को मौजूदा एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है।

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ!

पटना। बिहार के किसानों के लिए सिंचाई से जुड़ी दो योजनाएं राहत देने वाली हैं। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर जैसे उपकरणों पर किसानों को 55 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। वहीं, बोरिंग और पंप सेट लगाने के लिए पात्र किसानों को 40 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता देने का प्रावधान है।

इन उपकरणों पर मिलेगा अनुदान

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत किसान खेत में पानी पहुंचाने के लिए ड्रिप सिंचाई, मिनी स्प्रिंकलर और पोर्टेबल स्प्रिंकलर लगवा सकते हैं। इन उपकरणों की स्थापना पर निर्धारित पात्रता के अनुसार सरकार की ओर से 55 फीसदी तक सहायता दी जाएगी।

ड्रिप सिस्टम में पानी सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचाया जाता है, जबकि स्प्रिंकलर से फसल पर फुहार के जरिए सिंचाई होती है। इससे जरूरत के मुताबिक पानी इस्तेमाल करने में मदद मिलती है।

बोरिंग-पंप के लिए 40 हजार रुपये

जिन किसानों को खेत में सिंचाई के लिए बोरिंग और पंप सेट की जरूरत है, वे बोरिंग पंप सेट योजना का लाभ ले सकते हैं। पात्र किसानों को बोरिंग का काम पूरा होने के बाद 40 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता दी जाएगी।

बिहार कृषि ऐप से करना होगा आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को बिहार कृषि ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन के बाद विभागीय प्रक्रिया के तहत पात्र किसानों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को संबंधित योजना के नियमों के अनुसार अनुदान या सहायता राशि का लाभ मिलेगा।

पानी और लागत दोनों बचाने में मदद

आधुनिक सिंचाई तकनीक से खेतों में जरूरत के अनुसार पानी पहुंचाया जा सकता है। इससे पानी की बर्बादी कम करने के साथ सिंचाई में लगने वाली मेहनत और खर्च को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए सरकारी सहायता से ऐसी तकनीक अपनाना आसान हो सकता है।

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर, गांवों में बढ़ी चुनावी हलचल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव 2026 को लेकर गांवों में हलचल बढ़ने लगी है। संभावित प्रत्याशी लोगों से संपर्क साध रहे हैं, वहीं ग्रामीणों के बीच चुनाव की तारीख और आरक्षण को लेकर चर्चाएं तेज हैं। हालांकि अभी तक मतदान का आधिकारिक कार्यक्रम जारी नहीं हुआ है।

7 अक्टूबर की सुनवाई अहम

पंचायत चुनाव से जुड़े मामले में 7 अक्टूबर 2026 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। इस सुनवाई के बाद चुनावी प्रक्रिया और उसकी समयसीमा को लेकर स्थिति कुछ और स्पष्ट हो सकती है। हालांकि सिर्फ इस सुनवाई के आधार पर उसी दिन चुनाव की तारीख घोषित होने की बात कहना सही नहीं होगा। हाईकोर्ट पहले भी पंचायत चुनाव में देरी और ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मुद्दे पर सुनवाई कर चुका है।

गांवों में बढ़ी दावेदारों की सक्रियता

चुनाव कार्यक्रम का इंतजार कर रहे संभावित उम्मीदवारों ने गांवों में अपनी गतिविधियां बढ़ा दी हैं। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और जिला पंचायत सदस्य पद के दावेदार ग्रामीणों से मुलाकात कर रहे हैं। कई जगह छोटी बैठकों और जनसंपर्क का दौर भी शुरू हो गया है।

आरक्षण पर भी लोगों की नजर

चुनाव की तारीख के साथ संभावित प्रत्याशियों की निगाह सीटों के आरक्षण पर भी है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के बाद कई दावेदारों को अपनी चुनावी रणनीति में बदलाव करना पड़ सकता है। इसलिए फिलहाल कई लोग आधिकारिक घोषणा का इंतजार कर रहे हैं।

सोशल मीडिया की तारीखों पर न करें भरोसा

पंचायत चुनाव को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तारीखें वायरल हो रही हैं। लेकिन जब तक राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं होती, तब तक इन तारीखों को निश्चित चुनाव कार्यक्रम नहीं माना जा सकता।

ऐसे में अभी सबसे ज्यादा नजर आने वाली न्यायिक कार्यवाही और उसके बाद चुनावी प्रक्रिया से जुड़े आधिकारिक फैसलों पर है। आने वाले दिनों में पंचायत चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट होने की उम्मीद है।

यूपी में मिठाई खरीदने वालों के लिए खुशखबरी, लागू होंगे नए नियम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मिठाई खरीदने वाले लोगों के लिए जरूरी बदलाव होने जा रहा है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए मिठाइयों को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। 15 अक्टूबर से बिक्री के लिए रखी और स्टोर की गई मिठाइयों पर 'यूज बाई डेट' यानी इस्तेमाल की अंतिम तारीख बताना जरूरी होगा।

खुली मिठाई पर भी बतानी होगी अंतिम तारीख

अब तक पैक्ड मिठाइयों पर एक्सपायरी या यूज बाई डेट की जानकारी देना जरूरी था, लेकिन खुली मिठाइयों के मामले में ऐसी अनिवार्यता स्पष्ट नहीं थी। नई व्यवस्था के बाद दुकानदारों को खुली मिठाइयों के साथ भी उनकी उपयोग अवधि की जानकारी देनी होगी।

मिठाई की उम्र हो सकती है 1 से 30 दिन तक

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार अलग-अलग प्रकार की मिठाइयों की उपयोग अवधि अलग होती है। यह अवधि एक दिन से लेकर 30 दिन तक हो सकती है। ऐसे में मिठाई कब तक खाने योग्य है, इसकी जानकारी उपभोक्ता को स्पष्ट रूप से मिल सकेगी। इससे ग्राहक मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी और उपयोग की अवधि को ध्यान में रखकर फैसला ले सकेंगे।

दूध प्रसंस्करण में दो रसायनों के इस्तेमाल पर रोक

मिठाइयों के अलावा उत्तर प्रदेश में दूध और दुग्ध उत्पादों से जुड़ी प्रसंस्करण इकाइयों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए गए हैं। एथिलीन ग्लाइकोल और डाई एथिलीन ग्लाइकोल के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है। निरीक्षण के दौरान कुछ इकाइयों में पाश्च्युरीकरण और कूलिंग जैसी प्रक्रियाओं में इन रसायनों के इस्तेमाल की बात सामने आई थी।

प्रोपिलीन ग्लाइकोल का हो सकता है इस्तेमाल

विभाग के निर्देश के मुताबिक इनकी जगह प्रोपिलीन ग्लाइकोल का इस्तेमाल किया जा सकता है। कई दुग्ध प्रसंस्करण इकाइयों में इसका पहले से उपयोग किए जाने की बात कही गई है। नए निर्देशों का उद्देश्य मिठाइयों और दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर उपभोक्ताओं को ज्यादा स्पष्ट जानकारी देना और खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना है।

4 शुभ योग से खास रहेगा मंगलवार! 4 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

राशिफल। 29 सितंबर 2026, मंगलवार का दिन ज्योतिष के लिहाज से खास माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन हर्षण योग और वज्र योग के साथ अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 9:03 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन शुभ योगों का असर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन उत्साह बढ़ाने वाला हो सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और लंबे समय से अटके किसी काम में प्रगति के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में भी राहत मिल सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुभ योगों का प्रभाव करियर से जुड़े मामलों में देखने को मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों के लिए भी नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए धन और कामकाज के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। किसी पुराने निवेश या रुके हुए भुगतान से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए मंगलवार नए अवसर लेकर आ सकता है। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। यात्रा से जुड़ा कोई काम भी पूरा हो सकता है।

पेट में बार-बार बनती है गैस? खाना शुरू कर दें ये 4 देसी चीजें

हेल्थ डेस्क। पेट में गैस, पेट फूलना और भारीपन जैसी समस्या कई लोगों को परेशान करती है। जल्दी-जल्दी खाना, ज्यादा तला-भुना भोजन, कब्ज और कुछ खाद्य पदार्थ गैस की समस्या बढ़ा सकते हैं। ऐसे में खाने-पीने की कुछ साधारण चीजों को डाइट में शामिल करना पाचन के लिए मददगार हो सकता है।

1. अजवाइन

खाने के बाद थोड़ी मात्रा में अजवाइन लेना पारंपरिक रूप से गैस और अपच में इस्तेमाल किया जाता है। इसे गुनगुने पानी के साथ लिया जा सकता है। हालांकि बहुत ज्यादा अजवाइन लेने से बचें।

2. सौंफ

सौंफ भोजन के बाद मुंह का स्वाद बेहतर करने के साथ पाचन में भी मदद कर सकती है। खाना खाने के बाद थोड़ी सौंफ चबाना एक आसान विकल्प है।

3. अदरक

अदरक का इस्तेमाल लंबे समय से पाचन संबंधी परेशानी में किया जाता रहा है। भोजन में थोड़ी मात्रा में ताजा अदरक शामिल करना या अदरक की हल्की चाय लेना कुछ लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।

4. जीरा

जीरा भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाता है और इसका इस्तेमाल पाचन बेहतर रखने के लिए किया जाता है। खाने में जीरा शामिल करने के अलावा जीरे का हल्का पानी भी लिया जा सकता है।

गैस बार-बार बने तो कारण जानना जरूरी

सिर्फ घरेलू चीजों पर निर्भर रहने के बजाय अपनी डाइट और खाने की आदतों पर भी ध्यान दें। भोजन धीरे-धीरे खाएं, पर्याप्त पानी पिएं और बहुत ज्यादा तला-भुना भोजन कम करें। अगर गैस लगातार बनी रहती है या इसके साथ तेज पेट दर्द, उल्टी, वजन कम होना, खून आना या मल त्याग में लगातार बदलाव जैसे लक्षण हों, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

खुशखबरी की घोषणा! यूपी में 1300+ पदों पर भर्ती, 5 अक्टूबर तक आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1,308 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती पशुपालन निदेशालय के तहत की जाएगी।

PET-2025 वाले अभ्यर्थी कर सकेंगे आवेदन

इस भर्ती में केवल वही अभ्यर्थी शामिल हो सकते हैं, जिन्होंने PET-2025 में हिस्सा लिया है और उनके पास वैध स्कोर कार्ड है। आयोग ने इस भर्ती को Veterinary Pharmacist Main Examination (PET-2025)/18 के तहत जारी किया है।

5 अक्टूबर तक भरना होगा फॉर्म

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 14 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार 5 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन ही स्वीकार किए जाएंगे।

1308 पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के जरिए कुल 1,308 Veterinary Pharmacist पद भरे जाएंगे। इसका विज्ञापन संख्या 18-परीक्षा/2026 है। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में जरूर देखनी चाहिए।

सीएम योगी ने दी सौगात, 1 लाख बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। देवीपाटन मंडल के चार जिलों में करीब 1 लाख बच्चों को पढ़ाई के लिए स्टडी टेबल उपलब्ध कराई गई हैं। घर में पढ़ने के लिए अलग जगह मिलने से बच्चों में उत्साह है। कई विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र भेजकर इस पहल के लिए धन्यवाद भी दिया है।

बच्चों ने अपने पत्रों को अलग-अलग तरीके से सजाया। किसी ने फूलों की आकृतियां बनाईं तो किसी ने स्टडी टेबल और किताबों के चित्र उकेरे। कुछ छात्राओं ने मुख्यमंत्री का चित्र बनाकर ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ का संदेश भी दिया।

पढ़ाई में मिली सुविधा

कक्षा छह की सबा ने बताया कि पहले घर में पढ़ने के लिए उचित जगह नहीं मिल पाती थी। स्टडी टेबल मिलने के बाद पढ़ाई आसान हुई और लंबे समय तक बैठने में भी सुविधा हो रही है। वहीं कक्षा सात की नुजहत फातिमा के मुताबिक अब वह ज्यादा ध्यान लगाकर पढ़ाई, होमवर्क और पाठ दोहराने का काम कर पा रही हैं।

चार जिलों में इतनी टेबल बांटी गईं

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के अनुसार ‘शिक्षा की उड़ान’ अभियान के तहत चार जिलों में स्टडी टेबल का वितरण किया गया है।

बहराइच: 34,260

गोंडा: 27,650

बलरामपुर: 26,984

श्रावस्ती: 11,106

इस पहल में ग्रामीण इलाकों के मेधावी विद्यार्थियों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की छात्राओं को भी शामिल किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल देने का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

यूपी में फिर बिगड़ेगा मौसम! 28 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, तूफानी रफ्तार से चलेंगी हवाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। बीते दिनों हुई जोरदार बारिश ने प्रदेश के मानसूनी आंकड़ों को भी काफी प्रभावित किया है। 25 से 27 सितंबर के बीच सामान्य औसत 9.4 मिमी के मुकाबले 111.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, यानी सामान्य से करीब 1084 फीसदी ज्यादा।

28 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट

अब मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवाओं की चेतावनी दी है। करीब 28 जिलों में मौसम खराब रहने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रह सकती है, जबकि झोंकों के दौरान यह 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

यूपी के मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत आसपास के इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बिजनौर, अमरोहा, शाहजहांपुर, संभल और बदायूं में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है।

इन जिलों में बिजली गिरने का खतरा

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच और लखीमपुर खीरी के साथ पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी गरज-चमक और वज्रपात की आशंका है।

बारिश ने बदला प्रदेश का वर्षा आंकड़ा

लगातार हुई बारिश का असर प्रदेश के कुल मानसूनी आंकड़ों पर भी पड़ा है। बताया गया है कि 25 सितंबर तक प्रदेश का मौसमी वर्षा विचलन माइनस 6 फीसदी था, जो बढ़कर प्लस 8 फीसदी तक पहुंच गया। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी पहली बार इस मानसून सीजन में वर्षा विचलन प्लस 2 फीसदी दर्ज किया गया।

पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर! OROP लागू करने की मांग, पुराने-नए पेंशन में अंतर का मुद्दा

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के सामने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई प्रस्ताव रखे जा रहे हैं। इसी कड़ी में पुराने और नए पेंशनर्स के बीच पेंशन की समानता का मुद्दा भी सामने आया है। कर्मचारी संगठनों की मांग है कि सिविल कर्मचारियों के लिए भी वन रैंक, वन पेंशन (OROP) जैसी व्यवस्था पर विचार किया जाए।

क्या है OROP की मांग?

OROP का मूल विचार यह है कि समान पद और समान सेवा से रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में सिर्फ रिटायरमेंट की तारीख के कारण बड़ा अंतर नहीं होना चाहिए। संगठनों का तर्क है कि अलग-अलग वेतन आयोगों के कारण एक ही पद से अलग समय पर रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन में अंतर पैदा हो सकता है। रक्षा पेंशनर्स के लिए OROP की व्यवस्था पहले से लागू है और रक्षा मंत्रालय इसके तहत पेंशन संशोधन संबंधी आदेश जारी करता रहा है।

सिविल कर्मचारियों का प्रस्ताव?

AIDEF और अन्य कर्मचारी संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग के सामने पेंशन समानता से जुड़े सुझाव रखे गए हैं। एक प्रस्ताव में कहा गया है कि पेंशन तय करते समय रिटायरमेंट के समय का पद या लेवल, उस पद का वेतन, सेवा के दौरान मिली वेतन वृद्धि और प्रमोशन जैसे पहलुओं को ध्यान में रखा जाना चाहिए। संगठनों का यह भी कहना है कि रिटायरमेंट के बाद अगर संबंधित पद या लेवल अपग्रेड होता है, तो पुराने पेंशनर्स के मामले में भी उसका प्रभाव देखा जाना चाहिए।

पुराने पेंशनर्स का मुद्दा भी अहम

8वें वेतन आयोग के मौजूदा Terms of Reference में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए पेंशनर्स की पेंशन संशोधन को लेकर स्पष्ट प्रावधान का मुद्दा कर्मचारी संगठनों ने उठाया है। अगस्त 2026 में DoPT ने ऐसे प्रतिनिधित्वों को आगे की कार्रवाई के लिए Department of Expenditure को भेजा था।

अभी अंतिम फैसला नहीं

फिलहाल OROP को केंद्रीय सिविल कर्मचारियों पर लागू करने को लेकर कोई अंतिम सरकारी फैसला नहीं हुआ है। ये मांगें और सुझाव 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। पेंशन में वास्तविक बदलाव या समानता का स्वरूप आयोग की सिफारिशों और उसके बाद सरकार के फैसले से ही स्पष्ट होगा।