मौसम में यह बदलाव बंगाल की खाड़ी और आसपास के क्षेत्र में बने मौसम सिस्टम के प्रभाव से देखने को मिल सकता है। तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के पास बना निम्न दबाव क्षेत्र अब गहरे दबाव में तब्दील हो गया है। इसके अगले चरण में गंगा के मैदानी इलाकों से होकर पश्चिम और उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ने की संभावना है। इसका असर बिहार के मौसम पर भी दिखाई दे सकता है।
इन इलाकों में बारिश के साथ वज्रपात का खतरा
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पश्चिम बिहार में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मौसम खराब होने की संभावना को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण-पश्चिम बिहार में रोहतास, कैमूर, भोजपुर, बक्सर, अरवल और औरंगाबाद में भी कुछ स्थानों पर वर्षा होने के आसार हैं। वहीं दक्षिण-मध्य बिहार के पटना, नालंदा, जहानाबाद, नवादा, गया, लखीसराय, शेखपुरा और बेगूसराय में भी बारिश हो सकती है।
इसके अलावा उत्तर-मध्य बिहार के मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, समस्तीपुर और मधुबनी में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है। उत्तर-पूर्व बिहार के सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और सहरसा में भी कुछ जगहों पर बारिश हो सकती है।
दक्षिण-पूर्व बिहार के जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में भी मौसम बदलने के संकेत हैं और एक-दो स्थानों पर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
40 किलोमीटर प्रति घंटे तक चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ बिहार के कुछ हिस्सों में मौसम का मिजाज अचानक बदल सकता है। मेघगर्जन और वज्रपात के दौरान करीब 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में खुले मैदान, खेत या पेड़ के नीचे रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।


















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