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बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र के नियम बदले, अब जरूरी होंगे नए दस्तावेज

पटना। बिहार में जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र बनाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है। सरकार का कहना है कि इससे सिस्टम ज्यादा पारदर्शी होगा, लेकिन आम लोगों के लिए प्रक्रिया पहले से ज्यादा जटिल हो गई है।

क्या है नया नियम?

नए नियम लागू होने के बाद अब सिर्फ आधार कार्ड या एक-दो सामान्य दस्तावेजों से काम नहीं चल रहा है। लोगों को कई अतिरिक्त कागजात लगाने पड़ रहे हैं। इसी वजह से आरटीपीएस काउंटरों पर भीड़ बढ़ गई है और कई लोग अधूरे दस्तावेजों के कारण वापस लौट रहे हैं।

जाति प्रमाण पत्र के लिए

जाति प्रमाण पत्र के लिए अब जमीन से जुड़े दस्तावेज जैसे खतियान, दान पत्र या राजस्व रिकॉर्ड जरूरी कर दिए गए हैं। जिनके पास जमीन नहीं है, उन्हें भी संबंधित प्रमाण देने होंगे।

आय प्रमाण पत्र के लिए

आय प्रमाण पत्र के लिए नौकरीपेशा लोगों को सैलरी स्लिप, पेंशनधारकों को पेंशन स्लिप और कुछ मामलों में आयकर रिटर्न जैसे दस्तावेज देने होंगे। 

निवास प्रमाणपत्र के लिए 

निवास प्रमाण पत्र के लिए भी पहचान और निवास साबित करने वाले दस्तावेज जैसे राशन कार्ड, वोटर आईडी, बिजली बिल, आधार कार्ड आदि की जरूरत बढ़ा दी गई है।

हालांकि प्रशासन ने साफ किया है कि इन प्रमाण पत्रों के लिए कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा और प्रक्रिया पूरी तरह मुफ्त रहेगी। लेकिन अब दस्तावेजों की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से होगी। नए नियमों को लेकर लोगों में असमंजस है, खासकर छात्रों को ज्यादा परेशानी हो रही है क्योंकि कई बार समय पर प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहा है।

बिहार में बन रहा 167KM लंबा एक्सप्रेस-वे, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक और बड़ी परियोजना पर तेजी से काम चल रहा है। पटना–बेतिया एक्सप्रेस-वे का निर्माण राज्य के उत्तर और मध्य हिस्सों के बीच यात्रा को पहले से कहीं अधिक आसान और तेज बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे से बदलेगी तस्वीर

यह एक्सप्रेस-वे करीब 167 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर है, जिसे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य राजधानी पटना को सीधे बेतिया से जोड़ना है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आने की उम्मीद है। निर्माण पूरा होने के बाद पटना से बेतिया की दूरी लगभग तीन घंटे में तय की जा सकेगी, जो अभी कई घंटों का समय लेती है।

किन जिलों को सबसे बड़ा फायदा

इस एक्सप्रेस-वे का सबसे बड़ा लाभ वैशाली, सारण, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों को मिलेगा। ये सभी क्षेत्र सीधे राजधानी पटना से बेहतर और तेज सड़क नेटवर्क के जरिए जुड़ जाएंगे। इससे न केवल आम यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि व्यापार, कृषि और छोटे उद्योगों को भी नई गति मिलने की संभावना है।

निर्माण की मौजूदा स्थिति

परियोजना के प्रथम खंड का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसका निरीक्षण हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा किया गया, जहां अधिकारियों को कार्य में और तेजी लाने के निर्देश दिए गए। पहले चरण का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पूरा करने का रखा गया है।

भूमि अधिग्रहण और तैयारी

इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का काम बड़े पैमाने पर किया गया है। केवल सारण जिले में ही 22 राजस्व ग्रामों से लगभग 99 हेक्टेयर भूमि ली गई है। इसमें 1200 से अधिक भूमि मालिक शामिल हैं, जिन्हें मुआवजा प्रक्रिया के तहत भुगतान किया जा रहा है।

बिहार में बिछेगी नई रेल लाइन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में एक नई रेलवे परियोजना को लेकर बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे मगध क्षेत्र और आसपास के जिलों की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। प्रस्तावित औरंगाबाद–बिहटा रेल लाइन को राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट माना जा रहा है, जो भविष्य में लोगों के आवागमन को काफी आसान बना देगा।

नई रेल लाइन की खास बातें

यह रेल परियोजना लगभग 117 किलोमीटर लंबी होगी और इसका रूट औरंगाबाद से शुरू होकर बिहटा तक जाएगा। इस पूरे प्रोजेक्ट के लिए करीब 3606 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है और लगभग 500 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है।

निर्माण और चरणबद्ध विकास

इस रेल लाइन को तीन अलग-अलग चरणों में पूरा करने की योजना है। पहले चरण में औरंगाबाद से अनुग्रह नारायण रोड तक लगभग 14 किलोमीटर ट्रैक का निर्माण होगा। इसके बाद दूसरा चरण अनुग्रह नारायण रोड से अरवल क्षेत्र तक और अंतिम चरण में बिहटा तक लाइन को जोड़ा जाएगा। यदि काम तय समय पर चलता रहा, तो अगले कुछ वर्षों में इस रूट पर ट्रेन संचालन शुरू हो सकता है।

इस रूट पर स्टेशन और कनेक्टिविटी

इस रूट पर लगभग 13 नए रेलवे स्टेशन बनाए जाने की योजना है। इससे न सिर्फ स्थानीय यात्रियों को सुविधा मिलेगी, बल्कि पटना और आसपास के क्षेत्रों तक पहुंच भी आसान हो जाएगी। अभी तक औरंगाबाद और पटना के बीच सीधी रेल सुविधा सीमित है, जिसे यह परियोजना काफी हद तक बदल देगी।

नई रेल लाइन से किन लोगों को फायदा

इस नई रेल लाइन से चार लोकसभा क्षेत्रों पाटलिपुत्र, जहानाबाद, काराकाट और औरंगाबाद के लाखों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि करीब 75 लाख लोग इस परियोजना से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जुड़कर बेहतर यात्रा सुविधा का लाभ उठा सकेंगे।

SSC भर्ती 2026: 3003 पदों पर बड़ा मौका, जानें पूरी जानकारी

नई दिल्ली। कर्मचारी चयन आयोग ने वर्ष 2026 के लिए बड़ी भर्ती अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत Selection Post Phase-14 में कुल 3003 पदों पर योग्य उम्मीदवारों से ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह भर्ती 10वीं, 12वीं और स्नातक पास उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर लेकर आई है।

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 13 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 04 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण

भर्ती का नाम: SSC Selection Post Phase-14 Recruitment 2026

कुल पद: 3003

आवेदन मोड: ऑनलाइन

आधिकारिक वेबसाइट: ssc.gov.in

महत्वपूर्ण तिथियाँ

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 13 अप्रैल 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 04 मई 2026

फीस भुगतान की अंतिम तिथि: 05 मई 2026 (रात 11 बजे तक)

आवेदन सुधार (Correction Window): 11 मई से 13 मई 2026

परीक्षा तिथि (संभावित): जून 2026

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती की खास बात यह है कि अलग-अलग पदों के लिए अलग-अलग योग्यता निर्धारित की गई है: 10वीं पास या समकक्ष योग्यता, 12वीं पास या समकक्ष या किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक डिग्री। इस प्रकार, सभी शैक्षणिक स्तर के उम्मीदवार इस भर्ती में आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा

हर पद के लिए आयु सीमा अलग-अलग निर्धारित की गई है: न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, अधिकतम आयु: 25 / 27 / 28 / 30 / 35 वर्ष (पद के अनुसार अलग-अलग), सरकारी नियमों के अनुसार आरक्षित वर्गों को आयु में छूट भी दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

सामान्य / ओबीसी उम्मीदवार: ₹100, SC / ST / PwBD / Ex-Servicemen / सभी महिला उम्मीदवार: कोई शुल्क नहीं होगा।

चयन प्रक्रिया

SSC Selection Post Phase-14 में चयन प्रक्रिया आमतौर पर निम्न चरणों पर आधारित होती है। कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT), दस्तावेज़ सत्यापन, अंतिम मेरिट सूची। उम्मीदवारों का चयन उनकी योग्यता और परीक्षा में प्रदर्शन के आधार पर किया जाएगा।

वेतनमान

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को 7th CPC Pay Matrix के अनुसार Level 1 से Level 8 तक वेतन दिया जाएगा। वेतन पद और विभाग के अनुसार अलग-अलग होगा, जिससे उम्मीदवारों को अच्छा सरकारी वेतन और भत्ते प्राप्त होंगे।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करके आवेदन कर सकते हैं। SSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं (ssc.gov.in), Selection Post Phase-14 Recruitment 2026 लिंक पर क्लिक करें नया रजिस्ट्रेशन करें , लॉगिन करके आवेदन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी, अब 4 शहरों से उड़ेगी फ्लाइट

पटना।  राज्य में हवाई कनेक्टिविटी को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अब तक जहां हवाई सेवाओं का केंद्र पटना रहा है, वहीं अब सरकार और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) मिलकर चार नए शहरों भागलपुर, मोतिहारी, गोपालगंज और छपरा को हवाई नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी में हैं।

यह कदम अगर आगे बढ़ता है तो बिहार के छोटे शहरों के लोगों के लिए हवाई यात्रा पहली बार आसान और सुलभ हो सकती है। इस योजना का एक बड़ा फायदा यह होगा कि पटना एयरपोर्ट पर भीड़ कम होगी और राज्य के अलग-अलग हिस्सों को सीधे हवाई कनेक्शन मिल सकेगा। साथ ही, व्यापार, शिक्षा और रोजगार के नए अवसर भी खुलने की उम्मीद है।

AAI टीम करेगी जमीन पर जांच

AAI की टीम 15 से 18 अप्रैल के बीच इन सभी जगहों पर जाकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेगी। यह सिर्फ कागजी योजना नहीं होगी, बल्कि जमीन पर उतरकर देखा जाएगा कि एयरपोर्ट बनाना या शुरू करना कितना संभव है। टीम रनवे की लंबाई, जमीन की उपलब्धता, आसपास की सुरक्षा और उड़ान संचालन की तकनीकी जरूरतों की जांच करेगी।

कहां कितनी तैयारी है?

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार गोपालगंज में रनवे अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में है, जबकि बाकी तीन शहरों भागलपुर, मोतिहारी और छपरा में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की जरूरत पड़ सकती है। यही तय करेगा कि यहां छोटे विमान (ATR) आसानी से उतर पाएंगे या नहीं।

UDAN योजना से जुड़ेगा पूरा प्रोजेक्ट

इस पूरी योजना को केंद्र की UDAN स्कीम से जोड़ने की तैयारी है, जिसका मकसद छोटे शहरों को सस्ती हवाई सेवा देना है। अगर मंजूरी मिलती है तो टिकट भी महंगे नहीं होंगे और आम लोग भी हवाई यात्रा कर सकेंगे। हालांकि सबसे बड़ी चुनौती जमीन की है। एयरपोर्ट के लिए रनवे, टर्मिनल और सुरक्षा क्षेत्र के लिए पर्याप्त जमीन चाहिए होगी। इसी वजह से पूरी योजना AAI की रिपोर्ट पर टिकी है।

ग्रहों का दिव्य संयोग: 5 राशियों को मिलेंगे राहत और नए अवसर

न्यूज डेस्क। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की वर्तमान स्थिति को एक विशेष “दिव्य संयोग” के रूप में देखा जा रहा है, जिसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रूप से पड़ सकता है। इस संयोग को लेकर ज्योतिषाचार्यों का मानना है कि आने वाले समय में कुछ राशियों के जीवन में राहत, सुधार और नए अवसरों के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

लंबे समय से जिन लोगों के जीवन में तनाव, आर्थिक दबाव या कार्यों में बाधाएं बनी हुई थीं, उनके लिए यह ग्रह-स्थिति कुछ सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। खासतौर पर 5 राशियों के लिए यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

इन 5 राशियों को मिल सकता है लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय राहत देने वाला माना जा रहा है। रुके हुए कार्यों में प्रगति हो सकती है और करियर से जुड़े नए अवसर सामने आ सकते हैं। मानसिक तनाव में कमी आने की संभावना भी जताई जा रही है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल रहे हैं। नौकरी और व्यवसाय में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पुराने अटके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में सफलता और मान-सम्मान में वृद्धि के योग बन रहे हैं। पारिवारिक जीवन में भी सुधार देखने को मिल सकता है और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिलने के संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और स्थिरता लेकर आ सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ-साथ रिश्तों में भी सुधार के संकेत मिल रहे हैं। मानसिक शांति मिलने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह ग्रह-योग नए अवसरों का संकेत दे रहा है। नौकरी में पदोन्नति, व्यापार में लाभ और रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना जताई जा रही है।

बिहार में ‘नीतीश युग’ का अंत, नई सरकार का शपथ ग्रहण तय

पटना। बिहार की राजनीति एक अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। लंबे समय से चले आ रहे ‘नीतीश युग’ के समाप्त होने की चर्चाएं अब तेज हो गई हैं। राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया अंतिम चरण में है और 15 अप्रैल सुबह 11 बजे लोकभवन में शपथ ग्रहण समारोह होने की तैयारी की जा रही है।

रिपोर्ट के मुताबिक 15 अप्रैल को सुबह 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह के साथ नई सरकार का औपचारिक गठन तय माना जा रहा है। लेकिन तब तक यह रहस्य बना रहेगा कि बिहार की कमान आखिर किसके हाथों में जाएगी। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत कर सकता है, जिससे राज्य की सत्ता संरचना में बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा।

14 अप्रैल को होगा बैठकों का अहम दिन

नई सरकार के गठन से पहले मंगलवार को राजनीतिक गतिविधियां बेहद तेज रहने वाली हैं। सुबह से लेकर शाम तक कई महत्वपूर्ण बैठकें प्रस्तावित हैं, जिनमें सत्ता परिवर्तन की औपचारिकताओं पर मुहर लग सकती है। सुबह 10 बजे बिहार कैबिनेट की अंतिम बैठक बुलाई गई है, जिसमें कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना है।

बीजेपी विधायक दल की बैठक पर टिकी नजरें

दोपहर 2 बजे भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की अहम बैठक होगी। इस बैठक की कमान केंद्रीय नेता शिवराज सिंह चौहान संभाल सकते हैं। माना जा रहा है कि इसी बैठक में मुख्यमंत्री पद के संभावित नाम पर गंभीर चर्चा होगी और पार्टी अपना नेता तय कर सकती है।

एनडीए की बैठक में हो सकता है अंतिम फैसला

बीजेपी की बैठक के बाद एनडीए (NDA) विधायक दलों की संयुक्त बैठक होगी। इसी बैठक में गठबंधन का नेता चुना जा सकता है। इसके बाद ही नए मुख्यमंत्री के नाम की आधिकारिक घोषणा की संभावना है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि यह ऐलान 14 अप्रैल की शाम तक सामने आ सकता है।

बिहार में सियासी भूचाल! 48 घंटे में नई सरकार? CM आवास पर हलचल तेज

पटना। बिहार की राजनीति में इस समय जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। सत्ता के गलियारों में लगातार बैठकों और चर्चाओं का दौर जारी है, जिससे यह संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले 48 घंटे राज्य की राजनीति के लिए बेहद निर्णायक साबित हो सकते हैं।

पटना स्थित 1 अणे मार्ग पर मुख्यमंत्री आवास पर नेताओं की लगातार आवाजाही देखी जा रही है। जदयू के कई वरिष्ठ नेता और मंत्री यहां पहुंचकर लगातार चर्चा में शामिल हो रहे हैं। जदयू नेताओं का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं तय योजना के अनुसार आगे बढ़ रही हैं और किसी तरह की घबराहट या असमंजस की स्थिति नहीं है। पार्टी का दावा है कि पूरी स्थिति नियंत्रण में है।

दूसरी ओर, भाजपा ने भी अपनी रणनीति को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। विधायक दल के नेता के चयन के लिए पर्यवेक्षक पटना पहुंचने वाले हैं, जिससे यह स्पष्ट है कि दोनों ओर हलचल जारी है। रिपोर्ट के अनुसार इस बार बीजेपी का कोई व्यक्ति मुख्यमंत्री बन सकता हैं।

14 अप्रैल को अहम मोड़ की चर्चा

राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक 14 अप्रैल को राज्य में बड़ा सियासी घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। इसी दिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे और नए नेतृत्व को लेकर फैसले की अटकलें तेज हैं। साथ ही कैबिनेट की अहम बैठक भी प्रस्तावित बताई जा रही है, जिसमें कई बड़े निर्णय सामने आ सकते हैं।

नए मुख्यमंत्री के नाम पर मंथन

मीडिया रिपोर्ट का दावा है कि संभावित बदलाव के बाद नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर अंदरखाने चर्चा लगभग अंतिम चरण में है। माना जा रहा है कि 14 अप्रैल को ही स्थिति काफी हद तक स्पष्ट हो सकती है।

15 अप्रैल को शपथ की संभावना

राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। प्रशासनिक स्तर पर भी कुछ गतिविधियां तेज होने से इन अटकलों को और बल मिल रहा है।

देशभर में चर्चा! PM मोदी बोले—भारत लेने जा रहा है सबसे बड़ा फैसला

नई दिल्ली। भारत की राजनीति में एक बार फिर महिला सशक्तिकरण को लेकर बड़ा कदम उठने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में ‘नारी शक्ति वंदन सम्मेलन’ में संबोधन देते हुए संकेत दिया कि देश 21वीं सदी के सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक की ओर बढ़ रहा है, जिसका केंद्र महिलाओं का सशक्तिकरण है।

महिला आरक्षण पर ऐतिहासिक चर्चा की तैयारी

प्रधानमंत्री के अनुसार, संसद में 16 अप्रैल से महिला आरक्षण से जुड़े विषय पर विस्तृत चर्चा होने जा रही है। यह चर्चा राज्य विधानसभाओं से लेकर संसद तक महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। लंबे समय से जिस कानून को लागू करने की मांग उठती रही है, अब उसके क्रियान्वयन की दिशा में ठोस प्रक्रिया शुरू होती दिखाई दे रही है।

नारी शक्ति के सम्मान पर जोर

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि यह पहल केवल एक राजनीतिक निर्णय नहीं है, बल्कि यह नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तिकरण से जुड़ा हुआ कदम है। उनका कहना था कि भारत में लोकतंत्र को और अधिक समावेशी बनाने के लिए महिलाओं की भूमिका को और मजबूत करना आवश्यक है। यह निर्णय समाज में समानता और सामाजिक न्याय की भावना को भी मजबूत करेगा।

नया इतिहास रचने की तैयारी

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि संसद एक नया इतिहास रचने के करीब है। महिला आरक्षण से जुड़ी यह पहल दशकों पुरानी बहसों और चर्चाओं को आगे बढ़ाते हुए एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच रही है। सरकार का उद्देश्य है कि इस प्रक्रिया को सभी राजनीतिक दलों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाए, ताकि इसे व्यापक समर्थन मिल सके।

2029 की समय सीमा का संकेत

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी संकेत दिया कि महिला सशक्तिकरण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को 2029 तक लागू करने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। यह समय सीमा देश में राजनीतिक और प्रशासनिक बदलावों की एक बड़ी योजना को दर्शाती है, जिससे महिलाओं की भागीदारी को और मजबूत आधार मिलेगा।

लोकतंत्र और सामाजिक न्याय

इस पहल को केवल कानून तक सीमित नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भारतीय लोकतंत्र में सामाजिक न्याय और समानता की नई परिभाषा के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी बढ़े और वे देश के विकास में अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकें।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में गार्ड और फायरमैन भर्ती का नोटिफिकेशन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से विधान भवन में गार्ड और फायरमैन के पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इस भर्ती के जरिए कुल 170 रिक्त पदों को भरा जाएगा, जिससे कई उम्मीदवारों को राज्य सरकार के तहत नौकरी पाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

भर्ती की मुख्य जानकारी

इस भर्ती प्रक्रिया के तहत विधान भवन में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी। इसमें गार्ड और फायरमैन दोनों प्रकार के पद शामिल हैं। आवेदन प्रक्रिया 9 जून 2026 से शुरू होकर 29 जून 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पदों का विवरण

विधान भवन रक्षक (गार्ड): 120 पद

विधान भवन अग्निशमन/फायरमैन: 50 पद

शैक्षणिक योग्यता और पात्रता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों को कुछ आवश्यक योग्यताओं को पूरा करना होगा। उम्मीदवार के पास UPSSSC PET 2025 का वैध स्कोरकार्ड होना अनिवार्य है। साथ ही उत्तर प्रदेश बोर्ड से इंटरमीडिएट (12वीं) या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना चाहिए

आयु सीमा

न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष (1 जुलाई 2026 के आधार पर), आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

आवेदन शुल्क

इस भर्ती की सबसे खास बात यह है कि आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए मात्र 25 रुपये निर्धारित किया गया है। उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से फीस का भुगतान कर सकते हैं।

कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यानपूर्वक पढ़ लें।

मंगल दोष से मुक्त होगी 4 राशियां, जीवन में आएंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल दोष व्यक्ति के जीवन में विवाह, करियर और संबंधों में बाधाएं पैदा कर सकता है। लेकिन ग्रहों की बदलती स्थिति और शुभ योगों के प्रभाव से कुछ राशियों को इस दोष से राहत मिलने की संभावना बन रही है। आने वाले समय में चार राशियों के लिए यह परिवर्तन बेहद शुभ साबित हो सकता है और उनके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय काफी अनुकूल रहने वाला है। मंगल स्वयं इस राशि के स्वामी होते हैं, इसलिए जैसे ही दोष का प्रभाव कम होगा, जीवन में स्थिरता आने लगेगी।

वैवाहिक जीवन में चल रही परेशानियां कम होंगी

रिश्तों में समझ और संतुलन बढ़ेगा

करियर में रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे

आत्मविश्वास में जबरदस्त बढ़ोतरी होगी

2. कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों को भी मंगल दोष के प्रभाव से राहत मिलने के संकेत हैं। पिछले समय से चल रही मानसिक और पारिवारिक परेशानियां अब धीरे-धीरे कम हो सकती हैं।

परिवार में शांति और सहयोग का माहौल बनेगा

विवाह संबंधी अड़चनें दूर हो सकती हैं

आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बनेंगे

नए अवसरों के द्वार खुलेंगे

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और नई शुरुआत का संकेत लेकर आ रहा है। मंगल दोष के प्रभाव में कमी आने से जीवन में स्थिरता आएगी।

वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी

पार्टनरशिप में लाभ मिलने की संभावना

नौकरी और व्यापार में सुधार

लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह परिवर्तन बेहद शुभ माना जा रहा है। जीवन में जो रुकावटें चल रही थीं, वे अब धीरे-धीरे समाप्त हो सकती हैं।

करियर में बड़ी सफलता के योग

सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि

विवाह और संबंधों में सुधार

आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना

बिहार में बढ़ी सियासी गर्मी, BJP का अगला CM? नाम सबको चौंका देगा

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी और सहयोगी दलों के बीच लगातार बैठकों का दौर जारी है, जिससे सियासी तापमान और बढ़ गया है।

दोपहर 2 बजे होगी बीजेपी की अहम बैठक

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, कल दोपहर 2 बजे पटना स्थित बीजेपी कार्यालय के अटल सभागार में बीजेपी की विधायक दल की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। इस बैठक में सभी विधायक और विधान परिषद सदस्य शामिल होंगे। बैठक में केंद्रीय पर्यवेक्षक के रूप में शिवराज सिंह चौहान मौजूद रहेंगे। इसी बैठक में विधायक दल के नेता का चयन किया जाएगा और माना जा रहा है कि वही नाम बिहार के अगले मुख्यमंत्री के रूप में सामने आएगा।

राजनीतिक हलचल और बैठकों का दौर

इधर, नई सरकार के गठन को लेकर लगातार बैठकों का सिलसिला जारी है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास पर जेडीयू के वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक हुई, जिसमें सत्ता समीकरण और सरकार गठन पर विस्तार से चर्चा की गई। इससे पहले भी कई वरिष्ठ नेताओं की मुख्यमंत्री आवास पर बैठक हो चुकी है, जहां नए राजनीतिक समीकरणों को लेकर रणनीति तैयार की गई।

नीतीश कुमार के बाद नए चेहरे की चर्चा

राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा तेज है कि मौजूदा मुख्यमंत्री के बाद नेतृत्व में बदलाव तय माना जा रहा है। इसी कारण अगले मुख्यमंत्री पद के लिए कई नामों पर मंथन चल रहा है। पार्टी और गठबंधन के भीतर विभिन्न समीकरणों को देखते हुए अंतिम फैसला बैठक के बाद ही सामने आएगा।

शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू

प्रशासनिक स्तर पर भी नई सरकार के शपथ ग्रहण की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। पटना में उच्चस्तरीय बैठकें हो रही हैं और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी समीक्षा की जा रही है। अनुमान है कि 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री पद की रेस में कई नाम

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, मुख्यमंत्री पद के लिए कई नाम चर्चा में हैं, जिनमें सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा और अन्य प्रमुख नेता शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय NDA की बैठक और विधायक दल के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा।

यूपी में कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले, सीएम योगी की बड़ी घोषणा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों के हित में बड़ा कदम उठाया है। सीएम योगी के नेतृत्व वाली सरकार ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा जैसे औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए नए नियम लागू किए हैं, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

नए नियमों के तहत अगर कोई कर्मचारी अतिरिक्त समय काम करता है, तो उसे सामान्य वेतन से दोगुना भुगतान देना अनिवार्य होगा। इतना ही नहीं, ओवरटाइम भुगतान में किसी भी तरह की कटौती नहीं की जा सकेगी। यदि कर्मचारी से रविवार या साप्ताहिक अवकाश के दिन काम लिया जाता है, तो उस दिन भी दोगुना वेतन देना होगा।

समय पर सैलरी और पारदर्शिता जरूरी

अब सभी कंपनियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर कर्मचारी को महीने की सैलरी 10 तारीख तक एक ही किस्त में मिल जाए। इसके साथ ही सैलरी स्लिप देना भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि भुगतान में पारदर्शिता बनी रहे। सालाना बोनस को भी निर्धारित समय सीमा यानी 30 नवंबर तक सीधे कर्मचारियों के बैंक खाते में भेजना होगा।

मजदूरों के लिए क्या हैं नए नियम?

गौतम बुद्ध नगर प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब प्राइवेट कंपनियों को कई श्रम नियमों का सख्ती से पालन करना होगा। इनमें सबसे बड़ा बदलाव ओवरटाइम भुगतान और वेतन भुगतान प्रणाली में किया गया है।

महिला कर्मचारियों की सुरक्षा पर जोर

नई व्यवस्था में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी गई है। हर औद्योगिक इकाई में आंतरिक शिकायत समिति बनानी होगी, जिसकी अध्यक्षता महिला कर्मचारी करेंगी। इसके अलावा शिकायत बॉक्स और हेल्पलाइन या कंट्रोल रूम की सुविधा भी अनिवार्य की गई है, ताकि कार्यस्थल पर किसी भी समस्या का तुरंत समाधान हो सके।

यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया में 19 पदों पर भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। यूरेनियम क्षेत्र से जुड़ी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर सामने आया है। Uranium Corporation of India Limited (UCIL) ने वर्ष 2026 के लिए प्रोफेशनल स्तर के कुल 19 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती विभिन्न ग्रुप-ए और ग्रुप-बी पदों के लिए की जा रही है, जिसमें योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती का संक्षिप्त विवरण

UCIL द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह भर्ती विभिन्न तकनीकी और प्रोफेशनल पदों को भरने के लिए की जा रही है। कुल पदों की संख्या 19 निर्धारित की गई है, जिसमें कुछ पद अस्थायी और लंबित श्रेणी के भी शामिल हो सकते हैं।

महत्वपूर्ण जानकारी

भर्ती का नाम: यूसीआईएल प्रोफेशनल भर्ती 2026

संगठन: यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड

कुल पद: 19

पद श्रेणी: ग्रुप-ए और ग्रुप-बी

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार UCIL की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 20 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 19 मई 2026 तक चलेगी। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन पूरा करें।

आवेदन शुल्क

सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार: ₹500/-, एससी / एसटी / पीडब्ल्यूबीडी / महिला / आंतरिक कर्मचारी: कोई शुल्क नहीं

कैसे करें आवेदन?

आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं, भर्ती सेक्शन में UCIL Recruitment 2026 लिंक खोलें, ऑनलाइन आवेदन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें, फॉर्म सबमिट कर प्रिंट आउट सुरक्षित रखें

आधिकारिक वेबसाइट: www.uraniumcorp.in

बिहार का नया CM कौन? सियासी हलचल तेज, बड़े नामों पर चर्चा

पटना। बिहार की राजनीति एक बार फिर बड़े बदलाव के मुहाने पर खड़ी नजर आ रही है। राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है और आने वाले दिनों में नया मुख्यमंत्री सामने आने की पूरी संभावना जताई जा रही है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि 15 अप्रैल को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित हो सकता है।

14 अप्रैल को हो सकता है बड़ा फैसला

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार 14 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अंतिम बार मंत्रिपरिषद की बैठक कर सकते हैं। इसी दिन उनके इस्तीफे की भी संभावना जताई जा रही है। इसके बाद राज्य में नई सरकार गठन की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। इसी के साथ यह भी चर्चा है कि 15 अप्रैल को पटना के गांधी मैदान में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है, जहां नई सरकार औपचारिक रूप से सत्ता संभालेगी।

सियासी बैठकों से बढ़ा सस्पेंस

पिछले 20 घंटों में मुख्यमंत्री आवास पर कई अहम बैठकें हुई हैं, जिनमें सम्राट चौधरी और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रही। इन बैठकों के बाद यह संकेत मिला है कि सरकार गठन लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इन बैठकों के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है और यह लगभग तय माना जा रहा है कि जल्द ही नेतृत्व परिवर्तन की घोषणा हो सकती है।

सरकार गठन पर नेताओं के संकेत

राज्य के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि नई सरकार के गठन की तैयारियां तेजी से चल रही हैं और अब केवल कुछ ही दिनों का इंतजार बाकी है। उन्होंने संकेत दिया कि जल्द ही पूरी तस्वीर साफ हो जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री का चेहरा कौन होगा, इसका अंतिम निर्णय भारतीय जनता पार्टी की आंतरिक प्रक्रिया के तहत लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री के चेहरे पर बना सस्पेंस

सबसे बड़ा सवाल अभी भी यही है कि नया मुख्यमंत्री कौन होगा। इस पर नेताओं का कहना है कि पहले भारतीय जनता पार्टी अपने स्तर पर नाम तय करेगी। इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में उस नाम पर अंतिम सहमति बनाई जाएगी। इसके बाद ही औपचारिक रूप से मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा की जाएगी और शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी होगी।

बुधादित्य राजयोग से बदलेगा भाग्य, 5 राशियों के लिए खुलेंगे सफलता के द्वार

राशिफल। 13 से 19 अप्रैल 2026 का सप्ताह ज्योतिषीय दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान बुध और सूर्य की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह योग बुद्धि, व्यापार, निर्णय क्षमता और आर्थिक लाभ से जुड़ा हुआ माना जाता है। ऐसे में कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बुधादित्य राजयोग का प्रभाव क्या होता है?

इस योग में सूर्य (ऊर्जा, नेतृत्व) और बुध (बुद्धि, व्यापार) का मेल होता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ आते हैं, तो व्यक्ति की निर्णय क्षमता मजबूत होती है और आर्थिक अवसर बढ़ते हैं। इसका असर खासकर करियर, व्यापार, संवाद कौशल और धन लाभ पर देखने को मिलता है।

इन 5 राशियों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय करियर में नई दिशा देने वाला हो सकता है। नौकरी में तरक्की के संकेत मिल सकते हैं और व्यापार में नए अवसर बन सकते हैं। आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।

2. मिथुन राशि

इस राशि के स्वामी बुध होने के कारण यह योग बेहद शुभ माना जा रहा है। आय में वृद्धि के संकेत हैं और रुके हुए काम तेजी से पूरे हो सकते हैं। व्यापार में बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सूर्य की मजबूत स्थिति सिंह राशि के लिए लाभकारी रहेगी। कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। नए प्रोजेक्ट से फायदा हो सकता है।

4. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक रूप से मजबूत करने वाला हो सकता है। निवेश से लाभ मिल सकता है और नौकरी में स्थिरता बढ़ेगी।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत कर सकता है। विदेश से जुड़े कामों में सफलता मिल सकती है और करियर में नए मौके बन सकते हैं।

केंद्र सरकार से मिलेगा ₹25 लाख का लोन, शुरू करें बिजनेस

नई दिल्ली। अगर कोई व्यक्ति अपना खुद का काम शुरू करना चाहता है लेकिन पैसे की कमी उसे रोक रही है, तो उसके लिए केंद्र सरकार की एक योजना बड़ा सहारा बन सकती है। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत सरकार नए कारोबार शुरू करने के लिए आर्थिक मदद देती है, जिसमें बैंक लोन और सब्सिडी दोनों शामिल हैं।

छोटे कारोबार को बढ़ावा देने की कोशिश

इस योजना का मकसद देश में ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार से जोड़ना है। खासकर गांव और छोटे शहरों में रहने वाले युवाओं को अपना काम शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि वे दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें।

योजना में मिलती है अलग-अलग मदद

इस स्कीम में सरकार सीधे पैसा नहीं देती, बल्कि बैंक के जरिए लोन दिलाया जाता है और उस पर कुछ हिस्सा सब्सिडी के रूप में माफ कर दिया जाता है। सब्सिडी का प्रतिशत आवेदक की कैटेगरी और जगह के हिसाब से अलग होता है।

किसे कितना फायदा मिलता है

सामान्य वर्ग के लोग अगर शहर में काम शुरू करते हैं तो उन्हें कम सब्सिडी मिलती है, जबकि गांव में शुरू करने पर यह मदद बढ़ जाती है। वहीं, SC, ST, महिलाओं और अन्य विशेष वर्गों को ज्यादा लाभ दिया जाता है। 

कितना बड़ा प्रोजेक्ट कर सकते हैं

इस योजना में अलग-अलग तरह के बिजनेस के लिए सीमा तय है। मैन्युफैक्चरिंग वाले कामों में ज्यादा से ज्यादा लगभग ₹25 लाख तक का प्रोजेक्ट, सर्विस सेक्टर में करीब ₹10 लाख तक का प्रोजेक्ट।

कौन ले सकता है इस योजना का फायदा

उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। 

बड़ा लोन लेने के लिए कम से कम 8वीं पास होना जरूरी है। 

यह सुविधा सिर्फ नए बिजनेस शुरू करने वालों के लिए है। 

ग्रुप, ट्रस्ट और स्वयं सहायता समूह भी आवेदन कर सकते हैं। 

कच्चे तेल की कीमतों में आग, ईरान पर ट्रंप की सख्ती से मचा हड़कंप

न्यूज डेस्क। दुनियाभर के ऊर्जा बाजार में इस समय जबरदस्त उथल-पुथल देखने को मिल रही है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल बाजार को हिला दिया है। अमेरिकी कदम के बाद निवेशकों में घबराहट फैल गई, जिसका सीधा असर तेल की कीमतों पर दिखा।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बढ़ी चिंता

जिस इलाके को लेकर सबसे ज्यादा डर है, वह है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज। यह वही समुद्री रास्ता है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल व्यापार गुजरता है। जैसे ही यहां नाकेबंदी जैसी स्थिति की खबरें आईं, बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ गई और कीमतें तेजी से ऊपर जाने लगीं।

तेल के दाम 100 डॉलर के पार

बाजार खुलते ही कच्चे तेल में तेज उछाल देखा गया। अमेरिकी क्रूड की कीमतें अचानक बढ़कर 104 डॉलर के पार पहुंच गईं, जबकि ब्रेंट क्रूड भी 100 डॉलर के ऊपर चला गया। कुछ ही घंटों में हुई इस तेजी ने ट्रेडर्स और निवेशकों दोनों को चौंका दिया।

अमेरिका का सख्त रुख

अमेरिकी प्रशासन की तरफ से साफ संकेत दिए गए हैं कि ईरान पर आर्थिक दबाव और बढ़ाया जाएगा। इस दौरान उन रास्तों और गतिविधियों पर भी नजर रखी जाएगी, जिनसे ईरान को तेल व्यापार में फायदा मिलता है। हालांकि अमेरिका ने यह भी कहा है कि सामान्य अंतरराष्ट्रीय व्यापार को रोकने का इरादा नहीं है, लेकिन हालात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

बाजार में डर का माहौल

तेल की कीमतों में इस तेजी की असली वजह सिर्फ सप्लाई नहीं, बल्कि डर है। निवेशकों को लग रहा है कि अगर स्थिति और बिगड़ी तो तेल की सप्लाई बाधित हो सकती है। इसी वजह से शेयर बाजारों में भी दबाव देखने को मिला है। फिलहाल दुनिया की नजर इस बात पर टिकी है कि अमेरिका और ईरान के बीच यह तनाव किस दिशा में जाता है। अगर स्थिति शांत नहीं हुई तो आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और ऊपर जा सकती हैं, जिसका असर सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारियों के लिए खत्म नियम लागू

पटना। बिहार सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए सोशल मीडिया उपयोग को लेकर नए नियम लागू कर दिए हैं। ‘बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली 2026’ के लागू होने के बाद अब राज्य के कर्मचारियों के ऑनलाइन व्यवहार पर सख्त निगरानी रहेगी।

सरकार का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कर्मचारियों का व्यवहार प्रशासन की छवि को प्रभावित करता है। इसी कारण यह नई नियमावली लागू की गई है ताकि सरकारी सेवकों की भूमिका पूरी तरह निष्पक्ष और अनुशासित बनी रहे।

क्या है नया नियम?

नई व्यवस्था के अनुसार, कोई भी सरकारी कर्मचारी अब बिना अनुमति सरकार की नीतियों, फैसलों या योजनाओं पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी नहीं कर सकेगा। इसके अलावा न्यायालयों के निर्णयों पर व्यक्तिगत राय साझा करने पर भी रोक लगाई गई है। नियम तोड़ने की स्थिति में विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

प्रोफाइल फोटो और प्रतीकों पर भी रोक

सरकार ने सोशल मीडिया प्रोफाइल को लेकर भी दिशा-निर्देश तय किए हैं। अब कर्मचारी अपनी डीपी में किसी भी प्रकार के विरोध संकेत, राजनीतिक पहचान या प्रतीकात्मक छवि का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। प्रशासन का कहना है कि इससे सरकारी तंत्र की निष्पक्षता और तटस्थता बनी रहेगी।

निजी पोस्ट और ऑनलाइन व्यवहार पर भी नजर

नए नियमों के तहत कर्मचारियों को सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट, ट्रोलिंग या किसी व्यक्ति को निशाना बनाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है। हालांकि, यदि किसी कर्मचारी को आधिकारिक रूप से सरकार की योजना या अभियान से जुड़ा काम दिया जाता है, तो वह अधिकृत पोस्ट कर सकता है।

बिहार में बड़ा सियासी बदलाव: नए CM के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे PM मोदी

पटना। बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़े बदलाव के संकेत दिखाई दे रहे हैं। राज्य में नए मुख्यमंत्री के चयन की प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंचती नजर आ रही है। 14 अप्रैल को विधायक दल की बैठक और 15 अप्रैल को संभावित शपथ ग्रहण समारोह को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।

विधायक दल की बैठक पर टिकी निगाहें

14 अप्रैल को भारतीय जनता पार्टी विधायक दल की अहम बैठक प्रस्तावित है, जिसमें नए नेता के नाम पर चर्चा और चयन किया जाएगा। रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रक्रिया के लिए केंद्रीय स्तर से एक वरिष्ठ नेता को पर्यवेक्षक के तौर पर भेजे जाने की तैयारी है, जो पूरी चयन प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। इसके बाद एनडीए के सहयोगी दलों के साथ संयुक्त बैठक में मुख्यमंत्री पद के नाम पर अंतिम सहमति बनने की संभावना है।

शपथ ग्रहण समारोह 15 अप्रैल को संभावित

जानकारी के मुताबिक, 15 अप्रैल को पटना में नए मुख्यमंत्री का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इसके लिए राजधानी के प्रमुख स्थल बापू सभागार और लोकभवन को तैयार किया जा रहा है। शुरुआती चरण में सीमित मंत्रियों के साथ शपथ दिलाए जाने की योजना पर भी चर्चा है, जबकि बाद में मंत्रिमंडल का विस्तार किया जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी के शामिल होने की चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वे 14 अप्रैल की शाम पटना पहुंच सकते हैं और समारोह में भाग लेने के बाद अगले दिन रवाना हो सकते हैं। हालांकि, इस पर आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी संभव

इस कार्यक्रम में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और केंद्रीय मंत्रियों के शामिल होने की भी चर्चा है। इससे यह समारोह केवल राज्य स्तर का नहीं बल्कि राष्ट्रीय स्तर का राजनीतिक आयोजन बन सकता है।

मुख्यमंत्री पद को लेकर अभी भी अनिश्चितता

नए मुख्यमंत्री के नाम को लेकर फिलहाल सस्पेंस बना हुआ है। पार्टी के भीतर कई नामों पर विचार किया जा रहा है, जिनमें उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम प्रमुखता से सामने आ रहा है। इसके अलावा अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। पार्टी नेतृत्व सामाजिक और राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए अंतिम निर्णय लेने की तैयारी में है।

सूर्य-शुक्र की युति: 5 राशियों के लिए सुनहरा समय, करियर और धन में वृद्धि के संकेत

राशिफल। 14 अप्रैल 2026 को सूर्य के मेष राशि में प्रवेश के साथ एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। इस दौरान सूर्य और शुक्र की युति से शुक्रादित्य योग का निर्माण होगा, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ और प्रभावशाली माना जाता है।

यह योग विशेष रूप से आर्थिक उन्नति, करियर ग्रोथ और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि के लिए लाभकारी माना जा रहा है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इसका प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग रहेगा, लेकिन 5 राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आ रहा है।

इन 5 राशियों को मिलेगा सबसे अधिक लाभ

मेष राशि

सूर्य के अपनी ही राशि में होने और शुक्र की युति से मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अत्यंत अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिलेंगे। नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के योग बन सकते हैं।

सिंह राशि

सूर्य की मजबूत स्थिति सिंह राशि के लिए विशेष लाभकारी रहेगी। कार्यस्थल पर मान-सम्मान बढ़ेगा और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है।

तुला राशि

शुक्र इस राशि के स्वामी होने के कारण तुला राशि के जातकों के लिए यह योग अत्यंत शुभ माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और व्यापार में लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ेगी।

धनु राशि

इस राशि के लिए यह समय भाग्य वृद्धि का संकेत दे रहा है। विदेश संबंधी कार्यों में सफलता मिल सकती है। शिक्षा और करियर में अच्छे परिणाम प्राप्त होने के योग हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह संयोग करियर और वित्त दोनों में सुधार ला सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। निवेश से लाभ के संकेत भी मिल रहे हैं।

योगी सरकार का बड़ा फैसला, सभी 75 जिलों के लिए नए निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गौवंश संरक्षण को और प्रभावी बनाने के लिए एक नई और व्यापक योजना पर काम शुरू किया है। इसके तहत राज्य के सभी 75 जिलों में गौशालाओं को चारे की कमी से बचाने के लिए ‘भूसा बैंक’ की व्यवस्था को तेजी से विकसित किया जा रहा है।

हर गौशाला में पूरे साल चारे की गारंटी

सरकार की योजना के अनुसार अब गौआश्रय स्थलों में संरक्षित पशुओं के लिए सालभर चारे की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले में पहले से ही जरूरत का अनुमान लगाकर भूसे का सुरक्षित भंडारण किया जाएगा, ताकि किसी भी मौसम या स्थिति में पशुओं को परेशानी न हो।

भूसा बैंक से बनेगी मजबूत सप्लाई

नई व्यवस्था में गौशालाओं के भीतर ही विशेष भंडारण केंद्र तैयार किए जा रहे हैं, जिन्हें भूसा बैंक कहा जा रहा है। इन केंद्रों के जरिए जरूरत के अनुसार चारा वितरित किया जाएगा, जिससे किसी भी स्तर पर कमी की स्थिति न बने।

पशुओं के स्वास्थ्य और देखभाल

सरकार ने केवल भोजन ही नहीं, बल्कि पशुओं की देखभाल पर भी ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। गौशालाओं में हरा चारा, चोकर और साफ पानी की नियमित व्यवस्था के साथ-साथ समय-समय पर स्वास्थ्य जांच और टैगिंग भी जरूरी की गई है।

स्थानीय सहयोग से अभियान

इस योजना को सफल बनाने के लिए स्थानीय प्रशासन, किसानों और समाज की भागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। इसके अलावा सीएसआर फंड और जनसहयोग के जरिए संसाधनों को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि व्यवस्था लंबे समय तक चल सके।

पहले से जारी है बड़ा बजट सपोर्ट

राज्य सरकार पहले ही निराश्रित पशुओं की देखभाल के लिए लगभग 1000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर चुकी है। इस फंड से गौशालाओं का विस्तार, चारे की व्यवस्था और सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश में कोई भी गौवंश भूख या असहाय स्थिति में न रहे।

केंद्रीय कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया हुई शुरू

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक महत्वपूर्ण अपडेट सामने आया है। आयोग ने अब अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया है और विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों तथा सरकारी संस्थानों से सीधे संवाद की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि यह कदम आने वाले समय में वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे में बड़े बदलाव की नींव रख सकता है।

देशभर में शुरू हो रही अहम बैठकें

आयोग ने कर्मचारियों की राय और सुझाव लेने के लिए अलग-अलग शहरों में बैठकों का कार्यक्रम तय किया है। इसके तहत सबसे पहले नई दिल्ली में 28, 29 और 30 अप्रैल 2026 को बैठकें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 4 और 5 मई को पुणे में भी महत्वपूर्ण चर्चा होगी। इन बैठकों में विभिन्न कर्मचारी संगठन अपनी मांगें और सुझाव सीधे आयोग के सामने रख सकेंगे।

सुझाव देने के लिए जरूरी शर्त

इन बैठकों में हिस्सा लेने के लिए एक जरूरी प्रक्रिया निर्धारित की गई है। संबंधित यूनियन या संस्था को पहले आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना मेमोरेंडम यानी विस्तृत सुझाव दस्तावेज जमा करना होगा। इसके लिए अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 तय की गई है। इसके बाद ही आगे की प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा।

देश के अन्य शहरों में भी होंगे कार्यक्रम

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आयोग केवल दिल्ली और पुणे तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले समय में मुंबई समेत अन्य राज्यों में भी इसी तरह की बैठकों का आयोजन किया जा सकता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों की राय शामिल की जा सके।

नए वेतन आयोग के लिए कंसल्टेंट भर्ती भी शुरू

नए वेतन आयोग के लिए कंसल्टेंट पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। लगभग 20 पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं, जिनमें फुल-टाइम और पार्ट-टाइम दोनों विकल्प मौजूद हैं। फुल-टाइम कंसल्टेंट को करीब ₹1.80 लाख तक मासिक वेतन मिलने की संभावना है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जा रहे हैं।

बिहार में नए CM पर मुहर तय! सरकार गठन की रफ्तार तेज, बड़ा ऐलान

पटना। बिहार की राजनीति इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। आने वाले दो से तीन दिनों में राज्य को नया मुख्यमंत्री मिलने की पूरी संभावना है। वर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद अब सबकी नजर इस बात पर है कि सत्ता की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी।

भारतीय जनता पार्टी ने संभाली कमान

सरकार गठन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए भारतीय जनता पार्टी ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बिहार का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है। उनकी मौजूदगी में विधायक दल की बैठक होगी, जिसमें नए नेता का चयन किया जाएगा। 

कैसे होगा मुख्यमंत्री का चयन?

नई सरकार के गठन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी होगी। सबसे पहले भारतीय जनता पार्टी के सभी विधायकों की बैठक होगी, उसमें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाएगा।  इसके बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की बैठक में उस नाम पर अंतिम मुहर लगेगी। 

कब होगा फैसला?

राजनीतिक सूत्रों के अनुसार:

14 अप्रैल को विधायक दल की बैठक हो सकती है

उसी दिन गठबंधन की बैठक भी संभव है

15 अप्रैल तक नई सरकार का गठन हो सकता है

इसी दौरान मौजूदा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अंतिम बार मंत्रिपरिषद की बैठक करने के बाद राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप सकते हैं।

कौन होगा नया मुख्यमंत्री?

इस बार बिहार में पहली बार भारतीय जनता पार्टी का मुख्यमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। इसके अलावा नित्यानंद राय, दिलीप जायसवाल, संजय जायसवाल और प्रेम कुमार जैसे नेताओं के नाम भी चर्चा में हैं। साथ ही दलित या महिला मुख्यमंत्री को लेकर भी अटकलें जारी हैं।

बिहार में बड़ा फैसला: 10-10 महिलाओं की फौज, नशे के खिलाफ आर-पार!

पटना। बिहार में शराबबंदी लागू होने के बाद एक नई चुनौती सामने आई सूखा नशा यानी ड्रग्स का बढ़ता प्रचलन। इस खतरे से निपटने के लिए राज्य सरकार ने एक अलग और प्रभावी रास्ता चुना है। अब इस लड़ाई की कमान ग्रामीण महिलाओं के हाथों में दी जा रही है, जिससे समाज के भीतर से ही बदलाव की शुरुआत हो सके।

गांव की महिलाएं बनेंगी बदलाव की ताकत

सरकार ने हर गांव से करीब 10 सक्रिय और जागरूक महिलाओं को चुनकर उन्हें नशामुक्ति अभियान से जोड़ा है। ये महिलाएं सिर्फ जागरूकता फैलाने तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि अपने क्षेत्र में नशे के खिलाफ नेतृत्व भी करेंगी। इन्हें एक तरह से गांव की ब्रांड एंबेसडर की भूमिका दी गई है, जो लोगों को नशे के नुकसान समझाएंगी और उन्हें इससे दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगी।

नशे के नेटवर्क पर सीधा वार

इस पहल की खास बात यह है कि महिलाओं को केवल सामाजिक कार्यकर्ता नहीं, बल्कि एक मजबूत सूचना तंत्र का हिस्सा बनाया गया है। वे अपने गांव के हालात पर नजर रखेंगी। कौन व्यक्ति नशे की गिरफ्त में है, कहां से सप्लाई आ रही है इन सबकी जानकारी इकट्ठा कर प्रशासन तक पहुंचाएंगी।

आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे आधार

आपको बता दें की इस पूरी मुहिम को संगठित रूप देने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रमुख भूमिका दी गई है। ये केंद्र अब केवल पोषण और बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि नशामुक्ति अभियान के कंट्रोल रूम की तरह काम करेंगे।

सरकार इस अभियान को केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि सामाजिक सोच में बदलाव लाना चाहती है। इसके लिए गांवों में नियमित रूप से चौपाल आयोजित किए जाएंगे, जहां महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा और लोगों को नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया जाएगा।

ईरान की घेराबंदी तेज: अमेरिका के ऐलान से दुनिया में हड़कंप!

न्यूज डेस्क। मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े भू-राजनीतिक तनाव के केंद्र में आ गया है। अमेरिका द्वारा ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी लागू करने के संकेत ने न सिर्फ क्षेत्रीय बल्कि वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। यह कदम केवल सैन्य या रणनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और कूटनीतिक समीकरणों को भी प्रभावित करने वाला माना जा रहा है।

क्या है अमेरिका का नया कदम?

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने घोषणा की है कि ईरान के बंदरगाहों की ओर आने-जाने वाले समुद्री ट्रैफिक पर सख्त निगरानी और पाबंदियां लागू की जाएंगी। इसका मतलब यह है कि जो भी जहाज ईरानी तटों से जुड़े व्यापारिक मार्गों का इस्तेमाल करेंगे, वे अमेरिकी नियंत्रण के दायरे में आ सकते हैं।

हालांकि, यह भी साफ किया गया है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले उन जहाजों को छूट दी जाएगी जो ईरान के अलावा अन्य देशों के बंदरगाहों की ओर जा रहे हैं। इसके बावजूद, इस इलाके में काम कर रहे जहाजों को सतर्क रहने और अमेरिकी नौसेना से संपर्क बनाए रखने की सलाह दी गई है।

होर्मुज स्ट्रेट: क्यों है इतना अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की सैन्य या प्रशासनिक सख्ती का असर सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर पड़ सकता है, खासतौर पर तेल की कीमतों और सप्लाई चेन पर।

पेट्रोडॉलर पर छिड़ी नई जंग

इस पूरे घटनाक्रम का एक बड़ा पहलू आर्थिक भी है। अमेरिका लंबे समय से चाहता रहा है कि वैश्विक तेल व्यापार अमेरिकी डॉलर में ही हो। इसे ही 'पेट्रोडॉलर सिस्टम' कहा जाता है। लेकिन हाल के वर्षों में ईरान और चीन जैसे देश डॉलर के विकल्प तलाश रहे हैं, जैसे कि चीनी युआन में तेल व्यापार।  यह अमेरिका की आर्थिक पकड़ के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। 

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, सभी राज्यों के लिए नए निर्देश

नई दिल्ली। भारत की कृषि नीति में एक बड़ा बदलाव धीरे-धीरे आकार ले रहा है। केंद्र सरकार ने राज्यों को जो सलाह दी है कि वे अपनी बोनस नीति को दालों, तिलहनों और मोटे अनाजों के पक्ष में ढालें। वह केवल एक प्रशासनिक कदम नहीं, बल्कि खेती के भविष्य को दिशा देने की कोशिश है।

गेहूं-धान पर निर्भरता क्यों चिंता का विषय है?

पिछले कई दशकों में, खासकर उत्तर भारत में, खेती का पैटर्न गेहूं और धान के इर्द-गिर्द सिमट गया है। इसका मुख्य कारण यह है कि इन फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ-साथ कई राज्यों द्वारा अतिरिक्त बोनस भी दिया जाता है। इससे किसानों को आर्थिक सुरक्षा तो मिलती है, लेकिन वे अन्य फसलों की ओर जाने से हिचकते हैं।

इसका नतीजा यह हुआ कि: दालों और तिलहनों का उत्पादन अपेक्षाकृत कम रहा, भूजल का अत्यधिक दोहन हुआ (विशेषकर धान की खेती में), रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल से मिट्टी की गुणवत्ता प्रभावित हुई, यानी अल्पकालिक लाभ के लिए अपनाई गई यह रणनीति दीर्घकाल में पर्यावरण और खाद्य सुरक्षा दोनों के लिए चुनौती बन गई।

फसल विविधीकरण: समाधान की दिशा

केंद्र सरकार अब 'फसल विविधीकरण' को बढ़ावा देना चाहती है। इसका मतलब है कि किसान गेहूं-धान के साथ-साथ दालें, तिलहन और मोटे अनाज (जैसे बाजरा, ज्वार) भी उगाएं।

अब तक के प्रयास और उनके परिणाम

सरकार ने पहले भी कई योजनाओं के जरिए इस दिशा में काम किया है: PM-KISAN के तहत करोड़ों किसानों को सीधे आर्थिक सहायता, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से मौसम संबंधी जोखिमों से सुरक्षा, सॉइल हेल्थ कार्ड के जरिए मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने की पहल, राष्ट्रीय खाद्य तेल-तिलहन मिशन और पाम ऑयल मिशन से उत्पादन में बढ़ोतरी, मेगा फूड पार्कों का विस्तार, जिससे फसल के बाद होने वाले नुकसान में कमी। इन प्रयासों के कारण तिलहन उत्पादन और क्षेत्रफल दोनों में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है, और आयात निर्भरता भी धीरे-धीरे कम हो रही है।