HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, इन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान कार्ड नहीं रखने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिए राहत की योजना संचालित की जा रही है। गंभीर बीमारी सहायता योजना के तहत पात्र निर्माण श्रमिकों और उनके परिवार के निर्धारित सदस्यों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक मदद दी जाती है। यह योजना उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से चलाई जाती है।

किन लोगों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का फायदा पंजीकृत निर्माण श्रमिक के अलावा उसकी पत्नी, अभिभावक, अविवाहित बेटी और 21 वर्ष से कम उम्र के बेटे को निर्धारित नियमों के तहत मिल सकता है। हालांकि, जो लोग पहले से आयुष्मान भारत या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना के लाभार्थी हैं, उन्हें इस योजना में शामिल नहीं किया जाता।

इन बीमारियों के इलाज में मदद

योजना के तहत गंभीर बीमारियों और कई तरह की सर्जरी के लिए आर्थिक सहायता का प्रावधान है। इसमें कैंसर, हृदय संबंधी सर्जरी, किडनी और लिवर ट्रांसप्लांट, ब्रेन सर्जरी, घुटना प्रत्यारोपण और आंखों की सर्जरी जैसी चिकित्सा प्रक्रियाएं शामिल हो सकती हैं। इसके अलावा पथरी, अपेंडिक्स, हाइड्रोसिल और कुछ कैंसर संबंधी सर्जरी में भी सहायता का प्रावधान है।

ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा

आवेदन के लिए उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण संख्या, आधार और अन्य जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके बाद गंभीर बीमारी सहायता योजना का विकल्प चुनकर आवेदन किया जा सकता है। जरूरी दस्तावेज और बैंक खाते से संबंधित जानकारी भी देनी होगी।

स्वाती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे बुध: 1 अक्टूबर से शुरू होंगे 6 राशियों के अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की चाल में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। 1 अक्टूबर 2026 को बुध ग्रह स्वाती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, गणना और संचार का कारक माना जाता है। ऐसे में बुध के नक्षत्र परिवर्तन से कुछ राशियों के जातकों को करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में शुभ परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है।

इन 6 राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि: कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा होने की संभावना है।

मिथुन राशि: बुध का प्रभाव शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं।

सिंह राशि: आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी बात और योजनाओं को महत्व मिल सकता है।

तुला राशि: बुध का नक्षत्र परिवर्तन इस राशि के जातकों के लिए विशेष रह सकता है। करियर में नए अवसर और कारोबार में लाभ की संभावना बन सकती है।

धनु राशि: नौकरी और व्यवसाय से जुड़े लोगों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि: आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में प्रगति और आर्थिक स्थिति में सुधार की संभावना बन सकती है।

सावधान! मिर्गी के हो सकते हैं ये 5 शुरुआती संकेत, नजरअंदाज न करें

हेल्थ डेस्क। मिर्गी यानी एपिलेप्सी मस्तिष्क से जुड़ी एक न्यूरोलॉजिकल स्थिति है, जिसमें बार-बार दौरे पड़ सकते हैं। इसके लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकते हैं। कई बार दौरा पड़ने से पहले या उसके दौरान शरीर कुछ संकेत देता है। इन बदलावों को पहचानना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

1. अचानक शरीर में झटके आना

बिना किसी स्पष्ट कारण के हाथ-पैर या पूरे शरीर में अचानक तेज झटके लगना दौरे का प्रमुख संकेत हो सकता है। कुछ मामलों में व्यक्ति कुछ समय के लिए अपने शरीर पर नियंत्रण खो सकता है।

2. अचानक होश या प्रतिक्रिया में बदलाव

दौरे के दौरान व्यक्ति कुछ समय के लिए आसपास की बातों पर प्रतिक्रिया देना बंद कर सकता है। कुछ सेकंड तक एकटक देखना या आवाज देने पर जवाब न देना भी कुछ प्रकार के दौरे में दिखाई दे सकता है।

3. अजीब आवाज या असामान्य हरकत

दौरे के समय अचानक असामान्य आवाज निकलना, होंठ या मुंह को बार-बार हिलाना अथवा हाथों से अनजानी गतिविधियां करना भी एक संकेत हो सकता है।

4. अचानक अजीब महसूस होना

कुछ लोगों को दौरे से पहले अचानक अजीब गंध या स्वाद महसूस हो सकता है। इसके अलावा पेट में अजीब हलचल, डर या बेचैनी जैसी अनुभूति भी कुछ मामलों में हो सकती है।

5. दौरे के बाद भ्रम या अत्यधिक थकान

दौरा खत्म होने के बाद व्यक्ति को कुछ समय तक भ्रम की स्थिति, नींद, थकान या आसपास की चीजों को समझने में परेशानी हो सकती है। कुछ लोगों को घटना याद भी नहीं रहती।

कब डॉक्टर से संपर्क करें?

अगर किसी व्यक्ति को पहली बार दौरा पड़ा है, बार-बार ऐसे एपिसोड हो रहे हैं या अचानक बेहोशी और झटकों जैसी समस्या सामने आ रही है, तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है। इन लक्षणों का मतलब हमेशा मिर्गी नहीं होता, इसलिए केवल लक्षण देखकर खुद से बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए। डॉक्टर जरूरत के अनुसार जांच करके सही कारण निर्धारित कर सकते हैं।

पार्किंसन रोग के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो रहें सतर्क

हेल्थ डेस्क। पार्किंसन रोग तंत्रिका तंत्र से जुड़ी एक बीमारी है, जिसमें शरीर की गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए शुरुआती बदलावों को पहचानना महत्वपूर्ण है। हर व्यक्ति में इसके लक्षण एक जैसे नहीं होते और केवल किसी एक लक्षण से बीमारी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

1. हाथ या शरीर में कंपन

पार्किंसन के शुरुआती संकेतों में हाथ, उंगलियों या शरीर के किसी हिस्से में आराम की स्थिति में बार-बार कंपन होना शामिल हो सकता है। यह कंपन अक्सर एक तरफ से शुरू होकर बाद में दूसरे हिस्से तक पहुंच सकता है।

2. चलने-फिरने में धीमापन

काम करने, उठने-बैठने या चलने की गति सामान्य से कम हो जाना भी संकेत हो सकता है। रोजमर्रा के छोटे काम करने में पहले की तुलना में अधिक समय लगने लगे तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. मांसपेशियों में अकड़न

हाथ-पैर या शरीर के अन्य हिस्सों में लगातार जकड़न और अकड़न महसूस होना पार्किंसन से जुड़ा लक्षण हो सकता है। कई बार इससे चलने या सामान्य गतिविधियां करने में असहजता होती है।

4. संतुलन और चाल में बदलाव

चलते समय कदम छोटे होना, शरीर का आगे की ओर झुकना या संतुलन बनाए रखने में परेशानी जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। हालांकि इसके कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।

5. लिखावट या चेहरे के हावभाव में बदलाव

लिखावट का अचानक छोटा या बदल जाना तथा चेहरे के हावभाव कम हो जाना भी शुरुआती संकेतों में शामिल हो सकता है। कुछ लोगों में आवाज धीमी होने जैसी समस्या भी दिखाई दे सकती है।

डॉक्टर से सलाह कब लें?

यदि इनमें से कोई लक्षण लगातार बना रहता है या समय के साथ बढ़ रहा है, तो न्यूरोलॉजिस्ट या चिकित्सक से जांच कराना उचित है। इन संकेतों का मतलब यह जरूरी नहीं कि व्यक्ति को पार्किंसन ही है, क्योंकि ऐसी समस्याएं अन्य कारणों से भी हो सकती हैं। सही जांच के बाद ही बीमारी की पुष्टि की जा सकती है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! ₹25 हजार तक वेतन वालों को PF, पेंशन और बीमा का लाभ

न्यूज डेस्क। कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। अब 25 हजार रुपये तक मासिक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने अनिवार्य ईपीएफ कवरेज की वेतन सीमा 15 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दी है। नई व्यवस्था 17 सितंबर 2026 से लागू हो गई है।

PF के साथ पेंशन और बीमा भी

वेतन सीमा बढ़ने से 15 हजार से अधिक और 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों के लिए ईपीएफ, कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा बीमा योजना (EDLI) का रास्ता खुल गया है। इससे कर्मचारियों को भविष्य के लिए बचत के साथ सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन की सुविधा मिल सकती है। पात्र सदस्य की मृत्यु की स्थिति में परिवार को EDLI के तहत 7 लाख रुपये तक का बीमा लाभ भी मिल सकता है।

नियोक्ताओं को करना होगा नामांकन

नई व्यवस्था के तहत नियोक्ताओं को 25 हजार रुपये तक वेतन पाने वाले पात्र कर्मचारियों का EPF में नामांकन सुनिश्चित करना होगा। UAN बनाने के लिए UMANG ऐप पर फेस ऑथेंटिकेशन की सुविधा भी उपलब्ध है।

पुराने पात्र कर्मचारियों के लिए भी मौका

सरकार ने पुराने मामलों को नियमित करने के लिए कर्मचारी नामांकन अभियान-2026 शुरू किया है, जो 31 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत तय अवधि में नियुक्त ऐसे पात्र कर्मचारियों का नामांकन कराया जा सकता है, जो पहले EPF के दायरे में नहीं आए थे। वहीं, विश्वास-2026 योजना के तहत कुछ पुराने लंबित मामलों के निपटारे का अवसर 28 दिसंबर तक दिया गया है।

UP के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ा आदेश! सभी को पूरे करने होंगे ये 2 जरूरी कोर्स

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को लेकर सरकार ने नया निर्देश जारी किया है। मिशन कर्मयोगी के तहत प्रदेश के सभी विभागों में कार्यरत कार्मिकों को 25 सितंबर को दो निर्धारित कोर्स पूरे करने होंगे। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने विभागीय अधिकारियों को कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।

25 सितंबर को तय समय पर होगा कोर्स

निर्देश के मुताबिक 25 सितंबर को शाम 4 बजे तय समय पर कर्मचारियों को दोनों कोर्स पूरे कराने की व्यवस्था की जाएगी। खास बात यह है कि इस दौरान विभागों में कोई दूसरी बैठक आयोजित नहीं करने को कहा गया है, ताकि कर्मचारी निर्धारित प्रशिक्षण पर पूरा ध्यान दे सकें।

पहले भी जारी हो चुके हैं निर्देश

इससे पहले 10 सितंबर को भी सभी विभागों को मिशन कर्मयोगी के तहत दो कोर्स पूरे कराने के निर्देश दिए गए थे। साथ ही विभागों से संबंधित जानकारी डॉ. राम मनोहर लोहिया उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंधन अकादमी (रूपाम) को ईमेल के जरिए उपलब्ध कराने को कहा गया था।

कोर्स पूरा करने वालों की संख्या बढ़ी

निर्देश लागू होने के बाद 11 सितंबर तक मिशन कर्मयोगी से जुड़े कर्मचारियों की संख्या में 889 की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, पूरे किए गए कोर्स की संख्या में भी करीब 8.02 लाख का इजाफा हुआ। हालांकि अभी भी कई निष्क्रिय यूजर ऐसे हैं, जिन्होंने अब तक एक भी कोर्स पूरा नहीं किया है।

अक्टूबर में प्रस्तावित है कार्यशाला

मिशन कर्मयोगी को लेकर अक्टूबर में प्रदेश स्तर की कार्यशाला प्रस्तावित है। इसे देखते हुए सरकार का जोर सभी विभागों में ज्यादा से ज्यादा कर्मचारियों को प्रशिक्षण पूरा कराने पर है। अधिकारियों को कर्मचारियों की सहभागिता सुनिश्चित करने और निर्धारित समय पर कोर्स पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।

ब्रेन स्ट्रोक के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सतर्क

हेल्थ डेस्क। ब्रेन स्ट्रोक एक ऐसी आपात स्थिति है, जिसमें मस्तिष्क तक रक्त की आपूर्ति रुक जाती है या मस्तिष्क की किसी रक्त वाहिका से रक्तस्राव होने लगता है। ऐसी स्थिति में इलाज मिलने में देरी गंभीर नुकसान का कारण बन सकती है। इसलिए स्ट्रोक के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद जरूरी है।

1. चेहरे का एक हिस्सा कमजोर होना

स्ट्रोक की स्थिति में अचानक चेहरे के एक तरफ कमजोरी या सुन्नपन महसूस हो सकता है। मुस्कुराने पर मुंह का एक हिस्सा नीचे की ओर झुकना भी चेतावनी संकेत हो सकता है।

2. हाथ या पैर में अचानक कमजोरी

एक हाथ या पैर में अचानक ताकत कम होना, सुन्नपन या उसे ठीक से न चला पाना स्ट्रोक का संकेत हो सकता है। खासकर अगर यह समस्या शरीर के एक तरफ महसूस हो रही हो तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए।

3. बोलने या समझने में परेशानी

अचानक बोलने में लड़खड़ाहट, शब्द स्पष्ट न निकलना या दूसरों की बात समझने में कठिनाई होना भी स्ट्रोक के प्रमुख संकेतों में शामिल है।

4. अचानक देखने में दिक्कत

एक या दोनों आंखों से अचानक धुंधला दिखाई देना, नजर कम होना या दो-दो चीजें दिखाई देना स्ट्रोक के दौरान हो सकता है।

5. तेज सिरदर्द और संतुलन बिगड़ना

बिना किसी स्पष्ट वजह के अचानक बहुत तेज सिरदर्द, चक्कर आना, चलने में परेशानी या शरीर का संतुलन बिगड़ना भी चेतावनी संकेत हो सकता है। खासकर जब इसके साथ अन्य न्यूरोलॉजिकल लक्षण मौजूद हों।

लक्षण दिखें तो तुरंत क्या करें?

ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण नजर आने पर इंतजार करके देखने या घरेलू उपचार करने के बजाय तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण किस समय शुरू हुए, इसका समय नोट करना भी डॉक्टरों के लिए उपयोगी होता है। स्ट्रोक का इलाज समय पर मिलने से मस्तिष्क को होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है।

ध्यान रखें कि ऊपर बताए गए लक्षण कई अन्य स्थितियों में भी हो सकते हैं। केवल लक्षणों के आधार पर स्ट्रोक की पुष्टि नहीं की जा सकती। अचानक ऐसे संकेत दिखाई देने पर चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

गुरुवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग! 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार गुरुवार का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष माना जा रहा है। ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति से इस दिन दो शुभ योग बनने की संभावना है, जिसका असर अलग-अलग राशियों पर देखने को मिल सकता है। खासतौर पर चार राशियों के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों, करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरुवार का दिन नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। कामकाज में कोई महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिलने की उम्मीद है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आर्थिक मामलों में दिन अनुकूल रह सकता है। रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और योजनाओं पर ध्यान दिया जाएगा। परिवार के साथ भी अच्छा समय बिताने का अवसर मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को करियर से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही किसी परेशानी का समाधान मिलने के संकेत हैं। व्यापार में नई डील या किसी उपयोगी संपर्क से फायदा हो सकता है। धन से जुड़े फैसले लेते समय सोच-समझकर आगे बढ़ना बेहतर रहेगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए गुरुवार का दिन उपलब्धियों से जुड़ा रह सकता है। नौकरी में प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं और व्यापार में योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर मिलने की संभावना भी है।

बुजुर्गों के लिए खुशखबरी! 70+ उम्र वालों को ₹5 लाख तक का फ्री इलाज

नई दिल्ली। देश के बुजुर्गों के लिए केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB PM-JAY) के तहत बड़ी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध है। योजना के 8 वर्ष पूरे होने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस योजना ने जरूरतमंद परिवारों को महंगे अस्पताल के खर्च से राहत देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

70 साल की उम्र के बाद भी मिलेगा लाभ

सरकार ने 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को योजना के दायरे में शामिल किया है। खास बात यह है कि इस सुविधा का लाभ लेने के लिए परिवार की आय की कोई सीमा नहीं रखी गई है। यानी पात्र उम्र पूरी करने वाले बुजुर्ग स्वास्थ्य सुरक्षा कवरेज के लिए आवेदन कर सकते हैं।

परिवार से अलग ₹5 लाख का अतिरिक्त कवर

जो परिवार पहले से आयुष्मान योजना में शामिल हैं, उनके 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के बुजुर्ग सदस्य को अतिरिक्त स्वास्थ्य कवर का प्रावधान है। ऐसे बुजुर्गों को परिवार के मौजूदा ₹5 लाख के कवर के अलावा अलग से ₹5 लाख तक का टॉप-अप मिल सकता है।

1.36 करोड़ से अधिक बुजुर्गों के लिए कार्ड जारी

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक अब तक 1.36 करोड़ से अधिक बुजुर्गों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाए जा चुके हैं। इस सुविधा का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों को इलाज के बड़े खर्च से आर्थिक सुरक्षा देना और गंभीर बीमारी की स्थिति में अस्पताल का उपचार अधिक सुलभ बनाना है।

पानी-पानी होगा बिहार! सभी 38 जिलों में बारिश के आसार, अलर्ट जारी

पटना। बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। 23 से 28 सितंबर के बीच राज्य के अलग-अलग हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 23 सितंबर को सभी 38 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

24 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश

24 सितंबर को मौसम सबसे ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिमी और उत्तरी बिहार के 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश भी हो सकती है। पटना समेत दक्षिण और मध्य बिहार के कई जिलों में इस दिन येलो अलर्ट रहेगा।

25 सितंबर को भी बारिश का दौर

25 सितंबर को भी पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम बिहार के कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट रहेगा। इस दौरान बारिश के साथ आंधी-तूफान जैसी स्थिति और तेज हवाएं चलने की आशंका है। राज्य के अन्य हिस्सों में येलो अलर्ट के चलते लोगों को मौसम पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

26 सितंबर से मिलने लगेगी राहत

26 सितंबर से मौसम में धीरे-धीरे सुधार की शुरुआत हो सकती है। हालांकि पश्चिमी, उत्तरी और कुछ दक्षिण-पश्चिमी जिलों में येलो अलर्ट बना रहेगा। वहीं पटना सहित कई मध्य और दक्षिणी जिलों में किसी तरह का अलर्ट नहीं रहेगा।

27-28 सितंबर तक सामान्य होगा मौसम

27 सितंबर को अलर्ट का दायरा और घटने की उम्मीद है और करीब 19 जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। 28 सितंबर तक ज्यादातर जिलों में मौसम सामान्य हो सकता है। हालांकि पश्चिमी और दक्षिण-पश्चिमी बिहार के करीब 12 जिलों में हल्के से मध्यम मौसम को लेकर येलो अलर्ट जारी रहेगा।

बारिश और तेज हवा के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। गरज-चमक के समय खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचना बेहतर रहेगा।

किसानों की बल्ले-बल्ले! यूपी में 6 लाख तक का कृषि कर्ज, ऐसे मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के छोटे और सीमांत किसानों के लिए खेती में निवेश को आसान बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना शुरू की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को योजना के ई-पोर्टल का शुभारंभ किया। इसके तहत पात्र किसानों को कृषि और उससे जुड़े कार्यों के लिए अधिकतम 6 लाख रुपये तक का दीर्घकालीन कर्ज उपलब्ध कराया जाएगा।

6 फीसदी की प्रभावी ब्याज दर

योजना की खास बात यह है कि किसानों को कर्ज पर 6 प्रतिशत की प्रभावी ब्याज दर का लाभ मिलेगा। मौजूदा व्यवस्था में सहकारी ग्राम विकास बैंक से कृषि ऋण की ब्याज दर करीब 11 से 11.50 प्रतिशत तक बताई गई है। ऐसे में नई योजना के तहत किसानों के लिए लंबे समय के कृषि निवेश की लागत कम हो सकती है।

सिंचाई और कृषि निवेश में इस्तेमाल

मिलने वाले ऋण का उपयोग सिंचाई व्यवस्था विकसित करने, कृषि परिसंपत्तियां तैयार करने और खेती से जुड़े अन्य जरूरी कार्यों में किया जा सकेगा। समय पर ऋण चुकाने वाले पुराने कर्जदार किसानों को भी ब्याज अनुदान का लाभ दिए जाने का प्रावधान रखा गया है।

ऑनलाइन होगा आवेदन की प्रक्रिया पूरी

सरकार ने अगले पांच वर्षों में करीब 5 लाख किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। योजना के लिए ऑनलाइन पोर्टल mksyldb.in शुरू किया गया है। किसान इसी माध्यम से योजना की जानकारी लेकर ऋण के लिए आवेदन कर सकेंगे।

योजना के शुभारंभ के अवसर पर कुछ लाभार्थी किसानों को ऋण मंजूरी प्रमाणपत्र भी दिए गए। साथ ही सहकारिता विभाग से जुड़े मोबाइल ऐप भी लॉन्च किए गए, जिनका उद्देश्य किसानों को सेवाएं और जरूरी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराना है।

भारत ने बनाया ये खतरनाक हथियार, चीन-पाक के उड़े होश!

नई दिल्ली। ड्रोन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत ने अपनी काउंटर-ड्रोन क्षमता को मजबूत करने की दिशा में अहम प्रगति की है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 30 किलोवाट क्षमता वाले लेजर आधारित डायरेक्टेड एनर्जी वेपन (DEW) तैयार किया है। यह तकनीक खास तौर पर हवा में मौजूद ड्रोन जैसे लक्ष्यों को तेजी से निष्क्रिय करने के लिए विकसित की गई है।

एक साथ कई ड्रोन से निपटने की क्षमता

यह सिस्टम वाहन पर लगाया जा सकता है और परीक्षणों में फिक्स्ड-विंग यूएवी तथा ड्रोन के समूह को निशाना बनाने की क्षमता प्रदर्शित कर चुका है। DRDO से संबंधित प्रकाशित सामग्री के अनुसार इसकी प्रभावी क्षमता करीब 5 किलोमीटर तक के हवाई खतरों के खिलाफ बताई गई है। सिस्टम निगरानी सेंसर और एंटीना जैसे इलेक्ट्रॉनिक लक्ष्यों को भी नुकसान पहुंचाने में सक्षम दिखाया गया है।

मिसाइल की जगह लेजर बीम

इस हथियार की कार्यप्रणाली पारंपरिक मिसाइल या गोला-बारूद से अलग है। इसमें उच्च ऊर्जा वाली लेजर बीम को लक्ष्य पर केंद्रित किया जाता है। इसका फायदा यह है कि लक्ष्य पर ऊर्जा बेहद तेजी से पहुंचती है और किसी भौतिक प्रोजेक्टाइल को उड़ाने की जरूरत नहीं पड़ती।

भारत की स्वदेशी तकनीक में बढ़ता दायरा

DRDO लंबे समय से डायरेक्टेड एनर्जी और काउंटर-ड्रोन तकनीक पर काम कर रहा है। 30 किलोवाट प्रणाली इस क्षेत्र में भारत की उच्च-ऊर्जा लेजर क्षमता को दर्शाती है। अब इस स्वदेशी 30 किलोवाट लेजर हथियार के बड़े पैमाने पर उत्पादन की तैयारी हैं।

कच्चा प्याज खाने के 5 गजब फायदे, रोज खाने वालों को मिल सकते हैं ये बड़े लाभ!

हेल्थ डेस्क। भारतीय खाने में प्याज का इस्तेमाल खूब होता है। कई लोग इसे सब्जी में डालकर खाते हैं, जबकि कुछ लोग सलाद के रूप में कच्चा प्याज पसंद करते हैं। कच्चे प्याज में फाइबर, विटामिन सी और सल्फर यौगिकों समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इसे संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

कच्चे प्याज में फाइबर और प्रीबायोटिक यौगिक पाए जाते हैं, जो आंतों में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया के लिए उपयोगी हो सकते हैं। इससे पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिल सकती है।

2. इम्युनिटी को मिल सकता है सपोर्ट

प्याज में विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट यौगिक मौजूद होते हैं। ये शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने और सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सपोर्ट करने में भूमिका निभा सकते हैं।

3. दिल की सेहत के लिए उपयोगी

प्याज में पाए जाने वाले सल्फर यौगिक और फ्लेवोनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट हृदय स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं। हालांकि केवल प्याज खाने से हृदय रोगों से बचाव की गारंटी नहीं होती।

4. ब्लड शुगर मैनेजमेंट में मदद

कच्चे प्याज में मौजूद कुछ पौधों के यौगिक ग्लूकोज मेटाबॉलिज्म से जुड़े प्रभाव डाल सकते हैं। इसलिए संतुलित भोजन के साथ प्याज को डाइट में शामिल करना उपयोगी हो सकता है। डायबिटीज की दवा लेने वालों को अपनी डाइट में बड़े बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

5. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

कच्चे प्याज में क्वेरसेटिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में भूमिका निभाते हैं और कोशिकाओं को फ्री-रैडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

CM योगी के 5 बड़े फैसले! ड्राइवरों और किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में टैक्सी चालकों और किसानों से जुड़ी दो अहम पहलों की शुरुआत की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भारत टैक्सी और मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना का शुभारंभ किया। इन फैसलों के तहत ड्राइवरों को सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म से जुड़ने का मौका मिलेगा, जबकि किसानों के लिए दीर्घकालिक कर्ज की ब्याज दर घटाने की बात कही गई है।

1. जीरो कमीशन पर भारत टैक्सी से जुड़ेंगे चालक

भारत टैक्सी के तहत टैक्सी, टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर चालक रजिस्ट्रेशन कराकर प्लेटफॉर्म से जुड़ सकते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार चालकों को जीरो कमीशन मॉडल के साथ ₹5 लाख की सामाजिक सुरक्षा का लाभ भी मिलेगा। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और प्रयागराज में इसका संचालन शुरू किया गया है।

2. किसानों के लिए सस्ता हुआ कर्ज

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम्य विकास बैंक से मिलने वाले ऋण की ब्याज दर 11% से घटाकर 6% करने की घोषणा की गई है। इसका उद्देश्य खेती और कृषि मशीनरी से जुड़े खर्चों के लिए किसानों को लंबी अवधि का ऋण उपलब्ध कराना है।

3. 5 लाख किसानों को लाभ देने का लक्ष्य

सरकार ने आने वाले वर्षों में करीब 5 लाख लघु और सीमांत किसानों तक इस योजना का लाभ पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। योजना के तहत किसानों को कृषि संबंधी जरूरतों के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा।

4. सहकारिता क्षेत्र में डिजिटल सुविधाओं पर जोर

कार्यक्रम के दौरान कृषक समृद्धि पोर्टल, उर्वरक से जुड़ा मोबाइल ऐप और सहकारिता सेवाओं के लिए डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई। सरकार का कहना है कि इससे किसानों को खाद, कीटनाशक और दूसरी सहकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलेगी।

5. किसानों के लिए सिंचाई और भुगतान से जुड़े आंकड़े भी रखे

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में किसानों से जुड़े कई आंकड़े साझा किए। उनके अनुसार 86 लाख लघु एवं सीमांत किसानों के ₹36 हजार करोड़ से अधिक के ऋण माफ किए गए और करीब 24 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले नौ वर्षों में किसानों को ₹3.30 लाख करोड़ गन्ना मूल्य का भुगतान किया गया है।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पर बड़ा फैसला? जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। आयोग फिलहाल अलग-अलग राज्यों में कर्मचारियों, पेंशनर्स और संगठनों से सुझाव ले रहा है। इस दौरान फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक पे, पेंशन रिवीजन, डीए मर्जर और एरियर्स जैसे मुद्दे प्रमुख चर्चा में हैं।

3 नवंबर 2025 को हुआ था गठन

सरकार ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया था। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। प्रोफेसर पुलक घोष सदस्य और पंकज जैन सदस्य-सचिव हैं। आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें देनी हैं।

बेंगलुरु और मुंबई में होने वाली हैं बैठकें

आयोग का देश के अलग-अलग हिस्सों में स्टेकहोल्डर्स के साथ संवाद जारी है। आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार बेंगलुरु में 7-8 अक्टूबर 2026 और मुंबई में 22-23 अक्टूबर 2026 को बैठकें निर्धारित हैं। मुंबई बैठक के लिए अपॉइंटमेंट लेने की अंतिम तारीख 10 अक्टूबर 2026 रखी गई है।

फिटमेंट फैक्टर पर अभी अंतिम फैसला नहीं

कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। अलग-अलग कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.833 और 4.00 जैसे फिटमेंट फैक्टर की मांगें सामने रखी गई हैं। हालांकि आयोग ने अभी तक किसी निश्चित फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी नहीं दी है।

मौजूदा 7वें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक पे ₹18,000 है। उदाहरण के तौर पर यदि भविष्य में 3.00 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो गणना के आधार पर बेसिक पे ₹54,000 हो सकती है। वहीं 3.833 या 4.00 जैसे फैक्टर पर यह रकम अलग होगी। ये केवल उदाहरण/मांग आधारित गणनाएं हैं, अंतिम वेतन नहीं।

पेंशन और डीए मर्जर पर भी कर्मचारियों को इंतजार

8वां वेतन आयोग वेतन के साथ पेंशन और अन्य सेवा लाभों से जुड़े मामलों की भी समीक्षा कर रहा है। डीए को बेसिक पे में मर्ज करने और पेंशन रिवीजन का अंतिम फॉर्मूला अभी सामने नहीं आया है। यानी फिलहाल कर्मचारियों को फिटमेंट फैक्टर और नई सैलरी को लेकर आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।

खुशखबरी का धमाकेदार ऐलान! यूपी में 10वीं पास के लिए आई भर्ती

न्यूज डेस्क। नौकरी की तैयारी कर रहे 10वीं पास युवाओं के लिए काम की खबर है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), अमरोहा ने पैरा-लीगल वालंटियर (Para-Legal Volunteer) के 19 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती की खास बात यह है कि आवेदन के लिए अभ्यर्थी का माध्यमिक परीक्षा पास होना जरूरी है।

19 पदों पर होगी भर्ती

जारी विज्ञापन संख्या 717/2026 के तहत पैरा-लीगल वालंटियर के कुल 19 पद भरे जाएंगे। यह भर्ती संविदात्मक आधार पर होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन ऑनलाइन नहीं, बल्कि ऑफलाइन माध्यम से करना होगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का Secondary Examination यानी 10वीं की परीक्षा पास होना जरूरी है। इसके अलावा अभ्यर्थी को देवनागरी लिपि में हिंदी भाषा का अच्छा ज्ञान होना चाहिए। अन्य जरूरी शर्तों और पात्रता की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखना जरूरी है।

30 सितंबर तक भेजना होगा आवेदन

भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। ऐसे में इच्छुक उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया में देरी नहीं करनी चाहिए। आवेदन ऑफलाइन तरीके से निर्धारित प्रारूप में करना होगा।

भर्ती की जरूरी जानकारी एक नजर में

संस्था: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अमरोहा

पद: पैरा-लीगल वालंटियर

कुल पद: 19

अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2026

नौकरी का प्रकार: संविदात्मक

25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी, इन 5 राशियों पर बरसेगी भगवान विष्णु की कृपा!

राशिफल। हिंदू पंचांग के अनुसार भाद्रपद महीने के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस बार 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होकर 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के आधार पर अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर, शुक्रवार को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा की जाती है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कुछ राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से शुभ माना जा सकता है।

1. मेष राशि

अनंत चतुर्दशी मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक अवसर लेकर आ सकती है। रुके हुए कामों में गति आने के संकेत हैं। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नई संभावनाएं मिल सकती हैं। आर्थिक मामलों में भी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद रहेगी।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण रह सकता है। कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से सहयोग मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को भी लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को अनंत चतुर्दशी पर भाग्य का साथ मिलने की मान्यता है। धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और लंबे समय से अटके किसी काम को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह दिन आर्थिक दृष्टि से शुभ माना जा सकता है। आय के नए स्रोत बनने या पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में सराहना मिल सकती है।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए अनंत चतुर्दशी का समय नई शुरुआत के संकेत दे सकता है। कारोबार में विस्तार की योजना आगे बढ़ सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है।

रोज खाएं सिर्फ 1 लाल सेब, 15 दिन में शरीर में दिखेगा ऐसा असर कि रह जाएंगे हैरान!

हेल्थ डेस्क। सेब को सेहत के लिए फायदेमंद फलों में गिना जाता है। खासतौर पर लाल सेब में फाइबर, विटामिन सी, पोटैशियम और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। रोजाना एक सेब को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं।

पाचन तंत्र को मिल सकता है फायदा

सेब में मौजूद फाइबर आंतों की सेहत के लिए उपयोगी होता है। नियमित रूप से सेब खाने से पाचन बेहतर रखने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद मिल सकती है। सेब को छिलके समेत अच्छी तरह धोकर खाना अधिक फाइबर लेने का एक तरीका है।

पेट लंबे समय तक भरा रहने में मदद

सेब में फाइबर और पानी की मात्रा अच्छी होती है। इसलिए इसे खाने के बाद कुछ समय तक पेट भरा महसूस हो सकता है। इस वजह से बार-बार स्नैकिंग करने की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

दिल की सेहत के लिए भी उपयोगी

सेब में पाए जाने वाले घुलनशील फाइबर और पौधों के एंटीऑक्सीडेंट संतुलित आहार का हिस्सा होने पर हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। हालांकि केवल सेब खाने से हृदय संबंधी जोखिम खत्म नहीं होते।

शरीर को मिलते हैं जरूरी पोषक तत्व

एक सेब से विटामिन सी, पोटैशियम और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स मिलते हैं। साथ ही इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट होता है, जो रोजमर्रा की गतिविधियों के लिए ऊर्जा उपलब्ध कराने में योगदान देता है।

15 दिन में क्या असर दिखेगा?

अगर कोई व्यक्ति पहले फल और फाइबर कम खाता था और अपनी डाइट में रोज एक सेब शामिल करता है, तो उसे पाचन या पेट भरा रहने जैसे बदलाव महसूस हो सकते हैं। लेकिन इसका असर हर व्यक्ति की डाइट, उम्र, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, छोटे व्यापारियों के लिए 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के छोटे कारोबारियों और नए निर्यातकों को विदेशी बाजार तक पहुंचाने के लिए केंद्र सरकार ने एक्सपोर्ट सपोर्ट सिस्टम को मजबूत करने की तैयारी की है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि जिला और राज्य स्तर पर करीब 1,000 प्रशिक्षित स्थानीय लोगों का नेटवर्क तैयार किया जाएगा। ये लोग स्थानीय भाषाओं में कारोबारियों को निर्यात से जुड़ी जानकारी और जरूरी प्रक्रियाओं में मदद करेंगे।

स्थानीय भाषा में मिलेगी मदद

इस पहल का उद्देश्य खासतौर पर उन छोटे व्यापारियों और MSME कारोबारियों तक निर्यात की जानकारी पहुंचाना है, जिन्हें विदेशी व्यापार की तकनीकी प्रक्रिया समझने में परेशानी होती है। प्रशिक्षित स्थानीय कर्मी उद्योग मंडलों और क्षेत्रीय व्यापार संगठनों के साथ मिलकर कारोबारियों को शुरुआती स्तर से मार्गदर्शन देने का काम करेंगे।

एक जगह मिलेंगी कई सुविधाएं

सरकार बड़े शहरों में इंटीग्रेटेड कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफिस विकसित करने की दिशा में भी काम कर रही है। इसका मकसद अलग-अलग विभागों के कार्यालयों के चक्कर कम करना और कारोबारियों को कई सेवाओं के लिए एक साझा संपर्क केंद्र उपलब्ध कराना है।

FTA का फायदा पहुंचाने पर जोर

सरकार Free Trade Agreements यानी FTA से मिलने वाले बाजार अवसरों को कारोबारियों तक पहुंचाने पर भी जोर दे रही है। प्रस्तावित Trade Connect प्लेटफॉर्म पर उत्पाद और HSN कोड के आधार पर दूसरे देशों की टैरिफ दरों, FTA के अवसरों और जरूरी प्रक्रियाओं की जानकारी उपलब्ध कराने की योजना है। इसमें डिजिटल और AI आधारित सुविधाओं का इस्तेमाल भी प्रस्तावित है।

घरेलू उद्योग में निवेश और रोजगार

बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों ने बताया कि QCO, Minimum Import Price और अन्य नीतिगत उपायों से एक औद्योगिक क्षेत्र में 15 गुना विस्तार, करीब 500 करोड़ रुपये का नया निवेश और लगभग 5,000 रोजगार जुड़े हैं। सरकार का जोर अब निर्यात प्रक्रिया को आसान बनाने के साथ छोटे कारोबारियों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर है।

केंद्रीय कर्मचारियों की मौज! केंद्र सरकार करने जा रही है बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 से मिलने वाले महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) को लेकर इंतजार जारी है। फिलहाल आधिकारिक तौर पर इस बढ़ोतरी पर कैबिनेट की मंजूरी नहीं हुई है। मौजूदा समय में केंद्रीय कर्मचारियों का DA 60 फीसदी है, जिसे जनवरी 2026 में 2 प्रतिशत बढ़ाकर 58 से 60 फीसदी किया गया था।

3 फीसदी बढ़ोतरी की चर्चा

जुलाई साइकिल के DA की गणना महंगाई के आंकड़ों और निर्धारित फॉर्मूले के आधार पर होती है। इसी आधार पर 3 फीसदी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है। अगर सरकार 3 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी देती है, तो कर्मचारियों का DA 60 फीसदी से बढ़कर 63 फीसदी हो जाएगा। हालांकि, इसे अभी अंतिम फैसला नहीं माना जा सकता। अंतिम निर्णय केंद्र सरकार और केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

कब मिल सकता है पैसा?

DA में बदलाव की घोषणा बाद में होने पर भी इसका प्रभाव संबंधित तारीख से लागू किया जाता है। इसलिए अगर जुलाई 2026 से 3 फीसदी बढ़ोतरी मंजूर होती है, तो कर्मचारियों को जुलाई से प्रभावी बकाया राशि यानी एरियर मिलने की संभावना रहेगी। हालांकि एरियर के भुगतान की वास्तविक तारीख सरकार के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

कर्मचारियों की बढ़ेगी सैलरी

DA सीधे बेसिक पे से जुड़ा होता है। ऐसे में DA में 3 प्रतिशत की वृद्धि होने पर कर्मचारियों की मासिक आय में भी बढ़ोतरी होगी। उदाहरण के तौर पर, ₹30,000 के बेसिक पे पर 3% DA का अतिरिक्त हिस्सा ₹900 प्रति माह होगा। वास्तविक लाभ कर्मचारी के बेसिक पे और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

फिलहाल कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को जुलाई 2026 के DA/DR पर सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है। इसलिए किसी भी वायरल दावे के बजाय वित्त मंत्रालय और PIB की आधिकारिक सूचना को ही अंतिम माना जाना चाहिए।

खुशखबरी का महाऐलान! यूपी में 2 नई भर्ती शुरू, युवाओं को मौका

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए रोजगार के दो नए अवसर सामने आए हैं। लखीमपुर खीरी फैमिली कोर्ट और शाहजहांपुर जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय की ओर से अलग-अलग पदों पर भर्ती निकाली गई है। दोनों भर्तियों में आवेदन का तरीका और पात्रता अलग-अलग है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन से पहले संबंधित नियम जरूर देखना चाहिए।

1 .लखीमपुर खीरी में काउंसलर के 2 पद

फैमिली कोर्ट, लखीमपुर खीरी ने काउंसलर के 2 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती में आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 6 अक्टूबर 2026 तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी जिला न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट kheri.dcourts.gov.in पर उपलब्ध कराई गई है।

2 .शाहजहांपुर में आंगनवाड़ी सहायिका के 460 पद

दूसरी ओर, शाहजहांपुर जिले में आंगनवाड़ी सहायिका के 460 पदों पर भर्ती की जा रही है। ये रिक्तियां जिले की 15 बाल विकास परियोजना क्षेत्रों में हैं। इस भर्ती के लिए केवल संबंधित क्षेत्र की स्थानीय महिला अभ्यर्थी आवेदन कर सकती हैं।

आवेदक महिला की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए और न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट या समकक्ष निर्धारित है। साथ ही उम्मीदवार का संबंधित वार्ड या ग्राम पंचायत का निवासी होना जरूरी है। इस भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी 8 अक्टूबर 2026 की रात 12 बजे तक वेबसाइट upanganwadibharti.in के जरिए आवेदन कर सकती हैं।

खुशखबरी! रेलवे में सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, NTPC के 1688 पदों पर भर्ती

नई दिल्ली। रेलवे में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) ने नॉन-टेक्निकल पॉपुलर कैटेगरी के लिए 1,688 रिक्तियां घोषित की हैं। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 13 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे।

12वीं पास उम्मीदवार कर सकेंगे आवेदन

भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के तौर पर उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड या संस्थान से 12वीं या समकक्ष योग्यता होना जरूरी बताया गया है। आयु सीमा की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। आयु से जुड़ी विस्तृत जानकारी भर्ती के विस्तृत नोटिफिकेशन में स्पष्ट की जाएगी।

कई चरणों में होगा चयन

RRB NTPC भर्ती में उम्मीदवारों को चयन के अलग-अलग चरणों से गुजरना होगा। सबसे पहले कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) आयोजित की जाएगी। इसके बाद दूसरे चरण की CBT होगी। जिन पदों के लिए टाइपिंग जरूरी होगी, उनके अभ्यर्थियों का टाइपिंग स्किल टेस्ट भी लिया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल जांच की प्रक्रिया पूरी होगी।

लेवल 2 और 3 के अनुसार सैलरी

सभी चयन प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद नियुक्त उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) के तहत वेतन दिया जाएगा। पद के अनुसार पे लेवल 2 और लेवल 3 निर्धारित रहेगा।

भर्ती की जरूरी तारीखें

आवेदन शुरू: 15 अक्टूबर

अंतिम तारीख: 13 नवंबर

उम्मीदवारों को आवेदन शुरू होने से पहले RRB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी होने वाले विस्तृत नोटिफिकेशन को जरूर देखना चाहिए। इसमें पदवार योग्यता, आयु सीमा, फीस और आवेदन से जुड़ी अन्य शर्तों की पूरी जानकारी दी जाएगी।

मुट्ठीभर मूंगफली और सेहत का खजाना! शरीर को मिलते हैं ये 5 गजब के फायदे

हेल्थ डेस्क। मूंगफली को अक्सर लोग सिर्फ स्वाद के लिए खाते हैं, लेकिन यह पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थ है। इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, फाइबर, विटामिन और कई जरूरी मिनरल्स पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में मूंगफली को डाइट में शामिल करने से शरीर को कई तरह के फायदे मिल सकते हैं।

1. शरीर को मिलता है प्रोटीन

मूंगफली में अच्छी मात्रा में प्रोटीन होता है, जो मांसपेशियों और शरीर के ऊतकों के निर्माण व रखरखाव में मदद करता है। शाकाहारी लोगों के लिए यह प्रोटीन का एक उपयोगी विकल्प हो सकती है।

2. हार्ट हेल्थ के लिए फायदेमंद

मूंगफली में मौजूद असंतृप्त वसा यानी अनसैचुरेटेड फैट संतुलित आहार का हिस्सा होने पर हृदय स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकता है। हालांकि इसे अधिक मात्रा में खाने से कैलोरी भी बढ़ सकती है।

3. पेट लंबे समय तक भरा

मूंगफली में प्रोटीन, फाइबर और फैट का संयोजन होता है। इसकी वजह से इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है और बार-बार स्नैकिंग से बचने में मदद मिल सकती है।

4. जरूरी पोषक तत्वों का स्रोत

मूंगफली में मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, नियासिन और विटामिन ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। ये शरीर के सामान्य ऊर्जा उत्पादन और विभिन्न शारीरिक कार्यों में भूमिका निभाते हैं।

5. शरीर को मिलती है अच्छी एनर्जी

मूंगफली में प्रोटीन, हेल्दी फैट और कैलोरी की अच्छी मात्रा होती है। इसलिए सीमित मात्रा में इसका सेवन शरीर को ऊर्जा देने और दिनभर एक्टिव रहने में मदद कर सकता है। खासकर इसे नाश्ते या हल्के स्नैक के तौर पर शामिल किया जा सकता है।

केंद्र सरकार की शानदार योजना! ग्रामीणों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने जैविक कचरे को ऊर्जा और आमदनी के स्रोत में बदलने के लिए GOBARdhan योजना को मंजूरी दी है। इस राष्ट्रीय सर्कुलर बायोएनर्जी योजना के लिए 23,731 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू रहेगी और इसका फोकस देश में कंप्रेस्ड बायोगैस यानी CBG का उत्पादन बढ़ाने पर है।

गोबर और कचरे से बनेगी CBG

GOBARdhan यानी ‘Galvanizing Organic Bio-Agro Resources Dhan’ के तहत पशुओं का गोबर, फसल अवशेष, रसोई का जैविक कचरा और अन्य बायो-वेस्ट इस्तेमाल किया जाएगा। इनसे बायोगैस, CBG और जैविक खाद तैयार करने की व्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का लक्ष्य घरेलू CBG उत्पादन को लगभग दस गुना बढ़ाना है।

CBG की खरीद और कीमत का इंतजाम

योजना में CBG उत्पादकों के लिए बाजार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों के जरिए CNG और घरेलू PNG में CBG की हिस्सेदारी बढ़ाई जाएगी। यह दायित्व 2026-27 में 3%, 2027-28 में 4% और 2028-29 से 5% रहेगा।

इसके अलावा CBG के लिए 2,110 रुपये प्रति MMBTU की प्रशासित कीमत तय की गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार यह लगभग 105 रुपये प्रति किलोग्राम CBG के बराबर है और कम से कम 10 साल की अवधि के लिए मूल्य संबंधी स्थिरता देने का लक्ष्य है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल सकता है फायदा

योजना में केवल गैस उत्पादन ही नहीं, बल्कि पूंजीगत सहायता, पाइपलाइन कनेक्टिविटी, ऋण गारंटी और तकनीकी विकास जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। इससे बायो-वेस्ट के बेहतर इस्तेमाल के साथ ग्रामीण इलाकों में नए व्यवसाय और रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

इस तरह GOBARdhan का उद्देश्य कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलकर स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन बढ़ाना और CBG क्षेत्र में निजी निवेश को प्रोत्साहित करना है।

यूपी के गांवों में आएगा बड़ा बदलाव! 11,350 ग्राम पंचायतों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों में पढ़ाई और डिजिटल सुविधाओं को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम आगे बढ़ रहा है। प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने की योजना को जल्द गति मिलने की उम्मीद है। पंचायती राज विभाग में प्रमुख सचिव के बदलाव के बाद रविंद्र ने मंगलवार को विभाग का कार्यभार संभाला। कार्यभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने विभागीय मंत्री ओम प्रकाश राजभर से मुलाकात कर विभिन्न योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की।

दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये से होगा काम

बैठक में डिजिटल पुस्तकालय योजना के तहत मिलने वाली दूसरी किश्त के 454 करोड़ रुपये के इस्तेमाल पर भी चर्चा हुई। इस राशि से प्रदेश की 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय स्थापित किए जाने हैं। विभागीय मंत्री के अनुसार, दूसरी किश्त से होने वाले काम को जल्द शुरू कराने की तैयारी है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं और विद्यार्थियों को गांव में ही पढ़ाई से जुड़े डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

पहली किश्त का काम भी अंतिम चरण में

इस योजना की पहली किश्त के तौर पर भी 454 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए गए थे। इन पैसों से 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालय बनाने का काम चल रहा है। विभाग के अनुसार, पहली किश्त से जुड़े अधिकांश कार्य अगले महीने तक पूरे होने की उम्मीद है।

दूसरी किश्त के काम पर क्या है पेंच?

दूसरी किश्त की राशि से पुस्तकालयों की स्थापना किस माध्यम से कराई जाए, इसे लेकर पहले विभागीय स्तर पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद संबंधित फाइल निर्णय के लिए मुख्यमंत्री के पास भेजी गई। अब सरकार इस काम को किसी राज्य स्तरीय तकनीकी संस्था के माध्यम से कराने पर विचार कर सकती है। 

इस योजना के पूरा होने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण युवाओं को अपने ही गांव में डिजिटल तरीके से अध्ययन करने की सुविधा मिल सकेगी। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्थानीय स्तर पर यह सुविधा उपयोगी हो सकती है।

यूपी में फिर बदलेगा मौसम! 40 जिलों में बारिश का नया दौर, जानें मौसम का हाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मंगलवार को धूप निकलने के बाद अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने मौसमी सिस्टम का असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे सकता है। इसके चलते अगले चार से पांच दिनों तक बारिश का सिलसिला फिर सक्रिय होने के आसार हैं।

23 सितंबर से बढ़ेगी बारिश की गतिविधि

बुधवार से यूपी के कई इलाकों में बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, राजधानी लखनऊ में भी बुधवार से बारिश की संभावना है। करीब 40 से अधिक जिलों में अगले 48 घंटे के दौरान अच्छी वर्षा के संकेत हैं।

28 सितंबर तक कई जिलों में बरसेंगे बादल

पूर्वी और मध्य यूपी के कई हिस्सों में 28 सितंबर तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है। बारिश के कारण अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इसका असर पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भी देखने को मिल सकता है।

अक्टूबर में शुरू होगी मानसून की वापसी

प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब छह प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। पश्चिमी यूपी में मानसून की वापसी आमतौर पर 28 से 30 सितंबर के बीच शुरू हो जाती है, जबकि लखनऊ समेत पूर्वी यूपी में इसकी सामान्य तारीख 4 अक्टूबर मानी जाती है। फिलहाल पूर्वी यूपी में सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश हुई है, वहीं पश्चिमी यूपी में यह कमी सिर्फ 0.4 प्रतिशत है। नए बारिश के दौर से वर्षा की कमी कुछ हद तक पूरी होने की उम्मीद है।

चीन को लेकर भारत का बड़ा कदम! ग्लाइसिन को लेकर जांच शुरू

नई दिल्ली। भारत ने चीन से आने वाले ग्लाइसिन के आयात पर डंपिंग-रोधी जांच शुरू की है। वाणिज्य मंत्रालय के तहत व्यापार उपचार महानिदेशालय (DGTR) ने यह कार्रवाई घरेलू कंपनी एविड ऑर्गेनिक्स की शिकायत के बाद शुरू की है। कंपनी का आरोप है कि चीन से कम कीमत पर ग्लाइसिन के आयात से घरेलू उद्योग को नुकसान पहुंच रहा है।

ग्लाइसिन का इस्तेमाल खाद्य पदार्थों में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ दवा उद्योग में भी किया जाता है। शिकायत के आधार पर अब DGTR यह पता लगाएगा कि क्या चीन से आने वाला उत्पाद सामान्य कीमत से कम दाम पर भारतीय बाजार में बेचा जा रहा है और इससे घरेलू निर्माताओं पर कितना असर पड़ा है।

जांच के बाद क्या होगा?

यदि जांच में डंपिंग और घरेलू उद्योग को गंभीर नुकसान की पुष्टि होती है, तो DGTR डंपिंग-रोधी शुल्क लगाने की सिफारिश कर सकता है। हालांकि, शुल्क लागू करने का अंतिम फैसला वित्त मंत्रालय के स्तर पर होगा।

CPVC रेजिन पर भी जांच

DGTR ने चीन और दक्षिण कोरिया से आने वाले CPVC रेजिन को लेकर भी एक अलग जांच शुरू की है। आरोप है कि इन देशों के उत्पादों पर लागू एंटी-डंपिंग शुल्क को दूसरे देशों के रास्ते आयात करके दरकिनार किया जा रहा है।

डीसीडब्ल्यू, एपिग्राल और लुब्रिजोल एडवांस्ड मैटेरियल्स इंडिया ने आरोप लगाया है कि चीन और दक्षिण कोरिया के उत्पादों को जापान, मलेशिया और थाईलैंड के रास्ते भारत लाकर शुल्क से बचने की कोशिश की जा रही है। CPVC रेजिन का इस्तेमाल मुख्य रूप से औद्योगिक पाइपिंग में किया जाता है। अब DGTR इन आरोपों की भी जांच करेगा।