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भारत की बड़ी कामयाबी! रुद्रम-II मिसाइल ने दिखाया दम, दुश्मनों की खैर नहीं

नई दिल्ली। भारत ने अपनी स्वदेशी रक्षा तकनीक में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए रुद्रम-II (Rudram-II) मिसाइल का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण देश की रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायुसेना (IAF) की संयुक्त टीम ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज में इस मिसाइल का सफल उड़ान परीक्षण किया। यह न केवल देश की सैन्य ताकत को बढ़ाएगा, बल्कि भारत को आधुनिक युद्ध तकनीक के क्षेत्र में और अधिक मजबूती प्रदान करेगा।

कठिन परिस्थितियों में भी सटीक निशाना

परीक्षण के दौरान मिसाइल को हवाई प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया गया और इसने निर्धारित लक्ष्य को बेहद सटीकता के साथ भेदा। खास बात यह रही कि चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी मिसाइल ने अपनी तकनीकी क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उड़ान से प्राप्त सभी डेटा से यह पुष्टि हुई कि मिसाइल के सभी सिस्टम पूरी तरह सफल रहे।

आधुनिक तकनीक से लैस मिसाइल

रुद्रम-II एक अत्याधुनिक एयरो-बैलिस्टिक मिसाइल मानी जाती है, जिसकी मारक क्षमता लगभग 300 किलोमीटर तक बताई जा रही है। इसमें इमेजिंग इन्फ्रारेड (IIR) सीकर तकनीक का उपयोग किया गया है, जिससे यह दुश्मन के रडार और सुरक्षा प्रणालियों को आसानी से पहचानकर नष्ट कर सकती है। इसका लगभग 200 किलोग्राम का पेलोड इसे और अधिक प्रभावी बनाता है।

दुश्मन के एयर डिफेंस पर बड़ा असर

जानकारों के अनुसार, यह मिसाइल भारतीय वायुसेना की SEAD (Suppression of Enemy Air Defences) क्षमता को काफी मजबूत करेगी। इसका मतलब है कि दुश्मन के रडार, कम्युनिकेशन सिस्टम और एयर डिफेंस नेटवर्क को निष्क्रिय करने की क्षमता भारत के पास और अधिक उन्नत हो जाएगी।

यूपी में गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों के हित में एक नई और तकनीकी व्यवस्था लागू करने की तैयारी की है। अब राज्य में गन्ना पर्ची जारी करने की प्रक्रिया GPS आधारित सर्वे के जरिए की जाएगी। इस कदम का उद्देश्य व्यवस्था को पारदर्शी बनाना और किसानों को किसी भी तरह की अनियमितता से बचाना है।

GPS सर्वे से तैयार होगी गन्ना पर्ची

नए पेराई सत्र के तहत अब केवल GPS सर्वे के आधार पर ही किसानों को गन्ना पर्ची मिलेगी। इसमें खेत में बोई गई फसल, गन्ने की किस्म और क्षेत्रफल जैसी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दर्ज होंगी। इस प्रणाली से मिलों और किसानों के बीच पारदर्शिता बढ़ेगी और गलत आंकड़ों की संभावना कम होगी।

प्रदेशभर में तेजी से चल रहा सर्वे

गन्ना विभाग पूरे उत्तर प्रदेश में GPS आधारित सर्वेक्षण का कार्य करा रहा है। अब तक करीब 42 प्रतिशत सर्वे पूरा हो चुका है और इसे 30 जून तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। सर्वे पूरा होने के बाद सभी आंकड़े चीनी मिलों द्वारा विभागीय वेबसाइट पर ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे।

किसानों को SMS से मिलेगी जानकारी

सर्वे के दौरान किसानों को पूरी प्रक्रिया की जानकारी मोबाइल SMS के जरिए दी जा रही है। इसमें खेत का सर्वे कब होगा, इसकी सूचना पहले से भेजी जाती है ताकि किसान समय पर अपने खेत पर मौजूद रहें। सर्वे पूरा होने के बाद खेत की जानकारी और फसल विवरण भी SMS के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराया जाएगा।

तकनीकी टीम करेगी सर्वेक्षण

सर्वे टीम में एक राजकीय गन्ना पर्यवेक्षक और चीनी मिल का एक प्रतिनिधि शामिल होता है। ये दोनों मिलकर खेत पर जाकर GPS के जरिए डेटा एकत्र करते हैं और उसे सीधे विभागीय सर्वर पर अपलोड करते हैं। इससे डेटा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना काफी कम हो जाती है।

नए किसानों का पंजीकरण भी जारी

गन्ना विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि सर्वे के साथ-साथ नए किसानों का पंजीकरण भी किया जा रहा है। इसका उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा किसानों को पेराई सत्र में शामिल करना है। सरकार ने यह नियम भी तय किया है कि 30 सितंबर 2026 तक पंजीकृत किसान ही गन्ना आपूर्ति का लाभ ले सकेंगे।

ऑनलाइन सत्यापन की सुविधा

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए उनकी भूमि का सत्यापन ऑनलाइन उपलब्ध कराया है। अब किसान अपने खेत का रिकॉर्ड राजस्व विभाग की वेबसाइट पर जाकर आसानी से जांच सकते हैं। इस नई व्यवस्था से किसानों को मिलों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और पर्ची प्रणाली अधिक पारदर्शी हो जाएगी। साथ ही फसल का सही आकलन होने से किसानों को उनकी उपज का उचित लाभ मिलने की संभावना बढ़ जाएगी।

बिहार में भूमिहीन परिवारों के लिए खुशखबरी, सरकार देगी जमीन

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के भूमिहीन परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण और राहत भरा कदम उठाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। सरकार का उद्देश्य है कि जिन लोगों के पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें भूमि उपलब्ध कराकर आवास योजनाओं का वास्तविक लाभ दिया जा सके। इसको लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने 'बसेरा-2' नाम से एक विशेष अभियान शुरू करने की तैयारी की है।

भूमिहीन परिवारों की होगी पहचान

इस अभियान के तहत राज्यभर में ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी जिनके पास अपना घर बनाने के लिए जमीन नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र परिवार तक योजना का लाभ पहुंचे और कोई भी व्यक्ति बुनियादी सुविधा से वंचित न रहे।

तीन डिसमिल जमीन देने की योजना

सरकार की प्राथमिक योजना के तहत प्रत्येक भूमिहीन परिवार को कम से कम तीन डिसमिल जमीन उपलब्ध कराने पर विचार किया जा रहा है। इसके लिए जिलों में विशेष सर्वे कराया जाएगा ताकि वास्तविक जरूरतमंदों की पहचान हो सके। इस कदम से गरीब और कमजोर वर्ग के लोगों को स्थायी आवास बनाने में मदद मिलेगी।

आवास योजना से जोड़ा जाएगा लाभ

सरकार का मानना है कि जब तक किसी परिवार के पास जमीन नहीं होगी, तब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का पूरा लाभ नहीं मिल सकता। इसलिए पहले जमीन उपलब्ध कराई जाएगी और फिर उन्हें आवास योजना से जोड़ा जाएगा। यह पहल ग्रामीण गरीबों के जीवन स्तर को सुधारने में अहम भूमिका निभा सकती है।

किन लोगों को मिलेगा इसका लाभ?

इस योजना का लाभ भूमिहीन परिवारों को मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों के दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र परिवारों को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से जुड़े परिवारों को भी इसका लाभ मिल सकेगा। कुछ मामलों में पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता देने का भी प्रावधान किया जा सकता है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! गांव वालों के लिए आई खुशियों की सौगात

पटना। बिहार सरकार ने ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सेवाओं को और आसान बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के पंचायत सरकार भवनों को अब बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे गांव के लोगों को एक ही जगह पर कई सरकारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।

इस योजना का उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड या शहरों के चक्कर न लगाने पड़ें और सभी जरूरी सेवाएं उनके गांव में ही उपलब्ध हों। इस व्यवस्था से गांव के लोगों को अब डाकघर, बैंकिंग, आधार अपडेट, या अन्य सरकारी कामों के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। इससे समय की बचत के साथ-साथ आर्थिक बोझ भी कम होगा।

पंचायत सरकार भवन बन रहे हैं सेवा का नया केंद्र

राज्य के कई पंचायतों में पंचायत सरकार भवनों का निर्माण तेजी से चल रहा है। कुछ स्थानों पर ये भवन पूरी तरह तैयार होकर काम भी करने लगे हैं, जबकि कई जगह निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। सरकार की योजना के तहत पंचायत सरकार भवनों में कई महत्वपूर्ण सेवाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराई जाएंगी, जैसे डाकघर सेवा, बैंकिंग सुविधाएं, पुस्तकालय, आरटीपीएस सेवा केंद्र, आधार सेवा केंद्र, सुधा होल-डे मिल्क पार्लर आदि।

पंचायत भवनों में डाकघर खोलने की तैयारी

डाक विभाग ने भी इस योजना में रुचि दिखाते हुए पंचायत सरकार भवनों में अपने कार्यालय खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए पंचायत राज विभाग से उन भवनों की सूची मांगी गई है जहां डाकघर संचालित किए जा सकते हैं। इसके बाद राज्य के सभी जिलों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने क्षेत्र के तैयार पंचायत भवनों की सूची जल्द उपलब्ध कराएं।

पंचायतों को मिलेगा आर्थिक लाभ भी

इस योजना की एक खास बात यह है कि पंचायत सरकार भवनों में चलने वाले डाकघरों के लिए संबंधित ग्राम पंचायत को किराया भी मिलेगा। डाक विभाग प्रत्येक डाकघर के लिए पंचायत को हर महीने 500 रुपये किराया देगा, जो सीधे पंचायत के खाते में जमा होगा।

यूपी मौसम अपडेट: 3 जून को गरज-चमक के साथ तेज बारिश की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। नौतपा के समाप्त होने के बाद लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत की उम्मीद थी, लेकिन मौसम विभाग ने ताजा अपडेट जारी करते हुए एक नई चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार 3 जून से प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का रूप पूरी तरह बदल सकता है और आंधी-बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

3 जून को कई जिलों में भारी बारिश और हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 3 जून को यूपी के कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है। इसके साथ ही 80 से 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। 

इन जिलों में विशेष रूप से अलर्ट जारी किया गया है : उत्तर प्रदेश के मेरठ, गौतमबुद्ध नगर, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, आगरा, अलीगढ़, बिजनौर, फिरोजाबाद, एटा, मथुरा, कानपुर, गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी समेत कई जिलों में बारिश के आसार हैं।

4 से 6 जून तक मौसम का हाल

4 जून से 6 जून के बीच पश्चिमी यूपी में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इस दौरान कई जगहों पर बादल गरजने के साथ हल्की बारिश भी हो सकती है। हालांकि 7 जून के आसपास मौसम में सुधार और राहत मिलने की संभावना जताई गई है।

आंधी-तूफान में सावधानी जरूरी

तेज बारिश और आंधी के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। 

खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। 

बिजली चमकने के समय सुरक्षित पक्के घर या वाहन में रहें। 

20 दिनों तक ‘रूचक राजयोग’, इन 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

नई दिल्ली। 01 जून से 20 जून 2026 तक ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार एक विशेष रूचक महापुरुष राजयोग का प्रभाव देखने को मिल रहा है। इस अवधि में साहस, पराक्रम और ऊर्जा के कारक ग्रह मंगल देव अपनी स्वराशि मेष में गोचर कर रहे हैं, जिससे यह योग अत्यंत शक्तिशाली माना जा रहा है।

ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार मंगल के मजबूत स्थिति में होने से इस अवधि में लोगों के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और कार्यक्षमता में वृद्धि के संकेत मिलते हैं। विशेष रूप से चार राशियों के लिए यह समय बेहद शुभ और लाभकारी साबित हो सकता है।

मेष राशि

मंगल के अपनी ही राशि में होने से मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस दौरान आत्मविश्वास में वृद्धि, करियर में नए अवसर और रुके हुए कार्यों में तेजी आने के संकेत हैं। व्यवसाय और नौकरी दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी भी मंगल होने के कारण इस राशि पर भी इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जाएगा। नौकरी और व्यापार में प्रगति, आर्थिक स्थिति में सुधार तथा लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना जताई जा रही है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि स्थिरता और उन्नति का संकेत दे रही है। कार्यस्थल पर पदोन्नति, नई जिम्मेदारियाँ और आय के नए स्रोत बनने के योग बन सकते हैं। निवेश से लाभ मिलने की भी संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह समय ऊर्जा और नेतृत्व क्षमता को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं। निर्णय क्षमता में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी! अंतिम सैलरी के 67% पेंशन की मांग तेज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए आने वाला समय बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। 8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही चर्चाओं में अब पेंशन व्यवस्था को मजबूत और अधिक सुरक्षित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों और आयोग के प्रतिनिधियों के बीच हो रही बैठकों में यह मुद्दा प्रमुखता से उठ रहा है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली आय को कैसे अधिक सम्मानजनक और स्थिर बनाया जाए।

67% पेंशन की मांग पर बढ़ा जोर

कर्मचारी संगठनों की ओर से सबसे अहम प्रस्ताव यह रखा गया है कि रिटायरमेंट के बाद पेंशन को मौजूदा व्यवस्था से बढ़ाकर अंतिम वेतन का लगभग 67% किया जाए। उनका तर्क है कि मौजूदा महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ती लागत को देखते हुए पेंशनभोगियों के लिए वर्तमान ढांचा पर्याप्त नहीं है। इसलिए अंतिम वेतन या पिछले कुछ महीनों की औसत सैलरी के आधार पर अधिक पेंशन देने की मांग की जा रही है।

बढ़ती उम्र के साथ अतिरिक्त मांग

संगठनों ने यह भी सुझाव दिया है कि जैसे-जैसे पेंशनभोगियों की उम्र बढ़ती है, वैसे-वैसे उनके खर्च भी बढ़ते हैं, खासकर स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में। ऐसे में हर कुछ वर्षों के अंतराल पर पेंशन में अतिरिक्त वृद्धि का प्रस्ताव भी चर्चा में है, ताकि बुजुर्गों को आर्थिक सुरक्षा मिलती रहे।

पेंशन सिस्टम में विकल्प देने पर विचार

हालिया बैठकों में यह भी विचार सामने आया है कि कर्मचारियों को अपनी सुविधा के अनुसार पेंशन प्रणाली चुनने का विकल्प मिल सकता है। इसमें पुरानी पेंशन योजना, नेशनल पेंशन सिस्टम और नई यूनिफाइड पेंशन स्कीम जैसे विकल्प शामिल हो सकते हैं। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक लचीलापन और भविष्य को लेकर सुरक्षा देना बताया जा रहा है।

भविष्य की सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

इस बार की चर्चाओं में सिर्फ वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि रिटायरमेंट के बाद की सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच जारी यह संवाद आने वाले समय में एक नई और अधिक संतुलित पेंशन व्यवस्था की दिशा तय कर सकता है।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! जून में शुरू होगी ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए लंबे समय से प्रतीक्षित ट्रांसफर-पोस्टिंग प्रक्रिया अब जल्द शुरू होने वाली है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संकेत दिया है कि जून माह में शिक्षकों के स्थानांतरण से संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा। इससे उन हजारों शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने घर के नजदीक पदस्थापन की मांग कर रहे थे।

घर के पास मिलेगी पोस्टिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शिक्षकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्थानांतरण नीति पर काम कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत या उसके आसपास की पंचायतों में पदस्थापित करने का प्रयास किया जाएगा। वहीं पुरुष शिक्षकों को निकटवर्ती प्रखंडों में पोस्टिंग देने की योजना है, ताकि उन्हें लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

शिक्षण व्यवस्था को लाभ

सरकार का मानना है कि जब शिक्षक अपने निवास स्थान के आसपास के विद्यालयों में कार्य करेंगे तो उनकी उपस्थिति बेहतर होगी और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दिया जा सकेगा। रोजाना लंबी दूरी तय करने की परेशानी कम होने से शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंच सकेंगे, जिसका सीधा लाभ छात्रों को मिलेगा।

लंबे समय से थी मांग

राज्य के कई शिक्षक संगठन लगातार स्थानांतरण प्रक्रिया शुरू करने की मांग कर रहे थे। विशेष रूप से महिला शिक्षकों ने पारिवारिक जिम्मेदारियों और दूरस्थ विद्यालयों में तैनाती की समस्याओं को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया था। ऐसे में जून में ट्रांसफर-पोस्टिंग की घोषणा शिक्षकों के लिए राहत की खबर मानी जा रही है।

विभाग को दिए गए निर्देश

मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए हैं ताकि स्थानांतरण प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु रूप से संचालित की जा सके। माना जा रहा है कि विभाग जल्द ही इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश और आवेदन प्रक्रिया जारी कर सकता है।

शिक्षकों में बढ़ी उम्मीद

सरकार के इस कदम से राज्यभर के शिक्षकों में उत्साह का माहौल है। घर के नजदीक पोस्टिंग मिलने से न केवल उनकी व्यक्तिगत समस्याएं कम होंगी, बल्कि विद्यालयों में शिक्षण कार्य की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिल सकता है। अब सभी की नजरें शिक्षा विभाग की ओर हैं, जो जल्द ही ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ी अगली प्रक्रिया की घोषणा कर सकता है।

यूपी के ये 7 सड़कें होगी चकाचक, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। लंबे समय से खराब हालत में पड़ी सात प्रमुख सड़कों के नवीनीकरण और मरम्मत के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। इसके साथ ही दुर्घटना संभावित एक महत्वपूर्ण स्थान पर विशेष सुरक्षा कार्य भी कराया जाएगा। इस पहल से हजारों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलने की उम्मीद है।

लोक निर्माण विभाग द्वारा तैयार की गई योजनाओं को मंजूरी मिलने के बाद विभिन्न मार्गों के पुनर्निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। विभाग का लक्ष्य है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले अधिकांश कार्यों को पूरा कर लिया जाए, ताकि लोगों को जल्द राहत मिल सके।

जर्जर सड़कों से मिलेगी मुक्ति

ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों को जोड़ने वाली कई सड़कें लंबे समय से खराब स्थिति में थीं। गड्ढों और क्षतिग्रस्त सतह के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब इन मार्गों की मरम्मत और सुदृढ़ीकरण से यात्रा न केवल आसान होगी बल्कि वाहनों की आवाजाही भी अधिक सुगम बनेगी।

इन सड़कों पर होगा निर्माण कार्य

बांदा मार्ग से नरेश के घर तक संपर्क मार्ग: ₹18 लाख

सफदरगंज-बदोसरांय से भवानीपुर मार्ग: ₹37 लाख

खुदायगंज होते हुए गोपालपुर मार्ग: ₹29.38 लाख

कोटवा सड़क से कोटवाधाम मार्ग: ₹32 लाख

बरहुआ संपर्क मार्ग: ₹20 लाख

बड़ागांव मार्ग: ₹13 लाख

सफदरगंज-बदोसरांय मार्ग को मिला बड़ा बजट

सलेमपुर, भानमऊ, जैदपुर, सफदरगंज और बदोसरांय मार्ग के निर्माण के लिए कुल ₹3.71 करोड़ की स्वीकृति मिली थी। इसके तहत शासन ने ₹2.86 करोड़ की पहली किस्त जारी कर दी है। बजट जारी होने के बाद रुके हुए कार्यों को गति मिलेगी।

बिहार में 8 जून से जमीन सर्वे, रैयतों के लिए बड़ी खुशखबरी!

भोजपुर। बिहार सरकार के विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त अभियान के तहत भोजपुर जिले के कौरा पंचायत स्थित तुलसी गांव में 8 जून से भूमि सर्वेक्षण का कार्य शुरू होने जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों को अद्यतन, पारदर्शी और विवादमुक्त बनाना है। सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत गांव के प्रथम खेसरा से की जाएगी और इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी भूखंडों की मापी की जाएगी।

अत्याधुनिक तकनीक से होगी मापी

इस बार भूमि सर्वेक्षण पारंपरिक तरीकों के बजाय आधुनिक उपकरणों की सहायता से किया जाएगा। ईटीएस और डीजीपीएस जैसी उन्नत तकनीकों के जरिए प्रत्येक भूखंड का सटीक सीमांकन और मापन किया जाएगा। इससे जमीन की वास्तविक स्थिति और क्षेत्रफल का सही रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा। सर्वेक्षण पूरा होने के बाद नए नक्शे और अभिलेख तैयार किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक भूखंड को अलग पहचान संख्या प्रदान की जाएगी। इससे रिकॉर्ड अधिक व्यवस्थित और स्पष्ट बनेंगे।

भूमि विवादों में आएगी कमी

विशेषज्ञों का मानना है कि सटीक भूमि रिकॉर्ड तैयार होने से भविष्य में सीमांकन और स्वामित्व से जुड़े विवादों में कमी आएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर जमीन की सीमा और कागजी अभिलेखों को लेकर विवाद सामने आते हैं। नए सर्वेक्षण से ऐसी समस्याओं के समाधान में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं, मुआवजा भुगतान, कृषि ऋण और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में भी अद्यतन भूमि रिकॉर्ड लाभदायक साबित होंगे।

रैयतों की उपस्थिति जरूरी

राजस्व विभाग ने सभी भूमि धारकों से निर्धारित तिथि पर अपने-अपने खेतों में उपस्थित रहने की अपील की है। साथ ही खतियान, लगान रसीद, स्वामित्व संबंधी दस्तावेज और अन्य आवश्यक कागजात साथ लाने को कहा गया है। अधिकारियों का कहना है कि सर्वेक्षण के समय भूमि स्वामी की मौजूदगी से रिकॉर्ड में त्रुटियों की संभावना कम हो जाती है और सीमांकन से जुड़ी जानकारी मौके पर ही स्पष्ट हो जाती है।

ग्रामीणों में दिखा उत्साह

सर्वेक्षण को लेकर आयोजित बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। लोगों ने भूमि रिकॉर्ड, सीमांकन और दस्तावेजों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे, जिनका विभागीय अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि नए सर्वेक्षण से जमीन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान निकल सकेगा।

यूपी में इस नदी पर बनेगा पुल, हजारों लोगों के लिए खुशखबरी

कासगंज/एटा। उत्तर प्रदेश के कासगंज और एटा जनपद के ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत की खबर है। कासगंज के दुर्जनपुर गांव और एटा जिले के अकबरपुर लालसहाय के बीच काली नदी पर जल्द ही नए पुल का निर्माण शुरू होने जा रहा है। लंबे समय से इस पुल की मांग कर रहे स्थानीय लोगों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। अधिकारियों के अनुसार जून माह के अंत तक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

पुल निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम की अलीगढ़ इकाई को सौंपी गई है। परियोजना से जुड़ी अधिकांश तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं। विभाग की कोशिश है कि मानसून से पहले निर्माण कार्य का शुरुआती चरण शुरू हो जाए, ताकि परियोजना निर्धारित समय के भीतर पूरी की जा सके।

10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर होगा खत्म

वर्तमान में काली नदी के दोनों किनारों पर बसे गांवों के लोगों को एक-दूसरे क्षेत्र में पहुंचने के लिए करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ता है। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी होती है। पुल बनने के बाद यह दूरी काफी कम हो जाएगी और लोगों को सीधे आवागमन की सुविधा मिल सकेगी।

किसानों और छात्रों को सबसे ज्यादा लाभ

ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले किसानों को अपनी फसल बाजार तक पहुंचाने में आसानी होगी। वहीं विद्यार्थियों को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों और छोटे व्यापारियों को भी आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी।

पांच करोड़ रुपये की लागत से बनेगा पुल

करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली इस परियोजना से दोनों जनपदों के लगभग 20 हजार लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। पुल बनने के बाद व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और कासगंज तथा एटा के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।

इलाहाबाद हाईकोर्ट में बंपर भर्ती का ऐलान, 543 पदों पर आवेदन शुरू

प्रयागराज: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने विभिन्न पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत रिव्यू ऑफिसर, असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर और कंप्यूटर असिस्टेंट के कुल 543 पदों को भरा जाएगा। लंबे समय से न्यायिक क्षेत्र में नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा मौका माना जा रहा है।

कई पदों पर होगी नियुक्ति

भर्ती अभियान के तहत अलग-अलग पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। सबसे अधिक रिक्तियां असिस्टेंट रिव्यू ऑफिसर पद के लिए हैं। इसके अलावा रिव्यू ऑफिसर और कंप्यूटर असिस्टेंट पदों पर भी योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों को न्यायिक प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों में योगदान देने का अवसर मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया हुई शुरू

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक और व्यक्तिगत जानकारी सही तरीके से भरनी होगी। इसके साथ आवश्यक दस्तावेज भी ऑनलाइन अपलोड करने होंगे।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। साथ ही कंप्यूटर ज्ञान से संबंधित निर्धारित योग्यता भी जरूरी रखी गई है। कंप्यूटर संचालन और टाइपिंग कौशल रखने वाले अभ्यर्थियों को इस भर्ती में विशेष लाभ मिल सकता है।

आयु सीमा और आरक्षण का लाभ

भर्ती के लिए न्यूनतम और अधिकतम आयु सीमा 21 और 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट का लाभ मिलेगा। इससे बड़ी संख्या में उम्मीदवार आवेदन प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

आवेदन के लिए ऑफिशियल वेबसाइट: allahabadhighcourt.in 

बिहार के शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी, CM सम्राट ने दिए ट्रांसफर के निर्देश

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से स्थानांतरण की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग को जून माह के भीतर शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद राज्यभर के शिक्षकों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

घर के करीब मिलेगी पोस्टिंग

शिक्षकों की सबसे बड़ी मांगों में से एक थी कि उनकी नियुक्ति उनके निवास स्थान के नजदीक की जाए, ताकि उन्हें रोजाना लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मुख्यमंत्री ने इसी मुद्दे को ध्यान में रखते हुए विभाग को आवश्यक निर्देश दिए हैं। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार महिला शिक्षकों को उनके गृह पंचायत के आसपास स्थित पंचायतों में पदस्थापित करने की योजना बनाई गई है। वहीं पुरुष शिक्षकों को उनके निवास क्षेत्र के नजदीकी प्रखंडों में तैनाती देने पर विचार किया जा रहा है। इससे शिक्षकों को पारिवारिक और पेशेवर जिम्मेदारियों के बीच बेहतर संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

शिक्षा व्यवस्था को भी होगा फायदा

विशेषज्ञों का मानना है कि घर के पास पोस्टिंग मिलने से शिक्षकों की नियमित उपस्थिति बढ़ेगी और वे अधिक उत्साह के साथ शैक्षणिक गतिविधियों में भाग ले सकेंगे। इसका सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा और स्कूलों में पढ़ाई का स्तर बेहतर होने की संभावना है। सरकार का उद्देश्य केवल शिक्षकों की सुविधा बढ़ाना नहीं है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और परिणामोन्मुख बनाना भी है।

प्रशिक्षण से वंचित शिक्षकों को भी राहत

शिक्षकों के लिए एक और राहत की खबर यह है कि विभिन्न कारणों से प्रशिक्षण कार्यक्रमों में शामिल नहीं हो पाने वाले शिक्षकों को दोबारा अवसर दिया जाएगा। कई शिक्षक प्रशासनिक कार्यों, चुनावी जिम्मेदारियों या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से निर्धारित प्रशिक्षण में भाग नहीं ले सके थे। अब ऐसे शिक्षकों को आगामी सत्र में प्रशिक्षण प्राप्त करने का मौका मिलेगा, जिससे उनकी पेशेवर दक्षता और शिक्षण क्षमता को और मजबूत किया जा सकेगा।

ग्रीष्मावकाश को लेकर भी मिली बड़ी राहत

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान यदि कोई शिक्षक पहले से तय कार्यक्रम के कारण मुख्यालय से बाहर रहता है और प्रशिक्षण में शामिल नहीं हो पाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस फैसले को भी शिक्षकों के हित में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी: VIP और सरकारी बाबू को भी देना होगा टोल!

नई दिल्ली: देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए आने वाले समय में टोल व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार उन श्रेणियों की समीक्षा कर रही है जिन्हें वर्तमान में टोल टैक्स से छूट प्राप्त है। यदि प्रस्ताव लागू होता है तो कई VIP, सरकारी अधिकारी और विभागीय वाहन भी टोल शुल्क के दायरे में आ सकते हैं।

सरकार का मानना है कि सड़क निर्माण और रखरखाव की बढ़ती लागत को देखते हुए टोल प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से टोल छूट से जुड़ी मौजूदा व्यवस्था पर पुनर्विचार किया जा रहा है।

वर्षों पुरानी व्यवस्था में हो सकता है बदलाव

फिलहाल देश में कुछ संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों और चुनिंदा सरकारी वाहनों को टोल टैक्स से छूट प्राप्त है। इस व्यवस्था के तहत कई सरकारी अधिकारी और विभागीय वाहन बिना टोल शुल्क दिए राष्ट्रीय राजमार्गों का उपयोग करते हैं। लेकिन अब सरकार इस सूची को सीमित करने या कुछ मामलों में समाप्त करने पर विचार कर रही है।

सरकार को बढ़ सकता है राजस्व

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टोल मुक्त वाहनों की संख्या घटती है तो सरकार के राजस्व में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान समय में देशभर में नए एक्सप्रेसवे और हाईवे परियोजनाओं पर बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के निर्माण और रखरखाव के लिए निरंतर वित्तीय संसाधनों की आवश्यकता होती है। ऐसे में टोल संग्रह बढ़ने से सड़क अवसंरचना के विकास को अतिरिक्त गति मिल सकती है।

समान नियम लागू करने की मांग

इस प्रस्ताव को लेकर आम लोगों के बीच भी चर्चा शुरू हो गई है। कई लोगों का मानना है कि यदि आम नागरिक टोल टैक्स का भुगतान करते हैं तो अधिकांश सरकारी और विशेष श्रेणी के वाहनों पर भी समान नियम लागू होने चाहिए। इससे व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता बढ़ेगी।

अभी अंतिम निर्णय बाकी

फिलहाल सरकार ने इस विषय पर कोई अंतिम फैसला नहीं लिया है। विभिन्न मंत्रालयों और संबंधित विभागों से सुझाव लिए जा रहे हैं। सभी पहलुओं पर विचार-विमर्श के बाद ही यह तय होगा कि टोल छूट की व्यवस्था में कितना बदलाव किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो देश की टोल प्रणाली में यह एक बड़ा सुधार माना जाएगा, जिसका असर लाखों वाहनों और सरकारी तंत्र पर देखने को मिल सकता है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, श्रमिकों के लिए 6 बड़ी खुशखबरी, मिलेगा खास फायदा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार श्रमिकों की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। प्रदेश में सोशल सिक्योरिटी कोड की नियमावली जल्द लागू होने की संभावना है, जिससे लाखों श्रमिकों को कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। नई व्यवस्था का उद्देश्य संगठित और असंगठित दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को बेहतर सुरक्षा प्रदान करना है।

प्रवासी श्रमिकों को मिलेगी बड़ी राहत

नई नियमावली लागू होने के बाद दूसरे राज्यों में काम करने वाले प्रवासी श्रमिकों को भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। डिजिटल पंजीकरण और एकीकृत डाटा प्रणाली के माध्यम से श्रमिक जहां भी कार्यरत होंगे, वहां आवश्यक सुविधाओं तक उनकी पहुंच सुनिश्चित की जाएगी। इससे रोजगार के लिए घर से दूर रहने वाले श्रमिकों की परेशानियां काफी हद तक कम हो सकती हैं।

स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा होगी मजबूत

सरकार की योजना के तहत श्रमिकों को स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्य सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से उपलब्ध कराया जाएगा। विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों का रिकॉर्ड डिजिटल माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे पात्र श्रमिकों को सुविधाएं प्राप्त करने में आसानी होगी। इससे जरूरतमंद परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिल सकेगा।

बेरोजगारी की स्थिति में मिलेगा सहारा

यदि किसी कर्मचारी की नौकरी समाप्त होती है, तो उसके पुनर्वास और कौशल विकास के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके तहत श्रमिकों को नए कौशल सीखने और रोजगार के नए अवसर प्राप्त करने में मदद मिलेगी। सरकार का उद्देश्य रोजगार संबंधी अनिश्चितताओं को कम करना और श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाना है।

महिला कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान

सरकार महिला श्रमिकों की सुरक्षा और सुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है। प्रस्तावित नियमों में मातृत्व लाभ और अन्य आवश्यक सुविधाओं को शामिल किया गया है, ताकि कार्यस्थल पर महिलाओं को बेहतर संरक्षण और सहयोग मिल सके। इससे महिला श्रमिकों की भागीदारी और कार्यक्षमता दोनों में वृद्धि होने की संभावना है।

फिक्स्ड टर्म कर्मचारियों को बराबरी का अधिकार

नए नियमों के तहत अनुबंध आधारित कर्मचारियों को भी कई मामलों में नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने की तैयारी है। सेवा अवधि के आधार पर उन्हें आर्थिक लाभ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलने का रास्ता साफ हो सकता है। इससे निजी क्षेत्र में काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

गिग वर्कर्स और असंगठित क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़े डिलीवरी पार्टनर, कैब चालक, फ्रीलांस कार्यकर्ता और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की तैयारी है। लंबे समय से इस वर्ग के श्रमिक सामाजिक सुरक्षा लाभों से वंचित रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने पर उन्हें भी विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सकेगा।

3 जून को बन रहे 3 राजयोग, इन 3 राशियों की लग सकती है लॉटरी!

राशिफल। जून 2026 की शुरुआत ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास मानी जा रही है। 3 जून को ग्रहों की स्थिति ऐसी बन रही है, जिससे एक साथ तीन शक्तिशाली राजयोग सक्रिय रहेंगे। हंस राजयोग, भद्र राजयोग और रूचक राजयोग के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह दुर्लभ संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ फलदायी साबित हो सकता है।

बन रहे हैं 3 बड़े राजयोग

हंस राजयोग

देवगुरु बृहस्पति के कर्क राशि में स्थित होने से हंस महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह राजयोग ज्ञान, सम्मान, धन और आध्यात्मिक उन्नति का कारक माना जाता है। इसके प्रभाव से व्यक्ति को समाज में प्रतिष्ठा और कार्यों में सफलता मिलने के योग बनते हैं।

भद्र राजयोग

बुध ग्रह के प्रभाव से भद्र राजयोग सक्रिय रहेगा। यह राजयोग बुद्धिमत्ता, संवाद कौशल, व्यापार और करियर में तरक्की दिलाने वाला माना जाता है। इससे आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना बढ़ती है।

रूचक राजयोग

मंगल के अपनी स्वराशि मेष में होने से रूचक महापुरुष राजयोग बन रहा है। यह राजयोग साहस, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और सफलता प्रदान करने वाला माना जाता है। प्रतियोगी परीक्षाओं और नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को इसका लाभ मिल सकता है।

इन 3 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय बेहद शुभ साबित हो सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। निवेश से भी अच्छा लाभ मिल सकता है।

कन्या राशि

भद्र राजयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव कन्या राशि के जातकों पर देखने को मिल सकता है। व्यापार में वृद्धि, नौकरी में सम्मान और आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सफलता मिल सकती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए हंस और रूचक राजयोग विशेष लाभदायक रह सकते हैं। भाग्य का साथ मिलेगा और कई महत्वपूर्ण कार्य आसानी से पूरे हो सकते हैं। धन लाभ के अवसर बनेंगे, पारिवारिक सुख बढ़ेगा और करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बिहार में कर्मचारियों के लिए सख्त फरमान, सभी जिलों में लागू

पटना: बिहार सरकार ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और कार्य संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य कर दी गई है। सरकार का मानना है कि इससे कार्यालयों में समयबद्धता बढ़ेगी, कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित होगी और आम लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर मिल सकेंगी।

सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों को बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (BBAS) के माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज करनी होगी। यह व्यवस्था सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

समय पर नहीं पहुंचे तो होगी कार्रवाई

नए नियमों के तहत कार्यालय में देर से पहुंचने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की जा सकती है। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि नियमित रूप से विलंब करने वालों के खिलाफ अवकाश समायोजन, वेतन कटौती या अन्य प्रशासनिक कदम उठाए जा सकते हैं। इससे कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से होगा वेतन भुगतान

सरकार ने उपस्थिति प्रणाली को और प्रभावी बनाने के लिए वेतन भुगतान को भी बायोमेट्रिक रिकॉर्ड से जोड़ने का निर्णय लिया है। अब कर्मचारियों की उपस्थिति का विवरण वेतन निर्धारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे फर्जी उपस्थिति और अनियमितता पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

सभी कार्यालय प्रमुखों की जिम्मेदारी बढ़ी

नए निर्देशों के तहत प्रत्येक कार्यालय प्रमुख को हर महीने कर्मचारियों की उपस्थिति का रिकॉर्ड तैयार कर उसका प्रिंट आउट सुरक्षित रखना होगा। इसके साथ ही यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी कर्मचारी नियमित रूप से बायोमेट्रिक प्रणाली के माध्यम से हाजिरी दर्ज करें।

खराब मशीनों को तुरंत दुरुस्त करने का निर्देश

सरकार ने उन कार्यालयों पर भी ध्यान दिया है जहां बायोमेट्रिक मशीनें खराब हैं या अभी तक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे सभी कार्यालयों को जल्द से जल्द मशीनों की मरम्मत कराने या नई मशीनें स्थापित करने का निर्देश दिया गया है ताकि उपस्थिति प्रणाली में किसी प्रकार की बाधा न आए।

राज्य के सभी जिलों में जिला स्तर पर होगी निगरानी

निर्देश के अनुसार प्रत्येक जिले में एक नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया जाएगा जो बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था की निगरानी करेगा। जिलाधिकारी स्तर से इसकी नियमित समीक्षा की जाएगी ताकि आदेशों का प्रभावी ढंग से पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यूपीवासियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, नहीं बढ़ेगा बिजली बिल?

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। बिजली बिल में अतिरिक्त भार डालने वाले 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज को लेकर विद्युत नियामक आयोग ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने प्रारंभिक जांच में इस शुल्क को नियमों के अनुरूप नहीं माना और इस पर सवाल खड़े किए हैं। इसके बाद उपभोक्ताओं को उम्मीद जगी है कि बढ़े हुए बिजली बिलों से राहत मिल सकती है।

आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण

मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्युत नियामक आयोग ने बिजली निगम से जवाब तलब किया है। आयोग ने पूछा है कि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का आधार क्या है और किन नियमों के तहत यह निर्णय लिया गया। साथ ही निर्धारित समय के भीतर विस्तृत स्पष्टीकरण देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।

उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत

बढ़ते बिजली बिलों को लेकर पहले से ही आम उपभोक्ताओं में नाराजगी थी। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली की अधिक खपत के कारण परिवारों का मासिक बजट प्रभावित हो रहा था। ऐसे समय में आयोग की सख्त टिप्पणी को उपभोक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। यदि आयोग की आपत्तियों के बाद बिजली निगम अपना फैसला वापस लेता है, तो लाखों उपभोक्ताओं को अतिरिक्त भुगतान से राहत मिल सकती है।

उपभोक्ता हितों की रक्षा पर जोर

इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह स्पष्ट किया है कि बिजली दरों और अतिरिक्त शुल्कों से जुड़े निर्णयों पर नियामक संस्थाओं की निगरानी कितनी महत्वपूर्ण है। उपभोक्ता संगठनों ने भी आयोग के रुख का स्वागत किया है और इसे आम जनता के हित में उठाया गया कदम बताया है।

अब सबकी नजर अगले फैसले पर

फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर बिजली निगम की ओर से दिए जाने वाले जवाब और आयोग के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है। हालांकि आयोग की शुरुआती टिप्पणियों से यह संकेत जरूर मिला है कि उपभोक्ताओं को राहत मिलने की संभावना मजबूत हुई है। यदि यह फैसला वापस लिया जाता है, तो उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए यह बड़ी राहत साबित होगी।

सूर्य-बुध की महायुक्ति! 4 राशियों पर बरसेगा धन, किस्मत देगी बड़ा साथ

राशिफल। जून 2026 का मध्य कई राशियों के लिए विशेष महत्व लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 15 जून को सूर्य देव मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां बुध पहले से विराजमान रहेंगे। सूर्य और बुध की यह युति बुधादित्य योग तथा लक्ष्मी नारायण योग का निर्माण करेगी, जिसे ज्योतिष शास्त्र में अत्यंत शुभ माना जाता है।

यह योग बुद्धिमत्ता, व्यापार, करियर, धन और प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। 15 जून से 22 जून तक बनने वाला यह विशेष संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। आइए जानते हैं उन 4 राशियों के बारे में, जिन्हें इस दौरान विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

यह योग मिथुन राशि में ही बनने जा रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव सबसे अधिक दिखाई दे सकता है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों और नए अवसरों से लाभ मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि आर्थिक दृष्टि से काफी अनुकूल मानी जा रही है। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार करने वाले लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। मित्रों और शुभचिंतकों का सहयोग भी प्राप्त होगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए सूर्य-बुध की यह युति करियर और व्यवसाय में नई सफलता लेकर आ सकती है। जो लोग लंबे समय से नौकरी बदलने या नए अवसर की तलाश में हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार विस्तार की योजनाएं सफल हो सकती हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अनुकूल माना जा रहा है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है। नौकरी और व्यापार दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिलने के संकेत हैं। धन लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रुचि बढ़ सकती है।

बिहार में सरकारी जमीन बचाने की मुहिम तेज, कई जगहों पर कार्रवाई

पटना। बिहार में सरकारी जमीनों को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों पर रोक लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू की है। राज्य सरकार अब तकनीक की मदद से सरकारी भूमि की निगरानी को और मजबूत बनाने जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का सटीक रिकॉर्ड तैयार करना, अवैध कब्जों की पहचान करना और भूमि संबंधी विवादों को कम करना है।

इसी दिशा में बिहार सर्वेक्षण कार्यालय की ओर से सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासनिक स्तर पर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सरकारी जमीनों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो, ताकि उनकी पहचान और निगरानी आसान बन सके।

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखेगी सरकारी जमीन की जानकारी

नई व्यवस्था के तहत सरकारी भूमि से संबंधित जमाबंदियों को ऑनलाइन चिह्नित किया जाएगा। इसके लिए भूमि रिकॉर्ड से जुड़े डिजिटल सिस्टम में विशेष सुविधा जोड़ी गई है। इससे राजस्व और अंचल स्तर के अधिकारी अपने क्षेत्र में मौजूद सरकारी जमीनों की जानकारी कुछ ही मिनटों में प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से भूमि प्रबंधन की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

अधिकारियों को मिलेगी त्वरित जानकारी

अब संबंधित अधिकारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जिला, मौजा, हल्का और अन्य विवरण दर्ज कर सरकारी भूमि का पूरा रिकॉर्ड देख सकेंगे। इससे जमीनों की पहचान करने में लगने वाला समय कम होगा और प्रशासनिक कार्रवाई तेज हो सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू होने के बाद सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों की पहचान पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी।

जमीन माफियाओं पर कसेगा शिकंजा

राज्य में कई बार सरकारी जमीनों की गलत तरीके से खरीद-बिक्री और फर्जी दस्तावेजों के जरिए कब्जे की शिकायतें सामने आती रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों पर प्रभावी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। ऑनलाइन रिकॉर्ड उपलब्ध होने से किसी भी जमीन की वास्तविक स्थिति आसानी से जांची जा सकेगी, जिससे लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

विकास कार्यों को मिलेगी गति

सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के बाद उसका उपयोग सार्वजनिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं के लिए किया जा सकेगा। स्कूल, अस्पताल, सड़क, पार्क और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए भूमि उपलब्ध कराने में यह पहल महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, 15 जून से बालू खनन पर रोक

पटना। बिहार में मानसून के आगमन के साथ ही बालू खनन गतिविधियों पर वार्षिक रोक लागू होने जा रही है। राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि 15 जून से 15 अक्टूबर तक नदियों से बालू खनन और बालू उठाव पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हर साल की तरह इस बार भी पर्यावरण संरक्षण और नदी तंत्र की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है।

सरकार का मानना है कि बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ता है, जिससे खनन गतिविधियां न केवल जोखिमपूर्ण हो जाती हैं, बल्कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और जलीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसी वजह से चार महीने तक खनन कार्यों को रोकने का प्रावधान किया गया है।

बफर स्टॉक तैयार करने के निर्देश

बालू खनन बंद होने के दौरान निर्माण कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए सरकार ने सभी जिलों को पहले से पर्याप्त मात्रा में बालू का बफर स्टॉक तैयार करने का निर्देश दिया है। संबंधित अधिकारियों को स्टॉक की उपलब्धता और उसकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने को कहा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि सड़क, पुल, भवन और अन्य विकास परियोजनाओं में बालू की कमी महसूस न हो तथा निर्माण कार्य निर्धारित समय पर जारी रह सकें।

पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर

दरअसल, मानसून के दौरान नदियां अत्यधिक संवेदनशील अवस्था में होती हैं। ऐसे समय में खनन से नदी के प्रवाह, तटों की स्थिरता और जलीय जीवों के प्राकृतिक आवास पर असर पड़ सकता है। प्रतिबंध का मुख्य उद्देश्य इन प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इसके साथ ही बारिश के मौसम में अवैध खनन की संभावनाओं को रोकने के लिए भी प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

कीमतों पर नजर रखेगी सरकार

हर वर्ष बालू खनन बंद होने के दौरान बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है। कई बार कृत्रिम कमी पैदा कर मुनाफाखोरी और कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आती हैं। इस बार सरकार ने पहले से तैयारी करते हुए ऐसी गतिविधियों पर सख्त निगरानी की व्यवस्था बनाने का फैसला किया है। अधिकारियों का कहना है कि पर्याप्त बफर स्टॉक उपलब्ध रहने से बाजार में आपूर्ति बनी रहेगी और अनावश्यक मूल्य वृद्धि की संभावना कम होगी।

8वें वेतन आयोग में 4 फिटमेंट फैक्टर की मांग, जानें क्या होगी सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। सबसे ज्यादा चर्चा फिटमेंट फैक्टर को लेकर हो रही है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी और पेंशन तय होती है। विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने इस बार फिटमेंट फैक्टर में बड़ी बढ़ोतरी की मांग उठाई है, जिससे लाखों कर्मचारियों को वेतन वृद्धि का लाभ मिल सकता है।

क्या होता है फिटमेंट फैक्टर?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणांक होता है, जिसके जरिए वर्तमान बेसिक वेतन को संशोधित कर नई बेसिक सैलरी तय की जाती है। किसी भी वेतन आयोग में कर्मचारियों की आय बढ़ाने का यह सबसे महत्वपूर्ण आधार माना जाता है। सरल शब्दों में कहें तो मौजूदा बेसिक वेतन को तय फिटमेंट फैक्टर से गुणा करने के बाद नई बेसिक सैलरी निर्धारित होती है। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों की नजर इस बार फिटमेंट फैक्टर पर टिकी हुई है।

पिछली बार कितना था फिटमेंट फैक्टर?

7वें वेतन आयोग के दौरान फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक वेतन 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया था। वहीं 6वें वेतन आयोग में यह आंकड़ा 1.86 था। अब लगभग एक दशक बाद नए वेतन आयोग की तैयारी के बीच कर्मचारी महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत को देखते हुए अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं।

अलग-अलग संगठनों की अलग मांग

कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने विभिन्न प्रस्ताव रखे हैं। कुछ संगठनों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 3 या उससे अधिक होना चाहिए, जबकि कुछ ने 4 तक की मांग कर दी है। यदि 3 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो न्यूनतम बेसिक वेतन 54 हजार रुपये तक पहुंच सकता है। वहीं 3.8 या 3.822 फिटमेंट फैक्टर की स्थिति में यह राशि 68 हजार से 69 हजार रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। सबसे बड़ी मांग 4 फिटमेंट फैक्टर की है, जिसके लागू होने पर न्यूनतम बेसिक वेतन 72 हजार रुपये तक पहुंच सकता है।

इस सन्दर्भ में विशेषज्ञ क्या मान रहे हैं?

वेतन और वित्तीय मामलों के जानकारों का मानना है कि सरकार कर्मचारियों और वित्तीय संतुलन दोनों को ध्यान में रखते हुए फैसला लेगी। कई विशेषज्ञों का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.28 से 2.86 के बीच रह सकता है। यदि ऐसा होता है तो वर्तमान न्यूनतम बेसिक वेतन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फैसला वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: 75 जिलों में चलेगा विशेष अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालन, दुग्ध उत्पादन और गोसंवर्धन को बढ़ावा देने के लिए राज्यव्यापी विशेष अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है। विश्व दुग्ध दिवस सप्ताह के अवसर पर प्रदेश के सभी 75 जिलों में स्थित गोशालाओं में 7 जून तक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य पशु कल्याण को मजबूत करना, दुग्ध उत्पादन बढ़ाना और लोगों को पशुपालन के प्रति अधिक जागरूक बनाना है।

पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस अभियान को व्यापक स्तर पर संचालित किया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन से जुड़े लोगों को अधिक से अधिक लाभ मिल सके। इसके साथ ही गोशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने और स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

देसी गाय पालन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार इस अभियान के माध्यम से लोगों को देसी नस्ल की गायों के पालन के लिए प्रेरित करेगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पशुपालकों को देसी गायों के लाभ और उनके संरक्षण के महत्व के बारे में जानकारी दी जाए। साथ ही उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्वच्छ और बेहतर बनेंगी गोशालाएं

अभियान के दौरान प्रदेश की गोशालाओं में साफ-सफाई, रखरखाव और पशुओं की देखभाल पर विशेष जोर दिया जाएगा। गोशालाओं और उनके आसपास पौधारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशुओं के लिए बेहतर वातावरण तैयार किया जा सके।

महिला दुग्ध उत्पादकों का होगा सम्मान

सरकार ने दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलेगा और अन्य महिलाएं भी डेयरी व्यवसाय से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगी।

जनप्रतिनिधियों की होगी भागीदारी

इस विशेष अभियान में पशुपालन विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ ब्लॉक प्रमुख, ग्राम प्रधान और अन्य जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। सरकार चाहती है कि यह अभियान केवल सरकारी कार्यक्रम न बनकर जनभागीदारी का उदाहरण बने।

CM सम्राट के 7 बड़े आदेश: बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना।  बिहार सरकार ने सामाजिक कल्याण योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने समाज कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं, जिनका सीधा लाभ राज्य के लाखों लोगों को मिलने की उम्मीद है। पेंशनधारकों, बच्चों, महिलाओं और जरूरतमंद परिवारों से जुड़ी योजनाओं को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया है।

समय पर मिलेगी पेंशन की राशि

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंच जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी और इस व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाएगी।

रिक्त पदों पर होगी जल्द नियुक्ति

समाज कल्याण विभाग में खाली पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज करने का भी निर्देश दिया गया है। सरकार का मानना है कि पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध होने से योजनाओं का संचालन अधिक प्रभावी होगा और लाभार्थियों को समय पर सेवाएं मिल सकेंगी।

सहायता राशि बढ़ाने पर भी विचार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत दी जा रही आर्थिक सहायता की समीक्षा करने का निर्देश दिया है। आवश्यकता पड़ने पर लाभार्थियों को मिलने वाली राशि बढ़ाने के प्रस्ताव पर भी विचार किया जा सकता है।

बच्चों के समग्र विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए इन केंद्रों को अधिक सुविधासंपन्न और प्रभावी बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

तकनीक से होगी आंगनबाड़ी केंद्रों की निगरानी

आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली को मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग करने पर जोर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सेविकाओं, सहायिकाओं और बच्चों की उपस्थिति की निगरानी डिजिटल माध्यम से की जाए, ताकि सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार हो सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों को मिलेगा अतिरिक्त सहयोग

सरकार ने आंगनबाड़ी केंद्रों के विकास के लिए कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के तहत सहयोग प्राप्त करने की संभावनाओं पर भी काम शुरू करने का निर्देश दिया है। इससे केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार और सुधार किया जा सकेगा।

राज्य में पोषण योजनाओं की होगी सख्त मॉनिटरिंग

बच्चों और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए संबंधित योजनाओं की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। सरकार का लक्ष्य कुपोषण से जुड़े आंकड़ों में सुधार करना और अधिक से अधिक लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

गजलक्ष्मी राजयोग का महाअसर! 5 राशियों पर बरसेगा धन और सौभाग्य

ज्योतिष डेस्क: जून 2026 का महीना ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ग्रहों की चाल में होने वाला एक महत्वपूर्ण बदलाव कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि में प्रवेश करेंगे। इसके बाद 8 जून को सुख, वैभव और ऐश्वर्य के कारक शुक्र भी कर्क राशि में पहुंच जाएंगे। कर्क राशि में इन दोनों शुभ ग्रहों की युति से गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण होगा, जिसे धन, समृद्धि और उन्नति का प्रमुख योग माना जाता है।

वृषभ राशि

गजलक्ष्मी राजयोग वृषभ राशि के जातकों के लिए आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। व्यापार में लाभ के अवसर बढ़ सकते हैं और लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

कर्क राशि

यह राजयोग कर्क राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को विशेष लाभ मिलने के संकेत हैं। करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को धन संबंधी मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और सम्मान मिल सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय उन्नति और सफलता का माना जा रहा है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। परिवार और कार्यक्षेत्र दोनों जगह सहयोग मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए गजलक्ष्मी राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। शिक्षा, करियर और व्यवसाय के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। रुका हुआ धन मिलने या किसी महत्वपूर्ण योजना से लाभ प्राप्त होने के योग बन रहे हैं।

रोज खाएं 2 अंजीर, शरीर को मिलेंगे 8 जबरदस्त फायदे!

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग स्वस्थ रहने के लिए प्राकृतिक और पौष्टिक खाद्य पदार्थों की ओर तेजी से रुख कर रहे हैं। इन्हीं में से एक है अंजीर, जिसे पोषक तत्वों का खजाना माना जाता है। फाइबर, कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर अंजीर का नियमित सेवन शरीर को कई तरह के स्वास्थ्य लाभ पहुंचा सकता है।

1. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

अंजीर में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन क्रिया को बेहतर बनाने में मदद करता है। इससे कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है और पेट साफ रहता है।

2. हड्डियों को बनाता है मजबूत

कैल्शियम और मैग्नीशियम से भरपूर अंजीर हड्डियों की मजबूती के लिए फायदेमंद माना जाता है। नियमित सेवन से हड्डियों को जरूरी पोषण मिलता है।

3. दिल की सेहत के लिए लाभकारी

अंजीर में मौजूद पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। यह रक्तचाप को संतुलित रखने में भी सहायक माना जाता है।

4. शरीर को देता है ऊर्जा

अंजीर प्राकृतिक शर्करा का अच्छा स्रोत है। इसे खाने से शरीर को ऊर्जा मिलती है और दिनभर सक्रिय रहने में मदद मिल सकती है।

5. वजन नियंत्रण में सहायक

फाइबर से भरपूर होने के कारण अंजीर लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है। इससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम हो सकती है।

6. खून की कमी दूर करने में मददगार

अंजीर में आयरन पाया जाता है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन के स्तर को बनाए रखने में मदद कर सकता है। यह एनीमिया के जोखिम को कम करने में भी सहायक माना जाता है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

अंजीर में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने में मदद करते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की क्षमता बेहतर हो सकती है।

8. त्वचा के लिए भी फायदेमंद

अंजीर में मौजूद पोषक तत्व त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। नियमित सेवन से त्वचा में प्राकृतिक चमक बनाए रखने में सहायता मिलती है।

यूपी में एक्साइज कांस्टेबल की बंपर भर्ती, युवाओं के लिए खुशखबरी!

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने आबकारी विभाग में एक्साइज कांस्टेबल के सैकड़ों पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती के माध्यम से राज्य में कुल 722 पदों को भरा जाएगा। लंबे समय से सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।

आयोग द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 जून 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 24 जून 2026 निर्धारित की गई है। वहीं आवेदन में संशोधन और शुल्क संबंधी प्रक्रिया पूरी करने के लिए अभ्यर्थियों को 1 जुलाई 2026 तक का समय दिया गया है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में शामिल होने के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट या समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास PET-2025 का वैध स्कोर कार्ड होना भी अनिवार्य होगा।

आयु सीमा क्या है?

भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

आवेदन शुल्क

इस भर्ती की एक खास बात यह भी है कि सभी श्रेणियों के अभ्यर्थियों के लिए केवल 25 रुपये ऑनलाइन प्रोसेसिंग शुल्क रखा गया है। शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग, यूपीआई या ई-चालान के माध्यम से किया जा सकता है।

कितना मिलेगा वेतन?

चयनित अभ्यर्थियों को वेतनमान के लेवल-2 के तहत नियुक्त किया जाएगा। इस पद पर मासिक वेतन 19,900 रुपये से लेकर 63,200 रुपये तक निर्धारित है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।