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बिहार के इन जिलों में बरसेंगे बादल, 25 जून को तेज बारिश को लेकर चेतावनी

पटना। बिहार में मानसून की सक्रियता बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। खासकर 25 जून को उत्तर बिहार के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं कुछ दक्षिणी जिलों में अभी भी गर्मी और लू का असर देखने को मिल सकता है।

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक बिहार और आसपास के क्षेत्रों में बन रहे मौसमी सिस्टम के कारण बारिश के लिए अनुकूल स्थिति बनी हुई है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय ट्रफ लाइन का असर राज्य के मौसम पर पड़ रहा है।

25 जून को इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने 25 जून को बिहार के कई जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें खासतौर पर: अररिया, कटिहार, किशनगंज, मधुबनी, पूर्णिया, सुपौल जैसे जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व बिहार और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई हिस्सों में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

आंधी, बिजली और तेज हवा की चेतावनी

बारिश के साथ मौसम विभाग ने वज्रपात और तेज हवाओं को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। उत्तर बिहार में कई जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। वहीं दक्षिणी इलाकों में कुछ स्थानों पर हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

अगले कुछ दिनों में और बढ़ेगी बारिश

26 जून के बाद उत्तर-पूर्व बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ने की उम्मीद है। वहीं 27 और 28 जून को उत्तर बिहार के कई जिलों में व्यापक बारिश हो सकती है। 28 जून को पूर्णिया और कटिहार में बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

लिवर के लिए वरदान हैं रसोई की ये 5 चीजें, जानिए इनके फायदे

हेल्थ डेस्क। लिवर हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और शरीर से हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने जैसे कई जरूरी काम करता है। खराब खानपान, ज्यादा तला-भुना भोजन और अनियमित जीवनशैली का असर लिवर की सेहत पर पड़ सकता है। रसोई में मौजूद कुछ सामान्य चीजें ऐसी हैं, जिनमें पाए जाने वाले प्राकृतिक तत्व शरीर की सेहत को सपोर्ट कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में।

1. हल्दी:

हल्दी का इस्तेमाल भारतीय रसोई में लंबे समय से किया जाता है। इसमें पाया जाने वाला करक्यूमिन एक प्राकृतिक तत्व है, जिसे एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों के लिए जाना जाता है। यह शरीर में सूजन को नियंत्रित करने और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकता है। नियमित भोजन में सीमित मात्रा में हल्दी का उपयोग सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है।

2. लहसुन:

लहसुन में एलिसिन और सल्फर यौगिक पाए जाते हैं, जो शरीर की प्राकृतिक प्रक्रियाओं को सपोर्ट करते हैं। यह लिवर से जुड़े एंजाइम्स की गतिविधि को बेहतर करने में मदद कर सकता है, जिससे शरीर में मौजूद हानिकारक पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को सहारा मिलता है।

3. नींबू:

नींबू में भरपूर मात्रा में विटामिन C पाया जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर में एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करते हैं। नींबू पानी या भोजन में नींबू का इस्तेमाल शरीर को हाइड्रेट रखने और पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है।

4. जीरा:

जीरा भारतीय खाने का अहम हिस्सा है। इसमें मौजूद पोषक तत्व पाचन तंत्र को बेहतर तरीके से काम करने में मदद करते हैं। अच्छा पाचन लिवर पर अतिरिक्त दबाव को कम करने में सहायक हो सकता है। जीरे का सेवन भोजन के स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

5. सौंफ:

सौंफ का इस्तेमाल अक्सर खाने के बाद किया जाता है। यह पाचन में मदद कर सकती है और पेट से जुड़ी परेशानियों को कम करने में सहायक हो सकती है। बेहतर पाचन और मेटाबॉलिज्म शरीर के पूरे स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, जिसका असर लिवर की कार्यप्रणाली पर भी पड़ता है।

बिहार में जमीन रजिस्ट्री पर नया अपडेट, सरकार ने नए नियम किये लागू

पटना। बिहार में जमीन खरीदने और बेचने वालों के लिए रजिस्ट्री प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य सरकार ने भूमि निबंधन व्यवस्था को अपडेट करते हुए सरकारी जमीन दर, शुल्क और ऑनलाइन प्रक्रिया में कई नए नियम लागू किए हैं। नई व्यवस्था का मकसद जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना और गलत तरीके से होने वाली रजिस्ट्री पर रोक लगाना है।

जमीन की सरकारी कीमतों में हुआ संशोधन

नई व्यवस्था के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में जमीन के न्यूनतम मूल्य को दोबारा निर्धारित किया गया है। शहरी क्षेत्रों में जमीन के सरकारी मूल्य में करीब 2 गुना तक वृद्धि की गई है। जबकि ग्रामीण इलाकों में जमीन की सरकारी दर में लगभग 1.6 गुना तक बढ़ोतरी की गई है। अब जमीन की रजिस्ट्री के दौरान स्टांप शुल्क और निबंधन शुल्क की गणना इसी नए बढ़े हुए सरकारी मूल्य के आधार पर होगी।

रजिस्ट्री शुल्क की नई व्यवस्था

जमीन या संपत्ति के निबंधन के लिए सरकार ने स्टांप शुल्क की नई दरें लागू की हैं। सामान्य खरीद-बिक्री के मामलों में निर्धारित दर के अनुसार शुल्क देना होगा। वहीं कुछ विशेष परिस्थितियों में, जैसे पुरुष के नाम से महिला के नाम संपत्ति हस्तांतरण करने पर शुल्क में राहत दी गई है। दान-पत्र समेत अन्य संपत्ति हस्तांतरण मामलों में भी नई दरों के अनुसार शुल्क लिया जाएगा।

10 दिन में देनी होगी रिपोर्ट

नई व्यवस्था में जमीन से जुड़े आवेदन की जांच के लिए समय सीमा तय की गई है। संबंधित अधिकारी को तय अवधि के अंदर जमीन की स्थिति की जांच कर रिपोर्ट देनी होगी। अगर जांच के दौरान कोई समस्या सामने नहीं आती है तो आवेदन आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिया जाएगा। इसकी जानकारी आवेदक को मोबाइल संदेश के जरिए भी मिल सकेगी।

अब ऑनलाइन जांच के बाद होगी रजिस्ट्री

जमीन रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुरक्षित बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। अब रजिस्ट्री से पहले जमीन से जुड़ी जानकारी डिजिटल माध्यम से दर्ज करनी होगी। इसमें जमीन का स्थान, खाता, खेसरा, जमाबंदी और अन्य जरूरी विवरण शामिल होंगे। आवेदन जमा होने के बाद संबंधित अधिकारी इसकी जांच करेंगे।

नई व्यवस्था से लोगों को मिलेगा क्या फायदा?

नई व्यवस्था लागू होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है। सरकारी मूल्य और वास्तविक बाजार मूल्य के बीच अंतर कम होने से गलत मूल्य दिखाकर होने वाले लेन-देन पर रोक लग सकती है। इसके अलावा जमीन की सरकारी कीमत बढ़ने से भविष्य में भूमि अधिग्रहण के दौरान मिलने वाले मुआवजे पर भी असर पड़ सकता है। बैंक से लोन लेने वालों को भी जमीन के बेहतर मूल्यांकन का फायदा मिल सकता है।

SBI Law Officer Recruitment 2026: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 49 पदों पर निकली भर्ती, जानें आवेदन प्रक्रिया और योग्यता

नई दिल्ली। State Bank of India (SBI) ने लॉ ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। बैंक में कानून क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवारों के लिए नौकरी पाने का अच्छा मौका है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से विशेषज्ञ कैडर अधिकारी (Specialist Cadre Officer) के कुल 49 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

49 पदों पर होगी भर्ती

एसबीआई द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार यह भर्ती सहायक प्रबंधक (कानून) और उप प्रबंधक (कानून) पदों के लिए निकाली गई है। इसमें कुल 49 रिक्तियां निर्धारित की गई हैं।

सहायक प्रबंधक (कानून) : 20 पद

उप प्रबंधक (कानून) : 29 पद

महत्वपूर्ण तारीखें

ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तारीख: 24 जून 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 14 जुलाई 2026

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से एलएलबी (LLB) डिग्री होना जरूरी है। इसके अलावा संबंधित पद के अनुसार कानूनी क्षेत्र में अनुभव की आवश्यकता भी हो सकती है।

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु सीमा बैंक द्वारा जारी आधिकारिक नियमों के अनुसार निर्धारित की जाएगी। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के तहत आयु सीमा में छूट मिलेगी।

चयन प्रक्रिया

एसबीआई लॉ ऑफिसर भर्ती में उम्मीदवारों का चयन कई चरणों के आधार पर किया जाएगा। ऑनलाइन लिखित परीक्षा, वस्तुनिष्ठ परीक्षा, वर्णनात्मक परीक्षा, साक्षात्कार के माध्यम से चयन होगा। 

ऐसे करें आवेदन

एसबीआई लॉ ऑफिसर भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। करियर सेक्शन में भर्ती से संबंधित लिंक खोलें। लॉ ऑफिसर भर्ती 2026 के आवेदन लिंक पर क्लिक करें। मांगी गई जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन करें।

लगातार गिर रहे सोना-चांदी के दाम, बाजार में मची हलचल

नई दिल्ली। सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट का दौर लगातार जारी है। बुधवार को भी दोनों कीमती धातुओं के भाव में कमजोरी देखने को मिली। वायदा बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट आई, हालांकि बाद में कुछ सुधार भी दर्ज किया गया।

बाजार में आई इस गिरावट को खरीदारी करने वालों के लिए एक बेहतर अवसर के रूप में देखा जा रहा है। खासकर वे लोग जो लंबे समय से सोना या चांदी खरीदने की योजना बना रहे थे, उनके लिए कीमतों में कमी राहत दे सकती है।

MCX पर सोने-चांदी का हाल

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर बुधवार सुबह कारोबार के दौरान अगस्त डिलीवरी वाले सोने में भारी गिरावट दर्ज की गई। शुरुआती एक घंटे में सोने का भाव करीब 2400 रुपये तक नीचे चला गया। बाद में इसमें कुछ रिकवरी देखने को मिली। वहीं चांदी के भाव में भी बड़ी गिरावट रही। जुलाई डिलीवरी वाली चांदी शुरुआती कारोबार में 4000 रुपये से अधिक तक गिर गई थी। हालांकि बाद में गिरावट कुछ कम हुई।

प्रमुख शहरों में सोने की कीमत

बुधवार सुबह के कारोबार के अनुसार देश के प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत करीब 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास रही। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े बाजारों में कीमतों में मामूली अंतर देखने को मिला।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दबाव

घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दोनों धातुओं के भाव में कमजोरी दर्ज की गई। डॉलर के मजबूत होने से सोने की मांग पर असर पड़ा है। जब डॉलर मजबूत होता है तो आमतौर पर सोने जैसी कमोडिटी की कीमतों पर दबाव बढ़ता है, क्योंकि अन्य देशों के खरीदारों के लिए यह महंगा हो जाता है।

क्यों गिर रहे हैं सोना-चांदी के भाव?

जानकारों के अनुसार, सोने और चांदी में गिरावट के पीछे कई कारण जिम्मेदार हैं। इनमें सबसे बड़ा कारण डॉलर की मजबूती को माना जा रहा है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी कीमतों को प्रभावित कर रही है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, राशन कार्ड धारकों के लिए आने वाला है नया अपडेट

नई दिल्ली। देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में आने वाले समय में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। केंद्र सरकार ने राशन व्यवस्था को और बेहतर बनाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून में संशोधन से जुड़ा एक प्रस्ताव तैयार किया है। इस प्रस्ताव में अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत मिलने वाले राशन के वितरण तरीके में बदलाव की बात कही गई है।

मौजूदा व्यवस्था में अंत्योदय अन्न योजना के पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलोग्राम अनाज दिया जाता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या को ध्यान में नहीं रखा जाता। अब सरकार ने राशन वितरण को व्यक्ति आधारित करने का प्रस्ताव रखा है। 

प्रति व्यक्ति मिलेगा राशन

प्रस्तावित बदलाव के अनुसार, पात्र परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 7 किलोग्राम अनाज देने की व्यवस्था की जा सकती है। हालांकि परिवार को मिलने वाले कुल राशन की सीमा 35 किलोग्राम तक ही रखने का प्रस्ताव है। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने से राशन वितरण में अधिक समानता आएगी। अभी छोटे और बड़े परिवारों में प्रति व्यक्ति मिलने वाले अनाज की मात्रा में अंतर देखने को मिलता है। नए नियम से परिवार के सदस्यों की संख्या के हिसाब से राशन तय हो सकेगा।

जरूरतमंद परिवारों को मिल सकता है लाभ

नई व्यवस्था का सबसे ज्यादा फायदा उन परिवारों को मिलने की उम्मीद है, जिनमें सदस्यों की संख्या अधिक है और जो खाद्य सुरक्षा योजना पर निर्भर हैं। सरकार का कहना है कि बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर पात्र व्यक्ति को उसकी जरूरत के अनुसार खाद्यान्न मिल सके। इसके साथ ही राशन वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है।

केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर जनता से मांगी गई राय

केंद्र सरकार ने इस प्रस्तावित संशोधन को लेकर आम लोगों, विशेषज्ञों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। लोग अपनी आपत्तियां और सुझाव तय समय सीमा के भीतर सरकार के सामने रख सकते हैं। मिले सुझावों के आधार पर प्रस्ताव में जरूरी बदलाव किए जा सकते हैं। इसके बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होने पर ही नए नियम लागू होंगे।

बिहार के कॉलेजों में प्रिंसिपल बनने के नियम बदले, अब नए मानदंड होंगे लागू

पटना। बिहार के अंगीभूत महाविद्यालयों में अब प्रधानाचार्य (प्रिंसिपल) बनने के लिए नए नियम लागू किए गए हैं। राज्यपाल सचिवालय की ओर से जारी निर्देश के अनुसार कॉलेजों में प्राचार्य की नियुक्ति विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के तय मानकों के आधार पर करनी होगी। नए नियमों के तहत उम्मीदवार के पास कम से कम 15 साल का शिक्षण अनुभव होना अनिवार्य किया गया है।

नई व्यवस्था में बिहार सरकार के आरक्षण नियमों का भी पूरी तरह पालन करना होगा। नियुक्ति प्रक्रिया में किसी भी तरह की लापरवाही सामने आने पर संबंधित कुलपतियों पर कार्रवाई की जा सकती है। इसके लिए राज्यपाल सचिवालय ने विश्वविद्यालयों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं।

आरोप वाले उम्मीदवारों को नहीं मिलेगा मौका

नए नियमों के अनुसार यदि किसी अभ्यर्थी पर गंभीर आरोप या कोई विवाद जुड़ा हुआ है तो उसे प्राचार्य पद के लिए नियुक्त नहीं किया जाएगा। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह व्यवस्था इसलिए की है ताकि कॉलेजों में जिम्मेदार और योग्य नेतृत्व की नियुक्ति हो सके।

पांच साल का होगा कार्यकाल

प्रधानाचार्य पद पर नियुक्ति की अवधि पांच साल की होगी। हालांकि, इस दौरान यदि किसी प्राचार्य पर गंभीर आरोप साबित होते हैं तो उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले भी पद से हटाया जा सकता है। वहीं, अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्राचार्यों को पांच साल का अतिरिक्त कार्यकाल दिया जा सकता है, जिसे सेवा विस्तार के रूप में दर्ज किया जाएगा।

चयन प्रक्रिया में साक्षात्कार

प्राचार्य पद के चयन के लिए साक्षात्कार को भी महत्वपूर्ण बनाया गया है। उम्मीदवारों के इंटरव्यू के लिए 20 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा चयन विश्वविद्यालय की तीन सदस्यीय समिति द्वारा किया जाएगा, जो योग्य उम्मीदवार का चयन करेगी।

अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष

नए नियमों के तहत प्राचार्य पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की अधिकतम उम्र सीमा 60 वर्ष रखी गई है। इससे पहले चयन प्रक्रिया में अलग-अलग स्तरों पर नियमों को लेकर असमंजस की स्थिति रहती थी, जिसे अब स्पष्ट करने की कोशिश की गई है।

बिहार में गिग वर्कर्स के लिए बड़ी खुशखबरी, शुरू हुई खास सुविधा

पटना। बिहार में डिलीवरी पार्टनर्स और अन्य गिग वर्कर्स के लिए राहत भरी पहल शुरू की गई है। राजधानी पटना में अब काम के बीच आराम करने के लिए उन्हें बेहतर सुविधा मिलेगी। भीषण गर्मी और लंबे समय तक सड़क पर रहने वाले कर्मियों को ध्यान में रखते हुए शहर में एसी लाउंज की शुरुआत की गई है।

गांधी मैदान गेट नंबर-4 और आयकर गोलंबर के पास बनाए गए इन लाउंज में गिग वर्कर्स को बैठने और आराम करने की सुविधा मिलेगी। नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने इन सुविधाओं का निरीक्षण किया और वहां मौजूद कर्मचारियों से बातचीत कर उनकी जरूरतों को समझा।

काम के दौरान मिलेगी आराम की सुविधा

डिलीवरी बॉय, बाइक राइडर्स और अन्य गिग वर्कर्स शहर की सेवाओं को लगातार चलाने में अहम भूमिका निभाते हैं। तेज धूप और गर्मी के बीच काम करने वाले इन कर्मचारियों को अब कुछ समय आराम करने के लिए सुरक्षित जगह मिल सकेगी। पहले कई कर्मियों को सड़क किनारे या खुले स्थानों पर इंतजार करना पड़ता था, लेकिन नई व्यवस्था से उन्हें काफी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

लाउंज में मिलेंगी ये सुविधाएं

पटना स्मार्ट सिटी लिमिटेड की ओर से तैयार किए गए इन दोनों लाउंज में कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यहां एसी की सुविधा के साथ पेयजल, मोबाइल चार्जिंग प्वाइंट, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था भी रखी गई है। एक बार में करीब 15 लोग यहां बैठ सकेंगे। वहीं, आधे घंटे के इस्तेमाल के लिए केवल दो रुपये का शुल्क तय किया गया है।

अन्य इलाकों में भी विस्तार

सरकार की योजना इस सुविधा को आगे बढ़ाने की भी है। आने वाले समय में शहर के दूसरे प्रमुख स्थानों पर भी ऐसे लाउंज बनाए जा सकते हैं, जिससे ज्यादा से ज्यादा गिग वर्कर्स को फायदा मिल सके। इसके अलावा जीविका दीदियों को भी इस पहल से जोड़ने की तैयारी है। उनके माध्यम से छाछ, आम पन्ना जैसे गर्मियों में राहत देने वाले पेय उपलब्ध कराने की योजना है।

बिहार के गांवों के लिए बड़ी खुशखबरी, CM सम्राट ने जारी किए अहम निर्देश

पटना।  बिहार सरकार ने गांवों के विकास को नई गति देने के लिए एक अहम फैसला लिया है। अब राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में हर महीने पंचायत विकास दिवस का आयोजन किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पंचायतों को विकास कार्यों का मजबूत केंद्र बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करना है।

इस पहल के तहत 28 जून को प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों में पंचायत विकास दिवस मनाया जाएगा। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री द्वारा मुंगेर जिले की एक चयनित ग्राम पंचायत से की जाएगी। इसके लिए मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

पंचायतों को मजबूत बनाने की पहल

सरकार का मानना है कि गांवों के विकास में ग्राम पंचायतों की भूमिका सबसे अहम है। पंचायत विकास दिवस के जरिए ग्रामीण स्तर पर विकास योजनाओं की समीक्षा, समस्याओं की पहचान और समाधान पर चर्चा की जाएगी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के विचार को आगे बढ़ाना और पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाना है।

ग्रामीणों से सीधा संवाद बढ़ेगा

पंचायत विकास दिवस के मौके पर पंचायत प्रतिनिधियों, ग्राम सभा के सदस्यों, महिलाओं, युवाओं और अन्य लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके माध्यम से गांव की जरूरतों और विकास से जुड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। इस पहल से आम लोगों को अपनी समस्याएं रखने और पंचायत स्तर पर विकास कार्यों में भागीदारी का मौका मिलेगा।

मंत्रियों और अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों और सचिवों को भी जिम्मेदारी दी है। उन्हें अपने-अपने जिलों की किसी एक पंचायत में पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल होने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान पंचायतों में चल रही योजनाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा और यह देखा जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक किस तरह पहुंच रहा है।

गुरुवार को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग: 4 राशियों पर बरसेगी खुशहाली, बनेंगे तरक्की के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 25 जून का दिन कई राशियों के लिए खास रहने वाला है। इस दिन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण नवपंचम राजयोग, शिव योग और लक्ष्मी नारायण योग जैसे शुभ योगों का निर्माण हो रहा है। माना जाता है कि इन शुभ संयोगों का असर लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। ग्रहों के इस मेल से कुछ राशियों को करियर, धन, व्यापार और पारिवारिक जीवन में अच्छे अवसर मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए ये शुभ योग लाभकारी साबित हो सकते हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के साथ धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। निवेश और नए कार्यों में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस समय भाग्य का साथ मिलने की उम्मीद है। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। समाज में सम्मान बढ़ सकता है और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह योग सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। नौकरी, व्यापार और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है।

यूपी सरकार का फैसला, 17 जिलों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में खेती को ज्यादा लाभकारी बनाने के लिए सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। अब प्रदेश में पपीते की खेती को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। इसके तहत 17 जिलों के किसानों को उन्नत किस्म के पपीते के पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसान कम खर्च में अच्छी पैदावार हासिल कर सकें।

सरकार का फोकस उन किसानों पर है, जो पारंपरिक खेती के साथ-साथ बागवानी फसलों से अपनी आमदनी बढ़ाना चाहते हैं। योजना के तहत दो हेक्टेयर तक जमीन में पपीते की खेती करने वाले पात्र किसानों को मुफ्त पौधे दिए जाएंगे।

इन किसानों को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना में बाराबंकी सहित प्रदेश के 17 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें लखनऊ, बहराइच, गोंडा, हरदोई, अमेठी, बस्ती, वाराणसी, जौनपुर, मेरठ और कौशांबी जैसे जिले शामिल हैं। किसानों को ऐसी किस्मों के पौधे मिलेंगे, जिनसे बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। इनमें ताइवान रेड लेडी-786, पूसा नन्हा और कोर्ग हनीड्यू जैसी किस्में शामिल हैं।

पपीते की खेती से बढ़ सकती है कमाई

पपीता कम समय में तैयार होने वाली फसल है, इसलिए इसे किसानों के लिए फायदे वाली नकदी फसल माना जाता है। बाजार में इसकी मांग होने के कारण किसान इससे अतिरिक्त आमदनी कमा सकते हैं। कई किसान पहले से पपीते की खेती करके अच्छा लाभ ले रहे हैं। अगर मौसम और देखभाल सही रहे तो यह फसल किसानों की आय बढ़ाने में मददगार साबित हो सकती है।

जुलाई से शुरू होगा अभियान

योजना के तहत जुलाई महीने से पौधरोपण शुरू करने की तैयारी है। सरकार का उद्देश्य है कि ज्यादा से ज्यादा किसान पपीते की खेती अपनाएं और प्रदेश में फल उत्पादन को बढ़ावा मिले।

यूपी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, डेयरी शुरू करने पर सरकार देगी लाखों की मदद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने किसानों और पशुपालकों के लिए एक नई पहल शुरू की है। मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के जरिए उन लोगों को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जो गाय पालन के साथ डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं। इस योजना से ग्रामीण इलाकों में रोजगार बढ़ाने और पशुपालकों की कमाई मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस योजना के तहत 10 गायों की डेयरी यूनिट लगाने वाले लाभार्थियों को सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाएगी। डेयरी यूनिट स्थापित करने में आने वाले खर्च का 50 फीसदी तक हिस्सा सरकार वहन करेगी। हालांकि, सहायता राशि की अधिकतम सीमा 11.80 लाख रुपये तय की गई है।

अच्छी नस्ल की गायों को मिलेगा बढ़ावा

सरकार इस योजना में देशी और बेहतर उत्पादन देने वाली गायों के पालन को प्रोत्साहित कर रही है। इसके लिए गिर, साहीवाल और थारपारकर जैसी नस्लों को शामिल किया गया है। इन नस्लों की गायें दूध उत्पादन के साथ-साथ मजबूत स्वास्थ्य के लिए भी पहचानी जाती हैं।

ग्रामीणों के लिए रोजगार का अवसर

डेयरी व्यवसाय को आमदनी का बेहतर जरिया बनाने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। इससे किसान खेती के साथ अतिरिक्त कमाई कर सकेंगे। वहीं, गांवों में छोटे स्तर पर डेयरी यूनिट लगाकर रोजगार के नए अवसर भी बनेंगे।

महिलाओं को प्राथमिकता

योजना में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। कुल चयनित लाभार्थियों में 50 प्रतिशत महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे ग्रामीण महिलाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने का मौका मिलेगा।

ऐसे करें आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक लोग 21 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 22 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट nandbabadugdhmission.up.gov.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन से पहले जरूरी दस्तावेज तैयार रखना होगा, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए। 

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग ने तेज किया काम

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। आयोग ने वेतन और भत्तों में संभावित बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अब सरकारी विभागों से जरूरी आंकड़े जुटाने शुरू कर दिए हैं। इन आंकड़ों के आधार पर ही आने वाले समय में नए वेतन ढांचे को तैयार करने का काम किया जाएगा।

विभागों से मांगा गया कर्मचारियों का पूरा डेटा

8वें वेतन आयोग ने केंद्रीय मंत्रालयों, विभागों और सरकारी संस्थानों से कर्मचारियों से जुड़ी जानकारी मांगी है। इसके लिए एक ऑनलाइन व्यवस्था तैयार की गई है, जिसके जरिए विभागों को तय समय सीमा के अंदर डेटा उपलब्ध कराना होगा। इस जानकारी में कर्मचारियों की संख्या, खाली पद, वेतन खर्च, भत्तों पर होने वाला खर्च और पेंशन से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं।

30 जून तक डेटा जमा करने का निर्देश

आयोग ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून तक जरूरी जानकारी ऑनलाइन माध्यम से उपलब्ध करा दें। डिजिटल प्रक्रिया अपनाने का उद्देश्य डेटा को जल्दी और व्यवस्थित तरीके से इकट्ठा करना है, ताकि आगे की कार्रवाई में देरी न हो।

सैलरी का आधार बनेगा यह आंकड़ा

कर्मचारी संगठनों की ओर से लंबे समय से वेतन बढ़ोतरी, फिटमेंट फैक्टर में बदलाव और भत्तों में सुधार जैसी मांगें उठाई जा रही हैं। हालांकि अंतिम फैसला लेने से पहले सरकार को यह देखना होगा कि इन बदलावों से सरकारी खजाने पर कितना प्रभाव पड़ेगा। इसी वजह से आयोग के लिए कर्मचारियों और विभागों का वास्तविक डेटा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पेंशन और भविष्य की पर नजर

आयोग सिर्फ मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी पर ही नहीं, बल्कि पेंशन व्यवस्था और आने वाले खर्चों का भी आकलन करेगा। कितने कर्मचारी आने वाले वर्षों में रिटायर होंगे और पेंशन पर कितना अतिरिक्त भार पड़ेगा, इसका अनुमान भी तैयार किया जाएगा।

तीन चरणों मे आगे बढ़ रहा है काम

आयोग ने गठन के बाद अपनी प्रक्रिया को कई चरणों में आगे बढ़ाया है। पहले कर्मचारियों, आम लोगों और अन्य पक्षों से सुझाव लिए गए। इसके बाद कर्मचारी संगठनों से मांगों और प्रस्तावों पर जानकारी ली गई। अब सरकारी विभागों से वास्तविक आंकड़े जुटाने का काम चल रहा है।

बिहार के ग्रामीणों के लिए बड़ा अपडेट, गांवों में शुरू हो सकता है नया टैक्स सिस्टम

पटना। बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों में आने वाले समय में टैक्स को लेकर नई व्यवस्था लागू हो सकती है। पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से पंचायती राज विभाग ने एक प्रस्ताव तैयार किया है। इसके तहत गांवों में रहने वाले लोगों से कुछ सेवाओं के बदले शुल्क लेने की योजना बनाई गई है। हालांकि यह व्यवस्था अभी प्रस्ताव के स्तर पर है और इसे लागू करने के लिए राज्य सरकार की मंजूरी जरूरी होगी।

गांवों में भी देना पड़ सकता है होल्डिंग टैक्स

अब तक होल्डिंग टैक्स जैसी व्यवस्था मुख्य रूप से नगर निकायों में देखने को मिलती थी। नए प्रस्ताव के बाद पंचायत क्षेत्रों में भी घरों और भवनों पर टैक्स लगाया जा सकता है। मकान का आकार, उसका उपयोग और स्थान जैसे आधारों पर टैक्स तय किए जाने की संभावना है। घर और दुकान के लिए अलग-अलग नियम बनाए जा सकते हैं। बाजार या मुख्य सड़क से जुड़े व्यावसायिक भवनों पर ज्यादा शुल्क लग सकता है, जबकि सामान्य घरों के लिए अलग दर रखी जा सकती है।

पानी और सफाई सेवाओं के लिए लिया शुल्क

गांवों में सफाई व्यवस्था और पेयजल सुविधा को बेहतर बनाने के लिए पंचायतें शुल्क ले सकती हैं। सरकार का मानना है कि अगर पंचायतों के पास अपनी आय होगी तो स्थानीय स्तर पर काम तेजी से किए जा सकेंगे।

विज्ञापन लगाने वालों से भी वसूली की तैयारी

पंचायत क्षेत्र में बैनर, पोस्टर या होर्डिंग लगाने पर भी शुल्क लगाने का प्रस्ताव है। इससे पंचायतों को अतिरिक्त आमदनी मिल सकेगी और इस राशि का इस्तेमाल विकास कार्यों में किया जा सकेगा।

पंचायतों की आय बढ़ाने पर जोर

पंचायतों को मजबूत बनाने के लिए सरकार लगातार स्थानीय स्तर पर कमाई के साधन बढ़ाने पर ध्यान दे रही है। अभी कई योजनाओं के लिए पंचायतें सरकारी फंड पर निर्भर रहती हैं। नई व्यवस्था से पंचायतों को अपने खर्च और विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन मिल सकेंगे।

गरीब परिवारों को राहत

नई व्यवस्था में गरीब परिवारों को राहत देने की भी तैयारी है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने मकानों के टैक्स का भार लाभुकों पर नहीं डालने का प्रावधान प्रस्ताव में रखा गया है। अगर यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो बिहार के गांवों में पंचायतों की भूमिका और मजबूत हो सकती है। हालांकि टैक्स की दर, नियम और लागू होने की तारीख सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगी।

भारतीय वायु सेना में बंपर भर्ती, 10वीं पास के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। भारतीय वायु सेना (IAF) में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। वायु सेना ने मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के तहत कुल 6 पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 10वीं पास होना जरूरी है।

भर्ती से जुड़ी जरूरी जानकारी

भर्ती संगठन: भारतीय वायु सेना (Indian Air Force)

पद का नाम: मल्टी-टास्किंग स्टाफ (MTS)

कुल पद: 6

विज्ञापन संख्या: 02/2026

नौकरी का स्थान: मुख्यालय रखरखाव कमान, भारतीय वायु सेना, बेंगलुरु। 

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं कक्षा (मैट्रिक) या इसके समकक्ष परीक्षा पास होने की योग्यता होनी चाहिए। यानी ऐसे युवा जिन्होंने सिर्फ 10वीं तक पढ़ाई की है, वे भी इस सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

उम्र सीमा कितनी होगी?

आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की न्यूनतम उम्र 18 वर्ष और अधिकतम उम्र 25 वर्ष तय की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट दी जा सकती है।

वेतन कितना मिलेगा?

चयनित उम्मीदवारों को सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) के पे मैट्रिक्स लेवल-1 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार के नियमों के तहत अन्य सुविधाएं और भत्ते भी मिल सकते हैं।

आवेदन कैसे करना होगा?

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन माध्यम से होगी। उम्मीदवारों को आवेदन फॉर्म भरकर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ डाक के जरिए भेजना होगा। आवेदन भेजने से पहले उम्मीदवारों को भर्ती नोटिफिकेशन में दिए गए सभी निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

आवेदन की आखिरी तारीख

भर्ती के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 27 जुलाई 2026 तय की गई है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और समय पर आवेदन भेज दें।

8वें वेतन आयोग से बड़ी अपडेट, कर्मचारियों ने रखीं वेतन और भत्ते बढ़ाने की मांग

लखनऊ। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी प्रक्रिया तेज हो गई है। आयोग की टीम कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ लगातार बैठक कर रही है। इन बैठकों में कर्मचारियों ने वेतन, पेंशन, भत्ते और सेवा शर्तों में सुधार को लेकर कई सुझाव दिए हैं।

फिटमेंट फैक्टर 3.93 करने की मांग

बैठक में कर्मचारियों की ओर से फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर 3.93 किए जाने का सुझाव दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव आ सकता है और इसका असर पूरे वेतन ढांचे पर पड़ेगा। इसके साथ ही कुछ संगठनों ने अवर अभियंताओं के लिए न्यूनतम वेतन करीब 1.39 लाख रुपये तय करने की मांग भी रखी।

वेतन स्तरों को मिलाने का सुझाव

कर्मचारी संगठनों ने वेतन मैट्रिक्स में बदलाव की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा पे-लेवल 6, 7 और 8 को एक साथ मर्ज किया जाए। इसके अलावा पे-लेवल 9 और 10 को भी एक करने का सुझाव दिया गया। संगठनों का तर्क है कि इससे कर्मचारियों के बीच वेतन असमानता कम होगी और प्रमोशन व्यवस्था को बेहतर बनाया जा सकेगा।

HRA और अन्य भत्तों में बढ़ोतरी की मांग

कर्मचारियों ने मकान किराया भत्ता (HRA) में भी संशोधन की मांग की है। प्रस्ताव के अनुसार शहरों की श्रेणी के हिसाब से HRA को 45%, 40% और 35% तक करने का सुझाव दिया गया है। इसके अलावा अतिरिक्त योग्यता रखने वाले कर्मचारियों के लिए 10 प्रतिशत विशेष भत्ता देने की मांग भी रखी गई।

LTC और प्रमोशन को लेकर भी सुझाव

संगठनों ने LTC सुविधा में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत हर 4 साल में एक बार देश के अंदर यात्रा और पूरी सेवा अवधि में 2 बार विदेश यात्रा की सुविधा देने की मांग की गई। इसके अलावा कर्मचारियों ने सेवा अवधि के आधार पर 6, 12, 18, 24 और 30 साल पूरे होने पर अतिरिक्त प्रमोशन लाभ देने का सुझाव भी दिया।

छुट्टियों और अवकाश नियमों में बदलाव

कर्मचारी संगठनों ने छुट्टियों को लेकर भी कई सुझाव दिए हैं। इनमें आकस्मिक अवकाश को बढ़ाकर 15 दिन करना, अर्जित अवकाश की सीमा 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन करना, मातृत्व अवकाश 240 दिन करना, पितृत्व अवकाश 45 दिन देना जैसी मांगें शामिल हैं।

घर और वाहन के लिए ज्यादा एडवांस की मांग

बैठक में कर्मचारियों ने घर बनाने के लिए मिलने वाली अग्रिम राशि बढ़ाने का सुझाव दिया। मांग की गई कि गृह निर्माण अग्रिम की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर 2 करोड़ रुपये किया जाए। वहीं वाहन खरीदने के लिए मिलने वाली अग्रिम राशि को बढ़ाकर 15 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया गया।

सालाना वेतन वृद्धि 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

कर्मचारियों ने वार्षिक वेतन वृद्धि में भी बदलाव की मांग रखी है। वर्तमान में मिलने वाली करीब 3 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि को बढ़ाकर 6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव दिया गया है। संगठनों के अनुसार इससे लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों को आर्थिक फायदा मिलेगा।

बच्चों की पढ़ाई और परिवार को आर्थिक सुरक्षा की मांग

कर्मचारियों ने बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए हर महीने 10 हजार रुपये सहायता देने का सुझाव दिया है। साथ ही ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता की सीमा बढ़ाने की मांग भी की गई है।

गजकेसरी और गजलक्ष्मी योग, 5 राशियों को मिल सकती है धन और सफलता

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार आज ग्रहों की विशेष स्थिति से गजकेसरी योग और गजलक्ष्मी योग का संयोग बन रहा है। इन शुभ योगों को धन, सम्मान, तरक्की और भाग्य में वृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि ऐसे योगों के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने, करियर में आगे बढ़ने और नई उपलब्धियां मिलने के अवसर बन सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में योजनाबद्ध तरीके से काम करने से फायदा हो सकता है। परिवार में भी सहयोग और सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन नए अवसर लेकर आ सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को कोई अच्छा सौदा मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों के लिए काम की सराहना होने के योग बन सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होने से राहत मिलेगी। धन संबंधी मामलों में सावधानी के साथ लिए गए फैसले लाभदायक साबित हो सकते हैं।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह योग शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। निवेश या धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना फायदेमंद रहेगा। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। परिवार और रिश्तों में भी मजबूती आने की संभावना है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता की प्रशंसा हो सकती है। व्यापार में नए संपर्क फायदा पहुंचा सकते हैं। धन लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। आत्मविश्वास के साथ किए गए प्रयास सफलता दिला सकते हैं।

5. तुला राशि

तुला राशि के जातकों को आज भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक मामलों में सुधार हो सकता है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने के भी योग बन रहे हैं।

पुरुषों में विटामिन D की कमी से हो सकती हैं ये 5 समस्याएं, शरीर को ऐसे पहुंचता है नुकसान

हेल्थ डेस्क। विटामिन D शरीर के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्वों में से एक है। यह सिर्फ हड्डियों को मजबूत रखने में ही मदद नहीं करता, बल्कि मांसपेशियों, इम्यून सिस्टम और शरीर के कई महत्वपूर्ण कार्यों के लिए भी जरूरी माना जाता है। पुरुषों में इसकी कमी होने पर कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं सामने आ सकती हैं।

आजकल बदलती जीवनशैली, कम धूप में रहना और खानपान की कमी के कारण कई लोगों में विटामिन D की कमी देखी जा रही है। आइए जानते हैं इसकी कमी से पुरुषों को कौन-कौन सी परेशानियां हो सकती हैं।

1. हड्डियों में कमजोरी और दर्द

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है। इसकी कमी होने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और कमर, घुटनों या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द की समस्या बढ़ सकती है।

2. ज्यादा थकान और कमजोरी

अगर शरीर में विटामिन D का स्तर कम है तो बिना ज्यादा काम किए भी थकान महसूस हो सकती है। ऊर्जा की कमी और कमजोरी जैसी समस्याएं भी परेशान कर सकती हैं।

3. मांसपेशियों में दर्द और कमजोरी

विटामिन D मांसपेशियों के सही कामकाज के लिए भी जरूरी होता है। इसकी कमी से मांसपेशियों में दर्द, खिंचाव या कमजोरी महसूस हो सकती है।

4. रोग प्रतिरोधक क्षमता पर असर

विटामिन D शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत रखने में भूमिका निभाता है। कमी होने पर शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर पड़ सकता है और बार-बार बीमार पड़ने की समस्या हो सकती है।

5. मूड और मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव

कुछ लोगों में विटामिन D की कमी का असर मूड पर भी पड़ सकता है। चिड़चिड़ापन, तनाव या उदासी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं।

कैसे पूरी करें विटामिन D की कमी?

विटामिन D का सबसे अच्छा प्राकृतिक स्रोत धूप को माना जाता है। सुबह की हल्की धूप लेना, संतुलित आहार लेना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट लेना मददगार हो सकता है। 

श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा

नई दिल्ली। दिल्ली के निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के लिए सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। दिल्ली सरकार ने पंजीकृत निर्माण श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए ‘दिल्ली भवन एवं निर्माण श्रमिक स्वास्थ्य योजना’ को मंजूरी दे दी है। 

इस योजना के तहत श्रमिकों और उनके परिवारों को इलाज के खर्च की चिंता से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस योजना को मंजूरी मिली। सरकार का लक्ष्य है कि आर्थिक रूप से कमजोर श्रमिक परिवारों को समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

परिवार को मिलेगा 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर

इस योजना का लाभ दिल्ली के करीब 2.7 लाख पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों को मिलेगा। इसके तहत एक साल में परिवार को अधिकतम 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज कवर दिया जाएगा। योजना से श्रमिकों के साथ-साथ उनके पति या पत्नी, बच्चों और माता-पिता को भी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा। सरकार इस योजना के संचालन पर हर साल लगभग 200 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

श्रमिक को व्यक्तिगत इलाज के लिए 2 लाख तक सुविधा

योजना के अनुसार, प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को सूचीबद्ध अस्पतालों में 2 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। वहीं परिवार के सभी सदस्यों के लिए इलाज की कुल सीमा 10 लाख रुपये तक रखी गई है। सबसे खास बात यह है कि इलाज के लिए भुगतान की प्रक्रिया कैशलेस होगी, जिससे श्रमिकों को अस्पताल में तुरंत इलाज कराने में आसानी होगी।

काम के दौरान होने वाली बीमारियों से मिलेगी सुरक्षा

निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर अक्सर धूल, रसायन, तेज आवाज और भारी मशीनों के संपर्क में रहते हैं। इससे कई बार सांस संबंधी बीमारी, सिलिकोसिस और त्वचा से जुड़ी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। सरकार का कहना है कि यह योजना श्रमिकों को ऐसी स्वास्थ्य चुनौतियों से बचाने और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुरक्षा देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

निर्माण स्थलों तक पहुंचेगी स्वास्थ्य सुविधा

सरकार निर्माण स्थलों और श्रमिकों की अधिक संख्या वाले क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट तैनात करने की योजना बना रही है। इससे श्रमिकों को उनके आसपास ही प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी। योजना को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड और लाभार्थियों की निगरानी के लिए आधुनिक सिस्टम भी तैयार किया जाएगा।

मिलेगी कई तरह की स्वास्थ्य सेवाएं

इस योजना में सिर्फ इलाज ही नहीं बल्कि कई स्वास्थ्य सुविधाओं को शामिल किया गया है। लाभार्थियों को ओपीडी, भर्ती होकर इलाज, जांच और लैब टेस्ट, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और जरूरत पड़ने पर रेफरल सुविधा भी मिलेगी। इसके अलावा श्रमिकों और उनके जीवनसाथी के लिए साल में एक बार स्वास्थ्य जांच की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

युवाओं के लिए खुशखबरी, यूपी में शुरू होने जा रही 1 बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) जल्द ही सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (PCS) 2026 के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। इस भर्ती को लेकर प्रतियोगी छात्रों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।

जानकारी के अनुसार इस बार PCS भर्ती के लिए करीब 750 पदों का प्रस्ताव मिला है। आयोग की ओर से भर्ती विज्ञापन जारी करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में बताई जा रही है। आवेदन शुरू होते ही उम्मीदवार आयोग की वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन फॉर्म भर सकेंगे।

PCS भर्ती में बड़ा अवसर

UPPSC PCS परीक्षा उत्तर प्रदेश की सबसे प्रतिष्ठित सरकारी भर्तियों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल होते हैं। इस बार शुरुआत में ही पदों की संख्या काफी अधिक होने से युवाओं के लिए चयन का बेहतर मौका माना जा रहा है। पिछले वर्षों में भी ऐसा देखा गया है कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के दौरान पदों की संख्या में बदलाव हुआ है। इसलिए उम्मीदवारों की नजर इस बार की अधिसूचना पर बनी हुई है।

कंप्यूटर असिस्टेंट भर्ती भी आगे बढ़ी

UPPSC ने कंप्यूटर असिस्टेंट भर्ती की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया है। प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवारों को अब हिंदी टाइपिंग टेस्ट में शामिल होना होगा। इस भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों को अगले चरण के लिए जरूरी दस्तावेज और आवेदन प्रक्रिया समय पर पूरी करनी होगी।

पॉलीटेक्निक प्रधानाचार्य पदों पर भी भर्ती

उत्तर प्रदेश के पॉलीटेक्निक कॉलेजों में प्रधानाचार्य के पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। इसके तहत उम्मीदवारों से आगे की प्रक्रिया के लिए आवेदन मांगे गए हैं। जो अभ्यर्थी पहले चरण की परीक्षा में शामिल हुए थे, उन्हें निर्धारित समय सीमा के अंदर जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे।

LT ग्रेड कंप्यूटर शिक्षक भर्ती में भी तेजी

राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में एलटी ग्रेड सहायक अध्यापक भर्ती के तहत कंप्यूटर विषय की मुख्य परीक्षा की तैयारी भी शुरू हो गई है। इस भर्ती में कंप्यूटर विषय के लिए बड़ी संख्या में पद निर्धारित हैं। प्रारंभिक परीक्षा में सफल उम्मीदवार अब मुख्य परीक्षा की प्रक्रिया में शामिल होंगे।

UPSC Recruitment 2026: 538 सरकारी पदों पर निकली भर्ती, जानें आवेदन प्रक्रिया और जरूरी जानकारी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने बड़ा मौका दिया है। आयोग ने वर्ष 2026 के लिए भर्ती का नया नोटिफिकेशन जारी किया है, जिसके तहत केंद्र सरकार के अलग-अलग मंत्रालयों और विभागों में 538 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी।

30 से ज्यादा मंत्रालयों में होंगी नियुक्तियां

इस भर्ती अभियान के जरिए केंद्र सरकार के 30 से अधिक मंत्रालयों और विभागों में रिक्त पदों को भरा जाएगा। इसमें अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े पद शामिल हैं, जिनमें नागरिक उड्डयन, रक्षा, कृषि, कानून, शिक्षा, खनन और फॉरेंसिक साइंस जैसे विभाग प्रमुख हैं। उम्मीदवारों को पद के अनुसार योग्यता, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करना होगा।

आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन

UPSC ने आवेदन के लिए ऑनलाइन रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन (ORA) पोर्टल शुरू किया है। उम्मीदवारों को आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन फॉर्म भरना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य जरूरी जानकारी सही तरीके से दर्ज करनी होगी।

पद के हिसाब से अलग होगी योग्यता

इस भर्ती में शामिल अलग-अलग पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग रखी गई हैं। कुछ पदों के लिए संबंधित विषय में डिग्री जरूरी हो सकती है, जबकि कुछ पदों पर अनुभव को प्राथमिकता दी जाएगी। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

वेतन और करियर का अच्छा अवसर

UPSC के माध्यम से मिलने वाली नौकरियां केंद्र सरकार के प्रतिष्ठित पदों में शामिल होती हैं। चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार वेतनमान और सरकारी सुविधाएं दी जाएंगी।

यूपी में गाय पालकों को खुशखबरी, सरकार देगी ₹80,000 की सब्सिडी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुपालन और दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने गौपालकों के लिए खास योजना शुरू की है। स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जा रही है।

आपको बता दें की इस योजना के जरिए पात्र पशुपालकों को डेयरी शुरू करने में मदद मिलेगी। सरकार की ओर से परियोजना लागत का 40 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है। इसमें अधिकतम 80 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।

इन नस्लों की गायों पर मिलेगा लाभ

योजना के तहत उन्नत स्वदेशी नस्ल की गायों को शामिल किया गया है। इसमें गिर, साहीवाल, थारपारकर और हरियाणा नस्ल की गायों की खरीद पर अनुदान दिया जाएगा। हालांकि योजना का लाभ लेने के लिए खरीदी जाने वाली गाय पहली या दूसरी बार ब्याने वाली होनी चाहिए। इससे बेहतर दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने की कोशिश की जा रही है।

महिलाओं को दी जाएगी प्राथमिकता

सरकार ने इस योजना में महिला दुग्ध उत्पादकों और महिला गौपालकों के लिए विशेष व्यवस्था की है। कुल लक्ष्य का 50 प्रतिशत हिस्सा महिलाओं के लिए आरक्षित रखा गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं को पशुपालन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है।

प्रदेश के 75 जिलों में लागू है योजना

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना पूरे उत्तर प्रदेश में लागू की गई है। राज्य के सभी 75 जिलों के इच्छुक पशुपालक इसका लाभ ले सकते हैं। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पात्र लोग निर्धारित समय सीमा के अंदर आवेदन कर सकते हैं।

कैसे मिलेगा योजना का लाभ?

योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक गौपालकों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया और जरूरी नियमों की जानकारी नंद बाबा दुग्ध मिशन के पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। पशुपालक किसी भी जानकारी के लिए अपने जिले के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी या संबंधित विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

बिहार में शिक्षकों के लिए नई ट्रांसफर नीति, 30 ऑप्शन मिलेंगे!

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों के लिए जल्द ही नई ट्रांसफर नीति लागू हो सकती है। लंबे समय से तबादले का इंतजार कर रहे शिक्षकों को इस नई व्यवस्था से राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के स्थानांतरण को लेकर नई नीति तैयार कर ली है, जिसे अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है।

नई नीति में तबादले की प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की तैयारी है। इसके तहत शिक्षकों को अपनी पसंद के स्कूलों के 30 विकल्प देने का मौका मिलेगा। इसके बाद उपलब्ध पद और नियमों के आधार पर शिक्षकों की नई तैनाती की जाएगी।

पहली बार मेरिट को मिलेगा महत्व

नई ट्रांसफर नीति की खास बात यह है कि इसमें मेरिट को भी आधार बनाया जाएगा। अगर किसी स्कूल में तय संख्या से ज्यादा शिक्षक पदस्थापित हैं तो प्राथमिकता तय करने में योग्यता और मेरिट को ध्यान में रखा जा सकता है। इसके अलावा जिन शिक्षकों की सेवा अवधि ज्यादा है, उन्हें भी तबादले में प्राथमिकता मिलने की संभावना है।

बीमार शिक्षकों को मिलेगी राहत

नीति में गंभीर रूप से बीमार शिक्षकों के लिए भी विशेष प्रावधान रखा गया है। ऐसे शिक्षकों को उनकी परेशानी को देखते हुए घर के नजदीक तैनाती का अवसर दिया जा सकता है। सरकार का उद्देश्य है कि शिक्षक तनावमुक्त होकर अपनी जिम्मेदारी निभाएं और स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर हो।

जुलाई तक पूरी हो सकती है प्रक्रिया

सरकार की योजना है कि नई नीति लागू होने के बाद जुलाई महीने में ही शिक्षकों के तबादले की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए, ताकि नए शैक्षणिक सत्र में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। शिक्षा विभाग ने पहले ही स्कूलों में शिक्षकों की जरूरत और विषयवार पदों की संख्या तय करने का काम शुरू कर दिया है। अब इसी व्यवस्था के आधार पर तबादलों की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

स्कूलों में शिक्षकों की संख्या होगी संतुलित

नई व्यवस्था के पीछे सरकार का मकसद यह भी है कि किसी स्कूल में जरूरत से ज्यादा शिक्षक न हों और किसी जगह शिक्षकों की कमी न रहे। बच्चों की संख्या और विषयों की जरूरत के हिसाब से शिक्षकों का बेहतर प्रबंधन किया जाएगा। नई नीति लागू होने के बाद शिक्षकों को अपनी पसंद की जगह पाने का मौका मिलेगा, वहीं सरकार को स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को बेहतर तरीके से व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।

सीएम सम्राट का बड़ा निर्देश, 25 लाख युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलने की दिशा में सरकार ने बड़ा प्लान तैयार किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया है कि युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए बड़े स्तर पर काम किया जाए। सरकार का लक्ष्य है कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के जरिए 25 लाख युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ा जाए।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आज के समय में सिर्फ डिग्री नहीं, बल्कि बेहतर कौशल भी जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की मांग और बाजार की जरूरतों के हिसाब से तैयार करने पर जोर दिया गया है।

रोजगार से जोड़ने की बड़ी तैयारी

राज्य के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग को रोजगार बढ़ाने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत बड़ी संख्या में लोगों को नौकरी और स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने की योजना बनाई जा रही है। प्रवासी बिहारियों और कंपनियों की जरूरतों को देखते हुए प्रशिक्षण की नई योजनाएं तैयार करने पर भी चर्चा हुई।

शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि बेहतर शिक्षा व्यवस्था के लिए शिक्षकों और प्रशासनिक पदों पर नियुक्तियां जरूरी हैं।

बिहार के इन छात्रों के लिए भी नई पहल

पिछड़ा और अति-पिछड़ा वर्ग के छात्रों को आगे बढ़ाने के लिए भी कई कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राओं को मेडिकल और इंजीनियरिंग जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद देने की योजना बनाई जा रही है। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्रों और बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करने वाले बिहार के युवाओं को सम्मानित करने पर भी जोर दिया गया।

बुध का कर्क राशि में गोचर: 5 राशि वालों को धन और सफलता के योग

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, तर्क क्षमता, शिक्षा, व्यापार और संचार का कारक माना जाता है। माना जाता है कि जब बुध की स्थिति मजबूत होती है तो व्यक्ति अपने फैसले बेहतर तरीके से लेता है और कार्यक्षेत्र में सफलता पाने के अवसर बढ़ते हैं।

ज्योतिषीय गणना के अनुसार बुध ग्रह ने 22 जून को दोपहर 3 बजकर 41 मिनट पर कर्क राशि में प्रवेश किया है। बुध का यह गोचर कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। इस दौरान कुछ जातकों को करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और रिश्तों में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं।

मिथुन राशि

बुध का गोचर मिथुन राशि वालों के लिए शुभ साबित हो सकता है। इस दौरान कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। बातचीत और अपनी योजनाओं को सही तरीके से पेश करने की क्षमता से सफलता मिलने के योग बन सकते हैं।

कर्क राशि:

बुध का गोचर कर्क राशि में ही हुआ है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा रहा है। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं और नई योजनाओं पर काम करने का अच्छा समय रहेगा।

तुला राशि:

तुला राशि वालों के लिए बुध का यह परिवर्तन लाभकारी रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और समझदारी की सराहना हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

मीन राशि:

मीन राशि के जातकों के लिए बुध गोचर शुभ समाचार ला सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नौकरी करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं और व्यापार में योजनाएं सफल होने की संभावना बन सकती है।

कन्या राशि:

कन्या राशि के स्वामी बुध ही हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के लोगों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। पढ़ाई, प्रतियोगिता और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम आने की संभावना है।

यूपी में विशेष अभियान शुरू, छोटे कारोबारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबार से जुड़े लोगों को आर्थिक मदद पहुंचाने के लिए सरकार ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत विशेष अभियान की रफ्तार बढ़ा दी है। इस अभियान का उद्देश्य ऐसे सभी पात्र लोगों की पहचान करना है, जो योजना का लाभ लेने से अभी तक वंचित हैं।

सरकार की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा छोटे व्यापारियों को योजना से जोड़ा जाए और उन्हें अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक सहायता मिल सके। इसके लिए ग्राम्य विकास विभाग ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को सक्रिय होकर लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

पात्र लाभार्थियों की होगी पहचान

पीएम स्वनिधि योजना के तहत लाभ देने के लिए पात्र रेहड़ी-पटरी कारोबारियों की सूची तैयार की जा रही है। इसके लिए सेंसस टाउन रिपोर्ट और ग्राम्य विकास विभाग की ओर से तैयार आंकड़ों का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें योजना की जानकारी दी जाए और आवेदन प्रक्रिया को समय पर पूरा कराया जाए।

इन जिलों में बढ़ाई गई निगरानी

अभियान को गति देने के लिए मेरठ, मुरादाबाद, पीलीभीत, प्रयागराज, सहारनपुर, वाराणसी, सीतापुर, आगरा, अलीगढ़, अमेठी, आजमगढ़, बरेली, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर नगर और सुलतानपुर समेत कई जिलों में अधिकारियों को लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।

30 जून तक चलेगा विशेष अभियान

सरकार की ओर से यह विशेष अभियान 1 जून से 30 जून तक चलाया जा रहा है। इसके तहत योजना के दायरे में आने वाले सभी संभावित लाभार्थियों की पहचान, उनसे संपर्क और जरूरी प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि कुछ जिलों में अभियान की प्रगति धीमी बताई जा रही है। इसे देखते हुए ग्राम्य विकास आयुक्त ने कई जिलों के मुख्य विकास अधिकारियों को पत्र भेजकर काम में तेजी लाने को कहा है।

छोटे कारोबारियों को मिलेगा फायदा

पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को कारोबार बढ़ाने के लिए आसान ऋण सुविधा उपलब्ध कराना है। योजना के जरिए रेहड़ी-पटरी लगाने वाले लोग अपने काम में निवेश कर सकते हैं और आर्थिक रूप से मजबूत बन सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी: फ्री राशन को लेकर 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में करोड़ों परिवारों के लिए मुफ्त राशन योजना रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। ऐसे में राशन वितरण से जुड़े नियमों में होने वाला कोई भी बदलाव सीधे तौर पर लोगों की जरूरतों को प्रभावित करता है। इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इस नए प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य अंत्योदय अन्न योजना (AAY) के तहत राशन वितरण को ज्यादा संतुलित बनाना है।

अभी कैसे मिलता है राशन?

फिलहाल अंत्योदय अन्न योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 35 किलो अनाज दिया जाता है। इसमें परिवार के सदस्यों की संख्या को आधार नहीं बनाया जाता। यानी किसी परिवार में कम सदस्य हों या ज्यादा, दोनों को तय मात्रा में ही राशन मिलता है। यही व्यवस्था कई बार बड़े परिवारों के लिए परेशानी का कारण बनती है। छोटे परिवारों में प्रति व्यक्ति ज्यादा अनाज पहुंच जाता है, जबकि ज्यादा सदस्यों वाले परिवारों में अनाज का हिस्सा कम पड़ सकता है।

नए प्रस्ताव में क्या बदलाव होगा?

केंद्र सरकार के ड्राफ्ट प्रस्ताव में AAY परिवारों के लिए व्यक्ति आधारित राशन व्यवस्था लाने की बात कही गई है। इसके तहत परिवार के प्रत्येक सदस्य को हर महीने 7 किलो अनाज देने का सुझाव रखा गया है। सरकार का मानना है कि इस बदलाव से राशन वितरण में बराबरी आएगी और बड़े परिवारों को उनकी जरूरत के हिसाब से ज्यादा उचित लाभ मिल सकेगा।

35 किलो की अधिकतम सीमा रहेगी जारी

प्रस्ताव में एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि परिवार को मिलने वाले राशन की अधिकतम सीमा 35 किलो प्रति माह ही रखी जा सकती है। यानी सदस्य संख्या के आधार पर गणना होगी, लेकिन कुल राशन की सीमा तय रहेगी। उदाहरण के तौर पर अगर किसी परिवार में 3 सदस्य हैं तो प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 21 किलो अनाज बनता है, जबकि ज्यादा सदस्यों वाले परिवार को सीमा तक लाभ मिल सकता है।

सरकार क्यों बदलना चाहती है नियम?

सरकार के अनुसार इस बदलाव के पीछे तीन मुख्य कारण हैं। AAY योजना में मौजूद असमानता को कम करना। राशन वितरण को ज्यादा न्यायसंगत बनाना। लोगों की खाद्य और पोषण जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करना। सरकार का मानना है कि नई व्यवस्था से राशन प्रणाली को ज्यादा प्रभावी बनाया जा सकता है।

अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है

यह बदलाव अभी प्रस्ताव के स्तर पर है। केंद्र सरकार ने ड्राफ्ट तैयार कर लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव मांगे हैं। सुझाव मिलने के बाद ही संशोधन को अंतिम रूप दिया जाएगा। अगर यह प्रस्ताव कानून का रूप लेता है तो इसे राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा (संशोधन) अधिनियम, 2026 के नाम से लागू किया जा सकता है। इसके लागू होने की तारीख केंद्र सरकार बाद में तय करेगी।