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मर्दों के लिए सुपरफूड: ये 5 सीड्स बढ़ा सकते हैं ताकत और स्टैमिना

हेल्थ डेस्क। आज की तेज़-रफ्तार जीवनशैली में पुरुषों के लिए फिटनेस और एनर्जी बनाए रखना एक बड़ी चुनौती बन गया है। तनाव, अनियमित खानपान और कम शारीरिक गतिविधि का असर सीधे सेहत और स्टैमिना पर पड़ता है। ऐसे में कुछ छोटे लेकिन बेहद असरदार सुपरफूड्स, खासकर सीड्स, शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाने में मदद कर सकते हैं।

1. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीज विटामिन E और मैग्नीशियम से भरपूर होते हैं। ये शरीर की ऊर्जा बढ़ाने और मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। इनका नियमित सेवन थकान को कम करता है और स्टैमिना को बढ़ाता है।

2. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज जिंक और प्रोटीन का अच्छा स्रोत हैं। यह पुरुषों की हार्मोनल हेल्थ और शारीरिक ताकत के लिए बेहद उपयोगी माने जाते हैं। ये बीज इम्यून सिस्टम को भी मजबूत करते हैं।

3. अलसी के बीज

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं। यह दिल की सेहत को सुधारते हैं और शरीर में सूजन को कम करते हैं। इसके सेवन से ऊर्जा स्तर स्थिर रहता है और स्टैमिना बेहतर होता है।

4. चिया सीड्स

चिया सीड्स को एनर्जी बूस्टर माना जाता है। इनमें फाइबर, प्रोटीन और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं। यह शरीर को लंबे समय तक एनर्जी प्रदान करते हैं और थकान कम करते हैं।

5. तिल के बीज

तिल के बीज कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट्स से भरपूर होते हैं। यह हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ शरीर में ताकत बढ़ाते हैं। खासकर सर्दियों में इसका सेवन विशेष रूप से फायदेमंद माना जाता है।

यूपी शराब नीति में बड़ा अपडेट: ग्राहकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति के तहत शराब कारोबार में पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए कई अहम बदलाव किए हैं। इन बदलावों का सीधा असर राज्य के शराब बाजार, दुकानदारों और उपभोक्ताओं पर देखने को मिलेगा। सरकार का उद्देश्य शराब सिंडीकेट को खत्म कर ग्राहकों को अधिक विकल्प और बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराना बताया जा रहा है।

देशी शराब में अब बढ़ेगा विकल्प

नई नीति के तहत अब देशी शराब की दुकानों पर कम से कम 25 प्रतिशत स्टॉक नए या अलग ब्रांडों का रखना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले दुकानदार केवल सबसे ज्यादा बिकने वाले ब्रांड ही रखते थे, लेकिन अब उन्हें विविधता देनी होगी। प्रदेश में देशी शराब के 1000 से अधिक ब्रांड उपलब्ध हैं।

ब्रांड एकाधिकार पर रोक

नई आबकारी नीति का सबसे बड़ा उद्देश्य शराब बाजार में एकाधिकार को खत्म करना है। अब किसी एक ब्रांड पर निर्भरता कम होगी और सभी लाइसेंसी दुकानों को विविध ब्रांड रखना जरूरी होगा। यदि कोई अनुज्ञापी इस नियम का पालन नहीं करता है तो उस पर 64 रुपये प्रति लीटर तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

थोक और फुटकर मुनाफे पर असर

नई नीति में थोक और फुटकर विक्रेताओं को मिलने वाले डिस्काउंट और ऑफर पूरी तरह बंद कर दिए गए हैं। पहले कंपनियां नकद छूट और उपहार देती थीं, लेकिन अब यह पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि किसी विक्रेता द्वारा ऐसे ऑफर लेने की पुष्टि होती है तो उसका लाइसेंस भी रद्द किया जा सकता है।

अब शराब बिक्री होगी पूरी तरह कैश-आधारित

नई व्यवस्था के तहत अब उधारी प्रणाली समाप्त कर दी गई है। थोक गोदाम से माल तभी जारी होगा जब फुटकर दुकानदार पोर्टल पर भुगतान पूरा करेगा। इसके बाद ही माल की डिलीवरी की जाएगी। इस कदम से सरकार का लक्ष्य राजस्व प्रणाली को पारदर्शी और डिजिटल बनाना है।

8वें वेतन आयोग पर बड़ा अपडेट: 18 की जगह सिर्फ 7 पे-लेवल की मांग तेज

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों की संयुक्त समिति (NC-JCM) ने आयोग को एक महत्वपूर्ण मेमोरेंडम सौंपते हुए मौजूदा वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव करने की मांग रखी है। अगर यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो देशभर के लाखों सरकारी कर्मचारियों की सैलरी संरचना में बड़ा सुधार देखने को मिल सकता है।

क्या है नई मांग?

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत कुल 18 पे-लेवल लागू हैं, जिनकी वजह से वेतन और प्रमोशन प्रक्रिया को जटिल माना जाता है। NC-JCM ने सुझाव दिया है कि इन 18 लेवल्स को घटाकर सिर्फ 7 बड़े पे-स्केल बनाए जाएं, जिससे पूरा सिस्टम सरल और पारदर्शी बन सके।

कैसे होगा नया पे-लेवल सिस्टम?

प्रस्ताव के अनुसार कई पे-लेवल्स को आपस में मिलाकर नए ग्रेड तैयार किए जाएंगे। 

पे-लेवल 2 और 3 को मिलाकर नया पे-स्केल 2 बनाया जाएगा। 

पे-लेवल 4 और 5 को जोड़कर नया पे-स्केल 3 तैयार होगा। 

इसी तरह पे-लेवल 6 से 10 तक को भी मिलाकर बड़े ग्रेड बनाए जाने का सुझाव है। 

इस तरह कुल 7 व्यापक पे-स्केल तैयार करने की योजना है।

कर्मचारियों को क्या फायदा होगा?

यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो कर्मचारियों के लिए कई फायदे हो सकते हैं। जैसे प्रमोशन प्रक्रिया सरल और तेज होगी, वेतन संरचना अधिक पारदर्शी बनेगी, एक ही पद पर लंबे समय तक अटके रहने की समस्या कम होगी, करियर ग्रोथ का स्पष्ट रास्ता मिलेगा। 

क्यों जरूरी माना जा रहा है यह बदलाव?

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मौजूदा 18 पे-लेवल सिस्टम काफी जटिल है, जिससे न सिर्फ कर्मचारियों बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया पर भी असर पड़ता है। इसलिए इसे सरल बनाने की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।

IMD का अलर्ट: 13 राज्यों में बारिश की चेतावनी, 50 किमी/घंटा तक तेज हवाएं

नई दिल्ली। देशभर में मौसम एक बार फिर तेजी से बदल रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों तक कई राज्यों में बारिश, तेज हवाएं और कहीं-कहीं ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। वहीं दूसरी ओर कुछ राज्यों में भीषण गर्मी और लू का असर जारी रहेगा, जिससे मौसम का दोहरा रूप देखने को मिलेगा।

13 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार बिहार, जम्मू-कश्मीर, असम, मेघालय, पश्चिम बंगाल समेत कुल 13 राज्यों में बारिश की संभावना बनी हुई है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, नागालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 से 22 अप्रैल तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

इसके अलावा मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, केरल और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी बारिश के आसार हैं। इस दौरान 30 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कुछ क्षेत्रों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

 बिहार में बदलता मौसम

बिहार में भी मौसम का मिजाज बदला हुआ है। 19 अप्रैल को कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। पटना, गया और भागलपुर में बादल छाए रहेंगे, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है। हालांकि इसके बाद गर्मी फिर से बढ़ने की संभावना है।

गजकेसरी राजयोग का असर! 4 राशियों की खुलने वाली है किस्मत, धन-समृद्धि और सफलता की होगी बारिश

ज्योतिष डेस्क: ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 21 अप्रैल 2026, मंगलवार को एक अत्यंत शुभ और प्रभावशाली योग गजकेसरी राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह योग तब बनता है जब गुरु (बृहस्पति) और चंद्रमा एक विशेष स्थिति में आकर शुभ संयोग बनाते हैं।

इस दिन दोपहर 1:02 बजे चंद्रमा के मिथुन राशि में प्रवेश करते ही यह योग सक्रिय हो जाएगा, जिसे ज्योतिष में अत्यंत भाग्यवर्धक और समृद्धि देने वाला माना जाता है। इस योग के प्रभाव से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, आर्थिक लाभ और करियर में उन्नति के संकेत मिल रहे हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक उन्नति के संकेत दे रहा है। रुके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है और कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के योग बन रहे हैं। व्यापार में भी लाभ के अवसर बढ़ेंगे।

मिथुन राशि

चंद्रमा के आपकी ही राशि में प्रवेश करने से यह समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है। भाग्य का पूरा साथ मिलेगा और नए कार्यों में सफलता के प्रबल योग बनेंगे। विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ की संभावना है

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के संकेत हैं और लंबे समय से अटके कार्य पूरे होंगे।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग बन रहे हैं। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी बृहस्पति स्वयं हैं, इसलिए यह योग इनके लिए विशेष फलदायी रहेगा। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होंगे और करियर में बड़ी सफलता मिलने के संकेत हैं। भाग्य का भरपूर साथ मिलेगा।

8वें वेतन आयोग पर बड़ी खबर! यूपी कर्मचारियों को कब मिलेगा फायदा, बढ़ी उत्सुकता

लखनऊ। देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ उत्तर प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों की नजर अब 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। इस आयोग से सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है, जिससे कर्मचारियों में उत्साह और इंतजार दोनों बढ़ गया है। सवाल यही है कि आखिर इसका लाभ कब से मिलेगा और कितना फायदा होगा।

चूंकि उत्तर प्रदेश सरकार आमतौर पर केंद्र सरकार के वेतन ढांचे का पालन करती है, इसलिए केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ यूपी के सरकारी कर्मचारियों को भी इसका सीधा लाभ मिलने की पूरी संभावना है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी हो सकती हैं। इसका सीधा फायदा देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों को मिलेगा। हालांकि, वास्तविक क्रियान्वयन में समय लग सकता है।

आयोग का गठन पहले ही हो चुका है

जानकारी के मुताबिक 8वें वेतन आयोग का आधिकारिक गठन 3 नवंबर 2025 को कर दिया गया है। इसके बाद अब आयोग ने अपनी प्रक्रिया तेज कर दी है और कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न सुझावों पर काम शुरू हो गया है।

18 महीने में तैयार होगी रिपोर्ट

आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए करीब 18 महीनों का समय दिया गया है। इस रिपोर्ट में वेतन संरचना, भत्ते और पेंशन से जुड़े बदलावों की सिफारिशें शामिल होंगी।

सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद

कर्मचारी संगठनों का अनुमान है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 से लेकर 3.25 तक हो सकता है। अगर ऐसा होता है तो कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

दरअसल केंद्र सरकार के 8वां वेतन आयोग कर्मचारियों के लिए बड़ी उम्मीद लेकर आया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट है कि अंतिम सिफारिशें और लागू होने की प्रक्रिया में समय लगेगा, लेकिन अगर अनुमान सही साबित होते हैं तो यह कर्मचारियों की सैलरी संरचना में ऐतिहासिक बदलाव ला सकता है।

मर्दों के लिए वरदान बने ये 4 जूस, शरीर में भर देंगे नई ताकत

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित खानपान का सीधा असर पुरुषों की सेहत पर पड़ रहा है। थकान, कमजोरी और ऊर्जा की कमी जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। ऐसे में प्राकृतिक जूस का सेवन शरीर को फिर से ऊर्जा देने और फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकता है। कुछ खास जूस ऐसे हैं, जो पुरुषों के लिए बेहद लाभकारी माने जाते हैं।

1 .अनार का जूस:

अनार का जूस शरीर में रक्त की गुणवत्ता सुधारने में मदद करता है। इसमें आयरन और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो शरीर में नई ऊर्जा पैदा करते हैं। नियमित सेवन से कमजोरी कम होती है और स्टैमिना बढ़ता है।

2 .चुकंदर का जूस:

चुकंदर का जूस रक्त संचार को बेहतर बनाता है और शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को बढ़ाता है। यह जूस खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो जल्दी थक जाते हैं या जिनकी शारीरिक गतिविधि ज्यादा होती है।

3 .आंवला का जूस:

आंवला विटामिन C का बेहतरीन स्रोत है। इसका जूस शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और अंदरूनी कमजोरी को दूर करता है। यह शरीर को डिटॉक्स करने में भी मदद करता है, जिससे त्वचा और स्वास्थ्य दोनों बेहतर होते हैं।

4 .गाजर का जूस: 

गाजर का जूस विटामिन A और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। यह न केवल आंखों की रोशनी के लिए अच्छा है, बल्कि शरीर में ऊर्जा बनाए रखने में भी मदद करता है। नियमित सेवन से शरीर मजबूत और सक्रिय रहता है।

यूपी में किसानों के लिए बड़ा आदेश, सभी जिलों में लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गेहूं की सरकारी खरीद के बीच किसानों के लिए एक अहम और राहत भरा फैसला सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब किसानों को फार्मर रजिस्ट्री की अनिवार्यता के बिना भी अपने गेहूं की बिक्री सरकारी क्रय केंद्रों पर करने की अनुमति होगी। इस निर्णय से लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

किसानों की बड़ी समस्या का हुआ समाधान

हाल के समय में कई किसानों को तकनीकी प्रक्रियाओं और फार्मर रजिस्ट्री से जुड़ी दिक्कतों के कारण अपनी उपज बेचने में परेशानी हो रही थी। क्रय केंद्रों पर लंबी प्रक्रिया और रजिस्ट्रेशन की अनिवार्यता के चलते खरीद की गति भी प्रभावित हो रही थी। ऐसे में सरकार ने पुरानी और सरल व्यवस्था को फिर से लागू करने का निर्णय लिया है।

सभी जिलों में तुरंत लागू करने के आदेश

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। अब किसान पहले की तरह आसानी से क्रय केंद्रों पर जाकर अपना गेहूं न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर बेच सकेंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी किसान को अपनी फसल बेचने में परेशानी न हो।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

निर्देशों में यह भी साफ कहा गया है कि यदि किसी क्रय केंद्र पर किसानों को अनावश्यक रूप से रोका गया या फार्मर रजिस्ट्री के नाम पर खरीद में बाधा डाली गई, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार ने प्रक्रिया को पूरी तरह किसान-हितैषी बनाने पर जोर दिया है।

किसानों में खुशी की लहर

इस फैसले के बाद प्रदेशभर के किसानों में खुशी का माहौल है। किसान संगठनों ने भी सरकार के इस कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे खरीद प्रक्रिया तेज होगी और उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।

मंगल का शक्तिशाली संयोग: 5 राशियों को अपार धन, सम्मान और तरक्की का लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और सफलता का कारक माना जाता है। जब मंगल का विशेष संयोग बनता है, तो इसका प्रभाव कुछ राशियों पर बेहद सकारात्मक रूप से देखने को मिलता है। इस समय बन रहा मंगल का यह शक्तिशाली योग कई लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है, खासकर 5 राशियों के लिए यह समय अत्यंत शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अत्यंत लाभकारी रहेगा। मंगल इस राशि का स्वामी ग्रह भी है, इसलिए इसका प्रभाव सीधे जीवन पर पड़ता है। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए कार्य पूरे होंगे। धन लाभ के योग भी मजबूत रहेंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह संयोग सम्मान और सफलता लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और लोग आपके काम की सराहना करेंगे। आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर मंगल का विशेष प्रभाव रहता है, जिससे इस समय भाग्य पूरी तरह साथ दे सकता है। पुराने विवाद समाप्त हो सकते हैं और नई शुरुआत के अवसर मिलेंगे। निवेश से लाभ और अचानक धन प्राप्ति के योग बन रहे हैं।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की का संकेत दे रहा है। करियर में उन्नति होगी और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

मकर राशि

मकर राशि के लिए यह समय स्थिरता और विकास का रहेगा। नौकरीपेशा लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं और व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं।

यूपी सरकार के ये 5 बड़े फैसले: महिलाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर राज्य की गन्ना समितियों में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को निश्शुल्क स्थान उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है। इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे।

गन्ना समितियों में मिलेगा मुफ्त स्थान

सरकार के इस निर्णय के तहत महिलाओं को गन्ना समितियों में बिना किराया दिए जगह दी जाएगी। यहां वे अपने छोटे व्यवसाय शुरू कर सकेंगी, प्रेरणा कैंटीन चला सकेंगी और अपने स्थानीय उत्पादों की बिक्री भी कर पाएंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

दो साल तक नहीं देना होगा किराया

योजना के अनुसार, महिलाओं को पहले दो साल तक किसी भी प्रकार का किराया नहीं देना होगा। इसके बाद उन्हें केवल 50 प्रतिशत किराया देना होगा, जो जिला प्रशासन द्वारा तय सर्किल रेट के आधार पर होगा। यह व्यवस्था महिलाओं को शुरुआती समय में आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से की गई है।

स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

इस योजना से महिलाओं द्वारा बनाए गए घरेलू और स्थानीय उत्पादों को सीधा बाजार मिलेगा। इससे उनके उत्पादों की पहुंच बढ़ेगी और आमदनी में भी वृद्धि होगी। साथ ही ग्रामीण स्तर पर छोटे उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशिक्षण और सहयोग भी मिलेगा

महिलाओं को केवल स्थान ही नहीं, बल्कि विभिन्न मेलों, प्रदर्शनियों और सार्वजनिक आयोजनों में भाग लेने का अवसर भी दिया जाएगा। इसके अलावा खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय भी किया जाएगा।

आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

यह पहल महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे स्वयं सहायता समूहों की भूमिका और मजबूत होगी और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।

खून नहीं, सुपरपावर है 'B+ ब्लड' ग्रुप! जानें इसकी गजब की खासियतें

हेल्थ डेस्क। ब्लड ग्रुप B+ को लेकर अक्सर सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें सुनने को मिलती हैं, लेकिन साइंस की नजर से देखें तो यह सिर्फ खून का एक प्रकार है, जिसमें कुछ खास जैविक विशेषताएं होती हैं। इसके बारे में सभी को जानना चाहिए। 

1 .सबसे कॉमन ब्लड ग्रुप्स में से एक

साइंस के अनुसार B+ ब्लड ग्रुप दुनिया में अपेक्षाकृत सामान्य है। इस ग्रुप के लोगों में B एंटीजन और Rh फैक्टर मौजूद होता है, जो इसे खास बनाता है।

2 .ब्लड डोनेशन और अहम भूमिका

B+ रक्त समूह वाले व्यक्ति B+ और AB+ रोगियों को रक्तदान कर सकते हैं, लेकिन वे केवल B+, B-, O+, या O- प्रकार का रक्त ही प्राप्त कर सकते हैं। यह एक महत्वपूर्ण समूह है, जो थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया के इलाज में मदद करता है।

3 .इम्यून सिस्टम से जुड़ा रिसर्च डेटा

कुछ स्टडीज़ में पाया गया है कि B ग्रुप वाले लोगों में इम्यून रिस्पॉन्स कुछ खास तरह के इंफेक्शन के खिलाफ अलग पैटर्न दिखा सकता है। 

4 .डाइजेशन से जुड़ी थ्योरीज़

कुछ रिसर्च और न्यूट्रिशन थ्योरीज़ में कहा गया है कि B ब्लड ग्रुप वाले लोग डेयरी और कुछ मीट प्रोडक्ट्स को बेहतर तरीके से पचा सकते हैं, हालांकि यह हर व्यक्ति पर समान रूप से लागू नहीं होता।

5 .गर्भावस्था में Rh फैक्टर की भूमिका

B+ ब्लड ग्रुप में Rh पॉजिटिव फैक्टर होता है, जो प्रेग्नेंसी के दौरान महत्वपूर्ण होता है। अगर मां Rh- और बच्चा Rh+ हो तो मेडिकल मॉनिटरिंग जरूरी होती है।

खुशखबरी पर खुशखबरी: 8वें वेतन आयोग में बड़े बदलाव की तैयारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग एक बड़े बदलाव की शुरुआत लेकर आ सकता है। कर्मचारी संगठनों की ओर से दिए गए सुझावों में साफ संकेत मिल रहा है कि इस बार सिर्फ वेतन बढ़ोतरी ही नहीं, बल्कि पूरे वेतन ढांचे को नए सिरे से तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है।

8वें वेतन आयोग के लिए नेशनल काउंसिल (NC-JCM) का प्रस्ताव।

1 .8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी उम्मीदें बन रही हैं, क्योंकि सैलरी स्ट्रक्चर में व्यापक बदलाव की संभावना जताई जा रही है और कर्मचारी संगठनों ने इस बार पूरे ढांचे को नए सिरे से बनाने की मांग रखी है।

2 .सबसे बड़ा प्रस्ताव न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर ₹69,000 करने का है, जिसके पीछे तर्क दिया गया है कि मौजूदा वेतन व्यवस्था बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की वास्तविक लागत के अनुसार अब पर्याप्त नहीं है।

3 .वेतन तय करने के आधार में भी बदलाव की बात सामने आई है, जिसमें परिवार इकाई को 3 से बढ़ाकर 5 यूनिट करने का सुझाव दिया गया है, ताकि कर्मचारियों की वास्तविक जिम्मेदारियों को सही तरीके से शामिल किया जा सके।

4 .वेतन निर्धारण के लिए 'लिविंग वेज' मॉडल अपनाने की मांग की गई है, जिसमें भोजन, आवास, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी, सामाजिक खर्च और डिजिटल जरूरतों जैसे जरूरी खर्चों को शामिल कर सम्मानजनक जीवन स्तर के अनुसार सैलरी तय की जाए।

5 .फिटमेंट फैक्टर को 3.83 तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है, जो मौजूदा 2.57 से काफी ज्यादा है, और अगर इसे मंजूरी मिलती है तो कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनभोगियों की आय में भी बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

6 .फिलहाल यह पूरा मामला परामर्श प्रक्रिया में है, जिसमें सरकार विभिन्न हितधारकों से सुझाव ले रही है और अंतिम फैसला 30 अप्रैल 2026 के बाद तय होगा, जिसके बाद सैलरी ढांचे में ऐतिहासिक बदलाव संभव माना जा रहा है।

भारत-अमेरिका के बीच शुरू हो रही ट्रेड डील, चीन की नजर!

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दोनों देशों के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण को लेकर आज से वॉशिंगटन में तीन दिनों की अहम वार्ता शुरू हो गई है। यह बातचीत ऐसे समय हो रही है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में टैरिफ और नीतिगत बदलावों को लेकर लगातार अस्थिरता बनी हुई है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल की कमान किसके पास?

इस वार्ता में भारत की ओर से करीब 12 वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं। भारतीय टीम का नेतृत्व वाणिज्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव दर्पण जैन कर रहे हैं। उनके साथ सीमा शुल्क विभाग और विदेश मंत्रालय के विशेषज्ञ अधिकारी भी मौजूद हैं, जो व्यापार से जुड़े तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर चर्चा करेंगे।।

अमेरिका की टैरिफ नीति और वैश्विक असर

अमेरिका में टैरिफ नीतियों को लेकर चल रही कानूनी और राजनीतिक बहस के बीच हालात लगातार बदल रहे हैं। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय लगाए गए व्यापक टैरिफ पर अदालत के फैसले के बाद नई व्यापारिक रणनीतियों पर काम शुरू हुआ। इसके बाद कुछ देशों पर अस्थायी तौर पर टैरिफ व्यवस्था लागू की गई, जिसका असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ा।

भारत-अमेरिका व्यापार का मौजूदा आंकड़ा

वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का अमेरिका को निर्यात लगभग स्थिर वृद्धि के साथ 87.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसमें करीब 0.92 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई है। दूसरी ओर, अमेरिका से भारत का आयात तेजी से बढ़कर 52.9 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो लगभग 16 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।

चीन की नजर क्यों बनी हुई है?

भारत और अमेरिका के बीच होने वाली यह बातचीत सिर्फ दो देशों तक सीमित नहीं है। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में आर्थिक प्रभाव के कारण चीन इस पर करीबी नजर बनाए हुए है। यदि दोनों देश व्यापारिक सहयोग बढ़ाते हैं, तो इसका असर चीन के निर्यात और क्षेत्रीय आर्थिक संतुलन पर भी पड़ सकता है।

बार-बार बढ़ रहा शुगर? आज से खाना शुरू कर दें ये 5 चीजें

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज यानी शुगर की समस्या आज के समय में बहुत तेजी से बढ़ रही है। गलत खानपान, तनाव, शारीरिक गतिविधि की कमी और अनियमित दिनचर्या इसकी बड़ी वजह मानी जाती है। अगर समय रहते डाइट पर ध्यान दिया जाए, तो ब्लड शुगर को काफी हद तक नियंत्रित रखा जा सकता है। कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो शुगर लेवल को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

1 .मेथी: 

मेथी के दाने ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में बेहद असरदार माने जाते हैं। इसमें घुलनशील फाइबर होता है, जो शरीर में शुगर के अवशोषण को धीमा करता है। रातभर भिगोकर मेथी का पानी पीना या इसे खाने में शामिल करना फायदेमंद रहता है।

2 .करेला:

करेला डायबिटीज के मरीजों के लिए प्राकृतिक औषधि की तरह काम करता है। इसमें मौजूद कंपाउंड इंसुलिन की तरह प्रभाव डालते हैं और ब्लड शुगर को कम करने में मदद करते हैं। करेला जूस या सब्जी के रूप में इसका सेवन लाभकारी माना जाता है।

3 .जामुन:

जामुन और इसके बीज शुगर कंट्रोल में बहुत उपयोगी होते हैं। जामुन के बीज का पाउडर नियमित रूप से लेने से ब्लड शुगर लेवल स्थिर रहता है और इंसुलिन की कार्यक्षमता बेहतर होती है।

4 .मखाना:

मखाना कम कैलोरी और हाई न्यूट्रिशन वाला फूड है। इसमें मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। इसे हल्का भूनकर स्नैक के रूप में खाया जा सकता है।

5 .जौ का आटा:

जौ का आटा डायबिटीज के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। इसमें फाइबर अधिक होता है, जो ब्लड शुगर के स्तर को धीरे-धीरे बढ़ने देता है और लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है।

नसों में फिर आएगी जान! पुरुषों के लिए ये 5 फल करेंगे कमाल

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, तनाव और अनियमित खानपान का असर सबसे ज्यादा पुरुषों की सेहत पर देखने को मिल रहा है। कई लोग कमजोरी, थकान और नसों में ढीलापन जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। लेकिन सही आहार अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। खासकर कुछ फल ऐसे हैं, जो शरीर में ऊर्जा बढ़ाने, रक्त संचार सुधारने और नसों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

केला:

केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देने वाला फल माना जाता है। इसमें पोटेशियम भरपूर होता है, जो रक्त संचार को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों व नसों को मजबूत करता है। नियमित सेवन से शरीर में ताकत बनी रहती है।

अनार:

अनार में एंटीऑक्सीडेंट और आयरन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। यह खून की गुणवत्ता सुधारता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। इससे शरीर में ताजगी आती है और कमजोरी दूर होती है।

सेब:

सेब को सेहत का खजाना कहा जाता है। इसमें फाइबर, विटामिन और मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। यह दिल और नसों दोनों के लिए फायदेमंद है।

तरबूज:

तरबूज में पानी की मात्रा अधिक होती है और इसमें ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो ब्लड फ्लो को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। गर्मी के मौसम में इसका सेवन शरीर को ठंडक देने के साथ-साथ ऊर्जा भी देता है।

संतरा:

संतरा विटामिन C से भरपूर होता है, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है और नसों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। यह शरीर में ताजगी बनाए रखता है और थकान कम करता है।

भारत-रूस की बड़ी डील, अमेरिका को टेंशन, चीन भी सन्न!

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच हुआ नया सैन्य समझौता अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल पैदा कर रहा है। इस डील के तहत दोनों देश एक-दूसरे की जमीन पर सीमित संख्या में सैनिक, युद्धपोत और सैन्य विमान तैनात कर सकेंगे। ऐसे समय में यह समझौता सामने आया है, जब दुनिया के कई हिस्सों में तनाव और संघर्ष का माहौल बना हुआ है।

क्या है समझौते की खास बात

इस समझौते के जरिए भारत और रूस अपने-अपने सैन्य ठिकानों, बंदरगाहों और एयरबेस का साझा उपयोग कर सकेंगे। तय प्रावधानों के अनुसार, दोनों देश जरूरत पड़ने पर एक-दूसरे के क्षेत्र में करीब 3,000 सैनिक, 10 सैन्य विमान और 5 युद्धपोत तक तैनात कर सकते हैं। यह व्यवस्था लॉजिस्टिक्स सहयोग को आसान बनाएगी, जिससे सैन्य अभियानों के दौरान समय और संसाधनों की बचत होगी।

रणनीतिक रूप से क्यों अहम है

इस डील से भारत को रूस के उत्तरी क्षेत्रों, खासकर आर्कटिक के पास स्थित बंदरगाहों तक पहुंच मिलेगी। इससे भारत की सामरिक पहुंच पहले से कहीं ज्यादा मजबूत होगी। दूसरी ओर, रूस को हिंद महासागर क्षेत्र में भारतीय नौसेना से सहयोग मिलने की उम्मीद है, जो उसके लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।

सैन्य सहयोग को मिलेगा नया आयाम

इस समझौते के तहत संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण, मानवीय सहायता और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में भी सहयोग बढ़ेगा। दोनों देशों की सेनाएं एक-दूसरे के एयरस्पेस और बेस का इस्तेमाल आसानी से कर सकेंगी, जिससे तालमेल और दक्षता में सुधार होगा।

इस डील का वैश्विक राजनीति पर असर

भारत और रूस के इस कदम को वैश्विक शक्ति संतुलन के नजरिए से भी देखा जा रहा है। जानकारों का मानना है कि इससे भारत की रणनीतिक स्वतंत्रता और मजबूत होगी, जबकि रूस को भी एक विश्वसनीय साझेदार के रूप में लाभ मिलेगा।

बिहार की महिलाओं की हुई बल्ले-बल्ले! जल्द खाते में आएगा पैसा

गया। बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का एक बड़ा कदम सामने आया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं को जल्द ही दूसरी किस्त की राशि मिलने वाली है, जिससे लाखों परिवारों को आर्थिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

इस योजना का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। पहले चरण में पात्र महिलाओं को 10,000 रुपये की सहायता राशि दी जा चुकी है, वहीं अब तय मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को दूसरी किस्त के रूप में 20,000 रुपये दिए जाएंगे।

तीन चरणों में होगा भुगतान

दूसरी किस्त का भुगतान एक तय प्रक्रिया के तहत किया जाएगा। पहले ग्राम संगठन स्तर पर सत्यापन होगा, इसके बाद प्रखंड स्तर पर मूल्यांकन किया जाएगा। अंतिम चरण में राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

लाखों महिलाओं को मिला लाभ

अब तक राज्य में लाखों महिलाओं को इस योजना के तहत पहली किस्त मिल चुकी है। बड़ी संख्या में महिलाएं इस राशि का उपयोग कर छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर चुकी हैं। फल-सब्जी की दुकान, सिलाई-कढ़ाई, किराना स्टोर, पशुपालन और अन्य गतिविधियों के जरिए महिलाएं अपने परिवार की आय बढ़ा रही हैं।

आत्मनिर्भरता की ओर मजबूत कदम

यह योजना केवल आर्थिक मदद तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को आत्मविश्वासी और स्वावलंबी बनाने का भी माध्यम बन रही है। आने वाले समय में चरणबद्ध तरीके से और अधिक सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे महिलाओं के व्यवसाय को विस्तार मिल सके।

बार-बार बढ़ रहा BP? ये 5 चीजें खाओ, कंट्रोल होगा तुरंत!

हेल्थ डेस्क। आजकल हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन एक आम लेकिन गंभीर समस्या बनती जा रही है। अनियमित जीवनशैली, ज्यादा नमक का सेवन और तनाव इसके मुख्य कारण हैं। अच्छी बात यह है कि सही खानपान अपनाकर ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में, जिन्हें रोजाना खाने से ब्लड प्रेशर संतुलित रखने में मदद मिल सकती है।

केला:

केला पोटेशियम का आसान और सस्ता स्रोत है। रोजाना 1-2 केले खाने से शरीर में सोडियम का असर कम होता है, जिससे ब्लड प्रेशर संतुलित रहता है। साथ ही यह दिल की सेहत के लिए भी फायदेमंद है।

लहसुन:

लहसुन में मौजूद एलिसिन नामक तत्व रक्तचाप को कम करने में मदद करता है। खाली पेट लहसुन की कली खाने से धमनियां साफ रहती हैं और ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। यह दिल को भी मजबूत बनाता है।

खट्टे फल:

संतरा, नींबू, आंवला और अंगूर जैसे खट्टे फल एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C से भरपूर होते हैं। ये रक्त वाहिकाओं को लचीला बनाते हैं और ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं।

हरी पत्तेदार सब्जियां: 

पालक, मेथी और बथुआ जैसी सब्जियां पोटेशियम और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं। पोटेशियम शरीर में जमा अतिरिक्त नमक को बाहर निकालने में मदद करता है, जबकि मैग्नीशियम रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स करता है। इससे ब्लड फ्लो बेहतर होता है और बीपी कंट्रोल में रहता है।

ओट्स और साबुत अनाज:

ओट्स और साबुत अनाज में फाइबर की मात्रा अधिक होती है, जो न केवल वजन कंट्रोल में मदद करती है बल्कि ब्लड प्रेशर भी कम करती है। इसमें मौजूद विशेष फाइबर धमनियों को स्वस्थ रखता है और दिल की बीमारियों का खतरा घटाता है।

खून की कमी का THE END! ये 5 चीजें बना देंगी बॉडी को ‘ब्लड मशीन’

हेल्थ डेस्क। आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, कमजोरी और चक्कर आना आम समस्या बनती जा रही है। इसकी एक बड़ी वजह शरीर में खून यानी हीमोग्लोबिन की कमी होती है, जिसे एनीमिया भी कहा जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि खानपान में थोड़े बदलाव करके इस समस्या से काफी हद तक छुटकारा पाया जा सकता है। 

चुकंदर:

चुकंदर को खून बढ़ाने के लिए सबसे असरदार खाद्य पदार्थों में गिना जाता है। इसमें आयरन और फोलेट भरपूर मात्रा में होते हैं, जो हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद करते हैं। नियमित रूप से चुकंदर का जूस या सलाद लेने से शरीर में खून की मात्रा तेजी से सुधरती है।

अनार:

अनार न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। इसमें आयरन और विटामिन सी होता है, जो शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण को बढ़ावा देता है। रोजाना अनार खाने या उसका जूस पीने से खून की कमी दूर करने में मदद मिलती है।

गुड़ और चना:

गुड़ और चना का संयोजन खून की कमी दूर करने का पुराना और कारगर उपाय है। गुड़ में आयरन होता है, जबकि चना प्रोटीन और आयरन दोनों से भरपूर होता है। दोनों को साथ में खाने से शरीर को तेजी से ताकत मिलती है और खून की कमी दूर होती है।

हरी पत्तेदार सब्जियां:

पालक, मेथी और सहजन (मोरिंगा) जैसी हरी सब्जियां आयरन से भरपूर होती हैं। ये शरीर को प्राकृतिक रूप से पोषण देती हैं और खून की कमी को दूर करने में अहम भूमिका निभाती हैं। इन्हें नियमित रूप से भोजन में शामिल करना बेहद जरूरी है।

खजूर और किशमिश:

खजूर और किशमिश आयरन और कॉपर के अच्छे स्रोत हैं। ये शरीर में खून बढ़ाने के साथ-साथ ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। इन्हें सुबह भिगोकर खाने से ज्यादा लाभ मिलता है और कमजोरी जल्दी दूर होती है।

मर्दों की ताकत का सीक्रेट! ये 5 ड्राईफ्रूट्स बना देंगे शरीर को सुपरपावर

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में फिट और ऊर्जावान रहना हर व्यक्ति की जरूरत बन गई है, खासकर पुरुषों के लिए काम का दबाव, अनियमित खानपान और तनाव शरीर की ताकत और स्टैमिना को प्रभावित करते हैं। ऐसे में कुछ खास ड्राईफ्रूट्स रोजाना डाइट में शामिल करके शरीर को अंदर से मजबूत बनाया जा सकता है।

बादाम: 

बादाम को पोषण का खजाना माना जाता है। इसमें प्रोटीन, विटामिन E और हेल्दी फैट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। यह न सिर्फ दिमाग को तेज करता है, बल्कि शरीर को ऊर्जा देने में भी मदद करता है। रोजाना भिगोकर बादाम खाने से स्टैमिना और इम्युनिटी मजबूत होती है।

अंजीर:

अंजीर फाइबर, आयरन और मिनरल्स से भरपूर होता है। यह पाचन तंत्र को बेहतर बनाता है और शरीर को प्राकृतिक ऊर्जा देता है। नियमित सेवन से कमजोरी दूर होती है और शरीर में नई ताकत का संचार होता है।

अखरोट:

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो दिल और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है। यह मानसिक तनाव को कम करने और शरीर की सहनशक्ति बढ़ाने में मदद करता है।

चिलगोजा:

चिलगोजा (पाइन नट्स) पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, आयरन और एंटीऑक्सीडेंट्स पाए जाते हैं, जो शरीर की कमजोरी दूर कर ताकत और ऊर्जा को बढ़ाते हैं। यह खासतौर पर थकान को कम करने में मददगार है।

ब्राजील नट्स:

ब्राजील नट्स सेलेनियम का बेहतरीन स्रोत हैं, जो हार्मोन संतुलन और इम्युनिटी के लिए जरूरी होता है। यह शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और समग्र स्वास्थ्य को बेहतर करता है। 

बिहार में 'ड्राइवरों' के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

पटना। बिहार सरकार ने सड़क हादसों पर लगाम लगाने और ड्राइवरों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए कई अहम फैसले लिए हैं। परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट किया कि अब सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में एक व्यापक और तकनीक आधारित रणनीति लागू की जाएगी।

दुर्घटनाओं का होगा गहराई से विश्लेषण

राज्य में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को अब माइनर और मेजर श्रेणियों में बांटकर उनका विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह समझना है कि हादसों के पीछे असली कारण क्या हैं और उन्हें कैसे रोका जा सकता है। इस विश्लेषण के आधार पर एक विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी।

ड्राइवरों का बनेगा पूरा डेटाबेस

सरकार ड्राइवरों के लिए एक जिलावार ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने जा रही है। इसमें पंजीकृत और प्रशिक्षित चालकों का पूरा रिकॉर्ड रखा जाएगा। इससे न केवल ड्राइवरों की पहचान आसान होगी, बल्कि उनकी ट्रेनिंग और निगरानी भी बेहतर तरीके से हो सकेगी।

ट्रेनिंग नहीं लेने पर होगी कार्रवाई

भारी वाहन (HMV) चालकों के लिए प्रशिक्षण को अनिवार्य रूप से बढ़ावा दिया जा रहा है। यदि कोई चालक बार-बार सूचना देने के बावजूद ट्रेनिंग के लिए नहीं आता, तो उसके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। वहीं, ट्रेनिंग लेने वाले चालकों को प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी, जिससे वे इस प्रक्रिया में सक्रिय रूप से भाग लें।

हर जिले में ड्राइविंग टेस्ट की सुविधा

ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए हर जिले में स्थायी टेस्टिंग व्यवस्था लागू की जा रही है। इससे लोग अपनी सुविधा के अनुसार साल भर कभी भी ड्राइविंग टेस्ट दे सकेंगे, जिससे लंबी प्रतीक्षा की समस्या खत्म होगी।

दुर्घटना पीड़ितों को मिलेगा मुफ्त इलाज

सरकार ने एक बड़ा मानवीय कदम उठाते हुए सड़क हादसों में घायल लोगों के लिए ट्रामा सेंटर में डेढ़ लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज देने का फैसला किया है। इसका उद्देश्य 'गोल्डन आवर' में समय पर इलाज सुनिश्चित करना है, जिससे जान बचाई जा सके।

मौत के बाद भी ‘जिंदा’ रहता है वीर्य? सच जानकर रह जाएंगे हैरान!

हेल्थ डेस्क। इंसान की मौत को आमतौर पर जीवन का अंत माना जाता है, लेकिन विज्ञान इस धारणा के कुछ अलग पहलू भी सामने लाता है। चिकित्सा शोध बताते हैं कि मृत्यु के बाद भी शरीर की कुछ जैविक प्रक्रियाएं तुरंत बंद नहीं होतीं। इन्हीं में से एक है पुरुषों के शुक्राणुओं (स्पर्म) की सीमित समय तक जीवित रहने की क्षमता, जो कई लोगों के लिए चौंकाने वाली बात हो सकती है।

मौत के बाद शुक्राणु

विशेषज्ञों के अनुसार, मृत्यु के बाद करीब 24 घंटे तक शुक्राणु अपेक्षाकृत बेहतर स्थिति में पाए जा सकते हैं। इस दौरान उनकी गुणवत्ता और गतिशीलता बनी रहती है, इसलिए यदि किसी चिकित्सकीय कारण से इन्हें संरक्षित करना हो, तो यही समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

36 से 72 घंटे तक भी संभव

कुछ मामलों में यह अवधि और बढ़ सकती है। रिपोर्ट्स बताती हैं कि 36 से 48 घंटे तक भी शुक्राणु सक्रिय रह सकते हैं। विशेष परिस्थितियों में यह समय 72 घंटे तक भी पहुंच सकता है, हालांकि इस दौरान उनकी गुणवत्ता धीरे-धीरे कम होती जाती है।

ठंडा वातावरण बढ़ा देता है समय

शरीर को यदि ठंडे वातावरण, जैसे शवगृह में रखा जाए, तो शुक्राणुओं की जीवन क्षमता और बढ़ सकती है। कम तापमान में जैविक गतिविधियां धीमी हो जाती हैं, जिससे कोशिकाएं अधिक समय तक संरक्षित रह पाती हैं। कुछ शोधों में तो 4 दिन से अधिक समय तक भी शुक्राणु मिलने की बात सामने आई है।

क्या है वीर्य निकालने की यह प्रक्रिया

मृत्यु के बाद शुक्राणु निकालने की प्रक्रिया को 'पोस्टमार्टम स्पर्म रिट्रीवल' कहा जाता है। यह एक विशेष चिकित्सकीय तकनीक है, जिसका उपयोग कुछ खास परिस्थितियों में किया जाता है, जैसे परिवार की सहमति और कानूनी अनुमति मिलने पर।

वीर्य के लिए कानूनी और नैतिक पहलू अनिवार्य

हालांकि विज्ञान इसे संभव बनाता है, लेकिन यह प्रक्रिया पूरी तरह से नियमों और नैतिक मानकों के अधीन होती है। बिना उचित अनुमति के ऐसा करना अवैध माना जाता है। इसलिए हर देश और क्षेत्र में इसके लिए अलग-अलग दिशा-निर्देश तय किए गए हैं।

अमेरिकी सेना का एक्शन, ईरानी जहाज कब्जे में -ईरान ने कहा ‘चुप नहीं बैठेंगे’

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव खतरनाक मोड़ पर पहुंचता नजर आ रहा है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तनातनी के बीच अमेरिकी सेना ने एक ईरानी जहाज पर कार्रवाई करते हुए उसे अपने कब्जे में ले लिया है। इस घटना के बाद दोनों देशों के रिश्तों में और कड़वाहट आ गई है और हालात तेजी से बिगड़ते दिख रहे हैं।

कैसे हुआ पूरा घटनाक्रम

अमेरिकी पक्ष के अनुसार, यह कार्रवाई ओमान की खाड़ी के पास की गई, जहां एक ईरानी जहाज कथित तौर पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहा था। पहले उसे रुकने की चेतावनी दी गई, लेकिन चालक दल के न मानने पर सैन्य कार्रवाई की गई। हमले के बाद जहाज को रोक लिया गया और अब वह अमेरिकी नियंत्रण में है।

जहाज को लेकर क्या है दावा

बताया जा रहा है कि यह बड़ा जहाज है और उस पर पहले से कुछ प्रतिबंध भी लागू थे। अमेरिकी प्रशासन अब इसकी जांच कर रहा है कि जहाज में क्या सामग्री मौजूद है और उसका इस्तेमाल किस उद्देश्य के लिए किया जा रहा था।

ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

इस कार्रवाई के बाद ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ईरानी सैन्य प्रतिष्ठान की ओर से साफ संकेत दिए गए हैं कि इस कदम को वे उकसावे की कार्रवाई मानते हैं और इसका जवाब दिया जाएगा। बयान में कहा गया है कि देश की संप्रभुता के खिलाफ किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बातचीत पर मंडराया संकट

यह घटना ऐसे समय हुई है जब दोनों देशों के बीच बातचीत की संभावनाएं बनी हुई थीं। अब इस सैन्य कार्रवाई के बाद शांति वार्ता पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, कुछ ईरानी नेताओं ने कूटनीति के रास्ते खुले रखने की बात भी कही है, लेकिन भरोसे की कमी साफ झलक रही है।

बिहार सरकार का फैसला: राजस्व कर्मचारियों की पहचान अब नए नाम से

राशिफल। बिहार में राजस्व कर्मचारियों और सरकार के बीच चल रहा विवाद अब सुलझने की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग और कर्मचारी संघ के बीच हुई ताजा बातचीत में कई अहम मुद्दों पर सहमति बन गई है, जिससे लंबे समय से चल रही हड़ताल खत्म होने की उम्मीद बढ़ गई है।

पदनाम बदलने पर बनी सहमति जल्द

सबसे बड़ा फैसला यह सामने आया है कि राजस्व कर्मचारी के पदनाम को बदलकर सहायक राजस्व अधिकारी किया जाएगा। यह मांग लंबे समय से कर्मचारी संघ उठा रहा था, जिसे अब सरकार ने स्वीकार करने का संकेत दिया है। विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाकर मुख्यमंत्री की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

हड़ताल अवधि का नहीं होगा नुकसान

सरकार और कर्मचारियों के बीच हड़ताल की अवधि को लेकर भी सहमति बनी है। तय किया गया है कि इस दौरान कर्मचारियों की सेवा पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। अनुपस्थिति को असाधारण अवकाश के रूप में समायोजित किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों को राहत मिलेगी।

सकारात्मक संकेतों से बढ़ी उम्मीद

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि सरकार की ओर से बातचीत का रुख सकारात्मक रहा है। उनका मानना है कि लंबे समय से लंबित मांगों पर अब ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। अधिकारियों ने भी संकेत दिए हैं कि समाधान की दिशा में तेजी से काम हो रहा है।

निलंबित कर्मचारियों को राहत

हड़ताल के दौरान जिन कर्मचारियों को निलंबित किया गया था, उनके लिए भी राहत के संकेत मिले हैं। विभाग की ओर से जिलाधिकारियों को पत्र भेजकर ऐसे कर्मचारियों को निलंबन से मुक्त करने की सिफारिश की गई है, ताकि वे दोबारा अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकें।

पदोन्नति और जिम्मेदारी की मांग

संघ की ओर से यह भी मांग की जा रही है कि राजस्व सेवा के अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नति का अवसर मिले। इस संबंध में पहले भी सैद्धांतिक सहमति की बात सामने आ चुकी है और अब इस पर फिर से चर्चा तेज हो गई है।

आज बन रहा सौभाग्य योग, इन 5 राशियों के लिए खुशियों की बारिश तय

राशिफल। आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति से बन रहा सौभाग्य योग कुछ राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आया है। माना जा रहा है कि इस योग का असर करियर, धन, रिश्तों और सेहत पर सकारात्मक रूप से पड़ सकता है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों के लिए आज का दिन खास रहने वाला है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और निवेश के अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए आज का सौभाग्य योग धन लाभ का संकेत दे रहा है। व्यापार में मुनाफा बढ़ सकता है और पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा, जिससे मानसिक शांति बनी रहेगी।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। करियर में तरक्की के संकेत हैं और किसी बड़े प्रोजेक्ट में सफलता मिल सकती है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और नई पहचान बनने के योग हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए आज का दिन संतुलन और लाभ दोनों लेकर आएगा। रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी और जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और रुका हुआ पैसा वापस मिलने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए सौभाग्य योग करियर और वित्तीय मामलों में मजबूती देगा। नई योजनाओं पर काम शुरू करने का सही समय है। मेहनत का पूरा फल मिलेगा और अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा।

खुशखबरी का तूफान: यूपी में एक साथ 4 बड़ी भर्ती, नौकरी का बंपर मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए शानदार मौका सामने आया है। राज्य में अलग-अलग विभागों में एक साथ कई भर्तियों का ऐलान हुआ है, जिससे हजारों उम्मीदवारों को रोजगार पाने का अवसर मिल सकता है। 12वीं पास से लेकर ग्रेजुएट और प्रोफेशनल डिग्री धारकों तक के लिए ये भर्तियां उम्मीद की नई किरण लेकर आई हैं।

1. हवलदार इंस्ट्रक्टर के 200+ पद

यूपी अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के 209 पदों पर भर्ती निकाली है। 12वीं पास उम्मीदवार इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 19 जून 2026 से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेगी।

2. फायरमैन के 170 पदों पर मौका

फायरमैन बनने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए भी अच्छा अवसर है। UPSSSC ने 170 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके लिए आवेदन 9 जून 2026 से शुरू हो चुके हैं और 29 जून 2026 तक चलेंगे।

3. सैनिक स्कूल अमेठी में शिक्षकों की भर्ती

सैनिक स्कूल अमेठी ने PGT, TGT, लाइब्रेरियन समेत कुल 22 पदों पर भर्ती निकाली है। शिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने वाले उम्मीदवार 2 मई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। यह मौका योग्य और अनुभवी अभ्यर्थियों के लिए खास है।

4. ग्रुप C के 115 पदों पर भर्ती

UPSSSC ने ग्रुप C के 115 पदों के लिए भी आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसमें 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, बीकॉम, एलएलबी और एमएससी जैसे विभिन्न योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू होकर 22 अप्रैल 2026 तक चलेगी।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

इन भर्तियों से साफ है कि उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं। अलग-अलग योग्यता के अनुसार उम्मीदवार अपनी पसंद की नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं।

यूपी में जमीन रजिस्ट्री अब मिनटों में, रैयतों के लिए बड़ी खुशखबरी

नोएडा।  उत्तर प्रदेश में जमीन रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। खासकर नोएडा में निबंधन विभाग ने नई तकनीक अपनाते हुए अब फिंगरप्रिंट की जगह आंखों की स्कैनिंग यानी आइरिस स्कैन से पहचान सत्यापन की सुविधा शुरू कर दी है। इससे आम लोगों, खासकर बुजुर्गों को बड़ी राहत मिलने लगी है।

फिंगरप्रिंट की दिक्कत से मिली छुटकारा

अब तक रजिस्ट्री के दौरान फिंगरप्रिंट मिलान न होने की समस्या आम थी। उम्र बढ़ने या उंगलियों के निशान साफ न होने के कारण कई लोगों की रजिस्ट्री प्रक्रिया बार-बार अटक जाती थी। इससे घंटों इंतजार करना पड़ता था और कई बार काम अधूरा रह जाता था। नई व्यवस्था ने इस परेशानी को काफी हद तक खत्म कर दिया है।

आइरिस स्कैन से तुरंत सत्यापन

नई प्रणाली के तहत अब आंखों की पुतली (आइरिस) को स्कैन करके पहचान की पुष्टि की जा रही है। यह तकनीक अधिक सटीक मानी जाती है और इसमें गड़बड़ी की संभावना बेहद कम होती है। फिलहाल रोजाना कई रजिस्ट्रियां इसी तकनीक के जरिए सफलतापूर्वक की जा रही हैं।

बुजुर्गों को सबसे ज्यादा फायदा

यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों के लिए राहत लेकर आई है, जिन्हें पहले फिंगरप्रिंट के कारण सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। अब उन्हें बार-बार मशीन पर उंगली रखने या लंबा इंतजार करने की जरूरत नहीं पड़ती।

प्रक्रिया बनी तेज और पारदर्शी

निबंधन विभाग ने पूरे सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़कर प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने की कोशिश की है। इससे रजिस्ट्री में लगने वाला समय घटा है और काम तेजी से पूरा हो रहा है।

लंबी प्रक्रिया से मिला छुटकारा

पहले फिंगरप्रिंट मैच न होने पर तीन-चार बार प्रयास करना पड़ता था, जिससे अन्य लोगों की रजिस्ट्रियां भी प्रभावित होती थीं। अब आइरिस स्कैन के जरिए यह प्रक्रिया तेजी से पूरी हो रही है और भीड़-भाड़ भी कम हो रही है।