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बिहार में शुरू करें बिजनेस, सरकार दे रही 10 लाख तक लोन!

पटना। बिहार सरकार ने दिव्यांग व्यक्तियों के लिए एक नई पहल की है, जिसका उद्देश्य उन्हें स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना की शुरुआत की गई है, जिसके तहत दिव्यांगजन को 10 लाख रुपये तक का ऋण और अनुदान मिलेगा। यह योजना उन्हें आत्मनिर्भर बनाने और राज्य में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

योजना का उद्देश्य

मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना का प्रमुख उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करना है। इस योजना के तहत, पात्र लाभार्थियों को उनके उद्योग स्थापित करने के लिए 10 लाख रुपये तक का ऋण या अनुदान मिलेगा, जिसे वह स्वरोजगार के रूप में इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे दिव्यांगजन अपने व्यवसाय की शुरुआत कर सकेंगे और राज्य में आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा, "राज्य में रोजगार सृजन और नए उद्योग स्थापित करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। इस योजना से दिव्यांगजन को न केवल आर्थिक सहायता मिलेगी, बल्कि वे अपने सपनों को साकार कर पाएंगे।"

योजना का संचालन और आवेदन प्रक्रिया

यह योजना बिहार के उद्योग विभाग द्वारा संचालित की जाएगी, और लाभार्थी इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए, बिहार सरकार ने एक विशेष पोर्टल https://udyami.bihar.gov.in तैयार किया है, जहां से इच्छुक लाभार्थी अपना आवेदन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।

पोर्टल के माध्यम से दिव्यांगजन ऋण या अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं और पात्रता के आधार पर योजना का लाभ उठा सकते हैं। स्वीकृत लाभार्थियों को प्रत्येक परियोजना की लागत का अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण या अनुदान प्राप्त होगा।

बिहार में उद्यमिता को बढ़ावा

बिहार सरकार का यह कदम राज्य में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दिव्यांगजन को सिर्फ सामाजिक सुरक्षा नहीं, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए भी यह पहल एक वरदान साबित हो सकती है। राज्य सरकार द्वारा दिए जा रहे ऋण और अनुदान के माध्यम से दिव्यांग व्यक्तियों को अपने व्यवसाय की शुरुआत करने का मौका मिलेगा, जो उनके आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम है।

इस योजना से न केवल दिव्यांगजन को लाभ होगा, बल्कि यह राज्य में छोटे और मझोले उद्योगों के बढ़ने में भी सहायक साबित होगा। इससे रोजगार के नए अवसर उत्पन्न होंगे और बिहार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती मिलेगी।

दिल को रखें मजबूत: जानें 5 ऐसे फल जो आपके हार्ट के लिए बेस्ट हैं

हेल्थ डेस्क। स्वस्थ जीवन के लिए दिल की देखभाल सबसे जरूरी है। दिल कमजोर होने या हार्ट डिजीज के जोखिम को कम करने के लिए सही डाइट का होना अत्यंत महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ विशेष फल दिल की सेहत को बढ़ाने और ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल और सूजन को नियंत्रित करने में मदद करते हैं। आइए जानते हैं 5 ऐसे फल जो आपके हार्ट के लिए सबसे फायदेमंद हैं।

1. सेब

सेब में पाए जाने वाले फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय रोग के जोखिम को कम करते हैं। यह खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को नियंत्रित करने और दिल के धमनी मार्ग को स्वस्थ रखने में मदद करता है।

2. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में फ्लेवोनॉइड और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं। ये रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने, सूजन को कम करने और हृदय रोगों से बचाव करने में सहायक हैं। रोजाना थोड़ी मात्रा में ब्लूबेरी खाने से दिल की धड़कन और ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।

3. अंगूर

अंगूर में पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स मौजूद होते हैं, जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं और हार्ट अटैक के जोखिम को कम करते हैं। अंगूर का रस या ताजे अंगूर दिल की धड़कन को नियमित रखने में मददगार साबित होते हैं।

4. अनार

अनार का रस दिल के लिए एक सुपरफूड की तरह काम करता है। इसमें मौजूद पॉलिफेनॉल और नाइट्रिक ऑक्साइड रक्त वाहिकाओं को रिलैक्स रखते हैं और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाते हैं। नियमित सेवन से कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है और दिल स्वस्थ रहता है।

5. स्ट्रॉबेरी

स्ट्रॉबेरी में विटामिन C, फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो हृदय रोगों के जोखिम को कम करते हैं। यह ब्लड शुगर को नियंत्रित करने में भी मदद करती है और दिल की धमनियों में जमा चर्बी को घटाने में सहायक है।

8वें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 5 बड़ी खबर, बड़े बदलाव की संभावना

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग की सक्रियता बढ़ते ही सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में उत्साह और चर्चा का माहौल बन गया है। टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) जारी होने के बाद से कर्मचारियों के संगठन अपनी पुरानी और नई मांगों को लेकर जोर दे रहे हैं। इस बार सबसे अधिक ध्यान मेडिकल अलाउंस, सैलरी सुधार और रिटायरमेंट लाभों पर है।

8वें वेतन आयोग ने दिल्ली के चंद्रलोक बिल्डिंग में अपना कार्यालय खोल दिया है और काम की रफ्तार बढ़ा दी है। आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। आने वाले महीनों में यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों पर सरकार कितनी सहमति जताती है।

1. मेडिकल अलाउंस में बड़ा प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया है कि फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) को वर्तमान 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 20,000 रुपये किया जाए। इसका उद्देश्य उन कर्मचारियों और पेंशनर्स की मदद करना है, जो ऐसे इलाकों में रहते हैं जहाँ सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (CGHS) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। महंगाई और इलाज की बढ़ती लागत को देखते हुए यह कदम जरूरी माना जा रहा है।

2. फिटमेंट फैक्टर और सालाना सैलरी इंक्रीमेंट

सैलरी सुधार को लेकर कर्मचारी संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर को 3.25 करने की पुरानी मांग को दोहराया है। साथ ही, सालाना सैलरी इंक्रीमेंट को वर्तमान 3% से बढ़ाकर 7% करने का प्रस्ताव रखा गया है। पोस्टल विभाग समेत कई संगठन चाहते हैं कि कम से कम 5% की बढ़ोतरी निश्चित हो ताकि लंबे समय तक सेवा देने वाले कर्मचारियों की जीवनशैली पर सकारात्मक असर पड़े।

3. बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव

कर्मचारी संगठनों ने परिवार की यूनिट के विस्तार का प्रस्ताव रखा है। यदि सरकार इसे मंजूरी देती है, तो बेसिक सैलरी कैलकुलेशन में 66% तक का प्रभाव देखने को मिल सकता है। इसका मतलब है कि जिन कर्मचारियों पर माता-पिता या अन्य परिवार सदस्य निर्भर हैं, उनकी सैलरी में पर्याप्त बढ़ोतरी होगी।

4. छुट्टियों और रिटायरमेंट लाभ में सुधार

एलटीसी (LTC) की सुविधा को कैश विकल्प के रूप में देने का प्रस्ताव है, ताकि कर्मचारी इसे अपनी जरूरत के अनुसार खर्च कर सकें। इसके साथ ही रिटायरमेंट पर छुट्टियों के बदले मिलने वाले पैसे की सीमा को 300 दिन से बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग की गई है। पेंशन और अन्य रिटायरमेंट लाभों में सुधार के लिए भी कदम उठाए जाने की संभावना है।

5. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की मांग

कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग कर रहे हैं। उनका मानना है कि नई योजनाएं, जैसे NPS और UPS, कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं देती हैं। हालांकि सरकार की तरफ से अभी तक इस पर कोई स्पष्ट संकेत नहीं आया है, लेकिन संगठन अपनी मांगों पर लगातार जोर दे रहे हैं।

भारत-जापान की नई साझेदारी: चीन पर पड़ेगा बड़ा असर

नई दिल्ली। दुनिया की रणनीतिक और औद्योगिक राजनीति में रेयर अर्थ मेटल्स की अहमियत लगातार बढ़ती जा रही है। इलेक्ट्रिक वाहनों से लेकर फाइटर जेट और विंड टर्बाइन तक आधुनिक तकनीक का बड़ा हिस्सा इन खनिजों पर निर्भर है। अब भारत और जापान के बीच उभरती नई साझेदारी इस वैश्विक समीकरण को बदल सकती है, खासकर तब जब अधिकतर देश लंबे समय से चीन पर निर्भर रहे हैं।

चीन की पकड़ और बदलता वैश्विक परिदृश्य

कई वर्षों तक रेयर अर्थ मेटल्स की सप्लाई में चीन का दबदबा रहा है। 2025 में जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप के टैरिफ के जवाब में चीन ने रेयर अर्थ एलिमेंट्स के निर्यात पर सख्त प्रतिबंध लगाए, तब वैश्विक बाजार में हलचल मच गई। इस कदम ने कई देशों को यह एहसास कराया कि एक ही स्रोत पर निर्भरता रणनीतिक जोखिम बन सकती है। इसके बाद अमेरिका, यूरोप, जापान और भारत जैसे देशों ने वैकल्पिक स्रोत खोजने और घरेलू उत्पादन बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाने शुरू किए।

राजस्थान में संभावनाएं

भारत ने अपने बजट में रेयर अर्थ कॉरिडोर की अवधारणा रखकर संकेत दे दिया है कि वह इस क्षेत्र में आत्मनिर्भरता चाहता है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, जापान भारत के साथ मिलकर राजस्थान में रेयर अर्थ डिपॉजिट की खोज और विकास को लेकर बातचीत कर रहा है। भारत सरकार के अनुसार, राजस्थान और गुजरात में लगभग 1.29 मिलियन मीट्रिक टन रेयर अर्थ ऑक्साइड वाले तीन हार्ड रॉक डिपॉजिट की पहचान की गई है। ये भंडार भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में मजबूत स्थिति दिला सकते हैं।

टेक्नोलॉजी और निवेश का समीकरण

हार्ड रॉक डिपॉजिट से रेयर अर्थ निकालना तकनीकी रूप से जटिल और महंगा काम है। इस क्षेत्र में जापान के पास उन्नत तकनीक और प्रोसेसिंग विशेषज्ञता है, जबकि भारत के पास विशाल भू-भंडार और बढ़ता हुआ बाजार है। संभावित समझौते के तहत जापान टेक्नोलॉजी और वित्तीय सहायता दे सकता है, बदले में स्थिर और दीर्घकालिक सप्लाई सुनिश्चित की जा सकती है। यह सहयोग सिर्फ खनन तक सीमित नहीं रहेगा। दोनों देश हाई-प्योरिटी प्रोसेसिंग और मैग्नेट निर्माण जैसी इंडस्ट्रियल फैसिलिटी विकसित करने पर भी काम कर सकते हैं, जिससे चीन से आयात पर निर्भरता घटेगी।

4 मार्च को ‘मालव्य राजयोग’: 5 राशियों के सुख और धन में वृद्धि

राशिफल। 4 मार्च का दिन ज्योतिष की दृष्टि से विशेष है। मालव्य राजयोग का प्रभाव पांच प्रमुख राशियों पर देखने को मिलेगा, जिससे उनके जीवन में सुख, सुविधाएँ और धन में वृद्धि होने की संभावना है। यह योग विशेष रूप से आर्थिक स्थिति सुधारने, जीवन में नयी खुशियाँ लाने और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने में सहायक माना जाता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए 4 मार्च का दिन लाभकारी रहेगा। इस दिन मालव्य राजयोग के कारण उनके वित्तीय संसाधनों में वृद्धि होगी। निवेश या नए अवसरों से लाभ मिलने की संभावना है। व्यक्तिगत जीवन में सुख-सुविधाओं में सुधार आएगा और परिवार में सामंजस्य बना रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। मालव्य राजयोग के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। घर में सुख-शांति और आराम के साधन बढ़ेंगे। पुराने कर्ज या समस्याओं से मुक्ति मिलने की संभावना है।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को 4 मार्च को नए अवसर और लाभ प्राप्त होंगे। नौकरी, व्यापार या पेशेवर जीवन में सफलता मिलने की संभावना है। इसके साथ ही परिवार और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे और जीवन में सुख-सुविधाओं का विस्तार होगा।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वाले इस दिन अपने आर्थिक और सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार देख सकते हैं। मालव्य राजयोग के प्रभाव से संपत्ति और लाभ में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन भी बेहतर रहेगा।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी रहेगा। धन लाभ, संपत्ति में वृद्धि और जीवन में आराम की प्राप्ति होगी। पुराने मन-मुटाव और परेशानियों से मुक्ति मिलेगी।

बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: चुनावी हलचल शुरू, तारीख का ऐलान जल्द

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। चुनाव आयोग मार्च के मध्य तक चुनावी कैलेंडर जारी कर सकता है, जिससे मतदाता और राजनीतिक दल आगामी मतदान के लिए रणनीति बनाने में जुट जाएँ। इस बार बंगाल के साथ तमिलनाडु, असम और पुडुचेरी में भी मतदान कार्यक्रम की घोषणा हो सकती है।

चुनाव चरण और संभावित समय-सारणी क्या?

जानकारी के अनुसार, बंगाल में 2026 के विधानसभा चुनाव कम से कम छह चरणों में ही संभव हैं। 2021 में कोविड महामारी के दौरान आठ चरणों में मतदान हुआ था, जबकि 2016 में छह चरणों में चुनाव संपन्न हुए थे। इस बार भी चुनाव आयोग ने सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए कम से कम छह चरणों में चुनाव करवा सकता हैं।

सुरक्षा और एसआईआर प्रक्रिया प्रमुख चुनौती

चुनाव की योजना बनाते समय दो प्रमुख कारक ध्यान में रखे जा रहे हैं। पहला, राज्य में बड़े पैमाने पर सुरक्षा तैनाती आवश्यक है और दूसरा, लंबित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया और उसके न्यायिक निर्णय। पश्चिम बंगाल में 60 लाख से अधिक मतदाताओं का भविष्य अभी अधर में है। सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 200 से अधिक कंपनियां पहले ही तैनात की जा चुकी हैं।

चुनाव आयोग की क्या है तैयारियां?

चुनाव आयोग में उच्च स्तरीय विचार-विमर्श जारी है ताकि सभी चरणों का चुनाव कार्यक्रम तय किया जा सके। प्रक्रिया में लगभग 40-45 दिनों की अवधि आवश्यक मानी जाती है, इसलिए मार्च के मध्य तक कैलेंडर जारी होने की संभावना है। आयोग की पूर्व परंपरा के अनुसार चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के चुनाव कार्यक्रम एक साथ घोषित किए जा सकते हैं।

मतदान प्रक्रिया और समयसीमा

बंगाल में चुनाव प्रक्रिया मई की शुरुआत तक पूरी हो सकती है। नए विधानसभा के गठन की अंतिम समयसीमा 7 मई है। तमिलनाडु में विधानसभा गठन 10 मई तक, असम में 20 मई तक और पुडुचेरी में 15 जून तक होना अनिवार्य है। केरल में चुनाव आयोग की समीक्षा के बाद ही चुनाव की तारीखों का निर्धारण होगा।

राजनीतिक हलचल भी तेज

चुनाव आयोग के बंगाल दौरे से पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर प्रक्रिया के विरोध में 6 मार्च को धरना देंगी। वहीं राजनीतिक दल अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं और चुनावी रणनीति तय कर रहे हैं।

बंगाल में किसकी बनेगी सरकार? सर्वे में BJP की सेंध

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने अपनी 'परिवर्तन यात्रा' की शुरुआत कर दी है। रविवार को कूच बिहार से रवाना हुई इस यात्रा का उद्देश्य पूरे राज्य में पार्टी की पहुंच बढ़ाना और मतदाताओं को भाजपा की नीतियों से अवगत कराना है। यात्रा के समापन पर 15 मार्च को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक विशाल रैली को संबोधित करेंगे।

मतदाता सूची में बदलाव और घुसपैठियों का मुद्दा

BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने दावा किया है कि हाल ही में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद लगभग 50 लाख घुसपैठियों के नाम हटा दिए गए हैं। उनका कहना है कि ये लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठा रहे थे और राज्य की वास्तविक नागरिकता को खतरे में डाल रहे थे। नवीन ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए घुसपैठियों को संरक्षण दिया।

तृणमूल कांग्रेस पर निशाना

BJP नेताओं का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार और कुशासन का बोलबाला है। नवीन ने कहा कि बंगाल बदलाव के लिए तरस रहा है और जनता एक नई, जवाबदेह सरकार चाहती है। उनका संदेश है कि घुसपैठियों को बाहर निकाला जाएगा और एक ऐसी सरकार बनेगी जो विकास और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित करे।

यात्रा का कार्यक्रम

परिवर्तन यात्रा राज्य के 294 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगी। हालांकि होली और डोल यात्रा के कारण कुछ दिनों के लिए रैलियों को स्थगित किया गया है, लेकिन 5 मार्च से यह फिर से सभी क्षेत्रों में जारी रहेंगी। BJP के कई केंद्रीय नेता भी इस यात्रा में हिस्सा ले रहे हैं, जिनमें प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी शामिल हैं।

चुनावी रणनीति

भाजपा का उद्देश्य मतदाताओं को पार्टी की योजनाओं और सरकार बनाने की क्षमता के प्रति जागरूक करना है। यात्रा के दौरान विभिन्न रैलियों के माध्यम से पार्टी के संदेश को सीधे जनता तक पहुंचाया जाएगा। यात्रा का समापन 15 मार्च को प्रधानमंत्री की रैली से होगा, जिसमें पार्टी के केंद्रीय और राज्य नेतृत्व के सभी प्रमुख चेहरे शामिल होंगे।

बिहार में बिजली विभाग की चेतावनी: बकाया बिल चुकाओ!

पटना। बिहार के बिजली उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खबर है। साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनियों ने अपने 13,000 करोड़ रुपये के भारी बकाया वसूलने के लिए कमर कस ली है। होली के त्योहार के बाद पूरे राज्य में ‘डिस्कनेक्शन अभियान’ तेज कर दिया जाएगा।

लंबित बिल और कार्रवाई

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने लंबे समय से बिल जमा नहीं किया है, उनके कनेक्शन काटने में अब कोई ढिलाई नहीं होगी। पोस्टपेड मीटर वाले लगभग 10 लाख उपभोक्ताओं का बिल बकाया है। अगर कोई उपभोक्ता पूरा बिल एक साथ नहीं भर सकता, तो वह अपने क्षेत्रीय कार्यपालक अभियंता (EE) से आवेदन करके किस्तों में भुगतान की सुविधा ले सकता है। अन्यथा बिना सूचना के डायरेक्ट डिस्कनेक्शन किया जाएगा।

ब्याज और अतिरिक्त शुल्क

बकाया बिल पर अब हर महीने 1.5% का ब्याज लगाया जाएगा, यानी सालाना करीब 18%। डिस्कनेक्शन होने के बाद उपभोक्ताओं को न केवल पूरा बकाया भरना होगा, बल्कि डिस्कनेक्शन और री-कनेक्शन शुल्क भी अलग से देना होगा।

किस्त और छूट की सुविधा

वित्तीय तंगी में फंसे उपभोक्ताओं के लिए विभाग ने राहत का रास्ता रखा है।

बिल जारी होने के 15 दिनों के भीतर भुगतान करने पर 1.5% की छूट मिलेगी।

ऑनलाइन भुगतान पर 1% अतिरिक्त छूट।

ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार तीन महीने सही समय पर पेमेंट करने पर विशेष छूट।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर की सख्त जांच

राज्य में 86 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के लिए भी नई जांच शुरू की जाएगी। विशेष ध्यान उन घरों पर रखा जाएगा, जहां बिजली चोरी या मीटर बाईपास की संभावना हो। डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफॉर्मर पर नए मीटर लगाए जाएंगे और ऑनलाइन मॉनिटरिंग होगी। अगर खपत और बिलिंग में अंतर पाया गया, तो 31 मार्च तक कार्रवाई की जा सकती है।

आसमान छू रहे सोने-चांदी के दाम, निवेशकों की चांदी-ही-चांदी!

नई दिल्ली। आज, 3 मार्च को होली के मौके पर भारत में घरेलू कमोडिटी बाजार यानी MCX बंद है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों में तेजी का सिलसिला जारी है। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और इजरायल-ईरान के बीच संभावित संघर्ष की खबरों ने वैश्विक बाजारों में हलचल बढ़ा दी है।

सोना लगातार रिकॉर्ड स्तर पर

इजरायल और ईरान के बीच हवाई हमलों और युद्ध के गहराने की आशंका के बीच सोने की कीमतों ने लगातार पांचवें दिन उछाल दिखाया। ग्लोबल मार्केट में स्पॉट गोल्ड 1% बढ़कर 5,377 डॉलर प्रति औंस पर पहुँच गया, जबकि अमेरिकी बाजार में सोना 1.5% उछलकर 5,391 डॉलर के स्तर को पार कर गया।

चांदी की चमक भी बढ़ी

सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी मजबूती दिखाई दे रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट सिल्वर 1.4% की बढ़त के साथ 90.67 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड कर रही है। भारत में चांदी की कीमतें 3,15,100 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुँच गई हैं।

हाल की स्थिति: MCX रेट्स

बीते दिन अप्रैल फ्यूचर्स सोना 1,61,199 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ, जिसमें एक ही दिन में 4,095 रुपये (2.53%) की बढ़त दर्ज की गई। चांदी भी 2,80,090 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुँच गई। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण चांदी की कीमतें जल्द ही 3 लाख रुपये प्रति किलो को पार कर सकती हैं।

शहरवार सोने की कीमतें

दिल्ली: 24 कैरेट सोना 17,065 रुपये प्रति ग्राम

मुंबई और कोलकाता: 17,050 रुपये प्रति ग्राम

चेन्नई: 24 कैरेट सोना 17,083 रुपये प्रति ग्राम

ईरान धुआं-धुआं! अमेरिका-इजरायल की बमबारी से मची तबाही

न्यूज डेस्क। पश्चिम एशिया में तनाव ने अब खुली सैन्य टकराव का रूप ले लिया है। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच शुरू हुआ संघर्ष तेजी से खाड़ी क्षेत्र के कई देशों तक फैल गया है। दोनों पक्षों की ओर से बड़े पैमाने पर हमले किए गए हैं, जिनके चलते सैन्य ठिकानों के साथ-साथ रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचने की खबरें हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के भीतर 1250 से अधिक ठिकानों पर कार्रवाई की है, जबकि इजरायल ने 250 से ज्यादा स्थानों को निशाना बनाया। जवाब में ईरान ने इजरायल और खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। हालात लगातार अस्थिर होते जा रहे हैं और क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहरा असर पड़ा है।

खाड़ी देशों तक पहुंची आग

ईरान की जवाबी कार्रवाई का असर खाड़ी के कई देशों में देखा गया। कतर की राजधानी दोहा, कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे, सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठान, संयुक्त अरब अमीरात के हवाई अड्डे और बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक सुविधाएं निशाने पर रहीं। जॉर्डन और साइप्रस में भी हमलों की सूचनाएं सामने आई हैं।

बढ़ती हताहतों की संख्या

ईरान की राजधानी तेहरान में बड़े धमाकों और सैन्य प्रतिष्ठानों पर हमलों से हालात गंभीर बताए जा रहे हैं। कई रिहायशी इलाकों को भी नुकसान पहुंचा है। ईरान के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े परिसरों पर हमले की खबरों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।

अमेरिका की अतिरिक्त सैन्य तैयारी

अमेरिकी रक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि क्षेत्र में अतिरिक्त सैनिक तैनात किए जा सकते हैं। वाशिंगटन की ओर से यह भी कहा गया है कि सभी विकल्प खुले हैं। इससे आशंका जताई जा रही है कि टकराव लंबा खिंच सकता है।

वैश्विक असर की बढ़ती आशंका

ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री मार्गों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर इस संघर्ष का सीधा प्रभाव पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात नहीं संभले तो यह टकराव व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल पश्चिम एशिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

केंद्र सरकार का नया फरमान, 1 अप्रैल से होगा लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने नए आयकर अधिनियम, 2025 के तहत नियमों और विभिन्न फॉर्म्स का मसौदा जारी कर दिया है। इन प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य टैक्स प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना, फर्जी दावों पर रोक लगाना और कंपनियों की जवाबदेही तय करना है। सरकार ने फिलहाल इन ड्राफ्ट नियमों पर हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ये प्रावधान 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होंगे।

एचआरए क्लेम में सख्ती

नए प्रावधानों के तहत हाउस रेंट अलाउंस (HRA) का दावा करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त जानकारी देनी होगी। प्रस्तावित फॉर्म 124 में किरायेदार को यह स्पष्ट करना होगा कि मकान मालिक के साथ उसका कोई पारिवारिक या व्यावसायिक संबंध तो नहीं है। सरकार का मानना है कि इससे रिश्तेदारों के नाम पर फर्जी किराया रसीदें दिखाकर टैक्स बचाने की प्रवृत्ति पर अंकुश लगेगा।

विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट

ड्राफ्ट में विदेशी आय पर टैक्स क्रेडिट (FTC) से जुड़े नियम भी सख्त किए गए हैं। प्रस्तावित फॉर्म 44 के तहत चार्टर्ड अकाउंटेंट को यह प्रमाणित करना होगा कि विदेशी टैक्स भुगतान, लागू विनिमय दर और दोहरे कराधान से बचाव संधि (DTAA) की शर्तों का सही अनुपालन हुआ है। इससे कंपनियों और ऑडिटरों दोनों की जिम्मेदारी बढ़ेगी और गलत दावों की संभावना कम होगी।

पैन आवेदन प्रक्रिया में भी बदलाव

कंपनियों के लिए स्थायी खाता संख्या (PAN) प्राप्त करने के नियमों को भी अधिक कड़ा किया जा रहा है। आवेदन करते समय कंपनी को यह घोषित करना होगा कि उसके नाम पर पहले से कोई अन्य पैन जारी नहीं है। यह कदम एक ही इकाई द्वारा कई पैन नंबर रखने की प्रवृत्ति को रोकने और कर डेटा को अधिक सटीक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

टैक्स ऑडिट में पारदर्शिता पर जोर

प्रस्तावित टैक्स ऑडिट फॉर्म 26 में ऑडिटरों को अधिक स्पष्ट रिपोर्टिंग करनी होगी। यदि खातों में कोई त्रुटि या विसंगति पाई जाती है, तो उसका आय या लाभ पर कितना प्रभाव पड़ा, यह विस्तार से बताना अनिवार्य होगा। इससे कंपनियों द्वारा मुनाफे या शेयर मूल्यांकन में की जाने वाली हेरफेर सीधे कर गणना में परिलक्षित होगी।

आईटी सिस्टम और डेटा की जानकारी अनिवार्य

डिजिटल लेन-देन के बढ़ते दायरे को देखते हुए कंपनियों को अपने अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर, सर्वर लोकेशन, क्लाउड स्टोरेज और डेटा बैकअप से जुड़ी जानकारी भी देनी होगी। विशेष रूप से भारत में स्थित बैकअप सर्वर का विवरण देना अनिवार्य किया जा रहा है। इससे डेटा सुरक्षा और नियामकीय निगरानी को मजबूती मिलेगी।

सरकार की ये तैयारी पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम

सरकार का कहना है कि इन बदलावों से कर प्रशासन अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनेगा। टैक्स चोरी पर अंकुश लगेगा और ईमानदार करदाताओं के लिए प्रणाली अधिक विश्वसनीय होगी। यदि तय समय पर अधिसूचना जारी होती है, तो 1 अप्रैल 2026 से देश की कर व्यवस्था एक नए ढांचे में प्रवेश करेगी।

बड़ी खुशखबरी! बिहार के 2 जिलों में खुलेंगे नए मेडिकल कॉलेज

पटना। बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहरसा और गोपालगंज में नए सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन संस्थानों का निर्माण लोक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर किया जाएगा, जिससे आधुनिक सुविधाओं और बेहतर प्रबंधन का रास्ता साफ होगा।

राज्य सरकार की योजना है कि मेडिकल शिक्षा और उन्नत इलाज की सुविधा अधिक से अधिक जिलों तक पहुंचे। इसी सोच के तहत उन जिलों को प्राथमिकता दी जा रही है जहां अब तक मेडिकल कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। नए कॉलेज खुलने से स्थानीय छात्रों को डॉक्टर बनने के लिए दूसरे शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा और मरीजों को भी बेहतर इलाज अपने ही जिले में मिल सकेगा।

PPP मॉडल से मिलेगा आधुनिक ढांचा

PPP मॉडल के जरिए सरकार निजी निवेश का सहयोग लेगी, जबकि नियंत्रण और नीतिगत दिशा सरकारी ही रहेगी। इससे अत्याधुनिक भवन, आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने का लक्ष्य है। सरकार चाहती है कि स्वास्थ्य ढांचा समयबद्ध तरीके से विकसित हो और गुणवत्ता से समझौता न हो।

गोपालगंज में जमीन चिह्नित

गोपालगंज जिले में मेडिकल कॉलेज के लिए मांझा प्रखंड में जमीन चयन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। जमीन स्वास्थ्य विभाग को सौंपने की कार्रवाई भी आगे बढ़ चुकी है। तकनीकी सर्वेक्षण के बाद निर्माण कार्य की औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि यह संस्थान भविष्य में जिले के लिए एक प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र के रूप में विकसित होगा।

सहरसा में भी तैयारी अंतिम चरण में

सहरसा में मेडिकल कॉलेज खोलने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। अब यहां भी योजना को मूर्त रूप देने की दिशा में तेजी आई है। राज्य सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में चरणबद्ध तरीके से ऐसे जिलों को कवर करना है, जहां मेडिकल कॉलेज नहीं हैं।

स्वास्थ्य और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा

इन नए मेडिकल कॉलेजों के शुरू होने से न केवल इलाज की सुविधा बेहतर होगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। डॉक्टर, नर्स, तकनीशियन और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों के लिए नए पद सृजित होंगे। साथ ही स्थानीय स्तर पर विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध होने से बड़े शहरों की ओर मरीजों का पलायन भी कम होगा।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य: इन 5 राशियों के लिए आ रही है खुशियों की बहार

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की चाल समय-समय पर राशियों के जीवन में बड़े बदलाव लेकर आती है। आने वाले दिनों में कुछ विशेष योग बन रहे हैं, जिनका सकारात्मक प्रभाव पांच राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। इन राशियों के लिए यह समय कमल की तरह खिलने वाला साबित हो सकता है, जहां मेहनत रंग लाएगी, रुके काम पूरे होंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय ऊर्जा और उत्साह से भरा रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त करेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और लाभ के अवसर मिलेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बना रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए धन लाभ के प्रबल योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि या नई नौकरी का प्रस्ताव मिल सकता है। अटके हुए काम पूरे होंगे। संपत्ति या वाहन खरीदने का विचार सफल हो सकता है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और सामाजिक सम्मान में वृद्धि होगी।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय सफलता का संकेत दे रहा है। नेतृत्व क्षमता के कारण कार्यस्थल पर आपकी सराहना होगी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे। आत्मविश्वास बढ़ेगा और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। लंबे समय से रुकी योजनाएं अब गति पकड़ेंगी। साझेदारी में काम कर रहे लोगों को लाभ मिलेगा। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता के योग हैं। पारिवारिक सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय आध्यात्मिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से शुभ है। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। नौकरी में स्थान परिवर्तन लाभकारी रहेगा। रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष पहचान मिल सकती है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा।

8वें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 4 बड़े अपडेट

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की सिफारिशें लगातार चर्चा में हैं। मार्च 2026 तक इसके 4 सबसे महत्वपूर्ण अपडेट सामने आए हैं, जो कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बड़े बदलाव का संकेत देते हैं।

1. वेतन वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर

कर्मचारी संगठन अब फिटमेंट फैक्टर को मौजूदा 2.57 से बढ़ाकर 3.25 करने की मांग कर रहे हैं। यदि यह मांग स्वीकार की जाती है, तो न्यूनतम मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹51,480 तक पहुंच सकता है। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, वेतन और पेंशन में कुल वृद्धि 30% से 34% तक होने की संभावना है।

2. 50% DA मर्जर और अंतरिम राहत

फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशंस (FNPO) ने आयोग से पत्र लिखकर 50% महंगाई भत्ते (DA) को मूल वेतन में मर्ज करने की मांग की है। इसे 1 जनवरी 2026 से "अंतरिम राहत" के रूप में लागू करने का आग्रह किया गया है, ताकि कर्मचारियों को तुरंत मुद्रास्फीति से राहत मिल सके।

3. आयोग का गठन और भर्ती प्रक्रिया

केंद्र सरकार ने आधिकारिक रूप से 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग ने अपनी टीम को मजबूत करने के लिए 11 विभिन्न पदों (डायरेक्टर, डिप्टी सेक्रेटरी आदि) के लिए आवेदन मांगे हैं। इच्छुक उम्मीदवार 9 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

4. लागू होने की तिथि और एरियर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएंगी। हालांकि वास्तविक कार्यान्वयन में लगभग 18 से 20 महीने का समय लग सकता है, लेकिन कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से बकाया (Arrears) मिलने की पूरी संभावना है।

इन अपडेट्स से स्पष्ट है कि केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में बड़े बदलाव आने वाले हैं। वेतन वृद्धि, DA मर्जर और एरियर भुगतान से कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है, जबकि आयोग के गठन और भर्ती प्रक्रिया से कार्यान्वयन तेज़ और पारदर्शी होगा।

चंद्रमा-केतु की युति: 5 राशियों के लिए खुल जाएंगे भाग्य के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 3 मार्च 2026 को सिंह राशि में चंद्रमा और केतु की युति बन रही है, जो विशेष रूप से पांच राशियों के लिए सौभाग्य और सफलता लेकर आएगी। इस ग्रहण योग के प्रभाव से पेशेवर जीवन, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत संबंधों में सुधार की संभावना है।

भाग्य प्रभावित होने वाली राशियाँ

ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस युति का असर सिंह, तुला, धनु, मकर और मिथुन राशियों पर सबसे अधिक होगा। इन राशियों के जातकों के लिए यह समय नए अवसर और लाभ लेकर आएगा।

राशियों के अनुसार प्रभाव

सिंह: करियर में नई सफलता के अवसर; पुराने रुके काम पूरे होंगे।

तुला: धन और आर्थिक स्थिति में सुधार; निवेश और नए अवसर लाभदायक रहेंगे।

धनु: सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा; परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मजबूत होंगे।

मकर: स्वास्थ्य और मानसिक शांति में लाभ; यात्रा या शिक्षा के अवसर प्राप्त होंगे।

मिथुन: व्यक्तिगत जीवन में खुशियाँ बढ़ेंगी; पुराने विवाद सुलझने की संभावना।

विशेष सुझाव

ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, इस दिन ध्यान, दान और शुभ कार्य करने से ग्रहों का प्रभाव और बढ़ता है। घर में साफ-सफाई, लाल या पीले रंग का उपयोग और शुभ मुहूर्त में नए काम की शुरुआत लाभदायक मानी जाती है।

भारतीय रिज़र्व बैंक में बंपर भर्ती, 8 मार्च तक करें आवेदन

नई दिल्ली। भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने 2026 में सहायक पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया की घोषणा कर दी है। इस भर्ती में कुल 650 पदों भरे जाएंगे। स्नातक योग्यता वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 16 फरवरी 2026 से शुरू हो गई है और अंतिम तिथि 8 मार्च 2026 है। इच्छुक उम्मीदवार RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

पद का विवरण

पद का नाम: सहायक

पदों की संख्या: 650

वेतनमान: मूल वेतन ₹29,000, भत्तों सहित कुल वेतन लगभग ₹58,514 (एचआरए के बिना)

योग्यता: स्नातक डिग्री में न्यूनतम 50% अंक; अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति/दिव्यांग उम्मीदवारों के लिए पास प्रतिशत मान्य

आयु सीमा: 01/02/2026 को उम्मीदवार की आयु 20 से 28 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु में छूट की जानकारी के लिए नोटिश देखें।

भर्ती का महत्व

यह भर्ती खासतौर पर उन उम्मीदवारों के लिए सुनहरा अवसर है जो केंद्रीय बैंक में स्थायी नौकरी की तलाश में हैं। सहायक पद पर नियुक्त उम्मीदवार बैंकिंग कार्यों के विभिन्न विभागों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

कैसे करें आवेदन

RBI की आधिकारिक वेबसाइट www.rbi.org.in पर जाएँ। “Recruitment” सेक्शन में सहायक पद के लिए लिंक चुनें। आवश्यक दस्तावेज़ अपलोड करके ऑनलाइन आवेदन पूरा करें। आवेदन शुल्क का भुगतान करें और प्रिंट आउट सुरक्षित रखें।

इस भर्ती के माध्यम से उम्मीदवार न केवल बैंकिंग क्षेत्र में करियर शुरू कर सकते हैं, बल्कि सरकारी नौकरी में स्थायित्व और उत्कृष्ट वेतनमान का लाभ भी उठा सकते हैं।

यूपी में लिंक एक्सप्रेस-वे के लिए टेंडर जारी, इन जिलों को खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना को विश्वस्तरीय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने लखनऊ लिंक एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिए हैं। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वांचल के बीच यात्रा को तेज, सुरक्षित और बाधारहित बनाएगी।

इस लिंक एक्सप्रेस-वे परियोजना का विवरण

लंबाई: 50.94 किलोमीटर

लेन: 6-लेन ग्रीनफील्ड, भविष्य में 8-लेन तक विस्तारित संभव

लागत: लगभग 2,864.82 करोड़ रुपये

समयसीमा: 36 महीने में पूरा करना लक्ष्य

दो बड़े एक्सप्रेसवे को जोड़ेगा नया कॉरिडोर

लखनऊ लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे और पूर्वांचल एक्सप्रेसवे को सीधे जोड़ देगा। यह कॉरिडोर आगरा–लखनऊ एक्सप्रेसवे के 294 किलोमीटर माइलस्टोन (जलियामऊ के पास) से शुरू होकर पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के 6 किलोमीटर प्वाइंट (रतिया मऊ के पास) तक पहुंचेगा।

पश्चिम से पूर्वांचल तक यात्रा होगी आसान

नए लिंक एक्सप्रेसवे के पूरा होने से आगरा, कानपुर, इटावा और पश्चिमी यूपी के अन्य जिलों से आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, बलिया और पूर्वांचल के क्षेत्रों तक सफर पहले से कहीं अधिक आसान और तेज़ होगा। लंबी दूरी तय करने में लगने वाला समय घटेगा और व्यापार, पर्यटन और क्षेत्रीय संपर्क को भी मजबूती मिलेगी।

निर्माण कार्य और मॉनिटरिंग

UPEIDA के अनुसार, निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा, जिसमें भूमि अधिग्रहण, संरचनात्मक निर्माण और सड़क विकास शामिल हैं। सरकार परियोजना की नियमित मॉनिटरिंग करेगी ताकि निर्धारित 36 महीने की समयसीमा में कार्य पूरा हो सके।

जनता के लिए लाभ

इस लिंक एक्सप्रेसवे के पूरा होने से न केवल यात्रा समय में कमी आएगी, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह परियोजना पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी, जिससे लोगों के लिए रोजमर्रा के आवागमन और माल ढुलाई दोनों आसान हो जाएंगे।

बिहार में बन रही 4 नई सड़कें, यात्रा होगी आसान और तेज़, जनता खुश!

पटना। बिहार में सड़क निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल की अध्यक्षता में चार प्रमुख सड़क परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इन परियोजनाओं का उद्देश्य आवागमन को आसान और सुरक्षित बनाना, साथ ही आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है।

1. मोकामा-मुंगेर फोरलेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे

लंबाई: 82.4 किलोमीटर

मार्ग: पटना के मोकामा से लखीसराय और शेखपुरा होते हुए मुंगेर तक

लागत: लगभग 4,447 करोड़ रुपये

स्थिति: भू-अर्जन में कुछ बाधाएं आ रही हैं, जिन्हें जल्द हल करने के निर्देश दिए गए हैं

लाभ: तेज़ और सुरक्षित यात्रा, आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि, क्षेत्रीय विकास

2. सीवान-मशरख सड़क परियोजना

लंबाई: 50.1 किलोमीटर (सीवान: 44.5 किमी, सारण: 5.6 किमी)

लागत: लगभग 1,399 करोड़ रुपये

स्थिति: कार्य की गति बढ़ाने और समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर जोर

लाभ: स्थानीय लोगों के लिए आसान आवागमन, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी में सुधार

3. बकरपुर-मानिकपुर सड़क परियोजना

लंबाई: 38.81 किलोमीटर

लागत: लगभग 1,422 करोड़ रुपये

विशेषता: पटना-बेतिया हाई स्पीड कॉरिडोर का हिस्सा

स्थिति: भू-अर्जन की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के निर्देश

लाभ: हाई स्पीड कनेक्टिविटी, आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा

4. महेंशखूंट-सहरसा-पूर्णिया सड़क परियोजना

स्थिति: अंतिम चरण में, 91 प्रतिशत काम पूरा

लक्ष्य: अप्रैल तक शेष कार्य पूरा करना

लाभ: बेहतर आवागमन, क्षेत्रीय संपर्क में सुधार, ग्रामीण और शहरी इलाकों में सुविधा

खुशखबरी: बिहार में 20,000 सेविका-सहायिका की बंपर बहाली

पटना। बिहार में 20,000 से अधिक सेविका और सहायिका की बहाली की प्रक्रिया शुरू होने वाला हैं। यह कदम न केवल पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों में रिक्त पदों को भरने के लिए है, बल्कि 18,000 नए केंद्रों की स्थापना की दिशा में भी महत्वपूर्ण है। इस मेगा भर्ती अभियान से राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के हजारों परिवारों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

1.14 लाख केंद्र, 18 हजार नए प्रस्तावित

वर्तमान में बिहार में कुल 1,14,000 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं। विभाग ने 18,000 नए केंद्रों की स्थापना के लिए अनुमति की प्रक्रिया शुरू कर दी है और उम्मीद है कि 31 मार्च तक इसका अनुमोदन हो जाएगा। पहले चरण में, अनुमोदन मिलने के बाद लगभग 9,000 नए केंद्रों पर बहाली प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

पुराने केंद्रों में रिक्त पदों को भरा जाएगा

पुराने 2,200 से अधिक केंद्रों में सेविका और सहायिका के रिक्त पद लंबे समय से खाली हैं। इन पदों को भरने के लिए चयन प्रक्रिया 1 अप्रैल से शुरू होगी। रिक्त पदों की पूर्ति से पोषण, प्रारंभिक शिक्षा और अन्य सेवाओं में सुधार आएगा।

नए केंद्रों के लिए स्थलों की पहचान

समाज कल्याण विभाग ने सभी CDPO (सहायक विकास अधिकारी) को निर्देश दिया है कि 10 मार्च से नए केंद्रों के लिए संभावित स्थलों की पहचान करें। प्राथमिकता उन इलाकों को दी जाएगी जहां आंगनबाड़ी केंद्र की कमी है और बच्चों को पोषण या प्रारंभिक शिक्षा के लिए लंबा सफर करना पड़ता है। जिलों से रिपोर्ट मिलने के बाद ही नए केंद्रों की स्थापना और भर्ती प्रक्रिया का रोडमैप तैयार किया जाएगा।

अप्रैल से चयन की प्रक्रिया शुरू

विभाग के मुताबिक, पहले से संचालित केंद्रों में रिक्त पदों को भरने के साथ-साथ नए केंद्रों में बहाली की प्रक्रिया अप्रैल से शुरू की जाएगी। यह महिलाओं के लिए स्थानीय स्तर पर नौकरी पाने का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। विभाग जल्द ही भर्ती से जुड़ी योग्यता और चयन मानदंडों की आधिकारिक जानकारी अपनी वेबसाइट पर जारी करेगा।

राज्य और समाज के लिए लाभ

इस भर्ती अभियान से न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि बच्चों को पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की बेहतर सुविधाएँ मिलेंगी। बिहार में यह पहल ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में समान रूप से लाभ पहुंचाएगी और महिला सशक्तिकरण को भी मजबूती देगी।

कर्मचारियों को तोहफा, BJP सरकार ने DA में की 3% की बढ़ोतरी,

भोपाल। होली के त्योहार से पहले मध्य प्रदेश की बीजेपी सरकार ने अपने कर्मचारियों के लिए एक खुशखबरी दी है। 2 मार्च 2026 को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में लिए गए निर्णय के अनुसार, राज्य सरकार ने अपने सभी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता (DA) 3 प्रतिशत बढ़ा दिया है। इस बढ़ोतरी के बाद अब कर्मचारियों को अप्रैल 2026 की सैलरी में 58% DA मिलेगा, जिसका भुगतान मई 2026 में किया जाएगा।

एरियर का भुगतान भी होगा आसान किश्तों में

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बताया कि जुलाई 2025 से मार्च 2026 तक का एरियर छह बराबर किश्तों में मई 2026 से दिया जाएगा। पेंशनभोगियों को जनवरी से फरवरी 2026 तक उनकी पेंशन पर भी 58% महंगाई भत्ता मिलेगा। उन्होंने अपने बयान में सभी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को होली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि किसान कल्याण वर्ष के तहत बड़वानी में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें कर्मचारियों और पेंशनर्स के हित में भी निर्णय शामिल हैं।

ट्रेजरी अधिकारियों को भी नई सुविधा

बीजेपी सरकार ने ट्रेजरी अधिकारियों के लिए भी राहत की घोषणा की है। अब वे काम के घंटों के दौरान किराए पर वाहन लेने की सुविधा प्राप्त करेंगे। फाइनेंस डिपार्टमेंट ने 1 अप्रैल 2026 से यह सुविधा लागू करने के आदेश जारी कर दिए हैं। ट्रेजरी अधिकारी राज्य के वित्तीय प्रबंधन के अहम स्तंभ होते हैं। वे बिलों की मंजूरी, पेंशन वितरण, वित्तीय रिकॉर्ड का रखरखाव और अकाउंटिंग नियमों के पालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए राहत

इस फैसले से मध्य प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आर्थिक राहत सुनिश्चित हुई है। महंगाई भत्ते में यह बढ़ोतरी उनके खर्चों को संतुलित करने और त्योहार के अवसर पर खुशियाँ बढ़ाने में सहायक होगी।

कल 6 ग्रहों का महासंयोग: 5 राशियों की किस्मत बदलेगी पूरी तरह!

राशिफल। ज्योतिष विशेषज्ञों के अनुसार कल, 6 ग्रहों का अद्भुत महासंयोग बन रहा है। यह संयोग विशेष रूप से पांच राशियों के जीवन में बड़े बदलाव और खुशियाँ लेकर आएगा। आर्थिक, पेशेवर और व्यक्तिगत जीवन में लाभ मिलने की पूरी संभावना है।

1. मेष राशि

मेष राशि वाले कल अपने करियर में नए अवसरों का लाभ उठाएंगे। नौकरीपेशा लोग पदोन्नति या बढ़ती जिम्मेदारियों का सामना सफलतापूर्वक करेंगे। व्यवसायियों के लिए लाभ का मार्ग खुलेगा और निवेश सफल साबित हो सकता है। प्रेम और पारिवारिक जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा।

2. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह समय भावनात्मक और आर्थिक दृष्टि से शुभ है। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे और लंबे समय से रुके काम आगे बढ़ेंगे। स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक शांति प्राप्त होगी।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह दिन सफलता और सम्मान लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे, और जो लोग सृजनात्मक या कला के क्षेत्र में हैं, उनके लिए विशेष सफलता संभव है। धन की स्थिति में भी सुधार होगा।

4. तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय सामाजिक और पेशेवर जीवन में उन्नति का है। लंबे समय से रुकी योजना पूरी हो सकती है और निवेश लाभदायक रहेगा। पारिवारिक संबंधों में सुख और सामंजस्य आएगा।

5. धनु राशि

धनु राशि वाले कल अपने भाग्य का पूर्ण लाभ उठाएंगे। धन और करियर में नई सफलता प्राप्त होगी। यात्रा करने या नए ज्ञान हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। व्यक्तिगत जीवन में प्रेम और सम्मान बढ़ेगा।

भाग्य बदलने वाला दिन: हनुमान जी की आशीष इन 6 राशियों के साथ

राशिफल। आज का दिन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत शुभ माना जा रहा है। हनुमान जी की कृपा इन 6 राशियों पर विशेष रूप से दृष्टि डाल रही है। यह समय नई शुरुआत, अवसरों और लाभ के लिए अनुकूल है। भाग्य के सितारे इन राशियों के लिए शुभ संदेश दे रहे हैं, जिससे जीवन में सुख, समृद्धि और सफलता का संचार होगा।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए आज का दिन खास रहेगा। घर में सुख-शांति का वातावरण बनेगा और कार्यक्षेत्र में नयी जिम्मेदारियों के साथ सम्मान मिलेगा। धन संबंधी लाभ भी होने की संभावना है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए आज हनुमान जी की कृपा से अचानक लाभ के मौके आएंगे। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और परिवार में आनंद का माहौल रहेगा। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दें।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को आज किसी महत्वपूर्ण निर्णय में सफलता मिलेगी। कार्यस्थल पर मेहनत का फल मिलेगा और निवेश संबंधी मामलों में लाभ की संभावना है।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए आज का दिन नई योजनाओं और सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। हनुमान जी की कृपा से जीवन में संतुलन और मानसिक शांति बनी रहेगी।

5. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को आज आर्थिक और सामाजिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा। नए अवसर हाथ आएंगे और आत्मविश्वास बढ़ेगा। धार्मिक कार्यों में भाग लेने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।

6. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए आज का दिन भाग्यशाली रहेगा। यात्रा के योग बन रहे हैं और व्यापार-व्यवसाय में लाभ संभव है। परिवार और मित्रों के साथ समय बिताने से मानसिक संतोष मिलेगा।

बेरोजगारी को कहो अलविदा! बिहार में इंटर पास के लिए बंपर भर्ती

पटना। बिहार में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए खुशखबरी है। राज्य सरकार की ओर से विभिन्न पदों पर भर्तियों का आयोजन किया गया है, जिससे इंटर पास उम्मीदवारों के लिए सरकारी नौकरी पाने का सुनहरा मौका है।

1. CSBC कांस्टेबल भर्ती 2026

संस्था: Central Selection Board of Constables (CSBC), बिहार

पद: कांस्टेबल

पदों की संख्या: 83

योग्यता: 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं

आवेदन की तिथि: 06 फरवरी 2026 से 05 मार्च 2026

आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन, CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in

इस भर्ती के माध्यम से चयनित उम्मीदवारों को राज्य पुलिस में कांस्टेबल के रूप में नियुक्त किया जाएगा। यह नौकरी स्थायी और अच्छे वेतन पैकेज के साथ आती है, जिससे बेरोजगार युवाओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर बन जाता है।

2. CSBC कांस्टेबल (ऑपरेटर) भर्ती 2026

संस्था: Central Selection Board of Constables (CSBC), बिहार

पद: कांस्टेबल (ऑपरेटर)

पदों की संख्या: 993

योग्यता: 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं

आवेदन की तिथि: 01 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026

आवेदन का माध्यम: ऑनलाइन, CSBC की आधिकारिक वेबसाइट csbc.bihar.gov.in

यह भर्ती विशेष रूप से तकनीकी दक्षता वाले उम्मीदवारों के लिए है, जिनके पास कंप्यूटर ऑपरेशन या संबंधित क्षेत्र में कौशल है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट शामिल होंगे।

8वां वेतन आयोग बनेगा गेमचेंजर! सैलरी और पेंशन में बड़ा फायदा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने 8th Pay Commission के गठन को मंजूरी दे दी है। अब इस आयोग से जुड़ी सिफारिशों पर सभी की नजरें टिकी हैं, क्योंकि माना जा रहा है कि यह वेतन और पेंशन संरचना में बड़ा बदलाव ला सकता है।

कब से लागू होंगी नई सिफारिशें?

आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। हालांकि सिफारिशें लागू होने में समय लग सकता है, लेकिन वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इसका मतलब है कि यदि रिपोर्ट में देरी भी होती है, तो कर्मचारियों को जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना रहेगी।

सैलरी में कितना हो सकता है इजाफा?

फिटमेंट फैक्टर इस पूरे बदलाव की कुंजी है। फिलहाल 7th Pay Commission के तहत यह 2.57 है। कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 2.86 से 3.68 के बीच करने की मांग कर रहे हैं। यदि 2.86 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹51,480 तक पहुंच सकती है। कुछ आकलनों में यह राशि ₹41,000 के आसपास भी बताई जा रही है। यानी एंट्री लेवल कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है।

पेंशनर्स को क्या मिलेगा फायदा?

सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, पेंशनभोगियों को भी बड़ा लाभ मिल सकता है। मौजूदा न्यूनतम पेंशन ₹9,000 है, जो नए आयोग के बाद ₹20,500 से ₹25,740 के बीच पहुंचने का अनुमान है। औसतन पेंशन में 20 से 30 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है।

महंगाई भत्ते का क्या होगा?

कर्मचारी संगठनों की एक अहम मांग यह भी है कि 50 प्रतिशत महंगाई भत्ता (DA) को मूल वेतन में मिला दिया जाए। यदि ऐसा होता है तो अन्य भत्तों जैसे HRA और TA की गणना भी बढ़े हुए बेसिक पर होगी, जिससे कुल सैलरी और अधिक बढ़ सकती है।

अन्य संभावित बदलाव

नए वेतन आयोग में ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने और विभिन्न भत्तों के पुनरीक्षण की भी संभावना जताई जा रही है। इससे न केवल वर्तमान कर्मचारियों को बल्कि सेवानिवृत्त कर्मियों को भी दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।

डिग्री है तो देर किस बात की? यूपी में निकली ताबड़तोड़ भर्तियां

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षित युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। Uttar Pradesh Pollution Control Board (UPPCB) ने वर्ष 2026 के लिए असिस्टेंट एनवायरनमेंटल इंजीनियर और असिस्टेंट साइंटिफिक ऑफिसर के पदों पर भर्ती की घोषणा की है। कुल 40 रिक्तियों के जरिए योग्य अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आने का मौका मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

असिस्टेंट एनवायरनमेंटल इंजीनियर

असिस्टेंट साइंटिफिक ऑफिसर। 

ये पद पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े महत्वपूर्ण दायित्व निभाते हैं। चयनित उम्मीदवारों को पे मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार वेतनमान दिया जाएगा, जो एक आकर्षक सैलरी पैकेज माना जाता है।

शैक्षणिक योग्यता क्या होगी?

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों के पास संबंधित विषयों में उपयुक्त डिग्री होना अनिवार्य है। केमिकल, सिविल या एनवायरनमेंटल इंजीनियरिंग में स्नातक डिग्री, या केमिस्ट्री, जूलॉजी, बॉटनी या बायोकेमिस्ट्री में मास्टर डिग्री अथवा डॉक्टरेट, साथ में संबंधित अनुभव। इसका अर्थ है कि विज्ञान पृष्ठभूमि वाले ग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट दोनों ही उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

आवेदन करने के लिए आयु

आवेदक की आयु 1 जुलाई 2025 के आधार पर 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु में छूट प्रदान की जाएगी।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवारों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन करना होगा। आवेदन प्रक्रिया 28 फरवरी 2026 से शुरू होकर 28 मार्च 2026 तक चलेगी। निर्धारित तिथि के बाद आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए अभ्यर्थियों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।

बिहार के गांव-गांव में खुशखबरी! किसानों के लिए खुला राहत का पिटारा

पटना। अगर आप गांव में रहकर अपना डेयरी व्यवसाय शुरू करना चाहते हैं लेकिन पूंजी की कमी रास्ता रोक रही है, तो अब चिंता की जरूरत नहीं है। बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक ऐसी पहल शुरू की है, जो खासतौर पर अनुसूचित जनजाति वर्ग के किसानों और बेरोजगार युवक-युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

आपको बता दें की राज्य के गव्य विकास निदेशालय के माध्यम से डेयरी फार्म विकास योजना चलाई जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को दूध उत्पादन से जोड़कर उनकी आय बढ़ाना और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराना है।

क्या है योजना की खास बात?

इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को दो दुधारू पशु या हिफर की डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए 100 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। यूनिट की कुल अनुमानित लागत ₹1,74,000 तय की गई है और यह पूरी राशि सरकार द्वारा दी जाएगी। यानी चयनित व्यक्ति को अपनी जेब से कोई राशि खर्च नहीं करनी होगी।

आवेदन प्रक्रिया और समयसीमा

योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के बीच अपने जिले के संबंधित कार्यालय में जाकर फॉर्म भर सकते हैं। आवेदन पत्र सावधानीपूर्वक भरना और सभी आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना जरूरी होगा, क्योंकि अधूरी या गलत जानकारी पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ पात्रता शर्तें निर्धारित की गई हैं:

आवेदक बिहार का स्थायी निवासी हो

आयु 18 से 55 वर्ष के बीच हो

अनुसूचित जनजाति वर्ग से संबंधित हो

किसान या शिक्षित बेरोजगार युवक/युवती हो

जरूरी दस्तावेज

आवेदन के साथ आधार कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, बैंक पासबुक की प्रति, पासपोर्ट साइज फोटो, शपथ पत्र, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र और संबंधित समिति या समूह की सदस्यता प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।

चयन में किसे मिलेगी प्राथमिकता?

चयन प्रक्रिया में उन आवेदकों को वरीयता दी जाएगी जिन्होंने विभागीय प्रशिक्षण प्राप्त किया हो या जो दुग्ध उत्पादक सहकारी समिति अथवा स्वयं सहायता समूह से जुड़े हों। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभ उन्हीं लोगों को मिले जो डेयरी व्यवसाय को गंभीरता से आगे बढ़ाना चाहते हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल

यह योजना न सिर्फ व्यक्तिगत आय बढ़ाने का अवसर है, बल्कि इससे गांवों में स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा। डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माना जाता है। ऐसे में 100 प्रतिशत अनुदान पर यूनिट स्थापित करने का मौका निश्चित ही बड़ी राहत साबित हो सकता है।

8वें वेतन आयोग: ग्रेड-पे 1900 वालों की कितनी होगी नेट सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। खासकर लेवल-2 (ग्रेड पे 1900) में आने वाले कर्मचारी यह जानने को उत्सुक हैं कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद उनकी सैलरी में कितना इजाफा होगा और आखिरकार हाथ में कितनी रकम आएगी। हालांकि सरकार की ओर से अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन संभावित फिटमेंट फैक्टर के आधार पर एक अनुमान जरूर लगाया जा सकता है।

वर्तमान में लेवल-2 कर्मचारियों का बेसिक पे ₹19,900 है, जो 7th Pay Commission की सिफारिशों के तहत तय किया गया था। अब चर्चा है कि 8th Pay Commission में फिटमेंट फैक्टर 1.90 से 2.86 के बीच हो सकता है। कई रिपोर्टों में 1.92 के आसपास का आंकड़ा संभावित माना जा रहा है। यदि 1.92 का फिटमेंट फैक्टर लागू होता है तो ₹19,900 का मौजूदा बेसिक बढ़कर लगभग ₹38,208 हो सकता है।

संशोधित बेसिक पे के साथ अन्य भत्ते भी जुड़ते हैं। मकान किराया भत्ता (HRA) शहर की श्रेणी के अनुसार तय होता है। अनुमान के तौर पर यह करीब ₹9,170 हो सकता है। वहीं यात्रा भत्ता (TA), जो शहर और पे-लेवल पर निर्भर करता है, लगभग ₹1,350 जोड़ा जा सकता है। इन सभी को मिलाकर कुल ग्रॉस सैलरी लगभग ₹48,728 तक पहुंच सकती है।

हालांकि ग्रॉस सैलरी ही अंतिम हाथ में आने वाली रकम नहीं होती। इसमें से कुछ अनिवार्य कटौतियां भी होती हैं। संशोधित बेसिक का 10 प्रतिशत राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत जमा किया जाता है, जो इस स्थिति में लगभग ₹3,821 बनता है। इसके अलावा CGHS का लगभग ₹250 का योगदान भी देना होता है। इन कटौतियों के बाद अनुमानित नेट सैलरी करीब ₹44,657 रह सकती है।

यह ध्यान रखना जरूरी है कि इस पूरी गणना में महंगाई भत्ता (DA) को शून्य माना गया है। परंपरा के अनुसार जब नया वेतन आयोग लागू होता है, तो DA को रीसेट कर दिया जाता है और फिर नई दरों के आधार पर इसकी गणना शुरू होती है। इसलिए शुरुआत में बेसिक और अन्य भत्तों के आधार पर ही सैलरी तय होती है।