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सुबह-सुबह पका पपीता खाया तो शरीर को मिलेंगे 7 गजब के फायदे, पेट से त्वचा तक दिखेगा असर!

हेल्थ डेस्क। पका पपीता स्वादिष्ट होने के साथ पोषक तत्वों से भरपूर फल है। इसमें फाइबर, विटामिन सी, विटामिन ए और कई एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। सुबह के नाश्ते में पपीते को शामिल करना संतुलित डाइट का हिस्सा हो सकता है। आइए जानते हैं इसके 7 बड़े फायदे।

1. पाचन को रखता है दुरुस्त

पपीते में मौजूद पपेन एंजाइम और फाइबर पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकते हैं। नियमित रूप से पर्याप्त फाइबर लेना पेट के स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

2. कब्ज की समस्या में मदद

पपीते में पानी और फाइबर की अच्छी मात्रा होती है। इसे पर्याप्त पानी और संतुलित आहार के साथ लेने से मल त्याग को आसान बनाने में मदद मिल सकती है।

3. इम्युनिटी को करता है सपोर्ट

विटामिन सी से भरपूर पपीता शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली को सहारा देता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट भी शरीर को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभाते हैं।

4. त्वचा के लिए फायदेमंद

पपीते में मौजूद विटामिन सी और कैरोटेनॉयड्स त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी पोषक तत्व हैं। संतुलित डाइट में इसका सेवन त्वचा को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

5. आंखों की सेहत के लिए अच्छा

पपीते में बीटा-कैरोटीन समेत कई कैरोटेनॉयड्स पाए जाते हैं। ये शरीर में विटामिन ए से जुड़े पोषण में योगदान करते हैं, जो सामान्य आंखों की सेहत के लिए जरूरी है।

6. दिल की सेहत को देता है सपोर्ट

फाइबर, पोटैशियम और एंटीऑक्सीडेंट जैसे पोषक तत्वों के कारण पपीता संतुलित आहार का हिस्सा बन सकता है। पर्याप्त फल और सब्जियां खाना हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है।

7. वजन नियंत्रित रखने में मददगार

पका पपीता अपेक्षाकृत कम कैलोरी और फाइबर वाला फल है। इसलिए इसे नाश्ते या दिन के किसी अन्य समय संतुलित मात्रा में खाने से पेट भरा हुआ महसूस हो सकता है और कुल कैलोरी सेवन को नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

रेलवे कर्मचारियों को खुशखबरी, प्रमोशन से जुड़े नियमों में हुआ बदलाव

नई दिल्ली। रेलवे में पदोन्नति का इंतजार कर रहे SC-ST कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। रेलवे बोर्ड ने गैर-सुरक्षा श्रेणी के पदों पर प्रमोशन को लेकर नियमों की स्थिति स्पष्ट कर दी है। नए निर्देशों के जरिए अंकों में मिलने वाली छूट और आरक्षित पदों को भरने की प्रक्रिया को लेकर जरूरी जानकारी दी गई है।

प्रमोशन के लिए अंकों में मिलेगी छूट

वरिष्ठता के आधार पर होने वाली पदोन्नति में SC-ST कर्मचारियों को सामान्य मानकों की तुलना में 10 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी। यह रियायत व्यावसायिक योग्यता के साथ-साथ कुल प्राप्त अंकों पर भी लागू होगी। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को मिल सकता है जो प्रमोशन के लिए जरूरी मानकों के करीब हैं।

अगर छूट देने के बाद भी आरक्षित पद खाली रह जाते हैं, तो ऐसे मामलों में 'बेस्ट अमंग द फेल्ड' व्यवस्था के तहत योग्य SC-ST कर्मचारियों पर विचार किया जा सकेगा। इसके लिए लिखित परीक्षा, मौखिक परीक्षा और सेवा रिकॉर्ड जैसे अलग-अलग चरणों में न्यूनतम अंक हासिल करना जरूरी रहेगा।

पहले तदर्थ प्रमोशन, फिर होगा रिव्यू

इस व्यवस्था के तहत प्रमोशन मिलने पर कर्मचारी की कार्यक्षमता को करीब छह महीने तक देखा जाएगा। प्रदर्शन संतोषजनक पाए जाने पर पदोन्नति को नियमित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकेगी।

LDCE में भी राहत जारी

30 प्रतिशत LDCE के जरिए होने वाली पदोन्नति में भी SC-ST कर्मचारियों के लिए अंकों से जुड़ी रियायत बरकरार रहेगी। हालांकि इस परीक्षा में 'बेस्ट अमंग द फेल्ड' का प्रावधान लागू नहीं होगा, क्योंकि यहां कर्मचारियों का चयन उनकी योग्यता के आधार पर किया जाता है।

रेलवे बोर्ड का यह फैसला प्रमोशन प्रक्रिया को लेकर बनी पुरानी असमंजस की स्थिति को दूर करने के साथ आरक्षित पदों को भरने में मदद कर सकता है। इससे पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे SC-ST रेलकर्मियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार की तैयारी, किसानों को जल्द मिलेगी खुशखबरी, 24वीं किस्त का इंतजार

नई दिल्ली। देश के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक मदद तीन किस्तों में दी जाती है। हर किस्त में 2,000 रुपये सीधे बैंक खाते में DBT के जरिए भेजे जाते हैं।

आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। अब 24वीं किस्त को लेकर किसानों की नजर सरकार की घोषणा पर है। फिलहाल इसकी आधिकारिक रिलीज डेट सामने नहीं आई है, लेकिन त्योहारों के आसपास किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है।

e-KYC पूरा होना जरूरी

24वीं किस्त का लाभ लेने के लिए किसानों को अपनी e-KYC जरूर पूरी रखनी चाहिए। इसके अलावा बैंक खाते का आधार से लिंक होना और भूमि संबंधी रिकॉर्ड सही होना भी जरूरी है। किसी तरह की जानकारी में गड़बड़ी होने पर किस्त अटक सकती है।

ऐसे चेक करें PM-KISAN स्टेटस

किसान PM-KISAN पोर्टल पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प के जरिए अपना स्टेटस देख सकते हैं। इसके लिए रजिस्ट्रेशन नंबर और OTP की जरूरत होगी। अगर रजिस्ट्रेशन नंबर याद नहीं है तो मोबाइल नंबर या आधार के जरिए भी इसे पता किया जा सकता है।

ऐसे में 24वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों को अभी से अपना e-KYC, बैंक खाता और जमीन का रिकॉर्ड जरूर जांच लेना चाहिए, ताकि किस्त जारी होने पर पैसा मिलने में कोई परेशानी न हो।

सूर्य और बुध की युति से चमकेगा इन 4 राशियों का भाग्य, करियर से धन तक मिलेगी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की युति का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ता है। 17 सितंबर 2026 को सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य राजयोग का निर्माण होने जा रहा है। सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान और नेतृत्व का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, वाणी, व्यापार और करियर से जुड़े परिणामों का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में दोनों ग्रहों की युति कुछ राशियों के लिए शुभ साबित हो सकती है।

इन 4 राशियों को मिलेगा लाभ

मेष राशि: 

इस युति से नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि: 

बुध आपकी राशि से विशेष संबंध रखता है, इसलिए यह समय आपके लिए लाभकारी हो सकता है। नई जिम्मेदारी, करियर में बदलाव या व्यापार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

सिंह राशि: 

सूर्य की मजबूत स्थिति आपके आत्मविश्वास को बढ़ा सकती है। नौकरी में तरक्की, अधिकारियों का सहयोग और मान-सम्मान मिलने के योग बन सकते हैं। आय के नए स्रोत भी सामने आ सकते हैं।

तुला राशि: 

इस दौरान आपकी वाणी और समझदारी से कई काम बन सकते हैं। व्यापार करने वालों को फायदा मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों को नई उपलब्धि हासिल होने के संकेत हैं।

यूपी सरकार का बड़ा प्लान, गांव-गांव के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गांवों को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास के लिए 600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य गांवों में शिक्षा, डिजिटल सुविधाओं और सामाजिक आयोजनों के लिए बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है।

गांव में बनेंगी डिजिटल लाइब्रेरी

ग्रामीण युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शहरों पर निर्भर न रहना पड़े, इसके लिए ग्राम पंचायत और वार्ड स्तर पर डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जाएंगी। इनके लिए 454 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यहां किताबों के साथ ई-बुक्स, डिजिटल स्टडी मैटेरियल और इंटरनेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

पंचायत भवन बनेंगे सामाजिक केंद्र

सरकार पंचायत भवनों को बहुउद्देशीय केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी में है। करीब 1000 बहुउद्देशीय पंचायत भवनों के निर्माण के लिए लगभग 57 करोड़ रुपये की व्यवस्था की जा रही है। वहीं शादी-विवाह और अन्य कार्यक्रमों के लिए ग्रामीण इलाकों में पंचायत उत्सव भवन और बारात घर भी बनाए जाएंगे।

रखरखाव पर भी रहेगी नजर

इन सुविधाओं के संचालन और रखरखाव के लिए SOP तैयार की गई है। भवन की साफ-सफाई, सुरक्षा, किताबों और डिजिटल उपकरणों की देखरेख के साथ नियमित निरीक्षण पर जोर दिया जाएगा। नागरिकों से फीडबैक लेने की व्यवस्था भी होगी।

इस योजना के जरिए गांवों में युवाओं को पढ़ाई और डिजिटल संसाधनों की सुविधा मिलने के साथ ही ग्रामीणों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर स्थान मिल सकेगा। इससे पंचायतें आने वाले समय में गांव के विकास और सामाजिक गतिविधियों का अहम केंद्र बन सकती हैं।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा, पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं को मिलेगी बंपर खुशखबरी

लखनऊ। गांव में रहकर डेयरी का कारोबार शुरू करने की सोच रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश सरकार पशुपालकों और ग्रामीण युवाओं को आधुनिक डेयरी यूनिट स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता दे रही है। नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के जरिए पात्र लाभार्थियों को डेयरी प्रोजेक्ट की लागत पर सब्सिडी का लाभ मिल सकता है।

25 गायों की डेयरी पर लाखों की मदद

योजना के तहत 25 दुधारू देसी गायों की यूनिट लगाने के लिए करीब 59 लाख रुपये तक की परियोजना लागत निर्धारित है। सरकार इसमें 50 प्रतिशत तक अनुदान, यानी लगभग 29.50 लाख रुपये तक की सहायता दे सकती है। साहीवाल, गिर, थारपारकर और गंगातीरी जैसी स्वदेशी नस्लों को इसमें शामिल किया गया है।

वहीं छोटे स्तर पर डेयरी शुरू करने वालों के लिए भी सहायता का प्रावधान है। 2 से 4 गायों वाली मिनी डेयरी के लिए भी आर्थिक मदद मिल सकती है।

तीन चरणों में मिलेगी सब्सिडी

सरकारी सहायता लाभार्थी को एकमुश्त नहीं बल्कि अलग-अलग चरणों में मिलती है। शुरुआती राशि डेयरी शेड और जरूरी ढांचा तैयार करने, अगली गायों की खरीद तथा अंतिम किस्त यूनिट के संचालन से जुड़ी शर्तें पूरी होने पर दी जाती है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

आवेदक का उत्तर प्रदेश का निवासी होना जरूरी है। डेयरी क्षेत्र में अनुभव रखने वालों को प्राथमिकता मिल सकती है, जबकि अनुभव नहीं होने पर मान्य संस्थान से प्रशिक्षण की जरूरत पड़ सकती है। बड़ी यूनिट के लिए पर्याप्त जमीन की व्यवस्था भी जरूरी होगी।

आवेदन के लिए पहचान, निवास, बैंक और जमीन से संबंधित जरूरी दस्तावेज तैयार रखने होंगे। आवेदन नंदबाबा दुग्ध मिशन के आधिकारिक पोर्टल से किया जा सकता है। ऑफलाइन आवेदन के लिए जिले के पशुपालन विभाग के संबंधित कार्यालय से संपर्क करने का विकल्प भी है।

बिहार सरकार ने दी बंपर सब्सिडी, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के प्याज उत्पादक किसानों के लिए राहत भरी खबर है। फसल तैयार होने के समय बाजार भाव कम होने पर किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर प्याज बेचना पड़ता है। इसी समस्या को कम करने के लिए सरकार ने प्याज के भंडारण गृह बनाने पर 50 से 75 प्रतिशत तक अनुदान देने की योजना शुरू की है।

इसका फायदा यह होगा कि किसान फसल को तुरंत बेचने के बजाय कुछ समय तक सुरक्षित रख सकेंगे। बाजार में भाव बेहतर होने पर प्याज बेचकर अधिक आमदनी हासिल करने का मौका मिलेगा।

25 और 50 मीट्रिक टन के बनेंगे स्टोरेज

सरकार की योजना के तहत किसानों के लिए 25 मीट्रिक टन और 50 मीट्रिक टन क्षमता वाले प्याज भंडारण गृह बनाए जा सकेंगे। इन स्टोरेज हाउस का निर्माण निर्धारित वैज्ञानिक मानकों के अनुसार करना होगा, ताकि प्याज लंबे समय तक खराब होने से बच सके।

भंडारण गृह में हवा के पर्याप्त आवागमन और नमी से बचाव की व्यवस्था जरूरी होगी। साथ ही स्टोर करने से पहले अच्छी गुणवत्ता वाले और पूरी तरह सूखे प्याज का चयन करना होगा।

कम भाव में बिक्री का दबाव होगा कम

प्याज की कीमत गिरने पर किसानों को अपनी उपज तुरंत बेचने की जरूरत कम होगी। वे बाजार की स्थिति के अनुसार बिक्री का समय तय कर सकेंगे। इससे बेहतर कीमत मिलने की संभावना बढ़ेगी और किसानों की आय में सुधार हो सकता है।

योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन और अनुदान से संबंधित जानकारी कृषि एवं बागवानी विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध कराई जाएगी।

बिहार में बिछेगा एक्सप्रेस-वे का जाल, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क परिवहन को नई रफ्तार देने के लिए कई बड़े एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पर काम आगे बढ़ रहा है। इन सड़कों के तैयार होने से राज्य के अलग-अलग हिस्सों के बीच सफर आसान होगा और बिहार का संपर्क उत्तर प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों से भी मजबूत होगा। बेहतर कनेक्टिविटी का फायदा खेती, व्यापार, पर्यटन और उद्योग को भी मिलने की उम्मीद है।

पटना-पूर्णिया एक्सप्रेसवे

पटना से पूर्णिया के बीच बनने वाला हाई-स्पीड कॉरिडोर उत्तर-पूर्वी बिहार के लिए काफी महत्वपूर्ण होगा। करीब 245-250 किलोमीटर की इस परियोजना से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होने की उम्मीद है। प्रस्तावित मार्ग में कई इंटरचेंज, पुल और अंडरपास होंगे। पूर्णिया एयरपोर्ट से बेहतर संपर्क बनने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी और मजबूत हो सकती है।

आमस-दरभंगा एक्सप्रेसवे

आमस-दरभंगा परियोजना गया क्षेत्र को उत्तर बिहार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। इसके रास्ते में औरंगाबाद, गया, जहानाबाद, पटना, वैशाली, समस्तीपुर और दरभंगा जैसे इलाके आएंगे। बोधगया और राजगीर को इससे जोड़ने की योजना पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को फायदा मिल सकता है।

रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे

नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाह से जोड़ने वाली यह परियोजना व्यापारिक दृष्टि से बेहद अहम हो सकती है। इसका बड़ा हिस्सा बिहार से होकर गुजरने का प्रस्ताव है। सड़क बनने के बाद नेपाल सीमा से बंदरगाह तक माल पहुंचाना आसान होगा और इससे परिवहन, कारोबार तथा औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे

करीब 336 किलोमीटर लंबा प्रस्तावित बक्सर-भागलपुर एक्सप्रेसवे दक्षिण बिहार के कई जिलों के लिए अहम माना जा रहा है। इसका मार्ग बक्सर, भोजपुर, अरवल, जहानाबाद, गया, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, मुंगेर, नवादा, जमुई, बांका और भागलपुर से जुड़ने की योजना है। इसके बनने से पश्चिमी बिहार से भागलपुर तक यात्रा का समय काफी कम हो सकता है।

गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी तक प्रस्तावित यह एक्सप्रेसवे बिहार के कई जिलों से होकर गुजरेगा। पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज जैसे जिले इससे लाभान्वित हो सकते हैं। इसके बनने से उत्तर भारत और पूर्वोत्तर के बीच सड़क संपर्क तेज होने के साथ बिहार के सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार और रोजगार के नए अवसर बनने की संभावना है।

CM सम्राट का ऐलान, इन शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा नया वेतनमान!

पटना। बिहार के वित्त रहित शिक्षकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान तैयार करने की व्यवस्था की जाएगी। इससे लंबे समय से वेतनमान की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों को राहत मिलने की संभावना है।

पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में शिक्षकों की भूमिका सबसे अहम है। सरकार का उद्देश्य शिक्षकों को बेहतर सुविधाएं देने के साथ-साथ राज्य की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाना है।

वित्त रहित शिक्षकों के लिए नया वेतनमान

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त रहित शिक्षकों के लिए सरकारी अनुदान और उनके आंतरिक संसाधनों को मिलाकर नया वेतनमान तैयार करने की दिशा में काम किया जाएगा। इस ऐलान से प्रदेश के बड़ी संख्या में वित्त रहित शिक्षकों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा मदरसा और संस्कृत विद्यालयों के शिक्षकों के बकाया वेतन का भुगतान सितंबर में किए जाने की बात भी कही गई।

शिक्षा व्यवस्था में होंगे कई बदलाव

सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में 551 मॉडल स्कूल शुरू किए जा चुके हैं और आगे करीब 700 मॉडल स्कूल विकसित करने का लक्ष्य है। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को नीट और जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी मदद दी जाएगी।

सरकार घर से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए लाइव क्लास की सुविधा बढ़ाने पर भी काम कर रही है। शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक तकनीक का प्रशिक्षण देने की योजना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के साथ परीक्षा और परिणाम व्यवस्था को भी तेज किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि मैट्रिक और प्लस टू के परिणाम परीक्षा खत्म होने के सात दिनों के भीतर जारी किए जाएं।

यूपी के 23 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी, रहें सावधान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बीते कुछ दिनों से मौसम लगातार करवट ले रहा है। कई इलाकों में बारिश का सिलसिला देखने को मिला है, लेकिन अब मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश जारी रह सकती है। इसके बाद मौसम के शुष्क होने की संभावना बढ़ जाएगी।

आज 23 जिलों में बारिश के आसार

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार रविवार को उत्तर प्रदेश के करीब 23 जिलों में बारिश देखने को मिल सकती है। पूर्वी और पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। हरदोई और अंबेडकरनगर समेत कई जिलों में मौसम खराब रह सकता है। बारिश के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

सोमवार को इन इलाकों में तेज बारिश

सोमवार को भी प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश का प्रभाव बना रह सकता है। बहराइच और लखीमपुर समेत पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लगभग आठ जिलों में तेज बारिश होने के आसार हैं। हालांकि सोमवार के बाद बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ने लगेंगी।

9 सितंबर से मौसम रहेगा शुष्क

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 9 सितंबर से उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में काफी कमी आ सकती है। इसके बाद कई जिलों में मौसम साफ रहने की संभावना है। बारिश का दौर थमने के बाद लोगों को उमस और गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

लखनऊ में भी बढ़ा तापमान

राजधानी लखनऊ में शनिवार को सुबह आसमान में बादल छाए रहे, लेकिन बाद में धूप निकलने के कारण तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई। शहर में अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो एक दिन पहले की तुलना में करीब तीन डिग्री अधिक था।

गजकेसरी योग से बदल जाएगी इन 4 राशियों की तकदीर, कल से शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की विशेष स्थिति से बनने वाले योगों का काफी महत्व माना जाता है। इन्हीं शुभ योगों में से एक गजकेसरी योग है। मान्यता है कि इस योग के प्रभाव से व्यक्ति को धन, मान-सम्मान, करियर और सफलता के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। कल बनने वाला यह योग कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहने वाला है।

गजकेसरी योग का प्रभाव जिन जातकों की कुंडली और ग्रह स्थिति के अनुकूल होता है, उन्हें अचानक अच्छे अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की के मौके मिल सकते हैं, वहीं कारोबारियों के लिए भी लाभ के नए रास्ते खुलने की संभावना रहती है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने के योग बन सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और परिवार में खुशी का माहौल रहेगा।

2. मिथुन राशि

गजकेसरी योग मिथुन राशि वालों के लिए भी काफी लाभदायक माना जा रहा है। इस दौरान आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार में कोई नई डील या प्रोजेक्ट लाभ पहुंचा सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी स्थिति बेहतर होने के संकेत हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। अचानक कहीं से धन लाभ भी मिल सकता है। निवेश करने वालों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं, हालांकि किसी भी निवेश से पहले पूरी जानकारी लेना जरूरी रहेगा। दांपत्य जीवन और पारिवारिक संबंधों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए गजकेसरी योग करियर और कारोबार में तरक्की के रास्ते खोल सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि की उम्मीद बन सकती है। कारोबारियों को नए ग्राहक और अच्छे अवसर मिल सकते हैं। यात्रा से भी लाभ मिलने के योग बन रहे हैं।

यूपी में फिर झूमकर बरसेंगे बादल, 8 सितंबर तक कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। कई इलाकों में बारिश का दौर जारी है और अब मानसून की सक्रियता बढ़ने से अगले कुछ दिनों में बारिश का दायरा और बढ़ सकता है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 6 से 8 सितंबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में मध्यम से तेज बारिश देखने को मिल सकती है।

23 जिलों में बारिश का अलर्ट

रविवार को प्रदेश के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें लखीमपुर खीरी, बहराइच, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, एटा, हाथरस, फिरोजाबाद, बिजनौर, अमरोहा, संभल, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, आगरा, इटावा, औरैया, मथुरा, अलीगढ़, कासगंज और बदायूं शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश के साथ गरज-चमक भी हो सकती है।

तराई और पूर्वी यूपी में भी असर

सोमवार को हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर और गोंडा में बारिश को लेकर अलर्ट है। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और तराई बेल्ट में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना जताई गई है।

मंगलवार से बारिश में आ सकती है कमी

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार सक्रिय मौसम तंत्र के प्रभाव से अगले दो दिनों तक कई जगह बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। हालांकि, मंगलवार से मौसम तंत्र कमजोर पड़ने के बाद बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने का अनुमान है। इस दौरान लोगों को गरज-चमक के समय खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे जाने से बचने की सलाह दी जाती है।

केंद्र सरकार की बड़ी योजना, गर्भवती महिलाओं के लिए खुशखबरी! मिलती है आर्थिक मदद

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराती है। योजना का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में मदद करना तथा काम से होने वाले संभावित आर्थिक नुकसान की भरपाई में सहयोग देना है।

पहले बच्चे पर मिलते हैं 5 हजार रुपये

योजना के तहत पात्र महिला को पहले बच्चे के लिए कुल 5,000 रुपये की सहायता दी जाती है। यह रकम निर्धारित शर्तें पूरी करने पर सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। वहीं, दूसरे बच्चे के लड़की होने की स्थिति में 6,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

PMMVY का लाभ पात्र गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को मिलता है। हालांकि, योजना में पात्रता की कुछ शर्तें लागू होती हैं और नियमित सरकारी नौकरी जैसी स्थितियों में लाभ नहीं मिलता। इसलिए आवेदन से पहले अपनी पात्रता जरूर जांचनी चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए महिला PMMVY के आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती है। इसके अलावा नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र से भी आवेदन प्रक्रिया की जानकारी ली जा सकती है।

योजना का उद्देश्य

सरकार का लक्ष्य आर्थिक सहायता के जरिए गर्भवती महिलाओं को बेहतर पोषण और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहित करना है, ताकि मां और बच्चे दोनों के स्वास्थ्य की बेहतर देखभाल हो सके। योजना की राशि और लाभ पाने के लिए निर्धारित शर्तों और दस्तावेजों को पूरा करना जरूरी है।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, जमीन मालिकों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार सरकार ने किसानों और जमीन मालिकों को बड़ी राहत देते हुए भूमि संपरिवर्तन कानून को समाप्त कर दिया है। अब कृषि भूमि का आवासीय या व्यावसायिक इस्तेमाल करने के लिए पुराने नियमों के तहत अलग से भूमि का कन्वर्जन कराने की जरूरत नहीं होगी। इससे जमीन के उपयोग में बदलाव की प्रक्रिया पहले के मुकाबले काफी आसान हो जाएगी।

एसडीओ कोर्ट से अनुमति की जरूरत नहीं

नई व्यवस्था लागू होने के बाद किसानों और उद्यमियों को जमीन का स्वरूप बदलने के लिए एसडीओ कोर्ट का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। पुरानी व्यवस्था में संपरिवर्तन के लिए शुल्क के साथ कई तरह की कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी पड़ती थीं। कानून खत्म होने से इस प्रक्रिया में समय और खर्च दोनों की बचत होगी।

कारोबार और उद्योग को मिल सकती है रफ्तार

सरकार का मानना है कि भूमि उपयोग से जुड़ी जटिल प्रक्रिया कम होने से राज्य में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण इलाकों में छोटे उद्योग, गोदाम, पेट्रोल पंप और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए जमीन का इस्तेमाल करना आसान हो सकता है। इससे निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।

राजस्व अदालतों में बढ़ेंगी डिजिटल सुविधाएं

संपरिवर्तन मामलों की सुनवाई के लिए एसडीओ कोर्ट में लगाए गए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग उपकरण अब राजस्व न्यायालयों में स्थानांतरित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य राजस्व अदालतों को आधुनिक और डिजिटल बनाना है।

नई व्यवस्था के तहत भूमि विवादों की सुनवाई ऑनलाइन माध्यम से भी की जा सकेगी। पक्षकार अपने दस्तावेज और साक्ष्य डिजिटल पोर्टल के जरिए जमा कर सकेंगे। इससे मामलों की सुनवाई में पारदर्शिता बढ़ने और लोगों को अदालतों के चक्कर कम लगाने पड़ने की उम्मीद है।

रोज खाएं एक मुट्ठी बादाम, 15 दिनों में शरीर में दिख सकते हैं ये 5 बड़े बदलाव!

हेल्थ डेस्क। बादाम को सेहतमंद डाइट का हिस्सा माना जाता है। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन-ई, मैग्नीशियम और मोनोअनसैचुरेटेड फैट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में बादाम खाने से शरीर को जरूरी पोषण मिल सकता है। हालांकि, किसी भी बदलाव का असर व्यक्ति की डाइट और स्वास्थ्य पर निर्भर करता है।

1. पेट ज्यादा देर तक भरा महसूस हो सकता है

बादाम में मौजूद फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट पेट को लंबे समय तक संतुष्ट रखने में मदद कर सकते हैं। इससे बार-बार स्नैकिंग और अनहेल्दी खाने की इच्छा कम हो सकती है।

2. पाचन को मिल सकता है सपोर्ट

बादाम में फाइबर मौजूद होता है, जो सामान्य पाचन और आंतों की सेहत के लिए उपयोगी माना जाता है। इसे संतुलित डाइट के साथ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

3. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

बादाम में मौजूद असंतृप्त वसा को हृदय के लिए बेहतर फैट माना जाता है। शोध में नट्स के नियमित सेवन और बेहतर हृदय स्वास्थ्य के बीच संबंध देखा गया है।

4. शरीर को मिल सकता है विटामिन-ई

बादाम विटामिन-ई का अच्छा स्रोत है। यह एक एंटीऑक्सीडेंट है, जो शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव नुकसान से बचाने में भूमिका निभाता है।

5. दिनभर की डाइट में पोषण बढ़ेगा

एक छोटी मुट्ठी बादाम से प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट और कई जरूरी माइक्रोन्यूट्रिएंट मिलते हैं। इसलिए इसे बिस्किट, चिप्स या दूसरे कम पौष्टिक स्नैक्स की जगह लेना बेहतर विकल्प हो सकता है।

सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। 17 सितंबर 2026 को सूर्य देव राशि परिवर्तन करते हुए कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और करियर का कारक माना जाता है। सूर्य के इस गोचर का असर सभी राशियों पर अलग-अलग देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार, इस दौरान 4 राशियों को विशेष लाभ मिलने के योग बन सकते हैं।

मेष राशि

सूर्य का गोचर मेष राशि के जातकों के लिए करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और काम की सराहना होने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होने और परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने के भी योग बन सकते हैं।

कन्या राशि

सूर्य का प्रवेश कन्या राशि में ही होने जा रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर खास माना जा सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में अपनी पहचान बनाने का मौका मिल सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में लाभ मिल सकता है। नौकरी में प्रगति के अवसर बन सकते हैं और कारोबार में कोई महत्वपूर्ण डील या नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। सामाजिक स्तर पर भी मान-सम्मान बढ़ने की संभावना है।

8वें वेतन आयोग: 4200 और 4600 ग्रेड-पे वालों की बढ़ेगी सैलरी? जानें संभावित आंकड़े

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चा बनी हुई है। खासतौर पर 4200 और 4600 ग्रेड-पे के पुराने ढांचे से जुड़े कर्मचारियों की नजर इस बात पर है कि नए वेतन आयोग में उनकी बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है। हालांकि, सरकार की ओर से अंतिम वेतन मैट्रिक्स और फिटमेंट फैक्टर घोषित नहीं किया गया है, इसलिए फिलहाल सामने आ रहे आंकड़े केवल अनुमान हैं।

4200 ग्रेड-पे वालों को कितना फायदा?

7वें वेतन आयोग में 4200 ग्रेड-पे को लेवल-6 से जोड़ा गया था और शुरुआती बेसिक पे ₹35,400 है। अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर के आधार पर अनुमान लगाया जाए तो 1.92 गुना पर बेसिक करीब ₹67,968, 2.28 गुना पर लगभग ₹80,712 और 2.86 गुना पर करीब ₹1,01,244 हो सकती है।

4600 ग्रेड-पे की संभावित सैलरी

4600 ग्रेड-पे वाले कर्मचारी 7वें वेतन आयोग में लेवल-7 के अंतर्गत आते हैं। इस लेवल की शुरुआती बेसिक सैलरी ₹44,900 है। अनुमान के मुताबिक 1.92 गुना फिटमेंट पर यह करीब ₹86,208, 2.28 गुना पर ₹1,02,372 और 2.86 गुना पर लगभग ₹1,28,414 तक पहुंच सकती है।

फिटमेंट फैक्टर पर टिकी नजर

8वें वेतन आयोग में वास्तविक बढ़ोतरी काफी हद तक फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगी। साथ ही नए वेतन ढांचे के लागू होने पर DA, HRA और दूसरे भत्तों की गणना भी नए बेसिक पे के आधार पर की जाएगी। इसलिए इन-हैंड सैलरी का आंकड़ा केवल बेसिक पे देखकर तय नहीं किया जा सकता।

रूस से 5 और S-400 लाएगा भारत, चीन-पाक की बढ़ी टेंशन!

नई दिल्ली। भारत अपनी वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की तैयारी में है। भारतीय वायुसेना के लिए रूस से पांच अतिरिक्त S-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीदने की प्रक्रिया आगे बढ़ गई है। भारत की ओर से जारी टेंडर के जवाब में रूस ने रक्षा मंत्रालय को अपना विस्तृत प्रस्ताव सौंप दिया है। इस संभावित सौदे की कीमत 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बताई जा रही है।

रूस ने सौदे के लिए दिया प्रस्ताव

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रूस के प्रस्ताव पर फिलहाल प्रक्रिया चल रही है। नए सिस्टम मिलने के बाद भारत की लंबी दूरी की वायु रक्षा क्षमता में और इजाफा होगा। प्रस्तावित S-400 की तैनाती देश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों मोर्चों पर किए जाने की संभावना है।

ऑपरेशन सिंदूर में दिखी थी ताकत

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान S-400 ने भारत की एयर डिफेंस व्यवस्था में अहम भूमिका निभाई थी। इसकी लंबी दूरी तक निगरानी और हवाई खतरों को रोकने की क्षमता ने पाकिस्तान की ओर से आने वाले संभावित हवाई हमलों के खिलाफ भारत को रणनीतिक बढ़त दी।

पहले सौदे की पांचवीं यूनिट जल्द

भारत और रूस के बीच 2018 में पांच S-400 स्क्वाड्रन के लिए समझौता हुआ था। इनमें से चार भारत को मिल चुके हैं, जबकि पांचवीं यूनिट की डिलीवरी नवंबर 2026 तक होने की उम्मीद है। नए सौदे के तहत आपूर्ति समझौते पर हस्ताक्षर के करीब तीन साल बाद शुरू होने की संभावना है।

इसके अलावा भारत S-400 के लिए 280 से अधिक अतिरिक्त मिसाइलें भी हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे देश की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

बैंक ऑफ बड़ौदा में 1100 पदों पर भर्ती, Wealth Executive से Credit Analyst तक मौका

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। Bank of Baroda (BoB) ने Wealth Executive और Credit Analyst समेत कुल 1,100 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इच्छुक उम्मीदवार तय समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

4 सितंबर से शुरू आवेदन

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 4 सितंबर 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 24 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।

21 से 33 साल उम्र जरूरी

भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार की उम्र 21 से 33 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना के लिए 1 सितंबर 2026 को कटऑफ डेट माना जाएगा। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

1100 पदों पर होगी नियुक्ति

Bank of Baroda की इस भर्ती में कुल 1,100 वैकेंसी हैं। इनमें 1,000 Wealth Executive और 100 Credit Analyst - C&IC पद शामिल हैं। नियुक्ति देश में बैंक की जरूरत के अनुसार विभिन्न स्थानों पर की जा सकती है।

देशभर में मिल सकती है पोस्टिंग

अभ्यर्थियों को ध्यान रखना होगा कि इन पदों पर चयन होने के बाद भारत में कहीं भी सेवा देने के लिए तैयार रहना होगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक भर्ती विज्ञापन में पदवार योग्यता, अनुभव, चयन प्रक्रिया और अन्य शर्तें जरूर देख लेनी चाहिए।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, सभी 38 जिलों में लागू, लोगों को खुशखबरी!

पटना: बिहार सरकार ने क्रीमीलेयर रहित यानी NCL प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया को आसान कर दिया है। अब पात्र लोगों को NCL प्रमाण पत्र के लिए पहले से अलग-अलग जाति, आवास और आय प्रमाण पत्र बनवाने की अनिवार्यता नहीं होगी। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को नई व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया है।

सीधे बन सकेगा NCL प्रमाण पत्र

सरकार के नए निर्देश के मुताबिक पात्र आवेदक सीधे NCL प्रमाण पत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे। इससे उन्हें पहले कई दस्तावेज बनवाने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी और प्रमाण पत्र तैयार कराने में लगने वाला समय भी कम हो सकता है।

NCL में दर्ज होगी जाति और आवास

NCL प्रमाण पत्र में आवेदक की जाति और पते से जुड़ी जानकारी भी दर्ज रहती है। ऐसे में सरकार के निर्देश के अनुसार इसे संबंधित मामलों में जाति और आवास प्रमाण पत्र के तौर पर भी मान्य किया जा सकता है।

माता-पिता की आय को लेकर भी राहत

NCL की आय सीमा तय करने में माता-पिता के वेतन और कृषि से होने वाली आय को जोड़ने को लेकर भी नियम स्पष्ट किए गए हैं। विभाग ने केंद्र सरकार के संबंधित दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा है।

सभी जिलों में लागू होगी यह पूरी व्यवस्था

सामान्य प्रशासन विभाग ने बिहार के सभी 38 जिलों के जिलाधिकारियों को निर्देश भेज दिए हैं। नई व्यवस्था से NCL प्रमाण पत्र बनवाने वाले पात्र लोगों को अलग-अलग प्रमाण पत्रों के लिए बार-बार आवेदन करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! 8वें वेतन आयोग में HRA में भारी बढ़ोतरी की मांग

नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ती जा रही हैं। इस बार कर्मचारी संगठनों ने वेतन बढ़ाने के साथ हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में भी बड़ी बढ़ोतरी की मांग रखी है। खास तौर पर X श्रेणी के शहरों में HRA को मौजूदा 30 फीसदी से बढ़ाकर 40 फीसदी करने का प्रस्ताव सामने आया है।

अभी कितना मिलता है HRA?

7वें वेतन आयोग के तहत लेवल-5 कर्मचारी का शुरुआती बेसिक पे 29,200 रुपये है। X श्रेणी के शहरों में 30 फीसदी HRA के हिसाब से करीब 8,760 रुपये प्रति माह मिलते हैं। HRA की दर शहर की श्रेणी और सरकारी नियमों के अनुसार अलग-अलग होती है।

8वें वेतन आयोग में क्या है मांग?

कर्मचारी संगठनों की मांग है कि नए वेतन आयोग में बेसिक पे को बढ़ाने के साथ HRA की दर में भी इजाफा किया जाए। प्रस्ताव के मुताबिक X कैटेगरी के शहरों में HRA 30 से बढ़ाकर 40 फीसदी किया जा सकता है। यदि प्रस्तावित बेसिक पे और HRA की दरें स्वीकार होती हैं तो लेवल-5 कर्मचारियों के भत्ते में मौजूदा व्यवस्था की तुलना में काफी बढ़ोतरी हो सकती है।

शहर के हिसाब से अलग होता है HRA

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए HRA शहर की श्रेणी के आधार पर तय होता है। X श्रेणी में अधिक, Y श्रेणी में उससे कम और Z श्रेणी में सबसे कम दर लागू होती है। इसलिए हर कर्मचारी को मिलने वाला HRA एक जैसा नहीं होता।

फिलहाल HRA बढ़ाने से जुड़े आंकड़े कर्मचारी संगठनों की मांग और प्रस्ताव हैं। 8वें वेतन आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही यह साफ होगा कि HRA में वास्तव में कितनी बढ़ोतरी होगी।

बिहार के किसानों को बड़ी खुशखबरी, सरकार दे रही बंपर सब्सिडी

पटना: बिहार के किसानों के लिए मखाने की खेती को लेकर अच्छी खबर है। मखाने की बढ़ती मांग को देखते हुए राज्य सरकार ने मखाना विकास योजना 2026-27 शुरू की है। इसके तहत किसानों को खेती से लेकर बीज, उपकरण और प्रोसेसिंग तक के लिए आर्थिक सहायता दी जा रही है।

खेती पर मिलेगा 75% अनुदान

योजना के तहत मखाना उत्पादन की प्रति हेक्टेयर निर्धारित लागत 97 हजार रुपये है। इस पर सरकार 75 फीसदी यानी 72,750 रुपये प्रति हेक्टेयर तक सहायता देती है। इसका लाभ राज्य के 16 चयनित जिलों के किसानों को मिल सकता है।

बीज और उपकरण पर भी मदद

उन्नत मखाना बीज की खरीद पर भी सब्सिडी का प्रावधान है। इसके अलावा खेती में इस्तेमाल होने वाली पारंपरिक उपकरण किट पर भी सरकार 75 फीसदी तक अनुदान दे रही है। इससे किसानों की शुरुआती लागत कम करने में मदद मिलेगी।

प्रोसेसिंग के लिए भी बड़ा फायदा

मखाना भूनने और पॉपिंग के लिए मशीन खरीदने पर 5 लाख रुपये तक का अनुदान मिल सकता है। वहीं बड़े स्तर पर प्रोसेसिंग यूनिट या मखाना आधारित कारोबार शुरू करने वालों के लिए भी योजना में आर्थिक सहायता का प्रावधान है।

ऐसे करें आवेदन की प्रक्रिया को पूरा

योजना का लाभ लेने के लिए किसान का बिहार कृषि विभाग के DBT पोर्टल पर पंजीकरण जरूरी है। किसान 0.1 से 2 हेक्टेयर तक जमीन पर योजना का लाभ ले सकते हैं। इच्छुक किसान उद्यान निदेशालय की वेबसाइट या बिहार कृषि ऐप के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

7 सितंबर से बदलेंगे ग्रहों के हालात, 17 सितंबर तक इन 5 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। सितंबर का दूसरा सप्ताह कुछ राशियों के लिए खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 7 सितंबर से 17 सितंबर 2026 के बीच ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है। इस अवधि में कुछ लोगों को करियर, धन और कारोबार से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कोई बेहतर अवसर मिल सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने से आर्थिक स्थिति में भी सुधार की उम्मीद है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों को इस अवधि में अचानक कोई अच्छी खबर मिल सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के नए मौके मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए भी समय अनुकूल रहने की संभावना है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए 7 से 17 सितंबर के बीच ग्रहों का प्रभाव शुभ माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। धन से जुड़े मामलों में भी स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह अवधि नई शुरुआत के लिए बेहतर हो सकती है। नौकरी या कारोबार में बदलाव की योजना बना रहे हैं तो सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। परिवार से जुड़ी कोई अच्छी खबर भी मिल सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में फायदा मिल सकता है। पुरानी समस्या का समाधान होने के साथ आय के नए रास्ते खुलने की संभावना है। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

रूस का बड़ा ऐलान, अमेरिका के उड़े होश, भारत खुश!

नई दिल्ली: भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग को लेकर रूस ने बड़ा भरोसा जताया है। भारत में रूसी राजदूत डेनिस अलीपोव ने कहा है कि भारत ने कई मौकों पर अपने राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी है और बाहरी दबाव के बावजूद अपने फैसलों पर कायम रहा है।

भारत की जरूरत के हिसाब से तेल सप्लाई

रूसी राजदूत के मुताबिक, रूस भारत की जरूरत के अनुसार कच्चे तेल की आपूर्ति जारी रखने में रुचि रखता है। उन्होंने कहा कि भारत को जितनी मात्रा में तेल की आवश्यकता होगी, रूस उतनी सप्लाई करने के लिए तैयार है। हालांकि, प्रतिबंधों और टैरिफ जैसी नीतियां दोनों देशों के ऊर्जा कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं।

रूसी तेल हटाना आसान नहीं

अलीपोव ने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार से रूसी तेल को पूरी तरह हटाने की कोशिश का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है। रूस का मानना है कि उसकी तेल आपूर्ति को नजरअंदाज करना मौजूदा बाजार परिस्थितियों में आसान नहीं है।

भारत के लिए क्यों अहम है रूस?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमत और सप्लाई में किसी भी बड़े बदलाव का सीधा असर देश की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा लागत पर पड़ सकता है। रूस से मिलने वाला तेल भारत के लिए सप्लाई के साथ-साथ लागत के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत-रूस ऊर्जा सहयोग ऐसे समय में चर्चा में है, जब तेल कारोबार पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और टैरिफ को लेकर दबाव बना हुआ है। ऐसे में रूस का भारत को जरूरत के मुताबिक तेल उपलब्ध कराने का बयान दोनों देशों के रिश्तों के लिए अहम माना जा रहा है।

केंद्रीय कर्मचारी होंगे मालामाल! 4% बढ़ेगा DA, जल्द मिलेगी खुशखबरी!

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर बड़ी खबर सामने आ रही है। जुलाई 2026 के वेतन चक्र के लिए DA में 4 फीसदी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। अगर सरकार इस बढ़ोतरी को मंजूरी देती है तो महंगाई भत्ता 60 फीसदी से बढ़कर 64 फीसदी हो जाएगा।

AICPI-IW आंकड़ों से बढ़ी उम्मीद

DA में बदलाव का आधार ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स फॉर इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के आंकड़े होते हैं। जुलाई 2026 में इंडेक्स में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी वजह से महंगाई भत्ते में 4 फीसदी इजाफे की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

कब हो सकता है ऐलान?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अक्टूबर 2026 में DA बढ़ोतरी का ऐलान कर सकती है। आमतौर पर घोषणा जुलाई से लागू मानी जाती है। ऐसे में कर्मचारियों को जुलाई से सितंबर तक का बकाया एरियर भी मिल सकता है।

सैलरी और पेंशन में कितना असर?

DA बढ़ने के बाद कर्मचारियों की कुल सैलरी और पेंशन में भी इजाफा होगा। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी हर कर्मचारी के बेसिक पे या पेंशन के आधार पर अलग-अलग होगी।

फिलहाल 4 फीसदी बढ़ोतरी को लेकर अंतिम सरकारी घोषणा का इंतजार है। इसके बाद ही यह साफ होगा कि DA वास्तव में 64 फीसदी किया जाता है या नहीं।

8वें वेतन आयोग के 10 महीने पूरे, कर्मचारियों के लिए 10 बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें वेतन आयोग पर टिकी हुई है। आयोग के गठन को करीब 10 महीने पूरे हो चुके हैं और इस दौरान कर्मचारी संगठनों से सुझाव लेने के साथ कई बैठकें और राज्यों के दौरे भी हुए हैं। हालांकि, नई सैलरी, पेंशन और फिटमेंट फैक्टर पर अभी अंतिम फैसला नहीं हुआ है।

1. आयोग कब बना?

8वें वेतन आयोग के टर्म ऑफ रेफरेंस को 28 अक्टूबर 2025 को मंजूरी मिली थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को आयोग का गठन हुआ। आयोग की अध्यक्षता जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं और रिपोर्ट के लिए 18 महीने का समय दिया गया है।

2. बैठकों और दौरों का सिलसिला जारी

आयोग कर्मचारी संगठनों और दूसरे हितधारकों से सुझाव ले रहा है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और जयपुर समेत कई जगहों पर बैठकें हो चुकी हैं। आने वाले दिनों में पुडुचेरी, चंडीगढ़ और बेंगलुरु में भी चर्चा प्रस्तावित है।

3. फिटमेंट फैक्टर पर बड़ी उम्मीद

फिटमेंट फैक्टर के जरिए मौजूदा बेसिक पे को संशोधित वेतन में बदला जाता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था। इस बार कर्मचारी संगठनों की ओर से 3.61 से 4.00 तक फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी गई है।

4. बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम बेसिक पे में बड़ी बढ़ोतरी का प्रस्ताव दिया है। कुछ संगठनों ने इसे 65,000 से 72,000 रुपये तक करने की मांग रखी है। फिलहाल ये मांगें हैं, सरकार की मंजूरी नहीं।

5. सालाना इंक्रीमेंट पर भी नजर

मौजूदा व्यवस्था में सालाना इंक्रीमेंट 3 फीसदी है। कुछ कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाकर 6 फीसदी करने की मांग कर रहे हैं।

6. पेंशनर्स को भी उम्मीद

8वें वेतन आयोग में पेंशन और विभिन्न भत्तों की समीक्षा भी अहम मुद्दा है। कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन पेंशन में बढ़ोतरी की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी कोई अंतिम आंकड़ा तय नहीं हुआ है।

7. रिपोर्ट कब आएगी?

आयोग को अपनी रिपोर्ट तय समय के भीतर सरकार को सौंपनी है। उपलब्ध कार्यक्रम के आधार पर 2027 में रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार सिफारिशों पर अंतिम फैसला करेगी।

8. नई सैलरी कब से लागू होगी?

नई वेतन व्यवस्था की वास्तविक लागू तारीख अभी तय नहीं है। आयोग की सिफारिशों के बाद ही सरकार इस पर निर्णय लेगी।

9. कर्मचारियों की नजर अगली बैठकों पर

आने वाले महीनों में होने वाली बैठकों में वेतन, भत्ते, पेंशन और दूसरी मांगों पर चर्चा आगे बढ़ सकती है। इसलिए कर्मचारियों के लिए ये बैठकें काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं।

10. अभी क्या समझें?

फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर जो आंकड़े सामने आ रहे हैं, वे कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं। अंतिम रकम और नियम सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होंगे।

भारत-रूस के बीच बड़ी डील की तैयारी? पाक के उड़े होश, चीन सन्न!

नई दिल्ली। दुनिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच भारत अपनी हवाई सुरक्षा को और मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में रूस से S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की 5 अतिरिक्त यूनिट खरीदने की प्रक्रिया में अहम प्रगति हुई है। रूस की ओर से इस सौदे के लिए लागत प्रस्ताव भारत को भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।

S-400 की कीमत पर होगी बातचीत

रूसी प्रस्ताव मिलने के बाद अब भारत की ओर से इसकी समीक्षा की जाएगी। इसके बाद दोनों देशों के बीच कीमत और अन्य शर्तों को लेकर बातचीत आगे बढ़ने की उम्मीद है। नई यूनिट की खरीद से भारत की एयर डिफेंस क्षमता में और इजाफा हो सकता है।

पहले भी हो चुका है बड़ा समझौता

आपको बता दें की भारत ने वर्ष 2018 में रूस के साथ S-400 की पांच यूनिट खरीदने का समझौता किया था। इन सिस्टम की डिलीवरी चरणबद्ध तरीके से हुई है। मौजूदा जानकारी के मुताबिक पिछली यूनिट की आपूर्ति नवंबर तक होने की उम्मीद है।

क्यों अहम है यह सौदा?

S-400 लंबी दूरी की हवाई सुरक्षा प्रणाली है, जिसे अलग-अलग प्रकार के हवाई खतरों से निपटने के लिए डिजाइन किया गया है। अतिरिक्त यूनिट मिलने से देश के महत्वपूर्ण इलाकों और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।

भारत एक ओर स्वदेशी एयर डिफेंस और मिसाइल तकनीक को बढ़ावा दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ जरूरत के मुताबिक अत्याधुनिक विदेशी प्रणालियां भी हासिल कर रहा है। ऐसे में रूस से S-400 की अतिरिक्त खरीद भारत की बहुस्तरीय हवाई सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा मानी जा रही है।