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भारत-रूस के बीच बनेगा नया ट्रेड रूट! पुतिन ने दिया बड़ा प्रस्ताव

नई दिल्ली। दुनिया के कई अहम समुद्री मार्गों पर बढ़ते तनाव के बीच भारत और रूस के बीच व्यापारिक कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में नई चर्चा सामने आई है। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ अंतरराष्ट्रीय ट्रांसपोर्ट और शिपिंग कॉरिडोर के इस्तेमाल को बढ़ाने की बात कही है। उनका कहना है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को केवल कारोबार तक सीमित न रखते हुए परिवहन नेटवर्क को भी मजबूत किया जा सकता है।

INSTC पर बढ़ रहा फोकस

इस योजना में इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) खास महत्व रखता है। यह मल्टीमॉडल नेटवर्क भारत को ईरान और रूस से जोड़ता है और इसमें समुद्री मार्ग के साथ रेल तथा सड़क नेटवर्क का भी इस्तेमाल होता है। इसका उद्देश्य यूरेशिया में माल ढुलाई को ज्यादा सुगम बनाना और पारंपरिक समुद्री मार्गों पर निर्भरता कम करना है। भारत और रूस पहले भी इस कॉरिडोर के इस्तेमाल को बढ़ाने पर सहमति जता चुके हैं।

ईरान की भूमिका अहम

कॉरिडोर को पूरी क्षमता से विकसित करने में ईरान की भूमिका महत्वपूर्ण है, क्योंकि रूट का एक बड़ा हिस्सा उसके क्षेत्र से गुजरता है। रूस ने इससे जुड़े बुनियादी ढांचे को आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय सहयोग की इच्छा जताई है। साथ ही, अजरबैजान से गुजरने वाले हिस्से में भी काम आगे बढ़ाने की बात सामने आई है।

भारत को क्या फायदा?

नए ट्रांसपोर्ट विकल्पों से भारत के लिए रूस और यूरेशिया के बाजारों तक पहुंच आसान हो सकती है। सामान की आवाजाही के लिए एक से ज्यादा रास्ते उपलब्ध होने से व्यापारिक जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है। भारत और रूस पहले ही INSTC, चेन्नई-व्लादिवोस्तोक समुद्री कॉरिडोर और नॉर्दर्न सी रूट जैसी कनेक्टिविटी परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर जोर दे चुके हैं।

ऐसे में पुतिन का ताजा प्रस्ताव भारत-रूस व्यापार के लिए नई कनेक्टिविटी को लेकर महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। हालांकि, इसे पूरी तरह लागू करने के लिए संबंधित देशों के बीच बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और अन्य लंबित मुद्दों पर आगे काम करना होगा।

ब्लड कैंसर होने पर शरीर देता है ये 5 संकेत! समय रहते पहचानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। ब्लड कैंसर एक गंभीर बीमारी है, जो रक्त बनाने वाले ऊतकों और कोशिकाओं को प्रभावित कर सकती है। इसकी शुरुआत में कुछ ऐसे बदलाव शरीर में नजर आ सकते हैं, जिन्हें लोग अक्सर सामान्य थकान या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, इन लक्षणों का मतलब हमेशा ब्लड कैंसर नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक बने रहने पर डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

1. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार थकान महसूस होना या सामान्य काम करने में भी कमजोरी लगना एक संकेत हो सकता है। खासकर जब यह समस्या लंबे समय तक बनी रहे और रोजमर्रा की गतिविधियां प्रभावित होने लगें।

2. बार-बार संक्रमण होना

अगर व्यक्ति को बार-बार संक्रमण हो रहा है या छोटी बीमारी से उबरने में सामान्य से ज्यादा समय लग रहा है, तो इसकी वजह प्रतिरक्षा प्रणाली से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।

3. बिना वजह वजन कम होना

डाइट या व्यायाम में कोई खास बदलाव किए बिना तेजी से वजन घटना भी ध्यान देने वाला लक्षण है। इसके पीछे कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, इसलिए लगातार वजन घटने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

4. आसानी से चोट या खून आना

बिना स्पष्ट कारण शरीर पर नीले निशान पड़ना, बार-बार नाक से खून आना या मामूली चोट में ज्यादा रक्तस्राव होना भी जांच की जरूरत का संकेत हो सकता है।

5. बुखार और रात में ज्यादा पसीना

बार-बार बुखार आना या रात में असामान्य रूप से ज्यादा पसीना आना भी कुछ प्रकार के ब्लड कैंसर में देखा जा सकता है। अगर इसके साथ कमजोरी या वजन कम होने जैसी समस्या भी हो, तो डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

कब कराएं जांच?

इनमें से कोई एक लक्षण होने का मतलब ब्लड कैंसर होना नहीं है। कई सामान्य संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं में भी ऐसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। लेकिन अगर लक्षण लगातार बने रहें, बार-बार लौटें या एक साथ कई संकेत दिखाई दें, तो डॉक्टर की सलाह लेकर जरूरी रक्त जांच कराना उचित है। समय पर जांच से बीमारी की सही वजह पता लगाने और जरूरत पड़ने पर उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।

4 अक्टूबर को बनेंगे 4 शुभ योग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 4 अक्टूबर 2026 का दिन कुछ राशियों के लिए खास रह सकता है। इस दिन परिघ योग दोपहर 12:31 बजे तक रहेगा और इसके बाद शिव योग शुरू होगा। इसके साथ ग्रहों की स्थिति से त्रिग्रही योग और महालक्ष्मी राजयोग बनने की भी बात कही जा रही है। इन शुभ संयोगों का प्रभाव कुछ राशि के जातकों के लिए लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह दिन कामकाज के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है। कारोबारियों को किसी पुराने प्रयास का फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए धन से जुड़े मामलों में दिन अनुकूल रह सकता है। अटका हुआ पैसा मिलने की उम्मीद बन सकती है। नौकरी या कारोबार में नई योजना पर काम शुरू करने का मौका मिल सकता है। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि वालों को करियर के क्षेत्र में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होने की संभावना है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए भी 4 अक्टूबर का दिन लाभकारी माना जा रहा है। नौकरी में तरक्की या आय बढ़ने से जुड़ी खबर मिल सकती है। व्यापार में किसी नई डील से फायदा हो सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ने की संभावना है।

छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी! CM योगी आज देंगे स्कॉलरशिप का तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कक्षा 9 से 12 तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति को लेकर राहत की खबर है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि मिलनी शुरू हो जाएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लोकभवन में आयोजित राज्यस्तरीय कार्यक्रम के जरिए छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे।

विद्यार्थियों को मिलेगा स्वीकृति प्रमाण पत्र

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति स्वीकृति प्रमाण पत्र भी प्रदान करेंगे। इसके साथ ही छात्रवृत्ति की रकम सीधे विद्यार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाएगी। इससे राशि के हस्तांतरण की प्रक्रिया सीधे बैंक खाते के माध्यम से पूरी होगी।

स्कूलों में भी होगा कार्यक्रम का प्रसारण

राज्यस्तरीय कार्यक्रम का प्रसारण प्रदेश के संबंधित विद्यालयों में भी किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी और स्कूल स्तर के अधिकारी इस कार्यक्रम से जुड़ सकें। जिलों में भी छात्रवृत्ति वितरण को लेकर तैयारियां की गई हैं।

जिलों में अधिकारियों की जिम्मेदारी

जिला स्तर पर जिला समाज कल्याण अधिकारी, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी और जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया में सहयोग करेंगे। जिला विद्यालय निरीक्षक के समन्वय से संबंधित विद्यालयों में विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति वितरण प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।

इस पहल से छात्रवृत्ति के पात्र विद्यार्थियों तक आर्थिक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विद्यार्थियों को सलाह है कि वे अपने आधार से जुड़े बैंक खाते की जानकारी और अन्य जरूरी विवरण सही रखें, ताकि राशि पहुंचने में अनावश्यक परेशानी न हो।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! फ्री में मिलेगा सरसों और मटर का बीज, ऐसे उठाएं लाभ

पटना। बिहार में बाढ़ और अधिक बारिश से प्रभावित किसानों के लिए रबी सीजन में सरकार की ओर से राहत की तैयारी की जा रही है। प्रभावित किसानों को राई, सरसों और मटर के बीज बिना कीमत के उपलब्ध कराने की योजना है। इसके साथ कुछ योजनाओं के तहत किसानों को नगद अनुदान का लाभ भी दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य खेती की लागत घटाने के साथ किसानों को दोबारा फसल उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना है।

18 जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

जानकारी के मुताबिक बाढ़ और अत्यधिक वर्षा से प्रदेश के 18 जिलों, 84 प्रखंडों और 653 पंचायतों में फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे क्षेत्रों में पात्र किसानों को रबी फसलों के लिए मुफ्त बीज उपलब्ध कराया जाएगा। बीज वितरण के लिए किसानों की पात्रता और निर्धारित मानकों के आधार पर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ऑनलाइन आवेदन और सत्यापन

बीज वितरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन आवेदन से जोड़ने की तैयारी है। आवेदन के बाद पात्रता का सत्यापन किया जाएगा, ताकि वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक योजना का लाभ पहुंच सके। इससे वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और अधिक किसानों को जोड़ने में मदद मिलने की उम्मीद है।

खेती के साथ बढ़ेगी आय पर भी नजर

सरकार का फोकस केवल रबी फसलों का उत्पादन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। फसल विविधीकरण के तहत दलहन और तिलहन के अलावा मखाना, मशरूम, मसाले और बागवानी फसलों का रकबा बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। वहीं, कम वर्षा वाले इलाकों में श्री अन्न की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए सहायता देने की योजना है।

समय पर गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध होने से किसानों को अगली फसल शुरू करने में मदद मिल सकती है। सरकार का लक्ष्य खेती को अधिक लाभकारी बनाते हुए किसानों की आय बढ़ाने के साथ बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में कृषि गतिविधियों को फिर से गति देना है।

भारत के इस ‘हथियार’ से अमेरिका सन्न! ताकत देखकर दुनिया भी हैरान

नई दिल्ली। भारत ने 27 मार्च 2019 को ‘मिशन शक्ति’ के जरिए अपनी एंटी-सैटेलाइट यानी A-SAT क्षमता का सफल प्रदर्शन किया था। ओडिशा के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम द्वीप से लॉन्च की गई इंटरसेप्टर मिसाइल ने लो अर्थ ऑर्बिट में मौजूद भारतीय सैटेलाइट को ‘हिट-टू-किल’ तकनीक से निशाना बनाया। इस उपलब्धि के बाद भारत ऐसी क्षमता रखने वाला दुनिया का चौथा देश बना।

अमेरिकी खुफिया तंत्र में मची थी हलचल?

मिशन शक्ति को लेकर हाल में पूर्व अमेरिकी खुफिया अधिकारी डेविड ग्रश ने पॉडकास्ट में अपना अनुभव साझा किया। उनके मुताबिक, जब भारत के A-SAT परीक्षण की जानकारी सामने आई तो अमेरिकी खुफिया अधिकारियों को इसकी पहले से जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि उस समय अमेरिकी नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफिस (NRO) के ऑपरेशन सेंटर में अधिकारी तेजी से जानकारी जुटाने और सैटेलाइट से बने मलबे की स्थिति का आकलन करने में लग गए थे।

भारत के लिए क्यों खास था मिशन?

आपको बता दें की मिशन शक्ति की सफलता ने भारत की स्वदेशी अंतरिक्ष-रक्षा तकनीक को प्रदर्शित किया। सरकार के अनुसार यह पूरा प्रयास स्वदेशी तकनीक पर आधारित था और इसका उद्देश्य अंतरिक्ष में मौजूद भारतीय संपत्तियों की सुरक्षा की क्षमता दिखाना था।

इस परीक्षण के बाद अंतरिक्ष में मलबे को लेकर भी चर्चा हुई। भारत ने कम ऊंचाई पर परीक्षण करने का विकल्प चुना था, ताकि उत्पन्न मलबा अपेक्षाकृत कम समय में वायुमंडल में वापस आ सके। वहीं, भारत की इस ताकत ने दुनिया को हैरान कर दिया।

मडुआ की रोटी खाने के 5 बड़े फायदे! शरीर को मिलेंगे ये गजब के लाभ

हेल्थ डेस्क। मडुआ यानी रागी को मोटे अनाजों में खास जगह मिली हुई है। इसमें फाइबर, कैल्शियम, आयरन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। मडुआ के आटे से बनी रोटी को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। हालांकि इसका फायदा व्यक्ति की पूरी डाइट और स्वास्थ्य स्थिति पर भी निर्भर करता है। आइए जानते हैं इसके पांच प्रमुख फायदे।

1. पाचन को रखे दुरुस्त

मडुआ में फाइबर की अच्छी मात्रा होती है, जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर रखने में मदद कर सकता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस हो सकता है।

2. हड्डियों के लिए उपयोगी

रागी कैल्शियम का अच्छा स्रोत माना जाता है। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन हड्डियों को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकता है।

3. वजन नियंत्रित रखने में मदद

फाइबर युक्त भोजन पेट को देर तक भरा रखने में सहायक होता है। ऐसे में मडुआ की रोटी बार-बार खाने की इच्छा को नियंत्रित करने में मदद कर सकती है और वजन प्रबंधन में उपयोगी हो सकती है।

4. आयरन से भरपूर है मडुआ 

मडुआ में आयरन भी पाया जाता है। शरीर में हीमोग्लोबिन के निर्माण के लिए आयरन जरूरी पोषक तत्व है, इसलिए संतुलित भोजन में मडुआ को शामिल किया जा सकता है।

5. ब्लड शुगर प्रबंधन में मददगार हो सकती है

मडुआ में मौजूद फाइबर और इसकी पोषण संरचना भोजन के बाद ब्लड शुगर के बढ़ने की गति को प्रभावित कर सकती है। लेकिन डायबिटीज वाले लोगों को मात्रा और पूरी डाइट का ध्यान रखना चाहिए।

यूपी के 70 हजार शिक्षकों के लिए खुशखबरी! प्रमोशन को मिली हरी झंडी

राशिफल। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग से जुड़े हजारों शिक्षकों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। 70 हजार से अधिक प्राथमिक शिक्षकों के प्रमोशन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की तैयारी है। लंबे समय से पदोन्नति का इंतजार कर रहे शिक्षकों को दिवाली से पहले इसका लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

सहायक अध्यापकों को मिल सकता है प्रमोशन

प्रमोशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्राथमिक विद्यालयों में तैनात सहायक अध्यापकों को प्रधानाध्यापक या जूनियर बेसिक स्कूल में सहायक अध्यापक के पद पर पदोन्नत किया जा सकता है। वहीं जूनियर स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को भी उनकी वरिष्ठता और नियमों के आधार पर उच्च पदों पर जाने का अवसर मिल सकता है। पदोन्नति के साथ वेतन में भी बदलाव होने की संभावना है।

वरिष्ठता सूची अब ऑनलाइन तैयार होगी

शिक्षकों की पदोन्नति में सबसे बड़ी अड़चनों में वरिष्ठता सूची को लेकर होने वाली समस्याएं रही हैं। अब प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। जिला स्तर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी वरिष्ठता सूची तैयार करेंगे। इसके बाद शिक्षकों को सूची पर आपत्ति दर्ज कराने का मौका दिया जाएगा और आपत्तियों के निस्तारण के बाद अंतिम सूची जारी की जाएगी।

12,405 पदों पर भर्ती भी जारी

इसी बीच प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 12,405 पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी चल रही है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर बताई गई है। भर्ती को लेकर अभ्यर्थी पदों की संख्या बढ़ाने की मांग भी कर रहे हैं। ऐसे में प्रमोशन और नई भर्ती, दोनों को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग की गतिविधियों पर शिक्षकों और अभ्यर्थियों की नजर बनी हुई है।

ब्लड प्रेशर बढ़ने के 5 बड़े संकेत! शरीर में दिखें ये लक्षण तो हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। हाई ब्लड प्रेशर को अक्सर बिना लक्षण वाली समस्या माना जाता है, लेकिन कुछ लोगों में BP बढ़ने पर शरीर कुछ संकेत दे सकता है। परेशानी यह है कि इन लक्षणों को सामान्य थकान या दूसरी वजहों से जोड़कर नजरअंदाज कर दिया जाता है। ऐसे में समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच कराना जरूरी है। शरीर में दिखने वाले इन पांच संकेतों पर खास ध्यान दें।

1. बार-बार सिरदर्द होना

ब्लड प्रेशर काफी बढ़ने पर कुछ लोगों को सिरदर्द की शिकायत हो सकती है। अगर सिरदर्द बार-बार हो रहा है या सामान्य से अलग महसूस हो रहा है, तो BP की जांच कराना उचित है।

2. चक्कर या असहज महसूस होना

अचानक चक्कर आना, कमजोरी लगना या शरीर का संतुलन बिगड़ने जैसा महसूस होना कई कारणों से हो सकता है। लगातार ऐसी शिकायत रहने पर चिकित्सकीय सलाह के साथ BP भी जरूर जांचें।

3. धुंधला दिखाई देना

बहुत अधिक बढ़े हुए रक्तचाप का असर आंखों की रक्त वाहिकाओं पर पड़ सकता है। नजर धुंधली होने या अचानक दृष्टि में बदलाव महसूस होने पर इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।

4. सांस लेने में परेशानी

कुछ गंभीर स्थितियों में बढ़ा हुआ BP हृदय और रक्त संचार पर दबाव डाल सकता है, जिससे सांस फूलने जैसी समस्या हो सकती है। ऐसी परेशानी अचानक या गंभीर हो तो तत्काल चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

5. सीने में दर्द या दबाव

सीने में दर्द, भारीपन या दबाव को केवल BP का लक्षण मानकर घर पर इंतजार नहीं करना चाहिए। यह हृदय से जुड़ी गंभीर समस्या का संकेत भी हो सकता है और ऐसी स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता जरूरी है।

केवल लक्षणों के आधार पर न करें पहचान

हाई ब्लड प्रेशर की पुष्टि सिर्फ लक्षणों से नहीं होती। कई लोगों में BP बढ़ने के बावजूद कोई स्पष्ट संकेत दिखाई नहीं देता। इसलिए नियमित BP जांच महत्वपूर्ण है। अगर रक्तचाप बहुत अधिक हो और साथ में सीने में दर्द, सांस लेने में गंभीर परेशानी, कमजोरी, बोलने में दिक्कत या नजर में अचानक बदलाव हो, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा! पूरे 9 दिन चलेगा नवरात्र, भक्तों पर बरसेगी सुख-समृद्धि

धर्म डेस्क। शारदीय नवरात्र की शुरुआत इस बार 11 अक्टूबर से होने जा रही है। अश्विन शुक्ल प्रतिपदा से शुरू होने वाला यह पर्व पूरे नौ दिनों तक चलेगा। खास बात यह है कि नवरात्र का आरंभ रविवार को चित्रा नक्षत्र में हो रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार सप्ताह के जिस दिन नवरात्र शुरू होता है, उसी के आधार पर देवी के वाहन का निर्धारण किया जाता है। रविवार के कारण इस बार मां दुर्गा का वाहन हाथी माना गया है।

सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है हाथी

धार्मिक मान्यता के अनुसार हाथी पर देवी का आगमन शुभ संकेत माना जाता है। धार्मिक परंपरा में हाथी को स्थिरता, वैभव और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से इस नवरात्र को सुख-समृद्धि और आर्थिक उन्नति की दृष्टि से विशेष माना जा रहा है।

नौ दिन तक होगी देवी की आराधना

11 अक्टूबर 2026 (रविवार): आश्विन शुक्ल प्रतिपदा: मां शैलपुत्री पूजा और घटस्थापना।

12 अक्टूबर 2026 (सोमवार): आश्विन शुक्ल द्वितीया: मां ब्रह्मचारिणी पूजा।

13 अक्टूबर 2026 (मंगलवार): आश्विन शुक्ल तृतीया: मां चंद्रघंटा पूजा।

14 अक्टूबर 2026 (बुधवार): आश्विन शुक्ल चतुर्थी: मां कूष्मांडा पूजा।

15 अक्टूबर 2026 (गुरुवार): आश्विन शुक्ल पंचमी: मां स्कंदमाता पूजा।

16 अक्टूबर 2026 (शुक्रवार): आश्विन शुक्ल षष्ठी: मां कात्यायनी पूजा।

17 अक्टूबर 2026 (शनिवार): आश्विन शुक्ल सप्तमी: मां कालरात्रि पूजा।

18 अक्टूबर 2026 (रविवार): आश्विन शुक्ल सप्तमी/अष्टमी: मां महागौरी पूजा और दुर्गा अष्टमी व्रत।

19 अक्टूबर 2026 (सोमवार): आश्विन शुक्ल अष्टमी/नवमी: मां सिद्धिदात्री पूजा, महाअष्टमी-नवमी पूजन और कन्या पूजन।

20 अक्टूबर 2026 (मंगलवार): आश्विन शुक्ल दशमी: विजयादशमी यानी दशहरा और दुर्गा विसर्जन।

कई शुभ योगों का भी संयोग

नवरात्र के दौरान कुछ विशेष योग भी बन रहे हैं। 14 अक्टूबर को चतुर्थी पर अमृत सिद्धि योग रहेगा। वहीं 18 अक्टूबर को सप्तमी और 19 अक्टूबर को महाअष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बताया गया है। इन तिथियों में रवियोग भी रहेगा। ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार ऐसे योगों में देवी आराधना के साथ भूमि, भवन, वाहन, आभूषण और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करना भी मंगलकारी माना जाता है।

यूपी में जमीन खरीदने से पहले सावधान! सिर्फ खतौनी नहीं, ये 7 दस्तावेज भी जरूर जांचें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने के दौरान सिर्फ विक्रेता की बातों या एक दस्तावेज के आधार पर फैसला लेना भारी पड़ सकता है। जमीन की असली स्थिति जानने के लिए अलग-अलग रिकॉर्ड को आपस में मिलाना जरूरी है। कई बार कागजों में दर्ज जानकारी और मौके पर मौजूद जमीन के विवरण में अंतर हो सकता है। इसलिए सौदा पक्का करने से पहले इन सात बातों की पड़ताल जरूर कर लें।

1. खतौनी से शुरू करें जांच

सबसे पहले मौजूदा राजस्व रिकॉर्ड में जमीन किसके नाम दर्ज है, यह देखें। खातेदार का नाम, खाता और गाटा संख्या के साथ जमीन का क्षेत्रफल भी जांच लें। विक्रेता की बताई जानकारी और रिकॉर्ड में अंतर हो तो उसे नजरअंदाज न करें।

2. जमीन की पिछली कहानी समझें

वर्तमान मालिक के पास जमीन पहुंची कैसे, इसका पता पुराने बैनामे या रजिस्ट्री से लगाया जा सकता है। पुराने दस्तावेजों को ध्यान से देखें और उनमें लिखी जमीन की पहचान को मौजूदा रिकॉर्ड से मिलाएं।

3. नाम बदलने का रिकॉर्ड देखें

जमीन के स्वामित्व में बदलाव के बाद राजस्व रिकॉर्ड में नामांतरण किया गया है या नहीं, इसकी जानकारी लेना जरूरी है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि पुराने कागजात और वर्तमान रिकॉर्ड के बीच बदलाव कब और किस आधार पर हुआ।

4. गाटा नंबर को ज्यादा महत्व दें

जमीन की पहचान में गाटा संख्या अहम होती है। दस्तावेजों में लिखे गाटा नंबर, रकबे और खाता संख्या का मिलान करें। सिर्फ मोहल्ले, गांव या आसपास की पहचान के आधार पर जमीन तय करना ठीक नहीं है।

5. नक्शे के साथ जमीन पर भी जाएं

कागजों में जमीन सही होने के बावजूद मौके की स्थिति अलग हो सकती है। भू-नक्शे में दर्ज स्थिति को वास्तविक जमीन से मिलाएं। उसकी चारों दिशाओं की सीमा और आसपास की जमीन भी देखकर संतुष्ट हों।

6. किसी दावे या बंधक की जानकारी लें

सौदा करने से पहले यह भी जांचें कि जमीन पर किसी तरह का कर्ज, बंधक या कानूनी विवाद तो नहीं चल रहा। अगर किसी मामले की जानकारी सामने आती है तो बिना कानूनी सलाह के आगे बढ़ने से बचें।

7. पंजीकरण रिकॉर्ड से अंतिम पुष्टि करें

जमीन के पुराने दस्तावेजों और उपलब्ध पंजीकरण संबंधी रिकॉर्ड में जानकारी का मिलान करें। खासकर ऐसी संपत्ति में यह जांच जरूरी है जिसे पहले कई बार बेचा जा चुका हो।

कागजों में गड़बड़ी दिखे तो रोक दें सौदा

अगर अलग-अलग दस्तावेजों में नाम, गाटा संख्या, क्षेत्रफल या जमीन की स्थिति को लेकर फर्क दिखाई दे तो तुरंत भुगतान करने की जल्दबाजी न करें। पहले रिकॉर्ड में अंतर की वजह स्पष्ट कराएं। जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग या कानूनी विशेषज्ञ से दस्तावेजों का सत्यापन कराने के बाद ही आगे बढ़ना समझदारी होगी।

8th पे कमिशन को लेकर नया अपडेट, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर काम लगातार आगे बढ़ रहा है। आयोग देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारियों व पेंशनर्स के संगठनों से बातचीत कर उनकी मांगों और सुझावों को समझ रहा है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और उसे गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें सरकार को देनी हैं।

पहली बड़ी खबर: राज्यों में बैठकें जारी

आयोग अब तक कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों का दौरा कर चुका है। इसी कड़ी में अगली बैठक 7 और 8 अक्टूबर 2026 को बेंगलुरु में होगी। इसके बाद 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में आयोग की बैठक प्रस्तावित है। इन बैठकों में संबंधित कर्मचारी और पेंशनर्स संगठन अपनी समस्याएं, मांगें और सुझाव आयोग के सामने रख सकते हैं।

दूसरी बड़ी खबर: रिपोर्ट की समयसीमा तय

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दूसरी अहम बात यह है कि आयोग की सिफारिशें देने की समयसीमा 18 महीने तय है। यानी आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार कर सरकार के सामने पेश करनी होगी। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी यह नहीं बताया गया है कि रिपोर्ट तय समयसीमा से पहले पेश होगी या अंतिम समयसीमा तक इंतजार किया जाएगा।

रिपोर्ट आने के बाद उसके आधार पर आगे का फैसला केंद्र सरकार करेगी। इसलिए फिलहाल वेतन, फिटमेंट फैक्टर या भत्तों में कितनी बढ़ोतरी होगी, इसे लेकर कोई अंतिम आंकड़ा सामने नहीं आया है। कर्मचारियों को आयोग की अंतिम सिफारिश और उसके बाद सरकार के फैसले का इंतजार करना होगा।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 8वें वेतन आयोग का 61% काम पूरा

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हुई है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और इसे अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग इसपर तेजी से काम कर रहा हैं।

61 फीसदी काम पूरा होने का दावा

आयोग की ओर से साझा की गई जानकारी के अनुसार, गठन के बाद से अब तक करीब 61 फीसदी काम पूरा हो चुका है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कर्मचारियों तथा पेंशनर्स से जुड़ी बैठकों और दौरों का सिलसिला भी चल रहा है। आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, चंडीगढ़ और पुडुचेरी का दौरा पूरा हो चुका है। वहीं, अक्टूबर में 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु और 22-23 अक्टूबर को मुंबई में आयोग की बैठकें निर्धारित हैं।

रिपोर्ट तैयार करने पर रहेगा फोकस

आयोग का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, अब रिपोर्ट को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी। अलग-अलग राज्यों और संगठनों से मिले सुझावों, मांगों और संबंधित जानकारियों को आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करते समय ध्यान में रखेगा।

3 मई 2027 तक देनी है रिपोर्ट

आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 3 मई 2027 तक की समयसीमा बताई गई है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे केंद्र सरकार के पास प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद सरकार आयोग की सिफारिशों की समीक्षा करेगी और आगे के निर्णय लिए जाएंगे।

हालांकि, अभी यह तय नहीं हुआ है कि रिपोर्ट किस तारीख को सरकार को सौंपी जाएगी। इसलिए कर्मचारियों के लिए वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी या नई वेतन संरचना को लेकर अंतिम तस्वीर आयोग की रिपोर्ट और उसके बाद सरकार के फैसले से ही स्पष्ट होगी।

4 से 8 सितंबर तक भाग्य का साथ! 4 राशियों को नौकरी-कारोबार में मिल सकता है लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 4 से 8 सितंबर के बीच कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। इस अवधि में ग्रहों की स्थिति का असर नौकरी, कारोबार और आर्थिक मामलों पर देखने को मिल सकता है। खासतौर पर मेष, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए लाभ के योग बताए जा रहे हैं।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह अवधि करियर के लिहाज से सकारात्मक रह सकती है। नौकरी में नई जिम्मेदारी या कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार करने वालों को अटके हुए काम में प्रगति मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा मिलने के योग बन सकते हैं। इस दौरान योजनाबद्ध तरीके से काम करना लाभकारी रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए 4 से 8 सितंबर के बीच करियर से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। नौकरी बदलने या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। कारोबार में किसी पुराने संपर्क से लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के अवसर भी सामने आ सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि कामकाज के लिहाज से खास रह सकती है। नौकरी में तरक्की या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार में रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं।

PM Kisan की अगली किस्त से पहले 4 बड़े नियम लागू! जानें किन किसानों को मिलेंगे ₹2,000

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) के लाभार्थी किसानों के लिए अगली किस्त से पहले जरूरी जानकारी सामने आई है। योजना के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं। अगली किस्त का लाभ पाने के लिए किसानों को अपने रिकॉर्ड और जरूरी सत्यापन पूरे रखने चाहिए।

1 .e-KYC है जरूरी: जिन किसानों की e-KYC पूरी नहीं है, उन्हें इसे जल्द पूरा करना चाहिए। किसान इसे PM-Kisan पोर्टल, मोबाइल ऐप के जरिए या नजदीकी CSC केंद्र पर जाकर करा सकते हैं।

2 .जमीन का रिकॉर्ड अपडेट रखें: किसान के नाम पर जमीन का रिकॉर्ड सही होना और Land Seeding की प्रक्रिया पूरी होना जरूरी है। जमीन से जुड़ी जानकारी में समस्या होने पर संबंधित राजस्व विभाग से संपर्क किया जा सकता है।

3 .आधार और बैंक खाते की जांच करें: किस्त के भुगतान में बैंक खाते और आधार से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण है। किसानों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि उनका बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय हो और जरूरी लिंकिंग सही तरीके से हुई हो।

4 .नाम और दस्तावेजों में एकरूपता: आधार, बैंक खाते और जमीन के रिकॉर्ड में नाम की जानकारी सही और आपस में मेल खाती होनी चाहिए। किसी तरह की गलती होने पर समय रहते उसे ठीक कराना बेहतर है।

ऐसे चेक करें अपना स्टेटस

किसान PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ‘Know Your Status’ विकल्प से अपनी जानकारी देख सकते हैं। यहां e-KYC, Land Seeding और भुगतान से जुड़ी स्थिति की जांच की जा सकती है। किसी जानकारी में कमी दिखाई दे तो संबंधित विभाग या बैंक से संपर्क करके उसे दुरुस्त कराना चाहिए।

यूपी में इन कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 50% तक बढ़ा वेतन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के जिला सहकारी बैंकों में लंबे समय से वेतन पुनरीक्षण का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। प्रदेश सरकार के निर्देश के बाद कई जिला सहकारी बैंकों में वेतन बढ़ाने की प्रक्रिया आगे बढ़ी है। उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (UPSCB) ने जौनपुर और बलिया के कर्मचारियों के वेतन पुनरीक्षण को मंजूरी दे दी है। इन दोनों बैंकों में करीब तीन दशक बाद वेतन में बदलाव किया गया है।

वहीं गाजीपुर और आजमगढ़ के जिला सहकारी बैंक कर्मचारियों के वेतन में भी संशोधन को स्वीकृति मिल चुकी है। इन दोनों बैंकों में करीब दो दशक बाद वेतन पुनरीक्षण हुआ है। जौनपुर और बलिया के कर्मचारियों को संशोधन के बाद 50 प्रतिशत तक वेतन वृद्धि, जबकि गाजीपुर और आजमगढ़ में करीब 26 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। स्वीकृत संशोधन का लाभ जुलाई से दिए जाने की बात कही गई है।

कई बैंकों की प्रक्रिया अभी लंबित

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश की 14 जिला सहकारी बैंकों में वेतन पुनरीक्षण को लेकर जुलाई में आदेश जारी किया गया था। इसके बाद अलग-अलग बैंकों की प्रबंध समितियों ने प्रस्ताव आगे बढ़ाए। हालांकि सभी बैंकों में प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

बहराइच, वाराणसी और हरदोई के प्रस्ताव UPSCB स्तर पर लंबित बताए गए हैं। वहीं देवरिया, सीतापुर, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर और सुल्तानपुर के मामले मंडलीय संयुक्त आयुक्त कार्यालय में हैं। गोरखपुर और अयोध्या के प्रस्ताव अभी बैंक प्रबंधन स्तर पर लंबित हैं।

UPSCB प्रबंधन के अनुसार कुछ अन्य जिला सहकारी बैंकों के वेतन पुनरीक्षण की मंजूरी का आदेश भी जल्द जारी किया जा सकता है। कर्मचारी संगठन ने बाकी बैंकों में भी प्रक्रिया जल्द पूरी करने की मांग की है। जिससे कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी, मुफ्त मिलेगा मछली पालन का प्रशिक्षण

पटना। बिहार में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए सरकार ने नई पहल की है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में करीब 10 हजार मत्स्य पालकों और मछुआरों को आधुनिक मछली पालन की तकनीक का निशुल्क प्रशिक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए मत्स्य प्रशिक्षण एवं प्रसार योजना के तहत आवेदन मांगे गए हैं।

इस योजना के तहत कुल 9,685 लाभार्थियों को राज्य के साथ-साथ देश के प्रमुख मत्स्य प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यक्रम के लिए 332 बैच निर्धारित किए गए हैं। प्रशिक्षण में आधुनिक तकनीक और नई मत्स्य पालन विधियों की जानकारी दी जाएगी, ताकि उत्पादन बढ़ने के साथ किसानों की आय में भी सुधार हो सके। प्रशिक्षण के लिए निबंधन शुल्क के अलावा लाभार्थियों से कोई अन्य राशि नहीं ली जाएगी।

अब तक 70 हजार से ज्यादा लोगों को प्रशिक्षण

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अब तक 70,221 मत्स्य पालकों को आधुनिक तकनीक का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जा चुका है। इनमें 52,485 लोगों ने राज्य के संस्थानों में और 17,726 ने राज्य के बाहर प्रशिक्षण लिया है। इसके अलावा 47,409 से अधिक मत्स्य पालकों को भ्रमण-दर्शन कार्यक्रम के माध्यम से आर्द्रभूमि और बायोफ्लॉक जैसी आधुनिक इकाइयों की जानकारी भी दी गई है।

बढ़ रहा बिहार का मछली उत्पादन

बिहार में मत्स्य उत्पादन में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024-25 में राज्य का मछली उत्पादन 9.69 लाख टन था, जो 2025-26 में बढ़कर 10.28 लाख टन हो गया। सरकार के अनुसार नए जल क्षेत्रों, तालाबों और आधुनिक सुविधाओं के विकास से मत्स्य पालन को विस्तार मिल रहा है। इसी दिशा में हजारों हेक्टेयर क्षेत्र में नए जल संसाधन और तालाब विकसित किए गए हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी, टेंशन होगी दूर!

नई दिल्ली। दलहन और तिलहन किसानों को उनकी फसल का उचित दाम दिलाने के लिए केंद्र सरकार खरीद व्यवस्था में बदलाव की तैयारी कर रही है। योजना के तहत अगर मंडी में किसी फसल का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से नीचे जाता है, तो किसानों को लंबे इंतजार से बचाने के लिए नेफेड और एनसीसीएफ सीधे मंडियों में खरीद शुरू कर सकेंगी।

फिलहाल पीएम-आशा की मूल्य समर्थन योजना के तहत एमएसपी पर खरीद राज्य सरकार के अनुरोध के बाद शुरू होती है। इस प्रक्रिया में बाजार भाव गिरने और सरकारी खरीद शुरू होने के बीच समय लग सकता है। सरकार इसी अंतर को कम करना चाहती है, ताकि किसानों को मजबूरी में कम कीमत पर अपनी उपज बेचनी न पड़े।

पहले से तैयार रहेगा खरीद का सिस्टम

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नेफेड और एनसीसीएफ को खरीद की बेहतर तैयारी के निर्देश दिए हैं। इसके तहत जिला स्तर पर फसल उत्पादन, मंडियों में संभावित आवक और भंडारण क्षमता का पहले से आकलन किया जाएगा। इससे फसल मंडी में पहुंचने से पहले ही खरीद की व्यवस्था तैयार रखने में मदद मिलेगी।

इस बदलाव का फायदा खासतौर पर दलहन और तिलहन उत्पादकों को मिल सकता है, क्योंकि इन फसलों के लिए धान और गेहूं की तुलना में सरकारी खरीद का नेटवर्क अभी सीमित है। सरकार का लक्ष्य 2030-31 तक दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता हासिल करना है।

वहीं तूर, उड़द और मसूर की पूरी उपज खरीदने की व्यवस्था पहले से मौजूद है। तिलहन के मामले में मूल्य अंतर भुगतान का विकल्प भी है, जिसके तहत एमएसपी और मंडी भाव के बीच का अंतर किसानों को दिया जाता है। इस फैसले से किसानों की टेंशन दूर होगी और उन्हें उचित मूल्य मिलेगा।

यूपी के किसानों के लिए खुशखबरी! अक्टूबर से शुरू होगी धान खरीद, जानें भाव

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के धान किसानों के लिए राहत भरी खबर है। किसानों से धान की सरकारी खरीद अक्टूबर से शुरू होने वाली है। इसके लिए एटा जिला स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। विभाग की ओर से खरीद केंद्रों की व्यवस्था, जरूरी संसाधन जुटाने और किसानों के पंजीकरण को लेकर काम किया जा रहा है।

जिले में बनाए जाएंगे 22 क्रय केंद्र

धान खरीद के लिए एटा जिले में कुल 22 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। इनमें से पांच केंद्र मंडी समिति परिसर में संचालित किए जाएंगे। इन केंद्रों के जरिए किसानों को अपनी उपज बेचने की सुविधा मिलेगी। मंडी क्षेत्र के आसपास रहने वाले किसानों के लिए वहां बनाए जाने वाले क्रय केंद्र खास तौर पर सुविधाजनक रहेंगे।

धान की सरकारी खरीद के भाव

इस बार धान की सरकारी खरीद के भाव में भी बढ़ोतरी की गई है। किसानों से धान की खरीद 2441 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी। पिछले साल किसानों को धान के लिए 2370 रुपये प्रति क्विंटल मिले थे। इस तरह इस बार पिछले वर्ष के मुकाबले 71 रुपये प्रति क्विंटल अधिक भाव मिलेगा।

किसानों के पंजीकरण पर जोर

सरकारी खरीद का लाभ लेने के लिए किसानों के पंजीकरण की प्रक्रिया पर भी जोर दिया जा रहा है। विभाग की ओर से किसानों से संपर्क कर उन्हें समय रहते पंजीकरण कराने के लिए जागरूक किया जा रहा है। इससे खरीद शुरू होने के बाद किसानों को अनावश्यक परेशानी से बचाने में मदद मिलेगी।

अधिकारियों के मुताबिक इस बार पिछले वर्ष की तुलना में खरीद व्यवस्था के लिए अधिक संसाधन जुटाए जाएंगे। क्रय केंद्रों के निर्धारण की प्रक्रिया चल रही है और अक्टूबर में खरीद शुरू करने की तैयारी की जा रही है। जिला विपणन विभाग के अनुसार किसानों को सरकारी खरीद व्यवस्था का लाभ दिलाने के लिए जरूरी तैयारियां समय से पूरी की जा रही हैं।

गुजरात में UCC लागू! शादी से लेकर विरासत तक बदलेंगे नियम, जानें क्या होगा नया

गांधीनगर। गुजरात में समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर बड़ा कानूनी बदलाव सामने आया है। गुजरात यूनिफॉर्म सिविल कोड, 2026 में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप से जुड़े मामलों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान किया गया है। गुजरात विधानसभा ने मार्च 2026 में इस विधेयक को पारित किया था।

विवाह और तलाक के नियमों में बदलाव

UCC के तहत विवाह के पंजीकरण और उससे जुड़े कानूनी मामलों के लिए एक समान प्रक्रिया का प्रावधान है। इसमें एकविवाह की व्यवस्था भी शामिल है, यानी पति या पत्नी के जीवित रहते दूसरा विवाह करने पर रोक रहेगी। तलाक से जुड़े मामलों के लिए भी समान कानूनी प्रावधान लागू होंगे।

लिव-इन रिलेशनशिप को भी कानून के दायरे में लाया गया है। निर्धारित प्रक्रिया के तहत ऐसे संबंधों का पंजीकरण कराने का प्रावधान किया गया है। इससे संबंधित अधिकारों और जिम्मेदारियों को भी कानूनी ढांचे में शामिल किया गया है।

बेटियों और बेटों के अधिकारों में समानता

उत्तराधिकार के मामलों में भी UCC के तहत समान नियम लागू करने का प्रावधान है। संपत्ति के उत्तराधिकार में बेटियों और बेटों को समान अधिकार देने की व्यवस्था की गई है। बिना वसीयत के मृत्यु होने पर जीवनसाथी, बच्चों और माता-पिता के उत्तराधिकार से जुड़े अधिकार भी कानून के अनुसार तय होंगे।

लिव-इन रिलेशनशिप से जन्म लेने वाले बच्चों और गोद लिए गए बच्चों के अधिकारों को भी कानूनी सुरक्षा देने की व्यवस्था इसमें शामिल है।

अनुसूचित जनजातियों को छूट

गुजरात UCC के प्रावधानों में अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों को छूट दी गई है। इसके पीछे आदिवासी समुदायों की पारंपरिक सामाजिक और वैवाहिक व्यवस्थाओं को ध्यान में रखने की बात कही गई है।

गुजरात विधानसभा में विधेयक पारित होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से भी इसकी पुष्टि हुई थी। गृह मंत्रालय ने 25 मार्च 2026 को विधेयक पारित होने पर गुजरात सरकार और समर्थन करने वाले विधायकों को बधाई दी थी।

इस कानून का विस्तृत असर इसके लागू होने की अधिसूचना और नियमों के अनुसार सामने आएगा। विधेयक के मूल पाठ में भी कहा गया है कि कानून को प्रभावी करने की तारीख राज्य सरकार राजपत्र में अधिसूचना के जरिए तय करेगी।

सीएम सम्राट का बड़ा ऐलान, बिहार की 1 करोड़ महिलाओं के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए ‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान शुरू किया गया है। सरकार ने वर्ष 2030 तक एक करोड़ अतिरिक्त जीविका दीदियों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए महिलाओं को स्वरोजगार, छोटे कारोबार, पशुपालन और बाजार से जोड़ने की योजना पर काम किया जा रहा है।

अभियान के तहत अगले पांच वर्षों में अलग-अलग सरकारी योजनाओं के संसाधनों को मिलाकर करीब 20 हजार करोड़ रुपये जुटाने की परिकल्पना की गई है। सरकार का जोर केवल आर्थिक मदद देने पर नहीं, बल्कि महिलाओं के लिए कमाई के ऐसे साधन तैयार करने पर है, जिनसे वे लंबे समय तक आय अर्जित कर सकें।

10 लाख महिला उद्यमियों को वित्तीय मदद

योजना के तहत करीब 10 लाख महिला उद्यमियों को बैंक और वित्तीय संस्थानों के माध्यम से कारोबार के लिए पांच लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की योजना है। इसका इस्तेमाल नया व्यवसाय शुरू करने या पहले से चल रहे काम को आगे बढ़ाने में किया जा सकता है। हालांकि, सहायता की राशि और पात्रता संबंधित योजनाओं के नियमों पर निर्भर करेगी।

पशुपालन से जुड़ेंगी लाखों महिलाएं

महिलाओं की आमदनी बढ़ाने के लिए पशुपालन को भी अभियान का अहम हिस्सा बनाया गया है। करीब 60 लाख महिलाओं को पशुपालन और इससे जुड़े छोटे उद्यमों से जोड़ने की योजना बताई गई है। इसके अलावा विनिर्माण और सूक्ष्म कारोबार के क्षेत्र में करीब 25 लाख महिला-केंद्रित उद्यम स्थापित करने का प्रस्ताव है।

जीविका से जुड़ी महिलाओं को मिलेगा विस्तार

‘समृद्ध महिला-समृद्ध बिहार’ अभियान को जीविका नेटवर्क के विस्तार से भी जोड़ा जा रहा है। सरकार का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को कारोबार, उत्पादन और बाजार की बेहतर सुविधाओं से जोड़कर उनकी आय में बढ़ोतरी करना है। इस पहल के जरिए ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्थायी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

शनि देव की कृपा से 4 राशियों को बड़ा फायदा! आज मिल सकती है खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है। शनि की स्थिति में बदलाव या उनकी अनुकूल स्थिति का प्रभाव अलग-अलग राशियों पर अलग तरह से पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आज मेष, मिथुन, तुला और मकर राशि के जातकों के लिए दिन सकारात्मक रह सकता है। इन राशियों को कामकाज और आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं।

मेष राशि: 

आज काम से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिल सकती है। लंबे समय से अटका हुआ कार्य आगे बढ़ने के योग हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

मिथुन राशि: 

नौकरी और व्यवसाय में परिस्थितियां अनुकूल रह सकती हैं। आय के नए स्रोत मिलने की संभावना बन सकती है। किसी महत्वपूर्ण काम में परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

तुला राशि: 

आज आर्थिक मामलों में राहत मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और कोई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। पुराने संपर्कों से फायदा मिल सकता है।

मकर राशि: 

शनि की राशि होने के कारण मकर जातकों के लिए दिन विशेष रह सकता है। करियर से जुड़ा कोई महत्वपूर्ण फैसला आपके पक्ष में जा सकता है। धन संबंधी मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

बिहार में इन शिक्षकों पर गिरेगी गाज, सेवा होगी समाप्त, मचा हड़कंप!

पटना। बिहार में अप्रशिक्षित प्रारंभिक शिक्षकों को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। विभाग ने ऐसे शिक्षकों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिनकी नियुक्ति 31 मार्च 2015 के बाद हुई और उनके पास निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता नहीं है। ऐसे मामलों में सेवा समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है।

प्राथमिक शिक्षा निदेशक निशांत विवेक की ओर से सभी जिलाधिकारियों को इस संबंध में निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने 31 मार्च 2015 को कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण कटऑफ माना है। वहीं इस तारीख को सेवा में मौजूद संबंधित अप्रशिक्षित शिक्षकों को निर्धारित प्रशिक्षण योग्यता पूरी करनी होगी।

पुराने शिक्षकों के लिए डीएलएड जरूरी

निर्देशों के अनुसार पात्र श्रेणी में आने वाले पुराने शिक्षकों को डीएलएड की योग्यता हासिल करनी होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इसके लिए 31 अगस्त 2028 तक की समयसीमा निर्धारित की गई है। संबंधित शिक्षकों को अपनी नियुक्ति की तारीख और सेवा रिकॉर्ड के आधार पर विभागीय नियमों को देखना होगा।

बर्खास्त शिक्षकों की बहाली का भी प्रावधान

विभागीय निर्देश में पहले बर्खास्त किए गए कुछ शिक्षकों का भी उल्लेख है। हाईकोर्ट के 30 मार्च 2024 के आदेश के बाद जिन अप्रशिक्षित शिक्षकों की सेवा समाप्त की गई थी, उन्हें नियमानुसार दोबारा सेवा में लेने की प्रक्रिया पर भी काम किया जाएगा। हालांकि बहाली संबंधित आदेश और पात्रता की शर्तों के आधार पर ही होगी।

शिक्षा विभाग ने डीएलएड परीक्षा के परिणाम जल्द जारी करने से जुड़े निर्देशों का भी उल्लेख किया है। ऐसे में प्रभावित शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण योग्यता और अपनी नियुक्ति से संबंधित दस्तावेजों को लेकर सतर्क रहना जरूरी है।

शिक्षकों के लिए क्यों जरूरी हुई प्रशिक्षण योग्यता?

आरटीई एक्ट 2009 के बाद प्रारंभिक विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए निर्धारित शैक्षणिक और प्रशिक्षण योग्यता को जरूरी किया गया था। बिहार को अप्रशिक्षित शिक्षकों के संबंध में मिली छूट की अवधि 31 मार्च 2015 तक थी। अब नियुक्ति की तारीख और प्रशिक्षण योग्यता के आधार पर शिक्षा विभाग आगे की कार्रवाई करने की तैयारी में है।

नौकरीपेशा लोगों के लिए खुशखबरी! हर किसी को मिलेगी पेंशन की सुविधा

नई दिल्ली। देश में रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पेंशन नियामक PFRDA ने बड़ा लक्ष्य तय किया है। नियामक की योजना वर्ष 2047 तक 60 करोड़ से अधिक कामकाजी लोगों को नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) से जोड़ने की है। इसके तहत सरकारी कर्मचारियों के साथ प्राइवेट सेक्टर, स्वरोजगार और अन्य गैर-सरकारी क्षेत्रों में काम करने वाले लोगों पर भी खास ध्यान दिया जाएगा।

PFRDA के मुताबिक आने वाले 2 से 3 वर्षों में 2 से 4 करोड़ नए लोगों को NPS से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए डिजिटल माध्यमों का विस्तार करने के साथ ग्रामीण इलाकों तक पेंशन सेवाएं पहुंचाने की तैयारी की जा रही है। लोगों को रिटायरमेंट के लिए नियमित बचत के महत्व के बारे में भी जागरूक किया जाएगा।

प्राइवेट सेक्टर और ग्रामीण क्षेत्रों पर फोकस

सरकारी कर्मचारियों के बीच NPS की व्यवस्था पहले से स्थापित है। अब उन कामकाजी लोगों को जोड़ने की कोशिश होगी, जो औपचारिक पेंशन व्यवस्था से बाहर हैं। प्राइवेट कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के अलावा छोटे कारोबारी और स्वरोजगार करने वाले लोग भी इसके दायरे में लाए जा सकते हैं।

आपको बता दें की NPS की पहुंच गांवों तक बढ़ाने के लिए स्थानीय संस्थानों की मदद लेने की योजना है। डिजिटल रूप से सक्षम प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के जरिए ग्रामीण आबादी तक पेंशन सेवाएं पहुंचाने पर काम किया जा रहा है।

डिजिटल तरीके से आसान होगी शुरुआत

PFRDA डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए NPS से जुड़ने की प्रक्रिया को सरल बनाने पर भी काम कर रहा है। UPI आधारित NPS तत्काल और StAR NPS जैसे माध्यमों से खाता खोलने और नए सब्सक्राइबर जोड़ने की प्रक्रिया को आसान बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि NPS में निवेश का अंतिम रिटर्न बाजार के प्रदर्शन और चुने गए निवेश विकल्पों पर निर्भर करता है। ऐसे में खाता खोलने से पहले योजना की शर्तों और निवेश विकल्पों को समझना जरूरी है।

बेटियों के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार की योजना से बदलेगा भविष्य, करें आवेदन

नई दिल्ली। बेटी की पढ़ाई और भविष्य के लिए लंबे समय तक बचत करने की योजना बना रहे माता-पिता के लिए सुकन्या समृद्धि योजना एक विकल्प है। यह केंद्र सरकार की छोटी बचत योजना है, जिसमें 10 साल से कम उम्र की बच्ची के नाम पर खाता खोला जा सकता है। योजना में जमा पैसे पर सरकार की ओर से तय ब्याज मिलता है।

8.2% ब्याज दर लागू

फिलहाल सुकन्या समृद्धि योजना पर 8.2 फीसदी सालाना ब्याज दिया जा रहा है। हालांकि, यह दर स्थायी नहीं है। सरकार छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की हर तिमाही समीक्षा करती है, इसलिए आने वाले वर्षों में ब्याज दर बदल सकती है।

हर महीने ₹5,000 जमा करने पर

अगर कोई अभिभावक हर महीने ₹5,000 खाते में जमा करता है, तो सालभर में ₹60,000 जमा होंगे। नियमों के मुताबिक खाते में अधिकतम 15 साल तक पैसे जमा किए जा सकते हैं। इस तरह 15 साल में कुल जमा राशि ₹9 लाख होगी।

मौजूदा 8.2% ब्याज दर को पूरे समय स्थिर मानकर किए गए अनुमान के अनुसार, मैच्योरिटी पर रकम करीब ₹28 लाख के आसपास हो सकती है। हालांकि, यह केवल अनुमान है। वास्तविक रकम भविष्य में लागू होने वाली ब्याज दरों के आधार पर कम या ज्यादा हो सकती है।

जमा करने की सीमा क्या है?

सुकन्या खाते में एक वित्त वर्ष में कम से कम ₹250 जमा करना होता है, जबकि अधिकतम जमा सीमा ₹1.50 लाख सालाना है। हर महीने ₹5,000 जमा करना जरूरी नहीं है। अभिभावक अपनी सुविधा के अनुसार नियमों के तहत राशि जमा कर सकते हैं। खाता पोस्ट ऑफिस या अधिकृत बैंक में खुलवाने की सुविधा उपलब्ध है।

मिनिमम बैलेंस नहीं रखा तो कटेंगे पैसे? सेविंग अकाउंट पर RBI का नियम और बैंक चार्ज

नई दिल्ली। बैंक में सेविंग अकाउंट खुलवाते समय ग्राहकों को कई बार खाते में एक निश्चित रकम बनाए रखने के लिए कहा जाता है। इसे मिनिमम बैलेंस या एवरेज मंथली बैलेंस कहा जाता है। तय बैलेंस नहीं रखने पर कुछ बैंक नॉन-मेंटेनेंस चार्ज ले सकते हैं, लेकिन यह नियम हर बैंक और अकाउंट पर लागू नहीं होता।

RBI का क्या है नियम?

RBI के अनुसार, खाता खोलते समय बैंक को ग्राहक को मिनिमम बैलेंस की जरूरत और बैलेंस कम होने पर लगने वाले शुल्क की जानकारी देनी होती है। अगर खाते में निर्धारित राशि से कमी होती है, तो बैंक को ग्राहक को SMS, ई-मेल या पत्र के जरिए इसकी सूचना देनी चाहिए।

ग्राहक को कमी पूरी करने के लिए कम से कम 1 महीने का समय देना जरूरी है। साथ ही, चार्ज खाते में हुई बैलेंस की कमी के अनुपात में होना चाहिए। केवल मिनिमम बैलेंस न रखने के शुल्क की वजह से सेविंग अकाउंट का बैलेंस निगेटिव नहीं किया जा सकता।

SBI में कितना चार्ज?

SBI की जानकारी के मुताबिक, सामान्य सेविंग अकाउंट में एवरेज मंथली बैलेंस नहीं रखने पर 11 मार्च 2020 से पेनल्टी नहीं ली जाती। SBI का Basic Savings Bank Deposit Account यानी BSBDA भी जीरो मिनिमम बैलेंस की सुविधा देता है।

PNB में क्या है नियम?

PNB के जनरल सेविंग अकाउंट में ब्रांच के क्षेत्र के अनुसार मिनिमम एवरेज बैलेंस अलग है। ग्रामीण क्षेत्र में ₹500, अर्ध-शहरी में ₹1,000, जबकि शहरी और महानगरीय शाखाओं में ₹2,000 का मिनिमम एवरेज बैलेंस बताया गया है। हालांकि, बैंक की मौजूदा जानकारी के अनुसार इसे मेंटेन नहीं करने पर पेनल्टी चार्ज नहीं लिया जाता।

जीरो बैलेंस अकाउंट भी विकल्प

अगर हर महीने खाते में तय रकम रखना मुश्किल है, तो ग्राहक BSBDA जैसे जीरो-बैलेंस खाते की जानकारी ले सकते हैं। इसमें न्यूनतम बैलेंस बनाए रखने की जरूरत नहीं होती।

ध्यान रखें कि बैंक और अकाउंट के प्रकार के हिसाब से मिनिमम बैलेंस, ट्रांजैक्शन लिमिट और अन्य सर्विस चार्ज अलग हो सकते हैं। इसलिए खाता खोलने या बदलने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर लागू शुल्क जरूर जांचें।

खुशखबरी की बंपर सौगात! बिहार में 1 नई भर्ती शुरू, 24 अक्टूबर तक आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने साइंटिफिक असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती के तहत कुल 6 पद भरे जाएंगे। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित समय के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

साइंटिफिक असिस्टेंट के 6 पद

BTSC की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 30/2026 के तहत साइंटिफिक असिस्टेंट के पदों पर नियुक्ति की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को पे लेवल-5 के अनुसार वेतन मिलेगा। आवेदन की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास B.Sc. (Chemistry) या B.Pharm की डिग्री होनी चाहिए। इसके अलावा दवाओं की टेस्टिंग और एनालिसिस से जुड़े काम का कम से कम एक वर्ष का अनुभव मांगा गया है।

उम्र सीमा और आवेदन शुल्क

आवेदन करने वाले उम्मीदवार की न्यूनतम उम्र 21 वर्ष होनी चाहिए। सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष है। अनारक्षित महिला और BC/EBC वर्ग के उम्मीदवारों को 40 वर्ष तथा SC/ST वर्ग के उम्मीदवारों को 42 वर्ष तक की आयु सीमा में छूट दी गई है। सामान्य, OBC और दूसरे राज्यों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है।

24 अक्टूबर तक करें आवेदन

उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। आवेदन करने से पहले भर्ती की पात्रता, आयु सीमा और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है। इच्छुक अभ्यर्थी अंतिम तारीख का इंतजार किए बिना समय पर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।