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यूपी में 1 बड़ी योजना की मंजूरी, 58 जिलों को मिली खुशखबरी

लखनऊ।  उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के जिला मुख्यालयों के शहरी निकायों के विकास के लिए एक नई पहल की मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 'नवयुग पालिका योजना' को हरी झंडी दी गई। इस योजना के तहत 58 जिला मुख्यालयों में स्थित नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा।

योजना का महत्व

राज्य सरकार ने पहली बार नगर निगमों से बाहर के नगरीय निकायों, विशेष रूप से जिला मुख्यालयों के नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को प्राथमिकता दी है। इस योजना में 55 नगर पालिका परिषदें, 3 नगर पंचायतें और गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद शामिल हैं।

निवेश और वित्त पोषण

नवयुग पालिका योजना पर कुल 2916 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक वर्ष लगभग 583.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है और केंद्र सरकार की भागीदारी नहीं होगी।

स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेन्स

इस योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नागरिक सेवाएं तेज़, पारदर्शी और प्रभावी होंगी।

बुनियादी ढांचा और जीवन स्तर में सुधार

योजना का मुख्य उद्देश्य नगरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। सड़कों, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा।

निकायों को जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण

निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है – डेढ़ लाख से अधिक और डेढ़ लाख से कम आबादी वाले निकाय। इससे विकास कार्यों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकता दी जा सकेगी। नवयुग पालिका योजना से न केवल जिला मुख्यालयों के नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रदेश में संतुलित और व्यवस्थित शहरी विकास को भी गति मिलेगी।

यूपी सरकार का 1 बड़ा फैसला, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के विकास प्राधिकरण और विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के तहत भूमि उपयोग की प्रक्रिया को सरल बनाने का बड़ा कदम उठाया है। अब भूमि मालिकों को शहरी या आवासीय/व्यवसायिक निर्माण के लिए अलग से भू-उपयोग बदलवाने की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि नक्शा पास होते ही भूमि को उस निर्माण के लिए उपयुक्त माना जाएगा।

राजस्व संहिता में संशोधन

योगी कैबिनेट ने सोमवार को राजस्व संहिता संशोधन अध्यादेश को मंजूरी दी। संहिता की धारा 80 में संशोधन के तहत अब प्राधिकरण द्वारा नक्शा पास करने के बाद भूमि का भू-उपयोग अपने आप मान्य होगा। इससे पहले भूमि पर आवासीय या व्यवसायिक निर्माण करने के लिए अलग प्रक्रिया से भू-उपयोग बदलवाना अनिवार्य था।

प्रक्रिया को किया गया सरल

भू-उपयोग परिवर्तन में होने वाली देरी और लंबित मामलों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। पुराने नियम के तहत, विकास प्राधिकरण के आवेदन मुख्य नगर और ग्राम नियोजक के पास भेजे जाते थे, जिन पर त्वरित निर्णय नहीं हो पाता था। अब संशोधन के बाद प्रक्रिया तेज होगी और लंबित मामलों की समीक्षा की जाएगी।

नीतिगत सुधार और आर्थिक लाभ

सरकार का उद्देश्य प्रदेश में निर्माण और निवेश की प्रक्रिया में बाधाओं को कम करना है। यह कदम न केवल भूमि मालिकों के लिए राहत देगा, बल्कि प्रदेश की आर्थिक वृद्धि और वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में भी मदद करेगा। राजस्व विभाग अब विस्तृत नियमावली तैयार करेगा, जिसमें संशोधन से जुड़े सभी प्रावधान शामिल होंगे।

इस बदलाव से न केवल भूमि मालिकों को सुविधा मिलेगी, बल्कि शहरी विकास प्राधिकरणों की कार्यकुशलता भी बढ़ेगी और निवेशकों के लिए प्रक्रिया सरल होगी।

केंद्र सरकार की नई पहल: महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश में महिला आरक्षण कानून लागू करने की तैयारी कर रही है, जो भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को ऐतिहासिक रूप से बढ़ा सकता है। मीडिया रिपोर्ट अनुसार, इस बार कानून को 2011 की जनगणना के आधार पर लागू करने की योजना है।

महिला आरक्षण अधिनियम 2023 और उसकी जरूरत

साल 2023 में पारित इस कानून के तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान रखा गया था। हालांकि, इसे लागू करने की शर्त नई जनगणना और परिसीमन से जोड़ी गई थी, जिसके कारण यह अब तक प्रभावी नहीं हो पाया। अब सरकार इस शर्त को संशोधित कर जल्द से जल्द कानून लागू करने की दिशा में काम कर रही है।

लोकसभा में बढ़ेगा महिलाओं का प्रतिनिधित्व

रिपोर्ट के मुताबिक, महिला आरक्षण लागू होने पर लोकसभा की सीटें वर्तमान 543 से बढ़कर 816 हो जाएंगी। इनमें से लगभग 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यह कदम महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में वास्तविक शक्ति प्रदान करेगा और संसद में उनकी भूमिका को मजबूत करेगा।

संविधान में संशोधन है जरूरी

परिसीमन से पहले महिला आरक्षण लागू करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 368 के तहत संशोधन करना होगा। इसके लिए संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत आवश्यक होगा। इस प्रक्रिया के तहत सरकार को विपक्षी दलों से भी समर्थन जुटाना होगा।

राजनीतिक सहमति 

हालांकि, संसद में सरकार के पास अकेले पर्याप्त संख्या बल नहीं है। भाजपा के पास लोकसभा में 240 और राज्यसभा में 103 सांसद हैं। इसलिए महिला आरक्षण को लागू करने के लिए विरोधी दलों का समर्थन जरूरी होगा। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस विषय पर पहले ही विपक्षी नेताओं से संपर्क कर समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।

अगले कदम

अधिकारियों का कहना है कि कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद, यह विधेयक अगले हफ्ते सबसे पहले राज्यसभा में पेश किया जा सकता है। इस फैसले से न सिर्फ संसद में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, बल्कि भारतीय राजनीति में महिलाओं की उपस्थिति को स्थायी और प्रभावशाली बनाने का मार्ग भी खुल जाएगा।

मंगलवार का सौभाग्य: ये 5 राशियां होंगी धन और सफलता में लकी

राशिफल। इस मंगलवार ग्रहों की चाल और शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए विशेष लाभ लेकर आ रही है। ज्योतिषियों के अनुसार इस दिन धन, करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। अगर आप इन राशियों में शामिल हैं, तो आपके लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।

1. वृषभ राशि

वृष राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन आर्थिक रूप से शानदार रहेगा। नए निवेश या पुराने पैसों में लाभ की संभावना है। व्यापारियों को मुनाफा मिलेगा और नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह दिन मानसिक और भावनात्मक संतुलन लाने वाला होगा। परिवार और दोस्तों के साथ संबंध मजबूत होंगे। धन लाभ के साथ-साथ करियर में भी नयी उपलब्धियां मिल सकती हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वाले लोगों के लिए मंगलवार का दिन अवसरों से भरा रहेगा। कार्यस्थल पर सराहना और नई परियोजनाओं का लाभ मिलेगा। आर्थिक मोर्चे पर निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन भाग्यशाली रहेगा। लंबित कार्य पूरे होंगे और जीवनसाथी के साथ संबंधों में मिठास बढ़ेगी। निवेश और नौकरी या व्यवसाय में सफलता मिलने की पूरी संभावना है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह दिन यात्रा और नई योजनाओं के लिए अनुकूल है। परिवार और दोस्तों से लाभ मिलेगा, साथ ही आर्थिक मोर्चे पर अतिरिक्त आय का अवसर दिखाई दे रहा है।

रोजाना अनार खाने से शरीर में होंगे 6 बड़े बदलाव

हेल्थ डेस्क। अनार केवल स्वादिष्ट फल ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी वरदान है। इसके रस और दाने अनेक प्रकार के स्वास्थ्य लाभ प्रदान करते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार रोजाना अनार खाने से शरीर में कई महत्वपूर्ण बदलाव महसूस किए जा सकते हैं।

1. दिल की सेहत मजबूत

अनार में मौजूद पॉलीफेनॉल और एंटीऑक्सीडेंट्स हृदय की सेहत के लिए फायदेमंद होते हैं। यह ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद करता है और कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखता है।

2. इम्यूनिटी में बढ़ोतरी

अनार विटामिन C और अन्य पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसका नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है और सर्दी-जुकाम जैसी बीमारियों से बचाता है।

3. पाचन तंत्र का सुधार

अनार में मौजूद फाइबर पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है। यह कब्ज की समस्या को कम करता है और आंतरिक सफाई में मदद करता है।

4. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

अनार में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स त्वचा की कोलेजन को बनाए रखते हैं। इससे झुर्रियां कम होती हैं और बाल मजबूत व चमकदार बनते हैं।

5. वजन नियंत्रण में सहायक

अनार के दाने और रस में कैलोरी कम होती है, लेकिन यह भूख को नियंत्रित करने और मेटाबॉलिज़्म को तेज करने में मदद करता है। रोजाना सेवन से वजन प्रबंधन में मदद मिल सकती है।

6. डिटॉक्स और लिवर हेल्थ

अनार शरीर से हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है। यह लिवर की कार्यप्रणाली को सुधारता है और शरीर को डिटॉक्स करता है।

केंद्र सरकार का 1 बड़ा फैसला: बिजनेस करना होगा आसान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में कॉरपोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस बिल का मकसद भारत में निवेश का माहौल सुधारना और Ease of Doing Business को और सरल बनाना है। विशेष रूप से Limited Liability Partnerships (LLP) और Alternative Investment Funds (AIF) को इस बदलाव से सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है।

अंतरराष्ट्रीय पहचान और विदेशी मुद्रा में का

अब IFSC (International Financial Services Centre) में काम करने वाली LLP को अपने नाम के साथ International Financial Services Centre LLP जोड़ना अनिवार्य होगा। इन कंपनियों को विदेशी मुद्रा में अपनी वित्तीय गतिविधियों का हिसाब रखने की अनुमति दी गई है। इसके साथ ही, जो संस्थाएं अभी रुपये में काम कर रही हैं, उन्हें बदलाव के लिए पर्याप्त समय मिलेगा।

ट्रस्ट से LLP में रूपांतरण

बिल में निवेश फंड्स के लिए भी एक बड़ा कदम रखा गया है। अब SEBI या IFSC के रजिस्टर्ड स्पेशिफाइड ट्रस्ट सीधे LLP में बदले जा सकते हैं। इसका मतलब यह है कि निजी इक्विटी और वेंचर कैपिटल फंड्स को कानूनी रूप से अधिक लचीलापन और भरोसेमंद ढांचा मिलेगा।

रिपोर्टिंग साल में एक बार

सरकार ने कंपनियों पर बढ़ते अनुपालन के बोझ को कम करने का फैसला किया है। अब SEBI और IFSCA के रेगुलेटेड फंड्स को किसी भी छोटे बदलाव की जानकारी साल में सिर्फ एक बार देनी होगी। इससे बार-बार फॉर्म भरने और रिपोर्ट तैयार करने की जरूरत समाप्त हो जाएगी।

जुर्माने से होगा समाधान

छोटी प्रक्रियागत गलतियों को अब अपराध की श्रेणी से हटाकर सिविल जुर्माने में बदल दिया गया है। इसका मतलब है कि अब कोई भी छोटी गलती करने पर जेल नहीं जाएगा। जुर्माने के खिलाफ अपील करने और फैसलों को चुनौती देने का भी औपचारिक मार्ग तैयार किया गया है।

आपको बता दें की यह बिल भारत में निवेशकों और स्टार्टअप्स के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इसे लागू करने से व्यवसायिक माहौल पारदर्शी और आसान होगा, LLP और AIF को अधिक स्वतंत्रता मिलेगी, और अनुपालन संबंधी जटिलताएं कम होंगी।

यूपी सरकार का 1 बड़ा फैसला: गेहूं की MSP में बढ़ोतरी, किसानों को राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों के लिए खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में गेहूं के MSP में सीधे 160 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा करने का अहम फैसला लिया गया। अब प्रदेश में किसानों से गेहूं की खरीद 2585 रुपये प्रति क्विंटल की दर से की जाएगी।

1. गेहूं की सरकारी खरीद 30 मार्च से शुरू

किसानों को सही समय पर और बिना किसी परेशानी के अपनी उपज बेचने की सुविधा देने के लिए सरकार ने गेहूं की खरीद का पूरा शेड्यूल तय किया है। इस बार की सरकारी खरीद 30 मार्च से 15 जून तक चलेगी।

2. 6500 क्रय केंद्र बनाए गए

ग्रामीण किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े, इसके लिए 75 जिलों में कुल 6500 गेहूं क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन केंद्रों पर किसान तय किए गए नए MSP के अनुसार अपना गेहूं बेच सकेंगे।

3. आठ एजेंसियों के जरिए होगी खरीद

सरकार ने गेहूं की खरीद को सुचारू बनाने के लिए राज्य में 8 क्रय एजेंसियों को जिम्मेदारी सौंपी है। मुख्य रूप से किसान अपना गेहूं भारतीय खाद्य निगम (FCI) और यूपी मंडी परिषद के माध्यम से बेच सकेंगे। इसके अलावा पीसीएफ-एनसीसीएफ समेत अन्य एजेंसियों को भी खरीद का जिम्मा दिया गया है।

4. किसानों के लिए लाभ

इस फैसले से किसानों की आमदनी बढ़ेगी और फसल की कटाई के समय उन्हें किसी प्रकार की चिंता नहीं रहेगी। MSP में वृद्धि और अतिरिक्त खरीद केंद्र किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर गेहूं बेचने का अवसर देंगे।

यूपी सरकार के 7 बड़े फैसले: प्रदेशवासियों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। कुल 37 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, जबकि दो प्रस्ताव फिलहाल स्थगित रहे। इस बैठक का केंद्र बिंदु किसानों, ऊर्जा, स्मार्ट शहर और औद्योगिक विकास से जुड़े मुद्दे रहे।

1. यूपी में गेहूं का नया MSP और अतिरिक्त भुगतान

इस बार गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया। किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए 20 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। सरकारी खरीद 30 मार्च से 15 जून तक होगी और प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र बनाए जाएंगे। इस बार खरीद का लक्ष्य 30 लाख टन रखा गया है, जबकि अनुमान 50 लाख टन तक पहुंच सकता है।

2. नगर पालिकाओं को स्मार्ट बनाने की योजना

सरकार ने ‘नवयुग नगर पालिका योजना’ शुरू की है। इसके तहत प्रदेश के 58 जिला मुख्यालय वाले शहरों में स्मार्ट सिटी मॉडल लागू किया जाएगा। इसमें डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम, जल निकासी व्यवस्था, वन डे गवर्नेंस सेंटर, थीम पार्क और डिजिटल लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

3. औद्योगिक शेड और छोटे उद्योगों को बढ़ावा

छोटे उद्योगों के लिए पीपीपी मॉडल पर औद्योगिक शेड बनाए जाएंगे। जमीन डेवलपर को दी जाएगी और शेड तैयार होने के बाद किराए पर उपलब्ध होंगे। इससे छोटे उद्योगों के लिए निवेश और उत्पादन में सहूलियत मिलेगी।

4. लॉजिस्टिक और मैन्युफैक्चरिंग हब

संभल में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक सेंटर को मंजूरी मिली है। वहीं, ग्रेटर नोएडा (बुढ़ाकी) में मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक पार्क विकसित होगा। यह हब पूर्वी और पश्चिमी औद्योगिक गलियारों के जंक्शन पर स्थित होगा, जिससे व्यापार और परिवहन को बढ़ावा मिलेगा।

5. निजी बिजनेस पार्क विकास योजना

सरकार ने निजी बिजनेस पार्क विकास योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत सेवा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने और पार्क विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे निवेश लागत कम होगी और नए रोजगार सृजन की संभावना बढ़ेगी।

6. गोरखपुर बनेगा सोलर सिटी

सरकार ने गोरखपुर को सोलर सिटी बनाने का फैसला लिया है। चिलुआताल में 20 मेगावॉट का फ्लोटिंग सोलर प्लांट लगाया जाएगा। इसके लिए 80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है।

7. ऊर्जा क्षेत्र में बड़े निवेश

घाटमपुर में 660 मेगावॉट की तीन यूनिट वाली परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए 2242.90 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई। यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इससे बिजली की लागत लगभग 80 पैसे प्रति यूनिट सस्ती होने की संभावना है।

पश्चिम एशिया संकट: पीएम मोदी ने दिया स्पष्ट संदेश, जानें 10 मुख्य बातें

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट को लेकर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए इस मुद्दे पर भारत की भूमिका और प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष न केवल क्षेत्रीय, बल्कि वैश्विक स्तर पर आर्थिक, मानवीय और सुरक्षा चुनौतियाँ खड़ी कर रहा है।

1. संकट की गंभीरता

पीएम मोदी ने बताया कि पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति चिंताजनक है और पिछले 2–3 हफ्तों में इस पर भारत सरकार ने सभी आवश्यक जानकारी संसद को उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस संकट के जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह कर रही है।

2. भारतीयों की सुरक्षा सर्वोपरि

प्रधानमंत्री ने खाड़ी देशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा को प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में हर भारतीय को आवश्यक मदद प्रदान की जा रही है। अब तक लगभग 3 लाख 75 हजार भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं।

3. हॉर्मुज स्ट्रेट की स्थिति

पीएम मोदी ने हॉर्मुज स्ट्रेट में लगी पाबंदियों को अस्वीकार्य करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत का दृष्टिकोण तनाव समाप्त होने की दिशा में है।

4. आर्थिक और व्यापारिक चुनौती

प्रधानमंत्री ने कहा कि युद्धरत और प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक संबंध हैं। इस क्षेत्र से भारत की कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आता है, इसलिए युद्ध का सीधा असर देश की आर्थिक स्थिति पर पड़ रहा है।

5. रणनीतिक तेल भंडारण

पीएम मोदी ने बताया कि भारत ने संकट के समय के लिए पेट्रोलियम का रणनीतिक भंडार तैयार रखा है। वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का रिज़र्व मौजूद है और 65 लाख मीट्रिक टन का अतिरिक्त भंडारण तैयार करने पर काम चल रहा है।

6. आपातकालीन हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम

सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में 24x7 कंट्रोल रूम और आपातकालीन हेल्पलाइन स्थापित की है। इससे सभी प्रभावितों को त्वरित जानकारी और मदद मिल रही है।

7. मानवीय दृष्टिकोण

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध के दौरान हुए दुखद मामलों में प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जा रही है। भारतीय मिशनों ने लगातार एडवाइजरी और मार्गदर्शन जारी किया।

8. सरकार की सतर्कता

प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार हर प्रकार की सहायता देने के लिए सतर्क और तत्पर है। पेट्रोल, डीजल और गैस की सप्लाई को यथासंभव प्रभावित न होने देने का प्रयास किया जा रहा है।

9. अंतरराष्ट्रीय कूटनीति

पीएम मोदी ने बताया कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से पश्चिम एशियाई राष्ट्राध्यक्षों से कई बार फोन पर बातचीत की है। सभी राष्ट्राध्यक्षों ने भारतीयों की सुरक्षा का आश्वासन दिया।

10. एकमत और संयुक्त प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की संसद से इस संकट पर एकजुट और एकमत आवाज दुनिया में जाएगी, ताकि संघर्ष का शांतिपूर्ण और जल्दी समाधान सुनिश्चित हो सके।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसान इस समय राहत की सांस ले सकते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों से जुड़ी कई अहम घोषणाएँ की गईं, जिनसे प्रदेश के अन्नदाताओं की आय बढ़ाने और उनकी सुविधा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इस बैठक में कुल 39 प्रस्ताव पेश किए गए, जिनमें से 37 को मंजूरी दी गई, जबकि 2 प्रस्ताव फिलहाल स्थगित रहे।

1. गेहूं का नया MSP और अतिरिक्त बोनस

इस साल गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है। इसके साथ ही किसानों को गेहूं की उतराई, सफाई और छनाई के लिए सरकार द्वारा 20 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त भुगतान भी मिलेगा। इसका सीधा लाभ यह होगा कि किसानों के खाते में अधिक राशि सीधे जमा होगी, जिससे उनकी आमदनी में वास्तविक इजाफा होगा।

2. खरीद का लक्ष्य और समय सीमा

उत्तर प्रदेश सरकार ने इस सीजन में गेहूं खरीद का प्रारंभिक लक्ष्य 30 लाख टन रखा है। हालांकि विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह आंकड़ा 50 लाख टन तक पहुँच सकता है। सरकारी खरीद 30 मार्च से 15 जून तक की जाएगी। किसानों की सुविधा के लिए पूरे प्रदेश में 6500 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए लंबी दूरी तय न करनी पड़े।

3. पारदर्शिता और डिजिटल भुगतान

कैबिनेट ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों को भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी न हो। खरीद प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन और डिजिटल (DBT) के माध्यम से होगी, जिससे किसानों को सीधे उनके बैंक खातों में भुगतान प्राप्त होगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भ्रष्टाचार या भुगतान में देरी जैसी समस्याओं से बचा जा सकेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, इन 12 जिलों के किसानों को खुशखबरी

पटना। बिहार की पारंपरिक खेती में अब ‘मगही पान’ की मिठास फिर लौटने वाली है। राज्य सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और नकदी फसलों को बढ़ावा देने के लिए पान विकास योजना (2025-26) की घोषणा की है। इस योजना के तहत राज्य के 12 चयनित जिलों के किसान मात्र 100 वर्ग मीटर में पान की खेती करने पर ₹11,750 तक का सीधा सरकारी अनुदान पा सकते हैं।

योजना का उद्देश्य

बिहार सरकार का मकसद पारंपरिक फसलों में घटते मुनाफे को रोकना और किसानों के लिए नकदी फसलों की पैदावार बढ़ाना है। मगही पान अपनी मिठास और गुणवत्ता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। सरकार इस योजना के जरिए इसे ब्रांड बनाना और किसानों की लागत कम करके उनके मुनाफे को बढ़ाना चाहती है।

किन जिलों में लागू

पान विकास योजना बिहार के 12 जिलों में लागू होगी। ये जिले हैं औरंगाबाद, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, वैशाली, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, मुंगेर, दरभंगा और सारण।

योजना का लाभ

100 वर्ग मीटर क्षेत्र में पान की खेती करने पर ₹11,750 तक का सीधा अनुदान मिलेगा। योजना पारदर्शी चयन प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से लागू होगी। रैयत किसान (खुद की जमीन वाले) और गैर-रैयत किसान (किराये की जमीन वाले) दोनों इसका लाभ उठा सकते हैं। परिवार के किसी एक सदस्य को ही योजना का लाभ मिलेगा।

आवेदन प्रक्रिया

सबसे पहले बिहार हर्टिकल्चर विभाग की वेबसाइट horticulture.bihar.gov.in पर जाएं। होमपेज पर ‘पान विकास योजना’ पर क्लिक करें। पेज खुलने के बाद ‘आवेदन करें’ लिंक चुनें। जरूरी डिटेल्स भरकर आवेदन पूरा करें।

बिहार सरकार की 1 बड़ी घोषणा, महिलाओं के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं के लिए एक और बड़ी खुशखबरी दी है। योजना के पहले चरण में महिलाओं को 10-10 हजार रुपये दिए जा चुके हैं, और अब अगली किस्त में 20-20 हजार रुपये उन्हें रोजगार के लिए मिलेंगे।

अगली किस्त और राशि वितरण

जिन महिलाओं को पहले 10 हजार रुपये मिल चुके हैं, उन्हें अब कुल 2 लाख रुपये की योजना के तहत चार चरणों में राशि प्राप्त होगी। पहला चरण 20,000 रुपये का होगा, जिसमें महिलाओं को अपनी जेब से 5,000 रुपये निवेश करने होंगे।

चार चरणों में राशि का वितरण इस प्रकार होगा:

पहला चरण → सरकार से 20,000 रुपये, महिलाओं का निवेश 5,000 रुपये

दूसरा चरण → सरकार से 40,000 रुपये, महिलाओं का निवेश 10,000 रुपये

तीसरा चरण → सरकार से 80,000 रुपये, महिलाओं का निवेश 20,000 रुपये

चौथा चरण → सरकार से 60,000 रुपये (मार्केटिंग, ब्रांडिंग और पैकेजिंग के लिए)

लाभार्थियों की सूची और मोबाइल एप का इस्तेमाल

जीविका ने इस योजना के लिए एक मोबाइल एप विकसित किया है। इसमें महिलाओं द्वारा रोजगार की जानकारी सबमिट की जा रही है, और इसी आधार पर दूसरी किस्त के लिए सूची तैयार की जाएगी। प्रशासन की योजना है कि सूची अप्रैल के अंत तक पूरी हो जाए और जैसे ही सूची तैयार होगी, खातों में राशि ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।

कब आएगी अगली किस्त

अगली किस्त का पैसा अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई के पहले सप्ताह तक महिलाओं के खातों में जमा हो सकता है। वर्तमान में 1.81 करोड़ महिलाओं को योजना के तहत पहले चरण की राशि मिल चुकी है, जबकि शहरी क्षेत्र में 11 लाख से अधिक महिलाओं को अब भी राशि प्राप्त करनी बाकी है।

Bengal Election: ममता बनर्जी को टक्कर दे रही BJP? सर्वे में बढ़ रहा रुझान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (TMC) को चुनौती देने के लिए रणनीति बनानी शुरू कर दी है। हालिया ओपिनियन पोल और विश्लेषण दिखाते हैं कि राज्य में BJP और TMC के बीच कांटे की टक्कर बनी हुई है।

BJP की रणनीति के मुख्य बिंदु

1 .ममता बनर्जी को उनके ही गढ़ में घेरना

भाजपा ने अपने विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी को ममता बनर्जी के निर्वाचन क्षेत्र भवानीपुर और उनके पूर्व क्षेत्र नंदीग्राम से चुनावी मैदान में उतारा है। इसका उद्देश्य ममता को उनके अपने क्षेत्र में उलझाना है ताकि वे पूरे राज्य में आक्रामक प्रचार नहीं कर सकें।

2 .स्थानीय चेहरों पर जोर

इस बार BJP "बाहरी पार्टी" की छवि से बचने के लिए स्थानीय और पुराने नेताओं को सामने ला रही है। इसका मकसद राज्य में मतदाताओं के बीच भरोसा बनाना और TMC के मजबूत आधार पर असर डालना है।

3 .समुदाय विशेष रणनीति

भाजपा मतुआ समुदाय जैसे अनुसूचित जाति समूहों में अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है, जो कई निर्वाचन क्षेत्रों में निर्णायक भूमिका निभाते हैं।

मतदान रुझान और निष्कर्ष

हालिया सर्वेक्षण के अनुसार, बीजेपी और TMC के बीच वोट शेयर लगभग बराबर हैं, जिससे यह साफ होता है कि पश्चिम बंगाल में कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है। भाजपा की रणनीति ममता को उनके गढ़ में उलझाकर TMC के प्रचार को कमजोर करने की कोशिश है, जबकि स्थानीय चेहरों और समुदाय विशेष पर ध्यान देकर पार्टी अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।

5 राशियों के लिए शुभ संकेत, मंगल-बुध-राहु की युति ला रही है लाभ

राशिफल। कुंभ राशि में मंगल, बुध और राहु की युति बन गई है, जो 2 अप्रैल तक प्रभावी रहेगी। इस विशेष ग्रह संयोजन का असर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। इस अवधि में इन राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव, लाभ और अवसर देखने को मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह युति आर्थिक लाभ और करियर में सफलता लेकर आ सकती है। नई नौकरी या प्रोमोशन के अवसर बढ़ सकते हैं। परिवार और सामाजिक जीवन में सामंजस्य बनेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह युति स्वास्थ्य और मानसिक स्थिरता को मजबूत करेगी। निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रयासरत जातकों के लिए यह समय शुभ रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह युति पारिवारिक संबंधों में अनुकूल रहेगी। साथ ही व्यवसाय और साझेदारी में बढ़ोतरी होने की संभावना है। लंबे समय से रुके कार्यों में गति आएगी।

4. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल-बुध-राहु की युति सामाजिक प्रतिष्ठा और नेटवर्किंग के लिए लाभदायक साबित होगी। नई योजनाओं और प्रोजेक्ट्स में सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर निवेश करना लाभकारी रहेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह युति विशेष रूप से शुभ है, क्योंकि युति खुद कुंभ राशि में बन रही है। यह व्यवसाय, शिक्षा और नए अवसरों में प्रगति का संकेत देती है। साथ ही मनोबल और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

सर्वे में बीजेपी का दबदबा: असम में प्रचंड बहुमत तय!

गुवाहाटी। अगामी असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर हालिया ओपिनियन पोल और सर्वे में बीजेपी के नेतृत्व वाले गठबंधन (NDA) की बढ़त साफ नजर आ रही है। IANS-Matrize के हालिया सर्वे के अनुसार, असम में बीजेपी सत्ता में लौट सकती है और उसे प्रचंड बहुमत मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सर्वे के मुख्य निष्कर्ष

बीजेपी को प्रचंड बहुमत: सर्वे में अनुमान है कि बीजेपी गठबंधन को 126 सदस्यीय विधानसभा में 96–98 सीटें मिल सकती हैं। यह 2021 में मिली 75 सीटों से काफी बढ़ोतरी है।

कांग्रेस गठबंधन पिछड़ रहा: कांग्रेस-नेतृत्व वाले 'महाजोट' को केवल 26–28 सीटों का अनुमान है, जो पिछली बार के 50 सीटों के मुकाबले गिरावट दर्शाता है।

वोट शेयर: बीजेपी को लगभग 43–44% वोट शेयर मिलने की संभावना है, जबकि कांग्रेस गठबंधन को 39–40% वोट मिलने का अनुमान है।

मुख्यमंत्री का नेतृत्व: मतदाता मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व और सरकार के कामकाज से संतुष्ट दिख रहे हैं, जिससे सत्ता-विरोधी लहर (एंटी-इनकंबेंसी) का असर कम नजर आ रहा है।

कड़ी टक्कर: हालांकि, कुछ क्षेत्रों में वोट शेयर का अंतर छोटा होने के कारण मुकाबला अभी भी प्रतिस्पर्धी बना रह सकता है।

क्या कहती है आंकड़े।

सर्वे के आंकड़े असम की राजनीतिक स्थिति को स्पष्ट करते हैं: बीजेपी और उसके गठबंधन को राज्य में सत्ता बनाए रखने के लिए मजबूत बढ़त मिल सकती है। जबकि कांग्रेस गठबंधन पिछड़ता दिख रहा है, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की लोकप्रियता ने बीजेपी को चुनावी बढ़त देने में अहम भूमिका निभाई है।

8वें वेतन आयोग: 4800 ग्रेड-पे वालों की नई सैलरी क्या हो सकती है?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन के साथ ही लेवल 8 (ग्रेड-पे ₹4800) वाले केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी पर नई बहस तेज हो गई है। मार्च 2026 तक, न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोग का गठन हो चुका है और अब कर्मचारियों की वेतन वृद्धि का इंतजार है।

नई सैलरी कैसे तय होगी?

4800 ग्रेड-पे वाले कर्मचारियों का मूल वेतन (Basic Pay) नए आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर निर्भर करेगा। अनुमानित फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 3.0 के बीच हो सकता है।

फिटमेंट फैक्टर 1.92x → 47,600 × 1.92 = ₹91,392

फिटमेंट फैक्टर 2.57x → 47,600 × 2.57 = ₹1,22,332

फिटमेंट फैक्टर 2.86x → 47,600 × 2.86 = ₹1,36,136

फिटमेंट फैक्टर 3.0x → 47,600 × 3.0 = ₹1,42,800

सैलरी के अन्य घटक

महंगाई भत्ता (DA): नए आयोग लागू होते ही DA शून्य से शुरू होगा क्योंकि इसे मूल वेतन में मर्ज कर दिया जाएगा।

मकान किराया भत्ता (HRA): शहर की श्रेणी (X, Y, Z) के आधार पर 10% से 30% के बीच संशोधित होने की उम्मीद है।

कुल ग्रॉस सैलरी: नया मूल वेतन + संशोधित HRA + यात्रा भत्ता (TA) के जोड़ से आपकी कुल सैलरी तैयार होगी। उदाहरण के लिए, 2.5x फैक्टर पर ग्रॉस सैलरी लगभग ₹1.5 लाख तक पहुँच सकती है।

लागू होने की संभावित तिथि

आयोग को रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने (मई 2027 तक) का समय दिया गया है। हालांकि, संशोधित वेतन 1 जनवरी 2026 से पूर्वव्यापी लागू किया जा सकता हैं, जिससे कर्मचारियों को एरियर भी मिलेगा।

भारतीय घरों में छिपा है सोने का खजाना: GDP से 125% ज्यादा धन

नई दिल्ली। भारत के घरों में मौजूद सोने की संपत्ति ने एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय परिवारों के पास मौजूद सोने की कुल कीमत लगभग 5 ट्रिलियन डॉलर (करीब 445 लाख करोड़ रुपये) पहुंच गई है। यह संख्या न केवल देश की GDP से 125% अधिक है, बल्कि शेयर बाजार और बैंक डिपॉजिट से भी कहीं अधिक है।

सोने की वैल्यू बनाम बैंक और शेयर बाजार

रिपोर्ट के अनुसार, बीएसई पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केट कैप सोमवार को लगभग 420 लाख करोड़ रुपये था, जबकि बैंक में जमा कुल राशि दिसंबर 2025 तक केवल 253 लाख करोड़ रुपये थी। इसका मतलब साफ है: घरों में रखे सोने की वैल्यू, बैंक और शेयर बाजार की कुल संपत्ति से भी ज्यादा है।

सोने का घरेलू महत्व

भारतीय परिवारों की गैर-संपत्ति संपत्ति में सोने की हिस्सेदारी करीब 65% हो गई है। यह बैंक जमा और शेयरों के संयुक्त मूल्य का 175% है। मार्च 2019 में परिवारों के पास सोने की कुल वैल्यू 109 लाख करोड़ रुपये थी, जो जनवरी 2026 तक चार गुना बढ़कर 445 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई।

अर्थव्यवस्था पर असर

हालांकि यह निवेश भारतीय घरों की संपत्ति को मजबूत करता है, लेकिन इसका देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव भी है। अधिकांश सोने की मांग आयात के जरिए पूरी होती है, जिससे आरबीआई के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ता है। लगातार उच्च स्तर पर सोने का आयात वित्तीय बचत को भौतिक संपत्ति में बदलता है, जो दीर्घकालिक आर्थिक संतुलन के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

8वें वेतन आयोग: ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर 1 बड़ी खबर

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के गठन की चर्चा के बीच, पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली को लेकर नई हलचल देखने को मिल रही है। कर्मचारी संघ और ट्रेड यूनियनें जैसे AITUC, नई और यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (NPS/UPS) को हटाकर OPS को एकमात्र पेंशन विकल्प बनाने की मांग पर अड़े हैं।

सरकार ने कर्मचारियों से सुझाव लेने के लिए 30 अप्रैल 2026 तक पोर्टल खोला है। इसी पोर्टल के माध्यम से कर्मचारी OPS बहाली के लिए अपनी आवाज उठा रहे हैं।

OPS बहाली की मुख्य बातें

ट्रेड यूनियनों की मांगें: OPS के साथ-साथ कर्मचारी संघ सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने और फिटमेंट फैक्टर संशोधित करने की 12 सूत्रीय मांगें भी रख रहे हैं। उनका तर्क है कि NPS और UPS सुरक्षा और पेंशन की गारंटी नहीं देते।

OPS का वर्तमान प्रभाव: सरकारी आंकड़ों के अनुसार, OPS के तहत अभी भी करीब 69 लाख पेंशनर्स हैं, जबकि NPS में केवल 49,802 पेंशनर्स हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि OPS अभी भी कर्मचारियों के लिए मुख्य पेंशन विकल्प बना हुआ है।

सरकारी चुनौती: विशेषज्ञों का कहना है कि OPS की बहाली सरकार के लिए दीर्घकालिक वित्तीय बोझ बढ़ा सकती है, क्योंकि इसे लागू करना मौजूदा वित्तीय संसाधनों पर दबाव डालेगा।

आगे की राह

ओल्ड पेंशन स्कीम को लेकर कर्मचारियों का दबाव और संघों की मांगें इस मसले को और तेज बना रही हैं। स्वास्थ्य और वित्तीय सुरक्षा को लेकर OPS बहाली की यह मांग, भारतीय कर्मचारियों के लिए भविष्य की पेंशन नीति में महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है। फिलहाल, 8वां वेतन आयोग और पेंशन नीति पर अंतिम फैसला आना बाकी है, लेकिन कर्मचारी संगठन OPS के लिए दबाव बनाए हुए हैं। 

देश का धाकड़ फाइटर इंजन: Kaveri 2.0 पर काम शुरू

नई दिल्ली। भारत का सपना, खुद का फाइटर जेट इंजन बनाने का, अब फिर रफ्तार पकड़ता दिख रहा है। Gas Turbine Research Establishment (GTRE) ने Kaveri 2.0 इंजन पर काम तेज कर दिया है। यह प्रोजेक्ट मौजूदा GTX-35VS Kaveri इंजन की क्षमता को बढ़ाकर उसे सर्टिफाई करने पर केंद्रित है। आने वाले महीनों में इसका फ्लाइट टेस्ट किया जाएगा, जिससे इसकी वास्तविक प्रदर्शन और ताकत का आंकलन हो सके।

Kaveri 2.0 से क्या उम्मीदें हैं?

नए इंजन का शुरुआती वर्जन, जिसे Kaveri Derivative Engine (KDE) कहा जा रहा है, लगभग 49 kN थ्रस्ट देगा। इसके बाद इसका और ज्यादा ताकतवर संस्करण बनाया जाएगा, जिसमें आफ्टरबर्नर के साथ फ्लाइट टेस्ट HAL Tejas Mk1 पर किया जा सकता है। इससे न केवल इंजन की ताकत और स्थिरता जानी जाएगी, बल्कि ईंधन की खपत और गर्मी का भी परीक्षण होगा।

तकनीक और शक्ति में बढ़ोतरी

Kaveri 2.0 का एडवांस वर्जन बिना आफ्टरबर्नर के 55–59 kN और आफ्टरबर्नर के साथ लगभग 90 kN थ्रस्ट देने में सक्षम होगा। यह भारतीय फाइटर जेट प्रोजेक्ट्स के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।

भारत के लिए बड़ा फायदा

अभी तक भारत को अपने फाइटर जेट्स के लिए विदेशी इंजनों पर निर्भर रहना पड़ता था। Kaveri 2.0 के सफल होने पर यह निर्भरता खत्म हो सकती है। इससे देश को तकनीकी आत्मनिर्भरता मिलेगी और स्वदेशी फाइटर जेट प्रोग्राम और मजबूत होगा।

देश के लिए यह सिर्फ एक इंजन नहीं, बल्कि सैन्य शक्ति और स्वाभिमान का प्रतीक भी है। Tejas जैसे जेट्स में यह इंजन स्थापित होने के बाद भारतीय वायु सेना की ताकत में नई उड़ान आएगी। साथ ही साथ भारत के पास खुद का जेट इंजन होगा।

सैलरी में होगा बंपर उछाल! केंद्रीय कर्मचारियों की किस्मत होने वाली है चमकदार

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में जबरदस्त बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि कर्मचारियों और यूनियनों ने महंगाई भत्ते (DA) के फॉर्मूले में बदलाव की मांग उठाई है। अभी सरकार ने इस पर कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया है, लेकिन यह मुद्दा लंबे समय से चर्चा में है।

18 सवालों वाली प्रश्नावली पर समय बढ़ा

8वें वेतन आयोग ने यूनियनों को 18 सवालों वाली प्रश्नावली पर प्रतिक्रिया देने के लिए समय बढ़ा दिया है। अब 31 मार्च 2026 तक कर्मचारी और संगठन अपने जवाब आयोग को भेज सकते हैं।

यूनियनों की मांग: महंगाई भत्ते के फॉर्मूले

यूनियन का कहना है कि वर्तमान DA फॉर्मूला पुरानी महंगाई दर के हिसाब से बनाया गया था। अब जब महंगाई तेजी से बढ़ रही है और डिजिटल सेवाएं, शिक्षा और इलाज महंगे हो गए हैं, तो फॉर्मूले को अपडेट किया जाना चाहिए।  अभी DA की गणना 3 सदस्यों वाले परिवार के आधार पर होती है। यूनियन का सुझाव है कि इसे 5 सदस्यों वाले परिवार के हिसाब से बदला जाए। 

यदि सरकार यूनियनों की मांग मान लेती है, तो न्यूनतम बेसिक पे भी बढ़ सकता है। अनुमान है कि अगर मेंबर संख्या 3 से बढ़कर 5 हो, तो मिनिमम वेतन 18,000 रुपये से बढ़कर 30,000 रुपये या उससे अधिक हो सकता है।

यूनियनों की अन्य मांग 

यूनियन की अन्य मांगें हैं ,DA को बेसिक पे में शामिल किया जाए, जिससे पेंशन और अन्य भत्तों में भी बढ़ोतरी हो। 

पुरानी पेंशन योजना को फिर से लागू किया जाए। 

फिटमेंट फैक्टर को 8वें वेतन आयोग में सही ढंग से लागू किया जाए, जिससे सैलरी ग्रोथ बेहतर हो। 

शरीर दे रहा अलर्ट! ये 5 संकेत बता रहे हैं कि आप डायबिटीज के शिकार हो सकते हैं

हेल्थ डेस्क। डायबिटीज एक ऐसा रोग है जो अक्सर धीरे-धीरे शरीर को प्रभावित करता है और शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से नजर नहीं आते। अगर समय रहते इसे पहचान लिया जाए तो इसे नियंत्रित करना आसान हो सकता है। शरीर कुछ संकेतों के जरिए आपको बता सकता है कि शुगर लेवल बढ़ रहा है। आइए जानते हैं वह 5 प्रमुख संकेत।

1. बार-बार पेशाब आना

डायबिटीज में सबसे आम लक्षण है बार-बार पेशाब आना। जब ब्लड शुगर बढ़ता है, तो गुर्दे अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा पेशाब बनाते हैं। इसके कारण दिन और रात दोनों समय पेशाब की आवृत्ति बढ़ जाती है।

2. अत्यधिक प्यास लगना

शरीर में शुगर बढ़ने के कारण डिहाइड्रेशन की समस्या हो सकती है। यह अत्यधिक प्यास का कारण बनता है। अगर आपको लगातार प्यास लगी रहती है और पानी पीने के बावजूद राहत नहीं मिलती, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है।

3. वजन में अचानक बदलाव

डायबिटीज के शुरुआती दौर में वजन अचानक बढ़ना या घटना आम है। टाइप 1 डायबिटीज में वजन तेजी से घट सकता है, जबकि टाइप 2 में अनियंत्रित ब्लड शुगर की वजह से वजन बढ़ सकता है।

4. बार-बार थकान महसूस होना

ब्लड शुगर बढ़ने से शरीर को ऊर्जा मिलना कम हो जाता है। इसके कारण व्यक्ति थकान और कमजोरी महसूस करता है। अगर सामान्य दिनचर्या में भी जल्दी थकान हो रही है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

5. घाव धीरे-धीरे भरना शुरू कर दे 

उच्च ब्लड शुगर के कारण शरीर में इंफेक्शन और घावों का ठीक होने का प्रोसेस धीमा हो जाता है। अगर कट, खरोंच या घाव धीरे-धीरे भरते हैं, तो यह डायबिटीज का संकेत हो सकता है। ऐसे में डायबिटीज का टेस्ट करा लेना बेहतर हैं।

भारतीय सेना में 7वीं पिनाका रेजिमेंट की एंट्री, चीन और पाक के उड़े होश

नई दिल्ली। भारतीय सेना ने अपनी ताकत को और बढ़ाते हुए 7वीं पिनाका रेजिमेंट को शामिल किया है। पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर सुरक्षा खतरे बढ़ने के बीच यह कदम भारत की लंबी दूरी की मारक क्षमता को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। 

नई रेजिमेंट के आने के साथ अब सीमाओं पर कुल सात पिनाका रेजिमेंट तैनात हैं। इसके अलावा, इस साल के अंत तक भारतीय सेना एक और रेजिमेंट को शामिल करने की तैयारी कर रही है, जिससे पिनाका रेजिमेंटों की संख्या 8 तक पहुंच जाएगी।

पिनाका रेजिमेंट की तैयारी और क्षमता

एक पिनाका रेजिमेंट में आम तौर पर तीन बैटरी होती हैं, और हर बैटरी में छह पिनाका लॉन्चर होते हैं। यानी एक रेजिमेंट के पास कुल 18 लॉन्चर होते हैं। ट्रेनिंग और युद्ध के दौरान रिप्लेसमेंट के लिए दो अतिरिक्त लॉन्चर रखे जाते हैं। छह लॉन्चर की एक बैटरी लगभग 44 सेकंड में 72 रॉकेट दाग सकती है। यह सिस्टम हाई-मोबिलिटी ट्रक (टाट्रा या टाटा) पर लगाया गया है और इसमें शूट एंड स्कूट तकनीक का इस्तेमाल होता है।

पिनाका रॉकेट की खासियत

यह भारत का प्रमुख स्वदेशी मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर है। शुरुआती रेंज 40 किमी थी, लेकिन नए वेरिएंट जैसे गाइडेड पिनाका और लॉन्ग-रेंज गाइडेड रॉकेट के साथ रेंज 120 किमी तक बढ़ गई है। लंबी दूरी तक दुश्मनों के ठिकानों, बंकरों और टैंकों को निशाना बनाने में सक्षम है। कम समय में बड़ी इलाकों को निशाना बनाने की क्षमता के कारण यह रॉकेट भारतीय सेना के लिए डीप-स्ट्राइक ऑपरेशंस में महत्वपूर्ण संपत्ति बन चुका है।

आगे की क्या है पूरी तैयारी?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आठवीं रेजिमेंट को इसके आधे से अधिक साजो-सामान मिल चुका है और यह 2026 के अंत तक चालू होने वाली है। अगले साल दो और रेजिमेंटों के चालू होने की संभावना है, जिससे तैनाती में पिनाका रेजिमेंटों की कुल संख्या 10 तक पहुंच जाएगी।

सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, बाजार में हलचल तेज़

नई दिल्ली। सोने और चांदी के बाजार में पिछले एक हफ्ते से गिरावट का दौर जारी है। 23 मार्च 2026 की सुबह भारतीय सर्राफा बाजार में नरमी देखी गई, जो शादी-ब्याह और गहने बनाने की योजना बनाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। निवेशकों और आम ग्राहकों दोनों के लिए यह समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि कीमतों में आई गिरावट ने सोने और चांदी को खरीदने के लिहाज से आकर्षक बना दिया है।

सोमवार को दो दिन बंद रहने के बाद जैसे ही बाजार खुला, सोने की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव 5.28% गिरकर ₹1,36,868 प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि पिछले कारोबारी दिन यह ₹1,44,492 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

इस साल जनवरी में सोने का वायदा भाव 1,80,779 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऑल टाइम हाई तक पहुंच चुका था। वहीं, गुडरिटर्न्स के अनुसार 24 कैरेट सोना आज सुबह ₹1,46,120 प्रति 10 ग्राम पर है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट सोना ₹1,47,218 प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। अखिल भारतीय सर्राफा संघ के मुताबिक दिल्ली में 24 कैरेट सोने का रेट टैक्स समेत ₹1,52,650 प्रति 10 ग्राम है।

प्रमुख शहरों में सोने का भाव:

दिल्ली: 24 कैरेट ₹1,46,120 | 22 कैरेट ₹1,33,950 | 18 कैरेट ₹1,09,630

मुंबई: 24 कैरेट ₹1,45,970 | 22 कैरेट ₹1,33,800 | 18 कैरेट ₹1,09,480

चेन्नई: 24 कैरेट ₹1,48,580 | 22 कैरेट ₹1,36,200 | 18 कैरेट ₹1,13,600

चांदी के दाम में भी गिरावट

चांदी की कीमतों में भी इस महीने गिरावट देखी गई है। 1 किलो चांदी का भाव आज ₹2,44,900 के आसपास चल रहा है। मार्च में चांदी की कीमतों में 50,000 रुपये प्रति किलो से अधिक की गिरावट आई है, जिससे आम खरीदारों को भी राहत मिली है।

प्रमुख शहरों में 1 किलोग्राम चांदी का भाव:

मुंबई/दिल्ली/कोलकाता/बेंगलुरु/पटना: ₹2,44,900

चेन्नई: ₹2,49,900

LPG गैस के लिए अलर्ट: कोटे से ज्यादा सिलिंडर लेने पर नई शर्तें लागू

न्यूज डेस्क। एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए एक नया नियम लागू कर दिया गया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) ने कहा है कि जिन परिवारों ने इस वित्त वर्ष में अपने सालाना कोटे के 12 सिलिंडर बुक कर लिए हैं, वे अब अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने के लिए हेलो बीपीसीएल एप पर जाकर कुछ जरूरी सवालों के जवाब देंगे। यह नियम रविवार से प्रभावी हुआ।

क्या है नया नियम

BPCL के अनुसार, अतिरिक्त सिलिंडर बुक करने के लिए उपभोक्ताओं को ऐप पर परिवार की स्थिति और आगामी गतिविधियों के बारे में जानकारी देनी होगी। इसमें शामिल हैं:

परिवार के सदस्यों की संख्या

घर में आने वाले मेहमान

शादी, भंडारा या अन्य किसी आयोजन की जानकारी

अन्य घरेलू उपयोग की जरूरतें

सवालों का जवाब देने के बाद ही अतिरिक्त सिलिंडर बुक किया जा सकेगा।

उपभोक्ताओं को परेशानी हो सकती है

हालांकि यह नियम स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं के लिए आसान है, लेकिन ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में कई लोग कीपैड वाले फोन इस्तेमाल करते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं के लिए नया नियम परेशानी खड़ी कर सकता है। उन्हें सिलिंडर बुक करने के लिए स्मार्टफोन खरीदना, ऐप डाउनलोड करना और सवालों का जवाब देना पड़ेगा। जिनके पास स्मार्टफोन नहीं है, उन्हें अब गैस एजेंसी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

एजेंसियों की तैयारी नहीं

इस नियम के लागू होने के दिन ही कई उपभोक्ता मोबाइल से बुकिंग करने की कोशिश में असफल रहे और एजेंसी पहुंचे। कई स्टाफ को भी नई प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी। एजेंसी संचालकों ने कंपनी के अधिकारियों से संपर्क कर अपडेट के बारे में जाना।

केंद्र सरकार की बंपर योजना: बिना गारंटी 20 लाख तक का लोन

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने छोटे और मध्यम व्यवसायों के लिए कई योजनाओं की शुरुआत की है, जिनमें से एक प्रमुख योजना है प्रधानमंत्री मुद्रा लोन (PMMY)। यह योजना उन लोगों के लिए वरदान साबित हो सकती है, जो अपना कारोबार शुरू करना चाहते हैं या मौजूदा व्यवसाय को बढ़ाना चाहते हैं। योजना के तहत 50,000 रुपये से लेकर 20 लाख रुपये तक का लोन बिना किसी गारंटी के प्राप्त किया जा सकता है।

लोन की कैटेगरी

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन की शुरुआत तीन कैटेगरी में हुई थी – शिशु, किशोर और तरुण। इसके बाद नई कैटेगरी तरुण प्लस को जोड़ा गया, जिससे बड़े व्यवसायों को भी लोन की सुविधा मिल सके।

शिशु: 50,000 रुपये तक का लोन

किशोर: 50,000 रुपये से 5 लाख रुपये तक

तरुण: 5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक

तरुण प्लस: 10 लाख रुपये से 20 लाख रुपये तक

इस तरह, जो व्यक्ति अपनी कैटेगरी में योग्य है, उसे उसी अनुसार लोन राशि मिलती है।

लोन किस लिए लिया जा सकता है

यह लोन मैन्युफैक्चरिंग, बिजनेस और सर्विस सेक्टर में वर्किंग कैपिटल की जरूरतों के लिए दिया जाता है। इसमें कृषि से जुड़ी गतिविधियां जैसे मुर्गी पालन, डेयरी, मधुमक्खी पालन आदि भी शामिल हैं। ब्याज दरें आरबीआई के दिशानिर्देशों के अनुसार तय की जाती हैं और री-पेमेंट की अवधि आमतौर पर 3 से 7 वर्ष होती है।

योजना की खासियत

प्रोसेसिंग फीस न्यूनतम या शून्य

लोन के लिए कोई गारंटी या कोलेटरल नहीं चाहिए

ब्याज दर 9% से 15% प्रति वर्ष, बैंक के MCLR या बेस रेट पर आधारित

व्यवसाय आय सृजन करने वाले भारतीय नागरिक आवेदन कर सकते हैं

पात्रता उम्र 18 वर्ष से ऊपर, कोई बैंक डिफॉल्टर नहीं होना चाहिए

जरूरी दस्तावेज

लोन के लिए आवेदन करते समय निम्न दस्तावेज आवश्यक हैं। आधार कार्ड, पैन कार्ड, पता प्रमाण, व्यवसाय से जुड़ा कोटेशन, बैंक स्टेटमेंट, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

कौन देता है लोन

PMMY के तहत लोन कई संस्थाओं के जरिए दिया जाता है, जिनमें शामिल हैं। कॉमर्शियल बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRB), लघु वित्त बैंक (SFB), कुछ एनबीएफसी और एमएफआई। इस योजना से छोटे और मध्यम व्यवसायियों को बिना किसी गारंटी के बड़े स्तर पर वित्तीय मदद मिल रही है।

ग्रहों का बड़ा खेल! 4 राशियों के जीवन में आएगा जबरदस्त बदलाव

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार इन दिनों ग्रहों की स्थिति में हो रहे महत्वपूर्ण बदलाव का असर कई राशियों पर पड़ने वाला है। विशेष रूप से एक शुभ राजयोग बन रहा है, जिसका प्रभाव चार राशियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकता है। यह बदलाव करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन तक देखा जा सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। लंबे समय से रुके कार्य पूरे हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के लोगों के लिए यह राजयोग आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में सुख-शांति बनी रहेगी और संपत्ति से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उन्नति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में पहचान और सम्मान बढ़ेगा। नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ ही बड़े प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने के योग हैं। नेतृत्व क्षमता में भी वृद्धि होगी।

धनु राशि:

धनु राशि के लिए यह समय भाग्य के साथ का संकेत दे रहा है। शिक्षा और करियर में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। यात्रा के योग बन रहे हैं और विदेश से जुड़े कार्यों में भी प्रगति संभव है। आर्थिक लाभ के भी संकेत हैं।

4 देशों के पास सबसे ज्यादा गैस, भारत की LPG जरूरतें कौन पूरा करता है

नई दिल्ली। भारत आज दुनिया के सबसे बड़े एलपीजी (LPG) उपभोक्ताओं में शामिल है। देश में करोड़ों परिवार अपनी रसोई के लिए गैस सिलेंडर पर निर्भर हैं, और सरकार की योजनाओं के चलते इसका इस्तेमाल लगातार बढ़ा है। लेकिन एक अहम सवाल यह है कि इतनी बड़ी मांग आखिर पूरी कैसे होती है और किन देशों पर भारत निर्भर है?

भारत में LPG की बढ़ती मांग

भारत में हर साल लाखों टन एलपीजी की खपत होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन इस जरूरत को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाता। देश अपनी कुल जरूरत का एक बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार और विदेशी आपूर्ति भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।

गैस के सबसे बड़े भंडार देश

अगर प्राकृतिक गैस की बात करें, तो रूस इस सूची में सबसे ऊपर है, जिसके पास दुनिया के लगभग एक चौथाई भंडार मौजूद हैं। इसके बाद ईरान का नंबर आता है, जहां फारस की खाड़ी का विशाल गैस क्षेत्र मौजूद है। तीसरे स्थान पर कतर है, जो दुनिया का सबसे बड़ा LNG निर्यातक भी है। वहीं तुर्कमेनिस्तान चौथे स्थान पर आता है, जिसके पास भी विशाल गैस संसाधन हैं। इन देशों के पास मिलकर दुनिया के आधे से ज्यादा गैस भंडार हैं।

LPG उत्पादन में कौन आगे?

LPG यानी रसोई गैस का उत्पादन मुख्य रूप से तेल रिफाइनिंग और प्राकृतिक गैस प्रोसेसिंग से होता है। इस मामले में संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे आगे है और वैश्विक उत्पादन में उसकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। इसके अलावा चीन, सऊदी अरब और रूस जैसे देश भी बड़े उत्पादक हैं।

भारत को LPG कहां से मिलती है?

भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसमें सबसे अहम भूमिका कतर निभाता है, जो भारत को सबसे ज्यादा LPG सप्लाई करता है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात, ओमान और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों से भी भारत गैस मंगाता है।