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सावन में शनि, मंगल और सूर्य की बदलेगी चाल! 4 राशियों पर होगी धन और तरक्की की बरसात

राशिफल। 30 जुलाई 2026 से सावन मास की शुरुआत होने जा रही है। धार्मिक दृष्टि से यह महीना भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है, वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार भी इस बार का सावन कई महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तनों के कारण खास रहने वाला है। इस दौरान मंगल, सूर्य और शनि जैसे प्रमुख ग्रह अपनी-अपनी चाल बदलेंगे, जिसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। हालांकि, कुछ राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

सावन का यह समय मेष राशि के जातकों के लिए नई उपलब्धियां लेकर आ सकता है। मंगल का प्रभाव आपके आत्मविश्वास और कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, जबकि सूर्य का गोचर सरकारी कार्यों और करियर में लाभ दिला सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना रहेगी। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक और नए अनुबंध मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

सिंह राशि

सूर्य अपनी ही राशि में होने के कारण सिंह राशि वालों के लिए यह समय बेहद प्रभावशाली रह सकता है। नौकरी में पदोन्नति, नई जिम्मेदारियां या सम्मान मिलने के योग बन रहे हैं। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और नेतृत्व क्षमता की सराहना होगी। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। निवेश से भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आत्मविश्वास में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सावन आर्थिक दृष्टि से लाभदायक साबित हो सकता है। शनि की अनुकूल स्थिति लंबे समय से चल रही परेशानियों को कम करने में मदद कर सकती है। करियर में नई संभावनाएं सामने आएंगी और मेहनत का उचित फल मिलने की संभावना है। यदि आप नौकरी बदलने की योजना बना रहे हैं तो अनुकूल अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ और रुका हुआ धन वापस मिलने के भी संकेत हैं।

मीन राशि

शनि का प्रभाव मीन राशि वालों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है। करियर में स्थिरता आएगी और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। आर्थिक मामलों में सुधार होगा तथा भविष्य के लिए बचत करने के अवसर मिलेंगे। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, देशवासियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में औद्योगिक विकास, आधुनिक तकनीक, निवेश और रोजगार को गति देने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में सेमीकंडक्टर उद्योग, मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग, उर्वरक उत्पादन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं से जुड़े बड़े निर्णय लिए गए। सरकार का मानना है कि इन योजनाओं से भारत की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी, विदेशी निवेश आकर्षित होगा और लाखों लोगों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

1. सेमीकंडक्टर मिशन को नई रफ्तार

कैबिनेट ने सेमीकंडक्टर क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सेमिकॉन 2.0 कार्यक्रम को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य भारत को केवल चिप आयात करने वाला देश नहीं, बल्कि चिप डिजाइन और निर्माण के क्षेत्र में वैश्विक पहचान दिलाना है।

2. चिप डिजाइन और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा

नई नीति के तहत देश में चिप डिजाइन करने वाले स्टार्टअप, एमएसएमई और शोध संस्थानों को आधुनिक तकनीक और अनुसंधान सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर रहेगा। सरकार का लक्ष्य घरेलू स्तर पर नई पीढ़ी की चिप विकसित करना है ताकि विदेशी तकनीक पर निर्भरता कम हो सके। इससे नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और भारतीय इंजीनियरों तथा टेक्नोलॉजी कंपनियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।

3. उर्वरक उत्पादन बढ़ाने की तैयारी

कृषि क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यूरिया उत्पादन से जुड़े कई अहम फैसले लिए हैं। नई निवेश नीति के माध्यम से वर्ष 2031 तक नए यूरिया संयंत्रों को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही पुराने संयंत्रों को अधिक ऊर्जा दक्ष और कम लागत वाली तकनीक में बदलने की योजना बनाई गई है। इस पहल का उद्देश्य घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात पर निर्भरता कम करना और किसानों को समय पर उर्वरक उपलब्ध कराना है।

4. मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग को मिलेगा नया समर्थन

कैबिनेट ने मोबाइल निर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए PLI 2.0 योजना को भी मंजूरी दी है। इस योजना के जरिए सरकार चाहती है कि अधिक से अधिक कंपनियां भारत में उत्पादन इकाइयां स्थापित करें। यदि निवेश बढ़ता है तो इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग का विस्तार होगा, निर्यात में वृद्धि होगी और विनिर्माण क्षेत्र में बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

5. युवाओं के लिए कौशल और रोजगार के नए अवसर

सरकार का फोकस केवल उद्योग लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन उद्योगों के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने पर भी है। देश के कई विश्वविद्यालयों में छात्रों को चिप डिजाइन और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स तकनीक का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आने वाले समय में सेमीकंडक्टर फैब, क्लीन रूम ऑपरेशन, चिप निर्माण और परीक्षण जैसे क्षेत्रों में भी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जाएंगे, जिससे युवाओं को हाई-टेक सेक्टर में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी।

योगी सरकार का बड़ा तोहफा, युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल की घोषणा की है। विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश की सबसे बड़ी ताकत उसकी युवा आबादी है और सरकार का लक्ष्य इस शक्ति को कौशल, तकनीक और उद्योगों से जोड़कर आर्थिक विकास की नई गति देना है।

हर जिले में विकसित होंगे स्किल-इंडस्ट्रियल जोन

सरकार की योजना के तहत उत्तर प्रदेश के प्रत्येक जिले में स्किल-इंडस्ट्रियल जोन विकसित किए जाएंगे। इन जोनों में एमएसएमई, कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा तथा श्रम एवं सेवायोजन विभाग मिलकर काम करेंगे। स्थानीय उद्योगों की जरूरत के अनुसार प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किए जाएंगे, ताकि युवाओं को प्रशिक्षण पूरा होते ही रोजगार मिलने की संभावना बढ़ सके।

नई तकनीकों और विदेशी भाषाओं पर रहेगा फोकस

बदलते रोजगार बाजार को देखते हुए सरकार अब पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ-साथ आधुनिक तकनीकों पर भी विशेष ध्यान दे रही है। आईटीआई और अन्य प्रशिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तकनीक और आधुनिक औद्योगिक कौशल से जुड़े पाठ्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके अलावा विदेशों में बढ़ती रोजगार संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण भी युवाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।

रोजगार पाने के साथ रोजगार देने वाले युवा तैयार करने की योजना

सरकार का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं है, बल्कि ऐसे युवा तैयार करना है जो आगे चलकर स्वयं उद्यम स्थापित करें और दूसरों को भी रोजगार दें। इसके लिए स्वरोजगार, स्टार्टअप और लघु उद्योगों को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में रोजगार मेलों, कैंपस प्लेसमेंट और विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से बड़ी संख्या में युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।

बिहार में दौड़ेगी मेट्रो ट्रेन, 4 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में शहरी परिवहन व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने चार प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल परियोजना की घोषणा की थी। इस योजना से मुजफ्फरपुर, गया, दरभंगा और भागलपुर के लोगों को भविष्य में तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन मिलने की उम्मीद है।

चार शहरों के लिए तैयार हुआ था रोडमैप

राज्य सरकार ने जून 2024 में चार शहरों में मेट्रो परियोजना को मंजूरी दी थी। इसके बाद सर्वे, यात्री संख्या का आकलन और व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी राइट्स (RITES) को सौंपी गई। विशेषज्ञों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारिक संगठनों और आम नागरिकों से सुझाव लेकर संभावित रूट और स्टेशन तय किए तथा रिपोर्ट नगर विकास विभाग को सौंप दी।

डीपीआर बनने का इंतजार

फिजिबिलिटी रिपोर्ट जमा होने के बाद अगला महत्वपूर्ण चरण विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करना है। इसी रिपोर्ट के आधार पर परियोजना की लागत, निर्माण प्रक्रिया, तकनीकी डिजाइन और वित्तीय व्यवस्था तय की जाती है। फिलहाल डीपीआर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू होने को लेकर कोई आधिकारिक समय-सीमा सामने नहीं आई है। जब तक यह चरण पूरा नहीं होता, तब तक निर्माण कार्य शुरू होना संभव नहीं माना जा रहा।

हर शहर में दो-दो मेट्रो कॉरिडोर का प्रस्ताव

सर्वे के आधार पर चारों शहरों के लिए दो-दो मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित किए गए हैं।

गया में लगभग 36 किलोमीटर लंबा नेटवर्क प्रस्तावित है, जो चारों शहरों में सबसे बड़ा माना जा रहा है।

भागलपुर में करीब 24 किलोमीटर का मेट्रो कॉरिडोर प्रस्तावित है।

मुजफ्फरपुर के लिए लगभग 21.25 किलोमीटर लंबा रूट तैयार किया गया है।

दरभंगा में करीब 18.8 किलोमीटर का नेटवर्क प्रस्तावित है, जो इस योजना का सबसे छोटा रूट होगा।

इन रूटों का उद्देश्य शहर के प्रमुख बाजार, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, शैक्षणिक संस्थानों और घनी आबादी वाले इलाकों को आपस में जोड़ना है।

कैसे होगी परियोजना की फंडिंग

प्रस्तावित योजना के अनुसार परियोजना की लागत का एक हिस्सा केंद्र सरकार और राज्य सरकार मिलकर वहन करेंगी। शेष राशि वित्तीय संस्थानों से जुटाने की योजना बनाई गई है। हालांकि अंतिम वित्तीय मॉडल डीपीआर तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

महालक्ष्मी राजयोग के साथ नवपंचम योग, इन 4 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 16 जुलाई 2026 को एक महत्वपूर्ण ग्रह परिवर्तन होने जा रहा है। इस दिन सूर्य देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जिसे कर्क संक्रांति कहा जाता है। कर्क राशि में पहले से देवगुरु बृहस्पति (गुरु) विराजमान हैं। ऐसे में सूर्य और गुरु की युति से महालक्ष्मी राजयोग बनने का संयोग रहेगा। साथ ही दोनों ग्रहों के प्रभाव से नवपंचम योग भी सक्रिय होगा। 

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक और पारिवारिक दृष्टि से शुभ संकेत दे सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या पदोन्नति से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में निवेश से लाभ मिलने के योग बनेंगे और आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी तथा संपत्ति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

कर्क राशि

सूर्य और गुरु की युति आपकी ही राशि में बनने से कर्क राशि वालों के लिए यह समय विशेष महत्व रख सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और लंबे समय से अटके कार्य गति पकड़ सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए ग्राहक और नए अनुबंध मिलने की संभावना है। 

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य का साथ दिला सकता है। करियर में नई उपलब्धियां मिलने के संकेत हैं। सरकारी कार्यों या कानूनी मामलों में राहत मिलने की संभावना रहेगी। व्यापार विस्तार की योजना सफल हो सकती है और विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ मिल सकता है। धार्मिक यात्रा या आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए महालक्ष्मी राजयोग और नवपंचम योग धन लाभ और करियर में प्रगति के संकेत दे सकता है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में मुनाफा बढ़ने के साथ नए अवसर सामने आ सकते हैं। परिवार के साथ समय अच्छा बीतेगा और संतान से जुड़ी कोई सुखद खबर मिल सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश को दालों के उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (2025-31) के तहत सरकार ने दलहन उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय में सुधार करने और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए व्यापक योजना लागू की है। इस मिशन में किसानों को आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज, आर्थिक सहायता, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद और प्रसंस्करण सुविधाओं का लाभ देने पर विशेष जोर दिया गया है।

किसानों को मिलेगी आर्थिक सहायता और आधुनिक प्रशिक्षण

मिशन के तहत किसानों को दलहन की उन्नत खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। सरकार किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रशिक्षण देने के साथ-साथ प्रति हेक्टेयर 10,000 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। इसका उद्देश्य उत्पादन लागत कम करना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि पर होगी दलहन की खेती

सरकार ने दलहन उत्पादन बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर भूमि विस्तार की रणनीति बनाई है। धान की कटाई के बाद खाली रहने वाली भूमि (राइस फैलो) और अन्य उपयुक्त क्षेत्रों की पहचान कर करीब 35 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त क्षेत्र में दलहन की खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। इसके अलावा इंटरक्रॉपिंग और फसल विविधीकरण जैसी तकनीकों को अपनाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया जाएगा, जिससे एक ही खेत से बेहतर उत्पादन और आय प्राप्त हो सके।

88 लाख किसानों को मिलेंगे उन्नत बीज किट

बेहतर उत्पादन के लिए गुणवत्तापूर्ण बीज सबसे महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार करने और वितरित करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही किसानों को 88 लाख मुफ्त उन्नत बीज किट उपलब्ध कराए जाएंगे। जलवायु के अनुकूल और अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि बीजों की गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए SATHI पोर्टल के माध्यम से निगरानी की जाएगी।

PM-AASHA के तहत MSP पर होगी खरीद

दलहन किसानों को बाजार में कीमतों के उतार-चढ़ाव से बचाने के लिए खरीद व्यवस्था को भी मजबूत बनाया गया है। सरकार ने तय किया है कि तूर (अरहर), उड़द और मसूर जैसी प्रमुख दलहन फसलों की खरीद PM-AASHA योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी। अगले चार वर्षों तक NAFED और NCCF जैसी एजेंसियां किसानों से सीधे खरीद करेंगी, जिससे किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी।

2030-31 तक तय किए गए बड़े लक्ष्य

सरकार ने इस मिशन के तहत वर्ष 2030-31 तक कई महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं। इनमें दलहन खेती का रकबा बढ़ाकर 310 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाना, कुल उत्पादन 350 लाख टन तक ले जाना और औसत उत्पादकता बढ़ाकर 1,130 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर करना शामिल है। इन लक्ष्यों के माध्यम से देश की दालों की मांग को घरेलू उत्पादन से पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।

1,000 प्रोसेसिंग यूनिट से मिलेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल

केवल उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि फसल की बर्बादी रोकना और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराना भी इस मिशन का हिस्सा है। इसके लिए देशभर में 1,000 दाल प्रोसेसिंग एवं पैकेजिंग यूनिट स्थापित करने की योजना बनाई गई है। इन इकाइयों की स्थापना के लिए सरकार प्रति यूनिट 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी देगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने में मदद मिलेगी।

देश के 4 राज्यों में दौड़ेगी रैपिड रेल, 20 शहरों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में तेजी से विकसित हो रहे हाई-स्पीड रेल नेटवर्क के बीच नमो भारत (रैपिड रेल) परियोजना का दायरा अब उत्तराखंड तक बढ़ाने की तैयारी है। मेरठ से हरिद्वार और ऋषिकेश तक प्रस्तावित नया कॉरिडोर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने पर लाखों यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा, वहीं पर्यटन, व्यापार और धार्मिक यात्रा को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

करीब 150 किलोमीटर लंबा होगा नया कॉरिडोर

प्रस्तावित रैपिड रेल कॉरिडोर मेरठ के मोदीपुरम स्टेशन से शुरू होकर दौराला, खतौली, मुजफ्फरनगर, रुड़की, हरिद्वार और ऋषिकेश तक पहुंचेगा। इसकी कुल लंबाई लगभग 150 किलोमीटर प्रस्तावित है। इसमें करीब 72 किलोमीटर हिस्सा उत्तर प्रदेश और लगभग 78 किलोमीटर हिस्सा उत्तराखंड में होगा। परियोजना के लिए उत्तराखंड सरकार ने सर्वे और भूमि संबंधी कार्यों में तेजी लाने हेतु नोडल अधिकारी भी नियुक्त किए हैं।

चार राज्यों के बीच बढ़ेगी कनेक्टिविटी

इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक आसान हो जाएगी। मेरठ-दिल्ली के मौजूदा नमो भारत कॉरिडोर से जुड़ने के बाद हरिद्वार और ऋषिकेश के यात्री सीधे दिल्ली के प्रमुख इंटरचेंज स्टेशनों तक पहुंच सकेंगे। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के साथ-साथ पर्यटकों और व्यापारियों को भी बड़ी राहत मिलेगी।

जेवर एयरपोर्ट तक पहुंचेगी रैपिड रेल

नई कनेक्टिविटी के जरिए गाजियाबाद इंटरचेंज से यात्रियों को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। भविष्य में रैपिड रेल नेटवर्क के विस्तार के साथ उत्तराखंड से आने वाले यात्रियों को हवाई यात्रा के लिए अलग-अलग साधन बदलने की आवश्यकता काफी कम हो सकती है।

हरियाणा तक भी मिलेगा सीधा लाभ

रैपिड रेल नेटवर्क के विस्तार के बाद उत्तराखंड से आने वाले यात्रियों को सराय काले खां इंटरचेंज के माध्यम से हरियाणा के सोनीपत, पानीपत और आगे करनाल की दिशा में प्रस्तावित रैपिड रेल सेवाओं का भी लाभ मिल सकेगा। इससे उत्तर भारत के कई प्रमुख शहर एक आधुनिक हाई-स्पीड परिवहन नेटवर्क के जरिए आपस में जुड़ जाएंगे।

सराय काले खां और आनंद विहार बनेंगे बड़े ट्रांसपोर्ट हब

दिल्ली के सराय काले खां और आनंद विहार स्टेशन इस परियोजना के प्रमुख केंद्र होंगे। सराय काले खां को मल्टी-मोडल इंटरचेंज हब के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां रैपिड रेल, रेलवे, मेट्रो और अन्य सार्वजनिक परिवहन सेवाएं एक-दूसरे से जुड़ेंगी। वहीं आनंद विहार पर मेट्रो, रेलवे और बस टर्मिनल के साथ रैपिड रेल का एकीकृत नेटवर्क यात्रियों की आवाजाही को और अधिक सुविधाजनक बनाएगा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, महिलाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार सरकार महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार नए कदम उठा रही है। इसी कड़ी में रोहतास जिले से एक नई पहल शुरू की गई है, जिसके तहत जीविका से जुड़ी महिलाएं अब गांव-गांव जाकर स्वास्थ्य, पोषण और स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करेंगी। इस अभियान का उद्देश्य केवल जानकारी देना ही नहीं, बल्कि महिलाओं और परिवारों में बेहतर स्वास्थ्य संबंधी व्यवहार को बढ़ावा देना भी है।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के बाद संभालेंगी जिम्मेदारी

इस पहल के तहत रोहतास जिले में जिला परियोजना समन्वयन इकाई जीविका द्वारा दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की प्रतिनिधियों और प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य एवं पोषण से जुड़े नोडल कर्मियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये प्रतिभागी अपने-अपने गांवों और पंचायतों में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाएंगे।

महिला स्वास्थ्य और पोषण पर रहेगा फोकस

प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। इसमें गर्भवती महिलाओं की देखभाल, शिशु स्वास्थ्य, संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम, टीबी के प्रति जागरूकता, संक्रामक और गैर-संक्रामक बीमारियों की पहचान, साफ-सफाई और पोषण संबंधी व्यवहार को शामिल किया गया।

गांव-गांव पहुंचेगा जागरूकता अभियान

प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद जीविका दीदियां घर-घर जाकर महिलाओं और परिवारों को सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं, नियमित जांच, टीकाकरण, पौष्टिक भोजन और स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी देंगी। विशेष रूप से टीबी जैसी गंभीर बीमारी की समय पर पहचान और उपचार के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया जाएगा। इस अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य संबंधी भ्रांतियों को कम करने और समय पर इलाज के प्रति लोगों की जागरूकता बढ़ाने की उम्मीद है।

पोषण और किचन गार्डन को बढ़ावा

इस पहल में केवल स्वास्थ्य जागरूकता ही नहीं, बल्कि परिवारों को पोषण के प्रति भी प्रेरित किया जाएगा। जीविका समूहों की महिलाएं जैविक खेती और किचन गार्डन को बढ़ावा देकर घरों में ताजी और पौष्टिक सब्जियों की उपलब्धता बढ़ाने के लिए भी लोगों को प्रोत्साहित करेंगी। इससे परिवारों के भोजन की गुणवत्ता में सुधार होने के साथ-साथ अतिरिक्त आय के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

महिलाओं को मिलेगा योजनाओं का लाभ

अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य यह भी है कि अधिक से अधिक महिलाओं तक सरकार की स्वास्थ्य और पोषण से जुड़ी योजनाओं का लाभ पहुंचे। जीविका दीदियां जरूरतमंद महिलाओं को सरकारी सुविधाओं की जानकारी देंगी और उन्हें संबंधित सेवाओं से जोड़ने में भी सहयोग करेंगी।

8वें वेतन आयोग: 1800 ग्रेड-पे वालों की नई सैलरी क्या होगी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग के गठन के बाद लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर अब नई वेतन संरचना पर टिकी हुई है। खासतौर पर पे लेवल-1 (पुराना 1800 ग्रेड-पे) के कर्मचारियों में यह जानने की उत्सुकता है कि उनकी न्यूनतम बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है। हालांकि सरकार ने अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन विभिन्न संभावित विकल्पों के आधार पर वेतन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

फिलहाल कितनी है बेसिक सैलरी?

7वें वेतन आयोग के तहत पे लेवल-1 के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर यही राशि नए फिटमेंट फैक्टर के अनुसार संशोधित की जाएगी। अंतिम वेतन इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है।

अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर पर बेसिक सैलरी?

यदि मौजूदा 18,000 रुपये की बेसिक सैलरी पर अलग-अलग संभावित फिटमेंट फैक्टर लागू किए जाएं, तो अनुमानित वेतन इस प्रकार हो सकता है:

1.90 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी: ₹34,200

2.10 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी:  ₹37,800

2.28 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी: ₹41,040

2.46 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी: ₹44,280

2.57 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी: ₹46,260

2.86 संभावित फिटमेंट फैक्टर पर अनुमानित नई बेसिक सैलरी: ₹51,480

इस आधार पर देखा जाए तो नई न्यूनतम बेसिक सैलरी करीब 34,200 रुपये से 51,480 रुपये के बीच हो सकती है। हालांकि वास्तविक आंकड़े आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम निर्णय के बाद ही स्पष्ट होंगे।

केवल बेसिक नहीं, भत्तों में भी होगा बदलाव

8वें वेतन आयोग का असर सिर्फ बेसिक वेतन तक सीमित नहीं रहेगा। बेसिक बढ़ने के साथ कई अन्य भत्तों में भी वृद्धि होगी।

महंगाई भत्ता (DA):

नया वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ते को सामान्य प्रक्रिया के अनुसार 0 प्रतिशत से रीसेट किया जा सकता है। इसके बाद समय-समय पर महंगाई के आधार पर डीए फिर से बढ़ाया जाएगा।

मकान किराया भत्ता (HRA):

HRA की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है। इसलिए नई बेसिक बढ़ने पर कर्मचारियों को मिलने वाला मकान किराया भत्ता भी पहले की तुलना में अधिक हो सकता है। इसकी राशि कर्मचारी की पोस्टिंग वाले शहर की श्रेणी (X, Y या Z) पर निर्भर करेगी।

अन्य भत्ते:

यात्रा भत्ता (TA) और अन्य लागू भत्तों में भी संशोधन संभव है, जिससे कुल मासिक आय में और बढ़ोतरी हो सकती है।

ग्रॉस सैलरी पर पड़ेगा बड़ा असर

जब बेसिक वेतन के साथ HRA, TA और अन्य स्वीकृत भत्ते जुड़ेंगे, तो कर्मचारियों की ग्रॉस सैलरी वर्तमान की तुलना में काफी अधिक हो सकती है। इसलिए केवल बेसिक वेतन के बजाय कुल वेतन पैकेज में भी उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिल सकता है।

बिहार में निवेश करेंगी ये 16 कंपनियां, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने वस्त्र एवं परिधान क्षेत्र में निवेश बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित भारत टेक्स 2026 के दौरान 16 कंपनियों के साथ निवेश समझौते (एमओयू) किए हैं। इन समझौतों के तहत करीब 1,476 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव मिला है, जिससे राज्य में 40 हजार से अधिक प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। सरकार का मानना है कि यह निवेश बिहार को टेक्सटाइल उद्योग के नए केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद करेगा।

भारत टेक्स 2026 में बिहार को मिली बड़ी उपलब्धि

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित चार दिवसीय भारत टेक्स 2026 कार्यक्रम में बिहार ने पार्टनर स्टेट के रूप में भाग लिया। इस आयोजन में राज्य ने निवेशकों के सामने अपनी औद्योगिक नीतियों, आधारभूत सुविधाओं और निवेश की संभावनाओं को प्रस्तुत किया। पहले ही दिन कई कंपनियों ने बिहार में उद्योग लगाने में रुचि दिखाई और कुल 16 निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए।

इन निवेश प्रस्तावों से किन क्षेत्रों को मिलेगा फायदा

इन निवेश प्रस्तावों का सबसे अधिक लाभ टेक्सटाइल, गारमेंट और परिधान निर्माण उद्योग को मिलने की उम्मीद है। नए उद्योग स्थापित होने से कपड़ा उत्पादन, रेडीमेड परिधान निर्माण, पैकेजिंग, लॉजिस्टिक्स और अन्य सहायक क्षेत्रों में भी आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। इससे स्थानीय स्तर पर छोटे और मध्यम उद्यमों को भी नए अवसर मिल सकते हैं।

इन जिलों में बढ़ सकती हैं औद्योगिक गतिविधियां

सरकार की योजना राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों और टेक्सटाइल क्लस्टरों को मजबूत करने की है। जहां पहले से औद्योगिक आधार विकसित किया जा रहा है, वहां नए निवेश के जरिए उत्पादन इकाइयों की स्थापना की संभावना बढ़ेगी। इससे संबंधित जिलों में रोजगार के साथ-साथ स्थानीय व्यापार और बुनियादी ढांचे का भी विकास होगा।

युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर

राज्य में होने वाले इस निवेश का सबसे बड़ा लाभ युवाओं को मिलने की उम्मीद है। अनुमान है कि इन परियोजनाओं के माध्यम से 40,500 से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे तकनीकी, उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण, मशीन संचालन, प्रबंधन और अन्य क्षेत्रों में प्रशिक्षित युवाओं के लिए नई नौकरियां उपलब्ध हो सकती हैं। साथ ही महिलाओं के लिए भी परिधान उद्योग में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है।

निवेशकों का बढ़ा भरोसा

राज्य सरकार का कहना है कि निवेश-अनुकूल नीतियां, औद्योगिक सुविधाओं का विस्तार और प्लग एंड प्ले जैसी व्यवस्थाओं ने निवेशकों का विश्वास मजबूत किया है। उद्योग लगाने की प्रक्रिया को सरल बनाने और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे अधिक से अधिक कंपनियां बिहार का रुख कर रही हैं।

यूपी सरकार का बड़ा कदम: कल से शुरू होगा घर-घर सर्वे अभियान

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में हर बच्चे तक शिक्षा पहुंचाने के उद्देश्य से राज्य सरकार 16 जुलाई से 14 अगस्त तक विशेष घर-घर सर्वे अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का मकसद ऐसे बच्चों की पहचान करना है जो कभी स्कूल नहीं गए या किसी कारणवश पढ़ाई बीच में छोड़ चुके हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे और सभी पात्र बच्चों का दोबारा स्कूलों में नामांकन कराया जाए।

छह से 14 वर्ष के बच्चों पर फोकस

बेसिक शिक्षा विभाग के इस अभियान में विशेष रूप से 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि किन बच्चों ने अब तक स्कूल में प्रवेश नहीं लिया है या नामांकन के बाद पढ़ाई छोड़ दी है। ऐसे सभी बच्चों को उनकी उम्र के अनुसार उपयुक्त कक्षा में दाखिला दिलाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, ताकि वे फिर से नियमित शिक्षा से जुड़ सकें।

घर-घर जाकर होगी बच्चों की पहचान

अभियान को प्रभावी बनाने के लिए डायट (DIET) के डीएलएड प्रशिक्षुओं को घर-घर जाकर सर्वे करने की जिम्मेदारी दी गई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के अलावा ईंट-भट्ठों, निर्माण स्थलों, घुमंतू समुदायों, जनजातीय बस्तियों तथा पलायन प्रभावित परिवारों तक भी टीम पहुंचेगी। इन क्षेत्रों में रहने वाले बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा।

किन बच्चों को माना जाएगा स्कूल से बाहर

सर्वे के दौरान ऐसे बच्चों को "आउट ऑफ स्कूल" श्रेणी में रखा जाएगा, जिन्होंने कभी स्कूल में प्रवेश नहीं लिया या नामांकन के बाद 30 दिनों से अधिक समय तक लगातार अनुपस्थित रहे। इसके अलावा वार्षिक मूल्यांकन या राष्ट्रीय उपलब्धि परीक्षण (NAT) में 35 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले बच्चों की भी पहचान कर उन्हें अतिरिक्त शैक्षणिक सहायता के साथ दोबारा पढ़ाई से जोड़ा जाएगा।

पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों को भी मिलेगा लाभ

प्रदेश सरकार ने पलायन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए भी विशेष व्यवस्था की है। यदि किसी परिवार ने रोजगार या अन्य कारणों से स्थान बदल लिया है तो संबंधित बच्चे को माइग्रेशन प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। इससे वह नए क्षेत्र के नजदीकी सरकारी विद्यालय में आसानी से प्रवेश लेकर अपनी पढ़ाई बिना बाधा जारी रख सकेगा।

सरकार के इस बड़े अभियान के डिजिटल माध्यम से होगी निगरानी

पूरे अभियान की निगरानी डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए की जाएगी। शारदा पोर्टल और डीबीटी ऐप के माध्यम से सर्वे, चिन्हांकन और नामांकन की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। जिला, मंडल और राज्य स्तर पर नियमित समीक्षा कर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।

पानी-पानी होगा बिहार! 24 जिलों में भारी बारिश के आसार

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है और मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। इसी बीच मौसम विभाग ने राज्य के 24 जिलों के लिए बारिश, तेज हवा और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। कई इलाकों में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

इन जिलों में रहेगा बारिश का ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी चंपारण, पश्चिम चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, गोपालगंज, सारण, सीवान, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, समस्तीपुर, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, खगड़िया, मुंगेर, भागलपुर, जमुई और बांका जिलों में तेज बारिश की संभावना है। इनमें मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार में कहीं-कहीं अत्यधिक वर्षा होने के आसार हैं।

कई जिलों में मौसम ने बदला रुख

पटना और आसपास के इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ घंटों में अरवल, गया, जहानाबाद, नालंदा, पटना, भोजपुर, वैशाली और सारण जिलों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है। अचानक बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की अपील की है।

किसानों के लिए विशेष सलाह

बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए कृषि कार्यों में लगे किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खेतों में काम करने से बचने और सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी गई है। तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं जान-माल के लिए खतरा बन सकती हैं।

अगले कुछ दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में भी मानसून सक्रिय बना रहेगा। राज्य के अधिकांश हिस्सों में बादल छाए रह सकते हैं और रुक-रुक कर बारिश होती रहेगी। कुछ जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश देखने को मिल सकती है। हालांकि जिन इलाकों में बारिश कम होगी, वहां लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।

8वें वेतन आयोग की तैयारी तेज: सैलरी को लेकर बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें केंद्रीय वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज हो गई है। देशभर के करीब 55 लाख केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनभोगी नए वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। कर्मचारियों की सबसे बड़ी उम्मीद बेसिक वेतन, फिटमेंट फैक्टर, भत्तों और पेंशन में संभावित सुधार को लेकर है।

फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर

वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे अहम भूमिका निभाता है। इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होती है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिसके बाद न्यूनतम बेसिक वेतन ₹7,000 से बढ़कर ₹18,000 हो गया था। अब कई कर्मचारी संगठन और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.5 से 3.0 के बीच रखने पर विचार हो सकता है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।

यदि फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो क्या होगा?

यदि सरकार भविष्य में अधिक फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है, तो इसका सीधा असर कर्मचारियों की बेसिक सैलरी पर पड़ेगा। इसके साथ ही कई अन्य भुगतान भी बढ़ सकते हैं, जैसे महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA), ग्रेच्युटी, पेंशन संबंधी लाभ क्योंकि इनमें से कई लाभ बेसिक वेतन के आधार पर तय किए जाते हैं।

केवल सैलरी ही नहीं, अन्य सुविधा भी

इस बार कर्मचारी संगठनों की मांग केवल वेतन बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे चाहते हैं कि नए वेतन आयोग में पेंशन व्यवस्था की समीक्षा, ग्रेच्युटी सीमा, स्वास्थ्य सुविधाएं, विभिन्न भत्तों का पुनर्गठन, सेवा शर्तों में सुधार जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार किया जाए।

कर्मचारी संगठनों की क्या मांग है?

कई कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों को जल्द अंतिम रूप दिया जाए ताकि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को समय पर लाभ मिल सके। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए वेतन संरचना में उचित संशोधन आवश्यक है।

कब आ सकती हैं सिफारिशें?

वर्तमान में 8वें वेतन आयोग का कार्य जारी है। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी संगठनों और अन्य पक्षों से सुझाव प्राप्त कर रहा है। आधिकारिक समय-सीमा के अनुसार आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट निर्धारित अवधि के भीतर सरकार को सौंपनी है। इसके बाद सरकार रिपोर्ट का अध्ययन कर सिफारिशों पर निर्णय लेगी।

16 जुलाई को बनेगा सिद्धि योग! इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, हर काम में मिलेगी सफलता

राशिफल। 16 जुलाई का दिन कई लोगों के लिए धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन बनने वाला सिद्धि योग शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। ज्योतिष में सिद्धि योग को ऐसा संयोग माना जाता है, जिसमें नए कार्यों की शुरुआत, निवेश, पूजा-पाठ और महत्वपूर्ण निर्णय अपेक्षाकृत शुभ फल दे सकते हैं।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का प्रभाव सभी 12 राशियों पर अलग-अलग रहेगा, लेकिन वृषभ, मिथुन, सिंह, तुला और मकर राशि के जातकों को विशेष रूप से सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक फल व्यक्ति की जन्मकुंडली, दशा और गोचर पर भी निर्भर करते हैं।

सिद्धि योग का महत्व

सिद्धि योग को शुभ मुहूर्तों में गिना जाता है। मान्यता है कि इस योग में शुरू किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है। व्यापार, नौकरी, शिक्षा, धार्मिक कार्य और पारिवारिक निर्णयों के लिए भी इसे अनुकूल समय माना जाता है।

इन 5 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए 16 जुलाई का दिन आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों या नए सौदों से लाभ मिलने के संकेत हैं। परिवार में भी सुखद वातावरण बना रह सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह दिन करियर और शिक्षा के क्षेत्र में अनुकूल माना जा रहा है। किसी महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिल सकती है। यदि लंबे समय से कोई योजना अटकी हुई है तो उसमें प्रगति के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगेगा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को आत्मविश्वास मिलेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों को मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हो सकती है और परिवार का सहयोग भी मिलेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सिद्धि योग लाभदायक साबित हो सकता है। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना है तो समय अनुकूल माना जा रहा है। रिश्तों में मधुरता बढ़ सकती है और पारिवारिक वातावरण खुशहाल रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य सामान्य रहने की उम्मीद है।

खुशखबरी पर खुशखबरी! बिहार में आई 3 नई भर्ती, युवाओं को मौका

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के विभिन्न विभागों और शैक्षणिक संस्थानों में नई भर्ती प्रक्रियाएं शुरू हो गई हैं। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC), बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (BASU) और बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने मिलाकर करीब 3,798 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

इन भर्तियों में वन सेवा, विश्वविद्यालय शिक्षण और संविदा फैकल्टी जैसे पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

1. BPSSC में फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर के 16 पद

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने Forest Range Officer के 16 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 16 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 16 अगस्त 2026

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षण (यदि लागू हो) तथा अन्य निर्धारित प्रक्रियाओं के आधार पर किया जाएगा। यह भर्ती पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन से जुड़े क्षेत्र में सरकारी सेवा का अच्छा अवसर मानी जा रही है।

2. बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय (BASU) में 95 शिक्षकों की भर्ती

बिहार एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (BASU), पटना ने पशु चिकित्सा संकाय में 95 शिक्षण पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। ये नियुक्तियां बिहार वेटरिनरी कॉलेज, पटना तथा कॉलेज ऑफ वेटरिनरी एंड एनिमल साइंस, किशनगंज के लिए की जाएंगी।

रिक्त पद

एसोसिएट प्रोफेसर: 43 पद

असिस्टेंट प्रोफेसर: 52 पद

आवेदन की अंतिम तिथि

इच्छुक उम्मीदवार 31 जुलाई 2026, शाम 5 बजे तक स्पीड पोस्ट या रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से आवेदन भेज सकते हैं।

3. BSUSC में 3,687 संविदा फैकल्टी पदों पर भर्ती

बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में 3,687 संविदा फैकल्टी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। यह भर्ती उच्च शिक्षा क्षेत्र में नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अवसर मानी जा रही है।

आवेदन की अंतिम तिथि

आयोग के अनुसार उम्मीदवारों को निर्धारित समय सीमा के भीतर आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करना होगा।

यूपी में बनेगा ग्रीनफील्ड हाईवे सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने की दिशा में एक और बड़ी परियोजना आगे बढ़ रही है। मुरादाबाद से अलीगढ़ के बीच प्रस्तावित 148.5 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के निर्माण की प्रक्रिया तेज हो गई है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही प्रशासन और एनएचएआई के अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे और अन्य औपचारिकताओं को पूरा करने में जुट गए हैं। यह हाईवे बनने के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आवागमन, व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

148.5 किलोमीटर लंबा होगा आधुनिक हाईवे

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हाईवे की कुल लंबाई 148.5 किलोमीटर होगी। यह मार्ग मुरादाबाद को अलीगढ़ से आधुनिक एक्सेस कंट्रोल्ड सड़क के माध्यम से जोड़ेगा। योजना के अनुसार हाईवे दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग के पास से शुरू होकर रिंग रोड से जुड़ेगा और आगे कुंदरकी, सिरसी होते हुए बुलंदशहर मार्ग से अलीगढ़ रिंग रोड तक पहुंचेगा।

एक्सेस कंट्रोल्ड होगा हाईवे

यह सड़क सामान्य राजमार्गों से अलग होगी। एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे होने के कारण केवल चारपहिया और भारी वाहन चल सकेंगे। दोपहिया और तिपहिया वाहनों का प्रवेश नहीं होगा। सीधे गांव, दुकान या मकान से हाईवे पर चढ़ने की अनुमति नहीं होगी। केवल निर्धारित इंटरचेंज के माध्यम से ही वाहन प्रवेश और निकास कर सकेंगे। इस व्यवस्था से तेज, सुरक्षित और बाधारहित यात्रा सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है।

यात्रा होगी आसान, जाम से मिलेगी राहत

हाईवे बनने के बाद मुरादाबाद और अलीगढ़ के बीच यात्रा का समय कम होने की संभावना है। साथ ही शहरों के अंदर लगने वाले ट्रैफिक जाम का दबाव भी घट सकता है। बेहतर सड़क संपर्क मिलने से दिल्ली, अलीगढ़ और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अन्य शहरों तक पहुंच पहले की तुलना में अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।

सावन में बन रहे 6 राजयोग! इन 5 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। उत्तर भारत के पूर्णिमांत कैलेंडर के मुताबिक सावन माह 30 जुलाई 2026 (गुरुवार) से शुरू होकर 28 अगस्त 2026 (शुक्रवार) तक रहेगा। भगवान शिव को समर्पित यह महीना धार्मिक दृष्टि से अत्यंत पवित्र माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस बार सावन में कई शुभ ग्रह संयोग बनने जा रहे हैं, जिनसे गजकेसरी, केंद्र-त्रिकोण, मालव्य, शश, बुधादित्य और गजलक्ष्मी राजयोग जैसे प्रभावशाली योग बनेंगे।

इन 5 राशियों को मिल सकता है विशेष लाभ

मेष राशि

सावन में बनने वाले शुभ राजयोग मेष राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक अवसर ला सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में लाभ के योग बन सकते हैं। रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना भी रहेगी।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों को धन संबंधी मामलों में लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में शुभ कार्य हो सकते हैं और निवेश से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर के लिहाज से अनुकूल माना जा रहा है। बुधादित्य राजयोग का प्रभाव निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ा सकता है। नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को मान-सम्मान और पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि के अवसर मिल सकते हैं। सरकारी कार्यों, प्रशासनिक क्षेत्र और नेतृत्व से जुड़े लोगों के लिए समय लाभकारी रह सकता है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत होने के संकेत हैं।

धनु राशि

देवगुरु बृहस्पति की शुभ स्थिति धनु राशि वालों के लिए सकारात्मक परिणाम दे सकती है। नौकरी में उन्नति, व्यापार में विस्तार और पारिवारिक जीवन में सुखद वातावरण बनने की संभावना है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! नए वेतन आयोग में 5 बड़े बदलावों की तैयारी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इस समय 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) पर टिकी हुई है। आमतौर पर वेतन आयोग को केवल बेसिक सैलरी बढ़ाने से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन इस बार चर्चा केवल वेतन वृद्धि तक सीमित नहीं है। आयोग कर्मचारियों के वेतन ढांचे, भत्तों, पेंशन और प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन जैसे कई महत्वपूर्ण पहलुओं की समीक्षा कर रहा है।

हालांकि, इन विषयों पर अभी अंतिम सिफारिशें जारी नहीं हुई हैं। आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और संबंधित पक्षों से सुझाव लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

1. भत्तों की होगी व्यापक समीक्षा

बेसिक वेतन के अलावा केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) सहित कई प्रकार के भत्ते मिलते हैं। नए वेतन आयोग में इन सभी भत्तों की समीक्षा की जा रही है। संभावना है कि कुछ भत्तों की संरचना सरल बनाई जाए, कुछ को आपस में समायोजित किया जाए और वर्तमान जरूरतों के अनुसार उनमें बदलाव की सिफारिश की जाए।

2. निजी क्षेत्र की तुलना पर फोकस

आयोग इस बात का भी अध्ययन कर रहा है कि निजी कंपनियों और सार्वजनिक क्षेत्र के बड़े उपक्रमों में वेतन, सुविधाएं और कार्य परिस्थितियां कैसी हैं। इसका उद्देश्य सरकारी सेवाओं को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाना और योग्य प्रतिभाओं को सरकारी सेवा की ओर आकर्षित करने के लिए उपयुक्त वेतन एवं सुविधाओं का सुझाव देना है।

3. बेहतर प्रदर्शन करने वालों को अतिरिक्त लाभ

भविष्य में केवल वार्षिक वेतन वृद्धि ही नहीं, बल्कि कार्य प्रदर्शन को भी अधिक महत्व दिया जा सकता है। यदि आयोग प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन से जुड़े सुझाव देता है और सरकार उन्हें स्वीकार करती है, तो उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ मिलने की व्यवस्था विकसित हो सकती है।

4. पेंशन और रिटायरमेंट लाभों की भी होगी समीक्षा

8वां वेतन आयोग पेंशन व्यवस्था पर भी विचार कर रहा है। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) तथा सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी जैसे विषयों पर विभिन्न कर्मचारी संगठनों से सुझाव लिए जा रहे हैं। आयोग यह भी देख रहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों को वर्तमान परिस्थितियों के अनुरूप किस प्रकार बेहतर बनाया जा सकता है।

5. विशेष विषय पर अंतरिम रिपोर्ट  की भी संभावना

आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट निर्धारित समय सीमा के भीतर सरकार को सौंपनी है। हालांकि नियमों के अनुसार, यदि आवश्यक हुआ तो आयोग किसी विशेष विषय पर अंतरिम रिपोर्ट भी सरकार को सौंप सकता है। यदि ऐसा होता है, तो सरकार कुछ महत्वपूर्ण निर्णय अंतिम रिपोर्ट आने से पहले भी लागू करने पर विचार कर सकती है। हालांकि इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

यूपी में 32 हजार पदों पर होगी भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग में बड़ी संख्या में रिक्त पदों को भरने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। शिक्षा विभाग ने 32 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी शुरू कर दी है। विभिन्न पदों के लिए अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा चुका है, जबकि शेष पदों का प्रस्ताव भी जल्द भेजे जाने की तैयारी है।

प्रदेश में 81 हजार से अधिक शिक्षक पद खाली

शिक्षा विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कुल 81,821 शिक्षक पद रिक्त हैं। इनमें प्राथमिक स्तर पर सबसे अधिक रिक्तियां हैं।

प्राथमिक (एलिमेंट्री) स्तर पर स्वीकृत पद: 2,50,488

रिक्त पद: 77,400

वहीं माध्यमिक स्तर पर:

स्वीकृत पद: 11,083

रिक्त पद: 4,421

इन रिक्तियों को चरणबद्ध तरीके से भरने की योजना बनाई जा रही है, ताकि सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

किन पदों पर होगी भर्ती?

शिक्षा विभाग ने जिन पदों पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाई है, उनमें सबसे पहले नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों के 11,508 सहायक अध्यापक पद शामिल हैं। इन पदों का अधियाचन उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को भेजा जा चुका है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से 2,643 प्रधानाध्यापक पदों के लिए भी अधियाचन पहले ही भेजा जा चुका है। विभाग अब करीब 16,000 सहायक अध्यापक और लगभग 2,600 प्रवक्ता पदों के लिए भी प्रस्ताव आयोग को भेजने की तैयारी कर रहा है। इन सभी पदों को मिलाकर भर्ती का आंकड़ा 32,700 से अधिक हो जाएगा।

टीईटी परिणाम के बाद बढ़ सकती है प्रक्रिया

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने हाल ही में शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) आयोजित की है। अब परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में अभ्यर्थियों को आयोग की आधिकारिक अधिसूचना पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर करने पर जोर

हाल ही में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की परियोजना अनुमोदन बोर्ड (PAB) की बैठक में भी उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में रिक्त शिक्षक पदों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। बैठक में पर्याप्त संख्या में शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया, ताकि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी! योगी सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को अधिक आसान, पारदर्शी और डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) व्यवस्था लागू कर दी है। अब अभ्यर्थियों को हर नई भर्ती के लिए बार-बार अपनी व्यक्तिगत जानकारी भरने की जरूरत नहीं होगी। एक बार पंजीकरण कराने के बाद वही विवरण भविष्य की विभिन्न भर्तियों में उपयोग किया जा सकेगा।

क्या है वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR)?

वन टाइम रजिस्ट्रेशन एक ऐसी डिजिटल व्यवस्था है, जिसमें उम्मीदवार अपनी व्यक्तिगत और शैक्षणिक जानकारी केवल एक बार दर्ज करते हैं। इसके बाद भविष्य में उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की विभिन्न भर्तियों में आवेदन करते समय वही जानकारी स्वतः उपलब्ध हो जाती है। इससे हर भर्ती में नए सिरे से पूरा फॉर्म भरने की आवश्यकता नहीं रहती और आवेदन प्रक्रिया पहले की तुलना में कहीं अधिक सरल हो जाती है।

किन जानकारियों का होगा पंजीकरण?

ओटीआर के दौरान अभ्यर्थियों को अपना नाम, माता-पिता का नाम, जन्मतिथि, पता, श्रेणी, शैक्षणिक योग्यता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी जैसी जरूरी जानकारी दर्ज करनी होगी। इसके साथ हाल ही की रंगीन पासपोर्ट साइज फोटो और निर्धारित प्रारूप में हस्ताक्षर भी अपलोड करने होंगे। मोबाइल नंबर और ई-मेल के माध्यम से सत्यापन पूरा होने के बाद अभ्यर्थी को उसका ओटीआर नंबर जारी किया जाएगा।

पीईटी अभ्यर्थियों को मिलेगा बड़ा फायदा

नई व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण लाभ प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) देने वाले उम्मीदवारों को मिलेगा। पीईटी का स्कोर तीन वर्ष तक मान्य रहेगा। यदि किसी अभ्यर्थी ने अलग-अलग वर्षों में पीईटी परीक्षा दी है और उसके पास एक से अधिक वैध स्कोर हैं, तो भविष्य की भर्ती में वह अपने सबसे बेहतर स्कोर का उपयोग कर सकेगा। इससे प्रतिभाशाली अभ्यर्थियों को अधिक प्रतिस्पर्धी अवसर मिलने की संभावना बढ़ेगी।

भर्ती प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से आवेदन में होने वाली सामान्य गलतियों में कमी आएगी और दस्तावेजों का सत्यापन भी आसान होगा। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और भरोसेमंद बनने की उम्मीद है। हालांकि आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि ओटीआर नंबर जारी होने के बाद दर्ज की गई जानकारी में संशोधन की सुविधा नहीं होगी। इसलिए अभ्यर्थियों को पंजीकरण करते समय सभी विवरण सावधानीपूर्वक भरने की सलाह दी गई है।

अभ्यर्थियों पर नहीं पड़ेगा कोई अतिरिक्त खर्च

सरकार ने वन टाइम रजिस्ट्रेशन की सुविधा पूरी तरह नि:शुल्क उपलब्ध कराई है। इसका लाभ नए और पहले से तैयारी कर रहे सभी अभ्यर्थी उठा सकते हैं। इससे आवेदन प्रक्रिया पर आने वाला अतिरिक्त खर्च कम होगा और अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी भर्ती में भाग लेने का अवसर मिलेगा।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, 44 जिलों के लिए नई खुशखबरी, ग्रामीणों को लाभ!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और जलभराव की चुनौती से निपटने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि और नुकसान को कम करने के उद्देश्य से सरकार ने 44 जिलों में विशेष आपदा प्रबंधन अभियान चलाने का फैसला किया है। इसके तहत ग्रामीणों को समय रहते बाढ़ से बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे और स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित स्वयंसेवकों की टीम भी तैयार की जाएगी।

गांव-गांव जाकर दिया जाएगा प्रशिक्षण

नई योजना के तहत प्रशासनिक अधिकारी और संबंधित विभागों की टीमें गांवों में पहुंचकर लोगों को बाढ़ के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों की जानकारी देंगी। स्थानीय नाविकों और कुशल तैराकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि आपात स्थिति में वे राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन की मदद कर सकें। इसके साथ ही लोगों को यह भी सिखाया जाएगा कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) के उपकरणों और संसाधनों का प्रभावी उपयोग कैसे किया जाए।

राहत शिविरों में मिलेंगी बेहतर सुविधाएं

सरकार ने निर्देश दिए हैं कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बनाए जाने वाले राहत शिविरों में किसी भी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। शिविरों में भोजन, स्वच्छ पेयजल, चिकित्सा सुविधा, साफ-सफाई, बिजली और महिलाओं तथा बच्चों के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अलावा राहत शिविरों के संचालन में आधुनिक तकनीक का उपयोग करने और प्रभावित लोगों की गरिमा एवं सम्मान का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया है।

संवेदनशील क्षेत्रों में बनेंगे मॉडल फ्लड शेल्टर

जहां हर वर्ष बाढ़ का खतरा अधिक रहता है, वहां मॉडल फ्लड शेल्टर विकसित करने की योजना पर भी काम किया जाएगा। इन सुरक्षित केंद्रों का उद्देश्य आपदा के समय लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना और राहत कार्यों को अधिक प्रभावी बनाना है।

सभी जिलों में अर्ली वार्निंग सिस्टम पर रहेगा जोर

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिए हैं कि मौसम और जलस्तर से जुड़ी चेतावनियों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। अर्ली वार्निंग सिस्टम के माध्यम से समय रहते लोगों तक सूचना पहुंचाई जाएगी, ताकि वे सुरक्षित स्थानों पर जा सकें। इसके साथ ही मीडिया के माध्यम से नियमित और प्रमाणिक जानकारी साझा करने तथा स्थानीय जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र की स्थिति से लगातार अवगत कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यूपी में आई खुशखबरी, 33 जिला मुख्यालयों के बीच बनेंगे नए नेशनल हाईवे

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क अवसंरचना को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी की समीक्षा बैठक में प्रदेश के 33 जिला मुख्यालयों को फोर लेन राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की योजना पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके साथ ही दो लेन और कम क्षमता वाले राष्ट्रीय राजमार्गों को चौड़ा करने तथा नई सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

33 जिला मुख्यालयों को मिलेगा बेहतर सड़क संपर्क

समीक्षा बैठक में उन 33 जिला मुख्यालयों पर विशेष ध्यान दिया गया, जो अभी तक राजधानी लखनऊ से फोर लेन सड़क नेटवर्क से पूरी तरह नहीं जुड़े हैं। इन जिलों तक आधुनिक राष्ट्रीय राजमार्ग विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे प्रदेश के विभिन्न हिस्सों के बीच यात्रा अधिक तेज और सुरक्षित हो सके। साथ ही जिन राष्ट्रीय राजमार्गों की चौड़ाई दो लेन या उससे कम है, उन्हें भी चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करने पर विचार किया गया।

742 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर भी मंथन

बैठक में शामली से गोरखपुर तक प्रस्तावित लगभग 742 किलोमीटर लंबे चार लेन एक्सेस कंट्रोल्ड राष्ट्रीय राजमार्ग को भी महत्वपूर्ण परियोजना बताया गया। यह कॉरिडोर पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा सकता है। इस परियोजना के पूरा होने से लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी और माल परिवहन की गति भी बढ़ने की उम्मीद है।

सड़क परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क निर्माण में बाधा बनने वाले सभी मामलों का समयबद्ध समाधान किया जाए। इसमें भूमि अधिग्रहण, वन विभाग की स्वीकृति, बिजली और अन्य उपयोगिताओं का स्थानांतरण, विभागीय मंजूरियां जैसी प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए, ताकि परियोजनाएं निर्धारित समय में पूरी हो सकें।

उत्तर-दक्षिण कनेक्टिविटी पर भी काम

बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों को उत्तर से दक्षिण तक उच्च क्षमता वाले सड़क नेटवर्क से जोड़ने पर भी चर्चा हुई। इससे प्रदेश के पिछड़े और दूरस्थ क्षेत्रों तक बेहतर परिवहन सुविधा पहुंचेगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।

बिहार में बनेगा 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर

पटना। बिहार में सड़क संपर्क को मजबूत करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी मिल गई है। अजगैवीनाथ धाम (सुलतानगंज) से बिहार-झारखंड सीमा स्थित दर्दमारा तक लगभग 40 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना पर 534.53 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। सड़क बनने के बाद श्रावणी मेला के दौरान लाखों कांवरियों के साथ-साथ आम यात्रियों को भी बेहतर और सुरक्षित यात्रा सुविधा मिलने की उम्मीद है।

534 करोड़ रुपये से तैयार होगी परियोजना

राज्य सरकार ने इस सड़क परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (BSRDCL) के माध्यम से इसका निर्माण कराया जाएगा। परियोजना के लिए 534 करोड़ 53 लाख 59 हजार रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

स्टेट हाईवे-22 का होगा चौड़ीकरण

इस योजना के तहत स्टेट हाईवे-22 के किलोमीटर 0 से किलोमीटर 40 तक सड़क का चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण किया जाएगा। वर्तमान सड़क को आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा, जिससे भारी वाहनों और श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक सुरक्षित और सुगम हो सके।

इन क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

फोरलेन सड़क बनने के बाद कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। इनमें प्रमुख रूप से सुलतानगंज (अजगैवीनाथ धाम), तारापुर, संग्रामपुर, बेलहर, कटोरिया, चांदन, बिहार-झारखंड सीमा का दर्दमारा क्षेत्र शामिल हैं। इन इलाकों के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा मिलने से दैनिक यात्रा आसान होगी और स्थानीय व्यापार को भी बढ़ावा मिलेगा।

श्रावणी मेला में मिलेगी बड़ी राहत

सुलतानगंज से देवघर तक जाने वाले श्रावणी मेला मार्ग पर हर वर्ष लाखों श्रद्धालु (कांवरिया) जल लेकर यात्रा करते हैं। वर्तमान में मेले के दौरान भारी भीड़ और ट्रैफिक दबाव के कारण लोगों को लंबा समय लग जाता है। नई फोरलेन सड़क बनने के बाद श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक व्यवस्थित होगी, जाम की समस्या कम होगी और आपातकालीन सेवाओं को भी तेजी से पहुंचने में मदद मिलेगी।

व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा

बेहतर सड़क संपर्क का लाभ केवल धार्मिक यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। सड़क बनने से स्थानीय किसानों, व्यापारियों और परिवहन व्यवसाय से जुड़े लोगों को भी फायदा मिलेगा। कृषि उत्पादों और अन्य सामान की ढुलाई पहले से अधिक तेज और आसान होगी। साथ ही अजगैवीनाथ धाम और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान होने से पर्यटन गतिविधियों में भी वृद्धि होने की संभावना है।

बिहार की महिलाओं के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही 60 हजार की सब्सिडी

पटना। बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत जीविका और काम्फेड के संयुक्त प्रयास से राज्य के विभिन्न पंचायतों में 'जीविका सुधा दूध बिक्री केंद्र' स्थापित किए जाएंगे। इस योजना का उद्देश्य महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर देना है, ताकि वे नियमित आय अर्जित कर आर्थिक रूप से मजबूत बन सकें।

हर पंचायत में खुलेगा एक दूध बिक्री केंद्र

योजना के तहत जिले की 331 पंचायतों में एक-एक दूध बिक्री केंद्र स्थापित किया जाएगा। प्रत्येक पंचायत से एक पात्र महिला का चयन किया जाएगा, जो केंद्र का संचालन करेगी। इन केंद्रों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में दूध और डेयरी उत्पादों की उपलब्धता बढ़ेगी, वहीं महिलाओं को स्थायी रोजगार का अवसर भी मिलेगा।

सरकार देगी 60 हजार रुपये की सहायता

इस योजना में चयनित महिला को सरकार की ओर से 60,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता (सब्सिडी) दी जाएगी। वहीं लाभार्थी को 15,000 रुपये का स्वयं का अंशदान करना होगा। इस प्रकार एक केंद्र स्थापित करने के लिए कुल 75,000 रुपये का निवेश निर्धारित किया गया है।

केवल इन महिलाओं को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना का लाभ केवल जीविका स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला सदस्यों को मिलेगा। प्रत्येक पंचायत से एक महिला का चयन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जाएगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए लाभार्थियों का चयन ऑनलाइन रैंडम लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा।

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन कैसे करें?

इच्छुक जीविका दीदियां ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन के दौरान पंचायत स्तर पर कार्यरत सामुदायिक समन्वयक, क्षेत्रीय समन्वयक और संकुल संघ के कम्युनिटी फैसिलिटेटर भी महिलाओं की सहायता करेंगे। जो महिलाएं स्वयं आवेदन करना चाहती हैं, वे निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, सभी राज्यों में लागू होंगे नए दिशा-निर्देश

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी समारोहों में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' और राष्ट्रगान 'जन गण मन' के प्रस्तुतीकरण को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से कहा है कि यदि किसी सरकारी कार्यक्रम में दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सबसे पहले 'वंदे मातरम्' और उसके बाद 'जन गण मन' प्रस्तुत किया जाए। इसके साथ ही सही शब्द, सही लिपि और सही उच्चारण का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राज्यों और मंत्रालयों को भेजे गए निर्देश

गृह मंत्रालय की ओर से जारी निर्देश सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों के सचिवों को भेजे गए हैं। इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रगान से जुड़े पहले से लागू प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया जाए। यदि किसी सरकारी समारोह में दोनों का गायन या वादन हो, तो निर्धारित क्रम का पालन अनिवार्य होगा।

पहले भी जारी हो चुके हैं दिशा-निर्देश

इससे पहले भी गृह मंत्रालय राष्ट्रीय गीत के संबंध में विस्तृत प्रोटोकॉल जारी कर चुका है। दिशानिर्देशों में कहा गया था कि जहां राष्ट्रीय गीत प्रस्तुत किया जाए, वहां उसका आधिकारिक छह अंतरों वाला संस्करण गाया या बजाया जाए। इसकी कुल अवधि लगभग 3 मिनट 10 सेकंड निर्धारित की गई है।

कानून में बदलाव की तैयारी

केंद्र सरकार राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 में संशोधन का प्रस्ताव भी तैयार कर रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत 'वंदे मातरम्' का अपमान करना या उसके गायन अथवा वादन में बाधा उत्पन्न करना भी दंडनीय अपराध बनाया जा सकता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह संशोधन विधेयक संसद के मानसून सत्र में पेश किया जा सकता है।

अभी क्या कहता है कानून?

वर्तमान में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत राष्ट्रगान 'जन गण मन', राष्ट्रीय ध्वज और संविधान का अपमान दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना या दोनों का प्रावधान है। यदि प्रस्तावित संशोधन पारित होता है, तो राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को भी इसी कानूनी संरक्षण के दायरे में शामिल किया जा सकता है।

कल से गुरु ग्रह होंगे मेहरबान! इन 4 राशियों पर बरसेगी किस्मत, होगी तरक्की

राशिफल। ज्योतिष में गुरु को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान, शिक्षा, विवाह और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु ग्रह शुभ स्थिति में होते हैं या उनका प्रभाव मजबूत होता है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार कल से गुरु का प्रभाव कुछ राशियों के लिए अधिक अनुकूल रहने की संभावना है, जिससे करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में अच्छे अवसर मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का शुभ प्रभाव करियर और आर्थिक मामलों में लाभदायक माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक और लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। लंबे समय से रुका हुआ कोई कार्य पूरा हो सकता है। परिवार में भी सकारात्मक वातावरण बना रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। यदि आप नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं या व्यवसाय का विस्तार करना चाहते हैं, तो अनुकूल अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने की संभावना है और किसी पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव सम्मान और उन्नति के योग बना सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना रहेगी। व्यापारियों को आय बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर गुरु का प्रभाव विशेष माना जाता है। आने वाला समय करियर, शिक्षा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। नौकरी में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं, जबकि व्यापार में नए निवेश लाभदायक साबित हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और लंबे समय से रुके कार्य पूरे होने की संभावना है।

बिहार में 3268 कर्मचारियों का ट्रांसफर आदेश, पढ़ें पूरी डिटेल्स

पटना। बिहार सरकार ने राजस्व प्रशासन में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए 3,268 राजस्व कर्मचारियों के स्थानांतरण और नई पदस्थापना का आदेश जारी किया है। इस बार की सबसे खास बात यह रही कि पूरी प्रक्रिया पारंपरिक तरीके के बजाय ऑनलाइन और कंप्यूटर आधारित प्रणाली से पूरी की गई। सरकार का कहना है कि डिजिटल प्रक्रिया अपनाने से स्थानांतरण व्यवस्था अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध बनी है।

पहली बार डिजिटल सिस्टम से हुआ ट्रांसफर

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने इस बार कर्मचारियों से बिहार भूमि पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन मांगे थे। कर्मचारियों ने अपनी पसंद के अनुसार पदस्थापना के विकल्प दिए, जिसके बाद निर्धारित नियमों और प्राथमिकताओं के आधार पर कंप्यूटराइज्ड प्रक्रिया से अंतिम सूची तैयार की गई। विभाग का मानना है कि इससे मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ और पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनी।

कितने कर्मचारियों का हुआ तबादला?

जारी आदेश के अनुसार कुल 3,268 कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है। इनमें 3,142 पुरुष कर्मचारी और 126 महिला कर्मचारी शामिल हैं। यह राज्य में राजस्व कर्मचारियों के सबसे बड़े सामूहिक तबादलों में से एक माना जा रहा है।

कितनों को मिली पहली पसंद की पोस्टिंग?

स्थानांतरण प्रक्रिया में कर्मचारियों द्वारा दिए गए विकल्पों को भी प्राथमिकता दी गई।

आंकड़ों के अनुसार:

1,820 कर्मचारियों (1,712 पुरुष और 108 महिला) को उनकी पहली पसंद के अनुसार पदस्थापना मिली।

380 कर्मचारियों को उनकी दूसरी वरीयता के आधार पर नई तैनाती दी गई।

141 कर्मचारियों को तीसरी पसंद वाले स्थान पर पदस्थापित किया गया।

880 कर्मचारियों को उनके गृह जिले से सटे जिले में पोस्टिंग दी गई।

इन कर्मचारियों को दी गई विशेष प्राथमिकता

स्थानांतरण के दौरान विभाग ने केवल रिक्त पदों को भरने पर ही ध्यान नहीं दिया, बल्कि मानवीय पहलुओं को भी महत्व दिया। विशेष रूप से महिला कर्मचारियों, पति-पत्नी को एक ही क्षेत्र में तैनाती, गंभीर बीमारी से पीड़ित कर्मचारियों, दिव्यांग कर्मचारियों को प्राथमिकता देने का प्रयास किया गया। इससे कई कर्मचारियों को व्यक्तिगत परिस्थितियों के अनुरूप पोस्टिंग मिलने में मदद मिली।