नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाला समय कई बड़े बदलाव लेकर आ सकता है। हाल ही में हुई एक अहम बैठक में पेंशन व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई, जिससे लाखों पेंशनर्स को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने पेंशन बढ़ोतरी, पुरानी पेंशन योजना (OPS) और फैमिली पेंशन से जुड़ी कई मांगें रखीं, जिन पर सकारात्मक संकेत मिले हैं। बताया जा रहा है कि इन प्रस्तावों को 8वें वेतन आयोग के पास भेजने की तैयारी है। यदि इन मांगों पर सहमति बनती है, तो भविष्य में पेंशनर्स को आर्थिक रूप से बड़ी राहत मिल सकती है।
हर पांच साल में पेंशन संशोधन की मांग
कर्मचारी संगठनों ने मांग उठाई है कि पेंशन में संशोधन हर पांच साल पर किया जाए। वर्तमान व्यवस्था में पेंशन में बड़ा बदलाव नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद ही होता है, जिसमें काफी लंबा समय लग जाता है। संगठनों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के कारण बुजुर्ग पेंशनर्स की आर्थिक परेशानियां बढ़ रही हैं। दवाइयों, इलाज और घरेलू जरूरतों पर खर्च तेजी से बढ़ा है, जबकि पेंशन उसी अनुपात में नहीं बढ़ पाती। ऐसे में नियमित अंतराल पर पेंशन संशोधन जरूरी माना जा रहा है।
फैमिली पेंशन बढ़ाने की भी उठी मांग
बैठक में फैमिली पेंशन को लेकर भी चर्चा हुई। वर्तमान नियमों के तहत कर्मचारी को रिटायरमेंट के बाद अंतिम वेतन का करीब 50 प्रतिशत पेंशन मिलता है, लेकिन उसकी मृत्यु के बाद परिवार को केवल 30 प्रतिशत राशि ही दी जाती है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि इतनी कम राशि में परिवार का गुजारा मुश्किल हो जाता है, खासकर तब जब घर में आय का दूसरा स्रोत न हो। इसलिए फैमिली पेंशन की सीमा बढ़ाने की मांग की गई है।
दिव्यांग आश्रितों को मिल सकती है राहत
दिव्यांग बच्चों से जुड़े नियमों में भी बदलाव की मांग सामने आई है। संगठनों ने कहा कि फैमिली पेंशन पाने के लिए दिव्यांग आश्रितों से ‘नो इनकम सर्टिफिकेट’ मांगना व्यावहारिक नहीं है, क्योंकि कई बार ऐसे प्रमाणपत्र बनवाने में काफी परेशानी होती है। सरकार ने इस मुद्दे पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और प्रक्रिया को आसान बनाने के संकेत दिए हैं। यदि नियम सरल होते हैं, तो हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है।
विधवा बहू को फैमिली पेंशन देने की मांग
कर्मचारी संगठनों ने यह भी मांग रखी कि यदि किसी कर्मचारी के बेटे की मृत्यु हो जाती है और बहू परिवार पर निर्भर है, तो उसे भी फैमिली पेंशन का लाभ मिलना चाहिए। सरकार ने इस विषय पर कानूनी राय लेने की बात कही है।
OPS को लेकर फिर तेज हुई चर्चा
पुरानी पेंशन योजना यानी OPS का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। कर्मचारी पक्ष ने मांग की कि जिन पदों की भर्ती प्रक्रिया 22 दिसंबर 2003 से पहले शुरू हुई थी, उन कर्मचारियों को OPS का लाभ दिया जाए, भले ही उनकी नियुक्ति बाद में हुई हो। रिपोर्ट के अनुसार, सरकार इस विषय पर सकारात्मक रुख दिखा सकती है। खासकर अनुकंपा नियुक्ति वाले मामलों में राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है।
बढ़ी पेंशनर्स की उम्मीद
इन सभी मांगों पर चर्चा के बाद पेंशनर्स और सरकारी कर्मचारियों में उम्मीद बढ़ गई है कि आने वाले समय में सरकार कुछ बड़े फैसले ले सकती है। यदि प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है, तो लाखों परिवारों को आर्थिक सुरक्षा और राहत मिल सकती है।