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बिहार सचिवालय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया तोहफा

पटना। बिहार सरकार ने सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों के पदनाम, प्रमोशन और सेवा शर्तों से जुड़े अहम फैसले लिए गए हैं। इन निर्णयों से हजारों कर्मचारियों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

पदनाम में बड़ा बदलाव

सरकार ने सचिवालय कर्मचारियों के पदनाम को और अधिक सम्मानजनक बनाने का फैसला किया है। इसके तहत जूनियर क्लर्क अब “सचिवालय सहायक” कहलाएंगे, जबकि सीनियर क्लर्क का नया नाम “वरीय सचिवालय सहायक” होगा। इस बदलाव से कर्मचारियों की पहचान अधिक प्रोफेशनल और सम्मानजनक रूप में होगी।

प्रमोशन का बढ़ा हुआ कोटा

कैबिनेट ने ऑफिस अटेंडेंट के प्रमोशन कोटे में भी बड़ा बदलाव किया है। अब प्रमोशन का अवसर पहले से ज्यादा कर्मचारियों को मिलेगा। पहले जहां प्रमोशन कोटा 15 प्रतिशत था, अब इसे बढ़ाकर 25 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे निचले स्तर के कर्मचारियों को आगे बढ़ने के अधिक अवसर मिलेंगे।

प्रोबेशन पीरियड में राहत

सरकार ने कर्मचारियों के लिए प्रोबेशन अवधि को भी कम करने का निर्णय लिया है। अब यह अवधि 2 साल की जगह सिर्फ 1 साल होगी। इससे नए कर्मचारियों को जल्द स्थायी सेवा का लाभ मिल सकेगा और उनकी कार्यस्थिरता बढ़ेगी।

कर्मचारियों में बढ़ी खुशी

इन फैसलों के बाद सचिवालय में कार्यरत कर्मचारियों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी सेवा शर्तों में सुधार और प्रमोशन प्रक्रिया को आसान बनाने की मांग कर रहे थे। सरकार के इन निर्णयों को कर्मचारी हित में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

बिहार में बनेगी ये 4 सड़कें, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में चार महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे कई जिलों की कनेक्टिविटी और विकास को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सरकार का मानना है कि बेहतर सड़कें न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएंगी, बल्कि व्यापार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेंगी।

1 .दरभंगा-जाले रोड का होगा बड़ा विस्तार

दरभंगा-जाले सड़क के चौड़ीकरण और मजबूती के लिए लगभग 990 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद दरभंगा और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होगी। इस मार्ग के चौड़ा होने से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को राहत मिलेगी और ट्रैफिक जाम की समस्या भी कम होगी।

2 .SH-97 सड़क परियोजना को मिली मंजूरी

राज्य सरकार ने राज्य उच्च पथ (SH-97) के करीब 47.8 किलोमीटर हिस्से के निर्माण को भी मंजूरी दी है। यह सड़क कई ग्रामीण और शहरी इलाकों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। नई सड़क बनने से स्थानीय लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और आवागमन तेज और सुरक्षित होगा।

3 .सुपौल-अररिया सड़क पर होगा बड़ा निवेश

सुपौल और अररिया को जोड़ने वाली सड़क परियोजना के लिए सरकार ने करीब 703 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। यह क्षेत्र सीमांचल इलाके में आता है, जहां सड़क नेटवर्क को मजबूत करने की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। इस सड़क के बनने से कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान होगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

4 .बक्सर और समस्तीपुर में भी विकास कार्य

कैबिनेट ने बक्सर और समस्तीपुर जिलों की सड़क परियोजनाओं के लिए भी करीब 982 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है। इन क्षेत्रों में सड़क सुधार से ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों को फायदा मिलेगा। बेहतर सड़कें बनने से शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों तक पहुंच आसान होगी।

यूपी में शिक्षकों के तबादलों को लेकर बड़ा अपडेट, सभी जान लें!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में परिषदीय शिक्षकों के अंतर्जनपदीय तबादलों को लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। फिलहाल एक जिले से दूसरे जिले में होने वाले सभी स्थानांतरणों पर रोक लगा दी गई है। इस फैसले से लंबे समय से अपने गृह जनपद लौटने का इंतजार कर रहे हजारों शिक्षकों की उम्मीदों को झटका लगा है।

बेसिक शिक्षा विभाग ने यह निर्णय जनगणना कार्य और शिक्षक समायोजन प्रक्रिया को देखते हुए लिया है। विभाग का कहना है कि मौजूदा परिस्थितियों में तबादला प्रक्रिया को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। इसलिए फिलहाल शिक्षकों को इंतजार करना ही एकमात्र विकल्प है।

जनगणना कार्य बना बड़ी वजह

सरकारी जानकारी के अनुसार जनगणना का पहला चरण 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण अगले वर्ष फरवरी में प्रस्तावित है। इसी दौरान बड़े प्रशासनिक संसाधन जनगणना कार्य में लगे रहेंगे। इसी कारण विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि 31 मार्च 2026 तक तबादलों की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित रहेगी।

शिक्षकों में बढ़ी निराशा

प्रदेश में बड़ी संख्या में शिक्षक पिछले 10 से 15 वर्षों से अपने गृह जनपद से दूर तैनात हैं। ऐसे में हर साल तबादलों की उम्मीद लगाए बैठे शिक्षकों को इस फैसले से निराशा हुई है। शिक्षक संगठनों का कहना है कि परिवार से दूर रहने के कारण उन्हें निजी और पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई संगठन लगातार सरकार से स्थायी और पारदर्शी तबादला नीति की मांग कर रहे हैं।

समायोजन प्रक्रिया पर भी असर

शिक्षक समायोजन को लेकर भी स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सरकार को विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जिनका सत्यापन किया जा रहा है। इसके बाद ही यह तय होगा कि किन जिलों में कितने शिक्षक अधिशेष हैं और उन्हें कहां समायोजित किया जाएगा।

कोर्ट के निर्देश भी अहम

न्यायालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अधिशेष शिक्षकों की पहचान 'फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट' सिद्धांत के आधार पर की जाए। यानी पहले नियुक्त होने वाले शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। कक्षा 6 से 8 तक के विषय शिक्षकों के मामले में यह व्यवस्था विषयवार लागू होगी। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी आपत्तियों का निस्तारण 20 जून तक पूरा किया जाए।

बिहार में जमीन सर्वे को लेकर बड़ा फैसला, लोगों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को अधिक पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए एक अहम कदम उठाया है। कैबिनेट बैठक में “बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्त नियमावली, 2026” को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद राज्य में जमीन सर्वे और डिजिटल नक्शा तैयार करने का काम तेज किया जाएगा।

सरकार का कहना है कि इस नई व्यवस्था से जमीन से जुड़े विवादों में कमी आएगी और लोगों को अपने दस्तावेज आसानी से उपलब्ध हो सकेंगे।

अब शहरों में भी होगा तेज जमीन सर्वे

अब तक जमीन सर्वे का काम मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित था, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद शहरी और नगर क्षेत्रों में भी सर्वे तेजी से किया जाएगा। इससे जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करने में मदद मिलेगी और अवैध कब्जों या गलत रिकॉर्ड की समस्याओं को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

डिजिटल सिस्टम से रिकॉर्ड अपडेट

नई नीति के तहत जमीन के रिकॉर्ड को डिजिटल रूप में तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य हर जमीन का स्पष्ट और सटीक रिकॉर्ड तैयार करना है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की गड़बड़ी या विवाद की संभावना कम हो। डिजिटल नक्शा तैयार होने से सरकारी दफ्तरों के चक्कर भी कम होंगे और लोगों को सुविधाजनक तरीके से दस्तावेज मिल सकेंगे।

जमीन विवादों में आएगी कमी

बिहार में जमीन विवाद लंबे समय से एक बड़ी समस्या रही है। कई मामलों में सही रिकॉर्ड न होने के कारण विवाद बढ़ जाते हैं। सरकार का मानना है कि नए सर्वे सिस्टम से इस समस्या में काफी हद तक कमी आएगी। साफ और अपडेटेड रिकॉर्ड होने से जमीन खरीद-बिक्री भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो जाएगी।

लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

इस फैसले के बाद आम लोगों को जमीन से जुड़े दस्तावेजों के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सर्वे पूरा होने के बाद रिकॉर्ड ऑनलाइन और व्यवस्थित रूप से उपलब्ध होंगे। जमीन का सही रिकॉर्ड होने से सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को भी तेजी मिलेगी। सड़क, भवन और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आसान हो जाएगी।

बिहार में कर्मचारियों-पेंशनर्स के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के लाखों कर्मचारियों, पेंशनर्स और उनके परिवारों के लिए एक बड़ी राहत का ऐलान किया है। कैबिनेट ने कैशलेस चिकित्सा सुविधा को मंजूरी देकर स्वास्थ्य सेवाओं में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस फैसले से इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होगा और लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।

किन-किन लोगों को मिलेगा फायदा?

नई व्यवस्था के तहत कई वर्गों को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसमें शामिल हैं: बिहार विधान मंडल के वर्तमान और पूर्व सदस्य उनके आश्रित परिवार, अखिल भारतीय सेवा के सेवारत और सेवानिवृत्त अधिकारी, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके परिवार। इन सभी को बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के तहत कैशलेस इलाज की सुविधा दी जाएगी।

इलाज में नहीं करना होगा जेब से खर्च

इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लाभार्थियों को इलाज के समय अस्पताल में पैसे देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। यानी अब सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स को गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में भी आर्थिक चिंता नहीं करनी होगी। सरकार का मानना है कि इस कदम से स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और समय पर इलाज मिल सकेगा।

स्वास्थ्य व्यवस्था होगी और मजबूत

इस फैसले से राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। कैशलेस सिस्टम लागू होने से अस्पतालों में बिलिंग प्रक्रिया आसान होगी और मरीजों को बार-बार कागजी कार्रवाई से राहत मिलेगी। इसके अलावा डिजिटल सिस्टम के जरिए इलाज की प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनने की संभावना है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स को बड़ी राहत

लंबे समय से सरकारी कर्मचारी और पेंशनर्स कैशलेस इलाज सुविधा की मांग कर रहे थे। इस फैसले के बाद लाखों परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर उन लोगों को, जो सेवानिवृत्ति के बाद बढ़ते मेडिकल खर्चों से परेशान रहते हैं।

बिहार कैबिनेट के 6 बड़े ऐलान, जानिए किसे मिली कौन-सी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार की कैबिनेट बैठक में बुधवार को कई अहम फैसलों पर मुहर लगी। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 27 एजेंडों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का असर स्वास्थ्य, शिक्षा, प्रशासन, भूमि अधिग्रहण और सरकारी व्यवस्था से जुड़े लाखों लोगों पर पड़ने वाला है।

1.कैशलेस इलाज की सुविधा

कैबिनेट ने वर्तमान और पूर्व विधायकों के साथ उनके आश्रितों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का फैसला किया है। इसके अलावा अखिल भारतीय सेवा के अधिकारी, राज्य सरकार के नियमित कर्मचारी, पेंशनधारी और उनके परिवार भी बिहार सरकार स्वास्थ्य योजना के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि इस फैसले से इलाज के दौरान आर्थिक बोझ कम होगा और कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा मिल सकेगी।

2. नई भूमि क्रय नीति 2026 को मंजूरी

सरकार ने नई भूमि खरीद नीति को भी स्वीकृति दी है। इसके तहत जमीन अधिग्रहण के समय लोगों को पहले की तुलना में अधिक मुआवजा मिलेगा। नई व्यवस्था के अनुसार शहरी क्षेत्रों में बाजार मूल्य या सर्किल रेट में जो अधिक होगा, उसकी दोगुनी राशि दी जाएगी। वहीं ग्रामीण इलाकों में यह भुगतान चार गुना तक हो सकेगा। इसके अलावा 10 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भी दी जाएगी।

3. जमीन खरीद पर स्टांप शुल्क से राहत

कैबिनेट ने विकास परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित होने वाली जमीन को स्टांप शुल्क और पंजीयन शुल्क से मुक्त रखने का निर्णय लिया है। इस कदम का उद्देश्य सरकारी परियोजनाओं में तेजी लाना और भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाना है। माना जा रहा है कि इससे सड़क, भवन और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति मिलेगी।

4 .यातायात व्यवस्था मजबूत करने पर जोर

पटना ट्रैफिक व्यवस्था से जुड़े अधिकारी अनिल कुमार को रिटायरमेंट के बाद संविदा पर दोबारा नियुक्त करने का फैसला लिया गया है। सरकार का कहना है कि अनुभवी अधिकारियों की सेवाओं का इस्तेमाल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में किया जाएगा।

5 .हाईकोर्ट जजों के लिए खरीदे जाएंगे नए वाहन

सरकार ने कैबिनेट की बैठक में पटना हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के उपयोग के लिए 10 नए वाहन खरीदने की मंजूरी दी है। इसके लिए करीब 3.70 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। 

6 .मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होगी दूर

राज्य सरकार ने बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती एवं प्रोन्नति नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद मेडिकल कॉलेजों में सीनियर रेजिडेंट और ट्यूटर की नियुक्ति प्रक्रिया तेज होगी। सरकार का कहना है कि इससे मेडिकल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी और सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बढ़ेगी।

सूर्य और बुध की युति से 5 राशियों को भाग्य का साथ, रुके काम होंगे पूरे

राशिफल। 29 मई का दिन ज्योतिष के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। इस समय ग्रहों की बदलती चाल कई राशियों के जीवन में सकारात्मक असर डाल सकती है। खासतौर पर सूर्य और बुध की युति से बन रहा बुधादित्य राजयोग शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बुद्धि, आत्मविश्वास, करियर और आर्थिक प्रगति का कारक माना जाता है।

मान्यता है कि जब सूर्य और बुध एक साथ आते हैं तो व्यक्ति की निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होती है और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलने लगते हैं। 29 मई के आसपास बन रहा यह संयोग पांच राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना बन रही है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापार से जुड़े लोगों को लाभ मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुधादित्य राजयोग करियर में तरक्की के नए रास्ते खोल सकता है। छात्रों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं और पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। नई योजनाओं पर काम शुरू करना लाभकारी साबित हो सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को इस दौरान भाग्य का पूरा साथ मिल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। सामाजिक मान-सम्मान बढ़ेगा और किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दिला सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में शुभ परिणाम दे सकता है। मेहनत का अच्छा फल मिलने के संकेत हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सफलता मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मानसिक तनाव कम होगा।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय उत्साह और प्रगति लेकर आ सकता है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। रुके हुए कार्यों में तेजी आएगी और धन लाभ के योग बनेंगे। दोस्तों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलने से कई मुश्किलें आसान हो सकती हैं।

बिहार में युवाओं के लिए खुशखबरी, इंटरव्यू से सीधी भर्ती

न्यूज डेस्क। बिहार के समस्तीपुर के बेरोजगार युवाओं के लिए अच्छी खबर सामने आई है। नौकरी की तलाश कर रहे अभ्यर्थियों को अब सीधे इंटरव्यू के जरिए रोजगार पाने का अवसर मिलने जा रहा है। जिला नियोजनालय की ओर से 29 मई को एक दिवसीय रोजगार कैंप आयोजित किया जाएगा, जहां निजी कंपनी विभिन्न पदों पर भर्ती करेगी।

यह रोजगार कैंप जिले के युवाओं के लिए खास माना जा रहा है, क्योंकि इसमें चयन प्रक्रिया को आसान रखा गया है। उम्मीदवारों को लिखित परीक्षा के बजाय सीधे इंटरव्यू के आधार पर चयनित किया जाएगा। ऐसे में बड़ी संख्या में युवाओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

सुबह 10:30 बजे से शुरू होगा कैंप

जिला नियोजनालय परिसर में आयोजित होने वाला यह रोजगार कैंप सुबह 10:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगा। भर्ती के तहत एग्जीक्यूटिव, असेंबल लाइन ऑपरेटर समेत कई अन्य पद शामिल किए गए हैं।

इतनी मिलेगी सैलरी

रोजगार कैंप में चयनित होने वाले अभ्यर्थियों को 15 हजार से 19 हजार रुपये तक मासिक वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा कंपनी की ओर से अन्य सुविधाएं और भत्ते भी उपलब्ध कराए जाएंगे।

उम्मीदवारों की योग्यता 

इस कैंप में 10वीं, 12वीं और आईटीआई पास युवक-युवतियां भाग ले सकते हैं। अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 30 वर्ष तय की गई है।

ये दस्तावेज साथ रखना जरूरी

रोजगार कैंप में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को कुछ जरूरी दस्तावेज अपने साथ लाने होंगे। इनमें बायोडाटा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक और एनसीएस रजिस्ट्रेशन की कॉपी शामिल है। जिला नियोजनालय ने युवाओं से अपील की है कि वे तय समय पर पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठाएं।

CM सम्राट ने खोला पिटारा, आदिवासी समाज के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने आदिवासी समाज के विकास को लेकर कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार शिक्षा, खेल, पर्यटन और रोजगार के जरिए जनजातीय क्षेत्रों को नई पहचान देने की दिशा में काम कर रही है। हाल ही में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कई ऐसी योजनाओं का ऐलान किया, जिनसे आदिवासी युवाओं और छात्रों को सीधा फायदा मिलने वाला है।

खेल प्रतिभाओं को मिलेगा बड़ा मंच

सरकार आदिवासी बहुल इलाकों में मैराथन प्रतियोगिताओं का आयोजन कराएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को सामने लाना है। प्रतियोगिता में जीतने वाले प्रतिभागियों के लिए नकद पुरस्कार भी तय किए गए हैं। प्रथम स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ी को 1 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर रहने वाले को 75 हजार रुपये और तीसरे विजेता को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे युवाओं में खेल के प्रति रुचि बढ़ेगी और उन्हें आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

अधौरा के छात्रों को बड़ी राहत

कैमूर जिले के अधौरा क्षेत्र में डिग्री कॉलेज खोलने की घोषणा भी की गई है। लंबे समय से यहां के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों में जाना पड़ता था। कॉलेज खुलने के बाद स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में पढ़ाई की सुविधा मिल सकेगी। इससे खासकर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलेगी।

पर्यटन को बढ़ावा देने की तैयारी

सरकार ने पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर और कैमूर क्षेत्र में हेलीपोर्ट बनाने की योजना भी घोषित की है। इन इलाकों को पर्यटन के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। बेहतर कनेक्टिविटी बनने से यहां पर्यटकों की संख्या बढ़ सकती है। इसके साथ ही आदिवासी क्षेत्रों में होम स्टे योजना शुरू करने की तैयारी भी चल रही है। इससे पर्यटक स्थानीय संस्कृति और जीवनशैली को करीब से जान सकेंगे, जबकि ग्रामीण परिवारों की आय में भी बढ़ोतरी होगी।

शिक्षा पर सरकार का खास फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए एकलव्य विद्यालयों को मजबूत किया जा रहा है। इन स्कूलों में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था के साथ सीबीएसई पाठ्यक्रम की पढ़ाई भी कराई जाएगी। सरकार छात्रवृत्ति योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दे रही है। पोस्ट मैट्रिक और प्री मैट्रिक योजनाओं के जरिए लाखों एससी-एसटी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जा रही है ताकि आर्थिक तंगी के कारण उनकी पढ़ाई प्रभावित न हो।

रोजगार और विकास को मिलेगा बल

सरकार की नई योजनाओं से आदिवासी इलाकों में रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। पर्यटन, शिक्षा और खेल गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं को अपने क्षेत्र में ही आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। राज्य सरकार का दावा है कि आने वाले समय में इन योजनाओं के जरिए आदिवासी क्षेत्रों की तस्वीर बदलने में मदद मिलेगी और विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

योगी सरकार की नई योजना, मछली पालकों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में मत्स्य पालन को बड़े उद्योग के रूप में विकसित करने की दिशा में योगी सरकार ने अहम कदम उठाया है। प्रदेश में मछली उत्पादन, भंडारण और कारोबार को आधुनिक स्वरूप देने के लिए सरकार अब स्टेट ऑफ आर्ट होल सेल फिश मंडी, एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र स्थापित करने जा रही है। 

इस योजना से मछली पालकों, कारोबारियों और युवाओं को सीधे तौर पर फायदा मिलने की उम्मीद है। सरकार ने योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की तैयारी शुरू कर दी है। पहले चरण में गोरखपुर और मुरादाबाद में आधुनिक होल सेल फिश मंडियां बनाई जाएंगी। इसके अलावा गोरखपुर में एकीकृत एक्वा पार्क और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र भी विकसित किया जाएगा।

गोरखपुर बनेगा मत्स्य कारोबार का बड़ा केंद्र

मत्स्य विभाग के अनुसार गोरखपुर में करीब 27 एकड़ भूमि पर एक्वा पार्क, फिश मंडी और प्रसंस्करण इकाई स्थापित की जाएगी। वहीं मुरादाबाद में लगभग 4.84 एकड़ क्षेत्र में अत्याधुनिक होल सेल फिश मंडी बनाई जाएगी। इन परियोजनाओं के जरिए मत्स्य पालन से जुड़ी पूरी व्यवस्था को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इसमें उत्पादन से लेकर कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, विपणन और परिवहन तक की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मछली पालकों को मिलेगा आधुनिक बाजार

प्रदेश के मछली पालकों को लंबे समय से संगठित बाजार और आधुनिक सुविधाओं की कमी का सामना करना पड़ता रहा है। सही भंडारण व्यवस्था न होने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ता है। नई योजना के लागू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की संभावना है। सरकार का मानना है कि आधुनिक फिश मंडियों के बनने से बिचौलियों की भूमिका कम होगी और उत्पाद सीधे बाजार तक पहुंच सकेंगे। 

पीपीपी मॉडल पर होगा संचालन

अपर मुख्य सचिव द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक इन परियोजनाओं का संचालन पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर किया जाएगा। इसके लिए निजी संस्थाओं और निवेशकों से अभिरुचि आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत फिश मंडियों के निर्माण के लिए 24-24 करोड़ रुपये, एक्वा पार्क के लिए 40 करोड़ रुपये और मत्स्य प्रसंस्करण केंद्र के लिए 12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

क्या होंगी खास सुविधाएं?

नई फिश मंडियों में हाईजीनिक फिश सेलिंग प्लेटफॉर्म, कोल्ड स्टोरेज, आइस प्लांट, फिश वाशिंग एरिया, डिजिटल वेइंग मशीन और ई-नीलामी जैसी सुविधाएं होंगी। इससे कारोबार को डिजिटल और व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। एक्वा पार्क में उन्नत प्रजातियों की मछलियों के लिए उत्कृष्टता केंद्र, पर्यटन गतिविधियां, संग्रहालय और प्रत्यक्ष प्रदर्शन केंद्र विकसित किए जाएंगे। वहीं प्रसंस्करण केंद्रों में फ्रीजर यूनिट, पैकेजिंग सिस्टम, टेस्टिंग लैब, ऑनलाइन ट्रेडिंग और रेडी-टू-ईट फिश उत्पाद तैयार करने की सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, 80 करोड़ लोगों को होगा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों लोगों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत तथा आधुनिक बनाने के लिए 'सार्थक-पीडीएस' योजना के विस्तार को मंजूरी दे दी है। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे देश के लगभग 80 करोड़ लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। योजना को अप्रैल 2026 से मार्च 2031 तक लागू किया जाएगा। इसका उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, तेज और तकनीक आधारित बनाना है।

क्या है 'सार्थक-पीडीएस' योजना?

सार्थक-पीडीएस यानी स्कीम फॉर असिस्टेंस इन राशन ट्रांसपोर्ट एंड हैंडलिंग-इनकम विद ऑटोमेशन इन पीडीएस एक ऐसी योजना है जिसके तहत राज्यों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और वितरण में आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही सार्वजनिक वितरण प्रणाली में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा। सरकार चाहती है कि राशन वितरण प्रक्रिया में होने वाली गड़बड़ियों को कम किया जाए और लाभार्थियों तक समय पर अनाज पहुंचे। इसी उद्देश्य से पीडीएस प्रणाली को डिजिटल और स्वचालित बनाया जा रहा है।

राशन दुकानों में बढ़ेगी पारदर्शिता

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि योजना के तहत राशन दुकानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ा जाएगा। इससे खाद्यान्न वितरण की निगरानी आसान होगी और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इसके अलावा राशन डीलरों के कमीशन में भी बढ़ोतरी की जाएगी ताकि वितरण प्रणाली को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सके। सरकार का मानना है कि इससे राशन दुकानदारों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा प्राप्त होगी।

राज्यों को मिलेगा आर्थिक सहयोग

इस योजना के तहत केंद्र सरकार राज्यों की एजेंसियों को खाद्यान्न ढुलाई, गोदाम प्रबंधन और वितरण से जुड़ी लागत में सहायता प्रदान करेगी। कई राज्यों में परिवहन और भंडारण की लागत अधिक होने के कारण राशन व्यवस्था पर दबाव रहता है। नई योजना से इस बोझ को कम करने की कोशिश की जाएगी।

80 करोड़ लोगों पर पड़ेगा सीधा असर

भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम संचालित करता है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत करोड़ों गरीब और जरूरतमंद लोगों को सस्ते दर पर राशन उपलब्ध कराया जाता है। सरकार का कहना है कि नई व्यवस्था से लाभार्थियों तक अनाज पहुंचाने की प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। तकनीक आधारित निगरानी, बेहतर परिवहन व्यवस्था और आधुनिक सिस्टम लागू होने से राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

यूपी में बनेंगी 22 नई सड़कें, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले लोक निर्माण विभाग (PWD) राज्यभर में 22 बड़ी सड़क परियोजनाओं को पूरा करने की तैयारी में जुटा है।  इन परियोजनाओं पर करीब 6538 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। 

सरकार का दावा है कि इन सड़कों के बन जाने से लाखों लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी और कई जिलों में विकास की रफ्तार तेज होगी। पीडब्ल्यूडी विभागाध्यक्ष एके द्विवेदी के अनुसार, सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है ताकि तय समय के भीतर काम पूरा कराया जा सके। विभाग का लक्ष्य इसी वर्ष इन परियोजनाओं का लोकार्पण कराने का है।

गोरखपुर को सबसे ज्यादा फायदा

इन परियोजनाओं में सबसे अधिक नौ सड़क योजनाएं गोरखपुर क्षेत्र की हैं। शहर और आसपास के इलाकों में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए कई प्रमुख मार्गों को फोर लेन बनाया जा रहा है। देवरिया बाईपास रोड, धर्मशाला-रेती चौक-घंटाघर मार्ग, राजघाट पुल से कालेसर मार्ग तक सड़क चौड़ीकरण जैसे बड़े कार्य जारी हैं। इसके अलावा पैडलेगंज से फिराक गोरखपुरी चौराहे तक सड़क विस्तार, भटहट-बांस स्थान मार्ग, जिला जेल बाईपास और चारफाटक-असुरन चौक मार्ग को भी फोर लेन में बदला जा रहा है।

प्रयागराज और वाराणसी में भी बड़े प्रोजेक्ट

प्रयागराज में मुख्यालय से एयरपोर्ट और कौशांबी पर्यटन स्थल को जोड़ने वाली सड़क को फोर लेन बनाया जा रहा है। करीब 1008 करोड़ रुपये की इस परियोजना से पर्यटन और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। वहीं वाराणसी में पड़ाव रामनगर से एनएच-7 तक सड़क चौड़ीकरण और चंदौली-सकलडीहा-सैदपुर मार्ग को फोर लेन बनाने का काम तेजी से चल रहा है। इससे पूर्वांचल के कई जिलों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

मथुरा और अयोध्या को मिलेगा नया रोड नेटवर्क

धार्मिक पर्यटन को ध्यान में रखते हुए मथुरा में यमुना एक्सप्रेसवे से वृंदावन तक फोर लेन सड़क और यमुना नदी पर नया पुल बनाया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। अयोध्या में मया-टांडा राज्य मार्ग का चौड़ीकरण भी सरकार की प्राथमिक परियोजनाओं में शामिल है। राम मंदिर निर्माण के बाद बढ़ते पर्यटन दबाव को देखते हुए सड़क नेटवर्क मजबूत किया जा रहा है।

पूर्वांचल और तराई क्षेत्रों में भी तेज होगा विकास

बाराबंकी, बलिया, बरेली, शाहजहांपुर और बस्ती समेत कई जिलों में सड़क चौड़ीकरण और नए फोर लेन निर्माण कार्य जारी हैं। बलिया में कई प्रमुख मार्गों को चौड़ा किया जा रहा है, जिससे बिहार सीमा तक आवाजाही आसान होगी। बस्ती और तराई क्षेत्र में सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से व्यापार, कृषि परिवहन और स्थानीय रोजगार को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

लोगों को मिलेगी राहत, बढ़ेगी आर्थिक गतिविधि

सरकार का मानना है कि इन सड़क परियोजनाओं से न केवल ट्रैफिक व्यवस्था बेहतर होगी बल्कि औद्योगिक और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। बेहतर सड़क संपर्क से पर्यटन, कृषि और छोटे कारोबारों को भी बड़ा लाभ मिलने की संभावना है।

CM सम्राट का बड़ा ऐलान, जमीन दान करने वालों के नाम से बनेंगे नए कॉलेज

पटना। बिहार सरकार राज्य में उच्च शिक्षा के विस्तार को लेकर नई योजना पर तेजी से काम कर रही है। सरकार अब उन इलाकों में डिग्री कॉलेज खोलने की तैयारी कर रही है, जहां आज तक छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था। इसी बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि कॉलेज निर्माण के लिए जमीन देने वाले लोगों को विशेष सम्मान दिया जाएगा।

सरकार की योजना के मुताबिक, जो व्यक्ति कॉलेज बनाने के लिए जमीन दान करेगा, उसके नाम या उसके परिवार द्वारा सुझाए गए नाम को कॉलेज परिसर के किसी हिस्से से जोड़ा जाएगा। इससे समाज में शिक्षा के लिए सहयोग करने वालों को नई पहचान मिलेगी और दूसरे लोग भी आगे आने के लिए प्रेरित होंगे।

211 प्रखंडों में शुरू होगी डिग्री की पढ़ाई

राज्य सरकार ने ऐसे 211 प्रखंडों को चिन्हित किया है जहां अभी तक डिग्री कॉलेज की सुविधा उपलब्ध नहीं है। सरकार का लक्ष्य है कि इन क्षेत्रों में जल्द से जल्द उच्च शिक्षा की व्यवस्था शुरू की जाए। माना जा रहा है कि एक जुलाई से कई प्रखंडों में डिग्री स्तर की पढ़ाई की शुरुआत हो सकती है। इस पहल से खास तौर पर ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को राहत मिलेगी। उन्हें पढ़ाई के लिए दूर शहरों में किराया और रहने का अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा।

विक्रमशिला यूनिवर्सिटी को भी मिलेगी गति

बैठक में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्रस्तावित विक्रमशिला यूनिवर्सिटी के लिए जल्द जमीन उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि निर्माण कार्य में तेजी लाई जा सके। सरकार चाहती है कि बिहार में उच्च शिक्षा का स्तर मजबूत हो और छात्रों को राज्य में ही बेहतर अवसर मिलें।

ओपन यूनिवर्सिटी पर भी सरकार का फोकस

सरकार अब ओपन और डिस्टेंस एजुकेशन मॉडल पर भी ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि देश की सफल ओपन यूनिवर्सिटी का अध्ययन किया जाए और बिहार में भी ऐसे संस्थानों की संख्या बढ़ाने की योजना बनाई जाए। इससे नौकरीपेशा, ग्रामीण और दूरदराज के छात्र भी आसानी से पढ़ाई कर सकेंगे।

यूपी में इन 'कर्मचारियों' को बड़ी खुशखबरी, मिला प्रमोशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक शिक्षा विभाग में कार्यरत अधिकारियों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। विभाग ने शिक्षण और निरीक्षण शाखा में तैनात अधिकारियों को पदोन्नति देने का आदेश जारी कर दिया है। लंबे समय से प्रमोशन का इंतजार कर रहे अधिकारियों के लिए यह फैसला राहत और उत्साह लेकर आया है।

जानकारी के मुताबिक यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग, प्रयागराज में 16 और 17 अप्रैल को आयोजित विभागीय चयन समिति की बैठक में हुई संस्तुति के आधार पर दी गई है। चयन समिति की मंजूरी के बाद अब शासन स्तर से पदोन्नति आदेश जारी कर दिए गए हैं।

शिक्षण और निरीक्षण शाखा के अधिकारियों को लाभ

माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार उत्तर प्रदेश शैक्षिक अध्यापन अधीनस्थ (राजकीय) सेवा की शिक्षण शाखा और निरीक्षण शाखा में कार्यरत अधिकारियों को उच्च पदों पर पदोन्नत किया गया है। यह पदोन्नति उत्तर प्रदेश शैक्षिक (सामान्य शिक्षा संवर्ग) सेवा समूह ‘ख’ के अंतर्गत दी गई है। सरकार के इस फैसले से विभागीय अधिकारियों में खुशी का माहौल देखा जा रहा है।

167 खंड शिक्षा अधिकारियों को मिला प्रमोशन

विभाग की ओर से कुल 167 खंड शिक्षा अधिकारियों की पदोन्नति के आदेश जारी किए गए हैं। पदोन्नति प्राप्त अधिकारी अब अपने नए दायित्वों के साथ कार्य करेंगे। शासन ने निर्देश दिया है कि अधिकारी अपने तैनाती स्थल पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करें और इसकी सूचना शासन तथा निदेशालय को उपलब्ध कराएं। हालांकि अधिकारियों की नई तैनाती से संबंधित विस्तृत आदेश अलग से जारी किए जाएंगे। इसके बाद सभी अधिकारियों को उनके नए कार्यस्थल की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।

शिक्षा व्यवस्था को मिलेगा मजबूती

दरअसल, विभाग में लंबे समय बाद हुई इस पदोन्नति प्रक्रिया से प्रशासनिक कार्यों में तेजी आएगी। इससे स्कूलों की निगरानी, शैक्षिक योजनाओं के संचालन और विभागीय कार्यों में सुधार देखने को मिल सकता है। सरकार का यह कदम शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है। वहीं प्रमोशन मिलने से अधिकारियों के करियर में भी नई संभावनाएं खुलेंगी।

बिहार में घर बैठे भरें जमीन का लगान, रैयतों को मिली बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के रैयतों के लिए राहत भरी खबर है। अब जमीन का लगान जमा करने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। राज्य सरकार ने भू-लगान भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है, जिससे लोग घर बैठे मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए अपनी जमीन का लगान जमा कर सकते हैं। इससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ऑनलाइन व्यवस्था के तहत रैयत अब अपनी जमीन की वर्तमान लगान राशि के साथ-साथ पुरानी बकाया राशि भी आसानी से देख और जमा कर सकते हैं। इसके लिए जमीन की ऑनलाइन जमाबंदी होना जरूरी है।

ऐसे करें ऑनलाइन भू-लगान भुगतान

1 .ऑनलाइन लगान भरने के लिए सबसे पहले बिहार भूमि पोर्टल पर जाना होगा। 

2 .वहां होमपेज पर दिए गए “ऑनलाइन भू-लगान भुगतान” विकल्प को चुनना होगा। इसके बाद यूजर सीधे भुगतान पोर्टल पर पहुंच जाएगा।

3 .अब रैयत को अपनी जमीन से जुड़ी जानकारी भरनी होगी, जिसमें जिला, अंचल, हल्का और मौजा जैसी जानकारी शामिल रहती है। 

4 .इसके साथ भाग संख्या और पृष्ठ संख्या भी दर्ज करनी होती है। यदि यह जानकारी उपलब्ध नहीं है तो पोर्टल पर मौजूद जमाबंदी रजिस्टर से इसे आसानी से देखा जा सकता है।

5 .जानकारी भरने के बाद कैप्चा कोड दर्ज कर “खोजें” पर क्लिक करना होगा। इसके बाद जमीन मालिक का नाम और जमीन का पूरा रिकॉर्ड स्क्रीन पर दिखाई देगा।

बकाया लगान की भी मिलेगी जानकारी

ऑनलाइन सिस्टम की खास बात यह है कि रैयत एक ही जगह पर अपनी वर्तमान वर्ष की लगान राशि और पुरानी बकाया रकम दोनों देख सकते हैं। “देखें” विकल्प पर क्लिक करते ही पूरी जानकारी सामने आ जाती है। भुगतान करने से पहले जमाकर्ता का नाम, मोबाइल नंबर और पता भरना जरूरी होगा। इसके बाद नियम और शर्तों को स्वीकार कर आगे बढ़ना होगा।

ऑनलाइन कर सकते हैं पेमेंट

सरकार ने भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराए हैं। रैयत नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड और UPI के जरिए भी लगान जमा कर सकते हैं। भुगतान सफल होने के बाद डिजिटल रसीद तुरंत स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाती है, जिसे डाउनलोड या प्रिंट करके भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है।

ऑनलाइन व्यवस्था से लोगों को फायदा

ऑनलाइन भू-लगान भुगतान व्यवस्था लागू होने से लोगों को सरकारी कार्यालयों में लंबी लाइन से राहत मिलेगी। साथ ही रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है, क्योंकि अब वे बिना किसी बिचौलिये के सीधे ऑनलाइन भुगतान कर सकेंगे।

28 मई से खुलेंगे तरक्की के द्वार, गुरु की चाल से 4 राशियां होंगी मालामाल

राशिफल। ज्योतिष में गुरु ग्रह यानी बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य और सफलता का कारक माना जाता है। जब गुरु की चाल में बदलाव होता है तो उसका असर सभी राशियों के जीवन पर देखने को मिलता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 28 मई से गुरु ग्रह का प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है।

इस दौरान करियर, कारोबार, शिक्षा और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कई लोगों को लंबे समय से रुके कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं उन 4 राशियों के बारे में जिनके लिए यह समय लाभदायक साबित हो सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए गुरु का यह प्रभाव करियर में नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना भी बन रही है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए 28 मई के बाद का समय बेहद शुभ माना जा रहा है। गुरु ग्रह की कृपा से करियर में तरक्की के नए रास्ते खुल सकते हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। व्यापार में विस्तार होने के योग हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार का सहयोग मिलेगा। निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को इस दौरान आर्थिक मामलों में बड़ी राहत मिल सकती है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय अच्छा रहेगा। नौकरी और कारोबार में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए गुरु का शुभ प्रभाव कई खुशियां लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार में लाभ बढ़ सकता है। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिलेगा और मानसिक तनाव कम हो सकता है। किसी शुभ समाचार से घर का माहौल खुशनुमा बना रहेगा।

यूपी में छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने छात्राओं के स्वास्थ्य और स्वच्छता को लेकर बड़ा कदम उठाया है। अब प्रदेश के सभी उच्च प्राथमिक विद्यालयों, कंपोजिट स्कूलों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्राओं को माहवारी स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी जाएगी। सरकार का उद्देश्य है कि किशोरियों में जागरूकता बढ़े और वे बिना झिझक अपनी सेहत का ध्यान रख सकें।

हर स्कूल में बनेगा एमएचएम क्लब

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक विद्यालय में 'एमएचएम क्लब' यानी माहवारी स्वच्छता प्रबंधन क्लब का गठन किया जाएगा। इसमें 10 से 12 छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जो अन्य छात्राओं को सुरक्षित माहवारी प्रबंधन, साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी जरूरी जानकारी देंगी। इन क्लबों का संचालन मीना मंच की सुगमकर्ता करेंगी और हर पखवाड़े बैठक आयोजित की जाएगी।

स्कूलों में बनेगा पैड बैंक

सरकार ने छात्राओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में पैड बैंक बनाने का भी फैसला किया है। यहां जरूरत पड़ने पर छात्राओं को मुफ्त सेनेटरी पैड, इनर वियर, अतिरिक्त यूनिफॉर्म और अन्य जरूरी सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। इसके लिए स्कूलों को कंपोजिट ग्रांट से खर्च करने की अनुमति दी गई है। साथ ही पैड वितरण का पूरा रिकॉर्ड रखने के लिए अलग रजिस्टर भी बनाया जाएगा।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ होंगे संवाद

हर महीने विद्यालयों में डॉक्टर, एएनएम और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के साथ विशेष संवाद कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों, एनीमिया, पोषण, स्वच्छता और सुरक्षित निस्तारण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी। सरकार ने जुलाई से अप्रैल तक अलग-अलग गतिविधियों का कैलेंडर भी तैयार किया है ताकि पूरे वर्ष छात्राओं को नियमित रूप से जागरूक किया जा सके।

स्कूलों में बेहतर सुविधाओं पर जोर

निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों में बालिका शौचालय, साफ पानी, डस्टबिन, इंसीनरेटर और पर्याप्त मात्रा में सेनेटरी पैड उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे छात्राओं को स्कूलों में बेहतर और सुरक्षित माहौल मिल सकेगा। इस योजना की निगरानी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और जिला समन्वयक बालिका शिक्षा द्वारा की जाएगी।

छात्राओं के आत्मविश्वास को मिलेगा बढ़ावा

सरकार की इस पहल को छात्राओं के स्वास्थ्य और शिक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि माहवारी से जुड़े संकोच और गलत धारणाओं को दूर करने से छात्राओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा और उनकी स्कूल में उपस्थिति भी बेहतर होगी।

यूपी में छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी नई सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। प्रदेश सरकार जल्द ही पांच नए राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों में परास्नातक यानी पीजी कोर्स शुरू कर सकती है। आयुर्वेद निदेशालय ने इस संबंध में शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, जिस पर जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

प्रदेश के किन कॉलेजों में शुरू होंगे पीजी कोर्स?

प्रस्ताव के अनुसार झांसी, बांदा, हंडिया (प्रयागराज), बरेली और मुजफ्फरनगर के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों में पीजी कोर्स शुरू किए जाएंगे। प्रत्येक कॉलेज में 20-20 सीटों का प्रस्ताव भेजा गया है। अगर इस योजना को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश में आयुर्वेदिक परास्नातक की सीटों में बड़ा इजाफा होगा।

अभी सिर्फ तीन कॉलेजों में होती है पीजी पढ़ाई

फिलहाल उत्तर प्रदेश के आठ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों में से केवल तीन कॉलेजों में ही पीजी कोर्स संचालित हो रहे हैं। इनमें लखनऊ, वाराणसी और पीलीभीत के कॉलेज शामिल हैं। सबसे अधिक 49 सीटें लखनऊ राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज में हैं। इसके अलावा वाराणसी में 36 और पीलीभीत में छह सीटों पर परास्नातक की पढ़ाई होती है। ऐसे में हर साल बीएएमएस की पढ़ाई पूरी करने वाले सैकड़ों छात्रों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता है।

आयुर्वेदिक शोध को मिलेगा बढ़ावा

नए कॉलेजों में पीजी कोर्स शुरू होने से आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में रिसर्च और विशेषज्ञता को बढ़ावा मिलेगा। आयुर्वेदिक दवाओं और उपचार पद्धतियों पर बेहतर शोध हो सकेगा। इससे सर्दी, बुखार और जुकाम जैसी सामान्य बीमारियों के इलाज में एलोपैथी पर निर्भरता भी कम हो सकती है।

ग्रामीण इलाकों को भी होगा फायदा

सरकार का मानना है कि आयुर्वेदिक शिक्षा मजबूत होने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी। अधिक विशेषज्ञ आयुर्वेदिक डॉक्टर तैयार होने से लोगों को वैकल्पिक चिकित्सा सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में आयुर्वेदिक चिकित्सा को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, DDA दे रहा 25% की छूट

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए शानदार मौका सामने आया है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने ‘कर्मयोगी आवास योजना’ के तहत फ्लैट खरीदने वालों को बड़ी राहत दी है। खास बात यह है कि सर्विंग और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों को फ्लैट खरीदने पर 25 प्रतिशत तक की छूट दी जा रही है।

आपको बता दें की डीडीए की इस योजना को लोगों से अच्छा रिस्पॉन्स मिलने के बाद अब और फ्लैट्स को भी इसमें शामिल किया गया है। इससे राजधानी में सस्ते और रेडी टू मूव घर की तलाश कर रहे लोगों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।

पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर बुकिंग

डीडीए ने जानकारी दी है कि कर्मयोगी आवास योजना के तहत फ्लैट्स की बुकिंग 1 जून 2026 को दोपहर 12 बजे से शुरू होगी। यह प्रक्रिया 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर होगी। योजना के तहत नरेला सेक्टर A1-A4 के पॉकेट-13 में स्थित 1 BHK, 2 BHK और 3 BHK फ्लैट्स बिक्री के लिए उपलब्ध कराए गए हैं। ये सभी फ्लैट्स रेडी टू मूव हैं, यानी खरीदारों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

सरकारी कर्मचारियों को बड़ा फायदा

इस योजना में सबसे बड़ा लाभ सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को मिलने जा रहा है। डीडीए ने सर्विंग और रिटायर्ड सरकारी कर्मचारियों के लिए फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत की विशेष छूट देने का फैसला किया है। इससे कम कीमत में घर खरीदना आसान हो जाएगा। बढ़ती प्रॉपर्टी कीमतों के बीच यह योजना मध्यम वर्गीय परिवारों और सरकारी कर्मचारियों के लिए राहत भरी मानी जा रही है।

नरेला में तेजी से बढ़ रहा विकास

नरेला क्षेत्र को दिल्ली के उभरते रिहायशी इलाकों में गिना जा रहा है। यहां सड़क, मेट्रो और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में भविष्य में इस इलाके की प्रॉपर्टी वैल्यू बढ़ने की भी संभावना जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि रेडी टू मूव फ्लैट्स होने के कारण खरीदारों को किराया और निर्माण में देरी जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ेगा।

यूपी सरकार का फैसला, कर्मचारियों-पेंशनरों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा बढ़ा दिया है। अब सरकारी कर्मचारी, पेंशनर और उनके आश्रित आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी जैसी आयुष पद्धतियों से भी कैशलेस इलाज करा सकेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद स्वास्थ्य विभाग ने इस नई व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है।

मंगलवार को स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिए कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना में आयुष सेवाओं को जल्द शामिल किया जाए। अभी तक इस योजना के तहत केवल एलोपैथिक इलाज की सुविधा उपलब्ध थी।

28 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

सरकार के इस फैसले से प्रदेश के करीब 28 लाख सेवारत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद सूचीबद्ध आयुष अस्पतालों में भर्ती होकर कर्मचारी और पेंशनर बिना पैसे दिए इलाज करा सकेंगे। इलाज का पूरा भुगतान सरकार की ओर से किया जाएगा। इस फैसले को खास तौर पर उन लोगों के लिए राहत माना जा रहा है जो आयुर्वेद, यूनानी या होम्योपैथी पद्धति से इलाज कराना पसंद करते हैं।

क्या है कैशलेस चिकित्सा योजना

पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना की शुरुआत वर्ष 2022 में की गई थी। इस योजना के तहत राज्य कर्मचारियों, पेंशनरों और उनके आश्रितों को पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उपलब्ध कराया जाता है। कार्डधारक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में कैशलेस सुविधा का लाभ ले सकते हैं।

अब सरकार इस योजना में आयुष अस्पतालों को भी शामिल करने जा रही है। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही सूचीबद्ध अस्पतालों की सूची और एसओपी जारी करेगा। संभावना है कि अगले एक महीने के भीतर यह नई सुविधा शुरू हो जाएगी।

बिहार में बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, निर्देश जारी

पटना। बिहार में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच राज्य सरकार ने आम लोगों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि अब उपभोक्ताओं को पीक आवर में भी बिजली कटौती का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके साथ ही बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

राजधानी पटना में आयोजित जन सुनवाई कार्यक्रम के बाद ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि राज्य सरकार हर हाल में लोगों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के लिए काम कर रही है। विभाग की कोशिश है कि गर्मी के इस मौसम में लोगों को 24 घंटे बेहतर बिजली सुविधा मिलती रहे।

बिजली चोरी करने वालों पर होगी सख्ती

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि बिजली चोरी के कारण सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ता है। इसे रोकने के लिए अब विभाग की ओर से लगातार छापेमारी अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि बिजली चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार का मानना है कि बिजली चोरी पर नियंत्रण होने से व्यवस्था और मजबूत होगी तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिल सकेगी।

10 लाख गरीब परिवारों को मिलेगा सोलर का लाभ

सरकार ने बिजली व्यवस्था के साथ-साथ सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया है। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में तेजी से लागू किया जा रहा है। इस योजना के तहत आने वाले समय में राज्य के 10 लाख गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे। इससे गरीब परिवारों को बिजली बिल से राहत मिलेगी और वे ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

ग्रहों का अद्भुत संयोग, लक्ष्मी नारायण राजयोग से 5 राशियों को धन लाभ

राशिफल। ज्योतिष में ग्रहों की चाल और उनकी युति को बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। द्रिक पंचांग के अनुसार 29 मई को बुध ग्रह मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से शुक्र ग्रह विराजमान रहेंगे। बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र धन, वैभव और सुख-सुविधाओं के प्रतीक हैं।

इन दोनों ग्रहों की युति से बनने वाला 'लक्ष्मी नारायण राजयोग' बेहद शुभ माना जाता है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार यह योग कई राशियों के लिए आर्थिक उन्नति, करियर में सफलता और जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। खासकर 5 राशियों पर इसका प्रभाव बेहद शुभ रहने की संभावना जताई जा रही है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लिए यह राजयोग बेहद खास साबित हो सकता है क्योंकि बुध और शुक्र की युति इसी राशि में बनने जा रही है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय करियर और आर्थिक मामलों में शानदार साबित हो सकता है। नई योजनाओं से लाभ मिलने के संकेत हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और आय बढ़ने के योग बन रहे हैं। निवेश से भी अच्छा फायदा मिल सकता है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के लोगों को इस राजयोग से करियर में बड़ी सफलता मिलने के संकेत हैं। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। व्यापार में विस्तार होने की संभावना है। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग लाभदायक साबित हो सकता है। व्यापार में मुनाफा बढ़ने के योग हैं और पुराने निवेश से फायदा मिल सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिलेंगे। दांपत्य जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और नौकरी में तरक्की के संकेत हैं। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं। किसी पुराने मित्र या संबंध से बड़ा लाभ मिलने की संभावना है। मानसिक तनाव कम होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, जनता के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने आम जनता की समस्याओं के समाधान को लेकर बड़ा कदम उठाया है। ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू किए गए सहयोग शिविरों की सफलता के बाद अब सरकार ने इसे शहरी क्षेत्रों में भी लागू करने का फैसला लिया है। इस नई व्यवस्था से नगर निकाय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अपनी शिकायतें और समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का मौका मिलेगा।

मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने इस संबंध में सभी प्रमंडलीय आयुक्तों, जिला पदाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और पुलिस अधीक्षकों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान हो और आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ें।

महीने में दो बार लगेंगे सहयोग शिविर

सरकार के निर्देश के अनुसार अब नगर निकाय क्षेत्रों में भी ग्राम पंचायतों की तर्ज पर महीने के प्रथम और तृतीय मंगलवार को सहयोग शिविर लगाए जाएंगे। ये शिविर शहरों के अलग-अलग वार्डों में आयोजित किए जाएंगे ताकि लोगों को अपने इलाके में ही सुविधा मिल सके।

जिला पदाधिकारी और नगर आयुक्त या कार्यपालक पदाधिकारी को तीन दिनों के भीतर शिविर की तिथि और स्थान तय करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही शिविर की जानकारी का व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इसका लाभ उठा सकें।

वार्ड स्तर पर सुनी जाएंगी लोगों की समस्याएं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि शिविर में आने वाले लोगों की शिकायतें गंभीरता से सुनी जाएंगी। लोगों से आवेदन शिविर लगने के 30 दिन पहले से ही लिए जाएंगे ताकि उनकी समस्याओं का रिकॉर्ड पहले से तैयार किया जा सके।

सहयोग शिविरों का आयोजन वार्डों में किसी सरकारी भवन में किया जाएगा। अगर सरकारी भवन उपलब्ध नहीं होगा तो अस्थायी लेकिन मजबूत ढांचे की व्यवस्था की जाएगी। गर्मी को देखते हुए वहां पंखा, पीने का पानी और बैठने जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

शिकायतों का ऑनलाइन निस्तारण

सरकार ने शिकायतों के समाधान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए सहयोग पोर्टल की व्यवस्था की है। शिविर में मिलने वाली सभी शिकायतों को पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा और तय समय सीमा के भीतर उनका निस्तारण किया जाएगा।

आवेदन की प्राप्ति, संबंधित विभाग को भेजने और समाधान की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने लॉगिन के जरिए रोजाना पोर्टल की निगरानी करें ताकि किसी शिकायत में अनावश्यक देरी न हो।

सुपर खुशखबरी! बिहार में निकली 3 बड़ी भर्तियां, युवाओं को मौका

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार को लेकर बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में अलग-अलग विभागों में नई भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खास बात यह है कि इन भर्तियों में 8वीं पास से लेकर डिप्लोमा और डिग्रीधारी उम्मीदवारों तक को आवेदन का मौका मिल रहा है। भागलपुर और जमुई जिला बाल संरक्षण इकाई के साथ-साथ बिहार पुलिस में भी नई वैकेंसी निकाली गई हैं।

1 .भागलपुर में 17 पदों पर भर्ती

जिला बाल संरक्षण इकाई, भागलपुर (DCPU Bhagalpur) ने विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती के तहत कुल 17 पद भरे जाएंगे। इसमें 8वीं पास, 10वीं पास, डिप्लोमा और डिग्रीधारी उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन रखी गई है। इच्छुक अभ्यर्थी भागलपुर की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर निर्धारित पते पर भेज सकते हैं। आवेदन करने की अंतिम तिथि 16 जून 2026 तय की गई है।

2 .जमुई में भी निकली भर्ती

जिला बाल संरक्षण इकाई, जमुई (DCPU Jamui) ने भी विभिन्न पार्ट टाइम और सपोर्ट स्टाफ पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 16 रिक्त पदों को भरा जाएगा। उम्मीदवार jamui.nic.in वेबसाइट से आवेदन फॉर्म डाउनलोड कर सकते हैं। भरे हुए आवेदन पत्र को डाक के माध्यम से निर्धारित पते पर भेजना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जून 2026 रखी गई है।

3 .बिहार पुलिस में एएसआई टेक्निकल भर्ती

बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 22 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इन पदों के लिए डिप्लोमा धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। ऑनलाइन आवेदन 21 मई 2026 से शुरू हो चुके हैं और 21 जून 2026 तक चलेंगे। इच्छुक उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

बिहार सरकार का फैसला, 12वीं पास छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने इंटरमीडिएट पास छात्राओं के लिए बड़ी खुशखबरी दी है। शिक्षा विभाग की ओर से मुख्यमंत्री बालिका (इंटरमीडिएट उत्तीर्ण) प्रोत्साहन योजना 2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना के माध्यम से योग्य छात्राओं को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, ताकि वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ें।

शिक्षा विभाग के अनुसार 25 मई 2026 से Medhasoft पोर्टल आवेदन के लिए खोल दिया गया है। हालांकि आवेदन की अंतिम तिथि अभी घोषित नहीं की गई है, लेकिन विभाग ने छात्राओं को जल्द आवेदन करने की सलाह दी है ताकि किसी तकनीकी परेशानी से बचा जा सके।

पोर्टल पर पहले से अपलोड है छात्राओं का डाटा

विभाग की ओर से जिला और संस्थानवार छात्राओं का विवरण पहले ही पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। ऐसे में छात्राओं को लॉगिन कर अपनी जानकारी की जांच करनी होगी। यदि किसी प्रकार की त्रुटि हो तो उसे समय रहते ठीक कराने की सलाह दी गई है।

छात्राएं ऐसे कर सकेंगी ऑनलाइन लॉगिन

छात्राएं अपने रजिस्ट्रेशन नंबर और जन्मतिथि के जरिए पोर्टल पर लॉगिन कर सकती हैं। इसके अलावा इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में प्राप्त पूर्णांक के माध्यम से भी लॉगिन की सुविधा दी गई है। लॉगिन के बाद छात्राओं को अपनी बैंक संबंधी जानकारी भरनी होगी।

आवेदन के दौरान भरनी होगी ये जानकारी

ऑनलाइन आवेदन करते समय छात्राओं को बैंक खाता संख्या, बैंक शाखा का नाम, IFSC कोड और आधार नंबर दर्ज करना होगा। शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि बैंक खाता छात्रा के अपने नाम पर होना चाहिए और वह आधार से लिंक होना अनिवार्य है। साथ ही बैंक खाता राष्ट्रीयकृत बैंक, मान्यता प्राप्त निजी बैंक या इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक की बिहार स्थित शाखा में होना चाहिए।

विभाग का छात्राओं और अभिभावकों से अपील

शिक्षा विभाग ने छात्राओं और अभिभावकों से आवेदन करने से पहले सभी दिशा-निर्देश ध्यान से पढ़ने की अपील की है। विभाग का कहना है कि सही जानकारी भरने से आवेदन प्रक्रिया आसान होगी और भुगतान में किसी तरह की परेशानी नहीं आएगी।

यूपी में युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, अब कई भर्तियों के लिए होगी सिर्फ एक परीक्षा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) अब भर्ती प्रक्रिया को आसान और तेज बनाने की तैयारी में जुट गया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद समान प्रकृति और समान योग्यता वाले कई पदों के लिए अलग-अलग परीक्षा देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आयोग इन पदों के लिए संयुक्त मुख्य परीक्षा आयोजित करने की योजना बना रहा है।

अलग-अलग परीक्षाओं से मिलेगी राहत

अब तक आयोग प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी पीईटी के अंकों के आधार पर विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग मुख्य परीक्षाएं आयोजित करता रहा है। हर भर्ती का अलग सिलेबस और अलग परीक्षा पैटर्न होने के कारण अभ्यर्थियों को कई बार तैयारी करनी पड़ती थी।

कम पदों वाली भर्तियों में यह प्रक्रिया और ज्यादा लंबी हो जाती थी, जिससे नियुक्तियां समय पर पूरी नहीं हो पाती थीं। नई प्रणाली के तहत समान कार्य और समान पाठ्यक्रम वाले पदों को एक साथ जोड़कर एक ही मुख्य परीक्षा कराई जाएगी। इससे भर्ती प्रक्रिया अधिक सरल और व्यवस्थित हो सकेगी।

अभ्यर्थियों का बचेगा समय और पैसा

नई व्यवस्था लागू होने से युवाओं को सबसे बड़ा फायदा आर्थिक खर्च में राहत के रूप में मिलेगा। बार-बार आवेदन शुल्क भरने, अलग-अलग शहरों में परीक्षा देने जाने और अलग-अलग तैयारी करने की परेशानी कम हो जाएगी। इसके साथ ही आयोग को भी परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था, सुरक्षा और संचालन को बेहतर तरीके से संभालने में मदद मिलेगी। बड़ी संयुक्त परीक्षाएं होने से पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनने की उम्मीद है।

जल्द आएगी नई भर्ती

आयोग की ओर से पीईटी 2025 के आधार पर अब तक 13 भर्ती विज्ञापन जारी किए जा चुके हैं। वहीं जल्द ही सहायक लेखाकार के करीब 1600 पदों पर भर्ती के लिए नया विज्ञापन आने की संभावना है।

इन पदों पर फायदा

नई प्रणाली का लाभ प्रदेश सरकार के कई समूह ‘ग’ पदों की भर्तियों में देखने को मिल सकता है। इनमें राजस्व लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी, कनिष्ठ सहायक, आशुलिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, वन रक्षक, आबकारी सिपाही, पूर्ति निरीक्षक, विपणन निरीक्षक, अधिशासी अधिकारी, सहायक सांख्यिकी अधिकारी और गन्ना पर्यवेक्षक जैसे कई पद शामिल हैं।

युवाओं में बढ़ी उम्मीद

सरकार और आयोग की इस पहल से नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं में उत्साह बढ़ा है। अभ्यर्थियों का मानना है कि एक ही परीक्षा से कई भर्तियों का रास्ता खुलने से तैयारी का दबाव कम होगा और भर्ती प्रक्रिया भी पहले से ज्यादा तेज और आसान बन सकेगी।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, 5 राशियों के जीवन में आएंगी खुशियां ही खुशियां

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल का असर सभी राशियों पर पड़ता है। आने वाले दिनों में कुछ राशियों के लिए समय बेहद शुभ माना जा रहा है। इन राशियों के लोगों को करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे होने के संकेत हैं और किस्मत का साथ मिलने से जीवन में नई खुशियां दस्तक दे सकती हैं।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय नई ऊर्जा और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं और अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग हैं। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए भाग्य का पूरा साथ मिलने की संभावना है। करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। जो लोग नया काम शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय शुभ माना जा रहा है। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। निवेश से भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। नौकरी और कारोबार में लाभ के योग बन रहे हैं। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में भी राहत मिलने के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आने वाला समय उत्साह और उपलब्धियों से भरा रह सकता है। छात्रों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है और नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार में मुनाफा बढ़ने के योग हैं। यात्रा के अवसर मिल सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह समय खुशियों से भरा रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी। स्वास्थ्य में सुधार देखने को मिल सकता है। किसी पुराने मित्र से मुलाकात खुशी दे सकती है और रुके हुए कामों में सफलता मिलने के संकेत हैं।