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दूध में मिलाकर पी लें ये 3 चीजें, शरीर में आएगी जबरदस्त ताकत

हेल्थ डेस्क: दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है क्योंकि इसमें कैल्शियम, प्रोटीन, विटामिन और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। यदि इसमें कुछ प्राकृतिक मसालों को सही मात्रा में मिलाकर पिया जाए, तो इसके पोषण संबंधी लाभ और बढ़ सकते हैं।

1. हल्दी वाला दूध

हल्दी में करक्यूमिन नामक सक्रिय तत्व पाया जाता है, जिसे एंटीऑक्सीडेंट और सूजन-रोधी गुणों के लिए जाना जाता है। रात में गुनगुने दूध में एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से शरीर की रिकवरी में मदद मिल सकती है। मौसम बदलने पर रोग प्रतिरोधक क्षमता को सहारा देने और मांसपेशियों की थकान कम करने में भी यह उपयोगी माना जाता है।

2. केसर वाला दूध

केसर का उपयोग लंबे समय से पारंपरिक आहार का हिस्सा रहा है। थोड़ी मात्रा में केसर दूध में मिलाने से स्वाद और सुगंध बढ़ने के साथ शरीर को एंटीऑक्सीडेंट तत्व भी मिलते हैं। कुछ अध्ययनों में केसर को मानसिक तनाव कम करने, मूड बेहतर रखने और अच्छी नींद में सहायक बताया गया है। हालांकि इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

3. इलायची वाला दूध

इलायची केवल स्वाद बढ़ाने का काम नहीं करती, बल्कि इसे पाचन के लिए भी लाभकारी माना जाता है। दूध में एक-दो इलायची कूटकर मिलाने से इसकी खुशबू बढ़ जाती है और कई लोगों को इसे पचाने में भी आसानी महसूस होती है। इसके अलावा यह मुंह की दुर्गंध कम करने और शरीर को ताजगी देने में भी सहायक मानी जाती है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी: 1 लाख युवाओं के लिए नई खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं को रोजगार के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य कौशल विकास निधि (SSDF) योजना के दूसरे चरण की शुरुआत कर दी गई है। इस चरण में प्रदेश के 1 लाख से अधिक युवाओं को आधुनिक तकनीक और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का उद्देश्य युवाओं को केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें रोजगार योग्य बनाना भी है।

936 संस्थानों में मिलेगा प्रशिक्षण

योजना के दूसरे चरण के तहत 936 प्रशिक्षण प्रदाताओं के माध्यम से विभिन्न कौशल आधारित कोर्स संचालित किए जाएंगे। इनमें निजी संस्थानों के साथ-साथ सरकारी और स्टार्टअप आधारित प्रशिक्षण केंद्र भी शामिल हैं। सरकार ने सभी संस्थानों को तय समयसीमा के अनुसार 1 अगस्त से प्रशिक्षण शुरू करने के निर्देश दिए हैं।

पहली बार पढ़ाया जाएगा 'AI for All'

इस बार योजना में सबसे बड़ा बदलाव यह किया गया है कि सभी प्रशिक्षण कार्यक्रमों में 'AI for All' मॉड्यूल को अनिवार्य कर दिया गया है। प्रत्येक बैच में कम से कम चार घंटे की आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कक्षाएं होंगी। इसके अलावा सॉफ्ट स्किल, डिजिटल दक्षता और भविष्य की तकनीकों से जुड़े विषय भी पढ़ाए जाएंगे, ताकि युवा बदलते रोजगार बाजार के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें।

आधुनिक सेक्टरों पर रहेगा विशेष जोर

सरकार ने इस चरण में उन क्षेत्रों को प्राथमिकता दी है, जहां आने वाले वर्षों में रोजगार की अधिक संभावनाएं हैं। इनमें हेल्थकेयर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), आईटी एवं आईटीईएस, इलेक्ट्रॉनिक्स, फूड प्रोसेसिंग, अपैरल, हैंडीक्राफ्ट्स जैसे सेक्टर शामिल हैं। प्रशिक्षण के लिए केवल राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त जॉब रोल ही चुने जाएंगे।

रोजगार मेले में उन्हीं को मिलेगा मौका

सरकार ने प्रशिक्षण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया है। जिन प्रशिक्षुओं की 70 प्रतिशत या उससे अधिक उपस्थिति होगी, उन्हें ही रोजगार मेलों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इतना ही नहीं, प्रशिक्षण पूरा होने के 90 दिनों के भीतर संस्थानों को प्लेसमेंट सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया गया है। नौकरी मिलने के बाद भी युवाओं की 365 दिनों तक ट्रैकिंग की जाएगी।

MPESB ने निकाली 2784 पदों पर बंपर भर्ती, जानें योग्यता, आवेदन तिथि और पूरी डिटेल

भोपाल: मध्य प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) ने ग्रुप-2 सब ग्रुप-1 भर्ती परीक्षा 2026 के तहत कृषि विस्तार अधिकारी (Krishi Vistar Adhikari) के 2,784 पदों पर सीधी भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। 

इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती किसान कल्याण एवं कृषि विकास संचालनालय, मध्य प्रदेश के लिए की जाएगी। चयनित अभ्यर्थियों को राज्य के विभिन्न जिलों में नियुक्ति दी जाएगी।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 जुलाई 2026 से शुरू होगी और 17 जुलाई 2026 तक जारी रहेगी। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे।

आवेदन शुरू: 3 जुलाई 2026

अंतिम तिथि: 17 जुलाई 2026

परीक्षा शुरू: 2 अगस्त 2026

परीक्षा का माध्यम: कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)

कितने पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के माध्यम से 2,784 कृषि विस्तार अधिकारी पदों को भरा जाएगा। यह क्लास-3 (कार्यपालिक) श्रेणी की सीधी भर्ती है।

शैक्षणिक योग्यता

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से निम्न में से कोई एक डिग्री होनी चाहिए कृषि (Agriculture) में स्नातक या उद्यानिकी (Horticulture) में स्नातक। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना में निर्धारित पात्रता की जांच अवश्य करनी चाहिए।

आयु सीमा

न्यूनतम आयु: 18 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष। मध्य प्रदेश के आरक्षित वर्ग और पात्र निवासियों को नियमानुसार अधिकतम आयु सीमा में 45 वर्ष तक की छूट का लाभ मिलेगा।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को ₹25,300 से ₹80,500 के वेतनमान में नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा राज्य सरकार के नियमों के अनुसार महंगाई भत्ता, यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार निर्धारित अवधि के दौरान MPESB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, फोटो और हस्ताक्षर सही प्रारूप में अपलोड करना जरूरी होगा। आवेदन पत्र जमा करने के बाद उसकी एक प्रति भविष्य के लिए सुरक्षित रखना उचित रहेगा।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, 4 राशियों पर होगी धन की वर्षा, खुलेंगे तरक्की के रास्ते

ज्योतिष डेस्क: वैदिक ज्योतिष के अनुसार ग्रह-नक्षत्रों की बदलती चाल का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। शुक्रवार का दिन धन, सुख-समृद्धि और ऐश्वर्य की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी को समर्पित माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कल का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आ सकता है। करियर, कारोबार, आर्थिक मामलों और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्रवार आर्थिक दृष्टि से अच्छा साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के योग बन रहे हैं। व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यस्थल पर प्रदर्शन बेहतर रहेगा। परिवार में सुख-शांति का वातावरण बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। यदि किसी नई योजना पर काम कर रहे हैं तो उसमें सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार में लाभ बढ़ सकता है और रुका हुआ धन वापस मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और महत्वपूर्ण लोगों से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्रवार शुभ समाचार लेकर आ सकता है। व्यापार में विस्तार के योग बन रहे हैं और निवेश से लाभ मिलने की संभावना है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को बेहतर अवसर मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हो सकती है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे भविष्य में उन्नति के रास्ते खुलेंगे। व्यवसाय में लाभ बढ़ सकता है और किसी पुराने निवेश से अच्छा रिटर्न मिलने के संकेत हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

यूपी के युवाओं के लिए खुशखबरी! खाद्य सुरक्षा अधिकारी के पदों पर निकली बंपर भर्ती

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी (Food Safety Officer) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से जुड़े विभाग में योग्य उम्मीदवारों के चयन के लिए आयोजित की जा रही है। यदि आप संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखते हैं, तो यह सरकारी सेवा में करियर बनाने का अच्छा अवसर हो सकता है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए ऐसे अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनके पास बी.ई. या बी.टेक की डिग्री है और जो अधिसूचना में निर्धारित अन्य पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई योग्यता और अन्य नियमों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

भर्ती के लिए निर्धारित आयु सीमा इस प्रकार है। न्यूनतम आयु: 21 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष, आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

आवेदन के लिए शुल्क

विभिन्न श्रेणियों के लिए आवेदन शुल्क अलग-अलग निर्धारित किया गया है। सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹125, अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति: ₹65, दिव्यांग अभ्यर्थी: ₹25, पूर्व सैनिक: ₹65, शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

कितना मिलेगा वेतन?

चयनित उम्मीदवारों को लेवल-7 वेतनमान के तहत ₹44,900 से ₹1,42,400 प्रति माह तक वेतन मिलेगा। इसके अलावा नियमानुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

चयन प्रक्रिया

उम्मीदवारों का चयन आयोग द्वारा निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इसमें लिखित परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक चरण शामिल हो सकते हैं। विस्तृत जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 25 जून 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 27 जुलाई 2026

आवेदन के लिए वेबसाइट: uppsc.up.nic.in

पूरे बिहार में मानसून हुआ एक्टिव, कई जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

पटना: बिहार में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल गया है और लोगों को भीषण गर्मी तथा उमस से राहत मिलने लगी है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज हवा, आंधी और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है।

3 जुलाई के लिए येलो अलर्ट जारी

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने 3 जुलाई के लिए राज्य के कई हिस्सों में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार कुछ स्थानों पर गरज के साथ बारिश, तेज हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना है। हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

इन क्षेत्रों में मौसम रहेगा ज्यादा सक्रिय

पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-पूर्व बिहार के कई जिलों में आंधी और वज्रपात के साथ बारिश हो सकती है। वहीं उत्तर-पश्चिम, उत्तर-मध्य, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य बिहार के एक-दो स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। इसके अलावा जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर जैसे दक्षिण-पूर्वी जिलों में भी कई जगहों पर अच्छी बारिश दर्ज होने की संभावना है।

अगले कुछ दिनों तक बना रहेगा मानसून का असर

मौसम विभाग का कहना है कि अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में मानसूनी गतिविधियां जारी रहने की संभावना है। बीच-बीच में कई जिलों में बारिश, बादल छाए रहने और तेज हवाएं चलने का सिलसिला बना रह सकता है। इससे किसानों को खरीफ फसलों की बुआई में मदद मिलने की उम्मीद है, वहीं आम लोगों को भी गर्मी से राहत मिलती रहेगी।

आंधी और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों से अपील की गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचें। बारिश और तेज हवा के समय सुरक्षित स्थान पर रहें तथा मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर आई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस फैसले के साथ उत्तर प्रदेश लगातार सात वर्षों तक बिजली की दरें स्थिर रखने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। नए टैरिफ आदेश के बाद घरेलू, कृषि और अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को मौजूदा दरों पर ही बिजली मिलेगी।

बिजली कंपनियों की मांग पर नहीं लगी मुहर

बिजली वितरण कंपनियों ने इस वर्ष टैरिफ बढ़ाने के लिए कई प्रस्ताव नियामक आयोग के सामने रखे थे। कंपनियों ने वर्ष 2026-27 के लिए 1.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) पेश की थी। समीक्षा के बाद आयोग ने इसे घटाकर करीब 1.13 लाख करोड़ रुपये स्वीकार किया और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने वाले प्रस्तावों को मंजूरी नहीं दी।

स्मार्ट प्रीपेड मीटर का खर्च नहीं बढ़ाएगा बिल

बिजली कंपनियां स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना से जुड़े लगभग 3,838 करोड़ रुपये के खर्च को बिजली दरों में शामिल करना चाहती थीं। आयोग ने इस प्रस्ताव को यह कहते हुए स्वीकार नहीं किया कि कंपनियां यह साबित नहीं कर सकीं कि इस योजना से उन्हें कितना वास्तविक वित्तीय लाभ मिला है। ऐसे में इसका भार सीधे उपभोक्ताओं पर डालना उचित नहीं होगा।

सरकार ने बढ़ाई बिजली सब्सिडी

राज्य सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए सब्सिडी का दायरा भी बढ़ाया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार सब्सिडी बढ़ाकर 20,400 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे बिजली कंपनियों की वित्तीय जरूरतों और उपभोक्ताओं के हितों के बीच संतुलन बनाने में मदद मिलेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों को मिलेगा लाभ

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोग ने इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए विशेष व्यवस्था लागू की है। दिन के समय सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक बैटरी चार्जिंग पर 20 प्रतिशत की रियायत दी जाएगी। माना जा रहा है कि इससे ई-वाहनों के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।

क्या रहेगा नया बिजली टैरिफ?

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए आयोग ने बिजली की औसत आपूर्ति लागत ₹7.96 प्रति यूनिट तय की है, जबकि औसत बिलिंग दर ₹7.78 प्रति यूनिट निर्धारित की गई है। इसके बावजूद उपभोक्ताओं से मौजूदा टैरिफ के अनुसार ही शुल्क लिया जाएगा और किसी श्रेणी में नई दरें लागू नहीं होंगी।

करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत

बिजली दरों को यथावत रखने के फैसले से प्रदेश के लगभग 3.80 करोड़ उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। बढ़ती महंगाई के बीच बिजली बिल में बढ़ोतरी नहीं होने से घरेलू बजट पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ेगा। साथ ही छोटे उद्योग, व्यापारिक प्रतिष्ठान और कृषि क्षेत्र से जुड़े उपभोक्ताओं को भी इस फैसले से राहत मिलने की उम्मीद है।

यूपीवासियों के लिए खुशखबरी! 13 जुलाई से शुरू होगा नया एक्सप्रेस-वे

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के लोगों को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। लंबे समय से इंतजार के बाद लखनऊ-कानपुर 6 लेन एक्सप्रेस-वे को 13 जुलाई से आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी पूरी हो गई है। इस एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और लाखों यात्रियों को रोजाना जाम से राहत मिलेगी।

63 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस-वे का होगा उद्घाटन

करीब 63 किलोमीटर लंबे इस आधुनिक एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह संयुक्त रूप से करेंगे। कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है। परियोजना को विकसित करने में लगभग 4,700 करोड़ रुपये की लागत आई है।

35 से 45 मिनट में पूरा होगा सफर

फिलहाल NH-27 के जरिए लखनऊ से कानपुर पहुंचने में ट्रैफिक के कारण अक्सर ढाई से तीन घंटे तक का समय लग जाता है। लेकिन नए एक्सप्रेस-वे के चालू होने के बाद यही दूरी केवल 35 से 45 मिनट में पूरी की जा सकेगी। एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटा की अधिकतम गति निर्धारित की गई है।

सुविधाओं से लैस है एक्सप्रेस-वे

यात्रियों की सुरक्षा और सुगम यातायात को ध्यान में रखते हुए इस एक्सप्रेस-वे को पूरी तरह सिग्नल-फ्री बनाया गया है। परियोजना में 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 2 एलिवेटेड सेक्शन, 3 बड़े पुल, 28 छोटे पुल, 38 अंडरपास, 6 फ्लाईओवर का निर्माण किया गया है, जिससे यातायात बिना रुकावट संचालित हो सके।

जानिए कितनी होगी टोल दर

राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इस एक्सप्रेस-वे के लिए टोल दरें भी तय कर दी हैं।

कार, जीप और SUV: एक तरफ ₹275, 24 घंटे के भीतर वापसी पर ₹415

हल्के वाणिज्यिक वाहन: एक तरफ ₹445, वापसी पर ₹670

बस और ट्रक: एक तरफ ₹935, वापसी पर ₹1,405

भारी वाहन: एक तरफ ₹1,020, वापसी पर ₹1,530

इसके अलावा नियमित यात्रियों के लिए ₹3,075 का वार्षिक पास उपलब्ध होगा, जिसके जरिए एक वर्ष में 200 यात्राएं की जा सकेंगी।

दोपहिया और तिपहिया वाहनों की नहीं होगी एंट्री

इस हाई-स्पीड एक्सप्रेस-वे पर केवल निर्धारित श्रेणी के वाहनों को ही चलने की अनुमति होगी। दोपहिया और तिपहिया वाहन इस मार्ग का उपयोग नहीं कर सकेंगे, ताकि तेज गति वाले यातायात की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

यह एक्सप्रेस-वे अमौसी (लखनऊ) से शुरू होकर उन्नाव के शुक्लागंज के रास्ते कानपुर के आजाद चौक तक जाएगा। साथ ही इसे कानपुर रिंग रोड से भी जोड़ा जा रहा है। इससे शहर के अंदर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और दूसरे मार्गों पर यात्रा करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा।

बिहार के गांवों के लिए खुशखबरी! पंचायतों को मिला करोड़ों की सौगात

पटना: बिहार के ग्रामीण विकास को गति देने के लिए राज्य सरकार ने पंचायती राज संस्थाओं के लिए बड़ा वित्तीय फैसला लिया है। सरकार ने 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक केंद्र सरकार से मिलने वाले 51,923 करोड़ रुपये के अनुदान को पंचायतों के बीच वितरित करने और उसके उपयोग को मंजूरी दे दी है।

पिछले वित्त आयोग से दोगुने से भी अधिक राशि

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 16वें वित्त आयोग के तहत मिलने वाली 51,923 करोड़ रुपये की राशि, पिछले वित्त आयोग के दौरान प्राप्त करीब 21,000 करोड़ रुपये की तुलना में काफी अधिक है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों के लिए वित्तीय क्षमता मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद बढ़ेगी।

पांच वर्षों तक मिलेगा वित्तीय सहयोग

सरकार के अनुसार यह अनुदान एकमुश्त नहीं, बल्कि वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक चरणबद्ध तरीके से केंद्र सरकार से प्राप्त होगा। इसके लिए राशि के वितरण, निगरानी और उपयोग की विस्तृत रूपरेखा भी तैयार की गई है, ताकि प्रत्येक पंचायत अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार विकास योजनाओं को समय पर पूरा कर सके।

इन विकास कार्यों पर होगा खर्च

इस अनुदान का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। इसके अंतर्गत:

स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन

पेयजल सुविधाओं का विस्तार

ग्रामीण सड़कों का निर्माण और सुधार

सामुदायिक भवनों और सार्वजनिक परिसंपत्तियों का रखरखाव

स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अन्य विकास योजनाएं भी। 

इन कार्यों से गांवों में बुनियादी सुविधाओं का स्तर बेहतर होने और लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को मिलेगा अतिरिक्त लाभ

सरकार ने यह भी तय किया है कि विकास कार्यों का प्रभावी क्रियान्वयन करने वाली पंचायतों को निष्पादन अनुदान  भी दिया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायतों के बीच बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना और योजनाओं के समयबद्ध एवं पारदर्शी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना है

गजकेसरी और गुरु-आदित्य योग करेंगे मालामाल! इन 5 राशियों के जीवन में आएंगे बड़े बदलाव

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जुलाई में ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण गजकेसरी योग और गुरु-आदित्य योग का प्रभाव कई राशियों पर शुभ परिणाम दे सकता है। चंद्रमा, गुरु और सूर्य के विशेष संयोग से बनने वाले ये दोनों योग ज्ञान, मान-सम्मान, आर्थिक उन्नति और करियर में प्रगति के कारक माने जाते हैं। पंचांग के अनुसार 9, 11, 12, 17, 27 और 30 जुलाई को इस योग का प्रभाव दिख सकता हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक और पेशेवर जीवन में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना भी बनी रहेगी। व्यापार करने वालों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों से फायदा हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने के संकेत हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यापार दोनों क्षेत्रों में लाभदायक साबित हो सकता है। संचार कौशल मजबूत होगा, जिससे नौकरी और व्यवसाय में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने के योग हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और निवेश से लाभ मिलने की संभावना रहेगी। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु-आदित्य योग विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। सरकारी क्षेत्र से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। नेतृत्व क्षमता में वृद्धि होगी और अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। व्यापार में विस्तार और नई साझेदारी से अच्छा लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने के साथ करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं। विदेश यात्रा या उच्च शिक्षा से जुड़े प्रयास सफल हो सकते हैं। व्यापारियों को अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी गुरु होने के कारण इस राशि पर गजकेसरी योग का प्रभाव अधिक शुभ माना जाता है। नौकरी में तरक्की, कारोबार में विस्तार और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानियां कम हो सकती हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। नए कार्यों की शुरुआत के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

केंद्र सरकार का फैसला, टैक्सपेयर्स के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: वस्तु एवं सेवा कर (GST) से जुड़े मामलों में अपील करने वाले करदाताओं के लिए केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण राहत दी है। सरकार ने गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) में अपील दाखिल करने की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है। पहले यह समयसीमा 30 जून 2026 निर्धारित थी, जिसे अब बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दिया गया है।

क्यों बढ़ाई गई अंतिम तारीख?

सरकार के अनुसार, अंतिम तिथि नजदीक आने के साथ GSTAT पोर्टल पर अपील दाखिल करने वालों की संख्या अचानक बढ़ गई। अधिक ट्रैफिक के कारण कई उपयोगकर्ताओं को पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं का सामना करना पड़ा। विभिन्न उद्योग संगठनों और करदाताओं से मिली शिकायतों के बाद सरकार ने स्थिति की समीक्षा की और अपील दाखिल करने के लिए एक महीने का अतिरिक्त समय देने का निर्णय लिया।

किन मामलों पर लागू होगा फैसला?

नई समयसीमा GST अधिनियम की धारा 112(1) तथा धारा 112(3) के तहत GSTAT में दायर की जाने वाली अपीलों पर लागू होगी। सरकार ने इस संबंध में संशोधित अधिसूचना जारी कर स्पष्ट किया है कि पात्र मामलों में अब 31 जुलाई 2026 तक अपील दाखिल की जा सकती है।

पोर्टल पर रिकॉर्ड संख्या में दर्ज हुईं अपीलें

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अंतिम तिथि से पहले के 15 दिनों में करीब 30,000 अपीलें GSTAT पोर्टल पर दर्ज की गईं। वहीं एक ही दिन में लगभग 5,500 अपीलें दाखिल होने से पोर्टल पर असाधारण दबाव बन गया। इसी वजह से कई करदाताओं को लॉगिन, दस्तावेज अपलोड और आवेदन जमा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

सरकार ने करदाताओं को क्या सलाह दी?

केंद्र सरकार ने टैक्सपेयर्स से आग्रह किया है कि वे नई समयसीमा का इंतजार करने के बजाय जल्द से जल्द अपनी अपील दाखिल करें। इससे पोर्टल पर अंतिम दिनों में भीड़ कम रहेगी और तकनीकी बाधाओं की संभावना भी घटेगी।

GSTAT क्या है और इसकी क्या भूमिका है?

गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स अपीलीय न्यायाधिकरण (GSTAT) GST विवादों के समाधान के लिए स्थापित एक महत्वपूर्ण न्यायिक मंच है। यदि किसी करदाता को प्रथम अपीलीय प्राधिकारी के आदेश से असहमति होती है, तो वह GSTAT में अपील कर सकता है। यह मंच करदाताओं और कर विभाग के बीच उत्पन्न विवादों के निष्पक्ष निपटारे का कार्य करता है।

टैक्सपेयर्स के लिए यह राहतभरा फैसला

समयसीमा बढ़ाने का यह निर्णय उन हजारों करदाताओं के लिए राहत लेकर आया है जो पोर्टल पर तकनीकी समस्याओं के कारण समय पर अपील नहीं कर पाए थे। अब उनके पास आवश्यक दस्तावेज तैयार कर निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपील दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय उपलब्ध होगा।

भारत से ये देश खरीदेगा मिसाइल, पाकिस्तान के उड़े होश!

नई दिल्ली: भारत का रक्षा निर्यात लगातार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है। इसी कड़ी में अब संयुक्त अरब अमीरात (UAE) को भारत की अत्याधुनिक ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की संभावित बिक्री को लेकर चर्चा तेज हो गई है। दोनों देशों के बीच इस विषय पर बातचीत जारी है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक समझौता नहीं हुआ है, लेकिन यदि यह सौदा अंतिम रूप लेता है तो यह भारत के रक्षा उद्योग के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी।

ब्रह्मोस के साथ आकाशतीर सिस्टम पर भी चर्चा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और UAE के बीच केवल ब्रह्मोस मिसाइल ही नहीं, बल्कि स्वदेशी 'आकाशतीर' एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर भी बातचीत चल रही है। फिलहाल दोनों पक्ष तकनीकी और रणनीतिक पहलुओं पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। सरकार की ओर से अभी किसी समझौते की औपचारिक घोषणा नहीं की गई है।

ब्रह्मोस मिसाइल क्यों है खास?

ब्रह्मोस दुनिया की सबसे तेज़ ऑपरेशनल सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों में गिनी जाती है। इसे भारत और रूस के संयुक्त सहयोग से विकसित किया गया है। इसकी अधिकतम गति लगभग मैक 3 (ध्वनि की गति से करीब तीन गुना), साथ ही इसे जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च किया जा सकता हैं।

भारत के रक्षा निर्यात को नई मजबूती

रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि UAE इस मिसाइल को खरीदता है, तो इससे भारत की छवि केवल हथियार आयात करने वाले देश की नहीं, बल्कि भरोसेमंद रक्षा निर्यातक के रूप में और मजबूत होगी। खाड़ी क्षेत्र में इस तरह का समझौता भारतीय रक्षा उद्योग के लिए नए बाजारों के द्वार खोल सकता है।

मध्य पूर्व के अन्य देशों पर भी पड़ सकता है असर

जानकार बताते हैं की UAE जैसे तकनीकी रूप से उन्नत देश द्वारा भारतीय रक्षा प्रणाली में रुचि दिखाना अन्य खाड़ी देशों के लिए भी सकारात्मक संकेत हो सकता है। इससे क्षेत्र के दूसरे देश भी भारतीय रक्षा उपकरणों का मूल्यांकन कर सकते हैं। भारत के लिए यह रणनीतिक और व्यावसायिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है।

भारत-UAE रक्षा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा

पिछले कुछ वर्षों में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच रक्षा सहयोग लगातार बढ़ा है। दोनों देश संयुक्त सैन्य अभ्यास, साइबर सुरक्षा, खुफिया जानकारी साझा करने और रक्षा तकनीक के क्षेत्र में साथ काम कर रहे हैं। संभावित मिसाइल सौदा इस साझेदारी को और मजबूत बना सकता है।

बुध गोचर का बड़ा असर: 5 राशियों के लिए शुरू होंगे अच्छे दिन, हर क्षेत्र में मिलेंगे शुभ परिणाम

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 7 जुलाई को बुद्धि, वाणी, व्यापार और संचार के कारक बुध ग्रह अपनी वक्री अवस्था में एक बार फिर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे। मिथुन बुध की अपनी राशि मानी जाती है, इसलिए इस गोचर का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा। हालांकि कुछ राशियों के लिए यह परिवर्तन विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आ सकता है।

मिथुन राशि

बुध का अपनी ही राशि में प्रवेश मिथुन राशि के जातकों के लिए काफी सकारात्मक माना जा रहा है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में तेजी आ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर भी मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक और लाभदायक सौदे मिलने की संभावना है। विद्यार्थियों के लिए भी यह समय प्रतियोगी परीक्षाओं और पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन का रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी स्वयं बुध हैं, इसलिए यह गोचर शुभ परिणाम दे सकता है। करियर में नई संभावनाएं बन सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों को निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए बुध का यह गोचर आय के नए स्रोत खोल सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और निवेश से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को टीम में सम्मान मिलेगा और कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहेगा। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। उच्च शिक्षा, विदेश यात्रा और नए कार्यों की शुरुआत के लिए समय अनुकूल रहेगा। कारोबार में नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के लिए बुध का राशि परिवर्तन रचनात्मक कार्यों और करियर में सफलता दिला सकता है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और अधिकारियों का विश्वास बढ़ेगा। व्यापार में मुनाफा बढ़ने के संकेत हैं। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी और विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

8वें वेतन आयोग में एरियर मिलेगा या नहीं? जानिए क्या है ताजा अपडेट

नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच सबसे बड़ा सवाल एरियर को लेकर है। चूंकि संशोधित वेतनमान 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जा रहा है, जबकि आयोग की सिफारिशें और सरकार का अंतिम फैसला आने में अभी समय लगेगा, इसलिए कर्मचारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि क्या उन्हें एकमुश्त एरियर मिलेगा। फिलहाल आयोग की प्रक्रिया जारी है, लेकिन उपलब्ध जानकारी के आधार पर एरियर को लेकर कुछ महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं।

1 जनवरी 2026 से लागू मानी जा रही है नई व्यवस्था

केंद्र सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन कर दिया है और आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों, विभागों तथा राज्यों से सुझाव एकत्र कर रहा है। यदि सरकार आयोग की सिफारिशों को 2027 में मंजूरी देती है, तो संशोधित वेतन 1 जनवरी 2026 से लागू होने के कारण कर्मचारियों और पेंशनर्स का बकाया लगातार जुड़ता रहेगा।

18 से 24 महीने का एरियर मिलने की संभावना

मीडिया रिपोर्टों और विशेषज्ञों के अनुमानों के अनुसार, आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए लगभग 18 महीने का समय दिया गया है। यदि नई वेतन व्यवस्था मई से सितंबर 2027 के बीच लागू होती है, तो कर्मचारियों को लगभग 18 से 24 महीने का एरियर एकमुश्त मिल सकता है। हालांकि, इसकी अंतिम पुष्टि सरकार की अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी।

फिटमेंट फैक्टर तय करेगा एरियर की रकम

एरियर की वास्तविक राशि इस बात पर निर्भर करेगी कि सरकार किस फिटमेंट फैक्टर को मंजूरी देती है। 2.15 फिटमेंट फैक्टर लागू होने पर अनुमानित एरियर ₹4.10 लाख से ₹6.69 लाख तक हो सकता है। यदि 2.57 फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो लेवल-1 के कर्मचारी को करीब ₹5.65 लाख, जबकि लेवल-5 के कर्मचारी को लगभग ₹9.13 लाख तक एरियर मिलने का अनुमान लगाया जा रहा है।

एरियर पर टैक्स भी देना पड़ सकता है

यदि कर्मचारियों को एक साथ बड़ी राशि मिलती है, तो उस पर आयकर का प्रभाव भी पड़ेगा। हालांकि आयकर अधिनियम की धारा 89(1) के तहत राहत का प्रावधान मौजूद है। कर्मचारी फॉर्म 10E भरकर एरियर की आय को संबंधित वर्षों में समायोजित कर टैक्स का बोझ कम कर सकते हैं।

क्या पूरा नकद एरियर मिलेगा?

कई कर्मचारियों और पेंशनर्स के मन में यह सवाल भी है कि सरकार केवल नोशनल लाभ देगी या फिर वास्तविक नकद एरियर का भुगतान करेगी। अभी इस संबंध में सरकार की ओर से कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि संशोधित वेतन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाता है, तो उसी तारीख से वास्तविक वित्तीय लाभ भी मिलना चाहिए।

फिलहाल क्या है स्थिति?

आयोग अभी विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव प्राप्त कर रहा है। मेमोरेंडम जमा करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब प्राप्त सुझावों का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद आयोग अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसलिए फिलहाल एरियर को लेकर सामने आए सभी आंकड़े अनुमान हैं, जबकि अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

8वें वेतन आयोग को लेकर पेंशनर्स की आवाज तेज, जानिए कौन-सी हैं 5 प्रमुख मांगें

नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा 8वें वेतन आयोग की घोषणा के बाद देशभर के करीब 69 लाख केंद्रीय पेंशनभोगियों की निगाहें अब आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। विभिन्न पेंशनर्स संगठनों और नेशनल काउंसिल-ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे हैं। इनका उद्देश्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा बढ़ाना और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें बेहतर राहत दिलाना है।

1. न्यूनतम पेंशन को बढ़ाने की मांग

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक पेंशन ₹9,000 प्रति माह निर्धारित है। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि मौजूदा महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए यह राशि पर्याप्त नहीं है। इसी वजह से आयोग के समक्ष न्यूनतम पेंशन को ₹20,500 से ₹25,740 प्रति माह तक बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसके साथ ही यह मांग भी की गई है कि पूर्ण पेंशन की गणना अंतिम आहरित वेतन के 50 प्रतिशत की बजाय 67 प्रतिशत के आधार पर की जाए।

2. 80 वर्ष नहीं, 65 वर्ष से मिले अतिरिक्त पेंशन का लाभ

मौजूदा नियमों के अनुसार 80 वर्ष की आयु पूरी करने पर 20 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन दी जाती है, जबकि इसके बाद उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त प्रतिशत बढ़ता है। पेंशनर्स संगठनों का तर्क है कि स्वास्थ्य संबंधी खर्च 65 वर्ष के बाद ही तेजी से बढ़ने लगते हैं। इसलिए उन्होंने अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत 65 वर्ष से करने का प्रस्ताव दिया है। सुझाव के अनुसार-

65 वर्ष: अंतिम वेतन का 70% पेंशन

70 वर्ष: अंतिम वेतन का 75%

90 वर्ष और उससे अधिक: 100% वेतन के बराबर पेंशन।

3. कम्यूटेशन बहाली की अवधि 15 वर्ष से घटाकर 10-12 वर्ष करने की मांग

सेवानिवृत्ति के समय कर्मचारी अपनी पेंशन का एक हिस्सा एकमुश्त राशि के रूप में ले सकते हैं। वर्तमान नियमों के अनुसार पूरी पेंशन बहाल होने में 15 वर्ष लगते हैं। रेलवे सीनियर सिटीजंस वेलफेयर सोसाइटी (RSCWS) सहित कई संगठनों ने यह अवधि घटाकर 10 से 12 वर्ष करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद पेंशनर्स को जल्दी पूर्ण पेंशन मिलने से आर्थिक राहत मिलेगी।

4. पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली और फैमिली पेंशन बढ़ाने की मांग

1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों पर लागू राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) की समीक्षा की मांग भी प्रमुख मुद्दों में शामिल है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने पर गंभीरता से विचार किया जाए। इसके अलावा वर्तमान में पारिवारिक पेंशन सामान्यतः नोशनल पे के 30 प्रतिशत के आधार पर निर्धारित होती है। पेंशनर्स संगठनों ने इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग रखी है, ताकि कर्मचारी की मृत्यु के बाद परिवार को बेहतर आर्थिक सहायता मिल सके।

5. मेडिकल भत्ता ₹1,000 से बढ़ाकर ₹3,000 और ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने की मांग

जो पेंशनर्स CGHS की सुविधा से बाहर रहते हैं, उन्हें वर्तमान में ₹1,000 प्रति माह फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) दिया जाता है। पेंशनर्स संगठनों का कहना है कि दवाइयों और इलाज का खर्च काफी बढ़ चुका है। इसलिए FMA को बढ़ाकर ₹3,000 प्रति माह किया जाए। इसके साथ ही रिटायरमेंट-कम-डेथ ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा, जो वर्तमान में ₹25 लाख तक है, उसे बढ़ाकर ₹50 लाख से ₹75 लाख किए जाने की भी मांग उठाई गई है।

अभी फैसला नहीं, आयोग की सिफारिशों का इंतजार

फिलहाल ये सभी मांगें कर्मचारी और पेंशनर्स संगठनों की ओर से 8वें वेतन आयोग के समक्ष रखे गए प्रस्ताव हैं। इन पर अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा। ऐसे में देशभर के लाखों पेंशनभोगी अब इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनकी मांगों में से किन प्रस्तावों को सरकार स्वीकार करती है।

बिहार में गांवों की बदलेगी तस्वीर, नई रोजगार योजना लागू, लोग खुश!

पटना: बिहार सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका गारंटी (VB-GRAMG) योजना की शुरुआत कर दी है। इस योजना का मकसद गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ ऐसे विकास कार्यों को बढ़ावा देना है, जिनका लाभ लंबे समय तक ग्रामीणों को मिलता रहे।

रोजगार के साथ विकास पर रहेगा जोर

नई योजना के तहत सरकार सिर्फ मजदूरों को काम उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि ग्राम पंचायतों में स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। गांवों में सड़क, जल संरक्षण, सार्वजनिक उपयोग की संरचनाएं और अन्य जरूरी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण जीवन पहले से अधिक सुविधाजनक बन सके।

प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की तैयारी

बिहार के कई जिले हर साल बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं का सामना करते हैं। इसे देखते हुए योजना में ऐसे कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी, जो गांवों की आपदा से मुकाबला करने की क्षमता को मजबूत करें। जल निकासी व्यवस्था, जल संरक्षण और अन्य सुरक्षा संबंधी परियोजनाओं को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

गांवों में ही बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

इस योजना के लागू होने से ग्रामीण मजदूरों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलने की संभावना बढ़ेगी। इससे पलायन में कमी आने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। रोजगार के नए अवसर युवाओं और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए राहत साबित हो सकते हैं।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति

यदि योजना का प्रभावी ढंग से क्रियान्वयन किया गया तो बिहार के गांवों में आधारभूत ढांचे का विस्तार होगा और आजीविका के नए साधन विकसित होंगे। रोजगार और विकास को साथ लेकर चलने वाली यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित हो सकती है।

बैंक ऑफ इंडिया में 779 पदों पर भर्ती, 20 जुलाई तक आवेदन

नई दिल्ली। सरकारी बैंक में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए शानदार अवसर सामने आया है। बैंक ऑफ इंडिया (BOI) ने वर्ष 2026-27 के लिए 779 क्रेडिट ऑफिसर (GBO स्ट्रीम) पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस भर्ती के माध्यम से विभिन्न प्रबंधकीय ग्रेड में योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति की जाएगी।

इतने पदों पर होगी भर्ती

बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी भर्ती अभियान के तहत कुल 779 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ये पद MMGS-II, MMGS-III और SMGS-IV ग्रेड के लिए निर्धारित किए गए हैं। बैंक ऐसे उम्मीदवारों का चयन करेगा जिनके पास बैंकिंग और क्रेडिट क्षेत्र का आवश्यक अनुभव हो।

आवेदन की तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। आवेदन करने की अंतिम तिथि 20 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय की परेशानी से बचने के लिए समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Graduation) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके साथ संबंधित बैंकिंग, क्रेडिट या वित्तीय क्षेत्र में निर्धारित अनुभव भी अनिवार्य होगा। अलग-अलग ग्रेड के अनुसार अनुभव और अन्य पात्रता की शर्तें अलग हो सकती हैं।

मिलेगा आकर्षक वेतन

चयनित उम्मीदवारों को पद और ग्रेड के अनुसार आकर्षक वेतनमान प्रदान किया जाएगा। प्रारंभिक वेतन ₹64,820 से शुरू होकर उच्च ग्रेड में ₹1,20,940 तक पहुंच सकता है। इसके अलावा बैंक के नियमानुसार महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता, चिकित्सा सुविधा और अन्य भत्तों का लाभ भी मिलेगा।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक अभ्यर्थी बैंक ऑफ इंडिया की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान सभी आवश्यक दस्तावेज, फोटो, हस्ताक्षर और शैक्षणिक प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में अपलोड करने होंगे। आवेदन पत्र जमा करने से पहले सभी जानकारियों की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि किसी प्रकार की त्रुटि न रहे।

मंगल और यूरेनस की युति: 4 राशियों पर होगी धन और सफलता की बारिश

राशिफल। 4 जुलाई 2026 को ग्रहों की चाल में एक महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिलेगा। इस दिन मंगल और यूरेनस की युति मिथुन राशि में बनने जा रही है। ज्योतिष शास्त्र में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम और कर्म का कारक माना जाता है, जबकि यूरेनस अचानक होने वाले बदलाव, नई तकनीक, नवाचार और अप्रत्याशित अवसरों का प्रतीक है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह युति सबसे अधिक प्रभावशाली मानी जा रही है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बनेगी। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का कारण बनेंगी। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहक और नए प्रोजेक्ट मिलने के योग हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को इस ग्रह योग का अच्छा लाभ मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना रहेगी और निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है तथा प्रभावशाली लोगों से संपर्क बनने का लाभ भविष्य में मिलेगा। करियर में नई उपलब्धियां हासिल हो सकती हैं और लंबे समय से चली आ रही परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगेंगी।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह युति भाग्य का साथ लेकर आ सकती है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को सफलता मिलने की संभावना है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में शुभ समाचार मिल सकता है। व्यापार का विस्तार करने की योजना सफल हो सकती है और आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर प्राप्त होंगे। परिवार में भी सकारात्मक माहौल बना रहेगा।

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल और यूरेनस की युति नए अवसरों के द्वार खोल सकती है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को बेहतर प्रस्ताव मिल सकता है। कारोबार में नई तकनीक या नई योजना अपनाने से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। अचानक धन लाभ, रुका हुआ पैसा वापस मिलने या किसी लाभदायक सौदे के पूरे होने के संकेत भी मिल रहे हैं।

कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, केंद्र सरकार ने लागू किये नए नियम

नई दिल्ली। देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए राहत और जिम्मेदारी दोनों लेकर एक बड़ा बदलाव सामने आया है। केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए नई EPF Scheme 2026 लागू कर दी है। 

नए प्रावधानों का उद्देश्य कर्मचारियों को जरूरत के समय आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है, साथ ही यह सुनिश्चित करना भी है कि रिटायरमेंट के लिए पर्याप्त बचत सुरक्षित बनी रहे। नई व्यवस्था लागू होने के बाद PF खाते से पैसे निकालने के नियम पहले की तुलना में अधिक व्यवस्थित और स्पष्ट हो गए हैं।

खाते में न्यूनतम 25 प्रतिशत राशि रखना अनिवार्य

नए नियमों के तहत अब कोई भी सदस्य अपने EPF खाते की पूरी राशि एक साथ नहीं निकाल सकेगा। निकासी के बाद खाते में कम से कम 25 प्रतिशत बैलेंस बनाए रखना अनिवार्य होगा। यानी यदि किसी कर्मचारी के PF खाते में 1 लाख रुपये जमा हैं तो कम से कम 25 हजार रुपये खाते में बने रहेंगे, जबकि शेष राशि नियमानुसार निकाली जा सकेगी।

मेडिकल जरूरत पर मिल सकेगी पूरी राशि

यदि कर्मचारी या उसके परिवार के किसी सदस्य के इलाज की आवश्यकता हो, तो निर्धारित सदस्यता अवधि पूरी होने के बाद EPF खाते से पूरी पात्र राशि निकाली जा सकेगी। गंभीर बीमारी या चिकित्सा संबंधी खर्चों के समय यह सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकती है।

शिक्षा के लिए भी मिलेगा PF का सहारा

नई योजना में उच्च शिक्षा के लिए भी EPF की राशि का उपयोग करने का प्रावधान रखा गया है। कर्मचारी अपनी या अपने बच्चों की पढ़ाई के लिए निर्धारित शर्तों के तहत PF से धन निकाल सकते हैं। इससे शिक्षा संबंधी आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलेगी।

शादी के खर्च में भी मिलेगी आर्थिक मदद

परिवार में विवाह जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर भी EPF खाते से निकासी की सुविधा जारी रहेगी। तय नियमों और सीमा के अनुसार कर्मचारी शादी के खर्चों के लिए PF का उपयोग कर सकेंगे।

घर खरीदने और होम लोन चुकाने में भी

नई EPF व्यवस्था में मकान खरीदने, नया घर बनाने, प्लॉट लेने, होम लोन का भुगतान करने या घर की मरम्मत जैसे कार्यों के लिए निकासी की प्रक्रिया को अधिक स्पष्ट और आसान बनाया गया है। इससे अपने घर का सपना पूरा करने वाले कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

विशेष परिस्थितियों में भी निकासी

कुछ विशेष परिस्थितियों में भी कर्मचारियों को EPF खाते से धन निकालने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि ऐसी निकासी संबंधित नियमों और स्वीकृति प्रक्रिया के अधीन होगी।

नौकरी छोड़ने के बाद भी सुविधा

यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ देता है और निर्धारित समय सीमा पूरी नहीं हुई है, तब भी कुछ शर्तों के साथ EPF से राशि निकालने की सुविधा उपलब्ध रहेगी। हालांकि इस प्रकार की निकासी पर तय सीमा और नियम लागू रहेंगे।

HPCL में नौकरी का मौका, 116 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने ऑफिसर कैटेगरी के विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत जूनियर एग्जीक्यूटिव, असिस्टेंट मैनेजर समेत कई पदों को भरा जाएगा। 

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया के जरिए इस भर्ती में शामिल हो सकते हैं। HPCL की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 116 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आवेदन प्रक्रिया 1 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 20 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत अलग-अलग स्तर के ऑफिसर पद शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से: जूनियर एग्जीक्यूटिव,सीनियर ऑफिसर, असिस्टेंट मैनेजर, मैनेजर, चीफ मैनेजर, डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM), जनरल मैनेजर (GM), चीफ जनरल मैनेजर (CGM) जैसे पदों पर भर्ती की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता

HPCL भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास पद के अनुसार योग्यता होनी चाहिए। इसमें मुख्य रूप से: डिप्लोमा, B.E./B.Tech, MBA जैसी शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। अलग-अलग पदों के लिए योग्यता और अनुभव की शर्तें अलग हो सकती हैं।

भर्ती से जुड़ी तारीखें:

आवेदन शुरू: 1 जुलाई 2026 (शाम 4 बजे से)

आवेदन की अंतिम तारीख: 20 जुलाई 2026 (दोपहर 3 बजे तक)

कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवारों को HPCL की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। आवेदन करते समय उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता, व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करने होंगे।

यूपी में नौकरी का मौका, पंचायत सचिव भर्ती को लेकर खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायतों की व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में ग्राम पंचायत सचिवों की भर्ती की योजना बनाई है। सरकार के इस फैसले से ग्रामीण प्रशासन को मजबूती मिलने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

13,116 नए पदों पर होगी भर्ती

उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायत सचिवों के कुल 13,116 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। यह भर्ती प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। सरकार ने इसे एक साथ पूरा करने के बजाय तीन चरणों में आगे बढ़ाने की योजना बनाई है। पहले चरण में 4,372 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी जाएगी। इसके बाद बाकी पदों पर भी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

58 हजार पंचायतों के लिए सचिव

प्रदेश में करीब 58 हजार ग्राम पंचायतें हैं। वर्तमान में पंचायतों के संचालन के लिए लगभग 16 हजार ग्राम पंचायत सचिव कार्यरत हैं। ऐसे में कई सचिवों के पास एक से अधिक पंचायतों की जिम्मेदारी होती है। एक सचिव पर ज्यादा पंचायतों का भार होने से विकास कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक काम प्रभावित होते हैं। नई भर्ती के बाद इस समस्या में कमी आने की उम्मीद है।

हर पंचायत में अलग सचिव की योजना

सरकार की योजना है कि प्रत्येक ग्राम पंचायत को अपना सचिव मिले। इससे ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, दस्तावेजों और पंचायत से जुड़े कार्यों के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। पंचायत सचिव गांव स्तर पर सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी मौजूदगी से योजनाओं की जानकारी, रिकॉर्ड तैयार करने और विकास कार्यों की निगरानी में तेजी आएगी।

गांवों में विकास कार्यों को मिलेगी रफ्तार

नई भर्ती के बाद केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जमीन तक पहुंचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। पंचायत सचिव विकास योजनाओं का रिकॉर्ड रखने, पंचायत बैठकों के संचालन, वित्तीय कार्यों और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को संभालते हैं।

पानी-पानी होगा यूपी! सभी 75 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ ही कई जिलों में बारिश का दौर तेज हो गया है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में गरज-चमक के साथ झमाझम बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने अब प्रदेश के सभी 75 जिलों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इसके साथ ही कई इलाकों में तेज हवाओं और वज्रपात की संभावना भी जताई गई है।

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक गुरुवार को पश्चिमी और पूर्वी यूपी के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहेंगे। कई जगहों पर मेघगर्जन के साथ तेज बारिश हो सकती है। इस दौरान हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है।

बहराइच में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज

बारिश के आंकड़ों की बात करें तो बुधवार को प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश हुई। इनमें बहराइच में सबसे ज्यादा 113 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा बिजनौर में करीब 95 मिमी और ललितपुर में 93 मिमी बारिश दर्ज हुई। राजधानी लखनऊ में भी मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है। यहां बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।

10 दिन की देरी से पहुंचा मानसून

इस साल यूपी में मानसून सामान्य समय से करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा है। मंगलवार को मानसून ने सोनभद्र और महराजगंज के रास्ते प्रदेश में दस्तक दी। इसके बाद धीरे-धीरे यह कई जिलों तक पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार मानसून अब आजमगढ़, अयोध्या और बरेली समेत कई इलाकों में सक्रिय हो चुका है। मानसून के असर से प्रदेश के तापमान में भी गिरावट आई है।

किन जिलों में ज्यादा असर देखने को मिल सकता है?

मौसम विभाग के अलर्ट में पश्चिमी यूपी से लेकर पूर्वी यूपी तक कई जिले शामिल हैं। इनमें गौतमबुद्ध नगर, गाजियाबाद, मेरठ, सहारनपुर, बरेली, पीलीभीत, बदायूं, बागपत, शामली, मुजफ्फरनगर, हापुड़,  बुलंदशहर, रामपुर, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर,  मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, आगरा, मैनपुरी,  कानपुर, उन्नाव, वाराणसी, जौनपुर, प्रतापगढ़, हरदोई, कन्नौज, इटावा और अमेठी समेत कई जिले शामिल हैं।

किसानों के लिए बड़ी राहत, लेकिन सावधानी जरूरी

मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई है। धान समेत खरीफ फसलों की बुवाई के लिए यह बारिश फायदेमंद मानी जा रही है। हालांकि भारी बारिश के दौरान बिजली गिरने और तेज हवाओं को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और बिजली चमकने के समय सावधानी बरतें।

भद्र राजयोग से बरसेगी खुशियां! 5 राशियों को मिल सकते हैं तरक्की, पैसा और सम्मान

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर देखने को मिलता है। जुलाई महीने में बुध ग्रह अपनी ही राशि मिथुन में प्रवेश कर विशेष योग का निर्माण करेंगे। 7 जुलाई से 23 जुलाई के बीच बुध के मिथुन राशि में रहने से ‘भद्र राजयोग’ बनेगा। 

बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार, शिक्षा और संचार का कारक ग्रह माना जाता है। ऐसे में यह योग व्यापार, नौकरी, मीडिया, लेखन और शिक्षा से जुड़े लोगों के लिए शुभ संकेत दे सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भद्र राजयोग कुछ राशियों के लिए तरक्की, आर्थिक लाभ और सम्मान के अवसर लेकर आ सकता है। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को इसका लाभ मिल सकता है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग काफी शुभ माना जा रहा है। बुध इसी राशि में विराजमान रहेंगे, जिससे आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को नए सौदे और योजनाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। मीडिया, मार्केटिंग, लेखन और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि के स्वामी ग्रह बुध हैं, इसलिए इस योग का सकारात्मक प्रभाव देखने को मिल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नौकरी में पदोन्नति या जिम्मेदारी बढ़ने के योग बन सकते हैं। व्यापार में नई रणनीति से फायदा मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत मिल सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग करियर और धन के मामले में शुभ साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी में बदलाव की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है। सामाजिक स्तर पर सम्मान बढ़ सकता है।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला हो सकता है। बुध का प्रभाव आपकी योजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है। नौकरी में नए प्रोजेक्ट मिलने और अधिकारियों से सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं। व्यापार में निवेश और विस्तार की योजनाओं में लाभ मिल सकता है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। बिजनेस से जुड़े लोगों को लाभ के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। शिक्षा, तकनीक और संचार क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

8वें वेतन आयोग पर अपडेट: केंद्रीय कर्मचारियों की 11 बड़ी मांगें

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया तेज हो गई है। आयोग अब कर्मचारियों और विभिन्न संगठनों से मिले सुझावों का अध्ययन कर रहा है। देशभर के कर्मचारी संगठन वेतन, भत्ते, पेंशन, प्रमोशन और सुविधाओं में बदलाव को लेकर अपनी मांगें रख रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हुई बैठक में कर्मचारी संगठनों ने कई अहम प्रस्ताव आयोग के सामने रखे।

1. फिटमेंट फैक्टर 3.93 करने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की मांग की है। एक संगठन ने फिटमेंट फैक्टर को 3.93 करने का सुझाव दिया है। कर्मचारियों का मानना है कि इससे नए वेतन ढांचे में बड़ी बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था, जिसके आधार पर वेतन संशोधन किया गया था।

2. न्यूनतम वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव

कर्मचारी संगठनों ने न्यूनतम वेतन में बढ़ोतरी की मांग रखी है। खासकर तकनीकी पदों और जूनियर इंजीनियर जैसे पदों के लिए न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 1.39 लाख रुपये प्रति माह करने का सुझाव दिया गया है।

3. सालाना वेतन वृद्धि 3% से बढ़ाकर 6% करने की मांग

कर्मचारियों ने वार्षिक वेतन वृद्धि यानी Annual Increment को बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। मांग है कि मौजूदा 3 प्रतिशत की वृद्धि को बढ़ाकर 6 प्रतिशत किया जाए।

4. HRA में बदलाव का सुझाव

मकान किराया भत्ता (HRA) को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव सामने आया है। शहरों की श्रेणी के अनुसार HRA बढ़ाने की मांग की गई है। प्रस्ताव के अनुसार: X श्रेणी के शहरों में HRA: 45%, Y श्रेणी के शहरों में HRA: 40%, Z श्रेणी के शहरों में HRA: 35%

5. बच्चों की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता

कर्मचारी संगठनों ने केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए हर महीने 10,000 रुपये सहायता देने का सुझाव रखा है।

6. घर और वाहन के लिए ज्यादा एडवांस की मांग

कर्मचारियों ने आवास और वाहन सुविधा को लेकर भी मांगें रखी हैं। प्रस्ताव: घर बनाने या खरीदने के लिए एडवांस सीमा: 2 करोड़ रुपये तक, वाहन खरीदने के लिए एडवांस सीमा: 15 लाख रुपये तक।

7. छुट्टियों में बदलाव की मांग

कर्मचारियों ने छुट्टी नियमों में भी सुधार की मांग की है। प्रस्ताव: आकस्मिक अवकाश (Casual Leave): 15 दिन, अर्जित अवकाश (Earned Leave): 300 दिन से बढ़ाकर 600 दिन, पितृत्व अवकाश: 45 दिन

8. कर्मचारी की मृत्यु पर परिवार को ज्यादा सहायता

कर्मचारी संगठनों ने मांग की है कि ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को मिलने वाली अनुग्रह राशि बढ़ाई जाए। मांग: मौजूदा अधिकतम सीमा: 25 लाख रुपये, प्रस्तावित राशि: 2 करोड़ रुपये

9. प्रमोशन के नियमों में बदलाव

कर्मचारियों ने सेवा अवधि के आधार पर ज्यादा प्रमोशन अवसर देने का सुझाव दिया है। प्रस्तावित समय: 6 साल, 12 साल, 18 साल, 24 साल, 30 साल। इन चरणों में पदोन्नति की मांग की गई है।

10. ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा बढ़ाने का सुझाव दिया है। मांग: ग्रेच्युटी सीमा बढ़ाकर 75 लाख रुपये की जाए।

11. LTC और पुरानी पेंशन पर चर्चा

बैठक में LTC सुविधा बढ़ाने और पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग भी उठी। संगठनों ने सुझाव दिया कि कर्मचारियों को सेवा काल के दौरान ज्यादा सुविधाएं मिलनी चाहिए।

50+ पुरुषों के लिए 5 असरदार चीजें, जो बढ़ा सकती हैं स्टेमिना और ऊर्जा

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। 50 साल के बाद मांसपेशियों की ताकत, ऊर्जा का स्तर और सहनशक्ति पहले जैसी नहीं रहती। हालांकि, सही खानपान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर पुरुष अपनी फिटनेस और स्टेमिना को बेहतर बनाए रख सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार कुछ आसान आदतें शरीर को सक्रिय रखने में मदद कर सकती हैं।

1. प्रोटीन से भरपूर आहार लें

50 की उम्र के बाद मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रोटीन बेहद जरूरी होता है। दाल, अंडा, पनीर, दूध, मछली, चिकन और सोयाबीन जैसे प्रोटीन स्रोत शरीर को ताकत देने में मदद कर सकते हैं। पर्याप्त प्रोटीन लेने से कमजोरी और थकान कम महसूस हो सकती है।

2. रोजाना हल्की एक्सरसाइज करें

स्टेमिना बनाए रखने के लिए शारीरिक गतिविधि जरूरी है। रोजाना तेज चाल से चलना, योग, स्ट्रेचिंग और हल्की-फुल्की एक्सरसाइज शरीर को एक्टिव रखने में मदद करती है। नियमित व्यायाम से रक्त संचार बेहतर होता है और ऊर्जा का स्तर बढ़ सकता है।

3. पर्याप्त नींद लें

अच्छी नींद शरीर की रिकवरी के लिए जरूरी है। 50 के बाद कई लोगों को नींद से जुड़ी परेशानी हो सकती है, लेकिन रोजाना 7 से 8 घंटे की नींद लेने की कोशिश करनी चाहिए। बेहतर नींद से शरीर और दिमाग दोनों को आराम मिलता है।

4. फल और हरी सब्जियां खाएं

फल और सब्जियां शरीर को जरूरी विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट प्रदान करती हैं। केला, सेब, पपीता, हरी सब्जियां और सूखे मेवे ऊर्जा बनाए रखने में मददगार हो सकते हैं। संतुलित आहार बढ़ती उम्र में शरीर की जरूरतों को पूरा करने में अहम भूमिका निभाता है।

5. तनाव कम रखें और पानी पर्याप्त पिएं

तनाव का असर शरीर की ऊर्जा और स्टेमिना पर पड़ सकता है। ध्यान, योग और पसंदीदा गतिविधियों के जरिए तनाव कम करने की कोशिश करें। साथ ही शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है।

खुशखबरी की सौगात: बिहार में 2 नई भर्ती के लिए आवेदन शुरू

पटना। बिहार के युवाओं के लिए रोजगार का अच्छा मौका सामने आया है। राज्य में दो अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) और बिहार न्यायिक अकादमी, पटना की ओर से विभिन्न पदों पर आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

इन भर्तियों में योग्य उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। एक भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि दूसरी भर्ती के लिए ऑफलाइन आवेदन मांगे गए हैं।

1 .BPSSC में कंपनी कमांडर के पदों पर भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने कंपनी कमांडर के 65 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए ग्रेजुएशन पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 30 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से करना होगा। चयन प्रक्रिया और अन्य जरूरी जानकारी आयोग की ओर से जारी अधिसूचना में देखी जा सकती है।

2 .बिहार न्यायिक अकादमी में भी मौका

बिहार न्यायिक अकादमी, पटना ने भी कई पदों के लिए आवेदन मांगे हैं। यहां असिस्टेंट रिसर्च स्कॉलर और सीनियर फैकल्टी मेंबर के पदों पर भर्ती की जाएगी। इस भर्ती में कुल 6 पद शामिल हैं। आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों के पास संबंधित योग्यता होना जरूरी है। पीएचडी और एलएलएम जैसी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन की अंतिम तारीख 19 जुलाई हैं।

युवाओं के लिए रोजगार का अवसर

बिहार में शुरू हुई ये दोनों भर्तियां अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर लेकर आई हैं। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य नियमों को ध्यान से जरूर पढ़ लें।

रूस के लिए अब भारत बना सहारा, दुनिया देख रही दोनों देशों की दोस्ती

नई दिल्ली। रूस में पैदा हुए ईंधन संकट के बीच भारत एक अहम सहयोगी के रूप में सामने आया है। यूक्रेन की ओर से रूसी ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाए जाने के बाद कई इलाकों में पेट्रोल की उपलब्धता प्रभावित हुई है। ऐसे समय में रूस ने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत से पेट्रोल आयात करना शुरू किया है।

रूस में ईंधन संकट ने बढ़ाई चिंता

रूस के कई हिस्सों में पेट्रोल की कमी का असर देखने को मिल रहा है। कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग रही हैं और ईंधन की उपलब्धता को लेकर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, परिवहन क्षेत्र और आम नागरिक इस स्थिति से सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। बढ़ती मांग और रिफाइनरियों पर हुए हमलों ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।

भारत से हजारों टन पेट्रोल की आपूर्ति

मीडिया रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि भारत से रूस को अब तक करीब 60 हजार मीट्रिक टन गैसोलीन की आपूर्ति की जा चुकी है। इसके अलावा दो बड़े कार्गो जहाज भारत से रूस के लिए रवाना होने की जानकारी भी सामने आई है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भारत की कौन-सी रिफाइनरी से यह ईंधन भेजा जा रहा है।

रूस कई देशों से कर रहा बातचीत

रूसी सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि वह ईंधन की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई देशों के संपर्क में है। रूस वैकल्पिक स्रोतों से ईंधन आयात कर स्थिति को सामान्य करने की कोशिश कर रहा है। रूस की योजना है कि वह हर महीने बड़ी मात्रा में गैसोलीन का आयात करे, ताकि घरेलू मांग को पूरा किया जा सके।

भारत-रूस संबंधों में नई चर्चा

भारत और रूस के बीच लंबे समय से मजबूत संबंध रहे हैं। ऊर्जा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के क्षेत्र में दोनों देशों की साझेदारी लगातार चर्चा में रहती है। मौजूदा हालात में रूस के लिए भारत से ईंधन आपूर्ति एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए पहलुओं पर भी ध्यान गया है।