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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, लाइफटाइम फ्री रेल यात्रा!

नई दिल्ली। देश की सुरक्षा के लिए असाधारण साहस दिखाने वाले वीरता पदक विजेताओं और उनके परिवारों के लिए सरकार ने अहम फैसला लिया है। रक्षा मंत्रालय ने सेना मेडल, नौ सेना मेडल और वायु सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित पात्र विजेताओं को भारतीय रेल में आजीवन मुफ्त यात्रा की सुविधा देने को मंजूरी दी है।

इन श्रेणियों को मिलेगा लाभ

इस सुविधा का दायरा केवल पदक विजेताओं तक सीमित नहीं रहेगा। पात्र विजेताओं के जीवनसाथी को भी यह सुविधा मिलेगी। वहीं अविवाहित बलिदानी पदक विजेताओं के माता-पिता को भी इसके तहत रेल यात्रा की सुविधा दी जाएगी। विधवा या विधुर जीवनसाथी को पुनर्विवाह तक यह लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।

फर्स्ट क्लास और सेकेंड एसी में यात्रा

स्वीकृत सुविधा के तहत पात्र लाभार्थी फर्स्ट क्लास, सेकेंड एसी और एसी चेयर कार में यात्रा कर सकेंगे। इसका उद्देश्य वीरता पदक विजेताओं और उनके परिवारों के प्रति सम्मान प्रकट करना तथा उन्हें यात्रा संबंधी सुविधा उपलब्ध कराना है।

1 नवंबर से ऑनलाइन बुकिंग शुरू

इस सुविधा को लागू करने के लिए डिजिटल और पेपरलेस व्यवस्था तैयार की गई है। पात्र लाभार्थी इंडियन रेलवे कन्सेशन कार्ड पोर्टल पर ऑनलाइन पंजीकरण करेंगे। सत्यापन पूरा होने के बाद ई-पास जारी किया जाएगा। इसके आधार पर 1 नवंबर 2026 से IRCTC के माध्यम से टिकट बुकिंग की सुविधा शुरू होने की जानकारी दी गई है। सरकार का यह कदम देश की रक्षा में योगदान देने वाले वीरता पदक विजेताओं और बलिदानी परिवारों को यात्रा के दौरान विशेष सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूपी में 7 मीटर चौड़ी होगी ये सड़क, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

एटा। इसौली-जलेसर मार्ग के चौड़ीकरण का रास्ता अब साफ हो गया है। लोक निर्माण विभाग के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद सड़क को 7 मीटर चौड़ा किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 29.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

आवागमन होगा आसान

फिलहाल सड़क की चौड़ाई कम होने के कारण दो बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर यातायात प्रभावित होता है। कई जगहों पर राहगीरों और वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। चौड़ीकरण के बाद सड़क पर वाहनों को निकलने के लिए ज्यादा जगह मिलेगी और जाम की समस्या में भी कमी आने की उम्मीद है।

भारी वाहनों को भी मिलेगी राहत

इसौली और जलेसर के बीच यह मार्ग स्थानीय आवागमन के लिहाज से महत्वपूर्ण है। सड़क चौड़ी होने से बस, कार और भारी वाहनों की आवाजाही सुगम होगी। इससे आसपास के लोगों को आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ यात्रा का समय भी कम हो सकता है।

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता महेश चंद्र के अनुसार, मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है और करीब 29.5 करोड़ रुपये की लागत से 7 मीटर चौड़ी सड़क का निर्माण कराया जाएगा।

यूपी में राशन कोटेदारों की बल्ले-बल्ले! सरकार ने दिया बड़ा तोहफा, बढ़ेगी कमाई

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी राशन की दुकानों का संचालन करने वाले कोटेदारों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। योगी सरकार ने उचित दर विक्रेताओं को मिलने वाले मार्जिन में बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। अब राशन कोटेदारों को खाद्यान्न वितरण पर पहले से मिलने वाले लाभांश के अतिरिक्त 25 रुपये प्रति कुंतल का राज्य मार्जिन मिलेगा। सरकार के इस फैसले से कोटेदारों की प्रति कुंतल आय में इजाफा होगा।

अब प्रति कुंतल मिलेगा 125 रुपये का मार्जिन

सरकार के फैसले के मुताबिक, उचित दर दुकानदारों को पहले आधारभूत लाभांश के तौर पर 100 रुपये प्रति कुंतल मिल रहा था। इसके ऊपर अब राज्य सरकार की ओर से 25 रुपये प्रति कुंतल अतिरिक्त मार्जिन दिया जाएगा। यानी निर्धारित खाद्यान्न वितरण पर कुल मार्जिन 125 रुपये प्रति कुंतल तक पहुंच जाएगा।

पहले भी बढ़ाया गया था लाभांश

राशन कोटेदारों के मार्जिन में इससे पहले भी बढ़ोतरी की गई थी। सितंबर 2026 में आधारभूत लाभांश को 90 रुपये से बढ़ाकर 100 रुपये प्रति कुंतल किया गया था। अब इसमें 25 रुपये का अतिरिक्त राज्य मार्जिन जुड़ने से कोटेदारों को एक और आर्थिक राहत मिलेगी।

कोटेदारों की आय को सहारा

राशन की दुकानों के संचालन में कई तरह के खर्च जुड़े होते हैं। ऐसे में प्रति कुंतल अतिरिक्त मार्जिन मिलने से उचित दर विक्रेताओं को अपने कारोबार के संचालन में आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है। सरकार की ओर से इसे राशन वितरण व्यवस्था से जुड़े विक्रेताओं की आजीविका को मजबूत करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।

सरकार पर पड़ेगा वित्तीय भार

इस फैसले का लाभ सीधे उचित दर विक्रेताओं को मिलेगा, जबकि अतिरिक्त राज्य मार्जिन की व्यवस्था का वित्तीय भार प्रदेश सरकार उठाएगी। रिपोर्ट के मुताबिक, इस फैसले से राज्य के खजाने पर सालाना करीब 225 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ने का अनुमान है।

यूपी में अब ऑनलाइन होगा जमीन का बंटवारा, जानें पूरी प्रक्रिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन के बंटवारे से जुड़े मामलों को लेकर नई डिजिटल व्यवस्था शुरू की गई है। अब सह-खातेदार भूमि के विभाजन से संबंधित शिकायत दर्ज कराने के लिए लोगों को शुरुआत में ही सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं होगी। राजस्व विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल की शुरुआत की है।

शिकायत से रिपोर्ट तक ऑनलाइन काम

नई व्यवस्था में जमीन बंटवारे से जुड़ा मामला ऑनलाइन दर्ज किया जा सकेगा। आवेदन मिलने के बाद लेखपाल और तहसीलदार की रिपोर्ट भी पोर्टल पर ही दर्ज होगी। इसके साथ मामले की निगरानी ऑनलाइन की जाएगी, जिससे आवेदक को यह जानकारी मिल सकेगी कि उसका प्रकरण किस स्तर पर है।

धारा 116 के मामलों पर फोकस

यह पोर्टल राजस्व अधिनियम की धारा 116 के तहत आने वाले जमीन बंटवारे के मामलों के लिए तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य लंबित मामलों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाना और प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना है।

GIS से मिलेगी जमीन की जानकारी

नई डिजिटल व्यवस्था में GIS तकनीक को भी जोड़ा गया है। भूमि रिकॉर्ड, खतौनी और नक्शे को तकनीकी माध्यम से आपस में जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है। इससे जमीन की स्थिति और रिकॉर्ड को समझने में मदद मिल सकती है।

खतौनी में रकबे की सटीक जानकारी

सरलीकृत खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल छह दशमलव स्थानों तक दर्ज किया जाएगा। इससे खासकर छोटे भूखंडों के मामले में जमीन के वास्तविक रकबे की जानकारी अधिक स्पष्ट तरीके से मिल सकेगी। नई व्यवस्था से जमीन संबंधी कामों के लिए लोगों की सरकारी कार्यालयों पर निर्भरता कम करने का प्रयास किया गया है।

नस-नस में भर जाएगी ताकत! रोज खाएं ये 5 चीजें, शरीर रहेगा मजबूत

हेल्थ डेस्क। भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खान-पान के कारण कई लोगों को थकान और कमजोरी महसूस होती रहती है। शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए रोज की डाइट में पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना जरूरी है। प्रोटीन, विटामिन, मिनरल और दूसरे पोषक तत्व शरीर को बेहतर पोषण देने में मदद करते हैं।

1. अंडा

अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत है। इसमें कई जरूरी पोषक तत्व भी पाए जाते हैं, इसलिए इसे नाश्ते या भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है।

2. दूध और दही

दूध और दही से प्रोटीन और कैल्शियम मिलता है। दही को भोजन के साथ शामिल किया जा सकता है। इससे शरीर में ताकत आएगी।

3. दालें और चने

दाल, चना और दूसरी फलियां प्रोटीन व फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। शाकाहारी भोजन में इन्हें नियमित रूप से शामिल किया जा सकता है।

4. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट में प्रोटीन, स्वस्थ वसा और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। इन्हें सीमित मात्रा में रोजाना खाया जा सकता है।

5. अनार और केला

अनार में फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जबकि केला कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम और अन्य पोषक तत्वों का स्रोत है। दोनों फलों को संतुलित डाइट में शामिल किया जा सकता है।

यूपी के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब हर जिले में खुल सकेंगे 3 ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में व्यावसायिक वाहनों की फिटनेस जांच को लेकर व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। कैबिनेट ने ATS राज्य नीति-2026 को मंजूरी दे दी है। इसके तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में अधिकतम तीन स्वचालित परीक्षण स्टेशन (ATS) स्थापित किए जा सकेंगे।

जमीन और नेटवर्थ की शर्त आसान

नई व्यवस्था में ATS खोलने के लिए पहले लागू ढाई एकड़ जमीन की बाध्यता हटा दी गई है। अब एक एकड़ से कम जमीन में भी केंद्र स्थापित किया जा सकेगा। इसके अलावा सेंटर शुरू करने के लिए पहले जरूरी 6 करोड़ रुपये की नेटवर्थ की शर्त भी समाप्त कर दी गई है। संचालकों को शुरुआती छह महीने की अवधि में अतिरिक्त राहत देने का प्रावधान किया गया है।

मशीनों से होगी वाहनों की जांच

ATS में वाहनों की फिटनेस जांच स्वचालित मशीनों के जरिए की जाएगी। इससे जांच प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम होगा और रिपोर्टिंग को अधिक एकरूप बनाने में मदद मिल सकती है। फिलहाल प्रदेश के 27 जिलों में 40 ATS संचालित बताए गए हैं। नई नीति से ऐसे केंद्रों का विस्तार होने की उम्मीद है।

आवेदन की सुविधा भी रहेगी आसान

ATS के लिए आवेदन और फिटनेस से जुड़ी प्रक्रिया डिजिटल व्यवस्था के जरिए की जाएगी। नई नीति का उद्देश्य निजी निवेश को बढ़ावा देना और वाहन मालिकों को फिटनेस जांच के लिए अधिक विकल्प उपलब्ध कराना है। नीति अधिसूचित होने के बाद प्रभावी होगी।

तीन जगह नए बस स्टेशन भी प्रस्तावित

कैबिनेट ने सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ और बढ़नी तथा हरदोई की सवायजपुर तहसील में नए बस स्टेशन विकसित करने से जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है। इसके लिए चिह्नित सरकारी जमीन परिवहन विभाग को हस्तांतरित की जाएगी। इससे इन क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की सुविधा बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।

खुशखबरी से गदगद हुए युवा! यूपी में आई 1 बंपर भर्ती, नोटिश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी भर्ती सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) ने सहायक शिक्षक भर्ती के लिए विज्ञापन जारी कर दिया है। इस भर्ती के तहत कुल 12,405 पद भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 16 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है।

दो श्रेणियों में होगी भर्ती

विज्ञापन संख्या 05/2026 के तहत 11,508 पद शहरी प्राथमिक विद्यालयों में सहायक शिक्षक के हैं। इसके अलावा 897 पद संबद्ध प्राथमिक विद्यालयों के लिए निर्धारित किए गए हैं। इन 897 पदों में बालक और बालिका विद्यालयों के पद भी शामिल हैं।

15 अक्टूबर तक फीस जमा करने का मौका

अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले One Time Registration (OTR) पूरा करना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर 2026 है, जबकि आवेदन में सुधार के लिए 19 अक्टूबर तक मौका दिया जाएगा।

दिसंबर में होगी लिखित परीक्षा

भर्ती की लिखित परीक्षा 3 और 4 दिसंबर 2026 को प्रस्तावित है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को आयोग की ओर से जारी पाठ्यक्रम, पात्रता और परीक्षा संबंधी निर्देशों को ध्यान से देखना चाहिए।

आवेदन शुल्क भी जान लें

दिए गए विवरण के मुताबिक सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस अभ्यर्थियों के लिए शुल्क ₹1,000, एससी/एसटी के लिए ₹500 और PwBD अभ्यर्थियों के लिए ₹300 निर्धारित है। आवेदन करते समय श्रेणी और व्यक्तिगत जानकारी सावधानी से भरना जरूरी है।

कहां करें आवेदन?

पात्र उम्मीदवार UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले आयोग का विस्तृत विज्ञापन जरूर पढ़ें, क्योंकि पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तें लागू हैं।

खुशखबरी का एक और बड़ा तोहफा! बिहार में आई 1 नई भर्ती, आवेदन शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए भर्ती से जुड़ी अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने कंपनी कमांडर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के जरिए कुल 65 पद भरे जाएंगे।

10 अक्टूबर तक कर सकते हैं आवेदन

आयोग की ओर से जारी विज्ञापन संख्या 11/2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 सितंबर 2026 से शुरू हुई है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 10 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

बिहार में होगी नियुक्ति

इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों की नौकरी का स्थान बिहार रहेगा। पद का नाम गुल्म समादेष्टा (Company Commander) है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले आयोग की ओर से जारी भर्ती विज्ञापन में अपनी पात्रता और अन्य शर्तों की जांच कर लेनी चाहिए।

कहां करना होगा आवेदन?

अभ्यर्थी BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट bpssc.bihar.gov.in के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन भरते समय उम्मीदवारों को व्यक्तिगत जानकारी और जरूरी दस्तावेज सावधानी से दर्ज करने चाहिए, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो।

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती बिहार में सेवा का अवसर पाने का एक नया विकल्प लेकर आई है। आवेदन की अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय पात्र अभ्यर्थियों को समय रहते प्रक्रिया पूरी करना बेहतर रहेगा।

जमीन मालिक ध्यान दें! बिहार में भूमि से जुड़े नियमों को लेकर आया बड़ा अपडेट

पटना। बिहार में जमीन के रिकॉर्ड को लेकर एक अहम अभियान शुरू किया गया है। अगर आपकी जमाबंदी में नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, रकबा या लगान से जुड़ी जानकारी गलत दर्ज है, तो उसे ठीक कराने का मौका मिल सकता है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने जमाबंदी अपडेट और उत्तराधिकार नामांतरण के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

यह अभियान मंगलवार से मिशन मोड में शुरू हुआ है और 31 अक्टूबर तक चलेगा। विभाग का लक्ष्य करीब 90 लाख जमाबंदियों में मौजूद कमियों को दूर करना है। बिहार में लगभग साढ़े चार करोड़ जमाबंदियां दर्ज हैं, जिनमें बड़ी संख्या में रिकॉर्ड अधूरे या त्रुटिपूर्ण बताए जा रहे हैं।

किन रिकॉर्ड में होगा सुधार?

अभियान के तहत डिजिटल जमाबंदी की जानकारी को पुराने रिकॉर्ड से मिलाया जाएगा। नाम, पिता का नाम, खाता-खेसरा, जमीन का रकबा और लगान में अंतर मिलने पर उसे नियमानुसार दुरुस्त किया जाएगा। शून्य रकबा, शून्य लगान या गायब जानकारी वाले रिकॉर्ड भी जांच के दायरे में रहेंगे।

मृत व्यक्ति के नाम की जमाबंदी अपडेट

कई जमीनों की जमाबंदी अभी भी ऐसे लोगों के नाम पर दर्ज है जिनका निधन हो चुका है। ऐसे मामलों में वैध उत्तराधिकारियों की पहचान और वंशावली तैयार कर नियम के अनुसार उत्तराधिकार नामांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

डीएम से लेकर सीओ तक करेंगे निगरानी

अभियान को समय पर पूरा कराने के लिए जिला और अंचल स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। डीएम और कमिश्नर इसकी निगरानी करेंगे, जबकि सीओ को काम की प्रगति की नियमित रिपोर्ट देनी होगी।

इस नई व्यवस्था से जमीन मालिकों को क्या फायदा?

रिकॉर्ड सही होने से जमीन की रजिस्ट्री, दाखिल-खारिज और बैंक से संबंधित कामों में आसानी हो सकती है। सही जमाबंदी से भूमि विवादों को कम करने और सर्वे जैसे कामों को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है। इसलिए जमीन मालिकों के लिए अपने भूमि रिकॉर्ड की जानकारी जांच लेना उपयोगी रहेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला! DM को मिली ज्यादा ताकत, नई व्यवस्था से अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

पटना। बिहार में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बिहार अपराध नियंत्रण अधिनियम (CCA), 2024 के तहत जिलाधिकारियों को विशेष शक्तियों का इस्तेमाल करने का अधिकार दिया गया है। गृह विभाग के आदेश के तहत यह अधिकार निर्धारित अवधि के लिए लागू किए जाते हैं।

किन मामलों पर होगी कार्रवाई?

इस व्यवस्था का इस्तेमाल ऐसे मामलों में किया जा सकता है, जहां किसी व्यक्ति की गतिविधियों से सार्वजनिक शांति या कानून-व्यवस्था को खतरा माना जाए। सरकार ने CCA के दायरे में कई गंभीर गतिविधियों को शामिल किया है। इनमें संगठित अपराध, अवैध खनन, मानव तस्करी, अवैध हथियार और विस्फोटक, संपत्ति पर अवैध कब्जा तथा पेपर लीक जैसे मामले शामिल हैं।

DM के पास क्या अधिकार?

CCA के तहत जिलाधिकारी निरोधात्मक कार्रवाई से जुड़े आदेश जारी कर सकते हैं। जरूरत के अनुसार संबंधित व्यक्ति पर जिले से बाहर जाने की पाबंदी, नियमित थाने में हाजिरी और गतिविधियों की जानकारी देने जैसी शर्तें लगाई जा सकती हैं। कानून के प्रावधानों के तहत संपत्ति की कुर्की और जब्ती से जुड़ी कार्रवाई भी की जा सकती है।

भू-माफिया और अवैध खनन पर भी नजर

नई व्यवस्था में जमीन पर अवैध कब्जा, बड़े स्तर पर संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अवैध खनन जैसी गतिविधियों पर भी कार्रवाई का रास्ता रखा गया है। बालू-गिट्टी के अवैध कारोबार और वन्यजीव या वन संपदा से जुड़े अपराधों के मामलों में भी कानून के प्रावधान लागू हो सकते हैं।

सोशल मीडिया और पेपर लीक भी दायरे में

सामाजिक या सामुदायिक तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों और गंभीर ऑनलाइन अपराधों के मामलों में भी CCA के प्रावधानों के इस्तेमाल की बात सामने आई है। प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक या संगठित नकल जैसे मामलों पर भी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

इस व्यवस्था का उद्देश्य गंभीर और संभावित रूप से कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधियों पर निरोधात्मक कार्रवाई को मजबूत करना है। हालांकि किसी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई संबंधित कानून और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही की जाएगी।

बिहार पंचायत चुनाव में EBC आरक्षण का नया गणित! जल्द तय होंगे नियम, जानें क्या बदलेगा

पटना। बिहार में आगामी पंचायत चुनाव को लेकर आरक्षण की तस्वीर तैयार करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। खासतौर पर अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) को मिलने वाले आरक्षण को लेकर सरकार स्तर पर काम चल रहा है। अभी यह तय नहीं है कि EBC के लिए कितनी सीटें आरक्षित होंगी। इसका निर्धारण पंचायत स्तर पर उपलब्ध आंकड़ों और तय किए जाने वाले मानकों के आधार पर किया जाएगा।

पहले तैयार होगी गाइडलाइन

पंचायती राज विभाग की विशेषज्ञ टीम EBC आरक्षण का आधार तय करने के लिए मानक तैयार कर रही है। इन मानकों के तैयार होने के बाद उन्हें अत्यंत पिछड़ा वर्ग आयोग के पास भेजा जाएगा। आयोग आंकड़ों और सामाजिक स्थिति का अध्ययन करके सरकार को अपनी सिफारिश देगा। इसके बाद ही आरक्षण का अंतिम ढांचा सामने आएगा।

50% की सीमा से समझिए पूरा गणित

SC, ST और EBC के आरक्षण को मिलाकर कुल सीमा 50 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकती। इसलिए EBC का हिस्सा पहले से तय एक समान प्रतिशत नहीं होगा। पहले SC और ST के लिए निर्धारित आरक्षण को ध्यान में रखा जाएगा और 50 प्रतिशत की सीमा में बची जगह के आधार पर EBC का हिस्सा तय किया जा सकता है।

उदाहरण के तौर पर किसी पंचायत में SC-ST के लिए 40 प्रतिशत आरक्षण बनता है तो 50 प्रतिशत की सीमा के भीतर बचा 10 प्रतिशत हिस्सा EBC के लिए उपलब्ध हो सकता है। इस वजह से अलग-अलग पंचायतों में EBC आरक्षण की स्थिति अलग हो सकती है।

सिर्फ आबादी ही नहीं, प्रतिनिधित्व भी 

आरक्षण तय करते समय पंचायतवार EBC आबादी के साथ उनकी सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति पर भी नजर रहेगी। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि अलग-अलग स्तरों पर EBC वर्ग को अब तक कितना राजनीतिक प्रतिनिधित्व मिला है। आयोग यह जांच भी कर सकता है कि आरक्षण का लाभ EBC की विभिन्न जातियों तक समान रूप से पहुंचा या कुछ समूहों तक ही सीमित रहा।

करीब 122 जातियां EBC सूची में

बिहार की EBC सूची में करीब 122 जातियां शामिल हैं। इनमें धानुक, तेली, मल्लाह, कानू और कहार जैसी जातियां भी आती हैं। ऐसे में आरक्षण का आकलन करते समय अलग-अलग समूहों के प्रतिनिधित्व और स्थिति को ध्यान में रखना महत्वपूर्ण होगा।

अंतिम फैसला अभी बाकी

गाइडलाइन तैयार होने के बाद आयोग की रिपोर्ट और सरकार के निर्णय से आरक्षण की अंतिम तस्वीर स्पष्ट होगी। इसके बाद निर्वाचन प्रक्रिया में आरक्षित सीटों का निर्धारण आगे बढ़ेगा। यानी फिलहाल EBC के लिए किसी निश्चित प्रतिशत की घोषणा नहीं हुई है और अंतिम फैसला पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला! जमीन मालिकों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, घटा शुल्क और आसान हुई प्रक्रिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन से जुड़ी प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई। इससे महायोजना और क्षेत्रीय विकास योजना के दायरे में आने वाली जमीन के मालिकों को राहत मिलने की उम्मीद है।

6000 वर्गमीटर तक का फैसला प्राधिकरण करेगा

नई व्यवस्था में 6000 वर्गमीटर तक की जमीन के भू-उपयोग परिवर्तन की अनुमति संबंधित विकास प्राधिकरण ही दे सकेंगे। ऐसे मामलों में शासन से मंजूरी लेने की जरूरत नहीं होगी। इससे छोटी और मध्यम भूमि से जुड़े मामलों में प्रक्रिया पहले की तुलना में तेज हो सकती है। 6000 वर्गमीटर से अधिक क्षेत्रफल के लिए शासन की अनुमति आवश्यक रहेगी।

कई श्रेणियों में घटा परिवर्तन शुल्क

सरकार ने भू-उपयोग परिवर्तन शुल्क में भी बड़ी कटौती की है। कृषि भूमि पर उद्योग लगाने के लिए अब सर्किल रेट का 15 प्रतिशत शुल्क लगेगा, जो पहले 20 प्रतिशत था। आवासीय उपयोग के लिए दर 50 से घटाकर 25 प्रतिशत और कार्यालय उपयोग के लिए 100 से घटाकर 50 प्रतिशत कर दी गई है। वहीं वाणिज्यिक उपयोग में शुल्क 150 से घटकर 75 प्रतिशत और मिश्रित उपयोग के लिए 125 से घटकर 65 प्रतिशत कर दिया गया है।

ऑनलाइन व्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना, डिजिटलीकरण को बढ़ावा देना और भूमि संबंधी सेवाओं को अधिक सुविधाजनक बनाना है। दूसरे राज्यों में लागू व्यवस्थाओं का अध्ययन करने के बाद उत्तर प्रदेश में भी यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है।

इस फैसले से छोटे भू-उपयोग परिवर्तन मामलों में शासन स्तर की प्रक्रिया कम होगी और शुल्क में कमी के कारण जमीन के इस्तेमाल को बदलने वालों पर वित्तीय बोझ भी घट सकता है।

18 सितंबर को बनेगा गुरु मंगल योग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-करियर में मिल सकते हैं लाभ

राशिफल। सितंबर में ग्रहों की चाल में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। 18 सितंबर 2026 को मंगल कर्क राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से देवगुरु बृहस्पति मौजूद हैं। ज्योतिष के अनुसार दोनों ग्रहों की यह युति गुरु-मंगल योग बनाती है। बृहस्पति को ज्ञान, विस्तार और समृद्धि, जबकि मंगल को साहस, ऊर्जा और प्रयास का कारक माना जाता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह संयोग करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने या काम से जुड़ी कोई अच्छी खबर मिलने की संभावना जताई जा रही है। कारोबारियों को भी नई योजना पर काम करने का मौका मिल सकता है।

कर्क राशि

गुरु-मंगल की युति कर्क राशि में ही बनने जा रही है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इससे आत्मविश्वास और काम करने की ऊर्जा बढ़ सकती है। व्यापार में नए संपर्क बन सकते हैं और आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के अवसर मिल सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह समय रुके हुए कामों में गति आने का संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को करियर में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। आय के अतिरिक्त स्रोत तलाशने वालों को भी अवसर मिलने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए गुरु-मंगल का प्रभाव भाग्य और प्रगति से जुड़ा माना जा रहा है। नौकरी, कारोबार या शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव की उम्मीद की जा सकती है।

किसानों के लिए 3 बड़ी सौगात! केंद्र सरकार की इन योजनाओं से मिलेगा पैसा

नई दिल्ली। खेती में हर मौसम के साथ खर्च भी बढ़ता है। बीज, खाद, सिंचाई से लेकर फसल तैयार करने तक किसानों को अलग-अलग समय पर पैसों की जरूरत पड़ती है। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की कई योजनाएं किसानों को आर्थिक सहायता और सस्ता कर्ज उपलब्ध कराती हैं। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, पीएम किसान मानधन योजना और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) प्रमुख हैं।

1 .पीएम किसान सम्मान निधि से सालाना ₹6,000

पीएम किसान योजना के तहत पात्र किसानों को साल में ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम तीन किस्तों में ₹2,000-₹2,000 करके सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्रता के साथ आधार से जुड़ा बैंक खाता और e-KYC जैसी जरूरी औपचारिकताएं पूरी करना आवश्यक है। आयकरदाता और कुछ निर्धारित श्रेणियों के लोग इस योजना से बाहर हैं।

2 .60 साल के बाद ₹3,000 मासिक पेंशन

किसानों के बुढ़ापे को आर्थिक सहारा देने के लिए पीएम किसान मानधन योजना चलाई जा रही है। इसमें पात्र किसान 18 से 40 वर्ष की उम्र के बीच जुड़ सकते हैं। उम्र के अनुसार तय मासिक अंशदान जमा करने पर 60 वर्ष की उम्र के बाद ₹3,000 प्रति माह पेंशन का प्रावधान है। इसमें सरकार भी किसान के अंशदान के बराबर योगदान करती है। किसान की मृत्यु होने की स्थिति में पति या पत्नी को निर्धारित नियमों के तहत पारिवारिक पेंशन मिलती है।

3 .KCC से खेती के खर्च के लिए कर्ज

किसान क्रेडिट कार्ड किसानों को खेती से जुड़े खर्चों के लिए बैंकिंग व्यवस्था के जरिए कर्ज की सुविधा देता है। बीज, खाद, कीटनाशक और दूसरे कृषि खर्चों के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। KCC का दायरा खेती तक सीमित नहीं है; पात्र किसानों को पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी ऋण सुविधा मिल सकती है।

जानकारी लेकर उठाएं फायदा

इन योजनाओं का लाभ पात्रता और संबंधित नियमों के आधार पर मिलता है। इसलिए किसान आवेदन या लाभ लेने से पहले अपने नजदीकी बैंक, कृषि विभाग या अधिकृत जन सेवा केंद्र से योजना की मौजूदा शर्तों की जानकारी जरूर लें। सही जानकारी और समय पर आवेदन से सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी हो सकती है।

भारत का एक्सपोर्ट देख दुनिया हैरान! अमेरिका, चीन और सिंगापुर से हुई बंपर कमाई

नई दिल्ली। वैश्विक व्यापार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच भारत के निर्यात को लेकर अगस्त 2026 के आंकड़े उत्साहजनक तस्वीर दिखाते हैं। वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार, अगस्त में देश का वस्तु निर्यात सालाना आधार पर 26.12 प्रतिशत बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया। अमेरिका, चीन और सिंगापुर जैसे प्रमुख बाजारों में भारतीय सामान की मांग में खास बढ़ोतरी दर्ज की गई।

अमेरिका में 21.83% बढ़ा निर्यात

अगस्त में अमेरिका को भारत का निर्यात 21.83 प्रतिशत बढ़कर करीब 8.4 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त 2026-27 के दौरान भी अमेरिका को भारतीय वस्तुओं का निर्यात 6.17 प्रतिशत बढ़कर 42.8 अरब डॉलर रहा। इस दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार से जुड़े मुद्दों पर बातचीत भी जारी है।

चीन का एक्सपोर्ट 52% से ज्यादा

चीन के बाजार में भी भारतीय निर्यात ने तेज रफ्तार दिखाई। अगस्त में चीन को भेजी गई भारतीय वस्तुओं का मूल्य 52.35 प्रतिशत बढ़कर 1.9 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल से अगस्त के बीच चीन को निर्यात 38.71 प्रतिशत बढ़कर 9.64 अरब डॉलर रहा। हालांकि इसी अवधि में चीन से भारत का आयात करीब 65.5 अरब डॉलर रहा।

सिंगापुर में सबसे बड़ी छलांग

अगस्त के आंकड़ों में सिंगापुर खास तौर पर सामने आया। वहां भारत का निर्यात 160.96 प्रतिशत बढ़कर करीब 1.9 अरब डॉलर हो गया। अप्रैल-अगस्त के दौरान सिंगापुर को निर्यात 96.56 प्रतिशत बढ़कर 9.5 अरब डॉलर पहुंच गया।

किन चीजों ने बढ़ाया एक्सपोर्ट?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इलेक्ट्रॉनिक सामान, पेट्रोलियम उत्पाद, इंजीनियरिंग वस्तुएं और केमिकल्स ने अगस्त में निर्यात बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। इलेक्ट्रॉनिक सामान का निर्यात करीब 89.82 प्रतिशत बढ़ा, जबकि इंजीनियरिंग सामान में 24.86 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।

रूस से तेल खरीदने पर 100% टैरिफ? भारत भी लिस्ट में, अमेरिका के नए कदम से मचा हड़कंप

नई दिल्ली। रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों को लेकर अमेरिका में बड़ा विधायी कदम आगे बढ़ा है। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने रूस प्रतिबंधों से जुड़े एक विधेयक को आगे बढ़ाने के पक्ष में 214-211 वोट से प्रक्रियागत मंजूरी दी है। इस कानून में राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले कुछ देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है।

भारत और चीन का नाम भी प्रस्ताव में

हाउस रूल्स कमेटी के दस्तावेज के अनुसार प्रस्तावित संशोधन में भारत, चीन, तुर्किये, अजरबैजान, हंगरी, स्लोवाकिया, यूएई, सिंगापुर, कजाकिस्तान और किर्गिज गणराज्य को उन देशों में रखा गया है, जिन्हें रूसी तेल-गैस खरीद या प्रतिबंधों से बचने में मदद के आधार पर भविष्य में शुल्क के दायरे में लाया जा सकता है।

अभी भारत पर कोई नया टैरिफ नहीं

सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस समय भारत पर 100 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क लागू नहीं हुआ है। प्रस्तावित कानून को अमेरिकी प्रतिनिधि सभा से अंतिम मंजूरी और उसके बाद राष्ट्रपति के हस्ताक्षर की जरूरत होगी। इसके अलावा टैरिफ लगाने का अधिकार मिलने के बाद उसका इस्तेमाल किया जाएगा या नहीं, यह भी अलग निर्णय होगा।

रूस के ऊर्जा कारोबार पर दबाव

विधेयक का उद्देश्य रूस के ऊर्जा क्षेत्र पर आर्थिक दबाव बढ़ाना भी है। इसमें रूस से जुड़े प्रतिबंधों और तेल परिवहन में इस्तेमाल होने वाले उन जहाजों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान शामिल है, जिन्हें अमेरिकी अधिकारी प्रतिबंधों से बचने वाले नेटवर्क का हिस्सा मानते हैं।

आगे क्या होगा?

अब नजर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की अंतिम वोटिंग पर है। यदि विधेयक पारित होकर कानून बनता है, तो भारत समेत रूसी ऊर्जा के बड़े खरीदारों के लिए अमेरिकी बाजार में व्यापारिक जोखिम बढ़ सकता है। फिलहाल इसका वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि कानून किस अंतिम रूप में पारित होता है और अमेरिकी प्रशासन आगे क्या फैसला लेता है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और छोटे किसानों को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लघु एवं सीमांत किसानों के लिए दीर्घकालीन ऋण की विशेष सुविधा को मंजूरी दी गई। सरकार का उद्देश्य किसानों को खेती और उससे जुड़े कामों में निवेश के लिए आसान वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है।

किसानों को 6 लाख रुपये तक मिलेगा ऋण

मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत पात्र किसानों को अधिकतम 6 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। इस कर्ज पर 6 प्रतिशत सालाना ब्याज दर लागू होगी। इससे किसानों को सामान्य तौर पर मिलने वाले महंगे कर्ज की तुलना में कम वित्तीय बोझ उठाना पड़ेगा।

समय पर किस्त चुकाने पर 5% अनुदान

योजना की दूसरी बड़ी खासियत ब्याज पर मिलने वाला 5 प्रतिशत सरकारी अनुदान है। हालांकि इसका लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा, जो तय समय-सीमा के भीतर अपने ऋण की किस्तों का भुगतान करते रहेंगे। यानी नियमित भुगतान करने वाले किसानों को अतिरिक्त राहत मिलेगी।

खेती के साथ रोजगार को भी बढ़ावा

सरकार का मानना है कि सस्ती दर पर दीर्घकालीन पूंजी मिलने से छोटे किसान खेती में बेहतर निवेश कर सकेंगे। इससे कृषि गतिविधियों के साथ-साथ गांवों में स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। योजना किसानों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी उपयोगी मानी जा रही है। यह योजना उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के माध्यम से संचालित की जाएगी।

महंगे कर्ज से मिलेगी राहत

जानकारी के अनुसार, पहले नाबार्ड से मिलने वाले ऋण पर ब्याज दर करीब 11 से 11.50 प्रतिशत तक रही है। ऐसे में छोटे किसानों के लिए कर्ज चुकाना मुश्किल हो सकता था। नई व्यवस्था में 6 प्रतिशत की रियायती ब्याज दर और समय पर भुगतान करने पर 5 प्रतिशत अनुदान का प्रावधान किसानों के वित्तीय बोझ को कम करने के उद्देश्य से किया गया है।

गुरुवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग! 4 राशियों के लिए बड़ी खुशखबरी, मिलेगा लाभ

राशिफल। 17 सितंबर, गुरुवार को ग्रहों की स्थिति में खास बदलाव देखने को मिलेगा। सूर्य के कन्या राशि में प्रवेश करने से बुध के साथ उनकी युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में बुधादित्य योग कहा जाता है। वहीं पंचांग के अनुसार इस दिन प्रीति योग भी रहेगा।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन ग्रह संयोगों का असर कुछ राशियों के लिए अनुकूल रह सकता है। खास तौर पर वृषभ, सिंह, कन्या और वृश्चिक राशि के जातकों को करियर, धन और कार्यक्षेत्र में लाभ के अवसर मिलने की संभावना मानी जा रही है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में नए अवसर बन सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को काम में प्रगति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। निवेश से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी हो सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में प्रभाव बढ़ सकता है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से हुई बातचीत भी आगे चलकर फायदेमंद साबित हो सकती है।

कन्या राशि

सूर्य और बुध की युति कन्या राशि में होने के कारण यह राशि विशेष चर्चा में रहेगी। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और काम से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले लेने का अवसर मिल सकता है। नौकरी और व्यापार में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को पुराने संपर्कों का फायदा मिल सकता है। आय से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव और कामकाज में आगे बढ़ने के अवसर बन सकते हैं। रुके हुए कार्यों को गति मिलने की संभावना भी जताई जा रही है।

पुरुषों में बांझपन के 5 बड़े कारण! इन गलतियों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। बांझपन को अक्सर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन गर्भधारण में परेशानी के पीछे पुरुषों से जुड़े कारण भी हो सकते हैं। शुक्राणुओं की संख्या या उनकी गुणवत्ता में कमी, हार्मोन संबंधी समस्या और कुछ स्वास्थ्य स्थितियां पुरुषों की प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती हैं। समय पर जांच और सही इलाज से कई मामलों में समस्या का समाधान संभव होता है।

1. शुक्राणुओं की संख्या या गुणवत्ता में कमी

कम स्पर्म काउंट, शुक्राणुओं की कमजोर गतिशीलता या उनके आकार में असामान्यता गर्भधारण की संभावना को प्रभावित कर सकती है। इसका पता आमतौर पर सीमन एनालिसिस जैसी जांच से लगाया जाता है।

2. धूम्रपान और अधिक शराब

तंबाकू का सेवन और अत्यधिक शराब पीने की आदत शुक्राणुओं की गुणवत्ता तथा प्रजनन स्वास्थ्य पर नकारात्मक असर डाल सकती है। इसलिए इनसे दूरी बनाना बेहतर माना जाता है।

3. बढ़ता वजन और खराब जीवनशैली

मोटापा, शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खान-पान और लगातार तनाव जैसी स्थितियां हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं। नियमित व्यायाम, संतुलित भोजन और पर्याप्त नींद मददगार हो सकते हैं।

4. हार्मोन या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं

टेस्टोस्टेरोन समेत कुछ हार्मोन का असंतुलन, मधुमेह, संक्रमण या प्रजनन अंगों से जुड़ी समस्याएं भी पुरुषों की फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। कुछ मामलों में नसों की सूजन जैसी समस्या भी कारण बन सकती है।

5. अत्यधिक गर्मी और कुछ दवाओं का असर

अंडकोष का लंबे समय तक अधिक गर्म वातावरण में रहना शुक्राणु उत्पादन को प्रभावित कर सकता है। इसके अलावा कुछ दवाएं या चिकित्सकीय उपचार भी प्रजनन क्षमता पर असर डाल सकते हैं। ऐसी स्थिति में दवा खुद से बंद करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

भारत ने कर दिया खेल, ट्रंप के उड़े होश! एक्सपोर्ट में जोरदार उछाल

नई दिल्ली। ट्रंप की टैरिफ नीति के बीच भारत के निर्यात को लेकर सामने आए आंकड़े देश के व्यापार क्षेत्र की मजबूत गतिविधि की ओर इशारा करते हैं। दिए गए अगस्त 2026 के आंकड़ों के मुताबिक, भारत का मर्चेंडाइज एक्सपोर्ट 26.12 फीसदी बढ़कर 43.81 अरब डॉलर पहुंच गया। यह वृद्धि पिछले साल के 34.74 अरब डॉलर के मुकाबले दर्ज की गई है।

एक्सपोर्ट बढ़ा, व्यापार घाटा घटा

आंकड़ों के अनुसार, अगस्त में भारत का मर्चेंडाइज ट्रेड डेफिसिट करीब 26.86 अरब डॉलर रहा। वहीं वस्तुओं और सेवाओं को मिलाकर कुल एक्सपोर्ट 82.68 अरब डॉलर और कुल इंपोर्ट 92.09 अरब डॉलर रहा। इससे कुल ट्रेड डेफिसिट करीब 9.41 अरब डॉलर पर आ गया।

कई सेक्टरों ने संभाली एक्सपोर्ट

भारत के निर्यात में इंजीनियरिंग सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स, पेट्रोलियम उत्पाद, केमिकल्स और टेक्सटाइल जैसे क्षेत्रों की अहम भूमिका है। सरकारी आंकड़ों में भी हाल के महीनों में इंजीनियरिंग गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक सामान और केमिकल्स जैसे क्षेत्रों में मजबूत निर्यात दर्ज किया गया है।

सिर्फ अमेरिका पर निर्भर नहीं भारत

भारत के निर्यात बाजार में अमेरिका के साथ UAE, चीन, यूरोपीय देशों और अन्य एशियाई बाजारों की भी महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड 863.1 अरब डॉलर तक पहुंचा था, जिसमें वस्तुओं के साथ सेवाओं का भी बड़ा योगदान रहा।

इस तरह अलग-अलग देशों और सेक्टरों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ना निर्यात को सहारा दे रहा है। हालांकि टैरिफ और वैश्विक व्यापार परिस्थितियों का असर आगे भी बना रह सकता है, इसलिए आने वाले महीनों के आंकड़े महत्वपूर्ण होंगे।

यूपी सरकार का तोहफा, पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी, 20% आरक्षण!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सेना की चार साल की सेवा पूरी कर चुके पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के रास्ते खुलने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जेल वार्डर और परिवहन विभाग के प्रवर्तन सिपाही पदों की सीधी भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है।

उम्र में भी मिलेगी राहत

सरकार ने आरक्षण के साथ आयु सीमा में भी विशेष छूट का प्रावधान किया है। चार साल की सैन्य सेवा पूरी करने वाले पूर्व अग्निवीरों को अधिकतम आयु सीमा में तीन वर्ष की छूट मिलेगी। उनकी चार साल की सेवा अवधि को आयु की गणना में समायोजित करने की व्यवस्था की जाएगी।

दो सरकारी भर्तियों में मिलेगा लाभ

आरक्षण का फायदा कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग में जेल वार्डर और परिवहन विभाग में प्रवर्तन सिपाही की सीधी भर्ती में मिलेगा। यह आरक्षण किसी एक सामाजिक वर्ग तक सीमित नहीं रहेगा। पूर्व अग्निवीर जिस सामाजिक श्रेणी से संबंधित होंगे, उन्हें उसी श्रेणी में क्षैतिज आरक्षण का लाभ दिया जाएगा।

सैन्य प्रशिक्षण का होगा इस्तेमाल

सरकार के मुताबिक, पूर्व अग्निवीरों के पास सैन्य सेवा के दौरान अनुशासन, शारीरिक दक्षता और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा अनुभव होता है। इन क्षमताओं का इस्तेमाल जेलों की सुरक्षा और परिवहन विभाग की प्रवर्तन व्यवस्था में किया जा सकता है।

इस फैसले से चार साल की सैन्य सेवा पूरी कर चुके युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए आवेदन करने के अतिरिक्त अवसर मिलेंगे। खासकर आयु सीमा के कारण भर्ती से बाहर होने वाले पूर्व अग्निवीरों के लिए तीन साल की छूट अहम हो सकती है।

यूपी में 655.76 करोड़ से तैयार होंगी टाउनशिप, 3 शहरों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शहरों के विस्तार और नई आवासीय सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राजधानी लखनऊ समेत तीन क्षेत्रों में नई टाउनशिप विकसित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के लिए कुल 655.76 करोड़ रुपये की राशि उपलब्ध कराई जाएगी।

तीन विकास प्राधिकरणों को मिलेगी राशि

सरकार की योजना के तहत लखनऊ विकास प्राधिकरण को 531.47 करोड़ रुपये, उन्नाव-शुक्लागंज विकास प्राधिकरण को 65.86 करोड़ रुपये और रायबरेली विकास प्राधिकरण को 58.43 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस धनराशि का इस्तेमाल मुख्य रूप से जमीन जुटाने और टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया में किया जाएगा।

पहली किस्त जल्द जारी होगी

आपको बता दें की इस परियोजना को गति देने के लिए सरकार पहली किस्त के रूप में लखनऊ को 300 करोड़ रुपये, जबकि उन्नाव और रायबरेली विकास प्राधिकरण को 40-40 करोड़ रुपये देगी। इसे सीड कैपिटल के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।

सुनियोजित शहरों पर जोर

मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना का उद्देश्य शहरों का व्यवस्थित विस्तार करना और बढ़ती आबादी के लिए बेहतर आवासीय विकल्प तैयार करना है। यह योजना 6 अप्रैल 2023 से लागू है।

योजना के तहत भूमि अधिग्रहण में होने वाले खर्च का 50 प्रतिशत तक राज्य सरकार सीड कैपिटल के रूप में उपलब्ध करा सकती है। यह सहायता अधिकतम 20 वर्ष की अवधि के लिए दी जा सकती है। नई टाउनशिप के विकास से इन क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं के साथ भविष्य की शहरी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यूपी में Rent Agreement के नियम बदले! मकान मालिक-किरायेदार दोनों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किराये पर मकान देने और लेने वालों के लिए राहत की खबर है। राज्य सरकार ने रेंट एग्रीमेंट के रजिस्ट्रेशन पर लगने वाले शुल्क में बड़ी कटौती की है। नए फैसले के बाद निर्धारित सीमा तक किराये के अनुबंध को रजिस्टर्ड कराना पहले की तुलना में काफी सस्ता होगा।

एक साल के एग्रीमेंट पर अब 2 हजार रुपये

अब एक वर्ष तक के लिए दो लाख रुपये तक के औसत वार्षिक किराये वाले अनुबंध को रजिस्टर्ड कराने पर कुल 2,000 रुपये खर्च होंगे। इसमें 1,000 रुपये स्टांप शुल्क और 1,000 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस शामिल है। पहले इसी श्रेणी में 10,000 रुपये तक खर्च आता था।

10 साल के अनुबंध पर भी बड़ी राहत

सरकार ने 10 लाख रुपये तक के औसत वार्षिक किराये वाले 10 साल तक के अनुबंध पर भी शुल्क में भारी कमी की है। ऐसे मामले में अब अधिकतम 26,000 रुपये तक शुल्क लगेगा। हालांकि 10 लाख रुपये से अधिक वार्षिक किराये वाले मामलों को इस छूट का लाभ नहीं मिलेगा।

लंबे समय के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी

एक वर्ष से अधिक अवधि के किरायेदारी समझौते का पंजीकरण कानूनी रूप से जरूरी है। सरकार का कहना है कि कम शुल्क होने से मकान मालिक और किरायेदार दोनों के लिए लिखित और पंजीकृत अनुबंध कराना आसान होगा। इससे भविष्य में किराये से जुड़े विवादों में दस्तावेजी प्रमाण भी उपलब्ध रहेगा।

छूट अब स्थायी व्यवस्था

पहले रियायती शुल्क की व्यवस्था सीमित अवधि के लिए लागू की गई थी। इसके बाद सरकार ने सकारात्मक परिणामों को देखते हुए इसे स्थायी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। हालांकि टोल टैक्स और खनन से जुड़े पट्टों पर यह छूट लागू नहीं होगी। नए शुल्क ढांचे से रेंट एग्रीमेंट को औपचारिक रूप से पंजीकृत कराने की लागत कम होगी और किरायेदारी से जुड़े दस्तावेजों को कानूनी रूप से मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है।

4 राशियों की चमकेगी किस्मत! राजयोग से धन और तरक्की के बनेंगे प्रबल योग

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 26 सितंबर को बुध ग्रह तुला राशि में प्रवेश करेंगे। तुला में पहले से शुक्र के मौजूद होने के कारण बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं में बुध को बुद्धि, व्यापार और वाणी, जबकि शुक्र को सुख-सुविधा, धन और वैभव का कारक माना जाता है। ऐसे में इस योग का असर कुछ राशियों के लिए अनुकूल माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव ला सकता है। नौकरी या कारोबार में नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। रुके हुए काम आगे बढ़ने और आय के नए रास्ते बनने के योग माने जा रहे हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुध का प्रभाव करियर और व्यापार से जुड़े मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी या काम के क्षेत्र में बदलाव से फायदा मिल सकता है।

तुला राशि

बुध और शुक्र की युति तुला राशि में ही बनने के कारण इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने, कामकाज में प्रगति और सामाजिक मान-सम्मान बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए भी यह राजयोग करियर और वित्तीय मामलों में अच्छे अवसर लेकर आ सकता है। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है, जबकि नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रगति के रास्ते खुलने की संभावना जताई जा रही है।

45+ उम्र में भी 'टेस्टोस्टेरोन' को रखें बेहतर! पुरुष रोज करें ये 5 काम

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर धीरे-धीरे कम हो सकता है। इसका असर ऊर्जा, मांसपेशियों, नींद और यौन स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। हालांकि, स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर हार्मोन हेल्थ को बेहतर बनाए रखने में मदद मिल सकती है। 45 साल की उम्र के बाद पुरुष अपनी दिनचर्या में कुछ जरूरी बदलाव कर सकते हैं।

1. नियमित करें एक्सरसाइज

वेट ट्रेनिंग, तेज चाल से पैदल चलना और अन्य नियमित शारीरिक गतिविधियां मांसपेशियों और समग्र हार्मोन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकती हैं। लंबे समय तक बैठे रहने की आदत से बचना भी जरूरी है।

2. खाने में प्रोटीन और पोषक तत्व रखें

डाइट में दाल, अंडे, दूध-दही, मछली, चिकन, मेवे और बीज जैसे पोषक खाद्य पदार्थ शामिल करें। पर्याप्त प्रोटीन के साथ सब्जियां, फल और साबुत अनाज भी रोज के भोजन का हिस्सा होने चाहिए।

3. नींद को न करें नजरअंदाज

हर दिन पर्याप्त और अच्छी गुणवत्ता वाली नींद लेना जरूरी है। लगातार नींद की कमी शरीर के हार्मोन संतुलन को प्रभावित कर सकती है। इसलिए सोने और जागने का समय नियमित रखने की कोशिश करें।

4. तनाव कम करने की कोशिश करें

लगातार तनाव शरीर पर कई तरह से असर डाल सकता है। योग, ध्यान, वॉक, पसंदीदा गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने जैसे तरीकों से तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

5. वजन और शराब-धूम्रपान पर रखें नियंत्रण

पेट के आसपास अधिक चर्बी और अस्वस्थ जीवनशैली हार्मोन हेल्थ के लिए नुकसानदायक हो सकती है। वजन को स्वस्थ सीमा में रखने के साथ धूम्रपान से दूरी और शराब का सेवन सीमित रखना बेहतर है।

बिहार से गुजरेगी बुलेट ट्रेन! DPR तैयार, इन शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में हाई-स्पीड रेल नेटवर्क को लेकर हलचल तेज हो गई है। दिल्ली से वाराणसी और आगे पटना के रास्ते सिलीगुड़ी तक तेज रफ्तार रेल कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना पर काम आगे बढ़ रहा है। दिल्ली-वाराणसी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की DPR रेल मंत्रालय को सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है। परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी स्तर पर भी तैयारियां की जा रही हैं।

दिल्ली से पटना तक सफर होगा तेज

केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर को विकास के प्रमुख कनेक्टर के तौर पर विकसित करने की घोषणा की थी। प्रस्तावित नेटवर्क में दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर भी शामिल हैं। योजना के अनुसार दिल्ली से वाराणसी की दूरी करीब 3 घंटे 50 मिनट और वाराणसी से सिलीगुड़ी का सफर लगभग 2 घंटे 55 मिनट में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 

प्रस्तावित कनेक्टिविटी के बाद दिल्ली-पटना करीब 4 घंटे 41 मिनट में और दिल्ली-सिलीगुड़ी लगभग 6 घंटे 45 मिनट में पहुंचने का अनुमान है। हालांकि वास्तविक यात्रा समय अंतिम रूट और परिचालन व्यवस्था तय होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

शहरों को लेकर अभी तस्वीर साफ नहीं

बिहार में इस परियोजना का सबसे महत्वपूर्ण पहलू इसका अंतिम रूट होगा। वाराणसी से पटना होते हुए सिलीगुड़ी तक कनेक्शन की योजना सामने आई है, लेकिन पूर्णिया, कटिहार, अररिया और किशनगंज जैसे इलाकों में ट्रेन का सटीक अलाइनमेंट अभी तय नहीं हुआ है। कटिहार या अररिया-ठाकुरगंज की दिशा से संभावित रूट को लेकर चर्चा है। अंतिम DPR, सर्वे और सरकारी मंजूरी के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

हवाई सर्वे से जुटाई जा रही जानकारी

संभावित दिल्ली-वाराणसी रूट के लिए हवाई सर्वे में LiDAR और कैमरा तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके जरिए जमीन, इमारतों, पेड़ों और प्रस्तावित रेल लाइन के लिए जरूरी अन्य भौगोलिक जानकारी जुटाई जा रही है। सरकार के अनुसार सात प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की कुल लंबाई करीब 4,000 किलोमीटर और संभावित निवेश लगभग 16 लाख करोड़ रुपये है। बिहार में इसका असर तेज आवागमन के साथ व्यापार, पर्यटन, शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर भी पड़ सकता है।

खुशखबरी का बंपर ऐलान! यूपी में 15000+ पदों पर भर्ती, करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए भर्ती का बड़ा अवसर सामने आया है। UPESSC ने 15,012 पदों के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसमें सहायक अध्यापक के साथ प्रवक्ता यानी PGT के पद भी शामिल हैं।

भर्ती में 12,405 पद सहायक अध्यापक के हैं। इनमें माध्यमिक शिक्षा विभाग के संबद्ध प्राइमरी स्कूलों के 897 और बेसिक शिक्षा विभाग के शहरी क्षेत्र के 11,508 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए आवेदन 16 सितंबर से किए जा सकेंगे और परीक्षा 3 व 4 दिसंबर को होगी।

वहीं, PGT के 2,607 पदों के लिए आवेदन 18 सितंबर से शुरू होंगे। अभ्यर्थियों को शुल्क जमा करने के लिए 17 अक्टूबर तक और आवेदन में सुधार के लिए 21 अक्टूबर तक समय मिलेगा। इसकी परीक्षा 15 और 16 दिसंबर को प्रस्तावित है।

OTR के बिना नहीं कर सकेंगे आवेदन

आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए One Time Registration (OTR) व्यवस्था लागू की है। संबंधित भर्ती का फॉर्म भरने से पहले अभ्यर्थी को OTR पूरा करना होगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपने पद की योग्यता और दूसरी शर्तें जरूर देखनी चाहिए। भर्ती का विस्तृत विज्ञापन और जरूरी निर्देश UPESSC की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं।

आधिकारिक वेबसाइट:  upessc.up.gov.in