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IMD का बड़ा अलर्ट: 24 घंटे में 12 राज्यों में भारी बारिश और तूफानी हवाओं की चेतावनी!

नई दिल्ली। देश में इस समय मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। कहीं भीषण गर्मी और लू लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं बारिश और तेज हवाएं तबाही जैसे हालात बना रही हैं। इसी बीच भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 घंटे के लिए 12 राज्यों में बारिश और आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की है।

12 राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा

मौसम विभाग के अनुसार हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में अगले 24 घंटे के दौरान मौसम बिगड़ सकता है। इन इलाकों में कई जगह तेज बारिश के साथ 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

बिहार और झारखंड में मौसम का बदला रूप

बिहार में पहले लू और फिर आंधी-बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। कई जगह 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है। झारखंड में भी कुछ जिलों में बारिश और आंधी का असर दिखाई देगा, जिससे तापमान में थोड़ी गिरावट आ सकती है।

पहाड़ी और पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश का असर

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं पूर्वोत्तर के राज्यों में लगातार बारिश से जनजीवन प्रभावित हो सकता है। कई जगह बिजली गिरने और तेज हवाओं की भी चेतावनी दी गई है।

उत्तर भारत में लू का कहर जारी

एक तरफ बारिश से कुछ राज्यों में राहत और परेशानी दोनों देखने को मिल रही है, तो वहीं उत्तर भारत के कई हिस्सों में भीषण गर्मी जारी है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में तापमान लगातार बढ़ रहा है और लू जैसे हालात बने हुए हैं।

बिहार में बनेगी ये नई सड़क, कई जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में सड़क और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक के बाद एक बड़ी परियोजनाएं सामने आ रही हैं। आने वाले समय में राज्य के कई हिस्सों की कनेक्टिविटी बेहतर होने जा रही है, जिससे लोगों की यात्रा आसान होगी और विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

पटना-आरा-सासाराम हाईवे का निर्माण जल्द शुरू

सबसे अहम परियोजनाओं में पटना-आरा-सासाराम राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल है, जिसका निर्माण कार्य 15 मई से शुरू होने जा रहा है। पहले चरण में सुअरा से गड़हनी तक सड़क बनाई जाएगी, जबकि बाद में गड़हनी से सदीसोपुर तक काम आगे बढ़ेगा। इस परियोजना से कई जिलों के बीच आवागमन पहले से कहीं अधिक सुगम होगा।

मोकामा-मुंगेर और पटना रिंग रोड पर काम तेज

राज्य में मोकामा-मुंगेर ग्रीनफील्ड फोरलेन सड़क और पटना रिंग रोड (कन्हौली-शेरपुर) परियोजना को भी हरी झंडी मिल चुकी है। इन दोनों परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि निर्माण कार्य बिना देरी के शुरू हो सके।

हजारों करोड़ की परियोजनाओं की समीक्षा

लगभग 8134 करोड़ रुपये की लागत से बन रही 218 किलोमीटर लंबी 6 राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की समीक्षा की गई है। इनमें से कई परियोजनाएं जमीन अधिग्रहण और मंजूरी में देरी के कारण रुकी हुई हैं। इसके अलावा 360 किलोमीटर लंबी और करीब 11,222 करोड़ रुपये की लागत वाली 12 अन्य सड़क परियोजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिनमें अभी कार्य आवंटन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है।

अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

बैठक में अधिकारियों को साफ कहा गया कि सभी लंबित कामों में तेजी लाई जाए और नियमों का सख्ती से पालन हो। निर्माण कार्य में इस्तेमाल होने वाली सामग्री और प्रक्रिया पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। इन परियोजनाओं से सिर्फ ग्रामीण ही नहीं, बल्कि शहरी इलाकों को भी फायदा मिलेगा।

गन्ना जूस पीने के 7 चमत्कारी लाभ, शरीर में दौड़ जाती है एनर्जी की लहर

हेल्थ डेस्क। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडा और ऊर्जावान बनाए रखने के लिए प्राकृतिक पेय पदार्थों का महत्व बढ़ जाता है। ऐसे में गन्ने का रस यानी गन्ना जूस न सिर्फ एक स्वादिष्ट पेय है, बल्कि यह सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है। पारंपरिक आयुर्वेद में भी इसे प्राकृतिक टॉनिक की तरह उपयोगी बताया गया है। आइए जानते हैं इसके प्रमुख 7 लाभ: 

1. शरीर को तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है

गन्ना जूस में प्राकृतिक शर्करा होती है, जो शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। थकान या कमजोरी महसूस होने पर यह एक बेहतरीन एनर्जी ड्रिंक की तरह काम करता है।

2. गर्मी में लू से बचाव

गर्मी के दिनों में लू लगने का खतरा रहता है। गन्ना जूस शरीर के तापमान को संतुलित रखता है और लू से बचाने में मदद करता है।

3. पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है

इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व पाचन क्रिया को सुधारते हैं। यह कब्ज और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत देने में सहायक माना जाता है।

4. डिहाइड्रेशन से राहत

गन्ना जूस शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करता है, जिससे डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाव होता है।

5. लिवर के लिए फायदेमंद

यह जूस लिवर को साफ रखने में मदद करता है और पीलिया जैसी बीमारियों में भी उपयोगी माना जाता है।

6. त्वचा के लिए लाभकारी

गन्ना जूस के नियमित सेवन से त्वचा में निखार आता है और मुंहासों की समस्या कम हो सकती है, क्योंकि यह शरीर से विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है।

7. इम्यूनिटी बढ़ाता है

इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाते हैं, जिससे बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ती है।

योगी सरकार की नई पहल: ग्रामीण युवाओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करने और स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इसके तहत मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस योजना का उद्देश्य गांवों में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देकर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

छोटे उद्योगों को मिलेगा मजबूत सहारा

इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बैंक से वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। खास बात यह है कि इस पर सरकार की ओर से ब्याज में भी बड़ी राहत दी जाएगी, जिससे लाभार्थियों पर आर्थिक बोझ कम होगा।

अलग-अलग वर्गों के लिए विशेष लाभ

योजना में सामाजिक संतुलन का भी ध्यान रखा गया है। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को केवल 4 प्रतिशत ब्याज स्वयं देना होगा, जबकि शेष ब्याज सरकार वहन करेगी। वहीं अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक समुदाय, महिला, दिव्यांग और पूर्व सैनिकों को लगभग पूर्ण ब्याज सहायता का लाभ मिलेगा।

आवेदन के लिए तय नियम

इस योजना का लाभ लेने के लिए कुछ पात्रता शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। आवेदक की आयु 18 से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए और कम से कम 8वीं कक्षा पास होना जरूरी है। सामान्य वर्ग के उम्मीदवारों को परियोजना लागत का 10 प्रतिशत और आरक्षित वर्ग को 5 प्रतिशत अपनी ओर से निवेश करना होगा।

पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल कर दिया है, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और किसी प्रकार की गड़बड़ी की संभावना न रहे। आवेदन करते समय आधार या पहचान पत्र, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और व्यवसाय से जुड़ी परियोजना रिपोर्ट जैसे दस्तावेज अपलोड करने होंगे।

सीएम योगी के 3 बड़े निर्देश, यूपीवासियों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में एक अहम बैठक में कई ठोस निर्देश दिए। इन फैसलों का सीधा असर आम जनता, छात्रों और उद्योगों पर पड़ने वाला है। खास बात यह है कि सरकार ने समस्याओं को नजरअंदाज करने के बजाय उनके त्वरित समाधान पर जोर दिया है।

1 .स्मार्ट मीटर विवाद पर सरकार सख्त

स्मार्ट प्रीपेड मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में बढ़ती नाराजगी के बीच सरकार ने राहत देने वाला रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए हैं कि हर जिले में विशेष कैंप लगाए जाएं, जहां लोगों की शिकायतों का तुरंत समाधान हो। इसके अलावा लोगों को सही जानकारी देने के लिए जागरूकता अभियान भी चलाने की बात कही गई है, ताकि भ्रम की स्थिति खत्म हो सके।

2 .होमगार्ड भर्ती परीक्षा में कोई गड़बड़ी नहीं

25 से 27 अप्रैल तक होने वाली होमगार्ड भर्ती परीक्षा को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। यह परीक्षा पहली बार Uttar Pradesh Police Recruitment and Promotion Board के जरिए कराई जा रही है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा की पारदर्शिता से कोई समझौता नहीं होगा। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि फर्जी खबरों या पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

3 .पेट्रोल-डीजल को लेकर भी साफ संदेश

पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर भी सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि आपूर्ति सामान्य है और लोगों को किसी भी तरह की घबराहट में आने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार निगरानी रखें और जनता को समय-समय पर सही जानकारी देते रहें।

गजलक्ष्मी योग का असर: 6 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन, बदलेगी तकदीर

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में कुछ योग ऐसे होते हैं, जो जीवन की दिशा ही बदलने की क्षमता रखते हैं। ऐसा ही एक बेहद शुभ संयोग है गजलक्ष्मी योग। जब देव गुरु बृहस्पति और शुक्र ग्रह एक ही राशि में आकर युति बनाते हैं, तब इस विशेष योग का निर्माण होता है।

इस योग के प्रभाव से धन लाभ, करियर में प्रगति और सामाजिक सम्मान मिलने की संभावना बढ़ जाती है। खासतौर पर 14 मई से जुलाई के बीच इसका असर ज्यादा देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं किन 6 राशियों के लिए यह समय शुभ साबित हो सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह योग नई संभावनाएं लेकर आएगा। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे और पुराने निवेश से लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो आगे चलकर प्रमोशन का रास्ता खोलेंगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि में ही यह विशेष योग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों को इसका सबसे ज्यादा लाभ मिल सकता है। आय के नए स्रोत बनेंगे और परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा। जो लोग लंबे समय से किसी अवसर का इंतजार कर रहे थे, उन्हें सफलता मिल सकती है। आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी होगी।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय संतुलन और सफलता लेकर आएगा। करियर में उन्नति के साथ-साथ आर्थिक लाभ के अच्छे अवसर मिलेंगे। व्यवसाय में नए साझेदार मिलने के योग हैं। साथ ही सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी और लोगों के बीच मान-सम्मान बढ़ेगा।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग सकारात्मक बदलाव का संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने लगेंगे। धन संबंधी परेशानियों में राहत मिलेगी और निवेश से अच्छा रिटर्न मिल सकता है। निजी जीवन में भी स्थिरता आएगी।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला रहेगा। करियर में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और पुराने कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं। यह समय भविष्य की योजनाओं के लिए भी अनुकूल रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए गजलक्ष्मी योग विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। आय में वृद्धि के योग बनेंगे और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिलने की संभावना है। पारिवारिक जीवन में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

शनिदेव का बड़ा असर: 5 राशियों को मिलेगा भाग्य का साथ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्मफलदाता कहा जाता है, जो व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल देते हैं। भगवान सूर्य और माता छाया के पुत्र शनिदेव करीब 40 दिनों के बाद अब पुनः उदित हो चुके हैं। बुधवार सुबह लगभग 4:49 बजे मीन राशि में उनका उदय हुआ है, जिसे ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय राहत भरा साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके हुए काम अब पूरे होने लगेंगे। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और निवेश से लाभ मिल सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह अवधि करियर में उन्नति लेकर आ सकती है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। व्यापार में भी नई संभावनाएं बनेंगी। आत्मविश्वास बढ़ेगा और निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला रहेगा। जो काम लंबे समय से अटके हुए थे, उनमें गति आएगी। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सफलता मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि पर शनिदेव का विशेष प्रभाव देखने को मिलेगा, क्योंकि यह शनि की अपनी ही राशि मानी जाती है। इस दौरान करियर और व्यवसाय में बड़ी उपलब्धि मिल सकती है। धन लाभ के योग बनेंगे और पुराने कर्ज से राहत मिल सकती है। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय सकारात्मक बदलाव लेकर आएगा। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे। पारिवारिक जीवन में सुधार होगा और रिश्तों में मधुरता आएगी। स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर रहेगा।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: देशभर के किसानों को खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में गर्मी अपने चरम पर है और कुछ ही समय में मानसून दस्तक देने वाला है। मानसून के साथ ही खरीफ फसलों की बुवाई शुरू हो जाती है, जिसके लिए किसानों को बड़े पैमाने पर यूरिया खाद की जरूरत होती है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है, ताकि किसानों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बढ़ती मांग और सीमित उत्पादन

भारत में रासायनिक उर्वरकों में यूरिया की खपत सबसे ज्यादा होती है। हर साल इसकी मांग बहुत बड़ी मात्रा में होती है, लेकिन घरेलू उत्पादन इस जरूरत को पूरी तरह पूरा नहीं कर पाता। ऐसे में देश को बड़ी मात्रा में यूरिया विदेशों से मंगवाना पड़ता है, ताकि खेती का काम प्रभावित न हो।

आयात पर बढ़ती निर्भरता

भारत लंबे समय से यूरिया के लिए विदेशों पर निर्भर रहा है। खासतौर पर मध्य-पूर्व के देश जैसे ओमान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात भारत के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। लेकिन हाल के वैश्विक तनाव और समुद्री मार्गों में बाधा के कारण आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।

महंगी कीमत पर खरीद का फैसला

बदलते हालात में सरकार को यूरिया की खरीद पहले की तुलना में कहीं ज्यादा कीमत पर करनी पड़ रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में दाम बढ़ने और आपूर्ति में रुकावट के कारण भारत को मजबूरी में ऊंची दरों पर सौदे करने पड़े हैं। इसके बावजूद सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि किसानों तक खाद की आपूर्ति प्रभावित न हो।

सरकार के कदम से किसानों के लिए राहत

हालांकि सरकार को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है, लेकिन इसका बोझ सीधे किसानों पर नहीं डाला जा रहा। किसानों को अब भी सब्सिडी दरों पर ही यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब है कि किसानों को महंगे दामों का असर नहीं झेलना पड़ेगा और वे समय पर बुवाई कर सकेंगे।

हार्ट के लिए वरदान हैं ये 4 ड्राई फ्रूट्स, रोज खाएं और फिट रहें

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में दिल की सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अनियमित खानपान, तनाव और कम शारीरिक गतिविधि के कारण दिल से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में कुछ प्राकृतिक और आसान उपाय अपनाकर हार्ट को स्वस्थ रखा जा सकता है। ड्राई फ्रूट्स इनमें बेहद असरदार साबित होते हैं।

अखरोट:

अखरोट को दिल के लिए सबसे फायदेमंद ड्राई फ्रूट्स में गिना जाता है। इसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो दिल की धमनियों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसके अलावा, इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स सूजन को कम करते हैं और खून में ट्राइग्लिसराइड्स के स्तर को नियंत्रित करने में सहायक होते हैं।

बादाम:

बादाम पोषण से भरपूर होता है और दिल के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें विटामिन ई, मैग्नीशियम और फाइबर पाए जाते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है, जिससे दिल तक ऑक्सीजन की आपूर्ति सही तरीके से होती रहती है।

पिस्ता

पिस्ता स्वादिष्ट होने के साथ-साथ सेहत के लिए भी बहुत लाभकारी है। इसमें ऐसे पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हानिकारक कोलेस्ट्रॉल को घटाने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसके नियमित सेवन से रक्त वाहिकाएं मजबूत होती हैं और हार्ट अटैक का खतरा कम हो सकता है।

किशमिश:

किशमिश में पोटेशियम और एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं। यह धमनियों में होने वाली रुकावट को कम करने में सहायक हो सकती है और दिल की कार्यक्षमता को बेहतर बनाती है।

बिहार में बड़ा फैसला: इन 11 जगहों पर जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक

पटना। बिहार में शहरी विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरीकी अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 11 शहरों के आसपास आधुनिक टाउनशिप विकसित करने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस फैसले के साथ ही इन चिन्हित क्षेत्रों में फिलहाल जमीन की खरीद-बिक्री और निर्माण कार्य पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

नए टाउनशिप से बदलेगी तस्वीर

सरकार का लक्ष्य है कि इन टाउनशिप्स को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, ताकि भविष्य में अनियंत्रित शहरीकरण की समस्या न हो। इन नए शहरों को उनकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान के आधार पर नाम दिए गए हैं, जैसे पटना के पास पाटलिपुत्र, दरभंगा के पास मिथिला और भागलपुर के पास विक्रमशिला। इससे स्थानीय पहचान को भी मजबूती मिलेगी।

क्यों लगाया गया प्रतिबंध?

सरकार का मानना है कि बिना योजना के निर्माण से भविष्य में अव्यवस्था पैदा होती है। इसलिए जब तक इन क्षेत्रों का मास्टर प्लान पूरी तरह तैयार और लागू नहीं हो जाता, तब तक जमीन के लेन-देन और निर्माण गतिविधियों पर रोक जरूरी है। यह कदम सुनिश्चित करेगा कि विकास व्यवस्थित और दीर्घकालिक दृष्टि से हो।

कब तक रहेगी रोक?

राज्य के कुछ प्रमुख शहरों जैसे पटना, गया, दरभंगा, सहरसा, पूर्णिया और मुंगेर के आसपास यह प्रतिबंध 31 मार्च 2027 तक लागू रहेगा। वहीं मुजफ्फरपुर, छपरा, भागलपुर और सीतामढ़ी में इसे 30 जून 2027 तक बढ़ाया गया है। हालांकि, यदि मास्टर प्लान समय से पहले तैयार हो जाता है, तो यह रोक पहले भी हटाई जा सकती है।

कैसा होगा विकास मॉडल?

इन टाउनशिप्स का प्रारंभिक क्षेत्रफल लगभग 800 से 1200 एकड़ रखा गया है, जिसे भविष्य में काफी विस्तार दिया जा सकता है। विकास के लिए आधुनिक शहरी योजना तकनीकों जैसे लैंड पूलिंग और ट्रांजिट-ओरिएंटेड डेवलपमेंट को अपनाया जाएगा। इससे बेहतर सड़क नेटवर्क, आवास, परिवहन और अन्य सुविधाओं का संतुलित विकास संभव होगा।

क्या होगा इसका असर?

इस फैसले से फिलहाल जमीन खरीदने और बेचने वालों को थोड़ी असुविधा हो सकती है, लेकिन लंबे समय में यह कदम राज्य के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है। योजनाबद्ध शहरों के निर्माण से रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत होगा और लोगों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिलेंगी।

मंगल-बुध की युति का असर: इन 5 राशियों के लिए खुलेगा किस्मत का दरवाजा

ज्योतिष डेस्क। 24 अप्रैल 2026, शुक्रवार को आकाश में एक महत्वपूर्ण ज्योतिषीय संयोग बन रहा है। इस दिन मंगल और बुध की युति रेवती नक्षत्र में हो रही है, जिसे ज्योतिष में विशेष प्रभावशाली माना जाता है। मंगल ऊर्जा, साहस और कार्यशक्ति का प्रतीक है, जबकि बुध बुद्धि, व्यापार और संचार का कारक ग्रह है। इन दोनों ग्रहों का एक साथ आना कई राशियों के लिए प्रगति और अवसर लेकर आ सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह युति खासतौर पर लाभकारी साबित हो सकती है। करियर में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपके प्रयासों को पहचान मिलेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए बुध का प्रभाव विशेष रूप से महत्वपूर्ण होता है। इस युति से व्यापार और नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। संचार कौशल बेहतर होगा और आप अपने काम से दूसरों को प्रभावित कर पाएंगे।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यक्षेत्र में सफलता और सम्मान मिलने की संभावना है। निवेश से लाभ मिल सकता है और पुराने विवाद भी सुलझ सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह युति आर्थिक मामलों में राहत देने वाली हो सकती है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और खर्चों पर नियंत्रण रहेगा। पारिवारिक जीवन में भी संतुलन बना रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। साथ ही, लंबे समय से चल रही परेशानियों में कमी आने के संकेत हैं।

युवी में इन शिक्षकों के लिए खुशखबरी, सरकार ने दिया तोहफा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने कार्यवाहक प्रधानाचार्यों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें नियमित प्रधानाचार्यों के समान वेतन देने के निर्देश जारी किए हैं। इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई तेज

इस पूरे मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने समान कार्य के लिए समान वेतन के सिद्धांत को आधार बनाते हुए स्पष्ट आदेश दिया था। कोर्ट ने कहा कि यदि कोई शिक्षक कार्यवाहक प्रधानाचार्य के रूप में जिम्मेदारी निभा रहा है, तो उसे उसी पद के अनुरूप पूरा वेतन मिलना चाहिए।

सरकार कारुख, अधिकारियों को चेतावनी

हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने सभी मंडलीय शिक्षा निदेशकों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। शुरुआत में मंडल और जिला स्तर पर कुछ ढिलाई देखने को मिली, लेकिन अब सरकार ने सख्ती दिखाते हुए अधिकारियों को चेतावनी जारी की है कि देरी होने पर कार्रवाई की जाएगी।

हजारों स्कूलों में नहीं हैं नियमित प्रधानाचार्य

आपको बता दें की उत्तर प्रदेश में करीब 4512 एडेड माध्यमिक विद्यालय हैं, जिनमें से 3500 से अधिक में नियमित प्रधानाचार्य नहीं हैं। इन स्कूलों का संचालन लंबे समय से कार्यवाहक प्रधानाचार्यों के भरोसे हो रहा है, लेकिन उन्हें वेतन शिक्षक के पद के अनुसार ही मिल रहा था। इस फैसले से अब इस असमानता को दूर करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

केंद्र सरकार ने जारी किया आदेश, कर्मचारियों के लिए इस दिन से लागू

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। वित्त मंत्रालय ने महंगाई भत्ता (DA) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। इस बढ़ोतरी को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा, जिससे लाखों कर्मचारियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।

केंद्र सरकार के आदेश की मुख्य बिंदु

महंगाई भत्ता 58% से बढ़कर 60% हुआ

1 जनवरी 2026 से लागू

लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को फायदा

एरियर का भी मिलेगा लाभ

सैलरी पर कितना पड़ेगा असर

महंगाई भत्ते में 2% की बढ़ोतरी का असर कर्मचारियों की मासिक आय पर साफ दिखाई देगा। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी का मूल वेतन 50,000 रुपये है, तो उसे हर महीने करीब 1,000 रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। इससे सालाना आय में भी अच्छा खासा इजाफा होगा।

एरियर भी मिलेगा

चूंकि यह बढ़ोतरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी गई है, इसलिए कर्मचारियों को पिछली अवधि का एरियर भी दिया जाएगा। इससे उन्हें एकमुश्त अतिरिक्त राशि मिलने की संभावना है, जो उनके लिए आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित होगी।

किन कर्मचारियों पर लागू

आपको बता दें की यह आदेश केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर लागू होगा। साथ ही रक्षा सेवाओं से जुड़े सिविलियन कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। हालांकि, सशस्त्र बलों और रेलवे कर्मचारियों के लिए संबंधित मंत्रालय अलग से दिशा-निर्देश जारी करेंगे।

ये संविदा कर्मचारी हो सकेंगे नियमित, हाई कोर्ट के फैसले से खुशखबरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में लंबे समय से संविदा पर कार्य कर रहे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें पहले दिए गए आदेश पर रोक लगाने की अपील की गई थी। इस फैसले के बाद हजारों कर्मचारियों के नियमित होने की उम्मीद फिर से मजबूत हो गई है।

क्या है पूरा मामला

इससे पहले एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि 10 साल या उससे अधिक समय से कार्यरत संविदा कर्मचारियों को नियमित करने पर विचार किया जाए। राज्य सरकार ने इस आदेश के खिलाफ अपील कर इसे रोकने की मांग की थी, लेकिन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने इस पर रोक लगाने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि यह मामला बड़ी संख्या में कर्मचारियों से जुड़ा है, इसलिए इसे जल्दबाजी में रोकना उचित नहीं होगा। साथ ही सरकार को निर्देश दिया गया कि वह अपने तर्क संबंधित पीठ के समक्ष रखे।

कर्मचारियों की लंबे समय से थी मांग

संविदा कर्मचारी लंबे समय से नियमितीकरण की मांग कर रहे थे। उनका कहना है कि वर्षों तक काम करने के बावजूद उन्हें न तो स्थायी वेतनमान मिलता है और न ही अन्य सरकारी सुविधाएं। महंगाई भत्ता, वार्षिक वेतन वृद्धि और आवास जैसी सुविधाओं से भी वे वंचित रहे हैं।

हाईकोर्ट के फैसले से संगठन की प्रतिक्रिया

आपको बता दें की संविदा कर्मचारी संगठनों ने हाईकोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका मानना है कि यह निर्णय लाखों कर्मचारियों के हित में एक बड़ा कदम है और इससे उनके अधिकारों की दिशा में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जगी है।

सरकार का बड़ा तोहफा, ग्रुप-डी कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी

लुधियाना। पंजाब सरकार ने प्रदेश के ग्रुप-डी कर्मचारियों को राहत देते हुए एक अहम फैसला लिया है। दैनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने गेहूं की खरीद के लिए ब्याज मुक्त ऋण देने की घोषणा की है। इस कदम से कम आय वर्ग के कर्मचारियों को आर्थिक सहारा मिलने की उम्मीद है।

कर्मचारियों को मिलेगी सीधी राहत

पंजाब सरकार के इस फैसले के तहत पात्र कर्मचारियों को गेहूं खरीदने के लिए न्यूनतम 10,340 रुपये का ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। यह राशि एक परिवार की औसत खपत को ध्यान में रखते हुए तय की गई है, जिससे कर्मचारियों को घरेलू खर्चों में सहूलियत मिल सके।

बजट और समय सीमा तय

इस योजना को लागू करने के लिए सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 15 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया है। कर्मचारियों को 29 मई तक सरकारी कोष से यह राशि प्राप्त करने की अनुमति होगी, जिससे समय पर गेहूं की खरीद सुनिश्चित हो सके।

आसान किस्तों में होगी वसूली

सरकार ने ऋण वापसी को भी सरल बनाया है। कर्मचारियों से यह राशि 8 मासिक किस्तों में वसूली जाएगी। किस्तों की शुरुआत जून महीने के वेतन से होगी, जिससे कर्मचारियों पर एकमुश्त वित्तीय बोझ न पड़े।

यूपी में 170 फायरमैन पदों पर भर्ती, नोटिश हुआ जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने फायरमैन के 170 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भर्ती संबंधित मुख्य बिंदु। 

कुल पद: 170 (फायरमैन)

योग्यता: 12वीं पास

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

आवेदन शुरू: 9 जून 2026

अंतिम तिथि: 29 जून 2026

आवेदन शुल्क

इस भर्ती के लिए सभी वर्गों के उम्मीदवारों को समान शुल्क देना होगा। सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस: ₹25, एससी / एसटी: ₹25, दिव्यांग अभ्यर्थी: ₹25, भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

आयु सीमा

उम्मीदवारों की आयु 1 जुलाई 2026 तक न्यूनतम: 18 वर्ष, अधिकतम: 40 वर्ष, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जाएगी।

कैसे करें आवेदन

उम्मीदवार उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी सही तरीके से भरना आवश्यक है।

आधिकारिक वेबसाइट: https://upsssc.gov.in//

यूपी में "किसानों" के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, नई गाइडलाइन जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के गेहूं किसानों के लिए सरकार ने बड़ी राहत भरी घोषणाएं की हैं। बेमौसम बारिश से फसल को हुए नुकसान के बीच अब किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ लेने में आसानी होगी। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के बाद राज्य में गेहूं खरीद के नियमों में अहम बदलाव किए गए हैं।

खराब गुणवत्ता वाले गेहूं की भी होगी खरीद

इस बार मौसम की मार से गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। दानों की चमक कम होने और टूटन बढ़ने के कारण किसान अपनी फसल क्रय केंद्रों पर बेच नहीं पा रहे थे। अब सरकार ने राहत देते हुए 70 प्रतिशत तक कम चमक वाले गेहूं को भी एमएसपी पर खरीदने की अनुमति दे दी है।

इसके अलावा टूटे और सिकुड़े दानों की सीमा को बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है, जो अब तक गुणवत्ता मानकों के कारण अपनी उपज बेचने से वंचित थे।

खरीद प्रक्रिया में आएगी तेजी

राज्य में रबी विपणन सीजन 2026-27 के तहत गेहूं खरीद पहले से जारी है, लेकिन धीमी रफ्तार के चलते किसानों को परेशानी हो रही थी। नई छूट के बाद अब खरीद प्रक्रिया तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

सत्यापन प्रक्रिया भी हुई आसान

सरकार ने किसानों को एक और बड़ी राहत देते हुए सत्यापन की प्रक्रिया को सरल बना दिया है। अब यदि भूमि का सत्यापन राजस्व या चकबंदी विभाग द्वारा समय पर नहीं हो पाता, तब भी किसान क्रय केंद्रों पर अपनी फसल बेच सकेंगे। क्रय केंद्र प्रभारी किसान द्वारा दिए गए दस्तावेज जैसे खतौनी, खसरा और आधार कार्ड के आधार पर खरीद सुनिश्चित करेंगे। इससे किसानों को लंबी प्रक्रिया और देरी से राहत मिलेगी।

यूपी में बसने जा रहा है 'मिनी शहर', इन जिलों को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में एक बड़ी पहल सामने आई है। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण ने गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे बदायूं में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (IMLC) विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसे प्रदेश में उभरते 'मिनी शहर' के रूप में देखा जा रहा है, जो आने वाले समय में रोजगार और निवेश का बड़ा केंद्र बन सकता है।

गंगा एक्सप्रेसवे से बढ़ेगी रफ्तार

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने से पहले ही इसके किनारे औद्योगिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। मेरठ से प्रयागराज को जोड़ने वाला यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के विकास का अहम आधार बनने जा रहा है। इसके आसपास औद्योगिक हब विकसित कर निवेशकों को आकर्षित किया जा रहा है।

घटपुरी बनेगा औद्योगिक केंद्र

बदायूं जिले के घटपुरी क्षेत्र में सबसे पहले इस क्लस्टर को विकसित किया जा रहा है। यहां उद्योग लगाने के इच्छुक निवेशकों के लिए भूमि आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्राधिकरण ने अपनी वेबसाइट के माध्यम से उद्यमियों को आवेदन के लिए आमंत्रित किया है।

बेहतर कनेक्टिविटी बनेगी ताकत

यह परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग-21 से सीधे जुड़ी हुई है और एक्सप्रेसवे के बेहद करीब स्थित है। इसके अलावा राष्ट्रीय राजमार्ग-731 सहित अन्य प्रमुख मार्गों से कनेक्टिविटी इसे लॉजिस्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग के लिए बेहद उपयुक्त बनाती है।

रोजगार और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इस 'मिनी शहर' के विकसित होने से न सिर्फ बदायूं बल्कि आसपास के जिलों में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। साथ ही स्थानीय व्यापार, परिवहन और छोटे उद्योगों को भी सीधा फायदा मिलेगा।

भारतीय रिज़र्व बैंक में जूनियर इंजीनियर के 11 पदों पर भर्ती, ऑनलाइन आवेदन शुरू

नई दिल्ली। देश के प्रतिष्ठित बैंकिंग संस्थान भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने जूनियर इंजीनियर (सिविल और इलेक्ट्रिकल) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

जॉब की मुख्य जानकारी

कुल पद: 11 (7 सिविल, 4 इलेक्ट्रिकल)

पद का नाम: जूनियर इंजीनियर (सिविल/इलेक्ट्रिकल)

आवेदन प्रक्रिया: ऑनलाइन

आवेदन शुरू: 16 अप्रैल 2026

अंतिम तिथि: 6 मई 2026

योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित इंजीनियरिंग विषय में डिप्लोमा या बीई/बीटेक डिग्री होना आवश्यक है। डिप्लोमा धारकों के लिए न्यूनतम 65% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए छूट), डिग्री धारकों के लिए न्यूनतम 55% अंक (आरक्षित वर्ग के लिए छूट), आयु सीमा: 20 से 30 वर्ष (1 अप्रैल 2026 तक) साथ ही उम्मीदवारों के पास संबंधित क्षेत्र में कार्य अनुभव भी होना चाहिए।

वेतन और सुविधाएं

चयनित उम्मीदवारों को प्रारंभिक मूल वेतन ₹47,700 प्रति माह दिया जाएगा। इसके अलावा महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सुविधाएं भी मिलेंगी, जिससे कुल वेतन पैकेज आकर्षक हो जाता है।

आवेदन कैसे करें

उम्मीदवार भारतीय रिज़र्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और शुल्क भुगतान की अंतिम तिथि 6 मई 2026 (रात 11:59 बजे तक) निर्धारित किया गया हैं।

बृहस्पति की कृपा से चमकेंगे 5 राशियों के सितारे, मिलेगा भाग्य का साथ

ज्योतिष डेस्क। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आज का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने वाला है। बृहस्पति ग्रह की अनुकूल स्थिति के कारण इन राशियों के जातकों को भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। बृहस्पति को ज्ञान, धन और समृद्धि का कारक माना जाता है, इसलिए इसका सकारात्मक प्रभाव जीवन के कई क्षेत्रों में प्रगति का मार्ग खोल सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के लोगों के लिए आज का दिन राहत भरा हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी और व्यवसाय में नए अवसर मिल सकते हैं, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों को धन संबंधी मामलों में लाभ मिलने के संकेत हैं। आय में वृद्धि हो सकती है और निवेश से भी फायदा मिलने की संभावना है। पारिवारिक माहौल सकारात्मक रहेगा।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लिए आज का दिन करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने की संभावना है।

कर्क राशि:

कर्क राशि के जातकों के लिए आज भाग्य साथ देता नजर आ सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और यात्रा के योग बन सकते हैं। मानसिक रूप से संतुलन बना रहेगा।

धनु राशि:

धनु राशि के लिए यह समय प्रगति के संकेत दे रहा है। शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है।

बिहार में बदलेगा मौसम: इन जिलों में आंधी-पानी के आसार

पटना। बिहार में इन दिनों तेज गर्मी और लू का असर बना हुआ है, लेकिन अब मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार 24 अप्रैल से राज्य के कुछ हिस्सों में आंधी और बारिश की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

इन जिलों में बदलेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार 24 अप्रैल से उत्तर-मध्य और उत्तर-पूर्वी बिहार में मौसम करवट ले सकता है। किशनगंज, अररिया और सुपौल जिलों में 27-28 अप्रैल के दौरान गरज-चमक के साथ बारिश होने के आसार हैं। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

तेज हवाओं का भी असर

राज्य में पछुआ हवा का प्रभाव बना हुआ है। कई इलाकों में हवा की गति 40 से 50 किमी प्रति घंटा तक रहने की संभावना है। तेज हवाओं के कारण गर्मी का असर और बढ़ सकता है।

भीषण गर्मी और लू का असर जारी

राजधानी पटना समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों में इन दिनों उष्ण लहर का प्रभाव देखा जा रहा है। दिन और रात दोनों समय तापमान ऊंचा बना हुआ है। कई जगहों पर अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया है। बक्सर के डुमरांव में तापमान 44.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन का सबसे अधिक रिकॉर्ड किया गया तापमान है। वहीं पटना में 41.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ।

अन्य जिलों में भी गर्मी का असर

गया, शेखपुरा, औरंगाबाद, राजगीर, भभुआ, अरवल और जहानाबाद जैसे जिलों में भी तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।

बिहार में बनेगा भगवान विष्णु की 108 फीट ऊंची प्रतिमा, इन जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में विष्णुपद मंदिर कॉरिडोर परियोजना को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इस परियोजना के तहत गयाजी क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं और पिंडदान करने आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

मुख्य बिंदु क्या हैं?

फल्गु नदी में 108 फीट ऊंची भगवान विष्णु की प्रतिमा स्थापित होगी

यह करीब 2390 करोड़ रुपये की बड़ी परियोजना। 

कुल 694 नए स्ट्रक्चर विकसित किए जाएंगे। 

पार्किंग, शेड, घाट और पेडेस्ट्रियन पथ का निर्माण। 

गयाजी और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा। 

कॉरिडोर परियोजना से बदलेगा गयाजी का स्वरूप

गया स्थित विष्णुपद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह है कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में किसी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए मंदिर परिसर से लेकर फल्गु नदी तट तक विशेष विकास कार्य किए जाएंगे।

108 फीट ऊंची प्रतिमा बनेगी आकर्षण का केंद्र

इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि फल्गु नदी के बीच भगवान विष्णु की 108 फीट ऊंची भव्य प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह प्रतिमा मिश्र धातु से बनेगी और श्रद्धालुओं के लिए आस्था का नया केंद्र बनेगी। प्रतिमा तक पहुंचने के लिए चौड़ा पेडेस्ट्रियन पथ तैयार किया जाएगा, ताकि लोग आसानी से वहां तक जा सकें।

गयाजी में होगा सुविधाओं का बड़ा विस्तार

परियोजना के तहत कुल 694 संरचनाएं विकसित की जाएंगी, जिनमें कमर्शियल दुकानें, वाहन पार्किंग, श्रद्धालुओं के लिए शेड, घाटों का सौंदर्यीकरण, सीता कुंड क्षेत्र का विकास। इसके अलावा तीन स्थानों पर पार्किंग की व्यवस्था होगी, जहां सैकड़ों चार पहिया वाहनों और बसों को खड़ा किया जा सकेगा। सरकार ने निर्देश दिए हैं कि मंदिर और सीता कुंड के बीच बनने वाला रास्ता कम से कम 20 फीट चौड़ा हो। साथ ही, सुरक्षा, बैठने की व्यवस्था और आवागमन को आसान बनाने के लिए पर्याप्त इंतजाम किए जाएंगे।

केंद्र सरकार ने कर दिया साफ: पेंशन को लेकर नया नियम लागू

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी को लेकर लोगों के मन में हमेशा एक सुरक्षित जीवन, तय पेंशन और बिना चिंता वाला रिटायरमेंट जुड़ा रहा है। लेकिन अब यह तस्वीर बदल चुकी है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि 1 जनवरी 2004 के बाद नियुक्त कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू नहीं होगी। अब इन कर्मचारियों को National Pension System (NPS) के तहत ही रिटायरमेंट प्लानिंग करनी होगी। Pension Rules 2026 में भी सरकार ने स्पष्ट किया हैं।

क्या है नया सिस्टम।

इस नए सिस्टम के तहत कर्मचारी हर महीने अपनी बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ते (DA) का 10 प्रतिशत हिस्सा अपने NPS खाते में जमा करता है। वहीं सरकार भी इसमें भागीदार बनते हुए 14 प्रतिशत योगदान जोड़ती है। इस तरह हर महीने एक संयुक्त निवेश तैयार होता है, जो धीरे-धीरे बढ़ते हुए रिटायरमेंट के समय एक बड़े फंड में बदल जाता है।

उदाहरण से समझे

उदाहरण के तौर पर अगर किसी कर्मचारी की बेसिक सैलरी और DA मिलाकर ₹60,000 है, तो कर्मचारी हर महीने ₹6,000 जमा करेगा, जबकि सरकार ₹8,400 जोड़ेगी। इस तरह कुल ₹14,400 का मासिक निवेश लंबे समय में एक मजबूत कॉर्पस तैयार करता है, जो भविष्य की पेंशन का आधार बनता है।

PRAN नंबर क्या है?

इस पूरी व्यवस्था को व्यवस्थित रखने के लिए हर कर्मचारी को एक यूनिक PRAN (Permanent Retirement Account Number) दिया जाता है। यह नंबर उसके पूरे करियर के दौरान उसके पेंशन खाते की पहचान बना रहता है। चाहे कर्मचारी नौकरी बदले या विभाग, उसका NPS खाता और रिकॉर्ड इसी नंबर से जुड़ा रहता है। साथ ही, कर्मचारी ऑनलाइन अपने निवेश और स्टेटमेंट को आसानी से देख सकता है।

अब क्या है बदलाव?

अब सबसे बड़ा बदलाव यह है कि NPS में पेंशन पहले से तय नहीं होती। जब कर्मचारी रिटायर होता है, तब उसके खाते में जमा कुल राशि यानी कॉर्पस को देखा जाता है। इस कॉर्पस का एक हिस्सा वह एकमुश्त निकाल सकता है, जबकि बाकी राशि से उसे एन्युटी प्लान खरीदना होता है, जिससे हर महीने पेंशन मिलती है। साफ शब्दों में कहें तो जितना बड़ा आपका फंड होगा, उतनी ही बेहतर आपकी मासिक पेंशन होगी।

सरकार ने इस व्यवस्था में एक और सुरक्षा भी दी है। यदि किसी कारण से विभाग कर्मचारी का योगदान समय पर जमा नहीं करता और इसमें देरी होती है, तो उस देरी पर ब्याज देने का प्रावधान है। इससे यह सुनिश्चित किया जाता है कि कर्मचारी को किसी तरह का आर्थिक नुकसान न हो।

किन कर्मचारियों पर लागू होगा?

1 जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त केंद्र सरकार के कर्मचारी। 

अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी (IAS, IPS, IFoS)

पहले से नौकरी कर रहे (2004 से पहले) कर्मचारियों पर पुराने नियम लागू रह सकते हैं। 

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी: इन लोगों को हर महीने ₹10,000 पेंशन

नई दिल्ली। देश में तेजी से बढ़ती महंगाई और बुजुर्गों के बढ़ते खर्च को देखते हुए केंद्र सरकार एक अहम बदलाव की तैयारी में है। सरकार असंगठित क्षेत्र के करोड़ों कामगारों के लिए सामाजिक सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से अटल पेंशन योजना (APY) के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन की अधिकतम सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है। प्रस्ताव है कि इस योजना में पेंशन की सीमा को मौजूदा ₹5,000 से बढ़ाकर ₹8,000 से ₹10,000 प्रति माह तक किया जाए।

क्यों जरूरी है बदलाव?

भारत की लगभग 90% कार्यबल असंगठित क्षेत्र से जुड़ी है। इसमें रेहड़ी-पटरी विक्रेता, घरेलू कामगार, निर्माण मजदूर, छोटे दुकानदार और स्वरोजगार करने वाले लोग शामिल हैं। इन श्रमिकों के पास न तो नौकरी की स्थिरता होती है और न ही भविष्य के लिए कोई ठोस सामाजिक सुरक्षा। ऐसे में बुढ़ापे में उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो जाती है।

साल 2015 में शुरू की गई अटल पेंशन योजना का उद्देश्य इन्हीं वर्गों को आर्थिक सहारा देना था। लेकिन मौजूदा महंगाई दर को देखते हुए ₹1,000 से ₹5,000 की मासिक पेंशन अब पर्याप्त नहीं मानी जा रही। इसी कारण सरकार योजना को समय के अनुसार अपडेट करने की दिशा में काम कर रही है।

मौजूदा स्थिति क्या कहती है?

अब तक इस योजना से 9 करोड़ से अधिक लोग जुड़ चुके हैं, जो इसकी लोकप्रियता को दर्शाता है। हालांकि, एक चिंता की बात यह है कि लगभग आधे सदस्य नियमित रूप से योगदान नहीं कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पेंशन राशि बढ़ाई जाती है, तो इससे लोगों का भरोसा बढ़ेगा और वे योजना में बने रहने के लिए प्रेरित होंगे। वित्त वर्ष 2025-26 में अब तक 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़ना इस बात का संकेत है कि लोग भविष्य की सुरक्षा को लेकर सजग हो रहे हैं।

क्या है नया प्रस्ताव?

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और पेंशन नियामक संस्था इस योजना की नई रूपरेखा पर काम कर रहे हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत पेंशन की अधिकतम सीमा को ₹10,000 तक बढ़ाया जा सकता है। यह कदम न केवल योजना को अधिक आकर्षक बनाएगा बल्कि बढ़ती जीवन-यापन लागत के अनुरूप भी होगा।

आम लोगों को क्या फायदा?

अगर यह प्रस्ताव लागू होता है, तो करोड़ों असंगठित श्रमिकों को बुढ़ापे में बेहतर आर्थिक सुरक्षा मिल सकेगी। साथ ही, यह कदम लोगों को बचत और निवेश के प्रति भी जागरूक करेगा।

शनि की शक्ति बढ़ी: 24 अप्रैल को 5 राशियों के लिए तरक्की के अवसर

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 24 अप्रैल को शनि का प्रभाव अधिक सक्रिय रहेगा। शनि ग्रह को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है, इसलिए इसका मजबूत प्रभाव मेहनत का फल देने वाला माना जाता है। इस दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक परिणाम और प्रगति के संकेत बन रहे हैं।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहने की संभावना है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं और नौकरी या व्यवसाय में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार के संकेत हैं।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के लोगों के लिए आर्थिक दृष्टि से यह समय लाभकारी माना जा रहा है। आय में बढ़ोतरी और निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। परिवार में भी संतुलन बना रहेगा।

कन्या राशि: 

कन्या राशि के जातकों के लिए कार्यक्षेत्र में प्रगति के संकेत हैं। नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकता है। अधिकारियों का सहयोग भी मिलने की संभावना है।

मकर राशि:

मकर राशि के लिए यह समय महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। पुराने प्रयास सफल हो सकते हैं और व्यवसाय में विस्तार के योग बन रहे हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि की संभावना है।

कुंभ राशि:

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय नए अवसर लेकर आ सकता है। करियर में बदलाव या नई शुरुआत के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।

केंद्र सरकार का अपडेट: पेट्रोल-डीजल-LPG को लेकर खुशखबरी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े संकट के बीच केंद्र सरकार ने ईंधन आपूर्ति को लेकर स्थिति स्पष्ट की है। बुधवार को आयोजित इंटर-मिनिस्ट्रियल ब्रीफिंग में सरकार ने भरोसा दिलाया कि देश में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह की घबराहट की जरूरत नहीं है।

मुख्य बिंदु क्या है?

देश में ईंधन का पर्याप्त भंडार, सप्लाई सामान्य। 

उद्योगों को राहत देने के लिए कस्टम ड्यूटी में छूट। 

पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती। 

एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की 100% आपूर्ति सुनिश्चित। 

CNG/CBG स्टेशनों और PNG कनेक्शनों का तेजी से विस्तार। 

ईंधन सप्लाई को लेकर सरकार का भरोसा

सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और गैस की कोई कमी नहीं है। एलपीजी, पीएनजी और सीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित की जा रही है। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले छोटे सिलेंडरों की बिक्री भी तेज कर दी गई है, जिससे जरूरतमंदों तक आसानी से गैस पहुंच सके।

कीमतों से राहत के लिए कदम

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों के असर को कम करने के लिए केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की है। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है।

उद्योगों के लिए विशेष उपाय

Department for Promotion of Industry and Internal Trade ने औद्योगिक उत्पादन को प्रभावित होने से बचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। CNG और CBG स्टेशनों के सैकड़ों आवेदनों को तेजी से मंजूरी, बायोगैस प्लांटों को स्वीकृति, पेंट, टायर, कागज और फुटवियर उद्योग के लिए कच्चे माल पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई, पावर प्लांट और रिफाइनरी में उपयोग होने वाले बॉयलरों के सर्टिफिकेट को अस्थायी राहत दी। 

नागरिकों के लिए सरकार की सलाह

सरकार ने आम लोगों से अपील की है कि:

अफवाहों पर ध्यान न दें। 

डिजिटल माध्यम से एलपीजी बुकिंग करें। 

पेट्रोल-डीजल या गैस की अनावश्यक खरीदारी न करें। 

जरूरत के अनुसार वैकल्पिक साधनों जैसे इंडक्शन कुकटॉप या पीएनजी का उपयोग करें। 

ईरान नहीं, ये 4 देश हैं मिलिट्री ड्रोन तकनीक में सबसे आगे

न्यूज डेस्क। आधुनिक युद्ध में ड्रोन तकनीक ने रणनीति और ताकत का स्वरूप बदल दिया है। निगरानी से लेकर सटीक हमलों तक, अब मानव रहित विमान (UAV) सेनाओं का अहम हिस्सा बन चुके हैं। वैश्विक स्तर पर कुछ देश ऐसे हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में उल्लेखनीय बढ़त हासिल की है। खास तौर पर अमेरिका, चीन, तुर्की और इज़राइल को सैन्य ड्रोन तकनीक में सबसे शक्तिशाली माना जाता है।

अमेरिका: सबसे उन्नत और विशाल ड्रोन बेड़ा

अमेरिका के पास दुनिया का सबसे आधुनिक और व्यापक ड्रोन नेटवर्क है। MQ-9 Reaper जैसे ड्रोन लंबी दूरी तक सटीक हमले करने में सक्षम हैं। निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और टारगेटेड ऑपरेशन में इसका व्यापक उपयोग होता हैं। अत्याधुनिक सेंसर और हथियार प्रणाली से लैस होने की वजह है अमेरिका की तकनीकी बढ़त इसे इस क्षेत्र में शीर्ष पर बनाए हुए है।

चीन: तेजी से उभरती ताकत

चीन ने पिछले कुछ वर्षों में ड्रोन तकनीक में जबरदस्त प्रगति की है। बड़े पैमाने पर उत्पादन और निर्यात किया हैं। कई देशों को सस्ते और प्रभावी ड्रोन उपलब्ध कराये हैं। सैन्य और निगरानी दोनों क्षेत्रों में विस्तार चीन की रणनीति इसे वैश्विक बाजार में मजबूत खिलाड़ी बना रही है।

तुर्की: युद्धक्षेत्र में साबित क्षमता

तुर्की ने हाल के वर्षों में अपने ड्रोन से दुनिया का ध्यान खींचा है। Bayraktar TB2 और Akinci UAV जैसे प्लेटफॉर्म कई संघर्षों में प्रभावी उपयोग हुए हैं। इसने कम लागत में उच्च क्षमता हासिल किया हैं। तुर्की के ड्रोन ने आधुनिक युद्ध में अपनी उपयोगिता साबित की है।

इज़राइल: नवाचार का संगम

इज़राइल ड्रोन तकनीक के शुरुआती अग्रणी देशों में रहा है। दशकों का अनुभव और निरंतर शोध, उन्नत निगरानी और रक्षा प्रणाली, कई देशों के साथ तकनीकी सहयोग इसे सबसे आगे रखती हैं। इज़राइल की विशेषज्ञता इसे इस क्षेत्र में स्थायी बढ़त देती है।