HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

यूपी के 12 जिलों को बड़ी सौगात, बनेंगे दो नए हाईवे कॉरिडोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश सरकार द्वारा प्रस्तावित छह नॉर्थ-साउथ हाईवे कॉरिडोर में से दो महत्वपूर्ण कॉरिडोर का निर्माण कार्य जल्द शुरू होने जा रहा है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और भूमि अधिग्रहण की तैयारी भी तेज हो गई है। 

इन हाईवे कॉरिडोर के बनने से पूर्वांचल के करीब 12 जिलों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को तेज व सुगम यात्रा की सुविधा मिलेगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न सिर्फ सड़क नेटवर्क मजबूत होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा। 

कुशीनगर से वाराणसी तक बनेगा नया हाईवे कॉरिडोर

पहला हाईवे कॉरिडोर कुशीनगर, देवरिया, दोहरीघाट, गाजीपुर और जमानिया होते हुए वाराणसी तक बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 220 किलोमीटर होगी। लोक निर्माण विभाग के अनुसार कुशीनगर-देवरिया और देवरिया-दोहरीघाट खंड के निर्माण कार्य को मंजूरी मिल चुकी है। 

इसके तहत कसया-देवरिया मार्ग और देवरिया-बरहज मार्ग के निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस कॉरिडोर के बनने से पूर्वी यूपी के कई पिछड़े जिलों को सीधे फोरलेन सड़क सुविधा मिलेगी। इससे गोरखपुर मंडल और वाराणसी क्षेत्र के बीच यात्रा समय भी काफी कम हो जाएगा।

नेपाल सीमा से प्रयागराज तक बनेगा दूसरा कॉरिडोर

दूसरा हाईवे कॉरिडोर भारत-नेपाल सीमा स्थित पिपरी से शुरू होकर सिद्धार्थनगर, बांसी होते हुए प्रयागराज तक जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 295 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के पहले चरण में पिपरी-बर्डपुर मार्ग के निर्माण को मंजूरी मिल चुकी है।

 यह हाईवे शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे से भी जुड़ेगा, जिससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों तक तेज कनेक्टिविटी मिलेगी। सरकार का कहना है कि इस कॉरिडोर से सिद्धार्थनगर, बस्ती, संत कबीर नगर, अमेठी, सुलतानपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे जिलों को सीधा फायदा मिलेगा।

725 करोड़ रुपये की मंजूरी

दोनों हाईवे कॉरिडोर के शुरुआती 62 किलोमीटर निर्माण कार्य के लिए करीब 725 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। शेष कार्यों की स्वीकृति भी जल्द मिलने की उम्मीद है। लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मिलकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर काम करेंगे। अधिकारियों के अनुसार निर्माण कार्य दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है

व्यापार को मिलेगा बढ़ावा

इन हाईवे कॉरिडोर के बनने से पूर्वांचल क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों की आवाजाही आसान होगी और छोटे व्यापारियों को नए बाजार मिल सकेंगे। इसके अलावा पर्यटन और धार्मिक स्थलों तक पहुंच भी आसान होगी। वाराणसी, कुशीनगर और प्रयागराज जैसे बड़े धार्मिक शहरों को सीधी बेहतर सड़क सुविधा मिलने से पर्यटन क्षेत्र को भी फायदा होगा।

योगी सरकार ने बदली यूपी की सांस्कृतिक तस्वीर, दुर्लभ मूर्तियों से सजे 5 संग्रहालय तैयार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए लगातार बड़े कदम उठा रही है। योगी आदित्यनाथ सरकार के प्रयासों से अब राज्य के कई संग्रहालय आधुनिक रूप में सामने आ रहे हैं, जहां इतिहास, कला और संस्कृति का अनमोल खजाना संरक्षित किया जा रहा है। 

संस्कृति विभाग के अधीन संचालित पांच राज्य संग्रहालयों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण का कार्य पूरा कर जनता को समर्पित कर दिया गया है, जबकि कई अन्य परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है। सरकार का उद्देश्य सिर्फ पुराने स्मारकों और कलाकृतियों को सुरक्षित रखना नहीं, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है।

प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय बना खास आकर्षण

राज्य संग्रहालय लखनऊ में तैयार किया गया प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय हो रहा है। करीब 2483 लाख रुपये की लागत से तैयार इस संग्रहालय का उद्घाटन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मार्च 2024 में किया था। यह संग्रहालय विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास व विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए ज्ञान का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है।

नवाबी कला और अवध संस्कृति की झलक

लखनऊ स्थित अवधी गैलरी का भी नवीनीकरण और सुदृढ़ीकरण कराया गया है। यहां अवध की नवाबी संस्कृति, कला और शाही परंपराओं को बेहद खूबसूरत तरीके से प्रदर्शित किया गया है। संग्रहालय में रखी गई दुर्लभ मूर्तियां और ऐतिहासिक कलाकृतियां लोगों को पुराने दौर की सांस्कृतिक समृद्धि की झलक दिखाती हैं।

इतिहास से जुड़ेंगी आने वाली पीढ़ियां

दरअसल, संग्रहालय किसी भी समाज की सांस्कृतिक पहचान को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाते हैं। यूपी सरकार की यह पहल आने वाली पीढ़ियों को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और कला से जोड़ने का काम करेगी। इन संग्रहालयों के जरिए लोग सिर्फ पुरानी वस्तुओं को नहीं देखेंगे, बल्कि प्रदेश की सभ्यता, संस्कृति और परंपराओं को करीब से समझ भी सकेंगे।

यूपी सरकार का फैसला, गेहूं खरीद में किसानों को नहीं होगी परेशानी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने गेहूं खरीद प्रक्रिया को तेज और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। खाद्य तथा रसद राज्यमंत्री सतीश चंद्र शर्मा ने साफ कहा है कि किसानों को क्रय केंद्रों पर किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से खरीद लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए तेजी से काम करने को कहा है।

प्रदेश में बनाए गए हजारों खरीद केंद्र

सरकार की ओर से इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए प्रदेशभर में 5797 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। केंद्र सरकार ने उत्तर प्रदेश के लिए 25 लाख टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया है। अब तक करीब 1.90 लाख किसानों से 9.75 लाख टन गेहूं खरीदा जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 39 प्रतिशत है।

किसानों को समय पर मिले भुगतान

बैठक में मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों के भुगतान में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। क्रय केंद्रों पर साफ-सफाई, तौल व्यवस्था और जरूरी सुविधाओं को बेहतर रखने पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को लंबी लाइन, दलालों की समस्या या अनावश्यक कागजी प्रक्रिया से बचाने के लिए व्यवस्था को सरल बनाया जाए। जिन जिलों में खरीद की प्रगति धीमी है, वहां विशेष अभियान चलाकर गति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

लाखों किसानों को मिलेगी बड़ी राहत

सरकार के इन निर्देशों से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। समय पर खरीद और भुगतान होने से किसानों को आर्थिक मजबूती मिलेगी और उन्हें अपनी उपज बेचने में परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। सरकार लगातार खरीद प्रक्रिया की निगरानी कर रही है ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

दुनिया के 5 सबसे ताकतवर एयर डिफेंस सिस्टम, भारत के पास कौन सा?

नई दिल्ली। आज के दौर में किसी भी देश की सैन्य ताकत सिर्फ लड़ाकू विमानों या मिसाइलों से नहीं मापी जाती, बल्कि उसके एयर डिफेंस सिस्टम से भी तय होती है। आधुनिक युद्ध में दुश्मन के मिसाइल हमलों, ड्रोन और फाइटर जेट्स को रोकने के लिए एडवांस एयर डिफेंस सिस्टम बेहद जरूरी हो गए हैं। 

दुनिया के कई देशों ने ऐसी अत्याधुनिक रक्षा प्रणालियां विकसित की हैं जो कुछ ही सेकंड में दुश्मन के हमले को हवा में ही खत्म कर सकती हैं। 2026 में रूस, अमेरिका और इज़राइल के एयर डिफेंस सिस्टम दुनिया में सबसे ज्यादा चर्चित और शक्तिशाली माने जा रहे हैं।

रूस का S-500 प्रोमेथियस

रूस का S-500 प्रोमेथियस दुनिया के सबसे आधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम में गिना जाता है। इसे खास तौर पर लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलों, हाइपरसोनिक हथियारों और स्टील्थ विमानों को निशाना बनाने के लिए तैयार किया गया है। इसकी इंटरसेप्ट क्षमता करीब 600 किलोमीटर तक बताई जाती है।

रूस का S-400 ट्रायम्फ

S-400 ट्रायम्फ को दुनिया के सबसे भरोसेमंद एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल किया जाता है। यह लड़ाकू विमान, ड्रोन, क्रूज मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में सक्षम है। इसकी मारक क्षमता लगभग 400 किलोमीटर तक मानी जाती है। भारत ने भी रूस से S-400 सिस्टम खरीदा है।

अमेरिका का THAAD सिस्टम

अमेरिका का THAAD यानी टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस सिस्टम बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही खत्म करने के लिए तैयार किया गया है। यह सिस्टम दुश्मन की मिसाइल को धरती पर पहुंचने से पहले ही इंटरसेप्ट कर सकता है। THAAD की खासियत इसकी अत्यधिक सटीकता और ऊंची ऊंचाई पर लक्ष्य भेदने की क्षमता है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों की सुरक्षा में यह सिस्टम अहम भूमिका निभा रहा है।

अमेरिका का पैट्रियट PAC-3

अमेरिका का पैट्रियट PAC-3 सिस्टम लंबे समय से दुनिया के सबसे प्रभावी एयर डिफेंस सिस्टम में शामिल रहा है। इसे खास तौर पर क्रूज मिसाइलों, ड्रोन और दुश्मन के विमानों को रोकने के लिए डिजाइन किया गया है। हाल के वर्षों में कई युद्ध क्षेत्रों में इसका इस्तेमाल किया गया, जहां इसने दुश्मन के हवाई हमलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसकी तेज प्रतिक्रिया क्षमता इसे बेहद खतरनाक बनाती है।

इज़राइल का डेविड्स स्लिंग

इज़राइल का डेविड्स स्लिंग मध्यम दूरी की मिसाइलों और रॉकेट हमलों से सुरक्षा देने वाला अत्याधुनिक सिस्टम है। इसे इज़राइल ने अमेरिका के सहयोग से विकसित किया है। यह सिस्टम कम समय में आने वाले कई खतरों को पहचानकर उन्हें नष्ट करने की क्षमता रखता है। इज़राइल की बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली में इसका अहम स्थान है।

भारत के पास कौन सा एयर डिफेंस सिस्टम?

भारत के पास वर्तमान में रूस का S-400 ट्रायम्फ एयर डिफेंस सिस्टम मौजूद है, जिसे दुनिया के सबसे खतरनाक रक्षा कवचों में गिना जाता है। इसके अलावा भारत स्वदेशी एयर डिफेंस तकनीकों पर भी तेजी से काम कर रहा है। भारत का आकाश मिसाइल सिस्टम भी सेना और वायुसेना में तैनात है। इसके साथ ही DRDO लंबी दूरी की एडवांस एयर डिफेंस तकनीकों पर लगातार काम कर रहा है, ताकि देश की सुरक्षा और मजबूत हो सके।

10 से 20 मई तक दुर्लभ राजयोग: 5 राशियों के अच्छे दिन होंगे शुरू, हर काम में मिलेगी कामयाबी

राशिफल। मई महीने का दूसरा सप्ताह कई राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है। ज्योतिष गणनाओं के अनुसार 10 से 20 मई के बीच ग्रहों की स्थिति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है, जिससे दुर्लभ राजयोग का निर्माण होगा। इस शुभ योग का असर खासतौर पर 5 राशियों पर सबसे ज्यादा देखने को मिलेगा।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता से भरा रहेगा। नौकरी कर रहे लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोलेगी। व्यापार में रुका हुआ पैसा वापस मिलने के योग बन रहे हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं। छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। निवेश से भी लाभ मिल सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह राजयोग आर्थिक मजबूती लेकर आएगा। अचानक धन लाभ या नई आय के स्रोत बनने के संकेत हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रशंसा हो सकती है। जो लोग नया कारोबार शुरू करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल रहेगा। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी और यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय भाग्य चमकाने वाला साबित हो सकता है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होंगे और करियर में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। बिजनेस में बड़ा लाभ मिलने के योग हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा और लोगों के बीच आपकी पहचान मजबूत होगी। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा। स्वास्थ्य भी पहले से बेहतर रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए 10 से 20 मई का समय बेहद शुभ माना जा रहा है। नौकरी में प्रमोशन या वेतन वृद्धि की संभावना बन रही है। व्यापार में लाभ होगा और नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं। कोर्ट-कचहरी से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। घर में सुख-शांति बनी रहेगी और जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से मन प्रसन्न रहेगा।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह राजयोग करियर और धन के मामले में शानदार परिणाम दे सकता है। नौकरी बदलने का सोच रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे और रुके हुए काम तेजी से पूरे होंगे। परिवार में किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। निवेश और संपत्ति से जुड़े मामलों में लाभ होने की संभावना है। मेहनत का पूरा फल मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

केरल में 1 जून को पहुंचेगा मानसून, यूपी में इस तारीख को देगी दस्तक

लखनऊ। देशभर में बढ़ती गर्मी और चिलचिलाती धूप के बीच मानसून को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तय समय के आसपास भारत पहुंच सकता है। इसके संकेत हिंद महासागर और दक्षिणी गोलार्ध में तेजी से बदल रहे मौसमीय हालात से मिलने लगे हैं। अनुमान है कि मानसून 1 जून के आसपास केरल में दस्तक देगा, जबकि उत्तर प्रदेश में इसकी एंट्री 18 से 20 जून के बीच हो सकती है।

ऑस्ट्रेलिया में मौसम बदलाव से मजबूत हुए संकेत

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि उत्तरी ऑस्ट्रेलिया में बारिश का मौसम अब खत्म होने की ओर है। वहां शुष्क मौसम मजबूत होने लगा है, जिसका असर हिंद-प्रशांत क्षेत्र की हवाओं और बादलों की दिशा पर दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे दक्षिणी गोलार्ध में मानसूनी गतिविधियां कमजोर पड़ती हैं, वैसे-वैसे उत्तरी गोलार्ध में मानसून सक्रिय होने लगता है। इसी बदलाव को भारत में मानसून आगमन का अहम संकेत माना जाता है। मौसम विभाग का मानना है कि इस बार मानसून सामान्य समय पर आगे बढ़ सकता है।

भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा मानसून

मानसून को नियंत्रित करने वाला इंटर ट्रॉपिकल कन्वर्जेंस ज़ोन (ITCZ) अब धीरे-धीरे उत्तर की ओर खिसक चुका है। यह क्षेत्र फिलहाल मालदीव, दक्षिणी श्रीलंका और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह तक सक्रिय हो चुका है। यही वह मार्ग है जिससे होकर दक्षिण-पश्चिम मानसून भारत में प्रवेश करता है। विशेषज्ञों के अनुसार अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में नमी बढ़ने के साथ मानसून की रफ्तार और तेज हो सकती है। इससे केरल में समय पर बारिश शुरू होने की संभावना मजबूत मानी जा रही है।

यूपी में कब पहुंचेगा मानसून

उत्तर प्रदेश के लोगों को भी जल्द गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक पूर्वी यूपी में मानसून की पहली बारिश 18 से 20 जून के बीच शुरू हो सकती है। गोरखपुर, बलिया, देवरिया और आसपास के जिलों में सबसे पहले मानसून पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद मानसून धीरे-धीरे पूरे प्रदेश में फैल जाएगा और 25 जून तक अधिकांश जिलों में अच्छी बारिश शुरू हो सकती है। पश्चिमी यूपी में मानसून कुछ दिनों की देरी से पहुंचेगा।

यूपी में 53 सड़कों की होगी मरम्मत, 22 करोड़ रुपये जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए वित्तीय वर्ष में सड़क मरम्मत और निर्माण कार्यों को गति देने के लिए बड़ा कदम उठाया है। शासन की ओर से बरेली मंडल की 53 सड़कों के सुधार और विशेष मरम्मत कार्यों के लिए 22.41 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्देश दिए गए हैं कि बारिश शुरू होने से पहले सभी जरूरी कार्य पूरे करा लिए जाएं, ताकि लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना न करना पड़े।

दरअसल, इन दिनों विभाग को कोलतार की कमी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी वजह से कई जगह निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इसके बावजूद सरकार ने विभिन्न जिलों की खराब सड़कों को प्राथमिकता देते हुए बजट आवंटित किया है।

बरेली जिले में कई प्रमुख मार्गों का होगा सुधार

बरेली जिले की कई महत्वपूर्ण सड़कों के लिए धनराशि जारी की गई है। अलीगंज-सिरौली से अनिरुद्धपुर होकर हाफिजगंज मार्ग के सुधार कार्य के लिए लाखों रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा भमौरा-आंवला मार्ग से सैंधा दिलीपपुर मार्ग, 

एनएच-530 से पैगानगरी गोरालोकनाथपुर बसंतपुर होते हुए गुलड़िया मार्ग और देवचरा प्रेमपुर-सहसा मार्ग पर सीसी सड़क व नाला निर्माण का काम भी कराया जाएगा। रम्पुरा-अलीगंज-सिरौली मार्ग और फरीदपुर-बीसलपुर मार्ग की मरम्मत के लिए भी विशेष बजट जारी किया गया है। इन परियोजनाओं से ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों में यातायात बेहतर होने की उम्मीद है।

पीलीभीत में संपर्क मार्गों को मिलेगी मजबूती

पीलीभीत जिले में भी कई संपर्क मार्गों और पुलिया निर्माण कार्यों के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत हुई है। माधोटांडा-कलीनगर-शाहगढ़-आसाम मार्ग पर आरसीसी बॉक्स कल्वर्ट और पहुंच मार्ग निर्माण के लिए लगभग 1.80 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।

इसके अलावा महादेव माती-सतीपुर संपर्क मार्ग, चका संपर्क मार्ग, आसपुर-जगदीशपुर मार्ग, कटैया पंडरी संपर्क मार्ग और नकटपुरा माइनर नहर संपर्क मार्ग की मरम्मत भी कराई जाएगी। कई गांवों को जोड़ने वाले इन मार्गों के सुधरने से ग्रामीणों को आवागमन में राहत मिलेगी।

शाहजहांपुर और बदायूं में भी सड़कें होंगी दुरुस्त

शाहजहांपुर जिले में बाढ़ से क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत को प्राथमिकता दी गई है। शहबाजनगर-रज्जबनगर संपर्क मार्ग समेत कई सड़कों के लिए बजट जारी किया गया है। वहीं विक्रमपुर से कुदिरना नहर पटरी मार्ग की मरम्मत भी कराई जाएगी।

बदायूं जिले में बसपुर फिरोजपुर-फत्तनपुर टप्पा हवेली मार्ग, कछला चौसिंगा पलिया ननाखेड़ा मार्ग और उझानी पटपरागंज भूड़ा भदरौल ककोड़ा मार्ग की विशेष मरम्मत के लिए धनराशि स्वीकृत हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर हो चुकी सड़कों को दुरुस्त करने से लोगों को बड़ी राहत मिलने की संभावना है।

शनि और चंद्रमा का प्रभाव: 4 राशियों के अच्छे दिन होंगे शुरू, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार शनि और चंद्रमा की विशेष युति इस समय एक शुभ योग का निर्माण कर रही है। इस ग्रह स्थिति का प्रभाव कुछ राशियों पर सकारात्मक रूप से देखने को मिल सकता है। माना जा रहा है कि यह समय मानसिक शांति, आर्थिक सुधार और करियर में प्रगति के नए अवसर लेकर आ सकता है। इस  परिवर्तन का सबसे अधिक लाभ 4 राशियों को मिलने की संभावना जताई जा रही है।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय धीरे-धीरे सुधार लेकर आ सकता है। रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है। नौकरी और व्यापार में स्थिरता के साथ आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी तनाव कम होने और संतुलन बनने के संकेत हैं।

कर्क राशि:

कर्क राशि के लिए यह ग्रह योग राहत देने वाला साबित हो सकता है। मानसिक तनाव में कमी आएगी और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलने की संभावना है। पुराने विवाद समाप्त होकर जीवन में स्थिरता आ सकती है।

तुला राशि:

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्र में प्रतिष्ठा मजबूत होने के संकेत हैं।

मकर राशि:

मकर राशि पर शनि का प्रभाव पहले से ही माना जाता है, ऐसे में यह योग और अधिक लाभकारी हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में सुधार और नई योजनाओं में सफलता के संकेत दिखाई दे रहे हैं। जीवन में स्थिरता बढ़ सकती है।

यूपी में बीएड छात्रों को नया फरमान, सख्त नियम लागू करने के आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने बीएड छात्रों को लेकर बड़ा बदलाव किया है। अब दो वर्षीय बीएड पाठ्यक्रम में इंटर्नशिप को अनिवार्य और अधिक व्यवस्थित कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से जारी नए निर्देशों के बाद पूरे राज्य में यह व्यवस्था सख्ती से लागू की जाएगी।

अब 20 सप्ताह की अनिवार्य इंटर्नशिप

नए नियमों के अनुसार बीएड प्रशिक्षुओं को कुल 20 सप्ताह की इंटर्नशिप करनी होगी। इसमें पहले वर्ष में 4 सप्ताह और दूसरे वर्ष में 16 सप्ताह की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग शामिल होगी। इस दौरान छात्रों को सीधे माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी शिक्षण क्षमता को व्यावहारिक अनुभव के साथ मजबूत किया जा सकेगा।

सरकारी स्कूलों को मिलेगी प्राथमिकता

इंटर्नशिप के लिए सबसे पहले राजकीय माध्यमिक विद्यालयों को प्राथमिकता दी जाएगी। अगर किसी बीएड कॉलेज के आसपास सरकारी स्कूल उपलब्ध नहीं हैं, तभी छात्रों को निजी स्कूलों में भेजा जाएगा। इस व्यवस्था से सरकारी स्कूलों में भी शिक्षण संसाधनों की कमी को कुछ हद तक पूरा किया जा सकेगा।

जिला स्तर पर होगा स्कूल आवंटन

हर जिले में बीएड कॉलेज अपने प्रशिक्षुओं की सूची जिला विद्यालय निरीक्षक को भेजेंगे। इसके बाद जिला विद्यालय निरीक्षक संबंधित छात्रों को इंटर्नशिप के लिए स्कूल आवंटित करेंगे। इस नई प्रक्रिया से इंटर्नशिप में पारदर्शिता और व्यवस्था दोनों सुनिश्चित होने की उम्मीद है।

शिक्षकों की कमी वाले स्कूलों को फायदा

जहां पर शिक्षकों की कमी है, वहां बीएड प्रशिक्षुओं को उनके विषय के अनुसार पढ़ाने का अवसर मिलेगा। इससे छात्रों को भी लाभ मिलेगा और प्रशिक्षुओं को वास्तविक कक्षा अनुभव प्राप्त होगा। पहले इंटर्नशिप की व्यवस्था स्पष्ट न होने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब यह प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित हो जाएगी।

एनसीटीई के नियम होंगे सख्ती से लागू

राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के निर्देशों के अनुसार सभी शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों को अब बहुविषयक उच्च शिक्षण संस्थान के रूप में विकसित किया जाएगा। 2030 तक सभी बीएड कॉलेजों को अन्य विषयों के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे शिक्षक प्रशिक्षण और अधिक व्यापक और गुणवत्तापूर्ण बन सके।

8वें वेतन आयोग: ग्रेड-पे 1800, 1900, 2000 वालों की नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के 8वें वेतन आयोग को लेकर देशभर के कर्मचारियों में काफी उत्सुकता है। खासकर ग्रेड-पे 1800, 1900 और 2000 वाले कर्मचारियों की नजर इस बात पर टिकी है कि उनकी सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत 1 जनवरी 2026 से नया वेतन ढांचा लागू होने की चर्चा है।

सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है और अब सबसे अहम मुद्दा फिटमेंट फैक्टर पर फैसला होना बाकी है, जो सीधे सैलरी बढ़ोतरी तय करेगा।

फिटमेंट फैक्टर क्या होगा खेल का असली आधार

सैलरी बढ़ोतरी का सबसे बड़ा आधार फिटमेंट फैक्टर माना जा रहा है। कर्मचारी संगठन जहां 3.83 तक के फैक्टर की मांग कर रहे हैं, वहीं विशेषज्ञों के अनुसार यह 1.92 से 2.28 के बीच रह सकता है। इसी आधार पर नई बेसिक सैलरी का अनुमान लगाया जा रहा है।

ग्रेड-पे 1800 वालों की अनुमानित सैलरी

वर्तमान में ग्रेड-पे 1800 (लेवल-1) वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग ₹18,000 है।

1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹34,560

2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹41,040

3.83 (यूनियन मांग): लगभग ₹69,000

इसका मतलब है कि निचले स्तर के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

ग्रेड-पे 1900 वालों की स्थिति

ग्रेड-पे 1900 (लेवल-2) वाले कर्मचारियों की वर्तमान बेसिक सैलरी लगभग ₹19,900 है।

1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹38,208

2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹45,372

3.83 फिटमेंट पर: लगभग ₹76,217

इस वर्ग को भी सैलरी में मजबूत बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है।

ग्रेड-पे 2000 वालों को कितना फायदा

ग्रेड-पे 2000 (लेवल-3) वाले कर्मचारियों की बेसिक सैलरी लगभग ₹21,700 है।

1.92 फिटमेंट पर: लगभग ₹41,664

2.28 फिटमेंट पर: लगभग ₹49,476

3.83 फिटमेंट पर: लगभग ₹83,111

इस कैटेगरी के कर्मचारियों की आय में भी बड़ा सुधार संभावित है।

महंगाई भत्ता और अन्य भत्तों में बदलाव

8वें वेतन आयोग लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में जोड़ दिया जाएगा और इसे शून्य से फिर शुरू किया जाएगा। इसके अलावा मकान किराया भत्ता (HRA) में भी बढ़ोतरी की संभावना है, जो शहर के हिसाब से 10% से 30% तक हो सकता है।

एरियर का भी मिल सकता है फायदा

अगर आयोग की सिफारिशें देर से लागू होती हैं, तो कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर मिलने की संभावना भी बन सकती है। इससे कर्मचारियों को एकमुश्त अतिरिक्त लाभ मिल सकता है।

यूपी में बनेंगे 2 नए ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विकास को नई रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में दो बड़े ग्रीनफील्ड कॉरिडोर बनाने की तैयारी तेज हो गई है। इन परियोजनाओं का उद्देश्य राज्य के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को बेहतर सड़क नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे आवागमन आसान होगा और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

पहला कॉरिडोर: कुशीनगर से वाराणसी तक कनेक्टिविटी

पहला ग्रीनफील्ड कॉरिडोर कुशीनगर, देवरिया, गाजीपुर होते हुए वाराणसी तक बनाया जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई लगभग 220 किलोमीटर होगी। इस परियोजना के तहत लोक निर्माण विभाग करीब 57 किलोमीटर का हिस्सा तैयार करेगा, जबकि बाकी निर्माण कार्य अन्य केंद्रीय एजेंसियों द्वारा किया जाएगा। इस कॉरिडोर से पूर्वांचल के कई जिलों को तेज और सुगम सड़क संपर्क मिलेगा, जिससे आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है।

दूसरा कॉरिडोर: सिद्धार्थनगर से प्रयागराज तक नया मार्ग

दूसरा ग्रीनफील्ड कॉरिडोर पिपरी, सिद्धार्थनगर से शुरू होकर प्रयागराज तक जाएगा। यह मार्ग राज्य के कई ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों को आपस में जोड़ेगा। इस कॉरिडोर का उद्देश्य उत्तर प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों के बीच सीधा और तेज संपर्क स्थापित करना है, जिससे यात्रा समय में कमी आएगी और विकास कार्यों को गति मिलेगी।

किन एजेंसियों की होगी भूमिका

इन दोनों परियोजनाओं के निर्माण में लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय मिलकर काम करेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि निर्माण कार्य समय पर पूरा हो और गुणवत्ता में किसी तरह की कमी न रहे।

किन जिलों को मिलेगा फायदा

इन ग्रीनफील्ड कॉरिडोर से कुशीनगर, देवरिया, गाजीपुर, वाराणसी, सिद्धार्थनगर, प्रयागराज और आसपास के कई जिलों को सीधा लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था बेहतर होने के साथ-साथ व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने लागू की नई व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए प्रीपेड स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त करने का फैसला लिया है। राज्य में बढ़ती शिकायतों और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब नए कनेक्शन भी पहले की तरह पोस्टपेड व्यवस्था के तहत ही दिए जाएंगे। इस फैसले से प्रदेश के करीब 75 लाख बिजली उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

प्रीपेड मीटर व्यवस्था क्यों हुई बंद

प्रदेश में केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर योजना के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा था। लेकिन कई जगहों पर उपभोक्ताओं की सहमति के बिना इन्हें प्रीपेड मोड में बदल दिया गया, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई। तकनीकी खामियों, अचानक बैलेंस खत्म होने और बिलिंग में गड़बड़ी जैसी समस्याओं के कारण उपभोक्ताओं में असंतोष देखने को मिला। इसी को देखते हुए सरकार ने व्यवस्था वापस लेने का निर्णय लिया।

सरकार के नए निर्देश क्या हैं

ऊर्जा मंत्री ने साफ किया है कि अब सभी स्मार्ट मीटर पोस्टपेड मोड में ही रहेंगे। जिन उपभोक्ताओं के मीटर पहले प्रीपेड में बदले गए थे, उन्हें अब वापस पोस्टपेड सिस्टम में लाया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि बिजली बिल हर माह की 10 तारीख तक दिया जाएगा, बिल भुगतान के लिए 15 दिन का समय मिलेगा और उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं। 

सिक्योरिटी मनी को लेकर नई व्यवस्था

सरकार ने यह भी निर्णय लिया है कि पोस्टपेड व्यवस्था में आने वाले उपभोक्ताओं को सिक्योरिटी राशि जमा करनी होगी। हालांकि इसे एक साथ लेने के बजाय चार किस्तों में वसूला जाएगा, ताकि उपभोक्ताओं पर एक साथ आर्थिक बोझ न पड़े।

बकाया बिल पर राहत

सरकार ने 30 अप्रैल तक के बकाया बिजली बिल को 10 किस्तों में जमा करने की सुविधा देने का भी फैसला किया है। केवल एक महीने का बकाया होने पर भी बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा, जिससे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।

शिकायत और बिल के लिए हेल्पलाइन

बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए अलग-अलग क्षेत्रों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं:

पूर्वांचल: 8010968292

मध्यांचल: 7669003409

पश्चिमांचल: 7859804803

दक्षिणांचल: 8010957826

केस्को: 8287835233

इन नंबरों पर कॉल कर उपभोक्ता अपने बिल और अन्य समस्याओं का समाधान पा सकते हैं।

कल सूर्य के प्रभाव में रहेंगी ये 5 राशियां, मिल सकता है बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार कल सूर्य की स्थिति कुछ विशेष राशियों पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकती है। सूर्य को ऊर्जा, आत्मविश्वास और सफलता का कारक माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति अनुकूल होती है तो व्यक्ति के जीवन में नए अवसर, मान-सम्मान और आर्थिक लाभ के योग बनते हैं।

कल का दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आ सकता है, जिसमें करियर, धन और सामाजिक जीवन में सुधार देखने को मिल सकता है।

1. सिंह राशि

सिंह राशि के स्वामी स्वयं सूर्य माने जाते हैं, इसलिए इस राशि पर इसका सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। कल का दिन आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी और व्यापार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और सम्मान में वृद्धि के संकेत हैं।

2. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव ऊर्जा और साहस बढ़ाने वाला रहेगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

3. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्यवृद्धि का संकेत दे सकता है। यात्रा या किसी नए कार्य की शुरुआत हो सकती है। शिक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह दिन संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में पुराने विवाद खत्म हो सकते हैं और नए प्रोजेक्ट में सफलता मिलने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव स्थिरता और आर्थिक लाभ का संकेत दे सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है।

IMD की चेतावनी: यूपी में तेज आंधी, बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी के बीच अब मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने 9 मई के लिए चेतावनी जारी करते हुए पूर्वांचल और आसपास के कई जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई है। इस बदलाव से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं प्रशासन ने सतर्क रहने की सलाह दी है।

50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं

मौसम विभाग के अनुसार कई जिलों में तेज हवाओं की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही धूल भरी आंधी और अचानक मौसम में बदलाव की संभावना भी जताई गई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें, क्योंकि तेज हवाओं के साथ जोखिम बढ़ सकता है।

इन जिलों में रहेगा सबसे ज्यादा असर

पूर्वांचल और आसपास के जिलों में मौसम का असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, मिर्जापुर, भदोही, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज और संत कबीर नगर। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

किसानों और आम लोगों को चेतावनी

मौसम विभाग ने किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों में काम करते समय मौसम को ध्यान में रखने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है। बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए खुले खेतों में काम करने से बचने को कहा गया है।

गर्मी से मिल सकती है बड़ी राहत

पिछले कई दिनों से उत्तर प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में तापमान लगातार बढ़ रहा था, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अब बारिश और तेज हवाओं के कारण तापमान में गिरावट आने की संभावना है, जिससे गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।

यूपी में 16 लाख किसानों के लिए बुरी खबर, रोकी गई PM Kisan की किस्त

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत करोड़ों किसानों को बड़ा झटका लगा है। राज्य के लगभग 16,56,252 किसान परिवारों की किस्तों के भुगतान पर फिलहाल अस्थायी रोक लगा दी गई है। यह कदम केंद्र सरकार द्वारा डेटा में पाई गई गड़बड़ियों के बाद उठाया गया है।

आपको बता दें की इस योजना के तहत पात्र किसानों को केंद्र सरकार के द्वारा सालाना 6,000 रुपये की सहायता तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है, लेकिन तकनीकी और दस्तावेजी त्रुटियों के कारण बड़ी संख्या में किसानों की किस्त अटक गई है।

क्यों रोकी गई किसानों की किस्त

कृषि विभाग द्वारा किए गए डेटा मिलान में कई तरह की खामियां सामने आई हैं, जिनके कारण भुगतान रोकना पड़ा है। मुख्य कारण इस प्रकार हैं:

1. वरासत संबंधी त्रुटियां

राज्य में 11,13,169 ऐसे मामले सामने आए हैं, जहां उत्तराधिकार के बाद भूमि का सही विवरण दर्ज नहीं किया गया है। मृतक किसान के नाम पर गलत पंजीकरण के कारण भुगतान रोक दिया गया है।

2. एक ही भूमि पर दो लाभार्थी

2,62,365 मामलों में एक ही जमीन पर वर्तमान और पूर्व मालिक दोनों का पंजीकरण पाया गया है, जिससे दोहरा लाभ लेने की स्थिति बन रही थी।

3. 1 फरवरी 2019 के बाद भूमि का अधूरा रिकॉर्ड

2,80,718 किसानों ने 2019 के बाद प्राप्त भूमि का पूरा विवरण पोर्टल पर दर्ज नहीं कराया, जिसके चलते उनके भुगतान पर भी रोक लगी है।

किसानों को करना होगा जरूरी सुधार कार्य

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित किसानों को अपनी फॉर्मर रजिस्ट्री और रिकॉर्ड को अपडेट करना अनिवार्य है। इसके लिए किसान निम्न प्रक्रिया अपनाएं:

पीएम किसान पोर्टल पर जाकर 'मिसिंग इनफॉर्मेशन अपडेट' करें। 

नजदीकी जन सेवा केंद्र से दस्तावेज अपलोड कराएं। 

सभी दस्तावेज स्पष्ट और सही होने चाहिए। 

गलत या अपठनीय दस्तावेज होने पर आवेदन अस्वीकार हो सकता है। 

केंद्र सरकार का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगा फसलों का सही दाम

नई दिल्ली। देशभर के किसानों के हित में केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण और सख्त फैसला लिया है। नई दिल्ली में हुई उच्चस्तरीय बैठक में केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने साफ निर्देश दिए कि अगर बाजार में फसल की कीमतें न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी से नीचे जाती हैं, तो सरकारी खरीद व्यवस्था में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

खरीद व्यवस्था को बनाया जाएगा मिशन मोड में

कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल खरीद प्रक्रिया को केवल औपचारिकता न मानकर एक मिशन की तरह चलाया जाए। उन्होंने कहा कि हर जिले में उत्पादन और संभावित आवक का आकलन कर पहले से ठोस योजना बनाई जाए। विशेष रूप से चना, मसूर, उड़द और सरसों जैसी दलहन और तिलहन फसलों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए हैं, क्योंकि कई जगहों पर इनका बाजार मूल्य एमएसपी से नीचे चल रहा है।

खरीद केंद्रों और भुगतान व्यवस्था में सुधार

बैठक में यह भी तय किया गया कि खरीद केंद्रों की संख्या, उनकी क्षमता और स्थानीय समस्याओं की नियमित निगरानी की जाएगी। किसानों को समय पर भुगतान को सबसे अहम मुद्दा मानते हुए 72 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त नियम बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

राज्यों के साथ बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में भुगतान में देरी और तकनीकी समस्याओं पर भी चर्चा हुई। सरकार ने कहा है कि केंद्र और राज्य मिलकर इन बाधाओं को जल्द दूर करेंगे ताकि किसानों को परेशानी न हो।

पारदर्शी और मजबूत व्यवस्था का लक्ष्य

कृषि मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य एक ऐसी खरीद प्रणाली तैयार करना है जो पूरी तरह पारदर्शी, जवाबदेह और प्रभावी हो। इसके लिए राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन महासंघ और राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ को भी सुधार प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।

बिहार में युवाओं को 3 बड़ी खुशखबरी, सरकारी नौकरियों की बौछार

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ तीन बड़ी भर्तियों की घोषणा की गई है। इन भर्तियों के जरिए कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर इंस्ट्रक्टर और हवलदार इंस्ट्रक्टर जैसे पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इससे राज्य के हजारों युवाओं को रोजगार का सुनहरा अवसर मिलने जा रहा है।

1. पटना हाईकोर्ट में कंप्यूटर ऑपरेटर की भर्ती

पटना उच्च न्यायालय ने कंप्यूटर ऑपरेटर सह टाइपिस्ट के 48 पदों पर भर्ती के लिए संक्षिप्त अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए किसी भी विषय में स्नातक पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 17 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 16 मई 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती खास तौर पर उन युवाओं के लिए सुनहरा मौका है जो न्यायिक व्यवस्था में तकनीकी पदों पर करियर बनाना चाहते हैं।

2. बीटीएससी में 726 इंस्ट्रक्टर पदों पर भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने इंस्ट्रक्टर के कुल 726 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को 34,800 रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जाएगा। इस भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता के रूप में स्नातक, डिप्लोमा या आईटीआई पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों की आयु सीमा 18 से 37 वर्ष निर्धारित की गई है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 15 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 15 मई 2026 तक चलेगी। यह भर्ती तकनीकी शिक्षा क्षेत्र में रोजगार का बड़ा अवसर लेकर आई है।

3. बीपीएसएससी में हवलदार इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के 122 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती के लिए 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 मई 2026 से शुरू होकर 1 जून 2026 तक चलेगी। यह भर्ती सुरक्षा और प्रशिक्षण क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम: प्रदेशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने बाढ़ नियंत्रण और प्रबंधन को लेकर बड़ा बदलाव शुरू किया है। अब पारंपरिक और महंगे तरीकों की जगह आधुनिक तकनीकों और नए मॉडल को अपनाया जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे न केवल करोड़ों रुपये की बचत होगी, बल्कि किसानों की जमीनों का बार-बार अधिग्रहण भी कम होगा।

3 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिला फायदा

राज्य सरकार के मुताबिक बाढ़ प्रभावित जिलों में नए मॉडल के जरिए करीब 40.72 लाख हेक्टेयर भूमि को सुरक्षित किया गया है। इससे 3 करोड़ से अधिक लोगों को राहत मिली है। सरकार अब इस मॉडल को और ज्यादा जिलों में लागू करने की तैयारी कर रही है ताकि हर साल आने वाली बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।

नदियों से निकाली गई भारी मात्रा में गाद

बाढ़ नियंत्रण विभाग ने इंजीनियरों के साथ मिलकर घाघरा, शारदा और सुहेली जैसी नदियों के कई हिस्सों में गाद निकालने का अभियान चलाया। करीब 9 से 16 किलोमीटर तक नदी मार्ग की सफाई कर उनकी जल वहन क्षमता बढ़ाई गई। इससे मानसून के दौरान पानी का दबाव कम होगा और आसपास के गांवों को राहत मिल सकेगी।

किसानों को होगा सीधा फायदा

सरकार का कहना है कि नए मॉडल से हर साल मिट्टी के बांध और तटबंध बनाने के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण की जरूरत कम पड़ेगी। इसका सीधा फायदा किसानों को मिलेगा। पहले कई इलाकों में बाढ़ नियंत्रण कार्यों के कारण किसानों की जमीन प्रभावित होती थी, लेकिन अब वैकल्पिक मॉडल अपनाने से इस समस्या को कम करने की कोशिश की जा रही है।

ड्रोन और सेंसर से होगी निगरानी

सरकार वर्ष 2026 से बाढ़ नियंत्रण के लिए ड्रोन और सेंसर आधारित निगरानी व्यवस्था शुरू करने की तैयारी कर रही है। उच्च जोखिम वाले नदी क्षेत्रों की लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी ताकि समय रहते खतरे की पहचान कर कार्रवाई की जा सके।

8 साल में पूरी हुईं 1665 परियोजनाएं

सरकार के अनुसार पिछले 8 वर्षों में प्रदेश में 1665 से अधिक बाढ़ नियंत्रण परियोजनाएं पूरी की गई हैं। इसके अलावा 60 से ज्यादा नदियों से गाद निकालने और कई नई नहरों के निर्माण का काम भी किया गया है। सरकार का उद्देश्य पुराने और महंगे मॉडलों पर निर्भरता कम कर आधुनिक और कम खर्च वाले समाधान अपनाना है, ताकि बाढ़ से होने वाले नुकसान को स्थायी रूप से कम किया जा सके।

रेलवे कर्मचारियों की सैलरी में बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से लागू नई दरें जारी

नई दिल्ली। भारतीय रेलवे में काम करने वाले लाखों ठेका कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। रेलवे बोर्ड ने महंगाई भत्ते (डीए) और परिवर्तनशील महंगाई भत्ते (वीडीए) में संशोधन करते हुए नई मजदूरी दरें लागू कर दी हैं। यह बदलाव 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है, जिससे अब श्रमिकों की दैनिक आय में सीधा इजाफा देखने को मिलेगा।

महंगाई के आधार पर बढ़ी मजदूरी

रेलवे बोर्ड द्वारा यह संशोधन औद्योगिक कामगारों के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई-आईडब्ल्यू) में आई वृद्धि को ध्यान में रखकर किया गया है। इस सूचकांक में 11.28 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई थी, जिसके बाद वेतन दरों को संशोधित करने का निर्णय लिया गया। नई दरों के अनुसार श्रमिकों की श्रेणी और कार्य क्षेत्र के हिसाब से प्रतिदिन की मजदूरी में औसतन ₹40 से ₹80 तक की बढ़ोतरी की गई है।

निर्माण और लोडिंग-अनलोडिंग में नई दरें

अकुशल श्रमिकों की दैनिक मजदूरी अब एरिया ए में ₹827 तक पहुंच गई है, जो पहले इससे कम थी। इसी तरह अर्ध-कुशल श्रमिकों की मजदूरी बढ़कर ₹918 प्रतिदिन हो गई है। कुशल श्रमिकों को अब ₹1008 प्रतिदिन और अति-कुशल श्रमिकों को ₹1094 प्रतिदिन तक भुगतान किया जाएगा। एरिया बी और एरिया सी में भी इसी अनुपात में बढ़ोतरी की गई है, जहां पहले के मुकाबले हर श्रेणी में औसतन ₹50 से ₹70 प्रतिदिन का फायदा हुआ है।

सुरक्षा कर्मियों को भी बड़ा फायदा

रेलवे में कार्यरत सुरक्षा गार्डों की मजदूरी में भी संशोधन किया गया है। बिना हथियार वाले सुरक्षा कर्मियों की दैनिक मजदूरी अब लगभग ₹1000 तक पहुंच गई है, जबकि हथियारधारी गार्डों को इससे अधिक दर पर भुगतान किया जाएगा। यह बढ़ोतरी सुरक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक राहत मानी जा रही है।

शहरों के आधार पर तय हुई मजदूरी

रेलवे ने पूरे देश को तीन श्रेणियों में बांटा है। एरिया ए में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगर आते हैं, जहां मजदूरी सबसे अधिक है। एरिया बी में मध्यम श्रेणी के शहर शामिल हैं, जबकि एरिया सी में छोटे शहर और अन्य क्षेत्र आते हैं। महानगरों में श्रमिकों को अन्य क्षेत्रों की तुलना में प्रतिदिन लगभग ₹150 से ₹200 तक अधिक मजदूरी मिल रही है।

मासिक आय पर सीधा असर

नई दरों का असर श्रमिकों की मासिक आय पर भी साफ दिखाई देगा। औसतन: अकुशल श्रमिकों की मासिक आय में ₹1200 से ₹1800 तक बढ़ोतरी, कुशल श्रमिकों की आय में ₹1800 से ₹2500 तक की वृद्धि, अति-कुशल श्रमिकों की आय में ₹2500 से ₹3000 तक का इजाफा। इस बढ़ोतरी से श्रमिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है।

ठेकेदारों पर सख्त निगरानी

रेलवे बोर्ड ने साफ निर्देश दिए हैं कि सभी ठेकेदारों को संशोधित दरों के अनुसार ही मजदूरी का भुगतान करना होगा। रेलवे को प्रमुख नियोक्ता मानते हुए यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है कि किसी भी कर्मचारी को कम वेतन न मिले। यदि कोई ठेकेदार नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों को पेंशन, प्रोमोशन, छुट्टियों के लिए खुशखबरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आने वाले दिन बेहद अहम साबित हो सकते हैं। देश के करीब 1.19 करोड़ कर्मचारियों और सेवानिवृत्त लोगों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच उच्च स्तरीय बैठक होने जा रही है। इस बैठक में वेतन, पेंशन, प्रमोशन, भत्ते और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े कई बड़े फैसलों पर चर्चा होने की संभावना है।

यह बैठक 11 मई 2026 को दिल्ली में कैबिनेट सचिवालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में दोपहर 3 बजे आयोजित होगी। इसकी अध्यक्षता कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन करेंगे। नेशनल काउंसिल (जेसीएम) की इस अहम बैठक में कुल 24 प्रमुख मुद्दों पर विचार किया जाएगा। इनमें कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांगें शामिल हैं, जिनका सीधा असर उनकी सैलरी, प्रमोशन और पेंशन पर पड़ सकता है।

सैलरी और भत्तों में सुधार की मांग

कर्मचारी संगठनों की सबसे बड़ी मांग वेतन विसंगतियों को दूर करने की है। इसके तहत शिक्षा और चिकित्सा भत्तों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने की बात कही जा रही है। इसके अलावा अस्पतालों में वास्तविक खर्च की पूरी प्रतिपूर्ति की मांग भी प्रमुख एजेंडे में शामिल है। अभी कई बार कर्मचारियों को इलाज के दौरान अतिरिक्त खर्च खुद उठाना पड़ता है, जिसे खत्म करने की मांग की जा रही है।

पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत की उम्मीद

पेंशनभोगियों के लिए भी कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे गए हैं। इनमें सबसे अहम मांग अतिरिक्त पेंशन की शुरुआत को लेकर है। प्रस्ताव के अनुसार: 65 वर्ष की आयु पर 5 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन, 70 वर्ष पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन, 75 वर्ष पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त पेंशन। इसके अलावा, जिन पेंशनर्स को केंद्रीय स्वास्थ्य योजना का लाभ नहीं मिलता, उनके लिए मासिक चिकित्सा भत्ता बढ़ाने की भी मांग है।

प्रमोशन और नौकरी से जुड़े बदलाव

कर्मचारियों के प्रमोशन सिस्टम में भी सुधार की मांग की जा रही है। इसमें यह सुझाव दिया गया है कि यदि विभागीय पदोन्नति में देरी होती है, तो कर्मचारियों को पिछली तारीख से लाभ दिया जाए। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति की सीमा हटाने और न्यूनतम सेवा अवधि को कम करने की भी बात चल रही है, ताकि कर्मचारियों को जल्दी पदोन्नति मिल सके।

चिकित्सा सुविधाओं में सुधार की मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि चिकित्सा सुविधाओं को और बेहतर बनाया जाना चाहिए। इसमें दांतों के इलाज, डेंचर और अन्य चिकित्सा खर्चों की पूरी प्रतिपूर्ति की मांग की गई है। इसके अलावा, सेवारत कर्मचारियों को अपने परिवार के चिकित्सा लाभ के लिए अधिक विकल्प देने पर भी विचार किया जा सकता है।

महिला कर्मचारियों और संविदा कर्मियों के मुद्दे

महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व अवकाश को लेकर भी चर्चा होगी। प्रस्ताव है कि दो से अधिक बच्चों की स्थिति में भी मातृत्व अवकाश का लाभ दिया जाए। वहीं, संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों को नियमित करने और समान काम के लिए समान वेतन देने की मांग भी एजेंडे में शामिल है।

कर्मचारियों और पेंशनर्स पर क्या हो सकता है असर?

अगर इन मांगों पर सहमति बनती है, तो केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यह बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। इससे न केवल उनकी आय और सुविधाएं बढ़ेंगी, बल्कि नौकरी की सुरक्षा और भविष्य की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।

यूपी में बनेगा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे: इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में विकास की रफ्तार को और तेज करने के लिए आगरा-अलीगढ़ ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे परियोजना पर काम आगे बढ़ाया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तेजी दिखाई दे रही है। हाल ही में अधिकारियों की टीम ने प्रस्तावित मार्ग और जमीन अधिग्रहण से जुड़े क्षेत्रों का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान कई गांवों में जाकर अधिकारियों ने जमीन की स्थिति और संभावित निर्माण क्षेत्र का जायजा लिया। इस परियोजना से जुड़े जिलों में सड़क कनेक्टिविटी बेहतर होने और आर्थिक गतिविधियों में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।

किन गांवों और क्षेत्रों का हुआ निरीक्षण

अधिकारियों की टीम ने मलूपुर, रामनगर, पेतखेड़ा और खंदौली जैसे गांवों का दौरा किया। इस दौरान प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के लिए चिन्हित जमीन और किसानों की भूमि का विस्तृत निरीक्षण किया गया। मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी पहलुओं को भी समझा और आगे की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए।

किसानों की सबसे बड़ी चिंता मुआवजे को लेकर

इस परियोजना के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा मुआवजे का सामने आया। किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि उनकी उपजाऊ जमीन के बदले तय की गई दरें बहुत कम हैं और इससे उन्हें नुकसान होगा। किसानों का कहना है कि कई जगहों पर जमीन का सर्किल रेट पहले से ही काफी अधिक है, जबकि अधिग्रहण के लिए तय दरें उससे काफी कम रखी गई हैं। मलूपुर, रामनगर और पेतखेड़ा क्षेत्र के किसानों ने अलग-अलग दरों पर आपत्ति जताते हुए इसे असंतोषजनक बताया।

वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया

निरीक्षण के दौरान मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों ने किसानों को आश्वासन दिया कि किसी भी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। प्रशासन ने कहा कि मुआवजे की दरों की समीक्षा की जाएगी और किसानों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे किसानों की आपत्तियों को गंभीरता से लेकर समाधान की प्रक्रिया को तेज करें।

CM सम्राट का बड़ा ऐलान: आश्रितों को 4-4 लाख रुपए का अनुदान

पटना। प्रदेश में हाल ही में वज्रपात, आंधी-तूफान और पेड़ गिरने की घटनाओं में पांच लोगों की दर्दनाक मौत के बाद सरकार ने बड़ा राहत कदम उठाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मृतकों के परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए प्रत्येक आश्रित को चार-चार लाख रुपये का अनुग्रह अनुदान देने का निर्देश दिया है। यह निर्णय आपदा की इस कठिन घड़ी में प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहारा देने के उद्देश्य से लिया गया है।

अलग-अलग जिलों में हुईं दर्दनाक घटनाएं

प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में मौसम की अचानक बिगड़ी स्थिति के कारण कई हादसे हुए। वज्रपात की घटनाएं भोजपुर और पटना में सामने आईं, जबकि आंधी-तूफान और पेड़ गिरने से पटना और वैशाली जिलों में भी जानमाल का नुकसान हुआ। इन घटनाओं में कुल पांच लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

मुख्यमंत्री का शोक संदेश और राहत निर्देश

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि सरकार इस दुख की घड़ी में हर प्रभावित परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि राहत राशि जल्द से जल्द पात्र परिवारों तक पहुंचाई जाए, ताकि उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता मिल सके। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपदा से प्रभावित लोगों को किसी भी प्रकार की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी।

लोगों से सतर्क रहने की अपील

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतें और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा समय-समय पर जारी किए जा रहे दिशा-निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है, ताकि जानमाल के नुकसान से बचा जा सके।

आपदा प्रबंधन व्यवस्था पर जोर

सरकार ने आपदा प्रबंधन तंत्र को और सक्रिय करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को कहा गया है कि मौसम संबंधी अलर्ट पर तुरंत कार्रवाई की जाए और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेजी से चलाया जाए।

आज शनि की विशेष चाल, 4 राशियों के लिए खुल सकता है भाग्य का दरवाजा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है। उनकी चाल और स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में जरूर पड़ता है। आज का दिन शनि की विशेष चाल के कारण कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ सकता है। माना जा रहा है कि आज शनि की स्थिति से 4 राशियों के जीवन में भाग्य का दरवाजा खुल सकता है और लंबे समय से रुके हुए कामों में गति आ सकती है।

इन 4 राशियों पर रहेगा शनि का विशेष आशीर्वाद

1. मकर राशि

मकर राशि शनि देव की ही राशि मानी जाती है। आज इस राशि के जातकों के लिए समय अनुकूल रहेगा। नौकरी और व्यापार में रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और पुराने अटके हुए पैसे मिलने की संभावना बन रही है।

2. कुंभ राशि

कुंभ राशि पर भी शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है। आज इस राशि के लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ेगा और किसी बड़े प्रोजेक्ट में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं।

3. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए आज का दिन धन लाभ लेकर आ सकता है। व्यापार में लाभ और निवेश से फायदा होने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी शांति और संतुलन बना रहेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए शनि की यह चाल राहत देने वाली हो सकती है। लंबे समय से चल रही परेशानियों में कमी आएगी और नए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

शनि की कृपा से बदल सकता है भाग्य

शनि देव की चाल को ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। जब शनि अनुकूल होते हैं तो व्यक्ति के जीवन में स्थिरता, सफलता और आर्थिक सुधार के योग बनते हैं। वहीं, गलत स्थिति में शनि चुनौतियां भी बढ़ा सकते हैं। आज का दिन इन चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आया है, जिससे उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

बिहार के नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार के 11 बड़े फैसले, लोगों के लिए खुशखबरी

पटना। बिहार में स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी संभालते ही नए स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एक्शन मोड में नजर आए। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत और पारदर्शी बनाने के लिए 11 महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। इन फैसलों को राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की नीति

निशांत कुमार ने साफ कहा कि स्वास्थ्य विभाग में भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी। उन्होंने जीरो टॉलरेंस नीति अपनाने का निर्देश दिया है, ताकि मरीजों को बिना किसी परेशानी के बेहतर और पारदर्शी सेवाएं मिल सकें।

डिजिटल हेल्थ सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

मरीजों के पूरे मेडिकल रिकॉर्ड को डिजिटल बनाने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही आयुष चिकित्सा पद्धति से इलाज कराने वाले मरीजों का भी डिजिटल डेटा तैयार किया जाएगा, जिससे इलाज की निगरानी और सुविधा दोनों बेहतर हो सकें।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर

ग्रामीण क्षेत्रों में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और खाली पदों को भरने पर जोर दिया गया है। डॉक्टरों को प्रोत्साहन देकर दूरदराज क्षेत्रों में सेवा देने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार

राज्य के अस्पतालों में दवाइयों, मेडिकल उपकरणों और जांच सुविधाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती पर जोर

जिला अस्पतालों में न्यूरोलॉजी और कार्डियोलॉजी जैसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवा उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है, ताकि मरीजों को गंभीर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

मरीजों से फीडबैक सिस्टम होगा मजबूत

अब अस्पतालों में इलाज के बाद मरीजों से फीडबैक लिया जाएगा। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया जा सकेगा और सुधार की दिशा तय होगी।

ट्रॉमा सेंटर और इमरजेंसी सेवाओं में सुधार

सड़क हादसों में घायल लोगों को बेहतर इलाज देने के लिए ट्रॉमा सेंटर को मानकों के अनुसार सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस की व्यवस्था भी बढ़ाई जाएगी।

ऑपरेशन थिएटर की सफाई पर सख्ती

अस्पतालों में ऑपरेशन थिएटर की साफ-सफाई और मानकों के पालन को अनिवार्य किया गया है। इससे संक्रमण और अन्य स्वास्थ्य जोखिमों को कम करने में मदद मिलेगी।

पीने के पानी और बीमारी रोकथाम पर फोकस

मंत्री ने आर्सेनिक और आयरन युक्त पानी से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए पीएचईडी विभाग के साथ समन्वय कर पानी की गुणवत्ता सुधारने पर काम किया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं को जनता के लिए आसान बनाने का लक्ष्य

मंत्री ने कहा कि पूरा स्वास्थ्य सिस्टम जनता के लिए अधिक सरल, सुलभ और उपयोगी बनाया जाएगा। गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लोगों को दूसरे राज्यों में न जाना पड़े, इस पर विशेष काम किया जाएगा।

यूपी में राशन कार्डधारकों को खुशखबरी, 14 मई तक मिलेगा मुफ्त राशन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के करोड़ों राशन कार्डधारकों को बड़ी राहत देते हुए मुफ्त राशन वितरण की समय सीमा बढ़ा दी है। अब पात्र परिवार 14 मई 2026 तक अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं। पहले यह वितरण 8 मई तक ही निर्धारित था, लेकिन कई जिलों में काम पूरा न होने के कारण सरकार ने अवधि बढ़ाने का फैसला लिया है।

अंत्योदय और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को मिलेगा लाभ

अंत्योदय कार्डधारकों को प्रति परिवार 35 किलो राशन दिया जा रहा है, जिसमें 14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल शामिल है। वहीं पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट 5 किलो राशन मिल रहा है, जिसमें 2 किलो गेहूं और 3 किलो चावल शामिल है।

वितरण की समय सीमा और व्यवस्था

मई महीने के राशन का वितरण 24 अप्रैल 2026 से शुरू किया गया था। अब यह प्रक्रिया 14 मई तक जारी रहेगी। राशन वितरण सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें। सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि सभी राशन दुकानों पर पोर्टेबिलिटी सुविधा उपलब्ध रहे, जिससे लाभार्थी किसी भी उचित मूल्य की दुकान से राशन ले सकें।

ओटीपी आधारित व्यवस्था से पारदर्शिता

राशन वितरण को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए अब ओटीपी आधारित प्रणाली भी लागू की गई है। इसके तहत लाभार्थी अपने मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के जरिए राशन प्राप्त कर सकते हैं। इससे फर्जीवाड़े की संभावना कम होगी और वास्तविक लाभार्थियों तक सुविधा पहुंचेगी।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी

यदि किसी लाभार्थी को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कल बनेगा ग्रहण योग, 4 राशियों के लिए बढ़ सकती हैं मुश्किलें और तनाव

राशिफल। 10 मई 2026 (रविवार) को ज्योतिषीय दृष्टि से एक विशेष स्थिति बनने जा रही है, जिसे ग्रहण योग यानी चंद्रमा और राहु की युति के रूप में देखा जा रहा है। ज्योतिष के अनुसार यह योग कुछ राशियों के लिए चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां पैदा कर सकता है। इस दौरान मानसिक तनाव, कार्यों में रुकावट और निर्णय लेने में भ्रम जैसी स्थितियां बन सकती हैं।

पंचांग के अनुसार इस दिन वद अष्टमी तिथि दोपहर 3:06 बजे तक रहेगी, जिसके बाद नवमी तिथि प्रारंभ होगी। इसी समय ग्रहों की स्थिति कुछ राशियों पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकती है।

इन 4 राशियों पर रह सकता है नकारात्मक असर

1. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों को मानसिक तनाव और कार्यों में बाधा का सामना करना पड़ सकता है। किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी से बचने की सलाह दी जाती है।

2. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह समय भावनात्मक उतार-चढ़ाव लेकर आ सकता है। पारिवारिक और व्यक्तिगत जीवन में अस्थिरता महसूस हो सकती है।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में रुकावट और अनावश्यक विवादों का सामना करना पड़ सकता है। धैर्य बनाए रखना जरूरी होगा।

4. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह योग मानसिक दबाव और निर्णय लेने में भ्रम की स्थिति पैदा कर सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

मर्दों के लिए बेस्ट हैं ये 4 जूस, ऊर्जा और स्टैमिना में दिखेगा बदलाव

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में थकान, कमजोरी और कम ऊर्जा की समस्या आम हो गई है। खासकर पुरुषों में काम का दबाव, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण स्टैमिना पर असर देखने को मिलता है। ऐसे में प्राकृतिक और पौष्टिक जूस शरीर को ऊर्जा देने और फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकते हैं।

दरअसल, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार कुछ प्राकृतिक जूस ऐसे हैं जो शरीर की ताकत बढ़ाने, थकान कम करने और स्टैमिना सुधारने में सहायक हो सकते हैं। ये जूस नियमित रूप से संतुलित मात्रा में लेने पर शरीर को फायदा पहुंचा सकते हैं।

1. अनार का जूस

अनार का जूस शरीर के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स रक्त संचार को बेहतर बनाते हैं, जिससे शरीर में ऊर्जा बनी रहती है। यह थकान कम करने और स्टैमिना बढ़ाने में मदद कर सकता है।

2. चुकंदर का जूस

चुकंदर का जूस शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए जाना जाता है। यह रक्त प्रवाह को सुधारकर मांसपेशियों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है, जिससे शारीरिक क्षमता और सहनशक्ति बढ़ती है।

3. गाजर और सेब का जूस

गाजर और सेब का मिश्रित जूस शरीर को विटामिन और मिनरल्स प्रदान करता है। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है और शरीर को लंबे समय तक सक्रिय बनाए रखने में मदद करता है।

4. आंवला जूस भी फायदेमंद

आंवला जूस विटामिन सी का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ थकान कम करने और ऊर्जा स्तर को बेहतर बनाने में सहायक होता है।