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बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! 9500+ पदों पर होगी भर्ती

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य के विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में लंबे समय से खाली पड़े सहायक प्रोफेसर के हजारों पदों को भरने की दिशा में सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार आगे बढ़ता है, तो आने वाले महीनों में 9,500 से अधिक पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे उच्च शिक्षा संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर होने के साथ-साथ योग्य अभ्यर्थियों को बड़े पैमाने पर रोजगार का अवसर मिलेगा।

डिग्री कॉलेजों में सबसे पहले शुरू होगी भर्ती

राज्य के सरकारी डिग्री कॉलेजों में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति को प्राथमिकता दी जा रही है। जानकारी के अनुसार, 211 डिग्री कॉलेजों में 2,532 सहायक प्रोफेसर पदों को भरने की तैयारी अंतिम चरण में है। संबंधित विभाग ने रिक्तियों का विवरण और आरक्षण रोस्टर तैयार कर लिया है, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

विश्वविद्यालयों में भी खुलेंगे हजारों पद

डिग्री कॉलेजों के अलावा राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में भी बड़े पैमाने पर नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की योजना है। अनुमान है कि करीब 7,000 सहायक प्रोफेसर पदों पर भर्ती की जाएगी। विश्वविद्यालयों में नियमित नियुक्ति के लिए आवश्यक नियम और प्रक्रिया तैयार की जा चुकी है। इससे लंबे समय से लंबित भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ माना जा रहा है।

चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा अहम

इस बार नियमित सहायक प्रोफेसर बनने के लिए केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होगी। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परीक्षा के प्रदर्शन के आधार पर आगे की चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य भर्ती को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित बनाना है।

पहले संविदा शिक्षकों की होगी तैनाती

नियमित भर्ती शुरू होने से पहले संविदा सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इन शिक्षकों के कार्यभार संभालने के बाद कॉलेजों में तत्काल शिक्षकों की कमी कुछ हद तक दूर होगी। इसके बाद नियमित भर्ती के माध्यम से स्थायी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जिससे उच्च शिक्षा व्यवस्था को लंबे समय तक मजबूती मिलने की उम्मीद है।

अभ्यर्थियों को क्या करना चाहिए?

जो उम्मीदवार सहायक प्रोफेसर बनने का सपना देख रहे हैं, उन्हें अपनी विषयगत तैयारी के साथ-साथ पात्रता संबंधी नियमों और भर्ती प्रक्रिया पर नजर बनाए रखनी चाहिए। आधिकारिक विज्ञापन जारी होने के बाद आवेदन की तिथि, परीक्षा पैटर्न और आवश्यक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।

केंद्र सरकार की जबरदस्त स्कीम, 300 यूनिट फ्री बिजली और बंपर सब्सिडी

नई दिल्ली। बिजली के बढ़ते खर्च के बीच केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है। इस योजना का उद्देश्य देशभर के घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाकर लोगों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही पात्र परिवारों को सब्सिडी का लाभ भी दिया जाता है, जिससे सोलर प्लांट लगवाने की लागत काफी कम हो जाती है।

सरकार के अनुसार, योजना को शुरू हुए दो वर्ष पूरे होने तक देश में 50 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाए जा चुके हैं। इससे न केवल बिजली की बचत हो रही है, बल्कि कई परिवार अतिरिक्त बिजली बेचकर अतिरिक्त आय भी कमा रहे हैं।

योजना से क्या मिलते हैं फायदे?

पीएम सूर्य घर योजना का सबसे बड़ा लाभ यह है कि पात्र उपभोक्ताओं को हर महीने 300 यूनिट तक बिजली की बचत का लाभ मिल सकता है। यदि सोलर सिस्टम पर्याप्त बिजली पैदा करता है, तो मासिक बिजली बिल काफी कम या कई मामलों में शून्य तक हो सकता है। इसके अलावा सरकार सोलर प्लांट लगाने के लिए निर्धारित क्षमता के अनुसार सब्सिडी भी देती है। इससे शुरुआती खर्च कम हो जाता है और आम परिवार भी आसानी से सोलर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित होते हैं।

योजना ने बनाया नया रिकॉर्ड

रूफटॉप सोलर लगाने की रफ्तार पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, लाखों नए परिवार इस योजना से जुड़े हैं और एक ही महीने में रिकॉर्ड संख्या में सोलर इंस्टॉलेशन किए गए। इससे यह साफ है कि लोग अब पारंपरिक बिजली पर निर्भर रहने के बजाय सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दे रहे हैं। सरकार ने लाभार्थियों के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये की सब्सिडी भी जारी की है।

बिजली बेचकर भी हो सकती है कमाई

यदि आपके घर का सोलर सिस्टम आपकी जरूरत से अधिक बिजली पैदा करता है, तो अतिरिक्त बिजली को बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) के माध्यम से ग्रिड में भेजा जा सकता है। इसके बदले उपभोक्ता को निर्धारित नियमों के अनुसार भुगतान मिलता है। यानी यह योजना केवल बिजली बचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि कई परिवारों के लिए अतिरिक्त आय का भी माध्यम बन रही है।

आसान लोन की सुविधा भी उपलब्ध है

जिन परिवारों के लिए एकमुश्त सोलर सिस्टम लगवाना कठिन है, उनके लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे कम लागत में सोलर प्लांट लगवाना आसान हो जाता है और धीरे-धीरे बिजली की बचत से इसकी लागत की भरपाई भी हो सकती है।

पीएम सूर्य घर योजना के लिए आवेदन कैसे करें?

इस योजना का आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन किया जा सकता है। सबसे पहले आधिकारिक पोर्टल पर जाकर मोबाइल नंबर से पंजीकरण करें। ओटीपी सत्यापन के बाद अपनी प्रोफाइल बनाएं और राज्य, जिला तथा अन्य आवश्यक जानकारी भरें। इसके बाद "Apply for Solar Rooftop" विकल्प चुनकर अपना DISCOM और उपभोक्ता नंबर दर्ज करें। आवेदन जमा होने के बाद तकनीकी स्वीकृति मिलने पर पंजीकृत विक्रेता का चयन करें।

सीएम योगी के 5 बड़े फैसले, यूपीवासियों के लिए नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के पहले अनुपूरक बजट के साथ कई ऐसी घोषणाएं की हैं, जिनका सीधा असर आम जनता के जीवन पर पड़ सकता है। इस बजट में केवल अतिरिक्त धनराशि का प्रावधान ही नहीं किया गया है, बल्कि सामाजिक कल्याण, रोजगार, श्रमिक सुरक्षा, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और पारदर्शी प्रशासन पर भी विशेष जोर दिया गया है। सरकार का दावा है कि इन फैसलों से प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी और अलग-अलग वर्गों को सीधा लाभ मिलेगा।

1. वरिष्ठ महिलाओं को यात्रा खर्च से राहत

सरकार ने 60 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा की योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस पहल का उद्देश्य बुजुर्ग महिलाओं को आर्थिक राहत देने के साथ-साथ उन्हें अधिक स्वतंत्र और सुविधाजनक आवागमन उपलब्ध कराना है।

2. मजदूरों की आय और अधिकार होंगे मजबूत

सरकार श्रमिकों के वेतन नियमों में बदलाव की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद प्रत्येक पात्र कर्मचारी को तय न्यूनतम मजदूरी का अधिकार मिलेगा। साथ ही समान काम करने वाले कर्मचारियों को समान वेतन देने के सिद्धांत को भी मजबूती मिलेगी। ओवरटाइम करने वाले कर्मचारियों को पहले से अधिक भुगतान मिलने की संभावना है। इसके अलावा वेतन संरचना में बदलाव से कर्मचारियों के भविष्य निधि, ग्रेच्युटी और अन्य सेवा लाभों पर भी सकारात्मक असर पड़ सकता है।

3. प्रतियोगी परीक्षाओं में सुरक्षा होगी और मजबूत

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग बढ़ाया जाएगा। परीक्षा प्रक्रिया को डिजिटल रूप से अधिक मजबूत करने और गोपनीयता बनाए रखने के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस कदम से लाखों अभ्यर्थियों को निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली मिलने की उम्मीद है और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल सकती है।

4. एक्सप्रेसवे के किनारे बसेंगे नए औद्योगिक केंद्र

प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे से जुड़े इलाकों को औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की दिशा में सरकार ने एक और कदम बढ़ाया है। इन क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जल निकासी और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा ताकि उद्योगों को बेहतर माहौल मिल सके। यदि योजनाएं तय समय पर पूरी होती हैं तो आसपास के जिलों में निवेश बढ़ने के साथ स्थानीय कारोबार को भी नई मजबूती मिल सकती है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को फायदा होगा।

5 .प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्र में विकास परियोजनाओं को रफ्तार

सरकार ने प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण का दायरा बढ़ाकर आठ जिलों तक करने का निर्णय लिया है। इससे इन क्षेत्रों में सड़क, औद्योगिक परियोजनाओं, आवास, शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास की योजनाओं को गति मिलने की संभावना है।

सावन में बना नवपंचम राजयोग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के प्रबल योग

राशिफल। सावन का पवित्र महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस बार 7 अगस्त को बनने वाला नवपंचम राजयोग ज्योतिष की दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। जब दो प्रमुख ग्रह एक-दूसरे से पंचम और नवम भाव के संबंध में आते हैं, तब नवपंचम राजयोग का निर्माण होता है। यह योग ज्ञान, भाग्य, धन, करियर और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत देता है। माना जाता है कि इस शुभ संयोग का प्रभाव कई राशियों पर पड़ेगा, लेकिन चार राशियों के लिए यह समय विशेष रूप से लाभकारी रह सकता है।

1. मेष राशि

नवपंचम राजयोग मेष राशि वालों के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों और लाभदायक सौदों से फायदा होने की संभावना है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह राजयोग आत्मविश्वास और सम्मान में वृद्धि का संकेत देता है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति या वेतन वृद्धि की संभावना बन सकती है। यदि आप नया व्यवसाय शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए नवपंचम राजयोग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरी बदलने की सोच रहे लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे और आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने से भविष्य की योजनाओं पर काम करना आसान होगा। परिवार के साथ धार्मिक यात्रा या शुभ आयोजन का अवसर भी मिल सकता है।

4. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल दिलाने वाला साबित हो सकता है। करियर में प्रगति, नई जिम्मेदारियां और सफलता के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में पुराने निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा और बचत बढ़ाने में सफलता मिल सकती है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा तथा घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहेगा। स्वास्थ्य में भी पहले की अपेक्षा सुधार महसूस हो सकता है।

कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अब वेतन और भत्तों में नहीं होगी देरी, सरकार का सख्त निर्देश जारी

रांची। झारखंड सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के वेतन और नियत भत्तों के भुगतान में हो रही देरी को खत्म करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। वित्त विभाग ने सभी विभागों, प्रमंडलीय आयुक्तों, उपायुक्तों और कोषागार अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि कर्मचारियों का वेतन निर्धारित समय पर उनके खातों में पहुंचना चाहिए। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वेतन भुगतान में अनावश्यक देरी न हो और कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

समय पर वेतन भुगतान पर सरकार का जोर

वित्त विभाग की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि कई कार्यालयों में बजट उपलब्ध होने के बावजूद वेतन बिल समय पर कोषागार नहीं भेजे जा रहे थे। इसके कारण कर्मचारियों के बैंक खातों में वेतन पहुंचने में देरी हो रही थी। सरकार ने इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया है।

कोषागार नियमों का करना होगा पालन

वित्त विभाग ने अधिकारियों को झारखंड कोषागार संहिता, 2016 के नियम-139 का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस नियम के अनुसार, यदि राज्य सरकार की ओर से कोई अलग निर्देश जारी नहीं किया गया है, तो सरकारी कर्मचारियों के मासिक वेतन और नियत भत्तों से संबंधित बिलों पर हस्ताक्षर कर उन्हें महीने की 25 तारीख के बाद किसी भी समय कोषागार में प्रस्तुत किया जा सकता है। इसके अलावा, यदि महीने का अंतिम बैंकिंग दिवस कार्य दिवस है, तो उसी दिन भी वेतन का भुगतान किया जा सकता है।

कर्मचारियों को मिलेगी बड़ी राहत

नए निर्देशों के लागू होने से उम्मीद की जा रही है कि सरकारी कर्मचारियों को अब वेतन के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। समय पर वेतन मिलने से कर्मचारियों को अपने घरेलू खर्च, बैंक ऋण की किश्तों, बच्चों की पढ़ाई और अन्य वित्तीय जिम्मेदारियों को समय पर पूरा करने में आसानी होगी।

बिहार में राशन कार्ड को लेकर बड़ा अपडेट, बनाने से पहले जान लें!

पटना। बिहार सरकार राज्य के पात्र परिवारों तक राशन कार्ड की सुविधा तेजी से पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चला रही है। बड़ी संख्या में लोग नए राशन कार्ड के लिए आवेदन भी कर रहे हैं। हालांकि इस अभियान के दौरान एक महत्वपूर्ण दस्तावेज से जुड़ी समस्या सामने आई है, जिसके कारण हजारों आवेदन लंबित हो गए हैं। ऐसे में यदि आप भी नया राशन कार्ड बनवाने की तैयारी कर रहे हैं, तो आवेदन से पहले जरूरी नियमों को समझ लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा।

विवाहित महिलाओं के जाति प्रमाणपत्र से जुड़ी आ रही दिक्कत

राशन कार्ड आवेदन में सबसे बड़ी चुनौती विवाहित महिलाओं के जाति प्रमाणपत्र को लेकर सामने आई है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार जाति प्रमाणपत्र महिला के मायके के आधार पर जारी किया जाता है, जबकि राशन कार्ड का आवेदन विवाह के बाद ससुराल के पते से किया जाता है। इसी कारण कई मामलों में दस्तावेजों का मिलान और सत्यापन समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है, जिससे आवेदन लंबित रह जाते हैं।

गरीब परिवारों को हो रही अतिरिक्त परेशानी

इस प्रक्रिया का सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर पड़ रहा है। कई महिलाओं को जाति प्रमाणपत्र बनवाने के लिए बार-बार अपने मायके के अंचल कार्यालय जाना पड़ता है। यदि मायका दूसरे जिले में हो, तो यात्रा, समय और अतिरिक्त खर्च की समस्या और बढ़ जाती है। रोज़गार पर निर्भर परिवारों के लिए यह स्थिति आर्थिक बोझ भी बन रही है।

आय और आवासीय में नहीं है ज्यादा समस्या

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार आय और आवासीय प्रमाणपत्र स्थानीय स्तर पर अपेक्षाकृत आसानी से बन जाते हैं। लेकिन जाति प्रमाणपत्र के लिए अलग प्रक्रिया होने के कारण आवेदन की फाइलें पूरी नहीं हो पातीं। सत्यापन पूरा होने के बावजूद कई आवेदन केवल इसी एक दस्तावेज के अभाव में स्वीकृति का इंतजार कर रहे हैं।

प्रक्रिया आसान बनाने की उठ रही मांग

ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का कहना है कि विवाहित महिलाओं के जाति प्रमाणपत्र की प्रक्रिया को अधिक सरल और सुविधाजनक बनाया जाना चाहिए। यदि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था लागू होती है, तो हजारों परिवारों को राहत मिल सकती है। इससे राशन कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी तेज होगी और जरूरतमंद लोगों तक सरकारी राशन योजना का लाभ समय पर पहुंच सकेगा।

वृद्धि योग का शुभ प्रभाव! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन और सफलता के बन रहे योग

राशिफल। ज्योतिष में कुछ विशेष योग ऐसे माने जाते हैं जो शुभ कार्यों, आर्थिक प्रगति और नए अवसरों के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं। ऐसा ही एक महत्वपूर्ण योग वृद्धि योग है। पंचांग के अनुसार 6 अगस्त को दोपहर 2:59 बजे के बाद वृद्धि योग का प्रारंभ होगा। ज्योतिष मान्यता के अनुसार यह योग विकास, विस्तार और उन्नति का प्रतीक माना जाता है। इस अवधि में किए गए कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

हालांकि किसी भी व्यक्ति के जीवन पर वास्तविक प्रभाव उसकी व्यक्तिगत जन्म कुंडली, दशा और गोचर पर भी निर्भर करता है, फिर भी राशि के आधार पर सामान्य ज्योतिषीय संकेत देखे जा सकते हैं। आइए जानते हैं कि वृद्धि योग किन 4 राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत लेकर आ सकता है।

मेष राशि

वृद्धि योग मेष राशि के जातकों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में उत्साहजनक अवसर ला सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का आधार बन सकती हैं। व्यापार करने वालों को नए ग्राहक मिलने और कारोबार का विस्तार करने का अवसर मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग मान-सम्मान और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने वाला माना जा सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के संकेत हैं। यदि आप नया प्रोजेक्ट शुरू करने या किसी नई योजना पर काम करने की सोच रहे हैं, तो यह समय अनुकूल हो सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए वृद्धि योग आर्थिक संतुलन और नए अवसर लेकर आ सकता है। नौकरी में बदलाव की इच्छा रखने वालों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में लाभ के नए स्रोत खुल सकते हैं और साझेदारी से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए वृद्धि योग विशेष रूप से करियर और वित्तीय मामलों में लाभदायक माना जा सकता है। लंबे समय से चल रही योजनाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि, नई जिम्मेदारी या पदोन्नति से जुड़ी सकारात्मक सूचना मिल सकती है।

यूपी के होमगार्ड स्वयंसेवकों को बड़ी खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट में होमगार्ड स्वयंसेवकों और दिव्यांगजनों के लिए कई महत्वपूर्ण वित्तीय प्रावधान किए हैं। सरकार का उद्देश्य सुरक्षा सेवाओं में योगदान देने वाले होमगार्ड स्वयंसेवकों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करना है। इस फैसले से प्रदेश के लाखों लाभार्थियों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

होमगार्ड स्वयंसेवकों को कैशलेस इलाज

सरकार ने होमगार्ड स्वयंसेवकों और अवैतनिक अधिकारियों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके लिए अनुपूरक बजट में 35.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का लाभ एक लाख से अधिक होमगार्ड स्वयंसेवकों, अवैतनिक अधिकारियों और उनके आश्रितों को मिलेगा।

पुलिस भर्ती बोर्ड के लिए भी अतिरिक्त बजट

सरकार ने कानून-व्यवस्था और भर्ती प्रक्रिया को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड के लिए भी अतिरिक्त धनराशि स्वीकृत की है। गुप्त सेवा व्यय के मद में 35.75 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे बोर्ड की आवश्यक प्रशासनिक और गोपनीय गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

दिव्यांगजनों के कल्याण पर विशेष ध्यान

अनुपूरक बजट में दिव्यांगजनों के लिए भी कई महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए धन उपलब्ध कराया गया है। नेत्रहीन, मूक, बधिर और शारीरिक रूप से दिव्यांग व्यक्तियों के भरण-पोषण के लिए 304.5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह राशि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को मजबूत करने और जरूरतमंद लाभार्थियों तक सहायता पहुंचाने में उपयोग की जाएगी।

मुफ्त बस यात्रा और सहायक उपकरणों की सुविधा

दिव्यांगजनों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा के मद में 9.10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा जरूरतमंद दिव्यांगों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराने के लिए 3 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे उनकी स्वतंत्र आवाजाही और दैनिक जीवन में आत्मनिर्भरता बढ़ सके।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मिलेगा सहयोग

दिव्यांगजनों की शिक्षा और पुनर्वास को बढ़ावा देने के लिए डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के संचालन हेतु 7.52 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगों के भरण-पोषण के लिए 1.50 करोड़ रुपये और आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांग व्यक्तियों के इलाज के लिए 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

इसके साथ ही जिला दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों के संचालन तथा मुख्यालय, मंडलीय और जिला कार्यालयों की प्रशासनिक आवश्यकताओं के लिए भी अतिरिक्त बजट उपलब्ध कराया गया है, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार किया जा सके।

यूपी सरकार का फैसला, कर्मचारियों के लिए 5 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों और श्रमिकों के हित में एक अहम कदम उठाते हुए उत्तर प्रदेश मजदूरी संहिता-2025 को मंजूरी दे दी है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्य में वेतन भुगतान, न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम, बोनस और समान वेतन से जुड़े नियम पहले की तुलना में अधिक स्पष्ट और प्रभावी हो जाएंगे। इसका उद्देश्य कर्मचारियों के अधिकारों की रक्षा करना और श्रम कानूनों को सरल एवं पारदर्शी बनाना है।

न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन देना होगा गैरकानूनी

नई संहिता के लागू होने के बाद प्रदेश का कोई भी नियोक्ता किसी कर्मचारी को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी से कम वेतन नहीं दे सकेगा। न्यूनतम मजदूरी तय करते समय कर्मचारी के कौशल, कार्य की प्रकृति और कार्यस्थल के भौगोलिक क्षेत्र को ध्यान में रखा जाएगा। साथ ही राज्य सरकार केंद्र द्वारा तय किए गए फ्लोर वेज से कम मजदूरी निर्धारित नहीं कर सकेगी।

नौकरी छोड़ने पर दो दिन के भीतर मिलेगा बकाया

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई कर्मचारी नौकरी छोड़ता है या उसकी सेवाएं समाप्त की जाती हैं, तो उसका पूरा बकाया वेतन अधिकतम दो दिनों के भीतर देना अनिवार्य होगा। इससे कर्मचारियों को लंबे समय तक भुगतान का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और वे आर्थिक कठिनाइयों से बच सकेंगे।

महिला-पुरुष को समान काम का समान वेतन

नई संहिता में समान कार्य करने वाले महिला और पुरुष कर्मचारियों को समान वेतन देने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इससे कार्यस्थल पर वेतन संबंधी भेदभाव को रोकने में मदद मिलेगी और समान अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।

वेतन पर्ची और बोनस भुगतान होंगे अनिवार्य

अब वेतन जारी करने से पहले कर्मचारियों को वेतन पर्ची देना अनिवार्य होगा। संविदा कर्मचारियों की मजदूरी और बोनस का भुगतान सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी मुख्य नियोक्ता पर होगी। यदि किसी कर्मचारी की मृत्यु हो जाती है, तो उसका बकाया वेतन नामित व्यक्ति या वैधानिक उत्तराधिकारी को दिया जाएगा।

बेसिक पे बढ़ने से सामाजिक सुरक्षा का लाभ

नई व्यवस्था के अनुसार कर्मचारी के कुल वेतन का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बेसिक पे होगा। इससे भविष्य निधि (पीएफ), ईएसआईसी और ग्रेच्युटी जैसी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में योगदान बढ़ेगा, जिसका लाभ कर्मचारियों को भविष्य में अधिक मिलेगा।

ओवरटाइम का मिलेगा दोगुना भुगतान

यदि किसी कर्मचारी से निर्धारित कार्य अवधि से अधिक काम कराया जाता है, तो उसे सामान्य वेतन की तुलना में दोगुनी दर से ओवरटाइम भुगतान करना होगा। इससे अतिरिक्त काम करने वाले कर्मचारियों को उचित पारिश्रमिक मिल सकेगा और कार्यस्थल पर पारदर्शिता बढ़ेगी।

बिहार के युवाओं के लिए खुशखबरी! नालंदा यूनिवर्सिटी में लाइब्रेरी असिस्टेंट समेत 9 पदों पर भर्ती

पटना। बिहार में सरकारी और प्रतिष्ठित संस्थानों में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नालंदा यूनिवर्सिटी, राजगीर ने वर्ष 2026 के लिए नॉन-टीचिंग पदों पर भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 9 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित अंतिम तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

नालंदा यूनिवर्सिटी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार निम्नलिखित पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। लाइब्रेरियन , डिप्टी लाइब्रेरियन, असिस्टेंट रजिस्ट्रार, असिस्टेंट इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल), सीनियर असिस्टेंट, लाइब्रेरी असिस्टेंट, असिस्टेंट। सभी पद नॉन-टीचिंग श्रेणी के अंतर्गत हैं और इनके लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव निर्धारित किए गए हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक अभ्यर्थी 21 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है।

कहां होगी नियुक्ति?

इस भर्ती के तहत चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति राजगीर, नालंदा (बिहार) स्थित नालंदा यूनिवर्सिटी परिसर में की जाएगी। यह विश्वविद्यालय भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के अंतर्गत संचालित एक अंतरराष्ट्रीय महत्व का उच्च शिक्षण संस्थान है।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

उम्मीदवारों का चयन विश्वविद्यालय द्वारा निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा। इसमें आवेदन की जांच, शॉर्टलिस्टिंग, लिखित परीक्षा, साक्षात्कार या संबंधित पद के लिए तय अन्य चयन चरण शामिल हो सकते हैं। अंतिम चयन विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार किया जाएगा।

आवेदन से पहले ध्यान रखें

आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, अनुभव, आयु सीमा, वेतनमान और अन्य पात्रता शर्तों को आधिकारिक भर्ती अधिसूचना में ध्यानपूर्वक पढ़ना चाहिए। आवेदन पत्र में सही जानकारी और आवश्यक दस्तावेज अपलोड करना अनिवार्य है।

मौसम विभाग की चेतावनी! बिहार के 8 जिलों में भारी बारिश के साथ वज्रपात का खतरा

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय नजर आ रहा है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। खासकर आठ जिलों के लिए भारी बारिश और आकाशीय बिजली (वज्रपात) को लेकर विशेष चेतावनी जारी की गई है। विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है।

इन 8 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के अनुसार अरवल, औरंगाबाद, भोजपुर, पूर्वी चंपारण, गया, जहानाबाद, किशनगंज और पश्चिमी चंपारण में मेघ गर्जन के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में तेज बारिश के साथ बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है, इसलिए स्थानीय प्रशासन और आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूरे प्रदेश में बारिश की गतिविधियां

राजधानी पटना समेत राज्य के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है। कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन से चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रुक-रुक कर वर्षा का सिलसिला जारी रह सकता है।

तेज हवाएं भी बढ़ाएंगी असर

बारिश के साथ कई इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे में कमजोर पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले स्थानों के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

लोगों के लिए सावधानियां

मौसम विभाग ने खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे खड़े होने, खुले मैदानों में रहने और बिजली चमकने के समय मोबाइल या धातु की वस्तुओं का अनावश्यक उपयोग करने से बचने की सलाह दी है। यदि तेज बारिश या वज्रपात शुरू हो जाए तो तुरंत किसी सुरक्षित भवन में शरण लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।

8वें वेतन आयोग पर बढ़ी उम्मीदें! केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती हैं 5 बड़ी खुशखबरियां

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। कर्मचारी संगठनों ने नए वेतन ढांचे को लेकर कई अहम सुझाव सरकार के सामने रखे हैं। इनमें सबसे प्रमुख मांग परिवार की गणना के तरीके में बदलाव, न्यूनतम वेतन में वृद्धि और फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने की है। हालांकि इन प्रस्तावों पर अंतिम निर्णय अभी सरकार को लेना है, लेकिन यदि इन्हें मंजूरी मिलती है तो लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ा लाभ मिल सकता है।

1. परिवार की नई यूनिट से बढ़ सकती है न्यूनतम सैलरी

वर्तमान में वेतन निर्धारण के लिए 3 यूनिट वाले परिवार को आधार माना जाता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि आज अधिकांश कर्मचारियों पर माता-पिता की जिम्मेदारी भी होती है। इसलिए परिवार की गणना में पति-पत्नी, बच्चों के साथ माता-पिता को भी शामिल करते हुए लगभग 5.2 यूनिट का नया मॉडल अपनाने की मांग की गई है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार होता है तो न्यूनतम वेतन तय करने का आधार बदल सकता है।

2. न्यूनतम बेसिक वेतन 69 हजार रुपये करने की मांग

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने सुझाव दिया है कि नए वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों का न्यूनतम बेसिक वेतन 69,000 रुपये किया जाए। फिलहाल 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक वेतन 18,000 रुपये है। यदि सरकार इस मांग को स्वीकार करती है तो शुरुआती वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

3. फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से सभी वेतन स्तरों को मिल सकता है फायदा

कर्मचारी संगठनों ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर लागू करने का प्रस्ताव भी दिया है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का असर केवल न्यूनतम वेतन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि विभिन्न वेतन स्तरों पर कार्यरत कर्मचारियों के मूल वेतन में भी वृद्धि हो सकती है। हालांकि यह केवल एक प्रस्ताव है और अंतिम निर्णय सरकार द्वारा लिया जाएगा।

4. पेंशनर्स को भी मिल सकता है बड़ा लाभ

यदि नए वेतन ढांचे के साथ प्रस्तावित फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो न्यूनतम बेसिक पेंशन भी बढ़ सकती है। कर्मचारी संगठनों के अनुसार इसे 34,500 रुपये तक किए जाने की मांग की गई है। वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये है।

5. वेतन ढांचे में आ सकता है व्यापक बदलाव

परिवार की नई यूनिट, संशोधित फिटमेंट फैक्टर और महंगाई को ध्यान में रखकर तैयार किए जाने वाले नए वेतन ढांचे से केंद्रीय कर्मचारियों की आय और पेंशन व्यवस्था में व्यापक बदलाव संभव है। इससे भविष्य में भत्तों और अन्य वित्तीय लाभों की गणना पर भी असर पड़ सकता है।

अभी क्या है स्थिति?

केंद्र सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी थी। इसके बाद 3 नवंबर 2025 को आयोग का गठन किया गया और उसे अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया। आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद केंद्र सरकार उसका परीक्षण करेगी और फिर अंतिम निर्णय लेकर नई वेतन व्यवस्था लागू करने पर फैसला करेगी।

फैटी लिवर से हैं परेशान? रोज खाएं ये 4 चीजें, तेजी से सुधर सकती है लीवर की सेहत

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली, अनियमित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण फैटी लिवर की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इस स्थिति में लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से अधिक वसा जमा होने लगती है। शुरुआत में इसके लक्षण अक्सर दिखाई नहीं देते, लेकिन समय रहते ध्यान न देने पर यह समस्या गंभीर रूप ले सकती है। अच्छी बात यह है कि शुरुआती अवस्था में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर लिवर की सेहत में सुधार किया जा सकता है।

1. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां फाइबर, विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं। ये शरीर में अतिरिक्त वसा को नियंत्रित करने में मदद करती हैं और लिवर पर पड़ने वाले दबाव को कम करने में सहायक हो सकती हैं। इन्हें नियमित रूप से भोजन में शामिल करना लाभदायक माना जाता है।

2. ओट्स -साबुत अनाज

ओट्स, जौ, दलिया और अन्य साबुत अनाज फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। ये पाचन को बेहतर बनाने, वजन नियंत्रित रखने और रक्त शर्करा के स्तर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। स्वस्थ वजन बनाए रखना फैटी लिवर की समस्या को नियंत्रित करने के महत्वपूर्ण उपायों में से एक है।

3.  खट्टे फल और बेरीज 

संतरा, नींबू, आंवला और ब्लूबेरी विटामिन-C और फ्लेवोनॉयड्स के बेहतरीन स्रोत हैं। ये लिवर के एंजाइम्स को मजबूत करते हैं और लिवर को डिटॉक्स करने का काम करते हैं।  रोजाना एक आंवला या मौसमी खट्टे फल का जूस लिवर के लिए बेस्ट माना जाता हैं।

4. ग्रीन टी

ग्रीन टी में मौजूद कैटेचिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। कुछ शोधों में यह संकेत मिले हैं कि संतुलित मात्रा में ग्रीन टी का सेवन फैटी लिवर से जुड़े कुछ जोखिम कारकों में सुधार से जुड़ा हो सकता है। हालांकि यह किसी दवा का विकल्प नहीं है।

यूपी में महिलाओं के लिए 2 नई खुशखबरी, जॉब करने का मौका!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत दो जिलों में आंगनबाड़ी भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कुशीनगर और अंबेडकर नगर में कुल 352 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती की जाएगी। इच्छुक और पात्र महिला अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

1 .कुशीनगर में 245 पदों पर भर्ती

कुशीनगर जिले में 245 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पदों के लिए भर्ती निकाली गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है। पात्र अभ्यर्थी आधिकारिक पोर्टल upanganwadibharti.in पर जाकर आवेदन कर सकती हैं। आवेदन करने से पहले शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता संबंधी शर्तों की जांच करना आवश्यक है।

2 .अंबेडकर नगर में 107 पदों पर अवसर

अंबेडकर नगर जिले में 107 पदों पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं और 24 अगस्त 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। जिले की पात्र महिला अभ्यर्थियां निर्धारित समय सीमा के भीतर अपना आवेदन जमा कर सकती हैं।

केवल ऑनलाइन होंगे आवेदन

दोनों जिलों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। अभ्यर्थियों को आधिकारिक वेबसाइट पर पंजीकरण कर आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने होंगे। आवेदन पत्र भरते समय सभी जानकारियां सही दर्ज करना जरूरी है, क्योंकि गलत जानकारी मिलने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है।

स्थानीय महिलाओं को मिलेगा लाभ

आंगनबाड़ी भर्ती में आमतौर पर संबंधित क्षेत्र की पात्र महिलाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर रहने वाली महिलाओं के लिए यह रोजगार पाने का अच्छा अवसर माना जा रहा है। चयनित अभ्यर्थियां बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

आवेदन से पहले जरूर पढ़ें नोटिफिकेशन

आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को संबंधित जिले की भर्ती अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़नी चाहिए। इसमें शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेज और आवेदन की अंतिम तिथि सहित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध हैं।

कल से बदलेगी इन 4 राशियों की तकदीर! गुरु की कृपा से मिलेगा धन, मान-सम्मान और तरक्की

राशिफल। ज्योतिष में गुरु (बृहस्पति) को ज्ञान, भाग्य, धन, संतान, शिक्षा और सम्मान का कारक ग्रह माना जाता है। जब गुरु की स्थिति मजबूत होती है या उसका शुभ प्रभाव बढ़ता है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार कल से गुरु का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से अनुकूल रहने की संभावना है। इससे करियर, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव आत्मविश्वास और कार्यक्षमता में वृद्धि ला सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यापारियों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और शिक्षा के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने के संकेत हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को गुरु की कृपा से मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि मिल सकती है। कार्यस्थल पर आपके प्रयासों की सराहना होगी और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक पक्ष पहले से अधिक मजबूत हो सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए इस राशि पर इसका प्रभाव अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। आय में वृद्धि, रुके हुए धन की प्राप्ति और पारिवारिक सुख में बढ़ोतरी के संकेत हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में भी रुचि बढ़ सकती है।

खुशखबरी का खुला पिटारा, यूपी में आई 1 बड़ी भर्ती, युवाओं को मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न विभागों में नई भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 47 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यह भर्ती विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पदों के लिए निकाली गई है, जिससे अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों को सरकारी सेवा में आने का अवसर मिलेगा।

इन पदों पर होगी भर्ती

UPPSC द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार निम्न पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आर्किटेक्चरल असिस्टेंट , एस्टेट मैनेजर, माइक्रोबायोलॉजिस्ट, मैनेजर (सिस्टम), सीनियर प्रोग्रामर, प्रोग्रामर ग्रेड-2, कंप्यूटर ऑपरेटर ग्रेड-बी। इन सभी पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और अनुभव निर्धारित किए गए हैं, जिनकी जानकारी विस्तृत अधिसूचना में उपलब्ध है।

आवेदन की तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 3 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। अभ्यर्थी 3 सितंबर 2026 तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। अंतिम तिथि के बाद किसी भी आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन पूरा करने की सलाह दी गई है।

कैसे होगा चयन?

भर्ती प्रक्रिया में उम्मीदवारों का चयन आयोग द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा तथा संबंधित पदों के लिए निर्धारित अन्य चयन चरणों के आधार पर किया जाएगा। अंतिम चयन मेरिट और आयोग द्वारा तय प्रक्रिया के अनुसार किया जाएगा।

कहां करें आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन पत्र भरने के दौरान सभी जानकारी सही और आवश्यक दस्तावेजों के अनुसार दर्ज करना जरूरी है।

योगी सरकार का तोहफा, यूपी के 8 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज और बुंदेलखंड क्षेत्र के समग्र एवं संतुलित विकास की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण के गठन को मंजूरी दे दी गई। इस नए प्राधिकरण का उद्देश्य आठ जिलों में सुनियोजित शहरी और क्षेत्रीय विकास को गति देना, बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना और निवेश के नए अवसर तैयार करना है।

इन 8 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

नए विकास प्राधिकरण में प्रयागराज, चित्रकूट, फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, बांदा, हमीरपुर और महोबा को शामिल किया गया है। शुरुआत में प्रस्ताव में प्रतापगढ़ और महोबा का नाम नहीं था, लेकिन कैबिनेट बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने दोनों मंडलों के सभी जिलों को प्राधिकरण का हिस्सा बनाने का निर्णय लिया। इससे अब पूरे क्षेत्र में एक समान विकास योजनाओं को लागू करने का रास्ता साफ हो गया है।

सुनियोजित विकास पर रहेगा फोकस

सरकार का मानना है कि अलग-अलग जिलों के बजाय पूरे क्षेत्र को एक इकाई मानकर विकास योजनाएं तैयार करने से बेहतर परिणाम मिलेंगे। सड़क, परिवहन, आवास, जलापूर्ति, औद्योगिक विकास और अन्य आधारभूत सुविधाओं का विस्तार समन्वित तरीके से किया जाएगा। इससे क्षेत्रीय असंतुलन कम होगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी।

रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा

क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण बनने के बाद औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश के लिए बेहतर माहौल तैयार होने की उम्मीद है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित होने से नए उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं। सरकार का लक्ष्य विकास योजनाओं के जरिए क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को मजबूत करना है।

अधिसूचना जारी होने के बाद गठन प्रभावी

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब सरकार इस संबंध में अधिसूचना जारी करेगी। अधिसूचना लागू होते ही प्रयागराज-चित्रकूट क्षेत्रीय विकास प्राधिकरण औपचारिक रूप से अस्तित्व में आ जाएगा और विकास योजनाओं पर काम शुरू किया जा सकेगा। सरकार का कहना है कि इस प्राधिकरण के गठन से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, लेकिन विकास की गति जरूर तेज होगी।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला! अब जमीन-मकान की रजिस्ट्री से पहले अनिवार्य होगा यह कागज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन और मकान की खरीद-बिक्री को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार बड़ा कानूनी बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अब किसी भी अचल संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले उसके स्वामित्व से जुड़े आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। यदि विक्रेता संपत्ति पर अपना वैध अधिकार साबित नहीं कर पाएगा, तो उप निबंधक को रजिस्ट्री करने से इनकार करने का अधिकार मिलेगा।

118 वर्ष पुराने कानून में होगा संशोधन

राज्य सरकार रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 में संशोधन का प्रस्ताव लेकर आई है। विधानसभा से संबंधित संशोधन विधेयक पारित होने के बाद इसे विधान परिषद में भेजा जाएगा। चूंकि यह केंद्रीय कानून है, इसलिए अंतिम रूप से लागू होने से पहले भारत सरकार की मंजूरी भी आवश्यक होगी। मंजूरी और अधिसूचना जारी होने के बाद नए नियम प्रभावी होंगे।

रजिस्ट्री से पहले होगी दस्तावेजों की जांच

नई व्यवस्था के तहत केवल पहचान पत्र पर्याप्त नहीं होगा। विक्रेता को संपत्ति के स्वामित्व, अधिकार, वैध कब्जे और हस्तांतरण से जुड़े आवश्यक मूल दस्तावेज भी प्रस्तुत करने होंगे। इन दस्तावेजों की जांच के बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। यदि आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराए जाते हैं या उनमें कोई गंभीर कमी पाई जाती है, तो उप निबंधक संबंधित विक्रय विलेख (सेल डीड) का पंजीकरण करने से मना कर सकेंगे।

फर्जी रजिस्ट्री और विवादित संपत्तियों पर रोक

सरकार के अनुसार कई मामलों में वास्तविक मालिक की जानकारी के बिना अन्य लोग संपत्ति बेचने का प्रयास कर देते हैं। इसके अलावा प्रतिबंधित, कुर्क या सरकारी भूमि की भी अवैध रजिस्ट्री कराने के मामले सामने आते रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसे मामलों की पहले ही स्तर पर जांच होगी, जिससे धोखाधड़ी और अनावश्यक मुकदमेबाजी में कमी आने की उम्मीद है।

प्रदेश में पहले से लागू है डिजिटल पहचान व्यवस्था

प्रदेश में वर्तमान में रजिस्ट्री के दौरान खरीदार और विक्रेता की पहचान आधार और मोबाइल नंबर पर भेजे जाने वाले ओटीपी के माध्यम से सत्यापित की जाती है। अब इसके साथ स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन भी अनिवार्य होने से पूरी प्रक्रिया पहले से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बन जाएगी।

प्रदेश में जमीन के दान विलेख के नियमों में भी बदलाव

सरकार ने दान विलेख (गिफ्ट डीड) से जुड़े प्रावधानों में भी संशोधन का प्रस्ताव किया है। नई व्यवस्था के अनुसार अब पंजीकरण शुल्क का निर्धारण संपत्ति के सर्किल रेट के आधार पर किया जाएगा। इससे सभी मामलों में एक समान नियम लागू होंगे और कम मूल्य दिखाकर शुल्क बचाने की प्रवृत्ति पर रोक लग सकेगी।

यूपी सरकार का तोहफा, इन 2 जिलों को मिली बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने और युवाओं के विकास को नई दिशा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। इस बजट में संभल और वाराणसी को विशेष सौगात देते हुए नए कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण के लिए बड़ी धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा तहसील स्तर पर बुनियादी सुविधाओं के विस्तार, सरकारी भवनों के निर्माण और युवा कल्याण से जुड़ी नई योजनाओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।

संभल और वाराणसी में बनेंगे नए कलेक्ट्रेट भवन

सरकार ने अनुपूरक बजट में संभल और वाराणसी में नए कलेक्ट्रेट भवनों के निर्माण के लिए 140.65 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इन भवनों के बनने से प्रशासनिक सेवाएं अधिक व्यवस्थित होंगी और आम लोगों को सरकारी कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

तहसीलों और सरकारी भवनों के विकास पर जोर

प्रशासनिक ढांचे को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई अन्य मदों में भी बजट आवंटित किया है।

चकबंदी अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए 11.46 करोड़ रुपये।

मंडल, जिला और तहसीलों के गैर-आवासीय भवनों की मरम्मत के लिए 10 करोड़ रुपये।

सरकारी आवासीय भवनों की मरम्मत के लिए 8 करोड़ रुपये।

नायब तहसीलदार कार्यालयों की स्थापना के लिए 20 करोड़ रुपये।

मंडल, जिला और तहसीलों में नए सरकारी आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 35.50 करोड़ रुपये।

संभल में आवासीय भवनों के निर्माण के लिए 49.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इन योजनाओं से प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य वातावरण तैयार करने में मदद मिलेगी।

युवाओं के विकास के लिए नई योजना

अनुपूरक बजट में पहली बार 'युवा समग्र विकास योजना' के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के माध्यम से युवाओं को खेल, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रमों का लाभ मिलेगा।

चार निजी विश्वविद्यालयों को मिला विधायी समर्थन

विधानसभा ने चार निजी विश्वविद्यालयों से जुड़े संशोधन विधेयकों को भी मंजूरी दे दी है। इसके तहत ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद, कानपुर और फतेहपुर में संचालित चार निजी विश्वविद्यालयों को कानूनी आधार मिला है। सरकार का मानना है कि इससे प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 63% DA से बढ़ सकती है सैलरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए महंगाई भत्ते (DA) को लेकर अच्छी खबर सामने आ रही है। महंगाई के ताजा आंकड़ों के आधार पर यह संभावना मजबूत हुई है कि जुलाई 2026 से महंगाई भत्ते में 3 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हो सकती है। यदि सरकार इस प्रस्ताव को मंजूरी देती है, तो मौजूदा 60 प्रतिशत डीए बढ़कर 63 प्रतिशत हो जाएगा। इससे कर्मचारियों की मासिक आय में वृद्धि के साथ-साथ एरियर का लाभ भी मिल सकता है।

AICPI-IW के आंकड़ों से मजबूत हुई उम्मीद

महंगाई भत्ता ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स–इंडस्ट्रियल वर्कर्स (AICPI-IW) के 12 महीनों के औसत पर तय किया जाता है। जून 2026 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इंडेक्स 151.9 दर्ज किया गया है, जबकि 12 महीने का औसत 148.65 तक पहुंच गया है। इसी आधार पर डीए की गणना लगभग 63.76 प्रतिशत निकल रही है। सरकार महंगाई भत्ते को दशमलव में लागू नहीं करती, इसलिए अंतिम निर्णय होने पर इसे सामान्यतः 63 प्रतिशत के रूप में लागू किया जा सकता है।

अभी कितना है महंगाई भत्ता?

जनवरी 2026 में केंद्र सरकार ने महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की थी, जिसके बाद डीए 60 प्रतिशत हो गया। अब यदि 3 प्रतिशत की एक और बढ़ोतरी होती है तो यह 63 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा। हालांकि अंतिम फैसला केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही लागू होगा।

ऐसे तय होता है महंगाई भत्ता

केंद्रीय कर्मचारियों का डीए AICPI-IW के 12 महीने के औसत के आधार पर तय किया जाता है। इसके लिए निर्धारित गणना पद्धति का उपयोग किया जाता है, जिसमें नए और पुराने आधार वर्ष के सूचकांक को संतुलित करने के लिए 2.88 फैक्टर का इस्तेमाल किया जाता है। इसी प्रक्रिया के जरिए महंगाई भत्ते की नई दर तय होती है।

केंद्र सरकार की बड़ी पहल, छात्रों के लिए आई नई खुशखबरी

नई दिल्ली। उच्च शिक्षा हासिल करने की राह में आर्थिक तंगी कई विद्यार्थियों के लिए बड़ी चुनौती बन जाती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार अनुसूचित जाति (एससी) के छात्रों के लिए पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप (PMS) योजना को प्रभावी ढंग से लागू कर रही है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहायता देना और उच्च शिक्षा में उनकी भागीदारी बढ़ाना है।

आर्थिक सहायता से पूरी होगी पढ़ाई

पोस्ट-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना के तहत 10वीं के बाद विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे पात्र अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। इससे छात्रों पर शिक्षा का वित्तीय बोझ कम होता है और वे बिना आर्थिक बाधा के अपनी पढ़ाई पूरी कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ पहुंचाना है।

राज्यों के साथ मिलकर चल रही योजना

सरकार ने इस योजना के संचालन में केंद्र और राज्यों की साझा भागीदारी सुनिश्चित की है। संशोधित व्यवस्था के तहत अधिकांश राज्यों में योजना का खर्च 60:40 के अनुपात में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर वहन करते हैं, जबकि पूर्वोत्तर राज्यों के लिए यह अनुपात 90:10 रखा गया है। इस बदलाव से राज्यों पर आर्थिक दबाव कम हुआ है और योजना के बेहतर संचालन में मदद मिली है।

ऑनलाइन प्रक्रिया से बढ़ी पारदर्शिता

स्कॉलरशिप वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और तेज बनाने के लिए आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल किया गया है। पात्रता की ऑनलाइन जांच, दस्तावेजों का सत्यापन, आवेदन की निगरानी और डुप्लीकेट दावों पर रोक जैसी व्यवस्थाओं से पूरी प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक प्रभावी बनी है। इससे वास्तविक लाभार्थियों तक सहायता समय पर पहुंचाने में आसानी हो रही है।

डीबीटी के जरिए सीधे खाते में पहुंचती है राशि

सरकार ने स्कॉलरशिप राशि के भुगतान के लिए डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था लागू की है। इसके तहत पात्र छात्रों के आधार से जुड़े बैंक खातों में सीधे छात्रवृत्ति भेजी जाती है। इससे बिचौलियों की भूमिका समाप्त हुई है और भुगतान प्रक्रिया अधिक सुरक्षित एवं पारदर्शी बनी है।

यूपी में 5 एक्सप्रेस-वे का होगा विस्तार, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में आधारभूत ढांचे और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए अनुपूरक बजट में बड़े पैमाने पर धनराशि का प्रावधान किया है। सरकार ने औद्योगिक विकास और एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के लिए 22,208 करोड़ रुपये की व्यवस्था की है। इनमें से 18,400 करोड़ रुपये केवल पांच प्रमुख एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं के निर्माण, विस्तार और भूमि अधिग्रहण पर खर्च किए जाएंगे। इन परियोजनाओं से पश्चिमी, मध्य और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार पर सबसे बड़ा निवेश

सरकार ने मेरठ से हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेस-वे के विस्तार के लिए 5,780 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। इसमें 5,700 करोड़ रुपये भूमि अधिग्रहण और 80 करोड़ रुपये प्रारंभिक निर्माण कार्य पर खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना के पूरा होने से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच सड़क संपर्क और अधिक मजबूत होगा।

पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र के लिए 6,580 करोड़ रुपये

गंगा एक्सप्रेस-वे को प्रयागराज, मिर्जापुर, वाराणसी, चंदौली और सोनभद्र तक विंध्य एक्सप्रेस-वे के माध्यम से जोड़ने की योजना पर 6,580 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसमें से 6,500 करोड़ रुपये केवल भूमि अधिग्रहण के लिए निर्धारित किए गए हैं। यह परियोजना पूर्वांचल और विंध्य क्षेत्र में आवागमन और निवेश को नई गति दे सकती है।

इन नई एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं को भी मिला बजट

अनुपूरक बजट में कई नई सड़क परियोजनाओं के लिए भी अलग-अलग धनराशि निर्धारित की गई है।

नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से गंगा एक्सप्रेस-वे (बुलंदशहर लिंक) के निर्माण के लिए 250 करोड़ रुपये।

आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से हरदोई और फर्रुखाबाद तक प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए 400 करोड़ रुपये।

सोनभद्र-चंदौली-गाजीपुर मार्ग को पूर्वांचल लिंक स्पर से जोड़ने हेतु भूमि अधिग्रहण के लिए 2,300 करोड़ रुपये।

इन परियोजनाओं से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज और सुरक्षित सड़क संपर्क विकसित होगा।

औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन

सरकार ने मुख्यमंत्री औद्योगिक क्षेत्र विस्तारीकरण योजना के तहत नए औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 3,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के लिए 1,500 करोड़ रुपये और संडीला, रामसनेही घाट, मेजा, गाजीपुर, अंबेडकर नगर तथा बांदा के औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए 495.86 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।

एक्सप्रेस-वे किनारे विकसित होंगे औद्योगिक कॉरिडोर

सरकार एक्सप्रेस-वे के किनारे औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए 200 करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च करेगी। इस राशि से अमरोहा, फिरोजाबाद, अमेठी, सुल्तानपुर, बदायूं, इटावा, हमीरपुर, महोबा, जालौन और उन्नाव में औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जाएंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और निवेश दोनों बढ़ने की संभावना है।

मंगलवार को बन रहे 3 शुभ योग! 4 राशियों के लिए मंगल ही मंगल

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार मंगलवार का दिन मंगल ग्रह को समर्पित माना जाता है। इस बार मंगलवार को बनने वाले तीन शुभ संयोग कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम देने वाले माने जा रहे हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार शुभ योगों और ग्रहों की अनुकूल स्थिति का प्रभाव करियर, धन, आत्मविश्वास और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। हालांकि किसी भी व्यक्ति के वास्तविक फल उसकी जन्मकुंडली और दशा पर भी निर्भर करते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापारियों को नए सौदों से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग मान-सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। पदोन्नति या नई उपलब्धि मिलने के योग बन सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में भी सोच-समझकर लिया गया फैसला लाभदायक साबित हो सकता है।

वृश्चिक राशि

मंगल के प्रभाव से वृश्चिक राशि के लोगों का आत्मबल मजबूत रहेगा। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। व्यापार में लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक पक्ष मजबूत होने के संकेत हैं। परिवार के साथ संबंध भी मधुर रह सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और वित्तीय मामलों में सकारात्मक रह सकता है। नौकरी बदलने का प्रयास कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और पुराने निवेश से भी लाभ प्राप्त हो सकता है। मेहनत का पूरा फल मिलने के योग बन रहे हैं।

यूपी वालों के लिए खुशखबरी! अब एक क्लिक में जानें पूरे प्रदेश की जमीनों के सरकारी दाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन खरीदने और बेचने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। जल्द ही प्रदेश के नागरिकों को किसी भी जिले, तहसील, गांव या शहर की जमीन का सरकारी सर्किल रेट जानने के लिए रजिस्ट्री कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। स्टाम्प एवं पंजीकरण विभाग एक ऐसा ऑनलाइन पोर्टल तैयार कर रहा है, जहां पूरे प्रदेश की जमीनों के सरकारी मूल्य एक ही जगह उपलब्ध होंगे।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में अपनी पसंद के क्षेत्र का सर्किल रेट देख सकेंगे। इससे जमीन खरीदने से पहले सही जानकारी हासिल करना आसान होगा और अनावश्यक भागदौड़ से भी राहत मिलेगी।

ऑनलाइन मिलेगी हर क्षेत्र की जानकारी

प्रस्तावित पोर्टल पर जिला, तहसील और गांव या शहर का नाम दर्ज करते ही संबंधित क्षेत्र की कृषि, आवासीय और व्यावसायिक भूमि का सरकारी सर्किल रेट स्क्रीन पर दिखाई देगा। इससे खरीदार और विक्रेता दोनों को पहले से यह पता रहेगा कि संबंधित जमीन का सरकारी मूल्य कितना निर्धारित है।

रजिस्ट्री प्रक्रिया होगी अधिक पारदर्शी

सरकारी रेट सार्वजनिक होने से जमीन की खरीद-बिक्री में पारदर्शिता बढ़ेगी। बैनामा कराने के दौरान सर्किल रेट को लेकर होने वाले विवाद और भ्रम कम होंगे। साथ ही लोगों को सही जानकारी मिलने से फर्जीवाड़े और अनियमितताओं पर भी अंकुश लगाने में मदद मिलेगी।

राजस्व विभाग के काम में आएगी तेजी

एकीकृत पोर्टल का लाभ केवल आम नागरिकों को ही नहीं, बल्कि राजस्व विभाग को भी मिलेगा। सभी जिलों का डाटा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होने से रिकॉर्ड का प्रबंधन आसान होगा और कई प्रक्रियाएं पहले की तुलना में तेज गति से पूरी की जा सकेंगी।

हाईवे किनारे की जमीनों का रेट भी होगा अपडेट

प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में नई सड़क और हाईवे परियोजनाओं से प्रभावित जमीनों के सर्किल रेट अलग से तय किए जा रहे हैं। संबंधित विकास कार्य पूरा होने के बाद इन क्षेत्रों की संशोधित दरें भी पोर्टल पर अपडेट कर दी जाएंगी, जिससे लोगों को नवीनतम सरकारी मूल्य की जानकारी मिल सके।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, लाखों कर्मचारियों को मिल सकती है खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) से जुड़े नियमों में अहम बदलाव की तैयारी कर रही है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा वेतन सीमा बढ़ाने की मांग की जा रही थी, ताकि अधिक संख्या में कर्मचारियों को भविष्य निधि और पेंशन का लाभ मिल सके। अब इस दिशा में सकारात्मक पहल होने की खबर सामने आई है।

25 हजार रुपये तक बढ़ सकती है वेतन सीमा

मौजूदा व्यवस्था के अनुसार 15 हजार रुपये तक की बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों के लिए EPF और EPS के प्रावधान लागू होते हैं। प्रस्तावित बदलाव के तहत इस सीमा को बढ़ाकर 25 हजार रुपये प्रतिमाह किए जाने की तैयारी है। यदि अंतिम मंजूरी मिल जाती है, तो अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ मिलेगा।

कर्मचारियों को क्या होगा फायदा?

नई व्यवस्था लागू होने के बाद 15 हजार से 25 हजार रुपये तक बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भविष्य निधि और पेंशन योजना का दायरा बढ़ जाएगा। इससे उनकी रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा मजबूत होगी और नियमित बचत को भी बढ़ावा मिलेगा। खासकर निजी क्षेत्र में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों को इसका लाभ मिलने की संभावना है।

कंपनियों पर बढ़ सकता है वित्तीय भार

इस बदलाव का असर निजी कंपनियों पर भी दिखाई देगा। अधिक कर्मचारियों के EPF और EPS के दायरे में आने से नियोक्ताओं का अंशदान बढ़ेगा, जिससे उनकी पेरोल लागत में इजाफा हो सकता है। इसके साथ ही सरकार को भी पेंशन योजना में अपने हिस्से का योगदान बढ़ाना पड़ सकता है।

प्रस्ताव को मिलनी बाकी है अंतिम मंजूरी

फिलहाल यह प्रस्ताव अंतिम रूप से लागू नहीं हुआ है। अगला कदम केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी है। मंजूरी मिलने के बाद सरकार नई वेतन सीमा लागू करने की तारीख तय करेगी और कंपनियों को अपने पेरोल सिस्टम में आवश्यक बदलाव करने के लिए समय भी दिया जा सकता है।

कब से लागू हो सकता है नया नियम?

सरकारी मंजूरी मिलने के बाद ही नई व्यवस्था लागू होगी। फिलहाल यह संभावना जताई जा रही है कि संशोधित वेतन सीमा अगले वित्तीय वर्ष से लागू की जा सकती है, हालांकि इसकी आधिकारिक तारीख कैबिनेट के अंतिम निर्णय के बाद ही घोषित होगी।

यूपी में 10-लेन तक बनेगा एक्सप्रेस-वे, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क नेटवर्क को आधुनिक और भविष्य के अनुरूप बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आने वाले वर्षों में बढ़ते ट्रैफिक को देखते हुए इसे 6 लेन से बढ़ाकर 8 और फिर 10 लेन तक आसानी से विस्तारित किया जा सके। इसके लिए पहले से ही पर्याप्त भूमि सुरक्षित रखी गई है, जिससे भविष्य में अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।

फिलहाल लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का निर्माण छह लेन में किया गया है, लेकिन इसकी रूपरेखा ऐसी बनाई गई है कि आवश्यकता पड़ने पर इसे दस लेन तक विस्तारित किया जा सके। इस परियोजना का उद्देश्य आने वाले दशकों में बढ़ने वाले वाहनों के दबाव को बिना किसी बड़ी बाधा के संभालना है।

इन जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

इस एक्सप्रेसवे का सबसे अधिक लाभ लखनऊ और उन्नाव सहित आसपास के क्षेत्रों को मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय कम होगा, यातायात अधिक सुगम बनेगा और औद्योगिक व व्यावसायिक गतिविधियों को भी नई गति मिलने की उम्मीद है।

120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से सफर

एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम गति निर्धारित की गई है। इससे लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा पहले की तुलना में कहीं अधिक तेज और आरामदायक हो सकेगी। बेहतर सड़क डिजाइन के कारण लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों और मालवाहक वाहनों दोनों को फायदा मिलेगा।

भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक की पूरी तैयारी

वर्तमान में इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों वाहन गुजरते हैं और आने वाले वर्षों में इनकी संख्या लगातार बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए परियोजना में अतिरिक्त लेन जोड़ने की पूरी व्यवस्था पहले से ही रखी गई है। अनुमान है कि भविष्य में सड़क का विस्तार होने के बाद इस मार्ग पर प्रतिदिन लाखों वाहन आसानी से आवागमन कर सकेंगे।

यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

एक्सप्रेसवे के दोनों ओर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विभिन्न सुविधाओं के लिए भी पर्याप्त स्थान छोड़ा गया है। आगे चलकर यहां रेस्ट एरिया, भोजनालय, पार्किंग, ईंधन स्टेशन और अन्य यात्री सुविधाओं का विस्तार आसानी से किया जा सकेगा। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़ी संख्या में पौधारोपण भी किया गया है।

प्रदेश के विकास को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का भविष्य में 10 लेन तक विस्तार उत्तर प्रदेश के परिवहन ढांचे को और मजबूत करेगा। इससे न केवल यात्रा आसान होगी, बल्कि व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा। आने वाले समय में यह एक्सप्रेसवे प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक बन सकता है।

यूपी में बदलेगा मौसम! 45 जिलों में भारी बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस सप्ताह प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक बारिश होने की संभावना है। कुछ जिलों में भारी वर्षा का अनुमान जताया गया है, जबकि कई क्षेत्रों में गरज-चमक और वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। लगातार बारिश के कारण अधिकतम तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट देखने को मिल सकती है।

फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दक्षिणी-पूर्वी राजस्थान के ऊपर बने निम्न दबाव क्षेत्र की स्थिति में बदलाव के साथ मानसूनी प्रणाली उत्तर की ओर बढ़ रही है। इसके प्रभाव से गंगा के मैदानी इलाकों में नमी बढ़ेगी और बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। यही वजह है कि आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।

तापमान में मिल सकती है राहत

हालांकि पूरे अगस्त महीने में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान है, लेकिन इस सप्ताह लगातार बारिश के कारण दिन के तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है। इससे उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर और बदायूं समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है।

प्रदेश के कई जिलों में वज्रपात का भी अलर्ट

भारी बारिश के साथ प्रदेश के अनेक जिलों में गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना भी व्यक्त की गई है। पूर्वांचल, अवध, तराई और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी गई है। खुले स्थानों, खेतों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।

किसानों के लिए राहत, आमजन रहें सावधान

लगातार बारिश से धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों को फायदा मिलने की संभावना है। वहीं दूसरी ओर शहरी इलाकों में जलभराव, फिसलन और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं भी सामने आ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देने और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।