HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

8वां वेतन आयोग: लेवल 3 के केंद्रीय कर्मचारियों की क्या होगी सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चा तेज है। सबसे ज्यादा दिलचस्पी इस बात को लेकर है कि नए वेतन ढांचे के लागू होने के बाद अलग-अलग पे लेवल के कर्मचारियों की बेसिक सैलरी कितनी हो सकती है। खास तौर पर लेवल-3 के कर्मचारियों के लिए संभावित वेतन को लेकर कई तरह के अनुमान सामने आ रहे हैं।

हालांकि, अभी 8वें वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें और फिटमेंट फैक्टर आधिकारिक रूप से तय नहीं हुए हैं। इसलिए संभावित सैलरी की गणना को अनुमान के तौर पर ही देखना चाहिए। यहां 1.92 के संभावित फिटमेंट फैक्टर को आधार मानकर लेवल-3 की बेसिक पे का अनुमान समझते हैं।

अभी कितनी है लेवल-3 की बेसिक सैलरी?

7वें वेतन आयोग के पे मैट्रिक्स में लेवल-3 की शुरुआती बेसिक पे ₹21,700 है। कर्मचारियों की वास्तविक मासिक आय में बेसिक पे के अलावा महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य लागू भत्ते भी शामिल होते हैं। 8वें वेतन आयोग के लागू होने पर नई बेसिक सैलरी तय करने में फिटमेंट फैक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।

1.92 फिटमेंट फैक्टर से कितना फायदा?

अगर उदाहरण के तौर पर 1.92 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया जाता है, तो लेवल-3 की मौजूदा शुरुआती बेसिक पे ₹21,700 को 1.92 से गुणा करने पर नई बेसिक पे करीब ₹41,664 बैठती है। यानी इस अनुमान के मुताबिक लेवल-3 कर्मचारी की बेसिक सैलरी ₹21,700 से बढ़कर लगभग ₹41,664 हो सकती है।

फिटमेंट फैक्टर क्यों है इतना महत्वपूर्ण?

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है जिसके आधार पर मौजूदा बेसिक पे को नए वेतन ढांचे में एडजस्ट किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था। अब 8वें वेतन आयोग के लिए अलग-अलग फिटमेंट फैक्टर को लेकर अनुमान लगाए जा रहे हैं। कुछ चर्चाओं में 1.92, 2.08 और 2.86 जैसे आंकड़े सामने आते रहे हैं।

HRA और TA से बढ़ सकती है कुल सैलरी

कर्मचारी की कुल मासिक आय केवल बेसिक पे पर निर्भर नहीं करती। बेसिक पे के साथ मिलने वाले HRA, TA और अन्य अनुमन्य भत्ते भी कुल वेतन को प्रभावित करते हैं। इसलिए ₹41,664 की संभावित बेसिक पे का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारी की इतनी ही कुल मासिक सैलरी होगी। HRA की राशि कर्मचारी के पोस्टिंग वाले शहर और लागू नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। इसी तरह यात्रा भत्ता भी कर्मचारी के स्तर और संबंधित नियमों पर निर्भर करता है।

बिहार में शिक्षक बनने का सुनहरा मौका! BPSC TRE 4 के 32,388 पदों पर भर्ती का ऐलान

पटना। बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE 4.0 को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत राज्य में कुल 32,388 शिक्षक पदों को भरा जाएगा। लंबे समय से शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह भर्ती सरकारी नौकरी पाने का एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

1 सितंबर से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन

BPSC TRE 4.0 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 तय की गई है। ऐसे में उम्मीदवारों को सलाह है कि वे अंतिम समय का इंतजार करने के बजाय समय रहते अपना आवेदन पूरा कर लें।

32,388 पदों पर होगी नियुक्ति

अधिसूचना के अनुसार TRE 4.0 के जरिए बिहार के सरकारी विद्यालयों में 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। अलग-अलग शिक्षक पदों के लिए निर्धारित योग्यता, विषयवार पदों की संख्या, आयु सीमा, आरक्षण और अन्य शर्तों की जानकारी अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखनी चाहिए।

आवेदन से पहले योग्यता जरूर जांचें

शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक योग्यता और संबंधित शिक्षक पात्रता मानदंड की जांच कर लेनी चाहिए। अलग-अलग स्तर और विषय के पदों के लिए योग्यता अलग हो सकती है। इसलिए आवेदन फॉर्म भरने से पहले भर्ती विज्ञापन को ध्यान से पढ़ना जरूरी होगा।

परीक्षा की तैयारी में जुट जाएं अभ्यर्थी

TRE 4.0 की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होने से पहले परीक्षा की रणनीति तैयार करना फायदेमंद रहेगा। अभ्यर्थियों को संबंधित विषय के साथ सामान्य अध्ययन और परीक्षा में पूछे जाने वाले अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों पर नियमित रूप से तैयारी करनी चाहिए। पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को हल करने से परीक्षा के पैटर्न और प्रश्नों के स्तर को समझने में भी मदद मिल सकती है।

ब्रेन में खून का थक्का बनने पर दिख सकते हैं ये 5 संकेत, समय रहते पहचानें

हेल्थ डेस्क। ब्रेन में खून का थक्का यानी ब्लड क्लॉट एक गंभीर स्थिति हो सकती है। यह मस्तिष्क में रक्त के प्रवाह को प्रभावित कर सकता है और कुछ मामलों में स्ट्रोक जैसी आपात स्थिति का कारण बन सकता है। इसके लक्षण अचानक दिखाई दे सकते हैं, इसलिए इन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।

1. अचानक बोलने में परेशानी

अगर किसी व्यक्ति को अचानक शब्द बोलने में दिक्कत होने लगे, उसकी आवाज अस्पष्ट हो जाए या सामने वाले की बात समझने में परेशानी हो, तो यह गंभीर चेतावनी हो सकती है। ऐसे लक्षण अचानक आएं तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेना जरूरी है।

2. चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी

चेहरे का एक तरफ झुक जाना, हाथ-पैर में अचानक कमजोरी या सुन्नपन महसूस होना खासतौर पर शरीर के एक हिस्से में, स्ट्रोक के प्रमुख संकेतों में शामिल है। ऐसे बदलाव अचानक महसूस हों तो देरी नहीं करनी चाहिए।

3. अचानक तेज सिरदर्द

बिना किसी स्पष्ट वजह के अचानक बहुत तेज सिरदर्द होना भी गंभीर संकेत हो सकता है। खासकर जब सिरदर्द के साथ उल्टी, चक्कर, बेहोशी या देखने में परेशानी जैसी समस्या भी हो, तो तत्काल अस्पताल जाना चाहिए।

4. देखने में अचानक बदलाव

एक या दोनों आंखों से धुंधला दिखाई देना, दो चीजें नजर आना या अचानक दृष्टि कम होना भी मस्तिष्क से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसे लक्षण थोड़े समय के लिए आएं और फिर ठीक हो जाएं, तब भी इन्हें हल्के में नहीं लेना चाहिए।

5. चलने और संतुलन में परेशानी

अचानक लड़खड़ाना, चलने में दिक्कत, शरीर का संतुलन बिगड़ना या बिना वजह तेज चक्कर आना भी चेतावनी संकेत हो सकते हैं। यदि इसके साथ बोलने या हाथ-पैर में कमजोरी की समस्या हो तो यह आपात स्थिति हो सकती है।

कब तुरंत अस्पताल जाएं?

ब्रेन से जुड़े लक्षणों में अचानक शुरुआत सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से एक है। चेहरे का एक तरफ झुकना, एक हाथ में कमजोरी और बोलने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। लक्षण अपने आप ठीक होने का इंतजार न करें।

ग्रहों का बड़ा खेल! सूर्य, बुध और केतु की युति से 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। ज्योतिषीय गणना के अनुसार 22 अगस्त को शाम 7:32 बजे बुध सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में पहले से सूर्य और केतु की मौजूदगी के कारण बुध के पहुंचते ही तीनों ग्रहों की युति बनेगी। सूर्य और बुध की युति से बुधादित्य योग, जबकि सूर्य, बुध और केतु के एक साथ होने से त्रिग्रही योग बनने की बात कही जा रही है।

ज्योतिष में बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क का कारक माना जाता है, जबकि सूर्य आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा तथा केतु आध्यात्मिकता और अचानक होने वाले बदलावों से जुड़ा ग्रह माना जाता है। ऐसे में इस ग्रह संयोग का असर कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से सकारात्मक रह सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह ग्रह संयोग करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या किसी महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में भूमिका मिल सकती है। अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की क्षमता बढ़ेगी, जिसका फायदा कार्यक्षेत्र में मिल सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए बुध की यह स्थिति आपके लिए खास मानी जा सकती है। इस दौरान आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। आय बढ़ाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं और लंबे समय से अटके किसी काम को गति मिल सकती है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि में ही सूर्य, बुध और केतु की युति बनने जा रही है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव खास रह सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। नौकरी में पद या जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। कारोबार में भी कोई महत्वपूर्ण फैसला भविष्य में लाभ दे सकता है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग शिक्षा, करियर और भाग्य से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम दे सकता है। नई चीजें सीखने और अपनी क्षमता को बेहतर बनाने का अवसर मिलेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है।

बिहार में पेपरलेस रजिस्ट्री लागू, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार में जमीन और मकान की रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया अब पहले से ज्यादा डिजिटल हो गई है। 17 अगस्त 2026 से राज्य में पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था लागू कर दी गई है। नई व्यवस्था के तहत रजिस्ट्री से जुड़े अधिकांश काम ऑनलाइन होंगे और कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम होगी।

अब डिजिटल तरीके से होगी रजिस्ट्री

नई व्यवस्था के तहत जमीन या मकान की खरीद-बिक्री के लिए दस्तावेज ऑनलाइन तैयार किए जा सकेंगे। खरीदार और विक्रेता अपनी सुविधा के अनुसार रजिस्ट्री के लिए स्लॉट भी बुक कर सकेंगे। तय समय पर कार्यालय पहुंचने के बाद पहचान सत्यापन और अन्य जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी। रजिस्ट्री पूरी होने के बाद डिजिटल डीड की पीडीएफ कॉपी मोबाइल, ई-मेल या WhatsApp के माध्यम से प्राप्त की जा सकेगी। इससे दस्तावेज संभालकर रखने की परेशानी कम होगी।

आंख और उंगली से होगा सत्यापन

नई प्रक्रिया में जमीन की रजिस्ट्री कराने वाले व्यक्ति की पहचान को डिजिटल तरीके से सत्यापित किया जाएगा। इसके लिए फिंगरप्रिंट और आइरिस स्कैनिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके बाद ई-सिग्नेचर समेत बाकी प्रक्रिया पूरी होगी। इससे गलत पहचान या फर्जी दस्तावेज के जरिए रजिस्ट्री कराने की आशंका को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

घर बैठे स्लॉट बुक करने की सुविधा

अब रजिस्ट्री कार्यालय जाने से पहले ऑनलाइन अपॉइंटमेंट लेने की सुविधा मिलेगी। पोर्टल पर आवश्यक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद निर्धारित समय का स्लॉट लिया जा सकेगा। इससे कार्यालयों में अनावश्यक भीड़ और लंबा इंतजार कम करने में मदद मिल सकती है। 75 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए घर से रजिस्ट्री की विशेष सुविधा भी व्यवस्था का अहम हिस्सा है।

फीस की गणना भी होगी आसान

डिजिटल प्रक्रिया में रजिस्ट्री से जुड़ी स्टांप ड्यूटी और निबंधन शुल्क की गणना सॉफ्टवेयर के जरिए की जा सकेगी। भुगतान की प्रक्रिया भी डिजिटल माध्यम से पूरी करने की व्यवस्था है। बिहार की नई पेपरलेस रजिस्ट्री व्यवस्था से समय की बचत, कागजी काम में कमी और दस्तावेजों को डिजिटल रूप में सुरक्षित रखने में लोगों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।

बुधवार का दिन रहेगा खास! 2 शुभ योग से 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार बुधवार का दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। इस दिन बनने वाले दो शुभ योग का सकारात्मक प्रभाव करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन पर देखने को मिल सकता है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति से कुछ लोगों को लंबे समय से अटके काम पूरे होने और आर्थिक लाभ के अवसर मिल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बुधवार का दिन आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को पुराने संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। रुका हुआ पैसा वापस आने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुभ योग नई संभावनाओं के दरवाजे खोल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और कोई जरूरी काम समय पर पूरा होने के संकेत हैं। व्यापार में निवेश या नई डील को लेकर सकारात्मक खबर मिल सकती है। विद्यार्थियों के लिए भी दिन उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। नौकरी में पद और जिम्मेदारी बढ़ने के संकेत हैं। कारोबार करने वालों को अच्छा मुनाफा मिल सकता है। परिवार में किसी शुभ समाचार से माहौल खुशनुमा रहेगा। आर्थिक मामलों में भी दिन राहत देने वाला साबित हो सकता है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए बुधवार का दिन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटका कोई महत्वपूर्ण काम आगे बढ़ सकता है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना है। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और धन से जुड़े मामलों में फायदा हो सकता है। यात्रा के दौरान भी कोई महत्वपूर्ण संपर्क बन सकता है।

बिहार के इन जिलों में बनेंगे नए एयरपोर्ट, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार में हवाई सफर को आसान बनाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। राज्य में नए एयरपोर्ट, हेलीपैड और हवाई सुविधाएं विकसित करने की संभावनाओं पर काम शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संशोधित उड़ान योजना RCS 6.0 को लेकर हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ने के निर्देश दिए।

इन जिलों में बढ़ेगी हवाई सुविधा

सरकार ने गोपालगंज के सबेया, अररिया के फारबिसगंज, किशनगंज, सारण और बेगूसराय के उलाव में हवाई सुविधाओं के विकास की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा है। इसके अलावा औरंगाबाद, बांका, खगड़िया, नवादा, शेखपुरा और सीतामढ़ी में भी हेलीपैड या दूसरी हवाई सुविधाओं की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए गए हैं।

पर्यटन स्थलों पर भी बनेगा फोकस

सरकार की योजना सिर्फ नए एयरपोर्ट तक सीमित नहीं है। राजगीर, गया, सासाराम, कैमूर और शाहाबाद क्षेत्र में हेलीपैड विकसित करने पर भी विचार किया जा रहा है। ऐसे स्थानों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जहां हवाई सुविधा शुरू होने से आसपास के कई जिलों को फायदा मिल सके।

जमीन और यात्रियों की संख्या का आकलन

नए एयरपोर्ट या हेलीपैड के लिए सबसे पहले जमीन की उपलब्धता, जगह की उपयुक्तता, संभावित यात्रियों की संख्या और तकनीकी जरूरतों का अध्ययन किया जाएगा। इसके बाद संबंधित विभागों और केंद्र सरकार की एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जाएगी।

यूपी सरकार ने दी सौगात, PRD जवानों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में प्रांतीय रक्षक दल (PRD) के स्वयंसेवकों के लिए योगी सरकार ने बड़ा ऐलान किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीआरडी जवानों का दैनिक ड्यूटी भत्ता 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये करने की घोषणा की है। इसके साथ ही जवानों और उनके परिवारों को इलाज के लिए कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा भी शुरू की गई है।

अब हर दिन मिलेगा 600 रुपये भत्ता

सरकार के नए फैसले के बाद पीआरडी स्वयंसेवकों को ड्यूटी के लिए पहले से ज्यादा भुगतान मिलेगा। इससे उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में ड्यूटी भत्ते में लगातार बढ़ोतरी की गई है और अब इसे 600 रुपये प्रतिदिन किया जा रहा है।

परिवार समेत 5 लाख तक मुफ्त इलाज

पीआरडी जवानों के लिए शुरू की गई ‘मुख्यमंत्री पीआरडी कैशलेस चिकित्सा योजना’ भी इस घोषणा का अहम हिस्सा है। इसके तहत स्वयंसेवक और उनके परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक के इलाज की कैशलेस सुविधा मिलेगी। सीएम योगी ने कार्यक्रम के दौरान पीआरडी स्वयंसेवकों को चिकित्सा सुविधा के कार्ड भी वितरित किए। इससे गंभीर बीमारी या महंगे इलाज की स्थिति में परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ कम होगा।

लखनऊ में बनेगा नया बैरक

सरकार ने पीआरडी जवानों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से बहुमंजिला बैरक बनाने की योजना का भी शुभारंभ किया। इससे जवानों के लिए बेहतर रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाते हैं। सरकार का प्रयास है कि उनके काम के साथ-साथ सम्मान, सुविधाएं और सामाजिक सुरक्षा भी मजबूत हो।

युवाओं के लिए खुशखबरी! नैनीताल बैंक में 41 पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली: बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नैनीताल बैंक लिमिटेड ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर के विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 41 पद भरे जाएंगे। इनमें सिविल इंजीनियर, मैनेजर, आईटी ऑफिसर समेत कई विशेषज्ञ पद शामिल हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

15 अगस्त से शुरू हुआ आवेदन

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 15 अगस्त 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवारों के पास आवेदन करने के लिए 7 सितंबर 2026 तक का समय है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह है कि फॉर्म भरने से पहले संबंधित पद की योग्यता और अनुभव से जुड़ी शर्तें जरूर जांच लें।

14 विशेषज्ञ पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती में स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 14 अलग-अलग विशेषज्ञ प्रोफाइल शामिल हैं। पदों के अनुसार ग्रेड/स्केल-I, II और III में नियुक्तियां की जाएंगी। अलग-अलग पदों के लिए संबंधित विषय में ग्रेजुएशन या पोस्ट ग्रेजुएशन के साथ निर्धारित कार्य अनुभव मांगा गया है। इसलिए उम्मीदवार आवेदन से पहले अपने पद की पात्रता जरूर देख लें।

अक्टूबर में हो सकती है परीक्षा

भर्ती परीक्षा की संभावित तारीख अक्टूबर 2026 बताई गई है। परीक्षा के लिए हल्द्वानी (नैनीताल), देहरादून, लखनऊ और दिल्ली/एनसीआर को केंद्र बनाया गया है। चयन प्रक्रिया में सफल उम्मीदवारों की नियुक्ति बैंक की जरूरत के अनुसार अलग-अलग स्थानों पर की जा सकती है।

इन राज्यों में मिल सकती है पोस्टिंग

नियुक्ति के बाद उम्मीदवारों को बैंक की शाखा या कार्यालय में काम करने का अवसर मिल सकता है। संभावित कार्यस्थल में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान शामिल हैं।

यूपी के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने शुरू की 3 नई योजनाएं

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आलू की खेती करने वाले किसानों को राहत देने के लिए योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में तीन नई योजनाएं शुरू की हैं। इनका मकसद आलू की कीमत गिरने, कोल्ड स्टोरेज का खर्च बढ़ने और महंगे बीज की समस्या से किसानों को राहत देना है। योजनाओं के लिए ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है।

भाव गिरने पर किसानों को मिलेगा सहारा

आलू की बंपर पैदावार होने पर बाजार में कीमत कम हो जाती है। ऐसे समय किसानों को नुकसान से बचाने के लिए सरकार ने 1,000 करोड़ रुपये के भामाशाह भाव स्थिरता कोष की व्यवस्था की है। इसके लिए फिलहाल 100 करोड़ रुपये की टोकन राशि रखी गई है।

योजना में उत्पादन लागत और बिक्री मूल्य के अंतर के आधार पर किसानों को सहायता दी जाएगी। एक किसान अधिकतम 2 हेक्टेयर और प्रति हेक्टेयर 240 क्विंटल तक के हिसाब से लाभ ले सकेगा। इससे करीब 12 से 14 लाख किसानों को फायदा मिलने का अनुमान है।

कोल्ड स्टोरेज में रखे आलू पर भी राहत

दूसरी योजना निजी शीतगृहों में आलू रखने वाले किसानों के लिए है। इसके तहत भंडारण शुल्क में राहत देने के लिए 1,000 करोड़ रुपये की योजना लागू की गई है। किसानों को 100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से सहायता मिलेगी और एक किसान को अधिकतम 20 हजार रुपये तक का लाभ दिया जाएगा। इस योजना से 15 लाख से अधिक किसानों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

सस्ते मिलेंगे बेहतर गुणवत्ता वाले बीज

तीसरी योजना आलू की नई और बेहतर किस्मों के बीज से जुड़ी है। सरकार ने इसके लिए 5 करोड़ रुपये की बीज विक्रय दर छूट योजना लागू की है। इसके तहत विभागीय आधार श्रेणी के आलू बीज खरीदने पर किसानों को अधिकतम 1,000 रुपये प्रति क्विंटल तक की छूट दी जाएगी। इससे खेती की लागत कम करने में मदद मिलेगी और 15 हजार से अधिक किसानों को लाभ मिलने की संभावना है।

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

तीनों योजनाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। पात्र किसानों को मिलने वाली सहायता आधार से जुड़े बैंक खाते में डीबीटी के जरिए भेजी जाएगी। सरकार के इस कदम से आलू किसानों को बाजार भाव, भंडारण और बीज, तीनों मोर्चों पर आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।

CM योगी का बड़ा ऐलान, युवाओं के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों के लिए योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश-प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले 500 और पदक विजेता खिलाड़ियों को आने वाले एक महीने में सरकारी नौकरी दी जाएगी। भर्ती में यूपी पुलिस के साथ दूसरे सरकारी विभागों के पद भी शामिल होंगे।

पहले ही 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को मिली नौकरी

प्रदेश में अब तक 500 से अधिक पदक विजेता खिलाड़ियों को सरकारी सेवाओं में जगह मिल चुकी है। उनकी खेल उपलब्धियों और योग्यता के मुताबिक अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ खिलाड़ियों को खेल विभाग में सहायक निदेशक जैसे पद मिले हैं, जबकि यूपी पुलिस में भी खिलाड़ियों की नियुक्ति की गई है।

ओलंपिक मेडल पर करोड़ों का इनाम

उत्तर प्रदेश की खेल नीति के तहत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वालों के लिए बड़ी पुरस्कार राशि रखी गई है। ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतने वाले खिलाड़ी को 6 करोड़, सिल्वर पर 4 करोड़ और ब्रॉन्ज मेडल पर 2 करोड़ रुपये देने का प्रावधान है। ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को भी 10 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती है। वहीं एशियाड और कॉमनवेल्थ गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों के लिए 5-5 लाख रुपये की सहायता का प्रावधान है।

अखाड़ों को आधुनिक बनाने की तैयारी

सरकार अब गांव-कस्बों की खेल प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए पारंपरिक अखाड़ों और निजी अकादमियों पर भी ध्यान दे रही है। पुराने अखाड़ों का पंजीकरण कराकर वहां बेहतर प्रशिक्षण, मैट, हॉल और प्रशिक्षकों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।

युवाओं के लिए आएगी नई नीति

सीएम योगी ने जल्द नई युवा नीति लाने की भी बात कही है। इसके तहत मुख्यमंत्री अभ्युदय कोचिंग का दायरा विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों तक बढ़ाने की तैयारी है। हर जिले में एम्प्लॉयमेंट जोन विकसित करने की योजना भी है, जहां युवाओं को कौशल प्रशिक्षण के साथ रोजगार के अवसरों से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। इससे खिलाड़ियों के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं और रोजगार की तैयारी कर रहे युवाओं को भी फायदा मिलने की उम्मीद है।

बिहार में 1262 किमी सड़कों की बदलेगी तस्वीर, 3 जिलों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क: बिहार के मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और शिवहर जिले के लोगों के लिए सड़क कनेक्टिविटी से जुड़ी बड़ी राहत आने वाली है। इन तीनों जिलों में करीब 1262 किलोमीटर सड़कों के सुधार और नवीनीकरण की योजना है। इस पूरे काम पर लगभग 1500 करोड़ रुपये खर्च किए जाने की तैयारी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद गड्ढों और जर्जर सड़कों से परेशान लोगों को राहत मिलने के साथ आवागमन भी सुगम होने की उम्मीद है।

मुजफ्फरपुर में सबसे ज्यादा सड़कें सुधरेंगी

इस योजना में सबसे बड़ा हिस्सा मुजफ्फरपुर का है। यहां करीब 716 किलोमीटर सड़क का कायाकल्प किया जाएगा। पथ प्रमंडल-एक की 53 सड़कों और पथ प्रमंडल-दो की 12 सड़कों को योजना में शामिल किया गया है। वहीं सीतामढ़ी में करीब 488 किलोमीटर और शिवहर में लगभग 57.48 किलोमीटर सड़क को बेहतर बनाया जाएगा।

सात साल तक होगी सड़कों की देखरेख

इस परियोजना की खास बात यह है कि सड़क बनने के बाद उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। ओपीआरएएमसी व्यवस्था के तहत संबंधित एजेंसी को अगले सात वर्षों तक सड़कों के रखरखाव की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। काम शुरू होने पर पहले खराब हिस्सों और गड्ढों को दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद सड़क की सतह को बेहतर बनाने के लिए जरूरी कार्य किए जाएंगे। इससे सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनाए रखने में मदद मिलेगी।

कई महत्वपूर्ण सड़कों को किया गया शामिल

मुजफ्फरपुर में मुजफ्फरपुर-महुआ स्टेट हाईवे, मुजफ्फरपुर-पूसा रोड, सकरी रोड और तुर्की-पक्की सराय मार्ग समेत कई प्रमुख सड़कों पर काम प्रस्तावित है। शहर के हाथी चौक, लक्ष्मी चौक-दादर और माड़ीपुर पावर हाउस चौक से गोबरसही-डुमरी मार्ग को भी योजना में जगह मिली है। इन रास्तों पर रोजाना बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही होती है, इसलिए सड़क सुधार का सीधा फायदा स्थानीय लोगों और यात्रियों को मिल सकता है।

सीतामढ़ी-शिवहर की इन सड़कों पर भी काम

सीतामढ़ी में बेलसंड-मीनापुर, परसौनी-रीगा, रीगा-मेजरगंज, सोनबरसा एनएच-77, बेलसंड-छितौनी और कुम्मा-बेला रोड समेत कई मार्गों का नवीनीकरण प्रस्तावित है। शिवहर में बसंतपट्टी-कटैया, शिवहर-बेलवाघाट, शिवहर-मीनापुर और एसएच-54 से जुड़े मार्गों पर काम किया जाना है।

बिहार में फिर बदलेगा मौसम! 10 जिलों में भारी वर्षा और तेज आंधी का अलर्ट

पटना: बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी है, जबकि आने वाले दिनों में कुछ जिलों में तेज बारिश के साथ आंधी और बिजली गिरने की स्थिति बन सकती है। मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने अगले 24 घंटे के लिए 10 जिलों में भारी बारिश और आंधी-पानी की चेतावनी जारी की है।

इन 10 जिलों में ज्यादा असर

मौसम विभाग के अनुसार बक्सर, जहानाबाद, नवादा, रोहतास, औरंगाबाद, भभुआ, गया, सारण, सिवान और वैशाली में मौसम ज्यादा खराब रह सकता है। इन जिलों में बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की संभावना है। अगले दो से तीन दिनों के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी-तूफान के साथ बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

तापमान में भी आएगी गिरावट

मौसम विभाग के मुताबिक बारिश और बादलों के असर से अगले 24 घंटे में प्रदेश के तापमान में एक से दो डिग्री तक गिरावट आ सकती है। इससे उमस और गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम में बदलाव की वजह मानसून ट्रफ और बंगाल की खाड़ी के आसपास बने कम दबाव वाले क्षेत्र का प्रभाव बताया जा रहा है। इसके कारण बिहार के अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां आगे भी बनी रह सकती हैं।

लोगों को सावधानी बरतने की सलाह

आंधी और बिजली चमकने के दौरान लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी जाती है। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभे और कमजोर निर्माण वाले स्थानों से दूरी रखना बेहतर होगा। बिहार में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के आसार हैं। खासकर अलर्ट वाले 10 जिलों के लोगों को मौसम विभाग की चेतावनी पर नजर रखते हुए सावधानी बरतनी चाहिए।

बुधादित्य राजयोग से बदलेगा भाग्य! 4 राशियों को मिलेगा धन और सफलता का लाभ

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 22 अगस्त 2026 को बुध ग्रह सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में पहले से सूर्य की मौजूदगी के कारण दोनों ग्रहों की युति बनेगी, जिसे ज्योतिष में बुधादित्य योग कहा जाता है। सूर्य को आत्मविश्वास और प्रतिष्ठा का कारक माना जाता है, जबकि बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार से जुड़े माने जाते हैं। ऐसे में इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए बुधादित्य योग आर्थिक मामलों में सकारात्मक संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या काम में पहचान मिलने की संभावना है। कारोबार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुल सकते हैं और लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। हालांकि आर्थिक फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए यह योग आपके लिए विशेष महत्व रख सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी बातचीत और निर्णय लेने की क्षमता का फायदा मिलेगा। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापारियों के लिए नए सौदे या ग्राहकों से जुड़ने के अवसर बन सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि में ही सूर्य और बुध की युति होने के कारण इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव खास माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिष्ठा मजबूत हो सकती है। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ तरक्की के अवसर बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी नए प्रोजेक्ट या लाभदायक संपर्क मिल सकते हैं। हालांकि अपनी योजनाओं को लेकर अति-आत्मविश्वास से बचना जरूरी होगा।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए बुधादित्य योग करियर और आर्थिक मामलों में लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी का अवसर मिल सकता है। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ संबंध बेहतर होने से फायदा मिलेगा। कारोबारियों को नए सौदों से लाभ मिल सकता है और आय के अतिरिक्त स्रोतों पर काम करने का मौका मिलेगा। परिवार के सहयोग से कोई महत्वपूर्ण फैसला लेने में भी मदद मिल सकती है।

बिहार में 564 एकड़ में बनेगा औद्योगिक पार्क, इन इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नालंदा: बिहार में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ी पहल की तैयारी है। इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के ढेकवाहा पंचायत के बरहगामा गांव में 564 एकड़ जमीन पर औद्योगिक पार्क प्रस्तावित है। इस परियोजना को जल्द कैबिनेट की मंजूरी दिलाने के लिए इस्लामपुर विधायक रुहेल रंजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से मुलाकात की और पत्र सौंपकर आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।

बताया गया कि प्रस्तावित पार्क के लिए चिन्हित जमीन का बड़ा हिस्सा फिलहाल परती पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों और भू-स्वामियों की ओर से भी परियोजना को लेकर सकारात्मक रुख है। हालांकि कैबिनेट की मंजूरी नहीं मिलने के कारण आगे की प्रक्रिया अभी अटकी हुई है।

युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के रास्ते

औद्योगिक पार्क बनने के बाद बरहगामा, ढेकवाहा और आसपास के कई गांवों के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिलने की उम्मीद है। यहां उद्योग स्थापित होने पर कुशल, अर्धकुशल और सामान्य श्रमिकों की जरूरत होगी। इससे युवाओं को नौकरी के लिए पटना, गया और दूसरे बड़े शहरों की ओर पलायन कम करना पड़ सकता है।

पार्क के निर्माण के दौरान भी मजदूरों और अन्य कामगारों के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा होटल, ढाबा, किराना, वाहन मरम्मत, परिवहन और माल ढुलाई जैसे छोटे कारोबारों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।

किसानों को भी मिल सकता है फायदा

अगर पार्क में कृषि आधारित उद्योग और खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित होती हैं, तो आसपास के किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए स्थानीय बाजार मिल सकता है। इससे भंडारण और प्रसंस्करण की सुविधाएं बढ़ने के साथ कृषि उत्पादों की मांग भी बढ़ सकती है।

औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने पर सड़क, बिजली, पानी और परिवहन जैसी बुनियादी सुविधाओं के विस्तार को भी गति मिलने की उम्मीद है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि 564 एकड़ की इस प्रस्तावित परियोजना को कैबिनेट से मंजूरी कब मिलती है।

यूपी सरकार ने जारी किये निर्देश, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कृषि यंत्रों और कृषि रक्षा उपकरणों से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। कृषि योजनाओं के तहत जिन किसानों ने अनुदान पर कृषि उपकरण लेने के लिए आवेदन किया है, उनके चयन की प्रक्रिया अब आगे बढ़ने वाली है। कृषि विभाग ने 20 और 21 अगस्त को जिलों में ई-लॉटरी कराने के निर्देश दिए हैं।

वहीं, प्रदेश स्तर पर होने वाली बुकिंग के लाभार्थियों का चयन 21 अगस्त को निदेशालय स्तर से ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा। आपको बता दें की कृषि विभाग ने सभी जिलों के उप कृषि निदेशकों को इस संबंध में जरूरी दिशा-निर्देश भेज दिए हैं।

हजारों किसानों ने कराई थी बुकिंग

विभागीय योजनाओं के तहत किसानों से कृषि यंत्रों के लिए ऑनलाइन बुकिंग मांगी गई थी। 16 जुलाई से 10 अगस्त तक किसानों ने विभागीय पोर्टल पर अपनी बुकिंग कराई। अब जिन कृषि उपकरणों के लिए उपलब्ध लक्ष्य से ज्यादा किसानों ने आवेदन किया है, उनमें लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। इससे अधिक आवेदन वाली योजनाओं में पात्र किसानों को चुनने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

लक्ष्य के बराबर बुकिंग पर लॉटरी नहीं

जिन योजनाओं में किसानों की बुकिंग निर्धारित लक्ष्य के बराबर या उससे कम रही है, वहां ई-लॉटरी कराने की जरूरत नहीं होगी। ऐसे किसानों की बुकिंग 19 अगस्त को ही कंफर्म कर दी जाएगी। इससे उन किसानों को चयन के लिए लॉटरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा, जिनकी बुकिंग उपलब्ध लक्ष्य के भीतर है।

पारदर्शी तरीके से होगा किसानों का चयन

कृषि विभाग ने ई-लॉटरी की प्रक्रिया को पारदर्शी रखने के लिए भी खास इंतजाम किए हैं। जिला स्तर पर होने वाली लॉटरी में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय कार्यकारी समिति के सदस्यों की मौजूदगी जरूरी होगी। लॉटरी ऐसे सार्वजनिक स्थान पर कराने के निर्देश हैं, जहां ज्यादा से ज्यादा किसान पूरी प्रक्रिया को अपनी आंखों से देख सकें। इसके लिए आयोजन स्थल पर बड़ी स्क्रीन और लाउडस्पीकर की व्यवस्था भी करनी होगी।

ई-लॉटरी की पूरी प्रक्रिया की होगी वीडियोग्राफी

ई-लॉटरी के दौरान होने वाली पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराना अनिवार्य किया गया है। इसका मकसद चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखना और किसानों के बीच किसी तरह की आशंका की गुंजाइश को कम करना है। इसके अलावा जिलों को ई-लॉटरी के आयोजन की तारीख, समय और स्थान तय करके इसकी जानकारी 19 अगस्त तक निदेशालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

यूपी में आउटसोर्स कर्मियों को खुशखबरी, 5% बढ़ा मानदेय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम में काम कर रहे आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। निगम ने तीन प्रमुख पदों पर तैनात कर्मचारियों के मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। बढ़ा हुआ मानदेय जुलाई 2026 से लागू माना जाएगा। इस फैसले का सीधा फायदा कुल 310 आउटसोर्स कर्मियों को मिलेगा।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के मानदेय को लेकर सालाना 10 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान है। इसके तहत जनवरी और जुलाई में 5-5 प्रतिशत की बढ़ोतरी की जाती है। इसी व्यवस्था के तहत जुलाई महीने से कर्मचारियों का संशोधित मानदेय लागू किया गया है। इससे कर्मचारियों को हर महीने पहले की तुलना में अधिक भुगतान मिलेगा।

कंप्यूटर ऑपरेटरों की सैलरी में कितना इजाफा?

परिवहन निगम में सबसे ज्यादा संख्या कंप्यूटर ऑपरेटरों की है। इस पद पर 249 कर्मचारी काम कर रहे हैं। मानदेय में बढ़ोतरी के बाद उन्हें करीब 20,655 रुपये के बजाय 21,420 रुपये मासिक मानदेय मिलेगा। यानी इस श्रेणी के कर्मचारियों को हर महीने पहले से कुछ अधिक रकम मिलेगी, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति को राहत मिल सकती है।

लेखाकार कम टैली ऑपरेटरों को भी फायदा

लेखाकार कम टैली ऑपरेटर के पद पर तैनात 35 कर्मचारियों को भी बढ़े हुए मानदेय का लाभ मिलेगा। इन कर्मचारियों का भुगतान उनकी वरिष्ठता के आधार पर अलग-अलग होगा। बढ़ोतरी के बाद इस पद पर कार्यरत कर्मचारियों को करीब 20 हजार से 26 हजार रुपये तक मानदेय मिलने की जानकारी दी गई है।

प्रोग्रामरों का मानदेय भी बढ़ा

परिवहन निगम में 26 प्रोग्रामर भी इस फैसले से लाभान्वित होंगे। बढ़ोतरी के बाद इन कर्मचारियों का मानदेय करीब 42 हजार रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये हो जाएगा। इस तरह तीनों श्रेणियों के कर्मचारियों को जुलाई से संशोधित भुगतान का लाभ मिलना शुरू होगा।

पानी-पानी होगा यूपी! इन जिलों में भारी बारिश के आसार, अलर्ट जारी!

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक प्रदेश के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी यूपी और आसपास के क्षेत्र में निचले वायुमंडलीय स्तर पर बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।

बारिश के साथ कुछ इलाकों में गरज-चमक और तेज बारिश की स्थिति बन सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग के स्थानीय अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

पूर्वी यूपी में कई दिन भारी बारिश के संकेत

पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए मौसम का मिजाज अगले कई दिनों तक सक्रिय रहने वाला है। 17 से 23 अगस्त के बीच अधिकांश हिस्सों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। 17 अगस्त के अलावा 20 और 21 अगस्त को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है। वहीं 18-19 अगस्त और 22-23 अगस्त के दौरान भी कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। इस दौरान नदी, नाले और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत होगी।

पश्चिमी यूपी में भी बढ़ेगी बारिश

सिर्फ पूर्वी उत्तर प्रदेश ही नहीं, पश्चिमी हिस्सों में भी मौसम करवट लेने वाला है। 17 अगस्त और 21-22 अगस्त के दौरान कई इलाकों में बारिश होने की संभावना है। वहीं 18 अगस्त को पश्चिमी यूपी के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश हो सकती है। इससे सड़कों पर जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी परेशानी सामने आ सकती है।

लोगों को सतर्क रहने की जरूरत

बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाली सड़कों और कमजोर ढांचों से दूरी बनाए रखना बेहतर होगा। गरज-चमक के समय खुले मैदान या पेड़ के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए। यूपी में अगले कुछ दिनों तक मानसून की सक्रियता बनी रहने के आसार हैं। पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में अलग-अलग दिनों में भारी बारिश देखने को मिल सकती है।

नसों की सेहत के लिए वरदान हैं ये 5 चीजें, रोज की डाइट में जरूर करें शामिल

हेल्थ डेस्क। आजकल खराब खानपान, लंबे समय तक बैठे रहने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण लोग हाथ-पैर में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी जैसी परेशानियों की शिकायत करते हैं। नसों की सेहत को बेहतर बनाए रखने के लिए संतुलित डाइट अहम भूमिका निभाती है। खासतौर पर विटामिन B12, B6, फोलेट, ओमेगा-3 फैटी एसिड और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व शरीर के लिए जरूरी होते हैं।

1. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट में मैग्नीशियम, हेल्दी फैट और कई दूसरे पोषक तत्व पाए जाते हैं। अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड भी होता है, जो शरीर के लिए जरूरी वसा का अच्छा स्रोत है। सुबह सीमित मात्रा में बादाम और अखरोट लेना संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इन्हें ज्यादा मात्रा में खाने के बजाय अपनी कुल कैलोरी जरूरत के अनुसार लेना बेहतर है।

2. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों का साग और दूसरी हरी सब्जियां फोलेट, मैग्नीशियम और अन्य जरूरी पोषक तत्व उपलब्ध कराती हैं। इनमें मौजूद फाइबर भी पाचन और सामान्य स्वास्थ्य के लिए उपयोगी है। रोजाना भोजन में अलग-अलग रंग और प्रकार की सब्जियां शामिल करने से शरीर को कई तरह के विटामिन और मिनरल मिलते हैं।

3. अंडा

अंडा प्रोटीन के साथ-साथ विटामिन B12 का भी अच्छा स्रोत है। B12 शरीर में नसों के सामान्य कामकाज और लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण होता है। जो लोग अंडा खाते हैं, वे इसे अपनी संतुलित डाइट में शामिल कर सकते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए B12 के दूसरे स्रोतों पर डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना उपयोगी हो सकता है।

4. दाल और चना

दाल, चना, राजमा और अन्य फलियां पौधे आधारित प्रोटीन, फोलेट, मैग्नीशियम और फाइबर देती हैं। इन्हें रोज के भोजन में शामिल करना शरीर को जरूरी पोषण देने का आसान तरीका है। दाल को सब्जियों और साबुत अनाज के साथ खाने से भोजन ज्यादा संतुलित बनाया जा सकता है।

5. मछली

सैल्मन, सार्डिन जैसी फैटी फिश में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह स्वस्थ वसा शरीर के लिए कई तरह से महत्वपूर्ण है। मछली में उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन और कुछ प्रकार की मछलियों में विटामिन B12 भी मिलता है। जो लोग मछली खाते हैं, वे इसे संतुलित मात्रा में अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं।

यूपी में बनेंगे 2 सुपर हाईवे, इन जिलों के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में दो बड़े हाईवे प्रोजेक्ट तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि इन दोनों मार्गों को सामान्य हाईवे की तरह नहीं, बल्कि एक्सप्रेसवे जैसी एक्सेस कंट्रोल व्यवस्था के साथ विकसित करने की तैयारी है। यानी रास्ते में अनधिकृत जगहों से वाहन या मवेशियों के प्रवेश की गुंजाइश नहीं होगी।

पहला हाईवे कानपुर को भोपाल से जोड़ेगा

पहली बड़ी परियोजना कानपुर-कबरई एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे की है। करीब 117.7 किलोमीटर लंबा यह मार्ग कानपुर से शुरू होकर कानपुर देहात और हमीरपुर होते हुए कबरई-महोबा तक पहुंचेगा। आगे यह कॉरिडोर मध्य प्रदेश के छतरपुर, सागर और विदिशा के रास्ते भोपाल से जुड़ने की योजना का हिस्सा है। यूपी वाले हिस्से के निर्माण पर करीब 7,145.14 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस परियोजना के निर्माण कार्य की दिशा में टेंडर इसी वित्तीय वर्ष में स्वीकृत किए जाने की तैयारी है। केंद्र सरकार की आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति पहले ही कानपुर-कबरई हाईवे को मंजूरी दे चुकी है।

दूसरा हाईवे यूपी के 18 जिलों को जोड़ेगा

दूसरी परियोजना पानीपत-शामली-गोरखपुर-सिलीगुड़ी हाईवे की है। यह एक बड़ा हाईस्पीड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर होगा, जिसकी कुल लंबाई करीब 1,313 किलोमीटर बताई गई है। यूपी में इसका हिस्सा शामली से कुशीनगर तक करीब 745 किलोमीटर लंबा होगा। यह मार्ग प्रदेश के करीब 18 जिलों को आपस में जोड़ने वाला है। इस कॉरिडोर के लिए यूपी में एलाइनमेंट को मंजूरी मिल चुकी है और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट यानी डीपीआर को स्वीकृति के लिए भेजा गया है। इस हिस्से के निर्माण से जुड़े टेंडर को अगले वित्तीय वर्ष में मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे जैसा होगा सफर

दोनों परियोजनाओं की सबसे खास बात इनका एक्सेस कंट्रोल्ड होना है। इसका मतलब है कि वाहन केवल निर्धारित प्रवेश और निकास प्वाइंट से ही हाईवे पर आ-जा सकेंगे। बीच रास्ते से स्थानीय वाहन, पैदल यात्री या मवेशी हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। इससे अचानक सामने आने वाले अवरोधों की संभावना कम होगी और यातायात अधिक व्यवस्थित तरीके से चल सकेगा।

खुशखबरी की सौगात! यूपी में 1 बंपर भर्ती शुरू, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों के खाली पद भरने की तैयारी शुरू हो गई है। उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) के जरिए असिस्टेंट प्रोफेसर और प्रोफेसर के कुल 1156 पदों पर भर्ती की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

इसमें असिस्टेंट प्रोफेसर के 1112 पद और प्रोफेसर के 44 पद शामिल हैं। भर्ती चिकित्सा शिक्षा विभाग (एलोपैथी) के तहत आने वाले मेडिकल कॉलेजों के लिए होगी।

18 अगस्त से शुरू होगा ऑनलाइन आवेदन

इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 18 अगस्त 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन और निर्धारित परीक्षा शुल्क जमा करने के लिए 1 सितंबर तक का समय दिया गया है। आवेदन भरते समय किसी तरह की गलती होने या शुल्क से संबंधित समस्या आने पर अभ्यर्थी 8 सितंबर तक सुधार और आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे। आवेदन पूरा करने के बाद उसकी हार्डकॉपी और जरूरी दस्तावेज आयोग कार्यालय में जमा करने होंगे। इसके लिए अंतिम तारीख 15 सितंबर तय की गई है।

आवेदन से पहले ये बात जरूर जांच लें

UPPSC के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने अभ्यर्थियों को आवेदन से पहले OTR यानी One Time Registration आधारित आवेदन प्रक्रिया के निर्देशों को अच्छी तरह पढ़ने की सलाह दी है। अभ्यर्थियों को यह भी देखना होगा कि जिस विषय या पद के लिए वे आवेदन कर रहे हैं, उसकी निर्धारित शैक्षिक योग्यता और दूसरी पात्रताएं उनके पास हैं या नहीं। बिना पात्रता जांचे आवेदन करने पर आगे परेशानी हो सकती है।

मेडिकल कॉलेजों में शिक्षकों की कमी होगी कम

इस भर्ती अभियान का उद्देश्य प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में खाली पड़े शिक्षकीय पदों को भरना है। बड़ी संख्या में नियुक्तियां होने से मेडिकल संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर होने की उम्मीद है। इसका असर मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और कॉलेजों की शैक्षणिक व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यानी नौकरी तलाश रहे योग्य अभ्यर्थियों के साथ-साथ चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था के लिए भी यह भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, बेटियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने परिवार पेंशन से जुड़े नियमों में ऐसे बदलाव किए हैं, जिनका फायदा कई बेटियों और महिला सरकारी कर्मचारियों को मिल सकता है। सरकार का कहना है कि बदलती सामाजिक परिस्थितियों को देखते हुए पेंशन व्यवस्था में समय-समय पर सुधार किए जा रहे हैं।

केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह ने पेंशन व्यवस्था में किए गए बदलावों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले कुछ वर्षों में परिवार पेंशन के नियमों को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं।

पहली खुशखबरी: तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों को राहत

परिवार पेंशन के नियमों में किए गए बदलाव का एक अहम हिस्सा तलाकशुदा और अलग रह रही बेटियों से जुड़ा है। पात्रता पूरी करने वाली ऐसी बेटियों को परिवार पेंशन का लाभ देने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव को उन परिवारों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां बेटी वैवाहिक परिस्थितियों के कारण अपने माता-पिता के परिवार से दोबारा जुड़ी हुई है। इससे पात्र बेटियों को आर्थिक सुरक्षा का सहारा मिल सकता है।

दूसरी खुशखबरी: मां कर सकेगी बेटे-बेटी को नामित

महिला सरकारी कर्मचारियों के लिए भी परिवार पेंशन से जुड़ा महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। अब पात्र महिला कर्मचारी अपने पति के बजाय अपने बेटे या बेटी को परिवार पेंशन के लिए नामित करने का विकल्प चुन सकती हैं। इससे महिला कर्मचारियों को अपनी पारिवारिक परिस्थितियों के अनुसार पेंशन से संबंधित फैसला लेने की अधिक स्वतंत्रता मिलेगी। यह बदलाव परिवार पेंशन व्यवस्था में महिलाओं की भूमिका और उनके अधिकारों को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

कर्मचारी की मौत पर परिवार को बढ़ी हुई पेंशन

सरकार ने सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने की स्थिति में परिवार को आर्थिक सुरक्षा देने की व्यवस्था पर भी जोर दिया है। नियमों के अनुसार, पात्र परिवार को एक निश्चित अवधि के लिए बढ़ी हुई दर पर परिवार पेंशन मिल सकती है, जो अंतिम वेतन के 50 प्रतिशत तक हो सकती है। इसका उद्देश्य यह है कि कम उम्र में सरकारी कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को अचानक पैदा हुए आर्थिक संकट से निपटने में मदद मिल सके।

7 साल की सेवा की शर्त में भी बदलाव

परिवार पेंशन से जुड़ा एक और अहम बदलाव न्यूनतम सेवा अवधि को लेकर है। सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर बढ़ी हुई परिवार पेंशन के लिए पहले लागू सात साल की न्यूनतम सेवा शर्त को हटा दिया गया है। इसका मतलब है कि कम अवधि की सरकारी सेवा के दौरान कर्मचारी की मृत्यु होने पर भी पात्र परिवार को नियमों के तहत जरूरी आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

यूपी में इन कर्मचारियों को तोहफा, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश परिवहन निगम से जुड़े आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत वाली खबर है। लंबे समय से मानदेय बढ़ने का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को अब अतिरिक्त रकम मिलेगी। योगी सरकार ने जुलाई 2026 से इनके मानदेय में 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। बढ़ी हुई राशि का लाभ परिवहन निगम में काम करने वाले कई कर्मचारियों को मिलेगा।

सरकार के इस फैसले से खास तौर पर कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर और प्रोग्रामर पद पर तैनात कर्मचारियों की कमाई बढ़ेगी। यानी जुलाई से इन कर्मचारियों के मासिक मानदेय में पहले की तुलना में ज्यादा रकम जुड़ेगी।

हर छह महीने में बढ़ता है मानदेय

परिवहन निगम में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए मानदेय बढ़ाने की एक तय व्यवस्था है। इसके तहत सालभर में कुल 10 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाती है। इसका फायदा कर्मचारियों को दो किस्तों में मिलता है, एक बढ़ोतरी जनवरी में और दूसरी जुलाई में। अब जुलाई 2026 वाली 5 प्रतिशत वृद्धि लागू की जा रही है। ऐसे में जिन कर्मचारियों को इसका लाभ मिलेगा, उनके लिए यह फैसला सीधे तौर पर मासिक आय बढ़ाने वाला है।

249 कंप्यूटर ऑपरेटरों को फायदा

परिवहन निगम में काम कर रहे करीब 249 कंप्यूटर ऑपरेटरों के लिए मानदेय बढ़कर लगभग 21,420 रुपये हो जाएगा। पहले इन्हें करीब 20,655 रुपये मासिक मिल रहे थे। वहीं लेखाकार-कम-टैली ऑपरेटर के मानदेय में भी इजाफा होगा। इस श्रेणी में करीब 35 कर्मचारी हैं और वरिष्ठता के आधार पर उनका मानदेय लगभग 20 हजार से 26 हजार रुपये तक रहने की बात सामने आई है।

प्रोग्रामरों की सैलरी में भी इजाफा

तकनीकी काम संभालने वाले 26 प्रोग्रामरों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। इनका मानदेय करीब 42 हजार रुपये से बढ़कर 43,313 रुपये तक पहुंच जाएगा।

यूपी में महिलाओं के अच्छे दिन! योगी सरकार ने दी 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के गांवों में महिलाओं की आर्थिक स्थिति बदलने लगी है। पशुपालन और डेयरी कारोबार को नए तरीके से बढ़ावा मिलने के बाद बड़ी संख्या में महिलाएं अब दूध के कारोबार की कमान खुद संभाल रही हैं। सरकार के ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं दूध उत्पादन के साथ उसके संग्रह, गुणवत्ता जांच, बिक्री और भुगतान की प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

1. दूध बेचकर महिलाएं बढ़ा रहीं अपनी कमाई

प्रदेश के 31 जिलों में महिला समूहों से जुड़ा डेयरी नेटवर्क रोजाना करीब 12.5 लाख लीटर दूध इकट्ठा कर रहा है। गांव की महिलाएं अब सिर्फ पशुओं की देखभाल तक सीमित नहीं हैं। दूध को बाजार तक पहुंचाने और उसकी बिक्री से जुड़े कामों में भी उनकी हिस्सेदारी बढ़ी है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने घर के पास ही कमाई का साधन मिल रहा है। पशुपालन अब कई परिवारों के लिए अतिरिक्त काम के बजाय नियमित आय का जरिया बनता जा रहा है।

2. बिचौलियों का खेल कम, सही कीमत का हिसाब

डेयरी मॉडल में महिलाओं को सीधे दूध संग्रह केंद्रों और संबंधित संस्थाओं से जोड़ने की कोशिश की गई है। इसका फायदा यह हुआ कि दूध की बिक्री के लिए स्थानीय बिचौलियों पर निर्भरता कम हुई है। संग्रह केंद्रों पर मशीनों के जरिए दूध की मात्रा और गुणवत्ता से जुड़े मानकों की जांच की जाती है। इसके बाद उसी आधार पर कीमत तय होती है। भुगतान और लेनदेन का रिकॉर्ड डिजिटल तरीके से दर्ज होने के कारण हिसाब-किताब में पारदर्शिता भी बढ़ी है।

3. डिजिटल सिस्टम से महिलाओं की बढ़ी पकड़

मोबाइल और डिजिटल तकनीक ने गांव की महिलाओं के लिए डेयरी कारोबार को पहले की तुलना में आसान बनाया है। दूध कब और कितना दिया गया, उसकी गुणवत्ता क्या रही और कितनी राशि बनती है, इन जानकारियों का रिकॉर्ड रखना अब आसान हो गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि दूध की कमाई सीधे महिलाओं तक पहुंचने लगी है। इससे घर के खर्च, बच्चों की पढ़ाई और दूसरी जरूरतों में उनकी आर्थिक भागीदारी मजबूत हो रही है।

73 हजार से ज्यादा महिलाएं बनीं 'लखपति दीदी'

इस मॉडल की सबसे बड़ी उपलब्धियों में महिलाओं की बढ़ती आय शामिल है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अनुसार, डेयरी गतिविधियों से जुड़कर 73 हजार से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। यानी गांवों में डेयरी अब केवल दूध बेचने का काम नहीं रह गया है। महिला समूहों की भागीदारी, बेहतर बाजार व्यवस्था और डिजिटल तकनीक ने इसे ग्रामीण महिलाओं के लिए कमाई और आत्मनिर्भरता का मजबूत माध्यम बना दिया है।

हवाई यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी! केंद्र सरकार करने जा रही बड़ा बदलाव

नई दिल्ली: देश में हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। विमानन क्षेत्र से जुड़े नियमों को ज्यादा प्रभावी बनाने के लिए केंद्र सरकार ने प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया है कि भारतीय वायुयान अधिनियम, 2024 के तहत तैयार किए जा रहे नए नियमों को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।

मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइंस द्वारा नियमों के पालन और हवाई किराए को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया। अदालत ने साफ कहा कि यदि कोई एयरलाइन सरकारी निर्देशों का पालन नहीं करती है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।

तीन सप्ताह में तैयार होंगे नए नियम

केंद्र की ओर से सुप्रीम कोर्ट को बताया गया कि नए नियमों का मसौदा तैयार है और कुछ मुद्दों पर अंतिम स्तर पर विचार-विमर्श चल रहा है। सरकार ने भरोसा दिया कि करीब तीन सप्ताह के भीतर नियमों को अंतिम रूप दे दिया जाएगा। मसौदा अदालत के सामने भी रखा गया। हालांकि, पीठ ने केंद्र को मामले में और देरी नहीं करने की हिदायत दी। अदालत ने यात्रियों के हित से जुड़े नियमों को प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर दिया।

नियम तोड़े तो होगी सख्ती

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एयरलाइंस को लेकर बेहद सख्त टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि अगर विमानन कंपनियां लागू नियमों का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और जरूरत पड़ने पर उड़ानों को ग्राउंडेड भी किया जा सकता है। अदालत ने पुराने नियमों को भी प्रभावी तरीके से लागू करने की बात कही। इससे संकेत मिल रहा है कि यात्रियों से जुड़े नियमों की अनदेखी अब एयरलाइंस के लिए भारी पड़ सकती है।

हवाई किराए पर भी सवाल

सुनवाई में हवाई टिकट की कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव का मुद्दा भी सामने आया। याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि यात्रियों को कई बार किराए में भारी अंतर का सामना करना पड़ता है और इस क्षेत्र में प्रभावी नियमन की जरूरत है। याचिकाकर्ता ने विमानन क्षेत्र के लिए स्वतंत्र नियामक बनाने की मांग भी उठाई। उनका तर्क है कि एयरलाइंस के किराए और दूसरे शुल्कों पर पारदर्शी व्यवस्था के लिए एक मजबूत नियामक तंत्र जरूरी है।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! ट्रांसफर पर लगा ब्रेक!

पटना: बिहार में शिक्षकों के स्थानांतरण से जुड़ा एक अहम मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। सरप्लस शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया को लेकर पटना हाईकोर्ट ने फिलहाल बड़ा आदेश दिया है। अदालत ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया है। इसका मतलब है कि फिलहाल शिक्षकों की मौजूदा पोस्टिंग में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

अदालत के इस आदेश के बाद जिन शिक्षकों के तबादले सरप्लस के आधार पर किए जाने थे, उनकी प्रक्रिया फिलहाल आगे नहीं बढ़ेगी। जिन शिक्षकों को संभावित स्थानांतरण को लेकर चिंता थी, उन्हें इस आदेश से तत्काल राहत मिली है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा?

मामले की सुनवाई जस्टिस अजीत कुमार की सिंगल बेंच में हुई। कोर्ट ने फिलहाल मौजूदा स्थिति को बरकरार रखने का निर्देश दिया है। ऐसे में शिक्षक अगले आदेश तक उसी स्कूल में अपनी सेवाएं देते रहेंगे, जहां वे अभी तैनात हैं। यानी शिक्षा विभाग की ओर से सरप्लस के आधार पर किए जा रहे या प्रस्तावित स्थानांतरण पर फिलहाल ब्रेक लग गया है। आगे की कार्रवाई अदालत के अगले निर्देश के बाद ही स्पष्ट होगी।

तबादले की प्रक्रिया पर क्यों उठे सवाल?

सुनवाई के दौरान शिक्षकों की ओर से अदालत में ट्रांसफर प्रक्रिया से जुड़ी कई आपत्तियां रखी गईं। शिक्षकों के अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि सरप्लस की पहचान और उसके आधार पर तबादले की प्रक्रिया में कथित तौर पर कई विसंगतियां सामने आई हैं। याचिकाकर्ताओं की तरफ से यह भी कहा गया कि इस प्रक्रिया से शिक्षकों के सामने प्रशासनिक और व्यक्तिगत स्तर पर कई परेशानियां खड़ी हो रही थीं। इन दलीलों पर विचार करने के बाद कोर्ट ने फिलहाल यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

हजारों शिक्षकों को मिली तत्काल राहत

इस आदेश का असर उन शिक्षकों पर पड़ेगा जो सरप्लस सूची में शामिल होने या तबादले की आशंका को लेकर परेशान थे। फिलहाल उन्हें अपनी वर्तमान तैनाती वाले विद्यालय में ही काम करना होगा। शिक्षा विभाग के लिए भी अब अगला कदम अदालत की कार्यवाही से जुड़ा रहेगा। यानी जब तक मामले में आगे कोई स्पष्ट आदेश नहीं आता, तब तक सरप्लस शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना मुश्किल होगा।

बिहार में इन शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी, जल्द मिलेगा बकाया वेतन!

पटना: बिहार के शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। शिक्षा विभाग ने लंबे समय से लंबित मामलों और बकाया वेतन के भुगतान को लेकर कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सोमवार को विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर जरूरी मामलों को जल्द निपटाने पर जोर दिया।

बैठक में खास तौर पर संस्कृत और मदरसा शिक्षकों के सात महीने से लंबित वेतन के भुगतान का मुद्दा उठा। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 5 सितंबर से पहले भुगतान की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए तेजी से काम किया जाए। इससे लंबे समय से बकाया वेतन की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

5 सितंबर के बाद बदल जाएगा आवेदन का तरीका

शिक्षा विभाग से जुड़े मामलों में आवेदन करने वाले शिक्षकों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि 5 सितंबर के बाद ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। इसके बाद शिक्षकों को अपनी शिकायत या संबंधित आवेदन ई-शिक्षाकोष पोर्टल के माध्यम से ही जमा करना होगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य आवेदन प्रक्रिया को डिजिटल बनाना और मामलों के निपटारे में तेजी लाना है।

संस्कृत स्कूलों में होंगे बड़े बदलाव

शिक्षा विभाग संस्कृत शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी काम कर रहा है। अररिया, सारण, मधुबनी और भागलपुर के राजकीय संस्कृत उच्च विद्यालयों समेत उन स्कूलों में समेकित विद्यालय विकसित करने की योजना पर चर्चा हुई, जहां पर्याप्त जमीन उपलब्ध है।

इन संस्थानों में संस्कृत की पढ़ाई जारी रखने की बात कही गई है। वहीं, जिन स्कूलों की जमीन पर अतिक्रमण है, उसे हटाने के निर्देश दिए गए हैं। संस्कृत शिक्षा के विकास के लिए विशेषज्ञों और विद्वानों को शामिल करते हुए एक समिति गठित करने की भी तैयारी है।