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इस हप्ते कमल की तरह खिलेंगे भाग्य, 5 राशियों को लाभ ही लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय दृष्टि से यह सप्ताह कई राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आया है। ग्रहों की अनुकूल स्थिति के कारण करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों में तेजी देखने को मिल सकती है। विशेष रूप से पांच राशियों के लिए यह समय तरक्की, धन लाभ और नए अवसरों का संकेत दे रहा है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए सप्ताह उत्साहजनक रहने वाला है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वरिष्ठों का सहयोग प्राप्त होगा। व्यापार में भी लाभ के संकेत हैं।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में मजबूती मिलने की संभावना है। रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और निवेश से फायदा होने के योग बन रहे हैं। पारिवारिक माहौल भी अनुकूल रहेगा।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लिए यह समय प्रगति का संकेत दे रहा है। नौकरी में उन्नति या नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। संचार कौशल के दम पर कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। कार्यस्थल पर आपकी पहचान मजबूत होगी और महत्वपूर्ण निर्णयों में आपकी भूमिका बढ़ सकती है।

धनु राशि:

धनु राशि वालों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और अचानक धन लाभ की संभावना भी जताई जा रही है। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

बुजुर्ग कर्मचारियों को तोहफा, नए वेतन आयोग से आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

नई दिल्ली। देश में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। प्रस्तावित नए वेतन आयोग से सेवानिवृत्त कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है। महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच यह कदम बुजुर्गों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

पेंशन में बढ़ोतरी की संभावना

नए वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने के बाद पेंशन में इजाफा होने की उम्मीद है। इससे उन लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सीधा फायदा मिलेगा, जिनकी आय का मुख्य स्रोत पेंशन ही है। विशेषज्ञों का मानना है कि संशोधित वेतन ढांचा पेंशन गणना को भी प्रभावित करेगा, जिससे मासिक आय में वृद्धि संभव है।

महंगाई से मिलेगी राहत

पिछले कुछ वर्षों में बढ़ती महंगाई ने बुजुर्ग कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति पर असर डाला है। दवाइयों, इलाज और दैनिक जरूरतों पर बढ़ते खर्च को देखते हुए सरकार का यह कदम राहत देने वाला माना जा रहा है। यदि पेंशन बढ़ोतरी होती है, तो पेंशनधारकों की क्रय शक्ति मजबूत होगी।

अन्य भत्तों में भी सुधार के संकेत

वेतन आयोग के तहत सिर्फ बेसिक पेंशन ही नहीं, बल्कि अन्य भत्तों में भी बदलाव की संभावना जताई जा रही है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समग्र रूप से आर्थिक मजबूती मिल सकती है।

लाखों परिवारों पर पड़ेगा असर

देशभर में बड़ी संख्या में ऐसे परिवार हैं, जिनकी आर्थिक व्यवस्था पेंशन पर निर्भर करती है। पेंशन बढ़ने से न सिर्फ बुजुर्गों को राहत मिलेगी, बल्कि उनके परिवारों की वित्तीय स्थिति भी बेहतर होगी।

सरकार के फैसले पर टिकी नजर

हालांकि वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशें और उनके लागू होने की समयसीमा अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि सरकार जल्द ही इस दिशा में सकारात्मक कदम उठाएगी।

भारत के टॉप-7 बेस्ट IIT: जहां से निकलते हैं देश के बेहतरीन इंजीनियर और वैज्ञानिक

नई दिल्ली। भारत में उच्च तकनीकी शिक्षा की पहचान भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से होती है। हर साल लाखों छात्र इन संस्थानों में प्रवेश पाने का सपना देखते हैं, लेकिन कड़ी चयन प्रक्रिया के चलते कुछ ही छात्र यहां तक पहुंच पाते हैं। गुणवत्ता, रिसर्च और प्लेसमेंट के मामले में IITs का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है, जिससे ये संस्थान वैश्विक स्तर पर भी अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं।

1 .आईआईटी मद्रास

देश के शीर्ष IITs में लगातार अग्रणी रहने वाला यह संस्थान रिसर्च और इनोवेशन के लिए जाना जाता है। यहां आधुनिक लैब्स, स्टार्टअप इकोसिस्टम और इंडस्ट्री सहयोग छात्रों को बेहतरीन अवसर प्रदान करते हैं।

2 .आईआईटी दिल्ली

राजधानी में स्थित यह संस्थान उच्च गुणवत्ता की शिक्षा और मजबूत प्लेसमेंट के लिए प्रसिद्ध है। टेक्नोलॉजी के साथ-साथ मैनेजमेंट और रिसर्च में भी इसकी पकड़ मजबूत है।

3 .आईआईटी बॉम्बे

मुंबई स्थित IIT बॉम्बे अपने स्टार्टअप कल्चर, इंटरनेशनल कनेक्शन और बेहतरीन कैंपस लाइफ के लिए जाना जाता है। यहां से निकलने वाले छात्र वैश्विक कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं।

4 .आईआईटी कानपुर

यह संस्थान वैज्ञानिक शोध और तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी है। खासकर कंप्यूटर साइंस और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में इसकी विशेष पहचान है।

5 .आईआईटी खड़गपुर

देश का पहला IIT होने के कारण इसका ऐतिहासिक महत्व भी है। यहां इंजीनियरिंग, रिसर्च के साथ-साथ लॉ, मैनेजमेंट और डिजाइन जैसे विविध कोर्स उपलब्ध हैं।

6 .आईआईटी रुड़की

सिविल इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर रिसर्च के लिए प्रसिद्ध यह संस्थान देश के पुराने और प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में शामिल है।

7 .आईआईटी गुवाहाटी

पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख IIT, जो तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। यहां आधुनिक सुविधाएं, अच्छा प्लेसमेंट और खूबसूरत कैंपस छात्रों को आकर्षित करता है।

बिहार में सरकारी कर्मचारियों को राहत, सरकार ने दी खुशखबरी

पटना। बिहार में नई सरकार बनने के बाद फैसलों की रफ्तार तेज हो गई है और अब इसका सीधा फायदा सरकारी कर्मचारियों को भी मिल रहा है। हाल ही में राज्य सरकार ने एक ऐसे आदेश को वापस ले लिया है, जिसने कर्मचारियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया था। यह फैसला कर्मचारियों के करियर और भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे अब उन्हें बड़ी राहत मिली है।

क्या था मामला?

दरअसल, नगर विकास विभाग की ओर से जारी एक आदेश में यह प्रावधान किया गया था कि कोई भी सरकारी कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में सिर्फ एक बार ही विभागीय या प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सकेगा। इसके बाद उसे किसी अन्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं होगी। इतना ही नहीं, नियम तोड़ने पर नौकरी छोड़ने तक की चेतावनी ने कर्मचारियों के बीच चिंता और नाराजगी को और बढ़ा दिया था।

कर्मचारियों में बढ़ा विरोध

जैसे ही यह आदेश लागू हुआ, पूरे बिहार में सरकारी कर्मचारियों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि यह नियम उनके करियर ग्रोथ के रास्ते बंद कर देगा और बेहतर अवसर पाने की संभावनाएं खत्म हो जाएंगी। कई कर्मचारी संगठनों ने भी इस फैसले को अव्यवहारिक बताया।

हस्तक्षेप के बाद बदला फैसला

मामले की गंभीरता को देखते हुए सम्राट चौधरी ने इसमें हस्तक्षेप किया। उन्होंने कर्मचारियों के भविष्य और पेशेवर विकास को ध्यान में रखते हुए इस आदेश को वापस लेने के निर्देश दिए। इसके बाद सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए विवादित आदेश को निरस्त कर दिया।

कर्मचारियों में खुशी का माहौल

सरकार के इस फैसले से राज्य के कर्मचारियों में राहत और खुशी देखी जा रही है। लंबे समय से जिस नियम को लेकर चिंता थी, उसके हटने से अब वे बिना किसी डर के अपने करियर की दिशा तय कर सकेंगे।

पैसा ही पैसा! 8वें वेतन आयोग से जेब होगी फुल -आएगा बंपर वेतन बूस्ट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग बड़ी राहत और उम्मीदों का पैगाम लेकर आ सकता है। जैसे-जैसे इसकी चर्चाएं तेज हो रही हैं, वैसे-वैसे लाखों कर्मचारियों के बीच उत्साह का माहौल भी बढ़ता जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आयोग की सिफारिशें लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

कितना बढ़ सकता है वेतन?

रिपोर्ट के अनुसार, 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाया जा सकता है, जिससे बेसिक सैलरी में सीधा इजाफा होगा। अगर ऐसा होता है, तो कर्मचारियों की कुल सैलरी में 25% से 40% तक बढ़ोतरी संभव मानी जा रही है। हालांकि, यह अंतिम आंकड़े आयोग की सिफारिशों और सरकार के फैसले पर निर्भर करेंगे।

भत्तों में भी होगा बड़ा बदलाव

सिर्फ बेसिक सैलरी ही नहीं, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और अन्य भत्तों में भी संशोधन की उम्मीद है। इससे कर्मचारियों की कुल इनकम में और बढ़ोतरी होगी। बढ़ती महंगाई के बीच यह राहत काफी अहम मानी जा रही है।

पेंशनर्स को भी मिलेगा लाभ

8वां वेतन आयोग पेंशनभोगियों के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है। पेंशन में संशोधन के साथ-साथ ग्रेच्युटी और अन्य रिटायरमेंट लाभों में भी इजाफा होने की संभावना है।

कब तक लागू हो सकता है?

हालांकि सरकार की ओर से अभी तक 8वें वेतन आयोग को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में इस पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।

आर्थिक असर भी होगा बड़ा

जानकारों का मानना है कि वेतन बढ़ोतरी से बाजार में मांग बढ़ेगी, जिससे अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। हालांकि, सरकार पर वित्तीय बोझ भी बढ़ सकता है, जिसे संतुलित करना एक चुनौती होगा।

यूपी में टोल कर्मचारियों की भर्ती शुरू, युवाओं को खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे के तेजी से हो रहे विकास के बीच अब रोजगार के नए रास्ते भी खुलने लगे हैं। अमरोहा जनपद में तैयार हो चुका गंगा एक्सप्रेसवे न सिर्फ आवागमन को आसान बनाएगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए नौकरी के अवसर भी लेकर आया है। एक्सप्रेसवे के संचालन से पहले टोल प्लाजा के लिए कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिससे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।

तैयार हुआ 23.60 किमी लंबा एक्सप्रेसवे

अमरोहा जिले की हसनपुर तहसील में करीब 23.60 किलोमीटर लंबा एक्सप्रेसवे पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है। संभावना जताई जा रही है कि 29 अप्रैल से इस मार्ग पर यातायात शुरू हो सकता है। यह एक्सप्रेसवे 24 गांवों से होकर गुजरता है और यहां चढ़ने-उतरने के लिए मंगरौला गांव के पास एक प्रमुख टी-प्वाइंट बनाया गया है।

टोल बूथ पर भर्ती से युवाओं में उत्साह

मंगरौला के पास बनाए गए टोल प्लाजा पर चार बूथ तैयार किए गए हैं, जहां 50 से अधिक कर्मचारियों की भर्ती की जा रही है। इसके लिए स्थानीय युवाओं से आवेदन मांगे गए हैं और चयन प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। नियुक्ति के बाद चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे एक्सप्रेसवे संचालन से जुड़ी जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकें।

सफर होगा आसान, समय की बचत

गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद अमरोहा से मेरठ और प्रयागराज की यात्रा काफी सुगम हो जाएगी। खासतौर पर वकीलों और वादकारियों को इसका बड़ा लाभ मिलेगा, जो हाईकोर्ट के काम से प्रयागराज जाते हैं और अब उसी दिन वापस लौट सकेंगे।

विकास और रोजगार का नया दौर

गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण पूरा होना न केवल परिवहन के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार के लिए भी बड़ी पहल साबित हो रहा है। टोल प्लाजा पर शुरू हुई भर्ती प्रक्रिया इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में विकास के साथ-साथ युवाओं के लिए अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे।

सूर्य-बुध की युति: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, करियर-धन में होगा बड़ा उछाल

राशिफल। ज्योतिषीय दृष्टि से सूर्य और बुध की युति को अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। इस विशेष संयोग को बुधादित्य योग कहा जाता है, जो व्यक्ति की बुद्धि, वाणी, नेतृत्व क्षमता और निर्णय शक्ति को मजबूत करता है। वर्तमान ग्रह स्थिति के अनुसार यह युति कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आई है, खासकर करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर में उछाल लेकर आ सकता है। नई नौकरी के अवसर बन सकते हैं, वहीं कार्यक्षेत्र में वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। व्यापारियों को नए सौदों से लाभ होने की संभावना है।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, ऐसे में इस युति का प्रभाव इस राशि पर विशेष रूप से सकारात्मक रहेगा। आय के नए स्रोत खुल सकते हैं और संचार कौशल के दम पर बड़ी सफलता मिल सकती है। छात्रों के लिए भी यह समय अनुकूल है।

सिंह राशि:

सूर्य की राशि सिंह के लिए यह योग सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। निवेश से लाभ मिलने के भी संकेत हैं।

कन्या राशि:

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला रहेगा। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा। कार्यक्षेत्र में प्रदर्शन बेहतर रहेगा।

धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए यह युति भाग्य का साथ लेकर आ रही है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं, वहीं अचानक धन लाभ या यात्रा के योग बन रहे हैं। नए प्रोजेक्ट्स में सफलता मिलने की संभावना है।

बिहार में बड़ी खुशखबरी! लाखों घरों तक पहुंचेगा सस्ता PNG गैस कनेक्शन

पटना। बिहार में विकास की रफ्तार को नई दिशा देने के लिए सरकार अब बड़े स्तर पर योजनाओं को जमीन पर उतारने की तैयारी में है। इसी क्रम में राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने सभी विभागों को एक स्पष्ट और परिणाम आधारित रोडमैप तैयार करने का निर्देश दिया है। इसका उद्देश्य है कि राज्य केंद्र सरकार की विशेष सहायता योजनाओं का अधिकतम लाभ उठा सके और विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके।

₹2 लाख करोड़ के फंड पर बिहार की नजर

वित्तीय मोर्चे पर भी बिहार बड़ी तैयारी में है। भारत का वित्त मंत्रालय द्वारा वर्ष 2026-27 के लिए राज्यों को लगभग ₹2 लाख करोड़ की विशेष सहायता राशि निर्धारित की गई है। बिहार इस फंड का बड़ा हिस्सा हासिल करने की रणनीति पर काम कर रहा है।

1.04 लाख घरों तक पहुंचेगी PNG सेवा

बिहार सरकार का एक बड़ा फोकस आम लोगों की जिंदगी को आसान बनाना भी है। इसी दिशा में राज्य के करीब 1.04 लाख घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। PNG गैस के विस्तार से लोगों को सिलेंडर के झंझट से राहत मिलेगी, साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी ज्यादा सुरक्षित और स्वच्छ विकल्प साबित होगा।

योजनाओं की निगरानी होगी और सख्त

सरकार ने यह भी तय किया है कि अब योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नियमित समीक्षा बैठकों के जरिए हर परियोजना की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे समय पर काम पूरा करें और लंबित फाइलों को जल्द से जल्द निपटाएं।

विकास की ओर बढ़ता बिहार

इन कदमों से साफ है कि बिहार अब तेज और योजनाबद्ध विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। PNG जैसी सुविधाओं का विस्तार न केवल लोगों की जिंदगी को आसान बनाएगा, बल्कि राज्य को आधुनिक और पर्यावरण-अनुकूल इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर भी ले जाएगा।

यूपी में बनेगी ये 4-लेन सड़क, 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। लखनऊ के इंटौजा-महोना, कुम्हरावा से लेकर बाराबंकी के कुर्सी होते हुए देवा-चिनहट तक नए आउटर फोरलेन मार्ग के निर्माण को मंजूरी मिल गई है। करीब 27 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर 468 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। यह सड़क न सिर्फ यातायात का दबाव कम करेगी, बल्कि औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को भी नई रफ्तार देगी।

क्यों खास है यह फोरलेन सड़क?

यह परियोजना मौजूदा दो-लेन सड़क को फोरलेन में बदलने पर आधारित है। खास बात यह है कि सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिरिक्त निजी जमीन अधिग्रहण की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि दोनों ओर पर्याप्त सरकारी भूमि पहले से उपलब्ध है। इससे परियोजना तेजी से पूरी होने की उम्मीद है।

भारी वाहनों को मिलेगा बड़ा फायदा

अब तक पूर्वांचल से आने वाले भारी वाहन लखनऊ और बाराबंकी शहर के भीतर से गुजरते थे, जहां नो-एंट्री और ट्रैफिक जाम के कारण घंटों इंतजार करना पड़ता था। इस नए आउटर फोरलेन के बनने से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश किए बिना सीधा वैकल्पिक मार्ग मिल जाएगा। इससे ट्रैफिक जाम में कमी आएगी, समय और ईंधन की बचत होगी।

औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा बूस्ट

यह सड़क कुर्सी, देवा और चिनहट जैसे औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे जोड़ने का काम करेगी। साथ ही किसान पथ से कनेक्ट होकर यह मार्ग व्यापार और लॉजिस्टिक्स के लिए बेहद अहम साबित होगा। इससे उद्योगों को बेहतर परिवहन सुविधा मिलेगी और क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं बढ़ेंगी।

इन जिलों को होगा सीधा लाभ

इस परियोजना से लखनऊ, बाराबंकी के अलावा सीतापुर, लखीमपुर, बरेली, पीलीभीत और बहराइच जैसे जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। पूर्वांचल से आने-जाने वाले लोगों के लिए यह मार्ग एक वैकल्पिक और तेज विकल्प बनकर उभरेगा।

पथरी के ये 5 संकेत न करें नजरअंदाज, समय रहते पहचानना है जरूरी

हेल्थ डेस्क। आजकल बदलती लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से पथरी की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें किडनी या यूरिनरी ट्रैक्ट में कठोर खनिज जमा हो जाते हैं। शुरुआत में इसके लक्षण हल्के होते हैं, लेकिन समय रहते पहचान न हो तो यह गंभीर दर्द और परेशानी का कारण बन सकता है।

पथरी होने के 5 मुख्य संकेत

1. कमर या पेट के निचले हिस्से में तेज दर्द

पथरी का सबसे आम लक्षण अचानक उठने वाला तेज दर्द है, जो कमर से शुरू होकर पेट या जांघ तक जा सकता है। यह दर्द लहरों में आता है और सहन करना मुश्किल हो सकता है।

2. पेशाब में जलन या दर्द

अगर पेशाब करते समय जलन या चुभन महसूस हो रही है, तो इसे हल्के में न लें। यह पथरी का शुरुआती संकेत हो सकता है।

3. बार-बार पेशाब आना

कम समय में बार-बार पेशाब की इच्छा होना या पेशाब पूरी तरह न हो पाना भी एक संकेत है कि यूरिनरी सिस्टम में कुछ गड़बड़ है।

4. पेशाब में रंग बदलना

अगर पेशाब का रंग गुलाबी, लाल या गहरा दिखे तो यह गंभीर संकेत हो सकता है। यह पथरी के कारण हो सकता है।

5. मतली और उल्टी

पथरी के दर्द के साथ कई बार उल्टी या जी मिचलाने की समस्या भी देखने को मिलती है, जो स्थिति को और असहज बना देती है।

LLB पास हो? बिहार में नौकरी का तूफानी मौका, तुरंत करो अप्लाई

पटना। अगर आपने LLB की पढ़ाई पूरी कर ली है और न्यायिक सेवा में करियर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो आपके लिए शानदार अवसर सामने आया है। Bihar Public Service Commission (BPSC) ने सिविल जज (जूनियर डिवीजन) भर्ती 2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस भर्ती के जरिए कुल 173 पदों को भरा जाएगा, जो युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का सुनहरा मौका है।

भर्ती का पूरा विवरण

यह भर्ती BPSC 33rd Bihar Judicial Services Examination 2026 के तहत आयोजित की जा रही है। चयनित उम्मीदवारों को बिहार न्यायिक सेवा के तहत सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। यह एक प्रतिष्ठित ग्रुप-ए गजेटेड पद है, जिसमें करियर ग्रोथ और सम्मान दोनों मिलते हैं।

चयन प्रक्रिया कैसी होगी?

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन तीन चरणों में किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा और इंटरव्यू। इन तीनों चरणों को पास करने के बाद ही अंतिम चयन होगा। इसलिए तैयारी भी उसी स्तर की करनी होगी।

आवेदन कैसे करें?

इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट BPSC Official Website पर जाकर फॉर्म भरना होगा। ध्यान रखें कि आवेदन करते समय सभी जरूरी दस्तावेज सही तरीके से अपलोड करें।

आवेदन शुल्क

सामान्य और ओबीसी वर्ग: ₹100, एससी/एसटी वर्ग: ₹100, शुल्क बहुत कम रखा गया है, जिससे ज्यादा से ज्यादा उम्मीदवार आवेदन कर सकें।

क्यों है यह मौका खास?

सिविल जज बनना सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि समाज में न्याय व्यवस्था का अहम हिस्सा बनने का अवसर है। इस पद पर चयनित होने के बाद आपको कोर्ट में न्यायिक कार्य करने का मौका मिलेगा और समाज में एक अलग पहचान बनेगी।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी: श्रमिकों के लिए राहत भरी खुशखबरी जल्द

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में श्रमिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार एक बड़े फैसले की तैयारी में है। मई दिवस (1 मई) के मौके पर कामगारों को कई अहम सुविधाओं का तोहफा मिल सकता है। खासतौर पर नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद जैसे औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर फोकस किया जा रहा है।

सरकार के निर्देश पर एक उच्चस्तरीय समिति विभिन्न विभागों के साथ मिलकर योजनाओं को अंतिम रूप देने में जुटी है। इस पहल का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि श्रमिकों को बेहतर स्वास्थ्य, आवास और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

स्वास्थ्य सुविधाओं पर बड़ा जोर

श्रमिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। ग्रेटर नोएडा में नया ईएसआई अस्पताल स्थापित करने की योजना है, जिससे कामगारों और उनके परिवारों को बेहतर इलाज मिल सके। साथ ही निर्माण श्रमिकों के लिए शिविर लगाकर आयुष्मान कार्ड बनवाने की तैयारी भी की जा रही है, जिससे उन्हें गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक राहत मिल सके।

रहने और शिक्षा की बेहतर व्यवस्था

औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के सामने सबसे बड़ी समस्या रहने की होती है। इसे ध्यान में रखते हुए सरकार हॉस्टल जैसी सुविधाएं विकसित करने पर विचार कर रही है, ताकि श्रमिकों को सुरक्षित और किफायती आवास मिल सके। इसके अलावा उनके बच्चों की शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। स्थानीय स्कूलों में प्राथमिकता के आधार पर दाखिला और शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने की योजना बनाई जा रही है।

मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

सरकार पहले ही न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर चुकी है, जिससे श्रमिकों को महंगाई से राहत मिल सके। अब नए वेज बोर्ड के गठन की तैयारी भी चल रही है, जिससे मजदूरी संरचना को और बेहतर बनाया जा सके। इसके साथ ही श्रमिकों के अधिकारों और योजनाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जाएंगे।

चंद्रमा मिथुन राशि में गोचर: 5 राशियों के आएंगे अच्छे दिन, होगी तरक्की

ज्योतिष डेस्क। 22 अप्रैल 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि रहेगी, जो रात 01:20 तक रहेगी और उसके बाद षष्ठी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। नक्षत्र की बात करें तो आर्द्रा नक्षत्र रात 10:12 तक प्रभावी रहेगा, इसके बाद पुनर्वसु नक्षत्र शुरू होगा। साथ ही बुधवार का दिन और चंद्रमा का मिथुन राशि में गोचर कई राशियों के लिए शुभ संकेत लेकर आ रहा है।

इन 5 राशियों के लिए शुभ संकेत

1. मिथुन राशि

चंद्रमा का गोचर आपकी ही राशि में हो रहा है, जिससे आत्मविश्वास और ऊर्जा में वृद्धि होगी। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और लंबे समय से रुके काम पूरे होने के योग बनेंगे। व्यापार में भी लाभ मिलने की संभावना है।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर आर्थिक रूप से फायदेमंद साबित हो सकता है। निवेश से लाभ मिल सकता है और नौकरी में पदोन्नति के संकेत हैं। सामाजिक मान-सम्मान भी बढ़ेगा।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला रहेगा। शिक्षा, करियर और विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिल सकती है। नई योजनाएं सफल होंगी और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह गोचर साझेदारी और रिश्तों में सुधार लेकर आएगा। बिजनेस में नए समझौते फायदेमंद रहेंगे और नौकरी में स्थिरता आएगी। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह समय रचनात्मकता और नए अवसरों से भरा रहेगा। करियर में बदलाव के योग बन रहे हैं और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान: LPG सिलेंडर पर मिली राहत, आम जनता को बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के चलते वैश्विक स्तर पर गैस आपूर्ति पर असर देखने को मिल रहा है, लेकिन इस चुनौतीपूर्ण स्थिति के बीच केंद्र सरकार की रणनीति अब असर दिखाने लगी है। सरकार की अपील के बाद बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं ने एलपीजी (LPG) कनेक्शन छोड़कर पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) को अपनाना शुरू कर दिया है, जिससे घरेलू गैस आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में मदद मिल रही है।

सरकार के प्रयासों का सकारात्मक परिणाम यह रहा है कि हजारों उपभोक्ताओं ने स्वेच्छा से अपने एलपीजी कनेक्शन सरेंडर किए हैं। यह कदम खासतौर पर उन लोगों के लिए अहम माना जा रहा है, जिनके घरों में पहले से पाइप गैस की सुविधा उपलब्ध है। इससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक एलपीजी की पहुंच सुनिश्चित करने में मदद मिल रही है।

आपूर्ति पर दबाव कम करने की रणनीति सफल

सरकार ने गैस आपूर्ति की स्थिति को बेहतर बनाए रखने के लिए कई स्तरों पर काम किया है। नए PNG कनेक्शनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है, जिससे एलपीजी पर निर्भरता धीरे-धीरे कम हो रही है। यह बदलाव लंबे समय में ऊर्जा प्रबंधन को अधिक स्थिर और प्रभावी बनाने में सहायक साबित हो सकता है।

कालाबाजारी पर सख्ती, सिस्टम हुआ मजबूत

आपूर्ति व्यवस्था को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है, जिससे गैस की कालाबाजारी और अनियमितताओं पर लगाम लगी है। साथ ही, डिलीवरी सिस्टम को तकनीकी रूप से मजबूत किया गया है ताकि गैस सही उपभोक्ता तक ही पहुंचे।

वैकल्पिक ईंधनों को मिल रहा बढ़ावा

सरकार अब सिर्फ एलपीजी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि वैकल्पिक ईंधनों को भी बढ़ावा दे रही है। ऑटो एलपीजी और PNG जैसे विकल्पों की मांग में वृद्धि इसका संकेत है। इससे न केवल आपूर्ति पर दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी यह एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

अफवाहों से दूर रहने की अपील

सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और जरूरत के अनुसार ही गैस का उपयोग करें। मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों के बीच केंद्र सरकार का यह कदम आम जनता के लिए राहत भरा साबित हो रहा है।

भारत का दमदार दांव: फिलीपींस में गरजेगा ब्रह्मोस, चीन तक जाएगी आवाज

न्यूज डेस्क। भारत और फिलीपींस के बीच रक्षा सहयोग अब एक नए स्तर पर पहुंचता नजर आ रहा है। दक्षिण चीन सागर में बढ़ते तनाव के बीच फिलीपींस की सेना पहली बार भारत निर्मित ब्रह्मोस मिसाइल की सिमुलेशन फायरिंग करने जा रही है। यह कदम न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को भी मजबूत करेगा।

बालिकतन अभ्यास में दिखेगी ताकत

यह सिमुलेशन फायरिंग बालिकतन अभ्यास के दौरान की जाएगी, जो फिलीपींस और अमेरिका के बीच होने वाला सबसे बड़ा वार्षिक सैन्य अभ्यास है। इस दौरान फिलीपींस की नौसेना समुद्री हमले के परिदृश्य में ब्रह्मोस मिसाइल के उपयोग का अभ्यास करेगी। फिलीपींस के लिए यह मिसाइल उसकी रक्षा क्षमता में एक बड़ा इजाफा मानी जा रही है, खासकर ऐसे समय में जब दक्षिण चीन सागर को लेकर चीन के साथ उसका विवाद लगातार बना हुआ है।

क्या होती है सिमुलेशन फायरिंग?

सिमुलेशन फायरिंग असली मिसाइल दागने के बजाय एक वर्चुअल अभ्यास होता है। इसमें सैनिक कंप्यूटर आधारित सिस्टम और वास्तविक लॉन्चर के कंट्रोल पैनल के जरिए दुश्मन के लक्ष्यों को ट्रैक करने और उन्हें निशाना बनाने की प्रक्रिया सीखते हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि बिना किसी जोखिम और भारी खर्च के सैनिकों को वास्तविक युद्ध जैसी ट्रेनिंग मिल जाती है। इससे न केवल सुरक्षा बनी रहती है, बल्कि महंगे हथियारों और गोला-बारूद की भी बचत होती है।

फिलीपींस की रणनीति में बड़ा बदलाव

फिलीपींस ने भारत से ब्रह्मोस मिसाइल को अपनी तटीय सुरक्षा और समुद्री रक्षा को मजबूत करने के लिए खरीदा है। यह मिसाइल उसकी एंटी-एक्सेस/एरिया-डिनायल रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है, जिससे वह अपने समुद्री क्षेत्रों की बेहतर निगरानी और सुरक्षा कर सकेगा। इस अभ्यास में फिलीपींस की कोस्टल डिफेंस रेजिमेंट भी हिस्सा ले रही है, जो उत्तरी लुजोन क्षेत्र में संयुक्त समुद्री ऑपरेशन के दौरान इस तकनीक का उपयोग करेगी।

22 से 28 अप्रैल तक खास योग: इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, होगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। 22 से 28 अप्रैल के बीच ग्रहों की स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है। इस दौरान सूर्य, बुध और शुक्र की चाल कुछ राशियों के लिए अनुकूल माहौल बना रही है। इस बार जिन 5 राशियों पर असर ज्यादा मजबूत दिख रहा है, वे हैं मिथुन, कर्क, कन्या, तुला और कुंभ।

मिथुन राशि: 

इस सप्ताह मिथुन राशि वालों के लिए करियर में बदलाव के संकेत हैं। इंटरव्यू या नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में नए कॉन्टैक्ट बनेंगे, जिससे भविष्य में लाभ होगा। आर्थिक स्थिति धीरे-धीरे मजबूत होगी।

कर्क राशि: 

कर्क राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक सुधार का है। रुका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। परिवार में सुखद माहौल रहेगा और कोई शुभ कार्य भी संभव है। निवेश सोच-समझकर करेंगे तो फायदा मिल सकता है।

कन्या राशि: 

कन्या राशि वालों को इस अवधि में अपने काम का परिणाम मिल सकता है। नौकरी में सराहना या प्रमोशन के संकेत हैं। छात्रों के लिए भी समय अच्छा है। स्वास्थ्य में सुधार होगा और मानसिक तनाव कम होगा।

तुला राशि: 

तुला राशि के लिए यह समय रिश्तों को मजबूत करने वाला है। पार्टनरशिप में काम कर रहे लोगों को लाभ मिल सकता है। बिजनेस में नई डील फाइनल हो सकती है। समाज में आपकी छवि बेहतर होगी।

कुंभ राशि: 

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सरप्राइज लेकर आ सकता है। अचानक धन लाभ या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। करियर में ग्रोथ के संकेत हैं और पुराने प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

गर्मी में 'अमृत' हैं बिहारी सत्तू, ये 5 परेशानियों को करें दूर

पटना। भीषण गर्मी के मौसम में जब शरीर जल्दी थकने लगता है और ऊर्जा का स्तर गिर जाता है, तब पारंपरिक देसी पेय और खाद्य पदार्थ किसी अमृत से कम नहीं होते। बिहार का मशहूर सत्तू ऐसा ही एक सुपरफूड है, जो न सिर्फ ठंडक देता है बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं से भी राहत दिलाता है। खासकर गर्मियों में इसका सेवन शरीर को अंदर से मजबूत और तरोताजा बनाए रखने में मदद करता है।

क्या है सत्तू?

सत्तू भुने हुए चने या जौ को पीसकर बनाया जाता है। यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है। इसे पानी, नमक, नींबू या गुड़ के साथ मिलाकर पिया जाता है, जो इसे एक हेल्दी और ताजगी देने वाला पेय बना देता है।

1. लू और डिहाइड्रेशन से बचाव

गर्मी में सबसे बड़ी समस्या होती है शरीर में पानी की कमी। सत्तू का शरबत शरीर को तुरंत हाइड्रेट करता है और लू से बचाने में मदद करता है। इसमें मौजूद इलेक्ट्रोलाइट्स शरीर का संतुलन बनाए रखते हैं।

2. तुरंत ऊर्जा का स्रोत

सत्तू एक नेचुरल एनर्जी बूस्टर है। इसे पीने से शरीर को तुरंत ताकत मिलती है और थकान दूर होती है। दिनभर की भागदौड़ में यह ऊर्जा बनाए रखने में सहायक होता है।

3. पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

फाइबर से भरपूर सत्तू पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है। यह कब्ज, गैस और अपच जैसी समस्याओं से राहत दिलाता है। नियमित सेवन से पेट साफ रहता है और पाचन बेहतर होता है।

4. वजन नियंत्रण में सहायक

जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए सत्तू एक बेहतरीन विकल्प है। यह लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार खाने की आदत कम होती है और कैलोरी कंट्रोल में रहती है।

5. शरीर को ठंडक पहुंचाए

सत्तू की तासीर ठंडी होती है, जिससे यह शरीर का तापमान नियंत्रित रखने में मदद करता है। गर्मियों में इसे पीने से शरीर को अंदर से ठंडक मिलती है और गर्मी का असर कम होता है।

यूपी वाले सावधान! इन जिलों में पारा 45 डिग्री के करीब

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गर्मी ने इस बार समय से पहले ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। अप्रैल का महीना अभी पूरा भी नहीं हुआ, लेकिन हालात जेठ जैसी भीषण गर्मी वाले हो चुके हैं। ऐसे में IMD ने प्रदेश के 26 जिलों के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी कर दिया है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

तपती राजधानी, बढ़ती परेशानी

राजधानी लखनऊ में तापमान लगातार सामान्य से ऊपर बना हुआ है। यहां अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है, जबकि रात का तापमान भी 24 डिग्री के आसपास बना हुआ है। गर्म और शुष्क हवाओं के कारण उमस बढ़ गई है, जिससे दिन ही नहीं बल्कि रात में भी राहत नहीं मिल रही।

कई जिलों में 45 डिग्री के करीब पारा

प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान 40 डिग्री से ऊपर बना हुआ है। प्रयागराज और वाराणसी जैसे शहरों में पारा 44-45 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं बुंदेलखंड के बांदा और झांसी भी भीषण गर्मी की चपेट में हैं। इन इलाकों में तेज धूप और लू के कारण जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश में क्यों बढ़ी इतनी गर्मी?

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पछुआ हवाएं और उत्तर भारत के ऊपर बना एंटी-साइक्लोनिक सिस्टम इस गर्मी के पीछे मुख्य कारण हैं। नमी की कमी के कारण हीट इंडेक्स तेजी से बढ़ रहा है, जिससे लू का असर और खतरनाक हो गया है। आने वाले 4-5 दिनों तक हालात ऐसे ही बने रहने की संभावना जताई गई है।

स्वास्थ्य पर मंडराता खतरा

तेज गर्मी के कारण डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और थकान जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों और मौसम विभाग ने दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की जरूरत है।

मर्दों की ताकत का राज: ये 4 चीजें रोज खाएं, बनें सुपरमैन!

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पुरुषों के सामने सबसे बड़ी चुनौती है ऊर्जा, स्टैमिना और फिटनेस को बनाए रखना। गलत खानपान, तनाव और अनियमित दिनचर्या के कारण शरीर जल्दी थकने लगता है। ऐसे में अगर रोजमर्रा की डाइट में कुछ खास चीजें शामिल की जाएं, तो शरीर की ताकत और प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार हो सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 4 चीजों के बारे में, जिन्हें नियमित खाने से पुरुष अपनी फिटनेस को बेहतर बना सकते हैं।

1. बादाम:

बादाम पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें प्रोटीन, हेल्दी फैट, विटामिन ई और मैग्नीशियम पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों को मजबूत बनाते हैं और शरीर को ऊर्जा देते हैं। रोज सुबह भिगोकर 5-6 बादाम खाने से शरीर में ताकत और दिमागी क्षमता दोनों बढ़ती हैं।

2. केला:

केला प्राकृतिक शुगर और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। यह शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और थकान को दूर करने में मदद करता है। वर्कआउट करने वालों के लिए केला खासतौर पर फायदेमंद माना जाता है, क्योंकि यह मांसपेशियों को मजबूत बनाने में सहायक होता है।

3. अंडा:

अंडा मसल्स बनाने और शरीर को मजबूत रखने के लिए बेहद जरूरी माना जाता है। इसमें उच्च गुणवत्ता का प्रोटीन, विटामिन बी12 और अन्य जरूरी पोषक तत्व होते हैं। रोजाना 1-2 अंडे खाने से शरीर की रिकवरी बेहतर होती है और ताकत में वृद्धि होती है।

4. शहद:

शहद एक प्राकृतिक एनर्जी बूस्टर है। इसमें एंटीऑक्सीडेंट और जरूरी मिनरल्स होते हैं, जो शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं। रोज सुबह गुनगुने पानी या दूध के साथ एक चम्मच शहद लेने से ऊर्जा स्तर बेहतर रहता है और इम्यूनिटी भी मजबूत होती है।

8वें वेतन आयोग: सैलरी में हर साल 6% इंक्रीमेंट की मांग

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक बड़ी चर्चा सामने आई है। कर्मचारी संगठनों ने सरकार के सामने ऐसी मांगें रखी हैं, जो लागू होने पर वेतन संरचना में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। खास बात यह है कि इस बार सिर्फ फिटमेंट फैक्टर ही नहीं, बल्कि सालाना इंक्रीमेंट को भी दोगुना करने का प्रस्ताव दिया गया है।

सालाना इंक्रीमेंट बढ़ाने की मांग

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों को हर साल 3% का इंक्रीमेंट मिलता है। लेकिन अब नेशनल काउंसिल (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने इसे बढ़ाकर 6% करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई और जीवनयापन की लागत को देखते हुए मौजूदा इंक्रीमेंट पर्याप्त नहीं है। यदि यह प्रस्ताव स्वीकार हो जाता है, तो कर्मचारियों की सैलरी हर साल पहले की तुलना में कहीं तेजी से बढ़ेगी, जिससे दीर्घकालिक आर्थिक लाभ मिलेगा।

फिटमेंट फैक्टर में बड़ा बदलाव

सिर्फ इंक्रीमेंट ही नहीं, बल्कि फिटमेंट फैक्टर को लेकर भी बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जबकि अब इसे बढ़ाकर 3.833 करने की मांग की जा रही है। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने का सीधा मतलब है कि बेसिक सैलरी में बड़ा उछाल। इस बदलाव के लागू होने पर शुरुआती स्तर से लेकर उच्च पदों तक सभी कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में भारी वृद्धि देखने को मिल सकती है।

अलग-अलग लेवल पर संभावित असर

प्रस्तावित बदलावों के आधार पर यदि गणना की जाए, तो निचले स्तर के कर्मचारियों से लेकर ग्रुप-ए अधिकारियों तक सभी को बड़ा फायदा मिल सकता है। यदि 6% वार्षिक इंक्रीमेंट लागू होता है, तो इसका असर केवल एक बार की बढ़ोतरी तक सीमित नहीं रहेगा। हर साल बढ़ती सैलरी के कारण कर्मचारियों को कंपाउंडिंग का फायदा मिलेगा, जिससे कुछ वर्षों में उनकी आय में बड़ा अंतर देखने को मिलेगा।

यूपी सरकार की बड़ी घोषणा: सभी स्कूलों में नई टाइमिंग लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बढ़ती गर्मी और तेज धूप को देखते हुए राज्य सरकार ने स्कूली बच्चों के हित में बड़ा फैसला लिया है। बेसिक शिक्षा विभाग ने परिषदीय विद्यालयों के समय में बदलाव करते हुए नई टाइमिंग लागू कर दी है, जिससे विद्यार्थियों को भीषण गर्मी से राहत मिल सके।

भीषण गर्मी के बीच बड़ा निर्णय

राज्य में लगातार बढ़ते तापमान और लू के असर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए स्कूलों के समय में बदलाव लागू किया है। इसका उद्देश्य बच्चों को दोपहर की तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाना है।

नई टाइमिंग क्या है?

नई व्यवस्था के अनुसार कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय स्कूल अब सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। वहीं शिक्षकों, शिक्षामित्रों और अन्य कर्मचारियों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है। इससे पहले स्कूलों का समय सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक था, लेकिन अब गर्मी को ध्यान में रखते हुए समय कम कर दिया गया है।

दिनचर्या में भी बदलाव

नई समय-सारणी के तहत स्कूलों की दिनचर्या में भी कुछ बदलाव किए गए हैं। प्रार्थना सभा और योगाभ्यास सुबह 7:30 बजे से 7:40 बजे तक होंगे, जबकि मध्यावकाश सुबह 10 बजे से 10:15 बजे तक निर्धारित किया गया है। इससे बच्चों को कम समय में भी पढ़ाई के साथ जरूरी गतिविधियों का लाभ मिल सकेगा।

विभाग ने जारी किए निर्देश

इस संबंध में प्रताप सिंह बघेल द्वारा सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं कि नई समय-सारणी का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर चल रहे विवाद के बीच सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने की दिशा में अहम कदम उठाया है। लगातार मिल रही शिकायतों और बढ़ते असंतोष को देखते हुए अब प्रशासन ने बिजली कनेक्शन बहाली की प्रक्रिया को आसान बनाने के निर्देश दिए हैं।

उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत

राज्य के ऊर्जा मंत्री एके शर्माने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि यदि किसी उपभोक्ता ने बकाया राशि जमा कर दी है, लेकिन तय समय के भीतर उसका बिजली कनेक्शन चालू नहीं होता, तो संबंधित अधिशासी अभियंता (XEN) अपने स्तर पर इसे तुरंत बहाल कराएंगे। इससे पहले यह अधिकार केवल मीटर कंपनियों के पास था, जिसके कारण उपभोक्ताओं को लंबा इंतजार करना पड़ता था। अब इस नई व्यवस्था से बिजली बहाली की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है और उपभोक्ताओं को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी।

विभाग और कंपनियों के बीच नई व्यवस्था

सरकार ने यह भी तय किया है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के कारण कटे हैं, उनकी जानकारी अब विभागीय अधिकारियों को भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे बिजली विभाग सीधे कार्रवाई कर सकेगा और उपभोक्ताओं को राहत देने में देरी नहीं होगी। पहले चरण में यह व्यवस्था कुछ चुनिंदा जिलों में लागू की जा रही है, जिसके बाद इसे पूरे प्रदेश में विस्तार देने की योजना है।

पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक

पावर कॉरपोरेशन ने स्थिति को देखते हुए एक चार सदस्यीय समिति गठित की है, जो मीटरों की गुणवत्ता की जांच करेगी। जब तक रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की प्रक्रिया पर रोक लगा दी गई है।

यूपी में बेटियों के लिए 'सुपर' खुशखबरी, सरकार ने दी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेटियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं ने सामाजिक और आर्थिक स्तर पर एक नई उम्मीद जगाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में लागू 'मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना' इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है, जिसका उद्देश्य बालिकाओं को जन्म से लेकर उच्च शिक्षा तक मजबूत आर्थिक सहारा देना है।

महिला एवं बाल विकास विभाग के अनुसार, इस योजना से 27 लाख से अधिक बालिकाएं सीधे तौर पर जुड़ चुकी हैं, जबकि सैकड़ों करोड़ रुपये की सहायता राशि उनके बैंक खातों में भेजी जा चुकी है। योजना की सबसे खास बात यह है कि पूरी प्रक्रिया डिजिटल माध्यम से संचालित होती है, जिससे पारदर्शिता बनी रहती है और लाभ सीधे जरूरतमंद तक पहुंचता है।

जन्म से लेकर पढ़ाई तक आर्थिक सहयोग

इस योजना के तहत सरकार बालिका के जीवन के अलग-अलग चरणों में आर्थिक सहायता प्रदान करती है। शुरुआत जन्म के समय मिलने वाली सहायता से होती है और यह क्रम शिक्षा के विभिन्न पड़ावों तक चलता है। टीकाकरण, स्कूल में प्रवेश और आगे की पढ़ाई के दौरान अलग-अलग किस्तों में राशि दी जाती है, जिससे परिवारों पर आर्थिक बोझ कम होता है और बालिकाओं की शिक्षा निरंतर बनी रहती है।

योजना के प्रमुख आकर्षण और नई किश्तें (6 किश्तों में):

बालिका के जन्म पर: ₹5,000

एक वर्ष तक का टीकाकरण: ₹2,000

कक्षा 1 में प्रवेश पर: ₹3,000

कक्षा 6 में प्रवेश पर: ₹3,000

कक्षा 9 में प्रवेश पर: ₹5,000। 

10वीं/12वीं पास कर स्नातक या 2 साल से अधिक के डिप्लोमा में प्रवेश पर: ₹7,000।

पारदर्शिता और ऑनलाइन सिस्टम

सरकार ने इस योजना को पूरी तरह ऑनलाइन पोर्टल के जरिए लागू किया है। लाभार्थियों का पंजीकरण, सत्यापन और भुगतान सभी प्रक्रियाएं डिजिटल रूप में होती हैं। धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता की संभावना लगभग समाप्त हो जाती है। इसका लाभ उठाने के लिए वेबसाइट mksy.up.gov.in पर विजिट कर सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, लाखों कर्मचारियों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार देश के श्रम कानूनों में बड़े बदलाव की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिसका सीधा असर प्राइवेट सेक्टर में काम करने वाले लाखों कर्मचारियों पर पड़ सकता है। नए लेबर कोड लागू होने के बाद कर्मचारियों के वेतन ढांचे, पीएफ योगदान और रिटायरमेंट बेनिफिट्स में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। इन बदलावों को लेकर जहां एक तरफ कर्मचारियों में उत्सुकता है, वहीं दूसरी तरफ कई लोग अपनी टेक-होम सैलरी पर संभावित असर को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव

प्रस्तावित नियमों के अनुसार किसी भी कर्मचारी की कुल CTC का कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सा बेसिक सैलरी, डीए और रिटेनिंग अलाउंस के रूप में होना जरूरी होगा। अब तक कंपनियां सैलरी स्ट्रक्चर में अलाउंस का हिस्सा बढ़ाकर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी को ज्यादा दिखाती थीं, लेकिन नए नियम लागू होने के बाद यह संतुलन बदल जाएगा। इस बदलाव का सीधा असर सैलरी स्लिप पर दिखेगा, जहां बेसिक सैलरी का हिस्सा पहले के मुकाबले अधिक हो जाएगा।

इन-हैंड सैलरी पर असर

चूंकि पीएफ और ग्रेच्युटी की गणना बेसिक सैलरी के आधार पर होती है, इसलिए बेसिक सैलरी बढ़ने से कर्मचारियों का योगदान भी बढ़ जाएगा। इसका परिणाम यह होगा कि कई कर्मचारियों की मासिक इन-हैंड सैलरी में कमी देखने को मिल सकती है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव तुरंत भले ही कम आकर्षक लगे, लेकिन लंबी अवधि में यह कर्मचारियों के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि रिटायरमेंट फंड मजबूत होगा।

युवाओं के लिए लाभकारी

नए नियम खासकर युवा कर्मचारियों के लिए सकारात्मक माने जा रहे हैं। करियर की शुरुआत में ही ज्यादा पीएफ योगदान होने से कंपाउंडिंग का लाभ लंबे समय तक मिलता है। इसका मतलब यह है कि समय के साथ उनका रिटायरमेंट कॉर्पस काफी बड़ा हो सकता है। इसके अलावा सैलरी स्ट्रक्चर ज्यादा पारदर्शी होगा, जिससे कर्मचारियों को यह स्पष्ट रूप से समझ आएगा कि उनकी कुल सैलरी कैसे विभाजित हो रही है।

वरिष्ठ कर्मचारियों पर असर

मिड और सीनियर लेवल के कर्मचारियों के लिए यह बदलाव थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इन स्तरों पर आमतौर पर वेरिएबल पे और अलाउंस का हिस्सा अधिक होता है। नए नियम लागू होने के बाद अलाउंस को बेसिक सैलरी में समायोजित किया जा सकता है, जिससे टेक-होम सैलरी में गिरावट आ सकती है। हालांकि दूसरी तरफ, पीएफ, ग्रेच्युटी और अन्य सामाजिक सुरक्षा लाभों में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी फाइनेंशियल सिक्योरिटी मजबूत होगी।

सामाजिक सुरक्षा पर फोकस

इन नए लेबर कोड का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों को अधिक सुरक्षित भविष्य देना है। सरकार का फोकस इस बात पर है कि रिटायरमेंट के समय कर्मचारियों के पास पर्याप्त फंड उपलब्ध हो, जिससे उन्हें आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। यह सुधार भारत के श्रम बाजार को अधिक संरचित और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

CM सम्राट का आदेश: बिहार के कर्मचारियों को खुशखबरी

पटना। बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक स्तर पर बड़े फैसलों की शुरुआत देखने को मिल रही है। इसी क्रम में राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के हित में एक अहम निर्णय लेते हुए नगर विकास विभाग द्वारा जारी एक पुराने आदेश को वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद राज्य के हजारों कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है।

क्या था विवादित आदेश?

कुछ समय पहले नगर विकास विभाग की ओर से एक आदेश जारी किया गया था, जिसमें सरकारी सेवा में कार्यरत कर्मचारियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल होने को लेकर कड़े नियम तय किए गए थे। इस आदेश के अनुसार कोई भी कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में केवल एक ही बार विभागीय या प्रतियोगी परीक्षा में बैठ सकता था। इसके अलावा आदेश में यह भी प्रावधान था कि यदि कोई कर्मचारी इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसे सेवा से त्यागपत्र देना पड़ सकता है।

कर्मचारियों में बढ़ी थी चिंता

इस आदेश के लागू होने के बाद कई कर्मचारियों ने अपने करियर ग्रोथ को लेकर चिंता जताई थी। उनका मानना था कि इस तरह के प्रतिबंध उनके भविष्य के अवसरों को सीमित कर सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं के माध्यम से बेहतर पदों पर पहुंचने की संभावना कम होने से कर्मचारियों में निराशा का माहौल बन गया था।

नई सरकार का बड़ा फैसला

सरकार बदलने के बाद मुख्यमंत्री स्तर पर सभी विभागों के नियमों और आदेशों की समीक्षा शुरू की गई। इसी दौरान इस विवादित आदेश पर भी पुनर्विचार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले में सीधे हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों के हित और उनके करियर विकास को प्राथमिकता दी। इसके बाद सरकार ने आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया, जिससे अब स्थिति पहले जैसी हो गई है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला: कर्मचारियों के लिए आई खुशखबरी

पटना। बिहार में राजस्व व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने लंबे समय से सस्पेंड चल रहे राजस्व कर्मचारियों के निलंबन को रद्द करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों को राहत मिली है, बल्कि अंचलों में ठप पड़े कामकाज के फिर से पटरी पर आने की उम्मीद भी बढ़ गई है।

हजारों कर्मचारियों को राहत

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के निर्देश के बाद अब 11 फरवरी से 19 अप्रैल के बीच निलंबित किए गए कर्मचारियों का निलंबन वापस लिया जाएगा। इस अवधि में विभिन्न कारणों से राज्य भर में करीब 200 से अधिक राजस्व कर्मियों को सस्पेंड किया गया था। अब सरकार के नए आदेश के बाद सभी मामलों की समीक्षा कर निलंबन रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है।

विभाग का आधिकारिक निर्देश

विभाग के अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल की ओर से सभी जिलों के समाहर्ताओं को पत्र भेजा गया है, जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि संबंधित अवधि में निलंबित कर्मचारियों के मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उनका निलंबन समाप्त किया जाए। इस कदम को प्रशासनिक कार्यों को गति देने और लंबित कार्यों को निपटाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

हड़ताल से बिगड़ा था कामकाज

राज्य भर में राजस्व कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जमीन से जुड़े कार्य, दाखिल-खारिज की प्रक्रिया और अन्य प्रशासनिक सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो गई थीं। इस आंदोलन के दौरान सिर्फ कर्मचारी ही नहीं, बल्कि कई अंचलाधिकारी (CO) और राजस्व अधिकारी (RO) भी हड़ताल में शामिल रहे। विभाग ने पहले ही कई अधिकारियों को चेतावनी दी थी और बाद में 45 से अधिक अधिकारियों को निलंबित भी किया गया था। हालांकि, कुछ अधिकारी वापस काम पर लौट आए, जबकि कई अब भी हड़ताल पर बने हुए हैं।

बिहार में मौसम का मिजाज बदला: आज कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना

पटना। बिहार में एक बार फिर मौसम ने करवट ले ली है, जिससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। पिछले कई दिनों से जारी तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच अब राज्य के कई हिस्सों में आंधी और बारिश के आसार जताए जा रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, 21 अप्रैल को बिहार के कुछ जिलों में मौसम का मिजाज बदल सकता है, जिससे तापमान में गिरावट और उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की संभावना है।

पिछले दिनों कैसा रहा मौसम

पिछले 24 घंटों में राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम सामान्य बना रहा, लेकिन गर्मी का असर काफी तेज देखने को मिला। रोहतास के डेहरी इलाके में अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो पूरे राज्य में सबसे अधिक रहा। वहीं कई जिलों में तापमान 31 से 43 डिग्री के बीच दर्ज किया गया।

आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने आज अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार जैसे जिलों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। इन क्षेत्रों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। अनुमान है कि यहां 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही मेघ गर्जन और बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है।

तापमान में हल्की गिरावट की उम्मीद

आज के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के अधिकतम तापमान में हल्की गिरावट देखने को मिल सकती है। तापमान 36 से 42 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है, जबकि न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।

आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार, 22 अप्रैल को फिलहाल किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो सकती हैं। 23 अप्रैल को फिर से कुछ जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है। सबसे ज्यादा बदलाव 24 से 26 अप्रैल के बीच देखने को मिल सकता है, जब राज्य के अधिकतर हिस्सों में बारिश होने के संकेत हैं। इससे गर्मी से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है और मौसम काफी सुहावना हो सकता है।