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किडनी की पथरी को पलभर में मार गिराए, दिल से लेकर पाइल्स तक सब ठीक करे ये जादुई पौधा!

हेल्थ डेस्क। पत्थरचट्टा, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी औषधि माना जाता है। यह पौधा खासतौर पर किडनी की पथरी को गलाने में कारगर है, लेकिन इसके फायदे इसके अलावा भी कई हैं। जैसे हृदय स्वास्थ्य, पाचन, मूत्र संबंधी समस्याएँ और त्वचा की देखभाल में भी इसका उपयोग किया जाता है।

घर पर उगाएँ और पाएं स्वास्थ्य का खजाना

पत्थरचट्टा आसानी से घर के छोटे गमले में उगाया जा सकता है। इसके मोटे, रसदार पत्तों में औषधीय गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं। यह कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है और लगभग हर जलवायु में पनप सकता है। आमतौर पर इसकी ऊंचाई 1 से 2 फुट तक होती है, और यह प्राकृतिक रूप से कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है।

पत्थरचट्टा: गुर्दे और मूत्र मार्ग का वरदान

पत्थरचट्टा गुर्दे की पथरी को गलाने में अत्यंत उपयोगी माना जाता हैं है। इसके नियमित सेवन करने से यह मूत्र मार्ग साफ रहता है और नई पथरी बनने की संभावना भी कम हो जाती है। यही कारण है कि इसे आयुर्वेद में “ब्रह्म औषधि” कहा जाता है।

हृदय और रक्त संचार के लिए लाभकारी

पत्थरचट्टा हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और रक्त संचार को सुधारता है। यह हृदय रोगियों के लिए भी फायदेमंद माना जाता है और शरीर में ऊर्जा का स्तर बढ़ाने में मदद करता है।

त्वचा और पाइल्स में राहत

पत्थरचट्टा के रस को सीधे त्वचा पर लगाने से घाव, सूजन और चोट जल्दी ठीक होती है। इसके नियमित उपयोग से पाइल्स जैसी समस्याओं में भी राहत मिलती है।

सेवन का सही तरीका

पत्थरचट्टा का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है:

रस के रूप में: 10–15 मिलीलीटर सुबह और शाम।

चूर्ण: 1–3 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ।

काढ़ा: 20–30 मिलीलीटर सुबह और शाम।

त्वचा पर: रस सीधे प्रभावित जगह पर लगाएँ और पट्टी बांधें।

सरकारी घोषणा: PAN कार्ड से जुड़ी नई प्रक्रिया 1 अप्रैल से लागू

नई दिल्ली। सरकार ने पैन कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया में अहम बदलावों की घोषणा की है। 1 अप्रैल 2026 से नए नियम लागू होंगे, जिनका सीधा असर नए पैन कार्ड बनवाने वाले आवेदकों पर पड़ेगा। अगर आप आने वाले समय में पैन कार्ड के लिए आवेदन करने का सोच रहे हैं, तो इन बदलावों को जानना बेहद जरूरी है।

अब केवल आधार से नहीं बनेगा पैन कार्ड

अभी तक पैन कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड पर्याप्त माना जाता था और प्रक्रिया काफी सरल थी। लेकिन नए नियम लागू होने के बाद सिर्फ आधार कार्ड के आधार पर पैन कार्ड बनवाना संभव नहीं होगा। आवेदकों को पहचान और जन्म से जुड़े अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने होंगे।

किन दस्तावेजों की होगी जरूरत

आवेदकों को अब जन्म प्रमाण पत्र, वोटर आईडी, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, 10वीं का सर्टिफिकेट या अन्य मान्यता प्राप्त सरकारी दस्तावेज जमा करने पड़ सकते हैं। इस बदलाव से पैन कार्ड प्रक्रिया पहले से ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद हो जाएगी।

आधार की जानकारी से मेल जरूरी

नई प्रक्रिया के तहत पैन कार्ड में दर्ज सभी जानकारी आधार से पूरी तरह मेल खानी चाहिए। इसलिए आवेदन करने से पहले आधार कार्ड में नाम, जन्म तिथि और अन्य डिटेल्स अपडेट करना अनिवार्य होगा।

नए फॉर्म होंगे अनिवार्य

सरकार 1 अप्रैल 2026 से नए आवेदन फॉर्म भी लागू करने जा रही है। पुराने फॉर्म अब मान्य नहीं रहेंगे। पैन कार्ड से संबंधित कोई भी आवेदन केवल नए फॉर्म के माध्यम से ही किया जा सकेगा। इस बदलाव के बाद पैन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पहले से थोड़ी लंबी और कड़ी हो जाएगी, लेकिन यह सुरक्षा और सटीकता सुनिश्चित करेगी। आवेदकों को सलाह दी जाती है कि वे समय रहते अपने दस्तावेज और आधार की जानकारी अपडेट कर लें, ताकि आवेदन प्रक्रिया में किसी तरह की परेशानी न आए।

बीजेपी में खुशी की लहर, पीएम मोदी ने स्थापित किया नया रिकॉर्ड

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री से लेकर प्रधानमंत्री तक उनकी सार्वजनिक सेवा की यात्रा अब 8,931 दिनों तक पहुंच गई है, जिससे वे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सरकार प्रमुख बन गए हैं। इस उपलब्धि पर देशभर के वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाई दी है।

पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड पीछे छोड़ा

पीएम मोदी ने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए यह नया मानक स्थापित किया। गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शुरू हुई यह यात्रा अब प्रधानमंत्री के पद तक पहुँच चुकी है और इसे उनकी जनता के प्रति सेवा और राष्ट्र निर्माण के अडिग संकल्प का प्रतीक माना जा रहा है।

केंद्रीय मंत्रियों ने जताई खुशी

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लिखा कि यह रिकॉर्ड पीएम मोदी के स्थायी नेतृत्व और राष्ट्र के प्रति उनकी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने प्रधानमंत्री को उनकी अटूट सेवा और संकल्प के लिए बधाई दी और इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया। वहीं, केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी पीएम मोदी को रिकॉर्ड तोड़ने और देश सेवा के उनके समर्पण के लिए शुभकामनाएं दी।

जनता के लिए प्रेरणा

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि पीएम मोदी की यात्रा प्रेरणादायक रही है। उनकी नीतियाँ गरीबों, युवाओं, महिलाओं और किसानों को सशक्त बनाने पर केंद्रित रही हैं, और उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर अधिक आत्मविश्वास और प्रभाव के साथ खड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी का यह रिकॉर्ड सिर्फ संख्या नहीं है, बल्कि यह उनकी निरंतर मेहनत, जन-कल्याण और देश को विकसित भारत बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनके नेतृत्व में भारत की प्रगति लगातार नई ऊँचाइयों तक पहुँच रही है और जनता के जीवन में वास्तविक बदलाव दिखाई दे रहे हैं।

रेवाड़ी से जयपुर के बीच नई रेल लाइन, इन जिलों के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। हरियाणा के रेवाड़ी और राजस्थान की राजधानी जयपुर के बीच नई रेल कड़ी बनने जा रही है। प्रस्तावित 191 किलोमीटर लंबी यह लाइन नीमराणा के रास्ते गुजरते हुए दोनों राज्यों के औद्योगिक और ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रेल मंत्रालय ने इस परियोजना के लिए फाइनल लोकेशन सर्वे की मंजूरी दे दी है, जिसकी लागत लगभग 5.73 करोड़ रुपये आंकी गई है।

नई रेल लाइन से माल ढुलाई और उद्योगों के संचालन में काफी सुविधा होगी। नीमराणा औद्योगिक क्षेत्र, जिसमें कई बड़े जापानी और स्थानीय उद्योग स्थित हैं, अब उत्पादन और परिवहन के खर्च में कमी देख सकता है। निवेशकों के लिए यह क्षेत्र और भी आकर्षक बन जाएगा।

आम यात्रियों के लिए भी यह बदलाव बड़ा लाभ लेकर आएगा। वर्तमान में रेवाड़ी और जयपुर के बीच लंबा सफर तय करना पड़ता है, लेकिन नई लाइन बनने के बाद यात्रा का समय घटेगा और लोग सीधे रेल मार्ग का उपयोग कर सकेंगे। इससे छात्रों, व्यापारियों और नियमित यात्रियों की रोजमर्रा की जिंदगी आसान होगी।

स्थानीय गांव और कस्बे भी इस परियोजना से जुड़े हैं, जो पहली बार उन्हें रेल सुविधा प्रदान करेगी। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र का सामाजिक और आर्थिक विकास तेज होगा। निर्माण कार्य के दौरान भी स्थानीय लोगों को काम मिल सकता है।

रेल परियोजनाएं आमतौर पर कई चरणों में पूरी होती हैं। पहले जमीन पर सर्वे किया जाता है, फिर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार होती है। इसके बाद ही बजट और निर्माण की औपचारिक मंजूरी मिलती है। यदि समय पर सभी चरण पूरे होते हैं, तो यह रेल लाइन उत्तर भारत में एक अहम परिवहन कॉरिडोर के रूप में उभर सकती है।

8वें वेतन आयोग: जूनियर इंजीनियर की क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव आने की संभावना है, और इसमें जूनियर इंजीनियर (JE) भी शामिल हैं। वर्तमान में जूनियर इंजीनियर पे-लेवल 6 के अंतर्गत आते हैं और उनका मूल वेतन ₹35,400 से शुरू होता है। 8वें वेतन आयोग के तहत उनकी सैलरी में 30% से 35% तक की बढ़ोतरी होने की संभावना है।

संभावित नई सैलरी (8वां वेतन आयोग)

मूल वेतन (Basic Pay): ₹35,400 से बढ़कर लगभग ₹80,000 से ₹1,00,000 तक। 

इन-हैंड सैलरी: ₹55,000–₹65,000 से बढ़कर लगभग ₹75,000–₹95,000+

इस बदलाव का असर सीधे फिटमेंट फैक्टर, महंगाई भत्ते और अन्य भत्तों पर निर्भर करेगा।

सैलरी बढ़ने के मुख्य कारण

फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor):

8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 से 2.86 के बीच रहने की संभावना है। फिटमेंट फैक्टर जितना अधिक होगा, मूल वेतन में उतना ही इजाफा होगा।

महंगाई भत्ता (DA):

नए वेतन आयोग के लागू होते ही वर्तमान महंगाई भत्ता मूल वेतन में शामिल कर दिया जाएगा, जिससे कुल सैलरी में वृद्धि होगी।

अन्य भत्ते (Allowances):

मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता (TA) और अन्य भत्ते संशोधित मूल वेतन के अनुसार बढ़ेंगे, जिससे इन-हैंड सैलरी में और इजाफा होगा।

लागू होने की संभावना

सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार 8वें वेतन आयोग 1 जनवरी, 2026 से प्रभावी होने की संभावना है। इसका मतलब है कि जनवरी 2026 से ही जूनियर इंजीनियरों और अन्य केंद्रीय कर्मचारियों को नई सैलरी और भत्ते मिलना शुरू हो सकते हैं।

26 मार्च को है राम नवमी: इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे नए अवसर

राशिफल। वर्ष 2026 में राम नवमी 26 और 27 मार्च को पड़ रही है, लेकिन ज्यादातर पंचांगों के अनुसार 26 मार्च को राम नवमी मनाना अधिक शुभ और मुख्य माना जा रहा है। भगवान राम का जन्म दोपहर के मध्याह्न काल में हुआ था, इसलिए इस दिन किए गए शुभ कार्य और पूजा का फल विशेष लाभकारी होता है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह दिन नए अवसर, सफलता और सकारात्मक बदलाव लेकर आता है।

आइए जानते हैं कि 26 मार्च 2026 को किन 5 राशियों के लिए राम नवमी विशेष लाभकारी साबित होगी।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन करियर और व्यवसाय में नई शुरुआत का संकेत देता है। आय और लाभ के नए स्रोत खुल सकते हैं। पुराने निवेश लाभदायक साबित होंगे। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे और सामाजिक मान-सम्मान में वृद्धि होगी। शुभ रंग और उपाय अपनाने से भाग्य और भी अनुकूल रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह दिन शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत विकास में लाभकारी रहेगा। जो लोग परीक्षा या नए प्रोजेक्ट में लगे हैं, उन्हें सफलता मिलने की संभावना है। आय और वित्तीय स्थिति में सुधार होगा। परिवार और जीवनसाथी से सहयोग प्राप्त होगा।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए राम नवमी का दिन नए अवसर और सौभाग्य लेकर आएगा। व्यापारियों के लिए लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। यात्रा और साझेदारी लाभकारी साबित हो सकती है। मानसिक शांति और स्वास्थ्य में सुधार के संकेत हैं।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह दिन विशेष शुभ रहेगा। करियर में बदलाव या पदोन्नति के योग हैं। किसी नई परियोजना या कार्य की शुरुआत लाभकारी होगी। मित्रों और परिवार से सहयोग मिलेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन धन और अवसरों में वृद्धि का संकेत देता है। निवेश या व्यापारिक फैसले सकारात्मक परिणाम देंगे। परिवार और जीवनसाथी के साथ संबंध मजबूत होंगे। शिक्षा और यात्रा संबंधी योजनाएँ लाभकारी सिद्ध होंगी।

ब्रिटेन की नई रणनीति: अरब सागर में तैनात की घातक पनडुब्बी, ईरान में खलबली

न्यूज डेस्क। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच ब्रिटेन ने एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम उठाया है। रॉयल नेवी ने अपनी अत्याधुनिक परमाणु पनडुब्बी HMS एंसन को अरब सागर में तैनात किया है, जिससे क्षेत्र में सैन्य हलचल बढ़ गई है।

HMS एंसन: आधुनिक और शक्तिशाली

यह पनडुब्बी ‘एस्ट्यूट क्लास’ की पांचवीं है और इसे ब्रिटेन की अब तक की सबसे उन्नत अटैक सबमरीन माना जाता है। इसमें टॉमहॉक ब्लॉक IV मिसाइलें और भारी टॉरपीडो हैं, जो सैकड़ों किलोमीटर दूर स्थित लक्ष्यों को भेद सकती हैं। इसकी मौजूदगी ईरान और आसपास के क्षेत्र को स्पष्ट चेतावनी देती है।

लंबी दूरी की यात्रा के बाद पहुंची

HMS एंसन ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से रवाना होकर 5,500 मील की यात्रा तय कर अब अरब सागर में पहुँच चुकी है। इस रणनीतिक स्थिति के कारण यह पनडुब्बी क्षेत्रीय सुरक्षा और निगरानी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

वैश्विक ऊर्जा मार्ग की सुरक्षा

हाल ही में ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालने की कोशिशों से तेल और ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ा था। HMS एंसन की तैनाती इन संभावित खतरों को रोकने और वैश्विक व्यापार मार्ग को सुरक्षित रखने का संकेत है।

ब्रिटेन और अमेरिका का सहयोग

बताया जा रहा है कि ब्रिटेन ने अमेरिका को भी इस क्षेत्र में सामरिक मदद के लिए अपने ठिकानों का उपयोग करने की अनुमति दी है। पनडुब्बी समय-समय पर सतह पर आती है और लंदन के जॉइंट हेडक्वार्टर से संपर्क बनाए रखती है। किसी भी सैन्य कार्रवाई का आदेश सीधे ब्रिटिश प्रधानमंत्री के माध्यम से दिया जाएगा।

अमेरिका अकेला नहीं! ये 5 देश भी हवाई शक्ति में दुनिया के लीडर हैं

नई दिल्ली। लड़ाकू विमान किसी भी देश की वायुसेना की ताकत का सबसे बड़ा संकेत होते हैं। जिन देशों की एयरफोर्स मजबूत होती है, उनका पलड़ा युद्ध या वैश्विक रणनीति में हमेशा भारी रहता है। आज की दुनिया में वायुसेना केवल आकाश में उड़ने की क्षमता नहीं है, बल्कि यह तकनीकी दक्षता, रणनीतिक ताकत और वैश्विक प्रभाव का प्रतीक बन चुकी है। अमेरिका हो या भारत, हर देश अपनी एयरफोर्स को अत्याधुनिक तकनीक और रणनीति से सशक्त बना रहा है ताकि वह सुरक्षा, निगरानी, मानवीय राहत और आक्रमण में तत्पर रहे।

1. अमेरिका – दुनिया की सबसे बड़ी वायु शक्ति

अमेरिकी एयरफोर्स अत्याधुनिक स्टील्थ लड़ाकू विमानों जैसे F-22 Raptor और F-35 Lightning II, भारी बमवर्षक B-2 और B-52, और आधुनिक ड्रोन तकनीक से लैस है। अमेरिका की वायुसेना की वैश्विक पहुंच और निगरानी क्षमता बेजोड़ मानी जाती है। वर्तमान में अमेरिकी एयरफोर्स में कुल 14,486 एयरक्राफ्ट हैं, जो इसे विश्व की सबसे बड़ी वायु शक्ति बनाते हैं।

2. रूस – भारी हथियार और रणनीतिक क्षमता

रूसी वायुसेना अपने शक्तिशाली बमवर्षक Tupolev Tu-160, Tu-95 और लड़ाकू विमान मिग-29, Su-35, SU-57 के लिए जानी जाती है। रूस की मिसाइल तकनीक और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में विशेषज्ञता इसे वैश्विक सैन्य ताकत बनाए रखती है। रूस के पास कुल 4,211 एयरक्राफ्ट हैं और यह दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी एयरफोर्स है।

3. चीन – तेजी से बढ़ती आधुनिक वायु सेना

चीन ने हाल के वर्षों में J-20 स्टील्थ फाइटर, Z-10 हेलीकॉप्टर और आधुनिक ड्रोन तकनीक में भारी निवेश किया है। चीन अपनी वायुसेना को अमेरिका की चुनौती देने के लिए लगातार स्वदेशी तकनीकों पर जोर दे रहा है। चीनी एयरफोर्स में कुल 3,304 एयरक्राफ्ट हैं और यह दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी वायु शक्ति है।

4. भारत – एशिया की उभरती हवाई ताकत

भारतीय वायुसेना MiG-29, Su-30MKI, Rafale और Tejas जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों से लैस है। हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियानों में इसकी क्षमता और रणनीतिक तत्परता को प्रदर्शित किया गया। भारत की मल्टी-फ्रंट वारफेयर क्षमता इसे एशिया में एक मजबूत शक्ति बनाती है। भारत के पास कुल 2,296 एयरक्राफ्ट हैं और यह वैश्विक स्तर पर चौथे नंबर पर है।

5. जापान – प्रशांत क्षेत्र की रक्षा प्रमुख शक्ति

जापान की वायुसेना मुख्य रूप से रक्षा-उन्मुख है। इसके पास F-15, F-2 और हाल में जोड़े गए F-35 जैसे आधुनिक जेट्स हैं। जापानी वायुसेना प्रशांत क्षेत्र में अमेरिका के साथ मिलकर चीन और उत्तर कोरिया की निगरानी करती है। जापान के पास कुल 1,459 एयरक्राफ्ट हैं और यह दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी एयरफोर्स है।

23 मार्च को आयुष्मान योग: इन 5 राशियों के लिए खुलेगा भाग्य का नया मार्ग

राशिफल। 23 मार्च 2026 को आयुष्मान योग बन रहा है, जिसे शुभ और भाग्यवर्धक योग माना जाता है। इस दिन का प्रभाव विशेष रूप से उन राशियों पर पड़ सकता है जिनकी कुंडली में ग्रह स्थिति अनुकूल है। आयुष्मान योग से वित्त, करियर, स्वास्थ्य और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि इस दिन किन 5 राशियों के लिए भाग्य का नया मार्ग खुलेगा।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए 23 मार्च का दिन विशेष शुभ रहेगा। आयुष्मान योग के कारण करियर में नई संभावनाएँ खुल सकती हैं। अगर आप नौकरीपेशा हैं, तो पदोन्नति या वेतन वृद्धि के योग बन रहे हैं। व्यापारियों के लिए लाभ में इजाफा होगा। इस दिन निवेश के फैसले सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

2. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए यह दिन आर्थिक और स्वास्थ्य लाभ लेकर आएगा। परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे और जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। आयुष्मान योग के प्रभाव से शिक्षा और करियर में भी सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य संबंधी पुराने तनाव कम होंगे और मानसिक शांति बढ़ेगी।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए 23 मार्च का दिन विशेष भाग्यशाली है। नौकरी और व्यवसाय में अवसरों का विस्तार होगा। यदि आप नौकरी बदलने का विचार कर रहे हैं, तो निर्णय लेने के लिए यह समय अनुकूल है। इसके अलावा, इस दिन नए संपर्क और साझेदारी लाभकारी साबित हो सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आयुष्मान योग वित्तीय मामलों में सुधार और लाभ लेकर आएगा। पुराने निवेश लाभदायक सिद्ध होंगे। साथ ही, यह दिन यात्रा और शिक्षा से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक परिणाम दे सकता है। परिवार में खुशियाँ और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह दिन मानसिक शांति और स्वास्थ्य लाभ का संकेत देता है। आयुष्मान योग के कारण पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और जीवन में संतुलन आएगा। वित्तीय मामलों में स्थिरता आएगी और अचानक लाभ के अवसर बन सकते हैं।

भारत के लिए बड़ी खुशखबरी: अमेरिका से LPG गैस पहुंची, रसोई गैस संकट पर काबू

नई दिल्लू। मध्य पूर्व में जारी तनाव और युद्ध के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बावजूद भारत के लिए राहत भरी खबर आई है। अमेरिका के टेक्सास से रवाना हुआ एक बड़ा एलपीजी (LPG) कार्गो जहाज कर्नाटक के न्यू मंगलौर पोर्ट पर सुरक्षित पहुंच गया। इस समय यह आपूर्ति विशेष महत्व रखती है क्योंकि रणनीतिक रूप से अहम ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ में वैश्विक व्यापार मार्ग बाधित हैं।

एलपीजी संकट पर काबू

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि देश में एलपीजी की उपलब्धता अब पर्याप्त है। उपभोक्ताओं के बीच मची ‘पैनिक बुकिंग’ में गिरावट आई है। गुरुवार को केवल 55 लाख बुकिंग दर्ज की गई, जो संकट के शुरुआती दिनों की तुलना में काफी कम है। उन्होंने साफ किया कि कोई भी वितरण केंद्र खाली नहीं है और उपभोक्ता अपनी जरूरत के अनुसार गैस आसानी से प्राप्त कर सकते हैं।

रणनीतिक राहत उपाय

शिपिंग मंत्रालय ने कच्चे तेल और एलपीजी के लिए 14 से 31 मार्च तक कार्गो शुल्क माफ करने की घोषणा की, ताकि इस संकट के दौरान आपूर्ति बाधित न हो। इससे ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में मदद मिली और भारत अपने आवश्यक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सका।

भारत की ऊर्जा सुरक्षा

पिछले सप्ताह गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भी लगभग 92,712 मीट्रिक टन एलपीजी सुरक्षित रूप से पहुंचे थे। यह दिखाता है कि भारत खाड़ी क्षेत्र और जोखिम भरे रास्तों के बावजूद अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में सक्षम है। सरकार की सक्रिय निगरानी और रणनीति के कारण देश में एलपीजी संकट नियंत्रित हो गया है और आम जनता को राहत मिली है।

सिर्फ अमेरिका नहीं! ये 3 देश भी हैं मिलिट्री पावर, भारत कहां है?

नई दिल्लू। दुनिया की ताकतवर सेनाओं की बात करें तो आमतौर पर सबसे पहले अमेरिका का नाम आता है। लेकिन अमेरिका अकेला ऐसा देश नहीं है जिसने अपनी मिलिट्री पावर से वैश्विक स्तर पर दबदबा बनाया है। दुनिया में ऐसे कई देश हैं जो अत्याधुनिक हथियार, बड़ी सेना और प्रभावशाली रणनीति के बल पर अपनी सैन्य शक्ति का प्रदर्शन करते हैं। आइए जानते हैं अमेरिका के अलावा कौन-कौन से देश हैं मिलिट्री पावर में टॉप पर और भारत की स्थिति क्या है।

1. अमेरिका – सुपरपावर का प्रतिमान

अमेरिका की सेना तकनीकी और सामरिक रूप से सबसे विकसित मानी जाती है। अमेरिकी मिलिट्री के पास अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट, न्यूक्लियर सबमरीन, टैंक और ड्रोन तकनीक है। इसके अलावा अमेरिका का ग्लोबल डिप्लॉयमेंट कैपेबिलिटी इसे अन्य देशों से अलग बनाता है।

2. रूस – परमाणु शक्ति और हथियार

रूस की सेना आकार और शक्ति के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी सेनाओं में से एक है। भारी टैंक, परमाणु हथियार, लंबी दूरी की मिसाइलें और एयरोस्पेस तकनीक के मामले में रूस का बड़ा प्रभाव है। इसके अलावा, रूस की आर्मी की युद्ध क्षमता और अनुभव इसे वैश्विक मिलिट्री पावर में उच्च स्थान दिलाता है।

3. चीन – तेजी से बढ़ती मिलिट्री शक्ति

चीन ने पिछले दो दशकों में अपनी सेना को अत्याधुनिक तकनीक और आधुनिक हथियारों से लैस किया है। चीन की आर्मी में बड़ी संख्या में सैनिक, आधुनिक एयरक्राफ्ट, और रणनीतिक मिसाइल सिस्टम शामिल हैं। ये देश आर्थिक ताकत के साथ मिलिट्री पावर में भी तेजी से बढ़ रहा है।

4. भारत – उभरती बड़ी मिलिट्री शक्ति

भारत अपनी सैन्य ताकत के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों में शामिल है। भारतीय सेना की ताकत केवल संख्या में ही नहीं, बल्कि तकनीक, रणनीति और परमाणु हथियार क्षमता में भी है। भारत के पास आधुनिक टैंक, मिसाइल सिस्टम, नौसेना और वायुसेना के साथ-साथ उच्च प्रशिक्षित सैनिक हैं। हालांकि, वैश्विक मिलिट्री इंडेक्स में भारत अमेरिका, रूस और चीन के बाद आता है, लेकिन तेजी से बढ़ती सैन्य ताकत और रणनीति इसे और मजबूती देती है।

8वें वेतन आयोग: क्लर्क की नई सैलरी में कितना होगा इजाफा?

नई दिल्ली। केंद्रीय सरकारी क्लर्क, खासकर लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत अपनी सैलरी में बड़ा बदलाव देखने वाले हैं। यह बदलाव न सिर्फ बेसिक सैलरी में बढ़ोतरी लाएगा, बल्कि महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में भी सुधार करेगा, जिससे कुल वेतन में काफी इजाफा होगा। हालांकि अभी सरकार की ओर से अधिकारी घोषणा नहीं हुई हैं।

क्लर्क की अनुमानित नई सैलरी

वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के अनुसार LDC (पे लेवल 2) की शुरुआती बेसिक सैलरी ₹19,900 है। 8वें वेतन आयोग के तहत बेसिक सैलरी लगभग ₹37,000 से ₹56,900 तक पहुंच सकती है। यह बढ़ोतरी फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर निर्भर करेगी, जिसे सरकार 1.92 से 2.86 के बीच निर्धारित कर सकती है।

वर्तमान (7वां CP): बेसिक ₹19,900, कुल सैलरी ₹35,000–₹36,000

अनुमानित (8वां CP – 1.92x): बेसिक ₹38,208, कुल सैलरी ₹50,000+

अनुमानित (8वां CP – 2.86x): बेसिक ₹56,914, कुल सैलरी ₹70,000+

फिटमेंट फैक्टर का प्रभाव

अगर 2.86 का अधिकतम फिटमेंट फैक्टर लागू होता है, तो LDC की बेसिक सैलरी में लगभग ₹37,014 की वृद्धि हो सकती है। इसका मतलब है कि अब क्लर्कों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिलने वाला है।

भत्तों में सुधार

बेसिक पे के अलावा, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TA) में भी बढ़ोतरी होगी। इसका असर कुल इन-हैंड सैलरी पर पड़ेगा और कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।

लागू होने की तिथि

अभी यह अनुमान है कि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से लागू की जाएंगी। लेकिन पूरी डिटेल्स सरकार के घोषणा के बाद ही आमने आएगी।

1 अप्रैल 2026 से बड़े बदलाव! देशभर में लागू होंगे 10 नए नियम

नई दिल्ली। भारत में 1 अप्रैल 2026 से एक नए वित्तीय और प्रशासनिक युग की शुरुआत होने जा रही है। केंद्र सरकारों ने आम जनता, कारोबारियों और नौकरीपेशा लोगों के लिए कई महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। इस बार का सुधार केवल मामूली संशोधन नहीं है, बल्कि 1961 के पुराने 'इनकम टैक्स एक्ट' को पूरी तरह बदलकर नया कानून लागू किया जा रहा है।

1. नया आयकर कानून

पुराने इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह अब 'इनकम टैक्स एक्ट 2025' लागू होगा। कानून को सरल बनाया गया है, और धाराओं की संख्या 819 से घटाकर 536 कर दी गई है। इसका मकसद करदाताओं के लिए नियमों को समझना आसान बनाना है।

2. शेयर बायबैक पर नया टैक्स नियम

शेयर बायबैक को अब 'कैपिटल गेन्स' माना जाएगा। इसका मतलब है कि निवेशक केवल अपने मुनाफे पर टैक्स देंगे। कॉर्पोरेट प्रमोटरों के लिए दर 22% और अन्य निवेशकों के लिए 30% तक हो सकती है।

3. F&O ट्रेडिंग पर अधिक टैक्स

शेयर बाजार के फ्यूचर्स और ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में ट्रेडिंग महंगी होगी। फ्यूचर्स पर टैक्स 0.02% से बढ़कर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.1% से बढ़कर 0.15% कर दिया गया है।

4. सोवरेन गोल्ड बॉन्ड में बदलाव

अब सोवरेन गोल्ड बॉन्ड पर टैक्स छूट केवल उन्हीं निवेशकों को मिलेगी जिन्होंने बॉन्ड सीधे सरकार से खरीदा है। सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए बॉन्ड पर मुनाफे पर टैक्स लगेगा।

5. पैन कार्ड के 5 नए नियम

कैश ट्रांजैक्शन: 10 लाख रुपये से अधिक जमा या निकासी पर पैन अनिवार्य।

प्रॉपर्टी खरीद: 20 लाख रुपये से अधिक पर पैन जरूरी।

होटल बिल: अब 1 लाख रुपये तक पैन की आवश्यकता नहीं।

गाड़ियों की खरीद: 5 लाख रुपये से महंगी गाड़ी या प्रीमियम बाइक पर पैन जरूरी।

6. टोल प्लाजा पर कैश का अंत

1 अप्रैल से नेशनल हाईवे के सभी 1150+ टोल प्लाजा पर नकद भुगतान बंद होगा। अब केवल FASTag या UPI से भुगतान संभव होगा।

7. विदेश यात्रा और शिक्षा पर TCS में राहत

विदेश जाने या पढ़ाई और इलाज के खर्चों पर लगने वाला TCS अब घटकर 2% हो जाएगा। पहले यह 5% या 20% तक था।

8. दिव्यांग और शहीद परिवारों के लिए राहत

शारीरिक रूप से विकलांग सेवा मुक्त लोगों और सैनिकों की पेंशन अब टैक्स-फ्री होगी।

9. MAT दर में कटौती

कंपनियों के लिए मिनिमम अल्टरनेट टैक्स (MAT) 15% से घटाकर 14% कर दी गई है, लेकिन नए MAT क्रेडिट की अनुमति नहीं होगी।

10. नशे की चीजों और पान मसाले पर ड्यूटी बढ़ी

आपको बता दें की सरकार ने नशीले पदार्थों और पान मसाले पर अतिरिक्त कर लगाया है, जिससे इनकी कीमतें बढ़ेंगी।

केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी! एक साथ मिलेगा 3 महीने का फ्री राशन

नई दिल्ली। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक राहत भरी खबर दी है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) के तहत पात्र लाभार्थियों को अप्रैल 2026 में ही अगले तीन महीनों का राशन एक साथ प्राप्त होगा। इससे गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों को गर्मी के मौसम में बार-बार राशन दुकानों पर जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।

योजना का विवरण

सरकार के अनुसार, अप्रैल में लाभार्थियों को अप्रैल, मई और जून का राशन एक साथ दिया जाएगा। वर्तमान में प्रति व्यक्ति प्रति माह 5 किलो अनाज का वितरण किया जाता है। इस विशेष व्यवस्था के तहत एक लाभार्थी को अप्रैल में ही कुल 15 किलो अनाज मिलेगा।

क्यों किया गया यह कदम?

सरकार ने इसके पीछे कुछ मुख्य कारण बताए हैं:

गर्मियों में राहत: अप्रैल से जून तक देश के कई हिस्सों में तापमान बहुत अधिक रहता है। बुजुर्ग और महिलाएं बार-बार राशन लेने की कतारों में खड़े होने से बच सकें, इसके लिए यह अग्रिम वितरण किया जा रहा है।

गोदाम प्रबंधन: भारतीय खाद्य निगम (FCI) के पास इस समय अनाज का पर्याप्त स्टॉक है। रबी फसल की नई खरीद जल्द शुरू होने वाली है, इसलिए गोदामों में जगह बनाने के लिए अग्रिम वितरण जरूरी है।

लॉजिस्टिक्स और पारदर्शिता: एक साथ वितरण करने से परिवहन लागत कम होगी और वितरण प्रणाली पर निगरानी रखना आसान होगा।

e-KYC और Aadhaar लिंक अनिवार्य

इस योजना का लाभ केवल उन कार्ड धारकों को मिलेगा जिन्होंने अपना e-KYC और आधार कार्ड राशन कार्ड से लिंक कर लिया है। जिन लाभार्थियों ने बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन नहीं कराया है या उनका कार्ड लिंक नहीं है, उन्हें इस सुविधा से वंचित किया जा सकता है। इसलिए आप जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी कर लें।

आज से चैती छठ शुरू, 5 राशियों पर रहेगी सूर्यदेव की कृपा

राशिफल। आज, 22 मार्च 2026 से महापर्व चैती छठ की शुरुआत हो गई है। यह पर्व चार दिनों तक चलेगा और 25 मार्च 2026 को समाप्त होगा। हिन्दू धर्म में चैती छठ सूर्यदेव और छठी मैया की पूजा का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस समय सूर्यदेव की विशेष कृपा से कई राशियों के जातकों का जीवन खुशियों, सफलता और समृद्धि से भर सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और वित्तीय मामलों में बहुत शुभ रहेगा। इस अवधि में नए अवसर सामने आ सकते हैं और पुराने आर्थिक रुकावटों का समाधान होगा। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

सुझाव: सूर्यदेव की पूजा के समय लाल रंग के वस्त्र पहनकर दान करने से विशेष लाभ मिलेगा।

2. सिंह राशि 

सिंह राशि के लोगों के लिए चैती छठ का पर्व स्वास्थ्य और मानसिक शांति लाएगा। इस दौरान परिवार में सामंजस्य बढ़ेगा और बच्चों के स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने से शुभ फल मिलेगा।

सुझाव: सूर्य को अर्घ्य देने के समय ताजगी वाले फल अर्पित करें।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय यात्रा, नए व्यवसाय या शिक्षा के क्षेत्र में सफलता का है। पुराने प्रोजेक्ट पूरे होंगे और नई योजनाओं में लाभ मिलेगा।

सुझाव: इस अवसर पर पीले रंग के वस्त्र पहनें और सूर्यदेव को गन्ना या हल्दी अर्पित करें।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह पर्व पारिवारिक सुख और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला रहेगा। पुराने झगड़े खत्म होंगे और परिवार में सामंजस्य बढ़ेगा। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी।

सुझाव: पूजा के दौरान सूरजमुखी का फूल और मीठा चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है।

5. कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए चैती छठ का समय करियर और व्यक्तिगत विकास के लिए बेहद शुभ है। इस समय नई परियोजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य में भी सुधार होगा।

सुझाव: सूर्यदेव को जल अर्पित करें और घर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, किसानों को मिलेगा मुआवजा, तैयारी शुरू

पटना। बिहार में हालिया आंधी और बेमौसम बारिश से फसलों को हुए व्यापक नुकसान के बाद सरकार हरकत में आ गई है। राज्य के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्थिति पर गहरी चिंता जताते हुए प्रभावित किसानों को हर संभव मदद का भरोसा दिया है।

मंत्री ने स्पष्ट कहा कि सरकार के खजाने पर सबसे पहला अधिकार आपदा से प्रभावित लोगों का है। इसी के तहत सभी जिलाधिकारियों को तत्काल सर्वे कर फसल क्षति का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन क्षेत्रों में 33 प्रतिशत से अधिक नुकसान हुआ है, वहां की विस्तृत रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भी भेजी जाएगी।

किसानों को मिलेगा मुआवजा

सरकार ने आश्वासन दिया है कि नुकसान झेल रहे किसानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग की टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं, ताकि प्रभावित किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाई जा सके।

रबी फसलों को भारी नुकसान

बेमौसम बारिश और तेज आंधी ने रबी फसलों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। गेहूं, सरसों, चना और मक्का की फसलें तेज हवाओं के कारण खेतों में गिर गईं, जिससे उत्पादन पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। कई जगहों पर जलभराव के कारण फसलें सड़ने की स्थिति में पहुंच गई हैं।

बागवानी पर भी असर

आम और लीची जैसे फलों की खेती करने वाले किसानों को भी बड़ा झटका लगा है। आंधी के कारण पेड़ों पर लगे बौर झड़ गए हैं, जिससे आने वाले सीजन में उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है।

किसानों की बढ़ी चिंता

कटाई के लिए तैयार फसल पर आई इस आपदा ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मोकामा और आसपास के इलाकों के किसानों का कहना है कि इस बार अच्छी पैदावार की उम्मीद थी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

बिहार में बिगड़ेगा मौसम, 6 जिलों में आंधी-बारिश के आसार

पटना। बिहार में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले 24 घंटों में आई आंधी और बारिश ने पूरे राज्य में हलचल मचा दी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, राज्य के कई जिलों में मौसम का असर अभी जारी रह सकता है।

इन जिलों में ज्यादा खतरा

मौसम विभाग ने सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, सुपौल, अररिया और किशनगंज में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी काम के बिना घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

24 घंटे में क्यों बदला मौसम?

पटना मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह बदलाव पूर्वी बांग्लादेश के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और तेज पछुआ जेट स्ट्रीम के कारण हुआ है। इस सिस्टम के प्रभाव से राज्य में तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई है।

तापमान में आई बड़ी गिरावट

राज्य के कई हिस्सों में दिन के तापमान में करीब 14 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी गई। पटना, मुजफ्फरपुर, अररिया और फारबिसगंज जैसे इलाकों में ठंड का एहसास फिर लौट आया है। मार्च के महीने में ही लोगों को हल्की ठंड का सामना करना पड़ रहा है।

बाकी जिलों में कैसा रहेगा मौसम

राज्य के अन्य जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। यहां दिन के समय धूप निकलेगी और तापमान धीरे-धीरे बढ़ेगा, जिससे गर्मी की वापसी के संकेत मिल रहे हैं।

आगे क्या कहता है मौसम का पूर्वानुमान

मौसम विभाग के मुताबिक, 23 से 25 मार्च तक राज्य में मौसम सामान्य और शुष्क रहेगा। हालांकि 26 मार्च से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है, जिसके चलते महीने के अंत में एक बार फिर हल्की बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, बढ़ गया भत्ता! मिलेगा एरियर

नई दिल्ली। देश के लाखों रेलवे कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है।भारतीय रेलवे  ने अपने लोको रनिंग स्टाफ के लिए किलोमीटर भत्ता (KA) बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला लंबे समय से चली आ रही मांगों और कर्मचारियों के प्रदर्शन के बाद लिया गया है।

क्या है पूरा मामला?

रेलवे बोर्ड के हालिया निर्णय के अनुसार, लोको पायलट और अन्य रनिंग स्टाफ को मिलने वाले किलोमीटर भत्ते में बढ़ोतरी की गई है। यह बढ़ा हुआ भत्ता 1 जनवरी 2024 से लागू माना जाएगा। इसका मतलब यह है कि कर्मचारियों को बढ़े हुए वेतन के साथ पिछले महीनों का एरियर भी मिलेगा। हालांकि एरियर का भुगतान वेतन के साथ होगा या अलग से, इस पर अभी स्पष्टता नहीं दी गई है।

क्यों बढ़ाया गया भत्ता?

यह फैसला अचानक नहीं लिया गया, बल्कि इसके पीछे कर्मचारियों का लंबे समय तक चला संघर्ष है। पिछले दो वर्षों से विभिन्न कर्मचारी यूनियनों और फेडरेशनों द्वारा लगातार मांग उठाई जा रही थी। जब महंगाई भत्ता (DA) 50 प्रतिशत तक पहुंच गया, तब अन्य कर्मचारियों के भत्तों में संशोधन किया गया, लेकिन लोको रनिंग स्टाफ का किलोमीटर भत्ता लंबित था। अब इसे भी संशोधित कर दिया गया है।

कितने कर्मचारियों को होगा लाभ?

इस फैसले से रेलवे के 2 लाख से अधिक लोको रनिंग स्टाफ को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें वे कर्मचारी शामिल हैं जो ट्रेन संचालन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में लगे रहते हैं।

‘TA’ और ‘KA’ में क्या अंतर है?

रेलवे में आम कर्मचारियों को ट्रैवलिंग अलाउंस (TA) दिया जाता है, जबकि लोको रनिंग स्टाफ को उनके कार्य की प्रकृति के अनुसार किलोमीटर आधारित भत्ता (KA) मिलता है। पहले अन्य कर्मचारियों का TA बढ़ा दिया गया था, लेकिन रनिंग स्टाफ का KA नहीं बढ़ा था। अब इस अंतर को खत्म करते हुए उनका भत्ता भी बढ़ा दिया गया है।

कर्मचारियों के लिए क्यों है खास?

वेतन में सीधा इजाफा

एरियर के रूप में अतिरिक्त आय

लंबे समय से लंबित मांग पूरी

कार्य के अनुसार उचित भत्ता

यूपी में ASO-ARO के 929 पदों पर भर्ती, नोटिश हुआ जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी राहत भरी खबर आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग ने सहायक सांख्यिकी अधिकारी (ASO) और सहायक अनुसंधान अधिकारी (ARO) के कुल 929 पदों पर भर्ती का ऐलान किया है। करीब छह साल बाद आई इस भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों में उत्साह देखा जा रहा है।

आयोग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 21 अप्रैल 2026 से शुरू होगी, जबकि आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 11 मई 2026 निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी 18 मई तक अपने आवेदन पत्र में संशोधन भी कर सकेंगे।

कुल 929 पदों में 311 पद सामान्य वर्ग के लिए, 300 पद अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC), 211 पद अनुसूचित जाति (SC), 62 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और 12 पद अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित किए गए हैं।आयु सीमा की बात करें तो उम्मीदवार की उम्र 21 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को नियमानुसार छूट प्रदान की जाएगी। 

शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थियों के पास गणित, सांख्यिकी, वाणिज्य या अर्थशास्त्र विषय में स्नातकोत्तर डिग्री होना अनिवार्य है। इसके साथ ही कंप्यूटर का ‘O’ लेवल डिप्लोमा या समकक्ष प्रमाणपत्र और हिंदी टाइपिंग का ज्ञान भी आवश्यक होगा। इस भर्ती में आवेदन के लिए PET 2025 का वैध स्कोर अनिवार्य रखा गया है।

चयन प्रक्रिया दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में PET 2025 स्कोर के आधार पर अभ्यर्थियों को शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। इसके बाद मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें मुख्य विषय, कंप्यूटर ज्ञान और उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान से जुड़े प्रश्न पूछे जाएंगे। आवेदन शुल्क सभी वर्गों के लिए 25 रुपये निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

भारतीय नौसेना में शामिल होगा घातक युद्धपोत, दुश्मनों में मचेगा खौफ

नई दिल्ली। भारत समुद्री ताकत को लगातार मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना को एक और आधुनिक और घातक युद्धपोत मिलने जा रहा है। प्रोजेक्ट 17A के तहत तैयार किया गया एडवांस स्टेल्थ फ्रिगेट INS तारागिरी जल्द ही नौसेना में शामिल होगा, जिससे समुद्र में भारत की शक्ति और बढ़ेगी।

कब होगा शामिल

नौसेना के अनुसार, 3 अप्रैल को विशाखापत्तनम में इस युद्धपोत को औपचारिक रूप से शामिल किया जाएगा। इस मौके पर राजनाथ सिंह इसे नौसेना को समर्पित करेंगे।

प्रोजेक्ट 17A का हिस्सा

INS तारागिरी, नीलगिरी क्लास के सात एडवांस गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट्स में से एक है। इससे पहले INS नीलगिरी, हिमगिरी और उदयगिरी को भी नौसेना में शामिल किया जा चुका है। यह पूरा प्रोजेक्ट भारत को 2047 तक रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

क्या हैं INS तारागिरी की खासियतें

यह युद्धपोत अत्याधुनिक तकनीक और हथियारों से लैस है:

एंटी-एयर वॉरफेयर के लिए लंबी दूरी की मिसाइलें, जैसे बराक-8

आधुनिक सोनार, मल्टी-फंक्शन रडार और कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम

हेलिकॉप्टर हैंगर, जिसमें दो हेलिकॉप्टर एक साथ तैनात किए जा सकते हैं

ब्रह्मोस मिसाइल से लैस, जो दुश्मन के जहाजों को दूर से ही निशाना बना सकती है

एंटी-सबमरीन ऑपरेशन के लिए स्वदेशी टॉरपीडो ‘वरुणास्त्र’ और रॉकेट लॉन्चर

इस हथियार की ताकत और क्षमता

करीब 6700 टन वजनी यह फ्रिगेट 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकता है। यह लंबी दूरी से आने वाले खतरों का पता लगाने, उन्हें ट्रैक करने और समय रहते निष्क्रिय करने में सक्षम है। इस युद्धपोत की सबसे बड़ी खासियत इसकी स्वदेशी तकनीक है। इसके लगभग 75% उपकरण भारत में ही बने हैं और इसका डिजाइन भी भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है।

किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा, यूपी में खुलेंगी 19 फूड प्रोसेसिंग यूनिट

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में कृषि और उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य में करीब 300 करोड़ रुपये की लागत से 19 नई फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स स्थापित की जाएंगी, जिनके लिए सरकार ने लगभग 35 करोड़ रुपये का अनुदान स्वीकृत किया है।

यह फैसला उप्र खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 के तहत गठित राज्य स्तरीय एंपावर्ड समिति (SLEC) की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता दीपक कुमार ने की।

कई जिलों में लगेंगी यूनिट्स

इन परियोजनाओं का विस्तार राज्य के विभिन्न जिलों में किया जाएगा। सबसे ज्यादा प्रस्ताव कानपुर नगर से आए हैं, जहां 5 यूनिट्स लगेंगी। इसके अलावा मेरठ और गोरखपुर में 2-2 परियोजनाएं स्थापित होंगी। अन्य जिलों जैसे अमरोहा, एटा, प्रयागराज, बरेली, रामपुर, लखनऊ, कौशांबी, अयोध्या, लखीमपुर खीरी और बुलंदशहर में एक-एक यूनिट स्थापित की जाएगी।

किसानों को सीधा लाभ

इन फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के शुरू होने से किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। फसल के प्रोसेसिंग और स्टोरेज की सुविधा बढ़ने से बर्बादी कम होगी और किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी।

निवेश और रोजगार के अवसर

अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2023 से अब तक 353 निवेशकों को अनुदान दिया जा चुका है। नई यूनिट्स के लगने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

नई तकनीक और उद्योग का विस्तार

कुछ परियोजनाएं खास तौर पर आधुनिक तकनीक से जुड़ी हैं। अमरोहा में पहली बार सीरियल और पल्सेस प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जा रही है, जबकि मेरठ में फ्रोजन सब्जियों और हर्ब्स प्रोसेसिंग यूनिट लगाई जाएगी।

मौसम का डबल अटैक! 20 राज्यों में आंधी-तूफान का अलर्ट, कहीं बारिश तो कहीं तपिश

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। उत्तर भारत में बारिश और तेज हवाओं ने जहां तापमान में गिरावट दर्ज कराई है, वहीं कई राज्यों के लिए आंधी-तूफान को लेकर चेतावनी जारी की गई है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर और मध्य भारत के बड़े हिस्से में मौसम के तेजी से बदलने की आशंका जताई है।

दिल्ली-एनसीआर समेत कई राज्यों में असर

ताजा पूर्वानुमान के अनुसार दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। कई इलाकों में दिनभर बादल छाए रहने के साथ तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। हवाओं की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

गर्मी और ठंड का मिला-जुला असर

जहां एक ओर कुछ इलाकों में बारिश से राहत मिलेगी, वहीं कई जगहों पर दिन के समय तेज धूप भी देखने को मिल सकती है। दिल्ली-एनसीआर में अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस तक रहने का अनुमान है, जिससे दिन में गर्मी का एहसास बना रहेगा, जबकि शाम के समय मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है।

यूपी, पंजाब-हरियाणा का हाल

उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में मौसम फिलहाल शुष्क बना हुआ है, लेकिन तराई क्षेत्रों में आंशिक बादल छाए रह सकते हैं। वहीं पंजाब और हरियाणा में दिन के समय मौसम साफ रहने के बावजूद रात के तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है।

पहाड़ी राज्यों में बदला मौसम

वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम का अलग ही रूप देखने को मिल रहा है। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में पश्चिमी विक्षोभ के कारण हल्की बर्फबारी और बारिश की संभावना है। देहरादून और हरिद्वार जैसे मैदानी इलाकों में जहां गर्मी का असर बना हुआ है, वहीं ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंडी हवाएं चल रही हैं।

लोगों के लिए सावधानी जरूरी

मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां तेज हवाएं और आंधी-तूफान की संभावना है। किसानों और यात्रियों को भी बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए जरूरी सावधानी बरतने की अपील की गई है।

शिव योग का असर: कल से बदल जाएगी 5 राशियों की तकदीर

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब ग्रह-नक्षत्र विशेष स्थिति में आते हैं, तो कई शुभ योग बनते हैं। ऐसा ही एक खास योग है शिव योग, जिसे बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। इस योग के प्रभाव से जीवन में सकारात्मक बदलाव, धन लाभ और तरक्की के अवसर बढ़ते हैं। इस बार बन रहा शिव योग 5 राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शिव योग नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। रुके हुए काम पूरे होंगे और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

लाभ: धन वृद्धि और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी

सलाह: जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह समय आर्थिक मजबूती लेकर आ सकता है। निवेश से लाभ मिलने की संभावना है और व्यापार में भी वृद्धि होगी। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी।

लाभ: आय के नए स्रोत और पारिवारिक खुशियां

सलाह: खर्चों पर नियंत्रण रखें

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए शिव योग सफलता के नए रास्ते खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में पहचान बढ़ेगी और बड़े प्रोजेक्ट्स मिलने की संभावना है। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ेगा।

लाभ: करियर में उन्नति और प्रतिष्ठा

सलाह: अहंकार से बचें और सहयोगियों के साथ तालमेल रखें

4. वृश्चिक राशि 

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। पुराने विवाद सुलझ सकते हैं और नई नौकरी या व्यापार के अवसर मिल सकते हैं।

लाभ: रुके काम पूरे और नई शुरुआत

सलाह: धैर्य बनाए रखें और सोच-समझकर कदम उठाएं

5. मीन राशि

मीन राशि के लिए शिव योग भाग्य को मजबूत करने वाला साबित होगा। शिक्षा, करियर और विदेश से जुड़े मामलों में सफलता मिलने के योग हैं। मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

लाभ: भाग्य का साथ और आर्थिक सुधार

सलाह: अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखें

बंगाल में गरजेगा मोदी फैक्टर: 10 रैलियां + मेगा रोड शो, BJP का आक्रामक अभियान

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनावी तापमान तेजी से बढ़ रहा है और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सत्ता तक पहुंचने के लिए अपनी रणनीति को तेज कर दिया है। पार्टी अब बड़े स्तर पर जनसभाओं, रोड शो और संगठनात्मक मजबूती के जरिए चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है।

संगठन होगा मजबूत

चुनावी तैयारी के तहत पार्टी नेतृत्व जमीनी स्तर पर सक्रिय हो गया है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के बंगाल दौरे की योजना बनाई गई है, जहां वे राज्य के विभिन्न संगठनात्मक क्षेत्रों के नेताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लेंगे। इस दौरे का मकसद बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करना और रणनीति को धार देना है।

मोदी का मेगा चुनावी प्लान

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नितिन नवीन के दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बंगाल में चुनाव प्रचार की कमान संभालेंगे। जानकारी है की अगले डेढ़ महीने में पीएम मोदी राज्य में करीब 10 बड़ी जनसभाएं कर सकते हैं। इसके साथ ही कोलकाता समेत कई प्रमुख शहरों में मेगा रोड शो की तैयारी भी की जा रही है। यह रोड शो खासतौर पर पहले और दूसरे चरण के मतदान के बीच आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे चुनावी माहौल को और गर्माया जा सके।

प्रमुख शहरों पर बीजेपी की नजर

पार्टी की रणनीति के तहत सिर्फ कोलकाता ही नहीं, बल्कि सिलीगुड़ी, दुर्गापुर और आसनसोल जैसे औद्योगिक और रणनीतिक शहरों में भी रैलियों और रोड शो की योजना बनाई जा रही है। इससे अलग-अलग क्षेत्रों में मतदाताओं तक सीधा पहुंच बनाने की कोशिश होगी।

पिछली बार की कमी, इस बार पूरी तैयारी

पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान कोविड-19 के कारण कई रैलियां रद्द करनी पड़ी थीं। इस बार भाजपा किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहती और बड़े पैमाने पर प्रचार अभियान चलाने की रणनीति पर काम कर रही है।

पार्टी नेतृत्व को शाह और मोदी पर है पूरा भरोसा

पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नरेन्द्र मोदी और अमित शाह की आक्रामक रैलियां और रोड शो राज्य में चुनावी माहौल को निर्णायक दिशा दे सकते हैं। भाजपा इस अभियान के जरिए सत्ता विरोधी माहौल को अपने पक्ष में बदलने की कोशिश कर रही है।

केंद्र सरकार का फैसला, होटल-रेस्टोरेंट के लिए खुशखबरी, शर्तें लागू

नई दिल्ली। देश में बढ़ती ऊर्जा मांग और आपूर्ति चुनौतियों के बीच केंद्र सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट और फूड सेक्टर के लिए राहत भरा फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने वाणिज्यिक एलपीजी की आपूर्ति बढ़ाने के लिए नया निर्देश जारी किया है, जिससे इस सेक्टर को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

सरकार के द्वारा बढ़ाया गया आवंटन

सरकार ने राज्यों को मिलने वाले वाणिज्यिक एलपीजी के कोटे में अस्थायी बढ़ोतरी की है। पहले यह आवंटन 20% था, जिसे पहले 30% तक बढ़ाया गया था। अब 23 मार्च 2026 से इसे और बढ़ाकर कुल 50% कर दिया गया है, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है।

किन सेक्टर को मिलेगा फायदा

नए निर्देशों के तहत अतिरिक्त गैस आवंटन उन क्षेत्रों को प्राथमिकता के आधार पर दिया जाएगा, जो सीधे खाद्य और आतिथ्य सेवाओं से जुड़े हैं। इनमें शामिल हैं: होटल और रेस्टोरेंट, ढाबे और इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग और डेयरी यूनिट्स, सरकारी या स्थानीय निकायों द्वारा संचालित सब्सिडी वाले कैंटीन, सामुदायिक रसोईघर और प्रवासी मजदूरों के लिए एलपीजी सुविधा। 

शर्तों के साथ मिलेगा लाभ

हालांकि यह राहत कुछ शर्तों के साथ दी गई है। केवल वही उपभोक्ता इस बढ़े हुए आवंटन का लाभ उठा सकेंगे, जो सिटी गैस वितरण नेटवर्क से पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन लेने के लिए तैयार होंगे और इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे।

अनिवार्य होगा पंजीकरण

सभी वाणिज्यिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम कंपनियों के साथ पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है। उपभोक्ताओं को यह बताना होगा कि वे किस क्षेत्र में काम करते हैं, गैस का उपयोग किस उद्देश्य से करेंगे और उनकी वार्षिक खपत कितनी है। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और दुरुपयोग की संभावना कम होगी।

निगरानी और नियंत्रण

सरकार ने राज्यों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि गैस का गलत इस्तेमाल या डायवर्जन न हो। इसके लिए वितरण प्रक्रिया की सख्त निगरानी की जाएगी।

क्या होगा असर

इस फैसले से होटल और रेस्टोरेंट इंडस्ट्री को बड़ी राहत मिलेगी, जो हाल के समय में गैस की कमी और बढ़ती लागत से जूझ रही थी। साथ ही, उपभोक्ताओं को भी खाद्य सेवाओं में स्थिरता और कीमतों में संतुलन देखने को मिल सकता है।

AI से लेकर स्टेल्थ तक, 6th जनरेशन फाइटर जेट में क्या-क्या होगा नया

नई दिल्ली। आधुनिक युद्ध लगातार तकनीकी रूप से उन्नत होता जा रहा है, और इसी कड़ी में 6th जनरेशन फाइटर जेट को भविष्य की सबसे शक्तिशाली हवाई ताकत माना जा रहा है। ये जेट्स न सिर्फ तेज और घातक होंगे, बल्कि पूरी तरह स्मार्ट और नेटवर्क-आधारित भी होंगे। अमेरिका-चीन जैसे देश इसपर तेजी से काम कर रहे हैं। आइए जानते हैं 6 बड़े पॉइंट्स में इनकी खासियतें:

1. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से लैस सिस्टम

6th जनरेशन जेट्स में एडवांस AI सिस्टम होगा, जो पायलट को रियल-टाइम में फैसले लेने में मदद करेगा। यह खतरे को पहचानकर खुद ही रणनीति सुझा सकेगा, जिससे युद्ध में तेजी और सटीकता बढ़ेगी।

2. स्टेल्थ टेक्नोलॉजी का नया स्तर

इन जेट्स में स्टेल्थ (छुपने की क्षमता) पहले से कहीं ज्यादा उन्नत होगी। रडार और सेंसर से बचने के लिए नई डिजाइन और मटेरियल का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे दुश्मन के लिए इन्हें पकड़ना बेहद मुश्किल होगा।

3. ड्रोन के साथ टीमिंग की व्यवस्था

ये जेट्स अपने साथ कई ड्रोन को कंट्रोल कर सकेंगे। पायलट एक साथ कई ड्रोन को निर्देश देकर हमले और निगरानी जैसे काम करवा सकेगा, जिससे युद्ध की क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।

4. हाइपरसोनिक हथियारों की क्षमता

6th जनरेशन फाइटर जेट्स में हाइपरसोनिक मिसाइलें ले जाने और लॉन्च करने की क्षमता होगी, जो ध्वनि की गति से कई गुना तेज होती हैं। इससे दुश्मन को प्रतिक्रिया देने का समय ही नहीं मिलेगा।

5. एडवांस सेंसर और नेटवर्क वॉरफेयर

इन जेट्स में 360-डिग्री कवरेज वाले सेंसर होंगे, जो हवा, जमीन और समुद्र की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। साथ ही ये अन्य सैन्य सिस्टम्स के साथ नेटवर्क में जुड़कर डेटा शेयर करेंगे, जिससे पूरी फोर्स एक साथ काम कर सकेगी।

6. ऊर्जा आधारित हथियार की भी व्यवस्था

भविष्य के इन जेट्स में लेजर जैसे डायरेक्टेड एनर्जी वेपन भी शामिल हो सकते हैं। ये हथियार मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम होंगे, जिससे रक्षा प्रणाली और मजबूत होगी।

भारत का बड़ा कदम, LPG की कमी होगी दूर, देशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर ईंधन आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे समय में भारत ने रसोई गैस की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। देश ने अमेरिका से बड़ी मात्रा में एलपीजी खरीदकर संभावित कमी को दूर करने की दिशा में पहल की है।

अमेरिका से बढ़ी सप्लाई

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत ने हाल ही में अमेरिका से लगभग 1.76 लाख टन एलपीजी का आयात किया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब पश्चिम एशिया से आने वाली गैस की आपूर्ति में कमी देखी जा रही है।

घटती आपूर्ति से बढ़ी चिंता

आंकड़ों के मुताबिक, मार्च के मध्य तक भारत का कुल साप्ताहिक एलपीजी आयात घट गया था। खासकर पश्चिम एशिया से आने वाली सप्लाई में तेज गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले कुछ महीनों में सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। इससे घरेलू बाजार में गैस की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई थी।

वैकल्पिक स्रोतों की ओर रुख

इस स्थिति से निपटने के लिए भारत अब सिर्फ एक क्षेत्र पर निर्भर नहीं रहना चाहता। अमेरिका के अलावा रूस और जापान जैसे देशों से भी एलपीजी मंगाने की रणनीति बनाई जा रही है। तेल कंपनियां 2026 में अमेरिका से करीब 2.2 मिलियन टन एलपीजी आयात करने की योजना पर काम कर रही हैं।

समय और सप्लाई का संतुलन

पश्चिम एशिया से एलपीजी भारत पहुंचने में जहां करीब 7-8 दिन लगते हैं, वहीं अमेरिका से आने वाले कार्गो को लगभग 45 दिन का समय लगता है। रूस और जापान से यह समय 35-40 दिन के बीच हो सकता है। इसके बावजूद, आपूर्ति को स्थिर बनाए रखने के लिए भारत लंबी दूरी के विकल्पों पर भी ध्यान दे रहा है।

भारत का आयात पर निर्भरता

भारत अपनी कुल एलपीजी जरूरत का लगभग 60% आयात करता है, जिसमें से करीब 90% हिस्सा पश्चिम एशिया से आता रहा है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का तनाव सीधे भारत की ऊर्जा सुरक्षा को प्रभावित करता है। जानकारों की मानें तो अमेरिका और अन्य देशों से आयात बढ़ाने से देश में एलपीजी की कमी की स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकेगा। इससे आम उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है और रसोई गैस की सप्लाई सामान्य बनी रह सकती है।