गन्ना किसानों को मिलेगा बाजार
चीनी मिलों के संचालन से गन्ना उत्पादक किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर बाजार मिल सकेगा। मिलों में गन्ने की खरीद बढ़ने से किसानों को अपनी उपज के लिए खरीदार मिलने में आसानी होगी। साथ ही समय पर भुगतान की उम्मीद भी बढ़ेगी।
युवाओं के लिए रोजगार के रास्ते
मिलों के दोबारा शुरू होने से सिर्फ कारखानों में ही नौकरियां नहीं बढ़ेंगी, बल्कि परिवहन, मजदूरी, मशीनरी, व्यापार और अन्य सेवाओं से जुड़े क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर बन सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर युवाओं को काम के लिए दूसरे राज्यों का रुख करने की जरूरत कुछ हद तक कम हो सकती है।
उद्योगों को दोबारा खड़ा करने पर जोर
राज्य सरकार बिहार में बंद औद्योगिक इकाइयों को फिर से सक्रिय करने की रणनीति पर काम कर रही है। चीनी उद्योग को कृषि से जुड़े महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में देखा जा रहा है। मिलों के संचालन से गन्ना उत्पादन, प्रसंस्करण और स्थानीय कारोबार की पूरी श्रृंखला को गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार का हर परिवार में उद्यमी बनाने का लक्ष्य
सरकार ने राज्य के करीब साढ़े तीन करोड़ परिवारों का उल्लेख करते हुए प्रत्येक परिवार से कम से कम एक उद्यमी तैयार करने का लक्ष्य भी सामने रखा है। इसके जरिए युवाओं को नौकरी के साथ-साथ अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है।











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