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ONGC Recruitment 2026: 20 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन का मौका!

न्यूज डेस्क। ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) में नौकरी का अवसर सामने आया है। ONGC के असम एसेट में एसोसिएट कंसल्टेंट और जूनियर कंसल्टेंट के कुल 20 पदों पर भर्ती की जा रही है। इस भर्ती के लिए खास तौर पर ONGC के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को मौका दिया गया है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 12 नवंबर 2026 तक ईमेल के माध्यम से आवेदन भेज सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती में प्रोडक्शन और ड्रिलिंग से जुड़े वेल सर्विसेज विभाग के पद शामिल हैं। कुल 20 रिक्तियों को एसोसिएट कंसल्टेंट और जूनियर कंसल्टेंट के पदों पर भरा जाएगा। नौकरी का स्थान शिवसागर, असम रहेगा।

योग्यता और आयु सीमा

एसोसिएट कंसल्टेंट पद के लिए उम्मीदवार का ONGC का सेवानिवृत्त कर्मचारी होना और वर्कओवर या ड्रिलिंग ऑपरेशन में कम से कम 10 साल का अनुभव होना जरूरी है। इस पद के लिए 12 नवंबर 2026 तक अधिकतम आयु सीमा 63 वर्ष निर्धारित है।

जूनियर कंसल्टेंट पद के लिए भी संबंधित अनुभव और निर्धारित पात्रता शर्तें लागू होंगी। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को आधिकारिक अधिसूचना में दी गई शर्तें ध्यान से देखनी चाहिए।

कितनी मिलेगी सैलरी?

एसोसिएट कंसल्टेंट: ₹66,000 प्रति माह

जूनियर कंसल्टेंट: ₹40,000 प्रति माह

वेतन पद और संबंधित स्तर के अनुसार निर्धारित किया गया है।

आवेदन कैसे करें?

योग्य उम्मीदवार अपना आवेदन ईमेल के जरिए भेज सकते हैं। आवेदन के लिए ईमेल पता assam_hws@ongc.co.in है। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 12 नवंबर 2026 को शाम 4:30 बजे तक है। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और इंटरव्यू शामिल हैं।

भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी और आधिकारिक निर्देशों के लिए ONGC की वेबसाइट ongcindia.com पर अधिसूचना देखें। आवेदन भेजने से पहले पात्रता, जरूरी दस्तावेज और चयन संबंधी शर्तों की पुष्टि अवश्य कर लें।

केंद्र सरकार की खास योजना, हर महीने मिल सकती है 5000 रुपये पेंशन!

नई दिल्ली। बुढ़ापे में आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए पहले से बचत करना जरूरी है। इसी उद्देश्य से केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) चलाई जा रही है। इस योजना में पात्र लोग अपनी उम्र और चुनी गई पेंशन के अनुसार नियमित योगदान करके 60 साल की उम्र के बाद हर महीने ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड न्यूनतम पेंशन पा सकते हैं।

₹5000 पेंशन के लिए कितना करना होगा जमा?

योजना में योगदान की राशि आवेदक की उम्र और पेंशन के विकल्प पर निर्भर करती है। उदाहरण के लिए, 18 साल की उम्र में ₹5,000 मासिक पेंशन का विकल्प चुनने पर हर महीने ₹210 जमा करने होते हैं। वहीं, 30 साल की उम्र में इसी पेंशन के लिए मासिक योगदान ₹577 है। आम तौर पर इसमें कम से कम 20 साल तक योगदान करना होता है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए कुछ जरूरी शर्तें हैं:

आवेदक भारतीय नागरिक हो।

उम्र 18 से 40 साल के बीच हो।

बैंक या डाकघर में बचत खाता हो।

आवेदक आयकरदाता नहीं होना चाहिए। 1 अक्टूबर 2022 से आयकरदाता रहे व्यक्ति इस योजना में नया खाता नहीं खोल सकते।

बुढ़ापे में मिलेगी आर्थिक मदद

इस योजना का उद्देश्य लोगों को वृद्धावस्था में नियमित आय का सहारा देना है। इसमें योगदान जितनी जल्दी शुरू किया जाता है, चुनी गई पेंशन के लिए मासिक राशि उतनी कम हो सकती है। आवेदन करने से पहले बैंक या डाकघर से योगदान राशि, पात्रता और योजना की शर्तों की पुष्टि जरूर कर लें।

यूपी में रियल टाइम खतौनी की व्यवस्था लागू, जमीन मालिकों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े दस्तावेजों को डिजिटल बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव किया गया है। राज्य में रियल टाइम खतौनी की व्यवस्था लागू हो चुकी है। राजस्व विभाग के मुताबिक, इस व्यवस्था का करीब 99.86 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। इससे जमीन मालिकों को रिकॉर्ड में बदलाव और दस्तावेजों की जांच कराने में पहले के मुकाबले आसानी हो सकती है।

अब खतौनी पर मिलेगा QR कोड

नई व्यवस्था के तहत खतौनी में क्यूआर कोड और डिजिटल हस्ताक्षर की सुविधा दी जा रही है। इससे जमीन के दस्तावेजों की प्रामाणिकता जांचना आसान होगा। पहले कई प्रक्रियाओं के लिए लोगों को ऑफलाइन व्यवस्था पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब डिजिटल माध्यम से काम को अधिक सुविधाजनक बनाने की कोशिश की गई है।

ऑनलाइन वरासत से लाखों लोगों को राहत

जमीन मालिक की मृत्यु के बाद वारिस का नाम राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया को वरासत कहा जाता है। अब यह सुविधा ऑनलाइन उपलब्ध है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक 65 लाख से ज्यादा वरासत दर्ज की जा चुकी हैं। इससे लोगों को सरकारी रिकॉर्ड में नाम दर्ज कराने के लिए बार-बार कार्यालय जाने की परेशानी कम हो सकती है।

भू-नक्शे और खसरे भी हुए डिजिटल

सरकार ने जमीन के नक्शों को भी डिजिटल रूप दिया है। उपलब्ध भू-नक्शों और शजरों का डिजिटलीकरण पूरा हो चुका है, जबकि 98 प्रतिशत नक्शों को खतौनी से जोड़ा गया है। इसके अलावा, खेतों का हिस्सा तय करने यानी अंश निर्धारण का काम भी तेजी से आगे बढ़ा है।

जमीन के रिकॉर्ड में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद

रियल टाइम खतौनी, ऑनलाइन वरासत और डिजिटल नक्शों जैसी सुविधाओं से जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट रखना और उनका सत्यापन करना आसान हो सकता है। इन बदलावों से भूमि संबंधी विवादों को कम करने में भी मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि, किसी जमीन की खरीद-बिक्री या विवाद से जुड़े मामले में दस्तावेजों की आधिकारिक जांच कराना जरूरी है।

बिहार में 6 लाख शिक्षकों के ट्रांसफर पर लगा ब्रेक, कब होगा फैसला?

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों को तबादले के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। चुनाव की तारीखों के ऐलान के बाद आदर्श आचार संहिता लागू होने से स्थानांतरण की प्रक्रिया प्रभावित हुई है। ऐसे में अब शिक्षकों की नजर नवंबर में होने वाली संभावित कार्रवाई पर टिकी है।

7 नवंबर से खुल सकता है पोर्टल

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सामान्य तबादले के लिए ई-शिक्षा कोष पोर्टल 7 नवंबर से खुलने की संभावना है। हालांकि, यह अभी संभावित तारीख है। आवेदन शुरू होने से पहले जिला और प्रमंडल स्तर पर लंबित काम पूरा करना जरूरी होगा। विभाग की आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

42 हजार शिक्षकों की पोस्टिंग

तबादला प्रक्रिया के पहले चरण में करीब 26 जिलों में 42 हजार सरप्लस शिक्षकों को नए स्कूलों में भेजा जा चुका है। वहीं, 12 जिलों में यह काम अभी बाकी है। इसके बाद प्रमंडल स्तर और राज्य स्तर पर तबादले की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

हजारों शिक्षक कर रहे इंतजार

ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर 71,151 सरप्लस शिक्षकों ने अपनी पसंद के स्कूलों के लिए आवेदन किया है। इसके अलावा आपसी सहमति से तबादले के लिए 4,259 आवेदन भी आए हैं। शिक्षक चाहते हैं कि उन्हें घर या अपने क्षेत्र के नजदीक पोस्टिंग मिल सके।

कब होगा अंतिम फैसला?

बिहार शिक्षक स्थानांतरण नियमावली-2026 के तहत प्रक्रिया पहले भी कई बार तय समय पर पूरी नहीं हो सकी। अब चुनाव संबंधी प्रतिबंधों और लंबित प्रशासनिक काम के कारण सामान्य तबादले में देरी हो रही है। यदि बाकी चरण समय पर पूरे हो जाते हैं, तो नवंबर में आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। फिलहाल शिक्षकों को शिक्षा विभाग के आधिकारिक निर्देश का इंतजार करना होगा।

23 अक्टूबर को ध्रुव योग, इन 4 राशियों को मिल सकती है खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ध्रुव योग को स्थिरता, धैर्य और योजनाओं को आगे बढ़ाने से जोड़कर देखा जाता है। 23 अक्टूबर को बनने वाले ध्रुव योग को लेकर कुछ राशियों के जातकों के लिए सकारात्मक रहने वाला हैं। मान्यता है कि शुभ योग के दौरान किए गए प्रयास करियर, कारोबार और आर्थिक योजनाओं को आगे बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं।

1. मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय अपने लक्ष्यों पर ध्यान देने और अधूरे काम पूरे करने के लिहाज से अच्छा माना जा सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। वहीं, कारोबार से जुड़े लोग भविष्य की योजनाओं पर काम कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में फैसले सोच-समझकर लेना फायदेमंद रहेगा।

2. वृषभ राशि:

वृषभ राशि के लोगों के लिए ध्रुव योग बचत और आर्थिक प्रबंधन पर ध्यान देने का अवसर हो सकता है। लंबे समय से अटके किसी काम को आगे बढ़ाने की कोशिश सफल हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम की सराहना मिलने की उम्मीद रहेगी। हालांकि, खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी होगा।

3. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातक इस दौरान अपने करियर और व्यक्तिगत लक्ष्यों को लेकर नई योजनाएं बना सकते हैं। कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने के मौके मिल सकते हैं। व्यापारियों को नए संपर्क बनाने और भविष्य के लिए रणनीति तैयार करने का अवसर मिल सकता है। किसी भी बड़े फैसले से पहले जरूरी जानकारी जुटाना बेहतर रहेगा।

4. धनु राशि: 

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय शिक्षा, करियर और भविष्य की योजनाओं के लिहाज से उपयोगी हो सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने में मदद मिल सकती है। नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर तलाशने का मौका मिल सकता है। सकारात्मक सोच के साथ लगातार प्रयास करना लाभकारी रहेगा।

सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, DA में 2% बढ़ोतरी का ऐलान

न्यूज डेस्क। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है। केरल सरकार ने अपने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) में 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है। इस फैसले के बाद महंगाई भत्ता और महंगाई राहत 35 प्रतिशत से बढ़कर 37 प्रतिशत हो गई है। राज्य के वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

सरकार के फैसले से पात्र कर्मचारियों की सैलरी और पेंशनभोगियों की पेंशन में मिलने वाली महंगाई राहत बढ़ेगी। बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता अक्टूबर 2026 के वेतन के साथ दिया जाएगा, जिसका भुगतान नवंबर में होगा। वहीं, संशोधित महंगाई राहत नवंबर 2026 की पेंशन के साथ मिलने का प्रावधान है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?

केरल सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य सरकार के कर्मचारियों के साथ शिक्षकों और सहायता प्राप्त स्कूलों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी मिलेगा। इसके अलावा, निजी कॉलेजों और पॉलिटेक्निक संस्थानों के पात्र कर्मचारी, पूर्णकालिक संविदा एवं अस्थायी कर्मचारी और स्थानीय निकायों के कर्मचारी भी इसके दायरे में शामिल हैं। पेंशनभोगियों की बात करें तो राज्य सेवा के पेंशनर्स, पारिवारिक पेंशन पाने वाले लोगों और अनुग्रह पेंशनभोगियों को भी बढ़ी हुई महंगाई राहत का लाभ मिलेगा।

KSEB और KSRTC कर्मचारियों के लिए क्या है नियम?

सरकार के आदेश के मुताबिक, केरल राज्य विद्युत बोर्ड (KSEB) और केरल राज्य सड़क परिवहन निगम (KSRTC) के कर्मचारियों पर यह बढ़ोतरी अपने आप लागू नहीं होगी। इन संगठनों को अपने स्तर पर महंगाई भत्ते और महंगाई राहत से जुड़े अलग आदेश जारी करने होंगे।

सरकार के इस फैसले से कर्मचारियों को कितनी राहत मिलेगी?

महंगाई भत्ता बढ़ने से कर्मचारियों की मूल सैलरी के आधार पर मिलने वाली राशि में इजाफा होगा। वहीं, पेंशनभोगियों को भी महंगाई राहत बढ़ने से अतिरिक्त लाभ मिलेगा। हालांकि, वास्तविक बढ़ोतरी की रकम संबंधित कर्मचारी की मूल सैलरी या पेंशन पर निर्भर करेगी।

खुशखबरी का खुला पिटारा, बिहार में एक साथ 2 बड़ी भर्ती, जल्दी करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने दो अलग-अलग भर्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें फूड सेफ्टी ऑफिसर और मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के पद शामिल हैं। दोनों भर्तियों के जरिए कुल 336 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1. फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों पर भर्ती

BTSC ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के 105 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 25 सितंबर 2026 से शुरू होंगे और आवेदन करने की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है।

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु 21 से 37 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है। शैक्षणिक योग्यता और अन्य पात्रता शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में देखना जरूरी है।

2. मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पदों पर मौका

दूसरी भर्ती मत्स्य प्रसार पदाधिकारी यानी फिशरीज एक्सटेंशन ऑफिसर के पदों के लिए निकाली गई है। इस अभियान के तहत कुल 231 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। ये पद बिहार सरकार के डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के मत्स्य निदेशालय के अंतर्गत हैं।

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 सितंबर 2026 से 23 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं। संबंधित पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की जानकारी आयोग की आधिकारिक अधिसूचना में उपलब्ध होगी।

ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कैसे करें?

दोनों भर्तियों के लिए आवेदन करने के इच्छुक उम्मीदवार बिहार तकनीकी सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट www.btsc.bihar.gov.in पर जाएं। वहां संबंधित भर्ती का नोटिफिकेशन पढ़ें और आवेदन लिंक के माध्यम से फॉर्म भरें। जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के बाद, यदि आवेदन शुल्क लागू हो, तो उसका भुगतान करें और फॉर्म जमा करने के बाद उसकी रसीद सुरक्षित रखें।

दिवाली पर यूपी सरकार का बड़ा तोहफा, करोड़ों महिलाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। दिवाली से पहले उत्तर प्रदेश की महिलाओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। योगी सरकार की ओर से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मुफ्त एलपीजी सिलेंडर रिफिल का लाभ देने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य त्योहारों के दौरान गरीब परिवारों पर रसोई गैस के खर्च का बोझ कम करना है।

इस योजना के तहत प्रदेश के करीब 1.86 करोड़ उज्ज्वला परिवारों को साल में दो बार मुफ्त सिलेंडर रिफिल का लाभ देने का प्रावधान है। पहला रिफिल दिवाली के अवसर पर अक्टूबर से दिसंबर 2026 के बीच और दूसरा होली के मौके पर जनवरी से मार्च 2027 के बीच प्रस्तावित है।

किन परिवारों को मिलेगा लाभ?

इस सुविधा का लाभ प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को मिलेगा। सामान्य घरेलू गैस कनेक्शन धारक इस योजना के दायरे में शामिल नहीं हैं। लाभ लेने के लिए उपभोक्ता का आधार प्रमाणीकरण पूरा होना और बैंक खाते में डीबीटी की सुविधा सक्रिय होना जरूरी है। गैस कनेक्शन से जुड़ी ई-केवाईसी भी पूरी होनी चाहिए।

कैसे मिलेगी मुफ्त सिलेंडर की राशि?

योजना के तहत लाभार्थियों को अपनी गैस एजेंसी से सामान्य प्रक्रिया के अनुसार सिलेंडर बुक कराना होगा। रिफिल की डिलीवरी लेते समय निर्धारित कीमत चुकानी पड़ सकती है। इसके बाद पात्र लाभार्थी को संबंधित सरकारी व्यवस्था के तहत सब्सिडी की राशि सीधे बैंक खाते में भेजी जाएगी। इसलिए सिलेंडर बुक करने से पहले अपनी गैस एजेंसी से लागू प्रक्रिया और भुगतान से जुड़ी जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

ई-केवाईसी और बैंक खाते की जांच जरूरी

अगर आपने अभी तक गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, तो अपनी संबंधित गैस एजेंसी या गैस कंपनी के आधिकारिक माध्यम से इसकी जानकारी लें। साथ ही यह भी जांच लें कि आपका बैंक खाता आधार से जुड़ा है या नहीं।

गुरु का महागोचर चमकाएगा 5 राशियों की किस्मत, धन लाभ के बनेंगे योग!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य, शिक्षा और वैवाहिक सुख का कारक माना जाता है। ऐसे में गुरु की राशि में होने वाला परिवर्तन सभी 12 राशियों के जीवन पर अलग-अलग प्रभाव डाल सकता है। 31 अक्टूबर 2026 को गुरु के सिंह राशि में प्रवेश को लेकर ज्योतिषीय चर्चाएं हैं। इस गोचर को करियर में आगे बढ़ने, व्यापार की योजनाएं बनाने और नए अवसर तलाशने से जोड़कर देखा जा रहा है।

1. मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर शिक्षा, रचनात्मक कार्यों और व्यक्तिगत योजनाओं के लिहाज से अनुकूल माना जा सकता है। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। वहीं, कारोबार से जुड़े लोग नई योजनाओं पर काम करने की तैयारी कर सकते हैं। आर्थिक मामलों में जल्दबाजी से बचना और सोच-समझकर निवेश करना बेहतर रहेगा।

2. मिथुन राशि:

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह समय परिवार, बचत और आर्थिक प्रबंधन पर ध्यान देने का संकेत दे सकता है। आय बढ़ाने के नए विकल्प तलाशने वालों को उपयोगी अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों के लिए नए संपर्क बनाने और भविष्य की योजनाओं पर काम करने का समय हो सकता है। हालांकि, बड़े वित्तीय फैसले लेने से पहले पूरी जानकारी जरूर जुटाएं।

3. सिंह राशि:

गुरु का सिंह राशि में प्रवेश होने से इस राशि के जातकों के लिए यह गोचर खास माना जा सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, आत्मविश्वास बढ़ाने, नई जिम्मेदारियां लेने और अपने लक्ष्यों की दिशा में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नौकरी बदलने या कारोबार का विस्तार करने की सोच रहे लोगों को अपनी योजनाओं की समीक्षा करने का मौका मिल सकता है।

4. तुला राशि:

तुला राशि के जातकों के लिए गुरु का गोचर आर्थिक लाभ और सामाजिक संपर्कों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि कारोबार करने वालों को नए ग्राहकों या व्यावसायिक साझेदारों से जुड़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटकी योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए भी यह समय उपयोगी हो सकता है।

5. धनु राशि:

धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं। ऐसे में गुरु के सिंह राशि में प्रवेश को इस राशि के लिए शुभ माना जाता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिल सकती है। वहीं, नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों को नई संभावनाएं तलाशने का अवसर मिल सकता है। यात्रा, उच्च शिक्षा और भविष्य की योजनाओं से जुड़े फैसलों में भी सकारात्मक पहल की जा सकती है।

ITPO Recruitment 2026: 46 पदों पर निकली भर्ती, जूनियर स्टेनो समेत कई नौकरियां

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गनाइजेशन (ITPO) ने वर्ष 2026 के लिए 46 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत सीनियर असिस्टेंट, असिस्टेंट, जूनियर स्टेनोग्राफर और जूनियर असिस्टेंट समेत विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन प्रक्रिया 17 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी और आवेदन करने की अंतिम तारीख 13 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले पद के अनुसार योग्यता और आयु सीमा की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।

शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता संबंधित पद के अनुसार अलग-अलग रखी गई है। कुछ पदों के लिए संबंधित इंजीनियरिंग विषय में डिग्री या डिप्लोमा मांगा गया है। वहीं, अन्य पदों के लिए बीकॉम, स्नातक डिग्री या शॉर्टहैंड, टाइपिंग और कंप्यूटर से संबंधित योग्यता।

कितनी मिलेगी सैलरी?

ITPO की इस भर्ती में चयनित उम्मीदवारों को पद के आधार पर 25,000 रुपये से लेकर 1,10,000 रुपये तक वेतन मिल सकता है। वास्तविक वेतन संबंधित पद के पे-स्केल और लागू सेवा नियमों के अनुसार निर्धारित होगा।

ITPO Recruitment 2026 के लिए कैसे करें आवेदन?

उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन करने के लिए इन चरणों का पालन कर सकते हैं:

ITPO भर्ती के आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें।

आवेदन पोर्टल jobapply.in पर जाएं और संबंधित भर्ती का लिंक देखें।

मांगी गई जानकारी भरकर आवेदन फॉर्म पूरा करें।

आवश्यक दस्तावेज और प्रमाणपत्र निर्धारित प्रारूप में अपलोड करें।

यदि आवेदन शुल्क लागू हो, तो उसका भुगतान करें।

फॉर्म जमा करने के बाद उसकी रसीद या प्रिंटआउट सुरक्षित रखें।

थायराइड होने पर महिलाओं को झेलनी पड़ सकती हैं ये 5 समस्याएं

हेल्थ डेस्क। महिलाओं में थायराइड की समस्या आजकल स्वास्थ्य से जुड़ी एक अहम चिंता बनती जा रही है। थायराइड गर्दन के सामने मौजूद एक छोटी ग्रंथि है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा और कई जरूरी प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने वाले हार्मोन बनाती है। 

जब यह ग्रंथि जरूरत से कम या ज्यादा हार्मोन बनाने लगती है, तो शरीर में कई तरह के बदलाव दिखाई दे सकते हैं। महिलाओं में इसका असर पीरियड्स से लेकर वजन और प्रजनन क्षमता तक पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं थायराइड होने पर महिलाओं को किन 5 समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।

1. वजन तेजी से बढ़ना या घटना

थायराइड हार्मोन में गड़बड़ी होने पर शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित हो सकता है। हाइपोथायराइडिज्म यानी हार्मोन कम बनने की स्थिति में वजन बढ़ सकता है, जबकि हाइपरथायराइडिज्म यानी हार्मोन अधिक बनने पर वजन घट सकता है। खानपान और दिनचर्या में बदलाव किए बिना वजन में असामान्य परिवर्तन दिखे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।

2. पीरियड्स में अनियमितता

थायराइड की समस्या महिलाओं के मासिक धर्म चक्र को प्रभावित कर सकती है। कुछ महिलाओं को पीरियड्स देर से आने, अधिक रक्तस्राव होने या मासिक धर्म अनियमित होने की परेशानी हो सकती है। कई बार पीरियड्स सामान्य से कम भी हो सकते हैं। हालांकि, इन समस्याओं के दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

3. गर्भधारण करने में परेशानी

थायराइड हार्मोन का असंतुलन ओव्यूलेशन यानी अंडे के निकलने की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकता है। इससे कुछ महिलाओं को गर्भधारण करने में कठिनाई हो सकती है। गर्भावस्था के दौरान भी थायराइड हार्मोन का संतुलन महत्वपूर्ण होता है। इसलिए गर्भधारण की योजना बना रही महिलाओं को थायराइड की समस्या होने पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए।

4. थकान और कमजोरी महसूस होना

पर्याप्त नींद लेने के बाद भी लगातार थकान महसूस होना थायराइड की समस्या का एक संभावित लक्षण है। खासकर हाइपोथायराइडिज्म में सुस्ती, कमजोरी, ज्यादा नींद आना और रोजमर्रा के कामों में ऊर्जा की कमी महसूस हो सकती है। वहीं, हार्मोन अधिक बनने पर बेचैनी और नींद की परेशानी भी हो सकती है।

5. बाल झड़ना और त्वचा में बदलाव

थायराइड हार्मोन का असंतुलन बालों और त्वचा पर भी असर डाल सकता है। कुछ महिलाओं के बाल ज्यादा झड़ने लगते हैं, बाल रूखे हो सकते हैं और त्वचा में सूखापन आ सकता है। हालांकि, बाल झड़ने और त्वचा संबंधी समस्याओं के पीछे पोषण की कमी, तनाव या अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं।

बिहार में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, 4 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क परिवहन को बेहतर बनाने के लिए स्टेट हाईवे-95 (SH-95) के विकास की तैयारी है। मानसी-फनगो हॉल्ट-सिमरी बख्तियारपुर सड़क को चौड़ा करने के साथ मजबूत भी बनाया जाएगा। इस परियोजना से खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल जिले के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

आपको बता दें की इस सड़क के अपग्रेड होने से स्थानीय लोगों के साथ यात्रियों और कारोबारियों को भी फायदा मिल सकता है। इससे आसपास के इलाकों में आवागमन आसान होने और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

₹781.65 करोड़ से होगा सड़क का विकास

इस सड़क परियोजना के लिए 781.65 करोड़ रुपये का ठेका दिया गया है। योजना के तहत करीब 28.080 किलोमीटर सड़क को विकसित किया जाएगा। सड़क खगड़िया जिले के मानसी में एनएच-31 से शुरू होकर सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर में एनएच-107 (नया एनएच-231) तक जाएगी।

इसमें खगड़िया जिले में 14.125 किलोमीटर और सहरसा जिले में 13.955 किलोमीटर सड़क शामिल है। चौड़ीकरण और मजबूतीकरण से सड़क पर सफर पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है।

चार जिलों के लोगों को मिलेगा फायदा

SH-95 के बेहतर होने से खगड़िया, सहरसा, मधेपुरा और सुपौल के बीच सड़क संपर्क को मजबूती मिल सकती है। इससे लोगों को एक जगह से दूसरी जगह आने-जाने में सहूलियत होगी। साथ ही, स्थानीय बाजारों तक पहुंच आसान होने से व्यापार और आर्थिक गतिविधियों को भी लाभ मिलने की संभावना है।

कात्यायनी मंदिर जाने वालों को भी राहत

इस परियोजना से प्रसिद्ध कात्यायनी मंदिर तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है। सड़क बेहतर होने से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिल सकता है। परियोजना को अगले साल बरसात से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यदि काम निर्धारित समय पर पूरा होता है, तो क्षेत्र के लोगों को बेहतर सड़क सुविधा के साथ कनेक्टिविटी का भी लाभ मिल सकता है।

8वें वेतन आयोग से कर्मचारियों को खुशखबरी? ग्रेच्युटी लिमिट ₹75 लाख करने की मांग

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी एक अहम मांग सामने आई है। कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि रिटायरमेंट के समय मिलने वाली ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा को मौजूदा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया जाए। इसके अलावा, ग्रेच्युटी की गणना के नियमों में बदलाव करने की मांग भी उठाई गई है। हालांकि, अभी इस प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी नहीं मिली है।

ग्रेच्युटी की लिमिट ₹75 लाख करने की मांग क्यों?

ग्रेच्युटी नौकरी पूरी होने या रिटायरमेंट के बाद मिलने वाला एकमुश्त लाभ है। यह रकम कर्मचारियों को भविष्य के खर्चों और आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद करती है। बढ़ती महंगाई और स्वास्थ्य संबंधी खर्चों को देखते हुए कर्मचारी संगठन इसकी अधिकतम सीमा बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

नेशनल काउंसिल-जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के स्टाफ साइड ने ग्रेच्युटी की सीमा तीन गुना बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने का प्रस्ताव रखा है। अगर इसे मंजूरी मिलती है, तो पात्र कर्मचारियों को अधिक ग्रेच्युटी मिलने की संभावना बन सकती है।

कैलकुलेशन के नियम बदलने की भी मांग

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि केवल अधिकतम सीमा बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है। ग्रेच्युटी की गणना का तरीका भी बदला जाना चाहिए। इसके लिए 30 दिनों के बजाय 25 कामकाजी दिनों के आधार पर गणना करने और 16.5 गुना वेतन की सीमा हटाने जैसे सुझाव दिए गए हैं।

वहीं, इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर्स एसोसिएशन (IRTSA) ने ग्रेच्युटी की अधिकतम सीमा 50 लाख रुपये करने का सुझाव दिया है। इससे स्पष्ट है कि अलग-अलग कर्मचारी संगठन रिटायरमेंट लाभों को बेहतर बनाने के लिए अपने प्रस्ताव रख रहे हैं।

अभी ग्रेच्युटी की गणना कैसे होती है?

केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों की रिटायरमेंट ग्रेच्युटी की गणना लागू पेंशन नियमों के अनुसार होती है। इसमें अंतिम बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA) और सेवा की अवधि अहम भूमिका निभाते हैं। सामान्य तौर पर पात्र कर्मचारी को सेवा के प्रत्येक छह महीने की अवधि के लिए अंतिम बेसिक पे और DA के कुल योग का एक-चौथाई हिस्सा ग्रेच्युटी के रूप में मिलता है। हालांकि, भुगतान पर निर्धारित अधिकतम सीमा लागू होती है।

इसपर कब होगा फैसला?

8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। ग्रेच्युटी की सीमा बढ़ाने और गणना के नियम बदलने पर अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

यूपी की महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी! अब मिलेगा ₹1 लाख तक ब्याज मुक्त लोन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की ग्रामीण महिलाओं को अपना छोटा कारोबार शुरू करने या मौजूदा व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक मदद देने की पहल की गई है। महिला उद्यमी क्रेडिट योजना के तहत स्वयं सहायता समूहों (SHG) से जुड़ी पात्र महिलाओं को 1 लाख रुपये तक ब्याज मुक्त लोन देने का प्रावधान बताया गया है। इसका उद्देश्य महिलाओं की आमदनी बढ़ाना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।

तीन किस्तों में मिल सकती है रकम

योजना से जुड़ी उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, लोन की राशि तीन चरणों में दी जा सकती है। इसमें पहली किस्त 20,000 रुपये, दूसरी 30,000 रुपये और तीसरी 50,000 रुपये बताई गई है। इस तरह कुल सहायता एक लाख रुपये तक हो सकती है। किस्त जारी होने और भुगतान की शर्तें संबंधित विभाग के नियमों पर निर्भर करेंगी।

किन कामों के लिए मिलेगा फायदा?

महिलाएं इस राशि का इस्तेमाल सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, अचार बनाने, छोटी दुकान या डेयरी जैसे कारोबार की जरूरतों के लिए कर सकती हैं। इससे उन महिलाओं को मदद मिल सकती है, जो पूंजी की कमी के कारण अपना काम शुरू नहीं कर पा रही हैं या व्यवसाय बढ़ाना चाहती हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश की पात्र ग्रामीण महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी सदस्यों के लिए बताया गया है। आवेदन से पहले समूह की पात्रता, जरूरी दस्तावेज और लोन की शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।

महिलाएं अपने स्वयं सहायता समूह, संबंधित ग्रामीण आजीविका मिशन या विभागीय कार्यालय से जानकारी ले सकती हैं। ध्यान दें की लोन की राशि, ब्याज संबंधी शर्तों और आवेदन प्रक्रिया की आधिकारिक पुष्टि जरूर करें, क्योंकि लाभ मिलना पात्रता और लागू नियमों पर निर्भर करेगा।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में बाढ़ से फसल बर्बाद होने वाले किसानों को राहत देने के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत सहायता राशि दी जा रही है। पहली किस्त में करीब 2.48 लाख किसानों के बैंक खातों में 112 करोड़ रुपये से अधिक भेजे गए हैं। अब बाकी पात्र किसानों की नजर दूसरी किस्त पर है।

22 अक्टूबर के बाद चल सकता है विशेष अभियान

दी गई जानकारी के अनुसार, 22 अक्टूबर के बाद बाकी लाभार्थियों तक सहायता राशि पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाने की तैयारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अक्टूबर के अंत तक पात्र किसानों के खातों में DBT के जरिए पैसा भेजा जा सकता है। हालांकि, भुगतान की तारीख की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है।

कितनी मिलेगी सहायता राशि?

फसल नुकसान के मुआवजे के लिए बताई गई दरें इस प्रकार हैं:

बारिश पर निर्भर खेती: 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर

सिंचित क्षेत्र: 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर

सहायता पाने के लिए निर्धारित पात्रता पूरी करना जरूरी है। दी गई जानकारी के मुताबिक, कम से कम 33 प्रतिशत फसल नुकसान और तय समयसीमा से जुड़ी शर्तें लागू हैं।

ऐसे चेक करें आवेदन का स्टेटस

किसान बिहार कृषि विभाग के आधिकारिक पोर्टल dbtagriculture.bihar.gov.in पर जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। इसके लिए कृषि इनपुट अनुदान का विकल्प चुनें, रजिस्ट्रेशन नंबर भरें और आवेदन की स्थिति जांचें।

कृषि विभाग की सलाह है कि किसान किसी बिचौलिए को पैसे न दें। पात्र लाभार्थियों को सहायता राशि सीधे बैंक खाते में आएगी। भुगतान और पात्रता से जुड़ी ताजा जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नजर रखें।

रिटायरमेंट के बाद भी होगी मोटी कमाई! पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में करें निवेश

नई दिल्ली। नौकरी से रिटायर होने के बाद नियमित आमदनी बनाए रखना कई लोगों के लिए बड़ी चिंता होती है। ऐसे में पोस्ट ऑफिस की सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम (SCSS) बुजुर्गों के लिए एक विकल्प है। इसमें तय सीमा तक निवेश करके ब्याज के जरिए नियमित आय प्राप्त की जा सकती है।

₹30 लाख जमा करने पर कितना मिलेगा ब्याज?

दी गई जानकारी के मुताबिक, इस योजना में 8.2% सालाना ब्याज दर लागू होने पर 30 लाख रुपये के निवेश से सालाना 2.46 लाख रुपये ब्याज मिल सकता है। यह रकम हर महीने औसतन 20,500 रुपये के बराबर है। हालांकि, ब्याज का भुगतान मासिक नहीं, बल्कि हर तीन महीने में किया जाता है। इस हिसाब से तिमाही ब्याज 61,500 रुपये होगा।

कौन खोल सकता है खाता?

आमतौर पर 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोग इस योजना में खाता खोल सकते हैं। कुछ शर्तों के तहत निर्धारित आयु के रिटायर कर्मचारी भी पात्र हो सकते हैं। न्यूनतम निवेश 1,000 रुपये है और अधिकतम जमा सीमा 30 लाख रुपये है।

निवेश से पहले जान लें जरूरी बातें

SCSS की अवधि पांच साल होती है। पात्रता और लागू नियमों के अनुसार खाते को आगे बढ़ाने का विकल्प भी उपलब्ध है। यह सरकार समर्थित बचत योजना है, लेकिन निवेश करने से पहले मौजूदा ब्याज दर और नियमों की पुष्टि जरूर करें। ध्यान रखें कि 8.2% की दर पर मिलने वाला ब्याज दर में बदलाव होने पर अलग हो सकता है।

यूपी सरकार की बड़ी तैयारी, पुलिसकर्मियों को मिल सकती है खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिसकर्मियों को लेकर कुछ अहम घोषणाओं की संभावना जताई जा रही है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पौष्टिक आहार भत्ते में बढ़ोतरी, पीएसी की वर्दी में बदलाव और बदायूं में महिला पीएसी बटालियन की स्थापना जैसे मुद्दों पर घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, इन प्रस्तावों पर अंतिम फैसला आधिकारिक ऐलान के बाद ही स्पष्ट होगा।

भत्ते और वर्दी में बदलाव पर नजर

पुलिसकर्मियों के पौष्टिक आहार भत्ते में आखिरी बार 2021 में बढ़ोतरी हुई थी। ऐसे में कर्मचारी इस बार फिर संशोधन की उम्मीद कर रहे हैं। वहीं, पीएसी की वर्दी में सेना और बीएसएफ की तर्ज पर कैमोफ्लाज पैटर्न अपनाने पर भी विचार किया जा रहा है। बदायूं में महिला पीएसी बटालियन की स्थापना का प्रस्ताव भी चर्चा में है।

बलिदानी पुलिसकर्मियों को दी जाएगी श्रद्धांजलि

लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी जाएगी और उनके परिजनों को सम्मानित किया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के छह पुलिसकर्मियों ने कर्तव्य निभाते हुए प्राण गंवाए। 

इनमें ग्रेटर नोएडा की एक फैक्ट्री में आग बुझाने के दौरान जान गंवाने वाले दो अग्निशमनकर्मी और जालौन के चार पुलिसकर्मी शामिल हैं, जिनकी सड़क दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। पुलिस स्मृति दिवस उन जवानों के साहस और बलिदान को याद करने का अवसर है, जिन्होंने लोगों की सुरक्षा करते हुए अपनी जान गंवाई। अब पुलिसकर्मियों की निगाहें संभावित घोषणाओं पर टिकी हैं।

केंद्र सरकार की नौकरी करने का मौका, 10वीं पास से ग्रेजुएट्स तक के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र SHAR ने विभिन्न पदों पर कुल 97 रिक्तियों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती में 10वीं पास, ITI, डिप्लोमा और ग्रेजुएट उम्मीदवार अपनी योग्यता के अनुसार आवेदन कर सकते हैं।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान में मल्टी टास्किंग स्टाफ (MTS), हेवी व्हीकल ड्राइवर, लाइट व्हीकल ड्राइवर, टेक्नीशियन समेत अन्य पद शामिल हैं। उम्मीदवारों को संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता और अनुभव से जुड़ी शर्तें पूरी करनी होंगी।

उम्र और आवेदन की तारीख

दी गई जानकारी के अनुसार, आवेदकों की आयु 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्गों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 19 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है और आवेदन करने की अंतिम तारीख 9 नवंबर 2026 निर्धारित है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

इच्छुक उम्मीदवार सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र की आधिकारिक वेबसाइट shar.gov.in पर जाकर भर्ती से संबंधित अधिसूचना देखें। वहां दिए गए निर्देशों के अनुसार ऑनलाइन फॉर्म भरें, आवश्यक दस्तावेज अपलोड करें और आवेदन जमा करने के बाद उसका प्रिंट या रसीद सुरक्षित रखें।

यूपी सरकार की 1 बड़ी पहल! महिलाओं के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए बीसी सखी योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट के रूप में काम करने का अवसर मिलता है। वे गांव में लोगों को पैसे जमा करने, निकालने और दूसरी बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद करती हैं। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं मिलती हैं और महिलाओं के लिए कमाई का रास्ता खुलता है।

हर महीने मानदेय और कमीशन का मौका

दी गई जानकारी के मुताबिक, चयनित बीसी सखियों को शुरुआती छह महीने तक हर महीने 4,000 रुपये का मानदेय मिल सकता है। इसके अलावा बैंकिंग लेन-देन के आधार पर कमीशन भी दिया जाता है। बैंकिंग उपकरण या स्मार्टफोन के लिए 50,000 रुपये की सहायता का भी उल्लेख है, लेकिन इसकी उपलब्धता और शर्तों की पुष्टि संबंधित विभाग से करनी चाहिए।

कौन महिलाएं कर सकती हैं आवेदन?

योजना के लिए बताई गई पात्रता के अनुसार, महिला की उम्र 18 से 50 वर्ष के बीच और शैक्षणिक योग्यता कम से कम 10वीं पास होनी चाहिए। उसे उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की निवासी होने के साथ संबंधित स्वयं सहायता समूह (SHG) की सक्रिय सदस्य होना भी जरूरी हो सकता है। स्मार्टफोन और डिजिटल एप चलाने की बुनियादी जानकारी उपयोगी रहेगी।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन के समय आधार कार्ड, 10वीं की मार्कशीट, स्वयं सहायता समूह की सदस्यता का प्रमाण, बैंक पासबुक, निवास प्रमाणपत्र और पासपोर्ट साइज फोटो जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

बीसी सखी योजना में आवेदन करें?

योजना के लिए उपलब्ध आधिकारिक BC Sakhi ऐप या संबंधित सरकारी माध्यम से आवेदन प्रक्रिया की जानकारी लें। निर्देशों के अनुसार पंजीकरण करें, अपनी जानकारी भरें और जरूरी दस्तावेज जमा करें। आवेदन संख्या सुरक्षित रखें, ताकि आगे की स्थिति जांच सकें।

किसानों के लिए खुशखबरी! केंद्र सरकार की 3 योजनाओं से पैसा, लोन और पेंशन

नई दिल्ली। किसानों को आर्थिक मदद देने और खेती का खर्च संभालने में सहायता के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना प्रमुख हैं। इन योजनाओं के जरिए पात्र किसानों को आर्थिक सहायता, खेती के लिए कर्ज और बुढ़ापे में पेंशन का लाभ मिल सकता है।

1. पीएम किसान सम्मान निधि योजना

इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये दिए जाते हैं। यह रकम 2,000 रुपये की तीन किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। इसका इस्तेमाल किसान बीज, खाद और खेती से जुड़ी दूसरी जरूरतों के लिए कर सकते हैं। लाभ पाने के लिए पात्रता संबंधी शर्तें पूरी करना, ई-केवाईसी और बैंक खाते की जरूरी प्रक्रिया पूरी करना अहम है। अधिक जानकारी पीएम किसान पोर्टल पर मिल सकती है।

2. किसान क्रेडिट कार्ड योजना

खेती के लिए समय पर पैसा जुटाने में किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC मददगार है। इसके माध्यम से पात्र किसानों को फसल की जरूरतों के लिए अल्पकालिक ऋण मिल सकता है। पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी निर्धारित नियमों के अनुसार कर्ज की सुविधा उपलब्ध है। ब्याज दर और छूट ऋण की शर्तों तथा लागू दिशानिर्देशों पर निर्भर करती हैं। किसान अपने बैंक से पात्रता और मौजूदा ब्याज दर की जानकारी ले सकते हैं।

3. प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना

यह योजना छोटे और सीमांत किसानों को वृद्धावस्था में आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसके तहत 18 से 40 वर्ष की आयु के पात्र किसान जुड़ सकते हैं। लाभार्थी को उम्र के अनुसार मासिक अंशदान करना होता है और केंद्र सरकार भी निर्धारित नियमों के तहत योगदान देती है। योजना की शर्तें पूरी करने पर 60 वर्ष की आयु के बाद 3,000 रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है।

आवेदन से पहले ये बातें जान लें

तीनों योजनाओं के नियम और पात्रता अलग-अलग हैं। आवेदन करने से पहले आधिकारिक पोर्टल, संबंधित विभाग या बैंक से जानकारी जरूर लें। इससे किसान सही योजना चुन सकेंगे और किसी गलत दावे या फर्जी आवेदन से बच पाएंगे।

एलन मस्क के ऐलान से ट्रंप हुए गदगद! आखिर क्या है बड़ा फैसला?

न्यूज डेस्क। अमेरिका में बच्चों के भविष्य को लेकर एलन मस्क की एक घोषणा चर्चा में है। स्पेसएक्स के शेयर बच्चों को देने की उनकी योजना पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुशी जताई है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मस्क को धन्यवाद देते हुए इस पहल को बच्चों के भविष्य में निवेश से जुड़ा कदम बताया।

मस्क की क्या है योजना?

एलन मस्क ने 19 अक्टूबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि वह अगले साल अमेरिका के हर बच्चे को स्पेसएक्स का एक शेयर देने की योजना बना रहे हैं। हालांकि, शेयरों के वितरण की प्रक्रिया, पात्रता और योजना की अन्य शर्तों को लेकर अभी विस्तृत जानकारी सामने आना बाकी है।

ट्रंप ने क्यों जताया आभार?

ट्रंप ने मस्क को अपना खास दोस्त बताते हुए कहा कि बच्चों को निवेश का लाभ देने की सोच उनकी ‘ट्रंप अकाउंट्स’ योजना से मेल खाती है। इस योजना के तहत पात्र अमेरिकी बच्चों के नाम पर निवेश खाते बनाए जा सकते हैं, जिनमें परिवार, दोस्त और अन्य योगदानकर्ता पैसा जमा कर सकते हैं। निवेश से मिलने वाला लाभ बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगा।

क्या खत्म हो रही है दोनों के बीच की दूरी?

मस्क और ट्रंप के बीच पहले मतभेद सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस घोषणा पर ट्रंप की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने दोनों के संबंधों को लेकर फिर चर्चा शुरू कर दी है। हालांकि, केवल इस बयान के आधार पर यह कहना जल्दबाजी होगी कि उनके बीच की दरार पूरी तरह खत्म हो गई है।

मस्क की योजना लागू होने पर अमेरिकी बच्चों को निवेश से जोड़ने की दिशा में यह एक बड़ी पहल हो सकती है। फिलहाल इसकी अंतिम शर्तों और क्रियान्वयन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी का इंतजार है। लेकिन ये अमेरिकी बच्चों के लिए बड़ा कदम बताया जा रहा हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा तोहफा! महिलाओं के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और परिवार की जरूरतों में मदद देने के लिए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। इनमें लखपति दीदी योजना और प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना प्रमुख हैं। एक योजना महिलाओं को कमाई के अवसरों से जोड़ती है, जबकि दूसरी गर्भवती महिलाओं और माताओं को आर्थिक सहायता देती है।

1. लखपति दीदी योजना से महिलाओं को कमाई का अवसर

लखपति दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। इसके तहत महिलाओं को कारोबार शुरू करने, कौशल विकसित करने और आजीविका बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण तथा वित्तीय सहायता से जुड़ने का अवसर मिलता है।

सरकार ने इस पहल के तहत 3 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। इसका मकसद महिलाओं को ऐसा रोजगार या व्यवसाय शुरू करने में मदद देना है, जिससे उनकी सालाना आय कम से कम एक लाख रुपये तक पहुंच सके। हालांकि, यह आय का लक्ष्य है, हर लाभार्थी को मिलने वाली निश्चित रकम नहीं।

2. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में आर्थिक सहायता

प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को निर्धारित शर्तों के अनुसार आर्थिक मदद देती है। पहली संतान के लिए पात्र महिला को कुल 5,000 रुपये मातृत्व लाभ दिया जाता है। वहीं, दूसरी संतान लड़की होने पर पात्रता और योजना के नियमों के अनुसार 6,000 रुपये की सहायता का प्रावधान है।

इस सहायता का उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं के पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में मदद करना है। लाभ पाने के लिए निर्धारित दस्तावेजों और आवेदन प्रक्रिया को पूरा करना जरूरी है।

आवेदन से पहले जरूरी जानकारी

दोनों योजनाओं की पात्रता और लाभ अलग-अलग हैं। लखपति दीदी योजना के लिए ग्रामीण आजीविका मिशन या स्वयं सहायता समूह से संपर्क किया जा सकता है। मातृ वंदना योजना की जानकारी नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या आधिकारिक पोर्टल पर प्राप्त की जा सकती है। आवेदन करने से पहले मौजूदा नियमों की पुष्टि जरूर करें।

21 अक्टूबर को चंद्र-राहु की युति से बनेगा ग्रहण दोष! 3 राशियों की बढ़ सकती है परेशानी

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, ग्रहों की युति का असर व्यक्ति के मन और दैनिक जीवन पर पड़ सकता है। 21 अक्टूबर को चंद्रमा और राहु की स्थिति को लेकर ग्रहण दोष की चर्चा है। ज्योतिष के अनुसार, कर्क, कन्या और मीन राशि के जातकों को इस दौरान कुछ मामलों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। हालांकि, इसका वास्तविक प्रभाव जन्मकुंडली और ग्रहों की स्थिति पर निर्भर माना जाता है।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों को भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचना चाहिए। परिवार में बातचीत के दौरान धैर्य रखें और कामकाज में जल्दबाजी न करें। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर कदम उठाना बेहतर रहेगा।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों को कामकाज और जिम्मेदारियों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी जाती है। छोटी गलतियों से बचने के लिए जरूरी कामों की दोबारा जांच करें। किसी भी आर्थिक लेन-देन या नए समझौते से पहले सभी पहलुओं को समझ लें।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों को मानसिक तनाव से बचने और अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने पर जोर देना चाहिए। दूसरों की बातों पर तुरंत प्रतिक्रिया देने के बजाय शांत रहकर निर्णय लें। नौकरी और कारोबार से जुड़े मामलों में व्यावहारिक सोच अपनाना लाभकारी हो सकता है।

सरकारी नौकरी की बड़ी खुशखबरी! RDSO में इंजीनियर के 42 पदों पर भर्ती

नई दिल्ली। रेलवे क्षेत्र में काम करने वाले इंजीनियरों के लिए अच्छी खबर है। रिसर्च डिजाइन एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गनाइजेशन (RDSO) ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर के 42 पदों के लिए भर्ती अधिसूचना जारी की है। इसमें इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल निरीक्षण से जुड़े पद शामिल हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले निर्धारित शर्तें ध्यान से पढ़नी चाहिए।

किन पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत सीनियर सेक्शन इंजीनियर (इंस्पेक्शन/इलेक्ट्रिकल) और सीनियर सेक्शन इंजीनियर (इंस्पेक्शन/मैकेनिकल) के पद भरे जाएंगे। चयनित उम्मीदवारों की तैनाती लखनऊ सहित RDSO की अन्य निरीक्षण इकाइयों में प्रशासनिक जरूरत के अनुसार हो सकती है।

योग्यता और वेतन की जानकारी

जारी विवरण के मुताबिक, यह भर्ती पे लेवल-7 में कार्यरत सीनियर सेक्शन इंजीनियर कैडर के पात्र कर्मचारियों के लिए है। उम्मीदवार के पास बीटेक, डिप्लोमा या निर्धारित मानकों के अनुरूप योग्यता होनी चाहिए। वेतनमान पे लेवल-7 के अनुसार होगा।

आवेदन की अंतिम तारीख

योग्य उम्मीदवार ईमेल या डाक के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 9 नवंबर 2026 बताई गई है।

आवेदन से पहले RDSO की आधिकारिक अधिसूचना में पात्रता, जरूरी दस्तावेज, आवेदन का निर्धारित प्रारूप और संबंधित ईमेल या डाक का पता जरूर जांच लें।

दशहरा पर धन लक्ष्मी योग, 4 राशि वालों के लिए बड़ी खुशखबरी

राशिफल। दशहरा का त्योहार धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को दशहरा के अवसर पर मालव्य और धन लक्ष्मी योग का संयोग बनने की बात कही जा रही है। इस ज्योतिषीय गणना के आधार पर मिथुन, तुला, मकर और मीन राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों, करियर और कारोबार के लिहाज से शुभ माना जा सकता है।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए संपर्कों से फायदा होने की उम्मीद रहेगी। आर्थिक फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर होगा।

2. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह समय करियर में आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सकता है। रुके हुए काम पूरे करने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशी का माहौल रहने और आर्थिक योजनाओं पर ध्यान देने का समय है।

3. मकर राशि

मकर राशि के जातकों को मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद रह सकती है। नौकरी और कारोबार में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। आय और खर्च के बीच संतुलन बनाए रखना फायदेमंद रहेगा।

4. मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह अवधि नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिहाज से अनुकूल मानी जा सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसरों पर विचार करने का मौका मिल सकता है। निवेश करने से पहले जोखिम और अपनी आर्थिक स्थिति का आकलन जरूर करें।

8th Pay Commission पर बड़ा अपडेट! सैलरी, पेंशन और भत्तों में कितना होगा इजाफा?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी अहम जानकारी सामने आई है। आयोग 22 और 23 अक्टूबर को मुंबई में कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से चर्चा करेगा। बैठक में वेतन संरचना, पेंशन और विभिन्न भत्तों से जुड़े मुद्दों पर सुझाव लिए जाने की उम्मीद है। इससे करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनर्स की उम्मीदें जुड़ी हैं।

फिटमेंट फैक्टर और भत्तों पर रहेगी नजर

कर्मचारी संगठन वेतन में बढ़ोतरी, पे मैट्रिक्स, महंगाई भत्ता (DA), मकान किराया भत्ता (HRA) और पेंशन में सुधार की मांग उठा रहे हैं। कुछ संगठनों ने फिटमेंट फैक्टर 4.38 करने और सालाना वेतन वृद्धि बढ़ाने जैसे प्रस्ताव भी रखे हैं। हालांकि, आयोग ने इन मांगों को मंजूरी दी है या नहीं, इसकी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

कार्यस्थितियों का भी होगा आकलन

मुंबई दौरे के दौरान आयोग रेलवे कर्मचारियों के कामकाज और कार्यस्थल की परिस्थितियों को भी समझ सकता है। इसमें ट्रैक के रखरखाव, सिग्नल व्यवस्था और रेलवे संचालन से जुड़े काम शामिल हैं। इन पहलुओं से कर्मचारियों की जरूरतों को समझने में मदद मिल सकती है।

कब आएगी आयोग की रिपोर्ट?

निर्धारित समयसीमा के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को अपनी सिफारिशें देने के लिए गठन के बाद 18 महीने का समय दिया गया है। ऐसे में रिपोर्ट मई 2027 तक आने की संभावना जताई जा रही है। इसके बाद सरकार सिफारिशों पर विचार करके लागू करने को लेकर फैसला करेगी।

इन बातों का रखें ध्यान: अभी वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों की नई दरें तय नहीं हुई हैं। कर्मचारियों और पेंशनर्स को अंतिम जानकारी के लिए आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के आधिकारिक फैसले का इंतजार करना होगा।

यूपी के गांवों को भी मिलेगी 24 घंटे बिजली, दिशा निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में त्योहारों के दौरान बिजली कटौती से राहत देने के लिए बिजली विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। दशहरा, दीपावली और छठ जैसे पर्वों को देखते हुए ग्रामीण इलाकों में भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि त्योहार के समय गांवों और शहरों के लोगों को बिजली की परेशानी का सामना न करना पड़े।

बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा विभाग

पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक नीतीश कुमार के अनुसार, गांवों से लेकर नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों तक निर्बाध बिजली देने के लिए विभागीय टीमें सक्रिय रहेंगी। पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल और दक्षिणांचल समेत सभी बिजली वितरण क्षेत्रों में व्यवस्थाओं की निगरानी की जा रही है।

फॉल्ट और ट्रिपिंग रोकने की तैयारी

त्योहारों के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित न हो, इसके लिए बिजली लाइनों के आसपास पेड़ों की शाखाओं की छंटाई और जरूरी रखरखाव का काम कराया जा रहा है। विभाग का प्रयास है कि तकनीकी खराबियों और बार-बार बिजली ट्रिप होने की समस्या को कम किया जा सके।

गांवों से शहरों तक रहेगी निगरानी

स्थानीय स्तर पर बिजली व्यवस्था पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी खराबी की स्थिति में जल्द कार्रवाई की जा सके। इन तैयारियों से त्योहारों के दौरान घरेलू कामकाज और अन्य गतिविधियों में बिजली की बाधा कम होने की उम्मीद है।