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यूपी में 10वीं से पोस्टग्रेजुएट्स तक भर्ती, युवाओं के लिए खुशखबरी

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में बेरोजगार युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर आ गया है। उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन की पहल के तहत अम्बेडकरनगर जिले में 28 फरवरी को वृहद रोजगार मेला आयोजित किया जा रहा है। यह मेले का आयोजन देव इंद्रावती कॉलेज, कटेहरी में किया जाएगा और इसमें प्रदेशभर के युवा हिस्सा ले सकते हैं।

30 से अधिक कंपनियां देंगी मौका

रोजगार मेले में 30 से अधिक नामी कंपनियां भाग लेंगी। ये कंपनियां पांच हजार से अधिक पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन करेंगी। मेले में आए युवा अपने खाली पदों पर इंटरव्यू देंगे और चयनित होने पर सीधे रोजगार से जुड़ जाएंगे। इस तरह यह मेले में हिस्सा लेने वाले युवाओं के लिए तुरंत नौकरी पाने का मौका भी होगा।

सभी योग्यता को मौका

इस मेले की सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी भी स्तर के युवा आवेदन कर सकते हैं। केवल ग्रेजुएट या पोस्टग्रेजुएट नहीं, बल्कि आईटीआई, पॉलिटेक्निक, फार्मेसी, हाईस्कूल, इंटरमीडिएट और आठवीं पास उम्मीदवार भी इसमें आवेदन करने के योग्य हैं। इसका मतलब यह है कि कम पढ़े-लिखे युवाओं के लिए भी यह अवसर खुला है।

आयु सीमा और पात्रता

रोजगार मेले में आवेदन करने के लिए युवाओं की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इस उम्र सीमा में आने वाले सभी योग्य उम्मीदवार मेले में शामिल हो सकते हैं और चयनित होने पर रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।

रोजगार से जुड़े लाभ

इस मेले का उद्देश्य युवाओं को अपने क्षेत्र में नौकरी के अवसर प्रदान करना और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है। यह पहल युवाओं को नामी कंपनियों के साथ सीधे संपर्क का अवसर दे रही है, जिससे उनकी करियर संभावनाएं मजबूत होंगी।

तैयारी और सहभागिता

युवाओं को मेले में भाग लेने से पहले आवश्यक दस्तावेज तैयार रखने की सलाह दी गई है। इसमें पहचान पत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज शामिल हैं। बेहतर तैयारी से उम्मीदवार इंटरव्यू में अच्छे प्रदर्शन के अवसर पा सकते हैं।

ना F-35, ना Su-57: ये हैं दुनिया के 5 सबसे तेज़ रफ्तार फाइटर जेट

नई दिल्ली। जब दुनिया के सबसे आधुनिक स्टेल्थ विमानों की बात होती है तो अक्सर F-35 Lightning II और Sukhoi Su-57 का नाम सामने आता है। लेकिन अगर पैमाना सिर्फ रफ्तार हो, तो तस्वीर कुछ और ही बनती है। कई पुराने लेकिन बेहद ताकतवर लड़ाकू विमान आज भी स्पीड के मामले में नई पीढ़ी के जेट्स को पीछे छोड़ देते हैं। आइए जानते हैं दुनिया के पांच सबसे तेज फाइटर जेट के बारे में।

1. MiG-25

रूस में विकसित मिग-25 ‘फॉक्सबैट’ को अब तक के सबसे तेज ऑपरेशनल फाइटर जेट्स में गिना जाता है। इसकी अधिकतम गति मैक 3.2 यानी लगभग 3,540 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसे मुख्य रूप से इंटरसेप्टर भूमिका के लिए डिजाइन किया गया था, ताकि दुश्मन के ऊंची उड़ान भरने वाले विमानों को रोका जा सके। इसमें लगे शक्तिशाली टर्बोजेट इंजन इसे असाधारण स्पीड देते हैं। अपनी उम्र के बावजूद यह विमान कई देशों में लंबे समय तक सेवा दे चुका है।

2. MiG-31

मिग-31 को मिग-25 का उन्नत संस्करण माना जाता है। इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग मैक 2.8 से 2.9 (करीब 3,000 किमी/घंटा) है। इसे लंबी दूरी तक दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को ट्रैक और इंटरसेप्ट करने के लिए तैयार किया गया। बेहतर रडार और हथियार प्रणाली के साथ यह विमान आज भी रूस की वायुसेना का अहम हिस्सा है। हालांकि इसकी रफ्तार शानदार है, लेकिन बड़े आकार के कारण यह स्टेल्थ श्रेणी में नहीं आता।

3.F-15 Eagle

अमेरिका का एफ-15 लंबे समय से एयर सुपीरियरिटी फाइटर के रूप में जाना जाता है। इसके विभिन्न संस्करण, जैसे F-15C/D और F-15EX, मैक 2.5 तक की रफ्तार हासिल कर सकते हैं। यह विमान भारी पेलोड ले जाने और लंबी दूरी से सटीक हमले करने की क्षमता रखता है। भले ही यह स्टेल्थ जेट नहीं है, लेकिन इसकी स्पीड और विश्वसनीयता इसे आज भी प्रासंगिक बनाती है।

4. Sukhoi Su-27

रूस का सु-27 ‘फ्लैंकर’ अपनी ताकतवर इंजनों और शानदार एरोडायनामिक डिजाइन के लिए जाना जाता है। इसकी अधिकतम गति मैक 2.35 (करीब 2,900 किमी/घंटा) है। यह ऊंचाई पर बेहतरीन प्रदर्शन करता है और हवाई युद्ध में अपनी चुस्ती के लिए मशहूर है। कई देशों ने इसके विभिन्न संस्करणों को अपनी वायुसेना में शामिल किया है।

5. MiG-23

मिग-23 ‘फ्लॉगर’ अपनी वेरिएबल-स्वीप विंग तकनीक के कारण अलग पहचान रखता है। इसकी टॉप स्पीड भी मैक 2.35 के आसपास है। इस डिजाइन से विमान को अलग-अलग गति और मिशन के हिसाब से पंखों का कोण बदलने की सुविधा मिलती है। शीत युद्ध के दौर में यह कई देशों की वायुसेना का अहम हिस्सा रहा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए एक नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत अब नगर निगम के हर वार्ड में ‘जीविका समिति’ बनाई जाएगी। इस संबंध में पटना नगर निगम की महापौर सीता साहू ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

क्या है इस पहल की खासियत?

इस कदम का मकसद केवल योजना की घोषणा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे जमीनी स्तर पर लागू करना है। हर वार्ड में समिति बनने से महिलाओं की पहचान, उनकी जरूरतों का आकलन और उन्हें रोजगार से जोड़ने की प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से हो सकेगी। इससे महिलाओं को अपने ही मोहल्ले या आसपास के क्षेत्र में काम के अवसर मिलेंगे।

सात दिनों में पूरी होगी प्रक्रिया

नगर निगम प्रशासन को स्पष्ट समयसीमा दी गई है कि एक सप्ताह के भीतर समितियों का गठन कर लिया जाए। आवेदन लेने और उनकी जांच की प्रक्रिया को भी तेज़ी से पूरा करने पर जोर दिया गया है। उद्देश्य यह है कि पात्र महिलाओं को बिना देरी के योजना का लाभ मिल सके। पूरी व्यवस्था पारदर्शी रहे, इसके लिए वार्ड स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की तैनाती की जाएगी।

स्वरोजगार पर विशेष जोर

सरकार की रणनीति है कि महिलाओं को नौकरी तलाशने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली बनाया जाए। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को सक्रिय किया जाएगा और उन्हें छोटे उद्योगों से जोड़ा जाएगा। घरेलू उत्पाद निर्माण, फूड प्रोसेसिंग, सिलाई, ब्यूटी सेवाएं और अन्य लघु व्यवसायों के जरिए आय के अवसर बढ़ाए जाएंगे।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की सुविधा

समितियों के गठन के बाद महिलाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रम चलाए जाएंगे। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें व्यावसायिक जानकारी, बाजार से जुड़ाव और वित्तीय प्रबंधन की समझ दी जाएगी। इससे वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में योगदान दे सकेंगी।

इस योजना से व्यापक असर की उम्मीद

यह पहल केवल आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की दिशा में भी अहम कदम मानी जा रही है। जब महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो उनके आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और परिवार तथा समाज में उनकी भूमिका और प्रभाव मजबूत होगा। यदि इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू किया गया, तो यह शहरी बिहार में महिला सशक्तिकरण का मजबूत आधार बन सकती है और हजारों परिवारों की आर्थिक तस्वीर बदल सकती है।

23 फरवरी को बनेगा नवपंचम योग: 5 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। 23 फरवरी को ग्रहों की विशेष स्थिति से नवपंचम योग का निर्माण होने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में इस योग को बेहद शुभ माना जाता है। जब दो ग्रह एक-दूसरे से पंचम (पांचवें) भाव में स्थित होते हैं, तब नवपंचम योग बनता है। यह योग बुद्धि, भाग्य, शिक्षा, प्रेम, संतान और आर्थिक उन्नति से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है। इस बार का नवपंचम योग विशेष रूप से पांच राशियों के लिए लाभकारी संकेत दे रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए यह योग करियर में नई दिशा दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में रुकी हुई योजनाएं आगे बढ़ेंगी। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं। छात्रों के लिए समय अनुकूल है, प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए नवपंचम योग रचनात्मकता और संचार क्षमता को बढ़ाएगा। मीडिया, मार्केटिंग, शिक्षा और लेखन से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिल सकता है। पारिवारिक संबंधों में मधुरता आएगी। निवेश से जुड़े फैसले लाभकारी साबित हो सकते हैं। पुराने विवाद सुलझने के संकेत हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करेगा। कार्यस्थल पर आपकी प्रशंसा होगी और वरिष्ठों का सहयोग मिलेगा। अटके हुए सरकारी कार्य पूरे हो सकते हैं। व्यवसाय में नई साझेदारी फायदेमंद साबित हो सकती है। परिवार में खुशखबरी मिलने के संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए नवपंचम योग आर्थिक लाभ और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। नई संपत्ति खरीदने या वाहन लेने का योग बन रहा है। प्रेम संबंधों में मजबूती आएगी। दांपत्य जीवन में सामंजस्य बढ़ेगा। स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिल सकता है।

5. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह योग भाग्य को प्रबल करेगा। लंबे समय से अटके काम पूरे होंगे। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। व्यापार विस्तार के लिए यह अनुकूल समय है। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी, जिससे मानसिक शांति प्राप्त होगी।

भारत के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, दुनिया में फिर गाड़ा झंडा

नई दिल्ली। भारत ने एक बार फिर वैश्विक फार्मास्यूटिकल उद्योग में अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई है। दुनिया पहले से ही भारत को “दुनिया की फार्मेसी” के रूप में पहचानती है, और ताज़ा आंकड़े इस पहचान को और मजबूती देते हैं। सरकार द्वारा जारी हालिया आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में देश का दवा निर्यात 9.4 प्रतिशत बढ़कर 30.47 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह वृद्धि न केवल निर्यात क्षमता का प्रमाण है, बल्कि वैश्विक बाजार में भारतीय दवाओं की विश्वसनीयता और प्रतिस्पर्धात्मकता को भी दर्शाती है।

निर्यात में मजबूती, लक्ष्य दोहरे अंक की वृद्धि

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने अहमदाबाद में आयोजित ‘चिंतन शिविर’ के दौरान यह जानकारी साझा की कि उद्योग वर्ष 2026-27 तक दोहरे अंक (डबल डिजिट) की वृद्धि हासिल करने की दिशा में काम कर रहा है। इस बैठक में सरकारी अधिकारियों और फार्मा कंपनियों के बीच निर्यात से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।

भारत वर्तमान में मात्रा के हिसाब से दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा औषधि उत्पादक देश है। करीब 60 अरब डॉलर मूल्य का यह उद्योग 2030 तक 130 अरब डॉलर तक पहुंचने की क्षमता रखता है। देश से 200 से अधिक देशों में दवाएं निर्यात की जाती हैं, जिनमें से 60 प्रतिशत से अधिक निर्यात सख्त नियामकीय मानकों वाले बाजारों के लिए होता है।

अमेरिका और यूरोप में मजबूत पकड़

भारतीय दवा निर्यात में संयुक्त राज्य अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 34 प्रतिशत और यूरोपीय संघ की करीब 19 प्रतिशत है। यह दर्शाता है कि भारत की दवाएं दुनिया के सबसे कड़े गुणवत्ता मानकों पर खरी उतरती हैं। सरकार का मानना है कि अमेरिका के साथ संभावित द्विपक्षीय व्यापार व्यवस्था भारतीय कंपनियों के लिए बाजार पहुंच और मूल्य प्रतिस्पर्धा को और बेहतर बना सकती है। वहीं, यूरोपियन यूनियन के 572.3 अरब डॉलर के फार्मास्यूटिकल और मेडिकल डिवाइस बाजार में भी भारत के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं।

भविष्य की क्या है दिशा?

भारत की ताकत उसकी किफायती उत्पादन क्षमता, मजबूत जेनेरिक दवा उद्योग और उच्च गुणवत्ता मानकों में है। यदि सरकार और उद्योग के बीच समन्वय इसी तरह बना रहा, तो आने वाले वर्षों में भारत न केवल निर्यात के नए रिकॉर्ड बनाएगा, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य क्षेत्र में अपनी भूमिका को और मजबूत करेगा। स्पष्ट है कि भारत का फार्मा सेक्टर सिर्फ आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से भी अहम भूमिका निभा रहा है। आने वाले समय में यह क्षेत्र देश की अर्थव्यवस्था को नई गति देने के साथ-साथ दुनिया भर में सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करता रहेगा।

यूपी सरकार की बड़ी पहल: शिक्षकों के लिए खुशखबरी, नई राहत की घोषणा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल शिक्षकों और शिक्षा विभाग के अन्य कर्मचारियों को गंभीर बीमारियों के दौरान आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। लंबे समय से स्वास्थ्य सुरक्षा की मांग कर रहे शिक्षकों के लिए यह निर्णय एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यह सुविधा उन्हीं शिक्षकों और कर्मचारियों को दी जाएगी जिन्हें शासन द्वारा पात्र घोषित किया जाएगा। पात्रता तय करने के लिए प्रत्येक जिले में एक समिति गठित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता जिला विद्यालय निरीक्षक और बेसिक शिक्षा अधिकारी करेंगे। समिति दस्तावेजों की जांच के बाद अंतिम सूची तैयार करेगी।

5 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल कवर

नई व्यवस्था के तहत पात्र शिक्षकों और शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को सालाना अधिकतम 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाएगा। इसका मतलब है कि सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती से लेकर इलाज तक का खर्च निर्धारित प्रक्रिया के माध्यम से सीधे वहन किया जाएगा। लाभार्थी को अस्पताल में भर्ती के समय अपनी जेब से भुगतान नहीं करना पड़ेगा। इससे गंभीर बीमारियों, ऑपरेशन या लंबी चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान शिक्षकों पर पड़ने वाला आर्थिक दबाव कम होगा।

जरूरी दस्तावेज और प्रक्रिया

योजना का लाभ उठाने के लिए शिक्षकों को सत्यापन प्रक्रिया से गुजरना होगा। आवेदन के समय निम्न दस्तावेज मांगे जा सकते हैं: सेवा प्रमाण पत्र, नियुक्ति से संबंधित दस्तावेज, पहचान पत्र, आधार कार्ड, विभागीय रिकॉर्ड। दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद पात्र शिक्षकों को एक आधिकारिक स्वीकृति पत्र या हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा।

हजारों परिवारों को राहत

इस फैसले से प्रदेश के हजारों शिक्षक परिवारों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए 5 लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुरक्षा एक मजबूत आर्थिक कवच साबित हो सकती है। सरकार का यह कदम शिक्षा क्षेत्र में कार्यरत कर्मचारियों के सामाजिक और आर्थिक संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

लिवर संकट में? ये 5 लक्षण कभी न अनदेखा करें, कराएं जांच

हेल्थ डेस्क। लिवर हमारे शरीर का एक अहम अंग है, जो भोजन को पचाने, टॉक्सिन्स को बाहर निकालने और शरीर में ऊर्जा का संतुलन बनाए रखने का काम करता है। लेकिन अक्सर हम इसके संकेतों को अनदेखा कर देते हैं। यदि समय रहते इसे पहचान लिया जाए, तो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सकता है।

1. लगातार थकान और कमजोरी

यदि आप पर्याप्त नींद के बावजूद भी थकान महसूस कर रहे हैं, तो यह लिवर की समस्या का संकेत हो सकता है। लिवर के सही काम न करने पर शरीर में टॉक्सिन्स जमा होने लगते हैं, जिससे ऊर्जा की कमी और कमजोरी महसूस होती है।

2. पीलापन या आँखों का पीला होना

त्वचा या आंखों का पीला पड़ना (जॉन्डिस) लिवर फेल होने का सबसे स्पष्ट संकेत है। यह बिलीरुबिन नामक पदार्थ के बढ़ने के कारण होता है, जो लिवर में पचाने की क्षमता खो देता है।

3. पेट में सूजन और असहजता

पेट का फूला रहना, बार-बार गैस या दर्द महसूस होना भी लिवर की समस्या का लक्षण हो सकता है। यह अक्सर लिवर में तरल पदार्थ जमा होने या सूजन के कारण होता है।

4. भूख में कमी और वजन में बदलाव

लिवर खराब होने पर शरीर सही तरीके से पोषक तत्वों को प्रोसेस नहीं कर पाता। इसका असर भूख पर पड़ता है और अचानक वजन बढ़ना या घटना भी लिवर की चेतावनी हो सकता है।

5. बार-बार मतली या उल्टी

लिवर की असमर्थता के कारण पाचन तंत्र प्रभावित होता है। बार-बार मतली, उल्टी या अपच महसूस होना गंभीर लिवर रोग की ओर संकेत कर सकता है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य! ये 5 राशियां होंगी पूरी तरह लाभ में

राशिफल। इस सप्ताह ग्रहों की अनुकूल चाल और शुभ संयोग के कारण कुछ राशियों के लिए भाग्य के कमल खिलते दिखाई देंगे। विशेष रूप से लक्ष्मी‑नारायण राजयोग के प्रभाव से आर्थिक, करियर और रिश्तों में लाभ के अवसर बढ़ेंगे। इस समय में किए गए प्रयास अपेक्षित सफलता दिलाने में सक्षम होंगे।

1. मेष राशि

इस सप्ताह मेष राशि वालों के लिए भाग्य के कमल खिलने वाले हैं। व्यापार और कामकाजी मामलों में सहयोग मिलने की संभावना अधिक है। नए प्रोजेक्ट और अवसरों में सफलता के योग हैं। आर्थिक योजनाओं को पूरा करने में यह समय काफी अनुकूल है, और मित्रों या सहयोगियों से मिलने वाला समर्थन आपके लिए लाभकारी साबित होगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह सामाजिक और पेशेवर दृष्टि से लाभकारी रहेगा। नेटवर्किंग और नए अवसर प्राप्त होने की संभावना अधिक है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और योजना अनुसार कार्य करने से परिणाम सुखद मिल सकते हैं। यह सप्ताह आपके लिए सकारात्मक बदलाव और सफलता के संकेत लेकर आता है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए प्रेम, करियर और धन के क्षेत्र में उन्नति के संकेत हैं। शुक्र ग्रह की अनुकूल स्थिति आर्थिक लाभ और बेहतर निर्णय लेने में मदद करेगी। यह समय नई योजनाओं की शुरुआत और महत्वपूर्ण बदलावों के लिए उपयुक्त है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को आर्थिक मामलों में विशेष लाभ मिल सकता है। इस सप्ताह नए अवसर और प्रगति के रास्ते खुल सकते हैं। कुछ महत्वपूर्ण फैसलों से आपके पक्ष में परिणाम आ सकते हैं। सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव आपको मानसिक और शारीरिक रूप से उत्साहित रखेगा।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से अनुकूल है। मित्र और सहयोगी आपके निर्णयों में सहायक साबित होंगे। निवेश और खरीद‑फरोख्त में सोच‑समझकर उठाए गए कदम लाभदायक रहेंगे। इस समय भाग्य आपके पक्ष में है और योजना अनुसार काम करने से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

केंद्रीय कर्मचारियों को राहत: महंगाई भत्ते को लेकर चर्चा तेज

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच महंगाई भत्ते (डीए) को लेकर एक बार फिर उत्सुकता बढ़ गई है। जनवरी–जून 2026 की अवधि के लिए संभावित संशोधन पर चर्चाएं तेज हैं, खासकर होली से पहले किसी घोषणा की उम्मीद को लेकर। हालांकि पिछले वर्षों के रुझान देखें तो मार्च की शुरुआत में पड़ने वाली होली से पहले डीए बढ़ोतरी का ऐलान कम ही देखने को मिला है।

वर्तमान स्थिति क्या है?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। पिछला संशोधन जुलाई–दिसंबर 2025 चक्र के लिए 1 अक्टूबर 2025 को घोषित किया गया था, जिसमें 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई थी। अब अगला संशोधन 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना है।

कितनी बढ़ोतरी की उम्मीद?

कर्मचारी संगठनों के बीच चर्चा है कि इस बार 2 प्रतिशत तक की वृद्धि संभव है। यदि ऐसा होता है तो डीए 58 प्रतिशत से बढ़कर 60 प्रतिशत हो जाएगा। हालांकि अंतिम निर्णय महंगाई के आंकड़ों पर निर्भर करेगा। डीए की गणना मुख्य रूप से ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) के आधार पर की जाती है।

होली से पहले या बाद में घोषणा?

डीए संशोधन वर्ष में दो बार होता है। एक बार मार्च के आसपास और दूसरी बार अक्टूबर-नवंबर में। दूसरी किस्त अक्सर दिवाली के आसपास घोषित की जाती है। लेकिन मार्च वाली घोषणा हर साल होली से पहले हो, यह जरूरी नहीं है। जब होली मार्च के शुरुआती दिनों में पड़ती है, तब कैबिनेट की मंजूरी प्रायः महीने के अंतिम हिस्से में मिलती है। ऐसे में संभावना यही जताई जा रही है कि यदि सामान्य प्रक्रिया अपनाई जाती है, तो इस बार भी आधिकारिक ऐलान होली के बाद हो सकता है।

कर्मचारियों की क्या है उम्मीदें?

केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स महंगाई के बढ़ते दबाव के बीच डीए में बढ़ोतरी को बड़ी राहत के रूप में देखते हैं। 2 प्रतिशत की वृद्धि भले ही मामूली लगे, लेकिन बेसिक सैलरी के साथ जुड़ने पर इसका असर मासिक आय पर स्पष्ट दिखता है। अंतिम फैसला केंद्र सरकार की कैबिनेट की मंजूरी के बाद ही सामने आएगा। तब तक कर्मचारियों की निगाहें महंगाई के आंकड़ों और सरकार के अगले कदम पर टिकी रहेंगी।

ये 5 संकेत दिखें तो सावधान! थायरॉइड बढ़ रहा है, कराएं जांच

हेल्थ डेस्क। थायरॉइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज़्म, ऊर्जा और हार्मोन संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यदि यह सामान्य से अधिक या कम सक्रिय हो जाए, तो कई शारीरिक समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों की पहचान करना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते उपचार संभव हो सके।

यहाँ हैं थायरॉइड बढ़ने के 5 प्रमुख संकेत:

1. वजन में अनियंत्रित बदलाव

अगर आप बिना किसी स्पष्ट कारण के तेजी से वजन बढ़ते हैं या घटते हैं, तो यह थायरॉइड असंतुलन का संकेत हो सकता है। थायरॉइड ग्रंथि के अत्यधिक सक्रिय या कम सक्रिय होने पर शरीर के मेटाबॉलिज़्म पर सीधा असर पड़ता है।

2. लगातार थकान और कमजोरी

कम थकान महसूस होना या ऊर्जा की कमी होना आम बात हो सकती है, लेकिन यदि थकान लगातार बनी रहे और नींद पर्याप्त होने के बावजूद भी शरीर सुस्त महसूस हो, तो यह थायरॉइड बढ़ने का संकेत हो सकता है।

3. त्वचा, बाल और नाखूनों में बदलाव

थायरॉइड असंतुलन से त्वचा शुष्क, रूखी और बेजान हो सकती है। बाल झड़ने लगते हैं और नाखून कमजोर या भंगुर हो सकते हैं। महिला और पुरुष दोनों ही इससे प्रभावित हो सकते हैं।

4. मानसिक बदलाव-ध्यान में कठिनाई

अधिक या कम थायरॉइड हार्मोन मस्तिष्क के कार्य को प्रभावित कर सकते हैं। ध्यान की कमी, याददाश्त में कमी, चिड़चिड़ापन या अवसाद जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

5. हृदय और पाचन प्रणाली में असामान्यता

दिल की धड़कन तेज या अनियमित होना, कब्ज़ या बार-बार दस्त जैसी पाचन समस्याएँ, और शरीर में सूजन जैसे संकेत थायरॉइड असंतुलन की ओर इशारा कर सकते हैं।

इस स्थिति में क्या करें?

यदि इनमें से कोई भी लक्षण लगातार दिखाई दे, तो तुरंत एंडोक्रिनोलॉजिस्ट या योग्य डॉक्टर से परामर्श लें। शुरुआती जांच और रक्त परीक्षण (टीएसएच, टी3, टी4) से स्थिति का पता लगाया जा सकता है। जीवनशैली में सुधार, संतुलित आहार और डॉक्टर द्वारा सुझाए गए उपचार से थायरॉइड नियंत्रित किया जा सकता है।

बिहार के शिक्षकों के लिए खुशखबरी, इस महीने के बाद बदल सकता है हाल

पटना। बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा TRE-3 के तहत नियुक्त हजारों शिक्षकों के लिए एक अहम संकेत सामने आया है। लंबे समय से अपने गृह जिले में पदस्थापन की मांग कर रहे शिक्षकों को अब उम्मीद की नई किरण दिखाई दी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा चयनित इन शिक्षकों की अंतरजिला और पारस्परिक स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर सरकार ने स्पष्ट किया है कि व्यापक नीति तैयार की जा रही है, जिसे अप्रैल 2026 तक लागू करने का लक्ष्य है।

दूरदराज की तैनाती बनी चुनौती

TRE-3 के जरिए नियुक्त कई शिक्षक अपने घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर पदस्थापित हैं। खासकर महिला और दिव्यांग श्रेणी के शिक्षकों को पारिवारिक जिम्मेदारियों और लंबी दूरी की यात्रा के कारण अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। छोटे बच्चों की परवरिश, बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और बढ़ते खर्च ने उनकी चिंताओं को और गहरा किया है।

सरकार की तैयारी और नियमावली

शिक्षा विभाग ने संकेत दिया है कि स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और संतुलित बनाने के लिए विस्तृत नियमावली तैयार की जा रही है। इस नीति में रिक्तियों की उपलब्धता, सेवा अवधि, विशेष परिस्थितियों और महिला व दिव्यांग शिक्षकों को प्राथमिकता जैसे बिंदुओं को शामिल किए जाने की संभावना है। सरकार का मानना है कि स्पष्ट दिशा-निर्देशों के बिना बड़े पैमाने पर तबादला करने से शैक्षणिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।

अंतरिम राहत, पर समाधान अधूरा

इससे पहले विभाग ने विशेष परिस्थितियों में स्थानांतरण के लिए दिशा-निर्देश जारी किए थे और पारस्परिक (म्यूचुअल) ट्रांसफर की सीमित व्यवस्था भी लागू की गई थी। हालांकि यह कदम सभी प्रभावित शिक्षकों के लिए पर्याप्त नहीं साबित हुआ। कई शिक्षकों का कहना है कि स्थायी और व्यापक नीति के अभाव में उनकी समस्याएं पूरी तरह दूर नहीं हो पाईं।

अप्रैल 2026 पर टिकी उम्मीदें

शिक्षा मंत्री के हालिया बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नियमित अंतरजिला स्थानांतरण की प्रक्रिया नई नियमावली लागू होने के बाद ही शुरू होगी। यदि तय समयसीमा के भीतर नीति लागू हो जाती है, तो बड़ी संख्या में शिक्षकों को अपने गृह जिले या उसके आसपास पदस्थापन का अवसर मिल सकता है।

यूपी में 3 बड़ी खुशखबरी, युवाओं के लिए अवसरों की बौछार!

लखनऊ। यूपी में युवाओं के लिए रोजगार और कैरियर के नए अवसरों की झड़ी लगी है। विभिन्न शैक्षणिक और सरकारी संस्थानों में नई भर्तियों के जरिए युवाओं को लाभ मिलेगा। इच्छुक उम्मीदवार प्रकाशित नोटिफिकेशन को पढ़ें और आवेदन करें।

1. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) – सिस्टम मैनेजर और सिस्टम इंजीनियर

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी ने 2026 के लिए सिस्टम मैनेजर, सिस्टम इंजीनियर और अन्य पदों के लिए भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए योग्य उम्मीदवार B.Tech/B.E या M.E/M.Tech डिग्री वाले आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन होगी, जो 22 फरवरी 2026 से शुरू होकर 7 मार्च 2026 तक चलेगी। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन AMU की आधिकारिक वेबसाइट https://api.amu.ac.in से कर सकते हैं।

2. मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल (MACT) सांभल – रीडर/जूनियर असिस्टेंट

सांभल स्थित MACT ने रीडर/जूनियर असिस्टेंट पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस पद के लिए किसी भी अन्य योग्य उम्मीदवार को आवेदन करने का मौका मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया ऑफलाइन है, जो 10 फरवरी 2026 से 24 फरवरी 2026 तक चलेगी।

3. अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) – नॉन-टीचिंग स्टाफ

AMU ने नॉन-टीचिंग स्टाफ के 27 पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं। इसके लिए उम्मीदवार के पास B.Ed, Any Masters Degree, M.Sc, M.Lib, MS/MD, M.P.Ed जैसी योग्यताएं होनी चाहिए। आवेदन ऑनलाइन होंगे और आवेदन प्रक्रिया 19 फरवरी 2026 से शुरू होकर 4 मार्च 2026 तक रहेगी। आवेदन AMU की वेबसाइट https://api.amu.ac.in के माध्यम से किया जा सकता है।

भारत खरीद रहा लेजर हथियार, पाकिस्तान और चीन के होश उड़े!

नई दिल्ली। भारत ने फ्रांस की कंपनी CILAS S.A. से HELMA-P लेजर काउंटर-ड्रोन सिस्टम खरीदने का निर्णय लिया है। यह अत्याधुनिक हथियार प्रणाली विशेष रूप से दुश्मन के ड्रोन को रोकने और नष्ट करने के लिए तैयार की गई है। इसे भारतीय बहु-स्तरीय वायु रक्षा नेटवर्क में शामिल किया जाएगा, जिससे सीमा चौकियों और सैन्य प्रतिष्ठानों की सुरक्षा में वृद्धि होगी।

HELMA-P क्या करता है?

HELMA-P, यानी High Energy Laser for Multiple Applications – Power, गोला-बारूद का इस्तेमाल नहीं करता। यह उच्च ऊर्जा वाले लेजर बीम के जरिए ड्रोन के बैटरी, सेंसर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम को निशाना बनाकर उन्हें निष्क्रिय कर देता है। यह हथियार रडार, ऑप्टिकल और ध्वनि सेंसर के साथ मिलकर काम करता है। इसकी प्रभावी दूरी लगभग 1 से 1.7 किलोमीटर तक है।

जरूरत क्यों पड़ी?

सीमा क्षेत्रों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। महंगी मिसाइलों के बजाय HELMA-P जैसी लेजर प्रणाली कम लागत में सुरक्षित और सटीक प्रतिक्रिया देती है। इसे चलाने के लिए केवल बिजली और कूलिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है, जिससे हर लक्ष्य पर खर्च न्यूनतम रहता है।

भारत को क्या फायदा होगा?

HELMA-P का परीक्षण पहले ही फ्रांस में सफलतापूर्वक किया जा चुका है और यह बड़ी घटनाओं जैसे पेरिस ओलंपिक में सुरक्षा उपायों का हिस्सा रहा है। भारत और फ्रांस के बीच रक्षा सहयोग मजबूत होगा। इस परियोजना में MBDA और Safran Electronics & Defense जैसी कंपनियां शामिल हैं, जबकि भारतीय कंपनी Axiscades Technologies Ltd इसे स्थानीय कमांड-एंड-कंट्रोल प्लेटफॉर्म से जोड़ने का काम करेगी।

सुरक्षा में सुधार

HELMA-P की तैनाती से भारत की सुरक्षा रणनीति में आधुनिक तकनीक का समावेश होगा। पारंपरिक हथियारों और जैमिंग के साथ अब लेजर आधारित डायरेक्टेड-एनर्जी सिस्टम भी देश की सीमा सुरक्षा का हिस्सा बनेंगे। इससे न केवल सीमा की निगरानी मजबूत होगी, बल्कि देश की रक्षा क्षमता में भी सुधार होगा।

कल चन्द्रमा का रहेगा प्रभाव, ये 5 राशियां पायेगी तरक्की

राशिफल। कल का दिन चन्द्रमा की खास स्थिति के चलते कई राशियों के लिए महत्वपूर्ण साबित होने वाला है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चन्द्रमा का प्रभाव मानसिक स्थिति, करियर और वित्तीय मामलों में विशेष बदलाव लाता है। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में, जिन्हें कल लाभ मिलने की संभावना है।

1. वृष राशि

वृष राशि के जातकों के लिए कल का दिन भाग्यशाली रहने वाला है। चन्द्रमा की स्थिति उनके करियर और वित्तीय मामलों में प्रगति के संकेत दे रही है। पुराने निवेशों से लाभ मिलने की संभावना है। स्वास्थ्य के मामले में भी सुधार देखने को मिलेगा।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए कल का दिन विशेष रूप से सौभाग्यशाली रहेगा। नए अवसर आपके कदम चूम सकते हैं। परिवार और मित्रों के साथ संबंध मजबूत होंगे। कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना होगी और उन्नति के रास्ते खुलेंगे।

3. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए कल का दिन मानसिक और आध्यात्मिक दृष्टि से लाभकारी है। चन्द्रमा का प्रभाव आपके निर्णयों को सही दिशा देगा। किसी पुराने झगड़े या परेशानी का हल निकल सकता है। साथ ही, धन लाभ के भी योग बन रहे हैं।

4. सिंह राशि

सिंह राशि के लिए कल का दिन करियर और सामाजिक प्रतिष्ठा में सुधार लाने वाला है। आपकी मेहनत का फल मिलेगा और वरिष्ठों से तारीफ मिलने की संभावना है। निवेश के लिए समय अनुकूल है और लाभ मिलने के संकेत हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए कल का दिन शिक्षा, यात्रा और व्यापार के लिए शुभ रहेगा। चन्द्रमा का प्रभाव आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा और नए अवसरों की ओर अग्रसर करेगा। आर्थिक मामलों में स्थिरता और उन्नति के संकेत हैं।

झारखंड लोक सेवा आयोग में 349 पदों पर भर्ती, 12 मार्च तक आवेदन

रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) ने 2026 में व्याख्याता (Lecturer) के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 349 रिक्तियां उपलब्ध हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 20 फरवरी 2026 से 12 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया जेपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट www.jpsc.gov.in पर उपलब्ध है।

पद का विवरण

पोस्ट का नाम: व्याख्याता

पदों की संख्या: 349

वेतनमान:

लेवल 9A: ₹56,100 प्रति माह

लेवल 10: ₹57,700 प्रति माह

योग्यता

इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्नलिखित शैक्षणिक योग्यताएँ होनी चाहिए: बीई / बी.टेक / बीएस डिग्री, मास्टर डिग्री, NET (National Eligibility Test) उत्तीर्ण होना आवश्यक है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियाँ

आवेदन शुरू होने की तिथि: 20 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 12 मार्च 2026

आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवारों को अपने आवेदन ऑनलाइन फॉर्म के माध्यम से जमा करना होगा। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पूरी अधिसूचना ध्यानपूर्वक पढ़नी चाहिए ताकि वे पात्रता, दस्तावेज़ और फीस से संबंधित सभी विवरण समझ सकें।

Holi 2026: 3 या 4 मार्च, कब है होली... किस दिन होलिका दहन

धर्म डेस्क। इस वर्ष होली 2026 का पर्व 4 मार्च को रंगों के साथ मनाया जाएगा और होलिका दहन 3 मार्च को ही किया जाएगा। होलाष्टक का समय 24 फरवरी से 3 मार्च तक है। इस पर्व की तैयारी पहले से ही शुरू हो गई है और लोग होली के रंगों और खुशियों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

होलाष्टक कब से शुरू होगा?

होलाष्टक हमेशा फाल्गुन शुक्ल अष्टमी तिथि से शुरू होता है और होली तक चलता है। इस अवधि में किसी भी प्रकार के शुभ कार्य करने से बचने की सलाह दी जाती है। वर्ष 2026 में होलाष्टक 24 फरवरी से शुरू होकर 3 मार्च तक रहेगा। यह वह समय है जब शास्त्रीय मान्यता के अनुसार मन और कर्म दोनों को संयमित रखने का निर्देश होता है।

होलिका दहन की तिथि और शुभ मुहूर्त

इस साल होलिका दहन 3 मार्च, 2026, मंगलवार को किया जाएगा। फाल्गुन मास की पूर्णिमा 2 मार्च शाम 5:55 से शुरू होकर 3 मार्च शाम 4:40 पर समाप्त होगी। भद्रा की अवधि 2 मार्च शाम 5:55 से लेकर 3 मार्च सुबह 5:32 तक है। इसलिए होलिका दहन का शुभ समय शाम 6:22 बजे से रात 8:50 बजे तक रहेगा।

इस साल चंद्रग्रहण का भी है असर

3 मार्च को होलिका दहन के दिन दोपहर 3:21 बजे से शाम 6:46 बजे तक चंद्रग्रहण लग रहा है। भारत में यह ग्रहण पूरी तरह दिखाई देगा। इसका सूतक काल सुबह 6:20 बजे से शाम 6:46 बजे तक रहेगा। इस कारण कुछ क्षेत्रों में ग्रहण की विशेष सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

खास दिन और अन्य पर्व

होलाष्टक प्रारंभ: 24 फरवरी 2026

होलाष्टक समाप्त: 3 मार्च 2026

होलिका दहन: 3 मार्च 2026

रंगों की होली: 4 मार्च 2026

बिहार में बिजली की नई क्रांति: 3 जिलों में लगेंगे न्यूक्लियर पावर प्लांट

पटना। बिहार में ऊर्जा क्षेत्र में बड़े बदलाव की तैयारी हो रही है। राज्य सरकार ने न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने की योजना पर तेजी से काम शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत बांका, नवादा और सीवान जिलों में संभावित साइटों का सर्वे और भू-आकलन किया जा रहा है। प्रस्तावित परमाणु परियोजना को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे राज्य में स्थिर और स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध हो सके।

नवादा में पहला न्यूक्लियर पावर प्लांट

राज्य का पहला परमाणु ऊर्जा संयंत्र नवादा जिले के रजौली में स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 20 हजार करोड़ रुपए है। बांका जिले के शंभूगंज और भितिया इलाके को भी तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त पाया गया है। यह परियोजना केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इससे इंडस्ट्रियल निवेश और रोजगार के नए अवसर भी विकसित होंगे।

पंप स्टोरेज और सोलर प्रोजेक्ट्स

बिहार में ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पंप स्टोरेज परियोजनाओं पर भी काम जारी है। लखीसराय के कजरा में 1231 एकड़ में सौर ऊर्जा प्लांट विकसित किए जा रहे हैं। इसके अलावा ग्रीनको और सन पेट्रोकेमिकल्स की ओर से 13 हजार करोड़ रुपए के निवेश से पंप स्टोरेज परियोजनाओं का निर्माण किया जा रहा है। ये परियोजनाएं अतिरिक्त बिजली को सुरक्षित रखकर आवश्यकता के समय सप्लाई सुनिश्चित करेंगी।

स्वच्छ ऊर्जा और नेट जीरो उत्सर्जन

इस योजना का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि भारत ने 2070 तक नेट जीरो कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य निर्धारित किया है। वर्तमान में लगभग 75 प्रतिशत बिजली कोयला आधारित स्रोतों से उत्पन्न होती है। ऐसे में स्मॉल मॉड्यूलर रिएक्टर और न्यूक्लियर पावर जैसे विकल्प राज्य को स्वच्छ, किफायती और स्थिर ऊर्जा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाएंगे।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम

बिहार की यह पहल न सिर्फ बिजली संकट को दूर करेगी, बल्कि राज्य को ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाला निर्णायक कदम साबित होगी। न्यूक्लियर पावर प्लांट और पंप स्टोरेज परियोजनाएं राज्य में उद्योगों के विकास, रोजगार सृजन और पर्यावरणीय स्थिरता में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।

रूस को झटका? फ्रांस बना भारत का नया डिफेंस हीरो!

नई दिल्ली। भारत ने लंबे समय तक रूस पर निर्भर रहते हुए सुखोई, मिग और एसयू-30एमकेआई जैसे लड़ाकू विमानों से अपनी वायुसेना को मजबूती दी। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। जियो-पॉलिटिकल कारणों और रूस पर पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते भारत ने फ्रांस और इजरायल को अपना भरोसेमंद डिफेंस साझेदार बनाना शुरू कर दिया है।

फ्रांस से नई गठजोड़

2015-16 में भारत ने पहली बार फ्रांस से राफेल विमान खरीदने के लिए समझौता किया था। अब 114 और राफेल विमानों के लिए एक और बड़ा समझौता होने की संभावना है। फ्रांसीसी कंपनियां भारत के साथ फाइटर जेट, इंजन, एयर-लॉन्च्ड प्रिसिजन मिसाइल और एडवांस्ड एवियोनिक्स के निर्माण में सहयोग कर रही हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत ने सफ्रॉन के साथ मिलकर लड़ाकू विमानों के इंजन निर्माण के लिए भी समझौता किया है। पनडुब्बी निर्माण पर भी भारत और फ्रांस चर्चा कर रहे हैं। इससे भारत को तकनीकी और रणनीतिक दोनों मोर्चों पर फायदा होगा।

रूस का योगदान अब सीमित

हालांकि रूस ने भारत के लिए S-400 एयर डिफेंस सिस्टम, T-90 टैंक और ब्रह्मोस मिसाइलों जैसी आपूर्ति जारी रखी है, लेकिन पिछले 3-4 सालों में कोई बड़ा डिफेंस सौदा नहीं हुआ। अमेरिका और अन्य पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के कारण रूस नई डिलीवरी में देरी कर रहा है। उदाहरण के लिए, 2016 में ऑर्डर किए गए 5 S-400 सिस्टम में से दो अभी तक भारत को नहीं मिले।

भारत के लिए फ्रांस क्यों भरोसेमंद है

जानकार बताते हैं की, फ्रांस भारत को मजबूर नहीं करेगा और हमेशा हाई-टेक हथियार तथा लोकल प्रोडक्शन में सहयोग करेगा। मिराज-2000 और राफेल जैसे फ्रेंच विमानों ने ऑपरेशनल क्षमता साबित की है। ऐतिहासिक रिश्तों और तकनीकी सहयोग के कारण फ्रांस अब भारत का “हर मौसम का दोस्त” बन चुका है।

रूस पर निर्भरता कम, रणनीतिक विविधता बढ़ी

भारत अब सिर्फ एक देश पर निर्भर नहीं रहना चाहता। चीन और रूस के नजदीकी रिश्तों और जियो-पॉलिटिकल हालात के चलते भारत ने अमेरिका और फ्रांस जैसी अन्य ताकतों की तरफ रुख किया। पिछले दो दशकों में भारत ने अमेरिका से करीब 20 अरब डॉलर के विमान और हेलीकॉप्टर खरीदे हैं।

पीएम मोदी आज देंगे सौगात, नागरिकों के लिए बड़ी राहत

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मेरठ जा रहे हैं, जहां वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए बड़ी परिवहन सौगात देंगे। इस दौरान शताब्दी नगर स्टेशन से ‘नमो भारत ट्रेन’ और ‘मेरठ मेट्रो’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। कार्यक्रम के बाद प्रधानमंत्री स्वयं मेट्रो से मेरठ साउथ स्टेशन तक यात्रा भी करेंगे।

12,930 करोड़ की विकास परियोजनाएं

मेरठ में आयोजित जनसभा के दौरान करीब 12,930 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इन योजनाओं का मकसद क्षेत्र में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और शहरी जीवन को अधिक सुगम बनाना है।

दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री 82 किलोमीटर लंबे दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह देश की पहली नमो भारत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) परियोजना है, जिसकी डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटा है। इस परियोजना के तहत दिल्ली में सराय काले खां से न्यू अशोक नगर तक और मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक के हिस्सों को चालू किया जाएगा। मेरठ में शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशन भी इस चरण में शुरू होंगे।

मेरठ मेट्रो भारत की सबसे तेज मेट्रो

मेरठ मेट्रो को देश की सबसे तेज मेट्रो प्रणालियों में शामिल किया जा रहा है। इसकी अधिकतम परिचालन गति लगभग 120 किमी प्रति घंटा होगी। सभी निर्धारित स्टेशनों पर रुकते हुए यह करीब 30 मिनट में दूरी तय करेगी। खास बात यह है कि नमो भारत और मेरठ मेट्रो एक ही इंफ्रास्ट्रक्चर पर संचालित होंगी। यह मॉडल देश में पहली बार लागू किया जा रहा है।

इस सौगात से नागरिकों को राहत

इस हाई-स्पीड कॉरिडोर के शुरू होने से सड़क यातायात का दबाव कम होगा और कार्बन उत्सर्जन में भी गिरावट आएगी। आधुनिक और टिकाऊ सार्वजनिक परिवहन प्रणाली की दिशा में यह कदम शहरी गतिशीलता को नया आयाम देगा। यह परियोजना पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए विकास और कनेक्टिविटी का नया अध्याय खोलने जा रही है, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

भारतीयों के लिए खुशखबरी! पासपोर्ट सेवा अब सिर्फ एक कॉल दूर

नई दिल्ली। विदेश में रहने, पढ़ने या काम करने वाले भारतीय नागरिकों के लिए जल्द ही एक बड़ी राहत मिलने वाली है। विदेश मंत्रालय एक अंतरराष्ट्रीय टोल-फ्री हेल्पलाइन शुरू करने की तैयारी में है, जिसके जरिए दुनिया के किसी भी देश में मौजूद भारतीय सीधे भारत के पासपोर्ट सेवा तंत्र से जुड़ सकेंगे वह भी बिना कॉल शुल्क दिए।

क्यों है यह सुविधा अहम?

विदेश में पासपोर्ट से जुड़ी समस्या अचानक और गंभीर स्थिति पैदा कर सकती है। उड़ान से पहले पासपोर्ट खो जाना, नाम या जन्मतिथि में त्रुटि, वीजा प्रक्रिया के दौरान दस्तावेज़ सुधार की जरूरत, ऐसी परिस्थितियों में दूतावास तक पहुंचना हर किसी के लिए आसान नहीं होता। कई देशों में भारतीय मिशन दूर शहरों में स्थित हैं, और अंतरराष्ट्रीय कॉल की लागत भी अधिक होती है। नई हेल्पलाइन इन परेशानियों को काफी हद तक कम करेगी।

कैसे काम करेगी हेल्पलाइन?

सरकार एक ऐसा तकनीकी ढांचा तैयार कर रही है, जिससे विदेश से की गई कॉल सीधे भारत स्थित ‘पासपोर्ट सेवा प्रोग्राम’ (PSP) केंद्रों तक पहुंचे। यह सेवा 24x7 और साल के 365 दिन उपलब्ध रहेगी, ताकि आपात स्थिति में भी सहायता मिल सके। कोशिश होगी कि अधिकतम देशों के लिए एक समान नंबर हो, जबकि तकनीकी जरूरत के अनुसार कुछ देशों में अलग टोल-फ्री नंबर भी जारी किए जा सकते हैं।

डिजिटल गवर्नेंस की दिशा में कदम

यह कदम भारत के डिजिटल गवर्नेंस मॉडल को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में अहम मानी जा रही है। पासपोर्ट सेवा परियोजना का तकनीकी संचालन टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के सहयोग से किया जा रहा है। देश में वर्तमान में 37 पासपोर्ट कार्यालय, 90 से अधिक सेवा केंद्र और सैकड़ों डाकघर पासपोर्ट केंद्र कार्यरत हैं। डेटा सुरक्षा और पासपोर्ट जारी करने का अंतिम अधिकार पूरी तरह भारत सरकार के पास रहेगा, जबकि तकनीकी सहायता साझेदार कंपनियां संभालेंगी।

प्रवासी भारतीयों के लिए भरोसे की डोर

इस टोल-फ्री हेल्पलाइन का उद्देश्य केवल सुविधा देना नहीं, बल्कि विदेशों में बसे भारतीयों और सरकार के बीच विश्वास को मजबूत करना भी है। सेवा शुरू होने के बाद चाहे कोई छात्र यूरोप में हो, पेशेवर अमेरिका में या कामगार खाड़ी देशों में उसे आपात स्थिति में त्वरित मार्गदर्शन मिल सकेगा।

कल से पैसों की बारिश? धनशक्ति राजयोग से 5 राशियों की बल्ले-बल्ले

राशिफल। 23 फरवरी 2026 को कुंभ राशि में शुक्र और मंगल की युति से विशेष संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष में ‘धनशक्ति राजयोग’ कहा जा रहा है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार जब धन, वैभव और सुख के कारक शुक्र तथा ऊर्जा, साहस और भूमि के कारक मंगल एक साथ आते हैं, तो आर्थिक गतिविधियों में तेजी और करियर में नए अवसर पैदा होते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के लिए यह योग आय में वृद्धि का संकेत देता है। लंबे समय से अटके भुगतान मिल सकते हैं। व्यापार में नए सौदे लाभकारी साबित होंगे। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। निवेश के मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला भविष्य में अच्छा रिटर्न दे सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक स्थिरता लेकर आ सकता है। अचानक धन लाभ या किसी पुराने निवेश से फायदा संभव है। पारिवारिक संपत्ति या जमीन-जायदाद से जुड़ी अच्छी खबर मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी, जिससे आत्मविश्वास बढ़ेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए धनशक्ति राजयोग करियर में उछाल ला सकता है। उच्च अधिकारियों से सहयोग मिलेगा। व्यापार में विस्तार के योग बनेंगे। यदि नया काम शुरू करने की योजना है तो समय अनुकूल रह सकता है। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी बढ़ोतरी संभव है।

4. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों को इस दौरान वित्तीय योजनाओं में सफलता मिल सकती है। साझेदारी वाले कामों में लाभ होगा। कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण बना रहेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी।

5. मकर राशि

मकर राशि के लिए यह योग करियर और धन दोनों मामलों में सकारात्मक रहेगा। मेहनत का परिणाम मिलने का समय है। नौकरी में वेतन वृद्धि या नई भूमिका मिलने की संभावना है। व्यापारियों को बड़े ऑर्डर या लाभकारी समझौते मिल सकते हैं।

रेलवे में नौकरियों की सुनामी! 11,127 ALP पदों पर मेगा भर्ती का ऐलान

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे तकनीकी पृष्ठभूमि के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। भारतीय रेलवे में वर्ष 2026 के दौरान सहायक लोको पायलट (ALP) के 11,127 रिक्त पदों को भरने की मंजूरी मिल गई है। यह भर्ती देश के 17 रेल जोनों में की जाएगी और इसके लिए जल्द ही केंद्रीकृत अधिसूचना जारी होगी।

रेलवे बोर्ड की ओर से सभी जोनल महाप्रबंधकों को भेजे गए निर्देश में बताया गया है कि मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के जरिए रिक्तियों का आकलन करने के बाद सक्षम प्राधिकारी ने इस भर्ती प्रक्रिया को स्वीकृति दे दी है। भर्ती लेवल-2 के पदों पर सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिफिकेशन (CEN) के तहत आयोजित होगी।

किन जोनों में कितने पद?

सबसे अधिक भर्तियां पूर्वी तटीय रेलवे (1625) और दक्षिण पूर्व रेलवे (1531) में होंगी। इसके अलावा प्रमुख जोनों में रिक्तियां इस प्रकार हैं:

मध्य रेलवे – 1400, पूर्व मध्य रेलवे – 700, पूर्व रेलवे – 608, उत्तर मध्य रेलवे – 457, उत्तर रेलवे – 740, उत्तर पश्चिम रेलवे – 600, उत्तर पूर्व सीमांत रेलवे – 1276, दक्षिण मध्य रेलवे – 674, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे – 200, दक्षिण रेलवे – 250, दक्षिण पश्चिम रेलवे – 200, पश्चिम मध्य रेलवे – 541, पश्चिम रेलवे – 214, पूर्वोत्तर रेलवे – 105, चित्तरंजन लोकोमोटिव वर्क्स – 06, उत्तर मध्य रेलवे में भी 457 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू होगी।

एक सप्ताह में आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

रेलवे बोर्ड ने जोनों को निर्देश दिया है कि वे एक सप्ताह के भीतर अंतिम इंडेंट प्रक्रिया पूरी करें। भर्ती प्रक्रिया रेलवे भर्ती बोर्ड बंगलूरू के माध्यम से आयोजित की जाएगी। आवेदन तिथियां, योग्यता, आयु सीमा और अन्य शर्तें आधिकारिक अधिसूचना में स्पष्ट की जाएंगी।

आरक्षण नियमों का पालन

भर्ती में एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और अन्य आरक्षित वर्गों के लिए तय नियमों का पालन किया जाएगा। बैकलॉग और वर्तमान रिक्तियों को मिलाकर पद भरे जाएंगे। नई नियुक्तियों से लंबे समय से ट्रांसफर की प्रतीक्षा कर रहे कर्मचारियों को भी राहत मिलने की संभावना है।

युवाओं के लिए बड़ा मौका

यह भर्ती तकनीकी योग्यता रखने वाले अभ्यर्थियों के लिए बड़ा अवसर है। बड़ी संख्या में पदों के कारण प्रतिस्पर्धा तो रहेगी, लेकिन चयनित उम्मीदवारों के लिए रेलवे में स्थायी और प्रतिष्ठित करियर का रास्ता खुलेगा। सरकारी नौकरी का सपना देख रहे युवाओं के लिए यह साल खास साबित हो सकता है।

यूपी में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने को लेकर बड़ी खबर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को और भरोसेमंद बनाने का फैसला किया है। अब इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करते समय माता-पिता या मृतक का आधार नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। यह कदम प्रमाण पत्र में फर्जीवाड़ा रोकने और राज्य की योजनाओं के संचालन को सटीक बनाने के लिए उठाया गया है।

नई प्रक्रिया

मुख्य सचिव एसपी गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में तय हुआ कि जन्म और मृत्यु पंजीकरण को सीआरएस पोर्टल से लिंक किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों में मां के डिस्चार्ज से पहले नवजात का जन्म प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा, जबकि निजी अस्पतालों में यह प्रक्रिया ऑनलाइन सूचना आईडी के माध्यम से पूरी होगी।

क्यों है यह जरूरी

प्रदेश में कई मामले सामने आए हैं, जहां जन्म या मृत्यु प्रमाण पत्र गलत तरीके से बनाए गए। आधार नंबर लिंकिंग से न केवल फर्जीवाड़ा रोका जा सकेगा, बल्कि प्रमाण पत्र का डेटा सीधे राज्य स्तर पर उपलब्ध होगा। इससे सरकारी योजनाओं के लिए सही जानकारी मिल सकेगी और लाभार्थियों को सुविधा होगी।

इससे क्या होगा लाभ

फर्जीवाड़ा कम होगा

प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया पारदर्शी होगी

सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन आसान होगा

नागरिकों को प्रमाण पत्र जल्दी और सुरक्षित तरीके से मिलेगा

उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम राज्य में जन्म और मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ और भरोसेमंद बनाएगा।

पीएम मोदी ने दी बड़ी सौगात: देशवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्रेटर नोएडा के जेवर में फॉक्सकॉन और एचसीएल के संयुक्त उद्यम द्वारा विकसित सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र की आधारशिला रखी। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत तकनीकी क्षेत्र में अब हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों मोर्चों पर तेजी से आगे बढ़ रहा है।

पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि उत्तर प्रदेश जल्द ही देश का बड़ा सेमीकंडक्टर हब बन जाएगा और दुनिया भारत को टेक्नोलॉजी के भविष्य के केंद्र के रूप में देख रही है। उन्होंने यह भी कहा कि आत्मनिर्भरता के बिना विकसित भारत का सपना पूरा नहीं हो सकता। ‘मेड इन इंडिया’ सेमीकंडक्टर चिप इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं।

परियोजना का महत्व

यह संयंत्र डिया चिप प्राइवेट लिमिटेड के तहत बनाया जा रहा है और यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में स्थापित होगा। यह सुविधा मोबाइल, लैपटॉप, टैबलेट, ऑटोमोटिव और उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उपकरणों के लिए असेंबली और टेस्टिंग प्रदान करेगी। 

इस सेमीकंडक्टर चिप संयंत्र की कुल निवेश ₹3,700 करोड़ से अधिक है। इसका उद्देश्य घरेलू निर्माण को मजबूत करना, आयात पर निर्भरता कम करना और ग्लोबल सप्लाई चेन को मज़बूत करना है। इससे भारत की ताकत में जबरदस्त वृद्धि होगी।

यूपी और देश के लिए अवसर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान कहा कि इस परियोजना से उत्तर प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और निवेश का नया दौर शुरू होगा। तकनीकी दक्षता बढ़ाने और आत्मनिर्भर भारत बनाने की दिशा में यह संयंत्र एक मील का पत्थर साबित होगा। पीएम मोदी की ये सौगात देशवासियों के लिए किसी खुशखबरी से कम नहीं हैं।

यूपी में ये एक्सप्रेस-वे पूरा होने वाला है, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लखनऊ और कानपुर को जोड़ने वाले प्रमुख एक्सप्रेस-वे की एलीवेटेड रोड का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। अधिकारी बता रहे हैं कि मार्च के तीसरे सप्ताह तक यह परियोजना पूरी होने के करीब है, और अप्रैल से आम जनता के लिए इसे खोला जा सकता है।

लखनऊ–कानपुर एक्सप्रेस-वे की यह परियोजना न केवल यात्रा समय घटाएगी बल्कि इन जिलों के आर्थिक और सामाजिक विकास में भी योगदान करेगी। ट्रैफिक की समस्या कम होने के साथ-साथ इस मार्ग से परिवहन और कारोबार की रफ्तार भी बढ़ेगी।

काम की वर्तमान स्थिति

निर्माण कार्य के दौरान मार्ग पर गुजर रही ट्रांसमिशन लाइन को शिफ्ट करना सबसे बड़ी चुनौती रही। स्कूटर इंडिया चौराहा गौरी के ऊपर से गुजरने वाली लाइन के कारण कई महीनों तक काम धीमा रहा। हालांकि, संबंधित विभागों और तकनीकी स्वीकृतियों के बाद अब निर्माण कार्य अंतिम रूप ले रहा है।

कार्यदायी संस्था पीएनसी ने सड़क के डामरीकरण, मार्ग प्रकाश, दिशा संकेत और सुरक्षा मानकों की जांच में तेजी ला दी है। प्रशासनिक अधिकारी अंकुर जैन का कहना है कि सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाएँ तो अप्रैल से एलिवेटेड मार्ग पर यातायात शुरू हो सकेगा।

लाभ और सुविधाएं

यह मार्ग उन क्षेत्रों में बनाया जा रहा है जहां प्रतिदिन हजारों वाहन चलते हैं। एलिवेटेड रोड खुलने के बाद ऊपर से गुजरने वाला ट्रैफिक बिना किसी अवरोध के चलेगा, जबकि नीचे की सड़क स्थानीय यातायात के लिए इस्तेमाल होगी। इससे जाम की समस्या कम होगी और यात्रा समय में भी भारी कमी आएगी।

इसके अलावा, मार्ग पर लगाए जा रहे सुरक्षा उपाय और दिशा संकेत यातायात के सुचारू संचालन में मदद करेंगे। तकनीकी परीक्षण और सुरक्षा मानकों की जांच अंतिम चरण में हैं, ताकि आम लोगों के लिए मार्ग पूरी तरह सुरक्षित हो।

सूर्य की शक्ति का धांसू असर, इन 5 राशियों को सुपर लाभ!

राशिफल। ज्योतिषशास्त्र में सूर्य का अत्यधिक महत्व माना गया है। यह केवल हमारे जीवन में ऊर्जा और स्वास्थ्य का स्रोत नहीं है, बल्कि राशियों पर इसके प्रभाव से भाग्य और अवसरों में भी बदलाव आता है। इस समय सूर्य की चाल और ग्रहों की स्थिति इन 5 राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रही है। अगर आप इनमें से किसी राशि के हैं, तो आपके जीवन में आने वाले कुछ समय में महत्वपूर्ण लाभ होने की संभावना है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सूर्य की स्थिति भाग्य और करियर में जबरदस्त बदलाव लाएगी। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होंगे और नौकरी या व्यवसाय में नई परियोजनाओं का अवसर मिलेगा। स्वास्थ्य के लिहाज से भी ऊर्जा का स्तर बढ़ेगा और मानसिक तनाव कम होगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों पर सूर्य का प्रभाव सबसे अधिक दिखाई देगा। विशेष रूप से नेतृत्व और प्रदर्शन के क्षेत्र में सफलता मिलेगी। सरकारी लाभ या धन से जुड़ी योजनाओं में फायदा होगा। परिवार में सुख-शांति का माहौल बनेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातक धन, निवेश और भाग्य से जुड़े मामलों में लाभ का अनुभव करेंगे। कोई लंबित भुगतान या पुराना ऋण आसानी से चुकाया जा सकेगा। इसके अलावा शिक्षा और यात्रा के क्षेत्र में भी शुभ अवसर प्राप्त होंगे।

4. कन्या राशि

कन्या राशि के लिए सूर्य का असर स्वास्थ्य और वित्तीय स्थिति को मजबूत करेगा। बचत और निवेश में लाभ होगा, साथ ही घर या संपत्ति से जुड़े निर्णयों में सफलता मिलेगी। व्यक्तिगत जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नये प्रोजेक्ट्स में फायदा होगा और पुराने विवादों का समाधान भी संभव है। मानसिक स्थिरता और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

मोदी सरकार की बड़ी तैयारी, किसानों को जल्द मिलेंगे पैसे

नई दिल्ली। देशभर के लाखों किसान पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 22वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। जनवरी का महीना समाप्त हो चुका है और फरवरी भी अपने अंतिम चरण में है। किसानों के लिए यह राशि खेती-किसानी के कई छोटे-मोटे खर्चों में अहम भूमिका निभाती है। हर किसी की नजर इस बात पर है कि दो हजार रुपये की यह किस्त उनके बैंक खाते में कब आएगी।

होली से पहले आ सकती है किस्त?

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार जल्द ही किसानों के बैंक खाते में राशि ट्रांसफर किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, जब तक सरकार की तरफ से कोई पक्की तारीख नहीं आती, इन संभावित तिथियों को केवल अनुमान के रूप में ही देखा जाना चाहिए।

किस्त रुकने का कारण

कई बार किसानों की किस्त बैंक खाते में न पहुँचने का कारण अधूरी या गलत जानकारी होती है। यदि आपका आवेदन सही तरीके से पूरा नहीं हुआ है, तो पेंडिंग स्टेटस दिख सकता है। किस्त पाने के लिए जरूरी है कि आपका आधार कार्ड आपके बैंक खाते से लिंक हो। पैन कार्ड का वेरिफिकेशन हो चुका हो। बैंक खाते से जुड़ी किसी भी तकनीकी समस्या का समाधान किया गया हो। यदि इनमें से कोई भी प्रक्रिया अधूरी है, तो आपके पैसे मिलने में देरी हो सकती है।

घर बैठे आसानी से जानें स्टेटस

किसान अब अपने घर बैठे भी अपनी किस्त की स्थिति आसानी से जान सकते हैं। इसके लिए: अपने मोबाइल या कंप्यूटर पर PM किसान के आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in खोलें। होमपेज पर ‘Farmer Corner’ सेक्शन में जाएँ। ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना रजिस्टेशन नंबर और स्क्रीन पर दिख रहे सिक्योरिटी कोड को दर्ज करें। आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया OTP दर्ज करें, आपका स्टेटस दिखाई देगा। किसानों को सलाह दी जाती है कि वे समय-समय पर अपना स्टेटस चेक करते रहें और सुनिश्चित करें कि सभी जरूरी दस्तावेज़ और बैंक विवरण अपडेट हैं।