HappyNews@ Media Team

This channel publishes all kinds of news related to the world.you will always be grateful if you always keep such a relationship with me.

HappyNews @ Science and Technology

Click here for every news from science and stay with HappyNews.

Happy News @ प्रेरक विचार

Click here for a relayed news with a motivational idea and stay with HappyNews.

HappyNews @ Politics

Click here for news related to politics and stay with HappyNews.

HappyNews @ Lifestyle and Relationship

Click here for the motive thought with image and stay with HappyNews.

NHPC भर्ती 2026: 72 पदों के लिए करें आवेदन

नई दिल्ली।  इंजीनियरिंग क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। NHPC Limited ने वर्ष 2026 के लिए ट्रेनी इंजीनियर (Trainee Engineer) पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 72 पदों को भरा जाएगा। योग्य उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पद का नाम

ट्रेनी इंजीनियर (Trainee Engineer)

कुल पद: 72

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास निम्नलिखित इंजीनियरिंग डिग्री होना आवश्यक है: B.E. / B.Tech in Civil Engineering, Electrical Engineering, Mechanical Engineering, मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से संबंधित शाखा में इंजीनियरिंग डिग्री होना जरूरी है।

आयु सीमा

उम्मीदवार की अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जा सकती है।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को ₹50,000 से ₹1,60,000 (IDA) स्केल (E2 ग्रेड) के तहत वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य भत्ते और सुविधाएं भी मिलेंगी।

आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। उम्मीदवारों को NHPC Limited की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन करना होगा।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 16 मार्च 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 06 अप्रैल 2026

AIIMS भर्ती 2026: नर्सिंग ऑफिसर के 2551 पदों पर आवेदन

नई दिल्ली। स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों के लिए अच्छी खबर है। All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) ने वर्ष 2026 के लिए नर्सिंग ऑफिसर के पदों पर बड़ी भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत कुल 2551 पदों को भरा जाएगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

पद का नाम

नर्सिंग ऑफिसर

कुल पद

2551

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास निम्न में से कोई एक योग्यता होना आवश्यक है: B.Sc. (Hons.) Nursing, B.Sc. Nursing, Post Basic B.Sc. Nursing, General Nursing and Midwifery (GNM) डिप्लोमा। यदि उम्मीदवार के पास GNM डिप्लोमा है, तो उसके साथ संबंधित नर्सिंग काउंसिल में वैध रजिस्ट्रेशन और कम से कम 2 वर्ष का कार्य अनुभव होना जरूरी है।

आयु सीमा

उम्मीदवार की आयु 18 वर्ष से 30 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट मिल सकती है।

वेतनमान

चयनित उम्मीदवारों को Pay Level-07 के तहत वेतन मिलेगा। यह वेतनमान पहले के Pay Band-2 (₹9300–34800) के साथ ₹4600 ग्रेड पे के समकक्ष है। इसके अलावा अन्य सरकारी भत्ते भी दिए जाएंगे।

आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा। उम्मीदवारों को All India Institute of Medical Sciences की आधिकारिक परीक्षा वेबसाइट के माध्यम से फॉर्म भरना होगा।

महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 24 फरवरी 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 16 मार्च 2026 (शाम 5 बजे तक)

देश के किसानों को बड़ी राहत, पीएम मोदी कल करेंगे धन जारी

नई दिल्ली। देश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की अगली किस्त 13 मार्च 2026 को जारी की जाएगी। इस योजना के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है, जो तीन किस्तों में 2-2 हजार रुपये करके सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।

कब जारी होगी 22वीं किस्त

सरकार द्वारा अब तक योजना की 21 किस्तें जारी की जा चुकी हैं। अब 22वीं किस्त का इंतजार कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। यह किस्त 13 मार्च को जारी होगी। इस दौरान नरेंद्र मोदी असम के गुवाहाटी से कार्यक्रम के जरिए किसानों के खातों में पैसे ट्रांसफर करेंगे। जानकारी के मुताबिक कार्यक्रम शाम लगभग 5 बजे शुरू होगा, जिसके बाद लाभार्थियों के बैंक खातों में 2,000 रुपये की राशि भेजी जाएगी।

ऐसे करें चेक – खाते में पैसा आया या नहीं

1. मोबाइल मैसेज से पता करें: किस्त जारी होने के बाद सरकार द्वारा लाभार्थियों के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजा जाता है। इसके अलावा बैंक की तरफ से भी एसएमएस आता है जिसमें बताया जाता है कि आपके खाते में 2,000 रुपये जमा हो गए हैं।

2. एटीएम से बैलेंस चेक करें: अगर आपको किसी तरह का मैसेज नहीं मिलता है, तो आप अपने नजदीकी एटीएम पर जाकर खाते का बैलेंस चेक कर सकते हैं। मिनी स्टेटमेंट निकालकर भी यह देखा जा सकता है कि किस्त की राशि खाते में आई है या नहीं।

3. बैंक जाकर जानकारी लें: इसके अलावा किसान अपने बैंक शाखा में जाकर भी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। पासबुक अपडेट या प्रिंट करवाकर यह आसानी से पता लगाया जा सकता है कि खाते में योजना की किस्त आई है या नहीं।

योजना का उद्देश्य

सरकार द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को आर्थिक सहायता प्रदान करना है, ताकि वे खेती से जुड़े खर्चों को आसानी से पूरा कर सकें।

कमल की तरह खिलेंगे भाग्य! शुक्र की कृपा से 4 राशियों की चमकेगी किस्मत

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार ग्रहों की चाल समय-समय पर अलग-अलग राशियों के जीवन को प्रभावित करती है। जब शुक्र ग्रह शुभ स्थिति में आता है तो इसका प्रभाव विशेष रूप से सुख, धन, प्रेम और ऐश्वर्य से जुड़ा माना जाता है। आने वाले समय में शुक्र की अनुकूल स्थिति चार राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत दे रही है। इन राशियों के जातकों के जीवन में नए अवसर मिल सकते हैं और रुके हुए कामों में गति आ सकती है।

1. मेष राशि

मेष राशि के लोगों के लिए यह समय काफी अनुकूल माना जा रहा है। शुक्र के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे हो सकते हैं। नौकरी करने वालों को कार्यस्थल पर प्रशंसा मिल सकती है और पदोन्नति के अवसर भी बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और लाभ मिलने की संभावना है। परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि यह ग्रह इस राशि का स्वामी भी माना जाता है। आने वाले समय में आय के नए स्रोत बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। जो लोग लंबे समय से किसी योजना पर काम कर रहे हैं, उन्हें सफलता मिल सकती है। परिवार और दांपत्य जीवन में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे। स्वास्थ्य के मामले में भी स्थिति बेहतर रहने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के लोगों के लिए यह समय प्रगति और नई उपलब्धियों का संकेत दे सकता है। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं और जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। व्यापार करने वालों को लाभ के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। सामाजिक क्षेत्र में मान-सम्मान बढ़ सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा और घर में सुख-शांति बनी रहेगी। पुराने निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना है।

4. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए शुक्र का शुभ प्रभाव भाग्य को मजबूत कर सकता है। शिक्षा, नौकरी और व्यापार के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। जो लोग नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल हो सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं और धन लाभ के अवसर भी मिल सकते हैं। मित्रों और परिवार का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण काम आसानी से पूरे हो सकते हैं।

केंद्र सरकार ने दी राहत, सेविंग्स बैंक अकाउंट वालों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। देश के करोड़ों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि मूल बचत जमा खाता रखने वाले लोगों को खाते में न्यूनतम राशि बनाए रखने की कोई बाध्यता नहीं होगी। यदि खाते में कम पैसे हों या बिल्कुल न हों, तब भी किसी प्रकार का जुर्माना नहीं लगाया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि देश में ऐसे खातों की संख्या लगभग 72 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इनमें प्रधानमंत्री जन धन योजना के अंतर्गत खोले गए खाते भी शामिल हैं। इन खातों की शुरुआत इस उद्देश्य से की गई थी कि गरीब, छोटे बचतकर्ता और बैंक सेवाओं से दूर रहने वाले लोग भी आसानी से बैंक व्यवस्था से जुड़ सकें।

शून्य राशि के साथ भी चल सकता है खाता

मूल बचत जमा खाते की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे शून्य राशि के साथ भी चलाया जा सकता है। यानी खाताधारक को खाते में कोई तय न्यूनतम राशि रखना जरूरी नहीं है। इसके माध्यम से लोग आसानी से पैसे जमा कर सकते हैं, निकाल सकते हैं और अन्य जरूरी बैंक सेवाओं का लाभ उठा सकते हैं।

सामान्य खातों में अलग नियम

सरकार ने यह भी बताया कि सामान्य बचत खाते और चालू खातों के लिए बैंक अपने नियमों के अनुसार न्यूनतम औसत राशि रखने की शर्त लागू कर सकते हैं। यदि ग्राहक तय सीमा से कम राशि रखते हैं तो बैंक कुछ शुल्क ले सकते हैं। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक के निर्देशों के अनुसार ऐसे शुल्क उचित और पारदर्शी होने चाहिए।

बैंकों ने वसूले हजारों करोड़ रुपये

सरकार के अनुसार पिछले तीन वित्तीय वर्षों के दौरान सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने न्यूनतम राशि न रखने के कारण बचत और चालू खातों से लगभग 8092 करोड़ रुपये शुल्क के रूप में प्राप्त किए हैं। हालांकि यह राशि बैंकों की कुल आय का बहुत छोटा हिस्सा है।

कई बैंकों ने हटाया जुर्माना

ग्राहकों को राहत देने के लिए कई सरकारी बैंकों ने न्यूनतम राशि से जुड़ा जुर्माना खत्म या कम कर दिया है। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने वर्ष 2020 से ही बचत खातों पर न्यूनतम राशि न रखने का जुर्माना समाप्त कर दिया था। इसके अलावा कई अन्य सरकारी बैंकों ने भी हाल के वर्षों में ऐसे शुल्क हटाने का निर्णय लिया है।

वित्तीय समावेशन को मिलेगा बढ़ावा

सरकार का मानना है कि इन कदमों से बैंक व्यवस्था अधिक लोगों के लिए सुलभ बनेगी। इससे विशेष रूप से उन लोगों को फायदा होगा जिनकी आय कम है या जिनकी बचत छोटी होती है। सरकार की कोशिश है कि हर व्यक्ति बिना किसी डर या दबाव के बैंक सेवाओं का उपयोग कर सके।

भारत बना रहा ऐसा सुपरसोनिक हथियार, दुश्मनों की बढ़ेगी टेंशन

नई दिल्ली। भारत का एयरोस्पेस सेक्टर तेजी से नई तकनीकों की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में देश में एक ऐसे उन्नत प्लेटफॉर्म पर काम किया जा रहा है जो भविष्य के युद्ध में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यह एक सुपरसोनिक नियर-स्पेस कॉम्बैट व्हीकल का कॉन्सेप्ट है, जिसे बहुत अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए लंबी दूरी तक सटीक हमला करने के लिए तैयार किया जा रहा है।

यह परियोजना भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र में उभर रही नई तकनीकी क्षमताओं का उदाहरण मानी जा रही है। इस तरह का प्लेटफॉर्म विकसित होने पर भारत को दुश्मन के ठिकानों पर दूर से ही हमला करने की नई क्षमता मिल सकती है।

नियर-स्पेस में ऑपरेशन की योजना

इस प्लेटफॉर्म को पृथ्वी के उस हिस्से में काम करने के लिए डिजाइन किया जा रहा है जिसे नियर-स्पेस कहा जाता है। यह क्षेत्र आमतौर पर लगभग 18 से 30 किलोमीटर की ऊंचाई के बीच माना जाता है। कॉन्सेप्ट के अनुसार यह वाहन इससे भी अधिक ऊंचाई, लगभग 36 किलोमीटर (करीब 1,18,000 फीट) तक तैनात किया जा सकता है। वहां से यह तेज गति से उड़ान भरते हुए अपने मिशन को अंजाम दे सकता है।

अधिक ऊंचाई का रणनीतिक फायदा

इतनी ऊंचाई पर उड़ान भरने का सबसे बड़ा लाभ यह है कि यह सामान्य लड़ाकू विमानों की गश्त से काफी ऊपर रहता है। इसके अलावा कई शॉर्ट और मीडियम रेंज एयर डिफेंस सिस्टम की पहुंच भी इस स्तर तक नहीं होती। इस वजह से ऐसा प्लेटफॉर्म दुश्मन की निगरानी से काफी हद तक बचते हुए अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है। साथ ही यह सैटेलाइट की कक्षा से नीचे रहते हुए लगातार निगरानी या स्ट्राइक मिशन को अंजाम दे सकता है।

सुपरसोनिक स्पीड से हमला

कॉन्सेप्ट के मुताबिक यह वाहन लगभग मैक 2.5 की रफ्तार से उड़ान भरने में सक्षम हो सकता है। यह स्पीड ध्वनि की गति से कई गुना ज्यादा होती है। इतनी तेज रफ्तार के साथ यह प्लेटफॉर्म 800 किलोमीटर से अधिक दूरी तक लक्ष्य पर हमला करने की क्षमता रख सकता है। हमले के अंतिम चरण में इसकी गति और भी बढ़कर मैक 3 से ज्यादा हो सकती है, जिससे दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम को प्रतिक्रिया देने का बहुत कम समय मिलेगा।

रैमजेट इंजन का उपयोग

इस परियोजना में रैमजेट इंजन तकनीक का उपयोग करने की योजना है। इस तकनीक में इंजन के भीतर हवा को बहुत तेज गति से प्रवेश कराया जाता है और उसी दबाव का उपयोग करके दहन प्रक्रिया को पूरा किया जाता है। इस प्रणाली में पारंपरिक जेट इंजनों की तरह जटिल कंप्रेसर की आवश्यकता नहीं होती। यही कारण है कि रैमजेट इंजन लंबे समय तक बहुत तेज गति बनाए रखने में सक्षम होते हैं।

भविष्य की स्ट्राइक क्षमता

यदि इस तरह का सुपरसोनिक नियर-स्पेस प्लेटफॉर्म पूरी तरह विकसित हो जाता है, तो यह भारत की सैन्य क्षमता को काफी मजबूत बना सकता है। इससे देश को लंबी दूरी से स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक करने की ताकत मिल सकती है। इसका मतलब यह होगा कि भारतीय बल दुश्मन के हवाई क्षेत्र में प्रवेश किए बिना ही उसके महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बना सकेंगे। आने वाले समय में ऐसी तकनीकें आधुनिक युद्ध की रणनीति को पूरी तरह बदल सकती हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: नैनो उर्वरकों के लिए सख्त नियम लागू

नई दिल्ली। कृषि क्षेत्र में तेजी से बढ़ती नैनो तकनीक को देखते हुए केंद्र सरकार ने नैनो उर्वरकों को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब इन उर्वरकों को बाजार में उतारने से पहले कंपनियों को कई सख्त नियमों का पालन करना होगा। सरकार का उद्देश्य किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और बाजार में उपलब्ध उर्वरकों की गुणवत्ता पर नियंत्रण रखना है।

सरकार ने उर्वरक नियंत्रण से जुड़े नियमों में संशोधन करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी नैनो उर्वरक को बिना वैज्ञानिक परीक्षण और आवश्यक प्रमाणन के बाजार में नहीं बेचा जा सकेगा। इसके लिए कंपनियों को पहले सुरक्षा और प्रभाव से जुड़ा पूरा डेटा प्रस्तुत करना होगा।

सुरक्षा और गुणवत्ता के लिए जरूरी होगा वैज्ञानिक परीक्षण

नए नियमों के अनुसार, नैनो उर्वरक बनाने वाली कंपनियों को अपने उत्पाद की सुरक्षा और जैविक प्रभाव से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत करनी होगी। इसके लिए उन्हें मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं से प्रमाणित रिपोर्ट जमा करनी होगी। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ये उर्वरक किसानों, मिट्टी और पर्यावरण के लिए सुरक्षित हों।

प्रारंभिक अनुमति की अवधि घटाई गई

सरकार ने नैनो उर्वरकों के लिए मिलने वाली शुरुआती अनुमति की अवधि भी कम कर दी है। पहले कंपनियों को तीन साल तक की अनुमति मिलती थी, लेकिन अब यह अवधि घटाकर दो साल कर दी गई है। इस अवधि के दौरान कंपनियों को अपने उत्पाद के परिणाम और प्रभाव से जुड़ी विस्तृत जानकारी सरकार को देनी होगी। अगर तय समय में यह जानकारी नहीं दी जाती, तो अनुमति समाप्त हो सकती है।

मल्टी-लोकेशन ट्रायल अनिवार्य

किसी भी नैनो उर्वरक को मंजूरी देने से पहले अब अलग-अलग क्षेत्रों में परीक्षण करना जरूरी होगा। इन परीक्षणों में कम से कम दस फसलों पर प्रयोग किए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग मौसम और कृषि-जलवायु क्षेत्रों में भी इनके परिणामों की जांच की जाएगी। ये परीक्षण कृषि अनुसंधान संस्थानों और कृषि विश्वविद्यालयों की निगरानी में होंगे।

हर बैच की लैब में जांच

नए नियमों के तहत कंपनियों को अपने नैनो उर्वरक के हर बैच की जांच करानी होगी। यह परीक्षण मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में किया जाएगा और उसकी रिपोर्ट संबंधित विभाग को देनी होगी। रिपोर्ट के बिना उत्पाद को बाजार में भेजने की अनुमति नहीं होगी।

उपयोग की जानकारी

सरकार ने यह भी तय किया है कि नैनो उर्वरकों के पैकेट पर सुरक्षा से जुड़ी चेतावनियां और उपयोग से संबंधित दिशा-निर्देश लिखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा किसानों के लिए एक विस्तृत मार्गदर्शिका भी देनी होगी, जिसमें यह बताया जाएगा कि पारंपरिक उर्वरकों के साथ इनका संतुलित उपयोग कैसे किया जाए।

किसानों को दी जाएगी ट्रेनिंग

नए नियमों के अनुसार, नैनो उर्वरक बनाने वाली कंपनियों को किसानों को इनके सही उपयोग की जानकारी देना भी जरूरी होगा। इसके लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने होंगे ताकि किसान इन उत्पादों का सुरक्षित और प्रभावी तरीके से उपयोग कर सकें।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट! प्रमोशन सिस्टम बदलने की तैयारी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लंबे समय से आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार है। हर वेतन आयोग कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों में बदलाव से जुड़ा होता है। इस बार चर्चा का मुख्य विषय मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन (MACP) योजना है। कई कर्मचारी संगठनों का मानना है कि इस योजना में सुधार की जरूरत है ताकि कर्मचारियों को बेहतर करियर अवसर मिल सकें।

MACP योजना क्या है?

MACP योजना उन कर्मचारियों के लिए बनाई गई है जिनके विभागों में नियमित पदोन्नति के मौके कम होते हैं। कई बार ऐसा होता है कि कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पद पर काम करते रहते हैं। ऐसी स्थिति में इस योजना के तहत उन्हें तय समय पर वेतन स्तर में बढ़ोतरी दी जाती है।

मौजूदा नियमों के अनुसार, केंद्रीय कर्मचारियों को उनकी पूरी सेवा अवधि के दौरान तीन वित्तीय उन्नयन मिलते हैं। यह उन्नयन आमतौर पर 10, 20 और 30 साल की सेवा पूरी होने पर दिया जाता है। इसके बाद कर्मचारी का वेतन पे मैट्रिक्स के अगले स्तर पर पहुंच जाता है, जिससे उसकी आय में वृद्धि होती है।

कर्मचारी संगठनों की मांग

कई कर्मचारी संगठनों ने सुझाव दिया है कि मौजूदा व्यवस्था कर्मचारियों की करियर प्रगति के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए उन्होंने आठवें वेतन आयोग से मांग की है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा में कम से कम पांच प्रमोशन दिए जाएं। इसके अलावा संगठनों ने यह भी कहा है कि प्रमोशन की प्रक्रिया को ज्यादा स्पष्ट और व्यवस्थित बनाया जाना चाहिए ताकि कर्मचारियों को समय पर उन्नति मिल सके।

यूनियनों का तर्क

ट्रेड यूनियनों का कहना है कि कई सरकारी विभागों में ऊंचे पदों की संख्या सीमित होती है। इसके अलावा कई पदों के एक साथ मिल जाने से भी पदोन्नति के अवसर कम हो जाते हैं। परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में कर्मचारी लंबे समय तक एक ही पद पर काम करते रहते हैं। यही कारण है कि कर्मचारी संगठनों का मानना है कि MACP योजना में बदलाव करके कर्मचारियों को ज्यादा अवसर दिए जाने चाहिए।

लाभ लेने की शर्त

सातवें वेतन आयोग के तहत MACP का लाभ पाने के लिए कर्मचारी का प्रदर्शन भी महत्वपूर्ण होता है। किसी कर्मचारी को यह सुविधा तभी मिलती है जब उसके पिछले तीन वर्षों के APAR में कम से कम “बहुत अच्छा” ग्रेड मिला हो। अगर कर्मचारी इस मानक को पूरा नहीं कर पाता, तो उसे मिलने वाला वित्तीय उन्नयन तब तक रोक दिया जाता है जब तक वह आवश्यक प्रदर्शन स्तर हासिल नहीं कर लेता।

आगे क्या उम्मीद

आठवें वेतन आयोग के गठन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि MACP योजना में क्या बदलाव किए जाएंगे। यदि कर्मचारी संगठनों के सुझावों को स्वीकार किया जाता है, तो आने वाले समय में केंद्रीय कर्मचारियों को ज्यादा प्रमोशन और बेहतर करियर प्रगति का लाभ मिल सकता है।

बिहार में नया आदेश: जाति-आय-आवास प्रमाण पत्र की नई प्रक्रिया लागू

पटना। बिहार ने जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र बनवाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण बदलाव लागू किया है। अब इन प्रमाण पत्रों के लिए आवेदन करते समय केवल आधार कार्ड देना पर्याप्त नहीं होगा। आवेदकों को अतिरिक्त जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेजों का विवरण भी देना होगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और फर्जी प्रमाण पत्रों पर रोक लगाना है।

प्रशासनिक सुधार मिशन के तहत लिया गया फैसला

यह नई व्यवस्था राज्य में चल रहे प्रशासनिक सुधार कार्यक्रम के तहत लागू की गई है। इसके तहत प्रमाण पत्र जारी करने की पूरी प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और विश्वसनीय बनाने की कोशिश की जा रही है। इससे यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि केवल वास्तविक पात्र लोगों को ही सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ मिले।

आवेदन करते समय देनी होगी विस्तृत जानकारी

अब जब भी कोई व्यक्ति जाति, आय या आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करेगा चाहे वह ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से हो या आरटीपीएस काउंटर पर उसे आवेदन पत्र में अधिक जानकारी दर्ज करनी होगी। आवेदक को अपना नाम, पिता का नाम, माता का नाम और विवाहित होने की स्थिति में पति या पत्नी का नाम भी भरना अनिवार्य होगा। इसके साथ-साथ उसे यह भी बताना होगा कि उसके पास कौन-कौन से प्रमाण या दस्तावेज उपलब्ध हैं।

जमीन से जुड़े दस्तावेजों का भी देना होगा विवरण

सरकार ने आवेदन के दौरान कई प्रकार के दस्तावेजों के विकल्प दिए हैं। इनमें खतियान, दानपत्र, भूमि से संबंधित कागजात, भूमिहीनों को आवंटित जमीन के रिकॉर्ड और अन्य राजस्व अभिलेख शामिल हो सकते हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर अधिकारियों को आवेदक की जानकारी की पुष्टि करने में आसानी होगी।

दस्तावेज नहीं होने पर होगा स्थल निरीक्षण

यदि किसी व्यक्ति के पास जमीन या राजस्व से जुड़े दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तो उसके लिए भी एक विकल्प रखा गया है। ऐसी स्थिति में आवेदक आवेदन करते समय स्थल निरीक्षण का विकल्प चुन सकता है। इसके बाद संबंधित अधिकारी मौके पर जाकर जांच करेंगे और सत्यापन पूरा होने के बाद नियमों के अनुसार प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।

पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश

सरकार का मानना है कि नई प्रक्रिया लागू होने से प्रमाण पत्र जारी करने की व्यवस्था अधिक पारदर्शी और विश्वसनीय बनेगी। साथ ही इससे फर्जी तरीके से प्रमाण पत्र बनवाने की घटनाओं पर भी रोक लग सकेगी। नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य में जाति, आय और आवासीय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने वाले लोगों को पहले की तुलना में अधिक जानकारी और दस्तावेज उपलब्ध कराने होंगे, ताकि सही पात्रता के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किए जा सकें।

खुशखबरी की बरसात! यूपी में 3 नई भर्तियों का ऐलान, युवाओं में खुशी की लहर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य में अलग-अलग विभागों में भर्ती प्रक्रिया शुरू हो गई है। हाल ही में तीन महत्वपूर्ण भर्तियों के नोटिफिकेशन जारी किए गए हैं, जिनके जरिए सैकड़ों पदों को भरा जाएगा। इनमें अदालत, राज्य चयन आयोग और महिला एवं बाल विकास से जुड़ी नौकरियां शामिल हैं। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तारीख के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .इलाहाबाद हाईकोर्ट में प्राइवेट सेक्रेटरी पदों पर भर्ती

Allahabad High Court ने प्राइवेट सेक्रेटरी ग्रेड-1 के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के तहत कुल 195 पद भरे जाने हैं। इसमें आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का स्नातक होना जरूरी है। आवेदन प्रक्रिया 12 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 2 अप्रैल 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट allahabadhighcourt.in पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा और अन्य चरण शामिल हो सकते हैं।

2 .यूपीएसएसएससी ने जारी किया ग्रुप-C का नोटिफिकेशन

Uttar Pradesh Subordinate Services Selection Commission ने भी ग्रुप-C पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती में अलग-अलग योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। 10वीं, 12वीं, डिप्लोमा, बीकॉम, एलएलबी या एमएससी जैसी योग्यता रखने वाले उम्मीदवार इसमें आवेदन के पात्र हैं। आवेदन की प्रक्रिया 2 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 22 अप्रैल 2026 तक जारी रहेगी। इच्छुक उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकेंगे।

3 .आंगनवाड़ी वर्कर भर्ती का भी नोटिफिकेशन जारी

UP Anganwadi Recruitment के तहत भी नई भर्ती प्रक्रिया शुरू की गई है। इसमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के पदों पर आवेदन मांगे गए हैं। इस भर्ती के लिए 12वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया 10 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है और 1 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।

रूस ने भारत को दिया स्टील्थ जेट का एडवांस ऑफर, चीन की बढ़ सकती है चिंता!

नई दिल्ली। भारत की बढ़ती सैन्य ताकत के बीच रूस ने एक बार फिर नई रक्षा साझेदारी का संकेत दिया है। रूस ने भारत को अपने पांचवीं पीढ़ी के स्टील्थ फाइटर जेट का उन्नत संस्करण देने का प्रस्ताव रखा है। माना जा रहा है कि यदि यह प्रस्ताव आगे बढ़ता है तो भारतीय वायुसेना की ताकत में बड़ा इजाफा हो सकता है और एशिया में सैन्य संतुलन पर भी असर पड़ सकता है।

रूस ने दिया दो सीटों वाले स्टील्थ जेट का प्रस्ताव

रूस ने भारत को Su-57 स्टील्थ फाइटर जेट के उन्नत दो सीटों वाले संस्करण का ऑफर दिया है। इस प्रस्ताव में सिर्फ विमान ही नहीं, बल्कि उसकी तकनीक साझा करने की भी बात शामिल बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस इस विमान के साथ टेक्नोलॉजी ट्रांसफर (ToT) देने के लिए भी तैयार है, जिससे भारत को भविष्य में अपने सिस्टम को इसमें जोड़ने की सुविधा मिल सकती है। यह प्रस्ताव हाल ही में आयोजित रक्षा प्रदर्शनी Wings India 2026 के दौरान सामने आया।

भारतीय मिसाइलें भी हो सकती हैं फिट

अगर भारत को इस विमान का सोर्स कोड या टेक्नोलॉजी एक्सेस मिलता है तो भविष्य में इसमें स्वदेशी हथियारों को भी जोड़ा जा सकता है। इसमें भारत की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल BrahMos और एयर-टू-एयर मिसाइल Astra missile जैसी प्रणालियों के इस्तेमाल की संभावना जताई जा रही है।

पहले भी हो चुकी है साझेदारी की कोशिश

भारत और रूस के बीच पहले फिफ्थ जेनरेशन फाइटर एयरक्राफ्ट (FGFA) परियोजना पर चर्चा हुई थी, लेकिन 2018 में भारत इस कार्यक्रम से अलग हो गया था। उस समय लागत, तकनीकी साझेदारी और विमान की क्षमताओं को लेकर कई सवाल उठे थे। अब रूस इस नए प्रस्ताव के जरिए उस सहयोग को फिर से शुरू करने की कोशिश कर रहा है।

भारत में AMCA प्रोजेक्ट पर भी चल रहा काम

इस बीच AMCA नामक भारत का स्वदेशी पांचवीं पीढ़ी का फाइटर जेट प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ रहा है। इस परियोजना का प्रोटोटाइप आने वाले वर्षों में तैयार होने की उम्मीद है, जबकि इसका उत्पादन अगले दशक में शुरू हो सकता है। ऐसे में विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर भारत को जल्द स्टील्थ फाइटर जेट की जरूरत पड़ती है तो रूस का यह प्रस्ताव एक अंतरिम समाधान के रूप में देखा जा सकता है।

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू! कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े एक अहम मुद्दे पर कदम बढ़ाते हुए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस आयोग का मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और विभिन्न भत्तों की समीक्षा करना है। माना जा रहा है कि आयोग की सिफारिशों के बाद वेतन ढांचे में बदलाव हो सकता है, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को फायदा मिल सकता है।

सुझाव देने के लिए शुरू किया गया ऑनलाइन पोर्टल

वित्त मंत्रालय ने इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए कर्मचारियों, पेंशनर्स, कर्मचारी संगठनों और अन्य हितधारकों से सुझाव मांगे हैं। इसके लिए एक ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया गया है। इच्छुक लोग इस पोर्टल के माध्यम से 30 अप्रैल 2026 तक अपने सुझाव भेज सकते हैं। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी सिफारिशों को तैयार करेगा।

आयोग को मिला 18 महीने का समय

सरकार ने 3 नवंबर 2025 को आयोग के कामकाज के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए थे। आयोग को अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद केंद्र सरकार उस पर विचार करेगी और मंजूरी मिलने के बाद ही वेतन और पेंशन में बदलाव लागू किए जाएंगे।

पिछले आयोग में क्या बदलाव हुए थे

7th Central Pay Commission को वर्ष 2016 में लागू किया गया था। इसके तहत केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये प्रति माह तय की गई थी, जबकि अधिकतम वेतन सीमा 2.5 लाख रुपये प्रति माह रखी गई थी।

क्या बढ़ सकती है न्यूनतम सैलरी

कुछ रिपोर्टों में यह संभावना जताई जा रही है कि नए वेतन आयोग की सिफारिशों के बाद न्यूनतम वेतन 40 हजार से 46 हजार रुपये के आसपास हो सकता है। हालांकि यह सिर्फ अनुमान है। वास्तविक फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

लागू होने में लग सकता है समय

फिलहाल यह प्रक्रिया शुरुआती चरण में है। पहले आयोग अपनी रिपोर्ट तैयार करेगा, उसके बाद सरकार उस पर विचार करेगी। सभी औपचारिकताओं के बाद ही वेतन और पेंशन में किसी तरह का बदलाव लागू किया जाएगा। इसलिए कर्मचारियों को इसके लिए अभी कुछ समय इंतजार करना पड़ सकता है।

देश के 3 बड़े बैंकों में बंपर भर्ती! युवाओं के लिए निकला सुनहरा मौका

नई दिल्ली। देश में बैंकिंग सेक्टर में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। तीन प्रमुख बैंकों ने अलग-अलग पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इन भर्तियों के जरिए सैकड़ों पदों को भरा जाएगा। खास बात यह है कि ग्रेजुएशन कर चुके उम्मीदवार इन भर्तियों के लिए आवेदन कर सकते हैं। इच्छुक अभ्यर्थी संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1 .IDBI बैंक में भर्ती

IDBI Bank ने जूनियर असिस्टेंट मैनेजर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में किसी भी विषय से स्नातक (Bachelor’s Degree) कर चुके उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है और अभ्यर्थियों को बैंक की आधिकारिक वेबसाइट idbi.bank.in के माध्यम से आवेदन करना होगा। बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह एक अच्छा अवसर माना जा रहा है।

2 .SBI में SCO पदों पर वैकेंसी

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक State Bank of India ने स्पेशलिस्ट कैडर ऑफिसर (SCO) के तहत डिप्टी मैनेजर और AVP पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के तहत कुल 116 पद भरे जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 23 फरवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 15 मार्च 2026 तक जारी रहेगी। उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट sbi.bank.in पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।

3 .सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में स्पेशलिस्ट ऑफिसर भर्ती

Central Bank of India ने भी स्पेशलिस्ट ऑफिसर (SO) के 275 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 28 फरवरी 2026 से शुरू हो चुके हैं और 23 मार्च 2026 तक जारी रहेंगे। इच्छुक उम्मीदवार बैंक की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं।

युवाओं के लिए सुनहरा मौका

इन तीनों बैंकों में निकली भर्ती बैंकिंग सेक्टर में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए शानदार अवसर है। अलग-अलग पदों पर भर्ती होने के कारण विभिन्न शैक्षणिक पृष्ठभूमि के उम्मीदवार इसमें आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ लें और अंतिम तिथि से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

सूर्य-शनि की युति: जानें 12 राशियों पर कैसा रहेगा प्रभाव

राशिफल। ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति और उनके संयोग को जीवन पर प्रभाव डालने वाला माना जाता है। 14 मार्च 2026 में एक महत्वपूर्ण खगोलीय स्थिति बनने जा रही है, जब सूर्य मीन राशि में प्रवेश करेंगे और वहां पहले से स्थित शनि के साथ उनकी युति बनेगी। लगभग तीन दशक बाद इस राशि में सूर्य और शनि का मिलन हो रहा है, इसलिए ज्योतिषीय दृष्टि से इसे खास माना जा रहा है। इस ग्रह स्थिति का प्रभाव सभी 12 राशियों के लोगों पर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के लोगों को इस समय आर्थिक मामलों में सावधानी बरतनी पड़ सकती है। अनावश्यक खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट बनाकर चलना बेहतर रहेगा। कार्यस्थल पर धैर्य के साथ निर्णय लेने से लाभ मिल सकता है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय अवसरों से भरा हो सकता है। नौकरी या व्यवसाय में नई संभावनाएं सामने आ सकती हैं। मित्रों और सहयोगियों की मदद से कुछ महत्वपूर्ण काम पूरे होने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए करियर के क्षेत्र में प्रगति के संकेत मिल सकते हैं। नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं या पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। हालांकि काम के प्रति लापरवाही से बचना जरूरी होगा।

कर्क राशि

कर्क राशि के लोगों को इस दौरान भाग्य का साथ मिल सकता है। यात्रा के योग बन सकते हैं और करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या साझेदारी के अवसर मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को वित्तीय मामलों में सोच-समझकर कदम उठाना चाहिए। निवेश करते समय जल्दबाजी से बचना बेहतर रहेगा। साथ ही स्वास्थ्य और दिनचर्या पर ध्यान देना भी जरूरी हो सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय रिश्तों और साझेदारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी या बिजनेस पार्टनर के साथ सामंजस्य बनाए रखना जरूरी रहेगा। कार्यक्षेत्र में भी सहयोग मिलने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों की जिम्मेदारियां इस दौरान बढ़ सकती हैं। काम का दबाव अधिक हो सकता है, इसलिए समय प्रबंधन जरूरी रहेगा। स्वास्थ्य और दैनिक दिनचर्या का ध्यान रखने से बेहतर परिणाम मिल सकते हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह समय रचनात्मकता और प्रतिभा को निखारने वाला हो सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों में भी सुधार संभव है।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए परिवार और घर से जुड़े मामलों पर ध्यान देने का समय हो सकता है। घर, जमीन या संपत्ति से जुड़े निर्णय सामने आ सकते हैं। परिवार के साथ समय बिताने से रिश्ते मजबूत होंगे।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय नए संपर्क बनाने का हो सकता है। सामाजिक और व्यावसायिक नेटवर्क बढ़ाने से भविष्य में लाभ मिलने की संभावना है। छोटे प्रयास भी सकारात्मक परिणाम दे सकते हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों को आर्थिक मामलों में सोच-समझकर कदम उठाने की जरूरत होगी। खर्चों पर नियंत्रण रखना और योजनाबद्ध तरीके से काम करना बेहतर रहेगा। इससे स्थिरता बनी रह सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के लोगों के लिए यह ग्रह युति विशेष महत्व रखती है, क्योंकि यह संयोग इसी राशि में बन रहा है। मान-सम्मान में वृद्धि और रुके हुए कार्य पूरे होने के संकेत मिल सकते हैं। हालांकि जल्दबाजी या क्रोध से बचकर निर्णय लेना बेहतर रहेगा।

8th Pay Commission का प्रस्ताव! कर्मचारियों की सैलरी में जबरदस्त बढ़ोतरी संभव

नई दिल्ली। देश के लाखों केंद्रीय सरकारी कर्मचारी और पेंशनधारक लंबे समय से 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि नए वेतन आयोग के लागू होने के बाद कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन में बड़ा इजाफा हो सकता है। इसी बीच कर्मचारी संगठनों की ओर से एक नया प्रस्ताव सामने आया है, जिससे वेतन में अपेक्षा से ज्यादा बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार देश में करीब 50 लाख से अधिक केंद्रीय कर्मचारी और लगभग 69 लाख पेंशनधारक 8वें वेतन आयोग से मिलने वाली संभावित बढ़ोतरी पर नजर बनाए हुए हैं। सरकार भी कर्मचारियों की मांगों और सुझावों पर विचार कर रही है, ताकि नए वेतन ढांचे को तैयार करते समय उनकी जरूरतों को ध्यान में रखा जा सके।

कर्मचारियों से मांगे गए सुझाव

हाल ही में 8वें वेतन आयोग ने कर्मचारियों और उनके संगठनों से वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुझाव मांगे थे। इसके बाद विभिन्न कर्मचारी संगठनों ने कई प्रस्ताव आयोग के सामने रखे हैं। इन प्रस्तावों में सबसे ज्यादा चर्चा सैलरी कैलकुलेशन के तरीके में बदलाव को लेकर हो रही है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि सरकार उनके इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लेती है, तो कर्मचारियों की सैलरी में पहले के अनुमान से कहीं ज्यादा बढ़ोतरी हो सकती है।

फैमिली यूनिट बढ़ाने का प्रस्ताव

कर्मचारी यूनियनों ने सैलरी कैलकुलेशन में इस्तेमाल होने वाली फैमिली यूनिट की संख्या बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है। फिलहाल वेतन गणना में परिवार की इकाइयों की संख्या तीन मानी जाती है, लेकिन संगठनों ने इसे बढ़ाकर पांच करने की मांग की है। यूनियनों का कहना है कि परिवार के आकार और महंगाई को देखते हुए मौजूदा गणना प्रणाली पर्याप्त नहीं है। इसलिए फैमिली यूनिट्स की संख्या बढ़ाने से कर्मचारियों की वास्तविक जरूरतों को बेहतर तरीके से ध्यान में रखा जा सकेगा।

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने की संभावना

वेतन वृद्धि के लिए फिटमेंट फैक्टर एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह वह गुणक होता है, जिसके आधार पर पुराने वेतन को नए वेतन ढांचे में बदला जाता है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि यदि फैमिली यूनिट्स की संख्या बढ़ाई जाती है तो फिटमेंट फैक्टर 3 से ऊपर जा सकता है। ऐसा होने पर कर्मचारियों की मूल सैलरी में बड़ा इजाफा देखने को मिल सकता है।

कर्मचारी संगठनों का समर्थन

यह प्रस्ताव कर्मचारी संगठनों की बैठक में भी उठाया गया था। जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी की नेशनल काउंसिल स्टाफ साइड की बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई। कई बड़े कर्मचारी और पेंशनर संगठनों ने भी इस प्रस्ताव का समर्थन किया है। उनका कहना है कि वेतन गणना के मौजूदा फॉर्मूले में बदलाव से कर्मचारियों की आय में वास्तविक सुधार संभव हो सकता है।

लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों पर असर

8वें वेतन आयोग की सिफारिशें लागू होने के बाद इसका सीधा असर लाखों कर्मचारियों और पेंशनधारकों पर पड़ेगा। सैलरी के साथ-साथ पेंशन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में भी बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि कर्मचारी संगठनों की यह मांग स्वीकार कर ली जाती है तो कर्मचारियों की सैलरी में पहले से अनुमानित बढ़ोतरी से भी ज्यादा वृद्धि संभव हो सकती है।

देश के 8 राज्यों में आंधी-तूफान की आशंका, अलर्ट हुआ जारी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मौसम तेजी से करवट ले रहा है। एक ओर जहां उत्तर भारत के कई राज्यों में तापमान लगातार बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर कुछ क्षेत्रों में आंधी-तूफान और बारिश की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में कई राज्यों में मौसम का असर अलग-अलग रूप में देखने को मिल सकता है।

मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और गुजरात के कुछ हिस्सों में 12 से 16 मार्च के बीच आंधी-तूफान और हल्की बारिश की आशंका जताई गई है। इसके लिए संबंधित इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है।

दिल्ली में आंशिक बादल और हल्की बारिश की संभावना

राजधानी दिल्ली में आज मौसम थोड़ा बदला हुआ नजर आ सकता है। दिन के दौरान आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है और शाम के समय हल्की बारिश भी हो सकती है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार दिल्ली में अधिकतम तापमान लगभग 35 से 36 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान करीब 19 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

हिमाचल और उत्तराखंड में बारिश का अलर्ट

पर्वतीय राज्यों में मौसम ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश के आसार जताए गए हैं। हिमाचल के कांगड़ा, किन्नौर, कुल्लू, मंडी और शिमला में बारिश हो सकती है। वहीं उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग, टिहरी, हरिद्वार, नैनीताल, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और चंपावत में भी बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में 15 मार्च तक मौसम नम और ठंडा बना रह सकता है।

बिहार और झारखंड में बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार 12 से 14 मार्च के बीच बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा उत्तर-पूर्वी राज्यों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड और मणिपुर में भी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।

गुजरात में आंधी-तूफान की आशंका

गुजरात के कई जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। अहमदाबाद, सूरत, राजकोट, कच्छ, वडोदरा, गांधीनगर, जामनगर, जूनागढ़, बनासकांठा, भरूच और भावनगर जैसे क्षेत्रों में आंधी-तूफान के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

असम में भारी बारिश की संभावना

उत्तर-पूर्व के राज्य असम में कुछ इलाकों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। गोलपारा, कामरूप, लखीमपुर, नागांव और शिवसागर जैसे क्षेत्रों में तेज बारिश हो सकती है। इसके अलावा आसपास के पहाड़ी इलाकों में भी मौसम खराब रहने का अनुमान है।

उत्तर प्रदेश में बढ़ेगा तापमान

उत्तर प्रदेश के कई शहरों में दिन के समय तेज धूप पड़ने की संभावना है। आगरा, मथुरा, बरेली, कानपुर, लखनऊ, गोंडा, बहराइच, गोरखपुर, देवरिया, जौनपुर, बस्ती, वाराणसी, रायबरेली और प्रयागराज जैसे शहरों में तापमान बढ़ सकता है। हालांकि शाम के समय कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी देखने को मिल सकती है।

UP: इलाहाबाद उच्च न्यायालय में 195 पदों पर भर्ती, आवेदन प्रक्रिया शुरू

प्रयागराज। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने निजी सचिव श्रेणी-I के पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 195 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इच्छुक अभ्यर्थी आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

12 मार्च से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया

इलाहाबाद उच्च न्यायालय की ओर से भर्ती से संबंधित अधिसूचना 12 मार्च 2026 को जारी की गई है। इसके साथ ही आवेदन प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। उम्मीदवार 2 अप्रैल 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। हालांकि आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 2 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इसलिए अभ्यर्थियों को समय सीमा के भीतर आवेदन और शुल्क दोनों की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

पद का नाम और वेतनमान

इस भर्ती अभियान के तहत निजी सचिव श्रेणी-I के पदों पर नियुक्ति की जाएगी। चयनित उम्मीदवारों को लेवल-10 वेतनमान के तहत वेतन मिलेगा, जो लगभग 56,100 रुपये से 1,77,500 रुपये प्रति माह तक हो सकता है। यह वेतनमान सरकारी सेवा के लिहाज से काफी आकर्षक माना जाता है और इसके साथ अन्य भत्ते भी मिलते हैं।

शैक्षणिक योग्यता

इस पद के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होना आवश्यक है। इसके साथ ही उम्मीदवार के पास निम्न कौशल भी होना चाहिए: शॉर्टहैंड में 100 शब्द प्रति मिनट की गति, टाइपिंग में 40 शब्द प्रति मिनट की गति, कंप्यूटर का अच्छा ज्ञान। इन योग्यताओं के आधार पर उम्मीदवारों का चयन प्रक्रिया में मूल्यांकन किया जाएगा।

आयु सीमा

इस भर्ती के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की आयु 21 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आयु की गणना 1 जुलाई 2026 के आधार पर की जाएगी। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट दी जा सकती है।

कैसे करें आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थी इलाहाबाद उच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट allahabadhighcourt.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि वे अधिसूचना को ध्यान से पढ़ लें और सभी आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग का पोर्टल खुला

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए एक अहम खबर सामने आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े सुधारों के लिए सुझाव मांगने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत कर्मचारियों, पेंशनरों, विभिन्न कर्मचारी संगठनों और सरकारी विभागों से ऑनलाइन माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।

आयोग के मुताबिक यह प्रक्रिया 5 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है, जबकि सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल 2026 निर्धारित की गई है। इस दौरान संबंधित हितधारक अपनी मांगें और सुझाव आधिकारिक पोर्टल के जरिए आयोग तक पहुंचा सकते हैं।

पूरी तरह ऑनलाइन होगी प्रक्रिया

आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार सुझाव भेजने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है। कर्मचारी और संगठन अपने सुझाव 8वें वेतन आयोग की वेबसाइट और MyGov पोर्टल के माध्यम से भेज सकते हैं। इसके लिए उपयोगकर्ताओं को अपने MyGov अकाउंट में लॉग-इन करना होगा। लॉग-इन की प्रक्रिया ई-मेल या मोबाइल नंबर के जरिए OTP अथवा पासवर्ड के माध्यम से पूरी की जा सकती है।

कई वर्गों को दिया गया सुझाव देने का मौका

इस प्रक्रिया में कई तरह के हितधारकों को शामिल किया गया है। इनमें केंद्र सरकार के औद्योगिक और गैर-औद्योगिक कर्मचारी, अखिल भारतीय सेवाओं के अधिकारी, रक्षा बलों के सदस्य, केंद्र शासित प्रदेशों के कर्मचारी, भारतीय लेखा एवं लेखा परीक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी शामिल हैं।

इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट और कुछ उच्च न्यायालयों के स्टाफ, संसद के कानूनों के तहत स्थापित नियामक संस्थाओं के कर्मचारी तथा पेंशनर संगठनों को भी अपने सुझाव देने का अवसर दिया गया है। आयोग का मानना है कि इन सुझावों से कर्मचारियों और पेंशनरों की वास्तविक जरूरतों और अपेक्षाओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

सुझाव देने के लिए बनाई गई चार श्रेणियां

ऑनलाइन पोर्टल पर सुझाव भेजने के लिए चार अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। पहली श्रेणी इंडिविजुअल/एम्प्लॉयी/पेंशनर की है, जिसमें कोई भी कर्मचारी या पेंशनर अपनी व्यक्तिगत राय और सुझाव दे सकता है। दूसरी श्रेणी एसोसिएशन या यूनियन के लिए है, जहां कर्मचारी संगठन अपनी सामूहिक मांगें आयोग के सामने रख सकते हैं। तीसरी श्रेणी मंत्रालय, विभाग और केंद्र शासित प्रदेश से जुड़े नोडल अधिकारियों के लिए बनाई गई है, जो आधिकारिक ई-मेल के माध्यम से सुझाव भेजेंगे।

इसके अलावा न्यायिक अधिकारियों के लिए भी एक अलग श्रेणी निर्धारित की गई है। 8वां वेतन आयोग देश के करीब 48 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 67 लाख पेंशनरों के वेतन, भत्तों और पेंशन ढांचे को तय करेगा। इसी वजह से सुझाव लेने की यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नोट: कर्मचारी या संगठन 8cpc.gov.in और innovateindia.mygov.in पोर्टल पर अपनी बात भेज सकते हैं।

परमाणु शक्ति में भारत का दबदबा: दुनिया के 4 न्यूक्लियर ट्रायड देशों में शामिल

नई दिल्ली। दुनिया में कुछ ही देश ऐसे हैं जिनके पास परमाणु हथियारों को तीनों माध्यम जमीन, हवा और समुद्र से दागने की क्षमता है। इस क्षमता को न्यूक्लियर ट्रायड कहा जाता है। यह किसी भी देश की सैन्य ताकत और रणनीतिक सुरक्षा का सबसे मजबूत आधार माना जाता है।

आज वैश्विक स्तर पर केवल चार देश ऐसे हैं जिनके पास पूरी तरह विकसित न्यूक्लियर ट्रायड मौजूद है। इन देशों में भारत, अमेरिका, रूस और चीन शामिल हैं। इन चारों देशों के पास जमीन आधारित मिसाइलें, परमाणु हथियार ले जाने वाले विमान और समुद्र से हमला करने वाली परमाणु पनडुब्बियां मौजूद हैं।

1 .अमेरिका: सबसे शक्तिशाली परमाणु क्षमता

अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य ताकतों में से एक है और इसके पास लंबे समय से न्यूक्लियर ट्रायड मौजूद है। अमेरिका के पास जमीन से दागी जाने वाली मिनटमैन इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। वायुसेना के रणनीतिक बॉम्बर विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। इसके अलावा अमेरिकी नौसेना के पास परमाणु पनडुब्बियां हैं जो समुद्र से बैलिस्टिक मिसाइलें दाग सकती हैं। इन तीनों क्षमताओं की वजह से अमेरिका की परमाणु शक्ति वैश्विक स्तर पर बेहद प्रभावशाली मानी जाती है।

2 .रूस: दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु शक्ति

रूस के पास दुनिया के सबसे बड़े परमाणु हथियार भंडारों में से एक है। रूस के पास लंबी दूरी की इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें हैं जो हजारों किलोमीटर दूर तक मार कर सकती हैं। इसके रणनीतिक बॉम्बर विमान परमाणु हथियारों से लैस हो सकते हैं। साथ ही रूसी नौसेना की परमाणु पनडुब्बियां समुद्र से मिसाइल हमले करने में सक्षम हैं। रूस की यह क्षमता उसे वैश्विक सैन्य शक्ति के रूप में बेहद मजबूत बनाती है।

3 .चीन: तेजी से बढ़ती परमाणु ताकत

पिछले कुछ वर्षों में चीन ने अपनी सैन्य शक्ति में तेजी से विस्तार किया है। चीन ने जमीन से दागी जाने वाली कई आधुनिक बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित की हैं। उसकी वायुसेना के पास परमाणु हथियार ले जाने वाले रणनीतिक विमान मौजूद हैं। इसके अलावा चीन ने समुद्र में तैनात परमाणु पनडुब्बियों के जरिए अपनी समुद्री परमाणु क्षमता को भी मजबूत किया है।

4 .भारत: मजबूत होती शक्ति

भारत ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी रक्षा क्षमता को काफी मजबूत किया है और अब वह न्यूक्लियर ट्रायड वाले देशों की सूची में शामिल हो चुका है। भारत के पास जमीन से दागी जाने वाली लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें हैं। भारतीय वायुसेना के कुछ लड़ाकू विमान परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम हैं। भारतीय नौसेना की परमाणु पनडुब्बियां समुद्र से बैलिस्टिक मिसाइल दागने की क्षमता रखती हैं। इस क्षमता के कारण भारत के पास मजबूत परमाणु शक्ति हैं।

भारत ने बढ़ाई रूसी तेल की खरीद, मार्च में 50% उछाल, दुनिया हैरान!

नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। ईरान को लेकर बढ़ते सैन्य संघर्ष और क्षेत्रीय अस्थिरता के कारण खाड़ी देशों से होने वाली कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे हालात में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित रखने के लिए रूस से तेल की खरीद में फिर से तेजी ला दी है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक मार्च महीने में भारत द्वारा रूस से कच्चे तेल का आयात करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ गया है, जिससे देश की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने की कोशिश की जा रही है।

क्यों बढ़ी रूस से तेल की खरीद

भारत लंबे समय से रूस से कच्चा तेल खरीदता रहा है। हालांकि पिछले साल अमेरिका द्वारा रूसी तेल पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद भारत ने इसकी खरीद में कुछ कमी की थी। लेकिन अब मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाली सप्लाई में संभावित बाधा को देखते हुए भारत ने एक बार फिर रूस से बड़ी मात्रा में तेल खरीदना शुरू कर दिया है। इससे भारत अपने लिए एक वैकल्पिक और भरोसेमंद स्रोत सुनिश्चित करना चाहता है।

रूस बना भारत बड़ा आपूर्तिकर्ता

शिप ट्रैकिंग डेटा के अनुसार फरवरी में भारत लगभग 1.04 मिलियन बैरल प्रतिदिन (bpd) रूसी तेल आयात कर रहा था। मार्च में यह आंकड़ा बढ़कर करीब 1.50 मिलियन bpd तक पहुंच गया है। भारतीय रिफाइनरियों ने मध्य पूर्व से आने वाली आपूर्ति में अनिश्चितता को देखते हुए पहले से ही वैकल्पिक स्रोतों से तेल खरीदना शुरू कर दिया है, ताकि देश में ईंधन की कमी न हो।

गैस की सप्लाई पर भी खतरा

जानकारों का मानना है कि यदि हॉर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई प्रभावित होती है तो इसका असर केवल पेट्रोल और डीजल पर ही नहीं बल्कि एलपीजी, सीएनजी और उर्वरक उद्योग पर भी पड़ सकता है। भारत में हर दिन लगभग 10 लाख बैरल एलपीजी की खपत होती है, जिसमें से करीब 60 प्रतिशत गैस आयात की जाती है। इस आयात का बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से इसी मार्ग के जरिए आता है।

घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश

गैस की संभावित कमी से निपटने के लिए भारत ने अपनी रिफाइनरियों को उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार कई रिफाइनरियां अब पेट्रोकेमिकल उत्पादन को थोड़ा कम कर एलपीजी रिकवरी बढ़ाने पर ध्यान दे रही हैं, ताकि घरेलू स्तर पर गैस की उपलब्धता बढ़ाई जा सके।

हालांकि अनुमान है कि उत्पादन में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि होने के बावजूद देश की कुल मांग का केवल 47 से 50 प्रतिशत ही घरेलू स्तर पर पूरा हो पाएगा। बाकी जरूरतों को पूरा करने के लिए भारत को आयात पर निर्भर रहना पड़ेगा।

यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में 115 पदों पर बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के संयुक्त संवर्ग के तहत 115 पदों पर भर्ती के लिए मुख्य परीक्षा का विज्ञापन जारी कर दिया है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी तय तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

2 अप्रैल से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

आयोग की ओर से जारी सूचना के अनुसार इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 2 अप्रैल से शुरू होगी, जबकि आवेदन और शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल तय की गई है। यदि किसी अभ्यर्थी को आवेदन पत्र में संशोधन करना हो तो वह 29 अप्रैल तक शुल्क समायोजन और आवेदन में सुधार कर सकता है।

पीईटी पास  कर सकेंगे आवेदन

इस भर्ती की मुख्य परीक्षा में वही अभ्यर्थी शामिल हो सकेंगे जिन्होंने प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET) में हिस्सा लिया है और जिनका स्कोर कार्ड आयोग की ओर से जारी किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पीईटी में शून्य या नकारात्मक अंक पाने वाले अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया जाएगा।

आवेदन शुल्क केवल 25 रुपये

इस भर्ती प्रक्रिया में आवेदन करने वाले सभी वर्गों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से शुल्क जमा करना होगा।

इन पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में कई महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। इनमें शामिल हैं: वैज्ञानिक सहायक, लेखाकार परीक्षक, विधि सहायक, प्रयोगशाला सहायक, अनुश्रवण सहायक, अवर अभियंता (विशेष चयन), अवर अभियंता।

ईरान का बड़ा हमला! अमेरिकी तेल टैंकर पर अटैक, गुस्से में ट्रंप!

न्यूज डेस्क। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच एक गंभीर घटना सामने आई है। इराक के पास अमेरिकी स्वामित्व वाले एक तेल टैंकर पर कथित तौर पर ईरान की ओर से आत्मघाती नाव के जरिए हमला किया गया। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई, जबकि जहाज पर मौजूद अन्य चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार यह हमला इराक के क्षेत्रीय जल में स्थित खोर अल जुबैर बंदरगाह के पास हुआ।

आत्मघाती नाव से किया गया हमला

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिकी स्वामित्व वाले और मार्शल आइलैंड्स के झंडे के तहत चल रहे तेल टैंकर सेफसी विष्णु पर एक ईरानी “सुसाइड बोट” के जरिए हमला किया गया। इस हमले के दौरान जहाज पर मौजूद चालक दल को काफी नुकसान पहुंचा। इस घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई। हालांकि जहाज पर मौजूद बाकी 27 चालक दल के सदस्य और अन्य कर्मियों को सुरक्षित निकाल लिया गया और उन्हें इराक के बसरा शहर ले जाया गया है।

मृतक भारतीय की पहचान गुप्त

रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक की पहचान फिलहाल सार्वजनिक नहीं की गई है। संबंधित एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं और मृतक के परिवार को सूचित करने की प्रक्रिया भी जारी है। इस घटना के बाद जहाज से जुड़ी संस्था सेफसी ने भारत सरकार से इस हमले की कड़ी निंदा करने की मांग की है। साथ ही पश्चिम एशिया के समुद्री इलाकों में काम कर रहे नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की गई है।

नाविकों की सुरक्षा पर चिंता

इस घटना के बाद चिंता जताई है कि दुनिया भर में समुद्री जहाजों पर काम करने वाले नाविकों में 15 प्रतिशत से अधिक भारतीय हैं। ऐसे में यदि इस क्षेत्र में जहाजों पर हमले जारी रहते हैं तो भारतीय नागरिकों के लिए खतरा और बढ़ सकता है। इसी वजह से कई संगठनों ने भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मुद्दे को उठाने और भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

बढ़ सकता है क्षेत्रीय तनाव

इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए यह इलाका बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। जानकारों का कहना है कि अगर इस तरह की घटनाएं जारी रहती हैं तो वैश्विक व्यापार, तेल आपूर्ति और समुद्री सुरक्षा पर भी इसका असर पड़ सकता है।

8वें वेतन आयोग से पहले DA को लेकर बड़ी खबर, केंद्रीय कर्मचारी ध्यान दें!

नई दिल्ली। देशभर के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इस समय वेतन और महंगाई भत्ते से जुड़ी खबरों पर नजर बनाए हुए हैं। खासतौर पर 8वें वेतन आयोग को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। इसी बीच महंगाई भत्ते (DA) को लेकर भी बड़ी खबर सामने आ रही है, जिससे कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ गई हैं।

7वें वेतन आयोग की अवधि पूरी हो गई है

31 दिसंबर 2025 के साथ ही 7वें वेतन आयोग की अवधि पूरी हो चुकी है। अब कर्मचारियों को 8वें वेतन आयोग के लागू होने का इंतजार है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि नए वेतन आयोग को पूरी तरह लागू होने में करीब 1 से 1.5 साल का समय लग सकता है। लेकिन संभावना है कि इसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी माना जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि जब भी नया वेतन आयोग लागू होगा, तब कर्मचारियों को बढ़ी हुई सैलरी का एरियर भी मिल सकता है।

8वें वेतन आयोग से पहले DA पर नजर

8वें वेतन आयोग को लागू होने में अभी समय लग सकता है, लेकिन इससे पहले महंगाई भत्ते (DA) में बढ़ोतरी को लेकर कर्मचारियों की नजर सरकार के फैसले पर टिकी हुई है। जनवरी 2026 की छमाही के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा जल्द हो सकती है। यह बढ़ोतरी केंद्रीय कर्मचारियों के साथ-साथ पेंशनर्स के लिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि उन्हें महंगाई राहत (DR) का लाभ मिलता है।

साल में दो बार बढ़ता है महंगाई भत्ता

सरकार हर साल दो बार महंगाई भत्ता बढ़ाती है। पहला संशोधन जनवरी छमाही के लिए होता है। दूसरा संशोधन जुलाई छमाही के लिए किया जाता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर बार एक ही महीने में इसकी घोषणा हो। कई बार सरकार किसी बड़े त्योहार या विशेष अवसर से पहले इसका ऐलान कर देती है।

कर्मचारियों को क्या मिल सकता है फायदा

अगर सरकार जल्द ही महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का ऐलान करती है, तो इसका सीधा फायदा लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स को मिलेगा। महंगाई भत्ते में वृद्धि से कर्मचारियों की कुल सैलरी में इजाफा होता है और बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें आर्थिक राहत मिलती है। साथ ही, आने वाले समय में जब 8वां वेतन आयोग लागू होगा, तब सैलरी स्ट्रक्चर में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

शनि, सूर्य, चंद्रमा और शुक्र का संगम! 5 राशियों को होगा बड़ा फायदा

राशिफल। ज्योतिष में ग्रहों के संयोग का विशेष महत्व माना जाता है। जब एक ही राशि में कई ग्रह एक साथ आते हैं तो विशेष योग बनते हैं, जिनका प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। 19 मार्च को मीन राशि में एक खास संयोग बनने जा रहा है। इस दिन शनि, सूर्य, चंद्रमा और शुक्र एक साथ मीन राशि में स्थित रहेंगे, जिससे चतुर्ग्रही योग का निर्माण होगा।

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह योग कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। खासतौर पर 5 राशियों को इस योग से लाभ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं किन राशियों को मिलेगा इस चतुर्ग्रही योग का विशेष लाभ।

मेष राशि

चतुर्ग्रही योग मेष राशि के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम ला सकता है। इस समय आपको कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। लंबे समय से अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट या निवेश के बारे में सोच रहे हैं तो यह समय अनुकूल हो सकता है। परिवार का सहयोग मिलेगा और मानसिक संतोष भी बढ़ेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए यह योग लाभकारी साबित हो सकता है। करियर में उन्नति के योग बनेंगे और नौकरी में प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने की संभावना है। मित्रों और परिवार के साथ संबंध मजबूत होंगे। समाज में मान-सम्मान भी बढ़ सकता है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह चतुर्ग्रही योग करियर के लिहाज से काफी अच्छा माना जा रहा है। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। आर्थिक लाभ के नए रास्ते खुल सकते हैं। विदेश से जुड़े कामों में भी सफलता मिलने की संभावना है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। इस दौरान रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। शिक्षा के क्षेत्र से जुड़े लोगों को सफलता मिलने के योग हैं। यात्रा से भी लाभ मिल सकता है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए यह योग प्रेम और रिश्तों के मामले में अच्छा साबित हो सकता है। दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी और रिश्ते मजबूत होंगे। आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिलेगा। यदि आप किसी रचनात्मक क्षेत्र से जुड़े हैं तो आपको विशेष सफलता मिल सकती है।

UPSC भर्ती 2026: 1358 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू

नई दिल्ली। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने वर्ष 2026 के लिए संयुक्त चिकित्सा सेवा (Combined Medical Services – CMS) परीक्षा की अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिसूचना 11 मार्च 2026 को जारी की गई है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 1358 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। एमबीबीएस डिग्री रखने वाले योग्य उम्मीदवार इस परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

इच्छुक अभ्यर्थी UPSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से 11 मार्च 2026 से 31 मार्च 2026 (शाम 6:00 बजे तक) ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती उन मेडिकल ग्रेजुएट्स के लिए एक अच्छा अवसर है जो केंद्र सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं में करियर बनाना चाहते हैं।

पदों का विवरण

इस भर्ती के तहत विभिन्न विभागों में मेडिकल ऑफिसर के पद भरे जाएंगे, जिनमें मुख्य रूप से निम्न पद शामिल हैं:

चिकित्सा अधिकारी ग्रेड (जनरल ड्यूटी – केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा)

सहायक मंडल चिकित्सा अधिकारी (रेलवे)

सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारी (एनडीएमसी)

सामान्य ड्यूटी चिकित्सा अधिकारी ग्रेड-II (एमसीडी)

कुल पदों की संख्या

इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से कुल 1358 रिक्त पदों को भरा जाएगा।

वेतन

चयनित उम्मीदवारों को वेतन मैट्रिक्स लेवल-10 के अनुसार वेतन दिया जाएगा, जो लगभग ₹56,100 से ₹1,77,500 प्रति माह तक होगा। इसके साथ ही एनपीए (नॉन प्रैक्टिसिंग अलाउंस) और अन्य सरकारी भत्ते भी प्रदान किए जाएंगे।

योग्यता

उम्मीदवार के पास एमबीबीएस डिग्री होना अनिवार्य है। साथ ही अभ्यर्थी को एमबीबीएस की अंतिम परीक्षा के लिखित और प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) दोनों भागों में उत्तीर्ण होना चाहिए।

आयु सीमा

सामान्य वर्ग के लिए अधिकतम आयु: 32 वर्ष, केंद्रीय स्वास्थ्य सेवा (CHS) के जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर के लिए अधिकतम आयु: 35 वर्ष, आयु की गणना 1 अगस्त 2026 के आधार पर की जाएगी।

आवेदन शुल्क

सामान्य / ओबीसी / ईडब्ल्यूएस उम्मीदवार: ₹200, महिला / अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति / दिव्यांग उम्मीदवार: कोई शुल्क नहीं

महत्वपूर्ण तिथियां

आवेदन शुरू होने की तिथि: 11 मार्च 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 31 मार्च 2026 (शाम 6:00 बजे तक)

यूपी लेखपाल की कमाई कितनी? 8वें वेतन आयोग से वेतन बढ़ने की उम्मीद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले युवाओं के बीच लेखपाल का पद काफी लोकप्रिय माना जाता है। हर बार जब इस पद पर भर्ती निकलती है, तो बड़ी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं। इसका कारण यह है कि लेखपाल की नौकरी न सिर्फ स्थायी होती है, बल्कि इसमें सम्मान और स्थिर आय भी मिलती है।

इतनी होती है लेखपाल की सैलरी

वर्तमान व्यवस्था के अनुसार लेखपाल का पद लेवल-1 पे बैंड में आता है। इस हिसाब से उनकी शुरुआती बेसिक सैलरी करीब 21,700 रुपये निर्धारित की गई है। हालांकि सरकारी कर्मचारियों को केवल मूल वेतन ही नहीं मिलता, बल्कि इसके साथ कई प्रकार के भत्ते भी दिए जाते हैं। लेखपाल को महंगाई भत्ता (डीए), मकान किराया भत्ता (एचआरए) और यात्रा भत्ता (टीए) जैसे कई लाभ मिलते हैं। इन सभी भत्तों को जोड़ने के बाद कुल वेतन में काफी बढ़ोतरी हो जाती है।

हाथ में कितनी मिलती है सैलरी

यदि कुल वेतन की बात करें तो एक लेखपाल को हर महीने लगभग 30 हजार से 35 हजार रुपये तक इन-हैंड सैलरी मिलती है। हालांकि यह राशि पोस्टिंग के स्थान और अन्य परिस्थितियों के आधार पर थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। जैसे-जैसे कर्मचारी का अनुभव बढ़ता है और समय-समय पर वेतन वृद्धि होती है, वैसे-वैसे आय में भी बढ़ोतरी होती रहती है।

क्या होता है लेखपाल का काम

लेखपाल राजस्व विभाग का अहम कर्मचारी होता है। उसे गांव स्तर पर जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी निभानी पड़ती है। इसमें खेतों और जमीन का रिकॉर्ड रखना, भू-अभिलेखों का रखरखाव करना, सरकारी योजनाओं से संबंधित रिपोर्ट तैयार करना और प्रशासन को राजस्व से जुड़े मामलों में सहायता देना शामिल है। ग्रामीण प्रशासन की व्यवस्था में लेखपाल की भूमिका काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है।

8वें वेतन आयोग से बढ़ सकती है सैलरी

आने वाले समय में यदि आठवां वेतन आयोग यूपी में भी लागू होता है तो सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। यदि फिटमेंट फैक्टर करीब 2.5 या उससे अधिक रखा जाता है, तो लेखपाल की मौजूदा बेसिक सैलरी 21,700 रुपये से बढ़कर लगभग 54 हजार से 57 हजार रुपये तक हो सकती है।

ड्रोन युद्ध के लिए भारत तैयार, सस्ते रॉकेट और शक्तिशाली मिसाइल से होगा वार

नई दिल्ली। दुनिया भर में युद्ध की रणनीति तेजी से बदल रही है। अब छोटे और सस्ते ड्रोन का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर होने लगा है। इसी चुनौती को देखते हुए DRDO ने नए और कम लागत वाले हथियार विकसित करने की दिशा में काम तेज कर दिया है। इन हथियारों का उद्देश्य भारत की सेना और वायुसेना को ड्रोन हमलों से बेहतर तरीके से बचाने में मदद करना है।

रक्षा वैज्ञानिक ऐसी तकनीक विकसित कर रहे हैं, जिससे मौजूदा रॉकेट और पोर्टेबल वायु रक्षा प्रणाली को हवा से हवा में मार करने वाले हथियार के रूप में इस्तेमाल किया जा सके।

छोटे रॉकेट से गिराए जाएंगे ड्रोन

इस योजना में 70 मिमी और 80 मिमी रॉकेट को नए रूप में विकसित करने पर काम चल रहा है। वर्तमान में इन रॉकेटों का इस्तेमाल हेलीकॉप्टर से जमीन पर हमले के लिए किया जाता है। अब वैज्ञानिक इन रॉकेटों में नई मार्गदर्शन तकनीक जोड़कर उन्हें हवा में उड़ रहे ड्रोन को गिराने के लिए सक्षम बनाना चाहते हैं।

रॉकेट में लगाए जाएंगे आधुनिक सेंसर

इन रॉकेटों को अधिक सटीक बनाने के लिए उनमें लेजर या इंफ्रारेड मार्गदर्शन प्रणाली और प्रॉक्सिमिटी फ्यूज लगाए जा सकते हैं। इसका मतलब यह होगा कि रॉकेट लक्ष्य के पास पहुंचते ही फट जाएगा और छोटे व तेज ड्रोन को भी आसानी से नष्ट कर सकेगा। इस तकनीक की मदद से एक हेलीकॉप्टर या लड़ाकू विमान एक साथ कई ड्रोन को निशाना बना सकेगा। इससे महंगी मिसाइलों के उपयोग की आवश्यकता भी कम हो जाएगी।

80 मिमी रॉकेट परियोजना पर भी काम

नए 80 मिमी रॉकेट सिस्टम के विकास में IIT Madras और Bharat Electronics Limited भी शामिल हैं। यह रॉकेट मौजूदा प्रणाली की तुलना में अधिक दूरी तक मार करने, ज्यादा भार ले जाने और बेहतर सटीकता प्रदान करने में सक्षम हो सकता है। हालांकि शुरुआत में इसे जमीन पर हमले के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसे ड्रोन विरोधी हथियार के रूप में भी विकसित करने की योजना है।

VSHORAD प्रणाली भी बनेगी ज्यादा ताकतवर

रक्षा वैज्ञानिक स्वदेशी VSHORADS प्रणाली को भी और उन्नत बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। यह मूल रूप से सैनिकों द्वारा कंधे से दागा जाने वाला पोर्टेबल वायु रक्षा हथियार है, जो करीब 6 किलोमीटर की दूरी तक कम ऊंचाई पर उड़ने वाले लक्ष्य को मार सकता है। इसमें इमेजिंग इंफ्रारेड सीकर लगा होता है, जो लक्ष्य को पहचानकर सटीक हमला करता है।

हवा से छोड़ी जाने वाली मिसाइल में बदलेगा सिस्टम

यदि इस प्रणाली को हेलीकॉप्टर या लड़ाकू विमान से छोड़े जाने योग्य बनाया जाता है, तो यह कम लागत वाला लेकिन प्रभावी हवा से हवा में मार करने वाला हथियार बन सकता है। इसका फायदा यह होगा कि छोटे ड्रोन या बड़ी संख्या में आने वाले ड्रोन हमलों को रोकने के लिए महंगी मिसाइलों का इस्तेमाल कम करना पड़ेगा।