योजना का महत्व
राज्य सरकार ने पहली बार नगर निगमों से बाहर के नगरीय निकायों, विशेष रूप से जिला मुख्यालयों के नगर पालिका परिषदों और नगर पंचायतों को प्राथमिकता दी है। इस योजना में 55 नगर पालिका परिषदें, 3 नगर पंचायतें और गौतमबुद्धनगर की दादरी नगर पालिका परिषद शामिल हैं।
निवेश और वित्त पोषण
नवयुग पालिका योजना पर कुल 2916 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा। योजना के तहत प्रत्येक वर्ष लगभग 583.20 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वित्त पोषित है और केंद्र सरकार की भागीदारी नहीं होगी।
स्मार्ट सिटी और डिजिटल गवर्नेन्स
इस योजना के माध्यम से नगर पालिकाओं में स्मार्ट सिटी की तर्ज पर डिजिटल गवर्नेन्स, ई-सेवाओं और तकनीकी समाधान को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नागरिक सेवाएं तेज़, पारदर्शी और प्रभावी होंगी।
बुनियादी ढांचा और जीवन स्तर में सुधार
योजना का मुख्य उद्देश्य नगरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना, स्वच्छ और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है। सड़कों, जल निकासी, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं का व्यापक विकास किया जाएगा।
निकायों को जनसंख्या के आधार पर वर्गीकरण
निकायों को उनकी जनसंख्या के आधार पर दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है – डेढ़ लाख से अधिक और डेढ़ लाख से कम आबादी वाले निकाय। इससे विकास कार्यों को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार प्राथमिकता दी जा सकेगी। नवयुग पालिका योजना से न केवल जिला मुख्यालयों के नागरिकों को आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि प्रदेश में संतुलित और व्यवस्थित शहरी विकास को भी गति मिलेगी।





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