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यूपी सरकार का बड़ा तोहफा! गरीब परिवारों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने दीपावली के मौके पर गरीब परिवारों को बड़ी राहत दी है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत प्रदेश के 1.89 करोड़ से अधिक लाभार्थियों को गैस सिलेंडर रिफिल सब्सिडी का लाभ दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान करीब 1,500 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।

इस योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी के अलावा सिलेंडर की बची हुई कीमत का भुगतान राज्य सरकार कर रही है। इससे पात्र परिवारों को गैस सिलेंडर भरवाने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च नहीं करने पड़ेंगे। सरकार की इस पहल से त्योहार के समय गरीब परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी।

3 करोड़ किसान परिवारों के लिए भी विशेष पैकेज

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किसानों और महिलाओं के लिए भी बड़े ऐलान किए। उन्होंने कहा कि मौसम की मार, बेमौसम बारिश, सूखा और ओलावृष्टि के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। ऐसे में प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसान परिवारों के लिए सरकार अलग से आर्थिक सहायता पैकेज लाने की तैयारी कर रही है।

इसके अलावा महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए भी विशेष पैकेज लाया जाएगा। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

किसानों और मजदूरों को मिलेगा सस्ता भोजन

योगी सरकार प्रदेश की मंडियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की योजना भी बना रही है। यहां किसानों और मजदूरों को बेहद कम कीमत पर सम्मानजनक तरीके से भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा।

इसके साथ ही सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, रसोइयों, ग्राम चौकीदारों और पीआरडी जवानों के मानदेय में बढ़ोतरी जैसे कदमों का भी जिक्र किया। राशन की दुकानों को आधुनिक अन्नपूर्णा भवन के रूप में विकसित किया जा रहा है।

फेफड़े खराब होने से पहले शरीर देता है ये 5 संकेत, भूलकर भी न करें नजरअंदाज!

हेल्थ डेस्क। हमारे शरीर को स्वस्थ रखने में फेफड़ों की अहम भूमिका होती है। फेफड़े सांस के जरिए ऑक्सीजन शरीर तक पहुंचाने और कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने का काम करते हैं। लेकिन प्रदूषण, धूम्रपान, संक्रमण और बदलती जीवनशैली के कारण फेफड़ों की सेहत प्रभावित हो सकती है। 

खास बात यह है कि फेफड़ों में परेशानी होने पर शरीर शुरुआत में ही कुछ संकेत देने लगता है। अगर इन लक्षणों को लंबे समय तक नजरअंदाज किया जाए तो समस्या गंभीर हो सकती है। आइए जानते हैं फेफड़ों की खराब सेहत के 5 प्रमुख संकेत।

1. लगातार खांसी रहना

अगर आपको कई हफ्तों से खांसी हो रही है और दवा लेने के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है तो इसे सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। लगातार खांसी फेफड़ों में संक्रमण, अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारी का संकेत हो सकती है। खासकर खांसी के साथ खून आने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

2. सांस लेने में परेशानी होना

थोड़ा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या सामान्य काम करने पर भी सांस फूलने लगे तो यह फेफड़ों से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। फेफड़ों की कार्यक्षमता प्रभावित होने पर शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन मिलने में परेशानी हो सकती है।

3. सीने में दर्द या जकड़न

बार-बार सीने में भारीपन, दर्द या जकड़न महसूस होना भी एक चेतावनी हो सकती है। खासकर गहरी सांस लेने या खांसने पर दर्द बढ़ता है तो इसकी जांच जरूरी है। हालांकि सीने में दर्द के पीछे दिल से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।

4. बार-बार सांस संबंधी संक्रमण होना

अगर आपको बार-बार ब्रोंकाइटिस, निमोनिया या छाती में संक्रमण की शिकायत हो रही है तो इसे हल्के में न लें। बार-बार संक्रमण होना फेफड़ों की किसी अंदरूनी परेशानी का संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह से जांच करवाना जरूरी है।

5. लगातार थकान और कमजोरी महसूस होना

बिना ज्यादा मेहनत किए थक जाना, कमजोरी रहना और रोजमर्रा के कामों में परेशानी होना भी फेफड़ों की खराब सेहत से जुड़ा हो सकता है। जब शरीर को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती तो ऊर्जा का स्तर प्रभावित हो सकता है।

मुंबई-पुणे से यूपी-बिहार जाने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं 5 स्पेशल ट्रेनें, देखें शेड्यूल

न्यूज डेस्क। त्योहारी सीजन में अपने घर जाने की तैयारी कर रहे उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मुंबई और पुणे से यूपी-बिहार जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने पांच स्पेशल ट्रेनों के संचालन की अवधि बढ़ाने का फैसला किया है। 

इन ट्रेनों से समस्तीपुर, दानापुर, बनारस, मऊ और गाजीपुर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिलेगा। रेलवे ने नवंबर के अंतिम सप्ताह तक अतिरिक्त फेरे चलाने की व्यवस्था की है। यात्रीगण रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जा कर इन ट्रेनों का शेड्यूल चेक कर सकते हैं।

इन 5 स्पेशल ट्रेनों का देखें पूरा शेड्यूल

1. मुंबई से समस्तीपुर स्पेशल ट्रेन

लोकमान्य तिलक टर्मिनस से समस्तीपुर जाने वाली ट्रेन संख्या 01043 का अतिरिक्त फेरा 24 नवंबर को निर्धारित किया गया है। वापसी में ट्रेन संख्या 01044 समस्तीपुर से 26 नवंबर को मुंबई के लिए रवाना होगी।

2. मुंबई से बनारस स्पेशल ट्रेन

बनारस जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन संख्या 01051 मुंबई से 25 और 26 नवंबर को चलेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 01052 बनारस से 26 और 27 नवंबर को मुंबई के लिए रवाना होगी।

3. मुंबई से मऊ स्पेशल ट्रेन

ट्रेन संख्या 01123 लोकमान्य तिलक टर्मिनस से 22 और 27 नवंबर को मऊ के लिए संचालित होगी। वापसी में ट्रेन संख्या 01124 मऊ से 24 और 29 नवंबर को मुंबई के लिए चलेगी।

4. मुंबई से दानापुर स्पेशल ट्रेन

बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए ट्रेन संख्या 01143 को 22 से 29 नवंबर तक प्रतिदिन चलाया जाएगा। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 01144 दानापुर से 23 से 30 नवंबर तक रोजाना मुंबई के लिए रवाना होगी।

5. पुणे से गाजीपुर सिटी स्पेशल ट्रेन

पुणे के हडपसर स्टेशन से गाजीपुर सिटी जाने वाली ट्रेन संख्या 01431 का संचालन 24 और 27 नवंबर को होगा। वापसी में ट्रेन संख्या 01432 गाजीपुर सिटी से 26 और 29 नवंबर को हडपसर के लिए चलेगी।

यूपी में सड़क चौड़ीकरण को मिली रफ्तार, इन जिलों के लोगों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इसी कड़ी में अलीगढ़ से मथुरा जाने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। महरावल रेलवे स्टेशन से भुकरावली तक फोरलेन सड़क का निर्माण और अलीगढ़-मथुरा मार्ग का चौड़ीकरण तेजी से कराया जा रहा है। इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद यात्रियों को आवागमन में काफी सहूलियत मिलेगी।

मंगलवार को अलीगढ़ के जिलाधिकारी ने दोनों निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सड़क निर्माण में इस्तेमाल हो रही सामग्री के नमूने निकलवाकर प्रयोगशाला में जांच कराने के निर्देश दिए। साथ ही अधिकारियों को स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में गुणवत्ता मानकों के अनुसार पूरा होना चाहिए।

36.91 करोड़ रुपये से बन रही फोरलेन सड़क

महरावल रेलवे स्टेशन से भुकरावली तक करीब 3.1 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाई जा रही है। इस परियोजना पर लगभग 36.91 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। भूमि अधिग्रहण में देरी के कारण निर्माण कार्य प्रभावित हुआ था, लेकिन अब तक करीब 65 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। शेष निर्माण नवंबर के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

92.85 करोड़ रुपये से चौड़ा होगा मार्ग

अलीगढ़-मथुरा राया राज्यमार्ग के चौड़ीकरण का काम भी तेजी से चल रहा है। करीब 27.8 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर 92.853 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना का काम 6 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और इसे मई 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य है। अब तक लगभग 45 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।

लोगों को मिलेगी आवागमन में राहत

इन दोनों सड़क परियोजनाओं के पूरा होने से अलीगढ़ और मथुरा के बीच सफर पहले से अधिक सुविधाजनक होने की उम्मीद है। फोरलेन सड़क और मार्ग चौड़ीकरण से यातायात का दबाव कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी बेहतर सड़क सुविधा मिल सकेगी।

Supreme Court Recruitment 2026: 130 पदों पर निकली वैकेंसी, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया ने जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के 130 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए 10वीं पास उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 4 नवंबर 2026 से शुरू हो रही है, जबकि आवेदन करने की अंतिम तारीख 25 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से कम से कम 10वीं कक्षा पास होना जरूरी है। अधिकतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं निर्धारित की गई है। अभ्यर्थी की उम्र 1 अक्टूबर 2026 को कम से कम 18 वर्ष और अधिकतम 27 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को नियमानुसार आयु सीमा में छूट मिलेगी।

कितनी मिलेगी सैलरी?

जूनियर कोर्ट अटेंडेंट के पद पर चयनित अभ्यर्थियों को पे मैट्रिक्स के लेवल-3 के अनुसार 21,700 से 69,100 रुपये तक मासिक वेतन मिलेगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्तों का लाभ भी दिया जाएगा।

आवेदन शुल्क कितना देना होगा?

इस भर्ती में सामान्य और अनारक्षित वर्ग के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 1,500 रुपये रखा गया है। वहीं एससी, एसटी, ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर), भूतपूर्व सैनिक और दिव्यांग अभ्यर्थियों को 750 रुपये शुल्क देना होगा।

कैसे होगा उम्मीदवारों का चयन?

उम्मीदवारों का चयन मुख्य रूप से दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 100 अंकों की वस्तुनिष्ठ परीक्षा होगी, जिसमें 100 सवाल पूछे जाएंगे। परीक्षा के लिए 1 घंटे 30 मिनट का समय मिलेगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को 25 अंकों के इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा।

यहां से करें ऑनलाइन आवेदन

सुप्रीम कोर्ट की इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक उम्मीदवार 4 नवंबर से 25 नवंबर 2026 तक आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट www.sci.gov.in पर जाएं। भर्ती से संबंधित लिंक खोलकर मांगी गई जानकारी भरें, जरूरी दस्तावेज अपलोड करें और निर्धारित शुल्क जमा करके फॉर्म सबमिट कर दें।

केंद्र सरकार की धांसू योजना, बुढ़ापे में मिलेगी हर महीने ₹3,000 की खुशखबरी!

नई दिल्ली। बुढ़ापे में आर्थिक परेशानियों से बचने के लिए केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए काफी उपयोगी है। इस योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 60 साल की उम्र पूरी होने के बाद हर महीने ₹3,000 पेंशन देने का प्रावधान है। खास बात यह है कि इसमें जितना योगदान लाभार्थी करता है, उतनी ही राशि केंद्र सरकार भी जमा करती है।

देशभर में 49 लाख से अधिक श्रमिक जुड़े

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देशभर में अब तक 49.61 लाख से अधिक श्रमिक इस योजना में पंजीकरण करा चुके हैं। वहीं बिहार में केवल 2.38 लाख कामगार ही इससे जुड़े हैं, जबकि राज्य में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों की संख्या 3.26 करोड़ से अधिक बताई जाती है। ऐसे में बड़ी संख्या में श्रमिकों तक इस योजना का लाभ पहुंचाना अभी चुनौती बना हुआ है।

कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का लाभ 18 से 40 वर्ष की उम्र के असंगठित कामगार उठा सकते हैं। इसके लिए मासिक आय 15,000 रुपये से कम होनी चाहिए। इसमें घरेलू कामगार, रिक्शा चालक, दर्जी, मोची, बढ़ई, कृषि मजदूर और निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिक शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ईपीएफओ, ईएसआईसी या एनपीएस के सदस्य इस योजना के पात्र नहीं हैं।

सरकार और श्रमिक दोनों करते हैं योगदान

इस योजना में उम्र के अनुसार श्रमिक को हर महीने निर्धारित अंशदान जमा करना होता है। केंद्र सरकार भी उतनी ही राशि अपनी तरफ से जमा करती है। 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर पात्र लाभार्थी को आजीवन 3,000 रुपये मासिक पेंशन मिलती है।

बिहार में क्यों कम हो रहा पंजीकरण?

बिहार में योजना के शुरुआती वर्षों में पंजीकरण की रफ्तार अच्छी रही थी। वर्ष 2018-19 में 1,08,134 और 2019-20 में 75,341 श्रमिकों ने पंजीकरण कराया था। इसके बाद योजना से जुड़ने वाले कामगारों की संख्या में गिरावट आई।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, नए वकीलों के लिए खुशखबरी! हर महीने मिलेंगे ₹5,000

पटना। बिहार में वकालत की शुरुआत करने वाले युवा अधिवक्ताओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार नए वकीलों को आर्थिक सहारा देने के लिए स्टाइपेंड योजना शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इस योजना का शुभारंभ करेंगे। इसके तहत पात्र युवा वकीलों को लगातार तीन साल तक हर महीने 5,000 रुपये की सहायता दी जाएगी। यानी एक लाभार्थी को तीन वर्षों में कुल 1.80 लाख रुपये मिल सकते हैं।

तीन साल तक मिलेगी आर्थिक सहायता

इस योजना का लाभ उन अधिवक्ताओं को मिलेगा, जिन्होंने 1 जनवरी 2024 या उसके बाद बिहार स्टेट बार काउंसिल में पंजीकरण कराया है। आवेदन करने वाले युवाओं की उम्र 22 से 32 वर्ष के बीच होनी चाहिए। हालांकि, केवल रजिस्ट्रेशन के आधार पर लाभ नहीं मिलेगा, बल्कि योजना की अन्य पात्रता शर्तें भी पूरी करनी होंगी।

आवेदन के लिए जरूरी होंगे ये दस्तावेज

स्टाइपेंड प्राप्त करने के लिए 100 रुपये का आवेदन फॉर्म खरीदकर जमा करना होगा। इसके साथ मैट्रिक प्रमाण पत्र, बार काउंसिल रजिस्ट्रेशन, निवास और आय प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, AIBE प्रमाण पत्र तथा बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज देने होंगे। इसके अलावा आवेदक को यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वह किसी आपराधिक मामले में शामिल नहीं है और वकालत के अलावा किसी दूसरे पेशे या कारोबार में सक्रिय नहीं है।

अधिवक्ता संघों को भी मिलेगी मदद

सरकार ने युवा वकीलों के साथ अधिवक्ता संघों के लिए भी सहायता का प्रावधान किया है। ई-लाइब्रेरी विकसित करने के लिए अधिवक्ता संघों को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा महिला अधिवक्ताओं के लिए शौचालय और वकीलों के चेंबर की सुविधाओं में सुधार करने की भी योजना है।

नए वकीलों को मिलेगा करियर में सहारा

इस योजना का मुख्य उद्देश्य शुरुआती दौर में आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे युवा अधिवक्ताओं को मदद देना है। हर महीने मिलने वाले 5,000 रुपये से उन्हें अपने पेशे की शुरुआत करने में कुछ आर्थिक राहत मिलेगी। पात्र उम्मीदवार आवेदन से पहले योजना की आधिकारिक शर्तों और दस्तावेजों की जानकारी जरूर प्राप्त करें।

6 नवंबर तक लक्ष्मी नारायण राजयोग का शुभ प्रभाव, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, ग्रहों की चाल में बदलाव का प्रभाव सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। इस समय शुक्र और बुध की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बन रहा है। 6 नवंबर तक दोनों ग्रह कन्या राशि में रहेंगे। ज्योतिष में इस योग को धन, सुख-सुविधा, बुद्धिमत्ता और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। इस दौरान 5 राशियों के जातकों के लिए सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग शुभ साबित हो सकता है। आर्थिक मामलों में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। वहीं, व्यापारियों को कारोबार में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार में सुख-शांति बनी रह सकती है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। रुके हुए काम पूरे होने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

3. कन्या राशि

कन्या राशि में ही शुक्र और बुध की युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह योग खास माना जा रहा है। आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता में बढ़ोतरी हो सकती है। नौकरी और व्यापार में सफलता के अवसर मिल सकते हैं। वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ने के भी संकेत हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। लंबे समय से अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है। नौकरी में बदलाव की योजना बना रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। खर्चों पर नियंत्रण रखना फायदेमंद रहेगा।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े लोगों को सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी में उन्नति के अवसर मिलेंगे और व्यापार में नई योजनाएं लाभदायक साबित हो सकती हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का मौका मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, नागरिकों के लिए बड़ी खुशखबरी! परिवार को मिलेंगे ₹20,000

पटना। बिहार सरकार जरूरतमंद परिवारों को आर्थिक सहारा देने के लिए मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना चला रही है। इस योजना का उद्देश्य उन परिवारों की मदद करना है, जिनके किसी सदस्य की आकस्मिक मृत्यु हो जाती है। ऐसी स्थिति में पात्र परिवार या मृतक के आश्रितों को सरकार की ओर से एकमुश्त 20,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

किन परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ?

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का लाभ बिहार के स्थायी निवासी परिवारों को दिया जाता है। इसके लिए मृतक की उम्र 18 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए और मृत्यु दुर्घटना के कारण हुई होनी चाहिए। साथ ही परिवार का गरीबी रेखा के अंतर्गत होना जरूरी है। आवेदन मृतक के परिवार के सदस्य या उस पर निर्भर व्यक्ति की ओर से किया जा सकता है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

योजना का लाभ लेने के लिए कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जरूरत होगी। इनमें प्रमुख रूप से: आवेदक और मृतक का आधार कार्ड या पहचान पत्र, मृत्यु प्रमाण पत्र, परिवार का आय प्रमाण पत्र, राशन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, दस्तावेजों की पूरी सूची संबंधित कार्यालय से प्राप्त करना उचित रहेगा।

कैसे करें आवेदन?

इस योजना में आवेदन करने के लिए आवेदक को जरूरी दस्तावेजों के साथ अपने क्षेत्र के संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) के कार्यालय में जाना होगा। वहां आवेदन पत्र भरकर आवश्यक प्रमाण पत्रों के साथ जमा करना होगा। ऑनलाइन आवेदन की सुविधा और उपलब्ध प्रक्रिया की जानकारी भी संबंधित सरकारी कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।

जरूरतमंद परिवारों को राहत

मुख्यमंत्री परिवार लाभ योजना का मकसद किसी परिवार में अचानक हुई मृत्यु के बाद पैदा होने वाली आर्थिक परेशानी को कम करना है। ऐसे कठिन समय में मिलने वाली 20,000 रुपये की सहायता परिवार को तत्काल जरूरतों को पूरा करने में कुछ राहत दे सकती है। आवेदन करने से पहले पात्रता और वर्तमान नियमों की पुष्टि जरूर कर लें।

धनतेरस से पहले सोने के गहने खरीदना हुआ महंगा! हॉलमार्किंग फीस 67% बढ़ा

नई दिल्ली। अगर आप इस धनतेरस पर सोने की ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो आपके लिए हॉलमार्किंग फीस से जुड़ी यह खबर जानना जरूरी है। सितंबर 2026 में भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने सोने की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग फीस बढ़ा दी है। नई दरें 14 सितंबर 2026 से लागू हो चुकी हैं। ऐसे में ज्वेलर्स की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर ग्राहकों के बिल पर भी पड़ सकता है।

अब सोने की हॉलमार्किंग के लिए देने होंगे ₹75

नए नियम के अनुसार, गोल्ड ज्वेलरी के प्रत्येक आर्टिकल की हॉलमार्किंग फीस अब 75 रुपये कर दी गई है। पहले इसके लिए 45 रुपये देने पड़ते थे। यानी हर आर्टिकल पर 30 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इस तरह फीस में करीब 67 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके अलावा, एक कंसाइनमेंट के लिए न्यूनतम 200 रुपये का शुल्क भी तय किया गया है। हॉलमार्किंग सेंटर को भी BIS को गोल्ड के प्रत्येक आर्टिकल पर 7.50 रुपये देने होंगे, जबकि न्यूनतम शुल्क 20 रुपये प्रति कंसाइनमेंट है।

चांदी की हॉलमार्किंग फीस में बदलाव नहीं

सोने के मुकाबले चांदी की ज्वेलरी की हॉलमार्किंग फीस में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके लिए ज्वेलर्स को पहले की तरह 35 रुपये प्रति आर्टिकल देने होंगे। वहीं, न्यूनतम कंसाइनमेंट फीस 150 रुपये रखी गई है।

ज्वेलरी खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

सोना खरीदते समय सिर्फ कीमत और वजन देखना काफी नहीं है। उसकी शुद्धता की पुष्टि के लिए BIS हॉलमार्क जरूर जांचें। ज्वेलरी पर BIS का लोगो, कैरेट और फाइननेस मार्क के साथ छह अंकों वाला HUID नंबर होना चाहिए। ग्राहक BIS Care ऐप के जरिए भी HUID नंबर की जांच कर सकते हैं।

क्या बढ़ी हुई फीस से आपका बिल भी बढ़ेगा?

सोने की ज्वेलरी के बिल में सोने की कीमत, मेकिंग चार्ज, अन्य लागू शुल्क और 3 प्रतिशत GST शामिल हो सकते हैं। हॉलमार्किंग फीस भी बिल में अलग से दिखाई जा सकती है। हालांकि, नई फीस सीधे हर ग्राहक के बिल में 30 रुपये बढ़ाएगी, ऐसा जरूरी नहीं है। यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ज्वेलर हॉलमार्किंग की लागत ग्राहक से किस तरह वसूलता है।

इसलिए धनतेरस पर सोना खरीदने से पहले ज्वेलरी का वजन, कैरेट, मेकिंग चार्ज और बिल में लगाए गए अतिरिक्त शुल्क जरूर जांच लें।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के मजदूरों को राहत देते हुए न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी की है। श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना के मुताबिक, अलग-अलग श्रेणियों के कामगारों को अब प्रतिदिन 7 से 10 रुपये तक अधिक मजदूरी मिलेगी। नई दरें 1 अक्टूबर 2026 से लागू मानी गई हैं।

142 श्रेणियों के कामगारों को फायदा

सरकार के इस फैसले से कुल 142 प्रकार के कामगारों को लाभ मिलेगा। मजदूरी में बढ़ोतरी श्रमिकों की कुशलता के आधार पर तय की गई है। अकुशल और अर्धकुशल श्रमिकों के लिए 7 रुपये, कुशल श्रमिकों के लिए 9 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों के लिए 10 रुपये प्रतिदिन की वृद्धि की गई है।

जानिए अब कितनी मिलेगी मजदूरी

नई दरों के अनुसार, अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी 436 रुपये से बढ़कर 443 रुपये प्रतिदिन हो गई है। अर्धकुशल कामगारों को अब 452 रुपये के बजाय 459 रुपये मिलेंगे। वहीं, कुशल श्रमिकों की मजदूरी 551 रुपये से बढ़ाकर 560 रुपये और अतिकुशल श्रमिकों की मजदूरी 672 रुपये से बढ़ाकर 682 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।

करोड़ों कामगारों को मिल सकती है राहत

बिहार में बड़ी संख्या में लोग असंगठित क्षेत्र में काम करते हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में ऐसे कामगारों की संख्या 3.26 करोड़ से अधिक है। न्यूनतम मजदूरी में हुई इस बढ़ोतरी से पात्र श्रमिकों को आर्थिक मदद मिलेगी और उनकी रोजाना की कमाई में कुछ इजाफा होगा।

1 अक्टूबर से लागू मानी जाएंगी नई दरें

बिहार में न्यूनतम मजदूरी की दरों की समीक्षा साल में दो बार, 1 अप्रैल और 1 अक्टूबर को की जाती है। इस बार तकनीकी कारणों से अधिसूचना जारी होने में देरी हुई, लेकिन विभाग ने नई दरों को 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी माना है। सरकार के इस फैसले से मजदूरों को थोड़ी अतिरिक्त राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि, वास्तविक लाभ संबंधित काम की श्रेणी और लागू न्यूनतम मजदूरी दरों के अनुसार मिलेगा।

भारत की 'प्रलय' मिसाइल का टेस्ट, पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन, चीन भी हैरान!

नई दिल्ली। भारत ने अपनी रक्षा क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में स्वदेशी मिसाइल 'प्रलय' के सफल परीक्षण के साथ एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल भारतीय सेना की सामरिक जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसकी तकनीक और मारक क्षमता के कारण इसे भारत की रक्षा तैयारियों के लिए अहम माना जाता है।

क्या है प्रलय मिसाइल की खासियत?

प्रलय एक सतह से सतह पर मार करने वाली क्वासी-बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता उड़ान के दौरान अपना रास्ता बदलने की क्षमता है। सामान्य बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में इसकी उड़ान का अनुमान लगाना अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकता है, जिससे विरोधी के एयर डिफेंस सिस्टम के सामने इसे रोकना मुश्किल हो सकता है।

500 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम

प्रलय की मारक क्षमता लगभग 150 से 500 किलोमीटर तक बताई जाती है। यह ठोस ईंधन से संचालित होती है और मोबाइल लॉन्चर की मदद से दागी जा सकती है। इससे सेना को जरूरत के अनुसार इसकी तैनाती करने में सुविधा मिलती है। मिसाइल को आधुनिक गाइडेंस और नेविगेशन प्रणालियों से भी लैस किया गया है, जो लक्ष्य तक सटीक पहुंचने में मदद करती हैं।

DRDO ने स्वदेशी तकनीक से किया विकसित

प्रलय परियोजना के विकास में DRDO की कई प्रयोगशालाओं ने योगदान दिया है। इसके निर्माण और उत्पादन में भारत की रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों की भी भूमिका रही है। इस तरह की परियोजनाएं देश में स्वदेशी रक्षा तकनीक को बढ़ावा देने और विदेशी हथियारों पर निर्भरता कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।

भारत की सामरिक ताकत को मिलेगी मजबूती

प्रलय जैसी मिसाइलें भारत की पारंपरिक सैन्य क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। इसकी तकनीक और परिचालन क्षमता के कारण इसे क्षेत्रीय सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, किसी परीक्षण की सफलता के बाद मिसाइल के प्रदर्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं का आकलन भी जरूरी होता है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! रेहड़ी-पटरी वालों के लिए खुशखबरी, मिलेगा लाभ

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना से रेहड़ी-पटरी लगाकर आजीविका चलाने वाले लोगों को आर्थिक सहायता मिलती है। अब इस योजना के पात्र लाभार्थियों के लिए क्रेडिट कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके जरिए छोटे दुकानदार अपनी रोजमर्रा की जरूरतों और कारोबार से जुड़े खर्चों के लिए क्रेडिट का इस्तेमाल कर सकते हैं।

₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट

पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड के तहत पात्र लाभार्थियों को अधिकतम ₹30,000 तक की क्रेडिट लिमिट मिल सकती है। शुरुआत में यह सीमा ₹10,000 तक हो सकती है, जिसे कार्ड के इस्तेमाल और भुगतान रिकॉर्ड के आधार पर बढ़ाया जा सकता है। बैंक की शर्तों के अनुसार 20 से 50 दिनों तक ब्याज-मुक्त क्रेडिट की सुविधा भी मिल सकती है। हालांकि, समय पर भुगतान करना जरूरी है।

तीन चरणों में मिलता है लोन

पीएम स्वनिधि योजना के तहत पात्र स्ट्रीट वेंडर्स को चरणबद्ध तरीके से लोन दिया जाता है। पहली किस्त में ₹15,000 तक, दूसरी में ₹25,000 तक और तीसरे चरण में ₹50,000 तक का ऋण मिल सकता है। अगली किस्त के लिए पिछला ऋण चुकाने और योजना की निर्धारित शर्तें पूरी करने जैसे नियम लागू होते हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय आवेदक की उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। साथ ही, बैंक या वित्तीय संस्थान में खाता एनपीए या राइट-ऑफ की स्थिति में नहीं होना चाहिए। आवेदन के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, वेंडिंग सर्टिफिकेट या संबंधित पहचान पत्र और बैंक खाते की जानकारी जैसे दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।

कार्ड पर नहीं लगेगा सालाना शुल्क

योजना के तहत जारी किए जाने वाले क्रेडिट कार्ड पर जॉइनिंग और सालाना नवीनीकरण शुल्क नहीं होने की सुविधा बताई गई है। कार्ड को यूपीआई से जोड़कर भुगतान भी किया जा सकता है। हालांकि, ब्याज-मुक्त अवधि समाप्त होने के बाद बकाया राशि पर बैंक के नियमों के अनुसार ब्याज और अन्य शुल्क लागू हो सकते हैं।

पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे कारोबारियों को वित्तीय सहायता देकर उनके कामकाज को आसान बनाना है। इच्छुक रेहड़ी-पटरी वाले आवेदन करने से पहले पात्रता, दस्तावेज और क्रेडिट कार्ड की मौजूदा शर्तों की जानकारी आधिकारिक माध्यम से जरूर जांच लें।

खुशखबरी की हैट्रिक! यूपी में 3 बड़ी भर्तियों का मौका, 20 हजार से ज्यादा पदों पर करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य में शिक्षक, प्रधानाचार्य और जूनियर इंजीनियर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती के अवसर सामने आए हैं। इन तीनों भर्तियों को मिलाकर कुल 21,538 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी दी गई है। इच्छुक उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर नोटिफिकेशन और पात्रता की जांच जरूर करें।

1. सहायक शिक्षक के 17,735 पदों पर भर्ती

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) की ओर से सहायक शिक्षक के 17,735 पदों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 24 अक्टूबर 2026 से शुरू हो चुकी है। योग्य उम्मीदवार 23 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन और भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upessc.up.gov.in पर जाएं। आवेदन करने से पहले शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और चयन प्रक्रिया की शर्तें ध्यान से पढ़ें।

2. प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के 2,647 पद

शिक्षा क्षेत्र में नौकरी तलाश रहे अभ्यर्थियों के लिए दूसरी भर्ती प्रधानाचार्य और प्रधानाध्यापक के पदों पर है। UPESSC के अनुसार, इस भर्ती में कुल 2,647 पद शामिल हैं। ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत 23 अक्टूबर 2026 से हुई है और आवेदन की अंतिम तारीख 22 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को पद के अनुसार जरूरी योग्यता, अनुभव और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन से प्राप्त करनी चाहिए।

3. जूनियर इंजीनियर के 1,156 पदों पर मौका

तीसरी भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से निकाली गई है। इसके तहत जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) और अन्य तकनीकी पदों सहित कुल 1,156 रिक्तियों पर भर्ती की जानकारी दी गई है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 नवंबर 2026 से शुरू होंगे और 25 नवंबर 2026 तक आवेदन किया जा सकेगा। उम्मीदवारों के पास संबंधित इंजीनियरिंग योग्यता के साथ वैध UPSSSC PET 2025 स्कोर होना आवश्यक बताया गया है। आवेदन के लिए आयोग की वेबसाइट upsssc.gov.in का इस्तेमाल करें।

यूपी में महिलाओं और किसानों की चमकेगी किस्मत, मिलने वाली है 1 बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में महिलाओं और किसानों के लिए योगी सरकार जल्द ही दो विशेष आर्थिक पैकेज ला सकती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को इसकी घोषणा करते हुए बताया कि किसानों को फसल नुकसान से राहत देने और महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार योजना तैयार कर रही है। इस फैसले से प्रदेश के करोड़ों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

3 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा फायदा

मुख्यमंत्री ने कहा कि मौसम में बदलाव, भारी बारिश, सूखा और ओलावृष्टि जैसी प्राकृतिक परिस्थितियों के कारण किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। सरकार प्रभावित किसानों को मुआवजा दे रही है। इसके साथ ही प्रदेश के करीब 3 करोड़ किसान परिवारों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज तैयार किया जा रहा है, ताकि उन्हें खेती से जुड़े आर्थिक संकट में राहत मिल सके।

महिलाओं के लिए भी तैयार होगा बड़ा पैकेज

योगी सरकार का दूसरा बड़ा फोकस महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उनके बच्चों की बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना भी इस पैकेज का उद्देश्य होगा। लखपति दीदी और बीसी सखी जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने का प्रयास जारी है।

उज्ज्वला योजना के 1.89 करोड़ परिवारों को सब्सिडी

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत उत्तर प्रदेश के 1.89 करोड़ लाभार्थी परिवारों के बैंक खातों में कुल 1,500 करोड़ रुपये की सब्सिडी हस्तांतरित की। इससे पात्र परिवारों को रसोई गैस के खर्च में राहत मिलेगी।

किसानों और श्रमिकों के लिए भोजन की सुविधा

सरकार मंडी समितियों और श्रमिक अड्डों पर अन्नपूर्णा भोजनालय शुरू करने की भी तैयारी कर रही है। यहां किसानों और मजदूरों को टोकन मनी देकर भरपेट भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इससे दूर-दराज से मंडियों में आने वाले किसानों और निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को राहत मिलेगी।

खुशखबरी पर खुशखबरी! यूपी में 12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, करें आवेदन

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की जिला इकाई ने अकाउंटेंट और MIS असिस्टेंट के कुल 20 पदों पर भर्ती निकाली है। खास बात यह है कि इन पदों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास रखी गई है। आवेदन की प्रक्रिया ऑफलाइन होगी और फॉर्म जमा करने की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 है।

10-10 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती अभियान के तहत अकाउंटेंट के 10 और MIS असिस्टेंट के 10 पद भरे जाएंगे। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों की उम्र 21 से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए। अभ्यर्थी कम से कम 12वीं पास हों और उन्हें हिंदी पढ़ने-लिखने के साथ सामान्य गणित की अच्छी समझ होनी चाहिए।

आवेदन के लिए नहीं लगेगी फीस

इन पदों के लिए आवेदन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन अपने संबंधित क्लस्टर लेवल फेडरेशन (CLF) या ब्लॉक मिशन प्रबंधन इकाई में जमा कर सकते हैं। चयनित अभ्यर्थियों की तैनाती सिद्धार्थनगर जिले के मॉडल क्लस्टर लेवल फेडरेशन में की जाएगी।

लिखित परीक्षा और इंटरव्यू से होगा चयन

उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को भर्ती से संबंधित शर्तों और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी आधिकारिक विज्ञापन से जांच लेनी चाहिए।

आवेदन की अंतिम तारीख 5 नवंबर 2026 निर्धारित है। ऐसे में योग्य उम्मीदवार समय रहते ऑफलाइन फॉर्म जमा कर दें, ताकि इस भर्ती के अवसर से चूकना न पड़े।

इस मामले में चीन नंबर-1, भारत नंबर-2, जानें पूरी खबर

नई दिल्ली। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद भारतीय निवेशकों का इस कीमती धातु के प्रति आकर्षण बना हुआ है। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल (WGC) की रिपोर्ट के मुताबिक, सोने की छड़ और सिक्कों में निवेश की मांग में सालाना गिरावट के बाद भी भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा बाजार बना हुआ है। इस सूची में चीन पहले स्थान पर है। सितंबर तिमाही में वैश्विक मांग में भारत की हिस्सेदारी करीब 21 प्रतिशत रही।

सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में गिरावट

सितंबर तिमाही में भारत में सोने की छड़ और सिक्कों की मांग पिछली तिमाही के मुकाबले 9 प्रतिशत बढ़कर 55 टन हो गई। हालांकि, पिछले साल की समान अवधि की तुलना में इसमें 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। सोने पर आयात शुल्क बढ़ने और कीमतों में तेजी की रफ्तार धीमी होने को इसकी प्रमुख वजहों में गिना गया है।

कुल निवेश में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर तिमाही में भारत में सोने का कुल निवेश पिछली तिमाही के मुकाबले 12 प्रतिशत बढ़कर लगभग 60 टन रहा। वहीं, गोल्ड ईटीएफ में निवेश भी बढ़ा। इसकी मांग जून तिमाही के 3.6 टन से बढ़कर सितंबर तिमाही में 5.3 टन पहुंच गई।

डिजिटल गोल्ड का बढ़ रहा चलन

डिजिटल गोल्ड में भी निवेशकों की रुचि बढ़ी है। 2026 के पहले नौ महीनों में इसकी मांग सालाना आधार पर 76 प्रतिशत बढ़कर 16.3 टन हो गई। कम रकम से निवेश शुरू करने और आसानी से खरीदारी की सुविधा को इसके बढ़ते चलन की वजह माना जा रहा है।

दरअसल, सोने की छड़ और सिक्कों की मांग में सालाना गिरावट के बावजूद भारत में गोल्ड ईटीएफ और डिजिटल गोल्ड जैसे निवेश विकल्पों की लोकप्रियता बढ़ रही है। इससे पता चलता है कि निवेशक सोने में पैसा लगाने के लिए अलग-अलग तरीकों को अपना रहे हैं।

6 नवंबर को बनेगा लक्ष्मी नारायण राजयोग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत!

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, 6 नवंबर 2026 को तुला राशि में बुध और शुक्र की युति से लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने जा रहा है। ज्योतिष में इस योग को धन, सुख-सुविधा, बुद्धि और तरक्की से जोड़कर देखा जाता है। मान्यता है कि इस शुभ संयोग का असर सभी राशियों पर अलग-अलग हो सकता है। खासतौर पर 5 राशियों के जातकों के लिए यह समय अनुकूल रहने की संभावना जताई जा रही है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह योग रिश्तों और साझेदारी के मामलों में सकारात्मक रह सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार में भी नए संपर्क बनने और लाभ के अवसर मिलने की उम्मीद है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए लक्ष्मी नारायण राजयोग आर्थिक मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं। विद्यार्थियों को पढ़ाई में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को कार्यक्षेत्र में अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल रहने की संभावना है।

4. तुला राशि

यह राजयोग तुला राशि में ही बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए इसे विशेष माना जा रहा है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक योजनाओं में भी सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय कामकाज और आर्थिक स्थिति के लिहाज से अच्छा रह सकता है। नौकरी में तरक्की के अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश या व्यावसायिक प्रयासों से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

खुशखबरी का नया ऐलान! बिहार में 10वीं, 12वीं, ग्रेजुएट के लिए बंपर भर्ती

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। जिला नियोजनालय की ओर से 4 नवंबर 2026 को रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। यह मेला सुबह 10 बजे गन्नीपुर स्थित जिला नियोजनालय परिसर में लगेगा। इसमें निजी कंपनी केके एंटरप्राइजेज की ओर से कुल 50 पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को गुजरात में काम करने का अवसर मिलेगा।

10वीं पास से ग्रेजुएट तक कर सकते हैं आवेदन

इस भर्ती में पार्ट्स प्रोडक्शन, पार्ट्स चेकिंग और पार्ट्स असेंबल जैसे पद शामिल हैं। आवेदन करने वाले युवाओं की उम्र 18 से 35 वर्ष के बीच होनी चाहिए। शैक्षणिक योग्यता 10वीं, 12वीं, आईटीआई, ग्रेजुएशन या डिप्लोमा रखी गई है। चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 17,000 से 25,000 रुपये तक वेतन मिल सकता है। इसके साथ पीएफ, ईएसआईसी, इंश्योरेंस, बस, कैंटीन, यूनिफॉर्म और जूते जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी।

ये दस्तावेज लेकर पहुंचें

रोजगार मेले में शामिल होने वाले उम्मीदवार अपने साथ अपडेटेड बायोडाटा, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, अंकपत्र और दो पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो जरूर रखें। सभी दस्तावेजों की मूल प्रति और फोटोकॉपी साथ ले जाना बेहतर रहेगा।

NCS पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन जरूरी

इस रोजगार मेले में भाग लेने के लिए NCS पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य है। जिन युवाओं ने अभी तक रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है, वे जिला नियोजनालय, गन्नीपुर में जाकर या NCS की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन पूरी तरह निःशुल्क है। इच्छुक अभ्यर्थी समय पर पहुंचकर इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

बिहार के लोगों के लिए बड़ी खबर, सभी 38 जिलों में शुरू होगा जांच अभियान

पटना। बिहार में फैटी लिवर की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग ने राज्यव्यापी जांच अभियान चलाने की तैयारी की है। ‘स्वस्थ लिवर-स्वस्थ बिहार’ कार्यक्रम के तहत सभी 38 जिलों में लोगों की जांच और बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस पहल में दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बिलियरी साइंसेज (ILBS) का तकनीकी सहयोग भी लिया जाएगा।

26 लाख लोगों की होगी जांच

योजना के अनुसार, अगले 18 महीनों में 30 वर्ष से अधिक उम्र के लगभग 26 लाख लोगों की स्क्रीनिंग करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान को पहले से चल रहे गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों से जोड़ा जाएगा, ताकि लोगों को अपने आसपास ही जांच की सुविधा मिल सके। इस काम में आशा कार्यकर्ता, एएनएम, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और जीविका दीदियां भी सहयोग करेंगी। 

स्वास्थ्यकर्मियों को दिया जाएगा प्रशिक्षण

अभियान के लिए करीब 150 मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे। इनके माध्यम से डॉक्टरों, नर्सों, लैब तकनीशियनों और अन्य स्वास्थ्यकर्मियों सहित लगभग 25 हजार लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे बीमारी की शुरुआती पहचान और मरीजों को जरूरी सलाह व उपचार तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

अभियान की होगी नियमित निगरानी

कार्यक्रम की प्रगति पर जिला, प्रमंडल और राज्य स्तर पर नजर रखी जाएगी। अधिकारियों को तय समय में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग का जोर लोगों को नियमित जांच कराने, संतुलित भोजन अपनाने और स्वस्थ जीवनशैली के लिए प्रेरित करने पर भी रहेगा।

फैटी लिवर की समय रहते पहचान होने से आगे चलकर होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम करने में मदद मिल सकती है। ऐसे में यह अभियान बिहार में बीमारी की रोकथाम और स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

8वें वेतन आयोग को 1 साल पूरे, कर्मचारियों के लिए खुशखबरी कब आएगी?

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी बड़ी अपडेट सामने आई है। आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को किया गया था और 3 नवंबर 2026 को इसे एक साल पूरा हो गया है। इस दौरान आयोग के सदस्यों ने कई शहरों और केंद्र शासित प्रदेशों में बैठकें कर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स से उनकी मांगों व सुझावों को समझा है। अब सभी की नजर आयोग की रिपोर्ट और फिटमेंट फैक्टर पर टिकी है।

कब पेश होगी आयोग की रिपोर्ट?

आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर अपनी सिफारिशें केंद्र सरकार को सौंपनी हैं। इसके लिए 3 मई 2027 की समयसीमा निर्धारित बताई गई है। यानी रिपोर्ट आने से पहले अभी कुछ महीने का इंतजार करना होगा। इसके बाद केंद्र सरकार सिफारिशों की समीक्षा करेगी और आगे लागू करने पर फैसला लेगी।

कितना काम पूरा हुआ है?

आयोग की ओर से 2 अक्टूबर को साझा की गई जानकारी के मुताबिक, उस समय तक करीब 61 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था। साथ ही निर्धारित बैठकों में से लगभग 80 प्रतिशत बैठकें आयोजित की जा चुकी थीं। आयोग की पिछली बैठकें 22 और 30 अक्टूबर 2026 को मुंबई में हुई थीं।

फिटमेंट फैक्टर पर सबकी नजर

फिटमेंट फैक्टर वह गुणक है, जिसके आधार पर मौजूदा मूल वेतन से नया बेसिक वेतन तय किया जाता है। सातवें वेतन आयोग में इसे 2.57 रखा गया था। इस बार कर्मचारी संगठन 3 से अधिक फिटमेंट फैक्टर की मांग कर रहे हैं, जबकि कुछ अनुमान इसे 1.9 से 2.57 के बीच रहने की संभावना जताते हैं। हालांकि, आठवें वेतन आयोग ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक सिफारिश जारी नहीं की है।

रेलवे कर्मचारियों ने भी रखीं मांगें

ऑल इंडिया रेलवेमेन्स फेडरेशन (AIRF) ने आयोग के सामने न्यूनतम वेतन बढ़ाने, भत्तों और प्रमोशन से जुड़े मुद्दे उठाए हैं। संगठन ने महिला लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर और ट्रैक मेंटेनर की समस्याओं पर भी ध्यान देने की मांग की है। फिलहाल कर्मचारियों को आयोग की अंतिम रिपोर्ट का इंतजार करना होगा। फिटमेंट फैक्टर और वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इसका पता आयोग की सिफारिशें आने और सरकार के फैसले के बाद ही चलेगा।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! POWERGRID में 319 इंजीनियर पदों पर निकली भर्ती

नई दिल्ली। इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर चुके युवाओं के लिए सरकारी नौकरी पाने का अच्छा अवसर है। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (POWERGRID) ने वर्ष 2026 के लिए इंजीनियर ट्रेनी के 319 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 18 नवंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास संबंधित विषय में B.Sc, B.Tech या B.E की डिग्री होनी चाहिए। अभ्यर्थियों की अधिकतम आयु सीमा 28 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

POWERGRID में चयनित इंजीनियर ट्रेनी को हर महीने 40,000 रुपये से लेकर 1,40,000 रुपये तक का वेतनमान मिल सकता है। यह भर्ती इंजीनियरिंग क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक युवाओं के लिए अच्छा अवसर है।

कहां और कैसे करें आवेदन?

योग्य उम्मीदवार POWERGRID की आधिकारिक वेबसाइट powergrid.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले भर्ती का आधिकारिक नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ लें और योग्यता, आयु सीमा तथा चयन प्रक्रिया से जुड़ी शर्तों की पुष्टि कर लें।

आवेदन की अंतिम तारीख 18 नवंबर 2026 है, इसलिए इच्छुक उम्मीदवार समय रहते अपना फॉर्म भर दें।

यूपी के आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, नई वेतन दरें लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी विभागों के तहत आउटसोर्स पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने उनके मासिक पारिश्रमिक की नई दरें तय करते हुए शासनादेश जारी किया है। नई व्यवस्था 2 सितंबर 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। इससे प्रदेश के करीब 2.72 लाख कर्मचारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

चार श्रेणियों में तय हुआ पारिश्रमिक

सरकार ने कर्मचारियों को चार वर्गों में बांटकर भुगतान की दरें निर्धारित की हैं। इसके तहत श्रेणी-1 को 39,000 रुपये, श्रेणी-2 को 21,947 रुपये, श्रेणी-3 को 19,446 रुपये और श्रेणी-4 को 17,646 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

नवंबर में मिलेगा सितंबर का एरियर

नई दरें सितंबर से लागू होने के कारण कर्मचारियों को उस महीने का बकाया भुगतान भी दिया जाएगा। यह एरियर नवंबर में अक्टूबर के वेतन के साथ मिलने की जानकारी दी गई है। जिन कर्मचारियों को पहले से नई निर्धारित दरों से अधिक पारिश्रमिक मिल रहा है, उनके भुगतान में कटौती नहीं की जाएगी।

EPF और ESI की कटौती का नियम

नई व्यवस्था के तहत कर्मचारी के हिस्से से EPF के लिए 12 प्रतिशत और ESI के लिए 0.75 प्रतिशत की कटौती होगी। वहीं, नियोक्ता की ओर से EPF का 12 प्रतिशत और ESI का 3.25 प्रतिशत अंशदान जमा कराया जाएगा। दी गई जानकारी के मुताबिक, कटौती के बाद श्रेणी-2 के कर्मचारियों को 19,148 रुपये, श्रेणी-3 को 16,966 रुपये और श्रेणी-4 को 15,396 रुपये मिलेंगे।

अतिरिक्त खर्च विभाग उठाएंगे

सरकार ने स्पष्ट किया है कि GST, सर्विस चार्ज और आउटसोर्स सेवा निगम का एक प्रतिशत सेंटेज चार्ज कर्मचारियों के पारिश्रमिक से नहीं काटा जाएगा। इन खर्चों की जिम्मेदारी संबंधित सरकारी विभागों की होगी। इसके लिए विभागों को अपने बजट में जरूरी धनराशि की व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

यूपी में शुरू होगा नए एक्सप्रेस-वे का निर्माण, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया जा रहा है। चित्रकूट धाम को बेहतर सड़क सुविधा देने के लिए चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे का निर्माण जल्द शुरू होने जा रहा है। इस परियोजना से बुंदेलखंड क्षेत्र के लोगों को काफी फायदा मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि निर्माण के लिए कंपनी का चयन भी कर लिया गया है और इसी महीने काम शुरू कराने की तैयारी है।

15 किमी से ज्यादा लंबा एक्सप्रेसवे

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 15.172 किलोमीटर होगी। इसे छह लेन के एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीडा) इस परियोजना को पूरा कराएगा। निर्माण कार्य इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन (EPC) मॉडल के तहत किया जाएगा।

निर्माण के लिए कंपनी का हुआ चयन

इस परियोजना के निर्माण के लिए चार कंपनियों ने निविदा प्रक्रिया में हिस्सा लिया था। तकनीकी जांच के बाद दो कंपनियां योग्य पाई गईं। इसके बाद 3 नवंबर को वित्तीय बोलियां खोली गईं, जिसमें सबसे कम बोली लगाने वाली एमकेसी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड को चुना गया।

चित्रकूट और बुंदेलखंड को मिलेगा फायदा

नया एक्सप्रेसवे बनने के बाद चित्रकूट धाम की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है। इसके अलावा बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे के जरिए प्रदेश के दूसरे हिस्सों तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

रोजगार और कारोबार को भी मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का लाभ केवल यात्रियों तक सीमित नहीं रहेगा। बेहतर सड़क संपर्क से बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों को गति मिल सकती है। खासकर रक्षा और औद्योगिक गलियारों तक पहुंच आसान होने से निवेश को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है। निर्माण कार्य के दौरान स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

यूपी के 8 जिलों में बनेंगे 10 नए पुल, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए अच्छी खबर है। राज्य के आठ जिलों में आवागमन की सुविधा बेहतर बनाने के लिए 10 नए छोटे-बड़े पुलों का निर्माण कराया जाएगा। इन परियोजनाओं पर करीब 116.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योगी सरकार ने पुलों के निर्माण से जुड़ी परियोजनाओं को मंजूरी देने के साथ बजट की पहली किस्त भी जारी कर दी है।

इन जिलों में बनेंगे बड़े पुल

लोक निर्माण विभाग की योजना के तहत बलरामपुर, प्रतापगढ़, महोबा, फतेहपुर और पीलीभीत में नदियों पर पांच बड़े पुल बनाए जाएंगे।

बलरामपुर: हरिहरगंज-तलिया बनकटवा मार्ग पर पुल और पहुंच मार्ग के लिए 10.55 करोड़ रुपये मंजूर हुए हैं।

प्रतापगढ़: पूरे गोसाईं-सरूआ मार्ग पर सई नदी में 20.44 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनेगा।

महोबा: कबरई-रिवई मार्ग पर चंद्रावल नदी पर 23.12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

फतेहपुर: खूटा-गढ़ी संपर्क मार्ग पर रिंद नदी में 22.93 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनेगा।

पीलीभीत: शीतलपुर-फागुनीहाई मार्ग पर खन्नौत नदी में पुराने संकरे पुल के पास नया पुल बनाया जाएगा। इस पर 21.31 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

पांच छोटे पुलों का भी होगा निर्माण

बड़े पुलों के साथ पांच छोटे पुल भी बनाए जाएंगे। इनमें अमेठी के जामो ब्लॉक में नौडाह और आदिलपुर गांव को जोड़ने के लिए पुल बनेगा। फतेहपुर में जोनिहा-धारूपुर संपर्क मार्ग पर नहर के ऊपर पुल तैयार किया जाएगा। वहीं, अंबेडकर नगर के मोतनापुर गांव में नाले पर पुल बनेगा। देवरिया में विशुनपुरा बाजार से सुराजी टोला के बीच बरसाती नाले पर पुल और पहुंच मार्ग का निर्माण होगा। पीलीभीत में दिलावरपुर-चंदौल मार्ग पर आरसीसी पुल बनाया जाएगा।

हजारों लोगों को मिलेगा फायदा

इन पुलों के तैयार होने से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन आसान होगा। बरसात के मौसम में नदियों और नालों के कारण रास्ता बाधित होने की समस्या से भी राहत मिलने की उम्मीद है। स्कूली बच्चों, किसानों, मरीजों और रोजाना यात्रा करने वाले लोगों को इसका सीधा लाभ मिल सकता है।

खुशखबरी का महाधमाका! यूपी में 1 बड़ी भर्ती शुरू, आज से आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) समेत विभिन्न तकनीकी पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के तहत कुल 1156 पद भरे जाएंगे। योग्य उम्मीदवार 3 नवंबर 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

1156 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती में जूनियर इंजीनियर (मैकेनिकल) और अन्य तकनीकी पद शामिल हैं। अलग-अलग पदों के लिए निर्धारित योग्यता और वेतनमान भी अलग हो सकते हैं। उम्मीदवारों को पद के अनुसार आधिकारिक नोटिफिकेशन पढ़कर ही आवेदन करना चाहिए।

कौन कर सकता है आवेदन?

उम्मीदवार के पास संबंधित पद के अनुसार मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा या निर्धारित तकनीकी योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी का UPSSSC PET 2025 में शामिल होना और आयोग द्वारा जारी स्कोरकार्ड होना जरूरी है। आयु सीमा पद के अनुसार न्यूनतम 18 या 21 वर्ष से शुरू होकर अधिकतम 40 वर्ष तक निर्धारित है। आरक्षित वर्गों को उत्तर प्रदेश सरकार के नियमों के अनुसार आयु में छूट मिल सकती है।

कितनी मिलेगी सैलरी?

जूनियर इंजीनियर और कुछ अन्य लेवल-6 पदों के लिए वेतनमान ₹35,400 से ₹1,12,400 तक बताया गया है। अन्य पदों का वेतन संबंधित पे लेवल के अनुसार अलग होगा। इसके अतिरिक्त नियमानुसार भत्ते भी मिल सकते हैं।

आवेदन शुल्क कितना है?

सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस और एससी-एसटी सहित सभी वर्गों के लिए आवेदन शुल्क ₹25 बताया गया है। इसके अलावा ₹25 ऑनलाइन प्रोसेसिंग शुल्क भी निर्धारित है। मुख्य परीक्षा के लिए चयनित उम्मीदवारों को निर्धारित परीक्षा शुल्क अलग से देना पड़ सकता है।

ऐसे करें ऑनलाइन आवेदन

इच्छुक उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट https://upsssc.gov.in/ पर जाकर भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन देखें। पात्रता की पुष्टि करने के बाद ऑनलाइन आवेदन भरें और निर्धारित शुल्क जमा करके प्रक्रिया पूरी करें।

आवेदन की तारीख

आवेदन की प्रक्रिया शुरू: 3 नवंबर 2026

आवेदन की अंतिम तारीख: 25 नवंबर 2026

रोजाना सेब खाने से शरीर को मिलते हैं 10 फायदे, बीमारियां रहेंगी दूर!

हेल्थ डेस्क। सेब एक ऐसा फल है, जो स्वादिष्ट होने के साथ-साथ कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है। इसमें फाइबर, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। रोजाना संतुलित आहार के साथ एक सेब खाना सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। आइए जानते हैं सेब खाने के 10 बड़े फायदे।

1. पाचन को रखता है बेहतर

सेब में फाइबर पाया जाता है, जो पाचन तंत्र को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसे छिलके समेत खाने से फाइबर की अच्छी मात्रा मिलती है और कब्ज की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

2. दिल की सेहत के लिए फायदेमंद

सेब में मौजूद घुलनशील फाइबर, खासकर पेक्टिन, कोलेस्ट्रॉल के स्तर को नियंत्रित रखने में मदद कर सकता है। संतुलित खानपान के साथ इसका सेवन दिल की सेहत के लिए अच्छा विकल्प है।

3. वजन नियंत्रित करने में मददगार

सेब में फाइबर और पानी की मात्रा अच्छी होती है। इसे खाने से पेट देर तक भरा महसूस हो सकता है, जिससे बार-बार भूख लगने और अनावश्यक स्नैकिंग को कम करने में मदद मिलती है।

4. शरीर को देता है एंटीऑक्सीडेंट

सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद करते हैं। खासकर सेब के छिलके में कई लाभकारी पौधों के यौगिक पाए जाते हैं।

5. इम्यूनिटी को मिलता है सहारा

सेब में विटामिन सी समेत कई पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर की सामान्य प्रतिरक्षा प्रणाली के कामकाज में योगदान देते हैं। हालांकि, मजबूत इम्यूनिटी के लिए विविध और संतुलित आहार जरूरी है।

6. ब्लड शुगर नियंत्रण में सहायक

सेब में फाइबर होता है, जो कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की गति को प्रभावित कर सकता है। साबुत सेब खाना, उसका जूस पीने की तुलना में बेहतर विकल्प है। मधुमेह से पीड़ित लोगों को मात्रा का ध्यान रखना चाहिए।

7. आंतों की सेहत के लिए अच्छा

सेब का फाइबर आंतों की नियमित गतिविधि को बनाए रखने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र स्वस्थ रखने और आंतों में लाभकारी बैक्टीरिया को पोषण देने में सहायता मिल सकती है।

8. शरीर को रखता है हाइड्रेटेड

सेब में पानी की अच्छी मात्रा होती है। इसे खाने से शरीर को कुछ अतिरिक्त तरल मिलता है, हालांकि पानी पीने की जरूरत को सेब पूरा नहीं कर सकता।

9. त्वचा की सेहत में योगदान

सेब में मौजूद विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा के सामान्य स्वास्थ्य में भूमिका निभाते हैं। लेकिन स्वस्थ त्वचा के लिए पर्याप्त नींद, पानी, संतुलित भोजन और धूप से सुरक्षा भी जरूरी है।

10. रोजमर्रा की ऊर्जा के लिए अच्छा विकल्प

सेब में प्राकृतिक शर्करा और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं। इसे नाश्ते या दो भोजन के बीच खाने से पौष्टिक स्नैक का विकल्प मिल सकता है।