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यूपी में 12वीं पास के लिए खुशखबरी, 209 पदों पर बंपर भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने हवलदार इंस्ट्रक्टर के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इच्छुक उम्मीदवार ऑनलाइन के द्वारा आवेदन कर सकते हैं। 

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 209 रिक्त पदों पर योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। ऐसे उम्मीदवार, जो 12वीं पास हैं और सरकारी सेवा में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं, उनके लिए यह एक बेहतरीन अवसर साबित हो सकता है। यदि आप इस भर्ती में आवेदन करने की योजना बना रहे हैं, तो आवेदन की अंतिम तिथि, पात्रता और अन्य जरूरी शर्तों की जानकारी पहले से जान लेना जरूरी है।

आवेदन की तिथियां

आयोग की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 19 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक अभ्यर्थी 9 जुलाई 2026 तक आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तिथि भी यही निर्धारित की गई है।

आवेदन शुल्क कितना है?

इस भर्ती की खास बात यह है कि सभी वर्गों के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क समान रखा गया है। सामान्य, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और दिव्यांग सहित सभी उम्मीदवारों को केवल 25 रुपये आवेदन शुल्क का भुगतान करना होगा। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जाएगा।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

आवेदन करने वाले अभ्यर्थी की आयु 1 जुलाई 2026 को न्यूनतम 18 वर्ष और अधिकतम 40 वर्ष होनी चाहिए। आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवारों को राज्य सरकार के प्रचलित नियमों के अनुसार अधिकतम आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 12वीं (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। इसके अलावा आयोग द्वारा निर्धारित अन्य शैक्षणिक एवं पात्रता संबंधी शर्तों को भी पूरा करना होगा। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक अधिसूचना पढ़ना चाहिए।

यूपी में मानसून एक्टिव, 4 से 10 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कहीं उमस और तेज धूप लोगों को परेशान कर रही है तो कहीं हल्की बारिश से राहत मिल रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने प्रदेश के लिए अगले कुछ दिनों का पूर्वानुमान जारी करते हुए बताया है कि 4 से 10 जुलाई के बीच मानसून दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। इसके चलते कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने जैसी मौसम संबंधी गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं।

पूर्वी उत्तर प्रदेश में कब होगी ज्यादा बारिश?

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 4 से 6 जुलाई के दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इसके बाद 7 जुलाई से मानसून और अधिक सक्रिय होने की संभावना है। 7 से 10 जुलाई के बीच कई जिलों में तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं, जिससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लिए भी अलर्ट

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी मौसम विभाग ने 4 से 7 जुलाई तक बारिश की संभावना जताई है। इसके बाद 8 से 10 जुलाई के दौरान भी कई इलाकों में बारिश जारी रह सकती है। कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

आंधी-तूफान-वज्रपात का खतरा

बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। विशेष रूप से 7 और 8 जुलाई को कई क्षेत्रों में आंधी-तूफान की स्थिति बन सकती है। वहीं 8 से 10 जुलाई के बीच तेज हवा के साथ भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। ऐसे मौसम में खुले स्थानों पर जाने, पेड़ों के नीचे खड़े होने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

किसानों और आम लोगों को राहत

लंबे समय से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को आगामी बारिश से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों के लिए भी यह बारिश खरीफ फसलों की बुवाई और सिंचाई के लिहाज से फायदेमंद साबित हो सकती है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे मौसम से जुड़े ताजा अपडेट पर नजर रखें और खराब मौसम के दौरान आवश्यक सावधानी बरतें, ताकि किसी भी संभावित नुकसान से बचा जा सके।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, राजस्व परिषद में नई व्यवस्था लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद राजस्व परिषद ने सार्वजनिक महत्व की भूमि से जुड़े विवादों के निस्तारण के लिए नई न्यायिक व्यवस्था लागू कर दी है। 

इस फैसले के तहत अब सरकारी और सार्वजनिक भूमि से संबंधित अहम मामलों की सुनवाई एकल पीठ के बजाय तीन सदस्यीय विशेष पीठ करेगी। सरकार का मानना है कि सामूहिक सुनवाई की इस व्यवस्था से निर्णय प्रक्रिया अधिक निष्पक्ष, मजबूत और गुणवत्तापूर्ण बनेगी।

किन मामलों की होगी विशेष पीठ में सुनवाई?

नई व्यवस्था के अनुसार अब आरक्षित श्रेणी की भूमि, शासकीय भूमि, ग्राम सभा की जमीन, नजूल भूमि, निष्क्रांत संपत्ति तथा शत्रु संपत्ति (जहां लागू हो) से जुड़े सभी नए और लंबित मामलों की सुनवाई विशेष रूप से गठित तीन सदस्यीय पीठ के समक्ष होगी। इन मामलों की सुनवाई अब न तो एकल सदस्यीय पीठ करेगी और न ही सर्किट कोर्ट में होगी। सभी महत्वपूर्ण मामलों पर तीन सदस्य संयुक्त रूप से विचार करेंगे, जिससे निर्णय अधिक संतुलित और न्यायसंगत हो सके।

राजस्व संहिता की धारा-9 के तहत लागू

राजस्व परिषद ने उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा-9 के अंतर्गत प्राप्त अधिकारों का उपयोग करते हुए इस नई प्रणाली को लागू किया है। सरकार का उद्देश्य सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े विवादों का समयबद्ध समाधान करना, न्यायिक प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना तथा निर्णयों में एकरूपता सुनिश्चित करना है। प्रदेश सरकार लंबे समय से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने और राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण पर विशेष जोर देती रही है। इसी दिशा में यह फैसला एक अहम कदम माना जा रहा है।

हर बुधवार होगी नियमित सुनवाई

राजस्व परिषद ने लखनऊ और प्रयागराज स्थित न्यायालयों के लिए अलग-अलग तीन सदस्यीय विशेष पीठों का गठन किया है। इन पीठों द्वारा प्रत्येक बुधवार को नियमित रूप से संबंधित मामलों की सुनवाई की जाएगी। साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सरकारी और सार्वजनिक भूमि से जुड़े सभी लंबित एवं नए मामलों की पहचान कर उन्हें विशेष पीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाए, ताकि सुनवाई में अनावश्यक देरी न हो।

क्या होगा नई व्यवस्था का फायदा?

सरकार का मानना है कि तीन सदस्यीय पीठ द्वारा सामूहिक रूप से लिए गए निर्णयों से न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता और पारदर्शिता दोनों मजबूत होंगी। एक ही प्रकार के मामलों में समान दृष्टिकोण अपनाए जाने से अलग-अलग फैसलों की संभावना कम होगी और भविष्य में कानूनी विवाद तथा भ्रम की स्थिति भी घटेगी।

यूपी सरकार ने दी खुशखबरी, 3 रुपये प्रति यूनिट बिजली

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत देने के उद्देश्य से बिजली उपभोक्ताओं के लिए अहम फैसला लिया है। नई व्यवस्था के तहत बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को 100 यूनिट तक बिजली मात्र 3 रुपये प्रति यूनिट की दर से उपलब्ध कराई जाएगी। 

इस योजना के जरिए सरकार बिजली पर सब्सिडी देकर गरीब परिवारों के मासिक खर्च को कम करने का प्रयास कर रही है। सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के बीच सस्ती बिजली मिलने से कमजोर आय वर्ग के लोगों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी और उनके घरेलू बजट पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।

किन उपभोक्ताओं को मिलेगा योजना का लाभ?

इस विशेष योजना का लाभ केवल निर्धारित पात्रता रखने वाले घरेलू उपभोक्ताओं को ही मिलेगा। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें तय की गई हैं। उपभोक्ता बीपीएल (लाइफलाइन) श्रेणी का घरेलू बिजली उपभोक्ता होना चाहिए। बिजली कनेक्शन का स्वीकृत लोड अधिकतम 1 किलोवाट होना चाहिए। एक महीने में बिजली की खपत 100 यूनिट तक होनी चाहिए। पात्र उपभोक्ताओं को मिलने वाली सब्सिडी सीधे उनके बिजली बिल में समायोजित की जाएगी, जिससे उन्हें कम राशि का भुगतान करना पड़ेगा।

सरकार क्यों लाई यह योजना?

सरकार का उद्देश्य केवल सस्ती बिजली उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि बिजली व्यवस्था को भी अधिक मजबूत बनाना है। अधिकारियों का मानना है कि जब बिजली का बिल कम आएगा तो उपभोक्ता समय पर भुगतान करने के लिए प्रेरित होंगे। इससे बकाया बिलों की समस्या कम होगी और बिजली चोरी पर भी नियंत्रण पाने में मदद मिल सकती है। इसके अलावा, जिन परिवारों के पास अभी तक वैध बिजली कनेक्शन नहीं है, वे भी अधिक संख्या में नियमित कनेक्शन लेने के लिए आगे आ सकते हैं।

जुलाई के बिजली बिल में राहत

राज्य सरकार ने केवल बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं के लिए भी राहत का ऐलान किया है। जुलाई 2026 के बिजली बिलों में 4.43 प्रतिशत की नेगेटिव एडजस्टमेंट लागू की जाएगी। इसका लाभ घरेलू, व्यावसायिक और अन्य सभी श्रेणी के बिजली उपभोक्ताओं को मिलेगा। इससे लाखों उपभोक्ताओं के बिजली बिल में कमी आएगी और उन्हें सीधे आर्थिक राहत प्राप्त होगी।

गरीब परिवारों को फायदा

इस पहल से कम आय वाले परिवारों का मासिक खर्च घटेगा और वे अपनी अन्य जरूरी आवश्यकताओं पर अधिक खर्च कर सकेंगे। नियमित बिजली बिल भुगतान की प्रवृत्ति बढ़ने से बिजली वितरण व्यवस्था भी मजबूत होने की उम्मीद है।

रविवार को बनेंगे 3 शक्तिशाली योग: 4 राशियों को मिलेगा धन, मान-सम्मान और सफलता

राशिफल। रविवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद खास माना जा रहा है। इस दिन तीन शुभ और शक्तिशाली योगों का संयोग बनने से कई राशियों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की संभावना है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब शुभ ग्रहों की अनुकूल स्थिति बनती है तो व्यक्ति के जीवन में धन, करियर, प्रतिष्ठा और पारिवारिक सुख से जुड़े क्षेत्रों में अच्छे परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

मेष राशि

रविवार का दिन मेष राशि के जातकों के लिए नई ऊर्जा और आत्मविश्वास लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति मिलेगी और कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी। अधिकारियों का सहयोग मिलने से पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है तथा किसी पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह शुभ संयोग मान-सम्मान और सफलता का संकेत दे रहा है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में तरक्की का रास्ता खोलेंगी। समाज में प्रतिष्ठा बढ़ेगी और आपके कार्यों की सराहना होगी। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। यदि किसी नए कार्य की शुरुआत करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए रविवार आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन रही है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं तथा किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभदायक साबित होगी। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह दिन करियर और आर्थिक मामलों में शुभ संकेत लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी और नई योजनाओं पर काम शुरू करने का अवसर मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति या वेतन वृद्धि से जुड़ी सकारात्मक खबर मिल सकती है। व्यापारियों को अच्छा लाभ होने के योग हैं। सामाजिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा और आपके निर्णयों की प्रशंसा होगी।

बिहार सरकार का बड़ा यू-टर्न! लालू-राबड़ी को फिर मिली Z श्रेणी की सुरक्षा

पटना। बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) प्रमुख एवं पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नया निर्णय लिया है। सरकार ने दोनों नेताओं की Z श्रेणी की सुरक्षा दोबारा बहाल कर दी है। इसके साथ ही उनके काफिले के लिए बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है।

यह फैसला ऐसे समय आया है, जब कुछ समय पहले सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव को लेकर राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा हुई थी। अब सरकार के नए निर्णय के बाद दोनों पूर्व मुख्यमंत्रियों को पहले जैसी सुरक्षा व्यवस्था फिर से मिल गई है।

पहले कम की गई थी सुरक्षा

कुछ समय पहले सरकारी आवास से जुड़े विवाद के दौरान राज्य सरकार ने कई नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा कराई थी। इसी प्रक्रिया में लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा में कटौती का फैसला लिया गया था। हालांकि उस समय तेजस्वी यादव और मीसा भारती की सुरक्षा व्यवस्था में कोई परिवर्तन नहीं किया गया था।

सुरक्षा में बदलाव के बाद लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी ने सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा इंतजाम स्वीकार नहीं किए थे। बाद में इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं और पक्ष-विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।

अब फिर बहाल हुई पुरानी व्यवस्था

सरकार के ताजा फैसले के तहत लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को दोबारा Z श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। सुरक्षा व्यवस्था बहाल होने के साथ ही उनके आवागमन के लिए बुलेटप्रूफ वाहन भी उपलब्ध कराया गया है। इससे पहले उन्हें इसी स्तर की सुरक्षा प्राप्त थी।

क्या होती है Z श्रेणी की सुरक्षा?

Z श्रेणी देश में उपलब्ध महत्वपूर्ण सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। इस श्रेणी में किसी वीआईपी की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की एक विशेष टीम तैनात रहती है। सुरक्षा घेरा 24 घंटे सक्रिय रहता है और आवास के साथ-साथ यात्रा के दौरान भी विशेष सुरक्षा प्रदान की जाती है। काफिले में कई सुरक्षा वाहन शामिल होते हैं तथा आवश्यकता के अनुसार बुलेटप्रूफ वाहन का भी इस्तेमाल किया जाता है। इस व्यवस्था का उद्देश्य संभावित सुरक्षा जोखिमों से वीआईपी की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है।

कल सूर्य करेंगे चमत्कार! इन 4 राशियों की हर अधूरी इच्छा हो सकती है पूरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य देव को आत्मबल, सफलता, मान-सम्मान, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक माना जाता है। जब सूर्य की स्थिति शुभ होती है, तो कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ग्रहों की चाल के अनुसार कल का दिन चार राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ रहने की संभावना है। इन राशियों के जातकों को करियर, धन, परिवार और सामाजिक जीवन में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

मेष राशि

कल का दिन मेष राशि के जातकों के लिए उत्साह और नई उपलब्धियों से भरा रह सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों या नए सौदों से लाभ मिलने के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और आत्मविश्वास में भी वृद्धि होगी। परिवार के साथ सुखद समय बिताने का अवसर मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए सूर्य का प्रभाव बेहद शुभ माना जाता है। कल आपके कार्यक्षेत्र में सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने से मन प्रसन्न रहेगा। नौकरी में नई जिम्मेदारी या पदोन्नति की चर्चा हो सकती है। व्यापार में लाभ के अवसर बनेंगे और निवेश से भी सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। सामाजिक क्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत होगी।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए कल नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और किसी शुभ समाचार से घर का माहौल खुशहाल रहेगा। विद्यार्थियों को पढ़ाई में सफलता मिल सकती है, जबकि नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिलने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि के लोगों के लिए कल का दिन लाभदायक साबित हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा मुनाफा मिलने के योग हैं। किसी अनुभवी व्यक्ति की सलाह भविष्य के लिए लाभदायक साबित हो सकती है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और आत्मविश्वास के बल पर आप कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे कर सकते हैं। पारिवारिक जीवन भी सुखद रहेगा।

यूपी में अब चेहरे से लगेगी हाजिरी, कर्मचारियों के लिए आदेश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ग्राम पंचायत सचिवालयों में कार्यरत कर्मचारियों की उपस्थिति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पंचायतीराज विभाग ने फेसियल रिकग्निशन (चेहरा पहचान) तकनीक के जरिए कर्मचारियों की हाजिरी दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी जिलों को आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश जारी किए गए हैं।

सचिवालयों में सक्रिय किए जाएंगे डेस्कटॉप और वेबकैम

नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत सचिवालय में पहले से उपलब्ध डेस्कटॉप कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन और वेबकैम को पूरी तरह कार्यशील बनाया जाएगा। विभाग ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी उपकरणों की जांच कर उन्हें उपयोग के लिए तैयार किया जाए, ताकि कर्मचारियों की उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज की जा सके।

चेहरे की पहचान से लगेगी उपस्थिति

नई प्रणाली लागू होने के बाद कर्मचारी सचिवालय में स्थापित वेबकैम के सामने अपना चेहरा स्कैन करेंगे। सफल पहचान के बाद उनकी उपस्थिति स्वतः दर्ज हो जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपस्थिति केवल संबंधित कर्मचारी ही दर्ज कर सके और किसी भी प्रकार की अनियमितता या फर्जी हाजिरी की संभावना समाप्त हो।

अधिकारी करेंगे ऑनलाइन निगरानी

फेसियल रिकग्निशन प्रणाली से दर्ज होने वाली उपस्थिति की निगरानी जिला पंचायत राज अधिकारी और संबंधित सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) ऑनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से करेंगे। इससे प्रत्येक दिन कर्मचारियों की उपस्थिति की स्थिति पर नजर रखना आसान होगा। यदि कोई कर्मचारी बिना अनुमति अनुपस्थित रहता है या निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उपस्थिति दर्ज नहीं करता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जा सकती है।

मोबाइल आधारित व्यवस्था भी रहेगी जारी

विभाग ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल मोबाइल आधारित उपस्थिति प्रणाली को समाप्त नहीं किया जाएगा। जिन पंचायत सहायकों के पास मोबाइल उपलब्ध नहीं है या तकनीकी कारणों से मोबाइल के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना संभव नहीं है, उनके लिए वैकल्पिक व्यवस्था जारी रहेगी। इससे किसी कर्मचारी को तकनीकी कठिनाई के कारण परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

पहले होगा परीक्षण, फिर पूरे प्रदेश में लागू होगी व्यवस्था

नई तकनीक को लागू करने से पहले चयनित ग्राम पंचायत सचिवालयों में इसका परीक्षण 10 जुलाई तक किया जाएगा। परीक्षण अवधि के दौरान सिस्टम की कार्यक्षमता, तकनीकी समस्याओं और उपयोग की सरलता का आकलन किया जाएगा। यदि परीक्षण सफल रहता है, तो इसके बाद पूरे प्रदेश के ग्राम पंचायत सचिवालयों में फेसियल रिकग्निशन आधारित उपस्थिति प्रणाली लागू कर दी जाएगी।

यूपी में मानसून पर लगा ब्रेक, अब 2 दिनों के बाद होगा सक्रिय

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में मानसून की शुरुआत के बाद हुई अच्छी बारिश पर फिलहाल विराम लग गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर हल्की बारिश हो सकती है, जबकि ज्यादातर जिलों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है।

शुरुआती दौर में हुई अच्छी बारिश

राज्य में दक्षिण-पश्चिम मानसून के प्रवेश के बाद कई जिलों में लगातार वर्षा दर्ज की गई। इससे किसानों को राहत मिली और भीषण गर्मी से भी कुछ हद तक निजात मिली। लेकिन अब बारिश की रफ्तार धीमी पड़ने से एक बार फिर उमस और गर्मी का असर बढ़ने लगा है।

सामान्य से 43 प्रतिशत कम बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 3 जुलाई के बीच उत्तर प्रदेश में 112.5 मिमी सामान्य वर्षा के मुकाबले केवल 64.5 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। यानी इस अवधि में प्रदेश में करीब 43 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अगले कुछ दिनों में मानसून सक्रिय होता है तो वर्षा की इस कमी की भरपाई होने की संभावना है।

इन जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने सोनभद्र, महोबा, झांसी और ललितपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में कहीं-कहीं तेज बारिश की संभावना जताई है। इन जिलों में स्थानीय स्तर पर भारी वर्षा हो सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

दो दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून

मौसम विभाग का अनुमान है कि दो दिनों के बाद मानसूनी गतिविधियां फिर तेज होंगी। इसके बाद प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है, जिससे तापमान में गिरावट आने और किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने लोगों से समय-समय पर जारी होने वाले मौसम पूर्वानुमान और चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

60 की उम्र के बाद भी रहेंगे फिट, पुरुष रोज करें ये 5 आसान व्यायाम

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर की ताकत, लचीलापन और संतुलन धीरे-धीरे कम होने लगता है। 60 वर्ष की आयु के बाद मांसपेशियां कमजोर पड़ सकती हैं, हड्डियों की मजबूती घट सकती है और कई लोगों को जोड़ों में दर्द या चलने-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित और हल्का व्यायाम बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

1. तेज चाल से पैदल चलना

पैदल चलना सबसे सुरक्षित और आसान व्यायामों में से एक माना जाता है। रोजाना 25 से 30 मिनट की तेज चाल से वॉक करने से हृदय स्वस्थ रहता है, रक्त संचार बेहतर होता है और शरीर की सहनशक्ति बढ़ती है। नियमित वॉक करने से वजन नियंत्रित रखने और मधुमेह व उच्च रक्तचाप जैसी समस्याओं के जोखिम को कम करने में भी मदद मिल सकती है।

2. चेयर स्क्वाट

चेयर स्क्वाट पैरों की मांसपेशियों को मजबूत बनाने का आसान तरीका है। इसमें कुर्सी पर बैठने और बिना सहारे धीरे-धीरे खड़े होने का अभ्यास किया जाता है। यह व्यायाम घुटनों और जांघों की ताकत बढ़ाने के साथ-साथ रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने में भी मदद करता है। शुरुआत में 8 से 10 बार दोहराना पर्याप्त हो सकता है।

3. हील-टो वॉक

बढ़ती उम्र में संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी होता है। हील-टो वॉक में एक पैर की एड़ी को दूसरे पैर की उंगलियों के ठीक सामने रखते हुए धीरे-धीरे चला जाता है। यह व्यायाम शरीर का संतुलन सुधारने में मदद करता है और गिरने के खतरे को कम करने में सहायक माना जाता है।

4. हल्की स्ट्रेचिंग

रोजाना कुछ मिनट तक गर्दन, कंधों, पीठ, हाथों और पैरों की हल्की स्ट्रेचिंग करने से शरीर का लचीलापन बना रहता है। इससे मांसपेशियों में जकड़न कम होती है और जोड़ों की गतिशीलता बेहतर होती है। स्ट्रेचिंग हमेशा धीरे-धीरे और बिना झटके के करनी चाहिए।

5. दीवार के सहारे पुश-अप

यदि सामान्य पुश-अप करना कठिन लगे तो दीवार के सहारे किए जाने वाले पुश-अप बेहतर विकल्प हो सकते हैं। यह व्यायाम छाती, कंधों और बाजुओं की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। शुरुआत में 10 से 15 बार करना पर्याप्त हो सकता है और धीरे-धीरे संख्या बढ़ाई जा सकती है।

व्यायाम करते समय रखें इन बातों का ध्यान

व्यायाम शुरू करने से पहले 5 से 10 मिनट तक हल्का वार्म-अप करें। पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और शरीर की क्षमता से अधिक जोर न लगाएं। यदि व्यायाम के दौरान सीने में दर्द, चक्कर, सांस लेने में परेशानी या तेज दर्द महसूस हो तो तुरंत व्यायाम रोककर चिकित्सकीय सलाह लें।

विटामिन D की कमी से हैं परेशान? रोज खाएं ये 5 चीजें, शरीर को मिलेगा भरपूर पोषण

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में विटामिन D की कमी एक आम समस्या बनती जा रही है। लंबे समय तक घर या ऑफिस के अंदर रहना, धूप में कम समय बिताना और असंतुलित खानपान इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। 

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, जिससे हड्डियां और दांत मजबूत बने रहते हैं। इसकी कमी होने पर हड्डियों में दर्द, मांसपेशियों की कमजोरी, थकान और रोग प्रतिरोधक क्षमता प्रभावित हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि पर्याप्त धूप के साथ संतुलित आहार अपनाकर विटामिन D की कमी के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

1. फैटी फिश

सैल्मन, सार्डिन और मैकेरल जैसी वसायुक्त मछलियां विटामिन D के अच्छे प्राकृतिक स्रोत मानी जाती हैं। इनमें ओमेगा-3 फैटी एसिड भी पाया जाता है, जो हृदय और मस्तिष्क के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक माना जाता है। जो लोग मछली का सेवन करते हैं, वे इसे सप्ताह में एक-दो बार अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

2. अंडे की जर्दी

अंडे की जर्दी में विटामिन D के साथ प्रोटीन और कई जरूरी पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में अंडे का सेवन शरीर को आवश्यक पोषण देने में मदद कर सकता है। हालांकि, किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही इसका सेवन करना चाहिए।

3. दूध और फोर्टिफाइड डेयरी

दूध, दही और कुछ फोर्टिफाइड डेयरी उत्पादों में विटामिन D और कैल्शियम दोनों पाए जाते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं। यदि आप पैकेज्ड दूध खरीदते हैं, तो उसके लेबल पर फोर्टिफाइड होने की जानकारी जरूर देखें।

4. मशरूम

कुछ प्रकार के मशरूम, विशेष रूप से वे जिन्हें सूर्य के प्रकाश या अल्ट्रावायलेट (UV) प्रकाश के संपर्क में रखा गया हो, विटामिन D का अच्छा स्रोत हो सकते हैं। शाकाहारी लोगों के लिए यह एक उपयोगी विकल्प माना जाता है।

5. फोर्टिफाइड अनाज

आजकल कई प्रकार के ब्रेकफास्ट सीरियल और कुछ पैकेज्ड संतरे के जूस को विटामिन D से फोर्टिफाई किया जाता है। ऐसे उत्पाद उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकते हैं जिन्हें प्राकृतिक स्रोतों से पर्याप्त विटामिन D नहीं मिल पाता। खरीदने से पहले पोषण संबंधी जानकारी अवश्य पढ़ें।

धूप भी है जरूरी

खानपान के साथ-साथ सुबह की हल्की धूप भी विटामिन D का महत्वपूर्ण स्रोत है। विशेषज्ञ आमतौर पर सलाह देते हैं कि सप्ताह में कई दिन कुछ समय तक धूप के संपर्क में रहना लाभदायक हो सकता है। हालांकि, धूप की अवधि व्यक्ति की त्वचा, मौसम और स्थान के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।

केंद्र सरकार की नौकरी करने का मौका, युवाओं के लिए निकली बंपर भर्ती

नई दिल्ली: केंद्र सरकार में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने ड्रग इंस्पेक्टर (Drug Inspector) के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 186 पदों को भरा जाएगा। योग्य अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

27 जून से शुरू हुई आवेदन प्रक्रिया

UPSC के भर्ती कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 जून 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक उम्मीदवार 17 जुलाई 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि पात्रता, शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का निर्धारण आवेदन की अंतिम तिथि के आधार पर किया जाएगा।

कौन कर सकता है आवेदन?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से फार्मेसी (B.Pharma), फार्मास्युटिकल साइंसेज या मेडिसिन में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। संबंधित शैक्षणिक योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन कर सकते हैं।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की अधिकतम आयु 30 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ मिलेगा।

आवेदन शुल्क

सामान्य, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के पुरुष उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 25 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं सभी वर्गों की महिला अभ्यर्थियों, अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) तथा दिव्यांग (PwBD) उम्मीदवारों को आवेदन शुल्क से पूरी तरह छूट दी गई है।

आकर्षक वेतन

चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति सातवें केंद्रीय वेतन आयोग (7th CPC) के पे मैट्रिक्स लेवल-8 के तहत की जाएगी। इस स्तर पर नियुक्त कर्मचारियों को मूल वेतन के साथ महंगाई भत्ता, मकान किराया भत्ता और अन्य सरकारी सुविधाएं भी नियमानुसार मिलेंगी।

ऐसे करें आवेदन

इच्छुक अभ्यर्थी UPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय सभी आवश्यक दस्तावेज, शैक्षणिक प्रमाणपत्र और अन्य जानकारी सही तरीके से भरना जरूरी है। आवेदन जमा करने से पहले पूरी जानकारी का एक बार अवश्य मिलान कर लें।

केंद्र सरकार देगी नई सुविधाएं, कर्मचारियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) देश के करोड़ों वेतनभोगी कर्मचारियों को बेहतर और तेज सेवाएं देने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। संगठन अपने डिजिटल सिस्टम को अपग्रेड कर रहा है, ताकि भविष्य निधि (EPF) से जुड़ी सेवाएं पहले की तुलना में अधिक सरल और पारदर्शी बन सकें। प्रस्तावित बदलावों में पीएफ पर मिलने वाले ब्याज का जल्द भुगतान और एटीएम के जरिए निकासी जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

देश में 7 करोड़ से अधिक सदस्य होंगे लाभान्वित

EPFO भारत का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा संगठन है। इसके साथ 7 करोड़ से अधिक सक्रिय सदस्य जुड़े हुए हैं, जबकि 13 लाख से अधिक प्रतिष्ठान संगठन के दायरे में आते हैं। हर महीने लाखों कर्मचारियों के EPF खाते में अंशदान जमा किया जाता है। ऐसे में डिजिटल सेवाओं में सुधार का सीधा लाभ बड़ी संख्या में कर्मचारियों और पेंशनधारकों को मिलने की उम्मीद है।

ब्याज जल्द खाते में पहुंचाने की तैयारी

फिलहाल EPF पर मिलने वाला वार्षिक ब्याज घोषित होने के बाद कर्मचारियों के खातों में पहुंचने में कई महीने लग जाते हैं। नई व्यवस्था के तहत ब्याज दर को अंतिम मंजूरी मिलने के बाद कम समय में राशि खातों में जमा करने की योजना पर काम किया जा रहा है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए EPF पर 8.25 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है। इससे पहले 2024-25 के लिए भी ब्याज दर 8.25 प्रतिशत ही रखी गई थी। यदि नई प्रणाली लागू होती है तो कर्मचारियों को ब्याज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

एटीएम से पीएफ निकासी का काम

EPFO सदस्यों को भविष्य में एटीएम के माध्यम से भी पीएफ राशि निकालने की सुविधा देने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए तकनीकी ढांचे को विकसित किया जा रहा है। हालांकि यह सुविधा लागू होने के बाद भी निकासी वर्तमान EPF नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार ही होगी। इसका उद्देश्य केवल निकासी प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

डिजिटल सेवाओं पर बढ़ रहा जोर

पिछले कुछ वर्षों में EPFO ने कई सेवाओं को ऑनलाइन किया है। यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN), ऑनलाइन क्लेम, ई-नॉमिनेशन, डिजिटल KYC और ऑनलाइन पासबुक जैसी सुविधाओं से कर्मचारियों को कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत काफी कम हुई है। अब संगठन अगला कदम उठाते हुए भुगतान और निकासी प्रणाली को भी अधिक आधुनिक बनाने की तैयारी में है।

नई सुविधाओं का लाभ लेने के लिए क्या करें?

यदि कर्मचारी इन नई सेवाओं का लाभ लेना चाहते हैं, तो उन्हें कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

अपना UAN (Universal Account Number) सक्रिय रखें।

आधार, पैन और बैंक खाते की KYC पूरी करें।

EPFO रिकॉर्ड में बैंक खाता संख्या और IFSC सही दर्ज हो।

मोबाइल नंबर अपडेट रखें, ताकि OTP और अन्य जरूरी सूचनाएं समय पर मिल सकें।

समय-समय पर EPFO पोर्टल पर अपनी जानकारी की जांच करते रहें।

बिहार पुलिस भर्ती को लेकर खुशखबरी, अफसर बनने का सपना अब होगा पूरा

पटना: बिहार पुलिस में अधिकारी बनने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने पुलिस अवर निरीक्षक (सब-इंस्पेक्टर) के पदों पर नई भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 150 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक और योग्य अभ्यर्थी 9 जुलाई से 9 अगस्त तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।

स्नातक पास उम्मीदवारों को मिलेगा मौका

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थी के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक या समकक्ष डिग्री होना जरूरी है। निर्धारित शैक्षणिक योग्यता और आयु की गणना आयोग द्वारा तय कट-ऑफ तिथि के आधार पर की जाएगी।

अलग-अलग वर्गों के लिए आयु सीमा

भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 20 वर्ष रखी गई है। सामान्य वर्ग के पुरुष अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम आयु 37 वर्ष, जबकि सामान्य वर्ग की महिला अभ्यर्थियों को 40 वर्ष, पिछड़ा वर्ग (BC) और अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 40 वर्ष, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग के पुरुष एवं महिला अभ्यर्थियों के लिए 42 वर्ष।

भूतपूर्व सैनिकों के लिए भी विशेष प्रावधान

भूतपूर्व सैनिकों को भी भर्ती प्रक्रिया में आयु सीमा से संबंधित विशेष छूट दी जाएगी। उन्हें नियमानुसार अतिरिक्त आयु लाभ मिलेगा, हालांकि निर्धारित अधिकतम सीमा के भीतर ही आवेदन स्वीकार किए जाएंगे।

ऑनलाइन होगी आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले पात्रता, आरक्षण, चयन प्रक्रिया, परीक्षा पैटर्न और आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित सभी जानकारी आधिकारिक अधिसूचना में अच्छी तरह पढ़ लें, ताकि आवेदन के समय किसी प्रकार की परेशानी न हो।

जिम जाने वाले लोग जरूर खाएं ये 5 चीजें, तेजी से बनेगी मजबूत बॉडी

हेल्थ डेस्क। आजकल फिट और स्वस्थ रहने के लिए बड़ी संख्या में लोग नियमित रूप से जिम जा रहे हैं। हालांकि केवल वर्कआउट करने से ही मनचाहा परिणाम नहीं मिलता, बल्कि सही खानपान भी उतना ही जरूरी होता है। यदि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, विटामिन और मिनरल्स नहीं मिलते हैं तो मांसपेशियों का विकास धीमा हो सकता है और थकान भी अधिक महसूस होती है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जिन्हें जिम जाने वाले लोगों को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए।

1. अंडे

अंडे को प्रोटीन का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। इसमें शरीर के लिए जरूरी सभी आवश्यक अमीनो एसिड पाए जाते हैं, जो मांसपेशियों की मरम्मत और विकास में मदद करते हैं। इसके अलावा अंडे में विटामिन-डी, विटामिन-बी12 और हेल्दी फैट भी मौजूद होता है। वर्कआउट के बाद अंडे का सेवन शरीर की रिकवरी को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।

2. दूध और दही

दूध और दही दोनों ही प्रोटीन तथा कैल्शियम से भरपूर होते हैं। ये हड्डियों को मजबूत बनाने के साथ-साथ मांसपेशियों को भी आवश्यक पोषण प्रदान करते हैं। दही में मौजूद प्रोबायोटिक्स पाचन तंत्र को स्वस्थ रखते हैं, जिससे शरीर पोषक तत्वों को बेहतर तरीके से अवशोषित कर पाता है।

3. ओट्स

जिम करने वालों के लिए ओट्स एक बेहतरीन नाश्ता माना जाता है। इसमें जटिल कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा प्रदान करते हैं। वर्कआउट से पहले ओट्स खाने से शरीर को पर्याप्त ऊर्जा मिल सकती है और प्रदर्शन बेहतर हो सकता है।

4. केला

केला तुरंत ऊर्जा देने वाला फल है। इसमें प्राकृतिक कार्बोहाइड्रेट, पोटैशियम और अन्य जरूरी मिनरल्स होते हैं। वर्कआउट के दौरान या बाद में केला खाने से शरीर की ऊर्जा जल्दी वापस आती है और मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या भी कम हो सकती है।

5. बादाम और अखरोट

बादाम, अखरोट में हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन-ई और मैग्नीशियम जैसे पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इनका सीमित मात्रा में सेवन शरीर को ऊर्जा देने के साथ-साथ मांसपेशियों की रिकवरी और समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद माना जाता है।

शनि करेंगे कर्म का हिसाब: 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफल का देवता माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है, तो मेहनत का उचित परिणाम मिलने लगता है, रुके हुए कार्य गति पकड़ते हैं और आर्थिक व सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का शुभ प्रभाव करियर और आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापार में लाभ के नए अवसर बन सकते हैं। धन की बचत बढ़ेगी और परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रहेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों को मेहनत का पूरा फल मिलने के संकेत हैं। कार्यस्थल पर वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और पदोन्नति या नई जिम्मेदारी का अवसर प्राप्त हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों के लिए नए अनुबंध या लाभदायक सौदे संभव हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि और मान-सम्मान मिलने की भी संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि के लिए यह समय आर्थिक मजबूती का संकेत दे रहा है। अटका हुआ धन वापस मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी और व्यवसाय दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और किसी शुभ कार्य की योजना बन सकती है। निवेश से भी लाभ मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के जातकों के लिए शनि की कृपा से करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने के अवसर बन सकते हैं। लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में कमी आएगी। व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। स्वास्थ्य पहले की तुलना में बेहतर रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

मकर राशि

मकर राशि के स्वामी स्वयं शनिदेव हैं, इसलिए यह समय इस राशि के लिए विशेष महत्व रखता है। नौकरी में पदोन्नति, वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापारियों को अच्छा लाभ मिल सकता है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी बड़ी योजना में सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और भविष्य के लिए निवेश के अवसर भी मिल सकते हैं।

बिहार में EV चालकों के लिए खुशखबरी, Maps पर दिखेंगे चार्जिंग स्टेशन

पटना: बिहार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार नई डिजिटल सुविधा शुरू करने की तैयारी में है। जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन चालक अपने आसपास मौजूद चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी सीधे Google Maps के जरिए प्राप्त कर सकेंगे। इसके लिए परिवहन विभाग एक ऐसा एकीकृत मोबाइल एप विकसित कर रहा है, जो सभी प्रमुख चार्जिंग नेटवर्क को एक मंच पर उपलब्ध कराएगा।

चार्जिंग स्टेशन ढूंढ़ना होगा आसान

अभी इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को अलग-अलग कंपनियों के चार्जिंग स्टेशन खोजने के लिए कई मोबाइल एप का उपयोग करना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद यह परेशानी काफी हद तक खत्म हो जाएगी। एक ही प्लेटफॉर्म पर सभी चार्जिंग स्टेशनों की जानकारी उपलब्ध होने से यात्रा के दौरान स्टेशन ढूंढ़ना आसान हो जाएगा।

हाईवे पर तेजी से बढ़ेगा चार्जिंग नेटवर्क

राज्य सरकार राष्ट्रीय और राज्यीय राजमार्गों के किनारे चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार करने की योजना पर काम कर रही है। इसके तहत ढाबों, होटलों, पेट्रोल पंपों और अन्य प्रमुख स्थानों पर नए चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले इलेक्ट्रिक वाहन चालकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

वाहन कंपनियों और तेल कंपनियों का मिलेगा सहयोग

परिवहन विभाग इस योजना को सफल बनाने के लिए वाहन निर्माताओं और तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय कर रहा है। सभी कंपनियों से उनके मौजूदा और प्रस्तावित चार्जिंग स्टेशनों का विवरण लिया जा रहा है, ताकि उन्हें एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा सके।

Google Maps पर मिलेगी चार्जिंग स्टेशन की पूरी जानकारी

नई व्यवस्था लागू होने के बाद जिस तरह लोग Google Maps पर होटल, पेट्रोल पंप या रेस्तरां की जानकारी देखते हैं, उसी तरह ईवी चार्जिंग स्टेशन भी आसानी से दिखाई देंगे। इससे यात्रा की बेहतर योजना बनाना आसान होगा और चार्जिंग के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ेगा।

बिहार सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने वालों को भी अनुदान देगी

राज्य सरकार निजी निवेशकों और संस्थानों को चार्जिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करा रही है। चार्जर की क्षमता के आधार पर 75 हजार रुपये से लेकर 15 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य में तेजी से आधुनिक चार्जिंग नेटवर्क तैयार करना है।

बिहार में लगेगी बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना: बिहार में औद्योगिक निवेश को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में 29 नई परियोजनाओं को भूमि आवंटित कर दिया गया है। इन परियोजनाओं के जरिए लगभग 5,998 करोड़ रुपये का निवेश आने की संभावना है, जिससे उद्योगों के विस्तार के साथ-साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव एंपरा लाइफ इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की ओर से आया है। कंपनी राज्य में करीब 5,600 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यह किसी एक निजी कंपनी द्वारा बिहार में प्रस्तावित सबसे बड़े निवेशों में से एक माना जा रहा है। कंपनी पटना जिले के बिहटा स्थित सिकंदरपुर औद्योगिक क्षेत्र में अपनी उत्पादन इकाई स्थापित करेगी, जहां लिथियम-आयन बैटरी और इलेक्ट्रिक वाहनों का निर्माण किया जाएगा।

यहां स्थापित होंगी नई औद्योगिक परियोजनाएं

भूमि आवंटन के बाद जिन औद्योगिक क्षेत्रों में नई इकाइयों की स्थापना होगी, उनमें सिकंदरपुर (बिहटा), हथुआ फेज-3, फारबिसगंज, लोहट फेज-1, बरियारपुर और फतुहा प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में अलग-अलग उद्योगों की स्थापना से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है।

लगभग 3 हजार लोगों को मिलेगा रोजगार

नई परियोजनाओं के शुरू होने से करीब 3,000 लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है। उद्योगों के संचालन के साथ परिवहन, लॉजिस्टिक्स, छोटे व्यवसाय और सेवा क्षेत्र को भी लाभ मिलने की उम्मीद है।

कई क्षेत्रों में होगा औद्योगिक विस्तार

स्वीकृत परियोजनाओं में केवल एक ही प्रकार के उद्योग शामिल नहीं हैं, बल्कि कई अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश किया जाएगा। इनमें एडवांस्ड मेडिकल टेक्नोलॉजी, खाद्य प्रसंस्करण, टेक्सटाइल, रासायनिक उत्पाद निर्माण, प्लास्टिक उद्योग, इलेक्ट्रिक वाहन, लिथियम-आयन बैटरी, फर्नीचर निर्माण, कंप्रेस्ड बायो गैस और अन्य सामान्य विनिर्माण इकाइयां शामिल हैं।

कई कंपनियों ने दिखाई निवेश में रुचि

एंपरा लाइफ इंडिया के अलावा श्रीश्री साईनाथ पावर इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड, रुंगटा इरिगेशन लिमिटेड, पंकज ट्रेडर्स, अनविरा ग्रीन एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, संगम इंडस्ट्रीज, कल्याण प्लास्टो इंडस्ट्रीज और लिसिका केमिकल प्राइवेट लिमिटेड सहित कई कंपनियों ने भी बिहार में उद्योग लगाने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

बिहार में बुजुर्गों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी, नई व्यवस्था शुरू

न्यूज डेस्क। बिहार सरकार ने 80 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए उनके घर तक राशन पहुंचाने की नई व्यवस्था शुरू कर दी है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत संचालित इस पहल का उद्देश्य ऐसे बुजुर्गों को सुविधा देना है, जिन्हें उम्र या स्वास्थ्य संबंधी कारणों से जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

हाजीपुर से हुई योजना की शुरुआत

नई व्यवस्था की शुरुआत शुक्रवार को वैशाली जिले के हाजीपुर सदर प्रखंड की इस्माइलपुर पंचायत के हरौली गांव से की गई। जिला प्रशासन ने राशन वितरण वाहन को रवाना कर इस विशेष अभियान की शुरुआत की। इसके बाद अधिकारियों ने स्वयं पात्र वरिष्ठ नागरिकों के घर पहुंचकर उन्हें खाद्यान्न उपलब्ध कराया।

घर-घर पहुंचाया गया राशन

योजना के शुभारंभ के दौरान 80 वर्ष से अधिक आयु के कई पात्र लाभार्थियों को उनके घर पर ही राशन उपलब्ध कराया गया। इस सुविधा से लाभुकों और उनके परिवारों ने संतोष जताते हुए कहा कि अब बुजुर्गों को राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी, जिससे उन्हें काफी राहत मिलेगी।

हर शनिवार पहुंचेगा राशन

प्रारंभिक चरण में यह व्यवस्था हाजीपुर प्रखंड में 'खाद्यान्न आपके घर पर' कार्यक्रम के तहत पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू की गई है। योजना के अनुसार 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पात्र राशन कार्डधारियों को लाभ मिलेगा। संबंधित जन वितरण प्रणाली (PDS) विक्रेता प्रत्येक शनिवार उनके घर जाकर राशन उपलब्ध कराएंगे। विभागीय पोर्टल पर सत्यापित लाभार्थियों को ही इस सुविधा का लाभ मिलेगा।

डिजिटल तरीके से होगी पूरी प्रक्रिया

पारदर्शिता बनाए रखने के लिए राशन वितरण के समय लाभार्थी या उनके परिवार के किसी वयस्क सदस्य से हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाएगा। साथ ही ई-पॉश (e-POS) मशीन के माध्यम से वितरण की ऑनलाइन प्रविष्टि भी दर्ज की जाएगी, ताकि पूरी प्रक्रिया का डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध रहे।

इस योजना से बुजुर्गों को मिलेगी बड़ी राहत

बढ़ती उम्र में राशन की दुकान तक पहुंचना कई वरिष्ठ नागरिकों के लिए चुनौती बन जाता है। नई व्यवस्था के लागू होने से उन्हें अब घर बैठे ही सरकारी खाद्यान्न मिल सकेगा। इससे न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि कमजोर और असहाय बुजुर्गों को सम्मानजनक तरीके से सरकारी योजना का लाभ भी मिलेगा।

आगे अन्य क्षेत्रों में भी हो सकता है इसका विस्तार

सरकार ने फिलहाल इस योजना की शुरुआत पायलट परियोजना के रूप में की है। यदि इसका संचालन सफल रहता है, तो भविष्य में इसे राज्य के अन्य जिलों और प्रखंडों में भी चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा सकता है।

मंगल का नक्षत्र परिवर्तन, 5 राशियों के लिए शुरू हो सकता है शुभ समय

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार 5 जुलाई को ग्रहों के सेनापति मंगल वृषभ राशि में रहते हुए चंद्रमा के स्वामित्व वाले रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश कर रहे हैं। ज्योतिष में मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि, संपत्ति और नेतृत्व का कारक माना जाता है, जबकि रोहिणी नक्षत्र सुख, समृद्धि, भौतिक उन्नति और आकर्षण का प्रतीक है। ऐसे में इस नक्षत्र परिवर्तन का प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन पांच राशियों के लिए इसे विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

वृषभ राशि

मंगल का रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश वृषभ राशि के जातकों के लिए आत्मविश्वास और नई ऊर्जा लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों और लाभ के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। भूमि, भवन या वाहन से जुड़े मामलों में भी सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में मजबूत हो सकती है।

कर्क राशि

कर्क राशि के लिए यह गोचर आय और सामाजिक प्रतिष्ठा के लिहाज से शुभ माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति का सहयोग मिलने से करियर में आगे बढ़ने के अवसर बनेंगे। व्यापार में नई साझेदारी लाभदायक साबित हो सकती है। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न हो सकता है।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए मंगल का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी बदलने का विचार कर रहे लोगों को अच्छा अवसर मिल सकता है। विदेश यात्रा या लंबी दूरी की यात्रा के योग भी बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता आएगी और बचत बढ़ सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ही हैं, इसलिए यह परिवर्तन इस राशि के लिए विशेष महत्व रखता है। दांपत्य जीवन और साझेदारी से जुड़े मामलों में सुधार देखने को मिल सकता है। व्यापार में लाभ बढ़ने के संकेत हैं और नई योजनाएं सफल हो सकती हैं। यदि किसी कानूनी या प्रशासनिक मामले में अड़चन चल रही थी, तो उसमें राहत मिलने की संभावना है। आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय करियर और आर्थिक उन्नति का संकेत दे सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। व्यापार में निवेश से अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय अनुकूल रहेगा। परिवार के साथ संबंध मधुर होंगे और किसी मांगलिक कार्य की योजना बन सकती है। स्वास्थ्य भी सामान्य रहने के संकेत हैं।

8वें वेतन आयोग: कर्मचारियों के लिए आ सकती हैं ये 5 नई खुशखबरी?

नई दिल्ली: 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कर्मचारी संगठनों ने वेतन, पेंशन, भत्तों और पदोन्नति से जुड़े कई अहम प्रस्ताव आयोग के समक्ष रखे हैं। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इनमें से किसी भी प्रस्ताव को अभी सरकार की अंतिम मंजूरी नहीं मिली है। फिलहाल ये कर्मचारी संगठनों की मांगें हैं, जिन पर भविष्य में निर्णय लिया जाएगा।

1. न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़ाने की मांग

कर्मचारी संगठनों ने सबसे प्रमुख मांग न्यूनतम मूल वेतन बढ़ाने को लेकर उठाई है। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। इसे बढ़ाकर 69,000 रुपये करने का प्रस्ताव रखा गया है। हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार वित्तीय स्थिति और व्यय को देखते हुए अंतिम वेतन इससे कम तय कर सकती है। विभिन्न आकलनों में 26,000 रुपये से 41,000 रुपये तक की संभावित सीमा की चर्चा की जा रही है, लेकिन इस पर अभी कोई आधिकारिक निर्णय नहीं हुआ है।

2. फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी की मांग

वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर सबसे महत्वपूर्ण पहलुओं में से एक होता है, क्योंकि इसी के आधार पर नई बेसिक सैलरी तय होती है। वर्तमान फिटमेंट फैक्टर 2.57 है। कर्मचारी संगठनों ने इसे बढ़ाकर 3.83 करने की मांग की है। यदि सरकार इसमें बढ़ोतरी करती है, तो कर्मचारियों के वेतन में उल्लेखनीय वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि अंतिम फिटमेंट फैक्टर का फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार के निर्णय के बाद ही होगा।

3. पेंशनर्स के लिए राहत के प्रस्ताव

पेंशनर्स के लिए भी कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए हैं। इनमें प्रमुख रूप से न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी। फिक्स्ड मेडिकल अलाउंस (FMA) को बढ़ाकर 3,000 रुपये प्रतिमाह करने का प्रस्ताव। हर पांच वर्ष में पेंशन की समीक्षा या बढ़ोतरी की व्यवस्था पर विचार। यदि इन प्रस्तावों को मंजूरी मिलती है तो लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिल सकती है।

4. HRA और अन्य भत्तों में संशोधन की मांग

महंगाई को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने मकान किराया भत्ता (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस (TPTA) में संशोधन की मांग भी उठाई है। इसके अलावा महिला कर्मचारियों के लिए मातृत्व लाभ और अन्य सेवा सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाने का सुझाव भी दिया गया है।

5. सेवा के दौरान 5 प्रमोशन की मांग

कर्मचारी संगठनों ने करियर ग्रोथ को बेहतर बनाने के लिए यह भी सुझाव दिया है कि प्रत्येक केंद्रीय कर्मचारी को पूरे सेवा काल में कम से कम पांच पदोन्नति का अवसर मिलना चाहिए। इसका उद्देश्य लंबे समय तक एक ही पद पर कार्यरत कर्मचारियों को बेहतर करियर प्रगति का अवसर देना है।

अभी क्या है स्थिति?

फिलहाल ये सभी बिंदु प्रस्ताव और मांगों के रूप में चर्चा में हैं। सरकार की ओर से इन पर कोई अंतिम निर्णय या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें तैयार होने और सरकार द्वारा उन्हें मंजूरी मिलने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कर्मचारियों और पेंशनर्स को वास्तव में कौन-कौन से लाभ मिलेंगे।

50 के बाद पुरुष जरूर खाएं ये 4 आहार, शरीर रहेगा फिट और बीमारियां रहेंगी दूर

हेल्थ डेस्क: 50 वर्ष की उम्र के बाद शरीर की पोषण संबंधी जरूरतें बदलने लगती हैं। मांसपेशियों की ताकत कम होना, हड्डियों का कमजोर पड़ना, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हृदय रोग और पाचन संबंधी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। ऐसे में संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।

1. दालें और अंकुरित अनाज

दालें, चना, मूंग और अन्य अंकुरित अनाज प्रोटीन, फाइबर और कई आवश्यक विटामिन व खनिजों का अच्छा स्रोत हैं। 50 वर्ष के बाद शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी होता है। इनका नियमित सेवन पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकता है।

2. ओट्स और साबुत अनाज

ओट्स, दलिया, जौ और ब्राउन राइस जैसे साबुत अनाज फाइबर से भरपूर होते हैं। ये कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने, ब्लड शुगर को संतुलित रखने और लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद कर सकते हैं। इससे वजन नियंत्रित रखने में भी सहायता मिलती है।

3. अखरोट और बादाम

अखरोट और बादाम में हेल्दी फैट, प्रोटीन, मैग्नीशियम और विटामिन-ई जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं। सीमित मात्रा में इनका सेवन हृदय स्वास्थ्य और मस्तिष्क के सामान्य कार्य को समर्थन दे सकता है। इन्हें सुबह भिगोकर या हल्के नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है।

4. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों, चौलाई और बथुआ जैसी हरी सब्जियां कैल्शियम, आयरन, फोलेट और विटामिन-के का अच्छा स्रोत हैं। ये हड्डियों के स्वास्थ्य, रक्त निर्माण और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सप्ताह में कई बार इन्हें भोजन में शामिल करना लाभकारी हो सकता है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए चालू वित्तीय वर्ष में भी बड़ी सब्सिडी देने का फैसला किया है। सरकार का उद्देश्य घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों पर बिजली बिल का बोझ कम रखना है। इसी वजह से बिजली उत्पादन और आपूर्ति की लागत बढ़ने के बावजूद आम उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

बिजली की लागत बढ़ी, लेकिन उपभोक्ताओं पर नहीं बढ़ा बोझ

विद्युत नियामक आयोग के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष में उपभोक्ताओं तक बिजली पहुंचाने की औसत लागत 7.96 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। इसके बावजूद सरकार ने सब्सिडी देकर घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली की दरें पहले की तरह बनाए रखी हैं। सरकार का कहना है कि बढ़ती लागत का अतिरिक्त भार सीधे जनता पर नहीं डाला जाएगा।

बीपीएल और लाइफलाइन उपभोक्ताओं को राहत

सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले और एक किलोवाट तक के कनेक्शन तथा प्रतिमाह 100 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले लाइफलाइन उपभोक्ताओं के लिए विशेष राहत दी है। बिजली की वास्तविक दर लगभग 6.75 रुपये प्रति यूनिट होने के बावजूद इन उपभोक्ताओं से केवल 3 रुपये प्रति यूनिट लिया जाएगा। इसके लिए सरकार 3.75 रुपये प्रति यूनिट यानी लगभग 55.55 प्रतिशत की सब्सिडी दे रही है। इस मद में सरकार ने 2,833 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। प्रदेश में ऐसे 1,78,91,784 लाइफलाइन उपभोक्ता हैं, जिन्हें इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।

अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को भी मिलेगी सब्सिडी

सिर्फ बीपीएल परिवार ही नहीं, बल्कि अन्य घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिजली बिल में राहत दी गई है। 150 यूनिट तक खपत पर 1.85 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी। 151 से 300 यूनिट तक खपत पर 1.35 रुपये प्रति यूनिट की सब्सिडी। 300 यूनिट से अधिक खपत पर 85 पैसे प्रति यूनिट की सब्सिडी। इसी कारण शहरी क्षेत्रों में अधिकतम बिजली दर 6.50 रुपये प्रति यूनिट और ग्रामीण क्षेत्रों में 5.50 रुपये प्रति यूनिट तक सीमित रखी गई है।

किसानों के लिए मुफ्त बिजली की सुविधा

राज्य सरकार ने किसानों के लिए सिंचाई हेतु निजी नलकूपों पर मुफ्त बिजली योजना भी जारी रखी है। इसके लिए सरकार ने 12,845 करोड़ रुपये की सब्सिडी मंजूर की है। 16,82,860 किसानों को इस योजना का लाभ मिलेगा। सरकार 835 रुपये प्रति बीएचपी प्रति माह के हिसाब से बिजली कंपनियों को अनुदान देगी। इससे पात्र किसानों को ट्यूबवेल की बिजली का बिल नहीं चुकाना पड़ेगा।

बिहार के 24 जिलों में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट

पटना: बिहार में मानसून की दस्तक के बावजूद अधिकांश इलाकों में अच्छी बारिश का इंतजार बना हुआ है। प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां फिलहाल अपेक्षाकृत कमजोर हैं, जिसके कारण कई जिलों में उमस और गर्मी से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। इसी बीच मौसम विभाग ने शनिवार के लिए राज्य के 24 जिलों में आंधी और हल्की बारिश की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया है।

30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, अलर्ट वाले जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है। हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे में लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और कमजोर पेड़ों या बिजली के खंभों के पास जाने से बचने की सलाह दी गई है।

इन 24 जिलों में रहेगा मौसम का असर

मौसम विभाग ने जिन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया और कटिहार शामिल हैं। इन क्षेत्रों में दिन के दौरान बादल छाए रहने, गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और कुछ स्थानों पर तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है।

बाकी जिलों में मौसम सामान्य

मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के शेष 14 जिलों में फिलहाल किसी विशेष मौसम चेतावनी की संभावना नहीं है। हालांकि बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है और स्थानीय स्तर पर मौसम में हल्का बदलाव देखने को मिल सकता है।

अच्छी बारिश का इंतजार जारी

मानसून बिहार पहुंच चुका है, लेकिन अब तक अधिकांश हिस्सों में व्यापक और लगातार बारिश नहीं हुई है। कमजोर मानसूनी सिस्टम के कारण कई जिलों में अपेक्षित वर्षा नहीं हो पाई है। इसका असर खेती-किसानी पर भी पड़ सकता है, क्योंकि धान की रोपाई के लिए पर्याप्त बारिश की आवश्यकता होती है। किसान अब मानसून के सक्रिय होने का इंतजार कर रहे हैं।

मौसम विभाग की सलाह

मौसम विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचें। तेज हवा और गरज-चमक के समय खुले मैदानों में न रहें तथा बिजली गिरने की आशंका वाले स्थानों से दूरी बनाए रखें। वाहन चलाते समय भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

शनिदोष से मुक्ति होगी ये 4 राशियां, आएंगे अच्छे दिन

राशिफल।  ज्योतिष में शनिदेव को कर्मफल का देवता माना जाता है। मान्यता है कि शनि व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार फल प्रदान करते हैं। जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है या उनकी प्रतिकूलता कम होने लगती है, तो जीवन में धीरे-धीरे सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार आने वाले समय में चार राशियों के लिए परिस्थितियां पहले की तुलना में बेहतर होने के संकेत हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए अटके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। लंबे समय से चल रही आर्थिक परेशानियों में राहत मिल सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग प्राप्त हो सकता है। व्यापार में भी धीरे-धीरे लाभ बढ़ने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय नई शुरुआत का अवसर लेकर आ सकता है। करियर में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं और मेहनत का उचित परिणाम मिलने की संभावना है। परिवार में चल रहे मतभेद कम हो सकते हैं। धन संबंधी मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर होने के योग हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिल सकती है। व्यापार करने वालों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं।

कुंभ राशि

कुंभ राशि वालों के लिए आने वाला समय राहत देने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से चली आ रही बाधाएं धीरे-धीरे दूर हो सकती हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और आय में वृद्धि के अवसर बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति बनी रहेगी और किसी शुभ समाचार से मन प्रसन्न रहेगा।

शनिदेव की कृपा पाने के लिए क्या करें?

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनिवार के दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना, काले तिल या उड़द का दान करना, पीपल के वृक्ष के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाना और शनिदेव की पूजा-अर्चना करना शुभ माना जाता है। इसके साथ ही ईमानदारी, अनुशासन और अच्छे कर्मों को जीवन में अपनाना भी शनि की कृपा प्राप्त करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है।

खुशखबरी पर खुशखबरी, बिहार में 1 और नई भर्ती, नोटिश जारी

पटना: बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक और अच्छी खबर है। बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने विशेष शाखा (स्पेशल ब्रांच) में पुलिस सब-इंस्पेक्टर (SI) के 150 पदों पर सीधी भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथियों के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। चयन प्रक्रिया में लिखित परीक्षा के साथ शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) भी शामिल होगी।

9 जुलाई से शुरू होंगे आवेदन

आयोग द्वारा जारी भर्ती कार्यक्रम के अनुसार ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 जुलाई 2026 से शुरू होगी। उम्मीदवार 9 अगस्त 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

कुल 150 पदों पर होगी नियुक्ति

यह भर्ती गृह विभाग (पुलिस शाखा), विशेष शाखा, बिहार सरकार के अंतर्गत पुलिस सब-इंस्पेक्टर (जनरल क्लोज्ड कैडर) के 150 रिक्त पदों को भरने के लिए निकाली गई है। चयनित अभ्यर्थियों को लेवल-6 के वेतनमान के अनुसार नियुक्ति दी जाएगी।

तीन चरणों में होगा चयन

अभ्यर्थियों का चयन तीन चरणों के आधार पर किया जाएगा। प्रारंभिक लिखित परीक्षा, मुख्य लिखित परीक्षा, शारीरिक दक्षता परीक्षा। जो उम्मीदवार प्रारंभिक परीक्षा में सफल होंगे, उन्हें मुख्य परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद सफल अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा।

शुल्क केवल 100 रुपये

इस भर्ती के लिए सभी श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। शुल्क का भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकेगा।

पात्रता और आयु

आयोग ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक योग्यता और आयु सीमा का निर्धारण 1 अगस्त 2025 को आधार मानकर किया जाएगा। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले आधिकारिक विज्ञापन में दी गई पात्रता शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

यूपी में 12वीं पास महिलाओं के लिए खुशखबरी, फिर आई भर्ती!

जॉब डेस्क: उत्तर प्रदेश में नौकरी की तैयारी कर रही 12वीं पास महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। भदोही जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता (Anganwadi Worker) के पदों पर नई भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक एवं पात्र महिला अभ्यर्थी निर्धारित तिथि तक ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। यह भर्ती जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO), भदोही के माध्यम से की जा रही है।

108 पदों पर होगी भर्ती

भर्ती अभियान के तहत कुल 108 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पदों को भरा जाएगा। चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति मानदेय के आधार पर की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है, जिससे अभ्यर्थी घर बैठे आवेदन कर सकें।

सिर्फ महिला अभ्यर्थी को मौका

इस भर्ती में केवल महिला उम्मीदवार ही आवेदन के लिए पात्र हैं। अभ्यर्थी का 12वीं (इंटरमीडिएट) उत्तीर्ण होना आवश्यक है। अन्य पात्रता और चयन संबंधी शर्तें आधिकारिक भर्ती विज्ञापन के अनुसार लागू होंगी।

इन परियोजनाओं में होगी नियुक्ति

चयनित अभ्यर्थियों की नियुक्ति भदोही जिले की विभिन्न परियोजनाओं में की जाएगी। इनमें प्रमुख रूप से अमोली, औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, शहर, डीघ क्षेत्र शामिल हैं। आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को संबंधित परियोजना के अनुसार विकल्प भरना होगा।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

आवेदन शुरू होने की तिथि: 29 जून 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 25 जुलाई 2026

ऑनलाइन करना होगा आवेदन

भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी उत्तर प्रदेश आंगनवाड़ी भर्ती के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले भर्ती से जुड़ी सभी पात्रता, आवश्यक दस्तावेज और निर्देशों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।