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केंद्र सरकार का एक्शन, डीलरों पर कसा शिकंजा, लोगों के लिए खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। चीनी की कीमतों और बाजार में उपलब्धता पर नजर रखने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चीनी के डीलरों और स्टॉकिस्टों के लिए भंडारण की अधिकतम सीमा घटा दी है। नई व्यवस्था के तहत अब कोई डीलर 2000 क्विंटल से ज्यादा चीनी का भंडारण नहीं कर सकेगा। यह नियम 15 सितंबर से प्रभावी होगा।

हर शुक्रवार देना होगा स्टॉक का हिसाब

नई व्यवस्था में डीलरों के लिए चीनी के स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से देना जरूरी होगा। सभी संबंधित डीलरों को पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराना होगा और हर शुक्रवार उपलब्ध स्टॉक का विवरण अपडेट करना होगा। इससे सरकार को बाजार में चीनी की वास्तविक उपलब्धता पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।

ज्यादा स्टॉक मिलने पर कार्रवाई

जांच के दौरान यदि किसी डीलर के पास तय सीमा से अधिक चीनी पाई जाती है या जानबूझकर माल रोककर बाजार में कमी पैदा करने की कोशिश सामने आती है, तो कार्रवाई की जा सकती है। जमाखोरी और कृत्रिम कमी जैसे मामलों में आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के तहत कार्रवाई का प्रावधान रहेगा।

बड़े खरीदार भी निगरानी के दायरे में

सरकार की निगरानी केवल डीलरों तक सीमित नहीं रहेगी। मिठाई की दुकानें, शीतल पेय कंपनियां, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां और अन्य बड़े संस्थागत खरीदार भी इसके दायरे में होंगे। जिनकी औसत मासिक खपत 10 मीट्रिक टन या उससे अधिक है, वे उत्पादन या इस्तेमाल के लिए 15 दिनों से ज्यादा का स्टॉक नहीं रख सकेंगे।

चीनी मिलों को भी रखनी होगी जानकारी

बड़े उपभोक्ताओं को चीनी की बिक्री पर भी नजर रखी जाएगी। चीनी मिलों को ऐसे खरीदारों को दी गई मात्रा का सत्यापन करना होगा। सरकार का यह कदम बाजार में अनावश्यक स्टॉक रोकने और चीनी की उपलब्धता को सामान्य बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

बिहार में शिक्षकों की छुट्टी के लिए नया नियम लागू, पढ़ें पूरी डिटेल्स

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की छुट्टी लेने की प्रक्रिया अब पूरी तरह ऑनलाइन कर दी गई है। 15 अगस्त से लागू नई व्यवस्था के तहत ऑफलाइन अवकाश आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। छुट्टी लेने के लिए शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर आवेदन करना अनिवार्य होगा।

हर तरह की छुट्टी के लिए ऑनलाइन आवेदन

नई व्यवस्था प्रारंभिक से लेकर उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर लागू होगी। अर्जित अवकाश, मातृत्व अवकाश, चिकित्सा अवकाश और शिशु देखभाल अवकाश समेत सभी प्रकार की छुट्टियों के लिए पोर्टल के जरिए आवेदन करना होगा।

आवेदन और मंजूरी दोनों का डिजिटल रिकॉर्ड

शिक्षक द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के बाद उसकी स्वीकृति भी डिजिटल माध्यम से ही होगी। छुट्टी मंजूर होने का आदेश भी ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दर्ज करना जरूरी होगा। इससे अवकाश से जुड़े रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध रहेंगे और विभाग उनकी निगरानी कर सकेगा।

ऑफलाइन आवेदन लेने पर भी रोक

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों और स्कूलों के प्रधानों को इस नियम का सख्ती से पालन कराने का निर्देश दिया है। स्कूल प्रधानों को शिक्षकों को नई व्यवस्था की जानकारी देने और ऑफलाइन छुट्टी के आवेदन स्वीकार नहीं करने को कहा गया है।

इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षकों की छुट्टी की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ-साथ सभी आवेदनों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है।

खुशखबरी का पिटारा खुला, यूपी में 1 नई भर्ती, 23 तक मौका

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। Uttar Pradesh Gramin Bank (UPGB) ने फाइनेंशियल लिटरेसी काउंसलर के पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के तहत कुल 20 पदों को भरा जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन कर सकते हैं।

ग्रेजुएट को मिलेगा मौका

फाइनेंशियल लिटरेसी काउंसलर पद के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन की डिग्री होना जरूरी है। अधिकतम आयु सीमा 65 वर्ष निर्धारित की गई है। चयनित उम्मीदवारों को हर महीने 15,000 से 18,000 रुपये तक मानदेय दिया जाएगा।

23 सितंबर तक करना होगा आवेदन

यह भर्ती कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर होगी और आवेदन ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को निर्धारित आवेदन फॉर्म भरकर तय प्रक्रिया के अनुसार जमा करना होगा। आवेदन करने की अंतिम तारीख 23 सितंबर 2026 है। 

इन पदों पर आवेदन करने के लिए उम्मीदवार आवेदन से पहले भर्ती की विस्तृत शर्तें और जरूरी योग्यता आधिकारिक नोटिफिकेशन में जरूर जांच लें। भर्ती से संबंधित आवेदन फॉर्म और अन्य जानकारी UPGB की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

पेट साफ करने के लिए 4 आयुर्वेदिक नुस्खे! कब्ज की परेशानी में मिल सकती है राहत

हेल्थ डेस्क। कब्ज की समस्या में पेट भारी रहना, मल त्याग में परेशानी और पेट फूलने जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। खान-पान में फाइबर की कमी, कम पानी पीना और शारीरिक गतिविधि कम होना इसके आम कारणों में शामिल हैं। आयुर्वेद में कुछ प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल पाचन को बेहतर रखने और कब्ज में राहत के लिए किया जाता है।

1. त्रिफला

त्रिफला आयुर्वेद में लंबे समय से इस्तेमाल होने वाला मिश्रण है। इसमें हरड़, बहेड़ा और आंवला शामिल होते हैं। कुछ लोगों में इसका सेवन कब्ज की समस्या में मल त्याग को आसान बनाने में मदद कर सकता है।

2. इसबगोल

इसबगोल की भूसी फाइबर का अच्छा स्रोत है। यह आंतों में पानी सोखकर मल को नरम करने में मदद कर सकती है। इसे पर्याप्त पानी के साथ लेना जरूरी है, वरना परेशानी बढ़ सकती है।

3. अंजीर

सूखे अंजीर में फाइबर पाया जाता है। रात में भिगोकर रखे गए अंजीर को सुबह खाने से डाइट में फाइबर बढ़ाया जा सकता है, जो नियमित मल त्याग में मदद कर सकता है।

4. मुनक्का

मुनक्का भी फाइबर वाला खाद्य पदार्थ है। इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल करना कब्ज की समस्या में उपयोगी हो सकता है। रातभर भिगोकर खाने का तरीका कई घरों में अपनाया जाता है।

बिहार में बन रहा 124 KM लंबा 4-लेन सड़क, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में मुंगेर से मिर्जाचौकी के बीच बन रहा करीब 124 किलोमीटर लंबा फोरलेन अब निर्माण के अंतिम चरण में पहुंच गया है। परियोजना का लगभग 85 फीसदी काम पूरा होने के बाद बचे हुए हिस्सों को तेजी से तैयार किया जा रहा है। मुंगेर-भागलपुर वाले हिस्से पर दुर्गापूजा के बाद वाहनों का परिचालन शुरू होने की उम्मीद है।

बिजली टावर हटाने का काम शुरू

मुंगेर के पाटम इलाके में सड़क निर्माण के रास्ते में आ रहे तीन हाईटेंशन टावरों को दूसरी जगह स्थानांतरित करने का काम शुरू हो गया है। बिजली विभाग से शटडाउन लेकर यह प्रक्रिया की जा रही है। टावर हटने के बाद सड़क के बचे हिस्से का निर्माण तेजी से आगे बढ़ सकेगा।

जाम से मिलेगी राहत

मुंगेर-भागलपुर फोरलेन शुरू होने से बड़े वाहनों को एक नया और बेहतर रास्ता मिलेगा। फिलहाल विक्रमशिला सेतु पर बड़े वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने के कारण श्रीकृष्ण सेतु और आसपास की सड़कों पर अतिरिक्त दबाव है। रोजाना हजारों अतिरिक्त वाहन इस मार्ग से गुजर रहे हैं, जिससे कई जगह जाम की स्थिति बन रही है।

अक्टूबर तक काम पूरा करने का लक्ष्य

मुंगेर के शुरुआती हिस्से, बरियारपुर और पाटम के पास सड़क का कुछ काम अभी बाकी है। तेलिया तालाब के पास बन रहे ओवरब्रिज का काम भी अंतिम चरण में है। विभाग का लक्ष्य अक्टूबर के तीसरे सप्ताह तक शेष निर्माण पूरा करने का है।

फोरलेन चालू होने के बाद मुंगेर, भागलपुर और आसपास के इलाकों के साथ उत्तर बिहार, पटना, कोसी और सीमांचल की ओर आने-जाने वाले वाहनों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

बिहार में 17 से शुरू होगा अभियान, नागरिकों के लिए 10 बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार 17 सितंबर से ‘सेवा संकल्प अभियान’ शुरू करने जा रही है। करीब एक महीने चलने वाले इस अभियान का मुख्य फोकस आम लोगों तक सरकारी योजनाओं और सुविधाओं की आसान पहुंच बनाना है। इसके साथ ही मार्च 2027 तक ‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ भी चलाया जाएगा, जिसके तहत सरकारी भवनों और बुनियादी सुविधाओं में सुधार किया जाएगा।

1. घर के पास मिलेगा सरकारी सेवाओं का लाभ

अभियान के तहत ब्लॉक और विधानसभा स्तर पर ‘सेवा सेतु’ शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं और सेवाओं से जोड़ने की कोशिश होगी, ताकि छोटे-छोटे कामों के लिए दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ें।

2. सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों का होगा निपटारा

शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से जुड़े मामलों को मौके पर ही सुलझाने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाना है।

3. 17 सितंबर को जलेंगे 'आशीर्वाद के दीये'

अभियान की शुरुआत 17 सितंबर की शाम ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम से होगी। इस दौरान घरों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर सामूहिक रूप से दीप जलाए जाएंगे।

4. स्कूलों में बच्चों और अभिभावकों को जोड़ा जाएगा

17 सितंबर से 7 अक्टूबर तक स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ कार्यक्रम आयोजित होगा। विद्यार्थियों के बीच प्रतियोगिताओं के साथ अभिभावक-शिक्षक संवाद भी कराया जाएगा।

5. आंगनवाड़ी केंद्रों पर विशेष आयोजन

आंगनवाड़ी केंद्रों पर महिलाओं, बच्चों और परिवारों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने के लिए कार्यक्रम किए जाएंगे। इसका मकसद आंगनवाड़ी की सुविधाओं और योजनाओं की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है।

6. युवाओं के साथ निकलेगी सेवा ज्योति यात्रा

युवाओं को अभियान से जोड़ने के लिए ‘सेवा ज्योति यात्रा’ निकाली जाएगी। इसमें पदयात्रा, साइकिल और बाइक रैली जैसे कार्यक्रम होंगे और युवाओं से 2047 के संकल्प को लेकर संवाद किया जाएगा।

7. तालाब और छठ घाटों की होगी सफाई

‘सेवा मेरा योगदान’ अभियान के तहत तालाबों और छठ घाटों की सफाई के साथ पौधरोपण और स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां कराई जाएंगी। इससे स्थानीय लोगों को भी अभियान से जोड़ने की कोशिश होगी।

8. सरकारी योजनाओं के असर की दिखेगी तस्वीर

‘कहानी बदलाव की’ कार्यक्रम के जरिए सरकारी योजनाओं से लोगों की जिंदगी में आए बदलावों को सामने लाया जाएगा। इसके लिए वास्तविक अनुभवों पर आधारित छोटे वीडियो और अन्य सामग्री तैयार की जाएगी।

9. स्टार्टअप्स को मिलेगा समाधान देने का मौका

‘नवाचार चुनौती’ के तहत स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए स्टार्टअप्स से नए तकनीकी सुझाव मांगे जाएंगे। उपयोगी आइडिया को आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा।

10. मार्च 2027 तक सरकारी भवनों का कायाकल्प

‘सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान’ के तहत सरकारी भवनों की मरम्मत, रंग-रोगन और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी सुविधाओं में भी स्थायी सुधार करना है।

बिहार में जमीन खरीदने जा रहे हैं? पहले चेक कर लें ये 5 चीजें, वरना फंस सकता है पैसा

पटना। बिहार में जमीन या प्लॉट खरीदना बड़ी रकम से जुड़ा फैसला होता है। ऐसे में बिना रिकॉर्ड की जांच किए सौदा करना भारी पड़ सकता है। जमीन से जुड़े रिकॉर्ड ऑनलाइन उपलब्ध होने के कारण खरीदारी से पहले कुछ जरूरी जानकारियां घर बैठे जांची जा सकती हैं।

1. जमाबंदी में नाम देखें

सबसे पहले ऑनलाइन जमाबंदी चेक करें। यह सुनिश्चित करें कि जमीन जिस व्यक्ति से खरीद रहे हैं, सरकारी रिकॉर्ड में जमाबंदी उसके नाम पर दर्ज है।

2. जमीन का प्रकार जांचें

यह जरूर पता करें कि जमीन सरकारी या गैर-मजरुआ श्रेणी में तो दर्ज नहीं है। रिकॉर्ड में जमीन की प्रकृति देखकर ही आगे बढ़ें।

3. खाता-खेसरा और रकबा मिलाएं

जमीन के खाता नंबर, खेसरा नंबर और रकबा को ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलाकर देखें। दस्तावेज और रिकॉर्ड में अंतर मिलने पर सौदा करने से बचें।

4. विक्रेता के नाम की पुष्टि करें

यह जांचना जरूरी है कि जमीन का रिकॉर्ड सीधे विक्रेता के नाम पर है या किसी पुराने मालिक/पूर्वज के नाम पर। केवल मौखिक दावे के आधार पर जमीन न खरीदें।

5. दूसरे हिस्सेदारों की सहमति देखें

अगर जमीन संयुक्त है, तो अन्य हिस्सेदारों के अधिकार और उनकी बिक्री संबंधी सहमति की भी जांच करें। इससे भविष्य में विवाद की आशंका कम हो सकती है।

जमीन खरीदने से पहले बिहारभूमि के ऑनलाइन रिकॉर्ड में उपलब्ध जानकारी की अच्छी तरह जांच करना जरूरी है। दाखिल-खारिज और मालिकाना हक से जुड़े रिकॉर्ड भी ध्यान से देखें। किसी भी जानकारी में संदेह हो तो दस्तावेजों की कानूनी जांच कराने के बाद ही सौदा करना बेहतर है।

केंद्र सरकार ने दी खुशखबरी, FASTag यूजर्स के लिए बड़ी राहत

नई दिल्ली। FASTag इस्तेमाल करने वाले वाहन मालिकों के लिए सरकार ने बड़ी सुविधा शुरू की है। अब अगर कोई व्यक्ति अपना FASTag जारी करने वाला बैंक बदलना चाहता है, तो उसे नया FASTag स्टिकर लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार ने इसके लिए OneTag नाम की पोर्टेबिलिटी सुविधा लॉन्च की है।

बिना स्टिकर बदले बदल सकेंगे बैंक

OneTag की मदद से मौजूदा NETC FASTag को एक बैंक से दूसरे बैंक में ट्रांसफर किया जा सकेगा। खास बात यह है कि बैंक बदलने के बाद भी गाड़ी की विंडस्क्रीन पर लगा वही FASTag काम करेगा। उसका Tag ID और वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर भी पहले जैसा रहेगा।

Rajmargyatra ऐप से होगी प्रक्रिया

FASTag को नए बैंक में पोर्ट करने की सुविधा Rajmargyatra ऐप के जरिए मिलेगी। यूजर को जरूरी वेरिफिकेशन पूरा करने के बाद अपनी पसंद का नया बैंक चुनना होगा। प्रक्रिया पूरी होने पर FASTag की आगे की सेवाएं नए बैंक के पास चली जाएंगी।

पुराने बैंक की जिम्मेदारी पुराने वॉलेट से जुड़े रिफंड और लंबित लेनदेन जैसे मामलों तक रहेगी। वहीं, OneTag की तकनीकी व्यवस्था NPCI संभालेगा। सरकार को उम्मीद है कि इस सुविधा से नए FASTag जारी करने की जरूरत कम होगी और वाहन मालिकों को बार-बार नया स्टिकर लगाने की परेशानी से भी राहत मिलेगी।

दिमाग तेज करने वाले 4 सुपरफूड! रोज खाएं ये फल, ब्रेन रहेगा एक्टिव

हेल्थ डेस्क। आजकल की व्यस्त दिनचर्या में दिमाग को एक्टिव और स्वस्थ रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए संतुलित खान-पान अहम भूमिका निभाता है। कुछ फलों में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन और अन्य पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो ब्रेन हेल्थ को सपोर्ट कर सकते हैं। इन्हें नियमित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है।

1. ब्लूबेरी

ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट और फ्लेवोनॉयड जैसे यौगिक पाए जाते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाव में मदद कर सकते हैं। ब्रेन हेल्थ के लिहाज से इसे फायदेमंद फलों में शामिल किया जाता है।

2. संतरा

संतरा विटामिन सी का अच्छा स्रोत है। विटामिन सी शरीर के लिए जरूरी एंटीऑक्सीडेंट है और सामान्य कोशिकीय कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संतरे को फल या बिना अतिरिक्त चीनी के जूस के रूप में लिया जा सकता है।

3. अनार

अनार में पॉलीफेनॉल और अन्य एंटीऑक्सीडेंट यौगिक पाए जाते हैं। संतुलित डाइट में इसे शामिल करने से शरीर को कई पोषक तत्व मिलते हैं और यह संपूर्ण स्वास्थ्य के साथ ब्रेन हेल्थ को भी सपोर्ट कर सकता है।

4. एवोकाडो

एवोकाडो में हेल्दी फैट, फोलेट और अन्य पोषक तत्व मौजूद होते हैं। इसमें पाए जाने वाले मोनोअनसैचुरेटेड फैट संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। दिमाग और शरीर की बेहतर सेहत के लिए इसे सीमित मात्रा में डाइट में शामिल किया जा सकता है।

बिहार में 3 लाख शिक्षकों को बड़ी खुशखबरी! मनचाहा स्कूल चुन सकेंगे, 17 सितंबर से शुरू होगा मौका

पटना। बिहार के सरकारी शिक्षकों के लिए ट्रांसफर को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। म्यूचुअल और सरप्लस शिक्षकों के तबादले के बाद अब ऐच्छिक ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। करीब 3 लाख शिक्षक अपनी पसंद के स्कूल के लिए आवेदन कर सकेंगे।

17 सितंबर से शुरू होगा आवेदन

शिक्षा विभाग की तय समय-सारणी के अनुसार 10 से 14 सितंबर तक म्यूचुअल ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद 16 सितंबर को रिक्त पदों की जानकारी जारी होगी। 17 सितंबर से शिक्षक अपने पसंदीदा स्कूल के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन की अंतिम तारीख 23 सितंबर रखी गई है।

31 अक्टूबर तक आएगी अंतिम सूची

ऐच्छिक ट्रांसफर के लिए स्कूलों में उपलब्ध रिक्तियों को आधार बनाया जाएगा। विभाग का लक्ष्य है कि 24 सितंबर से 31 अक्टूबर के बीच अंतिम ट्रांसफर सूची जारी कर दी जाए। इससे छठ की छुट्टियों के बाद शिक्षकों के नए स्कूल में योगदान की तैयारी हो सकेगी।

हालांकि ग्रामीण स्कूलों में शिक्षकों की कमी न हो, इसका भी ध्यान रखा जाएगा। ट्रांसफर से पहले शिक्षकों के प्रमाण-पत्रों का सत्यापन और उपलब्ध रिक्तियों का मिलान किया जा रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा कदम, जमीन मालिकों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े काम कराने वाले लोगों के लिए सरकार ने बड़ी पहल की है। अब जमीन के बंटवारे और खतौनी से संबंधित कई जानकारियां डिजिटल माध्यम से आसानी से मिल सकेंगी। राजस्व सेवाओं को ऑनलाइन करने के लिए सरकार ने धारा 116 पोर्टल और सरलीकृत खतौनी पोर्टल शुरू किया है।

जमीन का बंटवारा कराना होगा आसान

साझी जमीन में अपना हिस्सा अलग कराने के लिए सह-खातेदार अब धारा 116 के तहत ऑनलाइन वाद दाखिल कर सकेंगे। आवेदन के बाद मामले की स्थिति और उस पर हुई कार्रवाई की जानकारी भी ऑनलाइन देखी जा सकेगी। जीआईएस तकनीक की मदद से जमीन के नक्शे और उसकी भौगोलिक स्थिति से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध होगी।

खतौनी में जमीन की जानकारी होगी ज्यादा साफ

सरलीकृत खतौनी में जमीन का क्षेत्रफल अधिक सटीक तरीके से दर्ज किया जाएगा। इसमें क्षेत्रफल को छह दशमलव स्थानों तक दिखाया जाएगा। साथ ही पुराने आदेश और बंधक से जुड़ी जानकारी भी व्यवस्थित रूप से देखी जा सकेगी। इससे जमीन के रिकॉर्ड और पुराने स्वामित्व से जुड़ी जानकारी समझना आसान होगा।

सरकार की इस पहल से जमीन मालिकों को राजस्व कार्यालयों की अनावश्यक भागदौड़ से राहत मिलने और जमीन से जुड़े कामों में पारदर्शिता बढ़ने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार का फैसला! केंद्रीय कर्मचारियों को मिली 3 बड़ी खुशखबरी, बढ़ेगी सुविधाएं

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने लाखों केंद्रीय कर्मचारियों को राहत देते हुए जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, अंडमान-निकोबार और नॉर्थ-ईस्ट की हवाई यात्रा से जुड़ी LTC की विशेष सुविधा को दो साल के लिए बढ़ा दिया है। अब पात्र कर्मचारी इस सुविधा का लाभ 25 सितंबर 2028 तक उठा सकेंगे।

होमटाउन LTC को टूर में बदलने की सुविधा

इस योजना के तहत कर्मचारी चार साल के ब्लॉक में मिलने वाली अपनी एक होमटाउन LTC को नॉर्थ-ईस्ट, अंडमान-निकोबार, जम्मू-कश्मीर या लद्दाख की यात्रा के लिए कन्वर्ट करा सकते हैं। इससे उन कर्मचारियों को भी अतिरिक्त समय मिल गया है, जो पहले तय अवधि में यात्रा नहीं कर पाए थे।

नए कर्मचारियों को भी मिलेगा फायदा

कम सेवा अवधि वाले नए केंद्रीय कर्मचारियों के लिए भी यह सुविधा उपलब्ध है। पात्र कर्मचारी अपने निर्धारित होमटाउन LTC में से एक को इन विशेष क्षेत्रों की यात्रा के लिए बदल सकते हैं। कुछ मामलों में जम्मू-कश्मीर या लद्दाख के लिए अतिरिक्त होमटाउन LTC कन्वर्जन का प्रावधान भी है।

हवाई यात्रा के लिए तय किए गए रूट

जिन कर्मचारियों को सामान्य तौर पर हवाई यात्रा की अनुमति नहीं है, वे भी योजना के तहत इकोनॉमी क्लास में निर्धारित मार्गों से सफर कर सकते हैं। इनमें कोलकाता/गुवाहाटी से नॉर्थ-ईस्ट, दिल्ली/अमृतसर से जम्मू-कश्मीर या लद्दाख और कोलकाता/चेन्नई/विशाखापट्टनम से पोर्ट ब्लेयर के रूट शामिल हैं। संबंधित हब शहर तक पहुंचने के लिए निर्धारित श्रेणी में ट्रेन यात्रा का नियम लागू रहेगा।

किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

जिस कर्मचारी का होमटाउन और उसका हेडक्वार्टर या नौकरी का स्थान एक ही है, वह इस विशेष कन्वर्जन सुविधा का लाभ नहीं उठा सकता, क्योंकि उसे होमटाउन LTC का अधिकार नहीं होता। हालांकि, इस नियम में बदलाव की मांग भी उठाई जा रही है।

रविवार की सुबह से बदलेंगे सितारे! 2 शुभ योग से इन 4 राशियों की होगी बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। 13 सितंबर 2026, रविवार को ज्योतिषीय दृष्टि से दिन खास रहने वाला है। पंचांग के अनुसार इस दिन दोपहर 1:41 बजे तक शुक्ल योग रहेगा और इसके बाद ब्रह्म योग का आरंभ होगा। शुक्ल और ब्रह्म योग को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

इस दिन चंद्रमा कन्या राशि में रहेंगे और हस्त नक्षत्र का प्रभाव दोपहर तक रहेगा। ऐसे में कुछ राशियों के लिए यह दिन करियर, धन और व्यक्तिगत मामलों में सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए रविवार का दिन आर्थिक मामलों में राहत देने वाला रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और आमदनी बढ़ाने के नए रास्ते दिखाई दे सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का लाभ मिलने की उम्मीद रहेगी। परिवार में भी माहौल अच्छा रहने के संकेत हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए यह योग आत्मविश्वास बढ़ाने वाला साबित हो सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारी या अवसर मिल सकता है। व्यापार करने वालों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिलने की संभावना है। धन से जुड़े मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए यह दिन विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जा सकता है, क्योंकि रविवार को चंद्रमा इसी राशि में रहेंगे। करियर में नए विकल्प मिल सकते हैं और किसी महत्वपूर्ण फैसले में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों के लिए भी दिन उत्साह बढ़ाने वाला रह सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों को करियर और आर्थिक मामलों में लाभ के संकेत मिल सकते हैं। काम में अटकी कोई योजना दोबारा गति पकड़ सकती है। व्यापारियों को नए ग्राहक या काम का अवसर मिल सकता है। रिश्तों में भी सकारात्मकता बढ़ने की संभावना है।

भारत-रूस का 100 अरब डॉलर का मेगा प्लान! इन 7 सेक्टर्स में आएगी खुशखबरी

नई दिल्ली। भारत और रूस ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य तय किया है। मौजूदा व्यापार में भारत का आयात काफी अधिक है, इसलिए अब दोनों देश कारोबार को ऊर्जा से आगे ले जाकर कई नए क्षेत्रों में विस्तार देने की तैयारी कर रहे हैं।

वित्त वर्ष 2024-25 में भारत-रूस व्यापार करीब 68.7 अरब डॉलर रहा। इसमें भारत का रूस को निर्यात लगभग 4.9 अरब डॉलर, जबकि आयात 63.8 अरब डॉलर रहा। ऐसे में नए व्यापार लक्ष्य के साथ भारत की कोशिश अपने निर्यात को तेजी से बढ़ाने की है।

इन 7 सेक्टर्स पर रहेगा फोकस

1. फार्मा: रूस में भारतीय दवाओं की पहुंच बढ़ाने से फार्मा कंपनियों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं।

2. ऑटो और ऑटो पार्ट्स: ट्रैक्टर, वाहन कलपुर्जे और ऑटो कंपोनेंट्स के निर्यात की संभावनाएं बढ़ रही हैं।

3. इंजीनियरिंग और केमिकल: मशीनरी, औद्योगिक सामान और केमिकल उत्पाद रूस के बाजार में भारतीय निर्यात को गति दे सकते हैं।

4. टेक्सटाइल: कपड़ा और संबंधित उत्पादों के लिए रूसी बाजार में विस्तार की संभावना तलाशी जा रही है।

5. कृषि और फूड: चाय, कॉफी, मसाले, समुद्री उत्पाद, मांस और अन्य खाद्य वस्तुओं के निर्यात को बढ़ावा मिल सकता है।

6. ऊर्जा और न्यूक्लियर: तेल-गैस के साथ परमाणु ऊर्जा, माइनिंग और अन्य ऊर्जा परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने पर जोर है।

7. टेक्नोलॉजी और क्रिटिकल मिनरल्स: डिजिटल तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स, AI, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग भविष्य के कारोबार का नया आधार बन सकता है।

व्यापार घाटा कम करना बड़ी चुनौती

भारत के लिए 100 अरब डॉलर का लक्ष्य केवल रूस से ज्यादा सामान खरीदने से पूरा नहीं होगा। मौजूदा व्यापार असंतुलन को देखते हुए फार्मा, ऑटो पार्ट्स, इंजीनियरिंग, कृषि और दूसरे उत्पादों का निर्यात बढ़ाना जरूरी होगा।

दोनों देशों की योजना 2030 तक 100 अरब डॉलर के व्यापार के साथ 50 अरब डॉलर के द्विपक्षीय निवेश को भी बढ़ावा देने की है। इससे भारत की कंपनियों के लिए रूसी बाजार में नए अवसर बन सकते हैं और व्यापार को ज्यादा संतुलित करने में मदद मिल सकती है।

यूपी में 3 से 6 साल के बच्चों के लिए खुशखबरी, मिलेंगी 10 खास सुविधाएं

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में 3 से 6 वर्ष की उम्र के बच्चों की शुरुआती पढ़ाई को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने बालवाटिकाओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत बच्चों को स्कूल की औपचारिक पढ़ाई के लिए तैयार करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

बालवाटिका में पढ़ाई का तरीका बच्चों की उम्र और रुचि के अनुसार रखा जाएगा। खेल, कहानी, गतिविधियों और रचनात्मक कार्यों के जरिए भाषा, शुरुआती साक्षरता और संख्याज्ञान के साथ बच्चों के शारीरिक, मानसिक, सामाजिक और भावनात्मक विकास पर काम होगा।

बच्चों के लिए होंगी ये 10 व्यवस्थाएं

सरकार के निर्देशों के अनुसार विद्यालय परिसर में मौजूद आंगनबाड़ी केंद्रों को बालवाटिका के तौर पर विकसित किया जाएगा। यहां बच्चों के लिए सुरक्षित कक्षा या उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा गतिविधि आधारित कार्यक्रम, दक्षता कैलेंडर और बच्चों की प्रगति की नियमित जानकारी की व्यवस्था होगी।

बालवाटिका में पुस्तक, ब्लॉक, कला-क्राफ्ट और नाटक/प्रदर्शन कॉर्नर बनाए जाएंगे। बच्चों के लिए उम्र के अनुरूप अभ्यास पुस्तिकाएं, कार्यपत्रक और एससीईआरटी की शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। बालमैत्री फर्नीचर, खेल सामग्री, टीएलएम और प्रिंट रिच वातावरण भी तैयार किया जाएगा। जहां पर्याप्त जगह होगी, वहां खेल क्षेत्र, आउटडोर प्ले सामग्री, बच्चों के अनुकूल हैंडवॉश यूनिट और शौचालय की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी।

अभिभावकों को बच्चे की प्रगति की जानकारी

बालवाटिका में बच्चों का समग्र प्रगति पत्र तैयार किया जाएगा। साल में कम से कम दो बार अभिभावकों को बच्चे की सीखने और विकास से जुड़ी प्रगति बताई जाएगी। इससे माता-पिता भी बच्चे की जरूरत और सुधार के क्षेत्रों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे।

नामांकन और उपस्थिति पर भी रहेगी नजर

सरकार का लक्ष्य संबंधित आंगनबाड़ी केंद्रों के क्षेत्र में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन और कम से कम 70 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करना है। इसके लिए स्कूल, आंगनबाड़ी, आशा कार्यकर्ता और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच समन्वय बढ़ाया जाएगा।

जिला स्तर पर ईसीसीई कोर ग्रुप बनाकर बालवाटिकाओं के संसाधन, प्रशिक्षण और निगरानी की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, स्कूलों के आसपास गैर-विभागीय भवनों में चल रहे आंगनबाड़ी केंद्रों को विद्यालय परिसर में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया पर भी नजर रखी जाएगी।

बिहार में मौसम का बड़ा अलर्ट! 12 जिलों में झमाझम बारिश के आसार, जानें आपके जिले का हाल

पटना। बिहार में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर सक्रिय बनी हुई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के पूर्वानुमान के मुताबिक शनिवार को राज्य के 12 जिलों में बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। इस दौरान तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।

इन 12 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा, सहरसा, जमुई, मुंगेर, बांका, खगड़िया और भागलपुर में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कई इलाकों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है।

पटना समेत बाकी जिलों में कैसा रहेगा मौसम?

राजधानी पटना समेत प्रदेश के अन्य हिस्सों में आसमान में बादलों की आवाजाही जारी रह सकती है। हालांकि, उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद कम है। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं।

ओबरा में सबसे ज्यादा बारिश

पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य के कई हिस्सों में बारिश दर्ज की गई। औरंगाबाद के ओबरा में 123.4 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, जो सबसे अधिक रही। इसके अलावा सबौर, डेहरी, शेखपुरा और जहानाबाद में भी अलग-अलग स्थानों पर वर्षा हुई।

अगले 4-5 दिन मौसम में बड़ा बदलाव नहीं

मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले चार से पांच दिनों में राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव होने की संभावना नहीं है। कई जिलों में बादल छाए रह सकते हैं और बीच-बीच में हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

BRICS या G7, कौन है ज्यादा ताकतवर? GDP के आंकड़ों में सामने आई बड़ी तस्वीर

नई दिल्ली। दुनिया की आर्थिक ताकत का संतुलन तेजी से बदल रहा है। एक तरफ अमेरिका, ब्रिटेन, जर्मनी, फ्रांस, इटली, कनाडा और जापान वाला G7 है, तो दूसरी ओर भारत, चीन, रूस, ब्राजील समेत तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं का BRICS समूह लगातार अपना दायरा बढ़ा रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि आखिर आर्थिक ताकत के मामले में BRICS आगे है या G7?

PPP के हिसाब से BRICS का पलड़ा भारी

हालिया आंकड़ों और बयानों में BRICS की आर्थिक हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी बताई जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी BRICS देशों को दुनिया की करीब 40% GDP और 25% से अधिक वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधि बताया है। IMF के PPP आंकड़ों में भी BRICS की बड़ी हिस्सेदारी दिखाई देती है।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने नई दिल्ली में BRICS बिजनेस फोरम के दौरान दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में BRICS देशों ने दुनिया की GDP में 40% से अधिक योगदान दिया, जबकि G7 की हिस्सेदारी 29% रही। उन्होंने इसी आधार पर G7 की आर्थिक स्थिति पर सवाल उठाया।

लेकिन एक जरूरी बात समझना जरूरी है

GDP की तुलना इस बात पर निर्भर करती है कि गणना PPP (Purchasing Power Parity) से की जा रही है या Nominal GDP से। PPP में देशों की घरेलू कीमतों और खरीदने की क्षमता को ध्यान में रखा जाता है। इस पैमाने पर BRICS का आकार G7 से बड़ा है।

वहीं Nominal GDP में अमेरिकी डॉलर की मौजूदा विनिमय दर के आधार पर अर्थव्यवस्था का मूल्यांकन होता है। इस पैमाने पर G7 की आर्थिक ताकत अब भी काफी बड़ी है। इसलिए केवल एक आंकड़े के आधार पर यह कहना सही नहीं होगा कि BRICS ने हर मामले में G7 को पीछे छोड़ दिया है।

BRICS की सबसे बड़ी ताकत क्या है?

BRICS की ताकत सिर्फ GDP तक सीमित नहीं है। इसके सदस्य देश दुनिया की लगभग आधी आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं और ऊर्जा, कच्चे माल, विनिर्माण, कृषि तथा बड़े उपभोक्ता बाजारों में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। 2026 में समूह के विस्तार के साथ इसका वैश्विक प्रभाव और बढ़ा है। भारत और चीन जैसे बड़े बाजार, रूस की ऊर्जा क्षमता और ब्राजील जैसे संसाधन संपन्न देश BRICS को अलग-अलग क्षेत्रों में मजबूत बनाते हैं।

G7 अभी भी दुनिया में क्यों महत्वपूर्ण है?

दूसरी ओर G7 के पास विकसित अर्थव्यवस्थाओं की मजबूत वित्तीय व्यवस्था, बड़ी बहुराष्ट्रीय कंपनियां, तकनीकी क्षमता और वैश्विक वित्तीय संस्थानों में प्रभाव है। व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भी G7 की पकड़ मजबूत बनी हुई है। इसलिए BRICS की बढ़ती GDP हिस्सेदारी का मतलब यह नहीं है कि G7 की वैश्विक ताकत खत्म हो गई है।

बिहार सरकार ने दी सौगात, 1.17 लाख किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य फसल सहायता योजना के तहत 1 लाख 17 हजार 708 किसानों के बैंक खातों में सरकार ने करीब 104.46 करोड़ रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से भेजी है। यह भुगतान खरीफ 2024 में प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद किया गया है।

714 पंचायतों के किसानों को मिला लाभ

सरकार के मुताबिक, सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य की 714 पंचायतों के पात्र किसानों को सहायता राशि दी गई। योजना का उद्देश्य प्राकृतिक आपदा या अन्य कारणों से फसल की उपज प्रभावित होने पर किसानों को आर्थिक सहारा देना है। खास बात यह है कि इसके लिए किसानों से किसी तरह का प्रीमियम नहीं लिया जाता।

फसल नुकसान पर मिलेंगे 20 हजार तक

राज्य फसल सहायता योजना के तहत वास्तविक उपज में 20 फीसदी तक कमी होने पर 7,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता मिलती है। अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए भुगतान होने से इस स्थिति में किसान को 15 हजार रुपये तक मिल सकते हैं।

वहीं, फसल की वास्तविक उपज में 20 फीसदी से अधिक नुकसान होने पर 10 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सहायता का प्रावधान है। दो हेक्टेयर तक के लिए किसान को अधिकतम 20 हजार रुपये मिल सकते हैं।

खरीफ 2026 के किसानों के लिए भी मौका

खरीफ 2026 में बाढ़ या अन्य कारणों से फसल को नुकसान हुआ है तो पात्र किसान राज्य फसल सहायता योजना के तहत आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 31 अक्टूबर 2026 तक आवेदन करना होगा। सहायता की राशि फसल की वास्तविक उपज में हुई कमी के आधार पर तय की जाएगी।

किसानों को सलाह है कि आवेदन करने से पहले योजना की पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी जरूर जांच लें, ताकि समय सीमा के भीतर आवेदन पूरा किया जा सके।

शरीर दे रहा है खतरे की घंटी! ये 5 संकेत दिखें तो तुरंत कराएं हेल्थ चेकअप

हेल्थ डेस्क। हमारा शरीर कई बार किसी स्वास्थ्य समस्या के बारे में शुरुआती संकेत देने लगता है। अक्सर लोग थकान, वजन में बदलाव या लगातार होने वाली दूसरी परेशानियों को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर कोई बदलाव लंबे समय तक बना रहे या बार-बार दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी हेल्थ चेकअप कराना बेहतर होता है।

1. लगातार थकान और कमजोरी

पर्याप्त नींद लेने के बावजूद अगर हर समय थकान, कमजोरी या सुस्ती महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज न करें। इसके पीछे खून की कमी, पोषण की कमी, थायरॉइड या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।

2. अचानक वजन बढ़ना या घटना

बिना डाइट या एक्सरसाइज में बदलाव के वजन तेजी से बढ़ना या कम होना शरीर में किसी समस्या का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति लगातार बनी रहे तो चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

3. बार-बार सिरदर्द या चक्कर

कभी-कभार सिरदर्द सामान्य हो सकता है, लेकिन लगातार या असामान्य सिरदर्द और बार-बार चक्कर आने पर जांच करानी चाहिए। इसके कई अलग-अलग कारण हो सकते हैं।

4. सांस लेने में परेशानी

थोड़ी मेहनत में ही सांस फूलना या बिना किसी स्पष्ट कारण के सांस लेने में परेशानी होना भी ध्यान देने वाला संकेत है। खासकर अगर इसके साथ सीने में दर्द या चक्कर आएं तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें।

5. नींद और पाचन में लगातार बदलाव

लंबे समय तक नींद खराब रहना, लगातार कब्ज, दस्त, पेट दर्द या भूख में असामान्य बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर उचित जांच की सलाह दे सकते हैं।

कब रहें ज्यादा सतर्क?

इनमें से कोई भी लक्षण अपने आप किसी बीमारी की पुष्टि नहीं करता। लेकिन अगर परेशानी लगातार बनी हुई है, बढ़ रही है या रोजमर्रा के काम प्रभावित कर रही है, तो डॉक्टर से मिलकर जरूरी जांच कराना समझदारी है। समय पर जांच से कई स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान शुरुआती चरण में की जा सकती है।

बड़ी खुशखबरी का ऐलान! यूपी में एक साथ 3 नई भर्तियां, ऐसे करें आवेदन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ तीन भर्ती के मौके सामने आए हैं। इनमें आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका, कोऑपरेटिव इंटर्न और रेलवे के स्पोर्ट्स कोटा के पद शामिल हैं। अलग-अलग भर्ती के लिए आवेदन की तारीख और तरीका भी अलग रखा गया है।

1 .जालौन में आंगनवाड़ी के 110 पद

जालौन में आंगनवाड़ी भर्ती के तहत 110 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। योग्य महिला उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की अंतिम तारीख 30 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन से पहले जिले की अधिसूचना में दी गई पात्रता और जरूरी शर्तें जरूर देखनी चाहिए।

2 .कोऑपरेटिव बैंक में इंटर्न का मौका

उत्तर प्रदेश स्टेट कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (UPCBL) ने कोऑपरेटिव इंटर्न के 5 पदों के लिए भर्ती निकाली है। इस भर्ती में आवेदन ईमेल के जरिए करना होगा। इच्छुक उम्मीदवार 24 सितंबर 2026 तक निर्धारित ईमेल माध्यम से अपना आवेदन भेज सकते हैं।

2 .रेलवे में स्पोर्ट्स कोटा से भर्ती

बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (BLW) में स्पोर्ट्स कोटा के तहत 25 पदों पर भर्ती होगी। 10वीं, 12वीं और ग्रेजुएशन जैसी योग्यता रखने वाले पात्र उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 12 सितंबर 2026 से शुरू होकर 12 अक्टूबर 2026 तक चलेगी।

आवेदन से पहले नोटिफिकेशन जरूर पढ़ें

तीनों भर्तियों में योग्यता, आयु सीमा, चयन प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज अलग-अलग हैं। इसलिए उम्मीदवार आवेदन करने से पहले संबंधित आधिकारिक नोटिफिकेशन को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित तारीख के भीतर ही फॉर्म जमा करें।

केंद्र सरकार की 3 खास स्कीम, किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! ऐसे उठाएं लाभ

नई दिल्ली। किसानों की आर्थिक जरूरतों को देखते हुए केंद्र सरकार कई योजनाएं चला रही है। खेती के लिए पैसों की जरूरत हो, बुढ़ापे में पेंशन की चिंता हो या हर साल आर्थिक सहायता चाहिए, इन जरूरतों को पूरा करने के लिए किसान अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं। इनमें किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान मानधन और पीएम किसान सम्मान निधि प्रमुख हैं।

1 .किसान क्रेडिट कार्ड से मिल सकता है लोन

KCC के जरिए किसानों को खेती और उससे जुड़े कामों के लिए कर्ज की सुविधा मिलती है। पशुपालन और मछली पालन करने वाले लोग भी इसके दायरे में आते हैं। पात्र किसानों को निर्धारित शर्तों के अनुसार लोन मिलता है और समय पर भुगतान करने पर ब्याज में रियायत का लाभ भी मिल सकता है। आवेदन के लिए जमीन के रिकॉर्ड और पहचान संबंधी दस्तावेजों की जरूरत पड़ती है।

2 .मानधन योजना में 60 की उम्र के बाद पेंशन

छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना भविष्य की आर्थिक सुरक्षा का विकल्प है। इसमें पात्र किसान उम्र के अनुसार नियमित अंशदान करते हैं। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद उन्हें हर महीने 3,000 रुपये तक पेंशन मिल सकती है। पात्रता और अंशदान की राशि उम्र के आधार पर तय होती है।

3 .पीएम किसान से हर साल 6 हजार रुपये

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत पात्र किसानों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह रकम सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना का लाभ लेने के लिए किसान का आधार, बैंक खाता और भूमि संबंधी रिकॉर्ड सही होना जरूरी है। इसके साथ e-KYC और जरूरी सीडिंग प्रक्रिया भी पूरी करनी होती है।

किसानों को किसी भी योजना के लिए आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और मौजूदा नियमों की जांच कर लेनी चाहिए। सही दस्तावेज और अपडेट जानकारी के साथ आवेदन करने पर सरकारी योजनाओं का लाभ लेना आसान हो सकता है।

BRICS के पास 40% ग्लोबल GDP, पुतिन ने G7 को दिखाया आईना

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने BRICS देशों के बीच आर्थिक सहयोग को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा प्रस्ताव रखा है। उन्होंने व्यापार, बुनियादी ढांचे, लॉजिस्टिक्स और तकनीक से जुड़ी परियोजनाओं के लिए एक नया निवेश मंच बनाने की बात कही। इसके जरिए निजी क्षेत्र से पूंजी जुटाकर सदस्य देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती देने का लक्ष्य है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में BRICS का बढ़ता दबदबा

BRICS की आर्थिक ताकत का जिक्र करते हुए पुतिन ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक GDP में समूह के देशों की हिस्सेदारी 40 फीसदी से ज्यादा रही है, जबकि G7 की हिस्सेदारी 29 फीसदी रही। उन्होंने कहा कि वैश्विक आर्थिक विकास के केंद्र लगातार बदल रहे हैं और नए क्षेत्र तेजी से उभर रहे हैं।

NDB के जरिए निवेश बढ़ाने की तैयारी

पुतिन ने प्रस्तावित निवेश मंच के लिए BRICS के न्यू डेवलपमेंट बैंक (NDB) को आधार बनाने की संभावना जताई। उनका कहना है कि इससे बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने में मदद मिल सकती है। रूस ने आर्कटिक ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं में सहयोग की भी इच्छा जताई।

AI और टेक्नोलॉजी पर भी जोर

BRICS के एजेंडे में सिर्फ व्यापार और इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, स्वायत्त परिवहन और फिनटेक जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। पुतिन ने कहा कि रूस और अन्य BRICS देश तकनीकी नवाचार को बढ़ावा देने पर काम कर रहे हैं।

पश्चिमी प्रतिबंधों पर रूस का निशाना

पुतिन ने पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों और व्यापारिक पाबंदियों की आलोचना करते हुए कहा कि रूस पर हजारों प्रतिबंध लगाए गए हैं। उनके मुताबिक, रूस ने नए व्यापारिक साझेदारों के साथ संबंध बढ़ाकर इसका सामना किया है। उन्होंने साफ कहा कि BRICS किसी देश के खिलाफ नहीं है, बल्कि अपने सदस्य देशों के आर्थिक हितों और सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दे रहा है।

कल से शुरू होगा शुभ समय! सूर्य के प्रभाव से 4 राशियों की बल्ले-बल्ले

राशिफल। ज्योतिष में सूर्य को आत्मविश्वास, मान-सम्मान, नेतृत्व और सफलता का कारक माना जाता है। सूर्य की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों पर अलग-अलग पड़ सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, कल से सूर्य का प्रभाव 4 राशियों के लिए खास तौर पर शुभ रह सकता है। इन जातकों को करियर, धन और सामाजिक प्रतिष्ठा से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। नौकरी में जिम्मेदारियां बढ़ने के साथ पद और प्रतिष्ठा में भी सुधार के संकेत हैं। कारोबार से जुड़े लोगों को नई डील या बेहतर अवसर मिल सकता है। लंबे समय से अटके काम भी गति पकड़ सकते हैं।

सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी माने जाते हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए सूर्य का प्रभाव खास रह सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी बात को महत्व मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार के अवसर बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को नौकरी और व्यापार में नए मौके मिल सकते हैं। वरिष्ठ अधिकारियों या प्रभावशाली लोगों से संपर्क फायदेमंद साबित हो सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते खुलने और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और कारोबार में नई योजनाओं पर काम शुरू हो सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए समय अच्छा रह सकता है।

बिहार सरकार का बड़ा फैसला, सभी 38 जिलों में होगा लागू, जानें डिटेल्स!

पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों की जमीन को सुरक्षित रखने और उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित करने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के सभी 38 जिलों में सरकारी स्कूलों की भूमि का लैंड रजिस्टर तैयार किया जाएगा। इसमें जमीन से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज रहेगी।

स्कूल की जमीन का पूरा ब्योरा होगा दर्ज

लैंड रजिस्टर में स्कूल का नाम, जमीन का क्षेत्रफल, खाता-खेसरा नंबर, उपलब्ध राजस्व दस्तावेज और भूमि की मौजूदा स्थिति जैसी जानकारियां शामिल की जाएंगी। यह रिकॉर्ड संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी के कार्यालय में रखा जाएगा।

अतिक्रमण पर होगी कार्रवाई

शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सरकारी स्कूलों की जमीन को सार्वजनिक संपत्ति बताते हुए इसके संरक्षण पर जोर दिया है। स्कूल की भूमि पर अतिक्रमण मिलने पर संबंधित अधिकारियों और विभागों के सहयोग से नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।

राजस्व रिकॉर्ड से मिलान

स्कूलों की जमीन से जुड़े दस्तावेजों का राजस्व अभिलेखों के साथ मिलान भी कराया जाएगा। इसका उद्देश्य रिकॉर्ड में मौजूद गड़बड़ियों या अस्पष्टता को दूर करना है, ताकि भविष्य में जमीन को लेकर विवाद की स्थिति न बने।

नियमित होगी निगरानी

लैंड रजिस्टर तैयार होने के बाद स्कूलों की जमीन की स्थिति पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी। इससे अतिक्रमण जैसी समस्या का समय रहते पता लगाया जा सकेगा। साथ ही शिक्षा विभाग के पास राज्यभर के सरकारी विद्यालयों की भूमि का एक व्यवस्थित रिकॉर्ड उपलब्ध होगा।

यूपी में इन 'कर्मचारियों' को खुशखबरी, मिलेगी बढ़ी हुई सैलरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार ने बढ़े हुए मानदेय को लागू करने का शासनादेश जारी कर दिया है। नई व्यवस्था के तहत आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अब 12 हजार रुपये प्रतिमाह, जबकि सहायिकाओं को 6 हजार रुपये महीने मिलेंगे।

कार्यकर्ताओं को हर महीने 4 हजार का फायदा

पहले आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को अलग-अलग मदों को मिलाकर करीब 8 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। अब इसमें 4 हजार रुपये की बढ़ोतरी के बाद कुल राशि 12 हजार रुपये हो जाएगी।

सहायिकाओं का भी बढ़ा मानदेय

आंगनवाड़ी सहायिकाओं के मानदेय में भी इजाफा किया गया है। पहले मिलने वाले 4 हजार रुपये की जगह अब उन्हें 6 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेंगे। यानी हर महीने 2 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे।

सितंबर से लागू, अक्टूबर में मिलेगा पैसा

सरकार ने बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर 2026 से लागू किया है। इसका भुगतान अक्टूबर में किया जाएगा और अक्टूबर में मिलने वाली राशि में सितंबर का बढ़ा हुआ मानदेय भी शामिल रहेगा। सरकार ने बढ़ोतरी के पीछे आंगनवाड़ी कर्मचारियों की बढ़ती जिम्मेदारियों को प्रमुख वजह बताया है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, देशभर के हाईवे पर होगा लागू, टोल प्लाजा पर नहीं रुकेंगी गाड़ियां!

नई दिल्ली। देशभर के हाईवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, देश को धीरे-धीरे बैरियर-फ्री डिजिटल टोल सिस्टम की ओर ले जाया जा रहा है। नई व्यवस्था के फरवरी-मार्च 2027 तक देशभर में लागू होने की उम्मीद जताई गई है।

बिना रुके कटेगा टोल

नई व्यवस्था मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक पर आधारित होगी। इसमें पारंपरिक टोल बैरियर की जरूरत नहीं होगी। सड़क पर लगे विशेष ओवरहेड गैंट्री वाहनों की पहचान करेंगे और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से टोल वसूला जाएगा। इससे गाड़ियों को न रुकना पड़ेगा और न ही टोल के पास गति कम करनी होगी।

ईंधन और समय की होगी बचत

सरकार का मानना है कि बैरियर-फ्री सिस्टम से टोल प्लाजा पर लगने वाली कतारें खत्म करने में मदद मिलेगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और वाहनों में बेकार होने वाला ईंधन भी कम होगा। सरकार के मुताबिक, इस नई व्यवस्था से टोल संचालन का खर्च भी काफी घट सकता है।

अगले साल तक बड़े स्तर पर लागू करने की तैयारी

मंत्री ने बताया कि दिसंबर 2026 तक इस परियोजना का बड़ा हिस्सा पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद फरवरी-मार्च 2027 तक देशभर में नई टोलिंग व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इससे हाईवे पर सफर और तेज, आसान और डिजिटल होने की उम्मीद है।

यूपी में खतौनी और जमीन बंटवारे को लेकर बड़ी खुशखबरी, परेशानी दूर!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन से जुड़े कामों को आसान और पारदर्शी बनाने के लिए सरकार ने नई डिजिटल सुविधाएं शुरू की हैं। राजस्व परिषद ने सरलीकृत खतौनी, ईडब्ल्यूएस पोर्टल और भूमि विभाजन पोर्टल की शुरुआत की है। इससे खतौनी समझने से लेकर जमीन के बंटवारे तक की प्रक्रिया में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

अब ज्यादा साफ दिखेगा जमीन का रिकॉर्ड

सरलीकृत खतौनी में भूमि का क्षेत्रफल अब छह दशमलव स्थानों तक दर्ज किया जाएगा। इससे जमीन के रकबे की जानकारी पहले के मुकाबले ज्यादा सटीक तरीके से मिल सकेगी। पुराने आदेश और बंधक से जुड़े रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे।

जमीन के बंटवारे के लिए ऑनलाइन आवेदन

राजस्व संहिता की धारा 116 के तहत सह-खातेदार जमीन के विभाजन के लिए अब ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। नोटिस, उद्घोषणा और लेखपाल की रिपोर्ट जैसी प्रक्रियाओं को भी पोर्टल से जोड़ा गया है। जमीन की स्थिति समझने के लिए डिजिटल नक्शे की सुविधा भी मिलेगी।

विवाद और देरी कम करने की कोशिश

नई व्यवस्था का उद्देश्य भूमि संबंधी मामलों में पारदर्शिता बढ़ाना और अनावश्यक भागदौड़ कम करना है। ऑनलाइन रिकॉर्ड और प्रक्रिया से अधिकारियों को भी मामलों की निगरानी में सुविधा होगी। सरकार को उम्मीद है कि इससे जमीन के बंटवारे से जुड़े मामलों का निपटारा ज्यादा समयबद्ध और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा।