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मंगलवार का दिन लाएगा खुशियां, इन 5 राशियों के लिए खुलेंगे अवसर

राशिफल। मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए खुशियों और सकारात्मक बदलावों से भरा रहेगा। ग्रहों की चाल और ऊर्जा के प्रभाव से कुछ राशियों को विशेष लाभ मिलेगा। आइए जानते हैं कौन-सी 5 राशियों पर यह दिन विशेष रूप से असर डालने वाला है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन नए अवसर और प्रेरणा लेकर आएगा। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारी आपसे खुश रहेंगे। यदि आप किसी नए प्रोजेक्ट या योजना पर काम कर रहे हैं, तो उसमें सफलता मिलने की संभावना बढ़ेगी। आर्थिक दृष्टि से भी दिन लाभकारी रहेगा।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए मंगल का प्रभाव उत्साह और ऊर्जा बढ़ाएगा। परिवार और दोस्तों के साथ संबंधों में सुधार होगा। जो लोग निवेश या नए व्यापार के बारे में सोच रहे हैं, उनके लिए यह दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य के मामले में भी दिन संतुलित और तरोताजा रहने वाला है।

3. कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए मंगलवार का दिन अचानक आय के नए स्रोत और सकारात्मक अवसर लेकर आएगा। नौकरीपेशा जातकों को प्रमोशन या बोनस मिलने की संभावना है। वहीं, छात्रों के लिए पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी सुख और सहयोग बना रहेगा।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातक सामाजिक और पेशेवर क्षेत्रों में अपनी पहचान मजबूत करेंगे। दोस्तों और सहकर्मियों से सहयोग मिलेगा, जिससे किसी बड़े कार्य को आसानी से पूरा किया जा सकेगा। आर्थिक मामलों में भी लाभ के योग हैं, विशेषकर निवेश और साझेदारी में सफलता मिल सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए मंगलवार का दिन करियर और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा। लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होंगे और मेहनत का उचित फल मिलेगा। साथ ही, नए अवसर और परियोजनाएं आपके सामने आएंगी। स्वास्थ्य और मानसिक शांति भी दिन के दौरान बनी रहेगी।

पीएम मोदी का ऐलान: राष्ट्रपति भवन से लुटियंस की प्रतिमा हटाकर अब लगेगी यह मूर्ति

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 22 फरवरी को राष्ट्रपति भवन को लेकर अहम घोषणा की। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की मूर्ति अब राष्ट्रपति भवन से हटा दी जाएगी और इसके स्थान पर भारत के पहले भारतीय गवर्नर-जनरल, सी. राजगोपालाचारी की प्रतिमा लगाई जाएगी।

भारत की संस्कृति को प्राथमिकता

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता के बाद भी राष्ट्रपति भवन में ब्रिटिश प्रशासकों की मूर्तियां बनी रहीं, जबकि देश के अपने महान नेताओं को उचित सम्मान नहीं मिला। अब यह कदम भारत की संस्कृति और आज़ादी के प्रतीकों को महत्व देने की दिशा में उठाया गया है।

राजाजी उत्सव और मूर्ति अनावरण

राजगोपालाचारी की मूर्ति का अनावरण 23 फरवरी को ‘राजाजी उत्सव’ के अवसर पर किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने बताया कि राजाजी ने सत्ता को सेवा का माध्यम माना और उनका जीवन अनुकरणीय था। इस उत्सव के दौरान 24 फरवरी से 1 मार्च तक राजाजी पर आधारित एक प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।

लुटियंस का योगदान और विरासत

बता दें की एडविन लुटियंस ने नई दिल्ली में कई महत्वपूर्ण भवनों का डिज़ाइन किया, जिनमें राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ और साउथ ब्लॉक और इंडिया गेट शामिल हैं। उनके योगदान की वजह से नयी दिल्ली के इस क्षेत्र को ‘लुटियंस दिल्ली’ कहा जाता है।

प्रधानमंत्री मोदी के इस कदम से राष्ट्रपति भवन के प्रतीक अब देश के गौरव और स्वतंत्रता के इतिहास को अधिक सही ढंग से दर्शाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात' कार्यक्रम के दौरान ब्रिटिश वास्तुकार एडविन लुटियंस की प्रतिमा को राष्ट्रपति भवन से हटाए जानें की बात कही हैं।

बिहार के 4 शहरों में लगेगा AI ट्रैफिक कैमरे, खुद कटेगा ई-चालान

पटना। बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था अब तकनीक के सहारे नए दौर में प्रवेश करने जा रही है। राज्य की चार स्मार्ट सिटी पटना, बिहारशरीफ, भागलपुर और मुजफ्फरपुर में एडेप्टिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ट्रैफिक कैमरे लगाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। 

यह प्रस्ताव पुलिस मुख्यालय की ओर से परिवहन विभाग को भेजा जा चुका है और सर्वे का काम भी संपन्न हो चुका है। मंजूरी मिलते ही इंस्टॉलेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। अधिकारियों का दावा है कि यह पहल न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन को सख्त बनाएगी, बल्कि जाम की समस्या को भी काफी हद तक कम करेगी।

कैसे काम करेगा एडेप्टिव एआई सिस्टम?

यह सिस्टम पारंपरिक सीसीटीवी से अलग होगा। सामान्य कैमरे सिर्फ रिकॉर्डिंग करते हैं, जबकि एआई कैमरे रीयल-टाइम डेटा का विश्लेषण करेंगे। जिस दिशा में वाहनों की संख्या अधिक होगी, वहां सिग्नल की अवधि स्वतः बढ़ जाएगी। कम ट्रैफिक वाली दिशा में सिग्नल जल्दी बदलेगा। इससे अनावश्यक रुकावट कम होगी और ट्रैफिक फ्लो सुचारु रहेगा।

14 तरह के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई

एआई कैमरे सिर्फ निगरानी तक सीमित नहीं रहेंगे। नियम तोड़ते ही स्वतः ई-चालान जारी होगा। इनमें शामिल हैं: हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाना, गलत दिशा में गाड़ी चलाना, ट्रिपल राइडिंग और अन्य प्रमुख यातायात उल्लंघन। इससे मानव हस्तक्षेप कम होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

हादसों में कमी की उम्मीद

एडीजी ट्रैफिक के अनुसार, एआई आधारित निगरानी से सड़क दुर्घटनाओं में करीब 25 प्रतिशत तक कमी आ सकती है। साथ ही, जुर्माना वसूली में 50 प्रतिशत तक सुधार की संभावना जताई गई है। यदि यह परियोजना सफल रही, तो बिहार की ट्रैफिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकता है। 

यूपी में शुरू होने वाला है बुलेट ट्रेन का काम! इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लिए बड़े बदलाव की तैयारी है। जल्द ही दिल्ली से वाराणसी तक हाई-स्पीड ट्रेन का सफर संभव होगा, जो अभी 8–12 घंटे लेता है, वह केवल 4 घंटे में पूरा होगा। रेलवे बोर्ड ने इस कॉरिडोर के निर्माण को हरी झंडी दे दी है और अगर योजना के मुताबिक काम हुआ, तो आने वाले 2–3 महीनों में जमीन पर काम शुरू हो जाएगा।

सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर

सरकार ने देश भर में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई है। इन पर अनुमानित निवेश 16 लाख करोड़ रुपये है। नई ट्रेनें 250–350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेंगी, जिससे बड़े शहरों के बीच यात्रा का समय काफी घट जाएगा और यात्रियों के लिए सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।

क्यों दिल्ली-बनारस रूट सबसे पहले

दिल्ली-बनारस कॉरिडोर को प्राथमिकता दी गई है। इसका कारण राजनीतिक और प्रशासनिक है। वाराणसी प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसलिए इसे जल्द पूरा करने पर जोर है। इसके लिए नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) ने क्षेत्रीय कार्यालय भी स्थापित करना शुरू कर दिया है।

इस बुलेट ट्रेन के लिए मार्ग और स्टेशन

नई ट्रेन दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन से शुरू होकर नोएडा, जेवर एयरपोर्ट, मथुरा, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज होते हुए वाराणसी पहुंचेगी। इस रूट पर लगभग 13–14 स्टेशन बनाए जाएंगे। लेजर तकनीक (LiDAR) के जरिए सर्वे चल रहा है ताकि सही मार्ग और निर्माण लागत का आकलन किया जा सके।

इस संदर्भ में रेलवे बोर्ड की तैयारियाँ

रेलवे बोर्ड ने सभी कॉरिडोर के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। भूमि अधिग्रहण, डिजाइन और टेंडर जैसी तैयारियों को जल्द पूरा करने को कहा गया है। सात में से छह कॉरिडोर की DPR तैयार हो चुकी है, जबकि वाराणसी-सिलीगुड़ी कॉरिडोर के सर्वे पर तेजी से काम चल रहा है। अब प्रोजेक्ट की प्रगति रिपोर्ट हर हफ्ते बोर्ड को सौंपनी होगी।

सैलरीड कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर, आ रहा है नया रूल!

नई दिल्ली। वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) से जुड़ा एक अहम बदलाव प्रस्तावित है। नए आयकर ढांचे को लागू करने की दिशा में केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने ड्राफ्ट इनकम-टैक्स रूल्स 2026 में सुझाव दिया है कि HRA डिक्लेरेशन फॉर्म में अब किरायेदार को यह भी बताना होगा कि मकान मालिक से उसका क्या रिश्ता है। 

प्रस्तावित बदलाव अप्रैल 2026 से लागू होने वाले नए टैक्स फ्रेमवर्क का हिस्सा हो सकता है। अब तक कर्मचारी HRA क्लेम के लिए रेंट रसीद और तय सीमा से अधिक वार्षिक किराये पर मकान मालिक का PAN उपलब्ध कराते थे। लेकिन नए नियमों के तहत “रिलेशनशिप” कॉलम जोड़ने से टैक्स विभाग को अतिरिक्त जानकारी मिलेगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह बदलाव?

पहली नजर में यह संशोधन मामूली लग सकता है, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार इसका असर उन कर्मचारियों पर अधिक पड़ेगा जो अपने माता-पिता, ससुराल पक्ष या अन्य रिश्तेदारों को किराया देकर HRA क्लेम करते हैं। अब तक यदि रेंट एग्रीमेंट वैध था, किराया बैंकिंग चैनल से चुकाया गया था, और मकान मालिक ने अपनी आयकर रिटर्न (ITR) में किराये की आय दर्शाई थी, तो आमतौर पर दावा स्वीकार हो जाता था।

लेकिन अब नए प्रावधान के बाद विभाग डेटा एनालिटिक्स के जरिए यह मिलान कर सकेगा कि किराया पाने वाले व्यक्ति ने उसे अपनी ITR और AIS में घोषित किया है या नहीं, संपत्ति वास्तव में उसी के नाम है या नहीं, और भुगतान बैंक से हुआ है या नहीं।

फर्जी दावों पर लगेगी रोक?

ड्राफ्ट नियमों का उद्देश्य कथित तौर पर कागजी या फर्जी किराया व्यवस्थाओं पर अंकुश लगाना है। विभाग के पास अब रिश्ते की जानकारी भी होगी, जिससे परिवार के भीतर किए गए लेनदेन की जांच अधिक व्यवस्थित तरीके से की जा सकेगी।

हालांकि, नियम यह भी स्पष्ट करते हैं कि यदि किराया व्यवस्था वास्तविक है, तो माता-पिता या अन्य करीबी रिश्तेदार को दिया गया किराया वैध माना जाएगा। लेकिन यदि किराया तय सीमा से अधिक है, तो Section 194-I के तहत TDS काटने की जिम्मेदारी भी बन सकती है। ऐसा न करने पर पेनल्टी का जोखिम रहेगा। वहीं आय छिपाने या गलत जानकारी देने पर Section 270A के तहत 200% तक जुर्माना लगाया जा सकता है।

आपको बता दें की फिलहाल ड्राफ्ट पर सुझाव आमंत्रित किए गए हैं। अंतिम अधिसूचना जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि सैलरीड कर्मचारियों को HRA क्लेम करते समय किन नए मानकों का पालन करना होगा।

रिटायरमेंट पर मिलेगी ज्यादा पेंशन? कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले

नई दिल्ली। रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा हर कर्मचारी की प्राथमिकता होती है। ऐसे में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से जुड़ी ‘हायर पेंशन’ व्यवस्था को लेकर आई ताज़ा स्पष्टता लाखों कर्मचारियों के लिए अहम मानी जा रही है। लंबे समय से चली आ रही असमंजस की स्थिति के बीच अब उच्च वेतन पर पेंशन योगदान का विकल्प फिर से लागू होने से कई पात्र कर्मचारियों की पेंशन राशि में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है।

2014 के बाद क्या बदला था?

सितंबर 2014 में नियमों में संशोधन करते हुए पेंशन योग्य वेतन की अधिकतम सीमा 15,000 रुपये (बेसिक + डीए) तय कर दी गई थी। इसका असर यह हुआ कि चाहे किसी कर्मचारी की वास्तविक बेसिक सैलरी 50,000 या 1 लाख रुपये क्यों न हो, पेंशन की गणना 15,000 रुपये के आधार पर ही होती थी। नतीजतन, पेंशन की अधिकतम राशि करीब 7,500 रुपये प्रतिमाह तक सीमित रह गई।

अब क्या है नई स्थिति?

ताज़ा व्यवस्था में उस पुराने विकल्प को फिर सक्रिय किया गया है, जिसके तहत पात्र कर्मचारी अपनी वास्तविक बेसिक सैलरी पर पेंशन योगदान दे सकते हैं। यानी यदि किसी की बेसिक सैलरी अधिक है और वह पात्रता शर्तें पूरी करता है, तो उसकी पेंशन की गणना भी उसी उच्च वेतन के आधार पर हो सकती है। इससे रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक पेंशन 7,500 रुपये की पूर्व सीमा से काफी अधिक हो सकती है, कुछ मामलों में अंतिम वेतन के लगभग आधे तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ?

यह सुविधा मुख्य रूप से उन कर्मचारियों के लिए है, जिन्होंने 1 सितंबर 2014 से पहले नौकरी शुरू की थी। जिन्होंने उस समय ‘हायर पेंशन’ का विकल्प चुना था। जिनके नियोक्ता ने उच्च वेतन पर योगदान की सहमति दी हो। विशेषज्ञों के अनुसार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSU) में कार्यरत कर्मचारियों को इससे अपेक्षाकृत अधिक लाभ मिल सकता है, क्योंकि वहां उच्च वेतन संरचना और दीर्घकालिक सेवा आम है।

किन्हें नहीं मिलेगा फायदा?

जिन्होंने 2014 से पहले हायर पेंशन विकल्प नहीं चुना था। जिनका पीएफ योगदान अब भी 15,000 रुपये की सीमा तक ही सीमित है। जिनके नियोक्ता उच्च योगदान के लिए सहमत नहीं हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कर्मचारी अकेले यह विकल्प लागू नहीं कर सकता; नियोक्ता की सहमति अनिवार्य है।

पीएफ और पेंशन का सरल गणित

आम तौर पर कर्मचारी की सैलरी का 12% पीएफ में जाता है। नियोक्ता के 12% योगदान में से 8.33% हिस्सा कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) में जमा होता है। पहले 15,000 रुपये की सीमा के कारण अधिकतम लगभग 1,250 रुपये प्रतिमाह ही पेंशन फंड में जाते थे।

लेकिन अब यदि कर्मचारी पात्र है और उसकी बेसिक सैलरी अधिक है, तो 8.33% वास्तविक वेतन के आधार पर पेंशन फंड में जाएगा। इससे पेंशन फंड का कॉर्पस बढ़ेगा और रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली मासिक राशि भी अधिक होगी।

बिहार में बनेगी ये नई सड़क, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के समस्तीपुर जिले के लिए बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मनिका (एसएच-88) से विक्रमपुर (एनएच-322) तक नई सड़क निर्माण परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। इस फैसले से क्षेत्र में आवागमन, स्वास्थ्य सेवाओं और स्थानीय व्यापार को नई गति मिलने की उम्मीद है।

8.25 किलोमीटर लंबी होगी सड़क

पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार प्रस्तावित सड़क की कुल लंबाई 8.250 किलोमीटर होगी। इस परियोजना पर लगभग 4230.87 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह सड़क पथ प्रमंडल, रोसड़ा के अंतर्गत विकसित की जाएगी। प्रशासनिक मंजूरी मिलने के बाद अब टेंडर प्रक्रिया जल्द पूरी होने और निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है।

मेडिकल कॉलेज तक पहुंच होगी

यह मार्ग श्रीराम जानकी मेडिकल कॉलेज, नरघोघी होते हुए सरायरंजन बाइपास से जुड़ेगा। सड़क बनने के बाद मरीजों, डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ के लिए कॉलेज तक पहुंचना अधिक सुगम हो जाएगा। आपातकालीन परिस्थितियों में बेहतर कनेक्टिविटी का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा।

जाम से मिलेगी राहत

नई सड़क के सरायरंजन बाइपास से जुड़ने से समस्तीपुर, दरभंगा और आसपास के इलाकों की ओर जाने वाले यात्रियों को ट्रैफिक दबाव से राहत मिल सकती है। अभी लोगों को कई बार लंबा चक्कर लगाना पड़ता है या जाम की समस्या झेलनी पड़ती है। नई कड़ी बनने से यात्रा समय में कमी आने की संभावना है।

 लोगों को बड़ी राहत

स्थानीय लोगों का मानना है कि सड़क निर्माण से क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी। लंबे समय से इस मार्ग की मांग की जा रही थी। अब प्रशासनिक स्वीकृति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही धरातल पर काम शुरू होगा और क्षेत्र की तस्वीर बदलेगी।

वेजिटेरियन हैं? ये 5 फूड्स देंगे मांस-मछली से भी ज्यादा प्रोटीन

हेल्थ डेस्क। अक्सर यह माना जाता है कि प्रोटीन की पूर्ति के लिए मांस और मछली जरूरी हैं। यही वजह है कि जिम जाने वाले या फिटनेस पर ध्यान देने वाले लोग नॉनवेज डाइट को प्राथमिकता देते हैं। लेकिन पोषण विशेषज्ञों का कहना है कि शाकाहारी आहार में भी कई ऐसे विकल्प मौजूद हैं, जो प्रोटीन के मामले में मांस-मछली को कड़ी टक्कर दे सकते हैं। 

1. सोयाबीन

सोयाबीन को शाकाहारी लोगों के लिए सबसे मजबूत प्रोटीन स्रोत माना जाता है। 100 ग्राम सोयाबीन में लगभग 35–40 ग्राम तक प्रोटीन पाया जाता है, जो कई प्रकार के मांस से भी अधिक है। इसे दाल, चंक्स या सोया दूध के रूप में आहार में शामिल किया जा सकता है।

2. पनीर

दूध से बना पनीर न सिर्फ कैल्शियम बल्कि प्रोटीन का भी अच्छा स्रोत है। 100 ग्राम पनीर में करीब 18–20 ग्राम प्रोटीन होता है। नियमित व्यायाम करने वालों के लिए यह मांसपेशियों की रिकवरी में सहायक हो सकता है।

3. मसूर और अन्य दालें

मसूर, मूंग और अरहर जैसी दालों में 100 ग्राम पर औसतन 20–25 ग्राम तक प्रोटीन मिल सकता है। दालें फाइबर और आयरन से भी भरपूर होती हैं, जिससे पाचन बेहतर रहता है और ऊर्जा बनी रहती है।

4. चना और राजमा

चना और राजमा दोनों ही हाई-प्रोटीन फूड माने जाते हैं। 100 ग्राम काबुली चने में लगभग 19 ग्राम और राजमा में करीब 24 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है। इन्हें सलाद, करी या स्प्राउट्स के रूप में लिया जा सकता है।

5. मूंगफली और बीज

मूंगफली, कद्दू के बीज और चिया सीड्स जैसे विकल्प भी प्रोटीन से भरपूर होते हैं। मूंगफली में लगभग 25–26 ग्राम प्रोटीन प्रति 100 ग्राम तक पाया जा सकता है। ये स्नैक के तौर पर भी आसान विकल्प हैं।

बिहार में होमगार्ड के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

पटना। बिहार सरकार ने होमगार्ड जवानों के लिए अहम फैसला लेते हुए उनके दैनिक कर्तव्य भत्ते में बढ़ोतरी की घोषणा की है। लंबे समय से आर्थिक राहत की मांग कर रहे जवानों के लिए यह निर्णय किसी बड़ी सौगात से कम नहीं माना जा रहा है।

कितना बढ़ा भत्ता?

अब तक होमगार्ड जवानों को एक दिन की ड्यूटी के बदले 774 रुपये मिलते थे। नई व्यवस्था के तहत यह राशि बढ़ाकर 1121 रुपये कर दी गई है। यानी प्रति दिन 347 रुपये की सीधी बढ़ोतरी। इस फैसले से नियमित ड्यूटी करने वाले जवानों की मासिक आय में भी अच्छा इजाफा होगा।

आर्थिक राहत के साथ मनोबल में बढ़ोतरी

सरकार का कहना है कि होमगार्ड बल कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन, चुनाव ड्यूटी और अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में उनके भत्ते में वृद्धि करना आवश्यक था। यह कदम न सिर्फ आर्थिक मजबूती देगा, बल्कि जवानों के मनोबल को भी ऊंचा करेगा।

किन परिस्थितियों में अहम है यह फैसला?

महंगाई और बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच दैनिक भत्ते में यह बढ़ोतरी काफी मायने रखती है। होमगार्ड जवान अक्सर अस्थायी ड्यूटी पर तैनात रहते हैं और उन्हें नियमित वेतन के बजाय भत्ते के आधार पर भुगतान मिलता है। ऐसे में प्रति दिन 347 रुपये की वृद्धि उनके परिवार के खर्च में सीधी राहत देगी।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखने में होमगार्ड की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। इसलिए उनके हितों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। आने वाले समय में सेवा शर्तों और सुविधाओं को लेकर भी सकारात्मक कदम उठाए जाने के संकेत दिए हैं।

8वें वेतन आयोग की अंतरिम रिपोर्ट? कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी 8वें वेतन आयोग से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए हैं। महंगाई के लगातार बढ़ते दबाव के बीच नई वेतन संरचना को लेकर उम्मीदें और भी बढ़ गई हैं। सबसे अहम सवाल यही है कि अंतरिम रिपोर्ट कब आएगी और इसके बाद सैलरी बढ़ोतरी की प्रक्रिया कितनी तेज होगी।

रिपोर्ट की टाइमलाइन क्या कहती है?

आयोग के गठन और उसके कार्यक्षेत्र (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) तय होने के बाद औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। रिपोर्ट जमा करने के लिए लगभग डेढ़ साल की अवधि निर्धारित की गई है। उपलब्ध संकेतों के आधार पर माना जा रहा है कि अंतरिम रिपोर्ट वर्ष 2026 के अंत तक सरकार को सौंपी जा सकती है। यदि यह तय समय से पहले आती है, तो वेतन संशोधन की प्रक्रिया भी जल्दी आगे बढ़ सकती है।

किस दिशा में चल रहा है काम?

आयोग से जुड़े सदस्य विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और कर्मचारी संगठनों से सुझाव ले रहे हैं। कर्मचारी संगठनों ने भी अपनी मांगों को संगठित तरीके से रखने की तैयारी शुरू कर दी है। जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (जेसीएम) की बैठक में प्रमुख मांगों को अंतिम रूप देकर सरकार के सामने पेश किया जाएगा। इस बार कर्मचारियों का फोकस इस बात पर है कि वेतन निर्धारण का आधार मजबूत और न्यायसंगत हो।

फिटमेंट फैक्टर क्यों है अहम?

सैलरी बढ़ोतरी सीधे तौर पर फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करती है। यही गुणक तय करता है कि मौजूदा मूल वेतन में कितना गुणा करके नई सैलरी निर्धारित होगी। पिछली बार यह फैक्टर 2.57 था। अब अटकलें हैं कि नए आयोग में इसे अलग स्तर पर तय किया जा सकता है। यदि यह गुणक ऊंचा रखा जाता है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी संभव है। वहीं कम फैक्टर तय होने पर लाभ सीमित रह सकता है।

संभावित वेतन वृद्धि कितनी?

Level 1: वर्तमान बेसिक पे ₹18,000 | फिटमेंट फैक्टर 1.70 पर ₹30,600 | फिटमेंट फैक्टर 2.15 पर ₹38,700 | फिटमेंट फैक्टर 2.86 पर ₹51,480

Level 3: वर्तमान बेसिक पे ₹21,700 | फिटमेंट फैक्टर 1.70 पर ₹36,890 | फिटमेंट फैक्टर 2.15 पर ₹46,655 | फिटमेंट फैक्टर 2.86 पर ₹62,062

Level 6: वर्तमान बेसिक पे ₹35,400 | फिटमेंट फैक्टर 1.70 पर ₹60,180 | फिटमेंट फैक्टर 2.15 पर ₹76,110 | फिटमेंट फैक्टर 2.86 पर ₹1,01,244

Level 10: वर्तमान बेसिक पे ₹56,100 | फिटमेंट फैक्टर 1.70 पर ₹95,370 | फिटमेंट फैक्टर 2.15 पर ₹1,20,615 | फिटमेंट फैक्टर 2.86 पर ₹1,60,446

भारत और इजरायल का बड़ा प्लान? चीन-पाक की उड़ी नींद!

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रस्तावित इजरायल यात्रा को दोनों देशों के रिश्तों में एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जा रहा है। यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब रक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और उन्नत हथियार प्रणालियों में सहयोग को नई ऊंचाई देने की चर्चा तेज है।

इजरायली दूतावास का कहना है कि यह यात्रा दोनों देशों के “मजबूत होते रणनीतिक संबंधों” का संकेत है। माना जा रहा है कि इस दौरान अरबों डॉलर की संभावित रक्षा डील पर सहमति बन सकती है, जिसमें मिसाइल सिस्टम, किलर ड्रोन और अत्याधुनिक एयर डिफेंस तकनीक शामिल हो सकती है।

सप्लायर–कस्टमर मॉडल से आगे बढ़ने की सोच

इजरायल की भारत मामलों की विशेषज्ञ के अनुसार भारत अब केवल हथियार खरीदने वाला देश नहीं रहना चाहता, बल्कि तकनीकी आत्मनिर्भरता हासिल कर क्षेत्रीय सुरक्षा प्रदाता बनने की दिशा में बढ़ रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और इजरायल अब पारंपरिक खरीदार–विक्रेता संबंध से आगे बढ़कर संयुक्त अनुसंधान, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक भागीदारी के मॉडल पर काम कर सकते हैं।

ड्रोन और काउंटर-ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस

हाल के अभियानों में भारत ने काउंटर-ड्रोन तकनीक की उपयोगिता को प्रमुखता से रेखांकित किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस क्षेत्र में इजरायल की विशेषज्ञता भारत के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। इजरायली कंपनियां ड्रोन स्वार्म टेक्नोलॉजी, एंटी-ड्रोन सिस्टम और एआई आधारित खुफिया विश्लेषण में अग्रणी मानी जाती हैं।

ऐतिहासिक सहयोग की पृष्ठभूमि

भारत और इजरायल की रक्षा साझेदारी नई नहीं है। कारगिल युद्ध के दौरान इजरायल ने भारत को लेजर-गाइडेड बम और महत्वपूर्ण सैन्य उपकरण उपलब्ध कराए थे, जिनका उपयोग भारतीय वायु सेना ने मिराज फाइटर जेट के जरिए किया। इससे पहाड़ी ठिकानों पर सटीक प्रहार संभव हुआ और युद्ध की दिशा प्रभावित हुई। तब से लेकर अब तक दोनों देशों के बीच खुफिया साझेदारी, मिसाइल रक्षा प्रणाली और ड्रोन तकनीक में सहयोग लगातार बढ़ा है।

चीन–पाकिस्तान पर क्या असर?

जानकार बताते हैं की यदि भारत और इजरायल के बीच उन्नत एआई-संचालित रक्षा प्रणालियों और एयर डिफेंस सिस्टम पर व्यापक समझौता होता है, तो इससे क्षेत्रीय शक्ति संतुलन पर प्रभाव पड़ सकता है। खासकर चीन और पाकिस्तान के सामरिक समीकरणों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।

यूपी के इन जिलों से गुजरेगा एक्सप्रेस-वे, लोगों के लिए खुशखबरी

कानपुर । उत्तर प्रदेश में एक नया एक्सप्रेस-वे बनने जा रहा है, जो कानपुर से कबरई (महोबा) तक फैलेगा। यह ग्रीनफील्ड और एक्सेस-कंट्रोल्ड हाईवे होगा, जिसका उद्देश्य लंबी दूरी की यात्रा को तेज़ और सुरक्षित बनाना है। इससे कई जिलों को सीधा फायदा मिलेगा।

हाईवे की विशेषताएं और मार्ग

यह नया हाईवे उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को कानपुर होते हुए मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल से जोड़ेगा। वर्तमान में लखनऊ से भोपाल की दूरी लगभग 600 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 12 से 14 घंटे लगते हैं। नए हाईवे के पूरा होने के बाद यह सफर सिर्फ 7 घंटे में तय किया जा सकेगा। इस परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 5757 करोड़ रुपये है।

यह हाईवे कानपुर नगर, कानपुर देहात, हमीरपुर और महोबा जिलों से गुजरेगा और आगे सागर हाईवे से जुड़कर पूरे आर्थिक गलियारे को और मजबूत करेगा।

औद्योगिक और आर्थिक फायदे

इस ग्रीनफील्ड हाईवे की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसके दोनों ओर विशेष औद्योगिक क्षेत्र विकसित किए जाएंगे। इसका उद्देश्य लॉजिस्टिक नेटवर्क को और मजबूत करना है, ताकि कच्चा माल समय पर औद्योगिक इकाइयों तक पहुंच सके और तैयार उत्पाद आसानी से बाजारों तक पहुंचें।

क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी

एनएचएआई के परियोजना निदेशक पंकज यादव के अनुसार, यह हाईवे भारतमाला परियोजना का अहम हिस्सा है और लखनऊ-भोपाल के बीच बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित करेगा। हाईवे के बनने से समय और ईंधन की बचत होगी, और पूरे कॉरिडोर में आर्थिक गतिविधियों को तेजी मिलेगी।

इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट हब के रूप में और मजबूत होगा और उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति मिलेगी।

यूपी में तीसरी रेल लाइन बिछेगी, इन जिलों के लिए खुशखबरी

आगरा। उत्तर प्रदेश के आगरा रेल मंडल के अंतर्गत रेलवे प्रशासन ने कुबेरपुर रेलवे स्टेशन और यमुना ब्रिज स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन (थर्ड लाइन) बिछाने की योजना को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना पर लगभग 159.76 करोड़ रुपये खर्च होने की संभावना है।

योजना का महत्व

इस सेक्शन की लंबाई लगभग 9.77 किलोमीटर है। वर्तमान में इस रूट पर ट्रेन परिचालन पर काफी दबाव है, जिससे समय-निर्धारण और संचालन प्रभावित होते हैं। नई लाइन बनने के बाद ट्रेनों का दबाव कम होगा और संचालन अधिक सुचारू होगा।

यात्रियों और माल ढुलाई के लिए लाभ

तीसरी लाइन बनने से न केवल यात्री ट्रेनों के संचालन में सुधार होगा बल्कि मालगाड़ियों की गति और समय पर डिलीवरी भी सुनिश्चित होगी। पश्चिमी क्षेत्र से आने वाले सीमेंट, बालू, बैलास्ट जैसी निर्माण सामग्री पूर्वी और उत्तर-पूर्वी राज्यों तक अधिक सुविधाजनक तरीके से पहुंचाई जा सकेगी। इससे औद्योगिक और निर्माण गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

इस लाइन से क्षेत्रीय विकास को मिलेगा बल

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि नई लाइन बनने के बाद इस मार्ग पर अतिरिक्त पैसेंजर ट्रेनों का संचालन भी संभव होगा। इससे यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी और पूरे क्षेत्र में आर्थिक और सामाजिक विकास की गति बढ़ेगी।

रेलवे प्रशासन ने जल्द ही इस परियोजना पर काम शुरू करने का संकेत दिया है, जिससे आने वाले समय में पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों की कनेक्टिविटी और मजबूती के साथ-साथ ट्रेनों के समय में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

ब्रह्मोस-NG: भारत का नया सुपरसोनिक हथियार, नई ताकत!

लखनऊ। भारतीय रक्षा क्षेत्र में एक और मील का पत्थर स्थापित होने जा रहा है। ब्रह्मोस-NG (Next Generation) मिसाइल, भारत की अगली पीढ़ी की सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, मौजूदा ब्रह्मोस से अधिक हल्की, कॉम्पैक्ट और घातक होगी। यह मिसाइल 2.8 से 3 मैक की गति से दुश्मन के ठिकानों और हवाई अड्डों को सटीक निशाना बना सकेगी।

हल्की और कॉम्पैक्ट, ज्यादा सक्षम

ब्रह्मोस-NG का वजन लगभग 2.5 टन है, जो मौजूदा ब्रह्मोस की तुलना में कम है। इस कारण इसे अधिक प्रकार के लड़ाकू विमानों में लगाया जा सकेगा, जिससे सेना की मारक क्षमता में बढ़ोतरी होगी। सुखोई-30 MKI जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान अब इसे आसानी से लॉन्च कर सकेंगे।

उच्च गति और लंबी रेंज

मैक 2.8-3 की सुपरसोनिक गति के साथ, ब्रह्मोस-NG को इंटरसेप्ट करना दुश्मनों के लिए लगभग असंभव होगा। इसकी मारक क्षमता भी 450 किमी से बढ़कर लगभग 800 किमी तक जाने की संभावना है, जिससे रणनीतिक लक्ष्यों को अधिक दूरी से सुरक्षित रूप से निशाना बनाया जा सकेगा।

बहुमुखी और स्टील्थ तकनीक

यह मिसाइल जमीन, समुद्र और हवा तीनों प्लेटफॉर्म से लॉन्च की जा सकती है। अपनी कम ऊँचाई और तेज गति के कारण यह राडार की निगरानी से बचते हुए लक्ष्यों पर अचूक प्रहार करती है। इस बहुमुखी क्षमता से भारतीय सेना के हमले और बचाव की रणनीति में मजबूती आएगी।

उत्पादन में तेजी, सुरक्षा में बढ़ोतरी

उत्तर प्रदेश के लखनऊ में नए संयंत्र में ब्रह्मोस-NG का निर्माण तेजी से चल रहा है। इससे भारतीय सेना की मारक क्षमता में जल्द ही उल्लेखनीय उछाल आने की संभावना है। रक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्रह्मोस-NG भारत को क्षेत्रीय सुरक्षा में एक निर्णायक बढ़त देगा।

शनि की राशि में मंगल: इन 3 राशियों का बदलेगा समय

राशिफल। सोमवार, 23 फरवरी 2026 को मंगल का गोचर कुंभ राशि में होगा। सुबह 11 बजकर 49 मिनट पर ग्रहों के सेनापति मंगल कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे, जोकि शनि की राशि है। ज्योतिष विशेषज्ञों का मानना है कि इस गोचर के दौरान कुछ राशियों के जीवन में विशेष बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं कौन सी तीन राशियों के लिए समय शुभ रहेगा और उन्हें किन क्षेत्रों में फायदा मिलेगा।

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय करियर और वित्तीय मामलों में तेजी लाने वाला होगा। मंगल के कुंभ राशि में प्रवेश से नौकरी में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और व्यवसाय में लाभ के नए अवसर उत्पन्न होंगे। परिवारिक जीवन में भी सामंजस्य और खुशहाली बढ़ने की संभावना है। स्वास्थ्य के मामले में नियमित व्यायाम और संतुलित आहार फायदेमंद रहेगा।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह गोचर शिक्षा और रचनात्मक कार्यों में सफलता लेकर आएगा। विद्यार्थियों के लिए अध्ययन में सुधार और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के योग बन रहे हैं। नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रमोशन या पदोन्नति के अवसर बन सकते हैं। निजी जीवन में स्नेह और मेलजोल बढ़ने की संभावना है, जिससे संबंधों में मधुरता आएगी।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक स्थिरता और संपत्ति संबंधी मामलों में सुधार लाएगा। निवेश और बैंकिंग मामलों में सही निर्णय लेने का योग बन रहा है। कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और अधिकारियों के साथ संबंध मजबूत होंगे। स्वास्थ्य के मामले में छोटी-मोटी परेशानियां आ सकती हैं, लेकिन सतर्कता से इन्हें नियंत्रित किया जा सकता है।

8वें वेतन आयोग: कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लिए 6 बड़े बदलाव?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग के लागू होने की संभावना ने केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्साह पैदा कर दिया है। सरकार ने अभी तक इसकी अंतिम रिपोर्ट जारी नहीं की है, लेकिन मीडिया और विशेषज्ञों की रिपोर्ट के अनुसार इस बार वेतन और भत्तों में कई महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आइए जानते हैं 6 मुख्य बदलाव जो केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे को प्रभावित कर सकते हैं।

1. फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी

फिटमेंट फैक्टर वेतन निर्धारण का मुख्य आधार होता है। 7वें वेतन आयोग में यह 2.57 था, जबकि 8वें वेतन आयोग में इसे 2.86 से 3.00 तक बढ़ाए जाने की संभावना है। इसका मतलब है कि कर्मचारियों का बेसिक वेतन सीधे तौर पर बढ़ जाएगा।

2. न्यूनतम मूल वेतन में इजाफा

फिटमेंट फैक्टर बढ़ने के चलते न्यूनतम बेसिक सैलरी भी बढ़ सकती है। वर्तमान में ₹18,000 का न्यूनतम वेतन है, जो बढ़कर लगभग ₹30,000 से ₹54,000 के बीच पहुंच सकता है। इससे नए कर्मचारियों को प्रारंभिक स्तर पर ही बेहतर वेतन मिलेगा।

3. महंगाई भत्ते का विलय

8वें वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई भत्ता (DA) को सीधे बेसिक सैलरी में मर्ज करने की योजना है। इससे कर्मचारियों को लाभ होगा।

4. भत्तों में संशोधन

बेसिक वेतन बढ़ने से हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रैवल अलाउंस (TA) में भी वृद्धि होगी। इससे कर्मचारियों की कुल इनकम में वृद्धि होगी और खर्चों के लिए अधिक सुविधा मिलेगी।

5. पेंशन में बढ़ोतरी

पेंशनभोगियों के लिए भी राहत की खबर है। न्यूनतम पेंशन ₹9,000 से बढ़कर ₹18,000 से ₹25,000 के स्तर तक जा सकती है। यह बदलाव रिटायरमेंट के बाद जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद करेगा।

6. समग्र वेतन ढांचे में सुधार

इन बदलावों के चलते केंद्रीय कर्मचारियों का वेतन ढांचा ज्यादा प्रतिस्पर्धी और संतुलित होगा। नई संरचना से नौकरी की प्रेरणा बढ़ेगी और लंबे समय तक सेवा में लगे कर्मचारियों को अधिक सुरक्षा और लाभ मिलेगा।

मशरूम के 7 स्वास्थ्य लाभ जो हर आयु के लिए जरूरी हैं

हेल्थ डेस्क। आज के समय में स्वस्थ जीवनशैली बनाए रखना हर किसी के लिए चुनौती बन गया है। इस दिशा में आहार की भूमिका सबसे अहम होती है। मशरूम, जिसे अक्सर ‘सुपरफूड’ कहा जाता है, स्वाद में हल्का और पोषण में भारी है। यह हर आयु वर्ग के लिए लाभकारी माना जाता है और नियमित रूप से इसे खाने से कई स्वास्थ्य लाभ मिल सकते हैं।

1. इम्यूनिटी बढ़ाता है

मशरूम में बायोएक्टिव कंपाउंड्स और विटामिन डी की मौजूदगी शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाती है। यह वायरल और बैक्टीरियल संक्रमण से लड़ने में मदद करता है।

2. हड्डियों के लिए फायदेमंद

मशरूम में कैल्शियम और विटामिन डी प्रचुर मात्रा में पाया जाता है। ये हड्डियों को मजबूत रखते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं से बचाते हैं।

3. हृदय स्वास्थ्य को बढ़ावा

मशरूम में पाया जाने वाला एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर ब्लड कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करता है। इसके सेवन से दिल और रक्त वाहिकाओं की सेहत बेहतर रहती है।

4. वजन नियंत्रण में सहायक

मशरूम में कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है। इसे खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और वजन नियंत्रण आसान होता है।

5. मस्तिष्क के लिए लाभकारी

मशरूम में पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन बी12 दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त बढ़ाने में मदद करते हैं।

6. कैंसर से सुरक्षा में भी सहायक

अनुसंधानों के अनुसार, मशरूम में एंटी-कैंसर गुण होते हैं, जो कोशिकाओं को हानि पहुँचाने वाले मुक्त कणों से सुरक्षा प्रदान करते हैं।

7. त्वचा और बालों के लिए फायदेमंद

मशरूम में प्रोटीन और विटामिन्स त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाते हैं। इसके साथ ही, यह बालों को मजबूत और घने बनाए रखने में मदद करता है।

भारत को इजरायल देगा घातक मिसाइल, पाक के लिए तबाही!

नई दिल्ली। भारत-इजरायल रक्षा सहयोग में एक बड़ा कदम देखने को मिल सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत को जल्द ही गोल्डन होराइजन ALBM मिसाइल मिल सकती है। यह एयर-लॉन्च्ड बैलिस्टिक मिसाइल है, जिसे लड़ाकू विमानों से हवा में लॉन्च किया जाता है और यह उच्च गति से दुश्मन के टारगेट तक पहुँचती है।

मिसाइल की खासियत

गोल्डन होराइजन ALBM की रेंज लगभग 1,500 से 2,000 किलोमीटर बताई जा रही है। इसे भारतीय वायुसेना के Su-30MKI, सुखोई और मिराज विमानों पर तैनात किया जा सकता है। यह मिसाइल सुपरसोनिक गति से उड़ती है और दुश्मन के रडार से बचते हुए लक्ष्य तक पहुँचती है। इसके अलावा, इसमें परमाणु वॉरहेड लगाया जा सकता है, जिससे यह अत्यंत घातक बन जाती है।

पाकिस्तान के लिए खतरा

भारतीय वायुसेना ने पहले भी ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को करारा जवाब दिया था और आतंकी ठिकानों को नष्ट किया था। यदि गोल्डन होराइजन ALBM मिसाइल भारत को मिलती है, तो यह पाकिस्तान के लिए और गंभीर खतरा साबित हो सकती है। मिसाइल की रेंज के चलते यह इस्लामाबाद और कराची तक पहुँच सकती है, जिससे किसी भी सैन्य टारगेट को क्षणों में निष्क्रिय किया जा सकता है।

वैश्विक और क्षेत्रीय प्रभाव

जानकारों का मानना है कि इस मिसाइल के आने से भारत की हवाई और स्ट्राइक क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। क्षेत्रीय सुरक्षा संतुलन पर भी इसका असर पड़ सकता है, क्योंकि यह मिसाइल किसी भी संभावित तनावपूर्ण स्थिति में भारत को तेज़ और निर्णायक कार्रवाई की क्षमता प्रदान करेगी।

बिहार का प्राचीन नाम क्या था? जानिए 10 GK के सवाल

पटना। सामान्य ज्ञान (GK) किसी भी प्रतियोगी परीक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। चाहे वह बैंकिंग, SSC, रेलवे, UPSC या अन्य सरकारी नौकरी की तैयारी हो, GK में अच्छी पकड़ होने से आपका स्कोर बढ़ता है। इसमें भारत का इतिहास, भूगोल, वर्तमान घटनाएँ, विज्ञान और आर्थिक ज्ञान शामिल होता है।

नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह जरूरी है कि वे रोजाना कुछ समय GK पढ़ने में लगाएँ और महत्वपूर्ण तथ्य याद रखें। आज हम आपके लिए 10 प्रतियोगिता स्तर के GK सवाल लेकर आए हैं, जिनका अभ्यास आपको परीक्षा में मदद करेगा।

10 प्रतियोगी परीक्षा स्तर के GK सवाल (उत्तर सहित)

1. बिहार का प्राचीन नाम क्या था?

उत्तर: मगध 

2. भारत का सबसे छोटा राज्य क्षेत्रफल के हिसाब से कौन सा है?

उत्तर: गोवा

3. भारतीय संविधान में कितने अनुच्छेद (Articles) हैं?

उत्तर: 448 (जुलाई 2023 तक संशोधन सहित)

4. भारत का राष्ट्रीय फूल कौन सा है?

उत्तर: कमल

5. पहला भारतीय महिला राष्ट्रपति कौन थी?

उत्तर: प्रतिभा पाटिल

6. माउंट एवरेस्ट किस देश की सीमा पर स्थित है?

उत्तर: नेपाल और तिब्बत (चीन)

7. भारत का सबसे लंबा नदी कौन सा है?

उत्तर: गंगा

8. गंगा नदी का उद्गम स्थल कहाँ है?

उत्तर: गंगोत्री ग्लेशियर, उत्तराखंड

9. पांडवों का जन्म स्थान कहाँ माना जाता है?

उत्तर: हस्तिनापुर

10. भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल कौन सा है?

उत्तर: थार मरुस्थल

नीचे दिए गए नंबरों की श्रृंखला में अगला नंबर क्या होगा?

2, 6, 12, 20, 30, ? इसका जवाब आप दें,

सोना चमका, चांदी भी उछली – मार्केट में हड़कंप मच गया

नई दिल्ली। सोने और चांदी के बाजार में सोमवार को तेजी देखने को मिली। निवेशकों के लिए यह दिन काफी उत्साहजनक रहा, क्योंकि दोनों कीमती धातुएं उछाल मारते हुए नए स्तरों तक पहुँच गईं। सोने और चांदी के भाव में तेजी ने निवेशकों के लिए एक बार फिर आकर्षक अवसर पेश किया है।

सोने का रुख

सोमवार को सुबह 11.28 बजे तक सोने की कीमत में 2,789 रुपये की बढ़त देखी गई और यह 1,59,665 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। कारोबार के दौरान सोना 1,60,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के इंट्राडे हाई तक पहुँच गया, जबकि इंट्राडे लो 1,58,117 रुपये पर देखा गया। पिछले हफ्ते शुक्रवार को सोने का भाव 1,56,876 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

चांदी की जोरदार तेजी

चांदी ने भी बाज़ार में धमाल मचाया। सुबह 11.28 बजे तक चांदी के भाव में 12,756 रुपये की बढ़त दर्ज की गई और यह 2,65,700 रुपये प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी का इंट्राडे हाई 2,68,875 रुपये और लो 2,63,061 रुपये तक गया। पिछले हफ्ते शुक्रवार को चांदी का भाव 2,52,944 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।

बढ़त के पीछे क्या कारण

दरअसल, वैश्विक बाजार में अनिश्चितता और भू-राजनीतिक तनाव निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर खींच रहे हैं। अमेरिका में कुछ आर्थिक नीतियों के बदलाव और पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने सोने और चांदी को आकर्षक निवेश विकल्प बना दिया है।

निवेशकों के लिए संकेत

विशेषज्ञों का सुझाव है कि ऐसे समय में सोने और चांदी जैसी सुरक्षित संपत्तियों में निवेश करना समझदारी हो सकती है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव के चलते सावधानी भी जरूरी है। इसलिए से पहले सही जानकारी जरूर प्राप्त करें।

पनीर खाओ, ताकत दिखाओ! जानें 7 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। पनीर सिर्फ स्वाद में लाजवाब नहीं है, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है। यह प्रोटीन, कैल्शियम और अन्य पोषक तत्वों का भंडार है, जो शरीर और दिमाग दोनों को मजबूत बनाता है। आइए जानते हैं पनीर खाने के 7 बड़े फायदे।

1. मांसपेशियों को मजबूती

पनीर में प्रोटीन भरपूर मात्रा में होता है, जो मांसपेशियों के विकास और शरीर की ताकत बढ़ाने में मदद करता है। फिटनेस प्रेमियों के लिए यह एक बेहतरीन विकल्प है।

2. हड्डियों को बनाए मजबूत

कैल्शियम और विटामिन डी की उच्च मात्रा के कारण पनीर हड्डियों और दांतों को मजबूत रखता है। इससे ऑस्टियोपोरोसिस जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।

3. वजन नियंत्रण में मदद

पनीर खाने से पेट लंबे समय तक भरा रहता है और भूख कम लगती है। इस वजह से वजन को संतुलित रखना आसान होता है।

4. दिल और रक्त स्वास्थ्य

पनीर में पाए जाने वाले अच्छे फैट्स और प्रोटीन हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हैं। यह रक्त में कोलेस्ट्रॉल संतुलित रखने में मदद करता है।

5. दिमाग और याददाश्त बढ़ाए

पनीर में अमीनो एसिड और विटामिन बी12 पाया जाता है, जो दिमाग की कार्यक्षमता और याददाश्त को बढ़ाने में मदद करता है।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

पनीर में प्रोटीन और विटामिन्स त्वचा को स्वस्थ और चमकदार रखते हैं। साथ ही, यह बालों को मजबूत और घने बनाए रखने में भी मदद करता है।

7. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए

पनीर में मौजूद पोषक तत्व शरीर की इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करते हैं, जिससे आप बीमारियों से लड़ने में अधिक सक्षम होते हैं।

PF निकासी के नियम बदले, कर्मचारियों को 8 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने इस साल पीएफ निकासी के नियमों में कई बदलाव किए हैं। इसका उद्देश्य प्रक्रिया को आसान, तेज और पारदर्शी बनाना है। अब कर्मचारी अपनी जमा राशि को ज़रूरत के अनुसार पहले से बेहतर तरीके से इस्तेमाल कर सकते हैं।

1. नौकरी छोड़ने के बाद

पहले सदस्य नौकरी छोड़ने के बाद थोड़े समय में 75% राशि निकाल सकते थे। अब नए नियम के अनुसार, 75% रकम तुरंत निकाली जा सकती है, लेकिन बाकी 25% निकालने के लिए 12 महीने बेरोजगार रहने की शर्त है।

2. पेंशन राशि निकालना

बता दें की पहले पेंशन निकालने के लिए 2 महीने की बेरोजगारी जरूरी थी। नए नियम में इसे बढ़ाकर 36 महीने कर दिया गया है।

3. चिकित्सा खर्च

पहले कर्मचारी इलाज के लिए छह महीने का वेतन या योगदान की कम राशि निकाल सकते थे। अब इसके लिए कम से कम 12 महीने काम करने की शर्त जोड़ दी गई है।

4. शिक्षा और शादी

पहले शिक्षा के लिए तीन और शादी के लिए दो बार निकासी की अनुमति थी। अब सदस्य शिक्षा के लिए 10 और शादी के लिए 5 बार रकम निकाल सकते हैं।

5. घर खरीदना या बनाना

पूर्व नियमों में इसके लिए 24–36 महीने की नौकरी पूरी करनी होती थी। नए नियम में किसी भी आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की सेवा जरूरी है।

6. कंपनी बंद होने पर

पहले कंपनी बंद होने पर पूरी राशि निकालना मुश्किल था। अब कर्मचारी कुल पीएफ का 75% निकाल सकते हैं, और 25% खाते में रखना जरूरी है।

7. महामारी जैसी स्थिति

महामारी में पहले तीन महीने का वेतन या पीएफ का 75% निकाल सकते थे। अब नियम लगभग वही है, लेकिन प्रक्रिया को सरल और स्पष्ट किया गया है।

8. प्राकृतिक आपदा

पहले ₹5,000 या योगदान का 50% निकाला जा सकता था। अब आंशिक निकासी के लिए कम से कम 12 महीने की सेवा शर्त लागू कर दी गई है।

ग्रह का वार! बुध वक्री से 4 राशियों पर पड़ेगा असर

राशिफल। 26 फरवरी 2026 से बुध ग्रह कुंभ राशि में वक्री हो जाएंगे और 21 मार्च 2026 तक इस स्थिति में रहेंगे। ज्योतिष शास्त्र में बुध को बुद्धि, तर्कशक्ति, संवाद और व्यापार का कारक ग्रह माना जाता है। जब यह वक्री अवस्था में होता है, तो निर्णय लेने की क्षमता कमजोर पड़ सकती है, पढ़ाई, करियर और संचार से जुड़े मामलों में भ्रम और बाधाएं पैदा हो सकती हैं।

कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए बुध वक्री समय में करियर और कार्यक्षेत्र में असमंजस बढ़ सकता है। नई योजनाओं की शुरुआत में देरी हो सकती है और सहयोगियों के साथ संवाद में गलतफहमियां हो सकती हैं। इस समय जोखिम भरे निवेश या नई जिम्मेदारियां लेने से बचना चाहिए।

कन्या राशि

कन्या राशि के लिए बुध वक्री स्वास्थ्य और मानसिक तनाव पर असर डाल सकता है। पढ़ाई, परीक्षा और किसी भी प्रकार की अनुसंधान गतिविधि में ध्यान केंद्रित रखना मुश्किल हो सकता है। व्यक्तिगत और पेशेवर मामलों में सतर्कता बरतना जरूरी है।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय वित्तीय मामलों और संपत्ति से जुड़े निर्णयों में भ्रम ला सकता है। अचानक खर्च और अप्रत्याशित आर्थिक रुकावटें सामने आ सकती हैं। इस अवधि में महत्वपूर्ण अनुबंध या निवेश टालना ही सुरक्षित रहेगा।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए बुध वक्री संचार और रिश्तों में असमंजस पैदा कर सकता है। परिवार और दोस्तों के साथ गलतफहमियों का सामना करना पड़ सकता है। इस समय ईमेल, संदेश या दस्तावेजों में ध्यानपूर्वक काम करना जरूरी है, ताकि किसी प्रकार की परेशानी न हो।

पुश्तैनी संपत्ति के कानून: जानें परिवार में किसका हक़ है?

नई दिल्ली: पुश्तैनी संपत्ति यानी वह जमीन या भवन जो परिवार के पूर्वजों से विरासत में मिली हो, अक्सर परिवार में विवाद का कारण बन जाती है। ऐसे मामलों में यह समझना जरूरी है कि कानून के नजरिए से किसका अधिकार है और किसे हिस्सा मिलने का हक़ है।

पुरुष और महिलाओं का अधिकार

भारतीय संपत्ति कानून के अनुसार, चाहे संपत्ति पिता से आई हो या दादा-दादी से, सभी वारिसों को हिस्सा मिलना तय है। आधुनिक कानून में महिलाओं को भी बराबरी का अधिकार है। यानी बेटी, पुत्र सभी अपनी हिस्सेदारी के हक़दार हैं।

भाइयों और बहनों के बीच बंटवारा

पुश्तैनी जमीन में भाई-बहनों के बीच हिस्सा समान रूप से बांटा जाता है। अगर पिता के समय कोई लिखित वसीयत नहीं है, तो जमीन का वितरण हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम के अनुसार समान रूप से होगा।

वसीयत और अधिकार

अगर पूर्वज ने वसीयत बनाई हो, तो उसके मुताबिक संपत्ति का वितरण किया जाएगा। लेकिन ध्यान रखें कि वसीयत में कानूनी खामियां या किसी वारिस की सहमति का अभाव विवाद को जन्म दे सकता है। ऐसे मामलों में अदालत हस्तक्षेप कर सकती है।

संयुक्त परिवार में अधिकार

संयुक्त परिवार की संपत्ति में भी हक़ बराबर का माना जाता है। किसी भी सदस्य को बिना सहमति संपत्ति का एकल अधिकार नहीं दिया जा सकता। विवाद होने पर पारिवारिक सुलह या न्यायालय के माध्यम से समाधान संभव है।

विवाद से बचने के उपाय

पुश्तैनी संपत्ति के विवाद से बचने के लिए परिवार के सभी सदस्य को खुलकर चर्चा करनी चाहिए। जमीन या भवन का आधिकारिक रिकॉर्ड रखना और वसीयत बनवाना, दोनों ही मामलों में सुरक्षा और स्पष्टता लाता है।

बिहार में घोषणाओं की झड़ी: पुलिस महकमे के लिए खुशखबरी

पटना: बिहार पुलिस सप्ताह 2026 की शुरुआत एक नई ऊर्जा और आधुनिक सुधारों के साथ हुई। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मिथलेश अकादमी’ में इस सप्ताह का उद्घाटन किया और पुलिसकर्मियों के लिए कई अहम घोषणाएं कीं। ये कदम न केवल पुलिस बल की क्षमता बढ़ाने वाले हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास को भी मजबूत करेंगे।

पुलिसकर्मियों के बच्चों की शिक्षा अब निश्चिंत

सरकार ने फैसला किया है कि राज्य की हर पुलिस लाइन में हाई स्कूल खोले जाएंगे। इसका उद्देश्य पुलिसकर्मियों के बच्चों को पास-पड़ोस में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें स्कूल जाने के लिए दूर नहीं जाना पड़े। इसके साथ ही पुलिस लाइनों में ‘जीविका दीदी की रसोई’ भी शुरू होगी, जिससे कर्मचारियों को पौष्टिक भोजन मिलेगा और स्थानीय महिलाओं को रोजगार का अवसर भी मिलेगा।

महिलाओं की सुरक्षा के लिए ‘पुलिस दीदी’

महिलाओं की सुरक्षा और पुलिस पर भरोसा बढ़ाने के लिए ‘पुलिस दीदी’ विंग की शुरुआत की जा रही है। यह टीम विशेष रूप से महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में मदद करेगी और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाएगी।

अपराध अनुसंधान में तकनीकी सहयोग

साइबर अपराध के बढ़ते खतरे को देखते हुए, पुलिस विभाग अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करेगा। अधिकारियों को अन्य राज्यों में प्रशिक्षण लेने और नई तकनीक सीखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अपराध की रोकथाम और जांच में तेजी आए।

सीमावर्ती और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों पर ध्यान

हालांकि बिहार नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है, लेकिन सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए ‘वायब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ लागू किया जाएगा। नेपाल बॉर्डर के पास यह अभियान एसएसबी के सहयोग से चलाया जाएगा, ताकि स्थानीय लोगों और सुरक्षा बल के बीच तालमेल बढ़े।

बिहार में शिक्षकों के तबादले का बड़ा अपडेट, नई नीति जल्द लागू

पटना: बिहार के स्कूल शिक्षकों के लिए स्थानांतरण नीति में बड़े बदलाव की तैयारी चल रही है। शिक्षा विभाग ने सभी श्रेणी के शिक्षकों के तबादलों के नियमों में संशोधन का मसौदा तैयार कर लिया है। बताया जा रहा है कि मार्च महीने में इसे अंतिम रूप दिया जाएगा और कैबिनेट की मंजूरी के बाद अप्रैल से नई व्यवस्था लागू हो जाएगी। बड़े पैमाने पर तबादले जून में शुरू होंगे।

पिछली नीति और उसका असर

पिछले साल विधानसभा चुनाव से पहले तबादला नीति का मसौदा पेश किया गया था, जिसमें नियुक्ति की तारीख से अगले पांच साल तक किसी भी शिक्षक का ट्रांसफर न करने का प्रावधान था। इस सख्त नियम के खिलाफ शिक्षक संगठनों ने विरोध किया था, जिसके बाद नीति को फिर से समीक्षा के लिए लौटाना पड़ा।

तीन साल की सेवा अनिवार्य

नई मसौदे के अनुसार, शिक्षक को अपनी नियुक्ति के बाद कम से कम तीन साल एक ही स्कूल में सेवा देनी होगी। हालांकि, गंभीर बीमारी, पारिवारिक आपात स्थिति या अन्य विशेष परिस्थितियों में तीन साल से पहले भी तबादले की अनुमति रहेगी। इस नीति का असर लगभग छह लाख शिक्षकों पर पड़ेगा।

व्यवस्था के लिए कमेटियां

जिलास्तरीय शिक्षकों के तबादले के लिए जिलाधिकारी की देखरेख में आठ सदस्यीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसमें उप विकास आयुक्त, एडीएम और जिला शिक्षा अधिकारी शामिल होंगे। वहीं, प्रधानाध्यापक और प्रमंडल स्तर के शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता में छह सदस्यीय कमेटी गठित होगी।

इस नियम से क्या होगा फायदा?

शिक्षा विभाग का कहना है कि नई नीति से तबादले की प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित होगी। इससे न केवल प्रशासनिक कामकाज में तेजी आएगी, बल्कि शिक्षकों की समस्याओं का समाधान भी आसान होगा। नीति लागू होने के बाद स्कूलों में स्थायित्व और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है।

रोज मखाना खाएं, शरीर को मिलेगा 7 गुना फायदा

हेल्थ डेस्क। मखाना, जिसे लोकल भाषा में फॉक्स नट्स भी कहा जाता है, सिर्फ एक स्नैक नहीं बल्कि स्वास्थ्य का सुपरफूड है। विशेषज्ञों के अनुसार, रोजाना मखाना खाने से शरीर को सात प्रमुख फायदे मिल सकते हैं, जो इसे हर उम्र के लिए फायदेमंद बनाते हैं।

1. हृदय को रखे स्वस्थ

मखाना में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और मैग्नीशियम हृदय की सेहत को बेहतर बनाने में मदद करते हैं। यह ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित रखने में भी सहायक है।

2. वजन नियंत्रित करने में मदद

कम कैलोरी और हाई फाइबर होने के कारण मखाना वजन घटाने में मदद करता है। यह लंबे समय तक पेट भरा होने का अहसास देता है और अनहेल्दी स्नैक्स की लालसा को कम करता है।

3. पाचन शक्ति बढ़ाए

मखाना में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत करता है और कब्ज जैसी समस्याओं को दूर करता है।

4. हड्डियों को मजबूत बनाए

मैग्नीशियम और कैल्शियम की अच्छी मात्रा मखाना को हड्डियों के लिए फायदेमंद बनाती है। यह हड्डियों को मजबूत और जोड़ो को स्वस्थ रखता है।

5. शुगर नियंत्रण में सहायक

डायबिटीज के मरीजों के लिए मखाना एक सुरक्षित स्नैक है। इसमें ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होने के कारण यह ब्लड शुगर स्तर को स्थिर बनाए रखने में मदद करता है।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण मखाना त्वचा की उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करता है। यह बालों को भी मजबूत बनाने और चमकदार बनाए रखने में सहायक है।

7. किडनी और गुर्दे की सेहत बनाए

मखाना में प्रोटीन और मिनरल्स की संतुलित मात्रा होती है, जो किडनी और गुर्दे की कार्यप्रणाली के लिए फायदेमंद है।