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बिहार के 7 जिलों को बड़ी सौगात, स्टोन माइनिंग को मिली मंजूरी

पटना।  बिहार में खनन क्षेत्र को नई गति देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य के सात जिलों में पत्थर खनन गतिविधियों को दोबारा शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। खान एवं भूतत्व विभाग ने आवश्यक प्रक्रियाओं को आगे बढ़ाते हुए खनन परियोजनाओं के लिए आधार तैयार कर लिया है। इससे न केवल सरकार के राजस्व में वृद्धि की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार और निर्माण गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

सात जिलों में खनन की राह हुई आसान

विभागीय तैयारियों के तहत शेखपुरा, गया, रोहतास, औरंगाबाद, कैमूर, बांका और नवादा जिलों में पत्थर खनन को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। इन जिलों में खनिज संसाधनों के आकलन और खनन क्षेत्र के निर्धारण से जुड़ी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद खदानों के संचालन के लिए ई-नीलामी का रास्ता साफ होगा।

31 खदानों से शुरू होगा खनन कार्य

प्रस्तावित योजना के अनुसार सातों जिलों में कुल 31 पत्थर खदानों से खनन गतिविधियां संचालित किए जाने की संभावना है। इन खदानों के चालू होने से निर्माण कार्यों के लिए पत्थर की उपलब्धता बढ़ेगी और स्थानीय बाजार को मजबूती मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सड़क, पुल और भवन निर्माण जैसी परियोजनाओं को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि आवश्यक निर्माण सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेगी।

ई-नीलामी से बढ़ेगी पारदर्शिता

खनन पट्टों के आवंटन के लिए ई-नीलामी प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से होने वाली नीलामी से पारदर्शिता बढ़ेगी और सभी इच्छुक निवेशकों को समान अवसर मिलेगा। साथ ही अवैध खनन और अनियमितताओं पर नियंत्रण रखने में भी मदद मिलेगी।

रोजगार के नए अवसर बनेंगे

पत्थर खनन गतिविधियों के शुरू होने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। खदानों के संचालन के अलावा परिवहन, क्रशर उद्योग, मशीनरी संचालन और निर्माण क्षेत्र से जुड़े लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ने से स्थानीय व्यापार और छोटे व्यवसायों को भी नई ऊर्जा मिल सकती है।

CM सम्राट का बड़ा एक्शन, हाई-लेवल मीटिंग में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

पटना। बिहार में सड़क और पुल परियोजनाओं को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पथ निर्माण विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि विकास परियोजनाओं में देरी, गुणवत्ता में कमी और सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में राज्यभर में चल रही सड़क और पुल निर्माण योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई।

गुणवत्तापूर्ण सड़कें सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क किसी भी राज्य के विकास की रीढ़ होता है। इसलिए आम लोगों को सुरक्षित, सुगम और आधुनिक सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि हर परियोजना तय मानकों के अनुरूप पूरी हो। उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों और पुलों के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए, क्योंकि बेहतर अनुरक्षण से ही परियोजनाओं की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहती है।

समय सीमा के भीतर पूरे हों सभी प्रोजेक्ट

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लंबित और निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं। साथ ही वित्तीय प्रबंधन को मजबूत रखने पर भी जोर दिया गया ताकि धन की कमी के कारण किसी भी योजना की गति प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी से जनता को परेशानी होती है, इसलिए समयबद्ध कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

राज्य के पुलों की होगी विशेष निगरानी

समीक्षा बैठक में राज्य के पुलों की सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि सभी पुलों का नियमित निरीक्षण कराया जाए और विशेषज्ञ एजेंसियों के माध्यम से समय-समय पर सुरक्षा ऑडिट किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी संभावित खतरे की पहचान पहले से होनी चाहिए ताकि समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जा सकें। सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई।

गंगा पथ परियोजना पर विशेष फोकस

बैठक में पूर्वी बिहार की महत्वपूर्ण गंगा पथ परियोजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परियोजना को तेज गति से आगे बढ़ाया जाए ताकि क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि व्यापार, उद्योग और पर्यटन गतिविधियों को भी नई गति मिलेगी। इससे क्षेत्रीय विकास को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विकास कार्यों में नहीं चलेगी लापरवाही

मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से जवाबदेही के साथ कार्य करने और नियमित समीक्षा के माध्यम से परियोजनाओं की प्रगति सुनिश्चित करने को कहा।

पानी-पानी होगा बिहार! 18 जिलों में आंधी-पानी के आसार

पटना।  बिहार में भीषण गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और वज्रपात की संभावना जताते हुए विशेष चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

18 जिलों के लिए जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार राज्य के 18 जिलों में अगले कुछ घंटों के दौरान मौसम अचानक करवट ले सकता है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है उनमें गया, जहानाबाद, नवादा, नालंदा, पश्चिमी चंपारण, अरवल, औरंगाबाद, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, जमुई, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, पटना और रोहतास शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है और लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

तेज हवा और गरज-चमक के आसार

पूर्वानुमान के अनुसार कई इलाकों में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी और गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने का अनुमान है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अचानक बदलते मौसम के कारण खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

तापमान में आ सकती है गिरावट

पिछले कई दिनों से राज्य के अधिकांश हिस्से भीषण गर्मी की चपेट में थे। दोपहर के समय तेज धूप और उमस के कारण लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो रहा था। अब बारिश और बादलों की मौजूदगी से तापमान में कमी आने की संभावना है, जिससे मौसम अपेक्षाकृत सुहावना हो सकता है।

किसानों के लिए राहत और चुनौती दोनों

बारिश से जहां खेतों में नमी बढ़ेगी और फसलों को लाभ मिल सकता है, वहीं तेज हवा और वज्रपात कुछ क्षेत्रों में नुकसान का कारण भी बन सकते हैं। कृषि विशेषज्ञ किसानों को मौसम की जानकारी पर नजर रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दे रहे हैं।

गुलाब सी महकेगी तकदीर, 5 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल।  ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की स्थिति में होने वाले बदलाव का असर सभी राशियों पर पड़ता है। आने वाले दिनों में कुछ महत्वपूर्ण ग्रहों के शुभ प्रभाव से पांच राशियों के जातकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं। करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में नई संभावनाएं बनने के संकेत मिल रहे हैं।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए आने वाला समय राहत और सफलता लेकर आ सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिलेगा, जबकि व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत हैं। परिवार में किसी शुभ समाचार के आने से खुशी का माहौल रहेगा।

वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक दृष्टि से लाभकारी साबित हो सकता है। निवेश से अच्छा लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार में नए ग्राहकों और साझेदारों से फायदा हो सकता है। नौकरी करने वालों को वेतन वृद्धि या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी सामंजस्य बना रहेगा।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और समाज में प्रतिष्ठा बढ़ सकती है। उच्च अधिकारियों से सहयोग मिलने की संभावना है। जो लोग नए काम की शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।

तुला राशि:

तुला राशि वालों को करियर और शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को सकारात्मक समाचार मिल सकता है। व्यापारियों के लिए नए अनुबंध और लाभ के अवसर बन सकते हैं। परिवार में खुशियां बढ़ेंगी और मानसिक तनाव कम होगा। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने की संभावना है।

धनु राशि:

धनु राशि के जातकों के लिए ग्रहों का यह शुभ प्रभाव कई क्षेत्रों में लाभ दिला सकता है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और रिश्तों में मधुरता बढ़ेगी।

यूपी में बनेगा ये हाईवे सड़क, 47 गांवों के लिए बड़ी खुशखबरी

अलीगढ़उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों के लिए एक बड़ी विकास परियोजना आकार लेने लगी है। प्रस्तावित अलीगढ़-मुरादाबाद हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना के निर्माण से न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि क्षेत्र के दर्जनों गांवों को बेहतर सड़क संपर्क और विकास के नए अवसर भी मिलेंगे।

47 गांव होंगे परियोजना का हिस्सा

प्रस्तावित कॉरिडोर अलीगढ़ जिले के 47 राजस्व गांवों से होकर गुजरेगा। इनमें तहसील कोल और गभाना के गांव प्रमुख रूप से शामिल हैं। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण और राजस्व अभिलेखों के संग्रह की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन और संबंधित एजेंसियां जमीन से जुड़ी जानकारी जुटाने में लगी हुई हैं ताकि आगे की प्रक्रिया में तेजी लाई जा सके।

तेज और सुरक्षित होगा सफर

हाई-स्पीड एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर बनने के बाद अलीगढ़ से मुरादाबाद के बीच यात्रा अधिक सुविधाजनक और तेज हो जाएगी। सीमित प्रवेश और निकास वाली इस आधुनिक सड़क पर यातायात का दबाव कम रहेगा, जिससे यात्रा का समय घटेगा और सड़क सुरक्षा भी बेहतर होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कॉरिडोर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों के बीच संपर्क को मजबूत करेगा।

डीपीआर और डिजाइन पर काम

परियोजना के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) और तकनीकी डिजाइन तैयार करने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इसके लिए विशेषज्ञ कंसल्टेंसी कंपनियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। परियोजना का अंतिम स्वरूप तय करने से पहले जमीन, भूगोल और यातायात से जुड़ी विभिन्न जानकारियों का अध्ययन किया जा रहा है।

ग्रामीण क्षेत्रों को मिलेगा बड़ा फायदा

कॉरिडोर के निर्माण का सबसे बड़ा लाभ उन गांवों को मिलने की उम्मीद है जो इसके मार्ग में स्थित हैं। बेहतर सड़क संपर्क से कृषि उत्पादों का परिवहन आसान होगा, व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और स्थानीय लोगों को रोजगार के नए अवसर मिल सकते हैं। इसके अलावा शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य आवश्यक सेवाओं तक पहुंच भी पहले की तुलना में अधिक सुगम हो जाएगी।

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पर फोकस

परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जा रही है। संबंधित अधिकारी गांवों के नक्शे, खसरा-खतौनी और अन्य राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन कर रहे हैं। इसके आधार पर हाईवे का अंतिम एलाइनमेंट और निर्माण योजना तैयार की जाएगी।

यूपी में रसोइयों और स्कूल स्टाफ की बल्ले-बल्ले, सरकार ने दी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा और पोषण योजनाओं से जुड़े हजारों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने विद्यालयों और विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं में कार्यरत कर्मियों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नई व्यवस्था के तहत पात्र कर्मियों और उनके परिवारों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारी की जा रही है।

हजारों परिवारों को मिलेगा स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ

सरकार का उद्देश्य शिक्षा और पोषण व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। इस पहल से सरकारी विद्यालयों, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा अन्य संबद्ध संस्थानों में कार्यरत कर्मियों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है। विशेष बात यह है कि इस सुविधा का लाभ केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उनके परिवार के सदस्य भी इसके दायरे में शामिल किए जाएंगे।

शिक्षकों से लेकर रसोइयों तक होंगे लाभार्थी

नई व्यवस्था के तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों, विद्यालयी कर्मियों और पीएम पोषण योजना से जुड़े रसोइयों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ दिया जाएगा। इसके अलावा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य पात्र कर्मचारी भी इस योजना के दायरे में आएंगे। सरकार का मानना है कि शिक्षा और पोषण योजनाओं को सफल बनाने में इन कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, इसलिए उनकी स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है।

योजना के लिए शुरू हुई तैयारियां

योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए विभागीय स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पात्र लाभार्थियों का पंजीकरण समय पर कराया जाए और उन्हें योजना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए। इसके लिए प्रदेशभर में जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि योजना का लाभ बिना किसी परेशानी के पात्र लोगों तक पहुंच सके।

जिलों में बनाई जाएगी व्यवस्था

योजना के संचालन के लिए प्रत्येक जिले में जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मियों को नामित किया जाएगा। ये अधिकारी लाभार्थियों के पंजीकरण, दस्तावेज सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं की निगरानी करेंगे। सरकार चाहती है कि योजना का लाभ प्रदेश के प्रत्येक पात्र कर्मचारी तक पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचे।

बिहार में इन शिक्षकों पर बड़ा एक्शन, वेतन रुका, मचा हड़कंप!

न्यूज डेस्क। बिहार में शिक्षा विभाग ने नामांकन अभियान में लापरवाही बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्त संदेश दिया है। सीवान जिले में विभागीय समीक्षा के बाद 106 प्राथमिक और मध्य विद्यालयों से जुड़े 700 से अधिक शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगा दी गई है। इस कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग और शिक्षकों के बीच चर्चा का माहौल गर्म हो गया है।

106 स्कूलों पर कार्रवाई, 700 से ज्यादा शिक्षक प्रभावित

शिक्षा विभाग की रिपोर्ट के अनुसार शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चलाए जा रहे नामांकन अभियान में कई विद्यालय अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके। इसके बाद 106 विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्रधान शिक्षक और बीपीएससी से नियुक्त शिक्षकों सहित 700 से अधिक कर्मियों के वेतन पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।जिला स्तर पर हुई समीक्षा में पाया गया कि कई विद्यालयों में नए छात्रों के नामांकन को लेकर पर्याप्त प्रयास नहीं किए गए, जबकि विभाग ने विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया था।

6 से 14 वर्ष के बच्चों के शत-प्रतिशत नामांकन का लक्ष्य

शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को 6 से 14 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया था। खासकर कक्षा एक में अधिक से अधिक नए बच्चों का प्रवेश कराने पर जोर दिया गया था ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा के अधिकार से वंचित न रहे। लेकिन समीक्षा के दौरान कई विद्यालयों में नामांकन की रफ्तार अपेक्षा से काफी कम पाई गई, जिसके बाद विभाग ने इसे गंभीर लापरवाही माना।

घर-घर अभियान नहीं चलाना पड़ा भारी

जांच में सामने आया कि कई स्कूलों ने घर-घर संपर्क अभियान, अभिभावक जागरूकता कार्यक्रम और स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को गंभीरता से नहीं लिया। परिणामस्वरूप नामांकन योग्य बड़ी संख्या में बच्चे विद्यालयों तक नहीं पहुंच सके। अधिकारियों का मानना है कि यदि विद्यालय स्तर पर सक्रिय प्रयास किए जाते तो नामांकन के आंकड़े बेहतर हो सकते थे।

डीईओ के निर्देश पर शुरू हुई कार्रवाई

सीवान के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश के बाद स्थापना शाखा ने संबंधित शिक्षकों के वेतन भुगतान पर रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सरकारी योजनाओं और निर्देशों के पालन में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।

बिहार में शिक्षा सुधार की दिशा में सख्त कदम

शिक्षा विभाग का मानना है कि नामांकन अभियान केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा से वंचित बच्चों को स्कूल तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण मिशन है। इसी कारण जवाबदेही तय करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी यदि किसी विद्यालय में नामांकन, उपस्थिति या शैक्षणिक गतिविधियों को लेकर लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित कर्मियों के खिलाफ इसी तरह की कार्रवाई की जा सकती है।

ग्रहों की बदली चाल देगी शुभ संकेत, 4 राशियों पर बरसेगी खुशियों की सौगात

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल में होने वाला परिवर्तन कई राशियों के जीवन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है। आने वाले दिनों में ग्रहों का एक शुभ संयोग बनने जा रहा है, जिसे कई ज्योतिषी सकारात्मक बदलावों का संकेत मान रहे हैं। इस विशेष ग्रह स्थिति का लाभ खास तौर पर चार राशियों के जातकों को मिलने की संभावना जताई जा रही है। करियर, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन में इनके लिए अच्छे अवसर बन सकते हैं।

मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय काफी लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि पदोन्नति के अवसर भी बन रहे हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे और लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

मिथुन राशि:

मिथुन राशि वालों के लिए ग्रहों का यह संयोग शुभ समाचार लेकर आ सकता है। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आय के नए स्रोत खुल सकते हैं। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं को भी सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल बना रह सकता है।

सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय सामाजिक और पेशेवर जीवन में उपलब्धियां दिलाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना होगी और वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। आर्थिक मामलों में भी सुधार के संकेत हैं। किसी महत्वपूर्ण योजना से लाभ मिलने की संभावना बन रही है।

धनु राशि:

धनु राशि वालों के लिए ग्रहों की यह बदली चाल कई मामलों में राहत और सफलता लेकर आ सकती है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा और मानसिक संतोष बना रहेगा।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! जल्द लागू होगी नई ट्रांसफर पॉलिसी

पटना। बिहार के लाखों शिक्षकों के लिए जल्द ही एक महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है। राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को अधिक संतुलित और प्रभावी बनाने के लिए नई ट्रांसफर नीति लागू करने की तैयारी में है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षकों को सुविधा देना और स्कूलों में शिक्षकों की उपलब्धता को बेहतर बनाना है।

शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। इसके लिए एक डिजिटल व्यवस्था विकसित की जा रही है, ताकि आवेदन और चयन प्रक्रिया पारदर्शी एवं सरल रहे। विभाग का लक्ष्य है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर तबादलों का निष्पादन कर दिया जाए।

बड़े स्तर पर तबादला

नई व्यवस्था लागू होने के बाद राज्यभर के शिक्षक, प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और लाइब्रेरियन ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे। लंबे समय से अपने गृह क्षेत्र के नजदीक पदस्थापन की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों को इससे राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार का प्रयास है कि शिक्षकों को यथासंभव उनके निवास स्थान के करीब कार्य करने का अवसर मिले, जिससे उनकी व्यक्तिगत और पेशेवर दोनों तरह की चुनौतियां कम हो सकें।

स्वैच्छिक होगा ट्रांसफर

नई नीति की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि तबादला अनिवार्य नहीं होगा। केवल वही शिक्षक आवेदन करेंगे जो अपनी वर्तमान पोस्टिंग बदलना चाहते हैं। जो शिक्षक अपने मौजूदा विद्यालय में कार्य जारी रखना चाहते हैं, उन्हें किसी प्रकार की बाध्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा। इस कदम को शिक्षकों की पसंद और सुविधा को प्राथमिकता देने वाला निर्णय माना जा रहा है।

विषयवार जरूरतों के आधार पर होगा समायोजन

नई ट्रांसफर नीति केवल स्थान परिवर्तन तक सीमित नहीं होगी, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों के संतुलित वितरण पर भी ध्यान दिया जाएगा। जिन विद्यालयों में किसी विषय के शिक्षक आवश्यकता से अधिक हैं, वहां से शिक्षकों को उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां संबंधित विषय के शिक्षकों की कमी है। इससे विद्यार्थियों को सभी विषयों की पढ़ाई बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेगी और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है।

अन्य राज्यों के अनुभवों का भी लिया गया सहारा

नई नीति तैयार करने से पहले विभिन्न राज्यों की ट्रांसफर व्यवस्थाओं का अध्ययन किया गया है। शिक्षा विभाग ने उन मॉडलों का विश्लेषण किया है जहां शिक्षक स्थानांतरण प्रणाली सफल मानी जाती है। उसी अनुभव के आधार पर बिहार के लिए एक संतुलित और व्यावहारिक व्यवस्था तैयार की गई है।

लाइब्रेरियन और अन्य पदाधिकारी भी होंगे शामिल

इस बार केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और लाइब्रेरियन भी ट्रांसफर प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। इससे शिक्षा विभाग के विभिन्न स्तरों पर कार्यरत कर्मियों को भी अपनी पसंद और आवश्यकता के अनुसार स्थानांतरण का अवसर मिल सकेगा।

तेल-LPG-गैस को लेकर आई बड़ी खुशखबरी, लोगों को राहत

नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े जोखिमों के बीच भारत के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश ने कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाई है, जिससे ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिली है।

कच्चे तेल के आयात में बढ़ोतरी

हाल के महीनों में भारत ने कच्चे तेल के आयात को बढ़ाने में सफलता हासिल की है। मई 2026 के दौरान देश में तेल आयात का स्तर पिछले दो महीनों की तुलना में बेहतर रहा। विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से लगातार मिल रही आपूर्ति ने इस बढ़ोतरी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात भी भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, विभिन्न देशों से आयात के स्रोत बढ़ाने की नीति ने भारत को किसी एक क्षेत्र पर अत्यधिक निर्भर होने से बचाया है।

एलपीजी सप्लाई में भी सुधार

घरेलू रसोई गैस की मांग को देखते हुए सरकार ने एलपीजी आपूर्ति को लेकर विशेष तैयारी की है। वैश्विक संकट के बावजूद देश में एलपीजी आयात में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे उपभोक्ताओं को संभावित कमी और लंबी प्रतीक्षा जैसी समस्याओं से राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार और तेल कंपनियों ने आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के लिए वैकल्पिक स्रोतों से खरीद बढ़ाई है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।

अमेरिका बना सबसे बड़ा एलपीजी सप्लायर

एलपीजी आपूर्ति के मामले में अमेरिका ने भारत के प्रमुख साझेदार के रूप में अपनी स्थिति मजबूत की है। हाल के महीनों में भारत ने अमेरिका से एलपीजी खरीद में उल्लेखनीय वृद्धि की है। इसका परिणाम यह हुआ कि खाड़ी देशों पर निर्भरता कम हुई और सप्लाई का जोखिम भी घटा। ऊर्जा बाजार के जानकारों का कहना है कि आपूर्ति के विविधीकरण से भारत को भविष्य में भी किसी क्षेत्रीय संकट का सामना करने में आसानी होगी।

एलएनजी क्षेत्र में भी बदला समीकरण

प्राकृतिक गैस यानी एलएनजी के क्षेत्र में भी भारत ने आयात स्रोतों का विस्तार किया है। खाड़ी देशों से आने वाली आपूर्ति में कमी के बावजूद अन्य देशों से खरीद बढ़ाकर मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखा गया है। इस रणनीति का असर उद्योगों और बिजली उत्पादन क्षेत्र पर भी सकारात्मक रूप से देखने को मिल रहा है, जहां गैस की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

उपभोक्ताओं के लिए क्या है मतलब?

ऊर्जा क्षेत्र में यह बदलाव आम लोगों के लिए राहतभरा माना जा रहा है। पर्याप्त आपूर्ति बनाए रखने से एलपीजी वितरण व्यवस्था पर दबाव कम होगा और बाजार में अनिश्चितता घटेगी। साथ ही सरकार को कीमतों को नियंत्रित रखने में भी मदद मिल सकती है।

यूपी सरकार का ऐलान: शिक्षकों, कर्मचारियों और परिवारों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षा विभाग से जुड़े लाखों शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कर्मचारियों और उनके आश्रितों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करना है।

बड़ी संख्या में कर्मचारियों को मिलेगा लाभ

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत परिषदीय विद्यालयों के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूसीएन), कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के कर्मचारी, वार्डेन, पूर्णकालिक शिक्षक तथा प्रधानमंत्री पोषण योजना से जुड़े रसोइयों और उनके आश्रित परिवारों को भी स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलने की संभावना है। सरकार की मंशा है कि जरूरत पड़ने पर पात्र लाभार्थियों को अस्पतालों में इलाज के लिए आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े और वे आसानी से चिकित्सा सेवाएं प्राप्त कर सकें।

योजना के प्रभावी संचालन पर जोर

इस स्वास्थ्य सुविधा को जमीनी स्तर पर सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि योजना से संबंधित सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों तक इसका लाभ जल्द पहुंच सके। इसके लिए जिला स्तर पर भी समन्वय व्यवस्था विकसित की जा रही है, जिससे किसी भी प्रकार की प्रशासनिक बाधा सामने न आए।

प्रशिक्षण के माध्यम से जागरूकता

योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागीय अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित विशेषज्ञ कैशलेस चिकित्सा सुविधा की पूरी प्रक्रिया, पात्रता, लाभ प्राप्त करने के तरीके और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी देंगे। प्रत्येक जिले से नामित अधिकारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों में कर्मचारियों को सही जानकारी उपलब्ध करा सकें और योजना का लाभ आसानी से दिला सकें।

स्वास्थ्य सुरक्षा को मिलेगी मजबूती

कैशलेस चिकित्सा सुविधा लागू होने से शिक्षकों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी। गंभीर बीमारी या आपातकालीन स्थिति में इलाज के लिए तत्काल धन की व्यवस्था करने की चिंता कम होगी और समय पर बेहतर चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगी। इसके अलावा परिवार के आश्रित सदस्यों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिलने से सामाजिक सुरक्षा का दायरा और मजबूत होगा।

शुक्र का कमाल! 5 राशियों के जीवन में आएगा खुशियों और तरक्की का सुनहरा दौर

राशिफल। ज्योतिष में शुक्र ग्रह को सुख, वैभव, प्रेम, सौंदर्य, कला, भौतिक सुख-सुविधाओं और धन का कारक माना जाता है। जब शुक्र शुभ स्थिति में होता है, तो व्यक्ति के जीवन में आर्थिक मजबूती, करियर में प्रगति, रिश्तों में मधुरता और भौतिक सुखों में वृद्धि देखने को मिलती है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार आगामी दिन कुछ राशियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी रहने वाला है, क्योंकि शुक्र का प्रभाव उनके पक्ष में रहेगा।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के स्वामी स्वयं शुक्र ग्रह हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर शुक्र का प्रभाव सबसे अधिक देखने को मिल सकता है। आर्थिक मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के संकेत हैं। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और लंबे समय से रुके हुए कार्यों में सफलता मिल सकती है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यवसाय के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगी। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ेगा। सामाजिक संबंध मजबूत होंगे।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए शुक्र का प्रभाव सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापारियों को लाभदायक अवसर मिल सकते हैं। पारिवारिक जीवन में भी सुखद वातावरण बना रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि भी शुक्र ग्रह की स्वामित्व वाली राशि है। ऐसे में इस राशि के लोगों को धन, सुख-सुविधाओं और करियर में प्रगति के अच्छे अवसर मिल सकते हैं। निवेश से जुड़े मामलों में लाभ की संभावना है। प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ सकती है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए शुक्र का प्रभाव आर्थिक और पेशेवर क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम ला सकता है। नई योजनाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं। आय बढ़ाने के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। लंबे समय से चल रही किसी चिंता से राहत मिल सकती है।

लिवर को अंदर से कर दें साफ! रोज खाएं ये 5 चीजें, शरीर से निकलेंगे जमा टॉक्सिन्स

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी, अनियमित खानपान और बढ़ते जंक फूड के सेवन का सबसे ज्यादा असर हमारे लिवर पर पड़ता है। लिवर शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को साफ करने, पाचन में मदद करने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करता है। यदि लिवर स्वस्थ रहे तो पूरा शरीर बेहतर तरीके से कार्य करता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थों को नियमित आहार में शामिल करके लिवर को स्वस्थ और सक्रिय रखा जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 5 चीजों के बारे में जो लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद कर सकती हैं।

1. चुकंदर

चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व लिवर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करते हैं। यह रक्त शुद्धिकरण में भी सहायक माना जाता है। सलाद या जूस के रूप में इसका सेवन फायदेमंद हो सकता है।

2. हल्दी

हल्दी में पाया जाने वाला करक्यूमिन तत्व शरीर में सूजन कम करने और लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने में मदद करता है। रोजाना सीमित मात्रा में हल्दी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।

3. लहसुन

लहसुन में ऐसे प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं जो शरीर की सफाई प्रक्रिया को सक्रिय करने में मदद करते हैं। यह लिवर एंजाइम्स को सक्रिय कर सकता है, जिससे शरीर में मौजूद अवांछित पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया बेहतर होती है।

4. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां विटामिन, मिनरल और फाइबर से भरपूर होती हैं। ये लिवर को स्वस्थ रखने के साथ-साथ शरीर के समग्र स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती हैं।

5. अखरोट का सेवन करें

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और एंटीऑक्सीडेंट प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं। नियमित रूप से सीमित मात्रा में अखरोट खाने से लिवर के स्वास्थ्य को समर्थन मिल सकता है और शरीर को आवश्यक पोषण प्राप्त होता है।

बिहार के लाखों लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब टेंशन होगी दूर!

पटना। बिहार के भागलपुर, कटिहार, पूर्णिया, मधेपुरा, सहरसा और कोसी-सीमांचल क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। लंबे समय से आवागमन में परेशानी झेल रहे लोगों को जल्द बड़ी राहत मिलने वाली है, क्योंकि विक्रमशिला सेतु पर वाहनों का परिचालन दोबारा शुरू करने की तैयारी अंतिम चरण में पहुंच गई है। प्रशासन का लक्ष्य 7 जून तक इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यातायात बहाल करना है।

तेजी से चल रहा है मरम्मत और मजबूतीकरण का काम

विक्रमशिला सेतु बिहार के पूर्वी हिस्से को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण पुल है। पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत और अतिरिक्त मजबूती के लिए विशेष तकनीकी कार्य किए जा रहे हैं। इसी क्रम में चौथे बेली ब्रिज को स्थापित करने का काम तेजी से आगे बढ़ाया गया है। पुल को सुरक्षित बनाने के लिए इंजीनियरों की टीम लगातार निगरानी कर रही है। संबंधित विभागों के अधिकारी भी निर्माण कार्य की प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि निर्धारित समय के भीतर यातायात शुरू किया जा सके।

सुरक्षा जांच के बाद खुलेगा रास्ता

अधिकारियों के अनुसार, मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद पुल की विस्तृत तकनीकी जांच की जाएगी। सुरक्षा मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद ही इसे आम लोगों के लिए खोला जाएगा। इसके साथ ही पुल तक पहुंचने वाले मार्गों को भी दुरुस्त किया जा रहा है। अप्रोच रैंप, सड़क चिह्नांकन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है ताकि यातायात संचालन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

शुरुआत में लागू होगी वन-वे व्यवस्था

पुल की संरचनात्मक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शुरुआती चरण में वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू किया जाएगा। इससे वाहनों का दबाव नियंत्रित रहेगा और पुल पर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जा सकेगा। यातायात शुरू होने के बाद भी प्रशासन लगातार स्थिति की निगरानी करेगा और आवश्यकता अनुसार व्यवस्था में बदलाव किया जा सकता है।

किन वाहनों को मिलेगी अनुमति?

प्रारंभिक चरण में केवल हल्के वाहनों को ही पुल से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इनमें मोटरसाइकिल, ऑटो, एंबुलेंस, कार और जीप जैसे छोटे चारपहिया वाहन शामिल होंगे। वहीं भारी वाहनों, यात्री बसों, मालवाहक ट्रकों और बड़े ट्रेलरों के परिचालन पर फिलहाल रोक जारी रहेगी। पुल के दोनों छोर पर चेक पोस्ट स्थापित किए जाएंगे ताकि निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन कराया जा सके।

केंद्र सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था, आम लोगों को मिलेगी बड़ी राहत

नई दिल्ली। मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं आज देश और दुनिया के सामने एक बड़ी चुनौती बन चुकी हैं। तनावपूर्ण जीवनशैली, बढ़ती प्रतिस्पर्धा, पारिवारिक दबाव और कामकाज की व्यस्तता के कारण बड़ी संख्या में लोग मानसिक तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे समय में केंद्र सरकार ने लोगों को आसान और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है।

राष्ट्रीय टेली मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत सरकार ने टेली-मानस (Tele-MANAS) सेवा को और मजबूत करते हुए मोबाइल ऐप और टोल-फ्री हेल्पलाइन 14416 की सुविधा उपलब्ध कराई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को देश के हर नागरिक तक पहुंचाना है, ताकि जरूरत पड़ने पर लोग बिना किसी झिझक के विशेषज्ञों से सलाह ले सकें।

चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी सहायता

इस सेवा की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि यह सप्ताह के सातों दिन और 24 घंटे उपलब्ध है। यानी किसी भी समय मानसिक परेशानी महसूस होने पर व्यक्ति हेल्पलाइन के माध्यम से विशेषज्ञों से संपर्क कर सकता है। इसके अलावा यह सुविधा हिंदी और अंग्रेजी सहित लगभग 20 भाषाओं में उपलब्ध कराई गई है, जिससे विभिन्न राज्यों के लोग अपनी मातृभाषा में परामर्श प्राप्त कर सकें। इससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और प्रभाव दोनों बढ़ने की उम्मीद है।

किन समस्याओं में मिलेगी मदद?

टेली-मानस सेवा केवल गंभीर मानसिक रोगों तक सीमित नहीं है, बल्कि रोजमर्रा की मानसिक चुनौतियों से जूझ रहे लोगों के लिए भी उपयोगी है। इसके माध्यम से लोग तनाव, चिंता, उदासी, अनिद्रा, परीक्षा का दबाव, पारिवारिक विवाद, रिश्तों में तनाव और भावनात्मक परेशानियों से जुड़ी सलाह प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा आत्महत्या के विचार, नशे की लत, स्मृति संबंधी समस्याएं और आर्थिक तनाव जैसी गंभीर परिस्थितियों में भी विशेषज्ञों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। 

ऐप में मिलेगी सेल्फ-केयर की सुविधा

सरकार द्वारा उपलब्ध कराए गए टेली-मानस ऐप में केवल परामर्श ही नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए कई उपयोगी संसाधन भी दिए गए हैं। इसमें सेल्फ-केयर सामग्री, वेलनेस मॉड्यूल और जागरूकता संबंधी जानकारी शामिल है। इन सुविधाओं के माध्यम से लोग अपनी मानसिक स्थिति को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं और तनाव कम करने, सकारात्मक सोच विकसित करने तथा मानसिक संतुलन बनाए रखने के उपाय सीख सकते हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए भी बड़ी राहत

देश के कई ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों तक पहुंच अभी भी सीमित है। ऐसे में टेली-मानस जैसी डिजिटल और टेलीफोन आधारित सेवाएं उन लोगों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित हो सकती हैं, जिन्हें विशेषज्ञ सहायता के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब मोबाइल फोन या हेल्पलाइन के जरिए घर बैठे ही विशेषज्ञों से संपर्क किया जा सकता है, जिससे मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुलभ और समावेशी बनेंगी।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान! हवाई यात्रियों को मिली राहत

राशिफल। देश में हवाई यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर आई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में विमानन ईंधन (एटीएफ) की कीमतों में आई रिकॉर्ड तेजी के बीच केंद्र सरकार ने विमानन क्षेत्र को सहारा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को ₹10,000 करोड़ की एकमुश्त बजटीय सहायता देने को मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य भारतीय एयरलाइंस को ईंधन लागत के दबाव से बचाना और हवाई किरायों को नियंत्रण में रखना है।

क्यों उठाना पड़ा यह कदम?

पश्चिम एशिया में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव का असर सीधे वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ा है। मार्च 2026 में जहां विमानन ईंधन (ATF) की कीमत लगभग ₹60.50 प्रति लीटर थी, वहीं मई 2026 तक यह बढ़कर करीब ₹142 प्रति लीटर पहुंच गई। यानी सिर्फ दो महीनों में कीमतों में लगभग 135 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

ईंधन महंगा होने से एयरलाइंस की परिचालन लागत भी तेजी से बढ़ी। पहले जहां कुल खर्च में ईंधन की हिस्सेदारी 55 प्रतिशत के आसपास थी, वहीं अब यह बढ़कर लगभग 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ऐसे में एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव लगातार बढ़ रहा था।

क्या है सरकार की नई व्यवस्था?

सरकार द्वारा मंजूर ₹10,000 करोड़ की सहायता राशि तेल विपणन कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम के रूप में दी जाएगी। यह योजना अगले 36 महीनों यानी तीन वर्षों तक लागू रहेगी या फिर तब तक जारी रहेगी जब तक पूरी राशि की वसूली नहीं हो जाती।

नई व्यवस्था के तहत यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमतें तय मानक से अधिक जाती हैं, तो अंतर का भुगतान इस कोष से किया जाएगा। वहीं यदि कीमतें कम होती हैं, तो अतिरिक्त लाभ की राशि वापस सरकारी कोष में जमा कराई जाएगी। इससे ईंधन कीमतों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव का असर सीधे एयरलाइंस पर नहीं पड़ेगा।

यात्रियों को कैसे मिलेगा फायदा?

एयरलाइंस कंपनियों के खर्च का सबसे बड़ा हिस्सा ईंधन पर होता है। जब ईंधन महंगा होता है तो कंपनियां टिकटों के दाम बढ़ाने पर मजबूर हो जाती हैं। लेकिन सरकार की इस सहायता योजना से एयरलाइंस को लागत प्रबंधन में मदद मिलेगी।

जानकारों का मानना है कि इससे हवाई किरायों में अचानक होने वाली भारी बढ़ोतरी पर रोक लग सकती है। त्योहारों, छुट्टियों और व्यस्त यात्रा सीजन में भी किरायों को अपेक्षाकृत स्थिर रखने में मदद मिलेगी। इसका सीधा लाभ आम यात्रियों को मिलेगा।

यूपी में दौड़ेंगी इलेक्ट्रिक बसें, 18 शहरों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी परिवहन व्यवस्था को और बेहतर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश मंत्रिपरिषद ने 18 प्रमुख शहरों में वातानुकूलित इलेक्ट्रिक सिटी बसों के संचालन को मंजूरी दे दी है। इस फैसले का उद्देश्य बढ़ती आबादी, यातायात की मांग और पर्यावरण संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नागरिकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध कराना है।

सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत चरणबद्ध तरीके से नई इलेक्ट्रिक बसों को सड़कों पर उतारा जाएगा। इससे यात्रियों को आरामदायक, सुरक्षित और आधुनिक यात्रा सुविधा मिलने के साथ-साथ प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।

इन 18 शहरों को मिलेगा लाभ

योजना के तहत आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, बरेली, फिरोजाबाद, गाजियाबाद, गोरखपुर, झांसी, कानपुर, लखनऊ, मथुरा-वृंदावन, मेरठ, मुरादाबाद, प्रयागराज, शाहजहांपुर, सहारनपुर, वाराणसी और नोएडा (जेवर सहित) में इलेक्ट्रिक बसों का नेटवर्क मजबूत किया जाएगा। इन शहरों में पहले से संचालित बसों के अलावा नई बसों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था अधिक प्रभावी और सुविधाजनक बन सके।

यात्रियों को मिलेगा आरामदायक सफर

नई इलेक्ट्रिक बसें पूरी तरह वातानुकूलित होंगी और आधुनिक सुविधाओं से लैस रहेंगी। इससे यात्रियों को गर्मी, धूल और भीड़भाड़ से राहत मिलेगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन की गुणवत्ता में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक लोग निजी वाहनों की जगह सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें, जिससे सड़कों पर यातायात का दबाव कम हो सके।

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से प्रदूषण पर लगाम

इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से डीजल आधारित वाहनों पर निर्भरता घटेगी। इससे वायु प्रदूषण और ध्वनि प्रदूषण में कमी आने की उम्मीद है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि हरित परिवहन व्यवस्था की दिशा में यह कदम प्रदेश के कार्बन उत्सर्जन को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

सीएम सम्राट ने दी सौगात: बिहार के 2 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में औद्योगिक विकास को नई गति देने की दिशा में राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में हुई कैबिनेट बैठक में दो बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, जिनके जरिए राज्य में 566 करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आने वाला है। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से न केवल उद्योगों का विस्तार होगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

मधुबनी में बनेगा आधुनिक अनाज भंडारण केंद्र

कैबिनेट की स्वीकृति के बाद मधुबनी जिले के राजनगर क्षेत्र में अत्याधुनिक अनाज भंडारण साइलो स्थापित किया जाएगा। यह परियोजना कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में अहम साबित हो सकती है। आधुनिक तकनीक से लैस इस भंडारण केंद्र की क्षमता 50 हजार टन होगी, जिससे किसानों की उपज को सुरक्षित रखने में मदद मिलेगी।

करीब 83 करोड़ रुपये के निवेश से बनने वाली इस परियोजना के शुरू होने के बाद क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कृषि आपूर्ति श्रृंखला भी अधिक मजबूत होगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।

बक्सर में स्थापित होगी बड़ी बेवरेज उत्पादन इकाई

बक्सर जिले के नवानगर औद्योगिक क्षेत्र में एक बड़े स्तर की पेय पदार्थ निर्माण इकाई लगाने को भी मंजूरी मिली है। इस परियोजना में लगभग 483 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जो राज्य के औद्योगिक क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

इस यूनिट में कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स, जूस आधारित पेय पदार्थ, पैकेज्ड पेयजल और अन्य बेवरेज उत्पादों का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही ऊर्जा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा आधारित संयंत्र भी स्थापित किया जाएगा, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

भाग्य पलटने आ रहा इन्द्र योग, इन 5 राशियों को मिलेगा धन, दौलत और सम्मान

राशिफल। ज्योतिष में इन्द्र योग को शुभ और प्रभावशाली योगों में गिना जाता है। पंचांग के अनुसार 6 जून 2026, शनिवार को इन्द्र योग का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग सुख-सुविधाओं, मान-सम्मान, पद-प्रतिष्ठा और आर्थिक उन्नति से जुड़ा माना जाता है। 6 जून को इन्द्र योग प्रातः काल तक प्रभावी रहेगा, जिसके कारण कई राशियों के लिए यह दिन विशेष रूप से लाभकारी माना जा रहा है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह दिन आर्थिक मामलों में अनुकूल रह सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना बनेगी। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है। परिवार में सुख-शांति का वातावरण रहेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए इन्द्र योग सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नए अवसर प्राप्त होने के योग हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह योग करियर और व्यवसाय में प्रगति के संकेत दे रहा है। लंबे समय से अटके कार्य पूरे हो सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए इन्द्र योग भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। नए संपर्क और अवसर भविष्य में लाभ पहुंचा सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि होगी।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह दिन विशेष लाभदायक माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं। पारिवारिक और आर्थिक मामलों में राहत मिलेगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाएं सफल हो सकती हैं और सम्मान प्राप्त होने के संकेत हैं।

यूपी सरकार ने दी सौगात, गांव-गांव के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के लिए केंद्र और राज्य सरकार के बीच होने वाले समझौता ज्ञापन (MoU) को मंजूरी दे दी गई है। इस फैसले के बाद अब योजना के अगले चरण को औपचारिक रूप से आगे बढ़ाने का रास्ता साफ हो गया है।

केंद्र सरकार ने पहले ही जल जीवन मिशन को विस्तार देते हुए इसे दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया था और इसे 'जेजेएम 2.0' के रूप में लागू करने की रूपरेखा तैयार की गई है। इस नए चरण में गांव-गांव तक हर घर नल से शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

क्या होगा खास जेजेएम 2.0 में?

नई योजना में सिर्फ पाइपलाइन बिछाने पर ही ध्यान नहीं दिया जाएगा, बल्कि इसे अधिक प्रभावी और टिकाऊ बनाने पर जोर होगा। इसके लिए कई महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं, जैसे डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम को मजबूत करना, ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना, जल आपूर्ति व्यवस्था को लंबे समय तक टिकाऊ बनाना, परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जायेगा। इन सुधारों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि हर घर तक स्वच्छ पेयजल नियमित और स्थायी रूप से पहुंच सके।

मंजूरी के बाद आगे की प्रक्रिया

कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब राज्य सरकार की ओर से अनुमोदित प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। इसके बाद केंद्र की तरफ से आवश्यक धनराशि का आवंटन किया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट की समस्या काफी हद तक कम होगी और लोगों को स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

ग्रामीण जीवन पर पड़ेगा बड़ा असर

इस योजना के लागू होने से उत्तर प्रदेश के लाखों गांवों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। महिलाओं और बच्चों को पानी लाने के लिए लंबी दूरी तय करने से राहत मिलेगी और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी कमी आएगी।  जेजेएम 2.0 को मिली यह मंजूरी राज्य में ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

यूपी सरकार ने खोला पिटारा: किसानों, वकीलों और वाहन मालिकों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इन फैसलों का सीधा लाभ राज्य के किसानों, सरकारी अधिवक्ताओं और वाहन मालिकों को मिलने जा रहा है।

किसानों को मिलेगा बेहतर दाम, मक्का का MSP तय

सरकार ने किसानों के हित में बड़ा निर्णय लेते हुए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2,400 प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। इसके साथ ही 5 जून से मक्का की खरीद प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जो 31 जुलाई तक जारी रहेगी। इस निर्णय से मक्का उत्पादक किसानों को उनकी उपज का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

सरकारी वकीलों की आय में 50% तक बढ़ोतरी

कैबिनेट ने जिला न्यायालयों में कार्यरत सरकारी अधिवक्ताओं के मानदेय और भत्तों में 50 प्रतिशत तक की वृद्धि को मंजूरी दी है। इसके तहत रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई (हियरिंग) मिलने वाली फीस में भी बढ़ोतरी की जाएगी। एडिशनल डिस्ट्रिक्ट गवर्नमेंट एडवोकेट्स के मानदेय में भी सुधार किया जाएगा, जबकि एडवोकेट जनरल की रिटेनरशिप को ₹75,000 से बढ़ाकर ₹1.25 लाख कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इस कदम से न्यायिक कार्यों में तेजी और मजबूती आएगी।

वाहन मालिकों को भी मिली बड़ी राहत

बैठक में वाहन स्वामियों के लिए भी एक अहम राहत का फैसला लिया गया है। हालांकि इसके विस्तृत नियम बाद में जारी किए जाएंगे, लेकिन प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इस निर्णय से लाखों वाहन मालिकों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है।

बिहार में अभी चल रही 2 बड़ी भर्ती, फटाफट करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए इस समय दो महत्वपूर्ण भर्तियां निकली हुई हैं। इनमें पुलिस विभाग और तकनीकी सेवा आयोग से जुड़ी वैकेंसी शामिल हैं। दोनों ही भर्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया जारी है, जिसमें योग्य उम्मीदवार समय रहते आवेदन कर सकते हैं।

1 .BPSSC में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) की भर्ती

बिहार पुलिस अधीनस्थ सेवा आयोग (BPSSC) ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के कुल 22 पदों पर भर्ती निकाली है। इस पद के लिए डिप्लोमा धारक उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती पुलिस विभाग में तकनीकी पदों को भरने के लिए की जा रही है।

आवेदन शुरू: 21 मई 2026

अंतिम तिथि: 21 जून 2026

आवेदन वेबसाइट: bpssc.bihar.gov.in

2 .BTSC में फूड एनालिस्ट के पदों पर भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड एनालिस्ट के 11 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस पद के लिए विज्ञान क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवार पात्र हैं।

योग्यता: B.Sc, M.Sc, M.Phil या Ph.D

आवेदन शुरू: 20 मई 2026

अंतिम तिथि: 19 जून 2026

आवेदन वेबसाइट: btsc.bihar.gov.in

युवाओं के लिए महत्वपूर्ण अवसर

इन दोनों भर्तियों के जरिए योग्य उम्मीदवारों को बिहार सरकार के विभिन्न विभागों में नौकरी पाने का अवसर मिलेगा। पुलिस और तकनीकी दोनों क्षेत्रों में यह भर्ती महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

कल बनेंगे 2 शक्तिशाली योग, इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत और बढ़ेगा लाभ

नई दिल्ली। हिंदू पंचांग के अनुसार 5 जून 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। इस दिन ब्रह्म योग का प्रभाव रहेगा, जो सुबह 09:43 बजे तक सक्रिय रहेगा। इसके साथ ही पूरे दिन पंचक योग का भी प्रभाव देखने को मिलेगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार इन योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है।

ब्रह्म योग का समय और प्रभाव

पंचांग के अनुसार 5 जून की सुबह से ब्रह्म योग की शुरुआत होगी, जो सुबह 09:43 बजे तक रहेगा। यह योग सामान्य रूप से शुभ कार्यों और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दौरान किए गए निर्णयों का प्रभाव लंबे समय तक देखा जा सकता है।

पंचक योग का रहेगा प्रभाव

इसी दिन पंचक योग भी सक्रिय रहेगा, जिसे ज्योतिष में मिश्रित प्रभाव वाला योग माना जाता है। यह योग जहां एक ओर सावधानी की सलाह देता है, वहीं दूसरी ओर कुछ राशियों के लिए अवसर भी लेकर आता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन बनने वाले योगों का प्रभाव विशेष रूप से चार राशियों पर सकारात्मक पड़ सकता है: 

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय ऊर्जा और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिलने की संभावना है।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के लिए आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और लाभ की स्थिति बन सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को करियर में प्रगति और सम्मान मिलने की संभावना जताई जा रही है। नेतृत्व क्षमता में भी सुधार हो सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के लिए यह समय स्थिरता और प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं। और लाभ हो सकता हैं।

UP में बंपर भर्ती, B.Com और M.Com पास के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने ऑडिटर और असिस्टेंट अकाउंटेंट के कुल 1829 पदों पर बंपर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। यह भर्ती विज्ञापन संख्या 14-Exam/2026 के तहत जारी की गई है।

कॉमर्स ग्रेजुएट्स के लिए बड़ा मौका

इस भर्ती प्रक्रिया में B.Com और M.Com सहित कॉमर्स विषय से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने PET-2025 पास किया है और जिनके पास वैध स्कोर कार्ड मौजूद है।

पदों का विवरण

इस भर्ती के तहत कुल 1829 पदों को भरा जाएगा, जिसमें शामिल हैं ऑडिटर (Auditor), असिस्टेंट अकाउंटेंट (Assistant Accountant), ये पद राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में भरे जाएंगे।

पात्रता शर्तें

इस भर्ती के लिए केवल वे उम्मीदवार पात्र होंगे जिन्होंने PET-2025 परीक्षा पास की हो, वैध PET स्कोर कार्ड प्राप्त किया हो, संबंधित शैक्षणिक योग्यता पूरी की हो।

चयन प्रक्रिया

चयन प्रक्रिया आयोग के नियमों के अनुसार मुख्य परीक्षा और दस्तावेज़ सत्यापन के आधार पर होगी। विस्तृत परीक्षा पैटर्न और चयन प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई है।

आवेदन प्रक्रिया

इच्छुक उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को नोटिफिकेशन ध्यानपूर्वक पढ़ने की सलाह दी गई है।

आवेदन की तारीखें

आवेदन शुरू: 14 जुलाई 2026

अंतिम तिथि: 03 अगस्त 2026

संशोधन की अंतिम तिथि: 10 अगस्त 2026

यूपी में पशुपालकों के लिए खुशखबरी, 5 एकड़ में बनेगा पशु अस्पताल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पशुपालकों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। झांसी में 5 एकड़ भूमि पर आधुनिक पशु चिकित्सालय और गो आश्रय स्थल की स्थापना की जाएगी। इस परियोजना के माध्यम से बेसहारा और घायल पशुओं के उपचार की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

कैबिनेट ने एमओयू को दी मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत पशुपालन विभाग और दया भावना फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) किया जाएगा।

झांसी में बनेगा मॉडल पशु अस्पताल

यह परियोजना झांसी की मोंठ तहसील स्थित ग्राम सभा बम्हौली में स्थापित की जाएगी। पशुपालन विभाग की 5 एकड़ भूमि पर यह केंद्र विकसित होगा, जहां पशुओं के उपचार और देखभाल की आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

बेसहारा पशुओं का होगा मुफ्त इलाज

इस केंद्र में सड़क दुर्घटना में घायल गोवंश और अन्य पशुओं का निःशुल्क उपचार किया जाएगा। साथ ही हाईवे और अन्य क्षेत्रों में मिलने वाले बेसहारा पशुओं के लिए भी विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

फाउंडेशन करेगा निर्माण और संचालन

समझौते के अनुसार दया भावना फाउंडेशन अपने खर्च पर गो आश्रय स्थल और पशु चिकित्सालय का निर्माण करेगा। इसके साथ ही पशुओं की देखभाल और चिकित्सा सेवाओं का संचालन भी संस्था द्वारा किया जाएगा।

इस भूमि पर सरकार का स्वामित्व रहेगा

हालांकि निर्माण और संचालन निजी संस्था द्वारा किया जाएगा, लेकिन संबंधित भूमि पर पशुपालन विभाग का स्वामित्व कायम रहेगा। निर्माण के बाद शेष भूमि का उपयोग गोशाला और हरे चारे के उत्पादन के लिए किया जाएगा।

सीएम योगी ने दी मंजूरी: यूपी के किसानों को 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रदेश सरकार ने मोटा अनाज खरीद नीति के तहत इस वर्ष 25 हजार मीट्रिक टन मक्का खरीद को मंजूरी दी है। इस फैसले से राज्य के हजारों किसानों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

15 जून से शुरू होगी खरीद प्रक्रिया

सरकारी निर्णय के अनुसार मक्का की खरीद प्रक्रिया 15 जून से 31 जुलाई तक चलेगी। इसके लिए प्रदेश के 25 जिलों में कुल 150 क्रय केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जहां किसान अपना उत्पाद बेच सकेंगे।

2400 रुपये प्रति कुंतल समर्थन मूल्य

सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपये प्रति कुंतल तय किया है। इससे किसानों को उनकी फसल का बेहतर और सुनिश्चित मूल्य मिल सकेगा, जिससे उनकी आय में वृद्धि होने की संभावना है।

डिजिटल सत्यापन के आधार पर खरीद

मक्का की खरीद केवल उन्हीं किसानों से की जाएगी जिनकी कम्प्यूटरीकृत सत्यापित खतौनी और आधार कार्ड उपलब्ध होगा। भूमि और फसल रकबे का सत्यापन राजस्व विभाग की भूलेख वेबसाइट से लिंक किया जाएगा।

48 घंटे में सीधे बैंक खाते में होगा भुगतान

सरकार ने भुगतान प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाया है। क्रय एजेंसियों द्वारा खरीदे गए मक्का का भुगतान किसानों के आधार लिंक और NPCI से जुड़े बैंक खाते में 48 घंटे के भीतर किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश के इन जिलों में खुलेंगे क्रय केंद्र

खाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार क्रय केंद्र फिरोजाबाद, आगरा, मैनपुरी, अलीगढ़, कासगंज, हाथरस, एटा, बदायूं, शाहजहांपुर, रामपुर, संभल, बुलंदशहर, हापुड़, कानपुर नगर, औरैया, इटावा, कन्नौज, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, बहराइच, बलिया, गोंडा, फतेहपुर और मीरजापुर सहित 25 जिलों में स्थापित किए जाएंगे।

यूपी में कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, लेवल-वन में होंगे प्रमोट

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में सिंचाई विभाग के अभियंताओं और सरकारी अधिवक्ताओं से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों से विभागीय संरचना में सुधार के साथ-साथ कानूनी सेवाओं से जुड़े लोगों को भी आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।

सिंचाई विभाग में लेवल-वन प्रमोशन का रास्ता आसान

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अभियंता (सिंचाई विभाग) (समूह-‘क’) नियमावली-2026 में सातवें संशोधन को मंजूरी दे दी है। इस बदलाव के बाद अब अभियंताओं को लेवल-वन में प्रोन्नति के लिए 27 वर्ष की बजाय 25 वर्ष की सेवा पूरी करना पर्याप्त होगा।

लंबे समय से लंबित बाधा हुई खत्म

पहले नियमों के अनुसार अभियंताओं को लेवल-वन तक पहुंचने में 27 वर्ष की सेवा आवश्यक थी, जिसके कारण कई अधिकारी सेवानिवृत्ति के करीब पहुंचकर भी प्रमोशन से वंचित रह जाते थे। नई व्यवस्था के लागू होने से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

रिक्त पदों को भरने में मिलेगी मदद

वर्तमान में सिविल संवर्ग में लेवल-वन के 12 और मैकेनिकल संवर्ग में 2 पद स्वीकृत हैं। सेवा अवधि घटाए जाने से इन पदों पर समय से नियुक्ति और रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।

सरकारी अधिवक्ताओं की फीस में बढ़ोतरी

कैबिनेट बैठक में एक अन्य अहम निर्णय के तहत राज्य सरकार की ओर से न्यायालयों में पैरवी करने वाले सरकारी अधिवक्ताओं की फीस और रिटेनरशिप में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। जानकारी के अनुसार, जिला न्यायालयों के अधिवक्ताओं की फीस में करीब 10 वर्षों बाद और महाधिवक्ता स्तर पर लगभग 14 वर्षों बाद संशोधन किया गया है। इस फैसले से न्यायिक कार्य प्रणाली को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।