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बिहार सरकार ने दी सौगात, इन जिलों के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के किसानों के लिए बड़ी खबर है। नवादा के वारिसलीगंज में प्रस्तावित नई चीनी मिल की योजना अब जमीन पर आगे बढ़ने की स्थिति में है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मकनपुर मौजा की 99.39 एकड़ सरकारी जमीन गन्ना उद्योग विभाग को हस्तांतरित करने की मंजूरी दी गई है। यह जमीन स्थायी तौर पर बिना किसी शुल्क के दी जाएगी।

500 करोड़ से ज्यादा का निवेश संभव

सरकारी जमीन मिलने के बाद वारिसलीगंज चीनी मिल परियोजना से जुड़ी अगली तैयारियों का रास्ता खुल गया है। प्रस्तावित मिल में 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश होने की संभावना है। इसका लाभ नवादा के अलावा नालंदा, शेखपुरा और जमुई के किसानों को भी मिलने की उम्मीद है।

किसानों को मिल सकता है फायदा

चीनी मिल शुरू होने पर आसपास के किसानों को गन्ना बेचने के लिए स्थानीय बाजार उपलब्ध हो सकता है। इससे क्षेत्र में गन्ने की खेती को प्रोत्साहन मिलने के साथ परिवहन और कृषि से जुड़े कारोबार में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद

मिल की स्थापना से सीधे रोजगार के साथ गन्ने की खरीद, ढुलाई और अन्य संबंधित कार्यों में अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर बनने की संभावना है। हालांकि, रोजगार और किसानों पर वास्तविक असर मिल के निर्माण तथा संचालन शुरू होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

अब जमीन हस्तांतरण की मंजूरी के बाद परियोजना से जुड़ी आगे की प्रक्रियाओं पर काम बढ़ेगा। लोगों की नजर अब निर्माण शुरू होने और मिल के संचालन की तारीख पर रहेगी।

बिहार को मिली नई अमृत भारत एक्सप्रेस, इन जिलों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार के रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए बताया कि भुज और बरौनी के बीच नई अमृत भारत एक्सप्रेस चलाने की मंजूरी मिल गई है। उन्होंने इस पहल के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार जताया। नई ट्रेन से बिहार सहित चार राज्यों के बीच रेल कनेक्टिविटी को नया विकल्प मिलेगा।

19427 और 19428 होंगे ट्रेन नंबर

भुज से बरौनी जाने वाली ट्रेन को 19427 और बरौनी से भुज लौटने वाली ट्रेन को 19428 नंबर दिया गया है। करीब 2532 किलोमीटर लंबा यह रेल मार्ग गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार के कई प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ेगा।

सप्ताह में तीन दिन होगा संचालन

ट्रेन 19427 भुज-बरौनी शाम 5:30 बजे भुज से रवाना होकर अगले दिन सुबह 4:05 बजे बरौनी पहुंचेगी। यह सेवा सोमवार, बुधवार और शनिवार को चलेगी। वहीं 19428 बरौनी-भुज रात 11:55 बजे बरौनी से चलेगी और अगले दिन दोपहर 1:15 बजे भुज पहुंचेगी। वापसी सेवा मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को संचालित होगी।

बिहार के इन स्टेशनों पर मिलेगा ठहराव

नई अमृत भारत एक्सप्रेस बिहार में सीवान, छपरा, हाजीपुर, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर जैसे प्रमुख स्टेशनों पर रुकेगी। इसके अलावा गोरखपुर, गोंडा, लखीमपुर, पीलीभीत, इज्जतनगर, बरेली, हाथरस, मथुरा, भरतपुर, गंगापुर सिटी, सवाई माधोपुर, कोटा, रतलाम, अहमदाबाद और समाखियाली भी इस रूट से जुड़ेंगे।

रेलवे की ओर से ट्रेन के नंबर, मार्ग और संचालन के दिनों की जानकारी सामने आ गई है। हालांकि, इसका परिचालन किस तारीख से शुरू होगा, इसकी जानकारी अभी जारी नहीं की गई है।

बिहार सरकार की बड़ी तैयारी, अब लड़कों के लिए भी खुशखबरी, हर महीने मिलेंगे 10 हजार

पटना। बिहार में पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए सरकार नई पहल की तैयारी कर रही है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत पीएचडी कर रहे छात्रों को हर महीने 10,000 रुपये की फेलोशिप देने की योजना बनाई जा रही है। अभी इस तरह की आर्थिक मदद राज्य में छात्राओं को मिल रही है, अब छात्रों को भी इसमें शामिल करने की तैयारी है।

चार साल तक मिल सकती है मदद

बिहार में अगस्त 2026 से मुख्यमंत्री बालिका पीएचडी फेलोशिप योजना संचालित है। इसके तहत हर साल करीब 1,000 छात्राओं का चयन किया जाता है। चयनित छात्राओं को अधिकतम चार साल तक 10,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं। यानी पूरी अवधि में एक छात्रा को कुल 4.8 लाख रुपये की सहायता मिलती है। अब इसी तर्ज पर पीएचडी करने वाले छात्रों के लिए भी योजना तैयार करने पर काम चल रहा है।

अभी नियम तय करने की प्रक्रिया

छात्रों को योजना में शामिल करने का सुझाव बिहार लोकभवन की ओर से शिक्षा विभाग को दिया गया था। विभाग ने इस सुझाव पर काम शुरू कर दिया है। फिलहाल पात्रता, चयन प्रक्रिया और हर साल कितने छात्रों को लाभ दिया जाएगा, जैसे बिंदुओं पर नियम तैयार किए जा रहे हैं। सरकार की मंजूरी मिलने के बाद योजना की आधिकारिक घोषणा की जाएगी और इसके बाद आवेदन प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

रिसर्च पर ध्यान देने में मिलेगी मदद

पीएचडी की पढ़ाई कई वर्षों तक चलती है और इस दौरान शोध से जुड़े खर्च भी होते हैं। अगर छात्रों को नियमित आर्थिक सहायता मिलती है तो उन्हें अपनी पढ़ाई जारी रखने में मदद मिल सकती है। सरकार की योजना का उद्देश्य आर्थिक कारणों से प्रतिभाशाली छात्रों की रिसर्च बीच में रुकने की संभावना को कम करना है।

खुशखबरी का खुला पिटारा! बिहार में एकसाथ 4 बड़ी भर्ती, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ कई मौके सामने आए हैं। BTSC और BPSC ने चार अलग-अलग भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इनमें वैज्ञानिक सहायक से लेकर शिक्षक और पशु चिकित्सा विभाग के पद शामिल हैं। कुल मिलाकर हजारों पदों पर भर्ती की जाएगी।

1. साइंटिफिक असिस्टेंट भर्ती

BTSC ने साइंटिफिक असिस्टेंट के 6 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। योग्य उम्मीदवार 24 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से होगा।

2. मत्स्य प्रसार पदाधिकारी के 231 पद

मत्स्य विभाग में 231 Matsya Prasar Padadhikari यानी Fisheries Extension Officer पदों पर नियुक्ति की जाएगी। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक अभ्यर्थी BTSC की वेबसाइट पर जाकर फॉर्म भर सकते हैं।

3. टूरिंग वेटरिनरी ऑफिसर भर्ती

बिहार पशु चिकित्सा सेवा के बेसिक कैडर में Touring Veterinary Officer और समकक्ष पदों पर भी नियमित नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इस भर्ती की आवेदन अवधि 24 सितंबर से 23 अक्टूबर 2026 तक रखी गई है।

4. शिक्षक भर्ती में 32,388 पद

बिहार में सरकारी शिक्षक बनने का सपना देख रहे अभ्यर्थियों के लिए भी बड़ा अवसर है। BPSC TRE-4.0 के तहत शिक्षा विभाग में 32,388 स्कूल शिक्षक पदों पर भर्ती होगी। विज्ञापन संख्या 14/2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 25 सितंबर से 26 अक्टूबर 2026 तक चलने वाली है।

ऐसे करें आवेदन

इन भर्तियों में आवेदन करने के लिए अभ्यर्थियों को संबंधित आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाना होगा। BTSC की भर्तियों के लिए btsc.bihar.gov.in और शिक्षक भर्ती के लिए BPSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर संबंधित नोटिफिकेशन पढ़ना जरूरी है। आवेदन से पहले पद के अनुसार शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, शुल्क और अन्य पात्रता शर्तें जरूर जांच लें।

बिहार सरकार का आदेश, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को दुरुस्त करने के लिए सरकार ने जमाबंदी सुधार और उत्तराधिकार नामांतरण अभियान को तेज करने का फैसला किया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस काम में पंचायत प्रतिनिधियों की भी मदद ली जाए, ताकि मृत जमाबंदी धारकों के उत्तराधिकारियों के नाम रिकॉर्ड में जल्द दर्ज हो सकें।

पंचायत प्रतिनिधियों की ली जाएगी मदद

अधिकारियों से कहा गया है कि मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य और पंचों के साथ बैठक कर ऐसे मामलों की पहचान की जाए, जिनमें जमाबंदी धारक की मृत्यु हो चुकी है। इसके बाद उनके वैध उत्तराधिकारियों का नाम रिकॉर्ड में दर्ज कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। राजस्व कर्मचारियों को नियमित रूप से मौजा में जाकर जमाबंदी और उत्तराधिकार से संबंधित मामलों की जांच करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

पुराने मामलों पर भी होगी सख्ती

पटना में हुई समीक्षा बैठक में RCMS पोर्टल पर दर्ज न्यायालयीन मामलों की भी समीक्षा की गई। सचिव ने एक साल से ज्यादा समय से लंबित मामलों के जल्द निपटारे का निर्देश दिया। विभाग ने साफ किया है कि अगली समीक्षा तक पुराने मामलों का लंबित रहना स्वीकार नहीं किया जाएगा।

11 जिलों के 22 अंचलों में औचक जांच

अभियान की जमीनी स्थिति जानने के लिए विभागीय अधिकारियों की टीम ने 11 जिलों के 22 अंचल कार्यालयों का अचानक निरीक्षण किया। इस दौरान ऑनलाइन राजस्व सेवाओं, अभिलेखागार और अभियान बसेरा से जुड़े कार्यों की प्रगति देखी गई।

वहीं, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने अधिकारियों को अभियान की सुबह-शाम निगरानी करने और लंबित मामलों पर तेजी से कार्रवाई करने को कहा है। सरकार का जोर तय समय में जमीन से जुड़े रिकॉर्ड और नामांतरण के मामलों को निपटाने पर है।

मौसम विभाग की चेतावनी! बिहार के 6 जिलों में भारी बारिश, 70 KM/H की तेज आंधी का खतरा

पटना। बिहार में मौसम का मिजाज अगले 24 घंटे बिगड़ा रह सकता है। मौसम पूर्वानुमान के मुताबिक उत्तर बिहार के छह जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका है। कुछ इलाकों में भारी बारिश भी हो सकती है।

इन 6 जिलों में ज्यादा असर

मौसम सेवा केंद्र के अनुसार पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर और दरभंगा में मौसम सबसे ज्यादा प्रभावित रह सकता है। इन जिलों के कई हिस्सों में बादल गरजने के साथ बिजली चमकने और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। 

इस दौरान हवा की गति 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तेज हवाओं के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की भी संभावना है, इसलिए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

दो दिन तक जारी रह सकता है असर

मौसम का असर केवल अगले 24 घंटे तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। पूर्वानुमान के अनुसार अगले दो दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं का दौर बना रह सकता है। बिहार के अधिकांश इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है, जबकि कुछ जगहों पर इससे अधिक वर्षा भी हो सकती है।

खासकर उत्तर बिहार के लोगों को मौसम पर नजर रखने की जरूरत है। गरज, बिजली और तेज हवा के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें और सुरक्षित जगह पर रहें।

बिहार में बनेगा 354 KM लंबा 4-लेन रोड, 8 जिलों को खुशखबरी!

पटना। बिहार में सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है। कोसी नदी के पूर्वी और पश्चिमी तटबंध के किनारे करीब 354.37 किलोमीटर लंबी फोरलेन सड़क बनाने की योजना है। इस परियोजना से कई इलाकों में आवागमन आसान होने के साथ बाढ़ के दौरान राहत पहुंचाने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

वीरपुर से दो दिशाओं में बनेगी सड़क

प्रस्तावित सड़क का एक हिस्सा पूर्वी तटबंध पर करीब 124 किलोमीटर और दूसरा हिस्सा पश्चिमी तटबंध पर लगभग 230 किलोमीटर लंबा होगा। पूर्वी तरफ वीरपुर से बसंतपुर, सरायगढ़, किशनपुर, नौहट्टा, महिषी और सिमरी बख्तियारपुर होते हुए कोपड़िया तक सड़क बनाने की योजना बताई गई है। वहीं पश्चिमी हिस्से में वीरपुर से भारदा, कुनौली, घोघरडीहा, मरौना, किरतपुर, अलौली, चौथम, नवगछिया होते हुए कुरसेला तक कनेक्टिविटी विकसित करने का प्रस्ताव है।

8 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इस प्रोजेक्ट से सुपौल, मधेपुरा, भागलपुर, मधुबनी, दरभंगा, कटिहार और खगड़िया समेत संबंधित इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने की उम्मीद है। नदी के किनारे सड़क बनने से ग्रामीण क्षेत्रों को नजदीकी शहरों और प्रमुख बाजारों तक पहुंचने में भी सुविधा हो सकती है।

बाढ़ के समय भी मिल सकती है राहत

कोसी नदी के कारण हर साल कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। तटबंध के साथ विकसित होने वाली सड़क को आवागमन के साथ आपदा प्रबंधन के लिहाज से भी उपयोगी माना जा रहा है। इससे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों और राहत सामग्री की आवाजाही आसान हो सकती है।

कई बड़े हाईवे से जुड़ेगा नेटवर्क

प्रस्तावित फोरलेन सड़क को कई राष्ट्रीय राजमार्गों से जोड़ने की योजना है। इससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ बड़े शहरों और व्यापारिक केंद्रों तक पहुंच आसान हो सकती है। इसे गोरखपुर-सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से जोड़ने की भी योजना बताई गई है। करीब 354 किलोमीटर का यह प्रस्तावित प्रोजेक्ट कोसी क्षेत्र में सड़क संपर्क और बाढ़ प्रबंधन दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

बिहार सरकार का फैसला, मछली पलकों के लिए बड़ी खुशखबरी

सीवान। बिहार के  मछली पालकों के लिए राहत की खबर है। जिले में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने और मछलियों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए नाबार्ड ने बिहार सरकार को 195 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया है। यह राशि मत्स्य पालन और जलीय कृषि अवसंरचना विकास कोष (FIDF) के तहत दी जाएगी।

मछली बीज से कोल्ड स्टोरेज तक की सुविधा

परियोजना के तहत जिले में मछली पालन इकाइयों के साथ मछली बीज उत्पादन केंद्र और हैचरी विकसित करने की योजना है। मछली संग्रह और उतारने के केंद्र, कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड-चेन जैसी सुविधाएं भी तैयार की जाएंगी। इसके अलावा मछली की प्रसंस्करण और पैकेजिंग इकाइयां, आधुनिक मछली बाजार तथा परिवहन और विपणन व्यवस्था को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया जाएगा।

मछली पालकों की आय बढ़ने की उम्मीद

नई सुविधाओं से मछली को सुरक्षित तरीके से स्टोर करने और बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे मछली पालकों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है। परियोजना से सहकारी समितियों, स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण युवाओं को भी अवसर मिल सकते हैं।

रोजगार के भी खुलेंगे रास्ते

मछली उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, पैकेजिंग, भंडारण, परिवहन और बिक्री से जुड़े काम बढ़ने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। परियोजना का उद्देश्य सिवान में आधुनिक और टिकाऊ मत्स्य पालन का बुनियादी ढांचा तैयार करना है।

ग्रामीणों के लिए खुशखबरी! बिहार की पंचायतों को मिले 1850 करोड़, गांवों में होंगे ये काम

पटना। बिहार में पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1,850 करोड़ रुपये की राशि जारी की गई है। हालांकि, पंचायती राज विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह पूरा पैसा सीधे पंचायतों के खाते में विकास कार्यों के लिए नहीं भेजा गया है। राशि को पंचायत व्यवस्था से जुड़े अलग-अलग कामों और मदों में खर्च किया जाएगा।

कहां खर्च होगी राशि?

पंचायतों में संविदा पर कार्यरत कार्यपालक सहायक, डाटा एंट्री ऑपरेटर, तकनीकी सहायक और लेखापाल-सह-आईटी सहायक के मानदेय के लिए 221.71 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं पंचायत और ग्राम कचहरी के निर्वाचित प्रतिनिधियों के मासिक भत्ते पर 319.96 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

ग्रामीण पेयजल व्यवस्था के रखरखाव के लिए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को 214.37 करोड़ रुपये दिए गए हैं। इसके अलावा पंचायत सरकार भवनों के निर्माण के लिए भवन निर्माण विभाग को 300 करोड़ और स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन को 200 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

श्मशान घाट और मुक्तिधाम पर भी खर्च

गांवों में मोक्षधाम, श्मशान घाट और मुक्तिधाम के निर्माण के लिए 402.45 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सभी मदों में राशि तय करने के बाद करीब 191.5 करोड़ रुपये विभाग के पास शेष हैं, जिसे वित्त विभाग की सहमति के बाद अगली किस्त में जारी किया जाएगा।

विभाग के अनुसार, छठे राज्य वित्त आयोग की शेष राशि जारी करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 16वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष मांग भेजी गई है।

बिहार के लिए 6 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। त्योहारी सीजन में बिहार आने-जाने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए पूर्व मध्य रेल ने अक्टूबर और नवंबर 2026 के दौरान कई पूजा स्पेशल ट्रेनों के संचालन का कार्यक्रम जारी किया है। इन ट्रेनों से समस्तीपुर, बरौनी और पटना को देश के अलग-अलग हिस्सों से कनेक्टिविटी मिलेगी।

6 स्पेशल ट्रेनों का शेड्यूल

श्रीगंगानगर-समस्तीपुर स्पेशल: गाड़ी संख्या 04731 18 अक्टूबर से 29 नवंबर तक हर रविवार चलेगी और कुल 7 फेरे लगाएगी। वापसी में 04732 समस्तीपुर से 20 अक्टूबर से 1 दिसंबर तक हर मंगलवार संचालित होगी।

पोतनूर-बरौनी स्पेशल: गाड़ी संख्या 06021 4 अक्टूबर से 1 नवंबर तक प्रत्येक रविवार चलेगी। इसकी वापसी सेवा 06022 बरौनी से 7 अक्टूबर से 4 नवंबर तक हर बुधवार होगी। दोनों दिशाओं में 5-5 फेरे निर्धारित हैं।

एरणाकुलम-पटना स्पेशल: ट्रेन नंबर 06085 एरणाकुलम से 2 अक्टूबर से 30 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार चलेगी। वहीं 06086 पटना से 6 अक्टूबर से 3 नवंबर तक हर मंगलवार चलेगी। दोनों ट्रेनों के 5-5 फेरे होंगे।

यात्रियों को मिलेगी राहत

आपको बता दें की त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए इन स्पेशल सेवाओं से यात्रियों को अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे। खासकर बिहार और दक्षिण भारत के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी होगी।

यात्री इन ट्रेनों में IRCTC की वेबसाइट, मोबाइल ऐप या रेलवे आरक्षण काउंटर से टिकट बुक कर सकते हैं। ट्रेन के रूट, स्टॉपेज और समय की ताजा जानकारी के लिए रेलवे के आधिकारिक माध्यम या NTES ऐप पर जानकारी जांचना बेहतर रहेगा।

बिहार से गुजरेगा 6-लेन एक्सप्रेसवे, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना: बिहार समेत पूर्वी भारत की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना प्रस्तावित है। रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेसवे के जरिए नेपाल सीमा के पास स्थित रक्सौल को पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट से जोड़ने की योजना है। करीब 650 से 719 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित 6-लेन कॉरिडोर पर लगभग 60 हजार करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान बताया जा रहा है।

बिहार के इन जिलों को मिलेगा कनेक्शन

प्रस्तावित एक्सप्रेसवे बिहार के कई महत्वपूर्ण जिलों से होकर गुजरने की बात कही गई है। इनमें पूर्वी चंपारण, शिवहर, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, जमुई, मुंगेर और बांका शामिल हैं। इस सड़क के बनने से इन क्षेत्रों को बेहतर और तेज परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है।

नेपाल बॉर्डर से पोर्ट तक सीधा रास्ता

रक्सौल भारत-नेपाल व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जबकि हल्दिया समुद्री व्यापार का प्रमुख केंद्र है। दोनों के बीच बेहतर सड़क संपर्क बनने से नेपाल और आसपास के क्षेत्रों से आने वाले माल को हल्दिया पोर्ट तक पहुंचाना आसान हो सकता है। इससे माल ढुलाई के समय और लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आने की संभावना है।

झारखंड और बंगाल को भी फायदा

बिहार के बाद प्रस्तावित कॉरिडोर झारखंड के देवघर और दुमका क्षेत्र से होते हुए पश्चिम बंगाल की ओर जाने की बात कही गई है। आगे यह बर्धमान और मेदिनीपुर क्षेत्र से होकर हल्दिया तक पहुंचने की योजना बताई गई है। बेहतर कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ व्यापार और परिवहन से जुड़े लोगों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।

6 लेन का एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर

परियोजना को 6-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर के रूप में प्रस्तावित बताया जा रहा है। इसका उद्देश्य लंबी दूरी के यातायात को बेहतर और व्यवस्थित कनेक्टिविटी देना है। हालांकि एक्सप्रेसवे की अंतिम लंबाई, रूट और निर्माण से जुड़ी विस्तृत जानकारी आगे की योजना और मंजूरियों के बाद स्पष्ट होगी।

बिहार में बदलेगा मौसम! 19 जिलों में बारिश के आसार, 40 KMPH तक चलेगी तेज हवा

पटना: बिहार में मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार 26 सितंबर को राज्य के कई जिलों में बारिश और वज्रपात की संभावना है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग ने संबंधित जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है।

19 जिलों में तेज हवा का अनुमान

मौसम विभाग के मुताबिक पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर और पटना समेत कई जिलों में मौसम का असर देखने को मिल सकता है। इसके अलावा बेगूसराय, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा में भी तेज हवा चलने का अनुमान है।

इन जिलों में हवा की रफ्तार 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

बारिश के साथ वज्रपात का अलर्ट

26 सितंबर को इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वज्रपात की संभावना को देखते हुए खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से जाने से बचना और मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी जाती है। तेज हवा के दौरान पेड़, बिजली के खंभों और कमजोर संरचनाओं से दूरी बनाए रखना भी जरूरी है।

27 सितंबर से मौसम में राहत

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 27 सितंबर से 1 अक्टूबर तक बिहार में मौसम सामान्य रहने की संभावना है। इस अवधि के लिए किसी भी जिले में कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। ऐसे में 26 सितंबर के बाद बारिश और तेज हवाओं का असर कम होने की उम्मीद है।

दरअसल, 26 सितंबर को राज्य के कई हिस्सों में मौसम सक्रिय रह सकता है, जबकि इसके अगले दिन से मौसम में स्थिरता आने का अनुमान है। हालांकि स्थानीय स्तर पर मौसम में बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को मौसम विभाग के ताजा अपडेट पर नजर रखनी चाहिए।

बिहार में लगातार 2 दिन बंद रहेंगे स्कूल! जितिया पर 3 अक्टूबर को छुट्टी, आदेश जारी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में जितिया पर्व की छुट्टी की तारीख में बदलाव किया गया है। शिक्षा विभाग ने पहले तय 5 अक्टूबर के अवकाश को बदलकर अब 3 अक्टूबर कर दिया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के निर्देश के बाद विभाग की ओर से यह बदलाव किया गया है।

नई व्यवस्था के तहत जीवित्पुत्रिका व्रत यानी जितिया के अवसर पर 3 अक्टूबर को स्कूलों में अवकाश रहेगा। वहीं 5 अक्टूबर को जितिया के लिए निर्धारित छुट्टी अब मान्य नहीं होगी। स्कूलों को नए निर्देश के अनुसार ही अवकाश की व्यवस्था करनी होगी।

2 और 3 अक्टूबर को लगातार छुट्टी

अक्टूबर की शुरुआत में विद्यार्थियों और शिक्षकों को लगातार दो दिन छुट्टी मिलेगी। 2 अक्टूबर को महात्मा गांधी जयंती के कारण पहले से अवकाश है। इसके अगले दिन 3 अक्टूबर को जितिया पर्व की छुट्टी रहेगी। इस तरह दोनों दिन सरकारी स्कूल बंद रहेंगे।

5 अक्टूबर को खुलेंगे स्कूल

2026 के अवकाश कैलेंडर में पहले जितिया की छुट्टी 5 अक्टूबर निर्धारित की गई थी। अब तारीख बदलने के बाद 3 अक्टूबर को ही अवकाश रहेगा। 5 अक्टूबर को सामान्य रूप से स्कूलों में कामकाज होगा, जब तक विभाग की ओर से कोई नया आदेश जारी नहीं किया जाता।

इस बदलाव का असर बिहार के सरकारी, परियोजना और उत्क्रमित विद्यालयों में लागू अवकाश व्यवस्था पर पड़ेगा। विद्यार्थियों और शिक्षकों को अब संशोधित तारीख के अनुसार अपनी उपस्थिति और अन्य गतिविधियों की योजना बनानी होगी।

खुशखबरी की बड़ी घोषणा! बिहार में फिर आई 1 नई भर्ती, ऐसे करें आवेदन

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक और मौका आया है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने साइंटिफिक असिस्टेंट के 6 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया चल रही है और योग्य उम्मीदवार 24 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।

किस पद पर होगी भर्ती?

BTSC की ओर से यह भर्ती Scientific Assistant पद के लिए निकाली गई है। सभी पद पे लेवल-5 के तहत होंगे। भर्ती का विज्ञापन नंबर 30/2026 है। चयनित अभ्यर्थियों को निर्धारित नियमों के अनुसार वेतन और अन्य सुविधाएं मिलेंगी।

योग्यता क्या चाहिए?

इस भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास केमिस्ट्री में B.Sc या B.Pharm की डिग्री होनी चाहिए। इसके साथ दवाओं की टेस्टिंग और एनालिसिस से संबंधित काम में कम से कम एक वर्ष का अनुभव मांगा गया है। न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है, जबकि अधिकतम आयु सीमा वर्ग के अनुसार 37 से 42 वर्ष तक है।

24 अक्टूबर तक करें आवेदन

इच्छुक और पात्र उम्मीदवार BTSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन भरने से पहले उम्मीदवारों को नोटिफिकेशन में दी गई पात्रता और अन्य शर्तों को ध्यान से पढ़ लेना चाहिए। अंतिम तारीख 24 अक्टूबर 2026 है, इसलिए समय रहते आवेदन पूरा करना बेहतर रहेगा।

बिहार के यात्रियों के लिए खुशखबरी! पांच राज्यों से चलेंगी 100 से ज्यादा स्पेशल बसें, जानें रूट और किराया

पटना। दुर्गापूजा, दिवाली और छठ के दौरान बिहार लौटने वाले यात्रियों के लिए राहत की खबर है। त्योहारों में बढ़ने वाली यात्रियों की संख्या को देखते हुए बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (BSRTC) ने विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी की है। 25 सितंबर से 100 से अधिक स्पेशल बसें अलग-अलग रूटों पर चलेंगी और यह सेवा छठ तक जारी रहेगी।

इन बसों का संचालन दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल से बिहार के लिए किया जाएगा। पटना के अलावा मुजफ्फरपुर, दरभंगा, पूर्णिया, गया और भागलपुर से भी बसें उपलब्ध रहेंगी। इससे दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहारियों को त्योहार पर घर पहुंचने के लिए अतिरिक्त परिवहन विकल्प मिलेगा।

एसी स्लीपर से डीलक्स बस तक सुविधा

यात्रियों की जरूरत के अनुसार निगम ने अलग-अलग श्रेणी की बसें रखी हैं। इनमें डीलक्स, एसी सीटर, एसी नॉन-सीटर और एसी स्लीपर शामिल हैं। टिकटों की बुकिंग शुरू हो चुकी है और यात्री निगम की वेबसाइट के माध्यम से सीट बुक कर सकते हैं।

किराया रूट और बस की श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग रखा गया है। उदाहरण के तौर पर पटना से गाजियाबाद का किराया नॉन-एसी सीटर में 1,544 रुपये, एसी सीटर में 1,896 रुपये और एसी स्लीपर में 2,823 रुपये है। वहीं पटना से वाराणसी के लिए किराया 435 रुपये से शुरू होता है।

पटना से कोलकाता, रांची और सिलीगुड़ी जैसे शहरों के लिए भी बस सेवा उपलब्ध होगी। यात्रियों को रूट और किराये की ताजा जानकारी टिकट बुकिंग के दौरान मिल सकेगी। अतिरिक्त जानकारी के लिए BSRTC ने 1800-345-7251 टोल फ्री नंबर भी जारी किया है।

बिहार के लिए बड़ी सौगात! गंगा-कोसी-गंडक किनारे मजबूत होंगे तटबंध, बनेगी फोरलेन सड़क

पटना: बिहार में बाढ़ से निपटने के साथ-साथ सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने बड़ी योजना पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गंगा, कोसी और गंडक नदियों के किनारे तटबंधों को मजबूत करने के साथ उन पर फोरलेन सड़क विकसित करने की दिशा में काम करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने कोसी क्षेत्र के शुरुआती करीब 100 किलोमीटर के संवेदनशील हिस्से में डबल शीट पाइलिंग की जरूरत पर भी जोर दिया। इसके अलावा बाढ़ के स्थायी समाधान के लिए दीर्घकालिक योजना बनाने और नदी से निकलने वाली गाद के प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

कई योजनाओं की हुई समीक्षा

बैठक में गंगा, गंडक और कोसी नदी से जुड़ी परियोजनाओं के अलावा बक्सर-भागलपुर ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे, पीरपैंती पावर प्लांट और पीएम कुसुम योजना की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने सरकारी नलकूपों को सौर ऊर्जा से संचालित करने के काम में भी तेजी लाने का निर्देश दिया।

कोसी क्षेत्र में बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए बहु-जिला नदी गलियारा विकसित करने, नए बैराज की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने और गाद प्रबंधन पर काम बढ़ाने को कहा गया है। वहीं गंडक नदी के तटबंधों पर सोलर प्लांट लगाने की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए गए।

एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में भी तेजी

पथ निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान बक्सर-भागलपुर सिक्स लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति पर भी चर्चा हुई। परियोजना की कुल लंबाई करीब 348 किलोमीटर है, जिसमें अधिकांश हिस्सा बिहार में और कुछ हिस्सा उत्तर प्रदेश में आता है।

इसके साथ ही गंगा अंबिका पथ, नारायणी पथ और विश्वामित्र पथ जैसी परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्यों में तेजी लाने और तय समयसीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी करने के निर्देश दिए हैं।

खुशखबरी का बड़ा ऐलान! बिहार में 32,388 पदों पर शिक्षक भर्ती, आज से आवेदन शुरू

पटना: बिहार में सरकारी शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए बड़ी खबर है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की ओर से विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा के चौथे चरण यानी TRE-4 के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 25 सितंबर 2026 से शुरू हो रही है। इच्छुक उम्मीदवार 26 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। वहीं आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 25 अक्टूबर निर्धारित की गई है।

इस भर्ती अभियान के जरिए बिहार के सरकारी स्कूलों में कुल 32,388 शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। आयोग ने भर्ती से जुड़ा विस्तृत विज्ञापन और जरूरी दिशा-निर्देश अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध करा दिए हैं। अभ्यर्थियों को आवेदन करने से पहले नोटिफिकेशन में दी गई सभी शर्तों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है।

किस कक्षा के लिए कितने पद?

भर्ती में कक्षा 1 से 5 तक 3,847 पद, कक्षा 6 से 8 तक 8,563 पद, कक्षा 9 से 10 तक 3,877 पद और कक्षा 11 से 12 तक 16,101 पद शामिल हैं। इस तरह अलग-अलग कक्षाओं में कुल 32,388 पदों पर नियुक्तियां होंगी।

कैसे करें आवेदन?

अभ्यर्थी BPSC की वेबसाइट या ऑनलाइन आवेदन पोर्टल पर जाकर पहले रजिस्ट्रेशन करें। इसके बाद यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन कर शैक्षणिक एवं पात्रता संबंधी जानकारी भरनी होगी। फोटो, हस्ताक्षर और जरूरी प्रमाण-पत्र अपलोड करने के बाद आवेदन शुल्क जमा कर फॉर्म सबमिट करना होगा। भविष्य के लिए आवेदन की एक प्रति सुरक्षित रखना भी जरूरी है।

शैक्षणिक योग्यता?

कक्षा 1 से 5 के लिए CTET Paper-1 या BTET Paper-1, जबकि कक्षा 6 से 8 के लिए CTET Paper-2 या BTET Paper-2 की पात्रता जरूरी बताई गई है। कक्षा 9 से 10 के लिए STET Paper-1 और कक्षा 11 से 12 के लिए STET Paper-2 की आवश्यकता होगी। अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 37 वर्ष है, जबकि विभिन्न आरक्षित श्रेणियों को नियमानुसार आयु में छूट दी जाएगी।

खुशखबरी! बिहार के सरकारी स्कूल होंगे हाईटेक, प्राइवेट स्कूलों को देंगे सीधी टक्कर

पटना। बिहार में सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी पहल की तैयारी है। शिक्षा विभाग की योजना के तहत राज्य के सभी 38 जिलों में कम से कम एक स्कूल को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। इन स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और करियर आधारित शिक्षा की सुविधाएं देने का लक्ष्य रखा गया है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे स्कूल

योजना के तहत पुराने और बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्कूलों को प्राथमिकता देते हुए उनका कायाकल्प किया जाएगा। यहां स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर व आईसीटी लैब, आधुनिक प्रयोगशालाएं, डिजिटल लाइब्रेरी और तेज इंटरनेट जैसी सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है।

छात्रों को केवल पारंपरिक पढ़ाई तक सीमित रखने के बजाय रोबोटिक्स, कोडिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकी जानकारियों से भी परिचित कराया जाएगा। साथ ही कम्युनिकेशन, डिजिटल स्किल और लीडरशिप जैसी क्षमताओं को विकसित करने पर भी जोर रहेगा।

पढ़ाई के साथ खेल और कला पर भी जोर

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्कूलों में विज्ञान और तकनीक के साथ खेल, कला एवं संस्कृति को भी महत्व दिया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए क्रिकेट, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य खेलों की सुविधाएं बेहतर करने की योजना है। कुछ प्रमुख केंद्रों पर इनडोर स्पोर्ट्स, फिटनेस और अन्य अतिरिक्त सुविधाएं भी विकसित की जा सकती हैं।

योजना के सामने चुनौतियां भी

सरकारी स्कूलों को आधुनिक रूप देने के साथ कई चुनौतियां भी सामने हैं। कुछ पुराने विद्यालयों में जगह और बुनियादी ढांचे की कमी है। इसके अलावा तकनीकी विषयों के लिए प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता और डिजिटल संसाधनों को मजबूत करना भी जरूरी होगा। यदि योजना तय रूपरेखा के अनुसार लागू होती है, तो बिहार के चयनित सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाई, तकनीक, खेल और करियर विकास के लिए एक अधिक आधुनिक शैक्षणिक वातावरण मिल सकता है।

बिहार में जमीन खरीद-बिक्री पर लगी रोक हटी, आदेश जारी

न्यूज डेस्क। बिहार के गया में प्रस्तावित मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप की विकास योजना-2047 को लेकर सरकार ने लोगों के लिए बड़ा अपडेट जारी किया है। योजना के प्रारूप को सार्वजनिक कर दिया गया है और अब आम नागरिक व अन्य हितधारक इस पर अपनी आपत्ति और सुझाव दे सकते हैं। इसके साथ ही टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री और हस्तांतरण पर लगी रोक भी हटा दी गई है।

नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार, गजट में प्रारूप प्रकाशित होने की तारीख से 60 दिनों तक सुझाव और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। लोग अपने सुझाव अपर सचिव, नगर विकास एवं आवास विभाग या आयुक्त, मगध प्रमंडल सह अध्यक्ष, जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार, गया को डाक, कुरियर अथवा ई-मेल के माध्यम से भेज सकेंगे।

22,200 एकड़ में विकसित होगी टाउनशिप

प्रस्तावित मगध ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप का विशेष क्षेत्र करीब 22,200 एकड़ में फैला होगा। इसमें गया जी, बोधगया और परैया प्रखंड के कुल 54 राजस्व गांव शामिल किए गए हैं। वहीं टाउनशिप के कोर क्षेत्र का विस्तार करीब 1,629 एकड़ में होगा, जिसमें 13 राजस्व गांव आएंगे।

योजना के तहत आवासीय इलाकों के साथ बाजार, व्यावसायिक क्षेत्र, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, संस्थागत क्षेत्र, मनोरंजन स्थल और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव है। इसका मकसद भविष्य में होने वाले शहरी विस्तार को योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना और एक सुविधायुक्त आत्मनिर्भर शहरी केंद्र तैयार करना है।

जमीन पर लगी रोक भी हुई समाप्त

सरकार ने टाउनशिप के विशेष क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री, हस्तांतरण आदि पर 29 जुलाई से लागू रोक को भी समाप्त कर दिया है। विभाग की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। यह फैसला बिहार शहरी आयोजना तथा विकास बोर्ड की 8 सितंबर को हुई बैठक में प्रारूप को सार्वजनिक करने की अनुशंसा के बाद लिया गया।

योजना क्षेत्र में फिलहाल करीब 1.70 लाख आबादी, 27,533 भवन और 54,604 भूखंड हैं। कोर क्षेत्र में लगभग 3,533 भूखंड शामिल हैं। योजना में मौजूदा गांवों और बस्तियों को हटाने के बजाय उन्हें नई शहरी व्यवस्था के साथ विकसित करने पर जोर दिया गया है।

खुशखबरी का नया ऐलान! बिहार में 787 पदों पर भर्ती, आवेदन शुरू

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने बिहार पशु चिकित्सा सेवा के बेसिक कैडर में 787 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह भर्ती डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के तहत Touring Veterinary Officer और समकक्ष पदों के लिए की जा रही है।

24 सितंबर से आवेदन शुरू

BTSC की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 24 सितंबर 2026 से शुरू हो गए हैं। इच्छुक अभ्यर्थी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट btsc.bihar.gov.in के माध्यम से 23 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। भर्ती का विज्ञापन संख्या 27/2026 है।

787 पदों पर होगी नियुक्ति

इस भर्ती के जरिए कुल 787 रिक्त पद भरे जाएंगे। चयन प्रक्रिया में कंप्यूटर आधारित लिखित प्रतियोगी परीक्षा और निर्धारित कार्य अनुभव से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। चयनित उम्मीदवारों को लेवल-9 के तहत ₹53,100 से ₹1,67,800 तक का वेतनमान मिल सकता है।

उम्र और आवेदन शुल्क

आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष रखी गई है, जबकि अधिकतम आयु वर्ग के अनुसार 37, 40 या 42 वर्ष तक निर्धारित है। आवेदन शुल्क ₹100 है और इसका भुगतान ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है।

इस भर्ती में आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों को ध्यान से जांच लेना चाहिए।