मोहिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की विधिवत पूजा की जाती है। इस दिन राजयोग के समान दुर्लभ संयोग भी बन रहा है। इस योग में पूजा करना फलदायी होगा तथा जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलेगी। साथ ही साथ जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आएगी।
एकादशी तिथि प्रारंभ : बुधवार 11 मई शाम 07 :31 से
एकादशी तिथि समाप्त : गुरुवार 12 मई शाम 06:51 पर
एकादशी व्रत का पारण : शुक्रवार 13 मई को
पूजा सामग्री : भगवान विष्णु को पीले फूल, फल, पंचामृत, तुलसी, धूप, दीप, गंध, अक्षत, चंदन, रोली आदि से पूजा करना लाभकारी माना जाता हैं। इसलिए पूजा में इन सामग्री को शामिल करें।
पूजा के समय मंत्र जाप : ॐ नारायणाय विद्महे। वासुदेवाय धीमहि। तन्नो विष्णु प्रचोदयात्।। पूजा के दौरान आप भगवान विष्णु के इन मंत्रों का जाप करें।










