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महाकुंभ ने यूपी को बनाया मालामाल, GDP में उछाल

न्यूज डेस्क: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिक दृष्टि से एक ऐतिहासिक आयोजन रहा, बल्कि यह उत्तर प्रदेश की आर्थिक समृद्धि के लिए भी मील का पत्थर साबित हुआ। महाकुंभ में 50 करोड़ श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़ ने न सिर्फ धार्मिक महत्व को प्रकट किया, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था को भी एक नई दिशा दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को यूपी के लिए ऐतिहासिक बताते हुए इसके आर्थिक फायदे की भी बात की।

50 करोड़ श्रद्धालुओं ने लिया डुबकी:

महाकुंभ 2025 में कुल 50 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम के पवित्र पानी में डुबकी लगाई, जो अपने आप में एक अभूतपूर्व आंकड़ा है। यह महाकुंभ केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि यह एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश भी फैलाने का एक बड़ा माध्यम बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "प्रयागराज महाकुंभ में 1 महीने के भीतर 50 करोड़ श्रद्धालु आए, जिन्होंने एकजुटता और भारतीय संस्कृति का संदेश दुनिया भर में फैलाया।"

सड़क मार्ग से पहुंचे सबसे अधिक श्रद्धालु:

महाकुंभ के दौरान सड़क मार्ग से श्रद्धालुओं का आना सबसे अधिक था, जिसके लिए बेहतर सड़कों और यातायात व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने सड़कों के सुंदरीकरण और सुविधाओं को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नितिन गडकरी का धन्यवाद करते हुए कहा, "बेहतर सड़कों के लिए नितिन गडकरी जी का योगदान अनमोल है। उनके नेतृत्व में सड़कों की स्थिति सुधरी और लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में सहूलियत मिली।"

उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिला 3 लाख करोड़ का फायदा:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि महाकुंभ के आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ। महाकुंभ के आयोजन से न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, बल्कि प्रदेश में विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं का भी रिवाज हुआ। उन्होंने कहा, "महाकुंभ के लिए जो बजट दिया गया, वह केवल इस धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। इस बजट का उपयोग प्रयागराज के समग्र विकास में किया गया, जिससे शहर का सौंदर्यीकरण हुआ और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली।"

Indigo और Akasa ने 50% घटाए टिकट के दाम

न्यूज डेस्क: प्रयागराज में आयोजित होने वाला महाकुंभ धार्मिक दृष्टि से लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर देश-विदेश से लाखों लोग प्रयागराज आते हैं। हाल ही में खबर आई थी कि महाकुंभ के दौरान प्रयागराज जाने वाली फ्लाइट्स के टिकट का किराया अत्यधिक बढ़ा दिया गया था, जिसके कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

किराया बढ़ने पर उठी थी आवाज

पिछले कुछ दिनों में ये खबरें सामने आई थीं कि पहले जो फ्लाइट्स का किराया 5000-8000 रुपये के बीच था, वही अब बढ़कर 50000-60000 रुपये तक पहुंच गया है। इस कीमत में आई बेतहाशा वृद्धि पर आम जनता और नेताओं ने सरकार से राहत की मांग की थी। 

इंडिगो ने घटाए दाम

इंडिगो एयरलाइन ने अपनी फ्लाइट्स के किराए में 30 से 50 प्रतिशत तक की कमी की घोषणा की। इसके अलावा, इंडिगो ने प्रयागराज के लिए दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद, लखनऊ, रायपुर, अहमदाबाद, कोलकाता और जयपुर समेत कई प्रमुख शहरों से विशेष फ्लाइट्स शुरू करने का ऐलान भी किया। इस कदम से यात्रियों को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि अब उन्हें महाकुंभ यात्रा के लिए सस्ते दामों पर टिकट मिल सकेंगे।

अकासा एयरलाइन भी मैदान में

इसी बीच, अकासा एयरलाइन ने भी अपने किराए में 30-45 प्रतिशत तक की कमी करने की घोषणा की है। अकासा ने पुणे, हैदराबाद, अहमदाबाद और बेंगलुरु से प्रयागराज के लिए विशेष उड़ानें शुरू करने का ऐलान किया। इस कदम से भी महाकुंभ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि अब उन्हें पहले से तय किए गए किराए पर ही टिकट मिल सकेंगे, और महंगे टिकटों के कारण यात्रा करने में कोई बाधा नहीं आएगी।

NASA ने अंतरिक्ष से शेयर की महाकुंभ की तस्वीरें

न्यूज डेस्क: भारत में हर 12 साल में आयोजित होने वाला महाकुंभ मेला, दुनियाभर में प्रसिद्ध है और लाखों श्रद्धालु इस धार्मिक आयोजन में भाग लेने के लिए प्रयागराज आते हैं। इस मेले का आयोजन संगम स्थल, प्रयागराज में होता है, जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती नदियों का संगम है। इस बार महाकुंभ का आयोजन और भी भव्य रूप में हो रहा है, और अब यह ऐतिहासिक मेला अंतरिक्ष से भी देखा गया है।

NASA के एस्ट्रोनॉट डॉन पेटिट (Don Pettit) ने अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (ISS) से महाकुंभ की एक दुर्लभ और अद्भुत तस्वीर शेयर की है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर सामने आई है। पेटिट ने इस तस्वीर को लेकर कहा कि इस दृश्य को देखना वास्तव में अविश्वसनीय था, और यह महाकुंभ की भव्यता को और भी विशेष बना देता है।

तस्वीर में प्रयागराज का संगम नगरी साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, जो रात के समय प्रकाश से भरी हुई नजर आ रही है। इस दृश्य में लाखों श्रद्धालुओं के द्वारा पवित्र स्नान किए जाने के कारण यह क्षेत्र एक प्रकार से आभायुक्त सा दिखाई दे रहा है, जो अंतरिक्ष से भी आकर्षक लगता है।

बता दें कि महाकुंभ मेला 2025 का आयोजन 14 जनवरी से शुरू हुआ है, और 26 जनवरी 2025 तक लगभग 13.21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु इस धार्मिक पर्व में हिस्सा ले चुके हैं। इसमें हर दिन लाखों लोग संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए उमड़ रहे हैं। यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है, और अनुमान है कि समापन तक यह संख्या और अधिक बढ़ सकती है।

महाकुंभ का यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति, परंपरा और आस्था का भी प्रतीक है। अंतरिक्ष से इसका दृश्य वास्तव में अद्भुत है, और यह दर्शाता है कि इस मेले की भव्यता केवल पृथ्वी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आकाश भी इसे देख सकता है।

लखनऊ तक चलेगी गोरखपुर-प्रयागराज वंदे भारत

न्यूज डेस्क: उत्तर प्रदेश में आने वाले दिनों में महाकुंभ मेला और अन्य धार्मिक अवसरों के चलते ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किए गए हैं। 27 जनवरी से 4 फरवरी तक गोरखपुर से प्रयागराज तक चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन (गाड़ी संख्या 22549/50) अब केवल गोरखपुर से लखनऊ तक ही चलेगी। 

दरअसल मौनी अमावस्या और बसंत पंचमी जैसे महत्वपूर्ण स्नान की वजह से प्रयागराज में भारी भीड़ रहने का अनुमान है। इन पर्वों के दौरान महाकुंभ मेले में आने वाली भारी भीड़ के मद्देनजर ट्रेन संचालन में बदलाव किया गया है। 22549/50 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन गोरखपुर से लखनऊ तक पहुंचेगी, लेकिन लखनऊ से प्रयागराज के बीच यह ट्रेन निरस्त रहेगी। ट्रेन का समापन अब लखनऊ में होगा।

इसके अलावा, 12275 प्रयागराज-नई दिल्ली एक्सप्रेस ट्रेन भी कुछ दिन के लिए अपने मार्ग में बदलाव करेगी। यह ट्रेन 28, 30, 31 जनवरी और 2, 4 फरवरी को प्रयागराज से चलकर सूबेदारगंज तक ही पहुंचेगी। वहीं, 12276 नई दिल्ली-प्रयागराज एक्सप्रेस ट्रेन 27, 29, 31 जनवरी और 1, 3 फरवरी को सूबेदारगंज तक ही चलेगी, और प्रयागराज तक का सफर निरस्त रहेगा।

इन बदलावों को ध्यान में रखते हुए यात्रियों से अनुरोध किया गया है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाने से पहले ट्रेनों की नई टाइमिंग और मार्ग की जानकारी प्राप्त कर लें ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। भारतीय रेलवे की ओर से यात्रियों को असुविधा से बचने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है, और उन्हें इस बदलाव से संबंधित सभी अपडेट समय-समय पर प्रदान किए जाएंगे।

महाकुंभ से होगा 2 लाख करोड़ का बिजनेस, GDP में उछाल!

न्यूज डेस्क: प्रयागराज में होने वाले इस महाकुंभ में इस बार आस्था और अर्थव्यवस्था का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। पौष पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक चलने वाले इस डेढ़ महीने के आयोजन में लगभग 40 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह महाकुंभ न केवल धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि भारतीय अर्थव्यवस्था में भी एक बड़ा योगदान देने वाला साबित होगा।

आर्थिक दृष्टिकोण से महाकुंभ का महत्व

विशेषज्ञों का अनुमान है कि इस बार महाकुंभ में कुल कारोबार लगभग 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। इस आंकड़े से महाकुंभ का आर्थिक महत्व साफ तौर पर समझा जा सकता है। यह न केवल धार्मिक, बल्कि एक बड़े व्यापारिक आयोजन के रूप में उभर रहा है। इस दौरान सरकारी खजाने में लगभग 25,000 करोड़ रुपये की टैक्स आमदनी होने की संभावना है, जो सीधे तौर पर देश की जीडीपी में 0.3% का योगदान करेगा।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

महाकुंभ का एक और सकारात्मक पहलू यह है कि इसका सीधा असर स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। हजारों छोटी-छोटी दुकानों से लेकर बड़े व्यवसायों तक, इस मेले के कारण व्यापारी वर्ग को एक बड़ा मौका मिलेगा। स्थानीय प्रसाद विक्रेता, नाई, पुरोहित, पारंपरिक वस्तुओं के विक्रेता और अन्य छोटे व्यवसायों की आमदनी में भी बढ़ोतरी की संभावना है। इसके अलावा, पूरे आयोजन के दौरान क्षेत्रीय दुकानदारों का कारोबार भी सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ सकता है।

रोजगार के नए अवसर भी प्राप्त हो रहे हैं

महाकुंभ के दौरान रोजगार के क्षेत्र में भी एक बड़ा परिवर्तन देखने को मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, इस दौरान 6 से 10 लाख अस्थायी रोजगार सृजित होंगे। इन रोजगारों में कुंभ की बसाहट, इन्फ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स, परिवहन, डिजिटल सुरक्षा, मार्केटिंग, हॉस्पिटैलिटी और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। इससे न केवल युवाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि एक समग्र तरीके से देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

यूपी में आज से चल रहीं ये 10 स्पेशल ट्रेनें, देखें लिस्ट

न्यूज डेस्क: वाराणसी मंडल द्वारा महाकुम्भ मेला 2025 के तहत शुक्रवार, 24 जनवरी 2025 से विशेष गाड़ियां चलायी जा रही हैं, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए प्रयागराज (रामबाग) तक पहुंचेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए बनारस, प्रयागराज, भटनी, झूसी, बलिया और अयोध्या से कुल 15 स्पेशल ट्रेनें संचालित की जा रही हैं। 

इन विशेष ट्रेनों का संचालन महाकुम्भ मेला 2025 के मद्देनजर यात्रियों को बेहतर यात्रा सुविधा प्रदान करने के लिए किया जा रहा है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक आयोजन में सम्मिलित हो सकें। यात्रीगण रेलवे की वेबसाइट पर जा कर ट्रेन का शेड्यूल चेक कर सकते हैं।

बनारस से चलने वाली मेला विशेष गाड़ियां:

गोरखपुर से चलने वाली मेला विशेष गाड़ी:

ट्रेन नंबर 05119 गोरखपुर-प्रयागराज रामबाग मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 08:30 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 17:35 बजे (प्रयागराज रामबाग)

अयोध्या से चलने वाली मेला विशेष रिंग रेल:

ट्रेन नंबर 04112 अयोध्या-प्रयागराज रामबाग मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 10:50 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 20:35 बजे (प्रयागराज रामबाग)

ट्रेन नंबर 05105 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 12:30 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 15:45 बजे (प्रयागराज रामबाग)

ट्रेन नंबर 05107 बनारस-प्रयागराज रामबाग मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 20:30 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 23:45 बजे (प्रयागराज रामबाग)

बलिया से चलने वाली मेला विशेष ट्रेनें:

ट्रेन नंबर 05133 बलिया-प्रयागराज रामबाग मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 16:45 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 23:55 बजे (प्रयागराज रामबाग)

झूंसी से चलने वाली मेला विशेष गाड़ी:

ट्रेन नंबर 05110 झूंसी-बनारस मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 12:45 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 15:50 बजे (बनारस)

प्रयागराज रामबाग से चलने वाली मेला विशेष ट्रेनें:

ट्रेन नंबर 05106 प्रयागराज रामबाग-बनारस मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 16:30 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 19:50 बजे (बनारस)

ट्रेन नंबर 05174 प्रयागराज रामबाग-भटनी मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 16:45 बजे

आगमन: 25 जनवरी 2025, 00:20 बजे (भटनी)

ट्रेन नंबर 05120 प्रयागराज रामबाग-गोरखपुर मेला विशेष गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 20:30 बजे

आगमन: 25 जनवरी 2025, 06:30 बजे (गोरखपुर)

ट्रेन नंबर 04113 प्रयागराज रामबाग-बनारस मेला विशेष रिंग रेल गाड़ी

प्रस्थान: 24 जनवरी 2025, 17:45 बजे

आगमन: 24 जनवरी 2025, 19:40 बजे (बनारस)

प्रयागराज में बाहरी वाहनों की एंट्री बंद, जानें डिटेल्स

न्यूज डेस्क: आज से प्रयागराज में बाहरी वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। यह कदम गणतंत्र दिवस की छुट्टी और महाकुंभ के दौरान बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। यातायात व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए पुलिस ने विशेष निर्देश जारी किए हैं। प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिस कारण ट्रैफिक की समस्या से बचने के लिए यह फैसला लिया गया है।

गणतंत्र दिवस और महाकुंभ के चलते, शहर में बाहरी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगी है। जौनपुर, वाराणसी, मीरजापुर, रीवा, कानपुर, प्रतापगढ़ और लखनऊ से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों के लिए विशेष पार्किंग व्यवस्था की गई है, ताकि कोई भी यात्री परेशानी का सामना न करे।

यहां दी गई हैं बाहरी वाहनों की पार्किंग व्यवस्था:

1 .जौनपुर से प्रयागराज आने वाले वाहन: सहसों से गारापुर होते हुए चीनी मिल पार्किंग झूंसी और पूरेसूरदास पार्किंग गारा रोड पर पार्क होंगे।

2 .वाराणसी से आने वाले वाहन: कनिहार रेलवे अंडरब्रिज से शिवपुर उस्तापुर पार्किंग, पटेल बाग और कान्हा मोटर्स पार्किंग में खड़े किए जाएंगे।

3 .मीरजापुर से आने वाले वाहन: देवरख उपरहार और सरस्वती हाईटेक सिटी पार्किंग तक आने की अनुमति होगी।

4 .कानपुर से आने वाले वाहन: नवाबगंज, मलाक हरहर, सिक्सलेन होते हुए बेली कछार और बेला कछार पार्किंग में खड़े होंगे।

5 .रीवा मार्ग से आने वाले वाहन: नैनी एग्रीकल्चर इंस्टीट्यूट और नव प्रयागम् पार्किंग एरिया में पार्क किए जाएंगे।

6 .मेला क्षेत्र में आने वाले वाहन: हेलीपैड पार्किंग, 17 नंबर पार्किंग और काली एक्सटेंशन पार्किंग में खड़ा कर सकेंगे।

7 .प्रतापगढ़ और लखनऊ से आने वाले वाहन: बेली कछार और बेला कछार पार्किंग में खड़े होंगे।

8 .कौशांबी से आने वाले वाहन: नेहरू पार्क और एयरफोर्स मैदान पार्किंग तक ही आ सकेंगे।

शहरी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भी पार्किंग व्यवस्था।

1 .पुराने शहर से आने वाले वाहन: ईसीसी डिग्री कॉलेज और जमुना क्रिश्चियन इंटर कॉलेज पार्किंग में खड़े होंगे।

2 .एमजी मार्ग से आने वाले श्रद्धालु: सीएमपी डिग्री कॉलेज और केपी ग्राउंड में वाहन पार्क करेंगे।

3 .शहरी क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालु: कर्नलगंज इंटर कॉलेज और मुस्लिम हास्टल ग्राउंड में पार्क करेंगे।

4 .हाशिमपुर बक्शी बांध से आने वाले वाहन: बघाड़ा पार्किंग और आइईआरटी पार्किंग में खड़े होंगे।

5 .शिवकुटी क्षेत्र से आने वाले वाहन: गंगेश्वर महादेव पार्किंग में पार्क होंगे।

यूपी के बुजुर्गों को महाकुंभ में स्नान कराएगी सरकार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने उन वृद्धजनों के लिए एक अहम कदम उठाया है, जिन्हें उनके बच्चों ने त्याग दिया और जो समाज के अन्य हिस्सों से दूर जीवन जीने को मजबूर हैं। समाज कल्याण विभाग ने निर्णय लिया है कि प्रदेश के वृद्धाश्रमों में रहने वाले बेसहारा वृद्धजन को महाकुंभ में स्नान कराया जायेगा। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर समाज कल्याण विभाग ने महाकुंभ में वृद्धजनों के स्नान की व्यवस्था की है। विभाग ने सभी 75 जिलों में स्थित वृद्धाश्रमों में रहने वाले वृद्धजनों के लिए महाकुंभ जाने की योजना बनाई है। इनमें से कई ऐसे वृद्धजन हैं जो महाकुंभ में गंगा स्नान करना चाहते हैं, और सरकार ने उनकी इस इच्छा को पूरा करने के लिए आवश्यक उपाय किए हैं।

यात्रा की व्यवस्था और देखभाल:

महाकुंभ के स्नान के लिए वृद्धजनों को उनके जिले से संगम तक पहुंचाने के लिए सरकार ने विशेष व्यवस्था की है। यात्रा के दौरान वृद्धजनों के खानपान, ठहरने और चिकित्सा देखभाल की जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग ने ली है। उनके स्वास्थ्य और आयु को ध्यान में रखते हुए वृद्धजनों की यात्रा फरवरी महीने में कराए जाने की योजना है। 

समाज कल्याण विभाग ने यात्रा के दौरान वृद्धजनों की देखभाल के लिए विशेष दिशा-निर्देश तैयार किए हैं। यात्रा के समय, स्नान की तिथि, ठहरने की व्यवस्था और चिकित्सा सेवाएं पहले से निर्धारित की जाएंगी, ताकि महाकुंभ के अनुभव को वृद्धजनों के लिए एक यादगार और संतोषजनक बनाने में कोई कमी न हो।

संगम तट पर आश्रम का निर्माण:

महाकुंभ के आयोजन के दौरान समाज कल्याण विभाग ने एक और महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने संगम तट पर निराश्रित वृद्धजनों के लिए एक विशेष आश्रम स्थापित किया है। यह आश्रम 100 बेड की क्षमता का है और यहां वृद्धजनों के लिए निःशुल्क भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। 

IIT से साधु बने 9 इंजीनियर, जानें उनकी आध्यात्मिक यात्रा

नई दिल्ली: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में से एक है, जहाँ से स्नातक होने वाले छात्र न केवल उच्च तकनीकी कौशल हासिल करते हैं, बल्कि उन्हें विशाल पैकेज और शोध के अवसर भी मिलते हैं। आमतौर पर आईआईटी की चर्चा इसके छात्रों के उत्कृष्ट शैक्षिक प्रदर्शन और कारपोरेट दुनिया में उनके योगदान के कारण होती है, लेकिन इस बार चर्चा का विषय कुछ अलग है।

कई आईआईटी स्नातकों ने अपनी उच्च शिक्षा और शानदार करियर को छोड़कर आध्यात्मिक मार्ग अपनाया है। इन युवाओं ने यह साबित किया कि जीवन में संतुलन और आंतरिक शांति की तलाश हमेशा तकनीकी सफलता से ऊपर हो सकती है। 

IIT से पढ़ें ये 9 इंजीनियर बने साधु, जानें सभी के नाम

1 .आचार्य प्रशांत (Acharya Prashant)

आईआईटी दिल्ली से इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने वाले आचार्य प्रशांत ने अपने कॉर्पोरेट करियर को त्यागकर आध्यात्मिक मार्ग पर कदम रखा। वह आज एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक मार्गदर्शक के रूप में जाने जाते हैं और उन्होंने अपनी किताबों के माध्यम से जीवन के गहरे प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास किया है।

2 .गौरंग दास (Gaurang Das)

आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री प्राप्त करने वाले गौरंग दास ने इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) से जुड़कर आध्यात्मिकता का रास्ता अपनाया। गौरंग दास सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं और वे अनेक आध्यात्मिक किताबों के लेखक हैं। उनके विचार और शिक्षाएं लोगों को जीवन के सही मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करती हैं।

3 .अभय सिंह (Abhay Singh)

आईआईटी बॉम्बे से ऐरोस्पेस इंजीनियरिंग में स्नातक अभय सिंह ने कनाडा में एक शानदार करियर को त्यागकर संन्यास लिया। उनकी जीवन यात्रा ने उन्हें "आईआईटी बाबा" के नाम से प्रसिद्ध किया। अब वह अध्यात्म के मार्ग पर चलकर समाज को जागरूक कर रहे हैं।

4 .संकेत पारिख (Sanket Parikh)

संकेत पारिख, जिन्होंने आईआईटी बॉम्बे से केमिकल इंजीनियरिंग में डिग्री हासिल की, ने अमेरिका में अपने शानदार करियर को छोड़कर जैन संन्यास लिया। उनके जीवन का उद्देश्य अब साधना, तपस्या और आध्यात्मिक उन्नति है। वह जैन दर्शन और शांति के संदेश को फैलाने में जुटे हुए हैं।

5 .महान एमजे (Mahan MJ)

आईआईटी कानपुर और यूसीएलए से पीएचडी करने वाले महान एमजे ने रामकृष्ण मठ के संन्यासी के रूप में आध्यात्मिक जीवन अपनाया। वह वर्तमान में टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई में गणित के प्रोफेसर हैं, लेकिन साथ ही वे हाइपरबोलिक ज्योमेट्री और ज्योमेट्रिक ग्रुप थ्योरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में शोध कर रहे हैं।

6 .अविरल जैन (Aviral Jain)

आईआईटी बीएचयू से कंप्यूटर साइंस में स्नातक अविरल जैन ने वालमार्ट में अपनी नौकरी छोड़कर जैन संन्यास लिया। उन्होंने कॉर्पोरेट जीवन से बाहर निकलकर साधना और तपस्या की राह चुनी और अब अपनी आध्यात्मिक यात्रा में अग्रसर हैं।

7 .सन्यास महाराज (Sanyas Maharaj)

आईआईटी से स्नातक करने वाले सन्यास महाराज को उनके गहरे आध्यात्मिक ज्ञान और मठ समुदाय में योगदान के लिए जाना जाता है। उनका जीवन यह दर्शाता है कि आंतरिक शांति और आत्म-साक्षात्कार के लिए समर्पण कितना महत्वपूर्ण है।

8 .स्वामी मुकुंदानंद (Swami Mukundanand)

स्वामी मुकुंदानंद, जो आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र हैं, ने जगद्गुरु कृष्णपालजी योग की स्थापना की। वे योग, ध्यान, और आध्यात्म पर कई महत्वपूर्ण किताबें लिख चुके हैं और विश्वभर में आध्यात्मिक और कल्याण कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। उनका उद्देश्य लोगों को संतुलित और समृद्ध जीवन जीने के लिए प्रेरित करना है।

9 .स्वामी विद्यनाथ नंद (Swami Vidyanand Nand)

आईआईटी कानपुर से स्नातक और यूसीएलए से पीएचडी करने वाले स्वामी विद्यनाथ नंद ने रामकृष्ण मठ से जुड़कर अपने जीवन को आध्यात्मिकता के लिए समर्पित किया। वे वेदांत और आध्यात्मिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं और ज्ञान के प्रसार में अग्रणी हैं।

हेलीकॉप्टर से देख सकेंगे महाकुंभ का नजारा, करें बुक

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने महाकुंभ 2025 के दौरान श्रद्धालुओं और पर्यटकों को एक अनोखा अनुभव देने का निर्णय लिया है। अब श्रद्धालु और पर्यटक महाकुंभ का नजारा हेलीकॉप्टर से ले सकेंगे, और वह भी सिर्फ़ 1,296 रुपये में। पहले इस हेलीकॉप्टर राइड का किराया 3,000 रुपये था, जिसे अब घटाकर 1,296 रुपये कर दिया गया है।

इस हेलीकॉप्टर राइड की अवधि लगभग 7-8 मिनट की होगी, जिसमें पर्यटक और श्रद्धालु महाकुंभ क्षेत्र का ऊपर से अद्भुत दृश्य देख सकेंगे। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने इस बारे में जानकारी दी और बताया कि यह सेवा महाकुंभ 2025 के दौरान उपलब्ध होगी, जो प्रयागराज में आयोजित की जाएगी।

अगर आप भी इस हेलीकॉप्टर राइड का आनंद लेना चाहते हैं, तो इसकी बुकिंग आप आसानी से ऑनलाइन कर सकते हैं। इसके लिए आपको www.upstdc.co.in पर जाकर बुकिंग करनी होगी। यह वेबसाइट उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम (UPSTDC) द्वारा संचालित है, और यहां से आप अपनी राइड के लिए टिकट प्राप्त कर सकते हैं।

महाकुंभ 2025 को लेकर हर साल लाखों श्रद्धालु और पर्यटक देश-विदेश से आते हैं, और अब हेलीकॉप्टर से कुंभ का नजारा लेना एक नया अनुभव होगा। इस हेलीकॉप्टर राइड से श्रद्धालुओं को कुंभ क्षेत्र का एक उच्च दृष्टिकोण मिलेगा और वे इसका अद्भुत दृश्य देख सकेंगे, जो पहले कभी अनुभव नहीं किया जा सकता था।

तो अगर आप भी महाकुंभ के इस दिव्य और ऐतिहासिक आयोजन का हिस्सा बनना चाहते हैं और कुंभ का नजारा हेलीकॉप्टर से देखना चाहते हैं, तो देर न करें। ऑनलाइन के माध्यम से बुकिंग करें और 1,296 रुपये में इस अद्भुत यात्रा का आनंद लें!

महाकुंभ के लिए यूपी के सभी जिलों से चलेगी बसें

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को महाकुंभ के संगम स्नान के लिए तैयारियों के मद्देनजर प्रदेश के सभी जिलों से बसें चलाने के निर्देश दिए हैं। शनिवार को उत्तर प्रदेश सड़क परिवहन निगम (यूपी रोडवेज) के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक में मुख्यमंत्री ने महाकुंभ को लेकर रोडवेज द्वारा की जा रही तैयारियों की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान कहा कि पूरे महाकुंभ अवधि में सभी जनपदों से प्रयागराज के लिए बसों का संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं को यात्रा में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बसों के संचालन से संबंधित समय-सारणी का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि लोग पहले से जान सकें कि उनके जिले से प्रयागराज जाने के लिए किस समय पर बस उपलब्ध होगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि बसों में ओवरलोडिंग नहीं होनी चाहिए और श्रद्धालुओं से वही किराया लिया जाए जो निर्धारित किया गया है। साथ ही उन्होंने यह निर्देश दिया कि प्रमुख स्नान पर्वों के अलावा भी पूरे महाकुंभ के दौरान बसों का संचालन अनवरत रूप से जारी रहे। इस दौरान यह सुनिश्चित किया जाए कि श्रद्धालुओं को यात्रा में कोई भी समस्या उत्पन्न न हो।

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मादक पदार्थों का सेवन किसी भी बस चालक या परिचालक द्वारा नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने प्राइवेट बसों के लिए भी निर्देश दिए कि न तो निर्धारित किराया से अधिक किराया लिया जाए, और न ही अधिक ओवरलोडिंग की जाए। महाकुंभ के लिए यूपी रोडवेज द्वारा 7000 बसों को चलाने की योजना बनाई गई है, ताकि श्रद्धालुओं को संगम स्नान के लिए आसानी से प्रयागराज पहुंचाया जा सके।

महाकुंभ 2025 से यूपी को दो लाख करोड़ की आय

प्रयागराज: महाकुंभ 2025 में उत्तर प्रदेश (यूपी) को दो लाख करोड़ रुपये की आर्थिक वृद्धि होने का अनुमान है। यह विशेष आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था के लिए भी अत्यधिक फायदेमंद साबित होता है। 

महाकुंभ में दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु आते हैं, और इस बार अनुमान है कि लगभग 40 करोड़ श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल होंगे। इस विशाल संख्या को देखते हुए विशेषज्ञ इस बात से सहमत हैं कि महाकुंभ 2025 से यूपी की आर्थिक वृद्धि दो लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है।

महाकुंभ का आयोजन हर बार प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक नया दृष्टिकोण और दिशा देता है। जब श्रद्धालु महाकुंभ के दौरान प्रदेश में आते हैं, तो उनका खर्च परिवहन, आवास, भोजन, शॉपिंग और अन्य सेवाओं पर होता है। इसका सीधा असर स्थानीय व्यवसायों और रोजगार के अवसरों पर पड़ता है। बड़ी संख्या में लोग इन आयोजनों के दौरान विभिन्न सेवाओं का लाभ उठाते हैं, जिसके कारण छोटे-छोटे व्यापारों से लेकर बड़े होटल और परिवहन कंपनियों तक की आय में बढ़ोतरी होती है।

विशेषज्ञों के अनुसार, महाकुंभ का आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि इसके कारण प्रदेश में होने वाली विभिन्न गतिविधियों से रोजगार के अवसर भी उत्पन्न होते हैं। प्रदेश के कई क्षेत्रों में दुकानदारों, होटल मालिकों, ट्रांसपोर्ट कंपनियों, स्थानीय कारीगरों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिए नए अवसर बनते हैं। इसके अलावा, महाकुंभ के आयोजन से उत्तर प्रदेश में इन्फ्रास्ट्रक्चर और अन्य संबंधित परियोजनाओं में भी निवेश होता है, जिससे प्रदेश की समग्र विकास दर में वृद्धि होती है।

महाकुंभ में जाना होगा पैदल, जान लें ट्रैफिक प्लान

न्यूज डेस्क: प्रयागराज, जो संगम की पवित्र भूमि के रूप में जाना जाता है, पर 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ का आयोजन शुरू होने जा रहा है। इस धार्मिक महापर्व में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु भाग लेने के लिए पहुंचते हैं, और ऐसे में यातायात व्यवस्था का खास ध्यान रखा जाता है। महाकुंभ के दौरान पुलिस ने यातायात के सुचारू संचालन के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो।

नो व्हीकल जोन की व्यवस्था

महाकुंभ के दौरान सबसे महत्वपूर्ण पहलू होगा "नो व्हीकल जोन" की व्यवस्था। खासकर 29 जनवरी को होने वाले मौनी अमावस्या के स्नान पर पांच दिनों तक शहर और मेला क्षेत्र में यह व्यवस्था लागू रहेगी। 27 जनवरी से लेकर 31 जनवरी तक इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार के वाहनों की अनुमति नहीं होगी। दूसरे शहरों से आने वाले वाहनों को शहर के बाहर बनाए गए पार्किंग स्थलों पर रोक दिया जाएगा। इन पार्किंग स्थलों से श्रद्धालु शटल बसों की मदद से मेला क्षेत्र और शहर तक पहुंच सकेंगे।

अन्य प्रमुख स्नान पर्वों पर भी नो व्हीकल जोन

मौनी अमावस्या के अलावा, अन्य प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान भी शहर और मेला क्षेत्र में तीन दिन तक नो व्हीकल जोन रहेगा। इस दौरान वाहन शहर के बाहर बनाए गए पार्किंग स्थलों पर ही खड़े किए जाएंगे और श्रद्धालु शटल बसों के जरिए अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।

शटल बसों का संचालन

शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए शटल बसों की व्यवस्था की गई है। एडीजी प्रयागराज जोन, भानु भास्कर के मुताबिक, सिविल लाइंस बस अड्डे को शटल बसों का केंद्र बनाया जाएगा। सभी प्रमुख मार्गों से आने वाली शटल बसें सिविल लाइंस बस अड्डे से होकर गुजरेंगी, और यहां से श्रद्धालु मेला क्षेत्र तक आसानी से पहुंच सकेंगे।

महाकुंभ में पार्किंग सुविधाएं

महाकुंभ के लिए 1900 हेक्टेयर क्षेत्र में कुल 102 छोटे-बड़े पार्किंग स्थल बनाए गए हैं। इन पार्किंग स्थलों में लगभग 5.5 लाख से ज्यादा वाहन खड़े किए जा सकते हैं। इन पार्किंग स्थलों में सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जैसे कि पेयजल, शौचालय, और स्वास्थ्य सेवाएं।

स्नान घाटों तक पहुंचने की व्यवस्था

महाकुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को स्नान के लिए अलग-अलग घाटों पर भेजा जाएगा। पार्किंग से स्नान घाटों तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को शटल बसों का इस्तेमाल करना होगा। सामान्य दिनों में श्रद्धालुओं को स्नान के लिए 1 से 1.5 किलोमीटर पैदल चलना पड़ेगा, जबकि प्रमुख पर्वों के दिनों में यह दूरी 3 से 4 किलोमीटर हो सकती है।

NSG कमांडो ने संभाली महाकुंभ की सुरक्षा व्यवस्था

प्रयागराज: महाकुंभ का आयोजन एक विशाल धार्मिक मेले के रूप में होता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु भाग लेते हैं। इस बार महाकुंभ में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना जताई जा रही है, जिसके चलते उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने के लिए इस बार एनएसजी (राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड) के 100 कमांडो महाकुंभनगर में तैनात किए गए हैं। इन कमांडो का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि पर पैनी नजर रखना और तत्काल प्रतिक्रिया देना है। एनएसजी की यह टीम विशेष रूप से उन जगहों पर तैनात की गई है, जहां भारी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हो सकते हैं।

इसके अलावा, महाकुंभ की सुरक्षा को और भी सख्त बनाने के लिए कई राज्यों से आए स्पॉटर्स की 30 टीमें सक्रिय हैं। ये स्पॉटर्स आस-पास की संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हैं और किसी भी खतरनाक स्थिति से पहले उसे पहचानने और नियंत्रित करने का काम करते हैं। स्पॉटर्स की यह टीमें निगरानी के साथ-साथ संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं पर भी पैनी नजर रखती हैं।

महाकुंभ में होने वाली भीड़ को देखते हुए, संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। पुलिस फोर्स और सुरक्षा एजेंसियों को हर संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत मिल सके, इसके लिए विशेष कंट्रोल रूम बनाए गए हैं। इनमें 70 से अधिक जिलों की पुलिस फोर्स भी तैनात है, जो स्थानीय स्तर पर सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जिम्मेदार हैं।

इन सुरक्षा इंतजामों के अंतर्गत, ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जायेगा, ताकि किसी भी अप्रिय घटना का तत्काल पता चल सके और उसे प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सके। साथ ही, श्रद्धालुओं के लिए कड़ी जांच प्रक्रिया से गुजरना अनिवार्य किया गया है। वहीं, महाकुंभ स्थल पर सभी धार्मिक गतिविधियों और समारोहों के दौरान सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं।

महाकुंभ के लिए अहमदाबाद से प्रयागराज तक सीधी उड़ान

अहमदाबाद: महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों की सुविधा के लिए अहमदाबाद से प्रयागराज के लिए विशेष उड़ानें शुरू की जाएंगी। 12 जनवरी से 28 फरवरी तक यह उड़ानें हर दिन उपलब्ध रहेंगी। यह उड़ानें विशेष रूप से महाकुंभ मेले के कारण बढ़े यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए शुरू की गई हैं।

बता दें की 12 जनवरी से, स्पाइस जेट एयरलाइंस की फ्लाइट SG655 सुबह 8:10 बजे अहमदाबाद से उड़ान भरेगी और 1 घंटे 45 मिनट में प्रयागराज एयरपोर्ट पहुंचेगी, जहां यह 9:55 बजे लैंड करेगी। इसको लेकर दिशा निर्देश जारी कर दिया गया हैं।

इसके अलावा, स्पाइस जेट की फ्लाइट SG658 शाम 4:30 बजे प्रयागराज एयरपोर्ट से उड़ान भरेगी और 2 घंटे 15 मिनट बाद शाम 6:45 बजे अहमदाबाद एयरपोर्ट पर लैंड करेगी। ये उड़ानें 12 जनवरी से 28 फरवरी तक हर दिन उपलब्ध रहेंगी।

इसके अलावा, पश्चिम रेलवे ने भी यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को समायोजित करने के लिए और महाकुंभ मेले के दौरान यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तीन विशेष ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। यह ट्रेनें मुंबई सेंट्रल-लखनऊ, भावनगर टर्मिनस-लखनऊ और साबरमती-लखनऊ के बीच विशेष किराए पर चलेंगी।

यूपी में महाकुंभ के अवसर पर 10 इलेक्ट्रिक बसें

न्यूज डेस्क: यूपी के प्रयागराज महाकुंभ के अवसर पर प्रयागराज से अयोध्या के बीच 10 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन की मंजूरी दी गई हैं। यह पहल न केवल यात्रियों के लिए एक सुविधाजनक यात्रा विकल्प प्रस्तुत करती है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम 

रोडवेज निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक द्वारा इस रूट के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिसका उद्देश्य यात्रा को और अधिक सुगम और व्यवस्थित बनाना है। यह बसें प्रयागराज के सिविल लाइंस से अयोध्या श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र तक चलेंगी, जिससे यात्रियों को सीधी यात्रा का लाभ मिलेगा। 

बता दें की 10 जनवरी से, इन बसों का संचालन सिविल लाइंस रोडवेज डिपो से शुरू होगा, और ये चार-चार घंटे के अंतराल पर उपलब्ध होंगी। विशेष बात यह है कि ये बसें केवल लंबी दूरी की यात्राओं के लिए रुकेंगी, और छोटे मार्गों के लिए कोई ठहराव नहीं होगा, जिससे यात्रा में तेजी और आसानी होगी।

बसों का ठहराव:

यात्रा के दौरान ये बसें प्रतापगढ़ जिले में दो प्रमुख स्थानों—चिलबिला और भंगवाचुंगी पुलिस चौकी के पास रुकेगी। यह निर्णय यात्रियों की आवश्यकता और सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। रोडवेज निगम के एआरएम एसएम सिंह ने कहा कि इन ठहरावों से यात्रियों को विशेष रूप से आराम मिलेगा और यात्रा का अनुभव अधिक सहज होगा। वहीं, इस कदम से महाकुंभ यात्रा के दौरान यात्री सुविधाओं में सुधार होगा।

महाकुंभ में स्नान के लिए ये 13 दिन सबसे खास

धर्म डेस्क: महाकुंभ, हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है, जो हर 12 वर्षों में एक बार होता है। इस आयोजन का विशेष महत्व है क्योंकि इसमें दुनिया भर से लाखों श्रद्धालु गंगा, यमुन और सरस्वती नदियों के संगम स्थल प्रयागराज में एकत्र होते हैं। 

महाकुंभ का आयोजन पुण्य की प्राप्ति और आत्मा के शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। इस दौरान स्नान करने को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इसे अक्षय पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति का माध्यम माना जाता है। महाकुंभ में स्नान से शरीर और आत्मा की शुद्धि होती है और पापों का नाश होता है।

आपको बता दें की महाकुंभ 2025 का आयोजन 10 जनवरी 2025 से शुरू होने जा रहा है, और इस महाकुंभ का उद्घाटन पौष शुक्ल एकादशी 10 जनवरी 2025 को होगा। इस अवसर पर श्रद्धालु नदियों में स्नान करके पुण्य लाभ अर्जित करेंगे।

महाकुंभ 2025 स्नान की तिथियां:

महाकुंभ प्रथम स्नान तिथि: पौष शुक्ल एकादशी – 10 जनवरी 2025, शुक्रवार

महाकुंभ द्वितीया स्नान तिथि: पौष पूर्णिमा – 13 जनवरी 2025, सोमवार

महाकुंभ चतुर्थ स्नान तिथि: माघ कृष्ण एकादशी – 25 जनवरी 2025, शनिवार

महाकुंभ पंचम स्नान तिथि: माघ कृष्ण त्रयोदशी – 27 जनवरी 2025, सोमवार

महाकुंभ अष्टम स्नान तिथि: माघ शुक्ल सप्तमी (रथ सप्तमी) – 4 फरवरी 2025, मंगलवार

महाकुंभ नवम स्नान तिथि: माघ शुक्ल अष्टमी (भीष्माष्टमी) – 5 फरवरी 2025, बुधवार

महाकुंभ दशम स्नान तिथि: माघ शुक्ल एकादशी (जया एकादशी) – 8 फरवरी 2025, शनिवार

महाकुंभ एकादश स्नान तिथि: माघ शुक्ल त्रयोदशी (सोम प्रदोष व्रत) – 10 फरवरी 2025, सोमवार

महाकुंभ द्वादश स्नान तिथि: माघ पूर्णिमा – 12 फरवरी 2025, बुधवार

महाकुंभ त्रयोदश स्नान तिथि: फाल्गुन कृष्ण एकादशी – 24 फरवरी 2025, सोमवार

महाकुंभ 2025 शाही स्नान की तिथियां:

महाकुंभ शाही स्नान तिथि: माघ कृष्ण प्रतिपदा, मकर संक्रांति – 14 जनवरी 2025, मंगलवार

महाकुंभ षष्ठ स्नान (द्वितीय) प्रमुख शाही स्नान: माघ (मौनी) अमावस्या – 29 जनवरी 2025, बुधवार

महाकुंभ सप्तम स्नान (तृतीय) (अंतिम) शाही स्नान: माघ शुक्ल पंचमी (बसंत पंचमी) – 2 फरवरी 2025, रविवार

महाकुंभ के लिए 12 विशेष ट्रेनों की नई लिस्ट जारी

न्यूज डेस्क: रेलवे ने यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज के रास्ते महाकुंभ विशेष ट्रेनों की समय सारिणी घोषित की है। ये विशेष ट्रेनें प्रमुख स्नान तिथियों के दौरान यात्रियों के लिए सुविधाएं प्रदान करेंगी। ट्रेनों का संचालन दिल्ली, अमृतसर, बठिंडा, देहरादून, फिरोजपुर, और अंब अंडौरा स्टेशनों से फाफा मऊ तक किया जाएगा।

1 .04526 बठिंडा-फाफा मऊ कुंभ विशेष ट्रेन:

तारीखें: 19, 22, 25 जनवरी; 8 और 18 फरवरी

बठिंडा से सुबह 4:30 बजे रवाना होकर, दोपहर 2:53 बजे बरेली पहुंचेगी और रात 11:55 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

2 .वापसी ट्रेन: 04525 फाफा मऊ- बठिंडा:

तारीखें: 20, 23, 26 जनवरी; 9 और 19 फरवरी

फाफा मऊ से सुबह 6:30 बजे रवाना होकर, दोपहर 2:27 बजे बरेली पहुंचेगी और रात 1:00 बजे बठिंडा पहुंचेगी।

3 .04316 देहरादून-फाफा मऊ विशेष ट्रेन:

तारीखें: 18, 21, 24 जनवरी; 16 और 23 फरवरी

देहरादून से सुबह 8:10 बजे रवाना होकर, दोपहर 2:25 बजे बरेली पहुंचेगी और रात 11:50 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

4 .वापसी ट्रेन: 04315 फाफा मऊ- देहरादून:

तारीखें: 19, 22, 25 जनवरी; 17 और 24 फरवरी

फाफा मऊ से सुबह 6:30 बजे रवाना होकर, दोपहर 2:40 बजे बरेली पहुंचेगी और रात 9:30 बजे देहरादून पहुंचेगी।

5 .04066 दिल्ली-फाफा मऊ विशेष ट्रेन:

तारीखें: 10, 18, 22, 31 जनवरी; 8, 16 और 27 फरवरी

दिल्ली से रात 11:25 बजे रवाना होकर, अगले दिन सुबह 5:18 बजे बरेली पहुंचेगी और दोपहर 2:15 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

6 .वापसी ट्रेन: 04065 फाफा मऊ-प्रयागराज:

तारीखें: 11, 19, 23 जनवरी; 1, 9, 17 और 28 फरवरी

फाफा मऊ से रात 11:30 बजे रवाना होकर, अगले दिन सुबह 7:40 बजे बरेली पहुंचेगी और दोपहर 1:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी।

7 .04662 अमृतसर-फाफा मऊ विशेष ट्रेन:

तारीखें: 9, 19 जनवरी और 6 फरवरी

अमृतसर से रात 8:10 बजे रवाना होकर, अगले दिन सुबह 9:00 बजे बरेली पहुंचेगी और शाम 7:00 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

8 .वापसी ट्रेन: 04661 फाफा मऊ-अमृतसर:

तारीखें: 11, 21 जनवरी और 8 फरवरी

फाफा मऊ से सुबह 6:30 बजे रवाना होकर, दोपहर 2:40 बजे बरेली पहुंचेगी और अगले दिन तड़के 4:15 बजे अमृतसर पहुंचेगी।

9 .04664 फिरोजपुर-फाफा मऊ विशेष ट्रेन:

तारीख: 25 जनवरी

फिरोजपुर से दोपहर 1:25 बजे रवाना होकर, रात 2:20 बजे बरेली पहुंचेगी और अगले दिन सुबह 11:30 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

10 .वापसी ट्रेन: 04663 फाफा मऊ-फिरोजपुर:

तारीख: 26 जनवरी

फाफा मऊ से शाम 7:30 बजे रवाना होकर, अगले दिन तड़के 4:15 बजे बरेली पहुंचेगी और शाम 4:45 बजे फिरोजपुर पहुंचेगी।

11 .04528 अंब अंडौरा-फाफा मऊ विशेष ट्रेन:

तारीखें: 17, 20, 25 जनवरी; 9, 15 और 23 फरवरी

अंब अंडौरा से रात 10:05 बजे रवाना होकर, अगले दिन सुबह 8:28 बजे बरेली पहुंचेगी और शाम 6:00 बजे फाफा मऊ पहुंचेगी।

12 .वापसी ट्रेन: 04527 फाफा मऊ-अंब अंडौरा:

तारीखें: 18, 21, 26 जनवरी; 10, 16 और 24 फरवरी

फाफा मऊ से रात 10:30 बजे रवाना होकर, अगले दिन सुबह 6:28 बजे बरेली पहुंचेगी और शाम 5:50 बजे अंब अंडौरा पहुंचेगी।

12 साल में ही क्यों लगता है महाकुंभ, कैसे तय होती हैं डेट?

धर्म डेस्क: महाकुंभ मेला हर 12 साल में क्यों लगता है, यह एक धार्मिक और खगोलीय मान्यता पर आधारित है। कुंभ मेला भारतीय संस्कृति में अत्यंत महत्वपूर्ण है और यह विशेष रूप से हिंदू धर्म के अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है।

महाकुंभ मेला और 12 साल का अंतर:

कुंभ मेला उन स्थानों पर आयोजित होता है जहां पवित्र नदियों का संगम होता है, जैसे कि इलाहाबाद (प्रयागराज), हरिद्वार, उज्जैन और नासिक। महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार होता है, और यह एक विशिष्ट धार्मिक परंपरा से जुड़ा हुआ है।

इसका मुख्य कारण यह है कि हिंदू धर्म में यह विश्वास है कि प्रत्येक 12 वर्षों में ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में एक विशेष परिवर्तन होता है, जिससे पृथ्वी पर एक विशिष्ट सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न होती है। यही समय होता है जब तीर्थयात्री विशेष रूप से पवित्र नदियों में स्नान करने आते हैं ताकि वे अपने पापों से मुक्ति पा सकें और पुण्य अर्जित कर सकें।

महाकुंभ मेला की तारीखों का निर्धारण कैसे होता है:

महाकुंभ मेला का आयोजन एक खगोलीय गणना पर आधारित होता है, जिसमें विशेष रूप से ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति को ध्यान में रखा जाता है। मुख्य रूप से यह मेला तब आयोजित होता है जब: सूर्य और बृहस्पति मकर राशी में होते हैं।

वहीं, चन्द्रमा, सूर्य और बृहस्पति एक विशिष्ट ज्योतिषीय स्थिति में होते हैं, जिसे 'महा योग' कहा जाता है। कुंभ मेला उन स्थानों पर आयोजित होता है जहां इन ग्रहों और नक्षत्रों का संगम एक विशेष ज्योतिषीय संयोग बनाता है। इस आधार पर, कुंभ मेला हर 12 साल में एक बार आयोजित होता है, लेकिन यह स्थिति केवल महाकुंभ मेला के लिए होती है, बाकी कुंभ मेलों का आयोजन हर 3 साल में किया जाता है।

कुंभ, महाकुंभ और अर्ध कुंभ में क्या अंतर है?

धर्म डेस्क: शस्त्रों के अनुसार हिंदू धर्म में कुंभ मेला, महाकुंभ मेला और अर्ध कुंभ मेला तीनों ही प्रमुख हिन्दू त्योहार हैं, जो विशेष रूप से हिन्दू धर्म में पवित्रता और आस्था से जुड़े होते हैं। इन मेलों में अंतर मुख्य रूप से उनके आयोजन के समय और महत्व के अनुसार होता है।

कुंभ मेला:

कुंभ मेला हर तीन साल में एक बार आयोजित होता है। यह मेला प्रयागराज (इलाहाबाद), हरिद्वार, नासिक, और उज्जैन में आयोजित होते हैं। कुंभ मेला प्रत्येक स्थान पर हर 12 साल में आयोजित होता है। यानी हर 12 साल बाद हर स्थान पर कुंभ मेला आयोजित होता है, जबकि इस अंतराल में हर तीन साल में एक मेला किसी न किसी स्थान पर होता है।

महाकुंभ मेला:

महाकुंभ मेला हर 12 साल में एक बार विशेष रूप से प्रयागराज (इलाहाबाद) में आयोजित होता है। यह मेला सबसे महत्वपूर्ण और विशाल माना जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। महाकुंभ मेला को सबसे अधिक धार्मिक महत्व प्राप्त है और इसे बहुत बड़े पैमाने पर मनाया जाता है।

अर्ध कुंभ मेला:

अर्ध कुंभ मेला हर 6 साल में एक बार आयोजित होता है। यह मेला भी चार प्रमुख स्थानों पर आयोजित किया जाता है, लेकिन इसका आयोजन केवल हरिद्वार, प्रयागराज (इलाहाबाद), और उज्जैन में होता है। अर्ध कुंभ मेला कुंभ मेला के मुकाबले कम महत्वपूर्ण माना जाता है, लेकिन फिर भी इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु हिस्सा लेते हैं।