50 करोड़ श्रद्धालुओं ने लिया डुबकी:
महाकुंभ 2025 में कुल 50 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम के पवित्र पानी में डुबकी लगाई, जो अपने आप में एक अभूतपूर्व आंकड़ा है। यह महाकुंभ केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं था, बल्कि यह एक भारत श्रेष्ठ भारत का संदेश भी फैलाने का एक बड़ा माध्यम बना। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "प्रयागराज महाकुंभ में 1 महीने के भीतर 50 करोड़ श्रद्धालु आए, जिन्होंने एकजुटता और भारतीय संस्कृति का संदेश दुनिया भर में फैलाया।"
सड़क मार्ग से पहुंचे सबसे अधिक श्रद्धालु:
महाकुंभ के दौरान सड़क मार्ग से श्रद्धालुओं का आना सबसे अधिक था, जिसके लिए बेहतर सड़कों और यातायात व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया। इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिन्होंने सड़कों के सुंदरीकरण और सुविधाओं को सुनिश्चित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नितिन गडकरी का धन्यवाद करते हुए कहा, "बेहतर सड़कों के लिए नितिन गडकरी जी का योगदान अनमोल है। उनके नेतृत्व में सड़कों की स्थिति सुधरी और लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में सहूलियत मिली।"
उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मिला 3 लाख करोड़ का फायदा:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यह भी बताया कि महाकुंभ के आयोजन से यूपी की अर्थव्यवस्था में 3 लाख करोड़ रुपये का लाभ हुआ। महाकुंभ के आयोजन से न केवल पर्यटकों और श्रद्धालुओं ने आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया, बल्कि प्रदेश में विकास कार्यों और जनकल्याण की योजनाओं का भी रिवाज हुआ। उन्होंने कहा, "महाकुंभ के लिए जो बजट दिया गया, वह केवल इस धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा। इस बजट का उपयोग प्रयागराज के समग्र विकास में किया गया, जिससे शहर का सौंदर्यीकरण हुआ और स्थानीय अर्थव्यवस्था को एक नई दिशा मिली।"






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