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मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने के 7 जादुई फायदे

हेल्थ डेस्क: मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने के कई फायदे हैं, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देते हैं। बता दें की मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाना न सिर्फ एक पारंपरिक आदत है, बल्कि यह आपके स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद हो सकता है।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी खाने के 7 जादुई फायदे

1 .पाचन में सुधार: खिचड़ी हल्की और पोषक होती है, जो पाचन तंत्र को आराम देती है। यह पेट को हल्का रखती है और आंतों को स्वस्थ बनाती है।

2 .शरीर में ऊर्जा का संचार: खिचड़ी में दाल और चावल होते हैं, जो शरीर को आवश्यक ऊर्जा प्रदान करते हैं। यह दिनभर की सक्रियता को बनाए रखने में मदद करती है।

3 .वजन घटाने में मदद: खिचड़ी कम कैलोरी और पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो वजन घटाने में सहायक हो सकती है। यह संतुलित आहार के रूप में काम करती है।

4 .ताजगी और स्फूर्ति: मकर संक्रांति के समय खिचड़ी में ताजगी और स्फूर्ति का अहसास होता है, क्योंकि इसमें ताजे मसाले और घी का उपयोग होता है, जो शरीर को ऊर्जा और ताकत प्रदान करते हैं।

5 .मांसपेशियों के लिए लाभकारी: खिचड़ी में प्रोटीन का अच्छा स्रोत होता है, जो मांसपेशियों को मज़बूती प्रदान करता है और शरीर की मजबूती बढ़ाता है।

6 .तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाना: खिचड़ी में मौजूद तंत्रिका तंत्र को मजबूत करने वाले तत्व जैसे विटामिन बी और मिनरल्स से मानसिक स्पष्टता और शांति बढ़ती है।

7 .सर्दियों में गर्माहट: मकर संक्रांति के दौरान सर्दी बढ़ने लगती है, और खिचड़ी शरीर को अंदर से गर्म रखने में मदद करती है। घी और मसाले शरीर को ठंड से बचाते हैं।

यूपी में 14 जनवरी को घोषित हुआ सार्वजनिक छुट्टी

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने 14 जनवरी 2025 को मकर संक्रांति के अवसर पर सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इसको लेकर सरकार के द्वारा दिशा निर्देश भी जारी कर दिया गया हैं। यूपी सरकार का यह निर्णय राज्य के लोगों के लिए राहत देने वाला है, क्योंकि अब वे मकर संक्रांति के दिन बिना किसी व्यवधान के अपना त्योहार मना सकेंगे।

मकर संक्रांति उत्तर प्रदेश में विशेष रूप से खिचड़ी के त्योहार के रूप में मनाया जाता है, जिसमें विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। यह दिन विशेष रूप से किसानों के लिए महत्वपूर्ण होता है, जो इस दिन से शुभ कार्यों की शुरुआत मानते हैं और सूर्य के उत्तरायण होने के अवसर पर इसे एक शुभ संक्रांति के रूप में मनाते हैं।

बता दें की उत्तर प्रदेश सरकार के सामान्य प्रशासन अनुभाग द्वारा जारी एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि, "सम्यक विचारोपरान्त मकर संक्रांति के पावन पर्व पर दिनांक 14 जनवरी 2025 (मंगलवार) को घोषित निर्बन्धित अवकाश के स्थान पर निगोशिएबुल इन्स्ट्रुमेन्ट एक्ट 1881 के अधीन एतदद्वारा सार्वजनिक अवकाश घोषित किया जाता है।"

यह निर्णय 17 दिसंबर 2024 को जारी की गई उत्तर प्रदेश शासन की विज्ञप्ति के अनुसार लिया गया है, और इस संशोधन के बाद मकर संक्रांति को सरकारी अवकाश के रूप में पहचाना जाएगा। इस दिन को मनाने के लिए लोग खास तौर पर खिचड़ी बनाने और तिल-गुड़ का सेवन करने की परंपरा निभाते हैं। इसके साथ ही, विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन जैसे मेला, पर्व, और विविध कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।

बिहार के गया जिले का तिलकुट पूरे विश्व में प्रसिद्ध

न्यूज डेस्क: बिहार के गया जिले का तिलकुट न केवल बिहार में, बल्कि पूरे भारत और दुनिया में प्रसिद्ध है। सर्दियों की शुरुआत होते ही गया की गलियों में तिलकुट की महक और तिल कूटने की आवाज गूंजने लगती है, जो मकर संक्रांति के आस-पास विशेष रूप से महसूस होती है। मकर संक्रांति के दिन गया के हर घर में चूड़ा-दही के साथ तिलकुट जरूर परोसा जाता है, और इस दिन इसे खाना एक परंपरा बन चुका है। तिलकुट की यह परंपरा गया की सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा है, जिसे लोग न केवल भारत के विभिन्न हिस्सों में बल्कि विदेशों में भी पसंद करते हैं।

तिलकुट की उत्पत्ति

तिलकुट बनाने की शुरुआत गया जिले से हुई थी। हिन्दू धर्म के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन तिल का दान और सेवन पुण्य के लिए माना जाता है। इस दिन तिलकुट खाना एक पारंपरिक अनिवार्यता बन चुकी है। तिलकुट एक प्रकार का मीठा, खस्ता और तिल से बने हुआ मिष्ठान है, जिसे हाथ से कूटकर तैयार किया जाता है। तिलकुट के निर्माण में ताजगी और स्वाभाविकता का खास ध्यान रखा जाता है, जो इसे अन्य जगहों से अलग और स्वादिष्ट बनाता है।

गया का रमना रोड: तिलकुट निर्माण का केंद्र

गया जिले का रमना रोड तिलकुट निर्माण के लिए प्रसिद्ध है। यहां के कारीगर पारंपरिक तरीके से तिल को हाथ से कूटकर तिलकुट तैयार करते हैं। इसके अलावा, टेकारी रोड, कोयरी बारी, स्टेशन रोड, डेल्हा समेत कई अन्य इलाकों में भी तिलकुट बनाने का काम होता है। गया में लगभग 200 से 250 परिवार इस कारीगरी से जुड़े हुए हैं और पारंपरिक तरीके से तिलकुट बनाने का काम करते हैं।

आजकल, गया की महिलाएं भी इस व्यवसाय में बड़ी संख्या में हिस्सा ले रही हैं। यह न केवल उनके आर्थिक सशक्तिकरण का एक स्रोत है, बल्कि पारंपरिक कला को बनाए रखने का भी एक तरीका है। गया का तिलकुट अपनी खस्ता और सोंधी महक के लिए प्रसिद्ध है। 

यहां का तिलकुट खासकर झारखंड, पश्चिम बंगाल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में भेजा जाता है। इतना ही नहीं, विदेशों में भी इस तिलकुट की डिमांड बढ़ती जा रही है, खासकर उन पर्यटकों के बीच जो बोधगया आते हैं। ये पर्यटक अपने साथ गया का तिलकुट ले जाते हैं और इसे अपनी यात्रा की याद के तौर पर सहेजते हैं।

मकर संक्रांति है सूर्य पूजा का त्योहार, जानें शुभ मुहूर्त

धर्म डेस्क: मकर संक्रांति भारतीय संस्कृति में एक महत्वपूर्ण पर्व है, जो विशेष रूप से सूर्य पूजा से जुड़ा होता है। यह पर्व खासकर उत्तर भारत में धूमधाम से मनाया जाता है और इसे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के दिन के रूप में मनाया जाता है। मकर संक्रांति को खासतौर पर पतंगबाजी, तिल गुड़ खाने और सामाजिक मेल-जोल के लिए जाना जाता है।

शुभ मुहूर्त और पुण्यकाल:

इस बार मकर संक्रांति 14 जनवरी 2025 को मनाई जाएगी। हिंदू पंचांग के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन सूर्य सुबह 8 बजकर 41 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। इस दिन का महत्व इसलिए भी है क्योंकि सूर्य की गति को देखकर कृषि कार्य और समाज में अन्य बदलावों की भविष्यवाणी की जाती है।

मकर संक्रांति का पुण्यकाल सुबह 9 बजकर 03 मिनट से लेकर शाम 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगा। यह समय विशेष रूप से पूजा-अर्चना, दान-पुण्य और स्नान के लिए उपयुक्त माना जाता है। इस समय में व्यक्ति को सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए और तिल-गुड़ का दान करना चाहिए, जिससे पुण्य की प्राप्ति होती है।

मकर संक्रांति का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व:

मकर संक्रांति का धार्मिक दृष्टिकोण से बहुत महत्व है। इस दिन को भगवान सूर्य के उत्तरायण होने के रूप में देखा जाता है, जिससे अंधकार से प्रकाश की ओर की यात्रा की शुरुआत होती है। यह दिन विशेष रूप से व्यक्ति की आत्मिक उन्नति और शुभ कार्यों की शुरुआत के रूप में माना जाता है।

इसके अलावा, मकर संक्रांति के दिन तिल और गुड़ का सेवन करने का महत्व है। तिल और गुड़ का सेवन शरीर को ताजगी प्रदान करता है और सर्दी के मौसम में इनका सेवन स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है। इस दिन खासतौर पर तिल के लड्डू और हलवा बनाए जाते हैं, और लोग एक-दूसरे को शुभकामनाएँ देते हैं।

मकर संक्रांति पर जरूर करें इन 4 मंत्रों का जाप

धर्म डेस्क: मकर संक्रांति हिंदू धर्म में एक प्रमुख त्योहार है, जो विशेष रूप से सूर्य देव के पूजन और उर्जा का प्रतीक माना जाता है। यह दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने का संकेत है, जिससे दिन लंबा होने लगता है और नई ऊर्जा का संचार होता है।

मकर संक्रांति पर जरूर करें इन 4 मंत्रों का जाप. 

1. सूर्य देव का बीज मंत्र:

मंत्र: ॐ ह्रीं सूर्याय नमः

विवरण: यह मंत्र सूर्य देव के बीज मंत्र के रूप में जाना जाता है। "ॐ ह्रीं" का उच्चारण सूर्य के दिव्य और शक्तिशाली स्वरूप को प्रकट करता है। इस मंत्र का जाप करने से मानसिक शांति और ऊर्जा में वृद्धि होती है।

2. सूर्य शक्ति मंत्र:

मंत्र: ॐ सूर्याय आदित्याय श्री महादेवाय नमः

विवरण: यह मंत्र सूर्य देव के आदित्य रूप और महादेव के अद्वितीय रूप का सम्मान करता है। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति को शारीरिक शक्ति, मानसिक स्पष्टता और आत्मविश्वास प्राप्त होता है। इसके अलावा यह मानसिक तनाव और शारीरिक कष्टों को भी दूर करता है।

3. सूर्य सिद्धि मंत्र:

मंत्र: ॐ सूर्याय सुर्याय नमः

विवरण: इस मंत्र का जाप करने से सूर्य देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह मंत्र सफलता, समृद्धि और सिद्धि प्राप्ति का संकेत है। इसके द्वारा व्यक्ति के जीवन में आ रही रुकावटें दूर होती हैं और जीवन में सकारात्मक बदलाव आते हैं।

4. सूर्य यंत्र मंत्र:

मंत्र: ॐ हं सूर्याय नमः

विवरण: यह मंत्र सूर्य यंत्र का अभिन्न हिस्सा है और सूर्य देव की कृपा प्राप्त करने का उत्तम साधन माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से व्यक्ति के जीवन में प्रकाश, उन्नति और सकारात्मकता का संचार होता है। यह मंत्र शारीरिक कष्टों से मुक्ति दिलाने और मानसिक तनाव को कम करने में भी सहायक होता है।

13 या 14 जनवरी, जानें कब है मकर संक्रांति?

धर्म डेस्क: मकर संक्रांति हिन्दू कैलेंडर का एक प्रमुख और शुभ पर्व है, जिसे हर साल सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश करने के समय मनाया जाता है। 2025 में मकर संक्रांति 14 जनवरी, मंगलवार को होगी। यह दिन खास है क्योंकि इस दिन सूर्य देव मकर राशि में गोचर करेंगे, जो विशेष रूप से पुण्यकारी माना जाता है।

मकर संक्रांति का महत्व:

मकर संक्रांति का पर्व विशेष रूप से सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ जुड़ा हुआ है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश प्रकृति और जीवन के लिए शुभ माना जाता है। इस दिन से सूर्य के उत्तरायण (उत्तर की ओर गति) होने की शुरुआत होती है, जो अगले छह महीने तक चलता है और इसे धार्मिक दृष्टि से अत्यधिक महत्व दिया जाता है। इसे ‘उत्तरायण’ के रूप में पूजा जाता है, जो सुख, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति के लिए एक शुभ संकेत है।

मकर संक्रांति कब मनाई जाएगी?

2025 में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी, मंगलवार को मनाया जाएगा। इस दिन सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे, और यह घटना सुबह 09:03 बजे घटित होगी। मकर संक्रांति का पर्व इस दिन सूर्य देव की पूजा, स्नान, दान और खासकर तिल-गुड़ का सेवन करने के लिए शुभ माना जाता है।

मकर संक्रांति का पुण्य काल:

मकर संक्रांति के दिन पुण्य काल का विशेष महत्व होता है, क्योंकि इस समय सूर्य की किरणें सबसे ज्यादा शुभ और फलदायी मानी जाती हैं। 2025 में मकर संक्रांति के पुण्य काल का समय सुबह 09:03 बजे से लेकर शाम 05:46 बजे तक रहेगा। इसके अलावा, इस दिन एक विशेष महा पुण्य काल भी रहेगा, जो सुबह 09:03 बजे से लेकर सुबह 10:48 बजे तक होगा। इस समय के दौरान किए गए धार्मिक कार्यों और दान का विशेष पुण्य फल प्राप्त होता है।

बक्सर : बिहार में 14 या 15 जनवरी को मकर संक्रांति

बक्सर : बिहार में मकर संक्रांति को लेकर लोगों के मन में कंफ्यूजन की स्थिति बनी हैं। कुछ लोगों का कहना हैं की इस साल मकर संक्रांति 14 को होगी तो वहीं कुछ लोगों का मानना हैं की मकर संक्रांति 15 को होगी। आज इसी विषय में जानने की कोशिश करेंगे की मकर संक्रांति को लेकर पंचांग क्या कहता हैं।

खबर के अनुसार मकर संक्रांति सूर्य के दक्षिणी से उत्तरी गोलार्ध तक की यात्रा का एक उत्सव होता हैं। जब सूर्य देव धनु राशि से निकल कर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो इस तिथि को मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। इस साल ये त्यौहार 15 जनवरी को मनाया जायेगा। 

बिहार में 14 या 15 जनवरी को मकर संक्रांति?

पंचांग के अनुसार इस साल मकर संक्रांति का पर्व 15 जनवरी 2024 को रवियोग के शुभ संयोग में मनाया जाएगा। आपको बता दें की 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में इस दिन सुबह 8.42 बजे प्रवेश करेंगे। इसके कारण पूरे दिन मकर संक्रांति का पर्व मनेगा। 

मकर संक्रांति पर करें ये काम : इस दिन भगवान सूर्य की कृपा पाने के लिए आप तांबे के लोटा में जल के साथ काला तिल, गुड़, लाल चंदन, लाल पुष्प, अक्षत डालकर सूर्य को अर्घ्य दे और सूर्य मंत्र का जाप करें। इससे शुभ फल की प्राप्ति होगी।

मकर संक्रांति आज, इन मंत्रों से करें सूर्य देव को प्रसन्न

धर्म डेस्क: आज देशभर में मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जा रहा हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही लोग स्नान और दान-पुण्य का काम कर रहे हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन स्नान करने के बाद भगवान सूर्यदेव की पूजा आराधना की जाती हैं। 

ऐसी मान्यता हैं की इस दिन सूर्यदेव की पूजा आराधना करने से इंसान के जीवन में सुख और समृद्धि आती हैं। साथ ही साथ इससे जीवन के सारे संकट दूर हो जाते हैं। इसलिए आज आप सूर्य देव की उपासना करें। ही साथ उनके मंत्र का जाप करें। 

इन मंत्रों से करें सूर्य देव को प्रसन्न?

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः 

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ:

ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य: 

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घ्य दिवाकर:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।

ऐसे करें सूर्यदेव की पूजा : आज मकर संक्रांति पर सूर्य देव को हल्दी और चंदन का तिलक करें,अक्षत चढ़ाएं और लाल फूल अर्पित करें। साथ ही साथ सूर्यदेव के लिए धूप-दीप जलाएं और तिल, गुड़ और खिचड़ी का भी भोग लगाए।

बिहार में 14 या 15 किस दिन मनाएं मकर संक्रांति

Patna News : बिहार में मकर संक्रांति की तैयारी जोरों पर हैं। लेकिन लोगों के मन में ये सवाल हैं की मकर संक्रांति का त्यौहार 14 जनवरी या 15 जनवरी किस दिन मनाना शुभ होगा। आज इसी विषय में ज्योतिष और पंचांग के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे विस्तार से, ताकि सभी लोगों को इसके बारे में सही जानकारी मिल सकें।

हिंदू पंचांग के मुताबिक जब सूर्य धनु राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। बता दें की पंचांग में सूर्य 14 जनवरी 2023 की रात 8 बजकर 21 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे, ऐसे में 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाना शुभ होगा। 

ज्योतिष की मानें तो बिहार के लोग 15 जनवरी को मकर संक्रांति मना सकते हैं और इसी दिन दान-पुण्य का भी काम कर सकते हैं। मकर संक्रांति पर दान-पुण्य करने से इंसान के सभी दुख-दर्द दूर होते हैं और दैनिक जीवन में खुशहाली आती हैं।

मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त। 

मकर संक्रांति का पुण्य काल मुहूर्त 15 जनवरी को सुबह 06 बजकर 47 मिनट पर शुरू होगा और शाम 05 बजकर 40 मिनट तक रहेगा।

मकर संक्रांति का महापुण्य काल सुबह 07 बजकर 15 मिनट से सुबह 09 बजकर 06 मिनट तक रहेगा। 

गोरखपुर : मकर संक्रांति को लेकर चलेगी स्पेशल ट्रेन

गोरखपुर : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से बड़ी खबर आ रही हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक मकर संक्रांति पर रेलवे के द्वारा कई स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जायेगा। इसको लेकर रेलवे ने अधिसूचना जारी कर दी हैं। यात्रीगण अपनी सुविधा के अनुसार इस ट्रेन से सफर कर सकते हैं। 

बता दें की गोरखपुर से बढ़नी और नौतनवा के बीच 13 जनवरी से 17 जनवरी तक इन ट्रेनों का परिचालन किया जायेगा। इन ट्रेनें के अलावे रेलवे ने अन्य कई ट्रेनों के फेरे भी बढ़ा दिए हैं। आप रेलवे की वेबसाइट पर जा कर इसकी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 

मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह के जानकारी देते हुए बताया है की मकर संक्रांति पर्व पर यात्रियों के लिए 13 से 16 जनवरी तक मगहर और नकहा जंगल स्टेशन पर इंटरसिटी ट्रेन का एक-एक मिनट का ठहराव भी कर दिया गया हैं। 

मकर संक्रांति को लेकर चलेगी स्पेशल ट्रेन?

ट्रेन नंबर 05025 : गोरखपुर-बढ़नी पैसेंजर स्पेशल ट्रेन 13 से 16 जनवरी तक रात 07.10 बजे प्रस्थान कर रात 11.15 बजे बढ़नी पहुंचेगी।

ट्रेन नंबर 05026 : बढ़नी-गोरखपुर पैसेंजर स्पेशल ट्रेन 14 से 17 जनवरी तक सुबह 05.15 बजे प्रस्थान कर 09.45 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

ट्रेन नंबर 05016 : नौतनवा-गोरखपुर पैसेंजर स्पेशल ट्रेन 13 से 16 जनवरी तक रात 08.00 बजे प्रस्थान कर रात 10.55 बजे गोरखपुर पहुंचेगी।

ट्रेन नंबर 05015 : गोरखपुर-नौतनवा पैसेंजर स्पेशल ट्रेन14 से 17 जनवरी तक भोर में 02.30 बजे प्रस्थान कर सुबह 05.15 बजे नौतनवां पहुंचेगी।

मकर संक्रांति पर बन रहा महायोग, जानें स्नान-दान का मुहूर्त

धर्म डेस्क: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल 14 जनवरी 2023 की शाम 08 बजकर 21 मिनट पर सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करेंगे। जिसके कारण मकर संक्रांति का त्यौहार 15 जनवरी को मनाया जायेगा। इस दिन ही स्नान-दान आदि कार्य किये जाएंगे।

आपको बता दें की इस साल मकर संक्रांति पर महायोग का निर्माण हो रहा हैं। जिसके कारण दान-पुण्य करने वाले लोगों को शुभफल की प्राप्ति होगी। साथ ही साथ जीवन के दुख दर्द भी दूर होंगे और जीवन में सुख, शांति, समृद्धि आएगी। 

ज्योतिष की मानें तो ,मकर संक्रांति पर भगवान सूर्य दक्षिणायण से उत्तराणय होते हैं। इस दिन स्नान-दान का विशेष महत्व माना जाता हैं। इस दिन आप आप घर के आस-पास स्थित नदी में स्नान कर सकते हैं। वहीं अगर ऐसा न हो सके तो आप घर के पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें। 

स्नान-दान का मुहूर्त। 

पुण्य काल 15 जनवरी 2023 को सुबह 7 बजकर 17 मिनट से शाम 5 बजकर 55 मिनट तक रहेग।

महापुण्य काल 15 जनवरी 2023 सुबह 7 बजकर 17 मिनट से सुबह 9 बजकर 04 मिनट तक रहेगा।

मकर संक्रांति पर इन मंत्रों का करें जाप। 

ॐ घृ‍णिं सूर्य्य: आदित्य:

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घय दिवाकर:।

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ ।

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः।

मकर संक्रांति : जानें पटना, गया, नालंदा में तिलकुट का रेट

मकर संक्रांति : सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। इस मकर संक्रांति पर लोग दान-पुण्य के बाद चूड़ा, दही, तिलकूट का सेवन करते हैं। ताजा रिपोर्ट के मुताबिक इस साल तिलकुट के दाम में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई हैं।

खबर के अनुसार बिहार के पटना, गया, नालंदा समेत सभी जिलों में तिलकुट का बाजार गर्म हो गया है। गया की गलियों में तिलकुल की महक दिखाई दे रही हैं। दुकानदारों की मानें तो अभी से ही यहां तिलकुल की बिक्री तेजी के साथ हो रही हैं।

बता दें की गया का तिलकुल पूरी दुनिया में नामी हैं। दूर-दूर से लोग यहां तिलकुल की खरीदारी करने आते हैं। दुकानदारों की मानें तो तिल के रेट में वृद्धि होने से इस साल तिलकुल के दाम में भी पिछले साल के मुकाबले तेजी आई हैं। 

तिलकुट का रेट?

चीनी तिलकुट 300 रुपए किलो।

गुड तिलकुट 320 रुपए किलो। 

खोवा तिलकुट 400 रुपए किलाे है।

14 जनवरी को खत्म होगा खरमास,15 से शुरू होगा विवाह-लगन

PATNA : शादी विवाह की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर हैं। पंचांग के अनुसार 14 जनवरी को खरमास खत्म हो रहा हैं। खरमास के खत्म होने के बाद 15 जनवरी से विवाह-लगन शुरू हो जायेगा और एकबार फिर से सहनाई बजने लगेगी।

बता दें की 14 जनवरी शनिवार की देर रात 2.53 बजे सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करते ही विवाह के मुहूर्त प्रारम्भ हो जाएंगे। इसके बाद आप अपने घरों में मांगलिक कार्य कर सकते हैं। जनवरी, फरवरी और मार्च महीने में विवाह के कई लगन बन रहे हैं। 

हालांकि 15 मार्च से 14 अप्रैल तक सूर्य के मीन राशि में गोचर करने से फिर शुभ कार्यों पर ब्रेक लग जायेगा और इस दौरान विवाह के कार्य नहीं किये जाएंगे। इसलिए अगर आप शादी-विवाह करना चाहते हैं तो 15 जनवरी से अच्छे मुहूर्त बन रहे हैं।

जनवरी में विवाह के मुहूर्त।  

15 जनवरी 2023 दिन रविवार, 16 जनवरी 2023 दिन सोमवार, 18 जनवरी दिन बुधवार, 19 जनवरी दिन गुरुवार, 25 जनवरी दिन बुधवार, 26 जनवरी दिन गुरुवार, 27 जनवरी 2023 दिन शुक्रवार, 30 जनवरी 2023 दिन सोमवार और 31 जनवरी 2023 दिन मंगलवार। 

फरवरी में विवाह के शुभ मुहूर्त। 

6 फरवरी 2023 दिन सोमवार, 7 फरवरी 2023 दिन मंगलवार, 8 फरवरी 2023 दिन बुधवार,  9 फरवरी 2023 दिन गुरुवार, 10 फरवरी 2023 दिन शुक्रवार, 12 फरवरी 2023दिन रविवार, 13 फरवरी 2023 दिन सोमवार, 14 फरवरी 2023 दिन मंगलवार, 15 फरवरी 2023 दिन बुधवार, 17 फरवरी 2023 दिन शुक्रवार, 22 फरवरी 2023 दिन बुधवार, 23 फरवरी 2023 दिन गुरुवार और 28 फरवरी 2023 दिन मंगलवार। 

मार्च महीने में विवाह के शुभ मुहूर्त। 

1 मार्च 2023 दिन बुधवार, 5 मार्च 2023 दिन रविवार, 6 मार्च 2023 दिन सोमवार, 9 मार्च 2023 दिन गुरुवार, 11 मार्च 2023 दिन शनिवार और 13 मार्च 2023 दिन सोमवार। 

मकर संक्रांति पर दान करें ये चीजें, दूर होंगे ग्रह-दोष

धर्म डेस्क: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करते हैं तो उसके बाद मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। इस दिन लोग स्नान करने के बाद दान पुण्य का काम करते हैं। ऐसी मान्यता हैं की मकर संक्रांति पर दान पुण्य करने से इंसान के ग्रह-दोष दूर होते हैं और इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती हैं।

मकर संक्रांति पर दान करें ये चीजें, दूर होंगे ग्रह-दोष?

1 .मकर संक्रांति के दिन तिल का दान करना बहुत शुभ माना जाता हैं। इससे शनिदोष दूर होते हैं और इंसान को धन लाभ होता हैं।

2 .मकर संक्रांति के दिन गुड़ का दान अवश्य करें। इससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आएगी और ग्रह-दोष भी दूर होंगे।

3 .मकर संक्रांति के अवसर पर पूजा के बाद कंबल का दान करें। इससे आर्थिक धन लाभ होगा और जीवन में तरक्की मिलेगी। 

4 .मकर संक्रांति के दिन आप हरी मूंग और चावल से बनी हुई खिचड़ी का दान किसी गरीब और जरूरतमंद लोगों को करें। 

5 .मकर संक्रांति के दिन आप चावल का दान करें। दरअसल चावल चंद्रमा का प्रतीक माना जाता है और इसके दान करने से चंद्रमा मजबूत होती हैं और जीवन में सुख और समृद्धि आती हैं।

मकर संक्रांति पर इन 5 सूर्य मंत्रों से करें आह्वान

धर्म डेस्क : ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मकर संक्रांति का त्यौहार सूर्यदेव का त्यौहार माना जाता हैं। इस दिन सूर्यदेव धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करते हैं। इसलिए इस दिन स्नान करने के बाद सूर्यदेव की उपासना की जाती हैं। साथ ही साथ दान पुण्य किया जाता हैं। 

ऐसी मान्यता हैं की आप मकर संक्रांति के दिन स्नान करने के बाद सूर्य मंत्रों से भगवान सूर्यदेव का आह्वान कर सकते हैं। इससे भगवान सूर्यदेव तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं और उनकी कृपा इंसान के दैनिक जीवन पर सैदेव बनी रहती हैं।

मकर संक्रांति के दिन सूर्य मंत्रों के जाप से विशेष लाभ मिलता हैं। जीवन की कई समस्याएं सूर्यदेव की असीम कृपा से समाप्त हो जाती हैं। साथ ही साथ इंसान को जीवन के हर कार्य में तरक्की मिलती हैं और घर में सुख, समृद्धि आती हैं।

मकर संक्रांति पर इन 5 सूर्य मंत्रों से करें आह्वान?

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय नमः 

ॐ ह्रीं घृणिः सूर्य आदित्यः क्लीं ॐ 

ॐ घृणिं सूर्य्य: आदित्य: 

ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणाय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा।

ॐ ऐहि सूर्य सहस्त्रांशों तेजो राशे जगत्पते, अनुकंपयेमां भक्त्या, गृहाणार्घ्य दिवाकर:।

मकर संक्रांति पर चमक जाएगा इन राशियों का भाग्य

धर्म डेस्क: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर साल 14 जनवरी को मकर संक्रांति का त्यौहार मनाया जाता हैं। जब सूर्य धनु राशि से निकल मकर राशि में प्रवेश करते हैं तब मकर संक्रांति मनाया जाता हैं। इससे इंसान के दैनिक जीवन में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं। 

मकर संक्रांति पर चमक जाएगा इन राशियों का भाग्य?

कर्क राशि : ज्योतिष की मानें तो सूर्य का मकर राशि में प्रवेश करना कर्क राशि के जातक के लिए लाभकारी माना जाता हैं। इससे इनके भाग्य चमक सकते हैं। इन्हे जीवन में तरक्की मिल सकती हैं। साथ ही साथ धन लाभ भी हो सकते हैं। 

मिथुन राशि : सूर्य का मकर राशि में रहना मिथुन राशि के जातक के लिए फलदायक होता हैं। इससे मानसिक तनाव दूर होंगे। लव लाइफ बेहतर होगा। साथ ही साथ इंसान को बिजनेस व्यापार में भी तरक्की मिलेगी और जीवन में खुशियां आएगी।

वृश्चिक राशि : इस राशि के जातक के लिए मकर संक्रांति लाभकारी रहेगा। तनाव से मुक्ति मिलेगी और धन दौलत में भी वृद्धि होगी। बिजनेस व्यापार में सफलता मिलेगा। लव लाइफ भी अच्छी रहेगी।

वृषभ राशि : सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने से वृषभ राशि के जातक को सकारात्मक फल मिलेगा। उत्साह और साहस में वृद्धि होगी। पार्टनर का साथ मिलेगा। जीवन में तरक्की हासिल होगी। धन लाभ के भी योग बनेंगे।

पटना-पूर्णिया सहित बिहार में 14 या 15 किस दिन मनेगी मकर संक्रांति

धर्म डेस्क: पटना-पूर्णिया सहित बिहार में मकर संक्रांति की तैयारी चल रही हैं। लेकिन लोगों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हैं की इस साल मकर संक्रांति का त्यौहार 14 या 15 किस दिन मनाया जाएगा। आज इसी विषय में ज्योतिष के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे विस्तार से।

ज्योतिष के अनुसार मकर संक्रांति मुख्य रूप से सूर्य देव की पूजा का पर्व माना जाता हैं। इस दिन सूर्य देव दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश कर जाते हैं। जिसके बाद लोग सूर्यदेव की उपासना करते हैं और मकर संक्रांति का त्यौहार मनाते हैं। 

बता दें की सूर्य देव 14 जनवरी 2023 दिन शनिवार की रात 08 बजकर 57 मिनट पर धनु राशि से मकर राशि में प्रवेश करेंगे। जिसके कारण मकर संक्रांति 15 जनवरी को मनाना शुभ रहेगा। शास्त्राअनुसार 15 जनवरी को ही संक्रांति का स्नान और दान पुण्य किया जायेगा।

दरअसल सूर्य देव 14 जनवरी शनिवार की रात को 8 बजकर 14 मिनट पर मकर राशि में प्रवेश करेंगे और मकर संक्रांति सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के बाद मनाई जाती हैं। ऐसे में लोगों 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाएंगे।

इस साल 57 दिन बजेगी शहनाई, 15 जनवरी से शुभ मुहूर्त

न्यूज डेस्क: साल 2023 में शादी-विवाह की प्लानिंग कर रहे लोगों के लिए अच्छी खबर आ रही हैं। पंचांग के मुताबिक इस साल 57 दिन शादी-विवाह का सबसे शुभ मुहूर्त हैं। इस मुहूर्त में आप शादी-विवाह कर सकते हैं। शुभ मुहूर्त में विवाह करना शुभ और कल्याणकारी रहेगा।

आपको बता दें की हिन्दू धर्म में अभी खरमास का समय चल रहा हैं। 14 जनवरी के बाद खरमास खत्म हो जायेगा। इसके बाद शादी-विवाह के साथ साथ सभी तरह के मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे। इसको लेकर अभी से ही तैयारी चल रही हैं। 

शादी-विवाह और विशेष मांगलिक कार्यों को लेकर लोग खरीदारी कर रहे हैं। इस साल जनवरी माह में शादी-विवाह के आठ शुभ मुहूर्त हैं। जबकि फरवरी में 11, मार्च में एक, मई में 14, जून में 11, नवंबर में 4 और दिसंबर में पांच शुभ मुहूर्त हैं।

इस साल 57 दिन बजेगी शहनाई, 15 जनवरी से शुभ मुहूर्त

जनवरी माह में मुहूर्त : 15, 16, 18, 19, 25, 27, 30, 31

फरवरी माह में मुहूर्त : 1, 6, 7, 8, 9, 10, 15, 16, 17, 22, 26

मार्च माह में मुहूर्त : 9

मई माह में मुहूर्त : 3, 4, 7, 9, 10, 11, 12, 17, 21, 26, 27, 28, 29, 30

जून माह में मुहूर्त : 3, 5, 6, 7, 8, 11, 12, 22, 23, 25, 28

नवंबर माह में मुहूर्त : 24, 27, 28, 29

दिसंबर माह में मुहूर्त : 3, 4, 7, 8, 9

मकर संक्रांति: बक्सर, बेगूसराय और भोजपुर में गंगा स्नान पर रोक

न्यूज डेस्क: बिहार में 14 जनवरी और 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाया जायेगा। इस दिन काफी मात्रा में लोग गंगा स्नान करते हैं। लेकिन इस साल जिला प्रशासन ने बक्सर, बेगूसराय और भोजपुर में गंगा स्नान पर रोक लगा दी हैं। ये फैसला जिले में हो रहे कोरोना के फैलाव को देखते हुए लिया गया हैं। 

बता दें की गंगा स्नान के दौरान कोरोना फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने ये फैसला लिया हैं। मकर संक्रांति पर गंगा स्नान को बक्सर के कई घाटों व बेगूसराय के सिमरिया घाट पर लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा बढ़ सकता हैं।

वहीं भोजपुर में गंगा व सोन नदी में स्नान और मेला-प्रदर्शनी पर भी डीएम ने रोक लगा दी है। साथ ही साथ सभी एसडीओ को धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने को कहा  है। वहीं नजदीक के सभी थानों को इसकी सूचना दी गई हैं।

खबर के अनुसार बिहार के इन जिलों में गंगा के कई घाटों पर आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेडिंग कर पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही साथ लोगों से अपील की जा रही हैं की वो सावधानी बरते और कोरोना गाइडलाइन का पालन करें।

पटना, लखनऊ, रांची, भोपाल के लोग 14 को मना रहे मकर संक्रांति, तो जानें शुभ मुहूर्त

धर्म डेस्क: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस साल दो दिन मकर संक्रांति पड़ रहा हैं। ज्योतिष की मानें तो  पंचांग और पुण्यकाल के कारण ऐसी स्थिति उत्पन हो गई हैं की इस साल कुछ लोग 14 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं तो कुछ लोग 15 जनवरी को। 

पटना, लखनऊ, रांची, भोपाल के लोग 14 जनवरी को मकर संक्रांति मना रहे हैं तो आप इसके शुभ मुहूर्त जान लें। वहीं अगर आप 15 जनवरी को मकर संक्रांति मनाएंगे तो भी इसके शुभ मुहूर्त जान लें और शुभ मुहूर्त के समय ही मकर संक्रांति मनाये। 

14 जनवरी को मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त:

मकर संक्रांति का पुण्य काल दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से लेकर शाम 05 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। 

मकर संक्रांति का महापुण्य काल दोपहर 02 बजकर 43 मिनट से शाम 04 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। 

15 जनवरी को मकर संक्रांति का शुभ मुहूर्त :

मकर संक्रांति का पुण्य काल 14 जनवरी की रात 08 बजकर 49 मिनट से 15 जनवरी शनिवार की दोपहर 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।

मकर संक्रांति को क्या करें : सूर्य देव को मकर संक्रांति के दिन, लाल पुष्प, फूल, वस्त्र, गेंहू, अक्षत, सुपारी आदि को जल में डालकर उन्हें अर्पित करें। साथ ही साथ ब्रह्मण या किसी जमीन व्यक्ति को दान-पुण्य करें।