बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया होगी आसान
अब 300 मीटर तक की दूरी और 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) के लिए नए बिजली कनेक्शन पर अलग से इस्टीमेट बनवाने की जरूरत नहीं होगी। पहले यह सीमा सिर्फ 40 मीटर थी। तय सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज लागू होने से अधिकारियों के विवेकाधिकार में कमी आएगी और कनेक्शन मिलने में समय भी बचेगा।
स्मार्ट मीटर अब कहीं सस्ते
आयोग ने स्मार्ट मीटर की कीमतों में बड़ी कटौती की है:
सिंगल फेज स्मार्ट मीटर: अब ₹2800 (पहले ₹6016)
थ्री-फेज स्मार्ट मीटर: अब ₹4100 (पहले ₹11342)
साथ ही, सिंगल फेज मीटर लेने वाले उपभोक्ताओं को किस्तों में भुगतान का विकल्प भी दिया गया है। आवेदन के समय ₹1000 और बाकी रकम 24 आसान मासिक किस्तों में।
लाइफलाइन उपभोक्ताओं को राहत
लाइफलाइन श्रेणी के उपभोक्ताओं के लिए सिक्योरिटी डिपॉजिट शून्य। 100 मीटर तक दूरी के लिए सप्लाई अफोर्डिंग चार्ज का भुगतान आंशिक रूप से अग्रिम और बाकी 12 महीनों में किस्तों में करने का विकल्प मिलेगा। यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर उपभोक्ताओं के लिए काफी मददगार साबित होगा।
किसानों और निजी नलकूप को फायदा
किसानों को अब स्वतंत्र थ्री-फेज 16 केवीए या सिंगल फेज 10 केवीए ट्रांसफार्मर के जरिए बिजली आपूर्ति लेने का विकल्प मिलेगा। इसके अलावा, निजी नलकूप उपभोक्ताओं के लिए ट्रांसफार्मर की साझा लागत को 50% के बजाय 33.3% पर ही रखा गया है।
कॉलोनियों और बहुमंजिली भवनों को राहत
अविकसित गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों और बहुमंजिली इमारतों में मल्टी-प्वाइंट कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं को केवल मीटरिंग शुल्क देना होगा, क्योंकि बुनियादी ढांचे की लागत पहले ही विकास शुल्क में शामिल होती है।
उत्तर प्रदेश में तकनीकी बदलाव भी अहम
11 केवी वोल्टेज पर जारी लोड की सीमा 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 एमवीए कर दी गई है। यह कास्ट डाटा बुक दो वर्षों तक मान्य रहेगी। दूसरे वर्ष में केवल सामग्री दरों (मीटर को छोड़कर) में WPI के अनुसार संशोधन होगा।

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