यूपी में नए आयुष्मान कार्ड को लेकर बड़ा अपडेट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। अब नए आयुष्मान कार्ड केवल आधार ई-केवाईसी (e-KYC) पूरी होने के बाद ही जारी किए जाएंगे। यह कदम राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (एनएचए) द्वारा लागू की गई बेनिफिशरी आइडेंटिफिकेशन सिस्टम (BIS-2.0) प्रणाली के तहत उठाया गया है।

आपको बता दें की इस नई व्यवस्था के तहत आयुष्मान कार्ड में नए सदस्य जोड़ने का विकल्प समाप्त कर दिया गया है। केवल सामाजिक आर्थिक जाति जनगणना (SECC-2011) के तहत बचे हुए परिवार ही इस सुविधा का उपयोग कर सकते हैं।

संदिग्ध कार्डों की पहचान और जांच

एनएचए ने आयुष्मान कार्ड की सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीक और ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू किया है। इसके जरिए संदिग्ध कार्डों की नियमित पहचान की जाती है। इन कार्डों से इलाज रोक दिया जाता है और बाद में आडिटर द्वारा सत्यापन कराया जाता है।

सीईओ साचीज अर्चना वर्मा के अनुसार, 2018 से अब तक बनाए गए कुल कार्डों में 61,932 कार्ड संदिग्ध पाए गए हैं। इनमें से 48,435 कार्डों का भौतिक सत्यापन जिला स्तर पर फील्ड इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर्स (FIO) द्वारा कराया जा रहा है।

सभी जिलाधिकारियों (DM), मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों (CMO) को संदिग्ध कार्डों की सूची उपलब्ध कराई गई है और जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान एक कर्मचारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसे एसटीएफ ने हटाने के लिए कार्रवाई की। इस कदम से आयुष्मान योजना की पारदर्शिता और भरोसेमंदी बढ़ेगी और लाभार्थियों को केवल वैध कार्ड के माध्यम से ही सुविधा प्राप्त होगी।

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