प्रदेश के हर जिले तक पहुंचे मुफ्त कैंसर इलाज
अमित कुमार घोष ने कहा कि जिन जिलों में अभी निशुल्क कैंसर उपचार की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां जल्द से जल्द कार्ययोजना बनाकर काम शुरू किया जाए। जिस तरह प्रदेश में पीपीपी मॉडल पर निशुल्क डायलिसिस सेवाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं, उसी तर्ज पर कैंसर उपचार को भी आम जनता के लिए सुलभ बनाया जाएगा। इसके लिए संबंधित प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।
डायलिसिस और एमआरआई सेवाओं का विस्तार
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि पूरे प्रदेश में निशुल्क डायलिसिस इकाइयों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि अधिक से अधिक मरीजों को इसका लाभ मिल सके। इसके साथ ही एमआरआई जांच सुविधा को लेकर हर जिले में मांग के अनुसार सेवाओं की उपलब्धता पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों को मिलेगी मजबूती
बैठक में यह भी कहा गया कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेलों को प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का मजबूत माध्यम बनाया जाए, ताकि लोगों को घर के पास ही इलाज मिल सके। साथ ही स्वास्थ्य उपकेंद्रों पर मानव संसाधन की शत-प्रतिशत उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
क्रिटिकल केयर पर विशेष फोकस
राज्य के अस्पतालों में क्रिटिकल केयर यूनिट और वेंटिलेटर के बेहतर उपयोग के लिए मानव संसाधन को प्रशिक्षित करने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा, चिकित्सा संस्थानों में बिना रुकावट ऑक्सीजन आपूर्ति, स्वच्छ पेयजल, और मरीजों के लिए मानक के अनुसार साफ चादरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
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