न्यूज डेस्क: जब किसी दरिंदों को उसके गलत काम के लिए फांसी की सजा होती हैं तो उससे पहले उसके लिए फांसी का फंदा तैयार किया जाता हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं की ये फंदा बिहार में तैयार किया जाता हैं। आज इसके बारे में जानेंगे विस्तार से की फांसी का फंदा बिहार में कहां और कैसे तैयार किया जाता हैं। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
आपको जानकर हैरानी होगी कि पूरे देश में फांसी देने के लिए रस्सी केवल बिहार के बक्सर सेंट्रल जेल में ही तैयार की जाती है। पूरे में किसी भी व्यक्ति को फांसी की सजा होती हैं तो उसके लिए जो फंदा तैयार किया जाता हैं वो यहां से किया जाता हैं। यह व्यवस्था अंग्रेजों के समय से चलती आ रही है।
फांसी के लिए मनीला रस्सी का इस्तेमाल किया जाता है। ये रस्सी बहुत ही मजबूत और और सख्त होता हैं। इस रस्सी को तोड़ना बहुत मुश्किल हैं। मनीला रस्सी तैयार करने के लिए 172 धागों को मशीन में पिरोकर घिसाई की जाती है।
आपको बता दें की मजबूत धागा बनाने के लिए जे-34 किस्म की रुई का इस्तेमाल किया जाता है। आठ लच्छी को रातभर नमी में ओस में मुलायम होने के लिए छोड़ा जाता है। इस प्रक्रिया से रस्सी की मजबूती बढ़ जाती है।
इसके बाद तीन रस्सी को एक मशीन में घुमाकर मोटी रस्सी बनाई जाती है।
इसके बाद तीन रस्सी को एक मशीन में घुमाकर मोटी रस्सी बनाई जाती है।
एक फांसी का फंदा तैयार करने के लिए 20 फीट लंबी रस्सी बनाई जाती है। बक्सर से पहले फांसी की रस्सी फिलीपिंस की राजधानी मनीला में बनाई जाती थी। इसलिए इसका नाम मनीला रस्सी रखा गया है।
आपको बता दें की अंग्रेजों के समय से ही बक्सर जेल में कैदी मौत का फंदा तैयार करते आ रहे है। बक्सर जेल में सजा काट रहे कैदियों को प्रशिक्षण के तौर पर फांसी का फंदा तैयार करने का काम मिलता है। फिर पुराने कैदी नए कैदियों को यह प्रशिक्षण देते हैं।

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