गर्मी से बचाव के लिए नया कामकाज समय
सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब श्रमिकों से सुबह 6 बजे से 11 बजे तक और शाम 4 बजे से 7 बजे तक ही काम कराया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण निर्णय यह है कि 11 बजे से 4 बजे के बीच खुले में कोई भी काम नहीं कराया जाएगा। इस समय को श्रमिकों के लिए अनिवार्य विश्राम अवधि घोषित किया गया है, ताकि उन्हें लू और गर्मी से बचाया जा सके।
कार्यस्थलों पर सुरक्षा के सख्त निर्देश
श्रम विभाग ने सभी प्रतिष्ठानों, ठेकेदारों और नियोक्ताओं को निर्देश दिए हैं कि कार्यस्थल पर श्रमिकों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। इसमें स्वच्छ पेयजल, छायादार विश्राम स्थल, प्राथमिक उपचार किट और ओआरएस जैसी चीजें अनिवार्य कर दी गई हैं। इसके अलावा श्रमिकों को हल्के कपड़े पहनने, सिर ढकने और समय-समय पर पानी पीने की सलाह दी गई है, ताकि गर्मी से होने वाली बीमारियों से बचाव हो सके।
स्वास्थ्य को लेकर तुरंत मदद की व्यवस्था
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अगर किसी श्रमिक को चक्कर, कमजोरी, उल्टी या तेज बुखार जैसे लक्षण दिखाई देते हैं, तो उसे तुरंत काम से हटाकर इलाज दिया जाए। जरूरत पड़ने पर उसे नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र भेजने का भी निर्देश दिया गया है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और बीमार श्रमिकों के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था करने को कहा गया है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम की शुरुआत
श्रमिकों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसके लिए टोल फ्री नंबर सहित कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं, जिन पर श्रमिक अपनी शिकायत या सहायता के लिए संपर्क कर सकते हैं। इसके साथ ही गौतमबुद्ध नगर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के लिए अलग हेल्पलाइन नंबर भी शुरू किए गए हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर तुरंत मदद मिल सके।
निगरानी और सख्ती से पालन
सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन सभी आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए। नियमित निरीक्षण के जरिए यह देखा जाएगा कि कहीं नियमों का उल्लंघन तो नहीं हो रहा है।

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