भारत के लिए बड़ी खुशखबरी: चीन से आगे जानें की तैयारी तेज

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर एक बड़ी सकारात्मक खबर सामने आई है। वैश्विक स्तर पर जारी अनिश्चितताओं के बावजूद देश में विदेशी निवेश का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है, जो आने वाले समय में भारत को चीन से आगे ले जाने की दिशा में अहम संकेत माना जा रहा है।

विदेशी निवेशकों की पहली पसंद बनता भारत

Department for Promotion of Industry and Internal Trade के अनुसार, भारत अभी भी विदेशी निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद और आकर्षक बाजार बना हुआ है। वित्त वर्ष 2025-26 के अप्रैल से फरवरी तक देश में करीब 88 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आ चुका है, और पूरे साल का आंकड़ा 90 अरब डॉलर के पार जाने का अनुमान है।

तेज आर्थिक विकास बना बड़ी वजह

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेज विकास दर विदेशी निवेशकों को आकर्षित कर रही है। दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के मुकाबले भारत लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहा है, जिससे वैश्विक कंपनियां यहां निवेश बढ़ाने में रुचि दिखा रही हैं।

फ्री ट्रेड एग्रीमेंट का असर

भारत द्वारा विभिन्न देशों के साथ किए जा रहे मुक्त व्यापार समझौते (FTA) भी निवेश बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन समझौतों से व्यापार आसान हुआ है और विदेशी कंपनियों के लिए भारत में कारोबार करना और भी सुविधाजनक बन गया है।

निवेश में लगातार बढ़ोतरी

Invest India के आंकड़ों के मुताबिक, पहले जहां 2000 के दशक में भारत में सालाना निवेश काफी कम था, वहीं पिछले कुछ वर्षों में इसमें तेजी से उछाल आया है। अब यह आंकड़ा कई गुना बढ़ चुका है और आने वाले वर्षों में और बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

चीन को पीछे छोड़ने की संभावना

रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में भारत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के मामले में चीन को भी पीछे छोड़ सकता है। खासकर तब, जब चीन में निवेश की गति धीमी पड़ती दिख रही है और कंपनियां नए विकल्प तलाश रही हैं।

अनुमान लगाया जा रहा है कि अगले सात वर्षों में भारत में सालाना FDI 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है। अगर ऐसा होता है, तो 2032 तक भारत वैश्विक निवेश के नक्शे पर और मजबूत स्थिति में दिखाई देगा और चीन से आगे निकल जायेगा।

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