यूपी में 'सीएम फेलो' योजना: सभी 75 जिलों को बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई तक पहुंचाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसी दिशा में अब एक नई पहल के तहत प्रदेश के सभी 75 जिलों में 'सीएम फेलो' नियुक्त करने की तैयारी की जा रही है। यह योजना न सिर्फ आर्थिक विकास को गति देगी, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी।

प्रदेश के हर जिले में होंगे दो विशेषज्ञ

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रस्तावित इस योजना के तहत हर जिले में दो फेलो तैनात किए जाएंगे। इनमें एक आर्थिक विकास विशेषज्ञ और दूसरा डेटा विश्लेषक होगा। इस तरह पूरे प्रदेश में कुल 150 युवाओं को सीधे तौर पर मौका मिलने की संभावना है।

अर्थव्यवस्था को गति देने की रणनीति

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचाना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जिला स्तर पर मजबूत योजना और निगरानी जरूरी मानी जा रही है। इसी वजह से विशेषज्ञों की तैनाती पर जोर दिया जा रहा है, ताकि हर जिले की संभावनाओं का बेहतर उपयोग हो सके।

क्या होगा 'सीएम फेलो' का काम

'सीएम फेलो' की भूमिका काफी अहम होगी। ये फेलो जिले के संसाधनों, निवेश के अवसरों और आर्थिक गतिविधियों का गहराई से विश्लेषण करेंगे। इसके आधार पर वे जिले के लिए विशेष विकास योजनाएं तैयार करेंगे। इसके साथ ही हर महीने प्रगति रिपोर्ट तैयार कर ऑनलाइन डैशबोर्ड पर अपलोड की जाएगी, जिससे सरकार को जमीनी स्तर पर हो रहे काम की सीधी जानकारी मिल सकेगी।

योग्यता और चयन प्रक्रिया

इन पदों के लिए उच्च शिक्षित और तकनीकी रूप से दक्ष युवाओं को प्राथमिकता दी जाएगी। आर्थिक विकास विशेषज्ञ के लिए अर्थशास्त्र, फाइनेंस या डेटा साइंस जैसे विषयों में परास्नातक या एमबीए आवश्यक होगा। वहीं डेटा विश्लेषक के लिए सांख्यिकी, बिजनेस एनालिटिक्स या संबंधित विषयों में उच्च शिक्षा जरूरी मानी जा रही है। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि चयनित उम्मीदवार डेटा आधारित निर्णय लेने में सक्षम हों।

युवाओं के लिए बड़ा अवसर

यह योजना युवाओं के लिए करियर के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। एक तरफ जहां उन्हें प्रशासनिक स्तर पर काम करने का अनुभव मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य के विकास में सीधा योगदान देने का मौका भी मिलेगा।

0 comments:

Post a Comment