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यूपी में यहां बिछेगी चौथी रेल लाइन, इन जिलों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल बाराबंकी-गोरखपुर रेलखंड पर अब चौथी रेलवे लाइन बिछाने की तैयारी तेज हो गई है। रेलवे ने इसके लिए आवश्यक सर्वेक्षण का कार्य पूरा कर लिया है और जल्द ही परियोजना पर काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और यात्रियों को बेहतर रेल सेवाएं मिल सकेंगी। फिलहाल चौथी लाइन बिछाने के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है। अब आगे की प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

पहली बार चार लाइनों वाला बनेगा रेल मार्ग

वर्तमान में इस महत्वपूर्ण रेलखंड पर ट्रेनों का दबाव लगातार बढ़ रहा है। इसी को देखते हुए रेलवे पहले से चल रहे तीसरी लाइन के निर्माण कार्य के साथ अब चौथी लाइन बिछाने की योजना पर भी आगे बढ़ रहा है। बुढ़वल से गोंडा कचेहरी तक तीसरी लाइन का निर्माण कार्य जारी है। इसके बाद इसी मार्ग पर चौथी लाइन भी विकसित की जाएगी। यह पहली बार होगा जब इस रेलखंड पर चार रेलवे लाइनें उपलब्ध होंगी।

किन जिलों को मिलेगा फायदा?

इस परियोजना का सीधा लाभ बाराबंकी, गोंडा, बहराइच क्षेत्र से जुड़े यात्रियों और गोरखपुर मंडल के लोगों को मिलेगा। इसके अलावा पूर्वांचल और तराई क्षेत्र के लाखों रेल यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की संभावना है। रेल मार्ग की क्षमता बढ़ने से लंबी दूरी की ट्रेनों के साथ-साथ मालगाड़ियों का संचालन भी अधिक व्यवस्थित तरीके से किया जा सकेगा।

रोजाना 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन

बाराबंकी-गोरखपुर रेलखंड पूर्वोत्तर रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। वर्तमान समय में इस रूट पर प्रतिदिन 100 से अधिक ट्रेनों का संचालन होता है। यात्रियों की बढ़ती संख्या और माल परिवहन की जरूरतों को देखते हुए रेलवे को अतिरिक्त लाइन की आवश्यकता महसूस हो रही थी। चौथी लाइन बनने के बाद ट्रैफिक दबाव काफी हद तक कम हो सकता है।

ट्रेनों की समयबद्धता में होगा सुधार

रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार नई लाइन तैयार होने के बाद ट्रेनों के क्रॉसिंग और ओवरटेकिंग में लगने वाला समय कम होगा। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों के संचालन को अलग-अलग तरीके से प्रबंधित करना आसान होगा, जिससे पूरे नेटवर्क की क्षमता बढ़ेगी।

8वें वेतन आयोग: 1800 से 4600 ग्रेड-पे वालों की क्या होगी नई सैलरी?

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों को लंबे समय से 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। आयोग के गठन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि नई सिफारिशों के लागू होने पर उनकी बेसिक सैलरी कितनी बढ़ सकती है। खासतौर पर 1800 से 4600 ग्रेड-पे (लेवल-1 से लेवल-7) के कर्मचारियों पर इसका सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुमान के अनुसार, यदि 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 1.92 रखा जाता है, तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा इजाफा होगा। वहीं कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुरूप यदि फिटमेंट फैक्टर 2.86 या उससे अधिक तय किया जाता है, तो वेतन वृद्धि और ज्यादा हो सकती है।

लेवल-1 से लेवल-7 तक की संभावित नई बेसिक सैलरी

लेवल-1: पुरानी बेसिक सैलरी ₹18,000, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹34,560 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹51,480।

लेवल-2: पुरानी बेसिक सैलरी ₹19,900, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹38,208 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹56,914।

लेवल-3: पुरानी बेसिक सैलरी ₹21,700, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹41,664 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹62,062।

लेवल-4: पुरानी बेसिक सैलरी ₹25,500, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹48,960 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹72,930।

लेवल-5: पुरानी बेसिक सैलरी ₹29,200, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹56,064 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹83,552।

लेवल-6: पुरानी बेसिक सैलरी ₹35,400, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹67,968 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹1,01,244।

लेवल-7: पुरानी बेसिक सैलरी ₹44,900, 1.92 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹86,208 और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर संभावित बेसिक ₹1,28,414।

महंगाई भत्ते (DA) का क्या होगा?

हर नए वेतन आयोग के लागू होने पर मौजूदा महंगाई भत्ते को मूल वेतन में समाहित कर दिया जाता है। इसके बाद DA की गणना फिर से शून्य प्रतिशत से शुरू होती है। यही कारण है कि नया वेतन लागू होने के शुरुआती समय में DA अलग से कम दिखाई देता है, लेकिन मूल वेतन बढ़ जाने से कुल वेतन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

8वां वेतन आयोग कब लागू हो सकता है?

सरकारी स्तर पर 8वें वेतन आयोग को लेकर प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। माना जा रहा है कि इसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2026 से प्रभावी मानी जा सकती हैं। हालांकि आयोग की रिपोर्ट, सरकारी मंजूरी और वित्तीय स्वीकृति के बाद कर्मचारियों को वास्तविक लाभ 2027 के शुरुआती महीनों में मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में कर्मचारियों को एरियर का लाभ भी मिल सकता है।

बिहार में बिजली चोरी पर बड़ा प्रहार! ट्रांसफार्मर से हर घर की निगरानी

पटना। बिहार में बिजली चोरी पर लगाम लगाने और बिजली वितरण व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए बिजली कंपनियों ने नई रणनीति तैयार की है। अब ट्रांसफार्मर से लेकर उपभोक्ता के घर तक बिजली की निगरानी की जाएगी। इसके लिए स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने वाली कंपनियों को अगले 10 वर्षों तक इनर्जी अकाउंटिंग की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।

क्या है इनर्जी अकाउंटिंग?

इनर्जी अकाउंटिंग एक ऐसी तकनीकी प्रक्रिया है जिसके माध्यम से किसी क्षेत्र में वितरित बिजली और उपभोक्ताओं द्वारा की गई वास्तविक खपत का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाता है। इसके तहत प्रत्येक पावर डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मर पर विशेष सिम आधारित उपकरण लगाए गए हैं। ये उपकरण ट्रांसफार्मर से निकलने वाली बिजली की जानकारी सीधे बिजली कंपनियों के केंद्रीय सर्वर तक भेजते हैं।

इसके बाद संबंधित क्षेत्र के सभी उपभोक्ताओं के बिजली उपयोग और बिलिंग डेटा का मिलान किया जाता है। यदि ट्रांसफार्मर से भेजी गई बिजली और उपभोक्ताओं की बिलिंग में बड़ा अंतर दिखाई देता है, तो उस क्षेत्र की जांच शुरू की जाती है।

स्मार्ट मीटर कंपनियों को नई जिम्मेदारी

जिस कंपनी ने किसी क्षेत्र में स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं, वही कंपनी अब वहां इनर्जी अकाउंटिंग का काम भी करेगी। कंपनियों को यह पता लगाना होगा कि ट्रांसफार्मर से जितनी बिजली आपूर्ति की जा रही है, उसके मुकाबले बिलिंग कम क्यों हो रही है। इसके लिए प्रत्येक उपभोक्ता की बिजली खपत, स्वीकृत लोड और बिलिंग पैटर्न का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा। विश्लेषण के बाद कंपनियां बिजली विभाग को रिपोर्ट सौंपेंगी, जिसमें संभावित गड़बड़ियों और बिजली चोरी के मामलों की जानकारी होगी।

बिजली चोरी की पहचान होगी आसान

नई प्रणाली के जरिए ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान की जा सकेगी जिनकी बिजली खपत अधिक है लेकिन बिल अपेक्षाकृत कम आ रहा है। इसके अलावा अवैध कनेक्शन, मीटर से छेड़छाड़ और अनधिकृत लोड उपयोग जैसे मामलों पर भी नजर रखी जाएगी। बिजली कंपनियों का मानना है कि तकनीक आधारित निगरानी से चोरी के मामलों को कम करने में काफी मदद मिलेगी और ईमानदारी से बिल भुगतान करने वाले उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा।

उपभोक्ताओं पर क्या होगा असर?

नई व्यवस्था का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा जो नियमित रूप से बिजली का उपयोग कर समय पर बिल भुगतान करते हैं। हालांकि, बिजली चोरी या अनियमित खपत करने वालों के लिए निगरानी और जांच की प्रक्रिया पहले से अधिक सख्त हो सकती है।

खुशखबरी की सौगात, बिहार में 273 पदों पर भर्ती, करें अप्लाई

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य बाल संरक्षण समिति ने मिशन वात्सल्य योजना के तहत विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती अभियान के माध्यम से कुल 273 रिक्त पदों को भरा जाएगा। 

खास बात यह है कि इन पदों के लिए 12वीं पास, स्नातक, पोस्ट ग्रेजुएट और विभिन्न प्रोफेशनल योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। राज्य सरकार की इस भर्ती प्रक्रिया से सामाजिक क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

किन-किन पदों पर होगी भर्ती?

भर्ती अभियान के तहत सुपरिटेंडेंट, नर्स, काउंसलर, सामाजिक कार्यकर्ता, अकाउंट्स से जुड़े पदों सहित कई अन्य श्रेणियों में नियुक्तियां की जाएंगी। इन पदों का उद्देश्य बाल संरक्षण और कल्याण योजनाओं को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाना है।

विभिन्न पदों के लिए शैक्षणिक योग्यता भी अलग-अलग निर्धारित की गई है। कुछ पदों पर इंटरमीडिएट (10+2) पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जबकि अन्य पदों के लिए सोशल वर्क, मनोविज्ञान, कानून, वाणिज्य या संबंधित विषयों में स्नातक एवं स्नातकोत्तर डिग्री आवश्यक है।

आयु सीमा क्या है?

भर्ती के लिए न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। वहीं अधिकतम आयु सीमा पद और आरक्षण श्रेणी के अनुसार अलग-अलग तय की गई है। सामान्य रूप से उम्मीदवारों की आयु 42 वर्ष तक हो सकती है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु में छूट भी मिलेगी।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित अभ्यर्थियों को पद के अनुसार आकर्षक वेतन दिया जाएगा। उपलब्ध जानकारी के अनुसार मासिक वेतन लगभग 18 हजार रुपये से लेकर 35,400 रुपये तक निर्धारित किया गया है। कुछ पदों पर अनुभव और जिम्मेदारी के आधार पर वेतनमान अलग हो सकता है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

भर्ती अधिसूचना जारी: 29 अप्रैल 2026

ऑनलाइन आवेदन शुरू: 11 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 31 मई 2026

बिहार में कॉलेज छात्रों के लिए खुशखबरी, ये नई व्यवस्था होगी लागू

पटना। बिहार के लाखों कॉलेज और विश्वविद्यालय छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य के विश्वविद्यालयों में लंबे समय से सत्र में देरी, परीक्षा परिणामों के इंतजार और शैक्षणिक असमानता जैसी समस्याओं को दूर करने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को एक समान शैक्षणिक कैलेंडर का पालन करना होगा।

राज्यपाल एवं कुलाधिपति के निर्देश के बाद विश्वविद्यालयों को स्पष्ट रूप से कहा गया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र से पढ़ाई, परीक्षा, मूल्यांकन और रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया तय समयसीमा के भीतर पूरी की जाए। इसका उद्देश्य छात्रों को समय पर डिग्री उपलब्ध कराना और उच्च शिक्षा व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित बनाना है।

समय पर होंगे परीक्षा और रिजल्ट

नई व्यवस्था के तहत सभी विश्वविद्यालयों को निर्धारित शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार कक्षाएं, सेमेस्टर परीक्षाएं और परिणाम घोषित करने होंगे। इससे छात्रों को वर्षों तक रिजल्ट का इंतजार नहीं करना पड़ेगा और उनका शैक्षणिक सत्र भी नियमित रहेगा।

पूरे राज्य में होगी एक जैसी व्यवस्था

अब बिहार के विभिन्न विश्वविद्यालयों में अलग-अलग शैक्षणिक कार्यक्रमों की बजाय एक समान कैलेंडर लागू किया जाएगा। इससे राज्य के सभी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पढ़ाई और परीक्षा का ढांचा एक जैसा होगा। इस कदम से विश्वविद्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और छात्रों को संस्थान बदलने या अन्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने के दौरान कम कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

नई शिक्षा नीति को मिलेगा बढ़ावा

यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के लक्ष्यों को लागू करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। नई व्यवस्था से छात्रों को अधिक शैक्षणिक लचीलापन मिलेगा और शिक्षा प्रणाली को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाया जा सकेगा। विशेष रूप से "मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम" को प्रभावी बनाने में यह निर्णय अहम भूमिका निभाएगा।

कॉलेज संबद्धता प्रक्रिया पर भी सख्ती

विश्वविद्यालयों को कॉलेजों की संबद्धता से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी तय समयसीमा में पूरा करने का निर्देश दिया गया है। इसके लिए 15 सितंबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। यदि कोई विश्वविद्यालय तय समय पर आवश्यक कार्य पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही इसकी जवाबदेही भी तय की जाएगी।

यूपी सरकार की जबरदस्त योजना, किसानों के लिए जानना जरूरी!

लखनऊ। खेती-किसानी के दौरान किसानों को कई तरह के जोखिमों का सामना करना पड़ता है। कभी खेत में काम करते समय दुर्घटना हो जाती है तो कभी प्राकृतिक आपदाएं भारी नुकसान पहुंचा देती हैं। ऐसे समय में किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े, इसके लिए उत्तर प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का संचालन कर रही है।

यह योजना दुर्घटना की स्थिति में किसानों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करती है। खास बात यह है कि इसका लाभ केवल भूमिधर किसानों तक सीमित नहीं है, बल्कि खेती से जुड़े अन्य पात्र लोगों को भी दिया जाता है।

किन लोगों को मिलता है योजना का लाभ?

इस योजना का लाभ केवल जमीन के मालिक किसानों तक सीमित नहीं है। प्रदेश सरकार ने इसके दायरे को बढ़ाते हुए बटाईदार किसानों, पट्टेदार किसानों और किसान परिवार के उन वयस्क सदस्यों को भी शामिल किया है जो खेती से जुड़े हुए हैं। योजना के तहत लाभ पाने के लिए आवेदक की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

दुर्घटना में कितनी मिलती है सहायता?

मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत दुर्घटना की गंभीरता के आधार पर अलग-अलग आर्थिक सहायता दी जाती है।

दुर्घटना में मृत्यु होने पर: 5 लाख रुपये

एक हाथ और एक पैर की स्थायी क्षति पर: 2 से 3 लाख रुपये तक

दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों की स्थायी क्षति पर: 5 लाख रुपये

एक आंख की दृष्टि समाप्त होने या गंभीर स्थायी विकलांगता पर: 5 लाख रुपये तक

25% से अधिक और 50% से कम दिव्यांगता होने पर: 1 लाख से 2 लाख रुपये तक की सहायता

यह राशि सीधे लाभार्थी या उसके परिवार के बैंक खाते में भेजी जाती है।

किन दुर्घटनाओं को किया गया है शामिल?

योजना का दायरा काफी व्यापक रखा गया है। इसमें केवल सड़क हादसे ही नहीं, बल्कि ग्रामीण और कृषि कार्यों के दौरान होने वाली कई अन्य दुर्घटनाएं भी शामिल हैं। योजना के तहत निम्न घटनाओं में सहायता मिल सकती है: बिजली गिरना, करंट लगना, बाढ़ में बह जाना, आग लगने की घटना, कुएं या गड्ढे में गिरना, सांप या जहरीले जीव के काटने से दुर्घटना, जंगली जानवरों के हमले, यात्रा के दौरान दुर्घटना, कुछ विशेष परिस्थितियों में हत्या या हिंसक हमले की घटनाएं।

ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों सुविधा

सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प उपलब्ध कराए हैं। किसान घर बैठे ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जिन लोगों को ऑनलाइन प्रक्रिया में कठिनाई होती है, वे आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपनी तहसील या संबंधित कार्यालय में जाकर ऑफलाइन आवेदन भी जमा कर सकते हैं।

लिवर रहेगा 100% फिट! रोज खाएं ये 4 चीजें, बीमारियां रहेंगी कोसों दूर

हेल्थ डेस्क। आजकल खराब खानपान, फास्ट फूड, तनाव और अनियमित जीवनशैली के कारण लिवर से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। फैटी लिवर, लिवर में सूजन और पाचन संबंधी परेशानियां अब कम उम्र के लोगों में भी देखने को मिल रही हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते खानपान पर ध्यान दिया जाए तो लिवर को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।

कुछ प्राकृतिक खाद्य पदार्थ ऐसे हैं जो लिवर की कार्यक्षमता को बेहतर बनाने और शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं ऐसी 4 चीजों के बारे में जिन्हें रोजाना की डाइट में शामिल करके लिवर को स्वस्थ रखने में मदद मिल सकती है।

1. आंवला

आंवला विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट्स का बेहतरीन स्रोत माना जाता है। यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के साथ-साथ लिवर की कार्यक्षमता को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। नियमित रूप से आंवला या उसका जूस लेने से शरीर में जमा हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने में सहायता मिल सकती है।

2. हल्दी

भारतीय रसोई में आसानी से मिलने वाली हल्दी औषधीय गुणों से भरपूर होती है। इसमें मौजूद करक्यूमिन नामक तत्व लिवर को ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाने में मदद कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार सीमित मात्रा में हल्दी का सेवन लिवर की सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है।

3. हरी पत्तेदार सब्जियां

पालक, मेथी, सरसों और अन्य हरी पत्तेदार सब्जियां पोषक तत्वों से भरपूर होती हैं। इनमें मौजूद विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स शरीर की सफाई प्रक्रिया को बेहतर बनाते हैं। नियमित सेवन से लिवर पर अतिरिक्त दबाव कम हो सकता है और पाचन तंत्र भी मजबूत रहता है।

4. अखरोट का सेवन करें

अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड और कई आवश्यक पोषक तत्व पाए जाते हैं। यह लिवर के स्वास्थ्य को बनाए रखने में मदद कर सकता है। रोजाना सीमित मात्रा में अखरोट खाने से शरीर को आवश्यक स्वस्थ वसा मिलती है, जो लिवर की कार्यप्रणाली के लिए फायदेमंद मानी जाती है।

इन बातों का भी रखें ध्यान

केवल अच्छी चीजें खाने से ही लिवर स्वस्थ नहीं रहता, बल्कि कुछ आदतों से बचना भी जरूरी है। अत्यधिक तला-भुना भोजन, जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ और धूम्रपान जैसी आदतें लिवर को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसके अलावा पर्याप्त पानी पीना, नियमित व्यायाम करना और वजन नियंत्रित रखना भी जरूरी है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खबर, 15 जून तक है मौका!

नई दिल्ली। देश के करोड़ों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। आयोग ने कर्मचारी संगठनों और यूनियनों को अपनी मांगें और सुझाव प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देते हुए मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब संबंधित संगठन 15 जून 2026 तक अपने प्रस्ताव आयोग को भेज सकेंगे।

यह फैसला उन संगठनों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है जो निर्धारित समय सीमा के भीतर अपने सुझाव जमा नहीं कर पाए थे। आयोग ने स्पष्ट किया है कि बढ़ाई गई यह समय सीमा अंतिम होगी और इसके बाद किसी प्रकार का विस्तार नहीं दिया जाएगा।

जुलाई में कोलकाता में होगी महत्वपूर्ण बैठक

8वें वेतन आयोग ने जानकारी दी है कि 9 और 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में दो दिवसीय बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का उद्देश्य विभिन्न कर्मचारी संगठनों, यूनियनों और प्रतिनिधियों से सीधे संवाद करना है ताकि वेतन, भत्तों और सेवा शर्तों से जुड़े मुद्दों पर उनकी राय ली जा सके। आयोग का मानना है कि कर्मचारियों के सुझावों को समझकर ही ऐसी सिफारिशें तैयार की जा सकती हैं जो भविष्य की जरूरतों और वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप हों।

बैठक में शामिल होने के लिए क्या है प्रक्रिया?

जो संगठन आयोग के समक्ष अपनी बात रखना चाहते हैं, उन्हें पहले आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपना मेमोरेंडम जमा करना होगा। आवेदन के बाद प्राप्त होने वाली यूनिक मेमो आईडी को सुरक्षित रखना आवश्यक होगा, क्योंकि इसी के आधार पर बैठक में भागीदारी की अनुमति दी जाएगी। आयोग ने साफ किया है कि बिना मेमो आईडी के किसी भी संगठन या प्रतिनिधि को बैठक में शामिल नहीं किया जाएगा।

ऑनलाइन माध्यम से ही होंगे आवेदन

आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल रखा है। सभी मेमोरेंडम केवल आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। ईमेल, ऑफलाइन दस्तावेज या पीडीएफ फॉर्मेट में भेजे गए प्रस्तावों पर विचार नहीं किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है ताकि सभी सुझावों का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।

कर्मचारियों और पेंशनर्स की निगाहें

8वें वेतन आयोग की सिफारिशों का असर देश के लगभग 49 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 67 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ने की संभावना है। लंबे समय से कर्मचारी संगठनों द्वारा न्यूनतम मूल वेतन में वृद्धि, बेहतर फिटमेंट फैक्टर और अन्य वित्तीय लाभों की मांग की जा रही है। रेलवे, रक्षा, डाक, केंद्रीय मंत्रालयों और विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी आयोग की अंतिम सिफारिशों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।

2 जून को गुरु कर्क राशि में गोचर, इन 5 राशियों के आएंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष में गुरु ग्रह को ज्ञान, धन, भाग्य, शिक्षा और समृद्धि का कारक माना जाता है। जब गुरु अपनी राशि बदलते हैं तो इसका प्रभाव सभी 12 राशियों पर पड़ता है। 2 जून को गुरु ग्रह कर्क राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में कर्क राशि को गुरु की उच्च राशि माना जाता है, इसलिए इस गोचर को विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है।

गुरु के कर्क राशि में प्रवेश से कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। करियर, व्यापार, शिक्षा, आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन में लाभ के योग बनेंगे। आइए जानते हैं उन 5 राशियों के बारे में जिनके लिए यह गोचर सबसे अधिक शुभ साबित हो सकता है।

मेष राशि

गुरु का गोचर मेष राशि के जातकों के लिए सुख-सुविधाओं में वृद्धि का संकेत दे सकता है। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा और घर-परिवार से जुड़ी कोई बड़ी इच्छा पूरी हो सकती है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने के साथ पदोन्नति के अवसर प्राप्त हो सकते हैं। संपत्ति और वाहन संबंधी मामलों में भी सफलता मिलने के संकेत हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के लोगों के लिए यह गोचर आर्थिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छा लाभ मिल सकता है। निवेश के मामलों में भी सकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गुरु का यह परिवर्तन भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और कार्यक्षेत्र में सम्मान बढ़ सकता है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को सफलता मिलने के योग बन रहे हैं। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में भी लाभ मिलने की संभावना है।

वृश्चिक राशि

गुरु का गोचर वृश्चिक राशि वालों के लिए भाग्योदय का संकेत दे सकता है। रुके हुए कार्य पूरे होने लगेंगे और जीवन में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में प्रगति के योग हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है तथा समाज में प्रतिष्ठा मजबूत हो सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के लिए विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। शिक्षा, करियर और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों और वैवाहिक जीवन में मधुरता बढ़ेगी। रचनात्मक कार्यों से जुड़े लोगों को नई उपलब्धियां प्राप्त हो सकती हैं।

किसानों की बल्ले-बल्ले! कल से केंद्र सरकार का नया अभियान, गांव-गांव पहुंचेगा फायदा

नई दिल्ली। देश के किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत कम करने और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से केंद्र सरकार 1 जून से एक बड़े राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत करने जा रही है। "खेत बचाओ अभियान" नाम से चलाया जाने वाला यह विशेष कार्यक्रम 30 जून 2026 तक पूरे देश में संचालित होगा। इस दौरान कृषि वैज्ञानिक, कृषि विभाग के अधिकारी और विशेषज्ञ सीधे गांवों में पहुंचकर किसानों को आधुनिक और टिकाऊ खेती की जानकारी देंगे।

खेती को लाभकारी बनाने पर जोर

सरकार का मानना है कि बढ़ती उत्पादन लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता किसानों के सामने बड़ी चुनौती बन चुकी है। इसी को ध्यान में रखते हुए अभियान के दौरान किसानों को संतुलित उर्वरक उपयोग, जैविक खेती और प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन के बारे में जागरूक किया जाएगा।

मौसम के अनुसार खेती की सलाह

बदलते मौसम और जलवायु संबंधी चुनौतियों को देखते हुए अभियान में किसानों को फसल चयन और खेती की रणनीति पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाएगा। वैज्ञानिक खेतों तक पहुंचकर बताएंगे कि वर्तमान परिस्थितियों में कौन-सी फसल अधिक लाभकारी हो सकती है और कम पानी में खेती के कौन-कौन से विकल्प उपलब्ध हैं।

योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर फोकस

अभियान के दौरान उन किसानों की पहचान भी की जाएगी जो अभी तक विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाए हैं। ऐसे किसानों को पीएम-किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) और अन्य कृषि कल्याण योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। पंचायत स्तर पर कृषि यंत्रों और तकनीकी सुविधाओं की जानकारी देकर किसानों को आधुनिक खेती की ओर प्रोत्साहित किया जाएगा।

पुरे देशभर में तैनात होंगी हजारों टीमें

इस अभियान को सफल बनाने के लिए कृषि विज्ञान केंद्रों को प्रमुख जिम्मेदारी सौंपी गई है। देशभर में 1650 से अधिक टीमें गांवों का दौरा करेंगी और किसानों से सीधे संवाद करेंगी। विशेष रूप से उन जिलों पर अधिक ध्यान दिया जाएगा जहां रासायनिक उर्वरकों का उपयोग अत्यधिक है। वहां विशेषज्ञ टीमें किसानों को संतुलित खेती और मिट्टी संरक्षण के उपायों की जानकारी देंगी।

सीएम सम्राट देंगे सौगात: इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के शेखपुरा जिले के लिए 2 जून का दिन विकास के लिहाज से बेहद खास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जिले को करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देने जा रहे हैं। प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत जिले में लगभग 45 करोड़ रुपये की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इससे स्थानीय लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास को भी नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

बरबीघा प्रखंड के सामस बुजुर्ग पंचायत सरकार भवन में आयोजित होने वाले सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं की शुरुआत करेंगे। प्रशासनिक स्तर पर कार्यक्रम की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं और पूरे जिले की निगाहें इस कार्यक्रम पर टिकी हुई हैं।

चेवाड़ा प्रखंड भवन बनेगा विकास का नया केंद्र

कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण परियोजनाओं में चेवाड़ा प्रखंड भवन का निर्माण शामिल है। करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस भवन का शिलान्यास मुख्यमंत्री करेंगे। लंबे समय से इस परियोजना की मांग की जा रही थी। भवन बनने के बाद लोगों को प्रशासनिक कार्यों के लिए बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

कई जनहित योजनाओं को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री द्वारा लगभग 15 करोड़ रुपये की अन्य विकास योजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया जाएगा। इन योजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में आधारभूत ढांचे को मजबूत करना, सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि इन परियोजनाओं से रोजगार और सुविधाओं दोनों में सुधार होगा।

जनता से सीधा संवाद करेंगे मुख्यमंत्री

सहयोग शिविर के दौरान मुख्यमंत्री आम नागरिकों से सीधे बातचीत भी करेंगे। लोग अपनी समस्याएं, सुझाव और शिकायतें उनके सामने रख सकेंगे। कार्यक्रम में संबंधित अधिकारियों को भी मौजूद रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

सरकारी योजनाओं की देंगे जानकारी

कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों तक पहुंचाई जाएगी। सरकार का प्रयास है कि अधिक से अधिक पात्र लोगों को योजनाओं का लाभ मिल सके और सरकारी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचें।

बृहस्पति का महागोचर! 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और सफलता के नए रास्ते

राशिफल। ज्योतिष में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, धन, भाग्य, शिक्षा और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है। 2 जून 2026 को बृहस्पति अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर रहे हैं। इस महत्वपूर्ण गोचर के साथ ही अत्यंत शुभ हंस राजयोग का निर्माण होगा, जिसे पंचमहापुरुष योगों में विशेष स्थान प्राप्त है। 

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार यह योग कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। बृहस्पति का यह गोचर करियर, आर्थिक स्थिति, शिक्षा, वैवाहिक जीवन और सामाजिक प्रतिष्ठा पर व्यापक प्रभाव डाल सकता है। विशेष रूप से चार राशियों के लिए यह समय उपलब्धियों और प्रगति का संकेत माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का यह गोचर शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। परिवार और करियर दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां और पदोन्नति के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए निवेश और विस्तार का लाभ मिलने की संभावना है। संपत्ति या वाहन खरीदने की योजना भी सफल हो सकती है। पारिवारिक वातावरण सुखद रहने के संकेत हैं।

कर्क राशि

बृहस्पति का गोचर कर्क राशि में ही होने जा रहा है, इसलिए इस राशि के लोगों को इसका विशेष लाभ मिल सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और लंबे समय से रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बनेगी। नौकरी में सम्मान और पहचान बढ़ सकती है। व्यवसाय में नई साझेदारियां लाभकारी साबित हो सकती हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और बचत बढ़ने के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों को भी शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि वालों के लिए यह गोचर भाग्य को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को सफलता मिलने की संभावना है। विदेश यात्रा या विदेश से जुड़े कार्यों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रुचि बढ़ सकती है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए बृहस्पति का गोचर अत्यंत शुभ माना जा रहा है। यह समय रचनात्मक कार्यों, शिक्षा, निवेश और करियर के लिए अनुकूल रह सकता है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ने के संकेत हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में मधुरता आएगी। संतान पक्ष से कोई सुखद समाचार मिलने की संभावना भी बन रही है। आर्थिक स्थिति में मजबूती आने से भविष्य की योजनाओं को गति मिल सकती है।

खुशखबरी! DRDO में 33 पदों पर निकली भर्ती, आवेदन शुरू

नई दिल्ली। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में नौकरी का सपना देख रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। DRDO के भर्ती एवं मूल्यांकन केंद्र (RAC) ने वैज्ञानिक पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 33 पदों पर योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। 

इच्छुक अभ्यर्थी निर्धारित तिथि के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती नियमित आधार पर लेटरल रिक्रूटमेंट स्कीम के तहत की जा रही है, जिससे अनुभवी और योग्य उम्मीदवारों को देश के प्रतिष्ठित रक्षा अनुसंधान संस्थान में काम करने का अवसर मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

भर्ती प्रक्रिया के तहत वैज्ञानिक ई (Scientist E), वैज्ञानिक डी (Scientist D) और वैज्ञानिक सी (Scientist C) के पदों को भरा जाएगा। ये पद इंजीनियरिंग और विज्ञान की विभिन्न शाखाओं से संबंधित हैं। चयनित उम्मीदवारों को रक्षा अनुसंधान एवं विकास सेवा (DRDS) कैडर में नियुक्त किया जाएगा।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 19 जून 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।

आकर्षक वेतन का लाभ

चयनित उम्मीदवारों को पद के अनुसार आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा।

वैज्ञानिक ई : ₹1,23,100 मूल वेतन (लेवल-13)

वैज्ञानिक डी : ₹78,800 मूल वेतन (लेवल-12)

वैज्ञानिक सी : ₹67,700 मूल वेतन (लेवल-11)

इसके अलावा केंद्र सरकार के नियमों के अनुसार अन्य भत्तों और सुविधाओं का लाभ भी मिलेगा।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

देश की रक्षा तकनीक और अनुसंधान से जुड़कर काम करने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए यह भर्ती एक बड़ा अवसर मानी जा रही है। बेहतर वेतन, प्रतिष्ठित कार्य वातावरण और भविष्य में उन्नति की संभावनाओं के कारण यह भर्ती खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, लाखों लोगों के लिए 1 नई खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने आम लोगों की सुविधा के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यदि किसी व्यक्ति का बैंक खाता, बीमा दावा, शेयर, म्यूचुअल फंड या अन्य वित्तीय संपत्ति वर्षों से बिना दावे के पड़ी है, तो अब उसकी जानकारी प्राप्त करना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 

आपको बता दें की वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने इसके लिए एक नया ऑनलाइन वेबसाइट पोर्टल https://www.unclaimedassetsportal.in  शुरू किया है, जिससे लोग अपनी भूली हुई वित्तीय संपत्तियों का पता एक ही जगह से लगा सकेंगे।

एक ही मंच पर मिलेगी पूरी जानकारी

अक्सर ऐसा देखा जाता है कि लोगों के बैंक खातों, बीमा पॉलिसियों, शेयरों या म्यूचुअल फंड में जमा राशि की जानकारी समय के साथ खो जाती है। कई बार खाताधारक के निधन, पते में बदलाव या दस्तावेजों की कमी के कारण परिवार के सदस्य भी इन संपत्तियों तक नहीं पहुंच पाते। नई व्यवस्था का उद्देश्य ऐसे लोगों को उनकी वैध संपत्ति से दोबारा जोड़ना है।

किन-किन संपत्तियों की होगी खोज?

इस सुविधा के तहत लोग बैंक जमा राशि, बीमा दावे, शेयरों से जुड़ी रकम, लाभांश (डिविडेंड) और म्यूचुअल फंड निवेश जैसी वित्तीय संपत्तियों की जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि इससे करोड़ों रुपये की ऐसी राशि को उसके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी, जो लंबे समय से बिना दावा किए पड़ी हुई है।

प्रक्रिया होगी आसान और पारदर्शी

वित्तीय सेवा विभाग के अनुसार नई व्यवस्था को नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य वित्तीय संपत्तियों की खोज को अधिक सरल, तेज और पारदर्शी बनाना है। ऑनलाइन माध्यम से जानकारी मिलने से लोगों का समय बचेगा और प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान का हिस्सा

यह पहल केंद्र सरकार के ‘आपकी पूंजी, आपका अधिकार’ अभियान के तहत शुरू की गई है। इस अभियान का मकसद लोगों को उनकी वित्तीय संपत्तियों के प्रति जागरूक करना और बिना दावे वाली राशि को उसके सही हकदार तक पहुंचाना है।

यूपी में B.Pharm पास युवाओं के लिए भर्ती, सैलरी 27 हजार

रायबरेली। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार की एक अच्छी खबर सामने आई है। रायबरेली स्थित राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (NIPER) ने टेक्निकल असिस्टेंट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इस भर्ती के माध्यम से कुल 5 पद भरे जाएंगे। 

खास बात यह है कि चयनित अभ्यर्थियों को हर महीने 27 हजार रुपये तक का वेतन दिया जाएगा। संस्थान द्वारा जारी सूचना के अनुसार आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और इच्छुक उम्मीदवार 21 जून 2026 तक आवेदन भेज सकते हैं। यह नियुक्ति संविदा (कॉन्ट्रैक्ट) आधार पर की जाएगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन पदों के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से प्रथम श्रेणी में बी.फार्म (B.Pharm) की डिग्री होना अनिवार्य है। भर्ती के लिए अधिकतम आयु सीमा 35 वर्ष निर्धारित की गई है। निर्धारित योग्यता और अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी आवेदन के पात्र होंगे।

कितनी मिलेगी सैलरी?

चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह 27,000 रुपये का मानदेय दिया जाएगा। यह नियुक्ति संविदा आधारित होगी, लेकिन फार्मास्यूटिकल और रिसर्च क्षेत्र में अनुभव प्राप्त करने के लिए यह अवसर काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

आवेदन की अंतिम तिथि

उम्मीदवारों को अपना आवेदन ई-मेल के माध्यम से निर्धारित प्रारूप में भेजना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 21 जून 2026 तय की गई है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

युवाओं के लिए बेहतर अवसर

फार्मेसी क्षेत्र में करियर बनाने वाले युवाओं के लिए यह भर्ती एक अच्छा मौका साबित हो सकती है। प्रतिष्ठित संस्थान में काम करने का अनुभव भविष्य में उच्च पदों और बेहतर रोजगार अवसरों के लिए भी लाभदायक हो सकता है। ऐसे में योग्य उम्मीदवारों को समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लेनी चाहिए।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! 8वें वेतन आयोग का बड़ा ऐलान

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने कर्मचारियों, पेंशनर्स और विभिन्न संगठनों को अपनी मांगें और सुझाव भेजने के लिए अतिरिक्त समय देने का फैसला किया है। आयोग ने मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दी है, जिससे उन लोगों को बड़ा मौका मिल गया है जो अब तक अपने सुझाव दर्ज नहीं करा सके थे।

आयोग की ओर से यह समयसीमा दूसरी बार बढ़ाई गई है। इससे पहले आवेदन और सुझाव भेजने की अंतिम तिथि 31 मई निर्धारित थी। आयोग का कहना है कि अधिक से अधिक हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए यह फैसला लिया गया है। हालांकि स्पष्ट किया गया है कि 15 जून के बाद किसी प्रकार का अतिरिक्त समय नहीं दिया जाएगा।

कर्मचारियों से सीधे लिए जा रहे सुझाव

8वें वेतन आयोग का उद्देश्य केवल वेतन संरचना की समीक्षा करना नहीं है, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की वास्तविक जरूरतों को समझकर व्यापक सिफारिशें तैयार करना भी है। इसी वजह से आयोग ने ऑनलाइन माध्यम से सुझाव आमंत्रित किए हैं, ताकि कर्मचारी वेतन, भत्तों, सुविधाओं और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय सीधे आयोग तक पहुंचा सकें।

कई राज्यों का दौरा करेगा आयोग

आयोग देश के अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर भी कर्मचारियों और संबंधित पक्षों से चर्चा कर रहा है। इसी क्रम में जून और जुलाई के दौरान कई महत्वपूर्ण बैठकों का कार्यक्रम तय किया गया है। इन बैठकों में सरकारी विभागों, कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स के प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे।

क्या-क्या करेगा 8वां वेतन आयोग?

8वें वेतन आयोग को केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के वेतन ढांचे की समीक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। आयोग महंगाई, आर्थिक स्थिति, सरकारी वित्तीय संसाधनों, पेंशन संबंधी खर्च, राज्यों पर पड़ने वाले प्रभाव और मौजूदा वेतन संरचना जैसे कई पहलुओं का अध्ययन करेगा। इसके आधार पर आयोग अपनी सिफारिशें तैयार करेगा, जिनके जरिए भविष्य में वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

सोमवार को बनेगा 'सिद्ध योग', इन 5 राशियों को जबरदस्त लाभ, खुलेंगे तरक्की के रास्ते

राशिफल। 1 जून 2026, सोमवार का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से विशेष माना जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस दिन सिद्ध योग का निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सिद्ध योग को अत्यंत शुभ और सफलता प्रदान करने वाला योग माना जाता है। मान्यता है कि इस योग में किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना बढ़ जाती है और कई लोगों के लिए नए अवसरों के द्वार खुलते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए सिद्ध योग सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत हो सकती है और आत्मविश्वास में वृद्धि देखने को मिलेगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग मान-सम्मान और प्रगति का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों का अच्छा परिणाम मिल सकता है। पदोन्नति या नई उपलब्धि की संभावना बन सकती है। कारोबार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं। परिवार में सुखद वातावरण रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए सिद्ध योग लाभकारी साबित हो सकता है। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। नौकरी में नई जिम्मेदारियां या बेहतर अवसर प्राप्त हो सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होगा और आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। पारिवारिक जीवन में भी संतुलन और खुशी बनी रह सकती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय तरक्की और उपलब्धियों का माना जा रहा है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को अच्छी खबर मिल सकती है। व्यापार में नए संपर्क लाभ पहुंचा सकते हैं। धन संबंधी मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है।

मकर राशि

मकर राशि के लिए सिद्ध योग सफलता और स्थिरता लेकर आ सकता है। लंबे समय से चल रही योजनाओं में प्रगति होगी। नौकरी और व्यवसाय दोनों क्षेत्रों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और परिवार का सहयोग मिलेगा। संपत्ति या निवेश से जुड़े मामलों में भी लाभ के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

बिहार में बदलेगा मौसम: 19 जिलों के लिए अलर्ट जारी

पटना। बिहार के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में मौसम अचानक बदल सकता है। मौसम विभाग ने राज्य के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई है। विभाग का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार राज्य में फिलहाल प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं। इसी वजह से दिन के समय गर्मी और उमस बनी हुई है, जबकि शाम के समय बादल छाने, तेज हवा चलने और बारिश होने की स्थिति बन रही है। अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई जिलों में इसी तरह का मौसम बना रह सकता है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

विभाग ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम के दौरान बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को खुले मैदानों, खेतों, ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। विशेष रूप से किसानों और बाहर काम करने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पश्चिमी विक्षोभ का बड़ा असर

मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय परिस्थितियों के कारण देखने को मिल रहा है। दक्षिण और मध्य बिहार के कुछ हिस्सों में बादलों की सक्रियता बढ़ी है, जिससे बारिश की संभावना बनी हुई है।

अभी राहत, फिर बढ़ेगी गर्मी

बारिश और बादलों की वजह से लोगों को फिलहाल गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन यह राहत लंबे समय तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार 2 जून के बाद तापमान में फिर बढ़ोतरी शुरू हो सकती है। कई जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर जाने की संभावना है।

मानसून को लेकर उम्मीद

मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसमी परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो जून के मध्य तक बिहार में मानसून दस्तक दे सकता है। किसानों और आम लोगों की नजर अब मानसून की प्रगति पर टिकी हुई है, क्योंकि अच्छी बारिश से खेती-किसानी को बड़ा लाभ मिलेगा।

बिहार में 'शिक्षकों' के लिए नया फरमान, आदेश हुआ जारी

पटना। बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत उन शिक्षकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है, जो किसी कारणवश निर्धारित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके थे। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने ऐसे शिक्षकों को दोबारा प्रशिक्षण लेने का अवसर प्रदान करने का फैसला किया है। इसके लिए नया निर्देश जारी करते हुए 1 जून से प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने को कहा गया है।

कई शिक्षक रह गए थे प्रशिक्षण से वंचित

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान आयोजित विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों में कुछ शिक्षक भाग नहीं ले पाए थे। इसके पीछे कई कारण रहे, जिनमें चुनावी कार्यों में ड्यूटी, स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं और अन्य अपरिहार्य परिस्थितियां शामिल थीं। ऐसे शिक्षकों के लिए अब विशेष व्यवस्था की गई है ताकि उनका प्रशिक्षण अधूरा न रह जाए।

1 जून से शुरू होगी प्रशिक्षण प्रक्रिया

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार पात्र शिक्षकों को 1 जून से संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होना होगा। इससे वे अपनी लंबित प्रशिक्षण प्रक्रिया को पूरा कर सकेंगे और भविष्य की शैक्षणिक गतिविधियों के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकेंगे।

आवंटित केंद्र पर पहुंचना होगा

परिषद ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को उनके लिए निर्धारित प्रशिक्षण संस्थान में उपस्थित होना अनिवार्य होगा। संबंधित संस्थानों में प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था की गई है ताकि सभी पात्र शिक्षक इसका लाभ उठा सकें।

नए सत्र में मिलेगी प्राथमिकता

शिक्षा विभाग ने यह भी तय किया है कि जिन शिक्षकों का प्रशिक्षण अधूरा रह गया था, उन्हें आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्राथमिकता के आधार पर प्रशिक्षण पूरा कराया जाएगा। इससे किसी भी शिक्षक के पेशेवर विकास पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।

खुशखबरी लेकर आई सरकार! यूपी में 1182 पदों पर नई भर्ती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने गन्ना पर्यवेक्षक (Sugarcane Supervisor) के 1182 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। लंबे समय से भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के लिए यह सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अनुसार भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया 7 जुलाई 2026 से शुरू होगी, जबकि उम्मीदवार 28 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

1182 पदों पर होगी भर्ती

यह भर्ती गन्ना संस्थान और चीनी संस्थान के अंतर्गत गन्ना पर्यवेक्षक पदों के लिए आयोजित की जा रही है। प्रदेशभर में कुल 1182 रिक्त पदों को भरा जाएगा। बड़ी संख्या में पद होने के कारण लाखों अभ्यर्थियों के आवेदन करने की संभावना है।

कौन कर सकता है आवेदन?

भर्ती के लिए उम्मीदवार का विज्ञान वर्ग (B.Sc) से स्नातक होना आवश्यक है। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास UPSSSC PET-2025 का वैध स्कोर कार्ड होना भी अनिवार्य होगा। अधिक जानकारी के लिए नोटिश को पढ़ें।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

ऑनलाइन आवेदन शुरू : 7 जुलाई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि : 28 जुलाई 2026

युवाओं के लिए क्यों खास है यह भर्ती?

गन्ना पर्यवेक्षक का पद उत्तर प्रदेश के कृषि और चीनी उद्योग से जुड़े महत्वपूर्ण पदों में गिना जाता है। चयनित अभ्यर्थियों को किसानों, गन्ना समितियों और चीनी मिलों के बीच समन्वय स्थापित करने सहित कई प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभानी होती हैं। अच्छी वेतन व्यवस्था और सरकारी सेवा का लाभ मिलने के कारण यह पद युवाओं के बीच काफी लोकप्रिय माना जाता है।

बिहार में प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ एक्शन शुरू, विभाग का आदेश

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के निजी स्कूलों की व्यवस्था को लेकर बड़ा कदम उठाया है। मान्यता प्राप्त प्राइवेट स्कूलों में निर्धारित नियमों और मानकों के पालन की जांच के लिए पूरे राज्य में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। यह सघन जांच अभियान 1 जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगा। 

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि निजी विद्यालय शिक्षा विभाग द्वारा तय किए गए सभी मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं। नई सरकार के गठन के बाद शिक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई दे रही है। इसी क्रम में शिक्षा विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

राज्य में एक महीने तक होगी व्यापक जांच

शिक्षा विभाग के निर्देश के अनुसार राज्य के सभी जिलों में संचालित मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्यालय मान्यता प्राप्त करने के समय निर्धारित शर्तों और नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं। जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारी विद्यालयों में पहुंचकर आधारभूत सुविधाओं, शिक्षण व्यवस्था, भवन, सुरक्षा मानकों और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा करेंगे।

मान्यता की शर्तों पर रहेगा विशेष फोकस

निजी विद्यालयों को मान्यता विभिन्न शर्तों के आधार पर सीमित अवधि के लिए प्रदान की जाती है। निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद विद्यालयों को नवीनीकरण की प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। सरकार अब यह जांच करेगी कि मान्यता मिलने के बाद भी विद्यालय उन मानकों को बनाए हुए हैं या नहीं। इसके साथ ही शिक्षा का अधिकार अधिनियम और राज्य सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की जाएगी।

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

शिक्षा विभाग ने सभी प्रमंडलीय आयुक्तों से कहा है कि वे अपने क्षेत्र के जिलाधिकारियों, उप विकास आयुक्तों, अनुमंडल पदाधिकारियों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों, प्रखंड विकास पदाधिकारियों और अन्य संबंधित अधिकारियों को अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करें। सरकार चाहती है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और निर्धारित समय सीमा के भीतर रिपोर्ट तैयार की जाए।

यूपी ग्राम पंचायतों में 4 नए नियम लागू, सरकार ने दिए निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्राम पंचायतों के आगामी चुनावों को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं। पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद प्रशासक के रूप में नियुक्त किए गए निवर्तमान प्रधानों के अधिकारों और कर्तव्यों को लेकर सरकार ने स्पष्ट नियम तय कर दिए हैं। नई व्यवस्था का उद्देश्य पंचायत प्रशासन में पारदर्शिता बनाए रखना और अनावश्यक निर्णयों पर रोक लगाना है।

पंचायती राज विभाग की ओर से जारी आदेश के अनुसार, ग्राम पंचायतों में नई निर्वाचित पंचायतों के गठन और उनकी पहली बैठक होने तक निवर्तमान प्रधान प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। हालांकि, उनके अधिकार सीमित रहेंगे और उन्हें निर्धारित नियमों के तहत ही कार्य करना होगा।

1 .नए कार्यों के लिए लेनी होगी मंजूरी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासक किसी भी नए विकास कार्य या नई योजना को अपने स्तर पर शुरू नहीं कर सकेंगे। यदि किसी नए कार्य की आवश्यकता होगी तो संबंधित प्रस्ताव जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से जिलाधिकारी को भेजा जाएगा और उनकी स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य शुरू किया जा सकेगा। केंद्र या राज्य सरकार की नई योजनाओं तथा विभिन्न आयोगों की संस्तुतियों से जुड़े मामलों में भी जिलाधिकारी की मंजूरी अनिवार्य होगी।

2 .केवल नियमित कार्यों की होगी अनुमति

प्रशासकों को केवल नियमित और आवश्यक प्रशासनिक कार्य करने की अनुमति दी गई है। पहले से स्वीकृत विकास कार्य, निर्माणाधीन परियोजनाएं, मरम्मत कार्य और पूर्ण हो चुके कार्यों का मूल्यांकन कर उनका भुगतान कराया जा सकेगा। इसके अलावा किसी भी प्रकार के नीतिगत फैसले लेने की अनुमति प्रशासकों को नहीं होगी।

3 .जहां प्रधान नहीं, वहां एडीओ बनेंगे प्रशासक

जिन ग्राम पंचायतों में पहले से प्रधान का पद रिक्त है या जहां प्रशासनिक समिति कार्यरत है, वहां सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रशासक नियुक्त किया जाएगा। ऐसे अधिकारी पंचायत के नियमित कार्यों का संचालन करेंगे।

4 .अगले छह माह तक लागू रहेगी ये पूरी व्यवस्था

सरकार के आदेश के अनुसार यह व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक या अधिकतम छह महीने की अवधि तक प्रभावी रहेगी। जो भी स्थिति पहले आएगी, उसी के आधार पर प्रशासक का कार्यकाल समाप्त माना जाएगा।

पानी-पानी होगा यूपी! 58 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी और लू का सामना कर रहे लोगों को बारिश और तेज हवाओं से राहत मिली है, लेकिन इसके साथ ही आंधी और बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग ने रविवार को प्रदेश के 58 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

शनिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश दर्ज की गई। कई जिलों में तेज हवाओं के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचने की घटनाएं भी सामने आई हैं।

कई जिलों में हुई अच्छी बारिश

बारिश के आंकड़ों पर नजर डालें तो इटावा में सबसे अधिक 56 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा आगरा में 46.6 मिमी, कन्नौज में 45 मिमी, हमीरपुर में 24 मिमी और मथुरा में 12 मिमी बारिश दर्ज की गई। आगरा में आंधी के दौरान हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक पहुंच गई, जिससे कई इलाकों में अव्यवस्था की स्थिति बन गई।

आज भी जारी रहेगा मौसम का असर

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार रविवार को भी मौसम का यही रुख बना रह सकता है। कई जिलों में 40 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। इसके साथ गरज-चमक, बारिश और बिजली गिरने की आशंका भी बनी हुई है।

इन जिलों में ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत

मौसम विभाग ने वाराणसी, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, बांदा, चित्रकूट, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, गोरखपुर, बस्ती, देवरिया, कुशीनगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, महाराजगंज, गोंडा, लखनऊ, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, झांसी, ललितपुर और आसपास के क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा है।

लोगों के लिए सलाह, खराब मौसम में बरते सावधानी

खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें। बिजली चमकने के समय खुले स्थानों में न रहें और मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल सावधानी से करें। तेज हवाओं के दौरान वाहन सुरक्षित स्थान पर खड़े करें और बच्चों को खुले मैदानों में जाने से रोकें।

आउटसोर्स कर्मचारी होंगे पक्के, इस सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। पंजाब सरकार ने राज्य के हजारों कच्चे और आउटसोर्स कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। राज्य मंत्रिमंडल ने 65 हजार से अधिक आउटसोर्स, संविदा और अस्थायी कर्मचारियों को नियमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। 

इसके साथ ही लंबे समय से चली आ रही ठेकेदारी व्यवस्था को समाप्त करने की दिशा में भी बड़ा कदम उठाया गया है। सरकार का दावा है कि इस फैसले से हजारों परिवारों को रोजगार सुरक्षा मिलेगी और कर्मचारियों को उनके अधिकारों के साथ सम्मानजनक कार्य वातावरण भी प्राप्त होगा।

क्या है सरकार का फैसला?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब बड़ी संख्या में आउटसोर्स और कच्चे कर्मचारी सीधे सरकार के अधीन कार्य करेंगे। पहले जहां कर्मचारियों को ठेकेदारों या एजेंसियों के माध्यम से नियुक्त किया जाता था, वहीं नई व्यवस्था में सरकार सीधे उनकी नियुक्ति और सेवा शर्तों का प्रबंधन करेगी। इस कदम को राज्य के रोजगार ढांचे में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।

कर्मचारियों को मिलेंगे ये बड़े लाभ

सरकार की नई नीति के तहत नियमित होने वाले कर्मचारियों को कई महत्वपूर्ण सुविधाएं मिलेंगी। जैसे नौकरी की स्थिरता और सुरक्षा, वेतन सीधे बैंक खाते में जमा, भविष्य निधि (PF) का लाभ, कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) सुविधा, ग्रेच्युटी का लाभ, अन्य सरकारी कर्मचारी सुविधाओं तक पहुंच। इससे कर्मचारियों को ठेका व्यवस्था से जुड़ी अनिश्चितताओं से राहत मिलेगी।

जोखिम भरे काम करने वालों को राहत

सरकार ने अग्निशमन सेवा, सीवर सफाई और लाइनमैन जैसे जोखिमपूर्ण कार्यों में लगे कर्मचारियों के लिए भी विशेष प्रावधान किया है। ऐसे कर्मचारियों को स्थायी सेवा का लाभ पहले की तुलना में कम समय में मिल सकेगा, जिससे उनकी रोजगार सुरक्षा और मजबूत होगी।

बकाया और महंगाई भत्ते पर भी दिया ध्यान

राज्य सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े लंबित मामलों के समाधान के लिए एक विशेष कैबिनेट उप-समिति के गठन का भी निर्णय लिया है। यह समिति बकाया भुगतान, महंगाई भत्ता और अन्य वित्तीय मामलों पर काम करेगी।

ग्रहों की बदलेगी चाल, 1 जून से 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। जून महीने की शुरुआत कई राशियों के लिए नई उम्मीदें और सकारात्मक बदलाव लेकर आ रही है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 1 जून से ग्रहों की स्थिति में होने वाले परिवर्तन का असर सभी 12 राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 5 राशियां ऐसी हैं जिनके लिए यह समय विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। करियर, कारोबार, धन, परिवार और सामाजिक जीवन से जुड़े मामलों में इन्हें अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है।

मेष राशि

1 जून से मेष राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जबकि व्यापारियों को नए ग्राहकों और बेहतर लाभ के संकेत हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है। परिवार में खुशियों का माहौल बना रहेगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह समय उन्नति और सम्मान का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में किए गए प्रयासों का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। अधिकारियों का सहयोग प्राप्त होगा और रुके हुए कार्यों में गति आएगी। आर्थिक मामलों में भी सुधार देखने को मिल सकता है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए जून का पहला सप्ताह लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं और नौकरी में तरक्की के योग बन रहे हैं। निवेश से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना है। सामाजिक प्रतिष्ठा भी बढ़ सकती है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए ग्रहों का यह परिवर्तन शुभ समाचार लेकर आ सकता है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना है। यात्रा और नए संपर्क भी भविष्य में लाभदायक साबित हो सकते हैं।

मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का बेहतर परिणाम दिला सकता है। आय के नए स्रोत बनने की संभावना है और कार्यक्षेत्र में स्थिति मजबूत हो सकती है। परिवार का सहयोग मिलेगा और महत्वपूर्ण योजनाओं में सफलता मिलने के संकेत हैं।

भारत से अब ये देश खरीदेगा मिसाइल, चीन की बढ़ी टेंशन!

नई दिल्ली। भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए वियतनाम के साथ ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल के निर्यात समझौते को अंतिम रूप दे दिया है। इस सौदे को भारत की रक्षा कूटनीति और स्वदेशी रक्षा उद्योग के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है। खास बात यह है कि दक्षिण चीन सागर क्षेत्र में बढ़ते रणनीतिक तनाव के बीच यह समझौता क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है।

वियतनाम बना ब्रह्मोस खरीदने वाला दूसरा देश

फिलीपींस के बाद अब वियतनाम भारत की ब्रह्मोस मिसाइल खरीदने वाला दूसरा विदेशी ग्राहक बन गया है। लंबे समय से दोनों देशों के बीच इस सौदे को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसे अब अंतिम रूप मिल गया है। इससे भारत की रक्षा निर्यात क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलने की उम्मीद है।

क्या मिलेगा वियतनाम को?

रिपोर्टों के अनुसार इस रक्षा पैकेज में तटीय सुरक्षा के लिए मोबाइल मिसाइल बैटरियां, ब्रह्मोस मिसाइलों की शुरुआती खेप, तकनीकी सहायता, लॉजिस्टिक सपोर्ट और वियतनामी सैन्य कर्मियों का प्रशिक्षण शामिल है। भविष्य में जरूरत पड़ने पर इस समझौते का दायरा और बढ़ाया जा सकता है।

कितनी बड़ी है यह डील?

जानकारी के अनुसार भारत-वियतनाम ब्रह्मोस समझौते का मूल्य करीब 60 अरब रुपये बताया जा रहा है। यह भारत के रक्षा निर्यात इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण डीलों में से एक मानी जा रही है।

इंडोनेशिया के साथ भी अंतिम दौर में बातचीत

भारतीय रक्षा अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इंडोनेशिया के साथ भी ब्रह्मोस मिसाइल निर्यात पर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। यदि यह समझौता भी पूरा होता है तो इंडोनेशिया ब्रह्मोस खरीदने वाला तीसरा देश बन सकता है। इससे दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की रणनीतिक उपस्थिति और मजबूत होगी।

इस डील से क्यों बढ़ सकती है चीन की चिंता?

वियतनाम और फिलीपींस दोनों ऐसे देश हैं जिनके चीन के साथ दक्षिण चीन सागर को लेकर विवाद रहे हैं। ऐसे में इन देशों के पास ब्रह्मोस जैसी अत्याधुनिक सुपरसोनिक मिसाइलों का पहुंचना क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकता है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे समुद्री सुरक्षा क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।

भारत-रूस ट्रेड डील से मचेगा धमाका! पुतिन के बयान ने बढ़ाई दुनिया की हलचल

नई दिल्ली। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत के साथ आर्थिक संबंधों को लेकर एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारत और यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के बीच व्यापार समझौते को उदार बनाने की दिशा में बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। इस पहल को दोनों देशों के आर्थिक सहयोग के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

भारत-रूस व्यापार में बढ़ती मजबूती

पुतिन के अनुसार, भारत और EAEU के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच अब तक लगभग 69 अरब डॉलर का व्यापार रिकॉर्ड किया गया है, जो द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों में बढ़ती गहराई को दर्शाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता आगे बढ़ता है तो भारत के लिए नए व्यापारिक अवसर खुल सकते हैं।

व्यापार उदारीकरण पर बातचीत तेज

रूस के राष्ट्रपति ने स्पष्ट किया कि भारत के साथ व्यापार नियमों को आसान बनाने और बाजार पहुंच को बढ़ाने पर चर्चा चल रही है। इसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात को अधिक सरल और प्रभावी बनाना है। इससे न केवल व्यापार की मात्रा बढ़ने की संभावना है, बल्कि व्यापार लागत में भी कमी आ सकती है।

राष्ट्रीय मुद्राओं में लेनदेन पर जोर

पुतिन ने यह भी बताया कि रूस और EAEU देशों के बीच अधिकतर व्यापारिक लेनदेन अब राष्ट्रीय मुद्राओं में किए जा रहे हैं। इससे वैश्विक बाजार में उतार-चढ़ाव और बाहरी दबाव का असर कम होता है। यह व्यवस्था व्यापार को अधिक स्थिर और सुरक्षित बनाने में मदद कर रही है।

साझा आर्थिक क्षेत्र की ओर बढ़ते कदम

यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन को लेकर पुतिन ने कहा कि यह संगठन एक प्रभावी आर्थिक एकीकरण मॉडल बनता जा रहा है। इसमें वस्तुओं, सेवाओं, पूंजी और श्रम के लिए साझा बाजार विकसित किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि यह प्रयास धीरे-धीरे एक मजबूत साझा आर्थिक क्षेत्र का रूप ले रहा है।

भारत के लिए क्या हो सकते हैं संभावित फायदे?

यदि भारत और EAEU के बीच व्यापार समझौता और मजबूत होता है, तो इसके कई संभावित लाभ हो सकते हैं।

कुछ वस्तुओं के आयात में लागत कम हो सकती है। 

भारतीय निर्यातकों के लिए नए बाजार खुल सकते हैं। 

ऊर्जा और कच्चे माल की आपूर्ति में स्थिरता आ सकती है। 

वैश्विक आपूर्ति निर्भरता में विविधता बढ़ सकती है। 

केंद्र सरकार का फैसला: 1 जून से पेट्रोल-डीजल निर्यात पर नया शुल्क

नई दिल्ली। तेल संकट और वैश्विक आपूर्ति में उतार-चढ़ाव के बीच केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों को लेकर एक अहम निर्णय लिया है। सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के निर्यात पर संशोधित शुल्क लागू करने की घोषणा की है, जो 1 जून 2026 से प्रभावी होगा। 

इस कदम का उद्देश्य घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करना बताया जा रहा है। 1 जून 2026 से लागू होने वाला यह नया निर्यात शुल्क कदम घरेलू ऊर्जा बाजार को स्थिर रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे सरकार का फोकस साफ है कि पहले देश की जरूरतें पूरी हों, उसके बाद ही निर्यात को प्राथमिकता दी जाए।

क्या है नया शुल्क ढांचा?

वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर अलग-अलग दरों से शुल्क लगाया जाएगा।  पेट्रोल पर ₹1.5 प्रति लीटर, डीजल पर ₹13.5 प्रति लीटर, जबकि एटीएफ (हवाई ईंधन) पर ₹9.5 प्रति लीटर। सरकार का कहना है कि यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है।

घरेलू बाजार पर असर नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस फैसले का आम उपभोक्ताओं पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। घरेलू बाजार में पेट्रोल और डीजल पर मौजूदा उत्पाद शुल्क पहले की तरह ही लागू रहेगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि देश में ईंधन की खुदरा कीमतों पर फिलहाल कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा।

क्यों लिया गया यह फैसला?

हाल के समय में पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक तेल आपूर्ति में अनिश्चितता के चलते कई देशों में ऊर्जा संकट जैसी स्थिति देखने को मिली है। ऐसे में भारत सरकार ने घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि निर्यात को नियंत्रित करके देश के भीतर ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकती है और किसी भी संभावित कमी से बचा जा सकता है।

पहले भी लागू हो चुका है ऐसा कदम

यह पहला मौका नहीं है जब सरकार ने ऐसा कदम उठाया हो। इससे पहले मार्च 2026 में भी पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर शुल्क लागू किया गया था। उस समय भी निर्णय का उद्देश्य वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखना था। यह नीति भारत की ऊर्जा सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। सरकार चाहती है कि देश में ईंधन की आपूर्ति स्थिर रहे और किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट का सीधा असर आम जनता पर न पड़े।

गूलर कितना ताकतवर है? जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान!

हेल्थ डेस्क। प्रकृति ने हमें कई ऐसी चीजें दी है जिनके औषधीय गुण आज भी लोगों के लिए चौंकाने वाले हैं। इन्हीं में से एक है गूलर, जिसे पारंपरिक चिकित्सा और ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय से स्वास्थ्य के लिए उपयोगी माना जाता रहा है। दिखने में साधारण लगने वाला यह फल कई पोषक तत्वों से भरपूर होता है और शरीर को प्राकृतिक रूप से मजबूत बनाने में मदद करता है।

पोषक तत्वों का खजाना है गूलर

गूलर में कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं, जैसे फाइबर, कैल्शियम, आयरन, एंटीऑक्सीडेंट, प्राकृतिक शुगर। ये सभी तत्व शरीर की ऊर्जा बढ़ाने और आंतरिक स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करते हैं।

शरीर को अंदर से मजबूत बनाये

गूलर का सेवन शरीर की कमजोरी दूर करने में सहायक माना जाता है। इसमें मौजूद प्राकृतिक तत्व शरीर को ताकत देने के साथ-साथ थकान को कम करने में भी मदद करते हैं। ग्रामीण इलाकों में इसे प्राकृतिक टॉनिक के रूप में भी उपयोग किया जाता है।

पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

गूलर में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह कब्ज जैसी समस्याओं को कम करने और पेट को साफ रखने में सहायक माना जाता है। नियमित और सीमित मात्रा में इसका सेवन पाचन क्रिया को संतुलित रख सकता है।

खून की कमी में उपयोगी

गूलर में आयरन की अच्छी मात्रा पाई जाती है, जो शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में मदद कर सकती है। यही कारण है कि इसे खून की कमी (एनीमिया) में फायदेमंद माना जाता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक

गूलर में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की इम्युनिटी को मजबूत बनाने में मदद करते हैं। यह शरीर को बीमारियों से लड़ने की क्षमता प्रदान करता है और मौसमी संक्रमण से बचाव में सहायक हो सकता है।

कल बनेंगे 2 शक्तिशाली योग! इन 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा जबरदस्त लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 1 जून 2026 का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन पंचांग में दो महत्वपूर्ण शुभ योग सिद्ध योग और साध्य योग का संयोग बन रहा है। सुबह के समय सिद्ध योग प्रभावी रहेगा, जिसके बाद साध्य योग प्रारंभ होगा। ज्योतिष शास्त्र में इन दोनों योगों को कार्य सिद्धि, सफलता और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जाता है।

क्या है सिद्ध और साध्य योग का महत्व

सिद्ध योग को ऐसा समय माना जाता है जब किए गए कार्यों में सफलता मिलने की संभावना अधिक होती है और बाधाएं कम होती हैं। वहीं साध्य योग को मेहनत के अनुसार अच्छे परिणाम देने वाला योग कहा जाता है। जब ये दोनों योग एक ही दिन में बनते हैं, तो इसे बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।

4 राशियों पर विशेष प्रभाव

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन नई शुरुआत और प्रगति के संकेत लेकर आ सकता है। नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के लिए यह समय मान-सम्मान और प्रतिष्ठा में वृद्धि का संकेत दे रहा है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और नेतृत्व क्षमता को पहचान मिलने की संभावना है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह दिन आर्थिक और पेशेवर दृष्टि से लाभकारी रह सकता है। नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं और भाग्य का पूरा सहयोग मिलने के संकेत हैं।

मकर राशि

मकर राशि के लिए यह योग स्थिरता और प्रगति का संकेत है। कार्यक्षेत्र में मेहनत का पूरा फल मिलने और आय में सुधार के योग बन रहे हैं। जिम्मेदारियों के साथ सफलता मिलने की संभावना है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला: LPG उपभोक्ताओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। देश में एलपीजी सप्लाई को लेकर वैश्विक हालातों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा और अहम कदम उठाया है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और सप्लाई चेन पर पड़े असर को देखते हुए सरकार ने सरकारी तेल कंपनियों (OMCs) को निर्देश दिया है कि वे एलपीजी की स्टोरेज क्षमता को बढ़ाएं, ताकि देश में कम से कम 30 दिनों की मांग को पूरा करने के लिए मजबूत 'स्ट्रैटेजिक रिजर्व' तैयार किया जा सके।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

पिछले कुछ महीनों से वेस्ट एशिया में चल रहे संघर्ष के कारण वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए काफी हद तक खाड़ी देशों पर निर्भर है। आंकड़ों के अनुसार लगभग 40% क्रूड ऑयल, 65% नेचुरल गैस और 90% एलपीजी भारत को आयात के जरिए खाड़ी देशों से प्राप्त होता है। ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट का सीधा असर घरेलू सप्लाई पर पड़ सकता है।

30 दिन का गैस रिजर्व बनाने की योजना

पेट्रोलियम मंत्रालय ने तेल कंपनियों को मौजूदा कमर्शियल स्टॉक के अलावा अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता विकसित करने के निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में देश के भीतर कम से कम एक महीने तक एलपीजी की सप्लाई बिना रुकावट जारी रह सके।

सप्लाई को लेकर सरकार की स्थिति

सरकारी अधिकारियों के अनुसार देश में फिलहाल पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और अन्य ईंधनों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता पर उत्पादन कर रही हैं और घरेलू एलपीजी का उत्पादन भी रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुका है, जो लगभग 52,000 टन प्रतिदिन बताया जा रहा है। सरकार ने यह भी साफ किया है कि किसी भी तरह की कमी की स्थिति नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है।

पैनिक बाइंग से बचने की अपील

हालांकि कुछ जगहों पर पेट्रोल पंपों और गैस वितरण केंद्रों पर भीड़ देखी गई है, लेकिन सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह वास्तविक कमी के कारण नहीं बल्कि मांग में अस्थायी बढ़ोतरी की वजह से है। लोगों से अपील की गई है कि वे जरूरत से ज्यादा खरीदारी या पैनिक बाइंग से बचें।

सरकार अब दीर्घकालिक रणनीति के तहत देश को ऊर्जा के मामले में अधिक सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। स्ट्रैटेजिक रिजर्व का यह कदम किसी भी अंतरराष्ट्रीय संकट के दौरान भारत की ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: ग्राम प्रधानों के लिए नए नियम लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाने के लिए पंचायती राज विभाग ने एक अहम फैसला लिया है। नए आदेश के तहत ग्राम पंचायतों में प्रशासकों की भूमिका, अधिकार और सीमाओं को स्पष्ट कर दिया गया है। यह व्यवस्था विशेष रूप से उन पंचायतों के लिए लागू होगी जहाँ ग्राम प्रधान का कार्यकाल समाप्त हो चुका है या पद रिक्त है।

प्रशासकों की नई भूमिका

सरकार के निर्देश के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों में चुनाव के बाद नई पंचायतों की पहली बैठक नहीं हुई है या अधिकतम छह महीने की अवधि पूरी नहीं हुई है, वहाँ निवर्तमान ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक के रूप में नियुक्त किया गया है। इस दौरान वे केवल नियमित प्रशासनिक कार्यों का संचालन करेंगे। सरल शब्दों में कहें तो, प्रशासक पंचायत को चलाने का काम करेंगे लेकिन किसी भी बड़े या नए फैसले लेने का अधिकार उनके पास नहीं होगा।

नए कार्यों पर सख्त नियंत्रण

नए आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि प्रशासक किसी भी नई योजना या निर्माण कार्य को अपने स्तर पर शुरू नहीं कर सकेंगे। अगर केंद्र या राज्य सरकार की कोई नई योजना आती है या कोई नया कार्य प्रस्तावित होता है, तो उसके लिए जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) के माध्यम से जिलाधिकारी (DM) से मंजूरी लेना अनिवार्य होगा। इससे पंचायत स्तर पर मनमानी फैसलों पर रोक लगेगी और प्रशासनिक प्रक्रिया अधिक पारदर्शी बनेगी।

पुराने कार्यों का निपटारा ही प्राथमिकता

प्रशासकों को केवल पहले से स्वीकृत और चल रहे कार्यों को पूरा कराने की जिम्मेदारी दी गई है। इसमें निर्माण कार्य, मरम्मत कार्य और पहले से मंजूर योजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा, जो कार्य पूरे हो चुके हैं, उनका भौतिक और तकनीकी मूल्यांकन कर भुगतान प्रक्रिया को पूरा किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लंबित भुगतान और अधूरे कार्यों में कोई बाधा न आए।

नए प्रधान बनने तक अस्थायी व्यवस्था

यह पूरी व्यवस्था अस्थायी तौर पर लागू रहेगी, जब तक कि नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक नहीं हो जाती या अधिकतम छह महीने की अवधि पूरी नहीं हो जाती। इसके बाद चुनी हुई नई पंचायतें पूरी तरह से कार्यभार संभाल लेंगी। जिन ग्राम पंचायतों में पहले से प्रशासनिक समिति गठित है या जहाँ प्रधान का पद खाली है, वहाँ सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को प्रशासक बनाया जाएगा।

प्रशासक द्वारा नीतिगत फैसलों पर पूरी रोक

सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि प्रशासक किसी भी प्रकार के नीतिगत निर्णय नहीं ले सकेंगे। इसका उद्देश्य पंचायत स्तर पर सत्ता के दुरुपयोग को रोकना और प्रशासन को सीमित दायरे में रखना है।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, ये नई योजना लागू

पटना। बिहार के किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है। राज्य सरकार और सहकारी संस्थाओं की नई पहल के तहत अब किसानों को अपनी सब्जियां बेचने के लिए बाजार की अनिश्चितताओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। फूड प्रोसेसिंग और बड़ी कंपनियां सीधे किसानों से सब्जियों की खरीद करेंगी, जिससे उन्हें बेहतर दाम और स्थिर बाजार मिल सकेगा।

वेजफेड की अहम भूमिका

इस पूरी व्यवस्था में बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन लिमिटेड (वेजफेड) महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। वेजफेड के माध्यम से किसानों को न केवल प्रसंस्करण की सुविधा दी जा रही है, बल्कि उन्हें बड़ी कंपनियों के साथ जोड़ने का काम भी किया जा रहा है। इससे किसानों और उद्योगों के बीच एक मजबूत सप्लाई चेन तैयार हो रही है।

पहले से शुरू हुई आपूर्ति

वर्तमान में वैशाली जिले के लालगंज स्थित हिंदुस्तान यूनिलीवर की इकाई और मदर डेयरी जैसी प्रमुख संस्थाओं को सब्जियों की नियमित आपूर्ति शुरू हो चुकी है। यह मॉडल किसानों को यह भरोसा देता है कि उनकी उपज का एक स्थिर खरीदार पहले से मौजूद है।

आगे और बढ़ेगा नेटवर्क

आने वाले समय में इस नेटवर्क को और विस्तृत करने की योजना है। एचयूएल, नेचर फ्रेश, टेक्निको, जैन इरिगेशन, किविसा एग्रो, प्रकाशश्री एग्रो और अन्य कई बड़ी कंपनियों के साथ सब्जी आपूर्ति को जोड़ने की तैयारी चल रही है। इसके लिए कंपनियों और किसान संगठनों के बीच सहमति भी बन चुकी है।

100 करोड़ रुपये के समझौते

इस पहल को मजबूत बनाने के लिए कंपनियों और सब्जी उत्पादक संघों के बीच लगभग 100 करोड़ रुपये के कई महत्वपूर्ण समझौते किए गए हैं। यह निवेश राज्य के कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने में मदद करेगा।

किसानों को मिलेगा उचित मूल्य

सहकारिता विभाग के अनुसार इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का सही और लाभकारी मूल्य दिलाना है। अब बिचौलियों पर निर्भरता कम होगी और किसान सीधे बाजार से जुड़ सकेंगे।

गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान

सरकार और संबंधित विभागों द्वारा यह भी तय किया गया है कि सब्जी उत्पादक संघ गांव-गांव जाकर किसानों से संपर्क करेंगे। इससे अधिक से अधिक किसानों को इस व्यवस्था से जोड़ा जाएगा और उन्हें आधुनिक कृषि बाजार का हिस्सा बनाया जाएगा।