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बिहार सरकार की बड़ी तैयारी: इन परिवारों को मिलेगी 2 नई खुशखबरी

पटना। बिहार सरकार ने भूमिहीन परिवारों को बड़ी राहत देने की तैयारी शुरू कर दी है। राज्य में अभियान बसेरा-2 के तहत हजारों पात्र परिवारों को वासभूमि का अधिकार देने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सरकार का लक्ष्य है कि ऐसे परिवार, जिनके पास रहने के लिए अपनी जमीन नहीं है, उन्हें स्थायी रूप से वासभूमि उपलब्ध कराई जाए। इसी अभियान के तहत 15 अगस्त 2026 को करीब 30 हजार पात्र भूमिहीन परिवारों को बंदोबस्ती प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे।

सभी जिलों में चलेगा विशेष अभियान

बिहार सरकार ने इस योजना को समय पर पूरा करने के लिए सभी जिलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अधिकारियों को लाभार्थियों की सूची की जांच कर अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए हैं। नए पात्र परिवारों का विवरण अभियान बसेरा पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा और तय समय के अंदर सभी जरूरी कागजी प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है।

31 जुलाई तक पूरी करनी होगी तैयारी

सरकार ने सभी जिलों को निर्देश दिया है कि 31 जुलाई 2026 तक पात्र परिवारों के प्रमाण-पत्र तैयार करने और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर ली जाए। इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी भी की जाएगी, ताकि किसी भी तरह की लापरवाही या देरी न हो।

ऑनलाइन पोर्टल से होगी पूरी प्रक्रिया

योजना में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रमाण-पत्र जारी करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया गया है। अभियान बसेरा पोर्टल के माध्यम से लाभार्थियों की जानकारी दर्ज की जाएगी, जिससे रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और गड़बड़ी की संभावना कम होगी।

38 जिलों में 30 हजार परिवारों का लक्ष्य

राज्य सरकार ने बिहार के सभी 38 जिलों में पात्र परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है। सबसे ज्यादा लाभार्थियों का लक्ष्य पटना जिले के लिए रखा गया है, जहां बड़ी संख्या में परिवारों को वासभूमि प्रमाण-पत्र दिए जाएंगे। इसके अलावा पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, गया, समस्तीपुर, सारण और दरभंगा समेत कई जिलों के परिवारों को भी इसका फायदा मिलेगा।

45+ पुरुषों के लिए जरूरी हैं ये 5 काम, शरीर में बनी रहेगी ताकत और स्टेमिना

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई तरह के बदलाव आने लगते हैं। 45 साल के बाद पुरुषों में ऊर्जा का स्तर, मांसपेशियों की ताकत और फिटनेस को बनाए रखने के लिए जीवनशैली पर ज्यादा ध्यान देना जरूरी हो जाता है।

अगर खानपान, व्यायाम और रोजमर्रा की आदतों में सुधार किया जाए तो बढ़ती उम्र में भी शरीर को सक्रिय और मजबूत बनाए रखने में मदद मिल सकती है। आइए जानते हैं ऐसे 5 जरूरी काम, जिन्हें 45+ पुरुष अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।

1. रोज करें हल्की एक्सरसाइज

45 की उम्र के बाद नियमित शारीरिक गतिविधि बेहद जरूरी हो जाती है। रोजाना वॉकिंग, योग, स्ट्रेचिंग या हल्की एक्सरसाइज करने से शरीर एक्टिव रह सकता है। व्यायाम मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने और शरीर की सामान्य कार्यक्षमता को बेहतर रखने में मदद कर सकता है।

2. प्रोटीन और पौष्टिक आहार लें

इस उम्र में शरीर को पर्याप्त पोषण की जरूरत होती है। डाइट में दाल, अंडा, दूध, पनीर, मछली, सोयाबीन और अन्य प्रोटीन युक्त चीजों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही हरी सब्जियां, फल और सूखे मेवे शरीर को जरूरी विटामिन और मिनरल्स देने में मदद करते हैं।

3. पर्याप्त नींद लें

अच्छी नींद शरीर की ऊर्जा और रिकवरी के लिए महत्वपूर्ण होती है। लगातार कम नींद लेने से थकान और कमजोरी महसूस हो सकती है। 45+ पुरुषों को अपनी नींद की गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए और नियमित समय पर सोने की आदत बनानी चाहिए।

4. तनाव को रखें नियंत्रित

लंबे समय तक तनाव शरीर और मन दोनों पर असर डाल सकता है। ध्यान, योग, पसंदीदा गतिविधियों और परिवार के साथ समय बिताने से तनाव कम करने में मदद मिल सकती है। सकारात्मक सोच और संतुलित दिनचर्या भी फिटनेस का अहम हिस्सा है।

5. नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं

उम्र बढ़ने के साथ समय-समय पर स्वास्थ्य जांच कराना फायदेमंद रहता है। इससे शरीर में होने वाले बदलावों पर नजर रखने में मदद मिलती है। ब्लड प्रेशर, शुगर और अन्य सामान्य जांच डॉक्टर की सलाह के अनुसार कराई जा सकती हैं।

सरस्वती राजयोग का असर शुरू! इन 4 राशियों को मिल सकती है सफलता और खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की युति से बनने वाले कई शुभ योगों का विशेष महत्व बताया गया है। इन्हीं में से एक है सरस्वती राजयोग। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार जब ज्ञान, बुद्धि और कला से जुड़े ग्रहों का शुभ संबंध बनता है तो यह योग शिक्षा, करियर और रचनात्मक क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव दे सकता है।

बताया जा रहा है कि 1 जुलाई से 4 जुलाई तक कर्क राशि में बुध, गुरु और शुक्र की युति से सरस्वती राजयोग का निर्माण हो रहा है। इस योग का प्रभाव कुछ राशियों के लिए शुभ माना जा रहा है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों को इस दौरान लाभ के संकेत मिल सकते हैं।

1. कर्क राशि

कर्क राशि में ही ग्रहों की यह विशेष युति बन रही है, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह समय खास माना जा सकता है। कामकाज में नए अवसर मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वालों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिल सकता है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों के लिए समय अनुकूल रह सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार और नई योजनाओं में सफलता के योग बन सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए सरस्वती राजयोग ज्ञान और संवाद क्षमता को मजबूत करने वाला माना जा रहा है। बुध के प्रभाव से सोचने-समझने की क्षमता बेहतर हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं।

3. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। बुध की कृपा से कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं को सफलता मिल सकती है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर बन सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। छात्रों के लिए भी यह समय उपलब्धियों वाला रह सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र और शुभ ग्रहों का प्रभाव लाभकारी माना जा रहा है। रचनात्मक कार्यों, कला, मीडिया और व्यापार से जुड़े लोगों को अच्छे अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में मजबूती आएगी और आर्थिक स्थिति बेहतर होने के संकेत मिल सकते हैं। नई शुरुआत के लिए समय अच्छा साबित हो सकता है।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी शुरू: LPG ग्राहकों को बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी योजना पर काम शुरू कर दिया है। हाल के अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के दौरान कच्चे तेल, एलपीजी और एलएनजी की आपूर्ति को लेकर जो चुनौतियां सामने आईं, उसके बाद भारत ने भविष्य के लिए अपनी तैयारी तेज कर दी है।

कच्चे तेल के साथ LPG और LNG पर भी फोकस

भारत की योजना सिर्फ कच्चे तेल तक सीमित नहीं है। सरकार एलपीजी और एलएनजी जैसे जरूरी ईंधनों के सुरक्षित भंडारण पर भी ध्यान दे रही है। इसका मकसद यह है कि अंतरराष्ट्रीय संकट, युद्ध या सप्लाई बाधित होने जैसी परिस्थितियों में आम लोगों और उद्योगों को ईंधन की कमी का सामना न करना पड़े।

विशेष समिति करेगी पूरी योजना पर काम

पेट्रोलियम मंत्रालय ने इस रणनीतिक रिजर्व योजना को आगे बढ़ाने के लिए एक विशेष समिति बनाई है। यह समिति भंडारण के स्थान, जमीन के ऊपर या भूमिगत स्टोरेज की व्यवस्था, संचालन मॉडल और सुरक्षा से जुड़े पहलुओं का अध्ययन करेगी।

मौजूदा तेल रिजर्व बढ़ाने की तैयारी

फिलहाल भारत के पास रणनीतिक कच्चे तेल का भंडार मौजूद है, लेकिन इसकी क्षमता कई बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों की तुलना में कम है। सरकार अब नए स्टोरेज सिस्टम विकसित कर मौजूदा क्षमता को बढ़ाने की तैयारी कर रही है। योजना के तहत आने वाले वर्षों में रिजर्व को काफी अधिक स्तर तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।

LPG भंडारण बढ़ाने की जरूरत

रसोई गैस यानी LPG देश के करोड़ों परिवारों की जरूरत है। अभी LPG के रणनीतिक भंडारण की क्षमता सीमित है। LPG को सुरक्षित रखने के लिए विशेष तकनीक और सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है, क्योंकि इसे दबाव के साथ तरल रूप में स्टोर किया जाता है। सरकार अब आपात स्थिति के लिए LPG स्टॉक बढ़ाने पर भी काम कर रही है, ताकि सप्लाई में अचानक परेशानी आने पर घरेलू ग्राहकों को राहत मिल सके।

LNG के लिए भी तैयार होगी रणनीति

प्राकृतिक गैस यानी LNG के भंडारण में तकनीकी चुनौतियां ज्यादा हैं। इसे बेहद कम तापमान पर सुरक्षित रखना पड़ता है। सरकार LNG स्टोरेज क्षमता बढ़ाने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है, ताकि देश की ऊर्जा जरूरतों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके।

आम उपभोक्ताओं को क्या फायदा होगा?

रणनीतिक ईंधन रिजर्व बनने से सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वैश्विक संकट के समय भी देश में ईंधन की उपलब्धता बनी रहेगी। इससे LPG सप्लाई व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में अचानक बदलाव का असर कम करने में मदद मिल सकती है।

भारत-जापान की बड़ी तैयारी! डॉलर की छुट्टी तय, ट्रंप को टेंशन

नई दिल्ली। भारत और जापान के बीच आर्थिक सहयोग को लेकर एक बड़ा कदम सामने आ रहा है। दोनों देश व्यापारिक लेनदेन में अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने और स्थानीय मुद्रा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, भारत और जापान लोकल करेंसी सेटलमेंट फ्रेमवर्क पर काम कर रहे हैं। इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के बीच होने वाले व्यापार में सीधे भारतीय रुपये और जापानी येन के जरिए भुगतान की सुविधा मिल सकती है।

रुपये-येन में सीधे भुगतान की तैयारी

प्रस्तावित व्यवस्था के तहत भारत और जापान के कारोबारी लेनदेन में डॉलर के माध्यम से मुद्रा बदलने की जरूरत कम हो सकती है। इसका उद्देश्य विदेशी मुद्रा बदलने की लागत को घटाना, भुगतान प्रक्रिया को आसान बनाना और व्यापार को अधिक सुविधाजनक बनाना है। माना जा रहा है कि इससे दोनों देशों के बैंक सीधे रुपये और येन में सीमा पार भुगतान का निपटान कर सकेंगे।

शिखर सम्मेलन में हो सकती है चर्चा

भारत और जापान के बीच होने वाले वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान इस मुद्दे पर चर्चा होने की संभावना है। इस बैठक में व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी के साथ-साथ वित्तीय सहयोग को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा सकता है। अगर मुद्रा सहयोग को संयुक्त बयान में शामिल किया जाता है, तो यह दोनों देशों के बीच आर्थिक रिश्तों में एक अहम कदम माना जाएगा।

कारोबारियों को मिल सकता है फायदा

लोकल करेंसी में व्यापार होने से कंपनियों को कई फायदे मिल सकते हैं। डॉलर में भुगतान करने पर मुद्रा विनिमय से जुड़ी लागत बढ़ जाती है, जिसे कम किया जा सकता है। इसके अलावा भुगतान प्रक्रिया तेज हो सकती है और तीसरे देश के बैंकिंग नेटवर्क पर निर्भरता भी घट सकती है।

भारत पहले से बढ़ा रहा है रुपये में व्यापार

भारत पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुपये के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश कर रहा है। भारतीय रिजर्व बैंक ने रुपये में अंतरराष्ट्रीय लेनदेन को आसान बनाने के लिए विशेष व्यवस्था शुरू की थी, जिसके जरिए विदेशी व्यापार में रुपये के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य वैश्विक व्यापार में रुपये की भूमिका को मजबूत करना और विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम करना है।

जापान के साथ रिश्तों को मिलेगी नई मजबूती

भारत और जापान पहले से ही व्यापार और रणनीतिक साझेदारी में महत्वपूर्ण भागीदार हैं। दोनों देशों के बीच निवेश, तकनीक और उद्योग के क्षेत्र में सहयोग लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय मुद्रा में लेनदेन की व्यवस्था आगे बढ़ती है तो यह दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को और मजबूत कर सकती है।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! 15 जुलाई तक बढ़ाई गई ये छूट

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने उद्योग जगत को राहत देते हुए एक बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने कुछ जरूरी पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर दी जा रही आयात शुल्क (Import Duty) छूट की अवधि को आगे बढ़ा दिया है। अब यह सुविधा 15 जुलाई तक जारी रहेगी।

करीब 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों को फायदा

सरकार की ओर से बढ़ाई गई यह छूट लगभग 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लागू है। इनमें एनहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूनि, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, डाइक्लोरोमीथेन, पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन जैसे उत्पाद शामिल हैं। इन कच्चे माल का इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में किया जाता है। इसलिए आयात शुल्क में राहत मिलने से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

घरेलू उद्योगों को मिलेगी राहत

पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उपयोग रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई सामानों के निर्माण में होता है। प्लास्टिक उत्पाद, पैकेजिंग सामग्री, कपड़ा उद्योग, दवाइयों और वाहन के कलपुर्जों के निर्माण में इनकी अहम भूमिका होती है। सरकार के इस कदम से उन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो आयातित कच्चे माल पर निर्भर रहती हैं।

पहले 30 जून तक थी छूट

पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर दी गई यह अस्थायी राहत पहले 30 जून तक लागू थी। अब सरकार ने इसे 15 दिन और बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।

पश्चिम एशिया पर नजर

सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर कच्चे माल की उपलब्धता और माल ढुलाई पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयात शुल्क में राहत की अवधि बढ़ाई गई है, ताकि घरेलू उद्योगों को अचानक बढ़ती लागत का सामना न करना पड़े।

उद्योगों के लिए अहम कदम

पेट्रोकेमिकल सेक्टर कई अन्य उद्योगों की नींव माना जाता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर 15 जुलाई के बाद सरकार के अगले फैसले पर रहेगी।

गुरुवार को बनेंगे 4 शक्तिशाली योग: 4 राशियों को धन, सफलता और खुशखबरी के संकेत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों और योगों का विशेष महत्व माना जाता है। पंचांग के अनुसार 2 जुलाई गुरुवार को कई शुभ योगों का निर्माण हो रहा है, जिनका असर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रहने की संभावना जताई जा रही है।

इस दिन गंड योग, वृद्धि योग के साथ-साथ ग्रहों की विशेष स्थिति से गजकेसरी योग और धनलक्ष्मी योग जैसे शुभ संयोग बन रहे हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन योगों के प्रभाव से कुछ लोगों को आर्थिक लाभ, करियर में सफलता और नए अवसर मिलने के संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह समय उत्साह और आगे बढ़ने के अवसर लेकर आ सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपकी मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। आर्थिक मामलों में सुधार हो सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं और पुराने रुके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों के लिए बनने वाले शुभ योग सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। परिवार और आर्थिक मामलों में अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में सराहना मिल सकती है। धन से जुड़े फैसलों में सफलता मिलने और भविष्य की योजनाओं में प्रगति के योग बन सकते हैं।

कन्या राशि

कन्या राशि के जातकों के लिए यह समय मेहनत का फल मिलने वाला हो सकता है। करियर और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। नई योजनाओं पर काम करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं और महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिल सकती है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह शुभ संयोग लाभकारी माना जा रहा है। सामाजिक सम्मान बढ़ सकता है और काम के क्षेत्र में नई उपलब्धियां मिल सकती हैं। व्यापार में नए संपर्क लाभ दे सकते हैं। परिवार का सहयोग मिलेगा और धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम आने की संभावना है।

सुबह-सुबह खाएं अंकुरित मूंग, 15 दिन में दिख सकते हैं ये 7 बड़े बदलाव

हेल्थ डेस्क।  सुबह के समय सही खानपान पूरे दिन की ऊर्जा और सेहत पर असर डालता है। अगर नाश्ते में पोषक तत्वों से भरपूर चीजों को शामिल किया जाए तो शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं। इन्हीं में से एक है अंकुरित मूंग, जिसे सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है।

अंकुरित मूंग में प्रोटीन, फाइबर, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट जैसे कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित रूप से इसका सेवन करने से शरीर में कई सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

1. शरीर को मिलेगी ज्यादा ऊर्जा

अंकुरित मूंग में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने में मदद कर सकते हैं। सुबह इसका सेवन करने से दिनभर एक्टिव रहने में सहायता मिल सकती है और थकान कम महसूस हो सकती है।

2. पाचन तंत्र हो सकता है बेहतर

इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है, जो पाचन प्रक्रिया को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। नियमित सेवन से कब्ज जैसी परेशानियों में भी राहत मिल सकती है।

3. मांसपेशियों के लिए फायदेमंद

अंकुरित मूंग प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह मांसपेशियों की मजबूती बनाए रखने और शरीर की जरूरतों को पूरा करने में सहायक हो सकता है।

4. वजन नियंत्रित करने में मदद

कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर होने के कारण अंकुरित मूंग पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस करा सकती है। इससे बार-बार खाने की आदत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

5. इम्यूनिटी को मिल सकता है सपोर्ट

अंकुरित मूंग में पाए जाने वाले विटामिन और मिनरल्स शरीर की सामान्य प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाए रखने में भूमिका निभा सकते हैं।

6. त्वचा और बालों के लिए लाभकारी

इसमें मौजूद पोषक तत्व शरीर के अंदर से पोषण देने में मदद करते हैं। संतुलित आहार के हिस्से के रूप में इसका सेवन त्वचा और बालों की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है।

7. दिल की सेहत के लिए अच्छा विकल्प

फाइबर और पौष्टिक तत्वों से भरपूर अंकुरित मूंग संतुलित डाइट का हिस्सा बन सकती है, जो दिल की सेहत के लिए बेहतर खानपान विकल्पों में शामिल है।

बिहार में 151 CDPO का हुआ तबादला, देखें पूरी लिस्ट?

पटना। बिहार सरकार ने समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत बड़ा प्रशासनिक बदलाव किया है। विभाग ने राज्य के अलग-अलग जिलों में तैनात 151 बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों (CDPO) का स्थानांतरण कर दिया है। इस बदलाव के बाद कई अधिकारियों को नई जगहों पर जिम्मेदारी सौंपी गई है।

सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार कुछ अधिकारियों को मुख्यालय से जिलों में भेजा गया है, जबकि कुछ अधिकारियों को नई प्रशासनिक जिम्मेदारियां दी गई हैं। माना जा रहा है कि इस फेरबदल का उद्देश्य विभागीय कामकाज को और बेहतर बनाना है।

मुख्यालय में तैनात अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी

स्थानांतरण सूची में मुख्यालय स्तर पर काम कर रहे अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। कई सहायक निदेशक और अन्य पदों पर कार्यरत अधिकारियों को अब विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस बदलाव से जिलों में बाल विकास योजनाओं के संचालन को गति मिलने की उम्मीद है।

कई जिलों में बदले गए CDPO

नई सूची के अनुसार भोजपुर, पटना, मुंगेर, औरंगाबाद, बक्सर, पूर्वी चंपारण समेत कई जिलों में पदस्थापित अधिकारियों के स्थान बदले गए हैं। कुछ अधिकारियों को एक परियोजना से दूसरी परियोजना में भेजा गया है, जबकि कुछ को नई जगहों पर पहली बार जिम्मेदारी दी गई है।

ICDS निदेशालय में भी बदलाव

समाज कल्याण विभाग ने आईसीडीएस निदेशालय में भी प्रशासनिक स्तर पर बदलाव किया है। कुछ अधिकारियों को जिलों से हटाकर निदेशालय में नई जिम्मेदारी दी गई है। विभाग का मानना है कि इससे योजनाओं की निगरानी, संचालन और प्रशासनिक कार्यों में बेहतर तालमेल स्थापित होगा।

नए स्थान पर जल्द देना होगा योगदान

स्थानांतरण के बाद संबंधित अधिकारियों को अपने नए पदस्थापन स्थल पर जल्द योगदान देने के निर्देश दिए गए हैं। इस बड़े फेरबदल के बाद अब सभी की नजर नई तैनाती के साथ जिलों में बाल विकास योजनाओं की कार्यप्रणाली पर रहेगी।

बिहार सरकार का 1 बड़ा ऐलान, किसानों के लिए खुशखबरी, होगी बंपर कमाई!

पटना। बिहार के किसानों की आय बढ़ाने के लिए राज्य सरकार लगातार नई योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में कृषि विभाग ने नारियल की खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को बड़ी राहत दी है। अब किसान कम लागत में नारियल के पौधे लगाकर लंबे समय तक अच्छी आमदनी का जरिया तैयार कर सकते हैं।

नारियल पौधों पर मिलेगा 75 प्रतिशत अनुदान

कृषि विभाग की योजना के अनुसार किसानों को नारियल के पौधे खरीदने पर 75 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। एक नारियल पौधे की कीमत करीब 85 रुपये तय की गई है। अनुदान मिलने के बाद किसान को एक पौधे के लिए लगभग 21.25 रुपये ही खर्च करने होंगे। इस योजना का उद्देश्य राज्य में नारियल की खेती को बढ़ावा देना और किसानों की आय के नए स्रोत तैयार करना है।

सालाना ढाई लाख रुपये तक कमाई का मौका

नारियल की खेती को लंबे समय तक लाभ देने वाली फसल माना जाता है। एक बार पौधे तैयार होने के बाद किसान कई वर्षों तक इससे उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। योजना के तहत किसान करीब 15 हजार रुपये के खर्च से नारियल का बगीचा तैयार कर सकते हैं, जिससे भविष्य में अच्छी आमदनी की संभावना बन सकती है। अनुमान के मुताबिक किसान इससे सालाना करीब ढाई लाख रुपये तक की आय प्राप्त कर सकते हैं।

एक हेक्टेयर में लगाए जा सकते हैं 178 पौधे

कृषि विभाग के अनुसार एक हेक्टेयर जमीन में लगभग 178 नारियल के पौधे लगाए जा सकते हैं। किसान इसे खेत, घर के आसपास की जमीन या किचन गार्डन में भी लगा सकते हैं। इस योजना का लाभ सिर्फ ग्रामीण किसानों को ही नहीं, बल्कि शहरी क्षेत्रों के इच्छुक किसान भी उठा सकते हैं।

जुलाई-अगस्त में लगाना बेहतर

उद्यान विभाग के अनुसार नारियल के पौधे लगाने के लिए खरीफ सीजन सबसे अच्छा माना जाता है। जुलाई और अगस्त का समय पौधारोपण के लिए अनुकूल रहता है। पौधा लगाने के बाद इसकी देखभाल आसान होती है और लंबे समय तक उत्पादन मिलने की संभावना रहती है।

ऐसे करें आवेदन

योजना का लाभ लेने के लिए किसान कृषि विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के समय जमीन से जुड़े दस्तावेज जमा करना जरूरी होगा। अगर जमीन की रसीद किसान के नाम पर नहीं है तो वंशावली जैसे दस्तावेज लगाने होंगे।

8वें वेतन आयोग: 20, 30 और 40 हजार सैलरी वालों की बढ़ेगी कमाई

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। अगर नए वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी फिटमेंट फैक्टर को लेकर अंतिम फैसला सार्वजनिक नहीं किया गया है। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि यह 2.28 से 2.86 के बीच हो सकता है।

20 हजार बेसिक वालों की सैलरी में कितना बदलाव?

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.28 तय होता है तो 20,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारी का नया मूल वेतन करीब 45,600 रुपये हो सकता है। वहीं फिटमेंट फैक्टर 2.57 होने पर बेसिक सैलरी करीब 51,400 रुपये और 2.86 होने पर करीब 57,200 रुपये तक पहुंच सकती है।

30 हजार बेसिक सैलरी वालों को लाभ

30,000 रुपये बेसिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों के लिए भी बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। अनुमान के अनुसार 2.28 फिटमेंट फैक्टर पर नई बेसिक सैलरी करीब 68,400 रुपये, जबकि 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 77,100 रुपये और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 85,800 रुपये तक हो सकती है।

40 हजार बेसिक वालों की सैलरी में बढ़ोतरी

40,000 रुपये बेसिक सैलरी वाले कर्मचारियों की नई बेसिक पे भी काफी बढ़ सकती है। संभावित गणना के मुताबिक 2.28 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 91,200 रुपये, 2.57 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 1,02,800 रुपये और 2.86 फिटमेंट फैक्टर पर करीब 1,14,400 रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है।

DA, HRA और अन्य भत्तों पर भी असर

8वें वेतन आयोग का असर सिर्फ बेसिक सैलरी तक सीमित नहीं रहेगा। बेसिक पे बढ़ने के बाद महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA) और ट्रांसपोर्ट अलाउंस जैसे भत्तों में भी बदलाव हो सकता है। कर्मचारी संगठनों की ओर से HRA में बढ़ोतरी की मांग भी की जा रही है। खासतौर पर बड़े शहरों के लिए HRA को बढ़ाने की मांग रखी गई है।की संभावना भी जताई जा रही है।

अंतिम फैसला सरकार के हाथ में

फिलहाल फिटमेंट फैक्टर और वेतन वृद्धि को लेकर सभी आंकड़े अनुमान पर आधारित हैं। सरकार की ओर से आधिकारिक घोषणा के बाद ही कर्मचारियों की नई सैलरी की स्थिति स्पष्ट होगी। फिर भी 8वें वेतन आयोग को लेकर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों में उम्मीद बनी हुई है कि इससे उनकी आय और सुविधाओं में बड़ा सुधार हो सकता है।

बिहार को मिली बड़ी सौगात! इस रेलखंड का होगा दोहरीकरण, कई जिलों को खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर एक बड़ी पहल की गई है। भारतीय रेलवे ने राज्य के महत्वपूर्ण मानसी-सहरसा रेलखंड के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना के पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों के संचालन में सुधार आएगा और यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। करीब 44 किलोमीटर लंबे इस रेलखंड को आधुनिक और अधिक सक्षम बनाने के लिए लगभग 499 करोड़ रुपये की लागत से काम किया जाएगा।

सिंगल लाइन से बढ़ा था ट्रैफिक का दबाव

फिलहाल मानसी-सहरसा रेलखंड एकल रेल लाइन के रूप में संचालित हो रहा है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में यात्री ट्रेनें गुजरती हैं, वहीं मालगाड़ियों की आवाजाही भी लगातार बनी रहती है। इस रूट से कृषि उपज, निर्माण सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामानों की ढुलाई होती है। बढ़ते यातायात के कारण मौजूदा रेल लाइन पर दबाव काफी बढ़ गया था, जिससे कई बार ट्रेनों के संचालन में चुनौतियां सामने आती थीं।

दोहरीकरण के बाद आसान होगा सफर

रेलखंड के दोहरीकरण से ट्रेनों के आवागमन के लिए अतिरिक्त ट्रैक उपलब्ध होगा। इससे ट्रेनों के समय पर चलने की संभावना बढ़ेगी और परिचालन में आने वाली रुकावटें कम होंगी। यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलने के साथ ही मालगाड़ियों की गति और संख्या बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। रेलवे भविष्य में बढ़ने वाले यातायात को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को महत्वपूर्ण मान रहा है।

माल परिवहन को मिलेगा बढ़ावा

इस परियोजना का फायदा सिर्फ यात्री सेवाओं तक सीमित नहीं रहेगा। दोहरीकरण के बाद इस रेल मार्ग की माल ढुलाई क्षमता में भी वृद्धि होगी। इससे किसानों के उत्पाद, उद्योगों के लिए जरूरी सामान और अन्य वस्तुओं को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाना आसान होगा। रेलवे का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से आसपास के क्षेत्रों में व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।

बिहार के रेल विकास में अहम कदम

मानसी-सहरसा रेलखंड का दोहरीकरण बिहार के रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे सुरक्षित, तेज और बेहतर रेल सेवा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रेलवे लगातार उन मार्गों की क्षमता बढ़ाने पर काम कर रहा है जहां यात्रियों और माल परिवहन का दबाव अधिक है। ऐसे में यह परियोजना बिहार के रेल नेटवर्क को नई मजबूती देने वाली साबित हो सकती है।

केंद्र सरकार के ये 4 बड़े फैसले: आज से देशभर में हुआ लागू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से कई महत्वपूर्ण नियमों और योजनाओं में बदलाव लागू किए हैं, जिनका असर आम जनता, ग्रामीण इलाकों और विदेश यात्रा की तैयारी करने वाले लोगों पर पड़ेगा। सरकार की ओर से किए गए इन फैसलों में ईंधन खरीद के नियमों में बदलाव, ग्रामीण रोजगार योजना का विस्तार, आधार से जुड़ी सुविधा और पासपोर्ट शुल्क में संशोधन शामिल हैं।

पेट्रोल-डीजल खरीद की पुरानी सीमा खत्म

केंद्र सरकार ने पेट्रोल पंपों से ईंधन खरीद को लेकर लागू 200 लीटर प्रतिदिन की सीमा को समाप्त कर दिया है। पहले एक वाहन के लिए एक दिन में अधिकतम 200 लीटर तक पेट्रोल या डीजल खरीदने की सीमा तय थी। इस बदलाव के बाद बड़े वाहन संचालक, व्यावसायिक उपयोग करने वाले लोग और अन्य जरूरतमंद ग्राहक अपनी आवश्यकता के अनुसार ईंधन खरीद सकेंगे।

आधार में ईमेल अपडेट की सुविधा मुफ्त

आधार कार्ड से जुड़ी सेवाओं में भी बदलाव किया गया है। अब 1 जुलाई से 31 दिसंबर तक आधार में ईमेल पता जोड़ने या अपडेट करने की सुविधा मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी। पहले इस सुविधा के लिए शुल्क देना पड़ता था। नई व्यवस्था से आधार उपयोगकर्ताओं को ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी अपडेट करने में आसानी होगी।

ग्रामीण रोजगार में बड़ा बदलाव

ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने ‘VB-G RAM G’ एक्ट लागू किया है। इसके तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को अब साल में 125 दिनों तक रोजगार की गारंटी देने का प्रावधान किया गया है। इस बदलाव से गांवों में रहने वाले मजदूरों को अधिक दिनों तक काम मिलने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण आय को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

पासपोर्ट बनवाना हुआ महंगा

विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए पासपोर्ट शुल्क में भी बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत पासपोर्ट बनवाने और कुछ अन्य पासपोर्ट सेवाओं के लिए अधिक शुल्क देना होगा। सामान्य श्रेणी में 36 पेज वाले पासपोर्ट का शुल्क बढ़ाकर 2500 रुपये कर दिया गया है, जबकि तत्काल सेवा के लिए शुल्क 5000 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं 60 पेज वाले पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 3500 रुपये और तत्काल शुल्क 6000 रुपये निर्धारित किया गया है।

केंद्र सरकार का बड़ा ऐलान! 1 जुलाई से नए नियम लागू, गांव-गांव के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। ग्रामीण मजदूरों के लिए केंद्र सरकार ने 1 जुलाई से बड़ा बदलाव लागू कर दिया है। मनरेगा की जगह अब विकसित भारत-रोजगार और आजीविका गारंटी योजना (ग्रामीण) यानी वीबी-जीरामजी व्यवस्था प्रभावी हो गई है। नई योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को ज्यादा दिनों तक रोजगार और बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ मिलेगा।

सरकार की ओर से जारी नई मजदूरी दरों के अनुसार अब देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में ग्रामीण रोजगार योजना के तहत मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी। इससे कम मजदूरी वाले राज्यों के लाखों ग्रामीण श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा।

औसत मजदूरी में करीब 28 रुपये की बढ़ोतरी

नई दर लागू होने के बाद ग्रामीण रोजगार योजना की राष्ट्रीय औसत दैनिक मजदूरी में भी इजाफा हुआ है। पहले औसत मजदूरी करीब 299 रुपये प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर 327 रुपये से अधिक हो गई है। यानी औसतन मजदूरों की कमाई में लगभग 28 रुपये प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई है। पूरे देश के स्तर पर यह वृद्धि करीब 10 प्रतिशत से ज्यादा मानी जा रही है।

21 राज्यों और क्षेत्रों के मजदूरों को बड़ा लाभ

सरकार के इस फैसले से उन 21 राज्यों और प्रशासनिक क्षेत्रों के ग्रामीण मजदूरों को विशेष फायदा मिलेगा, जहां मजदूरी दर पहले कम थी। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तराखंड, असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में मजदूरी में करीब 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है।

रोजगार की गारंटी बढ़कर हुई 125 दिन

नई योजना की सबसे बड़ी खासियत रोजगार के दिनों में बढ़ोतरी है। अब पात्र ग्रामीण परिवारों को एक साल में 125 दिन तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। यानी पहले के मुकाबले 25 दिन अतिरिक्त काम उपलब्ध कराया जाएगा। इससे ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा समय तक आय का साधन मिलेगा और परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

गांवों की अर्थव्यवस्था को मिलेगा फायदा

सरकार ने नई मजदूरी दर तय करते समय महंगाई, मूल्य सूचकांक और आर्थिक बदलावों को आधार बनाया है। बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीण परिवारों की खर्च करने की क्षमता बढ़ेगी। जब गांवों में लोगों की आय बढ़ती है तो इसका असर स्थानीय बाजार, छोटे कारोबार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई देता है। ऐसे में 1 जुलाई से लागू यह बदलाव ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रोजगार और आय के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला: ग्रामीणों के लिए 5 नई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए योगी सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े कामों के लिए बार-बार तहसील कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार ने प्रदेश के सभी जिलों में लेखपालों की ग्राम सचिवालयों में नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का फैसला लिया है।

आपको बता दें की राजस्व परिषद ने इस संबंध में सभी जिलाधिकारियों को नई व्यवस्था लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। इसका उद्देश्य गांव स्तर पर ही लोगों को जरूरी राजस्व सेवाएं उपलब्ध कराना और व्यवस्था को ज्यादा पारदर्शी बनाना है।

ग्राम सचिवालयों में बैठेंगे लेखपाल

नई व्यवस्था के तहत ग्राम पंचायतों में बने सचिवालयों में लेखपालों के बैठने के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा। इसके अनुसार तय दिनों में लेखपाल ग्राम सचिवालयों में मौजूद रहेंगे और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे। ग्राम सचिवालय पहले से ही कई सरकारी सेवाओं का केंद्र बनाए जा रहे हैं। अब लेखपालों की नियमित मौजूदगी से इन सेवाओं को और बेहतर तरीके से संचालित किया जा सकेगा।

ग्रामीणों को मिलेगी कई सुविधाएं

लेखपालों के गांव स्तर पर उपलब्ध रहने से ग्रामीणों को कई महत्वपूर्ण सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा। इनमें आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, खतौनी की नकल और अन्य राजस्व संबंधी कार्य शामिल हैं। इससे लोगों का समय और पैसा दोनों बचेंगे। उन्हें छोटे-छोटे कामों के लिए दूर स्थित तहसील कार्यालयों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

भूमि विवाद और अन्य कामों में भी होगी तेजी

लेखपाल ग्रामीण प्रशासन व्यवस्था की अहम कड़ी होते हैं। जमीन से जुड़े मामलों, वरासत, स्वामित्व योजना, किसान योजनाओं, राहत कार्यों और भूमि विवादों के समाधान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ग्राम सचिवालयों में उनकी उपलब्धता बढ़ने से ऐसे मामलों की सुनवाई और निस्तारण प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।

तहसील के चक्कर से लोगों को मिलेगी राहत

अभी कई ग्रामीणों को लेखपाल से मिलने के लिए तहसील या अन्य स्थानों पर जाना पड़ता है। कई बार समय पर संपर्क न होने से लोगों के काम भी लंबित हो जाते हैं। सरकार की नई व्यवस्था का मकसद इसी परेशानी को दूर करना है, ताकि ग्रामीणों को सरकारी सेवाएं उनके अपने गांव के स्तर पर मिल सकें।

डिजिटल सेवाओं को भी मिलेगा फायदा

ग्राम सचिवालयों में पंचायत सहायकों के माध्यम से पहले से ऑनलाइन सेवाएं संचालित की जा रही हैं। लेखपालों की नियमित उपस्थिति से इन सेवाओं में समन्वय बेहतर होगा और प्रमाण पत्र व राजस्व संबंधी कार्यों में तेजी आएगी। योगी सरकार का यह फैसला ग्रामीण प्रशासन को मजबूत करने और सरकारी सुविधाओं को आम लोगों तक आसानी से पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

कल से गुरु का बड़ा असर शुरू: 5 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर अलग-अलग माना जाता है। आने वाले समय में गुरु ग्रह के प्रभाव से कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव के संकेत बताए जा रहे हैं। गुरु को ज्ञान, धन, भाग्य, शिक्षा, करियर और समृद्धि का कारक ग्रह माना जाता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव आत्मविश्वास और तरक्की के अवसर लेकर आ सकता है। कामकाज के क्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के संकेत हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के योग बन सकते हैं। परिवार में सकारात्मक माहौल रहेगा और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बढ़ सकती है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए गुरु का प्रभाव आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने और धन से जुड़े मामलों में सुधार की संभावना बताई जा रही है। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में सम्मान मिल सकता है। निवेश या भविष्य की योजनाओं को लेकर सोच-समझकर लिए गए फैसले लाभकारी साबित हो सकते हैं। परिवार का सहयोग भी मिलेगा।

3. मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय सीखने और आगे बढ़ने का हो सकता है। शिक्षा, करियर और नए अवसरों के मामले में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। जो लोग नई नौकरी या बेहतर अवसर की तलाश में हैं, उन्हें अच्छे संकेत मिल सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण फैसलों में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

4. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए गुरु का प्रभाव मान-सम्मान और सफलता के रास्ते खोल सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार करने वालों को विस्तार के मौके मिल सकते हैं। परिवार में खुशहाली बढ़ेगी और पुराने विवादों को सुलझाने में सफलता मिल सकती है। आर्थिक मामलों में भी मजबूती आने के संकेत हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए गुरु का प्रभाव विशेष रूप से शुभ माना जाता है, क्योंकि गुरु को इस राशि का स्वामी ग्रह माना जाता है। भाग्य का साथ मिलने और रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ सकती है। आर्थिक योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

यूपी में मानसून का तूफान शुरू: इन 40 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लंबे इंतजार के बाद मानसून ने दस्तक दे दी है। भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए अब राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश शुरू हो चुकी है और मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में तेज बारिश, आंधी और बिजली गिरने को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार मानसून के सक्रिय होने से अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ अच्छी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

40 जिलों में मौसम को लेकर चेतावनी

मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुरादाबाद, बदायूं समेत करीब 40 जिलों में तेज हवा, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में हवा की रफ्तार करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

इन जिलों में तेज बारिश के आसार

यूपी के अयोध्या, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, बांदा, झांसी, महोबा, ललितपुर, चित्रकूट, कौशांबी, आजमगढ़, बस्ती, गोरखपुर, मऊ समेत कई जिलों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने और बिजली चमकने की संभावना बनी हुई है। मौसम बदलने से लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।

23 जिलों में पहुंच चुकी मानसूनी बारिश

मानसून ने उत्तर-पूर्वी दिशा से उत्तर प्रदेश में प्रवेश किया है। अब तक सोनभद्र, चंदौली, गाजीपुर, बलिया, मऊ, आजमगढ़, अयोध्या, बस्ती, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत, बरेली और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में बारिश हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले एक-दो दिनों में मानसून पूरे प्रदेश में सक्रिय हो सकता है।

किसानों के लिए भी राहत की खबर

मानसून की बारिश किसानों के लिए भी बड़ी राहत लेकर आई है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए बारिश बेहद जरूरी मानी जाती है। अच्छी बारिश से खेती-किसानी को फायदा मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून अब सक्रिय स्थिति में है और आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश जारी रह सकती है।

खुशखबरी शुरू! यूपी में 10वीं-12वीं पास के लिए बंपर भर्ती, नोटिश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी का शानदार मौका सामने आया है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने वन विभाग में भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। इस भर्ती के तहत वन रक्षक (Forest Guard) और वन्य जीव रक्षक (Wildlife Guard) के कुल 708 पदों को भरा जाएगा।

708 पदों पर होगी नियुक्ति

UPSSSC की ओर से जारी भर्ती के अनुसार वन रक्षक और वन्य जीव रक्षक के पदों पर कुल 708 रिक्तियां निकाली गई हैं। चयनित उम्मीदवारों को उत्तर प्रदेश वन विभाग में काम करने का अवसर मिलेगा। भर्ती का विज्ञापन संख्या 12-परीक्षा/2026 जारी किया गया है।

आवेदन की तारीखें

इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 30 जून 2026 से शुरू हो गई है। अभ्यर्थी अपना आवेदन 20 जुलाई 2026 तक जमा कर सकते हैं। इसके बाद आवेदन में सुधार और शुल्क मिलान की अंतिम तारीख 27 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा।

शैक्षणिक योग्यता

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास मान्यता प्राप्त बोर्ड से इंटरमीडिएट (10+2) पास की योग्यता होनी चाहिए। यानी 12वीं पास युवा इस सरकारी नौकरी के लिए आवेदन कर सकते हैं। योग्यता से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए उम्मीदवारों को आधिकारिक नोटिफिकेशन देखना होगा।

वेतन और जानकारी

चयनित उम्मीदवारों को सरकारी वेतनमान के अनुसार सैलरी दी जाएगी। इस पद के लिए वेतनमान लेवल-2 के तहत निर्धारित है। वेतन की शुरुआत करीब 19,900 रुपये प्रति माह से होगी, जबकि अधिकतम वेतन 63,200 रुपये प्रति माह तक जा सकता है।

आवेदन कैसे करें?

योग्य उम्मीदवार UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के दौरान उम्मीदवारों को अपनी शैक्षणिक जानकारी, व्यक्तिगत विवरण और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भरनी होगी। आवेदन जमा करने से पहले सभी जानकारी को ध्यान से जांचना जरूरी होगा।

2 जुलाई से शुरू होगा अच्छा समय, 5 राशियों के लिए धन, सफलता और खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 2 जुलाई से ग्रहों की स्थिति में बदलाव के कारण कुछ राशियों के लिए सकारात्मक समय शुरू हो सकता है। इस दौरान कई लोगों को करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन में अच्छे अवसर मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं। ग्रहों के शुभ प्रभाव से कुछ राशियों के जातकों को रुके हुए काम पूरे होने, नई जिम्मेदारियां मिलने और आर्थिक लाभ के योग बन सकते हैं।

1. कर्क राशि

कर्क राशि के जातकों के लिए 2 जुलाई से शुरू होने वाला समय नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं। लंबे समय से चल रही परेशानियों से राहत मिल सकती है और परिवार का सहयोग प्राप्त होगा। निवेश या बचत से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेने पर लाभ मिल सकता है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है। व्यापार करने वालों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में स्थिरता आने के संकेत हैं और भविष्य की योजनाओं पर काम करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए यह समय तरक्की और नए संपर्कों के लिहाज से बेहतर माना जा रहा है। नौकरी में बदलाव या नई उपलब्धियों के अवसर मिल सकते हैं। व्यापार में नए सौदे लाभ दे सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और रिश्तों में भी मजबूती आने के संकेत हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए 2 जुलाई के बाद सफलता के नए रास्ते खुलने की संभावना बताई जा रही है। आपकी मेहनत और अनुशासन का फायदा मिल सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। धन से जुड़े मामलों में सुधार के संकेत हैं और पुराने अधूरे काम पूरे होने की संभावना बन सकती है।

5. मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला हो सकता है। शिक्षा, नौकरी और व्यक्तिगत विकास से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं। नए अवसर मिल सकते हैं और भविष्य को लेकर बनाई गई योजनाओं में सफलता की संभावना बढ़ सकती है।

40 की उम्र के बाद पुरुषों के लिए वरदान हैं ये 4 आहार, शरीर रहेगा मजबूत और फिट

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। 40 साल के बाद पुरुषों में मेटाबॉलिज्म, मांसपेशियों की ताकत और ऊर्जा के स्तर में बदलाव महसूस हो सकता है। ऐसे में संतुलित खानपान शरीर को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार इस उम्र के बाद डाइट में ऐसे खाद्य पदार्थ शामिल करने चाहिए, जिनमें प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट भरपूर मात्रा में हों। आइए जानते हैं ऐसे 4 आहार, जो 40+ पुरुषों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं।

1. अंडा और प्रोटीन से भरपूर आहार

अंडा प्रोटीन का अच्छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। 40 की उम्र के बाद शरीर को पर्याप्त प्रोटीन की जरूरत होती है, इसलिए अंडे के अलावा दाल, पनीर, दूध और अन्य प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ भी डाइट में शामिल किए जा सकते हैं।

2. बादाम और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स

बादाम, अखरोट और अन्य मेवे शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं। इनमें हेल्दी फैट, फाइबर और कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं। इनका सीमित मात्रा में सेवन ऊर्जा बनाए रखने और दिल की सेहत के लिए बेहतर माना जाता है।

3. हरी सब्जियां और फल

40 के बाद शरीर को विटामिन और मिनरल्स की अधिक जरूरत होती है। हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल और सलाद शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर रखने में सहायक हो सकता है। साथ ही शरीर को कई जरूरी एंटीऑक्सीडेंट भी मिलते हैं।

4. मछली और ओमेगा-3 वाले खाद्य पदार्थ

मछली में पाए जाने वाले ओमेगा-3 फैटी एसिड को शरीर के लिए लाभकारी माना जाता है। यह हृदय स्वास्थ्य और शरीर की सामान्य कार्यप्रणाली के लिए उपयोगी हो सकता है। जो लोग मछली नहीं खाते, वे ओमेगा-3 के अन्य स्रोत जैसे अलसी के बीज और चिया सीड्स को भी आहार में शामिल कर सकते हैं।