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यूपी में 3 एक्सप्रेस-वे को जोड़ेगा नया इंटरचेंज, 12 जिलों के लिए खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया जा रहा है। इटावा जिले के कुदरैल गांव में एक अत्याधुनिक इंटरचेंज (ट्रंपेट जंक्शन) विकसित किया जाएगा, जहां प्रदेश के तीन बड़े एक्सप्रेस-वे आपस में जुड़ेंगे। इस परियोजना के पूरा होने के बाद कई जिलों के लोगों को बेहतर सफर सुविधा मिलेगी और यात्रा का समय भी कम होगा।

आपको बता दें की इस खास इंटरचेंज के जरिए आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे, बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे और गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे एक-दूसरे से कनेक्ट हो जाएंगे। इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों के बीच आवागमन पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

12 जिलों को मिलेगा सीधा फायदा

इस इंटरचेंज का सबसे बड़ा लाभ आसपास के कई जिलों को मिलने की उम्मीद है। इटावा, औरैया, मैनपुरी, कन्नौज, फर्रुखाबाद, जालौन और कानपुर देहात जैसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इसके अलावा बुंदेलखंड क्षेत्र के चित्रकूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर जैसे जिलों तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा। इससे व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है।

बिना रुके बदल सकेंगे एक्सप्रेस-वे

ट्रंपेट जंक्शन की खासियत यह होगी कि वाहन चालकों को एक एक्सप्रेस-वे से दूसरे एक्सप्रेस-वे पर जाने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा। इसकी डिजाइन ऐसी होगी कि गाड़ियां आसानी से अपनी दिशा बदल सकेंगी। इससे समय की बचत होगी और ट्रैफिक दबाव भी कम होगा। लंबी दूरी की यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह सुविधा काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।

500 करोड़ रुपये से तैयार होगी परियोजना

इस परियोजना के लिए करीब 120 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। इंटरचेंज और गंगा लिंक एक्सप्रेस-वे के हिस्से के निर्माण पर लगभग 500 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। परियोजना पूरी होने के बाद यह क्षेत्र प्रदेश के महत्वपूर्ण सड़क नेटवर्क से जुड़ जाएगा।

आसपास विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं

इंटरचेंज के आसपास भविष्य में लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउस, होटल, पेट्रोल पंप और ट्रॉमा सेंटर जैसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है। इन सुविधाओं से न सिर्फ यात्रियों को फायदा मिलेगा बल्कि क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

दिल्ली, मेरठ और उत्तराखंड का सफर होगा आसान

अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली, मेरठ और उत्तराखंड की ओर जाने वाले रास्ते भी बेहतर हो जाएंगे। यह कनेक्टिविटी इटावा और आसपास के क्षेत्रों के आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकती है।

8वें वेतन आयोग पर नया अपडेट, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 8वें वेतन आयोग को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। आयोग ने वेतन और भत्तों में संभावित बदलाव की दिशा में काम तेज कर दिया है। इसके लिए सरकार के सभी मंत्रालयों और विभागों से कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और उनसे जुड़े खर्च का पूरा विवरण मांगा गया है।

विभागों को ऑनलाइन देना होगा पूरा डेटा

8वें वेतन आयोग ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिया है कि वे कर्मचारियों से जुड़ी वित्तीय जानकारी आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करें। जानकारी भेजने के लिए केवल डिजिटल माध्यम को ही मान्यता दी जाएगी। विभागों को फाइल, प्रिंटेड दस्तावेज, एक्सेल शीट या ईमेल के जरिए जानकारी भेजने की अनुमति नहीं होगी। आयोग एक केंद्रीकृत डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना चाहता है, जिससे आंकड़ों का विश्लेषण आसानी से किया जा सके।

30 जून 2026 तक देनी होगी जानकारी

आयोग ने डेटा जमा करने की अंतिम तारीख 30 जून 2026 तय की है। इसमें बड़ी संख्या में सरकारी कार्यालयों और संस्थानों की जानकारी शामिल होगी। ऐसे में अगर किसी विभाग को समय पर डेटा उपलब्ध कराने में परेशानी आती है तो समय सीमा बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।

किन चीजों की मांगी गई जानकारी

आयोग ने सिर्फ बेसिक सैलरी का विवरण नहीं मांगा है, बल्कि कर्मचारियों को मिलने वाले सभी प्रमुख भत्तों की जानकारी भी मांगी गई है। इसमें बेसिक पे, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), ट्रांसपोर्ट अलाउंस, जोखिम और कठिन क्षेत्र में मिलने वाले भत्ते समेत अन्य सुविधाओं का ब्योरा शामिल है। इसके अलावा पे मैट्रिक्स के अलग-अलग स्तरों पर होने वाले खर्च की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

पिछले तीन साल के खर्च का अध्ययन

आयोग ने वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 के आंकड़े मांगे हैं। इन आंकड़ों के जरिए यह देखा जाएगा कि अलग-अलग वेतन स्तरों पर सरकार का कितना खर्च हो रहा है। इससे आयोग को भविष्य में वेतन संशोधन, भत्तों में बदलाव और सरकार पर पड़ने वाले आर्थिक प्रभाव का अनुमान लगाने में मदद मिलेगी।

कर्मचारियों की उम्मीदें बढ़ीं

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया शुरू होने के बाद केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें अब आयोग की सिफारिशों पर टिकी हैं। वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं में संभावित बदलाव को लेकर कर्मचारियों में उम्मीदें बढ़ गई हैं। हालांकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिशों और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

2 जुलाई से शनि की बदलेगी चाल, 4 राशियों पर बरसेगी विशेष कृपा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि ग्रह को कर्म, अनुशासन, मेहनत और न्याय का कारक माना जाता है। शनि की स्थिति में बदलाव का प्रभाव सभी राशियों पर किसी न किसी रूप में देखने को मिलता है। 2 जुलाई 2026 को शनि देव रेवती नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश करेंगे और 19 अगस्त तक इसी स्थिति में रहेंगे।

रेवती नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध माने जाते हैं और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार शनि और बुध के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। ऐसे में शनि का यह गोचर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ सकता है। इन जातकों को करियर, धन और जीवन में आगे बढ़ने के नए अवसर मिलने के संकेत बन सकते हैं।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का यह परिवर्तन लाभकारी माना जा सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की संभावना रहेगी। परिवार में भी सुख-शांति का माहौल बन सकता है।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शनि का यह गोचर नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं और कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। आर्थिक मामलों में सुधार होने के संकेत हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल रह सकता है। विद्यार्थियों को भी मेहनत का अच्छा फल मिलने की संभावना है।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों पर शनि की कृपा विशेष रूप से देखने को मिल सकती है। कामकाज में सफलता मिलने के साथ मान-सम्मान बढ़ सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है। धन से जुड़े मामलों में मजबूती आ सकती है और भविष्य के लिए बनाई गई योजनाएं सफल हो सकती हैं।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि शनि की प्रिय राशियों में से एक मानी जाती है, इसलिए यह गोचर इनके लिए खास रह सकता है। नौकरी में तरक्की, नई जिम्मेदारियां या उपलब्धियां मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार आ सकता है और जीवन में स्थिरता बढ़ने के संकेत हैं। मेहनत और धैर्य से बड़ी सफलता हासिल करने के मौके मिल सकते हैं।

यूपी में बेटियों के लिए 4 बड़ी खुशखबरी! सरकार दे रही स्कॉलरशिप

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने वाली छात्राओं के लिए सरकार की ओर से कई आर्थिक सहायता योजनाएं चलाई जा रही हैं। अगर कोई बेटी ग्रेजुएशन कर रही है या कॉलेज में नया दाखिला लेने की तैयारी कर रही है तो वह इन स्कॉलरशिप योजनाओं का लाभ लेकर अपनी पढ़ाई का खर्च कम कर सकती है।

केंद्र और राज्य सरकार की इन योजनाओं का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों को आगे की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है। इन स्कॉलरशिप के जरिए फीस से लेकर पढ़ाई से जुड़े खर्चों के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है।

1 .यूपी पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप से मिलेगा फायदा

उत्तर प्रदेश सरकार की पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना छात्राओं के बीच काफी लोकप्रिय है। यह योजना समाज कल्याण, पिछड़ा वर्ग कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के माध्यम से संचालित की जाती है। इस योजना का लाभ उत्तर प्रदेश की रहने वाली वे छात्राएं ले सकती हैं जो किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या संस्थान में ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रही हैं। इसमें अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग (EWS) की छात्राओं को सहायता दी जाती है।

2 .UGC की योजनाओं से भी बेटियों को मिल सकती है मदद

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की ओर से भी छात्राओं के लिए कई स्कॉलरशिप योजनाएं चलाई जाती हैं। इनमें एकल बेटी और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की छात्राओं के लिए सहायता योजनाएं शामिल हैं। इन योजनाओं के आवेदन समय-समय पर नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के माध्यम से जारी किए जाते हैं।

3 .तकनीकी पढ़ाई करने वाली बेटियों के लिए खास योजना

जो छात्राएं इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर या अन्य तकनीकी कोर्स कर रही हैं, उनके लिए AICTE प्रगति स्कॉलरशिप योजना मददगार साबित हो सकती है। इस योजना के तहत योग्य छात्राओं को आर्थिक सहायता दी जाती है, जिससे वे अपनी तकनीकी शिक्षा को बिना आर्थिक परेशानी के जारी रख सकें। एक परिवार की तय सीमा के अनुसार छात्राएं इस योजना का लाभ ले सकती हैं।

4 .CAPF और पुलिस परिवारों की बेटियों के लिए भी सहायता

केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री स्कॉलरशिप योजना (PMSS) भी बेटियों की पढ़ाई में मदद करती है। अगर किसी छात्रा के माता या पिता केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, असम राइफल्स या पुलिस विभाग से जुड़े रहे हैं और पात्रता पूरी करते हैं, तो वह इस योजना के लिए आवेदन कर सकती है। इस योजना के तहत उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है।

शुक्र-केतु का महासंयोग, इन 5 राशियों के जीवन में आएगी खुशहाली

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। जब दो ग्रह किसी राशि में एक साथ आते हैं तो इसे विशेष योग या संयोग माना जाता है। इस समय सिंह राशि में शुक्र और केतु का महासंयोग बनने जा रहा है। शुक्र को सुख, वैभव, धन, प्रेम और सुविधाओं का कारक माना जाता है, जबकि केतु आध्यात्मिकता, अचानक बदलाव और पुराने कर्मों से जुड़े परिणामों का संकेत देता है।

ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस योग का असर कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रह सकता है। इन जातकों को आर्थिक मामलों, करियर, रिश्तों और जीवन की सुविधाओं में सुधार के संकेत मिल सकते हैं। आइए जानते हैं किन 5 राशियों को इसका लाभ मिल सकता है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए शुक्र-केतु का यह संयोग नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी और व्यापार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत बन सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना रहेगी। सुख-सुविधाओं से जुड़ी चीजों पर खर्च कर सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय रचनात्मकता और सफलता बढ़ाने वाला माना जा सकता है। कामकाज में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। धन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के योग बन सकते हैं। परिवार में भी खुशियों का माहौल रहने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि में ही शुक्र और केतु का संयोग बन रहा है, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव देखने को मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ सकता है और समाज में मान-सम्मान बढ़ने के संकेत मिल सकते हैं। करियर में बदलाव या नई शुरुआत के मौके मिल सकते हैं। जीवन में आकर्षण और सुविधाएं बढ़ सकती हैं।

4. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए शुक्र का संबंध विशेष माना जाता है। इस योग के प्रभाव से आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार करने वालों को नए संपर्कों से फायदा हो सकता है। प्रेम संबंधों और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है।

5. मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए यह समय मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। नौकरी में तरक्की या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। धन संचय बढ़ सकता है और भविष्य की योजनाओं को मजबूती मिल सकती है। घर और जीवनशैली से जुड़ी सुख-सुविधाओं में वृद्धि के संकेत हैं।

भारत की बड़ी कामयाबी! UPI पहुंचा यूरोप के एक और देश में

नई दिल्ली। भारत का डिजिटल पेमेंट सिस्टम यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब दुनिया के कई देशों में अपनी पहचान बना चुका है। इसी कड़ी में भारत को एक और बड़ी उपलब्धि मिली है। फ्रांस के बाद अब यूरोप के एक और देश ग्रीस में भी UPI सेवा शुरू हो गई है। इससे विदेश जाने वाले भारतीयों और वहां रहने वाले लोगों के लिए डिजिटल भुगतान और आसान हो जाएगा।

ग्रीस में डिजिटल भुगतान

नई व्यवस्था के बाद योग्य ग्राहक ग्रीस में UPI के जरिए तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक तरीके से पैसे का लेनदेन कर सकेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय भुगतान की प्रक्रिया पहले के मुकाबले सरल होगी। आमतौर पर विदेशों में पेमेंट के लिए कार्ड या अन्य बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें कई बार ज्यादा शुल्क और समय लगता है। UPI आने से कम लागत में तुरंत भुगतान की सुविधा मिलने की उम्मीद है।

यूरोप में बढ़ रहा UPI का विस्तार

भारत का यह डिजिटल सिस्टम अब सिर्फ देश तक सीमित नहीं रह गया है। इससे पहले कई देशों ने UPI को अपनाया है। इनमें सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, नेपाल, भूटान, श्रीलंका, मॉरीशस, कतर, कंबोडिया और सेशेल्स जैसे देश शामिल हैं। ग्रीस में शुरुआत के बाद भारत की डिजिटल भुगतान तकनीक की पहुंच और मजबूत हुई है।

भारत की तकनीक पर दुनिया का भरोसा

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने ग्रीस में UPI सेवा शुरू होने को भारत के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि दुनिया में भारतीय डिजिटल समाधानों को मिल रही स्वीकृति यह दिखाती है कि तकनीक के क्षेत्र में भारत की क्षमता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है। उन्होंने इस कदम को दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग को बढ़ाने वाला बताया।

ग्रीस के साथ व्यापार और निवेश पर भी जोर

ग्रीस दौरे के दौरान भारत और ग्रीस के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। भारतीय कंपनियों और ग्रीक कंपनियों के बीच निवेश और कारोबार के नए अवसरों पर बातचीत की गई। मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर और अन्य क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

ग्रीस में यूरोबैंक के साथ शुरू हुई यह UPI सुविधा

ग्रीस में UPI सेवा का प्रदर्शन एथेंस स्थित यूरोबैंक मुख्यालय में किया गया। यह पहल नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड (NIPL) और यूरोबैंक की साझेदारी के तहत आगे बढ़ी है। इससे साफ है कि भारत का डिजिटल पेमेंट मॉडल अब वैश्विक स्तर पर अपनी जगह बना रहा है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, लेखपालों के लिए नया नियम लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीणों के लिए प्रशासनिक सेवाओं को आसान बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। अब गांव के लोगों को जमीन और राजस्व से जुड़े कामों के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की परेशानी कम होने वाली है। सरकार ने लेखपालों की गांव स्तर पर उपलब्धता बढ़ाने की तैयारी की है।

नई व्यवस्था के तहत जिलों में लेखपालों के लिए एक तय कार्यक्रम बनाया जाएगा, जिसके अनुसार उन्हें ग्राम सचिवालयों में बैठना होगा। इसका उद्देश्य यह है कि ग्रामीणों को अपने जरूरी कामों के लिए सीधे स्थानीय स्तर पर सहायता मिल सके और सरकारी सेवाओं में तेजी आए।

ग्रामीणों को मिलेगी बड़ी राहत

गांवों में रहने वाले लोगों को अक्सर खसरा-खतौनी, प्रमाण पत्र, जमीन से जुड़े सत्यापन और अन्य राजस्व कार्यों के लिए लेखपालों की जरूरत पड़ती है। कई बार लेखपाल से संपर्क नहीं हो पाने के कारण लोगों को तहसील के चक्कर लगाने पड़ते थे। अब ग्राम सचिवालय में लेखपालों की मौजूदगी से लोगों को अपने क्षेत्र में ही समाधान मिलने की उम्मीद है। इससे समय की बचत होगी और सरकारी प्रक्रिया भी आसान बनेगी।

कई जरूरी सेवाओं में होगी मदद

लेखपालों की भूमिका गांवों में काफी महत्वपूर्ण होती है। जमीन से जुड़े मामलों के अलावा किसान योजनाओं का सत्यापन, फसल की जानकारी, आपदा से नुकसान का आकलन, विरासत से जुड़े मामले और सरकारी योजनाओं की जांच जैसे काम भी उनके जिम्मे होते हैं। ग्राम स्तर पर उनकी उपलब्धता रहने से इन कामों में तेजी आने की संभावना है।

सरकार का फोकस पारदर्शी व्यवस्था पर

प्रदेश सरकार का जोर सरकारी सेवाओं को लोगों तक सीधे पहुंचाने पर है। ग्राम सचिवालयों को मजबूत करने के पीछे भी यही उद्देश्य है कि ग्रामीणों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए दूर न जाना पड़े। लेखपालों की नियमित उपस्थिति से शिकायतों का समाधान जल्दी हो सकेगा और प्रशासन की जवाबदेही भी बढ़ेगी।

1 जुलाई से प्रदेशभर शुरू होगी नई व्यवस्था

नई व्यवस्था को लागू करने के लिए जिलों में व्यवस्था तैयार की जा रही है। लेखपालों के बैठने का समय और दिन तय किए जाएंगे, जिससे ग्रामीणों को पता रहे कि किस दिन कौन-सी सुविधा उपलब्ध होगी। इस बदलाव के बाद गांवों में राजस्व सेवाओं का काम पहले से अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

यूपी में आई बड़ी खुशखबरी! 2 नई भर्तियों से युवाओं को मिलेगी नौकरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। प्रदेश में दो अलग-अलग भर्ती प्रक्रियाओं के जरिए हजारों पदों पर युवाओं को आवेदन का मौका मिलने जा रहा है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) की ओर से लेखा परीक्षक, सहायक लेखाकार और गन्ना पर्यवेक्षक के पदों पर भर्ती निकाली गई है।

पहली भर्ती: लेखा परीक्षक और सहायक लेखाकार के 1829 पद

UPSSSC ने विभिन्न विभागों में लेखा परीक्षक (Auditor) और सहायक लेखाकार (Assistant Accountant) के कुल 1829 खाली पदों को भरने के लिए आवेदन मांगे हैं। इस भर्ती में वही उम्मीदवार आवेदन कर पाएंगे, जिन्होंने UPSSSC PET-2025 परीक्षा में हिस्सा लिया है और उनके पास वैध PET-2025 स्कोर कार्ड मौजूद है। आवेदन प्रक्रिया 14 जुलाई 2026 से शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थी 3 अगस्त 2026 तक ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे। आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जाएगा।

दूसरी भर्ती: गन्ना पर्यवेक्षक के 1182 पदों पर मौका

यूपी के युवाओं के लिए दूसरी बड़ी खुशखबरी गन्ना पर्यवेक्षक भर्ती को लेकर है। UPSSSC ने गन्ना पर्यवेक्षक (Sugarcane Supervisor) के 1182 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस पद के लिए कृषि या संबंधित क्षेत्र से योग्यता रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। भर्ती के लिए उम्मीदवारों के पास मान्यता प्राप्त संस्थान से बीएससी (B.Sc) डिग्री होना जरूरी बताया गया है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 7 जुलाई 2026 से शुरू होंगे और आवेदन की आखिरी तारीख 28 जुलाई 2026 तय की गई है।

युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा अवसर

उत्तर प्रदेश में लगातार निकल रही इन भर्तियों से सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ा मौका मिल रहा है। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि आवेदन करने से पहले भर्ती की योग्यता, उम्र सीमा, चयन प्रक्रिया और अन्य जरूरी नियमों को ध्यान से जरूर पढ़ लें। दोनों भर्तियों के लिए आवेदन UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से किया जा सकेगा। समय पर आवेदन करके उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठा सकते हैं।

यूपी में मॉनसून की दस्तक, 26 जिलों में झमाझम बारिश का अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम में बदलाव के साथ प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही शुरू हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार मानसून की सक्रियता बढ़ रही है और आने वाले दिनों में प्रदेश के ज्यादातर इलाकों में बारिश देखने को मिल सकती है। लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग के मुताबिक मानसून की स्थिति फिलहाल आजमगढ़, अयोध्या और बरेली के आसपास बनी हुई है। अनुमान है कि अगले 2 से 3 दिनों में मानसून प्रदेश के अन्य हिस्सों तक तेजी से पहुंचेगा। जुलाई के पहले सप्ताह में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।

26 जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने मंगलवार को प्रदेश के 26 जिलों में तेज बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। इनमें पूर्वी यूपी से लेकर पश्चिमी यूपी तक के कई जिले शामिल हैं। बारिश के साथ कुछ जगहों पर तेज हवाएं चलने और मौसम खराब रहने की संभावना जताई गई है।

बारिश की संभावना वाले प्रमुख जिलों में गोरखपुर, महाराजगंज, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, झांसी, महोबा, ललितपुर, वाराणसी, बिजनौर, मुरादाबाद, बरेली, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर, देवरिया समेत कई जिले शामिल हैं।

बिजली गिरने को लेकर भी चेतावनी

मौसम विभाग ने कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज सहित करीब 29 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। जौनपुर, चंदौली, आजमगढ़, गोंडा, बलरामपुर, प्रतापगढ़, प्रयागराज, कौशांबी, बांदा, संत कबीर नगर समेत कई इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है।

अगले 24 घंटे में और बढ़ेगा मानसून

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले 24 घंटे में मानसून प्रदेश के 50 से ज्यादा जिलों तक पहुंच सकता है। पूर्वी यूपी के कई इलाकों में सुबह से बादल छाए रहने से तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। बारिश होने से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।

कमल की तरह खिलेगा भाग्य: 1 जुलाई से इन 5 राशियों के शुरू होंगे अच्छे दिन

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की चाल में बदलाव का असर सभी 12 राशियों के जीवन पर पड़ता है। 1 जुलाई से कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रहने वाला है। माना जा रहा है कि इस अवधि में इन राशियों के जातकों को करियर, धन, व्यापार और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के साथ नई संभावनाओं के रास्ते खुल सकते हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए जुलाई की शुरुआत नई उम्मीदें लेकर आ सकती है। कार्यक्षेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं और उनके साथ सफलता के अवसर भी मिल सकते हैं। नौकरी में तरक्की या नई नौकरी के मौके बन सकते हैं। आर्थिक मामलों में सुधार के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने की संभावना बन सकती है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं। परिवार में खुशियों का माहौल रहेगा। निवेश और धन से जुड़े मामलों में सोच-समझकर लिए गए फैसले फायदा दे सकते हैं। मेहनत और धैर्य का पूरा फल मिलने के योग बन रहे हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी। नौकरी और व्यापार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ने के संकेत हैं। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अच्छा रह सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत होने की संभावना है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए 1 जुलाई से सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं। करियर में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। रिश्तों में मधुरता आएगी और परिवार का सहयोग मिलेगा। धन से जुड़े मामलों में राहत मिल सकती है। नई जिम्मेदारियां सफलता का रास्ता खोल सकती हैं।

5. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए आने वाला समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। शिक्षा, नौकरी और व्यापार में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यात्रा से जुड़े लाभ के योग बन सकते हैं। नई शुरुआत के लिए समय अनुकूल रह सकता है और आर्थिक स्थिति में सुधार के संकेत हैं।

यूपी में ऑनलाइन जमीन रजिस्ट्री को लेकर बड़ा अपडेट, जानें पूरी डिटेल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में संपत्ति रजिस्ट्री को लेकर योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की संपत्तियों की ऑनलाइन रजिस्ट्री की नई व्यवस्था को फिलहाल समाप्त कर दिया है। अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स के विरोध के बाद सरकार ने 4 जून 2026 को जारी किए गए ई-पंजीकरण मॉड्यूल से जुड़े शासनादेश को तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया है।

स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रवींद्र जायसवाल ने इस फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि ऑनलाइन रजिस्ट्री की व्यवस्था लागू करने का उद्देश्य आम लोगों के लिए प्रक्रिया को आसान बनाना था, लेकिन शासनादेश में कुछ स्पष्टता की कमी के कारण गलतफहमी पैदा हो गई।

रजिस्ट्री प्रक्रिया आसान बनाने की थी तैयारी

सरकार की योजना थी कि विकास प्राधिकरणों और आवास विकास परिषद की ओर से बेची जाने वाली संपत्तियों के पहले पंजीकरण की प्रक्रिया को डिजिटल बनाया जाए। मौजूदा व्यवस्था में खरीदार, डीड राइटर या अधिवक्ता को प्राधिकरण से दस्तावेज लेकर उप निबंधक कार्यालय जाना पड़ता था।

नई व्यवस्था के तहत प्राधिकरण के अधिकृत अधिकारी द्वारा तैयार दस्तावेज ऑनलाइन माध्यम से संबंधित रजिस्ट्री कार्यालय भेजे जाने की योजना थी। इससे खरीदारों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत मिलने की उम्मीद थी।

विरोध के बाद लिया गया फैसला

ऑनलाइन रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स ने चिंता जताई थी। उनका कहना था कि नई व्यवस्था से उनके काम और रोजगार पर असर पड़ सकता है। इसी विरोध को देखते हुए सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करने और सभी पक्षों की चिंताओं को ध्यान में रखते हुए पुराने आदेश को वापस लेने का निर्णय लिया।

मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा कि सरकार किसी भी वर्ग के हितों को प्रभावित नहीं करना चाहती। उन्होंने साफ किया कि अधिवक्ताओं और डीड राइटर्स की भूमिका को ध्यान में रखते हुए आगे की प्रक्रिया तैयार की जाएगी।

पारदर्शी व्यवस्था बनाने पर रहेगा जोर

सरकार का कहना है कि भविष्य में भी रजिस्ट्री प्रक्रिया को ज्यादा सरल, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए सुधार किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित पक्षों से बातचीत कर ऐसी व्यवस्था तैयार करने की कोशिश होगी, जिससे आम लोगों को सुविधा मिले और इससे जुड़े लोगों के हित भी सुरक्षित रहें।

योगी सरकार का बड़ा फैसला: यूपी में अब काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता, 1 जुलाई से लागू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले मजदूरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने रोजगार से जुड़ी नई व्यवस्था को मंजूरी दे दी है। अब अगर पंजीकरण कराने के बाद भी मजदूरों को तय समय पर काम नहीं मिलता है, तो उन्हें सरकार की ओर से बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

राज्य में 1 जुलाई से विकसित भारत- रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) योजना लागू होने जा रही है। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना और जरूरत पड़ने पर आर्थिक सहायता देना है।

15 दिन में काम नहीं मिला तो मिलेगा भत्ता

नई योजना के तहत मजदूरों को रोजगार उपलब्ध कराने की समय सीमा तय की गई है। अगर किसी मजदूर ने योजना के तहत काम के लिए पंजीकरण कराया और 15 दिनों के अंदर उसे रोजगार नहीं दिया गया, तो 16वें दिन से उसे बेरोजगारी भत्ता मिलने का प्रावधान है। इसके अलावा अगर मजदूरी भुगतान में देरी होती है तो मजदूरों को अतिरिक्त मुआवजा भी मिलेगा। भुगतान में देरी होने पर प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से विलंब राशि देने की व्यवस्था की गई है।

एक साल में मिलेगा 125 दिन तक रोजगार

इस योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के अकुशल श्रमिकों को एक वित्तीय वर्ष में अधिकतम 125 दिनों तक रोजगार देने का लक्ष्य रखा गया है। मजदूरी का भुगतान मास्टर रोल बंद होने के 15 दिनों के भीतर करना होगा। अगर तय समय में भुगतान नहीं होता है तो नियम के अनुसार मुआवजा दिया जाएगा।

खेती के मौसम में नहीं होंगे कुछ काम

योजना में खेती के व्यस्त समय को ध्यान में रखते हुए खास व्यवस्था की गई है। कृषि कार्यों के लिए व्यस्त सीजन में करीब 60 दिन आरक्षित रखे जाएंगे। इस अवधि में योजना के तहत रोजगार कार्य नहीं चलाए जाएंगे, ताकि मजदूर खेती से जुड़े कामों में भी हिस्सा ले सकें।

केंद्र और राज्य मिलकर उठाएंगे खर्च

इस योजना का खर्च केंद्र और राज्य सरकार मिलकर उठाएंगी। कुल खर्च में 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी। योजना की निगरानी और संचालन की जिम्मेदारी जिला, मध्यवर्ती और ग्राम स्तर की पंचायतों को दी जाएगी।

ग्रामीण मजदूरों को मिलेगा सहारा

योगी सरकार की इस नई योजना से ग्रामीण मजदूरों को रोजगार की गारंटी मिलने के साथ-साथ समय पर काम नहीं मिलने की स्थिति में आर्थिक मदद भी मिल सकेगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाने और आजीविका मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

8वें वेतन आयोग की 8 बड़ी बातें: कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए जानना जरूरी

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वां वेतन आयोग इस समय सबसे बड़ी चर्चाओं में शामिल है। सरकार की ओर से आयोग के गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद अब कर्मचारियों की नजरें इसकी सिफारिशों पर टिकी हुई हैं। वेतन, पेंशन, भत्ते और फिटमेंट फैक्टर जैसे मुद्दों को लेकर लगातार चर्चा चल रही है।

1. कब आएगी 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट?

8वें वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए करीब 18 महीने का समय दिया गया है। माना जा रहा है कि आयोग अपनी सिफारिशें सरकार को सौंपने के बाद आगे की प्रक्रिया शुरू करेगा। वेतन संशोधन की प्रभावी तारीख 1 जनवरी 2026 मानी जा सकती है। अगर लागू होने में देरी होती है तो कर्मचारियों को पिछले समय का एरियर मिलने की संभावना बन सकती है।

2. फिटमेंट फैक्टर पर सबसे ज्यादा नजर

वेतन बढ़ोतरी में फिटमेंट फैक्टर की भूमिका सबसे अहम होती है। इसी के आधार पर नए बेसिक पे की गणना की जाती है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 रखा गया था। अब कर्मचारी संगठन इसे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। अलग-अलग अनुमान के अनुसार नया फिटमेंट फैक्टर 1.92 से लेकर 3 तक के बीच हो सकता है।

3. न्यूनतम बेसिक सैलरी में हो सकता है बदलाव

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18 हजार रुपये है। 8वें वेतन आयोग के लागू होने के बाद इसमें बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। कर्मचारी संगठनों की मांग के अनुसार इसमें बड़ी वृद्धि की मांग की गई है, जबकि अंतिम फैसला आयोग की सिफारिश और सरकार की मंजूरी के बाद ही तय होगा।

4. पेंशनर्स को भी मिल सकता है फायदा

8वें वेतन आयोग का असर केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पेंशनभोगियों को भी इसका लाभ मिल सकता है। न्यूनतम पेंशन में बढ़ोतरी, पेंशन गणना के तरीके में बदलाव और मेडिकल सुविधाओं से जुड़े सुझावों पर भी चर्चा की जा रही है।

5. HRA और दूसरे भत्तों में बदलाव की उम्मीद

वेतन आयोग में मकान किराया भत्ता (HRA), यात्रा भत्ता और अन्य सुविधाओं की भी समीक्षा की जाती है। कर्मचारी संगठनों की ओर से बढ़ती महंगाई और रहने के खर्च को देखते हुए भत्तों में सुधार की मांग की गई है। बेसिक पे बढ़ने के साथ कई भत्तों में भी बदलाव संभव है।

6. DA और DR में हो सकता है रीसेट

महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) कर्मचारियों और पेंशनर्स की आय का अहम हिस्सा है। नए वेतन ढांचे के लागू होने के बाद महंगाई भत्ते को नए वेतनमान में शामिल किया जा सकता है और इसके बाद DA की गणना नए सिरे से शुरू होने की संभावना रहती है।

7. आयोग कर रहा कर्मचारियों से बातचीत

8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में कर्मचारियों, संगठनों और अन्य पक्षों से सुझाव लिए जा रहे हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों में बैठकें और परामर्श प्रक्रिया के जरिए आयोग वेतन व्यवस्था में सुधार को लेकर जानकारी जुटा रहा है।

8. करोड़ों लोगों पर पड़ेगा असर

8वें वेतन आयोग का सीधा असर लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। वेतन, भत्ते और पेंशन में बदलाव से बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित होंगे। हालांकि अभी अंतिम फैसला आयोग की रिपोर्ट और सरकार की मंजूरी के बाद ही स्पष्ट होगा।

ग्रहों का महासंयोग: 4 राशियों की खुलेगी किस्मत, नौकरी-धंधे में मिल सकते हैं बड़े मौके

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार समय-समय पर ग्रहों की स्थिति में बदलाव से कई शुभ योग और संयोग बनते हैं। ग्रहों का ऐसा ही एक महासंयोग कुछ राशियों के लिए सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकता है। मान्यता है कि जब ग्रह अनुकूल स्थिति में आते हैं तो व्यक्ति के जीवन में सफलता, आर्थिक लाभ और नए अवसरों के रास्ते खुल सकते हैं।

1. मेष राशि:

मेष राशि के जातकों के लिए ग्रहों का महासंयोग उत्साह और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और कार्यक्षेत्र में उनकी मेहनत की सराहना हो सकती है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार आने और रुके हुए काम पूरे होने की संभावना रहेगी।

2. वृषभ राशि:

वृषभ राशि वालों के लिए यह समय आगे बढ़ने वाला साबित हो सकता है। ग्रहों की शुभ स्थिति से नौकरी में प्रमोशन या बेहतर अवसर मिलने के संकेत मिल सकते हैं। व्यापार करने वाले लोगों को निवेश और योजनाओं में लाभ मिल सकता है। परिवार और आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि:

सिंह राशि के जातकों को इस महासंयोग का अच्छा फायदा मिल सकता है। करियर में नई उपलब्धियां हासिल करने के मौके मिल सकते हैं। जो लोग लंबे समय से नौकरी या व्यवसाय में बदलाव की सोच रहे हैं, उनके लिए समय अनुकूल हो सकता है। सामाजिक सम्मान बढ़ने और महत्वपूर्ण लोगों से सहयोग मिलने के योग बन सकते हैं।

4. तुला राशि:

तुला राशि के लोगों के लिए ग्रहों का महासंयोग आर्थिक मामलों में शुभ संकेत दे सकता है। आय के नए स्रोत बनने और पुराने प्रयासों में सफलता मिलने की संभावना जताई जा रही है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में बेहतर मौके मिल सकते हैं, वहीं व्यापार में नए सौदे लाभदायक साबित हो सकते हैं।

बिहार में मकान मालिकों को खुशखबरी, सरकार दे रही कमाने का मौका

पटना। बिहार में अब अपने घर से कमाई करने का एक नया रास्ता खुल गया है। राज्य सरकार ने पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना शुरू की है। इस योजना के जरिए मकान मालिक अपने घर के कमरों को पर्यटकों के ठहरने के लिए तैयार कर सकते हैं और सरकार की तरफ से आर्थिक सहायता भी प्राप्त कर सकते हैं।

इस योजना का उद्देश्य बिहार में आने वाले पर्यटकों को बेहतर ठहरने की सुविधा देना और स्थानीय लोगों को स्वरोजगार से जोड़ना है। खासकर पर्यटन स्थलों के आसपास रहने वाले लोगों के लिए यह योजना कमाई का अच्छा अवसर बन सकती है।

घर के कमरों को होमस्टे बनाएं, सरकार देगी सहायता

मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना के तहत अगर कोई व्यक्ति अपने घर को होमस्टे के रूप में विकसित करता है तो उसे सरकार की ओर से प्रति कमरे ₹2.50 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। एक होमस्टे यूनिट में अधिकतम 8 कमरों को शामिल किया जा सकेगा। यानी मकान मालिक अपने घर के सीमित हिस्से को पर्यटकों के लिए तैयार कर कमाई कर सकते हैं।

सामान्य लोगों को 10 लाख तक की मदद

इस योजना में सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को अधिकतम 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है। वहीं महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और 18 से 25 वर्ष के युवाओं को अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इन वर्गों के लिए 25 हजार रुपये तक की अतिरिक्त सहायता दी जाएगी, जिससे कुल सहायता राशि करीब 11 लाख रुपये तक पहुंच सकती है।

पुराने घर को भी बनाया जायेगा होमस्टे

इस योजना की खास बात यह है कि इसके लिए नया भवन बनाना जरूरी नहीं है। लोग अपने पुराने मकान को भी पर्यटकों के ठहरने लायक बनाकर योजना का लाभ ले सकते हैं। सरकार ने अगले 5 साल में करीब 1000 कमरों के विकास का लक्ष्य रखा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

किन जगहों पर मिलेगा फायदा?

यह योजना फिलहाल बिहार के 16 जिलों के 34 पर्यटन स्थलों के लिए लागू की गई है। होमस्टे पर्यटन स्थल के 5 किलोमीटर के दायरे में होना जरूरी होगा। सरकार जरूरत के अनुसार आगे चलकर पर्यटन स्थलों की सूची में बदलाव या विस्तार भी कर सकती है।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होंगी।

आवेदक के पास अपना घर या आवासीय इकाई होनी चाहिए।

होमस्टे में अधिकतम 8 कमरे ही होने चाहिए।

8 से ज्यादा कमरों वाली इकाई को होमस्टे की श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा।

घर या जमीन किसी कानूनी विवाद में नहीं होनी चाहिए।

यह योजना पुराने और नए दोनों तरह के होमस्टे पर लागू होगी।

बिहार के नागरिकों के लिए खुशखबरी, सरकार दे रही ₹20 हजार की सब्सिडी

पटना। बिहार सरकार ने राज्य के लोगों के लिए धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अब बिहार के ऐसे नागरिक जो लद्दाख में सिंधु दर्शन यात्रा पर जाना चाहते हैं, उन्हें यात्रा खर्च में आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार की सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता अनुदान योजना 2026 के तहत यात्रियों को अधिकतम 20 हजार रुपये तक की मदद मिलेगी।

सिंधु नदी भारत के इतिहास और संस्कृति से जुड़ी एक महत्वपूर्ण धरोहर मानी जाती है। लद्दाख में होने वाला सिंधु दर्शन कार्यक्रम हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है। हालांकि बिहार से लद्दाख तक की दूरी और यात्रा खर्च अधिक होने के कारण कई लोग इस धार्मिक यात्रा का हिस्सा नहीं बन पाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है।

यात्रा के बाद खाते में आएगी सहायता राशि

इस योजना में पहले यात्री को अपनी यात्रा पूरी करनी होगी। इसके बाद यात्रा से जुड़े प्रमाण और खर्च की जानकारी देने पर सरकार की ओर से सहायता राशि दी जाएगी। लाभार्थी को यात्रा खर्च का आधा हिस्सा या फिर अधिकतम ₹20,000 रुपये तक की राशि मिलेगी। दोनों में से जो राशि कम होगी, वही सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी। भुगतान सीधे बैंक खाते में डीबीटी के जरिए किया जाएगा।

किन लोगों को मिलेगा योजना का फायदा?

इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का बिहार का निवासी होना जरूरी है। इसके अलावा:

उम्र 18 साल या उससे अधिक होनी चाहिए।

यात्रा पूरी होने के बाद ही सहायता राशि मिलेगी।

यात्रा खर्च से जुड़े बिल और प्रमाण देना जरूरी होगा।

एक व्यक्ति को सामान्य स्थिति में सिर्फ एक बार लाभ मिलेगा।

किसी अन्य समान सरकारी योजना से सहायता लेने वाले व्यक्ति पात्र नहीं होंगे।

हर साल सीमित यात्रियों को मिलेगा लाभ

सरकार ने इस योजना के तहत हर वित्तीय वर्ष में अधिकतम 100 यात्रियों को सहायता देने का फैसला किया है। चयन प्रक्रिया आवेदन मिलने के बाद पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जाएगी। योजना के लिए हर साल लगभग 20 लाख रुपये तक का बजट रखा गया है, जिससे चयनित यात्रियों को आर्थिक सहायता दी जा सके।

आवेदन के लिए जरूरी कागजात

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक को पर्यटन निदेशालय, बिहार पटना में आवेदन करना होगा। आवेदन के साथ ये दस्तावेज जरूरी होंगे: आधार कार्ड, पैन कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, यात्रा खर्च से संबंधित दस्तावेज, यात्रा पूरी होने का प्रमाण, आवश्यक घोषणा पत्र।

बिहार सरकार का नया फरमान, सभी विभागों में होगा लागू

पटना। बिहार में डिजिटल बदलाव को लेकर सरकार ने बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर ली है। राज्य सरकार अब प्रशासनिक व्यवस्था में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने जा रही है। इसके तहत 15 अगस्त तक ज्यादा से ज्यादा सरकारी विभागों में एआई आधारित समाधान लागू करने का लक्ष्य रखा गया है।

सरकार का मानना है कि एआई तकनीक के इस्तेमाल से सरकारी काम तेज, पारदर्शी और लोगों के लिए आसान हो सकेंगे। इससे योजनाओं की निगरानी और उनके प्रभाव का बेहतर तरीके से आकलन किया जा सकेगा।

सरकारी विभागों में बढ़ेगा AI का इस्तेमाल

बिहार सरकार प्रशासनिक प्रक्रियाओं को आधुनिक बनाने के लिए एआई तकनीक को अपनाने पर जोर दे रही है। इसके जरिए फाइलों के निपटारे, योजनाओं की समीक्षा और सरकारी सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने कहा कि आने वाले समय में एआई सरकारी व्यवस्था को बदलने वाला बड़ा माध्यम साबित हो सकता है।

नीतियों का बेहतर विश्लेषण करने में मदद

सरकार अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि योजनाओं का फायदा सही लोगों तक पहुंचे। एआई की मदद से सरकारी योजनाओं के असर, कमियों और सुधार की जरूरतों का विश्लेषण किया जा सकेगा। इससे फैसले लेने की प्रक्रिया भी ज्यादा प्रभावी हो सकती है।

डिजिटल गवर्नेंस में आगे बढ़ने की तैयारी

बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य को एआई और डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में मजबूत बनाना है। इससे सरकारी सेवाओं में तेजी आएगी और आम लोगों को बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

पटना में बनेगा ग्लोबल AI सेंटर

बिहार में एआई के क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए पटना में एक ग्लोबल एआई सेंटर स्थापित करने की योजना है। टेक कंपनी टाइगर एनालिटिक्स की ओर से अगले एक साल में करीब 200 विशेषज्ञों की टीम वाला सेंटर बनाने की घोषणा की गई है। यह सेंटर अत्याधुनिक एआई रिसर्च और नई तकनीकों से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर काम करेगा।

पुरुष खाएं ये 5 बीज, ताकत और फिटनेस के लिए सबसे बेस्ट

हेल्थ डेस्क। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में पुरुषों के लिए अपनी सेहत और फिटनेस का ध्यान रखना बेहद जरूरी हो गया है। शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए सही खानपान अहम भूमिका निभाता है। ऐसे में कुछ बीज ऐसे हैं, जिन्हें पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है और इन्हें डाइट में शामिल करने से शरीर को कई जरूरी पोषण मिल सकते हैं।

बीजों में प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो शरीर की ऊर्जा और सामान्य स्वास्थ्य को बेहतर बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। आइए जानते हैं पुरुषों के लिए फायदेमंद माने जाने वाले 5 बीजों के बारे में।

1. कद्दू के बीज

कद्दू के बीज पुरुषों की सेहत के लिए काफी लोकप्रिय माने जाते हैं। इनमें प्रोटीन, मैग्नीशियम, जिंक और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। ये शरीर की ऊर्जा बनाए रखने, मांसपेशियों के स्वास्थ्य और इम्युनिटी को सपोर्ट करने में मदद कर सकते हैं। फिटनेस करने वाले लोग इन्हें अपनी डाइट में शामिल करते हैं।

2. अलसी के बीज

अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड और फाइबर का अच्छा स्रोत माने जाते हैं। यह शरीर में अच्छे पोषण को बनाए रखने में मदद कर सकते हैं। इनका सेवन पाचन तंत्र को बेहतर रखने और हार्ट हेल्थ को सपोर्ट करने में सहायक माना जाता है।

3. चिया सीड्स

चिया सीड्स में फाइबर, प्रोटीन और कई पोषक तत्व पाए जाते हैं। फिटनेस और वजन को नियंत्रित रखने की कोशिश करने वाले लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय हैं। इन्हें पानी, दूध या स्मूदी के साथ लिया जा सकता है।

4. सूरजमुखी के बीज

सूरजमुखी के बीजों में विटामिन ई, हेल्दी फैट और मिनरल्स पाए जाते हैं। ये शरीर को जरूरी पोषण देने में मदद कर सकते हैं। नियमित और संतुलित मात्रा में सेवन करने से यह हेल्दी डाइट का हिस्सा बन सकते हैं।

5. तिल के बीज

तिल के बीज कैल्शियम, आयरन और हेल्दी फैट से भरपूर माने जाते हैं। यह हड्डियों की मजबूती और शरीर की सामान्य ऊर्जा के लिए उपयोगी हो सकते हैं। सर्दियों में तिल का सेवन कई घरों में पारंपरिक रूप से किया जाता है।

धनलक्ष्मी योग से खुलेंगे सफलता के रास्ते, इन 4 राशियों की आर्थिक स्थिति होगी मजबूत

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ग्रहों की चाल और उनकी स्थिति का प्रभाव सभी राशियों पर पड़ता है। 1 जुलाई को बनने वाले शुभ योगों को लेकर ज्योतिष में विशेष चर्चा हो रही है। इस समय ग्रहों के अनुकूल संयोग से धनलक्ष्मी योग और गजलक्ष्मी योग बनने की बात कही जा रही है।

मान्यताओं के अनुसार ऐसे शुभ योग बनने पर कुछ राशि वालों को धन, करियर और व्यापार में लाभ मिलने के संकेत मिल सकते हैं। ग्रहों के इस प्रभाव से मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना बताई जा रही है।

1. वृषभ राशि

धनलक्ष्मी योग का असर वृषभ राशि के जातकों के लिए शुभ माना जा रहा है। इस दौरान आर्थिक मामलों में मजबूती आने के संकेत हैं। नौकरी करने वाले लोगों को कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और तरक्की के अवसर बन सकते हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या योजनाओं से फायदा मिलने की संभावना है। धन से जुड़े रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह योग आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इस समय करियर में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। व्यापार में विस्तार की योजना बना रहे लोगों को लाभ मिल सकता है। समाज में सम्मान बढ़ने और आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होने के संकेत बताए जा रहे हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए धनलक्ष्मी योग शुभ फल देने वाला माना जा रहा है। इस दौरान आय के नए स्रोत बनने की संभावना है। निवेश या आर्थिक योजनाओं में लाभ मिल सकता है। नौकरी और व्यापार में सकारात्मक बदलाव आने के संकेत हैं। परिवार में भी सुख-शांति और सहयोग का माहौल रह सकता है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने की संभावना बन सकती है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक परेशानियों से राहत मिलने के संकेत हैं। शिक्षा, नौकरी और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

बिहार में बिछेगी नई रेल लाइन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार और झारखंड के बीच रेल नेटवर्क को मजबूत करने वाली एक बड़ी परियोजना अब आगे बढ़ती नजर आ रही है। लंबे समय से चर्चा में रही गया-डाल्टेनगंज नई रेल लाइन परियोजना को लेकर रेलवे ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस परियोजना के पूरा होने से दोनों राज्यों के बीच आवागमन आसान होने की उम्मीद है।

रेलवे की ओर से इस नए रेल मार्ग को लेकर शुरुआती तकनीकी प्रक्रियाएं शुरू कर दी गई हैं। प्रस्तावित रूट की जमीन और भौगोलिक स्थिति को समझने के लिए जरूरी जांच की जा रही है, ताकि आगे का काम बेहतर तरीके से किया जा सके।

नई रेल लाइन के लिए शुरू होगी जमीन की तकनीकी जांच

रेलवे विशेषज्ञों की टीम प्रस्तावित रेल मार्ग पर मिट्टी की जांच करेगी। इस प्रक्रिया के दौरान जमीन की मजबूती, निर्माण के लिए उपयुक्तता और भूगर्भीय स्थिति का अध्ययन किया जाएगा। यह जांच इसलिए जरूरी होती है ताकि भविष्य में बनने वाली रेल लाइन, पुल और अन्य संरचनाएं सुरक्षित और मजबूत बनाई जा सकें।

जांच रिपोर्ट के बाद तैयार होगा पूरा प्लान

मिट्टी जांच पूरी होने के बाद परियोजना की विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। इसमें रेल लाइन की लंबाई, संभावित स्टेशन, पुल-पुलियों की जरूरत, निर्माण लागत और जमीन से जुड़े पहलुओं का आकलन किया जाएगा। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी मंजूरी की प्रक्रिया शुरू होगी।

रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद शुरू होगा काम

परियोजना की रिपोर्ट तैयार होने के बाद इसे रेलवे बोर्ड के सामने रखा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद जमीन से जुड़े कार्य और निर्माण प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इससे आने वाले समय में क्षेत्र में रेल सुविधा का विस्तार हो सकेगा।

बिहार-झारखंड के यात्रियों को मिलेगी बड़ी राहत

गया-डाल्टेनगंज रेल लाइन बनने से बिहार और झारखंड के कई इलाकों के लोगों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और यात्रा का समय भी कम हो सकता है। इसके अलावा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हो सकते हैं।

गजकेसरी योग से बदलेंगे दिन, इन 4 राशियों को मिल सकती है बड़ी खुशखबरी

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की स्थिति और योगों का विशेष महत्व बताया गया है। मान्यताओं के अनुसार जब शुभ ग्रहों की स्थिति अनुकूल बनती है तो उसका असर कई राशियों के जीवन पर देखने को मिल सकता है। 1 जुलाई को बनने वाले गजकेसरी योग को ज्योतिष में शुभ योगों में से एक माना जाता है।

कहा जाता है कि गजकेसरी योग से व्यक्ति की बुद्धि, आत्मविश्वास, सम्मान और आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। इस योग के प्रभाव से कुछ राशियों को करियर, व्यापार और धन से जुड़े मामलों में लाभ मिलने के संकेत बताए जा रहे हैं।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग नई उम्मीदें लेकर आ सकता है। इस दौरान कार्यक्षेत्र में सफलता मिलने और नई जिम्मेदारियां मिलने के संकेत हैं। नौकरी करने वाले लोगों को प्रमोशन या बेहतर अवसर मिल सकते हैं। व्यापार से जुड़े जातकों को नए सौदे और योजनाओं से फायदा होने की संभावना बताई जा रही है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में लाभकारी माना जा रहा है। धन से जुड़े मामलों में सुधार और आय के नए रास्ते खुलने के संकेत मिल सकते हैं। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। परिवार और निजी जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने से मन प्रसन्न रहेगा।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए गजकेसरी योग सफलता और सम्मान बढ़ाने वाला माना जा रहा है। इस समय आपकी नेतृत्व क्षमता मजबूत हो सकती है। नौकरी और व्यापार में प्रगति के अवसर मिल सकते हैं। समाज में मान-सम्मान बढ़ने और नई उपलब्धियां हासिल होने के संकेत बताए जा रहे हैं। आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ मिलने वाला माना जा रहा है। लंबे समय से अटके काम पूरे हो सकते हैं और नई योजनाओं में सफलता मिलने की संभावना है। शिक्षा, करियर और कारोबार से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। यात्रा या नए संपर्कों से भी फायदा मिलने के संकेत हैं।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! अब सभी जिला अस्पताल बनेंगे सुपर स्पेशियलिटी

पटना। बिहार के लोगों के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सरकारी अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की योजना बनाई है। इसके तहत प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों को चरणबद्ध तरीके से सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। 

वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) को भी स्पेशियलिटी अस्पताल में बदला जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भर न रहना पड़े और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं अपने जिले में ही उपलब्ध हो सकें।

जिला अस्पतालों में मिलेंगी विशेषज्ञ सेवाएं

स्वास्थ्य मंत्री निशांत ने बताया कि राज्य में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम चल रहा है। जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाएं, आधुनिक जांच सुविधाएं और बेहतर इलाज की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इस बदलाव के बाद मरीजों को हृदय, न्यूरो, सर्जरी समेत कई गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे शहरों का रुख कम करना पड़ेगा।

पांच जोन में बनाए जाएंगे ट्रामा सेंटर

राज्य में सड़क हादसों और आपातकालीन मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए ट्रामा सेंटर की संख्या बढ़ाई जा रही है। योजना के तहत बिहार के पांच जोन में 11 लेवल-3 और 5 लेवल-2 ट्रामा सेंटर विकसित किए जाएंगे। इसके अलावा एलएनजेपी अस्पताल में 400 बेड की नई सुविधा तैयार करने की योजना है।

अस्पतालों की निगरानी होगी हाईटेक

सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और कर्मचारियों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल निगरानी व्यवस्था लागू की जाएगी। इसके तहत राज्य के करीब 15 हजार अस्पतालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना है। एक विशेष सॉफ्टवेयर के जरिए डॉक्टरों की उपस्थिति, ओपीडी सेवा, वार्ड राउंड और ऑपरेशन थिएटर से जुड़ी गतिविधियों का रिकॉर्ड रखा जाएगा। इसकी निगरानी मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी।

दवा और जांच सुविधाओं पर सरकार का फोकस

सरकार ने सरकारी अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। मरीजों को समय पर जरूरी दवाएं मिलें, इसके लिए निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही जिला अस्पतालों और सीएचसी में एमआरआई, सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी आधुनिक जांच सुविधाएं उपलब्ध कराने की तैयारी है।

बिहार के 21 जिलों में आंधी-बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी

लखनऊ। बिहार में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय होने से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। मौसम विभाग ने राजधानी पटना समेत राज्य के 21 जिलों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विज्ञान केंद्र पटना के अनुसार मंगलवार को राज्य के ज्यादातर हिस्सों में बादल छाए रहने की संभावना है। कई जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। वहीं कुछ इलाकों में तेज हवा के साथ आंधी की स्थिति भी बन सकती है।

गोपालगंज और पश्चिम चंपारण में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने गोपालगंज और पश्चिम चंपारण में अत्यधिक भारी बारिश को लेकर विशेष चेतावनी जारी की है। इन जिलों में तेज बारिश से जलभराव जैसी स्थिति बनने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा दरभंगा, पूर्वी चंपारण, मधुबनी, शिवहर, सीतामढ़ी और वैशाली में भी भारी बारिश होने के आसार हैं।

40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती है हवा

राज्य के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है। इस दौरान हवा की गति करीब 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। राजधानी पटना में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। यहां बादलों की आवाजाही बनी रहेगी और कुछ जगहों पर हल्की बारिश होने से तापमान में राहत मिल सकती है।

बारिश से तापमान में आई गिरावट

मानसून की सक्रियता का असर तापमान पर भी दिखाई दिया है। बारिश और बादल छाने के कारण पटना समेत कई जिलों के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। राजधानी पटना का अधिकतम तापमान करीब 35.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शेखपुरा में सबसे ज्यादा तापमान 38.1 डिग्री सेल्सियस रहा। बारिश के कारण लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है और मौसम पहले की तुलना में सामान्य हुआ है।

किसानों के लिए राहत की खबर

मानसून की सक्रियता बढ़ने से किसानों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। खरीफ फसलों की बुआई के लिए बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि तेज बारिश और वज्रपात के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बिहार में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं। ऐसे में लोगों को मौसम अपडेट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

यूपी में कमजोर मानसून की आहट! किसानों के लिए अलर्ट, 31 जुलाई तक फसल बीमा कराने की सलाह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इस बार मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कम बारिश के कारण खरीफ फसलों की बुवाई और उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम की स्थिति को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए खास सलाह जारी की है, जिसमें कम पानी वाली फसलों को अपनाने और फसल बीमा कराने पर जोर दिया गया है।

सामान्य से 56 फीसदी कम बारिश दर्ज

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में अभी तक सामान्य के मुकाबले करीब 56 प्रतिशत कम बारिश हुई है। इसका असर कई जिलों में खरीफ की खेती पर दिखाई देने लगा है। कमजोर मानसून और अल-निनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए किसानों को खेती की रणनीति में बदलाव करने की सलाह दी गई है।

31 जुलाई तक करा लें फसल बीमा

कृषि विभाग ने किसानों से कहा है कि वे मौसम की अनिश्चितता से होने वाले नुकसान से बचने के लिए 31 जुलाई 2026 तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ फसलों का बीमा करा लें। इसके लिए किसानों को सिर्फ दो प्रतिशत प्रीमियम का भुगतान करना होगा। फसल बीमा कराने से सूखा, कम बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर आर्थिक मदद मिल सकती है।

धान की खेती में सावधानी की सलाह

विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि धान की खेती उन्हीं क्षेत्रों में करें जहां सिंचाई की पर्याप्त व्यवस्था मौजूद हो। जिन इलाकों में बारिश पर खेती निर्भर है, वहां धान की जगह ऐसी फसलों को प्राथमिकता दें जिनमें कम पानी की जरूरत होती है। किसानों को श्री अन्न, मक्का, उर्द, मूंग, तिल और अरहर जैसी फसलों की खेती करने की सलाह दी गई है।

पानी बचाने के लिए अपनाएं नई तकनीक

कम बारिश की स्थिति में खेतों में पानी का सही इस्तेमाल बेहद जरूरी है। कृषि विभाग ने किसानों को ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सिंचाई तकनीकों का उपयोग करने को कहा है। इसके अलावा सिंचाई सुबह के बजाय शाम या रात के समय करने की सलाह दी गई है, जिससे पानी की बचत हो सके। नाली और बेसिन विधि से सिंचाई करने पर भी जोर दिया गया है।

यूपी में OBC युवाओं के लिए खुशखबरी, सरकार ने दी बड़ी सौगात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछड़ा वर्ग के युवाओं को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवक-युवतियों को O Level और CCC कंप्यूटर कोर्स की मुफ्त ट्रेनिंग दी जा रही है। सरकार का उद्देश्य है कि युवा तकनीकी ज्ञान हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकें और रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

10 जुलाई 2026 तक कर सकेंगे आवेदन

इस योजना का लाभ लेने के इच्छुक छात्र-छात्राएं 10 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चयनित युवाओं का प्रशिक्षण 1 अगस्त 2026 से शुरू किया जाएगा। यह प्रशिक्षण नीलिट (NIELIT) से मान्यता प्राप्त संस्थानों के माध्यम से कराया जाएगा।

किन युवाओं को मिलेगा फायदा?

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की इस योजना में उन्हीं युवाओं को शामिल किया जाएगा जो पात्रता पूरी करते हैं। इसके लिए उम्मीदवार का अन्य पिछड़ा वर्ग से होना जरूरी है।

मुख्य शर्तें इस प्रकार हैं:

आवेदक ने इंटरमीडिएट (12वीं) पास किया हो।

परिवार की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से कम होनी चाहिए।

छात्र किसी अन्य संस्थान से छात्रवृत्ति का लाभ नहीं ले रहा हो।

O Level और CCC कोर्स की खासियत

सरकार युवाओं को दो तरह के कंप्यूटर प्रशिक्षण दे रही है। CCC कोर्स लगभग तीन महीने का होता है, जिसमें कंप्यूटर की बेसिक जानकारी और डिजिटल कामकाज की ट्रेनिंग दी जाती है। वहीं O Level कोर्स के लिए सरकार प्रति छात्र 15 हजार रुपये तक की राशि उपलब्ध कराती है। CCC प्रशिक्षण के लिए प्रति छात्र 3,500 रुपये का खर्च विभाग की ओर से उठाया जाता है। इससे युवाओं को प्रशिक्षण लेने के लिए अपनी जेब से पैसा खर्च नहीं करना पड़ता।

डिजिटल स्किल से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का मानना है कि आज के समय में कंप्यूटर और डिजिटल ज्ञान रोजगार के लिए बेहद जरूरी हो गया है। इस प्रशिक्षण के जरिए युवाओं को सरकारी, निजी और स्वरोजगार के क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। सरकार की यह पहल खासतौर पर उन युवाओं के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है जो आर्थिक कारणों से कंप्यूटर शिक्षा नहीं ले पाते। मुफ्त प्रशिक्षण के जरिए उन्हें नई तकनीक सीखने और अपने करियर को मजबूत करने का मौका मिलेगा।

LPG को लेकर 4 बड़ी खुशखबरी, केंद्र सरकार ने दी जानकारी

नई दिल्ली। भारत में एलपीजी (रसोई गैस) सप्लाई को लेकर एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने बताया है कि वैश्विक स्तर पर पैदा हुई ऊर्जा चुनौतियों के बीच देश ने समय रहते कई बड़े कदम उठाए, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं तक गैस की आपूर्ति प्रभावित नहीं होने दी गई। सरकार के अनुसार, अब होर्मुज स्ट्रेट में हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं और एलपीजी सप्लाई व्यवस्था पहले की तरह मजबूत हो रही है।

होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे भारतीय एलपीजी जहाज

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने जानकारी दी कि भारत के 12 एलपीजी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार कर चुके हैं। यह रास्ता दुनियाभर में ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। हाल के महीनों में यहां तनाव बढ़ने के कारण कई देशों की ऊर्जा सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका बनी हुई थी। सरकार ने इस स्थिति को देखते हुए पहले से तैयारी शुरू कर दी थी ताकि देश में रसोई गैस की कमी न हो और आम लोगों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

रिफाइनरियों में बढ़ाया गया एलपीजी उत्पादन

ऊर्जा संकट से निपटने के लिए सरकार ने देश की रिफाइनरियों में तेजी से बदलाव किए। जिन प्लांटों में पहले एलपीजी का उत्पादन नहीं होता था, वहां भी उत्पादन शुरू करने और क्षमता बढ़ाने के प्रयास किए गए। इन बदलावों का असर यह हुआ कि देश में एलपीजी उत्पादन लगभग 35 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन से बढ़कर करीब 54 हजार मीट्रिक टन प्रतिदिन तक पहुंच गया। यानी उत्पादन क्षमता में करीब 54 फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

कई देशों से मजबूत की गई सप्लाई चेन

सरकार ने एलपीजी की उपलब्धता बनाए रखने के लिए आयात के विकल्प बढ़ाए। भारत ने अलग-अलग देशों से गैस सप्लाई के नए रास्ते तैयार किए ताकि किसी एक क्षेत्र पर निर्भरता कम हो सके। इसके तहत अल्जीरिया, जापान और कनाडा जैसे देशों के साथ सप्लाई व्यवस्था को मजबूत किया गया। इसके अलावा अमेरिका से भी अतिरिक्त एलपीजी खेप मंगाई गई, जिससे घरेलू जरूरतों को पूरा करने में मदद मिली।

कालाबाजारी रोकने के लिए उठाए गए कदम

एलपीजी की सप्लाई व्यवस्था में गड़बड़ी और कालाबाजारी रोकने के लिए डिजिटल सत्यापन व्यवस्था को भी मजबूत किया गया। इसके तहत डिलीवरी और वितरण प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल ऑथेंटिकेशन कोड जैसी व्यवस्था लागू की गई। इसके अलावा सरकार ने ईंधन कीमतों को नियंत्रित रखने के लिए मार्च में पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क में कटौती जैसे कदम भी उठाए थे।

1 जुलाई से शुरू होगा अच्छा समय, 4 राशियों पर बरसेगी ग्रहों की कृपा, बढ़ेगी खुशहाली

राशिफल। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ग्रहों और नक्षत्रों की स्थिति में बदलाव का असर सभी राशियों के जीवन पर पड़ता है। 1 जुलाई से कुछ राशियों के लिए समय अनुकूल रहने जा रही है। इस दौरान करियर, धन, व्यापार और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं।

ग्रहों की शुभ स्थिति के कारण कुछ लोगों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है और नए अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। आइए जानते हैं वे 4 राशियां जिनके लिए 1 जुलाई से समय लाभकारी माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए जुलाई की शुरुआत नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आ सकती है। इस समय कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है। नौकरी करने वाले लोगों को नए अवसर मिलने के संकेत हैं, वहीं व्यापार से जुड़े लोगों को नए सौदे या योजनाओं से फायदा हो सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार आने की संभावना बताई जा रही है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि वालों के लिए 1 जुलाई से धन और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक बदलाव आ सकते हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने के योग बन सकते हैं। निवेश और आर्थिक योजनाओं में सोच-समझकर किए गए फैसले लाभ दे सकते हैं। परिवार में भी खुशहाली और सहयोग का माहौल रहने की संभावना है।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। जो लोग नई शुरुआत करना चाहते हैं, उनके लिए समय अच्छा माना जा सकता है। सामाजिक सम्मान बढ़ने और जिम्मेदारियां मिलने के संकेत भी बताए जा रहे हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए जुलाई की शुरुआत भाग्य का साथ देने वाली मानी जा रही है। शिक्षा, करियर और व्यापार से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। पुरानी परेशानियों से राहत मिल सकती है और नई योजनाओं पर काम करने का मौका मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती हैं।

यूपी में मानसून की दस्तक! 50 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, गर्मी से मिलेगी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने लगा है। लंबे इंतजार के बाद अब मानसून की सक्रियता बढ़ गई है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में तेज बारिश, आंधी और गरज-चमक को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। बारिश के कारण लोगों को भीषण गर्मी और हीट वेव से राहत मिल सकती है।

तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बारिश शुरू होने के बाद प्रदेश के अधिकतम तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है। कई इलाकों में तापमान 2 से 10 डिग्री सेल्सियस तक कम होने की संभावना है। इससे गर्मी की मार झेल रहे लोगों को राहत मिलेगी और मौसम सुहावना हो सकता है।

इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने कई जिलों में भारी बारिश और आंधी को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इनमें मिर्जापुर, प्रयागराज, प्रतापगढ़, चित्रकूट, बांदा, महोबा, झांसी, बहराइच, श्रावस्ती, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, संतकबीरनगर, गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बलिया, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़, जौनपुर, चंदौली, ललितपुर, वाराणसी और अंबेडकरनगर जैसे जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में येलो अलर्ट जारी

मौसम विभाग ने कुछ अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट भी जारी किया है। हरदोई, फर्रुखाबाद, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, हमीरपुर, फतेहपुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, सीतापुर, बदायूं, बरेली, पीलीभीत, रामपुर, मुरादाबाद, संभल, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर समेत कई जिलों में बारिश और आंधी की संभावना है।

किसानों के लिए अहम समय

मानसून की बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आ सकती है। खरीफ फसलों की बुवाई के लिए अच्छी बारिश काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। हालांकि, तेज बारिश वाले इलाकों में किसानों को मौसम को ध्यान में रखते हुए खेती से जुड़े फैसले लेने की सलाह दी गई है।

लोगों को सतर्क रहने की सलाह

बारिश के साथ आंधी और वज्रपात का खतरा भी बना रहेगा। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

यूपी के इस शहर में बनेगा रिंग रोड, केंद्र सरकार ने दी मंजूरी, लोग खुश!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के एक शहर के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। लंबे समय से प्रस्तावित रिंग रोड परियोजना को अब फिर से गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद राज्य सरकार ने रिंग रोड निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एनओसी देने पर सहमति जताई है।

इस फैसले के बाद शहर में वर्षों से अटकी रिंग रोड योजना के आगे बढ़ने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। माना जा रहा है कि रिंग रोड बनने से शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा सुधार आएगा और लोगों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।

क्यों जरूरी है रिंग रोड परियोजना?

शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए रिंग रोड की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। बाहर से आने वाले भारी वाहनों के कारण कई इलाकों में जाम की स्थिति बनती है। रिंग रोड बनने के बाद शहर के अंदर आने वाले वाहनों का दबाव कम होगा और यातायात ज्यादा सुचारू हो सकेगा।

केंद्र और राज्य सरकार के बीच अंशदान

इस परियोजना में सबसे बड़ी अड़चन जमीन अधिग्रहण और निर्माण लागत को लेकर थी। बताया गया कि केंद्र सरकार निर्माण और जमीन अधिग्रहण में 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने को तैयार थी। वहीं, राज्य सरकार से भी जमीन अधिग्रहण के खर्च में 50 प्रतिशत योगदान की मांग की गई थी। इसी कारण परियोजना आगे नहीं बढ़ पा रही थी।

मुख्यमंत्री की मंजूरी से अब जगी उम्मीद

सांसद की ओर से बताया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में रिंग रोड निर्माण के लिए केंद्र सरकार को एनओसी देने पर सहमति दी है। इसके बाद अब परियोजना के दोबारा शुरू होने की उम्मीद बढ़ गई है।

इस रिंग रोड से शहर को मिलेंगे कई फायदे

रिंग रोड बनने से सिर्फ जाम की समस्या कम नहीं होगी, बल्कि शहर में विकास की रफ्तार भी बढ़ेगी। इससे व्यापार, परिवहन और आवागमन को फायदा मिलेगा। साथ ही शहर के आसपास के क्षेत्रों में भी विकास की नई संभावनाएं बन सकती हैं।

यूपी पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा फैसला, ग्राम प्रधानों के लिए अलर्ट

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ अब राज्य सरकार अपील करने की तैयारी में है। सरकार इस मामले को लेकर जल्द ही बड़ी बेंच में जाने की योजना बना रही है।

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने अपने आदेश में कहा था कि पंचायतों का कार्यकाल संविधान के अनुसार तय अवधि से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता और ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी देना उचित नहीं है।

हाईकोर्ट ने क्या कहा था?

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 25 जून के आदेश में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 243 (ई) और 243 (के) के तहत पंचायतों का कार्यकाल अधिकतम पांच साल तक ही हो सकता है। कोर्ट ने राज्य सरकार को पंचायत चुनाव की रूपरेखा पेश करने के लिए 13 जुलाई तक का समय भी दिया है।

सरकार किस आधार पर करेगी अपील?

राज्य सरकार का तर्क है कि उत्तर प्रदेश पंचायतीराज अधिनियम 1947 की धारा 12 (3-ए) में पंचायतों के संचालन के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का प्रावधान मौजूद है। सरकार का कहना है कि यदि किसी विशेष परिस्थिति में समय पर चुनाव कराना संभव नहीं हो पाए तो प्रशासनिक व्यवस्था के तहत पंचायतों का काम चलाने की व्यवस्था की जा सकती है।

राज्य सरकार डबल बेंच में देगी चुनौती

सरकार अब एकल पीठ के फैसले के खिलाफ डबल बेंच या फुल बेंच में अपील करने की तैयारी कर रही है। सरकार का मानना है कि पंचायतों के कामकाज को सुचारू रखने के लिए कानून में दिए गए प्रावधानों का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रधानों को प्रशासक बनाने पर विवाद क्यों?

इस मामले में विवाद इस बात को लेकर है कि क्या ग्राम प्रधानों को पंचायत का कार्यकाल खत्म होने के बाद भी प्रशासक की भूमिका दी जा सकती है या नहीं। हाईकोर्ट ने कहा है कि चुनाव प्रक्रिया को लंबे समय तक टाला नहीं जा सकता और पंचायत चुनाव कराना राज्य निर्वाचन आयोग का संवैधानिक अधिकार है।

ओबीसी आरक्षण को लेकर भी चल रही तैयारी

पंचायत चुनाव में पिछड़ा वर्ग आरक्षण तय करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। आयोग का काम ओबीसी आबादी, सामाजिक और आर्थिक स्थिति का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार करना है। आयोग सभी जिलों से मिले आंकड़ों का सत्यापन कर रहा है।

आयोग के अनुसार सभी 75 जिलों से पिछड़े वर्ग की आबादी से जुड़े आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। कई जिलों का दौरा भी किया जा चुका है। आयोग की अंतिम रिपोर्ट नवंबर तक आने की संभावना जताई गई है। इसके बाद पंचायत चुनाव में आरक्षण की स्थिति और साफ हो सकेगी।

यूपी सरकार की नई नीति तय, इन महिलाओं को मिलेगी बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश में एसिड हमले से प्रभावित महिलाओं को बेहतर सहायता, सम्मानजनक जीवन और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से नई नीति को मंजूरी दी गई है।

सरकार ने ‘एसिड अटैक सर्वाइवर की समग्र सहायता एवं पुनर्वास नीति-2026’ को स्वीकृति दी है। इस नीति के तहत पीड़िताओं को सिर्फ आर्थिक मदद ही नहीं, बल्कि इलाज, शिक्षा, रोजगार और सामाजिक पुनर्वास जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

पीड़िताओं को मिलेगी व्यापक सहायता

सरकार का कहना है कि एसिड अटैक एक गंभीर अपराध है, जिसका असर पीड़ित के पूरे जीवन पर पड़ता है। हमले के बाद कई महिलाओं को शारीरिक परेशानी, मानसिक तनाव, सामाजिक चुनौतियों और आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। नई नीति के जरिए ऐसी महिलाओं को लंबे समय तक सहायता देने की व्यवस्था की जाएगी।

मुआवजे और आर्थिक मदद में होगा सुधार

नई नीति में एसिड अटैक पीड़िताओं को मिलने वाली आर्थिक सहायता को मजबूत करने का प्रावधान किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि पीड़ित महिलाओं को इलाज और जीवन की जरूरतों के लिए आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा दीर्घकालिक आर्थिक सहायता की व्यवस्था भी की जाएगी, जिससे वे अपने जीवन को दोबारा व्यवस्थित कर सकें।

बेहतर इलाज और मानसिक सहायता पर जोर

एसिड अटैक के बाद पीड़िताओं को लंबे समय तक इलाज की जरूरत होती है। नई नीति में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा और जरूरी उपचार उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके साथ ही मानसिक तनाव से बाहर निकलने के लिए मनोवैज्ञानिक परामर्श की सुविधा भी दी जाएगी।

इनके लिए शिक्षा और रोजगार के अवसर मिलेंगे

सरकार की योजना है कि एसिड अटैक पीड़िताओं को शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ा जाए। इससे वे अपनी क्षमता के अनुसार रोजगार या स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी। नीति के तहत रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।

कानूनी मदद और सामाजिक पुनर्वास की व्यवस्था भी

नई नीति में पीड़िताओं को कानूनी सहायता देने और समाज में दोबारा सम्मान के साथ स्थापित करने पर भी जोर दिया गया है। सरकार का उद्देश्य है कि एसिड अटैक सर्वाइवर सिर्फ सहायता पाने वाली नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर और सुरक्षित जीवन जीने वाली बनें।

पानी-पानी होगा यूपी: इन जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय होने की ओर बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। आने वाले 24 से 48 घंटे में कई जिलों में मौसम का रुख बदल सकता है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाली हवाओं और मानसून की सक्रियता के कारण प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ने वाली हैं। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन कई जगहों पर जलभराव और अन्य परेशानियां भी सामने आ सकती हैं।

इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का असर देखने को मिल सकता है। देवरिया, गोरखपुर, संतकबीरनगर, कुशीनगर, महाराजगंज और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों में भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। इसके अलावा बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, मिर्जापुर, चंदौली और वाराणसी समेत कई क्षेत्रों में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है।

गरज-चमक के साथ चलेंगी तेज हवाएं

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि बारिश के साथ कई इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात की स्थिति बन सकती है। कुछ जगहों पर 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। लोगों को सलाह दी गई है कि खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास जाने से बचें।

तीन दिनों तक बारिश का असर

मौसम विभाग के अनुसार 30 जून से 3 जुलाई तक प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। इस दौरान गोरखपुर, बस्ती, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बाराबंकी, रायबरेली, अमेठी, आजमगढ़, मऊ और बलिया समेत कई जिलों में बारिश होने के संकेत हैं।

तापमान में आएगी गिरावट

बारिश के कारण प्रदेश में तापमान में गिरावट आने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में अधिकतम तापमान 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। इससे लोगों को उमस और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।