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बिहार में पेंशनधारकों के लिए बड़ी खुशखबरी, अब समय पर मिलेगा पैसा!

पटना। बिहार के लाखों पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के तहत लाभार्थियों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब पेंशन की राशि हर महीने तय समय सीमा के भीतर सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में पहुंचाने की व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दिए सख्त निर्देश

समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि पेंशन योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि हर हाल में यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभार्थियों को उनकी राशि महीने की निर्धारित तारीख तक मिल जाए। सरकार का फोकस इस बात पर है कि बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन समय पर उपलब्ध हो, ताकि उन्हें दैनिक जीवन में किसी कठिनाई का सामना न करना पड़े।

10 तारीख तक खाते में पहुंचेगी पेंशन

निर्देशों के अनुसार, अब सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं की राशि हर महीने की 10 तारीख तक लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे पेंशनधारकों को नियमित और भरोसेमंद आर्थिक सहायता मिल सकेगी। इस कदम से खासकर ग्रामीण और कमजोर वर्ग के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जो अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए पेंशन पर निर्भर रहते हैं।

समीक्षा बैठक में योजनाओं की प्रगति पर चर्चा

पटना स्थित लोकसेवक आवास के संकल्प सभागार में आयोजित बैठक में समाज कल्याण विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में यह भी चर्चा हुई कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से कैसे पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।

भारत का 'Divyastra Mk-1' तैयार, दुश्मन देशों की बढ़ी टेंशन

न्यूज डेस्क। भारत की रक्षा तकनीक को एक और बड़ी सफलता मिली है। जोधपुर में स्वदेशी रूप से विकसित टैक्टिकल लोइटरिंग म्यूनिशन प्लेटफॉर्म Divyastra Mk-1 का सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मोबाइल लॉन्चर से हुआ सफल परीक्षण

परीक्षण के दौरान Divyastra Mk-1 को एक वाहन आधारित मोबाइल लॉन्चर से कई बार सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। इस दौरान भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिन्होंने पूरे ऑपरेशन की क्षमता और प्रदर्शन को देखा। इस परीक्षण ने यह साबित किया कि यह सिस्टम केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं है, बल्कि वास्तविक युद्ध परिस्थितियों में भी तेजी से तैनात किया जा सकता है।

क्या है Divyastra Mk-1?

Divyastra Mk-1 एक उन्नत स्वदेशी मानवरहित हवाई प्रणाली (UAV) है, जिसे खुफिया जानकारी एकत्र करने, निगरानी रखने, टोही मिशन और सटीक हमलों के लिए तैयार किया गया है। यह प्लेटफॉर्म युद्ध क्षेत्र में तेजी से बदलते हालात के अनुसार काम करने में सक्षम है और जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण सूचनाएं उपलब्ध कराता है।

लंबी दूरी और तेज क्षमता

इस UAV की सबसे खास बात इसकी ऑपरेशनल क्षमता है।

लगभग 500 किलोमीटर तक की रेंज

करीब 5 घंटे तक लगातार उड़ान

300-400 किलोमीटर प्रति घंटे की गति

लगभग 15 किलोग्राम पेलोड क्षमता

इन विशेषताओं के कारण इसे लंबी दूरी के मिशनों में भी प्रभावी माना जा रहा है।

AI और स्वार्म टेक्नोलॉजी से लैस

Divyastra Mk-1 को आधुनिक तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और स्वार्म सिस्टम से जोड़ा गया है। यह इसे कई तरह के मिशनों को एक साथ या समन्वय के साथ करने की क्षमता देता है। यह प्रणाली लक्ष्य पहचान, निगरानी, हमला और डिकॉय मिशन जैसे कार्यों में उपयोगी साबित हो सकती है।

विभिन्न मिशनों के लिए तैयार प्लेटफॉर्म

इस UAV को अलग-अलग मिशन आवश्यकताओं के अनुसार कॉन्फ़िगर किया जा सकता है। इसमें सेंसर सिस्टम, संचार उपकरण और अलग-अलग प्रकार के वारहेड लगाए जा सकते हैं। इससे यह निगरानी, सीमा सुरक्षा और रणनीतिक हमलों में बहुआयामी भूमिका निभा सकता है।

रिटायरमेंट के बाद 100% पेंशन? 8वें वेतन आयोग में बड़ी चर्चा शुरू

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बीच 8वें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ रही है। अब तक वेतन वृद्धि, फिटमेंट फैक्टर और महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी को लेकर चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन अब रिटायरमेंट के बाद मिलने वाले लाभ और पेंशन व्यवस्था भी प्रमुख मुद्दों में शामिल हो गई है। कर्मचारी संगठनों की ओर से पेंशन प्रणाली में सुधार के कई सुझाव दिए गए हैं, जिन पर आगामी दिनों में विचार किया जा सकता है।

पेंशन बढ़ाने की मांग हुई तेज

कर्मचारी प्रतिनिधियों का मानना है कि बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा को मजबूत किया जाना चाहिए। इसी उद्देश्य से पेंशन को वर्तमान 50 प्रतिशत से बढ़ाकर अंतिम प्राप्त वेतन या अंतिम 10 महीनों के औसत वेतन में से जो अधिक हो, उसका 67 प्रतिशत करने का प्रस्ताव सामने आया है। इस प्रस्ताव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि रिटायरमेंट के बाद भी कर्मचारी और उनका परिवार सम्मानजनक जीवन जी सकें तथा आय में अचानक बड़ी गिरावट का सामना न करना पड़े।

उम्र बढ़ने के साथ बढ़ सकती है पेंशन

पेंशन सुधार को लेकर एक अन्य महत्वपूर्ण सुझाव यह भी है कि वरिष्ठ नागरिकों को उम्र बढ़ने के साथ अतिरिक्त पेंशन का लाभ दिया जाए। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार 65 वर्ष की आयु से शुरू होकर प्रत्येक पांच वर्ष पर पेंशन में 5 प्रतिशत की अतिरिक्त वृद्धि दी जा सकती है।

यदि ऐसा होता है तो 90 वर्ष की आयु तक पहुंचने वाले पेंशनभोगियों को उनके अंतिम वेतन के बराबर यानी 100 प्रतिशत तक पेंशन मिलने की संभावना बन सकती है। हालांकि यह अभी केवल सुझाव के स्तर पर है और इस पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।

OPS, NPS और UPS में विकल्प की मांग

पेंशन सुधार पर चर्चा का एक अहम पहलू कर्मचारियों को पेंशन योजना चुनने की स्वतंत्रता देने का भी है। कई कर्मचारी संगठन चाहते हैं कि कर्मचारियों को अपनी आवश्यकता और भविष्य की योजना के अनुसार ओल्ड पेंशन स्कीम (OPS), नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) या यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) में से किसी एक का चयन करने का विकल्प मिले।

OPS में निश्चित पेंशन की गारंटी होती है, जबकि NPS बाजार आधारित निवेश मॉडल पर काम करता है। वहीं UPS को दोनों व्यवस्थाओं के बीच संतुलन बनाने वाली योजना के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें अंशदान के साथ न्यूनतम पेंशन सुरक्षा भी शामिल है।

करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है असर

8वां वेतन आयोग केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं है। इसके निर्णयों का प्रभाव केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और उनके आश्रित परिवारों सहित 1.1 करोड़ से अधिक लोगों पर पड़ सकता है। यही कारण है कि आयोग से जुड़ी हर चर्चा पर कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की विशेष नजर बनी हुई है।

मंगलवार को बनेंगे 2 शक्तिशाली योग: 4 राशियों को मिल सकता है बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार मंगलवार का दिन कई राशियों के लिए बेहद शुभ रहने वाला है। ग्रह-नक्षत्रों की विशेष स्थिति के कारण दो शक्तिशाली योग बन रहे हैं, जिनका प्रभाव कई राशियों पर देखने को मिलेगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इस शुभ संयोग से करियर, धन और पारिवारिक जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए मंगलवार नई ऊर्जा और उत्साह लेकर आ सकता है। नौकरी और कारोबार में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। पुराने निवेश से लाभ मिलने के संकेत हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय शुभ परिणाम देने वाला माना जा रहा है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति का सहयोग मिलने से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं। आर्थिक पक्ष पहले से बेहतर रहने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को भाग्य का अच्छा साथ मिल सकता है। नई योजनाओं पर काम शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। व्यापार में लाभ और परिवार में खुशियों का माहौल बन सकता है। मान-सम्मान में भी वृद्धि होने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए मंगलवार सफलता के नए रास्ते खोल सकता है। नौकरी में पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और लंबे समय से चली आ रही परेशानियों में राहत मिल सकती है।

आ रहा है मानसून: देश के राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली। देशभर में भीषण गर्मी और लू से परेशान लोगों के लिए राहत भरी खबर है। दक्षिण-पश्चिम मानसून अब भारत में प्रवेश करने के करीब पहुंच चुका है और इसकी पहली दस्तक केरल तट पर होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, केरल में मानसून के आगमन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं, जिसके चलते राज्य के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों के दौरान भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

केरल से शुरू होता है मानसून का सफर

हर साल दक्षिण-पश्चिम मानसून सबसे पहले केरल पहुंचता है और इसके बाद धीरे-धीरे देश के अन्य राज्यों की ओर बढ़ता है। यही वजह है कि केरल में मानसून के आगमन पर पूरे देश की नजर रहती है। मानसून केवल गर्मी से राहत ही नहीं देता, बल्कि कृषि क्षेत्र के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खरीफ फसलों की बुआई काफी हद तक मानसूनी बारिश पर निर्भर करती है।

कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने केरल के कई जिलों में तेज बारिश की आशंका जताई है। कुछ क्षेत्रों में अल्प समय में अत्यधिक वर्षा होने की संभावना है, जिससे जलभराव, सड़क यातायात में बाधा और निचले इलाकों में बाढ़ जैसी स्थितियां पैदा हो सकती हैं। विशेष रूप से पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के शुरुआती दौर में कई बार कम समय में अत्यधिक बारिश दर्ज की जाती है, जिससे स्थानीय स्तर पर मुश्किलें बढ़ जाती हैं। इसलिए प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग पहले से ही सतर्कता बरत रहे हैं।

किसानों के लिए राहत की उम्मीद

मानसून का आगमन किसानों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी माना जाता है। समय पर बारिश होने से धान, मक्का, सोयाबीन और अन्य खरीफ फसलों की बुआई में तेजी आती है। पिछले कुछ सप्ताह से कई राज्यों में बढ़ी गर्मी और सूखे जैसी परिस्थितियों के बीच मानसून कृषि गतिविधियों को नई गति दे सकता है।

देशभर को मिलेगी गर्मी से राहत

केरल में मानसून की शुरुआत के बाद इसका प्रभाव धीरे-धीरे दक्षिण भारत, पूर्वी भारत और फिर उत्तर भारत के हिस्सों में दिखाई देगा। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलेगी।

मानसून का आगमन जहां एक ओर राहत लेकर आता है, वहीं दूसरी ओर भारी बारिश से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आती हैं। ऐसे में मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना और आवश्यक सावधानियां बरतना बेहद जरूरी होगा।

बेरोजगार युवाओं के लिए खुशखबरी, DSSSB ने जारी किया 1979 वैकेंसी का नोटिफिकेशन

नई दिल्ली: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (DSSSB) ने विभिन्न विभागों में कुल 1979 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती अभियान के तहत शिक्षण, तकनीकी, वैज्ञानिक और प्रशासनिक श्रेणी के कई पदों को भरा जाएगा। 

इच्छुक और पात्र उम्मीदवार निर्धारित समय सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। यह भर्ती दिल्ली सरकार के विभिन्न विभागों में मानव संसाधन की जरूरतों को पूरा करने के उद्देश्य से की जा रही है। बड़ी संख्या में रिक्तियों के कारण इसे वर्ष 2026 की महत्वपूर्ण सरकारी भर्तियों में से एक माना जा रहा है।

कई विभागों में होगी नियुक्ति

भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला, शिक्षा निदेशालय, नई दिल्ली नगर परिषद, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, दिल्ली अभिलेखागार विभाग और श्रम विभाग सहित कई सरकारी संस्थानों में नियुक्तियां की जाएंगी। विज्ञापन के अनुसार विभिन्न पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। कुछ पदों के लिए मैट्रिक और आईटीआई योग्यता मांगी गई है, जबकि शिक्षण और वैज्ञानिक पदों के लिए स्नातक, परास्नातक तथा अन्य पेशेवर योग्यताएं आवश्यक होंगी।

16 जून से शुरू होगी आवेदन प्रक्रिया

उम्मीदवार 16 जून 2026 से ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल माध्यम से होगी और अभ्यर्थियों को निर्धारित पोर्टल पर जाकर फॉर्म भरना होगा। आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि 15 जुलाई 2026 निर्धारित की गई है।

आवेदन शुल्क में विशेष वर्गों को राहत

सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क 100 रुपये निर्धारित किया गया है। वहीं महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, दिव्यांग उम्मीदवारों और पूर्व सैनिकों को शुल्क भुगतान से छूट प्रदान की गई है। इससे अधिक संख्या में योग्य अभ्यर्थियों को आवेदन का अवसर मिलेगा।

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे लाखों युवाओं के लिए यह भर्ती अभियान एक बड़ा अवसर लेकर आया है। खासकर शिक्षण, तकनीकी और प्रशासनिक क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले उम्मीदवारों को इस भर्ती से लाभ मिल सकता है।

बिहार के शिक्षकों के लिए जरूरी खबर! 5 जून तक आखरी मौका

पटना: बिहार के सरकारी विद्यालयों में कार्यरत लाखों शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शिक्षकों को 5 जून तक ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अपना प्रोफाइल अपडेट करना होगा। इसके लिए राज्यभर के जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर यह कार्य पूरा किया जा सके।

राज्य में करीब छह लाख शिक्षक विभिन्न सरकारी विद्यालयों में कार्यरत हैं। विभाग का उद्देश्य सभी शिक्षकों का सटीक और अद्यतन डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करना है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े और भविष्य में शिक्षकों से संबंधित प्रक्रियाओं को अधिक सरल बनाया जा सके।

54 अनिवार्य जानकारियां भरना जरूरी

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शिक्षक प्रोफाइल के अंतर्गत कुल 54 अनिवार्य सूचनाएं दर्ज करनी होंगी। इनमें शिक्षक के पंजीकरण संबंधी विवरण, पदस्थापन की जानकारी, व्यक्तिगत विवरण, स्थायी पता और वर्तमान आवासीय जानकारी शामिल है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी आवश्यक कॉलम को सही और पूर्ण रूप से भरना अनिवार्य होगा। यदि किसी शिक्षक के पंजीकरण, नियुक्ति या व्यक्तिगत जानकारी में कोई त्रुटि है तो उन्हें संबंधित जिला कार्यक्रम पदाधिकारी को लिखित आवेदन देना होगा। सत्यापन के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित जानकारी को पोर्टल पर संशोधित किया जाएगा।

पते की जानकारी पर विशेष जोर

शिक्षा विभाग के अनुसार अधिकांश शिक्षकों के स्थायी पते की जानकारी पहले से पोर्टल पर दर्ज है। शिक्षक अपने लॉगिन आईडी के माध्यम से इन जानकारियों की जांच कर सकते हैं। यदि किसी प्रकार की त्रुटि या बदलाव की आवश्यकता हो तो जिला, प्रखंड, पंचायत, डाकघर, पिन कोड, गांव, वार्ड संख्या और मकान संख्या जैसी सूचनाओं को अपडेट किया जा सकता है। इसके साथ ही शिक्षकों को अपना आवासीय प्रमाण-पत्र संख्या दर्ज करनी होगी और संबंधित प्रमाण-पत्र की प्रति भी पोर्टल पर अपलोड करनी होगी। इससे रिकॉर्ड की प्रामाणिकता सुनिश्चित की जा सकेगी।

समय सीमा का पालन जरूरी

शिक्षा विभाग ने 5 जून की समय-सीमा को अंतिम अवसर के रूप में निर्धारित किया है। ऐसे शिक्षक जिनका प्रोफाइल अब तक पूर्ण रूप से अपडेट नहीं हुआ है, उन्हें निर्धारित अवधि के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी। विभाग की मंशा है कि सभी शिक्षकों का डेटा एकीकृत और त्रुटिरहित रूप में उपलब्ध रहे, जिससे भविष्य में सेवा संबंधी कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

डिजिटल शिक्षा प्रबंधन को मिलेगा बल

ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर प्रोफाइल अपडेट अभियान को शिक्षा व्यवस्था के डिजिटलीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल शिक्षकों की जानकारी एक ही मंच पर उपलब्ध होगी, बल्कि विभागीय निगरानी और प्रशासनिक निर्णय लेने की प्रक्रिया भी अधिक प्रभावी बन सकेगी।

बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी: बिहार के स्कूलों में गर्मी की छुट्टी शुरू

पटना: बिहार के सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस बार छुट्टियों के दौरान भी बच्चों की पढ़ाई और सीखने की प्रक्रिया जारी रहेगी। राज्य सरकार ने कक्षा पांच और छह के विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत बनाने के लिए गांव-गांव और टोला-टोला में विशेष समर कैंप आयोजित करने का निर्णय लिया है। 

सोमवार से शुरू हुए ये कैंप बच्चों को खेल-खेल में भाषा और गणित की बेहतर समझ विकसित करने में मदद करेंगे। राज्यभर में लगभग 80 हजार स्थानों पर लगाए जा रहे इन समर कैंपों का मुख्य उद्देश्य बच्चों की पढ़ने, लिखने और गणना करने की क्षमता को मजबूत करना है।

80 हजार स्वयंसेवक संभालेंगे जिम्मेदारी

समर कैंप के संचालन के लिए बड़ी संख्या में स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। प्रत्येक कैंप में एक स्वयंसेवक बच्चों को पढ़ाने का कार्य करेगा। एक स्वयंसेवक के जिम्मे 10 से 15 बच्चों का समूह रहेगा, जिससे हर बच्चे पर व्यक्तिगत ध्यान दिया जा सके। इन स्वयंसेवकों में शिक्षा सेवक, तालीमी मरकज से जुड़े कर्मी तथा विभिन्न विद्यालयों से चयनित प्रशिक्षित शिक्षक और सहयोगी शामिल हैं। 

खेल और कहानियों के जरिए होगी पढ़ाई

समर कैंप की सबसे खास बात यह है कि यहां पारंपरिक कक्षा की तरह केवल किताबों पर जोर नहीं होगा। बच्चों को खेल, कहानी, समूह गतिविधियों और रचनात्मक अभ्यासों के माध्यम से सीखने का अवसर मिलेगा। प्रतिदिन आयोजित होने वाले सत्रों में खेलकूद, कहानी सुनाना, शब्द भंडार बढ़ाने वाले अभ्यास, ध्वनि पहचान और गणितीय प्रश्नों का समाधान शामिल रहेगा। इससे बच्चों में सीखने के प्रति रुचि बढ़ेगी और वे बिना दबाव के नई चीजें सीख सकेंगे।

बच्चों को मिलेगा सीखने का नया अनुभव

समर कैंप बच्चों के लिए केवल पढ़ाई का माध्यम नहीं, बल्कि नए मित्र बनाने, आत्मविश्वास बढ़ाने और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर भी होगा। छुट्टियों के दौरान शिक्षा और मनोरंजन का यह अनोखा संगम बच्चों को सीखने का नया अनुभव देगा और उनकी बुनियादी शैक्षणिक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

पेट की जिद्दी चर्बी घटानी है? रोज़ अपनाएं ये 4 आसान चीजें, दिखेगा असर

हेल्थ डेस्क। आजकल बढ़ता वजन और पेट की चर्बी बड़ी संख्या में लोगों की परेशानी बन चुकी है। लंबे समय तक बैठे रहने, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण पेट के आसपास फैट तेजी से जमा होने लगता है। 

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि केवल डाइटिंग करने से ही नहीं, बल्कि कुछ अच्छी आदतों को रोजमर्रा की जिंदगी में शामिल करके भी बेली फैट को कम किया जा सकता है। आइए जानते हैं ऐसी 4 आसान चीजों के बारे में जो पेट की जिद्दी चर्बी कम करने में मददगार साबित हो सकती हैं।

1. दिन की शुरुआत गुनगुने पानी से करें

सुबह खाली पेट गुनगुना पानी पीना शरीर के मेटाबॉलिज्म को सक्रिय करने में मदद करता है। इससे पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है और शरीर से विषैले तत्व बाहर निकलने में सहायता मिलती है। विशेषज्ञों के अनुसार दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी वजन नियंत्रण के लिए जरूरी है।

2. रोज कम से कम 30 मिनट पैदल चलें

पेट की चर्बी कम करने के लिए भारी-भरकम जिम जाना जरूरी नहीं है। रोजाना तेज गति से 30 मिनट की वॉक भी काफी फायदेमंद हो सकती है। नियमित पैदल चलने से कैलोरी बर्न होती है, शरीर सक्रिय रहता है और धीरे-धीरे पेट के आसपास जमा अतिरिक्त फैट कम होने लगता है।

3. प्रोटीन और फाइबर युक्त आहार

खानपान का सीधा असर वजन पर पड़ता है। भोजन में दाल, पनीर, अंडे, हरी सब्जियां, फल और साबुत अनाज जैसी चीजों को शामिल करना फायदेमंद माना जाता है। प्रोटीन और फाइबर लंबे समय तक पेट भरा रखने में मदद करते हैं, जिससे बार-बार भूख लगने की समस्या कम होती है और अनावश्यक कैलोरी लेने से बचाव होता है।

4. भरपूर और अच्छी नींद लें

नींद की कमी भी वजन बढ़ने का एक बड़ा कारण हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना 7 से 8 घंटे की अच्छी नींद शरीर के हार्मोन संतुलन को बनाए रखने में मदद करती है। पर्याप्त नींद लेने से भूख नियंत्रित रहती है और वजन घटाने की प्रक्रिया को बेहतर समर्थन मिलता है।

अमेरिका-ईरान ने एक दूसरे पर किए हमले, फिर बढ़ी टेंशन!

न्यूज डेस्क। मध्य पूर्व में एक बार फिर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। हालिया घटनाक्रम में दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ सैन्य कार्रवाई का दावा किया है, जिससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटनाक्रम के बाद कई देशों ने अपने रक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया है और क्षेत्रीय हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है।

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान का जवाब

अमेरिकी सेना ने दावा किया कि उसने दक्षिणी ईरान में स्थित कुछ सैन्य ठिकानों पर आत्मरक्षा के तहत कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार इन ठिकानों का उपयोग ड्रोन संचालन और निगरानी गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। अमेरिका का कहना है कि उसकी यह कार्रवाई समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और अपने सैन्य संसाधनों की रक्षा के लिए की गई।

इसके जवाब में ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया कि उसने उस एयर बेस को निशाना बनाया है जहां से कथित रूप से ईरानी क्षेत्र पर हमला किया गया था। ईरान ने कहा कि उसकी सैन्य कार्रवाई जवाबी कदम थी और इसका उद्देश्य अपनी संप्रभुता की रक्षा करना था।

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ी सतर्कता

दोनों देशों के दावों के बाद खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड में आ गई हैं। कई स्थानों पर वायु रक्षा प्रणालियों को सक्रिय किया गया और संभावित खतरे को देखते हुए निगरानी बढ़ा दी गई। क्षेत्रीय देशों को आशंका है कि यदि स्थिति और बिगड़ती है तो इसका असर अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार और तेल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक मार्गों के आसपास किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव वैश्विक बाजारों को प्रभावित कर सकता है।

दोनों पक्ष अपने-अपने दावों पर कायम

अमेरिकी सैन्य कमान का कहना है कि उसकी कार्रवाई पूरी तरह रक्षात्मक थी और इसका उद्देश्य केवल उन खतरों को समाप्त करना था जो अमेरिकी सैनिकों और अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए जोखिम पैदा कर रहे थे। वहीं ईरान का आरोप है कि अमेरिकी हमले उसकी क्षेत्रीय संप्रभुता का उल्लंघन हैं और उनका जवाब देना आवश्यक था। दोनों देशों की ओर से जारी बयानों से स्पष्ट है कि फिलहाल कोई भी पक्ष पीछे हटने के संकेत नहीं दे रहा है। इससे कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं चुनौतीपूर्ण दिखाई दे रही हैं।

बिहार में किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, खेत बचाओ अभियान शुरू

पटना। बिहार सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और मिट्टी की सेहत सुधारने के उद्देश्य से 1 जून से राज्यव्यापी 'खेत बचाओ अभियान' शुरू कर दिया है। यह अभियान पूरे जून महीने तक चलेगा और इसके तहत किसानों को वैज्ञानिक खेती, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

खेती में बदलाव की नई पहल

राज्य में कई क्षेत्रों में रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से मिट्टी की उर्वरता प्रभावित हो रही है। इसी चुनौती से निपटने के लिए सरकार ने किसानों तक 'कम खाद, सही खाद और सही सलाह' का संदेश पहुंचाने का निर्णय लिया है। अभियान के दौरान किसानों को मिट्टी की जांच कराने और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के आधार पर ही उर्वरकों का प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा।

हरी खाद और जैविक खेती को बढ़ावा

अभियान के दौरान हरी खाद, जैविक खेती और बायो-प्रोडक्ट्स के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। कृषि विभाग का लक्ष्य है कि किसान रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करें और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करें। इससे मिट्टी की गुणवत्ता में सुधार होगा और पर्यावरण संरक्षण को भी बल मिलेगा।

किसानों तक पहुंचेगी वैज्ञानिक सलाह

जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ सीधे गांवों और खेतों में पहुंचकर किसानों को सलाह देंगे। उन्हें कम पानी में होने वाली फसलों, फसल विविधीकरण और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी दी जाएगी। विशेषज्ञ किसानों को यह भी बताएंगे कि बदलते मौसम में कौन-सी फसलें अधिक लाभदायक हो सकती हैं और जोखिम को कैसे कम किया जा सकता है।

वंचित किसानों को मिलेगा योजनाओं का लाभ

अभियान का एक महत्वपूर्ण उद्देश्य उन किसानों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है जो अब तक इससे वंचित हैं। इसके तहत पात्र किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), पीएम किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यांत्रिकीकरण योजनाओं तथा राष्ट्रीय दलहन-तिलहन मिशन से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। सरकार चाहती है कि किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें और सुविधाएं गांव स्तर पर ही उपलब्ध हों।

सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान: इन लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के लोगों, खासकर भागलपुर और आसपास के जिलों के वाहन चालकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्रमशिला सेतु की मरम्मत और पुनर्स्थापन कार्य का निरीक्षण करने के दौरान महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जब तक पुल पर आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से किसी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाए।

विक्रमशिला सेतु का किया निरीक्षण

रविवार को भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु पर चल रहे पुनर्स्थापन और मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत तेजी से और गुणवत्ता के साथ पूरी की जानी चाहिए ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।

निजी वाहनों को मिलेगी राहत

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क या पार्किंग शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। इस फैसले से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा जो प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं और मरम्मत कार्य के कारण अतिरिक्त परेशानियों का सामना कर रहे हैं।

समय पर पूरा होगा मरम्मत कार्य

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्स्थापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुल की संरचना का दोबारा तकनीकी अध्ययन कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके और मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सके।

क्षेत्रीय आवागमन को मिलेगा फायदा

विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पुल पर यातायात सुचारू होने के बाद व्यापार, परिवहन और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलेगा।

बिहार में एक और नई रेल लाइन, लोगों को मिली बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार के कोसी और अंग क्षेत्र के लोगों के लिए लंबे इंतजार के बाद बड़ी खुशखबरी आई है। करीब चार दशक से लंबित बिहपुर-बिहारीगंज रेल परियोजना को आखिरकार प्रशासनिक मंजूरी मिल गई है। रेल मंत्रालय ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देशभर की नई स्वीकृत रेल परियोजनाओं में शामिल कर क्षेत्र के विकास को नई दिशा देने का रास्ता साफ कर दिया है।

40 साल पुराना सपना होगा साकार

बिहपुर-बिहारीगंज रेल लाइन की मांग लंबे समय से की जा रही थी। क्षेत्र के लोग वर्षों से बेहतर रेल संपर्क की उम्मीद लगाए बैठे थे। अब प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद परियोजना के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों का मानना है कि यह रेल लाइन क्षेत्रीय विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी और पिछड़े इलाकों को मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

इन प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी नई रेल लाइन

प्रस्तावित रेल मार्ग कई महत्वपूर्ण शहरों और कस्बों को जोड़ते हुए गुजरेगा। इसके तहत बिहपुर से लेकर बिहारगंज तक रेल संपर्क स्थापित किया जाएगा। यह रेल लाइन निम्न प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगी: बिहपुर, बीरपुर, पिपरा, मधेपुरा, भाटगामा, पचरासी, चौसा, बिहारीगंज। नई रेल लाइन बनने से इन क्षेत्रों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलेगी और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

इस रेल लाइन से रोजगार और कारोबार को मिलेगी गति

रेल परियोजना के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर पैदा होंगे। वहीं परियोजना पूरी होने के बाद भी परिवहन, व्यापार और सेवा क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित होंगी। कृषि उत्पादों के परिवहन में तेजी आएगी, स्थानीय बाजारों का विस्तार होगा और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

यूपी में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत, दिशा निर्देश जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। स्मार्ट मीटर को लेकर लंबे समय से चल रही असमंजस की स्थिति के बीच उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब उपभोक्ता अपनी सुविधा के अनुसार प्रीपेड या पोस्टपेड स्मार्ट मीटर में से किसी एक विकल्प का चयन कर सकेंगे।

इस फैसले के बाद बिजली वितरण कंपनियां किसी भी उपभोक्ता पर जबरन प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने का दबाव नहीं बना सकेंगी। साथ ही, उपभोक्ता की सहमति के बिना मौजूदा पोस्टपेड कनेक्शन को प्रीपेड व्यवस्था में नहीं बदला जा सकेगा।

उपभोक्ताओं को मिला मीटर चुनने का अधिकार

आयोग ने अपने आदेश में कहा है कि बिजली उपभोक्ताओं को अपने कनेक्शन के लिए मीटर का विकल्प चुनने का अधिकार है। यह व्यवस्था नए और पुराने दोनों प्रकार के बिजली कनेक्शनों पर लागू होगी। इसका मतलब है कि यदि कोई उपभोक्ता पोस्टपेड व्यवस्था में रहना चाहता है तो उसे जबरन प्रीपेड प्रणाली अपनाने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

विवाद के बाद आया फैसला

स्मार्ट मीटर को लेकर यह मामला तब चर्चा में आया जब बिजली वितरण कंपनियों द्वारा बड़े स्तर पर प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाए जाने लगे। इस पर कई उपभोक्ताओं और संगठनों ने आपत्ति जताई। बाद में राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने आयोग के समक्ष लोक महत्व का प्रस्ताव प्रस्तुत कर इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग की। परिषद का कहना था कि उपभोक्ताओं को विकल्प दिए बिना केवल प्रीपेड मीटर लागू करना उचित नहीं है।

नियमों के अनुसार ही लगेंगे मीटर

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिजली कंपनियों को अब विद्युत अधिनियम-2003 और केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा। मीटर स्थापना, तकनीकी मानकों और अन्य प्रक्रियाओं को भी तय नियमों के अनुसार लागू करना अनिवार्य रहेगा। इससे उपभोक्ताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

बिहारवासियों के लिए खुशखबरी! 4 नए बाइपास से बदलेगी यातायात की तस्वीर

पटना। बिहार की राजधानी पटना और उसके आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बड़े स्तर पर सड़क परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। इसी कड़ी में दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। 

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने के बाद न केवल ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी, बल्कि पटना से पश्चिमी बिहार और उत्तर प्रदेश की ओर यात्रा भी काफी आसान हो जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2027 तक इस परियोजना को पूरा कर यातायात के लिए खोल दिया जाए।

लंबे एलिवेटेड कॉरिडोर में होगा शामिल

दानापुर से बिहटा तक बनने वाला यह फोरलेन एलिवेटेड कॉरिडोर लगभग 25 किलोमीटर लंबा होगा। इसे देश के सबसे लंबे शहरी एलिवेटेड राजमार्गों में से एक माना जा रहा है। करीब 1,969 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रही इस परियोजना का उद्देश्य राजधानी क्षेत्र में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करना और तेज आवागमन सुनिश्चित करना है।

4 प्रमुख स्थानों पर बनेंगे बाइपास

यातायात को अधिक सुगम और बाधारहित बनाने के लिए इस मार्ग पर चार महत्वपूर्ण बाइपास भी विकसित किए जाएंगे। इनमें शामिल हैं नेऊरागंज बाइपास, पैनाल बाइपास, कन्हौली बाइपास, विशुनपुरा बाइपास। इन बाइपासों के बनने से स्थानीय और लंबी दूरी के वाहनों का दबाव अलग-अलग हो सकेगा, जिससे जाम की समस्या में बड़ी कमी आने की उम्मीद है।

बिहटा एयरपोर्ट तक सीधा संपर्क

इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा भविष्य में बनने वाले बिहटा सिविल एन्क्लेव (एयरपोर्ट) को मिलेगा। एलिवेटेड रोड के माध्यम से पटना शहर से एयरपोर्ट तक बिना ट्रैफिक बाधा के सीधा संपर्क स्थापित हो सकेगा। इसके अलावा दानापुर रेलवे स्टेशन, शिवाला मोड़, बिहटा एयरपोर्ट लिंक और बिहटा-सरमेरा बाइपास पर विशेष रैंप एवं लूप बनाए जाएंगे ताकि स्थानीय यातायात भी आसानी से संचालित हो सके।

पटना से दिल्ली मार्ग पर समय की बचत

यह परियोजना पटना-बक्सर फोरलेन परियोजना (एनएच-922) का महत्वपूर्ण हिस्सा है। सड़क चालू होने के बाद पटना से उत्तर प्रदेश और दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का अनुमान है कि यात्रा समय में करीब दो घंटे तक की कमी आ सकती है, जिससे व्यापार, परिवहन और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

छात्रों और शिक्षण संस्थानों को भी होगा लाभ

बिहटा क्षेत्र में स्थित प्रमुख शिक्षण संस्थानों जैसे आईआईटी पटना और एनआईटी पटना के नए परिसरों तक पहुंच पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगी। छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को तेज और सुगम परिवहन सुविधा का लाभ मिलेगा, जिससे शिक्षा क्षेत्र को भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।

खुशखबरी की सौगात! BPCL में 55 पदों पर वैकेंसी, अच्छे वेतन के साथ मिलेगा मौका

नई दिल्ली। सरकारी और सार्वजनिक क्षेत्र की नौकरी की तैयारी कर रहे अनुभवी पेशेवरों के लिए शानदार अवसर सामने आया है। Bharat Petroleum Corporation Limited ने विभिन्न विभागों में 55 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। 

इस भर्ती अभियान के तहत तकनीकी, वित्त, पेट्रोकेमिकल्स, कंपनी सेक्रेटरी और अन्य महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। आकर्षक वेतन, अखिल भारतीय स्तर पर नियुक्ति और प्रतिष्ठित सार्वजनिक उपक्रम में काम करने का अवसर मिलने से यह भर्ती काफी चर्चा में है।

55 पदों पर होगी भर्ती

BPCL द्वारा जारी भर्ती अधिसूचना के अनुसार कुल 55 पदों पर योग्य और अनुभवी उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। भर्ती विभिन्न विभागों और विशेषज्ञता क्षेत्रों के लिए की जा रही है, जिनमें तकनीकी अधिकारी, साइट मैनेजर, वित्त विशेषज्ञ, कंपनी सेक्रेटरी और अन्य पद शामिल हैं।

कौन कर सकता है आवेदन?

इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यताएं निर्धारित की गई हैं। आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास निम्न में से संबंधित योग्यता होनी चाहिए: बी.ई./बी.टेक, एमबीए/पीजीडीएम, सीए, आईसीडब्ल्यूए, कंपनी सेक्रेटरी (ICSI), एमएससी, पीएचडी, एलएलबी। इसके साथ संबंधित क्षेत्र में निर्धारित अनुभव होना भी जरूरी है।

आवेदन की महत्वपूर्ण तिथियां

आवेदन शुरू: 31 मई 2026

आवेदन की अंतिम तिथि: 20 जून 2026 (रात 11:59 बजे तक)

बिहार में पंचायतों की लग गई लॉटरी! मुखिया को मिली बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार की ग्राम पंचायतों के लिए बड़ी राहत और खुशखबरी भरी खबर सामने आई है। राज्य की त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए वित्तीय सहायता के नियमों में बड़ा बदलाव किया जा रहा है। नए प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत अब बेहतर प्रदर्शन करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त आर्थिक लाभ मिलेगा, जिससे गांवों के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

सबसे बड़ी बात यह है कि अब पंचायतों को केवल निर्धारित अनुदान ही नहीं मिलेगा, बल्कि अच्छा काम करने और अपनी आय बढ़ाने के प्रयासों के आधार पर अतिरिक्त राशि भी दी जाएगी। इससे पंचायतों के बीच विकास और पारदर्शिता को लेकर सकारात्मक प्रतिस्पर्धा बढ़ सकती है।

बिहार के ग्राम पंचायतों की हिस्सेदारी में बड़ा इजाफा

नई व्यवस्था के अनुसार विकास योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि में ग्राम पंचायतों का हिस्सा पहले की तुलना में बढ़ा दिया गया है। अब कुल फंड का 80 प्रतिशत हिस्सा सीधे ग्राम पंचायतों को मिलेगा। पहले यह हिस्सा 70 प्रतिशत था। वहीं पंचायत समितियों और जिला परिषदों के हिस्से में कमी की गई है। पहले दोनों संस्थाओं को 15-15 प्रतिशत राशि मिलती थी, लेकिन नए फॉर्मूले में इसे घटाकर 10-10 प्रतिशत कर दिया गया है। इससे गांव स्तर पर विकास कार्यों के लिए अधिक धन उपलब्ध हो सकेगा।

अच्छा काम करने वाली पंचायतों को अतिरिक्त लाभ

नई नीति की सबसे खास बात प्रदर्शन आधारित फंडिंग है। पंचायतों को मिलने वाली मूल राशि तो तय मानकों के अनुसार मिलेगी, लेकिन जो पंचायतें अपने संसाधनों को बढ़ाने, राजस्व संग्रह करने और बेहतर विकास कार्य करने में सफल होंगी, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। इस व्यवस्था के तहत पंचायतों को 20 प्रतिशत तक अतिरिक्त राशि मिलने का रास्ता खुल सकता है। इससे मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को गांव के विकास के लिए और अधिक सक्रिय होने का प्रोत्साहन मिलेगा।

स्वच्छता और जल प्रबंधन पर रहेगा विशेष जोर

नई व्यवस्था में फंड के उपयोग को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। कुल राशि का आधा हिस्सा विशेष उद्देश्यों के लिए आरक्षित रहेगा। इस धनराशि का उपयोग स्वच्छता, कचरा प्रबंधन, जल संरक्षण और पेयजल सुविधाओं के विकास पर किया जाएगा। बाकी राशि का उपयोग सड़क, नाली, पेयजल, सोलर स्ट्रीट लाइट, आंगनबाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, खेल और व्यायाम सुविधाओं जैसी योजनाओं पर तेजी से काम हो सकेगा।

मुखिया के लिए बड़ी खुशखबरी?

नई व्यवस्था से मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को अधिक संसाधन मिलेंगे, वहीं ग्रामीणों को बेहतर सुविधाओं का लाभ मिलेगा। पंचायतों को अब केवल अनुदान पर निर्भर रहने के बजाय बेहतर प्रदर्शन के जरिए अतिरिक्त धन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे गांवों में विकास की रफ्तार बढ़ने और स्थानीय समस्याओं के समाधान में मदद मिलने की उम्मीद है।

यूपी की ये सड़के होगी 6-लेन, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और कानपुर क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। कानपुर-झांसी राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-27) को छह लेन में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है और सड़क के नए अलाइमेंट को मंजूरी दे दी है। 

करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और झांसी के बीच सफर पहले से कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 10 जून तक डीपीआर तैयार होने की संभावना है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।

कम होगा यात्रा का समय

वर्तमान में कानपुर से झांसी तक पहुंचने में चार घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है। लेकिन हाईवे के छह लेन बनने के बाद यह सफर लगभग तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

221 किमी मार्ग का विस्तार

योजना के तहत झांसी से कानपुर तक करीब 221 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन से सिक्स लेन में बदला जाएगा। सड़क चौड़ी होने से भारी वाहनों और आम यात्रियों दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत कालपी में नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा हाईवे पर मौजूद 22 कटों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा।

दो चरणों में होगा निर्माण कार्य

इस परियोजना को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में झांसी से उरई तक के लगभग 135 किलोमीटर हिस्से की डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं दूसरे चरण में उरई से आगे के हिस्से का सर्वेक्षण और परियोजना निर्माण का काम चल रहा है। विशेष बात यह है कि सड़क फिलहाल छह लेन की बनाई जाएगी, लेकिन पुल, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ लेन क्षमता के अनुरूप तैयार की जाएंगी।

इन जिलों को होगा सबसे बड़ा फायदा

इस परियोजना से झांसी, उरई, जालौन, कालपी, कोंच और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला! देशभर में आज से 3 नए नियम लागू

नई दिल्ली। जून 2026 की शुरुआत के साथ ही देशभर में कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इन नए नियमों का असर सीधे तौर पर आम लोगों पर पड़ सकता है। ऐसे में हर नागरिक के लिए इन बदलावों की जानकारी रखना जरूरी है ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

1. एलपीजी कनेक्शन को लेकर नया नियम

एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए सरकार ने नया प्रावधान लागू किया है। अब ऐसे परिवार जिनके पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और एलपीजी सिलेंडर दोनों की सुविधा मौजूद है, उन्हें अपने एलपीजी कनेक्शन को लेकर नियमों का पालन करना होगा। सरकार ऐसे उपभोक्ताओं की पहचान कर रही है जो दोनों सुविधाओं का उपयोग कर रहे हैं। निर्धारित शर्तों का पालन नहीं करने पर एलपीजी कनेक्शन को निष्क्रिय या रद्द किया जा सकता है।

2. पेट्रोल, डीजल और एटीएफ पर नया निर्यात शुल्क

केंद्र सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर नया शुल्क लागू कर दिया है। इसके तहत पेट्रोल, डीजल और हवाई ईंधन (ATF) को विदेश भेजने पर अतिरिक्त टैक्स देना होगा। नए प्रावधान के अनुसार पेट्रोल पर 1.5 रुपये प्रति लीटर, डीजल पर 13.5 रुपये प्रति लीटर और एटीएफ पर 9.5 रुपये प्रति लीटर का निर्यात शुल्क लागू किया गया है। सरकार का मानना है कि इससे घरेलू बाजार में ईंधन उपलब्धता को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी।

3. सोलर पैनल क्षेत्र में नया नियम लागू

देश में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ALMM List-II को पूरी तरह लागू कर दिया है। अब सरकारी योजनाओं और सब्सिडी वाले सोलर प्रोजेक्ट्स में केवल स्वीकृत और प्रमाणित सोलर मॉड्यूल एवं सेल का उपयोग किया जा सकेगा। इसका उद्देश्य गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करना है। हालांकि उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि नए नियमों के कारण कुछ सोलर उपकरणों की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

बिहार में सभी शिक्षकों के लिए नया फरमान, स्पष्ट निर्देश जारी

पटना। बिहार के सरकारी स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं, लेकिन इस बार शिक्षकों को पूरी तरह से अवकाश का लाभ नहीं मिल पाएगा। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान भी शिक्षकों को विभागीय कार्यों के लिए उपलब्ध रहना होगा। आवश्यकता पड़ने पर उन्हें किसी भी समय ड्यूटी पर बुलाया जा सकता है।

1 जून से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश

राज्य के सरकारी विद्यालयों में 1 जून से 20 जून तक ग्रीष्मावकाश घोषित किया गया है। इस अवधि में छात्रों की नियमित कक्षाएं नहीं चलेंगी, लेकिन शिक्षकों को पूरी तरह मुक्त नहीं माना जाएगा। विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी शिक्षक अपने मुख्यालय क्षेत्र में उपलब्ध रहें ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी जा सकें।

ली जा सकती है शिक्षकों की सेवाएं

शिक्षा विभाग के अनुसार अवकाश अवधि के दौरान राज्य में कई महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन होना है। इन परीक्षाओं को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए शिक्षकों की सेवाएं ली जा सकती हैं। उन्हें परीक्षा केंद्रों पर वीक्षक, पर्यवेक्षक या अन्य प्रशासनिक दायित्वों के लिए तैनात किया जा सकता है।

मोबाइल फोन रखना होगा सक्रिय

विभाग ने सभी शिक्षकों को निर्देश दिया है कि ग्रीष्मावकाश के दौरान उनका मोबाइल फोन हमेशा चालू रहना चाहिए। किसी भी समय विभागीय सूचना, आदेश या ड्यूटी से संबंधित निर्देश जारी किए जा सकते हैं। ऐसे में शिक्षकों को तुरंत सूचना प्राप्त हो और वे आवश्यक कार्रवाई कर सकें, इसके लिए मोबाइल सक्रिय रखना अनिवार्य किया गया है।

मुख्यालय छोड़ने पर लेनी होगी अनुमति

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी शिक्षक को अवकाश के दौरान किसी कारणवश मुख्यालय क्षेत्र से बाहर जाना है तो उन्हें पहले संबंधित सक्षम अधिकारी से अनुमति प्राप्त करनी होगी। बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने को नियमों के उल्लंघन के रूप में देखा जा सकता है और इस पर कार्रवाई भी हो सकती है।

सभी जिला अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस आदेश को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला कार्यक्रम पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। विभाग ने अधिकारियों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि सभी शिक्षक आदेशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध रहें।

बिहार में मौसम का धमाका! आज इन 7 जिलों में आंधी-पानी का अलर्ट

पटना। बिहार में पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को भीषण गर्मी और लू से राहत दिलाई है। राज्य के कई हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है, लेकिन यह राहत ज्यादा दिनों तक रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग ने राज्य के सात जिलों के लिए आंधी, बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।

7 जिलों में जारी हुआ अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार जिलों में मौसम अचानक बदल सकता है। इन क्षेत्रों में तेज हवा चलने के साथ बारिश और बिजली गिरने की आशंका है। हवा की रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

सीमांचल में राहत भरा मौसम

सीमांचल क्षेत्र के जिलों में फिलहाल मौसम अपेक्षाकृत सुखद बना रहने की संभावना है। बादल, हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल रही है। हालांकि मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यह स्थिति अस्थायी है और जल्द ही मौसम का रुख बदल सकता है।

अगले कुछ दिनों में बढ़ेगा तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 2 जून के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क होने लगेगा। इसके साथ ही अधिकतम तापमान में तेजी से वृद्धि देखने को मिल सकती है। अगले तीन से चार दिनों के दौरान तापमान में 4 से 8 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होने की संभावना है।

मौसम में बदलाव की क्या है वजह?

मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक हाल के दिनों में बिहार के मौसम को प्रभावित करने वाले कई सिस्टम सक्रिय थे। चक्रवाती परिसंचरण, पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण राज्य में आंधी और बारिश का दौर देखने को मिला। इन मौसमीय प्रणालियों के प्रभाव से तापमान नियंत्रित रहा और लोगों को गर्मी से राहत मिली। अब ये सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर पड़ रहे हैं, जिसके कारण बारिश की गतिविधियां कम हो सकती हैं और गर्मी दोबारा अपना असर दिखा सकती है।

लोगों को बरतनी होगी सावधानी

मौसम विभाग ने लोगों से बदलते मौसम को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। आंधी और बिजली गिरने की संभावना वाले क्षेत्रों में खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं आने वाले दिनों में बढ़ती गर्मी को देखते हुए पर्याप्त पानी पीने, धूप से बचाव करने और दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से परहेज करने की जरूरत होगी।

2 जून को हंस महापुरुष राजयोग! 4 राशियों की चमकेगी किस्मत, धन-समृद्धि के खुलेंगे द्वार

राशिफल। ज्योतिष में हंस महापुरुष राजयोग को अत्यंत शुभ और प्रभावशाली योग माना जाता है। यह योग तब बनता है जब गुरु ग्रह अपनी स्वराशि या उच्च राशि में केंद्र भाव में स्थित होते हैं। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून से इस शुभ योग का प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से देखने को मिल सकता है। माना जाता है कि इस दौरान करियर, व्यापार, शिक्षा, धन और मान-सम्मान से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। लंबे समय से रुके हुए कार्यों में गति आने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जो भविष्य में पदोन्नति का रास्ता खोल सकती हैं। व्यापार से जुड़े लोगों को नए ग्राहकों और नए अवसरों का लाभ मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार होने की संभावना है और आय के नए स्रोत भी बन सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल रहेगा और सामाजिक प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता लेकर आ सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं और कार्यस्थल पर आपके काम की सराहना हो सकती है। व्यापार में लाभ के योग बन रहे हैं। यदि आप कोई नया काम शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो समय अनुकूल माना जा सकता है। छात्रों को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

धनु राशि

धनु राशि के स्वामी स्वयं गुरु ग्रह हैं, इसलिए हंस महापुरुष राजयोग का प्रभाव इस राशि पर विशेष रूप से शुभ माना जा रहा है। नौकरी में उन्नति, वेतन वृद्धि या नई नौकरी के अवसर मिल सकते हैं। व्यापारियों को लाभदायक सौदे मिल सकते हैं और निवेश से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं। पारिवारिक जीवन में खुशियां बढ़ेंगी और दांपत्य जीवन में मधुरता आएगी। लंबे समय से चली आ रही किसी समस्या का समाधान मिलने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए यह राजयोग भाग्य का भरपूर साथ लेकर आ सकता है। करियर में नई ऊंचाइयां हासिल करने के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग नौकरी की तलाश कर रहे हैं, उन्हें अच्छी खबर मिल सकती है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और धन संचय करने में सफलता मिल सकती है। व्यापार में विस्तार के अवसर प्राप्त होंगे। धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ सकती है। परिवार के सदस्यों का सहयोग मिलेगा और घर में सुख-समृद्धि का वातावरण बना रहेगा।

बिहार के सैनिक स्कूल में बंपर भर्ती, 44 हजार से ज्यादा वेतन

न्यूज डेस्क। बिहार में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। सैनिक स्कूल गोपालगंज ने वर्ष 2026 के लिए शिक्षण और पुस्तकालय से जुड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की है। इस भर्ती के तहत टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) और लाइब्रेरियन के पदों पर योग्य अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। खास बात यह है कि चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के अनुसार आकर्षक वेतनमान का लाभ मिलेगा।

किन पदों पर होगी भर्ती?

सैनिक स्कूल गोपालगंज द्वारा जारी भर्ती विज्ञापन के अनुसार कुल 2 रिक्त पदों को भरा जाएगा। इनमें एक पद टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) और दूसरा पद लाइब्रेरियन का है। दोनों पद नियमित आधार पर भरे जाएंगे।

कितना मिलेगा वेतन?

चयनित उम्मीदवारों को 7वें केंद्रीय वेतन आयोग के लेवल-7 के अनुसार वेतन दिया जाएगा। इस वेतनमान में मूल वेतन 44,900 रुपये प्रतिमाह से शुरू होगा। इसके अलावा नियमानुसार अन्य भत्तों का लाभ भी मिल सकता है।

शैक्षणिक योग्यता

इन पदों के लिए आवेदन करने वाले उम्मीदवारों के पास संबंधित विषय में स्नातक डिग्री होना आवश्यक है। टीजीटी (कंप्यूटर साइंस) पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता के साथ बी.एड की पात्रता जरूरी है, जबकि लाइब्रेरियन पद के लिए बी.लिब या समकक्ष योग्यता मांगी गई है।

आयु सीमा

भर्ती के लिए उम्मीदवार की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और अधिकतम आयु 35 वर्ष निर्धारित की गई है। आरक्षित वर्गों को सरकारी नियमों के अनुसार आयु सीमा में छूट का लाभ दिया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया

इस भर्ती के लिए आवेदन ऑनलाइन नहीं बल्कि ऑफलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक उम्मीदवार सैनिक स्कूल गोपालगंज की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र डाउनलोड कर निर्धारित प्रारूप में भर सकते हैं। इसके बाद आवश्यक दस्तावेज संलग्न कर आवेदन निर्धारित पते पर भेजना होगा।

आवेदन की अंतिम तिथि

भर्ती विज्ञापन के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर आवेदन जमा करना अनिवार्य है। इसलिए उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि अंतिम समय का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें।

डबल खुशखबरी, बिहार में 2 बड़ी भर्ती का ऐलान, युवाओं की लग गई लॉटरी

पटना।  बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य में एक साथ दो महत्वपूर्ण भर्तियों की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे योग्य उम्मीदवारों को सरकारी सेवा में शामिल होने का शानदार अवसर मिलेगा। 

एक ओर बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के पदों पर भर्ती निकाली है, वहीं दूसरी ओर बिहार तकनीकी सेवा आयोग (BTSC) ने फूड एनालिस्ट के पदों के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं।

BPSSC में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) भर्ती

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल) के 22 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए तकनीकी क्षेत्र में डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। भर्ती प्रक्रिया के तहत ऑनलाइन आवेदन 21 मई 2026 से शुरू हो चुके हैं और इच्छुक अभ्यर्थी 21 जून 2026 तक आवेदन जमा कर सकते हैं। उम्मीदवारों को आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से ही करना होगा।

महत्वपूर्ण जानकारी

पद का नाम: असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (टेक्निकल)

कुल पद: 22

शैक्षणिक योग्यता: संबंधित विषय में डिप्लोमा

आवेदन प्रारंभ: 21 मई 2026

अंतिम तिथि: 21 जून 2026

BTSC ने फूड एनालिस्ट पदों पर निकाली भर्ती

बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता जांच से जुड़े फूड एनालिस्ट के 11 पदों पर भर्ती की घोषणा की है। इस भर्ती में विज्ञान विषय से उच्च शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। फूड एनालिस्ट पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 20 मई 2026 से शुरू हो चुकी है। उम्मीदवार 19 जून 2026 तक आवेदन कर सकेंगे।

महत्वपूर्ण जानकारी

पद का नाम: फूड एनालिस्ट

कुल पद: 11

शैक्षणिक योग्यता: बीएससी, एमएससी, एमफिल या पीएचडी

आवेदन प्रारंभ: 20 मई 2026

अंतिम तिथि: 19 जून 2026

युवाओं के लिए सुनहरा अवसर

इन दोनों भर्तियों के माध्यम से तकनीकी और विज्ञान क्षेत्र से जुड़े उम्मीदवारों को सरकारी नौकरी पाने का बेहतरीन मौका मिलेगा। खास बात यह है कि दोनों भर्तियों के आवेदन फिलहाल खुले हुए हैं, इसलिए पात्र उम्मीदवार समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।

2 से 8 जून तक चमकेगी तकदीर! 5 राशियों पर बरसेगा पैसा, पद और प्रतिष्ठा

ज्योतिष डेस्क। जून का पहला सप्ताह कई राशियों के लिए बेहद खास रहने वाला है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 2 जून से 8 जून के बीच ग्रहों की स्थिति में बनने वाले शुभ संयोग कुछ राशियों के लिए लाभ, उन्नति और सफलता के नए अवसर लेकर आ सकते हैं। 

इस दौरान करियर, व्यापार, आर्थिक मामलों और सामाजिक प्रतिष्ठा में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यह सप्ताह 5 राशियों के लिए विशेष रूप से शुभ संकेत दे रहा है। आइए जानते हैं किन राशियों को इस अवधि में सबसे अधिक लाभ मिलने की संभावना है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह आर्थिक दृष्टि से लाभदायक रह सकता है। लंबे समय से अटके हुए कार्य पूरे होने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और व्यापार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

2. मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आत्मविश्वास और सफलता बढ़ाने वाला रहेगा। नए संपर्क बन सकते हैं, जो भविष्य में लाभदायक साबित होंगे। विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे लोगों को भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

3. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह सप्ताह उपलब्धियों से भरा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलने की संभावना है। जो लोग लंबे समय से पदोन्नति या नई जिम्मेदारी का इंतजार कर रहे हैं, उन्हें सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

4. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए यह सप्ताह संतुलन और सफलता लेकर आ सकता है। पारिवारिक और आर्थिक दोनों क्षेत्रों में शुभ संकेत दिखाई दे रहे हैं। व्यवसाय से जुड़े लोगों को नए अनुबंध या लाभदायक अवसर मिल सकते हैं।

5. मकर राशि

मकर राशि के लोगों के लिए यह समय मेहनत का फल देने वाला साबित हो सकता है। करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे और आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। पुराने विवाद या अटके हुए मामले भी सुलझ सकते हैं।

प्रशांत किशोर का बड़ा ऐलान: बिहार में बीजेपी को चुनौती देने की तैयारी

पटना। बिहार की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव को लेकर बड़ा दावा किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनकी पार्टी इस चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ेगी और भाजपा को चुनौती देने का प्रयास करेगी।

प्रशांत किशोर के इस बयान के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। क्योंकि बांकीपुर सीट को लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है और यहां विपक्षी दलों को अब तक बड़ी सफलता नहीं मिल सकी है।

बांकीपुर उपचुनाव पर जन सुराज की नजर

कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि बांकीपुर सिर्फ एक विधानसभा सीट नहीं, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र है। उनका कहना है कि पिछले कई दशकों से यहां एक ही राजनीतिक धारा का प्रभाव रहा है, लेकिन अब जन सुराज इस समीकरण को बदलने का प्रयास करेगा। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी पूरी रणनीति और संगठनात्मक ताकत के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और मतदाताओं के बीच अपना आधार मजबूत करेगी।

क्यों अहम मानी जाती है बांकीपुर सीट?

बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक माना जाता है। यह सीट लंबे समय से भाजपा के कब्जे में रही है। हाल के चुनावों में भाजपा नेता नितिन नवीन ने यहां बड़ी जीत दर्ज की थी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस सीट पर मुकाबला कड़ा होता है, तो इसका असर राज्य की आगामी राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

जन सुराज के लिए बड़ी परीक्षा

पिछले विधानसभा चुनाव में जन सुराज ने बड़ी संख्या में उम्मीदवार मैदान में उतारे थे, लेकिन पार्टी को अपेक्षित सफलता नहीं मिल सकी। इसके बावजूद प्रशांत किशोर लगातार संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान पर जोर दे रहे हैं। अब बांकीपुर उपचुनाव को पार्टी अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने के अवसर के रूप में देख रही है। यही वजह है कि जन सुराज इस सीट को प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रही है।

क्या बदलेंगे राजनीतिक समीकरण?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि उपचुनाव अक्सर जनता के मूड का संकेत देते हैं। ऐसे में यदि बांकीपुर में मुकाबला रोचक बनता है तो यह बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है। हालांकि भाजपा अभी भी इस क्षेत्र में मजबूत स्थिति में मानी जाती है, लेकिन जन सुराज की सक्रियता ने चुनावी चर्चा को जरूर गर्म कर दिया है।

किडनी को अंदर से साफ कर देंगी ये 4 चीजें, जानें आसान नेचुरल तरीका

हेल्थ डेस्क। किडनी हमारे शरीर का एक बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करके शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। गलत खान-पान, कम पानी पीना और अस्वस्थ जीवनशैली के कारण किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में कुछ प्राकृतिक चीजें किडनी को स्वस्थ रखने और शरीर को डिटॉक्स करने में मदद कर सकती हैं।

1. पर्याप्त पानी

किडनी को स्वस्थ रखने का सबसे आसान और प्रभावी तरीका पर्याप्त मात्रा में पानी पीना है। पानी शरीर से विषैले पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है और किडनी पर दबाव कम करता है। नियमित रूप से 7-8 गिलास पानी पीना फायदेमंद माना जाता है।

2. नींबू पानी

नींबू में मौजूद साइट्रिक एसिड किडनी स्टोन बनने के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। सुबह खाली पेट गुनगुना नींबू पानी पीने से शरीर डिटॉक्स होता है और किडनी की कार्यप्रणाली बेहतर रहती है।

3. तरबूज

तरबूज में भरपूर मात्रा में पानी और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट रखते हैं। यह किडनी को साफ रखने और यूरिन के जरिए विषैले तत्वों को बाहर निकालने में मदद करता है।

4. तुलसी

तुलसी को आयुर्वेद में एक औषधीय पौधा माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण किडनी को स्वस्थ रखने में सहायक हो सकते हैं। तुलसी की पत्तियों का सेवन या तुलसी की चाय फायदेमंद मानी जाती है।

बृहस्पति-बुध का धमाकेदार योग: 4 राशियों की तरक्की तय, रुके काम बनेंगे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति को ज्ञान, भाग्य और समृद्धि का कारक माना जाता है, जबकि बुध ग्रह को बुद्धि, व्यापार, संचार और निर्णय क्षमता का प्रतीक कहा जाता है। जब ये दोनों ग्रह एक साथ अनुकूल स्थिति में आते हैं, तो इसे अत्यंत शुभ योग माना जाता है।

1 जून 2026 को ज्योतिषीय गणना के अनुसार बृहस्पति और बुध का यह विशेष संयोग कई राशियों के लिए सकारात्मक परिणाम लेकर आ रहा है। इस योग के प्रभाव से रुके हुए कार्यों में गति आने, आर्थिक स्थिति मजबूत होने और करियर में नई दिशा मिलने के संकेत हैं।

इस योग का प्रभाव क्या दर्शाता है?

बृहस्पति और बुध का संयुक्त प्रभाव व्यक्ति की सोच, निर्णय क्षमता और भाग्य तीनों को मजबूत करता है। यह योग विशेष रूप से शिक्षा, नौकरी, व्यापार और निवेश से जुड़े मामलों में लाभकारी माना जाता है। जिन लोगों के कार्य लंबे समय से अटके हुए थे, उनके लिए यह समय राहत देने वाला हो सकता है।

इन 4 राशियों को मिलेगा विशेष लाभ

1. मिथुन राशि

मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, इसलिए इस योग का सीधा और मजबूत प्रभाव इस राशि पर पड़ेगा। नौकरी और व्यापार में नए अवसर मिल सकते हैं और अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है।

2. कन्या राशि

कन्या राशि वालों के लिए यह योग बेहद शुभ माना जा रहा है। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और करियर में स्थिरता व प्रगति के संकेत मिलेंगे। निर्णय क्षमता मजबूत होगी।

3. धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य और मेहनत दोनों का साथ देने वाला रहेगा। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है।

4. मीन राशि

मीन राशि पर बृहस्पति का प्रभाव विशेष रूप से सकारात्मक रहता है। इस योग के दौरान रुके हुए कार्य पूरे हो सकते हैं और आर्थिक लाभ के नए अवसर मिल सकते हैं।

कल मंगल का तेज असर: 5 राशियों पर बरसेगा भाग्य, तरक्की के खुलेंगे रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को ऊर्जा, साहस, पराक्रम और सफलता का प्रतीक माना जाता है। जब भी मंगल की स्थिति मजबूत होती है या उसका विशेष प्रभाव बनता है, तो इसका असर कई राशियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के रूप में देखा जाता है। कल मंगल का तेज प्रभाव कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ संकेत लेकर आ रहा है।

इस प्रभाव से करियर, नौकरी, व्यापार और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी की संभावना बन रही है। कई लोगों के रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और नए अवसरों के द्वार खुल सकते हैं।

इन 5 राशियों को मिलेगा मंगल का विशेष लाभ

1. मेष राशि

मेष राशि के स्वामी स्वयं मंगल हैं, इसलिए इस राशि पर इसका प्रभाव सबसे अधिक शुभ माना जाता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। कार्यक्षेत्र में तरक्की के संकेत हैं।

2. सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय नेतृत्व क्षमता और सफलता बढ़ाने वाला रहेगा। नौकरी में पदोन्नति या सम्मान मिलने की संभावना है। रुके हुए काम गति पकड़ सकते हैं।

3. वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि पर भी मंगल का विशेष प्रभाव होता है। आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है और किसी नए प्रोजेक्ट से लाभ मिलने के संकेत हैं। साहसिक निर्णय सफल हो सकते हैं।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए यह समय करियर में प्रगति और नए अवसरों का संकेत दे रहा है। शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलने की संभावना बढ़ सकती है।

5. मकर राशि

मकर राशि के जातकों के लिए यह प्रभाव मेहनत का अच्छा परिणाम देने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में स्थिरता और तरक्की के योग बन रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।

यूपी में घर बैठे मिलेगी खतौनी, जमीन मालिकों के लिए बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों की प्रक्रिया को और आसान बनाते हुए एक बड़ा कदम उठाया है। अब नागरिकों को खतौनी की प्रमाणित प्रति (Certified Copy) लेने के लिए तहसील या राजस्व कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने होंगे। यह पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन कर दी गई है, जिससे आम लोगों को समय और मेहनत दोनों की बचत होगी।

क्या है नई व्यवस्था?

राजस्व विभाग ने खतौनी प्राप्त करने की सुविधा को पूरी तरह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट कर दिया है। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपनी जमीन का रिकॉर्ड देख और डाउनलोड कर सकता है। इसके लिए सरकार ने दो आधिकारिक पोर्टल उपलब्ध कराए हैं: upbhulekh.gov.in और bor.up.gov.in, इन पोर्टलों के जरिए लोग आसानी से खतौनी की प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकते हैं।

कैसे करें ऑनलाइन आवेदन?

नई व्यवस्था के तहत प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। उपयोगकर्ता को कुछ आसान चरणों का पालन करना होगा। इसके लिए आधिकारिक पोर्टल पर लॉगिन करें, “खतौनी की नकल” विकल्प चुनें, जिला, तहसील और गांव की जानकारी भरें, संबंधित गाटा संख्या का चयन करें, निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करें, प्रमाणित प्रति तुरंत डाउनलोड करें। यह पूरी प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी की जा सकती है।

24 घंटे उपलब्ध है यह सेवा

इस डिजिटल सुविधा की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह सेवा 24 घंटे उपलब्ध है। नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार किसी भी समय खतौनी डाउनलोड कर सकते हैं। इससे समय की पाबंदी या कार्यालय समय की बाधा खत्म हो गई है।

केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, मेमोरेंडम जमा करने की तारीख बढ़ी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और उनके संगठनों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग (8th CPC) ने मेमोरेंडम यानी मांग पत्र जमा करने की समय सीमा को एक बार फिर बढ़ा दिया है। यह फैसला कर्मचारियों और यूनियनों को अतिरिक्त अवसर देने के उद्देश्य से लिया गया है, ताकि अधिक से अधिक सुझाव आयोग तक पहुंच सकें।

अब 15 जून 2026 तक जमा कर सकेंगे मेमोरेंडम

पहले मेमोरेंडम जमा करने की अंतिम तिथि 31 मई 2026 तय की गई थी। लेकिन अब इसे बढ़ाकर 15 जून 2026 कर दिया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह अंतिम मौका होगा और इसके बाद कोई भी समय विस्तार नहीं दिया जाएगा। इस फैसले से उन कर्मचारियों और संगठनों को राहत मिली है जो समय सीमा के भीतर अपना मांग पत्र तैयार नहीं कर पाए थे।

सिर्फ ऑनलाइन ही स्वीकार होगा आवेदन

आयोग ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। अब मेमोरेंडम केवल ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे। सभी सुझाव और मांगें केवल ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही भेजनी होंगी। हाथ से लिखे पत्र, ईमेल, पीडीएफ या हार्ड कॉपी स्वीकार नहीं की जाएगी। इस व्यवस्था का उद्देश्य प्रक्रिया को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है।

इसके लिए आधिकारिक वेबसाइट: 8cpc.gov.in

समय सीमा बढ़ाने की वजह क्या है?

कर्मचारी संगठनों और नेशनल काउंसिल ऑफ जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने आयोग से समय बढ़ाने की मांग की थी। उनका कहना था कि कई स्तरों पर विचार-विमर्श और सुझाव तैयार करने में समय लग रहा है। इसी को देखते हुए आयोग ने पहले भी डेडलाइन बढ़ाई थी, और अब इसे अंतिम बार 15 जून 2026 तक बढ़ाया गया है।

खुशखबरी का पिटारा खुला! यूपी में बंपर भर्ती शुरू, आवेदन प्रक्रिया चालू

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने संयुक्त निम्न अधीनस्थ सेवा भर्ती 2026 के तहत बंपर पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस भर्ती के माध्यम से कुल 2516 पदों को भरा जाएगा, जिससे राज्य के हजारों अभ्यर्थियों को रोजगार का अवसर मिलेगा।

कितने पदों पर होगी भर्ती?

इस भर्ती अभियान के तहत कुल 2516 पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। पहले यह संख्या 2285 थी, जिसे बाद में संशोधित कर बढ़ा दिया गया है। यह भर्ती प्रदेश के विभिन्न 11 सरकारी विभागों में की जाएगी।

शैक्षणिक योग्यता क्या है?

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार के पास किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक (Bachelor’s Degree) होना अनिवार्य है। कुछ पदों के लिए LLB योग्यता रखने वाले उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं।

उम्मीदवारों की आयु सीमा

इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों की आयु पद के अनुसार तय की गई है: न्यूनतम आयु: 21 वर्ष, अधिकतम आयु: 40 वर्ष निर्धारित हैं। आयु की गणना भर्ती नियमों के अनुसार की जाएगी और आरक्षण नियमों के तहत छूट भी लागू होगी।

 उम्मीदवारों का वेतन

चयनित उम्मीदवारों को आकर्षक वेतनमान दिया जाएगा, जो विभिन्न पदों के अनुसार अलग-अलग होगा: वेतन स्तर: लेवल-4 से लेवल-6, वेतन सीमा: ₹25,500 से ₹1,12,400 तक, यह सैलरी सरकारी सेवा में एक मजबूत करियर विकल्प प्रदान करती है।

आवेदन शुल्क

इस भर्ती प्रक्रिया में सभी श्रेणियों के उम्मीदवारों के लिए आवेदन शुल्क केवल ₹25 निर्धारित किया गया है, जो ऑनलाइन प्रोसेसिंग फीस के रूप में लिया जाएगा।

आवेदन कैसे करें?

उम्मीदवारों को आवेदन करने के लिए UPSSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, जिससे अभ्यर्थी घर बैठे आवेदन कर सकते हैं।

आवेदन की अंतिम तिथि: 18 जून 2026

संशोधन की अंतिम तिथि: 25 जून 2026

यूपी शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव, अभ्यर्थियों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे लाखों अभ्यर्थियों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने आगामी भर्तियों में महत्वपूर्ण बदलाव का निर्णय लिया है, जिससे परीक्षा प्रणाली और अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनने की उम्मीद है।

इस बदलाव के तहत अब टीजीटी, पीजीटी, प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापक पदों की भर्ती के लिए सिलेबस हिंदी के साथ-साथ अंग्रेजी भाषा में भी उपलब्ध कराया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को समझने में काफी फायदा मिलेगा। अब तक आयोग की वेबसाइट पर केवल हिंदी माध्यम में ही पाठ्यक्रम उपलब्ध कराया जाता था, जिससे अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को कई बार समझने में कठिनाई होती थी।

नई व्यवस्था के अनुसार: सिलेबस हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा।  सीबीएसई, आईसीएसई और यूपी बोर्ड के छात्रों को समान सुविधा मिलेगी।  परीक्षा की तैयारी अधिक सरल और स्पष्ट हो जाएगी।  इस कदम को शिक्षा व्यवस्था में एक बड़े सुधार के रूप में देखा जा रहा है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

आयोग के अनुसार हाल ही में हुई टीजीटी और पीजीटी परीक्षाओं के दौरान यह बात सामने आई कि प्रश्न पत्र तो हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होते हैं लेकिन सिलेबस केवल हिंदी में होने से असंतुलन पैदा होता है। इससे अंग्रेजी माध्यम के अभ्यर्थियों को समझने में कठिनाई होती है। इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब पाठ्यक्रम को द्विभाषीय बनाने की तैयारी की जा रही है।

23,000 से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी

शिक्षा निदेशालय ने अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त पदों का विस्तृत ब्यौरा आयोग को भेज दिया है। कुल मिलाकर 23,213 पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। इनमें प्रमुख पद इस प्रकार हैं प्रधानाचार्य: 1502 पद, प्रधानाध्यापक: 1003 पद, पीजीटी (प्रवक्ता): 2705 पद, टीजीटी (प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक): 16,114 पद, सहायक अध्यापक: 1889 पद। इन पदों पर भर्ती प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है, जिससे बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार का अवसर मिलेगा।

यूपी में ग्राम प्रधानों को मिली जिम्मेदारी, पर नहीं ले सकेंगे ये बड़े फैसले

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने एक अहम निर्णय लिया है। पंचायत चुनाव के बाद नई ग्राम पंचायतों के गठन तक गांवों में प्रशासनिक कामकाज बाधित न हो, इसके लिए पुराने ग्राम प्रधानों को अस्थायी रूप से प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हालांकि, इस जिम्मेदारी के साथ उन्हें सीमित अधिकार दिए गए हैं और कई बड़े फैसलों पर स्पष्ट रोक लगाई गई है।

क्यों लिया गया यह फैसला?

ग्राम पंचायतों का कार्यकाल 26 मई 2026 को समाप्त हो चुका है। इसके बाद नई पंचायतों के गठन और पहली बैठक होने तक प्रशासनिक व्यवस्था को जारी रखना जरूरी था। इसी कारण 27 मई से पूर्व ग्राम प्रधानों को प्रभारी के रूप में कार्य करने की अनुमति दी गई है। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गांवों में जरूरी सेवाएं और प्रशासनिक काम बिना रुकावट जारी रहें।

प्रभारी प्रधानों के अधिकार सीमित

नई व्यवस्था के तहत प्रभारी ग्राम प्रधान केवल सामान्य और जरूरी प्रशासनिक कार्यों का संचालन कर सकेंगे। उन्हें कुछ महत्वपूर्ण सीमाएं भी दी गई हैं: कोई नया विकास कार्य शुरू नहीं कर सकते, नई योजनाओं या नीतियों पर निर्णय लेने का अधिकार नहीं, बड़े वित्तीय या संरचनात्मक फैसलों पर रोक। इसका मतलब है कि वे सिर्फ चल रहे कामों को आगे बढ़ा सकते हैं, नए कार्यों की शुरुआत नहीं कर सकते।

किस काम की अनुमति है?

प्रभारी प्रधानों को केवल वही कार्य करने की अनुमति दी गई है जो पहले से स्वीकृत या जारी हैं, जैसे: पहले से मंजूर विकास योजनाएं, चल रहे निर्माण कार्य, पूरे हो चुके कार्यों के भुगतान की प्रक्रिया, जरूरी प्रशासनिक गतिविधियां। इन कार्यों को पहले की तरह जारी रखा जाएगा ताकि विकास कार्यों में रुकावट न आए।

नए कार्यों के लिए क्या नियम हैं?

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत के लिए अब जिलाधिकारी की अनुमति अनिवार्य होगी। इसके बिना कोई भी नया प्रोजेक्ट या योजना शुरू नहीं की जा सकेगी। यह व्यवस्था पारदर्शिता बनाए रखने और प्रशासनिक नियंत्रण सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई है।

कितने समय तक रहेगी यह व्यवस्था?

यह अस्थायी व्यवस्था नई ग्राम पंचायतों की पहली बैठक होने तक या अधिकतम छह महीने तक लागू रहेगी। इसके बाद नई पंचायतें पूरी तरह से कार्यभार संभाल लेंगी।