करीब 40 पेट्रोकेमिकल उत्पादों को फायदा
सरकार की ओर से बढ़ाई गई यह छूट लगभग 40 प्रमुख पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लागू है। इनमें एनहाइड्रस अमोनिया, मेथनॉल, टोल्यूनि, स्टाइरीन, विनाइल क्लोराइड मोनोमर, डाइक्लोरोमीथेन, पॉलीब्यूटाडाइन, स्टाइरीन ब्यूटाडाइन और अनसैचुरेटेड पॉलिएस्टर रेजिन जैसे उत्पाद शामिल हैं। इन कच्चे माल का इस्तेमाल कई बड़े उद्योगों में किया जाता है। इसलिए आयात शुल्क में राहत मिलने से उत्पादन लागत को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।
घरेलू उद्योगों को मिलेगी राहत
पेट्रोकेमिकल उत्पादों का उपयोग रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े कई सामानों के निर्माण में होता है। प्लास्टिक उत्पाद, पैकेजिंग सामग्री, कपड़ा उद्योग, दवाइयों और वाहन के कलपुर्जों के निर्माण में इनकी अहम भूमिका होती है। सरकार के इस कदम से उन कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है जो आयातित कच्चे माल पर निर्भर रहती हैं।
पहले 30 जून तक थी छूट
पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर दी गई यह अस्थायी राहत पहले 30 जून तक लागू थी। अब सरकार ने इसे 15 दिन और बढ़ाकर 15 जुलाई तक कर दिया है। सरकार का कहना है कि वैश्विक परिस्थितियों और सप्लाई चेन पर पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
पश्चिम एशिया पर नजर
सरकार लगातार अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम और वैश्विक व्यापार व्यवस्था पर नजर बनाए हुए है। खासकर पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर कच्चे माल की उपलब्धता और माल ढुलाई पर पड़ सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए आयात शुल्क में राहत की अवधि बढ़ाई गई है, ताकि घरेलू उद्योगों को अचानक बढ़ती लागत का सामना न करना पड़े।
उद्योगों के लिए अहम कदम
पेट्रोकेमिकल सेक्टर कई अन्य उद्योगों की नींव माना जाता है। ऐसे में सरकार का यह फैसला उत्पादन और आपूर्ति व्यवस्था को स्थिर रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजर 15 जुलाई के बाद सरकार के अगले फैसले पर रहेगी।

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