उदाहरण के तौर पर, अगर रिटायरमेंट तक NPS खाते में 1 करोड़ रुपये जमा हैं, तो नियमों के अनुसार 80 लाख रुपये तक एक साथ निकालने का विकल्प मिल सकता है।
लेकिन टैक्स का पेंच समझना जरूरी
80 प्रतिशत निकासी की सुविधा मिलने के बावजूद टैक्स नियमों को लेकर सावधानी जरूरी है। मौजूदा कर प्रावधानों में सामान्य तौर पर 60 प्रतिशत तक की एकमुश्त निकासी को टैक्स छूट से जोड़ा जाता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति 80 प्रतिशत तक रकम निकालता है, तो अतिरिक्त 20 प्रतिशत राशि के टैक्स ट्रीटमेंट को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए पूरी रकम निकालने से पहले टैक्स नियमों को समझना और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।
पहले क्या था नियम?
NPS में पहले रिटायरमेंट के समय कम राशि एकमुश्त निकालने और ज्यादा हिस्सा एन्युटी में लगाने का प्रावधान था। बाद में नियमों में बदलाव हुआ और 60:40 का मॉडल लोकप्रिय रहा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि एकमुश्त और 40 प्रतिशत एन्युटी के लिए रखी जाती थी।
अब 80 प्रतिशत तक निकासी का विकल्प निवेशकों को अधिक लचीलापन देता है, लेकिन टैक्स नियमों के कारण फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी है। दरअसल, 80 प्रतिशत तक निकासी की सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, लेकिन जब तक टैक्स नियम पूरी तरह स्पष्ट और अनुकूल नहीं होते, तब तक 60:40 विकल्प कई निवेशकों के लिए टैक्स के लिहाज से बेहतर हो सकता है।

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