न्यूज डेस्क: हर महिला के जीवन में एक वक्त आता हैं जब वो मां बनती हैं। लेकिन महिलाओं को इस बात की जानकारी नहीं होती हैं की उनके गर्भ में बच्चे का निर्माण कैसे होता हैं। आज इसी विषय में मेडिकल साइंस करे द्वारा जानने की कोशिश करेंगे की गर्भ में बच्चे का निर्माण कैसे होता हैं।
मेडिकल साइंस के एक रिपोट के मुताबिक फैलोपियन ट्यूब में निषेचन होने के 5 से 6 दिन में भ्रूण गर्भाशय में आकर सतह पर चिपक जाता है जिसे प्रत्यारोपण कहा जाता है इस दौरान महिला को हल्की ब्लिडींग या स्पोटिंग हो सकती है।
आपको बता दें की गर्भ गर्भाशय में ही अपने विकसित होने का पूरा सफर तय कर जन्म लेता है। मेडिकल साइंस की मानें तो महिलाओं के गर्व में जैसे-जैसे भ्रूण का विकास होता है उसके आसपास पानी की थैली (एम्नियोटिक सेक) बनने लगती है जो उसके लिए तकिये का काम करती है। इसतरह से भूर्ण का विकास होने लगता हैं।
इसी दौरान एक प्लेजेन्टा (एक गोल डिस्क के समान ओर्गन) भी बनने लगता है, यह माँ और शिशु (भ्रूण) को जोड़ता है जिससे माँ के पोषक तत्व शिशु को मिलते हैं। इस दौरान मुँह, आँखें, नीचे का जबड़ा और गला भी बनने लगता है साथ ही रक्त कोशिकाएं बनने शुरू हो जाती है। धीरे-धीरे भूर्ण में रक्त का प्रवाह होने लगता हैं और फिर शिशु का रूप ले लेता हैं।

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