मजदूरी और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार पहले ही मजदूरों की दैनिक मजदूरी में बढ़ोतरी कर चुकी है। अब आगे का लक्ष्य यह है कि हर श्रमिक को न सिर्फ बेहतर आय मिले, बल्कि उसे स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का पूरा लाभ भी आसानी से मिल सके।
डिजिटल सुविधा से आसान हुआ सिस्टम
श्रमिकों के लिए बनाए गए श्रम पोर्टल को और अधिक मजबूत किया गया है। इसके साथ ही भवन एवं अन्य निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की नई वेबसाइट भी शुरू की गई है। इससे मजदूर अब मोबाइल या कंप्यूटर के जरिए ही सरकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
₹5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का प्रस्ताव
श्रमिकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ₹5 लाख तक के स्वास्थ्य बीमा की योजना का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत मजदूर किसी भी सूचीबद्ध अस्पताल में इलाज करा सकेंगे। इससे बीमारी के समय आर्थिक बोझ कम होगा और परिवार को सुरक्षा मिलेगी।
ग्रेटर नोएडा में 300 बेड का अस्पताल
लेबर डे पर एक बड़ा कदम उठाते हुए ग्रेटर नोएडा में 7 एकड़ जमीन पर 300 बेड वाले आधुनिक अस्पताल का शिलान्यास किया गया। यह अस्पताल विशेष रूप से श्रमिकों और उनके परिवारों के इलाज के लिए तैयार किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें।
आवास और खान-पान की व्यवस्था
सरकार ने श्रमिकों के लिए आधुनिक आवासीय परिसर, सस्ती कैंटीन और 500 बेड वाले पुरुष व महिला हॉस्टल बनाने की योजना भी घोषित की है। इससे बाहर से आने वाले मजदूरों को रहने और खाने की चिंता से राहत मिलेगी।
हर जिले में नए मजदूर अड्डे
प्रदेश के सभी जिलों में प्रमुख स्थानों पर मजदूर अड्डों को नया रूप दिया जाएगा। यहां श्रमिकों के लिए बैठने, इंतजार करने और काम मिलने की बेहतर व्यवस्था होगी, जिससे उन्हें सड़कों पर परेशान नहीं होना पड़ेगा।

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