इस योजना का फायदा खासतौर पर उन किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो खेतों में आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाना चाहते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को उपकरण की लागत का एक हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाता है।
छोटे और सीमांत किसानों को 55% तक लाभ
योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को इकाई लागत का अधिकतम 55 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। वहीं अन्य किसानों के लिए अधिकतम 45 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। हालांकि, किसानों को यह समझना जरूरी है कि सब्सिडी की गणना बाजार में उपकरण की वास्तविक कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित इकाई लागत के अनुसार की जाती है। इसलिए अंतिम सहायता राशि अलग-अलग हो सकती है।
DBT के जरिए खाते में पहुंचेगी राशि
योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है। यानी पात्र किसान को DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान मिल सकता है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलती है।
किन किसानों को मिल सकता है फायदा?
इस योजना का मुख्य फोकस पानी के कुशल इस्तेमाल और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत माइक्रो इरीगेशन समेत सिंचाई से जुड़ी तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाता है। किसानों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पात्र आवेदकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं बताया गया है।

0 comments:
Post a Comment