सामाजिक प्रभाव और जनसुनवाई पर विशेष ध्यान
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव ने सभी संबंधित जिलों को निर्देश दिया है कि वे नियमित रूप से सामाजिक प्रभाव का आकलन करने वाले संस्थानों के साथ समीक्षा बैठक करें। इसका उद्देश्य यह है कि अधिकारी कार्य की प्रगति और गंभीरता को समझ सकें और अपने हिस्से के कार्य को समय पर पूरा करें। रैयतों के साथ जनसुनवाई भी की जा रही है, ताकि भूमि अधिग्रहण से प्रभावित परिवारों को पुनर्वास योजना का लाभ मिले।
कंपनियों से संपर्क और सहयोग
पूर्व से जिन जिलों में कंपनियों के उद्योग स्थापित हैं, उनसे भी लगातार संपर्क रखा जा रहा है। यदि ये कंपनियां नए उद्योग लगाने में रुचि दिखाएं, तो उन्हें प्रगति की जानकारी देना अनिवार्य होगा। इससे औद्योगिक क्षेत्र के विकास का उद्देश्य समय पर पूरा होगा।
किस जिलों में हो रहा विकास
पारू: मुजफ्फरपुर के पारू में 700 एकड़ में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
अन्य जिले: नालंदा, भागलपुर, सुपौल, कटिहार, औरंगाबाद, गोपालगंज, गया, मुंगेर, वैशाली, सारण, शेखपुरा, शिवहर, बांका, रोहतास, दरभंगा, पूर्णिया, भोजपुर, सहरसा और पटना में औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जा रहा है।
एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप: रोहतास, सारण, वैशाली समेत 12 जिलों में एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनाई जा रही है।
उद्देश्य और लाभ
सरकार का लक्ष्य न केवल औद्योगिक क्षेत्र विकसित करना है, बल्कि भूमि अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव के मामलों में पारदर्शिता और न्याय सुनिश्चित करना भी है। इससे रोजगार बढ़ेगा, निवेशकों को बढ़ावा मिलेगा और राज्य में औद्योगिक विकास की दिशा मजबूत होगी।

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