कंपनियों की चिंता
वाहन निर्माता कहते हैं कि अगर एक ही दिन से सभी नई बाइकों और स्कूटर्स में एबीएस लगाना अनिवार्य कर दिया गया, तो पुर्जों की कमी और उत्पादन प्रभावित होने का खतरा है। इससे वाहनों की कीमतें भी बढ़ सकती हैं, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ेगा। कंपनियों का सुझाव है कि इस नियम को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाए, ताकि उद्योग को तैयारी का पर्याप्त समय मिल सके।
सरकार का मकसद
सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया जा रहा है। फिलहाल यह व्यवस्था केवल 125 सीसी से अधिक क्षमता वाली बाइकों पर लागू है, जबकि छोटी बाइकों और स्कूटर्स में केवल कंबाइंड ब्रेकिंग सिस्टम (CBS) होता है। देश के बाइक बाजार में लगभग 84% हिस्सेदारी इसी सस्ते श्रेणी की बाइकों और स्कूटर्स की है, इसलिए सरकार इस नियम को सभी नए वाहनों तक बढ़ाना चाहती है।
अधिसूचना और समयसीमा
हालांकि, एक जनवरी की समयसीमा करीब होने के बावजूद, सरकार ने अभी तक इस संबंध में अधिसूचना जारी नहीं की है। माना जा रहा है कि नियम को लागू करने की नई तारीख घोषित की जा सकती है। केंद्र सरकार इस मामले में सभी विकल्पों पर विचार कर रही है, और अंतिम फैसला जल्द आने की उम्मीद है।

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