यह एक्सप्रेस-वे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़कर क्षेत्र की सड़क सुविधाओं को नई दिशा देगा। परियोजना न केवल यातायात सुगमता बढ़ाएगी बल्कि नौकरी और आर्थिक अवसरों के नए द्वार भी खोलेगी। इससे पूर्वी यूपी और बिहार के बीच व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होगी।
परियोजना का विवरण
एक्सप्रेस-वे का मार्ग गाजीपुर से बलिया और बिहार की सीमा तक जाएगा।
कुल लंबाई: 134.3 किमी
अनुमानित बजट: 5320 करोड़ रुपये
प्रमुख स्थान: एनएच-29 पर हृदयपुर गांव, छपरा-मांझी एनएच-19 क्रॉस, रिविलगंज बाईपास से बिहार सीमा तक।
पूर्वांचल के लिए फायदे
बेहतर कनेक्टिविटी – यूपी के पूर्वी जिलों से बिहार के प्रमुख शहरों तक आसान और तेज़ मार्ग।
रोजगार सृजन – निर्माण और संचालन के दौरान स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर।
व्यापार और निवेश – एक्सप्रेस-वे के माध्यम से क्षेत्र में उद्योग और व्यवसाय के नए अवसर खुलेंगे।
समय और लागत की बचत – लंबी दूरी के सफर में समय और परिवहन लागत में कमी।
पूर्वांचल के इन जिलों में गरीबी और पिछड़ेपन की समस्या लंबे समय से रहती आई है। यह एक्सप्रेस-वे विकास और तरक्की का नया मार्ग साबित होगा, जिससे न सिर्फ सड़क संपर्क बेहतर होगा बल्कि क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। परियोजना निदेशक एसके पाठक के अनुसार साल के अंत तक परियोजना को पूर्ण कर दिया जाएगा।
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