नई गाइडलाइन लागू होने के बाद, प्राधिकरण की नई योजनाओं में मकान और प्लॉट की कीमतें पहले की तुलना में काफी कम होंगी। हालांकि, यह सुविधा केवल नई योजनाओं तक सीमित रहेगी, पुरानी योजनाओं की दरों में कोई बदलाव नहीं होगा।
मुख्य बदलाव और राहतें:
1 .नई गाइडलाइन के लागू होने के बाद नई योजनाओं के मकान और प्लॉट पहले से काफी सस्ते होंगे।
2 .संपत्ति की कीमत अब वास्तविक निर्माण लागत के आधार पर तय होगी।
3 .अगर लागत अनुमान से 10% से ज्यादा बढ़ती है, तो आवंटी संपत्ति न लेने और जमा राशि ब्याज सहित वापस लेने का विकल्प पा सकता है।
4 .अतिरिक्त शुल्क घटा कर 16% किया गया। ईडब्ल्यूएस और एलआइजी वर्ग को सबसे ज्यादा फायदा।
5 .किस्त समय पर न चुकाने पर पेनल्टी घटकर 2% हुई।
6 .सशस्त्र बलों के जवानों को 60 दिन में भुगतान पर 20% तक की छूट।
7 .अलोकप्रिय संपत्तियों पर 25% तक छूट, पार्क फेसिंग और चौड़ी सड़क वाले प्लॉट पर अतिरिक्त शुल्क घटाया गया।
जीडीए के उपाध्यक्ष आनंद वर्धन के अनुसार, नई गाइडलाइन लागू होते ही 1999 और 2009 के पुराने शासनादेश निरस्त कर दिए जाएंगे। नई व्यवस्था से ईडब्ल्यूएस और एलआइजी वर्ग को सबसे अधिक लाभ मिलेगा। इसके साथ ही नीलामी में न बिकने वाली संपत्तियों को आरक्षित दर पर दोबारा नीलामी में लाने का प्रावधान भी शामिल किया गया है। इस कदम से गोरखपुर में आवासीय योजनाओं की पहुंच आम आदमी तक बढ़ेगी, और शहर में घर या प्लॉट खरीदने के इच्छुक लोगों के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर साबित होगा।
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