रिकॉर्ड संख्या में आवेदन, करोड़ों महिलाओं को लाभ की उम्मीद
इस योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.90 करोड़ से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से करीब 1.44 करोड़ महिलाओं को ₹10,000 की पहली सहायता राशि दी भी जा चुकी है। जीविका के आकलन के अनुसार कुल लाभार्थियों की संख्या दो करोड़ के आसपास पहुंच सकती है। खास बात यह है कि आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ने के बाद केवल दिसंबर महीने में ही 23 लाख से अधिक नए आवेदन आए।
पहली किस्त अनुदान, अगली राशि मूल्यांकन आधारित
दस हजारी योजना के तहत दी जाने वाली पहली राशि पूरी तरह अनुदान है, जिसे वापस नहीं करना होता। इसका मकसद महिलाओं को छोटे स्तर पर काम-धंधा शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। अब योजना के दूसरे चरण में उन कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा, जो इस प्रारंभिक राशि से शुरू हुए हैं।
जिन महिलाओं का व्यवसाय आगे बढ़ने योग्य और टिकाऊ पाया जाएगा, उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अधिकतम ₹2.10 लाख तक की सहायता का ऐलान किया है, लेकिन यह राशि सभी को समान रूप से नहीं मिलेगी। जीविका द्वारा किए गए फील्ड सर्वे और कार्य-प्रगति के आधार पर ही यह तय होगा कि किसे कितनी राशि दी जाए।
ग्रामीण से शहरी महिलाओं तक विस्तार
शुरुआत में यह योजना केवल ग्रामीण महिलाओं के लिए थी, लेकिन बाद में शहरी क्षेत्रों को भी इसमें शामिल कर लिया गया। शहरी इलाकों से 18 लाख से अधिक आवेदन मिल चुके हैं, हालांकि तकनीकी कारणों से अभी वहां पहली किस्त का भुगतान शुरू नहीं हो पाया है। सरकार का कहना है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान कर दिया जाएगा।
तकनीकी गड़बड़ी और मानवीय रुख
योजना के दौरान एक तकनीकी त्रुटि के कारण लगभग 470 दिव्यांग पुरुषों के खातों में भी राशि चली गई। हालांकि सरकार ने इस मामले में कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का फैसला किया है। चूंकि उनके परिवारों की महिलाओं ने भी आवेदन किया है, पात्रता के आधार पर आगे समायोजन किया जाएगा। यह निर्णय सरकार के मानवीय दृष्टिकोण को दर्शाता है।
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