कितना लंबा और कितना खर्चीला है यह प्रोजेक्ट?
आगरा-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे करीब 65 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट है, जिसे पूरी तरह नई सड़क के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग ₹1536 करोड़ से अधिक का निवेश किया जा रहा है। यह एक्सप्रेसवे फोर-लेन के रूप में बनाया जा रहा है, जिसे भविष्य में जरूरत पड़ने पर सिक्स-लेन में भी बदला जा सकेगा।
किन जिलों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा?
हालांकि यह सड़क सीधे आगरा और अलीगढ़ को जोड़ती है, लेकिन इसका असर कई और जिलों पर भी पड़ेगा, जैसे: हाथरस, मथुरा, बरेली, बदायूं, कासगंज, नोएडा और ग्रेटर नोएडा, दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र। इससे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बड़े हिस्से की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
यात्रा समय में बड़ी कमी
फिलहाल आगरा और अलीगढ़ के बीच लगभग 65 किलोमीटर की दूरी तय करने में करीब 2 घंटे लगते हैं। नए एक्सप्रेसवे के बनने के बाद यह समय घटकर लगभग 1 घंटे रह जाएगा, यानी यात्रा समय में लगभग 50% की कमी आएगी। इसी तरह दिल्ली-नोएडा से इन शहरों तक पहुंचना भी काफी तेज और आसान हो जाएगा।
किन रास्तों से जुड़ेगा यह एक्सप्रेसवे?
यह एक्सप्रेसवे कई प्रमुख मार्गों से जुड़कर एक मजबूत नेटवर्क बनाएगा। जैसे आगरा में यमुना एक्सप्रेसवे से कनेक्शन, खंडौली के पास लिंक रोड, बरेली-मथुरा हाईवे से कनेक्टिविटी, नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर एयरपोर्ट) तक आसान पहुंच। इस कनेक्टिविटी के कारण पूरे क्षेत्र में लॉजिस्टिक्स और ट्रैवल नेटवर्क काफी मजबूत हो जाएगा।

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