करीब 5,200 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद कानपुर और झांसी के बीच सफर पहले से कहीं अधिक आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगा। परियोजना से जुड़े अधिकारियों के अनुसार 10 जून तक डीपीआर तैयार होने की संभावना है। इसके बाद टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निर्माण कार्य को आगे बढ़ाया जाएगा।
कम होगा यात्रा का समय
वर्तमान में कानपुर से झांसी तक पहुंचने में चार घंटे या उससे अधिक समय लग जाता है। लेकिन हाईवे के छह लेन बनने के बाद यह सफर लगभग तीन घंटे में पूरा किया जा सकेगा। इससे यात्रियों को समय की बचत होगी और सड़क पर बढ़ते ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।
221 किमी मार्ग का विस्तार
योजना के तहत झांसी से कानपुर तक करीब 221 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग को फोर लेन से सिक्स लेन में बदला जाएगा। सड़क चौड़ी होने से भारी वाहनों और आम यात्रियों दोनों को बेहतर सुविधा मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत कालपी में नया ओवरब्रिज बनाया जाएगा। इसके अलावा हाईवे पर मौजूद 22 कटों को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए अंडरपास का निर्माण भी किया जाएगा।
दो चरणों में होगा निर्माण कार्य
इस परियोजना को दो हिस्सों में बांटा है। पहले चरण में झांसी से उरई तक के लगभग 135 किलोमीटर हिस्से की डीपीआर तैयार की जा रही है। वहीं दूसरे चरण में उरई से आगे के हिस्से का सर्वेक्षण और परियोजना निर्माण का काम चल रहा है। विशेष बात यह है कि सड़क फिलहाल छह लेन की बनाई जाएगी, लेकिन पुल, फ्लाईओवर और अन्य संरचनाएं भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आठ लेन क्षमता के अनुरूप तैयार की जाएंगी।
इन जिलों को होगा सबसे बड़ा फायदा
इस परियोजना से झांसी, उरई, जालौन, कालपी, कोंच और आसपास के क्षेत्रों को सीधा लाभ मिलेगा। बेहतर सड़क संपर्क से व्यापार, उद्योग और परिवहन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही क्षेत्र में निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
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