विक्रमशिला सेतु का किया निरीक्षण
रविवार को भागलपुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने विक्रमशिला सेतु पर चल रहे पुनर्स्थापन और मरम्मत कार्यों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत तेजी से और गुणवत्ता के साथ पूरी की जानी चाहिए ताकि लोगों को जल्द से जल्द सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।
निजी वाहनों को मिलेगी राहत
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जब तक विक्रमशिला सेतु पर यातायात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाता, तब तक निजी दोपहिया और चारपहिया वाहनों से शुल्क या पार्किंग शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। इस फैसले से उन लोगों को सीधा लाभ मिलेगा जो प्रतिदिन इस मार्ग का उपयोग करते हैं और मरम्मत कार्य के कारण अतिरिक्त परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
समय पर पूरा होगा मरम्मत कार्य
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को परियोजना को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पुनर्स्थापन कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और निर्माण एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुल की संरचना का दोबारा तकनीकी अध्ययन कराया जाएगा ताकि भविष्य में इस तरह की समस्याओं से बचा जा सके और मजबूत बुनियादी ढांचा विकसित किया जा सके।
क्षेत्रीय आवागमन को मिलेगा फायदा
विक्रमशिला सेतु भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है। इसके माध्यम से बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन आवागमन करते हैं। पुल पर यातायात सुचारू होने के बाद व्यापार, परिवहन और आम लोगों की आवाजाही को बड़ा लाभ मिलेगा।

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