भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
करीब 20.57 किलोमीटर लंबे पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण का कार्य जारी है। भूमि अधिग्रहण पूरा होते ही निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने इस रिंग रोड परियोजना के लिए लगभग 1,646.98 करोड़ रुपये की लागत तय की है। शुरुआती कार्यों के लिए पहले ही धनराशि उपलब्ध कराई जा चुकी है।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा
यह रिंग रोड केवल एक नई सड़क नहीं होगी, बल्कि इसमें आधुनिक यातायात सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाए जाने की योजना है। इससे यातायात अधिक सुगम और सुरक्षित होगा तथा लंबी दूरी तय करने वाले वाहनों को शहर के अंदर प्रवेश करने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
इन क्षेत्रों के लोगों को मिलेगा सीधा लाभ
प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहा घाट होते हुए लखनऊ मार्ग से जुड़ेगा। इसके बाद यह बहराइच मार्ग से आगे बढ़ते हुए बलरामपुर रोड तक पहुंचेगा। इससे चार प्रमुख जिलों के बीच सड़क संपर्क और मजबूत होगा तथा यात्रियों का समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
अधिकारियों का कहना है कि रिंग रोड बनने के बाद बाहरी जिलों से आने वाले वाहन सीधे अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे। इससे मुख्य बाजारों और प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा। रोजाना आने-जाने वाले यात्रियों, व्यापारियों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

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