सरकार ने निर्णय लिया है कि योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों को मिलने वाली छात्रवृत्ति अब 3,000 रुपये प्रतिमाह की जगह 5,000 रुपये प्रतिमाह दी जाएगी। साथ ही योजना का दायरा बढ़ाकर अधिक से अधिक योग्य विद्यार्थियों को इसका लाभ पहुंचाने की तैयारी की जाएगी। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बेहतर सहयोग उपलब्ध कराना है।
किसान सहायता योजनाओं को मिला विस्तार
बैठक में मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना सहायता योजना और मुख्यमंत्री खेत-खलिहान अग्निकांड दुर्घटना सहायता योजना को भी आगे जारी रखने का फैसला लिया गया। इन दोनों योजनाओं की अवधि अब 1 जुलाई 2025 से 30 जून 2030 तक बढ़ा दी गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इन योजनाओं के संचालन के लिए अलग से बजट का प्रावधान भी किया गया है, ताकि जरूरतमंद किसानों को समय पर आर्थिक सहायता मिल सके।
किसानों और विद्यार्थियों दोनों को होगा लाभ
सरकार के इन फैसलों से एक ओर किसानों को बेहतर विपणन व्यवस्था, आधुनिक मंडियों और कृषि प्रसंस्करण की सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी ओर किसान एवं खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को बढ़ी हुई छात्रवृत्ति के माध्यम से शिक्षा जारी रखने में आर्थिक सहयोग मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि ये कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शिक्षा और कृषि विकास दोनों क्षेत्रों में सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।

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