रोजगार बढ़ाने पर रहेगा फोकस
ईएलआई योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को संगठित क्षेत्र में रोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और देश में कुशल कार्यबल तैयार करना है। यह योजना रोजगार सृजन के साथ-साथ कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार ने इस योजना के लिए 99,446 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
पहली नौकरी करने वालों को लाभ
योजना के तहत ऐसे युवा लाभ उठा सकेंगे जो पहली बार किसी EPFO से पंजीकृत संस्थान में नौकरी शुरू करेंगे। पात्र कर्मचारियों को मिलने वाली 15,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि एकमुश्त नहीं बल्कि दो किस्तों में दी जाएगी। पहली किस्त नौकरी के 6 महीने पूरे होने पर और दूसरी किस्त 12 महीने की सेवा पूरी करने तथा निर्धारित वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूरा करने के बाद जारी की जाएगी।
कंपनियों को भी मिलेगा प्रोत्साहन
सरकार ने केवल कर्मचारियों के लिए ही नहीं, बल्कि नई नियुक्तियां करने वाली कंपनियों के लिए भी प्रोत्साहन का प्रावधान किया है। पात्र संस्थानों को प्रत्येक नए कर्मचारी के आधार पर हर महीने आर्थिक सहायता मिलेगी। 10,000 रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर अधिकतम 1,000 रुपये। 10,000 से 20,000 रुपये वेतन पर 2,000 रुपये। 20,000 से 1 लाख रुपये तक वेतन वाले कर्मचारी पर 3,000 रुपये प्रति माह। इसका उद्देश्य कंपनियों को अधिक से अधिक नई भर्तियां करने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कौन उठा सकेगा योजना का लाभ?
योजना का लाभ पाने के लिए कुछ प्रमुख शर्तें तय की गई हैं:
आवेदक पहली बार औपचारिक नौकरी कर रहा हो।
कर्मचारी का मासिक वेतन 1 लाख रुपये से अधिक न हो।
कर्मचारी पहली बार EPFO से जुड़ा हो।
कम से कम 6 महीने तक लगातार नौकरी करना आवश्यक होगा।
जिस कंपनी में नियुक्ति हो, उसका EPFO में पंजीकरण होना जरूरी है।

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