वाहन जांच का अधिकार अब इन अधिकारियों को
नए आदेश के अनुसार ट्रैफिक ड्यूटी पर तैनात सिपाही और एएसआई का मुख्य कार्य यातायात को सुचारु बनाए रखना, जाम की स्थिति को नियंत्रित करना और सड़क पर व्यवस्था बनाए रखना होगा। वाहन रोककर दस्तावेजों की जांच या चालान की कार्रवाई केवल दारोगा अथवा उससे ऊपर के अधिकारी ही करेंगे।
नियम तोड़ने पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई सिपाही या एएसआई आदेश के बावजूद वाहन जांच करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। नियमों के पालन की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन भी किया जाएगा। किसी भी शिकायत की पुष्टि होने पर संबंधित पुलिसकर्मी पर तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बॉडी वॉर्न कैमरा रखना होगा चालू
नई व्यवस्था में ट्रैफिक ड्यूटी और वाहन जांच के दौरान बॉडी वॉर्न कैमरा चालू रखना भी अनिवार्य किया गया है। यदि जांच के समय कैमरा बंद पाया जाता है और किसी वाहन चालक के साथ विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित पुलिस अधिकारी की होगी। इस कदम का उद्देश्य जांच प्रक्रिया को रिकॉर्ड करना और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।
पीक आवर में अधिकारी रहेंगे सड़क पर
यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निर्देश दिए गए हैं कि व्यस्त समय के दौरान पर्यवेक्षी अधिकारी स्वयं सड़क पर मौजूद रहेंगे। इससे ट्रैफिक जाम की स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पाने और जरूरत पड़ने पर मौके पर ही निर्णय लेने में सुविधा होगी।
पटना में ट्रैफिक प्रबंधन का नया मॉडल
राजधानी पटना में ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के लिए नई कार्यप्रणाली अपनाई जा रही है। अब पुलिसकर्मियों को किसी एक चौराहे की बजाय पूरे सड़क मार्ग या निर्धारित क्षेत्र की जिम्मेदारी दी जाएगी। इसके अलावा ट्रैफिक पुलिस नो-पार्किंग जोन तय करने, आवश्यक स्थानों पर वन-वे व्यवस्था लागू करने और अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों को सुझाव भी देगी।

0 comments:
Post a Comment