शादी के बाद नॉमिनेशन अपडेट करना क्यों जरूरी?
ईपीएफओ का कहना है कि विवाह के बाद परिवार की कानूनी स्थिति बदल जाती है। यदि सदस्य समय रहते नया नॉमिनेशन दर्ज नहीं करता और किसी कारणवश उसके साथ कोई अनहोनी हो जाती है, तो पीएफ की राशि और अन्य लाभों के भुगतान में देरी या विवाद की स्थिति बन सकती है। इसलिए संगठन ने सभी सदस्यों को अपने खाते की जानकारी समय-समय पर अपडेट रखने की सलाह दी है।
सिर्फ पीएफ ही नहीं, इन योजनाओं पर भी लागू
नॉमिनेशन से जुड़ा यह प्रावधान केवल कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) तक सीमित नहीं है। यह कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) पर भी लागू होता है। EDLI योजना के तहत पात्र परिवार को अधिकतम 7 लाख रुपये तक का जीवन बीमा लाभ मिल सकता है। यदि नॉमिनेशन सही ढंग से अपडेट नहीं है, तो इस लाभ के दावे में भी कठिनाई आ सकती है।
नॉमिनी चुनने की मिलेगी सुविधा
नई व्यवस्था के तहत सदस्य केवल पति या पत्नी को ही नॉमिनी बनाने के लिए बाध्य नहीं हैं। नियमों के अनुसार परिवार के अन्य पात्र सदस्यों, जैसे माता-पिता, जीवनसाथी या बच्चों को भी नॉमिनी बनाया जा सकता है। यदि कोई सदस्य चाहे तो एक से अधिक लोगों को नॉमिनी बनाकर उनके हिस्से का प्रतिशत भी तय कर सकता है।
घर बैठे पूरी होगी प्रक्रिया
ईपीएफओ ने नॉमिनेशन की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और आसान बना दिया है। इसके लिए किसी कार्यालय जाने या नियोक्ता की अलग से मंजूरी लेने की आवश्यकता नहीं है। सदस्य अपने यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) और पासवर्ड से EPFO के यूनिफाइड मेंबर पोर्टल पर लॉगिन कर सकते हैं। इसके बाद 'Manage' सेक्शन में जाकर 'e-Nomination' विकल्प चुनकर नॉमिनी की जानकारी दर्ज करनी होती है। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी के जरिए ई-साइन करने के बाद प्रक्रिया पूरी हो जाती है।

0 comments:
Post a Comment