न्यूज डेस्क: आज के वर्तमान समय में बहुत से लोग सूर्य को जल लेते हैं। लेकिन सभी लोगों को इसके बारे में सही तरीका मालूम नहीं होता हैं। जिसके कारण लोग गलतियां कर देते हैं। आज इसी विषय में शास्त्रों के अनुसार जानने की कोशिश करेंगे सूर्य को जल लेने का सही तरीका के बारे में। तो आइये इसके बारे में जानते हैं विस्तार से।
क्या है सूर्य को जल देने का सही तरीका।
1 .शास्त्रों के अनुसार सूर्य को जल देते समय आपका मुख पूर्व दिशा की ओर ही होना चाहिए। अगर कभी पूर्व दिशा की ओर सूर्य नजर ना आएं तब ऐसी स्थिति में उसी दिशा की ओर मुख करके ही जल अर्घ्य दे दें। इसे शुभ माना जाता हैं।
2 .शास्त्रों के मुताबिक सूर्यदेव को सुबह 8 बजे तक जल देना सबसे शुभ और लाभकारी माना जाता हैं। आप इस समय तक सूर्य को जल अर्पित करें।
3 .लाल वस्त्र पहनकर सूर्य को जल देना ज्यादा प्रभावी माना गया है। आप तांबा के बर्तन में सूर्य देव को जल अर्पित करें।
4 .शास्त्रों के अनुसार अर्घ्य देते समय हाथ सिर से ऊपर होने चाहिए। ऐसा करने से सूर्य की सातों किरणें शरीर पर पड़ती हैं।
5 .सूर्य को जल देते समय ॐ ह्रीं ह्रीं सूर्याय सहस्रकिरणराय मनोवांछित फलम् देहि देहि स्वाहा मंत्र का जाप करें।
बचे इन गलतियों से।
1 .उल्टी दिशा में सूर्य को जल अर्पित ना करें।
2 .सूर्य रोशनी तेज होने पर जल अर्पित ना करें।
3 .सूर्य को हमेशा मंत्र उच्चारण के साथ जल अर्पित करें।

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