1. चीन (China)
चीन और भारत के बीच रिश्ते हमेशा से उतार-चढ़ाव से भरे रहे हैं। 1962 में भारत और चीन के बीच एक बड़ा युद्ध हुआ था, जिसे 'भारत-चीन युद्ध' के नाम से जाना जाता है। यह युद्ध चीन ने भारत के उत्तर-पूर्वी सीमावर्ती क्षेत्र में अपनी विस्तारवादी नीतियों के तहत लड़ा। चीन ने हमेशा भारत की क्षेत्रीय अखंडता को चुनौती दी है, खासकर अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख क्षेत्रों में।
2. पाकिस्तान (Pakistan)
पाकिस्तान और भारत के रिश्ते हमेशा से ही तनावपूर्ण रहे हैं। 1947 में विभाजन के बाद से दोनों देशों के बीच कई युद्ध हो चुके हैं, जिनमें 1947, 1965, 1971, 1999 के युद्ध शामिल हैं। पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ कई बार आतंकी हमलों को भी बढ़ावा दिया हैं। पाकिस्तान की कश्मीर नीति भी भारत के लिए एक बड़ा विवाद रही है। पाकिस्तान हमेशा कश्मीर को अपना हिस्सा मानता रहा है और भारत की संप्रभुता को चुनौती देता रहा है। जिससे दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बना रहता है।
3. तुर्की (Turkey)
तुर्की, विशेष रूप से राष्ट्रपति एर्दोआन के नेतृत्व में, हमेशा भारत के खिलाफ आलोचना करता रहा है। तुर्की ने जम्मू और कश्मीर में भारत के संविधान के अनुच्छेद 370 को हटाने के फैसले पर गंभीर प्रतिक्रिया दी थी और पाकिस्तान का समर्थन किया था। एर्दोआन ने कई बार कश्मीर मुद्दे को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर उठाया और भारत के खिलाफ बयान दिए।
4. कनाडा (Canada)
कनाडा और भारत के रिश्ते पर हाल के वर्षों में खटास आई है। कनाडा में सिख आतंकवादियों की सक्रियता ने भारत के लिए चिंता का विषय बना दिया है। कनाडा में पाकिस्तान समर्थक और खालिस्तान समर्थक समूहों की गतिविधियां भारत के लिए चुनौती बनीं हैं। कुछ कनाडाई नेताओं ने इन समूहों का समर्थन किया है, जिससे भारत में असंतोष बढ़ा है।
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