योजना का उद्देश्य और लाभ
मुख्यमंत्री किसान दुर्घटना कल्याण योजना के तहत, यूपी सरकार किसानों के साथ-साथ उनके परिवार के उन सदस्याओं को भी वित्तीय मदद प्रदान करेगी, जिनका मुख्य जीविका का साधन कृषि से होने वाली आय है। इसके अलावा, भूमिहीन किसान जो पट्टे या बटाई पर कृषि कार्य करते हैं, उन्हें भी इस योजना का लाभ मिलेगा। इससे न केवल किसानों के परिवारों को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में काम करने वालों को भी एक सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित होगा।
दुर्घटनाओं की सूची जिनमें मिलेगा लाभ
इस योजना के तहत किसानों को विभिन्न प्रकार की दुर्घटनाओं में सहायता मिलेगी। इनमें शामिल हैं: पेड़ गिरने से होने वाली क्षति या मृत्यु, भूस्खलन, यात्रा के दौरान दुर्घटना, बिजली गिरने से होने वाली दुर्घटनाएं, बाढ़ में बह जाने से हुई हानि, पशु के काटने से होने वाली चोट, बिजली के करंट से दुर्घटना, आग से जलने के मामले, मकान गिरने से होने वाली हानि, आतंकवादी हमलों में होने वाली हानि, झगड़ों के दौरान होने वाली दुर्घटनाएं, गड्ढे में गिरने से होने वाली हानि, डकैती में हत्या के मामले
योजना के तहत मिलने वाले लाभ
किसान के दोनों हाथ और पैर खोने पर: 5 लाख रुपये का मुआवज़ा।
एक हाथ और एक पैर खोने पर: 5 लाख रुपये का मुआवज़ा।
एक पैर और एक हाथ की विकलांगता की स्थिति: 2 से 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता।
दुर्घटना में किसान की मृत्यु होने पर: 5 लाख रुपये तक की मुआवज़ा राशि।
25% से अधिक लेकिन 50% से कम विकलांगता की स्थिति: 1 से 2 लाख रुपये तक की सहायता।
योजना की पात्रता
इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए किसान की आयु 18 से 70 वर्ष के बीच होनी चाहिए। इसके अलावा, किसानों को 60% या उससे अधिक विकलांगता का शिकार होने पर भी योजना का लाभ मिलेगा। यह पहल उन किसानों के लिए है जो दुर्घटनाओं में विकलांगता या मृत्यु के शिकार होते हैं। इससे उन्हें एक आर्थिक संबल मिलेगा, जिससे वे अपनी और अपने परिवार की ज़िंदगी को बेहतर बना सकते हैं।
.png)
0 comments:
Post a Comment