बता दें की यह कदम राज्य सरकार द्वारा सड़क सुविधाओं को बेहतर बनाने और यातायात की सुगमता को बढ़ाने के लिए उठाया गया है। इससे पहले, 1479 मार्गों के लिए 242.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन इस बार देरी से कार्ययोजना तैयार होने के कारण सड़कों की मरम्मत और निर्माण में कुछ देरी हुई है।
मुख्यालय ने सभी जिलों के क्षतिग्रस्त मार्गों की सूची संबंधित कार्यालयों से मांगी है, ताकि इन मार्गों पर मरम्मत कार्य शीघ्र पूरा किया जा सके। इन 697 मार्गों के अलावा पहले स्वीकृत 1479 मार्गों का कार्य भी जारी है। इससे सभी सड़कों की मरम्मत की जाएगी।
इस नए पैकेज में गोंडा, श्रावस्ती, झांसी, ललितपुर, उरई, औरैया, इटावा, फरुर्खाबाद, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, बागपत, बुलंदशहर, गाजियाबाद, हापुड़, मेरठ, भदोही, मीरजापुर, सोनभद्र, अमरोहा, बिजनौर, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, कौशांबी, प्रतापगढ़, प्रयागराज, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर जैसे जिलों के मार्ग शामिल हैं।
इन मार्गों की मरम्मत से यातायात में सुधार होगा और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा मिलेगा। शासन का उद्देश्य इन सभी मार्गों को सही स्थिति में लाकर जनता को बेहतर सड़क सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि यात्री और वाहनधारकों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव हो सके।
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