बता दें की बिहार सरकार ने बसंत पंचमी के मौके पर राज्य के चार जिलों – अररिया, सीवान, शेखपुरा और नवादा में अटल कला भवन की स्थापना की योजना बनाई है। उपमुख्यमंत्री और सह-वित्त मंत्री सम्राट चौधरी ने इस योजना की जानकारी दी और बताया कि इस कला भवन में नृत्य, संगीत, अभिनय और अन्य कला-शैलियों का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
अटल कला भवन: कला का नया केंद्र
अटल कला भवन की स्थापना बिहार के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। यह कला केंद्र राज्य के कलाकारों को नए अवसर प्रदान करेगा और उन्हें अपने हुनर को एक पेशेवर स्तर पर विकसित करने का मौका देगा। इस भवन का उद्देश्य न केवल कला में प्रशिक्षित करना है, बल्कि यह युवाओं को फिल्म, सीरियल, थियेटर और मनोरंजन उद्योग में रोजगार प्रदान करने के लिए तैयार करेगा। राज्य सरकार ने इस कला भवन की स्थापना के लिए कुल 78.93 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है, जो इस परियोजना की महत्वाकांक्षा को साफ दर्शाता है।
प्रशिक्षण और रोजगार के नए अवसर
सम्राट चौधरी के अनुसार, पटना के भारतीय नृत्य कला मंदिर के मॉडल पर इन कला भवनों का निर्माण होगा, और इनमें हर जिले में 620 लोगों के प्रशिक्षण की क्षमता होगी। इसका मतलब है कि एक साथ 620 युवक-युवतियां कला की विभिन्न विधाओं में प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रशिक्षण फिल्म, टीवी सीरियल, थियेटर और अन्य मनोरंजन क्षेत्रों में काम करने के लिए होगा। बिहार के युवाओं को यह अवसर मिलेगा कि वे इस क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत कर सकें और राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
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