414 किलोमीटर लंबा होगा एक्सप्रेसवे
प्रस्तावित अटल एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 414 किलोमीटर होगी। इसे चार लेन के रूप में विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में आवश्यकता के अनुसार विस्तारित भी किया जा सकेगा। एक्सप्रेसवे चंबल नदी के आसपास के क्षेत्र से होकर गुजरेगा और आधुनिक सड़क सुविधाओं से लैस होगा। वर्तमान में इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है।
12 घंटे का सफर घटकर होगा 4 घंटे
इस परियोजना का सबसे बड़ा लाभ यात्रा समय में भारी कमी के रूप में देखने को मिलेगा। फिलहाल इटावा से कोटा तक सड़क मार्ग से पहुंचने में करीब 12 घंटे लगते हैं, लेकिन एक्सप्रेसवे बनने के बाद यही दूरी लगभग 4 घंटे में पूरी की जा सकेगी। प्रस्तावित मार्ग पर वाहनों की अधिकतम गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा रखने की योजना है, जिससे लंबी दूरी की यात्रा अधिक तेज और सुविधाजनक होगी।
तीन राज्यों को जोड़ेगा नया कॉरिडोर
अटल एक्सप्रेसवे राजस्थान के कोटा से शुरू होकर मध्य प्रदेश के कई जिलों से गुजरते हुए उत्तर प्रदेश के इटावा तक पहुंचेगा। परियोजना के तहत राजस्थान में लगभग 94 किलोमीटर, मध्य प्रदेश में करीब 273 किलोमीटर और उत्तर प्रदेश में लगभग 47 किलोमीटर लंबा हिस्सा विकसित किया जाएगा। इससे तीनों राज्यों के बीच आवाजाही और माल परिवहन पहले की तुलना में काफी आसान हो जाएगा।
इटावा बनेगा एक्सप्रेसवे नेटवर्क का प्रमुख केंद्र
इस परियोजना के पूरा होने के बाद इटावा उत्तर प्रदेश का एक महत्वपूर्ण एक्सप्रेसवे जंक्शन बन जाएगा। यहां अटल एक्सप्रेसवे का जुड़ाव पहले से मौजूद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और गंगा लिंक एक्सप्रेसवे से होगा। इससे इटावा की रणनीतिक और आर्थिक महत्ता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
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